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अब तक आपने पढ़ा की ास्मोडियस मैडोक्स को और शक्तिशाली बनाने का तरीका बताता है....
अब आगे:-
CHAPTER-2
( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )
अपडेट- 66
प्लेनेट- एअर्थ
प्लेस- ड्रीम लैंड
कौन हो TUM???????AUR......AUR ये कैसी जगह HAI?????AUR ये अभी क्या हुआ THA.....TUM अचानक कैसे मेरे सामने आ गए....??????
एक शक्श जो इस वक़्त एक बड़ी सी मगर खाली उजाले से भरी हुई ऑडिटोरियम जैसी जगह में खड़े थे........
अभी वो इस जगह को समझने की कोशिश कर hi रहे थे की उनके सामने उस रौशनी सी भरी जगह के बीच और रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच से एक दूसरे शक्श बाहर आये.....
जिससे देखकर पहले वाले शक्श शॉक हो गए और सवाल पूछ baithe.....koi यूँ अचानक रौशनी के बीच से प्रकट हो तोह ये एक आम इंसान के लिए तोह ये शॉकिंग बात hi होगी ना!!!!!
2ंद पर्सन- इतना शॉक होने की ज़रुरत नहीं hai.......aap इस वक़्त स्वप्न देख रहे hain......ye जो भी हो रहा है वो आपके नींद में हो रहा है......
1सत- tabhi........par सपने में भी ऐसा कुछ तोह मैंने कभी नहीं देखा जिसमे कोई मुझे ये बता रहा हो की आप सपने में हैं.....
2ंद- वो इसीलिए क्यूंकि आप सपने में hain,mai नहीं....
1सत- मतलब!!!!!!!!
2ंद- मतलब ये की ये जगह जिसमे हम दोनों इस वक़्त खड़े hain,wo मैंने रची hai......maine hi आपके दिमाग में इस सपने को बना है......
ये भले hi एक सपना hai,par जो बात हमारे बीच हो रही hai,wo सच है........
2ंद- मुझे आपकी कोई भी बात समझ नहीं आ रही है????????
1सत- आ जाएगी.......
पहला शक्श दूसरे शख्श के पास गया और उसके सर पर हाथ rakha.......pehle शक्श को अपने दिमाग में आज उसके सोने के बाद क्या हुआ वो सब दिखने लगा.......
उसके सोने के बाद एक रौशनी उसके माथे के बीचो बीच लगी और उसके अंदर चली गयी...
और उसके दिमाग के अंदर घुसते hi वो रौशनी फैले गयी और अगले hi पल इस जगह का निर्माण हो गया जहाँ ये दोनों खड़े थे....
जगह के बनते hi पहला शक्श अचानक वहां प्रकट हुआ और उसके बाद का तोह वो और आप दोनों जानते hi हैं........
सारे पिक्टुरेस दिखने के बाद सेकंड शक्श ने अपना हाथ हटा लिया.............
जो भी अपने दिमाग में dikha,usse देखकर 1सत शक्श काफी शॉक हो गए......
1सत शक्श- आप कौन हैं??????
2ंद शक्श- एक अपराधी........
1सत- मतलब?????
2ंद- मई वो हूँ जो ये जानते हुए भी की क्या हो सकता है कुछ भी नहीं कर सकता....
1सत- मुझे आपकी कोई भी बात समझ नहीं आ रही है!!!!!!!
2ंद शक्श के चेहरे पर एक दर्द भरी मुस्कान आ gayi.usne एक बार फिरसे पहले शक्श के सर पर हाथ रख दिया.......
1सत शक्श की आँखें बंद हो गयी और उससे वो सब कुछ दिखने लगा जिसके बारे में 2ंद शक्श कह रहा था.
इतना hi नहीं जो कुछ हो चूका था और जिस कारण से हुआ था वो सब भी उसके बंद आँखों के आगे घूमने लगा.....
सपने में होने के बावजूद उस शख्स की आँखों में आंसू आ gaye.ye आंसू सिर्फ सपने में hi नहीं निकले the,wo शक्श जो असल में सोया हुआ tha,uske नींद से बंद हो चुकी आँखों के किनारों से भी आसूं निकलने लगे.......
सब कुछ दिखा देने के बाद 2ंद शक्श ने अपना हाथ हटा लिया............
1सत शक्श- अब मुझे खुद भी जीने की कोई ख्वाहिश नहीं है........
2ंद शक्श- बात ख्वाहिश की nahi,sahi और गलत की है.....
1सत शक्श- फिर आप कुछ कर क्यों नहीं रहे??????
2ंद- इसीलिए तोह मई अपराधी हूँ........
1सत - क्या मुझे कारण जानने का भी हक़ नहीं है????
2ंद- अगर आपके पास एक को बचने का मौका हो पर उसके लिए आपको करोड़ों की जान मुश्किल में डालनी पद जाए तोह आप क्या करेंगे????
1सत- एक के लिए करोड़ों की जान को खतरे में कैसे डाला जा सकता है?????
2ंद- आप वही एक हैं.................
1सत शक्श 2ंद शक्श की बात सुनकर चौंक गया......
पर फिर उसके चेहरे पर एक संतोष भरी मुस्कान आ गयी.....
1सत- मुझे आपके कहने का मतलब तोह समझ नहीं आया पर आपकी आँखों में मुझे सच दीखता है.....
मुझे अपने मरने का गम नहीं है बल्कि इस बात की ख़ुशी है मेरी मरने से और लोगों की जान बच जायेगी.............
2ंद- आपकी इसी सोच की वजह से हेवन में आपको स्वर्ग वासिओं में सबसे सामनिया स्थान मिलेगा..........
2ंद शक्श ने एक बार 1सत शक्श के पेअर छुए और गायब हो गया...........
2ंद शक्श के गायब होते hi वो जगह भी गायब हो गयी और जो शक्श ये सपना देख रहा tha,uski आँखें खुल गयी..
पहले तोह उससे कुछ समझ नहीं आया फिर उसने अपने आखों के निचे छुआ जहाँ पर उसके सूखे हुए आसुओं की परत अब भी मौजूद थीईई....
कुछ वक़्त लगा पर फिर उस शक्श को समझ आ गया की उसने सपना ज़रूर देखा tha,par ये पहला सपना था जिसमे हक़ीक़त से ज़्यादा सच छुपा हुआ था...
उस शक्श के आँखों में एक बार फिर से आंसूं आ गए पर ये आंसूं बोहोत रेयर the,kyunki इनमे दर्द और ख़ुशी दोनों के पानी मिले हुए थे.....
इस वक़्त सुबह के 4 बज रहे the.raat को वो शक्श काफी लेट सोये थे और आज उनकी नींद जल्दी खुल गयी थी फिर भी उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने इस पूरी ज़िन्दगी की नींद पूरी कर ली है.....
वो फटाफट उठे और उन्होंने स्नान liya.unka मन कुछ व्याकुल हो रहा था....
होता भी क्यों naa,jis इंसान को ये पता हो की उसकी आखरी घडी आ गयी hai,uska मन तोह परेशां होगा hi ना.
तैयार होकर वो शक्श पूजा घर में भगवन की मूरत के सामने बैठ गए और भगवन से आने वाली घडी को जल्दी से आकर बीत जाने की प्रार्थना करने लगे...............
प्लेस- मीनाक्षी मेन्शन
कहाँ है यार tu...????????kab से कॉल कर रहे हैं तुझे और तू है की फ़ोन hi नहीं उठा रहा????????
आज संडे hai...breakfast करके मई अपने रूम में लेता कुछ सोच रहा था.....
सुबह से hi मेरे चारों फ्रेंड्स का फ़ोन आ रहा था पर आज मुझे किसीसे भी बात करने का मन नहीं कर रहा था इसीलिए मैंने किसीका फ़ोन नहीं उठाया...
मई- वो थोड़ा बिजी था यार.......
अंजलि और रोनित ने मेरे चेहरे को अभी तक ध्यान से नहीं देखा tha,par मेरी बात में छुपी उदासी को दोनों भांप गए और मेरे चेहरे को ध्यान से देखने लगे....
उन्हें मेरे चेहरे पर भी वही उदासी दिखी जो मेरे बातों में थी.....
अंजलि और रोनित दोनों मेरे एक एक साइड बैठ गए...
अंजलि- क्या हुआ V.J......?????
मई- कुछ भी तोह नहीं...
मेरी आवाज़ अभी भी काफी लौ थी......
रोनित- देख bhai,tere जैसी गहराई की पूँछ पकड़के बातों के अंदर से बात निकलकर बोलने का हुनर न मुझे आता है और नाही अंजू को..
बस इतना बोल सकता हूँ की हम दोनों hi तुझे उदास नहीं देख sakte...toh जो भी बात hai,wo सच सच बता दे....
अंजलि- माना की हम तेरे जितने ताकतवर नहीं hai,taakat तोह दूर की बात hai,hum तोह तेरे सामने कुछ भी नहीं hain,fir भी शायद तेरी प्रॉब्लम से लड़ने में तेरी कोई हेल्प कर दें......
अंजलि और रोनित की बात सुन मैंने एक बार दोनों को गौर से देखा फिर एक गहरी सांस छोड़ी.......
