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- Dec 5, 2013
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मेने खान साहब को फ़ोन किया तो उन्होंने मुझे कुछ बातें बताई और फिर उनकी बताई बातें मेने दीदी को कान में समझाया तो दीदी अपनी छूट मसलने लगी और हम दोनों अपने अपने काम में लग गए .
अब आगे …….
शाम को खान साहब घर आये तो मेने गेट खोला और उनको नमस्ते कहा तो उन्होंने मुझे गले लगाया . खान साहब एक शानदार कुरता पजामा पहले थे .मेने उनको सोफे पर बिठाया तो कुछ देर में दीदी और मम्मी भी आ गयी दुआ सलाम के बाद हम खाना खाने लगे तो दीदी बोली.
दीदी ,- अबू ,आप हमारी मम्मी को अच्छे से रखियेगा .बहुत नाजुक ह हमारी मम्मी .
दीदी की बात सुनकर मम्मी शर्मा गयी तो खान साहब बोले ,-- नाजुक तो ह बेटी पर मर्द तो होते hi कठोर ह अगर वो कठोरता नहीं करेंगे तो औरत संतुस्ट कैसे होगी .
दीदी,-- अबू, आप रात में तो कठोर hi रहना वार्ना हमारी मम्मी कैसे संतुस्ट होगी.
दीदी की बात सुनकर मम्मी का चेहरा लाल पद गया पर वो कुछ बोली नहीं तो खान साहब बोले ,-- अपनी कठोरता तो हम सोभा को कामरूप में दिखा चुके तभी तो तुम्हारी मम्मी हमारी दीवानी बानी ह .
दीदी ,-- अच्छा , हमें भी तो बताइये कैसे कठोर बने थे आप .
खान,-- कठोर तो हमारा घोडा हुआ था और तुम तो हमारा घोडा देख चुकी हो .पर हमारा घोडा आपकी मम्मी जैसी घोड़ी को देखकर पूरा बेकाबू हो गया था.
दीदी ,-- फिर …
खान,-- फिर हमारे घोड़े ने आपकी मम्मी की लम्बी घुड़सवारी की और उन्हें पास्ट कर दिया.
दीदी,-- मतलब हमारी मम्मी को आपका घोडा इतना पसंद आया .
खान ,-- hmmm…aur हमारे घोड़े को भी आपकी मम्मी का मैदान पसंद आया इसलिए हमने फैसला किया की हमारा घोडा अब आपकी मम्मी के ऊँचे पहाड़ों और गहरी खाई में दौड़ेगा.
दीदी,-- जी ,हमारी मम्मी ह hi ऐसी , किसी भी घोड़े को मजबूर कर देती ह चढ़ने को.
खान ,-- हम्म्म… अब आपकी मम्मी घुड़सवारी के साथ दूध भी देगी.
दीदी ,-- वो कैसे अबू.
खान ,-- हम आपकी मम्मी को तजा क्रीम खिलाएंगे और मस्त चलाएंगे तो ये दूध भी देगी.
दीदी ,-- लेकिन अबू , क्रीम खिलने और चराने से मम्मी दूध कैसे देगी.
खान,-- हम आपकी मम्मी की मटकी में दही डालेंगे तो दूध देने लगेगी देखना.
मम्मी ये सब सुनकर शर्म से लाल हुए जा रही थी इसलिए दीदी को कोहनी से मरी और बोली,-- चुप बेशरम.
दीदी मुझे देखने लगी तो मेने कहा ,-- मम्मी इसमें बेशरम वाली कोनसी बात ह .हमें ये तो जान न hi पड़ेगा न की लड़का हमारी लड़की को खुश रख पायेगा या नहीं. माफ़ कीजियेगा खान साहब लेकिन आप ये बताइये आप हमारी मम्मी का पेट तो भर देंगे ना .
खान ,-- जरूर जनाब, हम आपकी लड़की को कभी खली पेट नहीं रहने देंगे और हर साल इनके पेट में बच्चे का बीज डालते रहेंगे.
