The Story of a Bodyguard (by Naree) - Page 90 - SexBaba
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The Story of a Bodyguard (by Naree)

आँखों में देख शर्माने लगती है. उसको समझ नहीं आ रहा था की उसकी धड़कने इतनी तेज़ क्यों हो रही है इस वक़्त, भला कैसे पता आज तक ऐसे एक्सपीरियंस आदमी के सतह उसका पाला hi कहा पड़ा था, इधर मेरा कला मुँह आगे बढ़ता है और माया भी बिना विरोध किये बस मेरी आँखों में देखते हुए अपना मुँह खोल देती है. माय उसका ये ये रिएक्शन देख के एक दम से जोश में आ जाता हु (क्युकी अब तक माया मेरा विरोध कर रही थी लेकिन एक दम से पता नहीं उसे क्या हुआ वो खुद hi मेरा साथ देने लगी ये लड़किया भी न एक पल के लिए विरोध दिखती है ुर दूसरे hi पल वो अपना samar-than दिखने लगती है ये लड़किया मेरे समझ के पारी है), इधर मैं, अपने काले होंठ माया के गुलाबी होंठो पर रख कर प्यार से उन्हें चूसने लगता हु जिसकी वजह से माया के सेक्सी जिस्म से एक तेज़ बिजली सी दौड़ जाती है और वो मेरे शर्ट को पकड़ लेती है इधर..

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मैं, माया के कमर में हाथ डालकर उसको थोड़ा ऊपर उठता हु और उसके लाल लिपस्टिक से भरी होंठो को अच्छे से पिने और चूसने लगता हु वही माया, एक दम से मेरे द्वारा ऊपर उठाने के वजह से वो अब अपने दोनों हाथ मेरे काळा गले में दाल देती है इधर माया, अपने मुँह भी खोल देती है और उसके मुँह खुलने के बाद मैं अपनी जुबान उसके अंदर कर देता हु और माया ये फील करते hi वो उस जुबान को पिने लगती है इधर मैं, उसके होंठो का राश पान करने लगता हूँ.. माया, ऐसा किश न तो अपने पति और न hi अपने बॉयफ्रेंड के साथ की थी ये उसके लिए नयी थी वही कुछ देर पहले माया को मेरी काली सकल से घिन आ रही थी और अब वो ऐसे मेरी जुबान को पि रही थी जैसे उसमे सायद लगा हो उसकी ये किश बता रही थी की वो कितनी गरम हो चुकी है लेकिन इन लड़कियों का कुछ पता नहीं की कब

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संस्कार जाग जाये इस लिए मैं, दो से तीन मिनट्स तक ऐसे hi दोनों एक दूसरे के होंठ अच्छे से चूसने के बाद अलग हो जाते है ुर उसे अपने गॉड से निचे उतर देता हु. लेकिन माया के हाँथ अभी भी मेरे गले में hi थे वही हम दोनों के होंठो पर एक दूसरे के थूक लगे हुए थे मैं, माया के बिखरे हुए लिपस्टिक को अपने होंठो पर से जुबान फेरता हु और माया अपने हाँथ मेरे गले में से हटा देती है और अब उसको शर्म आने लगती है क्यों की उसने इस बार मेरा बिलकुल विरोध नहीं किया था और खुस होकर अपने होंठ खोले थे मेरे साथ किश करने के लिए.. इधर मेरा जालिम लुंड सख्त होकर पंत के अंदर में तन चूका था उधर कुछ देर पहले माया को भी उसके टांगो के बीच में गर्माहट महसूस हो रही थी. उससे मालुम था की वो क्या चीज़ है, ुर वह बात उसको और गर्म करने लगी थी.
 
लेकिन जब उसको थोड़ा मजा आने वाला था तभी मैने किश करना ुर चुके दबाना छोड़ दिया था वही माया, के मेरे थूक से भरे के होंठ कम्प रहे थे काम वासना में लेकिन वो कोई रण्डी नहीं की किसी के सामने अपनी हवस को खुले आम बता दे की और माय गरम हो चुकी हु मुझे छोड़ो वो भले घर की संस्कारी लड़की थी जिसकी शादी को 2 hi दिन बाईट थे ुर हाँथ, पेअर पर अभी भी मेहँदी रचे हुए थे.. वही माया अब अपने ब्रा में कैद बड़े चुके को मेरे से छुपाने की कोशिश में लग जाती है इधर मैं, बड़े hi शैतानी अंदाज़ में उसके दूध से चमकते जिस्म को देखने में लग जाता हु वही माया, पास में hi पड़े अपने चोली को उठाने जाती है की तभी मैं उसको पीछे से पकड़ लेता हु, और माया, मेरे ऐसे अचानक पकड़ने से रुकू.. अंकल..

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रुक्कू.. तुम क्या पागल हो... मेरा चोली.. तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई उसे खोलने की?, मैं, मन में (साली रण्डी कहिकी अभी कैसे मेरा होंठ चूस रही थी लेकिन अचानक से इसे क्या हो गया जो मेरा विरोध फिर से करने लगी लगता है इसे फिर से मुझे गर्म करना पड़ेगा लेकिन टाइम भी बहुत काम है और सायद इसके रिस्तेदार भी कही उठ न जाये टाइम तो अभी रात के 1 बजे है लेकिन मेरे पास 3 से 4 घंटे है इतने देर में तो इसकी चुदाई कर hi दूंगा लेकिन उसे प्यार से हैंडल करना होगा नहीं तो ये अगर चिल्ला दी तो लेने के देने पद सकते है मुझे?), ये सोच कर मैं, माया को पलटा कर उसके हांथो से चोली खींच लेता हु और उसके ब्रा में कायदे दोनों चुचो को फिर एक बार अपने हांथो में भरकर जोर जोर से दबाने लगता हु, माया, आईएईए.. कमीने छोड़ मुझी..

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आह्ह्ह्हह.. अंकल.. छोडो मुझे.. रुको.. हटाओ.. आह्हः.. अपने गंदे हांथो को?, मैं, उसकी बात को अनसुना कर के उसके चुचो को और जोर से दबाने लगता हु.. माया, अपने दांतो को काटते हुए अपनी ाहो को काबू में करने लगती है साथ hi साथ वो मेरी आँखों में देखती है तो क्या देखती है की मेरे आंखे अभी हवस में अन्द्धे भेड़िये की तरह हो चुकी थी और मैं, माया के ब्रा में कैद चुचो को ऐसे मसल रहा था जैसे कोई मोसम्मी का राश निकल रहा हो वो भी गुस्से में जिसकी वजह से माया, को दर्द से बुरा हाल होने लगता है और वो मेरे कंधो पर अपने हांथो को रख कर मुझे अपने आप से दूर करते हुए हां.. आह्हः.. सशह्ह्ह.. पागल हो क्या?, ऐसे कौन दबाता है?, उसके चुके अंदर से मेरे ऐसे जोर जोर से मसलने से एक दम लाल हो चुके थे, लेकिन तभी माया का मोबाइल एक बार फिर से रिंग बजती है.
 
