Sarjoo ki Incest Story - A family Incest Saga - Page 8 - SexBaba
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Sarjoo ki Incest Story - A family Incest Saga

अपडेट 71

तो यह था कैसे बापू से पद्मिनी ने पहली बार किया था. यह सब बातें पद्मिनी ने सर्वनाड़ को बताया. सर्वानंद सुनते सुनते अपना लुंड पद्मिनी के अंदर दाल चूका था और ढाका दे रहा था जब पद्मिनी बातें सुना रही थी….. कितना एन्जॉय किया उस्सने सब सुनते वक़्त के कैसे उस के खुद के पिता न अपने बेटी को छोड़ा था और जब पद्मिनी सब सुना रही थी तो सर्वनाड़ उस्सको छोड़ते हुवे सुन्न रहा था और पद्मिनी सर्वनाड़ के लुंड अपने छूट में लिए बोले जा रही thi…aur सर्वनाड़ ढाका पे ढाका देता जा रहा था सुनते हुवे और अचहनक चिलाय , “ाघ्घ्घ!!! मज़ा आगया जानी…. वह किआ मस्त चुदाई की है आज तेरे साथ ऋ पद्मिनी !! मज़ा आगया बस !! ाहः!!” और सर्वनाड़ ने अपना पानी सब पद्मिनी के पथ और छूट के ऊपर छोरा……..

छोड़ने के बाद, दोनों बिस्तर पर लेते हुवे एक दूसरे के बाहों में, एक दूसरे के किसी न किसी जिस्म के हिस्से को सेहला रहे थे. तब सर्वानंद सोचते हुवे पूछता है, “मगर मेरी समझ में यह बात नहीं आयी के क्यों तुम्हारे पिता राज़ी हुवी तुम्हारे शादी के लिए जब के वह खुद तुझको अपने लिए रखना चाहता है, हर रात को तेरे साथ सोता है, छोड़ता है तुझको तो शादी क्यों?”

पद्मिनी: “ बाबू, पिछले 4 साल से मैं उसस्के साथ सो रही हूँ, और बापू कब से फ़िक्र में है के लोग बातें कर रहे हैं के जवान बेटी को घर में बिठाया है कब शादी करेगा अपनी बेटी का? कई शादी के प्रस्ताव भी ए मगर बापू नहीं mane…aakhir में उस्सने सोचा और हम दोनों ने डीडे किया के कोई बड़ी बात नहीं अगर मेरी शादी हो गयी तो, फिर भी जब भी वह चाहे मेरे साथ आकर सो सकता है मेरे पति के ग़ैर हाज़िरी में या मैं खुद उस के पास जा सकती हूँ जब वह बुलावे तो…….

सर्वानंद: “तो फिर तुम ने जान बूझकर मुझको पहली बार फंसा था?

पद्मिनी: “यह किसी बातें कर रहे हो आप? मेरा बापू आप से उम्र में बड़ा है और आप उस के हिसाब से बहोत ज़्यादा जवान लगते हो बौब्जी और आप की दीवानी हो गयी थी आप को देखते hi उस दिन झूले पर……. अब मैं अपने बापू के साथ यह सब तो करती hi थी तो जब आप को मैं में बसाया तो एहि सब दिमाग़ में आया पहले…. मैं तो चाहती थी आप मेरे गहरायी में जाये मगर आप ने मुझको कुंवारी समझ लिया था तो मैं कैसे शुरू शुरू में यह सब बताती आप को….?”

सर्वानंद: “और उस टीचर का किआ हुवा गाओं वाले तो तेरे बारे में बहोत साड़ी बातें कर रहे थे तो सब कैसे खामोश हुवे?”

पद्मिनी: “जब बापू मेरे साथ यह रिश्ता रखने लगा, तो फिर भी टीचर मेरे साथ सोना चाहता था….. और मैं बापू से प्यार करने लगी थी तो नहीं चाहती थी के वह मुझे चुवे, तब मैं ने बापू से कहा के टीचर ज़बरदस्ती करना चाहता है…… तब बापू एक दिन कॉलेज गया और टीचर से बात की उस्सने टीचर को धमकी दी के अगर मुझको चुवा तो उस्सको पुलिस के हवाले करदेगा चार्ज लगा कर……. टीचर ने एक हफ्ते बाद अपनी ट्रांसफर करवाली!! हीहीही!!”

सर्वानंद: “हम्म्म, तब तू अपनी बापू की पत्नी बनकर रेहगाई और अब वह अपनी पत्नी की शादी करवाना चाहता है…….. कोई और होता तो तुझको चोर कर हमेशा के लिए चला जाता मगर मैं तुझको हासिल करना चाहता hoon….mere लिए यह एक बहोत बड़ी बात होगी के तुम मेरी बहु होगी, मेरे घर में रहेगी मेरे bête से शादी करके और मैं तुमको chodunga….iss रिश्ते में जो मज़ा है छोड़ने के लिए किसी और रिश्ते में नहीं है, इसी लिए मैं कैसे भी करके रमेश से तेरा शादी करवाउंगा…. ज़रूर karwawunga…tu मेरे घर आएगी और मेरी बहु बनेगी और मेरी माशूका बन के रहेगी उस घर में……” यह कहकर सर्वानंद ने पद्मिनी को ज़ोर से गले लगते हुवे किश किया जीब को चूसते हुवे और हाथों को उस्सकी चूचियों को मसलते हुवे……. फिर एक सवाल किया, “और ऐसी छोटी स्कर्ट और तंग ब्लाउज किआ तू हमेशा hi से…….”

पद्मिनी ने उस का सवाल पूरा होने से पहले जवाब दिया, «बापू चाहता था के मैं हमेशा ऐसे ड्रेस पहनूं और वह पसंद करते थे जब गाओं के दूसरे लड़के और मर्द मुझको, मेरी जांघ को देखा करते थे वह कहा करते, ‘आज बहोत लड़कों ने तेरे नाम पर मुठ मारा होगा, बहोत बूढ़ों ने भी लुंड सहलाया होगा तुझको देख कर’ फिर वह मेरे साथ हमबिस्तर होता यह सब बातें कर कर के…. और मुझसे पुछा करता किश किश ने मुझको निचे से ऊपर देखा और पूछता के किसी ने मुझको या मेरी जांघ को चुवा के नहीं वग़ैरा वग़ैरा….. »

सर्वानंद : «अरे वह तेरा बापू तो बड़ा कमीना है, पूरा ठरकी है साला बूढ़ा !! »

पद्मिनी: “हे मेरे बापू को बूढ़ा मत कहो, मेरी जान है वह, बहोत खुश रखा है मुझको, बहोत मज़ा भी दिया है, मेरी जवानी को निखारा है मेरे प्यारे बापू ne…han….”

सर्वानंद: “चाह ठीक है आज के बाद वही सब अब मैं करूँगा और तू मुझ में अपने बापू को भी ढूंढ लेना मेरी जान”……..

तो बस उसस्के बाद सर्वानंद ने रमेश और पद्मिनी की मांगनी करवाई, फिर रमेश 4 महीनों तक पद्मिनी से मिलने को आया हफ्ते में एक बार. हर बार सर्वानंद साथ अत अपने ज़मीन के मुआएना करने के बहाने, और कभी कभी जिस दिन रमेश इधर उधर जाता सर्वनाड़ पद्मिनी को छोड़ता अपने बग़ीचे में, और उस्सने पद्मिनी को कहा के रमेश से शादी से पहले hi छुड़वा ले….. इस लिए के उस्सकी सील पहले से टूटी हुवी थी तो कहीं कोई बखेड़ा न होजाये सुहाग रात के रात…… तो दोनों ने प्लान किया, जिस दिन रमेश पद्मिनी को छोड़ने को था बग़ीचे में hi, सर्वनाड़ ने एक इंजेक्शन से अपना खून थोड़ा सा निकाल कर एक छोटा सा शीशी में पद्मिनी को दिया और सब नाटक करने को कहा जैसे उस्सको दर्द हो रहा है, जाँघों को कसके एक दूसरे जांघ को जोड़ने को कहा और उस शीशी में से खून को छूट पर लगाने को कहा….. पद्मिनी ने वैसा hi किया और रमेश को कुछ भी पता न चला के पद्मिनी वर्जिन थी भी या नहीं क्यों के वह भोला था और पहली बार किसी लड़की को छोड़ रहा था….. बाप ने खुद अपने बेटे को धोका दिया, उल्लू बनाया एक ाव्रत के लिए !!

इस तरह से दोनों की शादी हुवी और पद्मिनी बहु बनकर सर्वानंद के घर में आयी जहाँ पूनम पहले से बहु थी. अब किसी और मौके पर देखेंगे कैसे पद्मिनी और सर्वानंद ने कैसे मौके निकले अपने लिए, फिलहाल वापस चलते हैं अब पायल, कोयल रोशन और दूसरों के बीच. यह था पद्मिनी के बारे में के उस्सकी इस घर से नाता कैसे ज़ुरा था….. तो अगले अपडेट में पायल, कोयल ेट्स के बीच फिर से घुल मिलेंगे……

तो बे कॉन्टिनोएड…………………………..
 
अपडेट 72

तो दोस्तों हम पेज 81 पर थे रोशन और कोयल को लेकर स्टोरी में. यह दोनों भाई बहनों के बीच कैसे गुज़रा था, और कैसे पहली बार रोशन कामयाब हुवा था, हुवा भी था या नहीं, कोयल किआ आसानी से मान जाएगी रोशन से छुड़वाने को? यह सब अब कंटिन्यू करते हैं …… मेमोरी को रिफ्रेश करने के लिए कुछ लाइन्स यहाँ कोटे कर रहा हूँ जो उस episode में हुवा था:

कोयल ने आश्चर्य जनक रोशन को देखा और अपनी गांड पर हाथ फेर कर देखा के रोशन ने उस पर अपना पानी छोड़ा है तो उस्सको एक थपड़ मार कर उस्सको बिस्तर से ढाका दिया…… रोशन अब बग़ावत पर उतर आया उस ने कहा, “क्यों ऋ, तू अपने आप को सटी सावित्री समझती है किआ? तेरे पंतय गांड पर भीगा हुवा था तू ने दादा का लुंड खूब उस पर रागढ़वाया था, उस के साथ तो बड़ा ऐश करती है और मुझको थपड़ मारती है” यह कहकर उस्सने भी कोयल के बाल खींचते हुवे उस्सको दो थपड़ मारा और बिस्तर से नंगा उतर कर अपना कपडा पेहेन्ने लगा. रोशन सोच रहा था के उस के दादा ने कोयल की गांड पर अपना पानी छोरा था उस को यह बिल्कुल पता नहीं ता खुद उस का बाप ने कोयल के साथ वह किया था.

स्कूल में सब ठीक गुज़रा और लुक ब्रेक में दोनों एक साथ खाना खाया करते थे मगर इस दिन को कोयल किसी लड़कियों के ग्रुप में चली गयी जान बूझ कर…. रोशन तो कभी लड़कियों के बीच रहना पसंद नहीं करता था तो अकेले पढ़ गया बेचारा…… फिर भी उस्सने कोशिश की उन् लड़कियों के बीच जाने ki…jab उन् लोगों के बीच गया तो सभी लड़कियां उस को छेड़ने लगे…. कोयल सर झुकाये हंस रही थी…. और एक लड़की ने कहा, “आरी कोयल आज तू अपने भाई के साथ क्यों नहीं खा रही है? बेचारा अकेला hai….kitna सोना है ऋ तेरा भाई, इस्सकी कोई गर्लफ्रेंड है किआ? मैं इस्सकी गर्लफ्रेंड बन जावून किआ?” कोयल ने उस लड़की को मारा, फिर दूसरी लड़कियां भी रोशन की तारीफ़ करने लगे और रोशन लाल हो गया था, क्यों के उस्सको आदत नहीं थी उन् लड़कियों से….. कई लड़कियों ने उस्सकी गर्लफ्रेंड बनने की िचाः किया मगर कोयल ने मन किया…. रोशन को लगा के कोयल जल रही तो तो जान बुझ कर उस्सने उन् लड़कियों से दोस्ती की… और कोयल नाराज़ होने लगी फिर उस्सने रोशन का हाथ पाकर कर कहा, “चलो यहाँ से, सब गंदे हैं यह लड़कियां!” दूसरे लड़कियां हंससनेय लगे जब देखा के कोयल कितनी पोस्सेसिफ है अपने भाई को लेकर..

कोयल उसस्के छाती पर घूंसे मार रही थी मगर रोशन ने अपने जीभ निकल कर कोयल की सुर्ख होंठों की पंखुरियों को चुस्सना शुरू किया और उस्का एक हाथ कोयल की छाती पर था और एक हाथ उस्का स्कर्ट उठा रहा था कोयल की जाँघों पर फेरते हुवे….. कोयल ने मुश्किल से अपना मुंह उस के मुहं से निकला और उस्सको मारते हुवे कहा, “हम स्कूल में है, किसी ने देख लिया तो पता है तुमको किआ होगा? चलो हत्तो जाओ यहाँ से अब, जंगली कहीं का!!” रोशन हँसते हुवे एक तरफ जाने लगा और कहा, “आज रात को बाकी के पूरा कर लेंगे ठीक है?”

हाँ तो हम यहाँ पोंहचे थे यारो.

तो एक तरफ रोशन अपनी बेहेन को छोड़ना चाहता था और दूसरी तरफ धानंद मौके के तलाश में था पायल के साथ कुछ वक़्त गुज़ारने को बल्कि पायल खुद प्यार करने लगी थी धनद को और ससुर, सर्वानंद जी तो दिन में जब सब bête काम पर चले जाते थे तो पायल को छोड़ता hi था जब जब उस्सको मौका मिलता था हालां के दूसरी दो बहुवें और उस्सकी पत्नी घर में hi होते थे. होता यह था के जीन जीन दिनों को पायल का रसोई में रहने के दिन होते थे तब hi ससुर पायल को पकार्टा था किचन में और वहीँ छोड़ता था उस्सको.

तो अभी रोशन और कोयल के रोमांस को देखते हैं फिर पायल के तरफ जाएंगे. रोशन ने सोच लिया था के उस रात को तो वह कोयल को छोड़ कर hi रहेगा चाहे कोयल नींद में हो या नहीं. एक रात पहले तो थपड खाया था उस्सने कोयल से और उस ने भी खिंच के दिया था कोयल को….. अब देखते हैं किआ होता है.

