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- Dec 5, 2013
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अगले दिन में सुबह no बजे उठा तो मम्मी उठ चुकी थी . में पेशाब करके किचन में गया तो मम्मी पेंटी पहने नास्ता बना रही थी .
उसने मुझे देखा तो झुक कर मुझे प्रणाम की तो में उसकी पीठ मसल कर बोलै ,-- तुझे जल्दी hi मातारत्व सुख मिले सोभा.
मम्मी मेरी बात सुनकर मुस्कराई और मुझे चाय पिने को दी तो में बाहर आकर चाय पिया और नहाने आ गया .
में सुबह सुबह मम्मी को छोड़कर दिन का मज़ा खराब नहीं करना चाहता था क्योंकि वो अगर ठंडी हो गयी तो फिर दिन में फिर मज़ा नहीं आता इसलिए उसे टेटू बनाने जाने के समय गरम करके ले जाना था .
में नहाकर कपडे पहनकर एक फीमेल वियाग्रा की टेबलेट लेकर बाहर आया और किचन में आकर टेबलेट को पीसने लगा . मम्मी मुझे देख रही थी पर कुछ बोली नहीं तो मेने एक कटोरी दूध लेकर उसमे टेबलेट का पाउडर मिलाया और मम्मी के होंठो से दूध लगाकर बोलै
में.,-- ले इसे पि ले
मम्मी मेरी आँखों में देखते हुए उसे पि गयी तो में बोलै ,-- तुझे पता ह क्या चीज की टेबलेट थी वो.
मम्मी ,-- नहीं .
में.,-- वो तेरे बदन में गर्मी बढ़ाएगी जिस से तुझे शर्म नहीं आये और आज मार्किट में तू बेशरम बन कर घूमे.
मम्मी ,-- जी स्वामी .ऐसी टेबलेट असलम जी भी खिलाये थे .
में.,-- हाँ वही ह ,थोड़ा पावर ज्यादा ह इसलिए छूट को पूरा गरम रखेगी और बोबे तीते रहेंगे.
मम्मी ने मेरी बात सुनकर मेरे गाल को चूमा और नास्ता लगाने लगी .
हम नास्ते की टेबल पर बैठे तो मेने मम्मी को गॉड में बैठ लिया और उनकी नवल और निप्पल की रिंग से खेलते हुए नास्ता किया तो मम्मी पुरे गरम हो गयी.
वो नास्ता करके मेरे होंठो पर टूट पड़ी और मेरा लुंड निकलने लगी तो में बोलै,-- सोभा पहले टेटू बनवाकर आते ह .नहीं तो कल की तरह वापस आना पड़ेगा और फिर आज भी नहीं बने तो तेरा मालिक नाराज हो जायेगा.
मम्मी ,-- एक बार छोड़ दीजिये ना .
में.,-- फिर तुझे मज़ा नहीं आएगा मार्किट में रानी .
मम्मी मुस्करा कर ,-- ठीक ह में तैयार होकर आती हूँ.
मम्मी रूम में भाग गयी और कुछ देर में मुझे आवाज लगाई ,-- रोहित जी अंदर आइये ना एक बार.
में अंदर गया तो देखा मम्मी एक फ्रॉक पहने थी और खुद को आईने में देख रही थी .मुझे देखकर बोली,-- अब आप hi मेकअप कर दीजिये .
मेने उसे गौर से देखा की वो फ्रॉक में कुंवारी कन्या की तरह लग रही थी तो मेने उसे आज गर्लफ्रेंड बनाने का सोचा और बोलै ,-- आज तुम कुंवारी लड़की की तरह बाल बनाओ और मांग की जगह खली रखो. आज में तुम्हे बीबी की जगह गर्लफ्रेंड बनकर घुमाऊंगा.
मम्मी मुस्करा कर बाल बनाने लगी तो में बाहर आकर टेटू बनाने वाले लड़के से बात करने लगा.
में.,-- रज्जाक भाई कितना बजे आये हम लोग.
रज्जाक ,-- आधे घंटे में आ जाओ. कितने टेटू बनवाने ह .
में.,-- तीन एक चुकी पर , एक छूट के पास और गांड पर नाम लिखना ह .
