Fantasy इच्छाधारी देव - Page 13 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

अपडेट - 89

सुधा - मए यहाँ हु मेरी दिया रानी.

सभी पलट के देखते है .तो देखते hi रह जाते है लाल साड़ी में लिपटी जैसे कोई लाल पारी कड़ी थी.

देवा की तो आंख hi नहीं हैट रही थी सुधा के ऊपर से . वो तो बस बिना पालक झपकाए सुधा की खूबसूरती में ख्य हुआ था. उसे किसी का न तो होश था न किसी के देख लेने की चिंता. देवा ने न जाने क्यों लेकिन आज वो किया जो उसने कभी किसी के साथ नहीं किया था. उसने अपनी आँखे बंद कर के खोली तो अब देवा को सुधा एक डैम नंगी नजर आने लगी, जिसे देखते hi देवा अपना होश खो बैठा. उसने इस तरह अपनी शक्ति का इस्तेमाल किसी औरत या लड़की पे नहीं किया था अब तक.

सुधा:- एक बेहद खूबसूरत औरत. 5.5 फुट की लम्बाई, गोरा दूध के जैसा सफ़ेद बदन, मख्हन जैसे हाथ पाँव,. होठ ऐसे जिससे शहद से भरे हुए दो प्याले हो थोड़े से मोठे लेकिन रसभरे होठ, लम्बी नक्, बड़ी बड़ी बहोत प्यारी आँखे, सुराही के जैसी गोरी गार्डन, पहाड़ की चोटियों के जैसे तानी हुई उसकी 36 की चूचिया, ब्राउन निप्पल और सिक्के के आकर में फैले उस पे ब्राउन दानेदार एरोला, पतली 30 की कमर, 36 की hi गोल उभरी हुई चिकनी गांड, फूली हुई मस्त छूट लेकिन देखने से hi पता चल रहा था के या तो ये चूड़ी hi नहीं है अब तक या सही तरीके से नहीं चूड़ी उसकी छूट के लिप्स खुले हुए थे hi नहीं किसी कुवारी लड़की की तरह बस छूट की लाइन hi नजर आ रही थी दोनों लिप्स चिपके हुए से थे. , और उस पर झांटे भी थी. जो शायद बहोत समय से साफ़ नहीं की गयी थी. उसकी मखमली चिकनी जंघे. देवा का तो लुंड फटने को हो गया.

तभी उसे दिया ने हिलाया तो देवा ने दिया को देखा दिया ने इशारे में पुछा क्या हुआ तो देवा ने इंकार में बस गार्डन हिला दी और फिर से पलट कर सुधा को देखा जो लाल साड़ी में कड़ी मुस्करा रही थी और इस वक़्त सावित्री से बाटे कर रही थी.

दिया – अब अगर आप लोगो की बाते हो चुकी हो तो चले या शॉपिंग कैंसिल करे?

सावित्री – अरे चलो न हमने कब मन किया है. क्या मए अपनी बहु से बाटे भी न करू?

दिया देवा की तरफ देखकर – है माँ जी आपकी बहुओ की संख्या तो बढ़ती hi जा रही है. किस किस से बात करेगी आप.

सावित्री – क्या मतलब?

दिया – अरे माँ मए ये कह रही थी के पहले सिर्फ मए थी, फिर पूनम और अब सुधा. इस हिसाब से आपकी तो बहोत सी बहुए हो गयी न.

सावित्री - है क्यों नहीं सब मेरी hi बहुए है.

दिया – तो अब चलिए वार्ना देवा आप के लिए और बहुए न ले आये

सावित्री – चुप कर ऐसा कुछ नहीं है चलो चलते है.

देवा और दिया की नजरे मिली तो दोनों मुस्करा रहे थे. फिर सब लोग जा के देवा के साथ गाड़ी में बैठ गए. सावित्री, पद्मा, दिया और sudha.aur चालू हो गया इनका सफर साडी लेडीज आपस में hi बाते कर रही थी और देवा चुप चाप गाड़ी चला रहा था . उनकी हसी मजाक और बेफिज़ूल की बातो से देवा का सर दर्द करने लगा था पर बेचारे के पास और कोई चारा hi नहीं था. सो चुप चाप गाड़ी चलाये जा रहा था. फिनॉय ये लोग मॉल में पहुंचे. और लग गए शॉपिंग में.

देवा धीरे से – दिया सुनो, मए जरा घूम के आता हु. तुम लोग शॉपिंग कर लो और है जरा जल्दी करना और मए नजर न औ तो मुझे कॉल कर देना ok?

दिया - वो तो ठीक है पर अब तुम कहा जा रहे हो?

देवा – समझा करो यार मए पाक गया हु थोड़ा रिफ्रेश हो के आता हु न.

दिया धीरे से – किस की फाड़ने जा रहे हो?

देवा – देखता हु जो मिल जाये अब तुम शॉपिंग कर लो किसी को कोई कमी नहीं होनी चाहिए.

दिया - ठीक है अपना ध्यान रखना और जल्दी आ जाना.

फिर देवा वह से निकल कर नीचे कार शोरूम में जाता है जहा अंजलि बैठती है लेकिन वह अंजलि नहीं थी तो देवा ने वह के रिसेप्शन पे पुछा

देवा – एक्सक्यूसमे ये मिस अंजलि नहीं नजर आ रही है ?आप बता सकती है वॉक अहा मिलेगी?

रेसप्शनइंस्ट (र) घर के देवा को देखा लेकिन उसकी hi आँखों में खो गयी

देवा - hello मैडम मैने आपसे hi पुछा है अंजलि कहा है?

र – सर वो तो आज आयी नहीं उसकी तबियत कुछ ठीक नहीं थी तो घर पे आराम कर रही है. क्या काम था आपको उनसे? मए कुछ मदद कर सकती हु आपकी?

देवा ने उसे ऊपर से नीचे तक देखा जिससे वो शर्मा गयी , वो भी बहोत मस्त बदन की मालकिन थी जिस पर देवा आज का दिन तो लगा hi सकता था. लेकिन देवा ने उसे छेड़ना सही नहीं समझा.

देवा – है आप भी मदद कर सकती है पर आज नहीं फिर कभी देखेंगे. मए चलता हु.

और देवा वह से निकल जाता है और बहार आ कर कावेरी को कॉल कर्तृ है

कावेरी – hello देवा कैसे हो और कहा हो?

देवा – मए तो यही हु शहर में तुम कहा हो?

कावेरी – ओह्ह गॉड तुम शहर में हो पहले क्यों नहीं बताया

देवा – अरे वो तो यु hi फॅमिली के साथ शॉपिंग करने आया था तुम कहा हो?

कावेरी – मए तो शहर से बहार आयी हु किसी केस के सिलसिले में.

देवा आँखे बंद करता है और उसे कावेरी नजर आती है जो अभी गाड़ी में थी और ड्राइवर के बगल में पुलिस की वर्दी में बैठी थी.

देवा – पूछ सकता हु तुम क्यों जा रही हो?

कावेरी - अरे कुछ नहीं एक वांटेड मुजरिम है उसकी लिंक मिली थी लेकिन अब वो पता नहीं कहा भाग गया है उसी की तलाश में जा रही हु. बहोत बड़ा मुजरिम है और उस पर इनाम भी है 50 लाख का.

देवा – अच्छा तो तुम उसे ढूंढो मए बाद में कॉल करता हु. लेकिन वापस आने से पहले कॉल कर देना और बताना जरूर के क्या हुआ तुम्हारे इस केस का

कावेरी – सूरे वैसे कोई बड़ी बात नहीं है. बस उसे गिरफ्ता कर के आना है. मए तुम्हे कॉल करती हु बाद में

देवा – ok bye स्वीट हार्ट ी म वेटिंग

कावेरी – ok ब्बये

अब देवा परेशां था के कहा जाये किस के पास जाये पहले सोचा चलो फिल्म देख लेते hae.lekin उसने अपना फिल्म का प्लान कैंसिल कर दिया. तभी उसके चेहरे पे एक मुस्कान आ गयी और उसने एक जगह कॉल लगाया. रिंग जा रही थी थोड़ी देर में देवा की बात हुई

देवा – hello , कैसी हो आप?

……. मए तो ठीक हु लगता है तुम hi भूल गए मुझे

देवा – ऐसा होता तो कॉल नहीं करता.

………यद् आती तो कॉल नहीं करते मिलने आ जाते

देवा – उसी वजह से कॉल किया है मए आ रहा हु.

………. तुम 30 मिनट में आ जाओ मए सब सेट करती हु.

देवा – ok आता हु वैसे भी मए अभी बड़े वाले मॉल में हु इतना समय तो लगेगा hi आने में. चलो मिलते है.
 
अपडेट - 90

फिर देवा अपनी गाड़ी बड़ा देता है अपने स्पॉट की तरफ और करीब आधे घंटे में पहुंच जाता है जहा गेट “रजनी” खोलती है.

जी है ये वही रजनी है जो दन के दोस्त सुन्दर लाल की पत्नी है जिसे देवा एक बार थोक चूका है.

रजनी – आ गए जनाब बहोत सताते हो इतना इंतजार कोई करवाता है क्या?

इतना कह कर रजनी देवा को घर के अंदर खिंच लेती है और दूर बंद कर के देवा से लिपट जाती है देवा भी रजनी की मोती गांड दबाते हुए उसके होठ पीने लगता है. थोड़ी देर के बाद रजनी अलग होती है.

देवा – अंकल कहा है?

रजनी – उन्हें मैने पास के गाँव भेज दिया है किसी काम में लगा कर अब वो शाम तक नहीं आएंगे.

देवा – मतलब घर पे हम दोनों के आलावा कोई नहीं है. तब तो मजा आएगा

रजनी - है मेरी जान आज सिर्फ हम दोनों hi है. खुल के प्यार करो मुझे. और मए खुल के आज तुम्हरी लुंड को अपने अंदर गहराई तक लेना चाहती हु. कोई रोकटोक नहीं कोई देखने सुनने वाला नहीं तुम जोर से छोड़ना और मए दिल खोकर चीखूंगी उस दिन की तरह धीरे धीरे नहीं. तुम बैठो मए पानी लती हु.

