Fantasy इच्छाधारी देव - Page 8 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

अपडेट - 50

देवा – par…….marne की इतनी भी क्या जल्दी है? वैसे मैने तुम्हरे सरे सवालो के जवाब दे दिए तुम ने मेरे एक छोटे से सवाल का जवाब नहीं दिया, जबकि गन भी मेरे हाथो में है

गुरुम - मए यहाँ अँधेरे में बैठा तुम्हे hi यद् कर रहा था. मतलब तुम्हरे विषय में hi सोच रहा था. के आखिर वो कौन सा आदमी होगा जिसे मरने के लिए ठाकुर ने 25 आदमी बुलवाये ? क्या वो इतना ताक़तवर होगा? और आज एक hi दिन में तुमने हमारे 15 आदमी मर दिए तो मए उसी बारे में सोच रहा था. अच्छा हुआ तुम आ hi गए.

देवा – तुम्हे अपने दोस्तों वाले शौक नहीं है क्या? अंदर इतना रंगीन माहौल छोड़ के यहाँ बहार अँधेरे में बैठे थे.

गुरुम – मए शराब और शबाब दोनों का इस्तेमाल करता हु लेकिन मर्जी से जबरदस्ती न मुझे किसी की पसंद है न मए किसी पर करना पसंद करता हु. अंदर जो औरते और लड़किया है वो सब जबरदस्ती उठायी हुई है. और ये बात मुझे पसंद नहीं.

देवा – ऐसा है तो तुम्हे उन की मदद करनी थी अपने गुंडे साथियो से उन्हें बचाना था.

गुरुम – वो ठाकुर ने उठवायी है मेरे साथियो ने नहीं. और ठाकुर ने हमें यहाँ तुम्हे मरने के लिए बुलवाया है. मए उससे अभी नहीं लड़ सकता. ये धंधे के खिलाफ होगा.

देवा – और किसी की सुपारी लेना पसंद है? किसी का खून करना पसंद है ?

गुरुम – तुमसे मैने पहले भी कहा के मुझे गोली मार दो मए नहीं डरता मौत से. लेकिन सच ये है के मए यहाँ पैसे के लिए hi आया था बस बिना तुम्हरी गलती जाने मए तुम्हे मरने वाला था नहीं. जब ये सब सेल मर जाते तो मए ये कह कर निकल जाता के सरे लोग मरे गए अकेला मेरे बस का नहीं मेरे पैसे दो मए जा रहा हु. और फिर एक बार तुमसे मिलता जरूर असलियत जानने के लिए और फिर चला जाता.

देवा – और अगर गलती मेरी hi निकल आये अभी तो? मान लो मैने ठाकुर को परेशां किया है जिस वजह से वो मुझे मरवाने के लिए आदमी इकट्ठे कर चूका है तो?

गुरुम – समस्या यही है. अगर गलती तुम्हारी होती तो मए तुम्हे मरने की पूरी कोशिश करता. और यकीन मनो आज तक मैने किसी बेगुनाह की हत्या नहीं की. किसी औरत पर जुल्म नहीं किया, किसी मासूम बच्चे को अनाथ नहीं होने दिया. अगर तुम गलत होते तो मए तुम्हे मरने की कोशिश जरूर करता. उसके लिए मुझे किसी साथी की जरुरत नहीं वो मए अब भी कर सकता हु.

देवा – तुम्हे लगता है के तुम मुझे मार सकते हो?

गुरुम - मैने कोशिश शब्द का इस्तेमाल किया है भूलो मत.

देवा – मुझे तुमसे यही सब जानना था. तुम्हे मरना होता तो इतनी देर नहीं लगता. तुम चाहो तो मेरे साथ रह सकते हो. पैसे की कोई दिक्कत नहीं होगी. और है उसूल मेरे भी तुम्हरे जैसे hi है. तो तुम्हे कोई तकलीफ नहीं होगी. लेकिन अगर तुम जाना चाहो तो जा सकते हो.

गुरुम मुस्करा के – गन पॉइंट पे बात करते हो और साथ रहने को भी कहते हो?

अपने हाथ की गन फेंक देता है और कमर में लगी गन भी निकल फेंकता है. गुरुम बड़े ध्यान से देवा की हर हरकत देख रहा था.

देवा – अब? मेरे पास कोई गन नहीं. न हाथो में न hi मेरे किसी जेब में. है तुम्हारी कमर में जरूर है. अब क्या विचार है?

गुरुम – मए तुम्हे मरने आया था. तुम्हे मरने के hi पैसे मिलने है मुझे. तुम्हे इतना यकीन क्यों है के मए तुम्हरे साथ रह कर तुम्हे मारुंगा नहीं?

देवा – मुझे इंसाने की पहचान है गुरुम. बाकि तुम्हारी मर्जी.

तभी वह सब लोग आ जाते है. शलाका, पूनम, नागार्जुन, और साडी लेडीज. और आखिरी की बाते सब ने सुनी थी.

गुरुम - तुम्हरा नाम क्या है?

देवा – मेरा नाम देवा है मए यही रहता हु. ये तीनो मेरे hi साथी है. जिसमे से ये मेरी होने वाली बीवी पूनम है.

गुरुम – मए सब समझ गया अब मुझे कोई शक नहीं के तुम एक सही इंसाने हो. गलत वो साला ठाकुर hi है.

देवा – ऐसा क्यों?

गुरुम – जिस काम में तुम्हरे दोस्त और खुद तुम्हारी होने वाली बीवी शामिल है, जिन्होंने इतनी औरतो की इज्जत के साथ उनकी जिंदगी भी बचाई अंदर इतनी फिरंग के बाद भी साडी लेडीज को सुरक्षित ले कर आ गए वो लोग गलत नहीं हो सकते. मुझे तुम्हरे साथ काम कर के ख़ुशी होगी.

गुरुम देवा की तरफ हाथ बड़ा देता है तो देवा भी तुरंत उसे से हाथ मिला लेता है.

गुरुम - लेकिन देवा मए इन्हे { पूनम की तरफ़ा इशारा कर के } अभी से भाभी hi कहुगा. भले hi ये अभी तक तुम्हारी बीवी नहीं बानी.

देवा – फिर तो गड़बड़ हो जाएगी यार. तब तो तुम्हारी भाभियो की गिनती बड़ी लम्बी होने वाली है.

सब हसने लगते है. और फिर देवा और सब गाड़ियों के पास आते है. इतने में देवा उन में से तीन लड़कियों के सर पे हाथ फेरता है जो नागार्जुन के साथ जा रही थी.

देवा – जाओ और खुश रहना कोई चिंता मत करना अब सब ठीक है. गुरुम तुम और नागार्जुन दो गाड़िया ले लो और जो आस पास की लेडीज हो उन्हें छोड़ दो इन गुंडों की गाड़िया यहाँ कड़ी hi है.

नागार्जुन - फिर भी दो लड़किया बच रही है देवा.

देवा – मए इन्हे जनता हु ये इसी गाँव की है तो इन्हे हम ले जाते है. तुम लोग निकलो और ये काम पूरा कर के तुम दोनों घर आ जाना

फिर देवा, शलाका, पूनम और दो लड़किया रर में बैठ कर गाँव की तरफ निकल जाते है. इस वक़्त कोई 11 बज रहे थे. देवा ने उन दो लड़कियों को उनके घर के सामने उतरा और…….......

…………..तुम दोनों अब जाओ अपने घर. देवा ने उनसे कहा

लड़किया – लेकिन भैया हमारी जिंदगी तो बर्बाद कर दी न उन लोगो ने, हमारी इज्जत लूट कर.

देव गाड़ी से उतरा और उनके सर पे हाथ फेर दिया………….

देवा - अपनी जिंदगी नए तरीके से शुरू करो कुछ नहीं हुआ तुम लोगो को. ये बात तुम लोगो को भी समझ में आ जाएगी. जब तुम लोगो खुद को देखोगी तो.

लड़किया कुछ समझ नहीं पा रही थी. लेकिन वो लोग अपने घरो की तरफ बढ़ने लगी तो देवा ने पूनम को इशारा किया जिसे समझ कर पूनम गाड़ी से उतर कर उनके साथ उन के घर में गयी इस वक़्त वो एक साड़ी में थी.

पूनम ने दरवाजा खत खतया तो अंदर से एक आदमी ने दरवाजा खोला. और सामने अपनी दोनों बेटियों को देख कर खुश हो गया.

आदमी – अरे आ गयी बेटी तुम लोग बड़ी देर कर दी?

लड़किया – हैरान रह गयी के हमारे बाप को तो रोना चाहिए ये क्या बात कर रहा है.

आदमी – अरे बीटा हैरान क्यों हो रही हो आओ अंदर आओ.

वो दोनों लड़किया और पूनम अंदर आते है तो

आदमी – बीटा देवा कल आया था. और उसने कहा था के तुम इनके साथ (पूनम) शहर गयी हो अपने सोल्लगे के बारे में बात करने और वह से इनके किसी रिश्तेदार के पास जाओगी इसलिए कल तक होगी. मुझे तो दर लगने लगा था लेकिन जब देवा ने ये सब आकर कहा तो रहत मिली.

दोनों लड़कियों ने हैरान हो कर पूनम को देखा तो पूनम ने उसे आँख से चुप रहने का इशारा किया.

पूनम – काका अब मए चलती हु. बस इन्हे छोड़ने आयी थी.

आदमी – अरे बीटा रात को तुम अकेली कैसे ?

पूनम - अकेली कहा काका बहार देव है न उसी की गाड़ी में तो आये है हम सब

आदमी – क्या देवा आया है तो बहार क्यों खड़ा है उसे अंदर बुला लो.

पूनम – अभी नहीं काका वैसे भी काफी रात हो गयी है. तो फिर कभी आएंगे. अभी मए चलती हु. घर पे सब राह देख रहे होंगे.

पूनम बहार आती है और पलटकर - अरे एक मिनट सुनो जरा, पूनम उन दोनों लड़कियों को बुलाती है.

लड़की – जी दीदी?

पूनम अपनी जेब से दो छोटी छोटी पानी की बोतल निकल के उन्हें देती है जो रियल में पानी hi था और कुछ नहीं

पूनम – ये जल्दी से पी लो दोनों

दोनों लड़किया एक दूजे को देखती है और पूनम से पानी ले कर पि जाती है.

ल – ये क्या था दीदी?

पूनम – इसमें मैने एक खास जड़ी बूटी मिलायी थी. अब तुम दोनों फिर से कुवारी हो चुकी हो. इसीलिए चिंता छोड़ दो. और जाकर आराम करो. ये मन लो के एक बुरा सपना था जो ख़तम हो गया. जाओ अपना ध्यान रखना .

दोनों लड़कियों के आंसू निकल आते है और दोनों hi पूनम से लिपट जाती है. – थैंक यू दीदी. हमारा कुंवारापन हमें वापस कर के आपने हम पर और हमारे माँ बाप पर बहोत बड़ा अहसान किया है जिसे हम कभी नहीं चुक्का पाएंगे अपनी जान दे कर भी नहीं. यही तो हम गरीबो का गहना होता है हमारी इजात. थैंक यू सो मच दीदी थैंक यू.

पूनम – बस अब चुप हो जाओ. अब मए चलती हु कभी कोई भी काम हो तो बेझिझक मेरे पास आ जाना.

फिर पूनम वह से निकल आती है. और आकर गाड़ी में बैठ जाती है. और देवा गाड़ी बड़ा देता है

पूनम – देव आपने इन्हे कब बताया के ये लड़किया शहर मेरे साथ गयी है?

देवा – जैसे hi इनका अपहरण हुआ था उसी समय.

पूनम - ऐसा था तो आपने अपहरण होने क्यों दिया?

देवा – कुछ बाते बहोत गहरी होती है पूनम इसलिए हर बात की तह में मत जाओ. जो हुआ वो जरूरी था. इनके भाग्य में यही था न. और मए खुद कुछ नहीं करता जैसा आदेश मिलता है वैसा hi करता हु. ाहर इंसान के कुछ पिछले कर्म होते है जिसका फल उसे भुगतना hi पड़ता है. अचे कर्मो का अच्छा फल और बुरे कर्मो का बुरा फल. जो कुछ इन सब के साथ हुआ वो उनके कर्मो के कारन हुआ लेकिन इनसब के कर्म इतने भी ख़राब नहीं थे के इन्हे अच्छी जिंदगी न मिले. वही हुआ बड़ी ताक़तों ने मुझे आदेश दिया और मए इन्हे बचने पंहुचा तुम सब के साथ. और अब ये सब सुरक्षित है.

