Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - Page 15 - SexBaba
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Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 136

प्रिंस : क्याआआआ.....? ये क्या बेहूदा बात कर रही हो.... मैं इस के साथ वो कैसे कर सकता हूँ....?

सपना : क्यों अभी तो तुमने कहा की तुम इसके लिए कुछ भी कर सकते हो....

प्रिंस : हाँ कहा और अब भी कहता हूँ.... मैं इसके लिए कुछ भी कर सकता हूँ.... मगर वो नहीं जो तुम कह रही हो....

सपना : अगर वो ज़रूरी हो तब....

प्रिंस : तब भी नहीं.... मैं इस के साथ ऐसा कुछ नहीं कर सकता.....

सपना : चाहे इसकी जान hi क्यों न चली जाए.....

प्रिंस : कहीं तुम पागल तो नहीं हो गयी.... बीएड बाथ न देने की वजह से क्या कभी किसी की जान गयी है....

सपना : हाँ नहीं गयी है.... मगर इन्फेक्शन होने की वजह से तो जा सकती है न.... अगर इसे बीएड बाथ न दिया गया तो इसके जिस्म में इन्फेक्शन हो जाएगा और उस वजह से इसकी जान भी जा सकती है....

प्रिंस : नहीं ऐसा नहीं हो सकता....

सपना : ऐसा hi होगा.... अगर तुमने इसे बीएड बाथ न दिया तो.....

प्रिंस : मगर मैं hi क्यों....? तुम भी तो इसे बीएड बाथ दे सकती हो.... और तो और यहाँ इतनी नर्स है कोई भी इसे बीएड बाथ दे सकती है.... फिर मैं hi क्यों.....?

सपना : वो इस लिए क्यों की तुम्हारे अलावा ये किसी और को अपने जिस्म को चुना तो दूर अपने करीब तक नहीं आने देती... अब तुम hi बताओ की इसे कैसे बीएड बाथ दिया जाए.... हम रोज़ इसे नींद का इंजेक्शन भी तो नहीं लगा सकते.... उस से इसकी जान को खतरा हो सकता है.... और इसके घर वालों के बारे में भी हम को कुछ पता नहीं.... अगर पता होता तो हम इसके घर के किसी लेडीज से ये काम करवा लेता.... अब हमारे पास तुम्हारे सिवाए और कोई दूसरा रास्ता नहीं है.... एक तुम hi हो जो इसकी जान बचा सकते हो.... अब ये तुम्हे तय करना है की तुम क्या चाहते हो.... इसे बीएड बाथ दे के इसकी जान बचाओगे या फिर इसे इन्फेक्शन से मरने के लिए चोर डोज.....

प्रिंस : इसे समझाया भी तो जा सकता है....

सपना : हाँ और वो सिर्फ तुम hi कर सकते हो.... तुम्हारे पास 2 घंटे का वक़्त है.... या तो तुम इसे इस बात के लिए राज़ी कर लो की कोई नर्स इसे बीएड बाथ दे या फिर तुम खुद इसे बीएड बाथ दो.... मैं अपने केबिन में जा रही हूँ.... तुम दोनों के बीच जो भी बात हो मुझे बता देना.... मुझे तुम्हारे जवाब का इंतज़ार रहेगा....

ये कह के सपना चली जाती है.....

इधर सपना की बात से प्रिंस बेहद परेशान हो जाता है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे....

कुछ देर बाद वो लड़की होश में आती है.... प्रिंस को इतना परेशान देख वो उस से उसकी परेशानी की वजह पूछती है....

प्रिंस उसे उसके और डॉ सपना के बीच हुई पूरी बात बताता है.... और उसे नर्स के ज़रिये बीएड बाथ लेने को कहता है....

प्रिंस की बात सुन के वो लड़की जो कहती है उसे सुन के प्रिंस के पैरों टेल से ज़मीन निकल जाती है....

प्रिंस : तुम्हे पता भी है की तुम क्या कह रही हो.....?

लड़की : हाँ अच्छे से पता है.... मुझे तुम्हारे आलावा किसी और पे भरोसा नहीं.... तुम्हारे आलावा कोई मुझे हाथ नहीं लगाएगा.....

प्रिंस : मगर....

लड़की : अगर मगर कुछ नहीं.... एक बार मैंने कह दिया तो कह दिया.... नहीं मतलब नहीं.... अगर तुम चाहते हो की मुझे बीएड बाथ दिया जाए तो वो तुम डोज.... न की कोई और.....

प्रिंस : तुम बात को समझती क्यों नहीं....

लड़की : मुझे कुछ नहीं समझना....

प्रिंस उस लड़की को मानाने की लाख कोशिश करता है मगर वो है की मान ने को तैयार hi नहीं.... मजबूरन उसे उसकी बात मान नई पड़ती है....

फिर प्रिंस साइड टेबल पे लगे फ़ोन से सपना को कॉल करके उसे पूरी बात बताता है..... जिसे सुन के सपना फ़ौरन उसके पास आ जाती है....

सपना : अब जैसा जैसा मैं कहूं तुम वैसे वैसे करते जाओ....

प्रिंस : यार ये मैं कहाँ फस गया....

सपना : तुम्हे hi शौक चढ़ा था न एक अनजान लड़की की मदत करने का.... तो अब भुगतो.... मैंने तुम्हे लाख समझाया था मगर तुम न माने.... चलो अब शुरू हो जाओ.... तुम दोनों hi बिलकुल पागल हो.... तुम पे अच्छाई का भूत सवार है और इस्पे तुम्हारा....

प्रिंस : अब बस भी कर यार.... अब क्या जान लेगी....

सपना : अच्छा अच्छा ठीक है.... चलो अब जल्दी से उसके कपडे उतरो....

प्रिंस : क्याआआआ.....? मगर क्यों....?

सपना : तुम क्या कपडे पेहेन के नहाते हो....?

प्रिंस : जी नहीं मैं तो क्या इस दुनिया में कोई भी कपडे पेहेन के नहीं नाहटा....

सपना : ठीक कहा तुमने.... तो इसे भी नहलाने के लिए इसके कपडे तो उतारने पड़ेंगे न.... और वो तुम उतरोगे....

प्रिंस : पागल हो क्या....? मैं इसे नंगी.... मेरा मतलब है इसके कपडे कैसे उतार सकता हूँ....?

सपना : वैसे hi जैसे नहाने से पहले अपने कपडे तुम खुद उतारते थे....

सपना की बात सुन के उसे अपने वो दिन याद आ जाते हैं.... जब लडकियां उसे नहलाने के लिए उसके कपडे उतारती थी.... अब भी बात वही है... मगर बस इतना बदला है की घर पे लडकियां प्रिंस को नहलाने के लिए उसके कपडे उतारती थी और अब इस लड़की को नहलाने के लिए प्रिंस को उसके कपङे उतार ने हैं.....

सपना की बात सुन के जितनी शर्म उस लड़की को आ रही है उस से ज़्यादा प्रिंस शर्मा रहा है..... न चाहते हुए भी मजबूरन प्रिंस उस लड़की की तरफ बढ़ता है.... शर्म के मारे उस लड़की का गोरा गुलाबी चेहरा लाल हो जाता है.... वो अपनी आँखें बंद कर लेती है....

प्रिंस के हाथ कांपने लगते हैं.... बड़ी मुश्किल से वो अपने कांपते हाथों को आगे बढ़ता है और उस लड़की की शर्ट की तरफ ले जाता है.... मगर वो उसके बटन नहीं खोल पाटा वो फ़ौरन अपने हाथ पीछे खींच लेता है.... और मुद के सपना की तरफ देखता है....

प्रिंस की ऐसा हालत देख के सपना को उसपे हंसी आ जाती है.... बड़ी मुश्किल से वो अपनी हंसी रोक के प्रिंस को गुस्से से आगे बढ़ने का इशारा करती है....

प्रिंस पलट के एक बार फिर से उस लड़की की तरफ देखता है फिर ऊपर की तरफ देख के कहता है.....

प्रिंस : हे ऊपर वाले मेरी मदत कर.... मैं जान के कुछ नहीं कर रहा हूँ..... बल्कि इसकी जान बचने के लिए जो सही है वो कर रहा हूँ वो भी मजबूरी में....

और वो उसको बीएड बाथ देता है... ये नहीं दिखाया जाता..... उसको बीएड बाथ देने के बाद प्रिंस डॉ सपना से मिलने चला जाता है फिर कुछ देर के बाद वो उस लड़की के रूम में जाता है.... जैसे hi वो रूम में एंटर करता है.... उस लड़की के सवालों की बौछार शुरू हो जाती है....

लड़की : कहाँ चले गए थे....? क्यों चले गए थे.....? इतने टाइम से कहाँ थे....?

और न जाने क्या क्या....? प्रिंस खामोश खड़े उसके सवालों को सुनता रहता है.... और प्यार से उसके मासूम और खूबसूरत चेहरे को देखता रहता है.....

लड़की : ऐसे क्या देख रहे हो.....?

प्रिंस : देख रहा हूँ तुम्हारा खूबसूरत और मासूम चेहरा और सोच रहा हूँ की आसमान का चाँद ज़्यादा खूबसूरत है या वो चाँद जो इस वक़्त मेरे सामने अपने हुस्न के जलवे बिखेर रहा है.....

प्रिंस के मुँह से अपनी तारीफ सुन के वो लड़की बेहद खुश हो जाती है.....

प्रिंस : पतली दुबली सी.... छुई मुई सी.... झील सी नीली आँखें... तीखे नैन नक्श.... गुलाब की पंखुड़ी जैसे रसीले मधभरे होंठ.... गोर गोर गाल.... सुराहीदार गर्दन... पतली कमर.... है.... बड़ी फुर्सत से बनाया है खुदा ने तुम्हे.... तुम्हे देख के जन्नत की पारी भी शर्मा जाए.... उफ्फ्फ... कितनी खूबसूरत हो तुम.... है काश.....

ये कह के प्रिंस खामोश हो जाता है....

लड़की : क्या हुआ कहते कहते रुक क्यों गए.....? अपनी बात पूरी करो....

प्रिंस : अभी उसका वक़्त नहीं आया.... जब आएगा तब वो भी कह दूंगा....

लड़की : मुझे उस वक़्त के आने का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा.....

प्रिंस : चलो अब जल्दी से खाना खा लो.... ठंडा हो रहा है....

ये कह के प्रिंस खाना उसके सामने रख देता है..... और उसे खाने को कहता है मगर वो लड़की उसे हाथ तक नहीं लगाती बस ख़ामोशी से प्यार भरी नज़रों से प्रिंस को देखने लगती है....

प्रिंस : बस देखती hi रहोगी या फिर खाओगी भी....

लड़की : तुम खिलाओगे तब न खाउंगी....

प्रिंस : अच्छा तो ये बात है....

लड़की : हाँ जी यही बात है.... चलो अब जल्दी से मुझे खाना खिलाओ बड़ी ज़ोर की भूक लगी है....

प्रिंस : जो हुक्म मेरी मल्लिका....

फिर प्रिंस प्यार से निवाला बना के उसके मुँह में डालता है.... उस लड़की को अचानक से शरारत सूझती है और वो प्रिंस की ऊँगली को काट लेती है.... प्रिंस फ़ौरन अपना हाथ पीछे कर लेता है....

फिर अगले निवाले पे वो लड़की एक बार फिर से मस्ती में प्रिंस की ऊँगली को काट लेती है.... इस बार भी प्रिंस कुछ नहीं कहता....

फिर तीसरी बार वो लड़की थोड़ा कास के प्रिंस की ऊँगली को काट टी है.... इस बार दर्द की वजह से प्रिंस के मुँह से आह निकल जाती है.... जिसे सुन के वो बेहद घबरा जाती है और फ़ौरन उसकी ऊँगली को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है....

उसकी इस मासूम सी हरकत और घबराहट को देख प्रिंस हंस देता है.... जिस से वो चीड़ जाती है.....

लड़की : अभी तो तुम्हे दर्द हो रहा था और अब तुम हंस रहे हो.....?

प्रिंस : वो तो मैं ऐसे hi दर्द होने का नाटक कर रहा था..... तुम्हारी किसी भी हरकत से मुझे तकलीफ हो सकती है भला....

लड़की : अच्छा तो तुम मेरा मज़ाक बना रहे थे.... बड़े वो हो तुम.... जाओ मैं तुमसे बात नहीं करती.....

प्रिंस : साड़ी दुनिया मुझसे रूठ जाए गम नहीं.... लेकिन अगर तुम रूठ गयी तो मैं सेह नहीं पाऊंगा.... तुमसे जुड़ा हो के शायद मैं मर hi न जाऊं.....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी अचानक से उसके एक थप्पड़ पड़ता है और उसके गाल लाल हो जाते हैं....

Chataaaaaaaaaak....

लड़की : खबरदार जो दोबारा तुमने अपने मुँह से ऐसी बात निकाली तो.... तुम्हे कुछ होने से पहले मैं अपनी जान दे दूंगी.... मगर तुम्हे कुछ होने नहीं दूंगी....

प्रिंस : अच्छा जी मैंने मरने की बात की तो तुमने मुझे थप्पड़ मार दिया.... अब तुम खुद जो जान देने की बात कर रही हो उसका क्या....? क्या वो गलत नहीं है.....? अब तुम बताओ की मैं क्या करूँ तुम्हारे साथ....

लड़की : तुम भी मुझे एक थप्पड़ मार लो....

प्रिंस : वो मुमकिन नहीं...

लड़की : क्यों.....?

प्रिंस : इस क्यों का जवाब नहीं है मेरे पास.... मैं बस इतना जानता हूँ की तुम्हे दर्द में देख के दिल तड़प जाता है.... तुम्हे थप्पड़ मारना तो दूर उसके बारे में मैं सोच भी नहीं सकता....

लड़की : चाहे मैं कुछ भी क्यों न कर दूँ.....?

प्रिंस : हाँ चाहे तुम मेरी जान hi क्यों न ले लो.... मैं फिर भी तुम्हे थप्पड़ नहीं मार सकता....

लड़की : तुम फिर शुरू हो गए....

प्रिंस : मैंने तो वो hi कहा जो सच है.... तुम्हे तकलीफ में देख के दिल तड़प जाता है और तुम्हे खुश देख के दिल खुश हो जाता है....

लड़की : मगर.....

प्रिंस : अब कोई अगर मगर नहीं.... जल्दी से तुम आराम करो.....

लड़की : ताकि तुम मुझे चोर के जा सको....

प्रिंस : ये तुमसे किसने कहा....?

लड़की : तुम hi ने तो खुद कहा की जब तक मैं ठीक नहीं हो जाती तुम मेरे साथ रहोगे.... इस का एक hi मतलब होता है की मेरे ठीक होते hi तुम मुझे चोर के चले जाओगे....

मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 136

प्रिंस : तुम भी न यार कुछ भी सोच लेती हो.... पहले ठीक तो हो जाओ....

लड़की : मुझे ठीक नहीं होना.....

प्रिंस : मेरे लिए भी नहीं.....

लड़की : तुम्हारे लिए तो मैं कुछ भी कर सकती हूँ.....

प्रिंस : तो फिर जल्दी से दवा खा के आराम करो....

लड़की : तुम कहते हो तो ये hi सही....

इसी तरह दिन गुजरने लगते हैं..... रोज़ प्रिंस उसे अपने हाथों से बीएड बाथ देता है और खाना खिलता है... फिर उस से प्यारी प्यारी बातें कर के उसे सुला देता है.... धीरे धीरे वो ठीक होने लगती है.... और एक हफ्ते बाद उसके सर की पत्तियां खुल जाती हैं....

प्रिंस आज भी उसे बीएड बाथ दे रहा था की तभी दरवाज़ा खुलता है और कोई अंडर आ के एक झन्नाटेदार थप्पड़ प्रिंस को मारता है....

Chataaaaaaaaaaaak.....
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 137

साले कमीने तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी अवनि के साथ ऐसी ज़लील हरकत करने की.....?

उस औरत को देख वहां मौजूद तीनो चौंक जाते हैं.... डॉ सपना... प्रिंस और वो लड़की....

वो औरत आगे कुछ कहने hi वाली होती है की तभी वो लड़की बेहद गुस्से मेंउसके ऊपर चीखती है और उसे मारने के लिए आगे बढ़ती है....

लड़की : तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्रिंस को थप्पड़ मारने की... मैं तुझे नहीं छोड़ूंगी..... तेरी जान ले लुंगी....

ये कह के वो लड़की बेहद गुस्से में उस औरत को मारने के लिए आगे बढ़ती है मगर प्रिंस उसे रोक देता है... वो लड़की है की रुकने को तैयार hi नहीं... वो पागलों की तरह बेहद गुस्से में चीख रही है....

मौके की नज़ाकत को समझ के सपना फ़ौरन उस औरत को ज़बरदस्ती वहां से अपने साथ अपने केबिन में ले जाती है....

औरत बेहद हैरत और गुस्से में : यहाँ हो क्या रहा है....? उस की हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी के साथ ऐसा करने की.... मैं उस कमीने को छोड़ूंगी नहीं.... और मेरी बेटी अवनि... उसे क्या हुआ है....? वो ऐसे क्यों कर रही है.....? बताओ मुझे जवाब दो....?

सपना : पहले तो आप बताइये की आप कौन हैं....? और उसे अवनि क्यों कह रही हैं....?

औरत : क्यों की उसका नाम अवनि है और मैं उसकी माँ अंजू हूँ....

सपना : मैं ये कैसे मान लून की आप उसकी माँ हो....?

अंजू : अच्छा तो अब मुझे ये साबित करना होगा की मैं उसकी माँ हूँ.... तो ये देखो.... (अपने मोबाइल में अपने साथ अवनि की फोटो दिखा के कहती है....) अब मिल गया सबूत.... अब तुम मुझे बताओ की वो लड़का वहां कर क्या रहा है....? और मेरी बेटी उसपे नाराज़ होने के बजाये मुझपे क्यों चीख रही थी....?

सपना अंजू को शुरू से लेके अब तक की पूरी बात बताती है जिसे सुन के अंजू को हैरत भी होती है और साथ hi गुस्सा भी आता है....

अंजू : ये क्या बकवास कर रही हो....? जो मन में आये वो बोले जा रही हो.... तुम जो कह रही हो वो मुमकिन नहीं.... ये बेकार की बात करना चोरो और जल्दी से मेरी बेटी के पास चलो इस से पहले की वो कमीना मेरी मासूम बेटी के साथ कुछ गलत कर दे.....

ये कह के अंजू बहार जाने लगती है मगर सपना की बात सुन के रुक जाती है....

सपना बेहद गुस्से में : वो कमीना नहीं है.... सुना तुमने.... नहीं है वो कमीना.... बल्कि वो एक नेक फरिश्ता है....

अंजू : नेक फरिश्ता और वो.... फ़रिश्ते कभी किसी मासूम की इज़्ज़त के साथ नहीं खेलते.... न तो मैं उसे छोड़ूंगी और न hi तुम्हे.... तुम दोनों को मैं ऐसी सजा दिलवाऊंगी की दोबारा कोई किसी मासूम के साथ कुछ गलत करने से पहले 100 बार सोचेगा....

ये कह के अंजू फ़ौरन पुलिस को कॉल कर देती है.... फिर गुस्से में वापिस उस कमरे की तरफ जाती है और दरवाज़ा खोलने की कोशिश करने लगती है.... ये देख सपना उसे रोकती है मगर अंजू है की कुछ भी सुन ने को तैयार hi नहीं.... गुस्से में वो दरवाज़े को पीते जा रही है और साथ hi खोलो खोलो कह के चीख भी रही है....

सपना : प्लीज रुक जाइये.... मत कीजिये ऐसा.... प्लीज मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ.... अगर आप अभी चुप नहीं हुई तो अनर्थ हो जाएगा....

अंजू : अब होने को बाकी hi क्या रह गया है.... वो कमीना मेरी बेटी की इज़्ज़त लूट चूका है.... और अब भी वो उसे तकलीफ hi पहुंचा रहा होगा.....

सपना : वो hi तो मैं कह रही हूँ... की उसे इस तकलीफ से बचने के लिए प्लीज खामोश हो जाइये.... नहीं तो उसे फिर से उस बेइन्तेहाँ दर्द से गुज़ारना होगा.... जिसके बारे में सोच के भी दर लगता है.... मेरी रूह तक कांप जाती है....

अभी अंजू कुछ कहने hi वाली होती है की तभी वहां नेवली अप्पोइंटेड ैप शाइना आ जाती है....

शाइना : क्या हुआ बुआ....? आप ने मुझे इतनी जल्दी से यहाँ आने को क्यों कहा....?

शाइना को देख अंजू की आँखों से आंसू बहने लगते हैं और वो रट हुए उसे....

अंजू : वो उस कमीने ने मेरी बेटी की इज़्ज़त लूट ली और अब उसे तकलीफ पहुंचा रहा है.... मुझे तो दर है की कहीं वो उसकी जान hi न ले ले.... प्लीज शाइना उसे बचा ले.... मेरी बेटी को बचा ले....

अंजू की बात सुन के शाइना को प्रिंस पे और सपना को अंजू पे गुस्सा आने लगता है....

सपना : ये झूट है.... प्रिंस ने कुछ नहीं किया....

अंजू : तू चुप कर तू भी उस कमीने से मिली हुई है.... शाइना तू कड़ी क्यों है कुछ करती क्यों नहीं....?

अंजू की बात सुन के शाइना दरवाज़ा खोलने की कोशिश करती है मगर उसे अंडर से लॉक पाती है.... सपना उसे भी दरवाज़े को खोलने से रोकने लगती है मगर शाइना गुस्से में उसकी एक नहीं सुनती.... वो आगे बढ़ के दरवाज़े को तोड़ देती है.... और फिर अंडर जा के प्रिंस को थप्पड़ मारने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसका हाथ पकड़ लेता है और उसे पीछे धकेल के रूम से बहार कर देता है.... साथ hi बेहद गुस्से में उस से कहता है....

प्रिंस : खबरदार जो कोई भी इस वक़्त अंडर गया तो अच्छा नहीं होगा....

शाइना : साले अच्छा तो तेरे लिए नहीं होगा.... चुप चाप मेरे रस्ते से हैट जा और मुझे अंडर जाने दे.... कहीं ऐसा न हो मैं इसी वक़्त तेरे किये की सजा तुझे दे दूँ....

प्रिंस : अगर इस वक़्त किसी ने अंडर जाने के लिए अपना एक कदम भी आगे बढ़ाया तो उसके साथ मैं क्या करूँगा ये मैं खुद भी नहीं जानता....

शाइना : साले एक ैप को धमकी देता है..... तेरी तो मैं वो हालत करुँगी की तू सात जनम तक उसे नहीं भूल पायेगा....

ये कह के शाइना प्रिंस को मारने के लिए आगे बढ़ी hi थी की तभी प्रिंस के हाई टेक सिक्योरिटी गार्ड्स वहां आ जाते हैं और वहां मौजूद सभी पे गन्स तान देते हैं.....

शाइना : तुम लोग एक रेपिस्ट को प्रोटेक्ट कर रहे हो....

प्रिंस बेहद गुस्से में आगे बढ़ के शाइना का गिरबान पकड़ के कहता है....

प्रिंस : तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे रेपिस्ट कहने की....? मैंने किसी का रपे नहीं किया है....

अंजू : तू ने मेरी मासूम बेटी अवनि का रपे किया है.....

प्रिंस : क्या बक रही हैं आप....?

अंजू : मैं बक नहीं रही बल्कि वो hi कह रही हो सच है..... शाइना चूर्ण मत इस कमीने को..... मैं जब रूम में गयी थी तब मैं खुद इस कमीने को उसके साथ गलत करते देखा था.....

प्रिंस : आप ने जो देखा और आप जो समझ रही हैं उसमे ज़मीन आसमान का फर्क है.... उस मासूम का तो क्या मैं दुनिया की किसी भी लड़की का रपे करने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता.... मैं तो उसकी मदत कर रहा था.... वो भी उसकी जान बचने के लिए....

अंजू : जान बचने के लिए या फिर अपने पाप को छुपाने के लिए मेरी बेटी की जान लेने के लिए.... मुझे तो शक है की कहीं अब तक तू ने उसकी जान न ले ली हो....

प्रिंस : मैं और उसकी जान लूंगा.... ये मुमकिन नहीं आप चाहो तो खुद जा के देख लो....

प्रिंस की बात सुन के अंजू और शाइना फ़ौरन अंडर जा के देखते हैं.... अन्वी सही सलामत बीएड पे आँखें बंद किये लेती हुई है....

अंजू : मेरी बेटी को क्या हुआ है....? ये बोलती क्यों नहीं.....?

प्रिंस : वो बेहोश है.....

शाइना : बेहोश मगर क्यों....?

फिर प्रिंस उसे वहां हुई पूरी बात बताता है.... जिसे सुन के अंजू के साथ साथ शाइना को भी उस पे यकीन नहीं आता....

शाइना : तुम जो कह रहे हो वो झूट भी तो हो सकता है.....

अंजू : झूट हो नहीं सकता बल्कि ये सब झूट hi है....

