- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 140,855
(अब तक आपने पढ़ा की कैसे जयराज ने मंगल और उसके आदमियों की पिटाई की और उन्हें जेल भिजवा diya.dusri तरफ तरफ ास्मोडियस ने अपने चरों डेविल्स को बता दिया की उनका मायाजाल उस ने hi तोडा hai.idhar जयराज के ब्रिज का काम और इनॉगरेशन भी hogaya.jairaj कुछ दिनों से किसी सोच में गम है पर मीनू के पूछने पर ताल देते hain.agle दिन सुबह जयराज और मीनू लॉन में बैठे थे की गेटकीपर ने आके बताया की बाबा विशाखत आये हुए हैं.......
अब आगे...........)
अपडेट 10 :-
बाबा विशाखत आएं है सुनकर जयराज और मीनू बोहोत खुश हो gaye......dono उन्हें अंदर बुलाने के लिए खुद hi गेट की और बढ़ gaye....BABA विशाखत वहीँ गेट पर खड़े थे.
JAIRAJ-GURUDEV हमे माफ़ कर dijiye.aapko इतनी देर यहाँ खड़ा रहना पड़ा....
बाबा विशाखत- कोई बात नहीं baccho.isme शमा मांगे जैसी कोई बात nahi.aur ये क्या आज तुम मुझे गुरु कह कर बुला रहे ho.pichli बार तोह बाबा कहा था ना.
मीनू - GURUDEV.tab की बात और thi.tab हम आपको सिर्फ एक सामान्य साधु समझते the.par अब हम जान गए है की
आप साधारण तोह हो नहीं sakte.jis तरह उस दिन आपने हमे हमारे अतीत के बारे में बताया, हमारे बचे का नाम रखा और उसका भविष्य bataya,wo कोई दिव्या आत्मा या कोई महापुरुष hi कर सकता hai.hamne पहले आपको गलत सम्ह्जा उसके लिए कृपा हमे माफ़ करें.
बाबा विशाखत- मैंने पहले भी कहा था पुत्री की इसमें शमा मांगे जैसा कुछ nahi.aur रही बात मेरे महापुरुष होने की, तोह मई बस एक साधारण मनुष्य हूँ जो वही कर रहा है जो उससे करने को कहा गया है.
मीनू- कहा गया है मतलब गुरुदेव!!!!! किसने क्या कहा है.....!!!!
??
बाबा विशाखत- समाया आने पर सब जान जाओगी पुत्री.
जयराज- अरे minu,saari बात यही कर लोगी क्या या गुरुदेव को अंदर भी आने डौगी. गुरुदेव, कृपया अंदर चलकर हमारे घर को धन्य करें.
बाबा विशाखत- अवश्य putra.phir बाबा विशाखत , जयराज और मीनू अंदर की और चल diye.andar आते हुए बाबा विशाखत ने देखा की विक्रम वहां खेल रहा hai.wo नन्हे नन्हे कदमो से इधर उधर दौड़ रहा था और उसके पीछे सारे नौकर दौड़ रहे the.BABA विशाखत ये देखकर मुस्कुराते हुए उसी और बढ़ gaye.jairaj और मीनू भी बाबा को अपने बचे की तरफ जाता देख उनके पीछे हो liye....vikram अपनी hi धुन में दौड़ता हुआ बाबा विशाखत के पास आकर उनसे टकराने hi वाला था की बाबा विशाखत ने उससे गोद में उठा liya.vikram को गोद में उठाते hi बाबा विशाखत को ऐसा लगा जैसे समस्त ब्रम्हांड की ऊर्जा उनकी गोद में आ गयी ho.vikram भी बाबा विशाखत की गोद में आकर उनकी दाढ़ी से खेलने लगा जिससे देख मीनू जयराज और बाबा विशाखत भी मुस्कुराने लगे.
बाबा VISHAKT-apka नाम क्या है बीटा.
विक्रम- मेरा नाम विक्रम है.....
बाबा विशाखत- अरे WAAH,AAP तोह एक दम अछि और साफ़ हिंदी बोलते HO.BOHOT अचे.
कहा से सीखी???
विक्रम- मैंने!!!!! ाःह्ह्णण, क्या पता. अपने आप आ गयी.
