ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - Page 4 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

अब तक आपने पढ़ा की विक्रम चारो लड़कियों शेखर और उसके चमचों को सबक सिखाता HAI......WAHIN दिग्विजय सपने में देखता है की विक्रम उसको मार देता HAI......AB आगे.......

CHAPTER - 1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट- 30 :-

वाणी- papa........chillate हुए वाणी सतीश के गले लग कर रोने लगी.......

आज सतीश घर पर hi tha.abhi वो हॉल में बैठा लखन को कुछ समझा hi रहा था की वाणी स्कूल से वापस आयी और सामने hi अपने डैड को देख खुद को कण्ट्रोल नहीं कर पायी...

चिल्लाने की आवाज़ सुनकर अनुकृति जो किचन में thi,wo भी दौड़ते हुए बहार aayi....aur एक रूम जो हॉल के बाजू में hi tha,wahan से निकले गुलशन आहूजा.

अवंतिका और शनाया जो अपने आंसू दबाये हुए the,dadaji को देखते hi उनका कण्ट्रोल ख़त्म हो गया....

दादाजी- क्या हुआ bachon....tum तीनो रो क्यों रहे ho....DADAJI अवनि और शनाया के आंसू देखकर बौखला से गए the.ye पहली बार था जब उनकी पोतियां रो रही thi....same हालत सतीश की भी थी....

अवनि- दादाजी उसने हमें मारा.......

इतना hi काफी था दादाजी का दिमाग घूमने के liye.jinhe आज तक फूलों की तरह उन्होंने पाला tha,un पर किसीने हाथ उठाया ये सुनकर उनका दिमाग पहात जा रहा था...

दादाजी- सतीशःह्ह.

दादाजी इतने ज़ोर से चीखे की सामने बैठा सतीश कांप gaya.same हालत लखन की भी thi.dono hi दादाजी के ग़ुस्से को अछि तरह से जानते थे......

दादाजी- मेरी बच्चियां जिन्हे गुलाब से भी दूर रखा हमने ताकि उसके साथ के कांटे इन्हे न चुभ jaaye,jinhe डांटे का हक़ हमने इनके माँ बाप को भी नहीं दिया उन्हें किसीने मारा...

तुमने वादा किया था की हमारी पोतियों को कभी तकलीफ नहीं hogi.kya कहा था tumne,ki तुम्हारे नाम से पूरा मुंबई कांपता hai.....yahi है तुम्हारा रुतबा.....

सतीश दर दर के- यकीं कीजिये dadaji.jo भी मुझे जानता है ,मेरे परिवार से उलझने की गलती कभी नहीं करेगा.

दादाजी- अपनी बकवास अपने पास rakho.beta AVNI,SHANAYA VAANI...kisne हाथ उठाया तुमपर....

शनाया- उसका नाम विक्रम है dadaji.hamare क्लास में hi पढता है......

अवंतिका ने शनाया को dekha,SHANAYA ने उससे आँखों से hi चुप रहने का इशारा किया......

वाणी- हाँ dad,aur एक नहीं बोहोत बार मारा....

अब तोह सतीश और दादाजी का दिमाग पूरा hi घूम गया.

दादाजी- फ़िक्र न करो bacho.shaam तक उसकी लाश तुम्हारे सामने होगी..

अवंतिका- नहीं dadaji.mai नहीं चाहती की वो mare,usse उसका ऐटिटूड उसकी जान से ज़्यादा कीमती है. मई उससे अपने पैरों में गिरवाकर माफ़ी मंगवाना चाहती हूँ.....

दादाजी- waah,ye की न तूने मेरी पोती वाली बात......

दादाजी मोबाइल निकल कोई नंबर डायल करने लगे...

सतीश- प्ल्ज़ डैड ( सतीश भी गुलशन को डैड HI बुलाता है )

मुझे एक मौका dijiye...is लड़के को मई हैंडल करूँगा......

दादाजी- ठीक hai.shaam तक का वक़्त है तुम्हारे paas.shaam तक वो लड़का मुझे मेरी पोतियों के कदमो में चाहिए.

सतीश- मेरा वादा है aapse.shaam तक उसका घमंड और सर दोनों झुक कर यहीं पड़े होंगे.

बीटा VAANI,kaun है वो लड़का??? कहाँ रहता है???

वाणी- डैड उस रात हम एक पार्टी में गए थे जहाँ एक लड़के ने आपसे बत्तमीज़ी की thi.ye वही है.

सतीश शॉकेड होक- कौन, वो जयराज का लड़का.

वाणी- यस डैड.

डडजजई- ये मई क्या सुन रहा हूँ SATISH.us लड़के ने पहले भी बत्तमीज़ी की thi,aur वो अब तक ज़िंदा है.....

सतीश- dad,wo मटर कुछ और tha.aur उस बेइज़्ज़ती के बदले की एक किश्त में ले भी चूका hun....maine सोचा था धीरे धीरे इस मटर को niptaunga,par अब लगता है जल्दी hi सब ख़त्म करना होगा....

लखन शाम तक वो लड़का मुझे यहाँ मेरी बच्चियों के पैरों में chahiye....apne सबसे अचे बन्दों को pakdo.jo हिथयार लगे वो लो और jao.agar वो अपने घर में भी हो तोह भी उठा लेना और जो सामने आये उससे थोक dena.bhale वो जयराज या उसकी बीवी hi क्यों न हो......

लखन- आप फ़िक्र न करें maalik.kaam हो जाएगा..

धादाआककककककककक..............

अभी लखन दरवाज़े तक पहुंचा hi था की एक ज़ोरदार आवाज़ के साथ दरवाज़ा पूरा उखड गया और दो लोग उड़ते हुए सीधे लखन से takraaye.unke टकराने की फाॅर्स इतनी ज़्यादा थी की लखन भी उडाता हुआ सतीश से takraya.dono गिर पड़े......

वाणी- ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़.....

अनुकृति- jiiiiiiiiiiiiiii......sabhi भागते हुए सतीश के पास पहुंचके उससे उठाने lage.tabhi कोई अंदर आया जिससे सबसे पहले दादाजी ने देखा.....

दादाजी- कौन हो तुममममम....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


??

दादाजी की आवाज़ सुन सभी ने सामने की तरफ देखा.

अवंतिका- वीककररायअम्म्मम्म!!!!!!

वहीँ दूसरी तरफ:-

निष्कलिका- क्या हुआ जान.....!!!!! आप कुछ परेशां दिख रहे हैं......!!!!!

दिग्विजय- haan.......nahi कुछ नहीं.....

निष्कलिका= आप भूल रहे हैं की अब हम दोनों एक hain.aapki परेशानी मुझसे छुप नहीं सकती......

निष्कलिका ने अपनी आँखें बंद की और दिग्विजय के सर पर हाथ rakha,DIGVIJAY के रात का सपना उसकी आँखों के आगे दिखने laga.jaise hi तलवार दिग्विजय के सीने में उत्तरी निष्कलिका की आँखें खुल gayi....uske चेहरे पर भी दर और परेशानी दिखने लगी......

निष्कलिका- इतनी बड़ी बात और आप मुझसे छुपा रहे थे.......

दिग्विजय- अरे घबरा क्यों रही ho.ye तोह महज़ एक सपना था..

निष्कलिका- nahi..ye एक दृष्टि ( विज़न ) hai.bhavishya की संभावना hai...isse हलके में नहीं लिया जा सकता..

दिग्विजय भी ये सब सुनके टेंशन में आ गया.....

दिग्विजय- तोह अब क्या करें?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

निष्कलिका- फ़िक्र न karen.abhi निष्कलिका ज़िंदा hai.is संकट के समाधान के लिए हमें कवरी घाटी जाना होगा.....

दिग्विजय- कावरी घाटी!!!! अब ये क्या बाला है....

निष्कलिका- इसी गृह के उत्तरी छोर के अंत में है कावरी घाटी...

दिग्विजय- पर हम वहां क्यों जाएँ.

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


निष्कलिका- ये आपको वहां पहुंचके पता चल जाएगा........

निष्कलिका ने दिग्विजय का हाथ पकड़ा और दोनों अंतर ध्यान हो गए.....

बैक तो हीरो:-

दादाजी- कौन विक्रम??? कहीं ये वही तोह नहीं जिसकी अभी बात हो रही थी !!!!

सभी लड़कियों ने हाँ में गर्दन हिला दी.

दादाजी- बड़ी हिम्मत है तेरे में ladke.hamare बेटियों पर हाथ उठके हमारे घर आकर हमारे सामने खड़ा hai.tu आ तोह गया है पर अब ज़िंदा जायेगा नहीं.......

मई- ये तोह गलत है DADAJI.ghar आये मेहमान का कोई ऐसे स्वागत करता है क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


वैसे तुम्हारे जैसे घटिया इंसान को इतनी इज़्ज़त देकर दादाजी कहना ाचा तोह नहीं लगता पर क्या करूँ! आप आदमी भले hi बेकार ho,par मुझसे बड़े ho.agar आप आज मुझसे पीट भी गए ना तोह कसम से इज़्ज़त दे दे कर मरूंगा......

अवंतिका- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे दादू से ऐसे बात करने की...

मई- darling,himaat तुमने अभी देखि hi कहाँ hai....!!!!!ek ट्रेलर थोड़ी देर पहले देखा tha,aur एक कुछ देर में देख लोगी......

अब तक सतीश और लखन भी उठ चुके थे.

सतीश- लड़कियों को मारकर अपने आप को सुरमा समझता है तू.

मई- लड़कियों ko.teri ये 3no चुहियों ने ये कहा की मैंने इन्हे मारा hai...abbe ch*****ye मोती budhi,us दिन पार्टी में भी इसने मुझपे हाथ उठाया tha.agar मई चाहता तोह इससे उस दिन hi दुनिया से उठा देता.

आज भी अगर मैंने इन्हे मारा होता तोह ये सब कबका नर्क सिधार चुकी hoti....mujhe समझ नहीं आता तू इतना बड़ा डॉन बन कैसे गया.

मेरे ये कहते hi सतीश का मुँह खुल gaya.jo बात आज तक पुलिस पता नहीं कर पायी थी वो मैंने ऐसे hi बता दिया tha.shock में सिर्फ वो hi नहीं उसकी biwi,aur लड़कियां भी thi.dadaji को तोह सब पता hi था.....

सतीश बात घूमते हुए- अपनी बकवास बंद kar.SHERA,BILAA,SATU,KALIYA...... कहाँ मर गए बे सबके सब.....

मई- कोई नहीं aayega.bahar पड़े हुए hain.mere जाते hi एम्बुलेंस तुरंत मंगवा liyo.zyada देर करेगा तोह कहीं तेरे आदमी लाइफ टाइम के लिए अपाहिज न रह जाएँ.

लखन- साले बोहोत बोल रहा है.

वहीँ साइड दीवाल पे दो तलवार तंगी thi....LAKHAN उसमे से एक खिसंह कर मेरी तरफ douda.wahin मई आराम से अपनी जगह खड़ा tha..LAKHAN ठीक मेरे सामने से दौड़ता हुआ मेरे पास आया और तलवार घुमा दी.

मई- मुँह बंद कर be....aur जो तू ढूंढ रहा hai,ye देख ये रही....

हुआ ये की लखन के तलवार ऊपर करते hi मई तेज़ी से आगे badha,uske हाथ से तलवार ली और अपनी जगह पर वापस खड़ा हो gaya.ye मैंने सेकंड के दुस्वे हिस्से से भी काम वक़्त में किया था.

लखन ने हाथ तोह घुमाया पर हाथ तोह खली हो चूका tha.wo कभी अपने हाथ को देखता तोह कभी मेरे हाथ को जिसमे उसकी थोड़ी देर पहले पकड़ी हुई तलवार thi......LAKHAN का शरीर इतना लम्बा चौड़ा था की उसके सामने क्या क्या हुआ ये पीछे खड़े किसीको भी दिखा नहीं था........

मई पुरे ग़ुस्से से- MA*****OD तूने hi मेरे डैड की गाडी ठोकी थी ना.... मैंने उसका कालर पकड़ा और उठा दिया.

मई- साले be*****od,ek नाले की औकाद नहीं होती की वो समंदर से takraaye..maine उससे पीछे फेक diya.wo उड़ता हुआ गया और सतीश के सामने एक कांच की टेबल thi,uspe gira.table टूट गया.

मई सतीश के पास pahuncha.uski पूरी फॅमिली उसके पास hi कड़ी थी और काफी दरी हुई थी.....

मई- तुझे मेरे डैड पे हमला नहीं करना चाहिए था.

आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह..........

अवंतिका के दादाजी ज़मीन पर गिर gaye.hua ये की मुझे सतीश के साथ बात करते देख दादाजी ने साइड से अपनी छड़ी मेरे ऊपर चला di,jo मैंने देख ली थी.

मैंने हाथ ऊपर कर चड्डी को पकड़ा और अपनी तरफ kheencha.dadaji मज़बूती से चड्डी पकडे हुए the.chaddi के साथ साथ वो भी खींचा गए और सीधे मेरी छाती से takraye....unhe ऐसा लग रहा था जैसे वो किसी चट्टान से टकराये हैं......

अवंतिका - तुम्हे शर्म नहीं आती एक बुज़ुर्ग को मारते हुए.

मई- वाह रे buzurg.matlab वो मुझे मारने के लिए चांदी घुमा सकते hain,aadmi भेज सकते हैं पर हम कुछ नहीं कर sakte.bewakoof की तरह नहीं यार वो बड़े hain,hamari मार सकते hai,yahi बोलते rahen,kyun?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


माफ़ करना madam,sharif हूँ ch****ya nahi.haan तोह मई कहाँ tha,arre घंटा कहाँ था

चाटककककहहह.. और हमारे सतीश भाईसाहब ज़मीन par.kaan sunn,hoth पहात gaye,aur गर्दन अकड़ गयी...

पर मई रुका nahi.peeche से उसकी गर्दन पकड़ी और उठा दिया .सामने दीवाल thi.wahin उससे उल्टा चिपका diya.maine उसका राइट हैंड पकड़ा हल्का पीछे झटका दिया....

KADAKK.......kandhe की जॉइंट हड्डी खिसक gayi..AAAHHHHHHHHAHHHHH.SATISH की एक दर्द नाक आवाज़ हर तरफ गूंज gayi.....par मेरे सर पर तोह खून सवार tha....abhi मैंने दूसरा हाथ पकड़ा hi था की मुझे अपने पैरों पर किसीके हाथ महसूस हुए.

ये सतीश की वाइफ थी जो भीगी आँखों से मेरे पेअर पकड़ मुझे देखि जा रही थी.

अनुकृति- प्ल्ज़ इन्हे छोड़ do.wo बस इतना hi बोल पायी और रो पड़ी..

उनके रोने से मेरे दिल में एक तीस सी uthi.shayad इसीलिए क्यूंकि मैंने उनकी आँखों में उनका करैक्टर देख लिया tha.is कमरे में एक वही थी जिनका दिल साफ़ tha.maine सतीश को छोड़ दिया....

साइड में नज़र घुमाई तोह सभी लड़कियों का वही हाल tha.dadaji तोह पथराई घबराई आँखों से मुझे देख रहे थे....

मई- सतीश सिर्फ आंटी की वजह से तू बच gaya.par दोबारा अगर मेरे डैड की तरफ देखा भी naa,toh ऊपर वाला भी तुझे मुझसे बचा नहीं पायेगा.

और तुम teeno,agar दोबारा कोई नौटंकी की naa,toh ये लड़कियों वाला टैग भी तुम्हे मुझसे बचा नहीं पायेगा....

मैंने सबकी तरफ एक बार घूर कर देखा और निकल गया.......

वहीँ दूसरी तरफ:-

दिग्विजय- ये कैसी जगह ले आयी मुझे!!!!!

इस वक़्त दिग्विजय और निष्कलिका खड़े थे कावरी घाटी के सरहद पर.....

कावरी घाटी- हर तरफ से sunsaan,daravani सी दिखने वाली ghati....sukhe पड़े पेड़ पर बोहोत ज़्यादा तादाद में, उभाड़ खाबड़ घुमावदार रास्ते जिनपर काली मिटटी जमी हुई thi..aur उन रास्तों के दोनों तरफ अंतहीन गहरी खाई.....

निष्कलिका- यही है कावरी घाटी......

दिग्विजय- पर हम यहाँ आये क्यों हैं???

निष्कलिका- आपके सपने को हक़ीक़त में बदलने से रोकने के लिए.....

दिग्विजय- मई कुछ समझा नहीं...!!!!

निष्कलिका - समझ jaoge.mere पीछे पीछे आओ....

दिग्विजय- जहाँ भी जाना है हम सीधे वहां नहीं पहुँच सकते kya!!!matlab अंतर ध्यान होकर या उड़ कर...

निष्कलिका- nahi.yahan हम कोई जादू नहीं कर सकते...

दिग्विजय- अरे ऐसे kaise.DIGVIJAY ने गायब होने के लिए अपनी आँखें बंद की..

निष्कलिका- nahi...rook jaiye..par तब तक देर हो चुकी थी.

एक तेज़ बिजली चमकी और दिग्विजय को lagi.DIGVIJAY दूर फेका गया....

निष्कलिका- आप ठीक तोह हैं ना.

दिग्विजय- हाँ बस शरीर में एक अजीब सी जलन हो रही है.

NISHKALIKA-maine कहा था naa.yahan हम जादू नहीं कर सकते....

दिग्विजय- लेकिन क्यों???

निस्कालिका- आगे chaliye.pata चल जायेगा...

हम दोनों आगे की तरफ चल diye.par कुछ आगे जाने के बाद दिग्विजय चौंक गया....

दिग्विजय- ये सब क्या है.....!!!!

निष्कलिका- ये सब वो लोग हैं जिन्होंने यहाँ अपनी शक्ति आज़माने की कोशिश की थी...

एक्चुअली अभी जहाँ से दिग्विजय और निष्कलिका गुज़र रहे the,wahan ढेर सारे कंकाल पड़े थे.....

दिग्विजय फिर कुछ नहीं बोलै और चुप चाप निष्कलिका के पीछे पीछे चल दिया....

कुछ दूर जाने के बाद निष्कलिका रुक गयी....

निष्कलिका- हम पहुँच gaye.chaliye,hume अंदर जाना है.

निष्कलिका ने दिग्विजय का हाथ पकड़ा और अंदर की तरफ चल दी...

दिग्विजय ने सामने dekha.saamne एक गुफा थी जिसके अंदर से अलग अलग रंग की रौशनी आ रही thi.......is बार दिग्विजय ने कोई सवाल नहीं पूछा और चुप चाप निष्कलिका के साथ साथ अंदर चला गया...

पर अंदर का माहौल देखकर दिग्विजय की आँखें चौंधिया गयी....

दिग्विजय- क्या ये सब!!!!!!!!

निष्कलिका- आपने ठीक samjha.ye हीरे hi हैं.

दरअसल वहां का माहौल पूरा जादुई tha.pure गुफा में अलग अलग कोर्स के एक्चुअली हर कलर के हीरे जगमगा रहे the.par उससे भी अजीब ये था की सारे हीरे हवा में तैर रहे थे....

निष्कलिका- आपने सुना होगा की हीरों को तराशा जाता hai....par ये वो हीरे हैं जो हमे तरसेंगे....

दिग्विजय- मतलब!!!!!!

निष्कलिका- इस ब्रम्हांड में जितने भी मंत्र hai,jaadoo hai,shaktiyan hai.ye सारे हीरे उन सब के प्रतिक हैं.....

हमारे अंदर जितनी भी शक्ति hain,mantra hain,yudh कला hai,hume वो सब इनको सौपने होंगे.......

दिग्विजय- सौपने होंगे!!!! फिर हम तोह कमज़ोर हो जायेंगे....

निष्कलिका- haan.hamari हर युद्ध shaili,saari शक्ति इन हीरों में चली जाएगी जिससे ये हीरे 10 गुना तक निखार कर हमें वापस देंगे....

दिग्विजय- sach..toh अब तक तुम यहाँ क्यों नहीं आयी थी.....

निष्कलिका- मेरी अकेले की शक्ति इतनी प्रबल नहीं थी की यहाँ के ऊर्जा को बर्दाश्त कर sake.par आपकी और मेरी शक्ति मिलकर इतनी सक्षम है की हम साथ में यहाँ आ सकते hain.isiliye तोह मैंने अंदर आते वक़्त आपका हाथ पकड़ा था....

दिग्विजय- achaaa.toh अब!!!!

निष्कलिका- हमे एक दुसरे का हाथ पकड़ कर ध्यान में बैठ अपनी साड़ी शक्ति इन हीरों को देनी hongi....par एक बात बता dun,is गुफा का समय चक्र बाहरी दुनिया से बोहोत तेज़ चलता hai....yahan का 1 घंटा बाहरी दुनिया के 1 दिन के बराबर है......

दिग्विजय- चलो phir...fir हमे देर नहीं करनी चाहिए.

दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर ध्यान आसान में बैठ गए...

बैक तो हीरो:-

PEON-VIKRAM आपको परिणीपाल सर ने बुलाया है.....

studies,sports और मस्ती के बीच हमारे दिन बीतने lage.us दिन के बाद से अवंतिका और उसकी बहेनो ने कोई नया ड्रामा नहीं किया tha.hamare सामने उनका ग्रुप सर झुकार hi चलता था.

मई तोह ध्यान भी नहीं देता था पर ये रोनित महाशय और अंजलि मोहतरमा बीच बीच में उनको ऊँगली करते रहते the.fir एक दिन मैंने उन्हें डांटा तोह वो भी बंद हो गया.

ज़िन्दगी बैक तो नार्मल हो गयी थी पर जैसा की मैंने कहा था की जो नार्मल hi रहे वो हमारी ज़िन्दगी तोह हो नहीं sakti.shayad ये प्रिन्सी का बुलावा ऐसे hi किसी नए धमाके के लिए था..

मई- मई ी के इन सर.

प्रिन्सी- यस विक्रम के इन.

पर जैसे hi मैंने सामने देखा तोह मेरा दिमाग घूम gaya.saamne अवंतिका मैडम जो बैठी thi.wo भी मुझे फुल तू शॉक में देख रही थी पर मैंने उससे कम्पलीट इग्नोर मारा और सर के सामने खड़ा रहा....

प्रिन्सी- अरे बैठो यार....

मई वहीँ अवंतिका की साइड की चेयर में बैठ गया..

प्रिन्सी- मैंने तुम दोनों को इसीलिए बुलाया है की *****************************

MAI/AVANTIKA- वहहहहातटटटटटट?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

NOOOOOOOOOOOOO..............

दोस्तों आज के लिए इतना HI....

आपका अपना V..J....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम सतीश के घर में घुस कर

उसको सबक सिखाता HAI,WAHIN दूसरी तरफ दिग्विजय और निष्कलिका ध्यान में बैठ जाते HAIN.PRINCIPAL विक्रम और अवंतिका को कुछ ऐसा बोलता है जिससे सुनके दोनों के मुँह से नूवो निकलता है......

अब आगे............

CHAPTER-1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट - 31 :-

रोनित- kutte,kamine,saale मर जा तू.....

अंजलि- ये क्यों marega...maregi wo...kide padenge.....kutte की मौत maregi.......aur tu,aise तोह बड़ा बोलता hai,V.J जो बोलता है वो हो जाता hai......toh अब क्या हुआ?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

रोनित- abbe,hum दोनों कब से कुत्ते की तरह भोंक रहे hain,kuch बकेगा भी.......

स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी पर मेरी क्लास चालू थी.....

मई- अब्बे बोलने डोज तब naa.aadhe घंटे से सुनाये hi जा रहे हो.....

अंजलि- तोह क्या तेरी तारीफ़ करें!!!!!

मई- अरे मेरी maa,sir ने ेमोटीनल ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी thi.mujhe हाँ करनी पड़ी....

रोनित- अब्बे क्या इमोशनल blackmailing.apni बेटी से रिश्ता फिक्स कर रहा था kya.waise प्रिन्सी की बेटी है माल यार.

अंजलि- चुप be.aur तू bata,kya बोल कर फसा लिया उसने थे ग्रेट V.J को..

मई- ऐसे ताना मारेगी तोह नहीं बताऊंगा....

अंजलि- चुप चाप बतादे वर्ण मुँह तोड़ दूंगी.....

मई- अरे यार वो प्रिन्सी....

रोनित- ऐसे nahi.puri डिटेलिंग में bata...shuru se.saala वर्ण तू कुछ न कुछ गोआल कर देगा....

मई- तू भी naa.chal सुन जब मई प्रिन्सी के ऑफिस पहुंचा तोह वो भी वहीँ बैठी हुई thi.mai भी जाकर बैठ गया. फिर............

बैक 2 प्रिंसिपल ऑफिस:-

प्रिन्सी- विक्रम ओने ओने ऑफ़ योर्स ड्रीम्स इस गोइंग तो गेट ट्रू.....

मई- ड्रीम सर!!!!!!!

प्रिन्सी- I.B.I........remember!!!!!

मई- ओह shit.i दीद ी forget.........is साल तोह मई क्वालिफाइड हो चूका हूँ जाने के लिए.....

अवंतिका तोह बस चेहरे पर सवाल लिए कभी मुझे तोह कभी प्रिन्सी को देख रही थी......

प्रिन्सी- AVANTIKA,let में क्लियर योर कन्फूसिओं... I.B.I स्टैंड्स 4 INDIA'S बेस्ट िक...

ये एक नेशनल लेवल िक कम्पटीशन है....

विक्रम का ड्रीम था इसमें पार्टिसिपेट karna.par इस कम्पटीशन में सिर्फ 11तह और 12तह के स्टूडेंट hi पार्टिसिपेट कर सकते hain.aur अब तुम दोनों hi 11तह में हो..

विक्रम- exactly....ek second......tum दोनों मतलब!!!!!!

प्रिन्सी- तुम दोनों मतलब तुम dono.....tum दोनों hi इस साल इस कम्पटीशन में पार्टिसिपेट कर रहे हो.....

MAI/AVANTIKA- व्हाटटटटटटटट?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

न्यूऊऊऊ!!!!!!!!!

प्रिन्सी हम दोनों के रिएक्शन देखकर शॉकेड हो गए.....

प्रिन्सी- व्हाट no......!!!!!! अन्य प्रॉब्लम!!!!!

मई- sir,har साल एक स्टेट को एक hi स्टूडेंट रिप्रेजेंट करता है ना...

प्रिन्सी- है नहीं tha.is साल फॉर्मेट चेंज हुआ hai.is साल एक नहीं हर स्टेट को दो स्टूडेंट्स रिप्रेजेंट karenge.aur लउकीली हमारे स्कूल में hi वो दो तोप्पेर्स हैं...

अवंतिका- सॉरी सर मई इसके साथ पार्टिसिपेट नहीं करुँगी...

मई- पहली बार अक्लमंदी की बात की है tumne.sir मेरे साथ किसी और को भेज दीजिये...

प्रिंसिपल- मिस अवंतिका आहूजा थिस वास् नॉट ा request.mai तुम्हारे लिए सिंपल कर देता hun,you हैवे 2 ओप्तिओंस.

1सत- पार्टिसिपेट इन थिस कम्पटीशन.

2ंद- िफ़ ु dont,neither विल यू पार्टिसिपेट इन अन्य ऑफ़ स्कूल्ज कम्पटीशन नार इन अन्य करीकुलर activity....i थिंक ी ऍम वैरी मच क्लियर...

और VIKRAM,i didn't एक्सपेक्टेड थिस फ्रॉम ु..

ये कम्पटीशन तोह तुम्हारा सालों पुराण ड्रीम था naa.kya तुम्हारी पर्सनल प्रोब्लेम्स और ईगो तुम्हारे पैशन से ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट है......

मई- मैंने कब मन किया सर जाने se.isne किया hai.sir अंजलि भी तोह तोप्पेर्स में से hai.usse भेज dijiye.i असुरे ु sir,hum hi जीतेंगे......

अवंतिका ने जैसे hi अंजलि का नाम suna,uska दिमाग घूम गया.

अवंतिका ( मन में )- अगर मई नहीं जाउंगी तोह वो अंजलि मेरी जगह चली जाएगी और अगर इन दोनों जीत गए तोह एक तरीके से मई भी उससे हार jaungi.nahi nahi,mai उससे नहीं हार सकती.....

अभी अवंतिका कुछ कहती उससे पहले प्रिन्सी बोल उठे....

प्रिन्सी- no VIKRAM.kaun जायेगा कौन नहीं ये मेरे हाथ में नहीं hai.tum दोनों का hi नाम स्टेट एजुकेशन बोर्ड की तरफ से रेकमेंड किया गया hai....jaana तोह तुम दोनों को hi पड़ेगा..

मई- जाना पड़ेगा मतलब sir.competition तोह यहीं मुंबई में hi होता है ना...

प्रिन्सी- nahi.is साल ये कम्पटीशन शिमला में hai...next मंडे मॉर्निंग 10 बजे की तुम दोनों की फ्लाइट है.....

अवंतिका- सर शिमला .....!!!!! घर वाले इतनी दूर जाने के लिए अल्लोव नहीं karenge.aur इसके साथ तोह बिलकुल भी नहीं.....

मई ( धीरे से )- हाँ तेरे साथ तोह ब्रैड पित्त जायेगा ना.....

अवंतिका ने सुन लिया और मुझे घर घर कर देखने लगी....

प्रिन्सी- इतनी बड़ी ोप्पेर्टुनिटी तुम्हे मिल रही है और तुम क्या क्या बोले जा रही ho.tum रहने do.mai स्टेट एजुकेशन डिपार्टमेंट से रिक्वेस्ट करूँगा की तुम्हारी जगह अंजलि को भेज दें......

अंजलि का नाम सुन अवंतिका का दिमाग फिर घूम गया.

अवंतिका- no no sir...i'll मैनेज.....

मई- अरे क्या hua,tum तोह मेरे साथ जाने के लिए मन कर रही थी ना.

अवंतिका दांत चबाते हुए- ी साइड ी विल मैनेज........

PRINCI-ok then.tum दोनों के टिकट्स सैटरडे को तुम्हे दे दिए jaayenge.....u मई जो नाउ......

हम दोनों- थैंक यू sir...ye बोल कर एक दूसरे को घूरते हुए निकल गए....

मई- ऐसा हुआ था....

अंजलि- यार उसकी जगह मई चलती तोह कितना मज़ा आता...

रोनित- तू क्यों मई जाता तोह सोच कितना मज़ा आता.

अंजलि- सिर्फ मज़ा aata.competition तोह हार hi जाते.

मई और अंजलि है दिए.

रोनित- हसो मत be.aur कम्पटीशन जीतने के लिए मेरा भाई अकेला hi काफी hai.aur सुन अब भी ऐसा hi होना chahiye.saare जवाब तू hi dena.us बंदरिया को थोड़ा भी क्रेडिट मत लेने देना.

मई- दोने....

फिर हम तीनो घर निकल गए......

वहीँ दूसरी तरफ:-

शनाया- व्हाट!!!!! हाउ कुड ु बेब्स?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


? तू मन नहीं कर सकती थी......!!!!!!

स्कूल से घर आ कर इस वक़्त सभी बेहेने अवंतिका के रूम में बैठी thi.ab तक अवंतिका ने किसी को कुछ नहीं बताया था और अब जब बताया तोह सभी का दिमाग घूम गया.....

अवंतिका- तुझे क्या लगता है नहीं किया होगा!!! पर प्रिन्सी ने मेरे आगे कोई ऑप्शन hi नहीं छोड़ा.

फिर अवंतिका ने ऑफिस में हुई पूरी बात सबको बताई..

वाणी- hmm.dekha जाए तोह तूने ठीक hi किया babes.tu नहीं जाती तोह तेरी जगह वो अंजलि लूज़र चली jaati.isse वो हमसे आगे hi रहती.....

शनाया- ओह hello madam,kya ठीक kiya.akeli नहीं जा रही hai.saath में वो कमीना विक्रम भी जा रहा hai.tujhe क्या लगता है की हमारे घर वाले उसके साथ जाने के लिए मान जायेंगे....!!!!

वाणी- उन्हें पता लगेगा तब ना..

सब- मतलब.....

वाणी- सिंपल है yaar.AVNI तू बस इतना बताना की तेरा सिलेक्शन हुआ है इस कम्पटीशन के liye.us विक्रम का नाम मत लेना.

शनाया- acha.aur घरवालों ने पूछा की और कौन कौन जा रहा है तोह.....

वाणी- अरे यार बोल देना एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सिलेक्शन की hai.kaun कौन जा रहा है ये वही जानते hain.bas.....

अवंतिका- हाँ yaar.ye ठीक rahega.chalo फिर अभी जाकर बताते हैं....

वाणी- अरे अभी घर में है kaun.sirf माँ hai.raat को डिनर के टाइम डैड भी honge.tab बोल देना.

अवंतिका- ठीक है फिर..

प्रियंका- अरे दीदी इतनी बड़ी न्यूज़ hai.aap नेशनल लेवल पे पार्टिसिपेट करने जाने वाली ho.party तोह बनती है..

शनाया- हाँ yaar,party तोह बनती है....

अवंतिका- तोह मन किसने किया hai......chalo फिर...

साड़ी बेहेने रेडी होकर निकल गए ghumne.raat को डिनर पर सतीश को अवंतिका ने कम्पटीशन के बारे में बता दिया...

सतीश ने तोह ok कर दिया पर एक बार दादाजी से भी पूछ लेने को kaha.dadaji को अवंतिका ने मन liya.issi तरह अवंतिका का भी दिल्ली जाना तय हो गया......

वहीँ दूसरी तरफ:-

सारे हीरे जो वैसे भी काफी तेज़ चमक रहे the,unki रौशनी और तेज़ हो gayi.....saare हीरो में से एक एक रे निकली और दिग्विजय और निष्कलिका के बॉडी पर पड़ी...

दिग्विजय और निष्कलिका को ध्यान में बैठे काफी वक़्त गुज़र चूका tha....par उनकी हालत और सेहत में अब तक कुछ बदलाव नहीं आया tha.rays के पड़ते hi दोनों के शरीर कांपने lage...thodi देर तक वो रेज़ दोनों के शरीर पर पड़ते रहे और फिर ख़त्म हो गए...

पर ये क्या दिग्विजय ुर निष्कलिका की हालत बिलकुल ख़राब हो चुकी thi.unke शेर पे बस हड्डी hi दिख रही thi.aisa लग रहा था जैसे उन रेज़ ने उन दोनों की पूरी शक्ति निचोड़ ली hai.dono hi अपने अपने जगह पे गिर चुके the.dekhkar तोह ऐसा लग रहा था जैसे दोनों मर चुके हैं........

बैक तो हीरो:-

रोनित- अब्बे saale......kaun से जनम का बदला ले रहा है तू humse.....ek दिन में इतनी एक्सरसाइज कौन करता है भाई.....

अंजलि- सच में yaar.....khud तोह थकता nahi,hume थका देता hai.yaar हमे कौनसा ोीलम्पिक में देश के लिए गोल्ड लाना है.....

बात ये थी की जबसे ये रोनित के हाथ टूटने का काण्ड हुआ था ,मैंने दोनों को रेगुलर मॉर्निंग में हार्ड एक्सरसाइज शुरू कर दी थी और कुछ फाइटिंग टेक्निक्स भी सिखाता tha.......aur लास्ट में एक लिक्विड पिलाता था...

मई- बिना नाटक के अपना ड्रिल पूरा karo.nahi तोह एक्सरसाइज डबल कर दूंगा....

रोनित- साले ाचा है तू आज जा रहा hai...kuch दिन तोह इन उठपटको से छुटकारा मिलेगा......

मई- किसने कह दिया तुझे की मई गया तोह तुम दोनों एक्सरसाइज नहीं karoge......har दिन एक्सरसाइजेज और जो टेक्निक्स मैंने सिखाये है वो तुम दोनों karoge.tum दोनों को मेरी कसम..

अंजलि- ले गयी भैसं पानी me.karle आराम.

रोनित- मैंने सच hi कहा tha,tu दोस्त नहीं दुश्मन है..

मई- हाँ hun.aaj के लिए इतना काफी hai.ye lo,pilo.itne दिनों से वो लिक्विड पीपीकार दोनों को अब आदत सी हो गयी thi.dono चुपचाप पी गए.

चलो ghar.fir मुझे निकलना भी है.....

वहीँ दूसरी तरफ:-

सतीश- कितने बजे की फ्लाइट है बीटा....

अवंतिका- 10 बजे की मामाजी....

सतीश- ठीक hai.ready हो jao.mai तुम्हे छोड़ दूंगा.

अवंतिका चाय पी रही थी जो मामाजी की बात सुनकर बहार निकल गयी.

अवंतिका- अहन अहन ...........

V/MOM- अरे बीटा आराम se...le पानी पी.

अवंतिका ने वाणी की तरफ देखा.

वाणी- dad.aap क्यों टेंशन ले रहे ho.hum छोड़ देंगे अवनि को...

एक्चुअली इन सभी को ये टेंशन थी की एयरपोर्ट पर सतीश कहीं विक्रम को न देख le.....fir तोह अवंतिका का जाना hi कैंसिल हो जाता....

सतीश- अरे इसमें टेंशन kaisa.mai छोड़ दूंगा....

अभी वाणी कुछ कहती उससे पहले उसकी माँ बोल उठी..

V/MOM- अरे बचो को hi जाने दीजिये naa.aap गए तोह आपकी सिक्योरिटी भी साथ jayegi.ussi में मेरी बची को देर न हो जाए फ्लाइट पकड़ने में...

सतीश- ठीक है fir.tum लोग hi चले jaana.par हाँ सिक्योरिटी के लिए एक गाडी तुम लोगों की गाडी के साथ जाएगी.

सब- दोने....

सतीश- ठीक hai.AVNI बीटा मई भी चलता hun.all थे best.ok.jeet कर hi आना.

अवंतिका- थैंक्स mamaji.pakka......

सबको bye बोल गर्ल्स की टोली निकली एयरपोर्ट की तरफ..

बैक तो हीरो:-

मई- mom,jaldi करो न मई आलरेडी लेट हूँ......

माँ- बस आयी....

इस वक़्त हमारा हीरो कम्पलीट रेडी होकर खड़े थे और उनकी माँ आरती की थल सजा रही थी....

जब से मैंने घर पर बताया की मुझे कम्पटीशन में जाना है तोह जयराज बोहोत खुश hue.hote भी क्यों naa.......NATIONAL लेवल कम्पटीशन के लिए उनके बेटे को जो चुना गया tha.khush तोह माँ भी थी पर उससे ज़्यादा नर्वस भी की अकेले शिमला जैसे शहर में मई कैसे rahunga....par मेरे और डैड के लगातार समझने पर मान गयी मुझे भेजने को........

माँ- मेरे बेटे को दुनिया की साड़ी कामियाबी मिले...

आरती कर के माँ ने मुझे टिका लगाकर आशीर्वाद दिया.

मई- वह तोह मिलेगा hi.aap दोनों का जो बीटा हूँ....

मैंने दोनों के पेअर छूकर आशीर्वाद लिए और बहार आ gaya.mai रोनित और अंजलि निकल पड़े एयरपोर्ट की तरफ.

कार में:-

रोनित- सुन na.jab तू जीतेगा और प्राइज मिलते वक़्त जब एक्सेप्टेन्स स्पीच देगा naa.toh बीच में मेरा नाम भी बोल देना..

