Sarjoo ki Incest Story - A family Incest Saga - Page 14 - SexBaba
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Sarjoo ki Incest Story - A family Incest Saga

अपडेट 126

साविया एंड पूनम बीइंग वाटचेड एंड ….


सविता के ससुर को बहोत hi मज़ा आ रहा था, उस्सने ज़िन्दगी में कभी भी दो औरतों को एक दूसरे के साथ ऐसे नहीं देखा था. दो जवान बहुएं को इस हालत में देख कर उस्सको इतनी ख़ुशी मिल रही थी के जैसे बन्दर को सेब मिल गया हो खाने के लिए.

अड़ दो फीमेल जिस्म एक दूसरे के ऊपर इतनी गहरी जोश में थे के लुंड की ज़रुरत महसूस हो रही थी दोनों को मगर दो औरतों के बीच कहाँ से लुंड आएगा…. एहि एक कमी होती है जब दो औरतें इश्क फरमाते हैं तो बस एक किसी के पास लुंड होते तो कितना मज़ा आता….. अब हम मर्दों को यह पता नहीं होता मगर एक औरत भी दूसरे औरत के जिस्म को देख कर उतना hi गरम होती है जितना एक मर्द होता है एक नंगी औरत को सामने पाकर. यह किस्स्सी औरत से पूछ के देखना, सही बात है. वो दोनों बहुएं एक दूसरे के जिस्म से ऐसे लिपटे हुए थे के कोई एक दूसरे के जिस्म से अलग नहीं होना चाहते थे, चार बूब्स एक दूसरे से चिपके हुए थे जैसे एक चुम्बक ने दोनों को साथ चिपकाया हुआ था …. थोड़ा बहोत पसीना के मिलावट से दोनों जिस्म और भी चिपक गए थे, इन् दोनों में सविता ज़्यादा गरम थी और लगता था पूनम की जिस्म को कच्चा चबः जाएगी जिस तरह से उसस्के जिस्म को चरों तरफ काट रही थी अपने डेंटन से….

सविता के मुंह कभी पूनम के कन्धों पर था तो कभी उसस्के गले पर, इतना चूस रही थी पूनम के शरीर को, के हर जगह लाल कर दिया था सविता ने… और निचे अपनी छूट को ठीक पूनम की छूट पर रागढ रही थी, रगड़े जा रही थी अपने कमर हिलाते हुए बिल्कुल लग रहा था के पूनम को छोड़ hi रही है…. सविता उस वक़्त शायद अपने आप को एक मर्द समझ रही थी या मर्द बनने की कोशिश कर रही थी, बिल्कुल पूनम को डोमिनाते कर रही थी और पूनम एक सुब्मिस्सिवे पत्नी की तरह जैसे अपने पति के निचे उस्सको करने दे रही थी, मगर साथ साथ खुद भी बहोत एन्जॉय करती जा रही थी….

सविता का ससुर बहोत एन्जॉय कर रहा था, और एकांत बार अपने हाथ फेरर रहा था दोनों जवान औरतों के जिस्म पर….. जब छूट को छूट के ऊपर रगड़ते हुए ससुर ने देखा तो उस्सको भी महसूस हुआ के दोनों को लुंड की सख्त ज़रुरत है उस वक़्त, तो उनके हेल्प करने के लिए ससुर ने अपना हाथ लगाया दोनों छूट के बीच….. दोनों औरत सिसकते हुए उफ्फफ्फ्फ़, इस्स्स्सस्शह्ह्ह्ह की आवाज़ किये और ससुर ने अपने हाथ को एक लुंड की तरह करके उन् दोनों के छूट के बीच में रखा, किआ नज़ारा था!! दोनों ावरतें ज़्यादा ज़ोरों से अपने अपने कमर को हिलाते हुए अपने अपने छूट को उसस्के हाथ पर मसलने lagey….donon के छूट बिकुल गीले हो गए थे जिस से ससुर का हाथ भीग गया और अपने हाथ को वापस अपने होंठों से लगाया ससुर ने, उस्सको सुंघा और जीब से चखा…. मुश्किल था पता लगाना के किश का रस कौन सा था, दोनों के छूट का रस मिला हुआ था उसस्के हाथ पर…. पूनम और सविता दोनों ससुर को देख रहे थे जिस वक़्त वो उनके रस को जीब से लगा रहा था…..

दोनों के नज़रों में प्यास दिख रहे थे, एक तरप थी दोनों के चेहरे पर, वो तरप लुंड के लिए था…. ससुर अब तो जान बुझ कर और भी करीब नहीं जा रहा था, वो देखना चाहता था किश हद तक यह औरतें जा सकते हैं लुंड के बिना, किआ करेंगे और दोनों, ससुर यह देखना चाहता था, तो थोड़ा धीरज रखते हुए उन् दोनों को और भी आराम से अपने लुंड को हाथ से मसलते हुए देखता गया…

पूनम ने अपने जीब निकला और सविता के होंठों पर फेर्रा, उस वक़्त सविता हांफते हुए पूनम की बूब्स को देख रही थी एक हाथ से मसलते हुए, फिर जब पूनम का जीब अपने होठ पर पाया तो उस्सने भी अपनी जीब निकाला बाहर और दोनों जीब से खेलने लगे एक दूसरे के जीब पर जीब फेररटीए हुए….. और सविता मुस्कुरा भी रही थी पूनम के जीब चाटते हुए, उस्सको मुस्कुराते देख कर पूनम भी मुस्कुरायी और सविता के गर्दन पर बाहें भारतीय हुए उस्सको कसके अपने आप से चिपकाया और सविता के कान में बोली; “अब मुझसे और इंतज़ार नहीं होता ऋ!!” यह कहते हुए पूनम की नज़र सविता के ससुर पर था, वो हाथ हिल्ला रहा था अपने लुंड पर घुटनों के बल बिस्तर पर दोनों के गांड को देखते हुए….

तो सविता ने पूनम को खुश करने के लिए अपनी ऊँगली को उसस्के छूट पर फेर्रा…. पूनम की आह निकली और तड़पते हुए ज़ोर से पूनम ने “उफ्फफ्फ्फ़ उईईई नमायआ” कहा, तो ससुर जोश में आते हुए सविता के गांड को चुम्मा और अपने लुंड को उसस्के गांड पर रगड़ने लगा….. तब तक सविता के तीन उँगलियाँ पूनम की छूट के अंदर जा चुकी थी और पूनम कसमसाने लगी थी…. बिल्कुल भीगी हुई थी बल्कि उस्का रस उसस्के छूट से बहते हुए गांड के नीचे जा चुकी थी चादर के ऊपर…. चादर भीग गया था उस हिस्से पर जहाँ पूनम की गांड पड़ा हुआ था…. ससुर जब सविता के गांड पर अपना लुंड रागढ रहा था तो पूनम ने फिर सविता के कान में कहा; “देख कहीं वो झाड़ न जाए, मुझे अब उस्सकी ज़रुरत है रोक उस्सको…..”

सविता ने गर्दन मुड़कर अपने ससुर को देखा और उस्का लुंड अपने हाथ में लेकर बोली, “पिताजी आप इस्को पूनम के लिए रोकिये उस्सको अब इस से प्यार हो गया है!!”

ससुर मुस्कुराया और पूनम के सर के पास गया अपने लुंड को हाथ में पकड़े और पूनम के मुंह से लगाया, झट से पूनम ने उस्सको अपने मुंह में ले लिया… तब सविता ने थोड़ी दूरी रखा ताके उसस्के ससुर को पोजीशन मिले पूनम से चुस्स्वके को….

सविता तब पूनम के बगल में लेट गयी और ससुर अपने लुंड को पेलता गया पूनम के मुंह में….. तब तक सविता पूनम की चूचियों को चूस रही थी ससुर के लुंड को पूनम के मुंह में एते जाते हुए देखते हुए…… पूनम को बेहद मज़ा ारः था सविता की छुवन से, और उस्सकी ससुर के लुंड को खा जाना चाहती थी उस वक़्त….. ससुर ने भी पूनम की एक बूब को हाथ से दबाया और निप्पल को दो उँगलियों में दबाया जिस से पूनम मुंह में लुंड लिए हुए hi, “ह्ह्हम्मंगघ्घ्घग्गंमंगंगमम” किया……. दर्द और मज़ा एक साथ हो रहा था पूनम को… फिर ससुर ने एक हाथ को पूनम की छूट पर किया और ज़ोर से हाथ चलाने लगा पूनम की गीली छूट के ऊपर, जैसे एक टुकड़ा गोश्त पर हाथ मस्सल रहा tha…Poonam बेहाल होती गयी एयर लुंड को चोरर कर चिल्ला उठी….” आआआअह्हह्ह्ह्हह स्स्सस्स्स्सह्ह्शह्ह्हह्ह uuuuuuiiiiiiiiiii उउउउउउउफ्फ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ आआआआहहहहह” ससुर बड़े जोश में ज़ोरों से अपने हाथ से पूनम की छूट को मस्सल रहा था और पूनम सेह नहीं पायी और चिल्ला कर बोली, “अब इस्को मेरे अंदर डालो जल्दी मुझसे और नहीं सहा जाता ग़ुस्सादो इस्को मेरे अंदर अब देर मत करो जीई!!!!”

पूनम को उस हालत में देख कर सविता को तरस आया और बड़े प्यार से उसस्के गाल, मुंह, होंठ, बूब्स, पथ पर चरों तरफ चूमने लगी, बहोत hi प्यार से जैसे जब कोई बच्चा तरप रहा होता है तो माँ कैसे प्यार से उस्सको प्यार करती है उसस्के दर्द को कम करने के लिए उस वक़्त सविता वैसे बेहवे कर रही thi…wo एक औरत होते हुए एक औरत की तरप और पीड़ा को बेहतर समझती थी……

और तब तक पूनम का ससुर वहां आ चूका था और दरवाज़े के पास खड़ा पहले कुछ सुनने की कोशिश किया उस्सने. और खुद से गिरजानंद ने कहा, “कोई भी नहीं दिख रहा, अंदर होंगे सब… मगर मुझको धीरे से अंदर जाना चाहिए, अगर कुछ हो रहा होगा तो आवाज़ तो आएगी, सुनकर मुझे पता चल जाएगा के किआ हो रहा है अंदर….. कहीं साली पूनम छुड़वा तो नहीं रही सविता के ससुर से??!

तो बे कॉन्टिनोएड…………….
 
बहोत बहोत शुक्रिया भाई.

आप का इस थ्रेड पर दिल से स्वागत है दोस्त.

मुझे ख़ुशी हुई के आप को ये कहानी पसंद आयी

हाँ मैं ने एहि कहा कई दोस्तों से जो पूछ रहे थे के हीरो कौन है तो मेरा जवाब एहि था के इस में सब हीरो है, जब जिस्सकी बारी आये वही हीरो बनने :डी

हाँ पूरा हराम है घर pura...issi लिए तो टाइटल भी ऐसा रखा है नेह बाई के "ा फॅमिली इन्सेस्ट सागा"

आगे भी ज़रूर पढ़ना भाई.

