इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 11 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट - 85

अब तक...

नेहा यहाँ इसलिए आ पायी क्युकी उसके फ़ोन में अंशु का केवल एक मैसेज पड़ा हुआ था!

"जितनी जल्दी हो सके घर आओ! और घर के बहार दरवाज़े के पास कड़ी रहना! Don't ओपन थे दूर! Don't मेक अन्य नॉइज़! बस खड़े रहना!"

नेहा ने जब ये मैसेज पढ़ा था तोह बोहत अटपटा लगा था पर अंशु ने कहा है मतलब कुछ बात तोह होगी, यही सोच के वो यहाँ आयी थी और उसने बिलकुल वैसा hi किया जैसा की अंशु ने बताया था.

पर उससे क्या पता था की उससे इतना बड़ा झटका लगने वाला है!

तानिया : तोह में शुरू करती हु...


अब आगे...

तानिया : तुम्हे लगता है तुम्हे सब कुछ पता था अपने भाई के बारे में नेहा! पर असल बात तोह ये है की तुम्हे कुछ भी नहीं पता था.

नेहा : नूवो! Mein...mein जानती हु उससे अच्छे से, wo...wo...

नेहा की हालत इस वक़्त बोहत hi खराब हो रही थी. उसका शरीर काँप रहा था, आँखों में हलके हलके आसुओ की बुँदे थी, आँखें शॉक के मारे एकदम चौड़ी हो गयी थी.

तानिया : ये सच्चाई सिर्फ और सिर्फ में, अंशु और तुम्हारे माँ डैड hi जानते थे. इनफैक्ट मुझे और अंशु को बोहत बाद में पता चला ये. बुआ और फूफा तोह तुम्हे बताने से rahe...aur राहुल का ये सच हमेशा हमेशा के लिए अँधेरे की गहराईयो में खो जाता... बिलकुल वैसे hi... जैसे राहुल चाहता था.

नेहा : नाहीइ!! झूठ!!!... आप झूठ बोल रही हो!!

नेहा बाहर से तोह ये कह रही थी पर उसका दिमाग सब समझ रहा था, वो जान रहा था की असली सच क्या है. फिर भी नेहा इससे मान न नहीं चाहती थी, शायद उसमे इस सच को एक्सेप्ट करने की हिम्मत नहीं थी और इसलिए ऐसा कहके वो खुद को झुटला रही थी, इस उम्मीद में की हो सकता है वो किसी सपने में हो या फिर सब झूठ हो.

तानिया : याद करो! याद करो अपने प्यारे बड़े भाई को... वही भाई, जिसके साथ तुम इतना जुडी हुई थी.

नेहा के ना चाहने पर भी तानिया की आवाज़ सुनते hi उसका दिमाग राहुल के साथ बितायी यादो से भरने लगता है, राहुल का वो चेहरा, नेहा का उसकी गॉड में बैठ के तंग करना, राहुल का उससे घुमाना, सारे सीन्स उसके दिमाग में घूमने लगते है.

और नेहा का शरीर और कांपने लगता है, सासें तेज़्ज़ होने लगती है, उसका सीना बड़ी hi तेज़्ज़ी से ऊपर नीचे हो रहा था, वो बोहत hi हेअविलय ब्रेअथे कर रही थी.

नेहा (चिल्ला के) : नहहीइ!!! वो लिएर् था...

वो मुझे मारना चाहता था, उसने मुझसे खुद कहा था, वो इस घर का अकेला वारिस होना चाहता था, usse...usse...

तानिया : अभी भी तुम्हे समझ नहीं आया नेहा!? राहुल ने जो भी कहा था, वो तुम्हारे डैड का इलज़ाम अपने सर पर लेने के लिए कहा था.

नेहा : ........

तानिया का अब पारा थोड़ा चढ़ चूका था. इतना सब होने के बाद भी नेहा सच मान ने तैयार नहीं थी तोह उसने सीधा आखिरी हमला करने की सोची...

तानिया ने बोलना स्टार्ट किया और बोलते बोलते वो एक एक कदम धीरे धीरे नेहा की तरफ बढ़ा रही थी...

तानिया : राहुल ने तुम्हारे और उसके रिलेशन का बलिदान दिया क्युकी वो तुम्हे बचाना चाहता था. बचाना चाहता था तुम्हे कुछ गलत कर लेने से. यदि तुम्हे ये पता चलता की तुम्हारे डैड तुम्हे नहीं चाहते थे, तोह उस वक़्त तुम्हारा रिएक्शन क्या होता? क्या तुम इस घर में रहती? ये जानते हुए भी की तुम्हारे डैड तुम्हारा जन्म चाहते hi नहीं थे? तुम्हारा रिश्ता अपने पिता से टूट गया होता. तुम्हारा रिश्ता अपनी माँ से बिगड़ जाता. तुम्हारी उम्र छोटी थी, तुम अपना घर चोरर के भाग जाती. तुम ये सब सेहन नहीं कर पाती और कुछ गलत कदम भी उठा सकती थी. और इसलिए! इसलिए राहुल ने तुम्हे इन् सब से बचाने के लिए, खुद का बलिदान दे दिया, उसने अपने उस प्यारे रिश्ते को डाव पे लगा दिया ताकि वो तुम्हे इन् सब से बचा सके. उसने तुम्हे जन्म नहीं दिया, इसलिए उससे लगता था की तुम उसके साथ रिश्ता टूट जाने से जल्दी उभर जाओगी. पर यदि तुम्हारा रिश्ता अपने माँ या बाप से टूट गया तोह तुम किधर जाती? उससे पता था की तुम घर चोरर के भाग जाती. इसलिए सब कुछ... सब कुछ उसने तुम्हे बचाने के लिए किया...

नेहा की सासें और तेज़्ज़ हो गयी थी, लग रहा था वो किसी भी वक़्त बेहोश हो सकती है. वो अपने हथेलियों को खोल कर उन्हें कांपते हुए देखे जा रही थी, जैसे उसने उन् हथेलियों से किसी का खून कर दिया हो.

तानिया (आगे बढ़ते हुए) : में ये कहने से बिलकुल भी पीछे नहीं हटूंगी की तुम्हारे डैड खुदगर्ज़ थे... राहुल hi तुम्हारे परिवार को लकी और बाकी खतरों से पीठ पीछे बचाता, तुम्हे अभी ये बात भी नहीं पता होगी की जब अंशु और वंशु तुम्हारे घर रहने आए थे और जब तुम सभी राहुल को चोरर कर घूमने गए थे, उस रात भी राहुल ने पीठ पीछे तुम सभी को बचाया था. उस वक़्त लकी तुम्हे वह अगवा करने आया था...

तानिया की बात सुन्न कर सभी शॉकेड रह जाते है सिवाए अंशु और वंशु के. अंशु ने तानिया को सब बता दिया था और तानिया वही सब बातें बोल रही थी.

नेहा फटी आँखों से तानिया को घूरे जा रही थी और तानिया धीरे धीरे उसके पास hi बढ़ रही थी.

तानिया : राहुल तुम्हे बुरा भला कहता, कहता की तुम कभी भी उस से आगे नहीं निकल पाओगी, हमेशा उस से पीछे hi रहोगी क्युकी वो चाहता था... की तुम उस से नफरत करो, उसने तुम्हे एक रीज़न दिया की तुम मज़बूत बन सको और उस से सच में एक दिन आगे निकल सको. वो सोचता था की ऐसा करने से तुम्हारा आत्मविश्वाश बढ़ेगा. तुम उस से नफरत करोगी और उससे धीरे धीरे भूल जाओगी, तुम पहले से कही ज़्यादा होशियार हो चुकी होगी, और तुम्हारे पास अपने माता पिता का साथ भी बरकरार रहेगा. यही चाहता था वह...

शुरू से लेकर अंत तक... उसने केवल तुम्हारा भला hi चाहा. तुम्हे प्रोटेक्ट करना चाहा और किया भी... उसने अपने माता पिता को कसम दी की कुछ भी हो जाए तुम्हे इस सच्चाई का पता न चले...

कोनसा भाई अपनी बहिन को मारना चाहेगा? यदि वो मारना चाहता भी... तोह ये बताओ! की तुम अब तक ज़िंदा कैसे हो? उसने ये सब बड़े hi स्मार्टली किया, उसने तुम्हे उस पॉइंट तक पहुचा दिया जहा तुम उसके जाल में फस्स गयी और उसकी बातो को सच मान बैठी.

तानिया आगे बढ़ते बढ़ते नेहा के पास पहुँच चुकी थी और वो देख रही थी की नेहा की हालत अभी क्या है, तानिया ने उसकी चीन को पकड़ा और उसका सर ऊपर उठाया और उसकी आँखों में देखा...

तानिया : उसने सारा का सारा इलज़ाम अपने कंधो पर लिया और यहाँ से चला गया. उसने अपनी नौकरी के लिए खुद इंतज़ाम किया और वह रहकर भी उसने तुम्हारे ऊपर से ज़रा भी ध्यान नहीं हटाया, वो वह रहकर भी तुम्हे यहाँ प्रोटेक्ट कर रहा था.

उसकी बात सुन्न नेहा को मोनिका का चेहरा और लकी वाला इंसिडेंट याद आ जाता है और उसकी आँखों से फिरसे आसुओ की धाराए निकलने लगती है...

तानिया : तुम इन् आँखों से कभी भी उसका सच नहीं जान पायी, तुम कभी भी उसके ढोंग से उसका पर्दा हटा नहीं पायी, तुमने ये कभी जान ने की कोशिश नहीं करि की क्या उसने जो किया वो उसने अपनी मर्ज़ी से किया या फिर किसी और कारण से!?

तानिया : उसने सम्मान की जगह अपमान स्वीकार किया, प्यार की जगह नफरत स्वीकार की. और उसके बाद भी वो ख़ुशी ख़ुशी अपना बलिदान देके यहाँ से गया... अंत तक तुम्हे ये जताता रहा की वो तुमसे नफरत करता है.

तानिया की ज़ुबानी सुनके सभी की आँखों में ासु थे, नेहा बिलखते हुए अपने घुटनो पर गिर पड़ी और अपने चेहरे को हाथो में लेकर जोरर जोरर से रोने लगी...

उससे देख के निशा भी खुद को नहीं रोक पायी और वो भी अपना चेहरा छिपाते हुए रोने लगी.

आगे बढ़ के अंशु ने नीचे बैठी नेहा को साइड से हुग किया और उससे शांत करने की कोशिश की पर नेहा को जैसे एक दम से कुछ सूझा और वो फौरन उठी और दौड़ते हुए अपने कमरे की और भागी.

उससे ऐसे जाते देख निशा की धड़कन बढ़ गयी, जिसका उससे सबसे ज़्यादा डर था कही वही न हो जाए. कही नेहा कुछ गलत कदम न उठा ले. सभी उसके पीछे उससे आवाज़ लगाते हुए दौड़े पर नेहा ने अपना कमरा लॉक करके रखा हुआ था.

अंशु और निशा जोरर जोरर से दरवाज़ा खत खटाने लगे की नेहा कुछ गलत न करले अंदर

निशा (रट हुए) : बेटा!! बेटा दरवाज़ा खोल... नेहा!!! प्लीज दरवाज़ा खोल मेरी बच्ची... प्लीज!!!

अंशु (रट हुए) : नेहुउउ!! दरवाज़ा खोल नेहु प्लीज!! तुझे हम सब की कसम है, राहुल भैया की कसम तुझे... तू कुछ भी नहीं करेगी... कोई गलत कदम नहीं उठाएगी...

सब दररते हुए बस दरवाज़ा थोक रहे थे की तभी अंदर से नेहा की आवाज़ आयी

नेहा (रोटी हुई आवाज़ में) : ी won't दो एनीथिंग स्टुपिड! आप लोग घर से थोड़ी देरर के लिए चले जाइये! ी वांट तो बे अलोन फॉर सोमेटिमे.

निशा : नहीं!! हम कही नहीं जाएंगे! तू दरवाज़ा खोल नेहा!!!

अंशु : चची! It's okay! नेहु ने कहा है मतलब वो कुछ गलत नहीं करेगी! हमे उसकी बात मान न चाहिए!

निशा : अरे अंशु पर में कैसे...!?

अंशु : नेहुउउ!! प्रॉमिस उस यू won't दो एनीथिंग स्टुपिड.

नेहा : ी प्रॉमिस दी! Don't वोर्री! जस्ट लीव में अलोन फॉर सोमेटिमे. लीव थे हाउस प्लीज. ी बेग यू!!!

अंशु उसकी बात सुन्न थोड़ी राहत की सास लेती है और सभी को सांत्वना देते हुए घर से बहार ले जाती है और कार में बैठ के सभी थोड़ी देरर के लिए बहार चल देते है. निशा बिलकुल राज़ी नहीं थी उससे डर था अभी भी की नेहा खुद को कुछ कर न ले पर अंशु ने उससे हौसला दिया की वो कुछ भी नहीं करेगी. अंत में घर को बाहर से hi लॉक करके सभी थोड़ी hi दूर के मार्किट की और चले गए और नेहा के लिए कुछ कुछ सामान खरीदने लगे.

इधर नेहा घर में अपने कमरे में फुट फुट कर रोई, वो अपनी स्टडी टेबल पर बैठी हुई थी और रोये जा रही थी, आसुओ से उसका पूरा चेहरा भीग चूका था.

उसने गुस्से में आकर टेबल पर रखे पेन होल्डर को गिरा दिया. पर पेन होल्डर के गिरते hi उसमे से कुछ पेपर के टुकड़े निकले. नेहा ने उन् पर पहले तो ध्यान नहीं दिया वो सिर्फ रोटी रही पर जब उसका ध्यान उन् पेपर्स पर गया तोह उससे जैसे कुछ सूझा और उसने पेपर्स के टुकड़े जो की मुड़े हुए थे उन्हें एक एक कर के खोला और जब उसने सभी पेपर्स को जोड़ के देखा तोह उसकी आँखों में और ज़्यादा ासु आ गए और अपने मुँह को हाथो से ढकते हुए वो और जोरर से रोने लगी...

ये वही पेपर था जिस पर राहुल ने नेहा के लिए ड्राइंग बनायीं थी (अपडेट 18).

जब अंशु और वंशु आयी हुई थी और नेहा की लड़ाई अंशु से ज़ू में हो गयी थी उसके बाद वो एक रोटी हुई स्त्री का स्केच बना रही थी पर बना नहीं पा रही थी. तब राहुल ने चुपके से उसके रूम में आकर एक खिल खिलाती स्त्री का चेहरा बनाया था, जिससे देख कर नेहा गुस्से में आकर उससे फाड़ के इसी पेन होल्डर में ठूस दी थी. किस्मत की बात ये थी की वो अभी तक उसी पेन होल्डर में पड़ा हुआ था.

रट हुए जब नेहा अपने रूम से बहार गयी और सामने राहुल के रूम का गेट देखा तोह उसकी रुलाई चूत गयी. यही पर तोह उसने राहुल के चेहरे पर पानी फेका था (अपडेट 1)

वो रट हुए नीचे जाने के लिए हुई तोह उसकी नज़र सीढ़ियों पर पड़ी और फिरसे उसके ासु निकल गए. इन्ही स्टैर्स पर वो राहुल का परर कुचल के बिना कोई इमोशन दिखाए चली जाय करती थी. ऐसी कोई जगह नहीं थी जहा पर उसने राहुल को हर्ट नहीं किया था.

नेहा दौड़ के नीचे से राहुल के रूम की के लेके आयी क्युकी राहुल का रूम लॉक्ड रहता था. हर्र 2 दिन में निशा उसके रूम की सफाई करती थी और फिर लॉक लगा देती थी. सफाई कल hi हुई थी इसलिए अभी लॉक लगा हुआ था.

नेहा ने फौरन राहुल का रूम खोला और जैसे hi अंदर दाखिल हुई, वही पुराना रूम देख के उसकी आँखों से ासु रुकने का नाम hi नहीं ले रहे थे. वो चारो तरफ घूमते हुए उसके रूम को देखने लगी, आगे बढ़ते हुए धीरे से उसने आस पास राखी हुई चीज़ो को छू के देखा जैसे मानो वो किसी ख़ज़ाने को छू रही हो.

उसने राहुल की अलमारी जो की वही राखी हुई थी उससे खोला तोह अंदर राहुल के hi कपडे रखे हुए थे. अपने हाथो को उन् कपड़ो पर फेरते हुए उसने राहुल की एक टी शर्ट उठायी और उससे अपने सीने से लगा लिया, उसने टी शर्ट में से राहुल की खुशबु लेने का अथक प्रयास किया पर उनमे से अब राहुल की कोई भी खुसबू नहीं आ रही थी.

क्युकी कपडे निशा धोती रहती थी और वो राहुल के भी कपडे निकाल के उन्हें धोती ताकि वो फ्रेश बने रहे.

नेहा बिलखती हुई टी शर्ट लिए ज़मीन पर घुटनो के बल गिर पड़ी और तभी उसकी नज़र बीएड के नीचे एक नेवसपपेर पर पड़ी जिसके अंदर कुछ रखा हुआ था.

उसने झुकते हुए बीएड के नीचे से नेवसपपेर को खींच के कुछ निकाला और उसमे लगे धागे खोलने लगी, धागा खोलते hi उसने नेवसपपेर को जब खोला तोह अंदर की राखी हुई चीज़ देख के उसकी फिरसे रुलाई चूत गयी.

ासु की बड़ी बड़ी बोंडे उसके चेहरे को भिगोते हुए गिरने लगी. सामने एक जला हुए टेडी बेयर पड़ा था. ये वही टेडी था, जिससे अंशु ने उसके b'day पर दिया था 2 साल पहले और नेहा को जब ये बात पता चली की ये असल में राहुल का दिया हुआ गिफ्ट था तोह नेहा ने टेडी को नीचे जाकर जला दिया था. (अपडेट 37)

आज वही आधा जला हुआ टेडी जब उससे फिरसे दिखा तोह उस से बिलकुल कण्ट्रोल नहीं हुआ और वो जोरर जोरर से रोने लगी. उसने टेडी को उठा के अपने सीने से इतनी जोरर से भीचा जैसे अपने अंदर hi समां लेगी.

उससे याद है ये टेडी 10,000 का था. और उसने बिना कुछ सोचे समझे जला दिया था. उस वक़्त तोह राहुल कमाता भी नहीं था, न जाने कितनी म्हणत से उसने पैसे इखट्टे करके ये खरीदा होगा!? और उसने ने यु hi उससे जला दिया था. नेहा इस वक़्त इतना गिल्ट फील कर रही थी की यदि उसकी जगह कोई और होता तोह इसी गिल्ट में hi डूब के मर जाता.

जब वो उठी तोह उसने फिर से अलमारी चेक करि पर उससे कुछ मिला नहीं. पर उसका ध्यान जैसे hi लाकर पे गया तोह उसने के से उससे खोला और अंदर जो देखा तोह उसकी गिल्ट और भी बढ़ गयी. ासु तोह non-stop बह hi रहे थे. पर हर्र बार वो और इमोशन के साथ बहते.

अंदर एक तस्वीर थी जो की एक बचपन की तस्वीर थी राहुल और नेहा की. नेहा राहुल के कंधो पर बैठी हुई है और जीभ निकाली हुई है और राहुल उससे संभाल के पकडे हुए है.

पुराणी तस्वीर देख नेहा को हस्सी आ जाती है, कैसे वो बच्चो टाइप जीभ निकाली हुई है और राहुल उससे पकड़ा हुआ है. तस्वीर में भी वो कितनी केयर से नेहा को संभाला हुआ था ताकि वो कही गिर न जाए. तस्वीर देख के नेहा के चेहरे पर एक मुस्कान आयी और उसने तस्वीर उठा के राहुल की फोटो वाले हिस्से को चूम लिया.

जब उसने तस्वीर पलटाई तोह उससे फिर से रुलाई आ गयी. पीछे राहुल की लिखावट में लिखा हुआ था,

"ी विल ऑलवेज लव माय गुड़िया"

रट हुए उसने अपने सीने से वो तस्वीर को लगाया और टेडी और तस्वीर लेके वो अपने कमरे में चली गयी.

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!!
 
मिथिलेश भाई फिरसे आपको देख के वाक़ई बोहत ख़ुशी हुई!!

मुझे पता है बोहत से रीडर्स ऐसे है जो साइलेंट में मेरी स्टोरी पढ़ते है और कभी कभी hi कमेंट करते है. और इस बात की मुझे बेहद ख़ुशी होती है. बनने रहिएगा!

धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 86

अब तक...

जब उसने तस्वीर पलटाई तोह उससे फिर से रुलाई आ गयी. पीछे राहुल की लिखावट में लिखा हुआ था,

"ी विल ऑलवेज लव माय गुड़िया"

रट हुए उसने अपने सीने से वो तस्वीर को लगाया और टेडी और तस्वीर लेके वो अपने कमरे में चली गयी.


अब आगे...

इधर निशा का जी बोहत घबरा रहा था की उसकी बेटी कुछ उल्टा सीधा न कर ले. वैसे hi निशा ने राजेश से ये सब छिपा के किया है और अब यदि नेहा ने कुछ कर लिया तोह राहुल और राजेश पता नहीं कैसे रियेक्ट करेंगे और उसकी सबसे ज़्यादा टेंशन यही थी की नेहा को कुछ भी न हो.

निशा : अंशु! चल बीटा जल्दी घर चल! मुझे बोहत फिक्र हो रही है मेरी बच्ची की... में उसकी माँ हु, मुझे पता है उसपे क्या बीत रही होगी! वह पूरा का पूरा दोष खुद को दे रही होगी, कही वो कुछ गलत न करले...

अंशु : चची! Don't वोर्री! आप नेहा की माँ है पर में उसकी बड़ी बहिन और उसकी बोहत अच्छी दोस्त भी हु. ी क्नोव हेर वैरी वेल! शी won't दो एनीथिंग.

निशा : तू इतने यकीन के साथ कैसे कह सकती है अंशु?

अंशु : क्युकी में उससे अच्छे से जानती हु. ऊपर से मेने उससे हम सबकी और राहुल भैया की कसम भी दी है! आप भरोसा रखिये! और वो सब सोचना बंद करिये और ये सोचिये की आगे की स्थिति को कैसे संभालना है? फिलहाल तोह हम उसकी मैं पसंद चीज़े ले रहे है ताकि उसका मैं शांत हो सके पर उसके बाद क्या? क्या होगा जब चाचा यहाँ आएँगे और उनको ये सब पता चलेगा? नेहा कैसे रियेक्ट करेगी?

अंशु के ये बात कहने पर निशा अब घबराने लगती है, उसने अभी तक इतने आगे की नहीं सोची थी, अभी वो सिर्फ नेहा पर फोकस्ड थी. पर अब जब अंशु ने उससे रीलीज़ कराया की स्थिति और भी बिगड़ सकती है तोह निशा वाक़ई घबरा गयी...

निशा : अंशु! तू मुझे दर्रा क्यों रही है? तेरे कहने पर hi मेने ये सब किया है! और अब तू मुझे अकेला चोरर रही है?

अंशु : क्या चची!!! मेने कब कहा की में आपको अकेला चोरर रही हु? में तोह आपके साथ hi हु! में बस आपको हिंट दे रही हु की मामला कितना सीरियस है. और आगे आपको कैसे संभालना है उसके बारे में अभी से आपको सोचना पड़ेगा!

