- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 141,137
अपडेट 21
अब यह सन तो भाइयों ने अब देखा, मगर जिस दौरान यह दोनों पायल को ढूंढ़ते उस के कमरे में गए थे तब पायल और ससुर के बीच कैसे गुज़रा के अब पायल ने ससुर को मुंह में लिया है, चलो यह देखते हैं….
हाँ तो बीएड पर पायल और ससुर के बीच एक छोटा सा तकरार के जैसा चल रहा था, हाथ बहिन हो रही थी, पायल इंकार कर रही थी (या इंकार करने की कोशिश कर रही थी), और इन् सब मुठबेड़ के बीच पायल की निघ्त्य कभी काँधे से स्ट्राप हाथ जाती, तो कभी जांघ के बिल्कुल ऊपर हो जाती और ससुर पायल की बदन का भरपूर मज़ा लेता वैसे में… ससुर का जीब कभी पायल के गाल पर तो कबि मुंह पर और कभी तो सीधा चूचियों पर, निप्पल्स पर, कभी ससुर का हाथ चूचियों को मसलता भी और कभी ससुर का हाथ पायल के ज़बरदस्त जाँघों पर फेरता… कभी पायल की छाती ससुर के छाती पर पूरा के पूरा दबा होता तो कभी ससुर के छाती पायल के जाँघों पर दबा होता…. पायल ज़रा नटखटी आवाज़ में कई बार कहा, “पिताजी! छोड़िये नाह! अभी कोई आगया तो किआ होगा! मैं किसी को मुंह नहीं दिखा पाउंगी, यह आप को किआ हो रहा है, अब बुसस भी कीजिये नाह पिताजी…”
तब हाथ बहिन करते हुवे ससुर ने रिप्लाई किया, “अरे कोई नहीं आएगा बहु मेरी…. कितने दिन से इस मौके के इंतज़ार में था मैं, ज़रा खुश कार्डो इस बूढ़े ससुर को भी… कितनी खूबसूरत हो तुम, जब भी सरजू को लेने आती हो और तुम्हारा जिस्म मुझसे टकराती है तो मुझ में आग भरक जाता है रे bahu…ab तो इस आग को बुझाने दे नाह!!” पायल कुछ हंसी ऐसे बातों को सुनकर और बूढ़े को लगा के बहु तो खुश है बुसस कुछ नखरें कर रही है, और उस्का हौसला बहरता गया… पायल की अदाएं hi कुछ ऐसे थी के वो इंकार करना नहीं जानती थी, बात बात पर मुस्कुराती और हंसती थी, तो ऐसे मौके पर नाराज़ होना चाहिए था मगर पायल को ग़ुस्सा बिल्कुल कभी भी नहीं अति थी, वह हमेशा मुस्कुराती और खुशाल रहती थी…
तो ससुर अपने मकसद को पूरा करने के लिए आगे बहरता गया, लुंगी तो उस के बदन से बिल्कुल उतर गया था, बिल्कुल नंगा था वो और पायल की निघ्त्य उतारने की कोशिश कर रहा था जब के पायल नहीं उतारने देती थी, पायल ने नखरें वाली आवाज़ में कहा, “और अगर माँ जी आगयी तो? दरवाज़ा भी लॉक नहीं hai…kia होगया है आप को pitaji…yeh ठीक नहीं है बिल्कुल” तब तक ससुर ने पायल को अपने गॉड में ले लिया था, पायल की चुतरर उसस्के लुंड पर बिल्कुल जैसे उसी पर बैठी हुवी है वह, ऊपर से हिल रही थी जैसे इंकार कर रही हो मगर बूढ़े को तो बहोत मज़ा ारः था पायल की जवान गांड अपने लुंड पर फील करते हुवे….. तो ससुर ने जवाब दिया, “तेरी सास तो कोई सुबह को 1 या 2 बजे hi वापस आएगी रे बहु जानी… अरे यार एक 18 साल की लड़की मेरी बहु, मेरे कमरे में , अध् नंगी, और मैं नंगा, अब कैसे कुछ किये बिना जाने दूँ तुझको मेरी जान… कितना मज़ा आएगा एक 60 साल की उम्र के मर्द को एक 18 साल की इतनी खूब सूरत लड़की को छोड़ते हुवे, ज़रा इस पर ध्यान दे न मेरी बहु, बहोत जल्दी झाड़ जावूंगा रे….. तू खुश करदे मुझको न मेरी बहु… तू भी देखना कितना खुश होगी एक अधेड़ आदमी के साथ karke..try तो करले जानी…”
अब यह सन तो भाइयों ने अब देखा, मगर जिस दौरान यह दोनों पायल को ढूंढ़ते उस के कमरे में गए थे तब पायल और ससुर के बीच कैसे गुज़रा के अब पायल ने ससुर को मुंह में लिया है, चलो यह देखते हैं….
