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- Dec 5, 2013
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फिर सब लोग दिग के घर से निकल के मॉल में आ जाते है जहा वो लोग भरपूर शॉपिंग करते है. देवा वह पर पूनम को बोलकर चन्नो के लिए भी 8-10 लेटेस्ट ड्रेसेस ले लेता है और उस के लिए मेकउप भी और कुछ लेडीज आइटम्स. यहाँ रूद्र और नीलम भी दिल खोल कर शॉपिंग करते है. फिर वो लोग पूरा सामान गाड़ी में दाल कर एक खूबसूरत गार्डन में आ जाते है. और एक जगह पेड़ की छाँव में बैठ जाते है. हलाकि भीड़ भाड़ नहीं थी इस वक़्त इसलिए इन लोगो को खूब मजा आ रहा था.
रूद्र – देवा कितने समय बाद हम लोग ऐसे सुकून से बैठे है. यद् है हम तुम्हरे महल में भी ऐसे hi गार्डन में बैठा करते थे. जब तुम मेरी भाभी के सन्देश का इंतजार करते थे. उस कबूतर द्वारा.
देवा – है यार बहोत यद् आते है वो दिन.
पूनम - कहो तो मए फिर चली जाऊ तिलिस्म नगरी वह से कबूतर के द्वारा सन्देश भेजती रहूगी.
देवा – रहने दो अब वो मजा नहीं आएगा. उस समय हम दोनों अनजान थे एक दूजे के पास आना चाहते थे. अब वो बात नहीं मिलेगी.
नीलम - तो क्या भैया अब पास नहीं आना चाहते?
देवा – अरे अब पास नहीं आना हमें बल्कि अब तो पाना है एक दूजे को. और तुम दोनों को भी मिलाना है. क्यों रूद्र?
रूद्र – भाई बहोत हुआ यार चल न कब तक छूटे सैंड बने घूमते रहेंगे. चल शादी करते है. यार सब कह रहे है तुझे छोड़ के. एक तू hi रोके बैठा है. भाभी से पूछ तो वो अभी है कह दे.
पूनम - रूद्र सही कह रहा है देव अब किस बात का इंतजार है?
देव – तुम लोगो का बचपना कब जायेगा यार. शादी कर लो, शादी कर लो की रुत लगा राखी है. अबे रूद्र तू तो समझता है कितने काम बाकि है. और पूनम तुम भूल गयी फब ने क्या कहा था. अभी बहोत कुछ बाकि है. अभी दोनों नगर चारो तरफ से सुरक्षित नहीं है. अभी हमें मणि नहीं मिली, वो दुष्ट अघोरी जिन्दा है जिसकी वजह से हम लोग सब बिछड़ गए. क्या चाहते हो तुम लोग? हम लोग बैठ जाये शादी के मंडप में और वो साला आ कर हम पर हमला कर दे और इस बार भी हम में से किसी को कुछ हो जाये? और अगर ऐसा नाब hi हुआ तो भी क्या करेंगे हम लोग शादी कर के अपने अपने वैवाहिक जीवन में मस्त हो जाये और छोड़ दे उस चूतिये अघोरी को. करने दे उसे अपनी मनमानी? पूनम, नीलम तुम लोग बताओ कर पाओगी उसका मुक़ाबला शादी के बाद ऐसे hi जैसे अभी कर सकती हो? और रूद्र तू ….. क्यात ु शादी के बाद नीलम को उतरने देगा मैदान में? नहीं मेरे भाई ये सब तब hi मुमकिन है जब तक हम लोग आज़ाद है शादी के बंधन में बांध गए तो कमजोर हो जायेगे और हमारी कमजोरी उस अघोरी की ताक़त बन जाएगी. और मए ये होने नहीं दे सकता इस बार तो बिलकुल नहीं. और एक बात है जो मुझे फब ने बताई थी. जो बस मए और फब hi जानते है और वो बहतो ज्यादा खतरनाक है बहोत hi ज्यादा.
रूद्र के साथ साथ सब hi टेंशन में आ जाते है.
ऐसी कौन सी बात है देव मुझे बता मए भयानक चीज़ को तेरी जिंदगी से उखड फेंकूँगा चाहे अंजाम कुछ भी हो रूद्र के जबड़े भींच गए थे.
