ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - Page 6 - SexBaba
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ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

अब तक आपने पढ़ा की बाबा विशाखत विक्रम के CLONE,AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर के साथ नानाजी के के घर जाते हैं वहीँ विक्रम ने दोनों हौली स्पिरिट्स को आज़ाद कर दिया है और फाइनली वो अपनी मंज़िल धवली झील के सामने खड़ा है.....

अब आगे:-

CHAPTER-1

( DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त & थे हौली स्पिरिट )

लास्ट अपडेट:-

फाइनल सीन्स:-

शैला- ये सब क्या है गुरुदेव!!!!!!

बाबा विशाखत- तुम में धीरज बिलकुल नहीं है putri.....us युद्ध में तुम्हारे हारने का ये भी एक कारण था.......

बाबा विशाखत की बात सुन शैला ने अपना सर झुका लिया......

बाबा विशाखत- शर्मिंदा होने की आवश्यकता नहीं है putri.......bas अपनी अधीरता को वश में करना सीखो.....

अगर तुम्हारे सामने कोई प्रश्न खड़े हो jaaye,toh उसके उत्तर को ढूंढ़ने की पहली सिद्दी सय्यम hi hai.sayyam से भरा दिमाग किसी भी प्रश्न का उत्तर खोज लेता है.....

और रही बात की मई क्या कर रहा hun,wo तोह मेरे करने के बाद तुम्हे अपने आप hi पता चल जाएगा.....

इस वक़्त बाबा VISHAKHT,MOKALSAR,AKSHAANT और शैला धवलगढ़ के सबसे ऊँचे और घने पहाड़ के बीच खड़े थे....

बाबा विशाखत ने अपनी पोटली में से वो सफ़ेद कपडा निकला जो जिसमे विक्रम के सारे घरवालों के बाल the,aur उससे नीचे ज़मीं पर bicha,uske सामने बैठ गए....

बाबा विशाखत अपने हाथ में भी एक कपडा बाँध लिया जिसके उँगलियों वाला भाग नुकीला tha....BABA विशाखत ने सारे बालों को एक एक कर के उठाया.

फिर बाबा ने अपनी आँखें बंद की और एक मंत्र कहा........

तात्विक विषमपाना

( रियल िल्लुसिओं )

बाबा विशाखत के मंत्र कहते वो सारे बाल चमकने lage...BABA ने उन बालों को अपने सामने हवा में उछाल दिया...

वो सारे बाल हवा में तैरते हुए नीचे ज़मीन की तरफ आने लगे और जैसे hi वो सारे बाल ज़मीं से takraye,ek तेज़ रौशनी हुई और जब वो रौशनी घाटी तोह अक्षांत शैला और मोकलसर शॉकेड हो गए...

मोकलसर- gurudev.ye सब!!!! इससे तोह आप **************************

बाबा विशाखत- इसका जवाब तुम्हे स्वयं विक्रम dega......AKSHAANT तुम्हे एक काम करना होगा....

अक्षांत- आदेश दे गुरुदेव...

बाबा VIHSAKHT-mai अभी ध्यान में बैठने वाला hun.tumhe अदृश्य अवशता में विक्रम के घर के पास रहना hai....wahan पहुंचकर तुम्हे अपने दिव्या दृष्टि से मुझे देखते रहना है........

जैसे hi मेरे मुख से अभी nikle,tumhe विक्रम के ****************** करना hai.....tum जानते हो इसके लिए तुम्हे किस मंत्र का प्रयोग करना है.......

तीनो में से किसीको भी बाबा द्वारा दिए गए निर्देश का मतलब और कारण समझ नहीं aaya,par वो जानते थे की गुरूजी कोई भी काम बिना किसी ख़ास उद्देश्य के नहीं करते...

अक्षांत ने बाबा को नमन किया और गायब होकर उसी अदृश्य हालत में विक्रम के नानाजी के घर के सामने खड़ा हो gaya.usne अपनी दिव्या दृष्टि को जगाया और बाबा पे फोकस किया.

अक्षांत को बाबा दिखने lage.....BABA विषकहत को भी पता चल गया की अक्षांत उन्हें देख रहा है इसीलिए उनके चेहरे पर संतुष्टि भरी स्माइल आ गयी....

बाबा विशाखत ने शैला और मोकलसर को कुछ निर्देश दिए और खुद ध्यान में बैठ गए.....

धवली दृष्टि दर्शनम करोति.....

ध्यान में बैठे बाबा विशाखत ने जैसे hi ये मंत्र bola,unhe विक्रम और झील दिखने लगी....

बाबा विशाखत के चेहरे पर ख़ुशी और घबराहट दोनों hi भाव एक साथ दिखने लगे...

ख़ुशी इसीलिए क्यूंकि बाब समझ गए की विक्रम ने शुरुआती सभी चुनौतियों को सफलता पूर्वक पार कर लिया है.....

घबराहट इसीलिए क्यूंकि बाबा विशाखत ये जान गए की अब विक्रम का सामना स्पीयर से होने वाला है.........

वहीँ दूसरी तरफ:-

ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़........

आवाज़ सुन जैसे hi बलबीर पीछे palta,apne सामने अपने दूसरे बेटे दिग्विजय को देख जल्दी से उठा और दिग्विजय के गले लग गया.......

कुछ देर तक गले लगने के बाद जब दोनों बाप बेटे अलग hue,toh दिग्विजय को एक झटका लगा......

क्यों उसके बाप के आँखों में आंसू the....kyunki वालेफ़ोर एक डेविल tha,uske आंसू काले कलर के थे.....

दिग्विजय- क्या हुआ dad.....mujhe पहले hi कुछ गलत होने का अंदेशा हो गया tha,isiliye मई यहाँ aaya...maine पहली बार आपके आँख में आंसू देखे hain,kahin माँ को तोह!!!!

बलबीर- नहीं bete.teri माँ बिलकुल ठीक hai.par !!!!!!!

दिग्विजय- पर क्या डैड!!!!!

फिर बलबीर ने दिग्विजय को जो कुछ भी हुआ tha,wo bataya.....ye जानकार की उसका कोई भाई भी hai,DIGVIJAY बोहोत खुश होंगे.

पर जब उससे पता चला की उसके भाई के साथ क्या क्या हुआ hai,DIGVIJAY का दिमाग घूम गया......

दिग्विजय- मई उस साले और उसके परिवार को ऐसी मौत दूंगा जो किसीने सोची भी नहीं होगी......

ये बोलकर जैसे hi दिग्विजय उठने को hua,BALBEER ने उसका हाथ पकड़ उससे वापस बैठा दिया...

बलबीर- जल्दबाज़ी में किया गया काम नुक्सान पहुंचता है bete.....ye बात मैंने तुम्हारे भाई को भी समझायी थी पर वो नहीं maana......tum ये गलती मत दोहराना...

दिग्विजय- dad,mujhe कुछ नहीं hoga...aap नहीं जानते की मेरे अंदर अब कितनी शक्ति hai.......mai उस विक्रम को चुटकी में मसल दूंगा......

बलबीर- beta,shakti तुम्हारे भाई में भी काम नहीं thi..uske अंदर हम चारों प्रमुख DEVIL'S का खून tha,phir भी वो उस विक्रम का कुछ बिगड़ न पाया......

दिग्विजय- पर dad,mere शक्ति का श्रोत अलग है और ज़्यादा ताकतवर bhi...bhai ने विक्रम को बराबर की टक्कर दी thi,iska मतब वो मेरे सामने ज़्यादा देर टिक नहीं पायेगा.....

बलबीर- उसका भी एक कारण है putra....VIKRAM ने कुछ देर के लिए अपने सुरक्षा कवच को खुद hi हटा दिया tha,warna उसपर एक भी वार नहीं किया जा सकता....

ruko,mai तुम्हे दिखता हूँ की मई तुम्हे क्यों रोक रहा हूँ....

बलबीर ने अपना हाथ सामने कर एक बार ghumaya,dono के सामने हवा में hi एक स्क्रीन बन गयी जिसमे उस दिन का दृश्य दिख रहा था जब बलबीर ने विक्रम के ऊपर प्राणघाती मंत्र से वार किया था...

जैसे जैसे वो दृश्य आगे बढ़ रहा tha,DIGVIJAY की आँखें हैरत से फैलती चली जा रही thiu...aur जैसे hi वो दृश्य आया जिसमे बलबीर का मंत्र विक्रम के सुरक्षा कवच से टकराकर एक झटके में टूट गया और जिसके वजह से बलबीर बेहोश हो gaya,DIGVIJAY को एक तेज़ झटका लगा..

दिग्विजय- ये कैसे हो सकता है?

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कोई भी सुरक्षा कवच इतना शक्तिशाली कैसे हो सकता है!!!!!

बलबीर- इतने दिनों से मई भी यही सोच रहा हूँ और मैंने उस सुरक्षा कवच का श्रोत पता लगाने की भी कोशिश की पर नाकाम रहा......

और रही बात तुम्हारी ताकत ki,toh तुम्हारी अपार शक्ति को मैंने भी महसूस किया hai,par फिर भी उस लड़के पर अभी हुम्ला करना ठीक नहीं होगा...

दिग्विजय- एक कोशिश करने में क्या जाता है dad......aur वैसे bhi,mai जो भी karunga,yahin से करूँगा......

बलबीर- matlab!!!!!tu कहना क्या चाहता है?

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?

दिग्विजय ने कुछ कहा नहीं और अपनी आखें बंद कर कुछ मंत्र kaha,DIGVIJAY के हाथ में एक रेड गोला दिखने लगा...

दिग्विजय- dad,aap इस गोले में आपका विध्वंसी मंत्र मिला दीजिये..

बलबीर ने अपनी आँखें बंद की और अपने हाथ आगे kiye....BALBEER के हाथों से काली रौशनी निकली और दिग्विजय के हाथ के ऊपर रखे रेड गोले में घुस गयी.....

दिग्विजय ने अपनी आँखें बंद की और विक्रम को खोजने laga......par ुए विक्रम कहीं नहीं दिखा.....

दिग्विजय चौंक गया और उसने अपनी आखें खोल दी...

दिग्विजय- dad,wo विक्रम नज़र क्यों नहीं आ रहा..

बलबीर- यही तोह मैं गुत्थी है bete..meri नज़र उसपे हर वक़्त रहती thi,par बीच बीच में वो दिखना बंद हो जाता tha.jitnei भी कोशिश karo,pata hi नहीं चलता था की वो कहाँ गया..

कहीं ये उसकी कोई नयी चाल तोह nahi,ye सोचकर मैंने उसपे नज़र रखना बंद कर दिया.....

दिग्विजय- कभी न कभी तोह सब पता चल hi jaayega...filhal के liye,wo नहीं तोह उसकी फॅमिली hi सही..

दिग्विजय ने फिर आँख बंद kiye,usse विक्रम की फॅमिली दिखने लगी जिससे देखकर दिग्विजय के चेहरे पर मुस्कान आ गयी..

दिग्विजय- अब कहाँ chupega......apni फॅमिली को मरता देख तोह ज़रूर सामने आएगा.

दिग्विजय ने अपने हाथ में रखे गोले को छोड़ diya.wo रेड & ब्लैक गोला तेज़ी से धवलगढ़ की तरफ आने लगा पर ये क्या.........!!!!!!

दिग्विजय और बलबीर की आँखें शॉक से फैले गयी....

हुआ ये की जैसे hi वो गोला धवलगढ़ की सरहद तक pahuncha,wo रूक गया और एक झटके के साथ नष्ट हो गया...........

दिग्विजय- impossible.......ye कैसे हो सकता है...!!!!!!

बलबीर- मैंने कहा था na,ye गुथी जितनी दिखती hai,usse ज़्यादा उलझी हुई hai......beta,hame जोश ने नहीं होश से काम लेना padega....jo भी करना hai,soch समझ कर ठन्डे दिमाग से करो......

दिग्विजय ने बलबीर से कुछ कहा जिससे सुनकर बलबीर ने पहले कुछ कहा पर फिर दिग्विजय को लेकर एक तरफ चल दिया पर कुछ hi देर में दोनों बाप बेटे वापस आ gaye.dono के hi चेहरे पर उदासी थी.....

बलबीर- beta,tum एक काम karo,kuch दिन के लिए कहीं ग्फ्ह्यम aao......tumhara मंद भी फ्रेश हो jaayega,uske बाद सोचेंगे की आगे क्या करना है.....

दिग्विजय- ठीक है dad..mai थोड़ा बहार से आता हूँ,2 साल हो गए अपने दोस्तों से मिले hue.....sabse मिलता हूँ और फिर उन्ही के साथ मिलकर कुछ पालन बनता हूँ की कहाँ घूमने जाय जाए....

बलबीर- ठीक है....

दिग्विजय अपने दोस्तों से मिलने निकल गया....

( इसी के साथ दिग्विजय का रोल 1सत CHAPTER के लिए ख़त्म hua...ab आपकी इनसे मुलाकात 2ंद chapter में hogi,aur वो भी कुछ इस अंदाज़ में जो आपने सोचा न होगा..... )

इन हेवन:-

सत सकिलिअ- आपका अनुमान सही nikla....agar आप समय रहते धवलगढ़ की सीमा को नहीं बांधते तोह अनर्थ हो जाता....

सत सेबेस्टियन- ऐसा कुछ hoga,ye अनुमान मेरा नहीं था.....

सत सकिलिअ- तोह फिर.....!!!!!

सत सेबेस्टियन- ये लार्ड ऑफ़ एंगेल्स का यकीं था की ऐसा कुछ हो सकता hai.GURU विशाखत को निर्देश देने के बाद उन्होंने मुझे भी कुछ निर्देश दिए थे.....

सत सकिलिअ- waah.LORD का प्रेडिक्शन पावर काफी बढ़ गया है...

सत सकिलिअ- haan,par अभी ये देखना बाकी है की बाबा विशाखत को जिस प्रेडिक्शन की वजह से लार्ड ने काम सौंपा hai,kya वो भी सच होता है.....

सत अल्फ़्रिक- haan,mai भी यह सब देखने के लिए अत्ति उत्सुक भी हूँ और चिंतित bhi.......najaane आगे क्या होगा!!!

सत सेबेस्टियन- कुछ hi देर में इस का जवाब हम सब को मिल जाएगा.......

बैक तो हीरो:-

AAAHHHHHHHHHHHH....UMMMMMMMMMMMMMMMMMMMMMMMMM......

मई पानी की सतह के ऊपर पड़ा दर्द से चटपटा रहा था....

क्या हुआ bache????bas,itne में hi दम निकल गया......

मई मन में- saala,ek तोह ये dard,upar से ये nautanki....aur क्या कह रहा hai,bache,saala.itna भी नहीं पता की मुझे बचा बोल ये खुदको भी वही बोल रहा है...

दरअसल जो मेरे सामने खड़ा tha,wo मई hi tha....samajh नहीं आया na,chaliye आपको समझता हूँ.....

जैसा की आप सब को पता है की मई इस वक़्त धवली झील के असली स्वरुप के सामने खड़ा हूँ....

झील के बीचो बीच मुझे कुछ चमकता हुआ सा dikha,jo की असल में मेरी मंज़िल थी, स्पीयर.........

अब मई मैजिक का उसे तोह कर hi सकता था...

मैंने अपने दोनों हाथ फैलाये और हवा में उठ gaya....par जैसे जैसे मई पानी के ऊपर से आगे बढ़ रहा tha,mere शरीर में दर्द बढ़ता जा रहा tha....par लागबहग 2 सालों से पीड़ा AVLOKYATI.....mantra पढ़ने की वजह से मई उस दर्द को सेह पा रहा था....

कुछ hi पलों में मई स्पीयर के सामने था..

मई- saala,ye किस एंगल से स्पीयर दिख रहा hai....!!!!!ye तोह तलवार से भी बड़ा है......

मेरे सामने जो स्पीयर tha,wo करीब 4 फ़ीट बड़ा tha...golden कलर याने की सोने के परत में ढाका हुआ एक खूबसूरत सा स्पीयर...

स्पीयर को देख कर ये कोई भी नहीं कह सकता था की वो करोड़ों साल पुराण hai..aisa लग रहा था जैसे उससे अभी अभी बनाया गया hai........aur एक अजीब बात thi,us स्पीयर में एक नाम लिखा हुआ था जो समझ में नहीं आ रहा था...

ये बात मेरे लिए काफी चौकाने वाली thi,kyunki मुझे इस ब्रम्हांड में उसे किये गए सभी लैंग्वेज आते the..par ये लैंग्वेज उनमे से नहीं था....

Khair,jaise hi मैंने उस स्पीयर को चुने के लिए अपना हाथ आगे badhaya,SPEAR में से एक तेज़ बिजली निकल कर मुझपर padi,mai उड़ता हुआ पानी में जा गिरा,

अह्ह्ह्ह

आप सोच रहे होंगे की पानी में गिरने से दर्द kyun,wo इसीलिए क्यूंकि मई पानी में डूबा nahi,balki उसकी सतह से टकराकर पानी के ऊपर hi रह gaya.paani की सतह पत्थर जैसी मजबोईत thi...ek तोह स्पीयर द्वारा दिया गया dard,uske ऊपर मई काफी ज़ोर से उस सतह पर गिरा tha,dard तोह होगा ना.....

मई लट्टे पत्ते खड़ा हुआ और वापस दर्द को कण्ट्रोल करने का मंत्र बोलने लगा.......

कैसे हो विक्रम!!!!!!

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??

अभी मई नार्मल हुआ hi था की आवाज़ सुन जैसे hi मैंने सामने dekha,mujhe एक नया झटका laga.....mere सामने जो खड़ा था वो और कोई नहीं मई hi था....

इसीलिए मैंने कहा था की मुझे बचा बोल ये खुदको भी वही बोल रहा है....

(सामने वाले को बहरूपिया लिखूंगा)

बहरूपिया- इतने हैरान क्यों हो?

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??तुमने खुद hi मुझे जन्म दिया है?

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?

मई- तोह नाम क्यों ले रहा है?

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?पापा बोल naa......aur पापा से याद aaya,teri माँ कौन है.....

बहरूपिया- स्पीयर......

मई- मतलब कुछ भी ना......

बहरूपिया- जैसे hi तुमने स्पीयर को chua,usne तुम्हारे अक्स ko,tumhari ताकत को कॉपी कर liya,aur उसीसे मेरा जन्म hua...mujhme भी वही सब ताकतें hain,jo तुममे है....

MAI-toh अब!!!!!!

बहरूपिया ने बिना कुछ बोले मेरे उपकर इलेक्ट्रिक रेज़ छोड़े जिससे मैंने अपना हाथ आगे कर रोक diya..par तभी उसने कुछ नया सा kiya...usne अपने हाथ को जिससे रेज़ निकल रहे the,usse घूमने laga...uske हाथ घुमाते hi रेज़ भी गोल घूमते हुए मेरे सारे शरीर से लिपटती चली gayi.....mujhe असहनीय दर्द होने लगा

तभी वो बहरूपिया तेज़ी से आगे badha,aur उसने मेरे चेहरे पर 3,4 पंच जड़ diye....mera दर्द डबल हो गया...

उसने अपनी ऊँगली उलटी ghumayi,dekhte hi देखते मेरे शरीर से लिपटी साड़ी इलेक्ट्रिक रेज़ निकल gayi,rays के निकलर hi उसने मेरे पेट पे लगातार 2 पंचेस maare,mai दर्द से दोहराता हुआ नीचे गिर गया.....

बहरूपिया- क्या हुआ bache????bas,itne में hi दम निकल गया......

(फर्स्ट सन)

साले से लड़ना वाकई मुश्किल tha,kyunki स्पीयर ने उससे मेरी hi काबिलियत दे दी थी...

पर तभी मुझे कुछ याद आया जो मेरी बुक हमेशा मुझे कहा करती थी....

बुक- अपने दिमाग को अपने दिल से jodo....tumhe हर परेशानी से निकलने की युक्ति मिल जायेगी...

मुझे यकीं था की स्पीयर मेरे दिमाग ko,unme छुपी काबिलियत को तोह पढ़ सकती hai,par मेरे दिल को nahi,kyunki मेरा दिल मेरे बुक का घर है जहाँ स्पीयर नहीं पहुँच सकती........

मैंने अपनी आँखें बंद की और ध्यान lagaya...mujhe मेरे दिल की ढकने सुनाई देने लगी और अगले hi पल मेरे धड़कनो की आवाज़ का ठिकाना बदल gaya....ab ये आवाज़ मेरे दिमाग से आ रही थी...

मैंने अपनी आँखें kholi....dard तोह मुझे अब भी काफी हो रहा tha,par मेरे चेहरे पर मुस्कान thi.mujhe ुस्कराता देख बहरूपिये की मुस्कान गायब हो गयी......

पीड़ा प्रारभं...........

aaaahhhhhhhhhhhhhhhh..........................nahiiiiii.nahiii................

ये चीख मेरी नहीं मेरे बहरूपिया की थी, वो अपना सर पकड़ कर बैठ gaya.......darasal जो मंत्र मैंने अभी बोलै tha,wo बुक के द्वारा बताते गए मंत्र का काट tha........PIDA अवलोकयति मंत्र मेरे दिमाग पर असर कर रहा tha..aur जो बहरूपिया मेरे सामने खड़ा tha,usme भी मेरा hi दिमाग था..

मेरे मंत्र पलटने से मेरे दिमाग का दर्द उसके दिमाग ने महसूस करना शुरू कर diya.....aur रहा मेरा sawaal,toh मेरा दिमाग तोह मेरे दिल से जुड़ चूका tha,isiliye मुझे कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ा......

बहरूपिया का दर्द इतना बढ़ गया की वो बेहोश हो gaya.....abhi मई खुश हो hi रहा था की तभी........

स्पीयर में से एक काली गाढ़ी रौशनी निकली और उस बहरूपिया में समां gayi.........kuch hi पलों में उस बहरूपिये का कलर बदलकर काला हो गया.....

बहरूपिया एक झटके में खड़ा हो गया.....

उस बहरूपिये का रूप तोह मेरा hi tha,par उन काले रेज़ की वजह से उसका रूप भी काला हो गया.....

मई- थैंक्स बोल बे एहसान faramosh........mere रूप की वजह से काला डामर होने के बाद भी तू हैंडसम दिख रहा है........

पर वो बहरूपिया कुछ बोलै नहीं बस दहकती आँखों से मुझे घूरता गया...

उसने अपने हाथ uthaye....mere दोनों तरफ का पानी हवा में उठ gaya......BEHROOPIYE ने पानी की तरफ हाथ कर कुछ मंत्र कहा और फिर अपने हाथ मेरी तरफ कर diye...paani तेज़ी से मेरी और बढ़ी और मुझे अपने अंदर समां ले गयी......

जब मेरी जगह से पानी हटी तोह मई वहां नहीं tha,jisse देखकर बहरूपिया हसने लगा की तभी........

इधर देख ोये........

बहरूपिये ने जब आवाज़ की तरफ देखा तोह शॉकेड हो gaya..usse कुछ hi दूर मई पानी के बने मत के ऊपर खड़ा था....

बहरूपिये ने अपने दोनों हाथ से पानी को छू liya...............pure पानी में भूकंप आने laga.har जगह जो गोल भवर बनाने laga.mai हवा में जहाँ खड़ा tha,BEHROOPIYE ने ठीक उसी जगह के नीचे अपने हाथ किये और कुछ मंत्र बोलै....

सुबह की आवाज़ से ठीक मेरे नीचे से तेज़ी से मेरी तरफ पानी से बने त्रिशूल आने lage.....ye एक दो तरफ़ा हुम्ला tha...agar मई खड़ा रहता तोह त्रिशूल मुझे lagta....aur अगर कूदता तोह भवर की चपेट में आ जाता.....

मैंने एक लम्बी सांस ली और कूद गया...

मुझे गिरता देख बहरूपिये के काले चेहरे के बीच सफ़ेद दाथ चमकने lage.....par ये ख़ुशी सिर्फ एक पल की thi....BEHROOPIYE के ख़ुशी वाले चेहरे पर अब शॉकिंग एक्सप्रेशंस थे....

हुआ ये की नीच गिरते वक़्त मैंने अपने हाथ तेज़ी से घुमाने शुरू कर diye,jisse पानी के ठीक ऊपर हवा उठने lagi,jisne भवर को अपने अंदर समेटकर बर्फ बना diya....mai ठीक उस बर्फ के बड़े से गोले के ऊपर स्पिन करते हुए गिरा और खड़ा हो गया....

मई- बस बोहोत हुआ.......

अब समाया था बुक से सिखाये गए सबसे खतरनाक मंत्रो में से कुछ के इस्तेमाल करने का....

मैंने अपने हाथ आगे किये

प्रज्वलयति

(सेट ों फायर)

मेरे मंत्र बोलने से पुरे पानी में आग लग gayi.....aag लगने से बहरूपिये के टेल जल gaye,wo तुरंत हवा में उठ गया.....

श्यंदना विजासती....

( एयर डिस्ट्रॉय )

मेरे ये मंत्र बोलते hi बहरूपिये के आस पास मौजूद हवा ज़हरीली हो gayi......jab इस बात का एहसास बहरूपिये को हुआ तोह उसने नाक बंद कर ली पर तब तक वो ज़हरीली हवा उसके अंदर जा चुकी थी....

वज्राहता

( स्ट्राइकिंग ऑफ़ ा थंडरबोल्ट )

आसमान काले पद gaye,aur हर तरफ से बिजली निकलकर बहरूपिये के ऊपर पड़ने lagi......kuch hi पलों में बहरूपिये का शरीर राख हो गया....

मैंने अभी चैन की सांस भी नहीं ली थी की एक नयी चीज़ hui....SPEAR में से तेज़ रौशनी निकली और हर तरफ फैले gayi..kuch hi पलों में मेरा किया हर जादू ख़त्म हो गया...

मेरा जादू ख़त्म कर स्पीयर एक बार फिर chamki,par मेरे चेहरे पर भी हलकी स्माइल आ gayi...mujhe पता था की अब क्या होने वाला है....

स्पीयर की रौशनी से 4 बहरूपिये बाहर आये और मेरे सामने आकर खड़े हो gaye.......wo चारों एक तक मुझे देखने लगे.......

जो मैंने सोचा tha,wo तोह होने hi वाला tha,par साथ में कुछ और भी हुआ जो मैंने सोचा नहीं था.......

एक बहरूपिये ने बाकी तीनो को कुछ इशारा kiya,teeno गायब हो गए.....

वहीँ दूसरी तरफ:-

अभी..............

बाबा विशाखत ध्यान अवस्था में धवली झील का सन देख रहे the..wahan उस बहरूपिये ने अपने तीनो साथियों को जाने का इशारा kiya,yahan बाबा विशाखत के मुँह से अभी निकला जो अक्षांत ने सुन लिया और अपना तुरंत एक मंत्र पढ़ा और गायब होकर वापस बाबा विशाखत के पास पहुँच गया....

बाबा विशाखत की आँख खुल गयी....

बाबा विशाखत ने कुछ मंत्र bola..unke सामने एक बांग्ला बन गया..

बाबा विशाखत- जल्दी से इनको लेकर अंदर जाओ और तैयार रहना...

तीनो- जी गुरुदेव....

तीनो कुछ लोगों को लेकर उस बंगले के अंदर चले गए.....

बैक 2 हीरो:-

तीनो बहरूपियों के गायब होते hi स्पीयर एक बार फिर से चमकी और उससे एक बिजली से बानी रस्सी निकली और मुझे लपेटती चली गईइइइइइ.........

आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.................

तभी एक और चीज़ hui....mere अंदर से किताब निकली और गायब हो gayi.........mera दर्द इसीलिए hi कण्ट्रोल में था क्यूंकि वो किताब मेरे दिल से कनेक्टेड thi..uske जाते hi मेरे दिल का कनेक्शन मेरे दिमाग से टूट गया और मुझे असहनीय दर्द होने लगा...

बहरूपिया- waah,tera आखरी वक़्त आते hi वो बुक ने भी तेरा साथ छोड़ दिया......

अब यहाँ तू मरेगा और वहां तेरा PARIWAR......chal तेरे मरते मरते तुझे तेरे परिवार की मौत भी दिखता हूँ...

बहरूपिये ने अपने हाथ ghumaye,saamne हवा में एक बड़ी सी स्क्रीन बन गयी....

वहीँ दूसरी तरफ:-

मेरी किताब गायब होकर एक जगह pahunchi........us जगह पर कोई सोया हुआ था. बुक से एक रौशनी निकली और सामने वाले पर padi..book और वो साक्ष गायब हो गए....

बैक तो हीरो:-

बहरूपिया- kyun,maza आ रहा hai!!!arre तुझे कैसे मज़ा aayega....tu तोह खुद मरने वाला hai...haaaahaaaahaaaa..

मेरे सामने स्क्रीन पर मेरे तीनो GURU,MOKALSAR,SHAILA और अक्षांत तीनो बहरूपियों से लड़ रहे थे......

कुछ देर तक मेरे तीनो गुरु उन सब का सामना करते रहे पर वो बेहरुपीये ज़्यादा ताकतवर the..unhone मेरे तीनो गुरुओं के शास्त्र गिरा दिए..

शाश्त्र गिरते hi मेरे तीनो गुरु गायब हो गए.......

बहरूपिया- अरे yaar,tere घरवालों के बॉडी गार्ड्स तोह बोहोत फत्तू nikle..khair,apni जान किसको प्यारी नहीं hoti....tu आखरी बार अपने अपनों को देख ले..

उन तीनो बहरूपियों ने मेरे सारे परिवार वालों को एक झटके में मार दिया tha......unka काम ख़त्म हो चूका tha.wo वापस गायब होकर स्पीयर में समां गए...

इससे आगे मई देख नहीं पाया और बेहोश हो गया.....

बहरूपिया धीरे धीरे चलते हुए मेरे पास आ रहा था

की तभी:-

एक तेज़ रौशनी hui.jaise hi रौशनी बहरूपिये पर पड़ी वो उड़ते हुई पीछे जाकर गिरा...

उस रौशनी के बीच में से मेरी किताब निकली पर वो अकेली नहीं थी उसके साथ कोई था...

किताब जिससे लायी थी उससे ठीक मेरे बाजू में लिटा diya.book से एक और बार रौशनी nikli,us शख्श का हाथ अपने आप hi मेरे हाथों क ऊपर आ गया....

जैसे hi हम दोनों के हाथ mile,mere शरीर को तेज़ झटके लगने lage..wo बिजली की रस्सी जो मेरे शरीर को बांधे हुए thi,ek झटके में टूट गयी.....

कुछ देर तक मेरी बड़ी झटके खाती rahi,fir शांत पद गयी........

बहरूपिया जहाँ जाकर गिरा tha,wahin से आँख फाड़े ये सब देख रहा tha....jaise hi वो रस्सी टूटी और मेरे शरीर को झटके लगने बंद hue,wo उठकर मेरे पास aaya,aur जैसे hi उसने मेरे साथ वाले का चेहरा dekha,usse मुझसे भी ज़्यादा बड़ा झटका लगा....

बहरूपिया- अवन्तिकाआआआ...........

जी हाँ doston,BOOK और किसी को नहीं अवंतिका को लेकर आयी थी...

जैसा की मैंने बताया था की बहरूपिये ने मेरा दिमाग पढ़ा tha,isiliye मेरी लाइफ में आये हर शक्श को जानता था...

बहरूपिया- ये कैसे हो सकता hai...!!!!ek मामूली सी लड़की ये सब कैसे कर सकती है...

बुक- मई बताती hu..ye लड़की और कोई नहीं विक्रम यानी लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की शक्ति hai..iske रहते कोई भी उनका कुछ नहीं बिगड़ सकता......

इससे पहले की बहरूपिया कुछ kehta,BOOK अवंतिका को लेकर गायब हो गयी.....

बहरूपिया- इससे यहीं ख़त्म कर देता hun.......kissa hi ख़त्म...

मई अभी भी बेहोश hi पड़ा tha.BEHROOPIYE ने अपना हाथ आगे kiya,uske हाथ में एक तलवार आ gayi.....wo आगे बादः और उसने मेरे गर्दन को निशाना बनाकर तलवार चला दी...

aahhhhhhhhhh........

ये आवाज़ बहरूपिये की thi....hua ये की जैसे hi बहरूपिये ने अपना हाथ ऊपर uthaya,mujhe होश आ gaya.maine भी तुरंत एक तलवार का आवाहन kiya,aur इससे पहले की बहरूपिया तलवार chalaye,maine अपनी तलवार उसस्के पेट में घुसा दी....

और जैसे hi वो दर्द से तड़पता हुआ आगे jhuka,maine एक झटके में उसके पेट से तलवार nikali,aur उसकी गर्दन उदा दी....

मई तेज़ी से उठा और स्पीयर की तरफ चल diya.......mujhe आगे बढ़ने में काफी परेशानी हो रही thi.aisa लग रहा था जैसे कोई मुझे पीछे खींच रहा है पर मई रूका नहीं और आगे बढ़ता रहा..

वहीँ जैसे जैसे मई स्पीयर के करीब जा रहा tha,SPEAR तेज़ चमकने लगी थी.....

और फिर अचानक..........

मेरे शरीर पर एंगेल्स वाले वाइट कपडे आ गए THE..MAI हवा में उठने लगा THA.....AUR मेरे अंदर से कई रूहें एक एक बाद एक बाहर आने लगी थी........

हुआ ये की मई जब स्पीयर और मेरे बीच बस कुछ मेट्रेस का फासला भर बचा tha,toh वो स्पीयर एक झटके में आयी और मेरे अंदर समां gayi....ab मई अपने लार्ड ऑफ़ एंजेल के गेट उप में ज़रूर tha,par मुझे बोहोत ज़्यादा दर्द हो रहा था......

की तभी मेरे सामने एक और रौशनी हुई और मेरी बुक मेरे सामने प्रकट hui.....book के सामने आते hi वो स्पीयर मेरे अंदर से बाहर आ गयी...

मैंने उस स्पीयर को पकड़ा और उससे देखने laga.uspe जो नाम लिखा tha,wo मिट चूका tha,aur अब उसपे एक नया नाम लिखा रहा tha...........VIKRAM............

पर पुराने नाम के मिटने से पहले मैंने उससे पढ़ लिया tha.ab वो नाम साफ़ इंग्लिश में लिखा tha...................ASMODEUS.....................

मुझे इस नाम के मालिक के बारे में भी पता चल चूका था...

मई (मन में )- बोहोत जल्दी मुलाकात होगी मेरे भाई............

वहीँ मेरे सामने मेरी बुक अपने आप खुल गयी और वो स्पीयर उसके अंदर एक तस्वीर के रूप में छाप गयी.....

बुक- क्या मुझे आपके अंदर सामने की इजाज़त है...!!!!

स्पीयर की तस्वीर छापते hi बुक से आवाज़ आयी....

मई- इजाज़त है.......

मेरे हाँ बोलते hi वो बुक एक झटके में मेरे अंदर समां gayi.....mera पूरा शरीर ग्लो करने laga..meri आँखें भी पूरी सफ़ेद हो gayiiii.......maine ऊपर dekha,teeno GOD'S मैसेंजर HEAVEN'S गेट पर हाथ जोड़े खड़े थे....

मई धीरे धीरे नीचे आने laga..jab मई नीचे आया तोह मेरे सामने 1000 हौली स्पिरिट्स थे.. जिन्हे मैंने मुक्त कराया tha,wo भी मेरे सामने खड़े थे...

मेरे उनके सामने आते hi वो सब अपने घुटनो पर झुक गए.......

मई- खड़े हो जाइये...

ईस्ट हौली SPIRIT-hame मुक्ति दिलाने के लिए आपका कोई कोटि dhanyawaad...aur शमा kariyega,hum आपको अपनी ताकत नहीं दे पाएंगे....

