ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - SexBaba
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ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

hotaks

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Dec 5, 2013
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हे guyzzzz.ye मेरी पहली स्टोरी hai.kuch गलती हो तोह माफ़ कर dena.ye कहानी एक ऐसे लड़के की hai,jo अपनी गलतियां से सीखता gaya.kayi बाज़ियां हारी पर जिससे भी हारा उसे हरा के भी dikhaya.jisne कोई भी फैसला सिर्फ सही और गलत के आधार पर hi liya.jiske सोच ने उससे आत्मविश्वास दिया जिससे उससे मिले taqat.aisi ताक़त जिसका कोई सांई nahi.aur इन सब का कारन था उसका nazariya,uska "ऐटिटूड"....
 
अपडेट 1

"ATTITUDE".is शब्द का अक्सर लोग गलत मतलब निकलते हैं, GHAMAND!!!!Toh फिर ईगो क्या है???

ऐटिटूड का मतलब नजरिया होता hai.DHRISHTIKON होता hai.EGO तोह लगबघ हर किसी में पाया जाता hai.par ATTITUDE,Ye रखना

हर किसी की औकात नहीं.

तोह चलिए शुरू करते हैं ये SAFAR,JISME इस का मुख्या किरदार V.J आपको इस ऐटिटूड से रूबरू करवाएगा....

DHENKANAL..orrisa का एक छोटा सा town.par जबकि ये बात है तब ये बस छोटा था कोई टाउन nahi.san 1998,मई 24 रात के 11 baje,ek सरकारी हॉस्पिटल में एक लड़की ऑपरेशन टेबल के बीएड पर पड़ी thi.uski डिलीवरी का वक़्त हो गया tha.ladki इसिलए क्यूंकि वो महज़ 19 साल की thi.uske आस पास उसका अपना कोई ना tha.aisa नहीं की वो इस दुनिया में अकेली thi,uska पति tha,mata पिता थे भाई थे बेहेन thi.par उसके मइके वालों ने उससे नाता तोड़ दिया tha.aur पति एक सिविल इंजीनियर थे और इस वक़्त साइट पे गया the.us लड़की को असहनीय दर्द हो रहा tha.ussi वक़्त उसके पति हॉस्पिटल pahunche.apni बीवी की दर्दभरी आवाज़ उनके कान के पार्डन को झंझोर रही thi.doctor

ने उन्हें अंदर बुलाया और कहा की केस क्रिटिकल hai.wo माँ और बचे में किसी एक को hi बचा सकते hain.ladki के हस्बैंड को जैसे सदमा सा हो gaya.par कुछ वक़्त बाद खुदको मजबूत कर उन्होंने कहा की उन्हें उनकी पत्नी सही सलामत chahiye.bacha तोह फिर हो jayega.toh डॉक्टर ने कहा की अगर बच्चे को गिराया गया तोह उनकी पत्नी फिर कभी माँ नहीं बन पाएगी इतने दर्द में भी उस लड़की ने जब ये बात सुनी तोह उसका कलेजा कांप gaya.usne डॉक्टर से kaha,sir आप बचे को hi bachaiye,bas कोशिश कीजियेगा की मई कमसेकम अपने बचे को एक बार देख सकूँ इतनी साँसें मुझे dilwadijiyega.uska पति इसके लिए बिलकुल राज़ी नहीं था पर उस लड़की ने उससे अपनी कसम देकर अपनी बात मनवा li.bhare दिल से अपने औंसुओं को समेटे वो बहार चला गया.

दोनों ये बात नहीं जानते थे की उन्हें बादलों के ऊपर से मुस्कुराते हुए भगवन देख रहे थे.

उनकी पत्नी ने जब उनसे इसका कारण पूछा तोह उनकी मुस्कराहट और गहरी हो gayi.unhone kaha,ye बालिका नहीं जानती की इसके कोख में जो अंश है वो दिव्या hai.isse धरती पर लाने के लिए इसने अपने जीवन का त्याग करने तक का कठिन फैसला कर लिया hai.GODS WIFE-toh क्या वो मर jayegi!!!uski उम्र hi क्या hai.maa बनाना हर औरत के लिया एक गर्व की बात hai.aap कह रहे हैं की उसके गर्व में दिव्यांश hai.toh क्या वो ये गौरव महसूस नहीं कर paayegi.GOD-Maine ऐसा तोह नहीं kaha.mai तोह बस देखना चाहता था की क्या ये इस अंश इस दिव्या शक्ति को जन्म देने लायक hai.mujhe इसका जवाब मिल gaya.GODS WIFE-AISA KYUN?GOD-kyunki इसके बालक में मेरे शक्तियों का अंश hoga.par मेरे शक्तियों का कुछ अंश शैतान में भी hai.par उसने उसका सही उपयोग नहीं kiya.upar से अभी कलयुग है.

हर तरफ पाप hi पाप hai.aise में इसकी ताकत का सही मार्गदर्शन ज़रूरी hai.aur माँ से बड़ा गुरु कोई nahi.is लड़की का मन कोमल और सच्चा है और इरादे dhridh.mere अंश का पालन पोषण उसका उचित मार्गदर्शन ये ज़रूर पूरी निष्ठां से karegi.kuch समझ aaya.GODS WIFE-kuch kuch.aapki लीला आप hi jaane.BHAGWAN की मुस्करात और गहरी हो गयी.

इधर नीचे

डॉक्टर्स पूरी कोशिश कर रहे थे की ऑपरेशन सक्सेसफुल हो और बाचा और माँ दोनों बच jaayen?par वो जानते थे की ये मुमकिन नहीं...

बहार लड़की का पति गणपति बाप्पा के मूर्ति के आगे आंसूं बहाये अपने पत्नी और बच्चे की ज़िन्दगी की भीक मांग रहा tha.ab सरकारी हॉस्पिटल वो भी एक छोटी से जगह में, ऐसे में कोई प्राइवेट वार्ड साउंड प्रूफ ग्लासेज तोह होंगे nahi.us लड़की की दर्द से भरी चीखें हर तरफ गूंज रही thi.fir वो समय भी आया जब उस बचे का इस संसार में आना का वक़्त हो gaya.achanak मौसम बदलने laga.may का महीना वैसे तोह गर्मी का होता है और वो दिन भी कुछ अलग न था ना hi रात अलग thi.par अचानक बिजलिये कड़कने lagi.hawa ने रफ़्तार पकड़ ली मनो दुनिया को hi उदा देना चाहती ho.mahol काफी रहस्यमयी लगने laga.logon को समझ नहीं आरहा था की ये हो क्या रहा hai.andar डॉक्टर्स अपने काम में लगे the.ladki के सर के पास एक नर्स थी जो उससे पुश push(dhakka) देने को कह रही thi.achanak एक ज़ोरदार चीख के साथ वो लड़की बेहोश हो gayi.aur उसी वक़्त लाइट भी चली gayi.par उससे पहले hi डॉक्टर्स ने बच्चे को खींच liya.bache का जन्म ठीक 12.01 मिनट में hua.jo की अति शुभ था क्यूंकि ये एक ब्रम्ह मुहूर्त tha.par ये क्या बचे के बहार आते hi हर तरफ एक रौशनी फैले gayi.aur बहार बारिश शुरू हो gayi.jaise आसमान भी ख़ुशी मन रहा ho.idhar अंदर कुछ भी देखा नहीं जा सकता tha.kuch पल के बाद रौशनी अपने आप काम होने लगी और फिर ख़त्म हो गयी और तभी लाइट भी आ gayi.kisi को कुछ समझ नहीं आ रहा था की ये हुआ क्या akhir!!!doctors की नज़र जब बचे पे गयी तोह उन्होंने देखा की बचा उन्हें hi देख रहा hai.saari मेडिकल टीम जो उस रूम में थी वो भी बचे को देखने डॉक्टर के पास आ गए पर सभी चौंक गए. क्यूंकि बचे की आँखें काफी बड़ी और गहरी थी और वो डॉक्टर को अपनी गहरी काली नज़रों से तुक तुक देख रहा tha.wo रो नहीं रहा tha.uske चेहरे पे एक अजीब सी शांति thi.sab उस बचे में खो से gaye.par बचे ने पाकले जपकायीं और जैसे सब अचानक होश में आ gaye.kisi को कुछ भी जो भी हुआ था याद न raha.roshni का होना बचे का ना रोना कुछ nahi.par फिर एक नर्स की नज़र उस लड़की पर gayi.uski हालत बोहोत ख़राब लग रही thi.doctor ने भी गौर किया और उसके नब्ज़ को अपने हाथ में लेकर चेक kiya.doctor समझ गया की ये अब बच नहीं payegi.uski नब्ज़ बोहोत धीरे चल रही थी या ये कहें की ना के बराबर चल रही thi.doctors ने लड़की के पति को bulwaya.usse जब पता चला की उसकी पत्नी बस चाँद लम्हो की मेहमान है तोह वो खुद को संभल नहीं पाया और फूट फूट के रोने laga.usse समझ नहीं आ रहा था की वो किसको दोष de.apni बीवी को जिसकी ज़िद के आगे वो हार गया या उस बचे को जिसकी वजह से उसकी पत्नी अब नहीं bachegi.wo सोच hi रहा था की नर्स उसके बचे को लेकर उसके पास aayi.congratulations बोलके बचा पकड़ा कर चली gayi.bache पे नज़र जाते hi उसके सारे सवाल सारे दोष गायब हो gaye.wo भी बचे की सुंदरता उसके आँखों की गहराई में खो सा gaya.doctor की आवाज़ से उससे होश aaya.doctor ने कहा की उनकी पत्नी की साँसें कभी भी रुक सकती hain.wo चाहती थी की मरने से पहले एक बार अपने बचे को देख le.toh आप बचे को उनके पास छोड़ den.bhari कदमो से वो आदमी अपने बचे को अपनी पत्नी के सिरहाने लेता दिया और बहार आ बेंच पर बैठ gaya.usse बर्दाश्त नहीं हो रहा था.

चलिए अंदर का हाल भी जान लेते हैं

बचे की माँ बेसुध अवशता में लेती हुई thi.bacha बाजु में लेट हाथ पौन चला रहा था.

पर अचानक एक चमत्कार hua.hua ये की हाथ चलते चलते बचे का हाथ उसकी माँ के हाथ या ये कहें नब्ज़ से टकरा gaya.aur हाथ के लगते hi लड़की के शरीर को एक झटका laga.uski नब्ज़ से होते हुए वो झटका उसके साइन तक गया और उसकी धड़कन तेज़ हो गयी और फिर नार्मल हो gayi.ladki के चेहरे का थकन दूर हो गया और ऐसा लगने लगा जैसे वो बस सो रही hai.kuch देर बाद नर्स आयी तोह उसने भी ये नोटिस kiya.wo तुरंत डॉक्टर को बुला layi.doctor आये और जब लकी का नब्ज़ चेक किया तोह शॉक हो gaye.phir भी संसृस्टि के लिए उन्होंने उसकी आँखें चेक की तोह और चौंक गए क्यूंकि वो लड़की सिर्फ सो रही thi.unhe कुछ समझ नहीं aaya.wo बहार आये और उस लड़की के हस्बैंड को ढूंढ़ने lage.wo कुछ दूर हॉस्पिटल के स्टार्ट के एक बेंच पे बैठा tha.doctor उसके पास गए और सब बता diya.usse भी यकीं नहीं hua.par भागते हुए जब अंदर गया और अपनी पत्नी को देखा तोह पहले तोह शॉक हो gaye.fir ख़ुशी से चिल्ला uthe.MINUUUU...ji हाँ यही है उस लड़की का naam.shock इसीलिए हुए क्यूंकि मीनू को होश आ चूका था और वो अपने बचे को गोद में खेला रही thi.wo दौड़के अपनी पत्नी के पास गए और एक साइड से मीनू को गले लगा liya.minu के भी ख़ुशी से आंसू निकल gaye.wo जानती थी की उसके फैसले ने उसके पति को कितना दर्द दिया hoga.kuch देर ऐसे hi रहने के बाद दोनों अलग hue.ab दोनों hi बेहद खुश de.akhir माँ बाप जो बने the.unka घर भी अब रोशन हो चूका था.

इंट्रो इन थे नेक्स्ट अपडेट.
 
अपडेट 2...

इंट्रो.....

HERO'S FATHER'S NAME-JAIRAJ SINGH.YOUNG,JUST 23 इयर्स OLD(HERO के बिरथ टाइम के हिसाब SE)HEIGHT 5'11,SMART,FIT बॉडी बूत NO 6 PACKS(US वक़्त सिक्स पैक्स का क्रेज नहीं THA)OCCUPATION-CIVIL इंजीनियर बूत सपना है खुद का बिज़नेस स्टार्ट करने KA.YE बचपन से HI अनाथ HAIN.ANATH आश्रम में रह कर HI पढाई KI.INHONE बोहोत स्ट्रगल किया है लाइफ ME.YE आज जहाँ भी हैं अपने दम पे HAIN.INKA एक और सपना है की जो ज़िन्दगी ये ना जी पाए वो उनका बीटा जिए.

HERO'S MOTHER'S NAME-MINAKSHI जयराज SINGH.JUST स्वीट 19.B.COM प्रीवियस प्राइवेट में कर रहीं HAIN.A प्राउड वाइफ एंड नाउ ा लकी मदर TOO.COLUR कम्प्लेक्सीओं पिंक WHITE.BEAUTIFUL फेस

ब्राउन EYES.DIL की सॉफ्ट पर उतनी HI CONFIDENT.INKI लव मैरिज हुई HAI.INKE परिवार वालो को मंज़ूर नहीं THA.AUR जैसा की अक्सर होता है मोहोब्बत ने रिश्तों को मात DEDI.INHONE अपने मोहोब्बत के साथ भाग कर शादी KARLI.JAB वापस घर गए तोह घर वालों ने चेहरा देखने तक से इंकार कर DIYA.AB ये घर से दूर अपने नए आशियाने में खुश HAIN.PAR घर की याद तोह आती HI है NAA..EK आस एक दुआ है इनकी खुदा से की इनके घर वाले इन्हे वापस अपना लें....

हीरो ऑफ़ थे STORY-VIKRAM जयराज सिंह...

यानि की MAI.URF V.J.

ये नाम मेरे दोस्तों ने रखा है मेरा और अब मेरी पहचान बन गयी है.

मई कैसा हूँ क्या हूँ क्यों हूँ ये आपको आगे चलकर पता चल जायेगा.

अरे भाई अभी तोह पैदा HI हुआ हूँ ना....

(NOTE.DOSTON अभी एक HI जगह का नाम लिया है DHENKANAL.WO सच में एक जगह HAI.PAR आगे जो भी सिटी टाउन या गाओं का नाम आएगा काल्पनिक HOGA.MERE दिमाग की उपज HOGI.TAAKI जो भी इससे पढ़े अपने अपने सोच के हिसाब से रंग भरे.

इसका भी एक अलग HI मज़ा HAI.TOH चलिए चलते हैं वापस कहानी में)

क्यूंकि डिलीवरी नार्मल हुई थी 48 घंटों में hi डिस्चार्ज मिल gaya.magar इन 48 घंटों में कुछ कुछ अजीब भी हुआ tha.meenu कमज़ोर थी इसीलिए उससे बार बार नींद आजाती thi.par जब जब मीनू सोती थी उसके सपने में एंगेल्स आते the.aur उसके नई बोर्न बेबी के पलने के पास बैठ कर गाने गाते the.usse देख मुस्कुराते the.isse मीनू की नींद टूट जाती thi.pehli बार तोह उससे ये महज़ सपना hi लगा पर जब यही सपना बार बार आया तोह वो कुछ परेशां हो gayi.akhir माँ जो thi.usne ये बात अपने पति जयराज को बताई पर उन्होंने इससे ittafaq,delivery के बाद थकन से दिमाग का कमज़ोर होना बोल कर ताल diya.par एक बात उन्हें भी अजीब लग रही thi.baat ये थी की उनका बीटा इन दो दिनों में एक बार भी रोया नहीं tha.bas शांत रहता था जैसे कुछ सोच रहा ho.bas जब उसकी माँ या वो खुद उससे गोद में लेते थे तब हल्का सा मुस्कुरा देता tha.do दिनों के बाद वो अपनी पत्नी और बचे के साथ सर्किट हाउस वापस आ गए.

चलिए इनके घर के बारे में बताता hun.ye एक सर्किट हाउस में रहते the.ye एक कंपनी का दिया बड़ा सा घर था जहाँ सिर्फ उस कंपनी के सिविल इंजीनियर रहते the.ye एक किसम का खूबसूरत सा बांग्ला tha.ye एक डुप्लेक्स tha.jisme कुल तीन बेडरूम्स थे जिनमे बाथरूम्स अटैच्ड the.do नीचे और एक upar.iske अलावा एक स्टोर रूम किचन और एक बड़ा सा हॉल tha.ghar के बहार छोटा सा lawn,garden और लेफ्ट साइड में सर्वेंट्स क्वाटर tha.right साइड में एक गेराज था.

तीनो सुबह hi घर पहुंच गए the.jairaj काम के मामले में बोहोत ईमानदार और स्ट्रिक्ट थे पर बाकि के वक़्त वो एक बेहद मिलनसार व्यक्ति the.gahr के नौकरों को भी अपना hi मानते थे.

सारे नौकर अपने छोटे मालिक को देखने के लिए बोहोत उत्सुक the.aur जब बचा उनके सामने आया तोह सब बेहद खुश हो gaye.abhi तक एक बात किसी ने गौर नहीं की थी यहाँ तक की मीनू और जयराज ने भी नहीं.

कमला नाम की उनकी एक नौकरानी थी.35 की thi.bechari उस उम्र में hi विधवा हो गयी thi.koi बचा भी नहीं था. कमला बोहोत ज़्यादा धार्मिक थी और टोना कला जादू चमत्कार इन सबमे विश्वास रखती thi.kabhi कभी मीनू भी जब अकेली होती थी तोह उससे बात कर किया करती thi.uski बातें काफी रोचक हुआ करती thi.kamla मीनू को अपने अपने अलग अलग अनुभवों के बारे में बताती थी जो मीनू बड़े मज़े से सुनती thi.minu को ईश्वर में आस्था तोह थी पर जादू और चमत्कारों में उससे विश्वास न tha.wo बस टाइमपास के लिए कमला की बातें सुन लिया करती थी. जब कमला ने बचे को देखा तोह उससे लगा जैसे कोई शक्ति है जो उससे अपने तरफ खींच रही hai.kamla बचे के थोड़ा पास आ गयी और ध्यान से देखने lagi.usse बचे के मुख पे बोहोत तेज नज़र aaya.dekhte देखते अचानक उसकी नज़र बचे के बाएं पेअर के अंगूठे पे पड़ी तोह वो चौक gayi.dhyan से देखने पर उसका शक यकीं में बदल gaya.bache के बाएं पेअर में पांच की जगह 6 उंगलिया thi.usme भी आखिर की तीन उँगलियाँ एक साथ जुडी thi.usse ये अजीब laga.usne जब ये बात मीनू और जयराज को बताई तोह उन्होंने भी देखा तोह वो भी शॉक होगये की अबतक उन्होंने खुद ये कैसे नहीं देखा था.

Kamla-malik,malkin ये एक बोहोत hi शुभ संकेत है

Minu-tu फिर शुरू होगयी कमला.

Kamla-arre मालकिन विश्वास kare.acha एक बात batayen.chote मालिक का जन्म कब और कितने बजे हुआ था.

मीनू-25 मई यानि parso,raat के 12 बजके एक मिनट me.kyun?(jairaj ने मीनू को बचे के पैदा होने का वक़्त बता दिया था.)

कमला फिर चौक gayi.malkin मुझे पहले सिर्फ शक था पर अब यकीं हो गया है की छोटे मालिक बोहोत तेजस्वी hain.kyunki परसो रात बारह बज के एक का वक़्त ब्रम्हा मुहूर्त tha.aur उसी वक़्त छोटे मालिक भी पैदा hue.ho न हो ये कोई बोहोत बड़ा चमत्कार hai.par मीनू और जयराज इससे मात्रा एक संजोग मान रहे थे.

Kamla-thik है malkin.mai एक काम करती hun.mere पहचान में एक बोहोत hi ज्ञानी बाबा हैं विषाक्त ऋणी बाबा मई कल उन्हें बुला लती hun.apko बचे का नाम कारन तोह करना hi है naa.unse बेहतर इस काम के लिए कोई न hoga.aur लगे हाट मेरी बात की भी पुष्टि हो जाएगी.

Minu-kyun जी आप क्या कहते हैं???

