Pyar ki had paar- family loves forever - Page 4 - SexBaba
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Pyar ki had paar- family loves forever

अपडेट 20

कल रात में मेगा अपडेट के साथ आज छोटा सा अपडेट भी दे दिता

और एक कॉल करता है.

रोबर्ट : hello राक्षस लीडर

फिर वो उससे कुछ बात करके फ़ोन कट कर देता है.

वही

सुनैना..............

अब ाजेईई.............

जब सुनैना निशांत के ऑफिस से भर निकलती है.

और भर निकलती है.

रास्ते में

सुनैना को किसी लड़की की जोर जोर से चीकने की आवाज़ कानो में सुनाई पड़ी.........

जैसे hi सुनैना ने आवाज़ की दिशा में नज़र दौड़ाई तो सुनैना को कुछ भी नहीं दिखा.......

तो सुनैना ने सोचा शायद हैकिंग रोकने की टेंशन के कारण मेरे कान बज रहे है........

थोड़ी देर में फिर से वही चिल्लाने की आवाज़ सुनैना की कानो पर पादि तो सुनैना को कनफर्म्ड हो गया की कुछ तो बात है.

तभी मुझे एक वन में एक लड़की झक्ति नज़र आयी जिसे कोई खींच कर किसी ने तुरंत अंदर कर लिया...

और सुनैना ने जल्दी से अपनी स्कूटी उस वन की तरफ दौरान लगी.

और

कार जाकर एक जंगल में बानी बिल्डिंग पर रुख गई.

और उसमे से एक आदमी उस कार में से उस लड़की को निकल कर..

ऊपर ले जाने लगा.

और सुनैना को उस लड़की का मुँह नहीं देख पाया.

और देखती है की उस बिल्डिंग में बोहोत सारे गुंडे होते है.

जो गन्स लिए खड़े होते है.

और सुनैना यह देखकर शॉकेड हो जाती है.

की इस जंगल की बिल्डिंग में इतने सारे गुंडे क्या कर रहे है.

क्या इस सब के बारेमे पुलिस को नहीं पता, फॉरेस्ट्स डिपार्टमेंट को नहीं पता.

जब

वो आदमी उस लड़की को ले जा रहे होते है तो

वो लड़की बोहोत रो ( कैर्री) रही होती है.

और उसको लगता है की कोई उसकी इस लाचारी को नहीं सुन रहा.

और आदमी

उस लड़की को घसीटते हुए उस लड़की को बिल्डिंग में ले जाता है.

सुनैना ( मैं में) : अब में क्या करू कैसे बचाओ उस लड़की को क्या निशांत अंकल को कॉल करू.

या पुलिस को कॉल करू

अगर पुलिस को कॉल किया तो शायद हो सकता है की वो भी इन लोगो से मिले हो.

इतने सारे लोग यहाँ गन्स के साथ है और पुलिस को पता न हो ऐसा हो नहीं सकता.

निशांत अंकल को ही कॉल करती हुए.

और सुनैना निशांत अंकल को कॉल करने लग जाती है.

वही कॉल पर

निशांत : hello

सुनैना : अंकल में सुनैना

निशांत : कौन सुनैना

सुनैना : अंकल मुझे इतनी जल्दी भूल जाए जिसने उस हैकिंग को रोका था.

निशांत : है है बीटा बोलो कैसे फ़ोन किया.

सुनैना निशांत को पूरी बात बता देती है.

निशांत : बीटा तुम घबराना मात में अभी कुछ लोगो को वह भेजता हुए.

सुनैना : अंकल जल्दी करो.

निशांत : बीटा थोड़ा तो टाइम लगेगा.

सुनैना : ठीक है अंकल पर जल्दी आने की कोसिस करना.

तभी

सुनैना देखती है बिल्डिंग से बोहोत साड़ी लड़किया निचे आ रही है.

सब लड़किया रो ( कैर्री) रही है.

सुनैना ( मैं में ) : लगता है इन लड़कियों को कही और ले जाया जा रहा है.

अब में क्या करू निशांत अंकल को आने में अभी कुछ टाइम है.

अब क्या करू

यह लोग इन सब लड़कियों का क्या करेंगे मुझे भी नहीं पता.

लगता है मुझे उस गैजेट्स को इस्तेमाल करना ही होगा.

मगर वो अभी त्यार नहीं है.

क्या करू.

फिर

सुनैना सोचती है जो होगा देखा जाएगा मगर में उन लड़कियों को जरूर बचाउगि.

तभी

सुनैना अपने बैग से कोई चीज़ निकलती है और उसका बटन ों करती है.

जैसे

ही बटन ों होता है

तभी वो चीज़ आकर लेने लगता है.

और एक रोबोट सामने खड़ा हो जाता है.

तभी

सुनैना रोबोट से

सुनैना : तुम इन सब लोगो को रोकना होगा

रोबॉट हां में गर्दन हिला देता है.

और रोबोट उन सब लगो के सामने आ जाता है.

और उसी के पीछे सुनैना भी आ जाती है.

तभी

सुनैना ( गुंडों से) : उन सब लड़कियों को चोर दो नहीं तो ाचा नहीं होगा.

यह रोबोट तुम नहीं छोड़ेगा.

तभी

गुंडा 1 : कौन है तो और यहाँ कैसे आई.

गुंडा 2 : अगर आ ही गयी है तो इसको भी पकड़ लो

इसको भी हम बॉस के पास ले जाएगे.

गुंडा 3 : नहीं तार इसको हम बॉस के पास नहीं देंगे.

इसको तो हम अपने पास रखेंगे देख कितना मस्त माल है.

इसको रगड़ने में मज़ा अत आएगा.

गुंडा 4 : है भाई सच कहा तूने देख एक डैम दूध जैसा कलर है इसको देखते ही में गरम होने लगा हुए.

सुनैना ( गुस्से में) : तुम आदमी बस लड़कियों को हवस की ही नज़र से देखते हो.

और उनको कुचलना चाहते हो.

आज तुम सब मरोगे और किसी और लड़कियों पर अपनी गन्दी नज़र डालने की कोसिस नहीं करोगे.

सुनैना रोबोट से बोलती है मारो इन सब को.

रोबोट अपने हाथ ( हैंड) को शेप चेंज करके अपने हाथ ( हैंड) को गन बना लेता है.

और वो गुंडे भी उन सबके लिए त्यार हो जाते है और वो सब एक प्रोफेशनल किलर भी थे और सब

अचानक से चुप जाते है.

कोई पेड़ ( ट्री) पर चुप जाता है तो कोई वन के पीछे चुप जाते है.

और रोबोट को अभी भी सुनैना ने सही तरीके से त्यार नहीं था

तो इसलिए वो इधर उधर फायरिंग करने लग जाता है.

तभी

पेड़ ( ट्री) के

ऊपर से एक आदमी उस रोबोट पर खुद जाता है.

और बाकि गुंडे उस रोबोट पर फायरिंग कर देते है.

और यह बात वो रोबर्ट शामाज नहीं पता कुछ देर में उसके पुर्जे ढीले हो जाते है.

और कुछ ही देर में वो ख़तम हो जाता है.

और उस रोबोट के सारे पुर्जे अलग हो जाते है.

तभी

गुंडा 1 ( सुनैना से) : यह किस को पकड़ कर लाइ है यह तो दो मिनट भी टिक नहीं पाया.

गुंडा 2 ( गुस्से में) : अब तो में यही इसका इन सब लड़कियों के सामने बिच जंगल में एक एक करके इसका बलात्कार करेंगे.

गुंडा 3 : हां अगर इसमें बोहोत आग है आज इसकी साड़ी आग ठंडी कर दुगा.

बोहोत देर से मेरा लुंड मचल रहा है.

और सब गुंडे सुनैना को पकड़ लेते है.

और बिच जंगल में सब लड़कियों के सामने सुनैना को लिटा देते है.

तभी

उन लड़कियों में से एक लड़की उन गुंडों से बोलती है.

लड़की : प्लीज सुनैना को चोर दो भगवान् से डरो

भगवन तुमको कबि माफ़ नहीं करेगा

तभी

सुनैना उस लड़की को देखते ही शॉकेड हो जाती है.

किउकी वो लड़की और कोई नहीं रोमा थी जिसे वो वन में दाल कर बिल्डिंग में ले जा रहे थे.

गुंडा ( रोमा से ) : तुझे भी अपना यहाँ बलात्कार करवाने है क्या.

चुप चाप वही कड़ी रह नहीं तो आज हम इस लड़की का बलात्कार तो करेंगे ही साथ में तेरी भी गांड पहाड़ कर चार कर देंगे अपने लुंड से.

रोमा ( गुस्से में) : तुम्हारी मौत इतनी भयानक होगी की तुम्हारी रूह भी काँप जाएगी.

और तुम तड़प तड़प कर मरोगे.

गुंडा 2 : कौन करेगा हमको तू मारेगी.

और सारे गुंडे तेज़्ज़ तेज़्ज़ हसने लगते है.

गुंडा 3 : इसको भी पकड़ लो पहले इस लड़की ( सुनैना) का बलात्कार करेंगे पीर आज इस लड़की ( रोमा) को भी छोड़ेगे.

और सब गुंडों ने सुनैना को तो पकड़ तो रखा ही था.

तभी

गुंडा लीडर : सुनैना के गले में हाथ ( हैंड) दाल कर जैसे ही उसके कपडे को फाड़ने के लिए हाथ ( हैंड) डालता है

वैसे ही सुनैना के मुँह से कुछ निकल जाता है बोहोत तेज़

सुनैना : रोहाआआआं

बबाआआआआ
 
भाई लगता है अपने इससे पीछे वाला अपडेट नहीं पड़ा.

रोहन होई राहुल है. और वो बिचारा अभी खुद सदमे में है. की सोनम ने उससे अचानक प्रोपोज़ किउ किया और पायल का क्या रिएक्शन होगा isme.:blahblah:🪑🪑:crosseyed:

और सुनैना के बारे में उसे अभी कुछ ज्यादा नहीं पता.

अभी इतनी जल्दी हीरो एंड हीरोइन का मिलान कैसे hoga:homo::love:

पहले अपने हीरो को भी सुनैना से एडवांस्ड होना hoga.:horseride::horseride:

मगर हमारा हीरो तो अभी अपनी बहनो के चक्केर में ही पड़ा है. ,

आने वाले अपडेटेड में आपको थोड़ी हीरो की भी एक्टिंग देखने को मिलेगी किउ की अभी तो प्रेरणा ने हमारे हीरो से बात भी तो करनी है.

हां महाकाल हो सकता है.

या कोई और.

:witch::witch:

मगर इन गुंडों की तो समेत जरूर आएगी.

आखिर हीरोइन पर हाथ डलने की कोसिस की है.

:rip::rip::rip:
 
अपडेट 21

मेगा अपडेट

तभी

गुंडा लीडर : सुनैना के गले में हाथ ( हैंड) दाल कर जैसे ही उसके कपडे को फाड़ने के लिए हाथ ( हैंड) डालता है


वैसे ही सुनैना के मुँह से कुछ निकल जाता है बोहोत तेज़

सुनैना : रोहाआआआं

बबाआआआआ




चलो चलते है. हीरो की तरफ..........

पायल शॉकेड

राहुल शॉकेड

राहुल ( सोनम से ) : यह तो मेरे लिए अछि बात है. पर मैं कबि गफ नहीं बनाने वाला.

सोनम : क्यों .क्या मैं बुरी हु.

राहुल : तुम बोहोत अछि लड़की हो. तुम्हारे नेचर ाचा है. तुम दिकने में खूबसूरत हो, शामजदर भी लगती हो.

सोनम : पीर भी मैं तुम पसंद नहीं हु .

क्यों ?

पायल ( गुस्से में) : तुम शामाज नहीं आ रहा क्या राहुल ने मन किया.

राहुल : पायल चुप हो जाओ.

राहुल ( सोनम से) : क्यों की मैं एक लड़की से प्यार करता हु. और वो भी मुझे प्यार करती है.

पर उसने एक घटना के बाद मुझ पर विश्वास नहीं किया और मुझे चोर दिया ( यह प्यार वाली बात आपको जब पता चलेगी जब राहुल का हॉस्टल वाला फ्लैशबैक शुरू होगा)

इसलिए मैं ने डीडेड किया है की मैं कभी किसी लड़की के साथ सिर्फ फ्रेंडशिप के अलावा कुछ नहीं सोचुगा प्यार तो बिलकुल ही नहीं.

मेरी बात सुनकर पायल गुस्सा भी थी. और खुस भी

गुस्सा इसलिए की पहले राहुल किसी और से प्यार करता था. और खुस इसलिए की मैंने सोनम को मन कर दिया.

सोनम ( उदास होकर ) : कोही नहीं मुझे ाचा लगा की तुम ने जुट बोलकर मेरा दिल नहीं दुकाया.

और मेरा गलत इस्तेमाल नहीं किया.

मुझे ाचा लगा की तुम ने मुझे सच सच बता दिया.

थोड़ी देर हम चुप चाप बैठे रहे . पीर सोनम ने छुपी थोड़ी.

सोनम : काम से काम हम फ्रेंड तो रह सकते है.

राहुल : हां, हम हमेशा फ्रेंड रहेंगे.

सोनम : थैंक्स.

राहुल : अभी थैंक्स के लिए समय है.

सोनम : क्यों

पायल ( थोड़ा गुस्से में) : किउकी अभी तक कॉफ़ी नहीं आयी है.

पायल की बाटे सुनकर हम हसने लगे माहौल थोड़ा सा हल्का हो गया.

पर सोनम बहार से हसने का नाटक कर रही थी.

और अंडर से ...................मेरा दिल भी सोनम की तरह टुटा हुआ था. जो आज और ज्यादा टूट गया.

सोनम : अभी तक कॉफ़ी नहीं आयी.

राहुल : आए जाएगी.

राहुल : वो देखो वेटर आ रहा है.

पायल मेरा प्लान शामाज गई की में सोनम का बर्थडे मानना चाहता हुए.

पायल को यह ाचा लगा की मने सोनम को मन . कर दिया.

इसलिए पीर मज़ाक में पायल बोलती है.

जिससे सोनम को कोई दुःख न पहोचे और सनम थोड़ा खुस हो जाये.

पायल : पर ये वेटर के हाथ ( हैंड) में तो केक है.

हमने तो कॉफ़ी आर्डर की थी.

सनम शामाज जाती है और पीर भी अनजान बनने का नाटक करती है.

सोनम ( मैं में) : आज मेरा बर्थडे है और आज मेरे प्यार का आंत हो गया.

एक तरफ लग रहा है की केक मेरे लिए आये.

और दूसरी तरफ लग रहा है की वेटर केक फेक दे.

सोनम : शायद किसी का बर्थडे है.

वेटर हमारे तरफ आ रहा था.

पायल मुजह्से इशारो में पूछ रही थी की क्या मैं ने आर्डर किया है.

राहुल ने इशारो में पायल को हां कहा.

वेटर हमारे टेबल पे केक रक् कर चला गया.

सोनम और पायल केक की तरफ देखने लगी.

सोनम का दिल जो मेरे वजसे टूट गया था.

वो काम से काम केक देख कर फिर से जुड़ जाये.

केक के ऊपर सोनम का नाम लिखा था.

केक पर 17 कैंडल लगे हुए थे.

फिर सोनम ने केक की तरफ देखा फिर मेरी तरफ .

मैं सोनम की तरफ देख कर स्माइल कर दी . सोनम शामाज गयी की केक मैं ने आर्डर किया है.

राहुल : हैप्पी बर्थडे सोनम

और सोनम के साथ हैंडशेक कुया.

राहुल (मैं में) : अगर मुझे पता होता की सोनम मुझे प्रोपोज़ करने वाली है तो मैं यहाँ आता भी नहीं.

मगर पता नहीं क्यों दिल को बोहोत सकूँ मिलता है. सोनम को देखकर.

ऐसा लगता है की में बरसो सा प्यार करता हुए सोनम से.

मगर जो उस लड़की ने मेरे साथ किया उसके बाद में अब फिर प्यार नहीं कर पाउगा.

सोनम : थैंक्स.

सोनम ( मैं में) : एक तरफ मेरा दिल थोड़ा और दूसरी तरफ मेरा बर्थडे मन कर मुझे खुसिया दे रहे हो.

तुम्हारे इसी नेचर से मुझे.................................................................................. आज मेरी माँ और पापा के सिवा किसी ने मुझे बर्थडे विश नहीं किया . मेरी माँ और पापा के बाद तुम पहले हो जिसने मुझे विश किया.

तुम एक तरफ मुझे कहते हो की हम फ्रेंड रहेंगे और एक तरफ तुम मुझे इतनी खुसिया देते हो.

सोनम : तुम कैसे पता चला की आज मेरा बिरहथड़े है.

राहुल : पायल ने जब तुम्हारा फॉर्म जमा कर रही थी तो उसने तुम्हारी डेट ऑफ़ बिरथ देख लिया था.

सोनम : तो इस तारा पता चला तुम ( मेरी छोटी छोटी बातो का दयँ रखते हो और कहते हो की मैं तुमसे प्यार नहीं कर सकता. )

पायल : हां मैंने ही राहुल को बताया था की तुम्हारा बर्थडे है.

और कुछ प्लान बना रहा था.

पर यह केक आर्डर के बारेमे मुझे कुछ पता नहीं था.

सोनम : यह केक राहुल ने आर्डर किया है

पायल : हआ.

सोनम : फिर से थैंक्स राहुल. ( देखो पायल के बजाये तुम मेरा बर्थडे मनाने की ज्यादा फ़िक्र थी)

पायल : थैंक्स को मारो गोली पहले केक काट लो नहीं तो थोड़ी देर में कैंडल गायब हो जाएगी.

सोनम ने कैंडल बुझा दी .

हमने सोनम को बर्थडे विश किया

पीर सोनम ने केक कट कर दिया.

सोनम ने पायल को केक खिलाया.

राहुल : मुझे कब खिलेगी.

फिर

सोनम ने मुझे भी केक खिलाया और मैं ने सोनम को.

जब मैं सोनम को केक खिला रहा था.