मई- क्या मई इसकी वजह जान सकता हूँ!!!!

2ंद हौली स्पिरिट- हमारे बंदी बनते hi हमने अपनी ताकत को दूसरे गृह पर छुपा दिया tha......par बदकिस्मती से हमे ताकत भी दूषित हो गयी hai,isiliye हम उससे वापस बही बुला सकते....

मई- कौन से गृह पर आपकी शक्तियां है और वो दूषित कैसे हो गयीं...

1सत हौली स्पिरिट- हमारी शक्तियां ग्लूटो गृह के गुफा में डायमंड्स के रूप में हैं पर दो काली शक्तियों के भक्तों ने उन डायमंड्स से शक्ति हासिल कर उससे भी दूषित कर दिया है....

मई- आप फ़िक्र न karen,mai खुद जाकर उन शक्तियों को पुनः शुद्ध कर प्राप्त karunga..ab आप सब क्या करेंगे!!!!

1सत हौली स्पिरिट- हमारी आत्मा अब कहीं और नहीं रह sakti.hum सब वापस गॉड के शरण में चले जाएंगे.....

मई- ठीक hai..bas 1 मिनट रुकिए.....

बाबा विशाखत प्रकट हो.....

मेरे आवाज़ देते hi बाबा विशाखत AKSHAANT,MOKALSAR और शैला के साथ प्रकट हुए......

मई- guruji,mai आपको इस दुनिया के मायाजाल से मुक्त करता hun...ab आप गॉड के शरण में जा सकते हैं.......

मैंने अपना हाथ आगे kiya,mere हाथों से सफ़ेद रौशनी निकली और बाबा पे padi,unka शरीर परछाई में बदल गया.....

मैंने ऊपर dekha,ST सेबेस्टियन ने हेवन का दरवाज़ा खोल diya.....saare हौली स्पिरिट्स एक के बाद एक हवा में उठकर हेवन में जाने लगे....

बाबा विशाखत- तुम्हारा गुरु hona,yahi मेरे लिए मोक्ष से काम नहीं था पुत्र..

AKSHAANT,tum तीनो के मन में जो भी सवाल hai,wo विक्रम से पूछ lena...mere जाने का वक़्त हो गया है.....

बाबा विशाखत भी हौली स्पिरिट्स के साथ हवा में उठ हेवन चले गए......

गुरूजी को जाते देख मेरी आँख से दो बून्द आंसू निकल कर गिर गए आखिर गुरूजी मेरे पिता तुल्य tha...par मई खुश था की वो जो चाहते the,wo उन्हें मिल गया....

मई तीनो को ले गायब हो अपने घर के पीछे वाले जंगल में pahuncha...jo मायावी बंगला गुरूजी ने बनाया tha,wo गायब हो चूका था...

कुछ देर तक हमारे बीच शांति rahi..sabhi को गुरूजी के जाने का दुःख था..

मई- काफी ठण्ड है यहाँ!!!!

इस वक़्त सुबह के 7.45 हो रहे the...DHAWALGARH पहाड़ी इलाके में बसा शहर tha...aur उसके ऊपर हम पहाड़ में the....yahan ठण्ड कुछ ज़्यादा hi thi....mai तोह इस कड़कती ठण्ड में भी नार्मल hi tha,par बात शुरू करने के लिए कुछ तोह कहना hi था....

शैला- हमारे गृह में यह पुरे साल इससे ज़्यादा ठण्ड रहती है....

मोकलसर- सही kaha....yahan का मौसम तोह हमारे लिए नार्मल है...

अब माहौल कुछ नार्मल tha,toh मई सीधे मुद्दे पर आ गया.

मई- hmm.toh क्या सवाल हैं आप सब के....!!!

अक्षांत- यही की आपकी फॅमिली के क्लोन्स का भ्रम पैदा करने के लिए उनके बालों की क्या आवश्यकता thi....wo तोह सिर्फ स्पेल बोलके hi किया जा सकता था..

जी हाँ दोस्तों, उन बहरूपियों ने जिनको मारा tha,wo मेरे परिवार के क्लोन्स थे...

मई- ये मत भूलिए की मेरा सामना किस्से हुआ tha....mere परिवार वालों के बाल की वजह से जो क्लोन बनाये गए थे वो उनके ओरिगिनाल्स से काम असली नहीं the.agar मैंने या गुरूजी ने ऐसे hi क्लोन बना दिए होते तोह स्पीयर द्वारा भेजे गए बहरूपिये उन्हें पहचान जाते....

मोकलसर- अब हमारे लिए क्या आदेश है...!!!!

मई- आदेश नहीं निवेदन hai.wo भी मई तब hi बताऊंगा जब आप तीनो मुखसे पहले जैसा बर्ताव karenge.....aap तीनो की दी हुई शिक्षा से hi मई ये चुनौती पार कर पाया हूँ...

शैला- बोलो fir..tumhare लिए तोह हम जान भी दे देंगे...

मई- ऐसा कभी नहीं hoga.mai बस आपसे ये चाहता हूँ की *********************

अक्षांत- बस इतनी सी baat....ho जाएगा.

मई- तोह घर चलें!!!!!

तीनो ने जैसे hi हाँ kaha,wo चौंक गए...

क्यूंकि उनके मुंडी हाँ में हिलाते hi हमारी जगह बदल gayi.hum मेरे रूम में थे.....

आईएम माय रूम:-

रोनित- यार तू कैसा क्लोन hai.....tujhe पता hi नहीं की V.J ठीक है भी या नहीं....

पर जवाब में मेरा क्लोन बस मुस्कुराया और गायब हो गया...

रोनित- अब ये कहाँ गया?

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अंजलि- कहीं V.J कोई मुसीबत में तोह नहीं है...!!!

मई- तुम्हारे जैसे दोस्तों के होते V.J को कुछ नहीं हो सकता......

आवाज़ सुन जब दोनों palte,mujhe सामने देख दोनों तुरंत बीएड से कूड़े और मेरे गले लग गए.....

रोनित- भाई तू ठीक तोह है ना....!!!

मई- तेरे सामने हूँ देख ले...

अंजलि- यार हम दोनों इतने टेंशन में थे.....

हम तीनो की कुछ देर तक यूँही इमोशनल बातें होती रही...

मई- बाकी बातें 2 महीने के बाद....

अंजलि- 2 महीने matlab...tu फिर कहीं जा रहा है...!!

मई- मई नहीं तुम दोनों जा रहे हो.......

दोनों- मतलब!!!!!

मई- मैंने तुम दोनों को कहा था न की वो टॉनिक मई किसी ख़ास वजह से तुम दोनों को पिलाता था...

दोनों- हाँ....

मई- वो टॉनिक मई तुम दोनों को इसी दिन के लिए पिलाता था..

उस टॉनिक की वजह से तुम दोनों के बॉडी के सेल्स बदल गए hain....ab तुम्हारे बॉडी की बनावट अलग hai....tum दोनों के अंदर 100 इंसानो से ज़्यादा तलत hai....par इतना काफी नहीं hai..tumhe और शक्तिशाली होना पड़ेगा....

उसके लिए तुम दोनों को इन तीनो के साथ इनके गृह जाना higa...wahan तुम्हारी ट्रेनिंग होगी......

रोनित- ये ज़रूरी है क्या!!!

मई- अगर मेरी आगे की चुनौतियों में तुम दोनों मेरे साथ रहना चाहते हो तोह फिर ये ट्रेनिंग ज़रूरी है...

रोनित- घरवालों को क्या कहेंगे!!!!!

मई- वो मई संभल लूंगा.....

अंजलि- तू भी साथ चल ना...

मई- फिर तुम दोनों ठीक से कंसन्ट्रेट नहीं कर पाओगे.....

अब और कोई सवाल नहीं.......

चलो सब बाहर.....

सारे घरवाले बहार hi बैठे थे.......

मई- hello एवरीवन....

सब- hello बचो..

माँ- नाश्ता लगाऊं!!!!!

मई- अभी nahi.abhi मुझे आप सब से कुछ इम्पोर्टेन्ट बात करनी है...

सब- हाँ बोलो.....

मई- रोनित और अंजलि को 2 मोनथस के लिए मेरी जैसी ट्रेनिंग लेने के लिए जाना होगा, वो भी अभी.....

मेरी बात सुन शॉकेड हो gaye....isse पहले की कोई कुछ कहता..

मई- ये गुरूजी के ऑर्डर्स hain....wo तोह किसी अर्जेंट काम से गए hain,unhone मुझे आप सब को बताने को कहा hai.aur ये भी कहा है की अगर ों दोनों ने ट्रेनिंग नहीं li,toh इनके साथ कुछ गलत हो सकता hai...(jhooth)

मेरी बात सुन सभी चौंक gaye..mom डैड दोनों जानन्ते थे की बाबा विशाखत की बात गलत नहीं हो सकती...

माँ डैड ने ये बात जैसे hi सबको batayi,sabhi खतरे की बात सुन दर गए और दोनों के जाने के लिए हाँ कह दिया...

और 1 घंटे में रोनित और अंजलि बैग्स पैक कर निकल गए..........

ात नाईट इन माय बैडरूम:-

मुझे ास्मोडियस के बारे में काफी कुछ पता चल गया tha....kamsekam इतना की वो क्या था और डेविल कैसे बन gaya.....mujhe ये भी पता चल गया था की मेरी सुपरगुप्त बुक गॉड के आंसुओं से कैसे बानी..

ास्मोडियस की गलत हरकतों की वजह से गॉड नेबससे खुद से दूर तोह कर दिया पर था तोह वो भी उनका ansh,unka बच्चा hi..ussi गम में गॉड के आँखों से आंसूं mikle,aur आंसू निकलते वक़्त जो भी ज्ञान गॉड के दिमाग में घूम रहा tha,wo सब भी आंसू में बदल gaya..un आंसुओं ने एक बुक का रूप ले लिया और सदियों से अपने उत्तराधिकारी का इंतज़ार कर रही थी......

मेरे रूप में उसका इंतज़ार ख़त्म हुआ.....

पर एक बात मेरी समझ में नहीं आ रही thi...wo ये की भले hi ास्मोडियस नेगेटिव tha,par शक्ति तोह उसमे भी उस वक़्त मेरे जितनी hi thi...phir वो स्पीयर उसकी क्यों ना हो saki.....aur इस स्पीयर ने मुझे क्यों chuna...aakhir मुझमे और ास्मोडियस में क्या फर्क था....

जैसे hi ये ख्याल मेरे मन में aaya,mere अंदर से मेरे बुक की आवाज़ आयी...

आपमें और ास्मोडियस में सिरग एक HI फर्क है....

मई- वो क्या!!!!!!

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??

बुक - नजरिया, ऐटिटूड........

फर्स्ट CHAPTER के लिए इतना HI......

आपका अपना V.J.....

 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम हौली स्पिरिट्स को DEVIL'S ेंचन्त्मेन्त जो की ास्मोडियस ने स्पीयर को किया THA,USSE आज़ाद करा देता है.....

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 51:-

प्लेनेट क्यूरियस :-

पापुलेशन- 1000 पीपल

क्लाइमेट-(- 50 डिग्री ) डेडली कोल्ड

khon,khon.........khon,khon..............

मुझसे बदनसीब कौन hoga,ye जानते हुए भी की आज मुझे इस दर्द से मुक्ति मिलने वाली hai.........mera मन भारी hai........AAAHHHHHHHHHH...........

लड़की- दादी......................

वो लड़की जैसे hi उठने को हुई,

दादी- रहने दे अनलिए, बस कुछ hi देर की तोह बात hai......is सूखे खून को भी मुझे आखरी बार देख लेने दे.......

अनलिए वापस अपनी दादी के सिराहने बैठ gayi......uske मोती जैसे आखों से तप तप करके आंसू बहने लगे.....

एक बूढी औरत जो एक बड़े से खाट पे लेती हुई hai.....aur ये खाट किसी घर पर नहीं hai,balki इस वक़्त एक बोहोत hi बड़े से बर्फ के मैदान में hai..uske पास hi उसकी पोती अनलिए बैठी हुई है...

पर वो दोनों अकेले नहीं hain.....is वक़्त उस मैदान में उस गृह के बाकी के 999 निवासी खड़े हुए हैं......

दादीजी- beta,aansu के बहने से दिल का दर्द काम होता hai......par तुझे तोह अभी ज़िन्दगी भर इस दर्द को झेलना hai.......toh इन आंसुओं का क्या मोल......!!!!!

अनलिए- aaaaahhhhhhhhhhhhhh...............

एक लड़की जो की अनलिए की hi उम्र की thi,wo भाग कर गयी हुए एक गिला कपडा लेकर aayi.......usne अनलिए के हाथ में कट की वजह से जो खून निकल रहा tha,usse पॉच दिया.

नाम आँखों से उसने अनलिए के सामने अपना हाथ कर diya...uske हाथ में कुछ tha...ANALIA ने भी भीगी पलकों से उस लड़की से उस चीज़ को लिया और उसकी एक बाईट ली...

पर ये क्या!!!!!!

वो कट जिससे खून निकल रहा tha,ANALIA के उस चीज़ की एक बाईट लेते hi,wo अपने आप hi भर गया.......

AHHHHHHHH,AHHHHHHH,AHHHHHHHH.............

अभी अनलिए के कट को भरे हुए एक मिनट भी नहीं हुआ tha,ki वहां मौजूद हर शख्स के मुँह से एक के बाद एक दर्द भरी आह निकलने lagi.......sabhi के बॉडी में जहाँ जहाँ कट्स पड़े the,us चीज़ को खाते hi वो सारे कट्स भर गए....

अनलिए की hi तरह सबने अपने हाथ में पकड़ी चीज़ का एक एक बाईट खाया......

दादी- मुझे माफ़ करना gudiya,mai तेरे लिए कुछ भी नहीं कर सकीय.......

1 लड़की- अरे ये क्या हुआ..........

अभी अनलिए कुछ कहती की तभी वो जगह जहाँ वो सब खड़े the,hilne लगी मानो भूकंप आ गयी ho...ye झटके सिर्फ वहीँ नहीं आये the,balki पुर क्यूरियस गृह हिल गया था....

वहां खड़े सभी ज़मीं के साथ साथ खुद भी हिल gaye.....kuch तोह गिर भी gaye....ANALIA ने जाकर अपनी दादी को जो की एक खटिया में लेती हुई thi,zor से पकड़ liya,taaki दादी खटिये से गिर ना जाए...

अभी तक सब इस पहले झटके से उबरे नहीं the,ki सबको एक दूसरा झटका लगा....

पूरा क्यूरियस गृह जहाँ पिछले 1 लाख सालों से अँधेरा छाया हुआ tha,thand हमेशा अपने चरम पर रहती thi,us पुरे गृह में कुछ पलों के तेज़ रौशनी फैले गयी....

मौसम ठण्ड से बदलकर वापस वैसा हो गया जैसे 1 लाख साल पहले हुआ करता tha.....ye सब बस कुछ hi पलों के लिए hua,fir सब कुछ पहले जैसा हो गया...

अनलिए- आपके चेहरे पर मुस्कराहट दादी!!!!!!!!

हुआ ये की जब ज़मीन का हिलना बंद hua,ANALIA जो अपनी दादी को संभाली हुई thi,unse अलग hui.par अलग होते hi अनलिए को शॉक laga,kyunki उसकी दादी के आँखों में आंसू पर चेहरे पर मुस्कराहट थी जो की नजाने कितनी सदियों के बाद देखने को मिली थी.......

अनलिए की बात उसके पास खड़े कुछ लोगों ने भी suni,aur जब उन्होंने दादी की तरफ dekha,toh वो सब भी चौंक गए.....

दादी- मैंने तोह उम्मीद hi छोड़ दी thi....param पितः ने मेरे आखरी घड़ियों में मुझे वो सुकून दे hi दिया जिससे पाने का इंतज़ार मैंने अपनी पूरी ज़िन्दगी की है....

अनलिए- कैसा सुकून daadi????aur ये जो सब अभी hua,isse आपके चेहरे पर कोई शॉक के भाव नहीं hain,kya आप जानती hain,ki ये सब था क्या!!!!

दादी- ये जो कुछ भी हुआ hai,wo भविष्यवाणी के सच होने का पहला संकेत है....

अनलिए अपनी दादी की बात सुनकर चौंक gayi...jab भी उसने दादी से पूछा की उनका गृह पहले जैसा कब hoga,kab उन्हें उस दर्द se,jo वो नजाने कितनी सदियों से झेलते आ रहें hai,wo ठीक होगा तब उससे उसकी दादी से सिर्फ एक hi जवाब मिलता था....

दादी- जिस दिन भविष्याणि के सच होने का पहला संकेत milega,samajh जाना हमारे दर्द और दुःख के दिन बीतने का वक़्त बोहोत जल्द आने वाला है....

इससे ज़्यादा दादी ने अनलिए को कभी कुछ नहीं बताया....

अनलिए- सच daadi.ye वही संकेत था जिसकी आप हमेशा से बातें करती थी.....

दादी- हाँ beti.ye वही संकेत hai......aaj हम सब के उधारकर्ता ने अपनी असलियत पहचान ली hai....aaj उन्हें उनकी पहली शक्ति मिल गयी hai......ye गृह और इस ब्रम्हांड का हर grah,ussi ख़ुशी में झूमा hai,jiski वजह से ये कम्पन हुई थी....

( कुछ याद आया doston....ye वही वक़्त था जब हमारे हीरो को अपने लार्ड ऑफ़ एंजेल होने के बारे में पता चला tha.jab विक्रम को अपनी MANI,POWER स्टोन मिली थी.... )

अनलिए- कैसी शक्ति और कौन उधारकर्ता daadi...aaj तोह पूरी बात बताइये...

दादी- ये बात तुम्हे स्वयं हमारे उद्धारकर्ता hi batayenge....tum नहीं जानते बच्चों की तुम्हारी पीढ़ी कितनी खुशकिस्मत है जो तुम उनसे साक्षात मिल पाओगे...

ये बाते दादिने सबकी तरफ देख अपनी पूरी शक्ति जोड़ ऊँचे आवाज़ में कही थी...

दादी- अब मई भी चैन से मोक्ष को प्राप्त कर पाउंगी.....

दादी की बात अभी ख़त्म हुई hi थी की अचानक उनका शरीर एक रौशनी में बदल आकाश की तरफ जाने लगा...

जहाँ सभी दादी की बात सुन खुश हो गए the,wahin दादी को जाता देख सभी के आँखों से एक बार और आंसू बह निकले....

की तभी....

AAHHHHH....AAHHHHHHH.....AAHHHHHH....

दादी को रौशनी में बदल दुनिया छोड़े अभी कुछ hi पल हुआ था की सबके शरीर में कुछ लम्बे कट्स आ gaye.khoon तेज़ी से निकलने लगा......

सभी ने अपने हाथ में पकड़ी चीज़ khaayi...jaise hi कट गायब हुआ और दर्द काम hua,sab अपने अपने रास्ते निकल gaye...ANALIA वहीँ उस खाट पर तिकी हुई आकाश की तरफ एक तक देख रही थी.....

कन्फ्यूज्ड हो गए naa,ki ये सब हो क्या रहा है.......

फ़िलहाल के लिए कन्फ्यूज्ड hi रहिये........

वहीँ दूसरी तरफ:-

प्लेनेट- व्रीहाख

प्लेस- बट्टे ग्राउंड

शयन दानह विष्फोटः........

( एयर ब्लास्ट )

इस मंत्र के उच्चरित होते hi शैला जो की हवा में अलग अलग चीज़ों को उठत्कार उसपे कदम रखते हुए आगे आ रही thi.....uske हर तरफ ब्लास्ट होने लगे.....

शैला इस अचानक हुए हमले से हड़बड़ा gayi.tabhi एक ब्लास्ट उसके पेअर के नीचे जो चीज़ हवा में उससे सहारा दिए खड़ा tha,uspar pada....wo चीज़ के परखचे उड़ गए...

अभी शैला ज़मीन में टकराने hi वाली थी की अक्षांत ने उससे अपनी मज़बूत बाहों में कैच कर liya....SHAILA को ज़मीन में उतार अक्षांत वायु वेग से ब्लास्ट करने वाले की तरफ दौड़े.....

(प्रत्तीचय)

(शैडो)

अक्षांत के टकराने से पहले hi ब्लास्ट करने वाले ने ये मंत्र बोल diya..mantra बोलते hi उसका शरीर एक परछाई में बदल गया और अक्षन्त उसके आर पार निकल गए....

अक्षन्त की स्पीड काफी ज़्यादा thi.....unhone अपनी ेड्डी को घिस कर खुद को रोकना शुरू kiya...par इससे पहले की वो पूरी तरीके से रुकते.....

(कुटयंतराम)

(ट्रैप)

अरे वाह एक और mantra.par ये kya,ye मंत्र उस ब्लास्ट करने वाले ने nahi,uske दूसरे साथी ने बोलै था....

धम्मं

इस मंत्र के उच्चारित होते hi अक्षन्त के सामने एक बड़ा गड्ढा बन गया जिसमे वो धम्म की आवाज़ के साथ गिर गए......

सुभ्ज soobh,soobhhhh......

ब्लास्ट करने वाले और उसके साथी ने सामने की तरफ dekha,dono के सामने मोकलसर अपने हाथों में पकडे तलवार को तेज़ी से घुमा रहे थे......

(अग्नि प्रकटम.....)

मोकलसर के ऐसा बोलते hi हवा जिससे तलवार घूमने की वजह से आवाज़ आ रही thi,usme आग दिखने लगा...

मोकलसर ने कुछ आग अपने तलवार के पॉइंट पर रख सामने की तरफ फ़ेंक दिया....

वो आग एक छोटे पर शक्तिशाली गोले का रूप लेकर तेज़ी से आगे बढ़ने लगी..

(जल प्रकटम.......)

ट्रैप स्पेल का उसे करने वाले ने ये स्पेल bola...us आग के गोले के सामने पानी का एक छोटा पर शक्तिशाली गोला आ gaya.aag के गोले के उससे टकराते hi आग भुज गयी.....

मोकलसर ने और तेज़ी से अपनी तलवार घुमानी शुरू ki...kuch hi सेकण्ड्स में उनके तलवार के सामने अछि खासी आग आ गयी...

मोकलसर ने एक के बाद एक कई बार अपने हाथ को झटके diye....kai सारे आग के गोले लाइन से सामने की तरफ तेज़ी से जाने लगे.....

सामने वाले ने फिर से पानी का आवाहन किया पर इसबार उस पानी की मात्रा और शेप दोनों ज़यादि thi.....dekhte hi देखते उस शक्श के सामने पानी का एक बड़ा सा आयना बन गया..

CHASHHHHHHHHHHHHHHHHHHH

आग जैसे hi पानी के आयने से takrayi,ek तेज़ आवाज़ आग भुझ gayi...par इस बार आग के भुजते hi हवा में बोहोत सारा धुआँ हो गया...

(नेत्र प्रविशति)

(एंटर आईज)

सामने वाले ने धुंए के तरफ हाथ बढ़ा ये मंत्र bola...dhuen ने एक तीर का आकर लिया और तेज़ी से मोकलसर की आँखों में घुस गया.....

मोकलसर को अपनी आँखों में तेज़ जलन महसूस hui...uski पकड़ तलवार से छूट gayi....MOKALSAR ने अपनी आखें मसलना शुरू कर दिया.....

पर ये kya,talwar मोकलसर के हाथों से छूती ज़रूर पर गिरी nahi....talwar हवा में लटकी हुई है....

ohhh,achha तोह ये बात है......

तलवार के छूटते hi ब्लास्ट वाले बन्दे ने हाथ आगे कर तलवार को हवा में hi रोक दिया था....

(सम्प्रसारयति )

(स्ट्रेच)

उस बन्दे ने तलवार को देख इस स्पेल को bola.....dekhte hi देखते तलवार की मोटाई काम होने lagi,uski जगह उसकी लम्बाई बढ़ने lagi.......kuch hi पलों में वो तलवार लम्बी होती हुई एक स्टील की रस्सी में बदल गयी....

(वालयी भवति)

(बिकम ा सर्किल)

वो स्टील की रस्सी घूमते हुए मोकलसर को लपेटने lagi.........MOKALSAR को जब इस बात का एहसास हुआ तोह उन्होंने खुदको छुड़ाने की कोशिश की पर कामियाब नहीं हो पाए....

कुछ hi पलों में उस रस्सी ने मोकलसर को अपने अंदर पूरी तरीके से लपेट liya...MOKALSAR नीचे गिर गए.....

गिरते hi मोकलसर ने अपनी एक ऊँगली जो हलकी सी बाहर thi,usse hilaya...ungli के हिलकाते hi रस्सी हैट गयी.....

अद्भुड्डड्डड्डड़.......

दोनों ने जब पीछे पलट

कर देखा तोह अक्षांत चेहरे पर मुस्कान लिए ताली बजाते हुए उनकी तरफ आ रहे थे.....

अभी वो कुछ कहते की उन्हें फिर अपने पीछे से तालियों की आवाज़ सुनाई di...ye शैला और मोकलसर थे जो ताली बजाते हुए उनकी तरफ आ रहे थे.....

शैला- रोनित ANJALI,hume तुम दोनों पर गर्व hai......bohot जल्दी तुमने इतना सब सिख लिया.....

मोकलसर- haan,par वापस जाकर अभ्यास करना मत chhodba...ek बात हमेशा याद rakhna,abhyas न करना उस तलवार की तरह है जिसपे जुंग लग चुकी है.....

अक्षांत- haan,aur शक्ति प्राप्त करने की कोई सीमा नहीं hai..jitna अभ्यास karoge,tumhare हुनर और उतने निखरेंगे.....

रोनित और अंजलि आगे बढे और जैसे hi वो अपने तीनो गुरुओं के पेअर छूने को hue,teeno ने दोनों को ऊपर उठाकर बारी बारी गले लगाया....

वहीँ उनसे बोहोत दूर कोई और भी था जो ये सब देख और सुन मुस्कुरा रहा था.....

अक्षन्त- तुम दोनों के जाने का समय आ गया.....

रोनित- आप तीनो भी चलिए ना!!!!

मोकलसर- हमारा वहां क्या काम !!!!

की तभी तीनो के कानो में एक आवाज़ aayi,jisse सुन तीनो ने एक ूसरे की तरफ देखा..

शैला- ठीक hai,hum भी चलेंगे....

शैला ने अपना हाथ आगे kiya,un सब के सामने एक वर्ल्ड दूर खुल gaya...sab एक के बाद एक उसके अंदर चले गए....

अंजलि- ये तोह मुंबई पुणे एक्सप्रेस हाईवे के पास वाले जंगल में है ना....

रोनित- haan,par अभी हम मुंबई के बॉर्डर पर hi hain.yahan से हमारा घर मैक्स 20 कम होगा......

अंजलि- तोह अब घर के पास hi किसी सुनसान एरिया में गायब होकर पहुँच जाते हैं.....

रोनित- अरे नहीं यार.2 महीनो से यही सब तोह सिख और देख रहे hain....ab थोड़ा बैक तो इंसान वाले तरीके भी आज़मा लें!!!!

सभी चलते हुए जंगल से बहार आये.

रोनित ने जेब से अपना मोबाइल निकला ताकि ओला बुक कर सके की तभी एक सुव उनके सामने आकर रुकी.....

अंजलि- अंकल आप...

सुव में अंजलि के घर का ड्राइवर था.....

DRIVER-haan beta..aao,baitho...

सभी कार में बैठ गए....

अंजलि- uncle,aapko कैसे पता चला की हम यहाँ खड़े हैं...!!!!!

ड्राइवर- beta,aap ने hi तोह विक्रम बाबा को कहा था ना की आप दोनों यहाँ मिलेंगे....

रोनित- हाँ uncle,wo हम भूल गए थे....

शैला- तुम दोनों भूल रहे हो की तुम किसके दोस्त ho.....mai दावे से कह सकती hun,ki भले hi वो तुम्हारे साथ तुम्हारी ट्रेनिंग में नहीं aaye,par उनकी नज़र हर वक़्त तुम दोनों पर रही होगी....

रोनित और अंजलि ने हाँ में सर हिला दिया....

फिर सभी ऐसे hi बात करते हुए घर की तरफ निकल पड़े.......

मीनाक्षी मेन्शन:-

मीनू- मार्था ,सारे डिशेस रेडी हैं naa.....mere बच्चों ने 2 महीनो से घर का खाना नहीं खाया.....

माथा- डोंट वोर्री ma'am....sab रेडी है....

इससे अजीब पर खूबसूरत बात क्या hogi...RONIT और अंजलि आकाश और हरप्रीत के बचे hain,apr उनके घर आने की ख़ुशी उनके पेरेंट्स से ज़्यादा मीनू और जयराज को थी....

विक्रम ने सबको कल रात hi बता दिया था की रोनित और अंजलि कल मॉर्निंग में वापस आ जायेंगे......

मीनू ने कविता और नेहा को बता दिया था की बचे सीधा हमारे घर hi आएंगे....

मीनू- विक्की बीटा तेरे दोस्त आ ने वाले हैं और तू रूम में घुसा हुआ hai,niche आजा....

मई इस वक़्त रूम में अपनी आँखें बंद कर रोनित और अंजलि को hi देख रहा tha...dono को तीनो गुरुओं के गले लगते देख मेरे चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी थी...

माँ की आवाज़ सुन मैंने अपनी आँखें खोल दी और उठकर नीचे की तरफ चल दिया...

मई- अरे mom,aap तोह ऐसे एक्ससिटेड हो रहे हो जैसे दोनों शादी के बाद पहली बार घर आ रहे हैं!!!!

माँ- चुप kar........kuch भी बोलता है.....

पर मेरी बात सुनकर डैड और उंक्लेस है दिए.......

मई- अभी उन्हें आने में कमसे काम एक घंटा और lagega...toh रिलैक्स.........

मई ये बोलकर सोफे पर बैठ gaya...kuch देर तक मई आगे क्या क्या और कैसे करना hai,ye सब सोचते raha,power स्टोन के मिलने से मेरी मुश्किल काम नहीं हुई थी....

स्पीयर अब मेरे अंदर thi....itne ज़्यादे वक़्त तक ास्मोडियस के पास रहने से स्पीयर के पास भी उसके काफी सारे राज़ the,jo अब मई भी जान गया था...

मुझे एक और अजीब पर काम की बात भी पता chali.wo ये की स्पीयर ने ास्मोडियस के दिमाग को कुछ हद तक भ्रमित कर उससे कुछ शक्तियों के बारे में जानने नहीं दिया tha,par मई उनके बारे में जान चूका था....

काफी देर तक मई ऐसे hi अलग अलग चीज़ो के बारे में सोचता raha,fir हटा बोल दिमाग झटक के मोबाइल कोचकने laga...ab bhai,jitni भी पावर क्यों ना आ गयी ho,hun तोह एक जवान लौंडा hi naa......time कब पास हुआ पता hi नहीं चला......

ा/- माँ- लगता hai,bache आ गए.......

आंटी की बात सुन हम सब बाहर आ गए......

बहार रोनित और अंजलि उनके तीनो गुरुओं के साथ खड़े थे....

रोनित और अंजलि ने भी सबसे पहले मेरे माँ डैड के पेअर hi chue..mom डैड ने उन्हें गले लगा लिया....

पर उन्हें ऐसा करता देख रोनित और अंजलि के पेरेंट्स को बुरा नहीं लगा बल्कि वो खुश हो gaye....ye देख कर मई खुश हो गया...

मई मन में- दुनिया इतनी भी बुरी नहीं hai...kaash तुम समझ सकते भाई........

डैड- yaar,tu तोह एकदम सुपरफिट होकर आया है.....

माँ- अंजलि का bhi..iske haath,shoulders एकदम सख्त हो गए हैं...

माँ ने अंजलीके शोल्डर्स को चुकार कहा.....

रोनित- ये सब हमारे ट्रेनिंग का कमाल है....

सब एक के बाद एक रोनित और अंजलि से मिले...

दोनों मुझसे भी गले lage,par पहली बार गले लगते वक़्त मुझे दोनों में कुछ हिचक महसूस hui......aur इसका रीज़न भी मुझे पता था......

डैड- अरे beta,aaplog तोह वही hona,jo उस दिन गुरूजी के साथ आये थे....

तीनो- जी...

शैला- गुरूजी ने हमे इन दोनों को यहाँ छोड़ने की ज़िम्मेदारी दी थी.....

माँ- थैंक ु बीटा......

रोनित- मुझे भूक लगी है......

अंजलि- वही मई सोचूं की इस भुकाद का पेट अभी तक बोलै कैसे नहीं.....

माँ- तू चुप kar.....mera बचा इतने वक़्त तक घर से दूर रहा hai...ghar को देख घर के खाने की याद तोह आएगी hi आ....

चलो सब andar...breakfast रेडी है...

हम सब माँ के पीछे पीछे हॉल में आ गए..

अस usual,khaate वक़्त बात नहीं कर सकते the....saala ये रोनित ने तोह आज 3 लोगों का नाश्ता अकेले hi ठूस लिया.....

मई- mom,hum मेरे रूम में जा रहे हैं..

माँ- ठीक है......

मई- haan,toh बताइये आप dono,baaton से समझोगे या लातों से.....

रूम में पहुँचते hi मैंने दूनो से कहा....

दोनों क्वेश्चन मार्क वाला मुँह लेकर मेरी तरफ देखने लगे.....

मई- तुम दोनों मुझसे हिचकिचा रहे हो क्यूंकि तुम्हे मेरी असलियत मालुम हो गयी hai.....ab इसमें मेरी क्या galti..jo मई hun,wo मई hun......mujhe ये फालतू का रेस्पेक्ट नहीं chahiye,khaaskar तुम दोनों se,yeh रही मुद्दे की baat.samajh आयी की लात से समझों.....

अंजलि- तू मुझे भी मारेगा!!!!

अंजलि ने मासूम सा चेहरा बना के बोलै....

मई- हाँ...

मैंने भी उसी मासूमियत के साथ जवाब दिया...

हमारी नौटंकी देख हमारे तीनो गुरु हसने lage..hum तीनो कुछ देर तक शांत rahe,fir हम भी है pade....hum सब इधर उधर की बातों में बिजी हो गए...

वहीँ दूसरी तरफ:-

प्लेनेट- मांसलिकेल

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस

लिलिथ- तुम्हे कुछ पता चला!!!!!

अब्राक्सस- nahi.......tumhe!!!!

अब्ब्दों- nahi..samajh नहीं आता की इतनी बड़ी baat,itni ऊर्जा से भरी शक्ति का श्रोत हमारी नज़रों से छुप कैसे सकता है????

क्यूंकि ये तुम्हारे बस की बात नहीं है....

इस आवाज़ को तीनो डेविल्स अरबो की भीड़ में भी पहचान सकते the...teeno बिना आवाज़ की तरफ पालते hi अपने घुटो पर झुक गए.......

इस आवाज़ का मालिक ास्मोडियस था जो चलते hue,teejo डेविल्स को क्रॉस कर आगे निकल अपने राज गद्दी पर बैठ गया......

ास्मोडियस- क्या hua,kaise hua,kyun hua,ye सब सोचना तुम्हारा काम नहीं है.... पिछले कुछ वक़्त से एंगेल्स के मुकाबले तुम्हारे काम की गति में गिरावट हुई hai....aisa दोबारा न हो.....

आखरी लाइन बोलते वक़्त ास्मोडियस की आवाज़ इतनी भारी thi,ki तीनो डेविल्स की कालो रूह कांप गयी....

अपनी बात ख़त्म कर ास्मोडियस एक बार फिर से गायब हो गया.....

प्लेनेट- वर्ल्ड ऑफ़ थे वारियर्स:-

प्लेस- ऑड्रिज माउंटेन:-

अरे ये kya!!!!!!ye सभी वारियर्स को क्या hua..sabhi के सभी पहले के मुकाबले और ताकतवर दिख रहे हैं.......

