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अब कुछ दिन पीछे चलते है? जब मैने माहि के साथ मिल कर कैसे उसके पति से पावर ऑफ़ अटॉर्नी अपने नाम करवाना था वो हम दोनों प्लान मोबाइल पर बात कर के बनाते हुए, मैं, माहि से, सबसे पहले माय पेपर लोग पावर ऑफ़ अटॉर्नी का उसमे तुम्हारा पति राघव को सिग्न करना पड़ेगा साथ hi उसे किसने मजबूर किया है ये सब करने के लिए, उसका नाम पूछूंगा, अगर फिर भी वो आपका पति नहीं मन मेरा धमकाने? मरने के बाद, फिर तो आखिरी रास्ता होगा आपके बदन के साथ खेलना, वह भी उसी के सामने, इसपर भी वह नहीं मन तो माय आपके साथ बाद सलूकी करूँगा, मरूंगा, पीटूंगा अपना कला लौड़ा आपके मुँह, गांड, छूट जितने भी छेद है, उसमे अपना कला बदबूदार लौड़ा दाल के उसी के सामने छोडूंगा?. उधर महिमा, मेरे मुँह से इतने सरे गंदे शब्द जैसे लुंड, गांड, छूट, सुन
कर शर्म से पल पल मारी जा रही थी.. इधर मैं, यह सब आपके साथ करूँगा फिर देखूंगा की आपके पति, आपसे कितना प्यार करते है?, साथ hi आपको बचने के लिए माय जो कहूंगा वह करेगा भी या नहीं?, इससे आपको भी पता चल जायगा की, आपके पति आपको कितना चाहता है और अगर वह मेरी बात मान जाता है तो आपके दिल में जो नफरत अब तक है, वो काम हो जायगी और आप दोनों के साथ आपकी बच्ची खुसी खुसी रहने लगोगे वही मैं, जो आपके पति के नाम जो प्रॉपर्टी होगी वो सब आपके नाम करा दूंगा?, इससे आपको किसी के सामने हाँथ फ़ैलाने की जरुरत भी hi नहीं पड़ेगा ुर न hi फिर कभी आपको अपनी पति की बात मान कर किसी क साथ सोना पड़ेगा साथ hi साथ आपके नाम प्रॉपर्टी होने के बाद?? आप अपने हिसाब से अपने पति के साथ डील क्र सकोगी साथ hi साथ आप अपनी बेटी को 1 अच्छी साफ़ सुथरी लाइफ दे पाओगी..
महिमा, मेरी बात सुन के एक बार सोची ुर सोचते हुए.. (राधे तो ठीक hi कह रहा है, वैसे भी मैने राघव के कहने पर उस चुटिया रितेश के साथ सोइ, लेकिन अब तो राधे मेरे नाम प्रॉपर्टी करने को कह रहा ह? उसमे मेरा hi फायदा है ुर मुझे राधे की हिसाब से एक बार तो चलना होगा उसके बाद वो अपने रिश्ते ुर मैं अपने बेटी को ले कर अपने रस्ते चली जाउंगी??.. यहाँ से कही दूर?, राघव ने अब बहुत मनमानी कर ली है? अब मुझे अपने बेटी और खुद के लिए रास्ता ढूढ़ना है, और जो मैं इतने महीनो से दुःख झेल रही हु? वह एक पल में सारा ख़तम हो सकता ह, साथ hi साथ मेरी बेटी की लाइफ भी सुधर जायगी? माय उसके लिए कुछ भी कर सकती हु.. अब राधे के साथ सोना है लेकिन वह भी अपने पति के सामने उफ़ यह सब माय कैसे कर पाऊँगी? कितना आसान होता है सोचना की राधे के साथ सो जाउंगी? वह भी
अपने पति के सामने, लेकिन इतना आसान नहीं है मेरे लिए, जिसको तहे दिल से कॉलेज लाइफ से छह रही हु, साथ hi वो मेरा पति भी है, उसके सामने राधे मेरे साथ करना छह रहा है वो भी मेरे मुँह, वागिना अस्स उफ्फ्फ अस्स में तो आज तक अपने पति का भी पेनिस नहीं ली हु तो राधे के कैसे ले सकती हु? यह दिखने में इतना घिनोना है इसे तो माय आंख भी नहीं मिला पाती हु तो इसके साथ सेक्स कैसे कर पाऊँगी?), लेकिन फिर कुछ देर सोच कर (जिस मर्द से मैने इतना प्यार की? शादी की? उसको अपना मान सम्मान दी? वही इंसान जब मुझे प्रॉपर्टी के लिए दूसरे के साथ सुला सकता है तो क्या माय प्रॉपर्टी के लिए अपने पति के सामने राधे क साथ क्यों नहीं सो सकती हु? मेरा इतना भी हक़ नहीं बनता की अपनी लाइफ सिक्योर करने के लिए, कुछ भी नहीं कर सकती किसी के साथ? क्या माय हमेशा अपने संस्कार के बोझ टेल जिंदगी गुजर दू.
