Fantasy इच्छाधारी देव - Page 12 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

अपडेट - 81

हम तो उन्हें कोई पानी की चट्टान समझ के अपनी मस्ती में मस्त थे…………

……….जब वो उठ खड़े हुए और सरे पौधे पत्ते हेट तो हमें हमारी गलती का अहसास हुआ. किन्तु तब तक बहोत देर हो चुकी थी.

ऋषि – मूर्खो. ये क्या किया तुम दोनों ने तुम अपनी हवस में इतने अंधे हो गए के तुम्हे किसी और बात का ध्यान hi नहीं रहा? हमारी वर्षो की तपस्या तुमने अपने काम की भेंट चढ़ा दी. क्या तुम लोगो क पास अपना घर नहीं था. जो सम्भोग के लिए सागर के इतने गहरे ताल में चले आये?

सम – क्षमा ऋषिवर हमारा नया नया विवाह हुआ है हम अपने प्रेम में होश खो बैठे थे. कृपया क्रोधित न हो.

ऋषि – क्रोधित न हो? तुम्हे मालूम भी नहीं तुमने क्या किया है. मेरे जागते hi संभवतः कई बुरी शक्तियों को मेरे यहाँ होने का अहसास अब तक मिल चूका होगा. जिनसे छिप कर मए यहाँ तप कर रहा था.

सम – छिप कर?

ऋषि - है छिप कर

सम - किन्तु क्यों ऋषिवर?

ऋषि - ये जानना तुम्हारा काम नहीं है मुर्ख बालक. मए तुम दोनों को श्राप देता हु के जिस पत्नी के जिस्म की चाहत तुम्हे उसके साथ इस सागर के ताल तक ले आयी तुम अपनी उसी पत्नी के साथ इसी ताल में वस् करोगे इस से बहार नहीं जा सकोगे. मरते डैम तक तुम यही रहोगे. तुम्हे एकांत चाहिए थीं ा. अब तुम दोनों सदैव के लिए इसी एकांत में रहोगे. इस अनंत फैले सागर की गहराई से कभी बहार नहीं निकल पाओगे. न hi कोई तुम्हे यहाँ से निकल पायेगा. यदि ऐसा हुआ तो उसी क्षण तुम दोनों की मौत हो जाएगी.

सम - इतना कह कर ऋषि जाने लगा तो मैने और मेरी पत्नी ने उनके चरना पकड़ लिए.

सम – ऋषिवर हमें क्षमा कर दीजिये हमें इस तरह श्राप मत दीजिये . हम नादाँ है. जवानी के जोश में हम से गलती हो गयी ऋषिवर हमारी जिंदगी यु बर्बाद न कीजिये. यदि आप क्षमा नहीं कर सकते तो निसंदेह आप हमें इस क्षण मृत्यु दंड दे दीजिये. भला हम साडी जिंदगी यहाँ कैसे बिताएंगे. हमारे घर का क्या होगा हमारे राज्य का क्या होगा. हमें क्षमा कर दीजिये रिश्वर

ऋषि – नहीं तुम्हे क्षमा नहीं मिल सकती.

गम – आप तो ऋषि है ज्ञानी है, दया के सागर है. ऋषिवर आप तो जगत कल्याण के लिए तप करते है . फिर आप हम जैसे नदनो को क्षमा क्यों नहीं कर सकते. आप hi हमें दंड दे देंगे तो हम किस से क्षमा मांगेगे. कृपया हमें क्षमा कर दीजिये.

ऋषि – मेरा श्राप वापस नहीं जा सकता अब रहना तो तुम्हे यही पड़ेगा. किन्तु तुम दोनों की उम्र और उसके बहकावे में की गयी गलती को देखते हुए मए अपने श्राप की उम्र घटा जरूर सकता हु. मए यहाँ ये मानचित्र जो स्वर्ण मणि तक पहुंचने का मार्ग बताता है. इसी को अपने पास बुरी शक्तियों से बचने के लिए यहाँ छुप कर तप कर रहा था. जिससे मए इसके असली हक़दार के आने तक अपने पास रख सकू. किन्तु तुम दोनों की वजह से अब ये बात उन बुरी शातियो तक पहुंच चुकी है. वो मेरा वध कर के भी ये मांचियरा मुझसे छीन लगे.

इसीलिए अब तुम दोनों का दंड ये है के तुम दोनों hi यहाँ खतरनाक मगरमच्छ बन के रहोगे और ये मानचित्र तुम्हरी पत्नी के पेट में रहेगा. तुम तक कई शक्तिया आएगी इसे हासिल करने के लिए किन्तु तुम स्वयं ये किसी को नहीं डोज. यदि उन्होंने ये मानचित्र हासिल करने के लिए तुम्हे मरने की कोशिश की तो तुम दोनों के मरते hi ये मानचित्र अनंत में खो जायेगा. फिर ये किसी को नहीं मिलेगा. न hi स्वर्ण मणि किसी को मिलेगी. तुम में से किसी एक को विवश आकर के दूसरे से ये मानचित्र माँगा गया और तुमने दिया तो तुम्हरे शरीरो में एक विस्फोट होगा जिससे तुम दोनों और वो तीसरा सब मरे जाओगे. किन्तु यदि किसी दिन कोई ऐसा आया जो तुम दोनों को मरे बिना तुम्हारी पत्नी के पेट से ये मानचित्र निकल लाएगा. उस दिन तुम लोग अपने असली रूप में आ जाओगे और मेरा श्राप ख़तम हो जायेगा. उसके बाद hi तुम लोग अपने राज्य में वापस जा पाओगे. किन्तु यद् रहे आने वाले हर व्यक्ति को तुम सिर्फ अपना दुश्मन hi मन के चलोगे. क्यों की यदि तुमने ऐसा नहीं किया तो तुम दोनों की मृत्यु तय है.

इतना बता कर. सम चुप हो जाता है. और देव हाथ जोड़ कर आँखे बंद कर के

देव – हे ऋषिवर आप जो कोई भी है जहा कही भी है मए आपको शाट शाट नमन करता हु. आप जानते थे एक दिन मए यहाँ आउगा और ये मानचित्र हासिल करुगा. इसीलिए आपने इन्हे ये आदेश दिया था. आपकी बड़ी कृपा है जो आपने इस मानचित्र को सुरक्षित रखा. और अब आपके द्वारा कहे हुए सरे वाकया भी पूरे हो चुके है तो कृपया अब इन्हे अपने श्राप से मुक्त कीजिये और इन्हे फिर से इनके असली रूप में ले आइये.

देव के इतना कहते hi कही से एक रौशनी की किरण आती है और दोनों मगरमच्छो पे आकर लगती है. किरण का मगरमच्छो से टकराव होते hi दोनों मगरमच्छ इंसाने रूप में आ जाते है. जहा एक बेहद आकर्षक और सुन्दर राजकुमार खड़ा था. और उसके पास hi एक अति सुन्दर स्त्री जो की उसकी पत्नी थी.

रूद्र – अरे वाह भाई आप दोनों तो बहोत hi सुन्दर लग रहे है. अब अपना परिचय hi करा दो राजकुमार

………. मए वनराज का पुत्र हु राजकुमार वंशराज और ये मेरी धर्म पत्नी वानिकी

रूद्र – अति सुन्दर अब चले क्या यहाँ से बहोत ठण्ड लग रही है यार अभी बहार निकलने में भी समय लगेगा.

वंशराज – नहीं रूद्र कोई देर नहीं लगेगी. इतना कह कर वंशराज अपनी आंखे बंद करता है. तो सब वह से अदृश्य हो जाते है. और पल भर में hi सब निल सागर के किनारे खड़े थे. और अब उनमे से किसी के कपडे तक गीले नहीं थे.

रूद्र - वह यार हम तो तुरंत hi बहार आ गए. अब क्या इरादा है वंशराज और वानिकी. अब फिर से यहाँ समय बिताना चाहे तो हमारा ये महल सामने है जिसमे कल रत हम लोगो ने डेरा डाला था. चाहो तो कुछ दिन फिर से यहाँ नए विवाह का आनंद उठा लो

वानिकी - न बाबा माफ़ कीजिये बहोत आनंद उठा लिया और उसका फल भी मिल गया यदि घर में होते तो हमारे बच्चे घूम रहे होते अब तक. ये सब इनकी वजह से हुआ. अब मुझे जल्दी घर पहुंचना है वही जा कर चैन आएगा मुझे

रूद्र – देखा वंशराज मजा दोनों ने लिया और इल्जाम तुम्हरे ऊपर. ख़ैर परेशां मत हो हर जगह की औरतो का यही हाल है.

रूद्र की इस बात पर सब हसने लगते है.

देव - चलो अंत भला सो सब भला यहाँ की कहानी का अंत तो हो गया और सुखद अंत हुआ. आप दोनों को अपना घर मिल गया ये सबसे अच्छी बात है. चलिए अब वन में चलते है संभवतः वानरराज भी बेसब्री से हमरी hi प्रतीक्ष कर रहे होंगे.

वर – है देव चलिए घर षाले है.

वंशराज फिर से अपनी आंखे बंद करता है इस बार थोड़ा समय ज्यादा लगा. किन्तु फिर भी जल्द hi वो लोग वन में राजमहल के सामने खड़े थे. वो लोग सीधा अंदर जाते है. जहा वनराज बेचैनी से टहल रहे थे.

वंशराज – प्रणाम पिता श्री

वनराज पलट कर देखता है तो उसकी आँखों में आंसू आ जाते है. वो बहे फैला देते है तो वंशराज और वानिकी दोनों दौड़ते हुए उनके पैरो पे जा कर गिरते है. लेकिन वनराज उन्हें उठा के सेंस से लगा लेता है.

वनराज – मेरे बच्चो तुम लोग आ गए. मुझे यकीन था देव तुम्हे जरूर लाएगा

फिर थोड़ी देर के बाद सब लोग बैठ के बाते करने लगते है.

देव – महाराज आपने हमें पहले hi क्यों नहीं बता दिया के ये आपके पुत्र और पुत्रवधु है?

वनराज – क्यों के मए वह होने वाली लड़ाई को कमजोर नहीं करना चाहता था. यदि तुम जान जाते युराज तो इतनी बहादुरी से नहीं लड़ते तुम्हरे मन में एक संकोच होता प्रहार करते समय और यही पे ये दोनों श्राप के कारन तुम्हे नुकसान पंहुचा देते फल स्वरुप जीतता कोई भी नहीं किन्तु नुकसान जरूर हो जाता. इसीलिए मैने पहले से कुछ नहीं बताया. कई बार चुप रहने में hi जीत होती है. और देख लो जीत मेरी hi हुई आखिर में.

देव – जी महाराज और शायद यही वजह थी जिस वजह से आप हर किसी को इस वन से गुजरने नहीं देते थे.

वनराज – बिलकुल सही कहा आपने देव, क्यों की यदि हर कोई अपनी शक्तियों समेत यहाँ से निकल जाता तो मेरे बच्चो के लिए वह मुश्किलें ज्यादा कड़ी हो जाती . इनकी आधी मुश्किलें तो मए यही रोक देता था किन्तु कभी कभी यहाँ हुई गलतियों की वजह से इनका सामना भी बुरी ताक़तों से हुआ. पर इन्होने मिल के उन्हें हराया हर बार.