पर ये कर क्या रहे हैं!!!!!

हेन्सबर्ग- कितने साल हो gaye..tum लोगों से एक पहाड़ ठीक से खुद नहीं रहा है.........

वारियर्स- senapatiji,najane इस पहाड़ के पत्थर इटंर सख्त कैसे हो गेट hain...inpar हमारे किसी भी किये गए चोट से फर्क नहीं पद रहा है.....

हेन्सबर्ग- मुझे कोई बहाना नहीं sunana..afar जल्दी hi हमने इस पहाड़ के अंदर छुपे चट्टान का मुँह नहीं khola,toh महाराज हम सब को सूली पर चढ़ा देंगे....

बिना कोई एक्सप्रेशन दिए वो वारियर बिना कुछ बोले वापस काम पर लग gaya....aisa लग रहा था जैसे उसकी और वहां मौजूद सभी वारियर्स में कोई फीलिंग्स hi नहीं बची हो...

तुम मेरी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए....

उसी माउंटेन के ऊपर डिफेंडर अदृश्य होकर खड़ा था और वारियर्स के काम को देख रहा tha....pne पीछे से आवाज़ सुन जैसे hi वो palta,turant झुक गया.....

डिफेंडर- मई पूरी कोशिश जार रहा हूँ mahamahim...par ये चटान का मुँह खुलता hi नहीं...

मैंने अपनी पूरी शक्ति लगा di,par अभी तक मई कामियाब नहीं हो पाया हूँ.....

ास्मोडियस- नाकमियाबी कमज़ोरों की निशानी है DEFENDER......aur ास्मोडियस कमज़ोरों से सख्त नफरत करता hai......khair,mai जानता हूँ की तुम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे ho,isiliye मई तुम्हे एक जीवनदान देता hun...par मुझे नतीजा chahiye..wo भी जल्दी से जल्दी....

डिफेंडर- मई आपका सदैव आभारी रहूँगा महामहिम.....

डिफेंडर गायब हो गया........

ास्मोडियस- बोहोत जल्द मुलाकात होगी मेरे भाई ुरफफफ

VIKRAM......JAIRAJ.......SINGH.........

 
अब तक आपने पढ़ा की रोनित और अंजलि अपनी ट्रेनिंग पूरी करके वापस लौट चुके हैं......

अब आगे:-

CHAPTER-2:-

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट 52:-

प्लेनेट- इस्ला

प्लेस- KING'S बैडरूम

सोलोमन- kya!!!!!itni बड़ी baat,aur आप हमे अब बता रही हैं.........

अलेसेन्द्र- हम मजबूर थे पिताश्री....

विक्रम के गॉड ऑफ़ एंजेल बनते hi जो झटके लगे the,unse इस्ला भी अछूता नहीं tha......in झटको का मतलब अलेसेन्द्र तोह समझ गयी thi,par उसके फादर किंग सोलोमन इन झटको की वजह से काफी दर गए थे.....

क्यूंकि ऐसा कुछ पहली बार हुआ tha...unke मंत्री मंडल के द्वारा उन्हें ये भी पता चल गया था की ये झटके सिर्फ उनके hi गृह में नहीं lage,balki ऐसे hi झटके ब्रम्हांड के हर प्लेनेट में हुए थे......

उन्होंने अपने प्लेनेट के सबसे काबिल सोरेरेर्स से इन झटको के कारण के बारे में पता लगाने का आदेश दे दिया था....

अलेसेन्द्र को जब ये बात पता चली तोह वो अपने डैड को साड़ी सचाई बताना चाहती थी पर सत सेबेस्टियन ने उन्हें ऐसा करने से मन किया था.....

सत सेबेस्टियन ने अलेसेन्द्र को तब तक रूकने के लिए कहा था जबतक की विक्रम हौली स्पिरिट्स को आज़ाद न करा le...aur अब जब विक्रम ने ये कर लिया था तोह अलेसेन्द्र तुरंत अपने डैड के रूम में गयी और उन्हें विक्रम के बारे में सब बता दिया और ये भी की सत सेबेस्टियन ने उन्हें बताने से मन किया था......

सोलोमों- hmmm........LORD ऑफ़ एंजेल कुछ वक़्त के लिए hi sahi,hamare grah,hamare घर में the,yahi हमारे लिए किसी वरदान से काम नहीं है......

उस वक़्त हम उनके दर्शन नहीं कर पाए तोह क्या hua,hum अभी उनके दर्शन करने जाएंगे....

अश्ली- हम भी......

अलेक्सांद्र- नहीं maa.nahi pitaji......bina उनकी अनुमति के उनके सामने jaana,thik nahi......aur वैसे bhi,unhe यहाँ वापस आना तोह है hi.....aap तब उनसे मिल लेना......

सोलोमों- क्या!!!! लार्ड ऑफ़ एंजेल पुनः हमारे गृह में पधारेंगे.....!!!!!

अलेसेन्द्र- हाँ pitaji,ISLA hi उनके आगे के सफर की चाबी है........

सोलोमन- हम समझे nahi......aap किस बारे में बात कर रही हैं!!!!!

अलेसेन्द्र- पिताजी एक और बात है जो मैंने आपको या किसी को नहीं बताई.......

अश्ली- कौन सी बात पुत्री !!!!!

अलेसेन्द्र- ''फाउंटेन ऑफ़ लाइट''..........

ये नाम सुन सोलोमन और उनकी वाइफ अश्ली

दोनों शॉकेड हो गए और फिर उदास......

सोलोमन- बीटा वो तोह हमारे गृह से विलुप्त हो चुकी hai.......uske बारे में तुमने क्या छुपाया है......

अश्ली- हाँ beti,aur फाउंटेन के गायब होने का कारण भी तोह वो डेविल ास्मोडियस hi hai.......jaise hi उसकी मनहूस जुबां पर फाउंटेन का नाम aaya,FOUNTAIN गायब हो गयी.............

ये बोलते वक़्त अश्ली के चेहरे पर ज़माने भर की नफरत और दर्द दिख रहा था......

अलेसेन्द्र- ये सच नहीं है maa,pitaji....agar फाउंटेन ऑफ़ लाइट हमारे गृह से विलुप्त हो गया hota,ya जा चूका होता तोह हमारा गृह भी नष्ट हो चूका होता.....

अलेसेन्द्र की बात सुन कर उसके माँ डैड शॉकेड हो गए..........

सोलोमों- ये तुम क्या कह रही हो putri.tumhare कहने का अर्थ है की फाउंटेन अब भी हमारे hi गृह में है...

अश्ली- और फाउंटेन के होने ना होने का हमारे गृह पर कैसे कोई प्रभाव पद सकता है......!!!!!

अलेसेन्द्र- पहले आप बताईये की आप दोनों को फाउंटेन ऑफ़ लाइट के बारे में क्या पता है......???

सोलोमन- यही की उस फाउंटेन का जन्म हमारे गृह के साथ hi हुआ tha...uski रौशनी अगर किसी भी रोगी को छू jaaye,toh उस रोगी का सारा रोग मिट जाता था....

पर उस फाउंटेन के एक हद तक hi पास जाय जा सकता tha.......us हद को क्रॉस करने वाले किसी भी शक्श का शरीर जल जाता था....

यही उस फाउंटेन की कहानी है जो हमारे पूर्वजो से हम तक पहुंची है और हमने तुम्हे भी बताई hai....fir तुम उस फाउंटेन के बारे में जो की सदियों पहले अचानक hi विलुप्त हो चूका hai,uske बारे में और अधिक क्या जानती हो....!!!!!!

अलेसेन्द्र- जैसा की मैंने पहले भी कहा है पिताजी की फाउंटेन विलुप्त नहीं हुआ hai...wo हमारे hi गृह में उसी जगह पर आज भी मौजूद hai,bas उसने खुद को अदृश्य कर अपने आप को छुपा लिया है.....

अलेसेन्द्र की बात सुन उसके माँ डैड फिर से चौंके......

अश्ली- putri,jo भी बात hai,wo आप हमे विस्तार में बताएं....

अलेसेन्द्र- अवश्य maa,par उससे पहले मई आप दोनों से एक अंतिम प्रश्न पूछना चाहती हूँ...

क्या आपको पता है की हमारे गृह इस्ला का जन्म कैसे हुआ था?????

सोलोमन- इतना hi की हमारा गृह किसी अन्य गृह के सकारात्मक ( पॉजिटिव ) ऊर्जा से बना है.....

अलेसेन्द्र- क्या आप उस गृह का नाम जानते हैं......!!!!!

दोनों- nahi........hamare काबिल सोरेरेर्स और खोजकर्ताओं ने उस गृह का पता लगाने की बोहोत कोशिश ki,par नाकामियाब रहे....

ALESENDRA-..........GRAHAM माया..............

अलेसेन्द्र के मुँह से ये दो शब्द सुन

सोलोमन और उनकी पत्नी को एक ज़ोर का झटका लगा........

ग्रैहम माया...... एक ऐसा स्पेल जिसका सफलता पूर्वक इस्तेमाल आज तक सिर्फ एक hi शक्श कर पाया hai.....ya यूँ कहूं एक hi DEVIL.....naam तोह आप अब समझ hi गए होंगे.....

अलेसेन्द्र- जी pitaji......ye सच hai....issi स्पेल से ास्मोडियस ने उस गृह को एक बंजर गृह के अंदर छुपा दिया hai.is ब्रम्हांड में करोड़ों बंजर गृह hain....isiliye उस गृह को ढूंढ़ना लगभग असंभव है....

यहाँ तक की इस वजह से गृह बिंदु जिनकी मदद से वर्ल्ड डोर्स ओपन करने का मैजिक काम करता hai,wo भी उस गृह को ढूंढ नहीं पा रहा है....

सोलोमन- उस गृह का नाम क्या है???

अलेसेन्द्र- क्यूरियस..........

ASHLEY-tumhe इतना कुछ कैसे पता चला????

अलेसेन्द्र- फाउंटेन ऑफ़ लाइट्स se.usne खुद मुझे ये सब बताया है....

ये अलेसेन्द्र के पेरेंट्स के लिए एक नया झटका था.....

सोलोमन- kab!!!kasie????

अलेसेन्द्र- ये बात तबकी है जब फाउंटेन को गायब हुए 1 वर्ष हो चूका tha...mai भ्रमण करते हुए उसी और चली गयी थी जहाँ फाउंटेन था....

जैसे जैसे मई फाउंटेन वाली जगह के नज़दीक जा रही thi,mujhe ऐसा लग रहा था जैसे मुझे कोई उस फाउंटेन के और करीब बुला रहा है...

जब मई फाउंटेन के करीब पहुंची मैंने देखा की फाउंटेन वाली जगह पर ठीक बीच में एक दिया हवा में तैर रहा है....

जिज्ञासा पूर्व मई उस दिए के करीब चली गयी.....

आओ ALESENDRA.MAI तुम्हारी HI प्रतीक्षा कर रही थी.......

अलेसेन्द्र- आवाज़ सुन मुझे थोड़ा दर laga.mai इधर उधर देखने लगी...

डरो मत ALESENDRA....MAI तुम्हे कोई हानि नहीं PAHUNCHAUNGI....AUR इधर उधर NAHI,SAAMNE DEKHO,TUMHARE सामने जो दिया HAI,MAI वही हूँ.....

अलेसेन्द्र- तुमममम कौन ho!!!aur मुझे कैसे जानती हो????

दिया- इस्ला की राजकुमारी को कौन नहीं jaanta......aur रही ेरी baat,toh मई वही फाउंटेन हूँ जो यहाँ रहा करती थी....

ये सुन मेरा दिमाग घूम गया.........

अलेसेन्द्र- क्या सच me......!!!!fir अब आपको क्या hua....!!!!!kya आपका यहाँ का समय काल समाप्त हो गया....

दिया- मुझसे hi तुम्हारे गृह का अस्तित्व है ALESENDRA.agar मई यहाँ से चली gayi,toh ये गृह भी नष्ट हो जाएगा.......

अलेसेन्द्र- फिर आप पहले की तरह फाउंटेन बन कर क्यों नहीं रह रही हैं!!!!

दिया- ास्मोडियस की वजह से.....

अलेसेन्द्र शॉकेड होकर- मतलब!!!!

दिया ने कोई जवाब नहीं diya,balki उस दिए के अंदर से एक और दिया निकला और मेरी तरफ बढ़ गया और ठीक मेरे सामने आकर रूक गया...

दिया- ALESENDRA,is रौशनी को अपने अंदर समाने की इजाज़त do....tumhare सभी प्रश्नो का उत्तर तुम्हे मिल जाएगा.....

जैसे hi मैंने उस दिए को इजाज़त di,wo मेरे अंदर समां gaya....mujhe उस फाउंटेन के बारे में सब कुछ पता चल gaya.ye भी की सौरौस में क्या क्या हुआ hai,aur ये जानकार मेरे आँखों से आंसू निकल आये..

अलेसेन्द्र- उस महा पापी का नाश कब hoga..????kya वो यूँही बेकसूरों और गॉड के भक्तों को तड़पता और मारता रहेगा...!!!!!

अभी मेरे आँखों से आंसू की पहली बून्द hi नीली thi,ki मेरा रोना बंद हो gaya.mere आँखों की पुतलियां फैले gayi.....iske दो कारण थे....

1सत- जो दिया फाउंटेन की जगह खड़ा tha,wo एक झटके में रौशनी में बदल वापस फाउंटेन ऑफ़ लाइट के रूप में आ गया...

2ंद- जैसे hi फाउंटेन अपने असली रूप में aaya,samay चक्र रूक गया......

समय चक्र के रूकते hi उस फाउंटेन के बीच में एक रौशनी की परछाई ubhri,aur उस परछाई से एक आवाज़ आयी जो की एक भविष्यवाणी थी...

भविष्यवाणी:-

जो चक्र रूक गया है,

वो फिरसे घूमेगा....

कालदेव को वही मारेगा,

जो मुझे ढूंढेगा....

भविष्यवाणी ख़त्म होते hi फाउंटेन गायब हो gayi......FOUNTAIN के गायब होते hi समय चक्र फिरसे घूमने laga......mai भी वापस महल आ गयी.......

सोलोमन- तोह तुमने हमे तभी ये साड़ी बातें क्यों नहीं बतायी!!!!

अलेसेन्द्र- दिए ने मेरे अंदर प्रवेश करते hi सबसे पहले मुझे यही कहा था की सही वक़्त आने तक मई उसकी कही गयी कोई भी बात किसी को ना बताऊँ....

एंजेल लार्ड के आते hi मई समझ गयी की आपको सच बताने का सही वक़्त आ चूका hai,isiliye मैंने आपको आज साड़ी हक़ीक़त बताई......

सोलोमन- वैसे फाउंटेन ने क्यूरियस गृह के बारे में क्या क्या बताया तुम्हे...???

फिर अलेसेन्द्र अपने माँ डैड को क्यूरियस के बारे में सब कुछ विस्तार से बताने lagi........joki आप सब को बाद में पता चलेगा......

बैक तो हीरो:-

तुम मुझसे कुछ कहना चाहती हो ना????

शैला- तुमसे कोई बात छुप तोह सकती nahi.....fir पूछते क्यों हो!!!!!

सुबह के 6 बज रहे hain...hum सब हमारे मॉर्निन अड्डे पर यानी की गार्डन पर जॉगिंग और बाकी के एक्सररसीसेस ख़त्म करके जस्ट बैठे थे.....

कल से hi शैला मुझसे कुछ कहना छह रही thi,par कह नहीं पा रही thi....mai जानता था की वो क्या कहना चाहती hai,par मई वेट कर रहा था उसके मुझसे उसकी बात कहने की

पर थोड़ी देर बाद SHAILA,AKSHAANT और मोकलसर जाने वापस जाने वाले थे...

अब तक वो हिचक hi रही थी इसीलिए मैंने बात छेड़ दी.....

मई- क्या karun,aakhir हूँ तोह इंसान hi....sawaal पूछने के बाद hi जवाब देने की आदत है....

सभी हमारी बात सुन रहे the.AKSHAANT और मोकलसर तोह शैला के सवाल के बारे में जानते hi थे पर रोनित और अंजलि आँखें फाड़े हम दोनों की तरफ देख रहे the...kyun,pata चल जायेगा....

शैला- वो मैंने तुमसे कुछ कहा था naa...????aur अब तोह तुम्हे ये भी पता चल गया होगा की मई क्या चाहती हूँ!!!!

मई- hmm......mujhe याद भी है और पता भी hai...tum फ़िक्र ना karo.....bohot जल्द तुम्हे आकर सरप्राइज दूंगा.......

शैला- सच.....

ये बोलकर शैला मेरे गले लग गयी....

रोनित- kutte,kamine,haramkhor.........

मई- अब्बे तुझे क्या हुआ!!!!

अंजलि- तूने इतनी बड़ी बात हमसे छुपाई!!!

शाला- कैसी बात!!!!

अंजलि- ये भी हम hi बताएं!!!!

शैला- तोह और कौन बताएगा!!!!

रोनित- तुम दोनों ने सेटिंग कर ली और हमें बताया भी नहीं...

अंजलि- chiii.kaisi लैंग्वेज उसे कर रहा है tu......aur तुम dono,tum दोनों कपल ho,aur हमे बताया तक नहीं......

वहां उनकी बात ख़त्म hui,yahan हम चारों की हसी छूट गयी.....

हमें हस्ते देख दोनों और चिढ गए....

रोनित- साले तेरे दांत तोड़ दूंगा.....

मई- अब्बे तुझे तोह खुश होना chahiye..aaj तक तेरे जोक्स पर भी मई नहीं हँसा hun,aur आज तेरी सीरियस बात पे हसी आ गयी..

दोनों- मतलब!!!

शैला- मतलब ये की हम दोनों सिर्फ दोस्त hain.aur अभी जो हमारे बीच बात हो रही thi,wo ये थी की मई विक्रम को किसी काम के बारे में बता रही थी जोकि उससे पूरा करना hai...samjhe लल्लू.......

मई- haan,aur रही बात कपल की तोह मई तोह अभी शैला को प्रोपोज़ कर dun,par फिर इसकी और अक्षांत के चक्कर का क्या होगा...

अब तक जहाँ अक्षन्त और शैला है रहे the,meri बात सुन दोनों के मुँह सुख गए.

मोकलसर- kya,itni बड़ी baat,tum दोनों ने मुझसे छुपाई...!!!!

अक्षांत- तुझे कैसे माललळ......

अक्षांत बोलते बोलते रूक gaya..jaise उससे याद आया हो की वो एक बेतुका सवाल पूछने जा रहा था...

शैला- तू बोहोत बड़ा कमीना है विक्रम.........

MAI-arre शुक्र मन mera..aaj मेरी वजह से तुम दोनों की दिल में छुपी बात बाहर आयी hai......par इज़हारे मोह्हबत और आगे का रोमांस अपने गृह पर समझे...

थोड़ी देर तक हम उन दोनों को यूँही छेड़ते रहे....

अक्षांत- चलो fir,hum चलते हैं....

कल रात घूम के आने के बाद hi तीनो ने माँ डैड से कह दिया था की वो तीनो अर्ली मॉर्निंग निकल जाएंगे.

माँ ने उन्हें और कुछ दिन रूकने के लिए कहा tha,par उन्होंने ये बोल कर माँ को मन लिया की उनके घर पर सब परेशां होंगे.....

मई शैला के पास गया और उसके सर पर हाथ रख di....mere हाथों से अदृश्य रौशनी निकली और उसके अंदर समां gayi.yahi मैंने अक्षांत और मोकलसर के साथ भी किया.....

शैला- मुझे काफी हल्का हल्का लग रहा है..

MOKALSAR/AKSHAANT- हमे भी....

मई- मैंने तुम्हारे शक्ति चक्र को तेज़ कर दिया hai....ab तुम तीनो जब भी अभ्यास karoge,toh उस विद्या के नए samikaran,aur तरीके तुम्हे दिखने lagenge,aur उनका अध्यन भी तुम 10 गुना तेज़ी से कर पाओगे.....

अक्षांत- इसकी क्या.......

विक्रम- तुम्हारे निश्छल मन की वजह से तुम्हे ये तोहफा मिला hai..tum इससे डेसेर्वे करते ho....isiliye कोई सवाल nahi.....ab तुम तीनो जा सकते हो....

शैला- haan,par उसके लिए कोई ऐसी जगह जानी पड़ेगी जहाँ हम वर्ल्ड दूर खोल saken..yahan तोह काफी लोग हैं....

मई- उसकी ज़रुरत नहीं है.....

मेरी बात से तीनो के चेहरे पर सवाल आ गए पर अगले hi पल उन तीनो के साथ रोनित और अंजलि भी चौंक गए...

मेरे सीने के ठीक बीच में पॉकेट की साइज का एक वर्ल्ड दूर खुल गया था.....

शैला- adhbhuddddd...kya ये वर्ल्ड दूर है!!!

मई बस मुस्कुरा दिया...

रोनित- अब्बे इसमें से ये जाएंगे कैसे....???

मई- तुम दोनों मुझे आगे कवर करो...

रोनित ुर अंजलि म्रेरे से 3 फ़ीट दूर आगे खड़े हो गए......

मई- SHAILA,mere सामने आओ....

शैला मेरे सामने आ गयी...

मई- इस दूर पे ऊँगली रखो..

जैसे hi शैला ने मेरे सीने के बीच जो दूर खुल गया tha,uspe ऊँगली rakhi,wo एक रौशनी में बदल उसमे समां गयी......

शैला के बाद अक्षांत ुर मोकलसर ने भी ऐसा hi kiya...kuch hi पलों में तीनो अपने गृह में the.....maine अपने चेस्ट पर हाथ ghumaya,WORLD दूर बंद हो गया....

मई- मुँह तोह बंद करो रे दोनों...

मेरे बोलने से रोनित और अंजलि जो की मुँह खोले ये सब देख रहे the,hosh में आये...

रोनित- अब्बे saale,tu क्या क्या कर सकता है!!!

मई- अब तोह तुम दोनों मेरे साथ hi रहोगे naa,sab पता चल जाएगा....

अभी के लिए घर चलें......

रोनित- हाँ yaar,chal.fir कॉलेज भी तोह जाना है.....

मई- ओह shit......mai तुम दोनों को बताना hi भूल गया...

रोनित- kya!!!!saale हमारे एडमिशंस तोह हो गए हैं naa,ki भूल गया करवाना!!!!

मई- अब्बे सब करवा दिया hai.....mai तोह ये बताना भूल गया की आज हमारी फ्रेशर्स पार्टी hai....toh आज कॉलेज नहीं है.....

अंजलि- whatttttt!!!!!!!itni बड़ी बात तू अब बता रहा hai....kaahe का लार्ड ऑफ़ एंजेल है तू....

मई- abbe,ye कोई इतनी बड़ी बात है क्या की तू लार्ड ऑफ़ एंजेल वाली लॉजिक घुसा रही है....

अंजलि- अरे आज hi फ़्रेशहेरस पार्टी है और अभी तक हमने शॉपिंग भी नहीं ki....mai क्या पहनकर पार्टी में जाउंगी...

मई- हाथ मार खान जोगिया फिट्टे मुँह tera.......ye कोई बोहोत बड़ी प्रॉब्लम है क्या!!!!! मॉल्स खुलते hi जाकर ले लेना...

अंजलि- ले लेना matlab..!!!tum दोनों भी मेरे साथ jaoge....samjhe........

रोनित- हाँ मेरी माँ समझ gaye..chal V.J,hum नाहा वह के आते हैं......

मई- cool..maine दोनों हुग किया और हम अपने अपने घर के लिए निकल गए.....

मीनाक्षी मेन्शन:-

मई- गुड मॉर्निंग एवरीबॉडी..........

नानू- गुडमॉर्निंग beta....aaja,naashta कर....

मई नाहा कर जैसे hi नीचे आया तोह सभी डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए the...mai नानू के साइड में बैठ गया....

नानू- toh,aaj से मेरा बच्चा कॉलेज जाएगा......

बच्चा नहीं नानू बच्चे......

अभी मई कुछ जवाब देता इससे पहले hi सामने से आ रहे रोनित भाईसाहब ने अपना मुँह खोल दिया...

नानी- बिलकुल theek.hamaare बच्चे आज से कॉलेज जाएंगे....

अंजलि- आज कॉलेज जाएंगे ज़रूर पर रात me...aaj हमारी फ्रेस्शर्स पार्टी hai...classes कल से लगेंगे....

डैड- और इसी ख़ुशी में तुम तीनो के लिए एक सरप्राइज है.....

रोनित- surprise...kaisa सरप्राइज????

माँ- पहले नाश्ता karlo,baaki बातें बाद में..

हम सबने चुपचाप नाश्ता किया....

डैड- चलो सब बहार..

नाश्ता ख़त्म करके डैड ने हम सब से कहा...

हम जैसे hi बाहर aaye,hum तीनो की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा....

हम तीनो के सामने 2 बुगाटी वीरों

और एक पॉर्श 911 कड़ी थी.......

डैड- बुगाटी तुम दोनों के लिए...

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और पॉर्श मेरी गुड़िया के लिए....

रोनित और अंजलि झट से जाकर डैड के गले लग gaye..unke बाद मेरी बारी aayi.....mai भी मुस्कुराता हुआ डैड के गले लग गया..

मेरे मुस्कुराने की वजह कार्स नहीं thi,darsal जो कार्स डैड ने मेरे और रोनित के लिए लोई thi,mujhe और RONIT,hum दोनों की hi वो fav.me से एक थी....

पर असल बात ये थी की ये कार इंडियन मार्किट में थी hi nahi.dad ने इससे U.S.A से इम्पोर्ट करने के लिए 1 करोड़ पैर कार ज़्यादा दिया था...

मई- ु अरे थे बेस्ट फादर इन थे यूनिवर्स डैड........

डैड- एंड ु अरे थे बेस्ट सोन इन थे यूनिवर्स...........

ANJALI/RONIT- और हम!!!

मई- वर्स्ट......

और इसी के साथ शुरू हुई मेरी kutai,jo की प्यार पे भी भारी थी......

डैड- बस करो तुम log...aur jao,FRESHHERS पार्टी के लिए शॉपिंग कर आओ....

रोनित- ब्लैक वाली meri....tu रेड चला....

अंजलि- मई अपनी कार रात को hi nikalungi...abhi तुम दोनों के साथ काम चला लेती हूँ...

अंजलि की बात सुन सभी है दिए....

मैंने अंजलि को रोनित के साथ बैठने को कहा और मई अपनी वाली में बैठ गया और हम निकल गए फ्रेस्शर्स पार्टी की शॉपिंग करने...........

फ्रेशर्स पार्टी

प्लेस- COLLEGE,ART हाउस

WOWWWWW......what car's मन.......!!!!!!!

पार्टी हॉल के बहार जितने भी स्टूडेंट्स खड़े the,ek के बाद एक उनके सामने से तीन कार्स nikli,jisse देखकर उनके मुँह से ये सब अपने आप निकल गया...

कार रूकते hi जैसे हम तीनो बहार nikle,hime देझकर लड़कियों के दिल धाक कर गए और अंजलि को देखकर लड़को की आहें निकल गयीं......

हम तीनो hi हाफ formal,half फूंकी गेटउप में the..meri जैकेट मेहरून कलर की thi,RONIT की ब्लू और हमारी बार्बी डॉल अंजलि रेड लॉन्ग ड्रेस पहनी हुई थी.....

नीस यार, डोरशंस तोह बोहोत क्लासी दिख रहे हैं....

अंजलि आर्ट हाउस की डोरशंस के तरफ देखते हुए बोली....

मई- मुंबई के बेस्ट कॉलेज का आर्ट हाउस HAI,uspe फ्रेशर्स PARTY......declarations तोह अचे होंगे hi.....

पर लगता है आज तुझे कोई दूसरा डेकोरेशन भी काफी पसंद आया hai,par तूने अभी तक उसकी तारीफ़ नहीं की....

अंजलि- कौम से डोरशंस!!!!!

मई- रोनित ke...i मैं उसका गेट up...mai शुरू से नोटिस कर रहा hun,tu उससे बार बार देख तोह रही hai,par बोल नहीं रही.....

अंजलि- तू भी naa..kuch भी बोलता hai......aisa कुछ भी नहीं है....

हम दोनों थोड़ा धीरे बात कर रहे the....RONIT को हमारी बातें सुनाई नहीं दे रही थी.....

मई- देख le............kahin कोई और न तारीफ़ karde....aur हमारे रोनित भाईसाहब को ले उड़े.....

अंजलि- ऐसे कैसे....?????

अंजलि के मुँह से ये शब्द अचानक निकल gaye....bolne के बाद अंजलि का चेहरा शर्म से लाल हो गया....

मई भी हस्ता हुआ आगे बढ़ गया...

वैसे एक बात तोह thi,training का रोनित के बॉडी फिगर पर काफी असर हुआ tha,banda काफी फिट हो गया था और स्मार्ट भी........

रोनित- अब यहीं कहड़ा रहना है या अंदर भी चलें....

अभी हम अपनी कार को क्रॉस करने hi वाले थे की एक रेड फेरारी तेज़ी से हमे क्रॉस कर के आगे निकल gayi....ek लेफ्ट ड्रिफ्ट मारते हुए वो फेरारी हमसे कुछ दूर लेफ्ट साइड पार्क हो गयी....

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अंजलि- शो ओफ़्फ़्फ़्फ़!!!!!!

रोनित- इसकी माँ ka....kaun है be...saale को अभी देखता हूँ...

मई- relax......jaane दे...

हमारे साथ साथ सभी की नज़र उस कार की तरफ मुद गयी थी.....

और जैसे hi उस कार का दूर khula,wahan कड़ी लड़कियों जे दिल फिर धड़क उठे....

वो बाँदा हमे मुस्कुराकर देखते हुए अंदर हॉल में चला गया...

अंजलि- इससे कहीं देखा है......!!!!!!

रोनित- हाँ मुझे भी ौसा hi लगा.....!!!!!

मई- ये वही लड़का है जो उस दिन हमारे स्कूल में आया tha.jiske बन्दों ने तुम दोनों के साथ बत्तमीज़ी की थी...

दिग्विजय सिंह बग्गा.......

और इससे पहले की तुम दोनों bhadko,ye मत भूलो की अब तुम दोनों पहले से अलग ho.....aur ये छोटी मोती बातों में उलझना तुम्हे सूट नहीं karta......ab चलो अंदर...

हम तीनो अंदर की तरफ चल दिए.....

मैंने इन दोनों को तोह समझा दिया tha,par अभी अभी जो मेरे साथ हुआ tha,mai खुद उसमे उलझ गया था....

हुआ ये की जैसे hi दिग्विजय ने मेरी तरफ dekha,mere सीने के बीच में एक तीस सी uthi.....jo की मेरे अंदर छुपे स्पीयर की वजह से हुई थी....

ये मेरे साथ पहली बार हुआ tha..aur जैसे hi मैंने दिग्विजय की आँखों में झाँका, मुझे उसके अंदर बस एक काला धुंआ और आग दिखी....

जिसका मतलब था की दिग्विजय भी एक डेविल है.....

वाओ yaar....awesome.....

अंजलि की आवाज़ से मेरा ध्यान toota.hum आर्ट हॉल के अंदर आ गए थे........

मैंने फ़िलहाल के लिए इस मटर को दिमाग से झटक दिया.....

HELLO EVERYBODY.....how अरे ु आल थिस इवनिंग....

आवाज़ सुन हम सबका ध्यान सामने की तरफ गया जहाँ एक ब्यूटीफुल सी लड़की स्टेज पर कड़ी थी....

होस्ट- बॉयज & girls,this इस SANJANA,host 4 ुर फ्रेशर्स PARTY....well,well,maanana padega.....aaj तोह यहाँ सब एक से बढ़कर लग रहे hain...lagta है आज का मर फ्रेशर और मिस फ्रेशर ढूंढ़ना थोड़ा मुश्किल होगा....

जी हाँ doston,aapne सहीं suna....aaj आपने से एक लकी बॉय मर फ्रेशर बनेगा और एक लकी लड़की मिस फ्रेशर बनेगी......

पर इस बार के मर और मिस फ्रेशर अलग अलग नहीं बल्कि अस कपल डीडे किये जाएंगे....

तोह होगा कुछ यूँ की आप सब अस कपल हमारे पास अपने नाम रजिस्टर karwaayenge.....uske बाद आपको अपने पार्टनर के साथ यहाँ स्टेज में आकर एक रैंप वाल करना hai...hamare जजस डीडे करेंगे की who's थे हॉटेस्ट कपल और वो दोनों hi आज के मर & मिस फ्रेशर बन जाएंगे......

सो अरे ु रेडी गुइज़......

सब तरफ हूटिंग होने लगीं....

एक्सक्यूज़ में......

मैंने पलट कर देखा तोह मेरे पीछे कुछ लड़कियां कड़ी थी......

मई- यस....

लड़की- सीएएम वे ा कपल & पार्टिसिपेट इन थिस कांटेस्ट!!!!

मई- सॉरी babes...not इंटरेस्टेड......

उसके बाद कई लड़कियों ने मुझे एप्रोच किया पर सबको शामे ामस्वर मिला...

वहीँ दूसरी तरफ....

रोनित- ये सद्दू किसीके हाथ नहीं आने वाला. अंजलि, चल naa,hum दोनों अपना नाम रजिस्टर करवाते हैं....

अंजलि- नहीं yaar.mujhe भी इंटरेस्ट नहीं है....

एक्सक्यूज़ में...

क्या hum.as ा कपल रजिस्टर करवा सकते हैं...

रोनित ने पलट कर dekha,ek हॉट सी लड़की उसकर सामने कड़ी थी.....

अंजलि- sorry,par ये मेरे साथ रजिस्टर कर रहे हैं..

इससे पहले की रोनित कोई जवाब deta,ANJALI ने उस लड़की को जवाब दे दिया और रोनित का हाथ पकड़ दोनों के नाम रजिस्टर करवाने ले गयी.....

संजना- so,all थे नेम्स हैवे बीन रजिस्टर्ड...& नाउ शो टाइम.....

एक के बाद एक सारे कपल्स स्टेज पर रैंप करने आने lage...sabhi एक से बढ़कर एक the...kuch देर बाद रोनित और अंजलि का भी नंबर aaya..dono की जोड़ी कमाल लग रही थी......

दोनों के वाक पर बोहोत ज़्यादा हूटिंग hui..dono रैंप वाक करके मेरे पास आकर खड़े हो gaye...dono के बाद भी कुछ और जोड़ियों ने वाक किया पर हम तीनो अपनी बातों में मशगूल हो गए...

कुछ देर बाद........

संजना- wowww....maza आ gaya...sabhi जोड़ियां एक से बढ़कर एक thi.....par विनर तोह सिर्फ एक hi कपल hi सकता hai...aur उस लकी कपल का नाम हमारे जज बताएँगे....

जज- वेल honestly....waise तोह सभी कपल्स काफी अचे the,par दो कपल्स बाकी सबबे भारी the...par कुछ बारीकियों की वजह से एक कपल दूसरे से 1 पॉइंट आगे निकल गया.....

पर मई रनर उप का भी नाम बताना chahunga,kyunki उन्होंने विनर्स को काफी टफ कम्पटीशन दिया hai....so थे runner-up अरे.......

रोनित & अंजलि........

मुझे इस बात से थोड़ा दुःख हुआ की मेरे दोस्त जीत नहीं पाए पर ये दोनों इसी में खुश the..dono ख़ुशी ख़ुशी स्टेज पर चले गए जहाँ उन्हें runner-up की ट्रॉफी mili...trophy ले दोनों वापस मेरे पास आ गए....

जज- now,time तो अन्नोउंस थे नाम ऑफ़ थिस इयर्स मर & मिस फ्रेशर.......