इतना कह कर रजनी जाने लगती है तो देवा उसकी साड़ी का पल्लू पकड़ लेता है. और उसके बाल खोल देता है लम्बे घने बाल लहरते हुए खुल जाते है.

रजनी - पानी तो पीलो फिर जो करना है कर लेना.

देवा – है लेकिन ये बाल यु hi खुले रहने दो और साड़ी यही उतर के जाओ सिर्फ ब्लाउज पेटीकोट में

रजनी मुस्करा के घूमना चालू कर देती है और देवा के हाथ में रजनी की साड़ी आती चली जाती है.

फिर रजनी सिर्फ ब्लाउज पेटीकोट में hi किचन में चली जाती है और थोड़ी देर में पानी ले के आती है

खुले बाल, लिपिस्टिक में सजे होठ, गले में मंगलसूत्र और सिर्फ ब्लाउज पेटीकोट में रजनी बहोत खूबसूरत लग रही थी. देवा उसके हाथ से पानी ले के पिता है और रजनी को अपनी गॉड में खिंच लेता है.

रजनी - आज अचानक कैसे आये ?

देवा – मेरी सगाई हो रही है तो उसी की शॉपिंग के लिए घर की औरतो को लाया था वो लोग शॉपिंग कर रही है.

रजनी - अरे वह बधाई हो मेरी जान. यानि अब परमानेंट छूट का जुगाड़ हो रहा है तुम्हरे इस लुंड के लिए. ये वही है न जिस के लिए तुम्हारे बाबू जी ने बताया था उस दिन

देवा – है वही है.

रजनी - फिर हमारा क्या होगा?

देवा – सब वैसा hi रहेगा जब तुम्हे मेरी जरुरत हो बुला लेना और जब मए शहर में आउगा तो आ जाउगा तेरी लेने उसमे कोई बात नहीं है.

रजनी - तो तुम अभी जल्दी जाओगे?

देवा – अरे लेडीज की शॉपिंग है उन्हें तो शाम हो hi जाएगी तब तक मए और तुम है न साथ में.

इतना बोलकर देवा रजनी की चूचियों पे टूट पड़ता है और उन्हें ब्लाउज के ऊपर से hi मुँह में भर लेता है और दबाते हुए चूसने लगता है

देवा- अब जल्दी से मेरा लुंड तैयार karo...fir अपनी कुटिया की फडनी भी तो है..

रजनी- hhmmm...ha मेरे raja...abhi करती hu...aahhh...

रजनी जल्दी से साइड में आई और झुक कर देवा के लुंड को चूसने लगी...

देवा- क्या बात है ....aaahhhh....aise hi...aahhh. yes...andar तक le...aahh...joor से. .yess...yessss....

रजनी पुरे लुंड को गले तक भर कर चूसे रही thi..aur देवा मस्ती में सिसक रहा था....

देवा - aahh...joor se...yeehhh...joor se...joor se....aaahhh...

थोड़ी देर लुंड चुसवाने के बाद देवा ने उठ कर रजनी को लिटाया और दोनों पेअर एक तरफ करके उसकी छूट में लुंड सेट कर दिया...

देवा - अब तेरी फाड़ता hu....choot को बाद में chakhuga...abhi लुंड ले...

रजनी- तो daaaloooooo......aaahhhhhh...

रजनी के बोलने के पहले आधा लुंड उसकी छूट में जा चूका था...

देवा - चुप कर saali...abhi तो और जाना है..

रजनी- aahhh..aaram se...oohhhhhhh...

और देवा ने दूसरे धक्के में पूरा लुंड छूट में उतर दिया...

रजनी- aahhj..thoda...ruko...ohhh...

देवा - nhi...tujhe कुटिया बनने का शौक है na...ab देख...

और देवा ने रजनी का एक बूब्स पकड़ा और उसे दबाते हुए तेजी से चुदाई करने लगा....

Rajni-uuuuuuiiii…mmmmmaaaa…..fffffaaaa आह्ह्ह्हह्ह… ह्ह्ह्हह्ह्मममम… उउउउम्म mmm…mmmmmaaaarrrrrrr …dddddaaaalllllllaaa..aahhhhhh …हूयमम्मम्ह्ह्ह ममम

देवा - अब बन मेरी kutiya...ye ले sali...yehh...yeeehhh...yeehhh....

रजनी- oohh...mmaaa...maaar gaii...aaaaahhhhhh...

देवा - अभी तो तेरी गांड maregi...tab chillana....le saali...meri कुटिया....

थोड़ी देर के बाद रजनी का दर्द सिसकियों में बदल gaya...ab लुंड उसकी छूट में सेट हो चूका tha...aur वो मज़े से सिसक रही थी...

रजनी- aahhh...joor se...aahhh...oohh....fuck...fuck..fuckk..

देवा - yeehhh...take it...yess....yeehhhh...

रजनी- aahh..fuck...me...harder...yess..yess..yesss...ohhh...

थोड़ी देर बाद रजनी झड़ने लगी...

रजनी- ihh...yess...coommmiinngg...aahh...aahh...fuck.. फुस्जक.. फुककक ...yyeessss...aahh..aahhh...

रजनी झड़ने के बाद संत हो गई और देवा उसे छोड़ता raha....thodi देर बाद देवा ने लुंड बहार निकला तो रजनी ने उठ कर लुंड को चूसे लिया...

रजनी- aahh..tasty ..haaa...ab मेरी बारी..

और रजनी ने देवा को लिटाया और लुंड को छूट में भर के ऊपर बैठ गई.. देवा ने रजनी की गांड को सहलाना सुरु किया और रजनी ने लुंड पर उछलना सुरु कर दिया.....

रजनी -aaahh…aahhh...aahhh…uuufff….hhhaaa….. मजा आ गया मेरे देवा क्या मस्त घोड़े जैसा लुंड है तूने तो इस उम्र में भी मुझे जवानी का सुख दे दिया मेरे राजा मेरे एक दिन के पति छोड़ मुझे आआह्ह्ह्हह फाड़ दे मेरी मातुरे बुर को आआआअह्हह्ह्ह्हह उईईईईई माआआआ मेरा पति तो फाड् नहीं पता न hi उनके लुंड में इतना डैम है तेरा बाप hi इसे सही मजा देता रहा अब तक अब उससे भी जयादा तेरे लुंड में मजा आ रहा है उससे दो कदम आगे hi है तेरा लोढ़ा. Uuuuuuuuuffffffffffffff पूरा भर दिया है मेरी बुर को. आआआअह्ह्ह्ह छोड़ छोड़ मेरे शेर छोड़ अपनी इस कुटिया को devaaaaaaaaaa जोर से पेल आआआहहहहहहह

देवा -यस beby…jump….yaaaa..yes...

Rajni-aaahh…aahhh…hhaa…haaa…aahhhh....

देवा -yes…jump…jor se..kutiya……tej ..और तेजज....

रजनी -haaa..aahhh…..aahahh…ahahh..yyeeess..aahhh… अआइईस ssee..aahahh

देवा - haa..aise hi….joor से…

देवा ने रजनी के बूब्स को हाथो से पकड़ लिया और मसलते हुए उसको छोड़ने लगा…

रजनी भी पूरी स्पीड से उछाल रही थी, उसकी मस्त गांड देवा की जांघो पर pat-pat कर रही thi…or रजनी चुदाई का आनद ले रही थी….

देवा -यस …jump….yaaaa

Rajni-aaahh…aahhh…hhaa…aiseee..aahhh…..aahahh…ahahh ..yeeess..yeesss..aahhhh

देवा - aahh…joor se…yes…

रजनी- आठ ahhh…aahhhh

देवा -यस बेबी यस ..

रजनी- ahah..uumm…hhhoooo…aaahh.yyyeeess…aaaiiiseee..... hhii…yyyeess…jjooorrr …सीए… ..esssss…aaahhh…

पुरे रूम में चुदाई की आवाज़े भर रही थी और ये दोनों बेफिक्र चुदाई के नशे में डूबे हुए थे....

ffffaattatt…..pppaattt…aahah..uumm…hhhoooo…aaahh.yyyeeess…aaaiiis...hhii…yyyeess…jjooorrr…sseee…..aahhhh…aaiiiseee..hhii..aahhh…jjoorr…seee..yyesssss…aaahhhhh…y yyeeeesss….oooohhh

ऐसी hi आवाज़ों के साथ रजनी देवा के ऊपर झुक गई और किश करने लगी...

रजनी- uumm..uummm..aahh...thak gai...uummm...

देवा ने तुरंत रजनी को कुटिया बनाया और पीछे से लुंड को छूट में उतार diya....ek बार फिर से रजनी कराह उठी...

रजनी- aaaaaaiiiiiii.....mmmmaaaaaaaaaaa क्या करता है देवा बोल तो दिया कर नाआआआ ऊऊओह्ह्ह maaaaaaaaaaa.

देवा - अब बानी तू kutiya...ab देख कैसे होती है कुटिया की चुदाई....

और देवा ने कमर पकड़ कर तेजी से चुदाई सुरु कर दी.....

रजनी- aahhh….maa…uuuuiiii…..aahhh

देवा - अब तेरी फाड़ता हु मेरी कुटिया…

Rajni-aaahhh..fad do…aaahhh…jjoor..see…maarroo..

देवा -तो ये ले …फटी teri..y इहह्हह

देवा ने रजनी की गांड को थाप्येते हुए फुल स्पीड में छोड़ना सुरु किया और रजनी jor-jor से आवाज़े निकलने लगी और चुदाई का रंग चरम पर पहुंच गए…

रजनी- aaahhh…aaahhhh…oorr r…teeejj,,,,aahhh,,,,, ,ाआनंदर ….ता kkk….m mmaaa….uuuufff…mmmaa….fffaaddd.. डड्डूओ… aaahhh...uuuufff..mmmaa.....aaaaaiiiii..... मम्मा ...आह्ह्ह्हह

देवा - aahh..yeeehhhh….yess..yess….ye..le…...

