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- Dec 5, 2013
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में रुखसार के पास बेथ गया, उसका लहंगा पूरा फैला हुआ था और वो गुलाब की पतियों पर बैठी हुयी थी जिस से उसकी गांड और पेअर जरूर ठन्डे हो रहे होंगे .
में उसे घूँघट से देख रहा था की उसकी नजरें झुकी थी और चोली से छाती बहुत ऊपर निचे रही थी जिसका मतलब था की उसकी धड़कन बहुत तेज चल रही थी .
में उसके चेहरे को देखा तो आरती ने उसे मासूम चेहरे को कामुक बना दिया था. आँखे काजल से बड़ी लग रही थी और होंठ से रास टपकता हुआ दिख रहे थे.
में उसे काफी देर तक देखा और फिर उठकर बड़ी लाइट को भी जला दिया तो रूम किसी शोरूम की तरह जगमगा ने लगा जैसे की कोई चीज प्रदर्शनी में राखी हो और लोग उसे देख सके.
रुखसार ने एक बार नजर उठायी और फिर तुरंत झुका ली .
में.,-- रुखसार अपनी नजर ऐसे hi झुकाये रहेगी क्या .
रुखसार कोयल सी आवाज में ,-- आप घूँघट नहीं उठाएंगे क्या .
में.,-- ओह्ह में तो भूल hi गया . क्योंकि घूँघट के नाम पर ह hi क्या एक बारीक़ कपडा hi तो ह और ये तुम्हे बहुत सूंदर बना रहा ह .
मेने फिर उसके पास खिसक कर उसका घूँघट उठा दिया और उसकी ठुड्डी पकड़ कर आँखों में देखा तो उनकी झील सी नीली आँखों में खो गया .
में ,-- बहुत सूंदर ह रुखसार तू .
रुखसार मुस्करा कर ,-- थैंक्स रोहित जी , ये सुंदरता आप के लिए ह .
हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे और दोनों की धड़कन बहुत तेज चल रही थी . कुछ देर में रुखसार ने नजर झुका ली तो मेने कहा
में ,-- रुखसार नजर मिलाओ ना.
रुखसार ,-- मुझे शर्म आ रही ह .
में.,-- बेबी शर्माएगी तो सुहागरात कैसे बनाएंगे.
रुखसार ,-- आप को जो करना ह कर लीजिये.
में.,-- नहीं में अकेले कुछ नहीं करूँगा तुम्हे भी साथ देना होगा .
रुखसार, -- में पहली बार किसी लड़के के साथ अकेली बैठी हूँ इसलिए धड़कन बहुत तेज चल रही ह ,देखिये .
में उसकी ऊपर निचे होती चोली को देखने लगा जो बहुत तेजी से ऊपर निचे हो रही थी और फिर बोलै.
में ,-- शर्म दूर करने के लिए थोड़ी सी वाइन पि ले .शायद तेरी शर्म कुछ काम हो .
रुखसार ,-- में होश में रहना चाहती हूँ कल की तरह सोना नहीं ह
में ,-- बोलकुल थोड़ी सी पिएंगे बेबी . वैसे भी सुहागरात में दूध का दस्तूर होता ह पर हम एक एक पेग वाइन पिएंगे.
रुखसार ,-- जैसी आपकी इच्छा. पर कल की तरह ज्यादा मत पिलाना.
में.,-- नहीं पिलाऊंगा रानी वार्ना कल की तरह मुझे भी नींद आ जाएगी और आज हमें पूरी रात चुदाई करनी ह .
मेरी बात सुनकर रुखसार लज्जा गयी और उसके होंठो पर मुस्कान आ गयी . मेने उठकर टेबल पर रखे बोतल से दो पेग बनाये और एक पेग में जेब से टेबलेट निकल करके उसे पेग में मिक्स करके पीला दिया. और दूसरा पेग खुद पि लिया .
तभी मम्मी का फ़ोन जो मेरे पास था उसमे रिंग बजी तो मेने उठकर उसे रिसीव किया और रुखसार की गॉड में सोकर बात करने लगा . फ़ोन चाचू के फ़ोन से आया था और मम्मी hello बोली तो में बोलै .