निशा : हम्म! अब यहाँ तक तू लायी है तोह आगे का भी तू hi सोचेगी.

अंशु : अच्छा बाबा ठीक है एंड don't वोर्री अबाउट नेहा चची! She's मेंटली स्ट्रांग नाउ! भाई के कारण वो अब पहले जैसी नहीं रही!

निशा : क्या मतलब?

अंशु : ी मैं! भाई उस से कहता था न की नेहा कभी भी उस से आगे नहीं निकल पाएगी. तोह नेहा ने इन् दो सालो में अपने आप को बोहत इम्प्रूव किया है. She's मच मोरे मातुरे नाउ.

निशा : हँ!?

अंशु : आपने देखा था न नेहा को जब तानिया दी ने सब कुछ बताया तोह नेहा कैसे फुट फुट कर रोने लगी थी?

निशा : हां!!

अंशु : आपको क्या लगता है वो क्यों रोई थी?

निशा : हँ??

अंशु : वो इसलिए नहीं रोई थी की उसके डैड उसका जन्म नहीं चाहते थे, वो इसलिए रोई थी की उसका बड़ा भाई उसके लिए सारे दर्द लेता रहा और उसकी देखभाल करता रहा. बिना उससे कुछ भी बताये, और नेहा सिर्फ उससे नफरत करती रही. वो इसलिए रोई थी. उससे अपने बड़े भाई के लिए बोहत बुरा लग रहा था और बोहत hi गिल्ट फील कर रही थी वह. उसने उस वक़्त चाचा के बारे में सोचा तक नहीं. वो सिर्फ और सिर्फ अपने भाई के दर्द के बारे में सोच रही थी.

निशा : तुम्हे कैसे पता?

अंशु : ी क्नोव हेर! उसकी जगह में होती तोह मेरा भी यही होता. आखिर भाई से इतना प्यार जो करती हु में. और आप भी तोह करती हो न!? *विंक्स*

निशा : हँ?? *ब्लश* हम्म्म!!

सभी लोग नेहा की मैं पसंद चीज़ खरीदने में लगे रहते है ताकि जब वो घर पर पहुचे तोह नेहा का मैं हल्का कर सके.

इधर नेहा अभी भी हाथ में वो तस्वीर लिए हुए थी और खुद से hi बात करे जा रही थी!

"क्यों?? क्यों किया तुमने मेरे लिए इतना?? बोलो न? आखिर क्यों? तुमने मेरे लिए इतना सब कर दिया, और मुझे इसकी भनक तक लगने नहीं दी! में तुमपे कितना अत्याचार करती... तुम्हे फ़साने के लिए नए नए आइडियाज सोचती, तुम्हे नीचे दिखाने के लिए सब कुछ करती, तुम्हारी इंसल्ट करती, तुमसे नफरत करती. उसके बाद भी तुमने कभी bhi...kabhi भी मेरे ऊपर हाथ नहीं उठाया, कभी भी तुम अपने रास्ते से नहीं भटके, कभी भी तुमने मेरे लिए कुछ भी बुरा नहीं सोचा. तुम शुरू से hi मुझे प्रोटेक्ट करते आए और में जानती हु की अभी भी तुम मुझे प्रोटेक्ट कर रहे हो! यदि अभी में कही बाहर जाती हु तोह I'm सूरे वो मोनिका या फिर कोई और तुम्हारे कहने पर ज़रूर मुझे प्रोटेक्ट करेगा फिरसे. पर... पर क्या में तुम्हारे इतने प्यार के लायक थी? मेरे भाई...!?"

नेहा ने तस्वीर पर राहुल को देखते हुए उसपे हाथ फेरते हुए कहा और उसके ासु छलक आए.

उसने तस्वीर को फिरसे उठाया और उसमे राहुल को देख फिरसे चूम लिया. उसके हाथ में राहुल की एक मनपसंद टी शर्ट भी थी.

नेहा एकदम से उठी, उसने अपना टॉप उतारा तोह उसकी दूध जैसी गोरी मुलायम त्वचा रूम की बंद लाइट में भी चमक रही थी. शीशे में खुद को देखते हुए उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी. लाइट पिंक कलर की ब्रा उसके स्तनों को संभाले हुए थी और स्तन का थोड़ा हिस्सा ब्रा के बहार से झांक रहा था.

उसने राहुल की टी शर्ट उठायी और उससे पेहेन लिया और खुद को शीशे में देखने लगी और रोने लगी!

फिरसे तस्वीर को उठा के वो उस से बात करने लगी!

"काश इस टी शर्ट में तुम्हारी महक होती! में और भी ज़्यादा खुद को तुम्हारे करीब मेषसूस कर पाती. भाई!! तुम्हे यही डर था न की में कही डैड की बात सुन्न न लू और कुछ गलत कदम न उठा लू!? इसलिए तुमने ये सब किया न? पर मेरे बुद्धू भाई! में तोह डैड की बात सुन्न hi नहीं पायी थी. पर फिर भी तुमने मेरे लिए इतना सब कर दिया... नाउ ी क्नोव! की क्यों डैड मुझे इतने अच्छे से ट्रीट करते थे, क्यों डैड मुझे कभी ज़्यादा चिल्लाते नहीं थे, क्यों वो मुझे महंगे महंगे गिफ्ट्स देते थे, क्यों वो माँ को मुझे डाटने से रोक देते थे, सब कुछ अपनी गिल्ट काम करने के लिए. और में समझती थी की डैड सबसे अच्छे है! और तुम सबसे खराब! कितनी ना समझ थी न में??"

नेहा ने रट हुए कहना ज़ारी रखा,

"पर तुम्हे टेंशन लेने की कोई ज़रुरत नहीं है मेरे भैया!!! में मेंटली काफी स्ट्रांग हो चुकी हु. आल थैंक्स तो यू! में ये सब जान ने के बाद कोई भी गलत कदम नहीं उठाने वाली हु. तुम्हारी गुड़िया हु में... इतनी कमज़ोर थोड़ी न हु. बस अब तुम्हारे करीब आना है जितना जल्द हो सके. में कुछ भी कर दूंगी ऐसा करने के लिए... तुम जानते hi हो की में कितनी ज़िद्दी हु... ी क्नोव तुम मुझे देखते hi मुझसे दूर जाने की कोशिश करोगे... पर में ऐसा होने hi नहीं दूंगी... तुम्हे अपने आप से जकड के रखूंगी... ी लव यू सो मच भाई!!"

रट हुए उसने वो तस्वीर उठायी और अपने टी शर्ट के अंदर हाथ ले जाते हुए उससे अपने स्तनों के बीच फसा के तस्वीर को अंदर कर दिया. बिलकुल वैसे hi जैसे महिलाए अपना छोटा सा पर्स अपने ब्लाउज में स्तनों के अंदर छुपा कर रखती है.

"तुम्हारी जगह तोह मेरे दिल में hi है! केवल तुम्हारी तस्वीर को यु रखने से मुझे इतना बेटर फील हो रहा है, फिर तोह जब तुम्हे में अपने..."

बोलते बोलते वो एक दम से ृक्क जाती है और अपनी आँखें खोल के खुद को शीशे में देखने लगती है. उसके गाल एकदम अचानक hi लाल हो गए. अपने गालो को दोनों हथेलियों पर रखते हुए उसने अपना सर हिलाया वो सब सोचने से पर कोई फायदा नहीं!

नेहा (ब्लश) : omg!! निक्की!! ी थिंक यू वेरे राइट... It's डीडेड थें!!

वो अपने रूम का दरवाज़ा लॉक करके नीचे आती hi है की इतने में सभी घरवाले वापस आ जाते है. वो सभी बहार से hi घर को लॉक करके गए हुए थे और निशा फौरन दौड़ती भागती हुई लॉक खोलते hi घर में घुसती है तोह देखती है की नेहा शान्ति से सोफे पर बैठी हुई है और अपना फ़ोन चला रही है!

निशा दौड़ते हुए उसके पास जाती है और उससे अपने सीने से लगा लेती है,

निशा (नम्म आँखों से) : मेरी बच्ची!!

नेहा को अब मालुम चल रहा था की उसकी माँ हमेशा से hi अपने दोनों बच्चो को एक्वाली प्यार करती आयी है. नेहा समझती थी की उसकी माँ सिर्फ राहुल को hi ज़्यादा प्यार करती है. कितनी गलत थी वह! शुरू से hi उसकी माँ हमेशा दोनों को hi बराबर प्यार करती रही, और नेहा सोचती थी की उसके डैड सबसे अच्छे है!

नेहा (नम्म आँखों से) : माँ!!!

निशा : ओह्ह्ह! मेरी बच्ची! तू ठीक तोह है न? क्या कर रही थी तू?

नेहा (स्माइल्स) : I'm okay माँ! Don't वोर्री! बस थोड़ा टाइम अकेले में चाहिए था.

निशा एक राहत भरी सास लेती है और नेहा को मार्किट से लाया उसकी मैं पसंद का सामान देने लगती है.

नेहा ये सब देख के वाक़ई बोहत खुश थी की सब उसकी कितनी चिंता करते है, उसके लिए सभी इतना सोच के उसकी मैं पसंद चीज़े खरीद कर लाए उसके लिए वो बोहत खुश थी.

नेहा : आप सभी को बोहत बोहत थैंक यू!

विनीता : बेटा! तुम ठीक तोह हो न? तुम्हे देख के ऐसा लग रहा है जैसे तुम अभी बोहत दुखी हो और झूठी स्माइल दे रही हो! बिलकुल वैसे hi जैसे मेरी बच्ची वंशु दिया करती थी जब इससे एंड्रोफोबिअ था.

वंशु : हां नेहा! ी क्नोव it's हार्ड बूत प्लीज बे स्ट्रांग!

नेहा (स्माइल्स) : नहीं दी! I'm रियली फाइन नाउ! आपको टेंशन लेने की कोई ज़रुरत नहीं है!

निकिता (हग्स) : नेहुउउ!! तू बस कुछ करना मत अपने आप को!

नेहा : इडियट! ी won't दो एनीथिंग स्टुपिड! और मुझे तेरे को थैंक्स भी कहना है.

निकिता : किस बात के लिए?

नेहा (ब्लश) : वो... तुझे समय आने पर पता लग जाएगी!

मुकेश : चलो! नेहा बिटिया को अब ऐसा देख थोड़ी राहत महसूस हुई! वर्ण टेंशन के मसरे सर फटा जा रहा था!

ललिता : सही में!! बेचारी निशा की तोह हालत hi खराब थी रास्ते भर! में समझ सकती हु एक माँ पर क्या बीत रही होगी उस वक़्त. अपर अब सब ठीक है.

रुपेश : मुझे तोह अब भी यकीन नहीं होता की राजेश ऐसा कैसे कर सकता है? अरे शराब के नशे में भी इतना सब कैसे बोल गया वह? आने दो उसको! उसकी खबर लूंगा में...

साइड में कड़ी विनीता उससे तुरंत नेहा की तरफ इशारा करती है...

विनीता (धीरी आवाज़ में) : क्या करते हो आप? बेचारी अभी अभी सदमे से थोड़ा बहार निकली है. अब देवर जी का ज़िक्र क्यों कर रहे हो आप?

रुपेश : ओह्ह! सॉरी!

विनीता : निशा! अब हम निकलते है! कोई भी कभी भी किसी भी चीज़ की ज़रुरत हो. बे झिजक कॉल कर देना. हम आ जाएंगे!

वंशु : माँ... डैड!! में और अंशु यही रुकेंगे आज रात.

रुपेश : ठीक है बीटा! कोई दिक्कत नहीं!

और रुपेश और विनीता अंशु वंशु को चोरर अपने घर के लिए निकल जाते है.

मुकेश और उसकी फॅमिली क्युकी लखनऊ से आये थे तोह वो तोह यहाँ पर कुछ दिन रुकने वाले थे. दूसरे शहर से जो आये हुए थे. काम से काम एक दिन तोह रुकता hi मुकेश.

निशा : भाई आप सभी लोग फ्रेश हो लीजिये और अपने कपडे बदल लीजिये तब तक में कुछ मस्त खाने के लिए बनाती हु आपके लिए.

निकिता : चल नेहा! में भी चलती हु अब. और यदि ज़रुरत पड़े तोह मुझे बुला लेना.

आरती : हां! बीटा! बिलकुल झिझकना मत! हमारा घर तोह बिलकुल पास में hi है!

नेहा : जी आंटी! थैंक यू! थैंक्स निक्की!

निकिता : हां हां! बूत वो तू जो मुझे थैंक्स कहने वाली बात बोल रही थी, उसके बारे में भूलना मत हां?

नेहा (ब्लश) : हां बाबा!

और ऐसे hi निकिता और आरती भी वह से अपने घर की और चल दिए.

तनीषा : आंटी! में भी चलती हु अब! और मेरी ज़रुरत हो तोह आप बस कॉल कर देना!

निशा : okay बीटा! पर कुछ खा तोह लेती...

तनीषा : अरे में तोह रोज़ hi आती हु! आप कल खिला दीजियेगा. अभी आप अपने घर पर ध्यान दीजिये ख़ास कर नेहा पर. अब में चलती हु.

वो मुड़ती hi है की नेहा उससे पीछे से आवाज़ देती है,

"तनीषा दीदी"

तनीषा पलटते हुए नेहा को सवालिया नज़रो से देखती है.

नेहा : थैंक यू!!

तनीषा (स्माइल्स) : it's okay माय डिअर!

और तनीषा भी अपने घर की और चल देती है.

नेहा : अंशु दी, तानिया दी, वंशु दी! प्लीज! आप मेरे रूम में चलिए न! आपसे कुछ कहना है!

मुकेश ललिता फ्रेश होने चले जाते है और नेहा अपनी बहनो को लेकर अपने रूम में ले जाती है और रूम अंदर से लॉक कर देती है.

वंशु : कहो नेहा!

नेहा : सबसे पहले तोह! थैंक यू सो मच! आपने ऐसे टाइम पर मेरी माँ और मेरा हौसला रखा और हमारा साथ दिया.

वंशु : नेहा! परेशानी में घरवाले काम नहीं आएँगे तोह कोण आएगा मेरी बहिन?

नेहा (स्माइल्स) : उसी के लिए... थैंक यू सो मच!

तानिया : you've ग्रोन नेहा! मुझे तोह लगा था की तुम पूरे टाइम रोटी hi रहोगी और उभर नहीं पाओगी इतनी जल्दी. बूत I'm रियली अमज़द की तुमने अपने आप को बोहत hi जल्दी कलम कर लिया.

नेहा (स्माइल्स) : सच कहु तोह आपकी स्पीच सुन कर में पूरी तरह टूट गयी थी. ी वास् हर्ट. बूत में पहले की तरह कमज़ोर नहीं रही अब. में समझ गयी पूरी सिचुएशन को और मेने छोपे उप किया.

तानिया (स्माइल्स) : गुड!

अंशु : एंड लेट में आस्क यू... यू वेरे हर्ट बिकॉज़ राहुल वेंट थ्रू आल ऑफ़ थिस जस्ट फॉर योर सके राइट?

नेहा (सुरप्रीसेड) : यस! यू क्नोव में वेल दी!

अंशु : ी कनेव आईटी!

नेहा : अंशु दी! में आपकी और तानिया दी की ज़िन्दगी भर आभारी रहूंगी!!

अंशु : हँ?

तानिया : ??

नेहा : यदि आप ने ये सब प्लान नहीं किया होता और मुझे यहाँ नहीं बुलाया होता तोह... तोह I'm अफ्रेड... मुझे शायद hi कुछ पता चल पाटा... और भाई का सच... हमेशा के लिए लुप्त हो गया होता.

अंशु : it's okay स्वीटी! सब तुम्हारे लिए!

नेहा : यू अरे थे बेस्ट दी!!

वंशु : वेट! दीद यू जस्ट... नेहा?? तुमने कुटी को भाई बोलै?

नेहा (ब्लश) : भाई hi तोह बोलूंगी न दी!! वो मेरा प्यार भाई जो है!

वंशु : अव्व्व! माय ओल्ड क्यूट लिटिल सीस इस बैक! I'm सोऊ हैप्पीययय!!

वंशु उससे बाहो में लेके हुग कर देती है.

उधर राहुल अपनी कार में बैठ के एक घर के सामने रुकता है!

राहुल : (ये ख़ुशी ने मुझे अचानक क्यों बुलवा लिया है!?)

अंदर आते hi उससे रजनीश गेट पे hi मिल जाता है जो अभी इस वक़्त गार्डनिंग कर रहा था.

राहुल : रजनीश अंकल??

रजनीश : मिस्टर राहुल?? आइये न! अंदर सभी आपका वेट कर रहे है!

राहुल : सभी???

राहुल अंदर जाता है तोह जैसे hi दरवाज़ा खोलता है तोह सामने नज़ारा देख के थोड़ा सरप्राइज हो जाता है...

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आज के लिए इतना hi गाइस!

नेक्स्ट अर्च है बीन स्टार्टेड!!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट 87

अब तक...

राहुल : (ये ख़ुशी ने मुझे अचानक क्यों बुलवा लिया है!?)

अंदर आते hi उससे रजनीश गेट पे hi मिल जाता है जो अभी इस वक़्त गार्डनिंग कर रहा था.

राहुल : रजनीश अंकल??

रजनीश : मिस्टर राहुल?? आइये न! अंदर सभी आपका वेट कर रहे है!

राहुल : सभी???

राहुल अंदर जाता है तोह जैसे hi दरवाज़ा खोलता है तोह सामने नज़ारा देख के थोड़ा सरप्राइज हो जाता है...


अब आगे...

राहुल जैसे hi अंदर आता है तोह सामने हॉल में hi उससे मास्टर, प्रीती, ख़ुशी बैठे हुए दिखाई देते है.





प्रीती अपना छोटा सा मिरर निकाल के लिपस्टिक लगा रही थी पर जैसे hi राहुल अंदर आया उसने हड़बड़ाते हुए एकदम से मिरर बंद कर लिया और एकदम से कड़ी हो गयी.

ख़ुशी राहुल को देखते hi एकदम से ख़ुशी के मारे उठाते हुए लम्बे कदमो के साथ राहुल के पास आयी और अपने एक हाथ से उसने राहुल का हाथ थाम लिया,

ख़ुशी : तुम आ गए!! कैसे हो?

अभी वो इतनी खुश थी की उसके चेहरे से अलग hi पता चल रहा था, जैसे hi ख़ुशी को इस बात का अंदाजा हुआ की अभी उसकी हरकत कुछ अलग hi थी और खासकर उसके डैड ठीक उसके पीछे hi बैठे हुए उससे देख रहे है उसके गाल एकदम शर्म से लाल हो गए और न चाहते हुए भी उसने राहुल का हाथ चोरर दिया और नज़रे फेरर ली.

राहुल (स्माइल्स) : में ठीक हु!

मास्टर जो की पीछे बैठे हुए अपनी बेटी ख़ुशी की हरकत देख चुके थे उनकी आँखों में एकदम से जैसे चमक आ गयी. मतलब ख़ुशी के अंदर वाक़ई राहुल के लिए फीलिंग्स है. मुस्कुराते हुए वो सब देख रहे थे की कैसे उनकी बेटी थोड़ी देरर पहले इतनी शांत बैठी हुई थी और राहुल के आते hi किसी बच्ची की तरह दौड़ लगाते हुए उसके पास चली गयी. आज तक इस से पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था. न जाने कितने बड़े बड़े लोगो के साथ मास्टर का उठना बैठना होता था और उन् सब के लड़के अमीर होने के साथ साथ दिखने में भी हैंडसम थे और ख़ुशी को कई बार प्रोपोज़ भी कर चुके थे पर ख़ुशी ने कभी भी उन् सब पर घास तक नहीं डाली. पर राहुल को देखते hi ख़ुशी की पर्सनालिटी पूरी 180 डिग्री पलट जाती है

प्रीती भी एकदम से आगे बढ़ते हुए राहुल का हाथ थाम लेती है, वैसे तोह वो सीधे हुग करने वाली थी पर क्युकी ख़ुशी के पापा वही पर थे इसलिए उसने अपनी इस इच्छा को दबा लिया

राहुल : मास्टर आप यहाँ!?

मास्टर : हम्म! बैठो!

राहुल सोफे पर मास्टर के सामने बैठ जाता है तोह ख़ुशी शर्माती हुई उसके बगल में hi बैठ जाती है और ख़ुशी के बगल से प्रीती.

राहुल : कहिये मास्टर!

मास्टर : हम्म! वैसे तोह में यहाँ दो कारण से आया हु पहला कारण में तुमसे अकेले में डिसकस करना चाहूंगा और दूसरा कारण तुम्हे मोनिका खुद बताएगी.

राहुल : मोनिका दी भी आयी है?

प्रीती : हां! वो ऊपर ख़ुशी के कमरे में है, वाशरूम में. आती hi होंगी!

राहुल : ओह्ह्ह!!

मास्टर : ख़ुशी बीटा, प्रीती बीटा आप दोनों जाइये, मुझे राहुल से अकेले में कुछ बात करनी है.

ख़ुशी : okay डैड!

ख़ुशी राहुल को अनिच्छा भरी नज़रो से देखते हुए जाने लगती है.

राहुल : जी कहिये मास्टर!

मास्टर (स्माइल्स) : तुम्हारा बिज़नेस केसा चल रहा है!?

राहुल : उपरवाले के आशीर्वाद से और आप सभी की मेहेरबानी से सब अच्छा चल रहा है मास्टर

मास्टर देख रहे थे की इतना आगे आने के बाद भी राहुल में ज़रा भी घमंड नहीं आया, वो जैसा पहले था बिलकुल वैसा hi अब भी है.

मास्टर : गुड! में तुमसे सिर्फ एक चीज़ पूछना चाहता हु

राहुल : जी! कहिये...

मास्टर (गहरी सास लेकर) : देखो राहुल! मेरी बच्ची ख़ुशी, किन्न हालातो से खुद लड़ते हुए आगे आयी है, ये तुम देख hi चुके हो. बचपन में hi उसकी माँ चल बसी. मेने एक पिता होने के नाते उससे वो प्यार कभी नहीं दिया जैसा की एक आम माँ बाप देते है. वो मुझसे कई सालो तक दूर रही. ऐसे में ना तोह उससे माँ का ना hi बाप का और न hi किसी भाई बहिन का प्यार मिला. वो शुरू से hi अकेली थी. केवल प्रीती hi उसके हरदम साथ रहती थी. मेरी भी कुछ मजबूरिया रही जिस कारण में उससे अपने पास बुला न सका.

राहुल : जी...

मास्टर : और इसलिए मेने तुम्हे उससे प्रोटेक्ट करने के लिए भी भेजा. तुम्हारी मदद की वजह से वो खतरा तोह ताल गया, मेने उनके साथ डील कर लिया है, अब आगे कभी भी ख़ुशी को कोई खतरा नहीं होगा. थैंक्स तो यू!

राहुल : वो तोह मेरा फ़र्ज़ था मास्टर. आपको गुरु दक्षिणा में मेने ये काम करने के लिए कहा था तोह भला में पीछे कैसे हट सकता था!?

मास्टर : वही! पर अब मुझे एक hi टेंशन है. मेरे सवाल का होनेस्त्ली उत्तर देना राहुल

राहुल : जी

मास्टर : तुम ख़ुशी से प्यार करते हो?

राहुल (शॉकेड) : हँ??

