Chawla Family Ki Kahani - Adultery, Romance,Eroticism, Incest - Page 13 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Chawla Family Ki Kahani - Adultery, Romance,Eroticism, Incest

अपडेट 115 आरव रीछेड थे कैंपस

सान्वी उस रात को बारह बजे आरव की कॉल या मैसेज को एक्सपेक्ट कर रही थी हालां के उस्सको पता था के प्लेन वहां सुबह 1 बजे लैंड करेगी और वहां से आरव का कैंपस पहुँचने में कोई देर घंटा तो लगेगा hi. फिर भी पता नहीं क्यों सान्वी को लगता था के आरव उस्सको कांटेक्ट करेगी.

विवान के ऑफिस से वापस आने के बाद सान्वी सोने गयी मगर उस्सको बिल्कुल नींद नहीं आरही थी वो सिर्फ आरव के बारे में सोच रही थी. उस वक़्त उस्सको याद आया किश तरह से विवान ने उस्सको अधनंगी देख लिया था और किश तरह से उस्सने उसस्के बूब्स को किश किया था और उस्सको कैसे अपने कमीज़ के बटन्स को खोल कर उस्सको अपने छाती से सत्ताया था. कभी संवी खुद मुस्कुरा रही थी तो कभी परेशान हो जाती थी वो सब सोचकर. P[hir उस किश को याद किया जो एयरपोर्ट में किये थे दोनों.

सान्वी खुद से सवाल कर रही थी किआ उस्सको आरव से प्यार हो गया है या वो उस पर तरस खाकर उसस्के इतनी करीब हो गयी थी और उस बहाव में उस्सने वो सब होने दिया! सान्वी खुद को नहीं समझ पा रही थी. उस्सको परेशानी ने घेर लिया था और नींद ुध गए थे.

विवान को नींद लग गया था तो सान्वी ने अपने मोबाइल को साइलेंट मोड पर करके बिस्तर से उठकर बैठ गयी यह एक्सपेक्ट करते हुए के आरव उस्सको कांटेक्ट करेगा. मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ और कोटि सुबह 3 बजे सान्वी को नींद लग गयी.

उधर हुआ यह था के जब आरव को कैंपस के लोगों ने एयरपोर्ट से पिक किया तो उस्सको ऑफिस लगाए उसस्के दाखिला के फॉर्मलिटीज पूरा करवाने के लिए देर रात को क्यूंकि वहां एक टीम नाईट शिफ्ट भी काम करते हैं और एक ग्रुप स्टूडेंट्स नाईट शिफ्ट को बी कौसे फॉलो करते हैं उस यूनिवर्सिटी में, वह लोग जो वहां रहते नहीं, मगर part टाइम कोर्स करते हैं.

तो आरव वो हु सब करते और ऑफिस से उन् लोगों ने उस्सको ड्राइव करके उसस्के विप होम में लगाए जो क्लासेज से 3 किलोमीटर्स के दूरी पर था मगर यूनिवर्सिटी के कैंपस में hi. वहां पर उस यूनिवर्सिटी के अंदर hi कैंपस में फ्री ट्रांसपोर्ट फैसिलिटीज हैं स्टूडेंट्स के लिए अपने घर या अपार्टमेंट से क्लासेज तक सफर करने के लिए. वो बिल्कुल एक छोटा शहर जैसा जगह था.

जब आरव घर के अंदर पहुंचा तो सुबह के 4 बज चुके थे तो उस्सने खुद सोचा के इस वक़्त सान्वी को मैसेज करके वो डिस्टर्ब करेगा तो कांटेक्ट नहीं किया उस्सको और सोने चला गया.

किनके वो एक दिन पहले वहां आया था उसस्के लिए पहला दिन फ्री था उस्सको क्लासेस ज्वाइन करना था एक दिन के बाद.

सान्वी हमेशा की तरह सुबह 5 बजे जाग गयी और देखा के आरव का कोई मैसेज नहीं है तो वो थोड़ा फ़िक्र करने लगी. अपने किचन के काम काज में लगी रही और चावला साहब उठे तो उंनसे कहा के आरव ने बिल्कुल कांटेक्ट नहीं किया अभी तक, पता नहीं वो ठीक से रीच हुआ या नहीं. तो चावला साहब ने कुछ फ़ोन्स किये, किसी से बात किये और सान्वी से कहा के वो वहां पहुँच गया सुबह 3 या 4 बजे और वो अपने घर में हैं वहां और आज फ्री है कल से क्लासेज को ज्वाइन करेगा. तो आज दिन में वो जरूर कांटेक्ट करेगा उस्सको.

सान्वी को चैन मिला यह सुनकर. और अब दिन में वो आरव की मैसेज या कॉल का वेट करने लगी. सान्वी को समझ में आगया के अगर सुबह 4 बजे वो सोने गया है तो दिन के 11 या 12 बजे उठेगा तो उसस्के बाद वो ज़रूर कांटेक्ट करेगा. तो सान्वी ने अपने सारे कामों को जल्दी से निपटाया औरु फ्रेश होकर अपने रूम में आरव की कॉल का वेट करने लगी. लैपटॉप को भी ों करके स्काइप पर भी लॉगिन कर लिया, और मोबाइल से व्हाट्सअप पर भी चेक कर रही थी.

और उधर जनाब 1.30 बजे सो कर उठे और 2 बजे सान्वी को एक मैसेज भेजा व्हाट्सअप पर यह लिख कर,

“ी ऍम ात थे कैंपस, आईटी इस ा हूजे प्लेस, अभी अभी सो कर उठा हूँ, ब्रेकफास्ट के बाद तुमसे चाट करूँगा ऑनलाइन रहना प्लीज. मऊवः”

सान्वी ने जब उसस्के मैसेज को देखा तो उस्सकी दिल की धड़कन अचानक तेज़ हुई और उसस्के मैसेज को पढ़के रिप्लाई नहीं किया क्यूंकि उस्सको पता था अभी रिप्लाई करना बेकार है क्यों के उस वक़्त तो आरव बाथरूम में होगा, तो सान्वी ने और वेट किया.

आधे घंटे बाद, आरव ने फिर लिख कर सेंड किया, “किधर हो? मेरा मैसेज नहीं मिला किआ? ी ऍम हेरे नाउ!”

मुस्कुराते हुए सान्वी ने लिख कर सेंड किया,

“मैं रात भर तुम्हारे मैसेज का वेट करती रही और तुम अब बात कर रहे हो! चलो कोई बात नहीं मुझे पता है तुम बहोत लेट वहां पहुंचे और सोने चले गए थे. सो हाउ अरे यू फीलिंग नाउ आरव?”

आरव ने कहा,

“ी ऍम फीलिंग वैरी वैरी गुड भाबी. आप ने बहोत ाचा सुझाव दिया के मुझे और पढ़ना चाहिए, यानन सब कुछ अलग हैं और मुझे यह जगह बहोत पसंद है, पक्का मुझे यहाँ रहना बेहद पसंद होगा.”

सान्वी ने लिखा कर सेंड किया,

“ग्रेट थें आरव, ी ऍम हैप्पी फॉर यू. मैं लगाकर पढ़ना और अच्छे ग्रेड से अपने ग्रेजुएशन पास करना.”

तब आरव ने लिखा,

“बूत भाबी हम क्यों टेक्स्ट कर रहे हैं बात क्यों नहीं कर रहे हैं? मैं कॉल करता हूँ आप को, वेट!”

आरव ने सान्वी को कॉल किया उसस्के मोबाइल पर.

सान्वी ने कॉल रिप्लाई करते हुए कहा, “हम्म किआ कहना है आरव?”

आरव: “भाबी आप की आवाज़ फ़ोन पर बिल्कुल डिफरेंट है, लगता है कोई और बात कर रही है हेहेहे!”

सान्वी ने हँस्ते हुए रिप्लाई किया,

“मुझे तो तुम्हारी आवाज़ शामे लग रहा है, तो बोलो अच्छी नींद आयी तुमको वहां?”

आरव: “यस भाबी खूब आराम से सोया मैं… भाबी अरे बाप रे बाप यह किआ जगह है, इतना बड़ा बाप रे बाप लगता है एक पूरा देश है यह कैंपस, मैं जहाँ पर हूँ नाह यहाँ से तो यूनिवर्सिटी के क्लासेज दिख hi नहीं रहे हैं, एक बड़ा मॉल है यहाँ से मुझे मॉल दिख रहा है मगर यूनिवर्सिटी नहीं, उन् लोगों ने कहा के मैं क्लासेज से 3 कंस दूर हूँ और बस से वहां जाना होगा मुझे, यहाँ यूनिवर्सिटी के फ्री बुस्सेस आते जाते रहते हैं, मॉल भी जाना चहुँ तो एक किसी भी बस में जा सकता हूँ वापस आ भी सकता हूँ बिना पेमेंट किये, किआ जगह है भाबी एकदम मस्त है बाप रे!!”

सान्वी ने हँस्ते हुए कहा, “हम्म्म तेरे पापा ने कहा था नाह के देश के सबसे बड़ा और 5-स्टार यूनिवर्सिटी है वो, इसी लिए वैसा है. चलो ी ऍम हैप्पी के तुमको सब अच्छा लग रहा है आरव, एक काम कर तू आज फ्री है नाह तो चारों तरफ घुमले वहां पता करले कौन सी चीज़ किश जगह पर है, किधर से तुझे गुज़ारना होगा, कौन सा रास्ता किधर जाता है सब पता लगाले आज फ्री हो तो.!”

तो बे कॉन्टिनोएड…………….
 
अपडेट 116 आरव चैट्स विथ सान्वी

आरव ने फिर कहा, “भाबी स्काइप पर एक दूसरे को देख कर बात करें? Okay? या व्हाट्सअप के वीडियो कॉल करते हैं व्हाट से?.... मुझे देखना है आप को, बोलो कौन सी साडी में हो आज?! लेट में गेस हम्म्म्म वो जो रंग बिरंगी है राइट?”

सान्वी ने चहूंकते हुए कहा,

“अरे तुम जादूगर हो किआ आरव मैं एक्साक्ट्ली उसी साडी में हूँ! तुमने कैसे गेस किया एक्साक्ट्ली?”

आरव: “हम्म देखा नाह! मुझे पता था मैं बल्कि आप को उसी ड्रेस में विसुअलीसे कर रहा हूँ अभी हेहेहे!”

सान्वी: “तू बहुत शैतान है, मेरे सभी ड्रेसेस को जानता है तू, तेरा भाई भी नहीं जनता मेरे सभी ड्रेसेस को!”

आरव: “भाई घर पर रहता hi नहीं, वो तो आप को रात को देखता है नाह इसी लिए, मैं तो आप को दिन में अक्सर देखता हूँ. ाचा तो ी वांट तो सी यू नाउ, मुझे आप को देखना है, आप के ब्यूटीफुल फेस को देखना है, आप के बालों को देखना है आओ नाह स्काइप या व्हाट्सअप की वीडियो कॉल पर!”

सान्वी ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं तो कब से स्काइप पर लोग्ड इन हूँ तुम नहीं दिख रहे हो!”

आरव: व्हाट? अरे मैं ने तो लैपटॉप ों hi नहीं किया हूँ वेट अभी लॉगिन करता हूँ….”

सान्वी ने कहा, “क्यों तुम्हारे मोबाइल पर स्काइप नहीं है किआ? उसी से बात करो!”

आरव ने कहा, “नहीं लैपटॉप से आप को बड़ा देखूंगा मोबाइल से छोटा दिखेगा नाह!”

सान्वी ने मुस्कुराते हुए कॉल एन्ड किया और लैपटॉप से स्काइप की वीडियो ों कर hi रही थी के आरव ऑनलाइन दिखा और उस्का चेहरा सामने दिखा सान्वी को स्क्रीन पर, तुरंत उस्सने अपने होंठों को ट्विस्ट करके किश वाला फॉर्म बनाया और सान्वी से कहा, “आप भी ऐसे करो और स्क्रीन से टच करो तो हमारा किश हो जाएगा!”

सान्वी हँस्ते उस्सको देख रही थी और कुछ नखरें करते हुए कहा, “नहीं मैं वैसा कुछ नहीं करने वाली हम्म!”

अब दोनों आमने सामने तो थे मगर स्क्रीन पर, एक दूसरे को देख तो सकते, बात तो कर सकते, एक दूसरे को सुन तो सकते मगर एक दूसरे को छह नहीं सकते, और आरव की जो आदत थी सान्वी को छूने की, जकरने की, उसस्के सीने पर सर रखने की वो सब ख़तम. सान्वी कुछ ऐसा hi चाहती थी? किआ संवी एहि चाहती थी, या अब उस्सको पछतावा हो रहा था? किआ सान्वी अब चाहती थी के आरव उसस्के पास हो और उस्सको छुए? मगर आरव तो सब साफ़ साफ़ कहने वाला था और कहा,

“भाबी कितने दूर हो गया मैं आप से?! अभी कल की बात है मैं वहां था आप के करीब, आप को बाहों में जाकर हुए था और अभी आप को देख तो रहा हूँ मगर आप को फील नहीं कर सकता, बहोत दुःख हो रहा है मुझे!”

सान्वी ने कहा, “कहाँ दूर हैं हम आरव? इतने दूर हो फिर भी हम एक दूसरे के कितने करीब हैं. तुम मुझसे बात कर रहे हो, मुझको देख रहे हो, मेरी आवाज़ सुन रहे हो, तो कहाँ से हम दूर हैं आरव?”

आरव ने कहा, “भाबी मैं अभी आप के बाहों में होता और आप मेरे बाहों में होते, मैं आप को चूमता, आप को फील करता, आप को छूटा, आप को किश करता, आप के सीने पर सर रखता… यह सब कैसे होगा अब?”

सान्वी ने कहा, “इन् सब चीज़ों से तुम्हारा पढ्दा और डिग्री हासिल करना बहोत ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट है आरव. कभी किसी एक चीज़ को पाने के लिए एक को क़ुर्बान करना पड़ता है एहि दुन्या की रीत है और तुमको मुझसे दूर रहकर अपने डिग्री हासिल करना है okay?!”