मई- और अगर मई कहूं की मेरी प्रॉब्लम मेरी ताकत hi है तोह!!!!!!
अंजलि और रोनित मेरी बात सुनकर चौंक गए....
दोनों- मतलब!!!!!!!!!
मई- yaar,pehle कितना सही था naa.......hum तीनो कितनी मस्ती किया करते थे..
रोनित- तोह साले अब क्या बदल गया hai!!!!ab भी तोह हम कितनी मस्ती करते हैं.....
मई- बदल तोह गया है मेरे dost..meri haqiqat,mera अस्तित्व बदल गया hai..pehle मई सिर्फ जयराज सिंह और मीनाक्षी सिंह का बीटा tha......aur अब................
ANJALI-GOD का बीटा hai.......toh ये तोह अछि बात है ना!!!!
ACCHI!!!!!waise तोह हम सभी गॉड के बच्चे हैं पर इस पुरे यूनिवर्स में तू अकेला hi है जसिके पास इस बात का कॉपीराइट भी है........
मई- दूसरा........
दोनों- मतलब!!!!!!
मई- मई गॉड का दूसरा बीटा हूँ.....
मैंने वैसे तोह अंजलि और रोनित को अपने बारे में लगभग सब कुछ बता दिया था पर अपने भाई ास्मोडियस के बारे में नहीं बताया था........
इधर अंजलि और रोनित मेरी बात सुनकर शॉकेड हो गए....
अंजलि- तोह पहला बीटा कौन है....?????
मई- काली शक्तियों का maalik......ASMODEUS...............
रोनित- नाम तोह बड़ा कूल hai......ASMODEUS........
रोनित की बात सुनकर मई मुस्कुरा दिया......
अंजलि- अब्बे है क्यों रहा है???????
मई- तू पहला बाँदा है जिसने ास्मोडियस की तारीफ़ की है.......
रोनित- मतलब!!!!!
मई- तूने मेरी बात ध्यान से नहीं suni...maine कहा की वो काली शक्तियों का मालिक hai.is ब्रम्हांड में जितनी भी चीज़े गलत hain,sabke पीछे उसी का हाथ है....
करोड़ों लोगों को मारा है usne.....har काली और गलत चीज़ से शक्ति मिलती है उससे.....
अंजलि- तोह गॉड उसको पुनीश क्यों नहीं करते?????
मई- वो और mai,dono hi उनके ऊर्जा से बने hain......hume वो मार नहीं sakte?????sirf हम दोनों hi एक दूसरे को मार सकते हैं.....
रोनित- पता hai,bachpan से hi तू हर चीज़ में आगे रहा hai....haalaki मुझे तेरी हर जीत पे बोहोत ख़ुशी मिलती थी पर मई
हमेशा सोचता था की एक बाँदा हर चीज़ में आगे कैसे हो सकता hai!!!!!!mujhe हमेशा से लगा था की तू किसी ख़ास मकसद को पूरा करने के लिए hi जन्मा है.......
फिर एक दिन मुझे पता चला की तू मैजिक भी कर सकता hai.....ek नया jhatka.par इस झटके के साथ साथ मेरी शक की तू ख़ास है यकीं में बदल गया...
पर त्रिअनिन्ग के वक़्त जब हमारे तीनो गुरुओं ने हमें तेरी पूरी असलियत बताई तोह पहले तोह हमे यकीं नहीं hua,par फिर मैंने तेरी aadatein,itna टैलेंटेड होने के बावजूद तेरा ग्राउंडेड hona,itna ज़्यादा हैंडसम होने पर भी कभी किसी लड़की की तरफ आँख उठाकर नहीं dekhna,ye साड़ी बातों पर मेरा ध्यान जाते hi मुझे उनकी बातों पर यकीं होने लगा......
अंजलि- मुझे भी शुरू में डाउट tha,par जब ट्रेनिंग के दौरान हमने अद्भुद चीज़े देखीं और सीखीं तोह मुझे भी इस बात पर यकीं होने लगा.....
और आज तेरे भाई के बारे में सुनकर ये पक्का हो गया की ईश्वर ने तुझे hi क्यों चुना है उससे लड़कर उससे ख़त्म करने के लिए.......
मई- यही सब तोह मई नहीं चाहता hun......yaar,mai एक नार्मल ज़िन्दगी चाहता hun,jaise पहले thi...hard वर्क करके अछि पोजीशन लेकर पास hona,chuttiyon में जादू से नहीं बल्कि फ्लाइट की टिकट लेकर यहाँ वहां घूमने jaana,bade होकर डैड को उनके काम से छुट्टी dena,mom dad,naana,naani इन सब की खूब सेवा karna,in शार्ट वो सब करना जो एक आम बाँदा करता है...
मई ऐसी लाइफ चाहता हूँ yaar.....ye लार्ड ऑफ़ एंजेल बनाना जिसकी वजह से हर कोई मेरे आगे झुके और जो न झुके वो मुझे मारने की कोशिश kare,aur इस चक्कर में खुद hi मारा jaaye,ye सो कॉल्ड सुपरनैचरल लाइफ मुझे नहीं चाहिए....
रोनित- हर कोई इस तरह की पावर्स का भूका होता hai,aur एक तू है जिससे ये सब नहीं chahiye,shayad इसीलिए तू वो है जो है.....
मई- bhai,har चमकती चीज़ सोना नहीं hoti......itne पावर्स होने के बावजूद मुझे कभी कभी ऐसे फैसले लेने पड़ते hain,jisse मेरी आत्मा तक चली हो जाती है...
दिल में इतनी बेचैनी होती है की लगता है सब कुछ अभी ख़त्म हो जाएगा.....
जब आपके दिमाग में पुरे यूनिवर्स का नक्शा चप्पा ho,aapko सबके dukh,unke दर्द दीखते hon,aapke पास पावर्स भी हों जिससे आप उन्हें उनके तकलीफ से मुक्ति दिला सकते hain,iske बावजूद आपके हाथ बंधे हैं.
आप चाहकर भी कुछ नहीं कर sakte.us वक़्त कैसा लगता है ये तुम दोनों इमेजिन भी नहीं कर सकते......
रोनित- याद hai,ek वक़्त था जब तू हमेशा परबलेस में बात किया करता tha.school में जब कभी मई चीटिंग करता था तोह तुझे पता चल जाता था......
और हमेशा मुझे तेरी दांत सुन्नी पड़ती thi..tu हमेशा कहता था की स्मूथ रोड्स नेवर मेक गुड ड्राइवर्स & तेरे इस NO शॉर्टकट तो सक्सेस.
अचे रास्ते कभी अचे ड्राइवर्स नहीं बना सकते और कामियाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता.......
और जब मैंने तुझसे इन दोनों परबलेस का मतलब पूछा तोह तूने कहा था की.....
म्हणत kar......ho सकता है की जिस वक़्त तू हार्ड वर्क कर रहा hoga,padh रहा होगा तोह बाकी चीज़ें जिनमे तू दिलचस्पी लेता hai,wo पीछे छूट jaayen.tu कुछ वक़्त तक अपनी मन पसंद चीज़े ना कर पाए....
पर जिस दिन तेरा रिजल्ट niklega,tu उस रिजल्ट को लेकर अपने माँ डैड के सामने jaayega,aur जब तेरे अचे रिजल्ट को देखकर तेरे पेरेंट्स की आँखों में ख़ुशी की चमक आएगी naa,toh तेरे मन में एक ऐसी ख़ुशी की लेहेर उठेगी जो तुझे उठाकर सीधे सातवे आसमान में बैठा देगी........
मुझे ज्ञान और त्याग का पाठ padhaake,tu खुद hi भूल गया....
आज तू भी मेरी hi तरह डिमांड्स कर रहा hai....normal life,mom डैड की सेवा karna,ye तोह तू अब भी कर सकता है पर जो ज़िम्मेदारी तुझे मिली है अगर तू उसपे खरा उतर गया तोह सोच कितने माँ डैड के बचे पाप के रास्ते को छोड़ सही रास्ते पर चलने लगेंगे..
तेरी जो इंसानो वाली िचायें जाग रही है naa,tere त्याग से नजाने कितने भटके हुए लड़के लड़कियां सुधर कर अपने माँ डैड की सेवा करेंगे......
रोनित की बातें सुनकर अंजलि को आज अपनी चॉइस पर गर्व हो रहा था...
वहीँ मेरे लिए एक बात आज क्लियर हो गयी thi,ki गॉड ने चुन चुन कर लोगों को मेरी ज़िन्दगी में भेजा है....
अगर ऐसे दोस्त हो naa,toh एक kya,mai 100 ास्मोडियस से भीड़ jaaunga......haalaki इसमें मेरा hi नुक्सान तय hai,pelayi भी मेरी hi होनी hai,par साला फिर भी भीड़ तोह जाऊंगा......
मई- तू कब बड़ा हो गया be?????tujhe इतनी इंटेलीजेंट और इंटेलेक्चुअल बातें सूट नहीं करती....
वैसे तेरी इस स्पीच का असर मुझसे ज़्यादा किसी और पर हुआ है....
मेरी बात सुनकर जब रोनित ने अंजलि की तरफ dekha,toh अंजलि शर्मा गयी.....