रूद्र – महाराज आपका सोचना सही था. इससे इन दोनों को यहाँ बैठे बैठे आप सहायता कर रहे थे. यही एक पिता का कर्त्तव्य भी है.

देव – महाराज अब हमें आज्ञा दे. हमें भी जाना है.

वनराज - ठीक है देव किन्तु अपना वचन मत भूलना अपने विवाह के पश्चात् तुम दोनों को एक लम्बे समय के लिए यहाँ इसी वन में रहना है हम सब के साथ.

देव – जरूर महाराज

वनराज - और मैने जो कहा था उसे भी याद रखना आप को कभी भी हमारी सहायता की आवश्यकता हो तो बेहिचक हमें यद् कीजिये गए हम सेना सहित आपके सामने होंगे.

देव – जी महाराज. अब आज्ञा?

वनराज – जाओ देव और स्वर्ण मणि को हासिल करने में विजय प्राप्त करो.

देवा और रूद्र अपनी आंखे बंद कर के वह से अदृश्य हो जाते है. और कुछ समय बाद वो लोग वापस तिलिस्म नगरी में खड़े थे.
 
अपडेट - 82

वो सीधा राजमहल जाते है. इस वक़्त वह सिर्फ महाराज सुमंत देव और और महारानी कौशल्या hi थी.

सड़ – आओ देव कैसे है आप दोनों

देव – हम दोनों आपकी कृपा से कुशलता से है महाराज

सड़ – कैसा था आपका सफर?

देव – सब अच्छा रहा और अब तो वनराज भी हमारे दोस्त बन गए है.

सड़ – ये तो बहोत अच्छी खबर है देव

मक – देव वो मानचित्र मिला जिसके लिए आप इतनी दूर गए थे?

देव – जी महारानी, मिल गया बस अब फ़कीर बाबा को बुला के उनसे पूछते है आगे क्या करना है

मक – लेकिन देव इस समय नहीं अभी तो रत हो गयी है तो आप लोग आराम कर लीजिये कल उनसे बात कीजियेगा.

सड़ – है देव महारानी सही कह रही है. आज की रत आप आराम कीजिये आप लोग थक गए होंगे. फ़कीर बाबा से कल बात कर लीजियेगा.

देव – आप सही कह रहे है महाराज लेकिन फिर इस वक़्त हम नागलोक जायेगे. क्यों की वह भी सब चिंतित होंगे.

मक – देव यही आराम कर लीजिये.

देव – नहीं महारानी जी वह भी सब परेशां हो रहे होंगे. और फिर हमें पृथ्वी लोक भी जाना है तो आज की रत हम नाग लोक में hi रहेंगे.

सड़ – ठीक है देव जैसे आपको सही लगे.

फिर देव और रूद्र नाग लोक आ जाते है क्यों की वह रूद्र का परिवार भी इंतजार में था और देव नहीं चाहता था की ये रत भी रूद्र बहार hi बिता दे कल तो उन्हें पृथ्वी लोक hi चले जाना था.

वो लोग कुछ hi मिनट्स में अदृश्य हॉपकार नाग लोक आ जाते है. और रूद्र अपने घर चला जाता है. देव भी अपने महल में आकर अपने माता पिता से मिलता है और उन्हें ये कह कर के काम हो गया है, बाकि सब कुछ कल बताउगा. सो जाता है.

सुबह सब तैयार हो कर महल में hi मिलते है फिर वह फ़कीर बाबा आते है. तो देव उनके सामने सब को सबकुछ बता देता है.

फ़कीर बाबा वो मानचित्र देखते है. और बहोत कुश होते है.

फब – देव ये तुम्हारे लिए और हम सब के लिए बहोत बड़ी चीज़ है. अब तुम लोग स्वर्ण मणि के लिए निकल सकते हो.

देव -लेकिन बाबा ये कहा का मानचित्र है. मुझे तो कुछ समझ में hi नहीं आ रहा है.

फब मुस्कराते हुए – हर चीज़ हर किसी के बस में नहीं होती देव, उस ईश्वर के आलावा कोई ऐसा नहीं जो सम्पूर्ण हो जिसे सब ज्ञान हो. वैसे भी ये जो जगह है ये यहाँ से हजारो मील दूर है तुम वह आज तक कभी गए hi नहीं. तो सिर्फ मानचित्र देख कर कैसे समझ जाओगे.

देव – तो फिर अब क्या करना है?

फब – जब चाहो निकल सकते हो मए तुम्हे इस मरुस्थल तक पंहुचा दुगा उसके आगे का सफर तुम लोगो को तय करना है.

देव – ठीक है हम लोग आज से 5 दिन बाद जायेगे इस सफर पर.

बीएस – 5 दिन बाद लेकिन बीटा 5 दिन बाद क्यों?

देव मुस्कराते हुए – क्यों के 5 दिन बाद हमारी सगाई है. यानि रूद्र और मए एक साथ सगाई कर रहे है पृथ्वी लोक में.

बीएस – ये तो बहोत अच्छी बात है. ठीक है फिर तुम लोग सब सगाई से फ्री होकर hi जाना.

देव – आप सब लोग भी वह आ रहे है. मए महाराज सुमंतदेव जी से भी कह दुगा.

बीएस – नहीं बीटा हम लोग वह नहीं आएगा. ये तुम्हारे धरती लोक के माँ बाप का दिन होगा उस दिन को उनका hi रहने दो.

देव – लेकिन पिता जी महाराज ऐसे कैसे ?

बीएस – बीटा समझा करो अभी वो लोग तुम्हारी असलियत नहीं जानते. न hi हमारे बारे में कुछ जानते है. ऐसे में हमें वह मत ले जाओ उन्हें पूरा आनंद लेने दो. वैसे भी तुम सब की शादी तो यही होगी उस से पहले तुम उन लोगो को सब बता देना.

देव – मए अभी आपकी बात पे सहमति नहीं दुगा. क्यों की ये निर्णय लेने के लिए मुझे पूनम, रूद्र, और नीलम से भी बात करनी होगी, जैसा सब कहेगे वैसे hi आप सब करेंगे.

बीएस – तुम कोशिश करना उन्हें समझने की क वो जिद न करे.

देव – ठीक है मए कोशिश करुगा. वादा नहीं कर रहा हु मए. फ़कीर बाबा अब मुझे इजाजत दीजिये. मुझे जाना होगा.

फब – ठीक है बीटा जाओ.

देवा – पिता जी , माँ मए चलता हु. और एक दो दिन में आउगा सब के साथ तब इस विषय पे बात करेंगे. अभी मुझे रूद्र के पास भी जाना है.

बीएस – ठीक है बीटा जाओ और जल्दी आना.

फिर देव वह से निकल कर रूद्र के घर जाता है और उसे लेकर नीलम के घर. फिर सब लोग वह से निकलते है और सीधा अपने गाँव आते है.

देव – रूद्र तुम लोग आराम कर लो. मए आता हु.

रूद्र – भाई कहा जा रहा है.

देव – अबे तू तो नीलम के साथ hi था. मुझे भी तो पूनम से मिलने दे . आता हु उसके घर से होकर.

देव जैसे hi पूनम के घर पहुँचता है तो सामने कमरे में पद्मा कड़ी थी. वो देवा को देखते hi. एक डैम दौड़ कर देवा के गले से लग जाती है. देवा के लिए भी ये चौंकने की hi बात थी. लेकिन वो समझ जाता है के पद्मा उस रत को हुई घटना से काफी दरी हुई है. क्यों के देवा के सामने आते hi उसे इतना याद आ गया है ेके देवा ने उन हरामियों को मर के उनकी लाश पद्मा को दिखने भेजी थी. ( पूनम ने क्या किया था ये उसे यद् नहीं आ पता पूनम की शक्तियों की वजह से) और देवा का क्लोन भी पद्मा से मिला नहीं था. उस घटना के बाद पद्मा और देवा का सामना पहली बार hi हुआ था.

पद्मा - देवा ये सब क्या हुआ था क्यों किया इतना सब?

देवा पद्मा को बहो में भर के – काकी जो भी मेरे परिवार की तरफ आँख उठाएगा उसका यही अंजाम होगा.

पद्मा और जोर से देवा के सीने से चिपक जाती है. देवा के सीने में पद्मा की तानी हुई चूचिया गाड़ने लगती है और देवा का लुंड धीरे धीरे खड़ा होने लगता है. पहले तो पद्मा के मन में ऐसी कोई बात नहीं आती लेकिन जब देवा का लुंड पद्मा की छूट पे ठोकर मरता है और पद्मा को अपनी छूट पर देवा के लुंड का अहसास होता है तो वो शर्मा जाती है. वो नजर उठाकर देवा की तरफ देख भी नहीं प् रही थी. और उसे अपनी छूट पे देवा के लुंड का अहसास बहोत अच्छा भी लग रहा था. कई सालो बाद उसे अपनी छूट पे किसी लुंड का अहसास मिल रहा था. जिससे पद्मा के मुँह से हलकी सी सिसकारी निकल जाती है जिसे देवा सुनता है और अपनी बहो का घेरा पद्मा की पीठ पे कसता चला जाता है.

एक मर्द की बहो में होने के अहसास से hi पद्मा गीली होने लगती है. वो अपना चेहरा हल्का सा उठा कर देवा की तरफ देखती है लेकिन देवा ने अपनी आंखे बंद राखी हुई थी. शायद वो भी इस स्थिति को फेस करने की हिम्मत नहीं कर प् रहा था. पद्मा को देवा की ये ऐडा भ जाती है. वो अपना चेहरा देवा की गार्डन पर रख देती है जिससे देवा उसकी सांसो की गर्मी से खुद को कण्ट्रोल नहीं कर पता और जोर से पद्मा को जकड के उसके कान को अपने होठो में दबा लेता है पद्मा फिर से सिसकार उठती है. देवा धीरे धीरे अपने हाथ पद्मा की पीठ पे घुमा रहा था. पद्मा भी देवा के जिस्म से लिपटी जा रही थी. अचानक देवा पद्मा की गांड को दोनों हाथो में भर के भींच लेता है और उसकी छूट देवा के लुंड पे बुरी तरह चिपक जाती है. पद्मा की आँखों में भी अब गुलाबी डोरे आने लगे थे. वो देवा को नजर उठा के देखती है तो देवा अब उसे hi देख रहा था दोनों आँखों hi आँखों में एक दूजे को मन भी कर रहे थे और मन भी रहे थे. देवा के होठ पद्मा के होठो पे झुकने लगते है. धीरे धीरे वो पास आते चले जाते है. अब दोनों की सांसे एक दूजे से टकरा रही थी. और किसी भी पल उनके होठ एक होने hi वाले थे की बहार बाथरूम का गेट खुलने की आवाज़ आती है.

पद्मा छिटक के देवा से अलग होती है और जाने लगती है. तो देवा उसका हाथ पकड़ लेता है.