Jairaj-yaar मुझे इनसब बातों में विश्वास तोह नहीं है पर हाँ नाम कारन तोह करना hi hai.aur जिनका ये नाम ले रही है उनका नाम भी सुना है maine.mera सुपरवाइजर भी उनका गन गान करता रहता hai.chalo इसी बहाने उनसे भी मिल lenge.pata चल जायेगा की बाबा सच में ज्ञानी हैं या कोई ढोंगी...

Kamla-thik है malik,toh मई कल सुबह hi उन्हें बुला लेती हूँ...

"क्या होगा KAL?KYA बाबाजी सच में ज्ञानी हैं या कोई DHONGI!!!KYA ये बचा सच में अनोखा है!6 उँगलियों का क्या रहस्य HAI.JAANENE के लिए साथ बने रहिये..."

 
अपडेट 3

रात गुज़री और सूर्य उदय के साथ एक नए सुबह का आगमन hua.waise तोह फ़िलहाल गर्मी के दिन थे पर आज का मौसम hi कुछ अलग tha.hawa में बिलकुल भी गर्माहट नहीं thi.sheetal हवा मन और तन दोनों को बोहत रहत पहुंचा रही thi.lag hi नहीं रहा था की गर्मी का मौसम चल रहा है.

अब चलते है अपने हीरो के घर की तरफ...

अरे वाह यहाँ तोह त्यौहार सा आलम tha.pure घर को फूलों से सजाया गया tha.ghar के बहार अलग अलग रंगोली बानी हुई थी मानो दीपावली का त्यौहार ho.par आज का दिन तोह मीनू और जयराज के लिए किसी भी त्यौहार से ऊपर tha.aaj उनके घर के चिराग का नाम जो रखा जाने वाला tha.subah के 10.30 बज रहे the.minu अपने कमरे में आईने के सामने कड़ी हो साड़ी पेहेन रही thi.ye एक हरी कांजीवरम की साड़ी थी जो मीनू की ख़ूबसूरती में चार चाँद लगा रही thi.jairaj बहार हॉल में the.decorations में नज़र रख रहे the.kaam सारे लगभग हो hi गए the.jairaj को भी हलकी थकावट हो रही thi.wo सुबह से hi घर सजाने में लगे हुए the.waise तोह एक सिविल इंजीनियर के घर में नौकरों की भीड़ रहती है पर जयराज एक सेल्फ मेड मन the.jo स्ट्रगल उन्होंने अपनी लाइफ में करि थी उसने उन्हें इतने बड़े ओहदे में पहुँचने के बाद भी काफी डाउन तो एअर्थ रखा tha.unhe ज़्यादार काम खुद hi करना पसंद था और आज तोह उनके nazar-e-noor उनके बचे का नाम कारन tha.wo तोह दोगुने जोश से सारे सजावट में हाथ बता रहे the.ek और कारन ये भी था की उनकी वाइफ अभी अभी डिलीवरी के बाद हॉस्पिटल से वापस आयी thi.unka जिस्म फ़िलहाल कमज़ोर tha.jairaj उन्हें बिलकुल भी मेहनत नहीं करने देना चाहते the.pyar जो बेशुमार करते थे अपनी पत्नी se.khair,kaam सारे लगभग पुरे हो गए थे तोह जयराज भी तैयार होने अपने रूम पहुँच गए.

पर रूम में घुसते hi जो नज़ारा उनके आँखों के सामने आया उससे वो वहीँ ठिठक कर रूक gaye.unki आँखें भी पलके झपकना भूल gayi.minu अपना श्रृंगार लगभग पूरा कर hi चुकी thi.bacha पैदा करने के बाद, थकन के बावजूद मीनू का जो रंग सामने निखार कर आया था वो जयराज को घायल करने के लिए काफी tha.aur अभी तक तोह जयराज ने आईने में hi सिर्फ मीनू के अक्स को hi देखा था और ये हाल हो गया अभी तोह असली हमला बाकि tha.aur वो भी हो hi gaya.final तोचुप के बाद मीनू जब पलटी तोह सामने जयराज को खड़े paya.minu के पलटते hi उसकी ख़ूबसूरती जयराज के सामने thi..jairaj को ऐसा लगा जैसे कोई अप्सरा आसमान से उतर उसके सामने कड़ी hai.khudko ऐसा घूरते देख मीनू को कुछ समझ नहीं aaya.usne आंखों से इशारा किया की क्या hua?par जवाब कुछ अलग hi अंदाज़ में मिला मीनू ko.jairaj ने यूँही बेखुदी में कहा की

"तेरी उम्र तोह वही रूक gayi,hum बड़े हो गए,

ये यह नाइंसाफी है.

हमे मारने के लिए किसी हैठियार की ज़रुरत नहीं,

तेरा ये रूप hi काफी है...."

अपने लिए तारीफ़ सुन मीनू के गोर गाल लाल हो gaye.shadi को उनके 1 साल होचुका था पर जानते वो एक दूसरे को 4 सालों से the.jairaj का प्यार उसकी दीवानगी इतने सालों में ज़रा भी काम नहीं हुई thi.the तोह वो हस्बैंड वाइफ बूत रहते लवर्स की तरह hi थे.

Minu-dhat.aap कहीं भी शुरू हो जाते ho.abtoh शर्म karo,ek बचे के बाप बन गए ho.minu की बात पर जयराज ज़ोर से है pade.phir बोले

Jairaj-darling,agar शर्म करते तोह बाप कैसे bante.bhai हम तोह आपके आशिक़ hain,apki तारीफ़ करना हमरा हक़ है.

Minu-bade आये तारीफ़ करने waale,chaliye jaiye,babaji के आने का वक़्त हो गया hai.unhe इंतज़ार करना ठीक नहीं.

जयराज ने भी ये ठीक samjha,aur तुरंत बाथरूम में घुस gaye.minu अपने बचे के पास जाकर बैठ gayi.ab tak.usne भी गौर किया की ना तोह उसका बचा एक बार भी रोया है ना उससे भूक लगी hai.par जब भी दूध खुद से पिलाओ पिता hi चला जाता hai.thoda अजीब तोह था ये सब पर मातृ प्रेम ने इस सोचको गहराने न diya.minu ने कुछ देर तक बचे को दूध पिलाया फिर उससे पलने में रख उससे निहारती rahi.bacha भी शांत मुद्रा में बिन पलके झपकाएं अपनी माँ को देखता raha.idhar कमला विषाक्त ऋणी बाबाजी को लेकर घर की तरफ निकल चुकी thi.unka घर पास hi tha.waise भी ये टाउन छोटा सा tha.saari जगह आस पास hi thi.kuch दस मिनट के अंदर hi बाबाजी और कमला घर के द्वार तक पहुँच gaye.babaji का मुख एक दम शांत था जैसे उन्होंने ज़िन्दगी नमक पहेली की गुथी सुलझा ली ho.baba ने जैसे hi बहार के गेट के अंदर पाँव रखा वैसे hi उनके दिल की धड़कन बढ़ gayi.ek अजीब सी व्याकुलता से उनका मन भर gaya.unhe लगा जैसे उनकी बरसो की प्रतीक्षा ख़त्म होने वाली hai.wo वहीँ रुक गए और आँखें बंद कर li.baba विषाक्त के आने की खबर आस पास के घरों में भी फैले चुकी thi.sab उनके दर्शन हेतु जयराज के घर के पास पहुँच गए the.kuch जो जान पहचान के थे वो गेट के अंदर hi डेरा डाले खड़े the.babaji को यूँ अचानक रूक आँख बंद कर ध्यान करने जैसा देख कर सबको अजीब laga.kamla जो बाबा के आगे आगे चल रही थी उसने अचानक पीछे मुड़के देखा तोह बाबा को आँख बंद कर खड़े paya.wo भी उनकी और वापस चल di.idhar बाबाजी आँख बंद कर किसी और hi दुनिया में पहुँच गए the.wo खुद वहां नहीं पहुंचे थे बल्कि किसी अज्ञात शक्ति ने उन्हें वहां अपने पास बुलाया tha.har तरफ कोहरा tha.babaji को कुछ नज़र नहीं आ रहा tha.fir धीरे धीरे वो धुंध हटा और जो सामने आये उससे देख बाबाजी को अपनी आँखों पे विश्वास नहीं hua.wo अपने घुटनो पे गिर gaye.kyunki उनके सामने स्वयं परम पिता परमेश्वर the,jo बाबाजी को देख मुस्कुरा रहे थे.

Babaji-hey परम कृपालु, परम पूज्य पिता parmeshwar,hey भगवन आपने मुझे पुनः दर्शन diye.(jee हाँ punah,pehle भी ये भगवन से मिल चुके hain,kaise?bas अभी पता चल jayega.)hey prabhu,kya मेरे गुनाह माफ़ हो gaye.kya अब मुझे मोक्ष मिल जायेगा!!!

(दोस्तों चलिए कहानी थोड़ा पीछे ले चलते हैं...)

बात अबसे कुछ हज़ारों साल पुराणी hai,kalyug ने दुनिया में पाऊँ पसरा नहीं tha.us वक़्त बाबा विषाक्त ऋणी तपस्या में लीं the.sadiya बीत चुकी thi,najaane कितने hi मौसम बदले पर विषाक्त बाबा पर इसका कोई असर नहीं hua.samay बीतता gaya,tapasya और कठिन होती गयी पर बाबाजी तस से मास नहीं hue.phir वो दिन भी आया जिसके लिए बाबा इतने कठिन तप कर रहे the.param पिता परमेश्वर को उनकी ये ढृढ़ता अछि लगी और वो बाबा के आगे प्रगट हुए.

BHAGWAN-putra vishakht.utho putra.ankhen kholo.mai तुम्हारी तपस्या से प्रसन्न hua.ankhen खोलो और मानगो क्या चाहते हो.

विशाखत बाबा ने आँखें खोली और जब भगवन को सामने देखा तोह ख़ुशी से झूम uthe.apneaap को भगवन के चरणों में झुका पहले सास्टांग प्रणाम kiya.phir उठ कर bole.prabhu,mai धन्य hogaya.kya मई आपसे कुछ भी मांग सकता हूँ.

BHAGWAN-nisankoch होकर मानगो putra.par ध्यान रहे जो भी तुम मानगो उसमे जगत कल्याण हो न हो किसीका नुक्सान नहीं होना चाहिए.

VISHAKHT-avashya prabhu.par क्या मई दो वरदान मांग सकता हूँ!!!

BHAGWAN-thik है putra,mango.

VISHAKHT-PRABHU मई इस संसार का सबसे ज़्यादा ज्ञानी मनुष्य बनाना चाहता hun.aisa कुछ न हो जो मुझे ना पता ho.na कोई मंत्र न कोई रोग और उसका upchaar.aur दूसरा वरदान ये की मई जब भी चहुँ आपसे ध्यान में जाकर बात कर सकूँ.

BHAGWAN-TATHASTU...

ये कह भगवन अदृश्य हो गए.

विशाखत बाबा भी इसके बाद वहां से अंतर्ध्यान हो अपने नगर सोरमपुर (काल्पनिक)

चले gaye.jaane कितनो युगों से बाबा विषाक्त अपनी तप में लीं the.wo तोह अपने तब के बल पर अब भी जवान hi the.par उनके घर वाले अपना जीवन चक्र पूरा कर नजाने कब का ये संसार छोड़ चुके the.baba विशाखत जब घर पहुंचे तब उन्हें इस कड़वे सच का बोध hua.unhe इस बात का बोहोत दुःख हुआ और वो वहां से अंतर्ध्यान हो gaye.aur वो पहुंचे भारत के उत्तरी भाग में पहाड़ों के बीच बेस एक गाओं में जिसका नाम था SILHARPUR.ye एक बोहोत hi सुन्दर गाओं tha.sabhi सुख सुविधाओं से bharpoor.yahan एक तरफ झरने the,Dusri तरफ लहलहाते khet.yahan की ज़मीन बोहोत उपजाऊ थी जिसके चलते खेती बोहोत अच्छी होती thi.aur यहाँ का कमाई का महत्वपूर्ण श्रोत भी यही tha.baba विशाखत अंतर्ध्यान हो सीधा यहीं pahunche.unke हृदय में जो परिवार वियोग के कारन दर्द था यहाँ आकर कुछ काम hua.yahan उनके मन को एक अलग hi शांति mili.unhone वहीँ आगे का जीवन बिताने का निर्णय liya.iska एक कारण और भी tha.SILHARPUR में जड़ीबूटी प्रचुर मात्रा में thi.ause पौधे और पेड़ थे जिनसे नजाने कितने रोगो का उपचार हो सकता tha.par इसकी जानकारी किसीको न थी.

पर बाबा विशाखत की बात कुछ और thi.bhagwan से वरदान पाकर अब वो सर्वज्ञानी हो चुके the.jagah देखते hi उनकी दिव्यदृष्टि से कुछ न चुप saka.unhone वहीँ गाओं से कुछ hi दूर एक कुटिया बना रहने लगे.

जहाँ वो रहते थे वहीँ एक नदी बहती thi.ek दिन जब बाबा विशाखत वहां स्नान कर रहे थे तोह उन्हें नदी के पास पत्थर के पीछे कुछ कपडा सा dikha.jab बाबा पास गए तोह उन्होंने देखा की वहां एक लड़की थी जो मूर्छित हो गयी thi.par फिर भी कांप रही thi.baba उससे उठा अपनी कुटिया में ले आये और पास hi के कुछ पत्तों को तोड़ औषधि बना उसका लेप लड़की के मष्तिष्क में लगा मंत्र ुचरणां करने लगे

"दृणना उपचर्या नमः"....

कुछ hi देर में एक रौशनी का गोला बाबा के हाथ से निकल लड़की के मस्तिष्क से होते हुए उसके अंदर चला gaya.kuch hi वक़्त में उससे होश आ gaya.thik तोह वो औषधि से hi हो गयी थी पर मन्त्रों से उसकी शारीरिक शक्ति तुरंत लौट aayi.wo बाबा को धन्यवाद् कर घर चली gayi.ghar पहुंची तोह उससे उसके परिवारवाले बैठे मिले जो काफी उदास दिख रहे the.ladki को देख वो खुश hogaye.mel मिलाप के बाद लड़की की माता ने उससे पूछा वो सुबह से कहाँ thi.ladki ने बताया की वो नदी की तरफ यूँही घूमने निकल गयी thi.pani में खेलते खेलते उसका पेअर फिसला और उसका सर एक पत्थर से takraya.wo मूर्छित हो gayi.fir बाबा के बारे में भी बता diya.wo उस गाओं के एक धनि घर की बेटी thi.phir क्या था ये बात हर जगह फ़ैल gayi.uske घर वाले बाबा का शुक्रिया करने उनके कुटिया में gaye.us धनि व्यक्ति के घर में लड़की के दादा को कोढ़ हो गया tha.bohot जगह कोशिश की पर कोई उन्हें ठीक ना कर saka.us धनि व्यक्ति ने बाबा से पूछा की क्या वो अपने पिता को एक बार देखेंगे तोह बाबा ने हाँ कहा और उससे भी चाँद पलों में hi ठीक कर diya.fir क्या था बाबा की ख्याति चरों दिशाओं में गूंजने lagi.dur दूर से लोग अपने रोग मुक्त करने बाबा के पास आने लगे यहाँ तक की राजघरानो से भी और हर कोई ठीक होकर hi jata.Baba विशाखत की लोग भगवन से तुलना करने lage.aur यहीं से शुरू हुई बाबा की दुर्दशा की shuruwat.baba विशाखत को खुद के ऊपर गुमान होने laga.vinamrata आदर सब कुछ धीरे धीरे बाबा विशाखत के व्यवहार से विलुप्त होने laga.ab बाबा हर किसीका इलाज नहीं करते थे .केवल राजघरों से आये लोगों का या धनि व्यक्तियों का hi वो उपचार करने lage.kutiya की जगह एक भव्य आश्रम ने ले li.baba के सेवा में इतने सेवक रहने लगे जितना किसी राजा के पास भी न थे.

अपडेट 4...

ऐसे hi दिन बीतने lage.ek दिन बैकुंठ रीती राज्य से ऋषि विशिष्ट अपनी पुत्री आरती के साथ बाबा विशाखत के आश्रम padhare.par उन्हें काफी इंतज़ार करना पड़ा क्यूंकि बाबा विशिष्ट के ये आराम करने का वक़्त tha.rishi विशिष्ट को क्रोध तोह आया पर अपने पुत्री की वजह से वो चुप rahe.aarti को जड़ी बूटी औषद्या में बोहोत रूचि thi.unhone बाबा विशाखत का बोहोत नाम सुना tha.toh अपने पिता से ज़िद कर उन्हें ले बाबा विशाखत से मिलने चली aayi.kafi देर बाद बाबा विशाखत aaye.unki नज़र आरती पर जैम gayi.ye बाबा अब पहले वाले बाबा तोह थे nahi.jahan पहले कोमल हृदय था अब उसमे मक्कारी आ गयी thi.jin आँखों में श्रद्धा थी अब उसमे आरती के लिए हवस दिख रही thi.par उन्होंने अपनी मानदशा चेहरे पे दिखने नहीं दी.

उन्होंने बड़े आदर से ऋषि विशिस्टा को baithaya.rishi विशिस्टा का करोरध बाबा विशाखत के व्यवहार से शांत हो गया. ऋषि विशिस्टा ने अपने आने का कारन बाबा को बताया की उनकी पुत्री यहाँ उनकी शिष्य बन कर रहना चाहती hai.baba विशाखत खुश हो gaye.wo भी तोह यही चाहते the.ek गहरी नज़र आरती के बदन को देखकर ऋषि विशिष्ट को बाबा ने अपनी सहमति दे di.rishi विशिष्ट अपनी पुत्री सौंप वापस चले gaye.baba ने आरती को उसका कमरा दिखा दिया.

आरती एक 18 वर्षीया चर्चरी बदन वाली सुन्दर लड़की thi.uska यौवन अपने ज़ोर पे tha.par जितनी वो खूबसूरत थी उतनी hi शांत और कोमल bhi.uske पिता ने उससे बोहोत hi अचे संस्कार दिए the.kuch दिनों में hi इस बात को बाबा विशाखत भांप भी gaye.unhone बोहोत कोशिश की आरती को इम्प्रेस करने ki.alag अलग मंत्र पढ़ते चमत्कार dikhate.aushadhiyon के बारे में नयी नयी बातें सिर्फ आरती को बताते ताकि उसके करीब जा सकें पर आरती बस काम से काम rakhti.aur चमत्कारों का भी उसपे कुछ ख़ास असर नहीं hota.baba विशाखत ये नहीं जानते थे की ऋषि विशिष्ट एक सिद्ध पुरुष है और ऐसे चमत्कार आरती बचपन से hi देखते आ रही है.

एक बात और भी थी की आरती बोहोत तेज़ thi.rijhaane के चक्कर में बाबा विशाखत ये नहीं देख पाए की उनकी साड़ी विद्या आरती एक बार में hi सिख लेती thi.mantron का उपयोग उससे नहीं आया था पर औषधियों का पूरा ज्ञान उसने प्राप्त कर लिया था.1 वर्ष बीत gaya.baba अपनी कोशिशें आरती के ऊपर करते रहते थे पर आरती बस अपने काम से काम रखती थी.

एक दिन बाबा विशाखत अपने कमरे में विश्राम कर रहे थे तभी एक सेवक आया

Sevak-baba vishakt,aapse मिलने तालिन्दा देश के महाराज आये है.

बाबा vishakht-unse कहो इंतज़ार करें हम आ रहे है.

सेवक चला गया और बहार महाराज को ये खबर दे दी

(दोस्तों जिन चरक्टेर्स को रोले नहीं मई उनका नाम नहीं लिख रहा हूँ)

कुछ समय पश्चात बाबा विशाखत बहार आये और महाराज से मिले और आने का कारन पूछा.

Maharaj-guruwar,kripya कर मेरी सहायता kijiye.mere कुल के सभी बचो को ऋक्ष रोग हो गया hai(is रोग में जो भी खाओ उलटी हो जाती ह और बदन भी सुख जाता है)

मई बड़ी आस लेके आपके पास आया हूँ.

बाबा vishakt-rajan चिंता की कोई आवश्यकता नहीं hai.hamare पास सभी रोगों का उपचार है पर आप बताइये इससे हमे क्या लाभ होगा!

Raja-prabhu आप बताइये आपको क्या चाहिए.

मई अपने वंश के लिए कोई भी कीमत दे सकता हूँ.

बाबा vishakht-apko हमें अपने राज्य का हिस्सा देना होगा.

कहिये क्या आपको मंज़ूर है.

राजा थोड़ा चौंक गए क्यूंकि उन्होंने ये नहीं सोचा था पर कर भी क्या सकते the.unhone हाँ कह दिया.