तब सोनम ने अपनी आखे ( आईज) बंद कर ली.

और मेरा हैंड से केक ऐसे खा रही थी की इसके बाद वो खाना खाना चोर देगी.

उसके फेस को देखकर भी यही लग रहा था की वो इस पल को दिल से महसूस करना चाहती है.

केक खाने के बाद सोनम के आखो ( आईज) में चमक आ गयी उसके फेस पे रौनक थी.

ऐसा लग रहा था की उसे सब कुछ मिल गया.

पायल : यह तेरा बर्थडे गिफ्ट है.

सोनम : थैंक्स , वैसे इसके क्या जरुरत थी.

पायल

अचानक से पता नहीं क्या बोल देती है.

सोनम : तू चुप चाप ले, यह राहुल की पसंद है. ( पायल ने सोनम को चिढ़ाने के लिए ऐसा कहा).

सोनम : थैंक्स ( राहुल तुम.....)

फिर मैं ने सोनम का हैंड पकड़ लिया.

सोनम मेरी तरफ देखने लगी की मैं क्या करने वाला हुए.

पायल भी सोचने लगी की मैं क्या करने वाला हुए.

सोनम की आखे तो बोहोत कुछ बया कर रही थी. की वो क्या सोच रही है.

मैंने जल्दी से अपने पॉकेट से एक वाच निकल करें सोनम के हैंड पे लगा दी.

फिर मैं ने हैंड चोर दिया.

सोनम को लगा की मैं हैंड पकड़ कर........................................

पायल को पता था की मैं ने सोनम के लिए वाच ली है.

अगर मैं सोनम को वाच नहीं देता तो पायल मुझे परेशां करती और वाच देने से सोनम अब मेरे बारे में क्या सोचेगी . इस बात से मैं देर रहा था.

कही यह फिर से.....................

सोनम वाच को देखने लगी सोनम को वाच पसंद आयी

पायल भी वाच देखने लगी.

सोनम ने पायल से नज़र बचाकर वाच को किश कर लिया .

मैं सोनम के तरफ देखने लगा

सोनम मेरी तरफ देख कर शर्मा गई.

राहुल ( मैं में) : यह मैंने क्या किया वाच देने से तो सोनम..............

मुझे कुछ सोचना होगा

कही यह कुछ गलत न शामाज ले.

सोनम : यह तो बोहोत सूंदर वाच है.

पायल : आखिर ली किस के भाई ने है. ( पायल यह बात बोल कर सोनम को बता रही थी की राहुल क्या है.

सोनम राहुल के लिए नहीं बानी है)

तभी

पायल देखती है की केक खाने के टाइम उसके ऊपर कुछ केक गिर गया था.

जिससे उसके कपडे गंदे हो गए थे.

तो वो राहुल को बोलकर.

अपने कपडे साफ़ करने कॉफ़ी शॉप के वाशरूम में चली गयी.

अब टेबल पर सिर्फ सोनम और राहुल थे

सोनम कबि मेरी तरफ देख रही थी तो कबि केक को.

फिर

पता नहीं किउ

मैंने ( राहुल) ने केक का टुकड़ा उठाकर सोनम की तरफ बढ़ाया.

सोनम खुस हो गई की उसे मैं दुबारा केक खिला रहा हुए.

और

सोनम ने खुसी के साथ केक खा लिया.

सोनम : थैंक्स राहुल.

राहुल : सिर्फ थैंक्स , पार्टी चाहिए ( सोनम से पीछा छुड़ाने के लिए मेरे दिमाग में एक आईडिया आया)

सोनम : कल दूंगी पार्टी जब तुम कल मेरे घर आओगे. मम्मी और पापा से मिलने.

राहुल : पार्टी सिर्फ मुझे चाहिए. पार्टी में सिर्फ मैं और तुम होंगे.

सोनम : पायल किउ नहीं वो भी तो मेरी फ्रेंड है

राहुल : मैं पार्टी में तुम प्यार करके बर्थडे गिफ्ट देना चाहता हु.

सोनम : मैं कुछ शामजी नहीं.

राहुल : जैसे तुमने मेरे लिए हुए गिफ्ट को प्यार किया वैसे.

सोनम मेरी बात पर शर्मा जाती है.

राहुल : क्या मुझे एक दिन के लिए प्यार करने डौगी ( मुझे पता था की इस बात से सोनम को बुरा लगेगा मैं उससे चुदाई के लिए बोल रहा था.

और ऐसे बोलने से सोनम को ाचा नहीं लगेगा और सोनम मुझे भूल जाएगी)

सोनम : मैं कैसे.......

तुमने तो कहा की .........

मैं तुम्हारी गफ नहीं हु........

फिर कैसे........

राहुल : क्या प्यार करने के लिए गफ बनाया जाना जरुरी है.

क्या एक फ्रेंड की तारा नहीं कर सकते.

सोनम : अगर तुम मेरे बर्फ होते तो मैं मन नहीं करती....

राहुल : तो कल के लिए मैं तुम्हारा बर्फ बन जाता हुए. और तुम एक दिन के liye.meri गफ बन जाओ.

सोनम : तुम पागल हो गए हो .

मैं ऐसा कैसे ........

तुम मेरे प्यार का मज़ाक उदा रहे हो.

राहुल : तुम खुद सोचो अगर थोड़ी देर पहले मैं तुम हां किया होता तो तुम मेरी गफ होती

पीर कल तुम्हारे साथ प्यार करके बोल देता की अब हम ब्रेक उप करते है.

तो फिर.

सोनम : पर मैं.....................

राहुल : मैं बस एक दिन के लिए तुम गफ बनाकर प्यार करना चाहता हुए......

अगर तुम भी यही चाहती हो तो कल वाच पहन कर यही कॉफ़ी शॉप में आना शामे टाइम नहीं तो वाच फेक देना.

राहुल ( मैं में) : चलो सोनम की बात से पता चल गया की अब वो मुझे भूल जाएगी.

और मेरी दी हुयी वाच भी फेक देगी.

जिससे में उसको याद आओ ऐसी कही चीज़ उसके पास न हो.

और मैं उसे बार बार एक दिन की गफ बनने को कह कर यह दिखा रहा था की

मैं सिर्फ शरीर का भूका हु.

पर ये बात मुझे पता है की में यह किउ कर रहा हुए.)

तभी

पायल भी आ गई वाशरूम से...........

और फिर

हमने बचा हुआ केक भी फिनिश कर लिया.

और

मैं पायल के साथ घर के लिए निकल गया.

रस्टी में....

राहुल ( मैं में) : पता नहीं किउ मुझे बेचैनी महसूस हो रही थी .

जैसे कोई मेरा नाम ले रहा है.

मुझे याद कर रहा है.

कौन जो सकता है.

महादेव उसकी मदद करना. ( यह बात मने दिल से कही)

तभी

पायल : राहुल एक बात पुछु.

राहुल : हां पूछो.

पायल : तुमने खा था की तुम एक लड़की से प्यार करते हो.

यह कब हुआ था मुझे तो पता नहीं.

राहुल : जब में हॉस्टल में रहता था .

जब की बात है यह. और हां में अभी भी प्यार करता हुए.

पायल ( मैं में) : मुझे लगता है राहुल मुझसे प्यार नहीं करता

और अब मुझे लगता है की वो मुझे अब प्यार नहीं करेगा.

मुझे इस बाइक से खुद कर मर ( डेड) जाना चाहिए किउकी में राहुल के बिना नहीं जीना चाहती और राहुल मुझसे नहीं किसी और से प्यार करता है.

एक बार पहले पूरी बात पूछ लेती हुए.

फिर फैसला करना ठीक रहेगा.

पायल : क्या मैं जान सकती हुए की वो कौन थी.

राहुल : मैं तुम बताता हुए पर किसी को बताना मत और सोनाली दीदी को तो बिलकुल भी नहीं.

पायल : नहीं बताऊगी.

राहुल : उसका नाम दिव्या था.

पायल : एक बार बताया तो था तुमने उसका नाम जब तुम हॉस्टल में थे. क्या यह वही है.

राहुल : हआ.

पायल ( उदास होकर ) : तुम ने तो कहा था की उसने तुम चोर दिया था.

राहुल : हां, शायद उसे यही सही लगा.....

पायल मेरी बात सुनकर खुस हो गयी..

पायल : तो फिर तुम किसी और के साथ प्यार क्यों नहीं करते जैसे सोनम या फिर ...................

राहुल : अब किसी और के साथ कैसे मैं प्यार कर सकता हुए.

पायल : तुम जिसके साथ शादी करोगे.

राहुल : पता नहीं या फिर में शादी ही न करू.

पायल अचानक से बोलती है.

पायल : तुम मेरे बारेमे क्या सोचते हो

राहुल : मैं शमजा नहीं.

पायल बात को शमलते हुए.

पायल : मेरा मतलब है क्या तुम मुझे फ्रेंड नहीं समाज थे.

राहुल : पायल टुनमे और सोनाली दीदी ने मेरे लिए जो किया है वो दुनिया की कोई लड़की नहीं कर सकती.

तुम और सोनाली दीदी तो मेरे लिए सब कुछ हो.

दुनिया की सबसे बेस्ट फ्रेंड भी.

पायल : फिर भी तुमने मुझे नहीं बताया दिव्या के बारेमे.

राहुल : मुझे खुद नहीं पता था की मुझे दिव्या से प्यार हो गया है.

तो तुमको क्या बताता.

जब पता चला की वो मुझे कितना प्यार करती है.

तो तब तक देर हो गयी थी.

पायल ( उदास होकर ) : क्या तुम दिव्या से इतना प्यार करते हो.

राहुल : हां दिव्या से में बोहोत प्यार करता हुए

पर अपनी सिस्टर्स से ज्यादा नहीं. और

पायल ( खुशोकार ) : और

राहुल : मेरी बहन मेरी ज़िन्दगी है.

और तुम मेरी बहन के साथ साथ मेरी सबसे अछि फ्रेंड भी तो हो.

पायल : सच

राहुल : हां, सच

पायल ने मुझे पीछे से बोहोत कास कर गले लगा लिया.

पायल ( मैं में) : राहुल ने मुझे सबसे ाचा फ्रेंड बना लिया है और जल्द ही मुझ से प्यार भी करने लगेगा.

और उस कलमुही दिव्या को भूल जाएगा.

कबि वो दिव्या मुझे मिली न तो उसके तो में अचे से खबर लगी. अगली बार मेरे राहुल को दुःख पोहोचने से पहले लाख बार सोचे गई.

तभी

पायल : पर तुमने बर्थडे के दिन सोनम का दिल किउ दुकाया.

राहुल : मने उसे सच बताकर फ्रेंड बनाया है.

पायल : ठीक है पर अब सोनम से दूर रहना.

राहुल : जो हुकुम मेरे आका.

पायल : और मुझे फ्रेंड मानते हो तो सब बताया करो.

उससे तुम्हारा मैं हल्का हो जाएगा.

राहुल : ठीक है आगे से सब बताया करुगा

पायल ( मैं में) : अरे मने तो प्रेरणा दीदी से तो पूछा ही नहीं की वो राहुल को कैसे जानती है.

कही प्रेरणा दीदी भी तो नहीं

नहीं नहीं यह नहीं हो सकता.................................................

...

आज ही उनसे अचे से बात कर लगी और मुझे सोनाली दीदी के पास भी तो जाना है. नहीं तो वो बोहोत गुस्सा होगी.

किउकी उस रात वाली बात को न बताकर

वो मुझ पर बोहोत विश्वास करती है.

में आज ही जाकर उन्हें अचे से बता दूगी और शमजा भी दूगी जो प्रेरणा दीदी ने बताया था.

इससे के साथ हम घर पोहोच जाता हुए.

और बाइक कड़ी करकर जब घर में घुसता हुए तो.

मैं फिर

माला बुआ के फेस पर परेशानी के भाव देखता हुए.

और माला बुआ जो बोलती है में उससे शॉकेड हो जाता हुए.

चलो चलते है सुनैना की तरफ..............
 
अपडेट 22

इससे के साथ हम घर पोहोच जाता हुए.

और बाइक कड़ी करकर जब घर में घुसता हुए तो.

मैं फिर

माला बुआ के फेस पर परेशानी के भाव देखता हुए.

और माला बुआ जो बोलती है में उससे शॉकेड हो जाता हुए.

चलो चलते है सुनैना की तरफ.............

अब ाजी.

और उस लॉकेट की रौशनी बोहोत तेज़्ज़ होने लगती है. और उसमे इतनी गर्मी निकल ने लगती है की जिन गुंडों ने सुनैना को पकड़ रखा था और जो गुंडे सुनैना के गले में हाथ ( हैंड) दाल रहे थे.

वो तीनो कुछ ही समय में जल कर ( पूरी तरह से जल जाना) रख जो जाते है.

सामने सिर्फ हड्डिया पड़ी देखे देती है.

और उस रौशनी की बजसे साड़ी लड़किया अचानक बेहोश हो जाती है.

और सारे गुंडों की गांड बुरी तरह फैट जाती है. उन की गांड से दुआ निकलने लगता है.

और वो सोचने लगते है अचानक यह क्या हो गया.

और बोहोत तेज़्ज़ तेज़्ज़ हवाएं (एयर) चलने लगती है.

पुरे जंगल में चन्नाता हो जाता है.

और उस जंगल का मंझार बोहोत ही भयानक हो जाता है.

और इनको एक बोहोत hi भयानक आवाज़ सुनाई देती है.

और सामने शेर ( टाइगर ( यह भगवाम वाला टाइगर नहीं है भाई इसका राज भी राज लोक में पता चलेगा )

बोहोत तेज़्ज़ गरजते हुए दिखाई देता है.

और उस शेर की गरजना से पूरा जंगल काँप जाता है.

वही

और ऐसे ही शाम ( इवनिंग) हो जाती है और निशांत और उन सबके लोग उस जंगल में घुसने की कोसिस करते है मगर वो लोग

उस जंगल में घुस नहीं पते किउकी वो भयानक आवाज़ उनको भी सुनाई देती है.

उन लोगो की भी पहात जाती है.

फिर

भी कोसिस करके निशांत और उनके लोग उस जंगल में घुसने की कोसिस करते है और अंडर घुसते ही दुबारा जंगल के बहार आ जाते है मतलब अंदर घुस नहीं पते

वही

सुनैना का रंग ( कलर) एक डैम कला ( ब्लैक) पद जाता है.

और वो शेर ( टाइगर) सुनैना के पास चला जाता है.

और सुनैना उस टाइगर पर बैठ ( सर) जाती है

और वो शेर और तेज़्ज़ गरजने लगता है.

वो गुंडे जो सुनैना का बलात्कार करना चाहते थे.

वो सब पूरी तरह से पागल हो जाते है.

और उनको कुछ शामाज नहीं अत यह क्या हुआ.

अब उन सब घुँडो को अपना ही बलात्कार का देर लगते लगता है.

अपनी मौत का देर लगने लगता है.

इनको ऐसा लगता है जैसे महाकाली उन गुंडों को मरने आई हो. ( मगर यह कोई महाकाली नहीं है यह सब उस लॉकेट के बजसे है.)

और सारे गुंडे भागने की कोसिस करते है.

मगर जैसे ही वो गुंडे भागने लगते है.

तो सारे पेड़ ( ट्री) उन सब गुंडों को पकड़ लेते है.

और वो भाग नहीं पते

और वो शेर ( टाइगर) आगे बढ़ने लगता है.

तभी

उन सब गुंडों में से कुछ अपना रूप बदलने लगते है. और जिस पेड़ ने उनको पकड़ रखा था उस पेड़ ( ट्री) को जला देते है.

और अपने असली राक्षस रूप में आ जाते है.

यह बोहोत ही भयानक राक्षस थे.

वैसे ही सुनैना उस शेर से निचे उतर जाती है और वो शेर .

तेज़्ज़ डहर के साथ उन गुंडों को मरने लगता है.

जो गुंडे को पेड़ ( ट्री) ने पकड़ रखा था.

और वो शेर ( टाइगर) सब गुंडों को कच्चा चबा जाता है.

बस उस सब गुंडों की चिकने की आवाज़े सुनाई दे रही होती है.

जो राक्षस भाग रहे थे वो भागते हुए सुनैना पर वार करने लगते है.

अपनी शक्तियों से.

मगर उनका एक भी वार सुनैना पर कोई असर नहीं कर प् रहा था.

यह देखते hi सारे राक्षस शॉकेड हो जाते है.

की उन राक्षस की साड़ी शक्तिया इस लड़की का कुछ भी नहीं भिगार प् रही है.

और सुनैना के तरफ से एक आवाज़ सुनाई दे रही होती है.

आयी गिरी नंदिनी, नन्दितः मेदिनी,

विस्वा विनोदिनी नंदनुते,

गिरिवर विंध्य सिरोधी निवासिनी,

विष्णु विलासिनी जिष्णु नुठे,

भगवती हे सिथि कांडा कुडुम्बिनी,

भूरी कुडुम्बिनी भूरी करते,

जाया जाया हे राक्षस मर्दिनी , रम्य कपर्दिनि शैला सुथे...?........

और जो राक्षस लीडर था वो अपनी और सारे राक्षस मिलकर अपनी पूरी शक्तियों से एक कवज का निर्माण कर लेते है.

और रसक्षस लीडर अपने गुरु को बुलाने लगता है.

और जैसे ही

उन राक्षस का गुरु सामने उस लॉकेट को देखता है.

बोहोत घबरा जाता है

और पूरा सरीर कपङे लगता है उसको कुछ याद आ जाता है.

याद : भद्र काल लोचनं

पिसाच, राक्षस सर्व विनाशनम.

जाता कटा शव भयानकाम .

ासुर सर्व विनाशनम.

कपल काल शोवनाम.

मलिका प्रचंड कालक्रम

महाकाल .महाकाल

और राक्षस गुरु वह से गायब होने लगता है.

तभी

राक्षस लीडर अपने गुरु का लेग पकड़ लेता है.

राक्षस लीडर ( अपने गुरु से ) : गुरु जी हमें बचा लो यह कौन ा गया जिस पर हमारी कोई भी शक्तियों काम नहीं कर रही.