पद्मा – छोड़ देवा पूनम नाहा के निकल रही है. वो हमें देख लेगी तो सही नहीं होगा.

देवा दो पल पद्मा का हाथ थामे रहता है. पद्मा पलट के देवा की आँखों में देखती है. दोनों कुछ पल एक दूजे की आँखों में देखते रहते है. जैसे एक दूजे से कोई वादा कर रहे हो आँखों hi आँखों में. फिर देवा पद्मा का हाथ छोड़ देता है. पद्मा देवा को hi देखती हुई धीरे धीरे अंदर चली जाती है किचन में. और देवा वही पड़े सोफे पे बैठ जाता है. और आंखे बंद कर के अपना सर पीछे टिका देता है.
 
अपडेट - 83

तभी वह पूनम आती है. – अरे देव आप कब आये?

देवा – बस अभी hi आया काकी ने बताया के तुम नाहा रही हो. तो इंतजार करने लगा.

पूनम – इंतजार और मेरा? ह्म्म्मम्म्म्म लगता है कोई बहोत बड़ा काम अटका है जो मेरे बिना आप भी नहीं कर प् रहे है.

देवा – है पूनम ऐसा hi कुछ है. पर तुम तैयार हो जाओ. फिर बताता हु.

पूनम – ok देव मए अभी आयी.

फिर पूनम अंदर जाकर तैयार होने लगती है. इधर पद्मा देवा के लिए चाय लेकर आ जाती है और देवा के सामने रख देती है. अब भी दोनों एक दूजे से कुछ कह नहीं प् रहे थे. आखिर देवा hi बोलै.

देवा – काकी वो सगाई के लिए आपको जो जो चाहिए आप लिस्ट बना लीजियेगा. तो शहर चल क इ ले आएंगे.

पद्मा - है देवा शहर तो जाना hi पड़ेगा खरीदारी के लिए. मए भी यही सोच रही थी. लेकिन मुझे इंतजार था के गोपाल (पद्मा का बीटा) और मेरी बहु सुधा भी आजाते तो साथ hi चलते.

देवा – तो कब आ रहे है वो?

पद्मा - शायद कल या परसो में आजयेगे.

देवा – चलो ये अच्छी खबर सुनाई आपने. वैसे जो जैसे होता है उसे होने देना चाहिए. ज्यादा सोचने में समय गवाना भी सही नहीं होता.

इतना कह कर देवा पद्मा की आँखों में देखता है और पद्मा भी झटके से नजर उठा कर देवा की आँखों में देखने लगती है , के देवा ने किस चतुराई से बात बदल कर अपने मन की बात कह दी.

पद्मा – बात सोचने की नहीं देवा. कई बार जरुरत होते हुए भी इंसाने को अपनों की ख़ुशी के लिए अपनी खुशिया त्यागनी पड़ती है. कोई माँ बाप. बच्चो की ख़ुशी छीनकर कभी खुद खुश नहीं होते.

देवा – लेकिन अगर बच्चो की खुशिया उन्हें मिले और माँ बाप भी खुश रहे तब तो कोई परेशानी hi नहीं न.

पद्मा - एक औरत अपनी ख़ुशी पूरी कर सकती है लेकिन एक माँ या एक सास को अपनी ख़ुशी से पहले बहोत कुछ सोहना होता है. और उस सोच का नतीजा भी यही निकलता है की बच्चो से बाद कर कुछ नहीं.

देवा – मए सोच के बदलने का इंतजार करुगा.

पद्मा – कोई फायदा नहीं. किसी कमजोर पल में किसी के बहक जाने का मतलब ये नहीं होता की वो बाह hi जायेगा. कभी कभी इंतजार जिंदगी से ज्यादा लम्बे होते है. जिंदगी ख़तम हो जाती है इंतजार नहीं.

पूनम – किस का इंतजार माँ?

पद्मा -wo…wo…. किसी का नहीं बेटी और तू अंदर कब गयी?

पूनम - मए तो अभी अंदर गयी आप शायद तब किचन में थी. पर ये आप बात मत पल्टाओ किस के इंतजार की बात हो रही थी और कौन कर रहा है इंतजार और किस को?

देवा – अरे पूनम काकी तो तुम्हारे भाई की बाटे कर रही थी. के अभी उसके आने का मूड हुआ है. वार्ना कभी कभी इंतजार ख़तम hi नहीं होता.

पूनम – अरे माँ तू भी न कुछ भी सोचती है. सच्चे मन से कुछ भी चाहो तो जरूर मिलता है. और तुम्हे भी तो खुश रहने का हक़ है न. अब भाई और भाभी आएंगे यहाँ तो तुम्हे हर ख़ुशी मिलेगी अब कोई इंतजार नहीं.

देवा – मए भी तो यही कह रहा था के हर ख़ुशी पे इनका हक़ है. ये hi नहीं मान रही.

पूनम – ये मेरी माँ है इतनी आसानी से कैसे मन जाएगी. पर चिंता मत करो मन जाएगी थोड़ा समय लगेगा.

पद्मा तो उनकी बाटे सुन कर कभी परेशां हो रही थी कभी मुस्करा रही थी. के पूनम अनजाने में hi उसे देवा की बहो में धकेल रही है.

देवा – अच्छा चलो अब बाटे बहोत हो गयी अभी बहोत कुछ सेट करना है. और कुछ बाटे भी करनी है. सगाई को लेकर.

पूनम – तो चलना कहा है यही बैठ कर सेट करते है.

देवा – श्रीमती जी. मुझे यहाँ बात करने में कोई दिक्कत नहीं लेकिन वो पागल सैंड है वह घर पे और उसे तो तुम जानती hi हो. उसके सामने बाते करनी है.

पद्मा सीने पे हाथ रख कर - हाय राम सैंड? कौन सा सैंड?

पूनम हंस कर – अरे माँ देव तो रूद्र की बात कर रहे है. आप भी न. मए थोड़ी देर में आ जोगी माँ. चलो देव घर पे hi चलते है.

फिर देव और पूनम घर की तरफ निकल जाते है. घर में पूनम सबसे मिटी है. और देव सबको इकठा कर के अपने रूम में ऊपर बुलाता है. माँ बाबू जी और पद्मा के आलावा वह सभी थे. देव, पूनम, रूद्र, नीलम, गुरुम, शलाका, नागार्जुन,

देव – सो लेडीज एंड जेंटलमैन जैसे के आप सभी जानते है के हमारी सगाई का शुभ मुहूर्त निकला है. उस पे बाद में बात करेंगे. लेकिन जो कल नाग लोक में हुआ पहले उस पे बात कर लेते है. तो हुआ यु के मैने पिता महाराज को यहाँ आने के लिए कहा और उन्होंने ये कह कर इंकार कर दिया के ये हमारे धरतीवासी माँ बाप का दिन है और वो बाकि बातो से अनजान है इसीलिए अभी शै समय नहीं है उनका यहाँ आने के लिए. तो वो नहीं आएंगे हमारी सगाई में. मैने उन्हें कहा है के मए अभी कोई वादा नहीं करता लेकिन हमारे सैंड महाशय रूद्र जी और हमारी श्रीमती पूनम जी और प्रिय नीलम जी से बात कर के hi फाइनल होगा जो भी होगा वार्ना ये तीनो मुझे किसी लोक में रहने लायक नहीं छोड़ेगे इसीलिए मए बिना किसी फैसले के यहाँ चला आया. अब आप लोगो की क्या रे है बताइये क्या करना है? जो आप सबका फैसला होगा वो मुझे मंजूर होगा.

रूद्र – यार ऐसे कैसे हो सकता है के हम में से किसी के माँ बाप शामिल न हो ये तो गलत है.

नागार्जुन - मए रूद्र की बात से सहमत हु.

पूनम – लेकिन रूद्र ये भी तो सोचो पिता महाराज का कहना अपनी जगह सही है. अभी यहाँ के लोग उन सबको जानते भी नहीं तो उन सब को कैसे लाएंगे एक नया बखेड़ा शुरू हो जायेगा. उन सब को मिलाने से पहले इन्हे सब बताना होगा जिसका ये सही समय नहीं है. बाटे बहोत बड़ी है. ऐसे hi तो इन सबको समझ में आएगी नहीं. उसके लिए समय चाहिए. और अभी तो कोई हमारी कहानी सुनने के मूड में भी नहीं है सब सगाई की ख़ुशी में बिजी है. इसीलिए मए पिता महाराज की बात से सहमत हु.

नीलम – मए भी पूनम की hi बात से सहमत हु. अभी सही समय नहीं. और फिर अपने विवाह से पहले हम इन्हे सब कुछ बता देंगे . सगाई तो एक तरह से नाग लोक और तिलिस्म लोक वाले हमारी कर hi चुके है न. शादी के समय सब इकठे होंगे. पर अभी नहीं.

देवा – है भाई गुरुम हलाकि तुम्हरा इस मामले से कोई लेना देना नहीं लेकिन तुम हम में से एक हो इसीलिए तुम भी अपनी सलाह दो.

गुरुम – देवा भाई अपुन को लगता है के भाभी लोग सही बोल रही है. ये राइट टाइम नहीं और जल्दबाजी में किसी को कुछ भी पल्ले नहीं पड़ेगा. तो वह वालो को वही रहने दो और यहाँ का प्रोग्राम यही एन्जॉय करो. लेकिन मेरे दिमाग में एक बात है अगर आप लोगो को पसंद आये तो.

पूनम – अरे गुरुम तुम्हे बोल देना चाहिए ऐसे पुछा मत करो.

गुरुम - थैंक यू भाभी. अपुन ये कह रहा था के अपुन सब लोग वह चलते है. अभी तो देवा भाई ने अपने पिताजी को hi सगाई के लिए बताया है बाकि सब को भी बता दो. जाहिर है सब मन करेंगे पर अपना तो रिस्पांसिबिलिटी है न बताने का. तो वह चल के सब को सगाई की बात बताई जाये. दूसरी बात आप लोगो ने जो अँगूठिया पहली सगाई में पहनी थी वही अँगूठिया यहाँ ला कर और फिर से एक दूसरे को पहनाओ उसमे वह के माता पिता का आशीर्वाद भी शामिल हो जायेगा.

सब लोग गौर से गुरुम को देखते रहते है फिर सब एक साथ खड़े हो कर तालिया बजाते है.

गुरुम – क्या यार ऐसा बेइज्जती अपुन का कभी नहीं हुआ.

रूद्र – चुप बे बड़ा आया बेइज्जती वाला. अबे क्या दिमाग पाया है. साला हमें तो याद भी नहीं थी वो अँगूठिया. पर भाई बहोत सही एडवाइस है तेरी. क्यों देवा

देवा – है बिलकुल मए गुरुम से सहमत हु.

सभी एक साथ – मए भी.

देवा – तो तय रहा के. हम आज रत hi चलेंगे और ये काम निपटा देंगे. और वो मानचित्र जो हम लाये थे नील सागर से उस के लिए फ़कीर बाबा ने बोल दिया है के जब हम चाहे स्वर्ण मणि हासिल करने के लिए निकल सकते है जिसके लीये मैने सगाई के बाद hi कुछ करने का सोचा है.