अंजलि- साले तेरा नाम बोलेगा ना तोह प्राइज hi छीन लेंगे...

रोनित- तू जब भी मुँह खोलती है मनहूसियत hi क्यों फैलाती है.......

ऐसे hi नोक झोंक करते कब एयरपोर्ट आया पता hi नहीं चला....

वहीँ दूसरी तरफ:-

शनाया- हौली सहित..... सुबह सुबह इन तीनो का चेहरा देख liya,pakka पूरा दिन बेकार जाएगा.....

चरों बेहेने अभी अभी एयरपोर्ट पहुंचे the.wo कार से उतरे hi थे की बाजू में हमारी कार रुकी...

अवंतिका- तुम लोगों का तोह बस आज का दिन ख़राब hoga,mera तोह पूरा हफ्ता hi ख़राब होने वाला hai......ye बात उसने थोड़ी ज़ोर से बोली ताकि हम तीनो भी सुन सकें....

अंजलि- अरे तेरी .......

मई- ोये ANJALI.....kya कर रही hai....banda किछाड पे गिरे या किछाड बन्दे par,ganda तोह बाँदा hi होता है ना.....

मेरी बात सुनके चारों में से तीन की सुलग गयी...

प्रियंका- आल थे बेस्ट सर.....

हम तीनो कुछ बात hi कर रहे थे की हमारे कानो में ये आवाज़ पड़ी...

मैंने सामने देखा तोह ये उन तीनो की छोटी बेहेन thi.....mujhe उसकी आँखों में वही मासूमियत दिखी जो उस दिन उसकी माँ के आँखों में दिखी थी....

मई- थैंक्स dear.....chalo इन बेवकूफों की टोली में कोई तोह समझदार hai..maine उसके सर पर हाथ fera.wo स्माइल देकर वापस चली गयी....

वाणी- क्या ज़रुरत थी तुझे उससे विश करने की.....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

प्रियंका- ओफ्फो di.wo और दी तोह एक टीम में hi हैं na.unhe विश करूँ या दी को, विश तोह दोनों को लगेगी ना...

मई- अरे waah.tum तोह समझदार होने के साथ साथ इंटेलीजेंट भी ho.is कम्पटीशन में तुम्हारी दीदी को नहीं तुम्हे चलना था मेरे साथ.

मेरी बात सुन तीनो की फिर जल गयी....

मैंने भी हस्ते हुए अपने दोनों दोस्तों को गले लगाया और एयरपोर्ट के अंदर चल pada...mere पीछे पीछे अवंतिका भी आ गयी....

मैंने जाकर बोर्डिंग पास जमा किया और टिकट लेके वेटिंग लाउन्ज में बैठ gaya.abhi कुछ सवा घंटा बाकी था हमारी फ्लाइट में.

अवंतिका- सुनो..

मई- बको ी मैं बोलो....

अवंतिका ने मुझे एक लुक दिया फिर कहा

मेरी टिकट......

एक्चुअली सैटरडे को hi प्रिन्सी ने मुझे बोर्डिंग पास और बाकी सारे इम्प पेपर्स जो हमें शिमला में लगने वाले थे वो दे दिया tha.AVANTIKA को ये बात पता थी पर अपने ईगो के चलते उसने मुझसे माँगा nahi.maine भी दिया नहीं...

मई- ये lo......maine उससे उसकी टिकट्स दे दी..

वो मुझसे थोड़ी दूर जाकर बैठ gayi.kuch आधे घंटे बाद फ्लाइट अन्नोउंस hui....mai और अवंतिका चल पड़े चेक इन करने और कुछ hi वक़्त में हम फ्लाइट में थे.....

अवंतिका- एक्सक्यूज़ me.can ु प्ल्ज़ चेंज माय सीट.

प्लेन पर चढ़ते hi मैडम ने एयर होस्टेस पे सवाल दागा...

एयर होस्टेस- सॉरी mam.aaj पूरी फ्लाइट फुल hai.aap प्ल्ज़ अपनी सीट पर बैठ jaiye,flight टेकऑफ करने वाली है..

मई तोह पहले hi अपनी सीट पर बैठ चूका tha.madam भी पेअर पटकती हुई आयीं और मेरे सामने कड़ी हो गयी..

मई- अब बको भी क्या हुआ?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

अवंतिका- मुझे विंडो सीट चाहिए.

मई- सॉरी mam.aaj पूरी फ्लाइट फुल hai.aap प्ल्ज़ अपनी सीट पर बैठ jaiye,flight टेकऑफ करने वाली hai.maine एयर होस्टेस का डीएलओगे रिपीट कर दिया...

अवंतिका- मैंने तुम्हारे जैसा बत्तमीज़ लड़का आज तक नहीं देखा....

मई- और देखोगी भी nahi.mera जैसा पीेछे रोज़ रोज़ पैदा नहीं होता.....

एयर होस्टेस- ma'am प्लीज सीट down.flight टेक ऑफ होने hi वाली hai....sir प्लीज पूत ों ुर सीट बेल्ट....

मई- कैन ु हेल्प में विथ it..plz.....

एयर होस्टेस- सूरे सर........

मई- UMHHHHHH.Viktor & रॉल्फ Flowerbomb.nice परफ्यूम.....

एयर HOSTESS-wow sir.par आपको कैसे पता?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

ब्यूटीफुल ब्लेंड ऑफ़ ग्रीन टिया, बरगामोट, जस्मिने, फ्रीसिअ, रोज & orchid.uske ऊपर आपकी khoobsurti.kaisa नहीं पहेचानता....

एयरहोस्टेस मेरी बातों पर ब्लश करने लगी..

अवंतिका- ये इसी काम में एक्सपर्ट हैं.....

एयर होस्टेस- जी?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मई- अरे इसकी आदत है बकवास करने ki....ab इतनी हॉट लड़की सामने हो तोह एवरेज लुकिंग गर्ल्स तोह जलेंगे hi.....

अवंतिका- मई और एवरेज looking.kabhi अपने आप को देखा है तुमने.

मई- अब अपनी तारीफ़ खुद तोह नहीं कर सकता....

आप बताइये ma'am.mai ठीक थक दीखता हूँ ना.

एयर HOSTESS-thik ठाक!!! ु मस्ट बे किडिंग sir.aap तोह बोहोत हैंडसम hain.infact मैंने आज तक आपसे हैंडमे और चार्मिंग लड़का नहीं देखा....

मई- कोई दर्द में भी हस्ता है,

तोह कोई ख़ुशी में भी रोटा है......

नजरिया तोह देखने वाले की

आँखों में होता है.....

एयर होस्टेस- वाओ sir.u अरे ा पोएट too...ma'am ी मस्ट से ु र वैरी लकी 2 हैवे ा बॉयफ्रेंड लिखे हिम...

अवंतिका- व्हाट!!!! no,he इस नॉट माय बॉय फ्रेंड.

एयर होस्टेस- बाद लक 4 u..ok सर मई चलती hu.if ु नीड anything.just प्रेस थे button.mai आ जाउंगी...

मई- हम तोह आपको देख कर hi पूरा सफर गुज़र lenge.aap जाइये...

एयरहोस्टेस भी हस्ते हुए चली gayi..aur ये मैडम अपने में भुनभुनाते हुए बैठ गयी...

फिर कुछ खास नहीं hua,madam कोई गक बुक निकलकर पढ़ने लगीं और मई तोह मस्त हेड फ़ोन लगाकर गण सुनते सुनते सो गया.

अवंतिका- उठ जा कुम्ब्करण की औलाद....

अवंतिका के हिलने से मेरी नींद खुली.

मई- क्या hua.kyun गाला पहाड़ रही है....

अवंतिका- फ्लाइट लैंड हो रहा hai.hum पहुँचने वाले हैं....

मई- ohhh.chal अब थैंक्स बोल..

अवंतिका- मैंने तुझे उठाया hai.mai क्यों थैंक्स बोलूं...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


??

मई- अरे अगर मई सोता रह जाता और फ्लाइट लैंड होने से मुझे चोट लग जाती तोह मई पार्टिसिपेट नहीं कर paata.aur अगर मई पार्टिसिपेट नहीं करता तोह हम जीत नहीं paate.mere जागने की वजह से हम जीत jayenge.toh चल थैंक्स बोल...

अवंतिका- ओह गॉड कहाँ फास गयी..

मई- अभी भी टाइम hai.flight लैंड हुई नहीं है अब tak.mai तोह बोलता हूँ कूद ja.tera भी टेंशन khatm,aur दुनिया का भी......

अवंतिका कुछ नहीं बोली और दूसरी तरफ मुँह करके बैठ गयी......

कुछ देर बाद फ्लाइट लैंड hui.....check आउट कर एयरपोर्ट से निकलते निकलते कुछ 45 मं लग gaye.par हम जब बहार आये तोह एक नयी मुसीबत हमारा वेट कर रही थी....

बारिश का मौसम tha.aur यहाँ पहाड़ी एरिया में अचानक तेज़ हवा के साथ hi बारिश शुरू हो गयी thi...jiski वजह से जो गाडी हमे पिछ करने के लिए आने वाली थी वो नहीं पहुंची थी...

मेरे पास होटल का नंबर tha.maine वहां कॉल किया पर नेटवर्क hi नहीं tha.maine ये बात अवंतिका को बताई...

अवंतिका- ओह गॉड अब क्या करूँ मई..

मई- ओह hello madam.mai नहीं हम.

अवंतिका- हम नहीं mai.tumse किस्से मतलब hai.bhaad में जाओ tum.tum न मनहूस ho.ye मौसम भी तुम्हारी मनहूसियत की वजह से ख़राब हुआ है...

मई- waah...baarish के मौसम में बारिश नहीं गिरेगी तोह क्या आग barsenge...par ु क्नोव व्हाट,4 ा चेंज तुम इस बार सही ho.mai मनहूस हूँ पर तभी से जबसे तुम मुझे मिली हो.....

अवंतिका - तुमसे बात करना hi बेकार hai...ek काम करते hain,tum मुझे होटल का अड्रेस दे do...mai खुद चली jaungi...mujhe तुम्हारे साथ एक सेक् भी और नहीं रहना...

मई- waah,tumne तोह मेरी दिल की बात कह di......ye रहा होटल का adress,mai चला अपने raste,tum जाओ अपने raste....ye बोल मई लेफ्ट साइड की तरफ निकल पड़ा.....

बारिश तोह काम hi गिर रही थी पर हवा काफी तेज़ thi...par मुझे तोह इन सब से कोई फर्क पड़ता नहीं tha.mujhe दिख भी साफ़ रहा tha....tabhi मैंने देखा थोड़ी आगे एक टैक्सी कड़ी hai..mai दौड़ते हुए वहां पहुंचा...

मई- paaji,hotel वुडकास्टले चलोगे क्या...

कैब ड्राइवर- ओह puttar.....mausom तोह dekh..aise में गद्दी आगे नहीं बढ़ सकती...

मई- paaji..chalo naa.aap डबल चार्ज लेलेना....

डबल चार्ज सुनते hi उसकी बत्ती जाली....

कैब ड्राइवर- ठीक है puttar.chalo....paaji ने मीटर गिराया और हम चल पड़े....

मई- ओह पाजी एक मं रोको....

कैब ड्राइवर- क्या हुआ पुत्तर...

मई- आप रोको तोह...

पाजी ने गाडी रोक दी.

एक्चुअली अभी हमे आगे बढे 1 मं भी नहीं हुआ था की मैंने अपने लेफ्ट साइड में कुछ लड़को को एक लड़की के साथ बत्तमीज़ी करते हुए dekha.aur ये लड़की और कोई नहीं हमारी प्रिय अवंतिका मैडम hi थी....

ये मौसम सिर्फ सांप और कीड़ो के लिए नहीं हमारे देश के होनहार गांजा फूंकने वाले नौजवानो के लिए भी ख़ास होता hai.kisaan भाईलोग कहते है बारिश का मौसम उनका है पर ये ch***ye कहते है की गांजा पीना इस मौसम के लिए hi बना है...

खैर मई हमारी मैडम जी के पास पहुंचा.

मई- एहम अहम्म्म्म....

अवंतिका ने सामने देखा जहाँ मई खड़ा tha.aur इतिहास गवाह है की जब फट्ठी है तोह दुश्मन भी सबसे ाचा दोस्त लगता hai.madam आयी और मेरे गले लग कर रोने lagi...uska बदन दर के मारे कांप रहा था.

मुझे भी अपनी गलती का एहसास hua.bhale कितनी hi बुरी क्यों न ho,kisi लड़की को यूँ अकेला छोड़ना ठीक नहीं होता.......

1सत गंजेड़ी- अब्बे कौन है बे tu..saale चटकककहहहहह...

अब मेरे पास फालतू टाइम तोह था नहीं की ऐसे लपड़झंडास ga**uon पे बर्बाद karta.wo कुल 6 लोग the....pehle वाले को मारते hi वो नीचे पड़ा मिर्गी मरीज़ की तरह कांप रहा tha.bas फर्क ये था की उसके मुँह से झाग की जगह खून निकल रहा था....

2ंद & 3रद गंजेड़ी- अब्बे तेरी toh.par आगे वो कुछ बोल नहीं सके..

मई तेज़ी से आगे badha.do का गाला पकड़ कर अपने दोनों पैरों को सामने ghumaye.meri लाठ दो को padi.wo दूर जाकर gire.ab वो उठने वाले तोह थे nahi.maine जिन दो का गाला पकड़ा था उनको उठाया और दिया एक चोक slam...inka भी काम khatm.ab बचा ek.us साले का तोह नशा hi उतर चूका tha...aur दर के मारे कांप रहा था.

मई- दर मत be...nahi मरूंगा tujhe....inko लेकर हॉस्पिटल चले जाना.

मैंने पलट कर देखा तोह अवंतिका अब अभी दर से कांप रही thi.shayad ऐसा कुछ उसके साथ फर्स्ट टाइम हुआ tha.mujhe उसपर तरस आ gaya....maine उससे कंधे से पकड़ा और टैक्सी की तरफ चल pada.ab तक मौसम भी कुछ हद तक शांत हो चूका था.....

टैक्सी ड्राइवर- ोये दिल खुश कर दित्ता puttar...maza आ gaya.dar न कुड़िये तेरे साथ एक शेर hai....kuch नहीं होने देगा tujhe.chalo aao.baitho..

पर अवंतिका अब भी चुप hi thi...mai और अवंतिका टैक्सी में बैठ होटल के लिए निकल गए..

आज के लिए इतना HI...

आपका अपना V.J......
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम और ावनतिका को ीबी के लिए चुना जाता है वहीँ शिमला पहुँचते HI विक्रम अवंतिका को बचता है....

अब आगे:-

CHAPTER-1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट-32:-

वोलेंटियर- हे एक्सक्यूज़ me.you अरे रेप्रेसेंटिंग महाराष्ट... राइट

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


??

अवंतिका होटल की लॉबी से बहार की तरफ निकल hi रही थी की ीबी की एक वोलेंटियर की आवाज़ सुनकर रूक गयी.....

अवंतिका- यस i'm.

वोलेंटियर- ओह great.mai आपके पास hi आ रही थी.

अवंतिका- kyun,kya hua.any प्रॉब्लम!!!!

वोलेंटियर- no,no problem.actually थिस ा थे मेमो ऑफ़ थे व्होले competition.kab क्या और कैसे hoga,isme सारे डिटेल्स लिखे hain....ek आपके लिए और दूसरा आपके पार्टनर के liye.....i गेस आप बहार जा रही hain.aap अपना रख lijiye,mai उनका उन्हें दे देती हूँ...

अवंतिका- no नीड 4 that.wo अभी होटल में नहीं hain...infact मई भी उनके पास hi जा रही thi.aap उनका मेमो भी मुझे hi दे dijiye.mai उन्हें दे दूंगी..

वोलेंटियर- ओह really.thanks..

अवंतिका- ओह common...its नॉट ा बिग डील.....

अवंतिका ने उससे विक्रम का भी मेमो लिया और होटल के बहार निकल गयी...

अवंतिका- अब आया ऊंट पहाड़ के neeche...competition में क्या होगा ये पता hi नहीं चलेगा तोह प्रेप क्या करेगा.!!!!

अवंतिका ने विक्रम को देने वाला मेमो फायदा और डस्टबिन में फेक diya.aur निकल पड़ी शिमला दर्शन पे....

अभी सुबह के 10 बज रहे the.aur लाइफ में पहली बार मई इतनी देर तक घोड़े बेच कर सो रहा tha.actually कल रात पहली बार मोबाइल खरीदने के नुक़्सानो से मई रूबरू हुआ था..

पहले माँ ने एक घंटा मेरा दिमाग khaya.pehli बार जो बहार गया था akele...fir डैड ने आधे घंटे तक टिप्स दिए कम्पटीशन से रिलेटेड की ये सवाल आ सकता hai..wo सवाल आ सकता है.

दोनों से बात कर फ़ोन रखा hi था की अंजलि मैडम का फ़ोन आ gaya.unhone शिमला से उनके लिए क्या लाना है उसकी लिस्ट लिखवानी शुरू की जिसमे 1 घंटा और निकल gaya.madam ने ले देकर कॉल रखा hi था की रोनित भाई साहब ने घंटी बजा दी.

और मेरी मति मारी गयी थी जो मैंने सुबह वाले अवंतिका मैडम के काण्ड के बारे में इससे बता diya.....fir जो इसके सवाल जवाब और सुग्गेस्टिव का दौर शुरू हुआ तोह 1.30 घंटे तक चला....

जब फ़ोन रख कर टाइम देखा तोह 2 बज चुके the.maine तभी सोच लिया था की

कल no एक्सरसाइज

no ध्यान

ओनली टेकिंग

स्लीपिंग ज्ञान.......

मई- hello,haan mom.good मॉर्निंग...

नींद खुली भी तोह kaise!!!!mobile के गाला फाड़ने se....mai तोह कॉल करने वाले को गाली बकने hi वाला tha,par जब स्क्रीन पर स्वीट माँ फ़्लैश hua,toh सारा ग़ुस्सा उड़ गया.....

माँ- तेरी आवाज़ इतनी अलसायी सी क्यों लग रही hai..tabiyat तोह ठीक है ना.

मई- हाँ mom.mai ठीक hun.wo अभी नींद खुली naa,isiliye..

माँ- अरे waah.ye तोह चमत्कार हो gaya.aaj पहली बार मेरा बच्चा इतनी लेट उठा है....

मई- हाँ वो रात को अंजू और रोनित से लेट तक बात हुई इसीलिए नींद नहीं खुली...

माँ- ाचा अब उठ jaa.nashta टाइम से करना चाहिए वर्ण तबियत बिगड़ जाएगी...

मई- ok mom.where's डैड!!!

माँ- वह आज थोड़ा जल्दी ऑफिस निकल गए.

मई- ok mom,mai बाद में बात करता hun.bye लव ु....

माँ- ok beta.bye.luv ु 2...तक.....

वहीँ दूसरी तरफ:-

अवंतिका- भैया 10तह की आल इन ओने बुक है क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

B.OWNER-yes madam.mai अभी लाया..

अवंतिका (मन में) उसका मेमो तोह फाड़ diya.par रिस्क नहीं ले sakti.....mujhe पूरी तरीके से प्रेपरेड़ रहना hoga...ye कम्पटीशन जीतेंगे तोह हम dono,par क्रेडिट सिर्फ मुझे hi मिलेगा....

इस वक़्त अवंतिका मैडम एक बुक शॉप में कड़ी थी... विक्रम से आगे रहने के लिए मैडम से जो बन पद रहा था ,सब आज़मा रही थी....

S.OWNER- ये लीजिये मैडम.....

अवंतिका- इसमें सारे सब्जेक्ट्स कवर्ड हैं ना!!!

मई- बिलकुल ma'am.... इस सतोगोरी की ये बेस्ट बुक है...

अवंतिका- ok थैंक्स.

मैडमजी बुक लेकर सीधे निकली वापस होटल के liye.ab भाई बुक ले तोह ली thi,ab रत्नाभी तोह था.....

बैक तो हीरो:-

मई- किधर मैडम......

अवंतिका मेरी आवाज़ सुनकर रूक गयी.

मई नीचे लॉबी में बैठा मोबाइल पे कुछ पढ़ hi रहा था की अवंतिका मुझे आती दिखी....

अवंतिका का चेहरा एक सेक् एक लिए फीका पद गया क्यूंकि उसके हाथ में बुक के साथ मेमो भी tha.par वो तुरंत संभल गयी और बड़ी चालाकी से मेमो को बुक के पीछे सरका दिया..

मई- कहाँ खो गयी aap..aur ये हाथ में क्या पकड़ा हुआ है.

अवंतिका- कुछ nahi.bas ऐसे hi तिमेपास करने के लिए एक बुक लेने गयी thi.wahi है...

मई- कल कम्पटीशन है और तुम्हे टाइम पास करना है...

अवंतिका- हाँ toh.meri प्रेपराशंस हो गयी hai....acha मुझे रूम में कुछ काम hai.ok bye....

मई- अरे सुनो तोह राजधानी express.maine भी तुमसे गप्पे मारने के लिए तुम्हे नहीं रोका hai.acha ये बताओ ीबी वालों ने कोई मेमो या कोई पेपर भेजा है कल के फॉर्मेट का...!!!!

अवंतिका- नहीं toh...aisa भी कुछ होता है क्या???

मई- तुम न एक no की डुबो ho....kisi भी कम्पटीशन में उसका फॉर्मेट तोह पहले से आता hi है ना.

अवंतिका- oh.i didn't know..acha मई जाती हूँ....

मई- आराम से jaiyo...kahin फिसल कर चोट न लगा बैठना वर्ण फिर उसके लिए भी मुझे hi कोसोगी.

पर अवंतिका ने कुछ भी नहीं बोलै और निकल गयी..

मई- कमाल है yaar.ab भी कुछ नहीं boli.ek दिन में इतना चेंज.

एक्चुअली कल एयरपोर्ट के बाहर हुए हादसे के बाद से मैंने अवंतिका को बोहोत टॉन्ट मारे थे पर उसने एक बार भी कुछ नहीं बोलै था.....

खैर साणु ki......mai भी चल पड़ा रूम कल की तयारी करने.....

हेवन में :-

सत सकिलिअ- ये जो हो रहा है और इससे आगे जो होगा क्या वो सही है.....

सत सेबेस्टियन- ये हमारे हाथ में नहीं hai......ye कहानी खुद hi खुदको लिख रही hai.bas देखते जाओ........

बैक तो हीरो:-

मई- सो फाइनली, वे अरे हेरे......

अवंतिका- haan,mujhe तोह काफी नर्वस्नेस हो रही है.....

संत पॉल इंटरनेशनल SCHOOL...wo जगह जहाँ इस साल ीबी कम्पटीशन रखा गया tha.....hum अभी स्कूल के बहार hi खड़े the......aadhe घंटे में कम्पटीशन स्टार्ट होने वाला था.....

मई- चलें....

अवंतिका ने अपना सर हिलाया और हम दोनों अंदर चले gaye.andar काफी सारे वालंटियर्स the.unme से एक से हमने कम्पटीशन की जगह पूछी....

वालंटियर- एंड ु अरे???

मई- विक्रम जयराज सिंह

अवंतिका- अवंतिका आहूजा.

वालंटियर- महाराष्ट्र zone.right!!!

हम दोनों- यस....

वालंटियर- ok.aap लोग मेरे पीछे चलिए..

वो हमे लेकर अंदर एक ऑडिटोरियम में Pahunchi.har तरफ ीबी के बैनर्स लगे हुए the.kaafi सारे नेशनल बोर्ड्स के ऑफिसर्स भी वहां मौजूद थे.....

हम चलते हुए एक जगह पहुंचे जिससे देख कर हमारी अवंतिका मैडम खुश हो gayi.actually हम अपने सीट्स के पास पहुँच चुके थे जिसके पीछे हम दोनों के बड़े बड़े फोटोज लगे हुए the.madam लग गयी अपनी hi फोटो के साथ सेल्फी लेने में..

मई- हो गया tumhara.yaar अपने hi फोटो के साथ photo.ajeeb नहीं है.

अवंतिका बस मुँह बना कर रह गयी...

वालंटियर- ये लीजिये आपके badges...seats तोह आपने देख li.baith जाइये.

हमने भी उससे थैंक्स कहा और अपनी सीट्स में बैठ गए....

हे यंग man...how अरे ु..

अभी हम बैठे hi थे की हमारे सामने इससे डिपार्टमेंट के डायरेक्टर aaye.ye वही थे जिन्होंने मुझे 1सत अनाउंस किया था.

मई- i'm फाइन sir.she इस अवंतिका AHUJA.my पार्टनर..

डायरेक्टर- आल थे बेस्ट 2 ु तू.

अवंतिका- थैंक्स सर..

डायरेक्टर- ाचा VIKRAM.maine तुम्हे मेमो की सॉफ्ट कॉपी भेजी thi...u वेंट थ्रू आईटी..

मई- या ya..i दीद वेंट थ्रू आईटी....& थैंक्स 4 ुर सपोर्ट एंड हेल्प..

डिरक्टर- अन्य टाइम माय boy..bohot सुना है तुम्हारे प्रिन्सी से तुम्हारे बारे me.just विन थे competition.ok....

मई- i'll तरय माय बेस्ट सर.

डायरेक्टर ने हम दोनों को एक बार और विश किया और चले gaye...maine अवंतिका की तरफ देखा जो सर झुकाये शर्मिंदगी महसूस कर रही थी..

मई- धोके से मिली जीत जीत नहीं hoti....par V.J को धोका देना भी इतना आसान नहीं है madam.mujhe मेमो की सॉफ्ट कॉपी सर ने एक दिन पहले hi मश्ग कर दी थी...

अवंतिका- ी ऍम सॉरी..

मई- ोये या क्या बोल दिया soniye...khuda का कहर hi हो गया ये toh.aapke मुँह से सॉरी.

पर वो कुछ ज़्यादा hi साद लग रही thi,usne कुछ नहीं बोलै.....

मई- अरे relax.mazak कर रहा tha.ye सब भूल जाओ और कम्पटीशन पे फोकस करो...

तभी अनाउंसमेंट हुई...

प्रेसेंटर- गुड मॉर्निंग एव्री body..we वेलकम ु इन थे 25तह ीबी MEET...hamare बीच इस वक़्त 15 स्टेट्स से वहां के 2 बेस्ट स्टूडेंट्स आये है पार्टिसिपेट karne.without अन्य फुरदर देय मई आपको इस साल का फॉर्मेट समझा देती हूँ...

इस साल इस कम्पटीशन को 2 पार्ट्स में डिवाइड किया गया hai.....ek कम्पेशन आज होगा और दूसरा जो की फाइनल्स है आज से 3 दिन बाद....

आज का आपका कम्पटीशन जनरल क्विज hai....aap सभी अपने स्टेट के तोप्पेर्स hain.aaj के आपके सारे सवाल आपके बुक्स से hi honge.aaj तक आपने जो भी पढ़ा है सारे क़ुएस्तिओन्स उन्ही में से होंगे.

पर कटचे ये है की आप सब जो की जोड़ी में आये हैं आज एक दूसरे के साथ होकर भी अलग अलग टेस्ट देंगे.....

पंजाब टीम- सॉरी ma'am ी didn't गेट you.saath होकर भी अलग alag,means....

प्रेसेंटर- इसका मतलब है आप को और आपके पार्टनर को एग्जाम की तरह hi एक एक क्वेश्चन पेपर और एक आंसर शीट दी jayegi...aap इंडीविद्यालय उस पेपर को सोल्वे करके सबमिट करेंगे...

फिर हम आपके और आपके पार्टनर के राइट अंसवेरस कैलकुलेट karenge....aur दोनों के राइट अंसवेरस को जोड़ने पर जो नंबर बनेगा वो आपके टीम का रिजल्ट होगा.

फॉर एक्साम्प्ले टीम एक एक स्टूडेंट ने 10 में से 10 सही जवाब दिए हैं और दूसरे ने 1.तोह दोनों का टोटल होगा 11 आउट ऑफ़ 20.....और हाँ सबसे इम्प baat,question सोल्वे करने के लिए आपके पास बस 15 मिनट्स hi होंगे.

टॉप 5 रिजल्ट्स या यूँ कहूं 5 स्टेट्स फाइनल्स के लिए क्वालीफाई karenge...baaki के स्टेट्स ुंफोरटूनटेली आज शाम की फ्लाइट से वापस घर चले jaayenge...so अरे ु आल रेडी...

सभी- यस MA'AM.....

फिर हम सभी को क्वेश्चन शीट और मार्क शीट बातिन gayi...maine और अवंतिका ने एक बार एक दूसरे को देखा पर कुछ कहा nahi...hooter की आवाज़ से हमने लिखना स्टार्ट किया और 15 मं बाद एक और हूटर बजा जिसके बाद हमारे आंसर शीट ले लिए गए.

रिजल्ट्स आधे घंटे बाद अनाउंस होने थे......

अवंतिका- तोह कैसा रहा???

मई- ठीक ठाक.

अवंतिका- मेरा तोह एवन raha.bohot इजी क़ुएस्तिओन्स थे.

मई -मई बस मुस्कुरा दिया......

आफ्टर 30 मीन्स:-

प्रेसेंटर- सो स्टूडेंट्स वे हैवे थे नेम्स ऑफ़ थे क्वॉलिफिएर्स....

फर्स्ट पोजीशन में हैं MAHARASHTRA....inke 20 क़ुएस्तिओन्स में से पुरे 20 सही हैं...

अवंतिका की तोह ख़ुशी देखती बन रही thi...aur इसी ख़ुशी में अनजाने में वो मेरे गले लग गयी...

DHAAKKKKKK............AVANTIKA के गले लगते hi ज़ोर से मेरा दिल dhadka.....thodi देर बाद उससे रीलीज़ हुआ की वो मेरे गले लगी हुई hai.wo झट से अलग हुई....

अवंतिका- sorry,wo एक्ससिटेमेंट में ध्यान नहीं रहा...

मई- इतस ok.hota है.....

इधर प्रेसेंटर ने बाकी चरों स्टेट्स के नाम भी bataye.wo सब इम्प नहीं है तोह मई उनके बारे में नहीं likhunga,haan पर एक बात thi,hum पाँचों टीम्स जो फाइनल्स के लिए सेलेक्ट हुई थी उनमे एक चीज़ कम्मोम thi.har टीम में एक लड़का था और एक लड़की.....

प्रेसेंटर- ok then.rest ऑफ़ थे teams,we अरे रियली सॉरी 4 ुर loss.better लक नेक्स्ट टाइम & फ़िनलिस्ट्स team...we विल मीट 4 थे फाइनल्स ों saturaday.till थें प्रेपर 4 आईटी & एन्जॉय ुर स्टे इन शिमला....

डायरेक्टर- एक्सक्यूज़ me,all थे finalists.come हेरे प्लीज...

हम सभी एक दूसरे को कोंग्रटुलते कर रहे the.sir के बुलाने पर उनके पास चले गए..

डायरेक्टर- पहले तोह फाइनल्स में पहुँचने के लिए आप सब को बधाई...

सब- थैंक यू सर..

डिरक्टर- कैफ़े शोल नाम का यहाँ एक बोहोत फेमस रेस्टुरेंट hai.aaj रात को आप सब के ऑनर में एक पार्टी राखी है wahan.aap सब को पिछ करने के लिए शार्प 8 बजे गाडी पहुँच jayegi...aap सब रेडी रहिएगा..

1 स्टूडेंट- सर हम तोह पार्टी वियर भी नहीं लाये हैं...

डायरेक्टर- उसकी ज़रुरत नहीं hi.dopahar तक आप सब के रूम में आज रात के लिए कपडे पहुँच jayenge..ok तोह मिलते हैं रात को.

हम सब- ok एंड थैंक यू सर..

हम सब को एक hi होटल आल्लोट किया गया tha.hum सब साथ hi निकल पड़े होटल के तरफ......

पार्टी नाईट:-

मई- वववववव..........

जो सवाल हर आशिक़ पूछता है,

कहीं ये वही जवाब तोह नहीं.....

इतनी khoobsurti,haqiqat हो नहीं सकती,

कहीं ये कोई हसीं ख्वाब तोह नहीं...

इस वक़्त मई तैयार होकर नीचे लॉबी में जस्ट पहुंचा tha.baaki सब नीचे आ चुके the....tabhi मेरी नज़र अवंतिका पर पड़ी..

काली साड़ी में हलकी मेकअप के साथ इतनी खूबसूरत लग रही थी की मेरे मुँह से अपने आप hi शायरी निकल gayi.....abhi तक उनमे से किसी की नज़र मुझपे नहीं पड़ी thi.tabhi उनमे से एक लड़की ने मुझे देख लिया.

लड़की- ववववव.......

उसकी आवाज़ सुन सबने उसकी तरफ dekha.aur उसकी नज़र का पीछा कर जब सबने मुझे देखा तोह सबके मुँह से भी यही nikla.WOOOOWWWW..in ववव में एक ववव अवंतिका का भी था....

2ंद लड़की- यार कितना हॉट hai....bye गॉड मेरी तोह हार्ट बीट स्किप कर गयी इससे देख.

लड़कियों को छोडो लड़के भी एक तक मुझे देख रहे the....mai अब तक उनके पास पहुँच चूका था.....

मई- क्या हुआ guyzzzz.aise क्या देख रहे हो...

करुणा- यार तू क्या दिख रहा hai.meri मान पार्टी में मत jaa.yahan हमारा हाल बेहाल है पता नहीं वहां की लड़कियों का क्या हाल होगा...

( ये लड़की करुणा दिल्ली को रिप्रेजेंट कर रही hai.iske पार्टनर का नाम पवन है ) ये दोनों से आज hi हमारा इंट्रो हुआ है.

पवन- सच yaar....kasam से अवंतिका और तू दोनों hi क़यामत धा रहे हो yaar.saala हमे तोह कोई देखेगा भी नहीं.....

करुणा- अवंतिका यार तुम दोनों अगर कपल नहीं होते तोह मई अभी इससे प्रोपोज़ कर देती..( आज सुबह जब अवंतिका ने मुझे हुग किया tha,tabse सभी हमे कपल समझ रहे थे )

अभी मई कहने hi वाला था की हम कपल नहीं हैं की

अवंतिका- अरे ये सब बातें बाद में karenge.abhi चलते hain...hum आलरेडी लेट है.

हम सब कार्स में बैठ निकल पड़े रेस्टोरेंट की तरफ.....

अवंतिका- wow,what ा ब्यूटीफुल व्यू..

जब हम वहां पहुंचे तोह अवंतिका के मुँह से पहले शब्द यही nikle.waise रेस्टुअरंत था भी तारीफ़ के kaabil.jheel की साइड में बना हाफ कवर्ड हाफ ओपन resturant.decorations भी कमल की thi.lawn में एक तरफ फाउंटेन लगा हुआ था दूसरी तरफ कुछ गिटारिस्ट गिटार बजा रहे थे.

डायरेक्टर- वेलकम everybody......aayiye,aap सब का hi इंतज़ार हो रहा है...

हमे अपने अपने पार्टनर्स जो की बी डिफ़ॉल्ट बन गए the,unke साथ पैरिंग में अंदर जाना pada.aisa मेरे और अवंतिका के लिए फर्स्ट टाइम tha.hum दोनों hi थोड़े उनकफोर्टेंले थे.

डायरेक्टर- लेडीज & gentleman.i प्रॉडली प्रेजेंट तो ु थे 10 मोस्ट इंटेलीजेंट स्टूडेंट्स ऑफ़ आवर कंट्री....

सबने हमारे लिए ताली बजायी.....

हमने बाउ डाउन करके सबको थैंक्स कहा.

डायरेक्टर- नाउ ी वोउल्ड लिखे तो इंट्रोडस थे नेशनल टोपर ऑफ़ थिस इयर्स 10तह इससे examination.VIKRAM जयराज सिंह...

अब ये मेरे लिए अनएक्सपेक्टेड tha.par अब नाम ले लिया है तोह आगे तोह जाना hi पड़ेगा ना..

मई- थैंक यू एव्री बॉडी 4 थिस वार्म welome.isse ज़्यादा और मई बोलना नहीं चाहता tha....mai वापस पीछे जाकर खड़ा हो गया.

हमारे लिए एक बिग राउंड टेबल लगा हुआ tha.hum सब जाकर वहां बैठ गए.

हमारा डिनर हो चूका tha....hotel से लेकर अब तक मई और अवंतिका एक दूसरे को चोरी चोरी देखते आ रहे the.pata नहीं क्यों पर मई उससे देखने से खुद को रोक नहीं पा रहा tha.shaad यही हाल उसका भी था...

होस्ट- hello एव्री body...mai नीलम आज रात की आपकी होस्ट और आपकी दोस्त आप सभी का कैफ़े शोल में वेलकम करती हूँ..

तोह गुइज़ हम सब जानते हैं की हमारे बीच इंडिया के टॉप तेन माइंडस बैठे hain.par मई ये देखना चाहती हूँ की क्या इन माइंडस के पास दिल भी है...

तोह मैंने कुछ टास्क सोचे हैं जिनमे हमारे ख़ास मेहमान (हम 10 ) पार्टिसिपेट karenge.isse पता चल जायेगा की इनके दिमाग जितने hi इनके दिल भी स्ट्रांग हैं की नहीं.....

हम सब ने मन किया पर वहां की क्राउड ने हमारे नाम की हूटिंग शुरू kardi.hamare पास ना का ऑप्शन hi नहीं बचा..

नीलम- सोने पे सुहागा ये है की लउकीली हमारे पास 5 बॉयज हैं और 5 girls.toh टास्क पैरिंग में hoga.aur पैरिंग उन्ही के साथ आपकी होगी जिसके साथ आप यहाँ ीबी में पार्टिसिपेट करने आये हो.

सो गेट रेडी 4 थे फर्स्ट task.please ब्रिंग थे गिटार.

पवन- ये क्या करने का सोच रही है भाई.

मई- अब गिटार मंगवाया है तोह गोली तोह चलवायेगी nahi.dekhta जा...

NEELAM-haan तोह गर्ल्स का टास्क ये है की उन्हें यहाँ आकर एक सांग सुनना है और बॉयज का टास्क है की उन्हें उनके पार्टनर के सांग पे गीउतर बजाना hai....aur जो कपल इस टास्क को पूरा karega,usse एक और प्यारा सा टास्क दिया जाएगा...

लड़कियों का तोह ठीक था क्यूंकि नोर्मल्ली लड़कियां ाचा hi जाती hai.par लड़कों को अपना टास्क सुनकर हवा निकल gayi.par मरता क्या न karta....NEELAM एक एक कर सभी जोड़ियों को बुलाती रही और सभी लड़के अपनी इज़्ज़त उतरवाकर वापस आते रहे.....

पवन- saala,acha ख़ासा तालियों से स्वागत हुआ tha,jaane का टाइम होते होते जो इज़्ज़त कमाई thi,sab उतर गयी...

मई- रिलैक्स veere,har बार ाचा करना और जीतना ज़रूरी नहीं...

अवंतिका- अपनी बारी आ गयी isiliye.....chalo,first टाइम थे ग्रेट विक्रम को हारते हुए dekhungi.....ye आज फर्स्ट टाइम था जब अवंतिका ने मुझसे बात की थी....

मई ( धीरे से ) हम तोह पहले hi हार गए....

अवंतिका- क्या कहा???