दोनों की बात सुन के सपना के सब्र का बाँध टूट जाता है और वो बेहद गुस्से में आ जाती है और चीखते हुए कहती है....

सपना : अच्छा अगर ये झूट है तो फिर ये क्या है....?

ये कह के वो ज़बरदस्ती प्रिंस की शर्ट उतार के उसकी ज़ख़्मी पीठ और उस से बह रहे खून को दोनों को दिखा के पूछती है.....

सपना : कह दो की ये ज़ख्म भी झूठे हैं जो तुम्हारी बेटी और तुम्हारी बेहेन ने इस नेक फ़रिश्ते को दिए हैं.... देखो गौर से देखो कैसे तुम्हारी बेटी ने इसकी पीठ को नोच नोच के ज़ख़्मी किया है.... आज पहली बार नहीं बल्कि हर बार जब भी उसे गुस्सा आया है उसके गुस्से को शांत करने के लिए इस फ़रिश्ते ने खुद को ज़ख़्मी किया और इस बेपनाह दर्द को सहा है.... कह दो की ये भी झूट है....

अंजू : हाँ ये सब झूट है... बल्कि ये इस कमीनी की सजा है... जब भी इस ने मेरी बेटी का रपे किया होगा तब तब मेरी बेटी ने अपनी इज़्ज़त बचने के लिए इसे नोचा होगा आज भी ये hi हुआ है... जिसे तुम इस कमीने को बचने के लिए कुछ और तरीके से पेश कर रही हो..... आज मैं न तुम्हे छोड़ूंगी और न hi इस कमीने को....

सब की चीखो पुकार सुन के अवनि बेहोशी से जागती है.... अंजू को प्रिंस को कमीना कहते देख वो गुस्से से पागल हो जाती है और उसे मारने के लिए उसके पास जाने लगती है....

ये देख शाइना को बड़ी हैरानी होती है....

प्रिंस फ़ौरन अवनि को रोकता है मगर गुस्से में अवनि उसकी पकड़ से छूट के सामने पड़ी चीज़ें उठा के अंजू और शाइना पे फेकने लगती है और साथ hi चीकने भी लगती है....

अवनि : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्रिंस को कमीना कहने की....? मैं तुम दोनों को ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी....

प्रिंस फ़ौरन आगे बढ़ के उसे रोक लेता है.... मगर अवनि है की शांत होने का नाम नहीं ले रही है.... गुस्से से पागल बानी हुई है....

तभी एक नर्स नींद का इंजेक्शन ला के सपना को देती है.... अवनि को नींद का इंजेक्शन लगाने के लिए सपना जैसे hi आगे बढ़ती है प्रिंस उसे रोक देता है....

सपना : प्रिंस बात को समझो.... इसके गुस्से को शांत करने के लिए मुझे इसे नींद का इंजेक्शन लगाना hi होगा....

प्रिंस : नहीं सपना कभी नहीं.... तुम्हे पता है इस से इसकी जान भी जा सकती है.... और वो मैं कभी होने नहीं दूंगा....

सपना : प्रिंस तुम बात को समझ नहीं रहे इस के सिवाए हमारे पास दूसरा और कोई रास्ता नहीं है.... ज़िद मत करो और मुझे इसे नींद का इंजेक्शन लगाने दो....

प्रिंस : नहीं सपना कभी नहीं.... जब तक मैं ज़िंदा हूँ इसे कभी कुछ नहीं होने दूंगा.... नींद के इंजेक्शन के अलावा भी एक दूसरा रास्ता है....

प्रिंस की बात सुन के सपना बुरी तरह से घबरा जाती है....

सपना : नहीं प्रिंस.... पागल मत बनो.... तुम जो सोच रहे हो वैसा कुछ नहीं करोगे.... तुम पहले hi बेहद ज़ख़्मी हो मैं तुम्हे और ज़ख़्मी नहीं होने दूंगी.... मैं अभी इसे नींद का इंजेक्शन लगा देती हूँ....

ये कह के सपना जैसे hi आगे बढ़ती है.... प्रिंस मुस्कुराते हुए अवनि को अपनी बाँहों में समेत लेता है और फिर सामने आता है वो खौफनाक मंज़र.... गुस्से में अवनि पागलों की तरह प्रिंस की पीठ को नोचने लगती है....

ये देख अंजू और शाइना के साथ साथ वहां मौजूद सभी के दिल की धड़कन रुक सी जाती है... सब के मुँह से दर्द भरी आह निकल जाती है.... मगर प्रिंस है की अपने दर्द को दबाये हुए अवनि को शांत करने की कोशिश कर रहा है.... वो प्यार से अवनि के सर को सेहला रहा है और उसे शांत होने को कह रहा है..... अवनि है की गुस्से में प्रिंस की ज़ख़्मी पीठ को और भी ज़ख़्मी किये जा रही है.... प्रिंस की पीठ से बेतहाशा खून बह रहा है.... धीरे धीरे अवनि का गुस्सा शांत होने लगता है.... और कुछ देर बाद वो बेहोश सी हो जाती है.... प्रिंस उसे सहारा दे के बीएड पे लेता देता है.... और जैसे hi पीछे मुड़ता है लड़खड़ा के नीचे गिर जाता है.... उसके मुँह से दर्द भरी आह निकल जाती है....

Aaaaaaaaaagggghhhhhh....

जिसे सुनते hi अवनि का दिल धड़क जाता है और वो प्रिंस को आवाज़ देती है..... बड़ी मुश्किल से प्रिंस खुद को संभालता है और उठ के अवनि के पास जा के उसके सर के सहलाते हुए उसे सोने को कहता है.....

प्रिंस : K....k...kuch नहीं हुआ.... मैं यहीं हूँ.... तुम सो जाओ आराम करो... मैं यहीं तुम्हारे पास hi हूँ....

प्रिंस की बात सुनके और उसका हाथ अपने सर पे महसूस करके अवनि सुकून से सो जाती है....

सपना फ़ौरन प्रिंस के पास जाती है और उसके ज़ख्मों पे मरहम लगा के पट्टी बाँध देती है....

प्रिंस की हालत देख के अंजू और शाइना की आँखों से आंसू बहने लगते हैं... अभी जो भी कुछ हुआ उसे देख के उन्हें ये समझते देर नहीं लगती की सपना और प्रिंस ने उन्हें जो भी कुछ कहा वो गलत नहीं है बल्कि उसका एक एक लफ्ज़ सच है.... सच जान के दोनों बेहद शर्मिंदा हो जाती हैं.... और प्रिंस से माफ़ी मांगने के लिए उसकी तरफ बढ़ने लगती हैं.... मगर सपना उन दोनों को वहीँ रुक देती है....

सपना : खबरदार जो तुम दोनों में से कोई भी प्रिंस के पास आया तो... मैं उसकी जान ले लुंगी.... ये लड़की क्या काम थी जो तुम दोनों भी आ गए प्रिंस की जान लेने.... आखिर गलती क्या है इसकी....? यही न की इसने अपनी जान की परवाह किये बगैर एक अनजान लड़की की जान बचायी.... और उसे ज़िंदा रखने के लिए उसका सारा गुस्सा.... सारा दर्द अपने जिस्म पे ले लिए.... देखो गौर से देखो इसे ये वही है जिसे अभी कुछ देर पहले तुम एक रेपिस्ट कह रहे थे.... कह दो की अभी जो भी कुछ तुम दोनों ने देखा वो सब भी झूट था.... इस लड़की का गुस्से में प्रिंस की पीठ को पागलों की तरह नोचना इसके पीठ से चमड़ी के साथ साथ खून का भी निकलना और तो और जो जान लेवा दर्द अभी इस मासूम ने तुम्हारी इस सो कॉल्ड बेटी के लिए सहा है कह दो की वो भी झूट है.... इतने दिनों तक जिस फ़रिश्ते ने अपना खून बहा बहा के जिस लड़की को मौत के मुँह से निकल के उसे ज़िंदा रहने की वजह दी.... उसके गुस्से को शांत करके उसे हसना सिखाया... उस नेक फ़रिश्ते पे इतना घिनोना इलज़ाम लगाने से पहले तुम दोनों ने एक बार भी नहीं सोचा.... ये क्या काम थी जो तुम दोनों भी इस मासूम फ़रिश्ते की जान लेने आ गए.... चले जाओ यहाँ से और अपनी बेटी को भी ले जाओ इस से पहले की मैं गलत कर बैठूं....

प्रिंस : ये क्या कह रही हो सपना तुम....?

सपना : वो hi जो मुझे कहना चाहिए.... अब बस बहुत हो गया प्रिंस.... अब साड़ी हद पार हो चुकी है.... अब और नहीं.... अब मैं तुम्हे यहाँ एक पल के लिए भी नहीं रहने दूंगी... और न hi इस जानलेवा दर्द को सहने दूंगी.... इस के सो कॉल्ड रिश्तेदार यहाँ आ गए हैं.... अब वो इसकी देखभाल करेंगे.... तुम चलो मेरे साथ.... ये कह के सपना प्रिंस का हाथ पकड़ के उसे वहां से ले जाने लगती है... प्रिंस का हाथ जैसे hi अवनि के हाथ से छूट ता है वो नींद से जाग जाती है और आगे बढ़ के प्रिंस के सीने से कास के लिपट के कहती है....

अवनि : मुझे चोर के कहाँ जा रहे हो प्रिंस.... तुमने वादा किया था मेरे साथ रहने का....

अवनि की बात सुन के सपना गुस्से में कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसे खामोश रहने का इशारा करता है.....

प्रिंस : नहीं तो मैं कहाँ जा रहा हूँ.... मैं तू कहीं नहीं जा रहा..... मैं यहीं हूँ तुम्हारे पास.... तुम उठ क्यों गयी.... सो जाओ तुम्हे आराम की ज़रुरत है....

अवनि : नहीं मैं नहीं सोऊंगी.... मेरे सोते hi तुम मुझे चोर के चले जाओगे....

प्रिंस : किसने कहा ये तुमसे.... मैं यहीं हूँ कहीं नहीं जाऊँगा.... मैंने तुमसे वादा जो किया है... और तुम तो जानती हो मैं अपना वादा कभी नहीं तोड़ता... चलो अब जल्दी से सो जाओ.....

प्रिंस की बात मान के अवनि सो जाती है.... ठीक तभी अंजू प्रिंस के पैरों में गिर के उस से माफ़ी मांगने लगती है.....

प्रिंस फ़ौरन उसे उठा के कहता है....

प्रिंस : ये आप क्या कर रही हैं....? प्लीज ऐसा मत कीजिये.... आप ने जो किया वो गलत था.... मगर इस में आपकी कोई गलती नहीं है.... मुझे आप से कोई गिला नहीं है लेकिन अब अगर आप ने गलती से भी सॉरी कहा तो सच में मैं आप से नाराज़ हो जाऊँगा.....

तभी अवनि के आवाज़ आती है.... जिसे सुन के सब मुद के उसकी तरफ देखते हैं....

अवनि : तुम सब कौन हो और यहाँ क्या कर रहे हो....? चले जाओ यहाँ से....

प्रिंस फ़ौरन अवनि के पास जाता है और उसके सर पे प्यार से हाथ फेर के कहता है....

प्रिंस : अवनि....

अवनि : ये अवनि कौन है....?

प्रिंस : अवनि तुम्हारा नाम है और ये लोग कोई गैर नहीं बल्कि तुम्हारे अपने हैं.... ये तुम्हारी माँ अंजू है और वो तुम्हारी बुआ की बेटी शाइना....

प्रिंस की बात सुन के अवनि गौर से अपनी माँ को देख के याद करने की कोशिश करने लगती है.... बहुत याद करने के बाद उसे कुछ धुंधला धुंधला सा नज़र आता है मगर चेहरा पहचान में नहीं आता....

अवनि : क्या वाकई में ये मेरी माँ है....?

प्रिंस : हाँ ये वाकई में तुम्हारी माँ और बेहेन है....

अवनि : मगर मुझे कुछ ठीक से याद क्यों नहीं आ रहा है....?

सपना : वो इस लिए क्यों की सर में चोट लगने की वजह से उस जगह पे ब्लड क्लॉट जमा हो गया था जिस से तुम्हारी याददाश्त कमज़ोर हो गयी है... उस ब्लड क्लॉट के हैट ते hi धीरे धीरे तुम्हे सब याद आ जाएगा....

कुछ hi दिनों में प्रिंस और अवनि पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं.... और सब से बड़ी बात तो ये है की अब अवनि को सब याद आ चूका है....

आज दोनों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल रहा है.... जिस से प्रिंस बेहद खुश है मगर बाकी के लोग (अवनि.... अंजू.... सपना... और शाइना....) उतने hi उदास....

प्रिंस : आज मैं बेहद खुश हूँ.... बेहद....

अवनि : क्या मैं जान सकती हूँ की जनाब की इस ख़ुशी की वजह क्या है....?

प्रिंस : तुम्हे पता है आज हम दोनों को इस हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल गया है....

अवनि : क्याआआआ....?

प्रिंस : हाँ.... है न ये ख़ुशी की बात....

अवनि : क्या ख़ाक ख़ुशी की बात है.... मुझे नहीं चाहिए ऐसी ख़ुशी.... न hi मुझे यहाँ से डिस्चार्ज होना है....

प्रिंस : मतलब.... मैं कुछ समझा नहीं....

अवनि : मलतब ये की हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने का मतलब है तुम से दूर होना... जो मैं नहीं चाहती..... मैं तुमसे जुड़ा नहीं होना चाहती....

प्रिंस : किसने कहा की यहाँ से डिस्चार्ज मिलते hi हम जुड़ा हो जायेगे.... जी नहीं बल्कि हम हमेशा साथ रहेंगे.... जैसे की यहाँ रहते थे....

अवनि : तो इसका मतलब की तुम भी हमारे साथ मुंबई चल रहे हो.....?

प्रिंस : मुंबई.....? मगर क्यों....?

अवनि : मुंबई में मेरा घर है मैं वहीँ रहती हूँ.... यहाँ शिमला में तो मैं अपनी एक दोस्त की शादी अटेंड करने आयी थी.... जिसके बाद मैं वापिस जा hi रही थी की वो एक्सीडेंट हो गया.... अच्छा hi हुआ जो ये एक्सीडेंट हो गया....

प्रिंस : एक्सीडेंट होना भी कभी अच्छा होता है क्या....?

अवनि : मेरे लिए तो बहुत hi अच्छा था.... इसी बहाने मुझे तुम जो मिल गए..... अब मुझे मौत भी आ जाए तो कोई गम नहीं.....

प्रिंस : तुम फिर शुरू हो गयी.... तुम्हे मैंने मन किया था न....

अवनि : हाँ किया तो था.... मगर.... खैर अब तो मैं जीना चाहती हूँ तुम्हारे साथ.... हर एक पल हर एक लम्हा.... सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे साथ..... मगर रह नहीं सकती.... अब तुम hi बताओ की क्या इस बात से मुझे तकलीफ नहीं होगी.....?

प्रिंस : तकलीफ तो मुझे भी होगी..... मगर हम कर भी क्या सकते हैं.....? वहां मुंबई में तुम्हारी पढ़ाई है..... और यहाँ शिमला मेरा काम....

अवनि : इसी लिए तो मैं यहाँ से नहीं जाना चाहती.... मैं तुमसे जुड़ा नहीं होना चाहती....

प्रिंस : अरे बस एक साल की hi तो बात है.... देखना कैसे चुटकी में बीत जाता है....

अवनि : एक साल.... मतलब 365 दिन... वो भी तुम्हारे बिना.... नामुमकिन....

प्रिंस : मुमकिन है....

अवनि : जी नहीं.... तुमसे जुड़ा होक मैं एक दिन नहीं रह सकती एक साल तो बहुत दूर की बात है....

प्रिंस : किसने कहा की हम जुड़ा हो जाएंगे.... फ़ोन के ज़रिये हम दोनों हमेशा साथ रहेंगे.... और जब भी मुझे मौका मिलेगा मैं तुमसे मिलने आ जाय करूँगा....

अवनि : तुम जो कह रहे हो वो ठीक है मगर फिर भी हम अलग तो हो hi जाएंगे न.... जी नहीं मैं तुम से अलग नहीं होना चाहती इस लिए मेरे यहाँ से मुंबई जाने का तो सवाल hi नहीं उठता...

अवनि है की मान ने को तैयार hi नहीं.... बड़ी मुश्किल से प्रिंस उसे मनाता है.... एयरपोर्ट पे प्रिंस से जुड़ा होते वक़्त अवनि उसे गले लगा के खूब रोटी है... प्रिंस से जुड़ा होक अंजू की आँखें भी नाम हो जाती हैं.... प्रिंस भी काफी दुखी है... वो भी अवनि से जुड़ा नहीं होना छह रहा.... मगर मजबूरी है.... एक तरफ अवनि की पढ़ाई का आखरी इम्पोर्टेन्ट साल है और दूसरी तरफ प्रिंस की कंपनी जो अभी शुरू होने वाली है....

अवनि और अंजू उदास मन से आँखों में आंसू लिए प्लेन में बैठ के मुंबई के लिए निकल जाती हैं.... और प्रिंस शिमला की हसीं वादियों की तरफ.... जहाँ उसकी मुलाक़ात किसी ख़ास.... बेहद ख़ास से होने वाली है.... ये और कोई नहीं बल्कि रूही है.....
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 138

शिमला में अपनी कंपनी में अचानक से प्रिंस की मुलाकात रूही से हो जाती है वो उसे अवनि समझ ले ता है मगर कुछ देर बाद उसे पता चलता है की ये अवनि नहीं बल्कि रूही है.... रूही अस ा सेक्रेटरी प्रिंस का ऑफिस ज्वाइन कर लेती है.... और उसकी ट्रेनिंग शुरू हो जाती है.... रूही मन hi मन प्रिंस को चाहने लगती है मगर वो उसे बता नहीं पाती.... इधर फ़िरोज़ रूही का चचेरा भाई रूही से अपनी बेइज़्ज़ती का बदला लेने के लिए मौका ढूंढने लगता है.... जो उसे जल्द hi मिल भी जाता है जब प्रिंस एक बड़े कॉन्ट्रैक्ट के मिलने की ख़ुशी में पार्टी देता है... वहां प्रिंस खुल के सब के सामने आ जाता है.... सब के साथ साथ रूही को भी पता चल जाता है कंपनी का असली मालिक और रूही का बॉस प्रिंस है.... उसी रात पार्टी के दौरान एक मीटिंग के सिलसिले में रूही प्रिंस और सैर के साथ मुंबई चली जाती है..... जल्दबाज़ी में वो अपने घर में किसी को कुछ बता नहीं पाती.... इस बात का फायदा फ़िरोज़ अच्छी तरह से उठता है.... वो रूही को फसाने और घर वालों के सामने उसे नीचे दिखने के लिए एक डिटेक्टिव हिरे करता है.... और उसे रूही और प्रिंस की फोटो दे के उनके पीछे लगा देता है....

मुंबई पहुँच के वो लोग एक होटल में रुकते हैं..... हर वक़्त या तो सैर प्रिंस के पास होती है या तो ज़रा.... रूही को उसे प्रोपोज़ करने का मौका hi नहीं मिलता.... वक़्त निकाल के प्रिंस अवनि से मिलने जाता है और उसे सरप्राइज देता है....

प्रिंस जैसे hi अवनि के घर में जाता है.... अंजू उसे देख के बेहद खुश हो जाती है.....

अंजू : प्रिंस तुम यहाँ.... व्हाट ा प्लीजेंट सरप्राइज.... मैं बता नहीं सकती.... तुम्हे यहाँ देख के मैं कितनी खुश हूँ..... अवनि तुम्हे यहाँ देखेगी तो ख़ुशी से पागल hi हो जायेगी....

प्रिंस : इसी लिए तो आया हूँ.... उसे सारे जहाँ की ख़ुशी देने.....

अंजू : क्या मतलब.....? मैं कुछ समझी नहीं.....

प्रिंस : जी वो बात कुछ ऐसी है की वो मैं..... वो न.... बात कुछ नहीं है.... मगर बेहद ज़रूरी है.... वो क्या है की.... डरता हूँ कहीं आप नाराज़ न हो जाए.... मगर कहना भी ज़रूरी है.... अगर नहीं कहा तो जी नहीं पाऊंगा और अगर कह दिया तो आप के नाराज़ होने का दर है.... कहीं आप मुझे गलत न समजह बैठो....

प्रिंस की बात सुन के अंजू की आँखें नाम हो जाती हैं.... और उसके होंठों पे मुस्कराहट फैल जाती है....

अंजू : मैं जानती हूँ की तू क्या कहने आया है..... और तुझसे किसने कहा की मैं तुझसे नाराज़ हो जाउंगी..... मैं तुझसे नाराज़ हो जाऊं ये मुमकिन नहीं.... तू यही कहना चाहता है न की तुझे अवनि से प्यार है....

अंजू की बात सुन के प्रिंस चौंक जाता है....

प्रिंस : हाँ.... मगर आप को कैसे पता चला....? किसी ने कुछ कहा क्या आप से....?

अंजू : किसी के कहने की क्या ज़रुरत है.... मुझे तो उसी दिन पता चल गया था की तू उस से बेइन्तेहाँ प्यार करता है जिस दिन तू ने उसका सारा दर्द अपनी ज़ख़्मी पीठ पे लिया था.... मुझे इस बात की ख़ुशी है की उसे तुझ जैसा सच्चा प्यार करने वाला मिला.... तेरा सच्चा प्यार पा के मेरी बेटी धन्य हो जायेगी.... ज़रूर उसने पिछले जनम में बहुत पुण्य किये होंगे तभी तो उसे तुझ जैसा सच्चा चाहने वाला मिला.... जा कह दे उस से अपने दिल की बात वो ऊपर अपने रूम में है....

अंजू की बात सुन के प्रिंस ख़ुशी से उछाल पड़ता है और फ़ौरन दौरता हुआ अवनि के रूम की तरफ जाता है....

वो जैसे hi दरवाज़ा खोल के अंडर देखता है बुरी तरह से चौंक जाता है... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... और वो बेहद गुस्से में आगे बढ़ता है और अवनि कह के आवाज़ देता है.....

प्रिंस : अवनि....

प्रिंस की आवाज़ सुन के अवनि मुद के देखती है.... प्रिंस पे नज़र पड़ते hi वो ख़ुशी से उछाल पड़ती है और दौरते हुए आ के प्रिंस के सीने से लिपट जाती है.....

अवनि : ो प्रिंस.... तुम नहीं जानते.... तुम्हारे आने से मैं कितनी खुश हूँ....

प्रिंस है की उसे अवनि की बात सुनाई hi नहीं दे रही है..... इस वक़्त वो बेहद गुस्से में जो है..... अवनि ने काम hi ऐसा किया है.... रूम में हर तरफ प्रिंस की फोटो लगी हुई है.... और हर फोटो के नीचे अवनि ने खून से ी लव यू जान लिखा है.... जिसे देख प्रिंस को उसपे गुस्सा आ रहा है.... जब वो रूम में आया तब भी अवनि अपने खून से उसकी फोटो पे ी लव यू जान लिख रही थी..... ये देख प्रिंस को उसपे गुस्सा आ रहा है.....

प्रिंस : ये सब क्या है....?

अवनि : क्या जान.....?

प्रिंस : वो फोटो पे....?

अवनि : अच्छा वो.... वो तो मेरा प्यार है....

प्रिंस : ये कौनसा तरीका है प्यार दिखने का.....?

अवनि : मैं क्या करती मुझे तुम्हारी याद जो आ रही थी.....

प्रिंस : याद आने पे कोई ऐसा करता है क्या.....?

अवनि : औरों का तो पता नहीं मगर मुझे जो दिल किया वो मैंने किया..... और मैं करती भी क्या.... मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही.....

प्रिंस : याद आने पे ऐसा भी कोई करता है क्या.....? ये करने से पहले तुमने एक बार भी ये नहीं सोचा की ये देख के मुझे कितनी तकलीफ होगी.....

अवनि : सॉरी जान.... अब गलती तो मुझसे हो गयी.... आइंदा से मैं ऐसा कभी नहीं करुँगी बस इस बार के लिए मुझे माफ़ कर दो....

प्रिंस : जी नहीं तुम्हे माफ़ी नहीं मिलेगी.... बल्कि सजा मिलेगी....

अवनि : अच्छा.... और कौन देगा मुझे सजा....?

प्रिंस : मैं.....

प्रिंस की बात सुन के अवनि हसने लगती है....

अवनि : हहहहहहहहह.....

प्रिंस : मैंने क्या कोई मज़ाक किया है जो तुम यूँ हंस रही हो.....?

अवनि : तुमने बात hi ऐसी की है.... मुझे ज़रा सी भी तकलीफ में देख के जो तड़प उठता है वो भला मुझे सजा दे सकता है क्या....? तुम hi बताओ क्या ये मुमकिन है.....?

प्रिंस : जी हाँ आज तुम्हे सजा मिलेगी.... और वो मैं तुम्हे दूंगा....