नागार्जुन – बिलकुल ठीक देव. उस काम को सगाई के बाद करना hi सही है.

देवा - अब मुद्दा no. 2……………
 
अपडेट - 84

देवा - अब मुद्दा no. 2……………

……………. यहाँ के कामो में मैं तो है इनविटेशन देना तो गुरुम तुम रघु भैया के साथ गाँव में चले जाना और जिन्हे भी इन्विते करना हो वो देख लेना. साथ hi. देवकी काकी के गाँव से उनके साथ आने वालो के लिए भी सरे इंतजाम तुम्हे hi देखने है, और नागार्जुन तुम और शलाका मिल के बाकि सरे इंतजाम देख लेना. खाने पीने का, डोरशंस, और बाकि सरे अर्रंगेमेन्ट्स.

गुरुम – भाई. रघु भाई को थोड़ा साइड करना होगा नहीं तो मए इंतजाम स्पीड में कैसे करुगा?

देवा – अरे यार उनके साथ तो बस कार्ड्स का काम देखना है बाकि टाइम उन के साथ नहीं रहना है.

गुरुम - है फिर ठीक है.

नागार्जुन - जरा भाभी और पायल को बुलाना.

नागार्जुन उठ कर चला जाता है. उन्हें बुलाने थोड़ी hi देर में वो भी आ जाती है.

दिया – अरे वह सभी यहाँ है. क्या बाते हो रही है?

देवा – अरे भाभी वो हम सब अभी यहाँ आये थे सगाई के लिए डिस्कस करने. अब आप लेडीज लोग कल तैयार रहना आप सबकी शॉपिंग कल होनी है. और पायल तुझे जो भी चाहिए पूरी रत बैठ कर लिस्ट बना लेना. शलाका तुझे पारी बना देगी देखना. क्यों शलाका?

शलाका – क्यों नहीं देव जरूर. इसे तो मए ऐसे सजाउगि के किसी की नजर hi नहीं हटेगी हमारी पायल से. और शायद हमारे जीजा जी उसे सगाई वाले दिन hi अपने साथ ले जाने की जिद भी करने लगेंगे.

इस बात पर पायल शर्मा जाती है और दिया को गले लगा के अपना चेहरा छुपा ;ेती है एअर बाकि सब हसने लगते है. थोड़ी देर बाद

पायल – अब बस भी करो आप लोग तो मेरे पीछे hi पद गए यार अब मुझे बताओ आपने भाभी से भी पुछा के नहीं उन्हें क्या चाहिए ?

देव – अरे यार अब एक एक से पूछुंगा तो सगाई की तारिख निकल जाएगी. तू चिंता मत कर बहना कल सब लोग एक साथ hi चलेंगे. पूनम घर में काकी से भी कहना तैयार रहे कल चलना है.

दिया – लेकिन देवा इतने सरे लोग एक साथ. मए क्या सोच रही थी के क्यों न दो दिन लगा कर शॉपिंग की जाये. एक दिन माँ और पद्मा काकी से साथ मुझे ले चलो उसके बाद poonam,nilam, शलाका के साथ तुम अपनी शॉपिंग कर लेना.

पूनम – भाभी आप हमारे साथ नहीं रहोगी शॉपिंग में?

दिया – अरे पूनम क्या बच्चो जैसी बाटे करती है. सासु माँ को भी तो मदद चाहिए होगी न. इसीलिए मए उन के सतह जा रही हु बस. और कोई बात नहीं.

देवा – ये भी ठीक है. मुझे कोई एतराज नहीं.

दिया - तो एक काम करते है. कल तुम लोग चले जाओ. परसो तक शायद गोपाल भैया भी आ जायेगे तो मेरे साथ सुधा को भी ले जोगी मए.

देवा – ठीक है भाभी आपकी बात सही है. वैसे भी पद्मा काकी अभी यही कह रही थी के परसो तक वो लोग आएंगे hi. तो तय रहा किसी को कुछ और पूछना या कहना है.

सब – नहीं

फिर ये सभा बर्खास्त हो गयी और देव पूनम को ले कर उनके घर चला गया, और पूनम को उसके घर छोड़ के वो सीधा जा पंहुचा हवेली. जहा उसने फिर से माला को दिल से छोड़ा और माला को अचे से छोड़ने के बाद उसने माला, ज्योति, कामिनी और छन्नो को एक साथ बिठाया.

देवा – मए आप लोगो से कुछ शेयर करना चाहता हु. बात ये है के मेरी सगाई होने जा रही है आज से 4 दिन बाद. और जाहिर है मेरी ख़ुशी में आप सब मेरे घर क हर सदस्य की तरह शामिल होगी. तो उसकी तयारी आप लोग कर लीजियेगा.

माला – ये तो बड़ी ख़ुशी की बात है देवा तुम सगाई पूनम से hi कर रहे हो न.

देवा –है पूनम के साथ hi है. और मेरी सगाई के साथ hi मेरे खास दोस्त रूद्र की और मेरी बहन पायल की भी सगाई है. एक hi मंडप में. यानि तीन जोड़े होंगे तो आप लोग मेरे घर में सुबह से hi रहेगी और अपने घर की तरह hi रहेगी मेहमान की तरह नहीं.

कामिनी – फिर तो शॉपिंग बनती है.

देवा – तो कर लो फिर फटाफट

कामिनी – लेकिन हम लोग किस के साथ जायेगे शहर.

देवा – उसकी चिंता तुम लोग मत करो तुम सब की जिम्मेदरी मैने ली है तो हर प्रॉब्लम मेरी है. मेरा खास दोस्त गुरुम आएगा और आप सब को एक साथ शॉपिंग करवा देगा. Ok?

माला – है ठीक है देवा तो हमें कब जाना है शॉपिंग के लिए.

देवा – जब चाहो. हमारे घर से कल भी कुछ लोग जायेगे शॉपिंग करने और परसो भी आप लोगो को जब जाना है बता दीजियेगा.

ज्योति – फिर तो हम लोग परसो hi जायेगे क्यों की कल रति भाभी आ रही है. तो वो भी हमारे साथ चलेगी.

देवा – तो फिर ठीक है. परसो मए गुरुम को भेज दुगा. चन्नो तैयार रहना तुम भी.

चन्नो – लेकिन भैया अभी तो मैने इतनी शॉपिंग की है मुझे क्या जरुरत है.

देवा के बोलने से पहले माला – अरे पागल तेरे भाई की सगाई है. तो क्या सगाई के लिए फंक्शन के लिए तुझे शॉपिंग नहीं करनी पड़ेगी?.............. देवा तू चिंता मत कर चन्नो की शॉपिंग हम करवाएंगे.

देवा – ठीक आहे फिर अभी में चलता हु. मुझे और भी कुछ काम निपटने है. और है ज्योति के रिश्ते के लिए मैने बाँदा सेलेक्ट कर लिया है. जल्द hi उसे मिलना होगा.

ज्योति - लेकिन देवा मए तो…………

देवा समझ जाता है के चन्नो की वजह से ज्योति चुप हो गयी है.

देवा – जैसा सोचा था वैसा hi होगा. तुम चिंता मत करो मए हु न. अब मए चलता हु.

फिर कुछ खास होता नहीं है देवा भी खाना खा कर सो जाता है. दूसरे दिन सुबह अपने सरे कामो से फ्री हो कर देवा जब नीचे पहुँचता है तो वो देखता है की बाकि सब भी तैयार hi थे.

देवा – गुड़ मरंग गाइस.

सभी - गुड़ मरंग देवा

रूद्र – है भाई देव. आज का क्या प्रोग्राम है?

देवा – भाई मेरा तो कोई प्रोग्राम है नहीं आज का दिन तो लेडीज का है. जो वो चाहे करे, जैसा सब का आदेश होगा वैसा हम करेंगे.

रूद्र – हम्म ये भी ठीक है जहा अपनी चलनी hi नहीं है उस बात को क्या सोचना

देवा – करेक्ट

नीलम – हो गयी आप दोनों भाइयो के मन की भड़ास पूरी हम लेडीज के लिए तो चले शहर?

रूद्र – अरे मैने कब मन किया है चलो.

फिर रर में देवा, पूनम, रूद्र नीलम, पायल और शलाका निकल पड़ते है शहर की तरफ.

शहर में पहुंचकर वो लोग मॉल में जाते है. और सब लोग अपनी खरीददारी करने लगते है. लेडीज को तो अपना टाइम लग्न hi था. देव के लिए भी लेडीज hi अपनी पसंद के कपडे लेने वाली थी. तो देव के पास करने को कुछ था hi नहीं. उसने रूद्र को बुला लिया.

देव – चल रूद्र अपन बहार चल के घूमते है. यहाँ तो बोर हो जायेगे यार.

रूद्र - सही कहा भाई ये तो पूरा फ्राई कर देगी हमारे दिमाग को.

तभी नीलम आ जाती है – अरे रूद्र आप यहाँ बैठे है. चलो न मेरे साथ

वो भी रूद्र को खींचती हुई ले जाती है. अब रूद्र के जाने के बाद तो देवा का दिमाग hi ख़राब हो जाता है अकेले क्या करे. उसने सोचा चल के कावेरी को चोदे. लेकिन फिर विचार निकल दिया दिमाग से. ये सोचकर के वो अपने ऑफिस में होगी बार बार ऐसे देवा के साथ निकल जाएगी तो उसकी लाइफ में हलचल मचने लगेगी.

अभी देवा सोच hi रहा था के क्या किया जाये के तभी उसकी नजर किसी पे पड़ी. जिसे देख कर……………
 
अपडेट - 85

अभी देवा सोच hi रहा था के क्या किया जाये के तभी उसकी नजर किसी पे पड़ी. जिसे देख कर देवा की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा.

उसकी सामने एक क़यामत चली आ रही थी. मस्त शार्ट स्कर्ट और टाइट टॉप में. जिसमे से उसके बड़े बड़े बूब्स टॉप से बहार आने को बेताब हो रहे थे. वो कोई और नहीं अंजलि थी. वही रिसेप्शनिस्ट अंजलि जिस से डिस्कस कर के देवा ने रर ली थी. आज बहोत दिनों बाद वो नजर आयी थी और आज देवा के पास टाइम भी था

वो सीधा अंजलि के पास जा पहुंच.

देवा - hi बेऔतीफुल्ल

अंजलि ने पलट के देवा को देखा पर पहचाना नहीं

अंजलि - ा मिस्टर ये क्या बदतमीजी है. जानते हो किस से बात कर रहे हो? तुम्हे शर्म नहीं आती किसी लेडी को छेड़ने में.

देवा धीरे से उसके कण के पास मुँह ले जा कर- मए तुम्हे छेड़ने नहीं छोड़ने आया हु मेरी जान

इतना सुनते hi अंजलि का पारा चढ़ जाता है वो देवा पे हाथ उठाने hi वाली थी के देवा ने हाथ उठाने से पहले hi उसकी कलाई पकड़ ली वो अपना हाथ हिला भी नहीं पायी,

अंजलि – छोडो मेरा हाथ वार्ना अभी सिक्योरिटी को बुलाऊंगी.