खान साहब की बात सुनकर में बोलै ,-- तभी आप मर्द कहलायेंगे सर क्योंकि हमारी सोभा अभी जवान ,गरम और गदरायी औरत ह जो आपके बीज डालते hi बचा जान देगी .
मम्मी,-- चुप कर बेशरम, आखिर में तेरी माँ हूँ .
में ,-- सर , क्यों ना आज से शुरुवात कीजिये हमारे सामने .
मम्मी,-- किस बात की .
में ,-- आपको फिर ने माँ बनाने .
मम्मी मुझे पीटने वाले अंदाज में हाथ आगे बधाई तो में उठकर किचन में हाथ धोने भाग आया क्योंकि सबने लगभग खाना खा लिया था .
खाना खाकर हम सब ऊपर दीदी के रूम में आये जिसमे मम्मी का बिस्टेर लगा था और रूम में दीदी की नुदे फोटोज लगी थी दिवार पर जिसे देखकर खान साहब अपना लुंड मसलने लगे तो दीदी बोली .
दीदी ,-- अबू , आप मेरी फोटोज देखकर मम्मी के साथ सुहागरात मनाइये . वैसे तो रूम में सब चीजें मौजूद ह जो आपको रात में चाहिए फिर फिर अगर जरुरत हो किसी चीज की तो हमें आवाज लगा लेना .
खान साहब दीदी की अलग अलग चुदाई के पोज़ देखकर बचें हो गए वही मम्मी लाल साड़ी में बिस्टेर पर नजर झुकाये हुए बैठी थी .तभी दीदी ने आगे बढाकर खान साहब का लुंड उनके पाजामे से पकड़ लिया और बोली.
दीदी ,-- देखो मम्मी , खान साहब का घोडा तैयार ह आपके मैदान में दौड़ने को .
मम्मी ने नजर उठायी और दीदी को खान साहब के लुंड को पकडे देखा तो वो उन्हें मरने को उठी तो दीदी और में भागकर मेरे रूम में आ गए .
रूम में आकर दीदी ने एक बियर का कैन फ्रिज से निकला और पिने लगी तो में भी बियर पिने लगा .
तो बे कॉन्टिनोएड…..
अब आगे …….
शाम को खान साहब घर आये तो मेने गेट खोला और उनको नमस्ते कहा तो उन्होंने मुझे गले लगाया . खान साहब एक शानदार कुरता पजामा पहले थे .मेने उनको सोफे पर बिठाया तो कुछ देर में दीदी और मम्मी भी आ गयी दुआ सलाम के बाद हम खाना खाने लगे तो दीदी बोली.
दीदी ,- अबू ,आप हमारी मम्मी को अच्छे से रखियेगा .बहुत नाजुक ह हमारी मम्मी .
दीदी की बात सुनकर मम्मी शर्मा गयी तो खान साहब बोले ,-- नाजुक तो ह बेटी पर मर्द तो होते hi कठोर ह अगर वो कठोरता नहीं करेंगे तो औरत संतुस्ट कैसे होगी .
दीदी,-- अबू, आप रात में तो कठोर hi रहना वार्ना हमारी मम्मी कैसे संतुस्ट होगी.
दीदी की बात सुनकर मम्मी का चेहरा लाल पद गया पर वो कुछ बोली नहीं तो खान साहब बोले ,-- अपनी कठोरता तो हम सोभा को कामरूप में दिखा चुके तभी तो तुम्हारी मम्मी हमारी दीवानी बानी ह .
दीदी ,-- अच्छा , हमें भी तो बताइये कैसे कठोर बने थे आप .
खान,-- कठोर तो हमारा घोडा हुआ था और तुम तो हमारा घोडा देख चुकी हो .पर हमारा घोडा आपकी मम्मी जैसी घोड़ी को देखकर पूरा बेकाबू हो गया था.
दीदी ,-- फिर …
खान,-- फिर हमारे घोड़े ने आपकी मम्मी की लम्बी घुड़सवारी की और उन्हें पास्ट कर दिया.