में ,--,hi सोभा.
रुखसार ने सोभा सुना तो वो मुझे देखने लगी .
मम्मी ,--,क्या कर रहा ह .
में.,-- सो रहा हूँ डार्लिंग.
मम्मी ,-- क्यों रुखसार कहाँ ह .
में.,-- वो दूसरे कमरे में सो रही होगी.
मेरी बात सुनकर रुखसार मुस्करा उठी .
मम्मी ,-- मतलब दिन में hi उसके साथ सुहाग दिन मन लिया था क्या सेल.
में.,-- नहीं यार दिन भर माकन का सामान सिफत करने में लग गया इसलिए थक गया .
मम्मी ,-- तो बेवकूफ सामान को आज hi सिफत करने की क्या जरुरत थी . आराम से कर लेता .
तभी चाचू की आवाज आयी ,-- रोहित तूने दो दिन में कुछ नहीं किया .
में.,-- अबू आप ने रुखसार को कुछ कहा hi नहीं और उसे झूट भी बोलै.
चाचू ,-- में क्या कहता और क्या झूट बोलै मेने .
में.,-- उसे आप ने कहा hi नहीं की रोहित के साथ चुदाई करना और आप उसे बोले की मम्मी के साथ घूमने जा रहे ह जबकि आप हनीमून मानाने गए ह.
मम्मी ,-- बीटा ये सब बातें कही जाती ह क्या और रुखसार बच्ची तो ह नहीं उसे मालूम नहीं की तुम दोनों जवान लड़की लड़का घर में अकेले रहकर क्या करोगे . उसकी उम्र में तो शादी करके तुझे पैदा कर दी थी और नाजनीन तो उस से तीन साल छोटी थी तभी सील तुड़वा कर औरत बन गयी थी.
में.,-- ठीक ह में उसके पास जाकर उस से बात करता हूँ.
मम्मी ,-- अभी भी बात hi करेगा क्या.
में.,-- तो क्या करू .
चाचू ,-- तू इतना भी नादाँ नहीं ह.
मम्मी ,-- उसे पकड़ कर छोड़ दे और बना दे उसे औरत क्यों आशु.
में ,-- आप छुड़वा ली क्या पापा से .
मम्मी ,-- हम तो कल रात से hi गाड़ी में चुदाई करते हुए आये थे और आज सुबह से तीन बात छुड़वा ली .
में.,-- गाड़ी में ड्राइवर के सामने hi .
चाचू ,-- बीटा ड्राइवर भी एक बार छोड़ दिया तेरी इस रंडी माँ को .
में.,-- वावो सोभा तू तो सच में पूरी रंडी बन गयी ह .
चाचू ,-- वो तो तुम दोनों ने मुझे बना hi दिया ह.
में.,-- हे हे हे... पापा में रुखसार को छोड़ दूँ क्या.
चाचू ,-- छोड़ दे और उसकी छूट को भोसड़ा बना दे सोभा की तरह.
में ,-- ठीक ह जाता हूँ उसे छोड़ने.
में रुखसार की गॉड से उठा और बोलै ,-- ले अब तो तेरे मामू ने भी बोल दिया की तुझे छोड़ दूँ.
रुखसार का चेहरा लाल हो गया और वो बोली ,-- मेने मन किया ह क्या.
मेने फिर मम्मी के मोबाइल में वीडियो रिकॉर्डिंग चालू की और अपना फ़ोन उठाकर रामु को मिस कॉल की और बाथरूम में पेशाब करने चला आया और जब बाहर आया तो रामु गेट खोलकर अंदर आ चूका था .
रामु ,-- जी मालिक .
रुखसार ने रामु को देखा तो वापस घूँघट कर लिया तो में बोलै ,-- रामु सिगरेट नहीं ह रूम में जा एक सिगरेट जला कर ला .
रामु ,-- अभी लाया मालिक .
उसके जाते hi रुखसार बोली ,-- आपने गेट नहीं बंद किया था .