मई-
नजाने मेरा दोस्त ये
कैसे सेहत है???
तेरा ये शर्माना तोह बिन
छुए hi क़त्ल कर देता है.....
वाह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.......
ये आवाज़ हम तीनो ने नहीं सामने से आ रही शनाया के मुँह से निकली thi....SHANAYA के पीछे पीछे hi अवंतिका ने भी एंर्टी मारी......
शनाया- किस बात पर शायरी हो रही hai???hame भी बताओ........
मई- बस किसीके हुस्न के कसीदे पढ़े तोह वो शर्मा गया......
शनाया- किसके???
अवंतिका- तू भी naa,ek नंबर की डुबो hai......in तीनो में हुस्न शब्द किसपे एप्लीकेबल होता hai....???ANJALI par.....toh उसी के लिए बोलै होगा ना.....
शनाया- haan,ye भी hai.but थिस नॉट fair...ANJALI रोनित की g.f है तोह शायरी भी रोनित को करनी चाहिए ना..
रोनित- अगर मैंने शायरी की तोह अभी के अभी हमारा ब्रेकअप हो jaayega.....isiliye मेरी तरफ से मेरा भाई बोल देता है.....
रोनित की बात सुनकर हम सब है दिए.....
अंजलि- तोह chalen,kahin घूम कर आते हैं.....
MAI-haan चलो फिर...
हम सब बहार की ततफ निकल gaye..RONIT,ANJALI और शनाया आगे आगे चल रहे the,AVANTIKA जानबूझ कर कुछ धीरे चल रही थी......
अवंतिका- एक बात पूछूं?????
जैसे hi तीनो हमसे थोड़ा आगे चले गए तोह अवंतिका ने मुझसे पूछा....???
मई- पहले मई पूछूंगा....???????
तुम्हारा हक़ीक़त और सपना एक हुआ?????
अवंतिका मन में- हो गया है पर तुम्हे अभी बता नहीं सकती पर बताउंगी ज़रूर एक दिन.........
अवंतिका- वो सब बाद में पहले ये बताओ की आज तुम्हारी आँखें कुछ उदास सी लग रही hai,aisa क्यों??????
मई अवंतिका की बात सुनकर रूक गया..
अवंतिका भी रूक गयी और मेरी आँखों में देखने लगी.......
मई- फिर कभी बताऊंगा......
अवंतिका- कब??????
मई- एक दिन......
प्लेनेट मांसलिकेल
प्लेस- ास्मोडियस पैलेस
तोह तुम तैयार हो?????
मैडोक्स- जी बिलकुल.......
ास्मोडियस- एक बार फिर से सोच lo....kyunki एक बार तुमने ट्रांस पूल के पानी के एक बूँद भी पि liya,toh तुम पीछे नहीं हैट सकते.....
उसके बाद तुम्हारे पास सिर्फ वही दो ओप्तिओंस होंगे जिनके बारे में मैंने तुम्हे कल बताया था.....
दर्द.......
त्याग......
मैडोक्स- मई दोनों के लिए तैयार हूँ.....
मैडोक्स की बात सुनकर ास्मोडियस मुस्कुराया.......
ास्मोडियस- ठीक है fir..taiyar हो जाओ...
ास्मोडियस ने अपना एक हाथ आगे kiya..uske हाथ के ऊपर एक बड़ा सा कटोरा आ गया जिसमे पानी भरा हुआ था......
ास्मोडियस- यही है उस ट्रांस पूल का पानी.........
ास्मोडियस ने अपने दूसरे हाथ की एक ऊँगली उस पानी कटोरे के अंदर daali,ASMODEUS के ऊँगली से वाइट रे निकली और उस पानी में मिलती चली गयी.....
ास्मोडियस- अब तुम इससे पी सकते हो किन्तु याद rahe,isse तुम्हे एक एक गूँथ करके पीना है...........
मैडोक्स ने हाँ में अपनी गर्दन हिलायी...
ास्मोडियस ने अपने हाथ मैडोक्स के तरफ कर diye.wo कटोरा ास्मोडियस के हाथों से उड़ता हुआ निकला और मैडोक्स के हाथों में पहुँच गया...
मैडोक्स ने एक लम्बी सांस खींची और उस कटोरे को अपने होंठों से लगाकर जैसे hi पानी का एक घूँट लिया.........
aaahhhhhhhhh.....ahhhhhhh.ahhhhhhhhh....
मैडोक्स के हाथ से कटोरा छूट गया पैट कटोरा गिरा नहीं और नाही उसके अंदर का पानी ज़रा भी छलका.......
ास्मोडियस ने उससे गिरने से रोक दिया था और खड़े खड़े मुस्कुरा रहा था...
वहीँ मैडोक्स की हालत बोहोत ज़्यादा ख़राब थी..............
उसने अपने गले को खुद दबाया हुआ था और ज़मीं में लोट रहा था या यूँ कहूं दर्द के मारे चटपटा रहा था....
उसके मुँह से कारण भेदी चीखें निकल रही थी...
कुछ देर तक ऐसा hi होता रहा फिर धीरे धीरे मैडोक्स का दर्द काम होने लगा और कुछ hi समय में ठीक हो गया.
ये उस वाइट एनर्जी का कमाल था जिसकी वजह से मैडोक्स अभी तक ज़िंदा था......
ास्मोडियस- lo,piyo.........
मैडोक्स के दर्द काम होते hi ास्मोडियस ने उसकी तरफ वो प्याला फिर से बढ़ा दिया.....
मैडोक्स- nahi.nahi......mai और नहीं पी sakta..............isse पैदा होने वाली जलन असहनीय है....
मौत से भी बदतर है इसकी पीड़ा........
ास्मोडियस- तुम पीछे नहीं हैट सकते MADDOX.maine पहले hi कहा tha,agar तुमने एक बार इस पानी को पीना शुरू किया तोह तुम्हे इससे पूरा पीना पड़ेगा.........
मैडोक्स- पर मई इससे नहीं पी sakta..haan,yaad aaya,aapne एक और विकल्प भी तोह दिया tha..TYAAG......wo क्या है बता dijiye.DARD से तोह त्याग hi ठीक होगा.....
मैडोक्स की बात सुनकर ास्मोडियस की मुस्कान और गहरी हो गयी....
ास्मोडियस- जैसी तुम्हारी इच्छा....
और फिर जैसे hi ास्मोडियस ने मैडोक्स को त्याग के बारे में bataya,MADDOX की आँखें हैरत से फैले गयी......
MADDOX-ye आप क्या कह रहे hain.mai ये नहीं कर सकता....
ास्मोडियस- तुम्हारे पास तीसरा विकल्प नहीं है bacche..ab मर्ज़ी तुम्हारी hai......aur तुम्हे अपना फैसला जल्दी लेना होगा...
वर्ण जो पानी तुमने अभी पिया hai,wo तुम्हारे गले को फाड़ देगा........
मैडोक्स ास्मोडियस की बात सुनकर दर gaya....dard वो सेह नहीं पा रहा था और त्याग इतना बड़ा था जिससे वो देना नहीं चाहता था.......
मैडोक्स के एक बार फिरसे पानी को पीने का विकल्प चुना पर ये विकल्प उसपे और भारी पड़ा...
पानी को पीते hi इस बार जो दर्द उसके गले में hua,wo पिछले बार के मुकाबले डबल था........
मैडोक्स काफी देर तक अपने गले को पकड़ कर नीचे ज़मीं पर छटपटाता रहा फिर जब उससे कुछ रहत मिली तोह.........
मैडोक्स- TYAGGG....mai त्याग के लिए तैयार हूँ....
मैडोक्स उस पानी से होने वाले दर्द से इतना दर गया था की उसका विवेक ने काम करना बंद कर दिया tha.......usne चिल्ला चिल्लाकर त्याग का विकल्प चुना..........
त्याग कहते hi उसके गले का जलन ख़त्म हो गया......
वहीँ ास्मोडियस की गहरी मुस्कान और गहरी हो गयी मानो वो इसी पल का इंतज़ार कर रहा था...
ास्मोडियस ने ऊपर देखा और अगले पल उसके चेहरे पर एक खिल्ली उड़ाने वाली मुस्कान थी....
ास्मोडियस मन में- इनके लिए आपने मुझे छोड़ा था...........
ास्मोडियस ने अपने हाथ आगे किये और अगले hi पल वहां कोई प्रकट हुआ.........
और जो प्रकट हुआ tha,wo भी अपने आप को यूँ अचानक किसी दूसरी जगह पर देख कर चौंका था.....
पर फिर ासाहनक उस इंसान की नज़र मैडोक्स पर गयी और उससे अपने सुबह का सपना याद आ गया और सपना याद आते hi उसके चेहरे पर एक फीकी सी मुस्कान थी....
3रद पर्सन- देख क्या रहे ho????jo करने के लिए मुझे यहाँ बुलाया hai,wo करो और मुझे भी इस जीवन से मुक्ति दो......
मैडोक्स- मई मजबूर हूँ मममममम.......
जी हाँ doston,ye शक्श और कोई नहीं मैडोक्स की माँ thi..ek साफ़ suthri,bhagwaan में आस्था रखने वाली mahila.........ek मात्र इंसान जो की मैडोक्स का अपना है, करीब है और सबसे important,SACCHA है....