दीदी,-- मतलब हमारी मम्मी को आपका घोडा इतना पसंद आया .
खान ,-- hmmm…aur हमारे घोड़े को भी आपकी मम्मी का मैदान पसंद आया इसलिए हमने फैसला किया की हमारा घोडा अब आपकी मम्मी के ऊँचे पहाड़ों और गहरी खाई में दौड़ेगा.
दीदी,-- जी ,हमारी मम्मी ह hi ऐसी , किसी भी घोड़े को मजबूर कर देती ह चढ़ने को.
खान ,-- हम्म्म… अब आपकी मम्मी घुड़सवारी के साथ दूध भी देगी.
दीदी ,-- वो कैसे अबू.
खान ,-- हम आपकी मम्मी को तजा क्रीम खिलाएंगे और मस्त चलाएंगे तो ये दूध भी देगी.
दीदी ,-- लेकिन अबू , क्रीम खिलने और चराने से मम्मी दूध कैसे देगी.
खान,-- हम आपकी मम्मी की मटकी में दही डालेंगे तो दूध देने लगेगी देखना.
मम्मी ये सब सुनकर शर्म से लाल हुए जा रही थी इसलिए दीदी को कोहनी से मरी और बोली,-- चुप बेशरम.
दीदी मुझे देखने लगी तो मेने कहा ,-- मम्मी इसमें बेशरम वाली कोनसी बात ह .हमें ये तो जान न hi पड़ेगा न की लड़का हमारी लड़की को खुश रख पायेगा या नहीं. माफ़ कीजियेगा खान साहब लेकिन आप ये बताइये आप हमारी मम्मी का पेट तो भर देंगे ना .
खान ,-- जरूर जनाब, हम आपकी लड़की को कभी खली पेट नहीं रहने देंगे और हर साल इनके पेट में बच्चे का बीज डालते रहेंगे.
खान साहब की बात सुनकर में बोलै ,-- तभी आप मर्द कहलायेंगे सर क्योंकि हमारी सोभा अभी जवान ,गरम और गदरायी औरत ह जो आपके बीज डालते hi बचा जान देगी .
मम्मी,-- चुप कर बेशरम, आखिर में तेरी माँ हूँ .
में ,-- सर , क्यों ना आज से शुरुवात कीजिये हमारे सामने .
मम्मी,-- किस बात की .
में ,-- आपको फिर ने माँ बनाने .
मम्मी मुझे पीटने वाले अंदाज में हाथ आगे बधाई तो में उठकर किचन में हाथ धोने भाग आया क्योंकि सबने लगभग खाना खा लिया था .
खाना खाकर हम सब ऊपर दीदी के रूम में आये जिसमे मम्मी का बिस्टेर लगा था और रूम में दीदी की नुदे फोटोज लगी थी दिवार पर जिसे देखकर खान साहब अपना लुंड मसलने लगे तो दीदी बोली .
दीदी ,-- अबू , आप मेरी फोटोज देखकर मम्मी के साथ सुहागरात मनाइये . वैसे तो रूम में सब चीजें मौजूद ह जो आपको रात में चाहिए फिर फिर अगर जरुरत हो किसी चीज की तो हमें आवाज लगा लेना .
खान साहब दीदी की अलग अलग चुदाई के पोज़ देखकर बचें हो गए वही मम्मी लाल साड़ी में बिस्टेर पर नजर झुकाये हुए बैठी थी .तभी दीदी ने आगे बढाकर खान साहब का लुंड उनके पाजामे से पकड़ लिया और बोली.
दीदी ,-- देखो मम्मी , खान साहब का घोडा तैयार ह आपके मैदान में दौड़ने को .
मम्मी ने नजर उठायी और दीदी को खान साहब के लुंड को पकडे देखा तो वो उन्हें मरने को उठी तो दीदी और में भागकर मेरे रूम में आ गए .
रूम में आकर दीदी ने एक बियर का कैन फ्रिज से निकला और पिने लगी तो में भी बियर पिने लगा .
तो बे कॉन्टिनोएड…..