रात को कोयल अपनी होमवर्क्स में लगी हुवी थी के कुछ क़ुएस्तिओन्स के लिए उस्सने अपने दादा के पास पूछने को गयी. तुरंत रोशन पीछे गया देखने किआ करेगा दादा उसस्के साथ. मगर दादा तो टीवी देख रहा था उस वक़्त और कोयल लाउन्ज में hi उसस्के पास बैठ गयी अपनी कॉपीबुक के साथ. एक छोटी सी ड्रेस पहनी थी उस्सने जैसे हर रोज़ पहनती है घर में और एहि बात थी जो दादा पसंद करता था और खुद उस्का बाप धानंद भी, इस लिए के कोयल की आदत थी गॉड में आकर बैठना और तब उस्सकी गांड उन् लोगों के लुंड पर पर रगड़ता था और उन् को बड़ा मज़ा अत था…. कभी कभी तो कोयल इस तरह से बैठती थी के उस्सकी छोटी ड्रेस के नीचे वाला हिस्सा सीधा पंतय में मर्दों के पंत पर परता था और उन् मर्दों को उस्सकी पंतय सीधा पंत पर परता था और जब उन् के हाथ कोयल के जांघ पर पार्टी तो ज़माने भर का मज़ा अत था मर्दों को….. वैसे कोयल को अछि तरह से पता होता था के किआ कर रही है और दादा और बाप किआ करते हैं उसस्के साथ…… मगर यह सब डिटेल्स में तो रोशन को नहीं पता था बस एकांत बार उस्सने कोयल को अपने दादा के साथ देखा था बस…… अब इस रात को वह कुछ दूर खड़ा होकर कोयल का तमाशा देख रहा था….. कोयल कुछ नटखटी अंदाज़ में दादा के पास बैठी और होमवर्क्स बताने को कह रही थी, दादा ने उस्सको बाँहों में लेते हुवे कॉपीबुक में चस्मा लगाकर देख रहा था तब तक कोयल उसस्के गॉड में गुस्स गयी अपने बाँहों को उसस्के काँधे पर करते. कोयल की माँ और पद्मिनी भी उस वक़्त टीवी देख रहे थे दादी के साथ और पायल सरजू को सुला रही थी अपने कमरे mein.Dhanand को तो इंतज़ार था के पायल ए टीवी देखने इस लिए अपने कमरे में रुका हुवा था और वेट कर रहा था पायल को बहार निकलने को, टेक वह उस के पास बैठकर टीवी देखे और वह अपने हाथों से कुछ काम चला सके पायल पर…..

तो कुछ देर बाद पायल आयी लाउन्ज में और दादा ने कोयल से कहा, “चल मेरे कमरे में तेरा होमवर्क्स बताता हूँ, यहाँ तो शोर हैं, फिर दादी ने भी कहा, “बिल्कुल कमरे में hi जाना चाहिए, इस शोर शराबा में किआ स्कूल की पढ़ाई होगी?!” पद्मिनी ने कोयल को एक नज़र देखा फिर पद्मिनी और पायल ने एक दूसरे से ेंख मरे क्यूंकि उन् को पता था बूढ़ा कोयल को मसलता है….. और उधर रोशन अपने सेंसों को थामे दरवाज़े के पीछे चुप गया जब देखा के उस्का दादा और बेहेन कमरे के तरफ जा रहे हैं…… जब दोनों कमरे के अंदर चले गए तो बूढ़े ने दरवाज़ा को बांध किया….. अब वहां से तो लाउन्ज नहीं दिकता था और क्यों के कॉरिडोर में था उस्सको पूरा चूत था दरवाज़े के पास खड़े होकर सुनने को तो उस्सने अपना कान लगाया दादा के कमरे के दरवाज़े पर और जो आवाज़ें आरही थी उस्सकी बेहेन की काफी थी उसस्के लुंड को खड़ा होने को और वह अपने लुंड को मसलने लगा अपनी बेहेन की सिसकारिओं को सुनकर….. अब रोशन सुनते सुनते देखना चाहता था के ऐसा किआ कर रहा है दादा उसस्के साथ के वह इतनी दबी सेंसों में सिसकारिआं ले रही है, और सोच रहा था के कैसे दादा को उस तरह से चुने देती है उस्सको और जब वह उस्सको वैसे छूटा है तो क्यों कोयल इंकार करती है…. रोशन बहोत एक्ससिटेड था और रह ढूंढ रहा था देखने के लिए अपने लुंड को हाथ में दबाये…..

कोई भी रास्ता नहीं मिला उस्सको देखने के लिए पर कान लगाए रखा दरवाज़े पर और कोयल की आवाज़ के साथ दादा की आवाज़ भी खूब सुना उस्सने, और मुठ मारने लगा वहीँ खड़ा खड़ा…… अपने आप में सोच रहा था दादा ने कोयल की ड्रेस को ऊपर किया होगा, उस्सकी पंतय को उतरा होगा, अपने लुंड को उस्सकी छूट पर रगड़ा होगा, कोयल की चूचियों को चूसा hoga…yehi सब करने से कोयल कहर रही होगी….. सोचते सोचते मुठ मारा रोशन ने और भाग कर अपने कमरे में वापस गया हम्प्टी हुवे…..

कोई 20 मिनट्स के बाद कोयल कमरे में आयी. रोशन ने तिरछी नज़रों से उस्सको देखते हुवे कहा, “मजा कर लिया दादा के साथ?” कोयल ने उस्सको एक ेंख से देखते हुवे कहा, “मुंह बैंकर नहीं तो एक थपड़ दूंगी और अभी!” रोशन खामोश रहा, उस्सने इंतज़ार किया के कब वह सोने को जाये….. बहोत वेट करने के बाद आखिर कोई एक घंटे में रोशन ने देखा कोयल अपने कम्बल के निचे है……. आहिस्ते से उस के पास गया और उस्सकी भारी सेंसें से उस्सको पता चला के वह अब नींद में है तो आहिस्ते आहिस्ते उस्सने कम्बल को निचे के तरफ से ऊपर उठाया…… कोयल की पैरों को नंगा देखकर वह फिर से खड़ा होने लगा और जांघ तक पोंछा तो उसको अपना लुंड उस पर रगड़ने को मैं kiya…magar उस्का मक़सद फिलहाल कुछ और hi था, वह देखना चाहता था के उस्सकी पंतय भीगी हुवी गई या नहीं, वह पता लगाना चाहता था के दादा ने अपना पानी से उस्सको भिगोया या नहीं…… धीरे धीरे कम्बल उठाने पर कोयल की जाँघों के ऊपर थोड़ा और धीरे से उठता गया तो पंतय नज़र आयी…. ऊपर कोयल के चेहरे पर एक नज़र दौड़ते हुवे फिर पंतय को देखता है जो काले रंग की थी, और फिर रोशन ने अपना नाक वहां लगाकर सुंघा….. एक लम्बी सांस से अपनी बेहेन की पंतय को सूंघने के बाद अपने ऊँगली को लगाया तो देखा के बिल्कुल भीगी हुवी है…. तब उस्सको चैन आया और पक्का पता चला के दादा ने भीगोया उस्सको अपने पानी से जो मिला हुवा था खुद कोयल की पानी से….

रोशन से रहा न गया और जल्दी से अपने कपडे उतारकर बिस्तर पर चढ़ गया कोयल के पास और थोड़ा सा उस्सकी पंतय को खिसका कर अपना लुंड आहिस्ते आहिस्ते वहां रगहने लगा…. कोयल कुछ कसमसाई और रोशन ने उस्सकी गले को चाटने लगा लुंड को रगड़ते huwe…..Aur किआ!! कोयल को जागना tha….ussne ेंख खोली और ज़ोर से रोशन को ढाका देते हुवे बिस्तर से ज़मीन पर धकेल दिया…. रोशन ग़ुस्से में उठा और बोलै, “दादा दे चुदवाती है तो मुझसे क्यों नहीं? किआ सिर्फ बूढ़ा लुंड पसंद है तुझे?” कोयल उस्सको एक ज़ोर से थपड़ मारती है और रोशन अपने बिस्तर पर चला जाता है……. मुठ मार कर सुजाता है…… कोयल कुछ देर रोने के बाद वह भी सजाती है…..

सुबह को फिर से वही स्कूल के लिए तैयार होना, कॉलेज जाना, और दोनों के बीच फिर से अनबन, बात चित नहीं, एक दूरी सी और कॉलेज में एक दूसरे को चुप चुप कर देखना लंच के वक़्त एक दूसरे से दूर रहना, दूसरे लड़कियों का रोशन को चिढ़ाना, कोयल को उसस्के मदद के लिए आना मगर रोशन का कोयल से रूठा रहना…… यह सब चलता रहा दोनों के बीच……. रोशन और कोयल जैसे दो आशिक हो, और दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो और फिलहाल किसी झगडे की वजह से एक दुसरे से बात नहीं कर रहे hon…bilkool वैसा लगता था…..

पूरा एक हफ्ते तक ऐसा चलता रहा…. रात को कोयल रोशन को बिल्कुल अपने पास नहीं आने देती, एक दो रातें तो कोयल अपनी माँ के साथ सोने को गयी…. रोशन को बहोत उदास फील हो रहा था, कॉलेज में कभी कोयल चुप कर उस्सको देखती तो कभी रोशन वैसा karta…assal में रोशन को प्यार हो गया था अपनी बेहेन से, और कोयल को पता नहीं था खुद प्यार करती थी अपने भाई से या कुछ और था मगर एक अटूट बंधन था जो उस्सको रोशन के ओवर खींचता था…. कभी बहोत अफ़सोस होता था कोयल को के क्यों उस्सको थपड़ मारा था, और बहोत प्यार अत था ुसस्पर, कभी उस्का मैं करता था के वह जा कर उसस्के गले ज़ोर से लगे और रोवे…. उधर रोष भी कोयल को गले लगाने को मचल रहा था… दोनों के बीच की दूरी दोनों को तारपा रहे थे……. दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे लगते the…aur अचानक यह हुवा…… रोशन कॉलेज के टेरेस पर से गिद्ध पड़ा और ज़ख़्मी होगया….. हॉस्पिटल लेजाना पड़ा और कोयल रोटी हुवी उसस्के साथ साथ हॉस्पिटल गयी……..

तो बे कॉन्टिनोएड…………………….
 
अपडेट 73

रोशन कुछ देर के लिए बेहोश होगया था गिरने पर. त्रोलत पर उस को पुश किया जा रहा था हॉस्पिटल की कॉरिडोर में और साथ साथ कोयल यूनिफार्म में जल्दी जल्दी चल रही थी डॉक्टर्स और नर्सेज के बीच. घरवालों को कुछ देर बाद पता चला तो कुछ लोग हॉस्पिटल पोंहचे. रोशन के सर और गर्दन पे चोट लगी थी और उसस्के एडमिट किया गया एक प्राइवेट वार्ड में जो कॉलेज की मैनेजमेंट ने बंदोबश्त किया. हुवा यह था उस वक़्त के रोशन ऊपर टेरेस पर से कोयल को hi देख रहा था और क्यों के दोनों में बात चित नहीं थी रोशन छुप छुप कर कोयल को निहारा करता था क्यों के वह उस्का दीवाना हो चुक्का था और यह कोयल को पता था. कॉलेज के एडमिनिस्ट्रेशन वालों को कोयल ने कहा के एक्सिडेंटली वह गिर पड़ा लेकिन उस्सको पता था के रोशन उसी को देख रहा था. अस्सल बात यह थी के लंच ब्रेक में जिस जगह पर कोयल बैठ कर लंच करती है उस जगह पर उस्सकी स्कर्ट कुछ ऊपर जाँघों पर हुवा करती है और रोशन उस्सकी जिस्म को देखने के लिए टेरेस पर था, और उसी को देखते वह नीचे गिरा….. यह सब कोयल को मालूम था मगर किसी से कुछ कहा नहीं.

अब रोशन ज़्यादा घायल तो नहीं था बुसस सर के बल गिरने से गर्दन और सर में चोट आयी तो ऑब्जरवेशन के लिए एडमिट किया गया इस लिए के बेहोश हुवा था गिरने के बाद. सभी परिवार वालों ने फैसला किया के किसी को रोशन के साथ हॉस्पिटल में रात गुज़ारना होगा क्यों के अल्लोवेद था कोई एक परिवार उसस्के साथ रहे. तो झट से कोयल बोली के वह रहेगी उसस्के साथ. तब दादा ने कहा, सब के सामने, “हाँ दोनों भाई बेहेन एक hi कमरे में सोते हैं घर पर तो इसी को रहने दिया जाये.” “चलो तुम भी एडमिट हो जाओ,” दादा ने कहा मज़ाक़िआ तौर पे. तो घरवालों ने घर से कोयल और रोशन के कपडे वग़ैरा भेजवाये घर जाकर.

अब रोशन के हाथ पेयर सब ठीक थक थे सिर्फ गले में एक पट्टी पारा था और सर पर बैंडेज. जब कोयल ने रहने के लिए कहा था तो रोशन एक ेंख से उस्सको देख रहा था और दोनों ने बिल्कुल भी बात नहीं किये थे. मगर रोशन ने देखा था कितना फ़िक्र कर रही थी कोयल उस के साथ साथ जब उस्सको हॉस्पिटल लाया जा रहा था…. जब सब लोग चले गए तो कोयल धीरे धीरे बीएड के पास गयी और अपने हाथों को आहिस्ते से और बहोत प्यार से रोशन के सर पर फेरते हुवे बहोत नरम आवाज़ में बहोत प्यार से कहती है, “दर्द हो रहा है? हम्म? दबा दूँ?” रोशन रूठा हुवा था तो उस्सने अपने चेहरे को एक तरफ कर लिया. कोयल मुस्कुरा कर बोली, “हम्म जानती हूँ मुझसे खफा हो मगर कब तक खफा रहोगे मुझसे भाई मेरे, अभी थोड़ी देर में खुद बात करोगे है नाह?” तब एक नर्स अंदर आती है और रोशन का पल्स चेक करती है. नर्स वाइट सूट में थी अपनी और जब वह झुकी पल्स लेने को तो उस्सकी बूब्स वाइट यूनिफार्म के बटन्स के बीच से जैसे बाहर निकलना चाहते हो…. और रोशन ेंखें पहाड़ पहाड़ कर नर्स की छाती को देख रहा था और कोयल अछि तरह से रोशन को देखते हुवे देख रही थी एक मुस्कान के saath….Nurse के जाने के बाद कोयल कहती है, “किआ देख रहे थे तुम अभी उस नर्स के ड्रेस के अंदर?” रोशन चुप रहता है एक तरफ देखते हुवे. फिर कोयल बीएड पर रोशन के एक दम करीब बैठती है और उस्का सर अपने नरम, हाथों से सहलाते हुवे पूछती है, “बोलो नाह दर्द है के नहीं?” तब रोशन थोड़ा ग़ुस्सा दिखते हुवे कहता है, “नहीं है चुप कर तू अब!” कोयल हँसते हुवे कहती है, “किआ चुप करूँ? बोल किआ देख रहा था उस नर्स में?” रोशन ने कहा, “जब तुझे अछि तरह से पता है के मैं किआ देख रहा था तो क्यों पूछ रही है चल हट यहाँ से!”

कोयल: “क्यों हट्टू यहाँ से? आज रात को इसी बीएड पर तेरे साथ तो सोना है मुझे!”