रज्जाक ,-- ठीक ह . में दुकान hi जा रहा हूँ
में.,-- एक बात और भी थी भाई.
रज्जाक ,-- बोलो
में.,-- उसके साथ थोड़ा छेड़छाड़ भी करनी ह .
रज्जाक ,-- यार हम ऐसा नहीं करते, धंधा खराब हो जायेगा.
में.,-- ठीक ह सेक्सी बातें तो कर सकते हो.
रज्जाक ,-- हाँ उसमे दिक्कत नहीं ह .
में.,-- उसके लिए जगह तो ह ना.
रज्जाक ,-- हाँ वो हो जाएगी . शॉप में एक अलग केबिन ह .
में ,-- ठीक ह में फिर आता हूँ उसे लेकर .
में बात ख़त्म करके अपने रूम में गया और पेशाब करके अपने लुंड पर कंडोम चढ़ाया क्योंकि मम्मी के साथ छेड़ छड़ में मेरा भी लुंड पूरी छड़ी प्रीकम में भिगो देता ह .
में बाहर आया तो सोभा रूम से आती दिखी जिसे देखकर मेने सिटी बजे और बोलै ,-- सोभा तू तो पूरी मस्तानी लोंड़िया को तरह दिख रही ह .
मम्मी ,-- थैंक्स रोहित .
में ,-- तू आज घर से बाहर निकलकर मुझे रोहित बोल सकती ह घर में मई तेरा हस्बैंड हूँ समझी .
मम्मी मुस्करा कर ,-- ok स्वामी
में.,-- तूने पेंटी कैसी पहनी ह .
मम्मी ने अपनी फ्रॉक ऊपर की तो मुझे उसकी फुल साइज की पेंटी दिखी .
में.,-- रंडी इसे बैग में रख ले और वो थोंग वाली पेंटी पहन जो तुझे मेने गिफ्ट की थी .
मम्मी मुस्करा कर ,-- जी पहन लेती हूँ पर वो बहुत छोटी ह और गीली होकर स्ट्रैश हो जायेगा .
में.,-- गीली तो आज होगी तू एक काम कर अपने पर्स में तीन चार पेंटी रख ले .
मम्मी मुस्करा कर रूम में गयी और जल्दी से आकर बोली ,-- पहन ली स्वामी .
में.,-- चल अब मेरे पैरों को छू कर बोल की मेरे बदन पर टेटू बनवा दो.
मम्मी अपनी फ्रॉक से छूट मसलकर ,-- मेरे बदन पर टेटू बनवा दो पतिदेव .
मम्मी फिर कड़ी हुयी और अपनी छूट को मसली तो मेरा लुंड भी प्रीकम की बून्द कंडोम में छोड़ दिया . में.,-- अभी से गीली होने लग गयी तेरी छूट.
मम्मी मुस्करा कर ,-- जी, आप के साथ मार्किट में जाने के नाम पर आपकी बीबी की छूट बहने लगी ह की आप आज फिर मज़े करवाएंगे.
में.,-- चल फिर .
मुझे पता था की वियाग्रा ने असर दिखाना शुरू कर दिया ह इसलिए ये बार बार छूट मसल रही ह.
हम दोनों खान मार्किट पहुंचे और में मम्मी को लेकर रज्जाक की दुकान पर पहुंचा जो सुबह सुबह खली थी . हम अंदर गए तो उसने मम्मी को देखा और दुकान के गिलास के गेट को बंद करके अंदर से लॉक कर दिया और हमें पीछे आने को कहा.
हम दोनों उसके पीछे गए तो सीधी से. उसकी दुकान के निचे ऊपर जितनी hi जगह थी . उसने मम्मी को फ्रॉक खोलकर बैठने को कहा तो मम्मी फ्रॉक खोलकर कुर्सी पर बेथ गयी तो में भी उनके सामने बेथ गया और बोलै.
में.,-- रज्जाक भाई , सोभा के बूब्स अच्छे ह ना
रज्जाक ,-- हाँ , बड़े बूब्स वाली लड़कियां ज्यादा सेक्सी दिखती ह .
मम्मी मुस्करा कर नजर झुका ली और जल्दी से अपनी थोंग के ऊपर से छूट खुजाई .