पूनम - और उन सब लड़कियों के सर पे हाथ क्यों फेरा?

देवा – उन्हें उनका कुँवारापन वापस मिल चूका है, अब वो वापस कुवारी लड़किया hi है. कल तक वो ये भी भूल जाएगी के उनका बलात्कार हुआ. वैसे तुमने भी इन्हे पानी में जड़ी बूटी वाली बात बोल कर जो कहानी बनायीं सही किया.

पूनम – और वो औरते?

देवा - वो उनका पेशा है तो उन पर फरक नहीं पड़ने वाला वो एक बार सेक्स करे या 100 बार. और फिर वो अपनी मर्जी से आयी थी. पैसे के लिए गुंडों के साथ सोने. शलाका तुम उन दोनों गाड़ियों के पेपर्स मेरे नाम कर दो अब वो दोनों स्कार्पियो मेरे पास hi रहेगी.

शलाका - ठीक है देवा वो मए तुम्हारे नाम पे ट्रांसफर कर देती हु.

फिर ये लोग घर आते है. रर को देवा सीधा गेराज में ले जाता है. फिर पूनम और शलाका के साथ नीचे बेसमेंट में पहुँचता है. तुम लोग यहाँ फ्रेश हो के आराम करो और कुछ खा पि लो जब नागार्जुन और गुरुम आ जायेगे तो मए भी आ जाउगा. और है गुरुम के लिए खाने का इंतजाम और यहाँ उसके आराम की चीजे अर्रंगे भी कर दो आज की रात तो उसे यही रहने है बाद में उसे घरवालों से मिलवा दुगा मए.

इतना कह कर देवा बंगले में अंदर चला जाता है. जहा सब अपने अपने कमरे में जा चुके थे. देवा भी अपने कमरे में जाता है. और चेंज कर के नाहा के फ्रेश हो जाता है. फिर अपना क्लोन रेडी कर देता है. देवा का क्लोन चेंज कर के बिस्तर पे चला जाता है. और देवा फिर से बेसमेंट में पहुँचता है. रेडी हो कर.

जहा नागार्जुन और गुरुम आ चुके थे और खाना hi खा रहे थे.

गुरुम - बॉस आपने मुझे बताया नहीं के मुझे क्या करना है.

देवा – गुरुम तुम हमारी फॅमिली का हिस्सा हो अब. मेरे नौकर नहीं. तो सबसे पहले ये जान लो के मए तुम्हारा बॉस नहीं दोस्त हु , भाई हु, इसीलिए तुम मुझे मेरे नाम से बुलाओगे, तुम पूरी तरह से आजाद हो जो चाहो कर सकते हो. फ़िलहाल तुम मेरे साथ यहाँ आम के बैग देखोगे. और जब हम किसी स्पेशल टास्क पे निकलेंगे तो हमारे साथ hi रहोगे. और वो जो ठाकुर का फार्म हाउस है जहा पे तुम रह रहे थे. मए कुछ आदमी भेज कर साफ़ सफाई करवा दुगा तो वो अब से तुम्हारा घर होगा. लागल्य भी सरे पप्रेस तुम्हारे नाम से हो जायेगे. तुम वही रहोगे.

गुरुम – ठीक है देवा लेकिन अभी ये तयारी कैसी कही जा रहे हो क्या?

देवा – है गुरुम हम जा रहे है अभी लेकिन तुम यहाँ आराम करो. और यही पे पूरे घर के कैमरा भी लगे है तो वाच करते रहना हथियारों की कमी नहीं है यहाँ. अगर कोई खतरा देखो तो खुल के इस्तेमाल कर सकते हो.

गुरुम - लेकिन देवा क्या मए तुम लोगो के साथ नहीं चल सकता अभी?

देवा – जहा हम जा रहे है. अभी तुम्हारा वह जाने का समय नहीं आया. लेकिन बहोत जल्द तुम्हे वह भी ले जाउगा मए. पर अभी फ़िलहाल नहीं.

गुरुम - ok देवा जैसा सही समझो. मए हु यहाँ तुम लोग जाओ.

देवा – कल मिलते है गुरुम bye एंड गुड़ नाईट.

फिर देवा, पूनम, नागार्जुन, शलाका चारो निकलते है तिलिस्म नगरी की तरफ. और थोड़ी hi देर बाद वो लोग तिलिस्म नगरी में होते है.
 
धन्यवाद् भाई, और आपने सही कहा बलात्कार से ज्यादा कोई घृणित काम नहीं होता. क्यों की बलात्कार सिर्फ शरीर का नहीं होता किसी के अरमानो का , सपनो का, उसकी जिंदगी का भी होता है. वो तकलीफ सिर्फ उस लड़की को नहीं होती बल्कि बल्कि उस तकलीफ को उसका पूरा परिवार झेलता है.

देवा के नए दोस्त का साथ आपको पूरी स्टोरी में मिलेगा. ये भी इनकी टीम का हिस्सा hi है. बने रहिये साथ और चलते है आगे स्टोरी में.
 
अपडेट - 51

फिर वो लोग महल में पहुंच कर सबसे मिलते है. जहा महाराज सुमंतदेव और महारानी कौशल्या के आलावा महारानी नीलमणि और महाराज भैरव सिंह , कुलगुरु और फ़कीर बाबा पहले से मौजूद थे.

उधर जब इस दिन की शुरुआत हुई थी तब तक विठल को मन्नू आगे का प्लान समझा चुक्का था के अपने आदमी को क्या बोलना है. सुबह जैसे hi विठल के आदमी को फ़ोन आता है.

घंटी बजते hi विठल कॉल अटेंड करता है

विठल - है बोल गाला किधर है तू?

गाला – भाई हम लोग ******** होटल में है स्टेशन के पास और माल भी लाये है. क्या हुआ कोई लफड़ा है क्या? आप ठीक तो है न?

विठल - अपुन ठीक है घबराने का नहीं. तू उधरिच रुक अपुन खुद आएगा उधर. और है एक काम कर तू सात लोगो के लिए सर्दव के मेकउप का सामान अर्रंगे कर और उनके कपडे भी जैसे की वो ऑर्केस्ट्रा वाले हो . इसके साथ hi तू ऑर्केस्ट्रा में बजने वाले सामान भी ले ले. बाकि अपुन आ कर बताएगा क्या करना है.

गाला – ok बॉस. लेकिन बॉस ये सब कहे को अपुन को तो निकलना है न इधर से फिर ये सब क्यों? और है बॉस अब तक पुलिस की सख्ती बहोत बाद गयी है.

विठल - अबे दिमाग की माँ मत छोड़. जितना बोलै उतना कर समझा क्या.

गाला – ठीक है भाई अपुन करता है न सारा इंतजाम आप फ़िक्र न करो आप कब तक आएंगे.

विठल - तुम लोग उधरिच रहो अपुन कॉल करेगा. चल काटता है अपुन

और विठल फ़ोन रख देता है. सामने बैठा मन्नू मुस्करा रहा था.

मन्नू - भाई आधा काम तो हो गया. बस अब दो तीन घंटे तक खा पी के नाहा धो के रेस्ट करो फिर कॉल कर के इन से बात कर लेना सब इंतजाम हो गया होगा तो आगे बड़ेगे हम लोग.

विठल – तू करना क्या चाहता है छोटे?

मन्नू - भाई हम लोग सरदारों के गेटउप में निकलेंगे इधर से वो भी गाजे बजे के साथ कोई नहीं रोकेगा और किसी ने रोका तो बोले देंगे इधर प्रोग्राम के वास्ते आये थे. हम लोग पहुंच जायेगे मुंबई आप चिंता मत करो.

विठल - साला दिमाग है तेरे पास. मंटा है अपुन

फिर वो लोग टाइम पास करने लगते है अभी उनके पास 3 घंटे का समय था.

किसी तरह ये तीन घंटे निकलते है फिर विठल के आदमी का कॉल आता है की काम हो गया है. तो विठल उन्हें सब सामान के साथ गाड़ी में निकलने को बोलता है और एक खास रोड पे चलते रहने को बोलता है. उधर वो लोग निकलते है इधर विठल और मन्नू भी टेक्सी में निकलते है चोरी की गाडी उन्होंने वही छोड़ दी. विठल अपने आदमी से बराबर फ़ोन पे कनेक्टेड था. कोई ½ घंटे बाद विठल को उनकी मिनी बस नजर आ जाती है. तो विठल उनकी बस रटुकवा देता है और अपनी टेक्सी को वही छोड़ के पैदल उस बस तक जाता है मन्नू के साथ और फिर दोनों उस बस में चढ़ जाते है. और उनका मुंबई का सफर शुरू हो जाता है.

रस्ते में मन्नू से सबका परिचय होता है फिर मन्नू और विठल भी सरदारों वाले गेटउप में आ जाते है. और ड्राइविंग मन्नू करने लगता है जिससे के वो चेक नाके पे पंजाबी में बात कर के पुलिस से बच सके. बाकियो की तो भाषा मुम्बइया थी तो पकडे जा सकते थे. बीच में 3-4 जगह पे सख्त चेकिंग से इनकी गाड़ी निकलती है और ये लोग आधी रात के करीब मुंबई में एंट्री करते है बिना किसी लफड़े के ये लोग मुंबई पहुंच चुके थे.

विठल अपने अड्डे पे आ कर – यार मन्नू तुमने मुझे नया जिंदगी दिया है. अपुन तुम्हारा अहसान कभी नहीं भूलेगा. अब देखना मेरी बादशाहत कल से hi

मन्नू – नहीं विठल भाई अभी कुछ दिन रुक जाओ पुलिस को ठंडा पड़ने दो अभी वो आपके hi पीछे है उन्हें पता नहीं चलना चाहिए के आप मुंबई पहुंच गए हो. ये बात बहार नहीं जनि चाहिए और है अपने अड्डे भी बदलो धीरे धीरे. कुछ दिन बाद अपना रूप दिखाना.

विठल – सही है मन्नू, अब तेरा क्या प्लान है?

मन्नू – मुझे वापस जाना है गाँव और उस मादरचोद दन से बदला लेना है जिसने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी. मए कल hi जाउगा गाँव. तुम्हे जेल में प्रॉमिस किया था सुरक्षित मुंबई पहुंचने का पंहुचा दिया अब मए अपना काम देखूगा.

विठल – नहीं मन्नू तू कही नहीं जायेगा. पुलिस तेरे भी पीछे है. और अभी तू मुझे समझा रहा था. तू खुद कैसे गलती कर सकता है बे. अब तेरा बदला वो मेरा बदला अब उस दन को अपुन तेरे साथ मिल के सबक सिखाएगा. लेकिन अभी तू वह नहीं जायेगा. आज से तू अपुन का खास आदमी है. और अपुन की गैर हाजिरी में इस गैंग का बॉस भी तू hi है. ये समझ लो अपुन दो नहीं अब एक है.

मन्नू और विठल गले मिलते है फिर दोनों खाना खा के सोने निकल जाते है.

इधर तिलिस्म नगरी में देव – बाबा आपने हमें यहाँ बुलवाया कोई खास कारन है क्या?

फब – है देवा कारन तो बहोत hi खास है. और वो है नाग लोक और तिलिस्म नगरी की सुरक्षा.

देव – तो बताइये बाबा क्या करना है हमें. जिससे दोनों hi स्थान सुक्षित हो जाये.

फब – देव तुम्हे और पूनम को मिलकर स्वर्ण मणि को पाना है. यदि तुम लोगो ने उसे पा लिया तो उस मणि की सहायता से तुम्हरी और पूनम की शक्ति द्वारा ये दोनों स्थान सदा सदा के लिए सुरक्षित हो जायेगे. लेकिन उसे पाना इतना आसान नहीं उस के लिए कड़ी म्हणत और परिश्रम करना होगा. रस्ते में आने वाली मुश्किलों को पार करना होगा. और इसमें तुम दोनों की जान का खतरा भी है.

बीएस – लेकिन बाबा अगर खतरा इतना ज्यादा है तो देव और पूनम hi क्यों जाये कोई और चला जायेगा. दोनों hi नगरों में और भी कई योद्धा है.

फब – नहीं महाराज. ये मणि इन दोनों को hi प्राप्त हो सकती है. इन के आलावा केवल एक जोड़ा और है जो इस मणि को हासिल करने की हिम्मत और किस्मत रखता है . वो है रूद्र और नीलम किन्तु अभी वो कही और व्यस्त है. इसलिए इन्हे जाना होगा.