रजनी- aaahhh…aaahhhh…oorrr…teeejj,,,,aahhh ,,,,,,आनंददार ….taaakkk….mmmaaa ….ऊऊफफफ… maaa…mmaaiiinnn…. .mmmaa…aaaaiii……aaahhh…ooohhhh

रजनी- और तेज़ मेरे देवा और जोर से मार मेरी छूट को बहोत खुजली है इसमें छोड़ छोड़ के मेरी बुर की खुजली मिटा दे मेरे देवा aaaahh….dddaaaaaalllllll…dddee…..aaa आह्हः… faasstttt…aaahhh..yes…yes..yes…aaahhh.. ..teeejjj....ooorr..ttte ejjj....aahhh.. .उफ्फ्फ्फ़... आआह्ह्ह...

Main-yes baby..ye le..…ye ले

देवा तेजी से रजनी की चुदाई कर रहा था और रजनी की गांड पर देवा की जाँघे इतनी तेजी से टकराने लगी की उसकी गांड लाल पड़ने लगी …..15-20 मिनट की चुदाई से रजनी फिर से झड़ने लगी और उसकी सिसकारियां तेज होने लगी....

Rajni-aaahh…aahhh…hhaa…aise hi....jaro..aahhh…..aahahh…ahahh..yyeeess..sahhah…jjoorrr.. ssee..aah ahh....fffaattatt…..pppaattt…aahah..uumm…hhhoooo…aaahh.yyyeeess…aaaiiiseee hhii…y yyeess…jjooorrr…sseee…..teeeejjjj…hhhaaa…uuuffff....ysssss …aaahhh…aaahhhhh हह… yyyeeeesss….oooohhh…aaahhhh

देवा -यस माय डार्लिंग आंटी यस

रजनी- ahah..uumm…hhhoooo…aaahh.yyyeeess…aaaiiiseee hii…yyyeess…j जुररर… सीए….. esssss…aaahhh…ffffffuufuuucccckkk…mmaaiiinnn,….aaaaiiiiaii....aaahhhahh…ooohhh…mmaa….oohh…oohhhh..oohhh....

ऐसे चिल्लाते हुए रजनी झड़ने लगी और उसका छूट रास देवा के लुंड से होते हुए निकल कर fucch-fucch की आवाज़े करने लगा…

देवा - मैं भी आ रहा hu…yahi दाल दू......

रजनी- दाल do...aaahhh...

देवा - तो lo...y eehhh...yeehhh......yess baby...uumm...yyeehhhh .. माय डार्लिंग रजनी ओह्ह्ह्हह्हह मेरी रजनी मए आया तेरी बुर में संभल मुझे aaaaaaaaahhhhhhhhhhooooooohhhhhhh

देवा ने रजनी की छूट लुंड रास से भर दी और फिर लेट कर गले लग गए और लिप्स किश करने लगे...

कोई आधा घंटा आराम करने के बाद देवा ने रजनी की उससे भी बुरी हालत कर दी एक बार फिर से छूट छोड़ के और एक बार उसकी गांड मर के.

करीब 3 घंटे देवा जैम के रजनी को छोड़ता है उस के बाद वो तैयार होता है निकलने के लिए बिस्तर पे रजनी नंगी लेती हुई थी उसका पूरा बदन लाल हुआ पड़ा था और बाल भी बिखरे हुए थे. कोई भी उसे देख के समझ सकता था के इसने बहोत रफ़ सेक्स का मजा लिया है पिछले कुछ घंटो में.

रजनी – कहा जा रहे हो रुको न देवा मए अंकल से कोई बहाना बना दूगी. फिर तुम यहाँ रत भर रुक जाना हम पूरी रत मजे करेंगे

देवा हस्ते हुए – अपनी हालत देखो और छोड़ना है क्या?

रजनी – देवा मेरा तो मन hi नहीं भरता तेरे इस लुंड से. जी चाहता है जिंदगी भर के लीये तुझे अपनी बहो में भर के इसी बिस्तर पे पड़ी राहु तेरा ये लुंड मेरी छूट से निकले hi नहीं.

देवा – सॉरी आंटी डार्लिंग लेकिन मेरे इस लुंड की प्यासी और भी बुर है जिनका इन पर हक़ उतना hi है जितना आपका. और वैसे भी आज की रत तो पॉसिबल hi नहीं है. क्यों की वह मॉल में जाना होगा न उन लोगो की शॉपिंग हो चुकी होगी तो मेरा दिमाग खा जाएगी सब.

रजनी - ok माय लव फिर कब आओगे?

देवा – जैसे आज आ गया था वैसे hi कभी भी आ जाउगा.

रजनी - मुझे इंतजार रहेगा तुम्हारा

देवा – ok अब दरवाजा तो बंद कर लो कही कोई और आ गया तो फिर रपे hi होगा तुम्हारा इतनी सेक्सी लग रही हो इस वक़्त.

रजनी – किसी माँ ने ऐसा लोंदा पैदा नहीं किया जो मुझ पर नजर भी डेल लुंड क्या खाक डॉगी कोई.

देवा – अरे पर अंकल hi आ गए और ऐसी हालत में देखा तो गड़बड़ हो जाएगी न.

रजनी - है ये बात सही है. चलो ठीक है मुझे भी नहाना है फिर सौगी मए.

देवा – ok फिर मए चलता हु.

देवा बहार निकलता है तो रजनी भी उसके पीछे पीछे नंगी hi घर के दरवाजे तक आ कर देवा को फ्लाइंग किश दे कर दरवाजा बंद कर देती है और बाथरूम में चली जाती है उसी हालत में.

देवा गाड़ी में बैठ कर कावेरी को कॉल लगता है .
 
भाई अभी फ़िलहाल सेक्स नहीं आएगा. इस अपडेट में था सो दे दिया. ये रजनी से जुड़े रहना बहोत काम आने वाला है. आगे पता चलेगा. स्टोरी में. और इस के आगे देव के पास समय hi नहीं के इस तरह बर्बाद कर सके. वैसे ये जान कर अच्छा लगा के आप लोगो को सेक्स से ज्यादा स्टोरी में इंट्रेस्ट है. अभी फ़िलहाल तो आपको स्टोरी hi मिलेगी. थँक्स फॉर रेविएवस बीआरओ
 
अपडेट - 91

कावेरी – hi हीरो बोलो क्या हुआ?

देवा – अरे तुम बताओ क्या हुआ मिला तुम्हारा वो वांटेड अपराधी?

कावेरी – कहा यार उसे पता चल गया था पहले hi. तो वो वह से भाग गया, निकल गया साला हाथ से.

इधर देवा आंखे बंद करता है और थोड़ी देर बाद आँखे खोलता है.

कावेरी – hello……….hello……. देवा अरे यू तेरे? hello……..

देवा – है सुन रहा हु बोलो न.

कावेरी - कहा चले गए थे? मए ये कह रही थी के वो निकल गया हाथ से अब बस वापसी hi होनी है. तुम कहा हो?

देवा – जब तक तुम आओगी यहाँ तब तक मए भी शहर से निकल जाउगा गांव के लिए क्यों की तुम्हे अभी आने में टाइम लगेगा न.

कावेरी – कोई नहीं, कोई टाइम नहीं लग्न मुझे अब. और तुम कही नहीं जाओगे मेरे हस्बैंड की आज नाईट ड्यूटी है तो हम दोनों रत को मेरे घर पे रहेंगे एक साथ.

देवा – नहीं स्वीट हार्ट आज नहीं फिर कभी. अभी तो मेरे पास तुम्हरे लिए न्यूज़ है.

कावेरी – न्यूज़ कैसी न्यूज़ देवा?

देवा – वही तुम्हारा वांटेड अपराधी के लिए.

कावेरी – व्हाट? no वे. तुम जानते हो वो कहा है?

देवा – यस माय लव ी क्नोव तहत.

कावेरी – तुम कोई जीन विन्न तो नहीं हो न ? तुम्हे कैसे पता के वो कहा है? जब की मैने तो तुम्हे अब तक बताया भी नहीं के वो कैसा दीखता है कौन है ेट्स.

देवा – जीन का तो पता नहीं लेकिन है हमारे भी सोर्स है डार्लिंग मैने दिन में hi उन्हें लगा दिया था काम पे ( झूठ).

कावेरी – ok तो बताओ कहा है वो हरामखोर.

देवा – जहा तुम हो वह कोई बानी मिल्स है. उसी के टॉप फ्लोर पे है. अपने 5 आदमियों के साथ. चुप चाप जाना सिरों बजती मत पहुंच जाना वर्ण फिर भाग जायेगा और किसी को हवा भी मत लगने देना बस अपनी टीम के साथ जाओ और उन्हें भी बताये बिना गाड़ी में बैठो और ड्राइवर को आर्डर देती जाओ लेफ्ट राइट का और पहुंच जाओ . ध्यान रहे किसी को मत बताना क कहा जाना है.

कावेरी – समझ गयी कोई गद्दार मेरी hi टीम में है न.

देवा – है अभी जाओ बाद में उस गद्दार के बारे में भी बताउगा.

कावेरी – थैंक्स देवा थैंक यू वैरी मच. उम्मम्मम्माह्ह्ह्ह bye

देवा ने फ़ोन कटा और चल पड़ा मॉल की तरफ. जब वो मॉल पंहुचा तो लेडीज की शॉपिंग hi चल रही थी. दिया ने देवा को देख के स्माइल की तो देवा ने माथे से पसीना पोछने की एक्टिंग की जिसे देख कर दिया हंस पड़ी.

दिया – कहा गए थे देवा? क्यों इतनी म्हणत करते हो. आओ बैठो

देवा – क्या करू भाभी शरीर को फिट रखने के लिए म्हणत भी जरूरी है न

दिया - म्हणत घर में करने के पूरे सामान है न बहार मत किया करो. घर में तो तुम्हारा पर्सनल गयम है hi. सिर्फ उसी पे म्हणत किया करो और अभी तुम्हारी एक्सरसाइज के लिए नया सामान भी ला रही हु न .

देवा – ok ध्यान रखुगा आप लोगो की शॉपिंग हुई के नहीं .

सावित्री – बीटा पायल को देने के लिए जो चाहिए वो सब तो ले hi लिया है. और मेरी पर्सनल शॉपिंग भी हो चुकी है. पद्मा ने भी कर ली है.

देवा – और भाभी की शॉपिंग ( देवा ने सुधा को देखते हुए कहा)

सुधा – बस मेरी तो हो गयी है दिया की hi चल रही है थोड़ी देर लगेगी लगभग हो hi गयी है.

देवा – ठीक है जल्दी कीजिये.