राक्षस गुरु की गांड फटी हुए थी उनके मुँह से एक भी वर्ड नहीं निकल रहा था.

फिर भी राक्षस गुरु बोलता है.

राक्षस गुरु ( राक्षस लीडर से ) : बहन छोड़ पैर ( लेग) चोर मेरा

चोर मेरा पैर ( लेग) मेरे अभी दिन पुरे नहीं हुए है.

राक्षस लीडर : गुरु जी कौन है यह.

गुरु जी : वो...... वोओओओ लॉकेट देखता तूने उसके गले में

पता भी है क्या है उस लॉकेट में.

और किसने दिया था.

यह लॉकेट.

राक्षस लीडर : क्या है गुरुजी उस लॉकेट में और किसने दिया था वो लॉकेट.

वही

सुनैना अपने हाथ ( हैंड) में त्रिशूल का आवाहन करती है और उस कवज पर फेक देती है कुछ ही झटके में वो कवज टूट जाता है.

यह देख उस राक्षस गुरु की गांड से टट्टी निकलने लगती है.

और राक्षस गुरु उस राक्षस लीडर को दूसरे लेग से एक लेथ मरता है और राक्षस लीडर सामने जा गिरता है.

और वह से गायब होने लगता है.

और जाते जाते राक्षस लीडर से बोलता है

राक्षस गुरु : मदर छोड़ तो सस्पेंस में ही मर.

राक्षस लीडर को शामाज में ही नहीं अत की जिस राक्षस गुरु ने पुरे शैतान लोक को सबसे शक्ति शैली बनाया.


जिनकी शक्तिया अपर थी जिसके आमने कोई टिक नहीं पता वो राक्षस गुरु इस लॉकेट से घबरा गया.

राक्षस लीडर ( मैं में) : बहनचोद इस लॉकेट में ऐसा क्या है.

राक्षस गुरु की भी टट्टी निकल गयी इस लॉकेट को देकते ही.

मेरे साथ किया होगा.

इस बहनचोद रोबर्ट ने खा फसा दिया.

अगर जान बची न तो इस मदर छोड़ रोबर्ट की गांड फर दुगा.

तभी

सुनैना उन सब राक्षस के सामने आ जाती है.

और उसके हाथ ( हैंड ) में त्रिशूल होता है.

और फिर एक आवाज़ आने लगती है.

महारानी तो बांग्ला तू रति भवानी प्राणो की रक्षा करने वाली तो पूर्ण महारानी.

नमो नमो नमो नामा.

शकल जगत तेरे गोन गावे योग मुनि सब धियान लगावे.

काल रूप में आओ माता अब दुःख मुझसे सहा नहीं जाता.

दोस्तो का शृंगार करो माँ

राक्षस शक्ति का विनाश करो माँ.

जय जय जय आंबे महाकाली जय दुर्गे माँ शेरा वाली.

और पीछे से शेर आकर सरे राक्षस को मौत के घाट उतर देता है.

और सुनैना वो त्रिशूल उस राक्षस लीडर के सीने पर मर देती है

और इसी के साथ सारे राक्षस मर जाते है.

मगर सुनैना का गुस्सा था की काम होने का नाम ही नहीं ले रहा था.

वो धीरे धीरे सारे जंगल को आग लगाने लग जाती है.

तभी

वो शेर ( टाइगर) एक रूप धारण करता है और सुनैना से बोलता है.

टाइगर : माता सब राक्षस मर गए है किर्पिया करके अपने गुस्से को संत करो.

मगर सुनैना को तो कुछ सुनाई ही नहीं दे रहा था.

दुबारा

टाइगर : माता यह बिचारा जंगल तो मासूम है. इसको मत ुजारो.

वही

भगवान् लोक में

माता पारवती : महादेव सुनैना को रोकिये नहीं तो यह पूरी दुनिया का अनत हो जाएगा किउकी


जहा कत्ले आम मचा है वह महाकाल खड़ा है जब वो सम्पान होगा वही बचेगा

जिसका प्यार अनत होगा

दुसरो के प्रति प्रेम भाव अनत होगा.

जिसके अंदर करुणा अनंत होगी.

प्यार की हद पार अनत होगी.

जिसका निस्चल प्रेम अनंत होगा.

जिस को दुसरो के दर्द के सामने अपना दर्द काम लगेगा उस दर्द के सामने उसका प्यार अनंत होगा.

किउकी अंत ही तो आरंभ है.

जिससे सुनैना . अपने दर्द को भूल कर उसको उन लड़कियों का दर्द अनंत लगा.

जिनको उन राक्षस ने पकड़ रखा था.

महादेव : में क्या कर सकता हुए प्रिये में अपनी पुत्री को कैसे रोखू .

मुझे कुछ शामाज में नहीं आ रहा.

माता पारवती : सुनैना को सिर्फ रोहन ही रोक सकता है .

मगर उसकी आत्मा तो................................................

महादेव : मगर वो रोहन तो.................

माता पारवती : तो अब क्या करे प्रभु.

तभी

महादेव बोलते है.

महादेव : एक रास्ता है.

और महादेव उस लॉकेट को जो सुनैना के गले में था उसको निचे गिरा देते है.

वही

धरती लोक में

जैसे ही सुनैना की नज़र उस लॉकेट पर पड़ती है.

वो बोहोत तेज़ रोने ( कैर्री) लगती है.

उसके रोना ( कैर्री) भी अनत था.

अपने रोहन के खोने का दर्द भी अनंत था.

अपने रोहन को आग में जलते देखकर उसका दर्द भी अनंत था.

और सुनैना लॉकेट को अपने गले से लगा लेती है.

अब उसका प्यार भी अनंत था.

अपने रोहन को आग में जलते देखकर उसके अंदर की करुणा भी अनंत थी.

और उसको कुछ याद आने लगता है

जब

रोहन आग में जल रहा था.

तो वो कुछ बोल रहा था.

रोहन : हमें इस संसार ( दुनिया) की रक्षा करनी है.

अपने प्यार की रक्षा करनी है.

बाबा ( महादेव) के वरदान की रक्षा करनी है.

अगर मेरे जाने के बाद अगर तुम रोइ ( कैर्री) या...................

में वापस जरूर ौगा अपने प्यार लिए वापस आउगा.


बाबा ( महादेव) के वरदान के लिए वापस आउगा.

क्या तुम में कबि चोर कर जा सकता हुए.



सुनैना : नहीं कबि नहीं.

रोहन : मेरा तो सिर्फ सरीर ही जल रहा है.

मगर हमारा प्यार तो दिल से है.

जा हर शामे तुम्हारे सीने में धरकता रहेगा.

हमारा प्यार तो आत्मा से है.

जो दुनिया का कोई भी नहीं चीन सकता.

वादा करो सुनैना जब तक हम दुबारा नहीं मिल जाते .

तुम अपना ध्यान रखोगी

बाबा ( महादेव) के वरदान को कबि टूटने नहीं डौगी.

कबि अपनी आपको तकलीफ नहीं डौगी .

और हमेशा सबसे प्यार करोगी.

और...................................

वादा करो सुनैना

वादा करो.

सुनैना : में वादा करती हुए

में वादा करती हुए.

तभी वो याद ख़तम हो जाती है.

और सुनैना बोहोत तेज़्ज़ बोलती है.

सुनैना : रोहआं

और उसी के साथ सुनैना बेहोश हो जाती है.

और वो टाइगर वह से चला जाता है.

वही

महाकाल का भी दिल तड़प जाता है.

सुनैना का यह प्यार देखकर.

मगर वो इस जंगल में नहीं अत.

वही

और पुरे जंगल में चारो तरफ हरियारी होने लगती है.

जो दिराशिए अभी बोहोत खतरनाक था.

उसकी सुंदरता बोहोत बाद जाती है .

और

वो अंदर जंगल जुगनू की रौशनी से चमकने लगता है.

वही

निशांत अपने लोगो के साथ जंगल में घुस जाता है.

और साड़ी लड़कियों और वह पड़े सारे गुंडों के डीएड सरीर को देखकर हैरान हो जाता है.

और जंगल के अंदर में उन लगो को राक्षस के सरीर नहीं दिखाई देते

( अगर दिखाई देते तो उनकी रूह भी काँप जाती किउकी वो इतने भयानक थे की कोई एक बार देख ले तो वही बशोष हो जाए.)

एक आदमी निशांत से

आदमी : यहाँ क्या हुआ होगा . जिस जंगल में हम घुस नहीं पाए.

जो जंगल इतना खतरनाक लग रहा था .

ान इसकी सुंदरता उतनी ही मन मोहक लग रही है.

जब की अभी रात है

फिर भी.

फिर निशांत के सब लोग ( एजेंट) वह पर बशोष पड़ी लड़कियों पर पानी दाल कर ुट्टे है.

और जैसे ही निशांत रोमा के ऊपर पानी डालता है.

रोमा उठाते ही सुनैना छिलने लगती है............







 
अपडेट 23

मेगा अपडेट

फिर निशांत के सब लोग ( एजेंट) वह पर बशोष पड़ी लड़कियों पर पानी दाल कर ुट्टे है.

और जैसे ही निशांत रोमा के ऊपर पानी डालता है.

रोमा उठाते ही सुनैना छिलने लगती है............

अब आगी..............

और भाग कर सुनैना को ढूढ़ने लगती है.

और

तभी

रोमा को सुनैना सामने दिखाई देती है.

और सुनैना को देखते ही रोमा सुनैना के पास चली जाती है.

और पानी छिड़ककर सुनैना को उतने लगती है.

और जैसे ही सुनैना ुट्टी है.

तो

सुनैना तेज़्ज़ तेज़्ज़ रोहन छिलने लगती है.

सुनैना : रोहन

रोहन

शायद अभी भी सुनैना उस दर्द को महसूस कर रही जो रोहन के जाने से उसको हो रहा था.

अपने प्यार को खोने का दर्द

अपने को आग में जलते हुए देखने का दर्द.

और पीर रोने लगती है.

पीर रोमा सुनैना को थोड़ा समलती है.

और थोड़ी देर बाद सुनैना शांत हो गति है.

किउकी वो अपने दर्द को किसी को बया नहीं करनी करना चाहती थी.

अपने दर्द को दिल में दबाये दुसरो को दर्द को काम करना चाहती थी.

अपने रोहन की बातो को याद करना चाहती.

रोहन के लिए सबको प्यार बाटना चाहती थी.

और अपने हाथ ( हैंड) में लॉकेट देखती है

तो सुनैना उस लॉकेट को तेज़्ज़ तेज़्ज़ चूमने लगती है.

फिर

अपने गले में दाल लेती है.

वही

निशांत बोलता है.

निशांत : यहाँ क्या हुआ था.

तभी

एक लड़की निशांत को सब बता देती है.

उसके बाद रोमा बोलती है.

रोमा : जब वो गुंडे सुनैना के गले में हाथ ( हैंड) दाल रहे थे तो एक तेज़्ज़ रौशनी चमकने लगती है.

उसके बाद क्या हुआ हमें नहीं पता.

निशांत : रात बोहोत हो चुकी है तुम सब लड़किया हमारे हेड क्वाटर में रुख जाओ.

और कल सुबह हम तुम्हारे घर वालो को कॉल करके उसके पास चोर देंगे.

निशांत सुनैना से बोलता है.

निशांत : बेटी सुनैना तुम बोहोत बहादुर हो तुमने इन लड़कियों की जान बचा कर बोहोत ाचा काम किया है.

अब तुम भी अपने घर की तरफ निकालो

यह मेरा खास आदमी है तुम तुम्हारे घर चोर देगा.

रोमा ( सुनैना सी) : अब में क्या करू मेरी मम्मी तो बोहोत परेशां होगी.

कितनी देर हो गई और रात भी हो गयी है

सुनैना ( रोमा से) : तू एक काम कर अपने घर फ़ोन कर और बोल दे की तू मेरे घर है.

और सुबह वापस चले गण

इससे तुम्हारी मम्मी ज्यादा परेशां नहीं होगी.

और तुम्हारी मम्मी पूछेगी की किउ रूखी है वह.

तो बोल देना की कोई प्रोजेक्ट का काम था

कॉलेज का.

रोमा : ठीक है.

और सब उस जंगल से निकल जाते है.

और सब लड़किया हेड क़तर निकल जाती है.

और सुनैना रोमा घर की तरफ.

रस्टी में सुनैना रोमा से.

सुनैना : रोमा में क्या कहुगी घर पर.

तभी रोमा बोलती है.

रोमा : सुनैना एक आईडिया है तू बोल देना की कुछ सामान लेना था इसलिए रोमा के साथ थी.

और अभी इतनी भी रात नहीं हुए है.

सुनैना : ठीक है. वैसे तू वह उस जंगल में कैसे पोहोची.

रोमा : में कुछ सामान लेने बहार आई थी.

फिर घर जाने के लिए बस स्टैंड पर कड़ी थी.

की अचानक एक वन आई और उसने मुझे कपड़ लिया.

रोमा : और तू कैसे पोहोची इस जंगल में

सुनैना : यब मने तेरी आवाज़ सुनी तो मने उस वन का पीछा किया और वह पोहोच जाई.

रोमा : वैसे यह रोहन कौन है.

और तू उसका नाम लेकर इतना रू ( कैर्री ) किउ रही थी.

इस बात पर सुनैना चुप हो जाती है और कुछ नहीं बोलती.

किउकी वो खुद अभी तक रोहन से नहीं मिली थी.

रोमा : बोलना कही तेरा बॉयफ्रेंड तो नहीं.

इस बात पर सुनैना थोड़ा शर्माने लगती है.

और रोमा शामाज जाती है.

रोमा : बस बस अब ज्यादा सरमने की जरुरत नहीं है.

ाचा एक बार मिलवा तो दे रोहन से

इस पर सुनैना फिर उदास हो जाती है

सुनैना : मैं नहीं जानती की अभी रोहन कहा है.

रोमा को सुनैना का उतरा हुआ फेस ाचा नहीं लगता.

रोमा ( मैं में ) शायद इसलिए यह रो ( कैर्री ) रही थी. सुनैना को हँसाने के लिए कुछ तो करना पड़ेगा.

तभी रोमा बोलती है.

रोमा ( हस्ते हुए) : सुनैना वैसे बोहोत दम है रोहन जीजू में जिसने इतनी खतरनाक हैकर और एक दम हॉट माल को अपने जाल में फसाने की हिम्मत की है.

और फसा भी लिया.

अब तो मुझे भी प्यार हो गया है रोहन जीजू से

जब वो मुज़से मिलेगा न तो एक बार में भी तरय जरूर करुँगी

क्या पता मुझ से भी पैट ( सेट) हो गए

इस बात पर सुनैना रोमा को मरने लगती है.

सुनैना : रोहन सिर्फ और सिर्फ मेरा है.

रोमा : ूए सुनयना रोहन जरूर तेरा होगा पर जीजू तो मेरा है.

एक लाइन तो जरूर मृगी.

फिर सुनैना अपना मुँह बना लेती है.

रोमा : अरे बाबा में तो मज़ाक कर रही थी.

तू इतनी खतरनाक है तो मेरे जीजा जी कितने खरनाक होगा.

में तुझे ही नहीं शामिल पति तो अपने जीजा जी को कैसे शामालूगी.

इस बात पर सुनैना हसने लगती है.

फिर रोमा दुबारा बोलती है.

रोमा : वैसे साली भी आधी गवली होती है.

एक तरय नहीं तो परेशां करना तो बनता है.

सुनैना ( आखे गोल गोल घूमते हुए) : जितना परेशां करना है कर लेना अपने जीजू की साली जी.

रोमा फिर से

रोमा : वैसे रोहन जीजू भी हॉट है क्या.

सुनैना : तू क्या करेगी यह जान कर.

रोमा : में सोच रही थी की अगर जीजू हॉट और हॅंडसमे हुए तो लाइन तो जरूर मृगी

सुनैना : तू फिर शुरू होगी.

रोमा : सुनैना बस एक और लास्ट बात.

सुनैना : बोलो

रोमा : सुनैना क्या जीजू ने तुम पहले कबि किश किया है

सुनैना : अब तू मर खाएगी

रोमा : मेरी प्यारी चुकुन्दर अपने प्यार के बारेमे सुनकर घुस भी करती है.

सुनैना : तू नहीं सुंदरने वाली.


और थोड़ी देर के बाद

सुनैना ( उस आदमी से) : भैया बस यही रोक दो.

मेरे घर आ गया है.

फिर रोमा और सुनैना वही उतर जाती जाती है.

और सुनैना

अपने घर में जैसे ही घुसती है

और सुनैना थोड़ा घबरा जाती है...

चलो चलते है हीरो के पास.

फिर माला बुआ के चेहरे पर परेशानी भाव देखता है

और

मैंने सोचा कल तो मैं पूछ नहीं पाया था मगर आज तो पूछ ही लगा.

राहुल ( माला बुआ से ) : बुआ आप कुछ परेशां लग रही हो क्या बात है.

माला बुआ ( मैं में) : इसको अभी वो बात नहीं बता सकती फालतू में ये भी परेशां हो जाएगा.

माला बुआ : वो हम भाभी ( राहुल की माँ) के पास जा रहे है.

तुम सब जल्दी से त्यार हो जाओ.

तभी

पीछे से निशा & रूचि भी आ जाती है स्कूल से

नेहा ( माला बुआ से) : माँ हम सोनाली दीदी के यहाँ जा रहे है.

माला बुआ : हां मेरा बचा जल्दी से रेडी हो जा.

और निशा & रूचि यह सुनकर नाचने लगती है.

निशा : ोई बल्ले बल्ले

रूचि : ए शव शव.

और दोनों भाग कर त्यार होने अपने रूम में चली जाती है.

राहुल को अपने घर जाने का नाम सुनकर वो मंझार याद आ जाता है.

जिसके बजेसे सोनाली ने राहुल को हॉस्टल भेजा था.

और उसके आँख ( आईज) में आशु आ जाते है.

यह चीज़ पायल देख लेती है.

और पायल उसके पास जाकर को अपने गले से लगा लेती है.

किउकी पायल को भी पता था की राहुल के आँख में आशु किउ आए है.