बॉयज & गर्ल्स, पूत ुर हैंड्स टुगेदर फॉर..........

और जैसे hi जज ने विनर्स का नाम बोलै हम तीनो शॉकेड हो गए....

विनर्स ने अपनी ट्रॉफी li.sabko थैंक्स कहा और हमारी तरफ hi आने लगे....

विक्रम जयराज सिंह राइट!!!!!!

उस बन्दे ने मेरे पास आकर कहा...

मई- यस.......

बाँदा- काफी सुना है तुम्हारे बारे में.....

Hi I'am............... दिग्विजय & शी इस माय गर्लफ्रेंड

अवंतिका.......

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V.....J......

 
अब तक आपने पढ़ा की किंग सोलोमन और उनकी वाइफ को भविष्यवाणी के बारे में पता चलता है वहीँ दिग्विजय विक्रम से अवंतिका को अपनी G.F बताकर इंट्रोडस करता है....

अब आगे.......

CHAPTER-2:-

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट - 53:-

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- बलबीर मेन्शन.....

क्या हुआ dad?????aap कुछ परेशां दिख रहे हैं!!!!!

मॉर्निंग का वक़्त hai.DIGVIJAY रेडी होकर जैसे hi अपने रूम से बाहर aaya,saamne हॉल में अपने डैड को अकेले बैठ कर कुछ सोचते पाया...

बलबीर के चेहरे पर परेशानी साफ़ दिख रही थी जिससे दिग्विजय ने भांप लिया.....

लम्बी सांस छोड़ते हुए.......

बलबीर- हाँ beta,pareshan तोह मई हूँ.....

दिग्विजय- dad,aap उस विक्रम की टेंशन छोड़ dijiye.mai उससे हैंडल कर lunga....aur ये टेंशन भी छोड़ दीजिये की भाई की तरह मई भी जोश में आकर कुछ गलत कदम उठा लूंगा....

मई जो भी कर रहा हूँ और आगे जो भी karunga,soch समझ कर करूँगा.............

बलबीर- मई जानता हूँ beta,tu सब संभाल लेगा...

दिग्विजय- than,whats थे प्रॉब्लम डैड????

बलबीर- मुझे तेरे शक्ति की फ़िक्र हो रही है.........

दिग्विजय- मतलब!!!!!

बलबीर- तूने जो शक्ति प्राप्त की hai,usse तेरे अंदर पहुंचकर काली शक्ति में बदल जानी चाहिए thi.....aisa हुआ भी hai,par पूरी तरीके से नहीं....

तू इस ब्रम्हांड का पहला ऐसा डेविल है जिसके अंदर ब्लैक के साथ वाइट एनर्जी के भी लक्षण हैं.........

पहला नहीं दूसरा.................

आवाज़ सुन कर दोनों बाप बेटे चौंक gaye..par उनके चौंकने की वजह एक नहीं दो थी......

1सत- बलबीर बोहोत अचे से जानता था की ये आवाज़ किसीकी hai.wo बिना सामने देखे hi फ़ौरन अपने घुटनो पर बैठ गया....

पर दिग्विजय पहली बार अपने सामने खड़े शक्श को देख रहा tha....wo अपनी जगह पर खड़ा अपने सामने खड़े शक्श को देखता रहा....

हाँ एक बात thi,DIGVIJAY अपने सामने खड़े शक्श की पेर्नानालित्य से काफी इम्प्रेस हुआ था...

2ND-balbeer और दिग्विजय अब अपने घर पर नहीं the.jaise hi उनके कानो में आवाज़ padi,unki जगह भी बदल gayi.....jagah क्या प्लेनेट hi बदल गया..

प्लेनेट- मांसलिकेल

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस

दिग्विजय- कौन हो tum?????aur हम यहाँ कैसे आ गए!!!!

दिग्विजय ने रौबदार आवाज़ के साथ बोलै..........

CHATAAKKKHHHHHHHHHH......................

ये थप्पड़ ास्मोडियस ने दिग्विजय को नहीं मारी thi,balki बलबीर ने मारी थी......

बलबीर- gustaakh...tu जानता भी है की तू किसके सामने ऊँची आवाज़ में बात कर रहा hai......ye हमारे डेविल लार्ड hain......inse hi हम सारे DEVIL'S का अस्तित्व है.......

mahamahim.....ye अभी बचा hai...please इससे माफ़ कर दीजिये.......

बलबीर ने वापस अपने घुटनो पे बैठ हाथ जोड़ ये बात कही.........

ास्मोडियस ने बलबीर को हाथ से इशारा कर खड़े होने को कहा...

वहीँ दिग्विजय को बलबीर का उससे मारना बर्दाश्त नहीं हो रहा tha......bhale hi बलबीर उसका बाप tha,par ये थप्पड़ उससे खुदका अपमान लग रहा था......

ये परिवर्तन दिग्विजय के अंदर मौजूद वाइट और ब्लैक ेनेर्गीएस के लगातार आपस में टकराने की वजह से आ रहा tha......is टकराव से दिग्विजय का ehem,uska घमंड उसके रिश्तों पर भारी पद रहा था......

ास्मोडियस- apmaan,mrityu से बड़ा श्राप होता है दिग्विजय..........

अभी दिग्विजय अपने गुस्से को काबू में करने की कोशिश कर hi रहा था की ास्मोडियस की बात ने उसके ग़ुस्से की आग को हवा दे दी....

वहीँ दिग्विजय के बाजू में खड़ा बलबीर ास्मोडियस की बात का मतलब समझने में लगा हुआ था.....

AAAAHHHHHHHHH.YEEEEE.........KYAAAAA.................KAR..............DIYA..........MAI T....E.....R.....AAAA..............BA......A.......P..... HU.........N...........AAAHHHHHHHHHHH........

इससे पहले की बलबीर ास्मोडियस की बात का मतलब उससे पूछ paata,DIGVIJAY के हाथों में एक आग का गोला दिखने laga,jisse उसने अपने पिता के ऊपर फेक दिया......

दिग्विजय के अंदर अब अपार शक्ति thi....uske द्वारा किया गया कोई भी हुम्ला, कोई भी वार पहले से अब 1000 गुना ज़्यादा शक्तिशाली था........

बलबीर फटी आँखों में आशर्य और दर्द लिए जल gaya....uske जलते hi उसके शरीर से एक काली रूह निकली और ास्मोडियस की तरफ चल दी पर ास्मोडियस ने उस रूह को हाथ दिखा कर रूकने का आदेश diya...rooh वहीँ रूक गयी.........

ास्मोडियस- मेरे पास आओ दिग्विजय.....

ास्मोडियस के बुलाने पर जैसे जैसे दिग्विजय आगे बढ़ने laga,usse ऐसा लगा जैसे वो किसी शक्ति के समंदर के पास जा रहा है...

दिग्विजय इस वक़्त ास्मोडियस से कुछ 4ो फ़ीट की दूरी पर tha....abhi दिग्विजय ने कुछ 20 फ़ीट का फासला hi तय किया tha,ki वो थकने लगा और अगले 10 फ़ीट तक आगे चलने के बाद तोह उसके शरीर में ताकत hi नहीं bachi..wo वहीँ बैठ गया और ज़ोर ज़ोर से हाफने लगा.....

ास्मोडियस खड़ा हुआ और चलते हुए दिग्विजय के पास पहुँच गया.......

ास्मोडियस- नदी कितनी भी बड़ी क्यों न हो jaaye,usse ये नहीं भूना चाहिए की उसका अस्तित्व समंदर से hi है......

दिग्विजय को ास्मोडियस की बात का मतलब पता चल गया tha,aur इन कुछ hi पलों में उससे ास्मोडियस की असीम शक्तियों का भी आभास हो गया था......

और पहली बार दिग्विजय का सर ास्मोडियस के सामने सम्मान में झुक गया.....

ास्मोडियस ने दिग्विजय को खड़े होने को kaha..DIGVIJAY खड़ा तोह हो गया पर अब भी उसका सर नीचे hi था....

ास्मोडियस ने दिग्विजय के सर पर हाथ rakha.....ASMODEUS को ग्लूटो के गुफा में क्या क्या hua,wo सब दिखने लगा जिससे देखकर ास्मोडियस को शॉक लगा...

ास्मोडियस को शॉक लग्न कोई छोटी बात नहीं thi......bohot काम ऐसी चीज़े होंगी जो ास्मोडियस नहीं जानता था......

ास्मोडियस ने दिग्विजय के सर पर हाथ यूँही नहीं रखा tha...iske पीछे की वजह थी अब से कुछ लम्हे पहले दिग्विजय द्वारा प्रकट की हुई अग्नि.....

नहीं समझे naa,chaliye समझाता हूँ......

जैसा की आपको पता है की डेविल्स की ेंनेरी बालक एनर्जी कहलाती hai....DEVILS जो भी स्पेल्स बोलते hain,ya सोच कर इस्तेमाल में लाते hain,us स्पेल से निकली कोई भी cheez,bhale वो पानी ho,ya आग सब के अंदर एक ब्लैक धुआं होता है जो हर कोई नहीं देख सकता...

पर ास्मोडियस की बात अलग thi...jaise hi दिग्विजय के हाथ में मौत की अग्नि aayi,us अग्नि के अंदर भी ब्लैक धुआं tha,par सिर्फ aadha..us ब्लैक धुंए को एक वाइट धुआं ने जो की वाइट एनर्जी का प्रतिक hai,apne में लपेटा हुआ था......

इसी वजह से बलबीर का शरीर कुछ ज़्यादा hi जल्दी जल gaya....ye बात ास्मोडियस ने देख ली thi,isiliye उसने इसका राज़ जानने के लिए दिग्विजय के सर पर हाथ रखा था...

ास्मोडियस ( मन में )- इतनी बड़ी शक्ति मेरे नज़रों से कैसे छुप गयी......

ास्मोडियस ने फिर से अपनी आँखें बंद ki,par अगले hi पल उसकी आँखें ना सिर्फ खुली बल्कि और फैले गयीं....

ास्मोडियस ( मन में )- ये सब हो क्या रहा है!!! न तोह मुझे उन डायमंड्स के शक्ति श्रोत का पता चल रहा है और न hi मई उन डायमंड्स को देख पा रहा हूँ......

ास्मोडियस ने अपने दिमाग को झटका और अपने मन में 3 नाम लिए....

अगले hi पल ास्मोडियस के सामने बाकी के तीनो डेविल्स सर झुकाये प्रकट हुए....

ास्मोडियस- ABRAXAS,CECILA,ABBADON...aaj से तुम तीनो का मास्टर दिग्विजय है.......

तीनो दिग्विजय के सामने अपने घुटनो के बल बैठ गए...

दिग्विजय ास्मोडियस से ये ऑनर पाके खुश हो गया.....

ास्मोडियस ने अपने हाथ आगे kiye,BALBEER की रूह जिसमे उसकी पूरी शक्ति thi,wo आगे बढ़ी और दिग्विजय के अंदर समां गयी....

दिग्विजय की आँखें एक पल के लिए ब्लैक हो गयी बूत थान ब्लैक तो normal......ab उससे अपने अंदर और ज़्यादा शक्ति महसूस हो रही थी....

दिग्विजय- डेविल LORD,itne सम्मान के दिए shukriya...mai कोशिश करूँगा की आपने जो सम्मान और स्थान मुझे दिया hai,mai उसके लायक बन सकूँ.....

ास्मोडियस- बस अपने ऊपर इंसानो वाली kamzori,BHAWANA, मत आने dena......tumhari शक्ति बढ़ती जायेगी........

और एक baat,tum जिससे बदला लेना चाहते hon,usse सीधे टकराने की भूल मत करना.....

जिस रास्ते को तुमने चुना hai,sayyam रख उसी पे आगे बढ़ते jao.......ho सकता है तुम कामियाब हो जाओ......

दिग्विजय- जैसा आप कहें डेविल लार्ड.......

दिग्विजय ने अपना सर झुकार ये बात kahi,par जैसे hi दिग्विजय ने अपना सर uthaya,wo फिर चौंक gaya......kyunki वो वापस अपने घर के हॉल में खड़ा था.....

उसने घडी dekhi,wo कॉलेज के लिए 1.30 घंटा लेट हो चूका tha...uska मोबाइल सामने टेबल पर पड़ा tha.usne जब अपना मोबाइल देखा तोह उसमे अवंतिका के 4 मिस कॉल्स थे.......

दिग्विजय ( मन में )- यार मुझे तोह अवनि को पिक करने जाना tha.....ab तक तोह कॉलेज के आधे लेक्टर्स ख़त्म होने वाले honge...kya karun!!!!jaaun की nahi.....chala जाता हूँ.....

आज मेरा भी फर्स्ट डे है और उसका bhi....pehle दिन अपने सबसे प्यारे दुश्मन से एक मुलाकात तोह बनती hi है ना......

दिग्विजय मुस्कुराता हुआ कॉलेज के लिए निकल गया....

वहीँ दूसरी तरफ:-

प्लेनेट- ग्लूटो

प्लेस- बैटल फील्ड..

तीक्ष्णा देहा भवति..............

( आयरन बॉडी )

tannnn,tannnn,tannnnn...............teeno योद्धा कुछ देर तक प्रहार करते rahe,par सामने वाले पर कुछ असर न होते देख तीनो पीछे हैट गए......

असर होता भी kaise,saamne वाले ने अपने शरीर को लोहे में जो बदल लिया था.....

इस वक़्त ग्लूटो के बैटल फील्ड में जहाँ कम्पटीशन होता tha,wahan युद्ध स्प्रद्धा का फाइनल्स चल रहा था....

चार योद्धा जो की फाइनल्स में पहुंचे the,unme से एक ने बाकी तीनो को एक साथ चुनौती दी थी....

शुरुआत में वहां मौजूद क्राउड उन तीनो को जो एक तरफ से लड़ रहे the,un तीनो को hi चीयर उप कर रही थी......

जिसने तीनो को चुनौती दी thi,usse बस उस बैटल फील्ड के एक छोर में खड़े 2 बन्दे hi चीयर उप कर रहे थे.....

पर जैसे जैसे चरों का युद्ध आगे बढ़ता gaya,darshako का फव भी बदल gaya.ab हर तरफ बस उस अकेले के लिए hi चीयर उप हो रहा था...

वो तीनो कुछ देर तक कुछ प्लान बनाते rahe,fir तीनो एक दूसरे से अलग हो gaye.teeno ने उस अकेले को तीन तरफ से घेर लिया था........

डालना यंत्रम.....

( क्रशिंग मशीन )

वेधना यंत्रम.....

( होल ड्रिलिंग मशीन )

वाहला कुलिकम.....

( हंटर ऑफ़ करंट )

तीनो ने अपने अपने मंत्र bole...ek के हाथ में लोहे को क्रश करने का यन्त्र आ gaya,dusre के हाथ में लोहे को होल करने का और तीसरे के हाथ में एक चाबुक आ गया जिससे करंट निकल रहा था....

तीनो अपने अपने यन्त्र लिए आगे बढे.....

उस अकेले ने अपने हाथ आगे कर तलवार का आवाहन kiya.agle hi पल उसके हाथों में एक तलवार चमकने लगी......

उस शक्श ने जो दो योद्धा उसके सामने और राइट तरफ से आ रहे the,unke सामने तेज़ी से अलग अलग एंगल्स में फ्लिप मारनी शुरू कर दी.........

उसकी तेज़ी वाकई काफी ज़्यादा thi....wo दोनों योद्धा ये देख हड़बड़ा gaye...dono अपनी जगह भूलकर एक साथ हो गए....

सुभहहहह......... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह......

वो दोनों कुछ समझ पाते उससे पहले hi उस शक्श ने तेज़ी से दोनों के कलाई को निशाना बना कर अपनी तलवार दो बार चला दी.....

उन दोनों के यन्त्र उनकी कलाई सहित ज़मीं पर गिर गए.......

की तभी लेफ्ट साइड के योद्धा ने जो की कुछ पास आ चूका tha,usne उस शक्श के ऊपर अपना हंटर घुमा दिया....

आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह...............

ये आवाज़ उस हंटर वाले बन्दे के मुँह से hi निकली thi..hua ये की जैसे hi उस हंटर वाले योद्धा ने अपना हंटर ghumaya,saamne वाले शक्श ने जल प्रकटम का मंत्र बोल दिया....

उस शक्श के सामने पानी की एक दीवाल बन gayi.wo करंट वाला हंटर सीधा उस दीवाल से टकराया और जैसे की हम सब जानते हैं की

वाटर इस ा गुड कंडक्टर ऑफ़ हीट एंड electricity,yahan भी वही hua,hunter के पानी छूटे hi उस योद्धा को एक ज़ोर का झटका लगा और वो दूर फेका गया.....

दो तोह पहले hi गिर चुके the...teeno ने एक साथ अपनी हार कुबूल कर ली.

की तभी................

waah,bohot khub,bohot achche......lagta है पिछली बार की हार से सबक लेकर तुमने काफी अभ्यास किया hai......tumhare युद्ध कला में काफी निखार आ गया hai.....hum ये देख कर बोहोत खुश हुए शैला......

जी हाँ doston,ye और कोई नहीं हमारी शैला hi thi..aur जो दो लोग उससे सपोर्ट कर रहे थे वो अक्षांत और मोकलसर थे...

दरअसल हुआ यूँ की विक्रम के द्वारा तीनो के शक्ति चक्र को बढ़ने के बाद जब वो अपने गृह pahunche,teeno को अपने अंदर काफी फुर्ती मेहसूस हो रही थी...

तोह तीनो ने सबसे पहले अभ्यास kiya...aur पहले hi अभ्यास सत्र में तीनो ने अपने युद्ध कला को तीन गुना तक निखार लिया....

शैला इतना कुछ अचानक होते देख काफी एक्ससिटेड हो गयी और उसने अक्षांत और मोकलसर को यहाँ मतलब ग्लूटो चलने को कहा....

दोनों शैला की बात ताल नहीं पाए और यहाँ आ गए....

वहीँ निष्कलिका उसी मैदान के ऊपर हवा में कड़ी थी और वहां मौजूद सभी उसके सम्मान में झुके हुए थे......

शैला- कैसी हो निष्कलिका.....

अपना नाम यूँ सुन निष्कलिका को ग़ुस्सा तोह बोहोत आया पर उसने खुदको कण्ट्रोल कर लिया....

निष्कलिका- हम तुम्हारे इस नए अवतार से बोहोत खुश हुए SHAILA...hum तुम्हे अपनी सेना में सेनापति बनाना चाहते हैं.....

शैला- पर रिवाज़ तोह कुछ और है naa.jo भी इस प्रतियोगिता को जीतता hai,usse तोह तुमसे चुनौती मिलती है ना...

निष्कलिका- तुम हमसे लड़ना चाहती हो!!!!

शैला- सिर्फ लड़ूंगी hi nahi,haraungi भी...

निष्कलिका- hahahahaha.....toh इसीलिए वापस आयी हो tum.pichli बार की हार और उसके बाद हुए अपमान का बदला लेने....

हमे पता hai,ki समझने से तोह तुम समझोगी nahi.....par तुमसे लड़कर हम अपने स्टार को गिरना नहीं चाहते.

chalo,hum तुम्हे मौका देते hai...karlo वार humpe.hum भी तोह dekhen,tum कितना सिख कर आयी हो.....

निष्कलिका के ये सब बोलते hi शैला ने कुछ भालों और खडग का आवाहन किया और अपने हाथ आगे कर दिए......

खडग और भाले तेज़ी से निष्कलिका की तरफ बढ़ गए.......

पर निष्कलिका यूँही बिना हिले डुले कड़ी रही.....

पर ये kya,jaise hi भाले और खडग निष्कलिका के पास पहुंचे SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत के मुँह खुल गए..

दरअसल निष्कलिका के पास पहुँचते hi सारे क्षेत्र फूल बन गए और निष्कलिका के ऊपर फूलों की बारिश सी हो गयी....

आप सब ये तोह समझ hi आगये होंगे की ये सब उन डायमंड्स की शक्ति की वजह से हुआ है...

पर इस वजह के पीछे भी एक वजह है और वो ये है की इस ब्रम्हांड के किसी भी गृह में बने कोई भी हथियार जिस भी धातु से बने hain,unme धवली झील की मिटटी की परत भी चड्डी हुई hai,joki हौली स्पिरिट्स के परिक्रमा करने की वजह से उनकी ेनेर्गीएस के साथ साथ हर गृह में पहुंची है.....

निष्कलिका- तुम दोनों इसके साथी हो naa..tum दोनों भी कोशिश करके देख लो.....

अक्षांत और मोकलसर ने भी अलग अलग शाश्त्र निष्कलिका की तरफ फेके पर सब बेअसर.....

निष्कलिका- अरे कितना ladoge,thak जाओगे....

शैला- हम तुम्हे मार कर hi यहाँ से जाएंगे निष्कलिका......

निष्कलिका ने बिना कुछ बोले अपने दोनों हाथों की मुट्ठी बनायीं और उन्हें हल्का हल्का मसलना शुरू किया....

आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.........

निष्कलिका के ऐसा करते hi मोकलसर और अक्षांत दोनों को ऐसा लगने लगा जैसे कोई उनकी बॉडी निचोड़ रहा hai....dono के मुँह से दर्द भरी आह निकल गयी....

AAAHHHH.....chhodo मुझे...........

अभी शैला कुछ समझ पाती उससे पहले hi निष्कलिका ने उससे हवा में उठा लिया....

निष्कलिका- गुस्ताख़ ladki.......mere गृह में आकर मुझे hi धमकी देकर तूने अपनी मौत को पक्का कर लिया है...

और क्या कह रही थी tu..hame maaregi!!!bewakuf ladki,NISHKALIKA को मारना असंभव hai....NISHKALIKA अजय है, अमर है....

ज़िन्दगी जीने के लिए एक गलत फेहमी ज़रूरी है NISHKALIKA......TUMHARE पास कुछ HI वक़्त की ज़िन्दगी और बची HAI,TAB तक ये गलत फेहमी पाले रखो.......

ये आवाज़ एक भविष्यवाणी की तरह थी जिससे वहां मौजूद सभी ने सुना tha....awaaz के आते hi दो चीज़ें हुई

1सत- निष्कलिका के स्पेल्स ने काम करना बंद कर diya...SHAILA ज़मीन पर आ गयी और मोकलसर और अक्षांत के शरीर में बढ़ रहा दर्द भी ख़त्म हो गया....

2ंद- निष्कलिका जो खुद भी हवा में कड़ी thi,wo भी ज़मीन पर आ गयी....

वहां मौजूद सभी शॉकेड थे पर सबसे ज़्यादा AKSHAANT,SHAILA और मोकलसर चौंके the...kyunki वो इस आवाज़ के मालिक को जानते थे....

तीनो ( मन में )- विक्रमममममम..........

मई- हाँ मई hi hun.....SHAILA,guruji ने तुम्हे अधीरता के बारे में क्या बताया tha....kuch शक्तियां मिली नहीं की तुमने अपना धीरज खो दिया.....

ये बात मई उनके दिमाग से जुड़ बस तीनो से कर रहा था.....

तीनो ने अपना सर झुका लिया....

शैला- हमे माफ़ कर दो.....

मई- कोई बात nahi.....par दोबारा ऐसा मत करना.....

वहीँ उसरी तरफ निष्कलिका का दिमाग घूम गया था.......

निष्कलिका- कौन hai...himmat है तोह सामने आओ.....

शैला- ऐसा मत बोल NISHKALIKA..agar इस आवाज़ का मालिक सामने आ गया न तोह जो तुझे कुछ और दिन जीने की मोहल्लत मिली hai,wo भी चीन जायेगी....

निष्कलिका- तेरी इतनी हिम्मत....

निष्कलिका ने एक हाथ आगे कर diya.uske हाथ से सैकड़ों तीर निकले और SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत की तरफ आने लगे.......

पर इससे पहले की वो तीर तीनो को chhute,teeno गायब होकर अपने गृह पहुँच गए......

निष्कलिका- NAHIIIIIIIIIIIIII..............

बैक तो हीरो:-

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- कॉलेज कैंटीन:-

संत STEPHENS.......INDIA का सबसे बड़ा मैनेजमेंट college......yaha सिर्फ सुपर टैलेंटेड या फिर सुपर रिच बच्चे hi पढ़ते hain...aur हमारे तीनो दोस्तों के पास तोह ये दोनों hi गिफ्ट्स हैं......

रोनित- अब्बे कल से देख रहा hun,tu सोच क्या रहा है...!!!!

अंजलि- haan,koi प्रॉब्लम है kya!!dekh,ab तोह हम भी त्रिनेड hain.kuch बात है तोह bata,shayad हम कुछ काम आ जाएँ....

मई- प्रॉब्लम नहीं है yaar,bas मई किसीके बारे में सोच रहा हूँ

रोनित- किसके बारे में????

मई- अवंतिका और दिग्विजय के बारे में.....

अंजलि- उनके बारे में क्या सोच रहा है????

मई- यही की अवंतिका जैसी लड़की दिग्विजय जैसे लड़के के साथ कैसे!!!! ी मैं.....

रोनित- अब्बे तोह हमे क्या लेना dena.chhod ना....

मई- अब्बे ऐसे kaise.....!!!!AVANTIKA अब हमारी दोस्त hai...itna सोचना तोह बनता है ना..

जी हाँ doston,darasal कल दिग्विजय ने हमे अवंतिका से मिलाया hi था की उससे उसके दोस्तों ने बुला liya.DIGVIJAY जानता था की हम सब स्कूल में भी साथ पढ़ चुके हैं तोह उसने अवंतिका को हमारे पास छोड़ अपने दोस्तों के पास चला गया....

उसके जाने के बाद अवंतिका ने हमसे अपने पहले के बर्ताव के लिए फिरसे सॉरी कहा जो हमने फिरसे एक्सेप्ट कर लिया.....

अवंतिका ने हम तीनो के आगे दोस्ती का हाथ badhaya.kyunki इस बार लड़की जेन्युइन thi,maine एक्सेप्ट कर लिया और मेरे बाद इन दोनों ने भी उसकी फ्रेंडशिप एक्सेप्ट कर ली....

अंजलि- V.J इस right......par मुझे तोह दिग्विजय भी कल सुधरा हुआ hi laga...humse कितनी डेंटली बात की उसने.....

रोनित- haan,aur अगर कुछ गलत hota,toh तुझे तोह सब कुछ ऑटोमेटिकली मालुम पद जाता है ना......

अब मई इन्हे क्या batata...!!!!!yahi तोह मैं प्रॉब्लम थी की मई उन दोनों को hi पढ़ नहीं पा रहा था.....

दिग्विजय को देखते hi मई ये समझ गया था की वो एक डेविल hai....par कल रात फ्रेशर्स पार्टी में उसने जैसे hi मुझसे हाथ milaya,mujhe उसके पुरे शरीर में ब्लैक के साथ साथ वाइट एनर्जी भी दौड़ती महसूस हुई..

और जैसे hi मैंने उसके अंदर झाँकने की कोशिश की, उस वाइट एनर्जी ने दिग्विजय के अंदर एक दीवाल का रूप ले liya,jaise मुझे उसके अंदर देखने से रोक रही हो....

और सबसे बड़ी बात ये थी की ये सब दिग्विजय नहीं कर रहा tha,balki ये सब अपने आप हो रहा tha.....usse तोह कुछ पता hi नहीं था की उसके अंदर क्या चल रहा है....

और रही बात अवंतिका ki,toh वो तोह मेरी लिए स्पीयर की पहेली से भी बड़ी पहेली बन चुकी है......

मई उससे पहले से जानता hun.....par कल रात पहली बार मुझे ऐसा लगा जैसे वो मुझसे जुडी हुई hai...kaise,ye साला समझ नहीं आ raha...maine जब उसके अंदर झाँकने की कोशिश ki,toh मुझे बस एक रौशनी और कवच dikhi..wo कवच मुझे अपना सा laga......mujhe अपना धारीर ठंडा सा महसूस हुआ....

Bas,aur कुछ पता नहीं लगा पाया mai.....toh दिमाग तोह घूमेगा hi ना.....

HI फ़रंज़ज़्ज़ज़......

अभी मई कुछ kehta,usse पहले hi इस आवाज़ ने हम तीनो का ध्यान अपनी तरफ खिंच liya.....ye और कोई नहीं अवंतिका थी.......

अंजलि- हे अवंतिका, aao,baitho......

अंजलि के बाद रोनित और मैंने भी अवंतिका को ग्रीट किया......

अंजलि- yaar,aaj तुमने फर्स्ट लेक्चर मिस की थी ना.

अवंतिका- हाँ yaar....sab दिग्विजय की वजह se..duffur कहीं का.....

अंजलि- kyun,kya हुआ?????

अवंतिका- अरे उसने hi मुझे कहा था की वो मुझे घर से पिछ karega..mai एक घंटे तक उसका वेट करती rahi,par जनाब का कुछ अत पता hi nahi....isiliye मई अकेली hi आ gayi,par लेट हो गया....

सो सॉरी जान...........

अभी कोई कुछ kehta,usse पहले hi दिग्विजय सर आ gaye..unhone अवंतिका को पीछे से हुग कर सॉरी कहा....

अवंतिका- व्हाट सॉरी yaar!!!!!......maine तुम्हे 4 बार कॉल kiya..agar नहीं आ सकते the,toh कमसेकम कॉल करके बता देते naa.tumhare चक्कर में मेरे फर्स्ट डे का फर्स्ट लेक्चर hi मिस हो गया.......

दिग्विजय- सो सॉरी yaar.mai तोह टाइम से hi तुम्हारे घर की तरफ निकल गया tha,par रास्ते में एक बुद्धि औरत गिरी हुई thi....koi भी उनकी मदद करने के लिए नहीं आ रहा था.

मैंने उन्हें उठाया और हॉस्पिटल ले गया और इलाज karwaya..mobile कार में hi छूट गया था इसीलिए मई तुम्हारा कॉल उठा नहीं paaya..i ऍम सो सॉरी.........

अवंतिका- I'm सॉरी baby.......mai बिना असली बात जाने hi तुमपे नाराज़ हो रही थी..... तुमने जो kiya,uske लिए i'm सो प्राउड ऑफ़ ु.....

अंजलि- सच में DIGVIJAY....tumne बोहोत अच्छा काम किया है......

मई मन में- waah,kya नौटंकी hai.....ye झूठ बोले जा रहा hai,aur ये लोग उसकी बातों में आ भी gaye..aur ये अवंतिका, इससे टोपर किसने बना diya......ek नंबर की गाढ़ी है......

दिग्विजय- यार अंजलि, अब तोह हम फ्रंज है naa,aur मेरे फ्रंज मुझे डिग्री बुलाते है....

मई- डोगग्य बुलाते हैं!!!!!!

मेरी बात पे सबकी हसी छूट gayi,yahan तक की अवंतिका की भी.......

मेरी बात और इसके बाद सभी के रिएक्शन को देख दिग्विजय की सुलग gayi,par भाई साहब ने खुदको कण्ट्रोल कर लिया.....

अंजलि- क्या बोल रहा है V.J......DOGGY नहीं डिग्री.......

मई- ओह सॉरी sorry......wo मैंने गलत सुन लिया था....

अवंतिका- इतस ok yaar.ho जाता है कभी कभी.....

रोनित- ये सब छोडो यार. अवंतिका तुम दोनों की लव स्टोरी के बारे में बताओ kuch..i मैं तुम दोनों मिले kaise,aur फिर रिलेशनशिप में कैसे आये.....!!!!???

मई मन में- chalo,pehli बार इसकी मुँह फैट पैंटी कुछ काम आयी.....

अंजलि- RONITTTT........ye उनका प्राइवेट मटर है यार....

अवंतिका- no,no,its ok.....

रोनित- और नहीं तोह क्या!!!! वैसे bhi,ab तोह हम दोस्त हैं naa...aur दोस्तों में कैसा सीक्रेट!!!!!

अवंतिका- सही बात hai.....toh frns,hum दोनों की कहानी वैसे तोह छोटी सी hai,par है फुलटू फिल्मी.......

अंजलि- woww....kaise?????

AVANTIKA-mai गर्मियों के वकेशंस में लंदन गयी हुई thi......DIGVIJAY से मेरी मुलाकात वहीँ hui....ek रात मई पब से अपने होटल जा रही थी की तभी कैब खरभों gayi...raat का वक़्त tha,aur वो एरिया भी सुनसान था...

तभी वहां कुछ लोकल स्ट्रीट बॉयज आ गए और मेरे साथ बत्तमीज़ी करने lage......mai काफी दर गयी थी....

पर तभी वहां एक कार आकर रुकी और उसमे से दिग्विजय nikla...isne उनसब लड़कों को अकेले hi मार भगाया...

तभी से हमारी दोस्ती शुरू hui....DIGVIJAY भी लंदन वकेशंस में hi गया हुआ tha...hum रेगुलर मिलने lage...fir हमारे टूर के लास्ट दिन hi दिग्विजय ने मुझे प्रोपोज़ कर दिया एंड ी साइड yes......simple.........

रोनित- सही बोलै था tumne.........tum दोनों की कहानी फूलों फिल्मी है.......

दिग्विजय- हाँ hello.....ok,mai पहुँचता हूँ....

अभी कोई और कुछ कहता उससे पहले hi दिग्विजय सर का मोबाइल बज उठा.....

दिग्विजय- guyz,mujhe एक अर्जेंट काम से जाना होगा... अवनि तुम क्लासेज अटेंड करोगी या मई ड्राप कर दूँ.....!!!

अवंतिका- क्लासेज हैं hi कहाँ जो अटेंड करूँ mai...aaj के बाकी के लेक्टर्स तोह ऑफ हैं.....

दिग्विजय- ग्रेट then....chalo,mai तुम्हे ड्राप कर देता हूँ....

अवंतिका- nahi,mai अपनी कार लायी hun.waise भी मुझे शनाया को लेने एयरपोर्ट जाना hi hai..toh तुम jao,mai एयरपोर्ट निकलती हूँ......

अवंतिका और दिग्विजय हमे और एक दूसरे को bye बोल निकल गए.......

रोनित- कर दिया ना तेरा काम!!!!

अंजलि- कैसा काम????

रोनित- V.J जानना चाहता था इन दोनों की story,isiliye तोह मैंने अवंतिका से वो सब पूछा.....

अंजलि- तुझे कैसे पता???? V.J ने तोह कुछ कहा भी नहीं.....

रोनित- इसकी तरह सबके मन की बातें नहीं पढ़ सकता तोह क्या hua,dost है mera,kamsekam इसके दिल का हाल तोह जान hi सकता हूँ.....

मैंने रोनित को हुग kiya.....saale ने इमोशनल कर दिया था....

अंजलि- पर ये सब किसलिए?????

मई- एक का husn,khuda का केहर है......

और दूसरे का इश्क़ फरेब है,

मीठा ज़हर है....

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V....J....

 
अब तक आपने पढ़ा की दिग्विजय अपने HI बाप को मार कर डेविल मास्टर बन जाता है वहीँ दूसरी तरफ विक्रम & FRIEND'S को अवंतिका अपनी और दिग्विजय की कहानी बताती है.......

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट 54:-

प्लेनेट- ग्लूटो

प्लेस- इन्फ्रोन्ट ऑफ़ केव

कवच भंगम..........

( ब्रेक थे आर्मर )

BOOMMMMMMMMMMMMM...........ek ज़ोर का धमाका hua,aur जब उस धमाके का धुआँ chatta,toh सब कुछ पहले जैसा hi था......

गुफा के बाहर जो कवच बना हुआ tha,usse तोड़ने के लिए ये मंत्र और किसी ने नहीं बल्कि ास्मोडियस ने कहा था जो की निष्प्रभाव हो गया था....

और ऐसा लगभग ना के बराबर होता है की ास्मोडियस के स्पेल्स काम न करें....