में.,-- तो क्या हो गया वो नौकर ह और वैसे भी बूढ़ा ह .
रुखसार मुस्करा कर रह गयी तभी रामु सिगरेट देकर बोलै ,-- लीजिये मालिक.
में .,-- रुखसार को सिगरेट की आदत ह देख उसने घूँघट भी नहीं उठाने दिया और बोली की पहले सिगरेट पीना ह .
रामु ,-- गलती हो गयी मालकिन मुझे नहीं पता था . में सुबह पैकेट रख दूंगा.
रामु गेट सत्ता कर चला गया तो रुखसार बोली ,-- गेट बंद करके आइये .
में.,-- रहने दे उसे मालूम ह की आज हमारी सुहागरात ह और उसे अपनी नौकरी से हाथ थोड़े hi धोने ह.
रुखसार मुस्करा कर ,-- अपने उसे झूठ क्यों बोलै की मुझे सिगरेट की आदत ह .
में.,-- तो क्या बोलता मुझे पिणि थी और में तुम्हे उसके सामने बच्ची थोड़े hi बनता उसे भी पता होना चाहिए की तू जवान लोंड़िया ह और वैसे भी तुम उसकी मालकिन हो दर किस बात का . ले सिगरेट पि .
रुखसार ने घूँघट उठा दिया और मुस्करा कर सिगरेट पिने लगी .
तभी मेरा फ़ोन फिर से बजा तो मेने देखा नाजनीन दीदी थी.
मेने फ़ोन उठाया तो वो बोली ,-- क्या कर रहा ह रोहित.
में.,-- सिगरेट पि रहा हूँ दीदी.
नाजनीन दीदी, -- रात में साढ़े ग्यारह बजे तू सिगरेट पि रहा ह .
में.,-- तो क्या पियून .
नाजनीन दीदी,-- रुखसार के होंठ पि उसकी निप्पल पि या फिर उसकी छूट का पानी पि .
में.,-- ये पीला नहीं रही बस दुल्हन बने बैठी ह और शर्मा रही ह .
नाजनीन दीदी,-- उसे फ़ोन दे .
में.,-- लो बात करो तो रुखसार बोली hello .
नाजनीन दीदी,-- तेरी छूट में यहाँ तो बड़ी खुजली हो रही थी और छूट फड़वाने के लिए मरी जा रही थी .
रुखसार का चेहरा लाल हो गया दीदी की बात सुनकर.
नाजनीन दीदी,-- अब जिन्दा ह या मर गयी . सुन रही ह ना.
रुखसार, -- है.... di...di.
नाजनीन दीदी,-- अब चुपचाप बैठी मत रह और रोहित को खुल कर बोल की तुझे छोड़ दे .
रुखसार, -- जी दीदी .
नाजनीन दीदी,-- चल रोहित को फ़ोन दे .
रुखसार ने फ़ोन मेरी तरफ खिसका दिया तो में बोलै ,-- हां दीदी .
नाजनीन दीदी,-- तुझे आज उसके दोनों छेड़ खोलने ह .
में .,-- खोल दूंगा दीदी
इतना बोलकर मेने फ़ोन काट दिया और रुखसार की तरफ देखकर बोलै ,-- नाजनीन दीदी की बात समझ में आयी .
रुखसार ने सिगरेट फेंकी और मेरे होठों पर झुक गयी तो में उसके कुंवारे होंठ चूसने लगा .
हम दोनों पंद्रह मिनट तक एक दूसरे के होंठ और जीभ को चूसते रहे तो दोनों की सांसे उखड़ने लगी .
में,-- तुम तो किश करने में hi हांपने लगी .
रुखसार ,-- कितनी जोर से चूसा ह मेरे होंठो को.
में.,-- छूट को में इससे भी जोर से छोड़ने वाला हूँ.
रुखसार मुस्करा कर ,-- छूट तो होती hi जोर से छुड़वाने के लिए ह . नाजनीन दीदी बोली थी की आप उसमे पुरे एक्सपर्ट हो .
