The Story of a Bodyguard (by Naree) - Page 92 - SexBaba
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The Story of a Bodyguard (by Naree)

इधर माय खड़ा हुआ और माया को देखा तो वो बिस्तर पर अभी भी अपनी दोनों टंगे फैलाये मुझे घर रही थी जो पहले इतनी शर्मा रही थी वह अब्ब बिना शर्म के मुझे अपना सेक्सी बदन दिखा रही थी, वैसे भी जब एक बार लड़की किसी से चुद जाये तो उसका शर्मा काम हो जाता है, इधर मैं, उठ और चल मेरे साथ माया जो लेती हुई थी वह मेरे सवाल पर कहा जाना है? मैं, चल ऊपर मेरे रूम में यहाँ तुझे अचे से छोड़ नहीं प् रहा हु? माया, मुझे कही नहीं जाना.. अब्ब आपका काम हो गया न? अब जाओ यहाँ से.. मैं, देख मेरा लुंड अभी भी कैसे शाक्त है, माया, मेरे लुंड को निहार के मन में (ओह गॉड इनका तो सच में अभी भी तित है लेकिन कैसे.. जब सुहागरात में पति राज के साथ की थी तब तो वो 2 से 4 मिनट्स में hi झाड़ गया था लेकिन अंकल तो कब से लगे हुए है फिर इनका गिरा क्यों

नहीं?), माया को सोच में डूबा देख के माय उसके पास जाता हु और उसे गॉड में उठा लेता हु माया, अब सोच से लौटते हुए ये क्या कर रहे है छोडो मुझे प्लीज माय गिर जाउंगी, मैं, चुप कर और सुन जल्दी से अपने कपडे उठा साथ में मेरे भी माया, नहीं नहीं मुझे कही नहीं जाना अगर ऐसे hi हम नग्गे बहार निकले तो कोई देख लेगा प्लीज.. मैं, उसे निचे उतर के जो कह रहा हु वो कर टाइम देख 2 बज गए है और सब गहरी नीद में होंगे. माया, मेरी बात सुन के वह समझ गई की राधे अब्ब उसकी कुछ नहीं सुनेगा इस लिए वो लंगड़ाते हुए धीरे धीरे चल के गई और जो यहाँ वह बिखरे हुए कपडे थे वो सब उठाई इधर मैं, उसकी गोरी और एक दम बड़ी गांड को देख के अपने लौड़े को सहलाते हुए (साली के गांड भी बहुत hi सेक्सी है एक दम अपनी माँ काम्य पे गई है, इसके भी करीब करीब 36 साइज के

होंगे.. आज नहीं तो फिर कभी इसकी गांड भी मरूंगा) ये मन में कहते हुए अपना स्लीपर पहन लिया वही माया, सरे कपडे ले के मेरी और पलटी और मुझे अपने गांड को घूरता प् कर थोड़ा शर्मा जाती है, इधर मैं, अगर डर है तुझे तो कपडे पहन ले लेकिन ऐसे पहना की मुझे उतरने में टाइम न लगे मेरी बात सुनते hi माया, जल्दी स लेहंगा, चोली वो भी बिना ब्रा पंतय के ुर अपने ऊपर चुनरी दाल ली इधर मैं, नग्गे hi बहार जाने लगा तो माया मुझे रोकते हुए आप नहीं पहनोगे क्या? मैं, अरे मुझे कोई देख भी लिया तो क्या होगा यहाँ साड़ी औरते लड़किया hi तो है, ये सुन के माया, चुप करो ये कह के वो खुद hi मेरे आगे आ गई और गेट को थोड़ा खोल के बहार देखि और जब उसे लगा की कोई नहीं है तब मुझे बहार जाने को बोली और मैं, गेट के पास जा के, पहले तू चल सीधी से ऊपर वह मेरे रूम है और इधर माय तेरे सामान भी ले कर

आता हु, अब तू मेरे साथ hi सोयेगी वो भी रात भर माया, कुछ नहीं बोलती है और बोलती भी क्या जो राधे सुनाने वाला hi नहीं था, अब वो लंगड़ाते हुए इधर उधर देखि और सीधी से ऊपर चलने लगी इधर मैं, माया का हैंड बेग और मोबाइल लेके नग्गे hi ऊपर गया और चाट का दरवाजा बहार से बंद करके जैसे hi रूम में पंहुचा वैसे hi देखा माया वह नहीं थी लेकिन तभी मुझे बाथरूम से एक तेज सिटी सुनाई पड़ती है और माय समझ गया की माया बाथरूम में है और मैं अब्ब जो थोड़ी दारू बची थी वो टेबल पर रखे बोतल उठता हु और पिने लगता हु साथ hi कूलर भी ों कर देता हु, अब्ब रूम में थोड़ा ठंडक पहुंच जाती है. थोड़ी देर बाद माया बाथरूम से बहार आती है और मुझे बोतल में कुछ पीटा देख के गन्दा सा मुँह बनाते हुए येह क्या पि रहे हो आप, मैं, अरे ये मेरी टॉनिक है अब जल्दी से नग्गी हो माय पहले hi

बोलै था न की मुझे तेरे बदन पर आज रात कोई कपडा नहीं देखना है माया, शर्मा कर दूसरी और देखने लगी इधर मैं, पूरी बोतल खली कर दी एक hi साँस में अब मुझे हल्का नासा चढ़ जाता है, वही मैं, दारू ख़तम करने के बाद हिलते डुलते हुए माया के करीब जा के, क्यों मेरी जान? क्या हुआ तुझे अपनी छूट नहीं छुड़वाना? चल जल्दी से अपने कपडे उतर, और देख मेरा लौड़ा कितना प्यासा है अब इसे तेरी छूट hi भूख मिटा सकती है ये कह के मैं उसके कोमल हाँथ को पकड़ के अपने जलते हुए लौड़े पर रख के बोलै तो माया, झट से लौड़े पर से अपना हाँथ हटते हुए अंकल प्लीज अब नहीं, इधर मैं, माया को उसकी कमर से पकड़ कर अपनी तरफ खींचते हुए, अभी तो चुदाई की शुरुवात भी नहीं हुई और तू न न करने लगी, माया, आह्ह्ह्हह.. प्लीज... छोड़ दो मुझे?.
 