देवा – सिक्योरिटी क्या पुलिस बुला लो लेकिन मेरी बात सुनने के बाद. क्यों की तुमने कुझे पहचाना नहीं है. मए वही हु जिसके साथ तुम इसी मॉल से रर की टेस्ट ड्राइव करने चली थी और “अपनी” कार भी ड्राइव करवाई थी. देवा

अंजलि ये सुन के चौंक गयी उसने देवा को ध्यान से देखा तो उसे सब याद गया.

अंजलि – ओह्ह्ह माय गॉड देवा आप. ी म सॉरी मैने आपको पहचाना नहीं. और पहचानू भी कैसे पहली बार मिले थे तो धोती कुर्ते में गाँव के इंसाने के रूप में आज इतने डेशिंग लग रहे हो.

देवा – अच्छा जी अब डेशिंग हो गया थोड़ी देर पहले तो मुझे मरने वाली थी सिक्योरिटी बुलाने वाली थी आप.

अंजलि - तुमने हरकते hi असेसी कर दी के दिमाग hi घुमा दिया मेरा. कुछ सोचने लायक छोड़ा कहा.

देवा – टाइम हो तो चलो कही चलते है फिर चलने के लायक भी नहीं छोड़ूगा.

अंजलि -आप के लिए तो मए हमेशा रेडी हु. वो दिन मए आज भी नहीं भूल पायी हु. बहोत मिस किया मैने आपको

देवा – चलो फिर यदि तजा करते है.

अंजलि – लेकिन कहा ले चलोगे? वही हाई वे पर?

देवा – नहीं आज तो तुम्हे पूरी नंगी कर के प्यार करुगा कही रूम ले लेते है.

अंजलि - ऐसा है तो कही और क्यों जाना इसी मॉल के होटल में हमारी सीओ. का रूम बुक रहता है मीटिंग्स के लिए वही चलते है. तुम 5तह फ्लोर पे रूम no. 513 में पहुँचो मए आती हु. ये लो चाबी

देवा वो चाबी ले कर रूम में चला जाता है. तो कोई 10 मिनट बाद अंजलि भी वह आती है. एक मस्त ब्लैक साड़ी में. जिसके साथ उसने मातृचिंग लौ कट और डीप नैक वाला ब्लाउज भी पहना tha.Aate hi बिना देवा के कुछ बोले वो कूद कर देवा की गॉड में बैठ जाती है देवा की कमर के दोनों तरफ पैर कर के इससे उसकी साड़ी जांघो तक उठ जाती है वो खुद देवा के होठो को अपने होठो में ले के चूसने लगती है और देवा उसकी मखमली जांघो को सहलाने लगता है. अंजलि की चिकनी बुर पेंटी में कैद थी लेकिन उसकी गर्मी देवा के लुंड को जीन्स के अंदर भी महसूस हो रही थी

देवा का लुंड कुछ देर पहले खड़ा hi था जो अब थोड़ा मुरझा भी गया tha…..lekin अजनाली की ऐसी हरकतों से फिर से फड़फड़ाते हुए खड़ा होने लगा अंजलि को भी देवा का खड़ा लुंड अब अपनी छूट में चुभने लगा तो उसने उठकर देवा के सरे कपडे उतर दिए और जब भनभनाता हुआ लुंड उसकी आँखों के सामने आया तो वो एक तक ताकि लगा कर देवा के लुंड को घूरने लगी..

Main-kya hua…pahli बार तो इसे नहीं देख रही हो फिर ऐसे क्यों घर रही हो. पसंद नहीं आया क्या..???

A-kya तगड़ा हथियार hai…or ये कह कर उसने लुंड को हाथ लगाया…..

Deva-accha लगा न…??

A-hmm…ye तो मस्त कर देगा मैंने तो साड़ी जिंदगी इसे उसे करूगी...

Deva-accha…lekin आज ये सिर्फ गांड के लिए है…

A(maayus hokar)-sirf गांड …kyo…???...choot का क्या…

देवा -आज गांड तो दो …..फिर जब चाहो इसको उसे karna...aur तेरी छूट की सैर तो ये कर hi चूका है आज गांड भी दे दो बहोत मूड है तेरी गांड मरने का

A-(muskura kar)-theek hai…waise मैं भी पहले गांड hi फड़वाने चाहती हूँ....

Deva-pata hai…ab क्या करना है ये बोलो

A-karna क्या hai…tagda लुंड hai...saamne गांड hai…pel दो और क्या..

देवा -ठीक है

A-ab सुरु kare…tumhara देख कर hi गांड जलने लगी है

देवा (मुस्कुरा kar)-lund हाज़िर है आ जाओ

इतना कहते hi ा देवा को किश करने लगी और देवा भी उसका साथ देते हुए उसके होंठो को चूसने लगा.....

थोड़ी देर तक किश करने के बाद अंजलि ने देवा को साथ ले जाकर बीएड पर बैठा दिया .....

फिर ा ने देवा को बीएड पर लिटा दिया और बीएड पर चढ़कर लुंड पर झुक कर उसे चूसना सुरु कर दिया…

अंजलि लुंड फुल स्पीड में चूसे रही thi…jaise जन्मो की प्यासी हो और देवा ने भी उसके ब्लाउज में से उसके बूब्स को आज़ाद कर दिया और deere-dheere दवाने लगा…

ा पुरे जोश से लुंड को मुँह में लेकर उप्पेर नीचे कर रही थी…

ा 2 मिनट तक बिना स्पीड काम किये लुंड को चूसती rahi…or देवा अंजलि के bade-bade-boobs मसलता raha…fir वो लुंड को मुँह से निकाल के बोली

Anjali-aaaahh…maan gaye….tagda माल hai…aahhh..maza आ गया..

देवा -अभी तो मज़ा आएगा…

और देवा ने अंजलि के साथ साथ बीएड से नीचे आया और सामने पड़ी एक गद्देदार गोल टेबल उसे बैठा दिया और लुंड उसके मुँह के सामने कर के खड़ा हो गया... अंजलि ने तुरंत hi देवा के लुंड के टोपे को मुँह में भरा और प्यार से चूसने लगी....

अंजलि ने लुंड को चूस कर लाल कर दिया और मुँह से निकाल कर बोली....

A(muskurate huye)-chudaai के खेल में एक्सपर्ट हो…

Deva-wo तो थोड़ी देर में पता चल jayga…ab सुरु हो जा...

अंजलि ने बिना देर किये लुंड को मुँह में भर लिया और आगे पीछे करने lagi….uske बूब्स उसके ब्लाउज से बहार उसी स्पीड से उछलने lage…or वो अपने एक हाथ से अपनी छूट सहलाने लगी..……

देवा ने थोड़ी देर बाद अंजलि का सर पकड़ा और तेजी से उसके मुँह को छोड़ने laga…wo कुछ बोलना चाहती थी लेकिन सिर्फ सिसकिया सुनाई दे रही थी... देवा -aahh….ye ले साली लुंड chahiye…haaa…tagda lund…ab ले …और ले…

देवा jor-jor से अंजलि के मुँह को छोड़ रहा था और अंजलि के बूब्स हवा में गुलाटी मार रहे the...Anjali भी तेजी से अपनी छूट मसल रही थी..

Deva-aahh...yes...yes...yess...aise hi अंदर तक le...aahh....saali.....gale में ..haa..aise hi

अंजलि - uuuummmmmm......uummm...ooommmm...oommm

5 मिनट तक तेजी से मुँह छोड़ने के बाद देवा ने अंजलि को छोड़ा और लुंड मुँह से निकलते hi..

Anjali-kho..kho..kho..uumm..aaahhh..kho...

देवा -क्या hua...tagda लुंड अच्छा नहीं लगा क्या

अंजलि- kho..kho...uummmaaahh...acccha.laga...bahot अच्छा लगा मेरी जान.

Deva-to फिर

Anjali-tumne तो जान hi निकाल di...muh को ऐसे छोड़ा जैसे गाला hi फाड़ डोज लुंड से......

Deva(haste huye)-aaj तो सिर्फ गांड फाडूगा….

और देवा ने अंजलि को उसी तबले पर घुटनो के बल झुका दिया और उसकी साड़ी और पेटीकोट को उठा कर उसकी कमर के उप्पेर कर दिया…

अब अंजलि की गांड सिर्फ पंतय में देवा के सामने thi….kya गांड थी बिलकुल मक्खन के जैसे hi…uuummmhh… एक डैम गोरी, चिकनी और बेदाग़.

आज इसे फाड़ने में मज़ा aayge…aisa सोच कर देवा ने पंतय की पट्टी को साइड में कर ke...dono हाथो से अंजलि की गांड को पकड़ के फैला दिया और उसकी छूट और गांड का छेद आँखों के सामने आ गया...

Deva-Anjali तेरी गांड तो टाइट लगती है

A-haa..tight hi है

देवा -क्यों इसमें लुंड नहीं लिया

Anjali-liya है पर महीनो बीत गए और छोटा hi लिया था...

Main-kyo तेरा पति तुझे छोड़ता नहीं क्या

अंजलि -वो गांडू क्या chodega...wahi छोड़ता तो तेरे सामने गांड खोले के नहीं बैठी होती..

Deva(haste huye)-koi बात नहीं …आज से तेरे दोनों छेद मैं खोलूँगा...

A(kush हो kar)-sach…tab तो मेरी लाइफ बन जायगी...

और देवा ने अंजलि की गांड फैला कर अपनी जीभ गांड के छेद पर फिर दी...

A-ummm…kya करते हो aaahhh…mmaar daloge…kya तुम सच में मस्त हो aaahh…uummm mmmmhhh…aaahhhh….

ऐसे hi देवा के लगातार जीभ फिरने से अंजलि झड़ने लगी...

Anjali-aaahhhh...bbaasss...kakkarrroo...aaabbbooohhhhhhhhh maaaaaaaaaaamae आइइइइइइइइइ

ऐसे बोलती हुई अंजलि झड़ने लगी और देवा ने गांड चेतना बंद करके अंजलि की छूट पर मुँह रखा और उसका छूट रास पीने लगा...

अंजलि झड़ने के बाद आगे सर झुका कर अपने आप को नार्मल करने लगी तभी…….…
 
अपडेट - 86

अंजलि झड़ने के बाद आगे सर झुका कर अपने आप को नार्मल करने लगी तभी…….…

देवा ने अंजलि की पंतय को खिसका कर उसकी जांघो के नीचे कर दिया …और उसकी बिसाल गांड पूरी nangi…deva की आँखों के सामने गई….

देवा ने देर न करते huye…Anjali की गांड पर हाथ मरे और अंजलि कराह उठी....

A-aauuchhch..aaahhh..aaarrrram seee….fado…meri गांड. मारो मत नाआआआ

देवा -तू बस मज़े कर…

देवा ने फिर से अपना मुँह अंजलि की गांड पर किया और इस बार उसकी गांड को जीभ से चाटने laga...deva पूरी गांड को chat-chat कर गीला करने लगा

A-oh माय god...kaha थे tum..aaahhh..itna मज़ा डोज..