यह सुनकर रोशन का चेहरा खिल उठा और कोयल की ेंखों में देखते हुवे पूछता है, “किआ? किआ तू सच में मेरे साथ सोयेगी?” कोयल मुस्कुराते हुवे हाँ में सर हिलती है और एक ेंख मारती है रोशन को. तब रोशन उठ बैठता है और कोयल को अपनी बाँहों में जाकर कर कहता है, “मैं तुमसे बहोत बहोत प्यार करता हूँ और सिर्फ तुम्हारे बारे में सोचता रहता हूँ, तुम क्यों मेरे साथ वैसा बेहवे कर रही थी? क्यों मुझको थपड मारा था? पता है मैं तुमको देख रहा था जब गिरा तो?” जिस दौरान रोशन यह सब कह रहा था अपनी बेहेन को थाम कर तब कोयल ने भी उसस्के बाहों के टेल से अपने दोनों हाथों को फैलाकर रोशन को ज़ोर से अपने सीने से लगाया हुवा था और उसस्के पीठ पर अपना हाथ फेर रही थी और रोशन यह कहते कहते रो पड़ा. तो कोयल को बहोत ग़म हुवा उस्सको रट देख कर और उस ने आराम से रोशन के पीठ को सहलाते हुवे कहा, “चुप होजा, हाँ मुझको पता है के तुम मुझको hi देखते वक़्त गिरा था, तू समझता है मुझको पता नहीं के कॉलेज में तू सिर्फ मुझको ढूंढ़ता रहता है और मेरे जिस्म को देखता रहता है? सब जानती हूँ….. मगर मेरे समझ में नहीं अत मैं किआ करूँ तेरा….. माफ़ कार्डो मुझे ……” यह कहकर कोयल ने रोशन के ेंसुओं को पोंछते हुवे उसस्के गालों पर किश किये, तब रोशन ने भी कोयल के गालों पर किश किये, और रोशन का हाथ धीरे धीरे कोयल की ब्लाउज पर गया और उस्सकी चूचियों को कपडे के ऊपर से hi चुहने लगा, फिर आहिस्ते आहिस्ते उस्सको सहलाने लगा, और कोयल ने उस्सको कुछ नहीं कहा, बस अपना सर नीचे झुका दिया उस्सने…… जब रोशन ने देखा के कोयल खामोश है तो उस्सको बहोत चाह लगा और उस्सने कहा, “मुझको देखने दे….” कोयल ने पुछा, “किआ देखने दूँ?” रोशन ने अपने ऊँगली से उस्सकी बूब को छूटे हुवे कहा, “यह, यह देखने दो न प्लीज”

कोयल थोड़ा शर्मायी सी कमरे के दरवाज़े पर देखती है फिर कहती है, “और अगर नर्स आगयी तो?” जब रोशन ने देखा के कोयल ने इंकार नहीं kiya,na, नहीं कहा बल्कि कहा के अगर नर्स अजय तो, तब रोशन के समझ में आगया के कोयल उस्सको अपनी चूचियां दिखने को तैयार है मगर नर्स का डर है उस्सको….. तो रोशन बस एहि सोच कर के उस्सकी बेहेन उस्सको अपने बूब्स दिखने को तैयार है, उस्का लुंड तन कर खड़ा होगया उस्सकी पयजामे में…. और रोशन ने जल्दी से कोयल को बाँहों में ज़ोर से जकरते हुवे अपने मुंह को उस्सकी गले को चूमते हुवे बूब के तरफ मुंह लेजा रहा था के कोयल ने उस्सको रोकते हुवे कहा, “तुमको जल्दी क्यों है, हम दोनों एक साथ पूरी रात रहने वाले हैं थोड़ा सबर करो, रात को देख लेना ठीक है?” रोशन का दिल मचल रहा था ख़ुशी के मारे और वह बहुत खुश दिखने लगा तब कोयल को भी ख़ुशी हुवी के अब रोशन खुश है.

रूम में एक टीवी सेट था जो कोयल ने स्विच किया और कहा, “चलो तब तक कुछ कार्टून्स देखते हैं टीवी पर…” और रोशन बोलै, “काश एक वीडियो होता तो मेरे पास एक क्ष कद है वही देख लेते!!” कोयल ने कहा, “मुझे नहीं देखनी क्ष फिल्म विलम, कार्टून्स देख मैं फ्रेश होकर अति हूँ.” कमरे में hi बाथरूम और टॉयलेट भी थे बगल में और कोयल ने उस बैग में से जो घरवालों ने भेजवाया था, अपने कपडे लिए और बाथरूम के तरफ जा रहे थी के रोशन ने उस्सको अपने पास बुलाया. रोशन ने कोयल के हाथों में से उसस्के कपडे खींचे…… कोयल नहीं दे रही थी मगर ज़बरदस्ती रोशन ने खिंचा और कहा, “देखने दो न प्लीज….” फिर कपड़ों के बीच से उस्सने कोयल की ब्रा और पंतय निकला… कोयल का चेहरा लाल होगया और वह एक तरफ देखने लगी, और रोशन ने उस्सकी पंतय को अपने अंडरवियर के नीचे अपने लुंड पर रगड़ा और कोयल को देखने को कहा….. कोयल ने मूढ़ कर देखा और उस्सको छोटा सा थपड मारा उसे कंधे पर अपनी होंठ को डेंटन में दबाये और बाकी कपड़ों के साथ वापस बाथरूम के तरफ जाने लगी….. तो रोशन ने कहा, “ थेर, लेती जा अपनी पंतय….. मेरा महक छोड़ दिया है इस में अब पहनोगी तो वहां पर तुमको मज़ा आएगा” फिर हंसा….. कोयल बाथरूम के दरवाज़े तक पोहोंच गयी थी और मुड़कर रोशन को जवाब दिया, “तू hi पहले मेरे पंतय को अब!! हीहीही” यह कहकर अंदर घुस गयी बाथरूम में…..

अब रोशन सोच रहा था के वह बिना पंतय के बाथरूम से बहार आएगी…. बहोत एक्साइट हो रहा था वह….. कैसे लगेगी, रोशन उस्सको उस हिस्से पर देखेगा यह जानते हुवे के उस्सने पंतय नहीं पहनी है….. बहोत मज़ा ारः था उस्सको….. और बेसब्री से इंतज़ार करने लगा उस्सकी पंतय को अपने खड़े लुंड पर रगड़ते हुवे……. मुठ मारना चाहता था उस्सकी पंतय पर, करीब था झड़ने को पर कण्ट्रोल किया क्यों के रात का इंतज़ार था उस्सको और पूरा इरादा था के आज रात को छोड़ेगा अपनी बेहेन को वह…… सोच रहा था रात भर कितने बार कर पायेगा, कितने बार कोयल उस्सको करने देगी, सब सोच सोच कर पागल हो रहा था रोशन मियां….

तो बे कॉन्टिनोएड……………………
 
अपडेट 74

कोई 10 मिनट्स के बाद इंतज़ार बेसब्री से करने के बाद रोशन ने बाथरूम का दरवाज़ा खुलते हुवे देखते hi बिस्तर बार उठ बैठा कोयल की पंतय को अपने नाक के पास लगाए हुवे. कोयल अपने बालों को पीछे के तरफ झटकते हुवे चली आरही थी, उस्सने एक लम्बा टीशर्ट के जैसा ड्रेस पहना हुवा था जो काळा रंग का था और जो उस्सकी घुटनों के ठीक ऊपर तक पोहॉंछती है, याने के अगर वह बैठी तो जांघ दिखेगी. और ऊपर स्लीवलेस थी, पतले से स्ट्रैप्स थे उस्सकी कांधों पर और उस्सकी ब्रा की स्ट्रैप्स भी नज़र आरहे थे क्यों के काळा ड्रेस पर सफ़ेद ब्रा पहनी थी उस्सने. बाज़ुओं के साइड्स में से ब्रा ज़्यादा दिख रहे थे और ब्रेअस्ट्स के कुछ हिस्से भी क्यूंकि उस लम्बी सी टीशर्ट कोयल पर लार्ज साइज की थी.

रोशन बहोत hi एक्ससिटेमेंट में अपनी बेहेन को देख रहा था, और कोयल चली आरही थी जैसे सब नार्मल था. पास आयी तो अपने कमर पर दोनों हाथों को रख कर रोशन के ेंखों में देखते हुवे, और थोड़ा झूठा ग़ुस्सा करते हुवे कहती है, “लावो मेरा पंतय इधर!” रोशन नटखट सा करते हुवे कहता है, “नहीं दूंगा बिना पंतय के hi रह ले आज!” कोयल झूट मूठ के नाराज़ होती है और अपने पैरों को ज़मीन पर पीटते हुवे झूट मूठ रोने की आवाज़ में कहती है, “मेरा पंतय देदो मुझे नाह!!” रोशन उन् हिस्सों को निहार रहा था जहाँ उस्सको पता था कोयल ने पंतय नहीं पहनी है, और उस्सकी कमर से लेकर जाघों को और उस्सकी चुतरों को खूब देख रहा था और कोयल ने खूब देखा रोशन के नज़र कहाँ पर था उस्सकी जिस्म पर. कोयल बहोत hi हॉट और सेक्सी लग रही थी उस वक़्त और नखरें करते हुवे तो और भी हसीं लग रही थी और रोशन दीवाना होता जाए रहा था. कोयल ने अपने सर के बाल नहीं धोवे थे पर सिर्फ बॉडी बाथ लिया था और उस्सकी खुस्भू रूम में फेल गयी thi…jab कोई लड़की नहाकर रूम में आती है तो कैसे भी हो खुस्भू फेल hi जाता है कमरे में और उस खुशभू से रोशन और भी एक्साइट हो रहा था.

उस्सने कोयल को अपने पास बीएड पर बुलाया. कोयल नहीं जा रही थी. रोशन ने इल्तेजा किये. और बहोत सताने के बाद वह बीएड पर गयी अपने भाई के पास. तब रोशन ने कहा, “चाह मैं तुमको यह पंतय पहनता हूँ ठीक है?” कोयल चिल्लाई, “Nahiiiiiiiiiiiin!! बिल्कुल नहीं मुझको शर्म आती है हट यहाँ से बदमाश!” रोशन ने आराम से कहा, “आरी सुन तो, जब तू छोटी सी गद्य थी तब तो कितने बार मैं ने तुमको पंतय पहनाया है, वैसे मैं भी तब ज़्यादा बड़ा नहीं था, मगर तुझसे 3 साल बड़ा हूँ!” कोयल बोली, “तब की बात और है, तब तू भी छोटा था और मैं भी एक छोटी सी बच्ची थी!” रोशन हाथ में उस्सकी पंतय लिए उसको फुसलाने की कोशिश hi में था के अचानक कोयल पंतय को झट से उसस्के हाथ से छीनने की कोशिश करती है और जोड़ा जोड़ी में दोनों एक दूसरे पर लेते हुवे एक दूसरे के हाथ से पंतय छीनने की कोशिश कर रहे थे….. उस झपटा झपटी में कई बार कोयल की ड्रेस जाँघों के ऊपर उठ गए और रोशन उसस्के नीचे देखने की कोशिश करता जा रहा था मगर असफल था….. बिस्तर को रौंध कर रख दिया दोनों की लड़ाई ने, मगर रोशन पंतय को नहीं चोर रहा था और कोयल चिल्लाती गयी, «पहात जाएगी !! मेरी पंतय पहात जाएगी !!» और रोहन जवाब देता गया, «तो तू इससे खींचना बांधकर तब नहीं फटेगी !» दोनों एक दूसरे के ऊपर थे बीएड पर के अचानक रूम का दरवाज़ा खुला, और एक डॉक्टर अंदर दाखिल हुवा ! दोनों जल्दी से एक दूसरे पर से उठे हम्प्टी हुवे, और जल्दी से रोशन ने पंतय को अपने तकिये के निचे छुपाया.

डॉक्टर ने सब देखा मगर अंदर एते hi कहा, «किआ हो रहा है बचो? क्यों लड़ रहे हो दोनों हम्म ?» दोनों हम्प रहे थे और कोयल ने सर झुका लिया निचे. डॉक्टर ने रोशन से कहा, «मैं यहाँ का इन चार्ज डॉक्टर हूँ, और ख़ास कर रात का इन चार्ज रहता हूँ. तुम दोनों स्टूडेंट्स हो नाह? यह कौन है तेरा गर्ल फ्रेंड?” यह कहते हुवे वह डॉक्टर कोयल को ऊपर से निचे तक देख रहा था….. वह थी तो सेक्सी और उस्सकी ब्रा सब नज़र आरहे थे, डॉक्टर उस्सको घुररता गया….. और उस्सकी खुस्भू से डॉक्टर भी अत्त्रक्ट हो रहा था उसस्के तरफ….. रोशन ने कहा, “नहीं सर, यह मेरी छोटी बेहेन है! हम साथ कॉलेज में पहरते हैं.

डॉक्टर: (कोयल से) “बहोत प्यार करते हो अपने भाई से? हम्म अकेले नहीं रहा गया?”

रोशन: (डॉक्टर को) “हम दोनों एक hi रूम शेयर करते हैं घर पर सर, तो…”

डॉक्टर: (रोशन को) “चाह? तब तो बहोत मस्ती करते होंगे तुम दोनों? तुम ज़्यादा सताते तो नहीं इस्को?” (फिर कोयल से पूछता है) “तुमको ज़्यादा तंग तो नहीं करता nah?hmm?”

कोयल: (डॉक्टर को) “हाँ सर, यह मुझको बहोत hi सताता है, बहोत बुरा है यह”

डॉक्टर: (कोयल से) तो फिर तुम क्यों आयी इस के साथ यहाँ पर भी रहने को? मैं सब समझता हूँ, तुम बहोत प्यार करते हो एक दूसरे से और एहि झगड़ा, लड़ाई hi तुम दोनों का प्यार है है नाह?”

डॉक्टर कोयल को अजीब नज़रों से देख रहा था बात करते वक़्त, उस्सकी ेंखों में वासना था, ठरकी लगता था और कोयल की ब्रा और छाती पर से उस्सकी नज़र नहीं हठता था, यह कोयल ने महसूस किया. अस्सल में दोस्तों यह हॉस्पिटल का सब से बदमाश और आवारा डॉक्टर था. सभी फीमेल पेशेंट्स को किसी न किसी तरह से फंसता था और अपने साथ रात गुज़ारने को कहता था….. उस्सने दोनों से कहा “तुम दोनों चलो मेरे ऑफिस में कुछ फॉर्मलिटीज पूरी करनी है फिर वापस अजना.” डॉक्टर आगे आगे चलने लगा और कोयल ने अपने हाथों को पीछे करके रोशन से अपनी पंतय की मांग की मगर रोशन ने धीरे से कोयल से कहा, “ऐसे hi चलो उस्सको कुछ पता नहीं चलेगा…..” और दोनों डॉक्टर के ऑफिस में गए उसस्के साथ. डॉक्टर ने दोनों को बैठने को कहा और ऑफिस से निकल गया यह कहकर के दो मिनट में वापस अत है.

डॉक्टर रोशन के कमरे में वापस अकेले गया. उन् दोनों को मालूम नहीं था के प्राइवेट रूम्स में और ऑब्सेर्वशन्स रूम्स में कैमरा होता है. डॉक्टर उन् कामर्स को सीधा करने को आया ताके उस्सको अपने ऑफिस में से सब साफ़ दिखाई दे. और कामर्स को छुपाया किसी तरीके से ताके उन् दोनों को पता न चले के रूम में कैमरा है. फिर वापस अपने ऑफिस में गया दोनों से झूट मूठ के फॉर्मलिटीज पूरी करवाने और वापस भेज दिया दोनों को अपने रूम में. डॉक्टर जिस वक़्त रूम में दाखिल हुवा था उस्सने अच्छी तरह से कोयल की पंतय को रोशन के हाथ में देख लिया था और कोयल की जिस्म रोशन के जिस्म पर था उस वक़्त और कोयल की ड्रेस जाँघों के ऊपर उठे हुवे थे, सब डॉक्टर ने देखा था मगर भोला बन रहा था, तो उस्सने कैमरा सीधा किया क्यों के उस्सको समझ में आगया के इन् दोनों भाई बहनों के बीच कुछ है प्यार से ज़्यादा…..

इस डॉक्टर ने दूसरे पेशेंट्स को भी इस तरह से ब्लैकमेल करके उसस्के साथ रात गुजरने के लिए कहा है या पैसा मारा है…… अब उस्सकी नज़र कोयल पर पर गयी और उस्सकी नाज़ुक जवान जिस्म को अपने जिस्म की गर्मी देना छठा था इस लिए अगर कैमरा में उस्सने इन् दोनों की सेक्सुअल एनकाउंटर को कैप्चर कर लिया और कोयल को बाद में दिखाया और बदले में उसस्के साथ सोने को कहा तब तो कोयल इंकार नहीं कर sakegi…yehi इरादा था डॉक्टर का…..