बाबा विशाखत- अपने aap.ye तोह और भी अछि बात hai...BABA विशाखत बात तोह विक्रम से कर रहे the,par साथ साथ अपने मन में कुछ मंत्र भी बोल रहे the,jisse उनके हाथ से एक अदृश्य रौशनी निकल के विक्रम के अंदर जा रही थी. अब ये रौशनी क्या थी ये जानने के लिए chaliye,ek छोटे से फ्लैशबैक में जाते है
एक दिन PEHLE.....BABA विशाखत ध्यान में बैठे हुए थे की अचानक संत सेबेस्टियन उनके सामने प्रकट hue.par इससे बाबा विशाखत के ध्यान में कोई फर्क नहीं aaya.wo वैसे hi अपने ध्यान में मगन the.jairaj के घर से निकलने के बाद से hi बाबा विशाखत अंतर्ध्यान हो एक घने जंगल के बीच जाकर ध्यान मई बैठ गए the.abhi तक वो अपने ध्यान अवस्था से लौटे नहीं the.jab से उन्हें श्राप मिला था वो ध्यान में नहीं बैठे थे पर अब उनका मन अत्ति प्रस्सन tha.hota भी क्यों न नजाने कितने युगों के बाद श्राप मुक्त जो हुए the.unki शक्तियां उन्हें वापस मिल चुकी thi.unki पाँचों कुंडलियां जागृत हो चुकी thi.is वक़्त संत सेबेस्टियन उनके सामने खड़े हो मुस्कुरा रहे the.BABA विशाखत की ख़ुशी संत सेबेस्टियन से चुप्पी नहीं थी.
संत सेबेस्टियन- गुरु विशिष्ट. आँखें खोलिये.
संत सेबेस्टियन की आवाज़ बाबा विशाखत के कानों में hi नहीं उनके ह्रदय तक को पहुंच gayi.BABA विशाखत ने तुरंत आँखें खोल di.apne सामने गोड्स मैसेंजर को देख कर बाबा विशाखत अपने घुटनो पर बैठ गए...
बाबा विशाखत- आज मई धन्य हो गया जो स्वयं संत सेबेस्टियन ने मुझे दर्शन दिए.
संत सेबेस्टियन- ये आपका बड़प्पन है गुरु विशिष्ट जो आप ऐसा कह रहे hain.mai आज जिस स्थान पर हूँ वो मुझे किस्मत से मिली है पर आपने जो भी हासिल किया है वो सब आपकी म्हणत और कठोर तप से पाया है.
बाबा विशाखत- नहीं prabhu,aisa मत kahiye.mai एक tuch,paapi मनुष्य hun,aur आपके चरणों के धूल जितना भी योग्य nahi.aapse मात्र भेट होपाना किसीके भी जीवन को धन्य कर देगा...
संत सेबेस्टियन- प्रभु सिर्फ एक हैं गुरु VISHAKHT.hum सब तोह बस उनके आदेश को पूरा करने वाले भक्त hain.waise मई यहाँ तुम्हे कुछ बताने आया था...
बाबा विशाखत- जी महा गुरु. बोलिये.....
संत सेबेस्टियन- तुम्हे तोह पता hi होगा की कुछ महीने पहले जयराज पे हुम्ला हुआ था जिसमे विक्रम को भी नुक्सान पहुंचाने की कोशिश की गयी थी.
बाबा विशाखत- जी महा GURU.par मैंने उसी वक़्त विक्रम के आगे एक सुरखा कवच दाल दिया tha.(ji हाँ doston,ye बाबा विषाक्त hi थे जो ध्यान अवस्था में जयराज की लड़ाई देख रहे the.aur जब मंगल विक्रम को मारने के लिए उसके पास गया तोह बाबा विशाखत ने विक्रम के आगे एक सुरक्षा चक्र बना दिया था.
संत सेबेस्टियन- ये हमें पता hai.par भविष्य में ऐसा कभी न हो इसिलए हम यहाँ आये हैं
बाबा विशाखत- महा GURU.meri नज़र हर वक़्त विक्रम पर रहती hai.jab तक उससे उसकी शक्तियां नहीं मिल jaati,mai उससे कुछ भी नहीं होने दूंगा.