मई- कुछ nahi.aap बस अपनी आवाज़ sambhaliye.aur याद rakhiye,sabse पहले ताली भी आप hi बजायेंगी.

अवंतिका- देखते हैं!!!!!

नीलम- dekha.....ladkiyan लड़को से आगे hi रहती hain.abhi तक एक भी लड़के ने लड़कियों से बेटर परफॉर्म नहीं किया है....

अब बुलाते हैं हमारी लास्ट जोड़ी KO.MISS अवंतिका और मर विक्रम को जो हैं आमची मुंबई se.....give थम ा बिग राउंड ऑफ़ अपलोड्स......

सबने हमको विश किया और हम चल पड़े स्टेज की aur.mai गिटार लेकर एक स्टूल पर बैठ गया और अवंतिका मेरे बाजू में माइक लेकर कड़ी हो गयी.....

फिर शुरू हुआ सांग......

मैं तनु समझावा की

न तेरे बिना लगदा जी

तू की जाने प्यार मेरा

मैं करून इंतज़ार तेरा

तू दिल तुई योन जान मेरी

मैं तनु समझावा की

न तेरे बिना लगदा जी

मेरे दिल ने चुन लिया ने

तेरे दिल दियां राहन

तू जो मेरे नाल तू रहता

तुरपे मेरियाँ साहा

जीना मेरा.. होये

हूँ है तेरा, की मैं कारण

तू कर ऐतबार मेरा

मैं करून इंतज़ार तेरा

तू दिल tui-yon जान मेरी

मैं तनु समझावण की

न तेरे बिना लगदा जी

अवंतिका की आवाज़ बोहोत अछि thi.mai बस उससे पूरी तरह फील करके गिटार बजाये जा रहा tha.....mukhda और फर्स्ट आन्तरा तोह मैंने ड्रॉप्ड डी और ड्राप स में बजाय था पर आखरी अन्तरे में मैंने ऑग्मेंट चोरड से बजाना शुरू किया....

जब गाना ख़त्म हुआ तोह मैंने आँखें kholi.....sabhi आँखें फाड़े मेरी तरफ देख रहे the....maine अवंतिका की तरफ देखा तोह उसका भी वही हाल tha....maine उससे हिलाया तोह वो होश में aayi.aur सबसे पहली क्लैपिंग भी उसी ने ki..aur फिर सबने उसका साथ दिया.

नीलम- ओह माय god.....what सांग एंड ी मस्ट से व्हाट गिटार प्लेइंग man.....i मैं ु जस्ट नैलेड it.lag रहा था जैसे कोई प्रोफेजिओनल बजा रहा hai....well आप पहली जोड़ी हैं जिसने अपना पहला टास्क पूरा किया है.

बूत अभी आपका दूसरा टास्क बाकी hai.mr विक्रम आपको मिस शनाया के लिए एक पोएट्री बोलनी hogi.....so अरे ु रेडी...

मई- दो ी हैवे ान ऑप्शन.

नीलम- बिलकुल nahi.chaliye माहौल को थोड़ा रोमांटिक करते hain.lights को थोड़ा डिम कीजिये & कैन वे हैवे ा रोमांटिक इंस्टूमेंटल म्यूजिक इन थे background.alright मई chali.....all थे बेस्ट...

मैंने अपना हाथ आगे किया जिससे अवंतिका ने पकड़ liya.sharm उसके चेहरे को और खूबसूरत बना रही थी.....

मई लफ़्ज़ों में कुछ भी इज़हार नहीं करता

मगर इसका ये मतलब नहीं

की मई प्यार नहीं करता...

चाहने का हुनर मेरे अंदर भी है,

पर इस सोच में अपना वक़्त

बर्बाद नहीं करता...

तमाशा न बन जॉन कहीं ज़माने

के सामने,

इसीलिए अपने दर्द का इज़हार नहीं करता...

जो कुछ भी मिला है

उससे खुश हूँ मई,

और पाने के लिए

खुदा से तकरार नहीं करता...

पर कुछ तोह बात है

तुझमे आए ज़ालिम

वर्ण तुझे चाहने की खता

ये dil,BAAR बार नहीं करता.....

मई लफ़्ज़ों में कुछ भी इज़हार नहीं करता

पर इसका ये मतलब नहीं की मई

प्याआररररररर नहीं कर्ताआ........

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V.....J......
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम और अवंतिका ीबी फाइनल्स में सेलेक्ट हो जाते हैं वहीँ रात को पार्टी में दोनों HI अपने टास्क कम्पलीट करते हैं और सेकंड टास्क में विक्रम अवंतिका के लिए एक शायरी कहता है

अब आगे:-

CHAPTER-1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट- 33:-

अवंतिका- इतना बुरा भी नहीं है.....

तभी दूर बेल्ल बजी.

अवंतिका- एक second,aayi...

अवंतिका ट्रॉफी पकड़ कर कर सुबह से कुछ न कुछ सोच रही thi.ye ट्रॉफी कल रात पार्टी में विक्रम और अवंतिका को बेस्ट कपल के लिए मिली thi.puri म्हणत विक्रम ने की थी पर ट्रॉफी मैडम ने ले ली....

अभी इनके ख्यालों की दुनिया कुछ और देर चलती पर दूर बेल्ल ने इन्हे असली दुनिया में ला दिया था......

अवंतिका ने जाकर दरवाज़ा खोला

करुणा- क्या yaar.itni देर कौन लगता है दरवाज़ा खोलने me.karuna बीएड पर बैठती हुई बोली....

अवंतिका- कहाँ der.turant तोह खोला मैंने दूर.

करुणा- ये जल्दी है तोह लेट क्या hai...arre ये तोह कल वाली ट्रॉफी है ना!!!

अवंतिका- हम्म.

करुणा- यार क्या रात थी न kal.aur तू कितनी लकी है की विक्रम तेरा पार्टनर tha.kya गिटार बजायी यार उसने और फिर वो poetry..haaye ....मेरी तोह धड़कन hi रूक गयी thi.kitna प्यार कितना दर्द था उस पोएट्री में......

अवंतिका कुछ नहीं बोली बस कुछ सोच कर मुस्कुरा रही थी...

करुणा- ओह madam,kahan खो गयी आप?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


कहीं विक्रम के ख्यालों में तोह नहीं..

अवंतिका- चुप kar.kuch भी बोलती hai.aur फिर शुरू हुई लड़कियों की फेमस पिलो फाइट.....

हीरो:-

मई- अरे ये करुणा अब कहाँ रह gayi.isse अवंतिका को बुलाने भेजा tha,ye कहीं और तोह नहीं चली गयी..

पवन- यार इन लड़कियों का कोई भरोसा nahi.rook मई देख कर आता हूँ...

कल रात से पवन और करुणा हम दोनों के hi अचे दोस्त बन गए the.kal पार्टी से आते वक़्त हमने आज का पैराग्लाइडिंग और स्कीइंग का प्लान बनाया था.

हम तीनो तोह टाइम से लॉबी में आ गए थे बस अवंतिका मैडम लेट thi.humne करुणा को उससे लेने भेजा था पर वो भी जाकर गायब hi हो गयी......

बैक 2 हेरोइन:-

पवन- अरे तुम दोनों ये क्या कर रही ho...aur करुणा तुझे इससे बुलाने भेजा था और तू यहाँ मस्ती कर रही है....

करुणा- ओह shit.mai तोह भूल hi गयी thi.yaar अवंतिका चल न हम आलरेडी लेट हैं.

पवन- ओह लेट की raani...ab रहे de.plan कैंसिल करते हैं..

दोनों- क्युंनंन!!!!!

पवन- और नहीं तोह kya.yahin तुम दोनों के चक्कर में 11 बज गए hain.jaayenge कब और आएंगे कब..

करुणा- अरे तोह तुझे कौनसा वापस आकर खाना बनाना है..

पवन- अरे फाइनल्स की प्रेप नहीं करूँगा क्या!!!

करुणा- तू अकेला करेगा kya.mai भी तोह करुँगी naa.ab भाव मत kha.chalo तुरंत निकलते hain.AVANTIKA तू रेडी तोह है ना.

अवंतिका- हाँ yaar.mai रेडी hun.neeche जाने hi वाली थी की तू आ गयी..

पवन- अब और बातों में टाइम वास्ते मत करो और चलो नीचे.....

बैक तो हीरो:-

मई- आह finally...mai तोह सोच रहा था की कहीं मैंने गलत तोह नहीं सुना...

अवंतिका- क्या गलत सुन लिया..

मई- यही की प्लान आज का नहीं कल का है और मई एक दिन पहले से तुम लोगों का वेट कर रहा हूँ....

मेरी इस बात पर एक तरफ जहाँ पवन हसने लगा वहां दोनों लड़कियों का मुँह बन गया.

अवंतिका- बिना ताना मारे तुम्हारा खाना हज़म नहीं होता क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- पूरा बोलो naa.bina तुम्हे ताना मारे नहीं होता.

इस बार करुणा भी है दी..

अवंतिका कुछ बोलने hi वाली थी की..

करुणा- अरे छोड़ न yaar.chalo जल्दी निकलते hain...waise भी स्कीइंग पॉइंट काफी दूर है......

मैंने गाडी पहले hi बुक कर ली थी.....

हम कार में बैठ चल पड़े स्कीइंग पॉइंट की तरफ.....

वाओ...........

वहां पहुंचकर हम चारों के मुँह से यही nikla.....nazara hi ऐसा tha.barf की चादर में लिपटी सफ़ेद विशालकाय pahad.....ek तरफ स्कीइंग हो रहा था ,एक तरफ paragliding.kuch लोग बस पिक्स क्लिक कर रहे the.kuch बस बर्फ के साथ खेल रहे थे...

आअह्ह्ह्हह.....

हम सामने की तरफ देख hi रहे थे की कुछ हमारे बॉडी से आकर laga.maine और पवन ने पलट कर देखा तोह दोनों लड़कियां हाथ में बर्फ के गोले लिए कड़ी थी और है रही थी.

हमने भी देर नहीं की और एक एक गोला बनाया और दोनों की तरफ फेक diya.aur शुरू हुई बर्फ फेक pratiyogita......kuch देर तक हम ऐसे hi मस्ती करते रहे..

मई- guyzzzz..ab बस करते hai.already 1 बज गए हैं.4 बजे के बाद स्कीइंग और पैराग्लाइडिंग बंद हो jaayegi.toh चलो पहले दोनों तरय कर लेते हैं फिर मस्ती करेंगे.

सब- ठीक है..

मई- तोह पहले क्या करें!!!!

करुणा- पहले पैराग्लाइडिंग कर लेते hai.aadhe घंटे में ख़त्म हो jayega.skeeing तोह मुझे आता hi नहीं.

AVANTIKA/PAWAN- मुझे भी नहीं....

पवन- मेरे पास पैराग्लाइडिंग का सर्टिफिकेट भी है.

मई- मेरे पास भी hai.acha है अब हम खुद hi कर lenge.instructor की ज़रुरत नहीं है.

करुणा- और स्कीइंग?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- मुझे आती है....

करुणा- great.fir पहले पैराग्लाइडिंग कर लेते hain,uske बाद विक्रम हम सभी को स्कीइंग सिखाएगा....

पवन- हाँ ये सही rahega.sab इस बात पर सहमत थे.

तोह हम सीधे पैराग्लाइडिंग पॉइंट पहुंचे......

करुणा और पवन एक ग्लाइडर में सेट हो gaye.bache हम दोनों...

मई- अगर तुम चाहो तोह इंस्ट्रक्टर के साथ चली jao.mai सेकंड राउंड में चला जाऊंगा.

जब हम दोनों को सूट उप किया जा रहा tha.AVANTIKA की बॉडी आगे से मुझसे चिपकी हुई thi.wo थोड़ा आगे होने की कोशिश कर रही थी तोह मुझे लगा शायद मेरे साथ वो कम्फर्टेबले फील नहीं कर रही होगी....

अवंतिका- no इतस ok.....

मई- अरे तोह फिर आगे मत जाओ naa.saftety मेझस को नुक्सान होगा.

अवंतिका वापस पीछे आकर मुझसे चिपक gayi....mujhe उसके बदन की खुशबू अपने अंदर तक महसूस हो रही थी.......

इंस्ट्रक्टर- ु र रेडी तो जो सर..

इंस्ट्रक्टर की आवाज़ से मुझे होश आया...

मई- ऑलराइट then.AVANTIKA ों माय काउंट

3,2,1 जो........ हम दौड़ पड़े अपने टेक ऑफ पॉइंट की तरफ...

मई- yahooooooooo....ohhoooooooooo..

wowwww..kya नज़ारा है yaar.....haina अवंतिका...

मैंने अवंतिका की तरफ देखा तोह मेरी हसी छूट gayi....wo आँखें बंद किये हुए थी..

मई- ओह के ों yaar...aankhe kholo.ek एक सेकंड कीमती hai....dekho तोह सही नीचे के इस नज़ारे को....

अवंतिका ने धीरे से अपनी आँखें खोली और जब नीचे का नज़ारा उसके आँखों के सामने आया तोह उसके मुँह से भी निकल गया..

ववूऊऊऊवववव.....

नज़ारा था hi इतना khoosurat.hume पूरा पहाड़ दिख रहा tha.thodi थोड़ी दूरी पर पेड़ जिन्होंने बर्फ के कपडे ओढ़े हुए the.neeche सारे लोग कितने छोटे दिख रहे the.aisa लग रहा था था मानो हवा हमें अपने साथ बहते चली जा रही है.......

मई- तोह मज़ा aaya...kareeb 15 मीन्स के बाद जब हम लैंड हुए तोह मैंने अवंतिका से पूछा...

अवंतिका- बोहोत zyada.pata है जब हम ताकोफ्फ के लिए कूड़े तोह मुझे लगा हम नीचे गिरने वाले हैं इसीलिए मैंने आँखें बंद कर li.par जब खुदको आकाश में देखा तोह ऐसा लगा मई उड़ रही hun.wow मज़ा आ gaya.chalo ना फिर से करते हैं....

मई- अरे अभी स्कीइंग भी बची hai.....usse करके अगर टाइम बचेगा तोह फिर कर लेंगे.

पवन- haash.maza आ गया yaar.tum दोनों का कैसा रहा.

अभी हम स्कीइंग पॉइंट पर जा hi रहे थे की करुणा और पवन आ गए....

मई- ठीक था.

अवंतिका- ठीक!!!! अरे बेस्ट tha.maza आ गया..

करुणा- मुझे भी...

मई- बाकी की डिस्कशन बाद में karen.pehle स्कीइंग पॉइंट चलते हैं.

पवन- हाँ yaar.waha भीड़ भी ज़्यादा hai...chalo चलते हैं...

हम सब स्कीइंग पॉइंट की तरफ चल पड़े.

पवन- यार विक्रम सब से पहले तुम कर के dikhao.uske बाद हमे बताना.

मई- ok.....

मैंने एक स्नोबोर्ड और बाकी इक्विपमेंट्स लिए और चल पड़ा डाउनहिल स्कीइंग के लिए तैयार होने.

मई- रेडी guyzzzz.mai स्कीइंग के लिए रेडी tha....ek झटके के साथ मैंने पोल्स को बर्फ में गदा और स्लाइडिंग स्टार्ट की....

पवन- वाओ यार ये तोह कमल की स्कीइंग करता है..

करुणा- ऐसा कुछ है भी जो ये नहीं जानता हो!!!!

अवंतिका बस मुझे स्कीइंग करते देख मुस्कुरा रही थी.

करुणा- ोये होये मेहबूब की तारीफ़ में माशुख का मुस्कुराना तोह dekho....nazar न लग जाए किसीकी....

अवंतिका- चुप be.kuch भी बोलती है.

करुणा- सच yaar.mai तोह कहती हूँ उससे प्रोपोज़ karde,kahin कोई और न ले ude....aisa दूसरा पीेछे नहीं होगा और कहीं....

अवंतिका करुणा की बात पर शर्मा गयी..

करुणा- आये हाय ये तेरा sharmana..aise hi एक बार विक्रम के सामने sharmana,wo hi तुझे प्रोपोए कर देगा.

मई- haash....maza आ गया.

मई स्लाइड करते हुए ठीक करुणा और अवंतिका के सामने ruka.dono hi हड़बड़ा गए.......

करुणा- तू भी naa.hume लग जाती तोह...

मई- ऐसे कैसे लग jaati..chalo अब तुम्हारी बारी.

फिर तीनो स्कीइंग के लिए रेडी हुए....

मई- रेडी guys.dekho ज़्यादा मुश्किल नहीं hai....apna बैलेंस बनाये rakho.pressure आगे की तरफ रख कर खुद को पुश करते jao.ek बार बोर्ड फ्रिक्शन पकड़ ले तोह बस अपना बैलेंस बनाये रखना.

पवन- और रूकने के लिए..

मई- भाई पहले चालू तोह kar...teeno लग गए स्कीइंग तरय करने me.par बार बार बैलेंस बिगड़ जाता और गिर जाते.

पवन और करुणा तोह बस मस्ती किये जा रहे the.wahin अवंतिका सीरियसली कोशिश कर रही थी और थोड़ा थोड़ा कर भी ले रही थी..

मई भी पवन और करुणा के साथ मस्ती करने लग गया...

पवन- अब्बे वो देख..

आह्ह्हह्ह्ह्ह....

हमने पलट कर देखा तोह अवंतिका थोड़ी दूर गिरी हुई thi.mai भी भागा उसकी taraf.PAWAN और करुणा बोर्ड्स पहने हुए the.toh वो दोनों धीरे धीरे पहुंचे.

हुआ ये की हम तीनो तोह अपने धुन में लगे हुए थे पर अवंतिका स्कीइंग करते हुए थोड़ा आगे निकल गयी thi..uske सामने प्रेशर देने की वजह से उसके आगे की बर्फ दबने लगी और वो फिसल के गिर गयी......

मई- अरे ु ऑलराइट AVANTIKA....ro क्यों रही ho....kahan लगी..

अवंतिका ने पेअर की तरफ इशारा किया...

मई- हिलना mat,mai तुम्हारे इक्विपमेंट्स निकल देता हूँ.

मैंने धीरे से उसके सारे पहने हुए इक्विपमेंट्स उतर दिए....

अब तक ये दोनों भी आ चुके थे.

करुणा- अरे ु ऑलराइट बेब्स.

मई - यार ये सब बाद me.AVANTIKA तुम चल सकती हो.

अवंतिका को मैंने सहारा देकर उठाया पर वो फिर लड़खड़ा गयी.

अवंतिका- ouch.bohot दर्द हो रहा है...

उसकी आँखों में आंसू आ गए....

मई- तुम टेंशन मत lo.theek हो jayega.acha मई तुम्हे उठा सकता hun..i मैं तुम चल नहीं पाओगी तोह.....

अवंतिका ने हां में सर hilaya.wo इस वक़्त बोहोत मासूम दिख रही thi....mai एक पल के लिए उसके चेहरे में खो गया.

करुणा- क्या हुआ yaar.utha naa.barf में उससे ठण्ड लग रही होगी....

मई भी होश में aaye.AVANTIKA ने मेरा उससे घूरना नोट कर लिया tha.itni दर्द में भी वो शर्माने लगी.

मैंने उससे गोद में उठाया और चल pada...pure रास्ते अवंतिका मुझे और मई अवंतिका को देखते rahe.ab थकन और वज़न का तोह मुझसे नाता टूट चूका tha.maine उससे सीधे कार में hi बिठाया.

पवन- ओह कमाल कर दित्ता पाजी tussi.itni दूर बिना एक बार भी रुके बिना थके उससे उठके ले aaye..waah मानना पड़ेगा...

मई- अब्बे नौटंकी chhod.abhi भी उससे दर्द hai.chal जड़ी होटल चलके डॉक्टर को भी बुलाना है..

वहीँ दूसरी तरफ:-

दूर जंगल के बीच एक गुफा के अंदर एक बाबा बैठे थे जिनका पूरा शरीर मिटटी में धक् चूका tha.par उनके चेहरे के तेज में कोई फर्क नहीं आया tha.sadiyon से जिस चेहरे पर हलकी सी हलचल भी नहीं आयी थी आज उस चेहरे पर एक गहरी मुस्कान थी.....

बैक तो हीरो:-

डॉक्टर- नथिंग तो वोर्री about.bas हलकी सी स्प्रेन लग रही है.2,3 दिन में ठीक हो jayegi....bas इस पेअर पर ज़्यादा प्रेशर मत देना....

गाडी मई बैठते hi मैंने होटल रिसेप्शन में कॉल कर दिया था और उन्हें एक डॉक्टर बुलाने के लिए भी रिक्वेस्ट कर दिया था.....

अवंतिका- पर सर परसो हमारा कम्पटीशन है!!!

डॉक्- हाँ कोई बात नहीं अभी उसमे 48 हॉर्स है naa.tab तक आपका पेअर काफी हद तक ठीक हो jayega...mai सहारे के लिए एक स्टिक भिजवा दूंगा.

अवंतिका- थैंक्स डॉक्टर.....

डॉक्- आप इनके साथ है ना.

मई- यस डॉक्...

डॉक्- आप देखिएगा की कटलेट नेक्स्ट 24 हॉर्स इनके पेअर पर ज़्यादा प्रेशर न pade.after तहत शी कैन मूव अराउंड..

मई- ok doc.i''ll सी तो आईटी....

डॉक्टर सर साड़ी हिदायतें देकर चले गए...

मई- तोह ma'am 24 हॉर्स के लिए hi सही आपने हमे अपने खिदमत में लगवा दिया.

अवंतिका- अरे उसकी कोई ज़रुरत नहीं hai.mai मैनेज कर लुंगी...

मई- ोये मैनेजमेंट madam,manage मई भी कर सकता हूँ..

अवंतिका- ऐसा कुछ जो थे ग्रेट विक्रम नहीं कर सकते..

मई- यही एक क्वेश्चन है जिसका जवाब मुझे पता नहीं..

अवंतिका ने मुझे एक लुक दिया फिर हम दोनों hi है दिए..

फिर 2 दिन कुछ ख़ास नहीं hua.AVANTIKA अपनी साड़ी प्रेप्स बीएड पैर बैठे बैठे hi करती rahi,aur मई जितना बन सका उसकी हेल्प करता रहा.

मई जब भी उससे सहारा देता या उसके करीब jaata,wo शर्मा जाती और मेरी हाय निकल जाती.....

वहीँ दूसरी तरफ:-

अंजलि- क्या hua.mooh फुलाकर क्यों बैठा है.....

रोनित- तोह और कैसे baithun,kamina जब से गया hai,bas एक बार hi बात हुई है.2 दिन से कॉल कर रहा hun,par बाद में बात करता हूँ बोलके काट देता है और फिर लगता भी नहीं..

रोनित और अंजलि इस वक़्त स्कूल में थे और अभी रेसस्स टाइम चल रहा tha.dono बहार एक पेड़ के नीचे बैठकर बात कर रहे थे..

अंजलि- हाँ yaar,call तोह मैंने भी किया tha....mujhe भी बाद में बात करता हूँ कह कर हैंग उप कर दिया और फिर कॉल भी नहीं किया.....

खैर छोड़ जब आएगा तब बताएँगे usse,waise भी कल उसका फाइनल hai....parso तोह वापस आ hi रहा है..

रोनित- आने दे साले ko.taange तोड़ दूंगा....

बैक तो हीरो:-

मई- so,ready!!!!!

अवंतिका- टोटली..

मई- अरे क्या बात hai.aaj तोह बड़ी कॉंफिडेंट दिख रही हो.

अवंतिका- haan,preps अचे से हुए हैं...

मई- पर मेरे तोह नहीं हुए..

अवंतिका- ः वैरी funny.tumhari प्रेप्स हमेशा पक्की होती hai.itna तोह मई समझ hi चुकी हूँ......

मई- ाचा...

अवंतिका- बिलकुल......

हम दोनों एक दूसरे की आँखों में hi देख रहे थे...

वॉलेंटेर- chaliye.saare पार्टिसिपेंट्स को अंदर बुला रहे हैं....

हम दोनों इस आवाज़ से हड़बड़ा गए.

मई- haan,kya..acha.thik hai..hum आते हैंन..

मेरी हड़बड़ात देख कर अवंतिका के चेहरे पर एक शर्मभरी मुस्कराहट आ गयी....

फाइनली वो लम्हा आ चूका था जिसके लिए हम यहाँ आये थे.

फाइनल्स ऑफ़ ीबी.........

हम दोनों वॉलेंटेर के पीछे पीछे अंदर gaye.baaki टीम्स भी आ चुकी thi.hum जाकर अपनी जगह पर बैठ गए.

प्रेसेंटर:-

सो फाइनली थे डे ऑफ़ जजमेंट है के राइट!!!!!!

तोह चलिए विथाउट अन्य फूठर देय ये फाइनल कम्पेटिटिशन स्टार्ट करते हैं.

आज के कम्पटीशन को तीन अलग अलग क्विज में बात गया है...

1सत- SCIENCE....is सातगोरी में आपको 5 सवाल पूछे jaayenge.aapke सामने बजर hai.sahi जवाब पता होने पर आप वो बजर dabayenge....jo सबसे पहले बजर दबाएगा वो जवाब dega.har सही जवाब पर आपको 5 पॉइंट्स मिलेंगे...

2ंद- HISTORY.....drill शामे है.5 सवाल पूछे jayenge.par इस केटेगरी के हर सही जवाब पर 10 पॉइंट्स मिलेंगे....

और आखरी catagory,well वो तोह एक सीक्रेट hai.jiske बारे में मुझे भी नहीं pata.aap पहले इन 2 काटेगोरिएस को पार kijiye..fir सबको पता चल जायेगा..

सो लेटस स्टार्ट थे गेम..........

मैंने और अवंतिका ने एक दूसरे को आल थे बेस्ट कहा.( बाकी चरों टीम्स को मई a,b,c,d टीम्स कहूंगा )

प्रेसेंटर :- थे फर्स्ट क्वेश्चन इस

व्हाट डस ा मनोमेटेर मैसूर?

अवंतिका ने बजर दबा दिया.

थे प्रेशर ऑफ़ ा क्लोज्ड सिस्टम.

प्रेसेंटर- अब्सोलुतेल्य राइट.5 पॉइंट्स तो महाराष्ट्र....

प्रेसेंटर- 2ंद क्वेश्चन

हाउ मान्य सेपरेट पेटेंट्स दीद थॉमस एडिसन फाइल?

इस बार भी बजर अवंतिका ने hi बजाय...

10931

प्रेसेंटर- एक्सीलेंट महाराष्ट्र.

थर्ड क्वेश्चन

व्हाट डस थे स्कोविल्ले हीट यूनिट स्केल मैसूर?

और इस बार भी बजर दबाया हमारी मैडम ने...

थे हीट ऑफ़ चिलीज

प्रेसेंटर- wow.great गोइंग maharashtra...common टीम्स बुक्क उप..

4तह क्वेश्चन

व्हाट इस जाइलेम?

प्रेसेंटर के बुक्क उप का कोई फायदा नहीं hua.hamari मैडम ने hi बजर दबाया...

थे होलो वुडी टिश्यू इन प्लांट्स तहत कर्रिएस वाटर एंड मिनरल्स फ्रॉम थे रूट्स थ्रौघोउट थे एंटीरे प्लांट

प्रेसेंटर- बिलकुल sahi.is राउंड का आखरी क्वेश्चन

व्हाट इस थे साइंटिफिक नाम ऑफ़ ा सिडनी ब्लू गम?

जब 4 अंसवेरस हमारी अवंतिका मैडम ने दिया है तोह आखरी क्यों कोई और दे...

युकलिप्टुस सलग्न

प्रेसेंटर- एक्स्ट्रा ordinary..maharashtra ने पाँचों सवालों का सही जवाब दिया hai..unke पॉइंट्स हुए 25.रेस्ट 00

पर अब hi भी 2 राउंड्स बाकी hain.aapke पास मौका है आगे बढ़ने का...

फिर शुरू हाउ हिस्ट्री राउंड जिसमे बाकी टीम्स ने सही जवाब diye.hamari अवंतिका मादा हिस्ट्री में थोड़ी वीक थी...

अवंतिका- तुमने अभी तक एक भी जवाब नहीं दिए..

मई- अरे कहा तोह था मेरी प्रेप नहीं हुई hai.waise भी अभी आखरी राउंड बाकी है....

अवंतिका- तुम तोह ऐसे बोल रहे हो जैसे जो भी क्वेश्चन आएगा सबका जवाब तुम्हे पहले से पता hai..questions टफ होते जा रहे हैं और आखरी राउंड किस चीज़ पर बेस्ड होगा ये भी अब तक नहीं पता....

प्रेसेंटर- guyzzzz.so नाउ ी वोउल्ड लिखे तो कॉल ों स्टेज थे डायरेक्टर ऑफ़ इससे board.aapke आखरी राउंड के सवाल यही puchenge.best ऑफ़ लक..

डायरेक्टर- हम इंडिया में रहते hain...aap सब सॉफ्टवर्स हरद्वारेस लिटरेचर सबसे वाकिफ हैं पर हमारा देश जहाँ हर धर्म खुल कर सांस लेता hai....usse कितना जानते है ये मई देखना चाहता हूँ.....

सो माय फर्स्ट क्वेश्चन इस.....

डायरेक्टर- ईमान फेथ क्या है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


पर किसीने बजर नहीं dabaya.maine सब की तरफ देखा और बजर दबा diya.sabke चेहरे मेरी तरफ घूम गए....

अपने दिल पर भरोसा KARNA,ZUBAAN खोलकर गलती MANANA,AUR अपने शरीर के हर हिस्से से सच्चा काम करना....

डायरेक्टर- ाबोलुटेली right...second कुश्तिओं..

धरम ग्रन्थ वेध हैं या पुराण.

मैंने बजर दबा दिया....

वेदो की माने या पुराणों की

हिन्दू धर्म का एक मात्र ग्रन्थ है VEDH.VEDO के चार प्रकार HAI.RIGH, यजु, साम, अथर्व.....

महाभारत में भी श्री कृष्णा ने अर्जुन को यही सिखाया था.

डायरेक्टर- superb.3rd क्वेश्चन

वंद चक्को किरात करो नाम JAPNA....ISKA मतलब क्या है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

इस बार मैंने वेट किया कुछ der.par जब किसीने बजर नहीं दबाया तोह मैंने दबा दिया....

वंद चक्को- अपनी आमदनी BAATON,APNE से काम और पिछड़े लोगों की दिल से मदद KARO,BHALE वो पैसे से हो या खाने से....

किरात करो- जो भी काम करो सच्ची लगन से और पूरी ईमानदारी से करो....

नाम जपना- ध्यान में रहकर पुरे दिन अपने प्रभु का नाम JAPO....KOI भी काम करो प्रभु का नाम लेकर HI करो......

सभी मेरे जवाब सुनकर सुरप्रीसेड the.AVANTIKA तोह आँखें फाड़े मुझे देख रही थी......

डायरेक्टर- BRILLIANT.4TH क्वेश्चन....

बाइबिल के हिसाब से किंगडम ऑफ़ हेवन में कौन जा सकता है???

मैंने फिर बजर दबाया....

मई- जिसका दिल बचे जैसा HO,BILKUL निश्छल और निष्कपट.....

डायरेक्टर- वाओ VIKRAM....hands डाउन माय boy...waise तोह आप जीत चुके हैं पर एक आखरी सवाल जो मई सिर्फ आपसे पूछना chahunga..par बता dun,is सवाल का जवाब किसी बुक में नहीं लिखा है...

मई- सूरे sir.......i"ll तरय....

डायरेक्टर- भगवान् क्या है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?एक सेंटेंस में बताईये...

मई- ताकत और कमज़ोरी..

डायरेक्टर- ेलबोरते....

मई- मई ये कर lunga,ae खुदा तू मेरे साथ रहना... इसमें खुदा ताक़त है....

तू बस मेरे साथ रहना तोह मई ये कर लूंगा..... इसमें खुदा कमज़ोरी है....

पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा.....

प्रेसेंटर- सो विथाउट ा debate,is साल ीबी के विनर्स हैं विक्रम जयराज सिंह & अवंतिका आहूजा......

हम दोनों स्टेज पर गए जहाँ हमे ट्रॉफी दी गयी......

डायरेक्टर- अवंतिका ु अरे रियली ा टैलेंटेड गर्ल एंड ु विक्रम जयराज SINGH.what तो से अबाउट u...kehte हैं सबसे बड़ी तारीफ़ वही होती है जब कहने वाला कुछ कह hi न paaye.abhi मेरी वही हालत hai....bas ऐसे hi कम्पीटीशन्स जीतते जाओ और अपने माँ डैड और कंट्री का नाम रोशन करो..

और हाँ एक इम्पोर्टेन्ट baat....CAFE शोल याद है na.aap सब कुछ रात पहले गए थे wahan.IBI विनर्स के ऑनर में आज वहां एक पार्टी है ठीक उस रात की तरह....8 बजे कार आप दोनों को लेने के लिए पहुँच जाएगी....

हम दोनों- ok सर.

डायरेक्टर- ok then,congrats वन्स अगेन... सी ु ात थे पार्टी..

हम भी स्टेज से नीचे utre..jitne भी टीम्स आयी थी सभी ने हमें कोंग्रटुलते kiya.fir हम वापस होटल के लिए निकल गए.

ों थे वे:-

अवंतिका- पता है विक्रम, मुझे शुरू से पता था की तुम ब्रिलियंट ho,par आज फाइनल राउंड में जिस तरह तुमने जवाब दिया hai,waise जवाब 1 बिलियन में कोई एक दे सकता है..

मई- क्या बात hai,apne दुश्मन की इतनी तारीफ़.....!!!!!

अवंतिका साद होते हुए- अभी भी तुम मुझे दुश्मन समझते ho....VIKRAM ी स्वेअर जो कुछ भी हुआ

मई- हे हे हे जस्ट किडिंग yaar,waise मेरे दोस्त मुझे विक्रम नहीं V.J बुलाते हैं....

अवंतिका बस मेरी बात पर मुस्कुरा di.baaton बातों में होटल कब aaya,pata hi नहीं चला......

वहीं दूसरी तरफ:-

सत अल्फ़्रिक- क्या सोच रही हो.....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

सत सकिलिअ- गॉड को आज जिस तरीके से विक्रम ने डेस्क्रिबे किया वैसा hi कभी ास्मोडियस ने भी किया था...

सत अल्फ़्रिक- ये तोह होना hi था naa.dono hi गॉड के अंश है.....

सत सकिलिअ- विक्रम को पूरी तरह तैयार होना hoga.....ASMODEUS सिर्फ ताकतवर hi नहीं बेहद बुद्धिमान भी है....

सत सेबस्तेन- मैंने पहले भी कहा tha,in सब में हम कुछ नहीं कर sakte,ye कहानी खुद अपने आप को लिख रही है......

बैक तो हीरो:-

एंकर- सो लेडीज एंड जेंटलमैन आज हमारे बीच ीबी विनर्स मौजूद हैं और ये और कोई नहीं हमारे लास्ट नाईट के बेस्ट कपल hi hain....so गिव थम ा बिग हैंड..

हमे कार लेने ठीक 8 बजे पहुँच गयी thi.aaj मैंने और अवंतिका ने कुछ मैचिंग सा पेहेन लिया tha.usne रेड सारी पहनी थी और मैंने ब्लैक शर्ट ब्लू जीन्स के ऊपर रेड जैकेट डाला हुआ था......

न मई अपनी नज़र अवंतिका के ऊपर से हटा रहा था और न वो मुझसे हटा रही थी...

एंकर- क्यों ना आज भी एक गेम हो jaaye...sabhi यस यस की हूटिंग करने लगे..

मई- एक second,hang on,yaar मई कोई गिटार नहीं बजने वाला नहीं कोई पोएट्री कहूंगा..

एंकर- मर होत्ती एशिया कुछ करना नहीं hai.doston आज आप दोनों को एक रोमांटिक नंबर पे डांस करना hai.simple.

AVANTIKA-arre मई साड़ी में hun.isme कैसे!!!

एंकर- अरे yaar,koi कम्पटीशन थोड़ी hai.kuch सिंपल सा hi कर do.waise भी आज आप दोनों इतने हॉट लग रहे हो की एक दूसरे के पास खड़े भी होंगे तोह डांस जैसा दिखेगा....

सो विथाउट वेस्टिंग अन्य मोरे time,lets प्ले ा रोमांटिक नंबर.....

मैंने अपना हाथ बढ़ाया जिससे अवंतिका ने थाम लिया...

ीाहक़ वाला लव

हुआ जोह दर्द भी तोह हमको आज कुछ ज़्यादा हुआ

इश्क़ वाला लव

यह क्या हुआ है क्या खबर एहि पता है ज़्यादा हुआ

इश्क़ वाला लव

अगर यह उसको भी हुआ है फिर भी मुझको ज़्यादा हुआ

इश्क़ वाला लव

मेरी नींद जैसे पहली बार टूटी है

आंखें मुल्के मैंने देखि है सुबह

हुई धुप ज़्यादा लेके तेरी रोशिनी दिन चढ़ा

इश्क़ वाला लव

पूरा गाना हम दोनों ने एक दूसरे के आँखों में देखते हुए निकाल दिया...

हम तोह युहीं नजाने कब तक खड़े rehte.taaliyon की शोर से हम दोनों होश में aaye.maine सबको थैंक्स कहा पर अवंतिका इतनी शर्मा गयी थी की सीधे जाकर अपनी सीट पर बैठ गयी...

एंकर- wow...aisa लग hi नहीं रहा था जैसे परफॉरमेंस हो रही hai.aisa लग रहा था जैसे दो लवर्स सच में अपना लव एक्सप्रेस कर रहे hain....par एक और रिक्वेस्ट hai..plz प्ल्ज़ प्ल्ज़ मन मत kijiyega.ye मेरी पर्सनल रिक्वेस्ट है आपसे.

मई- batayiye.kya करना होगा.

एंकर- बस एक और poetry..plz.bas एक...

मई भीउसके बचे जैसे रिक्वेस्ट करने पर है diya.par अभी तक मेरे जिन आँखों में हसी ख़ुशी थी अचानक वहां दर्द दिखने laga....resturant के अंदर एक गरीब औरत अपने साथ 2 छोटे बच्चों के साथ आ गयी थी जिसका चेहरा पूरा आंसुओं से भरा हुआ था और वो हाथ जोड़कर एक आदमी से कुछ कह रही थी..

आदमी- अरे तेरा बचा भूका है तोह मई क्या karun.iyahan घुसी कैसे tu.upar से मेरे शर्ट को छूती hai.jaanti है कितनी मेहेंगी है ye.teri तोह mai....us आदमी ने उस औरत पे हाथ उठाया hi था इतने में उसका किसीने हाथ पकड़ लिया....

उसने पलट कर देखा तोह मुझे अपना हाथ पकडे खड़ा paaya.us आदमी ने कुछ ज़ोर से बात की थी जिसकी वजह से सबकी नज़ारे हमारी तरफ हो चुकी थी....

मई- waah,ye हुई न असली mardangi....aurat पे हाथ uthana,kyun!!!

मेरी पकड़ उसके हाथों में इतनी मज़बूत थी की उससे काफी दर्द होने लगा tha.uske ऊपर वो जानता था की मई ीबी विनर हूँ इसीलिए वो आराम से बोलै..