बाबा vishakht-maharaj इस रोग की औषधि हिमालय की एक घाटी में hai.wahan पोहोचना आसान nahi.hum अंतर्ध्यान होक भी बस उस जगह की सीमा तक hi जा सकते हैं उसके आगे पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से बने रुवदू पेड़ों का जंगल hai.wahan से हमे चल कर आगे जाना hoga.isme कुछ वक़्त lagega.(RUVADU एक पेड़ है जिसमे जीवन देने की शक्ति है और भी अलौकिक शक्तियां है जिसके बारे में विस्तार में आगे पता चलेगा)

आप निश्चिंत होकर अपने राज्य प्रस्थान करें हम औषधि लेकर आपके पास पोहोचते हैं.

Raja-thik ह gurudev.jaise आपकी aangya.aur महाराज चले गए.

इसके बाद बाबा विशाखत ने आरती को रिझाने का एक और प्रयत्न kiya.usne सिल्हारपुर की पूरी ज़िम्मेदारी आरती को देदी और खुद चले गए औषधि lene.aur यहीं से उनकी पतन की शुरुवात हुई.

(दोस्तों ये उपचार वाला part शार्ट में निपटा dunga.iska आगे कुछ काम नहीं है)

बाबा विशाखत के जाने के बाद आरती ने सारा काम अचे से संभल liya.jin लोगों को बाबा विशाखत अब नहीं देखते थे उनका भी उपचार आरती ने निस्वार्थ भावना से kiya.jo गुणगान कभी बाबा विशाखत का होता था वही अब आरती के लिए होने laga.par इसका आरती पर ज़रा भी दुष्प्रभाव नहीं pada.woh उसी निर्मल और साफ़ मन से लोगों की सेवा करती रही.

उधर बाबा विशाखत को उन जंगलों को पार कर औषधियओं को प्राप्त करने में काफी मेहनत lagi.par उसने वो हासिल कर hi li.wahan से वो तालिन्दा देश चले gaye.sabhi बचो का उपचार कर उन्होंने उन्हें ठीक कर दिया.

महाराज ने बाबा विशाखत को कुछ दिन रुकने का निमंत्रण दिया ताकि आधा राज्य उनके नाम पर कर सके लिखित में.

बाबा को भी कोई आपत्ति नहीं थी क्यूंकि एक तोह राज विलास को कौन ठुकराए और अब उन्हें किसी के दर्द से, रोग से कोई हमदर्दी भी नहीं thi.jab से लोगों ने उन्हें भगवन का दर्जा दिया था तबसे उन्होंने ध्यान लगा भगवन से बात करना भी छोड़ दिया tha.unhe लगने लगा की जब वो स्वयं भगवन से काम नहीं तोह फिर क्यों बात करें.

कुछ 3 महीने पश्चात बाबा विशाखत वापस अपने आश्रम pahunche.par वापस आकर उंहोने जो देखा उससे वो बोहोत क्रोध में आ gaye.jahan पहले उनकी जयजयकार होती थी अब वहीँ सभी आरती के गुण गए रहे the.unhe ये बर्दाश्त नहीं हो रहा था पर वो कर भी क्या सकते the.wo चुप रहे पर अंदर hi अंदर उन्होंने आरती से बदला लेने का मन बना लिया.

कुछ दिन यूँही बीत gaye.ab भी कुछ ऐसे रोग थे और उनकी औषधियां थी जो सिर्फ बाबा विशाखत जानते the.inhi रोगों में एक रोग था मरिदनुक्ती ROG.iske लक्षण शुरू में पीलिए जैसे लगता the.par असल में इस रोग में शरीर के सारे छिद्र से पूस निकलने लगता tha.jaise जैसे छिद्र बड़े होने लगते थे दर्द असहनीय होता जाता था और फिर शरीर के फटने से मौत हो जाती thi.par दर्द के लक्षण बाद में पता चलता tha.iska उपचार सिर्फ बाबा विशाखत के पास hi tha.ek बार एक महिला अपना इलाज करवाने आश्रम में aayi.aarti ने उसका इलाज कर दिया पर उसके जाते वक़्त बाबा ने अपने मन्त्रों के शक्ति से जानबूझ कर ये रोग उस महिला में दाल diya.kuch दिन बाद वो महिला वापस aayi.aarti ने उससे dekha.usse ये पीलिए hi laga.usne उसके उपचार हेतु कुछ दवाई di.par दवा कहते hi उस महिला के शरीर के छिद्र खुलने lage.asahaniya पीड़ा उठी और देखते hi देखते उस औरत का शरीर फैट गया.

उसका पति साथ में hi tha.apni पत्नी की ऐसी मौत देखकर वो पागल सा hogaya.idhar आरती को कुछ समझ नहीं आ रहा था की ये क्या हो gaya.kuch देर रोने के बाद वो आदमी क्रोध से जल utha.aashram में बोहोत से लोग the.sabhi का यही हाल tha.sab आरती को hi दोषी कह रहे the.aarti भी क्या कहती वो तोह खुद सदमे में thi.usse होश दर्द से aaya.hua ये की उस मरी हुई औरत के पति ने कहीं से एक पत्थर उठाकर आरती के सर पर mara.aarti का सर पहात gaya.uske बाद सभी यही करने लग gaye.koi पत्थर मार रहा था कोई लकड़ी से मार रहा tha.baba विशाखत चुप चाप खड़े मुस्कुरा रहे the.unhe उनका बदला पूरा होता नज़र आ रहा tha.kuch देर युहीं चलता रहा फिर जब लोग हेट तोह वहां एक और शव tha.aarti का शव.

वही दूर कहीं ऋषि विशिष्ट ध्यान में बैठे थे.

अचानक उन्हें अपनी पुत्री के साथ कुछ अनर्थ घटने की आशंका hui.wo तुरंत अंतर्ध्यान हो आश्रम पहुंच गए.

इस तरह ऋषि विशिस्टा को अपने सामे देख एक बार तोह बाबा विशाखत भी घबरा gaye.unhe नहीं पता था की ऋषि

विशिस्टा इतने पहुंचे हुए है पर अपने ताकत के घमंड में चूर उन्होंने ज़्यादा ध्यान नहीं diya.rishi विशिष्ट अपनी पुत्री की मृत शरीर देख स्तब्ध रह gaye.ek सिद्ध पुरुष के आँखों से भी आंसू निकल aaye.kuch देर यूँही खड़े रहे फिर उन्होंने पूछा की ये सब कैसे hua.bhid में से किसीने नमक मुर्छ लगाकर सब बता diya.par आखिर में एक भूल कर दी usne.usne आरती को बढचलान कह diya.ussi वाट उसकी राख ज़मीं पर पड़ी thi.hua ये की अपनी पुत्री के बारे में गलत सुन ऋषि विशिष्ट की आँखों में आग उतर आया .उन्होंने घूर कर उस आदमी की तरफ dekha.rishi विशिष्ट की आँखों से आग निकल कर उस आदमी को लगा और वो वहीँ राख हो gaya.sab ये देखकर भाग खड़े हुए पर ऋषि विशिष्ट ने अपना हाथ ऊपर kiya,ek मंत्र पढ़ा और सबके पेअर वहीँ जैम gaye.koi हिल नहीं पा रहा tha.baba विशाखत भी ये देख दर गए पर अब कर भी क्या सकते the.rishi विशिष्ट भरी कदमो से अपनी पुत्री के शव के पास गए और उसके सर पर हाथ रख कुछ मंत्र padha.achanak ऋषि विशिष्ट के माथे में एक जयते दिखने lagi.ye उनकी दिव्या दृष्टि थी जिससे वो जो चाहे देख सकते the.rishi विशिष्ट को सब कुछ दिखने laga.baba विशाखत की धोकेबाज़ी bhi.achanak उनकी आँखें खुल gai.khrod से उनका मुख लाल हो gaya.wo आगे बढे और बाबा विशाखत के आगे खड़े हो gaye.rishi विशिष्ट का ये रूप देख बाबा विशाखत के पेअर थार थार कांप रहे थे.

ऋषि VISHISHT-guru vishakht.apne वरदान के गुरूर में तुम सब कुछ भूल gaye.tumne ये भी याद ना रहा की भगवन ने तुम्हे क्या कहा tha.ki कभी किसी को तुम्हारे ज्ञान से हानि नहीं होनी चाहिए थी पर तुम अपने घमंड में ये महा अपराध कर gaye.lalach ने सत्ता ने तुम्हे अँधा कर diya.par अब नहीं.

मई तुम्हे श्राप देता hun.mai तुमसे तुम्हारी शकितियाँ चिन्ता hun.chahun तोह तुम्हे अभी मार सकता हूँ पर नहीं तुम्हे एक ऐसी ज़िन्दगी दूंगा जो मौत से भी बत्तर hogi.tumhe ज्ञान चाहिए था naa.wo तुम्हारे पास hi rahega.tumne जिस तरीके से इस औरत के औषधि में बीमारी मिले जो दर्द इस औरत ने सहा वही दर्द अब तुम्हे सहना hoga.hamesha सहना hoga.aur इस दर्द का उपचार है तुम्हारा ज्ञान और उसका upyog.jab भी तुम किसी रोगी को निस्वार्थ भाव से ठीक करोगे तुम्हारा दर्द चला जाएगा पर सिर्फ एक पेहेर के liye.dard से बचने के लिए तुम्हे लगातार लोगों की सेवा करनी hogi.par ये दंड भी काफी nahi.tumhe मई दीर्घायु का अविषाप देता hun.haan ठीक सुना, ये तुम्हारे लिए अविषाप hi है क्यूंकि अब से तुम्हे भूक तोह लगेगी पर तुम कुछ ग्रहण नहीं कर paoge.jo भी खाओगे खून के साथ बहार आ jayega.par तुम मरोगे भी nahi.sirf तड़पोगे.

बाबा विषाक्त स्तब्ध रह gye.shraap का असर शुरू भी हो चूका tha.unhe दर्द महसूस होना शुरू हो गया था.

ऋषि VISHISHT-aur तुम सब लोग कितने स्वार्थी ho.itne दिन मेरी बेटी ने तुम लोगों की सेवा की सब भूल gaye.sach hi तोह कहा है kisine,jitna भी ाचा karlo,koi एक गलती भी हो गयी तोह साड़ी अच्छाइयां दिखनी बंद हो जाती hai.tum सब को जीने का कोई अधिकार nahi.rishi विशिष्ट ने अपनी आँखें बंद ki,kuch मंत्र बुदबुदाए और हाथ ऊपर kiya.achakan बिजलियाँ कड़की और जितने भी लोग खड़े थे सब जलकर रख बन gaye.baba विशाखत ने ऋषि विशिष्ट से बोहोत विनिटी की पर वो नहीं माने अपनी पुत्री के शव को उठा अंतर ध्यान जो गए.

कुछ महीने बीत gaye.baba विशाखत की हालत बाद से बदतर हो gayi.jab भी किसीका उपचार करते एक पहारतक की शांति मिलती पर फिर वही dard.aur ऊपर से bhook.kuch खा भी नहीं सकते the.ab तक उन्हें भी अपनी भूल का एहसास हो गया tha.ek रात वो दर्द से तड़पते पेड़ के निचे बैठे हुए the.apni गलतियों के बारे में सोच रहे की उन्हें कुछ कराहने की आवाज़ सुनाई di.dard में भी वो उस और badhe.dekha एक वृद्ध आदमी चट्टान के निचे बैठ कांप रहा tha.baba विशाखत उसके पास gaye.usse छुआ तोह पता चला की उससे तेज़ बुखार है. बाबा विशाखत की हालत कुछ ठीक नहीं thi.fir भी वो उठे और कुछ पौधों को ढूंढ़ने lage.zyada इंतज़ार नहीं करना pada.poudha पास hi tha.patte तोड़ रास निकल उस वृद्ध के पास जाकर उन्हें वो रास पिलाने lage.dheere धीरे उस आदमी का कापना बंद हो gaya.par ये क्या बाबा विशाखत का भी दर्द चला gaya.achanak उस वृद्ध का रूप बदल गया और जो सामे आया उससे देख बाबा विशाखत घुटनो पर आ gaye.saamne और कोई नहीं स्वयंपराम पिता परमेश्वर थे और मुस्कुरा रहे the.baba विशाखत घुटनो के बल बैठ फुट फुट कर रोने लगे.

भगवन ने उन्हें उठाया

BHAGWAN-tum इतने कष्ट में थे तोह तुमने मेरा ध्यान क्यों नहीं किया.

बाबा VISHAKHT-kis मुँह से याद करता bhagwan.mai इस काबिल नहीं.

BHAGWAAN-tumhe पश्चाताप है ये अछि बात hai.mai खुश hua.mai ऋषि विशिष्ट के श्राप को तोडूंगा नहीं पर इसका एक हल है मेरे pass.sunoge!

बाबा VISHAKHT-krupa करे प्रभु.

BHAGWAN-toh suno.tumhara दर्द तोह rahega.par अब जब भी तुम किसीकी मदद करोगे तोह उस पुरे दिन तुम्हे कुछ नहीं hoga.roz मदद करोगे तोह हमेशा ठीक rahoge.Aur हाँ जब जब मदद करोगे उस दिन भोजन भी खा सकोगे.

बाबा VISHAKHT-prabhu क्या इसका कोई सम्पूर्ण हल nahi.krupa मुझे दीर्घ आयु से भी मुक्त karen.ye शापित जीवन मई नहीं जीना chahta.mai आपकी शरण में रहना चाहता हूँ.

BHAGWAN-iska वक़्त अभी नहीं aaya.par आने वाला hai.bohot शीघ्र कल युग आने वाला hai.us युग में पाप अपने चरम पर hoga.shaitan अति शक्तिशाली hoga.tab मेरा अंश इस संसार में aayega.jab भी उसका जन्म hoga,uska नाम तुम hi rakhoge.uske पेअर को अपने माथे पे लगते hi तुम अविषाप मुक्त हो जाओगे.

बाबा VISHAKHT-toh क्या तब मुझे मोक्षा मिल jayega.mai आपके शरण में आ जाऊंगा.

BHAGWAAN-iska जवाब भी मई तुम्हे तब hi dunga.tab तक लोगों की दिल से सेवा करो.

बाबा VISHAKHT-JO आज्ञा प्रभु

BHAGWAAN-MANGAL हो.

(दोस्तों ये रहा 3रद और 4तह UPDATE.BABA विशाखत का पास्ट लिखना ज़रूरी THA.UNKA भी एहम किरदार है आगे ISILIYE.PADHIYE और बताइये कैसा LAGA.LATE इसीलिए हुआ क्यूंकि मई बाबा का पूरा पास्ट एक साथ दिखाना चाहता THA.READ & एन्जॉय.)

 
अपडेट 5:-

(जैसा की आपने पढ़ा की कैसे बाबा विशाखत को श्राप MILA,AUR कैसे भगवन ने उन्हें मुक्ति का रास्ता BATAYA.US दिन के बाद से बाबा विशाखत हर रोज़ निस्वार्थ भाव से लोगों की मदद करने LAGE.JAB किसी दिन किसी कारणवश मदद नहीं कर पाते उस दिन न वो कुछ खा पाते और दर्द से उनका शरीर तड़पने LAGTA.PAR इस दर्द को भी उन्होंने सहर्ष APNAYA.UNHE ये दर्द अपने पापों का एक छोटा सा पश्ताचाप LAGTA.DEKHTE देल्हते जाने कितने युग बीत गए और कल युग आ GAYA.BABA अब भी वैसे HI छोटे छोटे गाओं घूम सभी रोगियों की मदद KARTE.AISE HI सालों बीतते गए और वो यहीं DHENKANAL(apne हीरो का बिरथ प्लेस) से कुछ दूर कुटिया बनाकर रहने LAGE.ROGIYON की मदद करते एवम ज्योतिष विद्या की मदद से लोगों को मुसीबतों से आगाह भी KARTE.AISE HI उनके नाम की ख्याति फैलने LAGI.UNKE मार्गदर्शन से लाभ मिलने वालों में एक नाम कमला का भी THA.ISILIYE उसने अपने छोटेमालिक के नामकरण के लिए बाबा विशाखत को बुलाने का आग्रह किया THA.AB वापस प्रेजेंट में चलते हैं...)

बाबा विशाखत आँख बंद कर ध्यान मुद्रा में खड़े the.dekhne वालों को समझ नहीं आ रहा था की ये क्या हो रहा hai.par किसीमे हिम्मत नहीं थी की कुछ भी बाबा से puche.idhar बाबा भी ध्यान अवस्था मेरे भगवन के सामने हाट जोड़ कर खड़े the.us दिन के बाद भगवन ने कभी बाबा विशाखत को दर्शन नहीं दिया tha.aur आज अचानक hi प्रभु को सामने देख बाबा विशाखत अपने भावनाओं को संभल नहीं पा रहे the.unke आँखों से अश्रुओं की धार सी निकल रही thi.bhagwan भी चुपचाप खड़े मुस्कुरा रहे the.kuch शान की ख़ामोशी के बाद भगवन बोले....

BHAGWAN-putra रोना बंद karo.haan,ye सच है की तुम्हारे दुखों में अब पूर्ण विराम लगने वाला है.

बाबा विशाखत ये सुन कर खुश हो गए

बाबा VISHAKHT-iska मतलब prabhu,ab मुझे मोक्ष मिल jaayega.mai आपके पास आ सकूंगा!!!

BHAGWAN-nahi putra,isme अभी समय hai.abhi तुम्हारा जीवन चक्र ख़त्म नहीं हुआ hai.bohot से काम करने है tumhe.jo पाप तुमसे हुआ है उससे सुधारने का वक़्त आने वाला है.

बाबा VISHAKHT-prabhu,mai समझा नहीं.

BHAGWAN-putra,usse पहले मई तुम्हे कुछ दिखाना चाहता हूँ.

फिर अचानक बाबा विशाखत के आँखों के सामने एक रौशनी हुई और जब हटी तोह एक chalchitra(drishya) सामने aaya.usse देखते hi बाबा विशाखत चौंक गए क्यूंकि उस दृश्य में और कोई नहीं ऋषि विशिष्ट थे और समय भी तब का था जब ऋषि विशिष्ट ने बाबा विशाखत को श्राप दिया ha.rishi विशिष्ट थके से एक जंगल में भटक रहे the.vapas अपने नगर जाने का उन्हें बिलकुल मन न tha.bhatakte भटकते वो एक पेड़ के निचे बैठ gaye.unhe वक़्त का कुछ भी होश न tha.din महीनो में बदल gaye,par वो ऐसे hi बैठे शून्य को घूरते rahe.unke आस पास गन्दगी जैम gayi.pairon के पास मिटी के upoley(parat) जैम गयी थी पर उन्हें किसी की सुध नहीं thi.itni सीधी प्राप्त करने के बावजूद उन्हें सब ख़त्म होता दिख रहा tha.ye दृश्य और लम्बा चलता की अचानक ऋषि विशिष्ट के सामने एक रौशनी प्रकट hui.roshni इतनी तेज़ थी की ऋषि विशिष्ट को आँख बंद करनी padi.aur जब रौशनी काम हुई तोह उनके सामने स्वयं परम पिता परमेश्वर खड़े the.rishi विशिष्ट तुरंत उनके पैरों में गिर गए और रोने लगे.

ऋषि VISHISHT-Prabhu मुझसे क्या गलती हुई जो मुझे ये सजा mili.meri पुत्री को इस संसार ने मुझसे चीन लिया और आप ने कुछ न kiya.kya मुझसे कुछ पाप हुआ था bhagwan.bataiye प्रभु बताइये.

BHAGWAN-uthiye ऋषि vishisht.aap तोह इतने कमज़ोर ना the.aapko पता है की नियति से कोई नहीं बच sakta.apki पुत्री का जीवन चक्र यहीं तक था.

ऋषि VISHISHT-Prabhu मुझे भी अब नहीं जीना. मई भी अपनी पुत्री के पास जाना चाहतु हूँ.

BHAGWAN-putra शांत हो jao.abhi तुम्हारा कार्य पूर्ण नहीं hua.aur अपनी पुत्री का शोक न manao.mai तुम्हे यही बताने आया हूँ की तुम्हारी पुत्री का कलयुग में पुनर जन्म hoga.usse वो साड़ी खुशियां मिलेगी जो तुम उससे इस जनम में देना चाहते the.aur एक baat,tumhari पुत्री का विवाह मेरे hi अंश से hoga.wo उसकी शक्ति बनेगी.

ऋषि विशिस्टा अपनी पुत्री के पुनर जन्म की बात सुन शांत हो गए और जब उन्होंने सुना जी उनकी पुत्री का विवाह स्वयं भगवन के अंश से होगा तोह वो अति प्रसन्न हो गए.