मैं, शठ.. चुप कर.. अब क्यों ऐसा सोच रही है जब की तेरी छूट में मेरा हब्सी लौड़ा घुस चूका है, अब देर न करते हुए मैं, जल्दी से उसकी चोली और लेहंगा की डोरी खींच देता हु उधर माया, थोड़ा बहुत विरोध तो करती है लेकिन पहले जितना उसका विरोध नहीं होता है, वो अब राधे को इतना तो जान चुकी थी की राधे करेगा तो अपने मन का hi इस लिए उससे बोलने से कोई फायदा नहीं है, वही माया, फिर एक बार राधे सामने एकदम नग्गी हो चुकी थी. वही मैं, गौर किया उसकी गोर बदन पर तो क्या देखता हु की उसके सेक्सी बदन पर यहाँ वह हलके डार्क नीसाण बन चुके थे, मेरे चूमने और मसलने से ज्यादा तर माया के चुके और गले के आस पास की एरिया पर ज्यादा नीसाण दिख रहे थे साथ hi उसकी मोती मोती जांघो पर हलके नीसाण बने हुए थे ये नीसाण माया को ये बता रहे थे की उसके बदन पर राधे ने अपनी प्यार का मोहर लगा दी है.

अब माया राधे की पूरी तरह से हो गई है, लेकिन माया अभी भी ये नहीं सोच रही थी, इधर जब मेरी नज़र उसके छूट पर जाती है तो देखता हु की माया की छूट पहले से भी ज्यादा फूली हुई थी सायद मेरे हब्सी लौड़ा लेने के बाद छूट ये दसा हुई हो, मुझे ऐसा अपने बदन को घूरता देख के माया, अपने बदन को हांथो से छिपाने लगती है ये देख के मैं, उसके करीब जा कर उससे गॉड में उठा लेता हु, माया, अचानक हुए इस हमले से थोड़ा डर सी जाती है और मेरी तरफ देखते हुए नीची उतारू मुझे क्या कर रहे हो..?, मैं, चुप रह मेरी जान?, बस देखती जा माय आज तेरे साथ क्या क्या करता हु?, माया बस सोचने लगती है के ये अब आगे क्या करने वाला है उसके साथ की तभी मैं दरवाजे की तरफ जाने लगता हु ये देख के माया, wai...wait a..minute... व्हाट र ु दोंग अंकल ru...ruko निचे उतरो मुझे.. कहा ले जा रहे हो? मुझे इस हाल में है?.

इधर मैं, माया को लिए हुए चाट वाले रूम से अब बहार आ जाता हु, अब हमें वह चाट पर से गाओ का नज़ारा पूरा दिख रहा था वह एक दम सन्ति चाय थी वही आसमान में तारे टिमटिमा रहे थे साथ hi चढ़नी रात होने से हम दोनों एक दूसरे को अचे से देख पा रहे थे, वही माया, प्लीज अंकल कोई देख लेगा, मैं, उसकी एक नहीं सुनता और चाट के बीचो बिच पहुंच जाता हु वही माया, मेरे गले में अपने दोनों हाथों को दाल के चिपकी हुई थी साथ hi उसे अपनी छूट पर मेरा गरम कहता जैसा महसूस होता है, जो बार बार उसके छोटी सी बिल में घुसने की जगह धुंध रहा था... इधर मैं, अब चाट के बीचो बिच खड़ा हो कर माया की करीब 36 साइज की विशाल गांड को मसलते हुए अच्छे से उसके कोमल होंठ को चुस्त हु लगभग 1 मिनट तक दोनों जोरो से चुम्मा छाती करते है और एक..

दूसरे से अलग हो जाते है, उधर माया, के होंठो पर मेरे ढेर सारा थूक लगा हुआ था और मेरे होंठो पर उसकी बची कुछ लिपस्टिक, उसे देखते हुए क्यों मेरी बुलबुल, मेरी जान? अब चुदाई शुरू करने का वक़्त आ गया है तू तैयार है हमारे अगले अराउंड के लिए, माया, मेरी आँखों में देखते हुए प्लीज अब मेरे से नहीं होगा निचे बहुत पेन हो रहा है?, मैं, तेरी सुहागरात अचे से नहीं हुई है इस लिए तुझे दर्द हो रहा है लेकिन माय दावे के साथ कह सकता हु अब पहले जैसा दर्द तुझे नहीं होगा जितना होना था हो गया, मैं अब माया को चाट के आखरी छोर पर ले जाता हु वह बाउंड्री वाल थी कोई 4 फ़ीट की उस पर माया को बैठा देता हु, माया, उस बाउंड्री वाल पर बैठते hi निचे देखने लगी और निचे देखते हुए वो डर गई और डरते हुए प्लीज मुझे यहाँ क्यों बैठा दिए उतरो निचे मुझे

डर लग रहा है?, मैं, अरे डर क्यों रही है मैं हु न, ये कह के मैं उसकी दोनों टंगे थोड़ा फैला देता हु और माया डरते हुए मेरे कंधे को कास के पकड़ लेती है साथ hi मेरी दवारा छूट सहलाने से माया, एक लुम्बी साँस छोड़ते हुए उम्म्म.. आह्ह्ह्ह.. सशह्ह्ह.. प्लीज अह्ह्ह.. नहीं वह ददद.. दर्द हो रहा है मम.. मत करो न मैं, सशह्ह्ह.. चुप्प्प.. हो जा मेरी जान, बताया न अब पहले जैसा दर्द नहीं होगा ाचा एक बार मेरा लौड़ा को पकड़ ले और जब तुझे दर्द होने लगे तो मुझे रोक लेना वैसे भी तेरी छूट में मेरा पूरा लौड़ा घुसा नहीं है अभी भी 2 से 3 इंच बाकि hi है घुसना, माया, चौकते हुए ये क्या बोल रहे है इतना पेन हुआ मुझे फिर भी अभी आपका पूरा नहीं घुसा.. उफ्फ्फ ये कह hi रही थी की मैं, उसके हांथो को अपने जलते लौड़े पर रख देता हु और इस बार वो अपना हाँथ मेरे लौड़े से नहीं हटती है,
 
अब्ब उसका एक हाँथ मेरे कंधे पर और दूसरा हाँथ मेरे जलते लौड़े पर वही मैं, उसके होंठो पर हलके से किश करते हुए अब अपनी छूट की छेद पर लगा मैं धीरे धीरे छूट में डालूंगा तो तुझे दर्द नहीं होगा, माया, मेरे काले लुंड को निहार रही थी वही मेरा लुंड का चढ़नी रात की रौशनी में सूपड़ा चमक रहा था, माय भी माया के सेक्सी नंगे जिस्म और उसकी 36 साइज के गोर चुकी निहार रहा था वही मैं, ध्यान से देख ले मेरी जान.. ये मेरा लुंड आज पूरी रात तेरी छूट छोड़ने वाला है आज तेरी छूट का भोसड़ा बनाना है, माया, मेरी बात सुनकर थोड़ा सा डर जाती है. हालाँकि कुछ hi देर पहले उसने मेरा विशाल लुंड अपनी फूली हुई चिकनी छूट में लिया था, लेकिन पूरी रात चुदाई वाली बात सुनकर वो सेहम और दर सी जाती है, वही माय, आज तो जैम कर छोडूंगा तुझे?, माया, मेरी बात पर कुछ नहीं बोलती और बस मुझे घूरने लगती है. माय अब माया के दोनों