"ख़ुशी से प्यार? ये मास्टर क्या पूछ रहे है? ऐसे एकदम से? क्या में ख़ुशी से प्यार करता हु? में खुद नहीं जानता. हां वो एक अच्छी लड़की है, थोड़ी शैतान है पर दिल की अच्छी है! ये में खुद जानता हु. पर प्यार... अब क्या कहु मास्टर को?..." राहुल ने अपने मैं में सोचा.

मास्टर : क्या तुम उससे पसंद करते हो? सच सच बताओ राहुल.

राहुल : ुहम्म... मास्टर... में सिर्फ यही कहूंगा की हां ख़ुशी एक अच्छी लड़की है और में उससे लिखे करता हु पर प्यार के बारे में में कुछ कह नहीं सकता, क्युकी मेरा और ख़ुशी का उतना इंटरेक्शन नहीं हुआ है. हम सिर्फ 3 महीने hi साथ थे और शुरू में तोह वो मुझे कुछ ख़ास पसंद नहीं करती थी, पर धीरे धीरे हमारा रिलेशन अच्छे फ्रेंड्स की तरह हो गया.

मास्टर : तोह यदि एक दिन ख़ुशी की शादी किसी और लड़के से होती है तोह तुम्हे केसा फील होएगा?

राहुल : ये ...

राहुल की जुबां पर लगाम लग जाती है. उसके मान में ख़ुशी का चेहरा मंडराने लगता है तभी उसके अंदर से उसके मैं की एक आवाज़ आती है, "अबे सोच क्या रहा है? बोल की तुझे बिलकुल भी अच्छा नहीं लगेगा"

मैं की आवाज़ सुन्न राहुल तपाक से बिना कुछ सोचे समझे hi बोल देता है,

राहुल : मुझे बिलकुल भी अच्छा नहीं लगेगा!

मास्टर : ओह्ह! पर ऐसा क्यों? अभी तोह तुमने कहा की तुम ख़ुशी से प्यार नहीं करते.

राहुल : वो... ी मैं! मास्टर... ी लिखे हेर अस ा गुड फ्रेंड... सो ऐसे में यदि उसकी शादी होती है सो ी won't फील गुड

मास्टर : वही तोह पूछ रहा हु में... की क्यों? ख़ुशी तुम्हारी गुड फ्रेंड है, तुम्हे तोह खुश होना चाहिए उसकी शादी से.

राहुल समझ गया था की मास्टर उससे फसा रहे है और उसके मुँह से कुछ उगलवाना चाहते है और राहुल सब जानते हुए भी उस जाल में गिरता जा रहा था क्युकी जाल में ख़ुशी जो थी और हमारे राहुल भैया को तोह सब चाहिए. राहुल का ईविल मंद उससे सब कुछ हथियाने के लिए विवश कर रहा था. उसके मैं में सब कुछ पा लेने की अत्यंत इच्छा जाग रही थी.

पर वो झूठ बोल के कुछ भी हासिल नहीं करना चाहता था और इसलिए,

राहुल : यस! ी लिखे हेर मास्टर! में नहीं चाहता की वो मुझसे दूर जाए, मेरा मैं चाहता है की वो मेरे पास रहे. ी... ी थिंक ी लव हेर. बूत में आपको ये बता देना चाहता हु की ी आलरेडी हैवे ऋचा! उसके बाद भी ख़ुशी यदि मेरे साथ राज़ी है सो ी don't हैवे अन्य प्रॉब्लम.

आखिर कार राहुल ने कह hi दिया और ये सुनते hi मास्टर के चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी.

मास्टर : मुझे पता है तुम्हारा और ऋचा का रिलेशनशिप है आलरेडी. मुझे उस से कोई दिक्कत नहीं है. में सिर्फ इतना चाहता हु की मेरी बेटी तुम्हारे साथ खुश रहे.

राहुल : फिर तोह! सब कुछ ख़ुशी पे hi चोरर देना चाहिए.

मास्टर : हां! में सहमत हु. अच्छा! अब तुम जा के मोनिका से मिल लो, उससे तुमसे कुछ बात करनी है.

राहुल : जी!

राहुल ऊपर जाके ख़ुशी का रूम नॉक करता है तोह प्रीती दूर खोलती है सुर दूर खोलते hi वो राहुल से एकदम से लिपट जाती है,

प्रीती : ओह्ह्ह्ह! ी मिस्ड यू सो मच...

ख़ुशी : परीटीई!!?? ये क्या बेशर्मी है?

प्रीती : बेशर्मी? व्हाट दो यू मैं बी बेशर्मी? I'm हग्गिंग हिम बिकॉज़ ी मिस्ड हिम. अरे यू जेलस? हहै!

ख़ुशी (ब्लश) : यू...

उसके हट ते hi ख़ुशी धीरे से राहुल के करीब आती है, शर्मा के अपनी नज़रे ऊपर करती है और आगे बढ़ के उसके गले लग जाती है.

प्रीती : वूऊव्व! में करू तोह साला करैक्टर ढीला है हां??

राहुल (हस्ते हुए) : किसी हो तुम दोनों?

ख़ुशी (ब्लश) : I'm गुड! क्या बातें हो रही थी डैड के साथ?

राहुल : ेहः? नई!! वो कुछ नहीं, ऐसे hi...

ख़ुशी कुछ आस भरी नज़रो से राहुल को देख रही थी, सच तोह ये था की उससे आलरेडी पता था की उसके डैड क्या बात करने वाले है राहुल से, वो सिर्फ यही सोच रही थी की राहुल ने क्या उत्तर दिया. क्या राहुल ने उससे एक्सेप्ट किया?

तभी मोनिका बाथरूम में से सिर्फ एक बाथ टॉवल लपेटे हुए निकलती है, और जैसे hi राहुल को देखती है, उसकी आँखों में एकदम से चमक आ जाती है, वो इस बात को बिलकुल hi भूल गयी थी की वो अभी केवल एक बाथ टॉवल पहनी हुई है.

उसके गीले बाल, नंगे गोर कंधे, नंगी दूध जैसी सफ़ेद जाँघे, और गीला बदन किसी का भी लुंड खड़ा कर दे. वो एकदम से दौड़ती हुई आगे बढ़ी और राहुल को गले से लगा लिया.

उसकी हुग में एक कसावट थी, एक बेसब्री, एक उत्तेजना. हुग बोहत hi टाइट थी. इधर राहुल स्तब्ध सा बस मूर्ति बने हुए खड़ा था.

पहले प्रीती की हुग, जिसके कारण उससे थोड़ा बोहत जोश चढ़ चूका था, उसके बाद ख़ुशी की हुग, बूब्स का डबल डोज़ मिलते hi राहुल का लुंड महाराज संकेत देने लगा था और अब मोनिका और वो भी बाथ टॉवल में वो भी गीली एकदम.

पहली बार था जो राहुल ने उससे बाथ टॉवल में देखा था. वो बस बिना कुछ बोले चुप चाप खड़ा हुआ था और अपने लुंड को कण्ट्रोल करने में लगा हुआ था. इधर ख़ुशी और प्रीती की आँखें फटी की फटी रह गयी सामने सन को देख कर.

मोनिका ने राहुल को हुग किया और वो भी बाथ टॉवल पहने? ऐसा तोह खुद ख़ुशी ने आज तक करने की हिम्मत भी नहीं की, न hi प्रीती ने किया था ऐसा और यहाँ ये...

अभी दोनों के मैं में एक hi चीज़ चल रही थी

"ज़रूर कुछ तोह लफड़ा है दोनों के बीच में"

मोनिका : ोये हेरूओ!! ी मिस्ड यू सो मच!

राहुल : ....

जैसे hi मोनिका उससे चोररटी है ख़ुशी और प्रीती उससे याद दिलाती है की वो अभी केवल बाथ टॉवल में है. शर्म के मारे मोनिका दौड़ती हुई वाशरूम में अपने कपडे लेकर चली जाती है.

ख़ुशी : ये पहेली बार है जो मेने मोनिका दी को बाथ टॉवल में ऐसे इतना कारेफ़री घूमते देखा है

प्रीती : शामे बहिन शामे... ज़रूर इन् दोनों के बीच कुछ तोह है.

दोनों लड़किया राहुल को आँखें सिकोड़ कर देखने लगती है, बेचारे राहुल के पसीने छूटने लगते है. अब इसमें उसकी क्या गलती भाई?

राहुल : हाहाहा... नई नई... तुम दोनों गलत सोच रही हो. वो एक्ससिटेड थी इसलिए उन्होंने ध्यान नहीं दिया होगा...

ख़ुशी (कान के पास आते हुए) : उन्होंने भले ध्यान न दिया हो पर मेने ज़रूर दिया. I'm वाचिंग यू...

प्रीती (दूसरे कान के पास आते हुए) : यू क्नोव व्हाट? मोनिका दी को चोर्रो... जो फॉर ख़ुशी! वह एक ऑफर है. बुय 1 गेट 1 फ्री! ख़ुशी को पा लोगे तोह तुम्हे ये प्रीती भी मिल जाएगी. वो भी एकदम फ्री. ऐसा ऑफर नहीं मिलेगा कही. Okay?

प्रीती राहुल के कान की निचले हिस्से को मुँह में भर कर काट लेती है और आँख मारते हुए ख़ुशी को लेकर वह से चली जाती है और राहुल अपने माथे से पसीना पॉच के सोचने लगता है,

"Omg! दोनों कितनी भयानक लग रही थी. ऐसा लग रहा था मुझे कच्चा चबा जाएंगी. लड़किया बोहत घातक किस्म की होती है यार. और ये प्रीती... बाप रे!! It's ऑलवेज बीन प्रीती राहुल... It's ऑलवेज बीन प्रीती. यदि ख़ुशी डेंजरस है तोह प्रीती तोह खुद डेंजर है. I'll कीप तहत इन मंद... फेव!!"

*क्लिक*

वाशरूम का दूर खुलता है और मोनिका एक वाइट शर्ट और जीन्स में हाज़िर होती है, उसके बाल अभी भी गीले थे और वो बोहत hi सेडक्टिव लुक दे रही थी.





मोनिका : कैसे हो हीरो?

राहुल : वववव...

मोनिका : ???

राहुल (ब्लश) : wo...wo में... I'm गुड! आल गुड!

"मोनिका दी! काश मेरी वाइफ होती, उनके साथ घूमना, फिरना, बातें करना, कितनी ख़ूबसूरत है दी! अंशु भी इनकी जितनी ख़ूबसूरत है पर मोनिका दी उम्र में बड़ी है और इसलिए मोनिका दी का एक अलग hi लेवल है. सेक्सी होने के साथ साथ वो हॉट भी है, वो क्यूट भी है, मातुरे भी है, कुल मिलाके एक वाइफ मटेरियल"

मैं में राहुल ने सोचा तोह उसका मैं फिरसे उससे उत् पटांग रे देने लगा की जा के अभी दबोच ले मोनिका को, उसके नरम दूध अभी दबा दे, और उसके होंठ अभी के अभी अपने होंठो से जोड़ दे.

इधर खुद hi राहुल अपने मैं से लड़ रहा था उतने में hi मोनिका ने उससे फिरसे एक बार अपनी बाहो में ले लिया. पर इस बार... इस बार मोनिका ने राहुल का खड़ा लुंड खुद महसूस किया पर बोलै कुछ भी नहीं... उसके बाद उसकी थोड़ी रुवासी सी आवाज़ आयी...

"I'm गोइंग राहुल!!!"

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!
 
अपडेट - 88



अब तक...

इधर खुद hi राहुल अपने मैं से लड़ रहा था उतने में hi मोनिका ने उससे फिरसे एक बार अपनी बाहो में ले लिया. पर इस बार... इस बार मोनिका ने राहुल का खड़ा लुंड खुद महसूस किया पर बोलै कुछ भी नहीं... उसके बाद उसकी थोड़ी रुवासी सी आवाज़ आयी...

"I'm गोइंग राहुल!!!"


अब आगे...



राहुल : गोइंग? व्हाट दो यू मैं बी "गोइंग" मोनिका दी??

राहुल ने एकदम से मोनिका को उसके कंधे पकड़ कर अलग करते हुए पूछा? उसकी आवाज़ में एक चिंता थी और एक बेकरारी थी जानने की.

जवाब में मोनिका ने सिर्फ अपनी नज़रे फेरर ली, राहुल देख पा रहा था की मोनिका की आँखों में ासु थे. उसने मोनिका का कोमल चेहरा अपने दोनों हाथो से पकड़ा और सामने किया. आज मोनिका को रट हुए वो पहली बार देख रहा था. पता नहीं क्यों पर मोनिका को ऐसे देख राहुल का दिल भी तड़प रहा था. एक डर सत्ता रहा था.

राहुल : किधर जा रही हो आप? क्यों रो रही हो? बताओ दी... क्यों?

मोनिका (क्रिस) : मुझसे मत पूछो राहुल! में तुम्हे बताउंगी तोह... मुझसे मत पूछो! बस जाने दो मुझे. में बस तुमसे मिलने आयी थी.

राहुल : नाहीइ! में आपको ऐसे बिना बताए कही नहीं जाने दूंगा. आप पहले बताइये... आपको मेरी कसम!

मोनिका रट हुए बस राहुल को hi निहारे जा रही थी. ये क्या राहुल? क्यों देदी अपनी कसम? तुम जानते भी हो की में तुम्हारी कभी भी झूटी कसम नहीं खाउंगी! मैं में सोचते हुए मोनिका अपनी नज़रे नीचे कर लेती है.

अब क्या? अब तोह राहुल को सब बताना hi पड़ेगा.

मोनिका : कसम क्यों देदी राहुल? यू क्नोव की में तुम्हारी झूटी कसम कभी नहीं खाउंगी...

राहुल : अब तोह आपको बोलना hi पड़ेगा दी

मोनिका (गहरी सास लेते हुए) : तुम मेरे अतीत के बारे में तोह जानते hi हो राहुल. जिस लक्ष्य के लिए में जी रही थी, वो अब मेरे बोहत करीब है. मेने तोह जीने की िक्षा कब की चोरर दी थी पर मेरे बदले की आग ने मुझे जीने का एक कारण दिया. मुझे सूत्रों से पता चला है की... मेरे माँ बाप को मारने वाला हत्यारा इस waqt...New ज़ीलैण्ड के एक आइलैंड में मौजूद है.

राहुल : व्हॉट?? ये आपको कैसे पता चला?

मोनिका : सूत्रों से... मेरी सहेली है एक राहुल. वो साइबर सिक्योरिटी में काम करती है. उसके डैड का हत्यारा भी वही है. वे शेयर थे शामे एनिमी. That's व्हाई... जितना में उससे ढूंढ़ने की तलाश में हु उतनी hi मेरी सहेली भी है.

राहुल : कोण है वह?

मोनिका : इन्फो के हिसाब से... उसका नाम D'Souza है. सिर्फ यही नाम से उससे सभी बुलाते है. मेरी फ्रेंड सालो से उससे ढूंढ रही है. चाँद चाँद इन्फो को कलेक्ट करके अभी रिसेंटली में hi उससे पक्का सबूत पता चला है की... D'Souza वही है. नई ज़ीलैण्ड में कोई साउथ आइलैंड है. उधर पर hi आखिरी ट्रेस हुआ था... ी थिंक वो अभी वही पर है.

राहुल : तोह आप नई ज़ीलैण्ड में साउथ आइलैंड पर जा रही हो?

मोनिका : हां!

राहुल : और कोण कोण जा रहा है आपके साथ?

मोनिका : में और मेरी फ्रेंड और...

राहुल : और??

मोनिका : और बस...

राहुल : व्हाटट? दी! आप पागल हो क्या? आपका दिमाग तोह ठीक है न? आप दो लड़किया वह आउट ऑफ़ कंट्री जाके उस हत्यारे से लड़ेगी? उससे मारने जा रही हो या खुद अपनी जान देने?

राहुल ने ये बात गुस्से से चिल्लाते हुए कही थी. अलग hi नज़र आ रहा था की वो कितनी चिंता करता है मोनिका की.

मोनिका : ी हैवे तो जो राहुल. में... में ये मौका अपने हाथ से जाने नहीं दे सकती. प्लीज अंडरस्टैंड. लेट में जो!

राहुल : ऑलराइट! I'm किंग विथ यू!

*साइलेंस*

मोनिका (शॉट्स) : kyaaaaaaaaaaaa????

राहुल : यू हर्ड आईटी राइट. I'm किंग विथ यू

मोनिका : राहुल पागल हो क्या? तुम मेरे साथ क्यों आओगे? ये मेरा मिशन है. इसमें तुम्हारा क्या रोले?

राहुल : I'm किंग बिकॉज़ आप मेरी दी हो. में आपको अकेले वह कैसे जाने दे सकता हु? नौपे! नेवर! हम प्लान के साथ प्रोसीड करेंगे.

राहुल फौरन hi फ़ोन निकालता है और सीधे ऋचा को कॉल लगाता है,

"Hello? हां रीचु! I'm गोइंग तो नई ज़ीलैण्ड... यस... ी हैवे समथिंग इम्पोर्टेन्ट तेरे... यू क्नोव मोनिका दी राइट? मास्टर के घर पर जो मिली थी? हां वही!... उनके साथ I'm गोइंग तो नई ज़ीलैण्ड... इम्पोर्टेन्ट है रीचु... यस! डेंजरस होगा... नहीं रीचु! तुम मेरे साथ नहीं चलोगी... तुम और सौरभ सारा बिज़नेस संभालना मेरी जरर हाज़िरी में... कुछ नहीं होगा मुझे don't वोर्री... यू बिलीव में न?... यस! लव यू! टेक केयर!"

*कॉल एंड्स*

राहुल : ऑलराइट! चलिए! वे हैवे तो मूव नाउ!

मोनिका शांत होक बस राहुल को hi घूरे जा रही थी. और फिर वो एकदम से फिरसे भड़क उठी

मोनिका : no वैयय राहुल! तुम कैसे जा सकते हो? यू हैवे योर ओन बिज़नेस नाउ, तुम्हारी फॅमिली है, it's तू डेंजरस... हाउ कैन यू जो?

राहुल : तोह क्या आप मेरी फॅमिली नहीं है?

ये सुनते hi मोनिका का शरीर पता नहीं क्यों पर काँप जाता है. और उसकी आँखों से ासु फिरसे निकलने लगते है.

राहुल : शायद आप hi मुझे अपनी फॅमिली नहीं कंसीडर करती.

राहुल के इतना कहते hi मोनिका उसके कस के गले लग जाती है.





मोनिका : don't यू डरे से तहत. तुम्हारे अलावा है hi कोण मेरा पागल!? मास्टर, तुम, भीमा अंकल... यही तोह मेरी फॅमिली है. और तुम!! तुम्हारे लिए तोह मेरे दिल में स्पेशल जगह है. तुम आखिर ये कैसे कह सकते हो?

राहुल : और वो आपकी फ्रेंड? मुझे तोह लगा था आपका कोई फ्रेंड नहीं है.

मोनिका : वे अरे फ्रेंड्स बूत हम सालो से एक दूसरे से नहीं मिले. वे ओनली टॉक ों फ़ोन्स.

राहुल : ओह्ह!

मोनिका : don't वोर्री! मेरे सब से क्लोज तुम hi हो राहुल. तुम मेरे लिए सबसे स्पेशल हो.

That's व्हाई!! ी don't वांट एनीथिंग तो हैपन तो यू...

राहुल : और में भी नहीं चाहता की मेरी दी को कुछ हो. इसलिए... I'm किंग विथ यू!

मोनिका (रट हुए) : क्यों??

राहुल : बिकॉज़.... बिकॉज़ यू अरे आल्सो स्पेशल फॉर में. वैरी स्पेशल!

मोनिका (क्रिस) : यदि तुम्हे कुछ हो गया तोह?

राहुल : नथिंग विल हैपन तो में! Don't वोर्री!

मोनिका राहुल की आँखों में देखती है. जिसमे उससे अपने लिए परवाह दिखाई दे रही थी. अपने निचले कांपते हुए होंठ को दातो टेल दबाते हुए मोनिका राहुल को जोरर से भींच के उसके चेहरे को चुम्बनों से भर देती है.

मोनिका (मैं में) : शुड ी से...? बूत... व्हाट िफ़... हे... ी can't... थोड़ा और वेट... मय्बे... *ब्लश* आफ्टर थिस जर्नी...

राहुल : मास्टर नहीं चल रहे?

मोनिका : वो आ रहे थे. मेने hi उनको मन किया है. आईटी विल बे तू डेंजरस. इतने सालो बाद वो ख़ुशी के साथ समय गुज़ार पा रहे है. ी don't वांट ख़ुशी तो लूज़ हेर फादर तू. में नहीं चाहती मेरी तरह वो भी बिन माँ बाप की रह जाए. वह कुछ अनहोनी हो गयी तोह... इनफैक्ट राहुल मुझे तुम्हारे लिए बोहत डर लग रहा है यदि तुम्हे कुछ हो गया तोह... में अपनी जान दे दूंगी!

राहुल : स्स्स्सस्छ्हः!! ये क्या कह रही हो आप? Don't वोर्री! कुछ नहीं होगा मुझे! और ना hi आपको! हम प्लान के अकॉर्डिंग प्रोसीड करेंगे.

राहुल फौरन अपना फ़ोन निकालता है और किसी को कॉल लगाता है.

राहुल : hello?

?? : अरे राहुल सर! कहिये कैसे याद किया? इस बार किसे सबक सिखाना है? कोई पेमेंट वसूलनी है क्या? या किसी को बत्ती देनी है?

राहुल : जॉनी! ही!! ी नीड असैसिन्स!

जॉनी (सीरियस होकर) : ओह्ह!! दूसरी पार्टी बड़ी है क्या?

राहुल : हां ऐसा hi समझ लो जॉनी! मुझे दरअसल उसके बारे में कुछ पता नहीं है.

जॉनी : ये क्या बात हुई राहुल भाई! ये गलती न करिये! दूसरी पार्टी की ताकत का अनुमान तोह ले के hi चलो. वर्ण ये घातक साबित हो सकता है.

राहुल : ी क्नोव जॉनी! इसलिए मेने बन्दे नहीं मांगे. असैसिन्स मांगे!

जॉनी : हम्म! कितने??

राहुल : जितने ज़्यादा हो उतना अच्छा है!

जॉनी : ये तोह प्रॉब्लम है राहुल भाई! 80% असैसिन्स तोह आलरेडी मिशन पर है.

राहुल : अभी कितने अवेलेबल है?

जॉनी : हम्म! अभी सिर्फ 5 hi अवेलेबल है! जिनमे से 1 फीमेल है और बाकी मलेस. राहुल भाई आप भी जानते hi हो की असैसिन्स बड़ी hi मुश्किल से मिलते है. ऊपर से आपको ये भी पता है की में हाइली त्रिनेड आदमी hi चुनता हु.

राहुल : ी क्नोव. सिर्फ 5 है? वेल! Okay! रेट बताओ और उन्हें भेज दो कल यहाँ पर. में लोकेशन सेंड कर दूंगा इधर की.

जॉनी : no प्रॉब्लम! रेट... लाइफ एंड डेथ सिचुएशन है?

राहुल : हां!

जॉनी : 5 पैर ास्सास्सिन!

राहुल : एहम...

