Chawla Family Ki Kahani - Adultery, Romance,Eroticism, Incest - Page 12 - SexBaba
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Chawla Family Ki Kahani - Adultery, Romance,Eroticism, Incest

अपडेट 106 सान्वी स्टिल विथ आरव

जब आरव वापस आया पेशाब करके तो, सान्वी उस्सको मुस्कुराते हुए देख रही थी और कहा, “क्यों? तुमको क्यों अचानक ज़ोर से सुसु आगया बोलो?”

तो आरव ने कुछ और hi कहा, “मैं ने सोचा के जब मैं सुसु कर रहा था तो तुम कहीं साडी नाह पहेँलो, थैंक यू के नहीं पहना”

सान्वी हंस पड़ी और कहा, “अरे हाँ मुझको पेहेन लेना चाहिए था नाह? चलो पेहेन लेती हूँ अब!” तो जल्दी से आरव बीएड पर चढ़ के साडी को अपने निचे दबा दिया यह कहते, “नहीं, अभी नहीं पेहेनना!” और अब सावी आईने के सामने अपने बाल में कंघी कर रही थी, तो आईने में आरव को देखते हुए कहा, “तुमने नहीं बताया के तुमको अचानक क्यों ज़ोर से सुसु आयी आरव?”

तब आरव ने अपने अंगूठे को मुंह में चबाते हुए कहा, “क्यों के तुम मुझको दांत रही थी!”

सान्वी मुड़कर उस्सको देखते हुए पूछा, “और तेरे पापा और भैया डांटे हैं तब भी ऐसा होता है?”

आरव ने कहा, “तब को कई बार पंत में hi सुसु कर दिया है मैं ने!”

सान्वी के ेंखें भर आयी और जल्दी से उसस्के पास आकर उस्सको अपने सीने से लगाते हुए कहा, “तू क्यों इतना डरता है अपने पापा और बड़े भाई से आरव? क्यों?”

जिस वक़्त सान्वी ने उस्सको सीने से लगाया आजर्व का चेहरे ठीक उस्सकी क्लीवेज पर दबे हुए थे और आरव को सान्वी की दिल की धड़कनें सुनाई दे रहे थे तो उसस्के जवाब में यह कहा, “धक् धक् धक् धक्” सान्वी ने उस्सको सीने से हटाते हुए और उसस्के चेहरे में देखते हुए पूछा, “किआ धक् धक्?” तो आरव बोलै, “तुम्हारे बूब्स के अंदर ऐसा सुना मैं ने!”

सान्वी रट ुए हंस पड़ी और उसस्के ेंखों से इनसो चालक पड़े हुए आरव से कहा, “अरे पागल यह मेरे दिल की ढकने हैं जो धक् धक् कर रहे हैं!” तो आरव अपने अंगूठे को मुंह में डालते हुए ुचा, “तुम्हारा दिल तुम्हारे बूब्स के अंदर है किआ?”

तो सान्वी ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ अंदर है इस्सके पीछे है!” और आरव ने कहा, “बहोत खूबसूरत है!” सान्वी ने पूछा “किआ खूबसूरत है?” आरव बोलै, “तुम्हारे बूब्स”

सान्वी तब तक वापस आईने के पास चली गयी थी और बहोत हैरान होकर वापस मुड़कर आरव को देखते हुए कहा, “आरव ऐसा नहीं कहते, ऐसी बातें नहीं करते यह बुरी बात होती है ऐसे बातें प्राइवेट होते हैं और बुरा माना जाता है ऐसे बातें करना!”

तो अब आरव बीएड से उतर कर सान्वी के पास गया और उस्सको छूटे हुए कहा, “तो हम भी तो अभी प्राइवेट बातें कर रहे हैं नाह? कॉलेज में सिखाया गया है के प्राइवेट बात कमरे के अंदर दो लोगों के बीच होता है, और प्राइवेट बात किसी से शेयर नहीं किया जाता, मैं कॉलेज में बहोत होषिआई स्टूडेंट था सब एक्साम्स पास किया है मैं ने!”

सान्वी ने सोचा उस्सको इस बारे में समझाना बेकार है और तब सोचने लगी के हाँ स्टडीज में तो आरव ने बिल्कुल एक्सेल किया है हर सब्जेक्ट में और कभी भी फ़ैल नहीं हुआ मगर यह कैसे हो सकता है के सोशललय इतना अलग है और पागलों जैसे करता है!! सान्वी के समझ में नहीं ारः था के आरव की प्रॉब्लम किआ है.

आरव सान्वी के पीछे खड़ा उस्सकी पीठ को देख रहा था, ब्लाउज में क्लासेस बांधे हुए थे, उस्सकी पीठ, कमर सब साफ़ नज़र आरहे थे, बहोत hi गोरी चमड़ी, गुलाबी और सफ़ेद रंग का मिलावट थी, आरव का फिर से खड़ा हो गया सान्वी को उस तरह से निहारते हुए और उस्सने अपने एक हाथ को सान्वी के पीठ पर रख कर कहा, कितना कोमल है तुम्हारा स्किन ाचा लग रहा है इससे छूने को!”

सान्वी ने उसस्के हाथ को हटाया तो नहीं आईने में उस्सको देखते हुए बाल बनाते हुए सिर्फ कहा, “ऐसा भी नहीं कहते यह भी बुरी बात है आरव!” फिर आरव ने कहा, “वहां बहोत नरम है और मुलायम भी मुझे फिर से वह सत्ताओ नाह!”

सान्वी हैरानी से उस्सको देखते हुए पूछा, “व्हाट? कहाँ नरम है और कहाँ सत्ताओं तुझे?”

आरव ने आईने में उसस्के बूब को दिखते हुए इशारा किया! सान्वी ने अपनी सांस चोररटे हुए कहा, “तुम बहोत hi नॉटी होते जा रहे हो और मुझे तंग कर रहे हो अब आरव! मैं साडी पेहेन्ने जा रही हूँ अब!”

तो दौड़ते हुए आरव बीएड पर जाकर साडी हे ऊपर बैठ गया. सान्वी उस्सको आईने देखते हुए हंस रही थी. और सान्वी अपने बालों को कंघी करके बींधने जा रही तो आरव ने कहा, “नहीं वैसे hi खुले रहने दो नाह बालों को ज़्यादा खूबसूरत लगती हो वैसे खुले बालों में!!”

संजना ने फिर उस्सको आईने में देखते हुए मुस्कुरायी और कहा, “अरे वह तुमको तो बड़ा पता है के मैं कब और कैसे खूबसूरत दिखती हूँ हम्म?” और सान्वी ने तब पेर्फुमेस लगाए और डॉ लगगयी अपने बाज़ू के निचे फिर चल कर खुले बालों में hi आरव के पास गयी….

ीक जवान औरत को कोई भी कॉम्पलिमेंट करे, उस्सकी खूबसूरती का, उस्सकी कपड़ों की तो उस्सको बहोत अच्छा लगता है. सान्वी अलग नहीं थी, उस्सको बहोत अच्छा लग रहा था जब आरव उस्सकी तारीफ़ कर रहे थे उस्सकी खूबसूरती को लेकर, उसस्के बालों को लेकर उसस्के कपड़ों को लेकर जो भी तारीफ़ करता आरव वो सान्वी को बहोत पसंद आते थे. बात यह भी थी के विवान तारीफ़ करने वालों में से नहीं था. वो कभी भी सान्वी को कोई भी कॉम्पलिमेंट नहीं करते थे, तो सान्वी को आरव के मुंह से वो सब बातों सुन्ना ाचा लगता था.

तो जब सान्वी आरव के पास आगयी तो आरव समझा के वो अब साडी लेने आरही है तो जल्दी से साडी को उस्सने अपने पीछे छुपा दिया, और सान्वी ने उस हँस्ते हुए उस से कहा, “क्यों छुपा रहा है मैं नहीं लेने आरही हूँ मैं तो तुम्हारे पास आरही हूँ पगले!”

तब आरव मुस्कुराया और बीएड पर जगह किया सान्वी को बैठने के लिए और अपने हथेली को बीएड पर एक जगह थपथपाते हुए सान्वी को वहां बैठने को कहा. जैसे सान्वी बैठी तो आरव ने लम्बा संन्स लेते हुए सुंघा और कहा, “हम्म्म्म बहोत ाचा परफ्यूम लगायी है, कितना ाचा महक रही हो, देखूं तो और उस्सने सीधे सान्वी के क्लीवेज पर अपने नाक रख के सुंघा; उस्का नाक सान्वी के ऊपरी बूब वाले हिस्से को छह रहा था और सान्वी को पता था, वो अपने बालों को ाजूय से पीछे करते हुए आरव के बालों में अपने उँगलियाँ चला रही थी प्यार से जैसे उस्सको तस्सली दे रही है, और आरव के बाँहों ने सान्वी के काँधे से होते हुए उस्सको हलके से जकरा और आरव का चेहरे फिर से सान्वी के क्लीवेज पर था.

कुछ देर आरव उसी पोजीशन में रहा तो सान्वी ने कहा, “अब बुसस भी करो, कितना सूँघोगे परफ्यूम को?” तो आरव ने फिर से कहा, “धक् धक् धक्!” सान्वी मुस्कुरायी और कहा, “हाँ मेरे दिल की धड़कनों को सुन रहे हो अब, सुनों सुनों किआ कह रहा है मेरा दिल?” तो आरव ने कहा, “कह रहा है उस्सको प्यार करने को!”

तो सान्वी ने हँस्ते हुए कहा, “तुम बहोत होशियार हो और नासमझ बनने का ढोंग करते हो है नाह?” आरव ने हाँ में सर हिलाया, तो सान्वी और हंसी… फिर संवी की ब्लैक कलर की ब्रा की स्ट्राप उसस्के काँधे पर नज़र आरहे थे जिस्सको आरव ने छुवा, तो सान्वी ने देखा और कहा, “यह किआ कर रहे हो आरव?” आरव ने कुछ नहीं कहा बल्कि अपने ऊँगली को ब्रा की स्ट्राप के निचे डाला, सान्वी देखना चाहती थी के वो किआ करेगा… उस्सको करने दिया, मगर आरव ने स्ट्राप को ब्लाउज के निचे डाला और कहा, “अब ठीक है यह बाहर निकल गया था!” सान्वी को उसस्पी प्यार आया और उस्सको ज़ोर से सीने से लगाया. तो आरव ने भी अपने बाहों को सान्वी के ऊपर करके उस्सको ज़ोर से जकरा और उसस्के कान में कहा, “थोड़ी देर ऐसे मुझको बाहों में भरले लेट जाओ नाह?”

सान्वी को लगा के वो बचा है दिमाग़ से और उस्सको बहोत अफेक्शन की ज़रूरत है तो उस्सने आरव को ऐसे hi बाहों में भरे हुए बीएड पर लेट गयी और आरव ने अपने चेहरे को उसस्के बूब के ऊपर ज़्यादा अचे पोजीशन में करकेबेद पर लेट गया. सिर्फ आरव का चेहरे सान्वी के छाती पर थे बाकी जिस्म का हिस्सा बीएड पर था…..

कोई 5 मिनट्स तक दोनों वैसे उसी पोसितों में लेते रहे, सान्वी आरव के बालों में अपनी ऊँगली चला रही थी हौले हौले फरते हुए और जैसे उसस्के सर का मस्सगे कर रही थी… और कुछ देर बाद सान्वी ने फिर से फील किया आरव का इरेक्शन अपनी जाँघों पर और आरव ने एक तंग सान्वी के तंग के ऊपर किया तो झट से सान्वी बीएड से उतर गयी और सीरियस होकर आरव से कहा, “अगर तुम ऐसे करोगे तो मैं यहाँ से निअक्ल जाती हूँ! यह ग़लत है आरव ऐसा नहीं करते! तुम बुरा नहीं हो तो बुरा मत बाणों. मैं तुम्हारी भाबी हूँ, तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं, तुम्हारी वाइफ नहीं हूँ मैं यह सिर्फ तुम्हारे भैया का हक़ है ऐसे करना तुमको यह हक़ नहीं है समझे तुम!”

उस्सको डांटने के बाद सान्वी ने अपनी साडी उठायी और पहने लगी. आरव वहीँ बैठा रहा सर झुकाये कुसूरवार महसूस करते हुए अपने अंगूठे को मुंह में लेकर चूस्ते हुए, सान्वी ने देखा के वो अंगूठा चूस रहा है तो जल्दी से आकर उस्का हाथ उसस्के मुंह से खिंचा और कहा, “यह भी बुरी आदत है छोटे बचे ऐसे अंगूठा चूस्ते है खबरदार फिर कभी मुंह में अंगूठा डाला तो!!”

आरव जैसे ग़ुस्से में सान्वी को देख रहा था और बिना कुछ बोले कमरे से निकल गया… सान्वी पुकारती रही मगर उस्सने कोई जवाब नहीं दिया….

कुछ देर बाद सान्वी यह बड़बड़ाते हुए निकली, “ोफो अब पता नहीं किआ करेगा यह लड़का मुझे डर है कहीं कुछ उल्टा फूलता नाह कर बैठे दांत खाने से ये पागल!!”

तो बे कॉन्टिनोएड……………….
 