संत सेबेस्टियन- मुझे पता है की आप विक्रम को बचने में सक्षम hain.par ये कलयुग है गुरु VISHAKHT.aise बोहोत सी ताकतें जन्म ले चुकी हैं जो विक्रम को नुक्सान पहुंचा सकती hai.bhale hi तुमने विक्रम की शक्तियों को सुरक्षित छुपा दिया hai,par फिर भी उसका रूप और आकर्षण इंसानो से ज़्यादा प्रभावशाली hoga.ek खिचाव होगा usme,jo या तोह उसके दोस्तों की संख्या बढ़ाएगा या दुश्मनो ki.insaano के बीच कुछ ऐसे मायावी जीव घुस चुके हैं जिन्हे ास्मोडियस से ब्लैक मैजिक की एनर्जी मिली hai.kalyug में किसीके भी मनुष्य के अंदर से वाइट लाइट एनर्जी नहीं निकलती है पर विक्रम तोह खुद गॉड का अंश hai,ye एनर्जी तोह उसके सारे शरीर यहाँ तक के उसके खून में भी hai.un मायावी जीवो से ये चुप नहीं पायेगा और वो उससे नुक्सान पहुंचाने की कोशिश अवश्य करेंगे.
हो सकता है जब वो मायावी जीव विक्रम पर हुम्ला karen,aur तुम उससे बचालो तोह वो उससे तोह कुछ कर नहीं पाएंगे पर उस सुरक्षा जाल का शोर्थ जो की तुम ho,iska पता उन्हें चल जायेगा जो वो ास्मोडियस को ज़रूर batayenge.ASMODEUS ने विक्रम को चोट नहीं पहुंचाने का वादा किया है पर तुम्हे वो नहीं chhodega.aur ये हम नहीं चाहते....
बाबा विशाखत- तोह मेरे लिए क्या आज्ञा है गुरुदेव...
संत सेबेस्टियन- सर्वस्व सुरक्षा प्रजातनाम.....
ये मंत्र तुम विक्रम को अपने आलिंगन में लेकर
कहना. इससे ना सिर्फ एक सुरक्षा कवच विक्रम के शरीर के चारो और फैले जाएगा बल्कि विक्रम की शारीरिक शक्ति भी काफी बढ़ जाएगी. जब तक उसकी साड़ी शक्तियां उससे नहीं मिल जाती तब तक के लिए ये आवश्यक है.
बाबा विशाखत- किन्तु gurudev,chote मोठे झगडे, लड़ाईआं तोह आम बात है, ख़ास कर के लड़को के बीच me.toh क्या ऐसे में लोगों के बीच विक्रम के शक्तियों का उजागर होना ठीक hoga.aise में तोह विक्रम वक़्त से पहले hi सबकी नज़र में आजायेगा ख़ास कर के बुरी शक्तियों के.
संत सेबेस्टियन- आप निश्चिन्त रहें गुरु विशाखत.
जो सुरक्षा कवच विक्रम के शरीर में समायेगा वो तभी काम करेगा जब उसपे प्राण घाटी हुम्ला hoga.baaki समय वो विक्रम के अंदर hi rahega.aur रही शारीरिक शक्ति ki,toh वो विक्रम के पास होना अत्यंत ज़रूरी है...
बाबा विशाखत- जो आज्ञा महागुरु...
संत सेबेस्टियन- कल्याण हो...
और फिर संत सेबेस्टियन गायब हो गए....
बैक तो प्रेजेंट:-
विजयी भाव putra....thik है, जाओ आप khelo.vikram बाबा विशाखत की गोद से उतर कर फिर इधर उधर दौड़ने लग गया.
जयराज- गुरुदेव, हम अंदर chalen?uski आवश्यकता नहीं है putra.mujhe बस विक्रम से मिलना tha,jo मई मिल liya.ab मुझे इजाज़त दें.
मीनू- किन्तु गुरुवार, आप ने तोह कहा था की जब कोई संकट आएगा तब आप आएंगे. कृपा करके ये तोह बताइये की क्या संकट आने वाला है...!!!