हाँ तो बीएड पर पायल और ससुर के बीच एक छोटा सा तकरार के जैसा चल रहा था, हाथ बहिन हो रही थी, पायल इंकार कर रही थी (या इंकार करने की कोशिश कर रही थी), और इन् सब मुठबेड़ के बीच पायल की निघ्त्य कभी काँधे से स्ट्राप हाथ जाती, तो कभी जांघ के बिल्कुल ऊपर हो जाती और ससुर पायल की बदन का भरपूर मज़ा लेता वैसे में… ससुर का जीब कभी पायल के गाल पर तो कबि मुंह पर और कभी तो सीधा चूचियों पर, निप्पल्स पर, कभी ससुर का हाथ चूचियों को मसलता भी और कभी ससुर का हाथ पायल के ज़बरदस्त जाँघों पर फेरता… कभी पायल की छाती ससुर के छाती पर पूरा के पूरा दबा होता तो कभी ससुर के छाती पायल के जाँघों पर दबा होता…. पायल ज़रा नटखटी आवाज़ में कई बार कहा, “पिताजी! छोड़िये नाह! अभी कोई आगया तो किआ होगा! मैं किसी को मुंह नहीं दिखा पाउंगी, यह आप को किआ हो रहा है, अब बुसस भी कीजिये नाह पिताजी…”
तब हाथ बहिन करते हुवे ससुर ने रिप्लाई किया, “अरे कोई नहीं आएगा बहु मेरी…. कितने दिन से इस मौके के इंतज़ार में था मैं, ज़रा खुश कार्डो इस बूढ़े ससुर को भी… कितनी खूबसूरत हो तुम, जब भी सरजू को लेने आती हो और तुम्हारा जिस्म मुझसे टकराती है तो मुझ में आग भरक जाता है रे bahu…ab तो इस आग को बुझाने दे नाह!!” पायल कुछ हंसी ऐसे बातों को सुनकर और बूढ़े को लगा के बहु तो खुश है बुसस कुछ नखरें कर रही है, और उस्का हौसला बहरता गया… पायल की अदाएं hi कुछ ऐसे थी के वो इंकार करना नहीं जानती थी, बात बात पर मुस्कुराती और हंसती थी, तो ऐसे मौके पर नाराज़ होना चाहिए था मगर पायल को ग़ुस्सा बिल्कुल कभी भी नहीं अति थी, वह हमेशा मुस्कुराती और खुशाल रहती थी…
तो ससुर अपने मकसद को पूरा करने के लिए आगे बहरता गया, लुंगी तो उस के बदन से बिल्कुल उतर गया था, बिल्कुल नंगा था वो और पायल की निघ्त्य उतारने की कोशिश कर रहा था जब के पायल नहीं उतारने देती थी, पायल ने नखरें वाली आवाज़ में कहा, “और अगर माँ जी आगयी तो? दरवाज़ा भी लॉक नहीं hai…kia होगया है आप को pitaji…yeh ठीक नहीं है बिल्कुल” तब तक ससुर ने पायल को अपने गॉड में ले लिया था, पायल की चुतरर उसस्के लुंड पर बिल्कुल जैसे उसी पर बैठी हुवी है वह, ऊपर से हिल रही थी जैसे इंकार कर रही हो मगर बूढ़े को तो बहोत मज़ा ारः था पायल की जवान गांड अपने लुंड पर फील करते हुवे….. तो ससुर ने जवाब दिया, “तेरी सास तो कोई सुबह को 1 या 2 बजे hi वापस आएगी रे बहु जानी… अरे यार एक 18 साल की लड़की मेरी बहु, मेरे कमरे में , अध् नंगी, और मैं नंगा, अब कैसे कुछ किये बिना जाने दूँ तुझको मेरी जान… कितना मज़ा आएगा एक 60 साल की उम्र के मर्द को एक 18 साल की इतनी खूब सूरत लड़की को छोड़ते हुवे, ज़रा इस पर ध्यान दे न मेरी बहु, बहोत जल्दी झाड़ जावूंगा रे….. तू खुश करदे मुझको न मेरी बहु… तू भी देखना कितना खुश होगी एक अधेड़ आदमी के साथ karke..try तो करले जानी…”