तभी माया का मोबाइल फिर एक बार बजने लगता है. मोबाइल वही बिस्तर के बाजु में था और मैं झट से मोबाइल उठाकर देखता हु की किसका कॉल है रात के 1 बजे हँ? क्या लिखा है ये?, उधर मोबाइल में "डार्लिंग ?" लिखा हुआ था ुर मुझे अंग्रेजी बिलकुल भी नहीं आती थी बस माय देख hi रहा था स्क्रीन पर तभी माया, मेरे हाथ से मोबाइल चीन लेती है ुर देखती है तो उसके पति राज का कॉल आया हुआ है. और अपने मन में (हे भगवन.. राज फिर से मुझे क्यों कॉल कर रहा है अभी तो कुछ देर पहले बात हुई थी), वह अध् नग्गी हालत में अपने भाई के साधु (राधे) के सामने कड़ी थी और फिर माया बिना सोचे समझे अपने पति राज का कॉल उठा लेती है और उससे बात करते हुए hello जान?, मैं, जान सुन कर समझ जाता हु की ये उसके पति या उसके बॉयफ्रेंड का कॉल होगा लेकिन उसके बॉयफ्रेंड को मैने अचे से

सबक सिखाया था इस लिए वह तो कॉल कर नहीं सकता तो बचा उसका पति, वह कुछ देर पहले hi तो कॉल किया था लेकिन अब क्यों कर रहा है साला कबाब में हड्डी कहिका अभी अभी तो ये हिरणी मेरे जाल म फांसी थी, उधर राज, सॉरी मुझे नीद नहीं आ रही थी? इस लिए तुम्हे दोबारा कॉल कर दिया बेबी.. गुस्सा तो नहीं हुई न या तुम्हारी नीद मैने ख़राब कर दी है न?, माया, नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं, राज, वैसे क्या कर रही थी तुम?, उसकी बात सुन कर माया, अपने आप को देखती है, वो इस वक़्त ब्रा और लहंगे में एक कमीने गैर आदमी के सामने कड़ी थी वही वो जवाब देते हुए क्या करुँगी सो hi रही थी वैसे आपको नीद क्यों नहीं आ रही है?, माया को झूट बोलता देख माय खुश हो जाता हु और अब्ब मैं, उसके पास आकर उसका दाया मां अपने हाँथ में पकड़ कर दबाने लगता हु, और माया मेरे हाँथ

को पकड़ लेती है और गुस्से वाली नज़र से देखती है उधर उसका पति राज, मेरी जान हमारी शादी हुए आज तीन दिन हुए है और हम दोनों एक दूसरे से अलग है फिर मुझे कैसे नीद आ सकती है तुम hi बताओ न?, मैं, उसका हाथ अपने हाथो पर से हटा कर फिर से उसका चुका दबाने लगता हु, माया, उम्.. तो.. तो तुम क्या चाहते हो, राज, मेरा वह मतलब नहीं है डार्लिंग... तुम समझ जाओ.. उसका पति कुछ बोल नहीं पता माया के कड़क आवाज़ सुन कर, इधर मैं, अब माया का दूसरा चुका पकड़ कर दबाने लगता हु और माया, अपने मुँह पर हाँथ रख कर अपने ाहो को काबू कर्म की कोशिश करते हुए.. है है आगे बोलो न जान क्या बात करनी है उम्म्म.. राज, वो वो जैसे हम सुहागरात मनाये थे न उसी की याद सत्ता रही है मुझे.. इधर मैं, अब्ब थोड़ा निचे झुक कर माया के ब्रा के ऊपर से अपनी जुबान फेरने

लगता हु और माया, मेरे ऐसा करते hi जोर से सिसकारी भर्ती है आईएईए.. आह्ह्ह्हह.. सशह्ह्ह्ह.. उम्म्म.. राज, क्या हुआ डार्लिंग?, इधर माया, मेरे मुँह पर हाथ रख कर अपने बड़े बड़े चुचो से दूर करते हुए N..Nahi..Kuch नहीं आप क्या बोल रहे थे?, राज, ः.. ममम.. माय.. www.. वो मुझे सुहागरात की रात याद आ रही है बेबी.. इधर मैं, उसके हाथ को पकड़ लेता हूँ और माया को देखने लगता हु, वही माया के आँखों में गुस्सा और डर दोनों था. वो डर इस बात की हो रही थी की कही उसकी सिसकारियां सुन के उसके पति राज को शक न हो जाये ुर गुस्सा इस बात पर था की मैं, अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा था. इधर मैं, अब फिर से माया के ब्रा के ऊपर अपना मुँह रख कर उसके ब्रा के ऊपर एक छोटी सी उठान जो निप्पल थी उसपर से अपनी गरम जुबान ले जा कर उस पर फेरता हु,

वही राज, बेबी.. उस रात के बारे म सोच कर नीद hi नहीं आ रही है मन कर रहा है माय भाग कर तुम्हारे पास आ जाऊ, राज मोबाइल पर रोमांटिक मूड में था लेकिन उससे पता नहीं था की उसकी बीवी का जिस्म एक गैर मर्द चख रहा है. वही माया, बिलकुल भी राज की बातो पर ध्यान नहीं दे पा रही थी, वो बस मुझे अपने चुचो से अलग करने में लगी हुई थी और इसी प्रयास में माया धीरे से अंकल प्ल्ज़्ज़.. छोडो मुझे.. आह्ह्ह्ह.. नही.. उम्म्म.. राज, Hello माया? Hello?, माया, हां.. बोलो.. राज, माय सुहागरात के बारे में कुछ कह रहा था तुम सुनी की नहीं, इधर मैं, अब माया का ब्रा उसके चुचो पर से ऊपर करने लगता हु और माया मेरे हाँथ पकड़ कर अपनी बड़ी बड़ी आँखों से मुझे देखने लगती है जैसे इसारे से कह रही हो ये क्या बतमीजी है तुम्हारी हां,

लेकिन माय उसकी सुनाने के मोड़ में बिलकुल नहीं था इस लिए फिर से उसके ब्रा ऊपर करने लगता हु तो माया, मेरे हांथो को अपनी ब्रा से हटा कर.. मोबाइल के मिछ पर अपने हांथो को रख के उसे धक् देती है और मेरी और देखते हुए बेवक़ूफ़.. हो क्या? तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है क्या?, अगर राज को बात पता चल जाती तो क्या होता, उधर राज, Hello बेबी सो गई क्या?, वही माया, गुस्सा करने के बाद है है सुन रही हु ाचा सुनो न कल बात करती हु मुझे बहुत नीद आ रही है प्लीज, राज, का मोड़ था रोमांटिक बाटे करने का लेकिन माया को वह गुस्सा नहीं करना चाहता था इस लिए वो मन मार्के ठीक है बेबी तुम सो जाओ गुड नाईट ी लव यू, इधर माया, भी ी लव यू तू ये कह के वो कॉल कट कर देती है वही उसके चेहरे पर गुस्सा साफ़ साफ़ झलक रहा था पर..
 
मैं, मुस्कुराते हुए उसको देख रहा था ये देख के माया, अब है क्या रहे हो बतमीजी? तुम्हे पता भी है तुम क्या कर रहे थे?, मैं, अब गुस्सा क्यों कर रही है? तेरा एक रात वाला पति तेरे सामने खड़ा है और तू वक़्त बर्बाद कर रही है अपने असली वाले पति से बात करके है?, माया को मेरा ये तंज समझ नहीं आता ुर वो पूछती है, क्या मतलब है तुम्हारा?, इधर मैं, अरे मेरी जान, वक़्त काम है हमारे पास देख रात के 1 बजे चुके है और हो सकता है तेरे रिश्ते दार 5 बजे तक उठ जाये लेकिन हमारे पास 3 से 4 घंटे है तो सोच ऐसा मौका बार बार नहीं आएगा अपने असली पति से बात करने से अच्छा है अपने एक रात वाले पति को अपना वक़्त दे साथ में मजे कर ऐसा बोलकर मैं फिर से माया को पकड़ लेता हु और उसके ब्रा के ऊपर से दोनों चुचो में बिच अपना मुँह धसा कर उनको चूमने लगता हु.

