माधुरी जो स्तब्ध कड़ी थी उसकी निगाहे करीम की निगाहो में थी कोई भी भाव फेस पाए नहीं था.
अचानक वो मुस्कुरा पड़ी. और करीम भी खुश हो गया.
करीम ; मुझे पता था मेरा लैंड देखने के बाद तुम मेरे निचे जल्दी hi आ जाउंगी.
माधुरी ; लेकिन ध्यान रहे मेरे पति के सामने कोई ऐसी वैसी हरकत मत करना .
करीम माधुरी का हाथ पकड़ के खींचता हे और माधुरी को अपनी बहो में आसानी से आ जाती हे ये देख के मेरा कलेजा जल उठता हे. माधुरी सेक्स और चीटिंग के नशे में खुश थी वही मेरा डिल रो रहा था
में ये देख नहीं प् रहा था और माधुरी खूब है है के बेवफाई का मज़ा ले रही थी वो दोनों एक दूसरे की बहो में थे करीम अपने गंदे लिप्स को माधुरी के करीब लता हे
लेकिन बेवफा माधुरी भी आगे बढ़ जाती हे और दोनों लॉन्ग किश करते हे 5 मिनिट तक वो एक दूसरे को चूमते और काट ते रहते हे. फिर वापस गले लग जाते हे करीम के हाथ माधुरी की 36 गांड पस घुमा रहा था उसने निचे से माधुरी की निघ्त्य उठा दी पंतय के ऊपर से hi माधुरी के हिप्स मसल रहा था. करीम की उंगलिया हिप्स की दरारों में घूम रही थी.
वो माधुरी का हाथ पकड़ के पीछे रूम में ले जाता हे. माधुरी भी हस्ती हुई उसके साथ चल देती हे.
मेरा डिल रो रहा था जिसे मेने इतना चाहा प्यार किया वो माधुरी एक गंदे बूढ़े 70 साल के बूढ़े के साथ हवस का गन्दा खेल खेल रही थी. में अब उसे देख नहीं प् रहा था में उठा और घर के पीछे की तरफ जाने लगा साइड में कोई विंडो या दरवाजा नहीं था में घर के पीछे चले गैस मेने पीछे देखा दरवाजा खुला था में छुपके अंदर गया.
अंदर जाते देखा तो एक बूढ़ा सामने वाले दरवाजे से छुपकर कुछ देख रहा था माधुरी और करीम की सेक्सी आवाजे आ रही थी. मतलब वो उन दोनों की चुदाई देख रहा था और खड़े खड़े अपना लैंड हिला रहा था मेने देखा वह एक खली कोई फ्रिज का कार्टून रखा था में उसमे छुप गया में सोच रहा था ये कोण हे जो उन दोनों को देख रहा हे. कही ये भी माधुरी के साथ
मेरी आँखों में आंसू थे.
उधर करीम माधुरी को अंदर रूम में लता हे और अपनी बहो में भर लेता हे
माधुरी घूम जाती हे और करीम माधुरी के गर्दन पर अपने गंदे होठ रख देता हे और रगड़ने लगता हे
माधुरी भी उसका साथ देती हे और माधुरी के तने हुए बूब्स उप डाउन होने लगते हे
लेकिन उन्हें अब कोई और hi देख रहा था और गन्दी स्माइल के साथ अपना 8" का लैंड होल होल हिल्ला रहा तहत.
करीम गर्दन से बूब्स तक फिर नाभि से होते हमे पेंटी तक अपने पजो की रगड़ता हुआ निचे घुटनो के बल बेथ जाता हे. और निघ्त्य को ऊपर उठा के गांड की दरारों में अपना फेस दबा देता हे नरम नरम हिप्स पे अपना फेस रगड़ने लगता हे.
माधुरी मचल उठती हे. माधुरी के फेस चेंज होने लगता हे
.
माधुरी के मुँह से aahhhhh.....ssssssss..
उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ आवाजे निकलती हे जिसे देख वो बूढ़ा लैंड जोर से हिलता हे और वह छुपे तपन के डिल को और दुखता हे.
तपन देख तो नहीं प् रहा था लेकिन उसके कानो पे पद रही माधुरी की आवाज त्स्पन के डिल को छल्ली कर रही थी. आँखों में आंसू लिए तपन जान ने की कोसिस कर रहा था ये हो क्या रहा हे.
करीम उठता हे और माधुरी को एक गंदे से बाद पर ले जाता हे पंतय को खींच कर निकल देता हे और दोबारा गांड चाटने लगता हे.