पायल : राहुल अगर तुझे नहीं जाना तो मत जा .

और मुझे भी नहीं जाना .

में तेरे साथ यही रखती हुए.

राहुल अपने आशु पॉच लेता है

और पायल से अलग होकर बोलता है.

राहुल : ऐसी कोई बात नहीं है पायल.

पायल : झूठ मत बोल तुझे पता है की तो मुझसे झूट नहीं बोल सकता.

राहुल : क्या में कल आ सकता हुए.

पायल : ठीक है मैं भी तेरे साथ कल चलुगी अब तो खुस हो जा.

राहुल : पायल तुम सब जाओ में काल आ जाउगा रात तक मुझे कुछ काम है.

पायल : तो में भी रखती हुए न तेरे साथ मेरे रखने में कोई प्रॉब्लम है.

राहुल पायल के गले में हाथ डालकर

राहुल : पलज़्ज़ज़ डीडू मेरी बात मान लो न

पायल ( मैं में) : अब में इसको अकेला कैसे छोड़ू.

तभी

प्रेरणा वह आ जाती है और पायल से बोलती है.

( यह आवाज़ सिर्फ पायल को सुनाई देती है)

प्रेरणा : पायल तू राहुल की टेंशन मत कर और यह कल आ जाएगा अभी इसको अकेला रहने की जरुरत है.

जब तक में इसको शमहल लगी

में हुए इसके पास

पायल : मगर मुझे पहले आपसे बोहोत साड़ी बाते करनी है.

प्रेरणा : पायल वो सब बाद में कर लेना और विश्वास करो मेरा राहुल को कुछ नहीं होगा.

पायल पता नहीं किउ प्रेरणा की बात पर विश्वास कर लेती है.

पायल ( प्रेरणा से) : ठीक है प्रेरणा दीदी मगर जब राहुल वह आएगा तब आपको हर एक बात बतानी होगी की आप राहुल को कैसे जानती है .

और उसके बारेमे वो सब बात भी जो अपने मुझे सही से नहीं बताई थी.

में आपके भरोसे राहुल को चोर कर जा रही हु.

मेरा भरोसा कभी मत तोरणा नहीं तो में कबि भी

फिर भरोसा नहीं पर पाउगी.

प्रेरणा : पायल विश्वास रखो मुझ पर और राहुल के वह पोहोचते ही में तुझे सब बता दूगी की कैसे में राहुल को जानती हुए.

पायल : ठीक है प्रेरणा दी....

फिर

प्रेरणा चली जाती है.

फिर

पायल राहुल से बोलती है.

पायल : ठीक है राहुल मगर अपना ख्याल रखना और काल ( टुमारो) रात तक तू नहीं आया तो सोच लेना .

किउकी सोनाली दीदी को तो तुझे पता है.

और राहुल भी हां में गार्डन हिला देता है.

और फिर

त्यार होकर सब निकल जाते है राहुल की माँ के घर.

माला बुआ पायल से पूछी है की राहुल किउ नहीं आया

तो पायल बोल देती है.

की राहुल कल आएगा उससे कुछ काम है.

और फिर माला बुआ पायल को कुछ नहीं बोलती.

और सब घर से निकल जाते है.

और राहुल घर में अकेला होता है.

और

अपने बीएड पर बैठ कर फ़ोन चला रहा होता है.

तभी

प्रेरणा ( मैं में) : रोहन में तुम्हारे लिए बोहोत तरसी हु बोहोत तदपि हुए.

मने तुम्हारा भूत इंतज़ार किया है.

इसका बदला तो तुम चुकाना ही पड़ेगा.

तुम पेरशान करके अब बच कर दिखाना मुझ से

हहहहहहहहाबा.

फिर

प्रेरणा राहुल से बोलती है

प्रेरणा : राहुल अब तुम्हारा समय आ गया है. अब तुम मेरे साथ पटल लोक चलना होगा.

राहुल एक डुमसे हार्बर जाता है.

और राहुल बोलता है.

राहुल : कौन है

कौन है.

और चारो तरफ देखने लगता है.

मगर राहुल को कोई नहीं दिखाई देता.

प्रेरणा : तुम मुझे देख नहीं सकते किउकी में भूत हुए.

में तुम खाने आई हुए.

राहुल हरबराते हुए.

राहुल : बूथ बूथ.

और तेज़्ज़ तेज़्ज़ बोलने लगता है.

आल्टो जलतो आई बाला को ताल तू.

आल्टो जलालटो आई बाला को ताल तू.

इस बात पर प्रेरणा हसने लगती है

प्रेरणा ( मैं में) : इतना तो इसकी बहन भी नहीं घबराई थी जितना यह घबरा रहा है.

तभी

प्रेरणा : में 200 साल से भुकी हुए

आज में तुम खा जोगी.

और राहुल देर के मरे घर से बहार भाग ने लगता है.

और बोलने लगता है.

राहुल : भांछड़ यह बूथ मेरे पीछे किउ पड़ा है.

अब इसकी मने कब गांड मरली जो मुझे खाना चाहता है.

साला दो दिन से मेरे साथ पता नहीं क्या क्या हो रहा है.

ज़िन्दगी बहनचोद झंड ही हो गई है.

और बाइक पर बैठ ( सर ) होकर घर से निकल जाता है.

वही

प्रेरणा तेज़्ज़ तेज़्ज़ हसने लगती है.

प्रेरणा ( मैं में) : मुझे वे पूछ रहे हो तुमने मेरा क्या बिगड़ा है.

जैसे तुम नहीं पता है क्या बिगड़ा है .

इतने साल तरसाया है पता तुमने मुझे इसके लिए तुम थोड़ा परेशां करना तो बनता ही है.

मगर मुझे नहीं पता तुम इतने डरपोक निकलोगे की इतनी से बात से देर जाओगे.

(मगर प्रेरणा को क्या पता की राहुल किउ गया hai.:devil::devil:)

वही

राहुल बाइक को रोड पर ऐसे ही चला रहा था

करीब 20 कम पर

राहुल अपने दोस्तों राम को कॉल करता hi

राहुल : hello राम.

राम : हां भाई क्या हुआ.

राहुल : भाई मुझे न एक लैपटॉप चाहिए.

राम पर किउ

राहुल : कुछ काम है.

राम : ठीक है बता तू खा पर है.

और राहुल अपना एड्रेस सेंड कर देता है.

और राहुल वही रोड पर राम का इंतज़ार करने लगता है.

कुछ समय बाद फिर राम का कॉल अत है.

राम : भाई कोई टैक्सी नहीं मिल रही है. मैं लैपटॉप कैसे औ.

राहुल : कैसे की कार लेकर आजा.

बाद में वापस का दियो.

राम : ठीक है.

तभी राहुल सोचता है जब तक राम आ रहा है तब तक गली में ही घूम लेता हु.

और राहुल अपनी बाइक वही कड़ी करके

पेडल ही गली में घूमने लग जाता है.

तभी राहुल को एक बारे सा माकन दिखाई देता है.

और उस माकन से कुछ आवाज़े दिखाई दे रही होती है.

राहुल को कुछ गर्बर लगती है.

तो राहुल उस घर की तरफ चल देता है.

नई चरक्टेर्स

अरविन्द : आगे 28 साल पुलिस में आईपीएस की रैंक और बोहोत ही इमां दार .

जिस सेहर मैं आ जाये वह के सारे लोकल गुंडे भाग जाते है.

बोहोत ही स्ट्रीक अफसर .

इसी कारन पूरी पुलिस डिपार्टमेंट्स की नाक में दम कर रखा है.

इनका मन्ना है की.

पहले गुंडों को वार्निंग दो और दूसरी बार उन क्रिमिनल्स को उदा ( मार) दो.

नेहा : आगे 19 इयर्स अरविन्द की छोटी बहन.

इनके माँ और डैड के मरने के बाद यह ही पुरे घर को शमलती है.

बोहोत ही अछि और सुन्दर है यह.

नाउ बैक तो था स्टोरी.

जैसे ही राहुल गेट के पास गया तो कुछ सुन कर रुख जाता है.

आदमी ( चिल्लाती हुए ) : चोर दे मेरी बहन को कमीने चोर डे उसको.

गुंडा : सेल भेनचोद तेरी वजा से हमारा करोड़ो का माल पकड़ा गया बोहोत शोक है न ईमानदार बनने का.

हमने तुझे बोलै था हमसे पैसे लेले और हमारे साथ मिलजा मगर नहीं तुझको तो मैडल लेनी है.

गुंडा 2 : आज इस के समय इस की बहन का बलात्कार करेंगे सब मिलकर वो भी पूरी ईमानदारी से साथ.

अब तू बताई यो किसने अचे से छोड़ा तेरी बहन.

अब हम भी मैडल लगे तेरी बहन की छूट फाड़कर.

गुंडा 3 : आईपीएस अरविन्द मैं तू तुझे जब ही मर देता जब तूने हमारे बॉस का पहले माल पकड़ा था.

पर में चुप रहा किउकी

मैं एक भाई के सामने उस की बहन का बलात्कार करने में मज़ा ही कुछ अत है.

मैं तुझे रोटा हुआ गिरगिरता हुआ., बेबस , लचर , अपाहिज, देखना चाहता हु.

की हर पुलिस वाला यह याद रखे को हमसे उलझने का क्या परिणाम होता है.

इस अरविन्द ( रोटी हुए) : मेरी बहन को चोर दे प्लीज तेरी दुश्मनी मेरे साथ है चाहे तो मुझे मर दे पर मेरी बहन को चोर दे.

अरविन्द एक चेयर पर बंधा रू रहा था.

यह करीब 25 लोग थे.

और एक लड़की को नंगा कर रही थे.

उस का ड्रेस फॉर रहे थे.

देखते ही देखते लड़की को नंगा कर दिया जाता है.

उस लड़की का जिस्म थोड़ा चील जाता है.

लड़की चीख रही थी पर येह गुंडी तो बस है रहे थे.

जश्न मन रहे थे.

पीर सब गुंडे अपने कपड़े उतारते है.

और सब नंगे होकर.

अपना लुंड हिलने लग जाते है.

अरविन्द और उसकी बहन बेचारी रू रही थी चीख रही थी चिल्ला रही थी.

तभी

एक गुंडा बोलता है.

गुंडा : लुंड हे मेरा माल तेरी छूट है कमल सब कोई तुझे छोड़ेगा आज खचा खच करके वार.

तभी बॉस गुंडा लड़की की छूट में अपना लुंड डालने ही वाला होता है की

एक जोरदार आवास के साथ दूर टूट ता है और सामने खड़ा लड़का दूर जाकर गिरता है

तभी

ीोस अरविन्द को एक उम्मीद की किरण नज़र आई

पर जब अरविन्द देखता है की एक 17 साल लड़का है तो

पीर परशान हो जाता है.

तभी

बॉस गुंडा बोलता है.

बॉस गुंडा : कौन है बे तू.

राहुल उस बॉस गुंडे के पास गाकर

अपने हाथ में थूक लगाकर एक तेज़ की थपड उस बॉस गुंडे को मरता है.

और बॉस गुंडा जाकर आईपीएस अरविन्द के पास गिरता है. और अदमरा सा हो जाता है.

तभी

राहुल बोलता है.

राहुल : देकै नहीं दे रहा की में इंसान हु.

तभी सरे गुंडे राहुल को मरने लगते है.

तभी राहुल बोलता है.

राहुल : एक मिनट

गुंडा : तूने मेरे बॉस को किउ मारा.

राहुल : भाई थोड़ा अपनी गफ के सामने सो ऑफ कर रहा था.

और तुम उसका बलात्कार करना चाहते थे.

गुंडा : देखो आ गया मजनू की औलाद अपनी मेहना को बचने.

मारो साले को

राहुल : एक मिनट भाई मेरी मरने से पहले एक विश है.

गुंडा 2 : क्या विश है तेरी.

राहुल : भाई में अपनी गफ को एक बार किश करना चाहता हुए.

कबि इसने मुझे किश ही नहीं करने दी

हमेशा मुझसे शॉपिंग ही करवाती रहती है.

राहुल रोने की एक्टिंग करते हुए.

राहुल : धोबी का कुत्ता शामाज रखा है इसने मुझ

हमेशा मुझे डाटते रहती है.

बोलती है पहले मेरे भाई स भाई से पुछलो.

आईपीएस अरविन्द और नेहा को तो कुछ शामाज ही नहीं आ रहा था की यह नेहा का बॉयफ्रेंड कहा से आ गया.

दोनों शॉकेड थे.

राहुल : क्या एक किश के लिए भी इसके भाई से पूछना पड़ेगा तुमि लोग बताओ.

गुंडा 3: भाई मेरी भी एक गफ है उसने भी मुझे धोबी का कुत्ता शामाज रखा है.

वो भी हमेशा मुझसे शॉपिंग करवाती है.

और मुझे एक किश भी नहीं करती थी

यह साड़ी लड़किया मतलबी होती है.

भाई में तेरे साथ हुए.

या जिले अपनी जिंदगी.

और इसकी किश.

राहुल उस आदमी के पास जाकर

राहुल : थैंक ु भाई.

तभी.

दूसरा गुंडा बोलता है.

गुंडा : उसके बाद में इसकी छूट फाडूगा.

हाहाहाहाहा

राहुल उस गुंडे को एक थपड मरता है

उस गुंडे से बोलता है.

राहुल : अबे बिन ालो के बैगन .

बिना सब्जी के चावल.

जब दो बड़े बात कर रहे हो तो बचे बीच में नहीं बोलते.

तभी सब गुंडे राहुल को फिरसे मरने वाले होते है

राहुल उस गुंडे से बोलता है जिसने राहुल को किश करने को बोलै था.

राहुल : गुंडा भाई क्या मुझे एक किश नहीं मिल सकती.

उसके बाद मुझे मार देना.

प्लीज गुंडे भाई.

तुम मेरी फीलिंग को शामाज सकते हो.

आखिर तुम भी तो कुत्ते हो.

वो गुंडा : क्या कहा.

राहुल : मेरा मतलब है धोबी के कुत्ते.

गफ वाले.

गुंडा : भाई पहले इसको एक किश करने दो फिर इसको मर देना.

राहुल : ठंकु भाई ठंकु.

आपका यह एहसान रहा मुझ पर कबि मुका मिला तो इसको जरूर चुकाऊंगा.

फिर राहुल नेहा के पास जाता है.

और उसके ऊपर अपनी शर्ट दाल देता है.

गुंडा : यह क्या कर रहा है.

राहुल : मुझे सिर्फ किश करना है.

कबि सब तो आपको ही करना है तो इसलिए मने इस लड़की पर अपनी शर्ट दाल दी जिससे मेरे गुंडे भाई के माल पर मेरी नियत ना ख़राब हो जाए.

गुंडा 2 : ठीक है जल्दी कर अभी हमे इस अरविन्द को भी टपकना है.

फिर राहुल नेहा को जैसे ही किश करने के लिए बढ़ता है.

उसके आँख में आशु और वो दर्द देखता है.

जो किसी लड़की को अपना बलात्कार होते हुए होता है.

राहुल का दिल भी टूट जाता है.

और राहुल नेहा के आशु पॉच देता है.

और सब गुंडे राहुल को देख रहे होते है.

तभी राहुल उन गुंण्डो से बोलता है.

राहुल : भाई ऐसे मत देखो मुझे सरम आ रही है किउकी यह मेरा फर्स्ट किश है.

गुंडा : ठीक है जल्दी कर.

राहुल भाई क्या में इसको उस कमरे में किश कर सकता हुए.

गुंडा : अगर तू इसको लेकर भाग गया तो.

और हमारे सामने किश करने में तुझे किसी सरम.

राहुल : भाई एक काम करो आप मेरी लेग पकड़ को गेट को बहार से.

और वैसे भी यह आईपीएस अरविन्द यहाँ है तो यह कहा भाग कर जाएगी

आईपीएस अरविन्द : साले कुत्ते में तुझे भी नहीं छोड़ूगा. कमीने.

राहुल : भाई पहले पकड़ तो ली.

गुंडा : ठीक है जाओ रे पकड़ लो इसका लेग इस कमरे के सामने से.

राहुल : ठंकु भाई.

गुंडा : यह ठंकु क्या लगा रखा है.

राहुल : भाई मेरी एक डिजायर थी की जो मुझे मरे में उसको ठंकु कहु.

गुंडा ठीक है जल्दी कर.

फिर राहुल नेहा को कमरे में लेजाता है और अपनी एक लेग एक गुंडे को पकड़ा देता hi.

5 मिनट हो जाते है.

तभी

गुंडा 2 बोलता है.

गुंडा 2 : अबे इसको किश करने गया है की छोड़ने. इतना टाइम किउ लगा रहा है.

राहुल : भाई बस हो गया एक मिनट बस.

फिर राहुल बहार अत है.

गुंडा : खा है वो लड़की

राहुल : भाई वो शर्मा रही है.

गुंडा : मारो रे इस कुत्ते को.

राहुल : ठंकु भाई.

आदि डिजायर तो अपने पूरी कर दी.

बस एक डायलॉग को बोलने दो.

तभी गुंडा 4 बोलता है.

गुंडा 4 ( अपने hi गुंडे वे) : भाई टाइम किउ वास्ते कर रहे है.

मारो इसको

पता नहीं किस खेत का गाजर है.

राहुल : अबे चूतिये अगर तेरे पास दीमक होता तो तू गुंडा नहीं होता.

मिसाल तो सही दिया कर.

खेत का गाजर नहीं मूली होता है.

गुंडा : जल्दी अपना डायलॉग बोल टाइम नहीं है हमारे पास दूसरे आदमी को भी टपकना है.

टाइम ख़राब मत कर

हम भी बिज़नेस मन है.

भले ही हमारा बिज़नेस इलीगल है.

मगर टाइम हमरे पास भी नहीं होता.

राहुल ( आईपीएस अरविन्द से ) : भाई भाई तू फ़िक्र मत कर इसका लुंड और उसका लुंड देखे किदार जिसने तेरी बहन पर गन्दी नज़र डाली है.

बता क्या करू उसका इधर.

आईपीएस अरविन्द ( चिल्लाते हुए) : पहाड़ दे इनकी गांड.