ास्मोडियस- कमाल hai..pehle मुझे इस गुफा के अंदर कौन सी शक्ति hai,wo दिखाई नहीं deti,aur अब मेरा स्पेल भी बेकार हो गया.....

ास्मोडियस- हां है है हा.... तोह इसके पीछे सत सकीला का हाथ hai....befakuf,jis तरह गुफा के राज़ को छुपाया tha,ussi तरह खुदको भी छुपा लेती.......

हुआ ये की अपने स्पेल को बेकार होता देख ास्मोडियस ने अपनी आँखें बंद की और गुफा के बहार मतलब इस वक़्त वो खुद जहाँ खड़ा tha,wahan क्या क्या हो चूका hai,wo देखने लगा..

कुछ hi पलों में ास्मोडियस को पता चल चूका था की सत सकिलिअ ने यहाँ क्या किया है........

ास्मोडियस- chalo,ek दाव तुमने khela,ek दाव मई भी खेल लेता हूँ....

ास्मोडियस ने अपने हाथ आसमान की तरफ कर कुछ मंत्र kehe....ASMODEUS के हाथों से सुनहरी किरणे निकली और सत सकिलिअ के कवच के ठीक सामने फैले कर गायब हो gayin......maano कवच ने शाल ओढ़ ली हो...

ास्मोडियस गायब हो गया.......

अरे ये कहाँ gaya,khair जहाँ ास्मोडियस गया hai,hum भी उसके पीछे पीछे वहीँ चलते हैं पर उससे पहले मई आपको कुछ नयी और इम्पोर्टेन्ट बातें बता देता हूँ.....

कवच BHANGAM......magicians और सोरेरेर्स द्वारा कवच ko,armours को तोड़ने के लिए बोलै जाने वाला एक साधारण सा स्पेल.....

साधारण इसीलिए क्यूंकि ये स्पेल पेरासिटामोल गोली की तरह hi काम करता है......

मतलब जैसे की पेरासिटामोल की गोली हलकी फुलकी भूकर को दूर करने के लिए उसे की जाती hai,waise hi ये मंत्र भी छोटी मोती शील्ड्स ko,sadharan दर्जे के कवच को तोड़ने के बोलै जाता है...

तोह सवाल ये है की इतने मामूली से मंत्र का उसे ास्मोडियस इतने स्ट्रांग कवच को तोड़ने के लिए क्यों कर रहा है......

इसके पीछे दो रीज़न हैं....

1सत- स्पेल बोलते वक़्त ास्मोडियस को ये तोह पता था की जो भी कवच इस वक़्त गुफा को सेफ किये हुए hai,wo काफी स्ट्रांग hai,par उससे अभी तक ये नहीं पता चला था की सत सकीला ने गुफा को परमेश्वर अच्छेद्य कवचं

से सिक्योर किया हुआ है...

( इस मंत्र के बारे में जानने के लिए उप-48 पढ़ ले )

2ंद- दूसरा रीज़न है केतक शक्ति........

केतक शक्ति- अलेसेन्द्र ने अपने माँ डैड को जिस ग्रैहम माया स्पेल के बारे में बताया tha,wo स्पेल केतक शक्ति के hi अधीन है........

और ग्रैहम माया स्पेल के साथ साथ केतक शक्ति के दायरे में दो और स्पेल्स आते हैं.....

1सत- संवेगा शक्ति माया......

2ंद- भ्रम माया......

संवेगा शक्ति माया वो माया है जिससे ध्यान में रख छोटे मोठे स्पेल्स hi बोले जा सकते हैं .इससे होता ये था की जितना छोटा स्पेल hoga,uski शक्ति उतनी hi गुना तक बढ़ जायेगी और उसका असर किसी बड़े स्पेल से ज़्यादा हो जाएगा....

और दूसरा स्पेल है भ्रम माया....

इस स्पेल के बारे में आपको बाद में पता चलेगा.........

चलिए ास्मोडियस के पास वापस चलते हैं........

प्लेस- NISHKALIKA'S पैलेस

तुम सब किसी काम के नहीं ho........isse पहले की मई तुम सब को जलाकर राख कर dun,door हो जाओ मेरी नज़रों के सामने से.......

निष्कलिका इस वक़्त अपने सिंहांसन पर बैठी अपने सामने खड़े 4 माजिशन्स को दांत रही थी.....

SHAILA,AKSHAANT और मोकलसर के गायब होने के बाद निष्कलिका ने अपने सामने खड़े चारों माजिशन्स को जो की ग्लूटो गृह के सबसे अचे माजिशन्स में से the,unhe व्रीहाख गृह जाकर शैला और उसके दोनों साथियों को बंदी बनाकर उसके सामने पेश करने का हुक्म दिया था...

उन चारों ने व्रीहाख गृह जाकर उसका कोना कोना ढूंढ लिया tha,par उन्हें शैला और उसके दोनों साथी कहीं दिखे hi नहीं....

ये सब विक्रम ने किया tha.wo जानता था की निष्कलिका ऐसा कुछ ज़रूर करेगी इसीलिए उसने पहले hi SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत के ऊपर एक अनोखा स्पेल उसे किया था....

इस स्पेल का उसे आगे भी होने वाला hai,jo की बोहोत इम्पोर्टेन्ट भी hai,isiliye इसके बारे में भी बाद में पता चलेगा....

अभी के लिए इतना जान लीजिये की ये चारों उसी स्पेल की वजह से SHAILA,MOKALSAR और अक्षांत को नहीं ढूंढ पाए....

निष्कलिका की धमकी सुन चारों काफी दर गए और अपना सर झुकाये वो मुड़कर वापस जाने लगे......

निष्कलिका मन में- लगता है मुझे hi कुछ करना होगा......

ऐसी गलती भूल से भी मत करना...........

आवाज़ सुनाने के बाद निष्कलिका शॉकेड हो gayi.....uske शॉकेड होने की 2 वजह थी....

1सत- जो माजिशन्स सर झुकाये वापस जा रहे the,wo वहीँ रूक गए थे जिसका ये मतलब था की वहां का समय चक्र रूक गया था...

2ंद- ये आवाज़ निष्कलिका की सुनी हुई thi.........ye वही आवाज़ थी जिसने कुछ दिन पहले निष्कलिका को धमकी दी थी और शैला और उसके साथियों को बचा लिया था......

निष्कलिका- कौन हो tum????tumhara कोई अस्तित्व भी है या तुम बस एक आवाज़ hi हो.......

तभी दरबार के ठीक बीच एक काली रौशनी उभरी और उसी रौशनी के बीच में से एक शक्श बाहर आया.....

अपने सामने खड़े शक्श को देख निष्कलिका का दिल जो की उन डायमंड्स की वजह से मर सा गया था, धक् कर गया..

बन्दे की पर्सनालिटी थी hi ऐसी की निष्कलिका कुछ पल तक उसमे खो hi गयी पर फिर तुरंत hi निष्कलिका ने खुदको संभाल लिया....

निष्कलिका- oh..toh तुम हो जिसने उस दिन उस लड़की को और उसके साथियों को मुझसे बचा लिया था......

बाँदा- nahi........mai वो नहीं हूँ.......

निष्कलिका- झूठ मत bolo...maine तुम्हारी आवाज़ पहचान ली है..

बाँदा- जिसकी तुम बात कर रही ho,uski और मेरी आवाज़ एक सी है......

ये बोलते बोलते वो बाँदा निष्कलिका के पास पहुँच गया था......

निष्कलिका- matlabbbbb.........arrre.......ye mujhe........kya ............तुम...............

अभी निष्कलिका और कुछ कहती उससे पहले hi उस बन्दे ने अपना हाथ उसकी तरफ kiya.NISHKALIKA का शरीर हवा में उठ गया और वो नीचे की तरफ आने लगी..

वहीँ वो बाँदा आराम से चलता हुआ जाकर सिंघासन पर बैठ गया और निष्कलिका जहाँ वो पहले खड़ा tha,ussi जगह पर कड़ी हो गयी....

निष्कलिका- इतना dussahas....wo मेरा सिंघासन है...

बाँदा- हम जहाँ भी जाते hain,wahan का शाशन और वहां की राज गद्दी ास्मोडियस की मिलकियत बन जाती है......

निष्कलिका- तुमममम.........

निष्कलिका कुछ कहने hi वाली थी की उसके दिमाग में उस शक्श को बोलै गया नाम takraya...ASMODEUS.......

और अगले hi पल निष्कलिका अपने घुटनो पर बैठ गयी......

निष्कलिका- मुझे माफ़ कर दीजिये लार्ड ऑफ़ डेविल्स....... मई आपको पहचान नहीं पायी........

ास्मोडियस- वैसे तोह हम अपने सामने ऊँची आवाज़ में बात करने वाले को माफ़ नहीं karte,par क्यूंकि तुम एक औरत ho,aur हम औरतों की बोहोत इज़्ज़त करते hain,isiliye हम तुम्हे माफ़ कर देते हैं....

निष्कलिका- आपकी रेहेंदिल्ली के लिए शुक्रिया मालिक........

ास्मोडियस- हमारी काली शक्तियों को बढ़ने में तुम्हारा ख़ास योगदान रहा है निष्कलिका और हम नहीं चाहते की तुम्हारी मृत्यु से हमारे काले साम्राज्य को नुक्सान हो........

निष्कलिका- मई आपके बातों का अर्थ समझी नहीं महामहिम....

ास्मोडियस- दो बातें याद रखो........

पहली- जो आवाज़ तुमने उस दिन सुनी thi,uska पीछा करना छोड़ दो......

दूसरी- जिस गुफा से तुम्हे ताकतें मिली hai,aur शक्ति के लालच में दोबारा उसमे घुसने की कोशिश भी मत करना......

निष्कलिका- जी maalik.....aapke दोनों hi आदेशों का पालन होगा......

ये बात निष्कलिका ने अपना सर झुकार कर कही thi...par जैसे hi निष्कलिका ने अपना सर uthaya,wo शॉकेड हो गयी.....

ास्मोडियस गायब हो चूका था और समय चक्र फिर से शुरू हो गया tha.NISHKALIKA जाकर अपने सिंघासन पर बैठ गयी.....

प्लेनेट - एअर्थ

प्लेस- आउटसाइड अरोरस मेन्शन

के ों babes,its ok...itna तोह चलता है यार.........

अवंतिका- no DIGI......please yaar,try तो understand....mai ये सब के लिए अभी रेडी नहीं हूँ......

कुछ कुछ तोह समझ hi गए होंगे आप sab...baaki का मई समझा देता हूँ....

नोर्मल्ली तोह अवंतिका शनाया के साथ hi कॉलेज जाती hai,par कल रात अपने किसी फर्न के घर में रहने की वजह से आज शनाया वहीँ से कॉलेज निकल गयी thi....aur हमारी अवंतिका मैडम को पिक करने दिग्विजय उर्फ़ DOGGY....oh सॉरी sorry......DIGGI आये हुए थे.......

और रही अभी चल रही सन की बात तोह दिगीजी घर के बहार hi वेट कर रहे थे...

और जैसे hi अवंतिका aayi,uski ख़ूबसूरती को देख कर डिग्री सच में एक डोगग्य की तरह लार टपकने लगा....

अवंतिका ने कार में बैठ दिग्विजय को साइड से हुग किया और जैसे hi वो हटने को hui,DIGVIJAY ने अपनी पकड़ थोड़ी टाइट कर अवंतिका को किश करने की कोशिश की पर अवंतिका ने एक झटके में खुद को छुड़ा लिया....

दिग्विजय- ओह के ों yaar....hum दोनों को रिलेशनशिप में आये 2 महीनो से ऊपर हो गए hain...tumhare कहने पर hi हम अभी तक इंटिमेट नहीं हुए...

पर कमसेकम एक किश तोह बनता hi है ना......

ये बोलकर दिग्विजय अवंतिका को फिरसे किश करने के लिए आगे badha......par अवंतिका ने बीच में hi उसकी चेस्ट पर हाथ रख उससे रोक दिया........

अवंतिका- प्लेस DIGI....maine कहा naa,mai अभी तक इन सब के लिए तैयार नहीं हूँ....

अब दिग्विजय को भी ग़ुस्सा आ gaya.....par कर तोह कुछ सकता नहीं tha....uska मुँह फूल gaya,usne कार गियर में डाली और तेज़ी से कॉलेज की तरफ बढ़ा दी.....

( टेंशन ना लें BROTHERS.....AAPKI भाभी को भले HI किसी और ने पता लिया HO,PAR उसका पहला किश आपके भाई V.J के साथ HI होगा )

प्लेस- स्टेपेहेन्स कॉलेज.......

हे babes..whats उप!!!!

अवंतिका और दिग्विजय जब कॉलेज pahunche,toh कैंपस में hi उनके एक क्लासमेट ने उन्हें बता दिया था की फर्स्ट लेक्चर ऑफ है....

दोनों कैंटीन की तरफ चल दिए जहाँ पहले से hi शनाया और अंजलि बैठी हुई थी.....

शनाया को देख दोनों उसकी तरफ चल पड़े...

शनाया ने भी अवंतिका की hi तरह विक्रम & फ्रंज से माफ़ी मांग उनसे दोस्ती कर ली थी......

अवंतिका- hi...........

दिग्विजय- मई आता हूँ...

ये बोल दिग्विजय बिना अवंतिका की बात सुने निकल गया.....

शनाया- इससे क्या हुआ????

अवंतिका- कुछ नहीं yaar...aise hi.......

अंजलि- कुछ तोह हुआ hai.......common yaar,bata ना....

अवंतिका- ठीक hai,suno fir......par ANJU,V.J और रोनित को मत बताना...

अंजलि मन में- अब इस बेचारी को कौन बताये की V.J महाराज को कुछ भी बताने की ज़रुरत hi कहाँ पड़ती hai....yahan हमने socha,wahan उससे पता चल जाता है...

अंजलि- पता है AVNI,friendship को लेकर V.J की एक फलसफा hai....wo ये की अगर आपको अपने किसी दोस्त को कुछ सीक्रेट बताने से पहले उसे ये बोलना पद जाए की please,kisiko बताना mat,iska मतलब है की आपको उसपे ट्रस्ट hi नहीं है......

अवंतिका- सॉरी मेरी maa....ab suno,actually दिग्विजय मुझे किश करना चाहता है...

अंजलि- चाहता है matlab....abhi तक तुम दोनों ने किश भी नहीं की.....

अवंतिका- भी matlab!!!!aur क्या करना होता है...???

अंजलि- तुझे नहीं मालूम.......

अंजलि की बात का मतलब जब अवंतिका को समझ में aaya,toh उसके गाल लाल हो गए.....

अवंतिका- चुप बेशरम.........

ANJALI-hahaha......acha पर ये तोह बता की किश करने में क्या खराबी hai....ye तोह हर रिलेशनशिप में नार्मल है....

अवंतिका- मेरे लिए nahi......yaar पता नहीं kyun,par मई जब भी इस बारे में सोचती हूँ तोह मेरा मन नेगेटिव होने लगता hai....shayad मई अभी रेडी नहीं हूँ.....

यही बात मैंने डिग्री को भी बता दी hai...par फिर भी आज उसने मुझे किश करने की कोशिश ki,maine मन किया तोह मुझसे नाराज़ हो गया है.......

कौन नाराज़ हो गया है......??????

ये आवाज़ थी हमारे हीरो की जो की रोनित के साथ जस्ट पधारे थे.....

शनाया- हे V.J..... हे रोनित...........

AVANTIKA-hey गुइज़....

हमने भी दोनों को ग्रीट किया.....

मई- बताया नहीं किसीने......???? कौन नाराज़ है और किस्से...!!!!

अंजलि- ये हमारी गर्ल्स टॉक hai....boys नॉट अल्लोवेद......

मई- ohhhhh....khichdi................

तीनो गर्ल्स- मतलब!!!!!

मई- अरे गर्ल्स टॉक मतलब बोरिंग बातें जस्ट लिखे खिचड़ी.........

अवंतिका- achaa.....aur बॉयज टॉक कैसी होती है......???

मई- लिखे golgappa....kabhi spicy,kabhi meethi.......mood के according,the टास्ते वारिस........

मेरी बात सुन सब है दिए.....

शनाया- सच में yaar.jaisa हमारा पास्ट रहा hai,mujhe तोह यकीं hi नहीं हो रहा है की हम फ्रेंड्स बन गए हैं....

मई- दिल मैडम दिल.......

गलती का एहसास जब नियत को

साफ़ कर देता है.......

तोह दिल भी बड़ी से बड़ी गलती को

माफ़ कर देता है.......

आवण्टिएका- वाह्ह्ह.....

शनाया- वैसे guyzzzz.....AVNI भी काफी अछि शायरी करती है.......

अंजलि- sach......toh फिर हो जाए.....

अवंतिका- अरे तू कहाँ इसके बातों में आ रही है......

शनाया- ाचा beta.....kha कसम फिर की मई झूट बोल रही हूँ...

अवंतिका- अरे इतनी छोटी बात के लिए भी कोई भला कसम खाता है क्या!!!!

रोनित- क्यों भाव खा रही hai..suna न...

अवंतिका- गाइस मई कह रही.............

मई- सुना भी दो यार..................

अवंतिका-

जब अपनी गलती का एहसास हुआ,

तोह हम बोहोत घबराये....

सर नीचे kar,ek बोझ सा लिए,

तेरे सामने आये......

माफ़ कर तूने बोझ भी उतरा,

और तेरी दोस्ती से

हम दोबारा सर भी उठा पाए....

अवंतिका की शायरी या यूँ कहूं उसके दिल का हाल सुन अंजलि और यहाँ तक की मनमौजी रोनित भी इमोशनल हो gaye,dono ने अवंतिका को हलकी थपकी दी.....

पर अवंतिका एक तक मेरी आँखों में hi देख रही thi......ki तभी......

अवंतिका- दिग.................

THAAKKKKK......THAAPPPP..................

मई- सुरप्रीसीईई...............

नहीं समझे naa,chaliye समझाता हूँ......

हुआ ये की दिग्विजय भाईसाहब जो हमसे कुछ दूर पर hi अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठे the,par जनाब का पूरा ध्यान हमारी तरफ hi tha,wo वहां से उठकर धीरे धीरे चलते हुए हमारी तरफ आने लगे......

मेरी पीठ उसकी तरफ thi...wo चलते हुए एक दम मेरे पीछे पहुँच गया और मुझे डरने के लिए ज़ोर से मेरे लेफ्ट शोल्डर पे अपना हाथ रखने के लिए उठाया....

जिससे अवंतिका का ध्यान अचानक से toota..par उसके मुँह से DIG.......ke आगे कुछ निकल नहीं पाया..

क्यूंकि दिग्विजय के हाथ घूमते hi मई तेज़ी से उठा और दिग्विजय के पीछे पहुँच उससे उसके कमर से पकड़ कर उससे उठाते हुए अपनी चेयर पर उछाल कर बैठा दिया......

ये सब बोहोत ज़्यादा तेज़ी से हुआ tha,kisiko भी कुछ समझ नहीं आया......

मई- kyun,maza aaya.....aap हमे सरप्राइज देना चाहते the,humne आपको देदी.....

रोनित- भाई DIGVIJAY.....V.J को झटका देना पानी को नहलाने जैसा hai....toh ये सब तोह भूल hi जा..

सब मेरी हरकत और फिर रोनित की बात सुन कर है pade......par अवंतिका को दिग्विजय की हरकत बिलकुल अछि नहीं लगी..

एक अवंतिका hi थी जिसने दिग्विजय को हाथ उठाते हुए देखा tha.....usse पता tha,ki जिस तेज़ी से दिग्विजय ने हाथ घुमाया tha,agar वो मुझे लग जाता तोह मुझे काफी तकलीफ होती.......( अब मैडम को कहाँ पता था की मर्द को दर्द नहीं hota..aur फिर हम तोह सुपर मर्द हैं...)

अवंतिका- ाचा फ्रंज, मुझे कुछ काम आ गया hai.mai चलती हूँ.

दिग्विजय- chalo,mai तुम्हे छोड़ देता हूँ.......

अवंतिका- no thanks...SHANAYA है naa,mai उसके साथ चली jaaungi......ok guyz,bye.....

मई जान गया था की अवंतिका का मूड दिग्विजय की वजह से खराब हो गया hai.ab भाई उसका मन नहीं पढ़ सकता तोह क्या hua,cehera देखकर दिल का हाल तोह जान hi सकता हूँ ना....

मई- अवंतिका.............

अभी अवंतिका ने मुझे क्रॉस किया hi tha,ki मेरी आवाज़ सुनकर रूक गयी और पलट कर मेरी तरफ देखने लगी........

रोनित- haan,wahin मई sochun,ki अभी तक ये बोलै कैसे नहीं....!!!!!

शनाया- मतलब!!!!

अंजलि- मतलब आखरी लाइन हमेशा V.J की होती है.....

मई-

तेरे घमंड का खोना

मुझे अच्छा लगा....

ehsaase-galti पे रोना

मुझे ाचा लगा....

बच्चे भला मेरा

क्या बिगाड़ पाएंगे..

(लुकिंग ात दिग्विजय)

पर तेरा मेरे लिए

फिक्रमंद होना.....

मुझे अच्छा लगा....

मेरी बात सुन अवंतिका गालों में हलकी हलकी लाली लिए मुस्कुराते हुए निकल गयी और उसके बाद हम तीनो भी क्लासेज की और चल पड़े....

दिग्विजय मन में- जितना उड़ना है उड़ले VIKRAM.ek बार मई अवंतिका को पूरी तरीके से हासिल कर lun,fir तुझे बताऊंगा की ताकत क्या होती है!!!!!

प्लेस- मंदिर

जड़ली चलो तुम dono....ye लड़कियां भी naa,mai बूढी होकर भी इनसे तेज़ चल रही हूँ....

क्या सोच रहे hain,ki कोई नया करैक्टर hai....nahi brothers,ye लेडी और कोई नहीं अवंतिका की दादी जी है और ये आवाज़ भी अवंतिका और शनाया को hi दे रही हैं जो की धीरे धीरे सीधी चलकर आ रही हैं....

अब ये सब क्या hai,chaliye बताता हूँ.....

इस वक़्त AVANTIK,SHANAYA और दादीजी मुंबई से 20 कम दूर बने एक मंदिर में हैं...

दरअसल आज अवंतिका के दादू की बरसी है....

और दादीजी अवंतिका और शनाया को लेकर यहाँ आयी हुई हैं...

दादीजी- आयी की नहीं......

शनाया- आ गयी दादी.....

दादीजी ने जैसे hi पलट कर dekha,toh अवंतिका और शनाया को अपने पीछे खड़े हुए पाया....

घर के नौकर जो की भोग का सामन लाये हुए the,puja करने के बाद दादीजी ने उन्हें बहार बैठे लोगों को प्रसाद बाटने को कहा........

नौकरों के साथ साथ अवंतिका और शनाया भी भोड़ और खाने का सामान बाटने में लग गए.....

की अचानक अवंतिका की नज़र एक बाबा टाइप आदमी पर गयी जो मंदिर की सीढ़ियों पर बैठा हुआ था....

अवंतिका ने एक दोने में खाना निकला और उस बाबा की तरफ बढ़ गयी.......

AVANTIKA-ye लीजिये baba,khana......

बाबा- धन्यवाद अवंतिका.....

उस आदमी के मुँह से अपना नाम सुन अवंतिका चौंक गयी......

अवंतिका- आपको मेरा नाम कैसे पता बाबा????

बाबा- मुझे तुम्हारे बारे में सब कुछ पता है putri.....aaj hi के दिन तुम्हारे दादाजी का निधन हुआ tha....aur उनके देहांत का सबसे बड़ा कारण उनका सालों तक किया गया कुकर्म hi था....

बाबा की बात सुनकर अवंतिका शॉकेड हो gayi......wo वहीँ बाबा के पास बैठ गयी...

अवंतिका- आपने हर बात सच कही है baba...aur क्या जानते हैं मेरे बारे में आप!!!!

बाबा- sabkuch..par भूतकाल में क्या क्या हुआ hai,usse बताकर क्या faayeda.....zarooro तोह हमारा वर्त्तमान और भविष्य है ना..

और तुम्हारा भविष्य ाचा नहीं है पुत्री....

अवंतिका बाबा की बात सुन कर शॉकेड भी हो गयी और दर भी गयी....

अवंतिका- matlab...!!!!kya होने वाला है भविष्य में बाबा????

बाबा- तुम्हारे ऊपर एक बुरी शक्ति की नज़र है putri......aur वो शक्ति बोहोत खतरनाक है....

बाबा की बात सुन अवंतिका का गाला सुख गया......

अवंतिका- मैंने किसी का क्या बिगाड़ा है बाबा???

बाबा- बुरी शक्तियां हमेशा अचे लोगों को hi अपना निशाना बनती है पुत्री.....

अवंतिका- क्या इससे बचने का कोई उपाय है बाबा????

बाबा- है putri...........ye लो.....

बाबा ने अवंतिका के सामने अपना हाथ कर diya..baba जी के हाथ में एक छोटा सा डिब्बा था......

अवंतिका ने उस डिब्बे को khola.dibbe के अंदर लाल रंग की मिटटी थी......

बाबा- पानी में इस लाल रंग के चूर्ण को डालकर उसी पानी से तुम स्नान ले lena....koi भी बुरी शक्ति तुम्हारे शरीर को हानि नहीं पहुंचा पाएगी.....

और एक baat,hamare बीच की baat,kisi और को मत batana...agar उस बुरी शक्ति को इस बात का ज्ञात हो gaya,toh वो तुम्हारे करीबियों को भी नुक्सान पहुंचा सकती है.....

अवंतिका- नहीं nahi,mai किसी को नहीं बताउंगी.......

बाबा ने अवंतिका को आशीर्वाद दिया और चले gaye...AVANTIKA कुछ देर तक बाबा को जाते देखती rahi,fir उस डब्बे को अपने पर्स में रख मंदिर के अंदर चली गयी....

वहीँ दूसरी तरफ वो बाबा मंदिर से बहार आकर लेफ्ट साइड की तरफ मुद गए और चलते हुए पास hi के एक पेड़ के पास जाकर रूक गए....

उस पेड़ से सटकर कोई खड़ा था......

बाबा जी उस लड़के के सामने अपने घुटनो पर बैठ गए....

लड़का- मुझे माफ़ी कीजियेगा की इस काम के लिए मुझे आपको बुलाना pada.....baat ये है की आप में से hi कोई एक ये काम कर सकता था.....

बाबा अब अपने असली रूप में आ चुके थे.......

अपने असली रूप में आकर बाबा ने उस लड़के से कुछ कहा और गायब हो गए......

उन्होंने जो भी कहा वो कोई सीक्रेट रखने वाली बात तोह है nahi,isiliye बता देता हूँ.....

उन्होंने कहा की..................

बाबा- हम सभी आपके आदेशों के आधीन है लार्ड ऑफ़ एंजेल विक्रम...........

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V.....J....
 
अब तक आपने पढ़ा की ास्मोडियस निष्कलिका को उसकी सुनी आवाज़ का पीछा करने से मन करता है वहीँ एक एंजेल बाबा का रूप लेकर अवंतिका को एक छोटा सा डिब्बा देता है जिसमे कोई लाल चूर्ण था.....

अब आगे:-

CHAPTER-2:-

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट 55:-

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- मीनाक्षी मेन्शन

DAD.......jo मैंने बोलै tha,uska क्या हुआ???

सुबह का वक़्त hai.mai रेडी होकर निचे आया तोह देखा की डैड नेवसपपेर पढ़ रहे थे.

तोह मैंने उनके सामने अपनी बात रख दी.

डैड- हमारा बीटा हमसे कोई फरमाइश kare,aur हम वो पूरी न kaaren,aisa हो सकता है क्या!!!!

मेरी बात हो gayi,aaj कॉलेज में फर्स्ट लेक्चर के टाइम hi अनाउंसमेंट भी हो jaayega...aur मैंने परमिट के लिए भी बात कर ली hai,kal तोह वो भी मिल जाएगा....

मई- ओह dad,u थे बेस्ट......

ok dad,mai कॉलेज निकलता हूँ.......

DAD-arre,ek मिनट सुन तोह...........

मई- या dad.what's उप?

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डैड- बीटा वो लड़का था naa,kyan नाम था uska,haan मैडोक्स जिसने रोनित को किडनैप किया tha...uske डैड का कल एक एक्सीडेंट में निधन हो गया है.....

मई- व्हाट???

ये मेरे लिए सच में एक झटका tha....agar ऐसा सच में ऐसा कुछ हुआ होता तोह मुझे अब पता चल चूका होता...

मेरी सेंसेस ने इतनी बड़ी बात को रीड नहीं kiya,iska तोह एक hi कारण हो सकता है.....

और वो ये की इसके पीछे कोई ऐसी शक्ति काम कर रही hai,jisne मेरे सेंसेस को उस तक पहुँचने से रोक दिया है...

डैड- हाँ beta,ye देख पेपर में आया है.......

मैंने डैड से पेपर लेकर dekha,ye न्यूज़ फ्रंट पेज पर hi छपी थी......

पेपर पर बलबीर की डेड बॉडी की भी तस्वीर छपी thi,aur जैसे hi मैंने उस फोटो के ऊपर अपना हाथ rakha,mere चेहरे पर एक स्माइल आ गयी..

मुझे पता चल गया था की फोटो में जो डेड बॉडी hai,wo बलबीर के क्लोन की है......

पर इस सोच के ख़त्म होते hi मेरे दिमाग में और कुछ सोचों ने जन्म लिया.......

माँ- सुबह सुबह आप मेरे बच्चे को ये कैसी कैसी न्यूज़ सुना रहे हो.....!!!!

माँ की आवाज़ सुनकर मई अपने सोच से बाहर आ गया....

डैड- अरे विक्की उससे जानता था naa,isiliye बस.....

माँ- तोह क्या hua.subah सुबह किसी के मरने की खबर सुनना या उसके बारे में बात करना कोई अछि बात नहीं होती....

डैड- lai,yahan इतने सालों से कोई लगातार मरे जा रहा hai,uske बारे में तोह तुमने कुछ नहीं कहा.......

माँ- सालों से मरे जा रहा hai????kya आप bhi,kuch भी बोलते हैं....

डैड- अरे मई सच बोल रहा हूँ......

माँ- acha,toh कौन है वो जो सालों से लगातार मर रहा है?

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डैड- हम और kaun..wo भी आपके प्यार me,aapki ख़ूबसूरती में नजाने कितने सालों से घायल हो होकर मरे जा रहे है...

पर इस मुद्दे पे तोह आपने बात करना तोह door,gaur तक नहीं किया.......

जहाँ माँ डैड की बात पे शर्मा गयी वहीँ मेरी हसी छूट गयी.....

माँ- आप भी naa...kahin भी शुरू हो जाते ho....ladka जवान हो गया है और अभी तक आपका फ़्लर्ट करना ख़त्म hi नहीं हुआ है....

\

डैड- अरे बीटा बाप से नहीं सीखेगा तोह क्या पडोसी से sikhega....hum दोनों को देख कर hi तोह हमारा बीटा भी अपनी g.f से या वाइफ से ऐसी hi प्यार भरी बातें कर पायेगा....

राइट सोन!!!!!

मई- 100 % राइट dad.......aur mom,aap नहीं जानती की आप कितनी लकी hain,dad की तरह के आशिक़ आज कल मार्किट में आना बंद हो चुके हैं........

माँ- चुप kar...dekha,aap की hi तरह आपका बीटा भी बदमाश हो गया है....

डैड- वाह bhai.....kuch ाचा करे तोह तुम्हारा beta,aur बदमाशी करे तोह मेरा!!!!

guyz,guyz,time out...mai कॉलेज के लिए लेट हो रहा hun......aap दोनों मेरे जाने के बाद आपका टॉम एंड जेरी episode कंटिन्यू कर लेना.....

ok,bye mom,bye dad.....maine दोनों को फाटक से हुग किया और निकल गया...

माँ को मेरी कही ाखि लाइन का मतलब मेरे उन्हें हुग करने के बाद समझ आया....

माँ- क्या कहा tune...tom & jerry,haan...rook,tujhe बताती हूँ....

पर जब तक माँ ने ये बात kahi,mai बहार निकल अपनी बाइक में बैठ कॉलेज के लिए निकल चूका था.....

प्लेस - कॉलेज:-

लो आ गया..............

मई- हे गाइस......

तीनो- हे...

तीनो से मेरा मतलब ANJALI,RONIT और शनाया से है....

मई- फर्स्ट लेक्चर शुरू होने वाला है और अब तक तुम सब यहीं पार्किंग में खड़े हो.....!!!

रोनित- लो और bolo...bhalai का तोह ज़माना hi नहीं raha.....saale तेरा hi इंतज़ार कर रहे थे....

मई- तोह इसमें भलाई वाली कौन सी बात हो gayi.tu तोह ऐसे बोल रहा है जैसे मई क्लास का रास्ता भूल गया हूँ.....

अंजलि- अरे yaar,hum सब एक साथ क्लास में जाते हैं naa..isiliye तेरा इंतज़ार कर रहे थे.......

मई- चलो fir.........waise हम में एक अभी भी काम है...

SHANAYA-haan,wo दिग्विजय के डैड गुज़र गए हैं naa,toh अवनि दिग्विजय के घर गयी हुई है...

गाइस मई क्या कहती hun...first दो लेक्टर्स अटेंड करने के बाद हम भी चले kya......???AVANTIKA का कॉल आया tha,wo कुछ डिस्टर्बेद लग रही थी.......

रोनित- तोह अभी चलते हैं ना,2 लेक्टर्स तक रूकने की क्या ज़रुरत है!!!

अंजलि- हाँ yaar....chalo चलते हैं...

मई- nahi,first लेक्चर के बाद चलते hain....aaj फर्स्ट लेक्चर के वक़्त एक अनाउंसमेंट होने वाली है.....

शनाया- कैसी अनाउंसमेंट!!!!

रोनित- saale,tune मुझसे भी नहीं बताया???

अंजलि- तुझे नहीं hume????chal चुप चाप bata,kya अनाउंसमेंट होने वाली है???

मई- अब्बे सबर नाम की चीज़ है भी की नहीं तुम दोनों me....first लेक्चर को टाइम hi कितना बचा hai....!!!!chalo class,sab पता चल जाएगा.....

हम चारों क्लास की तरफ की तरफ चल पड़े....

इन क्लास:-

hello students.......i हैवे ान अनाउंसमेंट तो मेक.......

अभी हमारा लेक्चर को स्टार्ट हुए 5 मिनट hi हुआ tha,ki क्लास में लगे स्पीकर्स से प्रिंसिपल सर की आवाज़ सुनाई दी....

ये स्पीकर्स हमारे कॉलेज के हर सेक्टर्स के क्लासेस में लगा tha......jiska मैं कनेक्शन या यूँ कहूं की मैं माइक PRINCIPAL'S ऑफिस में था....

जब भी प्रिन्सी को कोई अनाउंसमेंट करनी होती thi,toh वो इसी के थ्रू करते थे....

प्रिंसिपल- students......i'am वैरी हैप्पी तो अन्नोउंस तहत 15 तह अक्टूबर को मतलब आज से ठीक दो हफ्ते बाद आवर कॉलेज इस गोइंग तो......................................................

इंटरेस्टेड स्टूडेंट्स अपना नाम मेरे ऑफिस में आकर लिखवा लें.....

& yes,per स्टूडेंट कॉस्ट इस 1 lakh...aapko ये पैसे 1 वीक के अंदर अंदर विथ योर ******* ऑफिस में जमा करने होंगे.....

और इसी के साथ अनोउसमेंट ख़त्म हो gayi....jahan सभी क्लास के बच्चे अन्नोउंसमेंट सुनके खुश होइ रहे the,wahin मेरे दोनों दोस्त मुझे घर घर के देख रहे थे......