देव – ये तो अच्छी बात है बाबा के आप स्वयं हमें भेज रहे है. क्यों की यदि आपने हमारी जान बचने के लिए रूद्र या नीलम को भेजने की बात की होती तो वैसे भी मए ये होने नहीं देता. रूद्र मेरा भाई है. अपनी जान बचने के लिए मए उसे कभी मुसीबत में नहीं जाने दुगा. आप हमें बताइये उस मणि तक पहुंचने का मार्ग क्या है.

फब - मए तुम्हे एक बात और बताना चाहुगा. के यदि रूद्र और नीलम का साथ तुम्हे हासिल हो जाये तो ये मार्ग आसानी से पार हो जायेगा. और खतरा काम हो जायेगा. किन्तु समय बीतता जा रहा है. उस मणि को शीघ्र हासिल करना अति आवश्यक है.

देवा – तो फिर मुझे रूद्र का पता बताइये मए उसे लोग वो जहा भी होगा.

फब मुस्कराते हुए – मए जनता था तुम यही कहोगे. इसीलिए मैने तुम्हे यहाँ बुलवा लिया. रूद्र को लेन के लिए तुम्हे कही दूर नहीं जाना है. कल सुबह hi तुम रूद्र से मिल पाओगे.

देव – ख़ुशी से उछाल पड़ता है. सच बाबा मेरा रूद्र, मेरा भाई कल मुझे मिलेगा? आप सच कह रहे है?

फब – है देव कल तुम्हारी उस से फिर से मुलाकात होने वाली है. किन्तु........

देव – किन्तु क्या बाबा?

फब – कल रूद्र पर वही मन्त्रिक (अघोरी) हमला करने वाला है. तुम्हे उस अघोरी के सामने आये बिना रूद्र को वह से निकलना है.

देव – बाबा इसकी जरुरत नहीं वैसे तो अब मए खुद hi उस मन्त्रिक को ख़तम कर सकता हु. लेकिन अगर रूद्र मेरे साथ हुआ तो उस मन्त्रिक या अघोरी का बचना असंभव होगा. कल उस मन्त्रिक का आखरी दिन होगा बाबा.

फब – ऐसी गलती मत करना देव, क्युकी तुम उस मन्त्रिक को जानते नहीं हो. इतने सालो की उसकी तपस्या से वो बेहद शक्ति शैली हो चूका है. और उसकी मौत के लिए भी वो स्वर्ण मणि पाना आवश्यक है साथ hi और भी कुछ चाहिए जो स्वर्ण मणि हासिल करने के बाद hi मिल सकता है

देव – और क्या बाबा?

फब – शक्ति एक ऐसी ताक़त जिसके आगे अघोरी या उसके भी बड़ो की हर ताक़त छोटी पद जाएगी. लेकिन वो शक्ति तुम्हे तभी मिलेगी जब तुम स्वर्ण मणि धरी बन जाओ. इसलिए सबसे पहले तुम्हे स्वर्ण मणि हासिल करनी है. अपनी तपस्या और कड़ी म्हणत से रूद्र एक मणि पहले hi हासिल कर चूका है तो रूद्र और नीलम की मिलीजुली ताक़त से स्वर्ण मणि आसानी से हासिल हो सकती है. तुमने अपनी तपस्या से कई साडी अलौकिक शक्तिया प्राप्त की है. और तुम इच्छाधारी भी हो जिस चीज़ को पाने की इच्छा करोगे वो हासिल होगी. इसलिए तुम और पूनम भी वो मणि पा सकते हो तुम चारो के आलावा और कोई नहीं. फिर चाहे तुम चारो जाओ या चाहे तो दोनों जोड़ो में से कोई एक जोड़ा. पर एक जोड़े को दिक्कते ज्यादा होगी. और अगर रूद्र और नीलम जाते तो भी वो जब अंत में मणि तक पहुंचते तो उन्हें तुम्हारी hi शक्ति की जरुरत पद जाती क्यों की वो एक तिलिस्मी चक्र है. और उस तिलिस्म को तुम और पूनम hi खोल सकते हो पर रूद्र और नीलम तभी खोल सकते हो जब उनके पास तुम्हारी शक्तियों की इजाजत हो. लेकिन तुम चारो अगर एक साथ हो जाओ तो कोई मुश्किल ज्यादा देर तक तुम लोगो को रोक नहीं पायेगी. तिलिस्म तो तुम दोनों से hi खुलेगा लेकिन उसका रास्ता रूद्र बताएगा.

देव –बाबा अब हम चारो hi जायेगे. मए एक बार अपने दोस्त के बगैर निकल के अंजाम देख चूका हु. इस बार उसे छोड़ कर गया तो वो मुझे पटल से भी खोज निकलेगा और उसके गुस्से का सामना मए भी नहीं कर पाउगा. साला बेवकूफ प्यार जो करता है इतना मुझसे. (देवा की आँखों में पानी भर आया)………

कल मुझे पहले रूद्र से मिलना है लेकिन……………

फब – लेकिन क्या देव?
 
अपडेट - 52

देव – कुछ नहीं बाबा मए तो सोच रहा था मरेगा तो वो मुझे कल भी. उससे कैसे बचूगा. सेकड़ो सालो का गुस्सा उसका पूरा मुझ पर फूटेगा. हे भोलेनाथ मुझे बचा लेना उस पागल से. अब आप hi बचा सकते हो.

देवा की बात पर सब हंस दिए लेकिन देवा बहोत टेंशन में था. सचमुच अब उसे रूद्र से दर लगने लगा था. के रूद्र उसका क्या करेगा, और वो खुद रूद्र को कैसे संभालेगा.

फब – देव यहाँ मए तुम्हारी कोई सहायता नहीं कर सकता रूद्र को और उसके गुस्से को तो तुम्हे hi संभालना होगा. अब तुम चाहो तो पृथ्वी लोक जा सकते हो. रूद्र और अपने सभी साथियो के साथ जल्द hi वापस आना.

देव – बाबा आपसे एक बात पूछनी थी. क्या मए किसी पृथ्वी वासी को यहाँ ला सकता हु. या उसे कोई शक्ति दे सकता हु.

फब – मेने कहा था देव के तुम इच्छाधारी हो. जो चाहो कर सकते हो. तुमसे शक्ति पाने के बाद तो जो कोई भी हो वो यहाँ का अधिकारी बन जायेगा. तो जिसे चाहो अपनी शक्ति दे दो लेकिन उसे परख लेना पहल कही कोई परेशानी बाद में न कड़ी हो जाये. यदि तुम संतुष्ट हो जाओ तो उसे यहाँ भी ला सकते हो. और अपने साथ कही और भी ले के जा सकते हो.

देव – ठीक है बाबा. अब मुझे ये बताइये के रूद्र से मिलने में कितना समय बाकि है.

फब – तुम्हारे पृथ्वी लोक के समय के हिसाब से बस 2 से 3 घंटे.

देव – ठीक है बाबा आप मुझे बता दीजिये रूद्र कहा मिलेगा. मए उसे वही मिल लगा और अब उसे ले कर hi अपने घर जाउगा. अकेले नहीं.

फब – तुम्हारे गाँव के पास जो घाना और बड़ा जंगल है. जहा से उसकी सीमा आरम्भ होती है. उसी सीमा पर आज अघोरी रूद्र और नीलम पर जानलेवा हमला करने वाला है. जिसमे उसका सोचना है के वो रूद्र को मर डालेगा और नीलम को बंदी बना के उसका कौमार्य भांग करेगा और फिर वो उस शक्ति को हासिल करेगा जिसका जिक्र मैने थोड़ी देर पहले किया था. इससे वो लगभग अमर हो जायेगा.

देव की आंखे फब की बाटे सुन कर जलने लगती है और लाल हो जाती है.

देव – मर गए मेरे रूद्र को मरने वाले. और रही बात मेरे यार के प्यार नीलम की तो रूद्र और देव के होते कोई नीलम को छू भी ले ये तो संभव hi नहीं. उस अघोरी को आज सबक सीखा hi देना है. ी विल फुक यू मर. अघोरी वेट एंड वाच.

सभी एक साथ - क्याआआआआ?

देव कुछ नहीं वो.. वो.. मेरा मतलब उसे तो आज मए छोड़ूगा नहीं

देव की बात सुन कर शलाका, पूनम और नागार्जुन हसने लगते है.

देव – तुम तीनो क्यों दांत निकल रहे हो.

फब – अब तुम लोग कुछ देर आराम कर लो फिर पृथ्वी लोक चले जाना

अपने साथियो के साथ देव अंदर कमरे में चला जाता है.

देव – नागार्जुन तुम बंगले के बेसमेंट में hi रहना और शलाका तुम अपनी जगह चली जाना और पूनम जब तक मए न औ तुम अपने घर में hi रहना बाद में तुम आ जाना बेसमेंट में.

पूनम - देव मए आपको अकेले नहीं जाने दूगी.

देव – अरे पागल मुझे कुछ नहीं होगा सुना नहीं मुझे अभी अघोरी के सामने नहीं जाना है. मए तो अदृश्य hi रहुगा और अपनी शक्तियों को भी शील्ड कवर में रखुगा जिससे के उसे पता hi न चले के उसकी म्हणत पे पानी फेरने वाला कौन है.

पूनम - कुछ भी हो मैने कहा न आप अकेले नहीं जायेगे. आप चाहो तो मए किनारे में कड़ी रहूगी आप लोगो के बीच नहीं ाउगि. जब तक आप मुझे नहीं पुकारेंगे. अब ये बात ख़तम करो बस.

देव – ok स्वीट हार्ट पर तुम यद् रखना तुम्हे बीच में नहीं आना है. तुम बस देखोगी और कुछ नहीं.

पूनम - ok

फिर थोड़ी देर रेस्ट करने के बाद सब निकल पड़ते है पृथ्वी लोक जहा पहुंचकर. नागार्जुन और शलाका अपनी अपनी जगह चले जाते है. देव ने नागार्जुन को कुछ और भी समझा दिया था.





पूनम और देव उस जगह पे पहुंच जाते है जहा पे थोड़ी hi देर बाद रूद्र पहुंचने वाला था. सुबह होने hi वाली थी. देव और पूनम भी वही इंतजार करने लगे.

अब देवा से समय कटे नहीं कट रहा था. उसे ेके क पल सदियों के जैसा लग रहा था. आज उसका बरसो से बिछड़ा भाई जैसा दोस्त उसके सामने आने वाला था. उसकी बेचैनी बस वही जनता था.

थोड़ी देर hi बीती थी के सूरज की पहली किरण ने धरती को छुआ और उसी के साथ देवा को सामने से रूद्र और नीलम आते हुए नजर आये. देव की आंखे भर आयी अपने यार को सदियों बाद देख कर.

पूनम – देव खुद को सम्भालिये. अभी इमोशनल होने का समय नहीं वो अघोरी भी आस पास होगा. आप तैयार हो जाइये.

देव – ठीक कहती हो पूनम, अब सुनो मए नीलम को तुम्हारे हवाले करुगा उसे ले कर तुम बेसमेंट में जाना पर उस के सामने मत आना.

पूनम - ठीक है देव

इधर रूद्र – नीलम मेरी जान आखिर हम आज सही समय पे यहाँ पहुंच hi गए. अब ऊपरवाला hi जाने के हमें यहाँ क्यों आना था अब तक फब ने भी कोई निर्देश नहीं दिए है. उनसे कोई संपर्क भी नहीं हो पाया है. चलो जंगल में चल कर उनसे बात करने की कोशिश करेंगे. फब ने बिना सोचे हमें यहाँ नहीं भेजा होगा. कुछ तो होना है. तुम तैयार रहना.

नीलम – रूद्र जब तुम मेरे साथ हो तो मुझे कोई चिंता नहीं. और मए भी तैयार हु. आप चिंता मत करो. भोलेनाथ सब अच्छा hi करेंगे.

तभी रूद्र को एक तेज झटका लगता है और नीलम का हाथ उसके हाथ से छूट जाता है. और रूद्र थोड़ा दूर जा कर गिरता है.

नीलम - rudraaaaaaaaaa…………………………….

तभी वह अघोरी नजर आता है एक लाल लंगोट में एक डैम कला भद्दा विशाल शरीर. उसने नीलम का हाथ पकड़ रखा था

अघोरी - है है है है है है ………… आ गए तुम सपोले? बहोत इंतजार करवाया है मुझे. अब तू मरेगा आज मेरे हाथो से.

रूद्र – सेल कलिये तू है यहाँ? चीई मए तो समझा कोई बड़ी ताक़त होगी. तूने तो अपनी मनहूस शकल दिखा के सारा मजा hi ख़राब कर दिया. अबे तुझे तो मए अपनी दोनों जांघो में hi दबा के मर डालूगा बे.