और सरे गुंडे शॉकेड हो जाते है. कुछ पल के लिए.

तभी एक गुंडा रोड लेकर राहुल की तरफ आता है और राहुल पर वॉर करता है.

राहुल ने रोड पाकर लिया और उस गुंडे को लात मरी. और रोड लेकर टूट पड़ा सरे गुंडों पर किसी के हाथ पर रोड लगती तो किसी के गांड पर बस सबके चीकने की ही आवाज़ अति.

राहुल की स्पीड इतनी तेज़्ज़ थी की किसी को कुछ शामाज नहीं आ रहा था.

की क्या हो रहा है.

बस रोड के हर वॉर पर सब गुंडों के चीखी निकल रही थी.

और राहुल बोलै रहा था.

राहुल : रोड में है दम अब तोड़ूगा तुम्हारी गांड दमा दम.

बोहोत शोक है मई मैडल पाने का अब ले मैडल.

पूरा हॉल गुंडों में चिकने और छिलने लिखे आवाज़े आ रही थी.

आईपीएस अरविन्द ने उस गुंडी को अपने ऊपर से से हटाया जिसको राहुल ने अदमरा कर दिया था.

और अपनी रासिया ( रोप्स) खोलने लगा

और पीछे पूरा तो जब तक सारा खेल ख़तम हो चूका था.

और आईपीएस अरविन्द पूरी तरह शॉकेड हो गया था.

की यह क्या हो गया.

तभी राहुल हप्ते हुए आईपीएस अरविन्द के पास अत है.

राहुल (आईपीएस अरविन्द से) : भाई मुझे माफ़ कर देना जो मने इस लड़की को जो हालत कहा अगर में ऐसा नहीं करता तो शायद इस लड़की को कोई नुषान पोहोचा सकते थे यह लोग इस लिए इसको सेफ करना जरुरी था.

तभी आईपीएस अरविन्द अंदर कमरे में जाता है.

और अपनी बहन को ठीक और कपड़े पहने देखता है.

आईपीएस अरविन्द : नेहा तुम ठीक हो न.

नेहा : जी भैया.

तभी राहुल उस बॉस गुंडे का हाथ ( हैंड) पकड़ लेता है और राहुल अपनी आँख बंद कर लेता है.

तभी

आईपीएस अरविन्द अपनी गन से सारो गुंडों को मार देता है.

और जैसे hi आईपीएस अरविन्द उस बॉस गुंडे के गोली मरता है तो राहुल हार्बर जाता है.

आईपीएस अरविन्द राहुल के पास जाकर

अरविन्द : तुमने इन सब गुंडों की धुलाई की.

राहुल ( अपना सर ( हेड) घुजाते हुए): नहीं भाई वो तो बस हाथ ( हैंड) साफ़ कर रहा था.

अरविन्द : तुमने जो भी किया मेरे लिए किया तुम तो फरिस्ते बन कर आए हो मेरे लिए.

यह कहते हुए अरविन्द रू पड़ा और राहुल को अपने गले से लगा लिया.

अरविन्द : आज तुमने ने मेरी ही नहीं मेरी बहन की भी जान बचाई है उसकी िज़ात लूटने से बचाई है.

एक भाई के लिए उस 1000 मौत से बुरा दर्द क्या हो सकता है.

अपनी बहन की अपने सामने इज़्ज़त लुटाती देखना.

आज तुमने उस भाई को बचाया है.

आज से यह अरविन्द ज़िन्दगी में कबि किसक के पैरो के निचे नहीं गिरा .

आज यह अरविन्द तेरा क़र्ज़दार हो गया.

यह अरविन्द अपनी जान देकर भी तेरा यह क़र्ज़ नहीं उतर सख्त.

राहुल : भाई मुझे भी पता है की दर्द क्या होता है.

अपनी बहन को न बचा पाने का दर्द.

यह दर्द दुनिया के हर दर्द से बड़ा दर्द होता है.

और ऐसा करके मुझे पाप का भागीदारी मत बनाओ तुम तो मेरे भाई जैसे है.

कोई अपने छोटे भाई के भी पैर (लेग) परता है क्या.

अरविन्द : तू भाई नहीं तू तो भाई से भी बढ़कर है. मेरे लिए

फिर

अरविन्द : जल्दी कर हमें जहा से निकलना है.

फिर

और अरविन्द अपने आँख ुचि करकर बोलता है.

तू सच में मज़ाक ही कर रहा था न तू मेरी बहन का बर्फ नहीं है न.

राहुल : भाई सच में मज़ाक था तेरी इस गन की कसम.

अरविन्द : जल्दी कर हमें यहाँ से निकलना है.

राहुल : अरविन्द भाई आप जा रहे हो. आप का भाई वाला काम हो गया लेकिन पुलिस वाला काम कौन करेगा.

अरविन्द : कर तो दिया इन सबको मार कर.

राहुल : अगर तू पुलिस वाला काम करता तो इस बॉस को पाकर कर इनफार्मेशन निकलता

तुझे

पता है यह माफिया के लोग है हो इस देश में आत्नकवाद फैलाने आई थे.

पर तूने इस बॉस गुंडे को टपका दिया.

गुस्सा इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन होता है गुस्से के साथ कुछ दीमक भी लगाया कर भाई.

यह सुन कर आईपीएस अरविन्द राहुल को घूर घूर कर देखता है.

अरविन्द : तुम्हारी आगे कितनी है.

राहुल ( आखे गोल गोल घूमते हुए ) : 17 मगर 18 का हो जाउगा 5 मंथ 45 डेज और 5 हॉर्स में.

यह सुनकर आईपीएस अरविन्द चुप हो जाता है.

राहुल : चल कोई ना.... टेंशन मत ले

तेरा काम मैंने कर दिया

जब तू अपनी बहन के पास गया था तू मने इस बॉस गुंडे को दरकार सब कुछ पूछ किया था

तभी तूने फायर कर दिया.

आईपीएस अरविन्द : क्या बताया उसने.

राहुल : यही की इस घर में 500 कोर के गन्स एंड ड्रग्स है.

( मैंने यह बात नहीं बताई की यहाँ पर करीब 1000 कोर रूपीस भी hai.kiuki अगर बता देता तो यह बेवक़ूफ़ सारा पैसे सर्कार के हवाले कर देता और उसमे से कुछ लालची लोग उस पैसे को डकार जाते या खा जाते और सास भी नहीं लेते)

यह सुनकर आईपीएस अरविन्द हार्बर जाता है और इधर उदार देखने लगता है.

वैसे ही में मौका देखकर बोहोत तेज़्ज़ भाग कर उन पैसे को उठता कर वह से गायब हो जाता हुए.

और जहा मने राम को मिलने के लिए बुलया था वह पोहोच जाता हु.........
 
भाई माला बुआ परेशां किउ है ये तो अभी पता चल जाएगा जब जब राहुल अपनी माँ के घर जाएगा.

और भाई अभी राहुल की एक्टिंग आपने देखि कहा है.

अभी प्रेरणा का क्या हाल होने वाला है इसकी तो शायद अभी प्रेरणा की भी नहीं पता.

राहुल की ओरिजनल एक्टिंग तो नेक्स्ट अपडेट में पता चलेगी

और राहुल की बहनो का कुछ राज़ भी

की राहुल की बहन राहुल से इतना प्यार किउ करती है.

उसके बाद सोनम का सच पता चलेगा की सोनम ने अचानक राहुल को प्रोपोज़ किउ किया.

थैंक्स फॉर सपोर्टिंग बीआरओ.
 
अपडेट 24

यह सुनकर आईपीएस अरविन्द हार्बर जाता है और इधर उदार देखने लगता है.

वैसे ही में मौका देखकर बोहोत तेज़्ज़ भाग कर उन पैसे को उठता कर वह से गायब हो जाता हुए.

और जहा मने राम को मिलने के लिए बुलया था वह पोहोच जाता हु.........

अब ाजी......

जैसे ही में वह पहोचता हु

मेरे तीनो दोस्त वही खड़े होते है.

तभी

राम ( राहुल से) : अबे खा रह गया था

कबसे तेरा इंतज़ार कर रहे है.

राहुल ( राम से) : अबे मने तुझे बुलाया था तू तो पूरी मंडली लेकर आ गया.

तभी.

मोहन बोलता है.

मोहन : क्या हम तेरे दोस्त नहीं है तुझे तो हमारी याद ही नहीं आती.

राहुल ( तीनो से) : तुम सब तो मेरी जान हो और भाई भी.

जिन्नो ने हमेशा मेरा हर कदम पर साथ दिया है.

शयाम : बस बस अब यह बता की तूने लैपटॉप किउ मगवाया.

वो भी अभी इतनी जल्दी.

कोई भी टैक्सी नहीं मिल रही थी तो एक कार रेंट पर लेकर आना पड़ा.

राहुल : चल तू कार भी लेकर आ गया यह काम तूने बरिया किया.

मोहन ( मोहन आँख की एएब्रो ुचि करते हुए ) : कार भी लेकर ा गया से तेरा क्या मतलब है.

कही तू किसी को किडनैप तो नहीं करने वाला.

शयाम : है भाई पहले ही बता दे

राहुल मज़ाक करते हुए.

राहुल : क्या तुम मेरी दोस्ती के लिए इतना भी नहीं कर सकते.

राम : भाई तेरी दोस्ती के लिए तो हम अपनी जान भी दे सकते है .

एक तू ही तो था जिसने हम अनाथ को अपनी दोस्ती के काबिल शमझा और हमे पड़ने के लिए अपनी पॉकेट मनी से पैसे देता रहा और शहर भी दिया.

और तू हॉस्टल में नहीं रहा एक झोपड़ी ( स्लम , जुग्गी) में रहकर उस हॉस्टल के भी पैसे बचाकर हमारी स्कूल की फीस में लगा देता था.

और हमें इस काबिल बनाया की हम अपने पैर ( लेग) पर खड़े हो सके .

किसी दूसरे के आगे हम भिक न मगे....

नहीं तो हम कही रोड पर भीख मांग रहे होते......

या किसी के शूज साफ़ कर रहे होते.

और इससे के साथ तीनो के आखो में आशु आ जाते है.

राहुल ( नाम आखो से ) : कबि तुम अपने आप को अनाथ मत कहना

नहीं तो तुम मेरा मारा मुँह देखोगे.

और वो पैसे मने तुम नहीं अपने भाई को दिए थे.

क्या तुम मेरे भाई नहीं हो.

श्याम : भाई अगली बार हम कबि तुम अनाथ नहीं कहेगे और तुम भी अगली बार कबि ऐसा मत कहना .

हम तेरे जैसे दोस्त को खो नहीं सकते

और तू तो हमारे भाई से भी बढ़कर है.

और तेरे नहीं तो हम कुछ भी कर सकते है.

राहुल : तो तुम मेरा एक काम करो.

राम : भाई हुकुम करो.

राहुल सारे बोरिया अपने दोस्तों को दे देता है.

राम : इन सब बोरियो में क्या है.

राहुल : इन सब बोरियो में 1000 करोड़ रूपीस है.

तीनो एक साथ शॉकेड हो जाते है.

तीनो एक साथ : क्याआ.

फिर

राहुल उनको साड़ी बात बता देता है.

तीनो एक साथ : भाई तुझे तो कुछ नहीं हुआ न क्या ज़रूरत थी यह सब करने की अगर वो गुंडे तेरे को कुछ कर देते तो.

राहुल : भाई वो सब चोर और मेरी बात सुन.

इन पैसो को तू इस कार में दाल और अपने घर लेजा ( यह तीनो एक ही कमरे में रहते है रेंट पर)

और एक नई कंपनी की रजिस्ट्रेशन करा रोहन के नाम से और कंपनी का नाम में कल बताउगा.

और जो भी डॉक्यूमेंट बनाने है वो बना

और कल में तुझे मिलुंगा.

और उन सारे डॉक्यूमेंट पर सिग्न कर दुगा.

श्याम : भाई रोहन के नाम से रजिस्ट्रेशन किउ तेरा नाम तो राहुल है. न

राहुल : वो सब बाद में बताउगा.

राम :मगर भाई इतने सरे पैसे हम यह सब कैसे करेंगे.

राहुल : मुझे तुम पर पूरा विश्वास है.

और तीनो दोस्त हां में सर ( हेड) हिला देते है.

फिर राहुल राम से लैपटॉप लेकर अपने तीनो दोस्तों को भेज देता है.

और राहुल बाइक में बैठ कर निकल जाता है.

अपने घर की और

रस्ते में

राहुल ( मैं में) : ये मेरे साथ क्या हो रहा है में कैसे किसी के मैं की बात पद सकता हु किसी के हाथ ( हैंड) को पकड़ कर

और अचानक मेरे भागने की स्पीड इतनी तेज़्ज़ कैसे हो गई. मन की मैं रोज़ जॉगिंग करता हुए और ेज़सरकिस भी करता हुए.

मगर पहले तो ऐसे नहीं हुआ.

और बचपन से मेरे सरीर में इतनी गर्मी किउ है.

जो नार्मल इंसान से बोहोत ज्यादा होती है.

इसका क्या राज़ है.

और जब में बेहोश हो गया था तो में सब की आवाज़ सुन सकता था.

की कैसे मेरी बहन मुझे बेहोश देखते ही पागल सी हो गई थी.

और पायल मुझे थोड़ी से भी तकलीफ में देखती है तो जीना ही चोर देती है.

जैसे उनके अंदर से किसी ने आत्मा ही निकल ली हो

जैसे दुनिया का सारा दर्द पायल के सरीर में ा गया हो.

जैसे पायल मेरे बिना जीना ही नहीं चाहती हो.

जैसे पायल की धरकने मेरी धारकानो से जुडी हो मेरे मन की हर बात पद लेती है.

में पायल से कुछ छुपा भी नहीं पता.

और निशा और रूचि बहार से चाहे जितना ही हस्ती हो मगर मुझे तकलीफ में देखकर उनका दिल भी रोने लगता है

यहाँ तक की

निशा ने अपनी गन तक उठता ली थी अपने आप को ख़तम करने के लिए.

मगर में कुछ कर नहीं पा रहा था.

अपना सरीर एक मिनट के लिए भी नहीं हिला प् रहा था.

ऐसा लग रहा था की मेरे सरीर से मेरी आत्मा निकल गई हो.

मेरा दिल जरूर रो रहा था.

अपनी बहनो का प्यार देखकर मगर में उस टाइम अपने आप को बोहोत लचर महसूस कर रहा था.

और मैं अपनी बहनो के लिए कुछ कर भी नहीं प् रहा था.

और वो महाकाल खा से आ गया था.

और यह प्रेरणा हां यही नाम बताया था उसने.

वो कैसे मेरे बारे में इतना जानती है.

क्या प्रेरणा ने जो मेरी बहनो को बताया था वो सच था.

मेरी बहन मुझे उस नज़र से कैसे देख सकती है.

मैं तो उसका भाई हु.

और मेरी बहन मुझे किश कैसे कर सकती है.

उनके किश में मैं इतना खो किउ गया था.

क्या वो हवस थी या प्यार था.

मगर वो तो मेरी बहन है.

और प्रेरणा ने मेरी बहनो को इसके लिए मन किउ नहीं किया.

और प्रेरणा ने मेरी बहनो को पूरी बात भी नहीं बताई मेरे बारे मैं ( राहुल).

और यह सपने किउ एते थे मुझको बचपन में भी एते थे.

और वो औरत कौन है

और वो औरत महादेव का नाम किउ ले रही थी.

क्या वो मेरी माँ थी.

तो में जिनके पास रहता हु.

वो कौन है.

और यह सुनैना कौन है.

इतने सारे सवाल है और मुझे एक भी सवाल का जवाब नहीं मिला.

कैसे पता लागू इन सवाल के जवाब

क्या प्रेरणा सब कुछ जानती है

क्या प्रेरणा मुझे कुछ बताएगी.

राहुल ( मैं में ) : एक तरय करके देखता हु प्रेरणा से क्या पता कुछ पता चल जाए.

वही

प्रेरणा सोच रही थी की राहुल अभी तक आया किउ नहीं.

तभी

प्रेरणा को बाइक की आवाज़ आती है और प्रेरणा शामाज जाती है की राहुल आ गया है.

और प्रेरणा राहुल को डरने और परेशां करने का पूरा प्लान बना लेती है.

( भाई अब यहाँ थोड़ी राहुल की भी एक्टिंग देख लो)

जैसे ही राहुल घर में घुसता है.

और घबराने की एक्टिंग करता है.

जैसे उसको कुछ पता ही नहीं.

और राहुल प्रेरणा से बोलता है.

राहुल : भूतनी वाली आंटी आपको मुझे खाना है तो खा जाओ.

पर मेरे प्यार को मुझसे मत छीनो.

राहुल की बात पर प्रेरणा शॉकेड हो जाती है.

प्रेरणा ( गुस्से में) : में भूतनी वाली आंटी नहीं हु.

प्रेरणा ( मैं में ) : यह केसा धरती लोक है इसकी बहन ने मुझे यमराज वाली दीदी बना दिया और इसने मुझे बूटनी वाली आंटी बना दिया

और लोग पता नहीं मुझे क्या क्या बना देंगे.

लगता है सरे एक्सपेरिमेंट्स मेरे ऊपर ही होने वाले है.

भगवन खा फास गई में.

यहाँ में अपना प्यार पाने आई थी और उससे ने मुझे आंटी बना दिया.

क्या अब में आंटी लगने लगी हु क्या.

राहुल : तो आप कौन हो आप ने ही तो कहा था की आप भूत हो तो मेरे लिए बूथ वाली आंटी ही तो हुए न.

प्रेरणा ( बेहद गुस्से में ) : में बूथ नहीं हु मेरा नाम प्रेरणा है.

( दूसरी एक्टिंग किउकी जब राहुल बेहोश हुआ था उससे पता चल गया था की प्रेरणा उससे प्यार करती है.)

राहुल सॉकेड होने की एक्टिंग करते हुए.

राहुल : प्रेरणा तुम यहाँ.

अब प्रेरणा फिर शॉकेड हो जाती है.