में.,-- सोभा तेरी पेंटी इतनी जल्दी गीली हो गयी .
मम्मी का चेहरा शर्म से लाल हो गया और वो नजर झुका ली . रज्जाक ने मशीन उठायी और मम्मी के बोबे पर कुछ तेल सा लगाया.
में.,-- रज्जाक भाई टेटू ऊपर नहीं बनाना ह .
रज्जाक ,-- तो फिर , टेटू तो यही बनते ह .
में.,-- यार सोभा शादीशुदा ह और इसके पति ने कहा ह की टेटू सिर्फ उसको hi दिखने चाहिए .
रज्जाक ,-- तब तो फिर निप्पल के बिलकुल पास में बनाने होंगे .
में.,-- हाँ , सोभा अपनी ब्रा खोल दो .
मम्मी ने ब्रा खोल दी तो उसके हजकारी बोबे हम दोनों के सामने नंगे हो गए तो रज्जाक का गाला सूखने लगा. वहीँ मम्मी भी पेअर िक्क्ते करने लगी तो में बोलै
में ,-- सोभा रज्जाक से शर्माने की जरुरत नहीं ह और खुजली हो रही ह तो कर लो.
मम्मी ने मेरी तरफ नजाकत से देखा और अपनी छूट को खुजा ली .
रज्जाक ने फिर एक बटरफ्लाई जल्दी से मम्मी की निप्पल के बिलकुल पास में बना दी और मम्मी को गांड ऊपर करके घोड़ी बन ने को कहा तो मेने उसे मोबाइल में पढ़ा कर नाम लिखने को कहा .रज्जाक ने नाम पढ़ा तो हैरान रह गया की ये कैसे हो सकता ह .
उसने फिर जल्दी से बहुत छोटी सी जगह में गांड पर लिख दिया सोभा सिंह असलम खान की rakhel.mene उसकी गांड की फोटो मम्मी के मोबाइल में ले ली . मम्मी की छूट पूरी रिष रही थी जो हमें दिख रही थी .
में.,-- रज्जाक सोभा की गांड मस्त ह ना.
रज्जाक ,-- हम्म्म एकदम परफेक्ट साइज की ह हेरोइन की तरह .
उसके बाद वो बोलै, -- निचे भी बिना दिखने वाला hi लिखना ह .
में.,-- हम्म . एक डैम छूट के होंठ के पास.
मम्मी मेरी बात सुनकर शर्म से दोहरी हो गयी और वो गर्दन झुका कर छूट को खुजाई .
में.,-- सोभा अपनी पेंटी खोल दे .
मम्मी ने फिर अपनी थोंग खोल दी तो रज्जाक ने उसे एक चेयर पर बिठाया और दोनों पेअर के साइड में स्टूल रख कर पेअर उन पर रखने को कहा . मम्मी ने पेअर उन पर रखे तो उनकी छूट पूरी क्लियर दिखने लगी क्योंकि उनके पेअर चोदे हो गए थे .
में भी मम्मी के सामने आ गया तो देखा मम्मी की छूट के लिप्स खुल गए थे और छूट का पानी निचले हिस्से पर बून्द बनकर टपकने वाला था .
में.,-- ओफ्फो.... सोभा तेरी छूट कभी रूकती भी ह की नहीं हमेशा ृस्टि रहती ह . रज्जाक भाई ये कपडे से इसकी छूट साफ़ कर दूँ .
रज्जाक मम्मी की छूट को देखते हुए ,-- हम्म. उसने मुझे एक कपडा दिया.
मेने मम्मी के पैरों में बैठकर छूट के लिप्स साफ़ किये और फिर निचे से साफ़ करके उठ गया .
रज्जाक फिर मम्मी की छूट के सामने बैठा और जल्दी से टेटू बनाकर बाथरूम में भाग गया .
मम्मी भी जल्दी से उठी और पर्श से दूसरी पेंटी निकल कर पहनी और ब्रा पहनकर फ्रॉक पहन ली .
हमें टेटू बनाने में ज्यादा टाइम नहीं लगा था . मेने घडी में देखा तो एक बजने को था.