वही माया, हे.. आह्ह्ह्ह.. ूमममम.. छोडो.. वो फिर से मुझे अपने जिस्म से अलग करने लगती है. लेकिन मुझे अलग नहीं कर पाती है वही मैं, यहाँ वह उसके चुके के आस पास अपनी जुबान से छेड़ता हूँ तो कभी उसके दूध से गोर नग्गे क्लीवेज के बिच में मुँह ले जा कर वह जुबान फिरता हु, तभी मुझे माया के दोनों चुचो के बिच फांसी माया के मंगलसूत्र नज़र आती है जिसे देख कर मैं अब कुछ ज्यादा hi गरम होता हूँ, क्युकी उसे देख कर मुझे लगता है की माय किसी और की बीवी को एक बार और अपना सीकर करने वाला हूँ, वैसे तो कई शादी सुदा औरतो का सीकर किया था लेकिन जितना सीकर करते जा रहा था उतना मेरी फंतासी बढ़ती जा रही थी, इधर माय, इस मंगलसूत्र पर आज से मेरा हक़ होना चाहिए न की तेरे पति राज का?,

माया, क्या मतलब है तुम्हारा?, मैं, यही की तू आज रात के लिए नहीं बल्कि पूरी तरह से मेरी बीवी बन जा, छोड़ दे उस राज शर्मा को, (माय अपनी औकात से ज्यादा डिमांड कर रहा था नसे में, वैसे भी दारू के नसे में लोग कुछ ज्यादा बोल जाते है, वही हाल इस वक़्त मेरा था), उधर माया, राधे के इस बात पर उसकी हंसी नहीं रूकती ुर हस्ते हुए हेहेहे.. तुम्हारी बीवी?, सकल देखि है कभी आईने में, (माया राधे के इस डिमांड को सुन के पहले तो सन्न रह जाती है की एक 40 साल का आदमी एक 20 साल की लड़की से अपनी बीवी बनाने को बोल रहा है वह भी इतने कॉन्फिडेंस से), वही माया ने राधे के रंग रूप का फिर से मज़ाक बनाई थी और बनाये भी क्यों न राधे जैसे 40 साल के उम्र का आदमी कैसे एक 20 की लड़की से डिमांड कर सकता है की उसकी बीवी बन जा, इधर मैं, मुझे कई बार ऐसे

सब्दो को सुनाने को मिला था औरतो से इस लिए उतना बुरा तो नहीं लगा लेकिन फिर माया को हस्ता देख कर अपने दोनों हाथ उसके चुचो पर रख देता हु और जो से दबाने लगता हु. इस बार माया मेरा हाथ नहीं हटती. वही मैं, अब माया के चुके दबाते हुए, तो इसमें गलत क्या है? भले hi मैं तेरे उस पति राज जैसा जवान नहीं हूँ, शकल सूरत में भी उसके जैसा नहीं हु. उधर माया, मेरा जवाब देते हुए, मालुम है न की तुम क्या बोल रहे हो पहले एक रात की बीवी बनाने को बोल रहे थे और अब हमेशा के लिए मेरा पति बनाने के लिए ख्वाब देखने लगे तुम्हारी औकात नहीं है समझे मेरे से शादी करने की? फिर भी बड़े बड़े सपने देख रहा हो, इतना बोल कर अब अपने मन में (कमीना पहले मेरी माँ के साथ गन्दी हरकत की उसके बाद अब मेरे ऊपर हाँथ दाल के बोल रहा है की मेरी

बीवी बन जा? कैसे सोच सकता है इतनी गन्दी सकल का आदमी, माँ अकेली थी इस लिए सायद इसने सेदूसेड करके उन्हें अपने बस में कर लिया हो, लेकिन माय बिलकुल भी नहीं आने वाली इसकी चुपड़ी चुपड़ी बातो में), इधर मैं, सपना नहीं यह हकीकत बता रहा हु मेरी जान, तू देखती रहना एक दिन तू खुद hi मेरे पास आएगी मेरी पत्नी बनाने के लिए.. उधर माया, हेहेहे.. अपनी शकल देखि है कभी आयने में एक दम काली कोई रात में ऐसे तुम्हे देख लिया तो सच कहती हु वो पक्का डर जायगा?, इधर मैं, उसको बातो में खोता देख के जल्दी से अपने हांथो को पीछे ले जा कर उसकी पहले पीठ सहलाता हूँ और उसके बाद ब्रा का हुक जल्दी से निकला देता हूँ, लेकिन माया तो बातो में मसगुल थी वह मुझे सुना रही थी जिसकी वजह से उसे अपनी ब्रा के हुक खुलने की भनक भी नहीं लगती है.

इधर मैं, अब माया के चुके पर जो ब्रा अटकी थी उसे थोड़ा सा ऊपर कर देता हु और ब्रा उसके चुके से ऊपर होते hi माया के गोर गोर चुके उछाल के बहार आ जाते है उसकी चुके वाकई में अब तक जितने भी चुके देखा था उन सब से माया के चुके गोर थे साथ hi 36 साइज बड़े चुके होने के बावजूद लटके नहीं थे भला अभी अभी तो वह जवानी के कदम राखी थी वही उसके गोर चुकी के बिच एक छोटी सी चीज उठी हुई थी वो थी माया के निप्पल जो एक दम पिंक थी उसे देख के लग hi नहीं रहा था की किसी के मुँह में गए होंगे क्युकी लड़की हो, या औरत जब तक उसके निप्पल किसी में मुँह में नहीं जाते तब तक वह पिंक hi होते है लेकिन रेगुलर किसी के मुँह म जाने के बाद वो डार्क कलर के हो जाते है.. इधर मैं, अब उसके दाए चुके को दबाने लगता हु इधर मेरे पंत में कैद लौड़ा काफी सख्त हो चूका था इस लिए..
 
मैं, अब देर न करते हुए माया के सामने से एक दम से आगे आ कर अपना लुंड उसके टांगो के बिच जोर से घुसा क्र इधर माया, के सवालो का जवाब देते हुए है बस शकल म मार खा लिया है मैने, लेकिन एक चीज़ है जो तेरे पति राज से कई गुणा लुम्बा और मोटा है यह कह के फिर से आगे की और तेज झटके मरता हु अपने लौड़े से हाला की अभी भी मेरा लुंड पंत के अंदर था लेकिन लुंड इतना तित था पता जैसा की उसकी मार माया, अपने टांगो के बिच कुछ लोहे जैसी शाक्त चीज़ एक बार फिर महसूस होती है ुर वो सीसकरते हुए आठ.. ूमम.. उस एहसास से उसका रोम रोम जैसे कपङे लगता है साथ hi उसको जैसे कोई शॉक hi लगा हो. क्युकी इस झटके से इस बार मेरा खड़ा लुंड जो पंत के अंदर से सीधा माया की छूट पर रगड़ा था. हाला की माया अभी भी लेहंगा में थी, लेकिन लोहे जैसा

शाक्त लुंड के झटके उसे अचे से फील होता है, वही माया को तोह ऐसे लगा जैसे वह शाक्त चीज सीधा उसकी छूट में hi चला गया हो, क्यूंकि मैने उतनी तेज़ी से अपना लुंड उसकी टांगो के बिच घुसाया था, माया के एक्सप्रेशन इस वक़्त देखने लायक थे, उसकी आँखे जैसे सफ़ेद हो जाती है और पलके झपकाना जैसे भूल सी जाती है, वही उस एहसास से वो अपने होंठ काटते हुए अपने आप पर काबू पाने की कोशिश करने लगती है... इधर मैं, उसके एक्सप्रेशन देख और गर्म हो जाता हु और अपना लुंड वापिस पीछे लेकर फिर एक बार जोर से आगे की और माया के टैंगो के बीच में घुसता हु, माया, आह्ह्ह्ह.. ऊम्मम.. नही.. सष्ठ मैं, भले hi सकल ऊपर वाले ने अछि नहीं दी हो लेकिन मेरी ये चीज़ है न.. तेरे पति से काफी बड़ी और खूंखार भी,

(माया, तो अपने माँ की चुदाई देखि थी दूर से और राधे का लौड़ा भी इस लिए उसे अचे से पता था की राधे का लौड़ा कोई आम लौड़ा नहीं है), इधर मैं, माया से थोड़ा और साथ के धीरे आवाज़ में, माय तुझे पूरी रात मजे दूंगा ुर एक रात में इतने मजे दूंगा जितना तेरा पति जिंदगी भर नहीं दे पायेगा यह मेरा वादा है तुझसे, ये कहके मैं, फिर एक बार अपना लुंड उसकी टांगो के बीच घुसता हु और माया आहे भरते हुए मेरे कंधो पर अपने दोनों नाजुक हाथों को रख देती है, इधर मैं, देर न करते हुए अब माय उसके नंगे चुके को पकड़ कर अपने होंठ उसके होंठो की तरफ ले जाता हु उधर माया की छूट पर लुंड टकराने से, अपने होशो हवास में नहीं थी इस वक़्त, जिसकी वजह से वो मेरी तरफ देखते हुए अपने होंठ खुद hi आगे करती है ुर इधर