मोठे मोठे जांघो को फैला देता हु, उसकी छूट पहले से ज्यादा फूली हुई लग रही थी, उसकी छूट की फांके थोड़ी खुली हुई लग रही थी क्युकी अभी अभी 10 इंच लुम्बा और 5 इंच मोटा कोबरा इस छोटी सी गुफा में घुस के आया था जिसकी वजह से उसकी छूट दुबले कचोरी की तरह फूल सी गई थी, हाला की अभी भी उसने मेरा पूरा लौड़ा नहीं ली थी, लेकिन जितना ली थी उतने में hi उसकी छूट का नक्शा बदल गया था, वही उसकी फैंको के अंदर से जो अब तक माया ने प्रे छुम बहाये थे उस फैंको से थोड़ा थोड़ा पानी रिष रहा था, अब मैं, उसकी और देख के चल मेरे लौड़े पर थूक लगा नहीं तो ऐसे hi सूखे लौड़े से तेरी छूट में डाला तो तुझे पहले से भी ज्यादा दर्द होगा?, माया, गन्दा सा मुँह बना के ीववव.. चींईईईई.. मेरे से नहीं होगा?, मैं, फिर तुझे दर्द होगा तो मेरे से नहीं कहना?, माया, थोड़ी देर पहले दर्द को याद करके मन hi मन में (ीवव माय कैसे

थूक लगा सकती हु? चीई और इनका कितना भद्दा पेनिस है और कितना बदबू भी आ रही है, लेकिन अगर माय गिला नहीं की तो अंकल कही ऐसे hi न मेरे अंदर दाल दे), ये सोच के बाद माया, जो अभी भी एक हाँथ मेरे लौड़े पर सेहला रही थी वो हाँथ को अपने मुँह पास ले गई और थोड़ा सा थूक मुँह से निकल कर मेरे सुपडे पर लगा दी उसका ये रूप देख कर मन hi मन में (साली एक दिन ये लौड़ा तेरे मुँह में भी जायगा?), इधर थूक लगाने के बाद माया बस मेरी आँखों में देखे लगी और इंतजार करने लगी मेरे अगले कदम का, इधर मैं, साली थोड़ा सा थूक लगाई तू इतने में तो मेरा टोपा भी गिला नहीं हुआ ये कह के मैं खुद hi ढेर सारा थूक मुँह से निकल कर अपने हांथो में ले कर अपने लुंड पर मलने लगता हु, ये देख कर माया को घिन से महसूस होती है, ीववव.. ये क्या कर रहे हो? कितने गंदे हो आप? छी, मैं, थूक अचे से

नहीं लगाऊंगा तो मेरा लुंड तेरी छूट में अच्छे से नहीं घुसेगा तेरी इस तित और फूली छूट में.. माया, ईईईईईई... चुप्प्प्प.. कितनी गन्दी बाते करते हो आप?, मैं, अब अपना लुंड थूक से गिला करने के बाद माया की और देख के चल अब मेरा लौड़ा अपने छूट की छेद पर रख क्युकी माय तुझे एक हाँथ से पकड़ हु न कही मेरे हाँथ छूटने से निचे गिर गई तो?, माया, अब उसके पास कोई ऑप्शन नहीं था वो थोड़ा गन्दा सा मुँह बना के मेरा थूक से गिला लौड़ा अपने एक हाँथ से पकड़ने की कोशिश की लेकिन इतना मोटा लौड़ा उसके छोटे हथेली में नहीं आया और वो फिसल कर उसकी जांघो पर लगा माया थोड़ा फ़्रस्ट्रेटेड होते हुए जो उसका दूसरा हाँथ मेरे कंधे पर था वो वह से हटा कर निचे ले गई और अपने दोनों हांथो से मेरा लौड़ा पकड़ कर छूट की फैंको के बिच जहा छेद था वह पर जैसे hi लगाई वैसे hi उसके मुँह से आह्ह्ह्ह.. ऊम्मम.. की सिसकारियां निकल गई.
 
फाइनली स्टैंडिंग फूकिंग स्टार्टेड :-

अब हम कुछ इस पोजीशन में थे माया 4 फ़ीट के दीवाल पर बैठी थी अपने दोनों पैरो को फैलाये हुए और उसके दोनों पैरो के बिच में राधे खड़ा हो कर उसकी छूट में लुंड फसाये खड़ा था वही राधे, अब देर न करते हुए, अपने लौड़े को थोड़ा प्रेशर देता है माया के छूट में और लुंड छूट की फैंको को फैलते हुए अंदर घुसने लगता है, वही मैं, आज तेरी छूट का हाल माय बेहाल करने वाला हु उसका सोच hehe..Maya, वेट ा मिनट.. कुछ उल्टा सीधा किया तो देख लेना आप? मुझसे बुरा.. कोई नहीं होगा मैं, उसकी बात पूरी होने से पहले hi अपना लुंड उसकी कासी हुई छूट में 1 झटके में घुसा देता हु, झटके से यह असर होता है की लुंड का मोटा सूपड़ा भर hi उसकी छूट को चीरकर अंदर जाता है, वही सूपड़ा घुसते hi मैं, आह्ह्ह्हह.. क्या कासी हुई छूट है तेरी इतना छोड़ने के बाद भी ढीली नहीं हुई है.

वही माया, चाट के वाल के ऊपर अपने दोनों पैरो को फैलते बैठी हुई थी साथ hi एक हाँथ उसका मेरे कंधे पर तो दूसरा मेरे लौड़े के ऊपर वही मेरा लौड़े का टोपा घुसते hi वो अपने होंठो को हलके दांतो से काटते हुए आह्हः.. मर गई करते हुए वो अपने छूट को देखती है. इधर मेरे काळा लौड़े का टोपा उसकी छूट की फैंको को फैलते हुए घुस चूका था. वही माया, दर्द से आह्ह्ह्ह.. ुंक्लीी.. थोड़ा धीरे करिये न सशह्ह्ह्ह.. मर गई ूमममम.. आह्ह्ह्ह.. ऊफ्फ.. बहुत मोटा है आपका? आज मेरी फाड् देगा ये? वो मेरे लौड़े को अपने हांथो से दबाते हुए बोली, मैं, उसके उसके चुकी को सहलाते हुए.. मेरी जान? लड़को का जितना लुम्बा और मोटा लुंड होता है, लड़कियों को उतना hi मज़ा आता है वैसे भी तेरी जैसी खूबसूरत वो भी 20 साल की लड़की जिसकी अभी अभी जवानी छड़ी हो उसके लिए तो मेरा लौड़ा छोटा hi है.