और यही है TYAAG........MADDOX को अपनी माँ के खून को उस पानी में मिला कर पीना hoga,isse उस पानी से हो रहे जलन से मैडोक्स को मुक्ति मिल जायेगी.....
ये बात आज सपने में मैडोक्स की माँ देख चुकी थी इसीलिए वो बिलकुल भी सुरप्रीसेड नहीं हुई...........
ास्मोडियस- लगता है मेरे भाई से बात करके आपका मनोबल काफी बढ़ गया है तभी आपके चेहरे पर बिलकुल भी दर्द नहीं है....
जी हाँ doston,jo शक्श मैडोक्स की माँ के सपने में आया tha,wo और कोई नहीं अपना हीरो विक्रम था......
मैडोक्स- आपका भाई????
ास्मोडियस- जान jaaoge.abhi उसमे वक़्त hai.....filhal इन्हे जिस कारण से बुलाया hai,wo तोह पूरा करो.........
ास्मोडियस ने अपना हाथ आगे kiya,agle hi पल उसके हाथों में एक चमचमाती तलवार थी..........
ास्मोडियस ने तलवार मैडोक्स के सामने कर दी....
मैडोक्स ने थरथराते हाथों से उस तलवार को पकड़ा...
मैडोक्स की माँ तोह बस उसी फीकी मुस्कान के साथ बिना डरे एक तक मैडोक्स को देख रही थी.......
मैडोक्स ने दो तीन बार तलवार उठायी पर अपनी माँ पर वार नहीं कर पाया......
ास्मोडियस- तुम रहने do.tumse नहीं hoga.tumhare लिए दर्द का विकल्प hi ठीक hai....aur जैसे hi ास्मोडियस ने ट्रांस पूल के पानी का प्याला मैडोक्स के आगे किया मैडोक्स इतना दर गया की
सुभहहहह..................
मैडोक्स की तलवार अपने आप चल गयी और अगले hi पल उसकी माँ का सर ज़मीं पर पड़ा था......
मैडोक्स पथराई आँखों से अपनी माँ के कटे सर को देख रहा था.......
ास्मोडियस- जड़ली से इस पानी में अपनी माँ के खून milaao,kahin खून सुख ना जाये...
मैडोक्स ने थके हाथों से प्याला उठाया और अपनी माँ के खून को पानी में मिलाने लगा..
कहते हैं की मोनलिसा की पेंटिंग में मोनालिसा जिस तरीके से मुस्कुरा रही hai,us मुस्कराहट में इंसान के दिल के सारे भाव दीखते हैं..
मैडोक्स को अपनी माँ के खून को भरते हुए देख वैसी hi कुछ मुस्कानें इस वक़्त ास्मोडियस के चेहरे पर थी...........
कुछ hi देर में मैडोक्स ने पानी में खून को अछि मात्रा में मिला दिया था.....
ास्मोडियस- पी जाओ.......
मैडोक्स ने पानी का एक सिप liya.is बार उससे बिलकुल भी दर्द नहीं hua.dheere धीरे करके मैडोक्स ने पूरा प्याला ख़त्म कर दिया.....
अब मैडोक्स को अपने अंदर पहले से 10 गुना ज़्यादा शक्ति महसूस हो रही थी.....
ास्मोडियस- शक्ति के मिलने से ज़्यादा ज़रूरी है उससे कण्ट्रोल करना आना.........
तुम............................
ास्मोडियस ने मैडोक्स को कुछ निर्देश दिए......
मैडोक्स ने अपनी माँ के शव और सर को उठाया और ास्मोडियस के आगे झुककर गायब हो गया........
मुबारक हो .......................अपने नाम को एक अलग मुकाम की तरफ ले जा रहे हो तुम........
अभी मैडोक्स गायब हुआ hi था की इतने में ास्मोडियस के कानो में ये आवाज़ पड़ी जिससे सुनकर ास्मोडियस के चेहरे पर मुस्कान आ गयी..........
ास्मोडियस- पहली बार अपने बड़े भाई से बात कर रहे ho,aur उसपर भी ताना मार रहे ho.....ye तोह गलत बात है................
जी हाँ doston,ye आवाज़ और किसी की नहीं हममरे हीरो विक्रम की है....
मई- रिश्तों का lihaz!!!!!...........haan,tumse बेहतर ये और कौन jaanega,abhi अभी एक बेटे के हाथों उसकी माँ को मरवा जो दिया तुमने.....
मेरी बात सुनकर ास्मोडियस को ग़ुस्सा आ गया......
ास्मोडियस- beta!!!!!!kaisa beta?????jo सिर्फ शक्ति पाने के जूनून में अपनी माँ को मार de,wo........
मैंने उससे विकल्प दिया tha,agar वो चाहता तोह त्याग के बदले दर्द को चुन सकता tha....par उसने क्या किया?????
थोड़ा सा दर्द भी नहीं झेल saka.....aur इस बात के लिए तुम मुझे कुसूरवार ठहरे रहे हो???????
और क्यों न thehrao...tumme भी तोह हमारे पापा के hi गुण है naa.bhale hi इंसान कितने hi कमीने और घटिया क्यों ना hon,par गलत हमेशा मई hi रहता हूँ....
मई- गलत और सही का निर्णय लेने वाले तुम कौन होते ho?????apne हिसाब से नियम और क़ानून बनाने वाले तुम कौन होते हो????
मैडोक्स तोह तुम को जानता भी नहीं tha..ye तुम थे जिसने उससे यहाँ bulaya,apni ताकत दिखा उसके अंदर छुपे ताकत की भूक को बाहर nikala.fir उससे तरीका बताया की ताकत कैसे हासिल की जाए...
एक ऐसा तरीका जिसमे तुम अछि तरीके से जानते थे की आखिर में क्या hoga????jab कल तुमने मैडोक्स के सामने दो विकल्प rakhe,toh क्या तुमने उन विकल्पों का मतलब उससे samjhaya...nahi.....
तुम आज का वेट कर रहे थे ताकि पहले मैडोक्स वो पानी piye.usse होने वाले जलन को महसूस करे जिससे वो इतना दर जाए की त्याग उससे दर्द से छोटा लगे...
किसीके दिमाग को मणिपुलटे कर उससे भटकने वाले तुम कौन होते हो....?????
अगर पिताजी ने तुम्हे निकला hai,toh उसका कारण उनका इंसानो के प्रति प्रेम नहीं है बल्कि उसका कारण तुम्हारा इंसानो के प्रति नफरत है.....
एक ऐसी नफरत जिसके आगे तुम्हे कुछ भी नहीं dikhta..paap और पुण्य तुम्हे महज़ शब्द लगते हैं और कुछ नहीं....
ास्मोडियस- insaan!!!!!!apne मतलब के लिए किसी का भी गाला काटने से नहीं हिचकिचाने waale.....maasum लड़कियों का रपे करने waale.....bhagwan का नाम लेकर शैतान के काम करने waale...aise इंसानो से नफरत करना कहाँ से गलत है..... ????
मई- पाँचों उँगलियाँ बराबर नहीं होती bhai.....agar इंसानो में खामियां हैं तोह अच्छाइयां भी hai.par क्यूंकि तुम गलत ho,isiliye तुम्हे सिर्फ गलत चीज़े hi पहले दिखती हैं......
ास्मोडियस- ाचा मेरे एक सवाल का जवाब do...mai बुरा hun,chalo मान ली तुम्हारी baat.par तुम क्या हो????
तुमने भी तोह दिग्विजय को मारा है naa......aur उस दिन अवंतिका के दादाजी के भेजे गए लोगों को भी तुमने मारा था..
तोह मुझे ये बताओ की तुममे और मुझमे अंतर क्या है?????
मई- जब भी हम कुछ गलत लिखते hain,toh उससे मिटा देते हैं...
जिन लोगों को मैंने मारा वो भी गलत लिखाई जैसे hi the...aise लोग जिनके हाथ मासूमो के खून से रेंज हुए थे...
ऐसे लोगों को मारना गलत नहीं पुण्य का काम होता है क्यूंकि ऐसा करके आप नजाने कितने और मासूम लोगों को मरने से बचते हो......
तुम जानना चाहते हो ना की तुममे और मुझमे अंतर क्या है.......
मई तुम्हे एक नहीं 3 अंतर बताता हूँ...............
1सत- तुम में और मुझमे वही अंतर है जो अंतर नदी के पानी और समंदर के पानी के बीच होता है..
समंदर कितना hi विशाल क्यों ना ho,uske पानी को पिया नहीं जा सकता.....
और नदी का आकर कितना hi छोटा क्यों ना ho,pyaas उसी के पानी से भुजती है......
2ंद- तुममे और मुझमे वही अंतर है जो अंतर सर्दी की धुप और गर्मी की धुप के बीच होता है..
गर्मी की धुप से बदन जल जाता है वहीँ
सर्दी की धुप से शरीर को राहत मिलती है.....
और आखरी और सबसे बड़ा अंतर है........!!!!!!!!!!!
3रद- " नजरिया "
" ऐटिटूड "
आज के लिए इतना HI.......