तो बे कॉन्टिनोएड……………………
 
शुक्रिया यहाँ आने के लिए भाई 73 उपदटेस हो गए और आज एक कमेंट कर रहे हो, कोई बात नहीं मुझे पता है सेंकरों ऐसे रीडर्स पढ़ रहे हैं मेरे कहानियों को मगर कमेंट नहीं करते वो व्यूज से समझ में अत है.....

और फ़िक्र मत करो डॉक्टर कुछ भी नहीं कर पाएगा पढ़ते रहना तो जान जाओगे ठाँसक फॉर किंग और ख़ुशी होगी अगर आगे भी कमेंट करोगे तो,

थैंक्स वैरी मच भाई
 
अपडेट 75

रोशन बहोत बेचैन था कमरे में अपनी बेहेन को लेटने के लिए. उस ने तकिये के निचे से कोयल की पंतय निकला और उस्सको बीएड पर बुलाया. कोयल बीएड की कुछ दूरी पर से कहती है, “फिर से कोई आगया तो? उस डॉक्टर ने हम दोनों को बीएड पर लेते हुवे देख लिया था, उस ने मुझको तुम्हारा गर्लफ्रेंड समझा सुना नहीं?” रोशन हँसते हुवे कहता है, “तो फिर बन जाओ न मेरी गर्लफ्रेंड आज की रात यार!” “धत! किआ बकवास करता है बेशरम कहीं का!” कोयल जवाब में कहती है.

उधर डॉक्टर अपने रूम में वीडियो सिग्नल्स को कैप्चर नहीं कर पा रहा था और बहोत नर्वस हो रहा था, “यह साला इमेज क्यों नहीं ारः है उस रूम से?! किआ गड़बड़ है बाप!!” डॉक्टर खुद से बातें कर रहा था सेट को ठोकते हुवे…. कुछ भी रोशन के रूम से नहीं दिख रहा था…. डॉक्टर कोयल को सोचते हुवे अपने आप से कहा, “किआ मस्त लड़की है यार, बहोत hi सेक्सी है और kunwari…Usska भाई hi उस्सको छोड़ना चाहता है और लगता है आज रात को खूब छोड़ेगा अपनी बेहेन को साला!! पता नहीं अभी किआ कर रहा होगा…. मुझे फिर से जाकर कैमरा को चेक करना होगा पता नहीं किआ ठीक नहीं है, सिर्फ उसी कमरे से इमेज नहीं आरही है बाकी सब रूम्स की इमेजेज साफ़ दिख रहे हैं…..”

और कमरे में कोयल बिस्तर पर बैठ गयी थी रोशन के पास और रोशन ने प्यार से कहा, “चाह चल मैं तुमको यह पंतय पहनता हूँ नाह मत करना अब…” कोयल शर्माती हुवी कुछ अनसाई सी कहती है, “मगर क्यों? मुझको चाह नहीं लगेगा, मैं अब बड़ी हो गयी हूँ भाई, ऐसे कैसे मुझको पंतय पहनाओगे तुम जब मैं छोटी बच्ची थी तब ठीक था मगर अब?....... मुझको बहोत शर्म आएगी तुझसे पंतय पेहेनते हुवे…. ” रोशन बिस्तर से निचे उतरता है और कोयल के सामने आकर ज़मीन पर बैठता है और कोयल को कहता है, “तू अपनी ेंखें बांध करले तब शर्म नहीं आएगी और चुप चाप मुझको यह पंतय पहनाने दे अब….” कोयल एक छोटी बच्ची की तरह थोड़ा नखरें करते हुवे, “नयी nayi….nahin” कहती जाती है, तब तक रोशन उस्का एक पेयर को अपने गॉड में लेता है ज़मीन पर बैठ कर जब के कोयल बीएड पर बैठी हुवी थी अपने टांगों को लटकाये हुवे, उस्सकी वह कला लम्बा टीशर्ट बैठने की वजह से घुटनों के ज़्यादा ऊपर था उस वक़्त और जब रोशन ने एक टांग को अपने गॉड में लिया नीचे बैठे हुवे तो उस्सको कोयल की दोनों जाँघों के बीच का हिस्सा नज़र आया जो बहोत hi कोमल, नरम, मुलायम और ज़्यादा गोरा नज़र आरहे थे….. रोशन का लुंड तन गया उसस्के पंत में और एक हाथ से वह उस्सको सीधा करते हुवे कोयल की पंतय को एक पेयर में पहनता है……. कोयल शर्माती हुवी अपने होंठों को डेंटन में दबाये रोशन के चेहरे में देख रही थी…. और थार थार कम्प रही थी बिस्तर की चादर को अपने मुठी में जाकर हुवे……

रोशन के हाथ भी कम्प रहे थे मगर उस्सने जब कोयल की दूसरी टांग को अपने गॉड पर लिया पंतय का दूसरा हिस्सा पहनाने को तो देखा के कोयल के टांग थार थार कम्प रहे हैं तो ऊपर सर उठाकर कोयल की ेंखों में देखते हुवे पूछता है, “क्यों इतना कांप रही हो तुम?” कम्पटी हुवी आवाज़ में कोयल ने कहा, “पता नहीं तुम भी तो कम्प रहे हो मुझे किआ कह रहे हो? जल्दी से पहना नाह!” तब रोशन पंतय को ऊपर उठता गया, धीरे धीरे अपनी बेहेन की टांगों को निहारते हुवे, हर एक हिस्से को खूब अच्छी तरह से देखते हुवे, और हौले हौले अपने हाथों को धीरे धीरे दोनों पैरों पर फेरते हुवे, जब घुटनों तक पोंहचा तो कोयल ने अपने पंतय को अपने हाथों में पाकर लिया ऊपर खींचने के लिए, मगर रोशन ने पंतय को ज़ोर से थाम लिया और कहा, “नहीं तुम हाथ हटाओ, मैं पहनावुंगा पूरा के पूरा ऊपर तक….” कोयल ने झूट मूठ के रोनी आवाज़ निकालते हुवे कहा “नहीं अब बस करो उस से ऊपर मैं खुद खिंच लुंगी……” मगर रोशन ने रूठने का शकल बना कर कहा, “मैं तुम से बात करना फिर से चोर दूंगा और इस बार ऐसा गिरूंगा के मर्डर hi जावूंगा देखना!” कोयल एक लम्बी सांस लेकर ऊपर चाट पर देखने लगती है फिर से चादर को अपने हाथों में जाकर हुवे और रोशन को पंतय को ऊपर पहनाने देती है…… जब रोशन ने देखा के वह ऊपर देख रही है तो उस ने निचे घुटने के ऊपर पंतय को पुश किया और कोयल ने दोनों टांगों को साथ चिपकाया हुवा था तो रोशन ने अपने हाथ को दोनों जाँघों के बीच दाल कर दोनों जांघों को एक तरफ करने के लिए ज़ोर लगाया, और कोयल ने “िस्सश्श्श” करते हुवे आहिस्ते से अपने जाँघों को अलग किया, तब रोशन उस नाज़ुक जाँघों के हिस्सों को देख कर दीवाना सा होगया, उस काळा ड्रेस में, कोयल की जांघें कुछ ज़्यादा hi गोर लग रहे थे और बहोत hi मुलायम और खूब सूरत….. लगता था के एक सदयों के प्यासे को पानी मिल गया हो…… रोशन ने पंतय को वहीँ रोक कर अपने हाथों को उन् दोनों जाँघों पर आहिस्ते से फेरा और कोयल ने सिसकारियां चोरे…. और ज़्यादा कम्पनी lage…..aur इल्तेजा की, «अब जल्दी करो नाह मुझसे सेहेन नहीं होता, मुझको कुछ हो रहा है bhai…please जल्दी पहनावों….. » रोशन ने अपने जीब को अपने होंठों पर फेरते हुवे पंतय को और थोड़ा ऊपर किया, और आधा जांघ तक पंतय पोहोंच gayi….ab रोशन अंदर, और ज़्यादा ऊपर अपनी नज़रों को करता gaya…aur जल्दी से कोयल ने अपने हाथ को ड्रेस के ऊपर से अपने पुसी पर रख दिया ताके रोशन को वह न दिखे….. रोशन ने ऊपर कोयल के चेहरे पर देखते हुवे कहा, «चाह अब कड़ी हो जाओ ताके मैं पंतय को उस्सकी जगह पर पोंहचा sakun……Koyal निचे ज़मीन पर उतरी और उसस्के दोनों टांग कम्प रहे थे ज़ोरों se…bilkool हिल रहे थे दोनों टांगें….. और रोशन ने अपने हाथों को उस्सकी ड्रेस के टेल से पंतय को ऊपर उठाया….. जब पंतय अपनी जगह पर रुक गयी, तो रोशन ने अपने दोनों हाटों को चारों तरफ फेरते हुवे पंतय को ठीक से सजाया, कमर पर, पीछे के तरफ, कोयल को टर्न करने को कहा, और उस्सकी शूटरों पर हाथ फेरते हुवे पंतय को ठीक किया… फिर सामने टर्न होने को कहा, तब कोयल ने एक लम्बी सांस बाहर चोरते हुवे कहा, «अब खुश? पहना दिया नाह, अब ठीक है ऊपर आ अब बीएड पर.» मगर रोशन ने एक दम अचानक से कोयल की ड्रेस को ऊपर उठाया और अपना मुंह कोयल की ठीक छूट के ऊपर पंतय पर किश करने लगा उस्सकी शूटरों पर अपने हाथों को दबाये हुवे… कोयल की कमर रोशन के बाहों में था और कोयल जैसे कैद थी उस्सकी बाहों में, और क्यों के रोशन ने बिलककोल झट से वह किया कोयल ने बिल्कुल नहीं सोचा था के वह वैसा करेगा तो वह हैरानी में पुतले की तरह कड़ी के कड़ी रह गयी रोशन के सर पर अपने हाटों को दबाये huwe…..Roshan अपने जीब से कोयल की छूट के ऊपर उस पंतय को चाटने लगा………. कोयल ने ेंखें बंद कर्ली और उस्का पूरा जिस्म कांपने लगा………

उधर से डॉक्टर कॉरिडोर में इन् दोनों के कमरे के तरफ ारः था……….

तो बे कॉन्टिनोएड…………………..
 
अपडेट 76

उस रात ज़ोरों की बारिश हो रही thi…..Koyal सिमटती गयी रोशन की उस हरकत से और ेंखें मुंढे गहरायी से महसूस कर रही थी के उस का भाई उस्सकी नाज़ुक पुसी की हिस्सों पर अपना जीब फेर रहा था पंतय के ऊपर hi, थार थार काम्पे जा रही थी कोयल रोशन के सर के बालों को अपने उँगलियों में जाकर हुवे…. धीमी धीमी आवाज़ निकल रही थी कोयल के गले से जैसे, “हम्म्म्म स्सश्श्श्स्स्सस्स» और रोशन भी खुद कम्प रहा था मगर अपनी ेंखें ऊपर उठके अपनी बेहेन के चेहरे में देखते हुवे वह अपना जीब चला रहा था कोयल की छूट पर पंतय के ऊपर से hi….. कोयल ने फिर अपने जिस्म को बीएड पर जैसे के फेंक diya….apni पीठ पर पारी थी और रोशन अपना काम किये जा रहा था…….

अचानक एक बिजली कार्की और हॉस्पिटल के सभी लाइट्स ऑफ होगये, और कोयल को अँधेरे से डर लगती थी तो वह जल्दी से उठ कर रोशन को ज़ोर से गले लगा लिया….. दोनों भाई बेहेन अकेले रूम में एक दूसरे के बाहों में जाकर हुवे थे…. रोशन कोयल के पीठ को सहलाते हुवे कह रहा था, “मैं हूँ न तुम्हारे साथ क्यों डर्टी हो, अभी करंट आजायेगी डरो मत!” उधर डॉक्टर जो चला आ रहा था कॉरिडोर में रुक गया और चरों तरफ अँधेरा होने की वजह से अपने हाथों को दीवारों को टटोलते चला जा रहा था, और दूसरे तरफ से एक नर्स चली आ रही थी और डॉक्टर का हाथ सीधा नर्स के बूब्स पर गया और नर्स ने कहा, “कौन है? आआआह” जब नर्स चिलायी तो डॉक्टर ने कहा, “मैं हूँ, मैं हूँ, डरो मत…” नर्स ने कहा, “डॉक्टर साब, इस अँधेरे में आप यह किआ कर रहे हो, तब तक डॉक्टर ने नर्स को अपने बाहों में लपेट लिया और उस्सको लेके अपने रूम में चला गया एन्जॉय करने को…… अब जनरेटर चालू हुवा, तो उस से सिर्फ इमरजेंसी जगावों पर करंट ों हुवा, सिर्फ ऑपरेशन ब्लॉक्स और फार्मेसी के हिस्सों में और कुछ रूम्स में भी….. डॉक्टर की ऑफिस में बिल्कुल लाइट नहीं था, तो उस्का वीडियो जिस से कैमरा के इमेजेज एते थे सब एक दम ब्लैक आउट हो गया था….. उस ने सोचा के अब तो नहीं देख पायेगा उन् भाई बहनों को और फिर एक नर्स मिलगया उस्सको एन्जॉय करने को तो उस ने अपने आप से कहा, “मारो गोली उन् दोनों को इस नर्स को छोड़ते हैं….” तो इस तरह कोयल और रोशन बच गए इस डॉक्टर से…..

अब कोयल की रूम में अँधेरा था, और क्यूंकि वह रोशन के बाँहों में थी, रोशन मौके का फायदा उठाते हुवे उसस्के गले को चुम और चाट रहा tha…..Koyal धीमी धीमी आवाज़ में कहे जा रही थी, “हम्म्म, चोरो भी, बस करो नाह, किआ कर रहे हो, nahin…hmmmmm” रोशन को ज़्यादा मज़ा ारः था जब कोयल वैसे कहंर्ती हुवी आवाज़ में शिकायतें कर रही थी….. बिल्कुल अँधेरा था और दोनों एक दूसरे को देख नहीं सकते थे, और रोशन ने धीरे धीरे अपने जीब को कोयल के गले से फेरते हुवे कोयल की गाल तक पोंछा और हलके से उस्सकी होंठों पर भी जीब को phera….uss ने डरते हुवे वैसा किया और कोयल ने जल्दी से अपने मुहं को हाथों से पोंछते हुवे कहा, “मत करो ऐसा, चाह नहीं लगता, चीः!” रोशन ने कहा, “अरे चीः क्यों कह रही को, कभी किश करते नहीं देखा किसी को किआ?” कोयल बोली, “हम्म देखा है मगर मुझे घिन अति है मुंह में मुंह से!!” रोशन कहता है, “कमाल करती हो तुम भी इस में घिन की किआ बात है, देखो मेरा जूठा कहती हो के नहीं?” कोयल ने कहा, “हाँ!” तब रोशन बोलै, “तो उस जूठन खाने से घिन नहीं अति? वह भी तो मेरे मुंह से निकला हुवा होता है आधा?” कोयल खामोश रहती है तब तक रोशन फिर से अपना मुंह कोयल के मुहं पर लगते हुवे अपने जीब को उस्सकी होंठों के बीच फेरता है ….. कोयल दोनों होंठों को कसके एक साथ दबाकर रखती है और रोशन अपने जीभ को दोनों होंठों के बीच दाखहिल करने की कोशिश करता है…. पर कोयल मुंह नहीं खोलती है…. रोशन फाॅर्स करता है अपने जीभ को तो कोयल की डेंटन पर उस का जीभ परता है…. तब मुस्कुराते हुवे रोशन कहता है, “कमाल है यार, किआ मेरा जीभ तेरा ब्रश है? तेरे डेंटन को ब्रश करने को है किआ?” कोयल हंसती है, ‘हीहीही’ तो रोशन उस्सकी चेहरे को अपने हाथों में लेकर उस्सकी गालों को दबाकर उस्सकी मुंह खोलवाता है, तब थोड़ा सा कोयल मुंह खोलती है और रोशन अपने जीभ को कोयल के मुंह में डालता hai….Magar कोयल कुछ नहीं करती hai…sirf अपनी मुंह को खुले चोरडेति है और रोशन जीभ चलता है उस्सकी मुंह में….. फिर रोशन थोड़ा नर्वस होकर कहता है, “किश से पला पड़ा है यार!! तू तो बिल्कुल अनारी है रे!! किश करना नहीं अत तेरे को?” कोयल थोड़ा नखरें करते हुवे कहती है, “मुझे नहीं अत मैं किआ करूँ?!”