अपडेट 107 आरव बीइंग नॉटी

आरव जैसे ग़ुस्से में सान्वी को देख रहा था और बिना कुछ बोले कमरे से निकल गया… सान्वी पुकारती रही मगर उस्सने कोई जवाब नहीं दिया….

कुछ देर बाद सान्वी यह बड़बड़ाते हुए निकली, “ोफो अब पता नहीं किआ करेगा यह लड़का मुझे डर है कहीं कुछ ुटला फूलता नाह कर बैठे दांत खाने से ये पागल!!”

अब आगे……

सान्वी ने आरव को उसस्के कमरे में पाया अपने बीएड पर सर को घंटों में दबाये हुए बैठा था. सान्वी उसस्के करीब जाकर बैठी और उसस्के सार पर हाथ फरते हुए कहा, “किआ हुआ? क्यों चले आये तुम? मैं ने डांटा इस लिए हम्म? आरव? अब चोर्रो भी चलो वापस चलो मेरे रूम में!”

आरव ने उसस्के तरफ सर उठके के देखा और कहा, “तुमने क्यों फिर साडी पेहेन लिया?”

सान्वी: “चाहा? तो तू इस लिए नाराज़ हुआ और कमरे से निकल गए?”

आरव ने सर फिर से झुकाते हुए कहा, “हाँ इसी लिए!”

सान्वी ने कहा, “चाह? और जो कुछ तूने किया वो सब कुछ नहीं था? मैं समझी मेरे दांत की वजा से तू निकल आया”

आरव का चेहरा लाल हुआ जब सान्वी ने मेंशन किया के जो कुछ उस्सने किया तब, मगर फिर भी उस्सने कहा, “तुम साडी को निकालो नाह!”

सान्वी ने थोड़ा झूट मुठ के ग़ुस्सा करते हुए कहा, “नहीं अब नहीं निकलूंगी!”

तब आरव ने उस्सकी पल्लू को अपने हाथ में लिया और पल्लू को उसस्के छाती के निचे कर दिया और उस्सकी छाती को देखता रहा… तो सान्वी ने कहा, “यह भी कोई मन्नेर है आरव? बहुत बुरी आदत है यह ऐसा नहीं करते हैं आरव कैसे समझों मैं तुझे!”

मगर तब तक आरव ने उस्सकी पल्लू को अपने एक हाथ में थोड़ा लपेट लिया था और साडी को निकलने की कोशिश कर रहा था… सान्वी ने उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा, “किआ कर रहा है चोरर मेरी साड़ी को नहीं तो फेर दांत खाएगा तू!”

मगर आरव ने कहा, “मैं hi इस्को निकलूंगा क्यूंकि तुम ने फिर से पेहेन लिया तुम ने hi कहा तह के कुछ देर बिना साडी के रहोगी तो अब क्यों पेहेन लिया निकालो नाह!!”

सान्वी ने कहा, “चाह बाबा ठीक है मैं निकलती हूँ तू चोरर नाह!”

मगर आरव ने कहा “नहीं मैं निकलना चाहता हूँ तुम कड़ी हो जाओ और राउंड राउंड घूमो तो यह ओपन होगा!!”

संवी हंससने लगी और कहा, “ाचा यह भी पता है तुमको के मेरे राउंड राउंड घूमने से यह ओपन होगा? यह तुझे कैसे पता?”

आरव ने कहा, “मूवी में देखा है!”

सान्वी ने अपने होंठों को डेंटन में दबाते हुए उसस्के चेहरे में देखते हुए कड़ी हुई और आरव धीरे धीरे साडी को खीचता गया और सान्वी उस्सको देखते हुए राउंड घूमने लगी, सान्वी को शुरू में हंसी आरही थी मगर जैसे जैसे उस्सकी साडी निकलती गयी सान्वी को फील हुआ के एक मर्द उस्सको नागि कर रहा है और वो करने दे रही है, और सान्वी के अंदर एक अजीब से फीलिंग हुई जैसे कुछ उतेजिना की तरह, एक कशिश वाली फीलिंग हुई और वो आरव के चेहरे में देख रही थी के उसस्के ेंखों में वासना तो नहीं है और वैसी घूमती गयी जब तक साडी की एन्ड हुई, और आरव निचे आकर उस्सकी पेट्टी कोट के अंदर से साडी को अपने हाथ से बाहर निकला, और उसस्के उँगलियाँ संवी के पथ से लगे तो सान्वी को उसस्के छुवन से कुछ फील हुआ जो पहले आरव के छूने से नहीं हुई थी….

सावी ने एक गहरी सांस लिया और आरव के चेहरे में देखते हुए पूछा, “अब खुश?” तो आरव ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ बहोत खुश अब देखो कितनी हॉट और सेक्सी दिख रही हो, बिल्कुल फिल्म की हीरोइन की तरह!”

सान्वी उसस्के पंत पर देख रही थी के उस्का फिर से खड़ा तो नहीं हुआ, मगर नहीं दिख रहा था ठीक से; तब आरव ने सान्वी का हाथ पाकर के बीएड के तरफ खींचा और बैठने को कहा. सान्वी बैठी बीएड पर तो आरव ने उसस्के सीने से अपने सर लगाते हुए कहा, “मुझको सीने से लगाओ नाह जैसे किया था पहले!”

सान्वी ने फिर सोचा के इस लड़के को अफेक्शन की बहोत ज़रूरत है तो उसस्के चेहरे को वहीँ अपने क्लीवेज पर फिर से दबाया और वही फिर से आरव ने कहा “धक् धक् धक्” क्यूंकि सान्वी बीएड पर बैठी हुई थी तो आरव को सही पोजीशन नहीं मिल रहा था उसस्के सीने से सटने को, तो आरव थोड़ा सा बीएड पर लेता और और सान्वी के कमर पर अपने बाँहों को लगाके उस्सको जकरा और अपने गाल को ज़ोर से सान्वी के छाती पर दबाते हुए कहा, “मेरे कमरे में वो फीलिंग नहीं आरही है तुम्हारे hi बैडरूम मैं वापस चलते हैं नाह!”

तो सान्वी ने कहा, “अब तुमने मेरी साडी उतार दिए और अब मैं पेट्टी कोट में बाहर निकलूं किआ?”

तो आरव ने कहा, “तो किआ हुआ घर में तो कोई भी नहीं हमारे सिवा तो कोई भी तुमको नहीं देखेगा चलो नाह!”

संवी ने कहा, “उफ़ पता नहीं तुम इतने ज़िद्दी क्यों हो आरव ठीक है चलो! दो मेरी साडी मुझे!”

मगर आरव ने कहा, “नहीं साडी को मैं लेचलूँगा!” तो सान्वी ने कहा, “okay बाबा चलो फिर!” तो आरव ने कहा, “नहीं पहले तुम चलो मैं पीछे आऊंगा!”

सान्वी चलने लगी, आरव उसस्के पीछे उस्सकी पिछवाड़े को निहारते हुए चलने लगा…. सान्वी की पेट्टी कोट के अंदर उस्सकी पंतय का फॉर्म कुछ दिख रहा था आरव वही देख रहा था और सान्वी के चलने के मूवमेंट्स से उस्सकी नितम्बों का हिलना, कभी ऊपर तो कभी निचे होना, कभी दाएं तो कभी बाएं होना वो सब आरव पीछे से देखते हुए चल रहा था सान्वी के पीछे पीछे….

तो एकांत बार उसस्के कमरे से अपने कमरे तक चलते वक़्त सान्वी ने मुड़कर आरव को देखा तो पाया के उसस्के नज़र उसस्के पिछवाड़े पर थे तो सान्वी ने एक बार उस से पूछा “किआ देख रहे हो आरव?” और आरव ने कोई जवाब नहीं दिया मगर सान्वी को पता था के वो किआ निहारते हुए चल रहा है उसस्के पीछे! और सान्वी ने उस को नज़र अंदाज़ किया यह सोचकर के जवान है, जवानी का खून है और हर तीनगर की तरह उसस्के भी मैं में वैसे भावनायें उभर रहे होंगे…. इस लिए सान्वी ने उसस्के उस तरह उस्सको देखने के लिए उससे कुछ नहीं कहा….

कमरे के अंदर आते hi आरव झपट के बीएड पर गया और सान्वी के साडी को तकिये के निचे छुपाया के कहीं वो फिर से उससे नाह पहने. सान्वी ने देखते हुए कहा, “क्यों छुपा रहे हो? मैं ने तो देख लिया तकिये के निचे रखा है तुमने मेरी साडी को!” तब आरव ज़ोर ज़ोर से हंससने लगे.

सान्वी उसस्के पास बीएड पर बैठ कर कहा, “ाचा अब यह बताओ तुमने क्यों कहा के तुम्हारे रूम में तुमको वो फीलिंग नहीं ारः है? कौन सी फीलिंग की बात कर रहे थे तुम आरव?”

आरव ने कहा, “हम्म वही मज़ा नहीं अत था वहां जो यहाँ तुम्हारे साथ अत है, वहां मेरा रूम है नाह वहां वो खुस्भु भी नहीं जो तुम्हारे रूम में है और यह तुम्हारा बैडरूम है एक लड़की की बैडरूम में ज़िदा मज़ा अत है लड़को के रूम में नहीं अत वो!”

तो सान्वी ने कहा, “तुम झूट बोल रहे हो, तुम किसी और फीलिंग की बात कर रहे थे वहां बोलो मुझे किआ फीलिंग है वो?”

आरव उस्सकी छाती को देखने लगा बिना कुछ कहे, उस्सकी क्लीवेज एकदम मस्त दिख रही थी और उस्सकी बूब्स लाजवाब थी वही आरव को आकर्षित किये जा रहे थे.

फिर सान्वी ने सोचा के वो उस से किआ केहेलवाना छह रही है, कहीं वो कुछ ऐसा वैसा नाह बोल दे, तो सान्वी ने सवाल फिर नहीं पूछा, मगर वो समझ गयी थी के आरव के मैं में उतेजिना और वासना जनम ले रहे थे और वो उस से उत्तेजित हो रहा था…..

तो बे कॉन्टिनोएड……………
 
अपडेट 108 सान्वी त्रिएस हेर बेस्ट

तो किआ सान्वी भी अब कुछ फील करने लगी थी आरव के लिए? किआ सान्वी बहकने लगी थी? किआ सान्वी के मैं में भी वासना ने घर करना शुरू कर दिया था एक अकेले जवान मर्द को अपने बैडरूम में पाकर? और वो बिना साडी के उसस्के सामने अपने बूब्स को उस तरह से दिखा रही थी? किआ इस वजह से सान्वी खुद आकर्षित होने लगी थी आरव से? किआ जब आरव ने धीरे धीरे उसस्के साडी को उतारे थे उस से सान्वी के अंदर उतेजिना पैदा हुई थी? किआ जिस वक़्त आरव उसस्के पिछवाड़े को देखते हुए फॉलो कर रही थी सान्वी जान बुझ कर वैसे चली जा रही थी आरव को आकर्षित करने के लिए? सान्वी के मैं में किआ हो रहा था उस वक़्त? उसस्के दिल के अंदर कैसे खयालात आरहे थे? वो किआ चाहती थी? के आरव के साथ वो सब होने दे जो आरव चाहता था? और किआ आअराव सच में वो सब चाहता था या ऐसे hi पहली बार एक जवान औरत के साथ छुवा छवि हो रहा था सिर्फ इस लिए वो उत्तेजित हो रहा था? चलें आगे देखते हैं किआ होता है……

आरव ने जिस तरह से अपने सर को संवी के सीने से लगाया हुआ जब वो बैठी हुई थी बीएड पर तो उस्सको सही पोजीशन नहीं मिल रहा था और वो उनकंफर्टबले फील कर रहा था जो सान्वी को पता था, तो आरव ने कहा, “ऐसे ठीक नहीं लग रहा तुम वैसे hi लेट जाओ नाह तब मैं अपने सर को तुम्हारे सीने पर रखूँगा, तब बेटर फील होगा मुझे!”

मुस्कुराते हुए सान्वी लेट गयी, और आरव ने अपने सर को उसस्के बूब्स पर रखा और गहरी सांस लेते हुए सुंघा और फिर से कहा, “बहोत अछि महेक्ति हो तुम!” तो सान्वी ने उसस्के सर के बालों में अपने उँगलियों को फरते हुए कहा, “बुद्धू मैं नहीं महक रही यह पेर्फुमेस महक रहे हैं!”…. और आरव ने अपने कमर को तोडा ज़्यादा चिपकाया सान्वी के कमर के निचे… सान्वी ने फील किया और कहा, “तुम फिर से पहले वाले हरकतों को मत दोहराना वार्ना फिर से दांत खानी पड़गी तुझे समझे तुम आरव?” तो आरव ने अपने होंठों को उसस्के बूब से लगाते हुए बात किया, “मैं एक किसी दूँ यहाँ पर? दे सकता हूँ किआ, देखो परमिशन मांग रहा हूँ पहले!”

सान्वी मुस्कुरायी उसस्के भोले सवाल से और कहा, “okay ठीक है किश करलो मगर सिर्फ एक बार okay?” तो जल्दी से आरव के उस्सकी क्लीवेज के ऊपर किश किया, बूब के उस हिस्से पर जो एक टाइट ब्लाउज के ऊपरी हिस्से में नज़र एते हैं वह. सान्वी ने ेंखने बांध कर लिए जिस वक़्त आरव के होंठों को वहां पर फील किया, और उसस्के सर के बालों को अपने मुठी में जाकर लिए एक पल के लिए. आरव को बहोत अच्छा लगा और कहा, “बार बार वैसे किश करने को मैं कर रहा है और एक बार करने दो नाह प्लीज!”