ऋषि VISHISHT-Dhanyavad प्रभु आपका कोटि कोटि dhanyavad.aapne मेरी पुत्री को इस लायक समझा.

अब मेरे लिए क्या आज्ञा है प्रभु?

BHAGWAN-PUTRA,abtum इसी जंगल के दक्षिण भाग के मध्य में जो गुफा है वहां जाओ और ध्यान में baitho.kalyug में मेरा अंश आएगा और तुम्हे ध्यान से मुक्त karega.tumhe तब पता चल जायेगा की तुम्हे क्या करना है.

ऋषि VISHISHT-Prabhu क्या मई अपनी पुत्री को तब तक नहीं मिल पाउँगा?

BHAGWAG-mil पाओगे पर सिर्फ स्वप्नों में. जो ज्ञान उससे इस जन्म में प्राप्त हुआ था वही ज्ञान उस जनम में भी milega.tum उसकी मदद करोगे.

ऋषि VISHISHT-jo ागण्य प्रभु...

इसी के साथ भगवन अंतर्ध्यान हो गए और ऋषि विशिष्ट उस गुफा में जा ध्यान में बैठ gaye.gufa के बहार अचानक एक बड़ा सा पत्थर प्रकट हुआ और गुफा बंद हो गयी.

इसी के साथ दृश्य बंद हो gaya.rishi विशिष्ट की ऐसी हालत देख बाबा विशाखत को पुनः दुःख हुआ.

BHAGWAN-putra,jo हुआ उससे बदला तोह नहीं जा sakta,par haan,sudhara अवश्य जा सकता है.

बाबा VISHAKHT-KRIPYA आप मेरा मार्गदर्शन करें प्रभु.

BHAGWAN-ISILIYE हमने तुम्हे यहाँ बुलाया है.

तुम अभी जिस बचे का नाम कारन करने आये हो वो HI मेरा अंश HAI.IS धरती पर एक बोहोत HI बड़ा संकट आने वाला HAI.MERA अंश इस धरती का उद्धारकर्ता HOGA.AAGE चलकर तुम्हे इसका उचित मार्गदर्शन करना HAI.JO गलतियां तुमसे HUI,TAKAT के घमंड में जो कदम तुमने UTHAYE,USSE तुम्हे इससे दूर रखना HAI.IS बालक में असीम शक्तियां होंगी पर सही समय आने तक उनका बहार आना ठीक नहीं HOGA.SHAITAN को इस शक्ति का आभास हो चूका HAI.USNE इससे ढूंढ़ने का आदेश "घेटो SOFAR"(YE शैतान का खास डेविल HAI.ISME किसीको छू के HI उसकी शक्ति चूसने की पावर HAI.ISKE अलावा ये फायर को आराम से कण्ट्रोल भी कर सकता HAI.GARMI का इस्पे कोई असर नहीं HOTA.YE किसीको भी महसूस कर ढून्ढ लेता HAI.AAGE जाके कहानी में इसकी लड़ाई है हमारे हीरो के SAATH)ko दिया hai.mai तुम्हे एक मंत्र देता हूँ

"अगरसँ गुप्तम शक्ति निरोतापम "...

इस मंत्र से उस बालक की शक्ति का श्रोत उससे बहार निकल तुम्हारे पास आ jayega.aur कोई भी इस बालक को ढूंढ नहीं payega.par जो शक्ति बहार आएगी उससे तुम बर्दाश्त नहीं कर सकते इसीलिए ये मणि rakho.MANI को बहार निकलते hi समय चक्र रूक jayega.mantra पढ़ने से पहले इस मणि को उसके मस्तिष्क के ऊपर रख dena.uski शक्ति निकल कर इस मणि में समां jayegi.mani पे हाथ रख तुम फिर ये मंत्र कहना

"शक्ति कुंजाम स्वयं प्रजातनाम"

मणि अपने आप एक सुरक्षित स्थान पहुँच जायेगी.

बाबा VISHAKHT-jo अज्ञान प्रभु.

BHAGWAN-tumhare जाने का वक़्त हो गया.

इसी के साथ फिर एक रौशनी हुई और बाबा विशाखत का ध्यान टूट gaya.unhone तुरंत आँखें kholi.unhone देखा सभी उन्हें अजीब तरीके से देख रहे hain.kamla भी चकित सी उन्हें देख रही thi.baba कुछ ना बोले और आगे बढ़ गए.

कमला आगे आगे चल रही thi.gate पर hi जयराज और मीनू खड़े the.bhale hi दोनों चमत्कार वगैराह में नहीं मानते थे पर अतिथि सत्कार उनके व्यवहार में tha.baba का उन्होंने उचित स्वागत kiya.dono ने बाबा के पेअर chue.baba ने मीनू को सदा सौभाग्यवती भाव का आशीर्वाद दिया और जयराज को ौषमान भाव ka.dono ने बाबा को अंदर आने का आग्रह kiya.baba फिर मुस्कुराते भगवन का नाप जपते अंदर आ gaye.wo अति अधीर थे उस नवजात शिशु को देखने के लिए पर मुख उनका सामान्य hi raha.sab अंदर आ gaye.bacha हॉल में hi एक बड़े से पलने में लेता हाथ पेअर चला रहा tha.baba सीधे उसी पालने के पास gaye.bache को देखते hi बाबा खो से gaye.ek तेज, एक आकर्षण था बच्चे क मुख pe,shaktiyon का समंदर बचे के अंदर से निकलता हुआ आभास हुआ बाबा ko.ye आभास आम इंसान महसूस नहीं कर सकता tha.par बाबा पहचान gaye.wo समझ गए शैतान को भी यही आभास हुआ होगा इसीलिए वो सतर्क हो गया है.

बाबा VISHAKHT-kya मई इससे गोद में उठा सकता हूँ.

JAIRAJ-ji baba.bilkul उठा सकते हैं.

बाबा ने हाथ आगे कर बचा गोद में लिया और उसके बाएं पेअर जिसमे 6 उँगलियाँ थी उससे अपने माथे से लगा diya.sab ये देख चौंक gaye.pair के माथे से छूटे hi श्राप टूट gaya.baba को उनका ज्ञान उनकी शक्ति वापस मिल gayi.ye सब 1 सेकंड में hi हो gaya.baba ने फिर पेअर हटाया और जयराज से मुखातिब hue.aapne मुझे इसके नाम कारन के लिए बुलाया hai.baba के आवाज़ की दैविकता पुनः लौट आयी thi.jairaj तोह बाबा के आवाज़ में hi खो gaye.yahi हॉल मीनू और कमला का भी tha.fir बाबा के दोबारा पूछने पर सब होश में आये.

JAIRAJ-ji babaji.isiliye hi बुलाया है.

बाबा VISHAKHT-par आपको तोह ज्योतिष विद्या में विश्वास नहीं ना hi आपकी पत्नी ko.fir क्यों?

जयराज ये सुन चौंक गए और कमला की तरफ देखने lage.unhe लगा शायद कमला ने hi बाबा को बताया है.

बाबा VISHAKHT-kamla ने मुझे कुछ नहीं बताया है.

JAIRAJ-Fir बाबा आपको कैसे पता?

बाबा VISHAKHT-shayad hi ऐसा कुछ हो जयराज जिससे मई अनजान hun.mujhe ये भी पता है की तुम अनाथ ho.tumhari बीवी का माइका dhawalgarh(imaginary) से है और उसके घरवाले अब तुम दोनों से कोई रिश्ता नहीं rakhte.minu और जयराज दोनों बाबा के बातों से चौंक गए.

बाबा VISHAKHT-ye मत पूछना की मुझे ये सब कैसे pata.samay आने पर बतादूँगा पर पहले जिस कार्य से आया हूँ वो karlun!kya कोई बैठने की जगह है.

MINU-arre haan,mai भी ना, अभी तक आप खड़े hi hain.aaiye हमने हॉल के दूसरे तरफ बैठने का सब इंतज़ाम किया है.

फिर सब उस और hi चल diye.baithne के बाद बाबा ने एक बार सबकी और dekha.baba की शक्तियां अब लौट आयीं thi.unhe सब नज़र आ रहा tha.unhe पता चल गया की मीनू और जयराज दोनों hi इस अनोखे बालक के पालनपोषण और उचित संस्कार देने क लिए एकदम सही hain.baba ने बचे को एक बार फिर गोद में लिया और फिर बोलना शुरू किया.

बाबा VISHAKHT-is बचे की ललाट की रेखाएं बता रही ह की ये बचा अति parakrami,mehnati,avum बोहोत बुद्धिमान hoga.apne उम्र के बचो से ये ज़्यादा परिपक्व hoga.aisa नहीं है की ये हारेगा नहीं या हमेशा अवल्ल hi aayega.par हर हार से ये और सशक्त hoga.isilye इसका नाम होगा विक्रम.

अपने बचे का नाम और गुण सुन कर मीनू और जयराज खुश हो गए.

बाबा VISHAKHT-is बालक की वजह से आपकी तक़दीर में भी बदलाव aayega.apka हर सपना साकार hoga.isse आपको कभी हौसला देने की आवश्यकता नहीं hogi.ye खुद से hi खुद को ठीक कर lega.ye बस आप दोनों के सामने hi चंचल होगा बाकि दुनिये के लिए बोहोत शांत hoga.waise तोह इससे क्रोध आसानी से नहीं आएगा पर जब आएगा तोह कोई इससे रोक नहीं paayega.par चिंता मत करना ये अचे के साथ बुरा कभी नहीं karega.iske क्रोध का फल भी ाचा hi hoga.iske बाएं पाऊँ में 6 उँगलियाँ hain.isse कभी अलग मत karaiyega.iske आत्मविश्वास का श्रोत होंगें ye.ek दिन इसका नाम सारा जग में जाना jayega.itna बोल बाबा विशाखत शांत हो गए

JAIRAJ-baba और कुछ बताइये ना मेरे बचे के बारे me.ab किस बाप को अपने बचे की तारीफ़ नहीं sunani.jairaj भी कोई अलग तोह थे nahi.baba विशाखत भी जयराज के इस भावना से अनभिज्ञ न the.wo बस मुस्कुरा diye.kehte भी तोह kya,ki उनका पुत्र स्वयं परम पिता परमेश्वर का अंश hai.uske अंदर दिव्या शक्ति hai.uska जन्म किसी ख़ास मकसद से हुआ है....!!!!!!

बाबा VISHAKHT-abhi मई केवल इतना hi बता सकता hun.par मेरी मुलाकात आपसे फिर hogi.jab भी कभी आपके ऊपर कोई तकलीफ आएगी मई ज़रूर आऊंगा.

MINU-taklif?

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?बाबा कैसी तकलीफ???

बाबा VISHAKHT-ghabrao मत putri.sab मंगल hi हो होगा.

ये कह बाबा ने अपना हाथ अपने झोले में dala.aur हाथ जब बहार आया तोह समय रूक gaya.baba के हाथ में मणि thi.baba ने वो मणि विक्रम के मष्तिष्क के ऊपर रख दी और आंख बंद मन्त्र उच्चारण करने लगे.

"अगरसँ गुप्तम शक्ति निरोतापम"

धीरे धीरे विक्रम की बॉडी रौशनी से भरने lagi.roshni इतनी बढ़ गयी की बाबा विशाखत की आँखें बंद होने पर भी आँखों में चुभने lagi.fir धीरे धीरे रौशनी काम हुई फिर भी प्रकाश काफी ज़्यादा tha.baba ने धीरे से आँख खोला तोह देखा मणि लाल रंग से चमक रही thi.baba ने मानी उठाने की कोशिश की पर उठा न sake.mani के ऊपर हाथ रख वो फिर मंत्र दोहराने लगे.

"शक्ति कुंजाम स्वयं PRAJOTANAM"....mani गायब हो गयी और कहाँ पहुंची!!!! ये बाद में पता चलेगा.

मणि के गायब होते hi समय चक्र फिर से शुरू हो गया.

बाबा VISHAKHT-chaliye अब मुझे आज्ञा dijiye.mai चलता हूँ

JAIRAJ-BABA आपकी दक्षिणा!!!

बाबा VISHAKHT-mai इसके लिए यहाँ नहीं aaya.mujhe कुछ नहीं chahiye.waise भी हमारी फिर मुलाकात अवश्य होगी.

MINU-baba कुछ तोह lijiye.aise खली हाथ न जाइये.

बाबा VISHAKHT-mujhe जो चाहिए था मिल चूका hai.par एक बात कहना chahunga.har बाबा ढोंगी नहीं होता.

बाबा की बात सुन जयराज और मीनू चौंक gaye.chownk तोह वो पहले hi गए थे जब बाबा ने कहा की मुझे जो चाहिए था वो मिल चूका hai!!!unka सर शर्म से नीचे हो गया.

बाबा मुस्कुराकर बोले

बाबा VISHAKHT-Arre अरे इसमें शर्म आने की कोई बात nahi.ye कलयुग hai.yahan सही से ज़्यादा ढोंगी बाबा hi घूमते hain.aisa सोचना कुछ गलत नहीं hai.bas इतना ध्यान दीजिये की अपनी बात किसी पे कहने से पहले एक बार पुष्टि कर lijiye.acha अब चलता hu.FIR मिलेंगे.

ये कह बाबा जैसे आये थे वैसे चले गए.

मीनू और जयराज आंखों में तबदी शर्मिंदगी थोड़ी ख़ुशी थोड़े सवाल लिए खड़े रह गए....

दूसरी AUR.......EARTH से करोड़ों माइल्स दूर एक अँधेरे गृह "MONSLICKEL".(YAHAN सूर्य की रौशनी नहीं आती THI).ME एक 100 फ़ीट लम्बा शैतान बैठा हुआ THA.SAR से पाऊँ तक काले कपडे पर बदन GORA.AANKH भट्टी सी ताप्ती LAAL.CHEHRE पर एक अजीब सी KHAMOSHI.USKA नाम ........

ास्मोडियस

DEVIL'S किंग

क्रेअटुरे ऑफ़ जजमेंट......

(ये रहा अपडेट DOSTON.BOHOT दिमाग खाप गया इतना सोच सोच के लिखने ME.PADIYE और बताइये ठीक लगा के नहीं & प्लीज बे ऑनेस्ट....)

 
(अब तक आपने पढ़ा की कैसे बाबा विशाखत श्राप मुक्त हो GAYE.DUSRI और ऋषि विशिष्ट भगवन के निर्देश अनुसार गुफा में जा ध्यान में बैठ GAYE.BACHE का नामकरण हो GAYA.USKA नाम विक्रम रखा GAYA.AUR शैतान का नाम और उसका रूप भी भी पता CHALA................"ASMODEUS"...................

अब आगे...

अपडेट 6-

MONSLICKEL......ASMODEUS का गृह....

एक खतरनाक jagah,jo खुद ास्मोडियस ने बनायीं hai.is पुरे गृह में सिर्फ एक महल बस hai.par ये महल कोई आम महल नहीं hai.chaar से पांच शहर जैम जाए इतना बड़ा महल है ye.isike अंदर सारे डेविल्स रहते hain.is गृह में कोई पेड़ पौधे पानी वगेहरा कुछ भी नहीं hai.sirf चट्टान हैं और बड़े बड़े सूखे maidan.yahan कभी दिन नहीं hota.kyunki यहाँ पे कोई सूर्य नहीं hai.yahan पर उजाला सिर्फ आग की वजह से होता hai.ye पूरा गृह लावा के ऊपर बना hai.fir भी एक अजीब बात hai.wo ये की यहाँ का मौसम बेहद ठंडा hai.pure साल यहाँ बर्फ गिरती hai.aur इसका कारण है ASMODEUS....chaliye ज़रा हमारे कहानी के विलन के बारे में जानते hai.actually ये विलन तोह hai,shaktishali भी है पर ज्ञानी भी बोहोत hai.shaitan सुनकर लगता है जैसे खतरनाक दीखता होगा पर ऐसा है nahi.ulta ये इतना हैंडसम है की हॉलीवुड एक्टर्स भी शर्मा jaayen.gora आकर्षक chehra,ripped body,chehre में सूर्य सा tej,bas आंखों की पुतियाँ पूरी safed.kab क्या सोच ले कोई नहीं jaanta.aur सबसे अजीब baat,shaitan के सोच के बिलकुल ulat,ye बिलकुल शांत दिमाग का hai.jaisa की मैंने कहा की मांसलिकेल का मौसम हमेशा ठंडा hi रहता hai.ye ास्मोडियस की आँखों का कमल hai.jab तक इसकी आंखों की पुतलियां सफ़ेद हैं तब तक मौसम ठंडा hi रहते hai.iski आँखों का एक और कलर hai,LAAL.aur इसीलिए पूरा मांसलिकेल लावा के ऊपर बसा hai.wo लावा इसकी आँखों का hi प्रतीक hai.jab भी ास्मोडियस को गुस्सा आता है तब उसकी आँखों की पुतलियों का रंग बदल कर लाल हो जाता hai.par नजाने कितनी साड़ियां बीत गयी ास्मोडियस को गुस्सा hue,aur इसीलिए मौसम में भी हमेशा ठंडक बानी रहती h.ASMODEUS की सोच भगवन से उलटी ज़रूर है पर तेज़ भी बोहोत hai.ye बात स्वयं भगवन भी जानते hain.wo चाह कर भी ास्मोडियस को नहीं मार सकते hain,kyunki ास्मोडियस भगवन का शक्ति पुंज hai.DEVIL बनाने से पहले वो लार्ड थे गॉड का सबसे ताकतवर एंजेल tha.duniya की हर चीज़ पे जजमेंट देने का हक़ ईश्वर ने उससे दिया tha,par कुछ गलत फैसलों की वजह से उससे हेवन से निकल दिया gaya.(reason आगे स्टोरी में पता चलेगा).

पर वो गॉड से नाराज़ नहीं hua.usne ये ठान ली की जिस दुनिया के लिए गॉड ने उससे खुद से अलग किया है उससे वो बर्बाद कर dega.uski ऐसी हालत कर देगा की खुद गॉड दुनिया से क्रोधित हो उससे ख़त्म कर denge.bohot सोच समझ कर वो अपनी चाल चलता raha.aur देखते hi देखते उसने अपने देमोंस गुलामो की मदत से इंसान के मन में laalach,hawas मतलबपरस्ती इस कदर बढ़ा दी की अब दुनिया पाप के चरम पे thi.issi बुराई से ास्मोडियस और शक्तिशाली हो gaya,kyunki अब वो एक शैतान tha.uski शक्ति का श्रोत बुराई थी जो अब दिन दोगुनी रात चौगुनी रफ़्तार से बढ़ रही thi.isilye भगवन को अपना अंश धरती पर भेजना pada.ASMODEUS के पास अलग अलग डेविल्स की फौज थी जिनका वो बखूभी से इस्तेमाल करता tha.ASMODEUS के महल में दरबार नाम मात्रा की hi thi.wahan कोई सभा नहीं लगती thi.Us जगह पर ास्मोडियस बस ध्यान और स्वयं मंत्रणा करता था.

चलिए अब चलते है aage,arre अरे एक मं आगे नहीं थोड़ा peeche.us रात की तरफ जिस रात हमारा हीरो पैदा हुआ था...

जब हमारा हीरो धरती पर पैदा होने वाला tha,us वक़्त ास्मोडियस मांसलिकेल में अपने महल के सिंघासन में आँख बंद कर ध्यान मुद्रा में बैठा हुआ tha.udhar जैसे hi हमारा हीरो पैदा hua,idhar ास्मोडियस की आँखें खुल gayin.jis गृह में सूर्य न था उसका प्रकाश न tha,us गृह में अचानक रौशनी फ़ैल gayi.jitne डेविल्स बहार घूम रहे थे सब रौशनी के पढ़ते hi बेहोश हो gaye.aur जो डेविल्स महल के अंदर the,unke पेअर भी डगमगा गए और वो सब गिर gaye.sab अचम्भे में थे की ये क्या hua???dheere धीरे रौशनी काम हुई और फिर ख़त्म हो gayi.jahan एक और महल के अंदर सारे डेविल्स शॉक में थे wahin,ASMODEUS अरे ये क्या इनकी आँखें नार्मल hi थी बस अब खुल चुकी thi.aur होठों पे मुस्कान!!!!

ASMODEUS-akhir खेल शुरू हो गया.

धीरे से ास्मोडियस अपने सिंघासन से खड़े हो गए आँख बंद की और एक मंत्र बोले

"मूर्छित विश्वम पुनर्जटेः" और जितने भी डेविल्स बेहोश थे सब वापस होश में आ गए.