देव – सिर्फ उस खतरे की भनक ने तेरा मूड चेंज कर दिया न रूद्र. सोच वो बात जब सामने होगी तो क्या होगा. इसीलिए अभी मए कुछ नहीं बता सकता. वक़्त आने पे बताउगा. और बिना बताये काम भी नहीं चलेगा. पर अभी सब ठीक है और वो वक़्त बहोत दूर है तो अभी इस समय को जी लो. आगे की आगे देखेंगे और फिर जब हम चारो साथ है तो किसी मई के लाल में डैम नहीं के हमें चोट दे जाये और भूलो मत अब हमारे पास गुरुम जैसा एक दोस्त और है और क्या पता भविष्य में कौन किस रूप से निकल के हमारा हम सफर बन जाये तो अभी एन्जॉय करो चिंता छोड़ दो.
सब चुप हो कर देवा को देख रहे थे.
देवा – पूनम मेरी जान , रूद्र, नीलम तुम लोग जितना बेचैन हो मए भी उतना hi बेचैन हु लेकिन जब तक सरे काम नहीं हो जाते हम शादी नहीं कर सकते ये बहोत बड़ी रुकावट है. की थी न मैने पिछली बार सगाई उस अघोरी को हलके में ले कर. क्या हुआ अंजाम? सेल ने उसी दिन हमला किया जिस दिन हम लोग सबसे ज्यादा असावधान थे. इस बार मए उसे कोई मौका नहीं देना चाहता.
रूद्र – तू सही कह रहा है भाई. हमें माफ़ कर दे. हम ये सब बाटे भूल गए थे. लेकिन हम तेरे फैसले में तेरे साथ है हम सब एक है देव. और इस बार उस हरामखोर को जिन्दा नहीं छोड़ेगे.
देवा – हम्म्म सही बोलै. चल अब छोड़ उस सेल अघोरी की बाते तू नीलम के साथ बैठ हम दोनों गार्डन का चक्कर मर के आते है.
फिर देव और पूनम वह से उठकर आगे निकल जाते है और गार्डन में घूमने लगते है.
पूनम - देव ये चन्नो के लिए इतनी चीज़े कोई खास बात है क्या?
देवा – नहीं पूनम असल में आज hi उसके बारे में सब पता चला मुझे. उसकी हालत बहोत ख़राब थी. बहोत दर्द में थी दुखी थी bechari.hua यु के………………………………..
और देवा पूनम को सब बता देता है.
देवा – इसलिए मैने उसे बहन बनाया है अब बहन के लिए मेरा फ़र्ज़ बनता है न कुछ.
पूनम - है क्यों नहीं बिलकुल. पर ये तो बताओ के आपके मंद में चल क्या रहा है. चन्नो की शादी के लिए किसे चुना है.
देवा- - उसी बारे में बात करनी थी तुमसे. मेरे ख्याल से चन्नो …………………………..
पूनम साडी बात सुन कर अरे वह ये तो बहोत ख़ुशी की बात है देव बहोत सही सोच रहे हो आप. मैने भी देखा है उसे. शलाका ने hi दिखाया था. पहले मेरा ध्यान नहीं था के शलाका ये क्या कर रही है लेकिन जब बाद में उसने मुझे बताया तो मुझे भी लगा के ये सही है. आप एक डैम ठीक जा रहे है लेकिन अब उन दोनों को मिलवाएंगे कैसे?
देवा – कल तक कुछ मैसेज आ जायेगे और मेरे कंप्यूटर में. उस के बाद फैसला करेंगे और उन्हें मिलवा भी देंगे. क्यों कैसी रही?
पूनम – बहोत बढ़िया. पर देव हम दोनों का क्या?
देवा – फिर वही बात पूनम अभी मैने थोड़ी देर पहले क्या कहा था.
पूनम देव के सीने से लग गयी और उसकी आँखों से दो बूँद आंसू निकल आये.
देव – ा पूनम तू रो क्यों रही है?
पूनम – देव मए नहीं चाहती के इस बार भी हमारा मिलान अधूरा रह जाये. मए आपकी सुहागन बनना चाहती हु.