आरव: “भाबी अपने पल्लू को निचे करो नाह!”

सान्वी: “व्हाट? तुम पागल हो आरव? अब तुम यहाँ नहीं हो के मैं तुम्हारे हर बात को मानूं, यह ग़लत है, और जो कुछ हुआ हमारे बीच सब ग़लत थे आरव, सब भूल जाओ और अपने स्टडीज में ध्यान लगाओ!”

आरव: नाह! नाह! नाह! हरगिज़ नहीं, बिल्कुल भी नहीं. मैं ने इस लिए तुमसे सभी कॉन्टेक्ट्स लिए ताके हम एक दूसरे के करीब hi रह सके, अगर तुम मुझको ऐसे इग्नोर या दूर करोगी तो मैं कभी भी नहीं पढ़ पाउँगा, तुमको अपने करीब फील होते हुए hi पढ़ पाउँगा, अगर तुमने मुझसे ऐसे दूरी या इग्नोरेंस वाले बात किये तो मैं दो दिन में सब कुछ चोर चार के वापस अत हूँ बोलो यह मंज़ूर है?!”

सान्वी को पहले से पता था के वो ऐसे hi रिप्लाई करेगा तो उस्सने बुसस जैसे एक तुक्का लगाया उस्सको वैसे बोलकर; सान्वी देखना चाहती थी उस्का किआ रिएक्शन होगा, और वही हुआ जो सान्वी ने सोचा था. सान्वी समझ गयी के अगर उस्सने उसस्के बात नहीं मानी तो वो सच में नहीं पढ़ पाएगा और सच में वो वापस आ सकता है. आरव सिर्फ और सिर्फ सान्वी के कहने पर डिग्री हासिल करने को गया वार्ना वो कभी नहीं जाता.

आरव ने कहा, “मैं कभी भी नहीं आने वाला था, मैं और पढ़ना hi नहीं चाहता था, मैं सिर्फ आप के कहने पर, आप को सोचकर, आप को दिल में बसा कर यहाँ आया हूँ, हर रोज़ कोर्स के दौरान आप मेरे ख्यालों में होंगे, क्यूंकि मैं आप के लिए पढ़ रहा हूँ, मैं डिग्री ज़रूर हासिल करूँगा, मगर अपने लिए नहीं आप के लिए…. मेरे डिग्री का नाम होगा सान्वी!!”

उस्सको सुनकर सान्वी को एक डर सा लगा. सान्वी ने सोचा आरव पर एक जूनून सवार है, उस्का जूनून, सान्वी का जूनून, और सान्वी सोचने लगी के कैसे उसस्के सर से, उसस्के दिमाग़ से इस जूनून को मिटाना होगा?

सान्वी को सोच समझ कर, समझदारी से आरव के हर बात को रिप्लाई करना था, आरव को बिल्कुल कोई ठेस नहीं पहुंचना था, उसस्के साथ बहोत प्यार और कोमलता से पेश आना था…… सान्वी पूरी कोशिश में थी उस्सको सपोर्ट करने के लिए मगर किश हद तक?

आरव ने फिर एक रिक्वेस्ट करते हुए कहा, “भाबी पल्लू को हटाओ नाह प्लीज, ी वांट तो सी प्लीज….!”

सान्वी उस्सको देख रही थी, उसके चेहरे में बहोत प्यार था मगर एक वासना भरी निगाह भी दिख रहे थे सान्वी को, और सान्वी ने एक गहरी सांस लेते हुए कहा, “ठीक है आरव पल्लू को हटती हूँ मगर एक शर्त है!”

आरव ने कहा, “अब किआ शर्त यार!”

सान्वी ने कहा, “नहीं पहले कहो के तुम शर्त को मानोगे तब पल्लू को निचे करती हूँ वार्ना नहीं करती मैं हाँ!!”

आरव ने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे पता है किआ शर्त होगा!”

सान्वी ने भी मुस्कुराते हुए कहा, “चाह? पता है तो बताओ किआ शर्त है?”

आरव बोलै, “एहि के तुम कहोगी के उस से ज़्यादा और कुछ हटाने को मत कहना! ब्लाउज उतारने को मैट कहना!!”

सान्वी हंससने लगी और कहा, “एक्साक्ट्ली!! हाँ एहि शर्त है के सिर्फ पल्लू निचे करना है इस से ज़्यादा कुछ भी nahin….to मंज़ूर है तुमको यह शर्त?”

आरव ने हँस्ते हुए कहा, “हाँ आज के लिए मंज़ूर है तो अब लेट थे पल्लू डाउन स्वीटहार्ट लेट में चेक ों थे ब्यूटीफुल क्लीवेज….”

सांवो उसस्के इन् बातों को सुनते हुए हंससने लगी और अपने पल्लू को सरकाया जिस से उस्सकी ब्लाउज में उस्सकी कस्सी हुई बूब्स के ऊपर का हिस्सा नज़र आया आरव को और उसस्के ेंखें जैसे बाहर निकलने वाले थे वो उस तरह से देखने लगा था स्क्रीन पर, सान्वी उसस्के वासना भरे नज़रों को देख रही थी, उस्सकी छाती सांसें लेने से ऊपर निचे हो रहे थे और सान्वी खुद अपने स्क्रीन पर खुद के क्लीवेज को भी देख रही थी और सोच रही थी के वो कितनी सेक्सी है के आरव उस पर इतना मर मिटा है……..

आरव ने कहा, “अभी मेरा चेहरा वहां पर लगा हुआ होता और मेरे हाथ तुम्हारे पीठ पर फेरर रहे होते…. मैं तुम्हारे जिस्म की खुशभु को सूंघ रहा होता, और इस क्लीवेज को चुम रहा होता….”

सान्वी ने कहा, “बुसस करो आरव और कुछ मत कहो सिर्फ चुप चाप देखो…..

तो बे कॉन्टिनोएड………………
 
अपडेट 117 थे कंटिन्यू थे चाट

मैं तुम्हारे जिस्म की खुशभु को सूंघ रहा होता, और इस क्लीवेज को चुम रहा होता….”

सान्वी ने कहा, “बुसस करो आरव और कुछ मत कहो सिर्फ चुप चाप देखो…..

अब आगे…….

सान्वी खुद को देख रही थी स्क्रीन पर और उधर आरव सान्वी के छाती पर हाथ फेरर रहा था अपने स्क्रीन पर जिस्सको देखते हुए सान्वी ने कहा, “हाथ हटाओ आरव ऐसा नहीं करते!”

तो आरव ने कहा, “अरे वह भाबी तुम तो ऐसा कह रही हो जैसे सच में तुमको छह रहा हूँ, मैं तो स्क्रीन पर हाथ फेरर रहा हूँ!”

सान्वी ने कहा, “आरव तुम्हारे इंटेंशन तो कुछ और है नाह? किश नियत से वहां हाथ फेरर रहे हो, वो ठीक नहीं इस लिए कह रहा हों ऐसा मत kar…aur अब मैं पल्लू ऊपर करती हूँ!”

आरव ने ज़ोर से कहा, “अरे इतनी जल्दी, नहीं वेट भाबी कुछ देर ऐसे hi रहते हुए बातें करो नाह, यूँ समझ लो के पल्लू निचे नहीं है और ऐसे hi बातें करते हैं नाह प्लीज!!”

सान्वी ने पल्लू ऊपर नहीं किया और आरव को देखते हुए कहा, “हाँ तो बोलो और किआ कहना है? तुम सुनाओ मैं सुनती हूँ.”

आरव ने कहा, “भाबी, बिना कुछ कहे hi आप को ऐसे देखते रहना भी काफी है मेरे लिए, वेट, मैं आप को रिकॉर्ड करता हूँ फिर सेव करूँगा!”

जैसे आरव ने वो कहा झट से सान्वी ने पल्लू ऊपर खिंचा और कहा, “पागल हो किआ तुम? क्यों रिकॉर्ड करेगा मुझको ऐसे बिना पल्लू के?”

आरव निराश हो गया जब सान्वी ने पल्लू ऊपर कर लिया और सोचा के उस्सको बिना कुछ कहे रिकॉर्ड करना चाहिए था, उस्सने बता कर ग़लती कर दिए…. और फिर आरव ने उदास चेहरे से कहा,

“किआ भाबी आप भी कमाल करती हो, किआ हो गया अगर मैं ने आप को रिकॉर्ड किया तो? मेरे पास तो नहीं हो, जब मैं अकेला होता तो आप को अपने करीब महसूस करता, वीडियो को देखता… इस्को एक तस्वीर बना कर मोबाइल पर भी सेव करता तो किसी वक़्त भी उस्सको देखता!”

सान्वी ने कहा, “तो अभी ठीक है अभी फोटो सेव करो या वीडियो रिकॉर्ड करो क्यों बिना पल्लू के करने जा रहे थे तुम?”

आरव, “ाचा अब नहीं रिकॉर्ड करूँगा पर पल्लू को अब वापस निचे तो करो प्लीज!”

सान्वी: “नहीं आज के लिए काफी है, अब बुसस!”

आरव ने धीरे से रिकॉर्ड बटन को ों कर दिया और मिनतें करता गया के सान्वी पल्लू को फिर से निचे करें, इतना ज़िद करता गया के सान्वी ने फिर से अपनी पल्लू को सरकाया और….. इस बार तो रिकॉर्ड हो रहा था, अब तो बेहतर रिकॉर्ड हुआ क्यूंकि सान्वी को पल्लू खुद निचे करते हुए रिकॉर्ड हुआ, और उस्सकी टाइट ब्लाउज में उस्सकी चूचियां के फॉर्म किआ मस्त दिखने लगे… सब कुछ रिकॉर्ड होने लगा, आरव बहोत खुश हुआ और सान्वी निचे देखते हुए धीरे धीरे नज़रों को ऊपर करके स्क्रीन पर आरव को देखा और कहा, “किआ टुकुर टुकुर देख रहे हो ऐसे अब!! बात करो!!”

आरव बहोत hi खुश मुस्कुराते हुए अपने भाबी से कहा, “थोड़ा स्क्रीन के और करीब करो अपने क्लीवेज को नाह भाबी, और थोड़ा सा बुसस थोड़ा सा झुक जाओ नाह !”

सान्वी ने अपने हाथ को मुंह पर करते हुए कहा, “हाय राम यह लड़का कितना शैतान होता जा रहा है, आरव तुमको ज़रा सी भी शर्म नहीं अति मुझसे यह सब कहते हुए?”

आरव ने कहा, “भाबी आप से किआ शर्माना, आप तो अपने हो, दिल के करीब हो, करो नाह जो मैं ने कहा प्लीज बाबी!”

सान्वी ने कहा, “मगर मुझको बहोत शर्म आती है आरव यह सब करते हुए, कल तुमने जब मुझे जाने से पहले सेमि नुदे जकरा था, पता है तुम्हें मैं बेहोश होने वाली थी तुम्हारे जाने के बाद? मुझे चाकर सा आगया था, मुझे सांस लेने में तकलीफ होने लगे थे, यह सब नहीं पता तुझे और सब तुम्हारे वजह से हुआ था!!”

आरव शॉकेड हुआ और बहोत हैरानी से स्क्रीन पर सान्वी के बातों को सुनने के बाद चेहरे पर सिकंजह लिए पूछा, “व्हाट? यह सब हुआ था और आप ने कुछ भी नहीं बताया मुझे कल क्यों? क्यों जाने से पहले नहीं कहा कुछ भी मुझे तुमने?!”

सान्वी ने कहा, “हमको जल्दी एयरपोर्ट पहुंचना था, अगर यह सब बताता तो और भी लेट होता, ड्राइवर बेचैन हो रहा था इस लिए कुछ नहीं बताया कल!”

तो अब आरव और ज़्यादा पूछने लगा कल के बारे में सान्वी से के उस्सको कैसा लगा था जब उसस्के उसस्के बूब्स को चूमा था, और जब उस्सको अपने नंगे छाती पर दबाया था…… तो सान्वी ने सर निचे झुका लिया कोई भी जवाब नहीं दिया उस्सको इस बारे में. आरव सब रिकॉर्ड कर रहा था, उस्सकी झुकी हुई नज़रों को, उस्सकी ब्लश करते हुए गालों को, उस्सकी ज़ुल्फ़ों को जो बार बार चेहरे पर आते थे और सान्वी नज़ाकत से अपने उँगलियों से उन् बालों को चेहरे से हत्ता कर पीछे कर रही थी ये सब आरव देख रहा था अप्प्रेसियते कर रहा था और रिकॉर्ड करते जा रहा था.

और कुछ पल के सनाटे के बाद, सान्वी ने नज़रों को ऊपर करते हुए स्क्रीन पर आरव को देखा एक हलकी सी मुस्कान के साथ, तो आरव ने उदास आवाज़ में कहा, “भाबी अब कल तो उतना देख लिया तो अब किआ हर्ज है थोड़ा सा झुकने में और स्क्रीन के पास जाने में, आप के बूब्स तो चोली के अंदर हैं आप के झुकने से मुझे जो ख़ुशी मिलेगी वो क्यों नहीं देख रही हो आप, आप को कल की तरह नुदे होने को तो नहीं कह रहा हूँ नाह, बुसस थोड़ा झुक कर स्क्रीन के और करीब होने को कह रहा हूँ बुसस, कार्डो नाह प्लीज!”

सान्वी ने पहले कहा, “आरव अगर वैसे स्क्रीन के पास जाउंगी तो मुझे कुछ भी तो नहीं दिखेगा सिर्फ तुम देखोगे….”

आरव ने कहा, “हाँ भाबी वही तो चाहिए मुझे एक पल के लिए भूल जाओ के तुमको भी मुझे देखना है आप बुसस थोड़ा सा झुक जाओ और स्क्रीन के बिलककोल पास चली जाओ नाह प्लीज प्लीज प्लीज भाई प्लीज!”