मैं, मौके को नजाकत को देखते हुए अपने काले होंठो को उसके होंठो पर रख कर फिर से उसको चूमने लगता हु, और किश करते हुए अब मैं ब्रा निकलने लगता हु ुर माया को एकदम से इस खतरे का एहसास होता है ुर वो अपने आप को मेरे से दूर करते हुए.. तुम क्या कर रहे हो.. (मैं, सोचा था की इस बार फुल सेदूसेड हो चुकी है माया, लेकिन मेरा सोचना सही नहीं हुआ, क्युकी जैसे hi ब्रा उसके चुके पर से हटाने के लिए किया वैसे hi सायद माया के संस्कार जाग गए), इधर मैं, माया के खुले चुके को एक पल देखता हु, जो अभी तक उसको पता नहीं चला था ुर फिर आगे बढ़कर उसका खुले चुके को दबाता हु और तब जाकर उसको एहसास होता है की उसका चुके ब्रा से बहार झूल रहे है और वो जल्दी से अपने दोनों चुके को धक् लेती है ब्रा के ान

दर ुर शर्म से निचे गर्दन कर देती है मैं, अब यहाँ तक आ hi गए है हम तो अब क्या शर्माना क्यों? तेरा चुका भी जितने बड़े है उतने hi ठोस है, जिसे दबाने में बहुत ज्यादा मजा आ रहा था माया मेरी बातो से ुर शर्मा जाती है. उसके पति के अलावा आज पहली बार किसी और मर्द ने उसके चुके देखे थे, वही वो नहीं, ये सब गलत है, मेरी शादी हो चुकी है ुर ये सब गलत कर रहे हो तुम, राधे, मैं? अभी तो तू खुद hi मुझे चुम रही थी? और इतनी देर से तेरे चुके भी मसल रहा था तब तुझे शादी का ख्याल नहीं आया लेकिन एकदम से वफ़ा दिखा रही है उस राज के लिए, हँ? माया, Ky..Kya मतलब माय खुद hi किश.. इससे पहले कुछ और बोल पाती मैं फिर एक बार उसे पकड़ कर गले को चूमने लगता हु. माया अपने ब्रा को सँभालते हुए मुझे..

अपने से दूर करने की कोशिश करने लगती है. ऐसा करने पर माय अब एक तरकीब आज़माता हु और उसके ब्रा को उसके कंडे से उतरने लगता हु. मेरी हरकत से माया मुझे दूर करने के बजाय अपने ब्रा को hi पकड़ लेती है की तभी मैं अब एकदम से उसके लहंगा का नाडा पकड़ कर उसको ढीला करने लगता हु. माया को कुछ भी समझ नहीं आता की क्या करे वही वो एक हाँथ से अपने ब्रा और दूसरे हाँथ से अब अपने लेहंगा को पकड़ लेती है और इधर मैं, इसका फायदा उठाकर माया के जिस्म को चूमने लगा, वही माया, यह.. यह क्या बदतमीज़ी है.. मैं, क्या करूँ मेरी जान? तुझे नंगा देखने के लिए आखे तरस रही है, ऐसी बाते करना बंद कारु.. आह्ह्ह्ह.. वो कुछ और बोलती उससे पहले मैं, उसके गोर गले पर हलके से काटता हु और उसकी सिसकारी निकल जाती है.
 
Episode 30बी,

माया, ऐसे अपने सुराही दर गर्दन पर काटे जाने से गुस्से से भर जाती है और वह घूरते हुए मुझे अपने से थोड़ा दूर करते हुए तुम हद पर कर रहे हो अब दोबारा ऐसा किया तो माय बोल दूंगी.. मैं, किसको? तेरे पति को? या अपने भाई को? या फिर अपनी माँ को?, माया, मम.. माय, इधर मैं, (इतना सडके किया लेकिन माया पता नहीं किस किस्म की लड़की थी वह कुछ पल के लिए गरम होती और अगले पल वह मुझे खुद से दूर कर देती है अब माय थोड़ा इमोशनल बाते करने की सोचता हूँ वैसे तो कई औरतो के साथ ऐसे hi बाते किया और मेरी इमोशनल बाते सुन कर वह खुद को मेरे हवाले कर दी थी अब्ब माया के ऊपर ट्रिक अपनानी थी) यह सोच कर मैं माया के नशीली आँखों में देखते हुए, कब तक रोकेगी खुद को? एक बार भूल जा सब कुछ की तेरी शादी हुई तू किसी की बेटी है, किसी की बहु है, है बस एक बार खुद के मजे के बारे

में सोच आज मौका भी है ुर दस्तूर भी वाइस भी ऐसी शादियों में कई लड़किया और औरते अपनी प्यास किसी और के साथ बुझती है अब तू एक बार अपने दिल और जिस्म की सुन और बन जा मेरी एक रात की पत्नी आज के लिए.. तू तो सहर में पढ़ी लिखी है फिर तुझे अब तक मजे के बारे में कैसे नहीं पता.. इस बार मेरी बातो का असर हुआ ुर माया इतनी मदहोश हो जाती है की उसको खबर तक लगती की उसका लेहंगा की डोरी मैने कब खोल कर निचे सरका दी है, इधर लेहंगा निचे सरकने के बाद वो मेरे सामने बस पिंक पंतय और पिंक ब्रा में थी और मैं, उसके जिस्म को देख पंत के ऊपर से hi अपने लुंड को मास ालने लगता हु, माया को एक दम से इस बात का जैसे hi पता चलता है वैसे hi वह अपने दोनों हांथो से अपने बदन को धक् देती है साथ hi निचे से लेहंगा उठाने hi वाली थी की तभी मैं, उसका लेहंगा उठा के थोड़ा

दुरी पर फेंक देता हु.. माया, आईएईए.. ये क्या किया कमीने?, मैं, अब तुझे उसकी क्या जरुरत है.. माया, तू.. तुम.. देखो.. आह्ह्ह्ह.. हद्द से ज़्यादा आगे जा रहे हो, मैं, अभी हद्द पार hi कहाँ की है मेरी जान?. अभी बहुत कुछ बाकी है... माया, गुस्से से घूरते लगती है इधर मैं थोड़ा आगे आ कर एक बार फिर से माया के पिंक ब्रा के ऊपर अपने हाथ रख कर उसके चुके सहलाने लगता हु और माया अपनी जी जान से ब्रा को पकड़ कर मेरे दोनों हाथो को दूर करने लगती है.. मैं, बोल तू मुझ अपना पति मानती है आज की रात के लिए मैं उसके चुके मसलते हुए कहता हु और माया यह सुनकर एक दम से शॉक हो जाती है.. एक काला दिखने में एकदम भद्दा सा उससे अपनी बीवी बनाने का दवा कर रहा है वो भी एक रात के लिए और मन में (बीवी? वो भी तेरी? इस कमीने का सच में दिमाग ख़राब हो गया है, ये बड़े बड़े..

सपने देख रहा है शुक्र मन की मेरा भाई तेरी साली से प्यार करता था इस लिए तुम गरीबो के यहाँ शादी कर रहा है वर्ण कोई पूछता भी नहीं? वैसे भी मेरे भाई के लिए रिश्ते बड़े बड़े घर से आ रहे थे), यह सोच सोच कर हसने लगती है, मैं, उसको हस्ते हुए देख कर मुझे गुस्सा आ जाता है और माय इसी गुस्से में उसके ब्रा के ऊपर हाथ दाल डालते हुए है रही है तू.. हँ.. इतना बोलकर मैं, उसके ब्रा जोर से खींचता हु जिसकी वजह से उसके ब्रा जिस्म से निकल कर मेरे हाथ में आ जाती है.. वही माया, का हसना गायब हो जाता है साथ hi मेरा गुस्से से बोलने की वजह से वो थोड़ा डर सी जाती है लेकिन बोलती नहीं, इधर माया, के ब्रा निकलते hi अब उसके बड़े 36 साइज क चुके मेरे सामने थे, जिसे देख के वहह्ह्ह्ह.. क्या मस्त बड़े बड़े वो भी एक दम पके आम है तेरे. माया, झट से अपने दोनों चुके ढकती है और वो मुझे गुस्से में गालिया देते हुए कुत्ते कमीने.. तेरी