प्रेरणा ( मैं में) : यह हो क्या रहा है मेरे साथ में इसको परेशां करने वाली थी मगर यह तो मुझे ही परेशां कर रहा है.

प्रेरणा : तुम मुझे जानते हो.

राहुल रोने की एक्टिंग करते हुए बोलता है.

राहुल : प्रेरणा तुम मुझे भूल गए अपने प्यार को भूल जाए.

हमारे प्यार को भूल गई.

किउ प्रेरणा किउ.

क्या मेरे प्यार में कोई कमी थी.

जो तुम मुझे भूल जाए.

प्रेरणा ( नाम आखो से ) : नहीं रोहन में तुम कैसे भूल सकती हुए.

तुम्हारे प्यार को कैसे भूल सकती हुए.

जिस दिन में तुम भूल गए न वो मेरा अंतिम दिन होगा.

राहुल : तुम झूट बोल रही हो प्रेरणा तुम मुझे भूल गई हो.

इसलिए तुम मुझे खाना चाहती थी.

और तुम अपने भूत और भूतनी दोस्तों को भी लेकर आ गई जिससे वो भी मुझे कच्चा खा जाए पूरा चबा जाए बिना मिर्च मसाले के.

प्रेरणा : में किसी को नहीं लेकर आई रोहन सच्ची में तुमसे झूट किउ बोलूगी.

राहुल : तो यह क्या है.

और राहुल लैपटॉप ओपन करता है और उसमे इंटरनेट से एक भूत वाला विडिओ देखा देता है.

जिसमे बोहोत सरे भूतो की गैंग होती है और उसमे से बोहोत डरावनी आवाज़ आ रही होती है.

प्रेरणा यह देखकर पूरी तरह शॉकेड हो जाती है.

प्रेरणा सोचने लगती है कही यह सब बूथ उसके भैया ने तो नहीं भेजे राहुल को मरने के लिए.

प्रेरणा का सारा सरीर कप कपङे लगती है.

उसके वो तस्वीर याद आ जाती है जब रोहन आग में जल रहा था.

प्रेरणा को लगने लगता है की कही यह सब बूथ मिलकर राहुल को न मर दे.

किउकी राहुल अभी उस शक्ति से शम्पायन नहीं था.

जिससे वो सब का अनत कर सके.

जिससे वो अनंत बन सके.

प्रेरणा जल्दी से राहुल के पास आ जाती है.

और राहुल को पकड़ लेती है.

प्रेरणा रट हुए बोलती है.

प्रेरणा ( उन बूथों से ) : मेरे रोहन को चोर दो.

मेरे रोहन को चोर दो.

और अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने लगती है मगर वो यहाँ धरती लोक में अपनी शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर पति

और प्रेरणा को महादेव की बात याद आ जाती है. की प्रेरणा जब तक दिखाई नहीं देती तब तक वो अपनी शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती.

फिर प्रेरणा तेज़्ज़ तेज़्ज़ बोलने लगती है.

प्रेरणा : रोहन , रोहन.

राहुल तो यह सुनकर शॉकेड हो जाता है की यह क्या हुआ.

अचानक प्रेरणा इतना रोने किउ लगी.

राहुल का पूरा प्लान ख़राब हो जाता है.

किउकी राहुल तो बस थोड़ा डरा कर प्रेरणा से अपने सवालो का जवाब जानना चाहता था.

मगर यहाँ सिचुएशन चेंज हो जाती है.

फिर

राहुल उस लैपटॉप को बंद कर देता है.

राहुल प्रेरणा को पकड़ कर अपने गले लगा लेता है.

राहुल : प्रेरणा कुछ नहीं हुआ है.

शांत हो जाओ.

प्लीज शांत हो जाओ.

प्रेरणा रट हुए.

प्रेरणा : नहीं रोहन जब तक तुम वो तलवार नहीं ले लेते.

तब तक तुम मेरे भाइयो को नहीं मार सकते.

जब तक मेरे भाई तुम नुकशान पोहोचने के लिए कुछ भी कर सकते है.

मने तुम कुछ नहीं होने दूगी.

राहुल : प्रेरणा वो सिर्फ एक तस्वीर थी. जिससे में तुम थोड़ा डरना चाहता था.

और कुछ नहीं.

शांत हो जाओ.

और सबसे बड़ी शक्ति कोई तलवार या किसी चीज़ में नहीं होती

सबसे बड़ी शक्ति तो प्यार में होती ह

विश्वास में होती है.

और जब तक मेरे पास वो शक्ति है.

जब तक मुझे कुछ नहीं हो सकता.

क्या तुम्हारा प्यार मुझे कुछ होने देगा.

प्रेरणा : मेरा प्यार कबि

तुम कुछ नहीं होने देगा.

और अगर तुम कुछ हो गया तो में भी नहीं जीना चाहुगी

अब में और परीक्षा नहीं दे सकती.

मैं परसकषा देते देते थक गई हु.

बस अब में परिस्क्षा नहीं दे सकती.

तुम दुबारा नहीं खो सकती.

राहुल नाम आखो से

राहुल : परिस्क्षा तो हर प्यार करने वाले को देनी पड़ती है किसी न किसी रूप में.

जबी तो वो प्यार अमर होता है.

गुलाब के पेड़ ( ट्री) को भी काटो का दर्द और पीरा सहनी पड़ती है.

और तुम मुझे सच किउ नहीं बता देती की में कौन हु.

मेरा बहनो का क्या राज़ है.

और यह रोहन कौन है.

और राहुल के मैं में जो सवाल थे वो सब पूछ लेता है.

प्रेरणा ( मैं में) : राहुल अगर मने तुम सब कुछ बता दिया तो उसके बाद जो तुम्हारे मैं में सवाल आएगी मैं उनका का जवाब नहीं दे पाउगी किउकी उसके जवाब मेरे पास नहीं है.

तुम्हारी असली माँ का सवाल.

राज लोक सा सवाल.

काल का सवाल.

और भी बोहोत सवाल आएगी तुम्हारे मैं में जिनके जवाब मेरे पास भी नहीं है.

और कबि भी किसी भी सवाल का जवाब समय से पहले जानने की कोसिस करोगे तो वो बस दुःख hi देगी.

और कुछ नहीं.

तुमने सही कहा अगर प्यार किया है तो दर्द भी सहना पड़ता है.

कदम कदम पर परीक्षा देनी पड़ती है.

किउकी हर कड़ी राज लोक से ही तो जुरति है.

फिर प्रेरणा अपने आप को शांत कर लेती है.

और सारा दर्द अपने अंदर समेत लती है.

और यह जाहिर ही नहीं होने देती की वो कितने दर्द में है.

फिर प्रेरणा राहुल से बोलती है.

झूटी हसी के साथ.

प्रेरणा : किसी लगी मेरी एक्टिंग मुझे पता था तुम भी एक्टिंग कर रहे हो और मुझे बेवक़ूफ़ बना रहे हो.

राहुल ( मैं में) : बहनचोद इसको इतना इमोशनल कर दिया फिर भी है रही है.

राहुल : प्रेरणा सच में मुझे सब कुछ याद आ गया है.

प्रेरणा : तुम सब याद आ गया है तो मुझसे इतने सवाल किउ पूछ रहे थे.

राहुल : अरे मैं तो मज़ाक कर रहा था.

की तुम दुबारा बता सको.

तो वेरीफाई हो जाए.

प्रेरणा : तुम सब याद आ गया है न तो बताओ मेरी दीदी का क्या नाम है.

राहुल ( मैं में ) : बहनचोद अब इसकी दीदी खांसी आ गए.

दीमक लगा राहुल दीमक लगा.

हां जो में रात में सुनैना बोल रहा था कही एहि तो इसकी दीदी नहीं है.

यही बोल देता हुए.

अगर गलत हुआ तो कोई बहाना बना दुगा.

राहुल फिर एक्टिंग करते हुए.

राहुल : प्रेरणा तुम अपनी दीदी को भी भूल गई जो तुमसे कितना प्यार करती है.

तुम्हारे लिए कितना कुछ नहीं किया.

प्रेरणा : नाम बताओ नाम.

राहुल : सुनैना.

इससे के साथ राहुल चुप हो जाता है.

प्रेरणा ( मैं में ) : राहुल सुनैना के नाम के बारे में जनता है.

फिर महादेव ने ऐसा किउ कहा की राहुल अभी कुछ नहीं जनता .

अब प्रेरणा थोड़ी कन्फ्यूज्ड हो जाती है.

जान राहुल को कोई जवाब नहीं मिलता तो वो घबरा जाता है.

कही उसने गलत नाम तो नहीं ले लिया.

राहुल दुबारा बोलता है.

राहुल ( प्रेरणा से ) प्रेरणा मेरे पास आओ न तुमने देखने के लिए मेरी आखे भी तरस गई है.

प्रेरणा : मैं भी तुम्हारे पास आना चाहती हु मगर महादेव ने...............

राहुल ( मैं में) : बस अब और कितने पापड़ बेलने पड़ेगे.

राहुल : महादेव ने तुम दिखाई न देने के लिए कहा था.

मगर तुम बाकि सब तो कर सकती हो न इसके लिए तो मन नहीं किया.

प्रेरणा : बाकि सब से क्या मतलब है. तुम्हारा.

राहुल : मतलब प्यार.

इस बात पर प्रेरणा शर्मजाति है.

मगर राहुल को कुछ दिखाई दे जब न.

प्रेरणा : ाचा तो तुममे सब याद है तो यह भी पता होगा की में और सुनैना दीदी तो हमेशा तुम्हारे साथ है.

तुम्हारी बहन के रूप में ( यहाँ प्रेरणा गलती कर देती है )

राहुल ( मैं में) : यह क्या चक्कर है यह मेरी बहन के रूप में कैसे हो सकती है.

साला दीमक ख़राब हो गया है.

चल अपनी बहन का ही कोई टॉपिक छेरता हु जिससे कुछ पता चले.

राहुल : मुझे पता है तुम मेरी बहनो के रूप में मेरे साथ हो मगर सुनैना भी मेरी बहन के रूप में मेरे साथ है.

तभी

प्रेरणा : और नहीं तो क्या और कुछ समय के बाद तुम्हारा और सुनैना का एक अद्भुद मिलान होगा जो किसी ने नहीं देखा होगा.

किउ तुम नहीं पता

कही तुम मुझे बेवक़ूफ़ तो नहीं बना रहे.

राहुल बोहोत प्यार से बोलता है.

राहुल : प्रेरणा क्या तुम ऐसा लगता है की मैं तुम बेवक़ूफ़ बना सकता हु.

मैं तो बस इसलिए पूछ रहा था की रूचि & निशा यह सब होने नहीं देगी हम दोनों को मिलने नहीं देगी.

प्रेरणा : है रूचि & निशा थोड़ी तेज़्ज़ है मुझे पता है किउकी है तो मेरा ही एक रूप न.

राहुल ( मैं में) : ाचा यह रूचि & निशा प्रेरणा का ही एक रूप है.

साली यह कहानी है या सच समाज में नहीं आ रहा.

प्रेरणा : खा खो गए.

तभी.

राहुल अब गलती कर देता है.

राहुल : रूचि & निशा तुम्हारा रूप किउ और कैसे है वो तो मेरी बहन है तो तुझे प्यार कैसे कर सकती है.

प्रेरणा ( मैं में) : ये केसा सवाल पूछ रहा है कही यह मुझे ब्रेकिंग तो नहीं बना रहा.

प्रेरणा : बस अब बोहोत बेवक़ूफ़ बना दिया अब मैं बेवक़ूफ़ नहीं बनने वाली.

प्रेरणा ( घूरकर देखते हुए ) : बोहोत तेज़्ज़ हो तुम और स्मार्ट भी कबि इमोशनल करते हो कबि बातो में फसा देते हो

और प्रेरणा राहुल को पकड़ कर मरने लगती है.

(राहुल को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था मगर प्रेरणा के सरीर को महसूस जरूर कर प् रहा था.)

इसलिए राहुल प्रेरणा को पकड़ कर कास कर गले लगा लेता है और हलके से प्रेरणा के गर्दन पर किश कर देता है. ( किउकी राहुल को कुछ दिखाई दे जब न इसलिए जहा मुँह गया वही किश कर दिया )

और प्रेरणा बोहोत बुरी तरह शर्मा जाती है.

और प्रेरणा वह से गायब होने लगती है.

और जाते जाते राहुल से बोलती है.

प्रेरणा : बच कर रहना रूचि & निशा से और अगर तुमने उनका प्यार ासेप्ट किया तो देखो क्या होगा तुम्हारे साथ ( यह बात प्रेरणा में राहुल को चिढ़ाने के लिए कही)

और प्रेरणा एक तस्वीर दिखाती है.

और राहुल उस तस्वीर को देखने लगता है.

और प्रेरणा वह से गायब हो जाती है.

राहुल उस विडिओ को देखकर पूरी तरह शॉकेड हो जाता है.

राहुल कबि इतना शॉकेड नहीं हुआ था जितना आज हो जाता है.

राहुल के तोते उड़ जाते है उस विडिओ को देखकर.

और बोहोत आश्चर्य चकित हो जाता है.

और बोलने लगता है यह क्या है.

चलो देखते है राहुल कोनसी विडिओ देख रहा है...
 
अपडेट 25

महा मेगा अपडेट

राहुल के तोते उड़ जाते है उस विडिओ को देखकर.

और बोहोत आश्चर्य चकित हो जाता है.

और बोलने लगता है यह क्या है.

चलो देखते है राहुल कोनसी विडिओ देख रहा है...

अब ाजी...........

राहुल उस विडिओ को देकता है. जो प्रेरणा ने चलाई होती है.

उस विडिओ में

निशा : अब भैया ने हमारा प्यार एक्सेप्ट कर लिया है.

रूचि : हां बहन बोहोत मुस्खिल से

निशा : तो कुछ नया करना चाहिए भैया के साथ.

रूचि : क्या

फिर निशा रूचि के कान में कुछ बोलती है

और दोनों के फेस पर एक सेठानी हसी आ जाती है.

लगता है फिर कुछ धमाका करने वाली है.

और वो भी बोहोत जबरदस्त.

रूचि & निशा राहुल को बोहोत तेज़्ज़ तेज़्ज़ बुला रही होती है.

रूचि & निशा एक साथ : भैयाआ

भैयाआ

और राहुल घबराजाता है की ुन्सी बहन ( रूचि & निशा ) को क्या हो गया है.

और भागते हुए उनके कमरे में घुसता है.

और जैसे ही राहुल कमरे में घुसता है.

रूचि & निशा राहुल को पर झपट पार्टी है और राहुल को पकड़ कर बीएड पर गया देती है.

और रूचि बोलती है.

रूचि : भैया हमें किश मत करो हम आपकी बहन है.

नहीं भैया नहीं

और खुद ही राहुल के होंठ को तेज़्ज़ तेज़्ज़ चूसने लगती है.

निशा एक्टिंग करते हुए.

निशा : नहीं भैया नहीं हमारे कपड़े मत उतरे हमारे बूब्स मत पीना

अपनी बहन के बूब्स मत पीना.

हमारा बलात्कार मत करना.

और दोनों निशा & रूचि जल्दी जल्दी अपने कपड़े उतरने लगती है.

राहुल को तो पता ही नहीं चल रहा था की रूचि & निशा यह क्या कर रही है

इससे राहुल तो बस पूरी तरह शॉकेड था.

की यह हो क्या रहा है.

निशा : भैया नहीं मेरे कपड़े नहीं उतर रहे तो कमसे काम पहाड़ो तो मत ( और खुद ही अपने कपड़े खड़ने लगती है.)

रूचि : ाः आआह आआह ससुह्ह्ह्हह्ह भैया उउउउउउम्मम्मम दार्द हो रहा है.

ाएहा

प्लीज मेरे बूब्स मत मसलो उन को मत चुसो.

प्ल्ज़ प्ल्ज़ भैयाआ आआहा आआह ष्हूऊऊऊप्प् उउउउम्मम्म.

हम आपकी बहन है कोई अपनी बहन के साथ ऐसे करता है क्या.

और रूचि एक चुकी राहुल के मुँह में दाल देती है.

निशा : भैया मज़ाआ अअअअअ रहा है.

और तेज़्ज़ज़ और तेज़ज़्ज़ज़.

भैया इतनी तेज़्ज़ मत चुसो मत मसलो

और राहुल का हाथ पकड़ कर

अपने बूब्स पर रख देती है और बोहोत तेज़्ज़ तेज़्ज़ अपने बूब्स को मसलने लगती है.

ाः भैया ाआअह भैया

उउउउम्मम्मम उउउउम्मम्म

ह्म्म्मम्म हम्म्म्म

वही वो तस्वीर बंद हो जाती है.

और राहुल पूरी तरह पसीने में लटपट हो जाता है.

राहुल को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था.

की यह क्या हुआ है किउ हुआ है.

कैसे हुआ है. किसलिए हुआ है.

क्या यह सच था या सपना.

जिस बहन को राहुल प्यार करता था वो बहन अपने ही भाई के साथ यह क्या कर रही है.

राहुल : अगर इसने मेरे साथ कुछ भी ऐसा वैसा किया न तो में हॉस्पिटल में ही उसका पोस्टमॉटम कर दुगा.

यह प्रेरणा कहा चली गयी इसको भी नहीं छोड़ूगा.

यह प्रेरणा भी अधूरी बात बता कर भाग गई.

साला दीमक का दही बन गया है.

बहन छोड़ सस्पेंस में ही चोर दिया.

कुछ पता न हो तो वो भी ठीक होता है.

मगर

सस्पेंस बोहोत खतरनाक होता साली अब तो नींद भी नहीं आएगी.

निशा & रूचि ने ऐसा किउ किया.

निशा & रूचि में इतनी हवस और प्यार किउ नज़र आ रहा है.

क्या इसका भी एक राज़ है.

और यह प्रेरणा का ही रूप है तो क्या यह दोनों प्रेरणा के ही सरीर से बानी है.

जरूर यह प्रेरणा एक आसुरं होगी.

और जब प्रेरणा खुद है तो इन दोनों ने मेरी बहन बनकर ही जनम किउ लिया .