सान्वी उस वक़्त बीएड पर थी, लैपटॉप भी ऑफ़ कोर्स बीएड पर hi थे और, सान्वी अपने घुटनों के बल होकर लैपटॉप के स्क्रीन पर बिल्कुल झुक कर अपने छाती को बिल्कुल स्क्रीन के पास कैमरा से लगा दिया अपने होंठों को दांतों में दबाते हुए सिर्फ आरव को खुश करने के लिए, मगर बस कुछ लम्हों के लिए, कोई 5 सेकण्ड्स के लिए hi वैसा किया और वापस जल्दी से नार्मल पोजीशन में आकर आरव को देखते हुए कहा, “अब खुश?”

आरव खुले मुंह स्क्रीन पर देख रहा था, और कुछ पल बाद कहा, “हाँ भाबी हाँ बहोत खुश थैंक यू भाबी, थैंक यू वैरी वैरी मच मऊवः जस्ट लव यू माय लवली भाबी.”

सान्वी ने कहा, “अब तुम जाओ और कैंपस का शेर करो, थोड़ा घूमों चारों तरफ, सब कुछ देखलो और समझ लो, आज रात को बातें करेंगे okay आरव?”

आरव ने कहा, “okay भाबी थैंक्स अगेन और हाँ सबसे पहले एटीएम ढूंढ़ना है मुझे देखता हूँ के डैड ने कितने पैसे ट्रांसफर किये हैं मेरे अकाउंट मैं हाहाहा!”

सान्वी: “हाँ मगर आरव बेकार में पैसे मत खर्च करना प्लीज. ज़्यादा पैसे होने का मतलब यह नहीं होता के फ़िज़ूल में खर्च किया जाए, किसी का मदद करो तो ठीक है, सिर्फ अपने ज़रूरी चीज़ों को खरीदने के लिए उसे करना बेकार में मत उड़ाना पैसे को अछि बात नहीं होती है समझे?”

आरव: “okay भाबी याद रखूँगा आप की नसीहत को, पहले मुझसे किसी ने भी यह नहीं कहा था पैसों के बारे में आप फर्स्ट हो, सो ी विल ऑलवेज रेमेम्बेर एंड उसे करेफुल्ली ी प्रॉमिस!”

तो बे कॉन्टिनोएड……………
 
अपडेट 118 आरव वॉचेस थे रिकॉर्डिंग


सिग्न ऑफ होने के बाद आरव ने रिकॉर्ड किया हुआ सान्वी की सब फुल चाट देखने लगा. उस ने उस वक़्त से रिकॉर्ड करना शुरू किया जब सान्वी ने दूसरी बार अपने पल्लू को निचे सरकाया था, आरव वीडियो को पॉज करता फिर प्ले, फिर पॉज… उस मोमेंट को देखता रहा जब सान्वी नज़रें निचे करके अपने पल्लू को अपने हाथ से हत्ता रही होती है, आरव उस्सकी चेहरे में देखता रहा के किश ऐडा से सान्वी ने नज़रों को निचे करते हुए अपने हाथ को पल्लू पर करके धीरे से पल्लू को अपने छाती से हटाया और उस्सकी क्लीवेज किश तरह से हौले हौले सामने आयी स्क्रीन पर…. वीडियो में देखने से और बहोत ज़्यादा hi खूबसूरत और बेहद सेक्सी दिख रहे थे वो दृष्ट…..

आरव ने जल्दी से वीडियो को कन्वर्ट किया और प्लेयर से देखने लगा, अब प्लेयर पर स्लो मोशन ऑप्शन था तो उस्सने उस मोमेंट को स्लो मोशन में करके देखा और उस्का लुंड एकदम फनफना उठा सान्वी के ब्यूटी और भी बहोत ज़्यादा निखार के आरही थी स्लो मोशन में… उस्सकी अदाएं, उस्सकी सेहमी हुई सूरत, उस्सकी उँगलियों से अपने पल्लू को पाकर के हटाना, पल्लू का धीरे धीरे छाती से गिररणा, और उसस्के क्लीवेज का धीरे धीरे नज़र आना, सब बहोत hi हॉट और बेहद इरोटिक दिख रहे थे…..

फिर आरव ने क्लिप को फॉरवर्ड करके उस मोमेंट को देखा जब सान्वी को उस्सने झुकने को कहा था; तब तो वह आरव ने उस दृष्ट को देखते हुए अपने लुंड को पंत से निकला और हाथ में ज़ोर से दबाते हुए थामा और वीडियो देखता गया.. उसस्के दिल की धड़कनें तेज़ होने लगे और और लुंड ेकडून रॉक की तरह ज़बरदस्त खड़ा था जिस्सको उसस्के अपने मुठी में थामा हुआ था और मुठ मारने की तरह मुठी को चला रहा था अपने लुंड पर…..

वीडियो को रिवाइंड किया, फिर पॉज किया, फिर रिवाइंड किया और अब स्लो मोशन में करके ग़ौर से देखा तो दृष्ट ऐसा दिखा, सान्वी के 65% बूब्स ब्लाउज के बाहर दिखाई दिए, और सान्वी की वाइट ब्रा फुल दिखाई दिए और उस्सकी ब्रा के स्ट्रैप्स जैसे काँधे से बाहर निकल रहे थे, बूब्स जैसे अब ब्रा के बाहर निकल आएंगे… उस वक़्त सान्वी का चेहरे तो नहीं दिख रहा था और आरव उस्सकी चेहरे का एक्सप्रेशन मिस करने लगा उस पल को जब वो झुक कर अपने बूब्स दिखा रही थी स्क्रीन पर, आरव ने सोचा अगली बार सान्वी से वही एक्शन करवाएगा मगर चेहरे को भी दिखना चाहिए जिस पल वो झुकेगी तो…. आरव ने उस पल को पॉज किया जहाँ सान्वी की बूब्स गोआल गोआल दोनों ब्रा के अंदर जैसे बाहर निकलना चाहते थे, पॉज करके वो मुठ मारने लगा, मुठ मारते हुए वो सान्वी को ख्यालों में लाकर कल वाले उस मोमेंट को याद किया जब उसस्के उस्सकी इन्ही बूब्स को नंगा देखा था और किश किया था….

आरव के जिस्म में एक ज़बरदस्त आग लगा हुआ था वो मुठ मारता गया और उस्सकी आवाज़ से यह वर्ड्स निकले झड़ने से कुछ पल पहले…. “भाआयबीईई आआआह्ह्ह्ह भाअभ्ठीीी कितनी गोरी गोरी चूचियां है आप की मेरा लुंड इस पर रगड़ने को मैं कर रहा hai,aaaahhhh भाबीइइइइ अपने चूचियों को दिखा रही हो मुझे, चुस्सने को मैं कर रहा हैईईई आआअह्ह्ह्हह bhaaaaabiiiiiiiiii” और इतने में आरव के लुंड से पिचकारी छूटे और कुछ कतरे लैपटॉप के स्क्रीन पड़े ठीक सान्वी के बूब्स के ऊपर गिर्री जिस को देख कर आरव संतुष्ट हुआ और हांफते हुए बैठ कर उस्सने एक टिश्यू से क्लीन किया और अपने भाबी के चूचियों को किश किया स्क्रीन के ऊपर!!

फिर आरव लेट गया बीएड पर और कुछ देर सोचता रहा सिर्फ सान्वी के बारे में, और खुद से कहा, “साला जब उसस्के पास था तब कुछ नहीं किया अब उस्सको छोड़ने को मैं कर रहा hai…ek दिन छोडूंगा तुमको भाभी और तुम छोड़ने डौगी मुझे पक्का यकीन है….. 3 साल कहाँ से इंतज़ार कर पाउँगा, कोई नाह कोई रास्ता ज़रूर निकलूंगा और तुमको मेरे बिस्तर पर नंगी होना hi होगा bhabi…yeh सपना मेरा ज़रूर पूरा होगा… अब मुझसे नहीं रहा जाएगा… और तुमको तो मैं अब स्क्रीन पर hi नंगा देखूंगा और तू नंगी होकर ज़रूर दिखाएगी मुझे स्क्रीन पर hi….. पक्का यकीन है मुझे…. उफ्फ्फ भाबीइइ!”

मगर फिर जब आरव शांत हुआ तब दूसरे तरीके से सोचा और कहा, “नहीं नहीं यह मैं किआ सोच रहा हूँ. भाबी कितनी अच्छी है. उसस्के बारे में मैं कैसे इतनी गन्दी गन्दी बात कह रहा हूँ, मैं तो उस से प्यार करता हूँ, और प्यार करने वाले ऐसे वासना भरे बातें नहीं करते! चीइह मैं कितना गन्दा सोच रहा था अपने प्यारी भाबी के बारे में…. हम्म्म मगर प्यार जो करते हैं वो भी तो सेक्स करते हैं नाह? तो मैं भाबी से प्यार करता हूँ तो सेक्स करना भी लाज़मी है मेरे लिए तो…. मगर ऐसे गन्दी तरीके से नहीं प्यार से बहुत कूल होकर प्यार से सेक्स करना है मुझे भाबी के साथ… मैं ने उस्सको सोचकर मुठ मारा किआ यह भी ग़लत है किआ? नहीं इस से तो उस्सको कुछ भी तकलीफ नहीं होगी और यह तो सिर्फ मेरे दिल की बात है और प्राइवेट है, मुझे यह सब करना तो अल्लोवेद है…. सान्वी मुझको बहोत ारोउसे करती है, उस्सकी बॉडी बहोत स्पेशल है, उस्सकी अदाएं बहोत हटके हैं, वो बेहद खूबसूरत और सेक्सी है, कैसे उस से प्यार नाह करूँ, यह तो हो hi नहीं सकता…..”

आरव की दिमाग़ में एक कश्मकश हो रहा था. वो खुद को समझ नहीं पा रहा था के किआ ग़लत है और किआ सही उस वक़्त.

उस्सने फिर से दोबारा पुरे वीडियो रिकॉर्डिंग को देखा, बार बार उन् सेक्सी दृष्टों को देखा और दोबारा खड़ा हुआ उस्का, और दोबारा मस्टुर्बते किया उस्सने ऐसे hi सान्वी को सोचे हुए… फिर आराम किया. कोई एक घंटे तक वहीँ लेता रहा सान्वी को सोचते हुए.

और एक बार और वीडियो को फुल रिवाइंड किया मगर इस बार सान्वी को देख रहा था उन् सेक्सी दृष्ट को नहीं, इस बार आरव सान्वी के चेहरे को देखता गया, उस्सको पॉज किया, उस्सको स्लो मोशन में देखा, उस्सकी खूबसूरती को देखा, उस्सकी आवाज़ को सुनता गया, उस्सकी अदाओं को देखा, उस्सकी सादगी और हाथ इस्तेमाल करने की ऐडा को देखा बात करते वक़्त, उस्सकी ेंखों को देखा, पॉज किया उसस्के ेंखों पर, फिर ज़ूम किया, सान्वी की ेंखों की गहराई तक देखने की कोशिश किया, उसस्के होंठों को पॉज करके देखा, फिर उस्सको स्लो मोशन में करके उस्सको बोलते हुए उस्सकी होंठों के मूवमेंट्स को देखा; फिर सान्वी के गाल, उसस्के कान, उसस्के बालों को अदमीरे किया आरव ने, सान्वी के हर उस हिस्से को बारीकी से देखा जो भी वीडियो में नज़र आरहे थे, और खुद से कहा के वो सान्वी से बहोत hi ज़्यादा प्यार करने लगा है…. आरव ने खुद से कहा के वो बूढ़ा हो जाएगा मगर उस्सको कोई भी सान्वी जैसी लड़की कहीं भी नहीं मिलेगा इस पुरे काएनात में!

तो बे कॉन्टिनोएड……….
 
अपडेट 119 आरव स्टार्टेड प्लानिंग

…..सान्वी के हर उस हिस्से को बारीकी से देखा जो भी वीडियो में नज़र आरहे थे, और खुद से कहा के वो सान्वी से बहोत hi ज़्यादा प्यार करने लगा है…. आरव ने खुद से कहा के वो बूढ़ा हो जाएगा मगर उस्सको कोई भी सान्वी जैसी लड़की कहीं भी नहीं मिलेगा इस पुरे काएनात में!

अब आगे…..

आरव कुछ देर सान्वी को वीडियो क्लिप में देखता रहा उसस्के बारे में गहराई से सोचते हुए और गहरी साँसों को लेते हुए वो उठा और दिमाग़ में सान्वी को बसाये हुए चल दिए कैंपस का शेर करने.

3 घंटों तक घुमा चारों तरफ कैंपस में, मॉल में भी गया, एटीएम से पैसे निकला, देखा के 2 लाख रूपए उसस्के डैड ने उसस्के अकाउंट में ट्रांसफर किये हैं तो वो बहोत खुश होते हुए खुद को एक राइज़ का बीटा होने का फायदा उठाया बहोत सारे चीज़ों को खरीद कर. एक एक्सटर्नल हार्ड डिस्क भी ख़रीदा क्यूंकि उस्सने सोच लिया के अब सान्वी की जितनी भी रिकॉर्डिंग करेगा वो उस हार्डडिस्क में रखेगा और उस डिस्क का नाम खुद सान्वी रखेगा.

आरव फिर वहां के सिक्योरिटी वालों से बात करने गया. वहां तो ऐसा लगता था के वह सिक्योरिटी के लोग जैसे उस कैंपस के पुलिस ऑफिसर्स थे. उसस्के लिए एक बड़ा सा स्टेशन सा, पुलिस स्टेशन से अधिक बड़ा. पूछ ताज करने पर उस्सको पता चला के 500 से ज़्यादा सिक्योरिटी गार्ड्स थे चरों तरफ कैंपस में. और सिर्फ गेट के पास 10 गार्ड्स होते हैं हर रोज़ और वहां पर एक हेड सिक्योरिटी गार्ड होता है. आरव उस से मिलने गया और कुछ देर बातें किये उसस्के साथ. और वो गार्ड चावला फॅमिली से वाकिफ था और आरव के बाप और बड़े भाई को जानता था, सिर्फ वो नहीं बल्कि उन् में और कई गार्ड्स ने कहा के चावला साहब को जानते हैं सब और उन् में 2 जवान गार्ड्स ने कहा के वो आरव को भी पहचानते हैं.