माया, मेरी और देख के इसका क्या मतलब है, मैं, मेरी जान? मेरे कहने का मतलब है तू अभी जवान है और तेरी उम्र की लड़किया तो कई मर्दो से चुदवाती है और उन्हें जितना छोड़ा जाये वो काम hi होता है, माया, थोड़े गुस्से से माय क्या कोई रण्डी हु जो हर किसी से करवाती फिरू.. आप मुझे सोच क्या लिए है?, इधर मेरा सूपड़ा भर घुसा था इस लिए अब्ब अपने लुंड तो थोड़ा पीछे लिए छूट से और अगले hi पल जोर से आगे की और झटका मरता हु और माया फिर से चीख उठती है उउइइममम.. मम्मीयी.. मर गई, इधर मेरा टोपे से थोड़ा ज्यादा अंदर जाता है वही बातो का जवाब देते हुए मैं, अरे मेरी जान माय तुझे रण्डी नहीं कह रहा हु बस मेरे कहने का मतलब ये था की तेरी उम्र की लड़किया जो होती है वो शादी से पहले hi कई मर्दो का लौड़ा अपने अंदर ले लेती है, वैसी लड़किया एक लुंड से संतुस्ट नहीं होती,

उन्हें तो कई मर्द के लौड़ा भी अपनी हवस को बुझाने के लिए काम पड़ता है, माया ऐसी लड़की नहीं थी इस लिए वह दर्द होने के बावजूद, हहममम वैसी लड़किया मैने भी देखि है आप सच कह रहे है, मैने अपने सहर वाले हॉस्टल में देखि हु, मैं, एक और झटका मरता हु इस बार मेरा कुछ इंच लुंड और उसके छूट में घुसता है जिसकी वजह से माया, अब मेरे लौड़े को छोड़ के मेरे बदन से पूरा चिपक जाती है और अपने हलके दांतो से मेरी काळा कंधे को काटते हुए.. थोड़ा धीरे बोली हु न लेकिन आप तो सुनते भी नहीं मेरा ऊह्ह्ह्हह्ह.. गॉड.. एक दम जानवर हो आप ूमम.. सष्ठ.. मर गई.. ऐसा लग रहा है जैसे मेरे पेट में आपका घुस गया हो आह्हः मा आह्हः बहुत जलन हो रही है अंकल प्लीज निकल लो न. माया, को दर्द महसूस होने लगता है छूट में. हो भी क्यों न?

आज उसने राधे जैसे दानव वाले मर्द का लौड़ा जो लिया था अपनी छूट में. उसका लुंड था hi इतना बड़ा, जो माया को एडजस्ट होने में थोड़ी दिक्कत आ रही थी, थोड़ी देर मैं वैसे hi उसकी जिस्म चिपके रहता हूँ. वही मैं, माया के गोर गले को चूमते हुए वैसे तेरे हॉस्टल में वो कौन लड़की थी जो किसी से चुदवाती थी, माया, मेरे मुँह से छुड़वाना वर्ड्स सुन कर शर्मा जाती है लेकिन कहती नहीं वही मैं, बता न मेरी जान? शर्मा क्यों रही है ये कह के मैं, अब उसकी पीठ को सहलाने लगता हु.. वही माया, मेरे ऐसा करते hi थोड़ा प्रे छुम बहती है मेरे लौड़े पर साथ hi उसकी छूट अंदर से जैसे साँस ले रही हो वैसे hi रिएक्शन देती है वही माया, wo..wo मेरी रूममेट की एक सहेली थी वो रात में अक्सर हॉस्टल के सबसे बड़े अधिकारी से रोज सेक्स करवाती थी, मैं, लेकिन क्यों इसका रीज़न तो होगा या फिर मज़े के लिए करवाती थी.
 
माया, वह मुझे नहीं पता की आखिर वो क्यों ऐसा करती थी, मैं, वैसे तूने कभी लाइव चुदाई देखि है, माया, चुप रहती है क्युकी (उसने राधे को hi देखि थी जब उसकी माँ काम्य को राधे छोड़ रहा था तब, लेकिन वह ये बात बोल नहीं सकती थी राधे से), मैं माया को जवाब जनता था की क्युकी वो संस्कारी थी इस लिए वो लाइव चुदाई कहा देखि होगी लेकिन मुझे नहीं पता था की वो मेरा ुर अपनी माँ की चुदाई देखि थी, इधर मैं, फिर से अपना लुंड थोड़ा बहार खींच कर एक और धक्का मरता हु. माया, आह्ह्ह्हह्ह.. मा.. मर गई, इस बार मेरा लुंड उतना hi अंदर जाता है जितना पहली बार में गया था यानी 10 इंच तक लेकिन अभी भी 2 इंच बाकी था. इधर मैं, छूट की गर्माहट और कसावट पा कर आह क्या कासी हुई छूट है तेरी जानेमन.. लगता है तेरा पति सुहागरात में अचे स

चुदाई नहीं की थी तभी इतनी तित छूट है तेरी की मेरा लौड़ा भी दर्द होने लगा है. माया, अब्ब क्या बोलती शादी को 3 hi दिन हुए है और इन 3 दिनों में उसका पति राज सिर्फ सुहागरात में hi उसके साथ एक बार सेक्स किया था वो भी 2 से 4 मिंट तक उसके बाद वो अपना पानी गिराने के बाद सो गया था और माया पहले कभी सेक्स की नहीं थी इस लिए सोची सायद ऐसा hi सेक्स होता होगा, लेकिन उसकी सहेलिया शादी से पहले बोल रही थी की सेक्स में बहुत मज़ा आता है लेकिन माया को सुहागरात में कुछ भी मज़ा नहीं आया बस उसकी विर्जिनिटी भर टूटी थी और उस वक़्त उसे काफी दर्द और ब्लड निकला था. इधर मैं, उसको सोचता देख के.. वैसे तेरे पति ने सही स नहीं छोड़ा तो क्या हुआ अब माय रोज इसकी चुदाई कर के तेरी छूट को अपने लुंड के साइज का बना दूंगा?, राधे उसकी दुखती नस पर हाथ रख देता है. लेकिन वह