देव – तू मेरी सुहागन जरूर बनेगी और इसी जनम में बनेगी. रोया मत करो चुप हो जाओ न अब. अरे सरे आंसू अभी बहा डौगी तो सुहागरात में जब तुम्हे मए औरत बनने का दर्द दुगा तब क्या करेगी? थोड़े से आंसू हमारे उस मिलान के दर्द के लिए भी बचा कर रख लो मेरी जान
पूनम देवा की बात सुन कर बुरी तरह शर्मा जाती है.
पूनम – धत्त मए आपसे बात नहीं करती आप बड़े ख़राब हो .
देवा – ऐसा क्या गलत कह दिया मैने ये सब तो होगा hi न?
पूनम - मुझे नहीं पता और होगा भी तो ये कोई कहने की बात है kya?mae जा रही हु नीलम के पास
पूनम जैसे hi जाने लगती है तो देवा उसका हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खिंच लेता है और उसके नरम नाजुक होठो पे अपने होठ रख देता है. जिससे पूनम सिहर उठती है.
फिर देवा पूनम का नीचे वाला होठ अपने होठो में ले के चूसने लगता है तो पूनम भी देवा का साथ देते हुए उसके होठ को चूमने लगती है. धीरे धीर कब ये लिप किश भयंकर रूप ले लेता है उन्हें भी पता नहीं चलता जो पहले वो धीरे धीरे किश कर रहे थे अब वो एक दूजे के होठो को लगभग चबाने लगे थे. दोनों hi इस किश में खो से गए थे. तभी पूनम की सांसे उखाड़ने लगती है तो वो देवा को हल्का सा धक्का दे के खुद को छुड़ा लेती है और गहरी सांसे लेने लगती है.
उधर रूद्र और नीलम भी कुछ इसी काम में व्यस्त हो चुके थे. वो तो ये भी भूल चुके थे के वो इस समय गार्डन में है. उनका किश भी बहोत तेज गति से चल रहा था. नीलम मखमली घांस पर चित्त लेती थी और रूद्र उसके सर की तरफ से आकर उसके ऊपर झुका हुआ था और उसके होठो को चूस रहा था नीलम भी रूद्र के बालो में ऊँगली घूमते हुए उसके होठो का रास पी रही थी. इधर रूद्र के हाथ सरकते हुए नीलम की उठी हुई बड़ी बड़ी चूचियों पे आ चुके थे और वो उन्हें धीरे धीरे मसल रहा था जिससे नीलम भी कण्ट्रोल खोटी जा रही थी और अपनी ेडिया घास में जोर से रगड़ रही थी और रूद्र के बालो को भी जोर जोर से सहला रही थी. साथ hi रूद्र के होठो का रसपान भी कर रही थी.
तभी पूनम जान बूझकर दूर से आवाज देती हुई आती है. जिससे ये लोग संभल के उठ जाते है
देवा रूद्र को छेड़ते हुए – अबे ये तेरे बालो को क्या हुआ ऐसा लग रहा है कही लोट पॉट के आ रहा है या किसी से कुश्ती कर के आया है. तेरे बाल देख कैसे बिखरे हुए है.
देवा की बात सुन कर पूनम और नीलम मुँह घुमा के हसने लगती है
रूद्र – है भाई मए भी वैसे hi कुश्ती कर के आया हु जैसी तू. अपने होठ देख इतने लाल हो गए है जैसे इन्हे किसी मशीन में डाला गया हो. और पीस दिया गया हो.
देवा झेंप जाता है – चल बे कुछ भी बोलता है. चल अब भूख लगी है.
रूद्र - है पर पहले ये कुश्ती वाली हालत तो सुधर ले.
देवा हंस कर – चल चल गाड़ी में सुधर लेना अभी भूख लगी है.
रूद्र – अब भी भूखे हो? मैने तो समझा पूरी भूख मिट गयी होगी तुम्हरी.
देवा – अबे चल मेरे बाप चलेगा या मर कहिएगा.
फिर सब लोग गाड़ी में बैठ कर अपनी अपनी हालत ठीक करते है और फिर होटल में जाकर मस्त खाना कहते है. उसके बाद ये लोग घर की तरफ आ जाते है. जिसमे इन्हे लगभग रत हो जाती है. देवा रूद्र और नीलम को घर छोड़ता है और फिर पूनम को ले कर हवेली जाता है.
