अपडेट ...10
मुंबई पे राणा जी का कहर....
जारी ...
दिलावर सिंह आवर राणा जी जब लास्ट के रूम में गुस्से तो वो कामुक नज़ारा देख कर खुद बे गरम होने लगे
ऐसे गरम दरसिया देख कर राणा जी ने दिलावर को कुछ इसरा किया
फिर दोनों आगे बड़े आवर दोनों गिंदो को पांडा आवर 2 चेयर से उनको नागा हे बंद दिया
गुंडा 1...कोण हो तुम हमें बाँड्ने की हिमत कैसे हुयी तुम जानते नै क्या मुंबई में हमारे बॉस का राज़ चलता है
दिलावर सिंह ...चलता नै चलता था कबे आज मुंबई तुम्हारे जैसे पापियों में हमेशा के लिया मुक्त हो जाएगी बस तेरे बॉस त्रिकाल का इंतज़ार है
गुंडा 2 ...कोण हो तुम आवर क्या छाए है तुमको
राणा जी ....हस्ते हुए हम यमदूत है तुम आवर तुम्हारे बॉस को यमलोक पहुंचने हे आये चिंता न करो तुम्हारे बाद तुम्हारा बॉस त्रिकाल बे तुम तक जल्दी हे पहुंच जायेगा
गुंडा 1 ...डरते हुए हमें मर कर तुम्हारा कोई फायदा नै होगा हम जैसे हमारे बॉस के बहुत से आदमी है
1 मरेगा तो 2 उसकी जगह ले लेंगे
अपनी कीमत बताओ
रानी जी ...कुछ टाइम सोचते हुए ठीक है तुम हमें अपने बॉस की पूरी जानकारी दो कोण कोण उसके साथ है कोण कोण से डांस है उसके
उसका गोल्ड आवर ब्लैक मनी खा खा है उसकी बैंक की पूरी जानकारी
गुंडा 2...नै नै हम ऐसा नै कर सकते वर्ण बॉस हमें अपने हाथो से तड़पा तड़पा कर मरेगा
दिलावर सिंह ..अच्छे से सोच लो तब तक हम बे तुम्हारी इन मस्त आईटी ऍम का मज़ा ले ले
इतना बोल कर रणजी आवर दिलावर दोनों उन 2 खूबसूरत लड़कियों के पास जाते है जो थोड़ी गबरायी हुयी थी
दोनों लड़किया फ़ौरन आगे बाद कर राणा जी आवर दिलावर की पेण्ट की ज़िप खोल कर उन दोनों के 6.6 .इंच के हतियार निकल लेती है आवर चूसने लगती है
दोनों लड़किया राणा जी आवर दिलावर सिंह के लैंड को बदल बदल कर बड़ी हे मस्ती से चूसने लगती है
दिलवर आवर राणा जी उनके लेलैंड चूसने आवर वो बे जबरदस्त तरीके से बहुत खुद हो जाते है
जल्दी हे दोनों के लैंड ऐसे जबरदस्त चूसै से लैंड लोहे के तरह एक डैम कदद हो चुके थे
कुछ टाइम आवर दोनों लड़कियों से लैंड चुवा कर दिलावर आवर राणा जी ने दोनों को वह पड़े सोफे पे लिटाया
वह टेबिल पे पड़े कंडोम्स में से दोनों ने अपने अपने लैंड पे कंडोम चढ़ा कर
राणा जी ...दिलावर तैयार हो मुंबई की गरमा रंडियो की छूट फाड़ने के लिया
दिलावर ..जी राणा जी साली इन रंडियो की चुदाई देख कर हे गरम हो गया था मई तो
साली लैंड बे ऐसे चुस्ती है जैसे लैंड के रस्ते हे खून पि जाएँगी सारा
राणा जी आवर दिलावर अपनी अपनी रंडी की छूट मरने को तहत थे
लड़की 1 ..हम कोई रंडी नै है आराम से डालना नै तो हमारी छूट फैट जाएगी