आदमी- अरे बीटा तुम इन लोगों को नहीं jaante....dekho उम्र hi क्या है iski.haath पेअर भी सही सलामत hain...fir भी भीक मांग रही hai....aise लोगों पर दया नहीं दिखानी चाहिए..

तभी एक दूसरा आदमी हमारे पास आकर बोलै...

2ंद आदमी- अरे बीटा अभी तुम बचे ho.humne दुनिया देखि hai.ye लोग बस सबको बेवक़ूफ़ बनाते हैं और कुछ nahi.in के लिए क्या ladna.HAIN तोह भिकारी HI.....

मई- सच कहा uncle.....HAIN तोह भिकारी HI.....

नीलम पोएट्री सुननी थी naa,toh सुनो फिर......

जीएं तोह जीएं

मरे तोह मरे

हैं तोह भिकारी HI........

हम इनके लिए क्यों

कुछ करें

ये हैं तोह भिकारी HI...

टैक्स पूरा नहीं भरेंगे

कुछ न कुछ बचा लेंगे

उससे अपने लिए कुछ नया

खरीदेंगे

इन्हे भगा देंगे

ये हैं तोह भिकारी HI.....

जागरण में रात भर जागेंगे

ऊपर वाले से और पाने के लिए

भीक मांगेंगे....

भगवन हमारे साथ है

तोह टेंशन काहे होये

हमें क्या फर्क पड़ता है

चाहे ये जितना रोयें

हैं तोह भिकारी HI....

जब खुदपे आएगी

तब डरेंगे....

अपने आखरी वक़्त में

दानपुण्य करेंगे...

इनको क्यों खिलाएं

पहले खुद न खा लें...

कुछ नहीं मिलेगा

जितना चाहे हाथ फैला लें.......

आखिर हैं तोह भिकारी HI.........

आज के लिए इतना HI दोस्तों.....


आपका अपना V.J
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम और अवंतिका कम्पटीशन जीत जाते HAIN.AB आगे......

CHAPTER-1

( DEVIL'S ांचणत्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट-34

अवंतिका- ओह hello.....kya सोच रहे ho???subah से देख रही hun,kuch खोये हुए से ho......kahin कल रात रेस्टोरेंट में जो हुआ उसकी वजह से तोह.....

मई- अरे तुम भी क्या क्या सोच रही ho.kal रात कोई इतनी बड़ी बात भी नहीं हुई थी...

कल रात (part-1):-

जो गरीब औरत कल रेस्टुअरेण्ट में आयी thi,usse मैंने खाना खिलवा दिया tha.khilwane के बाद:-

मई- ये आपके बचे हैं???

औरत- जी साहब..

मई- साहब मत boliye.mai भी आपके बेटे जैसा hun....waise इनके पिता कहाँ हैं....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


औरत- एक साल पहले नकली शराब पीने से उनकी मौत हो गयी....

मई- oh.toh आपने कहीं नौकरी तलाश करने की कोशिश नहीं की..

औरत- की थी saahab....par यहाँ इंसान के रूप में राखशश घूमते hain.jiske पास भी नौकरी करने जाती वो गन्दी नज़रों से देखता tha.kaam करने के बहाने मुझे छूटे रहते the.par जब मई नहीं मानती तोह मुझे मेरी रोज़ी भी नहीं देते.

मई और क्या करती sahab.mai भूके मर भी जॉन तोह कोई बात nahi,par बच्चों को तोह भूका नहीं छोड़ सकती naa,isiliye सुबह जो काम मिले करती हूँ और रात को भीक मांगती हूँ...

मई- मांगती हूँ नहीं thi.....ye लीजिये कुछ पैसे और मई आपको एक अड्रेस देता hun.ye मुंबई का hai.yahan आप jaiye,aapke रहने का और आप के बच्चों के पढाई का इंतज़ाम हो jaayega.....arre ये क्या कर रही हैं आप...

औरत मेरे पेअर छूने को हुई तोह मैंने उससे रोक दिया..

मई- मेरे पास है इसीलिए दे रहा hun...dekhiye रात को 1 बजे की ट्रैन है मुंबई ki.aap उसीमे चली jaiye...wahan जो आदमी मिलेगा उससे मेरा नाम बता dijiyega.VIKRAM जयराज SINGH...yaad रहेगा ना.

औरत- आपका नाम कैसे भूल सकती हूँ beta.hamesha खुश रहो......

.

कल रात (part-1) एंड्स......

मई- उस औरत की कोई टेंशन नहीं hai.wo अब ठीक रहेगी.

अवंतिका- वही toh......jab कोई टेंशन hi नहीं है तोह सोच क्या रहे हो!!!

मई- अरे कुछ नहीं yaar..bas आज सुबह से hi हल्का सर दर्द है......

अवंतिका- और ये तुम मुझे अब बता रहे ho,flight में बैठने के बाद...

जी हाँ doston,humara शिमला टूर ख़त्म हो चूका और इस वक़्त हम वापसी के लिए फ्लाइट में बैठ भी चुके हैं....

मई- कल रात कुछ लेट से नींद आयी thi,aur आज मॉर्निंग जल्दी उठ gaya.isiliye हल्का सर में दर्द है और कुछ nahi....mai एक काम करता हूँ कुछ देर सो जाता हूँ...

अवंतिका- हाँ तुम सो jao,mai लैंडिंग के टाइम उठा दूंगी.......

मैंने अपनी आँखें बंद कर्ली और कल रात मेरे साथ घाटी उस अजीब घटना को याद करने लगा......

कल रात (part-2):-

AAAHHHHAAAAHHHHHHHHHH

मई- ये आवाज़ कैसी?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

पार्टी से आकर मई फ्रेश होकर बाथरूम से निकला hi था की किसी लड़की की दर्द भरी आवाज़ मेरे कानो में पड़ी......

मई- लगता है जवानी से पहले hi बुढ़ापा आ gaya.abhi से कान बजने लगे मेरे.

AAAHHHHHAHHHHHH...NAHI...................

मई- अरे ये तोह सचमे किसी लड़की की आवाज़ hai.mai अपने रूम की बालकनी में गया और अपनी आँखें तेज़ कर आवाज़ की दिशा में देखने लगा.

मई जिस होटल में रुका हुआ था वो शिमला के आखरी छोर में thi......hotel के पीछे से hi एक घने जंगल की शुरुआत होती थी...

मई- ये क्या है......

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?? और ये कैसे हो सकता है......

कुछ hi पलों में आवाज़ का ठिकाना मुझे मिल chuka.par दो बातों ने मेरा दिमाग घुमा दिया था.

पहली- दूर तक सुनाने के लिए मुझे खुद hi अपनी ध्वनि इन्द्रियों को जगाना पड़ता hai.par जो आवाज़ मेरे कानो में पड़ी थी वो मुझसे करीब 10 कम दूर से आयी थी और बिना मेरी ध्वनि इन्द्रियों के जागृत हुए मुझे सुनाई दी थी.....

दूसरी- जो नज़ारा मैंने देखा था वो नार्मल नहीं tha.ab नज़ारा क्या था ये वहां पहुंचके hi आपको बताता हूँ....

मैंने एक लम्बी छलांग लगाई और अगले hi पल मेरे पेअर ज़मीन पर the...maine अपनी मंज़िल की तरफ देखा और लगा दी doud..ek second,aur मई वहां पहुँच चूका था जहाँ से आवाज़ आयी थी...

आवाज़- nahi.......kuch भी करलो पर मई अपनी शक्ति तुम्हे नहीं दूंगी......

मई- ओह maamu,chhod usse.....dono मेरी तरफ पलट गए....

मई- अब्बे तुम्हारे चेहरे कहाँ है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मेरे सामने का नज़ारा बोहोत hi अजीब tha.ek लड़की दूध सी सफ़ेद उसके ऊपर वाइट ड्रेस में ज़मीन पर बैठी हुई thi..uske दोनों हाथ काले मायावी रस्सियों से बंधे हुए थे...

उसके सामने दो काले साये थे जो मुझे पहले लगा था की काले कपडे पहने लोग होंगे पर जब मेरी आवाज़ सुन वो पालते तो पता चला वो इंसान नहीं काले परछाई थे....

मुझे अपने सामने देख दोनों सायों ने मेरे ऊपर ब्लैक बीम से हमला किया पर मई हिला nahi....wo बीम मेरे आगे मेरे सुरक्षा कवच से टकराई और वापस उन दोनों को lagi.wo दोनों भी उस लड़की की तरह बांध गए....

दोनों साये- आअह्ह्ह्हह nahiiiiiiiiiiiii........

अभी मई उनके करीब जाने hi वाला था की मुझे एक और झटका laga.thik मेरे सीने के बीच में से एक वाइट रौशनी निकली और दोनों सायों पर padi...wo दोनों चीखते हुए जल gaye.....wo जहाँ खड़े थे वह बस उनकी राख पड़ी थी...

पर अगले hi पल दोनों की रख एक होकर थोड़ी ऊपर हवा में उठ गयी और राख की जगह काली रौशनी ने ले li...us काली रौशनी के बीच में से हलकी वाइट रौशनी आ रही thi.wo रौशनी सीधे मेरी तरफ बढ़ी पर मेरे सुरक्षा कवच से टकराकर रूक gayi,par ख़त्म नहीं हुई...

मई- अब ये क्या बाला है....!!!!!

आवाज़- उससे खुदको चुनने की इजाज़त दो....

ये आवाज़ मेरी अंदर से आयी thi.ye मेरे किताब की आवाज़ thi..jab भी मई कोई नया मंत्र सीखता था तोह उसका इस्तेमाल कैसे कैसे करना है ये आवाज़ मुझे बताती thi...aur भी बोहोत बातें हमारे बीच हुई थी जिनके बारे में आपको बाद में पता चलेगा....

मई- प्रवेशं ग्रहणते.....( अपररोवे तो एंटर )

अगले hi पल मेरा सुरक्षा कवच गायब हो गया और वो काली रौशनी मेरे अंदर समां gayi....ek सेकंड के लिए मेरी आँखें काली हो गयी पर अगले hi सेकंड सब नार्मल हो gaya.....suraksha कवच वापस मेरे चरों तरफ फ़ैल गया...

आवाज़- अब तुम बचाव hi नहीं आक्रमण भी कर सकते हो....

उन दो काले सायों के मरते hi वो लड़की आज़ाद हो चुकी थी और मुझे एक तक देख रही थी...

मई- तोह madam,wo दो नमूने तोह निपट gaye.aap hi बताईये ये सब क्या था.....

पर वो कुछ नहीं बोली बस मेरे आगे झुक गयी.....

मई- अरे अरे ये क्या कर रही हो...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


लड़की- मई एक एंजेल hun....dharti में बोहोत ब्लैक एनर्जी फैली हुई hai.dharti के हर कोने में जाकर उससे शुद्ध करने की ज़िम्मेदारी मुझे दी गयी hai.isse एअर्थ का बैलेंस बना रहता hai.jinhe आप ने मारा वो ब्लैक मैजिक के दससीप्लेस hain...unhe मेरी वाइट एनर्जी चाहिए thi.isse उनकी शक्ति काफी बढ़ जाती...

मई- अरे पर आप सर झुकार क्यों बात कर रही हैं.....

एंजेल- मई लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के सामने कैसे सर उठा सकती हूँ.....

वो बस इतना बोलकर गायब हो गायब हो गयी...

मई- लार्ड ऑफ़ ANGELS...ab ये क्या बकर***** hai.....ab पूछूं भी तोह किस्से ,मैडम तोह सस्पेंस क्रिएट कर्क इ चली gayin.....chal बीटा तू भी निकल le.......aur मई निकल पड़ा अपने होटल की और...

कल रात (part-2) एंड्स......

अवंतिका- उठो V.J......flight लैंड होने वाली है....

अवंतिका के उठाने से मेरी नींद टूटी....

अवंतिका- अब सर दर्द कैसा है.....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मई- हाँ अब ठीक है.....

फिर कुछ ख़ास न hua.hamari फ्लाइट राइट टाइम पर लैंड हुई और हम निकल पड़े बहार की तरफ....

चेक आउट गेट....

अवंतिका- V.J एक बात kahun!!!!plz बुरा मत मानना...

मई- वेल ये तोह तुम्हारी बात पे देपेंद करता है ना.

अवंतिका- i'm सीरियस यार.....

मई- ok ok तेल्ल में...

अवंतिका- हम फ्रेंड्स hai,agar ये बात हम दोनों के बीच hi रहे तोह ठीक rahega..please बुरा मत मानना एक्चुअली जो हमारे फॅमिलेस के बीच हुआ उसके बाद अगर हम खुल कर मिलेंगे तोह कुछ नया इशू खड़ा न हो जाए....

क्या हुआ बुरा लगा क्या....!!!!!

मई- नहीं yaar,infact मई भी यही सोच रहा था.....

अवंतिका- पर अगर तुमसे बात करनी हो तोह..

मई- कौन से ज़माने में जी रही हो ma'am.mobile किस दिन काम आएंगे....

अवंतिका- पर तुम्हारे फ्रेंड्स तोह हर वक़्त तुम्हारे साथ hi रहते hain.agar उन्होंने मेरा नाम तुम्हारे मोबाइल पर देखा तोह....

मई- अरे रिलैक्स yaar.kitna सोचती ho...mai हैंडल कर लूंगा....

अवंतिका- मुझे लेने आये होंगे.

मई- मुझे bhi.chalo तुम पहले niklo,fir मई निकलता हूँ....

मैंने और अवंतिका ने हुग किया फिर अवंतिका निकल गयी....

मई- हे गुइज़ इधर............

मई चेक आउट पॉइंट पहुंचा तोह मुझे रोनित और अंजलि दिख गए....

रोनित- आओ सरकार आओ......

मई- अब्बे तुझे क्या hua.ghusse में दिख रहा है....

RONIT-toh और क्या खुश हो जॉन तेरा ये साधा सा थोबड़ा देखकर....

अंजलि- इतने कॉल्स kiye,par सर के पास तोह टाइम hi नहीं है उठाने का...

मई- अरे यार तुम्हे तोह पता है ना कितनी बड़ी कम्पटीशन thi...time hi नहीं मिल रहा था कुछ करने ka....acha बाकी की बातें बाद में करते hain.pehle यहाँ से निकलो...

रोनित- अब्बे सामने मीडिया आयी hai.tera और उस कमीनी का इंटरव्यू लेने के liye...peeche से निकलते हैं.

मई- हाँ चलो...

हम लोग घर pahunche.dad तोह ऑफिस गए हुए the.mom इतने दिन बाद मुझे देख इतनी एक्ससिटेड हो गयी की मुझे अपना प्यार दिखने के लिए जो खिलाना शुरू किया की मत poocho.haath जोड़ के जब मैंने मन किया तब जाकर वो रुकी.

मई- dad,dekhiye मई आपके लिए क्या लाया हूँ.....

रात को जब डैड आये तोह मैंने उनके सामने अपनी ट्रॉफी रख दी...

डैड- ी ऍम सो प्राउड ऑफ़ ु beta....sach में ी कुलदंत हैवे अस्केद 4 ा बेटर सोन.

मई- एंड ी 4 ा बेटर माँ एंड डैड....

ऐसे hi हसी ख़ुशी हमारे दिन निकलने लगे पर जैसा की मैंने कहा hai,jo आराम से बीते वो हमारी ज़िन्दगी तोह हो नहीं सकती....

वहीँ दूसरी तरफ:-

1सत पर्सन- क्या ये ठीक रहेगा...

2ंद पर्सन- nahi,par ये ज़रूरी है....

1सत पर्सन- वैसे अब तक सब ठीक है.

2ंद पर्सन- बस अलर्ट raho,aage भी सब ठीक hi होगा......

बैक 2 हीरो:-

रोनित- अब्बे नयी मूवी लगी hai..chalen क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अंजलि- हाँ yaar.waise भी पढ़ पढ़ के दिमाग ख़राब हो गया hai..chalo मूवी से मंद फ्रेश हो जायेगा..

मई- नहीं yaar.aaj मुझे थोड़ा काम है...

रोनित- अब्बे संडे को कैसा काम yaar...chal ना, मज़ा आएगा!!!!

मई- वो तोह आएगा hi..par इस बार जो प्रोजेक्ट मिला hai,mai उसमे कुछ डिफरेंट करना चाहता hun,toh मुझे उसकी प्रेप्स करने हैं.

अंजलि- सुबिम्मीशियन डेट में पुरे 2 महीने हैं अभी..

मई- अरे यार बोलै naa,kuch अलग सोचा hai....abhi स्टार्ट करूँगा तब जाकर 2 महीने में कम्पलीट hoga...tum लोग कहीं हो के आ जाओ..

रोनित- तेरे bina.rehne de.mom बुआ के यहाँ जाने बोल रही thi,wahin चला जाता हूँ..

अंजलि- मई यहाँ अकेले क्या करुँगी चल मई भी चलती हूँ....

मई- ok थें guyz,bye.have फन.......

आज कम्पटीशन से आये मुझे 2 हफ्ते हो गए the.in दो हफ़्तों में मई और अवंतिका काफी अचे दोस्त बन चुके थे...

स्कूल में सबके सामने एक दूसरे को हम अवॉयड करते the.haan कभी कभी आँखों hi आँखों में बात हो जाती थी पर स्कूल के बहार हम रेगुलरली मिलते the.kabhi मॉल में तोह कभी कफ हाउस में.

मई- hey,whats up.....haan रेडी hun.kitne baje.ok फिर मई निकलता hun..ok bye...

मई- mom,mai थोड़ा बहार से आता हूँ....

माँ- ok beta,par जल्दी आ जाना.

मई- ok mom.bye....

इन P.V.R...

मई- hey,kya बात है बिलकुल ों time.maine अवंतिका को हुग करते हुए कहा....

अवंतिका- bilkul.i लिखे 2 बे पुनक्तुअल....

MAI-aisa,mujhe लगा मेरी संगती का असर है...

अवंतिका- वो भी है...

हम दोनों hi है पड़े..

अवंतिका- अरे तुम्हे बता नहीं सकती कैसे निकली हूँ.....

मई- क्यों क्या हुआ???

अवंतिका- अरे घर में साड़ी गर्ल्स ने घूमने का प्रोग्राम बना लिया tha.le दे कर 100 बहाने बनाकर आयी हूँ..

मई- शामे हेरे yaar.mujhe भी प्रोजेक्ट का बहाना बनाना pada.RONIT ने भी हम जो मूवी देखने जा रहे hain,wahi देखने का प्लान बना लिया था....

अवंतिका- तोह चले जाते उसके साथ.

मई- अरे ऐसे kaise..aap से प्रॉमिस जो किया tha.aur V.J कभी अपने वादे नहीं todta,khaas कर तब जब वो वादा किसी खूबसूरत लड़की से किया हो.....

अवंतिका ने मेरी आँखों में dekha,jaise कुछ तलाश रही हो...

मई- यूँ खड़े खड़े पूरी

ज़िन्दगी निकल जायेगी...

जितना ढूंढ़ना है ढूंढ.....

पर इन आँखों में बस तू hi

नज़र आएगी........

अवंतिका ने शर्माकर अपनी नज़रें झुका ली.........

मई- अब ऐसे hi शर्माती रहोगी तोह मूवी छूट जाएगी....

अवंतिका- ओह shit..hum आलरेडी लेट hain..tum न बस बातें करवा lo...jaldi चलो वर्ण टिकट नहीं मिलेगी...

हम पहुंचे टिकेक्ट काउंटर पर अस एक्सपेक्टेड हाउसफुल थी..

अवंतिका- देखा मैंने कहा था naa.ab क्या karenge.mujhe ये मूवी देखनी थी यार.

MAI-toh चलो न देखते hain.maine उससे अपना फ़ोन दिखाया.

अवंतिका- तुमने पहले hi बुक कर ली thi...toh पहले क्यों नहीं बताया..

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- ऐसे hi,surprise.kaisa लगा??

अवंतिका- बोहोत acha.chalo जल्दी ,मुझे बिगनिंग मिस नहीं करनी...

हम अंदर gaye.maine बॉक्स की टिकट ली thi..seats भी बीएड जैसी मिली...

मई- कुछ खाओगी और मई बे सम ड्रिंक्स..

अवंतिका- nahi..interval में.

फिर हमारे बीच ज़्यादा बात नहीं hui.hum दोनों मूवी एन्जॉय करने लगे....

इन इंटरवल....

मई- तोह ma'am क्या लेंगी आप?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अवंतिका- aaannn,haan,ek स्वीट corn,ek चीज़ बर्गर और एक कोल्ड drink.pepsi हाँ.

मई- इतना खाती ho,jaata कहाँ है??

अवंतिका- क्या कहा??

मई- कुछ nahi.arre इतना सब मई कैसे अकेले लाऊंगा....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अवंतिका- अरे एक ट्रे में आ जायेगा..

मई- ाचा और mai.mai भी तोह अपने लिए कुछ लूंगा naa.ek काम karo,tum भी साथ चलो..

अवंतिका- चलो..

हम फ़ूड काउंटर pahunche.maine आर्डर किया और जैसे hi हम अपना आर्डर लेकर पालते तोह शॉकेड रह gaye.....hum दोनों को hi समझ नहीं आ रहा था की अब आगे क्या karen,kya बोलेन.....

मई- भाई मेरी बात.....

रोनित ने कुछ नहीं कहा और पलट गया..

अवंतिका- सुन्ना जो तू सोच रही है वैसा.....

शनाया भी नहीं रुकी और निकल गयी....

जी हाँ doston,hamare ऊपर ये डबल अटैक हुआ tha...ek तरफ रोनित और अंजलि खड़े थे तोह दूसरी तरफ शनाया और वाणी......

मई- अवनि, यार मुझे जाना होगा....

अवंतिका- मुझे भी.

और कुछ बात करने के लिए बचा नहीं tha,mai अपने फ्रंज के पीछे लपका और अवंतिका अपनी सिस्टर्स के पीछे.....

नेक्स्ट DAY.....IN स्कूल......

मई- bhai,kal से तुझे मन रहा hun,ab तोह मान jaa....aur अंजलि तू तोह एक बार मेरी बात सुन ले..

शनाया- पहले तुम मेरी बात का जवाब डोज.....

मैंने सामने dekha.SHANAYA,VAANI और अवंतिका तीनो खड़े थे....

अवंतिका का सर नीचे था.

शनाया- तुम दोनों को क्या laga,do हफ़्तों से हमे तुम्हारी आँख मिचोली के बारे में पता नहीं चलेगा.

अंजलि और रोनित शॉकेड होकर मेरी तरफ देखने लगे..

शनाया- और तू AVNI,behen है तू meri..tune सोच भी कैसे लिया की तू मुझसे कुछ छुपा payegi.....maine तुम दोनों के सारे मेसेजेस पढ़े hain....kal तुम दोनों मूवी देखने जाने वाले the,ye भी हमें पता tha,isiliye कल हमने तुझे आउटिंग का पूछा जिससे तूने बड़ी चालाकी से मन कर दिया.....

और तुम मर VIKRAM...apne घर बुलाकर मेरे मामाजी पे हाथ उठाते ho.humare घर में घुस कर हमारे दादाजी को गिरते हो और अब हमारी बेहेन को फसा रहे हो..

अंजलि- V.J तू हमारे साथ ऐसा karega,humne सोचा नहीं tha.shak तोह हमे भी तुझ पर हो गया tha.jo हर वक़्त हमारे साथ रहता tha,wo अलग रहने के लिए बहाने बनाने लगा tha...isiliye कल हमने तुझसे मूवी का pucha.jab तूने मन किया तोह हम बहाना बनाकर बहार चले गए.

जब तू बहार निकला तोह हम भी तेरे पीछे पीछे हो liye.aur जानता है हमे क्या पता chala,ek लड़की जिससे तू बस कुछ महीनो से जानता है वो सालों पुराने दोस्ती से बड़ी हो gayi...ye बोलते बोलते अंजलि रो पड़ी....

रोनित- मुझे लगता था की मई तेरे दोस्ती के लायक नहीं hun..par अब एक सुकून hai,ki मई नहीं तू हमारे दोस्ती के लायक नहीं hai.hamare क्या ,तू किसी के भी दोस्ती के लायक नहीं है.....

मई बस सर झुकाये खड़ा था.

वाणी- और tu.....isne मेरे डैड पे हाथ उठाया tha.mere डैड की कोई एहमियत नहीं है क्या तेरे नज़रों me....kahan से hogi,jo अपने दादाजी की न हुई वो मेरे डैड की क्या होगी.....

चटाकककककहहहहहहह..........

अपने दादाजी का नाम सुन अवंतिका बर्दाश्त नहीं कर पायी और उसने वाणी को थप्पड़ मार दिया.....

अवंतिका- आज बोल दिया दोबारा मत बोलना.

शनाया- बिलकुल नहीं bolenge....aaj से तेरा और हमारा रिश्ता ख़त्म.....

RONIT/ANJALI- हमारा भी ख़त्म......

सभी चले गए और रह गए मई और अवंतिका.........

वहीँ दूसरी तरफ:-

1सत आदमी- इस बार भी बारिश काम हो रही hai...pata नहीं फसलों का क्या होगा..

2ंद आदमी- हम्म.....

1सत आदमी- क्या हुआ pitaji....kya सोच रहे हैं...

2ंद आदमी- सोच रहा हूँ हम क्या थे और क्या बन गए.....500 एकड़ खेत में से बस 10 एकर hi बचे hain...byaaj में लाखों रूपीस देते the,aaj खुद ब्याज में पैसे लेने पड़ते hai.najane किसकी नज़र लग गयी हमे.....

1सत आदमी- और किसकी pitaji.humari बुरी हालत का ज़िम्मेदार एक hi तोह hai.wo ''गुलशन आहूजा'' और कौन?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


वहीँ घर अंदर......

1सत औरत- maa,kab तक इनकी फोटो को देख देख कर रोटी रहोगी......

2ंद औरत- और कर भी क्या सकती hun..sirf फोटो hi तोह बची है मेरे पास मेरी बच्ची की.....

उस औरत ने एक बार और फोटो को चूमा और उससे वापस रख दिया.....

अरे ये तोह...................

फोटो में जो लड़की थी वो कोई और नहीं मीनाक्षी जयराज सिंह थी........

आज के लिए इतना HI.....

आपका अपना V.J.......
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम और अवंतिका की फ्रेंडशिप के बारे में उनके दोस्तों ऑफ़ और सिस्टर्स को पता चल जाता है वहीँ मीनाक्षी की माँ मीनाक्षी को याद कर रही है....

अब आगे:-

CHAPTER-1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

मेगा अपडेट- 35:-

मई- हे guyz,whats उप?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


पर रोनित और अंजलि ने मेरी तरफ देखा भी नहीं और आगे निकल gaye......mai भी भागते हुए उनके आगे जाकर खड़ा हो गया..

मई- गुइज़ प्लीज yaar.ek महीना गुज़र गया hai.is एक महीने में ऐसा एक दिन भी नहीं गुज़रा है जब मैंने तुमसे माफ़ी नहीं maangi....ab तोह माफ़ कर दो यार.....

अंजलि- जब तुझे पता है की एक महीने में भी हमने तुझे माफ़ नहीं किया है तोह तुझे समझ जाना चाहिए की हम तुझसे बात नहीं करना चाहते..

मई- रोनित यार तू तोह समझ.....

रोनित- dekh,tujhe पता है मेरा, मेरी जुबां पे कण्ट्रोल नहीं rehta..baar बार मेरे सामने मत आया kar,kahin कुछ उल्टा सीधा बोल दिया तोह फिर तुझे बुरा लग jayega.....agar वाकई तुझे हमारी फ़िक्र है तोह हमसे दूर रहा कर..

अवंतिका- hi V.J.

अंजलि- लो आ गयी तेरी बेस्ट friend.ussi से जाकर अपना दर्द बाँट और भगवन के लिए हमे बक्श दे.....

ये कह दोनों आगे निकल गए...

उस दिन के झगडे को आज 1 महीने हो चुके the....ab मई और अवंतिका ओपनली बात करते the.ab छुपाने को था hi kya...jinse छुपा रहे थे उन्होंने तोह सबके सामने hi नंगा कर दिया था...

अवंतिका- क्या hua,mai गलत टाइम पर आ गयी क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- नहीं yaar...time तोह मेरा गलत चल रहा है....

अवंतिका- चिल yaar,sab ठीक हो जायेगा.....

मई- नहीं yaar,kuch ठीक नहीं hoga.and ु क्नोव what,now,i आल्सो don't गिव ा damn....agar उन्हें मेरी ज़रुरत नहीं hai,toh मुझे भी उनकी कोई ज़रुरत नहीं है.....

शनाया- तुम्हे कैसे किसी की ज़रुरत हो सकती hai...jiski तुम्हे ज़रुरत hai,chahat hai,wo तोह तुम्हारे पास hi है..

हमने पीछे पलट कर देखा तोह वाणी और शनाया खड़े थे....

मई- तुम.....

मई कुछ कहता पर अवंतिका ने मेरा हाथ दबा कर मुझे रोक दिया.....

वाणी- waah,bohot याराना लगता hai...bina बोले भी एक दूसरे की बातें समझते हैं दोनों....

अवंतिका- देखो वाणी, शनाया, तुम दोनों अपने काम से काम रखो तोह hi ठीक rahega....hum बात करें, घूमे या कुछ भी karen,that's नोने ऑफ़ योर business...now f****k ऑफ....

दोनों ने हमे एक लुक दिया और क्लास की तरफ निकल गए....

अवंतिका- यू क्नोव what,tum सही ho..jab इन्हे हमारी कदर नहीं hai,toh हम क्यों इन्हे कन्विंस करने में टाइम वास्ते करें...

अवंतिका ने मेरा हाथ pakda,hum दोनों ने एक दूसरे को देखा और चल पड़े क्लास की तरफ....

अंजलि- सामने देख....

हम दोनों वैसे hi हाथ पकडे पकडे मस्ती करते हुए क्लास में एंटर हुए थे जिससे देखकर रोनित अंजलि वाणी शनाया के चेहरे टमाटर की तरह लाल हो गए..

पर हमने ध्यान नहीं दिया और लास्ट की सीट पर जाकर बैठ गए......

पेओन- VIKRAM,AVANTIKA आपको प्रिंसिपल सर ने बुलाया है..

अभी हम बैठे hi थे की पेओन आ gaya....hum दोनों भी उसके पीछे पीछे चल दिए....

इन PINCIPAL'S ऑफिस:-

मई- मई वे के इन सर!!!!

प्रिन्सी- आओ bacho,have ा सीट.

हम दोनों सामने सीट्स पर बैठ गए.

प्रिन्सी- so,how अरे थे प्रेपराशंस गोइंग ों...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- ग्रेट sir....every थिंग इस बीइंग मैनेज्ड प्रॉपरलय.....

प्रिन्सी- great.yaad rahe,first टाइम हमारा स्कूल ये कांटेस्ट ओर्गनइजे कर रहा hai.koi गड़बड़ न हो...

अवंतिका- यू डोंट वोर्री sir...ye कांटेस्ट न सिर्फ हम सक्सेस्स्फुल्ली हैंडल करेंगे बल्कि इससे जीतेंगे भी....

प्रिन्सी- that's थे spirit...toh तुम लोग जाओ और सारे प्रेप्स देखो...

हम दोनों- ok सर....

हम दोनों सर को विश करके ऑडिटोरियम की तरफ निकल पड़े..

एक्चुअली हमारे स्कूल को इस साल अन्तर स्कूल टैलेंट हंट प्रोग्राम ओर्गनइजे करने का मौका मिला hai...aur प्रिन्सी ने ये ज़िम्मेदारी मेरे और अवंतिका के सर पर दाल दी है...

वहीँ दूसरी तरफ:-

1सत आदमी- pitaji,maine कुछ सोचा है....

2ंद आदमी- सोचा hai!!!!kis बारे में......

1सत आदमी- काम के बारे me.pitaji,kab तक हम सिर्फ खेती के भरोसे hi chalenge....bache भी अब बड़े हो रहे hain..kyun न खेती के साथ साथ कुछ छोटा मोटा बिज़नेस किया जाए...

2ंद आदमी- कैसा बिज़नेस? वैसे भी beta,business करने के लिए पैसो की ज़रुरत होती है और तुझे कोई तजुर्बा भी तोह नहीं है..

1सत आदमी- pitaji,thoda बोहोत तोह पता है बाकी कर कर के सिख lunga...aur रही पैसे की baat,toh pitaji,aapke बहु के ज़ेवर hain,unko गिरवी रखकर पैसों का इंतज़ाम हो जायेगा..

2ंद आदमी- KHAMOSHHHH...teri हिम्मत कैसे हुई बहु के ज़ेवर गिरवी रखने के बारे में सोचने की भी.....

वाइफ- पिताजी इन्हे मैंने hi बोलै था ज़ेवर गिरवी रखने के लिए....

अभी पहला आदमी कुछ कहता उससे पहले उसकी वाइफ जो की दोनों की बात सुन रही थी वो आ गयी...

2ंद आदमी- पर bahu,wo ज़ेवर तुम्हारी माँ ने तुम्हे दिए थे..

वाइफ- pitaji,abhi मुझसे ज़्यादा ज़रुरत उन ज़ेवरों की इस घर को hai.bachon को hai...abhi तोह वो छोटे hain,par जैसे जैसे बड़े honge,unki ज़रूरतें भी badhengi.school फीस भी देनी होती hai...agar ये कोई नया बिज़नेस स्टार्ट कर लें तोह शायद हमारी माली हालत में सुधर आये...

2ंद आदमी- ठीक है bahu.agar तुम्हारी मर्ज़ी है तोह दे दो इससे वो zewar....aur sun,le तोह रहा hai,par जितनी जल्दी हो sake,bahu के ज़ेवर छुड़वा लेना...

1सत आदमी- जी pitaji..pitaji मई सोच रहा था बच्चों के रेडीमेड कपड़ो की छोटी सी दुकान दाल lun....par यहाँ पास के शहरों में ज़्यादा रेट लगते hain...agar मई मुंबई चला जॉन तोह वहां से सस्ते में कपडे भी मिल जायेंगे और ज़ेवरों के अछि कीमत भी मिल जायेगी......

2ंद आदमी- मुंबई!!!! दूर नहीं पद जाएगा...!!!!

1सत आदमी- नहीं pitaji.....ab तोह यहाँ के सब लोग वहीँ से सामान लाते hain...kaafi सस्ता पड़ता है..

2ंद आदमी- ठीक hai.....agle हफ्ते निकल जाना..

1सत आदमी- ठीक है पिताजी......

बैक तो हीरो:-

मई- मई ी के इन सर....

प्रिन्सी- यस माय boy,come in...so.....all सेट 4 तोम्मोरोव....!!!!

मई- यस sir.....all सेट.......

प्रिन्सी- आईटी बेटर be,kyunki स्पेशलय तुम्हारे लिए ये डबल इम्प है की सब कुछ परफेक्ट हो.....

मई- मेरे लिए specially,kyun सर?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


प्रिन्सी- दो ु know,is कांटेस्ट के चीफ गेस्ट कौन हैं???

मई- हाउ वोउल्ड ी क्नोव सर...

प्रिन्सी- योर डैड...

मई- व्हाटट!!!! ी mean,why माय डैड???

प्रिन्सी- व्हाई नॉट him!!!!kya तुम ये सुनके खुश नहीं हो की तुम्हारे डैड चीफ गेस्ट हैं.....

मई- खुश हूँ sir,bohot खुश hun.but थे थिंग इस की मई ये इवेंट मैनेज कर रहा hun,sabko लगेगा मैंने hi अपने डैड को चीफ गेस्ट बनाने के लिए बोलै है...

प्रिन्सी- जो भी ऐसा sochega,he इस ा fool.aur किसी गधे की बात का क्या बुरा manana.your डैड इस ान इंस्पिरेशन 4 millions..wo आज जिस मुकाम पर hain,kitne है जो वहां तक पहुँच पाते hain,wo भी अपने दम par.tum ये सब chhodo,bas साड़ी प्रेपराशंस डबल चेक karo....dont लीव अन्य लूसे कार्नर.....

मई- ok सर.

मई ऑफिस से बहार निकला तोह देखा सामने hi शनाया अवंतिका से कुछ बात कर रही thi.kahin अवंतिका को फिरसे सुना तोह नहीं रही hai,ye जानने के लिए मई भी उनकी तरफ चल पड़ा....

शनाया- लो आ gaya.yahin पूछ लो..

मई- क्या पूछना है???

अवंतिका- शनाया चाहती है की उसकी एंट्री थोड़ी लेट हो......

मई- hmm,thik hai,i'll सी व्हाट ी कैन दो.

अंजलि- हमारी भी...

मैंने पलट कर देखा तोह पीछे अंजलि और रोनित खड़े थे.....

मई- तुम्हारी क्या ??

रोनित- हमारी एंट्री भी थोड़ा पीछे कर दो....

मई- ठीक hai...mujhe एक बार लिस्ट रेचक करनी padegi,jo बन पड़ेगा मई कर dunga.final लिस्ट कल प्रोग्राम से आधे घंटे पहले सारे ग्रीन रूम्स के बहार लग जायेगी....

देख lena.maine भी सीधे सपाट आवाज़ में जवाब दिया...

AVANTIKA,chalo ऑडी chalte.ek बार साड़ी प्रेप्स रे चेक कर लेते हैं.....

मई अवंतिका को लेकर ऑडी की तरफ चल पड़ा.....

वहीँ दूसरी तरफ:-

1सत आदमी- बीटा मुंबई बोहोत बड़ा शहर hai..loot पाठ भी बोहोत होती hai.tu काफी सारे ज़ेवर लेकर भी जा रहा hai..dhyaan से...

2ंद आदमी- जी pitaji.mai चौकन्ना रहूँगा..

2ंद आदमी ने अपने पिताजी और माँ से आशीर्वाद liya,apni बीवी और बच्चों से मिला और चल पड़ा मुंबई के लिए जहाँ उससे एक बोहोत बड़ा सरप्राइज मिलने वाला था.

बैक तो हीरो:-

मई- dad,this इस नॉट fair...aap हमारे स्कूल अस चीफ गेस्ट आने वाले ho,aur आपने मुझे बताया भी नहीं....

डैड- पहले ये बता तुझे कइने बताया?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- प्रिन्सी ने.

डैड- अरे यार ये युअल सर bhi,koi बात पेट में नहीं pachti.....maine सोचा था तुझे सरप्राइज दूंगा.....

मई- oh,mom आप भी डैड के साथ आओगे ना.

माँ- ये भी कोई पूछने की बात hai.mera बीटा परफॉर्म करने वाला है और मई न aaun,aisa हो सकता है क्या!!!

मई- कभी nahi....acha mom,dad कल मुझे बोहोत काम hai.toh आज मई जल्दी सो जाता hun.ok then,good नाईट.

MOM/DAD- गुड नाईट सोन......

नेक्स्ट DAY...................JO अपने साथ कुछ झटके लेकर आया था.....

मई- दोने 4 थे day........chalo अब घर चलते है....

मई डेली की तरह गार्डन में एक्सरसाइज कर घर जाने के लिए निकला hi था की मुझे रोनित और अंजलि दोनों दिख gaye...unhone मुझे और मैंने उन दोनों को अवॉयड किया और घर की तरफ निकल गया......

फिर कुछ ख़ास नहीं बुआ मई रेडी होकर नीचे हॉल में आया...