पद्मा - सुधा एक काम कर न तू देवा के साथ जाकर गोपाल के लिए कुछ ले ले.

सुधा - ठीक है मां जी., चलिए देवर जी,

देवा – चलिए.

सुधा आगे आगे जाने लगी और देवा उसकी मटकती गांड देखते हुए उसके पीछे चलने लगा गांड को देखते देखते देवा का लुंड फिर से खड़ा हो गया. वो उसे अपनी पेण्ट में एडजस्ट करने लगा तभी सुधा पलटी और देवा को लुंड एडजस्ट करते देख कर मुस्करा दी. और चेहरा फिर से आगे कर दिया.

सुधा – क्या हुआ देवा जी कोई तकलीफ है क्या?

देवा ने सुधा की बात सुन कर अपना हाथ लुंड से हटा दिया . और उसकी गांड को देखते हुए

देवा – नहीं भाभी तकलीफ तो कोई नहीं बस ख़ुशी है आज आप के साथ हु न

सुधा रुक कर देवा की तरफ पलटी और लुंड को देखते हुए – है ख़ुशी तो साफ़ नजर आ रही है. फुले नहीं समां रही है जनाब.

देवा ने सुधा की नजरो का पीछा किया तो वो भी समझ गया के सुधा क्या कहना चाहती है. लेकिन देवा को ये जानकर संतोष हुआ के सुधा ने बुरा नहीं मन बल्कि नार्मल hi बात कर रही है.

देवा – अब क्या करू बहोत दिनों बाद आपसे मुलाकात हुई है और पहली बार आपको इतने करीब से देखा है आप के साथ समय बिताया है. तो ख़ुशी को कण्ट्रोल भी कैसे करू?

सुधा – देखिएगा कही आपकी ख़ुशी आप के कण्ट्रोल से बहार न हो जाये वार्ना सब को पता चल जायेगा. वैसे इसे बचा कर रखिये कभी घर में जाहिर कर लीजियेगा ये ख़ुशी.

देवा – आपका साथ रहा तो घर क्या पूरी दुनिया में जहा आप कहोगी वही जाहिर करुगा.

सुधा – अच्छा क्या दिया के लिए भी ऐसी ख़ुशी जाहिर की है कभी?

देवा – वो तो हमेशा मेरे साथ hi रहती है. इसीलिए उन्हें देख कर क्या खुश होना? है वो मुझे देख कर कभी खुश हो जाये तो अलग बता है.

सुधा - मतलब ?

देवा – कुछ नहीं , आप तो अपनी बात कीजिये. आप खुश नहीं मुझे मिल के?

सुधा – मए भी बहोत खुश हु क्यों?

देवा साड़ी के ऊपर से उसकी छूट की तरफ नजर कर के – इसका मतलब ख़ुशी के आंसू आप भी बहा रही है?

सुधा सकपका जाती है. – ऐसा कुछ नहीं है मए कोई पानी ….. मेरा मतलब आंसू नहीं बहा रही अब चलिए भी शॉपिंग करवा दीजिये आपके भैया के लिए. जिससे वो भी खुश हो जाये.

देवा – उन्हें तो आप खुश कर hi लेगी उसमे क्या बड़ी बात है?

सुधा – अच्छा आपको कैसे पता?

देवा – आपको देख कर कोई अँधा भी कह सकता है के जिस के पास आप रहे दिन - रत वो तो खुश होगा hi न

सुधा मुस्कराते हुए – आपकी सोच सही है लेकिन ये सब पर लागु नहीं होती.

देवा – मतलब?

सुधा – फिर कभी अभी चलिए न

देवा – ok चलिए

फिर देवा और सुधा गेट्स सेक्शन में जा कर शॉपिंग करने लगते है.

सलेसगिरल – वेलकम सर, मैडम. क्या दिखाऊ?

सुधा – मेरे हस्बैंड के लिए कुछ शर्ट्स और पेंट्स दिखाइए

लग – सर आपकी कमर तो 36 होगी न?

सुधा – ा hello इनकी नाप क्यों पूछ रही हो?

लग – कमल करती है मैडम इनकी नाप नहीं पूछूगी तो कपडे कैसे दिखाउंगी?

सुधा – ओह्ह्ह्ह लेकिन

तभी बीच में देवा बोल पड़ता है.
 
अपडेट – 92

देवा – मैडम मेरी नाप छोड़िये आप 32 की साइज में अभी दिखा दीजिये.

लग – लेकिन सर आपको 32 नहीं आएगी

देवा – अरे यार अभी किसी और के लिए देख रहे है मए बाद में लगा ok अभी आप दिखाओ.

लग – ok सर वैसे आपकी इतनी खूबसूरत वाइफ है अगर ये आपके लिए लेना चाहती है तो ले लीये न पहले अपने लिए hi.

सुधा के गाल शर्म से लाल हो जाते है ये सोचकर के लग उसे देवा की वाइफ समझ रही है.

देवा – ले लगा पहले मए अपने भाई के लिए तो ले लू अब दिखाओगी या नहीं?

लग – ok सर

फिर देवा और सुधा 4-5 जोड़े लेते है गोपाल के लिए.

लग – मैडम अब सर के लिए क्या दिखाऊ?

सुधा मुस्कराते हुए देवा की तरफ देख कर – इन्हे जो अच्छा लगे वो दिखा दीजिये.

देवा – मुझे जो अच्छा लगे ऐसा तो ये दिखा hi नहीं सकती

लग – k…..k…kya सर क्या कहा आपने?

देवा – नहीं मए ये कह रहा था के मुझे जो अच्छा लगे ऐसा कुछ नहीं है यहाँ. आप के पास

सुधा – बिना देखे कैसे कह सकते है आप?

देवा धीरे से – मए देख कर hi कह रहा हु. मुझे पता है ऐसी चीज़ जो मुझे पसंद आये वो इनके पास नहीं किसी और के पास है

सुधा शर्मा जाती है और फिर लग से - आप दिखाइए इनके लिए कपडे ये चूस कर लगे.

लग – आप इनकी वाइफ है तो आप hi चूस कर लीजिये इनके लिए.

सुधा – लेकिन मए……..

देवा – ओह्ह के ों अब ये इतना कह रही है तो मेरे लिए कुछ ले hi लो सुधा.

सुधा की आंखे बड़ी हो जाती है और वो पलट कर देवा को देखती है और देवा बस मुस्करा रहा था.

सुधा देवा को देखते हुए – ok तुम एक काम करो इनके लिए मस्त t-shirts और जीन्स दिखाओ

फिर सुधा देव के लिए भी 4-5 गैंस और t-shirts पसंद कर लेती है.

सुधा देवा से – अब चले जी?

देवा – है जी चलो अगर तुम्हे अभी अपने लिए कुछ लेना हो तो ले लो?

लग – है मैडम हमारी शॉप में सामने वाले कार्नर पे नई डिज़ाइनर ब्रा पेंटी आयी है आप भी ले लीजिये न

सुधा तो शर्म से गाड़ी जा रही थी – नहीं मुझे नहीं चाहिए चलिए देवा.

लग – मैडम प्लीज 2 सेट hi लेलीजिये मुझे कुछ कमीशन hi मिल जायेगा

देवा – चलो सुधा ले लेते है, आप चलिए मए इन्हे ले कर आता हु

लग चली जाती है और सुधा देवा को घूरने लगती है

सुधा – मजा आ रहा है मेरा पति बनने में? कुछ ज्यादा नहीं हो रहा?

देवा – भगवन ने तो नहीं बनाया इस लग ने बना दिया मुझे आपका पति तो मए क्या करू? अब मैने तो इस नहीं कहा थान ा के मुझे आपका पति मने, और गरीब लड़की है हमारी शॉपिंग से इसका कमीशन बन जायेगा वैसे भी तुम्हारे काम की hi चीज़े है चलो भी अब

सुधा – ok ले लेती हु लेकिन आप यही रुकेंगे

देवा – ok लेकिन स्पेशली ये मेरी तरफ से आपको मुँह दिखाई का तोहफा होगा आज पहली बार आपका खूबसूरत चेहरा देखा है गिफ्ट तो बनता है न इसीलिए इसका पेमेंट मए अभी दुगा

सुधा मुस्कराते हुए – ok

सुधा उस कार्नर में आ जाती है जहा लग ब्रा पेंटी के बॉक्स खोले उनका वेट कर रही थी.

लग – अरे सर नहीं आये पसंद करने?

सुधा – पहनना मुझे है वो क्यों आएंगे ?

लग शरारत से – क्या मैडम पहनना आपको है लेकिन इन में देखना तो सर को hi है न आपको. और उतरनी भी उन्हें hi है. मए बुलाती हु उन्हें.

सुधा का बुरा हल हो जाता है ये सुन कर hi के देवा उसकी ब्रा पेंटी उतरेगा.

लग - सर आइये न आप भी पसंद करने में हेल्प कीजिये मैडम की

देवा वह आ जाता है - क्या हुआ सुधा मुझे क्यों बुलवाया तुम hi पसंद कर लो न वैसे भी तुम कुछ भी पहन लो खूबसूरत hi लगोगी

सुधा गार्डन झुकाये बस मुस्करा रही थी

लग – सर आपकी वाइफ तो नयी दुल्हन की तरह शर्मा रही है. आप ये देखिये , ये भी है , और ये नई है, इसमें ब्रा फ्रंट ओपन होती है. ये पेंटी इसकी साइड में डोरी है और फ्रंट में बीचो बीच छोटा सा हार्ट शेप है.

सुधा तो देवा से नजर नहीं मिला प् रही थी.

देवा – यार मए तो कंफ्यूज हो रहा हु सुधा तुम भी बताओ कौन से लेनी है.

फिर देवा एक रेड ब्रा पेंटी का सेट उठता है. सुधा ये बहोत अच्छा लगेगा तुम पर

लग – सर यहाँ साइड में चेंजिंग रूम है आप दोनों चाहे तो इसमें जा सकते है. मैडम तरय कर के आपको दिख देगी तब फाइनल कर लीजियेगा. यहाँ कोई प्रॉब्लम नहीं होगी

सुधा के पसीने निकल आते है ये बात सुनकर

देवा – क्यों सुधा चले ट्रायल रूम में?