आरव ने कहा, “अरे मैं तो पॉपुलर आदमी हूँ यहाँ पर!”

तो एक गार्ड ने कहा, “आरव मियां इस कैंपस में सभी आप जैसे लोग पढ़ने एते हैं, सभी के पास बहोत ज़्यादा पैसा हैं इसी लिए तो एक बड़ा मॉल का भी इंतेज़ाम किया गया है यहाँ आप लोग खर्च जो इतना करते हो, सब आमिर लोग आते हैं यहाँ और उन् के लिए तो मॉल से कुछ भी खरीदना आम बात है, चाहे 10 गुनाह ज़्यादा में खरीदें उन् के लिए तो दाम की कोई एहमियत hi नहीं, बुसस हमारे लिए इस मॉल से कुछ ख़रीदा मुमकिन नहीं क्यूंकि यहाँ हर चीज़ 10 गुनाह ज़्यादा मंहगा होता है!”

आरव बहोत हैरान होते हुए पूछा, “मगर यह यूनिवर्सिटी, कैंपस, ज़मीन है किस्की कौन मालिक है इस्सके?”

हेड गार्ड ने कहा, “मालिक वही आप के पापा जैसे लोग हैं, खुद आप के पापा hi ट्रस्टी है इस ज़मीन और पुरे कैंपस की…. उन् जैसे 10 या 15 राइज़ लोग हैं जो यह सब पार्टनशिप में चलाते हैं…. अरे हमको तो ख़ुशी हैं के ऐसे काम करते हैं यह लोग इस से हम ग़रीबों के लिए रोज़गारी बढ़ती है, पता है 5000 लोग काम करते हैं इस कैंपस में, इन् सब के घर चलते हैं इस कैंपस से!”

आरव ने कहा “वह डैड सलूट है आप को इतनी अछि काम के लिए, इतने सारे लोगों के जीवन में आराम लाने के लिए”

तब हेड गार्ड ने पूछा, “आप चावला साहब का आखरी बीटा हो नाह? या कोई और आप से छोटा बच्चा या बच्ची है चावला साहब के?”

आरव ने कहा के वही लास्ट है, और पूछा, “भाई यहाँ से बाहर निकलने का मौका मिल सकता है किआ?”

चीफ गार्ड ने चरों तरफ देखते हुए कहा, “अरे भाई क्यों हमारे लिए मुसीबत वाले बात कर रहे हो आप? आप के पापा खुद ट्रस्टी है यहाँ का, किआ पता आप मुझको आज़मा रहे हो फिर मुझको रिपोर्ट कर डोज, ऐसा मत करो साहब हमको नौकरी नहीं खोनी है!”

आरव ने कहा, “अरे आप उल्लू मत बाणों, पैसा कामना है के नहीं? अगर आप ने मुझको कभी बाहर आने जाने दिया तो मैं आप को अलग से तनख्वा जैसे पैसा दूंगा!”

वो गार्ड आरव के काँधे पर हाथ रख कर चलते हुए कुछ दूर गया और आरव को समझाया के सिर्फ रात को कुछ स्टूडेंट्स बाहर भागते हैं रेस्टोरेंट, डिस्को, या किसी क्लब या लड़कियों के साथ रात को ेश करने के लिए मगर सवेरा होने से ेपहले वापस आजाते हैं. उन लोगों के ट्रांसपोर्ट का बदोबस्त खुद गार्ड करता है और चोरी छुपे सब कुछ होता है, शहर में कुछ इललीगल एक्टिविटीज होते रहते हैं जैसे प्रोस्टटिटिओं ड्रग्स ेट्स, तो कुछ लड़के बाहर जाते हैं लड़कियों से मिलने या नशा करने के लिए…..”

जैसे चारों तरफ करप्शन फलए हुए हैं तो भ्रष्ट लोग यहाँ भी मौजूद थे, पैसे के बदले स्टूडेंट्स को बाहर जाने देते हैं रातों को…. कुछ लड़कियां भी जाते हैं बाहर रातों को यह सब पता लगाया आरव ने…..

तो अब आरव सोचने लगा के अगर उस्सको कभी भाग कर सान्वी से मिलने जाना होगा तो उसस्के लिए नामुमकिन है क्यूंकि उस्सको तो तब कम से कम 2 दिन लगेगा क्यूंकि उस्सको तो प्लेन से सफर करके जाना होगा और प्लेन से वापस आना, तो इम्पॉसिबल था उसस्के लिए वैसे कभी बाहर जाना!!

अब वहां जाते hi पहले hi दिन को आरव बाहर जाने को सोच लिया मगर नामुमकिन था उसस्के लिए वो करना जो वो सोच रहा था!!

फिर आरव ने सोचा के एक रात के लिए, सिर्फ एक रात के लिए वो सान्वी के पास जाकर मिल सकता रात के बारह बजने से पहले तो उस्सकी अरमान पूरी हो jaegi….ussko पता था के उसस्के डैड और विवान रात के बारह बजे ऑफिस से वापस एते हैं तो उस्सने सोचा अगर वो शाम को 6 बजे वहां पहुंचा तो 6 से रात 12 बजे तक वक़्त बिताएगा सान्वी के साथ, तो फिर वहां से जिस टैक्सी से गया होगा उसी से वापस एयरपोर्ट चला जाएगा सुबह 1.30 तक और वापस तो दूसरे शाम को hi वापस आ पाएगा.. मतलब उस्सको वीकेंड के लिए प्लान बनाना होगा जिस दिन उस्सको क्लास में नहीं होना होगा, और हेड गार्ड को डबल पैसा देना होगा उस्सको एक रात के लिए एब्सेंट कवर करने के लिए…. आरव ने सोचा यह सब वैसे मुमकिन हो सकता है….

मगर आरव ने सोच लिया के अभी तुरंत यह सब नहीं करना होगा, सान्वी को चाहे और एक दो महीने वैसे hi चाट करके उस्सको इतना विवश करें के सान्वी खुद उसस्के बाहों में आना चाहे!

आरव तो प्लान तगड़ा बना रहा था मगर किआ यह सब करना मुमकिन था? किआ यह सब कर भी पाएगा वो?

उस रोज़ आरव कुछ और लोगों से चारों तरफ घूमके बात किये, दोस्ती किये, जैसे के लॉड्री के हिस्से में कई आदमियों और महिलाओं से भी बात किया आरव ने… हाँ वही आरव जो लड़कियों से दूर दूर भागता था यहाँ महिलाओं से भी बात किया….. और कई लड़कियों से बात किये उस्सने जो कैंपस में काम करते थे… चरों तरफ घूमने के बाद काफी देर शाम को वापस अपने विप होम में गए वो. और अब रात होने का इंतज़ार करने लगा सान्वी से बात करने के लिए…..

अपने स्काइप को सेट किया लैपटॉप पर, रिकॉर्ड बटन को पोजीशन किया, टेस्ट करता रहा के कैसे शुरू से hi सान्वी को रिकॉर्ड करेगा, और सोच बीच लिया दिमाग़ में के किआ किआ बातें करेगा, कैसे सान्वी से फ़्लर्ट करेगा और कैसे उस से सेक्सुअल बातें शुरू करेगा और कैसे उसस्के जिस्म को ज़्यादा से ज़्यादा देखेगा….. आरव सोच रहा था के सान्वी उस्सको खुश करती है हर बार, वो यह समझ गया के सान्वी उस्सको इंकार नहीं कर सकती, आरव ने आने से पहले वाले उस दृष्ट को याद किया जब उस्सने सान्वी की बूब्स को किश किया था और सोचा के सान्वी ने कैसे उस्सको वहां किश करने दिया था और कैसे वो राज़ी थी के आरव उसस्के बूब्स को देखे…. यह सब सोचते हुए आरव समझने लगा के सान्वी के सात वो और भी क्लोज हो सकता है…. और खुद को कोसने लगा के इतने दिनों तक क्यों वो और ज़्यादा सान्वी के करीब नहीं गया, क्यों और कुछ नहीं किया उस्सने, कितने अच्छे मौके मिले थे उस्सको!!

यह सब दूर होने के बाद hi फील होता है!!

तो बे कॉन्टिनोएड…………
 
अपडेट 120 थे नेक्स्ट चाट विथ सान्वी

रात के 9.30 को खाने के बाद आरव ने सान्वी को पहले मोबाइल पर फ़ोन करके स्काइप पर आने को कहा.

और जैसे सान्वी स्क्रीन पर अप्पेअर हुई, आरव ने रिकॉर्ड बटन ों कर दिया.

सान्वी अपनी एक खूबसूरत साडी में थी, जिस्सकी ब्लाउज स्लीवलेस थी, उस्सकी नंगी बाहें बिल्कुल दिख रहे थे, बाल खुले हुए थे, लगता था वो अभी अभी नाहा कर रूम में आयी हुई है. उस्सकी ब्लाउज v-cut थी जिस में उस्सकी क्लीवेज कुछ ज़्यादा hi नज़र आरहे थे. वो मुस्कुराते हुए आरव को स्क्रीन पर देख रही थी. आरव ने सोचा,

“भाबी को अछि तरह से पता बाई के मैं उस्सकी क्लीवेज देखना पसंद करता हूँ, फिर भी उस्सने ऐसी ब्लाउज पहनी हुई है! इस्सके मतलब यह है के भाबी मुझको क्लीवेज दिखाना चाहती है. बिना झुके hi इतना कुछ दिख रहा है, उस्सकी ब्रा की स्ट्राप भी साफ़ दिख रही है और अब अगर झुक कर बात करेगी तो कितना दिखेगा उसस्के बूब्स? किआ भाबी मुझको जान बुझ कर एक्साइट तो नहीं कर रही है?

सावी ने एक बहोत खूबसूरत और आकर्षित स्माइल से कहा,

“क्यों आरव किआ सोचने लगा ऑनलाइन आते hi? हम्म बात नहीं करनी है किआ?”

आरव ने उसस्के क्लीवेज पर नज़रें गड़ाए हुए कहा, “भाबी, बहोत hi हॉट दिख रही हो!”

सान्वी ने वैसे hi मुस्कुराते हुए कहा, “वो तो तुम हर रोज़ कहते हो आरव, मैं तो तुमको हर वक़्त, हर पल हॉट hi दिखती हूँ!”

आरव: “मगर आज और अभी कुछ बहोत hi ज़्यादा हॉट दिख रही हो, अभी अभी नाहा कर निकली हो नाह भाबी?”

सान्वी ने खिलखिला कर हँस्ते हुए कहा, “हम्म्म मुझे पता था तुमको पता चल जाएगा और एहि कहोगे, हाँ आरव ी जस्ट हद ा शावर हम्म्म!”

आरव उत्तेजित होते हुए कहा, “भाबी, काश मैं इस वक़्त वहां आप के पास होता तो कितना मज़ा अत नाह?”

सान्वी: “हम्म मुझको मिस कर रहे हो आरव, थे ट्रुथ इस मैं भी तुमको मिस कर रही हूँ. अभी अभी नहाने से पहले सोच रही थी के तुम इस वक़्त यहीं मेरे बीएड पर मेरा वेट करते होते और मेरे साडी को छुपा रहे होते और मुझको बाथरूम से बिना साडी के बाहर आने के लिए वेट कर रहे होते!!”

आरव की ख़ुशी का इन्तहा नाह था सान्वी के इन् बातों को सुनकर, वो और भी ज़्यादा उत्तेजित होते हुए कहा, “भाबी तो फिर क्यों आप ने साडी को पहना? मुझे हैप्पी करने के लिए आप बिना साडी के तो हो सकती थी अभी नाह? क्यों मुझको सरप्राइज नहीं किया बिना साडी के स्क्रीन पर दिख कर? किआ मुझे हर बार आप से ऐसे इल्तेजा करना होगा भाबी? प्लीज उतार दो नाह साडी को!”

सान्वी ने कहा, “धत शैतान कहीं का, मैं क्यों बिना साडी के तुम्हारे सामने आती? हाँ अब तुम रिक्वेस्ट कर रहे हो तो और बात है, मुझे पता था तुम साडी निकलने को कहोगे ी वास् 100% सूरे अबाउट आईटी, इसी लिए नहीं उतारी मैं ने, देखना चाहती थी तुम कहोगे या नहीं!”

आरव ने बचे जैसे शकल बनाते हुए और नटखट मन्नेर में कहा, “तो फिर निकालो नाह ी ऍम वैरी एक्ससिटेड तो सी यू लिखे तहत!!”

सान्वी हँस्ते हुए बीएड से उत्तरी और कैमरा में देखते हुए थोड़ा ज़ोर से कहा, किआ दिख रहा है इतने दूर से? इस आईटी okay? या निकाल लून तब स्क्रीन के सामने आऊं?”

आरव ने भी ज़ोर से रिप्लाई किया, “वेट वेट भाबी, आप दो कदम और पीछे जाओ और कैमरा के तरफ खुद को देखो आप को दिखेगा के आप कितने दिख रहे हो, ी वांट तो सी यू फुल फ्रॉम टिप तो तोए!”

ता सान्वी लैपटॉप पर झुक कर उस्सको अपने तरफ किया जिस से उसस्के झुकने से उस V-cut ब्लाउज से उसस्के बूब्स का ऐसा नज़ारा दिखा आरव को के उस्का लुंड पंत में उठ खड़ा हुआ….

फिर सान्वी थोड़ा पीछे हो कर खुद को स्क्रीन की छोटे पॉप उप में अपने आप को देखते हुए साडी की पल्लू को निचे करते हुए कहा, “नाउ यू कैन सी में इन थे व्होले है नाह आरव?”