और सुनैना का भी कोई रूप है उसका तो सस्पेंस ही क्लियर नहीं हुआ.

साला यह रूप ने तो मेरा ही दीमक का रूप बदल दही कर दिया.

और यह चुहिया सुनैना खा है.

और किसी की भी मैं की बात पढ़ लेता हुए तो प्रेरणा के मैं की बात किउ नहीं पद पाया ( जब में उसके गले लगा था )

और नहीं ही पायल की

और मेरे अंदर यह शक्तिया खा से बिना बुलाये गेस्ट की तरह आती चली जा रही है.

जब में बेहोश हुआ था तभी से ये साड़ी शक्तिया मेरे अंदर गुस्ती चली जा रही है.

किउकी उससे पहले तो मुझे ऐसा नहीं लगा .

उससे पहले सपने गांड मरते थे.

अब यह शक्तिया मर रही है.

साला जितने सवाल का जवाब मिलता है उसमे भी एक सवाल खड़ा हो जाता है.

बहन छोड़ इतने सारे सवाल है मगर यह प्रेरणा भी खली फोकर का सस्पेंस में ही मर गई.

साला इतना इमोशनल किया.

इतना अछि एक्टिंग की.

लगता है यह सब भी मेरे से बड़ी एक्टर है.

किउकी प्रेरणा ने बताया भी ऐसा की

एक सरीफ लड़का सस्पेंस में ही मर जाये.

बिना गोली खाए.

इस प्रेरणा का तो में मुंडेर ही कर दुगा मगर क्या फ़ायदा दिखाई भी नहीं देती है.

फिर राहुल को याद अत है की कल उसने सोनम से मिलने का बोलै था.

कही वो आ गई तो

साली एक परेशानी ख़तम नहीं होती और दूसरी कड़ी जो जाती है.

सब साले झटके पे झटका दे रहे है.

मेरे जैसे मासून और सरीफ लड़के को

अगर यह सोनम आ गई न तो इसको तो छोड़ूगा ही नहीं.

और इससे टेंशन के साथ राहुल सो जाता है.

मगर इस सेल की लाइफ इतनी धमाके दार होगए है.

की बिचारा सोने ( स्लीप ) में भी सोचने लगता की

यह इंसान सोता ( स्लीप ) किउ है इसके भी पीछे कोई सस्पेंस होगा.

और राहुल सुबह उत् कर

पहले जॉगिंग और एक्ससरसिस करता है

और उसके बाद फ्रेश होकर

निचे जाकर

राहुल माला बुआ को आवाज़ लगता है एक कॉफ़ी के लिए.

फिर थोड़ी देर बाद राहुल को याद अत है की

अभी तो पूरी फॅमिली सोनाली दीदी के घर पर गई है.

फिर राहुल सोचने लगता है यह प्रेरणा खा भाग गई.

फिर ऐसे ही टाइम बिट जाता है.

और 10 बज जाते है.

और वो तुम भी आ जाता है कब राहुल को सोनम से मिलना था.

और बाइक पर बैठकर उसी कॉफ़ी शॉप की तरफ निकल जाता है

रस्ते में

राहुल ( मैं में ) : दिव्या के जाने के बाद भी में इतना hi बेचैन हुआ था जितना सोनम के लिए हो रहा हु.

अब

सोनम भी मुझे दिव्या की तरह याद आने लगी है.

इसने मुझे पर्पस किउ किया इतनी अचानक से वो भी शामाज में नहीं आया.

और दिव्या ने मुझ पर विश्वास नहीं किया था और मुझे चोर दिया था.

फिर भी मेरी आत्मा उस से प्यार करती है

बेपन्हा प्यार करती है.

हद से ज्यादा प्यार करती है.

किउ है ऐसा

और वो सोनम जिसने अचानक दे मुझे पर्पस कर दिया और अचानक से प्यार भी करने लगी.

और पता नहीं मुझे लगता है की सोनम मुझे इतना प्यार करती है जिस प्यार की कोई हद ना हो.

मगर में सोनम के बारेमे सोच किउ रहा हु.

अचानक से मेरे दिल में सोनम के लिए प्यार कैसे उबार आया.

महादेव मुझसे क्या चाहते है.

मैं चाहता हुए की सोनम मुझे सरीर का भूका और हवस का डूबा हुआ एक गन्दा इंसान सांझे .

इन ही बातो से परेशां होने लगता है राहुल.

और सोनम को अपनी दीमक से निकलने की बोहोत ज्यादा कोसिस करता है मगर निकल नहीं पता

किउकी सोनम राहुल के दिल और दीमक में बस गई होती है.

और जो सोनम ने अचानक से किया उसपर राहुल सोचने पर मज़बूर हो जाता है

राहुल सोनम के लिए कंफ्यूज था की वो क्या फैसला लगे.

मने जो सोनम को कहा क्या वो सही था

क्या मुझे सोनम को ऐसा बोलना चाहिए था.

मैं बस यही चाहा रहा था की सोनम मुझे भूल जाए.

जैसे दिव्या मुझे भूल गए.

उसने भी मुझे शायद सरीर का भूका एक इंसान शमझा.

और सनम भी मुझे वही इंसान सांझे

अगर सोनम ने मुझे हवस में डूबा हुआ इंसान नहीं शमझा तो.

मैं सोनम से प्यार थोड़ी करता हुए.

वो मुझसे प्यार करती है.

मगर सोनम मुझसे प्यार किउ करती है.

क्या इसके पीछे भी कोई वजा है कोई सस्पेंस है .

भगवाम सोनम न आए.

और ऐसे ही राहुल कॉफ़ी शॉप पोहोच जाता है.

और एक कॉफ़ी आर्डर करके कॉफ़ी पिने लग जाता है.

और राहुल बार बार सोच रहा था की सनम न आए.

और वाच तो बिलकुल भी नहीं पहनकर आए.

और सोनम आ गई तो में गया काम से.

और इससे के साथ राहुल की कॉफ़ी ख़तम हो जाती है.

मगर राहुल एक तरफ दुखी होता है सोनम को लेकर और दूसरी तरफ खुस्स भी होता है

चलो ाचा है महादेव ने मेरी बात सुन ली .

महादेव को भी लगता है की सोनम का प्यार झूठा है

किउकी अगर में प्यार में दुबारा टुटा तो शायद कबि किसी और के प्यार पर भी भरोसा नहीं कर पाउगा.

और मैं उत् कर बहार जाने लगा

और सोचने लगा एक तरफ दिव्या है और तुस्री तरफ सोनम सब मतलबी होते है सब का प्यार झूठा होता है.

अगर दिव्या मुझसे सच्चा प्यार करती तो कबि मुझे नहीं चोर कर जाती

और सोनम भी मुझसे प्यार करती तो वो जहा जरूर आती.

किउकी प्यार सरीर से नहीं आत्मा से किया जाता है

सच्चे प्यार के लिए सरीर का क्या मोल.

सब का प्यार झूठा है में कबि किसी से प्यार नहीं करुगा

यह बोल कर बहार जाने के लिए राहुल जैसे ही उठता जय.

की सोनम पास ही की एक चेयर पर बैठी दिखाई देती है.

राहुल सोनम के हाथ ( हैंड ) में वाच देखता है और राहुल को वाच कही डिकल नहीं देती.

और राहुल चेयर से उठकर भर जाने लगता है.

और राहुल को दिव्या की बात याद आने लगती है और राहुल थोड़ा और गुस्सा आने लगता है.

तभी

पीछे से सोनम राहुल को आवाज़ देती है

सोनम : राहुल

और राहुल पीछे मुर जाता है.

सोनम राहुल को गुस्सा दिला रही होती है राहुल को बता रही की सोनम राहुल से कितना प्यार करती है.

और सोनम भागते हुए राहुल के गले लग जाती है.

और राहुल को कास की पकड़ लेती है.

सोनम जैसे hi राहुल के गले लगती है.

राहुल के दिल की धरकने और तेज़्ज़ होने लगती है.

राहुल को ऐसा लगता है जैसे किसी प्यार के समुन्दर ने राहुल के अंदर की गर्मी और नफरत ख़तम करती दिया हो.

अब बस प्यार प्यार और प्यार राहुल के दिलो दीमक में बस जाता है.

राहुल दिव्या की वो बात भूल जाता है.

और राहुल की धरकन तेज़्ज़ होने लगती है.

और सोनम की धरकने राहुल की धारकानो पर हावी होने लगती है.

राहुल एक पल के लिए भूल जाता है की वो खा खड़ा है.

और राहुल भी सोनम को कास की गले लगा लेता है.

और सोनम गले लगे हुए बोलती है.

सोनम : ी लव ी लव ी लव ु

लव ु सो मच.

और राहुल सोनम को अलग करता है.

और सोनम बोहोत प्यार भरी आखो से राहुल को देखने लगती है.

मगर राहुल के मैं में नफरत और प्यार के भाव आने लगते है.

अब राहुल शामाज नहीं पता की वो क्या करे.

राहुल : क्या तुम सच में मेरे साथ सिर्फ एक दिन के लिए प्यार करना चाहती हो.

सोनम : है में तुम से एक दिन के लिए ही सही तुम प्यार करना चाहती हो.

और हद से ज्यादा प्यार करना चाहती हु.

राहुल कुछ सोचते हुए बोलता है.

राहुल : तुम इससे क्या हासिल होगा.

किउकी उसके बाद तो में तुम चोर दुगा

सोनम : मुझे प्यार हासिल होगा .

जिससे में साड़ी ज़िन्दगी काट लगी.

राहुल : चलो फिर

तभी

सोनम : राहुल मेरी एक बात मानोगे

राहुल : हां कहो

सोनम : मुझे इतना प्यार करना की पीर मुझे कबि तुम्हारी कमी मशःउस न हो.

इतना प्यार करना की उस प्यार की कोई हद न हो.

इतना प्यार करना की मैं कबि फिर प्यार न करू.

मैं ज़िन्दगी भर उसी प्यार के भरोसे जी सकू

जैसे तुम जी रहे हो दिव्या के प्यार में.

दिव्या के चोर्ने के बाद भी तुम्हारा प्यार दिव्या के लिए अनंत है.

उसके चोर्ने का वो दर्द भी अनत है.

उस प्यार को महसूस करके दिव्या को याद करने का भी प्यार और दर्द अनंत है.

मैं भी ऐसा ही प्यार चाहती हुए.

जो अनत हो

जिस प्यार की कोई सीमा न हो निस्चल और अमर हो.

राहुल ( मैं में ) :

यह बोल मेरे दिलो दीमक में एक त्रिशूल की तरह चुबे.

जिसमे बोहोत पीरा और दर्द नज़र आयी

वो दर्द जो अभी मेरे साइन (चेस्ट) में अनंत था.

की किउ दिव्या में मुझे छोरा किउ दिव्या ने मुझ पर विस्वास नहीं किया.

प्यार दिव्या का भी प्यार अनंत था.

तो उसका क्या कारन हो सकता है.

अब वो ही दर्द में सोनम को देना चाहता हु.

किउ

क्या में सही कर रहा हु.

या गलत

राहुल : तुमने मुझे सिर्फ एक बार देखा है तुम मुझसे इतना प्यार कैसे कर सकती हो.

सोनम ( मैं में ) : मुझे तुम देकते हुए 5 साल होंगे है

शायद तुमने कबि मुझ पर धियान ही नहीं दिया होगा.

किउकी तुम जब दिव्या से प्यार थे और आज भी करते हो.

मैं तुम हमेशा एक बार देखने के लिए अपनी स्कूटी से तुम्हारा पीछा करती थी .

और पता नहीं कबसे तुम प्यार करती थी.

यह तो मुझे भी नहीं पता.

सोनम : कबि कवर प्यार तो एक नज़र में जो जाता है.

और कबि पूरी ज़िन्दगी बीत जाती है तब भी प्यार नहीं होता.

राहुल ( मैं में ) : मुझे ऐसा किउ लगता है की में इसको दिलो जान से चाहता हु इसको बरसो से प्यार करता हु.

दिव्या की तरह.

राहुल : तुम दिव्या के बारे में कैसे जानती हो.

सोनम ( मैं में ) : अब राहुल क्या बताऊ की दिव्या अभी कोमा में है.

और मेरा प्यार तो तुमसे दिव्या से भी पहले का है.

मगर कबि बता नहीं पायी किउकी तुम उस टाइम दिव्या से प्यार करते थे.

मगर जब दिव्या ने तुम छोरा तो में तुम्हारा पीछा करने लेगी 4 साल से तुम एक नज़र देखने के लिए तरसने लगी.

अभी में तुम कोई सच नहीं बता सकती राहुल नहीं तो तुम टूट कर भीकर जाओगे.

और शायद उस टाइम में तुम शभाल न पाव.

सोनम : तुम्हारी आखो से पता लगा किउकी की तुम्हारी आखो में मुझे दिव्या का वो दर्द दिखाई दिया जिसे तुमने किसी को नहीं बताया था.

राहुल : सोनम अब में तुम्हारे साथ प्यार नहीं करना चाहता

मैं तुम अपनाने को त्यार हु बस तुम मुझे छोड़कर मत जाना.

सोनम : मैं तुम कबि छोड़कर नहीं जोगी.

मगर मुझे फिर भी प्यार करना है बोहोत प्यार करना है.

हद से ज्यादा प्यार करना है.

प्लीज मेरी बात मान जाओ.

प्लीज

राहुल : पर अब किउ

सोनम राहुल के गाल सहलाते हुए.

सोनम : वो सब चोरो क्या तुम मुझे प्यार नहीं करोगे

क्या मुझे तुम प्यार का एहसास नहीं करवाओगे की तुम मुझे कितना प्यार करते हो.

में उस ेहसुस को जीना चाहती हु.

उस प्यार को अपने दिल में समेटना चाहती हु.

उस प्यार का अहसास करना चाहती हुए.

उस अनंत प्यार को महसूस करना चाहती हु.

प्लीज राहुल प्लीज.

राहुल : ठीक है फिर चलो.

सोनम : कहा पर.

राहुल : मेरे घर पर वह अभी कोई नहीं है.

सब सोनाली दीदी के घर गए है.

फिर में सोनम को बाइक पर बैठा ( सीट ) कर घर की तरफ निकल जाता हुए.

रस्ते में

सोनम ( मैं में ) : मुझे तुम्हारे साथ प्यार करना होगा राहुल किउकी जब तुम दियवा के बारेमे पता चलेगा तो मेरा यही प्यार तुम टूटने से बचाएगा

और ऐसे ही घर आ जाता है.

और राहुल सोनम को अपने घर के अंदर लेकर चले जाता है.

सोनम : यह तुम्हारा घर है.

राहुल : यह हम दोनों का घर है.

सोनम : घर ाचा है

मैं सोचने लगा की यह सोनम किसी है इतने बारे घर में रहती है और इसमें उस चीज़ का बिलकुल भी घमंड नहीं है.

और मुझ जैसे मिडिल क्लास के पास आई है

वो भी मेरे से प्यार करने.

और मैं और सोनम बीएड पर आ गए.

राहुल ( मैं में ) : में इसको मिल गया हुए फिर भी यह मुझसे प्यार करना चाहती है पर किउ इसके पीछे क्या कारन ( बजे ) है.

राहुल : क्या तुम तैयार हो.

और सोनम ने हां में अपनी गार्डन हिला दी.

मैंने सोनम के फेस अपनी तरफ किया तो सोनम ने अपनी आखे बंद कर ली

मैं यह क्या कर रहा था किउ कर रहा था मुझे तो कुछ शामाज नहीं आ रहा था.

किसी ने सच ही कहा है प्यार अँधा होता है

जो कुछ भी कर गुजरने को त्यार होता है.

मैंने सोनम के फेस को गौर से देखा और उसका हाथ ( हैंड ) पकड़ कर तो में प्रेरणा की तरह सोनम के भी मन की बात नहीं पढ़ पाया

फिर मने उस आदमी के मैं की बात कैसे पढ़ ली थी जब में उस आईपीएस अरविन्द और उसकी बहन को बचा रहा था.

और मुझे बस सोनम के फेस पर पार ही प्यार नज़र आ रहा था.

हद से जयदा प्यार

इतना प्यार की जिसकी कोई सीमा न हो जो अनंत हो.

निस्चल हो अमर हो

जिसमे इस समय सिर्फ प्यार और प्यार की लालशा हो ऐसे प्यार की जिसका कभी आंत न हो जो अनंत हो.

ऐसा प्यार जिसमे कोई लालच न हो जो सिर्फ प्यार करना जनता है.

बस प्यार प्यार और प्यार.

हद से ज्यादा प्यार

नफरत से ज्यादा प्यार.

ऐसा प्यार जिसका कोई किनारा न हो जो आकाश गंगा ( यूनिवर्स) की तरह अनंत हो.

फिर मने सोनम की आखो पर किश किया मगर सोनम ने आखे नहीं खोली.

मने भी दूसरी आँख पर किश किया

फिर भी सोनम में अपनी आखे नहीं खोली

जैसे सोनम उस प्यार को महसूस कारण चाहती hi जो यूनिवर्स की तरह अनंत तक फैला हो.

फिर मैंने सोनम के फोरहेड्स पर किश किया.

फिर गालो पर किश किया

फिर फेस की हर जगह किश किया

फिर मैंने सोनम करने लगा तो मने देखा सोनम के होंठ काँप रहे थे.

और हलके हलके गुलाबी भी होने लगे थे जैसे यह होंठ बस प्यार के लिए तड़प रहे है.

प्यार पाने के देर काँप रहे हो और सोनम के यह होंठ ( लिप्स ) सोच रहे हो की किया में अपने राहुल को प्यार के पाउगी ऐसा प्यार जो हद के पर हो क्या में अपने राहुल का प्यार शमहल पाउगी.

फिर मने सोनम के लिप्स को शमजाय की प्यार तो प्यार होता है

इसमें कोई देर नहीं होता.

और अब सोनम के होंठ और राहुल के होंठ से मिलने का समय आ गया.

जिअसे ही राहुल ने सोनम के होंठ पर अपने होंठ रखे वैसे ही सोनम ने आपकी खोल ली और एक पल के लिए मुझे देखा फिर अपने आखे बंद कर ले.

