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उठाने लगा तो पिया खुद hi दोनों पैरो को पकड़ ली और वो बीएड के सिराने पे अपना पीठ टिका के छूट चटवाने लगी लेकिन.. तभी अपनी सास की आवाज़ से उसका धयान टुटा और वो जल्दी से बीएड से उठ गई वही मैं कम्बल के अंदर hi था और मुझे ऐसा फील हुआ की जैसे किसी बच्चे की उसकी मनपसंद चीज कोई चीन ली हो, वही पिया भी दोबारा गरम हो चुकी थी और वो भी लुम्बी लुम्बी साँस लेते हुए रूम से बहार जाने लगी तभी वह गेट के पास जेक रुकी और गेट खोल के बहार देखि तो हॉल में सास नहीं थी पिया फिर सोची सायद अंदर चली गई होंगी ये देख के उसकी जान में जान ै और वो गेट लॉक करके फिर से मेरे बिस्तर के पास ै और इस बार दूर खड़े होक काका अपना घाव दिखाओ मुझे देखनी है और अपने फिर से मर धड़ स्टार्ट किया आपको कितना मन की हु ऐसे hi किसी से भीड़ मत जाया करे अगर उन लड़को के पास कुछ और होता तो आपकी जान भी जा सकती थी?, मैं, कम्बल
से निकल के नग्गे hi पिया के सामने खड़ा हो गया और पिया मुझे ऐसे नग्गा देख के अपना सर निचे की तभी उसे मेरा खड़ा लुंड इस बार खिड़की से तेज रोशनी में देखि और मेरा काळा लुंड की छेद से प्रेकम टपक रही थी, इधर मैं, पिया के पास जाने लगा तो पिया अपने कदम धीरे धीरे पीछे करने लगी और उसके देवल से सात गई और पिया, धीरे से काका आप होश में तो हो न?, मैं, कुछ न बोलते हुए पिया से सात गया और उसके गर्दन पे फिर से हमला कर दिया और एक हाँथ को फिर से उसकी निघ्त्य के ऊपर से छूट मसलने लगा.. वही पिया, आअह्हह्ह्ह्ह काका छोड़ो न मुझे आपका घाव देखना है लेकिन आप फिर से गन्दी हरकत करने लगे अगर आपका घाव ठीक है तो चलो हमें हॉस्पिटल जाना है, मैं, उसके गले को छत्ते हुए आज मेरा मूड नहीं है और आप भी मत जाइये हम आज ऐसे hi प्यार करते है एक दूसरे से?,
पिया, थोड़ा गुस्से से ये आप क्या बोल रहे है और आपकी कितनी बार बोली हु की माय अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ? उसे धोखा नहीं दे सकती लेकिन आप मानते hi नहीं है, मैं, उसकी निघ्त्य उठा के अपना खड़ा लुंड सीधा पिया की छोटी सी छूट की तित फैंको पे लगा के एक जोर का धक्का मारा लेकिन मेरा खड़ा लुंड छूट में न घुस के ऊपर की और चला गया और पिया, दर्द से आअह्हह्ह्ह्ह माँ मर गई ये बोलते हुए वो खुद को मुझसे छुड़ा के गेट के पास जेक कड़ी हो गई और वह से मुझे गुस्से स घूरते हुए बस बहुत हुआ आपका आप मेरे बॉडीगार्ड हो न की मेरे पति की जब मन आया मुझे छू लिया, माय जब तक संत हु तभी तक इस लिए मेरे परमिशन के बिना दोबारा छुआ तो मेरे से बुरा कोई नहीं होगा समझे?, ये बोल के एक बार मेरे लुंड और घाव के पट्टी की और देखि क्युकी भले hi पिया ऐसा बोली लेकिन सिर्फ ऊपर उप्पेर से वो