हिम्मत.. कैसे हुई वापिस दे मुझे मेरा ब्रा समझा, वह मेरे से दूर कड़ी होक बोलती है इधर मैं, उसके ब्रा को सूंघने लगता हु, माया, वापिस करो मेरी ब्रा.. क्यों मेरे साथ ये सब कर रहे हो? ये सब गलत है, और मेरी शादी के कितने दिन हुए है किसी को ये तुम्हारी हरकत पता चल गई तो ओह्ह्ह.. गॉड.. ओह्ह.. no, क्यों मेरे पीछे पड़े हुए हो.. क्यों मेरी जिंदगी बर्बाद करने पर तुले हुए हो है?, प्लीज मुझे छोड़ दो माय रिक्वेस्ट कर रही हु अंकल, मैं, कैसी बात कर रही है मेरी जान. माय कभी भी तेरी जिंदगी बर्बाद करना नहीं चाहूंगा.. माय तो बस तुझे प्यार करना cha-hta हु सिर्फ आज की रात इसके बाद तू अपने रस्ते और माय अपने रस्ते, माया, अब मेरी मीठी मीठी baa-to से फिर से अपने होश खोने लगती है पर फिर ekdu-m से होश में आकर मेरे रिक्वेस्ट करते हुए.. बस

बस बहुत हुई तुम्हारी मीठी बाते.. अब्ब दो मुझे मेरा ब्रा वापिस.... मैं, उसके करीब जा कर, बहुत हुआ मेरी जान.. अब बस कर ये नौटंकी.. हटा दे अपने हाथ और बन जा मेरे दिल की रानी, वैसे भी तेरा और तेरे बॉयफ्रेंड का साबुत मेरे पास है सोच अगर ये वीडियो तेरे पति को मैने दिखा दिया तो क्या होगा, इस बार माय सीरियस हो कर बोलता हूँ जिसे सुन कर माया, को सच में लगने लगा की (अगर यह कमीना राज को वीडियो दिखा दिया तो जितना प्यार मेरे से करता है, वह एक पल सब ख़तम हो जायगा और मैं कितना भी उसे समझा दू की मेरा उसके साथ कोई रिश्ता नहीं था फिर भी नहीं मानाने वाला), इधर मेरी बात सुनकर उसका विरोध जो थोड़ा बहुत बचा था वो मेरी धमकी देने से ख़त्म हो जाता है और वो हाँथ अपने चुचो पर से ढीला छोड़ देती है और मैं उसके हाथ पकड़ कर आसानी से हटा देता हु अब मेरे सामने उसके बड़े गोर चुके मेरे आँखों के सामने थे.
 
वही मैं भी अपनी शर्ट की बोटों खोलने लगता हु ुर माया चोरी आँखों से देखने लगती है इधर मैं, बोटों खोल कर अपनी शर्ट निकल के बगल में फेक देता हु और माया मेरी काली छाती पर काले सफ़ेद बाल देख के उसे अजीब सी फीलिंग उठती है, मैं, अब अपनी छाती उसके बड़े चुचो में दबाकर उसके गले पर चूमते हुए धीरे से, ये हुई न बात.. अब तू बस मेरा साथ दे, फिर देख आज रात कैसे तुझे माय मजे देता हु, यह कह के मैं, उसके गले से चूमते हुए धीरे धीरे निचे जाने लगता हु और उसकी गहरी नाभि देख के अपना ढेर सारा थूक वह भर कर चाटने लगता हु और माया, मन में (ये कितना गन्दा है कैसे मेरी नाभि को चाट रहा है), इधर थोड़ी देर उसके नाभि को चाटने के बाद फिर से ऊपर जाने लगता हु और जैसे hi गुलाबी निप्पल देखा मेरे मुँह में पानी आ गया और तुरंत hi

उसके एक चुकी के निप्पल को मुँह में ले कर चूसने लगा और दूसरे चुके की निप्पल को अपनी ऊँगली में ले कर मसलने लगा इधर माया, अपने खयालो से बहार आती है जब उससे अपने चुचो के निप्पल पर मेरा गरम होंठ महसूस होते है. और वो नीचे देखती है जहा पर माय उसका एक चुके के निप्पल को मुँह म भर कर चूस रहा था. मुझे देख माया के अंदर के संस्कार बहार आते है और वो मुझे फिर से अपने आप से दूर कर देती है, माया, आअह्ह्ह्ह.. अंकल.. बस्सस.. कारु?, इधर मेरे दिमाग में अब हवस भर चुकी थी इस लिए फिर से आगे बढ़ कर मैं अब फिर से उसके दोनों नग्गे गोर गोर चुके को पकड़ कर दबाने लगता हु.. माया, आह्ह्ह्ह.. नहीं.. छोडो.. मुझे.. मैं, तू डर मत मेरी जान.. हम दोनों जो आज करेंगे वह किसी को पता नहीं चलेगा सच कह रहा हु और एक बात

अगर तेरा वो बॉयफ्रेंड जो तुझे गंदे काम करने लिए मजबूर कर रहा था वो अगर तुझे दोबारा से बात करने की भी कोशिश की तो तू मुझे बताना फिर देखना माय उसकी कैसे माँ छोड़ता हूँ. उधर माया, मेरी बात पर मुस्कुरा देती है. उसको मुस्कुराता देख अब माय उसके नंगे चुचो पर हाथ रख कर दबाने लगता हु वही माया भी मेरी काररिंग बाते सुन कर मेरे हाथो पर अपने हाथ रखती है, माया, आज तुमने जिससे मुझे बात करते हुए देखे हो वो मेरे सामने आएगा भी नहीं क्युकी मैने भी उसे धमकी दी है, मैं, अच्छा? लेकिन फिर भी.. कभी कुछ कहा उसने तो मुझे बोल देना.. तेरे सामने उसको पीटूंगा अगर फिर भी नहीं मन तो उसका परमानेंट इलाज कर दूंगा, तुझे उससे डरने की जरुरत नहीं है ok, माया, अब्ब मेरी बात पर गुस्सा करने के बजाये मुस्कुराने लगती है, उसके साथ

काररिंग वाली बात न तो उसका बॉयफ्रेंड ने किया न hi उसके पति ने राज ने, वही मेरे मुँह से ऐसी केयरिंग बाते सुनकर उसको अच्छा लग रहा था और वो अब रिलैक्स होकर मेरे हाथो पर से अपने हाँथ हटा देती है, उसका जो थोड़ा बहुत डर था वो निकल चूका था इधर मैं, तू अब अकेली नहीं है मेरी जान.. माय तेरा हर पल साथ दूंगा? वैसे भी हम रिस्तेदार जो बन चुके है. माया, को अब मेरी काररिंग बाते अब और भी अच्छी लगने लगती है. मैं भी अब माया के निप्पल्स पर से अपनी ऊँगली फेरते हुए निचे झुक कर एक चुका चूमता हु, जिससे माया, ूममममम.. चूमने के बाद मैं, उसको देखते हुए क्या तेरे पति ने कभी मेरे जैसे चूसा है तेरे इस बड़े बड़े मम्मी को?, वैसे भी तुम दोनों के शादी को कितने दिन हुए hi है अगर नहीं किया होगा तो आज रात मैं तुझे सब कुछ कर के सीखा दूंगा जो तेरे

पति ने अपनी सुहागरात में नहीं की होगी. माया, कुछ नहीं बोलती इस बात पर और और बोलती भी क्या की उसका पति ने तो सुहागरात में उससे ढंग से बात तक नहीं की थी तो फोरप्ले की बात hi छोडो वही माया, राधे की बातो को सुन के शर्म से दूसरी तरफ देखती है. माय, अब उसके दूसरे चुके को मुँह में भर के चूसने लगता हु और माया सिसकारियां लेती है, आह्ह्ह्हह.. ुंक्लीीे.. उम्मम्मम.. वही उसके रोंगटे घड़े हो जाते है साथ hi उसे अपने छूट के अंदर कुछ बदलाव फील करने लगती है, लेकिन आज से पहले उसने कभी ऐसा कुछ फील नहीं थी इस लिए वह ज्यादा कुछ रियेक्ट नहीं करती. मैं, बता न मेरी जान??. क्या तेरे पति ने सुहागरात में मेरे जैसा कुछ किया था, माया, फिर से कुछ नहीं बोलती, इधर मैं, मुझे नहीं लगता तेरे पति ने सुहागरात..