रोनित- अब बिना नाटक किये ये बता की ये सब क्या है?

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लेक्चर ख़त्म होने के बाद जैसे hi हम बहार nikle.RONIT ने मेरे ऊपर अपना पहला सवाल दागा.....

शनाया- V.J ने क्या किया?

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अंजलि- ये आईडिया मैनेजमेंट के दिमाग में इसी ने डाला है.....

शनाया- what???but हाउ...

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V.J ऐसा कैसे कर सकता है.....

रोनित- ऐसा सिर्फ यही कर सकता hai....V.J के डैड इस कॉलेज के मैं ट्रस्टी हैं...

शनाया- रियली??? वाओ yaar,tumhari तोह ऐश है..

रोनित- और पक्का इसी ने अंकल को बोल कर ये प्रोग्राममे सेट किया hai.....kyun,mai ठीक बोल रहा हूँ ना!!!!!

मई- कुछ कुछ.....

अंजलि- कुछ कुछ nahi,sab kuch.......ab बता ये क्या नाटक है.....!!!!!

मई- अब्बे कैसा naatak.....!!!aur तुम दोनों को तोह खुश होना chahiye,wo छोड़ मुझपे ग़ुस्सा कर रहे हो...

और सालों अब अवंतिका हमारी भी दोस्त है naa,toh कैसे दोस्त हो तुम dono,SHANAYA ने बताया भी था की अवनि कुछ डिस्टर्बेद लग रही thi,toh उसके बारे में सोचना छोड़कर तुम लोग मेरे पीछे पद गए....

शनाया- हाँ guyz....V.J सही कह रहा hai.....abhi हमे अवनि के पास जाना चाहिए........

ऐसा नहीं था की मई इन दोनों को सच बताना नहीं चाहता tha....par दोनों साले बातें hi बैल बुद्धि की तरह कर रहे थे...

शनाया के सामने hi शुरू हो गए इसीलिए मैंने फिलहाल के लिए टॉपिक को अवनि की तरफ घुमा diya,waaise इसका एक और भी कारन था जो आपको कुछ hi देर में पता चल जाएगा....

मई बाइक से आया tha.ANJALI और रोनित आज एक hi कार से आये थे और शनाया अपनी कार से आयी थी.....

हम सब अपनी अपनी गाड़ियों से डॉगी अरे सॉरी सॉरी डिग्री भाईसाहब के घर की और निकल पड़े....

वहीँ दूसरी तरफ:-

प्लेनेट- वर्ल्ड ऑफ़ वारियर्स

प्लेस- ऑड्रिज माउंटेन

क्या karun,kuch समझ hi नहीं आ रहा hai!!!!!!saikdon स्पेल्स तरय कर चूका हूँ....

पर अभी तक इस चट्टान के मुख को हटाना तोह दूर हिला भी नहीं पाया हूँ.......

अब बस कुछ hi ऐसे स्पेल्स हैं जिनका अभी तक मैंने प्रयोग नहीं किया hai......agar इससे काम बना तोह ठीक hai,warna मुझे उस स्पेल का प्रयोग करना hi होगा......

रात का वक़्त hai,DEFENDER ने वारियर्स की पूरी सेना को जो सुबह से माउंटेन में बीच में जो गुफा thi,uske मुँह को तोड़ने की निष्फल कोशिश कर रहे the,unhe वापस घर बेहज दिया है......

और खुद पिछले एक घंटे से लगा हुआ है पर अभी तक कोई परिणाम नहीं nikla..ab इनके दिमाग में कौन से नए आइडियाज आये hain,chaliye देखते हैं.....

डिफेंडर- अस्य द्विताकाम अन्य....

( दुपिकाते आईटी.... )

डिफेंडर ने उस गुफा के चारों तरफ अपना हाथ घुमाया मानो उससे पूरा स्कैन कर रहा ho,aur फिर ये मंत्र बोलै....

उस गुफा के ठीक सामने ठीक उसी के जैसा एक और चट्टान बन गया........

बलगरा

( एक्सट्रीम फाॅर्स )

डिफेंडर ने अपने बनाये चट्टान को चक्र इस मंत्र का उच्चनरण किया...

डिफेंडर की बनायीं चट्टान लाइट स्पीड से सामने वाली चट्टान से टकराई......

और भूममममममममम.........

ये धमाका इतना तेज़ था की आस पास की पूरी ज़मीन तक हिल gayi....yahan तक की डिफेंडर खुद भी उड़ता हुए दूर जाकर गिरा.....

धमाके की वजह से चट्टान वाली जगह के आगे गाढ़ा धुआं हो गया tha..DEFENDER उठ कर गुफा के पास आ गया...

कुछ देर बाद जब धुआं छत्ता तोह डिफेंडर का मुँह उतर gaya...gufa अब भी पहली सी hi thi....uska मुँह अब भी बंद था...

विस्फोट अग्नि प्रकटम.......

डिस्ट्रक्शन फायर

डिफेंडर ने हाथ आगे कर जैसे hi ये स्पेल bola,uske हाथ के ठीक आगे अग्नि प्रकट हुई......

ये कोई ऐसी वैसी अग्नि नहीं thi,isme एक शहर का समूल विनाश करने की ताकत थी....

जालिका मिज़रानं करोति

आयरन मिक्स.....

इसी स्पेल के साथ उस अग्नि में पिघला लोहा उतरने laga..dekhte hi देखते वो आग चौड़ी होने लगी.......

वायु वेग...........

एयर फाॅर्स..........

जैसे hi वो आग चौड़ी हो होकर उस चटान की साइज की hui,DEFENDER ने ऊपर लिखे स्पेल को उच्चारित कर हाथ आगे कर दिए.....

वो आग वायु की स्पीड के साथ आगे बढ़ चट्टान से टकराई.....

BOOOOOMMMMMMMM......ek और बार ज़ोर का धमाका हुआ और इस बार डिफेंडर सिर्फ उड़ता हुआ दूर नहीं gira,balki इस बार उसका शरीर भी काफी जगहों से फैट गया....

क्यूंकि डिफेंडर के पास हीलिंग एनर्जी thi,uski बॉडी धीरे धीरे करके ठीक होने लगा....

जब डिफेंडर की बॉडी पूरी भर गयी तोह वो खड़ा हो गया......

डिफेंडर- अब बस एक hi रास्ता बचा है....

अगर मैंने ये किया तोह शायद मेरी मौत हो jaaye,par अगर ये नहीं किया तोह इस चट्टान का मुख नहीं खुल पायेगा और इसके फल स्वरुप लार्ड ऑफ़ डेविल मुझे मार देंगे.....

जब मरना hi है तोह क्यों ना इस चट्टान को खोल कर hi मरुँ.........

संपूर्ण विनाशते अनुविधेय.....

( ये वही मंत्र है दोस्तों जिससे विक्रम ने मैडोक्स के साथ लड़ते हुए आखरी में उसे किया था..... )

डिफेंडर के सीने के ठीक बीच से एक रे निकिल और उस चट्टान पर padi...us चट्टान में दरार पड़ने लगा....

जैसे जैसे रे गाढ़ी होती जा रही thi,chattan में पड़ा दरार भी बड़ा होता जा रहा था और अचानक बुम्म्म्मम्म..........

और इस धमाके ने अपना काम कर diya..chattan के मुँह का पत्थर पूरी तरीके से टूट कर चूर चूर हो गया....

डिफेंडर वहीँ नीचे ज़मीं में पड़ा हुआ tha.uske पुरे शरीर से खून निकल रहा था.........

वो एक तक उस गुफा को देख रहा था जिसके अंदर से रौशनी फुट रही थी....

tabhi..........arre ये क्या...................

AAAHHHHHHAAHHHHHHHHHHHH...............

डिफेंडर की पलके भारी होने lagi.uski आँखें बंद होने hi वाली थी की अचानक उस गुफा में से एक वाइट रौशनी निकली और डिफेंडर पर पड़ी.....

डिफेंडर की चीख निकल gayi........dard इतना ज़्यादा था की डिफेंडर बेहोश हो gaya..uske बेहोश होते hi उसकी बॉडी हवा में उठने लगी..

अरे अब ये क्या हो रहा है.....!!!!!!!!!!!!

दरअसल डिफेंडर के सर से एक काला धुआं बाहर निकलने लगा..........

पर इससे भी ज़्यादा शॉकिंग बात ये थी की ऐसा लग लग रहा था जैसे वो वाइट रौशनी उस ब्लैक धुंए को खींच कर बाहर निकल रही है......

वहीँ डिफेंडर ने आखरी में जिस मंत्र का उच्चारण किया tha,uski वजह से उसकी हीलिंग एनर्जी काम नहीं कर रही thi...DEFENDER के बॉडी से खून लगातार टपक hi रहा था....

ब्लैक धुंए के बाहर आते hi वाइट ोषनी ने उस धुंए के इर्द गिर्द एक फासन सा बना लिया मनो वाइट रौशनी धुंए का गाला दबा रही हो...

DHOOBBBB...ek हलके आवाज़ के साथ वो काला धुआं नष्ट हो गया.....

पर तभी एक नयी चीज़ हुई.....

वाइट रौशनी ने डिफेंडर को खींच गुफा के अंदर ले गयी.....

वो वाइट रौशनी एक पत्थर से आ रही thi,DEFENDER की बॉडी जाकर उस पत्थर से चिपक गयी......

पत्थर से चिपकते hi एक सेकंड में hi डिफेंडर की बॉडी ठीक हो गयी..

डिफेंडर वही नीचे ज़मीं पर गिर gaya...par ज़मीं में गिरते hi डिफेंडर की आँखें खुल गयी......

डिफेंडर ने झुक कर उस पत्थर को प्रणाम kiya.tabhi उस पत्थर ने डिफेंडर से कुछ कहा......

डिफेंडर- ये मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी........

डिफेंडर एक और बार उस पत्थर के आगे झुका और गुफा से बाहर आकर गायब हो गया..

डिफेंडर के गायब होते hi गुफा का मुँह फिर से बंद हो गया.....

प्लेनेट- एअर्थ

बैक तो हीरो:-

प्लेस- दिग्विजयः हाउस

जी आप सब?

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ये मेरे साथ हैं......

मई अंजलि और रोनित जैसे hi दिग्विजय के घर में जंतर होने को hue,toh गुराइड ने हमसे सवाल किया....

हमारे पीछे hi शनाया आ रही thi,jisse गार्ड अछि तरीके से जानता tha....SHANAYA के बोलते hi वो हमे सॉरी बोलकर हाथ गया...

रोनित- वाओ yaar.ghar तोह बोहोत ाचा है दिग्विजय का..

मई- abbe,hum माइयत में आये hain,party में nahi....andar जाकर कोई बकवास मत कर देना.....

इसके बाद रोनित ने कुछ नहीं बोलै और हम चारों अंदर आ गए....

शनाया- बेब्स.........

अवंतिका वहीँ गेट के साइड में hi दिग्विजय की माँ और कुछ लेडीज के साथ बैठी थी....

शनाया और उसके साथ हमे देख कर उसकी आँखों की चमक जो खाएं खो सी गयी thi,wo वापस आ गयी.....

यही है विक्रम.....................

ये बात दिग्विजय ने जो की दूसरे कोने में खड़ा tha,usn अपने साथ वाले के कान म कही थी जिससे सुनकर उसके साथ वाले के साथ साथ जो कुछ और लोग भी the,un सभी ने सुन ली....

साले सभी मुझे ऐसे देखने लगे जैसे अगर मौका मिले तोह मुझे अभी खा जाएँ.....

और उनका मुझे इस तरह देखना जायज़ भी tha,kyunki दिग्विजय के साथ इस वक़्त 20 लोग खड़े थे....

जिनमे से 17 तोह बलबीर के इंसानी पहचान वाले थे पर 3 सबसे अलग थे...

ये 3 थे ABRAXAS,ABBADON और लिलिथ.... लिलिथ दूसरी साइड पर कड़ी थी पर उसका थोबड़ा भी दिग्विजय की बात सुन मेरी तरफ hi घूम गया था.....

जहाँ जहाँ ये तीन प्रमुख डेविल जाते hain,us जगह में एक अजीब सी मनहूसियत चा जाती है....

उस जगह पर मौजूद हर शक्श का मन नेगेटिव और उदास हो जाता hai.yahi वजह थी अवंतिका को यहाँ ख़राब लग रहा तह...

क्यूंकि ये एक मयात का घर tha,isiliye उसने या किसीने इस बात पर ध्यान नहीं दिया...

पर मेरे आते hi उनकी मनहूसियत या यूँ कहूं उनके काले साये का प्रभाव इस जगह से मिट चूका tha.....isiliye अवनि की आँखों की चमक भी वापस आ गयी थी....

अब्राक्सस- इसकी इतनी हिम्मत की आपके घर में घुस jaaye....isse तोह मई..................

दिग्विजय- शांत हो jaao...isse हम सीधे नहीं उलझ सकते...

अब्राक्सस- पर क्यों???

दिग्विजय- महामहिम का हुक्म है इसीलिए...

लार्ड ऑफ़ डेविल का नाम सुनकर अब्राक्सस का ग़ुस्सा रफ्फूचक्कर हो गया.......

दिग्विजय- मई उससे मिलकर आता हूँ......

दिग्विजय हमारी तरफ आने laga...mera चेहरा अवनि की तरफ tha,par मेरा ध्यान दिग्विजय पर hi था.....

शनाया ने अवनि को आज के अनाउंसमेंट के बारे में बताया जिससे सुनकर पहले तोह अवंतिका खुश हो गयी पर फिर कुछ सोच कर उसका चेहरा मुरझा गया......

शनाया- क्या हुआ babes???mujhe तोह लगा था की ये बात सुनकर तू खुश हो jaayegi....tu तोह कबसे यही चाहती थी....

अवंतिका- खुश होकर क्या फायदा babes????DIGI तोह जाएगा nahi.aur इन कंडीशंस में अगर मई चली gayi,toh उससे बुरा लगेगा.....

दिग्विजय- किस्से बुरा लगेगा और कहाँ जाने की बातें हो रही है.....

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?

अवंतिका- एक्चुअली वोओओओओ...

मई- दिग्विजय यार सॉरी 4 ुर लोस्स......

दिग्विजय- अब होनी को कौन ताल सकता है yaar...waise किस बारे में बात हो रही थी???

रोनित- अरे yaar,wo एक्चुअली हमारा कॉलेज 2 हफ़्तों के बाद एक एजुकेशनल टूर पे जा रहा है...

तोह अवंतिका कह रही थी की दिग्विजय तोह जाएगा नहीं और इन कंडीशन में उसका भी तुम्हे छोड़कर जाना ठीक नहीं है...

दिग्विजय- तुम सब जा रहे हो क्या...

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हम सब- हाँ...

दिग्विजय मन में- ये हुई न BAAT....ye विक्रम का बच्चा अब यहाँ होगा nahi,fir मई अवंतिका को आराम से हासिल कर लूंगा......

इससे पहले की ये सब अवंतिका को manayen,mai डायरेक्टली hi इन सब को अवंतिका और मेरी तरफ से मन कर देता हूँ...

दिग्विजय- एक्चुअली गुइज़,,,,,

मई- अरे ु किडिंग में AVANTIKA!!!.....sorry तो से थिस yaar,par तुमसे ज़्यादा तोह तुम्हारे b.f को मई समझता हूँ.....

इससे पहले की डोगग्य अरे मेरा मतलब दिग्गी भाई साहब आगे कुछ bolte,maine अपना मुँह खोल दिया.....

अवंतिका- मतलब!!!!

मई- मतलब ये की क्या तुम नहीं जानती की तुम किसकी g.f हो!!!!

मर गूदे तो शू

मर सॉफ्ट हेअरटेड

मर दरियाल दिल की.........

जब डिग्री अपने कॉलेज के फर्स्ट डे के लेक्टर्स सिर्फ इसीलिए मिस कर सकता है ताकि एक मज़लूम बूढी औरत की जान बचा sake,usse हॉस्पिटल ले जा sake,ek अनजान शक्श के लिए इतना कुछ करने वाले को क्या अपनी g.f की ख़ुशी का ख्याल नहीं होगा...

दिग्विजय को अछि तरीके से पता है की इस ट्रिप में जाने का तुम्हे कितना मन hai,tum कितनी ज़्यादा एक्ससिटेड हो....

तोह तुमने ये सोच भी कैसे लिया की तुम्हारे ट्रिप में जाने से डिग्री भाई साहब को दुःख hoga....ulta अगर तुम नहीं गयी तोह उससे ज़रूर बुरा लगेगा...

क्यों DIGI,sach बोल रहा हूँ ना......

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दिग्विजय- hain,haan,haan,bilkul sach......AVNI....tum........chali....jao........

दिग्विजय ने अपने काले दिल पर पत्थर रख कर बोलै...

अवंतिका- sachhhh..........thank ु सो मच....

अवंतिका दिग्विजय को हुग करने आगे badhi,par उससे पहले मई जाकर दिग्विजय के गले लग गया.....

मई- ु अरे ग्रेट बरोथेर......

दिग्विजय ने बिना कुछ बोले मेरे पीठ पर अपने हाथों को कसना शुरू कर दिया...

जैसे hi ये बात मुझे महसूस hui,mere चेहरे पर भी एक मुस्कराहट आ गयी.....

मैंने भी अपने हाथों को दिग्विजय पर कसना शुरू किया....

दिग्विजय को अपने साइड रिब्स पर तेज़ दर्द महसूस होने laga.....uske हाथ जो मुझे कैसे हुए the,wo ढीले पद गए...

वो अंदर hi अंदर छटपटाने laga....kuch देर तक मैंने यूँही अपनी पकड़ हलकी सख्त rakhi,fir मैंने उससे छोड़ दिया...

मई धीरे से- मज़ा आया........

पर इस वक़्त डिग्री भाईसाहब ने कोई जवाब नहीं diya.usse काफी दर्द हो रहा tha..wo अपने आप को नार्मल करने में लगे हुए थे.......

कुछ देर लगा पर फिर दिग्विजय नार्मल हो गया....

दिग्विजय- वैसे कॉलेज टूर कहाँ का है....

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दिग्विजय ने मेरी तरफ देखकर दांत चबाते हुए पूछा.....

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?

अवंतिका- VAKAZULA,SECRILLA फारेस्ट....

आज के लिए इतना HI

आपका अपना V....J....
 
अब तक आपने पढ़ा की डिफेंडर गुफा का दरवाज़ा खोलने में कामियाब हो जाता HAI,WAHIN दिग्विजय को विक्रम अपनी बातों में फसकर अवंतिका को टूर में भेजने के लिए राज़ी कर लेता है...

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट-56:-

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- मीनाक्षी मेन्शन

beta.humne तुम्हे पहले hi माफ़ कर दिया hai......aur तुम्हे ज़रा भी गिलटी महसूस करने ki,nazare चुराने की ज़रुरत नहीं है.....

आज संडे hai....subah के 11 बज रहे hain.......aur कल हमारा वकाजुला का टूर शुरू होने वाला है...

इसीलिए आज हम ने शॉपिंग का प्लान बनाया hai....humne मतलब मई ANJALI,RONIT,SHANAYA और अवंतिका ने...

हमारा ये प्लान कल कॉलेज में hi बन गया tha....hum सब मेरे घर से एक साथ शॉपिंग के लिए निकलने वाले थे.

शनाया और अवंतिका ने वैसे तोह मेरे घर आने के लिए हाँ तोह कह दिया था,

पर मई जानता था की हमारे पुराने एक्सपेरिएंसेस की वजह से शनाया और AVANTIKA,dono hi मेरे माँ डैड के सामने आने से हिचकिचाएंगे....

इसीलिए मैंने अंजलि से शनाया और अवंतिका को मेरे घर लाने के लिए कह दिया था.....

पर यहाँ आते hi अवंतिका और शनाया दोनों को hi ावक्वार्ड लग्न शुरू हो गया tha,jisse मेरे माँ डैड ने नोटिस कर लिया था.....

अवंतिका- ये तोह आपका बड़प्पन है आंटी वर्ण हमने जो भी kiya,wo माफ़ी के काबिल नहीं है......

माँ- ये जो मेरा बीटा है naa,iski बस आगे काम hai,dimag के मामले me,faisle लेने में इसकी समझदारी हमसे कहीं ज़्यादा है....

इसका तुमसे दोस्ती करना, हमारे घर में इन्विते करना इस बात का सुबूत है की तुम दोनों अछि लड़कियां हो......

नानू- बिलकुल sahin......toh अब अपने आप को गलत मानना बंद करो....

डैड- और अपने जन्म सिद्ध अधिकार के बारे में डिसकस करो....

माँ- जन्म सिद्ध अधिकार मतलब!!!!

डैड- shopping,aur क्या!!!!

डैड की बात सुन हम सब है दिए....

माँ- जंगल में जाने के लिए भी भला कोई शॉपिंग करता है क्या????

मुझे तोह ये समझ नहीं आ रहा है की एक जंगल me,wo भी विदेश के जंगल में एजुकेशन टूर कौन रखता है.?????

मई- अरे माँ ये कोई एजुकेशनल टूर नहीं hai,balki एक ज्योग्राफिकल और रिसर्च टूर है.....

और आपको पता hai,SECRILLA फारेस्ट में कैंपिंग करने का और रिसर्च करने का परमिशन मिलना कितना मुश्किल है.....

इनफैक्ट हमारा कॉलेज इंडिया का फर्स्ट कॉलेज hai,jisse सेक्रिला फारेस्ट में जाने की परमिशन मिली है.....

नानी- बीटा जंगल hai,wo भी तुम्हारे बोलने से hi पता चलता है की कितना घाना hoga,toh वहां जंगली जानवरों का खतरा भी तोह होगा ना.....

मई- उसकी टेंशन मत लीजिये naani.....hamare सेफ्टी का सारा इंतज़ाम वकाजुला की गवर्नमेंट करेगी....

अंजलि- बोहोत मज़ा आने वाला है...

हम सब- एससससस..............

मई- ाचा mom,dad.naanu,naani हम सब शॉपिंग के लिए निकलते हैं......

माँ- अरे ऐसे kaise???AVANTIKA और शनाया पहली बार हमारे घर आये hain,unhe पूरा घर तोह दिखा......

अवंतिका- नहीं नहीं aunty,fir कभी देख लेंगे....

डैड- अरे बीटा आज संडे hai.malls थोड़े लेट hi खुलते hain.....itni जल्दी जाकर करोगे kya???bacchiyon को घर hi दिखादे कुछ der...fir निकल जाना...

रोनित- तू dikha...mujhe तोह भूक लग gayi..aunty,kuch खाने को दो ना...

अंजलि- शुरू हो गया भुक्कड़......

मई- ok,tu thoos.mai और अंजलि इन्हे घर दिखा कर लाते हैं...

तभी शनाया ने अंजलि के कान में कुछ कहा....

जिससे किसी और ने तोह नहीं पर मैंने सुन लिया tha.madam को बाथरूम जाना था....

अंजलि- V.J ,हम ज़रा आते hain,tab तक तू अवनि को घर दिखा दे.....

मई- cool....chalo फिर...

मई और अवंतिका बाहर की तरफ चल दिए..

माँ- बहार कहा ले जा रहा है????

मई- mom,yahan घर आते वक़्त अवंतिका काफी नर्वस thi,isiliye ी ऍम दमन सूरे उसने बहार कुछ भी नोटिस नहीं किया होगा...

वैसे भी शुरुरात तोह शुरू से hi करनी चाहिए ना....

मई अवंतिका को लेकर लॉन के राइट साइड पर बने पूल के पास आ गया....

अवंतिका- wow,kitna ख़ूबसूरत फाउंटेन hai.....maine सच में अंदर आते वक़्त ध्यान नहीं दिया था....

हमारे पूल के पास hi एक फाउंटेन भी tha,AVANTIKA ने उससे देखकर ये जेस्चर दिया था.....

मई- इसीलिए तोह तुम्हे फिरसे बाहर लाया hun.pata hai,jab डैड ने ये घर बनवाया tha,tab ये नहीं था.

इस घर में माँ के फर्स्ट बर्थडे पर डैड ने ये माँ के लिए बनाया था....

अवंतिका- बनाया नहीं बनवाया था बोलो....

मई- nopes....banaya tha....isse डैड ने अपने हाथों से शेप उप किया hai.......isse बनाने में डैड को कुछ 2 हफ्ते लगे थे....

पता hai,un दो हफ़्तों के लिए जब डैड इससे बना रहे the,tab डैड ने माँ का यहाँ आना रिस्ट्रिक्ट कर दिया था.....

पीछे की तरफ से एक गेट बनवाया गया tha,un दो हफ़्तों में माँ dad,har कोई वहीँ से आना जाना करता था.....

AVANTIKA-wow...how रोमांटिक.. तुम्हारे माँ डैड की लव मैरिज हुई है क्या ????

मई- yup....and थे अरे थे बेस्ट कपल इन थे universe....mai ये इसीलिए नहीं कह रहा हूँ क्यूंकि मई उनका बीटा hun,par इसीलिए क्यूंकि शादी के इतने सालों के बाद आज भी दोनों के प्यार में हलकी सी भी कमी नहीं आयी....

अवंतिका- इसीको तोह परफेक्ट मैच बोलते hain.......waise एक बात batao,maine सुना है की तुम्हारे डैड एक जीनियस hain...wo आज जिस पोजीशन में hain,wo उन्होंने अपने दम पर हासिल किया है....

उनकी guniessness,looks तोह तुमने इन्हेरिट कर ली hai,fir रोमांस के डिपार्टमेंट में कैसे पीछे रह गए????

मई- मतलब?????

अवंतिका- अरे अभी तक तुम सिंगल हो naa....aur जहाँ तक मैंने तुम्हे समझा है,

तुम स्मार्ट ho,intelligent तोह कुछ ज़्यादा hi ho,sab कुछ हो बस रोमांटिक ज़रा सा भी नहीं हो......

मई- और आप ये किस लॉजिक के मद्देनज़र कह रही हैं...!!!!!

अवंतिका- सिंपल hai......college की लगभग सभी लड़कियां तुमपर मरती hain.......par तुम हो की किसी को घास तक नहीं डालते......

इस बात से समझ आता है की V.J सब कुछ कर सकता है बस रोमांस के डिपार्टमेंट में उसका हाथ ज़रा टाइट hai.....LOGIC क्लियर हुआ?????

मई मुस्कुराते हुए- ma'am जब बात रोमांस ki,ISHQ ki,MOHOBBAT की हो naa,toh लॉजिक नहीं मैजिक काम आता है....

और रही बात समझने ki,toh आपने हमारी हरकतों से हमें समझने की कोशिश की है....

harkaten,DIMAG की उपज है और इश्क़, दिल ki........dil की बातों को समझा नहीं jaata,mehsoos किया जाता है...

मैंने ये साड़ी बातें अवंतिका के आँखों में देखकर की थी....

और अवंतिका तोह जैसे मेरी बातों को मेरे जुबां से नहीं बल्कि मेरे आँखों से सुन रही रही thi,mehsoos कर रही थी....

वो एक तक मेरी आँखों में देखे जा रही thi.....najaane मेरी आँखों में क्या खोज रही थी........!!!!!

हे guyzzzz,whats उप......??????

इस आवाज़ से अवंतिका और मेरा ध्यान टूटा......

सामने से शनाया और अंजलि आ रहे the.....dono एक दूसरे से बातें करते हुए आ रहे थे इसीलिए उन्होंने हमपे ज़्यादा गौर नहीं किया था.......

शनाया- V.J,i मस्ट say,u लाइव इन ा वैरी ब्यूटीफुल house....aur सबसे ाचा तोह मुझे तुम्हारा रूम laga....so मान्य memories,haan.....

ओह वाओ yaar,what ा फाउंटेन!!!!

बातें करते करते hi अचानक शनाया का ध्यान हमारे साइड के फाउंटेन पर गया....

अंजलि- है ना amazing..aur इसके बनाने की स्टोरी तोह और अमेजिंग hain.....VJ. तूने तोह अवनि को इसके बारे में बता दिया होगा....

मैंने हां में अपना सर हिलाया.....

अंजलि- तोह तू अवनि को अंदर से घर dikhala,tab तक मई और शनाया यहीं बैठे hain....tab तक उस भुक्कड़ का ठूसना भी फिनिश हो जाएगा........

मई- cool..chalo,AVNI.............

मई अवनि को लेकर घर अंदर आ gaya..kuch hi देर में मैंने उससे अपना पूरा घर दिखा दिया सिवाए अपने कमरे को छोड़कर.....

अवंतिका- शनाया सही बोल रही thi,u रियली लाइव इन ा वैरी ब्यूटीफुल house...par अभी तक तुमने अपना रूम नहीं दिखाया....

मई- वही ले जा रहा था....

हम मेरे रूम में आ गए......

अवंतिका- वाओ yaar........itne फोटोज.....

अवंतिका मेरे रूम में लगे फोटोज को देख कर शॉकेड हो गयी......

मेरे रूम के एक दीवाल में बचपन से लेके अब तक की मेरे अंजलि और रोनित की साड़ी फोटोज लगी थी....

और साड़ी फोटोज काफी फनी थी जिसमे ज्यातर हम तीनो एक दूसरे से लड़ते हुए या कोई अलग शरारत करते हुए नज़र आ रहे थे.....

दूसरी वाल पर मेरी और माँ डैड की फोटोज thi.third दीवाल पर हमारी तीनो फैमिलीज़ की फोटोज थी और आखरी दीवाल पर अस नोर्मल्ली ज्यातर लड़कों के वाल्स पर होता hai,bikes और कार्स की फोटो लगी हुई थी........

अवंतिका- ी ऍम सो जेलोस yaar...photos देखकर hi पता चल रहा है की तुम तीनो ने कितनी मस्ती की hai....i विश ी कुड आल्सो हद बीन ा part ऑफ़ थिस......

मई- तब नहीं हुई तोह तोह क्या hua,ab तोह हो गयी हो ना.

अवंतिका- haan,aur अब यहाँ पर अगली फोटोज हमारे टूर की lagegi,jisme मई भी रहूंगी, राइट!!!!!!

मई- haan,par एक शर्त पर!!!

अवंतिका- shart!!!!!kaisi शर्त????

मई- फाउंटेन में हमारी जो बात हुई उसके बाद से मई देख रहा हूँ तुम कुछ खोयी खोयी सी ho.....batao,kya बात है????

अवंतिका मेरी बात सुन हड़बड़ा गयी...

अवंतिका- नहीं yaar,aisa कुछ नहीं है...

मई- सॉरी then....mere रूम में तुम्हारे पिक्स नहीं लग sakte...is वाल पर सिर्फ उनके hi पिक्स hain,jo मुझे अपना मानते हैं....

और जो अपना मानते hain,wo बाते नहीं chhupaate....khair choddo,hum नीचे चलते हैं.......

मई जैसे hi palta,AVANTIKA ने मेरा हाथ पकड़ लिया........

अवंतिका- तुम naa,bohot बड़े नौटंकी हो......

मई- मई नौटंकी हूँ या tum!!!!!arre,jab दोस्त माना है तोह ऐतबार करना भी सीखो ना....

प्रॉब्लम hai,toh शेयर karo,kya पता शायद सलूशन निकल आये.....!!!!!

अवंतिका- hmm....par अभी इसके बारे में बात करना ठीक नहीं है....

बूत ी promise,jab मुझे लगेगा की मुझे बताना chahiye,mai तुमसे अपनी बात ज़रूर शेयर करुँगी....

मई- प्रॉमिस करने की ज़रुरत नहीं है AVNI......after आल इतस योर life.....aur तुम्हारी लाइफ के हर फैसले लेने का हक़ भी सिर्फ तुम्हे hi है...

और जहाँ तक एडवाइस की बात hai,toh उसके लिए बाबा V..J आपकी सेवा में हर वक़्त हाज़िर हैं.....

मेरी बात सुनकर अवंतिका के चेहरे पर स्माइल आ गयी.......

मई- अब chalen,jab बात शॉपिंग की आती hai,toh अंजलि मैडम को वेट करना बिलकुल पसंद नहीं......

अवंतिका- अंजलि hi nahi,ye बात हम सभी लड़कियों पे लागू होती है....

मई- than,what अरे वे वेटिंग for.....let's जो.....

मई और अवनि नीचे आ gaye...hamare सभी फ्रेंड्स वहीँ फाउंटेन के पास hi खड़े the....hum सब शॉपिंग के लिए निकल गए...

फिर दिन भर की परेड के बारे में आपको क्या bataun,meri और रोनित ने तोह कुछ कासुअल स्पोर्ट्स वियर hi लिए जो की जंगल में काम आने वाले थे,

पर इन लड़कियों का तोह हम दोनों को कुछ समझ hi नहीं आया और नाही हम समझना चाहते हैं....

इन्होने पुरे 6 घंटे शॉपिंग की और वो सब कुछ ख़रीदा जो टूर में हमारे किसी काम नहीं आने वाला है.....

खैर इस बात पे टिपण्णी मतलब कमेंट करना खुद के hi पेअर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा tha,isiliye हम दोनों बस इनके बैग्स उठाये पीछे पीछे चलते रहे...

इस चक्कर में कब शाम हो gayi,pata hi नहीं chala...shopping कर अवंतिका और शनाया को हम तीनो ने उनके घर ड्राप किया और कल एयरपोर्ट में मिलने का बोल हम भी अपने अपने घर आ गए.....

वहीँ दूसरी तरफ:-

काली रेज़ जिनके अंदर बोहोत ज़्यादा मात्रा में काली शक्तियां thi,wo एक बन्दे के अंदर सामने lagin...us बन्दे की आँखों में असहनीय दर्द की लकीरे दिखने लगीं....

की तभी......

1ST-......aap तैयार तोह होना.........

2ंद- haan...........par उसके baad!!!!!aap समझ रहे हैं ना.....

3रद- आपको भी पता है की हमे इस बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.....

आप बस खिड़को इस समय के लिए तैयार करो........

और ये बोल जैसे hi 1सत बन्दे ने 2ंद बन्दे को chhua,2ND बन्दे की नींद खुल गयी.........

नींद टूटते hi उस बन्दे ने अपने आस पास नज़र doudayi......us बन्दे के समझ में आ गया की ये एक सपना था पर साथ hi भविष्य का आयना भी....

2ंद बन्दे के चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी और वो वापस नींद की गहराईयों में खो गया........

प्लेस: एयरपोर्ट

बैक तो हीरो:-

कहाँ हो तुम लोग yaar????flight अन्नोउंस हो चुकी है.....

हमारे कॉलेज के सारे स्टूडेंट्स जो इस टूर पा जा रहे the,wo सभी आ चुके the,hum तीनो hi लास्ट में पहुंचे थे...

और इसका मैं रीज़न था हम तीनो की moms..jinhone हमे क्या करना hai,kya खाना hai,aur वगैरह वगैरह की इतने इंस्टूरक्शन्स दिए मानो खुद कई सारे का एडवेंचर ट्रिप्स में जा चुकीं हो....

वो तोह भला हो डैड का जिन्होंने हमे वक़्त रहते बीच में आयकर माँ की बातों को ख़त्म किया...

सभी हमे छोड़ने आने वाले थे पर हमने किसी तरह सबको नहीं आने के लिए मनाया वर्ण यहाँ एयरपोर्ट में भी मॉम्स शुरू हो जाते.....

शनाया- ये लो तुम तीनो की बोर्डिंग पासेज.....

अंजलि- यार अभी तक तोह कोई आया भी नहीं और तुम हमे hi दांत रही हो...

अवंतिका- ओह hello.....sab आलरेडी चेक इन कर चुके hain...hum तुम्हारा वेट कर रहे थे....

मई- तुम दोनों ना yaar,baaton में बोहोत टाइम वास्ते करती ho.......already लेट hain,tumhari बातों के चक्कर में और लेट हो जाएंगे.....