सावी ने उसस्के गाल पर छोटे छोटे थपड मारते हुए कहा, “देखा इसी लिए मैं इजाज़त नहीं देती हूँ, अगर मैं नाह कहती तो तुम खफा होते अब एक बार हाँ कह दिया तो तुम और चाहते हो!!”

आरव ने ज़िद की, “अच्छा सिर्फ और एक बार, कितना मुलायम और नरम है यह जगह पहले कभी भी नहीं किया हूँ किश इस जगह पर किसी को भी मैं करने दो नाह!” सान्वी ने कुछ नहीं कहा और आरव ने दोबारा चूमा उसस्के क्लीवेज को जिससे सान्वी ने फील किया फिर आरव किश करता गया एक दो नहीं 10 बार से ज़्यादा और सान्वी की मुठी उसस्के बालों को जाकर अपने गर्दन को ऊपर उठाये हुए आरव के सर को चुम रही थी जिस से आरव को बहोत चाह लग रहा था फिर आरव ने अपने एक तंग को सान्वी के जांघ के ऊपर किया और सान्वी ने फिर उसस्के मोठे लुंड को अपने जांघ पर रगड़ते हुए फील किया कुछ पल के लिए सान्वी ने उस्सको रगड़ने दिया खुद वो जैसे चाहती थी के वो वैसा करे मगर दूसरे पल सान्वी ने उस्सको अलग करते हुए कहा, “बुसस बुसस अब तुम खुश हुए नाह अब बुसस! इतना काफी है बहोत प्यार कर लिया मेरे साथ अब एक अच्छे बचे की तरह बैठो और बातें करते हैं !!”

आरव ने थोड़ा नाराज़ होते हुए कहा, “हम्म हर बार रोक देती हो मुझे मैं तो कुछ भी महीन किया अभी, करने दो नाह और थोड़ा सा प्लीज….”

सान्वी बीएड से उतर गयी और उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा, “नहीं. मैं ने नहीं कहा तो नहीं इतना काफी है तुम बहोत hi नॉटी हो, कभी कभी सोचता हूँ तुम यह सब जान बुझ के कर रहे हो… तुमको पता है के तुम किआ कर रहे हो मगर भोले बन रहे हो है नाह आरव?”

आरव मुंह पहला के बैठ गया और अंगूठे को मुंह में डाला. सान्वी ने उसस्के हाथ मुंह से निकला और कहा, “मुझे जवाब दो आरव!” तो आरव ने कहा, “मुझे जवाब नहीं पता तो किआ जवाब दूँ मैं?”

सावी ने उस से कहा, “तुम इतने इंटेलीजेंट हो स्कूल में, सभी सब्जेक्ट्स में अचे ग्रेड से पास हुए हो, तो तुम यह सब नहीं समझते? इस्सके जवाब नहीं मालूम जो मैं पूछ रही हूँ? नहीं नहीं मैं यकीन नहीं करता, तुमको सब पता है के तुम किआ चाहते हो मुझसे और किआ करना चाहते हो, मैं समझ गयी तुम नाटक कर रहे हो, मेरी अटेंशन पाने की नाटक करते हुए मेरे जिस्म के करीब हो रहे हो, हाँ मैं जानती हूँ के मैं हॉट हूँ, सेक्सी हूँ, यह मुझे पता है मगर मैं वैसे लड़की नहीं हूँ आरव? मैं तुम्हारी भाबी हूँ…. तुम्हारे बड़े भाई की पत्नी hoon…bhabi माँ सामान होती है, मैं तुमको अफेक्शन देने की कोशिश कर रही हूँ और तुम इस्सके फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हो, बोलो एहि बात है नाह?”

आरव वैसे hi मुंह फुलाये हुए बैठा रहा बीएड पर और इतना कहा, “मुझे इतने बड़े बड़े बातों का जवाब देना नहीं अत, कॉलेज में ऐसे सवाल नहीं होते थे, वहां सिर्फ एक सवाल होता था जो किताब में मैं ने पढ़ लिया होता था तो जवाब मालूम होता था आप के सावल को तो नहीं पढ़ा हूँ तो कैसे जवाब दे सकता हूँ मैं?”

ोफो!! सान्वी पिघल गयी उसस्के इन् भोले मगर सही जवाब से!! सान्वी सोचने लगी के सही तो कह रहा है वो, जो कुछ मैं उस से कह रही हूँ इस्सके बारे में तो उस्सको कुछ भी नहीं पता. मैं उस से पूछ रही हूँ के वो किआ करना चाहता है, उस्सको कैसे पता के किआ करना चाहता है जब उस्सने यह कभी किया hi नहीं है? यह तो उस्सने भावनाओं के ऊपर है, यह तो उसस्के फीलिंग्स के अंदर की बात है और मैं उसस्के फीलिंग्स के अंदर के बातों पर सवाल कर रही हूँ तो उस्सको कैसे आएगा जवाब देना!!” सान्वी को ुसस्पर तरस आया, प्यार आया, उसस्के मासूम जवाब पर तरस आया और सान्वी वापस बीएड पर जाकर उस्सको अपने बाहों में भरके अपने सीने से चिपका लिया और ऊपर छठ देखते हुए एक गहरी सांस लिया सान्वी ने. आरव ने खुश होकर सान्वी को ज़ोर से जाकर कर अपने मुंह को उसस्के दोनों बूब्स के बीच करके और किश किया वहां. सान्वी अपने हाथ को उसस्के सर पर फरते हुए उस्सको जैसे तसाल्ली देने लगी और जैसे उस्सको सॉरी कह रही थी…..

उसस्के बाद सान्वी ने सिचुएशन को हैंडल इस तरह से किया उस से बातें करते हुए कुछ और करके, जैसे स्क्रैबल गेम्स खेला, लूडो गेम खेला उसस्के साथ डोमिनोइज खेला…. पुरे टाइम सान्वी बिना साडी के hi रहे और बीएड पर बैठ कर सब गेम्स खेल रहे थे और सान्वी क्यूंकि उसस्के अपोजिट बैठी थी और कहलने के लिए झुकना भी पद रहा था सान्वी को हर बार तो उसस्के बूब्स तो और भी बहोत ज़्यादा दिख रहे थे उस दौरान और आरव डायरेक्ट उसस्के बूब्स को hi देख रहे थे और बार बार सान्वी उस्सको कहती, “हम्म्म नॉटी बॉय कहाँ देख रहे हो, बुसस, नज़रें गेम पर करो अपने !!”

तो इस तरह से वो दिन गुज़रा जब आखिर में शाम हुई और आरव से कहा “अब किचन में जाने का टाइम हो गया और अब साडी पहनी है….” तो सान्वी कड़ी होकर जब साडी पेहेन्ने जा रही थी तो एक आखरी बार आरव उसस्के सामने काढ़े होकर उस्सको बाँहों में भरके कहा, “okay तो अब एक लास्ट टाइम यहाँ किश करने दो नाह प्लीज, और सान्वी ने करने दिया, आरव ने कई बार उसस्के बूब्स को किश किये और आखिर में सान्वी ने साडी पेहेन लिया और दोनों बैडरूम से बाहर गए….. सान्वी किचन में बिजी हो गयी और आरव अपने कमरे में चला गया……

रात को करीब बारह बजे सान्वी ने अपने ससुर और विवान को लाउन्ज में रोका बात करने के लिए.

सान्वी ने दोनों मर्दों से कहा के आरव को उन् दोनों ने दर्रा कर बारे किया है. आरव ने दहशत में अपने बचपन गुज़ारा है उन् दोनों की वजह से. सान्वी बहोत सख्त थी दोनों के तरफ और दोनों से कहा आज के बाद उन् दोनों को आरव के साथ कोमलता और प्यार से पेश आएं, नरमी से उस से बात करे तो वो अपने आप hi नार्मल हो सकता है. अगर वह दोनों उसस्के साथ ऐसे hi बर्ताव करते रहे तो आरव को किसी दिन मेन्टल एसाइलम का दौरा भी करने पद सकता है….. सान्वी ने चावला साहब से कहा, “आप तो उस्सको नेक्स्ट सीईओ बनाना चाहते हो नाह? तो कैसा लगेगा आप को अगर आप के फ्यूचर सीईओ एक पागल खाने में साइकियाट्रिक प्रोब्लेम्स का ट्रीटमेंट करता हुआ नज़र आये किसी दिन?”

चावला साहब को झटका लगा यह बात सुनकर. वो अपने व्हिस्की सिप कर रहे थे और सान्वी के बात पर बहोत ग़ौर किया. विवान समझ गया और कहा के अब से वो आरव से नार्मल बात करेगा, और वो ऊपर अपने कमरे में चला गया.

चावला साहब व्हिस्की पीते रहे लाउन्ज में और सान्वी किचन के आखरी बर्तनों को धोकर रख रही थी जब चावला साहब उस्सने पास गए उसस्के पीठ पर खड़े होते हुए एक हाथ को उसस्के काँधे पर रख कर हां, “सान्वी, तुम ने ठीक कहा. आरव बिना माँ के पला बड़ा हुआ है इस घर में हम दो मर्दों के बीच. हम बचपन से उस पर चिल्लाते रहे हमेशा से, हुम्मा ऑफिस के काम से कभी भी मौका hi नहीं मिला उसस्के देख भाल करने को…. वो अपने आप बड़ा हुआ है…. कई साल तो बोर्डिंग में रहा. उस्सको हम से सच में डर लगता है यह मुझे पता hai….magar इस डर ने उसस्के दिमाग़ के अंदर किआ डैमेज किया यह हमें नहीं पता चला….. जब वो छोटा बचा था तभी मेरा यहाँ की बिज़नेस शुरू हुई थी और मैं बिल्कुल बिज़नेस में डूबा रहा सालों तक के उस पर ध्यान hi नहीं दे paaya…mujhe पता है उस्सको बिल्कुल भी अफेक्शन नहीं मिला बचपन mein…aur बाकी बोर्डिंग की ज़िन्दगी कैसे गज़रा उस्सने यह वही जानता है…. तुम उसस्के करीब होकर उस्सको इतना समझा तुमने इस्सके लिए तुम्हारा शुक्रगुज़ार हूँ…. अब तुम्ही उस्सको ठीक करो, उस्सको प्यार और ममता की ज़रूरत है जो उस्सको शायद तुमसे मिल रहा है. यू कंटिन्यू विथ थे गुड जॉब एंड थैंक यू फॉर तहत.”

यह पहली बार था जब चावला साहब सान्वी के इतना करीब गया था और इमोशनल बात किये थे…. शादी के 3 महीने बाद की बात थी यह. उस वक़्त चावला साहब के काँधे पर सर रख कर उंनका प्यार हासिल किया था पहली बार सान्वी ने, और चावला साहब ने सान्वी के पीठ थपथपाते हुए उस्सको थैंक्स कहा था.

तो बे कॉन्टिनोएड…………..
 
बहोत शुक्रिया साफ्ट भाई, सान्वी और उसस्के पति के बारे में तो पता नहीं ज़्यादा कुछ मिलेगा पढ़ने को के नहीं, मगर हाँ आरव और सान्वी के बारे में काफी उपदटेस हो गए और भी कुछ हैं वापस नार्मल उपदटेस तक आने से पहले. मुझे ख़ुशी है के आप इन् उपदटेस को पसंद कर रहे हो भाई.

भाई अब यह कहानी तो एक एडल्ट स्टोरी है तो इस ें ज़्यादा इम्पोर्टेंस तो सेक्स और लस्ट को दिया जाएगा नाह भाई, यह कोई लव स्टोरी तो है नहीं फिर भी लव और इमोशन को लिखना मेरे सभी सेक्स स्टोरीज में होते हैं मगर इस में थोड़ा ज़्यादा है सिर्फ आरव के दिमाग़ी स्तिथि की वजा से... और वो भी सेक्स को लेकर hi है, क्यूंकि आरव की इंटरेस्ट उस दिमाग़ी हालत में सेक्स के तरफ hi ज़्यादा जाता है ख़ास कर सान्वी जैसे खूबसूरत भाबी के साथ रहकर जिस्सको पता है के वो हॉट और सेक्सी hai...aur उम्र में भी दोनों में ज़्यादा फर्क नहीं सान्वी सिर्फ 3 साल बड़ी है आरव से, इस लिए उन् दोनों की क्लोसनेस्स जल्दी हुई और सेक्स के तरफ आरव को बढ़ना आसान लगा.....

आगये साथ देते चलिए भाई उम्मीद हैं जो आगे होने वाला बाई आप को सब ऐसे hi पसंद आये.

थैंक्स वैरी मच फॉर बीइंग तेरे भाई
 
अपडेट 109 आरव स्टैंड ात होम अगेन

दूसरे दिन फिर आरव अपने डैड और बीआरओ के साथ ऑफिस नहीं जाना चाहता था सुबह 10 बजे जब सब रेडी थे निकलने के लिए. तो चावला साहब ने सान्वी के तरफ देखा और इशारे से पूछा के किआ करें अब. तब सान्वी ने हाथ के इशारे से चावला साहब को वेट करने को कहा और वो गयी आरव के पास और उस से पूछा, “क्यों तू ऑफिस नहीं जजेगा आज भी हम्म?” तो आरव ने कहा, “मैं आप के साथ रहूँगा ऑफिस में सब मुझको चेररते हैं के मुझे कुछ नहीं अत!”