फिर उसने घेटो सफर नाम के के डेविल को याद किया घेटो सफर तुरंत प्रकट हुआ

घेटो SOFAR-HAAI हाईल डेविल LORD(JAI हो) .और घेटो सफर अपने कदमो में झुक गया.

ASMODEUS-utho घेटो sofar.jo रौशनी अभी hui,tumne भी महसूस की होगी

घेटो SOFAR-ji mahamahiim.par मुझे कुछ समझ नहीं आया.

ASMODEUS-tumhe समझने की ज़रुरत भी नहीं है.

घेटो सफर ास्मोडियस की कठोर आवाज़ सुनकर सहम गया.

ASMODEUS-tumhe अभी धरतीलोक में जाना hoga.wahan पहुंच तुम ये मंत्र दोहराना.

"अज्ञात शक्तिं रूपः आगमन"

तुम उस जगह पोहोंच जाओगे जहाँ तुम्हे जाना hai.jis जहाँ ये मंत्र तुम्हे पोहुंचायेगा वहां तुम्हे एक नवजात शिशु milega.tumhe उससे मारना है.

ध्यान rahe,ye काम जितना आसान लग रहा hai,utna है नहीं.

घेटो SOFAR-aapne जैसा कहा है वैसे hi होगा माय LORD.ye बोल घेटो सफर पृथ्वी के लिए निकल गया.

ASMODEUS-maine अपनी चाल चल दी माय "लार्ड"....

अब...... आपकी बारी....

दूसरी तरफ परम पिता परमेश्वर ये सब देख रहे the.jaise hi घेटो सफर पृथ्वी की तरफ निकला उन्होंने अपने एक एंजेल को बुलाया और उससे कुछ निर्देश देकर भेज दिया.

दूसरी तरफ घेटो सफर लाइट स्पीड से धरती की और उड़ रहा tha.achanak उसके सामने एक दूर ओपन हो gaya.ghetto सफर की स्पीड बोहोत तेज़ thi.wo खुदको उस दूर के अंदर जाने से रोक नहीं paaya.ghetto सफर के दूर के अंदर घुसते hi दूर बंद हो gaya.aur अब वो ब्रम्ह्चानद के दूसरे छोर में tha.jitni दुरी उसकी पृथ्वी से बच गयी थी अब वो उससे 10 गुना और दूर हो चूका tha.ghetto सफर रुक gaya.uske सामने इस वक़्त वही गॉड का एंजेल tha.ghetto सफर अपने रस्ते में बाधा देख क्रोधित हो गया और उसने एंजेल के ऊपर एक फायर बॉल fenki.fire बॉल एंजेल के पास आकर रूक gayi,aur नष्ट हो gayi.ghetto सफर और क्रोधित हो गया.

दूसरी तरफ ये सब ध्यान में बैठा ास्मोडियस भी देख रहा tha.par फिर भी उसका मुख शांत tha,jaise वो कोई फिल्म देख रहा ho.idhar घेटो सफर अपना वॉर खली जाता देख अश्वेत बाण का मंत्र पढ़ने laga(is बाण से किसीको भी बंधा जा सकता hai)par उससे पहले hi एंजेल अपनी जगह छोड़ देता है और घेटो सफर के पीछे पहुँच जाता hai.angel अपना हाथ आगे कर घेटो सफर के सर पर रख देता है और बुदबुदाता है भ्रम दृश्यनं.

घेटो सफर पुनः लाइट स्पीड से उड़ने लग जाता hai.hua ये की मंत्र जैसे hi घेटो सफर के मस्तिष्क के अंदर गया घेटो सफर अब तक का घटित सब भूल gaya.angel,uski लड़ाई सब kuch.usse बस अपने मालिक ास्मोडियस का हुक्म याद tha.wo तुरंत पृथ्वी की तरफ उड़ गया पर अब वो गलत रास्ते जा रहा tha.mantra के प्रभाव में अब उससे पृथ्वी कहीं और दिखने lagi.is मंत्र में भ्रम पैदा करने की ताक़त थी.

इधर ास्मोडियस ने जब देखा की एंजेल ने घेटो सफर को जाने दिया तोह वो सोच में पढ़ gaya.jaise hi एंजेल का काम ख़त्म हुआ उसने लौटना चाहा पर ये क्या वो न हिल प् रहा था न गायब हो पा रहा tha.usse ऐसा लग रहा था जैसे किसीने उससे बाँध दिया ho.aur फिर उसके सामने रौशनी हुई और जब रौशनी हटी और जो उसके सामने खड़ा था उससे देखकर एंजेल सेहम सा gaya.kyunki उसके सामने और कोई नहीं "थे ास्मोडियस" खड़ा था...

ASMODEUS-daro मत angel.tumhe ये शोभा नहीं deta.tum गॉड का वो हिस्सा हो जो कभी मई tha.mai तुम्हे मरूंगा nahi.na hi कुछ karunga.chahun तोह तुम्हारे सर पर हाथ रख सब पता कर सकता हूँ की तुमने मेरे गुलाम के साथ क्या kiya.par nahi.aise मज़ा नहीं aayega.tum इतने बड़े नहीं हुए की खुद ास्मोडियस तुम्हारे ऊपर शक्ति प्रदर्शं kare.jao तुम्हे मुक्त kiya.aur ास्मोडियस के ऐसा बोलते hi वो एंजेल मुक्त हो gaya.wo एक पल भी ना रुका और अंतर्ध्यान हो गॉड के पास चला गया.

ASMODEUS-Kaash आप मेरी बात मान जाते GOD.insaan आपके प्यार के काबिल nahi.chaliye देखते है आपके चाल का asar.aur ास्मोडियस अंतर ध्यान हो अपने महल लौट गया.

इधर घेटो सफर पृथ्वी का रास्ता समझ कहीं और hi उड़ रहा tha.mahal में बैठा ास्मोडियस ये देख रहा था और सोच रहा था की एंजेल ने घेटो सफर क सर पर हाथ रख क्या कहा hoga,aur जैसे अचानक उससे समझ आ गया की गॉड ने क्या चाल चली hai.usne आँख बंद कर घेटो को स्मरण किया और कहा भ्रम MUKTAM,aur घेटो सफर का भ्रम टूट gaya.wo वहीँ रूक gaya.usse सब स्मरण आ गया और वो पृथ्वी की तरफ मुद उड़ने लगा.

ASMODEUS-achi चाल थी गॉड पर ये मुझे रोकने के लिए काफी नहीं......

पर ये चाल काफी thi.kyunki घेटो सफर के पृथ्वी में पेअर रखते रखते 3 दिन निकल gaye.aur जब वो बालक के पास पहुँचने वाली मंत्र पढ़ने वाला था उसी वक़्त बाबा विशाखत बचे की शक्ति मणि में दाल मणि किसी सुरक्षित स्थान में भेज चुके थे.

इधर ास्मोडियस को अचानक बचे की शक्ति महसूस होनी बंद हो gayi.usse समझ नहीं आया की ऐसा क्यों hua.usne आँख बंद कर मंत्र bola."SHAKTI कुंजाम खोज AARAMBHATE....ek रौशनी का गोला निकला और धरती की और निकल gaya.kuch पल में hi वो गोला पृथ्वी में प्रवेश कर गया और चप्पा चप्पा खोज डाला पर मिला उससे कुछ nahi.wo रौशनी का गोला पुनः ास्मोडियस के पैरों में आ नष्ट हो गया.

इधर घेटो सफर ने मंत्र पढ़ा

अज्ञात शक्तिं रूपः AAGAMAN.par ये क्या वो वापस ास्मोडियस के सामने tha.hua यूँ की जब ास्मोडियस उस शक्ति के श्रोत का पता नहीं लगा पाए तोह उन्होंने घेटो सफर को वापस बुला liya.ussi वक़्त घेटो सफर वो मंत्र बोल रहा tha.apne सामने ास्मोडियस को देख वो घबरा gaya.usse लगा उसने कुछ गलती कर di.par ास्मोडियस ने उससे कुछ नहीं बोलै और जाने के लिए हाथ से इशारा कर diya.ghetto सफर सर नीचे कर धीरे धीरे निकल गया.

ास्मोडियस की आँखें एक पल के लिए लाल हो gayi.pura गृह हिल gaya.lava फुट कर ऊपर आने lage.barf गिरनी रूक gayi.mausam में गर्माहट आ gayi.par फिर ास्मोडियस की ऑंखें सफ़ेद हो गयी और सबकुछ पहले जैसा हो गया.

ASMODEUS-PEHLI जीत मुबारक हो गॉड.....

(देखते हैं किस्मत आगे क्या क्या खेल दिखाती HAI.ABHI तोह सिर्फ पार्टी बिछी है खुलने में वक़्त HAI.SAATH बने रहिये.....)

 
अब तक आपने पढ़ा शैतान ास्मोडियस और उसकी ताकत के बारे ME.KAISE उसने एक महाशक्ति को महसूस किया और उसकी खोज में अपने ख़ास डेविल घेटो सफर को भेजा पर घेटो सफर उस शक्ति का पता लगाने में नाकामियाब रहा.....

अब आगे........

अपडेट 7- अब तक ास्मोडियस समझ चूका था की इस बार उसका सामना किसी बड़ी शक्ति से होने वाला hai.ASMODEUS उनमे से नहीं था जो ताकत के घमंड में खुद को सर्वशक्तिशाली समझने की गलती करते hain.wo अपने दुश्मन को कभी काम नहीं आंकता tha.aur इस बार तोह खुद भगवन ास्मोडियस के रास्ते की दीवार बन रहे the.ASMODUES अपने दरबार में गहरी चिंतन में बैठा हुआ tha.kuch देर तक यूँही साड़ी कड़ियाँ जोड़ता रहा और अचानक उसके मुख पर एक स्माइल आ गयी.

ASMODEUS-THIK है परम PITA..mujhe आपकी चुनौती स्वीकार hai......ye कह ास्मोडियस ने आँख बंद कर कुछ नाम लिए और उसी वक़्त उसके सामने 4 डेविल्स सर झुकाये प्रकट hue.ye डेविल्स भी कभी एंगेल्स the.par जब गॉड ने ास्मोडियस को हेवन से निकला तोह ये सब भी ास्मोडियस की साथ चले aaye.inki सोच भी ास्मोडियस से अलग नहीं thi...ye उसके सच्चे वफादार the.inke नाम हैं.....

डेविल 1-ABBADON...(ye भ्रम पैदा करने में माहिर hai.ye इंसान के दिमाग की तरंगो को वश में कर इन्हे एक दूसरे के खिलाफ भड़कता hai....jab ये एंजेल था तब इसका काम इसका उलट tha.tab ये इंसानो में भाई chara,pyar फैलता था पर डेविल बनते hi इसकी काबिलियत उलट gayi.yahi हाल बाकि सबका भी था.)

डेविल 2-ABRAXAS...(iska सर बड़े से मुर्गे के सर जैसा पर पेअर ड्रैगन के जैसा hai.isse थे डेविल ऑफ़ मिस्चीएफ़ भी कहते hain.ye लोगों के दिमाग में चोरी, लूट, किडनेपिंग जैसे विचार भरता hai.iska कोई भी काम सीधा नहीं होता.)

डेविल 3-LILITHA...(ye एक फीमेल डेविल hai.isse डेविल ऑफ़ लस्ट भी कहा जाता hai.ye इंसान के दिमाग में हवस भरने का काम करती है.)

डेविल 4-VALEFOR...(Isse डेविल ऑफ़ डिस्ट्रक्शन भी कहा जाता hai.duniya में जितने वार्स होते hain.ye काम इसी का होता hai.ye इंसान के दिमाग की डिस्ट्रक्शन पावर्स बढ़ता hai.naye नए हथियार बनाने के आइडियाज यही इंसान के दिमाग में डालता है....)

ये हैं ास्मोडियस के चार प्रमुख hathiyar.inki वजह से hi ास्मोडियस की ताक़त लगातार बढ़ती hai.aur इनकी ताक़त का श्रोत भी ास्मोडियस hi hai.ek और डेविल है जो इन चारो से ऊपर है और ास्मोडियस का बोहोत खास है पर अभी उसकी एंट्री में टाइम है....

बैक तो थे स्टोरी......

DEVILS-HAI हाईल डेविल किंग.

ASMODEUS-utho.mere बच्चों. जो काम मैंने तुम्हे diye,tumne पूरी निष्ठा से उससे पूरा करते आ रहे ho.par अब तुम्हे अपने काम में और तेज़ी लानी hogi.insaano में क्रूरता, माधभेध, हवस कपट इस कदर बढ़ा दो की न्याय के रखवाले एंगेल्स परेशां हो jaayen.ab तक तोह दुनिया में सब कुछ बराबर बैलेंस में चल रहा tha.burai के साथ साथ कुछ अच्छी भी thi.par अब nahi.ab अच्छी का अस्तित्व ख़त्म करने का वक़्त आ गया hai.tum सब अपने अपने कला में निपुण ho.apni पूरी ताकत झोकों पर मुझे किसी भी कीमत में संसार से अच्छी को ख़त्म करना है.

4रो DEVIL'S-jaisa आप कहें DEVIL'S KING.ASMODEUS से सवाल करने की हिम्मत किसी में न थी.

पर एक डेविल था जिसके दिमाग में सवाल बुनना शुरू हो gaye.wo था थे गॉड ऑफ़ मिस्चीएफ़ ABRAXAS.ab वो था hi बदमाश दिमाग का devil.akhir कण्ट्रोल नहीं कर पाया तोह पूछ hi बैठा.

अब्राक्सस- डेविल्स किंग अचानक ये सब!!! क्या कोई परेशानी हो गयी है?

उसका पूछना ख़त्म hi हुआ था और अगले hi पल अब्राक्सस की चीख पुरे दरबार में गूंज uthi.usse एक आग के ज़ंजीर ने बाँध रखा tha.ABRAXAS दर्द से चिल्लाये जा रहा था. उसकी दर्द भरी आवाज़ से बाकी तीनो डेविल्स थार थार कांप रहे the.par सामने ास्मोडियस एक दम शांत खड़ा tha.chehre पर कोई भाव nahi.kuch देर अब्राक्सस को तड़पाने के बाद ास्मोडियस ने हाथ ऊपर किया और ज़ंजीर गायब हो gayi.ABRAXAS खड़ा नहीं रह पाया और ज़मीन पे गिर gaya.ASMODEUS ने घर क अब्राक्सस की तरफ dekha.ABRAXAS खींचता हुआ ास्मोडियस के पैरों के पास पड़ा tha.ASMODUES ने उससे हवा में उठा लिया.

ASMODEUS-aur कोई सवाल?

ABRAXAS-shama mahamahim.maafi.

ास्मोडियस ने तुरंत अब्राक्सस का गाला पकड़ा ुर दबाव बनाना शुरू kiya,jaise जैसे दबाव बढ़ रहा था अब्राक्सस का चेहरा काला पढता जा रहा tha.kuch देर बाद ास्मोडियस ने दबाव कुछ काम किया.

ास्मोडियस- MAAFI.......is शब्द से मुझे सख्त नफरत hai.dubara इसका इस्तेमाल मेरे सामने मत करना.

ये बोल ास्मोडियस ने अब्राक्सस को बाकी तीनो के तरफ फेका और दूसरे हाथ से चुटकी bajai.ABRAXAS उड़ता हुआ तीनो से टकराया और चरों गायब हो अपने अपने जगह पहुँच गए.

दूसरी तरफ पृथ्वी में......

बचे का नाम कारन हो चूका tha.BABA विशाखत अपनी राह निकल चुके the.baba को गेट तक छोड़ जयराज मीनू और कमला अंदर हॉल में आ gaye.baaki आस पास के लोग अपने अपने घर जा चुके the.baaki नौकर भी अपने अपने काम में लग गए थे.

KAMLA-dekha मालिक देखा maalkin.maine कहा था ना की छोटे मालिक साधारण नहीं.

जयराज- मेरा बचा साधारण है या asadharan,ye सब बाद में पता chalega.mera बचा एक ाचा इंसान निकले मेरी तोह बस उपरवाले से यही दुआ है.

MINU-haan सही kaha.aur बाबा ने हमारी बचे का नाम कितना ाचा रखा hai.VIKRAM.haina!!!!

JAIRAJ.haan ये तोह है.

KAMLA-malik/malkin, देखना छोटे मालिक अपने नाम के जैसे hi महावीर होंगे.

MINU-tere मुँह में घी शक्कर kamla.jairaj है diye.kamla घर का काम सँभालने lagi.jairaj ने मीनू को रेस्ट करने को kaha,aur खुद भी बचे को गोद में लेकर मीनू के साथ बैडरूम में चल diye.bedroom पहुँच मीनू बीएड पर लेट gayi.jairaj विक्रम को गोद में पकड़ वहीँ मीनू के पास बैठ गेट और बचे के साथ खेलने lage.vikram भी अपने पापा को टुकुर टुकुर देख रहा था जैसे अपने पितः को पहचान गया ho.minu भी दोनों बाप बेटे को मुस्कुराती हुई देख रही थी.

मीनू- सुनिए ji.kuch महीनो से आप कुछ परेशां से लग रहे hain.kya बात है?

जयराज -कुछ भी तोह nahi.tumhe ऐसा क्यों लगा?

मीनू- dekhiye,aapko भी पता है आप मुझसे झूठ नहीं बोल sakte.mai आपकी ख़ामोशी तक को पहचान सकती hun.toh आप बात को तलिये mat.mai जानती हूँ मेरी प्रेगनेंसी की वजह से आपने मुझसे कुछ नहीं कहा की कहीं मई परेशां न हो jaun.aur मैंने भी डिलीवरी तक आपसे कुछ नहीं pucha.par अब तोह सब ठीक है naa.ab तोह आप बता सकते हैं.

जयराज लम्बी सांस छोड़ते hue-haan मीनू परेशानी तोह hai.kuch 2 महीनो से मजदूरों में और मेरे स्टाफ में अनबन चल रही hai.majdooron का यूनियन लीडर मंगल बोनस की डिमांड कर रहा hain.abhi ब्रिज आधी भी नहीं बानी hai.jo पेमेंट की कोटशन हमने गवर्नमेंट को भेजी थी वो भी अभी तक सैंक्शन नहीं हुई है. उसमे ये बोनस की demand.upar से ये मंगल काम चोर भी hai.jab देखो शराब के नशे में hi रहता hai.supeevisor को भी दो तीन बार धमका छुअका hai.jab मैंने उससे बात की तोह मुझे काम रुकवाने की धमकी दे di.samajh नहीं आ रहा है की क्या करूँ.....

मीनू- जय चिंता करने से क्या इसका सलूशन निकल jaayega.aapke जॉब में ऐसे प्रोब्लेम्स तोह आएंगे hi naa.abhi आपकी उम्र भी काम hai.wo आपको नया समझकर हलके में ले रहा hai.aap थोड़ी सख्ती bartiye.dekhna सब ठीक हो जायेगा.

JAIRAJ-tumhe क्या लगता है मैंने ये सोचा नहीं होगा.

पर वो मंगल थोड़ी उलटी खोपड़ी का hai.agar मई अकेला होता तोह कब का उससे सबक सीखा चूका होता या निकल दिया hota.par डरता हूँ मेरे कुछ करने से वो तुम्हे कोई नुक्सान न पहुंचा de.aur अब यह हमारा बचा भी hai.isiliye रूक जाता हूँ.

MINU-Mai कबसे आपकी कमज़ोरी बन gayi.aap तोह मुझे अपनी ताकत कहते थे naa.aur रही हमारे बचे की बात तोह याद है ना बाबाजी ने क्या कहा था!!! की हमारा बचा बोहोत लकी hai.hamare सभी सपने पुरे honge.isiliye कह रहीं हूँ आप हमारी फ़िक्र छोड़िये और टेंशन फ्री hojaiye,aur पहले जैसे कॉंफिडेंट होकर फैसले लीजिये.

जयराज- अस ु से माय QUEEN..acha मई ज़रा हॉल में बैठ कर कुछ पेपरवर्क निपटा लेता hun.tum बचे को दूध pilado,aur रेस्ट karo.fir अपने बचे और बीवी के माथे को चुम जयराज रूम से निकल गए.....

(आज के लिए इतना HI.DEKHTE हैं आगे क्या क्या होता है.......)

 
अब तक आपने पढ़ा की कैसे ास्मोडियस ने अपने 4 प्रमुख डेविल्स को पाप बढ़ने के लिए धरती पर भेज DIYA.DUSRI तरफ जयराज ने मीनू को अपनी प्रॉब्लम BATAYI.MINU ने जयराज को उस प्रॉब्लम से बचने से नहीं लड़ने की सलाह दी....

अब आगे......

