- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 106,865
अपडेट 115 आरव रीछेड थे कैंपस
सान्वी उस रात को बारह बजे आरव की कॉल या मैसेज को एक्सपेक्ट कर रही थी हालां के उस्सको पता था के प्लेन वहां सुबह 1 बजे लैंड करेगी और वहां से आरव का कैंपस पहुँचने में कोई देर घंटा तो लगेगा hi. फिर भी पता नहीं क्यों सान्वी को लगता था के आरव उस्सको कांटेक्ट करेगी.
विवान के ऑफिस से वापस आने के बाद सान्वी सोने गयी मगर उस्सको बिल्कुल नींद नहीं आरही थी वो सिर्फ आरव के बारे में सोच रही थी. उस वक़्त उस्सको याद आया किश तरह से विवान ने उस्सको अधनंगी देख लिया था और किश तरह से उस्सने उसस्के बूब्स को किश किया था और उस्सको कैसे अपने कमीज़ के बटन्स को खोल कर उस्सको अपने छाती से सत्ताया था. कभी संवी खुद मुस्कुरा रही थी तो कभी परेशान हो जाती थी वो सब सोचकर. P[hir उस किश को याद किया जो एयरपोर्ट में किये थे दोनों.
सान्वी खुद से सवाल कर रही थी किआ उस्सको आरव से प्यार हो गया है या वो उस पर तरस खाकर उसस्के इतनी करीब हो गयी थी और उस बहाव में उस्सने वो सब होने दिया! सान्वी खुद को नहीं समझ पा रही थी. उस्सको परेशानी ने घेर लिया था और नींद ुध गए थे.
विवान को नींद लग गया था तो सान्वी ने अपने मोबाइल को साइलेंट मोड पर करके बिस्तर से उठकर बैठ गयी यह एक्सपेक्ट करते हुए के आरव उस्सको कांटेक्ट करेगा. मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ और कोटि सुबह 3 बजे सान्वी को नींद लग गयी.
उधर हुआ यह था के जब आरव को कैंपस के लोगों ने एयरपोर्ट से पिक किया तो उस्सको ऑफिस लगाए उसस्के दाखिला के फॉर्मलिटीज पूरा करवाने के लिए देर रात को क्यूंकि वहां एक टीम नाईट शिफ्ट भी काम करते हैं और एक ग्रुप स्टूडेंट्स नाईट शिफ्ट को बी कौसे फॉलो करते हैं उस यूनिवर्सिटी में, वह लोग जो वहां रहते नहीं, मगर part टाइम कोर्स करते हैं.
तो आरव वो हु सब करते और ऑफिस से उन् लोगों ने उस्सको ड्राइव करके उसस्के विप होम में लगाए जो क्लासेज से 3 किलोमीटर्स के दूरी पर था मगर यूनिवर्सिटी के कैंपस में hi. वहां पर उस यूनिवर्सिटी के अंदर hi कैंपस में फ्री ट्रांसपोर्ट फैसिलिटीज हैं स्टूडेंट्स के लिए अपने घर या अपार्टमेंट से क्लासेज तक सफर करने के लिए. वो बिल्कुल एक छोटा शहर जैसा जगह था.
जब आरव घर के अंदर पहुंचा तो सुबह के 4 बज चुके थे तो उस्सने खुद सोचा के इस वक़्त सान्वी को मैसेज करके वो डिस्टर्ब करेगा तो कांटेक्ट नहीं किया उस्सको और सोने चला गया.
किनके वो एक दिन पहले वहां आया था उसस्के लिए पहला दिन फ्री था उस्सको क्लासेस ज्वाइन करना था एक दिन के बाद.
सान्वी हमेशा की तरह सुबह 5 बजे जाग गयी और देखा के आरव का कोई मैसेज नहीं है तो वो थोड़ा फ़िक्र करने लगी. अपने किचन के काम काज में लगी रही और चावला साहब उठे तो उंनसे कहा के आरव ने बिल्कुल कांटेक्ट नहीं किया अभी तक, पता नहीं वो ठीक से रीच हुआ या नहीं. तो चावला साहब ने कुछ फ़ोन्स किये, किसी से बात किये और सान्वी से कहा के वो वहां पहुँच गया सुबह 3 या 4 बजे और वो अपने घर में हैं वहां और आज फ्री है कल से क्लासेज को ज्वाइन करेगा. तो आज दिन में वो जरूर कांटेक्ट करेगा उस्सको.