एंड थैंक्स वैरी वैरी मच.
 
अपडेट 127

गिरजानंद वॉचेस आल

गिरजानंद को कोई रास्ता नहीं दिख रहा था अंदर जाने के लिए, सविता ने दरवाज़ा लॉक कर दिया था कमरे के अंदर जाने से पहले. वो बेताब था अब उसस्के यकीन हो गया था के पूनम को छोड़ा जा रहा होगा अंदर और वो फरफरा रहा था सब देखने के लिए, उस्सने उस मकान का चक्कर लगाया चारों तरफ कोई रास्ता अंदर जाने के लिए ढूंढ़ते हुए मगर कोई रास्ता नहीं दिखा….. घर के चरों तरफ चक्कर लगाने के बाद वो एक कमरे के खिरकी के पास रुका क्यूंकि उस्सको उस कमरे के अंदर आवाज़ें सुनाई दिए….. रुक कर उस खिरकी से कान लगाया गिरजानंद ने, और िस्सशहठ ह्म्म्मम्म में औरतों की आवाज़ें सुना उस ने….. बेकरार हो गया देखने के लिए, उसस्के समझ में नहीं ारः था के किआ हो रहा है क्यों औरतों की आवाज़ें सुनाई दिया उस ने सोचा के पूनम और कौन हो सकता है सविता के इलावा….

गिरजानंद का दिमाग़ नहीं काम कर रहा था, सोचा के आवाज़ देकर पूनम या सविता को फुकरे, मगर उस्सने फिर सोचा के अगर आवाज़ देगा तो अंदर वह सब रोक देंगे और कुछ पता नहीं चलेगा इस लिए वो उन् सब को करते हुए देखना चाहता था, मगर कैसे?! खिरकी से अंदर झाँकने की कोशिश कर रहा था मगर मुमकिन नहीं था कुछ अंदर देखने को पर्दा खिंचा हुआ था और शीशे की खिरकी थी….. गिरजानंद की तक़दीर बहोत अच्छी थी क्यों के उसी वक़्त पोस्ट मन आया और बाइसिकल की घंटी बजायी….. गिरजानंद मकान के बगल में था तो पोस्ट मन ने उस्सको नहीं देखा, गिरजानंद छुप गया और हाथ और पेयर इस्तेमाल करते हुए जानवर की तरह 4 पेयर पर चल कर मैं दूर के पास आया क्यूंकि कोई न कोई तो बहार आएगा पोस्ट मन से खत लेने के लिए…. और मैं दूर से गेट तक आंगन में चल कर जाने को था, तो गिरजानंद ने सोचा के जब कोई दरवाज़ा खोलके पोस्ट मन से मैं गेट तक लेटर लेने जाएगा तो वो घर के अंदर घुस कर छुप जाएगा, और वही हुआ…. कुछ देर बाद सविता का ससुर निकला एक लुंगी लपेटे हुए कमर पर, ऊपर छाती नंगा था. जब वो पोस्टमैन के बात करके किसी कागज़ पर सिग्न कर रहा था तो गिरजानंद घर के अंदर घुस गया और एक सोफे के पीछे छुप गया और सविता के ससुर को वापस आने का वेट किया.

सविता का ससुर जल्दी में था तो झपट के अंदर वापस गया लेटर को मेज़ पर फेंक कर कमरे में घुस गया…. कमरे का दरवाज़ा लकड़ी का बना हुआ था और बीच में अंदर देखने के लिए छोटा सुराग था जहाँ से गिरजानंद ने सब कुछ देखा.

अपनी बहु को सविता के साथ बीएड पर नंगी देख कर गिरजानंद को शकक नहीं लगा क्यूंकि वो कुछ ऐसा hi एक्सपेक्ट कर रहा था बाहर से आवाज़ें सुनने के बाद. जिस जगह से अंदर झांक रहा था वहां से गिरजानंद को भी सविता और पूनम के गांड और छूट एक दूसरे से रगड़ते हुए दिख रहा था और सविता का ससुर भी नज़र ारः था उससे…..

क्यूंकि पूनम तरप रही थी और इंतज़ार कर रही थी लुंड को अपने अंदर लेने को तो सविता का ससुर फिरसे अपने लुंड को पूनम के मुंह के पास किया और सविता एक बगल हाथ गयी और पूनम के चूचियों को चुस्सने लगी जबकि पूनम लुंड चूस रही थी….. यह सब देखते हुए गिरजानंद ने अपने लुंड को हाथ में लिए सहलाने लगा अपने लुंड को…..

पूनम अब चिल्ला कर बोली, “मुझसे और नहीं सहा जाता मुझे यह अपने अंदर चाहिए अब दाल भी दो अंदर नाह क्यों सत्ता रहे हो?!!”

गिरजानंद को यह देखते हुए ताहजुब हुआ के पूनम कैसे इतने खुलकर लुंड मांग रही है सविता के ससुर से, लगता था के उस्का पुराण आशिक है वो…. पूनम तरप रही थी उस्सकी छूट पानी से बिस्तर के चादर भीगा चुके थे और सविता ने भी कहा, “पिताजी अब करो भी क्यों तारपा रहे हो पूनम को…..”

तब सविता का ससुर पोजीशन में आया पूनम के गद्रे जाँघों को फैलाते हुए, उन् के बीच ग़ुस्सा और सविता को बीएड से उतरने को कहा, सविता नंगी उतर के चल कर पूनम के सिरहाने तक गयी और अपनी छूट को पूनम के मुंह के पास किया….. उधर सविता के ससुर ने अपना लुंड ठुस्सा पूनम के अंदर और सिसकते हुए पूनम ने सविता के गार्डन को अपने हाथों में जाकर के उस्सकी छूट की पानी को अपने जीब से चाटना शुरू किया जिस्म को रेंगते हुए….

गिरजानंद मूठ मारने लगा दोनों जवान बहुओं के नंगी ताज़ा जिस्म को देखते हुए, सविता का ससुर जमके पूनम के दोनों जाँघों को अपने दोनों हाथों में उठके पकड़े हुए अपने कमर हिलाते हुए लुंड का ढाका बराबर देता जा रहा था पूनम की गीली छूट के अंदर…. पूनम ने सविता के छूट को चोरर कर आवाज़ दी ज़ोर से; “उउउउइइइ maaaaaaaaaaaaa आआअह्हह्हआआअह्ह्ह्हह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ और जल्दी और जल्दी ढाका दो आआआअह्ह्ह्हह पूरा के पूरा मेरे अंदर जाने दो लुंड को क्यों पूरा अंदर जाने से पहले hi खींच लेते हो baahar….iiisssssssshhhhhhh” बहोत बुरा हाल था पूनम का और गिरजानंद के मोठे लम्बे लौड़े की आदत पद गयी थी पूनम को तो सविता के ससुर का लुंड कम पर रहा था पूनम को….. गिरजानंद का लुंड अजीब hi था, अपने बेटों से भी बड़ा और मोटा था उस्का लुंड इसी लिए सभी बहुएं उस्सको पसंद करते थे मगर इस वक़्त पूनम का जी नहीं भर रहा था सविता के ससुर के लुंड से…. कम लग रहा था उस्सको वो लुंड क्यूंकि उस से बड़े और मोठे लुंड की आदत हो गयी थी उससे!! गिरजानद समझ गया के पूनम को सटिस्फैक्शन नहीं मिलेगी उस लुंड से और तरस ारः था उस्सको अपनी पूनम बहु पर उस वक़्त…..

फिर भी जब आग बढ़ रहा हो और एक लुंड जिस्म के अंदर हो तो कैसे भी आग बुझाने की कोशिश जारी होती है और सविता का ससुर को भी तजुर्बा था तो उस्सने यूँ किया के अपने एक हाथ को पूनम के छूट के ऊपर रगड़ने लगा, लगातार ढाका देते वक़्त….. पूनम बेहाल होने लगी ज़ोर ज़ोर से तृप्ति आवाज़ में सिसकारियां लेते हुए और सविता उस तरफ पूनम के चूचियों को मस्ले जा रही थी और निप्पल को उँगलियों से तो कभी जीब से रगड़ती जा रही थी और इधर लुंड का ज़बरदस्त ढाका और छूट के ऊपर हाथ की रागढ से पूनम कैसे नहीं झड़ती?!! एक जिस्म में इतने सारे स्पॉट्स पर इतने छुवन से तो किसी को भी ओर्गास्म अजानी थी और पूनम का पूरा जिस्म बीएड पर इस कदर हिलने लगी के पुरे बिस्तर हिलने लगा और लगता था के बीएड टूटने वाला hai…hanffte हुए सविता का ससुर बराबर ढाका देते जा रहा था और हाथ से पूनम के छूट का ऊपरी वाले हिस्से को ज़ोर से मस्ले जा रहा था….. गिरजानंद ने मूठ मारते हुए पिचकारी छोड़ दिए दरवाज़े पर और कपडे से पोंछने लगा पूनम को उस तरह से तड़पते हुए देख कर और आखिर में पूनम कसमसाते हुए बहोत ज़ोर से चिल्लाई; “आआआहहहाआआ!!!! इस्स्स्सस्छ्हःहस्सस्स ह्ह्ह्हआआआन्त्र मैं झड्ढ रहीए होऊं आआआआह उउउउउउफफ्फ्फ्फ़ उईईईईई मायआ बहोत मज़ाआ ारः HAIIIIIIIIIII!!!!! स्स्स्सस्स्स्शह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह!!!!”

पूनम के उस ओर्गास्म के दौरान पूरा बीएड ऊपर निचे हो गया, उस्सकी इतनी आग भर्की थी के सविता बीएड से उठकर एक तरफ हो गयी, सविता का ससुर खुद हकबका गया उस्सने कभी भी किसी औरत को इतनी गरम होते हुए नहीं देखा tha….iss पूनम की आग को बुझाना इतना आसान नहीं tha…magar बहोत मज़ा आया सविता के ससुर को पूनम को छोड़ते hue…bahot hi मस्त जिस्म और छूट है उस्सकी सविता के ससुर ने सविता से कहा….. वो इतना हांफ रहा था के उस्सको सांस लेने में मुश्किल हो रहे थे….. पूनम बेहाल पड़ी थी बीएड पर दोनों जाँघों और हाथ को पुरे बीएड पर फैलाए हुए, हांफती जा रही थी, उस्का पथ, छाती, और अनेक जिस्म के हिस्से हिल रहे थे सांसें लेते हुए….. सविता अपने बूब्स को मसलते हुए कुछ दूरी पर कड़ी अपने जीब पर होंठ मॉल रही थी अब वो गरम हो चुकी थी और छुड़वाने के लिए तैयार थी…..