अवनि : तुम जो कह रहे हो वो मुमकिन नहीं है.... लेकिन अगर तुम यही चाहते हो तो मुझे हर सजा मंज़ूर है..... बताओ क्या सजा है मेरी....?

प्रिंस : तुम्हारी सजा ये है की साड़ी ज़िन्दगी अब तुम्हे मेरे साथ रहना है.... मेरी जान बन के.... बोलो मंज़ूर है....

प्रिंस की बात सुनके अवनि ख़ुशी से उछाल पड़ती है....

अवनि : तुम सच कह रहे हो....?

प्रिंस अपने घुटनो पे बैठ के अपनी जेब से अंगूठी निकाल के अवनि की तरफ बढ़ा के कहता है....

प्रिंस : ी लव यू जान....

अवनि ख़ुशी में.... ी लव यू तूऊऊऊ.... कहके अपना हाथ आगे बढ़ती है....

प्रिंस उसकी ऊँगली में अंगूठी पहना देता है.... ख़ुशी में अवनि प्रिंस के सीने से लिपट जाती है.... ख़ुशी के मारे उसकी आँखें नाम हो जाती हैं.....

प्रिंस : ये क्या जान तुम रो रही हो....?

अवनि : मैं कहाँ रो रही हूँ... ये तो ख़ुशी के आंसू हैं.... जो मेरी आँखों से बह रहे हैं....

प्रिंस अवनि के आंसुओं को पॉच के कहता है....

प्रिंस : ख़ुशी के हो या गम के.... अब इन आँखों में आंसू नहीं आने चाहिए.... इनमे बस मैं ख़ुशी देखना चाहता हूँ....

अवनि : अपनी जान का प्यार पा के आज मैं बेहद खुश हूँ....

अभी प्रिंस आगे कुछ कहने hi वाला होता है की वहां अंजू आ जाती है....

अंजू : क्या बात है.... मेरा प्रिंस इतना उदास क्यों है....?

प्रिंस : बात hi कुछ ऐसी है स्वीट्जिरल....

अंजू : क्या हुआ....? अवनि ने इंकार कर दिया क्या.....?

प्रिंस : नहीं उसने हाँ कह दिया.....

अंजू : ये तो ख़ुशी की बात है.... फिर तू इतना उदास क्यों है......?

प्रिंस : जी वो... वो.... वो बात ऐसी है की.... वो न... वो..... कुछ नहीं....

वो कहना भी छह रहा है मगर शर्म की वजह से कह भी नहीं पा रहा है....

अंजू : ये वो वो क्या कर रहा है बता न बात क्या है....?

प्रिंस : जी हाँ वो.... वो.....

प्रिंस की हालत देख के अवनि को बड़ा मज़ा आ रहा है.... उसे चीरने के लिए अवनि कहती है...

अवनि : हाँ हाँ प्रिंस बताओ न क्या बात है....? शर्माओ मत बोल दो.... यहाँ सब अपने hi हैं.... बता दो क्या बात है....?

प्रिंस चीड़ के गुस्से में अवनि को देख के कहता है....

प्रिंस : मुझे पता है.... यहाँ सब अपने hi हैं.... और कोई बात नहीं है.... (फिर अंजू की तरफ देख के कहता है....) मुझे भूक लगी है....

अंजू : खाना तैयार है.... चलो साथ मिल के कहते हैं.....

ये कह के अंजू बहार चली जाती है.... प्रिंस भी उदास मन से उसके पीछे पीछे जाने लगता है.... अवनि उसका हाथ पकड़ के उसे रोक लेती है....

अवनि : माँ आप चलो हम अभी आते हैं....

अंजू : ठीक है जल्दी आना....

अवनि : जान क्या हुआ नाराज़ हो गए क्या.....?

प्रिंस : ........

अवनि : जान जो चाहे कर लो मगर नाराज़ न हो न.... वर्ण मैं जी नहीं पाउंगी.... तुम्हारी यही मर्ज़ी है तो मैं नहीं रोकूंगी.... मेरा दिल मेरी रूह.... यहाँ तक की मेरा ये जिस्म भी तुम्हारा hi है.... तुम्हे पूरी इजाज़त है.... मेरे साथ कुछ भी करने की.... मैं बस इतना चाहती थी की हम जो भी करें वो शादी के बाद करें... और वो हमारी ज़िन्दगी की स्पेशल रात हो.... लेकिन अगर तुम वो सब अभी करना चाहते हो तो कर लो... मैं तैयार हूँ....

प्रिंस : यार मैं तो बस मज़ाक कर रहा था.... मैं भी यही चाहता हूँ की जब भी हमारा मिलान हो तो वो सबसे स्पेशल हो..... इस तरह से नहीं....

अवनि : तुम सच कह रहे हो....

प्रिंस : हाँ बाबा....

अवनि : तो फिर मुझे किश करो....

प्रिंस : किश.....

अवनि : हाँ किश....

प्रिंस : सोच लो कहीं फिर से कुछ गड़बड़ न हो जाए.... मेरा मतलब है की....

प्रिंस की बात सुन के अवनि शर्मा जाती है और उसके सीने में अपने मुँह छुपा के प्यार से उसके सीने में मुक्का मार के कहती....

अवनि : धत....

तभी अंजू की आवाज़ सुन के दोनों खाना खाने बहार चल देते हैं....

रात को जब प्रिंस वापिस आता है तो रूही को देख के बुरी तरह से चौंक जाता है....

प्रिंस : ये इसे क्या हुआ.....? और ये क्या पी रही है....

सैर : पता नहीं तुम्हारे जाने के बाद ये भी कहीं बहार चली गयी थी.... अभी कुछ देर पहले hi लौटी है.... और तब से दो hi काम कर रही है एक तुम्हारा नाम ले के रोये जा रही है और दूसरा शराब पी रही है.... मैंने इसे रोकने की बहुत कोशिश की मगर ये है की कुछ सुन ने को तैयार hi नहीं..... और न hi कुछ बताने को.... अब तुम आ गए हो तो सम्भालो इसे.... मुझसे तो ये सँभालने से रही....

ये कह के सैर वहां से अपने रूम में चली जाती है....

प्रिंस रूही के पास जाता है....

प्रिंस : क्या हुआ अवनि.....?

प्रिंस के मुँह से अवनि सुन के रूही का रोना और भी तेज़ हो जाता है.... जिसे देख प्रिंस परेशान हो जाता है.....

प्रिंस : ये अचानक से क्या हो गया.....? तुम रो क्यों रही हो.....? अवनि यार क्या हुआ बताओ न....

रूही : मैं अवनि नहीं हूँ.... र.... Ru...hi... नाआआआआम है मेरा.....

प्रिंस : हाँ रूही..... सॉरी यार वो क्या है की तुम हु बा हु अवनि की तरह दिखती हो न बस इसी लिए जब भी तुम्हे देखता हूँ मेरे मुँह से रूही की जगह अवनि hi निकल जाता है.....

रूही : तो जाओ न उस सो कॉल्ड अवनि के पास यहाँ क्यों आये हो.....? भला तुम्हे मेरी फ़िक्र क्यों होने लगी.....? मैं तुम्हारी लगती hi क्या हूँ.....? जो भी है वो अवनि hi है... जाओ उसी के पास.....

प्रिंस : नहीं यार ऐसी बात नहीं है..... मुझे तुम्हारी भी उतनी hi फ़िक्र है.... तभी तो तुम्हारे पास आया हूँ.... बताओ न क्या बात है....? तुम इस तरह क्यों रो रही हो....? किसी ने कुछ कहा क्या तुमसे....?

रूही : जी नहीं तुम्हे मेरी ज़रा भी फ़िक्र नहीं है..... अगर होती तो तुम मुझे यूँ चोर के न जाते....

प्रिंस : नहीं यार ऐसा नहीं है मुझे वाकई में तुम्हारी फ़िक्र है..... तुम जो कहो मैं वो करने को तैयार हूँ बस ये रोना बंद कर दो..... जाने क्यों तुम्हे रट देख मुझे अच्छा नहीं लग रहा बड़ी तकलीफ हो रही है.... तुम जो कहो मैं वो करने को तैयार हूँ.....

रूही : मैं जो कहूँगी वो करोगे....

प्रिंस : हाँ बस तुम रोना बंद कर दो....

रूही अपने दोनों बाहें फैला के जो कहती है उसे सुन के प्रिंस के होश उड़द जाते हैं.....

रूही : म.... Mu...jhe kissssssssss करो....

प्रिंस : Kyaaaaaaaaaaa....?

रूही : तुम्हे सुनाई नहीं de...ta क्याआ...? Ma..ine कहा muj.....he किस्स्स्सस्स करो.....

प्रिंस : ये मैं कैसे कर सकता हूँ.....?

रूही : मुझे पता था.... तुम ऐसा hi ka....hoge.... तुम्हे me....ri ज़रा भी फ़िक्ररररररररर.... नहीं है.... अगर होती तो फ़ौरन मेरी बात माआआआं लेते.....

प्रिंस : तुम अभी होश में नहीं हो..... इस लिए तुम्हे पता नहीं की तुम मुझे क्या करने को कह रही हो..... और रही बात फ़िक्र की तो मुझे सच में तुम्हारी बहुत फ़िक्र है...

रूही : अगर ऐसा है.... तो फिररररररररर... Mu....jhe... किस्स्स्सस्स्स्स करके ये साबित करो.....

प्रिंस : यार ये मैं कहाँ फस गया....? इसे इस हाल में चोर भी नहीं सकता और ये जो कह रही है वो कर भी नहीं सकता.....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी किसी के हसने की आवाज़ सुनाई देने लगती है....

प्रिंस मुद के पीछे देखता है...

सैर और ज़रा वहां कड़ी हंस रही हैं....

हहहहहहहहहह....

प्रिंस : यार यहाँ मेरी हालत खराब बानी हुई है और तुम दोनों को हंसी आ रही है.... यहाँ मेरी मदत करने के बजाये तुम दोनों मुझपे हंस रही हो....

सैर : सॉरी यार क्या करूँ तुम्हारी हालत देख के हंसी आ गयी.... और रूही की भी गलती नहीं है.... तुम हो hi इतने स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम की तुम्हे देख के किसी की लड़की का तुम्हे किश तो क्या तुम्हारे साथ बहुत कुछ करने को दिल करेगा..... क्यों ज़रा मैंने ठीक कहा न....

ज़रा : हाँ बिलकुल ठीक.... अगर प्रिंस कहे तो मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ....

सैर : और मैं सब कुछ करने को तैयार हूँ....

प्रिंस : ये तुम दोनों क्या बक रही हो....?

दोनों एक साथ.....

वही जो सच है.... हम तुम्हारे साथ सब कुछ करने को तैयार हैं..... रूही तो बस एक किश मांग रही है..... जल्दी से उसे किश कर दो कहीं ऐसा न हो की वो भी सब कुछ करने को कहने लगे....

ये कह के दोनों एक बार फिर से हसने लगती हैं....

प्रिंस : तुम दोनों पागल तो नहीं हो गयी.... ये क्या कह रही हो....? मैं इसे कैसे किश कर सकता हूँ....?

ज़रा : तुम्हे किश करना नहीं आता.... आओ मैं तुम्हे सिखाती हूँ....

ये कह के ज़रा सैर को आँख मार के प्रिंस की तरफ बढ़ती है....

सैर : हाँ चलो मैं भी तुम्हे सिखाती हूँ....

प्रिंस : जी नहीं मुझे किश करना आता है....

सैर : अच्छा किसने सिखाया.....? मुझे तो तुमने कभी किश नहीं किया....

ज़रा : मुझे भी नहीं.... कहीं इस रूही को तो नहीं किया न.... शायद तभी ये फिर से किश मांग रही है....

ये कह के दोनों फिर से हसने लगती है.....

हहहहहहहहहह.....

प्रिंस : तुम दोनों को तो मैं बाद में देखता हूँ पहले इस (रूही) का कुछ करना पड़ेगा.....

ज़रा : ज़्यादा कुछ नहीं बस एक किश से ये खुश हो जायेगी.....

प्रिंस दोनों को इग्नोर करके रूही के पास जाता है और उसे समझने की बहुत कोशिश करता है.... मगर वो है की कुछ भी सुन ने को तैयार hi नहीं.... न चाहते हुए भी प्रिंस आगे बढ़ के उसका चेहरा अपने हाथों में लेता है और उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... रूही भी नशे में प्रिंस का साथ देने लगती है....

इधर एक बार फिर से पारी को इस किश का एहसास होने लगता है.... इस बार अवनि इस किश को महसूस करती है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे की प्रिंस उसके साथ वहीँ मौजूद है और बड़े प्यार से उसे किश कर रहा है.....

प्रिंस और रूही को किश करते देख सैर और ज़रा के जिस्म में भी मस्ती की लेहेर सी दौर रही है..... रूही के साथ साथ मस्ती में उनकी छूट से भी कॉमर्स की बूँदें टपक रही हैं.... यही हाल अवनि और पारी का भी है.... वो भी मदहोश होती जा रही हैं.....

करीब 10 मिनट्स तक रूही के होंठों को चूसने के बाद प्रिंस उस से अलग हुआ hi था की तभी अचानक से दरवाज़े के नीचे से रूम में धूंवा आने लगता है.... देखते hi देखते पूरा रूम धुँवे से भर जाता है.....

वहां मजूद सभी को तेज़ नशा और मस्ती चढ़ने लगती है.....

और फिर शुरू होता है असली खेल....

कमरे के अंडर सेक्स होता है.... सेक्स के बाद दोनों एक दूसरे की बाहों में लिपट के सो जाते हैं.....

अगली सुबह जब प्रिंस की आँख खुलती है तो वो बुरी तरह से घबरा जाता है.... उसके होश उड़द जाते हैं.....?

बीएड पे वो अकेला नहीं है बल्कि उसके साथ और 3 लोग हैं.... जो की लडकियां हैं.... और वो भी पूरी तरह से नंगी.... जो प्रिंस के नंगे जिस्म से लिपटी हुई हैं.....

ये तीनो और कोई नहीं बल्कि रूही.... सैर और ज़रा हैं.... उन्हें देख के प्रिंस की हालत खराब हो जाती है..... उसे समझ नहीं आ रहा की आखिर ये सब कैसे और क्यों हुआ....? और सब से बड़ी बात तो ये है की रात जो सेक्स हुआ वो किसके साथ हुआ....?
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 139

प्रिंस की समझ में नहीं आ रहा है की वो क्या करे....? कैसे इस सिचुएशन से बहार निकले.....? कैसे वो उन से पूछे की रात जो सेक्स हुआ था वो किस के साथ हुआ था..... उस की हालत खराब बानी हुई है..... तभी रूही प्रिंस के ऊपर बेबुनियाद इलज़ाम लगाने लगती है की उसने उनसके साथ सेक्स किया है....

प्रिंस रूही को लाख समझने की कोईशिष करता है मगर वो उसकी कोई भी बात सुन ने को तैयार hi नहीं.... सैर और ज़रा के समझने पे रूही थोड़ा शांत होती है....

अभी रूही कुछ कहने hi वाली होती है की तभी सैर का मोबाइल बजने लगता है....

सैर बात करने के बाद बेहद परेशान हो जाती है उसे समझ नहीं आ रहा है की अब ये क्या और कैसे हो गया....?

प्रिंस : किसका कॉल था सैर....? और तुम इतनी परेशान क्यों हो....?

सैर : सैम का कॉल था....

सैर : सैम का कॉल था उसने बताया की कंपनी में सब एक hi बात कह रहे हैं और साथ hi रूही के घर वाले भी की रूही अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग गयी....

सैर की बात सुन के रूही गुस्से में आ जाती है....

रूही : क्या बक रही हो....?

सैर : मैं बक नहीं रही बल्कि वो hi कह रही हूँ जो सैम ने बताया....

रूही : क्या बताया उस सैम ने....?

सैर : सैम ने वो hi बताया जो तुम्हारे घर वालों ने ख़ास कर के तुम्हारे भाई फ़िरोज़ ने सब से कहा....

रूही : क्या कहा फ़िरोज़ ने....? बताओ मुझे....

सैर : फ़िरोज़ ने कहा की रूही अपने बॉयफ्रेंड के साथ घर से भाग गयी है...

रूही : इस फ़िरोज़ को तो मैं छोड़ूंगी नहीं....

प्रिंस : तुम्हारा बॉयफ्रेंड भी साथ आया है तुमने बताया नहीं....?

रूही : मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है....

प्रिंस : तो फिर तुम्हारा भाई और तुम्हारे घर वाले ऐसा क्यों कह रहे हैं....?

रूही : वो hi तो पता लगाना है....

प्रिंस : पहले hi क्या काम परेशानी थी जो ये एक और सर पे सवार हो गयी....

रूही : मैं परेशानी नहीं हूँ.... खबरदार जो मुझे परेशानी कहा तो....?

प्रिंस : तो और क्या कहूं जब से तुम हमारे साथ यहाँ आयी हो तब से एक के बाद एक साड़ी बातें हो रही हैं.... पहले अचानक से उस धुँवे का आना और फिर हम सब के बिना कपड़ों के बीएड पे होना.... और अब तुम्हारे भागने की बात....

रूही : जी नहीं ये सब न मैंने किया है और न मेरी वजह से हुआ है.... मुझे तो लगता है की ये सब तुम्हारा किया धरा है....

प्रिंस : तुम क्या कोई हूर पारी हो जो मैं तुम्हारे लिए ये सब करूँगा.... एंड फॉर योर काइंड इनफार्मेशन मेरी आलरेडी एक गर्लफ्रेंड है जिसका नाम अवनि है... और वो तुमसे बेहद हसीं और खूबसूरत है....

रूही : हाँ पता है कितनी हसीं और खूबसूरत है तुम्हारी सो कॉल्ड गर्लफ्रेंड अवनि.... मुझसे तो काम hi है.... मुझे न तुमसे कुछ मतलब है और न hi तुम्हारी उस अवनि से.... एंड फॉर योर काइंड इनफार्मेशन मेरा भी एक बॉयफ्रेंड है जो तुमसे बेहद स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम है....

प्रिंस : अच्छा मगर अभी तो तुम कह रही थी की तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है और अब तुम कह रही हो की तुम्हारा बॉयफ्रेंड है.... क्या चक्कर है.....?

रूही : ये मुझे तुम्हे बताने की ज़रुरत नहीं है.... और तुम कोई प्रिंस चार्मिंग नहीं हो जो मैं तुम्हारे लिए मरी जा रही हूँ....

प्रिंस : अच्छा तभी कल रात मुझसे किश मांग रही थी....

रूही : क्या बक रहे हो....? मैं पागल नहीं हूँ जो ऐसा करुँगी....? तुम झूट बोल रहे हो....

प्रिंस : झूट बोलना मैंने सीखा नहीं.... और झूट मैं नहीं बल्कि तुम बोल रही हो....

बस फिर क्या था दोनों लड़ने लगते हैं.... बड़ी मुश्किल से सैर और ज़रा दोनों को अलग करती हैं.....

सैर : यार तुम दोनों तो बिलकुल हस्बैंड वाइफ की तरह लड़ रहे हो....

रूही गुस्से में : मैं और इसकी वाइफ.... अगर ये दुनिया का आखरी लड़का भी क्यों न हो तब भी मैं इस से प्यार न करूँ.... इसकी वाइफ बनना तो बहुत दूर की बात है.....

प्रिंस : और मैं तो जैसे तुमसे निकाह करने को मारा जा रहा हूँ....

रूही : ऐसा सोचना भी नहीं.... तुम जैसे बंदर से निकाह करने से तो अच्छा मैं मरना पसंद करुँगी....

प्रिंस : मुझे भी कोई शौक नहीं है तुम जैसी चुहिया से निकाह करने का....

रूही : मुझे चुहिया कहने की तेरी हिम्मत कैसे हुई....?

प्रिंस : वैसे hi जैसे तेरी हिम्मत हुई मुझे बंदर कहने की....

दोनों फिर से लड़ने लग जाते हैं....

बड़ी मुश्किल से सैर और ज़रा उन्हें रोकती हैं....

सैर : इस तरह लड़ने से कोई फायदा नहीं.... हमारा काम हो चूका है.... हम को जल्द से जल्द वापिस चलना चाहिए इस से पहले की वहां बात और बिगड़ जाए....

प्रिंस : हाँ शायद तुम ठीक कह रही हो.... इस से पहले की बहुत देर हो जाए हम को जल्द से जल्द शिमला वापिस जाना होगा.... तुम लोग एयरपोर्ट चलो मैं अवनि से मिल के अभी आता हूँ....

प्रिंस के मुँह से अवनि का नाम सुन के रूही चीड़ जाती है और गुस्से में कहती है...

रूही : यहाँ हमारी बंद बजी हुई है और मजनू को लैला याद आ रही है....

प्रिंस : हाँ मैं मजनू हूँ और वो मेरी लैला.... इस बात से तुझे क्यों इतनी जलन हो रही है....?

रूही : तुम से जले मेरी जूती....

सैर : यार अब बस भी करो तुम दोनों.... ये मिया बीवी की तरह लड़ना बंद करो और चलो....

प्रिंस अवनि से मिलने चल देता है और बाकी तीनो एयरपोर्ट की तरफ.... बड़ी मुश्किल से प्रिंस अवनि को मन के उस से अगले 15 दिन में वापिस आने का वादा करके एयरपोर्ट की तरफ चल देता है....

जल्द hi चारो शिमला पहुँच जाते हैं.... एयरपोर्ट से वो सीधे अवनि के घर जाते हैं.... वहां उन्हें जो पता चलता है उसे सुन के चारो के होश उड़द जाते हैं.....

प्रिंस : ये क्या बकवास है मैं रूही का बॉयफ्रेंड नहीं हूँ.... अरे मैं तो उसे ठीक से जानता तक नहीं.... तो उसका बॉयफ्रेंड कैसे हो गया....?

फ़िरोज़ : अच्छा अगर ऐसा है तो ये बताओ की जिस लड़की को तुम जानते नहीं उसे किश कैसे कर सकते हो....?

प्रिंस : मैं भला उसे क्यों किश करूँगा....? और तुम्हारे पास क्या सबूत है की मैंने रूही को किश किया है....?

फ़िरोज़ प्रिंस को कुछ किसिंग की फोटोज दिखा के कहता है....

फ़िरोज़ : अच्छा तुम्हे सबूत चाहिए तो ये देखो.... ये रहा सबूत.... जो ज़लील हरकत तुम दोनों ने की है ये photo's उस के सबूत हैं.... अब ये मत कहना की इन photo's में तुम नहीं हो और न hi रूही....

Photo's को देख के प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है..... उनमे से कुछ में प्रिंस अवनि को किश कर रहा है तो कुछ में रूही को.... ये उसे पता है की एक फोटो में अवनि है तो दूसरी फोटो में रूही मगर फ़िरोज़ और उसके घर वालों को इस बात का पता नहीं है....

प्रिंस : तुम जैसा सोच रहे हो वैसा कुछ भी नहीं है....

फिर फ़िरोज़ उन्हें कुछ और photo's दिखा के कहता है....

फ़िरोज़ : अच्छा तो फिर ये क्या है....? कह दो की ये भी झूट है....

उन Photo's में प्रिंस और रूही बिना कपड़ों के एक दूसरे के जिस्म से लिपटे हुए हैं.... दोनों के जिस्म कपड़ों की जगह चादर से ढके हुए हैं..... और दोनों के कपडे फर्श पे बिखरे हुए हैं....

प्रिंस : ये झूट है.....

अभी फ़िरोज़ कुछ कहने hi वाला होता है की तभी रूही की माँ रहना जो कहती है उसे सुन के प्रिंस के पैरों टेल से ज़मीन निकल जाती है....

रहना बेहद गुस्से में आगे बढ़ती है और रूही को मारने लगती है....

रहना : कमीनी.... ये सब करने से पहले तू मर क्यों नहीं गयी..... हमारी बरसो की कमाई हुई इज़्ज़त को मिटटी में मिला के तेरा जी नहीं भरा.... जो अपनी मनहूस शक्ल दिखने यहाँ चली आयी.....

ये कह के रहना रूही को बेतहाशा पीटने लगती है.... रुखसाना और सिमी उसे रोकने की बहुत कोशिश करते हैं मगर रहना है की किसी की बात सुन ने तो तैयार hi नहीं.... रूही को यूँ मार कहते देख जाने क्यों प्रिंस का दिल तड़प उठता है वो आगे बढ़ के रहना को रोकने की कोशिश करता है....

वो जैसे hi रहना को हाथ लगता है गुस्से में रहना उसे पीछे धकेल देती है....

रहना : मुझे हाथ लगाने की तेरी हिम्मत कैसे हुई....? ये सब तेरा hi किया धरा है... तू ने hi मेरी बेटी को बहकाया और उसकी इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ किया है.... आज मैं तुझे छोड़ूंगी नहीं.... तेरी वो हालत करुँगी की तू दोबारा किसी के साथ ऐसा करने की हिम्मत नहीं करेगा.....

ये कह के रहना बेहद गुस्से में प्रिंस को मारने के लिए आगे बढ़ती है और उस पे हाथ उठा देती है....