दिलावर सिंह ..चुप कर रंडी आवर मज़े ले ....ऐसी के साथ दिलावर ने एक हे जटके के छूट के अंदर अपना पूरा 6.6.इंच लम्बा आवर 4 इंच मोटा लौड़ा उतर दिया
लड़की 2 ...दर्द से छिलाई अह्ह्ह मार डाला रे हरामी ने
दिलावर सिंह ...क्या बोलै मादरचोद रंडी मुझे हरामी बोलै दिलावर सिंह को
लड़की 2 ...मुझे माफ कार्डो दर्द हो रहा है
अह्ह्ह्ह प्लेसस डेरी छोड़ो बहुत दर्द हो रहा
वही राणा जी बे लड़की 1 की छूट की डाज़िया उदा रहे थे पर दिलावर के जैसे बेरहमी से नै कर रहे थे
लड़की 1 ...आए माँ क्या मस्त चुदाई कर रहे हो ऐसे हे बस छोड़ते रो अपनी रंडी को
आआअह्ह्ह्ह एसससससस माँ मआज़ा आ रहा है
मेरे बूब्स बे दबाओ आए ऐसे हे थोड़ा डेरी आ आ प्लेसेस बूब्स में दर्द होता है आराम से
गुंडों की आवर देख कर इन सेल बाद वो ने छूट के सिल्ल तो खोल मगर चुदाई करनी आती नै
ऐसे 10 मिनट की चुदाई में दोनों लड़किया जड़ने के करीब आ गई
लड़की 1.2..आए मई आने बवली हु थोड़ा आवर ज़ोर से ाः माँ मई गई रीई
दोनों लड़किया डेरी डेरी संत पद गई
ीदार राणा जी रुक गए आवर दिलावर सिंह लड़की 2 की अबे फुल स्पीड से छूट फाड् रहा था
राणा जी लड़की 1 को छोड़ कर लड़की 2 के मुँह में अपना 6 इंच का लौड़ा गुस्सा दिया
राणा जी ...अह्ह्ह ओह्ह्ह एएएस चूस मादरचोद तुम में आग कुछ ज्यादा हे लगी है उफ्फ्फ क्या मस्त लड़ चूस रहे है
राणा जी ने पूरा का पूरा लैंड लड़की गले में उतर दिया लड़की को साँस लेने में तकलीफ होने लगी तब लैंड को बहार निकला आवर खुद दिलावर सिंह की जगह आ गए
दिलावर सिंह लड़की 1 के पास चला गया आवर अपने लैंड पे लण्डी एक को भेटा लिया आवर मरने लगे फुल स्पीड में देखे
ऐसे हे दोनों फुल रफ़्तार से दोनों रंडियो की अच्छे से छूट बाज़ा रहे थे
आवर दोनों लड़किया बे मज़े से लैंड ले रहे थी
यहाँ का माहौल बहुत कामक था कोई बे देखे तो एक जटके में लैंड खड़ा हो जाये ऐसे छोड़ते छोड़ते दोनों लकियो को गोदी बंद कर पिच्ये से छूट फाड़ने लगे
दोनों लड़कियों बदल बदल कर अच्छे से छूट फड़ी राणा जी आवर दिलावर सिंह बे अब अपने चरम पर थे
जो वो फुल स्पीड में दोनों की छूट की दाजिया उदा रहे थे
दोनों लड़किया चलती जा रहे
अह्ह्ह्ह प्लेसेस थोड़ा डेरी अह्ह्ह्हह माँ आ कोई तो बचाओ प्लेसस थोड़ा डरी दर्द हो रहा
ऐसे छुइलाती आवर चीखती हुयी दोनों लड़किया झाड़ गयी राणा जी आवर दिलावर ने अपने लैंड निकले आवर दोनों के मुँह में फुल स्पीड से देखे मरने लगे
जल्दी हे दिलावर आवर राणा जी इस जबरदस्त चुदाई से पास्ट हो गए