गिरजानंद निकला घर से बाहर और दोबारा गेट का दरवाज़ा खोलके फुकरा; “आरी ो पूनम? सविता? कहाँ हो तुम दोनों कब से पूनम आयी है तेरे साथ घर वापस नहीं जाना किआ? मैं इधर से गुज़र रहा था तो सोचा तुमको लेता चलूँ!!...”

तो बे कॉन्टिनोएड………………….
 
अपडेट 128

बैक विथ सरजू पायल & ओठेर्स

सो अपडेट 111 से लास्ट अपडेट तक हम पूनम की दास्ताँ से जुड़े हुए थे. वो भी फ़्लैश बैक में थे अब वापस एते हैं …याद होगा सबको के हम ने अपडेट 111 में यह कहा था:

(सब को याद होगा के धानंद की पत्नी, रमेश की पत्नी, इन् दोनों बहुओं के बारे में कैसे ससुर से तालुकात बने यह सब अभी तक ज़िक्र नहीं किया गया है. और फिर कब और कैसे दोनों भाइयों में अपने अपने पत्नी के अदला बदली (स्वैपिंग) कब और कैसे शुरू हुवी इन् सब के बारे में भी अभी तक डिटेल्स में कुछ नहीं बताया गया है. तो दोस्तों कुछ दिनों तक या हो सकता है कुछ हफ़्तों तक हम सब पायल और कोयल को भूल कर कुछ साल पहले जाते हैं जहाँ धानंद की पत्नी पूनम नयी नवेली दुल्हन बनकर इस घर में आयी थी और जब उस वक़्त धानंद का बाप ज़्यादा जवान था और वह घर की पहली बहु थी!)

तो अब तक हमने पूनम के बारे में देखा के किश तरह से वो आयी थी अपने ससुर के घेरे में पद्मिनी की तो सबको पता hi है पहले से.

तो अब वापस आते हैं पायल उस्का बीटा सरजू, धानंद की बेटी कोयल, बीटा रोशन और बाकी लोगों के साथ और आगे बढ़ते हैं… यह मत कहना के अब उधर सविता प्यासी रह गयी…. क्यूंकि अब सविता इस नए लोगों के बीच आएगी साथ में उस्का ससुर भी…. बस उन् लोगों को यहाँ लाना था इसी लिए जब पूनम नयी दुल्हन थी तब कैसे सविता मिली थी पूनम से वो दिखाना था इस लिए हम पास्ट में गए थे. मगर अभी पूनम और पद्मिनी कैसे स्वैपिंग में पड़े थे भाइयों के बीच यह भी बताना है मगर यह जब इन् दोनों में से कोई पायल को बताएगी तब बात आगे बढ़ेगा और सब पता चलेगा. फिहाल सरजू और उस्सकी माँ से मिलते हैं इतने दिनों के बाद…..

सरजू कॉलेज से वापस अत है और उसस्के पीछे रोशन और कोयल भी आते हैं. अब तीनों एक hi कॉलेज जाते हैं. रोशन और कोयल हायर क्लासेज में हैं और सरजू लोअर में. कोयल और रोशन के बीच जो कुछ है सब सरजू को पता है, मगर आज तक सरजू कोयल के साथ नहीं गया है मगर रोशन तो सरजू के माँ के साथ सो चुक्का है याद होगा आप सबको हॉस्पिटल वाली बात जब रोशन एडमिट हुआ था और पायल रहने गयी थी उसस्के साथ…. उसस्के बाद रोशन ने कुछ नहीं किया था अपने सबसे छोटी चची के साथ…. सब को याद रहे के तीनों बहुओं में से पायल सब से जवान और सबसे बहोत ज़्यादा खूबसूरत है और कमाल की जिस्म है उस्सकी. अब भी 20 की दिखती है, किसी को यकीन hi नहीं के वो सरजू की माँ है… जब वो और सरजू कभी बाहर कहीं जाते हैं तो लोग समझते हैं के वो और सरजू भाई बेहेन हैं. पायल सरजू की बड़ी बेहेन दिखती है…. याद है सरजू के दोस्तों ने किआ कहा था जब सरजू को अपनी माँ के साथ देखा था तो? सब उस्सकी माँ को लाइन मार रहे थे…. और खुद सरजू से कहा था के उस्सकी माँ कितनी सेक्सी और हॉट है स्कूल में….

तो इस दिन को जब तीनों कॉलेज से वापस आये तो पायल के इलावा कोई भी घर पर नहीं थे. सरजू सीधे किचन में गया हर रोज़ की तरह अपनी माँ के गले लगे और थोड़ी सी चाय पिया बैग पीठ पर लाडे हुए… पायल ने उस्सकी बैग निकाल कर कमरे में रखने को गयी तो बीच में रोशन और कोयल मिले जिन्हों ने पुछा के सब कहा हैं! पायल ने तब कहा के सब के सब एक फ्यूनरल में गए हैं शहर. पूनम चची की कोई रिश्तेदार का देहांत हो गया है तो सब वहीँ गए हुए हैं रात को वापस आएंगे. यह सुनने के बाद रोशन ने कोयल को और कोयल ने रोशन के चेहरे में सीधे देखा और पायल भी समझ गयी के क्यों वह दोनों एक दूसरे को वैसे देख रहे हैं उस वक़्त. पायल को तो सब पता था दोनों के बारे में. तो धीरे से पायल ने रोशन से कहा, “जा मौज कर अपनी बेहेन के साथ आज पूरा मौका है तेरे लिए!!” रोशन थोड़ा सा शर्मा सा गया और भाग निकला वहां से….. वो था तो शर्मीला और कोयल था उस्सको हमेशा हौसला देने वाली….. उस वक़्त सरजू को किसी बात का पता नहीं चला था , वो तो किचन में बैठा चाय पी रहा था…..

जब पायल वापस किचन में गयी तो सरजू अपनी माँ को हमेशा की तरह ऊपर से निचे निहारने लगा और सोच रहा था के क्यों उस्का दादा आज आस पास नहीं दिखाई दे रहे हैं क्यों के वो तो पायल को कभी अकेली नहीं छोड़ता था किचन में…… सरजू ने याद किया किश तरह से जब वो छोटा था तो अक्सर दादा को उस्सकी माँ को किचन में पकड़ते हुए देखता था जब उस्का बाप व्हीलचेयर पर पड़ा रहता था…. उन् दिनों सरजू को समझ नहीं रहा था क्यों उसस्के दादा उस्सकी माँ को वैसे जकार्ता था बाँहों में और चूमता था वो भी छुप छुप कर…. और जैसे वह लोग सरजू को देख लेते थे तो रुक जाते थे….. तो बस सरजू ने सवाल किया; “दादा नहीं दिख रहा आज मां!” पायल मुस्कुरायी और मुड़कर सरजू को देखते हुए कहा; “क्यों? तू खुश नहीं के वो आज नहीं है? तुमको तो खुश होना चाहिए नाह वो तेरा हिस्सा मारता रहता है तुमने कहा था!”

सरजू किचन के दरवाज़े के पास गया बाहर देखने फिर मुड़कर पायल से कहा; “हिस्सा तो मारता hi है मेरा दादू, तुम तो पापा के बाद सिर्फ मेरी हो, मगर वो बड़ा है तो उस्सको कुछ नहीं कह सकता मैं, उस से पहले तो तुमको मेरी होना चाहिए था, मगर उस्सने तुमको मुझसे पहले चीन लिया मैं छोटा था कुछ नहीं कर सका!”

पायल: “हम्म अब बड़े जाता रहे हो मगर उसस्के साथ मुझको शेयर भी किया था तुमने तब तो बड़ा मज़ा आया था तुझे हम्म? क्यों रे?”

सरजू: “ोफो मां उस में मेरी किआ ग़लती है भला?”

पायल: “हाँ जानती हूँ इस घर के सभी मर्दों का एक hi खून है सब बराबर हैं और सबकी ख्वाहिशें एक जैसे हैं सब के! तुम्हारा भी बिल्कुल उन् लोगों की तरह hi है!!”

सरजू: “किसी ख्वाहिशें माँ?”

पायल: “वही एक घर की औरत को दूसरों के साथ देखना, हर एक घर की औरत को अपने लिए रखना और घर के दूसरे मर्दों से शेयर karna…yeh चाहत तुम सब मर्दों में एक जैसा है इस घर में सिवाए तेरे पापा के. वो अकेला ऐसा नहीं था…. बाकी तेरे दादा से लेकर तुम तक सब एक जैसे हो सब के सब!! और हम औरतों को लत्त लगा दिया है तुम मर्दों ने!!”

सरजू मुस्कुराते हुए सर को निचे करके ेंखों को ऊपर उठाके चोरी चोरी अपनी माँ को देख रहा था और कहा; “हम्म और दोनों चाचा भी!! हीहीही!!”

पायल ने खूब देखा किश तरह सरजू शैतानी कर रहा था उसस्के देखते हुए फिर कहा; “इस घर में कोई दूध का धुला नहीं सब बराबर हैं!”

सरजू ने अचानक कहा; “मां और रोशन भैया? बोलो बोलो उसस्के साथ किआ तुम ne….bolo नाह!!”

पायल ने मुस्कुराते हुए हॉस्पिटल में रोशन के साथ गुज़ारे वक़्त याद किया और सरजू के पीठ पर एक चपत मारते हुए कहा, “क्यों तुझे बताऊँ मैं हम्म?”

सरजू: “वो तो कोयल का दीवाना है कॉलेज में सिर्फ कोयल पर नज़र रखता है और मुझको भी कोयल पर नज़र रखने को कहता है, कभी कभी जान बूझकर मुझको कोयल के साथ रहने को कहता है ताके दूसरे लड़के कोयल से बात नाह करे! बहोत जलता है जब कोई भी लड़का कोयल से बात करता है!!”

पायल: “हाँ मुझे पता है!”

सरजू: “किआ तुमको सब पता है?”

पायल : “और नहीं तो किआ? भूल गया फार्म हाउस में?”

सरजू: “अरे हाँ!! तुमको पता है !... मगर मां किआ रोशन और तुम ने कभी एक साथ बोलो नाह माँ!”

पायल: “देखा!! एहि तो कह रहा हूँ के तुम सब मर्द इस घर के एक जैसे ho…tumko यह जान्ने की चाह है, सब जानना चाहते हो तुम सब और देखना चाहते हो एक दूसरे को एक औरत के साथ!!”

सरजू: “मगर मैं ने तुमको रोशन के साथ कभी नहीं देखा बाकी सब के साथ देख चुक्का हूँ, एक करो आज मां, आज तुम मेरे खातिर रोशन के साथ जाओ प्लीज मैं देखना चाहता हूँ उस्सको तुम्हारे साथ!!”