प्रिंस उसका हाथ पकड़ लेता है....

रहना : कमीने चोर मुझे....

रहना के मुँह से कमीना लफ्ज़ सुन के प्रिंस को गुस्सा आ जाता है....

प्रिंस गुस्से में : न hi मैं कमीना हूँ और न hi मैंने कुछ किया है.... आपकी बेटी तो क्या मैं किसी भी लड़की के साथ ऐसा करने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता.... ये सब किसी की चाल है मुझे फसाने की....

रहना : इसकी हिम्मत तो देखो.... इतना सब कर के भी खुद को शरीफ साबित करने में लगा हुआ है.....

प्रिंस : हाँ..... और वो इस लिए क्यों की मैं शरीफ हूँ....

रहना : शरीफ लोग किसी की बहु बेटी की इज़्ज़त के साथ नहीं खेला करते.... और जो ऐसा करते हैं उनके शरीफ नहीं बल्कि रेपिस्ट कहा जाता है.... अब तो पुलिस hi तुझसे निपटेगी....

प्रिंस : अच्छी बात है.... आने दो पुलिस को अब वो hi यहाँ आ के सच साबित करेंगे.....

सैर : प्रिंस ये तुम क्या कह रहे हो....?

प्रिंस : वो hi कह रहा हूँ जो सच है....

सैर : लेकिन अगर पुलिस यहाँ आएगी तो सब की बदनामी होगी.....

रहना : अब बदनामी को बचा hi क्या है.... इन दोनों ( रूही और प्रिंस ) ने हम को पहले hi बदनाम कर दिया है किसी को मुँह दिखने लायक नहीं छोड़ा....

सैर : कोई तो रास्ता होगा इस बदनामी से बचने का.....?

तभी फ़िरोज़ बीच में बोल पड़ता है....

फ़िरोज़ : अब सिर्फ और सिर्फ एक hi रास्ता है और वो है शादी....

सैर : शादी....?

फ़िरोज़ : जल्द से जल्द इन दोनों की शादी करनी होगी.... तभी हम इस बदनामी से बच सकेंगे.....

प्रिंस : मैं इस से शादी नहीं कर सकता.... मैं किसी और से प्यार करता हूँ....

फ़िरोज़ : तुम तो यार बड़े कमीने निकले.... प्यार किसी और के साथ और गुलछर्रे किसी और के साथ....

अभी फ़िरोज़ ने इतना hi कहा था की तभी एक साथ दो झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है.....

Chataaaaaaaaaaaaak.....

प्रिंस : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे बारे में इतनी ज़लील बात करने की....? मेरे सच्चे प्यार को गाली देने की.....

फ़िरोज़ : अबे गलती तू ने की और मार मुझे रहा है.....

रुखसाना : इतनी ज़लील बात करने से पहले काम से काम इतना तो सोच लिया होता की तू किसके बारे में क्या बात कर रहा है.... एक भाई हो के अपनी बेहेन के बारे में इतनी ज़लील बात करते तुझे ज़रा भी शर्म नहीं आयी... काम से काम भाई बेहेन के रिश्ते का hi ख़याल कर लेता.... हमारी इज़्ज़त का तुझे ज़रा भी ख़याल नहीं है....

फ़िरोज़ : मैंने कुछ गलत नहीं कहा..... जो सच है वो hi तो कहा.... इन दोनों ने हमारी इज़्ज़त को नीलाम कर के रख दिया....

रुखसाना : इस का ये मतलब नहीं की जो तेरे दिल में आएगा तू वो कहेगा....

फ़िरोज़ : तो आप hi बताइये की मैं क्या कहूं.....?

रुखसाना : तुझे कुछ कहने की ज़रुरत नहीं.... तू चुप hi रह हम बड़े बात कर रहे है न.....

फ़िरोज़ : देख रहा हूँ क्या बात कर रहे हैं..... और वैसे भी अब बातें करने का वक़्त नहीं है.... बातें करने से अब कुछ हासिल नहीं होगा..... बल्कि अब इनको फैसला करना hi होगा....

रुखसाना : फैसला.... कैसा फैसला....?
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 140

फ़िरोज़ : अब बस एक hi रास्ता है इस बदनामी से बचने का.... अभी के अभी इन दोनों का निकाह करवा दो....

प्रिंस : ये मुमकिन नहीं.... मैं इस से निकाह नहीं कर सकता....

इस से पहले की फ़िरोज़ कुछ कहता रहना बीच में बोल पड़ती है....

रहना : ये तुझे कल रात वो सब करने से पहले सोचना चाहिए था.... अब तेरे पास एक hi रास्ता है.... या तो तू रूही से अभी के अभी निकाह कर ले या फिर रपे के इलज़ाम में जेल जाने को तैयार हो जा..... तू क्या समझता है तू हमारी इज़्ज़त के साथ खेल के यूँ hi चला जाएगा और हम कुछ नहीं करेंगे.....

प्रिंस : मगर जब मैंने कुछ किया hi नहीं.... तो फिर मैं क्यों मान लून... और रही बात निकाह की तो मैं इस से निकाह नहीं कर सकता.....

रहना : तो फिर मुझे पुलिस को बुलाना hi पड़ेगा.... हमारे साथ जो होना होगा वो तो होगा hi मगर मैं तुझे ऐसे तो जाने नहीं दूंगी..... जितनी बदनामी तेरी वजह से हमारी हुई है.... उस से कई ज़्यादा बदनामी अब तेरी होगी.... जब लोग तुझे रेपिस्ट कह के बुलाएंगे.... और तू जेल की सलाखों के पीछे सड़ेगा....

रहना की बात सुन के प्रिंस के साथ वहां सभी के होश उड़द जाते हैं....

मौके की नज़ाकत को देखते हुए सैर प्रिंस को निकाह के लिए मानाने की कोशिश करती है.....

प्रिंस : नहीं ऐसा करके मैं अवनि को धोका नहीं दे सकता.... उस के सच्चे प्यार को रुस्वा नहीं कर सकता..... मैं इस से निकाह नहीं कर सकता.... ये मुमकिन नहीं....

सैर : प्रिंस यहाँ बात धोके की नहीं बल्कि एक लड़की यानी रूही की इज़्ज़त की है.... अगर तुमने उस से निकाह नहीं किया तो उसकी बड़ी बदनामी होगी.... सिर्फ उसकी hi नहीं बल्कि उसकी पूरी फॅमिली की और तो और उसके साथ साथ हम सब की हमारी कंपनी की भी बदनामी होगी.... और फिर वो होगा जो तुम नहीं चाहते.... जब ये बात तुम्हारी नानी को पता चलेगी तो वो फ़ौरन तुम्हे अपने पास बुला लेगी.... और तुम्हारा सपना अधूरा रह जाएगा.... अब ये तुम्हे तये करना है की तुम क्या चाहते हो....? सब की बदनामी होने देते हो या फिर रूही से निकाह करते हो.....?

प्रिंस की समझ में नहीं आ रहा है की वो करे तो क्या करे....? अगर पुलिस आयी और उन्होंने रूही का टेस्ट करवाया और कहीं टेस्ट में ये निकला की रात जो सेक्स हुआ था वो किसी और के साथ नहीं बल्कि रूही साथ हुआ था.... तब क्या होगा.....? तब तो रूही के साथ साथ मेरी भी बदनामी होगी.... मगर मैं रूही के साथ कैसे निकाह कर सकता हूँ.... मैं तो अवनि को चाहता हूँ.... हाँ मगर कभी कभी वक़्त और हालात के आगे मजबूर हो के हम को वो करना पड़ता है जो हम नहीं करना चाहते.... मजबूरन प्रिंस को हाँ कहना hi पड़ता है....

मगर रूही इंकार कर देती है....

रूही : मैं इस के साथ शादी नहीं करुँगी.... और ऐसे तो कभी नहीं....

रूही की बात सुन के रहना गुस्से में उसे एक थप्पड़ मार के कहती है....

Chataaaaaaaaaaaaaak....

रहना : कमीनी जब इस से शादी नहीं करनी थी तो वो ज़लील हरकत तू ने की क्यों....? अब नखरे दिखा रही है.... अब चाहे जो हो जाए.... तुझे ये निकाह करना hi होगा.... अब मैं तेरी एक नहीं सुनुँगी.... फ़िरोज़ जा जल्दी से क़ाज़ी को बुला के ला.... अभी के अभी इनका निकाह करवाना है....

फ़िरोज़ : मैंने पहले hi क़ाज़ी को कॉल कर के बुला लिया है.... लो वो आ भी गए....

फिर देखते hi देखते रूही और प्रिंस के न चाहते हुए भी उन का निकाह हो जाता है.... दोनों सिंगल से मैरिड कपल बन जाते हैं....

निकाह के होते hi फ़िरोज़ के चेहरे पे शैतानी स्माइल आ जाती है.... उसका दिल ख़ुशी से नाचने लगता है.....

फ़िरोज़ मन में : बहुत उड़ती थी न तू रूही.... देख आज मैंने कैसे तेरे पंख क़तर दिए.... बहुत ज़लील किया था तू ने मुझे... मगर अब तू ज़लील होगी हर रोज़ होगी... हर पल होगी.... तेरा ये निकाह न चैन से तुझे जीने देगा और न hi मरने देगा.... अब तू ज़िन्दगी भर रो रो के तड़प तड़प के जीने को मजबूर हो जायेगी.... क्यों की तेरा निकाह जिसके साथ हुआ है वो किसी और को चाहता है.... आज मेरा इन्तेक़ाम पूरा हो गया... आज मैं तुझसे जीत गया.... आज मैंने तुझसे अपने सारे बदले ले लिए....

प्रिंस अभी इस सदमे से उभर hi नहीं पाया था की तभी उसका मोबाइल बजने लगता है.... स्क्रीन पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख उसके पसीने छूट जाते हैं.. ये कॉल अवनि का है....

प्रिंस के तो होश उड़े हुए हैं.... उसकी बोलती बंद है..... उसे समझ नहीं आ रहा है की करे तो क्या करे....? प्रिंस मोबाइल को सैर की तरफ घूमता है उस पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख सैर की भी हालत खराब हो जाती है....

प्रिंस कॉल रइवे करके बड़ी मुश्किल से hello कहता है....

अवनि : जान आज मैं बेहद खुश हूँ.... बेहद.... इतनी खुश की तुम सोच भी नहीं सकते....

प्रिंस बड़ी मुश्किल से बस अच्छा कह पाटा है.... उस से आगे बोलै hi नहीं जाता...

अवनि : क्या अच्छा....? जान न नहीं चाहोगे की आज मैं इतनी खुश क्यों हूँ....?

प्रिंस : ह.... Ha....an..... हाँ बताओ न.... तुम इतनी खुश क्यों हो....?

अवनि : आज कॉलेज से आने के बाद मैं सो गयी थी.... मैंने एक सपना देखा और जब उठी तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था....

प्रिंस : अच्छा....

अवनि : फिर अच्छा.... जान न नहीं चाहोगे की मैंने सपने में क्या देखा....?

प्रिंस : ह.... Ha....an..... हाँ बताओ न....

अवनि : मैंने देखा की हमारा निकाह हो गया है.... हमारा निकाह जान....

प्रिंस : Kyaaaaaaaaaa....? हमारा न.... Ni...kaaaa....aaaaah....

अवनि : हाँ.... हम एक हो गए हमेशा हमेशा के लिए.... इस बात से मैं आज बेहद खुश हूँ....

प्रिंस : अवनि....

अवनि : हाँ मुझे पता है अब तुम ये कहोगे की ये तो सिर्फ एक सपना है.... हक़ीक़त नहीं.... तो सोचो अगर सपने में हुआ निकाह इतनी ख़ुशी दे रहा है तो जब हक़ीक़त में हमारा निकाह होगा तो क्या होगा.... मुझे तो लगता है कहीं निकाह के बाद मैं ख़ुशी से पागल न हो जाऊं....

प्रिंस : पागल तो मैं हो रहा हूँ.... मुझे समझ नहीं आ रहा है की मैं तुमसे क्या कहूं....?

अवनि : क्या बात है जान तुम ऐसे क्यों कह रहे हो....? हमारे निकाह की बात सुन के तुम्हे ख़ुशी नहीं हुई क्या.....?

प्रिंस : कैसी बात कर रही हो....? मुझे तो तुमसे भी ज़्यादा ख़ुशी हो रही.... मैं आज इतना खुश हूँ... इतना खुश हूँ की बता नहीं सकता....

अवनि : ऊऊऊऊ.... जान.... ये कह के तुमने दिल जीत लिया मेरा.... अगर तुम पास होते तो मैं तुम्हारा मुँह चूम लेती.... मगर क्या करूँ मजबूरी है... मैं छह के भी ऐसा कर नहीं सकती.... तुम इतने दूर जा के जो बैठे हो.... मगर इस का भी हल है मेरे पास तुम दूर हो के भी मेरे पास hi हो.... फिलहाल तुम्हारी फोटो को किश करके काम चला लुंगी.... फिर 15 दिन बाद जब तुम यहाँ आओगे तब तुम्हे जी भर के प्यार करुँगी....

फिर कुछ देर बात करने के बाद प्रिंस कॉल कट कर देता है.... कॉल कट होते hi सैर फ़ौरन प्रिंस के पास आ के उस से पूछती है....

सैर : क्या कहा अवनि ने....?

प्रिंस सैर को पूरी बात बताता है जिसे सुन के उसके होश उड़द जाते हैं....

प्रिंस : जब तुम्हारा ये हाल है तो सोचो मेरा क्या हाल हो रहा है....? मैं तो इस बात से दर रहा हूँ की जब अवनि को इस निकाह के बारे में पता चलेगा तब क्या होगा....? इस से पहले की कुछ और हो जल्द से जल्द यहाँ से निकल लेना चाहिए....

बाबा : अब बताओ इसमें किसकी गलती थी.... क्या वाकई में प्रिंस ने तुम्हे धोका दिया है.... ? बताओ मुझे जवाब दो....

अवनि : वो सच भी तो बता सकता था....

बाबा : वो यहाँ उसी के लिए आया था.... अपनी नानी को तुम्हारे बारे में बता के उन्हें तुम्हारी और अपनी शादी को ताइये करने के लिए तुम्हारे घर ले जाने वाला था.....

अवनि : Kyaaaaaaaaaa...?

बाबा : हाँ इस से पहले की वो कुछ कहता या करता... तुमने उस के सीने में अपने शक का खंजर उतार दिया.... और अपने लिए उसके दिल में सच्चे प्यार को मार दिया....

बाबा के मुँह से सच जान के अवनि को अपनी गलती का एहसास होता है उसकी आँखों से hi नहीं दिल से भी खून के आंसू बहने लगते हैं.... अपने प्यार के खो जाने के एहसास से वो तड़प जाती है.... वो पलट के प्रिंस की तरफ देखती है मगर.....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 141

बाबा : अब बताओ इसमें किसकी गलती थी.... क्या वाकई में प्रिंस ने तुम्हे धोका दिया है.... ? बताओ मुझे जवाब दो....

अवनि : वो सच भी तो बता सकता था....

बाबा : वो यहाँ उसी के लिए आया था.... अपनी नानी को तुम्हारे बारे में बता के उन्हें तुम्हारी और अपनी शादी को ताइये करने के लिए तुम्हारे घर ले जाने वाला था.....

अवनि : Kyaaaaaaaaaa...?

बाबा : हाँ इस से पहले की वो कुछ कहता या करता... तुमने उस के सीने में अपने शक का खंजर उतार दिया.... और अपने लिए उसके दिल में सच्चे प्यार को मार दिया....

बाबा के मुँह से सच जान के अवनि को अपनी गलती का एहसास होता है उसकी आँखों से hi नहीं दिल से भी खून के आंसू बहने लगते हैं.... अपने प्यार के खो जाने के एहसास से वो तड़प जाती है.... वो पलट के प्रिंस की तरफ देखती है मगर.....??????

अब आगे....

मगर प्रिंस तो यहाँ है hi नहीं.... प्रिंस को वहां न पा के अवनि का दिल तड़प जाता hai....Avni रट हुए चारो तरफ प्रिंस को ढूंढने लगती है... मगर प्रिंस उसे कहीं नहीं मिलता.... अवनि पागल सी हो जाती है.... प्रिंस... प्रिंस कह के उसे पुकारने लगती है....

बाबा : वो चला गया....

अवनि रट हुए : चला गया...!!! कहाँ चला गया....???

बाबा : सुल्तानगढ...

अवनि रट हुए : वो तो यहाँ मुझसे निकाह करने आया था न....? फिर कैसे चला गया...?

बाबा : हाँ ये सच है की वो यहाँ तुझसे निकाह करने आया था... और तुझे अपने साथ ले जाने आया था... मगर इस से पहले की वो कुछ करता तू ने अपने शक के खंजर के उसके दिल में अपने प्यार को मार दिया.... जब प्यार hi नहीं रहा तब कैसा निकाह....

अवनि : वो मेरी भूल थी... मेरी सब से बड़ी गलती जो मैंने अपनी जान पे शक किया.... मगर मैं भी क्या करती मुझे प्रिंस के बारे में ऐसी ऐसी बातें बताई गयी थी ऐसे ऐसे वीडियोस दिखाए गए थे की मैं उन्हें सच मान के प्रिंस पे शक कर बैठी....

अंजू : और उसी शक में तुमने उसके सीने में खंजर मार दिया.....

अवनि : नहीं ये झूट है.... प्रिंस मेरी जान है मैं उसके सीने में खंजर कैसे मार सकती हूँ.... माना की मुझे उसपे शक था मगर मैंने उसे खंजर नहीं मारा... इतना घिनोना काम मैं कभी नहीं कर सकती....

अंजू : हम सब के सामने तू ने प्रिंस के सीने में खंजर मारा और अब उस बात को झुटला रही है....

अवनि : हाँ क्यों की वो खंजर मैंने नहीं मारा.... मुझे तो पता hi नहीं की प्रिंस को खंजर मारा गया है....

अंजू : फिर झूट.... और कितना झूट बोलेगी तू... अब बस कर....

बाबा : ये झूट नहीं कह रही है...

बाबा की बात सुन के वहां सभी चौंक जाते हैं.... सब के मुँह से सिर्फ एक hi लफ्ज़ निकलता है और वो है...

Kyaaaaaaaaaaaa....?????

बाबा : हाँ ये सच है की प्रिंस के सीने में वो खंजर अवनि ने मारा था मगर उसने नहीं मारा...

पारी : बाबा आप ये क्या कह रहे हैं.... एक तरफ आप ये कह रहे हैं की प्रिंस को वो खंजर अवनि ने मारा और दूसरीतरफ आप hi ते कह रहे हैं की वो खंजर अवनि ने नहीं मारा.... आप की बात समझ नहीं आ रही है.... आपकी बात का मतलब क्या है....? आखिर आप कहना क्या छह रहे हैं...?

बाबा : मैं ये कहना छह रहा हूँ की.... प्रिंस को जिस हाथ से खंजर मारा गया था वो हाथ भले hi अवनि का था... मगर मारने वाली अवनि नहीं बल्कि शैतान की काली ताक़त थी.... जो उस वक़्त अवनि के जिस्म में thi...aur वो उस खंजर के वार के साथ प्रिंस के जिस्म में चली गयी....

बाबा की बात सुन के पारी के साथ साथ सब राहत की सांस लेते हैं....

पारी : इसका मतलब अवनि ने प्रिंस की जान लेने की कोशिश नहीं की.... ये सब शैतान का किया धरा है.... उसने अवनि को हथियार बना के प्रिंस पे वार किया है....

बाबा : हाँ मगर प्रिंस पे वार तो किया गया है और उस वार की वजह से प्रिंस के दिल में तुम सब के लिए जो प्यार था वो उसके दिल की गहराइयों में दफ़न हो गया... जिसका अब वापिस लौटना बेहद मुश्किल है....

अवनि : मुश्किल है मगर नामुमकिन तो नहीं न.... अब चाहे मुझे कुछ भी क्यों न करना पड़े मैं उस प्यार को वापिस पा के रहूंगी....

बाबा : तुम इसे जितना आसान समझ रही हो ये उतना भी आसान नहीं है.... यहाँ बात सिर्फ प्रिंस का प्यार पाने की नहीं है बल्कि उस श्राप की है जो तुम सब को दिया गया था.....

बाबा की बात सुन के अवनि के साथ साथ पारी भी चौंक जाती है.....

श्राप....!!!! कैसा श्राप....? किसने दिया था वो श्राप और क्यों.....?

बाबा : वो श्राप असल में मलिका सुनहरी को दिया गया था.... मलिका सुनहरी hi तुम सब का असली रूप है..... ये श्राप उस शक का नतीजा था जो मलिका सुनहरी को हुआ था.... मलिका सुनहरी के शक ने सब कुछ बर्बाद करके रख दिया.... उस शक ने सुलतान उर्फ़ प्रिंस को तकलीफ भरी ज़िन्दगी जीने और दर्दनाक मौत मरने पे मजबूर कर दिया.... गलती की मलिका सुनहरी ने और उसकी सजा सुलतान उर्फ़ प्रिंस पिछले 4 जन्मो से भुगत ता आया है... और ना जाने कब तक भुगतेगा....

पारी : बाबा आप क्या कह रहे हैं कुछ समझ नहीं आ रहा है... प्रिंस... 4 जनम.... मलिका सुनहरी श्राप....

बाबा : अभी उसका वक़्त नहीं आया है जब आएगा तब तुम सब को पता चल जाएगा.... अभी के लिए बस इतना जान लो की प्रिंस की ज़िन्दगी में अब न जाने कीतिनि hi लडकियां आएँगी.... तुम सब को अगर प्रिंस का प्यार पाना है तो उन्हें प्रिंस के साथ एक्सेप्ट करना होगा.... जानता हूँ इसमें तुम सब को तकलीफ तो बहुत होगी मगर इस के अलावा तुम सब के पास और कोई रास्ता नहीं है..... अब जाओ और जा के अपना प्यार पाने की कोशिश करो.....

इधर प्रिंस रूही को साथ ले के सुल्तानगढ पहुँच जाता है.... प्रिंस को देख जहाँ सब को बेहद ख़ुशी होती है वहीँ कोई एक है जो बुरी तरह से चौंक जाता है.... उसे देख प्रिंस के चेहरे पे पहले गुस्सा आ ता फिर मुस्कराहट फैल जाती है....

मैक्स : क्या बात है सैम....? लगता है प्रिंस को देख तुझे ख़ुशी नहीं हुई....

सैम पसीना पोछते हुए कहता है....

सैम : न.... न.... Na...hi यार ऐसी कोई बात नहीं है.... प्रिंस को ज़िंदा देख मुझे ख़ुशी क्यों नहीं होगी....

सैम की बात सुन के वहां मौजूद सभी चौंक जाते हैं....

सैर : सैम ये तू क्या कह रहा है....? प्रिंस को ज़िंदा देख मतलब.... कुछ हुआ था क्या....?

मैक्स : हाँ सैम तू ऐसा क्यों कह रहा है....? कुछ हुआ था क्या....?

सैम घबराते हुए : न... N...ahi नहीं वो तो ऐसे बस.... कुछ नहीं.... प्रिंस को ज़िंदा... मेरा मतलब है ठीक देख मुझे बेहद ख़ुशी हुई....

प्रिंस : यार मैक्स जाने क्यों मुझे लगता है बात कुछ और hi है.... तू क्या कहता है....?

मैक्स : हाँ मुझे भी कुछ ऐसा hi लगता है.... वैसे अगर सैम कह रहा है की तुझे ज़िंदा देख उसे ख़ुशी हुई है तो शायद ख़ुशी हुई होगी.... वैसे हमारी तरह वो भी तेरा दोस्त है.... क्यों सैम मैंने ठीक कहा न... तू प्रिंस का दोस्त है न....

सैर : ये तुम लोग क्या बात कर रहे हो.... साफ़ साफ़ कहो न कहना क्या चाहते हो....?

मैक्स : साफ़ साफ़ तो सैम hi बता सकता है... क्यों सैम बता न सैर क्या पूछ रही है.... उसे बता असल बात क्या है....?

सैम : K...k...kaun सी बात...? तू क्या कह रहा है मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा...

मैक्स : समझ नहीं आ रहा है या समझना नहीं छह रहा है....

सैम गुस्से से : आखिर तेरी बात का मतलब क्या है...?

मैक्स : मैं सिर्फ इतना जान न चाहता हूँ की तू ने प्रिंस पे जान लेवा हुम्ला क्यों करवाया था....?

मैक्स की बात वहां मौजूद सब पे बम का असर करती है....

सैर गुस्से में चीखते हुए : मक्सग्ग्ग्ग्ग्स.... तेरी हिम्मत कैसे हुई सैम पे इतना घिनोना इलज़ाम लगाने की...

मैक्स : मैंने वो hi कहा जो सच है....

सैर : ये सच नहीं झूट है... सैम ऐसा कभी नहीं कर सकता.... प्रिंस सैम का दोस्त है... सैम कभी प्रिंस पे जानलेवा हुम्ला नहीं कर सकता.... और प्रिंस तो ठीक है उसपे जानलेवा हुम्ला हुआ कब....?