देवा ने गांड को पूरा गीला कर दिया और गांड के छेद को भी जीभ घुसा के गीला कर दिया फिर खड़ा होकर अंजलि के मुँह की तरफ गया....

अंजलि देवा का इसरा समझ गई और देवा का लुंड मुँह में भर कर गीला कर दिया

देवा ने लुंड अंजलि के मुँह से nikala..or पीछे आकर अंजलि की गांड में लुंड को सेट करके बोलै

देवा -दाल दू

A-haa…jaldi…daalo…..

देवा -तो ये लो...

देवा ने 1 धक्का मारा तो लुंड का टोपा गांड के अंदर. गांड गीली थी और पहले भी मरी thi..to उसे दर्द नहीं हुई बस सिसकी निकली...

A-aaahhhhhhhhhhhhhhh देवा बहोत अच्छा है तू दाल अंदर

देवा ने दूसरा धक्का मारा और लुंड 5 इंच andar…ab अंजलि को दर्द हुआ तरीके का.

A-aahhhh…uummmmm…aaahhhh uuuuuuuiiiiiiiiiiii देवाआआ रुक जरा

पर देवा ने तीसरा धक्का मारा और पूरा लुंड अंजलि की गांड में घुसा diya…is बार अंजलि चीख उठी...

Aaaaaahhhhhhhhh…..mmmmmaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa…..ffaaat..gggaaaiii मेरी gaaaaaaaaaaand देवा निकल अपना लोढ़ा मेरी गांड से uuuuuuhhhhhhhhhaaaaaaaaaaahhhhh अंजलि बिलख उठी और छटपटाने लगी.

देवा ने जल्दी से धक्के मरने सुरु किये और अंजलि चीखती rahi...par ज्यादा देर nahi...thodi देर बाद वो सिसकने लगी..,

A-aaahh..aahh..ahhh…yeess…yyees…yes…yes…..fast…yyaa…fast..aahhh..ahhh

देवा -yaaa…take it…take it..yaa

A-aah..ahh..ahh..ahhh..ahhh…auumm..aahhh..yes..yes..ye.s…yes…

देवा धक्के मरे जा रहा था और अंजलि सिसकते हुए मजे ले रही थी….

देवा अंजलि के ठीक पीछे tha….Anjali पीछे धक्के मारती और देवा aage…unki जांघो की आवाज़ भी अंजलि की सिसकियों वाली आवाज़ के साथ मिक्स हो गई…...

A-aahh..ahhh..ahhh..yes..yes…yes..aahh…

ऐसे hi मिक्स आवाज़े सुनते हुए देवा अंजलि की गांड मरता रहा …

उनकी जाँघे आपस में टकराते हुए गांड चुदाई की मस्ती को बढ़ाने लगी और देवा ऐसे hi मिक्स आवाज़े सुनते हुए अंजलि की गांड मरता रहा …कुछ देर बाद देवा ने लुंड अंजलि की गांड से निकला और उसे बालो से पकड़ कर उठाया ….

Anjali-aaahhh…..mujhe भी वाइल्ड sex..pasand है ,….आअह्ह्ह्ह नोच डालो मुझे देवा

देवा- ये तो ऐसे hi hai...wild तुझे फिर कभी दिखाऊगा...

अंजलि- जो भी करो बस ठुकाई करो बिना रुके ऐसा मस्त लुंड नसीब से मिलता है मेरे देवा छोड़ो मुझे रगड़ रगड़ के मसल के छोड़ो. अब मए इस बिस्तर से कल hi उठ पाव इतना छोड़ो मुझे.

Deva-aesa है तो देखती जा फिर

देवा ने अंजलि को खिड़की के पास खड़ा किया और एक हाथ से उसकी टांग को खिड़की पर टिकाया और लुंड को गांड में सेट करके दाल दिया और फिर उसके बाल पकड़ कर तेजी से छोड़ने लगा….

और अंजलि भी मस्त होकर अपनी गांड मरवाने लगी....

ा- aaahh..aahh..ahhh…aah..ahhhh फाड् डालो मेरी गांड देवा ऐसा मजा तो मुझे पहले कभी नहीं आया छोड़ देवा छोड़ मुझे aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaa क्या लुंड मिला है मेरी गांड को ऐसा लुंड सबको मिले जो फाड् के रख दे आआह्ह्ह्हह्हह्हूऊऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह यस यस देवा छोड़ो छोड़ो……..

देवा अंजलि को 10 मिनट ऐसे hi छोड़ता रहा फिर अंजलि को छोड़ा और वही फर्श पर लेट गया …

अंजलि भी देवा की मर्ज़ी समझ गई और आकर उपनि गांड में पूरा लुंड लेती हुई पीट के बल देवा के उप्पेर लेट गई ….

अब देवा ने अंजलि के बूब्स को दोनों हाथो में मसलते हुए नीचे से धक्के मरना चालू किया....

देवा -uummm...kya...boobs है tere...or गांड भी mast...ye le..yeeeehhhh....yeesshhh

Anjali-aahh...masal dalo...bahut फड़फड़ाते hai....mere ये बूब्स देवाआआआ

देवा -देखती जा तुझे कैसे-2 मसलता hu...ye ले...

अंजलि- aaahhh...main तैयार hu...aaahhh....tujhe भी शिकायत नहीं hogi....aaahh

अंजलि भी मस्ती में डूब चुकी thi...thodi देर बाद देवा रुक गया और अंजलि ने अपने हाथ पीछे फारस पर रखे और लुंड पर गांड को uchaal-uchal क्र लुंड गांड के अंदर लेने लगी और मस्ती में आवाज़े निकालने लगी...

अंजलि- aaahh..aahh..ahhh…aah..ahahhhh..aaahhh..aahhh रूम में चुदाई का पूरा माहौल tha….or दोनों फुल मज़े के साथ गांड फाड़ने का प्रोग्राम कर रहे थे…

थोड़ी देर बाद hi देवा ने अंजलि को रोका और दोनों खड़े हो गए…

देवा ने अंजलि को बापिस उसी टेबल पर कुटिया बनाया और गांड मारने लगा....

अनजलि - aaahh..aahh..ahhh…aah..ahahhhh..aaahhh..aahhh

अंजलि अपने हाथो से फिर से अपनी छूट मसलने लगी और देवा तेजी से उसकी गांड मरे जा रहा था

अंजलि- aaahh..aahh..ahhh…uuuummm....uuuummm..

जब देवा को लगा की झड़ने वाला है तो वो जोर जोर से गांड मारने लगा…..

देवा -aaahh..yyyyeeee….teke आईटी baby….take आईटी…

अंजलि- aaahhh….uuummm…yes,,,,yes,,,,yes,,,…baby...fast…ohh..yes…ahahhhh..aaahhhh

इस तरह से देवा 5 मिनट तक और जोरदार गांड मरता raha…or साथ में अंजलि के बूब्स भी दबाये जा रहा tha,…anjlai भी अपनी छूट मसाले जा रही थी और वो झड़ने लगी....

Anjali-aaahhh..baby…iii…mmm..cccooommmmmiinngg…ooohhhh….aaaahhh

देवा ने अपनी स्पीड तेज कर दी और 2 मिनट बाद वो भी अंजलि की गांड में झड़ने लगा....

देवा -aaahhh…..take it…I ऍम कंमिंग baby…take it..aahhhhh

Anjali-oohhh..ahhhhhh…ccoommme…ccoomme..yyyyeesss…yes.eyes…aaahh...

दोनों झाड़ कर संत हो gye,,,,,,,jaise किसी लड़ाई के बाद लड़ कर सब सांत हो जाते है...

देवा ने अपना लुंड अंजलि की गांड से nikala...to देवा का लुंड रास अंजलि की गांड से टेबल पर आने लगा...

अंजलि ने अपना हाथ लगा कर पुरे रास को हाथ में भर लिया और फिर चाट गई....

अंजलि- aaahhh..uuuummm..yahi तो मेरा फव ड्रिंक hai…aaahhhh और मुझे डर्टी सेक्स पसंद है.

देवा जाकर बीएड पर बैठ गया और अंजलि लुंड रास पिने के बाद आई और लुंड को चूसने lagi…Anjali ने बचा हुआ लुंड रास chat-chat कर पि लिया और लुंड साफ़ करके देवा के साथ hi बीएड पर लेट गई और देवा को बाहों में भर के किश करने लगी....

Anjali-aisa मज़ा ….wow….kabhi नहीं आया. न अपने पति के साथ न hi बॉस के साथ

देवा – ok माय लव अब मए चलता हु

अंजलि – इतनी भी क्या जल्दी है देवा थोड़ी देर और रुक जाओ न

देवा – नहीं स्वीट हार्ट नीचे सब की शॉपिंग हो गयी होगी इसीलिए अब मुझे जाना होगा,. बूत don’t वोर्री फिर जल्द hi मिलेंगे.

अंजलि ok देवा मए इंतजार करुँगी . और फिर अंजलि ने देवा का लुंड मसलते हुए उसे डीप लिप किश दिया और फिर देवा ने कपडे पहन लिए

अंजलि की तबियत के साथ गांड मरने के बाद देवा उसे लिप किश कर के वापस माल में आता है तब तक सब की शॉपिंग ख़तम हो hi चुकी थी.
 
अपडेट - 87

देवा – अगर तुम सबकी शॉपिंग में और कुछ न बचा हो तो चल के पेमेंट कर दे. अब तो मॉल भी खली कर दिया तुम लगो ने

पूनम – रहने दो जी ऐसी भी कोई शॉपिंग नहीं की है हम लोगो ने.

रूद्र – भाभी कुछ तो भगवन से डरो अब और भी कुछ लेना बाकि है क्या मए तो यहाँ से वह चल चल के hi थक गया.

पायल - भैया आप भाभियो को छोड़िये लेकिन आप हमारे लिए इतना नहीं कर सकते.

रूद्र – अरे मेरी गुड़िया तू कहे तो हिमालय से तेरे लिए कुछ ले औ. मए नहीं ठाकूगा, लेकिन यार अब शॉपिंग की और हिम्मत नहीं.

नीलम – अच्छा ऐसी बात है तो चलो माफ़ किया बाकि फिर कभी ले लगे. क्यों पूनम?

पूनम – है अभी तो वैसे अभी हमारी आधी शॉपिंग भी नहीं हुई . पर तू कहती है तो ठीक है रहने देते है.

पायल – बस करो माताओ मेरे भाइयो को इतना न सताओ आप दोनों. भैया ये दोनों मेरी भाभियाँ मजाक कर रही है. हमने जरुरत से ज्यादा hi ले लिया है सामान अब चलिए.

देवा – शुक्र है तेरा मालिक किसी ने तो अक्लमंदी की बात की यहाँ. वार्ना मए तो समझ रहा था की रात यही बितानी पड़ेगी.

फिर सब लोग कॅश काउंटर पेग ए. तो देवा पेमेंट करने लगा.

रूद्र – राजकुमार जी आप रहने दीजिये मए पेमेंट के लिए कार्ड दे चूका हु सेल्स गर्ल को इसे अपने पॉकेट में hi रखिये.

देवा – अबे तेरे पास कार्ड कैसे?

