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आँखों में देख शर्माने लगती है. उसको समझ नहीं आ रहा था की उसकी धड़कने इतनी तेज़ क्यों हो रही है इस वक़्त, भला कैसे पता आज तक ऐसे एक्सपीरियंस आदमी के सतह उसका पाला hi कहा पड़ा था, इधर मेरा कला मुँह आगे बढ़ता है और माया भी बिना विरोध किये बस मेरी आँखों में देखते हुए अपना मुँह खोल देती है. माय उसका ये ये रिएक्शन देख के एक दम से जोश में आ जाता हु (क्युकी अब तक माया मेरा विरोध कर रही थी लेकिन एक दम से पता नहीं उसे क्या हुआ वो खुद hi मेरा साथ देने लगी ये लड़किया भी न एक पल के लिए विरोध दिखती है ुर दूसरे hi पल वो अपना samar-than दिखने लगती है ये लड़किया मेरे समझ के पारी है), इधर मैं, अपने काले होंठ माया के गुलाबी होंठो पर रख कर प्यार से उन्हें चूसने लगता हु जिसकी वजह से माया के सेक्सी जिस्म से एक तेज़ बिजली सी दौड़ जाती है और वो मेरे शर्ट को पकड़ लेती है इधर..
मैं, माया के कमर में हाथ डालकर उसको थोड़ा ऊपर उठता हु और उसके लाल लिपस्टिक से भरी होंठो को अच्छे से पिने और चूसने लगता हु वही माया, एक दम से मेरे द्वारा ऊपर उठाने के वजह से वो अब अपने दोनों हाथ मेरे काळा गले में दाल देती है इधर माया, अपने मुँह भी खोल देती है और उसके मुँह खुलने के बाद मैं अपनी जुबान उसके अंदर कर देता हु और माया ये फील करते hi वो उस जुबान को पिने लगती है इधर मैं, उसके होंठो का राश पान करने लगता हूँ.. माया, ऐसा किश न तो अपने पति और न hi अपने बॉयफ्रेंड के साथ की थी ये उसके लिए नयी थी वही कुछ देर पहले माया को मेरी काली सकल से घिन आ रही थी और अब वो ऐसे मेरी जुबान को पि रही थी जैसे उसमे सायद लगा हो उसकी ये किश बता रही थी की वो कितनी गरम हो चुकी है लेकिन इन लड़कियों का कुछ पता नहीं की कब
संस्कार जाग जाये इस लिए मैं, दो से तीन मिनट्स तक ऐसे hi दोनों एक दूसरे के होंठ अच्छे से चूसने के बाद अलग हो जाते है ुर उसे अपने गॉड से निचे उतर देता हु. लेकिन माया के हाँथ अभी भी मेरे गले में hi थे वही हम दोनों के होंठो पर एक दूसरे के थूक लगे हुए थे मैं, माया के बिखरे हुए लिपस्टिक को अपने होंठो पर से जुबान फेरता हु और माया अपने हाँथ मेरे गले में से हटा देती है और अब उसको शर्म आने लगती है क्यों की उसने इस बार मेरा बिलकुल विरोध नहीं किया था और खुस होकर अपने होंठ खोले थे मेरे साथ किश करने के लिए.. इधर मेरा जालिम लुंड सख्त होकर पंत के अंदर में तन चूका था उधर कुछ देर पहले माया को भी उसके टांगो के बीच में गर्माहट महसूस हो रही थी. उससे मालुम था की वो क्या चीज़ है, ुर वह बात उसको और गर्म करने लगी थी.
मैं, माया के कमर में हाथ डालकर उसको थोड़ा ऊपर उठता हु और उसके लाल लिपस्टिक से भरी होंठो को अच्छे से पिने और चूसने लगता हु वही माया, एक दम से मेरे द्वारा ऊपर उठाने के वजह से वो अब अपने दोनों हाथ मेरे काळा गले में दाल देती है इधर माया, अपने मुँह भी खोल देती है और उसके मुँह खुलने के बाद मैं अपनी जुबान उसके अंदर कर देता हु और माया ये फील करते hi वो उस जुबान को पिने लगती है इधर मैं, उसके होंठो का राश पान करने लगता हूँ.. माया, ऐसा किश न तो अपने पति और न hi अपने बॉयफ्रेंड के साथ की थी ये उसके लिए नयी थी वही कुछ देर पहले माया को मेरी काली सकल से घिन आ रही थी और अब वो ऐसे मेरी जुबान को पि रही थी जैसे उसमे सायद लगा हो उसकी ये किश बता रही थी की वो कितनी गरम हो चुकी है लेकिन इन लड़कियों का कुछ पता नहीं की कब
संस्कार जाग जाये इस लिए मैं, दो से तीन मिनट्स तक ऐसे hi दोनों एक दूसरे के होंठ अच्छे से चूसने के बाद अलग हो जाते है ुर उसे अपने गॉड से निचे उतर देता हु. लेकिन माया के हाँथ अभी भी मेरे गले में hi थे वही हम दोनों के होंठो पर एक दूसरे के थूक लगे हुए थे मैं, माया के बिखरे हुए लिपस्टिक को अपने होंठो पर से जुबान फेरता हु और माया अपने हाँथ मेरे गले में से हटा देती है और अब उसको शर्म आने लगती है क्यों की उसने इस बार मेरा बिलकुल विरोध नहीं किया था और खुस होकर अपने होंठ खोले थे मेरे साथ किश करने के लिए.. इधर मेरा जालिम लुंड सख्त होकर पंत के अंदर में तन चूका था उधर कुछ देर पहले माया को भी उसके टांगो के बीच में गर्माहट महसूस हो रही थी. उससे मालुम था की वो क्या चीज़ है, ुर वह बात उसको और गर्म करने लगी थी.