मैक्स : कल जब प्रिंस पेरिस में था तब.... और मैंने ये कब कहा की सैम ने प्रिंस पे जान लेवा हुम्ला किया... मैंने तो ये कहा की सैम ने प्रिंस पे जान लेवा हुम्ला करवाया... क्यों ये पता नहीं... वो hi मैं जान न चाहता हूँ कल तक जो दोस्त था वो अचानक से दुश्मन कैसे हो गया....?

सैर : मैक्स बंद करो अपनी ये बकवास....

मैक्स : ये बकवास नहीं बल्कि सच है...

सैर : क्या सबूत है तुम्हारे पास....?

मैक्स : बात तब की है जब प्रिंस रूही को ले के पेरिस गया था.... प्रिंस के जाने के ठीक 10 मिनट्स के बाद सैम अचानक से कहीं चला गया.... मुझे सैम के यूँ अचानक जाने से हैरत सी हुई.... ये इतनी इम्पोर्टेन्ट मीटिंग चोर के कहाँ और क्यों चला गया....? मैंने सैम का फ़ोन तरय किया मगर वो स्विच ऑफ बता रहा था.... फिर मैंने उसका फ़ोन ट्रैक किया... लोकेशन मुंबई बता रहा था.... अवनि के घर के पास.... मुझे इस बात से बड़ी हैरत सी हुई... ये सैम अचानक से मुंबई क्यों गया....? प्रिंस ने अवनि की सिक्योरिटी के लिए उसके घर में जो सिक्योरिटी कामर्स लगाए थे मैं उन्हें देखने लगता.... उसमे जो मैंने देख और सुना उस से मेरे होश उड़द गए... मेरे पैरों टेल से ज़मीन खिसक गयी.... (फिर मैक्स सामने स्क्रीन पे कुछ वीडियो प्ले कर देता है.... ) पहले तो मुझे यकीन नहीं हुआ की सैम ऐसा कर सकता है.... मगर आँखों देखि और कानो सुनी बात मैं कैसे झुटला देता..... सैम अवनि को प्रिंस के खिलाफ भड़का रहा था.... उसे कुछ फेक वीडियोस दिखा के प्रिंस के खिलाफ कर रहा था.... अवनि को ये यकीन दिला रहा था की प्रिंस ने उसे धोका दिया है.... ये धोका माफ़ी के काबिल नहीं है.... इस धोके की एक hi सजा है और वो है मौत..... ये लो खंजर और जा के उस धोकेबाज़ प्रिंस को जान से मार दो.... मुझे सैम पे बेहद गुस्सा आया..... मैं सिक्योरिटी को कह के सैम को पकड़वाने hi वाला था की जाने कुछ सोच के मैं रुक गया.... मैंने कुछ भी करने से पहले एक बार प्रिंस से इस बारे में बात करना ठीक समझा.... आखिर सैम हमारा दोस्त था अचानक से ऐसा क्या हुआ की वो प्रिंस के खिलाफ हो गया उसकी जान तक लेने को उतारू हो गया.... मैंने फ़ौरन प्रिंस को कर के उसे साड़ी बात बता दी और वो वीडियो भी सेंड कर दी.... सब सुन ने और देखने के बाद प्रिंस ने मुझे कुछ भी करने से रोक दिया... बल्कि उसने ये कहा की सैम जो करना छह रहा है मैं उसे वो करने दूँ.... इतना hi नहीं बल्कि सब को इंस्ट्रक्शंस दूँ की वो सैम का पूरा साथ दे.... मुझे प्रिंस की बात से बेहद हैरानी हुई.... अब ये प्रिंस hi बता सकता है की उसने ऐसा क्यों किया....

प्रिंस : मैं देखना चाहता था.... की सैम किस हद जा सकता है.... मुझे मारने के लिए वो क्या क्या कर सकता है.... और रही बात अवनि की तो मुझे यकीन नहीं था की वो मुझपे जान लेवा हुम्ला कर सकती है.... मुझे यकीन नहीं हो रहा था की मेरा दोस्त सैम और मेरा प्यार अवनि दोनों ऐसा कर सकते हैं.... मुझे इस बात की उम्मीद थी की मैक्स ने जो भी बताया है झूट हो जाए.... मैं ऊपर वाले से दुआ कर रहा था की ये सब झूट निकले.... मगर....

सारा : मगर क्या....????

एक लम्बी ख़ामोशी से साथ प्रिंस कहता है....

प्रिंस : काश ये सब झूट होता.... काश सैम अवनि को मेरे खिलाफ नहीं भड़काता... काश अवनि सैम का दिया हुआ खंजर मेरे सीने में नहीं मारती.... काश....

ये कह के प्रिंस खामोश हो जाता है....

प्रिंस की बात सुन के सब गुस्से से पागल हो जाते हैं और मुद के सैम की तरफ देखने लगते हैं....

ज़रा बेहद गुस्से में सैम को मारने के लिए उसके पास जाने hi वाली होती है की तभी....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 142

प्रिंस : काश ये सब झूट होता.... काश सैम अवनि को मेरे खिलाफ नहीं भड़काता... काश अवनि सैम का दिया हुआ खंजर मेरे सीने में नहीं मारती.... काश....

ये कह के प्रिंस खामोश हो जाता है....

प्रिंस की बात सुन के सब गुस्से से पागल हो जाते हैं और मुद के सैम की तरफ देखने लगते हैं....

ज़रा बेहद गुस्से में सैम को मारने के लिए उसके पास जाने hi वाली होती है की तभी....?????

अब आगे....

ज़रा बेहद गुस्से में सैम को मारने के लिए उसके पास जाने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसे रोक देता है....

प्रिंस : नहीं ज़रा अभी नहीं पहले मुझे इस से कुछ सवालों के जवाब चाहिए....

ज़रा : नहीं प्रिंस आज मैं इस कमीने को ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी.... इसकी हिम्मत कैसे हुई तुम्हारे साथ ऐसा करने की....

प्रिंस : ज़रा मैंने कहा न अभी नहीं.... पहले मुझे इस से बात करने दो....

प्रिंस की बात सुन के ज़रा न चाहते हुए भी रुक जाती है.... वो बेहद गुस्से में सैम की तरफ देखने लगती है.... जैसे उसे मौका मिले और वो सैम को चीयर पहाड़ के रख दे.... अभी ज़रा शांत हुई थी की रूही शुरू हो गयी....

रूही : बात क्या करना है साले की गर्दन काट देते हैं.... न रहेगा बांस और न बजेगी बांसुरी....

प्रिंस : रूही नहीं.... अभी नहीं... प्लीज...

रूही : तुम कहते हो तू रुक जाती हूँ.... जो भी पूछना है जल्दी पूछो... मैं ज़्यादा देर खुद को रोक नहीं पाउंगी... फिर बाद में मुझे दोष मत देना....

अभी प्रिंस रूही को रोक hi रहा था की तभी सैर जो सब देख और सुन रही थी गुस्से में सैम के पास जा के उसका गिरेबान पकड़ के पूछती है....

सैर : क्यों किया तू ने ऐसा....? बता मुझे जवाब दे....? जिस इंसान ने तेरी जान बचायी तुझे दोस्त बना के अपने साथ रखा... वो हर चीज़ दी जिसकी तुझे ज़रुरत थी... घर पैसा नौकरी... तेरे पूरे परिवार को संभाला.... ऐसी क्या वजह थी जो तू ने एक सच्चे दोस्त के पीठ में खंजर मारा.... बता मुझे जवाब दे.... एक फ़रिश्ते के साथ इतनी घटिया हरकत करते तुझे ज़रा भी शर्म नहीं आयी....

सैर की बात सुन के सैम गुस्से में उसे खींच के एक थप्पड़ मार के कहता है....

चाताआआआक....

सैम : चुप साली जब देखो तब मेरे सामने अपने यार की तारीफ करने लग जाती है....

प्रिंस बेहद गुस्से में चीखता है : समममममममम.... कमीने तेरी हिम्मत कैसे हुई सैर पे हाथ उठाने की....?

सैम ताली बजाते हुए कहता है : वह देखो लैला मजनू को.... मजनू को कुछ कहो तो लैला को बुरा लगता है और लैला को कुछ कहो तो मजनू को बुरा लगता है....

प्रिंस : अबे तू होश में तो है... ये क्या बकवास कर रहा है....?

सैम : अभी तो होश में आया हूँ.... वर्ण मैं अब तक तो बस अँधेरे में घूम रहा था..... साला कितना अच्छा प्लान बनाया था इस चुटिया अकाल की अंधी सैर को झूठे प्यार के जाल में फसा के इसके ज़रिये तुझे अपने जाल में फसा के तेरी पूरी जायदात हासिल करने का....

प्रिंस : ये तू क्या बक रहा है.....?

सैम : वो hi जो सच है.... मगर साला पूरा प्लान फ़ैल हो गया.... ये कमीनी कभी मेरी बातों में आयी hi नहीं.... जब भी मैं इसको तेरे खिलाफ भड़काने की कोशिश करता ये उल्टा मुझे hi सुनाने लग जाती.... हमेशा तुझे ले के मुझे गालियां देती.... साली ने आज तक मुझे एक किश तक नहीं करने दिया.... इस कमीनी के पीछे मैंने बेकार में अपना वक़्त बर्बाद किया इस से मुझे कुछ हासिल नहीं हुआ.... न hi इसका हसीं और सेक्सी जिस्म और न hi तेरी जायदात....

प्रिंस हैरत से : मेरी जायदात से सैर का क्या लेना देना....?

सैम : लेना देना है बिलकुल है.... जानता है कैसे....? वो ऐसे की तू इस्पे खुद से भी ज़्यादा भरोसा करता है.... इस बात का पता मुझे तब चला जब शिमला में नई कंपनी को खोलने के लिए तू ने इस से बिना कुछ पूछे इसे ब्लेंक चेक पे सिग्न कर के दे दिया.... और कंपनी शुरू होने के बाद कभी इस से उस चेक का कोई हिसाब नहीं लिया.... मैं उसी वक़्त समझ गया था की इसके दिए गए किसी भी पेपर्स पे तू आँख बंद करके सिग्न कर देगा.... मगर साली इस को समझाना मुश्किल काम था... ये कमीनी तेरी पक्की वफादार निकली.... तुझ से किसी भी पेपर्स पे सिग्न करवाने से पहले ये उसे खुद 10 बार पढ़ती थी.... मैंने कई बार इसकी फाइल में कंपनी के ज़रूरी पेपर्स के साथ तेरी पूरी प्रॉपर्टी के पावर ऑफ़ अटॉर्नी के पेपर्स दाल के इसे तुझ से उनपे सिग्न करवाने को कहा.... जानता था तब ये क्या करती थी.... ये ज़रूरी पेपर्स को फाइल में चोर के बाकी के पेपर्स को निकाल के उन्हें बिना पढ़े hi पहाड़ के फ़ेंक देती थी.... इस से मेरा फायदा नहीं होता तो नुकान भी नहीं होता... इस के बाकी के पेपर्स को न पढ़ने की वजह से मैं कभी पकड़ा नहीं जाता था.... मगर मेरा काम नहीं हो रहा था जिस से मेरे सब्र का बाँध टूटा रहा था.... न मुझे तेरी जायदात मिल रही थी न hi इसका सेक्सी और हसीं जिस्म.... मैं जब भी इसके करीब जाने की कोशिश करता ये किसी न किसी बहाने मुझसे दूर चली जाती.... जानता है क्यों....? क्यों की ये कमीनी तुझे दिल ो जान से चाहने लगी थी.... इसके राग राग में तू समाया हुआ है.... ये सो ते जागते बस तेरे hi सपने देखा करती.... मगर तुझसे कभी कह न पायी.... इसे लगता की ये तेरे क़ाबिल नहीं है.... कहाँ तू इस दुनिया का सब से अमीर तरीन इंसान और कहाँ ये तेरी कंपनी में काम करने वाली मामूली मुलाज़िम.... इस का तो किसी भी एंगल से तेरे साथ कोई मेल नहीं.... तेरी स्मार्ट हैंडसम और डैशिंग पर्सनालिटी के सामने इसका रूप रंग कुछ भी नहीं.... ये मुझे उस वक़्त पता चला जब मैंने इसे इसकी छोटी बेहेन से बात करते चुपके से सुना....

सैम की बात सुन के प्रिंस मुद के सैर की तरफ देखता है जैसे की पूछना छह रहा हो की क्या ये सच है.... सैर प्रिंस की अनकही बातों को उसकी आँखों के ज़रिये पढ़ लेती है और अपनी गर्दन नीचे झुका लेती है जैसे की कह रही हो हाँ ये सच है....

सैम : खैर जब मुझे सारे रास्ते बंद नज़र आये तब मुझे ख़याल आया की एक शख्स है जिसके ज़रिये मैं तेरी पूरी जायदात हासिल कर सकता हूँ... वो शख्स और कोई नहीं बल्कि तेरी बीवी रूही है.... अगर तेरी मौत हो जाती है तो कानूनी तौर पे तेरी पूरी जायदात की एक लौटी वारिस तेरी बीवी रूही हो जायपेगी... रूही से किसी भी पेपर्स पे सिग्न करवाना मेरे लिए मुश्किल काम नहीं था.... तो बस मैंने प्लान बनाना शुरू कर दिया की कैसे तुझे मारा जाए और इलज़ाम मुझपे न आये.... तू इतना पावरफुल है की तुझे सीधे सीधे मारा नहीं जा सकता.... तो फिर कैसे....? काफी सोचने के बाद आखिर मुझे तेरा क़ातिल मिल hi गया... मैंने फैसला किया की तुझे सब से बड़ा ज़ख्म वो hi दे सकता है जो तुझे जान से भी प्यारा है और वो है अवनि..... जिसे तू दिल ो जान से भी ज़्यादा चाहता है.... मैं सही मौके की तलाश करने लगा और वो मौका मुझे तू ने खुद दे दिया... जब तू रूही को अपनी नानी से मिलवाने पेरिस ले गया.... मैं ये बात जानता था की वहां तू अपनी नानी से रूही के साथ साथ अवनि की बात भी करेगा.... मगर इस से पहले की तू कुछ कर या कह पाटा मैंने अपनी चाल चल दी.... मैंने तेरा और रूही का वीडियो और फोटोज जो रूही ले भाई फ़िरोज़ ने तुझे और रूही को फसाने के लिए बनवाया था उसे अवनि को दिखा के तेरे खिलाफ भड़का दिया.... और उसे तुझे मारने के लिए भेज दिया.... मगर साला तू वहां भी बच गया..... लेकिन अब तू मेरे हाथों से नहीं बच पायेगा.... आज मैं तुझे जान से मार के तेरी पूरी जायदात का एक लौटा वारिस बन जाऊँगा.... आज तुझे मुझसे कोई नहीं बचा सकता....

प्रिंस : मुझे यकीन नहीं होता की जिसे मैं दोस्त समझ रहा था वो दोस्त नहीं ज़हरीला सांप है.....

सैम : देख अब ये सांप कैसे तुझे दस्ता है.....

प्रिंस : हहहहहहहहह....

सैम : हंस ले साले मरने से पहले जितना दिल चाहे हंस ले.... क्यों की मरने के बाद कोई हंस नहीं पाया है....

प्रिंस : अबे तू जानता भी है की तू किसे धमकी दे रहा है...

सैम : हाँ जानता हूँ अच्छे से जानता हूँ.... तू प्रिंस है.... प्रिंस थे ग्रेट..... इस दुनिया का सबसे पावरफुल इंसान जिसे हराना नामुमकिन है.... मगर जान से मारना नहीं..... मगर तू नहीं जानता की मैं कौन हूँ....

प्रिंस : अच्छे से जानता हूँ की तू कौन है और क्या है.... मेरे सामने तू एक मामूली मच्छर से ज़्यादा कुछ नहीं है.....

सैम : हहहहहहहहह.... वो बहुत पुराणी बात हो गयी अब मैं वो मामूली सैम नहीं रहा जो तुझसे डरता था.... अब मैं बेहद पावरफुल हो गया हूँ....

प्रिंस : हाँ जानता हूँ उस शैतान के पुजारी ने तुझे उस खंजर के साथ साथ अपनी काली शक्तियां भी दी थी ताकि तू मुझे मरवा सके.... मगर जब शैतानो का राजा अघुरा मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सका तो तेरा वो पुजारी और तू मेरा क्या उठाद लेगा.... अभी भी वक़्त है दोस्ती के नाते कह रहा हूँ.... मेरी मान तो माफ़ी मांग ले और सुधर जा.... अगर कहीं मैं बादक गया न तो तुझे इस पूरे ब्रह्माण्ड में मुझसे कोई नहीं बचा पायेगा.... तू चाहे जहाँ भी चुप जा मैं तुझे ढूंढ के ऐसी मौत मारूंगा की फिर कभी कोई दोस्त अपने दोस्त को धोका देने से पहले 1000 बार सोचेगा की उसका अंजाम कहीं तेरी तरह दर्दनाक मौत न हो.... मैं तेरे जिस्म के साथ तेरी रूह को भी जला के राख कर दूंगा.....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी सैम काली शक्तियों से प्रिंस के ऊपर वार करता है..... प्रिंस के ऊपर वार होते देख रूही ज़रा और सैर फ़ौरन उसे बचने के लिए आगे आती हैं.... इस चक्कर में सैम का वार प्रिंस के बजाये सैर के जिस्म पे होता है..... सैर के मुँह से दर्द भरी चीख निकल जाती है.... साथ hi उसके मुँह से खून निकलने लगता है....

सैर की ऐसी हालत देख प्रिंस सब को सुरक्षा घेरे में दाल देता है....

सैम प्रिंस की पावर्स से अनजान काली शक्तियों के नशे में चूर प्रिंस को धमकी देने लगता है.....

सैम : प्रिंस अभी भी वक़्त है.... अगर अपनी और अपने दोस्तों की जान बचाना चाहता है तो अपनी साड़ी प्रॉपर्टी मेरे नाम कर दे और मेरा गुलाम बन जा.... तब शायद मैं रेहम खा के तुझे maaaaaaaaaaffff.....

अभी सैम इतना hi कह पाया था की तभी प्रिंस एक ज़ोरदार पंच सैम के मुँह पे मारता है.... सैम उड़ता हुआ खिड़की से होते हुए घर के बहार की तरफ गिरता है.... उसके सामने के सारे दांत टूट जाते हैं... और मुँह से बेतहाशा खून बह ने लगता है.... वो अभी संभल hi नहीं पाया था की तभी प्रिंस उसके सामने आ जाता है और एक ज़ोरदार कीच उसके सीने में मारता है.... बस फिर क्या था प्रिंस सैम को पंचिंग बैग बना के जैम के उसकी धुलाई करने लगता है.... वो सैम को वार करने का मौका hi नहीं दे रहा है... बड़ी मुश्किल से सैम खुद को संभालता है और काली शक्तियों का वार प्रिंस पे करता है.... काली शक्तियां प्रिंस के जिस्म से टकरा के नष्ट हो जाती है....

प्रिंस : सैम अभी भी वक़्त है मेरी बात मान ले कहीं ऐसा न हो की तुझे पछताने का मौका भी न मिले....

सैम : पछतायेगा तो तू कमीने... जब मैं तेरे साथ तेरे पूरे चाहने वालों को जान से मारूंगा....

प्रिंस : साला रस्सी जल गयी मगर बल नहीं गया.... अब बस अब तुझे मुझ से कोई नहीं बचा सकता...

ये कह के प्रिंस अपने हाथ हवा में घूमता है उसके हाथ में एक सफ़ेद रौशनी का गोला आ जाता है.... वो सैम पे वार करने hi वाला होता है की तभी सैम के आस पास काले धुँवे का गुबार च जाता है और देखते hi देखते वो सैम को ले के वहां से गायब हो जाता है....

प्रिंस अपनी पावर्स को वापिस अंडर ले के कहता है.....

प्रिंस : साले आज तो तू बच गया मगर आइंदा अगर तू ने कोई ऐसी वैसी हरकत की तो तू नहीं बच पायेगा.... मैं तुझे मरूंगा नहीं बल्कि उसी वक़्त जला के राख कर दूंगा... याद रखना मेरी बात....

ये कह के प्रिंस फ़ौरन घर के अंडर भागता है..... वहां सैर की हालत देख उसे बड़ी तकलीफ होती है.... सैर बुरी तरह से घायल है उसे बेहद चोट आयी है उसके मुँह से खून निकल रहा है.... प्रिंस फ़ौरन उसे साथ ले के हॉस्पिटल के लिए निकल जाता है.... इस बात से अनजान की हॉस्पिटल में उसकी एक दीवानी उसकी एक झलक पाने के लिए बेचैन पागल सी दीवानी सी बानी हुई है....
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 143

प्रिंस : साले आज तो तू बच गया मगर आइंदा अगर तू ने कोई ऐसी वैसी हरकत की तो तू नहीं बच पायेगा.... मैं तुझे मरूंगा नहीं बल्कि उसी वक़्त जला के राख कर दूंगा... याद रखना मेरी बात....

ये कह के प्रिंस फ़ौरन घर के अंडर भागता है..... वहां सैर की हालत देख उसे बड़ी तकलीफ होती है.... सैर बुरी तरह से घायल है उसे बेहद चोट आयी है उसके मुँह से खून निकल रहा है.... प्रिंस फ़ौरन उसे साथ ले के हॉस्पिटल के लिए निकल जाता है.... इस बात से अनजान की हॉस्पिटल में उसकी एक दीवानी उसकी एक झलक पाने के लिए बेचैन पागल सी दीवानी सी बानी हुई है....

अब आगे....

हॉस्पिटल में सैर का इलाज शुरू हो जाता है.... सब बेहद परेशां बने हुए हैं..... सैर का हाल देख सबकी आँखें नाम हैं ख़ास कर के प्रिंस की.... वो उसे अपनी सब से करीबी दोस्त जो मानता है.... शायद दोस्त से भी बढ़ के.... और आज जब उसे ये पता चला है की सैर उसे दिल ो जान से चाहती है तो प्रिंस के दिल में उसकी एक अलग hi जगह बन गयी है... उसे एक अलग hi एहसास हो रहा है.... वो क्या है ये खुद प्रिंस भी नहीं समझ पा रहा है.... उसका दिल और दिमाग अशांत बना हुआ है..... पहले अवनि का शक की वजह से उसके सीने में खंजर मारना... फिर सैम का धोका..... अभी वो इस से उभर hi नहीं पाया था की उसे एक एयर झटका लगा.... सैर उसे दिल की गहराइयों से चाहती है... वो सैरा जिसे वो अपनी सब से अच्छी और करीबी दोस्त मानता है.... इस वक़्त वो बुरी तरह से ज़ख़्मी है.... उसका इलाज चल रहा है... जाने कब क्या हो जाए कुछ पता नहीं.... ये सब सोच सोच के प्रिंस का दिल बेचैन बना हुआ है.... उसका दिल अपनी सबसे जिगरी दोस्त की सलामती की दुआ कर रहा है... सब की नज़रें ऑपरेशन थिएटर के दरवाज़े के ऊपर जल रहे लाल बल्ब पे तिकी हुई है.... सब बेसब्री से उसके बंद होने और डॉक्टर के बहार आने का इंतज़ार कर रहे है.... उन्हें सब से ज़्यादा इंतज़ार इस बात का है की जल्द से जल्द सैर का इलाज हो जाए और डॉ बहार आके उसके ठीक होने की खबर सुनाये....

प्रिंस को इतना परेशां देख ज़रा उसके करीब जा के उसे अपने सीने से लगा लेती है... और उसके सर पे हाथ फेर के प्यार से उसकी आँखों में देख के पूरे विश्वास के साथ कहती है...

ज़रा : प्रिंस यकीन करो.... कुछ नहीं होगा सैर को.... कुछ नहीं होगा तुम्हारी सच्ची और प्यारी दोस्त को.... जब तक उसका दोस्त प्रिंस उसके साथ है उसे कुछ हो hi नहीं सकता... प्रिंस अपनी दोस्त को कुछ नहीं होने देगा.... मैंने ठीक कहा न प्रिंस....

ज़रा की बात सुन के प्रिंस कुछ कह नहीं पाटा बस हाँ में अपनी गर्दन हिला देता है.... उसकी आँखें अभी भी नाम हैं...

ज़रा उसे कास के अपने सीने से लगा लेती.... ज़रा के सीने से लग के प्रिंस को बड़ा सुकून मिलता है.... ज़रा को प्रिंस के सीने से लिपटे देख रूही को गुस्सा और जलन दोनों होने लगती है.... मगर मौके की नज़ाकत को देखते हुए वो ख़ामोशी से बस प्रिंस को देखती रहती है.... लेकिन जब उसके बर्दाश्त की हद पार हो जाती है तब वो प्रिंस के करीब जाती है और प्यार से उसके सर पे हाथ फिरते हुए कहती है...