अघोरी क्रोध में – सादिया बीत गयी लेकिन तूने बात करने का तरीका नहीं सीखा?

रूद्र – अबे कलुए सेल एक लंगोट में घूमता रहता है सादिया बीत गयी ढंग के कपडे नहीं ले पाया तू अब तक.

इधर देव ये सब देख कर थोड़ी देर वही रहता है. और रूद्र की बाटे सुन कर अपने मन को खुश होने देता है. फिर जब वो देखता है के अघोरी रूद्र से बहस करने में बिजी है तो सही मौका देख कर चुपके से अघोरी के पास जाता है और अपना हाथ आगे बढ़ाता है तो उसके हाथ से एक पतला सा हरा सांप निकलता है जो अघोरी के बाये हाथ पे चढ़ कर रेंगने लगता है.

अघोरी उसे झटकने की बहोत कोशिश कर रहा था लेकिन सांप गिर hi नहीं रहा था और अघोरी को डांक पे डांक मार रहा था. जिससे अघोरी को कोई फरक तो नहीं पद रहा था लेकिन उसके दांत उसे चुभ रहे थे.

अघोरी गुस्से में नीलम का हाथ छोड़ कर अपने दये हाथ से उस सांप को पकड़ कर दूर हवा में फेंक देता है. और फिर से नीलम का हाथ पकड़ लेता है. ये सब कुछ सिर्फ कुछ पालो में hi हुआ लेकिन इतने में देव ने नीलम की जगह उसका क्लोन वह छोड़ा और नीलम को अदृश्य कर के उसका हाथ पूनम के हाथ में दे दिया. और पूनम को इशारा किया. तो पूनम भी बिना कुछ बोले नीलम को ले कर वह से गायब हो गयी.

इधर अघोरी – बहोत बकवास कर ली तूने रूद्र आज तेरा अंतिम दिन है. तू मरेगा अभी यही मेरे हाथो से. और मए तेरी इस खूबसूरत नागिन के साथ रास लीला रचाऊगा. इसका कौमार्य आज मए तोड़ूगा. और इसकी कुवारी योनि के पहले रक्त से अपनी शक्तिया बड़ा के वो ताक़त हासिल करुगा जिससे मए अमर हो जाउगा.

रूद्र - अबे चूतिये. इतने साल ये मेरे साथ रही मैने इसे नहीं छुआ तू बड़ा इसके साथ रासलीला रचाएगा. अबे मुँह देखा है क्या? सेल तू इसकी ऊँगली का नाखून भी नहीं तोड़ सकता इसका कौमार्य क्या घंटा तोड़ेगा.

अघोरी - रूद्र मए जो करुगा वो देखने के लिए तू जिन्दा नहीं रहेगा. तू अपनी इस महबूबा को बचाना तो भूल hi जा तेरी साडी शक्तिया मैने बांध दी है. तू अपनी रक्षा भी नहीं कर पायेगा. ले तेरी मौत.

और उसने अपने हाथ आगे कर दिए और एक शक्ति रूद्र की तरफ फेंक दी वो शक्ति तेजी से रूद्र की तरफ लपकी तभी रूद्र ने हाथ आगे किये और उसकी शक्ति रोकनी चाही. लेकिन रूद्र की शक्ति काम नहीं कर रही थी. परन्तु दूसरी तरफ se.ek लाल रसोहनी तेजी से आयी जिसमे से चिंगारिया निकल रही थी. उसने अघोरी की शक्ति को बीच में hi काट दिया और इसका एक जोरदार झटका अघोरी को भी लगा और वो नीलम (clone)ko साथ लिए हुए लुढ़कता हुआ दूर जा गिरा.

फिर उसने फुर्ती से एक जम्प लेकर खुद को सीधा किया और हाथ आगे कर के रूद्र पर तीरो की बाउशर कर दी. लेकिन सरे तीर रूद्र से एक फुट पहले hi किसी चीज़ से टकरा के टूट गए.

अघोरी - कौन है सामने आओ. ऐसा कौन है जिसने मेरे काम में रुकावट दाल कर अपनी मौत को बुलाया है. सामने आओ.

जवाब आने की जगह उसे सिर्फ रूद्र की हसी सुनाई दी

रूद्र- तू नहीं देख पायेगा अघोरी उसे. अबे मादरचोद सेल सादे हुए गेंदे जब मए उसे नहीं देख पा रहा हु तू क्या लोढ़ा देखेगा.

जरूर ये फ़कीर बाबा hoge.rudra ने मन में सोचा……
 


है भाई मैने उस दृश्य पे बहोत सोचा करीब 4-5 बार उसे एडिट किया तब जा के वो दृश्य बन पाया फिर बी रीडर्स hi फैसला करेंगे के दोनों दोस्तों का मिलान दृश्य मए सही लिख पाया या नहीं. उसमे प्यार ,विरह, बिछड़ने का दर्द , मिलान की ख़ुशी, गुस्सा सब कुछ है. मैने बस कोशिश की है बाकि आप सब के ऊपर है. पढ़ के फैसला कीजियेगा
 
अपडेट - 53

अघोरी - rudraaaaaaaaaa तू तो मरेगा hi आज और तेरे मददगार को भी मरुँगा मए……… इतना कह कर अघोरी ने अपनी आंखे बंद की और उस अदृश्य ताक़त को ढूंढने लगा. तो देव ने फिर से उसके पैरो के पास ढेर सरे सांप छोड़ दिए जिससे उसका ध्यान भांग होने लगा वो ध्यान टिका hi नहीं पा रहा था.

अघोरी – मुझे थोड़ी देर ध्यान लगाने दो फिर देखो मए क्या करता हु.

रूद्र – सेल गेंदे इतने साल ध्यान नहीं लगाया अब ध्यान लगाना है तेरे को. एक काम कर तू ध्यान लगा इतने में कोई तेरी गांड मर के चला जायेगा.

देव ने एक भरपूर वॉर किया जिससे अघोरी के कंधे पे जबरदस्त चोट आयी. पूरा कन्धा छील गया और खून बहने लगा इतने में देव ने एक और शक्ति उस पे फेंक दी जिससे वो औंधे मुँह जमीन पे गिरा. और उसकी पीठ पूरी खून से रंगने लगी. लेकिन उसने नीलम का हाथ नहीं छोड़ा. वो तुरंत नीलम का हाथ मजबूती से पकड़ कर………

अघोरी – रूद्र तेरे मददगार कितनी भी कोशिश कर ले मुझे कितना भी जख्मी कर दे लेकिन इस नागिन का हाथ मुझसे नहीं छुड़ा पाएंगे. आज तो इसको छोड़ के hi रहुगा मए. फिर देखता हु तुझे और तेरे मददगारों को. मए अभी जा रहा हु, किस्मत से तू तो बच गया लेकिन मए तुम्हे मौत जरूर दुगा और तुम्हरी मदद करने वाला भी मेरे hi हाथो से मरेगा फ़िलहाल तेरी महबूबा ले के जा रहा हु जिसका मैने इतना इंतजार किया है. और आज इसका कौमार्य भांग कर के तुझे जीते जी तड़पने पे विवश तो कर hi दुगा ………. इतना कह कर अघोरी गायब हो जाता है.

इधर देव ने भी रूद्र को वह से अदृश्य किया और उसे लेकर निकल पड़ा

पूनम नीलम को लेकर सीधा बेसमेंट में पहुँचती है. जहा नागार्जुन बैठा था.

नागार्जुन - कैसी हो नीलम ?

नीलम - नागार्जुन तुम यहाँ ? ये कौन सी जगह है तुम यहाँ क्या कर रहे हो और मए कैसे पहुंची यहाँ?

न – शांत हो जाओ नीलम सरे सवालो के जवाब मिल jayege.tum बैठो पहले.

नीलम - नहीं नागार्जुन वो खतरे में है हमें वह जाना होगा. नागार्जुन रूद्र खतरे में है. उस अघोरी ने हमला कर दिया है उन पर.

न – नीलम शांत हो जाओ. रूद्र खुद काल है उस जैसे सेकड़ो अघोरियों का. उसे कुछ नहीं होगा. जरुरत तुम्हे बचने की थी और तुम बच गयी बाकि बचा रूद्र. वो थोड़ी hi देर में यही आएगा. यकीन रखो मुझ पर. तुम यहाँ बैठो मए अभी आता हु.

नीलम वह बेचैनी में टहलने लगती है. उसने कोशिश की लेकिन वह से निकल नहीं प् रही थी. क्यों के पूनम जानती थी नीलम वापस वह जाने की कोशिश जरूर करेगी तो उसने बेसमेंट को बांध के रखा था जिससे नीलम निकल न पाए. वार्ना वह देवा का गेम बिगड़ जाता.

अभी थोड़ी hi देर हुई थी के वह रूद्र प्रकट होता है.

नीलम दौड़ कर रूद्र के गले लग जाती है.

नीलम – रूद्र तुम आ गए

रूद्र - है नीलम लेकिन तुम यहाँ कैसे पहुंची. और ये कौन सी जगह है हमें तो जंगल में जाना था न.

नीलम - मुझे नहीं पता लेकिन यहाँ नागार्जुन मिला मुझे वो अभी बहार गया है.

रूद्र – नागार्जुन ? वो साला चुटिया यहाँ क्या कर रहा है?

नीलम - वो सब मुझे नहीं पता

रूद्र कुछ सोषने लगता है. और अचानक उसकी आंखे भर आती है.

नीलम रूद्र क्या हुआ तुम रो क्यों रहे हो.

रूद्र जोर जोर से रट हुए घुटनो के बल जमीन पे बैठ जाता है. वो दहाड़े मार मार के रो रहा था. और अचानक अपनी दोनों बहे फैला के चिल्ला कर…………..

Deeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeevvvvvvvvvvvvvvvvvvvvvvvv आजा यार कितना छुपेगा मुझसे मए जनता हु तेरे आलावा और कोई हो hi नहीं सकता.

तभी वह देव और पूनम एक साथ प्रकट होते है. रूद्र झटके से खड़ा होता है और दौड़ कर देव के गले लग जाता है देव और रूद्र दोनों hi रो रहे थे. इधर नीलम और पूनम भी एक दूजे से गले लगी हुई रो रही थी. थोड़ी देर के बाद

रूद्र – कितना रुलाएगा बे

देव उसका चेहरा पकड़ के उसके माथे पे चुम लेता है – बिकुल नहीं बदला तू मेरे भाई.

रूद्र - तू भी नहीं बदला मेरे भाई आज भी तेरे सीने से लग कर दिल में वही ठंडक महसूस होती है. फिर रूद्र और देव दोनों एक दूजे को छोड़ते है तो देव आगे बाद के नीलम के पास जाता है. और उसके सर पे हाथ रख कर उसका भी माथा चुम लेता है तो नीलम रट हुए देव के सीने से लग जाती है इधर पूनम भी ऐसे hi रूद्र से मिलती है. पूनम और नीलम रूद्र और देव से बहन की तरह hi गले मिलती है. ये उनका पवित्र प्रेम था जो सदियों के बिछड़े होने पर आज उमड़ पड़ा था.

देव – कैसी हो नीलम ?

नीलम – कैसे हो सकते है हम आप दोनों के बिना, तुम क्या गए देव भैया हमारी तो जिंदगी hi चली गयी बस सांसे चल रही थी. ये तो हमें फब ने जीने का मक़सद दिया और ये दिलासा भी दिया के एक दिन तुम लोगो से मुलाकात जरूर होगी. इसी आस में जी रहे थे हम दोनों.

रूद्र - ा नीलम छोड़ देव को हमें उससे कोई बात नहीं करनी. रूद्र ने अपना चेहरा साफ करते हुए मुँह फुला के कहा.

देव – क्या बकता है बे?

नीलम - ये कैसी बाटे कर रहे है आप मए तो नहीं छोड़ने वाली इन्हे अब

रूद्र - तो ठीक है तू मत छोड़ तेरी मर्जी पर मए इससे बात नहीं करुगा.

देव – अबे पगला गया है क्या? तुझे क्या हो गया ?

रूद्र - अच्छा मए पगला गया हु मए बताऊ तुझे?

देव – नीलम, पूनम तुम दोनों दूर हो जाओ ये सैंड पागल हो गया है.

इतना सुनते hi नीलम और पूनम उन दोनों से दूर हो जाती है और हस्ते हुए इन दोनों को देखने लगती है.