में ये मजा दिया होगा?, माया अब अपने आप को रोक नहीं पाती और वो अपने हाँथ राधे के बालो में से फेरते हुए.. उमठ.. ना.. नहीं.. माय उसकी बात सुनकर खुश हो जाता हु क्युकी उसने अपने मुँह से ये बात काबुल कर ली की उसके पति ने सुहागरात में ऐसा कुछ नहीं किया था अब धीरे धीरे माया जो माय चाहता था वह करने लगी थी और मेरी बातो का भी जवाब देने लगी थी, अब उसके निप्पल्स अपनी ऊँगली में पकड़ कर दबाता हु ुर माया, ाहहीईई.. नही.. मैं, जी भर के चीख मेरी जान.. वही जो मजा तेरा असली पति ने तेरी सबसे संदर रात यानी सुहागरात में नहीं दे पाया वह मजा तेरा एक रात का होने वाला पति देगा अब मज़े से जी ले ये रात तू, बिना किसी के रोक टोक के और अब तक तूने जो मज़ा नहीं ली है वो आज रात सब मज़ा करूँगा. मैं, अब उसके दोनों चुचो को अछि

तरह से अलाट पलट कर चूसने लगता हु और माया, राधे की बातो और चुके चूसे जाने से काफी गरम खुद को महसूस कर रही थी जिसकी वजह से वह मेरे बालो में से हाथ फेरते हुए अपनी आँखे बंद किये हुए होंठ काट रही थी वही मैं, अचे से जनता था की इसके पति ने इसके चुके को नहीं चूसा है और न अचे से खेला है तभी तो यह मेरे बस चूसने भर से उनकंट्रोल हुए जा रही है, वही माया, को सिसकारियां और आहे भरते देख के मुझे मौका मिला और अब माय अपने हाथ माया की 24 साइज की पतली कमर से नीचे ले जाते हुए उसके पंतय में घुसता हु.. जैसे hi माया को मेरे हाथ अपनी छूट के ऊपर महसूस होता है, वो मेरी बाहो से छूट कर रूम के दूसरी तरफ भाग जाती है. वो जानती थी की अब राधे आगे क्या करने की सोच रहा है.
 
मैं, अब अपने पंत में हाथ डालकर अपना कला लुंड हिलने लगता हु और माया की तरफ बढ़ता हु. उसकी नज़र मेरे पंत पर hi थी और वो गौर से देख रही थी.. मैं, क्या देख रही है मेरी जानेमन.. क्या यह देख रही है, मैं अपने पंत के अंदर जो हाँथ से लुंड को पकड़ के हिला रहा था उसकी तरफ दीखते हुए पूछता हूँ वही माया, अभी भी उसकी नज़र पंत के बड़े से उभर पर hi तिकी हुई थी इधर मैं, तेरे पति से बड़ा है न? अभी पंत में है इस लिए तू अंदाज़ा नहीं लगा सकती.. लेकिन माय दावे के साथ कह सकता हु की तेरे पति से मेरा 3 गुना बड़ा hi होगा, माया कुछ नहीं बोलती लेकिन मेरी बातो से शर्मा जाती है और अपने आँखों पर नाजुक हाथों को रख के वो अब दीवार के तरफ अपना मुँह कर लेती है. वही मेरी तरफ अब माया की नंगी पीठ और जैसे hi मेरी नज़र उसके 'व्' साइज की पंतय पर पड़ी

मेरा लौड़ा एक दो झटके देता है क्युकी माया की गांड कुछ ज्यादा hi बड़ी और एक दम गोल के साथ बहार की और निकली हुई थी उफ्फ्फ उसे देख के मन में (हियय माया की गांड एक दम उसके माँ की जैसी थी, है बस एक दो इंच का hi फर्क था, साली यह दोनों माँ बेटी किस चक्की का अंता कहती है? की इन दोनों के बड़े बड़े किसी मटके की तरह एक दम गोल गांड है, माँ कसम आज ये गांड मिल गई तो मेरी रात बन जायगी भले hi इसकी माँ के गांड को नहीं मार पाया लेकिन उसकी बेटी की गांड मार के आज उसका बदला पूरा कर लूंगा), ये सोच के माय देर न करते हुए जल्दी से माया के पीछे खड़ा हो जाता हु और उसके बदन से चिपक जाता हु. वही मेरा गरम बदन अपनी पीठ पर महसूस करते hi माया, के मुँह से आठ.. उमठ.. सशह्ह्ह.. की सिसकारियां निकल जाती है साथ hi उसको अब अपनी गांड पर मेरा गर्म

लोहे जैसे औज़ार भी महसूस होने लगता है.. इधर मैं, पीछे अपने हांथो को आगे ले जा कर उसके दोनों चुके को पकड़ कर जोर जोर से मसलने लगता हूँ.. माया, अंकल पलासी ऐसा मत करो, ये बहुत गलत है प्लीज समझो मेरी बात मैं, हम कुछ गलत नहीं कर रहे है.. तू और माय.. बस प्यार कर रहे है और एक दूसरे की प्यास बुझाने में कोई गलत बात नहीं होती. ऐसा कह कर मैं, अपना लुंड माया के पीछे से उसकी पंतय पर रगड़ने लगता हु मेरा लौड़ा उसके गांड के दरार के बीचो बिच लग लगा था जिसके अहसास se..Maya, आह्ह्ह्हह.. पर.. ूमम.. आह्हः. मैं, कुछ पर वर नहीं माया.. तू भूल जा सब कुछ.. माय हु न.. माय सब कुछ संभल लूंगा.. माय तुझपर कोई ाच नहीं आने दूंगा ये मेरा वडा है और तू डर रही है की माय तेरा वीडियो किसी को दिखा दूंगा तो? तू गलत है, मेरा तू साथ दे

बस और कुछ मत सोच की आगे क्या होगा. आज हम दोनों को एक हो जाना चाहिए और एक एक्सपीरियंस बन्दे से प्यार पा कर तू खुद सोचेगी की तूने इतने सालो तक क्यों नहीं ऐसा प्यार की. और वाडे के साथ कहता हु मेरा प्यार पाने के बाद तू खुद बा खुद मेरे पास आएगी समझी. मेरी बाते माया को रिलैक्स कर रही थी और वो अब आगे कुछ नहीं बोल पा रही थी क्यों की अब खुद को काफी हनी फील कर रही थी, लेकिन माय जनता था कभी भी उसके संस्कार जाग सकते है इस लिए मुझे लगे रहना है और इसी प्रयाश में अब मैं, फिर से काररिंग बाते सुरु करने की सोचता हु, तेरा पति.. तुझे उससे डर है क्या?, माया, कुछ नहीं बोलती, बस 'है' में अपना सर हिलती है. मैं, माया के पीछे चिपक के उसके दोनों मम्मी को अपने एक एक हांथो में ले कर उसे दबाते हुए साथ hi उसकी गोर गर्दन पर अपने काले मुँह

से चूमता हुए तू डर मत.. माय अकेला hi काफी हु उसको सँभालने में.. वैसे भी यह जो आज हम दोनों करेंगे वो किसी को भी पता नहीं चलने वाला ये हम दोनों के बिच hi बात रहेगी, अगर तू किसी को नहीं बताएगी और न माय किसी को बताऊंगा तो पता किसे चलेगा अब तू डरना छोड़ और बिंदास होकर मजे कर मेरे साथ, माया मेरी मीठी बातो में आ जाती है, वैसे भी लड़किया अपने इज्जत के लिए बहुत डर्टी ह बस उन्हें विश्वास दिलाना होता है, मैं, अब उस की कमर में हाँथ दाल देता हु और धीरे से अपने हाथ उसकी पंतय की तरफ बढ़ने लगता हु, माया की धड़कन और साँस दोनों बढ़ चुके थे वही वो जानती हु की मेरे हाथ कहा जा रहे है, और वो अब उनको रोकना भी नहीं चाहती थी. इधर मैं, अब देर न करते हुए जल्दी से अपना कला हाँथ उसकी पंतय में घुसता देता हु ुर जैसे hi मेरा हाँथ उसके जलती हुई छूट पर लगता है,
 