रूद्र धीरे से – शलाका मेरा कहा भी मानती है भाई. उसी ने अर्रंगे कर के दिया है.

देवा – फिर ठीक है

फिर वो लोग वह से निकल के सीधे गाँव आते है जिसमे की रात हो चुकी थी. लेडीज तो अपने शॉपिंग आइटम hi दिखने लगी घर में दिया और सावित्री को.

देवा – रूद्र तुम कल यही रहना और ध्यान रखना मुझे तो कल फिर से इस शॉपिंग को hi झेलना है न.

रूद्र – भाई तू टेंशन मत ले मए कही नहीं जाउगा कल यही रहुगा.

गुरुम – देवा भाई वो कार्ड्स का काम तो आज निपटा दिया है मैने और रघु भाई ने. कल से हम लग जायेगे यहाँ की तैयराइयो में.

देवा – नहीं गुरुम कल तुम भी शॉपिंग पे जाओगे.

गुरुम – भाई मुझे कोई शॉपिंग नहीं करनी. मए तो अपने लिए एक जोड़ी मस्त अर्रंगे कर लगा मैजिक से. बस हो गयी अपनी शॉपिंग.

देवा – अबे तेरे लिए नहीं कह रहा हु. तुम कल सुबह चले जाना हवेली और वह की लेडीज को शॉपिंग करवा देना.

गुरुम - अरे कए को भाई? भाई मेरे को कहे को अटका रहे हो लेडीज लोग के बीच में अपुन पाक जायेगा भाई. प्लीज दया करो मुझ पे.

देवा – कोई दया नहीं. हम दोनों आज पाक कर आये है कल मए फिर जा रहा हु न पकने. तू भी जायेगा.

गुरुम मुँह लटका के – इससे अच्छा साला बॉर्डर पे भेज दिया होता अपुन को.

देवा – क्या?

गुरुम - नहीं भाई kuchh….kuchh… नहीं अपुन जायेगा न. ी लिखे शॉपिंग मए भी कर के आउगा इसी बहाने.

देवा – ह्म्मम्म्म्म थॉट्स बटेर. चलो भाई मए तो जा रहा हु सोने. बहोत थक गया हु आज.

देवा अपने कमरे में आ जाता है और सो जाता है. उसे पता नहीं चलता के रत में कौन कब सोया. सुबह उठकर वो तैयार होता है. और नाश्ते की टेबल पे आ जाता है जहा सभी मौजूद थे.

सावित्री – बीटा कितनी देर में चलना है.

देवा – माँ बस नाश्ता कर लो तो पद्मा काकी को ले के फिर चलते है.

सावित्री – मए तो नाश्ता कर चुकी हु बस तैयार हो के आती हु. तब तक तू भी नाश्ता कर ले. दिया तो नहाने hi गयी है.

देवा – मेरा नाश्ता तो हो hi गया है. आप लोग आ जाइये तो चले.

सावित्री अपने कमरे में जाकर तैयार होने के लिए अपने कपडे उतर के झुक कर दूसरे कपडे निकलने लगती है. इस समय वो बस ब्लैक ब्रा पेंटी में hi थी. के तभी उसे अपनी गांड पे खड़ा और गरम लुंड महसूस होता है. वो चौंक कर पीछे देखती है तो पीछे दन खड़ा था वो भी पूरा नंगा . क्यों की वो अभी नाहा के बाथरूम से निकला था और अपनी पत्नी को ब्रा पेंटी में यु झुका हुआ देख कर उसका लुंड खड़ा हो गया था उसने टॉवल निकल फेंका और सावित्री की गांड से अपना लुंड सत्ता दिया.

सावित्री – ओफ्फो क्या करते हो जी सुबह सुबह जरा भी सब्र नहीं है आपको, छोड़िये मुझे.

दन – आरी भाग्यवान तू ऐसे कुटिया की तरह झुकी हुई गांड दिखाएगी तो मेरा ये लुंड तो घुसेगा hi न तेरी गांड में.

सावित्री ने अपनी कमर से दन के हाथ हटा कर खुद को सीधा किया

सावित्री – आप भी न कभी भी शुरू हो जाते है. अभी रात भर मुझे रगड़ा है उससे जी नहीं भरा क्या जो इसे सुबह सुबह hi फिर खड़ा कर दिया.

दन – तू तो आज भी कमल hi लगती है मेरी जान जब भी तुझे देखता हु खड़ा हो hi जाता है. अब जल्दी से डालने दे मुझे.

सावित्री - नहीं बिलकुल नहीं बहार देवा इंतजार कर रहा है हमें शहर जाना है.

दन – अरे यार तू रत को आएगी तो मए दिन भर क्या करुगा इसे ठंडा कर दे वार्ना ये दिन भर मुझे परेशां करेगा. जल्दी से कर लेते है आजा

सावित्री – नहीं मतलब नहीं अभी नहीं डलवाना है मुझे रत में जी भर के दाल लेना. जितना अभी आप तड़पेगे उतना hi रात को मजा देंगे मुझे और आपको भी उतना hi मजा मिलेगा मेरी लेने में. और इसे ठंडा करने के लिए मए पानी निकल देती हु लाओ.

दन – चलो ठीक है लेकिन हाथ से नहीं चूस के निकालो

सावित्री कातिल मुस्कराहट दे कर ब्रा पेंटी में hi बैठ जाती है और दन का फनफनाता लुंड हाथ में पकड़ कर पहले उसे चूमती है फिर जीभ निकल के चाटने लगती है. दन का तो हल बुरा हो रहा tha.wo सावित्री का चेहरा पकड़ के उसके गाल सहलाने लगता है और सावित्री दन के लुंड को मुँह के अंदर लेती चली जाती है.

उधर दिया अपने कमरे में बस नाहा के निकली hi थी. रघु तो खेत जा चूका था. और दरवाजा उसने अंदर से बंद किया hi था. तो वो निश्चिन्त हो कर नंगी hi बाथरूम से बहार आ जाती है. और सामने देखती है तो देवा बैठा था और उसे नंगी देख कर मुस्करा रहा था.

दिया भी सेक्सी स्टाइल में चलती हुई आती आहे और नंगी hi देवा की गॉड में बैठ जाती है . दोनों में से कोई कुछ नहीं कहता बस दोनों के होठ मिल जाते है. और देवा दिया की चूचिया दबाते हुए उसके होठ चूसने लगता है. थोड़ी देर के बाद दिया उठ जाती है.

दिया – चलिए देवर जी रोमांस बहुत हुआ जाइये बहार वार्ना माँ जी आ जाएगी. देवा अपनी आंखे बंद करता है जैसे कुछ सोच रहा हो. लेकिन वो देख रहा था के माँ के आने में कितनी देर है अभी , वो कितनी तैयार हुई है. लेकिन देवा देखता है के माँ तो वह बाबू जी का लुंड चूसने में मस्त है तो उसके होठो पे मुस्कान आ जाती है.

देवा – अभी उन्हें आने में टाइम लगेगा मेरी जान. तुम मेरी बहो में आ कर मेरे लुंड को शांत करो न.

दिया – मन तो मेरा भी कर रहा है बहोत दिनों से इसे लिया नहीं है. लेकिन माँ आ जाएगी . वैसे आपको अकेसे पता उन्हें टाइम लगेगा.

देवा – मए देख कर आया हु माँ और बाबू जी भी सेक्स में बिजी है.

दिया मुस्कराते हुए – सुबह सुबह? ये माँ भी न …. और अप्प अब तक देखते हो उन्हें सेक्स करते हुए?

देवा – देखता तो नहीं लेकिन कभी दिख जाये तो मए क्या करू? वैसे मए तो ये देखने गया था के वो कितना तैयार हो चुकी है. लेकिन वह तो वो बिजी थी बाबू जी के साथ और दोनों ने hi कपडे भी नहीं पहने थे तो उन्हें आने में टाइम लगेगा. तू आजा.

दिया - देवा मए तसल्ली से दिल खोल कर तुमसे छोड़ना चाहती हु अपनी प्यास बुझाना चाहती हु. इसीलिए अभी नहीं अभी जल्दबाजी हो जाएगी और मन लो माँ फ्री हो कर जल्दी आ गयी तो आपको तो 2 घंटे लगने है चुदाई में. सोचो क्या माँ और बाबू जी को इतना टाइम लगता है?

देवा – बात तो सही है. चलो तुम भी चूस hi दो

दिया - तुम भी मतलब?

देवा – अरे जल्दबाजी में माँ भी सेक्स नहीं करना चाहती थी लेकिन बाबू जी को शांत करने के लिए वो भी चूस hi रही है. चुदाई नहीं कर रही है वो अभी.

दिया – अरे वह मतलब मए अपनी सास के नक़्शे कदम पे चल रही हु . आ जाओ मए भी तुम्हरा पानी चूस के निकल देती हु. और दिया भी देवा के लुंड को निकल के प्यार करती है थोड़ी देर पूरे लुंड को चूमती है और फिर चूसने लगती है.

देवा – aaaaaaaahhhhhhhhhhh भाभी और चुसो मजा आ रहा है पूरा लो मुँह में

दिया देवा के बॉल्स को सहलाते हुए चूस रही थी. और हाथ से मुठ भी मार रही थी. उसकी खुद की छूट पानी बहाने लगी थी लेकिन वो चुद नहीं सकती थी अभी. थोड़ी देर यु hi लुंड चुसवाने के बाद देव आठ जाता आहे और दिया को उठा कर पलंग पे दाल देता है और 69 में आ जाता है जिससे की दिया की प्यास भी बुझ सके देवा दिया की छूट को अपनी उंगलियों से खोल कर उसकी क्लिटोरिए को अपने होठो में ले के चूसने लगता है तो दिया उछाल पड़ती है. और देवा की गांड पे हाथ रख के उसका लुंड अपने मुँह में ले लेती है. और चूसने लगती है कोई 10 मिनट की चूसै के बाद दिया तेजी से झड़ने लगती है. और पूरा पानी देवा के मुँह में उड़ेल देती है जिसे देवा भी बड़े प्यार से चाट चाट के ख़तम कर देता है फिर देवा उठता है और दिया की दोनों बड़ी बड़ी चूचियों के बीच अपना लुंड सेट कर देता है तो दिया अपनी चूचिया मिला डटी है और देवा दिया को बूब्स फूकिंग देने लगता है. कोई 5 मिनट बाद देवा भी छूटने लगता है तो अपना लुंड निकल के दिया के मुँह में दाल देता है दिया भी तेजी से देवा का लुंड मसलते हुए हिला रही थी देवा ने बहोत सारा पानी छोड़ा जो दिया पूरा hi पि गयी फिर देवा के लुंड को चाट के साफ़ कर दिया.

दिया – देवा अब तुम जाओ मए आती हु तैयार हो कर. फिर दिया उठ कर वाशरूम में जाती है तो देवा भी अदृश्य होकर अपने रूम में पहुँचता है. और खुद को ठीक करता है. फिर से वो आंखे बंद कर के माँ को देखता है तो वो अब तक लगभग तैयार हो चुकी थी. बस मेकउप कर रही थी. और साड़ी पहनना बाकि था इस समय वो ब्लाउज पेटीकोट में कड़ी खुद को सवार रही थी.