रूद्र - सेल बहोत बड़ा पहलवान समझता है खुद को? क्या बका था उस दिन तूने जब मैने कहा था सगाई पे मुझे ले चल

…… है याद आया तूने कहा था ये तो बस यु hi है शादी साथ में करेंगे. तू नीलम के माँ बाप को मंदिर ले जा. मैने कहा था मुझे तेरे साथ जाना है तो नहीं ले गया बड़ा योद्धा बना फिरता था न तू? क्या हुआ वो सेल दो कौड़ी के कलिये ने मार दिया तुझे? क्यों नहीं ले गया था मुझे उस दिन बोल ?

देव – देख रूद्र मेरे भाई मेरी बात तो सुन तू……………

रूद्र ने देव को बिना मौका दिए एक जम्प ली और किक मरी सीढ़ी देव को, देव लुढ़कता हु दूर जा गिरा.

देव – रूद्र देख रुक जा वार्ना अच्छा नहीं होगा.

रूद्र – सेल अच्छा हुआ hi क्या है जो अब होगा इतना कह कर रूद्र ने एक घुसा देव पे चला दिया

जिससे देव का पूरा जबड़ा हिल गया “सेल एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरि. गलती करता है और फिर ताव दिखा रहा है. रुक तेरी तो मए.

रूद्र ने फिर जम्प ली और देव को एक किक मरी देव फिर लुढ़कता हुआ गिरा

देव – अबे सेल मए तो तेरी hi भलाई कर रहा था न तू अपने होने वाले ससुरालियों को मन करता तो अच्छा लगता क्या. अब मार क्यों रहा है?

रूद्र - पहले तो खड़े हो के बात करो गिरे पड़े हुए नहीं. चल उठ सेल. भाई बोलता है? ससुरालियों को मन करना अच्छा नहीं लगता? सेल तेरा छोड़ के जाना अच्छा लगा था क्या? और एक घुसा फिर पड़ता है देव के मुँह पे. और देव 10 कदम दूर हो के गिरता है.

इतने में पूनम बीच में आ जाती है.

पूनम - रूद्र भैया रुक जाओ न देखो मेरी बात नहीं मानोगे.

रूद्र - तुम हैट जाओ भाभी मए इसे आज सबक सीखा के रहुगा. जिस से ये फिर कभी मुझे यु अकेला छोड़ के जाने की सोचे भी नहीं.

पूनम – रूद्र भैया जितना तुम तड़पे हो उतना hi ये भी तड़पे है तुम्हरे लिए. तुम दोनों के लिए. पता नहीं कितना रोये है ये इनकी आँखों से निकले हर आंसू की मए गवाह हु. तुम दोनों से बिछड़ के ये भी खुश नहीं हुए थे, न मए. अब माफ़ कर दो न इन्हे.

रूद्र - ठीक है भाभी तुम कहती हो तो……. अबे अब पड़ा क्या है नीचे चल इधर आ.

देव – नहीं मए नीचे hi सही हु तू फिर मरेगा मुझे. और फिर गिरायेगा.

रूद्र – अबे उठ के आ नहीं तो सच में मरुँगा तुझे.

देव उठ के खड़ा होता है

रूद्र - लगी तो नहीं न मेरे यार? रूद्र उसे फिर से गले लगा लेता है. मेरे यार आज के बाद मुझे अकेला छोड़ के मत जाना मए भी मर गया था तुझे वह बेजान देख कर. आज भी वो नजारा याद कर के अपनी hi आँखे फोड़ देने का जी चाहने लगता है. तू मेरी जान है तू सबसे पहले बाकि सब बाद में.

देव – मए जनता हु मेरे भाई तभी तो मए भी तेरे बिना आधा हो गया था न.

रूद्र अपने हाथ से वही कड़ा उतर के देव को पहना देता है. जो देव ने अपने मरने से पहले उतर के अपने पिता को दिया था ये कह कर के रूद्र को दे देना.

रूद्र – ये ले मेरे यार अपना कड़ा. इसे तब पहना था जब तू हमें छोड़ के चला गया था. और आज इसे वापस तुझे पहना रहा हु. इसे पहनते hi मुझे हर घटना साफ़ साफ़ दिख गयी थी बिना किसी से कुछ पूछे मए सब जान गया था.

तभी वह नागार्जुन आ जाता है – तो मिल लिए आप दोनों? मुझे पता था देव की धुनाई होने वाली है. इसीलिए मए अंदर नहीं आ रहा था. मुझसे इनकी धुनाई देखि नहीं जाती.

देव – अरे नागार्जुन ये धुनाई नहीं इसका प्यार था जिसके लिए मए सदियों से तड़पा हु. और फिर क्या दोस्त के मरने से भी कभी दर्द होता है? चल खाने का इंतजाम कर आज सदियों बाद हम सब मिल के खायेगे.
 
अपडेट – 54

रूद्र – क्यों बे पगलेट तू यहाँ क्या कर रहा है नाग लोक से भगा दिया क्या तेरे को?

नागार्जुन - क्या रूद्र? ऐसा कभी हो सकता है? कैसे हो तुम ?

रूद्र – अबे सेल तुझे भी पटना है क्या देव के जैसा ? इधर आ सेल गले मिल बहोत यद् किया तुम सब को मैने यार. मए जी तो रहा था लेकिन एक लाश की तरह आज तुम सब को देख के ऐसा लग रहा है जैसे फिर से मेरे बेजान जसीम में जान आ गयी है.

नागार्जुन की भी आँखे भर आयी वो रूद्र से लिपट गया.

नागार्जुन – है रूद्र हम सब का भी यही हाल था. जब से देव को पिछले जनम की बाटे यद् आयी है उसने तुझे बहोत यद् किया है हर बार फ़कीर बाबा से तेरे लिए पूछता था. मुझे भी ये अहसास हो गया के तू उसके लिए क्या है. सच में यार तुम दोनों दो जिस्म एक जान hi हो. ईश्वर अब तुम दोनों को हमेशा साथ hi रखे. अब चलो खाना लगवा देता हु.

अपनी गुफा में घुसते hi अघोरी के होश उड़ गए थे. क्यों की नीलम का हाथ जो उसने पकड़ रखा था अब उसका वो हाथ खली था. उसने हड़बड़ा के यहाँ वह देखा के कही नीलम सांप बन के खिसक रही हो तो उसे पकड़ सके. लेकिन बहोत ढूंढने पर भी नीलम उसे नहीं मिली. वो भागता हुआ बहार तक आया . लेकिन नीलम कही नहीं थी. वो वापस जैसे hi गुफा में घुसा. सामने उसका गुरु खड़ा था.

गढ़ – क्या हुआ अघोरी क्या धुंध रहा है इतनी बेचैनी से?

अघोरी - गुरुदेव मैने उस नागिन को पकड़ लिया था और उसे अपनी गुफा में भी लाया था पता नहीं वो दुष्ट कहा चली गयी?

गढ़ हस्ते हुए – अरे बेवक़ूफ़ बना गया वो रूद्र और उसका मददगार तुझे.

अघोरी की आँखे सुर्ख हो गयी - gurudevvvvvvvvvvvvvvv अगर आपकी जगह ये बात किसी और ने कही होती तो वो अब तक जीवित नहीं होता.

गढ़ – गुस्से को पलना सीख अघोरी असल में क्या हुआ मए बताता हु तुझे. तूने रूद्र से बाते करते हुए 2 पल के लिए उस नागिन नीलम का हाथ छोड़ा था यद् है. तेरे कंधे पे सांप थे उन्हें हटाने के लिए?

अघोरी - है लेकिन वो बस 2 पल के लिए hi ………..

गढ़ – उन्ही दो पालो में असली नीलम की जगह उसका प्रतिरूप तेरे पास आ गया और असली नीलम को अदृश्य कर दिया गया. और वह से हटाया गया. तू तब से उस प्रतिरूप का hi हाथ पकडे खड़ा था. और उसे hi यहाँ लाया था. लेकिन अब उस प्रतिरूप का कोई काम बचा hi नहीं रूद्र और नीलम सुरक्षित हो चुके है इसीलिए वो प्रतिरूप गायब हो गया और तू हाथ माल्टा रह गया.

अघोरी - AAAAAAAAAAaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa ये कैसे हो गया मेरी वर्षो की म्हणत पे पानी किसने फेरा है गुरुदेव बताओ मुझे?

गढ़ – वो जो भी है उसने फ़िलहाल खुद को छुपा के रखा है. मए उसे देख नहीं पा रहा हु. जो सच था वो बता दिया तुझे.

अघोरी - अगर ये सच आप जानते थे तो उसी वक़्त मेरी सहायता क्यों नहीं की? क्या आप भी दर गए थे उससे?

गढ़ - गलत बात मत बोल, मेरा काम मुझे मत सीखा. ये तेरा मामला है तुझे hi संभालना है. जितना हो सके मए मदद तो कर hi रहा हु तेरी अब तू चाहता है तेरे काम भी मए hi करू ये मुमकिन नहीं है. तू उन्हें नहीं संभल पाया ये तेरी गलती है इसका दोष मुझे मत दे.

अघोरी – अब क्या होगा गुरुदेव?

गढ़ – फ़िलहाल मए चलता हु और उसे ढूंढने की कोशिश करता हु मेरी मशीन अब तक उसे धुंध नहीं पायी है. जैसे hi वो उसे धुंध लेगी मुझे उनकी तरफ से इशारा मिल जायेगा. तू सोच और कोई मौका मिले तो रूद्र को फसा ले और नहीं तो सही वक़्त का इंतजार कर ,

इतना कह कर गुरुदेव गायब हो गए और अघोरी हाथ माल्टा रह गया वो बेहद परेशां था लेकिन बात उसके हाथ से निकल चुकी थी.

इधर खाना कहते हुए रूद्र – देव ये कौन सी जगह है?

देव – मेरा जनम इसी गाँव में हुआ है. कुछ समय पहले फब आये और धीरे धीरे मुझे तैयार किया और फिर पूनम को भी और फिर हम लोग नाग लोक गए वह से तिलिस्म नगरी और वह जा के सब से मिले और फिर हमें पता चला के हम कौन है. वार्ना तो हमें बचपन से कुछ याद hi नहीं था मैने एक किसान के घर जनम लिया है. बचपन से किसानी hi की. अब जाकर मुझे मेरे इस जनम का रहस्य पता चला. और फिर मैने साडी शक्तिया भी अपने अंदर जगायी जो मेरे पास पहले से थी वो भी और जो मैने सेकड़ो सालो की तपस्या से हासिल की मरने के बाद वो भी. और आज hi मए तिलिस्म नगरी से लौटा हु वह फब ने मुझे बताया के वो साला अघोरी बहोत समय से तुम दोनों की प्रतीक्षा कर रहा है. और आज हमला कर के तुम्हे मरने की कोशिश करेगा और नीलम को ले जायेगा. बस मए उस अघोरी से पहले hi पहुंच गया . और नतीजा तुम्हरे सामने है.

रूद्र – अरे वह मतलब तूने उस अघोरी की सालो की प्रतीक्षा को अपनी फूंक से उदा दिया ये हुई न कोई बात हमारे मिलते hi उसकी उलटी गिनती शुरू ये सही किया तूने वैसे एक और अच्छी बात है के तेरा एक परिवार यहाँ भी है.

देव – है और मेरे साथ साथ इसी गाँव में पूनम ने भी जनम लिया है तो उसका भी परिवार है यहाँ. और इत्तेफ़ाक़ देखो हमारा रिश्ता यहाँ भी दोनों परिवारों ने मिलकर तय कर दिया. वो भी तब जब हम अपने पिछले जनम के बारे में कुछ नहीं जानते थे.

नीलम – तुम दोनों का प्यार तो एक दूजे के लिए hi है. और तुम दोनों ने एक दूजे के लिए hi जनम लिया है तो भला दोनों कैसे न मिलते.

रूद्र - इस जनम के अपने परिवार से नहीं मिलवाओगे?

देवा – जरूर मिलवाऊंगा. लेकिन पहले तुम दोनों को भी ये हुलिया बदलना होगा ये इस तरह का हुलिया यहाँ फिल्मो में होता है असली जिंदगी में नहीं

रूद्र – देख यार हमें नहीं पता तू hi बदल ले जैसा बदलना चाहे.

ठीक है खाना ख़तम करो फिर वो भी कर देते है.

फिर कहना ख़तम करने के बाद देव ने पूनम को इशारा किया तो उसने भी मुस्करा के है में गार्डन हिला दी और नीलम को अपने साथ लेकर चली गयी अदृश्य हो कर अपने रूम में और रूद्र देव के साथ अदृश्य हो कर उसके रूम में.