बाबा विशाखत- संकट आने वाला है नहीं आने वाला tah.par अब चिंता की कोई आवश्यकता nahi.minu कुछ कहने वाली थी पर उससे पहले hi बाबा विशाखत bole,mujhe पता है आप दोनों के मन में कई सवाल होंगे, उन सभी सवालो पर विराम dijiye.sahi समय आने पर सारे जवाब आपको अपने आप मिल जायेंगे...
जयराज. जैसा आप ठीक समझे guruwar.kintu आप कुछ देर के लिए hi सही पर अंदर तोह aaiye.hume आपकी कुछ सेवा का अवसर दीजिये.
बाबा विशाखत- वो अवसर भी ज़रूर आएगा पुत्र पर अब्बी मुझे जाना hai.haan पर मई आप दोनों से कुछ वचन लेना चाहता हूँ.
JAIRAJ/MINU - कैसा वचन गुरुवार!!!!
बाबा विशाखत- ये तोह सही वक़्त आने पर hi पता chalega.par आपको वचन देना होगा की जो भी मई mangunga,aap मुझे देंगे.
JAIRAJ/MINU- हम वचन देते हैं gurudev.hame पता है आप जो भी मांगेगे उसमे भी कुछ ाचा hi होगा.
बाबा विशाखत- अत्ति उत्तम. आप दोनों की सोच और ह्रदय अति शुद्ध hai.prabhu आपकी साड़ी मनोकामनाएं पूरी kare.acha अब मई चलता hun.jairaj और मीनू ने बाबा विशाखत के चरम स्पर्श kiye.BABA विशाखत दोनों को फिर से आशीर्वाद देकर चले गए.....
दूसरी तरफ ास्मोडियस अपने दरबार में बैठ कुछ सोच रहा था.
ास्मोडियस- ( अपने मन में ).... मैंने गॉड से वादा तोह कर दिया की मई उनकी भेजी शक्ति का पता नहीं लगाऊंगा ना hi उसका कुछ नुक्सान karunga,par वो शक्ति सच में कितनी ताकतवर है इससे बिना जाने उसका सामना करना मूर्खता hogi.akhir कुछ सोच कर hi गॉड ने उस शक्ति का निर्माण किया hoga.par अब करा भी क्या जा सकता है !!! कोई ना कोई रास्ता तोह निकलना hi hoga.ASMODEUS ने अपनी आँखें बंद की और अपनी आतंरिक शक्ति को जगा कुछ ढूंढ़ने लगा और जल्द hi hi उससे एक हल मिल gaya.ASMODEUS के चेहरे पर एक मुस्कराहट आ gayi...wo तुरंत अपने महल से गायब हो गया और सीधे पहुंचा "थे वर्ल्ड ऑफ़ वारियर्स में" जिससे थे वर्ल्ड ऑफ़ पावर डायनामिक्स भी कहा जाता hai.......par ये क्या ये दुनिया तोह बिलकुल डरावनी दिख रही thi.jagah जगह लोगों को डेविल्स मार रहे the.bohot से घरों में आग लगी हुई thi.raaston में अधजले लाश बिछे हुए the,jinke पास भी डेविल्स खड़े the.shayad अभी अभी उनलोगों को इन डेविल्स ने खाया tha.mahoul बोहोत hi भयानक tha.log रो रहे थे पर उन डेविल्स पे इसका कोई असर नहीं हो रहा tha.....yahi हाल उस पूरी दुनिया का था. पर ये क्या इतने ख़राब माहौल में जिससे हेलल से काम नहीं कह सकते वहां थोड़ी थोड़ी दूर में बड़े बड़े बैनर्स बिना किसी सहारे के टंगे हुए the.ajib ये नहीं tha,ajib वो था जो बैनर पे लिखा हुआ tha.......banner पे लिखा था........
................ "ास्मोडियस रियल्म"..................
(क्यों आया है ास्मोडियस YAHAN,AUR क्यों लिखा है हर बैनर पे ास्मोडियस रियल्म
?
क्या हल निकला है ास्मोडियस ने गॉड से टक्कर लेने का) जानने के लिए साथ बने रहें...