जॉनी : राहुल भाई! आप जानते hi है की में आपसे काम hi लेता हु. इसमें मुझे हल्का फुल्का hi मुनाफा है, सारा का सारा इन्हे hi जाएगा. और अभी आपने बताया की लाइफ एंड डेथ सिचुएशन है. मेने वैसे भी बोहत काम करके बताया है.

राहुल : कोई बात नहीं! Don't वोर्री! पेमेंट के लिए किसी को सौरभ के पास भेज देना.

जॉनी : okay दोने! और कोई इंस्ट्रक्शंस?

राहुल : ओह्ह हां! पाछो की डिटेल्स भेजो, फ्लाइट बुक करवानी है!

जॉनी : अभी भेजता हु!

*कॉल एंड्स*

मोनिका : क्या था ये सब?

राहुल : हम मौत के कुए में जा रहे है तोह सब कुछ प्लान करके hi जाना पड़ेगा न? ी जस्ट हिरद सम अस्सासिंस.

मोनिका : व्हाट??

*कुछ देरर बाद*

*इनकमिंग कॉल*

राहुल : hello?

उर्वशी : ये में क्या सुन्न रही हु सर??

राहुल : क्या हुआ?

उर्वशी : आप मिशन पर जा रहे है? वो भी कोई खतरनाक वाले?

राहुल : हां!

उर्वशी : में भी आपके साथ चलूंगी!

राहुल : नहीं!

उर्वशी : नहीं सर! इस बार आप मुझे नहीं रोकेंगे! आपने हमारे लिए इतना सब किया है. हमे रोज़गार का शहर दिया. आपने हमे अपनी कंपनी में सिक्योरिटी के रूप में रखा. हमारे रहने, खाने सबका इंतज़ाम किया. मुझे यकीन है की यदि यही नौकरी हम कही और पाने जाते तोह हमे इतनी आसानी से नहीं मिलती. आपने हमे हर तरीके से जैसा आप से बन पड़ा सब प्रदान किया. अब मेरा भी तोह कोई हक़ बनता है न की बदले में में आपके काम आ सकू? इसलिए!! आप मुझे मन नहीं करेंगे! और सिर्फ में hi आपके साथ चलूंगी! मेरी बहने नहीं! में सबसे बड़ी हु... मेरा फ़र्ज़ बनता है ये ज़िम्मेदारी लेना.

राहुल उर्वशी की बात सुन्न ने के बाद कुछ नहीं कह पाटा और अंत में उर्वशी भी साथ में ज्वाइन हो जाती है.

इधर ग्वालियर में नेहा फटाफट पैकिंग करने लगती है, तोह अंशु और वंशु जो की उसके साथ रुकी हुई थी उसके घर में वो सवालिया नज़रो से उससे देखने लगती है,

अंशु : नेहु!? क्या कर रही हो?

नेहा : पैकिंग!!

अंशु : किस बात की?

नेहा : I'm गोइंग... भाई से मिलने जा रही हु!

वंशु : व्हाट??? नेहा पर ऐसे अकेले एकदम से? चची को बताया की नहीं?

नेहा : बता दूंगी! अकेले नहीं! ी हैवे ओने मोरे टिकट! आप में से कोई चलेगा? ी कैन कैंसिल आईटी िफ़ यू don't वांट तो...

वंशु : व्हॉट?? पर नेहा... मुंबई जैसे शहर में तुम ऐसे... अकेले?? तुमने टिकट कब बुक करि?

नेहा : उसी दिन जिस दिन मुझे सच्चाई पता चली थी. तहत नाईट... उस नाईट में hi मेने बुक कर ली थी. सो? आप दोनों में से कोई चल रहा है?

अंशु : I'll के!

वंशु : छोटी???

अंशु : यस दी! में नेहा के साथ चली जाती हु! आप तब तक यही क्यों नहीं ृक्क जाती? चची की हेल्प करवा देना. चाचा आएँगे तोह बवाल तोह होने hi वाला है. तब चची अकेली पद जाएंगी! आप यहाँ रुकिए...

वंशु : पर छोटी! मेरे ख्याल से मुझे जाना चाहिए नेहा के साथ.

अंशु : ये आप भी जानती है की इन् मामलो में में आपसे ज़्यादा एक्टिव हु. आप मैनेज नहीं कर पाओगी! प्लीज दी! आप यही रुकिए! एंड don't वोर्री!

वंशु (ब्लश) : क्या में मैनेज नहीं कर पाऊँगी? हम्फ! बच्ची थोड़ी हु... बड़ी हु तुझसे

अंशु : पता है दी! पर आप बोहत सेंसिटिव हो! बोहत चंचल हो आप. इतनी सुन्दर हो, कोई उठा के ले गया तोह?

वंशु (ब्लश) : धत्त! जैसे तुम दोनों सुन्दर नहीं हो! मुझसे ज़्यादा तोह तुम सुन्दर हो...

अंशु : नौपे! दी इस सोऊ ब्यूटीफुल!! हेहेहे!

वंशु (ब्लश) : मक्खनबाज़ कही की...

नेहा : अंशु दी! Then...aap भी अपनी पैकिंग कर लीजिये! मेरे कपडे रख लीजिये आप. बैग में देती हु.

अंशु : okay बहिन!

ऐसे hi ये दिन बीता और अगला दिन भी ढल गया, रात्रि में यहाँ नेहा और अंशु मुंबई के लिए निकल पड़े. निशा बोहत चिंतित थी, पर राहुल मुंबई में था इसलिए उससे हौसला था की राहुल और नेहा का एक बार मिलान होने के बाद सब ठीक हो जाएगा शायद. और नेहा की सेफ्टी की भी टेंशन नहीं क्युकी राहुल तोह रहेगा hi वह पर.

इधर उर्वशी, राहुल, मोनिका, और 5 अस्सासिंस जो की जॉनी के थ्रू राहुल ने हिरे किये थे सभी आ चुके थे. सभी की फ्लाइट में टिकट बुक हो चुकी थी और सभी एयरपोर्ट पर फ्लाइट के लिए खड़े हुए थे.

5 अस्सासिंस में से 2 इंडियन थे जो थे, वरुण और विक्की. ये दोनों hi सिर्फ इंडियन थे बाकी 3 फोरेइग्नेर्स थे. जिनमे से वो एक फीमेल अस्सासिं भी फोरेनर hi थी. जो दो मेल थे वो थे, पीटर और जेम्स. और लड़की ने खुद को नताशा के नाम से इंट्रोडस किया था.





नताशा ब्लोंड थी. फिलहाल तोह ब्लोंड hi दिख रही थी क्युकी अस्सासिंस अपना रंग रूप बदलते रहते है, इसलिए राहुल खुद सूरे नहीं था की नताशा का ये रूप असली है या नहीं.

पर एक बात तोह थी, वो ये की नताशा टाइट लाठर सूट में आग का शोला लग रही थी. एक तोह ब्लोंड, ऊपर से स्किन टाइट लाठर सूट. कोई भी देख के बता सकता था की नताशा एक फाइटर है. नताशा का फिगर hi क़ातिलाना था. हर्र के जगह से वो परफेक्ट थी. पहले तोह राहुल को यकीन hi नहीं हुआ था की नताशा एक अस्सासिं है.

सबने अपना अपना इंट्रो दिया और फिर सभी फ्लाइट में बैठ के रवाना हो गए नई ज़ीलैण्ड की तरफ. इस वक़्त राहुल के बगल से मोनिका बैठी हुई थी.

राहुल : तोह? आपकी फ्रेंड?

मोनिका : ओह्ह! वो हमे वही एयरपोर्ट पर hi मिलेगी.

राहुल : ओह्ह!!

मोनिका : मुझे तोह अभी भी यकीन नहीं हो रहा की तुम मेरे साथ चल रहे हो! ी...

राहुल : आपको और कुछ कहने की ज़रुरत नहीं है! I'll बे ऑलवेज तेरे फॉर यू...

ये सुनते hi मोनिका के फिरसे ासु निकल पड़ते है. और वो राहुल को साइड से हुग करते हुए उसके सीने पर अपना सर रख लेती है.





मोनिका : क्यों करते हो मेरी इतनी परवाह!? में तोह तुम्हारी सिर्फ दोस्त हु न? फिर मेरे लिए इतना क्यों? क्या ज़रुरत थी? तुम्हारी लाइफ में मुझसे ज़्यादा भी तोह इम्पोर्टेन्ट लोग है न? तुम्हे कुछ हो गया तोह क्या होएगा उनका?

राहुल (स्माइल्स) : ी don't क्नोव! जब आपने कहा की आप जा रही हो. ी जस्ट फेल्ट... ऐसा लगा की में आपको दुबारा कभी नहीं देख पाउँगा. और में अंदर hi अंदर सिहर उठा. चाहे कुछ भी हो जाए, में आपको अकेला नहीं चोरर सकता था.

मोनिका : एंड व्हाई इस तहत? यू हैवे ा गफ, योर फॅमिली, योर फ्रेंड्स... फिर मेरे लिए इतना रिस्क क्यों?

राहुल : क्युकी आपकी जगह मेरे दिल में स्पेशल है.

मोनिका (ब्लश) : पर में तोह सिर्फ तुम्हारी दोस्त हु न?

राहुल : आप दोस्त से कही ज़्यादा है...

मोनिका (ब्लश): ओह्ह अच्छा? क्या हु में तोह फिर?

राहुल (ब्लश) : आप... आप स्पेशल हो!!

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 89

अब तक...

मोनिका : एंड व्हाई इस तहत? यू हैवे ा गफ, योर फॅमिली, योर फ्रेंड्स... फिर मेरे लिए इतना रिस्क क्यों?

राहुल : क्युकी आपकी जगह मेरे दिल में स्पेशल है.

मोनिका (ब्लश) : पर में तोह सिर्फ तुम्हारी दोस्त हु न?

राहुल : आप दोस्त से कही ज़्यादा है...

मोनिका (ब्लश): ओह्ह अच्छा? क्या हु में तोह फिर?

राहुल (ब्लश) : आप... आप स्पेशल हो!!


अब आगे...



करीब 15 घंटे के लम्बे सफर के बाद, राहुल और टीम नई ज़ीलैण्ड की ज़मीन पर अपने कदम रख चुके थे. चारो तरफ विदेशी hi विदेशी लोग दिखाई दे रहे थे. एयरपोर्ट से निकलने के बाद सभी ने टैक्सी करि और राहुल ने एक होटल में सबके लिए रूम्स बुक कर लिए, क्युकी यहाँ पर उन्हें अभी कुछ काम बचा हुआ था. मैं काम जो था वो था वेपन्स का जुगाड़ करना. क्युकी बी फ्लाइट यहाँ सभी आए है, और स्ट्रिक्ट चेकिंग होने के बाद वेपन्स साथ में लाने का सवाल hi नहीं उठता.

वेपन्स का जुगाड़ नताशा का करने का था, वो नई ज़ीलैण्ड पहले भी आ चुकी है और उसके कई कॉन्टेक्ट्स थे. एक अस्सासिं जिस भी कंट्री या रीजन में जाता है उसका ये उसूल होता है की वो वह जाके कुछ आदमियों से संपर्क बनाए जो की अंत तक लॉयल रह सके. ताकि मुसीबत के समय वो काम आ सके. पीटर और जेम्स के लिए एक कमरा बुक किया गया, वही वरुण और विवेक को एक रूम दिया गया. लम्बे सफर के बाद से फटीग भी तोह काम करना था न? वर्ण जेट लग के चलते सारा का सारा मिशन धरा का धरा रह जाता.

एक रूम में मोनिका और राहुल ृक्क गए. और एक रूम में नताशा और उर्वशी रुकी हुई थी.

राहुल : आपने तोह कहा था की आपकी फ्रेंड एयरपोर्ट के बाहर मिलेगी?

मोनिका : हां, वो उसकी फ्लाइट हमसे बाद में थी राहुल, बस आती hi होगी. मेने उससे एड्रेस भेज दिया है. यही होटल में hi आएगी.

राहुल : okay! में... में बाहर जाता हु ऐसे hi थोड़ा चेक करने तब तक आप फ्रेश हो लीजिये और नाहा लीजिये...

मोनिका ने जैसे राहुल के मैं की बात पढ़लि और उसके गालो पर लाली छ गयी,

मोनिका (ब्लश) : बहार क्यों जाना है? तुम यहाँ रह सकते हो! बस झाकना मत!

शर्माहट भरी स्माइल देते हुए मोनिका नज़रे नीचे करते हुए तेज़्ज़ कदमो के साथ वाशरूम में चली गयी. "हाय! ये मेने क्या कह दिया? राहुल भला क्यों झांकेगा मुझे देखने के लिए? तू भी न मोनिका..." खुद से मोनिका ने कहा.

राहुल भी बिना कुछ बोले बैठ गया और आगे के प्लान के बारे में सोचने लगा,

"मुझे तोह आईडिया hi नहीं है ये D'Souza कोण है, क्या करता है, कितने आदमी होंगे वह, क्या लोकेशन है, कितना रिस्क है? सहित!! फाइन!! में वर्स्ट केस सिनेरियो लेके चलता हु. तभी कुछ हो पाएगा. ऐसा मानता हु की उसके पास धेरर सारे आदमी है, ऊपर से वो आइलैंड में है तोह उसके पास hi एडवांटेज है, और तोह और उसके पास वेपन्स भी होंगे. ी don't थिंक सिर्फ हम 8 लोग कुछ कर पाएंगे. यदि मोनिका दी को कुछ हो गया तोह... नहीं! ी नीड ा प्लान. काश मुझे वह की सीनरी के बारे में कुछ पता होता" राहुल खुद से hi मैं में बात कर रहा था.

शावर की आवाज़ से राहुल अपने मैं में चल रहे सवालों से ध्यान हटाता है और एक नज़र वाशरूम की तरफ डालता है. अंदर मोनिका नाहा रही थी. अपना थूक गटकते हुए वो अपने मैं से गंदे विचारो को साइड में रखता है और लैपटॉप में साउथ आइलैंड की डिटेल्स देखने लगता है.

अंदर वाशरूम में मोनिका नग्न अवस्था में कड़ी किसी पारी के भाति प्रतीत हो रही थी. उसका सौंदर्य किसी भी सुंदरता को मात देदे. गोरा बदन पानी की बूंदो से चमक रहा था. उसके लम्बे परर से फिसलता हुआ पानी, अपनी धार की निशानी चोरर के बदन को और भी मोहक बना रहा था.

"आगे चाहे कुछ भी हो, में तुम्हारा साथ नहीं चोरडूंगी राहुल. मेरी यही प्रार्थना है की तुम्हे कुछ भी न हो. यदि तुम्हे कुछ हुआ तोह में भी अपना त्याग कर दूंगी"

मोनिका ने अपने सीने पर हाथ रखते हुए मैं में कहा.

थोड़ी देरर बाद वो केवल एक बाथ टॉवल में बहार आयी, जैसे hi राहुल ने नज़रे उठा के देखा तोह उसके होश hi उड़द गए. ये दूसरी बार था जब मोनिका बाथ टॉवल में उसके सामने आयी थी. पर इस बार एक अंतर था. वो ये था की इस बार राहुल और मोनिका एक hi कमरे में अकेले थे. मोनिका के गालो पर लाली छायी हुई थी और जब जब वो राहुल को ऐसे मुँह खोले उसका शरीर देखते हुए पाती तोह अंदर hi अंदर उससे अजीब सी संतुष्टि मिलती. वो मंद मंद मुस्कुराती. उसने ज़रा भी खुद को छिपाने का प्रयत्न नहीं किया. इनफैक्ट वो और अपना सीना तान लेती ताकि राहुल को उसकी ुचि चोटियों का नज़ारा और भी अच्छे से देखने को मिल सके.

राहुल बस अपना थूक गटकते हुए सामने मोनिका को देख रहा था, न कुछ कह पा रहा था, न कुछ कर पा रहा था. धीरे कदमो के साथ मोनिका चलते हुए आगे आयी. ज़ाहिर सी बात है वो इस वक़्त अपनी नज़रे नीचे hi की हुई थी, राहुल से नज़रे मिलाने की उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी, शर्म जो इतनी आ रही थी.

दोनों की hi सासें तेज़्ज़ चल रही थी. महुअल गरम हो रहा था. मोनिका ने बड़ी hi हिमायत करते हुए नज़रे ऊपर कर राहुल की आँखों में देखा तोह एक बार फिर वो सिहर उठी. उसने अपने हाथ आगे बढ़ाए, राहुल के चेहरे को बड़े hi कोमलता से पकड़ा और धीरे से खींचते हुए उससे अपने उरोजों में धसा लिया.

"ाःह" एक हलकी सिसकी के साथ मोनिका की आँखें बंद हो गयी और इस वक़्त वो केवल राहुल के चेहरे को अपने सीने में मेषसूस करना चाह रही थी. चाह रही थी की ये लम्हा इधर hi थम जाए. ये एहसास, ये अनमोल पल, ये कीमती समय, और उसका ये प्यार कभी न थामे. मोनिका सिर्फ महसूस कर रही थी.

मोनिका का बाथ टॉवल उसके उरोजों को पूरी तरह से नहीं ढाका हुआ था. काफी डीप क्लीवेज झलक रहा था और उसी क्लीवेज में राहुल का सर पकड़ के वो घुसाए हुए थी. राहुल की गर्म सासें उसकी दोनों स्तनों के ठीक बीच में पद रही थी, जो मोनिका को उत्तेजित कर उससे पागल कर रही थी.

मोनिका (ब्लश) : ra...rahul!!

राहुल ने बिना कुछ बोले अपने हाथ बढ़ा के मोनिका की कमर पर बाँध लिए.

राहुल : हम्म??

मोनिका : क्या हम ज़िंदा लौट पाएंगे?

राहुल : don't वोर्री! में आपको कुछ नहीं होने दूंगा. चाहे मेरी जान hi क्यों न चली जाए.

ये बात राहुल ने अपने दिल से कही थी. न की मोनिका को बेहलान के लिए. उसके इतना कहते hi मोनिका के आँखों में नमी छ गयी और उसने अपने निचले कांपते हुए होंठ को दातो टेल दबाया और राहुल को और कस के अपने सीने से लगा लिया.

मोनिका : स्स्स्सह्ह्ह्ह!!! कुछ नहीं होने दूंगी में तुम्हे... और खबरदार जो ऐसी बातें कही राहुल. समझ गए!?

राहुल (स्माइल्स) : हम्म्म!!

मोनिका का बाथ टॉवल केवल उसकी जांघ तक hi था. राहुल कमर पर हाथ लपेटे हुए था तोह उससे मोनिका के बुम्प का पूरा एहसास हो रहा था और उसका लुंड महाराज अपना असर दिखाना शुरू कर रहा था.

मोनिका ने धीरे से राहुल का सर ऊपर किया और थोड़ा सा झुकते हुए उसने राहुल के माथे को चूम लिया. फिर उसके दये गाल को चूमा, फिर बाए गाल को.

उसके बाद मोनिका राहुल की नज़रो में देखने लगी, जैसे देख रही हो की क्या राहुल खुद से आगे की पहल करता है?? राहुल भी लम्बी सासें लेके सिर्फ मोनिका को hi देख रहा था. दोनों के होंठ एक दूसरे के करीब आ रहे थे की इतने में रूम की बेल्ल बज्ज गयी और मोनिका हड़बड़ाते हुए एकदम से वाशरूम की और भागी.

"फ़क! अब कोण आ गया? मेरे साथ hi क्यों होता है ऐसा? ी वास् सो क्लोज तो हिम..." मोनिका बहार आए व्यक्ति को मैं में दोष से रही थी.

राहुल ने उठ के जैसे hi गेट खोला तोह बाहर एक काफी सुन्दर सी लड़की, स्पेक्ट्स लगाए हुए, शर्ट और डेनिम जीन्स में, एक बैग लिए कड़ी हुई थी. उससे देख के कोई भी कह सकता था की ये लड़की कंप्यूटर की फील्ड में है. उसका रंग रूप, आँखों पे लगा चश्मा सब यही दर्शा रहा था. सिंपल शब्दों में कहे तोह वो काफी क्यूट और ब्यूटीफुल थी.

लड़की : हँ!?? तुम??

राहुल : जी??

लड़की : ये मोनिका का रूम नहीं है?

राहुल : ओह्ह! हां! आप उनकी फ्रेंड होगी!? में उनका फ्रेंड हु. आइये! वो अभी वाशरूम में है. आती hi होंगी!

लड़की : ओह्ह!?

लड़की अंदर आके बैठती है पर अभी भी उसने अपना बैकपैक पहना हुआ था और नीचे रखे बड़े बैग के हैंडल को वो पकडे हुए थी. शायद अभी वो कम्फर्टेबले फील नहीं कर रही थी क्युकी मोनिका कही नज़र नहीं आ रही थी.

लड़की : तुम कोण?

राहुल : जी में राहुल! में मोनिका दी का फ्रेंड हु.

लड़की : ओह्ह! में टीना!

राहुल : नीस तो मीट यू टीना जी!

टीना : (स्माइल्स)

मोनिका बहार निकली और टीना को देख ख़ुशी से उसके गले लग गयी, दोनों के भारत मिलाप के बाद और मोनिका से मिल लेने के बाद अब टीना रिलैक्स्ड फील कर रही थी, उसने अपना बैकपैक भी निकल कर रख दिया. फिर मोनिका ने उससे राहुल से अच्छे से इंट्रोडस कराया और फिर वो फ्रेश होने नताशा के रूम में चली गयी!

करीब 3-4 घंटे बाद सभी लोग वह से फ्रेश होक और थोड़ा आराम करके नाश्ता वगैरह करते हुए निकले और ट्रैवलर जैसी गाडी आयी और उसमे सभी बैठ गए. ये नताशा का कोई फ्रेंड था जो उन्हें वेपन्स दिलवाने के लिए ले जा रहा था.

राहुल : सो? शी कनौस हिंदी?

वरुण : नहीं राहुल सर! नताशा इंडिया में रहती ज़रूर है पर उससे पूरी हिंदी नहीं आती. वो मिशंस के लिए अक्सर बाहर hi रहती है. हां! थोड़ा बोहत साथ में रहने के कारण उससे आती है पर कम्प्लीटली नहीं!

राहुल : ओह्ह!!

नताशा (पीछे पलट के राहुल कक देखते हुए) : हे हैंडसम!? अरे यू क्यूरियस अबाउट में?

राहुल : यह??

वरुण : माफ़ करना राहुल सर! नताशा सभी से फ्रीली और फ्रैंकली hi बात करती है. आप मंद मत करना.

राहुल : no no it's okay!

तभी राहुल की कमर में कोई चूमती काटता है और राहुल पलट के देखता है तोह मोनिका मुँह फुला के राहुल को देख रही थी.

राहुल : व्हाट?

मोनिका फिरसे चूमती काटती है और राहुल के हाथ को दोनों हाथ में लेके उसके कंधे से टिक के बैठ जाती है.

शी वास् जेलस.

राहुल के सामने बैठी उर्वशी भी डिसअप्पोइंटेड वाला लुक राहुल को दे रही थी जैसे उस से कहना चाह रही हो की यहाँ पर वो खुद मौजूद है तोह राहुल को विलायती लड़की के पास जाने की क्या ज़रुरत है?

राहुल (मैं में) : अरे भाई मेने क्या किया अब? ये दोनों ऐसे क्यों देख रही है?

उसके बगल से बैठी टीना ये सब देख रही थी और उससे समझ आ गया था की दोनों सिर्फ फ्रेंड्स नहीं है. कुछ और भी बात है.