हवेली में ठाकुर को पता चलता है के देव ने कल रत को क्या किया है तो वो पागल हो जाता है.

ठाकुर - भीमा तूने तो कहा था के सब एक से बढ़कर एक त्रिनेड बन्दे है ये देवा ने तो सबकी माँ छोड़ डाली. हमारे सरे आदमी ख़तम कर दिए.

भीमा - मालिक मुझे भी इस बात का अंदाजा नहीं था. लेकिन ये सब हो गया. आप मुझे आदेश दे के मुझे क्या करना है. आप कहे तो मए. अभी जाकर उस देवा को जिन्दा hi चबा जाता हु.

ठाकुर - नहीं ऐसे नहीं भीमा उसकी कमजोरी का पता लगाओ पहले जिससे के वो फड़फड़ा तो सके पर उड़ न सके, तब हम आराम से उसके पर काटेंगे.

भीमा – मालिक मेरे ख्याल में हम उसकी कमजोरी जानते है.

ठाकुर - तो बोल फिर

भीमा - माफ़ कीजिये मालिक लेकिन मए बताउगा नहीं उस कमजोरी को ख़तम कर के उसकी लाश लेकर आउगा. या वो कमजोरी hi यहाँ ले आउगा.

ठाकुर – ठीक है जा.

ठाकुर नहीं जनता था के उसकी बाते कोई और भी सुन तहा है. जैसे hi भीमा निकला वैसे hi वो शख्स भी वह से हैट गया.

यहाँ घर में

पूनम – नीलम अपने पूरे कपडे उतर दो.

नीलम - क्या ? पर क्यों?

पूनम - अरे मए तो जादू से भी तुझे कपडे पहना सकती हु लेकिन तुझे सीखना भी है न इसलिए. अब उतर भी सिर्फ मए hi हु यहाँ

नीलम अपने नाग लोक वाले कपडे उतर देती है. उसका कैसा हुआ गोरा बदन देख कर पूनम की आंखे चमक उठती है. इस समय नीलम के शरीर पर धागे का टुकड़ा भी नहीं था.

पूनम - अरे वाह नीलम जितना खूबसूरत तुम्हरा चेहरा है उतना hi सुन्दर तेरा शरीर भी और वो भी एक डैम कैसा हुआ रूद्र की तो किस्मत खुल गयी रे.

नीलम - पूनम……. ऐसी बाटे मत करो न मुझे शर्म आ रही है.

पूनम - अरे वाह तू तो ऐसे शर्मा रही है जैसे मेरे सामने नहीं रूद्र के सामने बिना कपड़ो के कड़ी है. अरे ये तो मए हु जो अब तक सिर्फ देख कर तारीफ कर रही हु. रूद्र होता तो अब तक तुझे इस पलंग पे लिटा चूका होता.

नीलम तो शर्म से गाड़ी जा रही थी.

पूनम – ाचा ठीक है अब मए तुम्हे और शर्माने नहीं दूगी बस कुछ बाटे ध्यान से सुन लो फिर मए तुम्हे कपडे भी पहनना सीखा दूगी. सबसे पहली बात ये तुम्हरी योनि पे इतने बाल है इसे साफ़ रखना ये यहाँ का चलन है. यहाँ किसी को पसंद नहीं आते ये इस धरती लोक पे ज्यादातर महिलाये साफ़ hi रखती है यहाँ की लड़किया भी. और ये बगल के बाल भी. साफ़ रखने होंगे.

नीलम - लेकिन दीदी ये योनि के बाल भला किसे दिखने है जो इन्हे साफ़ रखे?

पूनम – अरे मेरी भोली बन्नो मन के इसे तेरे रूद्र के आलावा और कोई नहीं देखेगा लेकिन फिर भी साफ़ रखते है इसे. क्यों की इस धरती पर तरह तरह की बीमारिया है. जो साफ़ सफाई न रखने पे जकड लेती है. हमारे लोक की तरह यहाँ का वातावरण शुद्ध नहीं है. यहाँ की हवा hi खतरनाक है समझी.

पूनम आगे बाद के नीलम की छूट पे हाथ फेर देती है तो नीलम की छूट एक डैम चिकनी क्लीन शेव हो जाती है अब वह कोई बाल नहीं थे. उसकी छूटे क डैम गुलाबी दिख रही थी. बिलकुल अनछुई. फिर पूनम नीलम के दोनों हाथ ऊपर कर के उसकी दोनों बगलो पे हाथ फेरती है और उसकी बगल भी एक डैम साफ और चिकनी हो जाती है.

नीलम – सब लोगो को कैसे पता चलेगा? क्या मए सब के समाने बिना कपड़ो के जोगी?

पूनम - नहीं पागल बिना कपड़ो के तो तू सिर्फ रूद्र के सामने जाएगी लेकिन मर्दो को भी साफ और चिकने अंग hi पसंद आते है इसलिए साफ़ hi रखना अब क्या पता कब रूद्र तेरे कपडे उतर फेंके.

नीलम - क्या दीदी आप भी ऐसा कुछ नहीं करेंगे वो मए जानती हु उन्हें. और मए आपकी बात भी समझ गयी

पूनम फिर नीलम के लिए जादू से ब्रा और पेंटी लती है और उसे पहनना सिखाती है. फिर उसे एक शानदार सूट पहनती है. और उसे मेकउप करना भी सिखाती है.

नीलम - पूनम ये सब तुमने कब सीखा?

पूनम – अरे मत भूलो मए कौन हु ये मुझे अभी पता चला है. वार्ना बचपन से जवानी तो मेरी धरती लोक पर hi आयी है न तो ये सब तो यहाँ की मामूली जानकारिया है जो हर लड़की को मिल hi जाती है. कुछ घर से कुछ सहेलियों से. अब यहाँ पे दसिया तो होती नहीं के वो तैयार करे. खुद hi होना पड़ता है समझी.

नीलम समझ भी गयी और सब सीख भी गयी पर क्या मर्दो को भी ये सब करना पड़ता है और पहनना पड़ता है यहाँ?

पूनम हंस के - नहीं पगली वो तो अलग hi कपडे पहनते है देखा नहीं था अभी देव ने कैसे कपडे पहने थे. और है अंदर वो क्या पहनते है ये तू रूद्र से पूछ लेना या अकेले में उसके कपडे उतर के देख लेना.

नीलम फिर से शर्मा जाती है – जाओ पूनम दीदी मए बात नहीं करती बहोत छेड़ने लगी हो आजकल.

पूनम हंसती हुई उसे गले से लगा लेती है. तभी उसे घर के बहार आवाज़े आने लगती है.

पूनम – शायद माँ आ गयी.

इधर देवा के घर में रूद्र भी सब सीख चूका था और वो देवा के साथ बैठा पिछली बाते यद् कर के हंस रहा था. तभी देवा का मोबाइल बजा.

देवा – hello

………….

देवा – आज उसकी मौत आयी है. बताने के लिए धन्यवाद्. मिलता हु तुमसे मए.

देवा की आँखों में क्रोध उमड़ रहा था. जिसे रूद्र ने भी देखा और देवा के साथ खड़ा हो गया.

रूद्र - क्या हुआ?

देवा – बताने का समय नहीं है. चल
 
अपडेट - 55

देवा और रूद्र दोनों तेजी से बहार निकलते है. और देवा रर में बैठ जाता है. रूद्र को भी बैठने के लिए बोलता है. और फिर तेजी से गाड़ी चलता हुआ बंगले से निकल जाता है.

इधर जैसे hi पूनम अपने कमरे का दरवाजा खोल कर बहार निकलती है. सामने भीमा खड़ा हुआ भद्दी हंसी हंस रहा था.

भीमा – कैसी हो मेरी छम्मक चलो. हाय बड़ी गदरा गयी हो. चल आज तेरी जवानी का रास ठाकुर पियेगा और उसके बाद साडी रात मए तुझे चूस चूस के खाऊंगा.

पूनम शांत कड़ी थी तभी नीलम बहार आती है और एक तमाचा खिसंह कर भीमा के मुँह पे मरती है. भीमा जैसे आदमी को भी अपना जबड़ा हिलता हुआ महसूस होता है.

भीमा – अरे वह रे ये तो तुझसे भी बड़ी कातिल है क्या तमाचा मारा है. तुम दोनों को आज मए छोड़ूगा वो भी हवेली में ठाकुर के सामने जमीन पे कुटिया बना के पेलूगा तुम दोनों ko.uthao रे दोनों को.

नीलम फिर आगे बढ़ती है लेकिन पूनम शांति से उसका हाथ पकड़ लेती है और इशारे से मन करती है.

इन दोनों को भीमा के साथ आये हुए लोग उठाते है और गाड़ियों में दाल के निकलते है. और हवेली की तरफ बढ़ जाते है. पूनम अभी भी शांत थी. और नीलम अपने गुस्से को दबाये बैठी थी.

इधर चलती गाड़ी में देवा कॉल लगता है गुरुम को

गुरुम – है देवा बोलो

देवा- गुरुम ठाकुर के आदमियों ने पूनम और उस के साथ हमारी एक और सदस्य को उठाया है. और हवेली ले जा रहे है.

गुरुम – उन मादरचोदो की इतनी हिम्मत भाभी को उठाया. सेल मरेंगे आज सब

देवा – है वो तो है hi. तुम एक काम करो. सीधे हवेली पहुँचो मए भी वही जा रहा हु.

फिर कॉल कट कर के देवा गाडी चलने लगता है.

रूद्र – ये क्या चक्कर है ? और ये ठाकुर कौन है और उस मादरचोद ने भाभी को उठवाया? सेल को मरना है क्या? भाभी तो उसे यु hi मसल सकती है.

देवा – तू बिलकुल ठीक कह रहा है. लेकिन ये पृथ्वी लोक है यहाँ हम लोग अपनी शक्ति नहीं दिखते. हलाकि पूनम फिर भी उन्हें सबक सीखा सकती है. लेकिन ठाकुर मेरा दुश्मन है ये उसे भी पता है . इसलिए वो उन के साथ चुप चाप गयी है. उसे पता है के हम लोग वह पहुंच जायेगे. और तेरे लिए भी एक खबर है मेरे लाल के वो लोग पूनम के साथ अपनी मौत का दूसरा सामान यानि नीलम को भी ले गए है. अब जहा वो दोनों हो वह हलाकि हमारा तो जाना बेकार है पर फिर भी उन्हें हम hi निकलेंगे वह से

रूद्र – ऐसा है तो ठीक है. कोई जादुई शक्ति नहीं दिखेगी किसी को लेकिन मेरे भाई आज तू चुप बैठेगा और मए hi वह सम्भालूंगा. मन जा यार.

देवा हस्ते हुए- ठीक है जैसी तेरी मर्जी. लेकिन है वह मेरा एक नया दोस्त भी आ रहा है उससे तुझे बाद में मिलवाऊंगा. वो भी उन्हें ठोकेगा. यानि तुम दोनों मिल के उनकी बजाओगे.

रूद्र - वाह ये हुई न बात.

तभी देव की गाड़ी हवेली के सामने पहुँचती है और देव को गुरुम की स्कार्पियो भी तेजी से आती हुई नजर आती है.

देव – रूद्र देख वो आया अपना नया यार.

रूद्र – ह्म्म्मम्म उसकी राफ्तेर बता रही है के वो दमदार बाँदा है. तेरे एक बार बोलने पे उड़ता हुआ आया है. इसके साथ भी मजा आएगा.

दोनों hi गाड़िया तेजी से एक के पीछे एक हवेली का गेट तोड़ती हुई घुसती है. पहले रर उस के पीछे स्कार्पियो. और दोनों hi स्किड होती हुई रूकती है.

पहले रर से फ्रंट गेट खोल कर देवा उतरता है तो दूसरी तरफ से रूद्र उतरता है. उतारते hi रूद्र की पीठ पे दो तलवारे नजर आने लगती है. इसी के साथ पीछे वाली गाड़ी का गेट खोल के गुरुम उतरता है. तीनो की hi आँखों में अंगारे थे. आगे आगे देवा चल रहा था और उस के आजु बाजु रूद्र और गुरुम.

गुरुम की कमर से भी होल्स्टर में दो हैवी गन्स लटक रही थी जो की फुल्ली लोडेड थी. और एक्स्ट्रा मग्स. उसकी शर्ट में भरे हुए थे.

देवा हवेली में घुसता है तो उसे दो आदमी सामने खड़े नजर आते है.