मई- mom,dad मई निकल रहा hun....aap लोग टाइम से आ जाना.

MOM/DAD- ok बीटा & आल थे बेस्ट.......

मई- थैंक यू .bye......

इन स्कूल-

अवंतिका- अरे यार ये लाइट्स अभी भी यहीं पड़ी hai......inhe उठाओ और सबको फिट karo.we र रनिंग आउट ऑफ़ time......aur ये फ्लावर्स वाला अभी तक क्यों नहीं aaya...usse 10 बजे का टाइम दिया था naa....some बॉडी कॉल हिम plz.....saare मिक्स आ गए की nahi.....aur वो दज कितने बजे आने वाला है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- गुड मॉर्निंग...

अवंतिका- हे गुड morning.kab आये???

मई- जब तुम सब पे भड़क रही थी....

अवंतिका- भड़कूं नहीं तोह और क्या karun???last मोमेंट में कुछ भी पेंडिंग नहीं रहना चाहिए पर यहाँ तोह कुछ भी ठीक से पूरा नहीं हुआ....

मई- अरे रिलैक्स yaar.dj वाले se,flower वाले से मैंने बात कर ली है और डोरशंस की चिंता मत करो न hi मिक्स ki.sab कुछ अपनी जगह पर hai.bas एक फाइनल बार सबको चेक करना hai.wo मई देख लूंगा....

अवंतिका- haash.thanks yaar.pata है मैंने पहले भी अपने पुराणी स्कूल में इवेंट्स मैनेज किये हैं पर ये इवेंट इतना बड़ा है की कुछ समझ hi नहीं आ रहा है की क्या करूँ....

मई- अरे रिलैक्स yaar.maine कहा naa,every थिंग इस अंडर कण्ट्रोल......

अवंतिका- ाचा V.J.i वांट ा फवौर फ्रॉम ु..

मई- हाँ कहो ना.

अवंतिका- एक्चुअली मई अपने पेरफर्मन्स वाला ड्रेस हड़बड़ी में घर पे hi भूल गयी hun.......toh मुझे घर जाना होगा उससे लेने.

मई- हाँ तोह ठीक है naa.tum jao,mai यहाँ देख लूंगा..

अवंतिका- नहीं एक्चुअली जब से मेरी सिस्टर्स से मेरा झगड़ा हुआ hai,mai अलग कार से आती hun...par अभी तोह वो कार भी मामाजी के ऑफिस चली गयी होगी....

मई- oh,toh मई छोड़ दूँ तुम्हे घर!!!

अवंतिका- नहीं nahi.abhi यहाँ बोहोत काम hai.mai जा रही हूँ तोह तुम्हारा रहना इम्प hai....mai टैक्सी लेकर चली jaungi.par आते वक़्त मुझे लेट हो सकता hai....toh क्या तुम मुझे लेने मेरे घर आ जाओगे...

मई- लेट कैसे....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?अभी अगर तुम गयी और आराम से भी आयी तोह 4 बजे तक आ जाओगी...

अवंतिका- नहीं yaar,mai अभी नहीं जा sakti...kuch गर्ल्स हैं जिनके साथ मुझे उनके कस्टम्स लेने जाना hoga.aur भी कई काम hain.kamsekam 3 घंटे तोह सब काम ख़त्म करने में hi लग jayenge..wahan से मई घर चली jaungi.....toh लेट हो जायेगा ना.

मई- तुम्हारी फॅमिली भी तोह शो देखने आ रही है naa...unke साथ आ जाना.

अवंतिका- वही तोह मैं प्रॉब्लम hai.mamaji के साथ वाणी और शनाया भी तोह aayenge.agar हम साथ आये तोह वह पक्का मुझे टॉन्ट मारने के चक्कर में मामाजी के सामने कुछ उल्टा सीधा बोल dengi....tum नहीं जानते मई एक महीने से कैसे उन सब के बीच मैनेज कर रही hun..ye बोलते बोलते अवंतिका काफी साद हो गयी....

मई- वो वो चिल babes....hota है कभी kabhi.ab इन सब बातों के लिए मूड मत ख़राब karo.thik है जब भी घर से निकलना ho,just गिव में ा कॉल.....

अवंतिका- थैंक्स v.j 4 understanding....acha अब मई चलती hun....costumes वगैरह सेलेक्ट कर के वहीँ से घर निकल जाउंगी.....

मई- कूल bye.....

अवंतिका निकल गयी और मई भी बिजी हो गया......

इवनिंग टाइम:-

अवंतिका- एक प्रॉब्लम हो गयी hai.....meri ड्रेस मेरी फर्न अपने घर ले गयी hai.dress लेने उसके घर जाना पड़ेगा...

इस वक़्त मई अवंतिका को पिक करने उसके घर के बाहर खड़ा tha.madam बहार आयी और अपने साथ एक नयी टेंशन भी लायी...

मई- avni,hum आलरेडी लेट hain.ek घंटे में शो स्टार्ट हो जायेगा....

अवंतिका- ी know.ek काम करते hain,sidhe स्कूल hi चलते hain,mera परफॉरमेंस कैंसिल कर देते हैं..

मई- यार तुम भी naa.chalo बैठो, और अपनी फर्न के घर क ा अड्रेस बताओ....

अवंतिका जो काफी साद हो गयी थी मेरी बात सुनकर खुश हो गयी.

अवंतिका- थैंक्स V.J. ु र थे बेस्ट.

मई- मस्का बाद में lagana.already लेट hain.jaldi बैठो और अड्रेस बताओ....

अवंतिका पीछे बैठ gayi.maine बाइक आगे बढ़ा di.wo मुझे रास्ता बताने लगी......

वहीँ हेवन में:-

सत सकेलिए- ये उसका पहली बार hoga.kya वो बर्दाश्त कर पायेगा???

सत सेबेस्टियन- उससे करना hoga.......ye तोह बस शुरुआत है........

सत सकेलिए- ग़ुस्से में वो उससे कुछ कर न दे......

सत सेबेस्टियन- यही तोह उसकी परीक्षा hai..kathin से कठिन परिस्तिथि में दिमाग को शांत rakhna......bas देखती जाओ.......

बैक तो हीरो:-

मई- अरे यार ये तुम्हारे फ्रेंड का घर दूसरे सिटी में है kya...hum काफी दूर आ गए है.

अवंतिका- बस कुछ देर और....

हम मुंबई से बहार हाईवे में आ चुके थे और मैडम की फर्न के घर का कुछ पता hi नहीं था...

अवंतिका- यार एक सेकंड गाडी रोको तोह.

मैंने गाडी रोक दी..

मई- अब क्या हुआ???

अवंतिका- उससे कॉल करके यहीं बुला लेती हूँ..

मई- यार इसमें और टाइम लगेगा.

अवंतिका- नहीं lagega..tum बाइक साइड में lagao....mai कॉल करती हूँ.

अवंतिका मोबाइल पकड़ कर चलते हुए थोड़ा पीछे की तरफ चली gayi.hum अभी जहाँ खड़े थे वो जगह पहाड़ी को काट कर ु शेप में बानी thi.highway के साइड में 20 मीटर का खली जगह था और उसके आगे गहरी खाई...

मैंने बाइक उस खली जगह पर उतर di......abhi मई बाइक से उतरने hi वाला था की मुझे कुछ कार्स और ट्रक्स की आवाज़ सुनाई di......maine पलट कर देखा तोह अवंतिका मेरे सामने कड़ी मुस्कुरा रही thi...uske पीछे लाइन से 6 कार्स आकर रुकी और कार्स के पीछे 2 trucks....mai शॉक में कभी अवंतिका को देखता तोह कभी उन गाड़ियों को.

पर तभी मुझे एक झटका और laga.beech की दो कार से कुछ जाने पहचाने लोग उतरे और अवंतिका के पास आकर खड़े हो गए.....

गुलशन- मुँह बंद कर लो barkhurdar.maut से पहले मक्खी खाली तोह अगले जनम में मक्खी बन कर पैदा होंगे...

इस वक़्त मेरे सामने GULSHAN,SATISH,VAANI,SHANAYA,LAKHAN साहब और अवंतिका मैडम तोह थी hi,sab खड़े थे....

दादाजी की बात पर सब है दिए....

अवंतिका- क्या हुआ मर V.J.....jhatka laga.hindustan के सबसे इंटेलीजेंट लड़का बेवकूफ बन gaya...oh सो साद.......

गुलशन- तुझे क्या laga......tu मेरे बेटे को maarega...hamare घर में घुसके हमारे आदमी को मार्के हमें धमकी देगा और हम चुप चाप सेह lenge..beta अचे ाचो को सबक सिखाया है हमने, तोह तू चीज़ क्या है...

शनाया- पर आज के लिए मुझे थोड़ा डाउट था की अवंतिका तुझे यहाँ इस सुनसान जगह पर लाने में कामियाब hogi.par तू तोह एक बार में बिना आना कानि के आ gaya.apne आप को इतना होशियार समझने वाला इतना स्टुपिड hoga,ye मैंने सोचा नहीं था.

अवंतिका- उदासी बेब्स एक लड़की की udasi...ye एक ऐसा हथियार है जिससे बड़े बड़े नहीं बच सके तोह ये चीज़ hi क्या hai....dadu,khatm करो isse.mai इससे अपने आँखों के सामने मरते हुए देखना चाहती हूँ.....

मई- तुम्हे लगता है तुम में इतनी ताक़त है की मुझे मार पाओ.....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

गुलशन- हम जानते हैं तुम्हारी ताक़त ko.par तुम हमारी ताक़त और दिमाग दोनों को नहीं जानते.

दादाजी ने ताली bajayi.unke ताली बजाते hi बाकी के चार कार्स के दरवाज़े खुले और उनमे से करीब 25 लोग बहार nikle...saale सांड थे पुरे के pure.koi भी 6.5 से काम नहीं tha.pure राखसश लग रहे थे..

मई- अब्बे डायरेक्ट श्रीलंका से आ रहे हो क्या सब के सब.....

गुलशन- waah,apni मौत को सामने देख कर भी मज़ाक करता hai.maanana padega.par रूक अभी बाकी है.

दादाजी ने एक बार और ताली बजायी और पीछे जो 2 ट्रक्स थे उनमे से करीब 100 लोग निचे utre...sab के हाथ में chaku,talwar ऐसे hi कोई न कोई हथियार था.....

गुशण- अब कोई डीएलओगे नहीं बोलोगे बचे...

LAKHAN,iska काम ख़त्म कर सबको उनके ठिकानो पर पहुंचा dena.aur याद रहे इसकी मौत दर्दनाक होनी चाहिए..

लखन- आप फ़िक्र न करें maalik.isse ऐसी मौत दूंगा की दोबारा जनम लेने से भी डरेगा...

गुलशन- shabash...chalo bachon...hum चलते हैं..

अवंतिका- नहीं dadu.mujhe इससे तड़पते hue,marte हुए देखना है....

गुलशन- नहीं beta.ye जगह सुनसान ज़रूर है पर खुली हुई hai...yahan अगर हम मेसे किसी कोई भी किसीने देख लिया तोह मुश्किल हो jaayegi...aur वैसे भी तुम्हारा प्रोग्राम शुरू होने वाला hoga.hame चलना chahiye......iski मौत की खबर कल अखबार में पढ़ लेना....

अवंतिका- वो क्या कहता था tu,VIKRAM को धोका देना नामुमकिन hai...hahaha....de दिया न DHHHHOOOKKAAAAAAA......chal bye.fir milenge.oopssss मेरा मतलब कभी नहीं मिलेंगे....

अवंतिका और उसकी सिस्टर्स हस्ते हुए कार में बैठ निकल गए.....

दूसरी तरफ:-

फर्स्ट पर्सन- वो अभी तक आया कैसे नहीं...

2ंद पर्सन- आ jayega.tention न ले...

1सत पर्सन- मुझे तोह घबराहट हो रही है.

2ंद पर्सन- अरे कुछ नहीं hoga.chal,abhi हमे भी बोहोत सारे काम है....

वही कार में:-

अवंतिका- क्या dadu..mujhe उससे मरते हुए देखना था.....

VAANI/SHANAYA- हमे भी....

दादू- समझा करो bachon.wo जयराज का बीटा hai.kisine भी हम में से किसी को भी वहां देख लिया होता तोह हम फास jaate...tum लोग तोह अब पार्टी karo.ab स्कूल में भी तुमसे आगे कोई नहीं होगा.

अवंतिका- अभी उसके वो दोनों दोस्तों से भी हिसाब पूरा करना है..

वाणी- तोह कर लेंगे naa...unka प्रोटेक्टर तोह अब रहा नहीं...

AHHHHHHHHH.......ARRE देख KE............KAISE चला रहा है........

ड्राइवर- सर मैंने कुछ नहीं kiya,aisa लगा गाडी को किसीने धक्का मारा..

दादाजी- धक्का mara.kya फालतू बात कर रहा hai.pee राखी है kya.chal,ab देख के चला...

स्कूल:-

अवंतिका- अरे शो तोह स्टार्ट हो gaya.chalo जल्दी उतरो....

कुछ एक घंटे के बाद अवंतिका और उसकी फॅमिली स्कूल पहुंचे...

शनाया- अरे रिलैक्स babes.....hamare पर्फॉर्मन्सेस तोह लास्ट लास्ट में हैं...

वाणी- आल थैंक्स तो मर विक्रम..

अवंतिका- करेक्शन babes...LATE मर विक्रम......

सभी हस्ते हुए अंदर ग्राउंड की तफरफ चल पड़े..

अवंतिका- dadu,aap सब शो एन्जॉय kijiye,hum कंटेस्टेंट जोन में जाते हैं रेडी होने.

सतीश- ok bachon.all थे बेस्ट.........

दादू- टेंशन मत lena,tum hi जीतोगे...

अवंतिका- जिससे टेंशन थी वो अब रहा hi कहाँ...

और हस्ते हुए तीनो ग्रीन रूम की तरफ चल दिए और सतीश और गुलशन ऑडियंस जोन की तरफ.

सतीश- डैड देखो तोह मरहूम विक्रम के डैड बैठे hain...dekho कैसे मुस्कुरा रहा है.

दादाजी- हसने दे beta.kal से तोह रोना hi है.......

दोनों हस्ते हुए अपनी अपनी सीट्स पर बैठ गए......

ग्रीन रूम:-

अवंतिका- उसका तोह हो gaya,chalo इन्हे भी थोड़ा झटका देते हैं.....

VAANI/SHANAYA- haan,chalo.....

अवंतिका- हे guyz...whats उप?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


पर रोनित और अंजलि ने कोई जवाब नहीं दिया.......

अवंतिका- अरे ये तोह बाद मैनर्स hai..koi ग्रीट करे तोह कुछ तोह जवाब देना चाहिए ना.....

अंजलि- लगता hai,us दिन की खातिरदारी भूल गयी hai...kahe तोह फिर से याद दिला दें......

अवंतिका- बच्चू जिस के दम पर तुम दोनों उछालते थे वो तोह रहा nahi....ab तुम कुछ भी नहीं कर सकते....

अंजलि- नहीं रहा मतलब?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

वाणी- कल के पेपर में पढ़ लेना........

वाणी- अब ये टेंशन के मारे परफॉर्म नहीं कर पाएंगे.......

ये बोलकर तीनो हस्ती हुई निकल गयीं......

वहीँ स्टेज पर पर्फॉर्मन्सेस चालू the....kuch देर बाद एक के बाद एक तीनो बहेनो के नाम अन्नोउंस hue...sabse पहले आयी VAANI.jisne एक बोहोत hi ाचा बॉलीवुड स्टाइल डांस kiya.uske बाद आयी SHANAYA.jisne एक सेमि क्लासिकल सांग sunaya.....aur आखिर में आयी मिस अवंतिका जिसने पहले सेमि क्लासिकल dance,uske बाद एक कंटेम्पररी डांस kiya.AVANTIKA के डांस से सारे जजस और ऑडियंस खुश हो गए.

अपना अपना परफॉरमेंस पूरा कर तीनो अपने फॅमिली के पास जाकर बैठ गए....

दादाजी- बीटा तू hi jeetegi,dekhna......

एंकर- लेडीज & gentleman....ab सिर्फ 2 पर्फॉर्मन्सेस बाकी hain.....par हमारे लास्ट परफॉर्मर्स जो की एक पेअर हैं उन्होंने इस कम्पटीशन से अपना नाम वापस ले लिया hai.wo परफॉर्म तोह अब भी करेंगे पर बस एंटरटेनमेंट के liye.iska मटकलब हमारा अगला परफॉरमेंस कम्पेशन वाइज हमारा फाइनल परफॉरमेंस है....

वाणी- देखा मैंने कहा था naa,ye जो नाम वापस लेने वाले पेअर हैं naa,ye अंजलि और रोनित hi होंगे.....

शनाया- bechare...apna दुखड़ा रट बैठे honge......teeno ज़ोर से है दिए पर तभी एंकर ने कुछ ऐसा बोलै की तीनो के साथ साथ दादाजी और सतीश भी शॉकेड हो गए....

एंकर- लेडीज & gentleman.put यू हैंड्स टुगेदर 4 आवर लास्ट performer.VIKRAM जयराज सिंह.................

और इसी के साथ हुई मेरी entry.mai वैसे भी सारे स्कूल्ज में बोहोत फेमस tha.aur पिछले 2 साल से इस कांटेस्ट का विनर भी रह चूका tha..mere नाम से हूटिंग शुरू हो गयी.

पहले मैंने एक माइकल जैक्सन नंबर kiya.fir हल्का सा बॉलीवुड और फिर हिपहॉप और बे बोईंग से अपना परफॉरमेंस ख़त्म किया...

हर तरफ वन्स मोरे वन्स मोरे की आवाज़ गूंज uthi.idhar अवंतिका & फॅमिली तोह अब तक सदमे से निकली नहीं thi.mere डैड और माँ भी खड़े होकर ताली बजा रहे थे..

जजस:-

वे अरे प्राउड 2 अन्नोउंस थे विनर ऑफ़ थिस इयर्स टैलेंट hunt.it's नोने इतर थान थे लास्ट 2 टाइम्स विनर एंड इन्क्लूडिंग थिस ईयर ा रिकॉर्ड थ्री टाइम्स विनर.

मर विक्रम जयराज सिंह.....

पूरा ग्राउंड तालियों से गूंज उठा.......

मई- थैंक यू एव्री body.par अभी एक परफॉरमेंस बाकी hai.mai चाहता हूँ प्लीज आप सब अपनी सीट्स पर बैठ जाइये और हमारा लास्ट परफॉरमेंस भी dekhiye.please....

सभी अपनी सीट्स पर बैठ गए.

एंकर- सो प्लीज वेलकम ों स्टेज आवर लास्ट परफॉर्मर्स अंजलि & रोनित......

फिर से एक बार तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल झूम उठा और इससे के बीच हस्ते हुए 2 चेहरे स्टेज पर आये......

रोनित- वैसे तोह ये काम हमेशा हमारा दोस्त करता है पर आज इस हुनर को हम भी आज़माना चाहते hai..hum दोनों आपके सामने एक पोएट्री कहना चाहते है.

अंजलि- एक्चुअली ये सिर्फ एक पोएट्री नहीं hai,ye एक सच है जो हम आप सभी के साथ शेयर करना चाहते हैं....

यार ये पोएट्री तेरे बिना कम्पलीट नहीं हो sakti....stage पे आजा.

मई स्टेज के नीचे साइड में hi खड़ा tha.ANJALI के बुलाने पर मई उनके पास चला gaya.hum तीनो ने एक दूसरे को हुग किया.

यहाँ ये सन देखकर अवंतिका & फॅमिली के मुँह जो आलरेडी खुले थे और खुल गए.

मई- मैंने सुना है की मुँह में माखी घुसने से अगर माखी की मौत हो जाए तोह अगले जनम में आप माखी hi banoge.jin जिन के मुँह खुले हैं प्लीज बंद कर लें.

सभी मेरे बात पर है दिए वही गुलशन दादाजी का मुँह बंद हो गया....

रोनित- हर बार गिरता हूँ

संभालता तू हर बार है

मुझे कुछ भी नहीं हो सकता

तू जो मेरा यार है.....

अक्सर लोग कहते हैं,

तू उदास क्यों होता है!!!

दोस्ती सिर्फ एक टाइम पास है...

इसके लिए क्यों रोटा है.....

काश ये लोग मेरे दोस्त से

मिल पाते...

हमारी दोस्ती dekh,unke सर

शर्म से झुक जाते....

तू hi मेरी duniya,tujhme hi

मेरा संसार है......

मुझे किसीकी फ़िक्र नहीं

तू जो मेरा यार है....

अंजलि- तू मेरी ख्वाहिश है

मेरी मजबूरी नहीं...

जो तेरे मेरे बीच आजाये

कोई काम इतना ज़रूरी नहीं....

ये रिश्ता इतना मज़बूत है की,

जब भी हमारे दुश्मन

हमसे टकराएंगे

एक पल भी टिक न सकेंगे

वो चूर चूर हो जायेंगे

इससे बड़ा न कोई रिश्ता है,

ना कोई प्यार है....

हर किसीसे लड़ जायेंगे हम

अगर तू जो मेरा यार है.....

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V.J
 
अब तक आपने पढ़ा की अवंतिका विक्रम को धोका देती है वहीँ दूसरी तरफ एक आदमी मुंबई के लिए निकलता HAI....PROGRAMME में विक्रम को अपने सामने देख अवंतिका और उसकी पूरी फॅमिली शॉकेड हो जाते हैं.......

अब आगे:-

CHAPTER-1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट - 36:-

मई- जॉर्डन uncle.....sabki पट्टी और हाथ की रस्सियां खुलवाइये......

( जॉर्डन- मेरे डैड के सिक्योरिटी head....mujhe भी अपने बेटे की तरह hi मानते hain....inki माँ अमेरिकन थी और डैड indian.dono hi अमेरिकन स्पाई थे जो किसी ऑपरेशन के दौरान मारे gaye.kisi ज़माने में जॉर्डन एक पैरामिलिट्री अफसर थे पर अपने शार्ट टेम्पर होने की वजह से उन्हें फाॅर्स से निकल दिया गया tha.....ek बिज़नेस टूर के वक़्त मेरे डैड की इनसे मुलाकात हुई thi...mere डैड को जॉर्डन बोहोत पसंद आये और उन्होंने जॉर्डन को अपना सिक्योरिटी हेड बनाने का ऑफर दिया जो जॉर्डन मान gaye.dheere धीरे जॉर्डन और मेरे डैड में ड्यूटी का नहीं दोस्तों का रिश्ता बन गया.)

जॉर्डन ने अपने लोगों को इशारा kiya,kuch hi देर में सबकी आँखों से पट्टी और रस्सियां खुल गयी....

मई- वेल, well...good मॉर्निंग एव्री बॉडी....

इस वक़्त मेरे सामने AVANTIKA,SHANAYA,VAANI,SATISH और दादाजी चेयर से बंधे बैठे the.patti खुलते hi जब सबने अपने आँख मलकर सामने देखा तोह सबकी फैट के चार हो गयी......

इस वक़्त हम एक बोहोत बड़े गोडाउन के अंदर the.ye हमारा पुराण फैक्ट्री था जो कुछ महीने पहले जल गया tha.factory शिफ्ट कर दिया गया और अब इस जगह को गोडाउन में बदल दिया गया tha....abhi हमारे आस पास 100 से ज़्यादा हाथ में गन्स लिए सिक्योरिटी कड़ी थी जिससे देखकर अवंतिका & पार्टी की फैट गयी थी.....

वाणी- हम्म्म्म कहाँन हैंण्ण्न..

वाणी ने डरते हुए पूछा....

मई- शुक्र मनाओ की ज़िंदा हो.......

जॉर्डन- विक्की beta,mai तोह अब भी कहता हूँ की इन सब को थोक देते हैं....

जॉर्डन की बात सुनके सब की फिर से फैट gayi,par दादाजी हिम्मत करके बोले.....

दादाजी- हमे मारकर तुम में से कोई भी बच भी नहीं पायेगा...

रस्सी जल गयी पर बल नहीं GAYA.kyun बुढऊ......

अभी मई कुछ कहता की मेरे पीछे से आवाज़ aayi.maine पलट कर देखा तोह रोनित और अंजलि आ रहे थे.....

मई- अब्बे इतनी सुबह सुबह क्यों आ गए तुम dono....kal दिन भर काम किया है तुम दोनों ne.aaram से रेस्ट करके आते ना.

RONIT-chup बे. हम तोह जाना hi नहीं चाहते the.teri वजह से चले gaye....waise कल रात को इन सब के एक्सप्रेशंस देखने लायक थे....

ईस्ट फ्लैशबैक:-

शनाया- हाउ इस आईटी possible.......???ye बच कैसे गया....!!!!!

वाणी- अब्बे बचना chhod,iske बॉडी पे या फेस पे एक सकृत तक नहीं है..

सतीश- मई लाखन को कब से कॉल कर रहा हूँ पर उसका फ़ोन नॉट रचाबळे बता रहा है.

अवंतिका- daadu,kya hua,aap इतने चुप क्यों हैं...!!

दादाजी- haan.kya...!!!!

दादाजी जो की किसी गहरी सोच में दुबे हुए the,wo अवंतिका की आवाज़ सुनकर अपनी सोच से बाहर आये..

अवंतिका- क्या हुआ dadu???kya सोच रहे हैं aap.....!!!!!aur ये विक्रम बच कैसे गया....

दादाजी- इन सब बातों के लिए ये जगह ठीक नहीं hai.....chalo घर चलते हैं....

सभी उठकर बहार की तरफ चल diye.sabke बीच एक ख़ामोशी सी चा गयी thi....par पार्किंग में उनके लिए एक और शॉक वेट कर रहा था.....

दादाजी- कौन हो तुम log.aur यूँ हमारा रास्ता रोकने का क्या मतलब है!!!!..

अभी अवंतिका & फॅमिली पार्किंग में पहुंची थी की उनके सामने 6 लोग आकर खड़े हो गए.....

जॉर्डन- चुप चाप गाडी में बैठिये.

सतीश- oye,jaanta है मई चटकककहहह

आगे सतीश डॉन जी कुछ बोल नहीं पाए क्यूंकि जॉर्डन अंकल का एक भारी भरकम थप्पड़ उनके गाल में pada.SATISH लड़खड़ाकर नीचे गिर gaya.aur बाकी सब दर गए...

जॉर्डन- चुप चाप सब गाडी में बैठिये....

इस वक़्त पार्किंग पूरी खाली thi....show का लास्ट सेगमेंट अभी चालू था इसीलिए कोई बहार नहीं आया था.....

दादाजी ने इधर उधर देखा.

जॉर्डन- कोई फायदा nahi.aapki सिक्योरिटी को मेरे लोगों ने हॉस्पिटल पहुंचा दिया hai.bina नाटक किये गाडी में बैठिये.

अब इन लोगों के पास कोई ऑप्शन तोह बचा नहीं tha,sabhi सर झुकाये जॉर्डन की लायी मिनी वन में बैठ gaye...JORDAN अंकल सबको यहाँ ले आये और रात से hi सारे बंधे पड़े थे.......

1सत फ्लैशबैक एंड्स:-

रोनित- haan,toh budhau....kya कह रहे थे आप??? हम बच नहीं paayenge.....kisine भी हमे नहीं देखा है तुमको किडनैप करते hue,jis वक़्त तुम्हारा किडनैप hua,hum मासूम बचे तोह स्टेज पर the.agar हम तुम सब को यहीं मार कर गदा भी dena,toh भी किसीको कुछ पता नहीं चलेगा....

मई- अवंतिका ,AVANTIKA,AVANTIKA.....

कोई कैसे इतना नासमझ हो सकता है...

इतने दिनों से मेरे साथ रहकर भी इतना समझ नहीं आया की मई तुम्हारी समझ की औकाद के बाहर हूँ.....

और ऊपर से मेरे और मेरे दोस्तों के ऊपर नज़र रखने के लिए 1 महीने से 2,2 आदमी छोड़ रखें हैं तुमने.....

मेरी बात सुन अवंतिका एंड पार्टी फिर शॉकेड हो गयी और मेरे दोस्त है दिए.

रोनित- फिर भी बिना सामने आये ये कमीना रोज़ हमसे एक्सरसाइज करवाता है.

मई- चुप be.jab देखो रट रहेगा....

क्या हुआ DADAJI.aankhen छोटी karlo,kahin बहार फेका ना जाएँ.....

दादाजी- तुम्हे हमारे पालन के बारे में शुरू से पता था!!!!

मैंने मुस्कुराकर हाँ में गर्दन हिलायी...

दादाजी - कैसे!!!!!!

मई- 7 साल की उम्र में तू मंदिर से चप्पल चुराता tha....aur उन्हें जाकर सस्ते में बेच देता था......10 साल की उम्र में तूने पॉकेट मारना शुरू किया.....14 साल की उम्र तक तू अपने एरिया का सबसे बड़ा पॉकेटमार बन gaya.is बीच तू दो बार पकड़ा भी गया और बाल सुधर गृह में भी रहा पर इससे तुझे कोई फर्क नहीं पड़ा....

पर तुझे और पैसे चाहिए the.tune कुछ लड़के अपने अंडर rakhe.tere दबंग नेचर की वजह से लड़को को काम पे रखना तेरे लिए कोई मुश्किल बात नहीं thi...fir तेरे खुरापाती दिमाग में एक नया आईडिया आया...

तूने सट्टोरियों और जुवारियों को उचंती में ( वीकली इंटरेस्ट ) पैसे देना शुरू किये...

शैतान के आशीर्वाद से तेरा ये नया धंदा बोहोत जल्दी फैलने फूलने लगा...

पर तेरी भूक नहीं mitti...tu चाहता तोह कुछ ाचा सा शरीफों वाला बिज़नेस स्टार्ट कर सकता tha.par nahi,kutte की दम भी कभी सीधी होती है bhala....tujhe एक नयी खुराफात सूझी.20 साल की उम्र में तू अलग अलग गाओं घूमने लगा और फाइनली तुझे एक गाओं मिल भी gaya.DHAWALGARH....ek ऐसी जगह जहाँ उस वक़्त प्रोग्रेस होना शुरू hi हुआ था....

तूने वहां अपना डेरा जमा liya,aur काम ब्याज का लालच देकर वहां के भोले भाले लोगों को फ़साने laga.yahi nahi,tu उन्हें नए नए बिज़नेस आइडियाज भी देने laga.guarantee के टूर पर तूने उनकी ज़मीने अपने पास गिरवी रखनी शुरू कर di....aur फिर जाली पेपर्स बना के उनसे ट्रिपल ब्याज मांगे लगा जो वो नहीं चूका सकते थे....

तूने उस गाओं के इंस्पेक्टर को भी खरीद लिया ताकि गाओं वालो की कंप्लेंट दर्ज hi न ho.waah, शाबाश.....

बेचारे गाओं वाले करते भी तोह kya.karz चुकाने के लिए अपनी hi ज़मीन में तेरे लिए खेती करने lage...phir तूने उन्ही ज़मीनो पर शुगर मिल्स दाल diye.arre भाई इतनी ब्लैक मनी को वाइट भी तोह दिखाना है ना.

आज की डेट में हमारे देश में जितने भी बोक्किएस hai,satte के अड्डे hain,gair कानूनी बेटिंग कैसीनोस hain,unka सिर्फ एक मालिक है और वो है.

गोल्डन किंग.....

पुलिस और यहाँ तक की c.b.i भी कबसे इस आदमी को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है पर उनके पास बस इस नाम गोल्डन किंग को छोड़कर और कोई सुराग नहीं hai.aaj तक किसीने भी इस आदमी को नहीं देखा.

और ये गोल्डन किंग और कोई नहीं तू है मर गुलशन आहूजा.....

सिर्फ अवंतिका & फॅमिली hi नहीं उस गोडाउन में खड़ा हर शक्श आँखें फाड़े मुझे देख रहा था और मई मुस्कुराते हुए गोल्डन किंग उर्फ़ गुलशन आहूजा को.....

जब तुम्हारे जैसे लीचड़ आदमी के बारे में इतना कुछ पता लगा सकता hun,toh तुम सब के इस स ग्रेड प्लान के बारे में पता लगाना कौन सी बड़ी बात है!!!!!

जॉर्डन अंकल- क्या सच में यही है गोल्डन किंग जिसका लोगों ने सिर्फ नाम सुना hai,par देखा किसीने नहीं..

मई- क्या uncle,wahi बात रिपीट कर रहे hain.bola ना ये वही है.....

जॉर्डन अंकल- इतनी कॉन्फिडेंटिअल baat,tujhe कैसे पता....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- जिससे लोग बड़ा समझते हैं,

अक्सर वो बड़ा नहीं होता....

इन जैसो की तभी तक औकाद है.....

जब तक इनके सामने V.J

खड़ा नहीं होता

जॉर्डन- ोये शायर के phupha.......kam से काम इतना तोह बता दे की इनकी प्लानिंग के बारे में तुम लोगों को कैसे पता चला?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?1 महीने से पूछ रहा हूँ.......!!!

मई- अरे चिल अंकल सब बताता hun......toh मर गुलशन AHUJA,urf गोल्डन KING,yaar कैसा नाम रखा hai,movies बोहोत देखते हो क्या....!!!!

जॉर्डन अंकल- अब्बे तू फिर टॉपिक से bhatka..teri तोह...

मई- अरे सॉरी sorry,batata hun....toh कहाँ था मई, हाँ, गुलशन आहूजा जी, कल आप ने जाने से पहले क्या डायलाग बोलै था याद है!!!!

दादाजी ने ना में सर हिला दिया.....

मई- उफ्फ्फ्फ़ मासूमियत तोह देखो इस डोकरे ताऊ की......

अवंतिका- तमीज़ से बात करो मेरे दादू से.....

मैंने दादाजी के पास खड़े मेरे आदमी को इशारा किया.

CHATAAKHHHH.......CHATAAKHHHHH.....

अवंतिका- दादूऊ.......

दादाजी के होंठ फैट गए और वहां से खून निकलने लगा....

मई - इतनी तमीज़ काफी है या और दूँ....

तमीज़ से बात करो मेरे दादू se.mai इससे फटी कमीज़ न dun,tamiz तोह बोहोत दूर की बात है...

हाँ तोह मर गुलशन आहूजा, आपने कहा था की तू मेरे घर में घुसके हमे धमकाएगा और हम सेह लेंगे.

जॉर्डन- हाँ तोह, इस बात से मेरे सवाल का क्या लेना देना है...!!!!!

मई- hai....wo ये की जब मैंने मर सतीश को उठाकर दीवाल से चिपकाया था वहीँ जस्ट बाजू में एक पेंटिंग लगी हुई है जिसके कॉर्नर्स ब्लैक hai....hai की नहीं गुलशनजी.

दादाजी ने हाँ में सर हिला दिया.

MAI-theek उसी वक़्त मैंने एक छोटा पर पावरफुल कैमरा उस दीवाल के निचली कार्नर में लगा diya.ye वही कैमरा है अंकल जो आप 6 महीने पहले जापान से लाये the.yaad है ना.

जॉर्डन- हाँ सिक्योरिटी मेझस बढ़ने के लिए और जिसमे से एक पिछले महीने गायब हो गया tha...toh वो तू ले गया था...

मई- जी haan.wo कामर्स एक छोटे से बटन के साइज के होते है जिन्हे डिटेक्ट करना काफी मुश्किल होता hai.aur उनकी व्यइंग और हियरिंग कैपेसिटी बोहोत ज़्यादा होती hai....ek बड़े से घर के आखरी कोने में भी की हुई बात ये कैमरा अपने पॉवरफुल हियरिंग सेंसर्स से डिटेक्ट कर लेता है......

मुझे पता था की हो तोह तुम सब कुत्ते की दम, सीधे तोह होने से रहे, अपनी सेफ्टी रखनी भी ज़रूरी है naa.aur मेरे बहार जाते hi......

फ्लैशबैक 2:-

सतीश- मई इस लड़के को छोडूंगा नहीं......

दादाजी- नहीं satish.is लड़के से ताक़त से नहीं जीता जा sakta....dekha नहीं तुमने ,बाहर हमारे 20 आदमी खड़े the,under लाखन जैसे बॉडी गार्ड जिससे आज तक कोई नहीं हरा saka,is लड़के ने कुछ hi पलों में सबको पीट डाला.

सतीश- तोह क्या हम कुछ नहीं करेंगे!!!!!

दादाजी- बिलकुल karenge.bas सही वक़्त का इंतज़ार करो.....

फ्लैशबैक एंड्स:-

मई- ये साड़ी बातें मई बाहर hi खड़ा सुन रहा था....

और मौका भी इन लोगों को जल्दी hi मिल गया.

जॉर्डन- कैसे?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- ीबी के zariye.....AVANTIKA मैडम ने अपने दादू को फ़ोन करके ीबी के बारे में bataya....aur फिर बनाया दादाजी ने मास्टर प्लान.........

दादाजी- यही सही मौका है उस लड़के से सारे हिसाब क्लियर करने का.

अवंतिका- वो कैसे दादू....

दादाजी- तुम्हे उसके साथ दोस्ती का नाटक करना hoga.usse इतनी क्लोज हो जाओ की तुम्हारी हर बात वो maane....humdard बांके उससे उसके दोस्तों से अलग कर do.phir करेंगे उसपे हम आखरी वार...

अवंतिका- ठीक है दादू.....

मई- पर ये बेवकूफ नहीं जानते थे की ये हमे नहीं हम इन्हे फसा रहे hain........kyun ,कैसी रही?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

( आप सब सोच रहे होंगे की विक्रम ने अपनी शक्ति का उसे क्यों नहीं kiya.darasal मुझे अंजलि और रोनित को भी अपने प्लान में शामिल करना tha...shakti का इस्तेमाल करने पर उन्हें शक हो जाता की मुझे कैसे पता चला और ये शक गुलशन & फॅमिली को भी होता, इसीलिए इस बार मैंने मैजिक नहीं साइंस को चुना )

जॉर्डन- वाह छोटे, मान गया तुझे....

अंजलि- और तू अवंतिका, तूने सोचा भी कैसे की तू हमारी दोस्ती तोड़ सकती hai....sochti भी kaise,sache रिश्ते क्या होते hain,unki एहमियत क्या होती hai,maalum होता तोह सोचती ना....

रोनित- अरे अब इनका क्या करना है ये बताओ?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


जॉर्डन- करना क्या hai,ya तोह जान से मार देते हैं या हाथ पेअर काट देते हैं.....

मई- नहीं yaar....inko मार कर कोई फायदा नहीं ! और हाथ पेअर काट भी देंगे तोह इनको भीक भी नहीं milegi.inke पास वो टैलेंट भी नहीं है...

रोनित- तोह क्या करें!!!!

मई- अरे haan,yaad aaya.tum मेरा घमंड तोडना चाहती थी न AVANTIKA.arre बेवकूफ लड़की कहाँ से घमंडी लगा गया मई tujhe.ghamand घटिया लोगों की निशानी है जो की तुम लोग ho....aur घमंड कैसे तोडा जाता है ये मुझे अछि तरीके से पता है....

यार एक मूवी देखि थी मैंने जिसमे एक डायलाग बोहोत पसंद आया था mujhe,par साला वो डायलाग विलन का था और मई तोह हीरो हूँ..

रोनित- तोह क्या हुआ, डायलाग ाचा होना चाहिए बस.....