एक जगह पर पहुँच के बड़े hi सीक्रेट तरीके से वेपन्स का जुगाड़ हुआ और ब्रीफ़केस में सभी वेपन्स को लेकर उन्हें गाडी में रखवाया गया. यहाँ से सीधा सब प्राइवेट मोटर बोट में सफर करते हुए फाइनली आइलैंड पर पहुँच चुके थे.

इधर राहुल तोह अपने देश से इतना दूर आ चूका था पर इसकी भनक नेहा और बाकी सभी को नहीं थी. अपने पूरे अरमान लिए नेहा और अंशु फाइनली मुंबई आ चुकी थी.

नेहा : दी चलिए... जल्दी!! कितना धीरे चल रही हो आप?

अंशु : नेहू!!? में अपनी फुल स्पीड में चल रही हु! तू कुछ ज़्यादा hi तेज़्ज़ चल रही है. इतनी बेकरार है तू भाई से मिलने?

नेहा (ब्लश) : यस दी! ी can't कण्ट्रोल माइसेल्फ एनीमोर. ी वांट तो सी हिम अस सून अस पॉसिबल. आपको पता है न उनकी कंपनी कहा है?

अंशु : ी क्नोव बाबा! भाई ने मुझे बताया था. Let's जो!

कुछ देरर बाद नेहा और अंशु राहुल की कंपनी के बाहर कड़ी हुई थी.

नेहा बिल्डिंग को देख के hi भावुक हो गयी और उसकी आँखों में ासु आ गए.

"ये मेरे भाई की कंपनी है! हिज ओन कंपनी! तुम कितना आगे बढ़ आए भाई! ी विश यू मोरे एंड मोरे सक्सेस! लव यू!" उसने मैं में उपरवाले से प्रार्थना की और अंदर की और चल दी.

सिक्योरिटी गार्ड्स थे तोह उन्होंने सिर्फ नोर्मल्ली पूछा की किस काम से आयी है वो यहाँ और फिर अंदर जाने दिया.

अंदर गेट के अंदर आते hi रिसेप्शन पे एक लड़की बैठी हुई थी. ये और कोई नहीं, उर्वशी और उनकी सहेलियों में से उसकी सबसे चहीती सहेली रूपा थी. रूपा रिसेप्शनिस्ट थी. और बाकी साड़ी लड़किया भी कुछ न कुछ काम में कंपनी में लगी हुई थी. सभी राहुल की बोहत आभारी थी.

रूपा : यस ma'am?

नेहा : umm...mera भाई? मेरा भाई कहा है?

अंशु : नेहा! ऐसे नहीं... उम्! एक्सक्यूज़ में! यू क्नोव वेयर मिस्टर राहुल मिश्रा इस?

रूपा : राहुल सर? आप दोनों? कोण??

नेहा : में उनकी सगी छोटी बहिन हु. नेहा मिश्रा!

नेहा ने बोहत hi डेस्पेरेट होते हुए कहा जैसे उसकी ट्रैन छूटने वाली हो.

अंशु : नेहु कलम डाउन!

रूपा : क्या कहा? Aap...aap राहुलस सर की बहिन हो?

अंशु : यस! I'm हिज यंगर कजिन! एंड she's नेहा. हिज यंगर सिबलिंग.

रूपा : omg!!! में अभी ma'am को बताती हु. प्लीज वेट!

"Ma'am!??" नेहा और अंशु दोनों एक दूसरे को कन्फूसिओं वाले भाव से देखती है.

रूपा सीधे ऋचा को लगाती है और ऋचा को सब कुछ बताती है. थोड़ी hi देरर में ऋचा खुद फौरन दुआडी हुई नीचे आती है और नेहा को देख के उससे अपने गले से लगा लेती है.

नेहा (सुरप्रीसेड) : रीचु दी आप?

ऋचा : हां नेहा! में राहुल की अस ा सेक्रेटरी वर्क करती हु कंपनी में.

नेहा : थिस इस सोऊ गूदड़! कहा है भाई? प्लीज तेल्ल में दी!

ऋचा : तुम राहुल से मिलने आयी हो? मुझे निक्की ने बताया था सब कुछ फ़ोन पर की कैसे सारा राज़ तुम्हारे सामने इंदिरेक्ट्ली खोला गया. आईटी मस्ट हैवे बीन सो हार्ड ों यू...

नेहा : नहीं दी! इनफैक्ट I'm ग्रेटफुल की मुझे सच्चाई का पता चला. में बस भाई को अपनी आखो से देखना चाहती हु. प्लीज तेल्ल में क्विकली दी... वेयर इस हे??

ऋचा इतना सुनते hi उदास होते हुए अपना चेहरा नीचे कर लेती है. उससे ऐसा देख नेहा अपनी बॉहे सिकोड़े ऋचा को थोड़ा जोरर से झंझोरते हुए पूछती है,

नेहा : डीई व्हाई अरे यू नॉट टेलिंग में?? दी?? तेल्ल में प्लीज... कहा है मेरा प्यारा भाई? वेयर इस हे?? ी वांट तो सी हिम सो बदली.

ऋचा (नम्म आँखों से) : नेहा.. एक्चुअली! कल hi... कल hi राहुल नई ज़ीलैण्ड चला गया.

नेहा (शॉकेड) : व्हाट?? विययय???

ऋचा जैसे hi उससे पूरी कहानी बताती है तोह नेहा के होश hi उड़द जाते है.

नेहा (मैं में) : ी कनेव आईटी! ी कनेव आईटी! वो मोनिका और मेरे भाई के बीचे कुछ चल रहा है. भाई भोला है... ज़रूर उस मोनिका ने hi मीठी मीठी बातें करके भाई को बेहला फुसला लिया होगा. इडियट, बुद्धू, स्टुपिड... डम्ब कही का... अपनी जान जोखिम में दाल देता है कभी भी किसी के लिए भी... मेरे लिए भी... मेरे लिए भी ...

और नेहा फुट पड़ती है, उसके ासु झरने की तरह बहने लगते है. कितनी उम्मीद के साथ यहाँ आयी थी वह. कितनी उम्मंग लेकर आयी थी वह की फाइनली अब वो अपने प्यारे भाई को दुबारा देखेगी, उस से माफ़ी मांगेगी और उससे जी भर के प्यार करेगी. पर यहाँ तोह आते hi साथ उसकी साड़ी िमागिनाशंस पर पानी फिर गया.

शी फेल्ट ब्रोकन.

नेहा ज़मीन पर hi बैठ जाती है और अपने चेहरे को हाथो में लेकर सिसकते हुए रोने लगती है.

उससे ऐसा देख अंशु और ऋचा भी उदासी से उससे देखने लगते है और उससे संभालने लगते है...

नेहा (अंशु को रट हुए) : डीई!!! ी वांट तो होल्ड हिम...

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आज के लिए इतना hi गाइस!

धन्यवाद्!


एक्शन विल स्टार्ट फ्रॉम नेक्स्ट अपडेट!
 
अपडेट - 90

अब तक...

नेहा ज़मीन पर hi बैठ जाती है और अपने चेहरे को हाथो में लेकर सिसकते हुए रोने लगती है.



उससे ऐसा देख अंशु और ऋचा भी उदासी से उससे देखने लगते है और उससे संभालने लगते है...



नेहा (अंशु को रट हुए) : डीई!!! ी वांट तो होल्ड हिम...

अब आगे...



नई ज़ीलैण्ड में राहुल और उसकी टीम आइलैंड तक पहुचने के लिए प्राइवेट मोटर बोट का इंतज़ाम किये थे जिसके ज़रिये वो आइलैंड तक पहुचे. राहुल ने सोचा भी नहीं था की ये आइलैंड इतना बड़ा होगा. ये कही से भी आइलैंड नहीं लग रहा था. थोड़ा hi अंदर जाने पर पता लगा की यहाँ पहले से hi घर बने हुए है, हॉलिडे हाउसेस से लेकर बीच हाउसेस तक सब कुछ मौजूद है. अब ऐसे में D'Souza कहा है ये ढूंढ़ना तोह बोहत hi मुश्किल का काम था, क्युकी टूरिस्ट्स भी आये हुए थे.

राहुल : अब क्या करना है? यहाँ तोह कुछ समझ नहीं आ रहा. मेने सोचा था हर्र तरफ जंगल होगा पर यहाँ का माहौल तोह अलग hi है.

टीना : हेड तो थे नार्थ. ी क्नोव कहा पर है वह.

राहुल : ओह्ह! आपको कैसे पता?

टीना : इडियट! में साइबर सिक्योरिटी में हु. ी हैवे मोस्ट ऑफ़ थे इनफार्मेशन ों D'Souza. तुम्हे क्या लगता है में यहाँ चाय नाश्ता करने आयी हु? I've के हेरे तो किल तहत बास्टर्ड.

मोनिका : टीना! Don't शॉट ों हिम! वो सिर्फ मेरे लिए यहाँ आया है.

टीना : हां हां! टिपिकल boyfriend's ड्यूटी!!

मोनिका (ब्लश) : टीएनएआ

टीना : okay okay! नार्थ के डायरेक्शन में चलते रहो. ध्यान रहे, दुसरो की नज़रो में हम टूरिस्ट्स है.

राहुल : पीटर कहा है?

वरुण : सर! वो वेपन्स को छुपाने का जुगाड़ कर रहा है. हम बैग में लेकर तोह नहीं घूम सकते न यहाँ. यदि किसी ने इन्क्वायरी कर ली तोह दिक्कत हो जाएगी. ये आइलैंड टूरिस्ट स्पॉट है. जंगल नहीं है.

राहुल : ी सी!

नताशा : हैंडसम!! अरे यू सकारेद!?

राहुल (स्माइल्स) : नॉट ात आल!

नताशा : ओह्ह्ह!! ी लिखे तहत... ी लिखे तहत. You'll के तो सेव में िफ़ हे गेट्स हिज हैंड्स ों में राइट?

राहुल : सूरे!!

नताशा : *विंक्स*

राहुल के बगल में कड़ी मोनिका ये देख के फिरसे चिकोटी काट लेती है उसकी कमर में और मुँह फुला लेती है. उर्वशी भी कुछ अजीब नज़रो से देख रही थी उससे.

कुछ hi देरर बाद सभी आइलैंड के मैं इलाके से काफी दूर आ चुके थे और अब घाना जंगल शुरू हो चूका था, सभी पानी के करीब पहुँच चुके थे.

वरुण : ये तोह डेड एन्ड है.

विवेक : एक्साक्ट्ली! सर! अब क्या करना है!?

राहुल : मिस टीना??

टीना : येह I'm चेकिंग. हम एक्साक्ट्ली उस लोकेशन पर है जहा लास्ट कॉल ट्रेस हुआ था. वे अरे एक्साक्ट्ली अबोवे तहत स्पॉट.

नताशा : बूत there's नथिंग हेरे.

मोनिका : कही फिरसे वो हमारे हाथ से निकल तोह नहीं गया?

राहुल : यदि हम एक्साक्ट्ली उस स्पॉट के ऊपर है और यहाँ पर कुछ नहीं दिख रहा है हमे जंगल के अलावा तोह इसका मतलब एक hi बात है.

मोनिका , टीना : क्या???

राहुल : वो अंडरग्राउंड में है.

नताशा : ओह्ह्ह! यू मस्ट बे राइट!

वरुण : सही कहा सर! पर अब दिक्कत ये है की एंट्रेंस कहा है?

राहुल : ढूंढो!

राहुल के इतना कहते hi सभी एंट्रेंस ढूंढ़ने में लग जाते है पर किसी को कुछ नहीं मिला काफी देरर तक ढूंढ़ने के बाद भी. ऐसा लग रहा था वो यहाँ फ़ालतू में आ गए और ऊपर से उनका समय और पैसा भी बर्बाद हो गया.

मोनिका : अब क्या होगा??

नताशा (शॉट्स) : ी हैवे फाउंड समथिंग!!

उसकी आवाज़ सुनते hi सभी डेड एन्ड की तरफ जाते है जहा पर नीचे खायी थी. और नताशा थोड़ा से नीचे झुक के एक गुफा की तरफ पॉइंट कर रही थी.

नताशा : there's ा केव हेरे!!

टीना : पर नीचे कैसे जाएंगे? ये बोहत रिस्की है. एक गलत कदम और सीधा नीचे जाएगा इंसान.

मोनिका : नीचे नहीं! सीधा ऊपर!

टीना : हँ??

मोनिका : अरे मतलब मर्डर जाएगा.

टीना : ओह्ह्ह हां हआ! क्या करना है?

वरुण : हमारे पास इक्विपमेंट्स है. Don't वोर्री! रोप्स से लेकर सब कुछ है.

वरुण विवेक पीटर जेम्स रोप्स के ज़रिये एक नीचे जाने के लिए रास्ता तैयार करते है. विवेक और वरुण सबसे पहले नीचे जाते है, उनके बाद hi राहुल और बाकी सब भी धीरे धीरे आ जाते है.

जैसे hi वो केव में घुसने को होते है नताशा फिरसे उन्हें चौकन्ना कर देती है.

नताशा : ओह्ह्ह सहित!! तेरे अरे सिक्योरिटी कामर्स तेरे...

सभी देखते है तोह वाक़ई आगे ऊपर साइड सिक्योरिटी कामर्स लगे हुए थे. यदि आदमी ध्यान से न देखे तोह उनका ध्यान वह जाता hi नहीं पर नास्तेषा शुरू से hi बोहत केयरफुल थी. एक नज़र में hi उससे सब नज़र आ गया की क्या गड़बड़ है.

वरुण : ज़रूर अंदर कोई बैठ के इनके ज़रिये नज़र रख रहा होगा. इसका मतलब D'Souza यही पर है.

टीना : ी टोल्ड यू. He's हेरे ओनली.

मोनिका : तोह अब क्या? हम अंदर कैसे जाए?

वरुण : सर! हमारे पास बोहत hi काम ओप्तिओंस है.

राहुल : बोलो!

वरुण : पहला ये की हम स्मोक बॉम्ब्स उसे करके अंदर जाए, इस से वो हमे देख तोह नहीं पाएंगे पर उन्हें ये ज़रूर पता चल जाएगा की दुश्मन अंदर आया है.

मोनिका : ये तोह बकवास आईडिया है...

वरुण (ब्लश) : हां! और दूसरा ये की... हम डायरेक्ट hi अंदर चले जाए.

मोनिका : व्हाट?? ये तोह और भी बकवास आईडिया है.

वरुण : ma'am आप hi देखिये न. गुफा ओने वे है. हम चाह के भी सिक्योरिटी कामर्स के साथ कुछ नहीं कर सकते.

नताशा : िफ़ ओनली वे कुड हैक ठोस कामर्स...

टीना : में कर सकती हु...

मोनिका : रेल????

टीना : नॉट सूरे बूत ी कैन तरय...

मोनिका : कितना टाइम लगेगा

टीना : उम्म्म...15 से 20 मिनट ी गेस, यदि कोई प्रॉब्लम नहीं हुई तोह.

मोनिका : okay!

अब या तोह ये किस्मत थी या कुछ और पर टीना ने वाक़ई कामर्स का व्यू स्टिल कर दिया. मतलब कैमरा स्क्रीन पर एक hi व्यू शो कर रहा था और उसी व्यू को रिकॉर्ड करे जा रहा था. यानी की यदि राहुल और उनकी टीम सामने से निकलते भी है तोह भी कैमरा वही पुराना व्यू hi स्क्रीन पर दिखाएगा.

राहुल : हाहाहा!

टीना : क्या हुआ? ये कोई हस्सन का टाइम है?

राहुल : में बस यही सोच रहा हु की ये कितना ुनराल है. फिल्म की तरह लग रहा है सब कुछ. यकीन hi नहीं हो रहा की हम अपनी डेली लाइफ चोरर कर यहाँ ऐसे हालात में है. हमारी कहानी पर कोई बिलीव भी करेगा.

मोनिका : ऐसा hi लगता है जब तक खुद एक्सपीरियंस न करो. अभी ये ऐसा hi लग रहा है पर देखना जब हम अंदर पहुचेंगे तोह मामला कितना सीरियस हो जाएगा.

राहुल : don't वोर्री! I'll बे विथ यू!

मोनिका (ब्लश) : हम्म्म! ी....

राहुल : हम्म???

मोनिका : ी... नथिंग!!

टीना : कावर्ड!!!

मोनिका : क्या कहा??

टीना : डरपोक कही की...

मोनिका (ब्लश) : धत्त्त!

वरुण : सर! ी बिलीव आगे जो टर्न है, उसके बाद से वह पर कोई न कोई मौजूद होगा. ट्रैप्स भी हो सकते है! ी थिंक बेस्ट आईडिया यही है की हम बैठत जाए. में और विवेक आगे का इंस्पेक्शन करेंगे और पीटर और जेम्स ठीक हमारे पीछे रहेंगे कवर के लिए. Okay? पीटर एंड जेम्स, यू बोथ विल कवर में एंड विवेक.

पीटर : ऑलराइट!!

वरुण : नताशा! व्हाट विल यू दो?

नताशा : I'll बे ुसिंग माय स्नाइपर!! ी नीड ा स्पॉट तो ले डाउन माय वेपन.

वरुण : फाइन! टीना ma'am आप नताशा के साथ रहिएगा और उससे इन्फो दीजियेगा. आप दोनों पीछे रहेंगी सबसे. राहुल सर!

राहुल : ी क्नोव! में उर्वशी और मोनिका दी साथ में रहेंगे एंड we'll बे बिहाइंड पीटर एंड जेम्स ी गेस!

वरुण : एक्साक्ट्ली!! और ये अपने कानो में लगा लीजिये. इसके ज़रिये हम बात कर सकेंगे. बोलते वक़्त इससे होल्ड करियेगा और जब कन्वर्सेशन हो जाए तोह रिलीज़ कर दीजियेगा.

राहुल : गोत आईटी!

अंदर आगे बढ़ते hi एक मज़बूत सा दूर था जो की लोहे का था. उसमे से कुछ छेड़ थे जिस से आर पार देखा जा सकता था.

वरुण और विवेक बड़ी hi सावधानी बरतते हुए आये और उन्होंने दूर के दूसरी साइड देखा तोह देख के चौंक गए.

सामने एक राउंड टेबल थी, जिसपे धेरर सारे पैसे रखे हुए थे. एक सिंगल सोफे था जिसपर D'Souza बैठा हुआ था और उसके सामने एक और कोई आदमी था जो की दूसरे सिंगल सोफे पर बैठा हुआ था. अगल बगल आदमी खड़े हुए थे जिनकी कमर पर रिवाल्वर था.

वरुण : 1...2...4.....8....9 टोटल 9 है इधर.

विवेक : में मैसेज भेजता हु तुम नज़र रखो.

विवेक थोड़ा पीछे आके सभी को मैसेज भेजता है,

"टोटल 9 आदमी है जिनके पास रिवाल्वर है. उनके अलावा D'Souza और एक और आदमी है. ी बिलीव D'Souza और दूसरे आदमी के पास भी वेपन होगा. अभी अंदर 11 लोग है बूत और भी लोग हो सकते है और अंदर."

विवेक ने एक डिटेल्ड रिव्यु देते हुए सभी को स्थिति से परिचित किया.

नताशा : ऑलराइट! सो what's थे प्लान?

वरुण : दरवाज़ा एक hi है और हमे वही से एंट्री करनी होगी. सो ी गेस हम hi पहला स्टेप ले और उनपर हमला कर दे. हमारे पास स्मोक बॉम्ब्स है. स्मोक के तरोग जितने आदमी हो सके हमे उतने आदमी निपटाने होंगे. शो no मर्सी वे हैवे तो किल.

विवेक, में, पीटर एंड जेम्स विल अटैक इन थे स्मोक. सर!? व्हाट अबाउट यू?

राहुल : में मार्टिकल आर्ट्स hi जानता हु बस.

वरुण : सर प्रोटेक्ट मिस मोनिका, मिस उर्वशी एंड मिस टीना. नताशा स्नाइपर विल बे अननेसेसरी...

नताशा : ढूढे! ी क्नोव व्हाट तो दो! जस्ट गिव में ा फाइन स्पॉट एंड I'll किल थम आल.

वरुण : huh...fine! 3 गिनते hi में स्मोक फेकूंगा, और बाकी सब रश कर देंगे. ध्यान रहे. वे हैवे तो किल थम ों थे स्पॉट. D'Souza और दूसरे आदमी को चोरर कर सबको निपटा डालो.

सभी : ऑलराइट!!!

मोनिका : राहुल!!

राहुल : क्या हुआ दी??

मोनिका के चेहरे पर अलग hi एक डर था जो साफ़ साफ़ नज़र आ रहा था.

मोनिका : hum...hum कर तोह पाएंगे न?

राहुल : don't वोर्री!

मोनिका : में नहीं जानती इसके बाद क्या होने वाला है. कही देरर न हो जाए, इसलिए... में अब कह रही हु. ी क्नोव ये बोहत hi बेकार जगह है पर यदि मेने अब नहीं कहा तोह मुझे डर है में कहने के लिए ज़िंदा बचूंगी भी या नहीं

राहुल : हँ???

मोनिका : राहुल..... *गहरी सास लेते हुए* ी... ी लव यू!!!

*साइलेंस*

राहुल का मुँह खुला का खुला हुआ था, इस से पहले वो कुछ बोलता उसके होंठो पर दो नरम गीले होंठ आके जुड़ गए.

मोनिका ने राहुल को कस के पकड़ते हुए एक ज़ोरदार किश राहुल को देदी!!

उर्वशी जो ठीक उनके पीछे थी वो मुँह खोल के दोनों को होंठ से होंठ मिलाए देख रही थी एक अजीब सा दर्द उसके दिल में हो रहा था, वो सिर्फ अपना निचला होंठ दांतो टेल दबाए हुए सब देख रही थी.

मोनिका तोह जैसे अपने सुध बुध खो चुकी थी. उसकी आँख से एक लकीर बन्न के ासु टपका और उसने राहुल को फाइनली अपने होंठो से आज़ाद किया. ऐसा लगा जैसे उसके दिल से एक भारी बोझ हट गया हो.

राहुल (शॉकेड) : दी!... आप...

मोनिका : स्स्स्सह्ह्ह! व्हेदर यू लव में और नॉट. ी won't फाॅर्स यू. बूत ी विल ऑलवेज लव यू no मटर व्हाट...

राहुल : किसने कहा आपसे ी don't लव यू?

मोनिका : ???

राहुल : ओफ़्कौर्से ी लव यू!!

मोनिका : राहुल...

राहुल : डीई!!!

वरुण : एहम ahem...sir!! वे नीड तो रश!

राहुल और मोनिका दोनों अपने होश में आये और पलट के देखा तोह सभी उन् दोनों की hi देख रहे थे. नताशा तोह राहुल को आँख मार रही थी.

राहुल : ओह्ह्ह haa...sure!

मोनिका : *ब्लश*

सभी सीरियस हुए और अगले hi पल वरुण ने 3 तक गिनते हुए कई स्मोक बॉम्ब्स दरवाज़े को खोलते hi फक्क दिए.

अचानक हुए हमले से सभी आदमी पैनिक कर गए और उनकी कुछ समझ में नहीं आ रहा था की क्या करे.

बस यही तोह चाहिए था. अगले hi पल पीटर जेम्स वरुण और विवेक अंदर रश किये और स्मोक के थ्रू जो भी आदमी दीखता सीधा उनके गले से लगा कर चाकू को चला दिया.