देवा नीचे आ कर सोफे पे बैठ जाता है और टीवी देखने लगता है. थोड़ी hi देर में दिया और सावित्री आ जाती है.
 
दोस्तों 2020 में ये स्टोरी शुरू हुई और आपसे वादा किया था के ये स्टोरी यु hi चलती रहेगी बिना अपने अंजाम के ये बंद नहीं होगी आप लोगो का पूरा सहयोग हमें मिला 2020 में. उम्मीद है इस नए वर्ष में भी आप सबका सहयोग यु hi मिलता रहेगा. धन्यवाद अब आप लोगो का और समय ख़राब न करते हुए नए साल का पहला अपडेट दे रहे है सो प्लीज रीड, एन्जॉय एंड गिव में योर वलुएअबले कमैंट्स. अगेन हैप्पी नई ईयर तो आल फ्रेंड्स.

थैंक यू माय डिअर आल रीडर्स
 
अपडेट - 88

देवा – माँ कितना टाइम लगाती हो आप

सावित्री थोड़ा शर्मा जाती है और दन को देखने लगती है दिया मन hi मन देवा की छेड़छाड़ से मुस्करा रही थी. दोनों hi जानते थे सावित्री को इतनी देर क्यों लगी.

सावित्री – बीटा मए तो जल्दी आ जाती पर तेरे बाबू जी ने देर करा दी.

देवा – बाबू जी ने ? वो कैसे?

सावित्री - वो मए गयी तो ये नाहा रहे थे. अब ये निकले तो मए हाथ मुँह धो सकू इस लिए देर हो गयी.

देवा – अच्छा ऐसा क्या? चलो ठीक है. बाबू जी का भी हक़ है

सावित्री – क्या मतलब हक़ है?

देवा –अरे माँ कोई नाहा रहा हो तो उसका हक़ हुआ न बाथरूम पे जब चाहे निकले. ऐसा कह रहा हु अब चलो देर हो रही है. फिर तीनो निकल जाते है पद्मा के घर की तरफ.

उधर गुरुम हवेली पहुँचता है तो सामने माला से मुलाकात हो जाती है.

गुरुम - नमस्ते माला जी.

माला – नमस्ते, तुम गुरुम हो न

गुरुम – जी है वो देवा भाई ने कहा के आज आप लोगो को शॉपिंग करवा दू तो इसीलिए मए आया था आप लोग रेडी है न.

माला – है बस 5 मिनट में सब आ जायेगे मए उन्हें देखती हु तब तक आप यहाँ बैठिये और कॉफी पीजिये.

गुरुम वही रखे सोफे पे बैठ जाता है. थोड़ी hi देर में एक नौकर आकर गुरुम को कॉफी दे जाता है. तभी गुरुम की नजर सदियों की तरफ जाती है जहा से उतरने वाली हसीना को देखते hi गुरुम के होश उड़ जाते है बाला की खूबसूरत वो हसीना धीरे नीचे उतर रही थी. उसकी नजर भी गुरुम पे पद चुकी थी और वो भी गुरुम में खो सी गयी थी. इसी चक्कर में उसका पैर उलझ जाता है और वो सीढ़ियों से गिरने hi वाली थी के गुरुम अपनी शक्ति की मदद से हवा की तरह वह पहुंच जाता है और गिरने से पहले hi उसे संभल लेता है. उसका बदन गुरुम को फूल की तरह महसूस हो रहा था गुरुम की आंखे hi नहीं हैट रही थी उस पर से. न उस हसीना की नजर हैट रही थी.

गुरुम – कौन हो तुम? क्या नाम है तुम्हारा?

चन्नो – मेरा नाम चन्नो है. और आपको शायद देवा भैया ने भेजा है न?

गुरुम - है उन्होंने hi कहा था इसीलिए मए आया हु यहाँ. आप लोगो को शॉपिंग पे ले जाने के लिए.

चन्नो – अब मुझे गॉड में hi ले जायेगे क्या शॉपिंग पे. मुझे नीचे तो उतर दीजिये. प्लीज.

गुरुम को अपनी गलती का अहसास हो जाता है – ओह्ह ी ऍम सॉरी वो आप गिरने वाली थी तो इसीलिए मैने आपको थम लिया.

चन्नो – आप बहोत अचे है और आपने मुझे गिरने से बचाया उस के लिए धन्यवाद्. आइये सोफे पे बैठते है.

गुरुम – है चलिए. वैसे आप देवा भाई को भैया क्यों कह रही है ?

चन्नो – क्यों की मए उनकी मुँहबोली बहन हु इसीलिए.

गुरुम - मर गए लौड़े लग गए………..

चन्नो – क्या कहा आपने?

गुरुम – नहीं कुछ भी तो नहीं मए क्या कहुगा . अब बचा hi नहीं कुछ कहने को.

चन्नो – आप क्या कह रहे है मुझे तो समझ hi नहीं आ रहा

गुरुम – छोड़िये मए तो यु hi.

चन्नो – तो आप देवा भैया के सतह रहते है?

गुरुम – है उन्होंने मुझे एक दलदल से निकला वार्ना मए तो उसमे लगभग डूब hi गया था. उनके अहसान है मुझ पर.

चन्नो – मेरी भी कहानी कुछ ऐसी hi है. मुझे भी उन्होंने hi एक दलदल से निकला वार्ना मए भी उसमे डूब hi गयी थी. पर अब लगता है के जिंदगी में खुशिया भी है और ये सब मेरे देवा भैया की वजह से हुआ है.

गुरुम – क्या मए आपको आपके नाम से बुला सकता हु?

चन्नो – मुझे ख़ुशी होगी अगर आप मुझे मेरे नाम से बुलाएंगे.

गुरुम – थँक्स. तो चन्नो किस दलदल की बात कर रही हो तुम?

चन्नो – ये एक लम्बी कहानी है और मेरे ख्याल से अभी समय नहीं है इन बातो का फिर कभी फुर्सत में बताऊगी.

गुरुम थोड़ा सा चन्नो की तरफ झुक कर – मतलब फिर मिलोगी मुझसे?

चन्नो शर्मा जाती है और धीरे से गार्डन है में हिला देती है. तभी सीढ़ियों पे आवाजे सुन कर दोनों उधर देखते है तो सामने से माला, कामिनी और रति आ रही थी. तीनो hi गजब की सुन्दर लग रही थी.

गुरुम मन में – ये देवा भाई की किस्मत में भी परियो की कोई कमी नहीं है. सब एक से बाद कर एक है. पर आज उनकी वजहसे मुझे भी एक पारी मिल hi गयी.

चन्नो – क्या कहा आपने?

गुरुम - na….nahi कुछ नहीं मए तो बस यु hi.

चन्नो - मुझे लगा आपने अभी कुछ कहा.

माला - चलिए गुरुम हम लोग तैयरा है.

फिर गुरुम उन सब को ले कर गाड़ी से निकलता है.

इधर देवा के साथ सावित्री और दिया भी पूनम के घर आ गयी थी. सब लोग उतर के घर के अंदर जाते है तो सामने पद्मा से सामना हो जाता है. सावित्री और पद्मा गले मिलती है फिर पद्मा दिया को भी गले से लगा लेती है.

दिया - काकी सुधा आयी या नहीं.

पद्मा है आ गयी है और तैयार भी हो गयी है. बस अभी आती है आप लोग बैठो मए अभी आयी

सावित्री – पद्मा बहन कोई तकलीफ मत करना हम लोग अभी नाश्ता कर के hi आ रहे है. पेट भरा हुआ है.

देवा – है काकी माँ और भाभी तो अभी पेट भर के hi आयी है.

दिया मुस्करा देती है वो समझ जाती है के देवा किस तरह के पेट भरने की बात कर रहा है.

सावित्री – क्या कहा?

देवा – अरे कुछ गलत कहा क्या? पेट भर के नहीं आयी हो क्या घर से?

सावित्री भी समझ तो गयी लेकिन उसे क्या पता के देवा को भी सब मालूम है. है तो वही तो मए भी कह रही हु के हम लोग घर से वो.. वो.. पेटट भर के खा के आये है. इतना बोलने में अब सावित्री की साँस उखाड़ने लगी उसे भी लुंड से पेट भरने की बात याद आ रही थी.

पद्मा नॉर्मली बोली - अच्छा ठीक है. तो देवा ने पेट भर दिया सावित्री बहन का?

सावित्री तो सुन के शर्म से पानी पानी हो गयी वो सोच रही थी के जिस पेट भरने की बात मए सोच रही हु यदि इनमे से किसी को पता होती तो कोई कुछ कहता hi नहीं पर ये लोग तो उस बात के पीछे hi पड़े हुए है . हे भगवन मुझे इस शर्मिंदगी से निकल

दिया – नहीं काकी देवर जी ने पेट नहीं भरा मजी का वो तो खुद अपना पेट भरने में लगा हुआ था. माँ जी ने खुद hi भर पेट सुबह का नाश्ता कर लिया.

सावित्री आंखे बंद कर के मन hi मन हंस भी रही थी शर्मा भी रही थी. , इधर दिया का भी यही है था और देवा तो बस मस्ती कर रहा था अपनी माँ को यु hi छेड़ रहा था.

पद्मा – तेरा पेट किसने भर दिया. वैसे भी तेरा तो पेट पहले hi भरा हुआ है क्यों दिया बहु?

अब शर्माने की बात दिया की थी क्यों की पद्मा ने दोहरी बात बोल दी थी.

दिया – क्या काकी आप भी छोड़िये न ये बताइये सुधा कहा है.

तभी एक मीठी आवाज़ सब के कानो में पड़ती है.
 
भाई लोग इस कहानी में सेक्स Chapter को आप लोग पढ़ो एन्जॉय करो लेकिन उसमे ध्यान मत देना, और ये भी मत सोचना के कहानी अपनी लीक से हैट रही है. ये सब कुछ hi समय के लिए बचा है इसीलिए सेक्स सन जल्दी जल्दी आ रहे है. पर ये सगाई होते hi आप लोग सेक्स सन के लिए तरस जाओगे इस कहानी में इसीलिए वो सब अभी hi दे रहे है क्यों की सगाई होते hi अडवांटुरे ट्रिप स्टार्ट हो जायेगा. उसमे सेक्स न के बराबर hi रहेगा. सो जैसी कहानी जा रही है उसमे फ़िलहाल एन्जॉय कीजिये नए मोड़ आने वाले है उसे एन्जॉय कीजिये. और उसके बाद चलेंगे एडवेंचर ट्रिप पर. जो की काम से काम 10 उपदटेस से भी बड़ा तो होगा hi. ऐसी कोशिश होगी. क्यों की सेक्स स्टोरी तो बहोत है इस साइट पर लेकिन ऐसा एडवेंचर आपको काम hi देखने को मिलेगा बहोत काम hi स्टोरी ऐसी है जिसमे ऐसे एडवेंचर ट्रिप्स मिले. सो वेट एंड वाच और साथ बने रहिये.

धन्यवाद
 
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