तब सान्वी चावला साहब के पास गए और धीरे से उंनसे कहा के एक दिन और आरव को घर पर रहने दें वो उस से और बात करेगी इन सब के बारे में. विवान ने भी कहा हाँ ठीक है उस्सको घर पर hi रहने दिया जाए. तो दोनों चले गए और आरव बहोत hi खुश हुआ और उन् लोगों के जाते hi उस्सने सान्वी को ज़ोर से गले से लगाया और उसस्के चेहरे को चूमने लगा.

सान्वी घर के कामों में बिजी हो गए और आरव को जाकर नहाने को और चेंज करने को कहा.

जब ाराव नाहा धो कर आया तो सान्वी किचन के कामों में लगी हुई थी तो आरव आकर उसस्के पास बैठ गया. सान्वी ने उस्सको चेररते हुए कहा, “अरे तू भी तो कितना चाह महक रहा है हम्म? कौन सी परफ्यूम लगाया है इतना?” तो आरव ने कल की तरह संवी वाले रिप्लाई को याद करके कहा, “हाहाहाहा मैं नहीं महक रहा हूँ मेरा परफ्यूम महक रहा है हाहाहाहा” और वो बहोत खुश हुआ के उस्सने सान्वी को वैसा जवाब दिया बहोत खुश हो रहा था और हंस रहा था. तो सान्वी ने उस्सको तिरछी नज़र से देखते हुए कहा, “हम्म मेरी बिल्ली मुझसे hi मिआव? ठीक है ले ले मज़ा मुझसे….” और आरव और भी हंससने लगा.

फिर थोड़ी देर बाद आरव ने कहा, “कब काम एन्ड करोगी यहाँ? कब हम ऊपर जाएंगे?” सान्वी ने उस से पूछा, “क्यों? तुझे जल्दी है ऊपर जाने को?” आरव ने कहा “हाँ, मुझे इंतेज़ार है के तुम नहाने जाओ, मैं वेट करूँ और तुम्हारी साडी को छुपा दूँ!”

सान्वी सिंक के पास कड़ी थी तो आरव को सुनकर वो मुड़कर उसस्के तरफ देखते हुए कहा, “ठीक है तुमने बता दिया तो मैं साडी लेकर अंदर जाउंगी और बाथरूम से पहनकर hi बाहर निकलूंगी!”

ये सुनकर आरव घबरा गया और उस्का हाथ कुछ कांपने लगा जैसे बहोत परेशान हो गया था और किचन में इधर उधर चलने लगा….. तो सान्वी ने देखा और पूछा “किआ हुआ आरव क्यों ऐसा बेहवे कर रहे हो बोलो किआ हो गया?” आरव की हरकतें अचानक बिल्कुल एक मेन्टल पेशेंट के जैसा हो गया और वो बिल्कुल ें पागल की तरह इधर उधर चलते हुए अपने आप बड़बड़ा रहा था….. सान्वी ने उसस्के कांधों को थाम कर उस्सको झिंझोरड़ा ज़ोर से और चिल्ला कर कहा, “किआ हुआ तुझे?!” तो उस्सने कहा, “नहीं नहीं तुम साडी लेकर अंदर जाओगी तो मैं कैसे छुपाऊंगा, किआ करूँ मेरी समझ में नहीं रहा है किआ करना चाहिए? तो मैं तुम्हारे साथ बाथरूम में आऊंगा और तुमसे साडी चुरा कर चला जाऊंगा okay?”

सान्वी को तब समझ में आया के जब आरव किसी सलूशन को नहीं सुलझा पता है तो वैसा बेहवे करता है, उस्सको स्ट्रेस जैसा होता है और एक प्रेशर एक दबाव जैसा होता होगा ब्रेन में तब वो वैसा बेहवे करने लगता है और सान्वी ने सोचा ज़रूर ऑफिस में भी ऐसे सीटुएशन्स होते होंगे तब बाकी के लोग उस पर हँस्ते होंगे….

और फिर उस्सको वापस रिलैक्स होने के लिए सान्वी ने कहा, “अरे तुम क्यों फ़िक्र करने लग्गे मैं मज़ाक कर रही थी, मैं साडी को बीएड पर hi रख कर जाउंगी, तुम उससे छुपा देना okay?” जब आरव ने यह सुना तो वो बिल्कुल रिलैक्स और नार्मल हो गया और मुस्कुराने लगा. सान्वी सोचने लगी के आरव जब अकेले होता होगा और ऐसे सीटुएशन्स अत होगा जहाँ उस्सको सलूशन नहीं दिखे तब वो कैसे डील करता होगा अकेले? तब तो बिल्कुल एक पागल की तरह करता और दीखता होगा!

सान्वी ने कुछ देर के लिए आरव को वहीँ बैठने को कहा यह कहकर के उस्सको एक ज़रूरी फ़ोन करनी है वो थोड़ी देर में वापस आएगी. आअराव ने कहा okay. तो सान्वी अपने कमरे से एक फ़ोन करने गयी अपनी एक सहेली को जो एक साइकियाट्रिक स्टूडेंट थी फाइनल ईयर में.

सान्वी ने उस्सको आरव की हालत के बारे में सब कुछ बताया, सब डिटेल में एक्सप्लेन किया तो उस सहेली ने कहा,

“सान्वी इसी लिए पहले के ज़माने के बुज़ुर्ग लोग ऐसे लड़के या लड़कियों की जल्दी से शादी करा देते थे. क्यूंकि सेक्स करने से उनके सारे ब्रेन की नेर्वेस रिलैक्स होते हैं, उनको चैन और सुकून मिलता है”….. और बहोत कुछ कहा उस सहेली ने सान्वी को जैसे उस्सको लेकर उस से मिलने आये ेट्स ेट्स… मगर सान्वी ने इस बात को ज़्यादा ध्यान से सुना के सेक्स करने से उनके दिमाग़ के नेर्वेस रिलैक्स होते हैं…… तब सान्वी सोचने लगा किआ इसी लिए आरव उसस्के साथ वैसा बेहवे करता है सेक्सुअली? आरव को आराम मिलेगा अगर उस्सने अपने टेंशन को फ्री किया उस तरह से? सान्वी अब सोच में पर गयी और गहराई से आरव के बारे में सोचने लगी.

वो वापस किचन में गयी और आरव को अजीब नज़रों से देखने लगी. आरव ने उस से पूछा, “तुमको किआ हुआ?” तो सान्वी हैरान उस्सको देखते हुए पूछा, “क्यों? तुम ने ऐसा क्यों पूछा आरव?” और आरव ने तुरंत जवाब दिया एक तरफ देखते हुए, “तुम परेशान दिख रही हो अभी!” सान्वी को बहोत hi हैरानी हुई के आरव को वो कैसे दिख गया?” सान्वी को याद आया के उसस्के सहेली ने यह भी कहा था के कुछ ऐसे पेशेंट्स होते हैं जिस के ब्रेन का एक हिस्सा कम काम करता है तो एक दूसरा हिस्सा हद से ज़्यादा काम करता है, जैसे कुछ ऐसे लोग होते हैं जो लैंग्वेज में वीक होते हैं मगर मैथ्स और फिजिक्स में टॉप होते हैं, वो ब्रेन के उस हिस्से से तालुक रखता है जो हिस्सा हद से ज़्यादा काम करते हैं तो आरव के केस में ऐसा था के वो लड़कियों से और अपनों से दूर रहता है, डरता है मगर स्टडीज में फ़ास्ट है, जो पढता है सब उसस्के मेमोरी में कैद रहता है इस लिए एक्साम्स में सवालों का सही जवाब देता है….

तो अब सान्वी सोचने लगी के किआ आरव के ब्रेन का एक हिस्सा उस्सकी परेशानियों को देख सकता है? किआ आरव इतना इंटेलीजेंट है के एक इंसान के चेहरे को देख कर समझ जाता है के उस इंसान को कोई प्रॉब्लम है या खुश है?.... सान्वी ने अपने सर को झटकते हुए कहा, “मैं भी पता नहीं किआ किआ सोचने लगती हूँ धत”

आरव ने फिर पूछा, “हम कब ऊपर जा रहे हैं?! अब तो चलना चाहिए नाह?”

सान्वी ने हँस्ते हुए कहा, “चलते हैं बाबा बुसस 5 मिनट और!” तो आरव ने कहा, ok, माइनस 45 सेकण्ड्स रिमेंस 4 मीन्स एंड 15 सेकण्ड्स…” फिर 15 सेकण्ड्स बाद कहा, “4 मीन्स लेफ्ट” और 1 मिनट बाद कहा, “3 मीन्स लेफ्ट माय डिअर!” सान्वी हंससने लगी और उस्सको देखते हुए कहा, “क्यों तुम टाइमर हो?” तो आरव ने कहा “1 मिनट लेफ्ट मैं वक़्त का बहोत पाबन्द हूँ, ी ऍम ऑलवेज पुनक्तुअल!”

सान्वी ने हाथ धोया और कहा “दोने जीरो मीन्स लेफ्ट नाह?” आरव खड़ा हो गया और अपने उँगलियों को एक एक करके दिखते हुए कहा “प्लस 20 सेकण्ड्स! तुम ने कहा था 5 मीन्स मगर तुमने 20 सांडस ज़्यादा लिए अब चलो जल्दी!”

ऊपर जाने के बाद सान्वी ने अपनी पेट्टी कोट और ब्लाउज लिया और साडी को आरव के चेरे पर मारते हुए कहा, “लो सम्भालो अपनी साडी…. “अच्छी है यह पीला वाला या कोई और पहनूं बोलो आरव?” आरव खुश होते हुए साडी को सूंघता है और ख़ुशी से मुस्कुराते हुए सान्वी को जवाब दिया, “परफेक्ट है, और ब्लाउज कौन सी कलर का है देखूं तो?” सान्वी ने दिखते हुए कहा यह भी येलो hi है…..” आरव बीएड पर बैठे हुए देख रहा था और आवाज़ को थोड़ा निचे करके पूछा, “और अंडरवियर किश कलर की है? दिखाओ!” सान्वी ने उस्सको मोठे मोठे ेंखों से देखते हुए कहा, “शैतान कहीं का मैं चली अब” और मुस्कुराते हुए वो बाथरूम के अंदर चली गयी…. बीएड पर आरव हंससने लगा अपने सवाल से खुश होते हुए…..

तो बे कॉन्टिनोएड…………..
 
अपडेट 110 आरव बीइंग नॉटी अगेन

आरव बैठे हुए वेट कर रहा था सान्वी के वापस आने का और उधर सान्वी नहाते वक़्त आरव के शैतानी बातों को सोचते हुए हंस रही थी…

आरव के मैं में पता नहीं किआ आया के वो उठकर सान्वी के वार्डरॉब के पास जाकर उस्सको खोल कर सान्वी के कपडे देखने लगा…. एक एक करके कई कपड़ों को निकला, सुंघा और वापस रखा, काफी देर तक वहीँ खड़ा रहा जब तक सान्वी नाहा कर बाहर निकल आयी. सान्वी उसी को सोचते हुए आ रही थी के पता नहीं अब कौन कौन सा कमेंट करेगा सान्वी पर, तो देखा वो उस्सकी अलमारी के पास दरवाज़े खोल कर उसस्के कपडे देख रहा है! सान्वी कुछ देर उसस्के पीछे खड़े होकर उस्सको देखती रही के वो किआ कर रहा है और उस्सको सरप्राइज करने को सोचा मगर फिर तुरंत सोचा के वो डर सकता है तो आराम से पूछा, “किआ देख रहे हो आरव?” आरव उस्सकी आवाज़ से चहुंका और मुड़कर उस्सको देखते हुए कहा, “कुछ नहीं तुम्हारे ड्रेसेस को देख रहा हूँ, कितनी खूबसूरत ड्रेसेस हैं तो क्यों सिर्फ साडी पहनती हो तुम?”

संवी ने उस से कहा, “बाद मैनर्स अगेन आरव, किसी लड़की के कपडे ऐसे नहीं देखते बहोत बुरी आदत है तुमको किआ हो जाता है कभी कभी क्यों ऐसे बेहवे करने लगते हो तुम हम्म?”

आरव ने मुस्कुराते हुए रिप्लाई किया, “ारे किसी स्ट्रेंजर के कपड़ों को देखता तब नाह बाद मैनर्स होता मैं तो तुम्हारे कपड़ों को देख रहा हूँ और तुम तो अपनी हो है नाह? तुम कोई स्ट्रेंजर थोड़ी hi हो?”

सान्वी ने मुस्कुराते हुए पूछा, “तुम मुझे अपना समझते हो आरव?”

“ऑफ़ कोर्स, अपना समझता हूँ तभी तो इतना क्लोज हूँ तुमसे, किआ तुम मुझे अपना नहीं समझते हो?” जवाब था यह आरव का.