कर शर्म से पल पल मारी जा रही थी.. इधर मैं, यह सब आपके साथ करूँगा फिर देखूंगा की आपके पति, आपसे कितना प्यार करते है?, साथ hi आपको बचने के लिए माय जो कहूंगा वह करेगा भी या नहीं?, इससे आपको भी पता चल जायगा की, आपके पति आपको कितना चाहता है और अगर वह मेरी बात मान जाता है तो आपके दिल में जो नफरत अब तक है, वो काम हो जायगी और आप दोनों के साथ आपकी बच्ची खुसी खुसी रहने लगोगे वही मैं, जो आपके पति के नाम जो प्रॉपर्टी होगी वो सब आपके नाम करा दूंगा?, इससे आपको किसी के सामने हाँथ फ़ैलाने की जरुरत भी hi नहीं पड़ेगा ुर न hi फिर कभी आपको अपनी पति की बात मान कर किसी क साथ सोना पड़ेगा साथ hi साथ आपके नाम प्रॉपर्टी होने के बाद?? आप अपने हिसाब से अपने पति के साथ डील क्र सकोगी साथ hi साथ आप अपनी बेटी को 1 अच्छी साफ़ सुथरी लाइफ दे पाओगी..
महिमा, मेरी बात सुन के एक बार सोची ुर सोचते हुए.. (राधे तो ठीक hi कह रहा है, वैसे भी मैने राघव के कहने पर उस चुटिया रितेश के साथ सोइ, लेकिन अब तो राधे मेरे नाम प्रॉपर्टी करने को कह रहा ह? उसमे मेरा hi फायदा है ुर मुझे राधे की हिसाब से एक बार तो चलना होगा उसके बाद वो अपने रिश्ते ुर मैं अपने बेटी को ले कर अपने रस्ते चली जाउंगी??.. यहाँ से कही दूर?, राघव ने अब बहुत मनमानी कर ली है? अब मुझे अपने बेटी और खुद के लिए रास्ता ढूढ़ना है, और जो मैं इतने महीनो से दुःख झेल रही हु? वह एक पल में सारा ख़तम हो सकता ह, साथ hi साथ मेरी बेटी की लाइफ भी सुधर जायगी? माय उसके लिए कुछ भी कर सकती हु.. अब राधे के साथ सोना है लेकिन वह भी अपने पति के सामने उफ़ यह सब माय कैसे कर पाऊँगी? कितना आसान होता है सोचना की राधे के साथ सो जाउंगी? वह भी
अपने पति के सामने, लेकिन इतना आसान नहीं है मेरे लिए, जिसको तहे दिल से कॉलेज लाइफ से छह रही हु, साथ hi वो मेरा पति भी है, उसके सामने राधे मेरे साथ करना छह रहा है वो भी मेरे मुँह, वागिना अस्स उफ्फ्फ अस्स में तो आज तक अपने पति का भी पेनिस नहीं ली हु तो राधे के कैसे ले सकती हु? यह दिखने में इतना घिनोना है इसे तो माय आंख भी नहीं मिला पाती हु तो इसके साथ सेक्स कैसे कर पाऊँगी?), लेकिन फिर कुछ देर सोच कर (जिस मर्द से मैने इतना प्यार की? शादी की? उसको अपना मान सम्मान दी? वही इंसान जब मुझे प्रॉपर्टी के लिए दूसरे के साथ सुला सकता है तो क्या माय प्रॉपर्टी के लिए अपने पति के सामने राधे क साथ क्यों नहीं सो सकती हु? मेरा इतना भी हक़ नहीं बनता की अपनी लाइफ सिक्योर करने के लिए, कुछ भी नहीं कर सकती किसी के साथ? क्या माय हमेशा अपने संस्कार के बोझ टेल जिंदगी गुजर दू.