पायल: “अरे पागल वो तो खुश है के आज कोई नहीं है घर पे और इस वक़्त कोयल के साथ मज़ा कर रहा होगा जाकर देख दोनों किआ कर रहे होंगे?!!”

सरजू: “ऐसी इतनी जल्दी कॉलेज से एते hi? चाय वग़ैरा नहीं पिया दोनों ने मैं तो इंतज़ार कर रहा हूँ के दोनों यहाँ आए….!!”

और तभी कोयल और रोशन किचन में दाखिल होते हैं चाय के लिए!

तो बे कॉन्टिनोएड…………………..
 
अपडेट 129


कॉन्टिनोएड आफ्टर 6 इयर्स… थिस अपडेट वास् नेवर रिटेन इन 2013 – इतस नई जस्ट स्टार्टेड तो कॉन्टिनोएड थिस सागा एंड वे दो नॉट हैवे मच तो जो तो रीच थे एन्ड ऑफ़ थिस सागा!

सरजू: “ऐसी इतनी जल्दी कॉलेज से एते hi? चाय वग़ैरा नहीं पिया दोनों ने मैं तो इंतज़ार कर रहा हूँ के दोनों यहाँ आए….!!”

और तभी कोयल और रोशन किचन में दाखिल होते हैं चाय के लिए!

अब आगे……….

साजू: “अरे मैं तुम दोनों का hi वेट कर रहा था, कहाँ थे इतने देर तुम दोनों, देखो मां ने चाय बना दिए गरमा गरम है पी लो!”

सरजू के मैं में तो सिर्फ एहि ख्वाहिश थी के वो अब अपने मम्मी को रोशन के साथ लव मेकिंग करते हुए देखे, मगर उसस्के समझ में नहीं ारः था कैसे कोयल को बीच में से हटाए….

कोयल और रोशन दोनों बैठे चाय पी रहे थे और एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे क्यूंकि दोनों को एक साथ वक़्त गुजरने के लिए मिल गए थे, दोनों डायरेक्ट बीएड पर hi जाने वाले थे सेक्स करने, और वही सोचते हुए दोनों के मैं में लाडू फुट रहे थे. सरजू ने भी देखा के किश तरह से दोनों खुश हो रहे थे और वो समझ गया के दोनों उतावले हो रहे हैं सेक्स करने के लिए.

उस्सने अपनी माँ के कान में धीरे से कहा, “माँ तुम किसी तरह से कोयल को रोको नाह, फिर मैं यहाँ उस्सको बिठाये रखूँगा और तुम रोशन के साथ चली जाना हमारे बैडरूम में, अंदर से दर्व्वाज़ा लॉक मत करना मैं देखने आऊंगा, कोयल बाथरूम चली जाएगी तो….”

अब, जब कोयल और रोशन ने सरजू को उस तरह से अपनी माँ के कान में बात करते देखा तो वह दोनों समझे के सरजू अपनी माँ के साथ सोने के लिए बात कर रहा है और दोनों एक दूसरे को देख कर और भी मुस्कुराने लगे थे …..

पायल ने सरजू को बाहर बुलाते हुए कहा, “तू पागल है मैं ऐसा नहीं कर सकती, कैसे मैं रोशन को अपने पास बुलाऊँ?”

तो सरजू बोलै, “अच्छा तू अपनी कमरे में जा मैं रोशन को भेजता हूँ तेरे पास. तू जा न मां!”

पायल चली जाती है अपनी रूम में; फिर कोयल के सामने आकर सरजू ने रोशन से कहा, “रोशन भाई मां तुमको बुला रही है, कोई काम है तुमसे जाकर देखना ज़रा!”

कोयल रोशन को जाते हुए देख कर धीरे से कहा, “मैं रूम में वेट करुँगी ठीक है?!” रोशन ने हाँ में सर हिलाया और चला गया पायल के कमरे में. तब तक कोयल ने चाय ख़तम किया और अपने कमरे में जाने से पहले सरजू से पूछा, “तेरी मां ने क्यों बुलाया भाई को?” तो सरजू ने कहा, “पता नबीन कोई काम होगा नाह?!”

तो कोयल चली गयी अपने रूम में कॉलेज की यूनिफार्म उतार कर एक छोटी सी ड्रेस पेहेन लिया और पंतय भी उतार दिए क्यूंकि रोशन अक्सर उस्सको कहता रहता है के “मेरे आने से पहले तुम इस्को निकल दिया करो तो मुझे पता चलेगा के तुम को मैं कर रहा है….”

कोयल बीएड पर लेट गयी रोशन का वेट करते हुए.

उधर सरजू धीरे से अपनी माँ की रूम के पास जाकर कान लगाकर सुनता है के अंदर से कोई आवाज़ आये तब वो अंदर जाए. मगर कुछ भी नहीं सुनाई दे रहा था उस्सको.

सरजू ने अपने सर खुजाते हुए वेट किया और जब कुछ भी आवाज़ नहीं सुनाई दिया तो सरजू कोयल के कमरे में गया. जिस तरह से कोयल लेती हुई थी वो देख कर सरजू का लुंड फरफराने लगा उसस्के पंत में….. कोयल यह सोचकर के रोशन उस्सको वैसे देख कर बहोत खुश होगी उस्सने अपने दोनों टांगों को फैला दिया था और बिना पंतय के थी जिस से उस्सकी छूट साफ़ दिख रहे थे जैसे एक लुंड को अंदर लेने का इंतज़ार कर रही है….. कोयल ने कभी नहीं सोचा था के सरजू दरवाज़ा खोलेगा, और जब सरजू अंदर आया तो कोयल का सर ऊपर छत्त देख रही थी यह समझते हुए के रोशन अंदर दाखिल हुआ है….

सरजू खड़ा देखता रहा और अपने लुंड को पंत के अंदर दबाते हुए कोयल के चेहरे में देखा मगर वो तो ऊपर देख रही थी मुस्कुराते हुए, तो सरजू समझ गया के “वो समझ रही है के मैं रोशन हूँ…. मगर रोशन तो मम्मी के पास है, िस्सने मुझे देखा तो किआ सोचेगी?!”

तो सरजू ने गाला साफ़ किया जिस्सको सुनकर कोयल ने झट से बैठके अपने टांगों को माध लिया और सरजू के चेहरे में लाल चेहरे के साथ देखते हुए पूछा, “किआ हुआ सरजू रोशन कहाँ है?”

सरजू धीरे धीरे कोयल के तरफ बढ़ते हुए धीमी आवाज़ में कहा, “वो मम्मी के पास है तो मैं तेरे पास आया हूँ, आज हम दोनों इधर और वो दोनों उधर क्यों ठीक रहेगा नाह?”

कोयल ने हँस्ते हुए कहा, “बदमाश कहीं था, तू छोटा सा था मैं तुझे गॉड में खिलता था और आज तू मेरे साथ यह सब किआ रे सरजू बेशरम कहीं का!! मैं तेरी बेहेन लगती हूँ पागल!!”

सरजू तब तक उसस्के पास बैठ गया और उसस्के जांघ पर हाथ फरते हुए कहा, “रोशन भी तो तेरा भाई hi है नाह? तो मेरे साथ hi आज वो सब कर ले जो रोशन के साथ करती, किआ फरक पड़ेगा? एक चेंज भी करना चाहिए नाह लाइफ में कोयल दी!!” यह कहकर सरजू ने झट से कोयल के मुंह को अपने मुंह में लेकर उस्सको बीएड पर लेता दिया और कोयल लेट गयी सरजू के जीब चूस्ते हुए….

सरजू ने देख तो लिया था के कोयल ने पंतय नहीं पहनी हुई है तो किश करते हुए उस्सने अपने एक हाथ को कोयल की छूट पर किया और वहां सहलाते हुए उस्सकी ठीक छूट की चढ़ पर एक ऊँगली लगाया तो देखा के कोयल तो गीली हो गयी है अपने भाई के इंतज़ार में और अपने दो उँगलियों को सरजू ने थुश दिया कोयल के छूट के अंदर जो आसानी से घुस गए! कोयल ने एक तड़पती हुई आवाज़ किये और सरजू अपने उँगलियाँ चलाने लगा छूट के अंदर, जिस से कोयल की किश सरजू के मुंह में और भी ज़बरदस्त होने लगे, लगता था वो सरजू के जीब और होंठ को काट खाएगी जिस तरह से वो चुस्सने लगी थी उसस्के उँगलियों को अपने छूट के अंदर आते जाते हुए फील करके…..

फिर कोयल ने अपने हाथ को बढ़ाया सरजू के पंत के तरफ और उसस्के पंत खोलके निचे करने लगी किश बरकरार रखते हुए. और आहिस्ते आहिस्ते सरजू के पंत और अंडरवियर निचे पाए गए फर्श पर और सरजू चढ़ गया अपनी कौसिने सिस्टर के ऊपर जिस ने अपने दोनों टांगों को फैला दिए उसस्के लुंड को अपने अंदर लेने के लिए, अब भी किश बरकरार थे दोनों के!

सरजू ने अपने लुंड को पहले थोड़ा सा रगड़ा कोयल की छूट के ऊपर कमर हिलाते हुए, लुंड को कोयल की पानी से भिगोया उस्सने तब उस्सको कोयल के अंदर डाला सरजू ने…. कोयल ने तब किश ब्रेक करके अपने मुंह को खोला रखा सरजू के लुंड को अपने अंदर घूसस्ते हुए महसूस करते…. और एक लम्बी सांस लेते हुए कोयल ने थोड़ा चिलाते हुए कहा, “उफ्फ्फ मेरी माँ तेरा लुंड कितना मोटा और अम्बा है रे सरजू…. लगता है के दादा वाला घुस रहा है मेरे अंदर? तेरा और दादा का शामे साइज है किआ रे!! उफ्फ्फ्फ़ किआ ठुस्सा है रे मेरे अंदर तुम ने!! उफ्फ्फ!!”

सरजू को मज़ा आने लगा था क्यूंकि उस्सको कोयल की छूट टाइट लग रहा था, उस्सने कमर हिलना जारी रक्खा और ढाका देता गया एक से बढ़ कर एक….. कोयल हांफने लगी थी उसस्के निचे और लुंड के ढकों को रिसीव करते हुए कहती गयी, “हे सरजू मज़ा तो ारः है बहोत hi मगर किआ होगा अगर रोशन ने अचानक दरवाज़ा खोला तो?!” कोयल को छोड़ते हुए hi सरजू ने जवाब दिया, “अरे वो मम्मी को छोड़ रहा होगा वहां अभी कैसे दरवाज़ा खोलेगा, उस से पहले मैं एन्ड कर दूंगा यहाँ….”

और उस ने एन्ड किया भी ज़ोरों से ढकों को बढ़ाते हुए जिस से कोयल की चीख बाहर तक सुनाई दिए और सरजू ने अपने लुंड को कुछ इस तरह से पेला कोयल की छूट के अंदर के कोयल को लगा के उस्सकी पथ के अंदर एक ेउर चढ़ कर दिया साजू के मोठे, लम्बे लुंड ने!!

