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12
सारिका के मुंह से कामुक सिसकियाँ निकल रही थी और उसे नहीं पता था की उसकी क्लीट पर कुछ लगाया जा चूका ह .अभी एक मिनट
भी नहीं हुआ की सारिका की सिसकियाँ बहुत तेज हो गयी और गांड को टाँगे मोड़ कर बंद और खोलने की कोशिश करने लगी तो मौलवी साहब ने मुस्कुरा कर हम सब को देखा .
अब आगे …..
सारिका,-- आह…… बहुत खुजली हो रही ह चाचा .
मौलवी साहब,-- कहाँ पर बेटी.
सारिका,- आह …मेरी ch…u..t में .
मौलवी साहब ने छूट में अंगुली घुसाई और बोले ,-- अभी सब मिटा देंगे बेटी .तू इस खुजली को एन्जॉय कर बेटी .
लैला खान,-- बेटी तुझे खुजली होगी तो तेरे अंदर की शर्म निकलेगी यही खुजली तुझे रंडी बन ने में मदद करेगी इसलिए मौलवी साहब ने तेरी क्लीट पर लगायी ह .
मौलवी साहब ,-- सारिका बेटी तुझे इस खुजली को मिटवाने के लिए खुलकर बोलना होगा और हमें सब कुछ बताना होगा तभी तुझे मज़ा आएगा .
सारिका ,-- आठ… चाचा में तैयार हूँ आप को सबकुछ बताने को .जल्दी पूछिए .
मौलवी साहब कुटिल मुस्कान के साथ सारिका की क्लीट को छेड़ते हुए बोले ,-- तेरा मुंह छुड़ा ह की नहीं बेटी .
सारिका ,-- छुड़ा ह चाचा .डैडी ने छोड़ा ह .
मौलवी साहब ,-- तेरे डैडी की नुनी ह बेटी अब तेरा मुंह और गाला हाबलबी लुंड से पूरा खोल देंगे . असलम , खड़ा हो और सारिका बेटी का मुंह और गला खोल दे .

चाचू अपनी लुंगी खोल कर फेंक दिए और अपने हुबलाबी लुंड को हाथ में पकड़कर सारिका के सामने गए तो सारिका का मुंह खुला रह गया क्योंकि वो इतना बड़ा लुंड कभी नहीं देखि थी .
असलम चाचू,-- पसंद आया सारिका मेरा लुंड .
सारिका अपने होंठो पर जीभ फिरकर ,-- बहुत मोटा ह मेरे मुंह में कैसे जायेगा इतना मोटा .
लैला खान,-- चला जायेगा बेटी . हम औरतें बड़े से बड़ा लुंड घोंट लेती ह .तू कोशिश कर के देख .
असलम चाचू ने अपने लुंड को सूपड़ा सारिका के मुंह में डाला तो सारिका उसे प्यार से चूसने लगी तो लैला बोली ,_ असलम में इसकी चूचियों से खेलती हूँ तू धीरे धीरे अपना लुंड घुसा मुंह में .
लैला खान निचे बैठकर सारिका की चुचुईयां पकड़ ली और उनकी निप्पल को चुटकी से काटने लगी जिस से उनका मुंह दर्द की वजह से खुलने लगा और चाचू धीरे धीरे आधा लुंड उसके मुंह में घुसा सीए तो मौलवी साहब ने सारिका की क्लीट को चुटकी में लेकर मसल दिया जिस से उसकी चीख निकली जो हलक में गूंज कर रह गयी .
चीखें ने सारिका का गाला खुल गया और चाचू ने अपना पूरा लुंड उसके मुंह में गले तक पेल दिया .

लैला ,- देखा बेटी कैसे पूरा लुंड ले ली तू .
सारिका का मुंह दर्द कर रहा था और आंसू गिर रहे थे पर उसकी आवाज बंद थी इसलिए चाचू ने अपने लुंड को बाहर किया और फिर से पेल दिया .ऐसा लग रहा था जैसा चाचू उसका मुंह छोड़ रहे थे तभी लैला बोली .
लैला खान,-- बेटी तेरा मुंह पूरा खुल गया अब गांड भी खुलवा देती हूँ .
सारिका मुंह में लुंड होने की वजह से चुप थी तो मौलवी साहब ने मुझे इशारा किया गांड मरने का तो मेने अपनी लुंगी खोल दी और लुंड को पकड़कर सारिका की गांड के पास जाकर घुटनो के बल बैठा तो मौलवी साहब ने मेरा लुंड पकड़ा और सारिका की छूट पर घिसने लगे .
सारिका की छूट झरने की तरह पानी छोड़ रही थी और कुछ देर में मेरा लुंड पूरा चिकना हो गया तो मौलवी साहब बोले ,-- बीटा अब इसकी गांड में एक झटके के लुंड दाल दे और तोड़ दे इसकी गांड की सील .
मेने अपने लुंड का टोपा सारिका की गांड पर लगाया और जोरदार झटका लगाया तो आधा लुंड उसकी गांड में घुस गया .