तब दरवाज़े पर कोई नॉक करता और दरवाज़ा खुलता है और कोई कैंडल होल्डर लिए जिस्में कोई 6 कैंडल्स जले हुवे थे लेकर अंदर अति है. एक नर्स थी जो कैंडल्स देने को ए थे उस रूम में. अब रौशनी में कोयल ज़्यादा शर्माने लगी और रोशन को करीब नहीं आने दे रही थी. रोशन जैसे उस को छूटा था वह एक तरफ अपने आप को कर लेती थी, तो रोशन को ग़ुस्सा आया और कहा, “यह किआ नखरें कर रही है, दादा से तो तो खूब मज़े लेती है तू!! अब किआ तेरा पाऊँ परूँ यह सब करने के लिए?” यह कहकर वह रूत गया और बीएड के एक कोने में पेयर मोड़ कर लेट गया. कोयल के समझ में नहीं आरही थी के किआ करें. वह कम्प भी रही थी, डर लग रहा था उस्सको मगर वह नहीं चाहती थी के रोशन उस से रूठे! वह बीएड के एक कोने में थी और रोशन दूसरे कोने में…… काफी देर तक दोनों खामोश यूँही लेते रहे. कोयल मूढ़ कर बार बार उस्सको देख रहा था, मगर रोशन सच में खफा था. कुछ देर के बाद कोयल खुद उस के पास गयी और उस्सको सतना शुरू किया…. उस के कान में अपने गेसुओं को लहराई, उस्सको गुदगुदी किया, उसस्के पाऊँ के तलवे पर ऊँगली chalaayi….aur रोशन रूठे हुवे उस के हाथ को पुश करता gaya….Koyal हंस रही थी और उस्सको सताती जा रही थी….

तब कोयल बीएड पर अपनी घुटनों पर उठ बैठी और कहा, “तुम यह देखना चाहते थे नाह? मैं अपनी ब्रा निकल रही हूँ……” यह सुनकर रोशन झट से कोयल के तरफ मुड़कर देखता है अपने ेंखों को पहाड़ पहाड़ कर……. कोयल अपने होंठों को डेंटन में दबाये हुवे अपनी ब्रा को ड्रेस के अंदर से hi अपने हाथ को अंदर कर के निकाल रही थी. मगर रोशन ने कहा, “रुको, ऐसे नहीं….. इस ड्रेस को पूरा निकल pheinko…..sirf ब्रा और पंतय में रहो नाह प्लीज….” कोयल रुक गयी और रोशन की ेंखों में देखते हुवे कुछ सोच रही थी, फिर कहा, “और किसी ने दरवाज़ा अचानक खोल दिया तो?” तब रोशन ने कहा, “मैं दरवाज़े को लॉक करके अत हूँ…” और कोयल ने पुछा, “मगर फिर भी किसी नर्स या डॉक्टर तुझको देखने के लिए ए और देखे के दरवाज़ा अंदर से लॉक है तो?” रोशन रुक गया और अपने सर खुजाते हुवे कहा, “हम्म्म कोई बात नहीं अगर उस के बाद भी किसी ने दरवाज़ा खटखटाया तो हम कहेंगे के तुम कपडे बदल रही थी इसी लिए तुम ने hi लॉक किया ता और कपडे बदलने के बाद तुम खोल देती दरवाज़े को, ठीक है?” कोयल बोली, “मगर भाई, किसी ने दरवाज़ा खटखटाया तो उठ कर कपडा पहने में और जाकर दरवाज़ा खोलने में टाइम लगेगा, वह लोग किआ सोचेंगे? और किआ मैं तुम्हारे सामने कपडे बदल रही थी यह कहूँगी?” रोशन अपना सर हिलाते हुवे कहा, “तू बिल्कुल बुद्धू है, यह लम्बा टीशर्ट तो तुम एक सेकंड से कम टाइम में अपने गले के नीचे उतार लोगी, अब अंदर ब्रा होगी या नहीं किश को पता चलेगा? और जब दरवाज़ा खटखटाएगा कोई तो मैं तुरंत बाथरूम में चला जावूंगा और तुम यहाँ कपडे बदलने का बहाना करना, जब कोई अंदर आएगा तो सिर्फ तुमको अकेला पायेगा यहाँ, मैं तो नहीं रहूँगा तो तुम कपडे बदल सकती हो मेरे ग़ैर हाज़िरी में, तो वह लोग कुछ ग़लत नहीं सोचेंगे…” तब मुस्कुराते हुवे कोयल कहती है, “हम्म बहोत ज़्यादा सायना हो गए हो अब?!” रोशन अपना सीना ताने दरवाज़े को लॉक कर के बीएड के तरफ वापस अत है तब तक कोयल ड्रेस को अपने छाती तक ऊपर कर चुकी थी निकलने के लिए, और रोशन कोयल की पथ, कमर, जाँघों को निहार रहा था उस के सामने खड़ा हुवा….. कोयल टांगों को मोड़ कर बीएड पर बैठी थी ड्रेस को निकलते वक़्त, और जब ड्रेस कोयल की चेहरे तक गया तो गले से होकर सर के ऊपर होकर ड्रेस बाहर निकलेगा, तो तब तक रोशन कोयल की सफ़ेद ब्रा को चूचियों को होल्ड करते देख रहा था, और उन् बूब्स के हिस्सों को ेंखें पहाड़ पहाड़ कर देख रहा था जो ब्रा के बाहर नज़र आते हैं……

जब कोयल ने ड्रेस को पूरा निकल दिया तो अपने हाटों को अपनी ब्रा पर रख के कवर कर लिया यूँही बीएड पर बैठे हुवे और तिरछी ेंखों से अपने भाई को देख रही थी सर को थोड़ा झुकाये हुवे और चेहरे पर लाली लिए हुवे. रोशन जैसे हिप्नोतीजेड हो गया हो, खड़ा बस देखता जा रहा था….. कोयल सिर्फ पंतय और ब्रा में बैठी थी उस के सामने बीएड पर और वह खड़ा देख रहा था जैसे ज़बरदस्त झटका लगा हो उस्सको…. फिर कुछ लम्हों के बाद रोशन कंपते हुवे बीएड के ऊपर जाता है और अपनी बेहेन की पूरा गोरा जिस्म के हर एक हिस्से को निहारता hai….usski, पथ, कमर, उस्सकी नंगी बाहें, उस्का गाला, गर्दन, सभी उन् जगावों को रोशन देख रहा था जो कभी नज़र hi नहीं एते हैं, सब ढके रहते हैं कपड़ों के andar…aur बहोत सरे हिस्से ज़्यादा गोर लग रहे थे क्यों के कपड़ों में छुपे रहते हैं और कुछ हिस्से, जैसे घुटनों के थोड़ा ऊपर, जहाँ थोड़ा झुलसा हुवा फिर थोड़ा थोड़ा गोर होते होते ज़्यादा गोर रंग ज़्यादा ऊपर, सब को रोशन ऐसे देख रहा था जैसे ज़िन्दगी में फिर कभी देखने को नहीं मिलेगा……

कोयल ने धीमी आवाज़ में कहा, “मुझको ठण्ड लग रही है अब!” और सच में कम्प रही थी, इस लिए नहीं के ठण्ड लग रही थी बल्कि इस लिए के जो वह दोनों करने जा रहे थे वह दोनों का पहली बार था…… दोनों को पता था के किआ करने वाले हैं पर दोनों को यह एक सपना लग रहा था और दोनों कुछ ऐसा सोच रहे थे के कुछ नहीं कर पाएंगे…… रोशन का लुंड एक दम खड़ा था और उस ने अपना शर्ट उतरा फिर अपनी शार्ट भी उतरे, जब के कोयल उस्सको सर झुकाये शरमाते हुवे देख रही थी…. रोशन अपना अंडरवियर भी उतारने जार अहा था मगर कोयल ने कहा, “ीीीे!! Nahin….ussko मत उतरो प्लीज……” तो रोशन ने अपना अंडरवियर नहीं utara…uss में उस्का तना हुवा लुंड खूब दिख रहा था और कोयल कुछ शरमाई सी वहां देख रही थी….. उस्सको खूब पता था किआ है अंडरवियर के अंदर क्यों के दादा जी अपने लुंड को उस पर रगड़ता है और पिता ने भी अपना पानी छोड़ा था उस्सकी जाँघों के बीच……

तो बे कॉन्टिनोएड……………………………..
 
अपडेट 77

तो आहिस्ते से रोशन कोयल के करीब गया और धीरे से कहा, “अब अपने हाथों को हटाओ, दिखावो अब जो मैं देखना चाहता हूँ प्लीज….” रोशन की आवाज़ भी कम्प रही थी जब यह कहा तो…. और कोयल भी कंपते हुवे आवाज़ में बोली, “मुझे बहोत ठण्ड लग रही है, देखो कैसे कम्प रही हूँ…..” रोशन ने उस्सकी बातों को अनसुना करने कोयल के दोनों हाथों को अपने हाथों से उस्सकी ब्रा पर से हटाया, और हलके से दिखने वाले बूब्स के ऊपरी हिस्से को चूमा…. कोयल ने एक लम्बी सांस लेकर ‘”िस्सशशशशशश” किया, और रोशन ने अपने हाथों को कोयल के पीठ पीछे करके ब्रा को उन्हुक किया हौले से….. उस्सकी नज़रें उस्सकी बेहेन की छाती पर जमी हुवी थी जब ब्रा को उन्हुक कर रहा था…. और कोयल कम्पटी जा रही थी सर को नीचे झुकाये…… फिर धीरे से रोशन ने ब्रा की स्ट्रैप्स को कोयल के बाँहों के नीचे से सरकते हुवे ब्रा को निकलने लगा और ेंखों को अपनी बेहेन की नाज़ुक, कोमल, कुंवारी चूचियों पर जमाये रखा….. जब ब्रा धीरे धीरे बूब्स से हटती गयी तो बिल्कुल आराम से हलके हलके रोशन ने ब्रा को बूब पर से आहिस्ते से निकला….. फिर वह रे वह….. अपनी बेहेन की छोटी साइज की चूचियों को ऐसे देखने लगा के जैसे एक नन्हा मुन्ना नया जन्मा बेबी को देख रहा हो….. कोयल ने अपने बालों को कांधों पर से चूचियों पर फेर दिया ढकने के लिए…. और कम्पटी जा रही थी…. फिर रोशन ने हॉक्स से अपने कंपते हुवे उँगलियों से कोयल के बालों को चूचियों पर से हटाया, और उस्का एक ऊँगली एक बूब पर हलके से टच हुवा और जैसे उस्सको एक करंट लगा…. उधर कोयल भी उस्सकी टच से ेंखों को बांध कर लिया…… फिर रोशन ने सर उठाकर कोयल के चेहरे में देखा, और बहोत आराम से धीरे धीरे अपने हाथ को अपनी बेहेन की एक बूब पर रखा…. कोयल कसमसा गयी और धीमी आवाज़ में तड़पने लगी….. फिर रोशन ने दूसरी बूब पर हाथ रखा और दोनों चूचियों को सहलाने लाहा धीरे धीरे….. कोयल जैसे रोने की आवाज़ में «ाः हम्म्म, nahin….hmmm बस करो अब…. » कहती जा रही थी…. मगर तब रोशन ने कोयल को अपने बाँहों में जाकर लिया और जैसे के उस्सने शर्ट निकाल दिया था तो अपने छाती पर अपनी बेहेन की जवान नरम चूचियों को दबाते हुवे फील किया और एक लम्बा सांस लिया……

जब कोयल ने अपने भाई की छाती की गर्मी फील किया अपने चूचियों पर तो उस ने भी अपने बाहों को रोशन के गले का हार बना दिया और दोनों ने एक दूसरे के गाल पर गाल सहलाते हुवे लेटने लगे बीएड पर….. गहरी सांस लेते हुवे दोनों बीएड पर लेते और जिस्म से जिस्म चिपके हुवे थे सिर्फ एक एक कपडे में थे दोनों ऊपर वाला हिस्सा बिल्कुल नंगा, निचे एक ने अंडरवियर पहना था दूसरी ने पंतय…… उसस्के बाद , अब रोशन ने कोयल को चूमना शुरू किया, पहले गालों को चूमा, फिर गर्दन को, फिर धीरे धीरे निचे के तरह बहरता गया, जैसे से hi उस के होंठ कोयल के चूचियों तक पोंहचा कोयल ने फिर अपने हाटों को वहां रख दिए, सिसकारियां चोर्तेय हुवे, पर, रोशन ने उसस्के हाथों को हटाया और एक बूब को अपने मुंह में लिया और दूसरे को एक हाथ से मसलने लगा धीरे dhire…..Koyal तड़पने लगी और हालां के कहती थी ठण्ड लग रही है उस्सकी पसीना भी छूटने लगी और रोशन भी पसीना पसीना होगया था….. रोशन ने एक बूब को तक़रीबन पूरा अपने मुंह में ले लिया और चुस्सने लगा, कोयल सिसकारियां चोरते हुवे तृप्ति जा रही थी अपने हाटों को रोशन के बालों में दबा कर फेरते हुवे, और अपने पैरों को ऊपर नीचे कर रही थी तड़पते हुवे….. धीरे धीरे रोशन ने एक बूब को चोर कर दूसरे को मुंह में लिया और चूसने लगा और एक हाथ को कोयल के पथ पर फेरते हुवे उस्सकी पंतय पर पोह्चय, और अपने ऊँगली को छूट पर पंतय के ऊपर से hi रगड़ने लगा….. कोयल जैसे होश खोने को थी, इतना तरप रही थी और कसमसाती हुवी अपनी जिस्म को एक सांप की तरह रेंग रही थी बिस्तर पर अपने भाई के अघोष में…..

रोशन ने फील किया के उस्सकी बेहेन की पंतय भीग गयी थी जहाँ वह ऊँगली कर रहा था….. तो चूचियों को चोर कर वो नीचे के तरफ अपना मुहं करता गया….. और जब पंतय तक पोंहचा तो कोयल एक दम तृप्ति हुवी आवाज़ में बोली, “भाई मुझसे अब सेहेन नहीं होता, बस करो न please…ruk जाओ किसी दूसरे दिन करलेना जो बाकी करना है, प्लीएएएएस….” मगर रोशन कहाँ सुनने वाला था उस्सको, उस्सने धीरे धीरे अब पंतय को उतारना शुरू kiya…jab कोयल ने देखा के वह पंतय उतारने लगा है तो फिर लेथ गयी और बिस्तर की चादर को अपनी मुठी में ज़ोर से जाकर कर खींचने लगी अपने जिस्म को बिस्तर पर रगड़ते huwe….jeise उस पर कोई भूत संवार हो गयी हो…… और लम्बी लम्बी सांसें ले और चोर रही थी…. रोशन ने बहोत आराम से पंतय को धीरे धीरे निचे के ओवर खींचता गया, और जैसे जैसे पंतय उतरती गयी रोशन हर उस हिस्से को चूमता गया जो पंतय से ढाका हुवा था…. अपनी बेहेन की कुंवारी छूट को चूमा और छाता उस्सने, फिर जाँघों को चूमा और छाता, और जब पंतय निकाल फेंका तब जाँघों को फैला कर उन् जाँघों के बीच वाले हिस्सों को चूमने लगा और छाती छाती ऊपर छूट तक पोंहचा…. कोयल बिस्तर पर रेंगती जा रही थी, बिस्तर के चादर बिल्कु इधर के उधर होगयी थी, एक दम मेस….. और जब रोशन का जीभ कोयल की छूट के छेद को चुवा तो कोयल ने ज़ोर की आवाज़ निकाली, “इससष आआआहहह” और रोशन के सर के बालों को अपने मुठी में पकड़े ज़ोर से खिंचा कोयल ने नशीली हालत में…..