सान्वी टॉवल को बालों में फरते हुए बीएड के तरफ बढ़ती है और आरव जल्दी से वार्डरॉब को बांध करके उसस्के पीछे जाते हुए उस्सको पीछे से बाहों में भरता है और उसस्के गर्दन को स्मेल करता है. उस्सकी ब्लाउज वैसे hi तंग थी उसस्के जिस्म पर और ब्रा के स्ट्रैप्स दोनों हांडी पर दिख रहे थे, पीछे ब्लाउज को दो क्लासेस ने आत्ताच किये हुए थे तो आरव ने अपना सर वहीँ उसस्के पीठ से लगाके कहा, “तुम यह क्लासेस कैसे बांधती हो यह तो पीछे हैं?” सान्वी ने वैसे hi उस से पीठ किये हुए hi जवाब दिया, “आदत है आरव ऐसे hi बांध लेती हूँ!” तो आरव ने कहा, “हम्म तुमने मुझे अपने अंडरवियर की कलर नहीं बतायी थी नाह अब मुझे पता है ुंडेरवेअर्स वाइट कलर के हैं हहै!!”

सान्वी जल्दी से टर्न होती है उस्सको फेस करते हुए थोड़ा झूट मुठ के ग़ुस्सा दीकहाते हुए कहती है, “बदमाश कहीं का तुमको शर्म नहीं आती मुझसे ऐसे बात करते हुए? तुम सच में बहोत hi नॉटी होते जा रहे हो!” और सान्वी उस्सको छोटे छोटे थपड मार्र्टी है उसस्के गालों पर. तो आरव हंससने लगता है और सान्वी को उसस्के जांघ के तरफ बल्कि पथ के निचे के तरफ उसस्के पेट्टी कोट के अंदर उस्सकी पंतय की फॉर्म को देखता है फिर कहता है, “अरे नहीं, तुम्हारी ब्रा और पंतय शामे कलर के नहीं है नाह?”

सान्वी लाल चेहरे में कहती है, “ोफो आरव, स्टॉप आईटी प्लीज ऐसे बातें नहीं करते हैं तुम क्यों ऐसे बातें hi करते हो मेरे साथ?”

मगर आरव अपने बात पर ऐडा रहता है और सान्वी को उसी जगह पर घुररते हुए कहता है, “बोलो नाह किश रंग की है यह? पेट्टी कोट पर रंग नहीं ारः पेट्टी कोट पीला येलो है ब्रा वाइट है तो इस्सके निचे कौन सा कलर है बोलो नाह? या फिर मैं देखूं पेट्टी कोट को उठा कर?”

सान्वी झट से दो कदम पीछे हट जाती है और आरव के चेहरे में देखते हुए कुछ सीरियस टोन में कहती है, “शट उप और बैठो वहां बीएड पर चुप चाप वार्ना मैं साडी पेहेन लुंगी!”

तो आरव बैठ जाता है साडी को तकिये के निचे करते हुए और एक गिलटी चेहरे बना कर सर झुका लेता है. सान्वी चल कर आईने के पास जाती है तो आरव सर झुकाये हुए मगर नज़रों को ऊपर करके सान्वी की नितम्बों को देखता है जब वो बीएड से चलते हुए आईने के पास जा रही होती है… और वो अपने लिंग को हाथ से अपने शार्ट में सीधा करता है; और ठीक उसी वक़्त सान्वी उस्सको आईने में देखती है के वो किआ कर रहा है…. सान्वी को पता चल जाता है के उस्का खड़ा हुआ है….. सान्वी बाल में कंघी करते हुए आरव को देखती जाती है और आरव ने ख्याल नहीं किया के सान्वी उस्सको आईने में देख रही है तो वो अपने लिंग को सहलाता है हाथ से शार्ट के ऊपर से hi और सान्वी सब देख रही होती है…..

सान्वी खुद को आईने में देखती है, खुद अपने क्लीवेज को देखती है और मुस्कुराती है के आरव उस्सको ऐसे देख के एक्साइट हो रहा है मगर वो किआ करती आरव खुद चाहता है के वो बिना साडी के रहे….. मगर किआ सान्वी अंदर अंदर उस्सको जैसे रिझा रही थी? किआ सान्वी के दिल के अंदर ाचा सा लग रहा था के आरव उस से आकर्षित हो रहा था? ये सान्वी की दिल के अंदर की बात कभी तो पता चलेगा नाह? कौन भला कभी किसी औरत के दिल के अंदर की बात को जान सका है कभी जब तक वो खुद नाह बताये?!

जो ब्लाउज सान्वी ने आज पहनी थी वो उसस्के ब्रा के स्ट्राप को छुपा नहीं पा रहे थे, हर एक मिनट के बाद दोनों काँधे पर ब्रा के स्ट्रैप्स दिखने लगते थे, और क्लीवेज भी कुछ ज़्यादा hi दिख रहे थे इस ब्लाउज में. तो किआ संवी ने जान बुझ कर उस ब्लाउज को पहना आरव के लिए? यह कौन जाने?!

सान्वी ने पेर्फुमेस वग़ैरा लग आलिया, कंघी कर लिया तो आरव के पास आया बीएड पर बैठी और आरव के काँधे पर हाथ रख के कहा, “हम्म तो बोलो आज किआ किया जाए?”

आरव ने बिना झिजाहक के तुरंत रिप्लाई किया, “प्यार!”

सान्वी ने ब्लश करते हुए कहा, “प्यार? प्यार किया जाए? कैसे आरव? प्यार किया नहीं जाता, प्यार हो जाता है!!”

आरव ने कहा, “लव मेकिंग तो प्यार करना होता है नाह? सो, मेक लव नॉट वॉर यह प्रोवर्ब है तो हम प्यार करें लड़ाई नहीं!!”

सान्वी ने कहा, “वह बीटा, मुझको सीखा रहे हो हैं? बड़े इंटेलेक्चुअल बनते हो मुझसे होशियारी करते हो हम्म?”

आरव हंस्ता है तो संवी फिर कहती है, “वो लव मेकिंग जो तुम ने अभी कहा वो सेक्स करने को कहते हैं, और प्यार दिल से होता है, एक फीलिंग होता है प्यार, वो नहीं जो लव मेकिंग के बारे में तुम कह रहे हो! धत हमेशा गन्दी बात करते हो, तुम हर बात को सेक्स के तरफ क्यों मोड़ते हो आरव?”

आरव ने जवाब दिया, “ी वांट तो मेक लव!”

सान्वी: “थें यू मस्ट गेट ा गर्लफ्रेंड तो दो तहत माय डिअर!”

आरव: “तुम हो नाह मेरी गर्लफ्रेंड!”

सान्वी: “नाह मैं तुम्हारी भाबी हूँ गर्लफ्रेंड नहीं!”

आरव: “तो बन जाओ नाह भाबी से गर्लफ्रेंड थोड़ी देर के लिए इस में किआ है?”

सान्वी: “तुमको नहीं पता के तुम किआ कह रहे हो आअराव, ऐसा नहीं होता!”

आरव: “क्यों ऐसा नहीं होता अगर तुम चाहो तो ऐसा हो सकता है!”

सान्वी ने उसस्के चेहरे में घुररते हुए कहा, “तुम्हारे मंद के अंदर किआ चल रहा है आरव? किआ किआ सोचते रहते हो तुम? ऐसी गन्दी बातें नहीं सोचते! बुरी बात होती है.”

आरव कुछ देर के लिए खामोश रहता है… फिर कुछ पल बाद मुंह फुलाते हुए कहता है, “तो मुझको सीने से तो लगाओ नाह आज अभी तक तुमने मुझको नहीं लगाया सीने और नाह hi किश किया, मैं कब से वेट कर रहा हूँ!”

तो अब सान्वी को तरस आगया और आरव के सर को थाम कर अपने सीने से लगाया और उसस्के क्लीवेज पर आरव के गाल पड़े और आरव ने उसस्के बूब्स के ऊपरी हिस्से को चूमा और अपने गाल को दबाया दोनों बूब्स के बीच और अपने बाहों को फैला कर सान्वी को ज़ोर से जाकर लिया. दोनों बैठे हुए थे. कोई 5 मिनट्स तक वैसे hi रहे उसी पोजीशन में तब आरव ने कहा, “लेट जाओ नाह कल की तरह तो मैं अपना सर यहाँ रखूं!” उस ने वो कहते हुए अपने ऊँगली से सान्वी के बूब को छह कर बताया.

सान्वी ने पूछा, “अगर मैं लेट गयी तो तुम कोई शैतानी नहीं करोगे?”

आरव ने पूछा, “मुझे नहीं पता किआ होता है शैतानी करना, मैं बुसस वो करता हूँ जो फील करता हूँ और जो मेरा दिल और दिमाग़ चाहता है, एक डिमांड होती है नाह उस डिमांड को पूरी करना चाहता हूँ बुसस इतनी सी बात है तो तुम क्यों शैतानी कहती हो उससे?”

सान्वी हैरान हुई उसस्के इस जवाब को सुनकर और सोचा के यह बाँदा कितना इंटेलीजेंट है और कैसे कैसे जवाब देता है जिस्का कभी कभी सान्वी के पास जवाब hi नहीं होता रेफुटे करने के लिए!!

तो बिना कुछ कहे सान्वी लेट गयी और आरव के सर को अपने सीने पर लगा कर उसस्के सर के बालों में ुंलियाँ फरने लगी जैसे एक माँ अपने बेटे को प्यार करती है….. मगर सान्वी को पता था के अभी वो अपने कमर को दबाएगा उस्सकी जाँघों पर और रगड़ेगा… उस्सको सोचके सान्वी का दिल ज़ोरों से धड़कने लगा और आरव उसस्के बूब को चूमने लगा और आहिस्ते आहिस्ते सच में आअराव ने अपने कमर को सान्वी के नितम्बों के पास दबाया और सान्वी ने फील किया उस्का लिंग मोटा हो गया hai…..kal की तरह सान्वी ने उस्सको नहीं रोका, सान्वी फील करती गयी के आरव आहिस्ते आहिस्ते अपने लुंड को उसस्के जिस्म पर शार्ट समेत दबाते हुए रागढ रहा था….. सान्वी के सांसें भादि होने लगी, उस्सने कई गहरे सांसें लिए आरव को वैसा करते हुए फील करते और उसस्के बालों में हाथ फर्टी गयी और कई बार आरव के सर को चूमा भी सान्वी ने जैसे उस्का हौसला बढ़ा रही हो…. सान्वी जैसे आरव को डिस्टर्ब नहीं करना चाहती थी, उस्सको अचानक से टोकना नहीं चाहती थी इस बार…. सान्वी अपने पीठ पैट लेती हुई थी, आरव का सर उसस्के छाती पर थी और निचे आरव ने एक तंग को अब सान्वी के जांघों के ऊपर किया….. कल जब आरव ने वैसा किया था तो सान्वी झट से उठ कड़ी हुई थी, मगर आज कुछ नहीं कर रही थी…. सान्वी शायद आरव की भड़ास को बाहर निकलने देना चाहती थी, आज उस्सको नहीं टोक रही थी….. और वैसे hi रगड़ते हुए आरव की सांसें तेज़ हुई वो सान्वी ने फील किया के आरव के गरम सांसें उसस्के बूब पर आरहे हैं, और जल्दी से आरव सान्वी के ऊपर चढ़ गया और उस्का रागढ अब सान्वी के पथ के निचे ठीक उस्सकी योनि के ऊपर हो रहा था, सान्वी सब फील कर रही थी, उस्सको पता था आरव अपने खड़े लुंड को उसस्के योनि के ऊपर कपडे समेत रागढ रहा था और आरव का जीब तब तक सान्वी के गर्दन को चाटने लगा…. सान्वी कसमसाई और अपने सर को ऊपर कर दिया छत्त ताकते हुए और अपने बाहों को आरव के पीठ के ऊपर फिरते हुए सहलाने लगी जैसे आरव को करेस कर रही थी और आरव ने एकांत बार जोश में रगड़ा और फिर कूल लेट गया सान्वी के ऊपर, बिल्कुल शांत…… ऐसा लगा के एक तूफ़ान ज़ोर से ताक़्क़ात के साथ सब कुछ कुचलते हुए गुज़रा और फिर एकदम शांत हो गया….. आरव सान्वी के ऊपर लेता हुआ हांफ रहा था, उसस्के ेंखें बांध थे, सान्वी उसस्के साँसों को मेंसूस कर रही थी अपने गर्दन पर… और देखा के आरव को नींद आगयी थी उसस्के जिस्म पर…..

सान्वी ने धीरे से उस्सको पलटा, वो अब पीठ के बल बीएड पर हो गया तो सान्वी ने देखा उस्का शार्ट भीगा हुआ है और पार्टली सान्वी का पेट्टी कोट भी ठीक योनि के पास हॉक्स सा गिला हुआ है….. सान्वी समझ गयी के आरव का वीर्य था वो…

सान्वी बहोत देर तक बीएड पर वहीँ बैठी आरव को सोते देखती रही. कुछ भी सोच नहीं पा रही थी सान्वी के जो कुछ होने दिया किआ वो सही था या ग़लत. सान्वी उस वक़्त सिर्फ यह सोच रही थी के अब देखना है आरव के बेहेवियर किआ होता है यह करने के बाद.