सुधा आँखे उठा के देवा की आँखों में देखती है और उनमे डूबती चली जाती है.

लग – hello मैडम कहा खो गयी आप? जाइये न सर के साथ ट्रायल रूम में. साइज भी चेक हो जायेगा और सर बता भी देंगे आप पर कौन सा सेट ज्यादा अच्छा लग रहा है.

सुधा - नहीं उसकी जरुरत नहीं है. तुम ये रेड वाली hi पैक कर दो जो इन्होने उठायी है.

लग – बस एक ?

सुधा - है अभी यही बहोत है

देवा वह से चुन कर ब्लैक , पिंक और क्रीम के भी सेट उठा देता है

देवा – ये सब पैक करवा दो

लग – सर इस क्रीम वाले सेट में 36 डी नहीं है ये तो मैडम को छोटा होगा

सुधा तो धरती में समाती जा रही थी लग की बातो से वो बस यहाँ से निकलना चाहती थी

देवा – कोई बात नहीं तो इसमें दे दो न आप 36डी

लग – सर इसमें तो नहीं है हलाकि आपकी चॉइस अच्छी है

देवा – फिर 36 डी में कोई और सेट दे दो

लग – ok सर मए आईएसएम एक ब्राउन सेट देती हु वो मैडम की बॉडी पे बहोत अच्छा दिखेगा आप देखना. वैसे भी मैडम के ब्रेस्ट काफी अट्रैक्टिव है. ऐसी साइज में ये सेट वो भी ब्राउन कलर का बेहद अच्छा लगेगा इन पे और मैडम भी बहोत हॉट लगेगी इस में आपको.

देवा – मए कैसे देखु?

लग हंसकर – कमल करते है सर आपकी वाइफ है ये सब सेट वो आपको यहाँ नहीं तो घर पे पहन के तो दिखाएगी hi न तब देख लेना

देवा – ह्म्म्मम्म्म्म देखते है आगे क्या होता है

सुधा फिर देवा को देखती है और मुस्कराने लगती है.

फिर देवा उन ब्रा पेंटी की पेमेंट वही कर के सरे सेट ले कर आता है और सुधा को देख कर

देवा – ये लीजिये आपका गिफ्ट.

सुधा वो सेट लेकर सरे कपड़ो के नीचे दाल देती है और ऊपर से गोपाल के कपडे रख लेती है बैग में.

सुधा – पहली बार मिले और इतना छोटा सा गिफ्ट देकर खुश करेंगे?

देवा – आप कहे तो बड़ा वाला गिफ्ट देकर भी खुश कर दुगा आप जब कहे.

सुधा समझ जाती है देवा की डबल मीनिंग वाली बात – मुझे बड़ा वाला गिफ्ट नहीं चाहिए आज तक मेरे हस्बैंड ने भी हमेशा छोटे गिफ्ट से hi मुझे खुश किया है. वही ठीक है.

देवा – पर मए तो आपको बड़ा गिफ्ट दुगा जरूर क्यों की छोटा मेरे पास है hi नहीं.

सुधा - देखेंगे अभी मेरा मूड नहीं है बड़ा वाला लेने का

देवा – क्या?

सुधा – गिफ्ट…….. अभी मेरा मूड नहीं है बड़ा वाला गिफ्ट लेने का

तभी वह बाकि लेडीज भी आ जाती है.

देवा – तो हो गयी आप लोगो की शॉपिंग ?

सावित्री – है बीटा हो गयी अब चले घर?

देवा – पहल होटल में चलो कुछ खा लो मुझे भी भूख लगी है फिर चलेंगे.

फिर ये लोग होटल में खाना खाने चले जाते है.
 
अपडेट - 93

उधर गुरुम भी सभी को लेकर शहर के दूसरे मॉल में पहुँचता है जहा साडी लेडीज शॉपिंग कर रही थी. चन्नो की शॉपिंग जल्दी hi हो गयी क्यों की उस के पास अभी कई सरे फ्रेश नई ड्रेस रखे थे जो देवा ने दिलवाये थे. तो वो गुरुम के पास आ गयी

गुरुम – अरे आपने शॉपिंग नहीं की?

चन्नो – मेरी शॉपिंग तो अभी hi हुई थी मुझे जरुरत नहीं थी फिर भी सब के कहने पे आ गयी मए. इसीलिए मेरी तो हो गयी. आपने कुछ नहीं लिया अपने लिए?

गुरुम – लिया है न आपके लिए ड्रेसेस ये देखो.

गुरुम ने अपने हाथ में पकडे 4-5 बैग छानो को दिखाए तो छानो का चेहरा खिल उठा

छानो - आपने ये ड्रेस मेरे लिए क्यों ले लिए ?

गुरुम - छानो आज हम पहली बार मिले है तो गिफ्ट देने का मन हुआ बचपन से आज तक कोई ऐसा मिला hi नहीं था जिसे गिफ्ट देने का मन करे आज ऐसा लगा तो ले लिए वैसे मुझे नहीं आती शॉपिंग करनी पर जो ड्रेसेस अच्छी लगी ले ली और आप पर तो सभी अच्छी लगेगी.

छानो थैंक यू गुरुम जी आपने मुझे गिफ्ट दिया अब मए भी दूगी चलिए हम आपके लिए शॉपिंग करते है.

गुरुम और चन्नो गेट्स सेक्शन में जा कर शॉपिंग करते है जहा साडी ड्रेसेस चन्नो hi पसंद करती है. और गुरुम की शोपिओग के बाद वो लोग आ कर वही के रेस्टोरेंट में बैठ जाते है.

गुरुम – चन्नो जी……..

चन्नो – मेरा नाम सिर्फ चन्नो है साथ में जी नहीं

गुरुम – ok चन्नो तुम्हे और कुछ नहीं लेना?

चन्नो - नहीं अब कुछ लेने का मन hi नहीं करता.

गुरुम – ऐसा क्यों?

चन्नो – गुरुम जी हर किसी का एक अतीत होता है और जरूरी नहीं के सबका अतीत खूबसूरत रहा हो. ये तो मुझे देवा भैया का सहारा मिल गया वार्ना मए तो अब तक इस दुनिया में hi नहीं होती. वो देवता hi है मेरे लिए.

गुरुम – ऐसा क्या हुआ आपके साथ?

चन्नो – छोड़िये फिर कभी बताऊगी. आप बताइये आपकी शादी हो गयी?

गुरुम – हम जैसे लोगो की शादी नहीं हुआ करती चन्नो.

चन्नो – ऐसा क्यों कह रहे है. आपके घर में कौन कौन है?

गुरुम – मए नहीं जनता के मए तुम्हे ये सब क्यों बता रहा हु लेकिन मए तुम्हे बताना चाहता हु. मए एक अनाथ हु, बचपन एक अनाथाश्रम में कटा और जवानी कब आयी पता hi नहीं चला. बस यु समझ लो की होश सँभालते hi. मए जुर्म की गलिये में दौड़ने लगा. मुंबई का मन हुआ शार्प शूटर हु मए ऐसा कोई गुनाह नहीं जो मैने न किया हो. है अगर नहीं किये तो तीन काम नहीं किये. 1. मैने कभी किसी बेगुनाह को नहीं मारा 2. मए ड्रग्स का काम नहीं करता 3. न तो मैने कभी किसी का रपे किया न hi मए कभी लड़कियों की तस्करी जैसे घिनौने काम में रहा. जब बड़ा हुआ तो मेरे उसूलो और मेरी ताक़त की वजह से मुंबई अंडरवर्ल्ड में मेरा बहोत नाम हुआ. लेकिन मए कभी किसी के अंडर काम नहीं करता था. बस ऐसे hi जनदगी काट रही थी के मुझे यहाँ देवा को मरने के लिए कॉन्ट्रैक्ट मिला.

देवा को मरने के लिए ठाकुर ने 25 आदमी बुलवाये जिसमे एक मए भी था. लेकिन मैने पता करवाया था अपने हिसाब से देवा एक अच्छा इंसाने था और अपने उसूलो के मुताबिक एक सच्चे और अचे इंसाने को मए नहीं मार सकता था. इसीलिए मैने देवा पे एक भी हमला नहीं किया , उधर देवा ने भी 24 आदमी मर दिए और मुझसे बैठ कर बात की और मुझे अपने साथ भाई की तरह रहने को कहा. मैने उसी दिन से सरे बुरे काम छोड़ दिए. और देवा के साथ लग गया. आज मए उसके अंडर में काम नहीं करता बल्कि उसके साथ काम करता हु.

चन्नो की आँखों में गुरुम की बाटे सुन के आंसू आ गए थे. वो आंसू पोछते हुए

चन्नो – गुरुम आप नहीं जानते आपकी बाटे सुन कर मेरी नजर में देवा भैया की इज्जत और बढ़ गयी. जो इंसाने उन्हें मरने आया था उसे सही रस्ते पे hi ले आये और अपने साथ रख लिया. वो बहोत महँ है गुरुम

गुरुम – तुमने सही कहा चन्नो वो सच में एक महँ इंसाने है. अब तुम अपनी बात बताओ

चन्नो – मए………

तभी वह बाकि की लेडीज आ जाती है.

माला – अरे तुम दोनों यहाँ कॉफी पी रहे हो हम तो पता नहीं कहा कहा धुंध रहे थे.

गुरुम – माला जी आप लोग भी बैठिये कॉफी पीजिये

माला - नहीं गुरुम मुझे तो भूख लगी है खाना खिलाओ कॉफी से कुछ नहीं होगा.

गुरुम – ok फिर चलिए खाना खिलता हु आप लोगो को.

फिर ये लोग भी एक होटल में जा कर खाना कहते है. और उसके बाद गाँव की तरफ चल पड़ते है. गुरुम के साथ आगे माला बैठी थी. और पीछे कामिनी, बीच में चन्नो और फिर रति. गुरुम बार बार मिरर में चन्नो को देख रहा था. चन्नो भी उसे hi देख रही थी दोनों की जब भी नजरे मिलती तो चन्नो शर्मा जाती. तभी अचानक चन्नो चीख पड़ी तो गुरुम ने सामने देखा और जोर से ब्रेक मरे ………..