अवंतिका- क्या kaha?????hum लेट कर रहे hain..ruko तोह ज़रा

पर मई कहाँ रूकने वाला tha.....mai तुरंत 1सत गेट से अंदर घुस गया.......

हम अपने चेकिंग काउंटर्स क्लियर कर रनवे से होते हुए अपनी फ्लाइट में चढ़ गए....

किस्मत से मेरी और अवंतिका के सीट्स आजु बाजू थे.....

अवनि- हाँ hello.....haan मई फ्लाइट में hi hun.......haan ों टाइम hai......haan baba,karungi....arre यहाँ सब हैं ना....

यार तुम इतने सवाल क्यों पूछते ho????mai तुमसे बाद में बात करती hun..bye......

अभी हम अपनी अपनी सीट्स पर बैठे hi थे की अवंतिका के मोबाइल पर कॉल aaya...mai समझ गया था की ये डोगग्य arre.....mera मतलब डिग्री भाईसाहब का कॉल था.....

अभी मई कुछ कहता उससे पहले hi अवनि का मोबाइल फिर से बज उठा....& गेस what,is बार भी डिग्री भाईसाहब का hi फ़ोन था.....

एयरहोस्टेस- ma'am प्लीज स्वीट ऑफ ुर mobile.the फ्लाइट इस अबाउट तो टेक ऑफ....

अवंतिका ने जस्ट कॉल पिक hi किया था की एयर होस्टेस ने आकर अवंतिका को कॉल बंद करने के लिए कहा...

अवंतिका- yaar,flight टेक ऑफ होने वाली hai,mai तुमसे बाद में बात करती हूँ.....

अवंतिका ने बिना सामने की कोई बात सुने मोबाइल काटा और फिर बंद कर दिया...

मई- वैसे नोर्मल्ली अपने b.f का कॉल देख लड़कियां खुश होती hain.......par तुम तोह फ़ोन हैंग उप करने के बाद खुश लग रही हो...

अवंतिका- ऐसा नहीं है yaar.wo एयरहोस्टेस ने कहा ना की स्वीट ऑफ़ ुर phone.bas इसीलिए....

मई- AVNI.tum मुझसे झूठ बोल सकती ho,oar कमसेकम खुदसे झूठ मत बोलो....

और एक बात bataun,us दिन भी तुम दिग्विजय के बारे में hi कुछ सोच रही थी....

मेरी बात सुन पहले तोह अवंतिका शॉकेड हो gayi,par फिर तुरंत संभल कर...

अवंतिका- ऐसा कुछ......

मई बीच में hi- मैंने कहा ना की तुम मुझसे झूठ बोल सकती हो पर कमसे काम खुदसे तोह सच बोलो....

देखो, फ्लाइट बोहोत लम्बी hai...araam से socho...aur वैसे भी, मुझे फ्लाइट में सोने की आदत hai...tum socho,mai चला sone...maine अपने माथे से ऑय पैकर निकल अपने आँखों में लगाया और सो गया...

वहीँ अवंतिका मेरी बातों पर सोचने लगी...

chaliye,jab तक फ्लाइट वकाजुला में लैंड होती है तब तक ये अचानक टूर का प्लान मेरे दिमाग में कैसे aaya,aapko बताता हूँ......

वैसे कहानी लम्बी नहीं है,

दरअसल बात ये है की जब से मई लार्ड ऑफ़ एंजेल बना hun,mujhe इस ब्रम्हांड में हर वो jagah,jahan बैरियर शील्ड ( जिससे चीज़ों को दिखने से रोका जा सकता है) न लगी ho,wo दिखती है.....

और एक ख़ास baat,jab भी मई सोता hun,toh सपने में मुझे कुछ ख़ास जगह दीखते हैं....

मई हर रोज़ सुबह ध्यांन की अवस्था में इन जगहों को अपने इद्रियों में पुनः जागृत करता हूँ.....

ऐसा करने से ये साड़ी जगहें मेरे सामने एक के बाद एक क्रम अनुसार दिखने लगती hain....is क्रम में सबसे आगे सेक्रिला फारेस्ट रहती है....

जिससे मई ये समझ गया की सबसे पहले मुझे यहाँ hi जाना hoga...semester के बीच में ऐसे hi तोह मई यहाँ नहीं जा सकता था इसीलिए मैंने डैड को यहाँ जाने के लिए एक ज्योग्राफिकल टूर अर्रंगे करवाने को कहा...

और इसी वजह से आज हम इस फ्लाइट पर हैं....

प्लेस- पलम्फोस

VAKAZULA'S कैपिटल

सुबह 20 बजे के करीब हम पलम्फोस एयरपोर्ट से बाहर आ चुके the....hume लेने एक लार्ज लक्सेरी बस आयी हुई thi....hum सभी उस बस पर चढ़ गए.....

टीचर- सो guys...finally हम वकाजुला के कैपिटल सिटी पलम्फोस में पहुँच गए hain......yahan से सेक्रिला फारेस्ट करीब 200 कम दूर है.......

हमे सेक्रिला फारेस्ट की सरहद तक पहुह्ते पहुँचते शाम हो जायेगी.....

फारेस्ट की पास hi एक आउट हाउस रिसोर्ट hai..aaj की रात हमारे रहने का वहीँ अरेंजमेंट किया गया hai......kal मॉर्निंग से हम सेक्रिला को एक्स्प्लोर करना शुरू करेंगे......

15 घंटे की फ्लाइट के बाद 6,7 घंटे का बस राइड वैसे तोह काफी एक्सॉस्टिंग tha,par टूर के एक्ससिटेमेंट की वजह से मस्ती करते करते कब हमारा रिसोर्ट आ gaya,pata hi नहीं चला....

रिसोर्ट वाकई काफी खूबसूरत tha.....hum सभी अपने अपने रूम्स में फ्रेश होने चले gaye......mujhe और रोनित को एक रूम अलोइट हुआ था....

अंजलि- तुम दोनों यहाँ मूवी देखने आये हो क्या????

डिनर के बाद मैंने और रोनित ने लैपटॉप पे मूवी देखना का प्लान बनाया tha..humne भी लैपटॉप स्टार्ट किया hi था की इतने में हमारे प्लान की धज्जियाँ उड़ाने के लिए अंजलि मैडम आ गयी......

रोनित- तोह अभी रात को और क्या करें फिर????

अंजलि- शैफाली ने कुछ गेम सोचा hai,chalo खेलते हैं....

शैफाली सेकंड ईयर b.com स्टूडेंट thi...hamare कॉलेज के फंशन्स में यही होस्टिंग करती thi....naye नए गेम्स सोच कर khelana,ye इसका एक अजीब शौक था......

रोनित- तू hi khel,hum तोह मूवी देखेंगे......

अंजलि- मई पूछ नहीं रही hun,bata रही hun...agar तुम दोनों तुरंत उठकर मेरे साथ नहीं chale,toh ये लैपटॉप तुम्हे सीधे टूर के बाद मिलेगा.....

हमे पता था की अगर हमने इसकी बात नहीं मानी तोह ये जो बोल रही hai,wo कर भी देगी...

इसीलिए हमने लैपटॉप बंद किया और चुपचाप अंजलि नाम की पनौती के पीछे पीछे चल दिए....

शनाया- हे guys,jaldi aao..dekho,SHAIFALI ने क्या मस्त गेम सोचा है......

रिसोर्ट के बीच एक बड़ा सा गार्डन tha...jiske बीच में इस वक़्त एक बोनफिरे जल रहा था और उसके आस पास सारे स्टूडेंट्स जो की टोटल में कुल 50 the,baithe हुए थे....

और सारे स्टूडेंट्स के बीच शैफाली मैडम कड़ी हुई थी मानो कोई क्लास ले रही ho......hum भी शनाया और अवनि के पास काकर बैठ गए.......

शैफाली- तोह guys,game एकदम सिंपल है पर काफी इंटरेस्टिंग hai....mere पास सभी स्टूडेंट्स के नाम के चिट्स hain....jisse मैंने दो हिस्सों में बात दिया है...

एक हिस्से के चिट्स में लड़कियों के नाम हैं और दूसरे हिस्से में लड़कों के.....

मई रैंडम्ली एक चित लड़कियों के हिस्से से उठाउंगी और एक लड़को के हिस्से se...aur जो दो नाम के चिट्स ओपन होंगे उन्हें ये गेम आपस में खेलना है.....

गेम का नाम है रिफ्लेक्स ANSWERS...hoga ये की दोनों में से एक सवाल करेगा और दूसरे को तुरंत जवाब देना है...

फिर सवाल करने वाले को उसी जवाब से एक नया सवाल पैदा करना है जिसका उसके पार्टनर को फिरसे तुरंत जवाब देना है......

फॉर एक्साम्प्ले एक ने कहा aakash,toh उसके पार्टनर को आकाश शब्द से जो भी याद आता है वो तुरंत कहना padega...aur फिर उसी जवाब से पहले वाले को एक नया सवाल बनाना पड़ेगा....

और ये सब दोनों को fatafat,matlab बिना सोचे जो भी जवाब उनके दिमाग में आये उससे देते हुए करना है... ये सब तब तक चलेगा जब तक की दोनों पार्टनर्स में से कोई एक पॉज न ले ले.....

पॉज लेते hi उनकी बारी khatm.jo जोड़ी सबसे ज़्यादा क़ुएस्तिओन्स और उनके अंसवेरस degi,wo जीत jaayegi........toh......are ु आल गुइज़ ready,shuru करें?????

सभी गेम के रूल्स जानकार काफी एक्ससिटेड हो गए थे.......

शैफाली ने चिट्स के अकॉर्डिंग जोड़ियां बनादि.....

शैफाली- तोह पहली जोड़ी है शनाया और रिज़वान..........

रिज़वान हमारा hi एक क्लासमेट था.....

दोनों आमने सामने आ गए....

शैफाली- तोह सवाल कौन करेगा और जवाब कौन देगा.....????

शनाया- मई सवाल करुँगी....

रिज़वान- ok.....

शैफाली- कूल then....shoottttt......

शनाया- काला मोती क्या है ?

रिज़वान- आँखें.......

शनाया- आँखों में क्या है ????......

रिज़वान- नज़र........

शनाया- और नज़रों में क्या है?????

रिज़वान- aaaannnnn.nazaron में......

शैफाली- टाइम out.....guyz सोचना अल्लोवेद नहीं hai.......aap दोनों आउट हो गए...

तोह देखा guyz,jitna मज़ेदार दीखता hai,utna hi मुश्किल भी है.......

अब सेकंड जोड़ी........

और ऐसे hi एक के बाद एक जोड़ियां आती gayi...jo जोड़ी अभी तक सबसे आगे thi,unhone टोटल 4 अंसवेरस दिए थे...

अब टोटल 4 लोग बचे the....RONIT,MAI,ANJALI और अवंतिका.....

शैफाली ने फिरसे चित उठायी और इस बार जोड़ी बानी रोनित और अंजलि की जिसका मतलब था की इस गेम की आखरी जोड़ी मई और अवंतिका थे......

अवंतिका मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी और मई उससे देखकर...

शैफाली- सवाल कौन करेगा....???

अंजलि- मई....

शैफाली- रेडी.......!!!!

अंजलि और रोनित ने हाँ में सर हिला दिया....

अंजलि- सपना क्या है????

रोनित- जो नींद को दिलचस्प बना दे....

अंजलि- और तुम्हारी दिलचस्पी किस्मे है???

रोनित- खाने में......

रोनित के ऐसा बोलते hi अंजलि की हसी छूट gayi...uski kya,hum सभी है दिए जिससे रोनित हड़बड़ा गया...

अंजलि धीरे से- भुक्कड़........

शैफाली- तोह अंजलि और रोनित भी गेम से बाहर हो gaye...aur अब हमारी लास्ट जोड़ी....

अब चिट्स की तोह कोई ज़रुरत hi नहीं hai...toh अवंतिका और विक्रम, सामने आ जाओ....

हम दोनों एक दूसरे के सामने आ गए....

अवंतिका- मई सवाल पूछूँगी.....????

शैफाली- कूल then........abhi तक जवाब देने वाला hi पहले चुप हुआ है, देखते hain,aap दोनों में से पहले कौन चुप होता है.????

अवंतिका- भरोसा क्या है?????

मई- ऐसा यकीन जो देखहने वालों के मन में शक पैदा कर दे.......

अवंतिका- शक ाचा है या बुरा????

मई- अचे के लिए बुरा और बुरे के लिए ाचा..

अवंतिका- अच्छे क्या है???

मई- जो इंसान को इंसान बनाये रखे....

अवंतिका- इंसान का असली खुदा कौन है..???

मई- इंसानियत

अवंतिका- इंसानियत और मोहोब्बत में से किसी एक को चुनना हो तोह......

मई- जिसमे इंसानियत hi नहीं ho,wo मोहोब्बत नहीं कर सकता....

अवंतिका- मोहोब्बत क्या है????

मई- इबादत.....

अवंतिका- किसकी इबादत.......????

मई- एहसास की.....

अवंतिका- कैसा एहसास.....?????

मई- खुद के पुरे होने का..

....

अवंतिका- खुद को पूरा करने से क्या मिलता है ?????

मई- सुकून......

AVANTIKA-sabse बड़ा सुकून क्या है....????

मई- दुआ.....

अवंतिका- दुआ अगर दिखने lage,toh कैसी दिखेगी????

मई- ख़ूबसूरत .........

अवंतिका- और खूबसूरत कौन है?????

मई- तुममममममम............

मई जीत गया...........

आज के लिए इतना HI........

आपका अपना V...J........
 
अब तक आपने पढ़ा की STEPHEN'S कॉलेज के स्टूडेंट्स सेक्रिला फारेस्ट की सरहद पर पहुँच चुके हैं......

अब आगे:-

CHAPTER-2:-

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट - 57:-

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- सेक्रिला फारेस्ट

सेक्रिला FOREST.world का सबसे घाना forest......maana जाता है की ये फारेस्ट इंसानो के ेवोलुशन से भी पहले बन चूका था...

सेक्रिला फारेस्ट में करीब 30 वाटरफॉल्स हैं जो की वर्ल्ड में और किसी फारेस्ट में नहीं है...

जिस बुक में ये बात दर्ज हुई है की इस जंगल में 30 वाटरफॉल्स hai,unhone ये बात लिखने के बाद फुलस्टॉप nahi,balki एक्सक्लमेशन मार्क लगाया है...

जिसकी वजह ये है की आज तक कोई भी इंसान सेक्रिला फारेस्ट को पूरी तरीके से नहीं घूम पाया hai....toh ये कहना मुश्किल है की इस जंगल में बस 30 hi वाटरफॉल्स हैं....

इस फारेस्ट में नजाने कितने शोध करता आये हैं और उन्होंने यहाँ पर आकर बोहोत से रिसर्च किये हैं.......

इस फारेस्ट में कई ऐसे पेड़ पौधे हैं जिनसे बोहोत सारे उंकरेबले देसीसे को क्योर करने वाली मेडिसिन्स बनते हैं....

पर शोध कर्ताओ का ये मानना है की अभी तक इस फारेस्ट के बस 10 परसेंट लाइफ सेविंग प्लांट्स और ट्रीज का hi पता वो लगा पाए हैं.

उनका दावा है की अगर इस फारेस्ट को पूरी तरीके से खंगाला jaaye,toh और भी बोहोत सी ऐसी अद्भुद प्लांट्स को खोजै जा सकता है जिनसे जीवन देई मेडिसिन्स बनाये जा सकते हैं...

आज से 2 साल पहले एक शोधकर्ताओं की टीम कुछ मेडिसिन्स एक्सपर्ट्स के साथ इस जंगल के अंदर गयी thi,par आज तक वो वापस नहीं लौटे...

तब से इस जंगल के अंदरूनी भाग में जाना बन कर दिया गया है....

इस जंगल के बारे में कुछ अन्सिएंट बुक्स और मैथोलॉजिकल बुक्स में भी लिखा गया है....

एक मैथोलॉजिकल बुक के अनुसार सेक्रिला जंगल के बीच के सबसे घने भाग शापित हैं क्यूंकि यहाँ कुछ डेविल्स का वास है....

ये सब बोलकर हमारा टूर गाइड कुछ देर के लिए चुप हुआ........

मॉर्निंग का टाइम hai,hum सब रेडी होकर रिसोर्ट के बाहर निकल आये हैं जहाँ हमारे कॉलेज के एक टीचर ने हमें हमारे टूर गाइड से इंटोडस करवाया...

हम सब को पहले से hi बता दिया गया था की हम सब लूसे स्ट्रेटचेब्ले कपडे hi पहने तोह हम सब उसी गेट उप में थे......

हम सब सेक्रिला फारेस्ट के स्टार्टिंग पॉइंट पर खड़े the...humse कुछ दूर हमारे सामने से hi एक पत्तों से बिछा रास्ता जंगल के अंदर जा रहा था...

और हमारे लेफ्ट और राइट साइड में 10 जीप्स कड़ी थी जिससे हम अपने आगे का सफर करने वाले थे......

हमारे टूर गाइड ने हमें उस स्टार्टिंग पॉइंट में hi खड़े कर सबसे पहले सेक्रिला फारेस्ट के बारे में जानकारी दी.....

गाइड- तोह guys,are ु आल रेडी फॉर थे एडवेंचर......

आगे बढ़ने से पहले में आप सब को वारं कर दूँ की ये कोई ज़ू नहीं hai...ye एक रियल लाइफ एडवेंचर ट्रिप है जिसमे कुछ भी हो सकता है....

पर अगर आप सब एक साथ रहें और मेरे द्वारा दिए गए गाइडलाइन्स को फॉलो करें तोह ी असुरे ु की आपका ये ट्रिप काफी मज़ेदार होगा.....

आप सब कुल 50 स्टूडेंट्स हैं जिन्हे हम दो ग्रुप्स में baantenge....jab तक आप यहाँ hai,aapko अपने ग्रुप्स में hi रहना है...

अभी के लिए टीचर्स प्लीज डिवाइड थम ईंटो तवो ग्रुप्स...

हमारे साथ कुल 6 टीचर्स आये the....unhone हमे 2 ग्रुप्स में बांटना शुरू किया......

मई- sir,hum सभी फ्रंज एक ग्रुप में रहेंगे......

सर जानते थे की मई कौन हूँ इसीलिए उन्होंने मेरी बात बिना ना नुकुर के मान ली......

मई- रोनित सुन तोह..........

मैंने रोनित को बुलाया और उससे कुछ कहा जिससे सुनकर उसके चेहरे पर मुस्कान आएगी....

रोनित- अब आएगा मज़ा......

मई- अब्बे एक्ससिटेमेंट के चक्कर में वर्षो मत कर देना समझा......

रोनित- हाँ bhai,tu टेंशन न le,mai सब संभल lunga...par अंजलि!!!!!

मई- टाइम देखकर उससे बता देना.....

अंजलि- ये तुम दोनों आपस में क्या खुसुर फुसुर कर रहे हो?

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हमने पीछे पलट कर देखा तोह ANJALI,SHANAYA और अवंतिका हमारी तरफ hi आ रहे थे....

मई- नथिंग babes...just बिरियानी.........

शनाया- मतलब!!!!!

मई- अरे जैसे लड़कियों की टॉक खिचड़ी होती है ना वैसे hi लड़को की टॉक बिरियानी होती है......

अंजलि- हाँ बासी वाली..........

मई- जब शकल अच्छी न हो naa,toh कमसेकम बातें अछि कर लेनी चाहिए.....

मेरी बात सुन रोनित शनाया और अवंतिका हसने लगे...

गाइड- लेटस जो guys.....get इन थे जीप्स....

अभी अंजलि कुछ कहती उससे पहले hi गाइड की आवाज़ सुन हम सबका ध्यान उसके ऊपर चला गया....

ग्रुप्स बन चुके the.hum सभी मस्ती करते हुए एक जीप में बैठ gaye.....jeep सेक्रिला के अंदर चल पड़ीं.............

वहीँ दूसरी तरफ:-

प्लेस- DIGVIJAY'S फार्म हाउस

ऐसा hi चलता रहा तोह बाज़ी मेरे हाथ से निकल जायेगी...

सुबह का वक़्त hai...DIGVIJAY इस वक़्त अपने फार्म हाउस में बैठा हुआ hai.......infact वो कल सुबह से hi यहीं पर है....

जब से अवंतिका सेक्रिला गयी hai,DIGVIJAY अपनी माया दृष्टि के सहारे लगातार उसपे नज़र गड़ाए हुए है....

फ्लाइट में और फिर रात को जब अवंतिका और विक्रम आजु बाजू और आमने सामने बैठे the,tab दिग्विजय को दोनों की hi बॉडी से कुछ ेनेर्गीएस निकलकर एक दूसरे में समाते हुए महसूस हुई थी....

दिग्विजय मन में- इस विक्रम को अवंतिका से किसी भी तरह दूर करना hi padega......bhale इसके लिए मुझे अवंतिका को घायल hi क्यों न करना पड़े.......

ABBADON,LILITHA,ABRAXAS............

दिग्विजय के ये तीन नाम पुकारते hi तीनो दिग्विजय के सामने प्रकट हुए.....

लिलिथ- हम आपके लिए क्या कर सकते हैं मास्टर?

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दिग्विजय- तुम तीनो को सेक्रिला जंगल में अपना माया जाल बिछाना है जिसमे मेरे कॉलेज के स्टूडेंट्स बार बार फसें..

हम विक्रम पे हुम्ला नहीं कर सकते तोह क्या hua???uske साथ वालों पर तोह कर hi सकते हैं ना...

इस टूर में कमसे काम एक स्टूडेंट की जान तोह जानी hi chahiye..ye टूर विक्रम के डैड ने विक्रम के कहने पर hi ओर्गनइजे किया है....

अगर इस ट्रिप में किसी एक की भी मौत हो जाए तोह सारा इलज़ाम दोनों बाप बेटे पर hi लगेगा........

अब्ब्दों- पर जहाँ तक हमे मालुम hai,us लड़के का बाप बोहोत hi पहुंचा हुआ आदमी है.....

वो खुदको और अपने बेटे को सारे इल्ज़ामो से मुक्त करा hi लेगा....

दिग्विजय- जानता hun..par ये करने के लिए उससे थोड़ा वक़्त लगेगा.

कुछ वक़्त के लिए hi सही विक्रम भी अपने बाप के साथ बिजी हो जाएगा और इतना hi काफी है मुझे अपने काम को अंजाम देने के लिए....

और एक baat,tumhe अवंतिका को सबसे पहले घायल करना है ताकि वो इस टूर को छोड़कर वापस आ jaaye...isse मुझे थोड़ा और वक़्त मिल जाएगा...

लिलिथ- पर अगर अवंतिका के घायल होने पर विक्रम भी उसके साथ वापस आ गया तोह?

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?

दिग्विजय- ये तोह और भी ाचा hoga....fir वहहं स्टूडेंट्स को बचाने वाला भी कोई नहीं होगा.....

वहां इतने हादसे हो जाएंगे की विक्रम को उनसे नीपतमे में hi काफी वक़्त लग जाएगा...

अब्राक्सस- आप जैसा चाहते hain,waisa हो जाएगा.....

दिग्विजय- पर एक बात का तुम तीनो को ख़ास ध्यान देना hai....tumhe अपना हर मायाजाल उसी वक़्त बुनना है जब तुम्हे उसका प्रयोग स्टूडेंट्स के ऊपर करना हो....

अगर तुमने पहले से ट्रैप्स बिछा दिए तोह विक्रम को पता चल जाएगा और वो उन ट्रैप्स को नष्ट कर देगा.........

अब्ब्दों- आप बिलकुल चिंता न karen.....ham आखरी वक़्त पर अपने ट्रैप्स बिछाएंगे जिससे विक्रम कभी समझ नहीं पायेगा......

दिग्विजय- बोहोत acche..aab तुम जा सकते हो.....

तीनो डेविल्स ने एक बार दिग्विजय के सामने सर झुकाया और गायब हो गए........

दिग्विजय- बातें तोह कोई भी कर लेता है VIKRAM,par दुनिया उसके आगे झुकती है जिसकी जुबां nahi,kaam बड़े हों......

बैक तो हीरो:-

प्लेस- सेक्रिला फर्स्ट चेक गेट:-

sir,permit कॉपी और स्टूडेंट्स की ईद निकाल lijiye....yahan ज़रुरत पड़ेगी.......

ड्राइव के कुछ आधे घंटे के बाद हम सबकी जीप्स सेक्रिला फारेस्ट के फर्स्ट चेक पॉइंट के सामने रुकी.....

यहाँ पर सेक्रिला परमिट की कॉपी और िदश चेक्किंग होती thi...humne अपनी िदश पहले hi टीचर्स के पास जमा करवा दी दी.....

क्यूंकि हमारी जीप सबसे आगे थी और इंचार्ज टीचर हमारे hi साथ बैठे हुए the,isiliye गाइड हमारे पास आया था..

इंचार्ज टीचर्स ने अपने बैग से परमिट कॉपी और हमारी ईद की कपीस निकली और गाइड के साथ चले गए......

अंजलि- yaar,hum जैसे जैसे अंदर जा रहे hain,ye जंगल उतना hi घाना होते जा रहा है....

अवंतिका- और ख़ूबसूरत भी.......

रोनित- जैसे तुमममममम.........

रोनित के ऐसा बोलने पर अब उसकी तरफ शॉक होकर देखने लगे....

रोनित- अरे yaaron,kal रात को अवंतिका के ख़ूबसूरत वाले सवाल पर V.J ने यही कहा था naa.........tummmm.........wahi कह रहा हूँ.....

रोनित की बात सुनकर सभी को कल की खेली हुई गेम याद आ गयी और सब है दिए सिवाए अवंतिका ke...us बेचारी के तोह शर्म से गाल लाल हो गए......

शनाया- ोये hoye,dekho तोह zara,meri बेहेन के तोह गाल hi पिंक्स हुए पड़े है....

शनाया उससे गुदगुदी करने लगी जिससे अवंतिका की भी हसी छूट गयी......

अंजलि- लेकिन मानना padega....kal अवंतिका ने कितने अचे सवाल पूछे और V.J ने उतने hi अचे जवाब दिए......

RONIT-sab मेरी सांगत का असर है.....

अंजलि- हाँ सही kaha.dischaspi किस्मे hai???khaane me.........yahi है न तेरी संगती....!!!!!

अंजलि की बात पर रोनित झेंप gaya.usse भी अपने कल वाले दिए जवाब याद आ गए.........

तभी हमारे टीचर वापस आकर बैठ gaye.saari फॉर्मलिटीज पूरी हो चुकी thi.hamare जीप्स एक बार फिरसे आगे बढ़ गए......

कुछ 10 मिनट की ड्राइव के बाद हमारी जीप्स रुके......

शनाया- वाओ yaar,what ा वॉटरफॉल!!!!

हम अपने पहले हालत के सामने आ चुके थे......

ये एक बोहोत hi बड़ा वॉटरफॉल tha......jitna बड़ा tha,utna hi खूबूरत bhi.....waterfall के अपोजिट साइड में घांस से बानी काफी बड़ी जगह थी......

हमारे इस पुरे जीप के सफर में ये जगह सबसे ज़्यादा खुली हुई thi..in शार्ट, ा परफेक्ट प्लेस 4 कैंपिंग......

गाइड- students,ye वॉटरफॉल सेक्रिला का 3रद वॉटरफॉल hai......pehle दो वाटरफॉल्स हम क्रॉस कर चुके हैं.....

पर क्यूंकि वो जंगल के कुछ अंदर की तरफ hain,isiliye आप उन्हें देख नहीं पाए....

आपके लेफ्ट साइड में जो खुली जगह hai,aaj हम उसी जगह पर कैंपिंग karenge....aap अपने बैग्स उसी जगह पर रख दीजिये.....

अब हम सब यहाँ से पैदल hi जंगल के अंदर की तरफ जाएंगे......

हम सबने अपने अपने बैग्स एक जगह पर रख diye......guide अपने साथ एक एक्स्ट्रा बन्दे को लाया tha,jiska काम hi हमारे रुके हुए जगह की निगरानी करना tha....wo उस खुले जगह पर hi रूक गया....

गाइड- ok,now जैसा की मैंने आप सभी से कहा tha,ki हम अस 2 ग्रुप्स आगे badhenge.toh एक ग्रुप मेरे लेफ्ट साइड आ जाइये और दूसरा ग्रुप राइट पर....

हम उसकी राइट साइड पर आकर खड़े हो गए.......

गाइड- एक बाद याद रखियेगा की अब आप अपनी दुनिया को छोड़कर सेक्रिला की दुनिया में हैं....

यहाँ पर आपके सभी काम आपको खुद hi करने होंगे...

नाउ क्वेश्चन time.....aap सभी इस दुनिया के सबसे बड़े फारेस्ट में आये हैं....

तोह कुछ इंफोस तोह आप सब ने भी यहाँ के बारे में ज़रूर निकली hogi.....toh अब मई आपसे सेक्रिला के बारे में एक क्वेश्चन पूछूंगा....

जिस ग्रुप के स्टूडेंट ने उस सवाल का जवाब दे diya,uska ग्रुप विनर बन जाएगा और आज का खाना लूसिंग ग्रुप को बनाना padega...so here's थे क्वेश्चन......

सेक्रिला ''थे मिस्ट्री'' जो की एक बोहोत hi फेमस मैथोलॉजिकल बुक है उसके अनुसार सेक्रिला के उत्तरी छोर के आखिर में एक वॉटरफॉल है जिससे आज तक कोई ढूंढ नहीं paaya..wahan पर एक बोहोत hi नायब पेड़ hai......us पेड़ की क्या खासियत है?

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अवंतिका ने अपना हाथ ऊपर कर दिया...

गाइड- बताइये......

अवंतिका- पुनर जीवन देने वाले patte....maana जाता है की उस पेड़ के पत्तों को उस वॉटरफॉल से जिसका पानी अत्ति शुद्ध hai,ussi पानी से भिगोकर घिसने से जो जड़ीबूटी बनती है उससे अगर किसी ऐसे व्यक्ति को खिलाया जाए जिसका शरीर काले जादू के प्रभाव से बेकार हो गया हो और वो मरने वाला ho,usse भी बचाया जा सकता है...

गाइड- amazing.absolutely right......aaj आपकी वजह से आपकी टीम खाना बनाने से बच गयी.....

अंजलि- वाह yaar.itna कुछ तुम्हे कैसे मालुम पड़ा?

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अवंतिका- वो बुक जिसकी सर बात कर रहे the,wo मेरे पास hai,ussi से...

गाइड- आप सब मेरे पीछे पीछे आ jaiye.jo दो वाटरफॉल्स पीछे छूट गए the,unke पास भी कुछ medi-plants हैं.....

chaliye,un वाटरफॉल्स की तरफ चलते hain..aur सभी अपने अपने ग्रुप्स में इन्टाक्ट होकर rahiye.....koi भी अपने ग्रुप को छोड़कर कहीं नहीं जाएगा......

मई- अभी............

मलिका

रूट्स ऑफ़ मैजिक

योग चूर्ण

मैजिक पाउडर

असधका

सेल्फ एफेक्ट ऑफ़ मैजिक

नहीं समझे naa,chaliye बताता हूँ....

बात ये है की जब से हम सेक्रिला जंगल के अंदर ग़ुस्से hai,tabse 6 आँखें हमारा पीछा कर रही हैं....

ये आँखें और किसीकी नहीं तीनो डेविल्स ABBADON,LILITHA और अब्राक्सस की हैं जिन्हे दिग्विजय ने स्टूडेंट्स को नुक्सान पहुंचाने के लिए बोलै है.....

ये बात मुझे पहले hi पता चल गयी थी इसीलिए मैंने रोनित को ये बात बता दी thi..arre वही बिरियानी वाला सन....

हमारे 2 ग्रुप्स बनते hi तीनो डेविल्स भी रेडी हो गए थे हमपे सुद्दीन अलग अलग अटैक्स करने के लिए........

मैंने भी अंजलि और रोनित के मंद से जुड़कर उनको अभी अपने अपने स्पेल्स बोलने के लिए कह दिया....

अब्ब्दों ने एक पेड़ के तने को नुकीला कर दिया tha.hum जैसे hi उस पेड़ के साइड से nikle,ABBADON ने अपनी एक ऊँगली को हरकत दी..

वो तना उस पेड़ से उखड कर तेज़ी से पीछे के ग्रुप की तरफ बढ़ा तभी अंजलि ने अपना फर्स्ट स्पेल बोलै.....

मलिका.......

इस स्पेल के उच्चारित होते hi उसी पेड़ के रुट तेज़ी से बाहर निकले और उस तन्ने को खींच कर वापस अब्ब्दों की तरफ फेक दिए....

अब्ब्दों इसके लिए तैयार नहीं tha.wo तन्ना तेज़ी से उससे टकराया और दूर जाकर गिरा...

दूसरी तरफ लिलिथ अपना स्पेल बोलने hi वाली थी की उससे पहले रोनित ने अपना स्पेल बोल दिया...

योग चूर्ण...

इस स्पेल की खासियत ये थी की इस स्पेल के उच्चरित होने के तुरंत बाद अगर कोई नया स्पेल बोलने की कोशिश करे तोह उसके मुँह में मैजिक पाउडर फैट जाता है जिससे सामने वाले को अपने होंठ जलने से लगने लगते हैं...

यहाँ भी वही hua.....lilitha अपने होंठ को पकडे हुए मचलने लगी........

वहीँ तीसरी तरफ अब्राक्सस ने अपना स्पेल बोल दिया

प्रवक्ता.......

इस स्पेल से एक तेज़ करंट निकलता है जो जिसपे पड़ता hai,usse लगातार एक के बाद एक कई बार बिजली के झटके लगते हैं....

पर तभी अंजलि ने अपना स्पेल बोल दिया....

असधका......

इस स्पेल से सामने वाले का स्पेल उसी को लग जाता hai..yahan भी वही hua.ABRAXAS का स्पेल मुड़कर उसीको laga....uski बॉडी को ज़ोर के झटके लगने लगे.......

मई- पापियास माया बांधना...........

डेविल मैजिक रोप उप...........

जो मंत्र मैंने बोलै tha,us मंत्र को सिर्फ एक एंजेल hi बोल सकता tha..isse किसी भी डेविल को एक ाडदृश्य रस्सी में बाँधा जा सकता था....

और हुआ भी कुछ ऐसा hi...mere मंत्र बोलते hi तीनो devil's अपने खड़े हुए जगह पर hi बांध गए.....

वो उस रस्सी से छूटने के लिए जितना ज़ोर lagate,wo रस्सी और उतनी तेज़ बांधने लगती जिससे उनके शरीर में ददर्द बढ़ने लगा..........

जब उन्हें ये बात समझ आयी की उनके ताकत लगाने का उल्टा असर हो रहा hai,wo बेसहाये होकर चुप चाप खड़े हो गए.....

दूसरी तरफ हम अपनी मस्ती में दिन भर घूमते rahe.jab हम घूम कर अपने टेंट्स पर वापस आये तब मैंने उन तीनो को आज़ाद कर दिया.........

रात को वैसे तोह हमे खाना नहीं बनाना tha,par फिर भी हम सब ने मिलकर खाना बनाया और बहार बोनफिरे लगा कर खाने बैठ गए.....

समग्र सुरक्षा.....

कम्पलीट प्रोटेक्शन......

खाना खाने के बाद हम यूँही बैठे hi थे की मुझे उन तीनो डेविल्स का आभास हुआ इसलिए मैंने अपने आस पास एक सुरक्षा घेरा बना दिया.....

वहीँ हमसे कुछ दूरी पर :-

लिलिथ- मई उस लड़के को छोडूंगी nahi.uski इतनी हिम्मत की वो हमे बांधे...