रोशन को अपनी बेहेन की भीगी छूट से उस्का नमकीन रस चूसते हुवे बहोत अचछह लग रहा था…. वह छाती और चूस्ते गया और कोयल पागल होती गयी अपने भाई के सर को अपने जाँघों के बीच दबाये उस्सकी जीभ को अपने छूट पर महसूस करते हुवे…. दीवानी की तरह कसमसा रही थी और तरप रही थी अपने भाई के टेल…… रोशन ने अपने जीभ को छूट की छेद में डालने की कोशिश की मगर नहीं दाल पाया क्यों के कोयल चिल्लाई…. फिर चाटता गया ेंखों को ऊपर उठाकर कोयल की तृप्ति हुवी चेहरे पर देखते हुवे…

आखिर कोयल की बहोत मिनतें करने के बाद रोशन रुका और कोयल को कहा, “अब तुम्हारी बारी है, तू भी मेरे अंडरवियर को उतार अब…”… न चाहते हुवे भी कोयल ने रोशन का अंडरवियर को निकला…. जैसे जैसे अंडरवियर को नीचे खींचती गयी, अपने ेंखों को मुंध लिया उस्सने….. और जब अंडरवियर को बिल्कुल निकल दिया तो रोशन ने अपने लुंड उसस्के मुंह पर dabaya….tab कोयल ने ेंख खोली जल्दी से क्यूंकि रोशन का लुंड नरम हो गया था, एक छोटा सा सांप की तरह लटक रहा था….. कोयल हैरान हुवी और ऊपर रोशन के चेहरे पर देखते हुवे पुछा, “किआ हुवा? क्यों नरम हो गया?” रोशन पसीना पसीना हो गया था और कम्प रहा था तो कहा, “पता नहीं मेरे समझ में नहीं अत क्यों छोटा हो गया अभी कुछ देर पहले मोटा और लम्बा तन्ना हुवा था….”

कोयल को तरस आया अपने भाई पर और प्यार से लुंड को अपने हाटों में लेते हुवे कहा, “तुझे डर लग रहा है, है नाह? हम्म? फ़िक्र मत कर मैं अभी इस्को खड़ा करती हूँ, तू लेथ जा भाई…” और यारो, कोयल ने अपने भाई के लुंड को मुंह में लिया और सहलाते हुवे ऐसा चूसा, ऐसा चूसा अपने भाई के लुंड को प्यार से और चाहत से के एक मिनट में खड़ा होकर मोटा लम्बा कोयल के मुंह में अंदर बाहर हनी लगा…… मुस्कुराते हुवे कोयल ने कहा, “देखा! आगया न अपने साइज पर तेरा लुंड bhai…ab किआ करेगा इस्सके…..?” रोशन ने कहा, अब तू तैयार होजा इस्को अपने अंदर लेने के लिए, यह तो तैयार है वहां घुसने को…” कोयल ने कुछ नखरें की, मगर फिर लेथ गयी और जाघों को फैला दिया अपने भाई के लिए मगर कहा, “भाई आराम से यह पहली बार है mera…dard होगा तो बाहर निकल देना जल्दी से नहीं तो मैं ज़ोर से चिलावूँगी और नर्स आजायेंगे…”

तो रोशन ने अपने लुंड को धीरे धीरे कोयल की भीगी हुवी छूट पर रगड़ा, और अपने हाथ से डायरेक्ट करते हुवे छूट की छेद तक लुंड की हेड को लगाया और अपने कमर को हॉक्स से हिलाकर पुश किया थोड़ा सा….. कोयल रोशन के कमर को लेथ कर पकड़ा हुवा था और जैसे hi उस ने फील किया के लुंड का हेड उस्सकी छूट की छेद में घुस रही है तो अपने जबड़े को ज़ोर से दबाकर आवाज़ निकाली, “हम्म्म्म आआह्ह्ह्ह” और रोशन उसस्के चेहरे पर देखते हुवे लुंड को और थोड़ा पुश किया और कोयल रोने लगी….. यह कहते, “दर्द हो रहा है, बाहर निकालो मैं नहीं सेह सकुंगी इस्को अपने अंदर…” रोशन ने लुंड को बाहर निकला और कोयल की ेंसुओं को चाटते हुवे बोलै, “आरी पुगली, यह पहली बार है इस लिए थोड़ा सा दर्द होगा, जैसे hi अंदर घुस जाएगा तो दर्द ख़तम हो जाएगा, करने दे नाह, अभी लुंड फिर से नरम हो गया तो मुश्किल हो जाएगी….”

और दोबारा रोशन ने वही किया, आधा लुंड ग़ुस्सा अंदर और कोयल तकलीफ सहते हुवे तरप रही थी, तब रोशन ने अपने मुहं को कोयल के मुंह में डाला और कहा, किश कर मुझको, ठीक से किश कर मेरे जीभ को चुस्ता जा, रस को पीटा जा, जब दर्द हॉवे तो ज़्यादा चुस्सना देखना दर्द ग़ायब होजाएगा….. लुंड आधा छूट के अंदर था और ऊपर कोयल के मुंह में रोशन ने अपना जीब दाल दिया और चुस्सने को कहा अपनी बेहेन को, डर के मरे कोयल अपने भाई के जीभ को चूसने लगी और धीरे धीरे रोशन अपने लुंड को अंदर तुस्ता गया…. कोयल रोशन के जीभ को चूसते हुवे आवाज़ करने की कोशिश कर रही थी, “Hmmm…hmmmmm हम्म्म” मगर तब तक रोशन ने पूरा लुंड को अंदर दाल दिया था और अपने कमर को हिलाते हुवे ढाका देने लगा जल्दी जल्दी…… और क्यों के उस्का पहली बार था उस ने आवाज़ निकाली, “आआह कितना गरम है ANDAR….MERA लुंड गरम हो गया तेरे अंदर घुसते HI, कितना चाह लग रहा है…..” बस इतना hi कहा के झड़ने को आया तो जल्दी से लुंड बाहर निकला और अपनी बेहेन के पथ पर पिचकारी छोड़ा अपने पानी को पथ से लेकर चूचियों के ऊपर, यहाँ तक के कोयल के गले तक प्रेशर गया…. और रोशन ने देखा के थोड़ा सा खून लगा हुवा था उसस्के लुंड पर, तो खुश हुवा के अपनी खूबसूरत नाज़ुक बेहेन की सील उस्सने तोडा……

कोयल लेती रही और सर उठाकर रोशन से कहा, “बस होगया?? इतना hi? इतनी जल्दी? मुझको तो कुछ समझ में नहीं आया!! और जलन हो रही है andar…oouuuiiii मायआ”

तो बे कॉन्टिनोएड……………………
 
ुपड़ते 78

कोयल को उस रात रोशन ने 5 बार छोड़ा……. दूसरी बार तो वह नहीं करने दे रही थी क्यों के दर्द हो रहा था उस ने कहा, मगर धीरे धीरे करेस करने के बाद सेहेन की उस्सने और रोशन फिर उस से पहले झाड़ गया…. फिर आधे घंटे बाद उस ने kiya…iss बार टाइम लग रहा था रोशन को ओर्गास्म रीच होने में तो कोयल इस तीसरी बार में कुछ फील करने लगी और अपने भाई को बहोत ज़ोर से बाँहों में जाकर कर चूमती गयी और उस के गले में अपना दन्त गदति गयी, आखिर में उस्सको ओर्गास्म आयी और पहली बार उस्सको पता चला के झड़ना किश को कहते हैं. उस्सको बहोत मज़ा आया और रोशन से कहा, “तो थोड़ी देर के बाद फिर से करेंगे….” रोशन थक गया था और कहा के अब उस्सको नींद आरही है, मगर अब कोयल करना चाहती थी, उस मज़े को ज़्यादा चखना चाहती थी और एन्जॉय करना चाहती थी….. इस तरह उस्सने अपने भाई को छोड़ा कहना चाहिए….. तो 5 बार सेक्स किया दोनों भाई बेहेन ने सुबह के 4 बजे तक… तब दरवाज़ा को अनलॉक किया और दोनों सोने को गए.

सुबह को सवेरे सवेरे घरवाले आगये उन् दोनों को देखने और क्यों के कोयल को कॉलेज जाना था घरवालों ने उसस्के कपडे वग़ैरा लाये थे और हॉस्पिटल से hi वह कॉलेज जाती. जो पहला दाखिल हुवा उन् लोगों के कमरे में हु थी पायल!! और पायल ने जल्दी से कोयल को उठाया कपडे पेहेन्ने के लिए क्यों के वह अधनंगी सो रही थी अपने भाई को बाँहों में जकड़े हुवे और पायल समझ गयी के दोनों ने रात को छोड़ा है!! इस से पहले के घर के दूसरे लोग अंदर दाखिल होते पायल ने जल्दी से कोयल को जगा कर बाथरूम भेजा अपने कपडे बदलने के लिए और उस्सको कहा के अपने गले को ढकें क्यों के गले में रोशन के डेंटन के निशाँ थे, लाल गहरा निशाँ थे उस्सकी चूचियों पर भी जो पायल ने अछि तरह से देखा……… और पायल ने रोशन को भी अपने छाती ढकने को कहा क्यों के उस के गले पर भी कोयल के डेंटन के निशाँ थे…. पायल सोचती रही के दोनों ने सुहाग रात मनाई हॉस्पिटल में रात भर!!

अब दिन को तो कोई नहीं रहने वाला था हॉस्पिटल में रोशन के साथ…. जल्दी जल्दी कोयल तैयार हुवी कॉलेज जाने के लिए, उस्का जी नहीं कर रहा था जाने को, वह तो रोशन के साथ पूरा दिन बिताना चाहती थी उसी बीएड पर और ज़्यादा छुड़वाना चाहती थी…. अब जैसे सुहाग रात के बाद कपल्स एक साथ प्यार से दिन गुज़ारते हैं वैसे hi कोयल अपने भाई के साथ रहना चाहती थी मगर किआ करती मजबूरी थी, घरवालों से कोई बहाना नहीं कर सकती थी, कॉलेज जाना पड़ा उस्सको…. घरवालों के सामने हॉस्पिटल से निकली अपने कॉलेज जाने के लिए, मगर नहीं गयी… बाहर वेट किया और जब सब लोग वापस घर चले गए तो अपने यूनिफार्म में hi वापस रोशन के कमरे में घुस आयी और तुरंत अपने भाई के बीएड पर घुइसस गयी कम्बल के नीचे और रोशन का लौड़ा सहलाते हुवे अपने मुंह में लेलिया चुस्सने को जल्दी जल्दी….

अब दिन को भी दोनों ने खूब choda…magar बहोत प्यार से, बिल्कुल लगता था के यह एक शादी शुदा नया कपल हैं!! डॉक्टर और नर्स के अन्य पर कोयल बाथरूम में चुप जाती हर बार, जैसे वह लोग चले जाते फिर बीएड पर आती दरवाज़ा लॉक कर के……. जब शाम हुवा और विजिटिंग हॉर्स हुवे तो घरवाले आने को थे तब कोयल ने फिर से यूनिफार्म पहली और ऐसा एक्टिंग किया के अभी अभी कॉलेज से वापस आरही है अपने भाई को देखने के लिए…..

मगर घरवालों ने कुछ और hi इंतज़ाम किया था, ख़ास कर यह इंतज़ाम पायल ने किया…. वह यह के इस रात को कोयल नहीं रहेगी रोशन के साथ बल्कि खुद पायल रहेगी रोशन की देख भाल करने के लिए!! डॉक्टर्स लोगों ने कहा के रोशन के सर के अंदर थोड़ा सा ब्लड क्लॉट है और उस के लिए उस्सको एक दो दिन और रहना होगा ऑब्जरवेशन के लिए….. तो पायल ने घरवालों से बात की के कोयल को स्कूल जाना होता है, और हॉस्पिटल से चाह नहीं लगता उस को डिस्टर्ब करके वहां से स्कूल भेजना, तो उस्सको वापस घर सोने के लिए, आराम करने के लिए बुलाया जाये और पायल तैयार थी रोशन के साथ रहने को. और सरजू को रोशन की माँ देखेगी घर पर यह घर में फैसला हो चुक्का था.

जब यह फैसला सुनाया गया विजिटिंग हॉर्स के वक़्त तो कोयल झगड़ पड़ी सब लोगों से के वही अपने भाई का ख़याल अछि तरह से रख सकती है, तो क्यों उस्सको वापस जाने को कह रहे हैं….. पर पायल ने उस के कानों में कहा, “ अपने भाई से सुहाग रात मन लिया नाह? अभी मेरा मुहं मत खुलवा नहीं तो सरे घर वालों को सब बता दूंगी, चुप चाप घर जा !» कोयल को खामोश होना पड़ा, यह जानकार के उस्सकी चची को सब पता चल गया hai…to मजबूरन वह वापस घर गयी विजिट ख़तम होने के baad…jane के टाइम वह रोशन से गले मिलकर रोने लगी…. दादा और बाप ने कहा, «अरे रोटी क्यों है वह वापस आएगा, कुछ नहीं होगा ussko….chal घर चल हमारे साथ आज तेरी चची रहेगी रोशन के साथ» दादा चाहता था के कोयल को घर लेजाए, और रोशन को लगता था के अब तो दादा छोड़ेगा hi छोड़ेगा कोयल को क्यों के अब तो रास्ता साफ़ hai…aur कोयल भी छुड़वाना चाहेगी क्यों के लाज़त जो मिलगया उस्सको अब….

खैर, रात हुवी हॉस्पिटल के वार्ड में जहाँ रोशन था और उस्सकी चची ने बीएड पर उसस्के साथ बैठ कर बातें करना शुरू किया…. रोशन के बालों में अपने उँगलियाँ फेरते हुवे पायल ने कहा, «क्यों रे, तू जितना शर्मीला और चुप चाप दीखता है उतना है नहीं, बेहेन से hi काम चला लिया रात भर ? वह रे रोशन, छुपा रुस्तम निकला तू तो ! ! » रोशन बहोत शरमाया सा सर झुकाये बैठा था और कुछ सोचने के बाद बोलै, “चची आप यह बात किसी को बताना मत नहीं तो बड़ा बखेड़ा खड़ा होहायेगा …” पायल बोली, “चाह और उस वक़्त अगर मेरी जगह तेरी माँ या बाप अंदर आजाते तो? तब किआ करते तुम दोनों? तुम दोनों को उस हालत में देख कर किआ सोचती तेरी माँ या बाप ? और अगर दादा hi या दादी मुझसे पहले अंदर आजाते तो? तुम लोगों को पता नहीं था के हम लोग आने वाले हैं, विजिटिंग हॉर्स का टाइम था तुम्हे पता नहीं था ? सावधानी बरकना चाहिए था जब ऐसे काम कर रहे हों तो नाह? » रोशन सर तब तक झुकाये hi हुवा था और जवाब यह दिया, “अगर दादा या पापा अंदर हमको वैसे देख भी लेते तो मुझको इतना डर नहीं था के अगर दादी या माँ हमको उस हालत में dekhte….”Paayal खुले मुंह और बड़ी बड़ी ेंखों से उस्सको देखते हुवे पुछा, “किआ? क्यों तुमको फ़िक्र नहीं अगर दादा या तुम्हारा बाप तुमको वैसे देखते कोयल के साथ जैसे मैं ने देखा? मैं समझा नहीं, किआ कहना चाहते हो?” असल में रोशन का मतलब यह था के उस्सको पता था के दादा और उस्का बाप भी कोयल के साथ वैसे तालुकात रखते हैं, तो इस लिए उस्सको ज़्यादा फ़िक्र नहीं था, मगर इस बात का पायल को नहीं पता था के रोशन को भी पता है उन् लोगों के बारे में और अब रोशन को भी नहीं पता था उस्सकी चाही को भी पता है तो उस से यह बात छुपाना चाहते थे तो बस कहा, “ऐसे hi, वह लोग मर्द है नहिस्सी लिए!!”