DOSTON,YAHAN से स्टोरी के प्लाट का काम KHATM.JITNI डिटेलिंग देनी THI,MAINE दे दी HAI...AB स्टोरी रफ़्तार PAKDEGI...TOH सीट बेल्ट बांधिए और चलिए हमारे स्टोरी के पहले CHAPTER की और जिसका नाम है.....
" .....( डेविल्स ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट ) ".......
आपका अपना V.J.....
अब आगे...........)
अपडेट 10 :-
बाबा विशाखत आएं है सुनकर जयराज और मीनू बोहोत खुश हो gaye......dono उन्हें अंदर बुलाने के लिए खुद hi गेट की और बढ़ gaye....BABA विशाखत वहीँ गेट पर खड़े थे.
JAIRAJ-GURUDEV हमे माफ़ कर dijiye.aapko इतनी देर यहाँ खड़ा रहना पड़ा....
बाबा विशाखत- कोई बात नहीं baccho.isme शमा मांगे जैसी कोई बात nahi.aur ये क्या आज तुम मुझे गुरु कह कर बुला रहे ho.pichli बार तोह बाबा कहा था ना.
मीनू - GURUDEV.tab की बात और thi.tab हम आपको सिर्फ एक सामान्य साधु समझते the.par अब हम जान गए है की
आप साधारण तोह हो नहीं sakte.jis तरह उस दिन आपने हमे हमारे अतीत के बारे में बताया, हमारे बचे का नाम रखा और उसका भविष्य bataya,wo कोई दिव्या आत्मा या कोई महापुरुष hi कर सकता hai.hamne पहले आपको गलत सम्ह्जा उसके लिए कृपा हमे माफ़ करें.
बाबा विशाखत- मैंने पहले भी कहा था पुत्री की इसमें शमा मांगे जैसा कुछ nahi.aur रही बात मेरे महापुरुष होने की, तोह मई बस एक साधारण मनुष्य हूँ जो वही कर रहा है जो उससे करने को कहा गया है.
मीनू- कहा गया है मतलब गुरुदेव!!!!! किसने क्या कहा है.....!!!!
??
बाबा विशाखत- समाया आने पर सब जान जाओगी पुत्री.
जयराज- अरे minu,saari बात यही कर लोगी क्या या गुरुदेव को अंदर भी आने डौगी. गुरुदेव, कृपया अंदर चलकर हमारे घर को धन्य करें.
बाबा विशाखत- अवश्य putra.phir बाबा विशाखत , जयराज और मीनू अंदर की और चल diye.andar आते हुए बाबा विशाखत ने देखा की विक्रम वहां खेल रहा hai.wo नन्हे नन्हे कदमो से इधर उधर दौड़ रहा था और उसके पीछे सारे नौकर दौड़ रहे the.BABA विशाखत ये देखकर मुस्कुराते हुए उसी और बढ़ gaye.jairaj और मीनू भी बाबा को अपने बचे की तरफ जाता देख उनके पीछे हो liye....vikram अपनी hi धुन में दौड़ता हुआ बाबा विशाखत के पास आकर उनसे टकराने hi वाला था की बाबा विशाखत ने उससे गोद में उठा liya.vikram को गोद में उठाते hi बाबा विशाखत को ऐसा लगा जैसे समस्त ब्रम्हांड की ऊर्जा उनकी गोद में आ गयी ho.vikram भी बाबा विशाखत की गोद में आकर उनकी दाढ़ी से खेलने लगा जिससे देख मीनू जयराज और बाबा विशाखत भी मुस्कुराने लगे.
बाबा VISHAKT-apka नाम क्या है बीटा.
विक्रम- मेरा नाम विक्रम है.....
बाबा विशाखत- अरे WAAH,AAP तोह एक दम अछि और साफ़ हिंदी बोलते HO.BOHOT अचे.
कहा से सीखी???
विक्रम- मैंने!!!!! ाःह्ह्णण, क्या पता. अपने आप आ गयी.