आरव अपने पंत के ऊपर लुंड पर अपने हाथ दबाते हुए कहा, “यस भाबी इतस परफेक्ट वैसे hi वहीँ कड़ी होकर निकालो साडी को मैं ऐसे hi चाहता था देखना….”

और जून जून सान्वी अपनी साडी को निकालती गयी वैसे वैसे आरव अपने लुंड पर हाथ मसलता गया, जो सान्वी को नहीं दिख रहा था क्यूंकि जिस पोजीशन में आरव बैठा था अपने लैपटॉप के पास सान्वी को सिर्फ उस्का चेहरे दिख रहा था….

सान्वी ने साडी को निकल कर बीएड पर रखा और तब बीएड पर गयी लैपटॉप के पास और अपने चेहरे को स्क्रीन पर दिखाते हुए आरव से कहा, “हेरे यू अरे अब खुश बदमाश कहीं कह?!”

आरव के दिल के धड़कन बहोत तेज़ हो गए थे तब तक और उस्सने सान्वी को घुररते हुए कहा, “एस एस भाबी जस्ट लव यू लिखे थिस!”

सान्वी ने बड़े प्यार से मुस्कुराते हुए आरव से कहा, “तुम कब तक ऐसे मेरी साडी उतारतवाते रहोगे आरव? यह ठीक नहीं है बिल्कुल!”

आरव ने बिना झिझक तुरंत कहा, “भाबी मैं तो और कुछ उतरवाना चाहता हूँ!”

सान्वी ने ब्लश करते हुए कहा, “ोफो आरव शट उप विल यू, नॉटी बॉय!”

आरव ने फिर तुरंत कहा, “भाबी के क्लोज़र नाह और थोड़ा सा झुक जाओ नाह!”

सान्वी ने नखरों वाली आवाज़ में कहा, “क्यों यह काफी नहीं है मैं ने सिर्फ तुम्हारे लिए hi इस ब्लाउज को पहना है क्यूंकि यह डीप v-cut है और इस में तुमको ज़्यादा क्लीवेज देखने को मिलेगा तो और कितना देखोगे आरव, नहीं बुसस इतना काफी है बहोत कुछ देखने को मिल रहा है तुम्हे!!”

यह सुनकर आरव को बहोत अच्छा लगा और वो और भी ज़्यादा एक्साइट होते हुए कहा, “अरे भाबी इतना कुछ सोच hi लिया मेरे लिए तो ब्रा में hi साडी पेहेन लेती नाह!”

सान्वी को हंसी आयी तो हँस्ते हुए जवाब दिया, “छुप कर शैतान कहीं का ब्रा में भी कोई साडी पहटा है किआ?!”

आरव बहोत hi एक्साइट होते जा रहा था और कहा, “अरे भाबी किआ आप आज कल के हेरोइनेस के ब्लाउज को नहीं देखते सेरिअल्स में? उनके ब्लाउज hi एक ब्रा के जैसे होते हैं, कितना सेक्सी दीखते हैं, सब सटी सावित्री जैसे रोल्स करते हैं मगर तक़रीबन नंगी दीखते हैं…. अब आप तो मेरे लिए इतना कुछ दिखा hi सकती हो नाह!”

सान्वी ने हँस्ते हुए कहा, “वो सब शो बिज़नेस हैं आरव, उन् हेरोइनेस को पैसा मिलता है वैसे ड्रेस होने के लिए, पब्लिक को अत्त्रक्ट करने के लिए वैसे ड्रेस करते हैं प्रोडूसर्स अपने हेरोइनेस को, पब्लिक की एक डिमांड होती है… रियल लाइफ में तो वह लोग वैसे ड्रेस नहीं होते नाह?!”

आरव ने कहा, “भाबी और यहाँ डिमांड तो पब्लिक की नहीं, मेरी डिमांड है आप मेरी डिमांड तो पूरी कर सकते हो, आप को कोई भी तो नहीं देखेगा सिर्फ मैं अकेला देखूंगा प्लीज ब्लाउज को निकालके ब्रा पर साडी पेहेन लो नाह मैं देखूं मेरी सेक्सी भाबी ऐसे कितना सेक्सी दिखती है!”

सान्वी फिर ब्लश होते हुए आरव को रिप्लाई किया, “नहीं आरव मुझसे नहीं होगा प्लीज ऐसे डिमांड मत करो तुम!”

आरव: “आरी भाबी आप तो कल बिल्कुल नुदे थी ऊपर, मैं तो आप से वो डिमांड भी कर सकता नाह के सब कुछ निकाल कर ऐसे बिना ब्रा और बिना ब्लाउज के साडी डालो ऊपर, मगर मैं तो ब्रा में साडी पहने को कह रहा हूँ तो इस में किआ जिक्झोक भला?!”

सान्वी ने एक बची जैसे आवाज़ बनाते हुए कहा, “नहीं आरव मुझसे नहीं होगा बाबा!”

आरव ने कहा, “चाह भाबी समझ लो तुम एक सीरियल की हीरोइन हो और मैं डायरेक्टर और आप को एक सन, एक हॉट सन करने को बोल रहा हूँ आप वो एक्सेक्यूटे करना मेरे लिए, यह चलेगा?!”

सान्वी ने ज़ोर से हँस्ते हुए कहा, “तो तुम तो वही सन करने को बोलोगे नाह के ब्रा पर साडी पेहेन कर एक्सेक्यूटे करूँ तो किआ फरक होगा उस में?!!”

आरव: “तो okay या तो डायरेक्टर के लिए सन करो, या अपने आरव के लिए मगर सन तो करो नाह भाबी…. प्लीज भाबी यह तमन्ना तो पूरी करो मेरा! आप से कितना दूर हूँ. छह भी नहीं सकता आप को, तो देखने तो दो नाह प्लीज!!”

सान्वी ने फिर हँस्ते हुए कहा, “तुम कभी प्रोडूसर डायरेक्टर नहीं बनना आरव नहीं तो अपने सभी हेरोइनेस को नंगा कर डोज तुम!!”

आरव और ज़्यादा एक्साइट होते हुए, लुंड को दबाते हुए कहा, “मेरी हीरोइन तो फिलहाल एक hi है जो इस वक़्त मेरे स्क्रीन पर है, के ों माय सेक्सी हीरोइन सन को पूरा करो अब इतस हिघ्त टाइम स्वीटहार्ट!!”

सान्वी ने बीएड से उतारते हुए कहा, “तो फिर वेट करो मैं अभी आयी!!!”

आरव ने ज़ोर से अपने घूंसे को कस्सके बांध कर अपने केहुनी को पीछे करते हुए कहा, “एस्सस एस ी गोत यू भाबी डार्लिंग अब आएगा मज़ा!!!

तो बे कॉन्टिनोएड…………..
 
अपडेट 121 सान्वी ों थे स्क्रीन

सान्वी ने बीएड से उतारते हुए कहा, “तो फिर वेट करो मैं अभी आयी!!!”

आरव ने ज़ोर से अपने घूंसे को कस्सके बांध कर अपने केहुनी को पीछे करते हुए कहा, “एस्सस एस ी गोत यू भाबी डार्लिंग अब आएगा मज़ा!!!

अब आगे………

सान्वी जब गयी चेंज करने तो आरव बेकरार वेट करता रहा सोचते हुए के वो कैसे कैसे करके उस्सको एक ब्रा में रिकॉर्ड karega….aur उधर सान्वी ने आईने के सामने जाकर अपनी ब्लाउज को धीरे धीरे उतरा और खुदको आईने में अपने ब्रा समेत देखती रही के आरव को कितना दिखेगा, खुद मुस्कुरा रही थी अपने आप को आईने में देखते हुए… उसस्के साडी को दोबारा पेहेन लिया इस बार, मगर बिना ब्लाउज के, सिर्फ ब्रा थी ऊपर और ुसस्पर अपने साडी की पल्लू को एडजस्ट किया और खुद को कुछ देर आईने में देखती रही तब वापस आयी अपने लैपटॉप के पास….

आरव बेचैन वेट कर रहा था और जैसे उस्सने सान्वी को बीएड पर चढ़ते हुए देखा लैपटॉप के सामने वो अपने लुंड को पंत के अंदर एडजस्ट करने लगा और खुले मुंह लैपटॉप की स्क्रीन पर देखता रहा….. आरव ने देखा के सान्वी ने साडी पहनी हुई है और दिल में कहा, ‘अभी इस्को दोबारा उतरवाता हूँ नाह भाबी…. पहले छाती का नज़ारा तो दिख जाये ब्रा में….’

सान्वी तैयार होकर पोजीशन में बैठी स्क्रीन के सामने और पल्लू को ठीक करके ब्रा के ऊपर किया और मुस्कुराते हुए आरव को देखते कहा, “हेरे यू अरे हैप्पी नाउ आरव?”

आरव एक्साइट होते हुए खा, “वूऊऊ भाबी, किआ मस्त दिख रही हो बाप, वूऊ, मगर क्यों साडी से ढाका हुआ है ब्रा को? और आप ने क्यों साडी पेहेन लिया उतारये नाह!”

उस साडी की मटेरियल महीन थी तो उसस्के निचे ब्रा तो दिख रही थी और सान्वी की एक तरफ का कांधा और ब्रा की स्ट्राप खुद नज़र आरहे थे, ब्रा कुछ गुलाबी रंग का था, और सान्वी की फलेश में दासी हुई वो ब्रा की स्ट्राप खूब दिख रहा था…

सान्वी ने ऑब्जेक्ट करते हुए कहा, “तुमने ब्रा में साडी पहने को कहा था, बिना साडी के नहीं….. तो अब बात को मत बदलो!”

आरव: “भाबी तो अब बुसस समझ लो के यह ब्रा hi तुम्हारा ब्लाउज है, तो अब साडी को निकालो नाह और इस ब्लाउज और पेट्टी कोट में रहो न तब ऐसे hi बातें करेंगे….”

सान्वी ने कहा, “नाह ऐसे hi ठीक है अब बुसस!”

आरव ज़िद करता गया, मिनतें करता गया तो सान्वी ने कहा, “ाचा पल्लू निचे करती हूँ okay?!”

आरव रुक गया और ेंखें फाड़ फाड़ के देखने लगा. और वह, किआ नज़ारा था जिस वक़्त नज़ाकत से सान्वी ने अपने पतली उँगलियों से अपने पल्लू को धीरे से सरकाया, धीरे धीरे हटाती गयी अपने छाती से आरव को स्क्रीन पर देखते हुए एक मुस्कान के साथ, और जब पल्लू छाती से बिल्कुल हट गयी तो सान्वी की गुलाबी ब्रा में दो गोआल गोआल बूब्स कैसे हुए दिखाई दिए आरव को…. आरव का मैं किया पॉज बटन दबाने को मगर तब सोचा के नहीं यह तो लाइव है… बाद में पॉज करेगा….

सान्वी ने थोड़ा सा झुक कर अपने बूब्स को स्क्रीन से लगाया जैसे आरव को चिढ़ाने के लिए और हँस्ते हुए कहा, “क्यों अब किआ हो गया आरव? झटका लगा किआ 440 वाल्ट का?”

आरव ने एक गहरी सांस लेते हुए स्क्रीन पर नज़रों को चिपकाए रखा और कहा, “भाबी और एक बार झुको स्क्रीन के पास जैसे अभी झुकी थी….”

सान्वी ने दोबारा झुक कर उस्सको ब्रा ने अंदर वाले हिस्से को आरव को दिखाया…. आरव को थोड़ा सा बुसस थोड़ा सा कोई 30% सान्वी की निप्पल्स दिखे ब्रा के अंदर जब वो झुकी तब, आरव ने अपने लुंड को पंत से बाहर निकल लिया और हाथ में कसके थाम लिया और कहा,

“भाबी कुछ देर वैसे hi झुकी रहो न प्लीज, बुसस कोई 3 या 4 मिनट्स के लिए….”

सान्वी हँस्ते हुए: “ोफो कितना देखोगे तुम, काफी नहीं होता कभी तुम्को किआ हम्म लो!”

और वो फिर झुक गयी और झुकी रही और आरव अपना हाथ चलाने लगा अपने लुंड पर…… सान्वी को वो तो नहीं दिख रहा था मगर आरव के चेहरे के एक्सप्रेशन को देखते हुए सान्वी ने कहा, “किआ कर रहे हो आरव? आरव? आरव व्हाट अरे यू दोंग? क्यों ऐसे एक्सप्रेशन आरहे हैं तुम्हारा फेस पर?! आरव?”

सान्वी समझ गयी के वो ज़रूर मस्टुर्बते करने लगा और सान्वी ने झट से पीछे जाते हुए उस से कहा, “आरव स्टॉप आईटी विल यू, मैं सिग्न ऑफ होती हूँ वार्ना…”

आरव ने तड़पती आवाज़ में कहा, “भाबी उतर कर अपने साडी को भी उतारो नाह प्लीज स्ट्रिप योरसेल्फ इन फ्रंट ऑफ़ थे स्क्रीन बल्कि मैं तो कहूंगा ब्रा भी उतरो नाह प्लीज….”

सान्वी चिल्लाई, “विल यू प्लीज स्टॉप आरव? नहीं तो मैं सच में लैपटॉप बंद करती हूँ….”

मगर आरव ने सान्वी को स्क्रीन पर अपने लुंड को मुठी में लिए हुए मुठ मारते हुए दिखाया सान्वी को….. सान्वी ने अपने दोनों हाथों को अपने खुले मुंह पर रखा, फिर झट से लैपटॉप को क्लोज कर दिया….. सान्वी का दिल बड़े ज़ोरों से धड़कने लगा. उस्सकी सांसें बिल्कुल तेज़ हो गयी…. उस्सने आज पहली बार आरव के पेनिस को देखा वो भी मुठ मारते हुए…. उस रात को आरव ने उस्सकी योनि पर रगड़ा ज़रूर था, ेजकुलाते भी हुआ था मगर लुंड उस वक़्त पंत के अंदर था, मगर आज स्क्रीन पर आरव ने अपने लुंड को दिखा दिया सान्वी को….