सान्वी को चैन मिला यह सुनकर. और अब दिन में वो आरव की मैसेज या कॉल का वेट करने लगी. सान्वी को समझ में आगया के अगर सुबह 4 बजे वो सोने गया है तो दिन के 11 या 12 बजे उठेगा तो उसस्के बाद वो ज़रूर कांटेक्ट करेगा. तो सान्वी ने अपने सारे कामों को जल्दी से निपटाया औरु फ्रेश होकर अपने रूम में आरव की कॉल का वेट करने लगी. लैपटॉप को भी ों करके स्काइप पर भी लॉगिन कर लिया, और मोबाइल से व्हाट्सअप पर भी चेक कर रही थी.
और उधर जनाब 1.30 बजे सो कर उठे और 2 बजे सान्वी को एक मैसेज भेजा व्हाट्सअप पर यह लिख कर,
“ी ऍम ात थे कैंपस, आईटी इस ा हूजे प्लेस, अभी अभी सो कर उठा हूँ, ब्रेकफास्ट के बाद तुमसे चाट करूँगा ऑनलाइन रहना प्लीज. मऊवः”
सान्वी ने जब उसस्के मैसेज को देखा तो उस्सकी दिल की धड़कन अचानक तेज़ हुई और उसस्के मैसेज को पढ़के रिप्लाई नहीं किया क्यूंकि उस्सको पता था अभी रिप्लाई करना बेकार है क्यों के उस वक़्त तो आरव बाथरूम में होगा, तो सान्वी ने और वेट किया.
आधे घंटे बाद, आरव ने फिर लिख कर सेंड किया, “किधर हो? मेरा मैसेज नहीं मिला किआ? ी ऍम हेरे नाउ!”
मुस्कुराते हुए सान्वी ने लिख कर सेंड किया,
“मैं रात भर तुम्हारे मैसेज का वेट करती रही और तुम अब बात कर रहे हो! चलो कोई बात नहीं मुझे पता है तुम बहोत लेट वहां पहुंचे और सोने चले गए थे. सो हाउ अरे यू फीलिंग नाउ आरव?”
आरव ने कहा,
“ी ऍम फीलिंग वैरी वैरी गुड भाबी. आप ने बहोत ाचा सुझाव दिया के मुझे और पढ़ना चाहिए, यानन सब कुछ अलग हैं और मुझे यह जगह बहोत पसंद है, पक्का मुझे यहाँ रहना बेहद पसंद होगा.”
सान्वी ने लिखा कर सेंड किया,
“ग्रेट थें आरव, ी ऍम हैप्पी फॉर यू. मैं लगाकर पढ़ना और अच्छे ग्रेड से अपने ग्रेजुएशन पास करना.”
तब आरव ने लिखा,
“बूत भाबी हम क्यों टेक्स्ट कर रहे हैं बात क्यों नहीं कर रहे हैं? मैं कॉल करता हूँ आप को, वेट!”
आरव ने सान्वी को कॉल किया उसस्के मोबाइल पर.
सान्वी ने कॉल रिप्लाई करते हुए कहा, “हम्म किआ कहना है आरव?”
आरव: “भाबी आप की आवाज़ फ़ोन पर बिल्कुल डिफरेंट है, लगता है कोई और बात कर रही है हेहेहे!”
सान्वी ने हँस्ते हुए रिप्लाई किया,
“मुझे तो तुम्हारी आवाज़ शामे लग रहा है, तो बोलो अच्छी नींद आयी तुमको वहां?”
आरव: “यस भाबी खूब आराम से सोया मैं… भाबी अरे बाप रे बाप यह किआ जगह है, इतना बड़ा बाप रे बाप लगता है एक पूरा देश है यह कैंपस, मैं जहाँ पर हूँ नाह यहाँ से तो यूनिवर्सिटी के क्लासेज दिख hi नहीं रहे हैं, एक बड़ा मॉल है यहाँ से मुझे मॉल दिख रहा है मगर यूनिवर्सिटी नहीं, उन् लोगों ने कहा के मैं क्लासेज से 3 कंस दूर हूँ और बस से वहां जाना होगा मुझे, यहाँ यूनिवर्सिटी के फ्री बुस्सेस आते जाते रहते हैं, मॉल भी जाना चहुँ तो एक किसी भी बस में जा सकता हूँ वापस आ भी सकता हूँ बिना पेमेंट किये, किआ जगह है भाबी एकदम मस्त है बाप रे!!”
सान्वी ने हँस्ते हुए कहा, “हम्म्म तेरे पापा ने कहा था नाह के देश के सबसे बड़ा और 5-स्टार यूनिवर्सिटी है वो, इसी लिए वैसा है. चलो ी ऍम हैप्पी के तुमको सब अच्छा लग रहा है आरव, एक काम कर तू आज फ्री है नाह तो चारों तरफ घुमले वहां पता करले कौन सी चीज़ किश जगह पर है, किधर से तुझे गुज़ारना होगा, कौन सा रास्ता किधर जाता है सब पता लगाले आज फ्री हो तो.!”