बाबा विशाखत- अपने aap.ye तोह और भी अछि बात hai...BABA विशाखत बात तोह विक्रम से कर रहे the,par साथ साथ अपने मन में कुछ मंत्र भी बोल रहे the,jisse उनके हाथ से एक अदृश्य रौशनी निकल के विक्रम के अंदर जा रही थी. अब ये रौशनी क्या थी ये जानने के लिए chaliye,ek छोटे से फ्लैशबैक में जाते है
एक दिन PEHLE.....BABA विशाखत ध्यान में बैठे हुए थे की अचानक संत सेबेस्टियन उनके सामने प्रकट hue.par इससे बाबा विशाखत के ध्यान में कोई फर्क नहीं aaya.wo वैसे hi अपने ध्यान में मगन the.jairaj के घर से निकलने के बाद से hi बाबा विशाखत अंतर्ध्यान हो एक घने जंगल के बीच जाकर ध्यान मई बैठ गए the.abhi तक वो अपने ध्यान अवस्था से लौटे नहीं the.jab से उन्हें श्राप मिला था वो ध्यान में नहीं बैठे थे पर अब उनका मन अत्ति प्रस्सन tha.hota भी क्यों न नजाने कितने युगों के बाद श्राप मुक्त जो हुए the.unki शक्तियां उन्हें वापस मिल चुकी thi.unki पाँचों कुंडलियां जागृत हो चुकी thi.is वक़्त संत सेबेस्टियन उनके सामने खड़े हो मुस्कुरा रहे the.BABA विशाखत की ख़ुशी संत सेबेस्टियन से चुप्पी नहीं थी.
संत सेबेस्टियन- गुरु विशिष्ट. आँखें खोलिये.
संत सेबेस्टियन की आवाज़ बाबा विशाखत के कानों में hi नहीं उनके ह्रदय तक को पहुंच gayi.BABA विशाखत ने तुरंत आँखें खोल di.apne सामने गोड्स मैसेंजर को देख कर बाबा विशाखत अपने घुटनो पर बैठ गए...
बाबा विशाखत- आज मई धन्य हो गया जो स्वयं संत सेबेस्टियन ने मुझे दर्शन दिए.
संत सेबेस्टियन- ये आपका बड़प्पन है गुरु विशिष्ट जो आप ऐसा कह रहे hain.mai आज जिस स्थान पर हूँ वो मुझे किस्मत से मिली है पर आपने जो भी हासिल किया है वो सब आपकी म्हणत और कठोर तप से पाया है.
बाबा विशाखत- नहीं prabhu,aisa मत kahiye.mai एक tuch,paapi मनुष्य hun,aur आपके चरणों के धूल जितना भी योग्य nahi.aapse मात्र भेट होपाना किसीके भी जीवन को धन्य कर देगा...
संत सेबेस्टियन- प्रभु सिर्फ एक हैं गुरु VISHAKHT.hum सब तोह बस उनके आदेश को पूरा करने वाले भक्त hain.waise मई यहाँ तुम्हे कुछ बताने आया था...
बाबा विशाखत- जी महा गुरु. बोलिये.....
संत सेबेस्टियन- तुम्हे तोह पता hi होगा की कुछ महीने पहले जयराज पे हुम्ला हुआ था जिसमे विक्रम को भी नुक्सान पहुंचाने की कोशिश की गयी थी.
बाबा विशाखत- जी महा GURU.par मैंने उसी वक़्त विक्रम के आगे एक सुरखा कवच दाल दिया tha.(ji हाँ doston,ye बाबा विषाक्त hi थे जो ध्यान अवस्था में जयराज की लड़ाई देख रहे the.aur जब मंगल विक्रम को मारने के लिए उसके पास गया तोह बाबा विशाखत ने विक्रम के आगे एक सुरक्षा चक्र बना दिया था.
संत सेबेस्टियन- ये हमें पता hai.par भविष्य में ऐसा कभी न हो इसिलए हम यहाँ आये हैं
बाबा विशाखत- महा GURU.meri नज़र हर वक़्त विक्रम पर रहती hai.jab तक उससे उसकी शक्तियां नहीं मिल jaati,mai उससे कुछ भी नहीं होने दूंगा.