फिर मेने रुखसार का चेहरा पूरा चुम कर उसके चेहरे को झूठा कर दिया तो रुखसार भी मेरे चेहरे को चूमने लगी.
तो बे कॉन्टिनोएड...
में उसे घूँघट से देख रहा था की उसकी नजरें झुकी थी और चोली से छाती बहुत ऊपर निचे रही थी जिसका मतलब था की उसकी धड़कन बहुत तेज चल रही थी .
में उसके चेहरे को देखा तो आरती ने उसे मासूम चेहरे को कामुक बना दिया था. आँखे काजल से बड़ी लग रही थी और होंठ से रास टपकता हुआ दिख रहे थे.
में उसे काफी देर तक देखा और फिर उठकर बड़ी लाइट को भी जला दिया तो रूम किसी शोरूम की तरह जगमगा ने लगा जैसे की कोई चीज प्रदर्शनी में राखी हो और लोग उसे देख सके.
रुखसार ने एक बार नजर उठायी और फिर तुरंत झुका ली .
में.,-- रुखसार अपनी नजर ऐसे hi झुकाये रहेगी क्या .
रुखसार कोयल सी आवाज में ,-- आप घूँघट नहीं उठाएंगे क्या .
में.,-- ओह्ह में तो भूल hi गया . क्योंकि घूँघट के नाम पर ह hi क्या एक बारीक़ कपडा hi तो ह और ये तुम्हे बहुत सूंदर बना रहा ह .
मेने फिर उसके पास खिसक कर उसका घूँघट उठा दिया और उसकी ठुड्डी पकड़ कर आँखों में देखा तो उनकी झील सी नीली आँखों में खो गया .
में ,-- बहुत सूंदर ह रुखसार तू .
रुखसार मुस्करा कर ,-- थैंक्स रोहित जी , ये सुंदरता आप के लिए ह .
हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे और दोनों की धड़कन बहुत तेज चल रही थी . कुछ देर में रुखसार ने नजर झुका ली तो मेने कहा
में ,-- रुखसार नजर मिलाओ ना.
रुखसार ,-- मुझे शर्म आ रही ह .
में.,-- बेबी शर्माएगी तो सुहागरात कैसे बनाएंगे.
रुखसार ,-- आप को जो करना ह कर लीजिये.
में.,-- नहीं में अकेले कुछ नहीं करूँगा तुम्हे भी साथ देना होगा .
रुखसार, -- में पहली बार किसी लड़के के साथ अकेली बैठी हूँ इसलिए धड़कन बहुत तेज चल रही ह ,देखिये .
में उसकी ऊपर निचे होती चोली को देखने लगा जो बहुत तेजी से ऊपर निचे हो रही थी और फिर बोलै.
में ,-- शर्म दूर करने के लिए थोड़ी सी वाइन पि ले .शायद तेरी शर्म कुछ काम हो .
रुखसार ,-- में होश में रहना चाहती हूँ कल की तरह सोना नहीं ह
में ,-- बोलकुल थोड़ी सी पिएंगे बेबी . वैसे भी सुहागरात में दूध का दस्तूर होता ह पर हम एक एक पेग वाइन पिएंगे.
रुखसार ,-- जैसी आपकी इच्छा. पर कल की तरह ज्यादा मत पिलाना.
में.,-- नहीं पिलाऊंगा रानी वार्ना कल की तरह मुझे भी नींद आ जाएगी और आज हमें पूरी रात चुदाई करनी ह .
मेरी बात सुनकर रुखसार लज्जा गयी और उसके होंठो पर मुस्कान आ गयी . मेने उठकर टेबल पर रखे बोतल से दो पेग बनाये और एक पेग में जेब से टेबलेट निकल करके उसे पेग में मिक्स करके पीला दिया. और दूसरा पेग खुद पि लिया .
तभी मम्मी का फ़ोन जो मेरे पास था उसमे रिंग बजी तो मेने उठकर उसे रिसीव किया और रुखसार की गॉड में सोकर बात करने लगा . फ़ोन चाचू के फ़ोन से आया था और मम्मी hello बोली तो में बोलै .
में ,--,hi सोभा.