रूही : कुछ नहीं होगा प्रिंस सैर को.... देखना अभी कुछ में डॉ बहार आ के कहेंगे की सैर अब ठीक है....

रूही को देख और उस की बात सुन के प्रिंस अपना एक हाथ फैला के ज़रा के साथ उसे भी अपने सीने से लगा लेता है....

करीब 2 घंटे बाद ऑपरेशन थिएटर की रेड लाइट बुझ जाती है... और दरवाज़ा खोल के डॉ बहार आती है.... प्रिंस ज़रा और रूही से अलग होक धड़कते दिल के साथ फ़ौरन डॉ के पास जाता है.... मगर उसकी हिम्मत नहीं हो रही डॉ से ये पूछने की की सैर अब कैसी है.... उसे बेहद घबराहट सी हो रही है.... उसे इस बात का दर सत्ता रहा है की कहीं सैर को हो न गया हो.... उसकी एक वजह ये है की सैर की हालत बहुत खराब थी और दूसरी ये की डॉ खामोश कड़ी बस एक तक प्रिंस को hi घूरे जा रही है.... डॉ को कुछ न कहते बस यूँ प्रिंस को घूरते देख ज़रा के साथ साथ रूही को भी उसपे बेहद गुस्सा आने लगता है वो उसके करीब जा के उसे हिला के उस से गुस्से से पूछती है....

रूही : प्रिंस को घूरना हो गया हो तो ये बता दो की अब सैर की तबीयत कैसी है....?

रूही की बात सुन के डॉ कंचन की तंत्र टूट टी है....

डॉ : क्या...?

रूही गुस्से में : मैंने पुछा अब सैर कैसी है.....?

डॉ : कौन सैर.....?

रूही : वो पेशेंट जिसका आप अभी इलाज कर रही थी.... याद है या ये भी भूल गयी....?

डॉ : अच्छा वो पेशेंट...

रूही : जी वो hi पेशेंट... कैसी है अब वो...?

डॉ एक बार फिर से प्रिंस को घूरने लग जाती है.... और बड़े hi सेक्सी अंदाज़ में कहती है....

डॉ : वाओ यार क्या कहूं....? बेहद स्मार्ट डैशिंग हैंडसम और सेक्सी है.... इसे देख के दिल इसका दीवाना हुआ जाता है....

डॉ की बात सुन के रूही के साथ साथ सैर को भी बेहद गुस्सा आ जाता है.... गुस्से में वो डॉ को मारने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसे रोक देता है...

प्रिंस : अबे तुझे क्या हुआ....? डॉ को क्यों मारने जा रही है...?

ज़रा : कमीनी से सैर के हालत के बारे में पुछा जा रहा है और ये तेरे ऊपर नज़र गदा के तेरी तारीफ़ कर रही है....

प्रिंस : रुक मैं पूछता हूँ.... डॉ अब सैर की तबीयत कैसी है....?

डॉ : ह.... हाँ w...w... वो अब खतरे से बहार है... उसे पूरी तरह से ठीक होने में 3 से 4 दिन लग जाएंगे... तब तक के लिए उसके साथ साथ आप को भी यहीं रहना होगा....

डॉ की बात सुन के सब हैरान हो जाते हैं वहीँ रूही और ज़रा को उसपे बेहद गुस्सा आ जाता है.... इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता....

रूही : बीमार सैर है... उसे यहाँ एडमिट रहने की बात समझ आती है मगर तू प्रिंस को यहाँ क्यों रोकना चाहती है....? हैं....

ज़रा : लगता है साली का दिल आ गया है प्रिंस पे.... अबे कमीनी होश की दवा कर.... यहाँ हमारे होते हुए तू प्रिंस पे डोरे दाल रही है... साली प्रिंस मेरा है समझी उसकी तरफ आँख उठा के भी देखा न तो तेरी आँखें नोच लुंगी.... चल अब फूट ले यहाँ से.. इस से पहले की मैं मार मार के तेरी हालत खराब कर दूँ....

रूही कहाँ पीछे रहने वाली थी... वो भी चलती ट्रैन में खुद जाती है....

रूही : अबे कमीनी ये तेरे अकेले का नहीं है.... मेरा भी है.... तो आइंदा इसे सिर्फ अपना कहने से पहले 100 बार सोच लेना...

बस फिर क्या था तभी महाभारत शुरू हो जाती है... बड़ी मुश्किल से प्रिंस उन्हें रोकता है और गुस्से में कहता है....

प्रिंस : अबे तुम दोनों को ज़रा भी शर्म नहीं है क्या....? वहां सैर की हालत खराब ै और यहाँ तुम दोनों हो की बिना बात के लड़ रही हो....

दोनों एक साथ... : लेकिन.....

प्रिंस गुस्से में : कोई लेकिन वेकिन नहीं... अब अगर एक लफ्ज़ भी तुम दोनों में से किसी ने अपने मुँह से निकला न तो मैं अभी के अभी उसे यहाँ से भगा दूंगा.... फिर जा के लड़ती रहना अकेली.... अब बस खामोश रहो... समझी....

प्रिंस को गुस्से में देख दोनों फ़ौरन चुप चाप हाँ में अपनी गर्दन हिला देती हैं....

इधर न चाहते हुए भी डॉ कंचन ये कह के वहां से चली जाती है की...

डॉ : कुछ देर में हम पेशेंट को वार्ड में शिफ्ट कर देंगे.... मगर हाँ (प्रिंस की तरफ इशारा कर के) जब तक वो पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती आप को यहीं रुकना होगा....

डॉ की बात सुन के ज़रा और रूही को गुस्सा आ जाता है वो कुछ कहने hi वाली होती है मगर उसे से पहले डॉ कंचन वहां से निकल लेती है.....

कुछ देर बाद सैर को वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है....

नर्स : कल सुबह तक पेशेंट को होश आ जाएगा.....

ये कह के नर्स वहां से जाने लगती है मगर फिर पलट के प्रिंस को देख के कहती है....

नर्स : डॉ ने कहा है की पेशेंट के साथ कोई एक hi यहाँ रुक सकता है.... तो एक को चोर के बाकी सब प्लीज यहाँ से जाइये....

नर्स की बात सुन के और उसका इशारा समझ के ज़रा के साथ साथ रूही को उसपे गुस्सा तो बहुत आता है मगर प्रिंस की वजह से दोनों खामोश रहती हैं..... वो जाना तो नहीं चाहती मगर प्रिंस के समझने पे वहां से जाने को राज़ी हो जाती हैं.... जाने से पहले अपनी जान को किश करना नहीं भूल टी....

सब के जाने के बाद प्रिंस सैर के बगल में चेयर पे बैठ जाता है और पिछली बातों को सोचने लगता है.... सोचते सोचते उसकी आँखें नाम हो जाती हैं.... वो लाफ़ी देर तक गहरी सोच में डूबे आंसू बहता रहता है फिर उठ के फ्रेश होने वाशरूम में चला जाता hai....Theek तभी प्रिंस का मोबाइल बजने लगता है.... बहार बैठी नर्स को जब मोबाइल के बजने की आवाज़ आती है तब वो अंडर आके देखती है.... वहां प्रिंस को न पा के वो कॉल रिसीव करती है....

ये कॉल किसी और का नहीं बल्कि प्रिंस की जान शनाया का है....

नर्स के फ़ोन उठाते hi शनाया के सवालों की झड़ी लग जाती है....

शनाया : कैसे हो जान....? कहाँ हो....? 2 दिन से तुम्हारा अत पता नहीं है...? तुम ठीक तो हो न....? तुम्हे कुछ हुआ तो नहीं न....?

और न जाने क्या क्या....????

जब काफी देर तक सामने से कोई जवाब नहीं आता तब शनाया का दिल घबरा जाता है....

शनाया : क्या हुआ जान तुम चुप क्यों हो कुछ बोलते क्यों नहीं....?

नर्स गुस्से में : तुम कुछ बोलने का मौका डौगी तब न मैं कुछ कहूं....

प्रिंस के मोबाइल पे किसी लड़की की आवाज़ सुन के शनाया चौंक जाती है....

शनाया : तुम कौन हो....? और तुम्हारे पास प्रिंस का फ़ोन कहाँ से आया....? वो ठीक तो है न....? उसे कुछ हुआ तो नहीं न....?

नर्स : लो फिर शुरू हो गयी... अबे तू चुप रहेगी तब न मैं कुछ कहूँगी.... फ़ोन उठाया नहीं की बकरी की तरह बकर बकर शुरू करदी.... अब अगर तू ने एक और सवाल किया न तो मैं अभी के अभी फ़ोन कट कर दूंगी.... फिर करते रहना सवाल....

नर्स की बात सुन के शनाया को गुस्सा तो बहुत आता है मगर फिर भी वो खामोश रहती है....

शनाया मन में : साली कमीनी कुछ ज़्यादा hi उड़द रही है... बस एक बार मुझे मेरे प्रिंस का पता चल जाए की वो इस वक़्त कहाँ है फिर देख मैं अभी वहां आ के कैसे तेरी बंद बजती हूँ की फिर तू दोबारा कभी किसी दूसरे का तो क्या खुद का फ़ोन उठाने से भी डरेगी....

शनाया : जी कहिये....

नर्स : मेरा नाम अनीता है और मैं ...... हॉस्पिटल की नर्स हूँ....

नर्स के मुँह हॉस्पिटल सुन के शनाया चौंक जाती है....

शनाया : क्या कहा हॉस्पिटल....? प्रिंस हॉस्पिटल में है....

नर्स : जी हाँ.... वो इस वक़्त ..... हॉस्पिटल के स्पेशल वार्ड में है....

शनाया : मगर क्यों....? क्या हुआ प्रिंस को....?

इस से पहले की नर्स कुछ बता पाती प्रिंस के मोबाइल की बैटरी डाउन हो जाती है और फ़ोन स्विच ऑफ हो जाता है.... फ़ोन कट ते hi शनाया दोबारा डायल करती है मगर फ़ोन स्विच ऑफ आ रहा है जिसे सुन के शनाया को गुस्सा आने लगता है.... उसको जितना नर्स पे गुस्सा आ रहा है उस से कई ज़्यादा अपनी जान प्रिंस की फ़िक्र हो रही है.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं... उसे एक अनजाना सा दर सताने लगता है.... वो फ़ौरन अपनी कार में बैठ के तेज़ी से हॉस्पिटल की तरफ चल देती है.... हॉस्पिटल पहुँच के वो सीधे स्पेशल वार्ड में जाती है.... वहां प्रिंस को देखते hi वो उसके सीने से लिपट जाती है.....

और एक बार फिर से उसे सवालों की झड़ी शुरू हो जाती है.... वो रट हुए प्रिंस से सवाल पूछने लग जाती है....

इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता नर्स बीच में बोल पड़ती है....

नर्स : मैंने कहा न यहाँ पेशेंट के साथ सिर्फ एक को hi रुकने की इजाज़त है.... दोनों में एक जाओ यहाँ से नहीं तो मुझे दोनों को निकालना पड़ेगा.... चलो अब निकलो यहाँ seaaaaaaaaaaahhhhh....

अभी नर्स ने इतना hi कहा था की तभी शनाया की नज़र नर्स के हाथ में प्रिंस के मोबाइल पे पद जाती है उसे ये समझते देर नहीं लगती की कुछ देर पहले प्रिंस के मोबाइल पे जिस से शनाया ने बात की थी वो और कोई नहीं बल्कि ये hi नर्स थी... शनाया गुस्से में एक झन्नाटेदार थप्पड़ नर्स के गाल पे मारती है....

Chataaaaaaaaaaaak....

नर्स को तारों के साथ साथ पूरा ब्रह्माण्ड नज़र आने लगता है....

शनाया बेहद गुस्से में : साली कमीनी तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी जान प्रिंस के साथ ऐसे बात करने की.... साली देख अब मैं तेरे साथ क्या करती हूँ....

ये कह के शनाया एक और थप्पड़ नर्स को मारती है.... फिर वो उसपे टूट पड़ती है बड़ी मुश्किल से प्रिंस उसे नर्स से दूर करता है.... नर्स फ़ौरन अपनी जान बचा के वहां से निकल लेती है.... शनाया गुस्से में नर्स को पीटने के लिए उसके पीछे जाने लगती है की प्रिंस उसे रोक लेता है....

प्रिंस : शनाया ये क्या कर रही हो....? क्यों मार रही हो उस बेचारी नर्स को....?

शनाया : बेचारी.... काहे की बेचारी साली एक नंबर की कमीनी है.... साली को देखो कैसे मुझे यहाँ से जाने को कह रही थी.... मुझे शनाया को अपनी जान प्रिंस से दूर जाने को कह रही थी.... और तो और जब मैंने तुम्हे कॉल लगाया तब जाने क्या क्या सुनाये जा रही थी.... कह रही थी की तुम हॉस्पिटल में एडमिट.... ( फिर अचानक से प्रिंस के पूरे जिस्म को गौर से चेक करते हुए उस से पूछती है) तुम ठीक तो हो न जान तुम्हे कुछ हुआ तो नहीं न....

प्रिंस : मैं ठीक हूँ मुझे कुछ नहीं हुआ....

प्रिंस की बात सुन के शनाया रहत की सांस लेती है.... और ख़ुशी से उसके सीने से लिपट जाती है.... फिर अचानक से चौंक के उस से पूछती है....

शनाया : जान तुम यहाँ हॉस्पिटल में क्या कर रहे हो....?

प्रिंस : वो ( सैर की तरफ इशारा कर के) मेरी दोस्त सैर की वजह से.... उसे काफी चोट आयी है....

शनाया : अब कैसी है सैर....?

प्रिंस : अब थोड़ी बेहतर है... मगर इसे ठीक होने में 2 से 3 दिन लग जाएंगे....

शनाया : मगर इसकी ये हालत हुई कैसे....?

प्रिंस सैर की तरफ देख के एक ठंडी सांस लेता है फिर दर्द भरे दिल से कहता है.....

प्रिंस : मेरी सब से प्यारी दोस्त की ये हालत मेरे दोस्त के रूप में दुश्मन और इसके प्यार सैम ने की....

शनाया : क्या इसके अपने प्यार ने इसकी ये हालत की...?

प्रिंस : प्यार तो बस नाम का था.... न चाहते हुए भी इसके दिल में और दिखावे के तौर पे उस कमीने सैम की जुबां पे... असल में सैम को मेरी दौलत और जायदात की चाहत थी और इस मासूम को मेरी....

शनाया : kyaaaaaaaaaa....? कहीं तुम ये तो नहीं कहना चाहते की ये तुम्हे...

प्रिंस : हाँ ये मुझे चाहती है..... मगर अब मेरा दोस्ती और प्यार पे से यकीन उठ सा गया था.... दोस्ती और प्यार आज कल बस नाम की रह गयी है... सब बस मतलब के यार हैं.... अब देखो न जो सैम ने इसके साथ किया वैसा hi मेरी साड़ी जान ने मेरे साथ किया.... मेरी सीने में खंजर मार दिया....

प्रिंस की बात सुन के शनाया एक बार फिर से बुरी तरह से चौंक जाती है....

शनाया : Kyaaaaaaaaaa....???

प्रिंस : हाँ ये सच है....

फिर प्रिंस शनाया को पूरी बात बताता है... जिसे सुन के शनाया की आँखों में बेइन्तेहाँ गुस्से के साथ साथ आंसू भी आ जाते हैं....

शनाया : बस एक बार वो कमीनी मेरे सामने आ जाए... मैं उसकी वो हालत करुँगी की तुम पे वार करना तो दूर तुम्हे देखने से भी डरेंगी....

फिर शनाया कुछ सोच के प्रिंस से एक सवाल करती है जिसे सुन के प्रिंस कुछ देर तक उसकी आँखों में देखता रहता है... फिर वो कुछ ऐसा कहता है जिसे सुन के शनाया को सदमा सा लगता है... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते है...

ऐसा क्या कह दिया प्रिंस ने शनाया से....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 144

प्रिंस : हाँ ये सच है....

फिर प्रिंस शनाया को पूरी बात बताता है... जिसे सुन के शनाया की आँखों में बेइन्तेहाँ गुस्से के साथ साथ आंसू भी आ जाते हैं....

शनाया : बस एक बार वो कमीनी मेरे सामने आ जाए... मैं उसकी वो हालत करुँगी की तुम पे वार करना तो दूर तुम्हे देखने से भी डरेंगी....

प्रिंस : अब तो यार ऐसा लगता है जैसे की इस दुनिया में प्यार और दोस्ती बस मतलब और दिखावे के लिए hi रह गयी है.... इस के असली मायने hi बदल गए हैं.... कभी कभी छह के भी मैं प्यार पे यकीन नहीं कर पा रहा हूँ.... जाने कब कहाँ से प्यार का नाम ले के मुझपे वार कर दे.... नहीं अब और नहीं.... अब बस बहुत हो गया.... अब मैं सब को वो hi लौटाऊंगा जो वो मुझे देंगे....

शनाया : अच्छा मज़ाक कर लेते हो प्रिंस....

प्रिंस हैरत से : मज़ाक... तुम्हे मेरी बात मज़ाक लग रही है....

फिर शनाया कुछ सोच के प्रिंस से सवाल करती है जिसे सुन के प्रिंस कुछ देर तक उसकी आँखों में देखता रहता है... फिर वो कुछ ऐसा कहता है जिसे सुन के शनाया को सदमा सा लगता है... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते है...

शनाया : मज़ाक नहीं तो और क्या है ये.... क्या ये नहीं है.... प्रिंस जो सब कुछ सेह के भी सिर्फ और सिर्फ प्यार बाँट ता आया है... जिसने सारे जहाँ की तकलीफ सही मगर उफ़ तक नहीं किया.... चाहे उसे तकलीफ देने वाला उसका कोई अपना हो या पराया.... वो ये कह रहा है की वो अब लोगों को वो hi लौटाएगा जो वो उसे देंगे.... यानी नफरत.... जो की मुमकिन नहीं.... प्रिंस किसी से नफरत करे ये मुमकिन नहीं.... प्रिंस प्रर की दुनिया का वो सुलतान है जिसका दूर दूर तक नफरत से कोई लेना देना नहीं.... वो सिर्फ देना जानता है... सब पे अपना प्यार लूटना जानता है.... और वो प्रिंस ये कह रहा है की वो अब सब से नफरत करेगा... जो नामुमकिन सी बात है.... अब तुम hi बताओ की ये मज़ाक नहीं तो और क्या है....?

प्रिंस : हाँ माना की मैं नफरत नहीं कर सकता.... मगर अब और नफरत सहने की ताक़त भी मुझमे नहीं है.... क्यूँउउउउन... आखिर क्यों सब को मुझे तकलीफ दे के ख़ुशी मिलती है...? क्यों लोग मुझे चैन से प्यार भरी दुनिया में जीने नहीं देते....? क्यों हर पल मुझे तकलीफ पहुँचाने का कोई मौका नहीं चोरते....? Kyuuuuuuuuuuunnn....????? आखिर क्या गलती है मेरी....? क्या वाकई में मेरी किस्मत में किसी का सच्चा प्यार नहीं लिखा है.... बताओ मुझे जवाब दो....

शनाया : तुम्हारे इस सवाल का जवाब तो नहीं है मेरे पास मगर हाँ तुम्हे एक सवाल ज़रूर करना चाहूंगी.... ये अलग बात है की मुझे ये अच्छे से पता है की तुम्हारा जवाब क्या होगा... मगर फिर भी सिर्फ तुम्हे सच्चाई के वाकिफ करवाने के लिए मुझे तुम से वो सवाल पूछना hi होगा....

प्रिंस : कैसा सवाल....?

शनाया : प्रिंस तुम्हे क्या लगता है... मेरे दिल में तुम्हारे लिए जो प्यार है वो सच्चा है या फिर मैं भी तुमसे प्यार करने का बस दिखावा कर रही हूँ....?

शनाया की बात सुन के प्रिंस गौर से उसकी आँखों में देख के कहता है....

प्रिंस : तुम्हे धोकेबाज़ कह दूँ ये मुमकिन नहीं.... मगर अब शायद मुझे मेरी किस्मत पे ऐतबार नहीं.... जाने वो अब किस रूप में आके मुझसे देगा कर जाए.... क्यों की मेरी निगोड़ी किस्मत में न जाने कितनी hi लड़कियों का साथ लिखा है... ऐसे में दर लगता है की कहीं मुझे किसी और के साथ देख के....

इतना कह के प्रिंस खामोश हो जाता है... वो छह के भी आगे कुछ नहीं कह पाटा.... प्रिंस की आधी अधूरी बात सुन के शनाया उसके दिल का हाल समझ जाती है....

शनाया : सही कहा प्रिंस की शनाया अपनी जान प्रिंस से धोका करे ये मुमकिन नहीं.... तुम्हारे मुँह से ये सुन के बेहद सुकून मिला.... मगर किस्मत की बात जान के तकलीफ भी उतनी hi हुई.... हाँ ये सच है की अपनी जान प्रिंस को किसी और के साथ देख के मुझे जलन भी होगी और तकलीफ भी.... मगर मुझे इस बात का पूरा यकीन है की चाहे पूरे ब्रह्माण्ड की लडकियां और औरतें क्यों न प्रिंस की लाइफ में आ जाए मगर तब भी मेरी जान प्रिंस का प्यार मेरे लिए कभी काम नहीं होगा.... वो मेरा ये यकीन कभी टूटने नहीं देगा....

फिर प्रिंस की आँखों में प्यार से देखते हुए उस से सवाल करती है....

शनाया : प्रिंस क्या मुझे मेरे हिस्से का प्यार मिल सकता है....?

जवाब में प्रिंस आगे बढ़ के उसे अपनी बाँहों में समेत लेता है.... अपना जवाब पा के शनाया की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... उसका दिल ख़ुशी से झूम उठता है और वो प्रिंस के होंठों को अपने मुँह में ले के पूरी शिद्दत के साथ उसे चूसने लगती है.... करीब 10 मिनट्स तक दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसते हुए अपने प्यार का एहसास एक दूसरे को करते रहते हैं.... तभी वहां बाबा आ जाते हैं....

बाबा : अरे अपना नहीं तो काम से काम औरों का तो लिहाज़ कर लो.... ये तुम्हारा बैडरूम नहीं की शुरू हो गए....

बाबा की आवाज़ सुन के दोनों फ़ौरन एक दूसरे से अलग हो जाते हैं.... बाबा को देख शनाया को बेहद शर्म सी आने लगती है... शर्म से उसके गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं... वो प्रिंस से कल मिलने का कह के वहां से बहार की तरफ जाने लगती है.... मगर बाबा उसे रोक के कहते हैं...

बाबा : रात बहुत हो गयी है.... तुम्हारा अकेले जाना ठीक नहीं प्रिंस तुम्हे चोर आएगा....

इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता....

शनाया : मगर बाबा सैर को इस हालत में चूर्ण भी तो ठीक नहीं और वैसे भी मेरा घर ज़्यादा दूर नहीं मैं चली जाउंगी.... इस वक़्त प्रिंस का सैर के पास होना ज़्यादा ज़रूरी है....

शनाया चाहती तो यही थी की प्रिंस उसे घर चोर्ने जाए मगर मौके की नज़ाकत को देखते हुए वो अपनी भावनाओं को दबा के प्रिंस को यहीं हॉस्पिटल में रुकने को कहती है....

बाबा : सैर की देखभाल करने के लिए यहाँ डॉ और नर्स मौजूद हैं.... और मैं भी तो यहीं हूँ.... इस वक़्त तुम्हारा अकेले घर जाना ठीक नहीं... प्रिंस जाओ इसके साथ....

प्रिंस : मगर बाबा...

बाबा : प्रिंस बात को समझो... मैं जो कह रहा हूँ वो करो.... अब जाओ यहाँ से....

बाबा की बात सुन के प्रिंस एक बार सैर को प्यार से देखता है फिर मुद के शनाया के साथ उसे घर चोर्ने चला जाता है.... शनाया को घर चोर के जब प्रिंस वहां से लौट रहा होता है तब रस्ते में किसी को देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है....

अँधेरी रात में सुनसान रस्ते पे दो लडकियां कार के पास बेहद परेशान हाल कड़ी हैं.... कार का बोनेट खुला हुआ है... जिसे देख के साफ़ पता चल रहा है की उनकी कार खराब हो गयी है.... प्रिंस कुछ सोच के उनके पास जा के पूछता है....

प्रिंस : क्या मैं आपकी कोई मदत कर सकता हूँ....?

अचानक से किसी अनजान शख्स को देख और उसकी आवाज़ सुन के दोनों घबरा जाती है....

प्रिंस एक बार फिर से अपना सवाल दोहराता है....

प्रिंस : क्या मैं आपकी कोई मदत कर सकता हूँ....?

लड़की 1 : ज... जी... हाँ वो हमारी कार खराब हो गयी है.... हम को ....... हॉस्पिटल जाना है.... क्या आप हम को वहां तक लिफ्ट दे सकते हैं....?

इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता...

लड़की 2 : जी नहीं कोई ज़रुरत नहीं है... हम मैनेज कर लेंगे.... (फिर अपनी दोस्त की तरफ देख के कहती है) तू भी न रिया (कोमल की बेहेन) किसी पे भी भरोसा कर लेती है....