पायल ने मुस्कुराते हुवे रोशन से पुछा, “चाह मैं तुम्हारे इस राज़ को राज़ hi रखूंगी पर तू मुझको सच सच बता कब से तुम दोनों यह करते हो?- उस दिन तो मैं ने जब कोयल से तेरे गिर्ल्फ्रेंड्स के बारे में पुछा तो उस ने यह बताया के तू तो किसी भी लड़की से मिलता जुलता नहीं और बस अपने कोने में रहता है, और यहाँ वही तेरा गर्लफ्रेंड nikla…hmm दोनों बहोत होशियार हो, या वह जलती है और तुझको किसी लड़की के पास नहीं जाने देती हम्म बोल बोल….” रोशन ने अपने चची को कहा के यह पहली बार थी जब के वह दोनों शारीरिक सम्बन्ध में मुब्तेला हुवे, उस ने यह भी कहा के कोयल उस्सको नहीं पास आने देती थी और एक हफ्ते तक दोनों में बात चित नहीं थी इस लिए के उस्सने कमरे में उस के साथ बतमीज़ी की थी…. तो पायल बहोत hi उत्सुक हो गयी जाने के लिए और रोशन से सब डिटेल्स में कहने को कहा. पायल ने साडी पहनी हुवी थी और पल्लू बार बार बीएड पर गिर जाया करता था और एकांत बार रोशन की नज़र चची के क्लीवेज को घर रहे थे और पायल को मालूम था….. पायल मुस्कुराते हुवे जब पल्लू को ऊपर उठाते तो रोशन की ेंखों में देखते हुवे उठाते और जब अपने क्लीवेज पर पल्लू को लगते तो रोशन से मुस्कुराते हुवे…… एक नटखटी ऐडा से पायल रोशन को देखती और मुस्कुराती बात करते वक़्त….. सब से छोटी चची थी वह रोशन की और जवान भी थी, हद से ज़्यादा खूब सूरत भी थी और पूरी रात रोशन के साथ गुज़ारने को thi…Roshan की शैतानी दिमाग़ में तरह तरह के खयालात आने लगे, उस ने सोचा के ‘अगर चची भी मेरे साथ बीएड पर सोती तो कितना मज़ा अत……’ और उधर पायल सोच रही थी, ‘इसके बाप के साथ तो एन्जॉय कर चुकी हूँ किआ अब bête से भी चुद्वालुन? हाय रे हाय, यह लड़का कितना जवान है और मासूम लगता है…. सब बूढ़े अधेड़ आदमियों से करती हूँ, एक जवान, मुझसे जो उम्र में बराबर है करके तो देखूं कैसा मज़ा देगा यह लड़का मुझको….’ दोनों के दिमाग़ में ऐसे सोच ने शोर मचा रखा था तो किआ होगा…. वही होगा नाह?!! मगर कैसे होगा?? चलो यह देखते हैं….

कुछ देर बीएड पर बैठ कर रोशन से बातें करने के बाद पायल ने रोशन को डिनर सर्वे किया और खुद खाना खाया और खूब बातें की दोनों ने और जोक्स भी मरे, खूब हांसे दोनों….. एकांत बार पायल की बदन रोशन के जिस्म से लग जाते उस दौरान, और रोशन उस टच से बहोत एक्साइट हुवे, एक बार तो पायल रोशन के इतना करीब था के रोशन को पूछना पड़ा, “कौन सी परफ्यूम लगाती हो चची बहोत अछि स्मेल है!” और वह महक आयी थी पायल के क्लीवेज से…. ठीक ब्लाउज के ऊपर पायल ने परफ्यूम स्प्रे किया था और जब वह झुकी थी रोशन की तकिये को उसस्के सर के नीचे लगाने को तब उस्सकी छाती बिल्कुल रोशन के नाक के पास था, अगर एक इंच रोशन अपने सर को उठता तो उस्का मुंह चची की बूब्स को छह जाते….

अब सब को याद होगा के जब पायल शादी कर के उस घर में आयी थी तो 16 साल की थी, और तब रोशन कितने का था? हाँ हु भी 16 साल का hi था तब. तो दोनों हम उम्र थे, मगर पायल की जिस्म बहोत ज़्यादा रोशन से उभरा हुवा था और ज़्यादा बड़ी दिखती थी उस के मुकाबले….. सिर्फ रोशन के मुकाबले वैसी दिखती थी वार्ना पायल तो फ़िल्मी हीरोइन लगती है….. अब रोशन अपने चची की चूचियों को देखता तो अपनी बेहेन की चूचियों को सोचता, वह तो बहोत छोटी थी, और अब रोशन को यह बड़ी बड़ी गोआल गोआल चूचियों को देखने और चुस्सने का मैं कर रहा था….. सोच रहा था के काश चची उन् खूबसूरत चूचियों को चुहने दे……

यारो हुवा यह के रात को सोने का टाइम हुवा और जब डॉक्टर और नर्स ने आखरी विजिट कर लिया तो पायल ने कहा के हु चेंज करने जा रही है और बाथरूम के तरफ गयी अपने निघ्त्य हाथ में लिए…. रोशन उस निघ्त्य को देख रहा था और पायल ने खूब देखा के रोशन की ेंखें उस्सकी निघ्त्य पर थे…… पायल ने तो उस्सको रिझाने की तयारीजन कर ली थी, मगर रोशन को पता नहीं tha…..Paayal को बहोत पहले hi से रोशन को पाना चाहती थी……

जब पायल बाथरूम से बाहर निकली तो सिर्फ निघ्त्य में थी, उस ने ऊपर वाला गाउन नहीं पहनी थी और बाप रे बाप अंदर ब्रा भी नहीं पहनी थी और निघ्त्य फ़्लीम्सय थी सब कुछ दिख रहा था…. उस्सकी बूब्स एकदम साफ़ दिख रहे थे और निप्पल तो टांके दो मस्त पॉइंट्स बनाये थे निघ्त्य के अंदर से…… उस्सको देखते hi रोशन का लुंड खड़ा होगया और जल्दी से उस्सने चादर को थोड़ा ऊपर उठाया हाथ से ताके चची को खड़ा हुवा लुंड न दिखे…. पायल मुस्कुराते हुवे रोशन के पास गयी और पुछा, “चाह रोशन तो मैं कहाँ सोऊंगी?” रोशन ने सोफे को नज़र से इशारा करते हुवे दिखाया. पायल ने सोफे को देखा फिर कहा, “चाह बीटा, बेहेन को अपने पास बीएड पर सुलाया और चची को सोफे पर सोने को कह रहा है, इतनी नाइंसाफी चची के साथ रे?” तब रोशन ने कहा, “नहीं चची यह बात नहीं है अगर आप चाहे तो यहीं सो सकती हो बीएड पर आप भी….” एक ऐसी चाल चलते हुवे पायल रोशन के पास बीएड के तरफ गयी जैसे एक मॉडल रैंप पर चलती है….. उस्सकी पंतय भी दिख रही थी पतली सी निघ्त्य के अंदर, और दोनों बूब्स साफ़ नज़र आ रहे थे और रोशन लाल पीला हो रहा था, उसस्के समझ में नहीं ारः था के उस बारे में कुछ बात करे, तारीफ़ करे या अनदेखा करदे….

पायल बीएड के करीब आगयी तो एक तंग को निचे ज़मीन पर चोरे हुवे दूसरे घुटने को बीएड के ऊपर रखा और रोशन की ेंखें उस्सकी जांघ पर पारी और उस्सने एक लम्बा सांस लेते हुवे कहा, “किआ फैसला किया चची, यहीं सोवोगी या सोफे पर?” पायल ने कहा, “क्यों रे, एहि पूछना चाहता है या कुछ और, तेरी ेंखें तो कहीं और देख रही है और सवाल तू दूसरा कर रहा है!” रोशन हकबकाते हुवे कहा, “नहीं तो main…main…. वह बात नहीं है… मैं तो…..” पायल मुस्काते हुवे अपने हाथ को रोशन के चेहरे पर फेरते हुवे कहती है, “क्यों शर्माता है रे रोशन, बोल नाह, किआ देख रहा है? मेरी जांघें हम्म? पसंद है तुझको?” रोशन को एक दम से गर्मी का एहसास हुवा और उस्का पसीना छूट गया, उस्सने बिल्कुल नहीं सोचा था के चची खुद यह बात केहड़ेगी….. और पायल hi ने बात जारी किया, “बोल अपनी बेहेन की जिस्म की किश हिस्से को ज़्यादा पसंद करता है तू?” रोशन ने थोड़ा दररते हुवे जवाब दिया, “एहि” पायल ने हँसते हुवे कहा, “एहि किआ? छह कर बता या कम से कम इशारा तो कर!” फिर रोशन ने अपने ऊँगली को अपने चची की जांघ का इशारा करते हुवे कहा, “यह”….. पायल मुस्कुराते हुवे बोली, “तू इतना शर्माता है तो कैसे कोयल से यह सब कर पाया तू रे? हम्म? बोल मेरी जाँघों को चुहने को मैं कर रहा है तुझको? शर्मा मत तू मर्द है, शर्माना मुझको चाहिए, बोल नाह!”………….

तो बे कॉन्टिनोएड…………………………… (4460 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
अपडेट 79

उस तरफ रोशन अपने चची के साथ गरम हो रहा था तो घर में अब कोयल तो अपने कमरे में अकेली पर गयी और दादा ने सोचा आज की रात तो एकदम मज़ा आएगा क्यों के वह किसी भी वक़्त कोयल के साथ एन्जॉय कर सकता है. मगर साथ साथ कोयल का बाप ने भी एहि सोचा! इन् दोनों ने ऊपर ऊपर कोयल के जिस्म पर अपने लुंड रागढ कर मज़ा लिया है और क्यों के यह दोनों अब भी एहि समझते हैं के कोयल वर्जिन है इस लिए एहि करने को सोच रहे थे. धानंद ने सोचा के रात को जब उस्सकी पत्नी गहरी नींद में होगी तब कोयल के कमरे में जाकर उसस्के साथ थोड़ा मज़ा करके वापस आजायेगा. बूढ़े दादा ने भी एहि सोचा……

रात को, हमेशा की तरह सब लोग टीवी के सामने बैठे हुवे थे और कोयल होमवर्क्स में लगी हुवी थी अपने कमरे में…… अब क्यों के कल रात को अपने भाई के साथ इतना सेक्स एन्जॉय किया था आज तो उस्सको मैं भी नहीं कर रहा था करने को इस लिए दादा के पास नहीं गयी होमवर्क्स करवाने के लिए क्यूंकि उस्सको तो पता है के दादा उस्सको अपने गॉड में लेगा और उस्सकी स्कर्ट ऊपर करके अपने लुंड पर उस्सको बिठायेगा और उस्सकी जाँघों के बीच अपने लौड़े को रगड़ेगा और अपने पानी से उस्सकी पंतय भीगा देगा….. और कोयल को तो अब गहराई का पता चल गया है तो उस्सने सोचा अपने भाई से hi गहराई में करलेगी जब वह वापस ajayega….To वह अपने कमरे में hi रह गयी बाहर नहीं आयी.

धानंद लाउन्ज मैं बैठे टीवी देख रहा था साथ में पद्मिनी, रमेश, दादा और दादी भी थे. दादा ने पुछा, “कोयल बिटिया कहाँ है, आज दिखाई नहीं दे रही है.” पूनम ने जवाब दिया, «आज कोयल को बहोत उदास लग रही होगी उस्का भाई जो नहीं है, कमरे में आज अकेली पर गयी है वह. पता नहीं रो रही होगी अपने भाई को याद करके, कल इस वक़्त उस के साथ थी हॉस्पिटल में.» तो दादी ने कहा, «पद्मिनी तुम अपने बच्चों को क्यों न कोयल के कमरे भेज देती आज एक साथ सोने को ?» तब पद्मिनी ने कहा, «मेरे तो दोनों सोगये है माँ जी. » फिर धानंद ने कहा, «कोई बात नहीं आज मैं रह जाता हूँ कोयल के साथ रात को, उस्सको तस्सली रहेगी के कोई तो है कमरे में !» यह सुन कर दादा को तकलीफ हुवा क्यों के वह तो कोयल के कमरे में जाने का प्लान बना रहा था रात को. पर धानंद की पत्नी ने अपने पति से कहा, «आप रोशन की छोटी सी बीएड पर कैसे रात गुजरोगे? उस का बीएड तो छोटा पर जाएगा आप के लिए!» यह सुनकर दादा खुश हुवा और कहा, “हाँ कल तेरा बदन दिन भर दर्द करेगा और तकलीफ होगी तुमको, रहने दो एक रात तो अकेली कोयल को शायद वह खुश होगी अकेले रहने को!” मगर धानंद ने कहा, “कैसे तकलीफ होगी मुझको? किआ मैं इतना बड़ा और मोटा हूँ के रोशन के बीएड पर नहीं सो सकूंगा? मैं तो अपनी बेटी को उदास नहीं रहने दूंगा, पूनम आज रात को मैं वहीँ सोऊंगा!” दादा को लगा के अब उस्का बहाना नहीं चलेगा और अगर धानंद चला गया उस कमरे में सोने को तब तो दादा रात को नहीं जा पाएगा कोयल से एन्जॉय करने, तो उस ने कहा, “चाह मैं देख कर अत हूँ कोयल बिटिया क्यों टीवी देखने नहीं आयी, शायद होमवर्क्स भी कर रही हो! अभी अत हूँ”

और दादा चला कोयल के कमरे के तरफ……. कोयल अपने पथ पर लेते चेहरे के सामने कॉपी बुक्स और बुक्स फैलाये, हाथ में कलम लिए दोनों हाथों को अपने गलों से लगाए, ेंखों को किताब को घूरती हुवी थी अपने बीएड पर दोनों पाऊँ घुटने से ऊपर उठाये दाएं बाएं चलते…. दादा जी ने कमरे के अंदर आते hi बीएड पर बैठ कर उस्सकी कमर पर हाथ रख कर कहा, “किआ बात है आज तो अकेली है मेरी छोटी सी रानी!!” कोयल ने एक छोटा सा टॉप पहना था और एक शार्ट, जैसे लड़के लोग शार्ट पंत पेहेनते हैं, जो उस्सकी बिल्कुल जाँघों को देखने में आसानी कर रही थी. जो टॉप थी वह एक छोटी चोली की तरह थी और उस कपडे में वह सोया करती थी रातों को. दादा ने कमर पर हाथ को फैलते हुवे पीठ के ऊपर अपने हाथ से कोयल की पीठ को सहलाता गया बातें करते हुवे….. बूढ़े ने देखा के पीठ बिल्कुल फ्री है कोयल की यानी के उस्सने ब्रा नहीं पहनी थी…. दादा जी उत्तेजित होगया और उस्का लुंड खड़ा होगया पंत के अंदर और धीरे धीरे अपने हाथ को कोयल के बाज़ुओं के निचे फेरता गया उस्सकी चूचियों को चुने के लिए….. और उस्सको चुवा भी, कोयल थोड़ा सा हिलकर अपनी कांधों को एक तरफ करते हुवे बचपना अंदाज़ में बोली, “दादू, ऐसा मत कीजिये मुझको चाह नहीं लग रहा है….”