स्मोक में सब तोह नहीं पर 9 आदमियों में से 6 तोह डाउन हो hi गए थे. बचे हुए तीन थोड़े स्मार्ट थे जो उन्होंने मौका देखते hi डिसूज़ा और दूसरे आदमी को पकड़ के पीछे की और शिफ्ट हो गए.

जैसे hi स्मोक हटा, पीटर जेम्स वरुण और विवेक D'Souza पर रिवाल्वर ताने सामने खड़े हुए थे.

D'Souza की गांड पहात गयी थी की ये एकदम से हो क्या गया? वो तोह यहाँ डील सेट कर रहा था डीलर से. फिर अचानक से यहाँ कोण आ गया?

उसका ध्यान जब नीचे पड़े आदमियों पर पड़ा तोह वो थोड़ा और घबरा गया. पर वो भी एक माफिया में काम करने वाला आदमी था. लोगो की मौत तोह वो रोज़ hi देखता था अपनी आँखों के सामने. पर खुद के आदमी मरर्ते हुए बोहत hi काम देखता था.

खुद को संभालते हुए वो उठा तोह देखा की पीछे से राहुल टीना और मोनिका आ रहे है.

मोनिका और टीना ने जैसे hi उससे देखा तोह उनकी आँखे गुस्से से लाल हो गयी. बरसो पुरानी सभी यादें ताज़ा होने लगी. उनके माँ बाप का हत्यारा सामने hi मौजूद था. मोनिका की मुट्ठी इतनी कस के बंधी हुई थी की नाखून उसकी हथेलियों में धस्स रहे थे.

टीना (जोरर से चिल्लाते हुए) : कमीने... आज तू नहीं बचेगा... तू आज मेरे हाथो मरेगा हरामी

D'Souza (पसीना पोछते हुए) : कोण हो तुम सब? तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई यहाँ आने की? जानते भी हो तुम किस से उलझ रहे हो?

मोनिका : जानती हु. बोहत अच्छे से जानती हु. और ये भी जानती हु की आज तू यहाँ मरेगा...

D'Souza (गुस्से में) : ेयी लड़कीय!! क्या बकवास कर रही है. ज़बान संभाल के बात कर. मेरे एक इशारे पे तुम सब मौत के घात उतर जाओगे.

वरुण : फिलहाल तुम खतरे में हो D'Souza. तुम्हारे आदमी सिर्फ तीन hi है. बात मानो और सरेंडर कार्डो.

D'Souza : बच्चे! मेरे hi अड्डे में आके मुझे hi डैम दिखा रहा है? यदि दम है तोह अपना नाम तोह बता, साड़ी हेकड़ी निकाल दूंगा.

मोनिका : मोनिका...

D'Souza : मोनिका?? कोण है ये?? लड़की... में तुम्हे नहीं जानता.

मोनिका : जानते हो... तुम मुझे बोहत अच्छे से जानते हो

D'Souza ध्यान से मोनिका को ऊपर से नीचे देखता है पर उससे कुछ याद नहीं आता. आता भी कैसे? कई साल पहले देखा था D'Souza ने मोनिका को और वो भी सिर्फ एक बार. ऊपर से मोनिका का नाम मोनिका थोड़ी था. ये नाम तोह उससे मास्टर ने दिया था.

D'Souza : लड़की! फ़ालतू के मज़ाक करना बंद कर... और यहाँ क्यों आये हो ये बताओ. ये मत भूलो की तुम अभी मेरे अड्डे पर हो. ढंग से पेश आओगे तोह हो सकता है में तुमपे दया खा कर तुम्हे सिर्फ अपने नौकर बना के राखु. पर यदि होशियारी की तोह सब मारे जाओगे.

मोनिका : वीरेंदर चौहान!!

D'Souza ये नाम सुनते hi एकदम से चौक गया. उससे सब याद आने लगता है.

मोनिका : कुछ याद आया? कोण है वीरेंदर चौहान?

D'Souza : ओह्ह्ह हआ! ये तोह वही पिल्ला था जिससे मेने अपने हाथो से खुद मारा था. पर तुम्हारा इस से क्या?

मोनिका ये सुनते hi आग बबूला हो जाती है,

"हराम के पिल्लै... तेरी ज़ुर्रत कैसे हुई मेरे डैड के बारे में ऐसा बोलने की??"

D'Souza : ??? ओह्ह!! Toh...toh तुम उसकी लड़की हो? हाहाहाःहाहा! अब याद आया मुझे. अरे हां! तेरी माँ भी तोह थी न? क्या सामान थी कसम से, आये हाय... साली को मेने ऑफर दिया रहा मेरे साथ मेरी गुलामी करने कर पर साली कुटिया... इस से पहले की में कुछ कर पाटा साली ने खुद की जान लेली. किस्मत खराब बहनचोद!

मोनिका ये सुनते hi गन निकाल कर उसकी तरफ कर देती है और गुस्से से उससे देखने लगती है,

"मेरी माँ के बारे में एक शब्द और बोलै न... तोह में तेरा वो हाल करुँगी की तू दुआ करेगा की तुझे मौत मिल जाए"

D'Souza ने अपना एक हाथ जेब में डाला हुआ था इतनी देरर से बात करते हुए उसने अपने फ़ोन में स्पीड डायल कर दिया.

उसके पास सिर्फ इतने hi आदमी थोड़ी थे. करीब 10 से 12 आदमी और थे जो दूसरे साइड मौजूद थे, पर उनको कमरे में आना अल्लोवेद नहीं था जब तक की कोई इमरजेंसी न हो.

D'Souza के स्पीड डायल करते hi दूसरे साइड मौजूद लोगो को समझ में आ गया की कुछ गड़बड़ है और वो फौरन धड़ल्ले से अंदर आये और बन्दूक तान के राहुल और बाकी सभी को घेर लिया.

D'Souza : मेने कहा था न लड़की! तुम मेरे अड्डे पर हो और मेरे एक इशारे से तुम सब मौत के घात utroge...hahahaha!!!

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आज के लिया इतना hi गाइस!!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 91

अब तक...

D'Souza के स्पीड डायल करते hi दूसरे साइड मौजूद लोगो को समझ में आ गया की कुछ गड़बड़ है और वो फौरन धड़ल्ले से अंदर आये और बन्दूक तान के राहुल और बाकी सभी को घेर लिया.

D'Souza : मेने कहा था न लड़की! तुम मेरे अड्डे पर हो और मेरे एक इशारे से तुम सब मौत के घात utroge...hahahaha!!!


अब आगे...

"सहित!!! मुझे नहीं लगा था, दूसरी साइड और भी लोग होंगे. टोटल 15 हो गए है अब तोह. थिस इस ा हूजे प्रॉब्लम. क्या करू?? कुछ तोह करना hi पड़ेगा, वर्ण सब के सब मारे जाएंगे" राहुल ने अपने आस पास खड़े गुंडों को देखते हुए अपने मैं में सोचा.

स्थिति इन् सभी के लिए कही से भी सही नहीं लग रही थी. राहुल और टीम टाइट स्पॉट में थे.

टीना : ओह्ह no!!! अब क्या करे? मिस नताशा! दो यू हैवे अन्य आईडिया??

नताशा : सडली! ी don't हैवे अन्य आईडिया. ी कैन शूट तहत बास्टर्ड D'Souza एंड किल हिम ों थे स्पॉट. बूत... बूत... थे मोमेंट I'll शूट थे विल स्टार्ट शूटिंग तू. ी don't क्नोव व्हाट तो दो.

नताशा के चेहरे पर टेंशन साफ़ झलक आ रही थी. बात सही भी तोह थी. नास्तेषा जैसे hi फायर करती, D'Souza के आदमी चुप थोड़ी बैठते, वो भी शूट करना चालु कर देते और ऐसे में किसी की भी जान जा सकती थी.

नताशा बोल्ट एंड एक्शन स्नाइपर ली हुई थी, जिसके चलते वो लगातार शूट नहीं कर सकती थी. इसलिए वो कोई भी कदम लेने से घबरा रही थी.

टीना : पर हमे कुछ तोह करना होगा न??

नताशा : शित्त्त!!!

D'Souza : अपनी अपनी गन्स नीचे फक्क दो, तुम सब भी जानते हो की तुमलोग सिर्फ 7 लोग हो और मेरे पास 15 आदमी है. यदि गोलिया चली तोह किसका क्या हाल होना है ये सभी को पता hi है

राहुल : भले hi तुम्हारे पास आदमी ज़्यादा हो पर मेरा निशाना तोह तुम पर hi रहेगा तोह तुम जानते हो की भले hi हम मर्डर जाए पर हमारे साथ साथ तुम भी मरोगे.

D'Souza राहुल की बात सुन्न कर उससे देखने लगा और फिर मुस्कुराते हुए उसने एक इशारा किया तोह 15 आदमी D'Souza के सामने शील्ड बन कर खड़े हो गए और राहुल और उनकी टीम की तरफ एआईएम करने लगे.

D'Souza : हाहाहाहा! अब क्या बोलते हो? अब तोह में दिखूंगा hi नहीं तुम्हे फिर क्या करोगे?

राहुल ने धीरे से अपनी शर्ट के अंदर छुपे फ्लेशबांग को निकला जो उसकी शर्ट के पीछे अंदर साइड था. उसने इमरजेंसी के लिए चिप्पाया हुआ था. उसने अपने हाथ पीछे ले जाके सभी को फ्लेशबांग दिखाया और हाथो से इशारा करने लगा.

उसका इशारा साफ़ था. वो 3 तक गिनते hi फ्लेशबांग फेकेगा और उसके बाद सभी को शूट करना है. ये राहुल की चाल थी दरअसल.

यदि सारे आदमी उन्हें घेर के खड़े होते तोह ये तरीक़ा काम नहीं करता. पर अब बात अलग थी. इस बार सभी आदमी एक hi जगह पर खड़े हुए थे सामने. राहुल ने जान बूझ कर D'Souza को उसकी सेफ्टी को लेकर डराया ताकि वो आदमियों को अपने पास बुला ले.

राहुल ने फ्लेशबांग विवेक से लिया था इमरजेंसी के टाइम के लिए. राहुल ने एक झलक नताशा के डायरेक्शन में देखा और फिर वापस से D'Souza को देखने लगा.

उसके हाथ के इशारो से सभी समझ गए थे की वो क्या करने वाला है. बस दिक्कत थी तोह कवर फायर करने की. जैसे hi फ्लेशबांग फेकेगा उससे कवर फायर की ज़रुरत पड़ेगी.

ये बोहत hi रिस्की काम था. बम फेकते hi गुंडे उस पर पूरी गोलिया बरसाएंगे और इसलिए राहुल झिजक रहा था.

विवेक वरुण पीटर और जेम्स होशियार थे इसलिए वो समझ गए की क्या करना है. नताशा भी तैयार थी. नताशा ने स्नाइपर एक गुंडे की ऊपर फोकस की और उसके बाद अपनी पिस्तौल भी निकाल ली. उसका प्लान ये था की वो एक को स्नाइपर से निपटाएगी और जैसे hi स्नाइपर का शॉट लगेगा उसके बाद वो पिस्तौल से दूसरे बन्दे को निपटाएगी.

तोह वो एक बार में 2 बन्दे निपटाएगी. विवेक वरुण पीटर और जेम्स भी कवर देने वाले थे, अब वो कितने बन्दे मार पाएंगे ये उनके ऊपर था.

पर अभी भी राहुल को रिस्क था बोहत और राहुल को कॉन्फिडेंस नहीं था ज़्यादा. गहरी सास लेते हुए उसने फ्लेशबांग फेकने के लिए तैयार किया. 3 तक उसने अपने हाथ पीछे ले जाकर इशारा किया और 3 गिनते hi उसने फ्लेशबांग सामने की और फेक दिया.

फ्लेशबांग गिरते hi एक तेज़्ज़ फ़्लैश चमका, राहुल और बाकी सभी ने आँखें बंद कर ली थी पर गुंडे प्रेपरेड़ नहीं थे और कई गुंडों की आँखें चौंधिया गयी.

पर जब राहुल ने फ्लेशबांग फेका था उसी वक़्त कई गुंडों ने फायर कर दिया रहा. राहुल ने साइड में कड़ी मोनिका को लपक के पकड़ा और रोल करते हुए साइड में चला गया.

मौके का फायदा उठाते हुए वरुण और बाकी सभी ने फायरिंग की, अब क्युकी D'Souza समेत उसके गुंडों को कुछ दिख hi नहीं रहा था तोह सबकी खोपड़ी उड़द गयी.

समय न गवाते हुए. वरुण और बाकी सभी ने गोलियों की बरसात करदी. करीब 15 में से 11 तोह उधर hi धेरर हो गए. अब सिर्फ 4 बचे हुए थे.

राहुल मोनिका के ऊपर रोल करने के बाद लेता हुआ था और धीरे से वो उठा, उसने मोनिका को देखा और धीरे से स्माइल पास की.

मोनिका ने भी उससे देखा और राहत लेकर हलकी सी स्माइल पास की पर अचानक hi मोनिका को अपने गले पर कुछ गरम गरम महसूस हुआ.

जब उसने देखा तोह उसकी आँखें फटी की फटी रह गयी. राहुल के कंधे से खून बहकर मोनिका के गले में गिर रहा था. बूँद बूँद करके भयानक लाल रंग का खून टपक रहा था.

पल भर के लिए तोह जैसे मोनिका सन्न hi रह गयी और उसकी सास hi अटक गयी और फिर वो एकदम से चिल्लाई, "रहलललललल"

मोनिका के ासु पल भर में hi निकल आये और वो कापने लगी.

राहुल के चेहरे पर दर्द भरे भाव थे पर फिर भी वो मुस्कुरा रहा था, वो नहीं चाह रहा था की मोनिका पैनिक कर जाए.

राहुल : स्स्स्सह्ह्ह्ह!!! I'm okay!! Don't वोर्री!!

मोनिका (रट हुए) : न्यूऊऊओ... You're नॉट ोकाययययय!!! तुम्हे गोली लगी है... व्हाई??? व्हाई दीद यू सेव्ड में??

राहुल : आप भी न दी? अभी थोड़ी देरर पहले hi mene...aarrgghh... मेने कहा था की ी लव यू!! आप तोह मेरी प्यारी मोनिका दी हो... आपको कैसे कुछ होने दे सकता हु?

मोनिका (रट हुए) : न्यूऊऊओ... व्हाई????

राहुल अपने हाथ पर जोरर न देते हुए उठ के साइड में बैठ जाता है. उसकी बात सुन्न के मोनिका और जोरर से रोने लगती है.

यहाँ वरुण ने 2 और को शूट कर दिया रहा और अब केवल 2 गुंडे और D'Souza hi बचा हुआ था.

राहुल : में ठीक हु don't वोर्री!

मोनिका अपनी शर्ट फाड़ने hi वाली थी राहुल के कंधे पर बाँधने के लिए की इतने में विवेक अपनी शर्ट की एक स्लीव पहाड़ के मोनिका को दे देता है, जिससे मोनिका राहुल के कंधे पर बाँध देती है.

नताशा उधर से एक बन्दे को हेडशॉट देती है तोह दूसरा बाँदा एकदम से फायर कर देता है और गोली जाके उर्वशी को जांघ में लग जाती है.

विवेक मौका देख के दूसरे बन्दे को भी मार देता है. दर्द से कराहती हुई उर्वशी को उठा के राहुल के बगल में विवेक बैठाता है और अपनी शर्ट की दूसरी स्लीव भी वो फाड़ के मोनिका को दे देता है जिस से खून बंद हो सके. उर्वशी के ासु निकले जा रहे थे.

मोनिका : उर्वशी!! बे स्ट्रांग! तुन्हे और राहुल को कुछ नहीं होगा. में कुछ नहीं होने दूंगी तुमलोगो को.

वरुण एआईएम लगाए D'Souza के पास पहुँच रहा था. बेचारा D'Souza कापते हुए डर के मारे पीछे की और जाने लगा. उससे पता था अब उससे कोई नहीं बचा सकता, उसने देखा की साइड में जो डील करने आया था उसके साथ वो भी मारा डाला है. ये देख के उसकी पेण्ट hi गीली हो गयी. इधर मौका देख के टीना और नताशा भी आ गयी.

टीना : उसको में मारूंगी...

राहुल : दी! जाइये... आपके माँ डैड का हत्यारा आपके सामने मौजूद है.

मोनिका और टीना दोनों hi D'Souza के सामने कड़ी थी गन से एआईएम लगा कर.

मोनिका : मेने कहा था न... आज तू इधर hi मरेगा.

D'Souza दिवार से सत् के खड़ा था और उसने एकदम से पीछे लगे हुए एक स्विच को दबाया और जोरर जोरर से हस्सन लगा.

D'Souza : हाहाहाहा! सालो... मेरे साथ साथ तुम भी मरोगे...

उसके इतना कहते hi मोनिका उसके सीने पे एक फायर करती है और टीना भी फायर करती है. साड़ी की साड़ी रिवाल्वर की गोलिया मोनिका और टीना उसके सीने में भून देती है. खून से लटपट D'Souza अपनी आखिरी सास लेता है और गिर पड़ता है.

मोनिका और टीना दोनों के hi हाथ काँप रहे थे और गन उनके हाथो से चौथ कर नीचे गिर जाती है. ये पहली बार था जब उन्होंने किसी की जान ली और वो भी दोनों के पेरेंट्स के हत्यारे की. दोनों रट हुए एक दूसरे के गले लग गयी.

टीना (रट हुए) : वे दीद आईटी... वे दित आईटी.

वरुण : मिशन ैकप्लिशद!

विवेक : पर इसने आखिरी में वो स्विच किसका दबाया?

वरुण : वही तोह समझ नहीं आ रहा

मोनिका राहुल और उर्वशी के पास जाके उनकी चोट देखने लगती है की तभी नास्तेषा को कुछ आभास होता है,

नताशा : हे!! दीद यू हेअर तहत?

वरुण : हेअर व्हाट?

नताशा : तरय तो हेअर...

सभी शांत होक सुनाने लगते है तोह सभी को कुछ आवाज़ सुनाई देने लगती है और आवाज़ धीरे धीरे ऐसा लग रहा था मानो नज़दीक आ रही हो.

सभी अभी सोच रहे थे की नताशा की आँखें फेल जाती है और उसके रोंगटे खड़े हो जाते है.

नताशा : it's... it's वाटर... रन!!!

उसकी चेतावनी सुन्न जैसे सभी होश में आये और एग्जिट की तरफ सभी भागने लगे. उर्वशी को विवेक ने अपनी पीठ पे सवार कर लिया और राहुल खुद hi दौड़ रहा था.

D'Souza ने मरने से पहले जो स्विच प्रेस किया था वो इमरजेंसी के लिए था. जैसे कभी उसपे हमला हो जाए तोह बच के कैसे भगा जाए और हमलावरों को कैसे मारा जाए उसने इसके लिए ये सिस्टम बनवाया था.

स्विच प्रेस करते hi एक हिडन दूर खुल गया जो की थोड़ा नीचे साइड था. अब क्युकी सभी अंडरग्राउंड थे, पानी तीव्र गति से लबालब भर के किसी सुनामी की तरह आने लगा. D'Souza ने तोह जैसे नीचे पूरी कॉलोनी बना के राखी थी. कॉरिडोर से लेके कमरे भी थे कुछ. अंडरग्राउंड स्पेस काफी बड़ी थी इसलिए पानी एकदम से नहीं आया. जैसे hi आवाज़ की पहचान नताशा को हुई उससे समझ में आ गया था की क्या हुआ है.

राहुल ने देखा की पैसो से भरा सूटकेस तोह वही पड़ा हुआ है तोह वो उठाने के लिए राहुल वापस आ गया और सूटकेस उठाया hi था की उसने देखा पानी की एक बोहत hi भयानक लहर तेज़्ज़ी से उसकी तरफ आ रही है. ये देख के मानो उसके रोंगटे hi खड़े हो गए. उसने सूटकेस उठाया और अपनी फुल स्पीड में एग्जिट की और भागने लगा.

इधर एग्जिट की तरफ पॅहुचते hi एक बड़ा सा गेट था बिलकुल एक लिफ्ट की तरह. पर थोड़ा काम चौड़ा था.

वरुण और पीटर जेम्स मिलके उससे खुलने लगे और करीब 20 - 25 सेकंड के बाद इतनी मशक़्क़त करने के बाद वो गेट खुला. पर ये क्या? गेट रिट्रक्टेबले था?

मतलब? मतलब ये की जैसे hi उससे कोई चोर्रेगा गेट दुबारा से बंद हो जाएगा. वरुण और पीटर जेम्स गेट को पकडे पकडे hi बहार की और शिफ्ट हो गए और बाकी सभी को फौरन बाहर आने के लिए कहा.

सभी एक एक करके गेट के बाहर निकले तोह मोनिका एक दम से सेहम गयी,

मोनिका : राहुल कहा है?? कहा है राहुल???

उसके सवाल पूछने पर सभी एक दूसरे को देखने लगे और सभी की बॉहे सिकुड़ गयी.

जब सब यहाँ है तोह राहुल कहा है?

मोनिका का दिल जोरर जोरर से धड़क रहा था. वो दुबारा अंदर जाने के लिए हुई तोह विवेक ने उससे रोक लिया,

विवेक : मिस! Don't वोर्री! राहुल सर आते hi होंगे...

इधर राहुल फुल स्पीड में भाग रहा था और जैसे hi उसने पलट के देखा तोह पानी इतनी तेज़्ज़ी से आया और सीधा उसपे जोरर से पड़ा और लहर उससे जोरर से पानी के तीव्र बहाव के साथ लेकर चल पड़ी.

इधर मोनिका का हाल बेहाल हो रहा था और तभी अचानक आवाज़ और तेज़्ज़ बढ़ गयी और एकदम से एक मोड़ से इतना सारा पानी एक भयानक लहर के साथ आया, जिससे देख के सबके रोंगटे खड़े हो गए. सब ने देखा की राहुल उसी लहर में मौजूद है और वो कुछ नहीं कर पा रहा,

वरुण : ओह्ह्ह शीट्ट्ट्ट...

एक तेज़्ज़ बहाव आया और सीधा एग्जिट गेट पर लहर का एक ज़ररदार थपेड़ा पड़ा. इतनी तेज़्ज़ फाॅर्स से वरुण और पीटर जेम्स के हाथो से गृप चूत गयी और दरवाज़ा बंद हो गया.

मोनिका ये देख एकदम सेहम गयी और जोरर से चीखते हुए चिल्लाई,

मोनिका : क्या कर रहे हो तुमलोग???? दरवाज़ा खोलूऊऊ जल्दीईई.... खोलु दरवाज़ाआ राहुल अंदर हैईईई... खोलूवू

और वो जोरर जोरर से सिसकते हुए रोने लगती है.

इधर वरुण और बाकी सभी अथक प्रयास कर रहे थे पर दूसरी साइड पानी इतना था की जैसे hi वो थोड़ा सा गेट खोलते, पानी का प्रेशर उन्हें गेट की गृप चौररने पर मजबूर कर देता. कोई फायदा नहीं.

मोनिका जोरर जोरर से दरवाज़ा पीटने लगी और पागलो की तरह राहुल की आवाज़ लगा के चिल्लाने लगी. वो वरुण और विवेक की छथि पर अपने घुसे बरसाती और दरवाज़ा खोलने के लिए कहती. पर क्या hi हो सकता था?