करीम अपनी जीभ माधुरी के गांड की दरारों में घुसा देता हे और माधुरी का मुँह खुल जाता हे माधुरी के मुँह से आवाज के बदली सिर्फ गरम हवा hi निकलती हे
अब खरिम उठता हे और माधुरी के ऊपर चढ़ जाता हे माधुरी ने निघ्त्य खुद hi खींच के उतर दी अंदर ब्रा माधुरी ने नहीं पहनी थी.
माधुरी की नंगी पीठ और खुली चूतड़ देख के करीम और बूढ़े का लैंड तन तना जाता हे करीम देर नहीं करता माधुरी के गांड के छेड़े को खोल कर करीम दक्का लगता हे धीरे से.
माधुरी ; अहह धीरीई सीईई.
करीम के लैंड का टोपा 2" समेत अंदर घुस जाता हे. ऐसा लगता हे माधुरी की गांड रबाट की हो और होल से कोई लोहे की और स्लो मोसन में अंदर घुस रही हो.
करीम ; ओह्ह वह मस्त टाइट हे मेरी बुल बुल.
माधुरी पेट के बल लेती हस्ती हे और अपनी गांड में घुसे लैंड का मज़ा लेती हे.
माधुरी ; ओह्ह मुझे बहोत मजा अअअअअ रहहा ही उफ्फफ्फ्फ़.....
करीम धीरे धीरे ढको की स्पीड बढ़ता हे माधुरी भी बहोत जोस में आती हे माधुरी की आंखे बंद हो जाती हे दोनों डौगी स्टाइल में आ जाते हे करीम पूरा लैंड माधुरी की गांड में अंदर बहार करता जा रहा था माधुरी की सेक्सी आवाज मुँह से निकल रही थी.
माधुरी ; ओह्ह्ह मज़्ज़ज़्ज़ज़ा आए गया.
करीम ; केस लगा मेरी जान.
माधुरी ; बहोत अच्छा.
करीम ; क्या रोज़ छुडवाओगी मुझसे?
माधुरी ; हम्म्म रोज आउंगी.
करीम ; में पसंद आया तुम्हे.
माधुरी ; ह्म्म्मम्म बहहुत.
माधुरी की आंखे बंद थी वो करीम के हर झटके का अपनी गांड से मजा ले रही थी.
माधुरी की बाटे सुन के करीम और वो बूढ़ा बहोत खुस हो रहा था लेकिन तपन दुखी रो रहा था.
करीम और माधुरी की कई देर चली चुदाई का अंत आने वाला था. करीम जोर दर कराहता हे और पिचकारी माधुरी की हैंड में hi छूट जाती हे माधुरी भी बाद पे hi पेट के बल लेट जाती हे. करीम भी माधुरी पे hi ढेर हो जाता हे दोनों hi तेज़ तेज़ सांसे लेने लेट हे.
और कुछ देर वैसे hi पड़े रहने के बाद.
करीम ; मज़ा आया मोहतरमा?
माधुरी मुस्कुराते
माधुरी ; हम्म्म बहोत.
करीम ; क्या रोज़ आओगी.
माधुरी ; हम्म अब तो आना hi पड़ेगा लेकिन ध्यान रहे मेरे पति को कुछ पता न चले.
करीम अरे किसी को कुछ पता नहीं चलेगा जानेमन बस ये अपने खुबशुरत भरा बदन मुझसे मसलवाने आती रहना अपनी जवानी का जैम पिलाती रशेना.
माधुरी; परदे में रहे तो तुम्हारी चंडी कर दूंगी और तुम्हारे जानदार हेडपम्प का पानी पीती रहूंगी.
दोनों है रहे थे.
करीम ; में जरा फारिग होक आता हु जाओ फिर मुझे भी जाना हे.
करीम खड़ा होता हे और अंदर जाता हे करीम और वो बूढ़ा एक दूसरे को देख के मुस्कुराते हे और धीरी आवाज में बात करते हे.
करीम ; बहोत कड़क हे ये औरत सब आप भी चख के देख लो सेटन सब.
में ये शैतान कोण हे.
शैतान सिंह ; मजा लो करीम इस रैंड को तो में भरे बाजार में नंगी कर के कोठे पे नचाउंगा.
करीम ; जरूर साहब आप जैसा चाहे तब तक तो बुलबुल का मज़ा लेने दो.
शैतान सींग ; लो लो अब में चलता हु कल पार्सल तुम्हारे पास आ जाएगा.
करीम ठीक हे आप जाइये में और इस साली को रगड़ता हु.
करीम बहार जा कर खुले में मूतने लावा फिर वापस माधुरी के पास आ जाता हे.
में ये सब मुझसे देखा नहीं जाता में उठ के अपने घर आ जाता हु. और अपने बाद पे गिरते hi रो पड़ता हु.