अपडेट 8- फिर कुछ ख़ास न हुआ और ये दिन भी निकल GAYA.AGLE दिन सुबह 6 बजे जयराज उठ जॉगिंग पे निकल GAYE.(JOGGING,EXERCISE जयराज और मीनू को डेली रूटीन THA.BODY को फिट रखने में दोनों की ख़ास रूचि THI.PAR मीनू के प्रेग्नेंट होने के बाद से जयराज अकेले HI सुबह उठ जॉगिंग पे जाने लगे HAIN.MINU घर में बस कुछ योग आसान HI करती HAI.)JAIRAJ के घर के पास HI एक मैदान है तोह वो वहीँ कुछ देर जॉगिंग और एक्सरसाइज कर 7 बजे तक घर वापस लौट आते HAIN.AB तक मीनू भी उठ चुकी THI.GHAR के नौकर भी अपने अपने काम पर लग चुके THE.JAIRAJ सीधे अपने बैडरूम में GAYE.MINU बाथरूम में THI.JAIRAJ अपने बचे को देखने उसके पालने के पास चले जाते HAIN.VIKRAM अभी सोया हुआ THA.JAIRAJ अपने बचे के चेहरे की सुंदरता उसके मासूमियत में खो जाते HAIN.UNKA ध्यान मीनू की आवाज़ से टूटता है.

MINU-Kya हुआ jai?mere बचे को इतने ध्यान से देख रहे हो!

JAIRAJ-Mera नहीं hamara.aur क्यों न dekhun,hamara बचा है hi इतना खूबसूरत.

MINU-Haan ये तोह सच hai.kabhi कभी तोह लगता है कहीं मेरे बचे को मेरी नज़र hi न लग जाए.

JAIRAJ-Arre यार तुम bhi.gulab को कभी गुलाब से खतरा होता है भला!!!

MINU-Jao ji.bade आये गुलाब waale.jab से हॉस्पिटल से वापस आयी hun,thik से साथ बैठे तक नहीं और अब झूटी तारीफ़ कर रहे हो.

जयराज- ऐ khuda.sun रहा है tu.kaise कैसे झुटे इलज़ाम लग रहे है mujhpe.ab मई करूँ भी तोह kya,meri एक लौटी बीवी मेरी गुलबदन मेरी जानेजहाँ मेरी नज़ारे नूर को hi मेरे मोहोब्बत पे शक हो रहा hai...(JAIRAJ मीनू से ऐसे HI एक दिलफेंक आशिक़ की तरह बात किया करते HAIN.MINU को भी जयराज का ये तरीका बोहोत पसंद है)

जयराज के इस तरह बात करने से मीनू के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कराहट आ गयी.

JAIRAJ-Arre बस bas.ye मुस्कुराने के तीर ना chalao.abhi मुझे काम पे भी जाना hai.kahin घायल हो गया तोह घर बैठना पद जाएगा.

MINU-Haan तोह हो जाओ ghayal.abhi बचे को पैदा हुए 3 दिन नहीं हुआ और आप काम पे जाने की बात कर रहे ho.hun,dekh लिया आका प्यार!!!!!!!

JAIRAJ-Arre मेरी जान कल तुमने hi तोह कहा था की मई दारुण ना स्ट्रांग बन के फैसले lun,bas उसी के लिए जा रहा hun.zyada वक्त नहीं lagega,bas मज़दूरों से और उनके उस लीडर मंगल से कुछ बातें क्लियर कर लूँ फिर आता hun.(ye बात बोलते वक़्त एक ग़ुस्सा एक कॉन्फिडेंस था जयराज के चेहरे पे जिससे देख मीनू को ख़ुशी हुई की अब जयराज टेंशन फ्री होगये है और पहले जैसे कॉन्फैंट भी...)

MiNU-thik hai,jao.par जल्दी आजाना.

JAIRAJ-jaisa आप कहें माय love.ab मई ज़रा नाहा लेता hun,aur ये कमला किधर hai.pehle उससे नाश्ता बनाने के लिए बोल देता हूँ

MINU-Aap jaiye,mai बोल दूंगी.

JAIRAJ-Bilkul nahi.doctor ने तुम्हे रेस्ट करने को बोलै hai,toh तुम कहीं नहीं jaogi.mai बोल दूंगा तुम रेस्ट karo.minu ने बोहोत कहाँ पर जयराज नहीं माने और मीनू को पकड़ उन्हें बीएड में बैठा diya.ussi वक़्त कमला रूम में छाए की ट्रे लेकर आयी.

MINU-lo कमला भी आ gayi.kamla,tum छाए रख दो मई banalungi,tum जाकर साहब का नाश्ता banao.banane के बाद नाश्ता यहीं ले आना..

कमला- जी मालकिन.

MINU-Aap पहले छाए पी लीजिये फिर नहलीजियेगा तब तक नाश्ता भी बन jaayega.phir मीनू छाए बना दो कप में daali.jairaj छाए पी बाथरूम में घुस gaye.bathroom से निकल फॉर्मल कपडे पेहेन तैयार हो gaye.tabhi दरवाज़ा नॉक हुआ.

JAIRAJ-Come इन.

कमला अंदर aayi.uske हाथों में नाश्ते की ट्रे थी.

MINU-kamla,nashta इधर बीएड पे hi लगा de.kamla वहीँ बीएड पर hi नाश्ता लगा चली gayi.phir कुछ ख़ास नहीं hua.jairaj और मीनू ने साथ नाश्ता किया फिर जयराज मीनू और बचे के माथे पे किश कर अपनी कार से काम पे निकल गए.

वहीँ दूसरी तरफ अब्राक्सस के बाकी तीनो डैविलों से टकराते HI चरों डेविल गायब हो सीधा धरती में जंगल के एक गुफा में PAHUNCHE.YE चरों डेविल कभी किसी इंसान के सामने सीधे नहीं आते THE.BAS इनकी नकारात्मक ऊर्जा और शक्ति इंसानों में पहुंचाती THI.INHE जब भी मिलना होता ये इसी गुफा में मिलते THE.YE गुफा वकाजुला देश (इमेजिनरी) के ऑक्ज़िम नाम के एक छोटे से टाउन से 100 कम दूर स्तिथ एक VISHAL.JUNGLE के बीच THI.YE जंगल इतना घाना था की यहाँ सूर्य की रौशनी तक नहीं पहुँचती THI,FIR इंसान का पहुंचना तोह लगभग नामुमकिन THA.IS जंगल का नाम सेक्रिला tha.is जंगल को ये नाम secret(RAAZ) शब्द से मिला tha.iska कारण था की ये जंगल नजाने कितने hi राज़ खुदमे समेटे हुए tha.kya kya...........bhai ये भी एक राज़ hai,aage चलकर आपको पता chalega.toh चलो फ़िलहाल कहानी में वापस चलते hain....gufa के अंदर तीन डेविल खड़े हुए थे और चौथा निचे बैठा या ये कहें निचे पड़ा हुआ अपनी साँसों को दुरुस्त कर था. वैसे तोह डेविल्स को जीने के लिए सांस लेने की ज़रुरत नहीं पड़ती पर जब गाला ास्मोडियस ने दबाया हो तोह सांस क्या खून भी एक जगह रूक जाता hai.ABRAXAS का भी यही हाल tha.kuch वक़्त लगा फिर वो ठीक हो खड़ा हुआ.

LILITHA-ABRAXAS तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया क्या जो तुम लार्ड ास्मोडियस से सवाल करने लगे.

VALEFOR-aur नहीं तोह kya.tumhare चक्कर में हम सब की जान भी चली jaati.aur तुम जानते होना जब एक डेविल मरता है तोह क्या होता है! इंसान की मौत के बाद या यह हेवन या हेलल जाता है या फिर reincarnated(punarjeevit) हो कहना कहीं फिर पैदा होता है पर हम डेविल्स के मौत के बाद हमारा पूरा अस्तित्व hi ख़त्म हो जाता hai.fir भी तुम......

ABBADON-Bas करों तुम dono.ABRAXAS को उसकी गलती का अहसास है.

ABRAXAS-HAAN DOSTON.mai फिर ऐसा कुछ कभी नहीं karunga.pata नहीं तब कैसी एक जिज्ञासा सी हुई और मई महामहीम से सवाल पूछ बैठा.

ABBADON-jo हुआ उससे एक सीख की तरह lo.aur अब चलो सब महामहिम ने जो काम सौंपा है उसमे लग जाते hai.sabne हामी भरी और गायब हो अपने अपने काम को अंजाम देने निकल पड़े.

अब्ब्दों पहुंचा WESLANDIA.dharti की सबसे बड़ी country.jitna बड़ा देश उतना hi स्ट्रिक्ट kanoon.ABBADON जनता था की अगर इतने स्ट्रिक्ट देश में वो अराजकता फैला दे तोह दूसरे देशों में भी इनकी देखा देखि यही hoga.ABBADON एक पोलिटिकल कौंसिल मीटिंग में पहुंचा जहाँ बोहोत से मुल्कों के बेब बड़े रेप्रेसेंटेटिवेस आये हुए the.aaj तक किसीने डेविल्स को देखा नहीं tha.devils अदृश्य होकर hi अपना काम करते the.ABBADON ने वेस्लीनिअ के रिप्रेजेन्टेटिव को hi pakda.uske पास जाके अब्ब्दों ने एक मंत्र बोलै. "तसवरया विराचरे BHIGNACHHATE."aur इसके साथ hi वेस्लीनिअ के रिप्रेजेन्टेटिव का दिमाग घूम gaya.jis शांति प्रस्ताव के लिए उसने सभी देशो के रेप्रेसेंटेटिवेस को बुलाया था उसकी जगह उसने सभी देशों को धमकी दे डाली के सब उनके देश के हिसाब से hi चलें क्यूंकि उनका देश सबसे पावरफुल hai.pure मीटिंग की तस्वीर hi बदल gayi.sabhi देश के रेप्रेसेंटेटिवेस अपने अपने देश को ताकतवर बताने lage.ab इसका कोई निष्कर्ष तोह निल्कलने वाला था नहीं इसिलए ये मीटिंग एक बड़े झगडे के साथ ख़त्म hui.ABBADON ने अपना काम बखूबी कर दिया था.

अब चलते है अब्राक्सस की taraf.ABRAXAS पहुंचा वकाजुला desh.ye वही देश है जहाँ सेक्रिला जंगल tha.wahin के बिंजोल सिटी के एक अंडरग्राउंड फैक्ट्री में ुंडेरवोल्ड की मीटिंग चल रही thi.alag अलग गैंग्स के डांस वहां मौजूद the.sabhi डांस के बीच पहुँच अब्राक्सस ने मंत्र बोलै "

स्वयं दृष्टि प्रयोजिना......

जितने भी डांस थे सबके मन में दूसरे डांस की काम को हथियाने की इच्छा जाग gayi.sabhi एक दूसरे को ऑफर्स देने लगे उनके काम अपने नाम करने ki.sabhi तैश में आ गए the.jab कोई नहीं माना तोह धमकी पे उतर gaye.kyunki सभी अपने अपने बोडीगार्ड्स के साथ थे तोह खून खराबा तोह नहीं हुआ पर सबके मन में कम्प्मेंट कण्ट्रोल की भावना जाग गयी thi....yahi तोह अब्राक्सस चाहता tha.uska काम भी हो गया....

अब देखते हैं लिलिथ ने क्या किया.

लिलिथ पहुंची क्लेन्ज़ले देश के शहर पलिस्टेल me.is शहर को सिटी ऑफ़ लव भी कहा जाता है. लिलिथ एक झील के किनारे पहुंची जो पलिस्टेल के बीच में था.

हृदयँ शमिकायम लुभं कराजाते.

लिलिथ के इस मंत्र उच्चारण के साथ hi उसके हाथ से एक अदृश्य रौशनी निकली और हवा में घुल gayi.jaise जैसे ये हवा पलिस्टेल के लोगों तक पहुंची लोगों के दिमाग में जो जगह प्यार की थी उसमे हवस भी घुलने lagi.ye मंत्र धीरे धीरे अपना असर करती thi.dhekte hi देखते कुछ महीनों में ये लव सिटी सिर्फ नाम की रह गई उसकी जगह लव की जगह लस्ट ने leli.LILITHA का काम भी हो gaya.usse मालुम था इस सिटी में करोड़ों लोग हर साल घूमने आते hai.ab वो आएंगे तोह अपने लव के साथ या लव ढूंढ़ने पर जायेंगे लस्ट के saath.ye सोचते हुए hi लिलिथ मुस्कुरा दी और गायब हो गयी....

अब चलते हैं वालेफ़ोर की taraf......ye कहाँ गएँ? अरे ये तोह देखोलम देश के DSRO(DEKHOLM स्पेस & रिसर्च आर्गेनाईजेशन) में hain.ye यहाँ क्या कर रहा hai?ohh अब समझा, दरअसल देखोलम देश नुक्लेअर एनर्जी के परिक्षण में no.1 hai.toh अपनी शक्ति प्रदर्शन और काम के लिए इससे अछि जगह तोह वालेफ़ोर के लिए हो hi नहीं sakti.VALEFOR सीधा उस चैम्बर में पहुंचे जहाँ देखोलम के चेइफ़ साइंटिस्ट्स कुछ एक्सपेरिमेंट्स कर रहे थे.

"भावो विशेषण विनाशय देवयंती"......

और एक तरंग निकल सभी साइंटिस्ट्स के दिमाग में घुस गयी.

साइंटिस्ट 1- फ्रेंड्स मई सोच रहा था की क्यों न फ़िलहाल के लिए इस एक्सपेरिमेंट को रोक कुछ अलग तरय karen.mere दिमाग में एक आईडिया आया hai.kyun ना अपने देश की रक्षा के लिए हम एक अंडरग्राउंड नॉनडेडक्टेबले वेपन banaye.sabhi साइंटिस्ट्स चौंक गए क्यूंकि सभी के मन में ये khayal.ek साथ आया था पर किसीने कोई शॉकिंग रिएक्शन नहीं दिया और इस आईडिया को अप्प्रूवे कर liya.aur सभी इस काम में लग gaye.ab एक देश वेपन बनाते और बाकी देश चुप rahen,ye तोह हो नहीं सकता. वालेफ़ोर ये बात अचे से जानता था इसीलिए उसने ऐसा किया.........

(आज के लिए इतना HI.....DOSTON खुल के रेविएवस DIJIYE.KHAAS कर स्टोरी के प्लाट के बारे ME.MUJHE पता चलना ज़रूरी है की आपको स्टोरी मज़ेदार लग रही है की नहीं.

 
अब तक आपने पढ़ा की एक तरफ जयराज मज़दूर यूनियन का मटर सुल्हझाने साइट की तरफ निकल गए और वहीँ दूसरी तरफ ास्मोडियस के भेजे चारो डेविल्स ने अलग अलग तरीके से पाप बढ़ने का अपना अपना काम कर दिया है.

अब आगे......

अपडेट-9 (मेगा अपडेट)

जयराज अपनी गाडी में बैठ सीधा साइट पर पहुँचते hain.jairaj एक गवर्नमेंट सिविल इंजीनियर है और अभी ढेंकानाल के नदी के ऊपर एक ब्रिज बना रहे हैं.

जब जयराज वहां पहुंचे तोह उन्होंने देखा की सिर्फ आधे मज़दूर hi काम कर रहे थे और बाकी आधे लापता the.yahan तक की उनका सुपरवाइजर अनिल भी गायब tha.jairaj ने एक मज़दूर को बुला कर पूछा की बाकि मज़दूर कहाँ hain.mazdoor ने बताया की आधे मज़दूर मंगल के साथ नदी के दूसरी तरफ बने छोटे से बाग़ की तरफ गए hain.supervisor साहब भी उन्ही के पीछे पीछे गए hain.jairaj भी उसी तरफ हो लिए.

जब जयराज वहां पहिंचे तोह वहां का माहौल देख उन्हें बोहोत ग़ुस्सा आया पर किसी तरह उन्होंने खुद को शांत किया और उस और बढ़ gaye.scene कुछ ऐसा था की सारे मज़दूर एक पेड़ के नीचे बैठ कर ताश खेल रहे the.anil वहीँ पर खड़े होकर उन सब को काम में वापस जाने के लिए कह रहे थे पर कोई उनकी बात को सुन hi नहीं रहा tha.sab अपने में hi मगन the.jairaj अनिल के पास पहुँचने.

जयराज- अनिल तुम यहाँ खड़े ho.tumhe तोह अभी साइट पर होना चाहिए ना.

ANIL-sir में इन सब को बुलाने आया था पर ये सब तोह मेरी बात सुन hi नहीं rahe.mangal को अब लगा की जयराज भी अब उसको कन्विंस करेगा और फिर मंगल अपनी शर्ते जयराज के सामने रखेगा. पर जो हुआ उससे न सिर्फ मंगल शॉक हो गया बल्कि अनिल और बाकी सारे मज़दूर भी चौंक gaye.kya हुआ होगा, चलिए देखते हैं.

जयराज- ANIL.kal तक का इनका पूरा हिसाब हो गया है क्या.

अनिल- यस sir,pura हो गया है.

जयराज- हाँ तोह ठीक hi तोह है naa.ye सब तुम्हारी बात क्यों sunenge.ab ये हमारे लिए काम नहीं karte.tum चलो यहाँ से इन्हे खेलने do,hame ब्रिज का काम जल्दी ख़त्म करना hai.aur मज़दूरों की टेंशन मत lo.wo सब मई मैनेज कर lunga.mangal को जयराज से ऐसी बात की उम्मीद नहीं thi.wo पहले तोह शॉक हो गया पर फिर जयराज की बात ख़त्म होते होते संभल चूका tha.ab वो ठैरा एक चिरोरी ढंग का insaan.baat भी वैसी hi करेगा naa.taish में आकर bola.aise कैसे काम से निकल doge.yahan मज़दूरों की यूनियन है और मई उनका लीडर hun.bina मुझसे पूछे कोई काम नहीं hoga.aur जैरज़ि आप ज़्यादा hi नहीं बोल रहे ho.ye हमारा इलाका hai.zyada होशियारी दिखाई ना toh.........CHATAAAKHHHHH......

एक तेज़ आवाज़ के साथ मंगल ज़मीं par.kaale काले गाल पर 5 उँगलियों के nishaan.sab shocked.anil तोह आँखें फारे कभी ज़मीन पे गिरे मंगल को देखता तोह कभी जयराज ko.jairaj की आँखें इस वक़्त सुरक लाल हो चुकी thi.jabde भीचें हुए the.haathon की मुठी सकती से बंधी हुई thi...baaki के मज़दूर तोह मंगल को थप्पड़ पड़ते देख hi पीछे हैट गए the.aur मंगल का तोह कान hi सुन्न हो

गया tha.fir जयराज मंगल के पास गए और उसका कालर पकड़कर उससे उठाया और ज़ोर से दहाड़े...

(जयराज को यहाँ ढेंकानाल में शिफ्ट हुए कुछ 5 महीने hi हुए थे यानी की मीनू की प्रेगनेंसी शुरू होने के baad.issi के चलते वो मंगल को कभी ज़्यादा मुँह नहीं लगते the.uski छोटी मोती गलतियों को माफ़ करते आ रहे the.isse मंगल ने समजा की नया इंजीनियर थोड़ा फत्तू hai.isse अपने हिसाब से नचाया जा सकते hain.par वो नहीं जानता था की जयराज एक दबंग किस्म के इंसान hai.zindagi से लड़ लड़ कर hi वो इस मुकाम तक पहुंचे the.bas अपनी प्रेग्नेंट बीवी के दर से की कही किसी से उलझ ने का असर उनकी बीवी पे न हो वो कुछ ज़्यादा कहते नहीं the.par आज मंगल ने अपनी हद पार कर दी thi.saza तोह उससे मिलनी hi थी ना.

बैक 2 थे स्टोरी.....

तोह क्या बे हाँ तोह kya???ye बोलते वक़्त जयराज ने मंगल को पूरा झिंझोड़ दिया था.

JAIRAJ-saale, तू समझता क्या है बे मुझे हाँ! saale,tere जैसा पाँव किलो का c******ya मुझे धमकी dega.abbe jhinge,tere और मेरे बीच सिर्फ इस कपडे का फर्क है samjha.agar एक बार ये उतर गया ना तोह दादागिरी में मई तेरा बाप hun.saale अगर दुबारा फिर कभी मेरे नज़र के सामने आया तोह कसम से नंगा करके मरूंगा और घसीटूंगा alag.samjha.ye बोल एक और चटकककहहह, थपड मंगल के गाल पर pada.is थप्पड़ से मंगल के होठ फतह gaye.khoon निकलने laga.mangal लड़खड़ा के वहीँ गिर गया.

JAIRAJ-aur तुम sab.kaam में चलना है या इस c******ye के साथ भाई भाई खेलोगे...