सान्वी ने सोचा अस्सल जिस्मानी तालुकात तो नहीं हुआ, और वो होने भी नहीं देती, तो उस दौरान सान्वी किआ फील कर रही थी? किआ वो भी गीली हुई थी? किआ सान्वी के भी सेक्सुअल फीलिंग ारोउसे हुए उस वक़्त? किआ सान्वी ईमानदारी से यह बात बताएगी? इस वक़्त सान्वी एक एक्सपीरियंस कर रही थी आरव के साथ यह देखने के लिए किआ आरव के दिमागजी हालत पर कोई परिवर्तन होता है उसस्के दिल के अंदर की डिमांड को पुअरा करके? आरव ने खुद कहा के उसस्के दिल ो दिमाग़ की डिमांड होता है वो सब करना, तो सान्वी अब उसस्के जागने का इंतज़ार कर रही थी के उस से अब पूछे के उस्का डिमांड पूरा हुआ के नहीं…….

तो बे कॉन्टिनोएड………….. (3550 वर्ड्स फ्रॉम तवो लास्ट ुपडतेस)
 
अपडेट 111 व्हेन आरव वैक्स उप

सान्वी ने सोचा अस्सल जिस्मानी तालुकात तो नहीं हुआ, और वो होने भी नहीं देती, तो उस दौरान सान्वी किआ फील कर रही थी? किआ वो भी गीली हुई थी? किआ सान्वी के भी सेक्सुअल फीलिंग ारोउसे हुए उस वक़्त? किआ सान्वी ईमानदारी से यह बात बताएगी? इस वक़्त सान्वी एक एक्सपीरियंस कर रही थी आरव के साथ यह देखने के लिए किआ आरव के दिमागजी हालत पर कोई परिवर्तन होता है उसस्के दिल के अंदर की डिमांड को पूरा करके? आरव ने खुद कहा के उसस्के दिल ो दिमाग़ की डिमांड होता है वो सब करना, तो सान्वी अब उसस्के जागने का इंतज़ार कर रही थी के उस से अब पूछे के उस्का डिमांड पूरा हुआ के नहीं…….

अब आगे……

जब आरव सो रहा था तो सान्वी ने अपनी साडी पेहेन लिया, और आईने के सामने बैठकर अच्छी तरह से सज संवर कर आरव के पास जाकर बीएड पर बैठ गयी उसस्के जागने का इंतज़ार करते हुए.

सान्वी इतनी खूबसूरत लग रही थी के कोई भी मर्द अगर उस्सको वैसे देखता इस वक़्त तो पागल हो जाता उसस्के लिए. उस्सने सिंघार तो किया hi था और सान्वी तो बिना सिंघार के भी गज़ब की लगती है. उस्सकी बॉडी एक खूबसूरत तराशा हुआ ऐसी मैनेक्विन की तरह थी के जैसे जिस्म का हर हिस्सा मेज़रमेंट पर बनाया गया था, उस्सकी जिस्म का हर एक हिस्सा इतना दिलकश्त था के बयान करना मुश्किल है. उसस्के जिस्म को आगे से या पीछे से देखो, एक अजीब खिंचाव था किसी भी मर्द के लिए, वो जवान हो या अधेड़, कोई भी उसस्के तरह खींचे जाते थे. ऊपर से उस्सकी फेमिनिन ऐडा और आवाज़ इतने अछि थी के उस्सको सुनने को, देखने को, और देखते hi रहने को मैं करता था. और उसस्के बातों से प्यार तो छलकता hi था मगर एक समझदार और इंटेलीजेंट महिला की झलक भी दीखता था. मातुरित्य छलकते थे उस के बोलने और समझदारी से सीटुएशन्स को हैंडल करने से. पढ़ी लिखी तो थी hi, ऊपर से किसी भी मामले को सही तरह से हैंडल करने की ताक़त रखती थी सान्वी. उस्सकी चेहरे की खूबसूरती, उस्सकी ेंखें, उस्सकी जान लेवा मुस्कराहट, उसस्के गोर गाल सब कुछ तराशा हुआ था और किसी को भी उस से प्यार हो जाता…. उसस्के होंठ कुछ इस तरह से थे के नाक से लेकर होंठों तक जब कोई देखे तो देखते hi रहते, पतली पतली होंठ थे सान्वी के और बहुत आकर्षित करते थे, जब वो बात करती तो उसस्के होंठ जिस तरह से एक दूसरे से टकराते और वो मुस्कुराती थो होंठ कुछ ऐसे होते के लिखना नामुमकिन है वो सिर्फ देखने से hi पता चलता है…. ऐसे कह सकते हैं के उसस्के होंठ अपीलिंग थे, सेक्सी और ारोंसिंग थे, कोई वासना भरी नज़र से देखे तो कहेगा के सान्वी के होंठ चुस्सने वाली होंठ है, या ज़बरदस्त किश करने वाले होंठ हैं…. तो अब आरव किआ चीज़ थी, उस्सको अपनी भाबी से प्यार hi हुआ था!

सान्वी आरव का वेट करते हुए एक किताब पढ़ने लगी और कई चैप्टर्स रीड कर डाले मगर आरव सोया hi रहा. पुरे 3 घंटे सोया वो. सान्वी सोचने लगी तो किआ यह रात को सोया नहीं था के अब इतने देर तक सोया रहा!!

आखिर जब आरव जाएगा तो एक अंगराई लेते हुए अपने दोनों बाज़ू को फैला कर छत्त को देखते हुए धडपडा कर उठा और कहा, “अरे भाबी मैं समझा के मैं अपने कमरे में हूँ!” जब उस्सने “भाबी” कहा तो सान्वी को अच्छा लगा क्यूंकि वो उस्सको कभी भी भाबी नहीं बुलाता था बुसस “तुम तुम” कहकर बात करता था.

सान्वी मुस्कुराते हुए उसस्के चेहरे में देखती जा रही थी इस इंतज़ार में के वो पहचान सके के आरव में कोई बदलाव आया है के नहीं.

और आरव ने जब कहा, “तुमने साडी पेहेन लिया हम्म्म मुझको नींद किआ लग गए तुम ने धीरे से साडी पेहेन लिया हम्म?”

सान्वी ने फील किया के वो हार गयी अपने एक्सपीरियंस में! वो बहुत निराश होते हुए आरव को देकते हुए कहा, “तुम रात को सोये नहीं थे किआ जो पिछले 3 घंटे से यहाँ आराम से सो रहे थे?”

तो आरव ने जल्दी से सान्वी को जकरते हुए और उसस्के गाल को चूमते हुए कहा, “रात को काफी देर तक इंटरनेट सर्फ कर रहा था, सुबह 3 बजे सोने गया था इसी लिए अभी नींद लग गयी.”

सान्वी ने उसस्के सर पर हाथ फरते हुए पूछा, “अब कैसा लग रहा है तुझे?”

आरव ने बहोत खुश दीखते हुए कहा, “बहोत बहोत hi अच्छा फील हो रहा है भाबी!”

तो सान्वी ने उस से पूछा, “चाह? और क्यों बहोत ाचा फील हो रहा है तुझे अब?”

तो आरव सान्वी को और ज़ोर से जकरते हुए कहा, “ऐसे hi तुम्हारे साथ जो हूँ, तुम मेरे पास हो हम दोनों साथ है और मैं सो कर जाएगा तो तुमको मेरे नज़रों के सामने पाया तो इसी लिए बहोत hi अच्छा लग रहा है, तुम हर सुबह मुझको ऐसे hi जगाने आना मेरे रूम में okay?”

सान्वी उसस्के सर को सहलाती गयी यह सोचते हुए किआ उस्सको याद नहीं जो कुछ उस्सने किया था नींद लगने से पहले या पता नहीं होने का नाटक कर रहा है. सोचा के उस से पूछे के उस्सने किआ किया था सोने से पहले मगर नहीं पूछा ये सोच कर के वो खुद बा खुद कुछ तो बोलेगा उस बारे में. तो सान्वी ने कुछ टेढ़े मेढ़े बात करके उस बात तक पहुँचने की कोशिश की. और उस्सने कहा, “अब निचे जाने का टाइम हो गया है आरव चल!”

तो आरव ने एक नखरे वाले ऐडा से कहा, “नहीं इतनी जल्दी क्यों मेरे साथ कुछ देर और रहो नाह!”

सान्वी ने कहा, “हम पिछले 4 घंटों से यहाँ है, इन् में से 3 घंटे तो तुम सोये थे!”

आरव ने एक बचे की तरह मुंह फुलाते हुए कहा, “हम्म नहीं अभी मुझे आप प्यार करो नाह, ऐसे लेट जाओ आप और मुझे सीने से लगाओ कुछ देर फिर चलते हैं okay?”

सान्वी ने तब कहा, “क्यों? सोने से पहले तुमने नहीं किया प्यार? तुम तब मेरे सीने से नहीं लगे थे किआ?”

आरव बोलै, “वो बहोत कम था और चाहिए मुझे लेट जाओ नाह थोड़ा सा!”

तब सान्वी ने आवाज़ थोड़ा ऊंचा करके पूछा, “वो बहोत कम था या बहोत ज़्यादा आरव? किआ किया था तुमने बोलो?”

आरव ने सर झुका लिया और उस्सने सान्वी के छाती में मुंह छुपाते हुए कहा, “मैं ने सिर्फ प्यार किया था और कुछ नहीं हम्म्म!!”

तो सान्वी नाराज़ होते हुए उठने लगी तो आरव ने उस्सको ज़ोर से थामा और उठने से रोका, और ज़िद किया के वो सिर्फ 2 मिनट्स के लिए उस से प्यार करके तब उठें!

जिस तरह से आरव ने बिनती किया, उसस्के चेहरे में जिस तरह का भोलापन दिखा सान्वी ने तो उस्सको बहोत तरस आया और वो मान गयी दो मिनट के लिए वैसे फिर से लेटना उसस्के लिए.

सान्वी लेट गयी, तकिये को अपने गर्दन के निचे करके छत्त देखते हुए और आरव से कहा, “लो, सिर्फ 2 मिनट, मैं गिनती हूँ तुम पुनक्तुअल हो नाह तो रेस्पेक्ट करो अपने 2 मिनट को ठीक है?!”

आरव बीएड पर सान्वी के राइट में बैठा हुआ था, और इस बार तो साडी पहनी हुई थी सान्वी ने और पहले की तरह सान्वी सिर्फ ब्लाउज में नहीं थी तो आरव पल्लू को पहले हटाने लगा, तो तुरंत सान्वी ने उस्का हाथ थमते हुए कहा, “क्यों हत्ता रहे हो इससे, इस्सके ऊपर भी तो सीने से लग सकते हो नाह? ऐसे hi अपने सर को मेरे सीने से लगाओ तुम!”

आरव ने ज़िद किया के उस्सको पल्लू को हत्ता के ब्लाउज पर hi सर लगाना है नहीं तो उस्सको ाचा फील नहीं आएगा. तो ग़ुस्से में सान्वी ने अपने पल्लू हो हटाते हुए कहा, “देखलो एक मिनट हो गए अब!”

तो आरव ने मुंह बनाते हुए कहा, “नहीं तुम चीट कर रही हो टाइम तब शुरू होगा जब मैं यहाँ अपने सर रख दूंगा तब!”

सान्वी ने उस्सको ग़ुस्से से देखते हुए कहा, “okay ठीक है रखो अपना सर यहाँ… ओने, तवो, थ्री, फोर……”

और आरव ने अपने गाल को उसस्के क्लीवेज से सत्ताया और बाहों को सान्वी के काँधे से लगाया और क्लीवेज को किश किया…. सान्वी देखना छाती थी के किआ वो फिर से निचे अपने जिस्म को उसस्के कमर से सताएगा, उस्सने सोच लिया था के अगर इस बार उस्सने वैसा किया तो उस्सको एक ज़ोर का थपड मारेगी…..

मगर आरव ने वैसा नहीं किया मगर कहा, “तुमने अपने हाथ को मेरे सर पर नहीं फेर्रा?!” और उस्सने खुद सान्वी के हाथ को अपने सर पर किया तो सान्वी उसस्के बालों में अपने उँगलियों को फरने लगी…… दो मिनट हो गए और सान्वी ने कुछ नहीं कहा फिर 3 मिनट हुए फिर 4 और 5!!! सान्वी उस्सने सर के बालों को मुठी में लिया और कहा, “बड़े आये वक़्त के पाबंदी रखने वाले तुम्हारे 2 मिनट नहीं हुए अभी तक?!”

तब आरव ने ज़ोर से हँस्ते हुए सर उठाया और कहा, “हाहाहाहा मैं ने जान बुझ कर नहीं उठाया सर को यह देखना चाहता था के तुम गिनती कर रही हो के नहीं हाहाहाहा मैं ने भी चीट किया, ी गोत 3 मिनट्स मोरे बी चीटिंग हहहहए!” वो बहोत कुश था….. और सान्वी हंससने लगी और खड़े होकर अपने पल्लू को अपने क्लीवेज पर करते हुए आराम से कहा, “अच्छा चलो किचन में मुझे तुमसे कुछ ज़रूरी बात करनी है….. चलो फ़ास्ट!”

तो बे कॉन्टिनोएड……………
 
अपडेट 112 सान्वी टॉक्स सीरियस मटर

किचन में जाने के बाद सान्वी ने आरव को बैठने को कहा और वो अपने किचन के कामों को करते हुए आरव से कहा,

“आरव मेरे ख्याल से तुमको ग्रेजुएशन या डिप्लोमा करना चाहिए, सिर्फ 3 साल यूनिवर्सिटी जाओ और अपने मैं पसंद सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन करो!!”

