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तक कामयाब थी जब मैने पैरो को और अलग करा जिससे उसकी रेड सलवार में छुपी छूट की उभर मुझे जयादा दिखाई दी.. लेकिन तभी नाज़ ने अपने पैरो को भीचना चाहा तो मैने अपनी लाल आँखे और जयादा खोल कर अपने गर्दन ना में हिलाते हुए मन करा तब नाज़ रुक गयी और मैने अपना मुँह नाज़ की बुर की तरफ बिलकुल पास ले जाकर एक लम्बी साँस खींची जिससे उसकी मज़हबी छूट से आती मदहोश मादक खुशबू मेरे अंदर समां सी गयी और मस्त होते हुए अह्ह्ह्हह किया खुशबु है वह ऐसे खुशबु तो तेरे जैसे मजहबी लड़की के बुर से hi आ सकती है?, ये बात सुनते hi नाज़ के बदन में एक दम तेज ब्लड का संचार हुआ ुर सरे रोंगटे खड़े से हो गए वही नाज़ ने अपनी आँखों को बंद कर लिया वह ऐसे सिचुएशन फेस
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नहीं करना चाहती थी, इधर मैने अपनी जबान निकली और सलवार की रुमाली पर लगा कर यानि ठीक उसकी उभरी हुई छूट पर मुँह रखकर जुबान निकल के चाटने लगा वही नाज़ इस के लिए बिलकुल तैयार नहीं थी और अब वह इस हरकत को अपने अंदर दबा न पायी और एक हलकी सी चीख के साथ बड़ी तेज़ सिसकारी निकल गयी आअह्ह्ह ोुह्ह्ह राधे स्स्स्सह्ह्ह्ह ये कककक क्या कर रहे है आठ aaaiiiiiiiiiiiiiiii अम्मम्मीय uuufffffffffff नाहीईई प्लीज ऐसा न्नन्न.. न कककक.. करो ह्ह्हम्म्म्म?, नाज़ को सच में नहीं पता था की ओरल सेक्स क्या होता है जो अब ये मैं, उसे सेक्स का पहला लेसन सीखा रहा था वही नाज़, ने अपने दोनों हांथो से मेरे बल को कास के अपनी मुट्ठियों में भर केअहहह अम्म्मीईईई ऊऊफफफफफफफफ प्लीज राधे जी?, नाज़ जो शायद पहले से hi मेरी बताओ से निचे से गीली हो गयी थी तो उसकी उन छुई बुर को सलवार
समेत अपने मुँह में भर लिया और जोरदार तरीके से उसकी पाकीज़ा बुर चूसने लगा जिसके कारन नाज़ बहुत hi जयादा गरम होने लगी पर उसे अभी ठीक से नहीं पता जो जवाला माय ने जलाई थी एक लावा के रूप में जो अब बहार आने को बेताब थी मगर कैसे ये जवाला शांत करे? वही (माय मांझा हुआ खिलाडी था और मुझे पता था की ऐसे हसीं जवान लड़की को हमेशा के लिए कैसे अपना बनाया जाये वही न तो मैने नाज़ का नक़ाब उतरा? न बुरखा? न कोई कपडे? न बूब्स को दबाया? न hi ऐसा कुछ करा की नाज़ को अंदर hi अंदर बाद में आत्मा जलील होने लगे मैं तो बस ऐसे मदहोश शराब का हल्का हल्का गूँथ पि रहा था कोई जल्दबाज़ी नहीं थी इसी लिए तो मैने डायरेक्ट अपना लुंड नहीं चुसाया माय समझ गया की ये बहुत गरम लड़की है इसीलिए इसे आराम आराम से खोलना होगा तभी जेक ये लड़की मुझे सब कुछ देगी..