उर्वशी रट रट hi बेहोश हो गयी. जब उसने राहुल को पानी की लहर में बहते देखा और दरवाज़ा बंद होते देखा उससे तेज़्ज़ झटका लगा और वो बेहोश हो गयी. नताशा अपने निचले होंठ को दबाये हुए खुद को कलम करने की कोशिश कर रही थी. उससे पता था की यदि राहुल ने वो फ्लेशबांग नहीं फेका होता और वो गोली खुद पे नहीं ली होती तोह शायद आज सब मरर्ते यहाँ पर. पता नहीं क्यों पर उसकी आँखों में अचानक ासु आ गए.

उसने मोनिका को देखा और उससे कलम करने की कोशिश करने लगी पर कोई फायदा नहीं.

इधर राहुल पानी में बहते हुए एग्जिट के गेट के पास जब पहुचा तोह उस एरिया में पानी तेज़्ज़ी से भरने लगा और राहुल एग्जिट से हटके कही और डायरेक्शन में जाने लगा. उसका हाथ में अभी भी सूटकेस था. ये तोह अच्छी बात थी राहुल को टेरर्ना आता था पर अब उसका क्या उसे?

लहर ऐसी थी की कुछ किया hi नहीं जा सकता था. उअप्र से राहुल के कंधे पर लगी चोट. अब उसका दर्द और भी बढ़ चूका था. उससे डर था की वो पास आउट न हो जाए कही.

पानी अब लगभग सीलिंग को टच कर रहा था और इतने फाॅर्स के साथ बह रहा था की राहुल सिर्फ बहा जा रहा था और अब उसके सेंसेस काम होते जा रहे थे.

"इस थिस थे एन्ड?? क्या यही मेरी मौत लिखी है??" खुद से राहुल ने सवाल किया मैं में.

उसका मुँह अब पानी के अंदर था और वो सास को रोके हुए था,

"Richu...tanisha... वंशु दी... अंशु... मोनिका दी... छिपकली... khushi...preeti... सौरभ... उर्वशी... Nikita...dad...mom... गुड़िया... लुक्स लिखे...

थिस इस थे एन्ड फॉर में"

बहते बहते उसने अपनी आँखें बंद राखी, चेहरे पर एक हलकी मुस्कान और ेदकुम से जैसे अँधेरा सा छाने लगा उसके सामने.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!


धन्यवाद्!!
 
अपडेट - 92

अब तक...

"इस थिस थे एन्ड?? क्या यही मेरी मौत लिखी है??" खुद से राहुल ने सवाल किया मैं में.




उसका मुँह अब पानी के अंदर था और वो सास को रोके हुए था,

"Richu...tanisha... वंशु दी... अंशु... मोनिका दी... khushi...preeti... सौरभ... उर्वशी... Nikita...dad...mom... गुड़िया... लुक्स लिखे...

थिस इस थे एन्ड फॉर में"


बहते बहते उसने अपनी आँखें बंद राखी, चेहरे पर एक हलकी मुस्कान और ेदकुम से जैसे अँधेरा सा छाने लगा उसके सामने.

अब आगे...

बाहर मोनिका ये झटका सेह न पायी और एकदम से hi बेहोश होक गिर पड़ी. टीना उसका हाल देख के बोहत hi टेंशन में आ चुकी थी. मिशन कम्पलीट तोह हो गया था, टीना जो की अपने मक़सद को पाकर अब फाइनली अपनी ज़िन्दगी अपने मैं से जीने वाली थी वह अभी कुछ ज़्यादा खुश नहीं थी. वजह थी उसकी दोस्त मोनिका का यु हाल बेहाल होते देखना. उससे मोनिका के लिए बोहत बुरा लग रहा था.

सभी को पता था की मोनिका राहुल को चाहती है, क्युकी मोनिका ने गुफा की एंट्रेंस पे राहुल को प्रोपोज़ जो किया था और अब अपने प्यार को ऐसे खोते देखना, न जाने क्या बीत रही होगी मोनिका पे. इतना प्यार की वो बेहोश hi हो गयी. सब अंदाजा लगा hi सकते थे की मोनिका के अंदर राहुल के प्रति कितनी स्ट्रांग फीलिंग्स रही होंगी.

नताशा ने जैसे hi मोनिका को गिरते हुए देखा उसने फौरन मोनिका के पास जाके उससे अपने पीठ पर उठा लिया,

नताशा : वे मस्ट मूव नाउ

वरुण : बूत राहुल सर...

नताशा : थिस गेट won't ओपन. Let's लुक फॉर हिम ात थे एंट्रेंस.

जेम्स और पीटर का काम था मोटर बोट को लाना. मोटर बोट एंट्रेंस के पास थी और वह जाने के लिए अब टेरर के जाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था. जेम्स और पीटर दोनों hi पानी में कूद पड़े और टेररते हुए एंट्रेंस की तरफ जाने लगे. थोड़ा सा दूरी पर थी एंट्रेंस पर दोनों टेरर्ना जानते थे तोह ये उनके लिए नामुमकिन काम नहीं था.

बाकी सभी वही पर वेट कर रहे थे, वरुण बार बार गेट खोलने का प्रयत्न कर रहा था उससे लग रहा था जैसे उसकी बोहत बड़ी गलती है इस सब के पीछे, ग्लानि के भाव उत्पन्न हो रहे थे उसमे.

वरुण : सब मेरी गलती है... यदि मेने राहुल सर की जगह चार्ज किया होता तोह उनको गोली नहीं लगती, हम यहाँ पैसे लेकर मिशन के लिए आये फिर भी मेने सर को आगे रहने दिया सहित!!!

विवेक : तुम्हे सही कहा. इनफैक्ट सर और मिस उर्वशी इन्जुरेड हुए है, हम सही सलामत है. आल बिकॉज़ ऑफ़ राहुल सर. यदि राहुल सर बाहर नहीं आये तोह में अपने आप को कभी माफ़ नहीं कर पाउँगा.

वरुण : में भी...

विवेक : हमे जल्द से जल्द उन्हें ढूंढ़ना होगा एंट्रेंस में जाकर. हमे ये नहीं भूलना चाहिए की दोनों राहुल सर और मिस उर्वशी को चोट लगी हुई है. जल्द से जल्द हॉस्पिटल लेके जाना होगा हमे इनको. उर्वशी ma'am तोह फिर भी थोड़ी देरर और झेल लेंगी क्युकी उनका ब्लड लोस्स उतना नहीं है पर राहुल सर... पानी में उनकी बंधी हुई पट्टी ज़रूर ढीली हो गयी होगी.

वरुण : दमन आईटी....

वरुण दांत मीस्ते हुए दरवाज़ा पे और जोरर लगाने लगता है पर दरवाज़ा तोह जैसे टास से मास्स नहीं हो रहा था. एक तोह पानी पड़ने से वैसे hi गृप फिसल रही थी, दूसरा ये की दूसरी तरफ पानी इतना था की यदि गेट खुलता भी तोह पानी के बहाव से hi वरुण बह जाता. पर फिर भी वरुण कोशिश करने से पीछे नहीं हट रहा था.

नताशा : it's no उसे. Don't वास्ते योर एनर्जी मन!!

वरुण : सो व्हाट शुड ी दो? दो यू हैवे अन्य बेटर प्लान.

वरुण ने थोड़ा खीजते हुए बोलै.

नताशा : we'll लुक फॉर हिम ात थे एंट्रेंस. Don't वास्ते योर एनर्जी हेरे.

इधर मुंबई में लगभग रात हो रही थी, नेहा और अंशु ऋचा के साथ उसके घर में बैठी हुई थी. ऋचा कंपनी का काम सौरभ के हाथो चोरर कर नेहा और अंशु को अपने साथ ले आयी थी.

अभी नेहा बैठी हुई थी की वो एकदम से उठ गयी.

ऋचा (कन्फ्यूज्ड) : नेहा?? क्या ह्या?

नेहा : दी! ी don't क्नोव. मेरा सीना भरी भरी सा लग रहा है. ी फील उनकंफर्टबले.

अंशु : नेहु! क्या हुआ?

नेहा : दी मेरा जी मचल रहा है. ी फील वैरी उनकंफर्टबले.

अंशु : it's okay! चाय पीलो थोड़ी. You'll फील बेटर.

नेहा : no दी! वैसे नहीं... ी फील... दी!! भाई को कॉल लगाइये न.

अंशु : हँ? भाई को? बूत... वो नई ज़ीलैण्ड में है और जैसा की ऋचा दी ने बताया की भाई ने उनको कहा था की वो कॉल न करे. He'll बे बैक वीथिन ा वीक.

नेहा : ी क्नोव दी! बूत... बूत... ी जस्ट वांट तो हेअर हिम. मुझे बस भाई की आवाज़ सुननी है. एक बार बस. लगा दीजिये न प्लीज. प्लीज ी बेग यू.

नेहा की आँखें नम्म हो गयी थी. ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे वो भीक मांग रही है, अंशु से और वो भी किस लिए? अपने भाई की आवाज़ सुनाने के लिए.

नेहा ने लड़ाई के बाद से hi राहुल का नंबर अपने फ़ोन में कभी भी सेव नहीं किया था. इनफैक्ट उसने राहुल से रिलेटेड उसकी हर्र एक फोटोज, वीडियोस, मेस्सगेस सब कुछ डिलीट कर के रखा हुआ था. आज नेहा को महसूस हो रहा था की कितनी अधूरी थी वह राहुल के बिना.

उसकी ऐसी सूरत देख अंशु भी खुद को न रोक पायी और उसने अपना फ़ोन अनलॉक करके नेहा को hi थमा दिया.

नेहा : थैंक यू सो मच दी!

अंशु (स्माइल्स) : इसमें थैंक्स की ज़रुरत नेहु? ी होप भाई बस गुस्सा न हो. मेने उनकी सच्चाई सबके सामने ला दी.

नेहा : don't वोर्री दी! ी won't टॉक तो हिम राइट नाउ. मुझे बस उनकी आवाज़ सुननी है.

नेहा जैसे hi राहुल को कॉल लगाती है तोह दूसरी तरफ से आवाज़ आती है,

"आपके द्वारा अभी डायल किया हुआ नंबर कवरेज छेत्र के बाहर है"

नेहा ने बॉहे सिकोड़ते हुए कई बार और तरय किया पर हर्र बार नेहा को वही सुनाने को मिला. नतीजा... नेहा और भी ज़्यादा उनकंफर्टबले फील करने लगी.

नेहा : दी! फ़ोन क्यों नहीं लग रहा है??

नेहा की सासें तेज़्ज़ हो रही थी,

अंशु : नेहु कलम डाउन. तुम इतना हाफ क्यों रही हो? ये तुम्हे इतना पसीना क्यों आ रहा है?

नेहा : दी! मुझे भाई की बोहत चिंता हो रही है. ी वांट तो सी हिम. ी वांट तो टॉक तो हिम. ी नीड हिम.

अंशु : it's okay डिअर! भाई अभी कही बिजी होंगे. वो बाद में कॉल करेंगे हमको मय्बे खुद.

नेहा : न्यूऊऊ.... आप समझ नहीं रही हो दी! में... में... खुद वह चली जाती हु.

अंशु : हँ??

नेहा उठके अपने फ़ोन में फ्लाइट बुक करने के लिए सर्च करने लगती है

ऋचा : नेहा?? तुम?? क्या कर रही हो?

नेहा : ी विल जो तो नई ज़ीलैण्ड!

अंशु : व्हाट?? नेहु! ये किसी बातें कर रही है तू?

नेहा : दी! आप मुझे नहीं रोकेंगी! यदि आप चलना चाहती है तोह it's okay वर्ण में अकेली hi चली जाउंगी. आप समझिये प्लीज! मुझे बोहत ज़्यादा... ी फील वैरी उनकंफर्टबले. मुझे उससे जल्द से जल्द देखना है अपनी आँखों के सामने बस.

कहते कहते उसके ासु झरने लगते है, ऋचा और अंशु अपना मुँह खोले उससे hi देख रही थी बस.

अंशु : फाइन थें! I'll जो विथ यू तू.

नेहा : आप अपना पास पोर्ट और बाकी सब लायी हो न?

अंशु : में सब लेके hi चलती हु.

ऋचा : नेहा! में भी चलती हु. मेरी भी राहुल से बात नहीं हुई है तबसे. I'm वरीड अबाउट हिम तू. तुम सही कह रही हो. मुझे भी उससे लेकर उनकंफर्टबले सा महसूस हो रहा है.

नेहा : okay दी! I'll लुक फॉर फ्लाइट्स.

उधर नई ज़ीलैण्ड में साउथ आइलैंड में जैसे hi जेम्स और पीटर मोटर बोट लेकर बाकी सभी के पास पॅहुचते है तोह नताशा उन्हें सुझाव देती है.

नताशा : वे can't वेट फॉर राहुल विथ उर्वशी हेरे. वे हैवे तो शिफ्ट उर्वशी तो हॉस्पिटल एंड समवन विल हेरे लुक फॉर राहुल.

वरुण : okay! I'll लुक फॉर राहुल सर! यू गाइस जो एंड टेक मिस उर्वशी तो हॉस्पिटल.

नताशा : no! ी हैवे ा बेटर प्लान. वे can't टेक उर्वशी तो लोकल हॉस्पिटल्स. They'll आस्क थे रीज़न फॉर थे गुनशॉट. थें पुलिस विल गेट इन्वोल्वेद तू.

वरुण : यस यू अरे राइट! थें?

नताशा : ी हैवे ा फ्रेंड. शी कैन हेल्प. She'll दो थे ऑपरेशन फॉर उर्वशी. She's हाइली स्किल्ड.

नताशा अपनी एक फ्रेंड को कॉल करती है और उससे कार भेजने के लिए कहती है ताकि जैसे hi उर्वशी को आइलैंड से लेकर वापस सिटी जा तोह कोई देखे न और सीधे उर्वशी को कार में शिफ्ट करके उसकी फ्रेंड के हॉस्पिटल ले जा सके.

नताशा : it's दोने! शी विल सेंड ा कार. पीटर एंड जेम्स, यू तवो विल जो विथ मिस उर्वशी एंड टेक मिस टीना तू. शी नीड्स रेस्ट. विवेक यू आल्सो जो विथ थम एंड you'll हैवे तो ब्रिंग बैक थे मोटर बोट. टिल थें, वरुण एंड ी विल लुक फॉर राहुल. गोत आईटी?

वरुण : ऑलराइट!

नताशा के प्लान के अकॉर्डिंग, पीटर जेम्स विवेक टीना और उर्वशी को लेकर चल देते है मोटर बोट में और सिटी पॅहुचते है उन्हें कार दिखाई दे जाती है जिसमे से एक आदमी निकलता है और सभी को बैठने कहता है. सब उसमे बैठ जाते है, सिवाए विवेक के.

कार हॉस्पिटल की और रवाना हो जाती है और विवेक मोटर बोट को वापस से आइलैंड की तरफ घुमा देता है.

नताशा और वरुण एंट्रेंस पे आकर खड़े हो जाते है और फिर अंदर जाने लगते है. इधर से hi वो आये थे स्टार्टिंग में. दरवाज़े के पास जैसे hi दोनों पॅहुचते है तोह देखते है की दरवाज़े में जो छेड़ मौजूद थे उनमे से पानी निकल रहा है. मतलब साफ़ था, अंदर लबालब पानी भरा हुआ है. यदि ऐसा है मतलब राहुल अंदर hi है और पानी पूरा भरा है इसका मतलब राहुल पानी के अंदर hi होगा, ऐसे में उसकी सास...

नताशा : थिस इस बाद...

वरुण : वे शुड ओपन थे दूर.

नताशा : it's रिस्की! It'll टेक उस तू...

वरुण : वे don't हैवे अन्य ऑप्शन.

ये गेट रिट्रक्टेबले नहीं था. इसलिए थोड़ी hi म्हणत से ये खुल गया. पर जैसे hi गेट खुला, पानी का फाॅर्स इतना तेज़्ज़ था की वो वरुण और नताशा को एक hi झटके में लेकर आते हुए गुफा के बाहर पानी में फेक दिया.

वरुण : दमन आईटी! यू okay??

नताशा : यस I'm okay!

दोनों टेररते हुए वापस आये. तोह वरुण खुद को फिरसे दोष देने लगा,

वरुण : काश मेने... काश में सामने होता.

अंदर अंडरग्राउंड गुफा में, राहुल पानी में बहते हुए अपने जब होश ऑलमोस्ट खु hi चूका था, तभी उसके मैं में नेहा का चेहरा एक बार झलका और नेहा की एक बेकरारी सी भरी हुई आवाज़ उसके अंदर गूंजी,

"भैयाआआआ"

नेहा का ध्यान आते hi, राहुल की जैसे बॉहे सिकुड़ी और उससे जैसे एकदम से बेहोशी में जाने से बचा लिया, वो बहते बहते किसी चीज़ से अपने चोटिल कंधे के बल टकराया तोह एक दर्द भरी कराह उसके मुँह से निकली जिसके कारण एक दम से पानी में बुलबुले बने और पानी राहुल के मुँह में थोड़ा घुस गया.

दर्द ने और नेहा की आवाज़ ने जैसे राहुल को होश में ला दिया वो अपना मुँह तिघ्टलय बंद किये पानी की ऊपरी लहर पर परर मारते हुए पहुचा और पानी से सर बहार निकालते hi उसने मुँह का पानी फेका और एक लम्बी सास ली, तभी उसने देखा वो एक अलग hi जगह पर तेज़्ज़ी से जा रहा है और धीरे धीरे उसके सामने रौशनी सी आने लगी.

"क्या ये बहार का रास्ता है?" राहुल ने मैं में सोचा. जैसे hi वो और करीब तेज़्ज़ी से बहते हुए पास आया और देखा तोह वाक़ई ये बहार का रास्ता था. पानी के बहाव ने राहुल को जैसे एकदम से गुफा से बहार फेक दिया.

राहुल पानी में गिरते hi ऊपर टेरर कर आया और सूटकेस के ऊपर अपना राइट हैंड जो की चोटिल था उससे रख दिया और अपना सर भी और अपने परर से वो टेररते हुए आगे बढ़ने लगा.

पर क्युकी राहुल अभी अभी जिस चीज़ से टकराया था पानी में बहते टाइम उसके कारण ब्लड लोस्स और भी बढ़ गया. पट्टी तोह वैसे hi ढीली हो चुकी थी. भिड़ने से खून और भी बहने लगा और राहुल सूटकेस में सर रखे रखे hi बेहोश हो गया.

सूटकेस डूब नहीं रहा था. एक मायने में सूटकेस ने hi जान बचायी राहुल की ऐसा भी कह सकते है. सूटकेस की डेंसिटी hi ऐसी थी की वो पानी में डूब hi नहीं सकता.

जिस रास्ते से राहुल बाहर आया ये रास्ता एक इमरजेंसी रास्ता था जो D'Souza ने बनवाया था. ये तब के लिए था कजी यदि D'Souza खुद ऐसी सिचुएशन में यदि कभी फस्स गया तोह पानी के बहाव से वो अपने आप hi निकल सके, ऐसा उसने एक पथ बनवाया था. अब ये तोह राहुल की किस्मत थी जो D'Souza ने ये पथ बनवाया. खर्र D'Souza के काम भले hi न आया हो पर राहुल को ज़रूर बचा लिया इस रास्ते ने.

वरुण : I've फेल्ड माय मिशन!!

वरुण कहते हुए रोने लगता है. ऐसा पहली बार था जब किसी मिशन में वो अपने hi हायरर को प्रोटेक्ट नहीं कर पाया और उल्टा हायरर ने उससे और बाकी सब को प्रोटेक्ट किया.

नताशा उसको ऐसे देख खुद भी गिल्ट फील करने लगती है की तभी उसकी नज़र चट्टान के साइड में जाती है तोह उससे जैसे कुछ हिलता हुआ नज़र आता है. जैसे hi वो आगे बढ़ के देखती है तोह उसकी आँखें चौड़ी हो जाती है,

नताशा : ओह्ह्ह सहित!!

कहते हुए वो एकदम से पानी में कूद जाती है और टेररते हुए वह जाने लगती है. जब वरुण उससे ऐसे देखता तोह वो भी उसके पीछे जाने लगता है और जैसे hi सामने देखता है तोह उसके चेहरे पे एकदम से कई भाव आ जाते है. उसके ासु भी निकल रहे थे, वो स्माइल भी कर रहा फ था और अपने ासु पोछते हुए वो फुर्ती से पानी में कूद गया.

पानी में सूटकेस में बहते हुए राहुल इधर उदार दोल रहा था, नताशा उसके करीब आयी उससे अपने कंधे पर पकड़ी और साथ hi सूटकेस को और लेकर आगे बढ़ने लगी. वरुण पास आते hi राहुल को होल्ड कर लिया और नताशा ने फिर सूटकेस और दोनों राहुल को चोरर पर ले आये.

वरुण : प्रेस हिज चेस्ट...

नताशा चेस्ट प्रेस करने लगती है जिसके चलते राहुल के मुँह से कुछ भी बहार नहीं निकलता.

वरुण : सीपीआर?

नताशा राहुल को देखती है और फिर उसके मुँह के करीब आती है और उससे माउथ तो माउथ ट्रीटमेंट देने लगती है. पर कोई फायदा नहीं होता.

नताशा : he's उनकंससियस नॉट बिकॉज़ ऑफ़ ड्रोनिंग बूत बिकॉज़ ऑफ़ ब्लड लोस्स.

इतने में hi उन्हें मोटर बोट की आवाज़ आती है और वो देखते hi की विवेक बोट लेकर आ गया.

दोनों राहुल को ऊपर करते है बोट में और फुर्ती में सिटी की तरफ चल देते है, नताशा फिरसे अपनी फ्रेंड को कॉल करके कार भेजने के लिए कह देती है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!
 
अपडेट - 93

अब तक...

नताशा राहुल को देखती है और फिर उसके मुँह के करीब आती है और उससे माउथ तो माउथ ट्रीटमेंट देने लगती है. पर कोई फायदा नहीं होता.

नताशा : he's उनकंससियस नॉट बिकॉज़ ऑफ़ ड्रोनिंग बूत बिकॉज़ ऑफ़ ब्लड लोस्स.

इतने में hi उन्हें मोटर बोट की आवाज़ आती है और वो देखते hi की विवेक बोट लेकर आ गया.

दोनों राहुल को ऊपर करते है बोट में और फुर्ती में सिटी की तरफ चल देते है, नताशा फिरसे अपनी फ्रेंड को कॉल करके कार भेजने के लिए कह देती है.


अब आगे...



हॉस्पिटल में सभी बहार िक वार्ड के बहार बैठे हुए थे, सभी के चेहरों पर चिंता के भाव थे. नताशा की फ्रेंड यहाँ पे हेड डॉक्टर थी और हॉस्पिटल उनके डैड का था इसलिए कोई परेशानी की दिक्कत hi नहीं थी.

जेस, जो की नताशा की फ्रेंड थी वही राहुल का ट्रीटमेंट कर रही थी. ब्लड लोस्स होने की वजह से राहुल उनकंसियस हो चूका था और अब ब्लड की ज़रुरत थी. सभी ने अपना अपना ब्लड टेस्ट करवाया. वरुण का ब्लड राहुल के ब्लड ग्रुप से मैच हो गया और वरुण ने ब्लड देने के लिए खुद को आगे किया. इस वक़्त वो बोहत खुश था की काम से काम वो किसी काम तोह आ रहा है. उसकी ग्लानि थोड़ी hi सही पर काम तोह हुई.