सामने कोई आदमी था जो पीठ पे बोरी लिए जा रहा था लेकिन अचनाक hi उसकी बोरी गिर गयी उसके साथ एक औरत भी थी शायद कोई पति पत्नी थे वो बोरी उठाने के लिए झुका और गुरुम की तेज गाड़ी के सामने आ गया ये तो चनो की चीख से गुरुम ने ब्रेक मर दिए वार्ना उस आदमी की कहानी वही ख़तम हो जनि थी.

गाड़ी रुकते hi माला और कामिनी तेजी से निकली और उस आदमी को माला ने खिंच के चांटा मारा.

माला – सेल बीच सड़क में मरने के लिए खड़ा है क्या ? तेरी वजह से हम सब की जान चली जाती अभी.

आदमी - अरे बड़ी मालकिन आप ? मुझे माफ़ कीजिये मए आपका नौकर हु आपके hi खेतो में काम करता हु मए ये बोरी ले के जा रहा था अचानक गिर गयी तो उसे hi उठा रहा था.

माला - उठा जल्दी से बोरी और किनारे हो सारा मूड ख़राब कर दिया.

वो आदमी और औरत मिल के बोरी उठाने लगे तो माला गाड़ी की तरफ पलट के जाने लगी तभी उसने देखा के चन्नो गाड़ी के दरवाजे पे कड़ी है और सामने देख कर रो रही है.

माला भगति हुई उसके पास गयी

माला - अरे तुम्हे क्या हुआ ?

चन्नो रोटी हुई ऊँगली से उस आदमी की तरफ इशारा करने लगी और सिर्फ उसके मुँह से एक hi नाम निकला हरिया………
 
अपडेट - 94

हरिया ……………. ये नाम सुन कर माला के कानो से धुआं निकल गया और उसका चेहरा गुस्से से लाल भी हो गया. वो तेजी से चन्नो का हाथ पकड़ के उसको हरिया के पास ले गयी और चन्नो को उसके सामने खड़ा कर दिया. हरिया ने नजर उठा के देखा तो एक बहोत ज्यादा सजी धजी गहनों से लड़ी बेहद खूबसूरत लड़की को अपने सामने देख कर चौंक गया और दोनों हाथ जोड़ कर तुरंत hi सर झुका कर पैर छूने जा hi रहा था के

माला – अबे आँख के अंधे अपना मुँह उठा और दीदे फाड़ के देख तेरे सामने कौन कड़ी है.

तभी हरिया ने दुबारा गार्डन उठा के अपने सामने कड़ी चन्नो को देखा और उसे पहचान लिया उसकी आँखों में जैसे उसका मजाक उड़ने वाले भाव आ गए.

माला – देख चन्नो देख तू इसके लिए रो रही है इसकी नजरो में आज भी तेरी कोई कीमत नहीं है देख तुझे देख कर कैसे मुँह बना रहा है.

हरिया – छोटा मुँह बड़ी बात मालकिन लेकिन ये इसका और मेरा मामला है. मए आपकी इज्जत करता हु लेकिन इसकी क्या औकात है के मए इसकी इज्जत करू? अरे इसके सामने तो मेरी ये नयी बीवी लाख गुना बेहतर है काम से काम ये मेरी तो है. इसकी तरह किसी की झूठन तो नहीं है न. और ……..

……….चटाक ……….chataaak……….chataaak……….chataaak चन्नो ने उसे 4 चांटे मर दिए उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया था.

चन्नो - एक डैम चुप……… अब एक और शब्द नहीं वार्ना……… झूठन किस को बोलै रे? तेरी इज्जत से मेरी इज्जत हजार गुना ज्यादा hae.tu नहीं जनता कुछ भी लेकिन आज सुन वो साला कुत्ता ठाकुर मुझे कभी छू भी नहीं पाया था यही मए तुझे बताने के लिए फ़ोन करती रही बार बार जब वो मर गया. लेकिन तेरी नजर इस पे पद गयी थी शायद. और तू इसे नोचना चाहता होगा इसीलिए तूने मुझसे अपना पीछा छुड़ाया न. बहोत अच्छा किया. तुझ जैसे आदमी की बीवी बनने से कुवारी रहना मुझे ज्यादा अच्छा लगेगा.

है सेल मए आज भी कुवारी hi हु जैसी तू मुझे ब्याह के लाया था वैसी के वैसी मए तुझे बताना चाहती थी के ठाकुर की हवेली में रहने के बावजूद भी मए कुवारी थी वो मुझे कभी प् hi नहीं सका. और इस बात की गवाह है ये ठकुराइन माला. उसी ठाकुर की बीवी. लेकिन तूने मुझसे बात करना तक जरुरी नहीं समझा अपनी उस बीवी की इज्जत नहीं की तूने जिसने तुम्हे जिन्दा रखने के लिए ठाकुर की रखैल तक बनना स्वीकार कर लिया. अरे अगर मए मन कर देती न ठाकुर की रखैल बनने को तो ठाकुर तुझे उसी दिन उसी समय मेरी आँखों के सामने काट डालता मैने तो तेरी जान बचने की खातिर अपनी इज्जत अपनी जिंदगी तक कुर्बान करने की थान ली मैने अपना सबकुछ अपनी जिंदगी अपनी इज्जत दांव पे लगा दी के तू जिन्दा रह सके मेरा सुहाग जिन्दा रहे. एक दिन पहले लिए हुए सात फेरो का मान रखा था मैने अपना सब कुछ दांव पे लगा कर. तू तो मेरा सुहाग था न और तूने क्या किया? उस अहसान के बदले में मुझसे किनारा किया तूने. मुझे hi झूठन मन लिया ठाकुर की जिसने तेरी जान बचने की खातिर अपना बलिदान देने की तयारी कर ली थी. एक लड़की को जब कोई ब्याह के ले जाता है न तो सिर्फ इसीलिए नहीं के वो उसके जिस्म से खेल सके बल्कि इसीलिए की उसके माँ, बाप, भाई के बाद वही एक शख्स होता है जिस पर वो लड़की आंखे बंद कर के विश्वास करती है. अपनी आगे की साडी जिंदगी बस उसके लिए जीती है, उसके पीछे चलती है क्यों की उसे भरोसा होता है के उसके बाप से बढ़कर उसके भाई से बढ़कर उसका पति उसकी रक्षा करेगा जिंदगी के हर खतरे से, उसकी हिफाजत करेगा समाज में फैले गन्दी नेल के कीड़ो से, सुख न भी मिले लेकिन दुःख के आंसू नहीं आने देगा कभी उसकी आँखों में. पर सच कहु तो तेरी इस मक्कारी ने मेरी जिंदगी बना दी.

हरिया का मुँह खुला का खुला रह गया साथ hi उसके साथ वाली लड़की भी सर नीचे किये सब सुन रही थी.

हरिया - तू कुछ भी कह ले लेकिन मए अपनी जिंदगी को नरक नहीं बना सकता था तेरी इजात तो ठाकुर ने लूट hi ली होगी ये सोच कर के इससे मेरे खंडन की बदनामी होगी मैने तुझे छोड़ कर दूसरी शादी करने का फैसला ले लिया और ये मेरा हक़ भी है. मए कहा गलत हु?

माला - ……….चटाक……….. सेल कुत्ते तेरा खंडन? तू बड़ा मुगलो के खंडन से है जो अपने खंडन की इज्जत की बात करता है. अरे अहसान फरामोश अपनी इस देवी जैसी पत्नी की तुझे पूजा करनी चाहिए थी जिसने तुझे जिन्दा रखा जिस खंडन की तू बात कर रहा है न उसी खंडन के चिराग मतलब तुझ को बुझने से बचने के लिए अपना सब कुछ दांव पे लगा दिया. तूने उसे ठुकरा दिया. बहोत सही किया तूने . और अब तू खंडन की इज्जत की बात करता है? खुद को सही साबित करने की कोशिश कर रहा है. शर्म तुझे अब भी नहीं आ रही है न. सेल पूरा सच जानने के बाद तो तुझे इस देवी के पैरो में गिर के उससे माफ़ी मांगनी चाहिए और तू अपनी दलीले दे रहा है. गन्दी नेल के सादे हुए कीड़े तेरी क्या इज्जत है बता तो जरा?

तू जनता है जिसे तूने एक वैश्य एक रखैल कह कर ठुकरा दिया वो आज क्या है?

….. नहीं जनता न मए बताती हु सुन. जिस दिन ये अपने घर से तेरे साथ शादी कर के निकली जितनी पवित्र ये उस दिन थी आज भी उतनी hi पवित्र है इस बात की गारंटी मए दे रही हु मए यानि के माला ठाकुर इस गाँव की बड़ी ठकुराइन . और इसके साथ hi ये अब किसी की रखैल नहीं बल्कि सबसे पॉवरफुल आदमी देवा की बहन है.

ये जो इसके ठाठ बात देख रहा है न ये किसी की रखैल बनने पे नहीं मिले है इसे. ये सब इसका खुद का है वो इसीलिए के इसका भाई है देवा. जिसका नाम सुन कर अचे अच्छा की पेशाब hi नहीं टट्टी भी निकल जाती है समझा ये उस देवा की बहन है. ये अगर चाहे न तो तेरे उस खंडन की धज्जिया सिर्फ अपनी एक आँख के इशारे में यु उदा सकती है जैसे वो खंडन कभी इस धरती पे था hi नहीं. ये आज किसी राजकुमारी से काम नहीं है तेरे जैसो की इससे बात करना तो दूर इसके सामने सर उठा कर खड़े होने की औकात नहीं है, इस के दरवाजे पे कभी पहुँच गया न जो इस जनम में तो मुमकिन hi नहीं लेकिन मनो कभी पहुंच गया न तो इसके घर के मैं गेट से भी बहार धुप में तब तक नंगे पैर खड़े रहना पड़ेगा जब तक ये खुहड अंदर आने को न कह दे. तू इसे आँख उठा के देख भी नहीं सकता सेल हरामी. लेकिन ये चाहे तो तुझे और तेरे उस खंडन को इस धरती से उठा दे वो भी एक इशारे पर.

हरिया ये सब सुन कर इतना हैरान हुआ के उसकी आँखे बहार आने को हो गयी गुरुम ये सब कुछ सुन रहा था लेकिन उसे अभी कुछ समझ नहीं आ रहा था. इसीलिए वो चुप चाप खड़ा बस देख रहा था.