रिया : सुहानी (रूही के चाहा जिब्रान की बेटी) तू भी न यार.. हर किसी पे शक करती है.... देख इसे क्या तुझे ये कोई गुंडा या रेपिस्ट लगता है....

सुहानी : हो सकता है की जिसे तू शरीफ समझ रही हो वो वाकई में रेपिस्ट हो....

रिया : हो ने को तो कुछ भी हो सकता है... ये हम को हिफाज़त से हॉस्पिटल चोर दे...

सुहानी : हाँ शायद.... मगर ऐसा भी हो सकता है की ये हमारी इज़्ज़त लूट के हम को जान से मार दे.... आफ्टर आल हमारे जैसी खूबसूरत और सेक्सी लडकियां इसने पहले कभी देखि कहाँ होगी....

दोनों की बात सुन के प्रिंस को उनपे गुस्सा आ जाता है...

प्रिंस : अबे तुम दोनों कहीं पागल तो नहीं हो गयी....? ये क्या बकवास किये जा रही हो... मैं क्या तुम्हे रेपिस्ट और खुनी लगता हूँ....

सुहानी : ये बकवास नहीं बल्कि सच है.... अब किसी के चेहरे पे ये थोड़े hi लिखा होता है की वो कैसा है शरीफ इंसान या तुम्हारी तरह....

प्रिंस गुस्से में : मेरी तरह क्या हाँ....?

तभी वहां 5 - 6 गुंडे आ जाते हैं....

गुंडा 1 : तेरी तरह लल्लू... चल बीटा लल्लू अब जल्दी से निकल ले यहाँ से... ताकि हम इन दोनों मस्त माल का अच्छे से मज़ा ले सके....

इधर इन दोनों की वजह से प्रिंस का दिमाग पहले hi घूमा हुआ था... ऊपर से इस गुंडे की बात सुन के प्रिंस अपने आप से बाहर हो जाता है.... ठीक तभी दूसरा गुंडा प्रिंस का कलर पकड़ उसे दूर धकेल के कहता है....

गुंडा 2 : अबे लल्लू लाल तूने सुना नहीं गज्जू भाई ने क्या कहा... चल निकल ले yahaaaaaaaaaaaaaaahhhhh....

अभी वो इतना hi कह पाया था की तभी जिस हाथ से उसने प्रिंस का कलर पकड़ा था वो टूट जाता है.... प्रिंस गुस्से में उसका मरोड़ के तोड़ देता है.... उसकी चीख पूरे फ़िज़ा में गूँज उठती है... अपने साथ की ऐसी हालत देख के बाकी गुंडे हथियार निकाल के प्रिंस को मारने के लिए उसपे टूट पड़ते हैं.... प्रिंस के सिक्योरिटी गार्ड्स आगे आने लगते हैं मगर प्रिंस इशारे से उन्हें रोक देता है और फिर शुरू होती है उन गुंडों की बिन साबुन की धुलाई... प्रिंस जैम के उनकी धुलाई करने लगता है.... उनकी चीखों के साथ साथ उनकी हड्डियों के टूटने की आवाज़ पूरी फ़िज़ा में गूंजने लगती है.... कुछ hi देर में सब खून से लटपट ज़मीन पे बेहोश नज़र आते हैं.... इधर रिया और सुहानी हैरत से प्रिंस को ऐसे देखे जा रही हैं जैसे की वो कोई अजूबा हो....

सब की बंद बजने के बाद प्रिंस एक बार पलट के गुस्से से रिया और सुहानी को देखता है फिर मुद के अपनी कार की तरफ चल देता है....

प्रिंस को यूँ जाते देख और मौके की नज़ाकत को समझते हुए रिया दौर के प्रिंस के पास जा के उसे रोक के उसे सॉरी कहती है...

रिया : ी ऍम रियली सॉरी.... हम ने जो भी कुछ कहा उसके लिए प्लीज हम को माफ़ कर दीजिये.... आप तो जानते hi हैं की अक्सर ऐसे हालात में क्या होता.... अब किसी के चेहरे पे थोड़ी ये लिखा होता है की वो कैसा है....? वो दिल से आपकी मदत करना छह रहा है या फिर आपको मजबूर देख आपका फायदा उठाना छह रहा है.... अचानक से आपको यहाँ देख हम को भी कुछ ऐसा hi महसूस हुआ... और हम आपको शक की निगाह से देखने लगे.... प्लीज अनजाने में हुई गलती के लिए हम को माफ़ कर दीजिये... और प्लीज हमारी मदत कीजिये.... हमारा हॉस्पिटल जाना बहुत ज़रूरी है... हमारी बेहेन बहुत बीमार है.... प्लीज.... हेल्प उस प्लीज...

रिया की बात सुन के प्रिंस का गुस्सा काम हो जाता है.... वो उन्हें साथ ले के हॉस्पिटल की तरफ चल देता है....

हॉस्पिटल पहुँच के रिया और सुहानी प्रिंस को थैंक्स बोल के हॉस्पिटल के अंडर चली जाती है..... अभी वो रिसेप्शन पे कोमल के बारे में पूछ hi रही होती हैं की तभी प्रिंस को अंडर आते देख....

सुहानी : अरे यार आप तो पीछे hi पद गयी.... यहाँ तक चोर्ने के लिए थैंक्स... अब हम को आपकी मदत की ज़रुरत नहीं है आप जा सकते hain....maana की हमारे जैसी हसीं खूबसूरत और सेक्सी लडकियां पूरे शिमला में कोई नहीं है... इसका मतलब ये नहीं आप हमारे पीछे पद जाओ....

सुहानी की बात सुन के पहले तो प्रिंस को गुस्सा आता है मगर फिर जाने कुछ सोच के वो हसने लगता है.....

प्रिंस : हहहहहहहहह....

सुहानी : हे कहीं आप पागल तो नहीं हो गए...

प्रिंस : किस ग़लतफहमी में जे रही हो तुम... तुम ने ये सोच भी कैसे की मैं तिम्हारे पीछे आऊंगा.... मेरे इतने भी बुरे दिन नहीं आये.... और वो क्या कहा था तुमने हाँ खूबसूरत हसीं और सेक्सी.... जो की तुम बिलकुल नहीं हो.... अगर यकीन न हो अपने आईने से पूछ लो.... रही बात मेरी तो मैं यहाँ तुम्हारे पीछे नहीं आया बल्कि मेरी दोस्त यहाँ एडमिट है उसी के पास जा रहा हूँ....

प्रिंस की बात सुन के सुहानी के साथ साथ रिया भी चिर जाती है.... वो प्रिंस से कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस वहां से सैर के वार्ड की तरफ चल देता है....

रिया और सुहानी भी गुस्से से कोमल के वार्ड की तरफ जाने लगती हैं....

कोमल : तुम दोनों अचानक से यहाँ....?

रिया : बात मत कीजिये आप... आपका इतना बड़ा एक्सीडेंट हो गया और आप ने हम को बताना भी ज़रूरी नहीं समझा....

कोमल : नहीं यार बात वो नहीं है.... बल्कि बात ये है की मैं तुम्हे परेशां नहीं करना चाहती थी.... मुझे पता है की मेरे एक्सीडेंट की बात सुन के तुम्हे दुःख होता और तुम फ़ौरन अपनी पढ़ाई चोर के मुझसे मिलने दौरि चली आती... जैसे अब आयी हो....

रिया रट हुए : तो आप hi बताइये की मैं क्या मुझे अपनी स्वीटहार्ट सिसो के एक्सीडेंट की बात सुन के वहीँ बैठे रहना चाहिए था.... नहीं ये मुमकिन नहीं.... आप जानती हैं की मैं आप से कितना प्यार करती हूँ.... आपको ज़रा सी भी तकलीफ मुझे परेशान कर देती है और यहाँ तो इतना बड़ा एक्सीडेंट हो गया था....

कोमल : इतना भी बड़ा एक्सीडेंट नहीं था जितना की तू बता रही है.... और ये रोना बंद कर तू जानती है न की मैं तुझे रट हुए नहीं देख सकती.... तेरी आँखों में आंसू देख के मेरा दिल तड़प जाता है.... आ इधर आ मेरे पास....

रिया दौर के कोमल के पास जा के रट हुए कास के उसके सीने से लिपट जाती है... बड़ी मुश्किल से कोमल उसे चुप कराती है....

रिया : आपका एक्सीडेंट हुआ कैसे....? आप तो no ओने रेसर हो न....

कोमल : वो हुआ ये था की .......... और फिर उसने मुझे यहाँ एडमिट करवा दिया....

सुहानी : वैसे कौन था वो जिसकी आप इतनी तारीफ़ कर रही हैं....?

कोमल : उसका नाम प्रिंस है....

सुहानी : प्रिंस... नीस नाम.... हम से भी तो मिलवाइए अपने प्रिंस से....

कोमल : पहले मैं तो मिल लून....

रिया : मतलब आप अब तक उस से मिली नहीं....

कोमल : नहीं उसके नाम के अलावा उसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता.... वो कौन है....? कहाँ रहता है क्या करता है....? कुछ नहीं....? बस उसकी एक फोटो है मेरे पास.... ये देखो....

प्रिंस की फोटो देख के दोनों चौंक जाते हैं....

रिया : k....k....kya.... ये सच में वही है जिसकी आप बायत कर रही हैं....

कोमल : हाँ क्यों क्या हुआ....? प्रिंस की फोटो देख के तुम इस तरह चौंक क्यों गयी....?

रिया : व... वो... वो... सिसो ये वो hi है जिसने कुछ देर पहले इसने गुंडों से हमारी इज़्ज़त बचायी और अपनी कार से हम को यहाँ पे ला के छोड़ा भी....

कोमल : kyaaaaaaaaaaaa.....?

फिर सुहानी कोमल को पूरी बात बताती है...

कोमल गुस्से में : तुम दोनों के साथ इतना कुछ हो गया और तुम ने मुझे बताया तक नहीं....

सुहानी : व... वो... सिसो वो हम बता के आपको परेशान नहीं करना चाहते थे....

कोमल गुस्से में : उन कमीनो की हिम्मत कैसे हुई मेरी बहनो के साथ इतनी घटिया हरकत करने की....? मैं उन्हें ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी.... उनकी वो हालत करुँगी की वो तो क्या उनकी रूह तक कांप उठेगी....

रिया : उसकी ज़रुरत नहीं है... उस लड़के ने उनकी पहले hi वो हालत कर दी है की अब शायद वो ज़िन्दगी भर हॉस्पिटल के बीएड से न उठे....

कोमल : वो है hi ऐसा जब मदत करता है तो पूरे दिल से....

रिया : हाँ जितना स्मार्ट और प्यारा है उतना hi खतरनाक भी.... वो उनकी ऐसे धुलाई कर रहा था की पूछो मत... वाओ...

कोमल : काश मैं उस से एक बार मिल पाती....

सुहानी : तो इसमें इतना उदास होने वाली क्या बात है वो इस हॉस्पिटल में hi है...

कोमल शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....? तू सच कह रही है.... क्या वो वाकई में इस हॉस्पिटल में है....

सुहानी : हाँ वो कह रहा था की यहाँ उसकी कोई दोस्त एडमिट है वो उसी के पास है....

सुहानी ने अभी इतना hi कहा था की तभी कोमल ख़ुशी से उछाल पड़ती है और फ़ौरन प्रिंस को ढूंढने के लिए निकल जाती है....

रिया और सुहानी उसे रोकने की बहुत कोशिश करती है मगर वो उनकी सुन ने को तैयार hi नहीं....

इधर प्रिंस सैर के बारे में डॉ से बात करते के लिए जा hi रहा होता है की तभी उसकी टक्कर कोमल से हो जाती है.... कोमल प्रिंस से टकरा के पीछे कांच गिरने लगती है... प्रिंस उसे गिरने से बचने के लिए उसे अपनी तरफ खींचता है मगर बैलेंस संभल नहीं पाटा... वो उसके साथ साइड पे कांच के टेबल पे गिरता है.... कांच टूटने की वजह से प्रिंस का हाथ बुरी तरह ज़ख़्मी हो जाता है उसमे से खून निकलने लगता है.... और बह के कोमल के चेहरे और सर पे गिरके उसे खून से भर देता है.... रिया और सुहानी जो कोमल के पीछे आ रही थी कोमल को देखते hi उनके होश उड़द जाते हैं....

कोमल का सर और चेहरा खून से रंगा हुआ है.... ये देख उनके मुँह से ज़ोरदार चीख निकल जाती है....

Sisooooooooooo....

दोनों की चीख सुन के डॉ और नर्स फ़ौरन वहां आ जाते हैं....

डॉ : ये हॉस्पिटल है.... आप के चिल्लाने से पेशेंट डिस्टर्ब हो रहे हैं.... प्लीज शांत रहिये....

रिया : बेहद गुस्से में : तुझे दिखाई नहीं दे रहा है की मेरी सिसो को कितनी चोट आयी है... उसका इलाज करने के बजाये तू फ़ालतू बकवास कर रहा है.... इस से पहले की मैं तेरी बंद बजा दूँ जल्दी से मेरी सिसो का इलाज कर सुना तू ने.... चल जल्दी....

डॉ और नर्स फ़ौरन कोमल को ले के वहां से वार्ड की तरफ चले जाते हैं... कोमल उनके रोकने की बहुत कोशिश करती है मगर सुहानी और रिया उसे कुछ कहने का मौका hi नहीं देते....

प्रिंस हैरत से उन सब को जाते हुए देखता रहता है....

प्रिंस : साला यहाँ चोट मुझे लगी है खून मेरे हाथ से निकल रहा है और वो उसे क्यों ले गए....? यार ये लोग कुछ... नहीं नहीं कुछ नहीं बल्कि बहुत अजीब हैं....

ये सोच के प्रिंस अपना इलाज करवाने डॉ के पास चल जाता है....

इधर डॉ कोमल को बेहोशी का इंजेक्शन लगा देते हैं... फिर जैसे hi उसके चेहरे का खून साफ़ करते हैं.... उन्हें बड़ी हैरानी सी होती है.... कोमल को पूरी तरह से चेक करने के बाद वो बहार आ के पूरी बात सुहानी और रिया को बताते हैं....

रिया : जब सिसो को चोट नहीं लगी तो फिर वो खून.... OMG... कहीं वो खून उसका तो नहीं जो सिसो से टकराया था....

अगली सुबह....

सुबह हुई नहीं की प्रिंस की दीवाणियों की फ़ौज कड़ी थी.... रूही.... शनाया.... मुस्कान.... ज़रा.... और नेमत...

प्रिंस : सुबह सुबह तुम सब यहाँ क्या कर रही हो....?

सब एक साथ : अपनी जान से मिलने आये हैं और क्या....?

प्रिंस को उन्हें एक साथ यहाँ देख के जितनी हैरत नहीं हो रही थी उससे कई ज़्यादा उनकी बात सुन के हो रही थी... सब एक साथ एक दूसरे के सामने प्रिंस को अपनी जान बोल रही हैं और उस से न तो किसी कोई प्रॉब्लम है और न hi किसी के चेहरे पे कोई जलन नज़र आ रही है....

प्रिंस : तुम सब ठीक तो हो न... या फिर मैं कहीं सपना तो नहीं देख रहा....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी... ज़रा आगे बढ़ के प्रिंस के सीने से लिपट जाती है और उसके होंठों को चूसने लगती है.... करीब 2 मिनट्स तक प्रिंस के होंठों को चूसने के बाद वो उस से अलग होती है.... हैरत से प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी रूही आगे बढ़ के प्रिंस के सीने से लिपट के उसे किश करने लगती है.... फिर 2 मिनट्स के बाद शनाया उसे किश करने लगती है फिर मुस्कान और फिर नेमत....

ये पहली बार हुआ है की नेमत और मुस्कान ने प्रिंस को किश किया है... आज प्रिंस को झटके पे झटके लग रहे हैं.... एक तो उसकी साड़ी दिवानियाँ एक साथ उस से मिलने आयी हैं और तो और सब एक दूसरे के सामने उसे किश भी कर रही है.... ये प्रिंस के लिए किसी झटके से काम नहीं है....

वो शॉक में सब के देख रहा है...

सब : अब यूँ घूरना बंद करो और चल के नाश्ता कर लो.... कल रात भी तुमने कुछ नहीं खाया था....

प्रिंस को कुछ न करते देख....

ज़रा : अब तू फ्रेश होने खुद जाएगा या मैं तुझे ले जाऊं....

प्रिंस : वो मैं... वो.... नहीं मैं... वो...

ज़रा : तुम लोग नाश्ता निकालो जब तक मैं प्रिंस को फ्रेश करवा के लाती हूँ....

ये कह के ज़रा फ़ौरन प्रिंस का हाथ पकड़ के उसे वाशरूम में ले जाती है...

ज़रा हाथ आगे बढ़ा के प्रिंस के पंत की ज़िप खोल के अंडर हाथ डालने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसे रोक के कहता है....

प्रिंस : अबे क्या कर रही है... पागल तो नहीं हो गयी....

ज़रा : है.... सेक्सी तुझे फ्रेश करवा रही हूँ.... हाऐ... उसमे भी अपना hi एक अलग मज़ा होगा.... है न....

प्रिंस ज़रा को खुद से दूर हटा के कहता है.....

प्रिंस : तू न बहुत बिगड़ गयी है... तुझे सुधारना पड़ेगा....

ज़रा सेक्सी अंदाज़ में प्रिंस के खड़े लुंड की तरफ देख के कहती है....

ज़रा : हाय.... जान मैं तो कब से यही चाहती हूँ की तू मुझे सुधारे जी भर के सुधारे.... तुझसे सुधरने के लिए तो मैं मरी जा रही हूँ.... मगर तू है की कुछ करता hi नहीं.... लगता है की अब सब कुछ मुझे hi करना पड़ेगा.... तेरे भरोसे रही न तो साड़ी ज़िन्दगी मेरी और मेरी मुनिया की रट रट तेरे मुन्ना के इंतज़ार में गुज़र जायेगी.....

प्रिंस : मेरा मुन्ना... अब ये कहाँ से आ गया....?

ज़रा : वो तो तेरे साथ hi आया था और हर वक़्त तेरे साथ hi रहता है.... वो देख (प्रिंस के पंत में उसके 9 इंच के खड़े लुंड के उभार की तरफ इशारा करके कहती है) मेरी मुनिया का नाम सुनते hi ख़ुशी में कैसे उछलकूद मचा रहा है....

ज़रा की बात सुन के प्रिंस झुक के अपने पंत में खड़े लुंड के उभार को देख हड़बड़ा जाता है....

प्रिंस : जी नहीं व.... व..... वो... वो... ऐसा कुछ नहीं है.... ये तो रोज़ सुबह ऐसे hi.... और तू ये क्या बेशर्मो की तरह बात कर रही है.... यार तू लड़की है कुछ तो शर्म कर ले....

ज़रा : शर्म hi करती रहूंगी तो अपनी जान के मुन्ना से मज़े कैसे लुंगी.... मैं तो कहती हूँ की तू भी मेरी तरह बेशर्म बन जा.... और खुल के मज़े ले... देख कितना अच्छा मौका मिला है क्यों न आज दोनों मिल के साथ में बेशर्म बन जाए.... ये कह के ज़रा आगे बढ़ के प्रिंस के सीने से लिपट जाती है और उसे किश करने लगती है....

इधर बहार वार्ड में....

शनाया : ये कमीनी ज़रा इतनी देर से प्रिंस के साथ वाशरूम में कर क्या रही है....?

नेमत : मुझे तो लगता है की ज़रा मौके का पूरा फायदा उठा रही है...

अभी नेमत ने इतना hi कहा था की तभी सब के मुँह से एक साथ एक hi लफ्ज़ निकलता है...

Kyaaaaaaaaaaaa....?

वस् फिर क्या था सब मिल के एक साथ वाशरूम का दरवाज़ा पीटने लगती हैं साथ hi प्रिंस कह के आवाज़ लगाने लगती है....

आवाज़ सुन के प्रिंस चौंक के ज़रा से अलग हो जाता है.... और बहार से आ रही है आवाज़ को सुन के अपना सर पीट लेता है....

सब : ज़रा kameeni....Kya कर रही है मेरे प्रिंस के साथ.... चोर मेरी जान को और बहार निकल जल्दी....

प्रिंस शॉकेड : Kyaaaaaaaaaa....?

प्रिंस : मुझे लगा hi था की कुछ गड़बड़ ज़रूर है.... ये कैसे मुमकिन हो सकता है की साड़ी सौतने दिल से एक दूसरे का साथ दे रही हैं.... बहार मौजूद सब की चीखो पुकार सुन के साफ़ पता चल रहा है की अभी कुछ देर पहले जो सब एक साथ नज़र आ रही थी वो बस मुझे दिखने के लिए था....

ज़रा : क्या जान तुम भी न इतना अच्छा मौका मिला है... उसका पूरा फायदा उठाने के बजाये उन कमीनों की आवाज़ के बारे में सोच रहे हो.... आओ न... मुझे जी भर के प्यार करो न....

ये कह के ज़रा प्रिंस के करीब जाने की कोशिश करती है मगर प्रिंस उसका हाथ पकड़ के उसे वाशरूम से बहार करके वाशरूम अंडर से लॉक कर देता है....

प्रिंस : चल फुट यहाँ से...

ज़रा सब को देख गुस्से में : कमेनियों कुछ देर खामोश नहीं रह सकती थी क्या...?

सब : तुम जान के साथ अकेले अकेले मज़े करो और हम चुप चाप देखती रहें इतने भी पागल नहीं हैं हम... वो अकेला तुम्हारा नहीं है बल्कि हम सब का है...

ज़रा : बड़ी आयी हम सब का कहने वाली... प्रिंस सिर्फ मेरा है.... और मैं उसका साया....

मुस्कान : नहीं वो सिर्फ मेरा है.... मेरी जान है वो और मैं उसका दिल हूँ...

शनाया : जा जा.... मेरा है कहने वाली.... अबे वो मेरा दीवाना है... मेरी जान है वो.... और मैं उसके दिल की धड़कन...

नेमत : जी नहीं प्रिंस मेरी जान है और मैं उसका hi एक हिस्सा हूँ.... उसका अंश हूँ मैं....

रूही : जी नहीं अपनी जान का सब कुछ मैं hi हूँ... उसकी रूह हूँ मैं...

बस फिर क्या था सब प्रिंस को ले के आपस में लड़ने लग जाती है...

लड़ाई की आवाज़ सुन के प्रिंस अपना सर पीट के ऊपर की तरफ देख के कहता है...

प्रिंस : हे ऊपर वाले ये तू ने मुझे कहाँ फसा दिया... अब बस कुछ हैं तो मेरी ये हालत है.... एक एक कर के जब सब सामने आएँगी जाने मेरा हाल तब क्या होगा....? वो दिन किसी क़यामत से काम न होगा... बचा लेना... अब बस तेरा hi सहारा है....

फिर प्रिंस फटाफट फ्रेश हो के बहार आ जाता है.... इधर अब तक सैर को होश आ गया है.... उसे ठीक देख सब बेहद खुश हो जाते हैं....

रूही : सैर... अब तबियत कैसी है....?

सैर बड़ी बेचैनी से इधर उधर देखते हुए : जिस्म में काफी दर्द हो रहा है....

ज़रा : ऑपरेशन का दर्द तो होगा hi... फ़िक्र मत करो जल्द hi ठीक हो जाएगा.... वैसे तू इधर उधर क्या ढूंढ रही है....??????

जल्द hi प्रिंस अपनी फॅमिली से मिलेगा.... कब और कैसे ये अगले अपडेट में पता चल जाएगा....
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 145

प्रिंस : हे ऊपर वाले ये तू ने मुझे कहाँ फसा दिया... अब बस कुछ हैं तो मेरी ये हालत है.... एक एक कर के जब सब सामने आएँगी जाने मेरा हाल तब क्या होगा....? वो दिन किसी क़यामत से काम न होगा... बचा लेना... अब बस तेरा hi सहारा है....

फिर प्रिंस फटाफट फ्रेश हो के बहार आ जाता है.... इधर अब तक सैर को होश आ गया है.... उसे ठीक देख सब बेहद खुश हो जाते हैं....

रूही : सैर... अब तबियत कैसी है....?

सैर बड़ी बेचैनी से इधर उधर देखते हुए : जिस्म में काफी दर्द हो रहा है....

ज़रा : ऑपरेशन का दर्द तो होगा hi... फ़िक्र मत करो जल्द hi ठीक हो जाएगा.... वैसे तू इधर उधर क्या ढूंढ रही है....??????

अब आगे....

प्रिंस : ये मुझे ढूंढ रही है... है न सैर....

प्रिंस की बात सुन के सैर प्रिंस की तरफ देखती है फिर उसके पास जाने के लिए उठने की कोशिश करने लगती है.... मगर जा नहीं पाती.... जैसे hi उठने की कोशिश करती है उसके जिस्म में तेज़ दर्द का एहसास होता है.... और मुँह से दर्द भरी चीख निकल जाती है....