मेरे सामने ये सब नहीं बोलना चाहती थी और वो आठ.. आप.. उठ.. बस अपने काम सीई.. आह्ह्ह्ह.. काम.. ऊह्ह्ह.. रखो.. वैसे आपको मेरी लाइफ में आह्ह्ह्हह.. उमठ सशह्ह्ह.. क्या हो रहा है क्यों जानना है?, माय उसकी बात सुनकर थोड़ा गुस्सा होता हु और अपने लुंड को पूरा बहार निकल कर मैं, है तूने सही कहा? मुझे तेरे लाइफ से क्या मतलब है लेकिन तेरे बोलने का तरीका मुझे पसंद नहीं आया, अब तुझे दिखाऊंगा की माय कितना बेशर्म हु, जैसे आवारा कुत्ता कुत्तिया को रोड पे दौड़ा दौड़ा के छोड़ता है बिलकुल वैसे माय तुझे दौड़ा दौड़ा कर छोडूंगा.. एक कुत्तिया की तरह.. फिर देखता हु तुझे कौन बचता है साली, माया को मेरे मुँह से कुत्ता - कुत्तिया वाली बात सुनकर शर्म सी आ जाती है साथ hi साथ मेरी धमकी से थोड़ी सेहम सी जाती है इधर मैं, तू तैयार हो जा मेरी कुत्तिया? आज ये कुत्ता

तुझे बड़ी hi बेरहमी से छोड़ने वाला है, मेरी मुँह से "कुत्तिया" शब्द सुनकर माया की छूट टाइट हो जाती है. हालाँकि माया को मेरा ऐसा कहना बिलकुल भी रास नहीं आता पर उसका जिस्म नई एक अलग hi रिएक्शन दे रहा था मेरी बातो का. फिर मैं, अपने लुंड को माया की फूली छूट पर लगा के एक तेज़ धक्का मरता हु और माया, आह्ह्ह्हह्ह.. मर.. गई.. ूमममम.. इस बार मेरा का लुंड माया की छूट की और गहराई में चला जाता है, जहा आज तक उसके पति कभी पंहुचा भी नहीं था. माया अपने दोनों हाथो के नाख़ून मेरी काली पीठ में दबा देती है. माय थोड़ा रुकता हु और उसको देख कर जानेमन.. माया, अपने दर्द भरे आँखों से मेरी और देखती है वही मेरे चेहरे पर एक शैतानी हसी थी जिसे देख उसकी हालत ख़राब सी हो जाती है, इधर मैं, उसके मासूम चेहरे को देख कर मेरी जान??.
 
माफ़ कर न, माया, मेरी बात सुनकर कंफ्यूज हो जाती है की ये एक दम स उससे माफ़ी क्यों मांग रहा है. वह कुछ समझ पाए इससे पहले मैं अपना लुंड बहार निकल कर एक जोर का धक्का मरता hi और मेरा हब्सी लुंड उसकी कासी छूट को चीरता हुआ पूरा का पूरा 12 इंच लुम्बा और 5 इंच छूट के अंदर चला जाता है.. माया, ाहहममम.. मर्डरर.. गाय्यीइइइइइ.. आह्ह्हह्ह्ह्ह.. केमिनीई.. क्षिकी.. ूफ ऊह्ह्हह्ह.. मायआ.. ुंहःहःह.. सशह्ह्ह्ह माया दर के मारे बहुत जोर से चीखती है क्युकी मेरा पूरा 12 इंच लुम्बा और 5 इंच मोटा लुंड उसकी छूट से होते हुए सीधा बच्चे दानी में समां गया था इधर उसकी चीख सुनकर माय खुश हो जाता हु मुझे ऐसा महसूस होता है मैने अभी अभी माया की विर्जिनिटी ले ली हो.. वही माया, ओह्ह्ह.. ुँक्ली..

आईईए.. निकालूओ.. निकालूओ.. आह्ह्ह्हह.. बहररर.. ाग्ग्गहह.. प्लीज... माया के आँखों में आंसू की सैलाब आ जाती है. वो मेरी बहो में सिमटती हुई दर्द से छटपटा रही थी उसकी छूट अंदर से जल रही थी जैसे उसमे कोई मिर्ची दाल दिया हो इधर मैं, उसके गले को चूमते हुए, थोड़ा दर्द सेहन कर ले मेरी जान.. और मेरा लुंड पूरा तेरी कासी हुई छूट में जा चूका है, अब दर्द नहीं होगा सच कह रहा हु, उधर माया, को अपनी छूट की आखरी छोर यानि बच्चे दानी में मेरा लुंड महसूस हो रहा था इस वक़्त. मैं, उसको अपने काळा साइन स लगाए रहता हु बिना हिले डुले. थोड़ी देर बाद जब माया की चीख और आंसू रुक जाते है, तब, अंकल.. प्लीज.. निकालो इसे बहार.. मुझे बहुत दर्द हो रहा है.. मैं, मेरी जान.. अभी तो मैने चुदाई शुरू भी नहीं की और तूने अभी से दर्द का रोना शुरू कर दिया ऐसे कैसे चलेगा

मेरी जान ऐसा कह कर माय अपना लुंड बहार निकल कर जोर से धक्का मरता हु. इस बार माय बिना रुके लगातार धक्के मरता हु और पूरा लुंड माया की छूट में अंदर बहार होने लगता है. माया फिर से दर्द भरी चीखे निकलने लगती है आंसुओ के साथ, आह्ह्ह्ह.. नहीं.. ऊह्ह्ह्ह.. बस.. बस और अंदर नहीं प्लीज सशह्ह्ह.. छ्हम्म.. रुकूउ.. ुम्हहठ.. रुकूउ.. आह्ह्ह्ह.. रुकूउ.. फुककक... ोुउउइइ.. माया दर्द से कराह रही थी पर अब माय रुकने के मूड में बिलकुल नहीं था. माय जनता था की ये दर्द बस थोड़ी देर के लिए है, माय लगातार अपना लुंड उस की कासी हुई छूट में पेलने लगता हु. मेरा काळा बड़े बड़े टट्टे उसकी कभी छूट से टकराते तो कभी गांड की छेद पर टकरा रहे थे. वही मैं अब माया दर्द भरा चेहरा देख माय और ज्यादा एक्साइट हो जाता हु और
 
उसे बाउंड्री वाल से निचे उतर कर उसकी पीठ बाउंड्री वाल से लगा देता हु अब हम दोनों आमने सामने खड़े थे और मेरा लौड़ा उसकी छूट में पूरा घुसा हुआ था वही उसकी आँखों से आंसू बाह रहे थे जो अब हलके सुख चुके थे, वही मैं, उसे खड़े देख कर मेरे अंदर एक्ससिटेमेंट में भर जाता हु और एक इंच छोड़ के अपना पूरा लुंड बहार निकलता हु और अगले hi पाल अपना पूरा दम लगा के तेज़ी से एक जोर का झटका दे कर पूरा घुसा देता हु और माया की जैसे साँस hi एक जाती है वैसा रिएक्शन देती है इधर मैं अब बिना रुके जोर2 से धक्के मरने लगता हु. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. थापा.. थप.. आह्ह्ह्ह.. ऊह्ह्ह्ह..