संत सेबेस्टियन- मुझे पता है की आप विक्रम को बचने में सक्षम hain.par ये कलयुग है गुरु VISHAKHT.aise बोहोत सी ताकतें जन्म ले चुकी हैं जो विक्रम को नुक्सान पहुंचा सकती hai.bhale hi तुमने विक्रम की शक्तियों को सुरक्षित छुपा दिया hai,par फिर भी उसका रूप और आकर्षण इंसानो से ज़्यादा प्रभावशाली hoga.ek खिचाव होगा usme,jo या तोह उसके दोस्तों की संख्या बढ़ाएगा या दुश्मनो ki.insaano के बीच कुछ ऐसे मायावी जीव घुस चुके हैं जिन्हे ास्मोडियस से ब्लैक मैजिक की एनर्जी मिली hai.kalyug में किसीके भी मनुष्य के अंदर से वाइट लाइट एनर्जी नहीं निकलती है पर विक्रम तोह खुद गॉड का अंश hai,ye एनर्जी तोह उसके सारे शरीर यहाँ तक के उसके खून में भी hai.un मायावी जीवो से ये चुप नहीं पायेगा और वो उससे नुक्सान पहुंचाने की कोशिश अवश्य करेंगे.
हो सकता है जब वो मायावी जीव विक्रम पर हुम्ला karen,aur तुम उससे बचालो तोह वो उससे तोह कुछ कर नहीं पाएंगे पर उस सुरक्षा जाल का शोर्थ जो की तुम ho,iska पता उन्हें चल जायेगा जो वो ास्मोडियस को ज़रूर batayenge.ASMODEUS ने विक्रम को चोट नहीं पहुंचाने का वादा किया है पर तुम्हे वो नहीं chhodega.aur ये हम नहीं चाहते....
बाबा विशाखत- तोह मेरे लिए क्या आज्ञा है गुरुदेव...
संत सेबेस्टियन- सर्वस्व सुरक्षा प्रजातनाम.....
ये मंत्र तुम विक्रम को अपने आलिंगन में लेकर
कहना. इससे ना सिर्फ एक सुरक्षा कवच विक्रम के शरीर के चारो और फैले जाएगा बल्कि विक्रम की शारीरिक शक्ति भी काफी बढ़ जाएगी. जब तक उसकी साड़ी शक्तियां उससे नहीं मिल जाती तब तक के लिए ये आवश्यक है.
बाबा विशाखत- किन्तु gurudev,chote मोठे झगडे, लड़ाईआं तोह आम बात है, ख़ास कर के लड़को के बीच me.toh क्या ऐसे में लोगों के बीच विक्रम के शक्तियों का उजागर होना ठीक hoga.aise में तोह विक्रम वक़्त से पहले hi सबकी नज़र में आजायेगा ख़ास कर के बुरी शक्तियों के.
संत सेबेस्टियन- आप निश्चिन्त रहें गुरु विशाखत.
जो सुरक्षा कवच विक्रम के शरीर में समायेगा वो तभी काम करेगा जब उसपे प्राण घाटी हुम्ला hoga.baaki समय वो विक्रम के अंदर hi rahega.aur रही शारीरिक शक्ति ki,toh वो विक्रम के पास होना अत्यंत ज़रूरी है...
बाबा विशाखत- जो आज्ञा महागुरु...
संत सेबेस्टियन- कल्याण हो...
और फिर संत सेबेस्टियन गायब हो गए....
बैक तो प्रेजेंट:-
विजयी भाव putra....thik है, जाओ आप khelo.vikram बाबा विशाखत की गोद से उतर कर फिर इधर उधर दौड़ने लग गया.
जयराज- गुरुदेव, हम अंदर chalen?uski आवश्यकता नहीं है putra.mujhe बस विक्रम से मिलना tha,jo मई मिल liya.ab मुझे इजाज़त दें.
मीनू- किन्तु गुरुवार, आप ने तोह कहा था की जब कोई संकट आएगा तब आप आएंगे. कृपा करके ये तोह बताइये की क्या संकट आने वाला है...!!!
बाबा विशाखत- संकट आने वाला है नहीं आने वाला tah.par अब चिंता की कोई आवश्यकता nahi.minu कुछ कहने वाली थी पर उससे पहले hi बाबा विशाखत bole,mujhe पता है आप दोनों के मन में कई सवाल होंगे, उन सभी सवालो पर विराम dijiye.sahi समय आने पर सारे जवाब आपको अपने आप मिल जायेंगे...