मई- aisa...toh चलो फिर, हम में से कोई भी इन्हे हाथ नहीं लगाएगा, फिर भी ये सब रोयेंगे....

अंजलि- अरे waah.ye तोह मुझे भी देखना है...

मैंने अपने दो आदमियों को इशारा किया......

दोनों ने सतीश और दादाजी पर पिस्तौल तान दिया....

AVANTIKA/VAANI/ शनाया- प्ल्ज़ दादाजी को छोड़ do.plz मेरे डैड को छोड़ do...ye बोलकर तीनो ज़ोर ज़ोर से रोने लगीं.

मई- ये हमारे नहीं तुम्हारे हाथों में है....

तीनो सवाल भरी नज़रों से मेरी तरफ देखने लगीं....

MAI-dono अपनी बेल्ट्स दो...

मैंने रोनित और जॉर्डन अंकल से उसकी बेल्ट maangi.dono ने भी बिना सवाल पूछे दे दी....

मई- हाँ तोह ऐसा है की, ये लीजिये belts.ab आप तीनो को अपने पूज्यनीय पिताजी और अपने दादाजी पर ये बेल्ट बरसाने हैं....

तीनो- Nahiiiiiii..hum ये कभी नहीं करेंगे...

मई- सोच lo...ya तोह तुम तीनो इन्हे बेल्ट से मार कर इन्हे bachaogi....ya मेरे आदमी इन दोनों की खोपड़ी खोल देंगे..

मेरे ऐसा कहते hi मेरे आदमियों ने दोनों के सर पर पिस्तौल तान दी.....

अवंतिका- प्ल्ज़्ज़ ऐसा मत karo...hum कभी तुम्हारे रास्ते में नहीं आएंगे...

मई- babes,there अरे no फ्री लुन्चेस इन life.is दुनिया में कोई भी खाना मुफ्त नहीं hai.keemat तोह चुकानी hi padegi....mai 3 तक ginunga.agar मेरे 3 बोलने तक तुम लोगों ने मारना शुरू नहीं किया तोह गुइज़ ,शूट थम....

1

2

साताआख सतक्ख सतक्ख

मेरे तीन बोलने से पहले तीनो के बेल्ट्स घूमना शुरू हो gaye.wo मार भी रहे थे और रो भी रहे थे.

इधर मेरे आँखों में दर्द और होठों पर एक फीकी सी स्माइल थी.....

मई ( मन में ) - क्या मिला इनको ये सब कर ke.zillat....

मई- बस......

मेरे बोलते hi तीनो रूक gaye.....aur अपने दादाजी और डैड से गले लग कर रोने lage.dadaji और सतीश की हालत ख़राब हो चुकी thi.jagah जगह से चमड़ी उधड़ गयी thi...dono के hi आँखों में आंसू थे.....

मई- इससे कहते है waar.....maarne वाला भी रोये और मार खाने वाला भी रोये.....

जो पनिशमेंट मैंने दी thi,wo देखकर मेरे दोस्त अंकल और मेरे आदमी भी दर गए थे....

मई- अंकल इन सब को वापस वन में डालो और इनके घर पर फेक आओ..

और तुम सब, अगर अभी भी दिमाग ठिकाने नहीं आया है तोह एक बार और उलझ कर देख lena......uncle,meri बाइक.

जॉर्डन - हाँ, वो तोह मैंने कल hi मंगवा ली thi.bahar कड़ी है....

मई- चलें!!!!!

अंजलि और रोनित चुप चाप मेरे पीछे चल दिए..

इन बाइक:-

मई- क्या हुआ?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?इतने चुप हो दोनों....

अंजलि- कुछ ज़्यादा नहीं हो गया!!!!

मई- zyada.in लोगों ने नजाने कितने लोगो को मारा hai.kitni औरतों के घर उजाड़े hain.dad का भी एक्सीडेंट इस सतीश ने hi कराया tha.ye सजा तोह कुछ भी नहीं है...

दोनों- व्हाट..!!!! अंकल का एक्सीडेंट इन्होने कराया tha.aur ये बात तू हमें अब बता रहा है...

मई- पहले बताता तोह तुम लोग अपना कण्ट्रोल खो देते.

रोनित- अब्बे इन्हे तोह जान से मरवा देना था....

मई- उससे बड़ी सजा दे दी है maine.chill yaar,kuch नहीं होगा.

अंजलि- कल क्या क्या हुआ ये भी नहीं बताया तूने अभी तक.

MAI-ek जगह जाना है हम तीनो ko.wahin बताता हूँ..

रोनित- कहाँ जाना है!!!!!

मई- चल रहे है naa.wahin बता dunga.pehle घर चलते hain....mai फ्रेश हो जाता hun.fir चलते हैं.

फिर हम मस्ती करते हुए घर की तरफ निकल गए....

मीनाक्षी मेन्शन:-

मई- माँ, ी' म होम.....

माँ- आ गया मेरा bacha.raat को ठीक से सोया की नहीं.

(मैंने माँ को रात को कॉल करके बोल दिया था की स्कूल के सारे प्रॉप्स लौटने हैं तोह मुझे काफी लेट हो jayega...toh मई स्कूल के पास hi एक फर्न का घर है, वहीँ सो जाऊंगा....)

मई- हाँ mom.acha माँ मुझे अभी कहीं जाना है.

माँ- अभी तोह आया है और अभी जाना है!!!

मई- कल का कुछ काम पेंडिंग hai.usse कम्पलीट करके आता हूँ.

माँ- ठीक hai.jaa पर जल्दी आ जाना

मई- ठीक hai..mai सीधा अपने रूम मर gaya.fresh होकर 15 मं में वापस नीचे.....

डैड- कहाँ सर...

मई - dad,aap आज ऑफिस नहीं गए!!!

डैड- नहीं yaar.aaj ऑफ ले लिया...

मई- great.mai कुछ काम से जा रहा हूँ .....चलो तुम log...bye माँ, bye डैड.

MOM/DAD- bye बीटा.....

क्लिनिक:-

रोनित- ोये हम क्लिनिक क्यों आये हैं.

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- अंदर chal,pata चल जाएगा......

रिसेप्शनिस्ट- गुड मॉर्निंग sir,how कैन ी हेल्प ु?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मई- गुड morning...actually कल मई यहाँ शाम को करीब 5 बजे एक पेशेंट लेकर आया tha,ji मई उन्हें डिस्चार्ज करने आया हूँ.

नर्स- ओह तोह आप है जो उनको लाये the,chaliye मेरे साथ.

जब मई रिसेप्शनिस्ट से बात कर रहा था तोह वहां एक नर्स आयी .

NURSE-wo काफी ज़िद कर रहे है जाने के liye.doctor ने बोहोत मुश्किल से उन्हें कन्विंस किया है थोड़ी देर रुकने के लिए.

हम भी नर्स के पीछे हो लिए.

मई- hello....mujhe पहचाना आपने???

हम एक रूम ने पहुंचे जहाँ वहां वो आदमी बैठा हुआ था....

आदमी- arre,tum तोह वो कल वाले लड़के हो ना जिससे वो लोग मारने आये थे.

मई- jee,par आपने अपनी ज़िन्दगी क्यों खतरे में daali...aap तोह मुझे जानते भी नहीं हैं.....!!!!

आदमी- जान तोह हर किसी की अनमोल hi होती है naa....abhi तुम्हारी उम्र hi क्या hai.tumne तोह अभी दुनिया भी नहीं dekhi.mujhe लगा तुम्हारी मदद करनी चाहिए तोह मई आ gaya.par उस आदमी ने मेरे सर पर मारा और मई बेहोश हो gaya.fir क्या hua.hum बचे कैसे...

मई- सबसे पहले thanks.....aaj कल दुसरो के लिए अपनी जान कौन खतरे में डालता है...

ये मेरे दोस्त hain.ANJALI और रोनित.

दोनों ने उस आदमी को hi बोलै...

मई- तुम्हे भी जानना है न की कल क्या हुआ था....

दोनों- हाँ.

मई- तोह सुनो.....

फ्लैशबैक-3:-

दादाजी & फॅमिली के जाने के बाद...

लखन- toh,kaisi मौत चाहिए तुझे......

मई- हाथ रे ch***iya.......saale सीधा सीधा मारना chaiye.faltu की dialougebaazi...ab समझ में आया फिल्मो में ये क्लाइमेक्स में जो विलन बकवास करता hai,ye आईडिया डायरेक्टर को कहाँ से मिलता hai..tum जैसे ga**on से....

मेरी बातें सुन लखन की sulgi.wo आगे बढ़ hi रहा की PONPONNN.......bus की आवाज़ सुन कर रूक गया....

हमारे सामने एक बस धीरे धीरे क्रॉस कर रही thi.road पर तोह ट्रक्स खड़े the,toh वो बस जो खाली एरिया था वहां से कट होकर निकल रही thi.bus तोह आगे निकल गयी पर उसमे से एक आदमी उतर कर हमारे पास आने लगा....

आदमी- यहाँ क्या हो रहा है..

लखन- तुमसे matlab???chal निकल यहाँ से.

आदमी- ताकि तुम इससे मार do...maine देखा तुम्हारे पीछे एक गन hai..isne क्या बिगाड़ा है तुम्हारा जो इससे मारना चाहते ho.arre ये तोह एक बचा है..

मई भी उस आदमी को शॉक में देख रहा tha.yahan 100 से ज़्यादा आदमी खड़े थे वो भी हथियारों के saath,fir भी बिना डरे वो मेरे लिए बस से उतर कर उन लोगों से बेहेस कर रहा था....

लखन- ओह तोह तेरे अंदर आचायी और समाज सेवा का भूत hai.chal पहले तेरी खातिर दारी हो जाए..

लखन ने एक हाथ घुमाकर रिवाल्वर के साथ उस आदमी को एक मुक्का maara.us आदमी का सर फैट गया और घूमता हुआ मेरी तरफ gira.maine उससे संभल लिया पर वो बेहोश हो चूका tha...maine उससे ये सोचकर नहीं बचाया की इतनी डेरिंग से सामने खड़ा है तोह ज़रूर कोई पहुंची हुई चीज़ होगा पर जनाब तोह एक फटके में hi बेहोश हो गए.

पर एक अजीब बात hui.maine जैसे hi उससे chua,mujhe अपने अंदर एक अजीब किस्म की सरसराहट hui.mujhe ऐसा लगा जैसे वो मेरा अपना hai.mujhe अब ग़ुस्सा आने laga.maine उस आदमी को नीचे लेटाया और सामने देखा......

मई- ये जितने भी लोग यहाँ मौजूद है सब कानून की नज़र में मर चुके hain,haina..

लखन- शॉकेड होते हुए- तुझे कैसे मालुम..!!!!!

मई- जयराज सिंह के बेटे को मारने के लिए गुलशन ऐसे लोगों को तोह लाएगा नहीं जिनका कहीं से भी पता लग सके.

लकहान- waah,manana padega,wakayi दिमाग तोह है तुझमे..

मई- जबसे मेरी ट्रेनिंग पूरी हुई hai,maine अपनी शारीरिक ताक़त पूरी तरह से कभी आज़माया nahi.chalo आज आज़मा लेते हैं.

लाखन- अब्बे क्या बोले जा रहा है बे....

तू..........

इससे आगे वो बोल पाया nahi.....mai तेज़ी से आगे बढ़ा और उसका गाला पकड़ लिया और दौड़ते हुए आगे badha.maine लखन को एक कार के बोनेट के ऊपर पटक diya.bonet पूरा पिचक gaya.us गाडी के कांच टूट गए और सामने के दोनों टायर्स एक झटके में अलग हो gaye...ye सब 1 सेकंड से भी काम टाइम में हुआ था....

लखन का क्या हुआ ये देखने का मेरे पास टाइम नहीं tha....abhi किसीको कुछ समझ आता उससे पहले मैंने दोनों टायर्स जो निकल चुके थे उन्हें उठाया और दो तरफ फेक diya.line से 6,6 लोग खड़े the.jab तक वो कुछ देख पाते वो दोनों टायर्स जाकर सामने के एक एक आदमी से takraye.dono पीछे की तरफ उड़ते हुए गए और पांचों को लेकर निचे गिरे....

त्रिनेड कमांडो- अरे कहाँ gaya.....tyre लगने से जो लोग निचे गिरे थे उन्हें देख जब सब ने सामने जहाँ मई खड़ा था वहां देखा तोह वहां कोई नहीं था...

मई- िधारररर..

उन कमांडोज़ ने अपने बीच में मुझे खड़े देखा तोह हड़बड़ा gaye.par इससे पहले उनमे से कोई कुछ करता मेरे हाथ पाऊँ 25 बार ghume...aur सेकंड के 10वे हिस्से से भी काम टाइम में मई अपनी जगह पर वापस खड़ा tha.baaki के गुंडे जो दूर खड़े थे उन्हें तोह कुछ दिखा hi नहीं....

kadak,kadak,kadak,kadak

ऐसी 25 बार आवाज़ हुई.

एक दर्दनाक आवाज़ उन 25 कमांडोज़ के मुँह से निकली और वो निचे लुढ़क gaye.ludak इसीलिए गए क्यूंकि उन सब के पेअर टूट चुके थे....

जितने भी गुंडे ये देख रहे थे उनकी हालत ख़राब हो गयी

1 गुंडा- ये इंसान नहीं हो sakta.kisi इंसान में इतनी taaqat,itni तेज़ी नहीं हो sakti.....isse हम मुकाबला नहीं कर sakte.bhaago यहाँ se.wo सब अपने हथियार छोड़ भागने को हुए...

पर मई उन्हें भागने नहीं दे सकता tha....meri इन्द्रियों ने मुझे सबके बारे में बता दिया tha.wo सब के सब खुनी और रेपिस्ट थे..

मई- sorry,tum नहीं जा sakte.....maine अपने हाथ failaye.us जगह के चारो तरफ आग निकल aayi.wo सभी उस के अंदर फास गए...

सब- हमे माफ़ कर do.....hum अब से कोई गलत काम नहीं करेंगे...

मई- और अब तक जो किया है उसका kya....mai उनकी तरफ bhaaga.aur एक एक को उठाकर मेरे पीछे जो खाई थी उसमे फेकने laga....wo करीब सोउ the...par मुझे उनसब को खाई में फेकने के लिए आधे सेकंड से भी काम वक़्त लगा.....

उनसब को फेकने के बाद मई वहीँ बैठ gaya......ye पहली बार था जब मैंने किसीकी जान ली thi.mujhe एक अजीब सा दर्द हो रहा था.

तभी मेरे अंदर से आवाज़ आयी....

आवाज़- इसके बारे में एक पल के लिए भी मत socho.tumne 100 को मारा नहीं hai....balki हज़ारों की ज़िन्दगी बचायी hai.agar तुम इनको छोड़ देते तोह ये आगे चलकर हज़ारों को maarte.isiliye इसके बारे में एक पल के लिए भी मत सोचो....

उस आवाज़ की बात सुन मुझे काफी ाचा laga.mai उस आदमी के पास गया जो अब तक बेहोश tha..uske माथे से अब भी खून निकल रहा tha.mai चाहता तोह उससे ठीक कर सकता था पर कुछ सोचकर नहीं kiya.maine यहाँ आते वक़्त पास hi एक क्लिनिक देखा tha.maine उससे उठाया और दौड़ पड़ा क्लिनिक की taraf.kuch hi पलों में मई क्लिनिक के सामने tha.maine उससे एडमिट karaya,doctor को एडवांस पेमेंट करि और कल पेशेंट को लेने आऊंगा कहकर बहार आ गया.

अवंतिका लोगों को निकले अभी 10 मिनट भी नहीं हुआ tha.maine अपने पेअर ज़मीन पर गड़ाए और लगा दी दौड़....

मेरी दौड़ने की स्पीड काफी ज़्यादा thi.....itni ज़्यादा की मई जिसके भी करीब से गुज़रता वो चीज़ पूरी हिल jaati.jab मई अवंतिका की कार के बाजू से निकला तोह कार मेरे फाॅर्स की वजह से डिस्बैलेंस हो gayi.par मेरी स्पीड इतनी ज़्यादा थी की मई किसीको भी दिखा नहीं.......

फ्लैशबैक एंड्स :-

( पर मैंने इन तीनो को ये नहीं bataya..maine ये बोलै की मैंने बैक उप के लिए पुलिस पहले से बुला ली thi....jaise hi आपको लखन ने मारा तोह मैंने भी लखन को उठा के पटक diya.saare गुंडे मेरी तरफ बढ़ hi रहे थे की ठीक उसी वक़्त पुलिस पहुंच गयी और सारे गुंडों को अरेस्ट कर के ले gayi.aap बेहोश थे तोह आपको मैंने ये क्लिनिक में छोड़ा और स्कूल निकल गया.)

आदमी- पर वो लोग तुम्हारे पीछे क्यों पड़े हैं???

मई- नॉट that's ा लॉन्ग story.....fir कभी फुर्सत से आपको batayenge.filhal अभी के लिए आप हमारे साथ मेरे घर चल रहे हैं....

आदमी- तुम्हारे ghar.kisliye?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- bas,aapne मेरी खातिर अपनी जान डाव पे lagai,isiliye.

आदमी- अरे ये तोह मेरा फ़र्ज़ था....

मई- फिर bhi,aap हमारे साथ चल रहे हैं.

अंजलि- हाँ प्लीज चलिए ना.

आदमी- मई यहाँ किसी काम से आया hun.aap मुझे अपना अड्रेस बता dijiye.mai फिर कभी आ जाऊंगा.

मई- फिर कभी nahi,abhi.aap इस दुनिया में जिससे सबसे ज़्यादा प्यार करते hain,aapko उसकी कसम....

आदमी- अरे ये क्या किया tumne,thik hai.chalo चलते है.

मई- नाउ थॉट्स मोरे लिखे आईटी......

हमने क्लिनिक का बिल पाय किया और निकल पड़े घर की taraf.....raaste में मैंने उन्हें अपने अंजलि , रोनित और घरवालों के बारे में बताया बस अपनी माँ का नाम नहीं बताया उन्हें....

मीनाक्षी मेन्शन:-

मई- माँ वे अरे होम.......

माँ जो किचन में thi,meri आवाज़ सुनकर बहार आयी..

माँ- इतनी देर तक कहाँ घूमते rehte................aage वो कुछ बोल नहीं पायी.

हमारे साथ किसी अनजान शक्श को देखकर वो चुप हो गयी.

मई- माँ इनसे miliye,ye अरे मैंने तोह आपका नाम hi नहीं पूछा.

आदमी माँ को ेट तक देखते हुए- जी namaste,mera नाम राजेंद्र सहगल है.

माँ- आपका घर कहाँ हैं....

AADMI-mai धवलपुर का रहना वाला हूँ....

माँ धड़ाम से निचे गिर gayi.unki आँखों से आंसू बह निकले..

मई- mom,kya hua.hum सब दौड़ते हुए माँ के पास पहुंचे..

अंजलि- आंटी क्या hua,aap ठीक तोह हैं....

पर माँ पथराई आखों से एकटक राजेंद्र को देख रही thi.mere हिलने से वो होश में आयी..

माँ उठी और जाकर राजेंद्र को अपने गले लगा लिया.

राजेंद्र की आँखों में भी आंसूं आ gaye.usse भी माँ का चेहरा जाना पहचाना सा लगा....

माँ- राजू मेरे BHAI....MAI तेरी दीदी मीनू..............

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V.J....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम अवंतिका & फॅमिली को सबक सिखाता है ,वहीँ मीनू अपने भाई को देखकर इमोशनल हो जाती है.....

अब आगे:-

CHAPTER-1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट-37:-

मीनू- पापा कैसे हैं?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?उनकी तबियत तोह ठीक है naa.aur माँ!!!!!

माँ कहते hi माँ के आँखों से आंसू निकल aaye.....wo आगे कुछ न बोल पायीं...

माँ मामाजी को बहोत देर तक गले लगाकर रोटी rahi....dono को देख मेरे रोनित और अंजलि के आँखों में भी आंसू आ गए the.kuch देर बाद जब दोनों नार्मल हुए तोह माँ दे अपने डैड और माँ के बारे में मामाजी से पूछा..

मामाजी- पापा और माँ दोनों ठीक हैं di....maa तोह हर वक़्त आपकी फोटो अपने सीने से लगायी रहती है.

माँ- और papa,kya वो अब तक मुझसे नाराज़ हैं....!!!!!!

मामाजी- इस बारे में घर में कभी बात नहीं hoti.par मुझे लगता है माँ से ज़्यादा पापा आपको याद करते हैं...

माँ- तुझे कैसे पता?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मामाजी- जब भी पापा अकेले घर पर होते हैं, अक्सर तुम्हारी फोटो के सामने खड़े रहते hain..mai एक बार घर पर tha,par ये बात पापा को पता न thi,wo आपके तस्वीर के सामने खड़े the.unki आँखों में आंसू the.uske बाद कई बार मई जानबूछ कर बिना आवाज़ के घर में ghusa.toh हर बार उन्हें आपकी फोटो के सामने खड़ा पाया...

माँ के आँखों से एक बार फिर आंसू निकलने लगे..

मई- अरे mom,mere मां फर्स्ट टाइम घर आये हैं और आप हैं की रोये जा रही हैं और अपने साथ मां को भी रुला रहे ho...ye गलत बात है....

माँ- गलत baat.ruk तुझे बताती हूँ गलत क्या है.

माँ अपना हाथ उठाकर मेरी तरफ badhi.maine भी अपनी आखें बंद कर li.par माँ ने मुझे मारा nahi,mere माथे को चुम लिया.

माँ- beta,jab से तू पैदा हुआ hai,hame तूने सिर्फ खुशियां hi दी hai.....aur आज तोह तूने मुझे मेरी लाइफ की सबसे बड़ी ख़ुशी दी hai.mujhe मेरे भाई से मिलकर.....

मई- ओह कॉमन on,mom.maine क्या kiya,ye तोह बस एक कोइंसिडेन्स था.( झूठ )

अब सच तोह बता नहीं सकता था की कल मैंने मामाजी के दिमाग में घुसकर उनके बारे में सब पता लगा लिया....

माँ- अरे haan,tujhe राजू मिला कहाँ???

मामाजी- अरे कल मेरा एक छोटा सा एक्सीडेंट हो गया tha.mera भांजा उस वक़्त वही पर tha.toh इसने मुझे एक क्लिनिक में भर्ती करवा दिया.

मैंने मां को घर आने से पहले hi बता दिया था की क्या बोलना है....

माँ- अरे ये तेरे सर पर patti.tujhe ज़्यादा तोह नहीं लगी raju....VICKY,turant डॉक्टर को कॉल कर..

अभी तक भाई से मिलने के एक्ससिटेमेंट के चक्कर में माँ का ध्यान मामाजी के सर में बंधी पट्टी की तरफ नहीं गया था.

मामाजी- अरे मई हॉस्पिटल से hi आ रहा hun.sab कुछ ठीक है.

डैड- लो bhai,hum आ gaye...ji आप कौन!!!!

हॉल में एंटर करते hi डैड की नज़र मामाजी पर पड़ी...

मामाजी- जी मई....

माँ- अरे aap.mai सोच hi रही थी को आपको कॉल करूँ और आप आ गए.

मां के कुछ बोलने से पहले hi माँ बोल उठी..

डैड- क्या बात hai.aaj आप बोहोत खुश लग रही हैं.....

माँ- इनसे miliye.aur पहचानिये की ये कौन है!!!!

डैड- कैसे pehechanu....pehli बार देख रहा हूँ mai...par आपकी ख़ुशी देखकर लग रहा है की ये कोई खास hain,aur आपकी ख़ुशी की वजह भी यही हैं...

माँ- बिलकुल theek.aur ये मेरा छोटा भाई और आपके साले साहब हैं......

डैड माँ की बात सुनकर डैड शॉकेड हो गए...

मामाजी- नमस्ते jiju...ye बोलते हुए मामाजी ने डैड के पेअर छू लिए.

डैड- अरे ये क्या कर रहे हो साले sahab.gale मिलो.....

डैड और मां गले mile,dad की आँखों में आंसू आ गए.

मामाजी- क्या हुआ jiju,aapki आँख में आंसू.

डैड एक फीकी मुस्कान के साथ- RAJENDRA,tumhe तोह पता hi होगा की मई एक अनाथ hun....kabhi माँ बाप भाई बेहेन का प्यार नहीं मिला मुझे.

जब मीनू से mila,socha था शादी के बाद उसके माँ डैड मेरे भी माँ डैड हो jayenge.saale के रूप में एक छोटा भाई मिल jayega.par तुम्हारे पिताजी ने मुझे अपनाया hi nahi....aaj पहली बार तुमसे मिल रहा hun,us रिश्ते को महसूस कर रहा hun,jisse निभाने की ख्वाहिश बरसो पहले मैंने दिल के किसी कोने में दबा दी thi,toh ये आंसू भी अपने आप hi निकल गए.........

डैड की बात सुन हम सभी के आँखों में आंसू आ गए...

डैड- अरे ये तोह बताओ कोई मुझे की अचानक हमारे साले साहब यहाँ कैसे आ gaye.koi प्लानिंग कर राखी थी क्या आप सबने मुझे सरप्राइज देने की...

माँ- सरप्राइज तोह हम सब को मिला है.

डैड- मतलब.....!!!!

माँ- फिर माँ ने जो भी मां ने बताया था वो सब डैड को बता दिया.

पर डैड सुरप्रीसेड नहीं hue,balki मुस्कुराकर मेरी तरफ देखने lage....mai डैड के रिएक्शन को देख कर हड़बड़ा गया.

माँ- ाचा एक बात bataiye,aap आज अचानक इतनी जल्दी घर कैसे आ गए...

डैड- आपके सु पुत्र ने hi कॉल करके कहा की कुछ अर्जेंट hai,turant आ जाइये तोह मई आ गया.

माँ ने फिर मेरा माथा चुम लिया.

अंजलि- आंटी uncle,aapko नहीं लगता की मामाजी की आने की ख़ुशी में एक पार्टी होनी चाहिए...

MOM/DAD- बिलकुल....

मामाजी- अरे नहीं nahi.iski क्या ज़रुरत है.

माँ- तू चुप kar.bilkul पार्टी होगी..

मई- वैसे mamaji,aapka मुंबई कैसे आना हुआ...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मामाजी- ऐसे hi छोटा सा काम tha.ek छोटी सी कपड़ो की दुकान डालने की सोच रहा hun,ussi के लिए यहाँ से कपडे खरीदने आया था.

माँ मामाजी की बात सुन कर शॉकेड हो गयी..

माँ- छोटी सी dukan....par kyun???tujhe किस बात की कमी हो gayi....pitaji के पास तोह पैसो की कोई कमी नहीं hai.aur तू तोह उनका इकलौता वारिस hai...fir ये सब.......!!!!!

मामाजी ने अपनी नज़रें नीची कर ली.....

माँ- देख raju..sach सच bata.kya हुआ hai.ghar में कुछ तकलीफ है kya????tujhe मेरी कसम.....

मंजी- दीदी वो बात ये है की.......

माँ- क्या बात hai,bata ना.....!!!!

मामाजी- didi,darasal हमारी ज़मीं गाओं के hi एक आदमी के पास गिरवी पड़ी hai.....bas थोड़ी सी ज़मीन hi अपनी खुद की है जिसपे मई खेती करता hun,par वो काफी नहीं होता इसीलिए सोचा की कुछ छोटा मोटा बिज़नेस कर लूँ...

माँ- पर kaise???aur हमारे पास तोह पैसे भी बोहोत the.wo सब कहाँ गए???

मामाजी- ज़्यादा तोह मुझे भी नहीं maalum.maa ने मुझे इतना hi बताया की पापा को एक बिज़नेस ऑफर आया था जिसके लिए बोहोत पैसो की ज़रुरत thi...papa जो ब्याज में पैसे देते the,wo पैसे और घर में जो पैसे थे सब मिलकर उस बिज़नेस में लगा diya...fir भी पैसे काम पड़े तोह हमारी ज़मीन भी पापा ने गिरवी रख di.par वो बिज़नेस नहीं चल पाया और पुरे पैसे डूब गए..

माँ मामाजी की बात सुनकर बोहोत उदास हो गयी..

मई- mamaji,fir बिज़नेस करने के लिए पैसे कहाँ से अर्रंगे किये आपने!!!!

पता तोह मुझे tha,par मई चाहता था की मां खुद बताएं...

मेरे सवाल पे माँ और डैड भी मां की तरफ देखने लगे..

मामाजी- वो मैंने अपने एक दोस्त से उधर लिया है.....

ये बोलते वक़्त मामाजी नज़र चुरा रहे थे जो माँ ने देख लिया....

माँ- तेरी बचपन की आदत अभी तक नहीं gayi,jhooth बोलते वक़्त नज़रें चुराने की....

चल अब चुप चाप सच बता.

मामाजी कुछ बोल नहीं पाए और रो दिए..

माँ- क्या हुआ raju.paiso के लिए तूने कोई गलत रास्ता तोह नहीं चुना है naa.dekh सच bata,ghabra मत..

मामाजी- नहीं दीदी कोई गलत रास्ता नहीं चुना है maine...wo दरअसल बात ये है की आपकी बहु के ज़ेवर लाया hun,unhe गिरवी रखकर पैसे ले लूंगा....

MOM,DAD दोनों को मामाजी की बात सुनकर बोहोत दुःख हुआ.....

माँ- मेरा परिवार इतनी तकलीफ में है की मेरी बहु के ज़ेवर गिरवी रखने की नौबत आ गयी है और हमे पता भी nahi......ye बोलकर माँ फिर से रोने लगी.

डैड ने माँ के कंधे पर हाथ रखा..

माँ- jee,kya हम.....

डैड- टेंशन मत लो.

माँ आगे कुछ बोल hi नहीं paayi,dad उनकी दिल की बात समझ gaye..aur थोड़ा थोड़ा मां जी भी.

मामाजी- नहीं नहीं jiju.mai मैनेज कर लूंगा.

डैड- चुप कर.....

अभी माँ कुछ कहती उससे पहले hi डैड बोल उठे..

डैड- भले hi पिताजी ने मुझे अपना बीटा नहीं maana,par मैंने तोह मीनू से शादी करते hi उन्हें अपना पिता मान लिया tha....aur पास रहकर या दूर से पिता की सेवा karna,zaroorat पड़ने पर उनकी मदद करना हर बेटे का फ़र्ज़ है......

माँ डैड के गले लग gayi......shaadi करने के बाद जब माँ डैड नानाजी के सामने गए थे तोह आशीर्वाद देना तोह दूर की बात hai,nanaji ने पापा पे हाथ उठा दिया था और दोनों को धुत्कार कर भगा दिया tha....uske बाद भी डैड का नानाजी के प्रति रेस्पेक्ट देखकर माँ को बोहोत ख़ुशी हुई थी......

मई- अरे ये क्या आप लोग बारी बारी से रो रहे ho,aur काम तोह होता rahega,mamaji फर्स्ट टाइम घर आये hain...pehele उन्हें मुंबई दर्शन करवाते hain....shopping करवाते hain...baaki सब बाद में....

डैड- ये की न तूने पते की बात...

माँ- haan,ye सही rahega....abhi तोह दोपहर hai,shaam को चलते है mall.wahin से राजू के लिए शॉपिंग भी कर लेंगे और मूवी भी देख लेंगे....

मामाजी का चेहरा मूवी के नाम से खिल उठा...

डैड- अरे बेगम साहिबा को मूवी देखने का मन था तोह पहले क्यों नहीं बताया.

माँ- मुझे नहीं राजू को hai...usse बचपन से hi मूवीज देखने का बोहोत शौक है ख़ास कर परदे par....haina राजू.

मामाजी ने बच्चों की तरह हाँ में सर हिला दिया जिससे देखकर हम सब हैं पड़े...

MAMAJI-arre अभी तक मैंने अपने भांजे से बात hi नहीं की. वैसे vicky,tum कौन से क्लास में हो???

मई- 11तह में मामाजी....

अंजलि- और आपके एक नहीं तीन भांजे हैं...

फिर डैड ने अंजलि, रोनित, उनकी फॅमिली और हमारे रिलेशन्स के बारे में मामाजी को सब कुछ बताया जिससे सुनकर वो बहुत खुश हो गए.....

मई- ाचा माँ dad,aap लोग बातें कीजिये हम मेरे रूम में जा रहे हैं..

MOM/DAD- ok बीटा.

अब इतने सालों के बाद एक बेहेन भाई का और एक जीजा साले का मिलान हुआ tha,baatein तोह बोहोत साड़ी हो नई hi thi,jiska part बनने का मुझे कोई शौक नहीं था इसीलिए मई रोनित और अंजलि लो लेकर अपने रूम खिसक गया....

वहीँ दूसरी तरफ:-

दादाजी- बस कर bacha....aur कितना रोयेगी....!!!

इस वक़्त दादाजी अपने कमरे में आराम कर रहे थे और अवंतिका उनके बाजू में बैठ कर रो रही thi......subah जब दादाजी & फॅमिली घर पहुंची तोह दादाजी और सतीश की हालत बोहोत ख़राब thi....VAANI ने तुरंत कॉल करके अपने फॅमिली डॉक् को बुला लिया था.

अनुकृति प्रियंका को लेकर अपने मायके गयी हुई थी और जस्ट अभी अभी पहुंची थी पर दोनों को hi किसीने भी कुछ नहीं बताया था....

अवंतिका- क्या विक्रम ने आपके बारे में जो भी kaha,wo सब सच है......

दादाजी- हाँ beta,wo सब सच है

अवंतिका की एक बार और रयलयी निकल गयी..

दादाजी- बीटा प्ल्ज़ इस बात को लेकर मुझसे नाराज़ मत हो जाना.

अवंतिका- dadu,mai आपसे नाराज़ कैसे हो सकती hun.par हो सके तोह ये सब बंद कर दीजिये...

दादाजी- बीटा जिस मुकाम पर मई पहुँच चूका hun,wahan से वापस नहीं आया जा सकता......

अवंतिका ने कुछ नहीं बोलै और चुप चाप उठकर ऊपर अपने कमरे की तरफ चल पड़ी...

दादाजी ( मन में )- उस लड़के की वजह से मेरी असलियत जो किसीको भी नहीं पता thi,wo मेरे पोतियों के सामने आ gayi.....tu भी बचेगा नहीं bache,tujhe भी पता चलेगा की गोल्डन किंग से टकराने का क्या अंजाम होता है.....

वहीँ ऊपर:-

प्रियंका- अरे आप लोग कुछ bataoge,kis लिए चेहरा सुजा कर बैठे हो.

अभी कोई कुछ कहता उससे पहले रूम खुला और अवंतिका अंदर aayi.....uski आँखें अब भी भीगी हुई थी...

प्रियंका- di,kya hua....aap रो क्यों रही हो!!!

वाणी- priyu,sawal जवाब बादमे.

शनाया- दादू कैसे हैं.

अवंतिका- ठीक हैं....

वाणी- babes,is विक्रम का कुछ न कुछ तोह करना hi पड़ेगा....

प्रियंका- अरे अब क्या कर दिया विक्रम भैया ने......

वाणी- चुप kar.aur क्या तू उससे इतनी रेस्पेक्ट देकर बात करती hai,ye जानते हुए भी की उसने डैड पर हाथ उठाया था.....

प्रियंका- दी please.bina बात जाने कुछ भी नहीं बोलना chahiye....maine उस रात को पार्टी से आने के बाद भी सब सच बताने की कोशिश की थी पर आप सुनाने को रेडी hi नहीं thi.VIKRAM भैया की कोई गलती नहीं थी.

वाणी- waah,apne पार्टी में बुलाकर हमारे डैड की इंसल्ट करता है और उसकी कोई गलती भी नहीं hai.....tu इतनी डम्ब कैसे हो सकती है...

अवंतिका- एक मिनट VAANI.....priyu,uski गलती क्यों नहीं hai.....jabki तूने और हम सब ने देखा था की उसने मामाजी से कितनी बत्तमीज़ी की थी.

प्रियंका- बत्तमीज़ी नहीं की thi,battamizi का जवाब दिया था...

सब- मतलब.....!!!

प्रियंका- मई उस वक़्त डैड के बॉडी गार्ड के पीछे hi कड़ी अपने एक फर्न से बात कर रही जब ये सब शुरू hua.dad विक्रम भैया के पापा से किसी बिज़नेस को ना करने की बात कर रहे the...jab अंकल नहीं माने तोह डैड ने अंकल को धमकी दी जिससे विक्रम भैया ने भी सुन लिया और वो बीच में आ gaye.dad ने अपने बॉडी गार्ड्स से विक्रम भैया को सबक सीखने के लिए kaha.jiske जवाब में भैया डैड के बॉडी गार्ड्स और डैड से भिड़े.

और तभी अवनि दी आप आये और आपने भैया को डैड से बत्तमीज़ी करता सोच उनपे हाथ उठा diya.....ab आप hi बताइये इसमें विक्रम भैया की क्या galti.agar कोई हमारे डैड को धमकाएगा तोह क्या हम भी विक्रम भैया ने जो किया वो नहीं करेंगे.....

इसके बाद किसीने कुछ नहीं कहा पुरे कमरे में ख़ामोशी चा गयी.........

बैक 2 हीरो:-

.

मई- जो भी बोलना hai,inke सामने बोलो.....

हम अभी स्कूल पहुँचते hi थे की हमे सरप्राइज देते हुए अवंतिका हमारे पास आयी और मुझसे अकेले में बात करने की रिक्वेस्ट की....

अवंतिका- dekho,hamare बीच जो भी हुआ उससे बदला तोह नहीं जा सकता पर अब मई इस झगडे को और आगे नहीं ले जाना चाहती हूँ...

रोनित- अब ये क्या नया ड्रामा है yaar.aap हमारे सामने आयी हैं यही झगड़ा बढ़ने के लिए काफी है......

पर अवंतिका ने रोनित से कुछ नहीं कहा और मेरी तरफ देखने लगी...

मई- cool.tum अपने रास्ते हम apne.chalo गुइज़्ज़्ज़्ज़.

मई रोनित और अंजलि को लेकर आगे बढ़ गया.

अंजलि- मुझे तोह इसमें भी इसकी कोई चाल लगती है...

मई- अगर होगी तोह इस्पे hi भरी padegi.ab ये सब छोडो और प्रिन्सी के पास चलो..

रोनित- यार अभी nahi,claass के बाद चलते हैं....

फिर कुछ ख़ास नहीं hua.aaj अवंतिका & सिस्टर्स ने हमारी तरफ देखा भी नहीं और रही हमारी बात तोह हम तोह अपने धुन में hi मस्त रहते हैं.......

इन PRINCIPAL'S ऑफिस:-

मई- मई वे के इन सर...

प्रिन्सी- यस के इन....

हम तीनो अंदर चले गए.

प्रिन्सी- अरे आज ये त्रिमूर्ति एक साथ हमारी ऑफिस me.everything आल राइट ना....

मई- यस sir.hum तोह बस लीव की परमिशन लेने आये थे.

प्रिन्सी- leave.teeni को???

व्हाट हप्पेनेड??? एनीथिंग सीरियस.

मई- no sir,everything इस fine.wo एक्चुअली हम सब मेरी माँ के होमटाउन जा रहे है कुछ दिन के liye.isiliye..

प्रिन्सी- ठीक hai.par इससे तुम सबके मार्क्स में कोई डिफरेंस नहीं आना chahiye.ok!!!!