आरव ने कोई जवाब नहीं दिया और सान्वी ने बात को दोहराया तो आरव ने कहा, “मुझे जाना था मगर डैड ने कहा के उसस्के बिज़नेस को चलाने के लिए ग्रेजुएशन की ज़रूरत नहीं है!”

तो सान्वी उसस्के पास जा कर बैठी और कहा, “तुम करोगे ग्रेजुएशन? जाओगे यूनिवर्सिटी?”

तब आरव ने कहा, “मगर मैं तुमसे दूर हो जाऊंगा अब मैं तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ!”

सान्वी ने उस्सको फुसला बेहलाके समझाया के, “देखो आरव सिर्फ 3 साल की बात है, और अगर तुमने ग्रेजुएशन कर लिया तो ऑफिस में सब तुमको रेस्पेक्ट करेंगे, कोई तुम्हारा मज़ाक नहीं उड़ाएगा, तब तुम जूनियर्स के निचे नहीं तब सब जूनियर्स तुम्हारे निचे काम करेंगे, तुम अपने डैड की तरह बॉस बन जाओगे. सोचो कितना मज़ा आएगा तब?!”

आरव ने फिर मुंह फूलते हुए कहा, “मगर तुम से दूर नहीं जाना मुझे!”

सान्वी ने कहा, “ोफो आरव हम दूर सिर्फ 3 साल के लिए होंगे नाह बाबा, और फिर स्काइप, या व्हाट्सअप पर हर रोज़ बात भी करेंगे, और साल में एक बार छूती में तो घर आओगे तब मिलेंगे हम. दूर रहने से प्यार और बढ़ता है आरव, जितना मुझको मिस करोगे हम उतने hi करीब होंगे हाँ!!”

आरव ने चेहरे में उदासी लिए हुए कहा, “मैं इतने सालों तक बोर्डिंग में था, थक गया था, वहां कोई भी मुझसे मिलने नहीं अत था, नाह बाप नाह भाई, मैं एक यतीम की तरह था वहां, अब तुम मिली हो मुझे इस घर में और कोई नहीं था mera…aur अब फिर से दूर रहना होगा मुझे?!”

सान्वी ने उस से कहा, “अरे वो दोनों बड़े बिज़नेस में हैं, उन् लोगों के पास टाइम नहीं था नाह आरव इसी लिए तुमसे नहीं मिलने आते थे, और एक रीज़न भी है नाह, अगर वह लोग तुमसे मिलने आते तो तुम इतने अचे रिजल्ट्स नहीं लाते, तुम डिस्टर्ब होते अपने पढ़ाई में नाह…. तुम्मो खुश होना चाहिए के वह लोग तुमसे नहीं मिलते थे, देखो तुमने बेस्ट रिजल्ट पाए अपने स्टडीज में. हम्म्म!”

आरव ने रोनी सूरत बनाया और दौड़ते हुए ऊपर अपने कमरे में चला गया.

सान्वी ने सोचा के चावला साहब से बात करेगी और आरव को ज़रूर यूनिवर्सिटी भेजेगी.

कुछ देर बाद सान्वी आरव के कमरे में गयी. आरव मुंह फुलाये हुए बैठा था और कहा, “जाओ मैं तुमसे बात नहीं करता तुम भी उन् दोनों की तरह hi हो, मुझको यहाँ से दूर भेजना चाहती हो मैं सबके ेंखों में खटकता हूँ इस घर में!”

सान्वी को बहोत तरस आया उसस्के बातों को सुनकर और जाकर उस्सको ज़ोर से बाहों में भरके उस्सको प्यार किया, उस्सको बहोत सारे चुंबन दिए उसस्के चेहरे पर, गालों पर, और उसस्के होठ को भी किश किया सान्वी ने उस्सको बहलाने के लिए और मनवाने के लिए.

आरव रोने लगा एक छोटे बचे की तरह अपने दिल की बातों को बताते हुए.

उस्सने रट हुए कहा,

“मैं बिल्कुल अकेला हूँ मेरा कोई भी नहीं है. मेरे सभी फ्रेंड्स के मम्मी पापा उन् सब से मिलने एते थे, सबको बहोत प्यार करते थे, सब के लिए गिफ्ट्स लाते थे, बुसस मैं अकेला एक कोने में बैठ कर सब देखता रहता था जैसे एक अनाथ हूँ. मुझे कभी किसी से प्यार नहीं मिला… माँ तो थी hi नहीं, बड़े भाई और बाप था मगर उन् में से किसी का भी प्यार नहीं मिला, एक तुमसे थोड़ा प्यार मिल रहा था तो तुम इस्को भी छीन रही हो मैं नहीं जाऊंगा कहीं अब, मैं तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ मैं तुमसे बहोत प्यार करता हूँ, मैं तुमको बहोत बहोत मिस करूँगा!!!”

सान्वी के ेंख भर आये, वो भी रोने लगी इस मासूम के तड़पते दिल के आह को सुनकर और उसस्के ेंसू आरव के चेहरे पर गिर्री तो आरव ने सर उठा कर देखा के सान्वी भी रो रही है तो उस्सने बहोत ज़ोर से सान्वी को जकरा और उसस्के चेहरे को चूमते हुए उसस्के ेंसुओं को छाता और कहा, “अब तुम क्यों रो रही हो? इस लिए के मैं दूर चला जाऊंगा नाह? बोलो?”

सान्वी ने गहरी सांस लेते हुए सख्त होकर कहा, “हाँ आरव हाँ, मगर फिर भी तुमको जाना होगा और पढ़ना होगा और बेस्ट रिजल्ट लाना होगा. बोलो तुम मुझसे बहोत प्यार करते हो नाह आरव?”

आरव ने कहा, “हाँ बहोत बहोत प्यार करता हूँ!”

तो सान्वी ने कहा, “तो इस प्यार के खातिर, तुमको जाना होगा और ज़्यादा पढ़ना होगा और डिप्लोमा हासिल करना होगा, अगर मुझसे प्यार करते हो तो बोलो हाँ के तुम जाओगे, अगर नहीं जाओगे तो मैं समझूंगी के तुम मुझसे प्यार नहीं करते हो! बोलो आरव मेरे प्यार के लिए तुम आगे पढोगे बोलो हाँ!”

आरव ने और ज़्यादा रट हुए कहा, “हाँ हाँ jaunga…magar डैड नहीं मानेगा देख लेना!”

सान्वी ने कहा, “ज़रूर मानेगा तुम उस्सकी फ़िक्र मत करो मैं कहूँगी तो वो ज़रूर मानेगा, ी प्रॉमिस यू के मैं उस्सको मानवके रहूंगी!”

और उस रात को सान्वी ने बहोत गंभीरता से चावला साहब और विवान से इस बारे में बात किया. उस्सने समझाया के आरव के नार्मल होने का बुसस एहि एक बेहतरीन तरीका है के वो आगे तक पढ़े क्यूंकि वो बहोत इंटेलीजेंट है और पक्का अचे ग्रेड से पास होगा वो. तीन साल अगर और पढ़ाई में इन्वोल्वेद रहा तो बहोत चान्सेस हैं के उस्का दिमाग़ी हालत बिल्कुल नार्मल हो जाएगा.

दोनों बाप बेटे मान गए सान्वी की बात को और इस तरह से आरव के लिए चावला साहब ने किसी और शहर की बड़ी जानी मानी यूनिवर्सिटी में दाखिला कराया, जहाँ वो तीन साल तक स्टडीज करेगा और अपने डिग्री लेकर घर वापस आएगा…..

और 3 साल बाद जब आरव आया था तो वो एक दूसरा hi आरव था. बिल्कुल नार्मल सभी की तरह. वो दिमाग़ी तुअर से बिल्कुल hi नार्मल हो गया था, बिल्कुल आम इंसान की तरह.

मगर, मगर मगर दोस्तों किआ एहि कुछ हुआ था सान्वी और आरव के बीच उन् 3 सालों में जब वो यूनिवर्सिटी चला गया था?

नहीं कुछ होना अभी बाकी था दोस्तों, एक ज़बरदस्त ट्विस्ट है जो इन् दोनों के बीच हुई….. और कुछ उपदटेस शायद इन् दोनों पर hi होंगे, उसस्के बाद हम वापस आएंगे नार्मल जगह पर जहाँ चावला साहब और सान्वी के बीच में रिश्ता हुआ है…..

तो अगला अपडेट कंटिन्यू होगा सान्वी और आरव को hi लेकर……

तो बे कॉन्टिनोएड………….
 
अपडेट 113 आरव लीव्स

चावला साहब के जीतनेय कॉन्टेक्ट्स थे उसस्के लिए बस 2 मिनट्स के लिए फ़ोन के नंबर्स घुमाने थे आरव के दाखिला के लिए, और पल भर में उस्सने एक 5-स्टार जैसे यूनिवर्सिटी में आरव की दाखिला करा दिया. घर से 500 कंस दूर दूसरे शहर में. एयर टिकट भी बुक करवा दिया आरव के लिए, सब कुछ मिनटों में कर दिया चावला साहब ने बुसस फ़ोन के ज़रिए. और सब कुछ बता दिया आरव को, उसस्के सामने hi सब कुछ किया गया और उस्सको अपने सामान पैक करने को कहा गया तो सान्वी उसस्के मदद करने गयी उसस्के कमरे में उसस्के सभी कपडे और सामान को सूटकेस में फिट करने के लिए. आरव के अकाउंट में कुछ ज़्यादा पैसा ट्रांसफर भी कर दिया चावला साहब ने और कमरे में गया उस्सको बताने के उस यूनिवर्सिटी के कैंपस में वो सब कुछ है जो एक शहर में होता है… देश विदेश से स्टूडेंट्स पढ़ने एते हैं वहां और कैंटीन से लेकर एक मॉल तक भी है उस कैंपस में, बल्कि खुद एक छोटा शहर जैसा है उस यूनिवर्सिटी का कैंपस. बहुत बड़े ज़मीन पर बनायी गयी है, एटम्स भी हैं कई बैंक्स के वहां पर, जब चाहे अपने पैसे निकल के इस्तेमाल कर सकता है. मगर किसी भी स्टूडेंट को कैंपस से बाहर जाना अल्लोवेद बिल्कुल बी नहीं है, सिक्योरिटी बहोत टाइट है. स्टूडेंट्स के रहने के लिए उसी कैंपस में अप्पार्टमेंट्स भी हैं. तो क्यूंकि चावला साहब बड़े आदमियों में से गिना जाता है तो उस्सको बेस्ट ट्रीटमेंट देकर यूनिवर्सिटी वालों ने आरव के लिए एक अलग बंगला जैसा घर दिया जिस में विप्स लोगों का खातिर किया जाता है. तो स्टडीज के बाद आरव उस विप होम में रहेगा अगले 3 सालों तक.

आरव ने अपने बाप से पूछा, “किआ इंटरनेट कनेक्शन, विफई सब है वहां?”

चावला साहब ने हंस कर कहा, “अरे तुमको बुसस एहि सब चीज़ों की ज़रूरत है किआ बीटा? हाँ सब कुछ है वहां, विफई तो पुरे यूनिवर्सिटी के ज़मीन पर है कहीं से भी ऑनलाइन हो सकते हो वो भी फ्री है सब”

यह सुनकर आरव खुश दिखा और सान्वी के तरफ देखते हुए कहा, “हम हर रोज़ कांटेक्ट में रहेंगे नाह भाबी?”

सान्वी ने पहले अपने ससुर के तरफ देखा फिर आरव को देखते हुए पूछा, “तुमको अपने स्टडीज में डिस्टर्बेंस होगी आरव, कोई कांटेक्ट नहीं होगा!”

मगर आरव ने तुरंत कहा, “तो फिर मैं कहीं नहीं जाने वाला, अगर चाहती हो के मैं वहां जॉन तो हर रोज़ मुझसे बात करोगी स्काइप या व्हाट्सअप पर प्रॉमिस करो वार्ना मैं कहीं नहीं जाने वाला!”

चावला साहब ने सान्वी के तरफ देखा और इशारे से उस्सको हाँ कहने को कहा. तो सान्वी ने कहा, “अच्छा हाँ बाबा हाँ हम चाट करेंगे अब खुश? अब तैयारियां तो करो तुम…” चावला साहब वहां से निकल गए और आरव और सान्वी उसस्के तैयारियां में लगे रहे.

बहोत सारे बातें करते गए दोनों, और बार बार आरव सान्वी को जाकर रहा था, उस्सको चुम रहा था उसस्के सीने से लग रहा था और बहोत उदास हो जाता यह कह कर के अब उस से कितना दूर हो जाएगा. सान्वी उस्सको हौसला दिलाती के बहोत hi जल्द 3 साल पुरे हो जाएंगे.

और आरव ने सान्वी से उस्सकी फ़ोन नंबर लिया उस्सकी व्हाट्सअप और स्काइप ईद लिए और कहा के हर रोज़ उस्सको कांटेक्ट करेगा. सान्वी ने कहा, “तुम कब कांटेक्ट करोगे? मैं हर वक़्त तो फ्री नहीं होती और तुम भी तो दिन भर स्टडीज में लगे रहोगे नाह? मैं नहीं चाहती के तुम डिस्टर्ब हो वहां आरव!”