फिर रज्जाक बाहर आया तो हम ऊपर आये और बाइक से निकल आये.
तो बे कॉन्टिनोएड
उसने मुझे देखा तो झुक कर मुझे प्रणाम की तो में उसकी पीठ मसल कर बोलै ,-- तुझे जल्दी hi मातारत्व सुख मिले सोभा.
मम्मी मेरी बात सुनकर मुस्कराई और मुझे चाय पिने को दी तो में बाहर आकर चाय पिया और नहाने आ गया .
में सुबह सुबह मम्मी को छोड़कर दिन का मज़ा खराब नहीं करना चाहता था क्योंकि वो अगर ठंडी हो गयी तो फिर दिन में फिर मज़ा नहीं आता इसलिए उसे टेटू बनाने जाने के समय गरम करके ले जाना था .
में नहाकर कपडे पहनकर एक फीमेल वियाग्रा की टेबलेट लेकर बाहर आया और किचन में आकर टेबलेट को पीसने लगा . मम्मी मुझे देख रही थी पर कुछ बोली नहीं तो मेने एक कटोरी दूध लेकर उसमे टेबलेट का पाउडर मिलाया और मम्मी के होंठो से दूध लगाकर बोलै
में.,-- ले इसे पि ले
मम्मी मेरी आँखों में देखते हुए उसे पि गयी तो में बोलै ,-- तुझे पता ह क्या चीज की टेबलेट थी वो.
मम्मी ,-- नहीं .
में.,-- वो तेरे बदन में गर्मी बढ़ाएगी जिस से तुझे शर्म नहीं आये और आज मार्किट में तू बेशरम बन कर घूमे.
मम्मी ,-- जी स्वामी .ऐसी टेबलेट असलम जी भी खिलाये थे .
में.,-- हाँ वही ह ,थोड़ा पावर ज्यादा ह इसलिए छूट को पूरा गरम रखेगी और बोबे तीते रहेंगे.
मम्मी ने मेरी बात सुनकर मेरे गाल को चूमा और नास्ता लगाने लगी .
हम नास्ते की टेबल पर बैठे तो मेने मम्मी को गॉड में बैठ लिया और उनकी नवल और निप्पल की रिंग से खेलते हुए नास्ता किया तो मम्मी पुरे गरम हो गयी.
वो नास्ता करके मेरे होंठो पर टूट पड़ी और मेरा लुंड निकलने लगी तो में बोलै,-- सोभा पहले टेटू बनवाकर आते ह .नहीं तो कल की तरह वापस आना पड़ेगा और फिर आज भी नहीं बने तो तेरा मालिक नाराज हो जायेगा.
मम्मी ,-- एक बार छोड़ दीजिये ना .
में.,-- फिर तुझे मज़ा नहीं आएगा मार्किट में रानी .
मम्मी मुस्करा कर ,-- ठीक ह में तैयार होकर आती हूँ.
मम्मी रूम में भाग गयी और कुछ देर में मुझे आवाज लगाई ,-- रोहित जी अंदर आइये ना एक बार.
में अंदर गया तो देखा मम्मी एक फ्रॉक पहने थी और खुद को आईने में देख रही थी .मुझे देखकर बोली,-- अब आप hi मेकअप कर दीजिये .
मेने उसे गौर से देखा की वो फ्रॉक में कुंवारी कन्या की तरह लग रही थी तो मेने उसे आज गर्लफ्रेंड बनाने का सोचा और बोलै ,-- आज तुम कुंवारी लड़की की तरह बाल बनाओ और मांग की जगह खली रखो. आज में तुम्हे बीबी की जगह गर्लफ्रेंड बनकर घुमाऊंगा.
मम्मी मुस्करा कर बाल बनाने लगी तो में बाहर आकर टेटू बनाने वाले लड़के से बात करने लगा.
में.,-- रज्जाक भाई कितना बजे आये हम लोग.
रज्जाक ,-- आधे घंटे में आ जाओ. कितने टेटू बनवाने ह .
में.,-- तीन एक चुकी पर , एक छूट के पास और गांड पर नाम लिखना ह .
रज्जाक ,-- ठीक ह . में दुकान hi जा रहा हूँ
में.,-- एक बात और भी थी भाई.