आरव ने जब देखा के सान्वी ऑफ हो गयी तो उस्सको फ़ोन किया मोबाइल पर, मुठ मारते हुए hi फ़ोन किया उस्सने… सान्वी ने कॉल लिया और कहा, “तुम बीमार हो आरव स्टॉप थिस नॉनसेंस प्लीज!” सान्वी को नहीं पता था के वो अब भी मस्टुर्बते कर रहा है, और आरव ने कुछ कहा तो नहीं मगर तड़प रहा था और यह आवाज़ें सुनाई दिए सान्वी को, “आअह्ह्ह्ह स्स्स्सस्छ्हः भाआबबबबीईई आआह आआह किआ जिस्म है आप की भाबीइइ करने दो नाह अंदर डालने दो नाह please…..aaaaaahhhh भब्बीी बहुत मजा ारः है आप के साथ bhabiiiiiiiiiiiiiii!”

यह सब सुनते हुए सान्वी ने सर को एक हाथ से थामते हुए कहा, “आरव प्लीज स्टॉप, किआ कर रहे तुम आरव? मुझको क्यों ऐसे सताते हो तुम आरव मैं कुछ नहीं कर सकती आरव ी कन्नोत हेल्प यू थिस वे आरव प्लीज स्टॉप….” यह कहकर सान्वी रोने लगी!!

तब आरव ने कहा, “वापस आओ स्काइप पर जल्दी, तुरंत मैं अभी भी ऑनलाइन हूँ हुर्री उप!!”

सान्वी ने वापस ज्वाइन किया और आरव ने अपने लुंड से निकलते वीर्य को दिखाया सान्वी को, सान्वी देख रही थी, स्क्रीन पर डायरेक्ट, लाइव, आरव के लुंड से वीर्य निकलते हुए, और आरव ने कहा, ओपन योर माउथ नाह भाबी प्लीज ओपन करो, पलायआस्स्स्सीीे!” जिस तरह से तड़पते हुए आरव ने वो कहा, सान्वी ने अपने मुंह खोल दिया, और सच में कुछ कतरे स्पेर्म्स के स्ट्रैट स्क्रीन पर गए जैसे सान्वी के मुंह में hi जा रहे थे…. फिर सान्वी ने सर निचे झुका लिए और आरव जब कूल हुआ तब बैठा स्क्रीन के पास और कोमलता से कहा, “भाबी, हे, सुनों नाह, इधर देखो तो mujhko…hey भाबी, यू अरे थे मोस्ट हॉट, सेक्सी एंड एक्ससिटिंग ब्यूटीफुल वुमन ऑफ़ थिस वर्ल्ड. ी जस्ट लव यू वैरी वैरी मच.”

तो बे कॉन्टिनोएड……………….
 
अपडेट 122 आरव कॉन्टिनोएड…


सान्वी रोने लगी आरव के उन् हरकतों को देख कर. वो अपने सर झुकाये हुए hi थी कुछ देर, आरव को नहीं फेस कर रही थी वो….. आरव ने स्क्रीन को क्लीन किया, टिश्यू से चारों तरफ गिर्री अपने वीर्य के कतरों को साफ़ किया, लुंड को पोंछा और पंत के अंदर किया और वेट कर रहा था के सान्वी उस से वापस देख के बात करे…..

कुछ देर बाद, आरव ने जब देखा के सान्वी रोटी जा रही थी तो कहा, “हे स्वीटहार्ट, स्टॉप क्राइंग प्लीज. थिस इस नेचुरल नाह? तुमको मुझसे बेहतर पता है के यह नेचुरल है, मैं जवान हूँ और कभी किसी औरत के पास नहीं गया हूँ, तुम वो पहली लड़की हो जिस से मुझे इतना प्यार हुआ, तो मेरा कुसूर कैसे हुआ इस में प्लीज स्टॉप क्राइंग एंड तरय तो अंडरस्टैंड में!”

सान्वी ने ग़ुस्से में उसस्के तरफ देखते हुए कहा, “तो जाओ किसी रंडी के पास और अपने जिस्म की आग बुझाओ मैं कोई रंडी नहीं हूँ आरव! एंड गुड bye”

यह कहकर सान्वी ने लैपटॉप क्लोज कर दिया, और अपने मोबाइल को स्विच ऑफ कर दिया.

आरव को ज़बरदस्त झटका लगा सान्वी की उस जवाब से और वो जाकर बीएड पर लेट गया और अपने टांगों को मोड़ कर अपने बाहों में ज़ोर से जाकर कर उसी पोजीशन में बीएड पर पड़ा रहा काफी देर तक. वो सान्वी के बारे में गहराई से सोचता रहा. खुद से सवाल करता गया, “किआ हुआ, किआ हो गया, किआ चाहती है सान्वी, खुद अधनंगी होकर सामने आने को राज़ी है, अपने जिस्म दिखाने को राज़ी है, मगर मेरा जिस्म देखने से ग़ुस्सा करती है….. किसी मर्द का लुंड नहीं देखा होता तब मैं समझता मगर वो तो शादी शुदा है और सब समझती है तो मैं ने सोचा के वो समझ जाएगी के मेरा किआ फीलिंग्स हैं मैं किश दौर से गुज़र रहा हूँ, बल्कि मैं ने सोचा के उस्सको मुझ पर ज़्यादा तरस आएगा मुझको ऐसे मस्टुर्बते करता हुआ देख कर… मगर वो तो नाराज़ हो गयी…. किआ मुझको सच में किसी रंडी को जाकर छोड़ना होगा अब? गार्ड्स ने कहा के रात को यहाँ से कुछ स्टूडेंट्स जाते हैं प्रोस्टीटूट्स के पास… किआ मैं भी जाऊं अब? कौन लड़के जाते हैं मुझे उन् लोगों से मिलना होगा, और उन् से दोस्ती करनी होगी तब वही लोग मुझको मिलाएंगे उन् औरतों से, हाँ मुझे छोड़ना होगा कुछ लड़कियों को इस आग को बुझाने के लिए…. और सबको सान्वी समझ कर hi छोडूंगा, ेंखें मुंध लूंगा और समझूंगा के सान्वी को hi छोड़ रहा हूँ…. चलो यह सब संवी को बोल देता हूँ….”

आरव ने सान्वी को फ़ोन किया तो देखा के उस्का मोबाइल स्विच ऑफ है…. तो घर के लैंडलाइन पर फ़ोन किया, फ़ोन बजती रही मगर किसी ने नहीं उठाया…. उधर सान्वी को समझ में आगया के आरव hi कॉल कर रहा होगा तो वो नहीं गयी फ़ोन उठाने…..

तो आरव ने एक संस सेंड किया सान्वी को यह लिख कर:

“भाबी, यू अरे राइट. मुझे रदियों के पास जाना चाहिए अपने जिस्म की आग बुझाने के लिए. कल से जाऊंगा. आप यह मत समझना के यहाँ से यह मुमकिन नहीं है, सब कुछ मुमकिन है यहाँ, यह कैंपस एक देश है, एक आइलैंड समझलो. 5000 लोग काम करते हैं यहाँ और 500 से ऊपर गार्ड्स हैं, जिस से मैं ने आज दोस्ती कर लिए और सब चावला फॅमिली को जानते पहचानते हैं, और हाँ आप को यह भी बता दूँ के डैड यहाँ का एक ट्रस्टी भी है, इस लिए सब गार्ड्स मुझको प्रोटेक्ट करते हैं और जो भी चाहूँ वो देते और बताते हैं के कब कहाँ और कैसे किआ मिलता है यहाँ…. इन् में से बहोत कोर्रुप्त भी हैं जीन के मुंह पर पैसा मारो तो कुछ भी करने को तैयार रहते हैं पैसों के लिए.. तो आज hi मुझे पता चला के रात को यहाँ से लड़कियां भी बाहर जाते हैं और लड़के भी… लड़के वही रंडियों के पास जाते हैं फ़क करने को, गार्ड्स सब बंदोबस्त करता है, और किश वक़्त उनको वापस अजना चाहिए सब सही करता है गार्ड्स लोग क्यूंकि सब ुन्नो पैसे देते हैं. तो मैं भी वही करूँगा, उन् लड़को से दोस्ती करूँगा और उन्ही लोगों के साथ जाऊंगा रंडियों से मिलने… किआ पता यहाँ के स्टूडेंट्स लड़कियों के साथ hi फ़क करने को मिल जाए…. सो, यस यू अरे राइट भाबी ी मुत्स स्टार्ट फूकिंग थे बीचेस तो केन्च माय तृषित!! थैंक यू भाबी फॉर शेविंग में थे राइट वे ऑफ़ दोंग आईटी!! थैंक्स वैरी मच!”

उस तरफ सान्वी ग़ुस्से में थी तो नींद नहीं आरही थी उस्सको और सिर्फ आरव के बारे में hi सोच रही थी और सोच रही थी के आरव पता नहीं किआ कर रहा होगा और जिस तरह से उस्सने आरव को जवाब दिया तो पता नहीं आरव पर किआ एस्सार हुआ होगा उसस्के जवाब का…. रात को 11 बजे सान्वी ने अपने मोबाइल को ों किया तो देखा 3 मॉस्कल्स हैं आरव के और एक मैसेज…. तो सान्वी ने मैसेज पढ़ा और पढ़ कर बहोत hi चिंतित हो गयी और खुद से कहने लगी, “हाय राम यह मैं ने किआ कह दिया आरव को, नहीं नहीं उस्सको कहीं नहीं जाना चाहिए, ओह माय गॉड कहीं उस्सने सच में ऐसा वैसा कुछ करने लगा तो? अब मैं किआ करूँ? वो सो गया होगा? नहीं नहीं, वो भी इस वक़्त मेरी तरह hi फ़िक्र कर रहा होगा, उफ़!! मैं किआ करूँ?!!”

सान्वी कमरे में इधर उधर चल रही थी, बाहर गयी, निचे किचन में गयी, लैंडलाइन का फ़ोन चेक किया आइडेंटिफिकेशन नंबर चेक किया तो देखा के हाँ आरव ने hi फ़ोन किया था लैंड लाइन पर भी और वापस अपने कमरे में गयी तो सान्वी ने सोचा के खुद आरव को फ़ोन करके बात करें उससे…..

आरव को बीएड पर लेते हुए ेंख लग गयी थी और उस्का फ़ोन ने बज कर उस्सको जगाया… देखा तो सान्वी का फ़ोन था रात के 11.10 मीन्स हुए थे…. आरव ने सोचा, “चलो इस्को और परेशान करते हैं…..” और आरव ने फ़ोन नहीं उठाया….. बजने दिया, जब बजना रुका तो आरव ने मोबाइल को साइलेंट कर दिया….. फ़ोन फिर बजने लगा आरव देख कर खुश हो रहा था मगर नहीं उठा रहा था….. सान्वी सच में बहोत hi परेशान थी…

सान्वी खुद बड़बड़ाने लगी आरव को फ़ोन करते हुए, “टेक थे फ़ोन आरव, तुम्हारे भैया और डैड आजाएंगे कुछ देर में तब तुमसे बात नहीं कर पाऊँगी, उनके आने से पहले फ़ोन उठाओ नाह आरव प्लीज!!”

मगर आरव अब फ़ोन को वहीँ बीएड पर चोरर कर सान्वी की रिकॉर्ड की हुई वीडियो देखने लगा जो कुछ देर पहले उस्सने ब्रा में बात किया था आरव से…. आरव वही पॉज और स्लो मोशन में वीडियो को देख रहा था और उस्का लुंड फिर से जमके खड़ा हो गया उन् सभी दृष्टों को देखते hue…Saanvi की बूब्स को देख रहा था और उस जगह पर पॉज करके देख रहा था जहाँ उस्सकी निप्पल करीबन दिखने लगे थे ब्रा के अंदर… आरव ने वो सब देखते हुए कोई 30 मिनट्स बिता दिए और भूल hi गया के उस्का मोबाइल साइलेंट पर है और उधर सान्वी कॉल कर रही है….

तो बे कॉन्टिनोएड…………….
 
अपडेट 123 सीरियस टॉक


सान्वी की बूब्स को देख रहा था और उस जगह पर पॉज करके देख रहा था जहाँ उस्सकी निप्पल करीबन दिखने लगे थे ब्रा के अंदर… आरव ने वो सब देखते हुए कोई 30 मिनट्स बिता दिए और भूल hi गया के उस्का मोबाइल साइलेंट पर है और उधर सान्वी कॉल कर रही है….

अब आगे……

सान्वी का फ़ोन बजा और उस्सने झट से उठाया यह सोचकर के आरव hi होगा और बिना देखे कहा, “आरव तुम क्यों मुझे इतना सत्ता रहे हो?!” मगर फ़ोन विवान का था और उस ने कहा, “किआ हुआ? आरव से बात कर रही थी तुम? अब उस्सने किआ किया?!”

सान्वी की गाला सुख गयी विवान की आवाज़ को सुनकर और लड़खड़ाते आवाज़ में कहा, “जी हम्म नहीं…. वो कुछ नटखट जैसा कर रहा है के उस्का मैं नहीं लग रहा और बार बार फ़ोन करके काट देता है इसी लिए मैं ने सोचा वही होगा, आप ने क्यों फ़ोन किया इतने रात को किआ हुआ?!”

सान्वी के दिल की धड़कनें तेज़ हो गयी और सोचने लगी के उस्सने किआ कहा जो विवान ने suna…kahin कुछ ग़लत तो नहीं कह दिया जो नहीं कहना चाहिए था….. मगर विवान ने कहा, “हम लोग आज और ज़्यादा देर से लौटेंगे, तुम वेट मत करना एक इम्पोर्टेन्ट मीटिंग है रात के 1 बजे कुछ डेलीगेट्स आये हुए हैं यूरोप से उन् लोगों के साथ बैठना है…. सुबह 3 बजे तक हम घर वापस आएंगे. Ok गूडनिघत, तुम सो जाओ, और आरव को भी बोलो सोने को उस्सको कल क्लासेज ज्वाइन करना होगा नाह?”