वैसे hi मेरे मुँह से आह्हः कितनी गरम छूट है तेरी उफ्फ्फ्फ़ आज तो मेरा लौड़ा ये तेरी छूट कही जला hi न दे बहनचोद ुर कितनी फूली हुई ुर एक डीएम चिकनी है माँ कसम आज तक इतनी फूली हुई और गरम छूट मैने अपने लाइफ में नहीं छुई है. ये कहते हुए मैं अब उसकी छूट की उभर पर से फेरने लगता हु.. वही मेरी ऊँगली अपनी छूट पर महसूस करते hi माया, सिसकारने लगती है.. उम्.. सशः.. वही राधे के मुँह से अपनी छूट की टैरिफ सुन कर माया को अंदर से काफी ाचा लगता है लेकिन वह कुछ जाहिर नहीं करती. वही मैं, एक हाँथ से चुका दबा रहा था, तो दूसरे हाँथ से उसकी छूट के उभर पर ऊँगली फेर रहा था साथ hi अपना काला लुंड जो पंत के अंदर एक बड़ा सा तम्बू का रूप लिया था उसे उसकी गांड पर लगातार रगड़े जा रहा था. माया मेरे इतने सारे वॉर सेह नहीं पा रही थी, वही मैं, उसके गले पर हलके से काटते हुए उसके निप्पल्स दबाता हु और माया आहे

भरते हुए, आह्ह्ह्हह.. ुंक्लीी.. मैं, बोल मेरी जान.. क्या है?, माया कुछ नहीं बोलती ुर बस अपनी अधखुली आँखों से दीवार को निहारती रहती है, इधर राधे के फेस पर एक शरारती हसी थी साथ hi वह फिर से माया के निप्पल्स को ऊँगली में पकड़ कर खींचता है.. माया, आह्ह्ह्ह.. अंकल?, मैं, क्या हुआ मेरी जान कही दर्द तो नहीं हो रहा है?, माया, हम्म.. मैं, फिर से उसके निप्पल को पकड़ खींचता हूँ और फिर से माया सिसकारती है. मुझे मजा आ रहा था ऐसे माया के निप्पल्स के साथ खेलते हुए.. वही माया, को अपने गांड के दोनों भागो के बीच अचे से मेरा लुंड महसूस हो रहा था जो पंत में टैंकर लोहे जैसा सख्त हो चूका था. वही राधे के पीछे से अपने लुंड से झटका देने से माया, बैलेंस खो रही थी, साथ hi उसे ाचा भी लग रहा था राधे के लुंड अपनी गांड के दोनों भागो के बिच अंदर लेना वही लुंड को

अचे से फील करने के लिए वो अपने दोनों हांथो को दीवार पर रख देती है और अपनी गांड हलके से पीछे करने लगती है. यह मेरे लिए ये अनएक्सपेक्टेड था, क्युकी माया मेरा कितना विरोध कर रही थी सुरु सुरु में और अब मेरे इतने सारे वॉर ने उसे मजबूर कर दिया और उसी का नतीजा था की माया उनकंट्रोल हो क्र खुद hi लुंड लेने के लिए अब अपना सहयोग कर रही थी, वही मैं, उसकी इस हरकत से मेरे लिए अब कण्ट्रोल कर पाना नामुमकिन हो जाता है और मैं माया की कमर पकड़ कर पीछे से जोर से झटका मरता हु.. जैसे छोड़ hi रहा हु माया, आठ.. उम्.. माय, तो लगातार 6-7 तगड़े झटके मरता हु और माया दीवार पर हाथ रख के लगातार आहे भरने लगती है. जैसे आह्हः नहीं ूमम ओह्ह गॉड प्लीज. उसको राधे का लुंड पंत के अंदर और खुद पंतय में होने के बाद भी माया को अपनी गांड के सुराख़ पर चुभने लगता है.. मैं, क्या

हो गया मेरी जान?, चिल्ला क्यों रही है?, मैं, भोला बनाने का नाटक करता हु, और माया, अपना सर को घुमा कर मुझे गुस्से से देखती है पर कुछ नहीं बोलती.. मैं, उसका इशारा समाज जाता हु और उसके सर को घुमा कर उसके होंठो पर अपने होंठ रख देता हु, माया, एक पल के लिए गुस्सा हो जाती है पर अगले hi पल उसकी आँखे बंद हो जाती है और वो अपना एक हाँथ मेरे गले में डालकर मुझे मेरे किश का जवाब अपने किश से देने लगती है, अब्ब माया के ऊपर हवस हावी हो चुकी थी, क्युकी माया के साथ राधे कब से उसके बदन के साथ छेद चढ़ कर रहा था और माया आज से पहले उसके पति ने hi उसके बदन के साथ खेला था वह उसके सुहागरात में लेकिन जितना राधे उसके बदन से छेद चाँद कर रहा था उतना उसके पति ने नहीं किया था यहाँ तक की उसका बॉयफ्रेंड जो था उसने भी कभी ऐसा नहीं किया हाला की माया ने अपने बॉयफ्रेंड

को बस किश hi दी थी उसके आगे उसका पति hi गया था और अब्ब राधे कर रहा था, वही माया, हवस के कारन उसका दिमाग काम नहीं कर रहा था और वो बेशर्म होकर एक मुझे चूमे जा रही थी जितना उसे आता था इधर माय किश के साथ पीछे से उसकी गांड के फैंको पर तेज तेज से झटके भी दे रहा था जिसकी वजह से माया अपना बैलेंस बनाने के लिए एक हाँथ दीवार पर रख लेती है वही दूसरे हाँथ अभी भी उसके राधे के गले में थे वही माय, अपना थूक उसके मुँह के अंदर करता हु तो माया हवस में अंधी उसे पूरा पि जाती है और जवाब में वो भी अपना थूक मेरे मुँह में देती है हम दोनों किश में खो से गए थे साथ hi साथ माय उसके दोनों चुके को मसाले जा रहा था अपने बड़े बड़े हांथो से, जिसकी वजह से माया, का मुँह मेरे मुँह में होने के बावजूद ऊम्मम.. सशह्ह्ह.. ू ुघ्हं.. आह्हः की आवाज़ लगा तर आती है.
 
थोड़ी देर ऐसे hi किश करने के बाद अब मैं किश को तोड़ कर उसे अपनी तरफ घूमता हु और देखता हु उसकी आंखे बंद थी और मी थूक से उसकी होंठ गीली थी साथ hi उसकी सांसे भी तेज चल रही थी, इधर मैं, अब देर न करते हुए उसके एक हाँथ को पकड़ के रूम के दूसरी और से अब बीएड के करीब लाने लगता हूँ और माया अपने हॉसो वहस में नहीं थी और वह राधे के साथ साथ बीएड तक आती है और राधे फिर से माया को अपनी तरफ घूमता है और माया की आँखों में देखता है.. वही माया भी राधे की आँखों में देखती है. इधर राधे अपना एक हाँथ माया के कंधे पर रख के धीरे से धक्का देता है और उस धक्के से माया बीएड के मोठे गद्दे पर पीठ के बल गिरती है और एक दो बार गद्दे पर उछलती है. वही राधे, देर न करते हुए जल्दी से उसके ऊपर झुक के उसके दोनों चुके के गुलाबी निप्पल को एक बार फिर से अपने गंदे मुँह में भर

कर अच्छे से थूक लगा लगा कर चूसने लगता है वही राधे के ऐसा करते hi माया, थोड़े हॉस्पिटल में आती है और अपनी आंखे जो बंद की थी वह राधे के बुब्बे चूसते hi खोल देती ै ुर वह उसको देखने लगती है.. और देख कर मन hi मन में (कैसे माय एक 40 साल के गंदे भद्दे सकल का दिखने वाले गैर मर्द से अपने बूब्स चुसवा रही हूँ?), ुर ये बात माया को और गर्म कर रही थी. उस रूम मैं अब्ब माहौल काफी गर्म हो चूका था. वही राधे तो नसे में माया के गोर चुके को दबा बड़ा कर हल्का पिंक कर रहा था साथ hi माया के गुलाबी निप्पल को अपने मुँह इतनी रफ़्तार से कुश रहा था जिसकी वजह से उस की गुलाबी निप्पल थोड़े थोड़े डार्क हो चुके थे, वही लगभग 10 मिनट्स तक राधे ऐसे hi उसके चुके चूस चूस कर थूक से भर देता है और फिर वह दोनों एक दूसरे को हवस भरी निगाहो से देखने लगते है.