उर्वशी का ट्रीटमेंट वही पर काम करने वाले होनहार डॉक्टर कर रहे थे.

जब मोनिका को होश आया तोह वह राहुल राहुल चिल्लाने लगी थी, उससे जैसे तैसे शांत करवाया और जब उससे बताया की राहुल सुरक्षित है और उसका ऑपरेशन चल रहा है तोह मोनिका इतना रोई थी... उससे इस बात की ख़ुशी थी की राहुल मिल गया. पर अब उसकी टेंशन थी ऑपरेशन में क्या होगा?

राहुल का फ़ोन चालु था पानी में गिरने के बाद भी. ीफोने था तोह ज़्यादा दिक्कत नहीं गयी. इस वक़्त राहुल का फ़ोन मोनिका के पास था. मोनिका ने स्विच ों किया तोह उसने देखा की उसमे अंशु नाम से और ऋचा नाम से ढेर्रो मिस्ड कॉल्स पड़े हुए थे.

मोनिका ने अंशु को कॉल किया पर कॉल लग नहीं रहा था, लगता भी कैसे? अंशु नेहा और ऋचा प्लेन में जो थे और उनका फ़ोन आलरेडी एयरप्लेन मोड में जो था.

नेहा ने फौरन जो फ्लाइट मिली उसमे टिकट बुक करवा ली थी और वो सभी फौरन hi वह से निकल पड़े.

ऑपरेशन कुछ घंटे के बाद समाप्त हुआ और जेस बहार निकली. उससे बहार निकलता देख नताशा सीधे उसके पास आ गयी,

नताशा : व्हाट हप्पेनेड? How's हे नाउ??

जेस (स्माइल्स) : don't वोर्री डिअर! He's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.

नताशा : ओह्ह्ह्ह थैंक गॉड!!! थैंक यू सो मच जेस.

जेस : वे अरे बुडडीएस राइट? There's no नीड फॉर तहत. *स्माइल्स*

नताशा अपने सीने में हाथ रखते हुए राहत की सास भर्ती है, जेस की बात सुनते hi बाकी सब भी बोहत खुश हो जाते है और टेंशन फ्री हो जाते है.

मोनिका रट रट डॉक्टर के परर पर गिर जाती है. वो साड़ी घटना का दोष खुद को दे रही थी. न वो राहुल को बताती और न hi राहुल यहाँ पे आता और ना hi ये सब होता.

मोनिका ने सोचा की राहुल के घर पर बात बता दी जाए और उसने फौरन राहुल का फ़ोन निकाला और उसकी माँ को कॉल लगा दिया.

निशा : हां बेतु बोल! आज अचानक से याद आ गयी अपनी इस माँ की हां? नई तोह कई बार तोह तू कॉल hi नहीं करता. हम्फ!!

मोनिका : he..hello??

निशा : hello? कोण? बेतु??

मोनिका : j..jii!! में... में मोनिका बोल रही हु. वो... वो... राहुल...

मोनिका की हिम्मत hi नहीं हो रही थी की वो निशा को कुछ बता सके. उसके होंठ काँप रहे थे, दिल जोरर जोरर से धड़क रहा था.

कैसे बताती की उसके कारण उनका बीटा मरते मरते बचा है?

निशा : राहुल क्या? आप कोण हो? में तोह नहीं जानती मोनिका को किसी...

मोनिका : जी! वो... राहुल हॉस्पिटल में है...

निशा : क्याआआआ???

निशा एकदम से उठ जाती है,

मोनिका : जी... वो... वो... उससे गोली लगी थी कंधे में... अभी उसका ऑपरेशन हुआ है, बूत he's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.

निशा ये बात सुनते hi एकदम से ज़मीन पर गिर पड़ती है और उसके होंठ थार थाने लगते है.

निशा : ka..kaha है मेरा बेतु?? केसा है वह अब? किसने मारी गोली उससे?? कैसे लगी उससे गोली??

मोनिका : ौन्तीय... राहुल... नई ज़ीलैण्ड में है. क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स हॉस्पिटल में. आप जितना जल्दी हो सके यहाँ आ जाइये. में बाकी डिटेल्स आपको बता दूंगी बाद में.

निशा : में अभी आती हु.

निशा अपने ासु पॉच फुर्ती में राजेश को फ़ोन लगाती है और सब कुछ बता देती है. निशा ने जब सच्चाई बताई थी नेहा को तब राजेश आउट ऑफ़ टाउन था उसके बाद जब वो वापस घर आया तब निशा ने उससे सब कुछ सच बता दिया था की कैसे नेहा को सब सच पता चला. राजेश बिलकुल भी नाराज़ नहीं हुआ बल्कि उसके ऊपर से एक बोझ हल्का हो गया था. उससे पता था एक न एक दिन नेहा को पता चलना hi था और जितना जल्दी हो गया उतना अच्छा है. सवाल ये था की क्या नेहा राजेश को माफ़ कर पाएगी? राजेश ने सब कुछ समय पर चोरर दिया सुर घर में सभी को बता के वो निशा के साथ नई ज़ीलैण्ड जाने की तैयारी करने लगा.

जब ये बात वंशु और उनके परिवार को पता चली तोह वंशु तोह जैसे हिल hi चुकी थी ये न्यूज़ सुन्न के. बेचैनी इतनी की उससे सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी. घरवालों ने जब उससे शांत करवाया तब जाके वो थोड़ा ठीक हुई और नई ज़ीलैण्ड जाने के लिए फौरन प्लान बनाने लगी. वंशु के साथ आने के लिए रुपेश आ रहा था.

मोनिका ने घटना की बात मास्टर को भी बता दी, जब ख़ुशी और प्रीती को ये पता चला तोह वो बेचैन हो गयी और राहुल को देखने के लिए बोहत hi ज़्यादा बेकरार थी. मास्टर ने दोनों को साथ में ले जाने का फैसला किया और नई ज़ीलैण्ड की टिकट बुक करवा दी.

राहुल बेचारा साड़ी बातो से परे यहाँ बेहोश पड़ा हुआ था. उससे पता hi नहीं था की उसके चाहने वाले यहाँ उसके लिए पूरी तेज़्ज़ी से आ रहे है.

कुछ घंटो के बाद जब नेहा और बाकी सब नई ज़ीलैण्ड की ज़मीन पर उत्तरी तोह उन्होंने अपना फ़ोन सबसे पहले चेक किया,

अंशु : मेरे फ़ोन में भाई के मिस्ड कॉल्स है

नेहा : क्या?? हां तोह दी! करिये न कॉल बैक.

अंशु : okay!!

अंशु कॉल बैक करती है तोह दूसरी साइड से मोनिका कॉल पिक करती है,

मोनिका : hello?

अंशु : hello? भाई???

मोनिका : हँ?? Ummm...Kya आप अंशु बोल रही हो? राहुल की बहिन??

अंशु : यस! में अंशु hi बोल रही हु. आप कोण? भाई किधर है?

मोनिका : वो एक्चुअली... में मोनिका बोल रही हु. राहुल इस इन हॉस्पिटल राइट नाउ. He's इन्जुरेड. He's इन नई ज़ीलैण्ड.

अंशु : व्हाआटटट??? किधर? नई ज़ीलैण्ड में किधर? व्हिच हॉस्पिटल??

मोनिका : हॉस्पिटल क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स

अंशु : में अभी आती हु. वे अरे इन नई ज़ीलैण्ड आलरेडी!

*कॉल एंड्स*

नेहा : क्या हुआ दीदी??

अंशु : नेहू! भाई... भाई हॉस्पिटल में है! किसी मोनिका का कॉल था. वो बता रही थी की...

भाई को चोट लगी है.

नेहा : kyaaaaaaaaaaaa???? दी कोनसा हॉस्पिटल? कहा है मेरा भाई?? चलो जल्दी!!! वो ठीक तोह है न? उससे कुछ हुआ तोह नहीं न?? बोलिये न...!

नेहा के परर लड़खड़ाने लगते है और वो एकदम से गिरने लगती है. उसके हाथ भी काँप रहे थे और वो रोने लगती है.

ऋचा : राहुल को चोट लगी है?? व्हाट?? Ye...ye कैसे?? कहा है वह??

ऋचा भी डर के मारे पैनिक कर जाती है, उसका दिमाग राहुल के चेहरे से hi भरा हुआ था. केसा होगा वह? कहा पर है? कैसे लगी उससे चोट? यही सब सवाल उसके मैं में घूम रहे थे.

अंशु : कलम डाउन नेहा!! कलम डाउन ऋचा दीदी! भाई क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स हॉस्पिटल में है. Let's जो. वह पहुँच के देखते है क्या हुआ है. Don't वोर्री वो मोनिका ने बताया है की he's आउट ऑफ़ डेंजर नाउ.

डर तोह अंशु को भी था पर उससे पता था यदि वो कलम न रही तोह ऋचा और नेहा को संभालने वाला कोई नहीं रहेगा.

कैब लेके तीनो हॉस्पिटल की तरफ चल पड़ती है. राहुल अभी भी उनकंसियस था. अनेस्थेसिअ के कारण उसकी उनकंसियसनेस्स और भी ज़्यादा देरर तक थी. सभी उसके होश में आने का बस वेट कर रहे थे.

मोनिका बैठे हुए सामने उसके रूम की तरफ बिना पलके झपकाए बस देखे जा रही थी. दिमाग में वही सीन्स घूम रहे थे जब राहुल गोली खाते हुए मोनिका की तरफ कूड़ा था उससे बचाने के लिए. कैसे वो पानी में बह रहा था. वो पल याद करते hi मोनिका की रूह काँप गयी.

कुछ आवाज़ आयी तोह उसने बगल में देखा तोह पाया की तीन लड़किया दौड़ते हुए आ रही है.

वो तीन और कोई नहीं, नेहा ऋचा और अंशु hi थी.

नेहा मोनिका को एक नज़र में hi पहचान लेती है, वो सीधे दौड़ते हुए उसके भुजाए कस के पकड़ लेती है,

नेहा : कहा है मेरा भाई?? बोलिये?? वेयर इस हे?

नेहा का आसुओ से भरा हुआ चेहरा देख के मोनिका को खुद पे और भी ज़्यादा गिल्ट होने लगती है, वो हाथ के इशारे से राहुल के वार्ड की तरफ पॉइंट करती है और चुप्प चाप शांत hi कड़ी रहती है.

नेहा आगे बढ़ने hi वाली थी की अंशु उसका हाथ थाम लेती है,

नेहा : !?? क्या कर रही हो आप दी??

अंशु : नेहु?? क्या अभी तेरा जाना सही है? ी मैं, जब भाई तुझे देखेंगे और उन्हें ये पता चलेगा की उनका सच सामने आ गया है तोह कही उनके ऊपर कोई जोरर न पड़े. उनकी हालत अभी वैसी है, he's इन्जुरेड. क्या ये सही है?

अंशु की बात सुन्न नेहा सिहर उठती है. यदि नेहा को देख के राहुल को कुछ हो गया तोह? पर अपनी बहिन को देख के राहुल को तोह खुश होना चाहिए न?

नेहा : दी में... में कुछ समझी नहीं!

अंशु : ी मैं... भाई इतने साल तक अपना सच छुपाते रहे, उन्होंने कभी भी तुम्हे पता चलने नहीं दिया. अब ऐसे में तुम उनके सामने जाके बताओगी की तुम्हे सब पता चल गया है तोह इतने सालो से उनकी म्हणत का क्या? उनके दिल पर क्या बीतेगी? उनकी सेहत न बिगड़ जाए, में ये कहना चाह रही थी.

नेहा : हँ?? दी... में... में कुछ नहीं जानती. में उससे देखे बिना अब नहीं रह सकती और में उससे कुछ भी होने नहीं दूंगी. ी स्वेअर. बोहत झेल लिया उसने, बोहत प्रोटेक्ट कर लिया मुझे, उसने बोहत कर लिया सब. अब मेरी बारी है. अब में उससे प्यार दूंगी, में उसका ख़याल रखूंगी, में उसके साथ रहूंगी हर्र डैम.

कहते हुए नेहा जेस जो की वही साइड में कड़ी हुई थी उस से पूछती है,

नेहा : he's माय बरोथेर. कैन ी जो एंड हैवे ा लुक ात हिम? प्लीज? ी बेग यू!

जेस (स्माइल्स) : यस सूरे! He's आलरेडी आउट ऑफ़ डेंजर नाउ. वे अरे जस्ट वेटिंग फॉर हिम तो गेट हिज कांशसनेस बैक. यू कैन जो एंड वाच हिम, जस्ट don't दो एनीथिंग ेल्स. व्हेन हे गेट्स हिज कांशसनेस बैक, don't मेक हिम टॉक तू मच फॉर ा व्हिले. Okay?

नेहा : थैंक यू! थैंक यू सो मच डॉक्टर!!

जेस : no प्रॉब्लम डिअर. ी कैन अंडरस्टैंड!

धीरे धीरे नेहा राहुल के रूम का वार्ड खोलती है और अंदर जाती है. राहुल बेहोश पड़ा बीएड पर लेता हुआ था. उसका सीना पूरा नग्न था और कंधे पर पत्तिया बंधी हुई थी.

उसकी ऐसी हालत देख नेहा की आँखों से आसुओ की धाराए बहने लगी. किस्से पता था वो यहाँ अपने भाई को सबसे पहले ऐसी हालत में देखेगी? उसकी गिल्ट फिरसे उसपर हावी होने लगती है.

वो धीरे धीरे राहुल के करीब आती है और उसके बगल से बैठ के कुछ देरर तक बास रट हुए उससे निहारती रहती है.

कुछ देरर बाद वो राहुल के माथे पर फैले हुए बाल को धीरे से हाथ से ऊपर करती है और आगे बढ़ के झुकते हुए उसका माथा चुम लेती है.

नेहा (रट हुए) : you've बिकम मच मोरे हैंडसम...

कहते हुए वो रट रट hi स्माइल करने लगती है. फिर उसके कंधे पर बंधी पत्तियों को हलकी उंगलियों से टच करती है, जैसे उसका दर्द फील करने की कोशिश कर रही हो.

उसके गाल पर अपना हाथ रखती है और उसके कान में आहिस्ता आहिस्ता झुकते हुए धीमी सी आवाज़ में कहती है,

नेहा : अब तुम्हे कही नहीं जाने दूंगी.

नेहा बड़े hi प्यार से राहुल को सेहला रही थी और बस उससे hi निहार रही थी. कुछ हु मिनट बाद राहुल कराहते हुए अपनी आँखें खोलने का प्रयत्न करने लगता है.

जब उसकी आँखें खुलती है तोह पहले तोह थोड़ा धुंदलापन्न रहता है पर धीरे धीरे hi सब कुछ जैसे क्लियर होने लगता है.

जब वो देखता है तोह पाटा है की नेहा उसके चेहरे के ठीक ऊपर रो रही है और मोठे मोठे आसुओ की बुँदे गिरकर राहुल के चेहरे पर टपक रही है.

"हम्म्म??" राहुल को प्रोसेस करने में अभी समय लग रहा था, उसकी समझ नहीं आ रहा था की वो कहा पे है और क्या चल रहा है. उसने कुछ बोलने का प्रयत्न किया पर उसके पहले hi नेहा ने अपनी ऊँगली उसके होंठो पर रख कर उससे चुप करवा दिया.

नेहा : स्स्स्सह्ह्ह्हह्ह!!! आप कुछ नहीं बोलोगे अभी. डॉक्टर ने मन किया है ज़्यादा बोलने से आपको.

नेहा फिर से झुकती है और उसके कानो के पास आती है,

नेहा : आप को कंधे पर गोली लगी थी. यू अरे इन हॉस्पिटल राइट नाउ. और आपकी गुड़िया आपके सामने है. ी क्नोव आपके मैं में बोहत से सवाल आ रहे होंगे. में सब कुछ बताती हु आपको. आप ज़्यादा बोलना मत बस.

राहुल उससे हैरान होते हुए देख रहा था, उससे ये समझ आ गया था की वो आइलैंड से बच के आ गया है और सुरक्षित है और नई ज़ीलैण्ड में hi वो एडमिट है पर नेहा यहाँ क्या कर रही है और ये ऐसा बेहवे क्यों कर रही है ये राहुल की समझ से बहार हो रहा था.

नेहा ने राहुल का हाथ थामा और उससे अपने स्तनों में दहस्सा लिया और कस के पकड़ लिया.

नेहा : मुझे सब पता चल चूका है भाई. आपने मेरे लिए क्या क्या किया, क्या क्या मुझसे छुपाया, क्या क्या आपने परिवार वालो के लिए किया. सब कुछ... सब कुछ पता चल चूका है.

राहुल : ???

नेहा : उस दिन... उस दिन माँ ने सब को घर पर बुलाया था सभी को सचाई बताने के लिए जो माँ डैड और आप इतने सालो से छिपाते आ रहे थे. उन्होंने मुझे मेरी दोस्त के यहाँ भेज दिया था ताकि मुझे सच्चाई पता न चले. Par...par... किस्मत से में घर लौट आयी, क्युकी मेरी फ्रेंड घर पर नहीं थी और मेने अनजाने में hi सही... सब कुछ... सब कुछ सुन्न लिया. ी क्नोव एव्री थिंग. हर्र एक सच मेरे सामने खुला...

कहते हुए उसके ासु बहकर राहुल के हाथ पर गिरने लगे जिससे वो पकड़ी हुई थी.

नेहा : व्हाई?? क्यों?? क्यों किया भैया मेरे लिए आपने इतना सब? हँ?? क्यों?? हर्र पल मेने आपको नीचे दिखाया, आपका मज़ाक बनाया, आपकी इंसल्ट की, आपसे नफरत की, आपका बुरा चाहा पर आपने?? आपने हमेशा मेरा भला hi चाहा... आखिर क्यों????

राहुल : गुड़िया...

राहुल के भी ासु निकल पड़े, बहते हुए ासु उसके तकिये पर गिर रहे थे. दोनों भाई बहिन एक दूसरे से सवाल जवाब कर रोये जा रहे थे.

नेहा : बोलिये न!! क्यों?? क्यों किया आपने ऐसा?? मेरे लिए इतना सब?? क्या में आपके इतने प्यार के लायक थी? मेने नफरत के अलावा क्या hi दिया आपको बदले में? फिर क्यों? क्यों आप इतनी हद्द तक गए मेरे लिए? मेरे भले के लिए हर्र वक़्त आप मेरी परछाई बन कर चलते रहे हमेशा... हमेशा मुझे किसी न किसी तरीके से मेरी नफरत को बढ़ाते थे आप... Taaki...taaki में आप को नीचे दिखाने के लिए आपसे आगे निकल सकू

पर में... *क्रिस* बोलिये... बोलिये आप ने क्यों किया ऐसा? सिर्फ इतना hi बता दीजिये मुझे

राहुल को पता था उसका सच सामने आ चूका है और अब कोई फायदा नहीं है. उससे बुरा नहीं लगा किसी भी बात का. उससे डर बस ये था की अब क्या उसकी गुड़िया डैड को माफ़ करेगी?

राहुल ने अपना हाथ जो नेहा के उरोजों में दहस्सा हुआ था उससे उठाया और नेहा के गालो पर रखा और अंगूठे से उसके ासु पोछे,

राहुल : क्युकी... क्युकी तू मेरी गुड़िया है. *स्माइल्स* ी लव यू !

नेहा जिसके ासु अभी बस बाँध की तरह रुके हुए थे राहुल का जवाब सुन्न ने के लिए, उसका जवाब सुनते hi जैसे वो बाँध खुल गया और धरै की तरह ासु फिरसे बहने लगे. नेहा ने राहुल का हाथ कस का पकड़ लिया जो उसके गालो पर था

नेहा : ी लव यू ♥️... ी लव यू सो मच!! ी लव यू भैया!!!

नेहा झुकते हुए राहुल को धीरे से अपनी बाहो में ले लेती है ताकि उसके कंधे की चोट न दुःख जाए.

नेहा (मैं में) : निक्की... मुझे नहीं पता था की में तेरे दिए गए सुग्गेस्टिव पर कभी खरी उतरूंगी बूत थैंक्स तो यू... थिस इस ब्लिस्फुल.

नेहा (कान में कहते हुए) : भाई??

राहुल : हम्म??

नेहा : ी लव यू ?!!!

राहुल (स्माइल्स) : लव यू तू!! पर अभी मेरे बोहत से क़ुएस्तिओन्स है जिन्हे में बाद में पूछूंगा.

नेहा : ऑफ़ कोर्स!! मेरे पास भी बोहत से क़ुएस्तिओन्स है जिन्हे में बाद में पूछूँगी आप से.

राहुल : हम्म!!

नेहा : भाई??

राहुल : हम्म???

नेहा : जिस रात हमारी लड़ाई हुई थी न...

राहुल : हम्म...

नेहा : उसके अगले दिन मेरा b'day था.

राहुल : हम्म्म

नेहा : पर लड़ाई होने से पहले न... में आपके गिफ्ट के बारे में सोच रही थी उस रात. में सोच रही थी की आप जब मुझे गिफ्ट डोज तोह बदले में में आपको क्या रेतुर्न गिफ्ट दूंगी.

राहुल : तोह??

नेहा : फिर मेने निक्की से बात करि थी और उसने मुझे बताया था की रेतुर्न गिफ्ट में क्या देना चाहिए मुझे.

राहुल : ओह्ह्ह!!!

नेहा : आपको पता है वो रेतुर्न गिफ्ट क्या था?

राहुल : umm...nahi?? शायद तुमने कभी दिया नहीं!?

नेहा : हां! मेने कभी किसी को भी नहीं दिया. सोचा था आपको दूंगी बूत हमारी लड़ाई हो गयी...

राहुल : ओह्ह्ह!!

नेहा : पर वो रेतुर्न गिफ्ट में अभी दूंगी आपको.

राहुल : ओह्ह?? क्या है उसमे?

नेहा (ब्लश) : क्लोज योर आईज!

राहुल : रियली??

नेहा : हां नाआआ!!! बंद करो नाआ... क्लोज योर आईज.

राहुल : okay!!

राहुल अपनी आँखें बंद कर लेता है और गिफ्ट का इंतज़ार करने लगता है. पर तभी उसको अपने होंठ पे कुछ गीला गीला महसूस होती है.





आँख खोलते hi वो देखता है की नेहा उसके होंठो पर अपने होंठ लगाए हुए आँखें बंद करके मीठी किश के एहसास में डूबी हुई है.

फटी आँखों से वो बस नेहा को hi देख रहा था, कुछ करने लायक नहीं था वह. करीब 20 सेकंड की इस किश के बाद जब नेहा पीछे हुई और अपनी आँखें खोली तोह उसकी आँखों में एक अजीब सा नशा था.

राहुल इस से पहले की कुछ बोलता नेहा उसके मुँह पर हाथ रख कर बंद कर देती है और उसके कानो में कहती है,

"No क़ुएस्तिओन्स नाउ! बस एक बात याद कर लो भाई... ी लव यू मोरे थान एनीथिंग इन थिस वर्ल्ड"

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आज के लिए इतना hi गाइस!


धन्यवाद्!
 
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