ा1 – देवा, ठाकुर साब ने तुम्हे हवेली के पीछे बुलाया है. तुम तीनो चुप चाप वही चलो. कोई होशियारी मत करना वार्ना रस्ते में hi उदा दिए जाओगे.

देवा का इशारा पा कर रूद्र और गुरुम भी साथ चलने लगते है हवेली के पीछे स्विमिंग पूल बना हुआ था. जिसमे 3 मगरमच्छ तैर रहे थे. थोड़ी दूरी पे ठाकुर एक बहोत बड़ी कुर्सी पे आराम से बैठा हुआ था. उस के चेहरे पे मुस्कान थी. मनो वो जीत चूका है और ये लोग बस तमाशा देखने आये है.

ठाकुर – आओ देवा क्या बात है आज तो तुम भी बॉडीगार्ड लाये हो साथ में.

देवा मुस्कराते हुए – ठाकुर, हम जैसे लोग बॉडीगार्ड नहीं रखते. हमारे दोस्त hi इतने खास होते है की बिना कहे साथ में खड़े हो जाते है. ये दोनों मेरे ऐसे hi दोस्त है. बल्कि यु कहो की भाई है.

भीमा - अरे ठाकुर साब ये जो जैकेट वाला बाँदा है इसका नाम तो गुरुम है. इसे मए hi लाया था शहर से. ये देवा के साथ?

……….. क्यों गुरुम पार्टी बदल ली क्या?

गुरुम – भीमा, मैने पहले hi कहा था. निर्दोष को मए नहीं मरता. तुमने झूठ बोलै और मुझे यहाँ लाये. देवा ने मुझे सच बताया तो मैने इसका साथ दिया और अब हमेशा दुगा. पार्टी मैने नहीं बदली. बस सच का साथ hi दिया है हमेशा की तरह.

ठाकुर – अरे भीमा ये देवा भी दो कौड़ी के लोंडो को अपने साथ लेकर समझता है के पहाड़ जैसे ठाकुर से जीत जायेगा. पर इन दोनों को ये नहीं पता के आज देवा के साथ ये भी मरेंगे.

रूद्र – अबे चूतिये, कितना बोलता है बे. ये होगा वो होगा. चल काम की बात कर वार्ना यही दस लगा मादरचोद.

ठाकुर – छोकरीबीए लगाम दे अपनी जबान को तू यहाँ के ठाकुर के सामने खड़ा है.

रूद्र – तो?..... उखड लेगा कुछ मेरा? सुन बे ठाकुर मए वो हु के,

पीछे पड़ा जो किसी के दुश्मन जनि बन कर

दस लिया उसको बाह गया वो पानी बन कर

ठाकुर – हमें मैदान में आने की जरुरत नहीं बच्चे. पेण्ट तो अभी तुम लोगो की गीली होगी जरा उधर आँख उठा के देखो ऊपर. ( ठाकुर दो बार चुटकी बजा कर देवा को उस दिशा में देखने के लिए कहता है)

तीनो स्विमिंग पूल की तरफ ऊपर देखते हे तो वह नीलम और पूनम को ठाकुर ने लटका रखा था.

ठाकुर – वो क्या है की आज हमारा मूड हो गया खेलने का. तो इन दो हसीनाओ को उठवा लिया. अब डैम है तो इन्हे बचा लो. लेकिन इन्हे बचने के लिए तुम में से कोई एक भीमा से लड़ेगा. अगर इस बीच कोई दूर आया तो मेरे आदमी उसे गोली मार देंगे. और मेरे आदमियों को कुछ किया तो इन दोनों की राशि ऊपर बैठा मेरा आदमी काट देगा और ये सीढ़ी गिरेगी मगमच्छों के मुँह में.

गुरुम के चेहरे पे टेंशन आ जाता है. लेकिन देव और रूद्र आराम से खड़े मुस्करा रहे थे.

गुरुम – भाई आप दोनों हंस क्यों रहे है.

देवा – वो क्या है न गुरुम हमें नीलम और पूनम की टेंशन नहीं है. हमें तो ये साला भीमा मारा हुआ नजर आ रहा है.

रूद्र – है भाई गुरुम. अब एक काम करते है इस भीमा से लड़ने जाता हु मए. तू ध्यान रखना उन कबूतरों का जो ऊपर से चोंच मर सकते है. और देवा यहाँ बैठ के मजे करेगा.

गुरुम – लेकिन भाई वो भाभी का क्या?

रूद्र – चिंता मत करो भाई . भाभी को बाद में उतर लगे न हम लोग. चल मजे करते है.

गुरुम को रूद्र की बाटे और देवा की निश्चिंतता समझ में नहीं आयी लेकिन फिर भी वो रूद्र के साथ आगे बढ़ गया.

गुरुम को हैरानी थी उनकी बातो से लेकिन वो फिर भी रूद्र के साथ चलने लगता है. और देवा आगे बाद के ठाकुर के पास जाता है. और वही रखे दूसरे सोफे पे आराम से बैठ जाता है.

ठाकुर – बहोत निश्चिन्त हो तुम ?

देवा – यार अब ये भीमा जैसो से हम डरने लगे तो हो चूका काम . उसे मेरा दोस्त अभी सुला डालेगा. पर अब अगर तूने कोई कुत्ता गिरी की न तो गुरुम तुम्हे फोड़ डालेगा. इसलिए अब तमाशा देखो.

रूद्र – आ भाई भीमा थोड़ी कसरत करते है. कुछ हड्डिया चटकाते है. बहोत समय से ऐसा मजा आया नहीं . पर अपने देव के साथ आते hi पुराणी जिंदगी की तरह मजे चालू हो गए.
 
अपडेट - 56

भीमा दोनों हाथो से रूद्र पे हमला करता है और उसका गाला पकड़ने hi वाला था के रूद्र ने उसके दोनों हाथो को अपने हाथो में जकड लिया और दोनों सैंड की तरह सर जोड़ कर एक दूसरे को आगे पीछे धकेलने लगे. रूद्र सिर्फ मजाक में hi लड़ रहा था अगर वो पूरी ताक़त लगता तो भीमा तो धरती में घुस चूका होता.

भीमा पूरी ताक़त लगाकर रूद्र को धकेलता है तो रूद्र जान बूझकर पीछे होने लगता है. भीमा का हौसला बाद जाता है. वो और ताक़त लगा कर रूद्र को धकेलने लगता है. तभी रूद्र भीमा के हाथ छोड़ कर साइड हो जाता है. भीमा फुल प्रेशर लगा रहा था. इसलिए अपनी hi झोंक में तेजी से जा के गिरता है तो सामने के पिलर में उसका सर बहोत जोर से लगता है और उसका सर फैट जाता है. जिससे खून की लकीर बहने लगती है.

इसे देख कर ठाकुर हैरान हो जाता है. क्यों की आज तक उसने भीमा का खून नहीं देखा था.

इधर सब का ध्यान रूद्र और भीमा की फाइट पे था देवा ऊपर देख कर एक चुटकी बजता है. तो पूनम और नीलम वह से गायब हो जाती है. और वही साइड में बालकनी में राखी कुर्सियों पे बैठ कर वो भी फाइट देखने लगती है.

भीमा चिल्लाते हुए रूद्र पर तेजी से हमला करता है रूद्र साइड हो कर अपना घुटना आगे कर देता है जो भीमा के जबड़े पे लगता है. और भीमा फिर मुँह के बल गिरता है.

रूद्र एक जम्प लेकर भीमा के पास जाता है तो भीमा तेजी से पलट के लेते लेते hi अपनी लत घुमा देता है जो रूद्र के पेट में लगती है जिससे रूद्र लड़खड़ा जाता है. भीमा उठकर फिर से एक पंच रूद्र पे चलता है. जिसे रूद्र. साइड में घूम के काट ता है और अपनी कोहनी का भरपूर वॉर भीमा की पीठ पे करता है. भीमा जैसे hi गिरता है. रूद्र उसे अपने दोनों हाथो में उठा लेता है. और अपने सर के ऊपर तक उठाकर पूरी ताक़त से ठाकुर की तरफ फेंकता है तो भीमा जाकर ठाकुर के पैरो में गिरता है. और बेहोश हो जाता है.

देवा- ठाकुर तेरा ये शेर ये महाबली, पहलवान या जो कुछ भी था. इतनी जल्दी बेहोश भी हो गया. चल कोई बात नहीं हम इंतजार करते है तू इसे होश में ले आ रूद्र इससे फिर से लड़ेगा.

ठाकुर हैरानी से रूद्र की तरफ देखता है. जो अपनी कमर पे हाथ रखे ऐसे खड़ा था जैसे कुछ हुआ hi नहीं उसके चेहरे पे कोई थकन नहीं थी. माथे पे एक बूँद पसीने की नहीं थी. एक डैम फ्रेश खड़ा था.

ठाकुर – देवा गलती कर दी तूने भीमा का ये हल करवा के. अब देख मए इन दोनों लड़कियों के साथ क्या करता हु.

देवा – किन दो लड़किया का ठाकुर?

ठाकुर - इन दो…………………….

ठाकुर वह ऊपर देखता है लेकिन उसकी हैरानी के मरे आंखे घूम जाती है क्यों की वह तो कोई नहीं tha.Upar किसी को न पाकर ठाकुर परेशां हो जाता है.

ठाकुर अपने आदमियों से – क्यों रे हरामखोरो वो दोनों लोंड़िया कहा गयी.

अब किसी ने कुछ देखा हो तो बताये.

देवा – एक मिनट ठाकुर , यार तुम चिल्लाते कितना हो. लड़किया देखनी है न . उधर देख ( देवा भी दो चुटकी बजा के दूसरी बालकनी की तरफ िश्रा करता है)

ठाकुर उस तरफ देखता है तो पूनम और नीलम आराम से वह राखी कुर्सियों पे बैठी मुस्करा रही थी. उसकी आंखे सुलगने लगती है. ये किसने किया.

देवा – मैने किया अब ये मत पूछना कैसे किया क्यों की उसे समझने के लिए तुझे कई जनम लेने पड़ेगे. शायद उस के बाद भी न समझ पाए. अब रुक एक मिनट.

फिर देवा पूनम और नीलम को इशारे से नीचे आने को कहता है. जब दोनों नीचे आ जाती है.

देवा धीरे से – तुम दोनों यहाँ से बहार निकल के अदृश्य हो के घर पहुँचो हम आते है.

वो दोनों जाने लगती है. तो ठाकुर – ा तुम दोनों कहा चली. अरे कोई रोको इन्हे. ये दोनों बहार न जाने पाए.

दो आदमी जैसे hi पूनम नीलम की तरफ दौड़ते है. देवा गुरुम को इशारा कर देता है.

धय ….धय… दो गोलिया और वो दौड़ते हुए आदमी फिनिश

देवा – न न न ठाकुर तेरे आदमी हिले भी तो गुरुम उन्हें वही से उदा देगा. तू शायद नहीं जनता लेकिन इसका निशाना गज़ब का है. ये बिना हिले तेरे हर आदमी को सुला देगा. समझा इसलिए लड़कियों को जाने दे.

ठाकुर बेचैनी से उन्हें जाते हुए देखता रह जाता है.

ठाकुर – देवा उन्हें तो मए फिर से उठवा लगा लेकिन तुम तीनो नहीं बचोगे. वह खड़े दूसरे आदमी अपनी तलवारे निकल लेते है. तो गुरुम उनकी तरफ गन करता है. लेकिन देवा उसे इशारे से रुकने को कहता है.

देवा – ठीक है ठाकुर तेरी ये तमन्ना भी मए पूरी कर के जाउगा. भेज दे सरे तलवारबाज़ रूद्र की तरफ वो अकेला लड़ेगा.

रूद्र के चेहरे पे ख़ुशी झलकने लगती है. उसे चारो तरफ से कोई 10 लोग घेर लेते है तलवारो के साथ तो रूद्र भी अपनी तलवारे पीठ से खींच लेता है.

देवा - ठाकुर तेरे 10 आदमियों से मेरा रूद्र अकेला लड़ेगा लेकिन अगर किसी ने पीछे से वॉर किया तो वो मरेगा. गुरुम उसे शूट कर देना तुम

ठाकुर परेशां होने लगता है और गुरुम देवा को देख कर ठूंस उप करता है. और चारो तरफ से चौकन्ना हो जाता है. के कही से किसी ने बीच में चालाकी करने की कोशिश की तो उसे उदा सके.