10 मिनोइट्स बाद 4 रो ने कपडे पहने तो राणा जी ने दोनों लड़की को वही पे पैसा का भरा एक बैग कर मुंबई से दूर जाने का बोल कर टेबिल पे राखी चाबी दे आवर बोलै यहाँ जो खुश बे हुवा कहि मुँह खोला तो अगला no. तुम दोनों का होगा हो सके तो अपने फॅमिली के साथ इस देश से निकल जाओ इतना पैसा है तुम दोनों आराम से दूसरी कंट्री में अपनी लाइफ गुजर सकती हो
दोनों लड़किया रोटी हुए दोनों से गले मिल कर वह से चाबी ले कर फ़ौरन रवाना हो जाती है
दिलवर सींग ....है तो भाई चेंज मांगू तुम दोनों ने क्या सोचा है
गुंडा 2 ...हमें जान से मार दो पर हम तुम्हे कुछ नै बतायेगे
राणा जी ...जैसे तुम्हारे मर्ज़ी इतना बोल्ट्स हुए गुंडे 2 के लैंड बे गोली मार्डी वो चीखता रहा फिर बेहोश हो गया
गुंडा 1 ये सब देख चेयर पे हे पेशाब कर दिया
गुंडा 1 ..मुझे कुछ मस्त करना मई सब बताता हु
दिलावर सिंह ने गुंडे 2 के माथे पे गोली मरी आवर गुंडे 1 को खोल दिया
गुंडा 1 ...मेरा पिच्ये पिच्ये आवो
राणा जी आवर दिलावर दोनों उस गुंडे के पिच्ये पिच्य एक रूम में गए वह से एक गुप्त दूर से तहखाने में पहुंचे तो वह जो देखा उनकी आँखे फटी की फटी रह गई
विजयप्रताप ने अपने बड़े भाई को फ़ौरन वह से कॉल किया आवर यहाँ को जानकारी दी कुछ टाइम बात करने बाद
विजयप्रताप ...गुंडे से यहाँ का दूसरा रास्ता कहा है जिस से ये सब समय आता है
गुंडे ने वो रास्ता बे दिखा दिया
विजयप्रताप साडी जानकारी लेने के बाद उस गुंडे को बे गोली मार दी
कुछ हे टाइम में उस गेट से के कंटेनर अंदर आया आवर सात में दिलावर की सिक्योरिटी बे
दिलावर सिंह ...यहाँ पे ड्रग्स को छोड़ कर बाकि जितना बे सामान है सब
कंटेनर में लाउड करो जल्दी से जल्दी
सुबह होने में ज्यादा टाइम नै है
सिक्योरिटी वाला सभी .हतियार गोल्ड आवर करोडो रुपया जो त्रिकाल आवर उसके खास मंत्रियो की ब्लैक मनी थी सब केतनार में डालने लगे
राणा जी आवर दिलावर वह से जितने बे जरूरी कागज आवर कंप्यूटर से हार्ड रिवर आवर बाकि जितना सामान काम का था सब लाउड करने में 1 हर का लगभग समय लगा
सब वह से निकलने लगे निकलने से पहले वह पे चारो आवर टाइम बम लगा दिया आवर निकल चले
अबे वो सब लगभग 2 से 3 कम गए होंगे की एक के बाद एक दमके होने लगे पूरी मुंबई की नींद हे उस गयी
जल्दी हे वो सब लोग राणा रुद्रप्रताप के सामने थे
विजयप्रताप आवर दिलावर ने उनको पूरी जानकारी दी तब जा कर उनको कुछ सकती मिल्क
राणा जी ने दिलवर को त्यार होबके फ़ौरन कंटेनर के सात उदयपुर के लिया रवाना कर दिया
विजयप्रताप जा कर के कुछ टाइम के लिया सो गया 10 बजे रेणुका ने उसे जा गया तब फ्रेश हो कर के नास्ता किया आवर उदयपुर के लिया सब रवाना हो गया
( भैरव आवर रॉकी को अपने साथ उदयपुर हे ले गया )
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