रज्जाक ,-- बोलो
में.,-- उसके साथ थोड़ा छेड़छाड़ भी करनी ह .
रज्जाक ,-- यार हम ऐसा नहीं करते, धंधा खराब हो जायेगा.
में.,-- ठीक ह सेक्सी बातें तो कर सकते हो.
रज्जाक ,-- हाँ उसमे दिक्कत नहीं ह .
में.,-- उसके लिए जगह तो ह ना.
रज्जाक ,-- हाँ वो हो जाएगी . शॉप में एक अलग केबिन ह .
में ,-- ठीक ह में फिर आता हूँ उसे लेकर .
में बात ख़त्म करके अपने रूम में गया और पेशाब करके अपने लुंड पर कंडोम चढ़ाया क्योंकि मम्मी के साथ छेड़ छड़ में मेरा भी लुंड पूरी छड़ी प्रीकम में भिगो देता ह .
में बाहर आया तो सोभा रूम से आती दिखी जिसे देखकर मेने सिटी बजे और बोलै ,-- सोभा तू तो पूरी मस्तानी लोंड़िया को तरह दिख रही ह .
मम्मी ,-- थैंक्स रोहित .
में ,-- तू आज घर से बाहर निकलकर मुझे रोहित बोल सकती ह घर में मई तेरा हस्बैंड हूँ समझी .
मम्मी मुस्करा कर ,-- ok स्वामी
में.,-- तूने पेंटी कैसी पहनी ह .
मम्मी ने अपनी फ्रॉक ऊपर की तो मुझे उसकी फुल साइज की पेंटी दिखी .
में.,-- रंडी इसे बैग में रख ले और वो थोंग वाली पेंटी पहन जो तुझे मेने गिफ्ट की थी .
मम्मी मुस्करा कर ,-- जी पहन लेती हूँ पर वो बहुत छोटी ह और गीली होकर स्ट्रैश हो जायेगा .
में.,-- गीली तो आज होगी तू एक काम कर अपने पर्स में तीन चार पेंटी रख ले .
मम्मी मुस्करा कर रूम में गयी और जल्दी से आकर बोली ,-- पहन ली स्वामी .
में.,-- चल अब मेरे पैरों को छू कर बोल की मेरे बदन पर टेटू बनवा दो.
मम्मी अपनी फ्रॉक से छूट मसलकर ,-- मेरे बदन पर टेटू बनवा दो पतिदेव .
मम्मी फिर कड़ी हुयी और अपनी छूट को मसली तो मेरा लुंड भी प्रीकम की बून्द कंडोम में छोड़ दिया . में.,-- अभी से गीली होने लग गयी तेरी छूट.
मम्मी मुस्करा कर ,-- जी, आप के साथ मार्किट में जाने के नाम पर आपकी बीबी की छूट बहने लगी ह की आप आज फिर मज़े करवाएंगे.
में.,-- चल फिर .
मुझे पता था की वियाग्रा ने असर दिखाना शुरू कर दिया ह इसलिए ये बार बार छूट मसल रही ह.
हम दोनों खान मार्किट पहुंचे और में मम्मी को लेकर रज्जाक की दुकान पर पहुंचा जो सुबह सुबह खली थी . हम अंदर गए तो उसने मम्मी को देखा और दुकान के गिलास के गेट को बंद करके अंदर से लॉक कर दिया और हमें पीछे आने को कहा.
हम दोनों उसके पीछे गए तो सीधी से. उसकी दुकान के निचे ऊपर जितनी hi जगह थी . उसने मम्मी को फ्रॉक खोलकर बैठने को कहा तो मम्मी फ्रॉक खोलकर कुर्सी पर बेथ गयी तो में भी उनके सामने बेथ गया और बोलै.
में.,-- रज्जाक भाई , सोभा के बूब्स अच्छे ह ना
रज्जाक ,-- हाँ , बड़े बूब्स वाली लड़कियां ज्यादा सेक्सी दिखती ह .
मम्मी मुस्करा कर नजर झुका ली और जल्दी से अपनी थोंग के ऊपर से छूट खुजाई .
में.,-- सोभा तेरी पेंटी इतनी जल्दी गीली हो गयी .