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सशह्ह्ह्ह.. ुम्हहठ.. हहममम.. उफ्फ्फ.. नाहीई.. रुकूउ.. खुले आसमान के निचे हम दोनों के जिस्म के टकराने की और वही माया की सिसकारियों की आवाज वह लगातार घूमने लगती है साथ hi साथ जब मेरा लुंड माया की हद से ज्यादा गीली छूट में जाता तो फचा.. फच्च.. फचा.. फच... फचा... फच्च.. फचा.. फच.. फचा.. फच्च.. फचा.. फच्च.. फचा.. फच्च.. फचा.. फच्च.. फचा.. फच्च.. फचा.. फच्च.. फचा.. फच्च.. फचा.. की आवाज़ भी हम दोनों को हवस से भर देती है, मैं माया के गोल खड़े चुके दबाते हुए अपने लुंड को पूरा उसकी छूट में पेले जा रहा था. माया, मेरे सामने कड़ी हो कर मुझे घूरते हुए अपने दोनों हांथो को मेरी काली कमर में दाल कर वो अपने होंठ काटते हुए अपने दर्द को

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संभल रही थी.. साथ hi मुँह से, आठ.. ओह्ह.. अंकल.. सशह्ह्ह्ह.. प्लीज.. सलौली.. सलौली.. ऊह्ह्हह्ह.. गॉड.. ऊम्मम.. नाहीइ, मैं उसकी बात को अनसुना करते हुए और जोर से धक्के मरने लगता हु. माया की छूट के गीले पैन से अब मेरे काळा लुंड आसानी से अंदर बहार होने लगता है. माया के चेहरे पर भी अब दर्द के जगह पर हवस भरे एक्सप्रेशंस आने लगते है. वो बहुत दर्द झेली थी अब वो अपने होंठ काटते हुए और आँखे हलकी सी बंद कर के आहे भरने लगती है. उसके दोनों हाथ अब अपने आप मेरी गांड पर ा जाते है और वो मेरी गांड को मसलने लगती है अनजाने में hi मैं उसको देखने लगता हु और माय समझ जाता हु की अब वो झड़ने की कगार पर है, लेकिन माय माया को झड़ने नहीं देने वाला था अभी..

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वही माया, महसूस करती है की उसकी छूट में एक सैलाब सा बन रहा है जो कभी भी बहार आ सकता है अब जोर से आहे भरते हुए, आठ.. ओह्ह.. अंकल.. सशह्ह्ह.. यस... फूकिंग... हार्ड ... प्लीज.. ओह्ह्ह.. गॉड येह... कम्म... ोंनं. माय... पुलस्य, ओह्ह्ह.. गॉड.. माया, सातवे आसमान पर थी वो इंग्लिश में पता नहीं क्या क्या बक रही थी लेकिन मैं इतना कहा समझ पता, की तभी माय अपने लुंड को उसकी छूट से बहार निकल लेता हु, वही मेरा लुंड छूट से बहार निकलते hi माया आँखे खोल कर मुझे घूरने लगती है. हालाँकि उसको राहत मिली थी लम्बी चुदाई के बाद लेकिन ओर्गास्म के इतने करीब आकर राधे को उसकी छूट से ऐसे लुंड बहार निकलना उसे मायूस करता है साथ hi उसे बहुत ज्यादा गुस्सा भी करता है राधे की यह हरकत.
 
Episode 30डी,

मुझे माया के साथ कुछ मजेदार करने का सूझता है और माय उसे घुमा देता हु अब उसके पीठ मेरे तरफ थी और माया का फेस बाउंड्री वाल के तरफ वो अब निचे देख कर डर जाती है की कही राधे उसे चाट से निचे न फेक दे और मुझे रोकते हुए अंकल ये क्या कर रहे हो?, छोडो.. ुर मुझे उचाई से बहुत डर लगता है, मैं, चुप कर साली तुझे माय निचे थोड़े न फेक रहा हु तू बस bound-ary वाल को पकड़ के झुक जा जैसे कुत्ता अपनी कुटिया को छुड़ता है वैसे hi आज माय तुझे छोडूंगा, माया मेरी बात सुन के मन म (अंकल कैसे कुटिया की तरह मेरे साथ करेंगे?), माया आज से पहले इस पोस्टिव में न तो अपने पति के साथ सेक्स की थी और न hi उसे इस पोजीशन का कोई नॉलेज था वही माया, के आँखों के सामने अब्ब गाओ का रोड दिख रहा था, यह मेरी खुशकिस्मती थी की इस वक़्त उस

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रस्ते पर कोई दिख नहीं रहा था वही सामने वाले घर की लाइट भी इस वक़्त बंद थी, इस लिए हमें वह देखने वाला कोई नहीं था और जैसे चाहे हम खुले आस्मां के निच्चे कर सकते थे, लेकिन इस वक़्त माया को बहुत ज्यादा डर लग रहा था, ये ऐसी सिचुएशन थी जहा पर कुछ भी हो सकता था, जिसे महसूस करते हुए.. प्लीज.. यहाँ नहीं.. लोग आते जाते रहते है कोई भी चाट की और नज़र मारा तो कही कोई हमे देख न ले इस चढ़नी रौशनी में, मैं, तू ख़म खा डर रही है मेरी जान.. इस वक्त कोई नहीं आएगा, तू डर मत और बस इस मस्त रात का मजा ले... ऐसा कहकर मैं, अपने लौड़े को पकड़ के माया के पीछे से उसकी छूट पर लगा कर रगड़ने लगता हु, वही माया की छूट बहुत ज्यादा गीली थी साथ hi साथ डर से उसका दिल जोरो से धड़क रहा था, वही वो अपने दोनों हांथो को बाउंड्री

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वाल पर रख के सामने के रोड पर उसकी नज़र टिक जाती है उसको डर था की अगर कोई आस पास के लोग बहार आ गए और उनकी नज़र चाट के बाउंड्री वाल पर पड़ी तो उसकी इज्जत पूरी तरह से ख़त्म हो जाएगी क्युकी गाओ के लोग बात का बतंगड़ बनाने में सबसे आगे होते है.. इधर मुझे कुछ लेना देना नहीं था इन सब से, मैं, तो बस अपना लुंड माया की छूट पर रगड़ते हुए, कैसा लग रहा है मेरी जान?, माया, कैसा लगेगा? आपकी वजह से एक दिन मेरी शादी टूटेगी कमीने कही के.. मैं, हेहेहे.. कुछ भी मत बोल मेरी वजह से कैसे तेरी शादी टूट सकती है वैसे भी आज के बाद हम दोनों कभी मिलेंगे hi नहीं.. माया थोड़ा साद होती है ये सुन के मन hi मन में (मुझे बुरा क्यों लग रहा है ये सोच के की अब हम दोनों कभी नहीं मिलेंगे है?).
 