रुखसार ने सोभा सुना तो वो मुझे देखने लगी .
मम्मी ,--,क्या कर रहा ह .
में.,-- सो रहा हूँ डार्लिंग.
मम्मी ,-- क्यों रुखसार कहाँ ह .
में.,-- वो दूसरे कमरे में सो रही होगी.
मेरी बात सुनकर रुखसार मुस्करा उठी .
मम्मी ,-- मतलब दिन में hi उसके साथ सुहाग दिन मन लिया था क्या सेल.
में.,-- नहीं यार दिन भर माकन का सामान सिफत करने में लग गया इसलिए थक गया .
मम्मी ,-- तो बेवकूफ सामान को आज hi सिफत करने की क्या जरुरत थी . आराम से कर लेता .
तभी चाचू की आवाज आयी ,-- रोहित तूने दो दिन में कुछ नहीं किया .
में.,-- अबू आप ने रुखसार को कुछ कहा hi नहीं और उसे झूट भी बोलै.
चाचू ,-- में क्या कहता और क्या झूट बोलै मेने .
में.,-- उसे आप ने कहा hi नहीं की रोहित के साथ चुदाई करना और आप उसे बोले की मम्मी के साथ घूमने जा रहे ह जबकि आप हनीमून मानाने गए ह.
मम्मी ,-- बीटा ये सब बातें कही जाती ह क्या और रुखसार बच्ची तो ह नहीं उसे मालूम नहीं की तुम दोनों जवान लड़की लड़का घर में अकेले रहकर क्या करोगे . उसकी उम्र में तो शादी करके तुझे पैदा कर दी थी और नाजनीन तो उस से तीन साल छोटी थी तभी सील तुड़वा कर औरत बन गयी थी.
में.,-- ठीक ह में उसके पास जाकर उस से बात करता हूँ.
मम्मी ,-- अभी भी बात hi करेगा क्या.
में.,-- तो क्या करू .
चाचू ,-- तू इतना भी नादाँ नहीं ह.
मम्मी ,-- उसे पकड़ कर छोड़ दे और बना दे उसे औरत क्यों आशु.
में ,-- आप छुड़वा ली क्या पापा से .
मम्मी ,-- हम तो कल रात से hi गाड़ी में चुदाई करते हुए आये थे और आज सुबह से तीन बात छुड़वा ली .
में.,-- गाड़ी में ड्राइवर के सामने hi .
चाचू ,-- बीटा ड्राइवर भी एक बार छोड़ दिया तेरी इस रंडी माँ को .
में.,-- वावो सोभा तू तो सच में पूरी रंडी बन गयी ह .
चाचू ,-- वो तो तुम दोनों ने मुझे बना hi दिया ह.
में.,-- हे हे हे... पापा में रुखसार को छोड़ दूँ क्या.
चाचू ,-- छोड़ दे और उसकी छूट को भोसड़ा बना दे सोभा की तरह.
में ,-- ठीक ह जाता हूँ उसे छोड़ने.
में रुखसार की गॉड से उठा और बोलै ,-- ले अब तो तेरे मामू ने भी बोल दिया की तुझे छोड़ दूँ.
रुखसार का चेहरा लाल हो गया और वो बोली ,-- मेने मन किया ह क्या.
मेने फिर मम्मी के मोबाइल में वीडियो रिकॉर्डिंग चालू की और अपना फ़ोन उठाकर रामु को मिस कॉल की और बाथरूम में पेशाब करने चला आया और जब बाहर आया तो रामु गेट खोलकर अंदर आ चूका था .
रामु ,-- जी मालिक .
रुखसार ने रामु को देखा तो वापस घूँघट कर लिया तो में बोलै ,-- रामु सिगरेट नहीं ह रूम में जा एक सिगरेट जला कर ला .
रामु ,-- अभी लाया मालिक .
उसके जाते hi रुखसार बोली ,-- आपने गेट नहीं बंद किया था .
में.,-- तो क्या हो गया वो नौकर ह और वैसे भी बूढ़ा ह .