मम्मी का चेहरा शर्म से लाल हो गया और वो नजर झुका ली . रज्जाक ने मशीन उठायी और मम्मी के बोबे पर कुछ तेल सा लगाया.
में.,-- रज्जाक भाई टेटू ऊपर नहीं बनाना ह .
रज्जाक ,-- तो फिर , टेटू तो यही बनते ह .
में.,-- यार सोभा शादीशुदा ह और इसके पति ने कहा ह की टेटू सिर्फ उसको hi दिखने चाहिए .
रज्जाक ,-- तब तो फिर निप्पल के बिलकुल पास में बनाने होंगे .
में.,-- हाँ , सोभा अपनी ब्रा खोल दो .
मम्मी ने ब्रा खोल दी तो उसके हजकारी बोबे हम दोनों के सामने नंगे हो गए तो रज्जाक का गाला सूखने लगा. वहीँ मम्मी भी पेअर िक्क्ते करने लगी तो में बोलै
में ,-- सोभा रज्जाक से शर्माने की जरुरत नहीं ह और खुजली हो रही ह तो कर लो.
मम्मी ने मेरी तरफ नजाकत से देखा और अपनी छूट को खुजा ली .
रज्जाक ने फिर एक बटरफ्लाई जल्दी से मम्मी की निप्पल के बिलकुल पास में बना दी और मम्मी को गांड ऊपर करके घोड़ी बन ने को कहा तो मेने उसे मोबाइल में पढ़ा कर नाम लिखने को कहा .रज्जाक ने नाम पढ़ा तो हैरान रह गया की ये कैसे हो सकता ह .
उसने फिर जल्दी से बहुत छोटी सी जगह में गांड पर लिख दिया सोभा सिंह असलम खान की rakhel.mene उसकी गांड की फोटो मम्मी के मोबाइल में ले ली . मम्मी की छूट पूरी रिष रही थी जो हमें दिख रही थी .
में.,-- रज्जाक सोभा की गांड मस्त ह ना.
रज्जाक ,-- हम्म्म एकदम परफेक्ट साइज की ह हेरोइन की तरह .
उसके बाद वो बोलै, -- निचे भी बिना दिखने वाला hi लिखना ह .
में.,-- हम्म . एक डैम छूट के होंठ के पास.
मम्मी मेरी बात सुनकर शर्म से दोहरी हो गयी और वो गर्दन झुका कर छूट को खुजाई .
में.,-- सोभा अपनी पेंटी खोल दे .
मम्मी ने फिर अपनी थोंग खोल दी तो रज्जाक ने उसे एक चेयर पर बिठाया और दोनों पेअर के साइड में स्टूल रख कर पेअर उन पर रखने को कहा . मम्मी ने पेअर उन पर रखे तो उनकी छूट पूरी क्लियर दिखने लगी क्योंकि उनके पेअर चोदे हो गए थे .
में भी मम्मी के सामने आ गया तो देखा मम्मी की छूट के लिप्स खुल गए थे और छूट का पानी निचले हिस्से पर बून्द बनकर टपकने वाला था .
में.,-- ओफ्फो.... सोभा तेरी छूट कभी रूकती भी ह की नहीं हमेशा ृस्टि रहती ह . रज्जाक भाई ये कपडे से इसकी छूट साफ़ कर दूँ .
रज्जाक मम्मी की छूट को देखते हुए ,-- हम्म. उसने मुझे एक कपडा दिया.
मेने मम्मी के पैरों में बैठकर छूट के लिप्स साफ़ किये और फिर निचे से साफ़ करके उठ गया .
रज्जाक फिर मम्मी की छूट के सामने बैठा और जल्दी से टेटू बनाकर बाथरूम में भाग गया .
मम्मी भी जल्दी से उठी और पर्श से दूसरी पेंटी निकल कर पहनी और ब्रा पहनकर फ्रॉक पहन ली .
हमें टेटू बनाने में ज्यादा टाइम नहीं लगा था . मेने घडी में देखा तो एक बजने को था.
फिर रज्जाक बाहर आया तो हम ऊपर आये और बाइक से निकल आये.
तो बे कॉन्टिनोएड