कुछ देर एक दूसरे को देखने के बाद माया शर्मा कर दूसरे और अपनी नज़ारे फेर लेती है. वही माया को ऐसे शर्माता देख, अब्ब माय बिना देरी किये थोड़ा निचे आता हूँ और माया की 'व्' सैप की पंतय जहा छूट होती है वह देखा तो एक अलग तरह की उठान थी ऐसा लग रहा था की उसकी छूट काफी फूली हुई है वैसे इसकी माँ काम्य के भी कुछ ऐसी hi छूट फूली हुई थी, वही यह देख कर मेरा लुंड पंत के अंदर मचलने लगता है और मैं अब देर न करते हुए जल्दी से उसकी इलास्टिक पर अपनी ऊँगली फसा कर जल्दी से निचे करने लगता हु वही जैसे hi माया को यह अहसास हुआ की राधे उसकी पंतय निकल रहा है, वैसे hi वह एक बार मेरे हाथ को रोकने की कोशिश तो करती है पर राधे उसका नाजुक हाथ को हटा कर जल्दी से उसकी पंतय निचे खींचने लगता है और जैसे जैसे उसकी छूट से पंतय निचे आती जा रही थी,

वैसे वैसे माया की छूट बे पर्दा हो रही थी लेकिन माया की गांड के निचे पंतय फांसी होने की कारन पूरी तरह से उसकी पंतय नहीं खींच प् रहा था और माया भी मेरी परेशानी समझ जाती है और अगले hi पल हो होता है जो मैने अपने सपने में भी नहीं सोचता की माया कुछ ऐसा कर सकती थी, क्युकी उसने बिना मेरे कुछ बोले अपनी बड़ी गांड को गद्दे से थोड़ा ऊपर उठती है और उसके ऐसा करते hi माय जल्दी से पंतय खींच कर उसकी टैंगो से निकल देता हूँ और रूम के दूसरी और फेंक देता हु. वही मेरे सामने माया अब पूरी तरह से नंगी बिस्तर पर लेती थी.. ुर माया मारे शर्म क अपने एक एक हांथो से छूट और चुके छुपाते हुए अंकल?.. इधर मैं, अपनी बड़ी बड़ी आंखे किये हुए उसके दूध जैसे गोरी नंगे जिस्म को देखने लगता हु साथ hi मैं, अपने पंत के अंदर से लौड़े को पकड़ के सहलाते

हुए, क्या जिस्म है मेरी जान? ऊपर वाले ने तुझे बड़ी hi फुर्सत से गधा है.. तू तो स्वर्ग से उतरी हुई कोई अप्सरा है, जो तेरे इस नग्गे रूप को देख ले वह तो पागल हो हो जायगा वह. वही माया को अपनी जिस्म की खूबसूरती का बाह बही सुन कर उसे मन मन में खुसी तो होती है लेकिन लड़किया नाटक न करे ये कैसे हो सकता है और तभी माया अपने चेहरे पर थोड़ा गुस्सा लाते हुए ये ये क्या किया तुमने.. है? मम.. मेरी.. मेरी.. पंतय क्यों निकली?, इधर मैं, माया की बात को सुन कर पहले तो चौका की अभी कुछ सेकंड पहले खुद से पंतय उतरवाने में मदत की थी और वह मेरे ऊपर hi भड़क रही है. लेकिन माय जनता था लड़की सीधे सीधे मान जाए यह कभी पॉसिबल हो hi नहीं सकता और हुआ भी ऐसा जैसा मैने सोचा था और फिर माय बात को सँभालते हुए अरे मेरी जान? अब्ब तुझे उस छोटी सी पंतय की

क्या जरुरत? हम जो करने वाले है उसके लिए तेरे बदन पर एक भी कपडे की जरुरत नहीं है समझी चल अपने हाँथ हटा अपने सेक्सी बदन पर से और जरा मुझे देखने दे अपनी अप्सरा जैसे बदन को, माया, चुप राहू बेशरम कहिके? अब लाओ मेरे कपडे जहा जहा तुमने फेकि है, मैं, अब तू उस वक़्त कपडे पहनेगी जब हम दोनों की बदन की प्यास बुझेगी, माया मेरी बात को समझ जाती है लेकिन कहती कुछ नहीं कहती भी क्या उसकी छूट लगातार पानी छोड़े जा रही थी वो भी कब से.. लेकिन वह लड़की hi क्या जो आसानी से कह दे की राधे अपने लुंड से छोड़ो मुझे अब मेरे से कण्ट्रोल नहीं हो रहा है मेरी बदन के आग को जल्दी से संत करो.. वही माया, भले hi हवस में अंधी हो चुकी थी लेकिन उसके संस्कार अभी नहीं गए थे जिसकी वजह से वो.. एक बार फिर से रिक्वेस्ट करती है राधे से, प्लीज अंकल?.. नाहीइ,

मैं, शह्ह्ह्ह.. चुप.. अब कुछ मत बोल.. और अब वक़्त आ गया है प्यार करने का, और तू कह रही माय रुक जाऊ. माया, जैसे जैसे चुदाई करने के वक़्त करीब आ रही थी वैसे वैसे उसे डर लग रहा था और उसी डर में, नहीं.. प्ल्ज़ छोड़ दो.. मुझे.. यह सब गलत हो रहा है मेरे साथ?, मैं, कुछ गलत नहीं हो रहा मेरी जान? हम तो बस अपनी अपनी बदन का बस प्यास बुझा रहे है, वैसे भी आज रात की बात है उसके बाद तू कहा माय कहा, माया, मेरी मीठी बातो में आने लगती है. इधर मैं अब माया के ऊपर थोड़ा झुक के उसके चुचो को दबाते हुए उसका दूसरा हाथ छूट पर से हटा देता हूँ और उसके नंगे जिस्म को फिर एक बार निहार रहा था. आज तक मैने बहुत साड़ी शादीशुदा लड़कियों को छोड़ा था लेकिन माया जैसी खूबसूरत लड़की जिसकी उम्र सिर्फ 20 साल की और शादी को बस 3 दिन हुए थे मैने आज

तक नहीं देखि थी वही माया, अपने माँ पर गई थी जैसी उसकी माँ गोरी थी वैसे hi माया भी दूध की तरह गोरी थी साथ hi साथ जैसे उसकी माँ की चुके कमर और गांड थे वैसे hi कुछ माया का बदन था, बस फर्क इतना था की उसकी माँ काम्य का बदन भरा हुआ था लेकिन माया का बदन पतला था. वही माया, शर्माना छोड़ कर.. अब वो बिस्तर पर लेते हुए बस टुकुर2 राधे को अपना बदन घूरता देखती रहती है. इधर मैं, क्या बदन है मेरी जान.. तेरा पति तो बिलकुल पागल है जो तेरी जैसी हसीं औरत को छोड़ कर कही और सोया है अगर तू मेरी पत्नी होती तो जहा तू सोती माय वही सोता माया, वो पागल नहीं है, और आप लोगो ने hi तो बिस्टेर लगाया है जेंट्स का अलग और लेडीज का अलग इसमें में मेरे पति की क्या गलती, उसकी बात पर मैं, हस्ते हुए अगर ऐसा नहीं करता तो आज तेरी सेक्सी जिस्म और इतनी खूबसूरत बुर को मैं कहा देख पाटा.
 
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