हम तीनो- नहीं आएगा सर.

प्रिन्सी- ok then,u आल कैन जो..

हम तीनो- थैंक्स सर.....

हम तीनो ख़ुशी ख़ुशी ऑफिस से बहार आकर घर के लिए निकल गए....

अब हम ने लीव क्यों li,ye जानने के लिए एक दिन पीछे चलते हैं......

ा स्माल फ़्लैश बैक ऑफ़ लास्ट नाईट:-

रोनित- तोह mamaji,maza आया.....

हम सब अभी मॉल से वापस आये the.aaj माँ ने mamaji,nana nani,maami,aur उनके बच्चों के लिए इतनी शॉपिंग की hai,jitna कोई 1 साल में भी न karen.par इतने सालों की doori,itna तोह बनता है ना....

और मामाजी को शॉपिंग करने में माँ से ज़्यादा तोह डैड एक्ससिटेड लग रहे the...aur लगते भी क्यों nahi,wo कहते हैं naa,SAARI खुदाई एक TARAF,AUR जोरू का भाई एक तरफ.....

मामाजी- बोहोत मज़ा aaya.itna मज़ा तोह मुझे अपनी ज़िन्दगी में कभी नहीं आया tha.mama भी किसी बच्चे की तरह bole,jisse देखकर हम सब है diye.mom और डैड तोह मां की ख़ुशी देखकर मां से भी ज़्यादा खुश दिख रहे थे..

डैड- तोह कल पार्टी रखते हैं हमारे साले साहब की आने की ख़ुशी में..!!!1

माँ- ओफ़्कौर्से.

यहाँ हम तीनो पार्टी का नाम सुनकर शोर मचने लगे......

मामाजी- एक सेकंड bachon,didi,jiju,mai भी चाहता हूँ की पार्टी ho,itne सालों बाद जो हम मिले hain,uski ख़ुशी सबके साथ मनाई jaaye.....par बिना mummy,papa के आपको नहीं लगता की ये ख़ुशी अधूरी है.

मामाजी की बात सुन mom,dad सोच में पद gaye.aakhir मामाजी की बात थी तोह सच.

माँ- तोह तू hi bata,kya चाहता है???

मामाजी- didi,bhale hi अकेले me,par पिताजी तुम्हे याद तोह करते hi hain.ar माँ का तोह पूछो hi mat.toh क्यों ना हम सब धवलपुर चलें और उन्हें manaye.ek बार वो दोनों मान jaayen,toh पार्टी का क्या hai,yahan करो या वहां....

माँ- ये इतना आसान भी नहीं है राजू.....

मामाजी- मुश्किल भी नहीं hai.saalon बीत गए didi.ab इस दूरी को मिटने का वक़्त आ गया है....

डैड- bilkul......aur रही पार्टी की baat,toh वो यहीं hogi.....taaki दुनिया को पता chale,ki जयराज सिंह अब अनाथ नहीं raha,uske भी माँ डैड hai.ye बोलते हुए डैड की आँखों में आंसू आ गए.

मई- बिलकुल dad....aur आप मेसे कोई भी फ़िक्र ना kare,naana नानी मान jaayenge,mai हूँ ना....

मामाजी- acha,aur वो तू कैसे करेगा ...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मई मुस्कुराते हुए- mamaji,abhi तक आपने हमे जाना nahi,V.J जो कहता है.........

RONIT/ANJALI- वो हो जाता है.......

डैड- साले sahab,apne भांजे को छोटा मत samajhna.iski बस उम्र काम hai,baaki ये हम सब का बाप है.....

मई- चलो ठीक है fir,kal मई जाकर स्कूल से लीव ले lunga,hum सब परसो मॉर्निंग निकलेंगे.

RONIT/ANJALI- हमे भूल गया saale....hum भी जाएंगे..

डैड- अरे beta,hum एक दो दिन के लिए नहीं जा रहे hain.ho सकता है हमे कुछ ज़्यादा दिन वहां रुकना pade...tumhari पढाई को नुक्सान होगा.

रोनित- कोई नुक्सान नहीं hoga...aur हम तोह जाएंगे hi,warna आप लोग भी कहीं नहीं जा रहे...

अंजलि- bilkul.london जाने से भी हमे रोक दिया था aapne.par इस बार हम भी जाएंगे मतलब जाएंगे......

माँ डैड समझ गए थे की इन्हे इस बार ताला नहीं जा सकता.

मामाजी- बच्चों समझो........

माँ- रहने दे राजू.... ये तीनो गाँधी जी के तीन बन्दर hain.ek जायेगा तोह बाकी दो भी कूदेंगे जाने के liye.thik है तीनो लीव ले लेना.

RONIT/ANJALI- थैंक्स aunty.u र थे बेस्ट...

फ्लैशबैक एंड्स:-

मीनाक्षी मेन्शन:-

माँ- martha,dekho,kal हम जा रहे hain.ho सकता है हमे वापस आने में थोड़े दिन एक्स्ट्रा लग jaayen,puri घर की ज़िम्मेदारी तुमपर hai,dhyan देना......

मार्था- ओह के ों ma'am,this इस माय job.aap सब बेफिक्र होकर जाइये और एन्जॉय कीजिये....

माँ- गुड.....

फिर दिन भर कुछ ख़ास न hua......mom ने अंजलि और रोनित के घर पर भी बता दिया था की हम सब जा रहे hain...shaam को दोनों परिवार हमारे घर आये और मामाजी से mile.mamaji हम सब के बीच का प्यार देखकर बोहोत खुश हो गए.....

नेक्स्ट डे:-

मई- mom,aur कितने घंटे का सफर बाकी है!!!!

इस वक़्त रात के 9 बज रहे the.hum आज शाम को घर से निकले थे धवलगढ़ के liye.hum एक मिनी बस में थे जो की डैड ने कल hi खरीद ली thi....aage और भी काम आएगी सोच के.......

माँ- बीटा कल सुबह 9,10 बजे तक पहुँच जायेंगे....

मई- ok.

रात को डिनर हमने आगे एक ढाबे पे किया और वापस बस में आकर कुछ देर गप्पे मारते मारते सो गए....

मई- क्या hua????gaadi क्यों रोक दी.....

ब्रेक से लगने वाले झटके से मेरी नींद टूट gayi..maine टाइम देखा तोह रात के 2 बज रहे the......maine नज़र घुमाई तोह देखा सब सोये हुए है.

ड्राइवर- sir,saamne रोड क बीच में कोई खड़ा है!!!!!

मई- इतनी रात को रोड के बीच में कौन खड़ा हो gaya.chalo,mai देखता हूँ..

ड्राइवर- सर ये जगह सुनसान hai.road के दोनों तरफ जंगल hai.bahar खतरा हो सकता hai.aap बैठिये मई देखता हूँ..

मई- खतरा तोह आप के लिए भी हो सकता है naa.aap बे फ़िक्र rahiye,mujhe कुछ नहीं होगा..

मैंने नीचे उतारकर जैसे hi सामने देखा.

मई- तुममममममम........!!!!!!!!!!!

वहीँ हेवन में:-

संत सकिलिअ- आखिर वो वक़्त आ गया....!!!!

नजाने कितनी सदियों से वो सब इसी पल के इंतज़ार में थे.......

सत सेबेस्टियन- haan.bas विक्रम में कोई गलत बदलाव न आ JAAYE.....WARNA इस ब्रम्हांड को बर्बाद होने से कोई नहीं बचा पायेगा........

आज के लिए इतना HI.........

आपका अपना V.J.........
 
अब तक आपने पढ़ा की अवंतिका के दादाजी विक्रम से बदला लेने की सोचते हैं वहीँ मीनू के गाँव जाते वक़्त रास्ते में किसी को देखकर विक्रम चौंक जाता है.....

अब आगे:-

CHAPTER-1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट

अपडेट - 38:-

मई- तुमममममम!!!!!!!!

सामने वाले के मुँह से तोह कुछ बोल hi नहीं फुट रहे the.bas आँखें फटी हुई थी.

वैसे तोह मुझे चौकाना बोहोत मुश्किल hai,par इस बार मई सच में सुरप्रीसेड था...

मई- hello,AVANTIKAAAAAA......kahan खो गयी हो!!!!

जी हाँ doston,ye और कोई नहीं हमारी प्रिय अवंतिका मैडम hi thi......maine उससे हिलाया तब जाकर उससे होश आया...

अवंतिका- tum,yahan bhi....yaar तुम तोह मेरी ज़िन्दगी में कुंडली मार कर बैठ गए हो......

मई- कुंडली सांप मारते hain...aur सांपो वाली पीछे से डसने की फितरत किसकी hai,ye तुम अछि तरह से जानती हो......

अवंतिका- मई तुमसे बेहेस hi क्यों करती हूँ!!!

मई- बेहेस hi नहीं तुम मुझसे टकराती hi क्यों हो?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


??और एक बात batao,itni रात गए हाईवे में जो की जंगल के बीच hai,tum क्या कोई हवन करने आयी हो....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

अवंतिका- अरे मेरी गाडी बंद हो गयी है......1 घंटे से यही फांसी हुई hun.itni देर बाद एक गाडी dikhi,socha लिफ्ट ले lun,par मेरी फूटी किस्मत dekho,wo गाडी भी तुम्हारी निकली..

मई- फूटी नहीं अछि किस्मत bolo.waise तुम्हारी गाडी कहाँ है??

अवंतिका- सामने hi है.

मई- chalo,tumhari गाडी ठीक करते हैं...

एक्चुअली हम जहाँ खड़े थे वो रोड उपसीडे डाउन thi..fil हाल हम डाउन में the.isiliye यहाँ से आगे क्या hai,wo दिख नहीं रही थी.

अवंतिका- तुम गाडी ठीक करना भी आता है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- मैंने बन्दे ठीक कर diye,ye गाडी क्या चीज़ है....!!!!

अवंतिका मेरी बात का मतलब समझ गयी पर उसने कुछ कहा नहीं...

मई- क्या हुआ भाई?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


क्या प्रॉब्लम आ गयी...

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

ड्राइवर- समझ नहीं आ रहा है सर!!!!

मई- समझ नहीं आ raha,nayi नयी ड्राइविंग सीखी है क्या...

ड्राइवर- नहीं sir.wo एक्चुअली इस गाडी की इंजन टेक्नोलॉजी बोहोत अलग hai.iski वायरिंग समझ नहीं आ रही.....

मई- acha,chalo देखते हैं...

मई इंजन के पास गया और देखने लगा और कुछ hi देर में मुझे फाल्ट दिख गया....

मई- अरे इसका पावर सॉकेट जैम हो गया hai......ye जपनेसे technology,kuch चीज़े तोह पुराणी जगह chhodte.saamne रख दिया है पावर socket,jhatkon की वजह से अलग हो गयी होगी....

ड्राइवर- अरे हाँ sir,ye तोह मैंने देखा hi nahi.par ये ठीक होना तोह बोहोत मुश्किल hai.socket का मेटल अपनी जगह से निचे गिर गया hai.ye काफी टाइट होता hai.isse वापस सेट करने के लिए तोह अलग से मशीन आती hai.ye हाथों से नहीं होगा.

मई- देखते हैं.....

मैंने मेटल को पकड़ा और ऊपर खींच कर सॉकेट से जोड़ दिया.

मई- लो हो gaya.start करो..

पर जब मैंने ड्राइवर की तरफ देखा तोह मुझे हसी आ gayi.wo बेचारा मुँह फाड़े देख रहा था...

मई- क्या hua,start करके देखिये..

ड्राइवर- ये आपने कैसे किया?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अवंतिका- क्यों क्या हुआ???

ड्राइवर- सर ने हाथ से hi मेटल खींच कर लगा दिया....

मई- भाई ये सब बाद में sochna.raat का वक़्त hai.hum जंगल के बीच में hai...zyada देर तक यहाँ खड़ा होना सेफ नहीं hai....tum लोग जल्दी निकलो....

ड्राइवर ने गाडी का स्टार्टिंग बटन dabaya,gaadi तुरंत स्टार्ट हो gayi....AVANTIKA फिर से मुझे शॉकिंग लुक्स दे रही थी...

मई- आदत दाल लो madam.kab तक शॉक होती rahogi.ye बोल मुस्कुराते हुए मई अपनी गाडी की तरफ बढ़ गया.

अवंतिका- थैंक्स.....

जब मई उसके बाजू से निकला तोह मैडम ने कहा...

पर मैंने कोई रिएक्शन नहीं दिया और आगे बढ़ गया...

अवंतिका- अकड़ू.........

मई- चलो bhaiya,badhao आगे गाडी...

मैंने अपने बस में चढ़ ड्राइवर से कहा.

ड्राइवर ने गाडी आगे बाधादि....

धवलगढ़:-

एक ऐसा गांव जिससे असल में गाँव कह नहीं sakte...kyunki धवलगढ़ से लगकर कुल 30 गांव है जो इससे के बोहोत बड़ा डिस्ट्रिक्ट बनती hain......hamare देश की कल्चरल और प्राचीन ख़ूबसूरती का धवलगढ़ एक जीता जागता एक्साम्प्ले hai.yahan हज़ारो सालो पहले बने मोनुमेंट्स hain.par अब जगह भी समय के साथ हितेश हो चुकी है.

मन जाता है की धवलगढ़ हज़ारो साल पुराण नगर hai.apna नाम इससे धवली झील से मिला जो की धवलपुर की पश्चिमी सीमा छोर पर hai....par अब धवली झील झील नहीं rahi,balki गीली मीठी से भरी हुई बड़ा सा मैदान बन चुकी hai...iske पीछे की कहानी आपको थोड़ी देर में पता चल जायेगा ....

बैक तो स्टोरी:-

A/MOTHER- अरे बीटा tu...what ा प्लेअसेन्ट सरप्राइज......

सुबह का वक़्त hai,AVANTIKA जस्ट घर पहुंची hai.gaadi की आवाज़ सुन दीप्ती आहूजा (AVANTIKA'S माँ ) सामने दरवाज़े पर aayi.apni बेटी को देख उनकी ख़ुशी का ठिकाना न raha...wo झट से जाकर अवंतिका के गले लग गयी....

A/MOM- अरे सुनिए जीईई , देखिये अवनि आ gayi....beta तू अकेली आयी hai....bina कोई सिक्योरिटी ke.aur हमे बताया भी नहीं......

दीप्ती की आवाज़ सुन सारे घरवाले हॉल में आ gaye,aur अपने सामने अवंतिका को देख सभी खुश भी हुए और सुरप्रीसेड भी...

दादी - मेरा बचा....

दादीजी ने अवंतिका का माथा चुम लिया...

बीटा अकेले hi आयी hai.SHANAYA नहीं आयी.

फिर एक एक करके सभी शामे सवाल रिपीट करने लग गए....

A/MOM- कुछ बोलेगी भी..

अवंतिका- क्या bolun.jab भी कुछ बोलने को होती hun,tabhi आप में से कोई न कोई फिर कोई सवाल कर लेता है.

अमृता- चल अब कोई कुछ नहीं puchega.tu बता की इतना लम्बा सफर करके तू अकेली क्यों आयी और न hi कॉल करके अपने आने की जानकारी di.SHANAYA या वाणी ने भी कॉल नहीं किया..

अवंतिका- मुझे आप सब की याद आ रही thi,toh सोचा कुछ दिन के लिए घर आ jaun.ab अगर शनाया भी साथ आती तोह नोट्स कौन बनता, हम पढाई में पीछे हो jaate.kisi एक का रूकना ज़रूरी था इसीसलिए शनाया को मैंने रोक दिया......

दादी- पर बीटा तू आ रही hai,ye बताया क्यों नहीं.

अवंतिका- दादी अगर मई ाको बताती की मई अकेली आ रही हूँ तोह आपमें से कोई भी राज़ी नहीं hota.isiliye मैंने वहां घर में भी सबको मन कर दिया था की मेरे आने की बात न बताएं.

माँ- पर बीटा अकेले आने में रिस्क है ना..

अवंतिका- ओफ्फो mom...dekho आपके सामने तोह भली चंगी कड़ी hun.wo सब छोड़िये और ये बताइये की दादू कहाँ हैं....

दादीजी- वो सोये hain.kal रात कुछ लेट से सोये थे इसीलिए अभी तक उनकी नींद नहीं khuli.par एक बात bata,agar तुझे आना hi था तोह तू कल दादू के साथ hi क्यों नहीं आयी.

अवंतिका- दादू जब मॉर्निंग में nikle,ussi के बाद मेरे आने का ज़्यादा मन करने laga.dadu को कॉल करती तोह वो आधे रस्ते से वापस आ jaate.isiliye मई दूसरी गाडी लेकर आ gayi...ab आप सबके क्वेश्चन ख़त्म हो गए हैं तोह कोई मुझे नाश्ता dega,badi ज़ोरों की भूक लगी है..

माँ- अरे मई bhi....tu जाकर फ्रेश हो jaa,mai नाश्ता लगाती हूँ.....

अवंतिका- ok माँ....

अवंतिका अपने रूम की तरफ चल दी.....

बैक तो हीरो:-

माँ- raju,mujhe तोह बोहोत दर लग रहा hai.pata नहीं पापा कैसे रियेक्ट करेंगे?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


हम इस वक़्त नानाजी के घर से एक गली दूर the.mom के बोलने पर गाडी को रुकवा दिया गया था...

डैड- यार दर तोह मुझे भी लग रहा hai.is उम्र में थप्पड़ कहते हुए थोड़ी न ाचा lagunga.khaas कर के अपने बच्चों के सामने .....पर जाना तोह पड़ेगा ना.

मामाजी- हाँ di...daro mat.zyada से ज़्यादा क्या hoga,daantenge naa.sun lena.aap hi क्या हम सब सुन lenge,par आज उन्हें मन कर hi रहेंगे..

मई- यार ये आप लोग क्या टॉपिक ले कर बैठ gaye....mom,wo आपकी माँ डैड hai..maan लो की मई आप से कई सालों के लिए दूर हो gaya.toh आपको कैसा lagega.same फीलिंग उनके दिल में भी hogi.toh जस्ट relax,ok.driver uncle,gaadi राइट lijiye.mamaji कहाँ रोकना है बता देना....

ड्राइवर ने गाडी राइट घुमली.

मामाजी- बस bas,yahan पेड़ के नीचे hi रोक दो...

कुछ आगे जाकर मामाजी ने गाडी रुकवा दी....

हम सब नीचे उतरे....

मामाजी- मेरे पीछे पीछे आइये...

मामाजी के पीछे पीछे हम घर की तरफ चल diye....mom तोह घबराई सी डैड का हाथ पकड़ कर चल रही thi....mamaji ने बहार जो बड़ा सा गेट था वो khola,aur हम अंदर चले गए...

नानाजी का ghar.same ओल्ड पुश्तैनी टाइप्स बड़ा सा ghar..saamne बड़ा सा गेट जिससे क्रॉस करके हम अंदर आये the....andar जहाँ हम अभी खड़े the,ye एक बोहोत बड़ा सा आँगन था जिसके राइट साइड पे बड़ा सा तबेला था जहाँ बोहोत सी गाय और भैंसे बंधी हुई thi....hum वही सब देखते हुए आगे बढ़ रहे थे.....

मीनू.................

हम सब इधर उधर देख रहे the,par इस आवाज़ से हमने सामने की तरफ देखा...

घर के दरवाज़े पर एक ओल्ड लेडी कड़ी thi,jinke आँखों में अविश्वास के आंसू थे.........

ये मेरी नानी माँ थी....

वो दौड़ते हुए आयी और माँ के गले लग गयीं...

अनुराधा............

माँ और नानी काफी देर से एक दूसरे के गले लग रो रहे थे पर ये आवाज़ सुनते hi नानी जैसे नींद से जाएगी और माँ से अलग हो गयी....

ये आवाज़ मेरे नानाजी की थी जिनके आँखों में पानी पर चेहरे पर ग़ुस्सा था....

मई- नमस्ते नानाजी.....

नानाजी ग़ुस्से से तेज़ चलते हुए माँ और डैड के पास आ hi रहे थे की मई झट से डैड के सामने आ गया और नानाजी के पेअर छू लिए.

मेरे अचानक सामने आने से नानाजी हड़बड़ा गए....

मई- मई आपका नाती हूँ नानाजी...

मेरे ये बोलते hi एक पल के लिए नानाजी का पूरा ग़ुस्सा उतर गया पर डैड को देखते hi उनके चेहरे पर ग़ुस्सा लौट aaya.wo कुछ कहते उससे पहले

मई- एक सेकंड nanaji.pahle मेरी बात सुन लीजिये फिर आप डैड को या माँ को जो पनिशमेंट देना चाहते हो वो दे देना..

नानाजी सवाल भरी नज़र से मुझे देखने लगे....

रोनित अंजलि से- अंकल से पहले तोह आज ये पिटेगा.

अंजलि- चुप कर.

MAI-mai जानता हूँ आप डैड और माँ से बोहोत नाराज़ hai.hona भी chahiye..har पापा की ये ख्वाहिश होती है की उनकी बेटी की शादी उनकी मर्ज़ी से ho...par बेटी की ख्वाहिशों को पूरा करना भी तोह एक पितः की hi ज़िम्मेदारी होती hai.khaaskar वो zid,jo सही हो...

ी मैं आप खुद batayiye,kya मेरे डैड में कोई कमी thi.......bas एक बात थी की वो ऑर्फ़न the,par क्या ये रीज़न काफी है माँ को उनसे अलग करने के liye....kya एक ाचा लड़का होना काफी nahi.....aap एक बार माँ से puchiye..shaadi के इतने सालों बाद वो खुश हैं की नहीं.....

पता है nanaji...aaj के युथ की सोच इतनी बदल गयी है की अब तोह ज़्यादातर बचे शादी में बिलीव भी नहीं karte.mai अभी छोटा hun,par मई एक दिन शादी करना चाहता hun,jaante हैं kyun,dad की वजह se.jitna प्यार और रेस्पेक्ट वो माँ की करते hain,utni शायद मई भी न कर paaun...kya ये काफी नहीं है.....

डैड- sir,itne साल मेरी वजह से आपकी बेटी आपसे दूर rahi,please मुझे माफ़ कर दीजियेगा.....

डैड ने नानाजी के सामने हाथ जोड़कर ये सब कहा...

नानाजी डैड के सामने खड़े हुए और

चटटाखखहहहहह....

नानाजी- पापा को सर बोलता hai,haan....

ये बोलते बोलते नानाजी की आवाज़ लड़खड़ा गयी,

नानाजी ने डैड को गले से लगा liya.maine बोहोत काम बार डैड को रट देखा hai,par आज तोह उनके आँखों ने सैलाब का रुख ले ले लिया था....

नानाजी- बस kar..mard रट हुए अचे नहीं लगते...

डैड- रो लेने दो papa.aaj एक अनाथ के सर पर बाप के हाथ का सुखों आया hai.aaj रो लेने दो..

नानाजी- chupkar.aur अब अगर खुदको अनाथ कहा naa,toh समझ लेना की मई नहीं रहा.

डैड- नहीं nahi,aisa कभी नहीं होगा....

तभी नानाजी को अपने पेअर पर किसीका हाथ महसूस hua....nanaji ने नीचे देखा तोह माँ थी...

माँ- अपनी गुड़िया को भी माफ़ कर दो पापा.

पर नानाजी ने मुँह फेर लिया.....

माँ- प्ल्ज़ papa...ye बोलते बोलते माँ की रुलाई फुट पड़ी.

नानाजी माँ को रट देख न सके और उन्होंने माँ को उठा कर गले लगा लिया......

नानाजी- मैंने चली जा बोलै और तू चली gayi.kya मई तुझे दांत भी नहीं सकता tha..kitne अरमान थे मेरे तेरी शादी के liye,wo सब टूट गए the,toh क्या मई तुझसे नाराज़ भी नहीं हो sakta.itne सालों में एक बार भी तुझे अपने माँ बाप का ख्याल नहीं आया की वो ज़िंदा भी है की नहीं...

माँ- ऐसा मत बोलिये papa.aisa एक दिन भी नहीं गुज़रा जब आपकी याद नहीं aayi..par डर्टी thi,ki मुझे देखकर आपको ग़ुस्सा न आ जाए इसीलिए हिम्मत न जूता पायी यहाँ आने की.....

काफी देर तक माँ डैड पहले नाना से फिर नानी से अपने गीले शिकवे मिटते rahe,par फिर नानाजी का ध्यान मुझपे गया..

नानाजी- अरे मुझे अपने नवासे से भी तोह मिलने दो.

नानीजी- हटो ji,apne नाती से पहले मई मिलूंगी...

अभी कुछ देर पहले जहाँ माहौल काफी उदास सा tha,achanak उसमे एक ख़ुशी आ गयी....

नानीजी मेरा माथा चुके- मेरा नाती देखो तोह कितना बड़ा हो गया hai....aur कितना सुन्दर bhi.najane कितनो की नज़र लगी hogi,rook मई तेरी नज़र उतरती हूँ.

RONIT/ANJALI- और हमारी........

दोनों की आवाज़ सुन सबका ध्यान दोनों पर गया...

नानाजी- तुम दोनों भी मेरे नवासे हो....!!!!!

डैड- जी pitaji.ye मेरे दोस्तों के बचे हैं पर हमारे लिए विक्रम से काम नहीं hai.teeno जिगरी दोस्त हैं..

नानाजी- तोह मेरे नवासे का नाम विक्रम hai...aur मेरे बाकी के दोनों नवासों का नाम क्या है...

ननु मेरा नाम रोनित है.

और मेरा नाम अंजलि hai.....dono ने बारी बारी नानाजी के पेअर छुए

नानीजी- जीते raho.bohot प्यारे नाम hai.naani आरती का थाल लेकर आती हुई बोली....

फिर बारी बारी से हम तीनो की आरती उतरी गयी..

मामीजी इतनी देर से वहीँ दरवाज़े पे खड़े रहकर ये सब देख रही thi.mom की नज़र उनपर padi.wo मामीजी के पास चली gayi.aur जो एक बार बातें शुरू huin,toh कुछ hi देर में दोनों पक्की सहेलियों की तरह घुल मिल गयी थी.

मामाजी- वाह नवासे क्या मिले मुझे तोह सभी भूल hi गए.....

मामाजी की आवाज़ सुन सबका ध्यान उनपर गया.

नानीजी- अरे raju,tu इन लोगों के saath,aur ये तेरे सर पर क्या हुआ है.....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मामाजी के सर की पट्टी तोह हाथ गयी थी पर हैंडीप्लास्ट लगा हुआ था.

माँ- अरे इसी की वजह से तोह हम यहाँ आ पाए.

NANA/NAANI- मतलब???

फिर माँ ने जो उन्हें पता था की हम मामाजी से कैसे मिले वो सब नाना नानी को बता दिया

मामाजी के एक्सीडेंट की बात सुनकर वो सब घबरा गए थे पर हमारे बताने पर की कुछ भी सिरोउस नहीं tha,shaant हो गए...

नानाजी- मेरा नवासा तोह बोहोत नेक दिल hai.anjaan लोगों की भी मदद करता hai.shaabaash बीटा....

मई- nanu,mere भाई बेहेन कहाँ हैं.??

नानाजी- बीटा वो तोह स्कूल गएँ हैं.12 बजे आ jayenge.tab मिल लेना...

नानीजी- haan,abhi तोह chalo,sab नाहा धो कर फ्रेश हो jao,fir मई नाश्ता लगाती हूँ...

रोनित- haan,aaj तोह मज़ा आ jayega.naniji के हाथ का बना खाकर...

मई- ोये bhukkad.bas खाना दिखना chaiye,tujhe मज़ा आ hi जाता है.

नानीजी- चुप kar.mai मेरे बचे को अपने हाथों से खिलाऊंगी.

जहाँ मेरी बात सुनकर रोनित महाराज का मुँह टेढ़ा हो गया tha,wahin नानीजी की बात सुनकर बाँदा खुश हो गया.

फिर हम ऐसे hi हस्ते बात करते हुए घर अंदर चले गए...

चलिए सबका थोड़ा इंट्रो हो जाए:-

NANAJI-AMRISH सहगल- मिजाज़ के सख्त पर दिल के अचे hai.ek ज़माने में खानदानी रहिस थे पर अब मिडिल क्लास रह गए हैं......

NANIJI-ANURADHA सहगल- पूजा पाठ में विश्वास रखने वाली एक सिंपल सी grahani...jitna है उतने में hi ये संतोष रखने वाली महिला हैं...

मामाजी- राजेंद्र SEHGAL-waise तोह ग्रेजुएट हैं पर खेती बाड़ी करते hain.ek लौटे लेक जो hain....nature के एकदम simple,bhole भाले से.....

MAMIJI-SWATI सहगल - बोहोत hi ख़ूबसूरत पर सिंपल lady.....apne परिवार से बाओहोट प्यार करती हैं..

कोमल SEHGAL-MAMAJI की बेटी- 6तह में hai.bohot hi क्यूट और शरारती है...

आदित्य सहगल- मामाजी का बीटा- 4तह में hai...thoda चब्बी hai.mamaji की hi तरह भोला भाला और सिंपल है....

चलिए इन सब को फ्रेश होने देते हैं और हम चलते हैं-

दूसरी तरफ:-

दादाजी- बीटा यूँ अकेले इतना लम्बा सफर करना ठीक नहीं है....

दादाजी को जैसे hi पता चला की अवंतिका घर आयी है वो उससे मिलने उसके रूम पहुँच गए......

अवंतिका- dadu,ghar की याद आ रही thi,raha नहीं गया तोह आ गयी...

दादाजी- बीटा आना hi था तोह मेरे साथ आ जाती यूँ अकेले...

अवंतिका- आपके जाने के बाद hi ज़्यादा मन होने laga.....aur टेंशन क्यों लेते हैं dadu,mai ठीक से पहुँच तोह गयी ना....

दादाजी- hmm.par आगे से ऐसा नहीं होना chahiye.jahan भी jaaogi,puri सिक्योरिटी के साथ जाओगी.....

अवंतिका- दोने....

दादाजी- बीटा मई सोच रहा था की अगर वहां तुम्हारा मन नहीं लागफ रहा है तोह आगे की पढ़ाई यहाँ कर लो.....

अवंतिका- नहीं dadu......jo भी हुआ उसमे मेरी पढ़ाई का क्या kasoor.....mai वही पढूंगी..

दादाजी- पर बीटा वहां वो लड़का भी hai.agar उसने कुछ गड़बड़ की तोह....

अवंतिका- dadu,itna तोह अब आप भी समझ गए होंगे की वो ऐसा कुछ नहीं karega...agar हम पहल नहीं करेंगे तोह वो भी कुछ नहीं करेगा....

दादाजी- चल जैसी तेरी iccha.acha एक और baat,jo कुछ भी हुआ वो घर पर किसीको भी पता नहीं चलना chahiye....khaas कर तेरे डैड को तोह बिलकुल भी नहीं....

अवंतिका- मई क्यों बताउंगी dadu...agar किसीको कुछ पता चला तोह मेरी पढ़ाई hi रोक देंगे....

दादाजी- ठीक है fir.ab जब तक तू यहाँ hai,enjoy कर और खुश रहना वर्ण तेरे माँ डैड को शक होगा..

अवंतिका- मई वो सब भुलाने के लिए hi तोह यहाँ आयी हूँ dadu.aap टेंशन फ्री rahiye...mai बोहोत खुश हूँ..

दादाजी ने अवंतिका के माथे को चूमा और रूम से बहार निकल गए....

बैक तो हीरो:-

मई- दादू- वो साइड वाले रूम में क्या है???

शाम ढल चुकी thi,hum सब बहार आँगन में बैठे the.....aaj दिन भर हमने खूब मस्ती की thi....mai और रोनित फर्स्ट टाइम तुबे वेल में नहाये the....waise तोह घर में बाथरूम्स थे पर मेरी बोहोत दिनों से ीचा थी की अगर कभी कोई गांव जाऊं तोह तुबे वेल या बोर में नहाऊं जो आज पूरी भी हो गयी..

दोपहर को जब मेरे चुनु मनु भाई बेहेन आये तोह मई उनसे mila......itne क्यूट थे की क्या bataun???unke लिए जो गिफ्ट्स लाया था सब diya.dono hi बोहोत खुश हो gaye.mom डैड ने भी नाना नानी और मामी के लिए जो शॉपिंग की थी वो सब उन्हें di.itne सारे कपडे और ज़ेवर देखकर सभी शॉकेड हो गए थे.....

जब नानाजी और नानीजी को पता चला की डैड पुरे कंट्री के टॉप तेन रिच लोगों में से एक हैं तोह दोनों का सीना गर्व से फूल गया....

पर एक बात मेरे साथ अजीब हो रही thi.neeche hi एक कमरा था जिसमे ताला लगा हुआ tha,mujhe ऐसा लग रहा था जैसे कोई है जो मुझे उस कमरे की तरफ खींच रहा hai.maine अपनी शक्ति से पता लगाने की कोशिश भी की पर नाकाम raha....abhi मौका सही लगा तोह नानाजी से उस कमरे के बारे में पूछ hi लिया.......

नानाजी- उस कमरे में पुराणी किताबे हैं beta.pehle मुझे पढ़ने का बोहोत शौक था ख़ास कर के प्राचीन सभ्यताओं के बारे में तोह अलग अलग किताबें खरीद कार पढ़ा करता tha.wahi सब उस रूम में राखी हुई हैं..

अंजलि- woww.nanu,mujhe भी हिस्टोरिकल चीज़ों को पढ़ने का बोहोत शौक है..

नानाजी- ये तोह बोहोत अछि बात hai.raju,us रूम की चाबी बच्चों को दे de.jab भी दिल करेगा खोल कर पढ़ लेंगे.

मई- कभी क्या ननु हम अभी पढ़ेंगे.

नानीजी- nahi,pehle खा कहो उसके बाद जो करना है करना....

माँ- हाँ bachon,pehle डिनर कर लो...

हम सब बैठ गए लाइन से डिनर karne.aaj माँ ने अपने भतीजो को अपने हाथों से खाना khilaya.aur मुझे पता चल गया की हमारे घर में खाना कहते वक़्त बात न करने का रूल माँ ने यही से लिया hai.....hum सबने चुप चाप खाना खाया पर इन सब के दौरान मेरा दिल उस रूम की तरफ बार बार आकर्षित हो रहा था......

मई- chalo,us रूम को खोलते हैं..

खाना ख़त्म कर मैंने अंजलि और रोनित से बात की...

अंजलि- हाँ चल ना.

रोनित- अरे मई नहीं जा raha.historical बुक्स भी कोई पढ़ने की चीज़ है!!!

मई- तुझे कौन पढ़ने के लिए बोल रहा hai,hum जो बुक्स सेलेक्ट करेंगे तू उनको उठाना.

रोनित- ोये कुली समझा है क्या!!!!

अंजलि- तू चल रहा है की नहीं....

रोनित- चल रहा हूँ naa.chillati क्यों है!!!

मैंने ताला खोला और हम रूम के अंदर चले गए....

अंदर लाइट ऑफ tha.maine पावर बटन ढूंढ़कर लाइट ों कर दिया

अंजलि- wow,kitni साड़ी कलेक्शन है.

रोनित- टोटल टाइम वास्ते.

अंजलि- चुप कर...

अंजलि- यार यहाँ इतनी साड़ी बुक्स hain,kya पढ़ें.!!!!!

मई- एक काम करते hain,tu लेफ्ट साइड की शेल्फ dekh,mai राइट साइड की देखता हूँ.

अंजलि- ठीक है.

रोनित- और मई!!!

मई- तू अंजलि की हेल्प कर......

मई राइट साइड की शेल्फ की तरफ चला गया क्यूंकि मुझे उसी तरफ से कुछ खिचाव महसूस हो रहा था.....

मई जब शेल्फ के करीब पहुंचा तोह मुझे शेल्फ के पीछे कुछ महसूस hua.maine बीच की किताबे साइड सरकायी और पीछे देखने की कोशोष्य ki.mujhe नीचे की तरफ कुछ गिरा हुआ dikha,wahan से हलकी हलकी रौशनी आ रही thi....par मेरी नज़र पड़ते hi रौशनी बंद हो गयी...

मैंने अपना हाथ आगे सरकाया hi था की मुझे एक और झटका laga.kitab खुद मेरे हाथों में आ गयी थी......

अंजलि- कुछ मिला क्या.....

मई पलटा तोह अंजलि और रोनित मेरे पास खड़े थे.

मई- हाँ ये...

अंजलि- अरे ये बुक तोह कवर्ड hai.kahan मिली तुझे.

मई- यही शेल्फ में थी..

अंजलि- कमाल hai,yahan की साड़ी बुक्स के ऊपर धुल जैम चुकी है पर ये बुक तोह पूरी क्लीन hai...waise ये किताब है किस बारे में..!!!

रोनित- अरे पहले कवर तोह खोलो..

मैंने कवर hataya.book का टाइटल हमारे आँखों के सामने था.

रोनित- *****************.बड़ा खतरनाक नाम है bhai....haina!!!!!

अंजलि- पर ये है किस बारे me.khol कर देखते हैं..

मई- एक minute,pehle नानाजी से पूछते hain...kya है ना उससे बेस क्लियर हो jayega.fir पढ़ने में आसानी होगी...

अंजलि- haan,ye ठीक rahega.chalo चलते हैं.

हम बाहर आये तोह देखा सभी बहार आँगन में hi बैठे हुए थे.

मई- nanu,ye बुक किस चीज़ के ऊपर लिखी गयी है......

हम तीनो नानाजी के पास जाकर बैठ गए....

नानाजी- अरे ये किताब तुम्हे कहाँ mili.mai तोह कबसे इससे खोज रहा tha,mujhe मिली hi नहीं....

मई- अंदर बुक शेल्फ में hi thi.wo सब chhodo,aap बताइये की ये बुक किस चीज़ पर लिखी गयी है...

नानाजी- बीटा इससे पढ़ा तोह मैंने भी नहीं hai,par हाँ ये किस चीज़ के ऊपर होगी इसका आईडिया है मुझे.

अंजलि- बताइये न ननु...

ये जानने के लिए तुम्हे धवली झील के बारे में जानना होगा...

मई- धवली झील!!!! वो क्या है....

मामाजी- हाँ pitaji,batayiye naa,bacho बोहोत hi मशहूर किस्सा hai.mamaji की बात सुन सभी क्यूरियस हो गए इस झील के बारे में जानने के...

नानाजी- DHAWALGARH.ye नाम इस शहर को धवली झील से hi मिला hai......ye झील हमारे शहर के पश्चिमी छोर पर hai...aur एक बोहोत hi रोचक बात बताऊँ???

हम सब- क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


नानाजी- माना जाता है की ये झील उतना hi पुराण है जितनी की prithvi.iska निर्माण पृथ्वी के साथ hi हुआ था...

हम सब नानाजी की बात सुनकर शॉकेड हो गए..

नानाजी- आज से हज़ारों साल पुराणी बात hai.....kehte हैं की उस झील की गहराई को नापा नहीं जा सकता tha...us झील के अंदर एक अलग दुनिया thi.aur पुरे ब्रम्हांड के सारे राज़ उसके अंदर hi छुपे हुए थे...

उस झील की रक्षा 1000 पवित्र आत्माये करती thi...un आत्माओ में इतनी ताक़त थी की अगर उनकी शक्तियों को मिला दिया जाए तोह सम्पूर्ण ब्रम्हांड का विनाश किया जा सकता था......