सान्वी ने अपने छाती पर हाथ दबाते हुए, एक गहरी सांस लेकर उफ़ किया और विवान को गूडनिघत कहकर फ़ोन काट कर तुरंत फिर से आरव को फ़ोन करने लगी.

इस बार आरव ने फ़ोन पिक उप करते हुए कहा, “आरी ओह भाबी मेरी, जान मेरी, अब तो भैया साहेब घर आने वाले हैं तो इस वक़्त क्यों फ़ोन कर रही हो आप?!”

सान्वी ने एक लम्बी सांस चोररटे हुए कहा, “मेरी जान लोगे तुम एक दिन आरव, पता है अभी अभी किआ हुआ? देखना एक दिन ऐसे hi तुम मुझको इस घर से निकलवा डोज और इस्सके ज़िम्मेदार सिर्फ तुम होंगे! मुझे ऐसे सतना बांध करो आरव मैं कोई बड़ी ग़लती कर बैठूंगी जिस्सको सुधारना नामुमकिन होगा!”

आरव ने ख़ुशी से कहा, “अरे वो तो मेरे लिए बहोत hi अच्चा दिन होगा अगर तुमको उस घर से निकलना पड़ा तो, तब तुम मेरे साथ रहना हम एक घर लेकर एक साथ रहने लगेंगे आखिर मैं भी चावला का औलाद हूँ ी कैन अफ्फोर्ट्ड तो गेट ा हाउस एंड लाइव विथ यू माय लवली सान्वी भाबी!”

सान्वी: “शट उप आरव, तुमको मज़ाक सूझ रहा है मेरी जान पर बानी हुई है क्यों तुम मुझको इतना परेशान करते हो?”

आरव: “ाचा हुआ किआ यह तो बताओ नाह!”

सान्वी: “मैं आधे घंटे से तुमको फ़ोन कर रही हूँ तुम उठा hi नहीं रहे थे, और जैसे मैं ने फ़ोन को रखा तो फ़ोन बजने लगा तो मैं समझी के तुम हो और बिना देखे मैं ने फ़ोन उठा कर तुमसे बात किया मगर उधर तुम्हारे भैया थे!!”

आरव ने ज़ोर से हँस्ते हुए कहा, “हाहाहाहाहा यह तो बहोत अच्छी बात हुई, वैसे किआ कह दिया तुमने भैया से? कहीं यह तो नहीं कहा नाह के “ी लव यू आरव! हाहाहाहाहा!!”

सान्वी ने थोड़ा ग़ुस्से वाली आवाज़ में कहा, “तुमको हंसी आरही है सोचो किआ होता अगर मैं ने कोई प्राइवेट बात कह दिया होता उस्सको तुम समझ कर? तब किआ होता? उस्सको पता चल जाता के तुम्हारे और मेरे बिच कुछ चल रहा है, आरव वे मस्ट स्टॉप थी नॉनसेन्सेस, हमें ऐसे बात नहीं करनी चाहिए, यह सब रोकना होगा आरव!!”

आरव ने आराम से कहा, “अरे पर तुमने कहा किआ यह तो बताओ नाह!”

सान्वी: “मैं ने बुसस इतना कहा, “तुम क्यों मुझे इतना सत्ता रहे हो आरव?!”

आरव: “फिर भैया ने किआ कहा?”

संवी: “उस ने पूछा, क्यों अब आरव ने किआ किया?”

आरव: “और तुम किआ बोली उस्सको?”

सान्वी:” मैं ने कहा के तुम बार बार फ़ोन करके काट रहे हो इसी लिए मैं ने कहा के तुम मुझको क्यों सत्ता रहे हो!!”

आरव: “हम्म देखा तुमने तो खुद सब संभाल लिया सो वत्स थे प्रॉब्लम नाउ? सब ठीक hi तो है नाह!”

सान्वी: “आरव तुम नहीं समझोगे मैं किआ कहना छह रही हूँ…. वैसे तुम्हारे बात करने के स्टाइल से लग रहा है के तुम बहोत समझदार हो गए हो, तुम में वो बचपना वाले हरकत नहीं फील हुआ मुझे.. किआ दो दिन में तुम इतने स्मार्ट बन गए किआ? हम्म किआ बात है बोलो तो!”

आरव: “पता नहीं मैं अभी अपने फोर्टे में हूँ नाह, अकेला, तनहा, ऐसे hi तो रहा हूँ बचपन से, तो ी ऍम इन माय कम्फर्टेबले जोन तो मैं बिल्कुल नार्मल फील कर रहा हूँ और किआ?”

सान्वी: “ओह ी सी!! तो जनाब अकेले रहते हैं तो ज़्यादा स्ट्रांग होता है, और मेरे साथ रहता है तो बचपना उभर अत है, हम्म्म यह बात है!!”

आरव: “पता नहीं मगर तुम्हारे घर में शादी करके आने से पहले तो मैं हमेशा ऐसा hi था, इसी लिए तो सभी एक्साम्स में हमेशा पास होता था, मैं इंटेलीजेंट हूँ तुम्ही ने तो कहा था, मैं सच में इंटेलीजेंट हूँ यह मुझे भी पता है, बुसस डैड और भैया के सामना करते हुए डरता हूँ और उन् दोनों से दूरी hi पसंद करता हूँ, तो अभी फ्री हूँ और अपने आप में बहोत स्ट्रांग फील करता हूँ, that’s आईटी भाबी!”

सान्वी सोचने लगी के सच में वैसा hi है…. आरव अकेला रहना पसंद करता है और अकेले होकर ज़्यादा स्ट्रांग हो जाता है, बुसस घर में अपने डैड और भैया के सामने भीगी बिल्ली बन जाता है, वार्ना अभी जिस तरह से बात कर रहा है लगता है के एक बिल्कुल 100% नार्मल आदमी है वो, कोई भी नहीं कहेगा के वो एब्नार्मल या मेंटली रेटार्टडेड है….. सान्वी ने तब सोचा के आरव को अस्सल में कोई प्रॉब्लम है hi नहीं, वो सिर्फ उसस्के साथ वैसा बेहवे करता है बाकी किसी के साथ तो वो नार्मल hai…..Saanvi सोचने लगी के आरव से कम्पलीट कट ऑफ कर लेना चाहिए तब वो अपने आप में नार्मल होकर 3 साल बाद वापस आएगा…. मगर किआ आरव मानेगा टोटल कट ऑफ के लिए उसस्के साथ? सान्वी सोचने लगी के अगर उस्सने खुद आरव से बात करना बांध कर दिया, उसस्के फ़ोन कॉल को अटेंड करना बांध कर दिया और कोई 5/6 महीनों तक उस से बिल्कुल कोई कांटेक्ट नहीं किया तब किआ आरव बिल्कुल नार्मल रहेगा?! तो सान्वी ने कहा,

“तुमने किआ मैसेज सेंड किया मुझे? यह सब मेरे दिल दुखाने के लिए था या तुम वैसा करोगे? मैं ने ग़ुस्से में कुछ कह दिया तो तुमको वो सब सच में करना चाहिए किआ आरव?”

आरव ने हँस्ते हुए कहा, “और नहीं तो किआ? तुम ने अगर मुझको पाइजन खाने को कहा तो मैं सच में खा लूंगा! तुमने कहा प्रोस्टीटूट्स के पास जॉन तो जाऊंगा, आखिर मेरे भी कुछ अरमान हैं नाह? कैसे पूरा करूँगा उन् अरमानों को अगर तुमने नहीं पूरा किया तो?!”

सान्वी ने ांसाते हुए कहा, “ोफो आरव किआ बेहूदा बातें कर रहे हो तुम उफ़!! डस तहत मैं तहत यू मस्ट दो व्हाटएवर ी से? मैं ने ग़ुस्से में कहा बाबा!!”

आरव: “पता है के तुमने ग़ुस्से में कहा था. मगर क्यों ग़ुस्सा हुई थी तुम? ऐसा कौन सा गुनाह कर दिया था मैं ने? मैं ने शैग किया था, तो कौन सी बड़ी बात हो गयी? किआ तुमको नहीं पता शैग करना किआ होता है? किआ तुम एक वर्जिन लड़की हो जिसस्ने कभी एक मेल ऑर्गन नहीं देखा? किआ तुम एक कमसिन भोली भली कुंवारी गाओं की जंगली लड़की हो जिस को किसी ने कभी नहीं छुआ? No, यू अरे ा मैरिड, एडुकेटेड एंड इंटेलीजेंट वुमन हु ुन्देरस्टंडस आल स्टिल यू दीद अस िफ़ यू अरे ा संत!”

सान्वी के पास कोई जवाब hi नहीं था उस्सको देने के लिए, सान्वी काफी इम्प्रेस हुई आरव के इस जवाब से मगर उस्सने कोई रिप्लाई नहीं किया बुसस आरव को सुनती रही और सिर्फ कहा,

“और बोलो, और किआ कहना है तुम्हें?!”

तो बे कॉन्टिनोएड…………….
 
अपडेट 124 सीरियस टॉक्स कॉन्टिनुएस….

आरव ने टाइम देखते हुए कहा, “अरे 1 बज गए डैड भैया अरे नॉट येत बैक?”

सान्वी ने कहा, “no थे विल बे बैक ात 3 इन थे मॉर्निंग, तेरे अरे फॉरेन डेलीगेट्स एंड थे हैवे इम्पोर्टेन्ट मीटिंग्स विथ थम, that’s व्हाई योर भैया हद कॉल्ड.”

आरव ने खुश होते हुए कहा, “हेहेहे ग्रेट थें हमारे पास आज तो और 2 घंटे ज़्यादा मिल गए बात करने को वाओ!”

सान्वी ने एक गहरी सांस लेते हुए कहा, “तुम कुछ बोल रहे थे नाह आअराव सब बोल्दो आज, ी वांट तो हेअर आल तहत यू हैवे अगेंस्ट में डीप इन योर हार्ट, के ों स्पीक उप आरव!”

आरव ने जैसे एक डुप्लीकेट रूप धारण करते हुए, जैसे एक स्प्लिट पर्सनालिटी होता है नाह, वैसे एक और hi रूप में कहा,

“okay यू वांट तो हेअर, सो सुनों! मुझको रंडी के पास जाने के लिए कहा तुमने नाह, तो मैं बता चूका हूँ के यहाँ सब मुमकिन है वो सब सच में कर सकता हूँ…. तुम किआ समझती हो के मुझको सिर्फ तुम्हारी hi ज़रूरत है? नाह भाबी नाह! यू अरे ग्रेअटली मिस्तकें, ी कैन फ़क ठोसँदस ऑफ़ गर्ल्स हेरे, ी बेट इस यूनिवर्सिटी में hi ऐसे लड़कियां मिल जाएगा मुझे, पैसा है नाह मेरे पास, ऐसे कितने लड़कियां होते हैं जो राइज़ादों के पास पैसों के लिए चले जाते हैं बड़ी आसानी से, क्यूंकि सिर्फ उन् लोगों के खर्च उठानी पड़ती है…. उनको बुसस थोड़ा घुमडो, फ़ूड कोर्ट में खाना खिलाडो, कार में ड्राइव करवा दो, उनके ब्यूटी पलोर के खर्च लेलो, तो वो अपने जिस्म दे जाते हैं… सेंकरों ऐसे होते हैं और यह अभी नहीं, मुझको कॉलेज के दिनों से पता है… मुझको तो कॉलेज के ज़माने में hi प्रोपोज़ किया था वैसे लड़कियों ने क्यूंकि मैं एक चावला hoon..unnko मेरे पैसे ऐंठने थे, मगर ी दीद नॉट लिखे तहत टाइप ऑफ़ गर्ल्स तो मैं नहीं गया और ना hi कोई भाव दिया उन् टाइप्स के लड़कियों को………”

सान्वी सब चुप चाप सुन रही थी… उस्सको एक अलग hi आरव दिख रहा था, सान्वी को लग रहा था वो एक मातुरे इंसान को सुन रही है, आरव की बातें को अप्प्रेसियते करने लगी थी सान्वी, कितना घेहरायी से वो सब कुछ बताते जा रहा था, घर में तो उस्सने कभी भी ऐसे बातें नहीं किये थे सान्वी के साथ…. सान्वी को बहोत अचछह भी लग रहा था आरव को उस तरह से इंटेलीगेंटलय बात करते हुए एकांत बार सान्वी के ेंखें भर आये उस्सको सुनते हुए, सान्वी ने सोचा उस्सने बहोत hi ाचा डिसिशन लिया आरव को दूर करके और यूनिवर्सिटी भेज कर, सान्वी को लगने लगा के आरव 100% ठीक हो जाएगा, अब उस्सको फ़िक्र नहीं थी के आरव के दिमाग़ में कोई इश्यूज हैं सान्वी समझ गयी के आरव एक ऐसा इंसान है जिस्सको अकेलापन hi पसंद है और वैसे वो ज़्यादा स्ट्रांग रहता है, और अभी तो 18 साल की है, तो सान्वी समझ गयी के 20 के ऊपर होने तक आरव नार्मल सभी की तरह हो जाएगा… सान्वी बहोत खुश थी उस्सको उस तरह से बात करते हुए सुनकर…. मगर आरव बहोत गंभीरता से बात कर रहा था और कई जगह पर वायलेंट और एग्रेसिव भी हो रहा था सान्वी के तरफ….. तो वापस आरव की बातों को सुनते हैं…..