रुखसार मुस्करा कर रह गयी तभी रामु सिगरेट देकर बोलै ,-- लीजिये मालिक.
में .,-- रुखसार को सिगरेट की आदत ह देख उसने घूँघट भी नहीं उठाने दिया और बोली की पहले सिगरेट पीना ह .
रामु ,-- गलती हो गयी मालकिन मुझे नहीं पता था . में सुबह पैकेट रख दूंगा.
रामु गेट सत्ता कर चला गया तो रुखसार बोली ,-- गेट बंद करके आइये .
में.,-- रहने दे उसे मालूम ह की आज हमारी सुहागरात ह और उसे अपनी नौकरी से हाथ थोड़े hi धोने ह.
रुखसार मुस्करा कर ,-- अपने उसे झूठ क्यों बोलै की मुझे सिगरेट की आदत ह .
में.,-- तो क्या बोलता मुझे पिणि थी और में तुम्हे उसके सामने बच्ची थोड़े hi बनता उसे भी पता होना चाहिए की तू जवान लोंड़िया ह और वैसे भी तुम उसकी मालकिन हो दर किस बात का . ले सिगरेट पि .
रुखसार ने घूँघट उठा दिया और मुस्करा कर सिगरेट पिने लगी .
तभी मेरा फ़ोन फिर से बजा तो मेने देखा नाजनीन दीदी थी.
मेने फ़ोन उठाया तो वो बोली ,-- क्या कर रहा ह रोहित.
में.,-- सिगरेट पि रहा हूँ दीदी.
नाजनीन दीदी, -- रात में साढ़े ग्यारह बजे तू सिगरेट पि रहा ह .
में.,-- तो क्या पियून .
नाजनीन दीदी,-- रुखसार के होंठ पि उसकी निप्पल पि या फिर उसकी छूट का पानी पि .
में.,-- ये पीला नहीं रही बस दुल्हन बने बैठी ह और शर्मा रही ह .
नाजनीन दीदी,-- उसे फ़ोन दे .
में.,-- लो बात करो तो रुखसार बोली hello .
नाजनीन दीदी,-- तेरी छूट में यहाँ तो बड़ी खुजली हो रही थी और छूट फड़वाने के लिए मरी जा रही थी .
रुखसार का चेहरा लाल हो गया दीदी की बात सुनकर.
नाजनीन दीदी,-- अब जिन्दा ह या मर गयी . सुन रही ह ना.
रुखसार, -- है.... di...di.
नाजनीन दीदी,-- अब चुपचाप बैठी मत रह और रोहित को खुल कर बोल की तुझे छोड़ दे .
रुखसार, -- जी दीदी .
नाजनीन दीदी,-- चल रोहित को फ़ोन दे .
रुखसार ने फ़ोन मेरी तरफ खिसका दिया तो में बोलै ,-- हां दीदी .
नाजनीन दीदी,-- तुझे आज उसके दोनों छेड़ खोलने ह .
में .,-- खोल दूंगा दीदी
इतना बोलकर मेने फ़ोन काट दिया और रुखसार की तरफ देखकर बोलै ,-- नाजनीन दीदी की बात समझ में आयी .
रुखसार ने सिगरेट फेंकी और मेरे होठों पर झुक गयी तो में उसके कुंवारे होंठ चूसने लगा .
हम दोनों पंद्रह मिनट तक एक दूसरे के होंठ और जीभ को चूसते रहे तो दोनों की सांसे उखड़ने लगी .
में,-- तुम तो किश करने में hi हांपने लगी .
रुखसार ,-- कितनी जोर से चूसा ह मेरे होंठो को.
में.,-- छूट को में इससे भी जोर से छोड़ने वाला हूँ.
रुखसार मुस्करा कर ,-- छूट तो होती hi जोर से छुड़वाने के लिए ह . नाजनीन दीदी बोली थी की आप उसमे पुरे एक्सपर्ट हो .
फिर मेने रुखसार का चेहरा पूरा चुम कर उसके चेहरे को झूठा कर दिया तो रुखसार भी मेरे चेहरे को चूमने लगी.
तो बे कॉन्टिनोएड...