चन्नो - अब सुन मए तेरे जैसे इंसाने के लिए बहोत रो चुकी जब देवा भैया ने मेरे सर पे हाथ रखा तो मेरी दुनिया hi बदल गई. अब मुझे न तुझसे कोई लगाव है न hi तुझसे कोई दुश्मनी. लेकिन शायद भगवन की यही मर्जी थी के अपनी नयी जिंदगी की शुरुआत करने से पहले ( छानो ने एक नजर गुरुम को देखा जो उसे hi देख रहा था फिर पलट कर) मेरी मुलाकात तुझसे एक बार हो जिससे के मेरे अंदर जो तेरे लिए क्रोध था वो निकल जाये वो हो गया अब तू अपनी जिंदगी जियेगा और मए अपनी.

माला - आज के बाद अगर कभी तुम्हारा चन्नो से आमना सामना हो जाये तो इसे अपनी मालकिन की इज्जत देना वार्ना गार्डन उसी समय तेरे इस धड़ से अलग हो जाएगी. और तेरा गन्दा खून किसी नेल में बाह जायेगा समझा. अब जा और जाकर काम कर वार्ना मार मार के चमड़ी निकल दूगी जा निकल यहाँ से.

चन्नो थोड़ा आगे जाकर हरिया की नयी पत्नी से मिली - तुमने इससे शादी की बिना इसे जाने ये तुम्हारे करम है तुमसे मुझे कोई शिकायत नहीं तुम क्यों गर्दन झुका कर कड़ी हो? क्या नाम है तुम्हारा?

………मेरा नाम चंपा है, आप देवा जी की बहन है हमारी मालकिन है आप, आपके सामने मेरी औकात नहीं की मए गर्दन उठा के बात कर सकू.

चन्नो – नहीं बहन ऐसी कोई बात नहीं है मन के मए देवा की बहन हु लेकिन मेरे भैया ने मुझे कभी किसी को कुचलना नहीं सिखाया. इसलिए तुम खुश रहो ये मत समझना के तुमने मेरी जगह ले ली है. असल में वो जगह तेरी hi थी क्यों के इसके साथ तो मए एक दिन भी नहीं रह पायी बस अपने मायके के गाँव से यहाँ तक का सफर इसके साथ किया था यहाँ आते hi हवेली hi मेरा घर बन गयी थी और ये मुझे हवेली में छोड़ कर चला गया था. तो मए तो इसकी कभी थी hi नहीं.

तभी चन्नो ने अपने हाथ से दो चुडिया उतर के उसे दी

चंपा – ये क्या है छोटी मालकिन ?

चन्नो - ये इसके साथ शादी करते समय इसकी माँ ने मुझे पहनाई थी जिस खंडन की ये बात कर रहा था न ये इसके खंडन की पूरी जिंदगी भर की कमाई है और इस पर न तो मेरा कोई हक़ है न मुझे इसकी किसी भी चीज की जरुरत है. अब तू इसकी बीवी है तो इस पर तेरा hi हक़ है.

चंपा – मालकिन इस पर मेरा भी कोई हक़ नहीं है क्यों के मए इसके साथ जरूर हु लेकिन आप लोगो को गलत फहमी हुई है अभी हम दोनों की शादी नहीं हुई है. है इसके साथ मए शादी करने वाली जरूर थी क्यों की इसने मुझे बताया था की इसकी पहली पत्नी कुलक्षिणी थी , चरित्रहीन थी . हक़ीक़त तो अभी मुझे आपसे पता चली है. और जो इंसान अपनी ऐसी देवी जैसी पत्नी की इज्जत नहीं कर सकता जिसे उस देवी पे विश्वास नहीं जिसने उसकी जान बचायी उस पे विश्वास करना बहोत बड़ी गलती होगी. और अब मए ये गलती नहीं करुँगी अच्छा हुआ आपने मुझे बचा लिया. आज से इसका और मेरा कोई रिश्ता नहीं मए अभी घर जा कर इस रिश्ते से मन कर देती हु. मर जोगी लेकिन इस जैसे नीच से शादी नहीं करुँगी.

…………..और सुन हरिया तू. अगर मेरे बापू के सामने तूने कोई रंडी रोना रोया न तो वही मृगी और वो भी चप्पल से. ये ले पकड़ अपनी माँ की दी हुई चुडया इनके लिए कोई दूसरा हाथ धुंध लेना. ( चंपा ने वो चुडिया हरिया के मुँह पे दे मरी) अब निकल यहाँ से और तेरी शकल नहीं दिखाना न hi मेरे घर में कदम रखना अब. वार्ना मए भी देवा भैया से तेरी शिकायत करुँगी तो वो तुझे देखेंगे फिर. और अगर मेरे बापू को शराब का लालच देकर तूने कुछ करने की कोशिश की तो फिर मए नहीं देवा भैया तुझसे बात करेंगे समझा.

हरिया वह पे गिरी हुई चुडिया और बोरी उठा के मुँह लटका के चला जाता है. और चन्नो चंपा को गले से लगा लेती है.

चंपा - मालकिन आपने मुझ जैसी गरीब को अपने गले लगाया आपके कपडे ख़राब हो जायेगे.

चन्नो - चल पागल तेरे कपड़ो से और तेरे जिस्म से तो ईमानदारी की खुशबु आयी मुझे इसीलिए तुझे गले लगा लिया.

चंपा – देवा भैया सचमुच महँ है वो इस वक़्त यहाँ नहीं है फिर भी देखो न भगवन की तरह उन्होंने बिना सामने आये मेरी जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली मए उनसे जरूर मिलूगी.

छानो - ऐसे hi है वो , वो सचमुच भगवन की तरह hi है. मए खुद उन्हें ले के ाउगि किसी दिन और तुझे मिलवाउगि. चल अब हमें चलना चाहिए बहोत देर हो गयी. बाद में मिलेंगे और है एक मिनट इधर आ तो.

फिर छन्नो चंपा को अपने साथ गाड़ी के पास ले के आयी और वह से उठा के दो ड्रेस चंपा को दे दी. जो गुरुम ने ली थी छानो के लिए

चंपा - ये क्या है मालकिन ?

छानो - ा मार खायेगी अगर मुझे मालकिन बोलै तो तू मेरी बहन की तरह है और मेरा नाम छानो है. ये मेरी तरफ से तुझे तोहफा है अब चल जा फिर मिलेंगे हम.

चंपा लपक के छन्नो के गले लग गयी और फिर वह से चली गयी ख़ुशी ख़ुशी.

माला - अब चले छानो रानी तेरा बोझ भी उतर गया हो तो.

छानो - जी चलिए.

गुरुम ने गाड़ी स्टार्ट की और सबके बैठते hi आगे बड़ा दी
 
अपडेट - 95

……….गुरुम ने गाड़ी स्टार्ट की और सबके बैठते hi आगे बड़ा दी उसके मन में बहोत से सवाल थे जो छानो भी समझ रही थी लेकिन उसका मन शांत था अब फिर कोई खास बाटे नहीं हुई गाड़ी में और इसी तरह उनका रास्ता कट गया और वो लोग हवेली पहुंच गए.

गुरुम ने सबको सामान अंदर ले जाने में हेल्प की और उसके बाद हवेली से निकलने लगा. माला कामिनी और रति भी अपने अपने रूम में चली गयी गुरुम को bye बोल कर. लेकिन सब के जाने के बाद चन्नो गुरुम को बहार तक छोड़ने आयी.

गुरुम – चन्नो मेरे बारे में तो आपने सब जान लिया लेकिन अपने बारे में नहीं बताया कुछ भी. और आज जो कुछ हुआ उससे मुझे कुछ समझ आया कुछ नहीं तो ……….

चन्नो – मए आपसे कुछ नहीं छुपाओगी. और सही वक़्त आने पर सब बता दूगी. लेकिन तब तक आप मेरी जासूसी मत करना मए चाहती हु आपको सब मए hi बताऊ. किसी और से आपको मेरे बारे में पूछने की जरुरत न पड़े.

गुरुम – ठीक है चन्नो मए इंतजार करुगा. अब तुम भी आराम कर लो फिर मिलेंगे. गुड़ ंत.

चन्नो – गुड़ ंत गुरुम. अपना ख्याल रखियेगा.

फिर गुरुम बंगले पे आ जाता है. और तब तक देवा एंड ग्रुप भी वापस आ गए थे तो गुरुम देवा को बता देता है. के हवेली की साडी लेडीज की शॉपिंग हो चुकी है. और अब कल वो पूरी सगाई की तैयारियों में रहेगा.

देवा - ठीक है आज की रात हमें भी तिलिस्म नगरी जाना है तो तुम लोग यहाँ का ध्यान रखना.

गुरुम - ok देवा आप लोग हो आइये.

फिर देव थोड़ी देर आराम करने के बाद डिनर पे सबसे मिलता है. और डिनर के बाद अपने रूम में आ कर अपना क्लोन बनाना के बाद अदृश्य होकर पूनम के घर जाता है. लेकिन तभी उसकी नजर सुधा पे पड़ती है जो अपने कमरे का दरवाजा बंद कर रही थी. देवा सीधे उसके कमरे में चला जाता है.

दरवाजा बंद करने के बाद अपने बैग से वही ब्रा पेंटी के सेट निकलती है और उन्हें अपने हाथो में उठाकर देखती है और जाने क्या सोच के उसके शेहरे पे स्माइल आ जाती है. फिर वो एक एक कर के अपने सरे कपडे निकल के एकदम नंगी हो जाती है. देव उसका शीशे की तरह चमकता बदन देख के उसी में खो जाता है

सुधा भी अपने पूरे नंगे बदन पे हाथ फिरती है. पहले अपने सपाट चिकने पेट पे फिर कमर पे फिर अपनी गांड पे सहलाती हुई अपने हाथो से अपनी चूचिया सहलाती है और जाने क्यों अपनी आंखे बंद कर के सिहर उठती है. और एक हाथ नीचे अपनी छूट पे ले जाती है तो उसके मुँह से सिसकारी निकल जाती है

सुधा – ssssssssssseeeeeeeeeeooooooooohhhhhhdevaaaaaaaaa

देवा अपना नाम सुधा के मुँह से सुन के हैरान रह जाता है वही सुधा को भी शायद अपनी गलती का अहसास हो जाता है. वो अपने होठो को अपने हाथ से बंद कर देती है और फिर वही रेड ब्रा पेंटी का सेट उठा के उसे चूमती है और फिर पहले ब्रा और फिर पेंटी पहन लेती है . इस सेट में वो गजब की खूबसूरत लग रही थी देवा का मन डोलने लगता है और उसका लुंड भी उसके वश से बहार हो रहा था. सुधा उसी ब्रा पेंटी में बड़े से आईने के सामने जा कर कड़ी हो जाती है और खुद को उस सेट में देखने लगती है. तब देवा भी सामने आ जाता है और सुधा उसे आईने में देखती है के देवा ठीक उसके पीछे खड़ा उसे hi देख रहा है और मुस्करा भी रहा है.