आपका अपना V....J.....
अब आगे:-
CHAPTER-2
( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )
अपडेट- 66
प्लेनेट- एअर्थ
प्लेस- ड्रीम लैंड
कौन हो TUM???????AUR......AUR ये कैसी जगह HAI?????AUR ये अभी क्या हुआ THA.....TUM अचानक कैसे मेरे सामने आ गए....??????
एक शक्श जो इस वक़्त एक बड़ी सी मगर खाली उजाले से भरी हुई ऑडिटोरियम जैसी जगह में खड़े थे........
अभी वो इस जगह को समझने की कोशिश कर hi रहे थे की उनके सामने उस रौशनी सी भरी जगह के बीच और रौशनी हुई और उस रौशनी के बीच से एक दूसरे शक्श बाहर आये.....
जिससे देखकर पहले वाले शक्श शॉक हो गए और सवाल पूछ baithe.....koi यूँ अचानक रौशनी के बीच से प्रकट हो तोह ये एक आम इंसान के लिए तोह ये शॉकिंग बात hi होगी ना!!!!!
2ंद पर्सन- इतना शॉक होने की ज़रुरत नहीं hai.......aap इस वक़्त स्वप्न देख रहे hain......ye जो भी हो रहा है वो आपके नींद में हो रहा है......
1सत- tabhi........par सपने में भी ऐसा कुछ तोह मैंने कभी नहीं देखा जिसमे कोई मुझे ये बता रहा हो की आप सपने में हैं.....
2ंद- वो इसीलिए क्यूंकि आप सपने में hain,mai नहीं....
1सत- मतलब!!!!!!!!
2ंद- मतलब ये की ये जगह जिसमे हम दोनों इस वक़्त खड़े hain,wo मैंने रची hai......maine hi आपके दिमाग में इस सपने को बना है......
ये भले hi एक सपना hai,par जो बात हमारे बीच हो रही hai,wo सच है........
2ंद- मुझे आपकी कोई भी बात समझ नहीं आ रही है????????
1सत- आ जाएगी.......
पहला शक्श दूसरे शख्श के पास गया और उसके सर पर हाथ rakha.......pehle शक्श को अपने दिमाग में आज उसके सोने के बाद क्या हुआ वो सब दिखने लगा.......
उसके सोने के बाद एक रौशनी उसके माथे के बीचो बीच लगी और उसके अंदर चली गयी...
और उसके दिमाग के अंदर घुसते hi वो रौशनी फैले गयी और अगले hi पल इस जगह का निर्माण हो गया जहाँ ये दोनों खड़े थे....
जगह के बनते hi पहला शक्श अचानक वहां प्रकट हुआ और उसके बाद का तोह वो और आप दोनों जानते hi हैं........
सारे पिक्टुरेस दिखने के बाद सेकंड शक्श ने अपना हाथ हटा लिया.............
जो भी अपने दिमाग में dikha,usse देखकर 1सत शक्श काफी शॉक हो गए......
1सत शक्श- आप कौन हैं??????
2ंद शक्श- एक अपराधी........
1सत- मतलब?????
2ंद- मई वो हूँ जो ये जानते हुए भी की क्या हो सकता है कुछ भी नहीं कर सकता....
1सत- मुझे आपकी कोई भी बात समझ नहीं आ रही है!!!!!!!
2ंद शक्श के चेहरे पर एक दर्द भरी मुस्कान आ gayi.usne एक बार फिरसे पहले शक्श के सर पर हाथ रख दिया.......
1सत शक्श की आँखें बंद हो गयी और उससे वो सब कुछ दिखने लगा जिसके बारे में 2ंद शक्श कह रहा था.
इतना hi नहीं जो कुछ हो चूका था और जिस कारण से हुआ था वो सब भी उसके बंद आँखों के आगे घूमने लगा.....
सपने में होने के बावजूद उस शख्स की आँखों में आंसू आ gaye.ye आंसू सिर्फ सपने में hi नहीं निकले the,wo शक्श जो असल में सोया हुआ tha,uske नींद से बंद हो चुकी आँखों के किनारों से भी आसूं निकलने लगे.......
सब कुछ दिखा देने के बाद 2ंद शक्श ने अपना हाथ हटा लिया............
1सत शक्श- अब मुझे खुद भी जीने की कोई ख्वाहिश नहीं है........
2ंद शक्श- बात ख्वाहिश की nahi,sahi और गलत की है.....
1सत शक्श- फिर आप कुछ कर क्यों नहीं रहे??????
2ंद- इसीलिए तोह मई अपराधी हूँ........
1सत - क्या मुझे कारण जानने का भी हक़ नहीं है????
2ंद- अगर आपके पास एक को बचने का मौका हो पर उसके लिए आपको करोड़ों की जान मुश्किल में डालनी पद जाए तोह आप क्या करेंगे????
1सत- एक के लिए करोड़ों की जान को खतरे में कैसे डाला जा सकता है?????
2ंद- आप वही एक हैं.................
1सत शक्श 2ंद शक्श की बात सुनकर चौंक गया......
पर फिर उसके चेहरे पर एक संतोष भरी मुस्कान आ गयी.....
1सत- मुझे आपके कहने का मतलब तोह समझ नहीं आया पर आपकी आँखों में मुझे सच दीखता है.....
मुझे अपने मरने का गम नहीं है बल्कि इस बात की ख़ुशी है मेरी मरने से और लोगों की जान बच जायेगी.............
2ंद- आपकी इसी सोच की वजह से हेवन में आपको स्वर्ग वासिओं में सबसे सामनिया स्थान मिलेगा..........
2ंद शक्श ने एक बार 1सत शक्श के पेअर छुए और गायब हो गया...........
2ंद शक्श के गायब होते hi वो जगह भी गायब हो गयी और जो शक्श ये सपना देख रहा tha,uski आँखें खुल गयी..
पहले तोह उससे कुछ समझ नहीं आया फिर उसने अपने आखों के निचे छुआ जहाँ पर उसके सूखे हुए आसुओं की परत अब भी मौजूद थीईई....
कुछ वक़्त लगा पर फिर उस शक्श को समझ आ गया की उसने सपना ज़रूर देखा tha,par ये पहला सपना था जिसमे हक़ीक़त से ज़्यादा सच छुपा हुआ था...
उस शक्श के आँखों में एक बार फिर से आंसूं आ गए पर ये आंसूं बोहोत रेयर the,kyunki इनमे दर्द और ख़ुशी दोनों के पानी मिले हुए थे.....
इस वक़्त सुबह के 4 बज रहे the.raat को वो शक्श काफी लेट सोये थे और आज उनकी नींद जल्दी खुल गयी थी फिर भी उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने इस पूरी ज़िन्दगी की नींद पूरी कर ली है.....
वो फटाफट उठे और उन्होंने स्नान liya.unka मन कुछ व्याकुल हो रहा था....
होता भी क्यों naa,jis इंसान को ये पता हो की उसकी आखरी घडी आ गयी hai,uska मन तोह परेशां होगा hi ना.
तैयार होकर वो शक्श पूजा घर में भगवन की मूरत के सामने बैठ गए और भगवन से आने वाली घडी को जल्दी से आकर बीत जाने की प्रार्थना करने लगे...............
प्लेस- मीनाक्षी मेन्शन
कहाँ है यार tu...????????kab से कॉल कर रहे हैं तुझे और तू है की फ़ोन hi नहीं उठा रहा????????
आज संडे hai...breakfast करके मई अपने रूम में लेता कुछ सोच रहा था.....
सुबह से hi मेरे चारों फ्रेंड्स का फ़ोन आ रहा था पर आज मुझे किसीसे भी बात करने का मन नहीं कर रहा था इसीलिए मैंने किसीका फ़ोन नहीं उठाया...
मई- वो थोड़ा बिजी था यार.......
अंजलि और रोनित ने मेरे चेहरे को अभी तक ध्यान से नहीं देखा tha,par मेरी बात में छुपी उदासी को दोनों भांप गए और मेरे चेहरे को ध्यान से देखने लगे....
उन्हें मेरे चेहरे पर भी वही उदासी दिखी जो मेरे बातों में थी.....
अंजलि और रोनित दोनों मेरे एक एक साइड बैठ गए...
अंजलि- क्या हुआ V.J......?????
मई- कुछ भी तोह नहीं...
मेरी आवाज़ अभी भी काफी लौ थी......
रोनित- देख bhai,tere जैसी गहराई की पूँछ पकड़के बातों के अंदर से बात निकलकर बोलने का हुनर न मुझे आता है और नाही अंजू को..
बस इतना बोल सकता हूँ की हम दोनों hi तुझे उदास नहीं देख sakte...toh जो भी बात hai,wo सच सच बता दे....
अंजलि- माना की हम तेरे जितने ताकतवर नहीं hai,taakat तोह दूर की बात hai,hum तोह तेरे सामने कुछ भी नहीं hain,fir भी शायद तेरी प्रॉब्लम से लड़ने में तेरी कोई हेल्प कर दें......
अंजलि और रोनित की बात सुन मैंने एक बार दोनों को गौर से देखा फिर एक गहरी सांस छोड़ी.......
