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इधर माय खड़ा हुआ और माया को देखा तो वो बिस्तर पर अभी भी अपनी दोनों टंगे फैलाये मुझे घर रही थी जो पहले इतनी शर्मा रही थी वह अब्ब बिना शर्म के मुझे अपना सेक्सी बदन दिखा रही थी, वैसे भी जब एक बार लड़की किसी से चुद जाये तो उसका शर्मा काम हो जाता है, इधर मैं, उठ और चल मेरे साथ माया जो लेती हुई थी वह मेरे सवाल पर कहा जाना है? मैं, चल ऊपर मेरे रूम में यहाँ तुझे अचे से छोड़ नहीं प् रहा हु? माया, मुझे कही नहीं जाना.. अब्ब आपका काम हो गया न? अब जाओ यहाँ से.. मैं, देख मेरा लुंड अभी भी कैसे शाक्त है, माया, मेरे लुंड को निहार के मन में (ओह गॉड इनका तो सच में अभी भी तित है लेकिन कैसे.. जब सुहागरात में पति राज के साथ की थी तब तो वो 2 से 4 मिनट्स में hi झाड़ गया था लेकिन अंकल तो कब से लगे हुए है फिर इनका गिरा क्यों
नहीं?), माया को सोच में डूबा देख के माय उसके पास जाता हु और उसे गॉड में उठा लेता हु माया, अब सोच से लौटते हुए ये क्या कर रहे है छोडो मुझे प्लीज माय गिर जाउंगी, मैं, चुप कर और सुन जल्दी से अपने कपडे उठा साथ में मेरे भी माया, नहीं नहीं मुझे कही नहीं जाना अगर ऐसे hi हम नग्गे बहार निकले तो कोई देख लेगा प्लीज.. मैं, उसे निचे उतर के जो कह रहा हु वो कर टाइम देख 2 बज गए है और सब गहरी नीद में होंगे. माया, मेरी बात सुन के वह समझ गई की राधे अब्ब उसकी कुछ नहीं सुनेगा इस लिए वो लंगड़ाते हुए धीरे धीरे चल के गई और जो यहाँ वह बिखरे हुए कपडे थे वो सब उठाई इधर मैं, उसकी गोरी और एक दम बड़ी गांड को देख के अपने लौड़े को सहलाते हुए (साली के गांड भी बहुत hi सेक्सी है एक दम अपनी माँ काम्य पे गई है, इसके भी करीब करीब 36 साइज के
होंगे.. आज नहीं तो फिर कभी इसकी गांड भी मरूंगा) ये मन में कहते हुए अपना स्लीपर पहन लिया वही माया, सरे कपडे ले के मेरी और पलटी और मुझे अपने गांड को घूरता प् कर थोड़ा शर्मा जाती है, इधर मैं, अगर डर है तुझे तो कपडे पहन ले लेकिन ऐसे पहना की मुझे उतरने में टाइम न लगे मेरी बात सुनते hi माया, जल्दी स लेहंगा, चोली वो भी बिना ब्रा पंतय के ुर अपने ऊपर चुनरी दाल ली इधर मैं, नग्गे hi बहार जाने लगा तो माया मुझे रोकते हुए आप नहीं पहनोगे क्या? मैं, अरे मुझे कोई देख भी लिया तो क्या होगा यहाँ साड़ी औरते लड़किया hi तो है, ये सुन के माया, चुप करो ये कह के वो खुद hi मेरे आगे आ गई और गेट को थोड़ा खोल के बहार देखि और जब उसे लगा की कोई नहीं है तब मुझे बहार जाने को बोली और मैं, गेट के पास जा के, पहले तू चल सीधी से ऊपर वह मेरे रूम है और इधर माय तेरे सामान भी ले कर
आता हु, अब तू मेरे साथ hi सोयेगी वो भी रात भर माया, कुछ नहीं बोलती है और बोलती भी क्या जो राधे सुनाने वाला hi नहीं था, अब वो लंगड़ाते हुए इधर उधर देखि और सीधी से ऊपर चलने लगी इधर मैं, माया का हैंड बेग और मोबाइल लेके नग्गे hi ऊपर गया और चाट का दरवाजा बहार से बंद करके जैसे hi रूम में पंहुचा वैसे hi देखा माया वह नहीं थी लेकिन तभी मुझे बाथरूम से एक तेज सिटी सुनाई पड़ती है और माय समझ गया की माया बाथरूम में है और मैं अब्ब जो थोड़ी दारू बची थी वो टेबल पर रखे बोतल उठता हु और पिने लगता हु साथ hi कूलर भी ों कर देता हु, अब्ब रूम में थोड़ा ठंडक पहुंच जाती है. थोड़ी देर बाद माया बाथरूम से बहार आती है और मुझे बोतल में कुछ पीटा देख के गन्दा सा मुँह बनाते हुए येह क्या पि रहे हो आप, मैं, अरे ये मेरी टॉनिक है अब जल्दी से नग्गी हो माय पहले hi
बोलै था न की मुझे तेरे बदन पर आज रात कोई कपडा नहीं देखना है माया, शर्मा कर दूसरी और देखने लगी इधर मैं, पूरी बोतल खली कर दी एक hi साँस में अब मुझे हल्का नासा चढ़ जाता है, वही मैं, दारू ख़तम करने के बाद हिलते डुलते हुए माया के करीब जा के, क्यों मेरी जान? क्या हुआ तुझे अपनी छूट नहीं छुड़वाना? चल जल्दी से अपने कपडे उतर, और देख मेरा लौड़ा कितना प्यासा है अब इसे तेरी छूट hi भूख मिटा सकती है ये कह के मैं उसके कोमल हाँथ को पकड़ के अपने जलते हुए लौड़े पर रख के बोलै तो माया, झट से लौड़े पर से अपना हाँथ हटते हुए अंकल प्लीज अब नहीं, इधर मैं, माया को उसकी कमर से पकड़ कर अपनी तरफ खींचते हुए, अभी तो चुदाई की शुरुवात भी नहीं हुई और तू न न करने लगी, माया, आह्ह्ह्हह.. प्लीज... छोड़ दो मुझे?.