कोयल की ेंसू निकल पड़े जब सरजू ने लुंड बाहर निकाल के अपने पानी को उस्सकी पथ और छाती पर छोरा तो…. फिर आखिर में सरजू ने अपने लुंड को कोयल के मुंह के पास लगाया और कोयल उस्सको हाथ में पकड़ते हुए हैरान नज़रों से देखते कहा, “ारे बाप रे, इतना मोटा है तेरा इस उम्र में? इसी लिए तेरी माँ भी इस्को इतना पसंद करती है नाह अब मैं समझी के चची तुझसे क्यों चुदवाती है, कोई भी औरत ऐसे लुंड को हमेशा अपने पास hi रखना चाहेगी रे सरजू….. किआ गिफ्ट मिला है रे तुझे!! तू गॉड गिफ्टेड है रे छोड़ने के लिए हाहाहाहा!”

तो बे कॉन्टिनोएड……………..
 
अपडेट 130 पायल एंड सरजू

सरजू जल्दी से कोयल के साथ काम तमाम करके निकला और अपने माँ के रूम के दरवाज़े के पास जा रहा था कान लगाने और पहली hi उस्सकी माँ की आवाज़ सुनाई दिए उस्सको जो तड़पती और कहाणरर्ति जा रही थी और ऐसे आवाज़ें आ रही थी कमरे के अंदर से, “आआअह्ह्ह्ह स्स्स्सस्स्स्शह्ह्लष्शशश उउउउइइइइउउउइइउउउउइइइइइइ हहहयहहू uuuuuufffffffffff!” और तब तक कमरे के ज़्यादा क्लैरीब हुआ तो रोशन की आवाज़ सुना ढके दे रहा था उस्सकी माँ के अंदर और रोशन हांफते हुए यह बोल रहा था, “चची, बहोत hi मज़ा अत है आप के साथ आप तो हीरोइन हो चची इस घर की पक्का हीरोइन हो आप आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ग आआआआहहहहह छाछीइइइइइइइ!”

सरजू समझ गया के उस्सकी माँ पहली झड़ी और तुरंत बाद रोशन भी झाड़ गया, उस्सने तो अंदर से देखने को सोचा था मगर सोचा दोनों क्लाइमेक्स पर हैं और वो अचानक अंदर गया तो दोनों को चहुंका देगा इस लिए बाहर से hi सुना दोनों को, फिर भी वो कान लगाए खादर अहा वहीँ कुछ देर.

और उस्सने सुना रोशन को कहते हुए उस्सकी माँ से, “चची, हमारी कोयल आप से छोटी है उम्र में, जवान है मगर आप फिर भी उस से मच बेटर हो, ज़्यादा खूबसूरत, बेहतरीन अदाएं, कमाल का फिगर, और सबसे कमाल की आप की बॉडी है चची किआ बॉडी है आप की वाओ!! इसी लिए तो घरके सभी मर्द मार्फते हैं आप पर!”

सरजू की माँ कपडे पहनते हुए उस्सको जवाब दिया, “क्यों रे, और तेरी मम्मी? ुसस्पर नहीं मरता था तेरा डैड और चाचा किआ? और तू? अपनी मम्मी के करीब हुआ है कभी? उस्सको छुआ है के नहीं? तरय करना देखना वो भी तुझको खुश कर देगी! पूनम भी कमाल की चीज़ है और तेरी पद्मिनी चची उसस्के सात नहीं तरय किया तुमने किआ? या उसस्के साथ कर लिया और चुप चाप रहता है?!”

रोशन का चेहरा लाल हो गया यह सब सुनके और बाहर सरजू भी सब सुन रहा था. रोशन ने कहा के उस्सने कब्जी बी अपनी माँ को उस नज़र से नहीं देखा मगर हाँ उस्सने पद्मिनी चाही के चूचियों को कई बार देखा है, रोशन ने बताया के वो छोटा था तो उसस्के पिता एक दिन पद्मिनी चची को छोड़ रहा था और वो अचानक कमरे में घुस गया था तो उस्सने पद्मिनी चची को नंगा देख लिया था, और तब से वो पद्मिनी से हमेशा अपने जिस्म को रगड़ता रहता है मगर आज तक छोड़ा नहीं उस्सको….. तो पायल ने कहा, “वो भी तुझको मज़ा करने देगी मेरा यकीन कर, तरय करना फिर कहना मुझसे!”

रोशन ने कहा के वो ज़रूर तरय करेगा पद्मिनी चची के साथ. बाहर जब सरजू ने सब सुना तो उस्सने सोचा के वो भी तो अपनी पद्मिनी चची के साथ एन्जॉय कर सकता है अगर रोशन करेगा तो वो क्यों नहीं….. और तब सरजू ने अपनी बड़ी चची पूनम को भी सोचा मतलब रोशन की माँ को…. उस्सने सोचा अगर बड़ी चची भी देती तो बुसस कमाल हो जाता उस्का…. उस्सने सोच लिया के एक एक करके दोनों चाचियों को लगाएगा किसी भी तरह….. और सरजू ने यह भी सोचा के अगर रोशन मेरी माँ को छोड़ सकता है तो मैं उस्सकी माँ को क्यों नहीं….

जब थोड़ी देर बाद में रोशन कोयल के पास वापस गया तो कोयल ने उस्सकी तंग खिंचाई शुरू की के वो उस्सको चोरर कर अपने चची को खुश करने चला गया था और रोशन कोयल को सुनाता रहा के वो अपने भाई सरजू के साथ मुंह कला करती rahi…Aur उधर सरजू ने अपने माँ से पुछा के किआ रोशन से उस्सको मज़ा आया के nahin.To पायल ने कहा, “तू कितना बेशरम है रे सरजू, यह सब बातें माँ से करते हैं किआ?!”

सरजू ने कहा: “तो किआ हुआ? मैं यह पूछना छठा हूँ के जो मज़ा मेरे से करने में अत है किआ वही मज़ा तुमको रोशन से भाई आयी किआ?

पायल: “मुझे नहीं पता, मुझे ऐसे बात करने से लज्जा आती है!”

सरजू: “किआ माँ तुम भी नाह! करने में मज़ा और बताने में लज्जा किआ बात है वह!”

पायल: “चल चुप कर शैतान कहीं का!”

सरजू: “ाचा यह तो बता उस्का लुंड मेरे जितना है या कम है? जो प्लेअसुरे मुझसे या दादा से अत है वैसा hi मज़ा आया तुमको रोशन से भी बोल नाह माँ!”

पायल ने शर्माते हुए कहा, “सरजू मुझे बहोत शर्म आती है यह सब बातें करने से रे! तू क्यों पूछ रहा है यह सब?”

सरजू ने अपनी माँ को उसस्के पीछे से जकरते हुए और अपने लुंड को उसस्के नितम्बों पर दबाते हुए कहा, “मुझे इस लिए जानना है के मैं पता लगाना चाहता हूँ मेरा लुंड फॅमिली में सब से बड़ा है के नहीं!”

तब पायल ने हँस्ते हुए कहा, “ओह यह बात है, हाँ तो सुन, तेरा सबसे बड़ा है, तेरे दादा से भी, सबसे बड़ा तेरे दादा का था, अब तेरा उस से भी बड़ा है, सेकंड दादा का है और थर्ड है रोशन के पापा, तेरा धानंद चाहा, और फोर्थ है तेरा रमेश चाचा, और उसस्के बाद रोशन अत है!! तू फर्स्ट है रे सरजू, मेरा अनमोल रतन!!”

सरजू बहोत खुश हुआ और कहा, “हम्म इसी लिए कोयल इतनी हैरान हुई और रोने भी लगी थी!”

पायल: “किआ तू उसस्के साथ था? तुमने उसस्के साथ किया?”

सरजू: “हाँ मैं तो यहाँ आने वाला था तुम दोनों को देखने मगर, तुम लोगों ने शुरू नहीं किया था तो मैं गया कोयल से ऐसे hi मिलने तो वो अधनंगी रोशन का वेट कर रही थी करने के लिए तो मैं उस्सको वैसे देख के उत्तेजित हो गया और चढ़ गया उस पर हहहहए और उस्सने करने diya…jab मेरा उसस्के अंदर ग़ुस्सा तो वो चिल्लाने लगी जैसे के एक वर्जिन हो, और रोने लगी एन्ड होने तक और मेरे लुंड देख कर बहोत हैरान हुई और कहा, ‘अब मैं समझी तेरी मम्मी क्यों तुझे इतना चाहती है, कोई भी माँ तुझे नहीं चोररटा, तू गॉड गिफ्टेड है छोड़ने के लिए हाहाहाहाहा!!”

पायल मुस्कुराती रही यह सोचते हुए के कोयल ने सही कहा के वो अपने बेटे को अपने लिए रखना चाहती है क्युके जो ख़ुशी उस्सको अपने बेटे से मिलती है उसस्के पिता से भी नहीं मिली थी उतना ख़ुशी उस्सकी जिस्म को…..

यह शरीर भी किआ अजीब ो ग़रीब चीज़ है….. खाने से ख़ुशी मिलती है, पीने से ख़ुशी मिलती है, किसी को प्यार करने से ख़ुशी मिलती है, और सेक्स करने से और भी अजीब ख़ुशी मिलती है, वो ख़ुशी कुछ पल के लिए hi सही मगर पुरे शरीर तर ो ताज़ा हो जाते हैं जैसे एक रेगिस्तान की सूखे ज़मीन पर बारिश आकर उस्सको टर्र कर देता है, वैसा hi ख़ुशी महसूस होती है जब सेक्स से ओर्गास्म रीच होते हैं चाहे मर्द हो या औरत.

पायल सरजू के चेहरे में बहोत प्यार से देखते हुए सोच रही थी के उसस्के पति ने जाने से पहले उस्सको एक अनमोल तोहफा दे गया सरजू के रूप में. पायल यह भी सोच रही थी के उसस्के ससुर और जेठ से ज़रूर उस्सने शुरू किया था मगर ससुर की उम्र बढ़ रहे हैं और दोनों जेठ भी तो बूढ़े होंगे नाह, तब पायल के लिए तो सरजू रहेगा उस्सको वो ख़ुशी देने के लिए, शरीर की वो ख़ुशी जो सिर्फ एक लुंड दे सकता है, तो पायल के पास अपने सरजू का लुंड था जीवन भर के लिए… और साथ साथ पायल ने यह बी सोचा के और बी औरतें ज़रूर सरजू के ज़िन्दगी में आयेहिंगुए फिर भी वो सरजू से करती रहेगी, और सरजू भी कम से कम हफ्ते में एक बार तो अपनी माँ को ज़रूर छोड़ेगा, इस्सके पूरा यकीन था पायल को.