मई- और अगर मई कहूं की मेरी प्रॉब्लम मेरी ताकत hi है तोह!!!!!!
अंजलि और रोनित मेरी बात सुनकर चौंक गए....
दोनों- मतलब!!!!!!!!!
मई- yaar,pehle कितना सही था naa.......hum तीनो कितनी मस्ती किया करते थे..
रोनित- तोह साले अब क्या बदल गया hai!!!!ab भी तोह हम कितनी मस्ती करते हैं.....
मई- बदल तोह गया है मेरे dost..meri haqiqat,mera अस्तित्व बदल गया hai..pehle मई सिर्फ जयराज सिंह और मीनाक्षी सिंह का बीटा tha......aur अब................
ANJALI-GOD का बीटा hai.......toh ये तोह अछि बात है ना!!!!
ACCHI!!!!!waise तोह हम सभी गॉड के बच्चे हैं पर इस पुरे यूनिवर्स में तू अकेला hi है जसिके पास इस बात का कॉपीराइट भी है........
मई- दूसरा........
दोनों- मतलब!!!!!!
मई- मई गॉड का दूसरा बीटा हूँ.....
मैंने वैसे तोह अंजलि और रोनित को अपने बारे में लगभग सब कुछ बता दिया था पर अपने भाई ास्मोडियस के बारे में नहीं बताया था........
इधर अंजलि और रोनित मेरी बात सुनकर शॉकेड हो गए....
अंजलि- तोह पहला बीटा कौन है....?????
मई- काली शक्तियों का maalik......ASMODEUS...............
रोनित- नाम तोह बड़ा कूल hai......ASMODEUS........
रोनित की बात सुनकर मई मुस्कुरा दिया......
अंजलि- अब्बे है क्यों रहा है???????
मई- तू पहला बाँदा है जिसने ास्मोडियस की तारीफ़ की है.......
रोनित- मतलब!!!!!
मई- तूने मेरी बात ध्यान से नहीं suni...maine कहा की वो काली शक्तियों का मालिक hai.is ब्रम्हांड में जितनी भी चीज़े गलत hain,sabke पीछे उसी का हाथ है....
करोड़ों लोगों को मारा है usne.....har काली और गलत चीज़ से शक्ति मिलती है उससे.....
अंजलि- तोह गॉड उसको पुनीश क्यों नहीं करते?????
मई- वो और mai,dono hi उनके ऊर्जा से बने hain......hume वो मार नहीं sakte?????sirf हम दोनों hi एक दूसरे को मार सकते हैं.....
रोनित- पता hai,bachpan से hi तू हर चीज़ में आगे रहा hai....haalaki मुझे तेरी हर जीत पे बोहोत ख़ुशी मिलती थी पर मई
हमेशा सोचता था की एक बाँदा हर चीज़ में आगे कैसे हो सकता hai!!!!!!mujhe हमेशा से लगा था की तू किसी ख़ास मकसद को पूरा करने के लिए hi जन्मा है.......
फिर एक दिन मुझे पता चला की तू मैजिक भी कर सकता hai.....ek नया jhatka.par इस झटके के साथ साथ मेरी शक की तू ख़ास है यकीं में बदल गया...
पर त्रिअनिन्ग के वक़्त जब हमारे तीनो गुरुओं ने हमें तेरी पूरी असलियत बताई तोह पहले तोह हमे यकीं नहीं hua,par फिर मैंने तेरी aadatein,itna टैलेंटेड होने के बावजूद तेरा ग्राउंडेड hona,itna ज़्यादा हैंडसम होने पर भी कभी किसी लड़की की तरफ आँख उठाकर नहीं dekhna,ye साड़ी बातों पर मेरा ध्यान जाते hi मुझे उनकी बातों पर यकीं होने लगा......
अंजलि- मुझे भी शुरू में डाउट tha,par जब ट्रेनिंग के दौरान हमने अद्भुद चीज़े देखीं और सीखीं तोह मुझे भी इस बात पर यकीं होने लगा.....
और आज तेरे भाई के बारे में सुनकर ये पक्का हो गया की ईश्वर ने तुझे hi क्यों चुना है उससे लड़कर उससे ख़त्म करने के लिए.......
मई- यही सब तोह मई नहीं चाहता hun......yaar,mai एक नार्मल ज़िन्दगी चाहता hun,jaise पहले thi...hard वर्क करके अछि पोजीशन लेकर पास hona,chuttiyon में जादू से नहीं बल्कि फ्लाइट की टिकट लेकर यहाँ वहां घूमने jaana,bade होकर डैड को उनके काम से छुट्टी dena,mom dad,naana,naani इन सब की खूब सेवा karna,in शार्ट वो सब करना जो एक आम बाँदा करता है...
मई ऐसी लाइफ चाहता हूँ yaar.....ye लार्ड ऑफ़ एंजेल बनाना जिसकी वजह से हर कोई मेरे आगे झुके और जो न झुके वो मुझे मारने की कोशिश kare,aur इस चक्कर में खुद hi मारा jaaye,ye सो कॉल्ड सुपरनैचरल लाइफ मुझे नहीं चाहिए....
रोनित- हर कोई इस तरह की पावर्स का भूका होता hai,aur एक तू है जिससे ये सब नहीं chahiye,shayad इसीलिए तू वो है जो है.....
मई- bhai,har चमकती चीज़ सोना नहीं hoti......itne पावर्स होने के बावजूद मुझे कभी कभी ऐसे फैसले लेने पड़ते hain,jisse मेरी आत्मा तक चली हो जाती है...
दिल में इतनी बेचैनी होती है की लगता है सब कुछ अभी ख़त्म हो जाएगा.....
जब आपके दिमाग में पुरे यूनिवर्स का नक्शा चप्पा ho,aapko सबके dukh,unke दर्द दीखते hon,aapke पास पावर्स भी हों जिससे आप उन्हें उनके तकलीफ से मुक्ति दिला सकते hain,iske बावजूद आपके हाथ बंधे हैं.
आप चाहकर भी कुछ नहीं कर sakte.us वक़्त कैसा लगता है ये तुम दोनों इमेजिन भी नहीं कर सकते......
रोनित- याद hai,ek वक़्त था जब तू हमेशा परबलेस में बात किया करता tha.school में जब कभी मई चीटिंग करता था तोह तुझे पता चल जाता था......
और हमेशा मुझे तेरी दांत सुन्नी पड़ती thi..tu हमेशा कहता था की स्मूथ रोड्स नेवर मेक गुड ड्राइवर्स & तेरे इस NO शॉर्टकट तो सक्सेस.
अचे रास्ते कभी अचे ड्राइवर्स नहीं बना सकते और कामियाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता.......
और जब मैंने तुझसे इन दोनों परबलेस का मतलब पूछा तोह तूने कहा था की.....
म्हणत kar......ho सकता है की जिस वक़्त तू हार्ड वर्क कर रहा hoga,padh रहा होगा तोह बाकी चीज़ें जिनमे तू दिलचस्पी लेता hai,wo पीछे छूट jaayen.tu कुछ वक़्त तक अपनी मन पसंद चीज़े ना कर पाए....
पर जिस दिन तेरा रिजल्ट niklega,tu उस रिजल्ट को लेकर अपने माँ डैड के सामने jaayega,aur जब तेरे अचे रिजल्ट को देखकर तेरे पेरेंट्स की आँखों में ख़ुशी की चमक आएगी naa,toh तेरे मन में एक ऐसी ख़ुशी की लेहेर उठेगी जो तुझे उठाकर सीधे सातवे आसमान में बैठा देगी........
मुझे ज्ञान और त्याग का पाठ padhaake,tu खुद hi भूल गया....
आज तू भी मेरी hi तरह डिमांड्स कर रहा hai....normal life,mom डैड की सेवा karna,ye तोह तू अब भी कर सकता है पर जो ज़िम्मेदारी तुझे मिली है अगर तू उसपे खरा उतर गया तोह सोच कितने माँ डैड के बचे पाप के रास्ते को छोड़ सही रास्ते पर चलने लगेंगे..
तेरी जो इंसानो वाली िचायें जाग रही है naa,tere त्याग से नजाने कितने भटके हुए लड़के लड़कियां सुधर कर अपने माँ डैड की सेवा करेंगे......
रोनित की बातें सुनकर अंजलि को आज अपनी चॉइस पर गर्व हो रहा था...
वहीँ मेरे लिए एक बात आज क्लियर हो गयी thi,ki गॉड ने चुन चुन कर लोगों को मेरी ज़िन्दगी में भेजा है....
अगर ऐसे दोस्त हो naa,toh एक kya,mai 100 ास्मोडियस से भीड़ jaaunga......haalaki इसमें मेरा hi नुक्सान तय hai,pelayi भी मेरी hi होनी hai,par साला फिर भी भीड़ तोह जाऊंगा......
मई- तू कब बड़ा हो गया be?????tujhe इतनी इंटेलीजेंट और इंटेलेक्चुअल बातें सूट नहीं करती....
वैसे तेरी इस स्पीच का असर मुझसे ज़्यादा किसी और पर हुआ है....
मेरी बात सुनकर जब रोनित ने अंजलि की तरफ dekha,toh अंजलि शर्मा गयी.....