तो बे कॉन्टिनोएड…………….
सान्वी उस रात को बारह बजे आरव की कॉल या मैसेज को एक्सपेक्ट कर रही थी हालां के उस्सको पता था के प्लेन वहां सुबह 1 बजे लैंड करेगी और वहां से आरव का कैंपस पहुँचने में कोई देर घंटा तो लगेगा hi. फिर भी पता नहीं क्यों सान्वी को लगता था के आरव उस्सको कांटेक्ट करेगी.
विवान के ऑफिस से वापस आने के बाद सान्वी सोने गयी मगर उस्सको बिल्कुल नींद नहीं आरही थी वो सिर्फ आरव के बारे में सोच रही थी. उस वक़्त उस्सको याद आया किश तरह से विवान ने उस्सको अधनंगी देख लिया था और किश तरह से उस्सने उसस्के बूब्स को किश किया था और उस्सको कैसे अपने कमीज़ के बटन्स को खोल कर उस्सको अपने छाती से सत्ताया था. कभी संवी खुद मुस्कुरा रही थी तो कभी परेशान हो जाती थी वो सब सोचकर. P[hir उस किश को याद किया जो एयरपोर्ट में किये थे दोनों.
सान्वी खुद से सवाल कर रही थी किआ उस्सको आरव से प्यार हो गया है या वो उस पर तरस खाकर उसस्के इतनी करीब हो गयी थी और उस बहाव में उस्सने वो सब होने दिया! सान्वी खुद को नहीं समझ पा रही थी. उस्सको परेशानी ने घेर लिया था और नींद ुध गए थे.
विवान को नींद लग गया था तो सान्वी ने अपने मोबाइल को साइलेंट मोड पर करके बिस्तर से उठकर बैठ गयी यह एक्सपेक्ट करते हुए के आरव उस्सको कांटेक्ट करेगा. मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ और कोटि सुबह 3 बजे सान्वी को नींद लग गयी.
उधर हुआ यह था के जब आरव को कैंपस के लोगों ने एयरपोर्ट से पिक किया तो उस्सको ऑफिस लगाए उसस्के दाखिला के फॉर्मलिटीज पूरा करवाने के लिए देर रात को क्यूंकि वहां एक टीम नाईट शिफ्ट भी काम करते हैं और एक ग्रुप स्टूडेंट्स नाईट शिफ्ट को बी कौसे फॉलो करते हैं उस यूनिवर्सिटी में, वह लोग जो वहां रहते नहीं, मगर part टाइम कोर्स करते हैं.
तो आरव वो हु सब करते और ऑफिस से उन् लोगों ने उस्सको ड्राइव करके उसस्के विप होम में लगाए जो क्लासेज से 3 किलोमीटर्स के दूरी पर था मगर यूनिवर्सिटी के कैंपस में hi. वहां पर उस यूनिवर्सिटी के अंदर hi कैंपस में फ्री ट्रांसपोर्ट फैसिलिटीज हैं स्टूडेंट्स के लिए अपने घर या अपार्टमेंट से क्लासेज तक सफर करने के लिए. वो बिल्कुल एक छोटा शहर जैसा जगह था.
जब आरव घर के अंदर पहुंचा तो सुबह के 4 बज चुके थे तो उस्सने खुद सोचा के इस वक़्त सान्वी को मैसेज करके वो डिस्टर्ब करेगा तो कांटेक्ट नहीं किया उस्सको और सोने चला गया.
किनके वो एक दिन पहले वहां आया था उसस्के लिए पहला दिन फ्री था उस्सको क्लासेस ज्वाइन करना था एक दिन के बाद.
सान्वी हमेशा की तरह सुबह 5 बजे जाग गयी और देखा के आरव का कोई मैसेज नहीं है तो वो थोड़ा फ़िक्र करने लगी. अपने किचन के काम काज में लगी रही और चावला साहब उठे तो उंनसे कहा के आरव ने बिल्कुल कांटेक्ट नहीं किया अभी तक, पता नहीं वो ठीक से रीच हुआ या नहीं. तो चावला साहब ने कुछ फ़ोन्स किये, किसी से बात किये और सान्वी से कहा के वो वहां पहुँच गया सुबह 3 या 4 बजे और वो अपने घर में हैं वहां और आज फ्री है कल से क्लासेज को ज्वाइन करेगा. तो आज दिन में वो जरूर कांटेक्ट करेगा उस्सको.
सान्वी को चैन मिला यह सुनकर. और अब दिन में वो आरव की मैसेज या कॉल का वेट करने लगी. सान्वी को समझ में आगया के अगर सुबह 4 बजे वो सोने गया है तो दिन के 11 या 12 बजे उठेगा तो उसस्के बाद वो ज़रूर कांटेक्ट करेगा. तो सान्वी ने अपने सारे कामों को जल्दी से निपटाया औरु फ्रेश होकर अपने रूम में आरव की कॉल का वेट करने लगी. लैपटॉप को भी ों करके स्काइप पर भी लॉगिन कर लिया, और मोबाइल से व्हाट्सअप पर भी चेक कर रही थी.