MAZDOOR-Nahi sahab.hum बीवी बचे वाले लोग hain.wo तोह इस मंगल ने बोनस का लालच देकर हमको फसा लिया tha.ab नौकरी hi नहीं रहेगी तोह बोनस कहाँ से aayega.hume माफ़ कर dijiye.dobara ऐसी गलती नहीं होगी.

JAIRAJ-theek hai.par ये आखरी बार hai.dobara ऐसी गलती बर्दाश्त नहीं karunga.aur हाँ अगर यूनियन लीडर बनाना है तोह किसी ढंग के इंसान को banao.aise गवार को nahi.chalo सब काम पे.

सभी मज़दूर चुप चाप काम पे निकल gaye.peeche रह गया सर झुकाये मंगल...

ANIL-SIR मैंने आपका ये रूप पहले कभी नहीं देखा था..

जयराज- मंगल जैसो के लिए ऐसा बनाना पड़ता है anil.ye सब सो कॉल्ड टपोरी और गुंडे ये नहीं जानते के शरीफ आदमी से बड़ा गुंडा कोई nahi.bas उसपे ज़िम्मेदारी होती है इसीलिए वो कुछ नहीं karta.warna अगर एक शरीफ आदमी का दिमाग खिसका तोह इन जैसे 100 पे वो अकेला hi भारी है.

ANIL-sach कहा sir.......(doston इससे कहते है ATTITUDE....nazariya....)

दूसरी तरफ ास्मोडियस के महल में-

ास्मोडियस अपने डेविल्स के काम को देख रहा THA.CHEHRE पे हलकी सी स्माइल लिए आगे के बारे में सोच रहा था की अचानक उसके सामने एक तेज़ रौशनी हुई और इसी के साथ मांसलिकेल का समय चक्र रुक GAYA.JITNE भी डेविल्स बहार घूम रहे थे सब अपनी अपनी जगह फ्रीज हो GAYE.PAR ास्मोडियस को कुछ नहीं HUA.WO वैसे का वैसा HI THA.AUR ये क्या रौशनी HONA,SAMAY चक्र का रुकना इन सब के बावजूद ास्मोडियस चौंका बिलकुल भी नहीं THA.BALKI उसके चेहरे की स्माइल और बढ़ गयी थी.

वो रौशनी धीरे धीरे काम हुई और जब ख़त्म हुई तोह ास्मोडियस के सामने 3 स्पिरिट्स खड़े थे.....

(टाइम 4 सम नई & इम्पोर्टेन्ट चरक्टेर्स एंट्री गुइज़...)

जब गॉड ने ास्मोडियस को उसके पोजीशन से हटाकर उससे स्वर्ग से निकला तोह ास्मोडियस की जगह को भरने के लिए गॉड ने 3 हौली स्पिरिट्स BANAYI.PAR इस बार वो कोई चूक नहीं चाहते थे इसीलिए उन्होंने ास्मोडियस के काम को किसी एक को ना देकर तीनो में बाँट DIYA.UN हौली स्पिरिट्स के नाम और काम हैं:-

1- संत ALFRICK.....(THE क्रेअटुरे ऑफ़ लाइफ) ये इंसान के ज़िन्दगी का लेखा जोखा रखते हैं......

2- संत CECILIA.....(THE क्रेअटुरे ऑफ़ लव) ये इंसान के मन में प्यार और भरोसा पैदा करती हैं......

3- संत SEBASTIAN.....(THE क्रेअटुरे ऑफ़ डेथ) ये इंसान के मरने का वक़्त निर्धारित करते है.

कई बार जब किसी इंसान की मृत्य उसके समय से पहले हो जाती है तोह संत सेबेस्टियन और संत अल्फ़्रिक मिलकर उस इंसान को पुनर जीवन देते हैं....

बैक तो थे स्टोरी:-

अस्मोदएस- well,well,well, ये मई क्या देख रहा हूँ.

"थे थ्री गोड्स MESSENGER,THE सेंटस ऑफ़ LIFE,LOVE & डेथ मेरे गरीबखाने me.lagta है गॉड ास्मोडियस से फिर नाराज़ हो गए तभी तोह वर्ल्ड के रखवालों को भेजा है मुझसे बात करने, क्यों?

ये बात ास्मोडियस ने कुछ तंज़ कसने के तरीके से कही थी पर इससे थे थ्री सेंटस को कोई फर्क नहीं पड़ा उल्टा उनके चेहरे पर मुस्कान आ गयी.....

संत CECILIA-mehmaano का स्वागत ताने se,kamsekam तुमसे ऐसी उम्मीद न थी ास्मोडियस .खैर ताने में hi सही तुमने हमारी तारीफ़ तोह की, उसके लिए तहे दिल से शुक्रिया....

(संत सकिलिअ क्रेअटुरे ऑफ़ लव THI.BOHOT HI खुशमिजाज़ और बातों में सबसे आगे.)

अस्मोदएस- संत CECILIA,MANANA PADEGA.SADIYA बीत गयी पर आपकी खूसूरति और हाज़िर जवाबी का आज भी कोई तोड़ NAHI......PAR यहाँ वक़्त को रोक कर आप तीनो महारथी मुझसे गप्पे लड़ने तोह आये नहीं HO,TOH काम भी बात करें....

संत सेबेस्टियन- ज़रूर. ास्मोडियस, तुम्हे भी मालूम है की अभी कलयुग HAI.PAAP तोह वैसे भी इस युग का हिस्सा HAI.AUR ऊपर से जिस तेज़ी से ये फैले रहा HAI,TUMHARI शक्ति बिना किसी कोशिशों के HI बढ़ती जा रही HAI.FIR भी तुमने अपने चारो डेविल्स को अपनी शक्ति इस्तेमाल कर और पाप और तेज़ी से बढ़ने के लिए KAHA.YE तोह सही बात नहीं है ना.

ASMODUES-SAHI और गलत का पाठ मुझे ना पढ़ाएं AAP.MERE शक्ति से पाप बढ़ाना आपको गलत लग रहा HAI,AUR जो गॉड ने KIYA,USKA क्या!!! किसी महाशक्ति का निर्माण किया और उससे धरती पर भेज दिया ताकि मुझे हराया जा SAKE,WO सही है?

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संत ALFRICK-YE तुम्हे पहले सोचना चाहिए था ASMODUES.WO तुम थे जिसने बगावत की THI.WO तुम हो जो धरती का विनाश चाहते HO.APNI शक्ति का गलत फायदा उठाते HO.TUMHE पता है की गॉड तुम्हे खुद नहीं मार SAKTE.ANSH जो ठहरे उनके TUM.PAR इसका ये अर्थ तोह नहीं की तुम्हारा अंत HI नहीं HOGA.HEERE को हीरा HI कट्ठा HAI.TUMHE अभी अभी के जन्मे महाशक्ति का आभास हो गया है, पर नजाने कितने युगों से तुम खुद जो पाप पे पाप कर रहे हो उसका आभास नहीं है TUMHE.NAJAANE कितने लोगों को अपने मायाजाल में फसकर मार चुके हो TUM.KYA वो सही HAI...!!!!JABKI तुम्हे मालूम है की परम पीतपरमेश्वर अपने बचो से कितना प्रेम करते हैं....

ास्मोडियस- PREM!!!!!!!!HAHAHAHAHAHA.........AUR कौन से BACCHHE.!!!!!!YE इंसान जिनकी हैसियत किसी कीड़े से काम नहीं HAI.WO इंसान जो हवस को प्रेम का नाम देते HAIN.JHOOTH,DHOKA,LOOT जिनका पहला धर्म HAI.BHALE HI ये भगवन भगवन की रत लगते HAIN,PAR कर्म इनके ऐसे हैं की मुझ जैसा शैतान भी शर्मा JAAYE.ITNE समुदाय इतनी MAANYATAAYEN,ITNI BHINNATAYEN,PAR इनका श्रोत क्या HAI.ACHCHAYIII.....!!!!!! न न न न.... इन सब का श्रोत है पाप. वाह रे भगवन के BACCHE.....NAAM खुदा का पर काम शैतान KA.......JAB मैंने गॉड से कहा था की ये दुनिया उनके प्यार के लायक NAHI,ISSE मिटा दीजिये है तोह क्या क्या गलत बोलै THA.EK बार बस एक बार मेरी शक्तियों में से अंश भर की भी शक्ति इन इंसानो को दे कर DEKHO,YE सब खुद HI संसार को मिटा DENGE.BIN शक्तियों के ये हाल HAI,SHAKTI मिलने के बाद कैसा HOGA.SOCHO......

मुझे दोष देने से पहले अपने और अपने भगवन के अंदर झाँक के DEKHO.PATA चल जाएगा कौन सही है और कौन गलत.

संत सेबेस्टियन- बस ास्मोडियस BAS.APNI गलती का पिटारा हमारे और गॉड के ऊपर मत PHODO.DIL तोह करता है की तुम्हे अनंत काल के लिए इसी गृह में बाँध DUN.PAR परम पिता परमेश्वर का ऐसा कोई आदेश नहीं है इसीलिए तुम्हे छोड़ता HUN.BAS इतना बताने आये हैं हम की अपने डेविल्स को कहो की अपनी शक्ति का मायाजाल इंसानो से हातादें वर्ण उनमे से कोई जीवित नहीं रहेगा.

ये कह तीनो सेंटस जाने के लिए अंतर्ध्यान हुए पर................. ये क्या, तीनो तोह वहीँ के वहीँ HAIN.ASMODEUS के SAAMNE.JAANA तोह दूर वो तोह हिल भी नहीं पा रहे HAIN.EK अदृश्य जाल में फेज खड़े HAIN.SAINT अल्फ़्रिक ने कुछ मंत्र पढ़ा जिससे जाल टूट जाए पर कोई फायदा नहीं HUA.BAAKI दोनों ने भी तरय किया पर कामियाब नहीं हो PAAYE...AUR जब थकहार कर सामने देखा तोह ास्मोडियस अपने राजगद्दी पर बैठा मुस्कुरा रहा था.......

ास्मोडियस- क्या कह रहे थे आप संत SEBASTIAN.ANANT काल तक मुझे इस गृह यानि मेरे अपने बनाये हुए गृह में बाँध DENGE,HAAN....MERI CHHODIYE,PEHLE खुद को तोह बंधन मुक्त KIJIJIYE...TEENO सेंटस पूरी कोशिश कर रहे थे की वो किसी तरह मुक्त हो जाएँ पर कामियाब नहीं हो पा रहे थे.

ास्मोडियस- कोशिश बेकार HAI.AAP होंगे मेसेंजर्स ऑफ़ GOD,PAR आप भूल रहें हैं की आपके सामने कौन खड़ा HAI.....ASMODEUS.......THE क्रेअटुरे ऑफ़ JUDGEMENT......AAP तीनो की शक्तियां मिला भी दी जाए तोह मेरे आगे कीच NAHI.TOH दोबारा मुझे धमकाने का ख्याल भी दिमाग से निकल से निकल DIJIYEGA.JAIYE मई आपको मुक्त करता HUN.AUR ास्मोडियस के ऐसा बोलते HI अदृश्य जाल टूट गया.

ास्मोडियस- भले HI गॉड ने मुझे खुद से दूर कर दिया, मई सबसे बड़े एंजेल से सबसे बड़ा डेविल बन GAYA.GOD मुझे मारना भी चाहते HAIN,PAR ास्मोडियस इस बात को झुटला नहीं सकता की उन्होंने HI मुझे बनाया HAI.MAJBOORI में HI सही पर अपनी शक्ति का सबसे बड़ा हिस्सा मुझे दिया HAI.DEKHA जाए तोह मेरे ऊपर गॉड का एक एहसान HAI.AUR ास्मोडियस एहसान नहीं रखता....

"शक्तियम पुनः विश्लेषण विक्लोम भाव..."

ास्मोडियस ने अपने हाथ FAILAYE,YE मंत्र BOLA.ASMODEUS के हाथों से नीली, पिली, काली, और हरी रोशनियां निकली और पृथ्वी की तरफ चल DI.....SAARI रोशनियां हर उस जगज गयी जहाँ जहाँ चारों डेविल्स ने अपना मायाजाल बना था और देखते HI देखते कुछ HI पलों में सारा मायाजाल टूट GAYA.LOG फिर वैसे होगये जैसे पहले THE.UNHE याद भी न रहा की मायाजाल के प्रभाव में उन्होंने क्या क्या गलतियां की HAI.SAB कुछ पहले की तरह ठीक हो गया......

ास्मोडियस- सेंटस, JAO....PRITHVI पहले जैसी हो गयी HAI.KOI मायाजाल नहीं रहा अब. और कह देना गॉड से की ास्मोडियस के सर से उनका एहसान उतर चूका HAI.....AUR हाँ ये भी कह देना की उनके प्यारे संसार को बर्बाद करने के लिए ास्मोडियस के मायाजाल की ज़रुरत नहीं HAI.EK न एक दिन इंसान खुद HI अपनेआप और संसार को ख़त्म कर LENGE.AB आप सब जा सकते हैं......

तीनो सेंटस अभी तक शॉक में खड़े THE.UNHE विश्वास नहीं हो रहा था की वो ास्मोडियस के एक मंत्र तक को काट नहीं PAAYE.UNHE ये पता था की ास्मोडियस बोहोत ताकतवर है पर ये नहीं पता था की वो तीनो मिलकर भी ास्मोडियस का सामना नहीं कर SAKTE.WO ास्मोडियस से बिना कुछ कहे चुप चाप अंतर्ध्यान हो गए.....

ास्मोडियस - गॉड, अगर मई चाहता तोह आपके इन तीनो मेसेंजर्स को यहीं ख़त्म कर DETA,PAR एक दूत को मारना गलत HAI,YE आपने HI सिखाया THA.DEKHA मई कुछ नहीं भुला GOD.PAR आप भूल GAYE,YA फिर समझ नहीं PAAYE,YE संसार आपके प्यार के योग्य नहीं HAI.THIK HAI,AAPNE मेरे अंत के लिए एक नयी शक्ति का निर्माण किया है ना, वडा है मेरा आपसे, ास्मोडियस आपकी उस शक्ति को नहीं DHUNDEGA.BADHNE दीजिये USSE.JAB वो शक्ति अपना पूर्ण आकर पूरा स्वरुप लेलेगी तब उसका सामना होगा ास्मोडियस से.....

वहीँ दूसरी तरफ गॉड ये सब देख मुस्कुरा रहे THE...UNKE सामने तीनो सेंटस सर झुका कर खड़े थे......

तोह DOSTON,YE है अपने स्टोरी का VILLAIN.PAR क्या इससे विलन कहना सही होगा........ बात तोह एकदम पते की करता HAI.AUR क्या आगे चलकर ऐसे खतरनाक ताकतों के मालिक ास्मोडियस से लड़ना हमारे हीरो के लिए आसान HOGA,JABKI यहाँ ास्मोडियस सिर्फ महाशक्तिशाली HI नहीं महाज्ञानी भी HAI.AUR साथ में सुलझा हुआ भी.

(तोह दोस्तों ये रहा आज का मेगा UPDATE.PADIYE और एन्जॉय KIJIYE.AUR हाँ लॉजिक में मैजिक लगे तोह दिल खोल कर रेविएवस DIJIYEGA...APKA अपना V.J...)

 
अब तक आपने पढ़ा की कैसे जयराज ने मंगल को सबक सिखाया और सब मज़दूरों को काम में जाने को BOLA....DUSRI तरफ तीनो सेंटस उर्फ़ गोड्स मैसेंजर ास्मोडियस के सामने पहुंचे और ास्मोडियस को धमकाने की गलती कर BAITHE.ASMODUES ने उन्हें एक अदृश्य जाल में फसा लिया पर फिर मुक्त भी कर DIYA.ASMODEUS ने अपने डेविल्स द्वारा फैलाया मायाजाल पृथ्वी के ऊपर से हटा DIYA,AUR गॉड से वादा भी किया की वो उनके धरती पे भेजे शक्ति का पता नहीं लगाएगा जब तक वो शक्ति ताकतवर नहीं हो जाती........

अब आगे..........

अपडेट 10........

गॉड- मैंने तुम तीनो से क्या कहा था?

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इस वक़्त तीनो सेंटस सर नीचे करके खड़े थे.

गॉड- जवाब दो....

संत अल्फ़्रिक- हमे माफ़ कर दीजिये PARAMPITA.HUM क्रोध में आकर ास्मोडियस से उलझ बैठे.

गॉड- हम्म, जीवन में हमेशा अपनी गलतियों से HI नहीं सीखा जाता. दुसरो की गलतियों से भी सीख ली जाती है. इसी क्रोध की वजह से ास्मोडियस को मैंने निकल दिया THA.YE गलती तुम तीनो न दोहराओ तोह ठीक होगा.

थे थ्री सेंटस एक SAATH-JEE PARAMPITA.HUM याद RAKHENGE.YE बोल तीनो ने सर झुकाया और वैसे HI सर नीचे कर धीरे धीरे जाने लगे.

गॉड- रुको. मन में अगर आशंकाएं हो सवाल हो तोह पूछ लेना चाहिए.

संत सकिलिअ- गॉड आपसे तोह कुछ छुपा NAHI.HUM बस यही जानना चाहते हैं की हम तीनो मिलकर भी ास्मोडियस के मात्र एक मंत्र का सामना भी क्यों नहीं कर PAAYE.HUM तोह आपके मेसेंजर्स है और ास्मोडियस एक SHAITAN.FIR वो इतना ताकतवर कैसे?

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?

गॉड - इसका जवाब बोहोत सीधा सा है CECILIA..TUM तीनो मेरे ऊर्जा से बने HO.CLAUDIOUS भी मेरे ऊर्जा का HI रूप HAI.(JI हाँ दोस्तों यही है गॉड का सबसे पावरफुल एंजेल "CLAUDIOUS"...."THE एंजेल ऑफ़ लाइट") इससे वारियर ऑफ़ गॉड भी कहा जाता HAI...ISSE गॉड ने ास्मोडियस के साथ HI बनाया THA.PAR क्लॉडियस गॉड के साथ साथ ास्मोडियस के भी अधीन THA.KYUNKI गॉड ने ास्मोडियस की हेल्प के लिए क्लॉडियस को बनाया THA.FIR भी इसकी ताक़त थे थ्री मेसेंजर्स ऑफ़ गॉड से ज़्यादा THI.AB ऐसा क्यों ये आगे पता CHALEGA.....BACK तो थे स्टोरी......

GOD-AUR ास्मोडियस मेरा अंश HAI.MAINE सिर्फ उससे निकला THA,USKI ताक़त नहीं ली THI.KYUNKI वो मेरा HI हिस्सा है. मई उसकी ताक़त ख़त्म या काम नहीं कर SAKTA.AUR अब तोह वो काली शक्तियों का भी मालिक HAI.USKI ताक़त की कोई सीमा NAHI.ISILIYE मैंने तुमसे कहा था की ास्मोडियस से बस वही कहना जिसके लिए मैंने तुम्हे भेजा था.....

संत सेबेस्टियन- हमें माफ़ करें PRABHU,DOBARA ऐसा कभी नहीं HOGA....YE कह तीनो अंतर्ध्यान हो गए...

(दोस्तों गॉड अब सामने नहीं AAYENGE.UNKI तरफ से साड़ी बातें थे थ्री मेसेंजर्स या क्लॉडियस KARENGE.JAB तक बोहोत ज़्यादा ज़रूरी न हो गॉड दर्शं नहीं देंगे...) बैक तो थे स्टोरी........

वहीँ दूसरी तरफ तीनो डेविल्स को पता चल चूका था की उनका मायाजाल हैट चूका पर कैसे HATA,KISNE HATAYA,YE वो नहीं जानते THE....TEENO वही सेक्रिला जंगल के गुफा में जमा हुए......

अब्ब्दों- मेरा मायाजाल टूट गया HAI.KYA तुम सब का मायाजाल अब भी कायम है....!!!!

तीनो एक साथ- नहीं. एक साथ बोलने की वजह से तीनो एक दूसरे की तरफ देखते हैं.

ABBADON-AISA कैसे हो सकता है.

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???ऐसी कौन सी शक्ति पैदा हो गयी है जो हम चारों का मायाजाल एक साथ तोड़ सकती है?

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अब्राक्सस- मुझे भी कुछ समझ नहीं आ रहा HAI.AB क्या करें???

लिलिथ- क्या करें MATLAB?JISNE भी ये किया है उससे खोज कर सजा देते हैं...

वालेफ़ोर- नहीं लिलिथ ये इतना आसान नहीं है...