मई-
नजाने मेरा दोस्त ये
कैसे सेहत है???
तेरा ये शर्माना तोह बिन
छुए hi क़त्ल कर देता है.....
वाह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.......
ये आवाज़ हम तीनो ने नहीं सामने से आ रही शनाया के मुँह से निकली thi....SHANAYA के पीछे पीछे hi अवंतिका ने भी एंर्टी मारी......
शनाया- किस बात पर शायरी हो रही hai???hame भी बताओ........
मई- बस किसीके हुस्न के कसीदे पढ़े तोह वो शर्मा गया......
शनाया- किसके???
अवंतिका- तू भी naa,ek नंबर की डुबो hai......in तीनो में हुस्न शब्द किसपे एप्लीकेबल होता hai....???ANJALI par.....toh उसी के लिए बोलै होगा ना.....
शनाया- haan,ye भी hai.but थिस नॉट fair...ANJALI रोनित की g.f है तोह शायरी भी रोनित को करनी चाहिए ना..
रोनित- अगर मैंने शायरी की तोह अभी के अभी हमारा ब्रेकअप हो jaayega.....isiliye मेरी तरफ से मेरा भाई बोल देता है.....
रोनित की बात सुनकर हम सब है दिए.....
अंजलि- तोह chalen,kahin घूम कर आते हैं.....
MAI-haan चलो फिर...
हम सब बहार की ततफ निकल gaye..RONIT,ANJALI और शनाया आगे आगे चल रहे the,AVANTIKA जानबूझ कर कुछ धीरे चल रही थी......
अवंतिका- एक बात पूछूं?????
जैसे hi तीनो हमसे थोड़ा आगे चले गए तोह अवंतिका ने मुझसे पूछा....???
मई- पहले मई पूछूंगा....???????
तुम्हारा हक़ीक़त और सपना एक हुआ?????
अवंतिका मन में- हो गया है पर तुम्हे अभी बता नहीं सकती पर बताउंगी ज़रूर एक दिन.........
अवंतिका- वो सब बाद में पहले ये बताओ की आज तुम्हारी आँखें कुछ उदास सी लग रही hai,aisa क्यों??????
मई अवंतिका की बात सुनकर रूक गया..
अवंतिका भी रूक गयी और मेरी आँखों में देखने लगी.......
मई- फिर कभी बताऊंगा......
अवंतिका- कब??????
मई- एक दिन......
प्लेनेट मांसलिकेल
प्लेस- ास्मोडियस पैलेस
तोह तुम तैयार हो?????
मैडोक्स- जी बिलकुल.......
ास्मोडियस- एक बार फिर से सोच lo....kyunki एक बार तुमने ट्रांस पूल के पानी के एक बूँद भी पि liya,toh तुम पीछे नहीं हैट सकते.....
उसके बाद तुम्हारे पास सिर्फ वही दो ओप्तिओंस होंगे जिनके बारे में मैंने तुम्हे कल बताया था.....
दर्द.......
त्याग......
मैडोक्स- मई दोनों के लिए तैयार हूँ.....
मैडोक्स की बात सुनकर ास्मोडियस मुस्कुराया.......
ास्मोडियस- ठीक है fir..taiyar हो जाओ...
ास्मोडियस ने अपना एक हाथ आगे kiya..uske हाथ के ऊपर एक बड़ा सा कटोरा आ गया जिसमे पानी भरा हुआ था......
ास्मोडियस- यही है उस ट्रांस पूल का पानी.........
ास्मोडियस ने अपने दूसरे हाथ की एक ऊँगली उस पानी कटोरे के अंदर daali,ASMODEUS के ऊँगली से वाइट रे निकली और उस पानी में मिलती चली गयी.....
ास्मोडियस- अब तुम इससे पी सकते हो किन्तु याद rahe,isse तुम्हे एक एक गूँथ करके पीना है...........
मैडोक्स ने हाँ में अपनी गर्दन हिलायी...
ास्मोडियस ने अपने हाथ मैडोक्स के तरफ कर diye.wo कटोरा ास्मोडियस के हाथों से उड़ता हुआ निकला और मैडोक्स के हाथों में पहुँच गया...
मैडोक्स ने एक लम्बी सांस खींची और उस कटोरे को अपने होंठों से लगाकर जैसे hi पानी का एक घूँट लिया.........
aaahhhhhhhhh.....ahhhhhhh.ahhhhhhhhh....
मैडोक्स के हाथ से कटोरा छूट गया पैट कटोरा गिरा नहीं और नाही उसके अंदर का पानी ज़रा भी छलका.......
ास्मोडियस ने उससे गिरने से रोक दिया था और खड़े खड़े मुस्कुरा रहा था...
वहीँ मैडोक्स की हालत बोहोत ज़्यादा ख़राब थी..............
उसने अपने गले को खुद दबाया हुआ था और ज़मीं में लोट रहा था या यूँ कहूं दर्द के मारे चटपटा रहा था....
उसके मुँह से कारण भेदी चीखें निकल रही थी...
कुछ देर तक ऐसा hi होता रहा फिर धीरे धीरे मैडोक्स का दर्द काम होने लगा और कुछ hi समय में ठीक हो गया.
ये उस वाइट एनर्जी का कमाल था जिसकी वजह से मैडोक्स अभी तक ज़िंदा था......
ास्मोडियस- lo,piyo.........
मैडोक्स के दर्द काम होते hi ास्मोडियस ने उसकी तरफ वो प्याला फिर से बढ़ा दिया.....
मैडोक्स- nahi.nahi......mai और नहीं पी sakta..............isse पैदा होने वाली जलन असहनीय है....
मौत से भी बदतर है इसकी पीड़ा........
ास्मोडियस- तुम पीछे नहीं हैट सकते MADDOX.maine पहले hi कहा tha,agar तुमने एक बार इस पानी को पीना शुरू किया तोह तुम्हे इससे पूरा पीना पड़ेगा.........
मैडोक्स- पर मई इससे नहीं पी sakta..haan,yaad aaya,aapne एक और विकल्प भी तोह दिया tha..TYAAG......wo क्या है बता dijiye.DARD से तोह त्याग hi ठीक होगा.....
मैडोक्स की बात सुनकर ास्मोडियस की मुस्कान और गहरी हो गयी....
ास्मोडियस- जैसी तुम्हारी इच्छा....
और फिर जैसे hi ास्मोडियस ने मैडोक्स को त्याग के बारे में bataya,MADDOX की आँखें हैरत से फैले गयी......
MADDOX-ye आप क्या कह रहे hain.mai ये नहीं कर सकता....
ास्मोडियस- तुम्हारे पास तीसरा विकल्प नहीं है bacche..ab मर्ज़ी तुम्हारी hai......aur तुम्हे अपना फैसला जल्दी लेना होगा...
वर्ण जो पानी तुमने अभी पिया hai,wo तुम्हारे गले को फाड़ देगा........
मैडोक्स ास्मोडियस की बात सुनकर दर gaya....dard वो सेह नहीं पा रहा था और त्याग इतना बड़ा था जिससे वो देना नहीं चाहता था.......
मैडोक्स के एक बार फिरसे पानी को पीने का विकल्प चुना पर ये विकल्प उसपे और भारी पड़ा...
पानी को पीते hi इस बार जो दर्द उसके गले में hua,wo पिछले बार के मुकाबले डबल था........
मैडोक्स काफी देर तक अपने गले को पकड़ कर नीचे ज़मीं पर छटपटाता रहा फिर जब उससे कुछ रहत मिली तोह.........
मैडोक्स- TYAGGG....mai त्याग के लिए तैयार हूँ....
मैडोक्स उस पानी से होने वाले दर्द से इतना दर गया था की उसका विवेक ने काम करना बंद कर दिया tha.......usne चिल्ला चिल्लाकर त्याग का विकल्प चुना..........
त्याग कहते hi उसके गले का जलन ख़त्म हो गया......
वहीँ ास्मोडियस की गहरी मुस्कान और गहरी हो गयी मानो वो इसी पल का इंतज़ार कर रहा था...
ास्मोडियस ने ऊपर देखा और अगले पल उसके चेहरे पर एक खिल्ली उड़ाने वाली मुस्कान थी....
ास्मोडियस मन में- इनके लिए आपने मुझे छोड़ा था...........
ास्मोडियस ने अपने हाथ आगे किये और अगले hi पल वहां कोई प्रकट हुआ.........
और जो प्रकट हुआ tha,wo भी अपने आप को यूँ अचानक किसी दूसरी जगह पर देख कर चौंका था.....
पर फिर ासाहनक उस इंसान की नज़र मैडोक्स पर गयी और उससे अपने सुबह का सपना याद आ गया और सपना याद आते hi उसके चेहरे पर एक फीकी सी मुस्कान थी....
3रद पर्सन- देख क्या रहे ho????jo करने के लिए मुझे यहाँ बुलाया hai,wo करो और मुझे भी इस जीवन से मुक्ति दो......
मैडोक्स- मई मजबूर हूँ मममममम.......
जी हाँ doston,ye शक्श और कोई नहीं मैडोक्स की माँ thi..ek साफ़ suthri,bhagwaan में आस्था रखने वाली mahila.........ek मात्र इंसान जो की मैडोक्स का अपना है, करीब है और सबसे important,SACCHA है....