जयराज. जैसा आप ठीक समझे guruwar.kintu आप कुछ देर के लिए hi सही पर अंदर तोह aaiye.hume आपकी कुछ सेवा का अवसर दीजिये.
बाबा विशाखत- वो अवसर भी ज़रूर आएगा पुत्र पर अब्बी मुझे जाना hai.haan पर मई आप दोनों से कुछ वचन लेना चाहता हूँ.
JAIRAJ/MINU - कैसा वचन गुरुवार!!!!
बाबा विशाखत- ये तोह सही वक़्त आने पर hi पता chalega.par आपको वचन देना होगा की जो भी मई mangunga,aap मुझे देंगे.
JAIRAJ/MINU- हम वचन देते हैं gurudev.hame पता है आप जो भी मांगेगे उसमे भी कुछ ाचा hi होगा.
बाबा विशाखत- अत्ति उत्तम. आप दोनों की सोच और ह्रदय अति शुद्ध hai.prabhu आपकी साड़ी मनोकामनाएं पूरी kare.acha अब मई चलता hun.jairaj और मीनू ने बाबा विशाखत के चरम स्पर्श kiye.BABA विशाखत दोनों को फिर से आशीर्वाद देकर चले गए.....
दूसरी तरफ ास्मोडियस अपने दरबार में बैठ कुछ सोच रहा था.
ास्मोडियस- ( अपने मन में ).... मैंने गॉड से वादा तोह कर दिया की मई उनकी भेजी शक्ति का पता नहीं लगाऊंगा ना hi उसका कुछ नुक्सान karunga,par वो शक्ति सच में कितनी ताकतवर है इससे बिना जाने उसका सामना करना मूर्खता hogi.akhir कुछ सोच कर hi गॉड ने उस शक्ति का निर्माण किया hoga.par अब करा भी क्या जा सकता है !!! कोई ना कोई रास्ता तोह निकलना hi hoga.ASMODEUS ने अपनी आँखें बंद की और अपनी आतंरिक शक्ति को जगा कुछ ढूंढ़ने लगा और जल्द hi hi उससे एक हल मिल gaya.ASMODEUS के चेहरे पर एक मुस्कराहट आ gayi...wo तुरंत अपने महल से गायब हो गया और सीधे पहुंचा "थे वर्ल्ड ऑफ़ वारियर्स में" जिससे थे वर्ल्ड ऑफ़ पावर डायनामिक्स भी कहा जाता hai.......par ये क्या ये दुनिया तोह बिलकुल डरावनी दिख रही thi.jagah जगह लोगों को डेविल्स मार रहे the.bohot से घरों में आग लगी हुई thi.raaston में अधजले लाश बिछे हुए the,jinke पास भी डेविल्स खड़े the.shayad अभी अभी उनलोगों को इन डेविल्स ने खाया tha.mahoul बोहोत hi भयानक tha.log रो रहे थे पर उन डेविल्स पे इसका कोई असर नहीं हो रहा tha.....yahi हाल उस पूरी दुनिया का था. पर ये क्या इतने ख़राब माहौल में जिससे हेलल से काम नहीं कह सकते वहां थोड़ी थोड़ी दूर में बड़े बड़े बैनर्स बिना किसी सहारे के टंगे हुए the.ajib ये नहीं tha,ajib वो था जो बैनर पे लिखा हुआ tha.......banner पे लिखा था........
................ "ास्मोडियस रियल्म"..................
(क्यों आया है ास्मोडियस YAHAN,AUR क्यों लिखा है हर बैनर पे ास्मोडियस रियल्म
?
क्या हल निकला है ास्मोडियस ने गॉड से टक्कर लेने का) जानने के लिए साथ बने रहें...
DOSTON,YAHAN से स्टोरी के प्लाट का काम KHATM.JITNI डिटेलिंग देनी THI,MAINE दे दी HAI...AB स्टोरी रफ़्तार PAKDEGI...TOH सीट बेल्ट बांधिए और चलिए हमारे स्टोरी के पहले CHAPTER की और जिसका नाम है.....
" .....( डेविल्स ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट ) ".......
आपका अपना V.J.....