आरव ने कहा, “अरे भाबी मैं रात को तुमसे कांटेक्ट करूँगा, रात को भैया तो बारह बजने के बाद घर अत है, और तुम तो बिल्कुल अकेली रहती हो, बहोत मज़ा आएगा आप से चाट करके रात में देखना, तुमसे कभी भी चाट नहीं किया है अब करूँगा मज़ा आएगा देखना तुम, तुमको भी कितना मज़ा आएगा चाट करने से….”

सान्वी ने कहा, “बदमाश कहीं का यह सब सोच लिया है तुम ने? बहोत hi शैतान हो तुम आरव.” और आरव खुश होते हुए हंससने लगा.

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अगले दिन आरव बहोत देर से सोकर उठा. करीब 11 बजे वो उठा…. संवी उस्सको तीन बार उठाने गयी उसस्के रूम में मगर वो गहरे नींद में था तो सान्वी ने उस्सको सोने दिया…. दिन के 1 बजे उस्सको घर से निकलना था और चावला साहब ने ड्राइवर के साथ कार भेज दिया था उस्सको एयरपोर्ट चौररने के लिए.

जब वो जाएगा तो वक़्त बहोत कम था, नहाने को, ब्रेकफास्ट लेने को, रेडी होने को…. यह सब कुछ करते में 12.45 हो गए. ड्राइवर अपने कार में बैठे उस्का वेट कर रहा था, प्लेन 2 बजे टेक ऑफ होने वाला था…. जब निकलने का टाइम आया तो आरव ने सान्वी के तरफ देखते हुए कहा, “किआ तुम नहीं चल रही हो मेरे साथ?”

सान्वी ने कहा, “नहीं तो, ड्राइवर तुमको एयरपोर्ट चोरर आएगा नाह?”

आरव रो पड़ा यह कहते के उस्सको एयरपोर्ट चौररने चले वो भी.

तो अब सान्वी गयी साडी बदलने, तैयार होने, और ड्राइवर हॉंक करने लगा…. आरव उस से कहने गया के बस कोई 5 मिनट और वेट करें…. ड्राइवर ने कहा, “अरे बाबा प्लेन टेक ऑफ हो जाएगा तुम फ्लाइट मिस कर डोज….. अभी एयरपोर्ट तक पहुँचने में टाइम लगेगा क्यूंकि चारों तरफ जैम होगा रोड्स पर… जल्दी करो नाह बाबा!!”

और आरव धडपडाते हुए सान्वी को बोलने गया के ड्राइवर जल्दी करने को बोल रहा है, और झट से दरवाज़ा खोला तो सान्वी बिना ब्रा के हाथ में एक कपडा लिए कड़ी थी और आरव के अचानक अंदर आने से सान्वी ने अपना चेहरे घुमाके आरव से अपना पीठ कर लिया और आरव सान्वी की पूरी नंगी पीठ देख रहा था और कदम बा कदम उसस्के तरफ बढ़ रहा था….. और सान्वी के सामने आइना था तो उस आईने में आरव सान्वी के बूब्स को देख रहा था जिस पर सान्वी ने अपने दोनों हाथ करके ढाका हुआ था फिर भी कुछ पार्ट्स दिख रहे थे आरव को…..

जब सान्वी ने आईने में उस्सको उसस्के तरफ बढ़ते हुए देखा तो कहा, “रुक जाओ आरव खबरदार अगर मेरे ज़्यादा करीब हुए तो!!”

आरव धीरे धीरे उसस्के पास जाते हुए बोलता गया, “भाबी कितनी खूबसूरत लग रही हो, पास आने दो नाह सिर्फ 2 मिनट्स के लिए और पास आने दो नाह….”

सान्वी के दिल की धड़कनें तेज़ हो गए और उसस्के के तरफ मूढ़ गयी उस कपडे को अपने छाती पर करके फिर भी उसस्के बूब्स के बगल साफ़ नज़र आरहे थे और आरव बढ़ता गया धीरे धीरे, सान्वी पीछे हटना चाहती थी मगर स्पेस नहीं था और पीछे जाने के लिए और जब आरव उसस्के ज़्यादा करीब आगये तो सान्वी ने अपनी ेंखों को बांध कर लिया थोड़ा कांपते और गहरी सांसें लेते हुए…..

तो बे कॉन्टिनोएड…………
 
अपडेट 114 आरव डिपार्चर…..

सान्वी ेंखें मुंध कर तेज़ दिल के धड़कनों से धीमी आवाज़ में कहा, “प्लीज, प्लीज आरव नहीं, कुछ मत करना प्लीज आरव!!”

आरव उसस्के एक इंच करीब खड़े होकर उसस्के खूबसूरत, आकर्षित करने वाले उन् मुलायम, नरम, कोमल छाती के हिस्सों को निहार रहा था और अपने थूक निंगलते हुए कहा, “भाबी, आज पहली बार तुमको ईंटे करीब से देख रहा हूँ बुसस एक बार मेरी बाहों में ऐसे ाजाओ नाह!”

सान्वी ने ेंखों को बांध hi रखा बिना कोई जवाब दिए, उस्का सीना ऊपर निचे हो रहा था और आरव अपनी नज़रें गड़ाए हुए थे और क्यूंकि सान्वी ने कोई जवाब नहीं दिया तो आरव ने सान्वी को बाहों में भरा और चिपका लिया सान्वी को अपने सीने से… सान्वी के चूचियां आरव के छाती पर डाब गए और सान्वी ने उस कपडे को चोरर दिया जिस से आरव को सान्वी की बूब्स के फुल झलक नज़र आये फिर अपने कांपते हुए बाहों को सान्वी ने आरव के कांधों से करते हुए उस्सको जाकर लिया ेंख मुंढे हुए hi……

फिर आरव ने अपने कमीज़ की बटन को खोला ताके वो सान्वी के बूब्स को अपने छाती पर फील कर सके… सान्वी को पता था के वो किआ कर रहा है, और सान्वी ने अपने बूब्स पर आरव के छाती की गर्मियों को महसूस किया तब उस्सने अपने ेंखों को खोला और आरव के गर्दन पर किश किया थरथराते होंठों के साथ और आरव ने सान्वी के होंठों से अपने होठों को लगाया और सान्वी ने अपना मुंह खोल diya…..to आरव ने अपने जीब को पहले सान्वी के लबों पर फेर्रा, फिर आहिस्ते से और नज़ाकत से अपने जीब को सान्वी के मुंह के अंदर डाला जिस्सको सान्वी ने मुंह में ले लिया और दोनों एक किश में डूब गए एक दूसरे को बाहों में जाकर हुए आईने के सामने खड़े होकर…… बुसस 1 मिनट तक किश किये के ड्राइवर ने ज़ोर से हॉंक किया….. सान्वी ने किश को ब्रेक किया और हांफते हुए आहिस्ते से सर झुका कर आरव को बाहर जाने को कहा… आरव ने सान्वी के गालों पर किश किया, उसस्के गर्दन को किश किया, उस से थोड़ा अलग हुआ जिस से सान्वी के दोनों बूब्स उसस्के सामने आये, सान्वी ने उस्सको नहीं ढाका आरव को देखने दिया और आरव ने झुक कर उसस्के दोनों बूब्स को चूमा, चूसा नहीं, सिर्फ चुम्मा दोनों को एक एक करके… सान्वी ने करने दिया जैसे आरव को जाने से पहले एक गिफ्ट दे रही थी. मगर उस वक़्त सान्वी ने आरव के चेहरे में नहीं देखा, बुसस निचे देखती रही और आरव ने थैंक यू कहा और ख़ुशी से कमरे के बाहर निकल गया…..

जब आरव निकल गया तो सान्वी ने दरवाज़ा लॉक किया और अपने आप को बिना ब्रा के आईने के सामने कड़ी होकर देखा, देख रही थी के आरव ने किआ देखा, कहाँ किश किया उसस्के बूब्स पर और सान्वी के पुरे जिस्म में एक आग जैसे दौड़ी और वो सिहर सी गयी और लम्बी लम्बी सांसें लेनी पड़ी सान्वी को वापस नार्मल होने के लिए. उस्सकी दिल की धड़कनें बहोत ज़्यादा तेज़ हो गए थे, सान्वी को लग रहा था के वो बेहोश गिर्र पड़ेगी, उस्सको लग रहा था के उस्सको चाकर सा ारः है, ेंखों के सामने कुछ अँधेरा सा छाने लगा था और बहोत मुश्किलों से उस्सने अपने आप को संभाला और तैयार होकर निकली एक खूबसूरत साडी में!

बाहर एते hi ऐसा बेहवे किया के जैसे कुछ हुआ hi नहीं और आरव से कहा, “चलें?” तो आरव ने ख़ुशी से कहा, “हाँ चलिए मैं ने सभी सामान को कार के डिक्की में रख दिया, अब चलो चलते हैं नाह!”

और दोनों कार में बैठे पीछे वाले सीट पर. कोई 50 मिनट का सफर था एयरपोर्ट तक जाने के लिए. दोनों में से कोई भी बात नहीं कर रहे थे. आरव लेफ्ट में तो सान्वी राइट में बैठी थी, आरव बार बार सान्वी को देख रहा था. संवी फील कर सकती थी के वो उस्सको देख रहा है, मगर वो बाहर देख रही थी. कोई 15 मिनट्स तक किसी ने एक लव्ज़ भी नहीं बोले; तब आरव ने अपने हाथ को सान्वी के हाथ के तरफ बढ़ाया, उस्सको छुवा और तब सान्वी ने उसस्के तरफ देखा तो आरव ने उस्सको अपने करीब बैठने को कहा. तब सान्वी ने ड्राइवर के तरफ इशारा करते हुए धीरे से कहा, “वो देख रहा है, ससष्ठ!” आरव ने भी धीरे से जवाब दिया, “तो किआ हुआ? देखने दो, पास आओ नाह थोड़ी देर के बाद हम बिल्कुल दूर हो जाएंगे आओ नाह!”

तो सान्वी किस्सक कर बिच में आयी और आरव ने अपने राइट एआरएम को फैलाया और सान्वी उसस्के राइट एआरएम में चली गयी और सान्वी ने अपने सर को आरव के छाती पर कर दिया. हमेशा आरव अपने सर को सान्वी के छाती पर रखता था, आज यह पहली बार थी के सान्वी ने अपने सर को आरव के छाती पर किया हुआ था और आरव ने अपने हाथ को सान्वी के गाल पर फरते हुए उसस्के माथे को चूमा और साँवे के अपने एक हाथ को आरव के छाती पर रख कर धीरे धीरे सहलाती गयी….. लग रहा था दो प्यार करने वाले बैठे हुए हैं कार के पीछे के सीट पर.

एयरपोर्ट पहुँचने तक दोनों उसी पोजीशन में रहे, बल्कि तब तक सान्वी ने अपने दोनों बाज़ू को आरव के काँधे पर करके उस्सको जाकर लिया था और उसस्के घायल को भी चुम रही थी और उस्सको टेक केयर करने को कह रही थी और गुड bye भी कह रही थी….. आरव के ेंखें भर आये थे मगर सिर्फ थैंक्स कहा सान्वी को और दोनों एयरपोर्ट के अंदर जाने लगे चेक इन के लिए…..

सब फॉर्मलिटीज ख़तम हो गए और जब आरव को अंदर जाने का टाइम हुआ तो सान्वी खुद आरव को ज़ोर से बाहों में भरके रोने लगी…. आरव नहीं रो रहा था, बल्कि सान्वी के पीठ पर अपने हाथ सहलाते हुए उस्सको तस्सली दे रहा था और उस्सने कहा, “बहोत जल्द दिन गुज़र जाएंगे देखना, और फिर हम कांटेक्ट में रहेंगे नाह, हम्म भाबी bye bye अब मुझे जाना है, एक किसी दो फेयरवेल के लिए, एक गुड bye किश तो दो मुझे, और मुस्कुराकर विदा करो मुझे, स्टॉप क्राइंग प्लीज!!”

सान्वी ने जल्दी से आरव को एक रियल वाले किश किया, मुंह में और दोनों ने एक दूसरे को ज़ोर से बाहों में जाकर हुए किश करते रहे कुछ देर tak…Saanvi आरव के जीब चूस रही थी, आरव सान्वी के जीब चुस्सने लगा और दोनों भूल गए के एयरपोर्ट में हैं और लोग उनको देख रहे हैं, कुछ फोरेइग्नेर्स ने तालियां बजाये उनको उस तरह से किश करते हुए देख कर तब दोनों को होश आया के पब्लिक में हैं और जल्दी से किश ब्रेक करके अपने चारों तरफ देखने लगे दोनों… शुक्र हैं के कोई भी जान पहचान वाला नहीं था बगल में और किसी ने भी नहीं देखा, फोरेइग्नेर्स समझे के दोनों लवर्स हैं और बिचार रहे हैं, सन तो बिल्कुल वैसा hi लग रहा था……

और आखिर में आरव को वेव करते हुए अंदर जाते हुए दिखा गया और सान्वी अपने ेंसुओं को पोंछते हुए पार्किंग लोट में कार के तरफ गयी अउ ड्राइवर को वापस घर चलने को कहा.

घर वापस आकर सान्वी बीएड पर लेट कर खूब रोई!!!

तो बे कॉन्टिनोएड विथ आरव एंड सान्वी इन मान्य मोरे उपदटेस……
 
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