फिर सब लोग दिग के घर से निकल के मॉल में आ जाते है जहा वो लोग भरपूर शॉपिंग करते है. देवा वह पर पूनम को बोलकर चन्नो के लिए भी 8-10 लेटेस्ट ड्रेसेस ले लेता है और उस के लिए मेकउप भी और कुछ लेडीज आइटम्स. यहाँ रूद्र और नीलम भी दिल खोल कर शॉपिंग करते है. फिर वो लोग पूरा सामान गाड़ी में दाल कर एक खूबसूरत गार्डन में आ जाते है. और एक जगह पेड़ की छाँव में बैठ जाते है. हलाकि भीड़ भाड़ नहीं थी इस वक़्त इसलिए इन लोगो को खूब मजा आ रहा था.
रूद्र – देवा कितने समय बाद हम लोग ऐसे सुकून से बैठे है. यद् है हम तुम्हरे महल में भी ऐसे hi गार्डन में बैठा करते थे. जब तुम मेरी भाभी के सन्देश का इंतजार करते थे. उस कबूतर द्वारा.
देवा – है यार बहोत यद् आते है वो दिन.
पूनम - कहो तो मए फिर चली जाऊ तिलिस्म नगरी वह से कबूतर के द्वारा सन्देश भेजती रहूगी.
देवा – रहने दो अब वो मजा नहीं आएगा. उस समय हम दोनों अनजान थे एक दूजे के पास आना चाहते थे. अब वो बात नहीं मिलेगी.
नीलम - तो क्या भैया अब पास नहीं आना चाहते?
देवा – अरे अब पास नहीं आना हमें बल्कि अब तो पाना है एक दूजे को. और तुम दोनों को भी मिलाना है. क्यों रूद्र?
रूद्र – भाई बहोत हुआ यार चल न कब तक छूटे सैंड बने घूमते रहेंगे. चल शादी करते है. यार सब कह रहे है तुझे छोड़ के. एक तू hi रोके बैठा है. भाभी से पूछ तो वो अभी है कह दे.
पूनम - रूद्र सही कह रहा है देव अब किस बात का इंतजार है?
देव – तुम लोगो का बचपना कब जायेगा यार. शादी कर लो, शादी कर लो की रुत लगा राखी है. अबे रूद्र तू तो समझता है कितने काम बाकि है. और पूनम तुम भूल गयी फब ने क्या कहा था. अभी बहोत कुछ बाकि है. अभी दोनों नगर चारो तरफ से सुरक्षित नहीं है. अभी हमें मणि नहीं मिली, वो दुष्ट अघोरी जिन्दा है जिसकी वजह से हम लोग सब बिछड़ गए. क्या चाहते हो तुम लोग? हम लोग बैठ जाये शादी के मंडप में और वो साला आ कर हम पर हमला कर दे और इस बार भी हम में से किसी को कुछ हो जाये? और अगर ऐसा नाब hi हुआ तो भी क्या करेंगे हम लोग शादी कर के अपने अपने वैवाहिक जीवन में मस्त हो जाये और छोड़ दे उस चूतिये अघोरी को. करने दे उसे अपनी मनमानी? पूनम, नीलम तुम लोग बताओ कर पाओगी उसका मुक़ाबला शादी के बाद ऐसे hi जैसे अभी कर सकती हो? और रूद्र तू ….. क्यात ु शादी के बाद नीलम को उतरने देगा मैदान में? नहीं मेरे भाई ये सब तब hi मुमकिन है जब तक हम लोग आज़ाद है शादी के बंधन में बांध गए तो कमजोर हो जायेगे और हमारी कमजोरी उस अघोरी की ताक़त बन जाएगी. और मए ये होने नहीं दे सकता इस बार तो बिलकुल नहीं. और एक बात है जो मुझे फब ने बताई थी. जो बस मए और फब hi जानते है और वो बहतो ज्यादा खतरनाक है बहोत hi ज्यादा.
रूद्र के साथ साथ सब hi टेंशन में आ जाते है.
ऐसी कौन सी बात है देव मुझे बता मए भयानक चीज़ को तेरी जिंदगी से उखड फेंकूँगा चाहे अंजाम कुछ भी हो रूद्र के जबड़े भींच गए थे.