जिसने भी ये किया है वो साधारण तोह हो नहीं SAKTA.ZARA SOCHO,JISNE हम चारों का मायाजाल इतनी आसानी से तोड़ दिया वो कितना ताकतवर HOGA...HUME जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए.

अब्ब्दों- वालेफ़ोर सही कह रहा HAI.MUJHE लगता है हमे लार्ड ास्मोडियस को सब बता देना चाहिए.....

अब्राक्सस- पर क्या ये सही RAHEGA.MERA मतलब कहीं लार्ड फिर से नाराज़ न हो जाएँ की हम ऐसी छोटी छोटी बातें लेकर उनके सामने जाने लगे..

CECILIA-HAAN ये भी है....

ABBADON-AGAR गए तोह शायद सिर्फ नाराज़ होंगे पर अगर उन्हें बिन बताये खुद HI फैसले लेने लगे तोह पक्का सजा मिलेगी.

ABRAXAS-NAHI NAHI.HUM सीधे DEVIL'S किंग के पास HI चलते HAIN...(ABRAXAS को अपनी पुराणी गलती याद आ गयी थी...)

कहीं जाने की ज़रुरत नहीं है....

चारो डेविल्स STATUE....CHEHRE पे DAR.....AUR हो भी क्यों ना आवाज़ ास्मोडियस की जो थी...

ास्मोडियस वौइस्- मेरे पास आने को ज़रुरत नहीं HAI.AUR तुम सब भूल रहे हो ास्मोडियस से तुम कुछ वैसे भी नहीं छुपा SAKTE...AUR रही बात तुम्हारे मायाजाल KI,TOH वो मैंने HI तोडा HAI....CHAARO फिर शॉकेड हो गए.

ASMODEUS-ZYADA शॉक होने की ज़रुरत नहीं HAI.AB पहले से जैसा चलते आ रहा था, वैसे HI CHALEGA.....AUR इसी से के साथ ास्मोडियस की आवाज़ आना बंद हो गया....

अब तीनो के मन में सवाल तोह बोहोत THE,PAR ास्मोडियस से पूछने की हिम्मत किसी में ना थी.....

तीनो बिना कुछ बोले अपने अपने स्थान पर गायब हो गए....

दूसरी तरफ पृथ्वी में:-

धीरे धीरे दिन निकलने LAGE.....US दिन के बाद से साइट पर सारा काम ठीक से चलने LAGA.MANGAL की जगह मज़दूरों ने मदन नाम के एक मज़दूर को यूनियन लीडर चुन लिया. मंगल भी उस दिन के बाद से कभी जयराज के सामने नहीं AAYA.JAIRAJ का भेजा कोटशन भी सरकार ने मंज़ूर कर लिया THA...SAB कुछ ठीक चल रहा THA.PAR कहते हैं ना हर चीज़ जो ठीक दिख रही है ज़रूरी नहीं की ठीक HI HO...YAHAN भी कुछ ऐसा HI THA.BHALE HI मंगल जयराज से थप्पड़ खाने के बाद उसके सामने कभी नहीं आया था पर दूर से वह जयराज पे नज़र रखे हुए THA.USSE बस एक सही मौके की तलाश थी जयराज से अपना हिसाब बराबर करने KI.AUR वो मौका उससे मिल भी गया . उस घटना को 3 महीने हो चुके THE.EK रोज़ संडे के दिन जयराज अपनी पत्नी मीनू और विक्रम को लेके अपनी कार से घूमने निकले THE.DHENKANAL से 1 घंटे के फासले पे एक छोटा सा जंगल था जिसके बीच एक झरना THA.JAIRAJ और मीनू पहले कई बार यहाँ आ चुके थे, पर मीनू की प्रेगनेंसी से PEHLE.USKE बाद सीधे आज जा रहे THE.THIK 1 घंटे में HI वो उस झरने के पास पहुँच GAYE.WAHIN उन्होंने मत भीचै और बैठ GAYE.MINU जयराज की गोद में बैठी थी और अपना हीरो विक्रम मोनू की गोद ME.ARRE मैंने आपको अपने हीरो का पेट नाम तोह बताया HI NAHI.TOH मीनू ने विक्रम नाम को HI शार्ट कर अपने बचे का पेट नाम विक्की कर दिया THA.TOH हम भी इसी नाम से उससे PUKARENGE.VICKY आज भी एकदम शांत HI रहता THA.VICKY 3 महीने का हो चूका था पर रोया सिर्फ तभी था जब उससे वक्सीनशन लगे थे वो भी थोड़ा SA.SHURU शुरू में मीनू और जयराज को ये बड़ा अजीब लगता था पर उन्होंने इससे इग्नोर कर DIYA.HAAN तोह हम कहाँ THE,HAAN तोह विक्की मीनू की गोद में बैठा था और झरने की तरफ देख रहा THA.MAINE पहले HI बता दिया था की जयराज बड़े रोमांटिक हैं तोह वो भी लगे हुए थे मीनू को छेड़ने ME.MINU कभी SHARMAATI,KABHI जयराज पे झूठा ग़ुस्सा दिखती और बीच बीच में विक्की को चुम LETI....MAHOUL बड़ा खुशनुमा THA.PAR उन्हें नहीं पता था की कोई उनपे नज़र जमाये बैठा THA.YE और कोई नहीं मंगल था जो अपने साथ 5 लोगों को लेकर जयराज के पीछे पीछे यहाँ तक पहुँच गया THA,AUR अब धीरे धीरे आगे बढ़ रहा था, और कुछ देर में ठीक जयराज के पीछे खड़ा हो गया.

MANGAL-UMHU UMHU.KYA जयराज JI,BADI पिकनिक मनाई जा रही HAI.AWAAZ सुनके जयराज और मीनू PALTE.MANGAL और उसके साथ पांच लोगों THE,PAR जयराज घबराये बिलकुल भी नहीं.

वहीँ मीनू एक पल के लिए घबरा GAYI.JAIRAJ मीनू की तरफ देखे और आँखों से इशारा किया जैसे कह रहे हो की कुछ नहीं HOGA.MAI हूँ यहाँ PE.MINU भी रिलैक्स हो गयी.....

जयराज- काफी टाइम लगा दिया मंगल TUNE.KORAGHAAT से हमारा पीछा कर रहा है फिर भी इतना LATE..(JI हाँ DOSTON,JAIRAJ को ये पहले से पता था की मंगल उसका पीछा कर रहा HAI.HUA यूँ की घर से निकलने के कुछ 10 मिनट के ड्राइव के बाद जयराज ने एक लेफ्ट टर्न लिया जिससे कोरघाट टर्निंग पॉइंट भी बोलते है

वहीँ से एक गाडी जयराज का पीछा करने LAGI.JAIRAJ ने बैक व्यू मिरर में ये देखा की एक वाइट वन उनके पीछे आ रही HAI.KUCH देर तोह जयराज ने ध्यान नहीं दिया पर जब दो तीन तुरंस के बाद भी वन को अपने पीछे आते देखा तोह जयराज को शक हो गया की कुछ गड़बड़ HAI.THODA आगे जाने के बाद जयराज ने एक ढाबे पे गाडी रोकी और मीनू को पानी लाने का बहाना बना कर अंदर चले GAYE.WO वन भी ढाबे से थोड़ी दूर आकर रूक गयी THI.DHAABE में एक पीछे का दरवाज़ा भी THA.JAIRAJ वहीँ से होते हुए दूसरी तरफ निकल गए और वन की और बढ़ GAYE.VAN रोड के सामने की और पास HI कड़ी THI.MAIN रोड और पीछे की रोड जहाँ इस वक़्त जयराज खड़े थे उसके बीच काफी घने झाड़ और कुछ पेड़ THE.TOH वन के अंदर के लोगों की नज़र जयराज पे नहीं पड़ी पर जयराज एक पेड़ के पीछे से वन के अंदर ध्यान से देखने LAGE.THODI देर में HI ये क्लियर हो गया की अंदर मंगल और उसके चमचे HAI.JAIRAJ थोड़ा और पास गए तोह उन्हें मंगल और उसके साथियों की आवाज़ सुनाई दी

AADMI-MANGAL.BHAI.APUN लोग तोह हथियार िच नहीं लाएं HAI.KHAALI हाथ जाना सेफ है क्या?

MANGAL-ARRE टेंशन मत लो कुछ नहीं HOGA.WO बस अपनी पत्नी और बचे के साथ HAI.YE मौका मई नहीं छोड़ SAKTA.WAISE भी उसके लिया हम ऐसे HI काफी HAI.SAALE को आज जान से HI मार दूंगा...

2ंद AADMI-BHAI उसकी वाइफ क्या कड़क माल HAI.AISA माल मार्किट में दिखने को भी नहीं मिलता HAI.PEHLE उस साले को DHOYENGE,PHIR उस माल पे हाथ साफ़ करेंगे....

मंगल- सही बोलै TU.AAJ सब हिसाब किताब बराबर कर दूंगा उस जयराज SE.USKE आँखों के सामने नंगी करूँगा उसकी बीवी KO.SALA जब तड़पेगा तब इस दिल को चैन आएगा.

जयराज को अपनी वाइफ के बारे में ऐसी बातें सुनके बोहोत ग़ुस्सा आया पर वो अपने ग़ुस्से को दबा GAYE,AUR वापस ढाबे में चले GAYE.DHAABE का मालिक जयराज को बोहोत अचे से जानता था.

JAIRAJ-SATSRIYAKAL PAAJI.AUR दस्सो की हाल है.

D.OWNER- ओह एकदम वाडिया जयराज PAAJI.AUR दस्सो सवेरे सवेरे ITHE,KI गाल है....

JAIRAJ-OH पाजी ै रास्ते विच गुज़र रा SI,TOH तोड़ा हाल चाल पूछन वास्ते रुक GAYE.ACCHA पाजी एक फ़ोन कर लूँ.

D.OWNER-BILKUL करलो PAAJI.TODHA HI फ़ोन HAI.ISME पूछने विच की लोध है.

जयराज ने किसीको कॉल किया, कुछ बात की और D.OWNER से थैंक्यू बोल कुछ मिनरल वाटर की बॉटल्स लेके निकल गया.

मीनू- कहाँ रूक गए THE.KITNI देर लगा दी.

JAIRAJ-ARRE वो अंदर पाजी मिल गए THE.UNHONE HI रोक लिया.

MINU-BAS बात करा लो AAPSE.EK बार शुरू हो गए तोह ख़त्म होने का नाम HI नहीं लेते......

जयराज- जानेमन भूल GAYI,INHI बातों पे मरती थी तुम.....

MINU-BAS BAS.BADE आये बात करने WAALE.CHALIYE वैसे भी देर हो गयी है...

और फिर जयराज कार स्टार्ट कर झरने की तरफ निकल गए.)

बैक तो PRESENT:-MANGAL ये सुनके शॉकेड हो GAYA.USSE लगा था जयराज इतने लोगों को देख घबरा जाएगा पर यहाँ तोह जयराज ने HI मंगल और बाकियों को हड़बड़ा दिया.

मंगल- वाह, मानना PADEGA,JAANTE हुए भी की हम तेरे पीछे है यहाँ आ GAYA.US दिन मुझे बोहोत C*******YA C*********YA कह रहा था NAA.AB बता C******YA कौन है. भाग सकता था तू पर मरने आ गया..

JAIRAJ-BETA C*******YA तोह तू HI HAI.AUR अगर जयराज को तू ठीक से जानता तोह 5 नहीं कमसेकम 50 C**********YE लाता.

MANGAL-BOL तोह ऐसे रहा है जैसे हम सब को एक साथ पीठ DEGA...DEKHNA पहले तेरे थोबड़े का नक्शा बिगाड़ूँगा और फिर तेरी इस बीवी का वो हाल KARUNGA.............DHOOOB......EK ज़ोरदार मुक्का सीधे मंगल के मुँह पे और मंगल NEECHE.EK तरफ के होठ पूरी तरह से उधड़ गयी THI.AUR साइड के दो दाथ भी शहीद हो GAYE.EK मुक्के से मंगल का ये हाल देख एक पल के लिया तोह बाकी के पाँचों भी दर GAYE...UPAR से जयराज बोहोत ग़ुस्से में दिख रहे थे.

MINU-ARRE ये क्या कर दिया तूने MANGAL.MAI तोह इन्हे तुम सब को माफ़ कर देने के लिए कहने वाली थी. मेरे बारे में बोलने की क्या ज़रुरत थी TUJHE.AB BHUGAT.AB मई भी कुछ नहीं कर सकती..

और इसी के साथ जयराज ने एक आदमी का गाला पकड़ा और उठा के पटक DIYA.IS हमले के लिए पाँचों में से कोई तैयार नहीं THA.NATIJA एक ज़मीं पर लेता करहा रहा THA.USKI कमर को झटका लगा था और अब वो उठने की हालत में नहीं THA...PAR अब बाकी चारो संभल चुके THE.WO एक साथ जयराज की और BADHE.PAR जयराज रेडी THE.UNHONE उछाल कर दो को अपने दोनों पेअर फैलाकर किक जड़ DIYA.WO जाकर दूर गिर GAYE.NEECHE आते HI जयराज ने एक के पेअर में पेअर फसकर उससे गिरा DIYA.BACHA EK.USNE नीचे बैठे जयराज के मुँह पे लाठ मारनी चाही पर तभी जयराज ने साइड होकर उसकी लाठ को डॉज दिया और उसी पेअर को पकड़ कर उठा DIYA.WO सीधा निचे GIRA.JAIRAJ ने उसके पेअर को नहीं छोड़ा और पेअर को घुमा दिया जिससे उसका एंकल तक करके टूट GAYI.EK दर्द भरी चीख निकल गयी उस आदमी की .अब तक बाकी तीनो उठ चुके थे तीनो ने 3 तरफ से एक साथ हुम्ला कर DIYA.PAR जयराज भी काम नहीं THE,PEHLE वो एक की तरफ भागे और साइड से होते हुए उसके पीछे चले GAYE.JAIRAJ ने उससे ऊपर उठा दिया और बाकी दोनों के तरफ फेख DIYA.TEENO एक दूसरे से टकरा कर गिर GAYE.AB उनके उठने में वक़्त THA.PAR जयराज उन्हें मौका नहीं देना चाहते THE.JAIRAJ ने अपनी बेल्ट खोली और सटाक सताख सबको पीटना चालू कर DIYA.TEENO की दर्द भरी चीख हर तरफ गूंज रही थी पर जयराज बेल्ट बरसाए HI जा रहे THE.IN सब में मंगल को तोह हम भूल HI GAYE.WO भी ये सब नीचे पड़े पड़े देख रहा THA.AUR काफी दर भी गया THA.WO समझ चूका था की सीधी लड़ाई में वो जयराज को हरा नहीं PAAYEGA.PAR मंगल ठहरा KUTTA.APNI हरकतों से बाज़ तोह आने से RAHA.IS लड़ाई का मज़ा दूर कड़ी मीनू भी ले रही THI.MANGAL ने सोचा की क्यों ना मीनू को नुक्सान पहुँचाया JAAYE.ISSE उसका बदला भी पूरा हो JAYEGA.MANGAL वहीँ पास में पड़ा एक पत्थर को उठा धीरे धीरे मीनू के पीछे की तरफ से होते हुए मीनू की और बढ़ने LAGA.AB मंगल मीनू के ठीक पीछे खड़ा THA.MINU इस बात से अनजान सामने की तरफ देख रही THI.VICKY इस वक़्त मीनू की गोद में था और उसका मुँह मंगल के तरफ THA.MANGAL ने सोचा क्यों ना इस बचे को HI मार दिया JAAYE..ISSE ाचा बदला जयराज से और क्या होगा!!!!! यही सोच कर मंगल ने बचे को मारने के लिए अपना हाथ UTHAYA.PAR हाथ उठाते मंगल को एक धक्का लगा और वो उड़ता हुआ दूर जा GIRA.USNE फिर कोशिश की पर फिर वही HUA.DOOSRI बार मंगल को कुछ ज़्यादा HI ज़ोर का धक्का लगा और वो उड़ता हुआ जब नीचे गिरा तोह उसके बैक बोन को झटका लगा और वहां की हड्डी खिसक GAYI.MANGAL को इतना ज़्यादा दर्द हुआ की वो चीख भी न पाया और बेहोश हो GAYA.DUSRI तरफ जयराज बाकी तीनो को मार मार्के उनकी हालत बिगड़ चुके थे. ठीक उसी वक़्त पुलिस सीरीन की आवाज़ आने लगी और और देखते HI देखते 2 पुलिस जीप जयराज के पास आकर RUKE.EK जीप से इंस्पेक्टर अर्जुन NIKLE.YE जयराज को जानते THE.UNKE पीछे पीछे 6 कांस्टेबल NIKLE.IDHAR मीनू भी कैरेज के पास आ गयी थी...

अर्जुन वहां का हाल देखकर चौंक गए.

आईएनएस अर्जुन- ये सब आपने किया जयराज जी

जयराज- और चारा भी क्या THA.MAI इन्हे नहीं मारता तोह ये मुझे मार देते.

आईएनएस अर्जुन- WAAH....MANANA PADEGA.DIMAG चलनने वाला इतना ाचा हाथ पेअर भी चला लेता होगा, ये नहीं सोचा THA.BHABHI जी क्या खिलते हो इन्हे आप.

MINU-SIR ये इंजीनियर बाद में हैं पहले ये करते में ब्लैक बेल्ट HAI.COLLEGE में तोह इन जैसे नजाने कितनो को सीधा कर दिया था इन्होने.

आईएनएस ARJUN-BHAI वाह मज़ा AAGAYA.AGAR ऐसे HI सब अपनी सुरक्षा करने लगे तोह हमारा काम कितना आसान हो जायेगा..

MINU-AASAAN नहीं, बंद हो जायेगा.

सभी इस बात पर है DIYE.PHIR सभी कॉन्स्टेबल्स ने मिलकर गुंडों को उठाया और जीप में DAALA.MANGAL की हालत ख़राब थी तोह उसके लिए एम्बुलेंस बुलानी PADI...JAIRAJ और मीनू इन सब से पहले गई घर निकल चुके THE..........FIR कुछ ख़ास न हुआ .दिन निकलने LAGE.MANGAL और बाकी के उसके चेलों के इलाज के बाद जेल में दाल दिया GAYA.SAB कुछ नार्मल हो गया....

.देखते HI देखते 10 महीने निकल GAYE.BRIDGE का काम भी ख़त्म होने को THA.BAS कुछ फाइनल टेस्ट्स और फिर INOGAURATION....IN 10 महीनो में बाकी सब तोह नार्मल था सिवाए एक चीज़ KE.WO थी अपने हीरो की ग्रोथ. विक्की सिर्फ 10 महीनो में HI चलने लग गया THA.BOLNE लग गया THA.YAHAN तक की नर्सरी के स्टार्टिंग की बुक्स भी पढ़ने लग गया THA.AB इस चमत्कार से सभी हैरान THE.JAIRAJ भी और मीनू भी. कमला तोह अब फुल कॉन्फिडेंस से बोलती थी की देखा मैंने कहा था ना की छोटे मालिक अद्बुध HAIN.....AB इस बात को जयराज और मीनू भी मानने लगे THE.UNHE बाबा विशाखत की बातें याद आ रही थी जो उन्होंने उनके बचे के बारे में बोली थी....

फिर वो दिन भी आ गया जब ब्रिज बांके तैयार हो GAYA,USKA इनॉगरेशन भी हो गया और अब जयराज का काम भी ख़त्म हो गया THA.JAIRAJ को 2 नए प्रोजेक्ट्स के ऑफर मिले THE.JO काफी बड़े भी थे पर उनके मन में कुछ और चल रहा THA.MINU भी इस बात से अनजान नहीं HI THI.UNHONE जयराज से पूछा भी पर जयराज ने बाद में बताऊंगा कहकर बात ताल दी.......

अगले दिन सुबह जयराज बहार लॉन में बैठे नेवसपपेर पढ़ रहे THE.MINU उनके साथ बैठी हुई THI.VICKY लॉन में दौड़ रहा था और उसके पीछे सारे नौकर की अचानक गेट कीपर जयराज के पास आये और बोले की बाबा विशाखत आये हुए हैं........ जयराज और मीनू ये सुन चौंक गए और खुश भी हो GAYE.WO दोनों खुद बहार की और चल दिए बाबा को लेने.....

(क्यों आएं है बाबा विशाखत वो भी ACHANAK.KYA चल रहा है जयराज के मन ME.MANGAL विक्की को नुक्सान क्यों नहीं पहुंचा पाया. जानने के लिए साथ बने RAHIYE.AAPKA APNA..............V.J.............)

दोस्तों स्टोरी बहुत से परतों के साथ धीरे धीरे KHULEGI...AAP बस एन्जॉय कीजिये.....

 
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