तो बे कॉन्टिनोएड……………
 
अपडेट 131 कोयल एंड रोशन इन कन्वर्सेशन

और उधर जब रोशन कोयल के पास गया तो पूछा, “सरजू तुम्हारे साथ था किआ?”

तो कोयल ने कहा, “और तू कहाँ था? चची के साथ मज़ा कर रहा था नाह?”

रोशन ने सर झुका लिया थोड़ा मुस्कुराते हुए तो कोयल ने कहा, “हम्म अगर तू चची के साथ एन्जॉय कर सकता है तो मैं क्यों सरजू के साथ नहीं कर सकती बोल?”

रोशन बोलै, “मैं ने मन थोड़ा hi किया? मैं ने तो सिर्फ पूछा नाह?”

कोयल: “तो पूछना hi नहीं चाहिए जब तू भी वही कर रहा था; okay बता कैसा लगा चची के सतह खूब मज़ा किया नाह तूने?”

रोशन: “हाँ यार किआ मस्त चीज़ है रे पायल चची, कमाल की औरत है, सेक्स बम है वो!”

कोयल: “हम्म मुझे पता है, किआ तुमको पता है के दादा, पापा, चाचा, सरजू सब उसस्के साथ खूब एन्जॉय करते हैं!”

रोशन: “व्हाट? सरजू? अपने माँ के साथ, सरजू अपनी माँ के साथ सेक्स करता है?!”

कोयल: “सस्शह्ह्ह आहिस्ता बोल नाह! हाँ किआ तुझे पता नहीं था?”

रोशन: “दादा और पापा के बारे में पता था, रमेश चाचा भी यह नहीं पता था और सरजू भी यह तो बिल्कुल hi नहीं पता था, तुझे कैसे पता? बता मुझे!”

कोयल: “उस दिन हम फार्महाउस गए थे नाह? तभी सब देखने को मिला था, सरजू और दादा दोनों ने एक साथ किया था पायल चची के साथ!!”

रोहन: “किआ? दादा को भी पता है के सरजू पायल चची के साथ करता है और उस्सने भी उसस्के साथ किया चची के साथ किआ कह रही हो तुम?!”

कोयल ने रोशन को समझाते हुए कहा, “इस फॅमिली में हर मर्द, घर के हर लड़की या औरत के साथ करते हैं! यह एक फॅमिली ट्रेडिशन है, इसी लिए तो हम दोनों भी करते hein…aur तुझे तो पता hi है के मेरे साथ भी पापा और दादा, और अब चाचा भी….. पता है नाह तुझे?!”

रोशन: “हाँ तेरा और दादा का तो मुझे सालों पहले से पता था, बाद में पापा का भी पता चला और चाचा का नहीं पता था अब तू ने बता दिया!”

कोयल: “तुझे कैसे पता चला था मेरा और दादा के बारे में?!”

रोशन: “अरे तू छोटी थी टीवी देखते वक़्त वो तुझे अपनी गॉड में लेता था तो तेरे ड्रेस के निचे तेरे जाँघों पर अपना हाथ डालता था तो मैं देखता नहीं था किआ? और जब तू उसस्के कमरे में होमवर्क्स के बहाने जाती थी तो वो अपने लुंड तेरे मुंह में डालता था, तू चुस्ती थी और वो रगड़ता था तेरी पंतय उतार के और अपना पानी चोररटा था तेरे जाँघों पर तो कई बार मैं ने छुप चुप के देखा है सब कुछ! तब तो पापा को भी नहीं पता था के दादा तेरे साथ किआ करता है क्यूंकि तब तो पापा सिर्फ पायल चची के पीछे लगा रहता था…”

कोयल: “हाँ मुझे पता था के तू छुप छुप के सब देखता होगा, कई बार जब मैं दादा के कमरे से निकली तो तुमको दरवाज़े के पास पाया…. मुझे पता था मगर यकीन नहीं था! शैतान कहीं का अपनी छोटी बेहेन को झांकता था तू!”

रोशन: “तुझे किआ पता के जब तू नींद में होती थी तो उन् दिनों को मैं तेरे साथ रात को किआ किआ करता था, कई बार तेरे सोते हुए में मैं ने तुझ पर मुठ मारा है, तेरी जाँघों पर अपना पानी चोर्रा है रागढ के….”

कोयल: “व्हाट? सच? मेरी किआ उम्र था तब?”

रोशन: “वही जिन दिनों तू दादा के कमरे से बाहर निकलता था तभी!”

कोयल: “बदमाश कहीं का, मुझे कैसे पता नहीं चला?!”

रोशन: “तू गहरी नींद में होती थी नाह इसी लिए, मैं वेट करता था जब तुझे बिल्कुल गहरी नींद लग जाये तब मैं वो करता था.”

कोयल: “फिर भी कैसे मेरी नींद नहीं टूटी थी?! अजीब बात है!”

रोशन: “और कभी कभी पापा तेरे बीएड पर अत था बीच रात में तब भी तो तू नींद में होती थी और वो सब करके चला जाता था तू सिर्फ अंगराईआं लेती थी!!”

कोयल: “वो तो मुझे पता होता था के वो किआ कर रहा है बीच रात में, तो तेरा कैसे नहीं पता मुझे?!”

रोशन: “हो सकता है तू यह समझती थी के मैं पापा हूँ इसी लिए तू कुछ नहीं करती थी हाहाहाहा!”

कोयल: “हाँ यह मुमकिन है के जब तू वो सब कर रहा होता भाई तो मैं समझी के पापा होगा…. “

फिर कोयल बीएड से उतर के अपने बाल बनाने गयी आईने के सामने तब रोशन ने उसस्के पीछे से उस्सको जाकर के किश किया, तो कोयल ने कहा, “किआ कर रहा है अब, तू अब तो नहीं कर पाएगा तुमने चची से कर जो लिया, मुझे अपने बाल बनाने दे नाह!”

रोशन बोलै: “अभी नहीं बीच रात में करूँगा तब तक फिर से तैयार हो जाऊंगा!”

कोयल बोली: “मैं तेरे लिए तैयार बैठी थी, मैं बिना पंतय के बीएड पर लेती हुई थी, जब सरजू अंदर आया तो मैं छत देख रही थी यह सोचते के तुम आये हो, और मेरे तंग ऊपर थे ताके तुम देख सको के मैं ने पंतय नहीं पहनी हुई है, मगर कौन वो सब देख रहा था? सरजू!! मैं उस्सको देख कर पानी पानी हो गयी और वो चढ़ गया बीएड पर फिर मैं कर भी किआ सकती थी, उससे करने देना पड़ा!!”

रोशन: “कोई बात नहीं आज रात को वो रेप्लस करूँगा करना, रात को भी बिना पंतय के सोना okay?!”

कोयल: “और तुझसे पहले पापा अंदर आया तो? तब वो देखेगा के मैं बिना पंतय के हूँ तो जैसे सरजू को मिला वैसे hi पापा को तुझसे पहले मिल जाएगा, वो समझेगा के उसस्के लिए बिना पंतय के सो रही हूँ!!”

रोशन: “तो कोई बात नहीं, पापा के चले जाने के बाद मैं चढ़ूंगा तुझ पर ठीक रहेगा नाह?”

कोयल: “किआ रे कितना करुँगी मैं, सरजू से कर लिया, तब पापा से करुँगी फिर तुमसे!! मुझको मार डालोगे तुम सब!!”

रोशन: “अरे पायल चची दिन भर में सभी मर्दों के साथ करती hai…wo भी तब से जब चाचा व्हीलचेयर पर ज़िंदा था, तबसे दादा और पापा उसस्के साथ करते थे….. मगर एक बात hai…agar पापा ने चची के साथ कर लिया तो तेरे पास तो नहीं आएगा नाह!!”

कोयल: “हम्म पापा नहीं तो दादा आ सकता है, नहीं तो रमेश चाचा भी तो ा सकता है नाह?!”

रोशन: “और अगर सब के सब पायल चची के पास गए तो?!”

कोयल, “सरजू सोता है अपनी माँ के साथ तो वह लोग तो वहां नहीं जाएंगे!”

रोशन: “अरे तुमने hi तो कहा के उसस्के साथ भी दादा करता है पायल चची के साथ, तो पापा और चाचा के साथ भी तो सरजू कर सकता है पायल चची के साथ!!”

कोयल: “हाँ यह भी सहीह है!..... रोशन, तुझे पता है सरजू का लौड़ा कितना मोटा और लम्बा है? उसस्के उम्र के हिसाब से एकदम मॉन्स्टर डिक है उस्का….. मैं झट से झाड़ गयी उसस्के छोड़ने से! इसी लिए चची भी उस से करना पसंद करती है रे…. पहले मैं ने सिर्फ दादा का लौड़ा इतना बड़ा देखा था, सरजू का दादा से भी बड़ा है उफ्फ्फ!!”

रोशन: “रियली? मेरे से भी बड़ा है उस्का किआ?” उम्र में मैं उस से बड़ा हूँ तो मेरे से ज़्यादा बड़ा कैसे है उस्का?!”

कोयल: “हीहीहीही तेरा सरजू का आधा भी नहीं है, बुरा मत मानना मगर तेरा दादा से भी आधा नहीं है….. उन् दोनों का बहोत hi बड़ा hai….kabhi स्कूल में टॉयलेट जाओ तो सरजू वाला देखना किसी बहाने तुमको शॉक लगेगा!”

रोशन: “अचछह ऐसा किआ? ठीक है देख लूंगा… हम्म इसी लिए सब उस्सको इतना चाहते हैं और तू भी…… चलो ठीक है वो मेरी बेहेन को लेता है तो मैं उस्सकी माँ को खुश करता हूँ, वैसे किआ तुझको पता है के हॉस्पिटल में hi मैं ने पायल चची से कर लिया था हहहहए!”

कोयल: “सच? अच्छा जिस रात को मुझे नहीं रहने दिया गया था और पायल चची रही थी तेरे साथ तो तुमने उसस्के साथ भी वही किया जो मेरे साथ किया था?!”

रोशन: “दर अस्सल वही चाहती थी, उसी ने मेरे जिस्म पर हाथ फर्र्ना शुरू किया और उस्सको पता चल गया था नाह के हम दोनों ने किया था तो उस्का मैं किया मेरे साथ करने को …तो हमने किया था……!”

यह था भाई और बेहेन के बीच वो बात चित, जब दोनों अकेले थे अपने कमरे में और जब सरजू ने रोशन का काम किया था और रोशन ने सरजू का…. उसस्के बाद जब रोशन वापस गया था कोयल के पास तो यह बातें हुई थी…..

तो बे कॉन्टिनोएड………….
 