देव – सिर्फ उस खतरे की भनक ने तेरा मूड चेंज कर दिया न रूद्र. सोच वो बात जब सामने होगी तो क्या होगा. इसीलिए अभी मए कुछ नहीं बता सकता. वक़्त आने पे बताउगा. और बिना बताये काम भी नहीं चलेगा. पर अभी सब ठीक है और वो वक़्त बहोत दूर है तो अभी इस समय को जी लो. आगे की आगे देखेंगे और फिर जब हम चारो साथ है तो किसी मई के लाल में डैम नहीं के हमें चोट दे जाये और भूलो मत अब हमारे पास गुरुम जैसा एक दोस्त और है और क्या पता भविष्य में कौन किस रूप से निकल के हमारा हम सफर बन जाये तो अभी एन्जॉय करो चिंता छोड़ दो.
सब चुप हो कर देवा को देख रहे थे.
देवा – पूनम मेरी जान , रूद्र, नीलम तुम लोग जितना बेचैन हो मए भी उतना hi बेचैन हु लेकिन जब तक सरे काम नहीं हो जाते हम शादी नहीं कर सकते ये बहोत बड़ी रुकावट है. की थी न मैने पिछली बार सगाई उस अघोरी को हलके में ले कर. क्या हुआ अंजाम? सेल ने उसी दिन हमला किया जिस दिन हम लोग सबसे ज्यादा असावधान थे. इस बार मए उसे कोई मौका नहीं देना चाहता.
रूद्र – तू सही कह रहा है भाई. हमें माफ़ कर दे. हम ये सब बाटे भूल गए थे. लेकिन हम तेरे फैसले में तेरे साथ है हम सब एक है देव. और इस बार उस हरामखोर को जिन्दा नहीं छोड़ेगे.
देवा – हम्म्म सही बोलै. चल अब छोड़ उस सेल अघोरी की बाते तू नीलम के साथ बैठ हम दोनों गार्डन का चक्कर मर के आते है.
फिर देव और पूनम वह से उठकर आगे निकल जाते है और गार्डन में घूमने लगते है.
पूनम - देव ये चन्नो के लिए इतनी चीज़े कोई खास बात है क्या?
देवा – नहीं पूनम असल में आज hi उसके बारे में सब पता चला मुझे. उसकी हालत बहोत ख़राब थी. बहोत दर्द में थी दुखी थी bechari.hua यु के………………………………..
और देवा पूनम को सब बता देता है.
देवा – इसलिए मैने उसे बहन बनाया है अब बहन के लिए मेरा फ़र्ज़ बनता है न कुछ.
पूनम - है क्यों नहीं बिलकुल. पर ये तो बताओ के आपके मंद में चल क्या रहा है. चन्नो की शादी के लिए किसे चुना है.
देवा- - उसी बारे में बात करनी थी तुमसे. मेरे ख्याल से चन्नो …………………………..
पूनम साडी बात सुन कर अरे वह ये तो बहोत ख़ुशी की बात है देव बहोत सही सोच रहे हो आप. मैने भी देखा है उसे. शलाका ने hi दिखाया था. पहले मेरा ध्यान नहीं था के शलाका ये क्या कर रही है लेकिन जब बाद में उसने मुझे बताया तो मुझे भी लगा के ये सही है. आप एक डैम ठीक जा रहे है लेकिन अब उन दोनों को मिलवाएंगे कैसे?
देवा – कल तक कुछ मैसेज आ जायेगे और मेरे कंप्यूटर में. उस के बाद फैसला करेंगे और उन्हें मिलवा भी देंगे. क्यों कैसी रही?
पूनम – बहोत बढ़िया. पर देव हम दोनों का क्या?
देवा – फिर वही बात पूनम अभी मैने थोड़ी देर पहले क्या कहा था.
पूनम देव के सीने से लग गयी और उसकी आँखों से दो बूँद आंसू निकल आये.
देव – ा पूनम तू रो क्यों रही है?
पूनम – देव मए नहीं चाहती के इस बार भी हमारा मिलान अधूरा रह जाये. मए आपकी सुहागन बनना चाहती हु.