सारिका आगे हुयी तो चाचू का लुंड गले तक पहुँच गया और चीख गले में डाब गयी तो लैला खान और नाजनीन दीदी मिलकर उसकी चूचियों को मसलने लगे .
सारिका के बदन पर अभी सब के हाथ घूम रहे थे मौलवी साहब उसकी क्लीट से खेल रहे थे और समीर भैया उसकी पीठ को सहला रहे थे .
मौलवी साहब मेरे आधे लुंड को गांड में घुसा देखकर बोले ,-- रोहित इसकी गांड पहले से चूड़ी हुयी ह इसलिए पूरा लुंड डालकर छोड़ इसे .
मेने लुंड को हल्का सा बाहर किया और फिर से जोरदार शॉट मारा तो मेरा पूरा लुंड सारिका की छूट में घुस गया और सारिका की चीख फिर से गले में hi रह गयी .

इधर लैला और नाजनीन दीदी अपने काम में लगी हुयी थी दोनों सारिका के बोबे भैंस की तरह दुह रही थी और मौलवी साहब उसकी छूट में अंगुली डालकर उसे दर्द सहने को तैयार किये हुए थे .
कुछ देर में मेने अपने लुंड को हल्का फुल्का आगे पीछे किया तो सारिका की आँखों से आंसू गिरना बंद हो गए तो मौलवी साहब ने चाचू को लुंड निकलने को कहा.
चाचू अपने लुंड को सारिका के मुंह से निकल लिए तो उनका लुंड पूरा थूंक से गिला था वो आकर सोफे पर बेथ गए तो सारिका की कामुक सिसकी निकली .
सारिका ,-- aßssss…… प्लीज मेरी छूट छोड़ दीजिये .
लैला खान ,-- बस बेटी तेरी गांड अब पूरी खुल चुकी अब छूट भी फ्री हो जाएगी थोड़ी देर में इसलिए अब तू बिना दर के किसी से भी छुड़वा लेना .
में सारिका को गांड मरने लगा तो समीर भैया ने सारिका के सामने जाकर उनके गुलाबी होंठ चूमने शुरू कर दिए

तभी उर्मिला भाभी भी अपना फुला हुआ पेट लेकर बहार आ गयी और सारिका को घोड़ी बने देखकर मुस्कराते हुए बोली ,-- भैया लगता ह आज इसे भी पूरी रंडी बना देंगे .
सोहैल खान,-- बहन ये तो रंडी hi ह बस इसका दर और शर्म निकल रहे ह अब ये भी खुलकर रंडीबाजी करेगी .
उर्मिला भाभी ,-- तभी इसे समझ में आएगा की रंडी बनकर जीने में कितना मज़ा ह .
में कुछ देर तक सारिका दीदी की गांड मारा और उसकी गांड को पूरा खोल दिया तो मौलवी साहब बोले ,-- रोहित अब निकल ले अपना लोढ़ा .पहले इसकी छूट को ठंडी करना जरुरी ह .
मेने अपना लुंड सारिका की गांड से निकल लिया तो सारिका को समीर भैया ने खड़ा किया और पलंग पर गिरा दिया और टंगे उठाकर उसकी छूट में लुंड दाल दिया .