आरव बोलते hi जा रहा था जैसे अपने दिल की भड़ास निकल रहा है तो उस्सने बोलना जारी रखा इन् बातों को कहते हुए,

“मगर ी दीद नॉट लिखे तहत टाइप ऑफ़ गर्ल्स तो मैं नहीं गया और नाह hi कोई भाव दिया उन् टाइप्स के लड़कियों को……… और अब यहाँ अगर चहुँ तो किसी भी एक को या दस को बेहला सकता हूँ अपने पैसों के ज़ोर से खरीद सकता हूँ इनके जिस्म को, ेश कर सकता हूँ, एन्जॉय कर सकता हूँ हर रात को.. और अब तुमने कह दिया तो ज़्यादा कर सकता हूँ रिकॉर्ड करके तुमको दिखा भी सकता हूँ… तुम किआ भोली भली बनती हो, किआ तुमको नहीं पता के मुझे तुमसे किआ चाहिए था? किआ जब तुम मुझको अपने जिस्म को दिखाती हो तो किश इंटेंशन से दिखाती हो? किआ तुमको नहीं पता के मैं तुम्हारे बॉडी को सेक्सुअली देखता हूँ? किआ तुमको नहीं पता था के मैं तुमको सेक्सुअली डिजायर करता हूँ? तुमको सब पता था, और अब भी पता है तुमको, फिर भी स्काइप पर तुमने अपने बूब्स दिखाए मुझे, ब्रा में तुम आयी मुझको दिखाने के लिए क्यों? बोलो क्यों? क्यूंकि तुम में भी वो चाहतें पैदा हुए हैं!! झूट मत बोलना, मुझे पता है के तुम भी मुझसे आकर्षित हुए हो जैसे मैं तुमसे… उस रात को मैं ने बिना ुंदरेस हुए hi तुम पर रागढ के ेजकुलाते किया, किआ तुमको नहीं पता था के मैं किआ कर रहा हूँ? हम्म? तुमको सब पता था मगर तुमने करने दिया. क्यों करने दिया अगर इंकार hi करना है तो? तुम शादी शुदा हो इस लिए तुम अपने दायरे में रहकर अपने आप को सेफ दिखाना चाहती हो, तुम चाहती हो के एक अछि बहु साबित हो, तुम वफादार पत्नी कहलाना चाहती हो, अरे मुझको थोड़ा सा ख़ुशी देकर कौन सा बेवफा बन जाओगी? और किस्को पता चलेगा अगर हम दोनों ने सेक्स कर लिया भी तो? यह सिर्फ हम दोनों के बीच hi तो रहेगा नाह? तो कौन सी बड़ी पहाड़ टूटने वाली बात हो गयी? कौन सा बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया!.....”

आरव रुक गया सांस लेने के लिए…… सान्वी रोने लगी उस तरफ….. आरव ने सुना और चिल्ला कर कहा, “विल यू प्लीज शट थे फ़क उप? रोना कोई जवाब नहीं होता!”

सान्वी ने अपने आप को संभालते हुए, ेंसुओं को पोछकर एक गहरी सांस लेने के बाद कहा,

“एंड थें व्हाट आरव? थें व्हाट? अब किआ?”

आरव: “सान्वी ी लव यू दमन आईटी यह भी कहना होगा? किआ तुमको नहीं पता के मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ? DON’T यू दमन क्नोव तहत ी ऍम इन लव विथ यू!!”

सान्वी ने रट हुए जवाब दिया, “No थिस इस नॉट लव आरव, थिस इस लस्ट. यू डिजायर माय बॉडी, यू वांट माय फलेश ओनली, यू दो नॉट रियली लव में एंड निथर ी दो!”

आरव ने एक सरकास्टिक हंसी में कहा, “रियली? तुम भी नहीं प्यार करती मुझसे? तो बताओ अभी उस मैसेज को पहने के बाद तुम क्यों इतने परेशान हुए? क्यों मेरे रिप्लाई भैया को कर दिया? क्यों मुझको दर्जनों बाद फ़ोन करती रही? क्यों? बिना प्यार के?”

सान्वी: “आरव थिस इस केयरिंग फॉर यू आरव, इतस नॉट लव, ी केयर फॉर यू that’s व्हाई ी गोत वरीड के कहीं तुम कुछ ग़लत नाह कर बैठो!”

आरव: “वह भाबी वह, किआ रीज़न है, एंड व्हाई थे फ़क दो यू थें केयर फॉर में दमन आईटी? व्हेन डस समवन केयर फॉर समवन ेल्स? व्हेन तहत पर्सन लव्स थे इतर ओने थें थे केयर फॉर एच इतर!

सान्वी ने बड़ी आराम से जवाब दिया, “आरव ा मदर केयर्स फॉर हेर सोन, फॉर हेर डॉटर, फॉर एवरीबॉडी, शी लव्स थम एक्वाली, सो डस तहत मैं तहत यू विल फ़क योर मदर बिकॉज़ शी केयर्स फॉर यू आरव?!”

आरव: “हाहाहाहा मुझे पता था तुम एहि कहोगी सान्वी भाबी…. बुसस एहि एक वेपन बाकी था नाह आप के पास मुझे गिराने के लिए, तो सुनों मेरे पास इस्सके भी जवाब है, सो सुनों!! अगर माँ का प्यार था तो तुम अपने बेटे के सामने नंगी होती हो? अपने बेटे को अपने छूट के ऊपर रागढ के जड़ने देती हो, और कल अपने बूब्स को नंगी अपने बेटे के सामने दिखती हो और किश करने देती हो? व्हाट रब्बिश एक्सक्यूज़ भाबी तो एस्केप थे इशू!! लेम एक्सक्यूज़ भाबी!!”

संवी ज़ोर से रोने लगी और फ़ोन को कट कर दिया और बीएड पर अपने मुंह को तकिये में दबा कर रोने लगी….

जब आरव ने देखा के सान्वी ने फ़ोन कट कर दिया तो बहोत hi ग़ुस्सा हुआ और ज़ोर से चिलाते हुए बड़े बड़े गलियां देने लगा अपने रूम में, लात मारने लगा हर चीज़ पर जो उसस्के सामने था….. और कहता गया, “दमन आईटी, स्टुपिड, इडियट, जब बेहेज़ करने की हिम्मत और ताक़त नहीं तो क्यों बेहेज़ करती हो, गांड में दम नहीं तो गांड बांध रखा करो दमन आईटी!!”

आरव ने सान्वी को फ़ोन किया सोचा वो उठाएगी तो बहोत गालियां देगा उस्सको, सान्वी उधर रोटी जा रही थी और फ़ोन को नहीं उठा रही थी, आरव चिल्ला रहा था, “पिक उप थे फ़ोन दमन आईटी, मदर फुकेर, बीच पिक उप थे फ़ोन!!”

सान्वी के हाथ पेयर कांपने लगे थे और वो रोटी जा रही थी मगर आखिर में जब आरव ने फ़ोन करना बांध किया तब सान्वी ने hi फ़ोन किया उस्सको बहोत हिम्मत करके और बहोत विश्वास के साथ क्यूंकि उस्सने सोच लिया था के अब आरव को किआ कहना है और कैसे उस से छुटकारा पाना है…, उसी पल को एक सीरियस डिसिशन लिया सान्वी ने…..

आरव ने फ़ोन लिया और कहा, “अब किआ हुआ? टूट गयी? पिघल गयी तुम? अब सॉरी कहोगी नाह?”

सान्वी ने बहोत हिमत से और गंभीरता से कहा, “आरव जो कुछ भी हुआ आज से पहले हम दोनों के बिच वो एक बहोत hi बड़ी ग़लती थी, मैं सब भूल चुकी हूँ तुम भी भूल जाओ और समझ लो के डिलीट कर रहे हो सब अपने मेमोरी से, मैं ने अपने मेमोरी से सब डिलीट कर दिया अभी अभी तुमको फ़ोन करने से पहले. तुम भी डिलीट कार्डो…. ी ऍम वैरी सॉरी फॉर आल तहत हप्पेनेड बी मिस्टेक और ूनिंटेन्शनली. आरव हम आज के बाद कभी भी कोई भी कांटेक्ट नहीं रखेंगे. ी हैवे ताकें ा बोल्ड डिसिशन एंड ी वांट यू तो रेस्पेक्ट आईटी. मुझे जितना करना था तुम्हारे लिए वो सब किया अब मुझसे और नहीं होगा. तुम पढ़ो, और सक्सेसफुल होकर अपने डैड और भाई की तरह कामयाब आदमी बाणों. वे विल नॉट कॉल और टॉक तो एच इतर ात आल. सिर्फ किसी त्यौहार को, तुम्हारे बर्थडे को और नई ईयर को विश करेंगे और कभी भी किसी दिन भी कॉन्टेक्ट्स नहीं करेंगे. बिल्कुल भी नहीं. मेरे बर्थडे को अगर चाहो तो विश करना वार्ना नहीं भी करना मुझे फरक नहीं पड़ता. और वीडियो कॉल तो स्ट्रिक्टली नहीं. Okay बुसस एहि कहता था तुमसे, बे हैप्पी एंड सक्सेसफुल एंड गुड bye आरव.”

आरव को झटका लगा और कहा, “वेट, वेट, वेट, भाबी वेट, मुझे सुन्ना होगा तुमको तब फ़ोन रखना okay?!”

सान्वी ने कहा, “इतना कुछ सुनाया और भी कहना बाकी है आरव?”

आरव: “यस, सुनों, मैं तुमसे मिलने आने वाला हूँ किसी रात को डैड और भैया के वापस आने से पहले…. ी नीड यू, ी वांट तो मेक लव तो यू, बुसस एक बार खुश हो जाऊंगा मैं!!”

सान्वी: “अब मैं गली दूँ तुमको आरव? सुनाऊँ गलियां तुमको जैसे तुमने मुझे गालियां दी?”

आरव: “भाबी प्लीज इतना भी ग़ुस्सा क्यों? आखिर मुझे भी ग़ुस्सा hi आया था नाह तभी तो इतना कुछ कहा नाह मैं ने? और किआ ग़लत कहा मैं ने? वही कहा नाह जो बिल्कुल सच है और हुआ है? सुनों नाह भाबी, और भी मौके हैं जहाँ हम दोनों मिल सकते हैं, मैं उम्मीद लगाए हुए बैठा हूँ प्लीज मुझको निराश मत करना प्लीज!!”

सान्वी: “तुम घर पर कैसे आ सकते हो? बोलो ज़रा देखूं तो? प्लेन कैसे लोगे और कितने बजे यहाँ रीच होंगे और कब और कैसे वापस जाओगे? क्लास मिस करोगे तो सबको पता चलेगा और तुम्हारे डैड को फ़ोन करके बता दिया जाएगा, और गेट से बाहर कैसे निकलोगे? घुस खिलाकर मगर दिन में एब्सेंट रहोगे तो उस बेचारे सिक्योरिटी गार्ड को भी काम से हाथ धोना पड़ेगा, सो स्टॉप योर नॉनसेन्स और वहीँ टिक्के रहो चुप चाप!! यह नामुमकिन है”

आरव ने कहा, “okay वहां मेरा आना मुश्किल हो सकता है मगर ना मुमकिन नहीं मगर भाबी सुनो तो और बेहतरीन मौका है बताऊँ?”

सान्वी ने कहा, “किआ?”

आरव ने बड़े खुश होते हुए कहा, “भाबी यहाँ पर वीकेंड्स में पेरेंट्स मिलने आते हैं अपने वार्डस को, रहते भी हैं, ख़ास कर मेरा विप वार्ड में तो एक फॅमिली भी आकर सैटरडे और संदेस को मेरे साथ रह सकते हैं और मंडे मॉर्निंग को वापस जा सकते हैं…. भाबी मैं ने बहोत hi ेआगेरली सोच रखा है के अभी कोई एक महीने बाद आप को मुझसे मिलने के लिए बुलाऊंगा, डैड और भैया को भी मन लूंगा के आप को एक वीकेंड मेरे साथ आकर रहने दें वो लोग ज़रूर मान लेंगे, तो भाबी यू सी वे कैन मीट here…aur ऐसा मौका मुझको कभी नहीं मिलेगा, भाबी वे विल बे अलोन आल बी ौरसेल्वेस रात को भी, दिन को भी एक साथ रहेंगे, वे कैन स्लीप टुगेदर एंड ी विल लव यू ा लोट एंड ा लोट…. भाबी मत छीनना मुझसे ये ख़ुशी!!”

सान्वी ने कहा, “चाह किया तुमने मुझे यह सब बता दिया और तुम्हारे डैड और भैया किआ मान लेंगे आरव, मैं खुद कभी भी नहीं आना चाहूंगी! अपने डैड और बीआरओ को बोलो तुम्हारे साथ आकर रहने को मैं क्यों? यू विल स्लीप विथ में? हाहाहा तब उस बात को लेकर मुझको ताना मारोगे के मैं तुम्हारे साथ सोई थी, तुम ने मेरे सात यह किया था, वो किया वो सब तब मुझको hi सुनाओगे? NO नेवर ी विल नेवर के, एंड यू आल्सो दो नॉट के बैक बिफोर थ्री इयर्स! मुझे पता है हर साल में कोई 20 दिन की छूती मिलेगा तुमको यहाँ आने को, मगर मैं चाहती हूँ के तुम पुरे 3 साल के बाद यहाँ अपना चेहरा दिखाओ, मत आना यहाँ हॉलीडेज पर भी!”

आरव ग़ुस्सा हुआ और कहा, “दमन आईटी मन व्हाट थे हेलल इस थिस, मैं ने इतना कुछ प्लान किया हुआ है, मैं इतना खुश था के अगर मैं वहां नहीं जा सका तो तुम होगी तो मैं एन्जॉय कर पाउँगा तुम्हारे साथ, ी रियली वांट तो मेक लव विथ यू, मैं तुम्हारे जिस्म के कपडे को एक एक करके उतारना चाहता हूँ , तुम्हारे बूब्स को तो देख लिया हूँ बाकी के जिस्म को एक्स्प्लोर करना चाहता हूँ, ी वांट तो किश योर व्होले बॉडी, ी वांट तो पेनेत्रते यू, मुझसे यह ख़ुशी मत छीनों प्लीज, यू विल हैवे तो के, यू विल के नाह भाबी प्लीज नाह मत करो नाह प्लीज ी बेग ऑफ़ यू!!” ……

तो बे कॉन्टिनोएड…………… (3700 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
Back
Top