सुधा तेजी से पलटती है उसी पल देवा फिर से अदृश्य हो जाता है. सुधा फिर आईने में देखती है उसे देवा फिर नजर आता है लेकिन पलटने पर देवा गायब.

सुधा – ओह्ह्ह देवा हमारे रिश्ते अलग है हमारा मिलान नहीं हो सकता मए तुम्हरी नहीं बन सकती. फिर क्यों मेरा दिल तुम्हरी तरफ hi खिंचा जा रहा है. मत आओ मेरे सामने. पर मेरी ये आँखे भी तो तुम्हे hi देखना चाहती है. मेरा दिल ये चाहता है के तुम मुझे इस रूप में देखो. ये तुमने hi तो लेकर दिया है न तोहफा. मुझे अपने इस तोहफे में सिर्फ तुम देखो. और मुझे अपने सीने से लगा लो.

सुधा आईने की तरफ मुँह कर के देवा को देखते हुए बोल रही थी. तभी देवा उसे पीछे से बहो में भर लेता है और उसके तपते हुए गलो को चुम कर अपने हाथ उसके चिकने पेट पे बांध देता है. और सुधा की गार्डन पे चूमते हुए

देवा – तुम बहोत खूबसूरत लग रही हो इन दो कपड़ो में सुधा. … देवा एक बार फिर उसकी गार्डन पे चूमते हुए अपने होठ उसके गलो पे लता है सुधा तो मदहोश हुई जा रही थी वो फिर से तेजी से पलटती है देवा फिर गायब. लेकिन इस बार देवा सच में hi वह से निकल गया था. उसे लगने लगा था के अब वो रुका तो फिर खुद को नहीं रोक पायेगा. सुधा भी प्यासी है और तड़प रही है. वो सुधा की आग में अभी जलना नहीं चाहता था.

देवा वह से निकल के सीधा पूना के कमरे में जाता है जहा पूनम और शलाका सो रही थी. देवा उन्हें उठता है. और उन दोनों का क्लोन सेट करने के बाद तीनो वह से अदृश्य होकर निकल जाते है. और आकर रूद्र और नीलम से मिलते है.

देवा – है तो साथियो चले सब तैयार हो?

रूद्र - है भाई चल न यार अब क्या लिख कर दे

फिर सभी वह से तिलिस्म नगरी की तरफ निकल पड़ते है इधर सुधा तो अपने होशो हवस hi खो चुकी थी वो समझ नहीं प् रही थी के देवा आया था या नहीं. देवा के बदन की गर्मी का अहसास अब तक उसके बदन पे था और उसके खड़े लुंड का स्पर्श अब तक उसकी गांड पे उसे महसूस हो रहा था उसके होठो का अहसास उसे अपने चेहरे पे अब तक महसूस हो रहा था. उसके सांसो की खुशबू को वो अब तक महसूस कर प् रही थी. जिसे थोड़ी देर पहल अपने बदन पे पाया था उसन. लेकिन अगर देवा यहाँ था तो यहाँ कैसे था दरवाजा तो बंद है. फिर वो यहाँ कैसे आ सकता है और आ भी गया तो अब कहा गया और अगर वो यहाँ नहीं था तो फिर ये इतने सरे अहसास उसे कैसे हो रहे है. सुधा अपनी इन्ही सोचो में गम थी के उसके दरवाजे पे दस्तक होती है. तो वो तुरंत hi एक नाईट गाउन पहन कर दरवाजा खोल देती है. दरवाजे पे गोपाल खड़ा था. थका हुआ सा.

गोपाल एक साधारण सा युवक जो अब तक गाँव को पिछड़ा हुआ समझता था और पैसे कमाने शहर गया था अपनी खेती बड़ी और कई एकड़ के खेत छोड़ कर. लेकिन शहर की धुल मिटटी ने उसे समझा दिया के गाँव लौटने में hi उसकी जीत है. क्यों की गाँव में उसका सबकुछ है शहर में सब बनाना पड़ेगा उसके लिए उसकी पूरी जिंदगी भी लग सकती है. और फिर गाँव में उसकी माँ पद्मा और बहन पूनम भी अकेले है. ये सब उसे सुधा ने hi समझाया. जो एक पढ़ी लिखी सूझी हु लड़की है. गाँव में शादी हो जाने के बाद गोपाल अपनी पत्नी के साथ शहर आ गया था अपने दोस्तों की बातो में आकर. लेकिन इधर बार बार पद्मा उसे बुलाती थी उधर सुधा भी वह के हालत को दिखते हुए उसे गाँव hi चलने को कहती रहती थी. आखिर ये लोग गाँव वापस आ गए थे.

सुधा – अरे आप इतनी देर तक कहा थे जी?

गोपाल – अरे कुछ मत पूछ ये दो साल शहर में क्या रह लिया सब आदते छूट गयी है. आज खेत में काम कर के फैट गयी है मेरी. शाम को खेत से निकला तो पुराने दोस्तों के साथ hi बैठा था चौपाल पर. तुम बताओ कैसा रहा आज का दिन

सुधा - बहोत अच्छा था. बहोत कुछ लिया हमने शहर से और आपके लिए भी कपडे लायी हु.

गोपाल - अरे मेरे लिए लेन की क्या जरुरत थी सुधा?

सुधा – अच्छा बहन की सगाई में पुराने कपडे पहनोगे क्या?

गोपाल – तुम भी न अरे हम मर्दो को तो सब चलता है. हमें कौन देखने वाला है .

सुधा – क्यों मर्दो को देखने के लिए है न औरते अब मेरा पति किसी को ख़राब लगे तो मुझे कैसे अच्छा लगेगा?

गोपाल – और अगर तुम्हरा पति किसी को अच्छा लग गया और उसने मुझे फांस लिया तो?

सुधा – पहली बात ये के ऐसे सपने तो देखो hi मत के कोई आपको फसायेगा. और अगर मन लिया के ऐसी गलती किसी ने कर भी ली तो भी कोई बात नहीं फैजना मेरी तरफ से छूट है.

सुधा मन में – जो साली तुम्हे फसायेगी न वो एक बार तुम्हरा लुंड देखते hi तुम्हरी गांड में लात मर के भगा देगी.

गोपाल – अरे वह तूने छूट दे दी अब देखो मए कैसे इस गाँव में सचमुच का गोपाल बन के घूमता हु

सुधा – ठीक है ठीक है लेकिन अगर किसी ने मुझे फांस लिया तो?

गोपाल – ऐसी हिम्मत किसी में नहीं के मेरी बीवी पे आँख भी उठाये. लेकिन अगर कोई ऐसा कर hi ले और वो तुझे भी पसंद आ जाये तो तू भी फंस जाना आखिर ऐसे मर्द बहोत काम hi होते है. और मेरे हिसाब से ऐसा मर्द कोई इस गाँव में नहीं . अरे दो साल शहर में तुम्हे किसी ने घांस नहीं डाली तो यहाँ के गंवार क्या फसायेगे. लेकिन इन चुइटीओ को नहीं मालून के तू तो आग है मेरी जान आग. इतना कह कर गोपाल सुधा को खिंच लेता है पलंग पे और उसका गाउन उठाने लगता है के तभी सुधा उसका हाथ पकड़ लेती है.
 
भाई आपके सुझाव क लिए धन्यवाद. लेकिन कहानी के जो करैक्टर है उनको बढ़ाया hi जा रहा है, कुछ पुराने मुद्दे ख़तम किये गए है पिछले उपदटेस में. , इधर गुरुम और चन्नो जो आगे चल के एक साथ खड़े होंगे देवा के लिए. उनका बेस बन रहा है. ये सब तो आप देख hi रहे हो. और हो सकता है ये सब थोड़ा बोरिंग लगे लेकिन अगर ये नहीं डिकलहाया तो कुछ रीडर्स को ये शिकायत होगी के गुरुम और चन्नो एक कब हुए आपने बताया नहीं. सुधा कैसे देवा की तरफ अट्रेक्ट हुई बताया hi नहीं एक डैम से देवा के साथ कैसे सो गयी. ऐसे बहोत से सवाल उठेंगे इसीलिए इन सब सवालो के पैदा होने से पहले hi उनको क्लियर करना जरुरी है. पर अब आप देख hi रहे हो के नेक्स्ट अपडेट में आप सब तिलिस्म नगरी में होंगे. इससे पहल अघोरी का भी छोटा सा चेप्टर आएगा. सो प्लीज साथ बने रहिये. आप लोगो को बोर नहीं करेंगे हम. दूसरी बात ये कहानी मेरी नहीं आप सबकी है. और इसमें मर्जी भी मेरी नहीं होगी बल्कि आप सबका सहयोग hi hoga.thanx फॉर योर रिव्यु आपके सुझाव और आपके नजरिये का स्वागत है हर बार.

प्लीज स्टे विथ स्टोरी
 
थैंक यू वेर्री मच भाई और आप भी समझते hi है के बेस्ट दिखने के लिए वर्स्ट का होना जरुरी है चूतिये नहीं होंगे कहानी में या दुनिया में तो फिर स्मार्ट लोगो की कदर कहा से होगी.

और रही बात ज्वालामुखी की तो उसे अभी और भड़कने देते है उसे शांत करने से ज्यादा कई जरुरी काम पेंडिंग है स्टोरी में तो फ़िलहाल उन्ही को पूरा करते है इसे तो कभी भी शांत कर देंगे. है न

थैंक यू वैरी मुश् फॉर योर रिव्यु.
 
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