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और एक बार ये लड़की मेरे सामने खुल गई तो यह मुझे साडी जिंदगी छूट के साथ पता नहीं क्या क्या देगी क्युकी ये विशेष धर्म की लड़किया बहुत गरम होती है और साथ में इनके धर्म के मर्द भी इस लिए मुझे इस लड़की को दुबले मज़ा देना होगा और अगर एक बार जबर दस्त चुदाई इसकी कर दी जाये और ये लड़की मेरे से अचे से सटिस्फीएड हो गई तो ये लड़की बार2 मेरे निचे आने के लिए कुछ भी कर सकती थी), नाज़ ने ऐसे हरकत से लबरेज़ सी होने लगी अब उसने अपने हाथो से मेरे बाल खींच कर सर को अपनी बुर की तरफ दबाने लगी पर डाकि बुर और नंगी बुर में पर्दा था वह भी सलवार का है मुझे तो मीता मीठा स्वाद तो लग रहा था पर माय बहुत चालक था और नाज़ को माय अभी अधूरा छोड़ना चाहता था.. वही नाज़ को परवाह hi कहा थी की उसका वेलकम पार्टी बहार चल रहा ह
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नहीं करना चाहती थी, इधर मैने अपनी जबान निकली और सलवार की रुमाली पर लगा कर यानि ठीक उसकी उभरी हुई छूट पर मुँह रखकर जुबान निकल के चाटने लगा वही नाज़ इस के लिए बिलकुल तैयार नहीं थी और अब वह इस हरकत को अपने अंदर दबा न पायी और एक हलकी सी चीख के साथ बड़ी तेज़ सिसकारी निकल गयी आअह्ह्ह ोुह्ह्ह राधे स्स्स्सह्ह्ह्ह ये कककक क्या कर रहे है आठ aaaiiiiiiiiiiiiiiii अम्मम्मीय uuufffffffffff नाहीईई प्लीज ऐसा न्नन्न.. न कककक.. करो ह्ह्हम्म्म्म?, नाज़ को सच में नहीं पता था की ओरल सेक्स क्या होता है जो अब ये मैं, उसे सेक्स का पहला लेसन सीखा रहा था वही नाज़, ने अपने दोनों हांथो से मेरे बल को कास के अपनी मुट्ठियों में भर केअहहह अम्म्मीईईई ऊऊफफफफफफफफ प्लीज राधे जी?, नाज़ जो शायद पहले से hi मेरी बताओ से निचे से गीली हो गयी थी तो उसकी उन छुई बुर को सलवार
समेत अपने मुँह में भर लिया और जोरदार तरीके से उसकी पाकीज़ा बुर चूसने लगा जिसके कारन नाज़ बहुत hi जयादा गरम होने लगी पर उसे अभी ठीक से नहीं पता जो जवाला माय ने जलाई थी एक लावा के रूप में जो अब बहार आने को बेताब थी मगर कैसे ये जवाला शांत करे? वही (माय मांझा हुआ खिलाडी था और मुझे पता था की ऐसे हसीं जवान लड़की को हमेशा के लिए कैसे अपना बनाया जाये वही न तो मैने नाज़ का नक़ाब उतरा? न बुरखा? न कोई कपडे? न बूब्स को दबाया? न hi ऐसा कुछ करा की नाज़ को अंदर hi अंदर बाद में आत्मा जलील होने लगे मैं तो बस ऐसे मदहोश शराब का हल्का हल्का गूँथ पि रहा था कोई जल्दबाज़ी नहीं थी इसी लिए तो मैने डायरेक्ट अपना लुंड नहीं चुसाया माय समझ गया की ये बहुत गरम लड़की है इसीलिए इसे आराम आराम से खोलना होगा तभी जेक ये लड़की मुझे सब कुछ देगी..
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और एक बार ये लड़की मेरे सामने खुल गई तो यह मुझे साडी जिंदगी छूट के साथ पता नहीं क्या क्या देगी क्युकी ये विशेष धर्म की लड़किया बहुत गरम होती है और साथ में इनके धर्म के मर्द भी इस लिए मुझे इस लड़की को दुबले मज़ा देना होगा और अगर एक बार जबर दस्त चुदाई इसकी कर दी जाये और ये लड़की मेरे से अचे से सटिस्फीएड हो गई तो ये लड़की बार2 मेरे निचे आने के लिए कुछ भी कर सकती थी), नाज़ ने ऐसे हरकत से लबरेज़ सी होने लगी अब उसने अपने हाथो से मेरे बाल खींच कर सर को अपनी बुर की तरफ दबाने लगी पर डाकि बुर और नंगी बुर में पर्दा था वह भी सलवार का है मुझे तो मीता मीठा स्वाद तो लग रहा था पर माय बहुत चालक था और नाज़ को माय अभी अधूरा छोड़ना चाहता था.. वही नाज़ को परवाह hi कहा थी की उसका वेलकम पार्टी बहार चल रहा ह