मैं, अपने लौड़े को पकड़ के माया के पीछे से उसकी छूट से ले कर गांड के छेद पर सहलाये जा रहा था वही माया, सोच से वापस आते हुए, प्लीज अंकल.. हम आपके रूम में चलते है न? यहाँ बहुत खतरा है, कोई जान पहचान वाला अगर बगल वाले चाट पर आ गया या फिर सामने के रस्ते पर चलता हुआ कोई शख्स ऊपर हमें देख लिया तो मेरा क्या होगा, माया की बात पूरी होने से पहले hi मैं अपना लुंड एक hi धक्के के साथ पूरा का पूरा उस की छूट में घुसेड़ देता हु और माया, बाउंड्री वाल की दीवार को कास के पकडे हुए.. आईईईई.. आह्ह्ह्ह.. मर्डर.. गईई.. उमठ.. ओह्ह्ह.. गॉड.. ममहहहहह.. वो जोर से चिल्लाती है.. लेकिन वह जानती थी की उसकी चीख कोई सुन सकता है इस लिए वो जल्दी से अपने एक हाँथ से मुँह पर रख लेती है वही उसकी तेज़ सिसकारी से मेरी एक्ससिटेमेंट और बढ़ जाती है और मैं माया की 24 साइज की कमर में हाथ दाल

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कर उसकी छूट में अपना लुंड पेलने लगता हु पीछे से, वही मेरे धक्के से माया अब आगे पीछे होने लगती है साथ hi साथ मेरे झटके से उसकी बड़ी गांड के दोनों फांके ऐसे थिरक रहे थे जैसे कोई बोन किंग बल हो, वही मेरे तेज झटके के कारन जब मेरा पूरा लुंड उसकी छूट में जाता और मेरी जांघ उसके 36 साइज की बड़ी और बहार की और ज्यादा निकली हुई गांड के दोनों भागो पर लगते तो.. थापा.. थप. थापा.. ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा.. ठप्प.. थापा.. थप की तेज आवाज़ वह चाट पर चारो और घूमने लगती है, वही उस चढ़नी रात की रौशनी और सुन सां चाट के ऊपर बस हम दोनों क जिस्मो के टकराने और सिसकारियों की आवाज वह घूमने लगती है. माया, चाहकर भी अपनी सिसकारियों को वो रोक नहीं प् रही थी वही दूसरी तरफ मैं, लगातार उसकी पीछे से कासी छूट में अपना लुंड पेले जा रहा था.

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साथ hi मैं, झटके मरते हुए आह्ह्ह्ह.. माया.. सोच अगर तेरा पति आ जाए और हमें ऐसे देख ले तू.. क्या होगा हहै.. मेरी बात पर माया डर जाती है और अपने सर को घुमा के मेरी तरफ गुस्से से देखने लगती है, पर उस गुस्से के वक़्त भी उसकी सिसकारियां चालू थी जिससे सुन के मुझे अजीब सा मजा आता है.. माया, उम्मठ.. आह्हः.. उमठ.. हहहह.. ऊह्ह्ह्ह.. गॉड.. सशह्ह्ह.. उफ्फ्फ्फ़.. आह्ह्ह्ह.. आप एक दम पागल हो ऐसे कैसे बोल सकते हो की मेरे पति आ गए और हमें ऐसे देख लिए तो है आह्ह्ह्ह.. थोड़ा धीरे जानवर कहिके और हमें ऐसे देख लिए तो वही होगा मेरी शादी टूटेगी ुर क्या होगा बेशरम कहिके इतनी भी अकाल नहीं है.. अब्ब मेरे धक्के काफी तेज़ हो जाते है, जिससे उसको अपनी चीखो पर काबू करना लगभग नामुमकिन सा हो रहा था वही मैं, और तेज़.. ऐसे hi.. मेरी जान.. और तेज़ी से चीख.. पता चल न चाइये पुरे..

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गाओ को, की शादी के रात किसी औरत को कोई बे रही से छोड़ रहा है.. हेहेहे.. वैसे तेरी गांड बहुत hi खूबसूरत है सत्तत्तएककक.. सत्तत्तएककक.. सत्तत्तएककक.. मैं, माया की 36 साइज की गांड पर जोर से थप्पड़ मरता हु जिससे उसका जिस्म अकड़ सा जाता है और माया, जोर से मेरे लुंड पर झड़ते हुए, आह्ह्ह्ह.. ओह्ह.. मम्मी.. सशह्ह्ह.. ुंहःहः.. ममहहहह.. ऊम्मम.. ी ऍम.. किंग.. ऊह्ह्ह्ह.. फुककक.. आह्हः.. ऊह्ह्ह्ह.. अंकल.. ी ऍम.. किंग.. फाइनली उसकी छूट इतनी ज्यादा कास जाती है की मेरा लौड़ा उसकी छूट से बहार hi नहीं निकल पा रहा था इस लिए माया के झड़ने तक मैं, ऐसे hi अपना लुंड उसकी छूट में दबाये हुए उसके पीछे खड़ा रहता हु. वही माया, ने दोनों हाथो से बाउंड्री वाल को कास कर पकड़ रखा था ुर उसकी छूट से बह रहा पानी अब उसकी टैंगो से होता हुआ नीचे गिर रहा था. उसके दोनों पेअर थरथरा रहे थे और वो जैसे तैसे..

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अपने आप को संभल कर कड़ी हुयी थी. इधर मैं, अपने एक हाँथ से उसकी बड़ी गांड और और दूसरे हाँथ को आगे ले जा कर उसके बड़े बड़े चुके को सहलाने लगता हु जब तक उसके सांसे तेज चलती है, जब माया थोड़ी नार्मल हो जाती है तो मैं, अब अपना लुंड उसकी छूट से बहार खींच कर उसको घुमा देता हु, माया की आंखे बंद थी उसका चेहरा बता रहा था की वो इस चुदाई से बहुत संतुस्ट थी, वही मैं, उसकी होंठो पर अपना कला होंठ ले जा कर एक बार हलके से छेड़ता हु जिससे माया, की आंखे खुल जाती है.. और मेरे मुँह से आ रही दारू की गन्दी बदबू से अब कोई लेना देना नहीं था वो उस बदबू को एक्सेप्ट कर चुकी थी वही मैं, कैसा लगा मेरी जान मज़ा आया की नहीं, माया, इस बार हलके से स्माइल करती है और अपना मुँह दूसरी और कर लेती है, माय, उसकी हलकी हंसी देख के समझ जाता हु वो मेरी चुदाई से संतुस्ट है.
 