अब्ब्दों- अरे पहले ये ोचो की उसने हमे एंगेल्स के रोप से कैसे बाँध लिया....

अब्राक्सस- अरे किसी एंजेल ने उससे वरदान दिया hoga....ab तोह इससे मारकर उस एंजेल को जिसने इससे ये सब sikhaya,safaya कर देंगे..

अब्ब्दों- बेवकूफ मत bano....DIGVIJAY ने क्या कहा याद है की भूल gaye....isse मारने के लिए डेविल लार्ड ने मन किया है...

हमे मास्टर ने जो काम दिया hai,hum बस वही करेंगे और वो भी आज raat....jaise hi ये विक्रम soyega,hum आधे से ज़्यादा लड़के लड़कियों को घायल कर देंगे और कुछ को मार देंगे...

हलवा है KYA.....THODA KHAAYENGE,THODA बाँट DENGE...HAAN!!!

आवाज़ सुन तीनो palte,aur अपने सामने खड़े शक्श को देख तीनो की आँखें फटी की फटी रह gayi...kyunki तीनो के सामने और कोई नहीं मई खड़ा था.....

अब्राक्सस- हमारे सामने आकर

मई- मैंने अपनी मौत को खुद बुला लिया hai...yahi naa.....saalo कुछ नया बोलो....

DEVIL'S हो वो भी ास्मोडियस के टॉप लेवल के devils.....kyun उसका नाम ख़राब कर रहे हो......

लिलिथ- तेरी इतनी हिम्मत की....

मई- मैंने उसका नाम कैसे liya,yahi naa..waise बात तोह तूने सही कही है...

उसने इतने बुरे बुरे काम किये हैं की वो तोह अपने नाम से पुकारे जाने के भी काबिल नहीं है.....

इन सब के बीच बस एक अब्ब्दों hi था जो चुप चाप खड़ा था.....

मई- तू सही बाँदा है yaar....aur तू कुछ हद तक सही भी hai..tum तीनो की इतनी औकाद नहीं की मेरे सामने खड़े भी हो पाओ....

लीलता- बस बोहोत हुआ.....

लिलिथ ने अपने हाथ आगे kiye.uske हाथों से आग निकल मेरी और आने lagi.par मई चुप चाप खड़ा रहा...

वो आग आकर मेरे कवच से टकराकर नष्ट हो गयी.............

तभी अब्राक्सस ने अपने हाथ ऊपर kiye.aasman से एक तेज़ बिजली निकली और मेरे ऊपर padi.par उसका भी यही हाल hua....mere कवच से टकराकर वो बिजली भी नष्ट हो गयी.......

अब्ब्दों मंद में- BEWAKUFON,tum दोनों को मरना है kya........hum इससे नहीं मार सकते.....

इसने अपने सारे पावर्स छुपा रखें है तब भी ये इतना पॉवरफुल है की बिना कुछ किये तुम दोनों के हर वार को नष्ट कर दे रहा है.

ज़रा socho,agar इसने हम पर अपने स्पेल्स का उसे किया तोह हमारा क्या hoga....jitni जल्दी हो सके निकलो वहां से.....

अब्राक्सस और लीलता को अब्ब्दों की बात सहीं lagi....teeno तुरंत काले धुंए में बड़ा उड़ गए.....

अगर मई चाहता तोह उन्हें रोक सकता था और एक पल के लिए मैंने ये सोचा भी की तीनो को रोक lun,par मई रूक गया...

क्यूंकि जिस तरफ वो तीनो धुआं बन जा रहे the,maine वो जगह अपने सपने में देखि हुई thi...mai भी एक वाइट रौशनी में बदल उनके पीछे हो लिया....

मई उड़ता हुआ आगे बढे जा रहा tha....maine उन तीनो के मुकाबले अपने उड़ने की गति काफी काम राखी हुई thi......fir भी मेरी स्पीड काफी तेज़ थी...

मई हर जगह को ध्यान से देखते हुए जा रहा tha..kuch hi पलों में मैंने आधे से ज़्यादा सेक्रिला फारेस्ट को क्रॉस कर लिया था....

की तभी मुझे अपने लेफ्ट साइड से एक वाइट ऊर्जा महसूस hui...ye ऊर्जा गुरु विशाखत की तरह hi थी...

मई उसी तरफ उड़ gaya....kuch hi पलों में मई एक वॉटरफॉल के ऊपर tha.us वॉटरफॉल के पीछे एक गुफा थी जिसका मुख बंद था.....

मैंने ध्यान लगाकर उस गुफा के अंदर देखने की कोशिश की पर मई असफल रहा जिसका साफ़ मतलब था की जिस पत्थर से उस गुफा के मुँह को बंद किया गया hai,us पत्थर में बैरियर शील्ड लगा हुआ है.....

मई उस वॉटरफॉल से गुज़रकर उस गुफा के मुख के सामने खड़ा हो गया....

मुझे लगा की मुझे इस पत्थर को हटाने के लिए कुछ स्पेल्स बोलने होंगे की तभी एक तेज़ रौशनी के बीच दो एंगेल्स प्रकट हुए...

वो दोनों hi मेरे सामने झुक गए....

एंजेल1- इस गुफा के पेहेरेदार हम hain.iska मुख हमने hi बंद किया था...

एंजेल 2- हम आपकी hi प्रतिसक्षा कर रहे थे...

दोनों ने मिलकर उस गुफा के सामने पड़े पत्थर को हटा दिया.....

एंजेल 1- हमने अपना दायित्व पूरा kiya..hume जाने की आज्ञा दे हमे मुक्त करें लार्ड ऑफ़ एंगेल्स......

मई- आप जा सकते हैं....

दोनों एंगेल्स मेरे सामने एक और बार झुक गायब हो गए...

जैसे hi मैंने अपने कदम उस गुफा के अंदर rakhe,us गुफा में तेज़ रौशनी फैले gayi...mere सामने एक छोटा सा मिटटी का पहाड़ सा बना हुआ था.....

मैंने अपनी दिव्या दृष्टि खोली और तभी........................

उस मिटटी के छोटे से पहाड़ के बीच में से एक रौशनी निकली और मेरे माथे के सेंटर पर padi....meri आँखें बंद हो गयीं...

मुझे उस मिटटी की चादर में लिपटे हुए इंसान का चेहरा दिखने laga.itna hi nahi,mujhe उनके बारे में अब्कुछ पता चलने लगा...

MAALA,BABA विशाखत का shadyantra,MAALA की hatya,us बेबस बाप का दिल चीयर देने वाला rona,unke द्वारा बाबा विशाखत को दिए जाने वाला श्राप...

ओस बेबस बाप का मदहोशी की हालत में यहाँ aana,mere पितः गॉड से अपनी मौत का गुहार लगाना और गॉड का उनसे मेरे बारे में बात करना......

अचानक मेरे बंद आँखों के आगे मेरा वो सपना आ गया जिसमे एक लड़की मेरे आगे आगे घूम रही hai.jisse मैंने सिर्फ पीछे से देखा hai.....mere कानों में आज भी जिसकी पायल की खनक गूंजती है....

आज भी मेरे आँखों के आगे यही दृश्य चल रहा tha.mai उससे पीछे से एक तक देख hi रहा tha...mere दिल से एक आवाज़ आयी.....

आखिर कौन हो तुम?

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मानो उस लड़की ने मेरे दिल के कहे सवाल को सुन लियो ho.....aaj पहली बार मैंने उसकी आवाज़ सुनी....

लड़की-

जो तुम जागते हुए भी देख सको,

वो ख्वाब हूँ मई.....

जिससे बस देख कर hi चढ़ जाए,

ऐसी शराब हूँ मई....

आज पहली बार तुमने कुछ

पूछा है मुझसे,

तुम्हारे हर रास्ते की मंज़िल,

तुम्हारे हर सवाल का जवाब हूँ मई...

और वो पलटी...........

मई- अवंतिका........................

आज के लिए इतना HI........

आपका अपना V...J.....
 
थैंक्स बरोथेर 4 थिस लवली REVIEW....BROTHER ास्मोडियस HI सभी डेविल्स की शक्ति का श्रोत HAI...USSE किसीको बताने की ज़रुरत नहीं है की विक्रम से टकराना है या NAHI..WAISE भी डेविल्स इंसानो पर डायरेक्ट हमला नहीं KARTE......AUR आपने इस अपडेट में अब्ब्दों के थ्रू ये भी पढ़ा होगा की विक्रम अपने पावर्स छुपा कर रखता HAI.ISILIYE उसकी ेनेर्गीएस कोई तभी फील कर सकता है जब खुद विक्रम ये बात JAANE.....BAAKI बातें आगे चलकर वैसे HI क्लियर हो JAAYENGI.AAP यूँही साथ बने रहिये
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम उस गुफा को खोल देता है जहाँ गुरु विशिष्ट समाधी लिए बैठे हुए हैं.

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 58

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- ड्राफ्टिंग पॉइंट

students,aaj हमारा सेक्रिला फारेस्ट में 2ंद डे है........

जिस तरह ग्रुप में रहकर आपने कल का पूरा दिन गुज़ारा hai,mai उम्मीद करता हूँ की अगले 6 दिन भी आप इसी तरह डिसिप्लिन में रहेंगे..

हमारे गाइड ने हमे कल hi बता दिया था की आज का हमारा आगे का सफर मॉर्निंग 8 बजे से शुरू होगा.....

हम सब सुबह शार्प 8 बजे तक रेडी होकर हमारे आगे के सफर के लिए निकल गए थे......

आज हम सब पैदल hi आगे बढ़ रहे the,kyunki कच्चे रास्ते से बानी पगडंडियों की सीमा अब ख़त्म हो चुकी थी......

हम सब ने अपने आगे के सफर में उसे होने वाले सारे सामन को साथ ले लिया tha.sahi मायने में हमारा जंगल सफारी आज से hi शुरू हुआ था......

करीब 1 घंटा चलने के बाद हम सब एक वॉटरफॉल से थोड़ा आगे जाकर रुके..

जहाँ हम रुके थे वहां एक बोर्ड लगा हुआ था जिसपर ड्राफ्टिंग पॉइंट लिखा हुआ था....

अभी हम जिस जगह पर खड़े the,wo अभी तक के हमारे देखे हुए जंगल के मुकाबले बोहोत काम घाना था.....

उस बोर्ड के साइड में कुछ खुली जगह thi,jo सीधी ना होकर नीचे की तरफ गयी हुई थी....

गाइड- बोर्ड देखकर आप सब समझ hi गए होंगे की अभी हम ड्राफ्टिंग पॉइंट पर हैं.....

ये जो आप आगे ढलान देख रहे hain,hume उसमे से hi उतारकर नीचे की तरफ जाना है......

लेकिन ध्यान se,dhalan की मिटटी में पानी की चिकनाई hai,toh पेअर धीरे धीरे रख कर आगे बढ़ना......

हम सब आगे बढ़ gaye.mai और मेरे फ्रंज आज सबसे पीछे चल रहे थे...

मई और रोनित आगे थे और गर्ल्स हमारे पीछे पीछे बात करते हुए आ रहे थे...

रोनित- कुछ हुआ क्या??????

रोनित ने मुझसे धीरे से पूछा....

मई- hmm.mai जिस मकसद से यहाँ आया tha,wo कल रात पूरा हो गया.....

मैंने रोनित और अंजलि को अपन सपने के बारे में सब कुछ बता दिया था.

मेरी बात सुन रोनित चौंका.....

रोनित- और साले ये तू मुझे अब बता रहा है.....

मई- मौका hi कहाँ mila.kal रात को अपना काम ख़त्म कर जब मई लौटा तोह तू सो गया tha.....aur आज तोह हम इतनी जल्दी निकले की कुछ बोलने का मौका hi नहीं मिला......

रोनित- तोह अब तोह टाइम hi टाइम hai...abhi बता दे न भाई.....

AAAAAA..................ARRE संभल KE...............HAASHHHHHH............

मई- yaar,baatein बाद में भी हो jayengi.zara देख कर chalo.guide ने कहा है न की मिटटी में चिकनाई है......

दरअसल हुआ ये की जैसे hi हम ढलान में pahunche,AVANTIKA का पेअर फिसल गया.....

वो नीचे गिरती उससे पहले hi मैंने उससे पकड़ लिया था.....

मैंने अवंतिका को सीधा खड़ा किया और रोनित के साथ आगे बढ़ गया...

पर अब तक अवंतिका जो शनाया और अंजलि से बात करते हुए आगे बढ़ रही thi,wo चुप सी हो गयी थी.....

उसके चेहरे पर एक हलकी सी मुस्कराहट थी पर साथ hi वो कुछ सोच भी रही थी...

दरअसल बात ये थी की जब मैंने अवंतिका को thaama,toh बस एक पल के लिए मई उसके चेहरे में खो सा गया tha.....par साथ hi मेरे आँखों में एक दर्द भी था.

और इन दोनों बातों को अवंतिका ने नोट कर लिया था...

गाइड- सो guys,this इस आवर फर्स्ट स्टॉपेज.....

इस वक़्त हम एक पतले और तेज़ बहाव वाले नदी के छोर पर खड़े the........hamare सामने बोहोत सी इन्फ्लाताब्ले राफ्ट्स राखी हुई थी.......

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गाइड- आप सब 5,5 की ग्रुप बना lijiye.....aur जिन्होंने ये पहले भी किया hai,wo राफ्टिंग गियर्स पेहेन लें और जिनका ये फर्स्ट टाइम hai,yahan हमारे पास इंस्ट्रक्टर्स hain,wo आपको राफ्टिंग गियर्स के उसे सीखा देंगे.....

लउकीली हमारा 5 का hi ग्रुप tha.toh हम तोह एक राफ्ट में सेट हो गए....

शनाया- yaar,ye तोह मेरा फर्स्ट टाइम hai...mujhe तोह इसके बारे में कोई भी आईडिया नहीं है....

अवंतिका- तोह मुझे कौन सा hai???but लउकीली हमारे पास तीन पर्सनल इंस्क्रिक्टर्स हैं....

शनाया- मतलब!!!!!

अवंतिका- अरे तूने V.J के रूम के वाल्स ठीक से नहीं देखे थे kya.unme टंगे फोटोज में से कुछ फोटोज में ये तीनो रिवर राफ्टिंग करते हुए भी दिख रहे हैं.....

तोह हुए न ये हमारे पर्सनल इंस्टक्टर्स!!!!

हम तीनो अवंतिका की बात सुन कर मुस्कुरा दिए...

शनाया- हाँ yaar,how दीद ी फॉरगेट तहत....

चलो fir,hume राफ्टिंग गियर्स पहनाओ और बताओ की राफ्टिंग में किन किन बातों पर ध्यान देना चाहिए....

अंजलि और रोनित ने दोनों को राफ्टिंग गियर्स पहनाये और मैनेडोनो को राफ्टिंग के बारे में इम्प. टिप्स दिए.....

गाइड- सो guys,ready फॉर थे थ्रिल....

हम सब ने एक साथ एस्सस.... कहा....

एक बन्दे ने हमारे राफ्ट को पकड़ा हुआ tha...hum चारो एक राफ्ट में बैठ गए...

हमारे सेटल होते hi उसने राफ्ट को छोड़ diya.RAFT स्कीट करती हुई पानी को काटते हुए आगे बढ़ने लगी.

राफ्ट की स्पीड बोहोत ज़्यादा थी उसके ऊपर ये अवंतिका और शनाया का फर्स्ट राफ्टिंग एक्सपीरियंस tha...dono की चीख निकल गयी...

की तभी अवंतिका अचानक चुप हो gayi......hua ये की मैंने अवंतिका की आँखों पर बोहोत ज़्यादा दर देखा इसीलिए मैंने पीछे से उसकी कमर पर अपना हाथ रख दिया.......

अवंतिका को जैसे hi अपनी कमर पर हाथ महसूस hua,wo मेरी तरफ palti.mai उससे hi देख रहा था........

पूरा राफ्ट पानी के थपेड़ों की वजह से तेज़ी से हिल रहा tha,par अवंतिका को मेरे हाथ किसी सख्त दीवाल से लग रहे the,jispe टिक कर वो बड़े से बड़े झटकों को भी आराम से झेल सकती थी.....

मई मन me-mere रहते तुम्हे कुछ नहीं हो सकता अवनि.....

और जैसे मेरे दिल की आवाज़ उसके दिल तक पहुँच गयी ho....AVANTIKA हलके से मुस्कुरा दी.......

ओह SHIT.....ARE ु ऑलराइट........

ये आवाज़ हमारे पीछे आ रही राफ्ट से आयी थी......

पानी की आवाज़ बोहोत ज़्यादा thi,par मुझे आवाज़ साफ़ सुनाई दी....

एक लड़की उस राफ्ट से गिर गयी thi.waise खतरे की कोई बात तोह थी nahi.sabhi ने लाइफ जैकेट्स पहने हुए the......par घबराहट की वजह से वो चिल्ला रही थी.......

एक बन्दे ने रोप फेक्का जिससे उसने पकड़ liya.usse राफ्ट में खिंच लिया गया......

ये राफ्टिंग कुछ 10 मिनट तक chali.fir हम एक छोर पर उतर गए......

हम सब काफी भीग गए the,humne चेंज किया और आगे की तरफ चल दिए......

वहीँ दूसरी तरफ:-

प्लेस- DIGVIJAY'S फार्महाउस:-

तुम्हे पता भी है की तुम क्या कह रहे ho???aisa कैसे हो सकता है????

सुबह का वक़्त hai.is वक़्त ABBADON,LILITHA और अब्राक्सस दिग्विजय के सामने खड़े hain.unhone कल रात को जो कुछ भी हुआ वो दिग्विजय को बता दिया है......

अब्ब्दों- यही सच है master.....hum भला आपसे झूठ क्यों बोलेंगे......

दिग्विजय- दिखाओ मुझे.......

दिग्विजय ने अपने हाथ आगे कर diye.teeno डेविल्स ने अपने अपने हाथ दिग्विजय के हाथ के ऊपर एक के बाद एक रख दिए....

दिग्विजय ने अपना दूसरा हाथ उन तीनो के हाथ के ऊपर रखा और अपनी आँखें बंद कर ली...........

दृष्टि जागनम.....

सी थे विशंस.......

दिग्विजय के मंत्र उच्चारित करते hi उन तीनो के हाथों से दिग्विजय के हाथों में होते हुए एक रे सीधे दिग्विजय के माथे पर गयी...

कल जो कुछ भी hua,wo सब कुछ दिग्विजय को दिखने laga.....(siwaaye रोनित और अंजलि के स्पेल बोलने को छोड़ कर)........

सब देखने के बाद दिग्विजय ने झट से अपनी आँखें खोल दी....

दिग्विजय- ANGEL'S ROPE.........VIKRAM के पास kaise????wo भी इतना शक्तिशाली की एक साथ तुम तीनो को बाँध दे.........

मैंने जितना सोचा tha,ye विक्रम नाम की गुथी तोह उससे भी ज़्यादा उलझी हुई hai..ab क्या करूँ???????

कुछ भी नहीं.....................

आवाज़ सुन चरों चौंक gaye....par तुरंत hi चरों अपने गुणो पर आ gaye.........kyunki ये आवाज़ ास्मोडियस की थी...

ास्मोडियस- DIGVIJAY,maine तुम्हे कहा था की तुम विक्रम को हानि पहुँचाने के बारे में सोचोगे भी नहीं.....

तुमने जो रास्ता पहले से सोचा हुआ hai,tum उसी पर chaloge,par तुम्हे मेरी बात समझ नहीं aayi,kyun.....????

दिग्विजय डरते हुए- MAHAMAHIM,maine विक्रम पर हुम्ला नहीं करवाया tha,maine तोह उसके साथियों.....

ास्मोडियस- chuppppppp....apni हदें मत भूलो DIGVIJAY........tum हमे बताओगे की तुमने क्या सोचा था और क्या नहीं.....

ये हमारी तुम्हे आखरी चेतावनी hai,VIKRAM के आस पास तुम किसी भी तरह का जाल नहीं बिछाओगे.......

वर्ण विक्रम से पहले हम hi तुम्हारा नाश कर देंगे......

दिग्विजय- जी mahamahim...mai ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा.......

और इसके बाद ास्मोडियस की आवाज़ आना बंद हो गयी....

दिग्विजय ने सामने देखा जहाँ तीनो डेविल्स अब भी थार थार कांप रहे थे.....

दिग्विजय- तुम सब जा सकते हो..........

तीनो ने कांपते कांपते अपना सर झुकाया और गायब हो गए.......

बैक तो हीरो:-

प्लेस- सेक्रिला

abbe,kitne जल्दी खाता है तू.......

हम सब राफ्टिंग करने के बाद वापस उस पानी के श्रोत मतलब वॉटरफॉल के पास गए जहाँ गाइड ने हमे वहां मौजूद कुछ प्लांट्स के बारे में बताया........

और किसीका तोह पता नहीं पर अवंतिका उन प्लांट्स के बारे में जानकार बोहोत खुश हो गयी thi...hoti भी क्यों naa,thi तोह वो आरती hi naa,jisse पौधो और पेड़ो से बनाने वाले लेपों और मेडिसिन्स के बारे में जानने का बोहोत शौक था...

khair,plants को चैकोट करते करते दोपहर होने लगी थी...

हम सब ने वहीँ खाना बनाने तय kiya.khaana बनाकर हम सब वहीँ जगह देखकर बैठ गए और लंच करने लगे...

अब ये मेरी शुरू से आदत थी की मई खाना बोहोत जल्दी hi खा लेता hu,toh अभी भी वैसा hi हुआ...

मई- अब खता हूँ तोह खता हूँ bhai.tum लोग अपना लंच फिनिश karo,mai हाथ धो कर आता हूँ...

हम सब उस ढलान वाली जगह के पास hi बैठे the......mai वहीँ नीचे की तरफ चला गया जहाँ नदी था.

मैंने अपने हाथ dhoye.mujhe पता था की सबको अभी काफी वक़्त लगेगा लंच कम्पलीट करने में.

वहीँ पास में hi एक छायादार पेड़ tha.mai उसी के निचे जाकर बैठ gaya....maine अपनी आखें बंद कर li.mere आँखों के आगे कल रात का दृश्य एक बार फिरसे घूम गया......

ा स्माल फ्लैशबैक ऑफ़ YESTERDAY'S नाईट

अवंतिका के पलटते hi मेरी आँखें खुल गयी.......

मुझे सब समझ आने laga.....maine एक बार फिर से आँखें बंद ki........is बार मई अवंतिका के मन में झाँक पा रहा था...

जो शील्ड उसके अंदर thi,jo मुझे उसके दिल की बात सुनने से रोक रही thi,ab वो हैट चुकी thi......maano वो भी आज की hi प्रतीक्षा कर रही थी....

मैंने अपने हाथ आगे कर diye..mere हाथों से एक वाइट रौशनी निकली और उस मिटटी के पहाड़ पर lagi.wo मिटटी गायब हो गयी....

अब मेरे सामने आरती के pita,guruon के guru,guru विशिष्ट ध्यान की अवस्था में बैठे हुए थे....

नजाने कितनी साड़ियां बीत gayi,par उनके चेहरे की चमक आज भी पहली सी hi thi...mai चलते हुए उनके पास गया और मैंने उनके पेअर छू लिए........

मेरे उनके पेअर छूटे hi उनका शरीर चमकने laga.itne सदियों से एक hi जगह बैठे होने की वजह से गुरु विशिष्ट का शरीर काफी गन्दा हो गया था...

मेरे उन्हें छूटे hi उनका पूरा शरीर साफ़ हो गया..........

मई- GURUVAR.......AAKHEN KHOLI.......AAPKI तपस्या पूर्ण हुई.......

मेरे ऐसा बोलते hi गुरु विशिष्ट ने आँखें खोल di.......apne सामने मुझे देख वो समझ गए की मई कौन हूँ....

वो झट से उठे और जैसे hi उन्होंने झुककर मेरे पेअर चुने की कोशिश ki,maine उन्हें उनके कन्धों से पकड़ कर ऐसा करने से रोक दिया...

मई- इंसान का ओहदा nahi,uske कर्म बड़े होने chahiye,jaise की आपके हैं...

ये बोल मैंने उनके पेअर छू लिए.....

गुरु विशिष्ट- ऐसा करके मुझे पाप का भागीदार मत बनाइये.....

मई- आप पापी हो hi नहीं सकते गुरुवार.....

आपने इतने वर्ष एक गुफा में रहकर अपने धैर्य का जो उदहारण दिया hai,wo अतुलनीय hai......mai आपको अपने ह्रदय से नमन करता हूँ........

गुरु विशिष्ट- आज मेरी प्रतीक्षा समाप्त hui...ab मई एक बार अपनी पुत्री से मिल इस संसार को अलविदा कह सकता हूँ.....

मई- awashya.par मेरी आपसे एक निवेदन है....

गुरु विशिष्ट- आप निवेदन नहीं आदेश दीजिये लार्ड ऑफ़ एंगेल्स........

मई- आप अपनी पुत्री से मिल lijiye,god के भविष्यवाणी के अनुसार आप उससे उसकी विद्या भी लौटा दीजिये किन्तु आप उससे मेरे बारे में कुछ भी नहीं बताएँगे.....

मेरी बात सुन गुरु विशिष्ट चौंक गए........

गुरु विशिष्ट- पर kyun????kya आपको मेरी पुत्री पसंद नहीं....

मई- बात pasand,napasand की नहीं है गुरुवार.......

बात है नियति को किसी के ऊपर थोपने ki.....do लोगों को एक साथ सिर्फ उनके बीच के प्रेम की वजह से होना chahiye,aur किसी भी वजह से नहीं.....

गुरु विशिष्ट- किन्तु कोई भी अपनी नियति से भाग नहीं sakta....jo नियति में लिखा hai,wo होकर hi रहता है...

MAI-hamare नियति हमारे कर्म निर्धारित करते है गुरुदेव. अगर ऐसा नहीं है तोह मेरे पिता (गॉड) का पहला बीटा डेविल कैसे बन गया...

कोई भी पिता अपने बेटे की नियति में ऐसा श्राप तोह नहीं लिख सकता naa.aaj उसी बेटे की वजह से मेरे पितः अभी तक मेरे सामने नहीं आये.....

गॉड होने के बावजूद उन्हें इस बात का दर है की कहीं उनके प्यार की वजह से मई भी ास्मोडियस की तरह न बन जाऊं...

ये कैसी नियति है की एक बेटे की गलती का बोझ दूसरा बीटा उठा रहा है????

नहीं guruvar.....mai नहीं चाहता की नियति अवंतिका और मेरी कहानी लिखे.....

haan,par मई आपसे ये वादा करता hun,ki अगर अवंतिका के मन में मेरे लिए भावनाये jagin,toh उससे मुझसे कोई भी अलग नहीं कर पायेगा......

(इससे कहते हैं ऐटिटूड )

गुरु विशिष्ट_ मेरी पुत्री आपकी hi अमानत है लार्ड ऑफ़ एंजेल और हमेशा आपकी hi rahegi...ab मेरे लिए क्या आज्ञा है....

मैंने अपना एक हाथ ऊपर kiya.gufa की छत्त हैट gayi,aasman में एक दरवाज़ा सा बन गया और उस दरवाज़े में से एक आत्मा निकल कर मेरे सामने आकर कड़ी हो गयी..

उस आत्मा को देखकर गुरु विशिष्ट चौंक गए क्यूंकि वो आत्मा और किसी की nahi,BABA विशाखत की थी.....

बाबा विशाखत कुछ नहीं बोल रहे the,bas अपने दोनों हाथों को jodkar,apne सर को नीचे कर खड़े हुए थे....

गुरु विशिष्ट- होना तोह मुझे आपसे रुष्ट hi chahiye,par आपकी जाल साज़ी की वजह से मेरी पुत्री को पुनर्जीवन मिला वो भी लार्ड ऑफ़ एंजेल के शक्ति के रूप me,isiliye मई आपको माफ़ करता हूँ......

गुरु विशिष्ट के ऐसा बोलते hi बाबा विशाखत के चेहरे पर एक संतोष आ gaya.wo मुझे नमन कर वापस उस दरवाज़े से होते हुए हेवन में चले गए.....

मैंने भी गुरु विशिष्ट से विदा लिया और वापस रौशनी में बदल कर गायब हो गया....

एन्ड ऑफ़ फ्लैशबैक:-

रोनित- lo,kar लो baat..ye भाईसाहब तोह बैठे बैठे hi सो गए हैं......

रोनित की आवाज़ सुन मैंने अपनी आखें खोल दी..

मई- 3 मिनट हुए हैं तुझे यहाँ aaye.haath धोकर तूने अस उसुअल अपने हाथ अपने टीशर्ट से पोछे और अपने बेवकूफों वाले शकल को और टेढ़ा मेधा करके तूने अपनी 3 सेल्फीज़ lin...aur....

रोनित- बस कर मेरे baap.mai भी किस्से उलझ gaya....???sidhe सीधे नहीं बोल सकता था की जाग रहा हूँ......

अंजलि- chalo,GUIDE सर बुला रहे हैं.....

मई- चलो फिर....

अवंतिका और शनाया नदी में हाथ धो रहे the.humne उनको साथ लिया और चल पड़े ऊपर...

फिर दिन भर कुछ ख़ास नहीं hua.GUIDE सर हमे जंगल के कुछ हिस्सों में घुमा घुमा कर वहां के बारे में अन्सिएंट और ज्योग्राफिकल बातें बताते रहे.......

शाम होते होते हमने एक अछि जगह देखकर टेंट्स लगा दिए......

ात नाईट:-

जंगल में रात जल्दी हो जाती hai.humne करीब 8 बजे तक डिनर कर लिया tha.dinner करके हम सब बोनफिरे के आस पास सर्किल बना कर बैठ गए....

अंजलि- क्यों ना आज भी उस दिन की तरह कुछ गेम खेला जाए....

शैफाली- नहीं yaar,aaj कुछ अलग करते hain...VIKRAM,maine सुना है की तुम हर तरीके के इंस्ट्रूमेंट्स बजा लेते हो.

तोह क्यों ना आज विक्रम हम सब के लिए गिटार प्ले kare...what से गुइज़्ज़्ज़्ज़्ज़..?????

सब मेरे नाम की हूटिंग करने लगे.....

मई- अरे नहीं यार मेरा मूड नहीं है...

अंजलि- बजा दे ना be,bhaav क्यों खा रहा है....????

मई- अब्बे अभी अभी तोह खाना खाया hai,aur कुछ खाने के लिए पेट में जगह कहाँ बची hai.....bas अभी मूड नहीं हो रहा....

सब मुझे कन्विंस करने में लग गए की तभी मुझे अपने कानो में एक आवाज़ आयी....

ये आवाज़ अवंतिका की थी......

अवंतिका- बस एक baar.......PLZZZZ......

मैंने अवंतिका की तरफ देखा जो मुझे hi देख रही थी....

मई- एक शर्त पर....

सब- क्या????

मई- अवंतिका को कोई गाना गाना hoga.mai उसी गाने पे गिटार बजाऊंगा.......

अवंतिका मेरी बात सुन कर नर्वस हो गयी.

शैफाली- bas,itni सी baat.AVANTIKA,chalo एक प्यारा सा गण सुना दो....

अवंतिका- नहीं nahi.mujhe गण वाना नहीं आता....

मई- तोह फिर मुझे भी गिटार बजाना नहीं आता......

अंजलि- गए देना yaar.kyun भाव खा रही है.....???

अवंतिका- भाव की बात नहीं है yaar.SHANAYA,tu तोह जानती है ना..

शनाया- एक्चुअली guyz,AVNI को नोट्स याद नहीं rehte.infact उससे तोह अपने fav.song के बोल भी सिर्फ आधे अधूरे hi याद हैं....

रोनित- तोह यहाँ कौन सा कॉम्पिटिशन चल रहा है की तुझे पूरा गाना आना चाहिए..

और वैसे भी V.J को लगभग सारे गांव की कम्पोज़िशन्स याद रहती hain...jahan भी तुम atkogi,V.J संभाल लेगा....

मई- right.aur अब तोह अवंतिका को अपना फव. सांग hi गाना hoga.....come ों guys,lets हेरे आईटी 4 अवंतिका.........

सभी अवंतिका के नाम की हूटिंग करने लगे.......

अवंतिका- ok,ok....gaati हूँ..........

अवंतिका ने मुझे घूरते हुए kaha....jaise कह रही ho,ki अपने साथ साथ मुझे भी फसा लिया......

अंजलि- वैसे तुम्हारा fav.song कौन सा है???

अवंतिका- लग जा गले....

अंजलि- no way...ye तोह V.J का भी fav.song hai...ab तोह मज़ा आएगा..........

अवंतिका ने मेरी आँखों में देखकर गाना शुरू किया....

लग जा गले की फिर ये हसीं

रात हो ना हो

शायद फिर इस जनम में

मुलाकात हो न हो.

अवंतिका के गाना शुरू करते hi मैंने भी गिटार प्ले करना शुरू कर दिया........

अवंतिका ने मेरी आँखों में झांकते हुए आगे की लाइन्स गयीं.....

हम को मिली हैं आज ये

घड़ियाँ नसीब से.........

जी भर के देख लीजिये

हमको करीब से........

अवंतिका- ओह shit.....mai आगे की लाइन भूल गयी.........

मई अवंतिका की आँखों में देखते हुए....

फिर आपके नसीब में ये

रात हो न हो......

शायद फिर इस जनम में

मुलाकात हो न हो.........

लग जा गले की फिर ये

हसीं रात हो न हो...

शायद फिर इस जनम में

मुलाकात हो ना हो...

मेरे गाते hi अवंतिका जैसे मेरे आँखों में डूब सी गयी और उसी मदहोशी में उसके होंठ फिर से हिले.....

पास आईये के हम नहीं

आएंगे बार बार......

बाहें गले में दाल के

हम रो लें ज़ार ज़ार.....

अवंतिका के रोने की लाइन पर मैंने अपना सर ना में हिला diya...........AVANTIKA फिर से आगे की लाइन भूल गयी थी....

पर इस बार उसको ये बात कहने की ज़रुरत नहीं padhi,kyunki उसकी ये बात मैंने उसके आँखों में hi पढ़ ली thi.isiliye मैंने आगे की लाइन गए दी.......

आँखों से फिर प्यार की

बरसात हो न हो.....

शायद फिर इस जनम में

मुलाकात हो न हो.......

अवंतिका और मई एक दूसरे की आँखों में डूब चुके the.aur उसी मदहोशी में हम दोनों ने सांग को कम्पलीट किया.....

लग जा गले की फिर ये

हसीं रात हो ना हो...

शायद फिर इस जनम में

मुलाकात हो ना हो....

लग जा GALE....GALE.......GALE..........

हमारा गाना ख़त्म होते hi सब ने ज़ोर शोर से ताली बजाना और हुतोंग करना शुरू कर diya....par हम दोनों hi इस taarife-maahoul से दूर एक दूसरे की आँखों में अब भी खोये हुए थे......

हम दोनों के लैब खामोश the,par दिल बातें कर रहे थे....

की तभी अवंतिका के दिल ने कुछ अर्ज़ किया...

अवंतिका का दिल:-

तेरे मोहोब्बत सा पाख,

कोई मंदिर न होगा,

कोई दरगाह न होगी....

तू साथ रहा अगर

ज़िन्दगी के सफर में,

तोह मुझे मंज़िल की

परवाह न होगी....

नजाने कैसे पर अवंतिका के दिल की अर्ज़ी मेरे दिल ने सुन li......aur मेरे दिल से आवाज़ आयी......

मेरा दिल:-

एक din,tere दिल को हम

अपना दिल बना लेंगे...

तू बस मेरा हाथ थाम

और चल पद.....

हम रास्ते को hi

मंज़िल बना लेंगे.....

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V..J.....
 
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