पर एक दिन कोई डेविल वहां पर aaya.....kehte हैं की उस डेविल में गॉड की शक्ति thi......usne उन पवित्र आत्माओं से उस झील के सारे राज़ जानने का अधिकार माँगा पर पवित्र आत्माये नहीं maani.....us डेविल और पवित्र आत्माओ के बीच जुंग छिड़ गयी जो नजाने कितने युगों तक chali..devil समझ गया था की वो उन पवित्र आत्माओ से नहीं जीत सकता था इसीलिए उसने एक चाल chali.uske पास एक स्पीयर हुआ करता tha...jisme ताकत को सोखने की क्षमता thi...usne अपने भी हज़ार रूप बना लिए और चरों तरफ से हुम्ला करने laga......jitne भी वार सारे पवित्र आत्माए करती वो स्पीयर उससे सन्क्ति जाती. मौका देखकर डेविल गायब हो gaya.par उसके बाकी के रूप लड़ रहे थे जिसकी वजह से पवित्र आत्माये धोका खा gayi....devil को ये बात मालुम थी की हर आत्मा दूसरे से जुडी हुई hai.....wo तुरंत एक आत्मा के सामने प्रकट हुआ और उसके सीने में वो स्पीयर घुसा di..spear के पास ताकत को सोखने की शक्ति thi....dekhte hi देखते सारे पवित्र आत्माएं उस स्पीयर में सामने लगे

पर उनके अंदर इतनी एनर्जी थी की वो डेविल उस स्पीयर को संभल नहीं paaya.wo स्पीयर उसके हाथ से छुटके सीधा धवली झील के बीच में giri....spear जाकर जिस जगह गधा उस जगह ने सारा पानी सोखना शुरू कर diya...aur देखते hi देखते पूरा झील सुख gaya....us डेविल ने जिस राज़ को जानने के लिए ये सब किया था वो राज़ भी उस पानी के साथ गायब हो gaya..........paani के अंदर जाते hi स्पीयर भी ज़मीं के अंदर चला gaya.aur वो पूरी जगह काली हो gayi.kehte है ये उस डेविल के स्पीयर की वजह से हुआ जो की अरे ......क्या एक शब्द था मुझे याद नहीं आ रहा है..

मई- ेंचन्त्मेन्त.....

नानाजी- हाँ ेंचन्त्मेन्त की वजह से हुई थी झील में अब एक बून्द पानी भी नहीं बचा था फिर भी झील की सतह गीली थी और आज भी है.

अंजलि- व्हाट आज bhi.matlab ये सब सच hai.....koi कहानी नहीं.....

नानाजी- क्या पता beta.par वो जगह है chamatkari.pata है नजाने कितने shodhkarta,scientist,wahan जाकर उस मिटटी के गीले होने का और काले होने की जांच कर चुके हैं पर कोई भी सफल नहीं hua.ye आज भी एक पहेली hi बानी हुई है...

कुछ 3 साल पहले पहले ये बुक मेरे पास करियर में आयी thi.pata नहीं किसने bheji..bas साथ में एक लेटर था जिसमे बड़े बड़े अक्षरों में लिखा था धवली झील के RAAZ....shayad मुझे पुराणी हिस्टोरिकल चीज़ें पढ़ने का शौक है इसीलिए किसीने भेजी hogi.maine इससे बाकी बुक्स के साथ रख दिया tha...par जब वापस गया तोह ये वहां नहीं thi.bohot ढूंढा मैंने पर मुझे नहीं mili,par dekho,mere नाती को तुरंत मिल गयी.......

इधर मई तोह बस उस बुक के टाइटल के बारे में सोच रहा था.......

बुक के टाइटल का नाम था.....

DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट..

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V..J...
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम को एक बुक मिलती है जिसका टाइटल वही है जो की हमारे 1सत CHAPTER का है.....

अब आगे:-

CHAPTER-1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

अपडेट- 39:-

डैड- papa,maan जाइये ना....!!!!!

नानाजी- अरे बीटा तुम समझ नहीं रहे ho,hum अपनी hi बेटी के ससुराल me.nahi नहीं ये नहीं हो सकता...

सुबह का वक़्त hai.hum सब बहार बैठक में बैठे हुए hain,mom डैड नाना नानी को मुंबई शिफ्ट होने के लिए मन रहे हैं....

डैड- ये क्या papa,kal hi आपने मुझे बीटा माना था और आज पराया कर दिया..

नानाजी- अरे बीटा कहा नहीं माना tha.par तुम समझ नहीं रहे हो..

डैड- papa,aap samjhiye.beta होने से कुछ नहीं hota.ek बेटे की तरह आपकी सेवा करने का मौका दीजिये तब जाकर मई सही मायनो में आपका बीटा बनूँगा....

और वैसे भी राजू ने मुझे आपकी हेल्थ कंडीशन के बारे में बताया hai...yahan कोई प्रॉपर मेडिकल फैसिलिटी भी नहीं hai.....wahan हम सब मिलकर आपका और माँ का ठीक से ध्यान रख पाएंगे..

माँ- जी papa.aur आप bataiye,yahan कोमल और आदि का क्या फ्यूचर hai!!!mera एक बीटा वहां साड़ी लुक्सुरिएस में रहता है और उसके छोटे भाई बेहेन यहाँ एडजस्ट karke..aisa थोड़ी न होता है.....

मई- ये आप सब क्या डिस्कशन ले कर बैठ गए ho????naanu,naani bhabhi,mamaji और मेरे भाई behen,aap सब चुप चाप हमारे साथ चल रहे hain...bus,end ऑफ़ दूसकुशन..

अगर किसीने आने से मन किया तोह मई उससे कभी भी बात नहीं करूँगा....

RONIT/ANJALI- हम भी....

नानाजी- गुड़िया तू ठीक कहती thi.ye तीनो एक hi दाल के बन्दर hain.ek कूदेगा तोह उसके पीछे पीछे बाकी दो भी कूदेंगे....

मई- बात को मत ghumaiye,aap ये बताइये की आप सब हमारे साथ चल रहे हैं की नहीं....

नानीजी- मई तोह jaungi..ab अपने पोतों के बिना मई नहीं रह sakti.naaniji ने मुझे रोनित और अंजलि को बारी बारी गले लगते हुए कहा....

नानाजी- लो bhai.ab होम मिनिस्टर ने हाँ केहड़ी है तोह फिर हम क्या bolen....hum सब अब अपने बच्चों के साथ रहेंगे..

सभी ख़ुशी से झूम uthe.....sabse ज़्यादा तोह डैड खुश the.itne की उनकी आँखों में पानी आ gaya.wo झट से उठे और naana,naani के गले लग गए.

डैड- थैंक्स papa,thanks मम्मी..

NANA/NAANI- dhath.apne माँ डैड से कोई बचा थैंक्स बोलता है भला....!!!

कुछ देर बाद जब एक्ससिटेमेंट काम हुई तब:-

डैड- चलिए papa,aate हैं....

नानाजी- कहाँ जाना है बीटा?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


डैड- नवीन आहूजा के घर....

मई- क्या नाम बोलै आपने?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अभी नानाजी कुछ kehte,usse पहले मैंने पूछ लिया....

डैड- नवीन AHUJA.kyun?tu जानता है क्या!!!!

अंजलि- तू इतना सुरप्रीसेड क्यों हो रहा है???

मई- क्या उनके डैड का नाम गुलशन आहूजा है....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

नानाजी- haan.par तुझे कैसे मालुम!!!!

इस बार सरप्राइज होने की बारी अंजलि और रोनित की थी....

मई- उनके पोतियां मेरे साथ पढ़ती हैं....

नानाजी- बीटा वो बोहोत खतरनाक आदमी hai...uske पास जाना ठीक नहीं..

डैड- इसमें खतरनाक वाली बात कहाँ से आ गयी......

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?पैसे देने हैं और ज़मीन के कागज़ लेने हैं...

नानाजी- बीटा वो पैसे भी ले लेगा और ज़मीन भी नहीं dega...bohot घटिया आदमी hai..aur ताकतवर भी बोहोत hai.....usse उलझने से नुक्सान हमारा hi hoga...waise भी हम तोह मुंबई जा रहे हैं naa,toh ज़मीन का क्या करेंगे..

नानीजी- हाँ beta,rehne दो ज़मीन को...

जयराज- papa,mummy,baat ज़मीन की नहीं hai,sahi और गलत की hai...jo हमारा hai,wo हमारा hi rahega.aur आप इस नवीन से डरिये mat...kuch नहीं होइगा..

नानाजी- बीटा तू...

मई- nanu,aap jaaiye.wo कुछ भी नहीं बोलेगा, चुपचाप ज़मीन के कागज़ आपके हाथ में रख देगा...

नानाजी- क्या बोल रहा है बीटा tu.kaagaz छोडो जो पैसे हम लेकर jaayenge,wo तोह उससे भी रख लेगा...

मई- nanu,,,VIKRAM जो कहता HAI......WO हो जाता है.....

अब कोई बेहेस nahi,aapko मेरी kasam.aap jaiye,baaki की बात आपके आने के बाद karenge...aur haan,paidal जाइएगा..

डैड- पैदल क्यों?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- dad,gaon का माहौल hai...aaram से टहलते हुए jaaiye..issi बहाने ननु भी सबको बता पाएंगे की देखो मेरा बीटा आया है...

डैड- हाँ सही kaha,chaliye papa,chalte हैं.....

मुझे पता tha,ye पापा वाला इमोशनल वाला फंदा ज़रूर चल jaayega,isiliye यही चिपका दिया....

AHUJA'S मेन्शन:-

नानाजी- अरे सुनो, नवीनजी से कहो की मई आया हूँ.

गेट KEEPER-maalik अंदर hi हैं.. आप चले जाईये अंदर.

नानाजी चौकीदार की बात सुनकर चौंक gaye.ye पहली बार था जब उसने उन्हें यहाँ रोका नहीं tha...har बार वो अंदर जाकर नवीन को बताता tha,kuch देर इंतज़ार करवाने के बाद hi नवीन नानाजी को अंदर बुलाता था...

डैड- क्या हुआ papa???andar चलें..

डैड के आवाज़ से नानाजी होश में आये..

नानाजी- haan,chalo चलते हैं....

डैड और नानाजी लॉन से होते हुए अंदर हॉल में आ गए जहाँ पूरी आहूजा फॅमिली कड़ी thi.....bas एक मेंबर मिसिंग tha.aur वो थी हमारी अवंतिका मैडम जो साइड के hi कमरे से छुप कर देख रही थी.....

नानाजी- नमस्ते नवीन JI...hum आपके पैसे लौटने आये हैं.

डैड- मर NAVIN,ye रहा check.jo भी आपका अमाउंट है विथ interest,aap इसमें भर लीजिये और हमारे ज़मीन के कागज़ वापस कर दीजिये...

अभी नवीन कुछ कहता उससे पहले hi डैड ने नानाजी की अधूरी बात सीधे सपाट तरीके से नवीन से कह दी.....

नवीन- ये लीजिये...

नवीन ने सामने टेबल पे रखे पेपर्स उठाकर नानाजी के हाथ में पकड़ा दिए.

ये देख डैड और नानाजी दोनों चौंक gaye.kaagzaat तोह नवीन ने ऐसे सामने रखे हुए थे मानो वो पहले से hi नानाजी का वेट कर रहा tha.....par नाही डैड ने नाही नानाजी ने नवीन से इस बारे में कोई बात कही..

अमरीश- ठीक है NAVEEN....hamara हिसाब बराबर हो gaya.hum चलते हैं...

डैड और नानाजी AHUJA'S मेन्शन से बहार निकल गए....

नानाजी- मुझे तोह यकीं hi नहीं हो रहा है की पेपर्स उसने इतनी आसानी से हमे दे दिए....

डैड- haan,surprised तोह मई भी hun....jaisa आप बोल रहे थे वैसा तोह कुछ भी नहीं हुआ.

नानाजी- कहीं मेरे पोते को कोई जादू मंतर तोह नहीं aata.jaisa उसने बोलै tha,thik वैसा hi हुआ.....

डैड- क्या papa,kuch bhi,usne तोह ऐसे hi बोल दिया था ताकि आप नर्वस न हों...

नानाजी- जो भी ho,aaj मई बोहोत खुश hun.hamare पुरखो की ज़मीन फिर से हमारी हो गयी......

ऐसे hi हस्ते बात करते नानाजी और डैड घर की तरफ निकल गए..

ये तोह खुश hain,chaliye देखते हैं इनके जाने के बाद AHUJA'S मेन्शन में क्या हुआ......

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


??

नवीन- हिसाब बराबर माय foot....jo आज हुआ hai,uska हिसाब तोह इससे और इसके पुरे परिवार को देना होगा..

दादाजी- नहीं NAVEEN....abhi तुम कुछ नहीं karoge......waise भी उसने जो पैसे लिए the,wo तोह सुत समेत लौटा दिए ना...

अपने डैड की बात सुन नवीन शॉकेड हो गया...

नवीन- ये आप कह रहे हैं pitaji...aap hi कहते थे ना की धवलपुर के ज़मीन की आखरी मिटटी भी हमारी मिलकियत hai....aaj इतना सब कुछ हो गया और आप कहते हैं की मई कुछ न karun...aakhir क्यों.....!!!

दादाजी- तुम्हे इसका कारण बताना मई ज़रूरी नहीं samjhta.bas इतना समझ लो की जो हुआ उससे भूल jao.bas.....

ये बोलकर गुलशनजी अपने कमरे में चले गए......

नवीन- सॉरी papa,pehli बार आपकी बात नहीं मान रहा हूँ mai,par क्या karun,baat मेरे घमंड, मेरी नाक की है जो आज पहली बार झुकी hai,wo भी अपने परिवार के saamne,apne hi घर me.iska बदला तोह मई लेकर रहूँगा.....

जोगी................

जोगी- जी मालिक.....

नवीन- बालू कहाँ है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

जोगी- maalik,wo तोह फूल गाओं गया है....

नवीन- फ़ोन लगा उससे..2 घंटे में वो मुझे यहाँ मेरे सामने चाहिए....

नवीन ने इतनी ज़ोर से ये बात कही थी की जोगी दर गया.....

जोगी- जी maalik...abhi फ़ोन करता hun.....ye बोल जोगी बहार निकल गया...

नवीन- सहगल खानदान और उसके रिश्तेदार आज की रात भी नहीं देख पाएंगे...

नवीन के चेहरे पर ये बोलते हुए एक ज़हरीली हसी थी.......

ये सब हो क्या रहा है.....!!!!!!! कोई बताएगा mujhe.arre मुझे कोई क्या batayega,bataunga तोह मई ना आप सब को की आखिर माजरा क्या hai....aakhir क्यों इतनी आसानी से नवीन ने नानाजी को उनके ज़मीन के कागज़ वापस कर diye.aur जब कर hi दिए तोह फिर इतने ग़ुस्से में क्यों hai.aur हमारी अवंतिका मैडम ये सब छुप कर क्यों देख रही हैं....

ये सब जानने के लिए चलिए थोड़ा पीछे चलते है......

30 मिनट्स बैक:-

मई- mamaji,aapki बाइक की चाबी दो तोह ज़रा.....

ननु और डैड के जाते hi मैंने मामाजी से पूछा....

मामाजी- ज़रा क्या पूरी leja.par जा कहाँ रहा है.....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मई- थोड़ा शहर घूमके आता हूँ...

RONIT/ANJALI- और हम!!!!!

मई- हम घूम कर आते है.

रोनित- अब बोली न तूने लाइन सहीं से..

मामाजी- ये le........aaraam से chalana,yahan लोगों का कोई भरोसा nahi,left राइट बिना देखे गाडी चलते हैंण्ण्न....

मां ने बाइक की चाबी मेरी तरफ उछालते हुए कहा.....

मई- अरे mamaji,ye हाल तोह सभी जगह है.

हम तीनो बहार आँगन में आ गए जहाँ बाइक कड़ी हुई थी..

अंजलि- याद है V.J..jab तुम दोनों बाइक चलना सीखते थे तोह हम वॉचमन अंकल की बाइक चुराकर ट्रिपलिंग करते थे.....

मई- बिलकुल याद है yaar.chalo आज कितनो दिनों के बाद फिरसे ट्रिपलिंग karenge...hum तीनो बैठ कर निकल गए रोड me.maine गाडी दूसरे रास्ते से li.....kyunki सीधे रोड पे तोह डैड और ननु जा रहे थे...

रोनित- पहले कहाँ चले???

मई- अब्बे हम लोग घूमने nahi,kuch काम से जा रहे हैं..

रोनित- अब्बे अब यहाँ क्या काम पद गया तुझे......!!!!

मई- chalna,pahunchke तोह तुझे पता चल hi जायेगा.......

हमारे पास टाइम काम था इसीलिए मई बाइक थोड़ी तेज़ चला रहा tha.....kuch hi देर में हम एक घर के बड़े से गेट के बहार थे...

गेट खुला hi हुआ tha,maine गाडी अंदर ले li.gate कीपर साइड में खड़ा tha,kisiko यूँ अंदर आते देख उसने विस्सल bajayi...maine गाडी रोक दी...

गेट कीपर- कहाँ घुसे चले आ रहे हो....!!!!!

मई- ये घर किसकी है?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

गेट कीपर- हमारे मालिक नविन आहूजा की.....

मई- जब मालुम है तोह क्यों पूछ रहा hai....chal साइड ho,mere पास टाइम काम hai.nanu के आने से पहले मुझे निकलना भी है...

रोनित- नानू के आने से pehle,matlab???aur ये वही नवीन आहूजा है ना जिसके बारे में घर पर बात हो रही thi.jiske पास ननु की ज़मीन गिरवी है....

गेट कीपर- ये क्या खुसुर पुसुर कर रहे हो तुम दोनों चलो निकलो यहाँ से...

अब मेरे पास फालतू टाइम तोह था nahi,aur जो मई यहाँ कहने आया tha,actually जिस तरीके से कहने आया tha,uski शुरुआत अभी hi करनी थी.....

मई- सॉरी भाई....

गेट कीपर- सॉरी किसलिए?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


?

मई- isiliye..maine गाडी का स्टैंड lagaya,utra और गेट कीपर की गर्दन दबोच कर उससे हवा में उठा दिया.

गेट कीपर- अह्हह्ह्ह्ह.........

रोनित- अब्बे ये क्या कर रहा है???

मई- बातों में टाइम वास्ते मत kar.wo dekh,kuch आदमी लाठी लिए आ रहे hain...mai आगे जा रहा hun,tum दोनों उन सब को धोकर अंदर आओ......

अंजलि- अब्बे पागल हो गया है kya.unke साइज dekh...ek थप्पड़ में hi हमारा राम नाम सत्य हो jayega..aur इसका तोह ठीक hai,mai कैसे लाडू...!!!!

मई- भरोसा rakho....bas डरना mat.....unki मार का तुम दोनों पे कोई असर नहीं hoga.....jaise hi वो पास aaye,bus एक एक मुक्का जड़ dena.aage क्या होगा ये तुम खुद जान जाओगे..

ये साड़ी बातें में उस गेटकीपर को उठाये हुए चलते चलते बोल रहा था....

AAAAHHHHHHHHHH.AAAAHHHHHHHHHH..

आवाज़ सुनकर जब मई पलटा तोह मुझे हसी आ gayi....jo दो लोग रोनित और अंजलि को मारने आ रहे थे ,वो नीचे पड़े हुए the..ek बेहोश हो चूका था और दूसरा दर्द से कराह रहा tha....hasi मुझे रोनित और अंजलि के चेहरे देखकर aayi.jo उन दोनों को पीटने के बाद शॉक में चले गए the.kabhi उन लोगों को देखते तोह कभी अपने हाथ को.....

मई- अब्बे शॉक क्यों हो रहे ho.....jo डेली एक्सरसाइज करवाकर टॉनिक पिलाता था na,ye उसका असर hai.ab तुम दोनों 100 पर भी भारी हो.....

रोनित और अंजलि की तोह ख़ुशी का ठिकाना नहीं raha....dono दौड़ते हुए आये और मेरे गले लग गए...

मई- अब्बे ये सब बाद me,hamare पास टाइम काम hai,pehle यहाँ जो करने आये hain,wo निपटा लेते हैं.....

DHAMMMMM.............AAHHHHHH......

नवीन आहूजा जोकि अपने मुंशी के साथ सामने hi सोफे पर बैठा tha,wo सोफे सहित पलट गया.....

हुआ ये की मैंने हॉल में घुसते hi मेरे हाथ से जो गेटकीपर को पकड़ा हुआ tha,usse नवीन की तरफ फेक दिया...

नवीन की चीख सुनकर सभी घरवाले बहार आ गए.....

दादाजी और अवंतिका तोह मुझे देखकर ऐसे हो गए मानो दोनोने यमराज देख लिया हो......

अवंतिका को देख मई एक डीएलओगे चिपकाने वाला था पर जैसे hi मैंने उसकी आँखों में dekha,mujhe पता चल गया की एक तोह उससे अपने बाप की करतूतों के बारे में कुछ भी नहीं pata,aur दूसरा उसने घर पर मुंबई के काण्ड के बारे में कुछ भी नहीं बताया है....

नवीन- कौन है बे tu.....abbe देख क्या रहे ho,maaro साले को....

पर मई अपनी जगह से हिला भी nahi.kareeb 7,8 लोग आये. रोनित और अंजलि ने सबको एक एक घुसे में hi सुला diya.RONIT का तोह फिर भी ठीक tha,par एक लड़की को ऐसे लड़ते देख सभी शॉकेड हो गए......

मई धीरे धीरे चलते हुए नवीन के सामने gaya....kuch सेकण्ड्स में hi उसके आदमियों की जो हालत हुई thi,usse देखकर वो वैसे hi काफी दर गया था.....

मई- एक बार bolunga.....thodi देर में मेरे ननु और डैड यहाँ आएंगे अपनी ज़मीन के पेपर्स तुझसे lene..bina नौटंकी के चुपचाप पेपर्स उनके हवाले कर dena...mai तेरे घर से थोड़ी दूर में hi खड़ा rahunga...agar तेरे घर से निकलते वक़्त मेरे ननु के हाथ में ज़मीन के पेपर्स नहीं hue,tune कोई भी करतब दिखने की कोशिश ki,toh मई वापस aaunga.aur अगर मुझे दोबारा यहाँ आना पड़ा तोह तेरे घर में लाशें गिनने वाला भी कोई नहीं बचेगा.......

मेरी आवाज़ इतनी सार्ड थी की नवीन और उसके घरवाले कांप गए...

मई palta.RONIT और अंजलि को लेकर बहार निकल गया.....

अवंतिका( मन में )- जितना इससे दूर जाती hun,ye और उतना मेरे पास आजाता hai...par कमसेकम इसने मेरा नाम तोह नहीं liya,warna मेरा मुंबई जाना कैंसिल हो jaata....par इसने कहा की इसके डैड आने वाले hain,wo तोह मुझे पहचान lenge.isse पहले की वो aayen,mai कहीं चुप जाती हूँ......

और इस तरह जब डैड आये तोह अवंतिका मैडम साइड के कमरे में छुपी हुई थी.....

फ्लैशबैक एंड्स:-

रोनित- थैंक्स यार.....

मई- abbe,tere मेरे बीच थैंक्स कबसे आने लगा....

हम जस्ट घर पहुंचे the..is वक़्त हम मेरे रूम में बैठे हुए थे.......

रोनित- नहीं सच में yaar..us दिन जब वो लड़के मुझे मार रहे the,AVANTKA और उसकी बेहेने अंजलि पे हाथ उठा रही thin,toh मई खुदको इतना बेबस महसूस कर रहा tha,ki क्या बताऊँ.....

मेरा पूरा सेल्फकोनफिडेन्स hi ख़त्म हो गया tha.par अब तेरी वजह से वापस आ गया...

अंजलि- मेरा नहीं हमारा....

GUDIYA,RAJU,VICKY,RONIT अंजलि बीटा कहाँ ho.bahar आओ.

अभी मई कुछ कहता इतने में नीचे से ननु की आवाज़ aayi.....ab हमे तोह पता tha,ki ननु क्यों इतने एक्ससिटेड hain,par उन्हें तोह नहीं पता था न की हमें पता था की उन्हें जो पता था वो हमें आलरेडी पता tha.............................arrreeeeeee.....mai ये क्या बकवास कर रहा hun,bottom लाइन ये है की सब कुछ जानते हुए भी हम अनजान बनकर नीचे आ गए.....

मई- ननु बोहोत खुश लग रहे hain.iska मतलब पेपर्स मिल gaye..haina...!!!

नानाजी- अरे waah,ek बार में hi बता diya...bohot अचे..

मामाजी- सच me!!!!mujhe तोह विश्वास hi नहीं hota....NAVEEN जैसे आदमी ने इतनी आसानी से ज़मीन छोड़ दी.....

नानाजी- haan,hairan तोह मई भी hun...kyun रे vicky,koi जादू मंतर जानता है क्या?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


जैसा तूने बोलै था ठीक वैसा hi हुआ...

मई- अरे nanu,wo तोह आप नर्वस the,maine तोह बस आपका मोरल बूस्ट करने के लिए कह दिया था.

नानाजी- जो भी ho.hamare बचे हमारे लिए कितने शुभ hain.dekho,khud तोह aaye,saath में हमारी साड़ी खुशियां भी ले आये........

रोनित- इसी बात पे लंच हो jaaye...mujhe तोह ज़ोरों की भूक लगी है....

अंजलि- बोलै भुक्कड़ बोलै.....

नानीजी- छुपकर tu....mere बचे को भूक लगेगी तोह बोलेगा hi naa....waise भी खाने का वक़्त हो गया hai.....chalo सब log.haath मुँह धोकर baitho.mai खाना निकलती हूँ.....

फिर कुछ ख़ास न hua.humne अस उसुअल हम सबने चुप चाप खाया.

खाना खाकर हम सब कुछ देर आराम करने के लिए अपने अपने रूम चले गए....

वहीँ दूसरी तरफ:-

1सत आदमी- अरे उधर देख.......

2ंद आदमी- arre,ye तोह गाढ़ा tha,iska रंग फीका कैसे हो गया..!!!!

चल पास चलकर देखते हैं......

1सत आदमी- नहीं nahi.......bachpan से ये जगह देखते आ रहा hun.......pehli बार ऐसा कुछ हुआ hai....chal पुजारीजी को बताते हैं....

दोनों आदमी तुरंत पुजारीजी से मिलने चले गए.....

बैक 2 हीरो:-

मई- आ गए मच्छर kaatne.........uthbe.....

मेरे बाजू में रोनित सोया हुआ tha,maine उससे हिला कर उठाया...

रोनित- क्या हो गया है bhai.....abhi अभी तोह नींद लगी थी.....

अब्बे बहार तेरे दोस्त आये हैं तुझे milne,jaldi uth,kahin घर में न घुस जाएँ......!!!

रोनित- dost,kaun से दोस्त???

मई- अब्बे नविन आहूजा अपने आदमियों के साथ आया hai,hamari खातिरदारी करने....

नवीन आहूजा का नाम सुन रोनित की बची कुछ नींद भी उड़ गयी???

रोनित- इनकी माँ kaa.saale हमारे घर तक पहुँच gaye.saalon को आज छोड़ेंगे नहीं....

मई- तू जाकर अंजलि को bula,aur sun,dheere se.pure घर में ढिंढोरा मत पीट dena....wo लोग पीछे की तरफ से आ रहे hain.....mai नीचे hi hun,tu अंजलि को लेकर पहुँच....

रोनित- ठीक है पर sun,akele शुरू मत हो jaana....humara वेट करना.

मई- चल जल्दी जा.....

मुझे मालुम था की नवीन आहूजा भी उसके बाप की hi तरह कुत्ता hi niklega...ek बार तोह आएगा hi kaatne.....isiliye उसके यहाँ से आते वक़्त मैंने घर को एक सुरक्षा धागे से सिक्योर कर दिया tha.is धागे की खासियत ये थी की ये मेरे दिमाग से जुड़ा हुआ था. घर के पास अगर कोई भी खतरा हुआ तोह ये मेरे दिमाग को अलर्ट कर देता था....

मई तेज़ी से नीचे उतरा और पीछे की तरफ लपका.

मई- ओह shit........neeche उतारते वक़्त रास्ते में कोई नहीं dikha,mai इस बात से खुश हो hi रहा था की पीछे फूल बगीचे के पास मुझे नानी दिख gayi....aur उसपे सोने पे सुहागा ये हुआ की नानी ने अपने सामने से आते हुए नवीन और उसके लोगों को देख भी liya.....jisse देखकर वो बोहोत दर गयी क्यूंकि सबके हाथ में कोई न कोई हथियार था.....

नानी- गुड़िया के papaaaaa........rajuuuuuu,jairajjjjjjjjj.....

अभी मई नानी को चुप रहने को बोलता उससे पहले hi नानी सबको चिल्ला चिल्लाकर आवाज़ देने लगी.......

मई- गयी भैंस पानी में.......

नानी की आवाज़ सुन सभी दौड़े हुए हमारी तरफ आ gaye.....aur सामने का नज़ारा देखकर काफी दर गए......

नानाजी- देखा मैंने कहा था naa,ye इतनी आसानी से कुछ नहीं dega....ek काम करते हैं इससे पेपर्स वापस कर देते हैं.

डैड- अरे ऐसे kaise.aap डरिये mat,kuch नहीं होगा.....

अब तक वो सब लोग हमारे पास पहुँच चुके थे.....

आदमी- maalik,kaun था वो....

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


अभी डैड कुछ कहते उससे पहले एक हाथे कथे आदमी ने नवीन से पूछा???

नवीन ने मेरी तरफ ऊँगली दिखा दिया...

मेरी तरफ ऊँगली पॉइंट करते देख डैड का दिमाग घूम गया.

डैड- oye,ye मेरे बेटे की तरफ क्या ऊँगली दिखा रहा hai.usne क्या किया है....

नवीन- क्या किया hai...!!!!!mere घर में घुसकर मुझे और मेरे आदमियों को मारता है ये लड़का और तू पूछता है की इसने क्या किया hai.....BAALU ख़त्म कर इससे.....

नानीजी- नहीं nahi,ye मेरा पोता hai.....isse कुछ मत करना मई तुम्हारे आगे हाथ.....

मई- NAAAAAAANIIIIIIIIIIII..............

मेरी आवाज़ इतनी तेज़ थी की मेरे घरवालों के साथ साथ नवीन और उसके आदमी भी दर गए.......

मई- आज के बाद अगर कभी भी ऊपर वाले को छोड़कर आप में से किसीके भी हाथ किसी और के आगे झुके तोह उसी वक़्त ,मुझे मारा मान लेना......

माँ- VICKYYYYYYYYYY............

मई- नहीं mom......mai सही hun.aur आपको पता जब मई सही होता hun,mai किसीकी नहीं सुनता.......

मई- और तू बे HA*****MI के jane.........mere डैड को तू बोलै तूने be.......abbe ga****du,aadmi को अपनी औकाद कभी भूलनी नहीं chahiye.......teri पोहोंच और औकाद बस इस जगह तक hai.par मेरे डैड ki,puri दुनिया me.....tu मेरे डैड को तू bolega....aur ये हिंजड़ो की फौज से तू विक्रम जयराज सिंह को darayega....kya नाम है बे तेरा BAALU...saale दीखता तोह सूअर जैसा hai...tujhe लाया है ये मुझे मारने...

...........................अंजलि..............................

अंजलि- तेरे बाजू में hi कड़ी hun.chillata क्यों है???

मई- तोह बे baalu,sun..mujhe chhod,ye जो लड़की मेरे बाजू में कड़ी है naa,isse मारकर दिखा......

मेरी बात पर नवीन और उसके आदमी है दिए.....

बालू- इस लड़की se.abbe

मई- अब्बे chup....tere घटिया पंच लाइन्स सुनने नहीं बैठा हूँ मई यहाँ...

नानीजी- बीटा तू ये क्या बोल रहा hai??ek अल्द्की का मर्द से क्या मुकाबला?

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


मई- माफ़ करना nanaiji,par आप गलत hain.ek औरत अगर एक मर्द को पैदा कर सकती hai..wo भी इस (बालू) जैसे ko,toh उसकी हेकड़ी भी निकल सकती hai...ANJALI तू क्या किसी मुहूर्त का इंतज़ार कर रही hai......maar साले को.....

अंजलि- यार तू इतने अचे अचे डीएलओगे बोल रहा hai,isiliye थोड़ा कर्रिएद अवे हो गयी....

नवीन- बस बोहोत hua.BAALU.......

बालू दौड़ता हुआ मेरी तरफ आया और अपना मुक्का मेरे चेहरे की तरफ घुमा दिया..

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.....

ये आवाज़ मेरी नहीं बालू की thi....aur उससे अभी तक मार भी नहीं पड़ी thi.bas उसका जो हाथ मुझे मारने के लिए घुमा tha,ANJALI ने उससे पकड़ कर थोड़ा ज़ोर से दबा दिया tha....jisse उसकी चीख निकल गयी..

जहाँ अभी तक मेरे घर वाले डरे हुए थे और दूसरी तरफ नवीन और उसके आदमियों के चेहरे पर मुस्कान thi,ab रिएक्शंस बदल गए the....NAVEEN और उसके आदमियों के चेहरे पर शॉक और दर दिख रहा tha,wahin मेरे घर वाले तोह आँखें फाड़े अंजलि को देख रहे थे...

CHATAAKH,CHATTAKH,CHATTAAKHHH,DHOOBBBB......

अंजलि ने तेज़ी से लगातार बालू को तीन छाते मारे और आखिर में एक पंच मार diya......jab तक किसीको कुछ समझ में आता बालू ज़मीन पर बेहोश पड़ा tha...uska चेहरा पूरा पहात गया tha.aur मुक्का पड़ने से एक साइड एक कई दांत भी शहीद हो चुके थे..

dhaapppp,dhappp,bhaakkkkkchataakhhhhh,.

नवीन और उसके आदमी अभी जो हुआ उसके सदमे से ubharte,usse पहले हम तीनो उन पर टूट पड़े........30 सेकंड में नवीन के आधे आदमी ज़मीन पर थे.....

नवीन इस अचानक हुए हमले से बोखला utha.....par अब उसके आदमी संभल गए थे..

मेरी तरफ एक साथ 10 बन्दे badhe.....mai तेज़ी से आगे की तरफ badha,aur जो साइड में आदमी tha,uske डॉज देकर उसके पीछे चला gaya.....maine उससे हवा में उठाया और साइड में बाकी के 9 के ऊपर फेक दिया...2 को छोड़कर बाकी सब गिर gaye....par जब तक वो दो sambhalte,mai उनके सर पर पहुँच चूका tha.maine दोनों का गाला पकड़ उठा दिया...

मैंने देखा रोनित और अंजलि भी 10 10 बन्दों से भिड़े हुए the....maine दोनों को दो तरफ फेक diya.ek अंजलि से भिड़ने वाली ग्रुप से टकराया और दूसरा रोनित से भिड़ने वाली ग्रुप se.....dono तरफ के आधे से ज़्यादा लोग गिर gaye..itna वक़्त दोनों के लिए काफी tha,ghuma घुमा के हर एक को दोनों कभी धोबी pachad,toh कभी चोक slam,toh कभी मुक्के पेलने लगे.5 मिनट भी नहीं लगा hoga,NAVEEN के सारे आदमी ज़मीन पर पड़े the.aadhe से ज़्यादा तोह दर्द बर्दाश्त नहीं कर पाए और बेहोश हो gaye.....aur बाकी नीचे पड़े तड़प रहे थे...

नवीन को तोह अपनी आँखों पर भरोसा hi नहीं हो रहा था.....

चटाखह्ह्ह्हह्ह....

इस आवाज़ के साथ जनाब न सिर्फ होश में आये बल्कि उन्हें अपने ज़िंदा होने का सबूत भी मिल gaya.jhabda जो टूट गया था उसका मेरे थप्पड़ se....ANJALI और रोनित भी मेरे पास आ गए....

मई- क्या बोलै था मैंने सुबह tujhe....itni जल्दी भूल गया tu.....galti तेरी नहीं hai...pata hai,kuwen में जो मेंढक होते है naa,unhe कुवां hi समंदर लगता hai.unhe लगता है की वो उस समंदर के राजा hain...par ऐसा होता तोह नहीं है naa,asal के समंदर में उन मेंढकों की क्या औकाद hai....beta हम उस असली समंदर के राजा hain....aakhri बार बोल रहा hun,humse मत ुल्जियो........

मैंने उससे कालर से ऊपर उठाया और दूर फ़ेंक दिया....

AAAHHHHHHHH....ek दर्द भरी आवाज़ उसके मुँह से nikli.par वो इतना दर गया था की जैसे तैसे उठा और अपना टूटा जबड़ा पकड़के भाग गया...

नवीन और उसके आदमियों से निपटकर जब हम पीछे पालते तोह हमारी हसी छूट gayi....hamari फॅमिली आँख phaade,mooh खोले हमे देख रही थी.......

मई- अरे शो ख़त्म हो gaya...chalo सब अंदर........

मेरी आवाज़ सुनकर सबको होश आया.

नानाजी- ये सब क्या था......

nbnQxGxaAfwHAzhfSeLZ.png


??

तुम तीनो इंसान hi honaa.....itne सारे लोगों को कुछ मिनट्स में hi मार दिया....

मई- haan,aaj थोड़ा लेट लग गया......

मामाजी- late......arre वो लोग तोह तुम्हे छू भी नहीं पा रहे the.tum सब तोह उन्हें ऐसे उठा उठा कर फेक रहे थे जैसे वो कोई बचे हों.

रोनित- हमारे सामने बचे hi तोह थे मामू..

माँ अंजलि के पास जाकर- इतने हत्थे काटते आदमी का हाथ तूने इतने आराम से मोड़ दिया और एक मुक्के में उसका जबड़ा तोड़ diya...kaise!!!!!

अंजलि- ट्रेनिंग आंटी ट्रेनिंग.....

माँ- कैसी training???aur तूने कब ली..

रोनित- आपके सुपुत्र देते हैं हमें डेली सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग...

नानाजी- और तूने ये सब कहाँ से सीखा???

मई- मैंने भी ट्रेनिंग ली hai.aur अब प्लीज haan,no मोरे sawal.jo भी पूछना है बाद में पूछ lena.fighting करके मुझे ज़ोरों मकई भूक लग गयी hai.toh पहले कुछ नाश्ता हो जाए..

रोनित अंजलि चलो अंदर..

हम तीनो अंदर चले गए और हमारे पीछे पीछे बाकी फॅमिली मेंबर्स भी फुलटू शॉक में धीरे धीरे अंदर आ गए.....

इन हेवन:-

सत CECILIA-aapka करियर बॉय बनाना सफल हुआ सत ALFRICK......kitab विक्रम तक पहुँच गयी....

सत ALFRICK-haan,par विक्रम के उसके अंदर जाते वक़्त हमें भी उसके साथ रहना chahiye.pata नहीं उसपे इसका क्या प्रभाव पड़े.....

सत सेबेस्टियन- nahi,sirf विक्रम hi उस शक्ति को झेल सकता hai....agar हम गए तोह हमारा भी वही हाल होगा जो हौली स्पिरिट्स का हुआ tha..ye उससे अकेले hi करना hoga.yahi उसकी नियति है.....

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V...J......
 
Back
Top