और उधर जनाब 1.30 बजे सो कर उठे और 2 बजे सान्वी को एक मैसेज भेजा व्हाट्सअप पर यह लिख कर,
“ी ऍम ात थे कैंपस, आईटी इस ा हूजे प्लेस, अभी अभी सो कर उठा हूँ, ब्रेकफास्ट के बाद तुमसे चाट करूँगा ऑनलाइन रहना प्लीज. मऊवः”
सान्वी ने जब उसस्के मैसेज को देखा तो उस्सकी दिल की धड़कन अचानक तेज़ हुई और उसस्के मैसेज को पढ़के रिप्लाई नहीं किया क्यूंकि उस्सको पता था अभी रिप्लाई करना बेकार है क्यों के उस वक़्त तो आरव बाथरूम में होगा, तो सान्वी ने और वेट किया.
आधे घंटे बाद, आरव ने फिर लिख कर सेंड किया, “किधर हो? मेरा मैसेज नहीं मिला किआ? ी ऍम हेरे नाउ!”
मुस्कुराते हुए सान्वी ने लिख कर सेंड किया,
“मैं रात भर तुम्हारे मैसेज का वेट करती रही और तुम अब बात कर रहे हो! चलो कोई बात नहीं मुझे पता है तुम बहोत लेट वहां पहुंचे और सोने चले गए थे. सो हाउ अरे यू फीलिंग नाउ आरव?”
आरव ने कहा,
“ी ऍम फीलिंग वैरी वैरी गुड भाबी. आप ने बहोत ाचा सुझाव दिया के मुझे और पढ़ना चाहिए, यानन सब कुछ अलग हैं और मुझे यह जगह बहोत पसंद है, पक्का मुझे यहाँ रहना बेहद पसंद होगा.”
सान्वी ने लिखा कर सेंड किया,
“ग्रेट थें आरव, ी ऍम हैप्पी फॉर यू. मैं लगाकर पढ़ना और अच्छे ग्रेड से अपने ग्रेजुएशन पास करना.”
तब आरव ने लिखा,
“बूत भाबी हम क्यों टेक्स्ट कर रहे हैं बात क्यों नहीं कर रहे हैं? मैं कॉल करता हूँ आप को, वेट!”
आरव ने सान्वी को कॉल किया उसस्के मोबाइल पर.
सान्वी ने कॉल रिप्लाई करते हुए कहा, “हम्म किआ कहना है आरव?”
आरव: “भाबी आप की आवाज़ फ़ोन पर बिल्कुल डिफरेंट है, लगता है कोई और बात कर रही है हेहेहे!”
सान्वी ने हँस्ते हुए रिप्लाई किया,
“मुझे तो तुम्हारी आवाज़ शामे लग रहा है, तो बोलो अच्छी नींद आयी तुमको वहां?”
आरव: “यस भाबी खूब आराम से सोया मैं… भाबी अरे बाप रे बाप यह किआ जगह है, इतना बड़ा बाप रे बाप लगता है एक पूरा देश है यह कैंपस, मैं जहाँ पर हूँ नाह यहाँ से तो यूनिवर्सिटी के क्लासेज दिख hi नहीं रहे हैं, एक बड़ा मॉल है यहाँ से मुझे मॉल दिख रहा है मगर यूनिवर्सिटी नहीं, उन् लोगों ने कहा के मैं क्लासेज से 3 कंस दूर हूँ और बस से वहां जाना होगा मुझे, यहाँ यूनिवर्सिटी के फ्री बुस्सेस आते जाते रहते हैं, मॉल भी जाना चहुँ तो एक किसी भी बस में जा सकता हूँ वापस आ भी सकता हूँ बिना पेमेंट किये, किआ जगह है भाबी एकदम मस्त है बाप रे!!”
सान्वी ने हँस्ते हुए कहा, “हम्म्म तेरे पापा ने कहा था नाह के देश के सबसे बड़ा और 5-स्टार यूनिवर्सिटी है वो, इसी लिए वैसा है. चलो ी ऍम हैप्पी के तुमको सब अच्छा लग रहा है आरव, एक काम कर तू आज फ्री है नाह तो चारों तरफ घुमले वहां पता करले कौन सी चीज़ किश जगह पर है, किधर से तुझे गुज़ारना होगा, कौन सा रास्ता किधर जाता है सब पता लगाले आज फ्री हो तो.!”
तो बे कॉन्टिनोएड…………….