अपडेट 132 अदला बदली कैसे शुरू हुई

तो उस रात को जब बाकी के घर के सदस्य वापस आये तो काफी रात हो चुकी थी और सब सोने चले गए थे. रोशन और कोयल अपने कमरे में बीएड पर एक साथ सोये थे करने के बाद. धानंद और उस्सकी पत्नी पूनम जब कमरे में दाखिल हुए तो उन् दोनों को साथ बीएड पर नींद में देख कर बाप ने माँ से मुस्कुराते हुए कहा, “देख दोनों छोड़ कर सोये हुए हैं!”

पूनम ने कहा, “तुम कौन सी दूध के धुले हो? तुम भी तो नहीं चोररटे अपनी बेटी को? तुम्हारा बाप भी नहीं चोररटा तो भाई कहाँ से चोर्रेगा? इस घर के सभी मर्द शामे हैं तो मेरा रोशन क्यों नहीं करेगा? और कोयल भी खुद चाही होगी तब नाह सोई है उसस्के साथ बिना पंतय के देखो!”

और अपनी पत्नी के सामने धानंद ने अपना नाक लगाया कोयल की छूट पर सूंघते हुए, तो पूनम ने उस्सको एक हल्का सा लाफा मारा यह कहते हुए, “हत्तो जी बेशरम कहीं का, मेरे सामने तो ऐसा मत करो, लेजाओ उस्सको उठाकर उस्सकी बीएड पर और करना है तो मेरे बाहर जाने के बाद करना, मैं चली नहाने!”

दूसरी तरफ, रमेश और पद्मिनी भी अपने कमरे में गए, दोनों सोने जा hi रहे थे के रमेश निकला टॉयलेट जाने के लिए तो देखा उसस्के पूनम भाबी नहाने जा रही है तो उस्सको कॉरिडोर में जकरा और किश करने लगा. तो पूनम ने धीरे से कहा उस्सको किश करते हुए, “अरे चोर्रो, पद्मिनी ने देख लिया तो? अभी वो भी बाहर निकल सकती है नाह!”

रमेश ने उस्सकी चूचियों को मसलते हुए कहा, “अरे उस्सको भेज दूंगा तेरे पति के पास आज चेंज कर लेते हैं नाह पत्नियों का!” और ठीक तभी धानंद निकला अपने कमरे से कोयल को उस्सकी बीएड पर सुलाकर तो देखा रमेश ने उस्सकी पत्नी को जकरा हुआ है और हँस्ते हुए कहा, “रमेश मैं तेरे कमरे में जाता हों पद्मिनी के साथ तू आज इस्सके साथ सजा ठीक है?!”

रमेश ने ख़ुशी से कहा “हाँ ठीक है जा तू!”

हाँ तो कब इन् दोनों ने अदला बदली शुरू किये थे अपने पत्नियों की. आज यह देखेंगे.

शुरू में तो धानंद की पत्नी थी और रमेश ने शादी भी नहीं किया था मगर अपने पूनम भाबी को छोड़ने लगा था वो छोर्री छुपे. अब वापस चेक किया जाए जीन लोगों को याद नहीं पूनम के बारे में. याद है शुरू में सब से पहले ससुर ने पूनम को पकड़ा था और कामयाब हुआ था उस्सको छोड़ने में? वही सविता वाली episode. पूनम तब जवान और बेहद खूबसूरत थी और घर की पहली बहु थी. याद है कैसे ससुर ने उसस्के सामने मुठ मारा था और पूनम पिघल गयी थी और ससुर से शुरू किया था उस तरह से उस्सने, और सविता के ससुर के साथ भी गयी थी…..

तो एक दिन रमेश काम से सवेरे वापस आया था जब उस्का बड़ा भाई धानंद काम पर था, उसस्के पिता भी बाहर था, सिर्फ उस्सकी माँ और पूनम घर पर थे. तब तो किसी का बचा भी नहीं था. रमेश की माँ सोई हुई थी दिन के 2 बजे थे और पूनम भी अपने कमरे में लेती हुई थी जब रमेश अचानक अंदर आया और कहा, “भाबी किआ हो रहा है? सब घर में सोये हुए हैं किआ? शुक्र है आप नन्द में तो नहीं हो!”

पूनम, “क्यों देवर जी? आज इतनी जल्दी कैसे वापस आगये आप?!” उन् दिनों पूनम ने शुरू hi किआ था ससुर के साथ करना….. और पता नहीं क्यों रमेश को उस दिन करने का बड़ा मैं किया और अपने पूनम भाबी को झट से जाकर कर किश करने लगा उस्सकी बीएड पर. पूनम क्यूंकि ससुर से करवा चुकी थी तो उस्सने ज़्यादा ज़ोर नहीं किया रमेश के चुंगल से निकलने की मगर रमेश को किश करने दिया उस्सने. और जब रमेश ने देखा के भाबी मन नहीं कर रही है तो उसस्के ऊपर चढ़ गया बीएड पर और उस्सकी ब्लाउज खोलके उस्सकी चूचियों को चुस्सने लगा तब पूनम ने कहा, “क्यों देवर जी प्यास लगी है दूध पीना है किआ? दरवाज़ा तो बांध कर देते माँ जी सुन लेगी और इधर आगयी तो मैं किआ मुंह दिखाउंगी?!”

रमेश बहोत hi खुश हुआ के जवान भाबी मान गयी छुडवान्वे के लिए, उस्सने तो सपने में भी नहीं सोचा था के उस्का पूनम भाबी मान जाएगी इतनी आसानी से. एक तो वो जवान थी, 6 महीनों से ब्याही हुई थी इस घर में, और सिर्फ 2 साल रमेश से बड़ी थी… तो जवान खून थे दोनों तरफ और पूनम के मैं में बात यह थी के बूढ़े ससुर से छुड़वा चुकी थी तो अब एक अपने से कम उम्र वाले से करने में किआ मज़ा है वो बी देखना चाहती थी

दरवाज़ा बंद करने के बाद रमेश चढ़ गयी अपनी पूनम भाबी पर और और एक एक करके धीरे धीरे उसस्के सार कपडे उतारे जो पूनम ने उतारने दिया बल्कि मदद भी किया कपडे निकालने में, और पूनम ने खुद अपने देवर को नंगा करके उसस्के लौड़े को चुस्सना शुरू कर दिया… रमेश तो जैसे सातवां आसमान पर था उस वक़्त…. और आखिर में दोनों ने सम्भोग कर hi लिया उस दिन पहली बार….

तो इस तरह से रमेश ने पहली बार धानंद की पत्नी को छोड़ा था.

तो अब धानंद ने कब रमेश की पत्नी को छोड़ा और वो कैसे शुरू हुआ?

धानंद की शादी 3 साल बाद हुआ. मतलब 3 सालों तक उस्सने अपने पूनम भाबी को खूब छोड़ा और वो धानंद को भी पता चल गया और तभी उस्सने एक दिन रमेश से कहा था के , “देख तेरा और पूनम का किआ रिश्ता है मैं जान चूका हूँ. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं के तू उससे छोड़ता है, अरे डैड भी छोड़ने लगा है उससे, तब भी मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं सब ेश करो ठीक है मगर रमेश एक बात सुन जब तेरी शादी हो जाएगी तब मुझे तेरी पत्नी को भी छोड़ने देना ठीक है? हम अदला बदली करेंगे, जब तेरी शादी हो जाएगी तो पहले कुछ दिनों तक तू अकेले छोड़ना अपनी पत्नी को मगर उस्सको बिल्कुल समझा देना के इस घर में सभी मर्द से उस्सको शेयर किया जाएगा, फिर एक दिन हम चारों साथ मिलकर करेंगे और बाद में तुम पूनम के साथ सोना और मैं जाऊंगा तेरे कमरे में तेरी पत्नी के साथ बड़ा मजा आएगा बोल मंज़ूर है के नहीं!

रमेश तुरंत मान गया था उसी रोज़.

और पद्मिन की कहानी तो आप सब जानते hi हो यारो. उस्सको तो खुद अपने बेटे से शादी करने से पहले रमेश के बाप ने खुद उस्सको छोड़ दिया था वो भी पद्मिनी खुद अपने बाद से 4 सालों तक चुदवाती थी. तो पद्मिनी के लिए अदला बदली करना कोई भी बड़ी बात नहीं thi…wo तो पूनम से भी बढ़कर थी चुदाई के मामले में और उस्सको कोई प्रॉब्लम नहीं हुई जब रमेश ने उस से कहा के उस्का बड़ा भाई उसस्के साथ सोना चाहता है और वो अपने भाबी के साथ सोने जाएगा. पूनम तो पहले hi ससुर से छुड़वा चुकी थी, तो अब कौन सी बड़ी बात थी उस्सको अपने जेठ से छुड़वाने को? वो तो ख़ुशी ख़ुशी राज़ी हो गयी.

तो इस तरह से एक रात को दोनों भाइयों ने एक साथ एक hi कमरे में अपनी अपनी बीवी को छोड़ते हुए चेंज किया था… एक hi बीएड पर, रमेश पद्मिनी को छोड़ रहा था और धानंद पूनम को, तो दोनों भाइयों ने बदलने का फैसला किया और धानंद गया पद्मिनी के ऊपर और रमेश गया अपने पूनम भाबी par…aur जमके चुदाई किये चरों ने उस पहली रात की अदला बदली की रात ko…swapping किये थे सब ne…Dhanand को तो बड़ा hi मज़ा आया था अपने छोटे भाई की जवान बीवी को छोड़ते हुए, वो 7 साल उम्र में धानंद से छोटी थी….

बहोत hi मज़ा आया था धानंद को, और उस रात के बाद किसी भी दिन, किसी भी टाइम कोई भी किसी एक के पत्नी के साथ पाया जाता था बैडरूम में… किसी दिन तो ऐसा होता के धानंद घर अत तो देखता रमेश उसस्के बिस्तर पर उसस्के पत्नी के साथ है तो वो चला जाता पद्मिनी के कमरे में और उसस्के साथ रात बीतता….. इन दोनों बाइयों के लिए जैसे एक परमानेंट कर्मा नहीं था जब चाहे इस कमरे में नहीं तो उस कमरे में रात बिताते थे दोनों!

ऐसा होता था इन् दोनों भाइयों और इनके पत्नियों के बीच.

तो बे कॉन्टिनोएड……….
 
अपडेट 133 – सरजू, हिज मदर एंड रोशन

तो एक हुआ यह के सरजू अपनी माँ के साथ रात के कोई 10 बजे टीवी देख रहा था जब रोशन भी आया अपने होमवर्क्स करने के बाद उन दोनों के साथ बैठने. बाकी के लोग सोने चले गए थे उस रात को क्यूंकि सरजू एक फुटबॉल मार्च देखना चाहता था,

अक्सर जब पायल और सरजू लाउन्ज में बैठते थे तो सरजू का दुलार अपने माँ के साथ कभी उसस्के सीने से सत् के बैठता या उस्सकी गॉड में सर रख कर टीवी देखता था.