अब यह दोनों दादा और बाप कोयल के साथ बिना कोई सेक्स की बात किये hi यूँही बस उस्सको गॉड में लेते वक़्त अपने लौड़े को उसस्के निचे रगड़ते थे और ेजकुलाते कर जाते थे….. मगर कोयल को सब पता होता था के यह लोग किआ करते हैं उसस्के saath…dada तो जब कोयल और भी छोटी थी तभी से वैसा करता चला ारः है उसस्के साथ, बल्कि वही पहला आदमी है जिस ने कोयल के जिस्म पर लुंड रगड़ा था…. कोयल दादा hi के बदौलत जान सकीय के लुंड किआ होता है और कैसा होता है और उस से किआ करते हैं….. वह काफी छोटी थी तब से hi दादा उस्सको तैयार कर चुक्का है…. तो उसस्के बहोत बाद जब बाप ने भी वैसा किया तो कोयल ने करने दिया क्यों के दादा पहले से hi वैसा करता था… मगर दोनों मर्दों में से किसी को भी पता नहीं था एक दूसरे के बारे में के दोनों कोयल के साथ यह सब करते हैं…

अब आज दादा इस बारे में कोयल से बात कर रहा है….. उस ने कहा, “ देख आज तेरा भाई नहीं है कमरे में, तू रात भर अकेली रहेगी, तो मेरा मैं बहोत करता है के कम से कम कोई घंटे दो घाटे तेरे साथ सोवन…. मगर एक प्रॉब्लम है!!” कोयल हँसते हुवे बोली, “प्रॉब्लम दादी है है नाह दादू? उसस्के होते हुवे आप कैसे मेरे साथ सोने को आएंगे?” दादा बोलै, “नहीं रे, तेरी दादी को तो मैं नींद की दवा दूध में मिलकर देदूंगा जब वह सोने से पहले दूध पीयेगी तो, तब तो वह सुबह तक नहीं उठेगी….” तब कोयल ने पुछा, “तब तो आप आराम से मेरे पास आ सकते हैं, किआ प्रॉब्लम है फिर?” दादा ने कहा, “देख तेरा पापा आज यहाँ तेरे साथ सोना चाहता है, कहता है के रोशन नहीं है तो तू बहोत उदास होगी इस लिए तेरे कमरे में सोने आएगा, तो तू एक काम करना जब वह ए तो, उस से कहना के तू अकेली रूम में सोना चाहती है, उस्सको वापस जाने को केहडेना….” कोयल ने यह सुना तो उस्सको तो पता चल गया के उस्का पापा क्यों उस के साथ सोना चाहता है, वह तो जानती है के पापा भी वही करना चाहता है जो दादा चाहता hai….aur खुद कोयल उलझन में पर गयी के अब किआ करे!! उस्सने अपने दादा से कहा, “मैं कैसे भला पापा को मन कर सकुंगी दादा? किआ सोचेगा वह? और अगर उस्सको मेरे मन करने पर शक होगया तो?” दादा ने बहोत समझाया फुसला कर कोयल को के कैसे भी हो अपने पापा को रूम में नहीं सोने देने को….. कोयल को बाहों में लेकर खूब चुम्मा उससे और मुहं में किश किया….. दादा हैरान होगया के कोयल ने कैसे उसस्के मुंह में जीभ चुस्सकार किश किया जैसे के पहले से वैसे किश करना जानती हो….. मगर कुछ नहीं कहा और चला गया वापस लाउन्ज में.

अब उधर धनद ने भी एहि प्लान किया था के अपनी पत्नी को नींद की गोली दूध में मिलकर देदेगा और खुद चला जाएगा कोयल के पास सोने. तो धानंद अपने रूम में गया और बीएड के पास दो गिलास दूध बना कर एक में नींद की गोलियन मिलाड़िया उस्सने और वापस लाउन्ज में चला गया टीवी देखने को….. टीवी में एक ब्रेक आया तो पूनम उठी टॉयलेट जाने को, और वापस एते वक़्त अपने कमरे में गयी और एक गिलास दूध पी लिया उस्सने और दूसरा गिलास लेकर आयी धानंद के लिए लाउन्ज hi में…. जब धानंद ने देखा के उस्सकी पत्नी दूध लिए आरही है तो कुछ परेशां होगया सोचते हुवे के कहीं उस्सने दूसरी वाली गिलास तो नहीं पी लिए…. अब, जब उस्सकी पत्नी ने उस्सको एक गिलास दिया तो उस्सको पीना hi पड़ा….. hahahaha….yeh नींद की गोली वाली thi…aur पीते hi धनद ने कहा, «मुझको बहोत नींद आरही है, मैं चला सोने को…… » और तुरंत वह बीएड पर ढेर होगया…..

तो दादा का रास्ता साफ़ था बिल्कुल कोयल के साथ मज़ा करने को……

रात को सब सो गए, दादी नींद की दवा वाले दूध पीकर गहरी नींद में सगाई तो दादा चुपके से निकला कमरे से, डायरेक्शन- कोयल की बैडरूम…… कोयल सो चुकी थी! दादा ने लाइट ों किया और उस्सकी बिस्तर के ऊपर पोंहचा अपने कपडे उतार कर, बिल्कुल नंगा होकर कम्बल के निचे ग़ुस्सा और कोयल को बाहों में लेकर अपने जिस्म से लगते हुवे उस्सकी गले को चूमने लगा, चायतने लगा….., नाईट लैंप को ों कर दिया था मैं लाइट बुझाकर, वार्ना कोयल के गले में जो रोशन के डेंटन का निशाँ था वह दिख जाता बूढ़े को, नाईट लैंप में बदन की निशान नहीं दिख रहे थे, और वैसे भी दादा जी तो जोश में थे कोयल की जिस्म की कशिश में खोया हुवा…. कोयल नींद में “हम्म्म dadu,,,mujhko नींद आरही है, पापा का किआ हुवा नहीं आया woh..hmmmmm” दादा ने कहा, तेरा बाप सो गया और मेरी बाला ताल गयी हेहेहे….” एक काम कर आज दादू के लिए…” “किआ?” कोयल ने पुछा….. कोयल का हाथ अपने हाथ में लेकर दादा ने उसस्के हाथ को अपने लुंड के तरफ पोह्चय और कहा, “ज़रा अपनी नरम नरम हाथों में पाकर इस्को तो ज़रा और बोल कैसा लगता है तुझको यह पकड़ते हुवे…” कोयल ने थोड़ी नखरें किये हाथ में अपने दादा की लुंड को लेने से पहले, मगर आखिर में लिया…. ऊपर दादा उस्सकी गले को चूमते हुवे उस्सकी चूचियों को चाट रहा था और निचे कोयल उस्सकी लुंड को सेहला रही थी और बूढ़ा अपने कमर हो हिललाटे हुवे अपने लुंड हो कोयल की हाथ में ढाका दे रहा था उस्सको बाहों में लिए हुवे बीएड पर लेते हुवे पोजीशन पर….. फिर कुछ देर बाद उस्सने कहा, «कोयल उस्सको ज़रा सा चुम नाह बिटिया मेरी… » कोयल थोड़ा शर्माती हुवी बोली, «दादू यह आप का गाल थोड़ा hi है जो इस को चूमूँ !! » बूढ़ा बोलै, « अरे गाल hi समझकर चूमले नाह ! » कोयल मुस्कुराती हुवी कहती है, «चाह तिहक है तरय करती हूँ…. » कोयल उठ बैठती है, फिर देखते हुवे के दादा बिल्कुल नंगा है, हंसती है और झुक कर दादा के लुंड को चूमती है अप्पने कोमल हाथों में लिए… दादा तड़पते हुवे कहता है “और, और थोड़ा चुम नाह ाः! अचछह लग रहा hai…chum नाह बिटिया मेरी…” कोयल सर ऊपर उठाये दादा को देखती जा रही थी और होंठों को दादा के लुंड पर लगते चूमे जा रही थी, और दादा ऊपर छठ ताकते तड़पते हुवे आवाज़ में कह बैठा, “ कोयल अपने मुंह में लेले नाह, थोड़ा चूस ले न मेरी रानी…..” कोयल तुरंत मान गयी क्यों के वह इसी बात का इंतज़ार कर रही थी, मगर अनजान बन रही थी…. जैसे hi उस्सने दादा का लुंड अपने मुंह में लिया बूढ़ा कहँरते आवाज़ में कहा, “ए हाय हाय, स्सश्श्श्शस्सस्स अरे मेरी रानी तुझको तो चुस्सना अत है, और अंदर ले, अपने मुंह में ज़्यादा अंदर लेले इस्को, आयेहए haye…oh hoho….bahut मज़ा ारः है, और चूस और चूस मेरी रानी अपने दादा ko….haye रे मेरी किस्मत, मैं ने ज़रूर बहोत पुण्य किये होंगे जो मुझे इतने चांस मिलते हैं…. “कोयल थोड़ा हंस रही थी थोड़ा हैरान थी के दादा को मज़ा ारः है या दर्द से तरप रहा hai…lagta तो ऐसा था के उस्सको दर्द हो रहा है और तरप रहा है….. उसी वक़्त दादा ने अपने हाटों को कोयल की चूचियों पर दबाया और मसलने laga…aur कोयल भी अब उत्तेजित होती गयी…. और बूढ़ा कोयल के मुंह में उस्सको छोड़ रहा था हर तरह के बात बोलते हुवे…. फिर उस्सने कहा, “ कोयल काश तुझे छोड़ना अत, तुझको छोड़ने को मैं कर रहा है, तू अब तैयार हो गयी है, तू एक पके हुवे आम की तरह है अब, तुझ में बहोत रस है, रस को निचोड़ना चाहिए मुझको…. चल अपने पथ पर लेथ जा आज तेरे चुतरों के बीच मैं अपने लुंड को रगड़ता हूँ, बहोत जल्दी झाड़ जाता हूँ रे तेरे साथ करते हुवे ऐसे!!”

जल्दी से कोयल को पथ के बल सुलाकर दादा कोयल की पंतय नीचे घुटनों तक करता है और उस्सकी चुतरों को चुम कर अपने लुंड को दोनों चुतरों के बीच ो बीच लगा कर ऊपर निचे ृदङ्गने लगता है, साथ साथ बात करता है कहँरते हुवे कोयल के कानों में, “काश मैं तुझको ठीक से छोड़ सकता रे कोयल, तेरे अंदर घुसने को दिल कर रहा है….. हाय रे haye…kia मस्त चीज़ है तू मेरी गद्य…” कोयल थोड़ा सा मुस्काई और कहा, “अगर मैं आप को अंदर डालने दूँ तो आप एक वादा कीजिये के आप कोई सवाल नहीं करेंगगुए करने के बाद…” बूढ़ा ने कमर हिलना रोक दिया और हैरानी में कोयल के चेहरे पर देखते हुवे पूछता है, “किआ तू अंदर लेगी मुझको? इस लौड़े को?” कोयल थोड़ा शर्माते हुवे, और एक मुस्कान के साथ जवाब देती है, “आप इतने तरप रहे हैं के मुझको आप पर तरस ारः है और जी करता है के आप को करने दूँ जो आप करना चाहते हो….” दादा ने कहा, “चाह? तो घूम अपने पीठ पर और अपने जाँघों के फैलादे दोनों तरफ ज़रा देखूं तो किआ तू मुझको अंदर ले सकती है….” कोयल पीठ पर लेथ गयी और जाँघों को खोल दिया और बूढ़े ने अपना मुंह उस्सकी छूट पर लगाकर चाटने लगा और हैरान हुवा देख कर के एकदम से भीगी हुवी है वहां और कहा, “ अरे मेरी रानी तू तो बिल्कुल भीग गयी जैसे एक ाव्रत भीगती है यह सब करते वक़्त, तुझको इतना मज़ा ारः है ऋ?” फिर बूढ़े ने अपने हाथ में अपने लुंड को लिया और कोयल की भीगी हुवी छूट पर ऊपर निचे रगड़ते हुवे उस गीली हिस्से पर लुंड को रोका और कोयल के चेहरे में देखते हुवे पुछा, “डालूं?” कोयल अपने होंठों को डेंटन में दबाये मुस्कुराते हुवे कहा, “दलए मगर प्रॉमिस के आप कोई सवाल नहीं करेंगे ठीक है?” दादा ने कहा, “चाह ठीक है कोई सवाल नहीं करूँगा, अगर दर्द होगा तो ज़्यादा ज़ोर से मत चिल्लाना ठीक है?” और दादा जी ने अपने लुंड की ऊपरी हिस्से को कोयल की छूट में ठुस्सा, और हेड घुस गया…. दादा हैरानी से कोयल के चेहरे पर देखते हुवे अपने कमर को हिलता है और पुश करता है तो आधा लुंड घुस जाता है और बूढ़ा तड़पते आवाज़ में कोयल के ऊपर झुक कर उसस्के गले को चूमते हुवे बोलता है, तुझको तो छोड़ दिया गया है रे koyal…arey मैं इतने दिनों से इंतज़ार में हूँ और कौन यह काम तमाम कर चुक्का है ऋ!! Ahahahaha…kitna चाह लग रहा है तेरे अंदर रे मेरी rani…aye हाय हाय… बहोत मज़ा है तुझ में मेरी gudya…tujhko तो अब हर रोज़ छोडूंगा मैं… कितना टाइट छूट है ऋ तेरी, ऐसी छूट में इस लुंड को तो बहोत hi आराम मिलेगी…. अरे बाप रे बाप… किआ मस्त चीज़ है तू ऋ कोयल…. अहःअहः!!!” बूढ़ा छोड़ता गया कमर हिलता गया और ढाका देता गया, ज़्यादा वक़्त नहीं लगा क्यों के एक्ससिटेमेंट इतना ज़्यादा था के बस कोई 10 ढकों में hi बूढ़ा झड़ने को था और लुंड को बाहर निकला हाथ में ज़ोर से पकड़े और कोयल से कहा, ज़रा चक ले दादा के पानी को….. कोयल जल्दी से उठकर लुंड टॉक आयी और दादा ने पिचकारी छोड़ी कोयल के चेहरे पर, कुछ होंठों पर गया, कुछ पेशानी पर, थोड़ा सा सर पर, थोड़ा गले पर और चूचियों पर भी और कोयल ने दादा के लुंड को फिर से मुंह में लिया चुस्सने को और उस्सको अपने जीभ से साफ़ करती गयी चाटते हुवे….. बूढ़ा कहंर्ता गया, तड़पता गया इस सोच में डूबे, के कौन कोयल को छोड़ता है……

उधर हॉस्पिटल में पायल ने रोशन के हाथ को अपने जाँघों पर रख कर कहा, “कहो कैसा लगता है तुमको मेरी जाँघों को छूटे हुवे? मैं में कुछ होता है रोशन?”

तो बने कॉन्टिनोएड……………(2743 वर्ड्स)
 
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