और यही है TYAAG........MADDOX को अपनी माँ के खून को उस पानी में मिला कर पीना hoga,isse उस पानी से हो रहे जलन से मैडोक्स को मुक्ति मिल जायेगी.....
ये बात आज सपने में मैडोक्स की माँ देख चुकी थी इसीलिए वो बिलकुल भी सुरप्रीसेड नहीं हुई...........
ास्मोडियस- लगता है मेरे भाई से बात करके आपका मनोबल काफी बढ़ गया है तभी आपके चेहरे पर बिलकुल भी दर्द नहीं है....
जी हाँ doston,jo शक्श मैडोक्स की माँ के सपने में आया tha,wo और कोई नहीं अपना हीरो विक्रम था......
मैडोक्स- आपका भाई????
ास्मोडियस- जान jaaoge.abhi उसमे वक़्त hai.....filhal इन्हे जिस कारण से बुलाया hai,wo तोह पूरा करो.........
ास्मोडियस ने अपना हाथ आगे kiya,agle hi पल उसके हाथों में एक चमचमाती तलवार थी..........
ास्मोडियस ने तलवार मैडोक्स के सामने कर दी....
मैडोक्स ने थरथराते हाथों से उस तलवार को पकड़ा...
मैडोक्स की माँ तोह बस उसी फीकी मुस्कान के साथ बिना डरे एक तक मैडोक्स को देख रही थी.......
मैडोक्स ने दो तीन बार तलवार उठायी पर अपनी माँ पर वार नहीं कर पाया......
ास्मोडियस- तुम रहने do.tumse नहीं hoga.tumhare लिए दर्द का विकल्प hi ठीक hai....aur जैसे hi ास्मोडियस ने ट्रांस पूल के पानी का प्याला मैडोक्स के आगे किया मैडोक्स इतना दर गया की
सुभहहहह..................
मैडोक्स की तलवार अपने आप चल गयी और अगले hi पल उसकी माँ का सर ज़मीं पर पड़ा था......
मैडोक्स पथराई आँखों से अपनी माँ के कटे सर को देख रहा था.......
ास्मोडियस- जड़ली से इस पानी में अपनी माँ के खून milaao,kahin खून सुख ना जाये...
मैडोक्स ने थके हाथों से प्याला उठाया और अपनी माँ के खून को पानी में मिलाने लगा..
कहते हैं की मोनलिसा की पेंटिंग में मोनालिसा जिस तरीके से मुस्कुरा रही hai,us मुस्कराहट में इंसान के दिल के सारे भाव दीखते हैं..
मैडोक्स को अपनी माँ के खून को भरते हुए देख वैसी hi कुछ मुस्कानें इस वक़्त ास्मोडियस के चेहरे पर थी...........
कुछ hi देर में मैडोक्स ने पानी में खून को अछि मात्रा में मिला दिया था.....
ास्मोडियस- पी जाओ.......
मैडोक्स ने पानी का एक सिप liya.is बार उससे बिलकुल भी दर्द नहीं hua.dheere धीरे करके मैडोक्स ने पूरा प्याला ख़त्म कर दिया.....
अब मैडोक्स को अपने अंदर पहले से 10 गुना ज़्यादा शक्ति महसूस हो रही थी.....
ास्मोडियस- शक्ति के मिलने से ज़्यादा ज़रूरी है उससे कण्ट्रोल करना आना.........
तुम............................
ास्मोडियस ने मैडोक्स को कुछ निर्देश दिए......
मैडोक्स ने अपनी माँ के शव और सर को उठाया और ास्मोडियस के आगे झुककर गायब हो गया........
मुबारक हो .......................अपने नाम को एक अलग मुकाम की तरफ ले जा रहे हो तुम........
अभी मैडोक्स गायब हुआ hi था की इतने में ास्मोडियस के कानो में ये आवाज़ पड़ी जिससे सुनकर ास्मोडियस के चेहरे पर मुस्कान आ गयी..........
ास्मोडियस- पहली बार अपने बड़े भाई से बात कर रहे ho,aur उसपर भी ताना मार रहे ho.....ye तोह गलत बात है................
जी हाँ doston,ye आवाज़ और किसी की नहीं हममरे हीरो विक्रम की है....
मई- रिश्तों का lihaz!!!!!...........haan,tumse बेहतर ये और कौन jaanega,abhi अभी एक बेटे के हाथों उसकी माँ को मरवा जो दिया तुमने.....
मेरी बात सुनकर ास्मोडियस को ग़ुस्सा आ गया......
ास्मोडियस- beta!!!!!!kaisa beta?????jo सिर्फ शक्ति पाने के जूनून में अपनी माँ को मार de,wo........
मैंने उससे विकल्प दिया tha,agar वो चाहता तोह त्याग के बदले दर्द को चुन सकता tha....par उसने क्या किया?????
थोड़ा सा दर्द भी नहीं झेल saka.....aur इस बात के लिए तुम मुझे कुसूरवार ठहरे रहे हो???????
और क्यों न thehrao...tumme भी तोह हमारे पापा के hi गुण है naa.bhale hi इंसान कितने hi कमीने और घटिया क्यों ना hon,par गलत हमेशा मई hi रहता हूँ....
मई- गलत और सही का निर्णय लेने वाले तुम कौन होते ho?????apne हिसाब से नियम और क़ानून बनाने वाले तुम कौन होते हो????
मैडोक्स तोह तुम को जानता भी नहीं tha..ye तुम थे जिसने उससे यहाँ bulaya,apni ताकत दिखा उसके अंदर छुपे ताकत की भूक को बाहर nikala.fir उससे तरीका बताया की ताकत कैसे हासिल की जाए...
एक ऐसा तरीका जिसमे तुम अछि तरीके से जानते थे की आखिर में क्या hoga????jab कल तुमने मैडोक्स के सामने दो विकल्प rakhe,toh क्या तुमने उन विकल्पों का मतलब उससे samjhaya...nahi.....
तुम आज का वेट कर रहे थे ताकि पहले मैडोक्स वो पानी piye.usse होने वाले जलन को महसूस करे जिससे वो इतना दर जाए की त्याग उससे दर्द से छोटा लगे...
किसीके दिमाग को मणिपुलटे कर उससे भटकने वाले तुम कौन होते हो....?????
अगर पिताजी ने तुम्हे निकला hai,toh उसका कारण उनका इंसानो के प्रति प्रेम नहीं है बल्कि उसका कारण तुम्हारा इंसानो के प्रति नफरत है.....
एक ऐसी नफरत जिसके आगे तुम्हे कुछ भी नहीं dikhta..paap और पुण्य तुम्हे महज़ शब्द लगते हैं और कुछ नहीं....
ास्मोडियस- insaan!!!!!!apne मतलब के लिए किसी का भी गाला काटने से नहीं हिचकिचाने waale.....maasum लड़कियों का रपे करने waale.....bhagwan का नाम लेकर शैतान के काम करने waale...aise इंसानो से नफरत करना कहाँ से गलत है..... ????
मई- पाँचों उँगलियाँ बराबर नहीं होती bhai.....agar इंसानो में खामियां हैं तोह अच्छाइयां भी hai.par क्यूंकि तुम गलत ho,isiliye तुम्हे सिर्फ गलत चीज़े hi पहले दिखती हैं......
ास्मोडियस- ाचा मेरे एक सवाल का जवाब do...mai बुरा hun,chalo मान ली तुम्हारी baat.par तुम क्या हो????
तुमने भी तोह दिग्विजय को मारा है naa......aur उस दिन अवंतिका के दादाजी के भेजे गए लोगों को भी तुमने मारा था..
तोह मुझे ये बताओ की तुममे और मुझमे अंतर क्या है?????
मई- जब भी हम कुछ गलत लिखते hain,toh उससे मिटा देते हैं...
जिन लोगों को मैंने मारा वो भी गलत लिखाई जैसे hi the...aise लोग जिनके हाथ मासूमो के खून से रेंज हुए थे...
ऐसे लोगों को मारना गलत नहीं पुण्य का काम होता है क्यूंकि ऐसा करके आप नजाने कितने और मासूम लोगों को मरने से बचते हो......
तुम जानना चाहते हो ना की तुममे और मुझमे अंतर क्या है.......
मई तुम्हे एक नहीं 3 अंतर बताता हूँ...............
1सत- तुम में और मुझमे वही अंतर है जो अंतर नदी के पानी और समंदर के पानी के बीच होता है..
समंदर कितना hi विशाल क्यों ना ho,uske पानी को पिया नहीं जा सकता.....
और नदी का आकर कितना hi छोटा क्यों ना ho,pyaas उसी के पानी से भुजती है......
2ंद- तुममे और मुझमे वही अंतर है जो अंतर सर्दी की धुप और गर्मी की धुप के बीच होता है..
गर्मी की धुप से बदन जल जाता है वहीँ
सर्दी की धुप से शरीर को राहत मिलती है.....
और आखरी और सबसे बड़ा अंतर है........!!!!!!!!!!!
3रद- " नजरिया "
" ऐटिटूड "
आज के लिए इतना HI.......
आपका अपना V....J.....