नहीं?), माया को सोच में डूबा देख के माय उसके पास जाता हु और उसे गॉड में उठा लेता हु माया, अब सोच से लौटते हुए ये क्या कर रहे है छोडो मुझे प्लीज माय गिर जाउंगी, मैं, चुप कर और सुन जल्दी से अपने कपडे उठा साथ में मेरे भी माया, नहीं नहीं मुझे कही नहीं जाना अगर ऐसे hi हम नग्गे बहार निकले तो कोई देख लेगा प्लीज.. मैं, उसे निचे उतर के जो कह रहा हु वो कर टाइम देख 2 बज गए है और सब गहरी नीद में होंगे. माया, मेरी बात सुन के वह समझ गई की राधे अब्ब उसकी कुछ नहीं सुनेगा इस लिए वो लंगड़ाते हुए धीरे धीरे चल के गई और जो यहाँ वह बिखरे हुए कपडे थे वो सब उठाई इधर मैं, उसकी गोरी और एक दम बड़ी गांड को देख के अपने लौड़े को सहलाते हुए (साली के गांड भी बहुत hi सेक्सी है एक दम अपनी माँ काम्य पे गई है, इसके भी करीब करीब 36 साइज के
होंगे.. आज नहीं तो फिर कभी इसकी गांड भी मरूंगा) ये मन में कहते हुए अपना स्लीपर पहन लिया वही माया, सरे कपडे ले के मेरी और पलटी और मुझे अपने गांड को घूरता प् कर थोड़ा शर्मा जाती है, इधर मैं, अगर डर है तुझे तो कपडे पहन ले लेकिन ऐसे पहना की मुझे उतरने में टाइम न लगे मेरी बात सुनते hi माया, जल्दी स लेहंगा, चोली वो भी बिना ब्रा पंतय के ुर अपने ऊपर चुनरी दाल ली इधर मैं, नग्गे hi बहार जाने लगा तो माया मुझे रोकते हुए आप नहीं पहनोगे क्या? मैं, अरे मुझे कोई देख भी लिया तो क्या होगा यहाँ साड़ी औरते लड़किया hi तो है, ये सुन के माया, चुप करो ये कह के वो खुद hi मेरे आगे आ गई और गेट को थोड़ा खोल के बहार देखि और जब उसे लगा की कोई नहीं है तब मुझे बहार जाने को बोली और मैं, गेट के पास जा के, पहले तू चल सीधी से ऊपर वह मेरे रूम है और इधर माय तेरे सामान भी ले कर
आता हु, अब तू मेरे साथ hi सोयेगी वो भी रात भर माया, कुछ नहीं बोलती है और बोलती भी क्या जो राधे सुनाने वाला hi नहीं था, अब वो लंगड़ाते हुए इधर उधर देखि और सीधी से ऊपर चलने लगी इधर मैं, माया का हैंड बेग और मोबाइल लेके नग्गे hi ऊपर गया और चाट का दरवाजा बहार से बंद करके जैसे hi रूम में पंहुचा वैसे hi देखा माया वह नहीं थी लेकिन तभी मुझे बाथरूम से एक तेज सिटी सुनाई पड़ती है और माय समझ गया की माया बाथरूम में है और मैं अब्ब जो थोड़ी दारू बची थी वो टेबल पर रखे बोतल उठता हु और पिने लगता हु साथ hi कूलर भी ों कर देता हु, अब्ब रूम में थोड़ा ठंडक पहुंच जाती है. थोड़ी देर बाद माया बाथरूम से बहार आती है और मुझे बोतल में कुछ पीटा देख के गन्दा सा मुँह बनाते हुए येह क्या पि रहे हो आप, मैं, अरे ये मेरी टॉनिक है अब जल्दी से नग्गी हो माय पहले hi
बोलै था न की मुझे तेरे बदन पर आज रात कोई कपडा नहीं देखना है माया, शर्मा कर दूसरी और देखने लगी इधर मैं, पूरी बोतल खली कर दी एक hi साँस में अब मुझे हल्का नासा चढ़ जाता है, वही मैं, दारू ख़तम करने के बाद हिलते डुलते हुए माया के करीब जा के, क्यों मेरी जान? क्या हुआ तुझे अपनी छूट नहीं छुड़वाना? चल जल्दी से अपने कपडे उतर, और देख मेरा लौड़ा कितना प्यासा है अब इसे तेरी छूट hi भूख मिटा सकती है ये कह के मैं उसके कोमल हाँथ को पकड़ के अपने जलते हुए लौड़े पर रख के बोलै तो माया, झट से लौड़े पर से अपना हाँथ हटते हुए अंकल प्लीज अब नहीं, इधर मैं, माया को उसकी कमर से पकड़ कर अपनी तरफ खींचते हुए, अभी तो चुदाई की शुरुवात भी नहीं हुई और तू न न करने लगी, माया, आह्ह्ह्हह.. प्लीज... छोड़ दो मुझे?.