जबसे सरजू के दादा और चाचाओं को पता चला के सरजू बी पायल के साथ करता है तो उन सब केन ाज़ार इन् दोनों पर हमेशा रहते थे. सब छुप छुप कर दोनों को देखा करते थे.

तो इस रात को भी धानंद और रमेश टीवी देखने के बाद जब अपने कमरे के तरफ जा रह ईथर तो दोनों भाइयों ने एक दूसरे से धीरे से कहा था के उन् दोनों को देखना कैसे लाउन्ज में अभी एन्जॉय करेंगे….. तो रोशन के वहां आने से कुछ देर पहले दोनों भाई एक hi रूम से बात करते हुए दोनों को देखते हुए कुछ ऐसे बातें कर रहे थे…..

धानंद: “देख देख, खुद पायल ने उसस्के सर को अपने छाती से लगाया और अपने होंठों को डेंटन में चबा रही है….

रमेश: “अरे पायल की पल्लू निचे है, उस्सको पता है फिर भी बेटे को अपनी बूब पर दबा रही है रे!”

धानंद: “देख सरजू ने अपने तंग, जांघ को अपनी माँ के जांघ पर कर लिया है!”

रमेश: “साला कितना लकी बीटा है वो!”

धानंद: “खुद पायल भी तो ढील दे रही है नाह उस्सको तो किआ करेगा?”

रमेश: “साला पायल का मैं नहीं भरता कभी किआ? पिताजी से, तुझसे, मुझसे, सब से तो चुदवाती है फिर भी सरजू के साथ ऐसे कर रही है के बरसों से लुंड नहीं खायी है उस्सने!”

रमेश: “अरे आज से नहीं, सरजू बचा था, तब से पिता जी उस्सको छोड़ रहा है, तुम और मैं ने भी कितने साल पहले उसस्के साथ करना शुरू किया, तबसे आज तक सब के साथ बराबर करती है फिर भी सरजू के साथ भी, वह, किआ चीज़ है नाह?!”

धानंद: “जवानी का तकाज़ा है भाई, और उस में बहोत गर्मी है रे…. उस्का मैं सच में कभी नहीं भरता…..!”

रमेश: “हाँ भाई, इतनी खूबसूरत औरत, जिसस्ने शादी करने से पहले हमारे भाई ने छोड़ दिया था, उस्सकी छोटी उम्र में hi तो आग तो भड़केगी hi नाह भाई, इतनी सेक्सी है, उस्सकी जिस्म कितनी खूबसूरत है, हर अंग तराशा हुआ है उस्का, उस्सकी बॉडी में एक भी कमी नहीं hai…kaun कहेगा के वो एक बेटे की माँ है? साली पता नहीं और कितने सालों तक ऐसे चुदवाती रहेगी…. मगर सच में उस्सको छोड़ने से हमारा भी तो मैं कभी नहीं भरता है नाह भाई?!”

धानंद: “सच है रे! मैं तो अपनी पत्नी को चोरर के पायल को हर रात छोडूं, और तू?!”

रमेश: “बराबर है भाई बराबर!”

धानंद: “जब तेरी पद्मिनी से मैंने शुरू किया था तब सोचा था के उस से बेहतर मुझे कभी कोई मिल hi यहीं सकता, मगर जब से पायल आयी नाह इस घर में तबसे कोई बेहतर दिखा नहीं आज तक मुझे!”

रमेश: “साला तुमने मेरे मुंह की बात चीन ली रे…. मैं पूनम भाबी के बारे में ऐसा hi कहने वाला था हाहाहाहा!”

तो ऐसे बातें किया जा रहा था पायल और सरजू के बारे में….

अब जब रोशन वहां जाकर बैठा तो देखा किश तरह से उस्सकी पायल चची की ब्लाउज के ऊपर के दो बटन खुले हुए थे और सरजू के गाल उस्सकी बूब्स पर थे टीवी देखते वक़्त तो उस्का खड़ा तो हुआ और वो थोड़ा ऐम्बर्रास भी हुआ यह सोच कर के वो उन् दोनों को शायद डिस्टर्ब कर रहा है.

रोशन ने उसी काउच के एन्ड वाले कोने पर बैठा और कबि टीवी देखता तो कभी उन दोनों को. पायल उस्सको देख कर मुस्कुरायी, और सरजू ने उस वक़्त अपने लुंड को पंत के अंदर से hi अपनी माँ की जांघ पर दबाते हुए थोड़ा रागढ भी रहा था तो रोशन को वहां आते देख कर उस्सने रगड़ना बांध किया मगर अपनी माँ के छाती से सर नहीं हटाया.

कुछ देर बाद सरजू ने कहा, “रोशन तू इतना दूर क्यों बैठा है, इधर तो आ यार पास में!”

रोशन ने कहा, “अरे नहीं ठीक है नाह!”

तब पायल ने भी रोशन को देखते हुए हाथ के इशारे से करीब आने को कहा. और सरजू ने धीरे से अपनी माँ से कहा, “उस्सको भी बुलाओ नाह यहाँ मां!”

पायल ने कहा, “बुला तो रही हूँ…”

मगर रोशन हिचकिचा रहा था उन् दोनों के पास जाने से…. तो सरजू ने रोशन को दिखाते हुए अपनी माँ की ब्लूए की एक और बटन को खोला रोशन के चेहरे में देखते है और ेंख के इशारे से अपनी माँ की चूचियों को दिखाया रोशन को…. रोशन ने मुस्कुराते हुए अपने लुंड को पंत के अंदर संभाला और सरजू के हरकतों को देखता गया….. पायल समझ रही थी के सरजू किआ कर रहा है, वो रोशन को एक्साइट कर रहा था अपनी माँ की जिस्म दिखाते हुए और रोशन को इन्विते कर रहा tha…Paayal भी मुस्कुराते हुए रोशन के तरफ देख रही थी….

फिर सरजू ने चौथा बटन खोला अपनी माँ की ब्लाउज की और धीरे से कहा, “माँ तेरी ब्लाउज निकाल दूँ? निकल देता हूँ तब तुम अपनी पल्लू को ऊपर ब्रा पर कर लेना ठीक है?!”

पायल ने सिर्फ मुस्कुराकर जवाब दिया अपने सरजू को…. और सरजू ने आहिस्ते आहिस्ते अपनी माँ की ब्लाउज निकला रोशन को दिखाते हुए, रोशन सच में बहोत hi एक्साइट होने लगा जब देखा कैसे सरजू अपनी माँ की ब्लाउज धीरे धीरे निकाल रहा है… और सरजू ने ब्लाउज को रोशन के चेहरे पर फेंका….. पायल हंससने लगी और रोशन से कहा, “ला मेरा ब्लाउज इधर ला दे बीटा!”

रोशन अपनी चची की ब्लाउज को हाथ में लेकर पहले चारिन तरफ देखा पीछे भी तब उठा और ब्लाउज लेकर उन् दोनों के पास जाते हुए कहा, “सरजू, तू पागल है किआ? अगर कोई आगया तो?! अभी कोई भी सोया नहीं है!”

पायल ने पल्लू को ऊपर नहीं किया उस्सकी आधा से ज़्यादा क्लीवेज सामने थे, जिस पर साढ़ू ने अपने होंठ चलना शुरू कर दिया रोशन को दिखाते हुए और कहा, “अरे कोई भी आये किआ फरक पड़ता बाई सबको तो पता है नाह अब!”

रोशन ने कहा, “और अगर मेरी माँ या कोयल या पद्मिनी चची आगये तो?!”

सरजू ने बूब्स को किश करते हुए कहा, “हमारे घर में महिलाएं एक बार बैडरूम में घुस्सने के बाद सिर्फ सुबह को hi निकलते है सही कहा नाह भाई?!”

रोशन वहां खड़ा देख रहा था सरजू को अपनी माँ के बूब्स को चूमते हुए…. तो पायल ने अपने हाथ बढ़ाते हुए रोशन का हाथ पकड़ा और अपने पास खिंचा उस्सको भी.

रोशन भी बैठ गया उसी काउच पर उन् दोनों के पास तब सरजू ने कहा, “ले, एक बूब टब hi किश कर ले….”

और रोशन भी झुका पायल की एक बूब को अपने होठ लगाया और हाथ फेर्रा उसस्के ऊपर, फिर दबाया और पायल ने छत्त देखते हुए ेंखें मुंध लिया….. फिर सरजू ने अपनी माँ के काँधे से उस्सकी ब्रा की स्ट्राप को सरकाया और रोशन से कहा, “तू उस काँधे की स्ट्राप को निचे कर….” रोशन ने वही किया और दोनों ने मिलकर पायल की ब्रा को निकला…. उस्सकी दोनों चूचियां बाहर आगये और दोनों ने एकेक बूब को अपने मुंह में लेकर चुस्सने लगे और पायल तक़रीबन लेट गयी काउच पर एक गहरी सांस लेते हुए….

कुछ देर बाद दोनों ने मिलकर निप्पल को चूसा, बूब्स को हाथों से मसलते हुए और रोशन ने कहा, “अरे चल तेरे रूम में षाले हैं नाह वहां कोई भी रिस्क तो नहीं होगा…..”

पायल ने भी कहा, “okay ठीक है, टीवी ऑफ करो और चलो दोनों…..!”

तो बे कॉन्टिनोएड..............
 
थैंक्स वैरी मच एंड वेलकम ों थे थ्रेड माय फ्रेंड. हैप्पी तो सी योर फर्स्ट पोस्ट तो बे ों थिस थ्रेड.

सो यू फोल्लोवेद थिस स्टोरी ात एक्सबी, ग्रेट तो क्नोव तहत.

तो आंसर योर क्वेश्चन :

1. यस सरजू एंड उंक्लेस वेरे ात थे फार्महाउस सी अपडेट 103 थें ोंवर्ड्स यू विल गेट व्हाट यू अरे लुकिंग फॉर.

रिगार्डिंग सरजू एंटरटेनिंग हिज फ्रेंड्स.... सो यू हव गोरगोटें हिज स्कूल फ्रेंड्स हु हद ान ऑय ों हिज मदर एंड सरजू हद प्लांड तो टेक ठोस फ्रेंड्स तो थे फार्महाउस?

बूत मोस्ट रीडर्स हद अस्केद में तो कीप आईटी ओनली बिटवीन फॅमिली मेंबर्स एंड कीप ओत्सीडर्स अवे..... सो ी दीद नॉट मूव अहेड विथ हिज फ्रेंड्स...

फॉर योर रिक्वेस्ट्स 2.... वेल ी विल थिंक ओवर आईटी..... मई हैपन :डी

योर रिक्वेस्ट #3 इस इन थे प्लाट एंड तहत विल बी बे हप्पेनिंग बी थे एन्ड ऑफ़ थे स्टोरी :डी

थैंक यू अगेन एंड होप तो सी यू मोरे ओफ्तें.
 
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