सारिका,-- आह छोड़ो मेरी छूट को जोर से .
सारिका को इतने लोगों के बिच खुलकर छुड़वाने का सुनकर लैला खान धीरे से बोली,-- लो हो गयी एक रांड और तैयार .
खान साहब,-- अब इसकी छूट में रोज लुंड की जरुरत होगी और कामरूप में इसे नए नए लोडे मिलेंगे .
असलम चाचू,-- देखिये कैसे सिसक रही ह बागान की लोदी .
हम सब लगभग बनगे थे और सामने चुदाई को एन्जॉय कर रहे थे सिगरेट पिटे हुए तो लगभग बीस मिनट बाद समीर भैया ने अपनी मलाई सारिका की छूट में छोड़ दी उसके हैट ते hi मौलवी साहब अपनी लुंगी को खोलकर सारिका पर चढ़ गए .
सारिका की छूट इतनी जल्दी ठंडी होने वाली नहीं थी इसलिए वो फिर से सिसकने लगी और मौलवी साहब उसे दनादन छोड़ने लगे .
समीर भैया लुंगी पहन ने लगे और लुंगी पागकर तैयार हुए तो खान साहब ने कहा ,-- समीर जा अगली आइटम को ले आ .
समीर भैया एक सिगरेट सुलगाकर बाहर चले गए तो उर्मिला भाभी मेरे पास आकर बेथ गयी और बोली,-- लगता ह आज पूरी रात यही चलेगा .
खान साहब,-- तूने hi तो कहा था की यहाँ पैर लड़कियों को रंडी की ट्रेनिंग देना .
उर्मिला भाभी ,-- हम्म्म .
मौलवी साहब अपने पुरे जोश में सारिका की चुदाई करने में लगे थे और सारिका की छूट पानी से लॉस लॉस कर रही थी तो मौलवी साहब बिना झड़े hi लुंड निकल लिए तो खान साहब बोले ,-- जा सारिका की छूट को चाट कर साफ़ कर .
सारिका उठने को हुयी तो सोहैल भैया ने अपनी बहन का पेटीकोट और ब्लाउज खोल दिया और बोले ,-- रंडियों को शर्म नहीं होती उर्फी .
उर्मिला भाभी बेशरमी से ,-- आप जैसा भाई हो तो बहन क्यों शर्माएगी भाई .ले देख अपनी बहन को नंगी .
उर्मिला भाभी चलकर पलंग पर गयी और सारिका की छूट को चाटने लगी तो लैला खान भी नंगी हो गयी और सारिका के मुंह पर अपनी छूट रखकर बेथ गयी .

सारिका जीभ निकलकर लैला की छूट को चाटने लगी और हम सब तीनो को देखने लगे .
तो बे कॉन्टिनोएड…..
सारिका के मुंह से कामुक सिसकियाँ निकल रही थी और उसे नहीं पता था की उसकी क्लीट पर कुछ लगाया जा चूका ह .अभी एक मिनट
भी नहीं हुआ की सारिका की सिसकियाँ बहुत तेज हो गयी और गांड को टाँगे मोड़ कर बंद और खोलने की कोशिश करने लगी तो मौलवी साहब ने मुस्कुरा कर हम सब को देखा .
अब आगे …..
सारिका,-- आह…… बहुत खुजली हो रही ह चाचा .
मौलवी साहब,-- कहाँ पर बेटी.
सारिका,- आह …मेरी ch…u..t में .
मौलवी साहब ने छूट में अंगुली घुसाई और बोले ,-- अभी सब मिटा देंगे बेटी .तू इस खुजली को एन्जॉय कर बेटी .
लैला खान,-- बेटी तुझे खुजली होगी तो तेरे अंदर की शर्म निकलेगी यही खुजली तुझे रंडी बन ने में मदद करेगी इसलिए मौलवी साहब ने तेरी क्लीट पर लगायी ह .
मौलवी साहब ,-- सारिका बेटी तुझे इस खुजली को मिटवाने के लिए खुलकर बोलना होगा और हमें सब कुछ बताना होगा तभी तुझे मज़ा आएगा .
सारिका ,-- आठ… चाचा में तैयार हूँ आप को सबकुछ बताने को .जल्दी पूछिए .
मौलवी साहब कुटिल मुस्कान के साथ सारिका की क्लीट को छेड़ते हुए बोले ,-- तेरा मुंह छुड़ा ह की नहीं बेटी .
सारिका ,-- छुड़ा ह चाचा .डैडी ने छोड़ा ह .
मौलवी साहब ,-- तेरे डैडी की नुनी ह बेटी अब तेरा मुंह और गाला हाबलबी लुंड से पूरा खोल देंगे . असलम , खड़ा हो और सारिका बेटी का मुंह और गला खोल दे .