मुझे सोनम के होंठ का वो टच ऐसा लगा जिस में सब भूल गया की में कहा हुए.

और क्या कर रहा हुए

मुझे ाशस होने लगा की मैंने सोनम को जनम जनम से प्यार किया है

और इस प्यार के लिए पता नहीं कितने सालो से तरसा हु.

इतना अदबुद अहसास था उन होंठो का की जैसे यह होंठ बोहोत तड़पे हो इस प्यार को पाने के लिए.

इस अनंत प्यार के सागर में डूबने के लिए.

मुहे ऐसा लगा की यह बोल रहे हो की मेरा रास पियो यह तुम्हारे लिए ही है.

इस रास को पीकर मुझे आज़ाद कार्डो कुछ टाइम के लिए.

मुझे महसूस करवाओ की प्यार क्या होता है

हद से ज्यादा प्यार क्या होता है.

उस प्यार में पूरी डूबकर भी और डूबने कर प्यार करने और उस प्यार को दिल तक महसूस करने का और अनंत तक उससे याद करते रहने का प्यार क्या होता है.

और मेरे होंठ सोनम के लिप्स से लगते ही में उस प्यार भरे रास को पिने लगा.

वो रास इतना मीठा था की उस रास के सामने मुझे साडी दुनिया फीकी लगने लगी थी.

सोनम को किश करते हुए मुझे दिव्या की याद आ गए.

पर सोनम ने मुझे एहसास दिला दिया की प्यार सिर्फ प्यार होता है.

उसमे जरुरी नहीं की सुख ही मिले उसमे नफरत भी होती है

मगर जहा हद से ज्यादा प्यार होता है.

वह नफरत में भी उससे बस प्यार ही मिलता है.

मैं धीरे धीरे सोनम को लिप्स को चूसने लगा

हम दोनों दुनिया को पीछे चोर उस अनंत सागर में पोहोच गए थे जो अनंत तक फेहला था जहा सिर्फ प्यार प्यार और बस प्यार ही था.

जिसमे मुझे उस सागर में खो जाने का दिल कर रहा था.

उस प्यार को पाकर में सब कुछ भूल जाया था.

मेरे अंदर बची कुछ नफरत भी ख़तम हो गई थी.

मैं सोनम के होंठ चूसने लगा था मगर

मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी की में अपनी टंग सोनम के मुँह में दालु

मगर सोनम तो जैसे मेरे मान की बात जान गई थी

और सोनम ने अपनी टंग मेरे मुँह में दाल दी थी

और मैं सोनम की टंग को चूसने लगा मुझे ऐसा लग रहा था की मैं जैसे

अमृत का रसपान कर रहा हुए.

और धीरे धीरे सोनम भी मेरी टंग भी चूसने लग गई थी.

हमारा किश धीरे धीरे वाइल्ड होने लगा.

और सोनम तो मेरे लिप्स को चोर्ने के लिए त्यार ही नहीं थी.

अब

सोनम की सासे भी ुस्कारने लगी थी

मगर हम दोनों में से कोई भी एक दूसरे के लिप्स को चोर्ने के लिए त्यार ही नहीं थे.

सोनम की धरकने भी तेज़्ज़ हो गई.

और सोनम को सास लेने में भी दिक्कत होने लगी.

फिर भी सोनम मेरे लिप्स को चोर्ने लिए त्यार नहीं थी.

सोनम तो बस अब उस प्यार को जितना हो सके उतना महसूस करना चाहती थी.

जैसे सोनम को वो प्यार दुबारा नहीं मिलेगा

जिसके लिए वो इतने साल तदपि हो

जिसके लिए वो हर पल तरसी हो.

फिर चाहे सोनम को कुछ भी हो जाए.

मगर में सोनम को कुछ भी नहीं होने देना चाहता था.

मैं ने सोनम के लिप्स को बड़ी मुस्खिल से अलग किया

मेरे अलग होते ही सोनम बोहोत तेज़्ज़ तेज़्ज़ सासे लेने लगी

और सोनम ने अपनी आखे खोल दी थी.

ऐसा लग रहा था की सोनम की आत्मा उसके बदन से अलग हो गई हो.

सोनम की धरकने बोहोत तेज़्ज़ थी

ऐसा लग रहा था की

सोनम का कौन ( ब्लड) उसके बॉडी से आखो में उतर गया हो

और उसकी आखे बोल रही थी की मुझे और प्यास लगी है.

प्लीज मेरी प्यास भुजा दो.

और खुद को भी नार्मल करने लगा

और सोनम भी नार्मल होने होगी.

हम दोनों जैसे ही नार्मल हुए.

मने सोनम का हैंड पकड़ कर

सोनम को अपने पास खींच लिया और सोनम को अपनी घोड़ में बिठा लिया

सोनम का फेस मेरी तरफ था

मैं सोनम की सासो को महसूस कर रहा था.

जैसे वो बोल रही हो की मुझे उस अनंत प्यार से दूर किउकी किया.

जिसके लिए में तरसी हु.

मुझे और प्यास लगी है मुझे उस प्यार में फिर डूबना है.

उस प्यार में और दुब कर प्यार करना है.

मुझे इस दुनिया की कोई परवा नहीं है मुझे बस अपनी अनंत प्यार की दुनिया में जाना है

जहा का प्यार अनंत है निस्चल है और अमर है.

जैसे सोनम की आखे बोल रही हो मुझे

इस छलकपट और फिरभी दुनिया से दूर ले चलो.

वह ले चलो जहा सिर्फ प्यार हो

जिसमे कोई फरेब न हो.

जिसमे कोई चल न हो बस यूनिवर्स की तरह वो प्यार भी अनंत हो.

मैंने सोनम की आखो पर किश करते हुए यह बताया की

हम जहा भी होंगे हमारा प्यार अनंत होगा.

निस्चल होगा.

और अमर होगा.

जिसको सारा संसार पहचानेगा और कई सदियों तक याद करेगा.

मैं सोनम को दुबारा किश करने लगा

और 5 मिनट तक सोनम के लिप्स का रसपान करने के बाद

में सोनम से अलग हुआ तो उसकी आखो ने पूछा की कितनी जल्दी किउ छोरा.

मैं सोनम की आखो को विश्वास दिलाया की में सिर्फ और सिर्फ तुमसे ही प्यार करुगा और इतना प्यार करुगा की प्यार की भी साड़ी हद पार करुगा.

और मैंने सोनम का हैंड पकड़ लिया और उसके सूट को ऊपर करने लगा

और सोनम ने भी मेरा पूरा साथ दिया

पीर मैं सोनम के सूट को धिरे धिरे अलग करने लगा

जैसे जैसे सूट अलग हो रहा था वैसे वैसे सोनम के बदन और ज्यादा खिल और चमक रहा था.

और वो बदन मेरी आखो को अपनी और खींच रही थी.

सोनम के बदन की चमक ने मेरे आखो को अपने कब्जे में कर लिया था.

और फिर सोनम के सूट ने सोनम का साथ चोर दिया.

अब सोनम ब्रा में दिखाई दे रही थी.

और उस ब्रा में बंद वो खूबसूरत आम जैसे बूब्स

और वो बूब्स जैसे बोल रहे हो इस ब्रा को भी निकल दो और मुझे आज़ाद कार्डो

मुझे इस ब्रा की दिवार से आज़ादी चाहिए

मुझे आज़ाद होना है.

मुझे तुम्हारे प्यार को महसूस करना न

मुझे भी प्यार करो जैसे तुमने उस लिप्स को प्यार किया था.

और मैंने उस चुके की बात सुनकर उस ब्रा को भी निकल दिया.

और सोनम के खूबसूरत आम जैसे कड़क बूब्स आज़ाद हो गए.

और सोनम को जैसे ही लगा की उसके सरीर से ब्रा भी निकल गए है तो सोनम के बदन में एक लहर दौड़ गयी

और सोनम ने अपनी आखे और कास की बंद कर ली और अपने हैंड से सोनम ने अपने बूब्स छुपा लिए.

और मैंने सोनम को निचे लिटा दिया.

और सोनम के बदन को देखने लगा

जब सोनम को यह अहसास हुआ की मैं कुछ नहीं कर रहा हुए तो सोनम ने अपनी आखे खोल ली

और सोनम ने जब यह देखा की मैं उसके बूब्स को घूर रहा हु तो उनसे फिर से अपनी आखे बंद कर ली.

सोनम के बूब्स इतने टाइट और कड़क लग रहे थे की

मुझे तो ऐसा लग रहा जैसे सोनम ने कबि इनको सही से हैंड तो नहीं लगाया था.

शायद सोनम चाहती थी की सबसे पहले मैं इनको दबाउ और प्यार करू

जिसके लिए यह इस दुनिया में आए है.

सोनम के बूब्स को

बे पन्हा प्यार करू.

हद से ज्यादा प्यार करू.

फिर मैंने सोनम के होंठ पर हलके से एक और किश कर दिया.

आज मुझे सोनम को अहसास दिलाना था की प्यार किया होता है.

ऐसे प्यार का अहसास दिलाना था की जो हद के भी पार हो

अनंत हो.

जिसके लिए सोनम मेरे पास आई थी.

फिर मैं सोनम के हाथ को हटाने लगा

और सोनम ने भी धीरे धीरे हैंड हटा लिए.

फिर मैं सोनम के गार्डन के पास गया और किश करने लगा

और धीरे धीरे बूब्स के पास पहोच गया

मैंने धीरे से सोनम के बूब्स के निपल पर अपनी झीभ फेरी

और भी में सोनम के निपल को चाटने लगा

मेरे निपल को छत्ते hi सोनम की सिसकारियां नक़ल गई.

फिर मैं अपने हाथ से सोनम के नरम नरम बूब्स को पकड़ कर बढ़ाने लगा.

सच सोनम ने इन्हे कबि नहीं दबाये थे

फिर मैं सोनम के बूब्स को चूसने लगा

तो दूसरा बूब्स बोलता मुझे भी चूसो न

तो पहले बूब्स बोलता पहले मुझे चूसते रहो.

तभी

दूसरा बूब्स बोलता ाचा जब तक मुझे अचे से डावाओ तो लो.

फिर में दूसरे वाले बूब्स की बात सुनकर उसको दवाने लगा.

मेरा दिमाग बोल रहा था की इस बूब्स को चूर्ण मत

और दूसरा दीमक बोल रहा था की अभी दूसरा बाकि है

उसको भी चुसो

फिर में कबि लेफ्ट बूब्स को चुस्त तो कबि राइट बूब्स को

सोनम तो मेरे प्यार के नशे में मदहोश हो गयी थी.

मैं सोनम के उस नशे को काम नहीं करना चाहता था.

मैं सोनम को यह अहसास दिलाना चाहता था की प्यार क्या होता है.

प्यार के नशे में दुब कर अनंत तक उस प्यार को महसूस करने का प्यार क्या होता है.

तभी

सोनम की छूट ने बोलै मेरा नंबर कब आएगा.

अब मुझे सोनम के लिप्स को किश करते हुए छोड़ने का मैं हो रहा था.

थोड़ी देर सोनम के बूब्स को एक एक करके चूसने के बाद

मैं सोनम के पेट में किश करने लगा और सोनम को घुड़गुड़ी होने लगी

और सोनम किसी बिना पानी की मछली के फेस इधर उधर और अपने पर ( लेग) हाथ (हैंड) पटकने लगी.

फिर मैं धीरे धीरे सोनम के पैरो के बीच आ गया

और मैंने सलवाल के ऊपर से सोनम की छूट पर किश किया.

और ऊपर से ही सोनम की छूट में अपनी टंग डालने लगा

मैं तो अब सोनम को छोड़ने के लिए मारा जा रहा था.

इसलिए ऊपर से ही अपनी टंग सोनम की छूट में घुसाने की कोसिस करने लगा.

यह देख सोनम हसने लगी.

फिर मैंने सोनम के सलवार के नारे को खोल दिया.

सलवार को निचे करने लगा और सोनम ने भी साथ दिया और अपनी गांड थोड़ी ऊपर कर दी

और सोनम की सलवार सोनम के छूट से अलग हो गई.

और सोनम के छूट पर वो रेड पंतय दिखाई दे रही थी जिसमे सोनम की प्यारी से छूट बंद थी.

जिससे में छोड़ना चाहता था.

प्यार करना चाहता था.

और मैंने धीरे से सोनम की पंतय भी अलग करने लगा

मगर सोनम ने वो पंतय अपने हाथो से पकड़ ली.

राहुल : सोनम एक बार अपनी आखे खोलो न.

चुदाई का खेल सुरु करने से पहले मैंने सोनम से बात की

और सोनम ने ना में सर हिला दिया.

राहुल : सोनम मेरे लिए एक बार

और सोनम ने आखे खोली और

मेरी तरफ देखने लगी

और फिर जल्दी से अपनी आखे बंद कर ली

फिर मैं सोनम के हाथ पर किश करने लगा जिससे सोनम ने अपना हाथ चोर दिया

और मैंने पंतय को सोनम की छूट से अलग कर दिया.

सोनम की छूट से एक मदहोश करने वाली एक सुगंध आ रही थी.

और सोनम की छूट बिलकुल गीली थी

इसलिए शायद सोनम ने अपनी पंतय पकरि थी.

शायद अभी सोनम ने अपना अमृत पर न कण्ट्रोल करते हुए जहर गई थी.

मने सोनम की छूट पर हाथ लगाया उसमे से कुछ चिप छिपा सा निकल रहा था.

सोनम की छूट पर एक भी बाल नहीं थे.

फिर मैं धीरे धीरे सोनम की झंगो पर किश करने लगा.

और छूट तक पोहोच गया.

और धीरे धीरे उसको चूसने लगा

सोनम पागलो की तरह सिसकारी लेने लगी

पर वो बोहोत डेरे धीरे सिसकारियां ले रही थी.

जैसे मुझे जाहिर नहीं करना चाहती है.

जैसे शरमारहि हो खुल कर सिसकारी लेने में.

जो भी था मुझे एक अलग ही आनद मिल रहा था इसमें.

जब में सोनम की छूट को चूस कर अलग हुआ तो

सोनम की छूट मेरे थूक से चमकने लगी.

जैसे बोल रही हो और चुसो न मेरा सारा अमृत पिजओ.

यह मने तुम्हारे लिए ही भरा है.

फिर मैं सोनम की छूट को दुबारा चूसने लगा.

सोनम की बिना बालो वाली छूट मुझे अलग ही आनंद दे रही थी.

और मेरे मुँह की प्यास भुजा रही थी.

मैं सोनम की छूट को अपनी टंग से छोड़ने लगा

जैसे ही में अपनी टंग को छूट के अंदर डालता वो छूट मेरी टंग भर फेक देती

जैसे छूट बल रही हो मुझे तुम्हारे टंग नहीं अब लुंड चाहिए

तुम अपने लुंड से मुझे छोड़ो

टंग से मेरी आग और भड़क जाएगी.

और सोनम तो अपनी शिस्कारिया अपनी मुँह पर कण्ट्रोल कर रही थी.

मगर मैं भी कहा मैंने वाला था

मैंने अपनी टंग से छूट और छोड़ने लगा और उसकी सोनम की छूट की आग को और भड़काने लगा.

और ऐसे में समय का पता ही नहीं चला 2 बज गए थे

और हम 4 घंटे से प्यार कर रहे थे.

फिर मैं खड़ा हुआ और ज्यादा देर न करते हुए राहुल ने अपने सारे कपड़े उतर दिए.

और सोनम को आखे खोलने को कहा

और सोनम ने आखे खोली और मने अपना लुंड सोनम के मुँह की तरफ कर दिया

और सोनम कबि मेरे को देखती तो कबि लुंड को

फिर सोनम ने
 
भाई इतने दिन से मने अपडेट नहीं दिया था

और बड़ा अपडेट भी देना था

इस बजेसे इस अपडेट में स्पेलिंग की मिस्टेक

जिस बजसे शायद आपको यह वाला अपडेट शामाज नहीं आया हो

अभी सुबह मने यह अपडेट दुबारा पड़ा जिसमे मुझे इसमें बोहोत साड़ी स्पेलिंग मिस्टेक लगी जिससे यह वाला अपडेट क्लियर नहीं हो रहा था.

इसलिए अभी मने इसकी स्पेलिंग और जो भी गलतिया थी उसको ठीक किया है भाई.

और में कोसिस करुगा की आगे के अपडेट और अचे हो

और मुझे ये सबसे ाचा लगा की अपने अपना होस्नेतली सुग्गेस्टियन्स दिया.

किउकी जब तक राइटर को पता नहीं चलेगा की रीडर को कोनसा अपडेट पसंद आया और कोनसा नहीं तब तक उस गलतियों को ठीक कैसे करेगा.

और मने अपने फर्स्ट अपडेट में सबको बताया था की यह मेरे पहली स्टोरी थी जो मैं स्टार्ट की थी.

और अभी में इन सब में नई हु तो कुछ अपडेट में थोड़ी गलतियों हो जाती है.

में कोसिस करुगा की दुबारा ऐसा न हो और आगे के अपडेट आपको पसंद आए

थैंक्स फॉर रिव्यु और सुग्गेस्टियन्स भाई

किउकी हमेशा इंसान अपनी गतियों से ही कुछ सीखता था.

किउ की अगर कोई गलती नहीं करता तो वो कुछ नया करने और सीखने की कोसिस नहीं करता.

और आपकी आनेस्टी मुझे बोहोत अछि लगी.....
 
थैंक्स फॉर सपोर्टिंग भाई.

आपके सपोर्ट के बजसे ही ाक में स्टोरी लिख पाया हु.

बस ऐसी ही अपना रिव्यु और सपोर्ट मेरे साथ बनाये रखिये.

जिससे मुझे हौसला मिलते रहे आगे के अपडेट को और बेहतर बनाने का.

एंड फ्रेंड पिछले अपडेट में कुछ स्पेलिंग प्रॉब्लम थी.

सो प्लीज अपडेट 25 को दुबारा पढ़िए..........

जो स्पेलिंग प्रोब्लेम्स थी उसको मैंने ठीक कर दिया है.
 
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