इधर वो 10 आदमी रूद्र पे तलवारो से हमला करते है तो रूद्र नीचे बैठ कर अपनी दोनों तलवारे अपने सर के ऊपर रख लेता है 10 तलवारे एक साथ उस के ऊपर पड़ती है. लेकिन चोट कोई नहीं दे पता. रूद्र तेजी से ऊपर की तरफ उछलता है और सरे आदमी भी उड़ते हुए इधर उधर गिरते है.

तभी दो आदमी फुर्ती से उछाल आकर रूद्र पे हमला करते है तो रूद्र एक का वॉर अपनी तलवार पे रोकता है और दूसरे का वॉर जो उसने पैरो पे किया था. रूद्र जम्प लेकर निकल देता है और अपनी तलवार घुमा देता है. जो उसकी गार्डन को चीरती हुई निकल जाती है. रूद्र फुर्ती से घूम कर अपनी वही तलवार अपने साथ चिपके आदमी के पेट में घुसा देता है. और फिर उसे लात मर के खुद से दूर कर देता है. तभी 4 आदमी एक साथ रूद्र पे वॉर करने लगते है. रूद्र भी अपनी दोनों तलवारे दोनों साइड करके उन चारो का वॉर रोकता है. और फुर्ती से अपने हाथो को घुमा देता है जिससे वो चारो की तलवारे नीचे आती है तो रूद्र अपनी तलवारे वापस खींच कर. दोनों तरफ दये से बाये घुमा देता है. चारो की छाती को लम्बाई में चीरती हुई रूद्र की तलवार जमीन को छूती है.

इतने में दो आदमी हाई जम्प लेकर उड़ते हुए रूद्र के ऊपर तलवार का वॉर करते है लेकिन रूद्र ने अपने हाथ ऊँचे करके अपनी दोनों तलवारे सामने कर दी जो उन दोनों के पेट फाड् के घुस गयी.

इतने में एक आदमी बालकनी से छुप के रूद्र पे निशाना लगता है. लेकिन उस के ट्रिगर दबाने से पहले गुरुम की तरफ से फायर होता है जो उसकी खोपड़ी को फाड् देता है. और वो शख्स उड़ता हुआ नीचे आ के गिरता है. ठाकुर की टेंशन बढ़ जाती है अब.

इधर देवा अपनी फुर्ती से बाकि बचे हुए दो लोगो को भी काट डालता है. उसके शरीर पे खून hi कहौं था लेकिन ठाकुर के आदमियों का. रूद्र को तो खरोच भी नहीं आयी थी.

अब तःकुर अकेला खड़ा काँप रहा था.

देवा – ठाकुर तू मुझे मरना चाहता था. मरुँगा तो तुझे आज मए. रूद्र भी वह पहुंच जाता है. देवा रूद्र से तलवार ले कर एक तेज वॉर करता है ठाकुर के ऊपर. और उसे सिर्फ एक कट देता है छाती से पेट तक.

ठाकुर चीखते हुए दूर जा कर गिरता है. इधर गुरुम हर तरफ देख रहा था के कोई छुप कर वॉर न करे.

देवा – ठाकुर अब तेरे मरने की गिनती कर तेइ पहली मौत. तेरे बेटे मन्नू को जेल पहुंचाया मेरे बाप ने, तेरी दूसरी मौत तेरे बाला को अपाहिज मैने किया है, तेरी तीसरी मौत तेरी बीवी मुझसे छुड़वा चुकी है और माँ बनने वाली है, तेरी चौथी मौत तेरी बहु कामिनी , पांचवी मौत तेरी दूसरी बहु रति, और तेरी छटवी मौत तेरी बीवी की बेटी यानि तेरी सौतेली बाटी ज्योति भी मेरे बच्चे की माँ बनने वाली है. तू मुझे कुछ भी कह ले लेकिन पूरे समाज के सामने वो तेरी बेटी है. तेरे घर की हर औरत की छूट से मेरे बच्चे पैदा होने वाले है. ठाकुर और उनकी हर किलकारी तेरे लिए मौत के नगाड़े के सामान होगी.

अब एक बात कण खोल कर सुन ले तुझे मए जख्मी कर के यही नहीं छोड़ के जाने वाला तू आज अभी और इसी वक़्त इस हवेली से बेदखल किया जाता है. ये है तेरी सातवीं मौत, और अगर तू या तेरा कोई आदमी इस हवेली या मेरे होने वाले बच्चो की माँ के आस पास भी नजर आया तो भगवन कसम वो हाल करुगा के न जिंदो में गिनती होगी तेरी न मुर्दो में. न मर्द कहलाने के काबिल रहेगा न औरत समझा चल निकल यहाँ से और इस घर की किसी भी औरत के पास भी मत आना. तेरा न अब इस हवेली पे कोई हक़ है न hi इस जमीन जायदाद पे. वो सब तेरी बीवी बेटी और बहुओ के नाम हो चुकी है. और सरे पेपर्स मेरे पास है. उन सब के साथ जब तक मेरे सिग्न नहीं होंगे, तुझे एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिल सकती . इसलिए उन पे ताक़त आजमाने की बात सोचना भी मत. चल निकल अब.

जैसे hi ठाकुर आगे बढ़ा रूद्र ने अपने हाथ में थमी तलवार तेजी से चलाई और ठाकुर को एक और लम्बा गहरा जख्म दे दिया. ठाकुर चीख पड़ा और तेजी से वह से भागता हुआ निकल गया. वो बुरी तरह से लहूलुहान हो चूका था.

रूद्र और गुरुम के साथ साथ ये सब बाटे वह की हर लेडीज ने भी सुनी और उनकी आँखों में ख़ुशी के आंसू आ जाते है. वो सब आज एक कैद से आजाद हो चुकी थी.
 
अपडेट - 57

देवा – रूद्र गुरुम तुम दोनों जाओ मए आता हु.

रूद्र और गुरुम के जाने के बाद. देवा हवेली की सभी औरतो के पास गया.

देवा – तुम सब मेरी हो. तुम लोगो पी बी कोई अत्याचार नहीं कर पायेगा ये मेरी जिम्मेदारी है. लेकिन अगर तुम में से कोई भी ये सब छोड़ के जाना चाहे तो मए उसे उसका जो हक़ बनता आहे इस जमीन जायदाद पर वो नगद देने के लिए तैयार हु. जो जाना चाहे जा सकती है. और जो मेरे साथ यहाँ इस गाँव में मेरी बन के रहना चाहे ख़ुशी से रह सकती है. तुम में से कोई भी मेरी गुलाम नहीं तुम सब आजाद हो. अब तुम्हे कोई कुछ नहीं कहेगा. और न hi जिंदगी में कभी तुम में से किसी पे कोई आंच आएगी.

अपनी बात पूरी कर के देवा ने सब पर नजर मरी लेकिन कोई भी कुछ नहीं बोली तो ठकुराइन माला आगे आयी.

माला – देवा हम में से कोई भी इस गाँव को, यानि की तुझे छोड़ के नहीं जाना चाहती . लेकिन मेरी एक परेशानी है.

देवा – बोलो माला क्या परेसहनी है.

माला – ज्योति अभी कुवारी है समाज की नजरो में. अगर ये माँ बन गयी तो जिंदगी भर सब इसे गिरी हुई नजरो से देखेंगे. तुमने इसके बारे में क्या सोचा है.

देवा – ये फैसला मए ज्योति पे छोड़ता हु के वो क्या चाहती है?

ज्योति – देवा मैने तो पहले भी कहा था आपसे के मए आपकी होकर hi रहना चाहती हु.

देवा – ठीक है. तो फिर ज्योति की शादी करवा देते है.

ज्योति - लेकिन देवा मए तुम्हारे बच्चो की माँ बनना चाहती हु.

देवा – वो सब मुझ पर छोड़ दो. तुम्हारी शादी किसी से भी हो बच्चे तो मेरे hi पैदा करोगी तुम जीतनेय चाहो.

रति – देवा मेरा क्या होगा. मेरे पति यहाँ है नहीं और मुझे ऐसी फीलिंग है की मए माँ बन जोगी इस बार क्यों की मेरे पीरियड्स अब ताका आये नहीं है. जब हमारा मिलान हुआ उसके बाद hi मेरे पीरियड होने थे जो नहीं हुए है अब तक और इस बात को भी समय हो गया है.

देवा – पूरा गाँव जान चूका है रति के तुम्हारा पति जेल से भाग चूका है. तुम ये बात फैला दो के तुम मायके जा रही हो. तुम्हरे पीठ पीछे मए ये फैला दुगा के तुम मायके नहीं अपने पति से मिलने गयी हो. 15 दिन बाद तुम आना और फिर तुम्हरी प्रेगनेंसी सब को पता चल भी गयी तो साबित यही होगा के तुम्हरे पेट में मन्नू का hi बच्चा है. तुम भी सेफ हो जाओगी.

कामिनी – तो मुझे भी बता दो के मए अपने अपाहिज पति से कैसे प्रेग्नेंट हुई . क्यों की पीरियड तो मुझे भी नहीं हुए.

देवमुसकरा के. – तुम ये बात फैलाओ अपने नौकरो के द्वारा के बाला की कमर के नीचे का हिस्सा अब काम करने लगा है.

कमीं - लेकिन ये तो कभी होगा नहीं. और मेरा झूठ पकड़ा जायेगा.

देवा – अब वो वक़्त आ गया है. के बाला कुछ हद तक सही हो जाये. बस वो कुछ कर नहीं पायेगा. और ये बात सिर्फ तुम जानोगी. बाकि सब की नजर में यही होगा की बाला ठीक हो रहा है. और उसी से छुड़वा के तुम प्रेग्नेंट हुई हो. कल से बाला ठीक होना शुरू हो जायेगा मए ऐसी जड़ी बुटिया दुगा. लेकिन शाम होते hi वो बिस्तर पे होगा. यानि वो जिंदगी भर तुम्हारे साथ कुछ नहीं कर पायेगा.

साडी औरते खुश हो के एक साथ देवा को गले लगा लेती है. और चूमने लगती है. तभी

माला शरमाते हुए – देवा wo…wo….

देवा – अब हम सब नंगे है एक दूजे के सामने इसलिए शर्माओ नहीं तुम भी बोल hi दो.

माला – वो मेरे भी पीरियड्स ………………

देवा – बधाई हो. तो तुम भी माँ बन गयी. चलो अच्छा हुआ.

लेकिन अब मए चाहता हु. के मेरी कसम भी पूरी हो जाये. क्या ख्याल है माला

माला – मए कुछ समझी नहीं.

देवा – तुम्हे बाला के सामने छोड़ने की कसम चलो आज वही करते है

माला शर्मा जाती है.

देवा – बोलो कामिनी चलोगी अपने पति के सामने फिर से छोड़ने ?

ज्योति – मए चालू?

देवा – अरे मेरी रानी मुझे बाला को जलना है. इसलिए तुम्हे और रति को मए बादमे छोड़ूगा एक साथ अभी माला और कामिनी को एक साथ चढ़ूगा बलकि आँखों के सामने

लेकिन उन भाइयो के सामने मुझे छोड़ना है सेल दोनों hi बहनचोद बनना चाहते थे. एक तो कही छुप गया है लेकिन ये बाला तो है hi न. तो प्लीज मुझे ले चलो न देवा

देवा – नहीं ज्योति, लेकिन मए तुमसे वादा करता हु के मन्नू के सामने मए तुम्हे और रति को छोड़ूगा. अब खुश.

ज्योति – लेकिन कब? वो तो यहाँ है नहीं.

देवा – आएगा वो जरूर आएगा यहाँ और बहोत जल्द आएगा

अब चलो तुम और रति जाओ अपने अपने कमरे में हम तीनो जाते है बाला के रूम में. चलो कामिनी, माला.

फिर ये तीनो चल पड़ते है बाला के कमरे की तरफ.

बाला के कमरे में तीनो पहुंचे तो बाला ने देखा देवा के एक तरफ माला थी तो दूसरी तरफ कामिनी और दोनों hi बड़ी बुरी तरह चिपकी कड़ी थी जहा कामिनी देवा के लुंड को पेण्ट के ऊपर से सहला रही थी वही माला देवा के होठो को चूस रही थी. और देवा दोनों के भरी भरी चुचो को दबा रहा था. और यहाँ बाला की आंखे सुलगने लगती है.

देवा – देख बाला सौतेली hi सही लेकिन तेरी माँ आज मुझसे छुड़ेगी तेरी आँखों के सामने मैने वादा किया था तुझसे आज वो पूरा होगा देखता जा तेरी माँ के साथ एक बार फिर तेरी बीवी को भी छोड़ूगा मए. वो भी इन्ही दोनों की मर्जी से.

तभी………………….
 
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