चाचू अपनी लुंगी खोल कर फेंक दिए और अपने हुबलाबी लुंड को हाथ में पकड़कर सारिका के सामने गए तो सारिका का मुंह खुला रह गया क्योंकि वो इतना बड़ा लुंड कभी नहीं देखि थी .
असलम चाचू,-- पसंद आया सारिका मेरा लुंड .
सारिका अपने होंठो पर जीभ फिरकर ,-- बहुत मोटा ह मेरे मुंह में कैसे जायेगा इतना मोटा .
लैला खान,-- चला जायेगा बेटी . हम औरतें बड़े से बड़ा लुंड घोंट लेती ह .तू कोशिश कर के देख .
असलम चाचू ने अपने लुंड को सूपड़ा सारिका के मुंह में डाला तो सारिका उसे प्यार से चूसने लगी तो लैला बोली ,_ असलम में इसकी चूचियों से खेलती हूँ तू धीरे धीरे अपना लुंड घुसा मुंह में .
लैला खान निचे बैठकर सारिका की चुचुईयां पकड़ ली और उनकी निप्पल को चुटकी से काटने लगी जिस से उनका मुंह दर्द की वजह से खुलने लगा और चाचू धीरे धीरे आधा लुंड उसके मुंह में घुसा सीए तो मौलवी साहब ने सारिका की क्लीट को चुटकी में लेकर मसल दिया जिस से उसकी चीख निकली जो हलक में गूंज कर रह गयी .
चीखें ने सारिका का गाला खुल गया और चाचू ने अपना पूरा लुंड उसके मुंह में गले तक पेल दिया .

लैला ,- देखा बेटी कैसे पूरा लुंड ले ली तू .
सारिका का मुंह दर्द कर रहा था और आंसू गिर रहे थे पर उसकी आवाज बंद थी इसलिए चाचू ने अपने लुंड को बाहर किया और फिर से पेल दिया .ऐसा लग रहा था जैसा चाचू उसका मुंह छोड़ रहे थे तभी लैला बोली .
लैला खान,-- बेटी तेरा मुंह पूरा खुल गया अब गांड भी खुलवा देती हूँ .
सारिका मुंह में लुंड होने की वजह से चुप थी तो मौलवी साहब ने मुझे इशारा किया गांड मरने का तो मेने अपनी लुंगी खोल दी और लुंड को पकड़कर सारिका की गांड के पास जाकर घुटनो के बल बैठा तो मौलवी साहब ने मेरा लुंड पकड़ा और सारिका की छूट पर घिसने लगे .
सारिका की छूट झरने की तरह पानी छोड़ रही थी और कुछ देर में मेरा लुंड पूरा चिकना हो गया तो मौलवी साहब बोले ,-- बीटा अब इसकी गांड में एक झटके के लुंड दाल दे और तोड़ दे इसकी गांड की सील .
मेने अपने लुंड का टोपा सारिका की गांड पर लगाया और जोरदार झटका लगाया तो आधा लुंड उसकी गांड में घुस गया .

सारिका आगे हुयी तो चाचू का लुंड गले तक पहुँच गया और चीख गले में डाब गयी तो लैला खान और नाजनीन दीदी मिलकर उसकी चूचियों को मसलने लगे .
सारिका के बदन पर अभी सब के हाथ घूम रहे थे मौलवी साहब उसकी क्लीट से खेल रहे थे और समीर भैया उसकी पीठ को सहला रहे थे .
मौलवी साहब मेरे आधे लुंड को गांड में घुसा देखकर बोले ,-- रोहित इसकी गांड पहले से चूड़ी हुयी ह इसलिए पूरा लुंड डालकर छोड़ इसे .
मेने लुंड को हल्का सा बाहर किया और फिर से जोरदार शॉट मारा तो मेरा पूरा लुंड सारिका की छूट में घुस गया और सारिका की चीख फिर से गले में hi रह गयी .

इधर लैला और नाजनीन दीदी अपने काम में लगी हुयी थी दोनों सारिका के बोबे भैंस की तरह दुह रही थी और मौलवी साहब उसकी छूट में अंगुली डालकर उसे दर्द सहने को तैयार किये हुए थे .
कुछ देर में मेने अपने लुंड को हल्का फुल्का आगे पीछे किया तो सारिका की आँखों से आंसू गिरना बंद हो गए तो मौलवी साहब ने चाचू को लुंड निकलने को कहा.
चाचू अपने लुंड को सारिका के मुंह से निकल लिए तो उनका लुंड पूरा थूंक से गिला था वो आकर सोफे पर बेथ गए तो सारिका की कामुक सिसकी निकली .
सारिका ,-- aßssss…… प्लीज मेरी छूट छोड़ दीजिये .
लैला खान ,-- बस बेटी तेरी गांड अब पूरी खुल चुकी अब छूट भी फ्री हो जाएगी थोड़ी देर में इसलिए अब तू बिना दर के किसी से भी छुड़वा लेना .
में सारिका को गांड मरने लगा तो समीर भैया ने सारिका के सामने जाकर उनके गुलाबी होंठ चूमने शुरू कर दिए