सैर : अअअअअअअअअगगगठ्हहहह....

सैर की चीख सुन के सब घबरा जाते हैं वहीँ प्रिंस दौर के उसके करीब जाता है.... प्रिंस को अपने करीब देख के सैर अपनी नज़रें नीचे झुका लेती है.... उसकी आँखें नाम हो जाती है....

प्रिंस : तू भी न क्या ज़रुरत है उतने की.... मैं हूँ यहाँ तुझे जो चाहिए मुझे बता.... और ये तू रो क्यों रही है... बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा है क्या....?

प्रिंस की आँखों में अपने लिए इतनी फ़िक्र देख के सैर की आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... वो प्रिंस से कुछ कहना चाहती है मगर सैम ने जो किया उसके बारे में सोच के छह के भी वो कुछ कह नहीं पाती बस प्रिंस को देख के आंसू बहाये जा रही है.... सैर को ऐसे यूँ रट देख प्रिंस का दिल तड़प जाता है वो आगे बढ़ के उसे अपने सीने से लगा के उसके आंसू पॉच के उसे चुप करने लगता है साथ hi ज़रा को फ़ौरन डॉक्टर को बुलाने को कहता है....

डॉक्टर सैर को चेक करने में बाद दर्द के साथ साथ नींद का इंजेक्शन लगा देती है ताकि वो आराम कर सके.... फिर सब को वहां से जाने को कहती है....

न चाहते भी सब वहां से चले जाते हैं....

इधर अरबाज़ और इमरान बेहद परेशान हाल घर में आते हैं....

जमीला : क्या हुआ आप दोनों इतने परेशान क्यों हैं....? कोई प्रॉब्लम है क्या....?

अरबाज़ : हम बर्बाद हो गए हैं इस से बड़ी प्रॉब्लम और क्या होगी.... सब ख़तम हो गया है.... ऊपर से जिन से बिज़नेस के लिए कर्ज़ा लिया था वो पीछे पड़े हुए हैं.... उनका कहना है की अगले 7 दिन में अगर हम ने उनके पैसे न लौटाए तो वो हम को धोखाधड़ी के इलज़ाम में जेल भेजवा देंगे....

सोना बेहद गुस्से में : ये सब उस कमीने प्रिंस का किया धरा है.... न वो कमीना हमारी प्रॉपर्टी खरीद ता और न hi ऐसा होता.... डैड आपको उस कमीने को ये घर रेंट पे देना hi नहीं चाहिए था....

अरबाज़ : बीटा अब हम को थोड़े hi पता था की वो ये सब करेगा....

जमीला : जो हो गया उसे बदला तो नहीं जा सकता है... पिछली बातें चोरो और ये सोचो की आगे क्या करना है....?

इमरान : हम अब छह के भी कुछ नहीं कर सकते.... हम पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं.... अब अगर 7 दिन के अंडर हम ने कंपनी के इन्वेस्टर्स को पैसे न दिए तो वो हम को जेल भेजवा देंगे.... समझ नहीं आ रहा है की क्या करें....? कहाँ जाए किस से मदत मांगे....?

सोना बेहद गुस्से में : उस कमीने ने हम को बर्बाद कर दिया.... उसे मैं छोड़ूंगी नहीं...

महक : उसने हम को बर्बाद नहीं किया बल्कि हमको आप सब के ज़िद ने बर्बाद किया है....

सोना गुस्से में : महक तू होश में तो है... जानती है क्या कह रही है....?

महक : हाँ मैं पूरे होश में हूँ और वो hi कह रही हूँ जो सच है.... ये जो भी कुछ हुआ है उसमे प्रिंस की कोई गलती नहीं है.... वक़्त पे आर्डर पूरा न करने की वजह से इन्वेस्टर्स का काफी नुक्सान हुआ है.... और इसी वजह से इन्वेस्टर्स अपने पैसे वापिस मांग रहे हैं... इस में प्रिंस कहाँ से बीच में आ गया... गलती हमारी और इलज़ाम प्रिंस पे लगाया जा रहा है... क्यों हाँ....? ऐसा क्या गलत किया है प्रिंस ने जो आप सब हाथ धो के उसके पीछे पद गए हैं....? बताइये मुझे जवाब दीजिये.... अगर वो मेरी मदत न करता तो जाने आज मैं ज़िंदा भी होती की नहीं पता नहीं.... उसका एहसान मान ने के बजाये आप सब मिल के उसपे इलज़ाम लगा रहे हैं....

सोना : ये इलज़ाम नहीं बल्कि सच्चाई है.... उसने हम को बर्बाद कर दिया है... हमारे घर और प्रॉपर्टी पे कब्ज़ा कर लिया....

महक : जी नहीं उसने कुछ नहीं किया... जो कुछ भी हुआ है वो हम ने खुद किया है.... उसे हम ने मजबूर किया की वो हमारी इस सो कॉल्ड बर्बाद जायदात को खरीदे.... उसे बिना बात के ज़लील किया.... उसने मेरी मदत की इस घर की बेटी की मदत की... उसे मौत के मुँह से बचा के एक नयी ज़िन्दगी तोहफे में दी और बदले में हम ने उसे क्या दिया.... ज़लालत धुत्कार नफरत.... हम ने उसे मजबूर किया की वो हमारी इस सो कलीद प्रॉपर्टी को खरीदे.... उसने जो किया वो गुस्से में आ के किया.... अरे उसने तो कुछ किया hi नहीं.... उसकी जगह अगर कोई और होता तो अब तक हम दर दर की ठोकरे खा रहे होते... मगर उसने हमारे साथ ऐसा कुछ नहीं किया....

सोना : उस कमीने ने हमारी पूरी प्रॉपर्टी खरीद के हम को सड़क पे ला दिया और तू कह रही है उस कमीने ने कुछ नहीं किया.....

महक बेहद गुस्से में : नहीं है वो कमीना.... सुना तू ने.... वो कमीना नहीं है.... कमीने तो हम हैं जो उसका एहसान मान ने के बजाये उसे गालियां दे रहे हैं....

महक की बात सुन के जमीला गुस्से से उसे देख के कहती है....

जमीला : महक जानती भी है की तू क्या कह रही है...?

महक : हाँ माँ अच्छे से जानती हूँ.... उस फ़रिश्ते का एहसान मान ने के बजाये आप सब हैं की उसे गालियां दे रहे हैं.... क्या गलती है उसकी आप hi बताइये....? मैं आप के मुँह से सुन न चाहती हूँ.... बस मुझे उसकी एक गलती बता दीजिये... आप क्या मैं खुद जा के खींच के उसे एक थापड़ मार दूंगी... बस मुझे उस नेक फ़रिश्ते की एक गलती बता दीजिये.... बोलिये न... क्या उसकी गलती ये थी की बिना जान पहचान के भी उसने एक अनजान लड़की की मदत की.... वो लड़की जो एक ज़िंदा लाश से ज़्यादा कुछ नहीं थी.... उस लाश को उसने ठीक कर के एक नयी ज़िन्दगी तोहफे में दी... क्या ये उसकी गलती थी....? दिन रात उसके साथ रह के भी मैं आज तक पवित्र और सुरक्षित हूँ क्या ये उसकी गलती थी....? बताइये मुझे जवाब दीजिये.... जो उसने मुझ अनजान के लिए किया वो तो शायद कोई अपना भी न करे क्या ये उसकी गलती थी....? मुझ अपाहिज ज़िंदा लाश को एक नयी ज़िंदाई देना क्या ये उसकी गलती थी...? बताइये मुझे जवाब दीजिये....

जमीला : .......

महक : क्या हुआ आप सब खामोश क्यों हैं जवाब दीजिये.... बोलिये न बोलते क्यों नहीं....?

सोना गुस्से में : कमीना है वो एक नंबर का कमीना है.... हमारी पूरी जायदात पे कब्ज़ा कर लिया....

महक : किस जायदात की बात कर रही हो सोना तुम हाँ.... इस सो कॉल्ड जायदात की जो पिछले 10 साल से गिरवी पड़ी थी.... या हमारे उस बिज़नेस की जो 4 साल से उस कमीने मिनिस्टर की वजह से घाटे में चल रहा है.... उस मिनिस्टर ने हमारी ज़मीन और बिज़नेस पे कब्ज़ा करने के लिए हम को कभी आगे बढ़ने नहीं दिया न hi कोई बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिलने दिया.... सब गलती उस कमीने की या तो हमारी थी.... न की उस मासूम प्रिंस की.... बताओ मुझे किस बात की तकलीफ किस बात का गुस्सा है तुम्हे उसपे...? क्या इस बात का की उसने तुम्हारी बेहेन की जान बचायी उसका इलाज करवा के उसे ठीक करवाया उसे एक नयी ज़िन्दगी तोहफे में दी....? क्या उसने जो किया वो गलत था....? नहीं कभी नहीं..... और बदले में उसे क्या मिला ज़लालत धुत्कार तुम सब ने मिल के उसे जेल तक पहुंचा दिया.... बदले में उसने क्या किया हमारे साथ कुछ नहीं.... मगर इतना सब हो जाने के बाद भी उसने हमारी मदत hi की.... वो चाहता तो हमारी प्रॉपर्टी खरीदने के बाद कब का हम सब को रोड पे फेकवा चूका होता... मगर उसने ऐसा कुछ नहीं किया.... बल्कि उसने हमारी ये सो कॉल्ड प्रॉपर्टी हम को वापिस लौटा दी....

महक की बात सुन सब शॉक हो जाते हैं.... सब के मुँह से एक साथ एक hi लफ्ज़ निकलता है....

Kyaaaaaaaaaaaa....?

महक : जी हाँ.... और ये रहे प्रॉपर्टी के पेपर्स....

प्रॉपर्टी के पेपर्स पढ़ने के बाद अरमान हैरत से महक की तरफ देखते हैं...

जमीला : क्या हुआ आप इतना चौंक क्यों गए...? ऐसा क्या है इसमें....?

अरबाज़ : ये हमारी प्रॉपर्टी के पेपर्स है जो की अब महक के नाम है...

जमीला : kyaaaaaaaaaaaa...?

सोना : ज़रूर इस में भी उस कमीने की कोई चाल होगी....

सोना की बात सुन के महक गुस्से से उसे देख के कहती है....

महक : अब बस भी कर सोना क्यों बिना मतलब के उस मासूम फ़रिश्ते को ज़लील कर रही है....? मुझे समझ नहीं आ रहा है की आखिर क्यों आप सब उसे बिना बात के गलत समझ रहे हैं....? क्यों एक सच्चे दोस्त को दुश्मन समझ रहे हैं....?

अभी सोना कुछ कहने hi वाली होती है की तभी....

जमीला : सही कह रही है महक.... वो सच में एक नेक फरिश्ता है जिसने बिना किसी मतलब के हमारी इतनी मदत की... जिसे सर पे बिठाना चाहिए था उसे हम ने गालियां दी सब के सामने ज़लील किया.... ये कैसा गुनाह हो गया हमसे.... हे ऊपर वाले हम को इस अनजाने में हुई गलती के लिए माफ़ कर देना....

सोना : लेकिन माँ....

जमीला : बस सोना बस बहुत हो गया.... अब एक और गलत लफ्ज़ नहीं.... मैं उस फ़रिश्ते के खिलाफ कोई गलत बात नहीं सुन्ना चाहती....

सोना गुस्से में : माँ जिसे आप फरिश्ता कह रही हैं वो कल भी गलत था और आज भी गलत है.... अभी आप को उसकी असलियत नहीं पता है इस लिए आप ये कह रही हैं... जिस दिन आपको उसकी असलियत पता चल जायेगी उस दिन देखती हूँ की आप क्या तब भी उसे फरिश्ता hi कहेंगी....

सोना को गुस्से में देख और उसकी बात सुन के महक का दिल ज़ोर से धड़क जाता है... वो इस बात से घबरा जाती है की कहीं सोना सब को प्रिंस की असलियत न बता दे... इस से पहले की वो सोना को रोक पाती....

जमीला : आखिर तू कहना क्या चाहती है...?

महक : नहीं सोना.... प्लीज मैं तेरे हाथ जोड़ती हूँ तू आगे कुछ नहीं कहेगी....

जमीला : महक ये तू क्या कह रही है...? सोना बात क्या है बता मुझे.... महक किस बात को बताने से तुझे रोक रही है...? बता आखिर बात क्या है....?

सोना : सुन न चाहती हैं तो सुनिए....

महक : नहीं सोना प्लीज नहीं... तुझे मेरी कसम... आगे कुछ मत कहना... तुझे तेरे सुलतान की कसम आगे कुछ मत कहना....

अभी महक ये कह hi रही थी की तभी सोना सब सच बता देती है....

सोना : प्रिंस जिसे आप फरिश्ता कह रही हैं जानती हैं वो कौन है....? वो सुलतान है.... सुलतान....

सोना के मुँह से सुलतान सुन के जहाँ सब शॉक हो जाते हैं.... वहीँ महक की आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

सोना के मुँह से सुलतान सुन के सब को 10 साल पुराणी वो काली मनहूस रात याद आ जाती है... जब सब ने मिल के मासूम सुलतान को जान से मार दिया था....

जमीला : K....k....kya कहा S...Su...Sultan....?

सोना : हाँ वो कमीना प्रिंस और कोई नहीं बल्कि सुल्तान है....

अरबाज़ : मगर वो तो 10 साल पहले मर चूका था न....

सोना : नहीं वो चाट से गिरा ज़रूर था मगर वो कमीना मारा नहीं था....

सोना की बात सुन के महक गुस्से में छीकते हुए कहती है....

महक : कमीना वो नहीं बल्कि हम थे जिसने उस मासूम को जान से मारने के लिए धक्का दे के चाट से नीचे गिरा दिया.... इस पे भी जब हमारा दिल न भरा तो हम ने मिटटी का गमला उसके सर पे दे मारा ताकि वो मर जाए.... याद है या भूल गए.... कैसे हम वेह्शी जानवर बन के उस मासूम सुलतान की जान लेने पे टूल गए थे.... हम ने न उसकी बात को सच माना न hi उसपे कभी यकीन किया बल्कि हर लम्हा हर पल उसे ज़लील किया उसे मारते रहे पीट ते रहे.... और जब इस सब से भी हमारा दिल न भरा तो उस काली अमावस की रात हम ने उसकी जान ले ली... उस मासूम सुलतान को जान से मार दिया.... वो मासूम हमारे सारे ज़ुल्म सेहत रहा इस आस से की एक दिन उसे हमारा प्यार नसीब होगा... मगर उसे क्या नसीब हुआ अपनों के hi हाथों दर्दनाक मौत.... हम सब ने मिल के सुलतान को मार दिया...

ये कह के महक रोने लगती है....

जमीला : मार दिया.... मगर अभी तो तू ने कहा की वो ज़िंदा है... प्रिंस hi सुलतान है....

महक : हाँ मैंने ऐसा कहा क्यों की अब वो सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस है.... वो अपनी बीती ज़िन्दगी भूल चूका है.... उसकी याद्दाश जा चुकी है.... उस दिन चाट से गिरने के बाद उसे पिछले कुछ याद नहीं.... वो अब सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस है.... और पता है वो यहाँ क्यों आया है....?

अरबाज़ : बिज़नेस करने....

महक : जी नहीं... वो यहाँ अपने परिवार को ढूंढने आया है.... उस परिवार को जिसके लिए वो सालो पहले मर चूका है... या ये कहना ज़्यादा ठीक होगा की उसके उसी सो कॉल्ड परिवार ने उसे 10 साल पहले जान से मार दिया....

महक की बात सुन के सब चौंक जाते हैं....

सब : Kyaaaaaaaaaaaaaa....?

महक : हाँ.... सालो पहले तो आप सब ने उस मासूम सुलतान को मार दिया था मगर अब जो आया है वो प्रिंस है उसे आप नहीं मार पाएंगे... जानते हैं क्यों...? क्यों की अब वो पहले वाला मासूम लाचार सुलतान नहीं रहा बल्कि अब वो इस दुनिया का सब से अमीर और ताक़तवर इंसान बन गया है.... उसे मारना तो दूर अब कोई बिना इजाज़त के उसे छू भी नहीं सकता.... अरे उसे चोरो कोई उसके करीबी लोगों को भी नहीं छू सकता.... वो जिसे चाहता है उसकी पूरी तरह से हिफाज़त करता है... चाहे वो उसके पास हो या न हो.... देखना चाहेंगे कैसे....?

फिर महक ज़ोर से प्रिंस कह के चिक्ति है.... जैसे hi महक की चीख फ़िज़ा में गूंजती है... करीब 50 से भी ज़्यादा ब्लैक ड्रेस में हाई टेक सिक्योरिटी गार्ड्स हथियार के साथ महक को चारो तरफ से कवर कर लेते हैं... और वहां मौजूद सब पे गन तान देते हैं....

महक : तुम लोग कौन हो और यहाँ क्या कर रहे हो....?

सिक्योरिटी गार्ड : मैडम हम को प्रिंस सर ने आप की सिक्योरिटी के लिए अप्पोइंट किया है....

महक : ये प्रिंस भी न...

सिक्योरिटी गार्ड : मैडम आप ठीक तो हैं न....

महक : रिलैक्स बॉयज ी ऍम फाइन....

सिक्योरिटी गार्ड : तो फिर आप चीखी क्यों...?

महक : वो प्रिंस को कॉल कर रही थी मगर नेटवर्क नहीं मिल रहा था इस लिए ज़ोर से प्रिंस का नाम लिया.... सब ठीक है तुम लोग जाओ....

सिक्योरिटी गार्ड : Ok मैडम....

ये कह के वो सब वहां से चले जाते हैं....

जमीला : K....k....kya.... वाकई में P....P...Prin...ce hi S....S...Sul...tan है....?

महक बेहद गुस्से में : हाँ.... और आप सब गलती से भी उसके साथ कुछ गलत करने के बारे में न सोचना....

ये कह के महक गुस्से में वहां से चली जाती है....

जमीला भी अपने रूम में चली जाती है... अरबाज़ उसके पीछे जाता है.... रूम में जमीला खामोश कड़ी गहरी सोच में डूबी हुई थी.... अरबाज़ उसे आवाज़ देता है मगर जमीला को जैसे कुछ सुनाई hi नहीं दे रहा है... 2 - 3 बार आवाज़ देने के बाद भी जब जमीला उसे कोई जवाब नहीं देती तब अरबाज़ उसका कन्धा पाकर के उसे हिलता है... जैसे hi उसके कंधे पे हाथ रखता है जमीला बुरी तरह से चौंक जाती है... दर के मारे उसके मुँह से चीख निकल जाती है... उसका पूरा जिस्म पसीने से भीग जाता है साथ hi दर से वो कांपने लगती है....

अरमान : क्या बात है जमीला तुम इतनी घबराई हुई क्यों हो....?

जमीला : W....W.... वो लौट आया... S...S...Sultaan लौट आया.... साथ hi व.... व... वो Sh....Sh...Shraap भी....?????

इधर हॉस्पिटल में सैर के सो जाने के बाद प्रिंस सैर के जिस्म में अपनी पावर्स से सुरक्षा घेरा दाल देता है ताकि कोई उसपे हुम्ला न कर सके.... फिर वो उसे आराम करने को चोर कॉलेज की तरफ चल देता है.... रास्ते में उसे शनाया का कॉल आ जाता है वो अपनी कार शनाया के घर की तरफ मोड़ देता है....

शनाया : क्या बात है प्रिंस काफी परेशान लग रहे हो....? क्या उन कमीनों ने कुछ....

प्रिंस : नहीं यार बात वो नहीं है....

शनाया : तो फिर....?

प्रिंस : बात ये है की मैं यहाँ अपने परिवार को ढूंढने आया था.... उहने हर जगह ढूंढ लिया मगर वो कहीं नहीं मिले.... जाने उन्हें अस्समान निगल गया या ज़मीन खा गयी....? कुछ समझ नहीं आ रहा है आखिर वो हैं कहाँ...?

शनाया : अपने परिवार को ढूंढने मैं कुछ समझी नहीं....

प्रिंस शनाया को पूरी बात नहीं बताता सिर्फ ये कहता है की बचपन में वो अपने परिवार से बिछड़ गया था.... सर में गहरी चोट लगने की वजह से उसकी याद्दाश चली गयी थी.... उसे न तो अपने परिवार वालों का चेहरा याद है न hi ये की वो कहाँ रहते थे....

प्रिंस : शनाया तुम्हारे बाबा ने एक बार मुझसे कहा था की तुम मुझे बचपन से जानती थी.... हम साथ में एक hi स्कूल में पढ़ा करते थे....

शनाया : हाँ ये सच है....

प्रिंस : तो फिर तुम्हे मेरे बारे में सब पता होगा.... ये भी की मैं कौन हूँ मेरा नाम क्या था... मेरे परिवार में कौन कौन थे.... और मेरा घर कहाँ है....

शनाया : जी नहीं....

प्रिंस : नहीं मतलब....

शनाया : मुझे तुम्हारे बारे में बस इतना पता है की उस वक़्त तुम्हारा नाम प्रिंस नहीं बल्कि सुलतान था.... न मैं तुम्हारे परिवार वालों के बारे में जानती हूँ और न hi ये की तुम्हारा घर कहाँ था.... वो बात ऐसी है की न कभी मैंने पुछा और न hi कभी तुमने बताया....

शनाया की बात सुन के प्रिंस निराश हो जाता है.... मगर कुछ सोच के शनाया....

शनाया : ममममम... प्रिंस शायद उन दो लड़कियों से कुछ पता चल सके की तुम्हारे परिवार वाले और तुम्हारा घर कहाँ है....

प्रिंस : 2 लड़कियां....? तुम किस की बात कर रही हो....?

शनाया प्रिंस को वो hi फोटो एल्बम दिखती है जो कुछ दिन पहले शनाया के डैड ने प्रिंस को दिखाया था.... उस वक़्त प्रिंस ने उन लड़कियों की फोटो पे ध्यान नहीं दिया था....

बहुत से फोटो में प्रिंस उन दोनों लड़कियों के साथ मौजूद है...

प्रिंस : यार इन फोटोज को देख के साफ़ पता चल रहा है की मैं इन्हे अच्छे से जानता हूँ.... मगर मुझे तो कुछ याद hi नहीं.... अब क्या करें....?

शनाया : यार ये तो मेरी भी समझ नहीं आ रहा है....

प्रिंस : शनाया भले hi मुझे कुछ याद नहीं.... मगर तुझे तो सब याद है न.... सोच... अपने दिमाग ज़ोर दाल.... कोई तो ऐसा होगा जो उस वक़्त मुझे जानता होगा...

शनाया : नहीं उस वक़्त इस दोनों लड़कियों के अलावा और कोई तेरे बेहद करीब था तो वो थी मैं.... जिस स्कूल में हम पढ़ते थे उसमे जाने कैसे अचानक से आग लग गयी... पूरा स्कूल जल के राख हो गया.... ख़ास कर के हमारी वो क्लास... जिस में हम पढ़ा करते थे.... उस भयानक आग में हमारे क्लास के बहुत से बच्चे जल गए थे.... और जो बच गए वो कहाँ गए किसी को कुछ पता नहीं.... उस दिन शायद मैं भी उस भयानक आग में जल जाता मगर तू ने मुझे बचा लिया....

प्रिंस हैरत से : मैंने...!!!!

शनाया : स्कूल में आग लगने के 7 दिन पहले अचानक तू कहैं गायब हो गया... तू ने स्कूल आना बंद कर दिया.... मुझे लगा की शायद तू बीमार है या फिर कहीं गया है.... मगर हर गुज़रते दिन के सात तेरी गैरमौजूदगी मुझे तड़पाने लगी.... तेरी याद में मैं रात दिन रोटी रहती... मैंने स्कूल जाना चोर दिया.... बाबा के समझने पे मैं उस दिन स्कूल जाने को तैयार हो गयी.... इस उम्मीद से की शायद आज तू मुझे स्कूल में मिल जाए..... अचानक से तेज़ हवा चलने लगी और ड्रेसिंग टेबल पे पड़ी तेरी फोटो फ्रेम गिर के टूट गयी... उसे टूट ते देख मेरा दिल तड़प उठा.... तेरी फोटो को सीने से लगा के मैं रोने लगी.... तेरी फोटो ने मुझे स्कूल जाने से रोक लिया जिस से मैं स्कूल में लगी उस भयानक आग में जलने से बच गयी.... मेरी जान ने मेरी जान बचा ली...

ये कह के शनाया प्रिंस के सीने से लिपट जाती है....

प्रिंस : मतलब की ऐसा कोई नहीं है जो ये बता सके की मैं कौन हूँ... मेरे परिवार वाले कहाँ हैं.. और मेरा घर कहाँ है...?

शनाया : शायद एक शख्स है जिसे तेरे बारे में कुछ पता हो....

शनाया की बात सुन के प्रिंस को आशा की एक किरण नज़र आती है....

प्रिंस : अच्छा... जल्दी बता कौन है वो....??????

(टोटल वर्ड काउंट - 3506)
 
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