मिस्सिओनर्य पोजीशन इन थे बाउंड्री वाल :-

अब मैं, देर न करते हुए उसे वाल पर उसे लेता लेता कर उसके दोनों टांगो के बिच आ कर उसको देखने लगता हु ुर वह मेरी और नज़र करके अब नहीं बहुत देर से हम कर रहे है मैं, चुप कर साली तेरा काम हो गया तो सब का हो गया क्या वैसे मेरा इतनी जल्दी नहीं गिरता समझी इस लिए नाटक मत कर आज पूरी रात के लिए मेरी पत्नी है ुर ये समझ के असली मायनो में आज तेरी सुहागरात हो रही है, अब मेरे लौड़े को पकड़ के छूट की छेद पर रख माया, ये तो जान चुकी थी की अब राधे को रोकना उसके बस की बात नहीं जब तक राधे का पानी नहीं गुरता इस लिए बिना कुछ बोले वो एक हाँथ मेरे लौड़े पर जैसे hi राखी वैसे hi उसके हांथो पर ढेर सारा पानी चिप छिपा सा लग गया, लेकिन वो इस बार कुछ नहीं बोली क्युकी वो जानती थी की ये पानी उसी की छूट की है इस लिए वो अब मेरे लौड़े को अपनी छूट की छेद पर रख देती है इधर मैं, बिना देर किये एक जोर का झटका मरता हूँ और छूट गीली होने के कारन मेरा एक hi धक्के में पूरा का पूरा लुंड उसकी छूट में घुस जाता है और अब मैं बिना रुके उसको उसकी फूली छूट को छोड़ने लगता हु वही उसकी गांड बाउंड्री वाल की दीवारों से लगी हुई थी.

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माया तो रहत की सांस भी नहीं मिली थी अपना पानी बहाने के बाद और इधर राधे फिर से उसको छोड़ने लगा था.. इस बार माया खुद को सँभालने के लिए अपने दोनों हाथ मेरे गले में दाल देती है. क्युकी उसे डर था की कही राधे के तेज झटके के कारन वह कही बाउंड्री वाल से निचे न गिर जाए वही क्या मस्त नज़ारा था इस वक़्त माया जिसकी शादी को बस 3 दिन हुए थे वह आधी रात को चाट के ऊपर वह भी खुले आसमान के निचे नंगी होकर राधे जैसे काले भद्दे सकल के आदमी के साथ खुल्लम खुल्ला चुदाई कर रही थी और उसका चुदाई से माया की छूट बार बार अपना राश बहाई रही थी. इधर मेरे लुंड माया के छूट में ऐसे जा रहा था जैसे बन्दुक से निकल रहे गोली और मेरे इतने तेज धक्के से माया फिर से आह्हः.. अंकल.. रुको.. ाहः.. एक.. मिनट.. बसेस... ाग्घ्ठ.. गोड्ढ.. मैं, अब माया के जिस्म को अपनी बाहो में भर कर जोर शोर से चुदाई कर रहा था, मेरा लुंड माया की छूट को चीरता हुआ उसकी कोख को अंदर तक जा रहा था जिसका..

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एहसास पाकर माया की आँखे सफ़ेद सी हो रही थी. उसने अपनी सुहागरात में इतना रफ़ और वाइल्ड सेक्स नाहीइ पाई थी और माया जिंदगी के पहली बार ऐसा सेक्स खुद कर रही थी, जिसकी वजह से उसे अब और जयादा पेन होने लगता है और वो मेरे गले में अपने हांथो को तित करते हुए, आईईए.. आउउउह.. ऊह्ह्ह्ह.. गॉड.. आह्हः.. ओह्ह.. अंकल.. प्लीज.. सलौली.. सलौली.. आह्हः.. माया, की सिसकारियां रुक नहीं रही थी. इधर मेरा जालिम लुंड उसकी छूट की गहराई में की कहते कर रहा था, जहा तक उसके पति राज की लुल्ली कभी पहुंच नहीं पायी थी. वही मैं और माया दोनों एक दूसरे को देख रहे थे. दोनों की आँखों में हवस भरी हुई थी. वही माया के दोनों चुके इस वक़्त मेरी काली छाती में पीस रहे थे जिसके अहसास माया को भी हो रहा था, वही जब भी माय तेज तेज धक्के देता तो माया अपना बड़ा सा मुँह खोल देती है.

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साथ hi साथ मेरे तेज झाकते से जब लुंड उसके छूट में घुसता तो वो थोड़ा पीछे हो जाती जिसकी वजह से उसकी नग्गी गांड बाउंड्री वाल से टकराती और उस बाउंड्री वाल से टकराने से उसकी गोरी गांड एक दम लाल सी हो जाती वही माया, को अपनी गांड से ज्यादा दर्द मेरे लौड़ा उसके छूट में घुसने से हो रही थी वही माया की छूट मेरे लौड़े के चुदाई से काफी सूजी हुई लग रही थी भला क्यों न हो अगर 12 इंच लुम्बा और 5 इंच मोटा लुंड छूट में घुसे तो ऐसा होना लाज़मी है वही मेरे इसी लगातार तेज़ धक्को के कारन अब उसका जलता जिस्म अकड़ने लगता है और माया, फिर से पानी छोड़ने की कगार पर आ जाती है आईएईए.. ऊह्ह्ह्ह.. गोड्ढ.. आठ.. अंकल.. ी.. ऍम.. अगेन.. किंग.. ऊह्ह्ह्ह.. फुकककक.. रियली.. ओह्ह्ह.. गॉड.. मैं उसके जिस्म को कास के पकड़ कर और तेज़ी से धक्के मरने लगता हु.

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माया भी मेरे गले से अपने हाथ निकल कर अब वो मेरे दोनों हाँथ के बिच से अपने हांथो को निकल कर मुझे अपनी बहो में कास के पकड़ कर वो अब मेरे लुंड पर अपनी छूट दबाने लगती है और कुछ hi पल में वह जोर.. जोर से हफ्ते हुए मेरे काळा लुंड पर अपना गरमा गरम पानी छोड़ने लगती है, एआईईईई.. ऊह्ह्ह्ह.. फुकककक.. ी.. ऍम किंग.. ममननहहहह.. सशह्ह्ह.. ऊह्ह्ह्ह.. मैं, और माया दोनों थोड़ी देर वैसे hi एक दूसरे के बहो में चिपके रहते है. माया का बदन एक दम से थरथरा रहा था इस वक़्त. खुले आसमना के नीचे होने के बावजूद हम दोनों का जिस्म पसीने से पूरी तरह भीग चूका था. माया पूरी तरह से थक चुकी थी उसकी आँखे बंद थी इस बार पानी गिराने के बाद, लेकिन मेरा लौड़ा अभी भी एक दम शाक्त था उसकी प्यास अभी तक नहीं बुझी थी इस लिए मैं, अब माया की छूट से अपना लुंड निकल कर उसको फिर से बाउंड्री वाल से निचे उतर कर उसे घुमा देता हूँ.
 
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