तभी उर्मिला भाभी भी अपना फुला हुआ पेट लेकर बहार आ गयी और सारिका को घोड़ी बने देखकर मुस्कराते हुए बोली ,-- भैया लगता ह आज इसे भी पूरी रंडी बना देंगे .
सोहैल खान,-- बहन ये तो रंडी hi ह बस इसका दर और शर्म निकल रहे ह अब ये भी खुलकर रंडीबाजी करेगी .
उर्मिला भाभी ,-- तभी इसे समझ में आएगा की रंडी बनकर जीने में कितना मज़ा ह .
में कुछ देर तक सारिका दीदी की गांड मारा और उसकी गांड को पूरा खोल दिया तो मौलवी साहब बोले ,-- रोहित अब निकल ले अपना लोढ़ा .पहले इसकी छूट को ठंडी करना जरुरी ह .
मेने अपना लुंड सारिका की गांड से निकल लिया तो सारिका को समीर भैया ने खड़ा किया और पलंग पर गिरा दिया और टंगे उठाकर उसकी छूट में लुंड दाल दिया .

सारिका,-- आह छोड़ो मेरी छूट को जोर से .
सारिका को इतने लोगों के बिच खुलकर छुड़वाने का सुनकर लैला खान धीरे से बोली,-- लो हो गयी एक रांड और तैयार .
खान साहब,-- अब इसकी छूट में रोज लुंड की जरुरत होगी और कामरूप में इसे नए नए लोडे मिलेंगे .
असलम चाचू,-- देखिये कैसे सिसक रही ह बागान की लोदी .
हम सब लगभग बनगे थे और सामने चुदाई को एन्जॉय कर रहे थे सिगरेट पिटे हुए तो लगभग बीस मिनट बाद समीर भैया ने अपनी मलाई सारिका की छूट में छोड़ दी उसके हैट ते hi मौलवी साहब अपनी लुंगी को खोलकर सारिका पर चढ़ गए .
सारिका की छूट इतनी जल्दी ठंडी होने वाली नहीं थी इसलिए वो फिर से सिसकने लगी और मौलवी साहब उसे दनादन छोड़ने लगे .
समीर भैया लुंगी पहन ने लगे और लुंगी पागकर तैयार हुए तो खान साहब ने कहा ,-- समीर जा अगली आइटम को ले आ .
समीर भैया एक सिगरेट सुलगाकर बाहर चले गए तो उर्मिला भाभी मेरे पास आकर बेथ गयी और बोली,-- लगता ह आज पूरी रात यही चलेगा .
खान साहब,-- तूने hi तो कहा था की यहाँ पैर लड़कियों को रंडी की ट्रेनिंग देना .
उर्मिला भाभी ,-- हम्म्म .
मौलवी साहब अपने पुरे जोश में सारिका की चुदाई करने में लगे थे और सारिका की छूट पानी से लॉस लॉस कर रही थी तो मौलवी साहब बिना झड़े hi लुंड निकल लिए तो खान साहब बोले ,-- जा सारिका की छूट को चाट कर साफ़ कर .
सारिका उठने को हुयी तो सोहैल भैया ने अपनी बहन का पेटीकोट और ब्लाउज खोल दिया और बोले ,-- रंडियों को शर्म नहीं होती उर्फी .
उर्मिला भाभी बेशरमी से ,-- आप जैसा भाई हो तो बहन क्यों शर्माएगी भाई .ले देख अपनी बहन को नंगी .
उर्मिला भाभी चलकर पलंग पर गयी और सारिका की छूट को चाटने लगी तो लैला खान भी नंगी हो गयी और सारिका के मुंह पर अपनी छूट रखकर बेथ गयी .

सारिका जीभ निकलकर लैला की छूट को चाटने लगी और हम सब तीनो को देखने लगे .
तो बे कॉन्टिनोएड…..