खुद कठोर बना रही थी लेकिन पिया, संस्कारी के साथ2 वो हेल्पफुल नेचर की भी थी, उसकी यही पहच ान थी, लेकिन राधे के बार2 छेद चढ़ से उसका आत्मा, संस्कार दुखी हो गई थी, वह नहीं चाहती थी की राधे उसके साथ ऐसी कोई हरकत कर दे की फिर बाद में उसे पस्ताना पड़े क्यों की वह अपने पति रितेश से बहुत प्यार करती थी बस यही रीज़न था की वह छह कर भी राधे का साथ नहीं दे पाती थी उसका मन तो बहुत करता था राधे जो उसके साथ कर रहा है उसे करने दे लेकिन बस एक रीज़न की वजह से वो अपने कदम पीछे खींच लेती थी वही पिया एक बार राधे को गेट पास रुक के देखने के बाद वो बहार चली जाती है इधर राधे का लुंड अभी बगावत पे उतारू था उसे किसी भी हालत में किसी की छूट ठोकनी थी, लेकिन राधे अपने हांथो का इस्तेमाल ज्यादा नहीं करता था इस लिए जल्दी से बाथ रूम म जेक मुता तब जेक थोड़ा चैन मिला ुर रूम में आके फिर से सो गया,
से निकल के नग्गे hi पिया के सामने खड़ा हो गया और पिया मुझे ऐसे नग्गा देख के अपना सर निचे की तभी उसे मेरा खड़ा लुंड इस बार खिड़की से तेज रोशनी में देखि और मेरा काळा लुंड की छेद से प्रेकम टपक रही थी, इधर मैं, पिया के पास जाने लगा तो पिया अपने कदम धीरे धीरे पीछे करने लगी और उसके देवल से सात गई और पिया, धीरे से काका आप होश में तो हो न?, मैं, कुछ न बोलते हुए पिया से सात गया और उसके गर्दन पे फिर से हमला कर दिया और एक हाँथ को फिर से उसकी निघ्त्य के ऊपर से छूट मसलने लगा.. वही पिया, आअह्हह्ह्ह्ह काका छोड़ो न मुझे आपका घाव देखना है लेकिन आप फिर से गन्दी हरकत करने लगे अगर आपका घाव ठीक है तो चलो हमें हॉस्पिटल जाना है, मैं, उसके गले को छत्ते हुए आज मेरा मूड नहीं है और आप भी मत जाइये हम आज ऐसे hi प्यार करते है एक दूसरे से?,
पिया, थोड़ा गुस्से से ये आप क्या बोल रहे है और आपकी कितनी बार बोली हु की माय अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ? उसे धोखा नहीं दे सकती लेकिन आप मानते hi नहीं है, मैं, उसकी निघ्त्य उठा के अपना खड़ा लुंड सीधा पिया की छोटी सी छूट की तित फैंको पे लगा के एक जोर का धक्का मारा लेकिन मेरा खड़ा लुंड छूट में न घुस के ऊपर की और चला गया और पिया, दर्द से आअह्हह्ह्ह्ह माँ मर गई ये बोलते हुए वो खुद को मुझसे छुड़ा के गेट के पास जेक कड़ी हो गई और वह से मुझे गुस्से स घूरते हुए बस बहुत हुआ आपका आप मेरे बॉडीगार्ड हो न की मेरे पति की जब मन आया मुझे छू लिया, माय जब तक संत हु तभी तक इस लिए मेरे परमिशन के बिना दोबारा छुआ तो मेरे से बुरा कोई नहीं होगा समझे?, ये बोल के एक बार मेरे लुंड और घाव के पट्टी की और देखि क्युकी भले hi पिया ऐसा बोली लेकिन सिर्फ ऊपर उप्पेर से वो
खुद कठोर बना रही थी लेकिन पिया, संस्कारी के साथ2 वो हेल्पफुल नेचर की भी थी, उसकी यही पहच ान थी, लेकिन राधे के बार2 छेद चढ़ से उसका आत्मा, संस्कार दुखी हो गई थी, वह नहीं चाहती थी की राधे उसके साथ ऐसी कोई हरकत कर दे की फिर बाद में उसे पस्ताना पड़े क्यों की वह अपने पति रितेश से बहुत प्यार करती थी बस यही रीज़न था की वह छह कर भी राधे का साथ नहीं दे पाती थी उसका मन तो बहुत करता था राधे जो उसके साथ कर रहा है उसे करने दे लेकिन बस एक रीज़न की वजह से वो अपने कदम पीछे खींच लेती थी वही पिया एक बार राधे को गेट पास रुक के देखने के बाद वो बहार चली जाती है इधर राधे का लुंड अभी बगावत पे उतारू था उसे किसी भी हालत में किसी की छूट ठोकनी थी, लेकिन राधे अपने हांथो का इस्तेमाल ज्यादा नहीं करता था इस लिए जल्दी से बाथ रूम म जेक मुता तब जेक थोड़ा चैन मिला ुर रूम में आके फिर से सो गया,