देव – तू मेरी सुहागन जरूर बनेगी और इसी जनम में बनेगी. रोया मत करो चुप हो जाओ न अब. अरे सरे आंसू अभी बहा डौगी तो सुहागरात में जब तुम्हे मए औरत बनने का दर्द दुगा तब क्या करेगी? थोड़े से आंसू हमारे उस मिलान के दर्द के लिए भी बचा कर रख लो मेरी जान
पूनम देवा की बात सुन कर बुरी तरह शर्मा जाती है.
पूनम – धत्त मए आपसे बात नहीं करती आप बड़े ख़राब हो .
देवा – ऐसा क्या गलत कह दिया मैने ये सब तो होगा hi न?
पूनम - मुझे नहीं पता और होगा भी तो ये कोई कहने की बात है kya?mae जा रही हु नीलम के पास
पूनम जैसे hi जाने लगती है तो देवा उसका हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खिंच लेता है और उसके नरम नाजुक होठो पे अपने होठ रख देता है. जिससे पूनम सिहर उठती है.
फिर देवा पूनम का नीचे वाला होठ अपने होठो में ले के चूसने लगता है तो पूनम भी देवा का साथ देते हुए उसके होठ को चूमने लगती है. धीरे धीर कब ये लिप किश भयंकर रूप ले लेता है उन्हें भी पता नहीं चलता जो पहले वो धीरे धीरे किश कर रहे थे अब वो एक दूजे के होठो को लगभग चबाने लगे थे. दोनों hi इस किश में खो से गए थे. तभी पूनम की सांसे उखाड़ने लगती है तो वो देवा को हल्का सा धक्का दे के खुद को छुड़ा लेती है और गहरी सांसे लेने लगती है.
उधर रूद्र और नीलम भी कुछ इसी काम में व्यस्त हो चुके थे. वो तो ये भी भूल चुके थे के वो इस समय गार्डन में है. उनका किश भी बहोत तेज गति से चल रहा था. नीलम मखमली घांस पर चित्त लेती थी और रूद्र उसके सर की तरफ से आकर उसके ऊपर झुका हुआ था और उसके होठो को चूस रहा था नीलम भी रूद्र के बालो में ऊँगली घूमते हुए उसके होठो का रास पी रही थी. इधर रूद्र के हाथ सरकते हुए नीलम की उठी हुई बड़ी बड़ी चूचियों पे आ चुके थे और वो उन्हें धीरे धीरे मसल रहा था जिससे नीलम भी कण्ट्रोल खोटी जा रही थी और अपनी ेडिया घास में जोर से रगड़ रही थी और रूद्र के बालो को भी जोर जोर से सहला रही थी. साथ hi रूद्र के होठो का रसपान भी कर रही थी.
तभी पूनम जान बूझकर दूर से आवाज देती हुई आती है. जिससे ये लोग संभल के उठ जाते है
देवा रूद्र को छेड़ते हुए – अबे ये तेरे बालो को क्या हुआ ऐसा लग रहा है कही लोट पॉट के आ रहा है या किसी से कुश्ती कर के आया है. तेरे बाल देख कैसे बिखरे हुए है.
देवा की बात सुन कर पूनम और नीलम मुँह घुमा के हसने लगती है
रूद्र – है भाई मए भी वैसे hi कुश्ती कर के आया हु जैसी तू. अपने होठ देख इतने लाल हो गए है जैसे इन्हे किसी मशीन में डाला गया हो. और पीस दिया गया हो.
देवा झेंप जाता है – चल बे कुछ भी बोलता है. चल अब भूख लगी है.
रूद्र - है पर पहले ये कुश्ती वाली हालत तो सुधर ले.
देवा हंस कर – चल चल गाड़ी में सुधर लेना अभी भूख लगी है.
रूद्र – अब भी भूखे हो? मैने तो समझा पूरी भूख मिट गयी होगी तुम्हरी.
देवा – अबे चल मेरे बाप चलेगा या मर कहिएगा.
फिर सब लोग गाड़ी में बैठ कर अपनी अपनी हालत ठीक करते है और फिर होटल में जाकर मस्त खाना कहते है. उसके बाद ये लोग घर की तरफ आ जाते है. जिसमे इन्हे लगभग रत हो जाती है. देवा रूद्र और नीलम को घर छोड़ता है और फिर पूनम को ले कर हवेली जाता है.