Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - Page 13 - SexBaba
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Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 116

स डैड : अब ये तो उस से मिलने के बाद hi पता चलेगा.... हम भी तो देखें की हमारी बेटी का राजकुमार कैसा है....?

शनाया : चलिए अभी मिल लीजिये मेरे राजकुमार से वो यहीं गार्डन में बैठा है....

फिर मैं शनाया के साथ उस से मिलने गया.... जो जो बातें शनाया ने बताई थी वो सब उसमे मौजूद थी.... और फिर आखरी में उसने अपना नाम बताया और वो नाम है "........"

स डैड के मुँह से उसका नाम सुन के प्रिंस चौंक जाता है....??????

अब आगे....

स डैड : सुलतान.... हाँ यही नाम था उसका.... शनाया उसके साथ बहुत खुश रहने लगी.... कुछ hi दिनों में दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे.... शनाया को सुलतान के बिना चैन नहीं आता था... हर लम्हा हर पल उसके दिल और दिमाग पे बस सुलतान hi चाय रहता.... जब वो उसके पास नहीं होता तब वो उसे याद करती और हमेशा उसकी hi बातें किया करती.... सुलतान को देख उसकी आँखों में चमक और होंठों पे प्यारी सी मुस्कान आ जाती.... उसे कितनी भी तकलीफ क्यों न हो... सुलतान को देखते hi वो सब भूल के बस उसी में खो जाती थी.... एक तरह से सुलतान उसकी जान बन गया था....

प्रिंस : जब ऐसा था तो फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ की वो इतना बदल गयी....? और ये सुलतान कहाँ है.... मैं भी तो देखूं की वो कौन है जिसकी आप इतनी तारीफ कर रहे हैं.... और उसके रहते हुए भी शनाया ऐसी क्यों हो गयी....? आज जब उसे अपने उस सो कॉल्ड सुलतान की सब से ज़्यादा ज़रुरत है तब वो उसके साथ क्यों नहीं है....? और सब से बड़ी बात तो ये है की वो सुलतान तो उसका राजकुमार था न तो फिर आज उसने सुलतान को चोर मुझे ी लव यू क्यों कहा.....?

स डैड : शनाया ने तुमसे ी लव यू इस लिए कहा क्यों की वो तुम्हे चाहती है.... और रही बात सुलतान की तो वो आज भी शनाया के दिल में मौजूद है उस याद की तरह जिसे कोई उसके दिल से नहीं निकाल सकता.... सुलतान उसकी यादों में hi नहीं उसकी रूह में बसा हुआ है....

प्रिंस : आप की बातें मेरी समझ में नहीं आ रही हैं.... एक तरफ आप ये कह रहे हैं की सुलतान शनाया की रूह में बसा हुआ है... और दूसरी तरफ आप कह रहे हैं की वो मुझे चाहती है.... ये कैसे मुमकिन है की कोई लड़की जिसकी रूह में कोई और बसा है और वो किसी और को चाहती है....?

स डैड : वो इस लिए क्यों की जो शनाया के दिल में बसा हुआ है और जिसे वो चाहती है वो दो नहीं बल्कि एक hi शख्स है और वो हो तुम....

प्रिंस : आप होश में तो हैं... जानते भी हैं की आप क्या कह रहे हैं...? मैं सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस हूँ... प्रिंस.... और रही बात शनाया की तो मैं उसे जानता तक नहीं कुछ hi दिन पहले उसे कॉलेज में मिला था.... और आप हैं की न जाने क्यों मुझे सुलतान बनाने पे तुले हैं....

स डैड : चलो एक पल के लिए ये मान लेते हैं की तुम सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस हो....

प्रिंस : मैं प्रिंस hi हूँ....

स डैड : ठीक है तुम प्रिंस हो.... मगर...

प्रिंस : अब और कोई अगर मगर नहीं.... आप ने 10 मिनट्स कहा था 10 मिनट्स पूरे हो गए हैं... अब मुझे चलना चाहिए इस से पहले की आप ज़बरदस्ती मुझे सुलतान बना दे....

ये कह के प्रिंस वहां से जाने लगता है.... मगर तभी स डैड उसे रोक के कहते हैं....

स डैड : बस एक बार इस एल्बम को देख लो फिर चले जाना मैं तुम्हे नहीं रोकूंगा....

प्रिंस : जी नहीं मुझे न hi आपकी बेटी में कोई इंटरेस्ट है और न hi आपके उस एल्बम को देखने में....

स डैड : प्लीज प्रिंस बस एक बार इस एल्बम को देख लो प्लीज....

प्रिंस : मुझे समझ नहीं आ रहा है की आप क्यों मुझे सुलतान बनाने में लगे हुए हैं....?

स डैड : मैं बस तुम्हे एक बार इस एल्बम को देखने को कह रहा हूँ.... बस एक बार इसे देख लो फिर चले जाना मैं तुम्हे नहीं रोकूंगा....

प्रिंस : आप इतना कह रहे है तो देख लेता हूँ....

ये कह के प्रिंस उनके हाथ से एल्बम ले के उसे खोलता है.... फर्स्ट पेज पे शनाया का नाम लिखा हुआ है और उसके नीचे उसकी बचपन की फोटो लगी हुई है.... प्रिंस दूसरा पेज पलट ता है उसपे शनाया के स्कूल का िकार्ड लगा हुआ है उसपे उसकी फोटो के साथ उसका नाम भी लिखा हुआ है... फिर प्रिंस जैसे hi अगला पेज पलट ता है सामने लगी फोटो को देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है.... क्यों की अगले पेज पे उसकी खुद की बचपन की फोटो लगी हुई है जिसके नीचे सुलतान लिखा हुआ है.... प्रिंस हैरत से कभी अपनी फोटो को देखता है... तो कभी स डैड को....

स डैड : आगे देखो तुम्हे मेरी बात पे यकीन आ जाएगा....

स डैड की बात सुन के प्रिंस अगला पेज पलट ता है उसपे उसी स्कूल का िकार्ड लगा हुआ है मगर फोटो शनाया की नहीं बल्कि प्रिंस की अपनी है और नीचे नाम लिखा है सुलतान.... जिसे देख प्रिंस के होंठों पे मुस्कराहट आ जाती है....

प्रिंस : अच्छा तरीका है नकली िकार्ड पे मेरी फोटो लगा के मुझे ज़बरदस्ती सुलतान बनाने का....

स डैड : आगे की फोटो देखने के बाद शायद तुम ये न कह पाओ जो तुमने अभी कहा....

प्रिंस : चलिए आगे भी देख लेते हैं की मुझे सो कॉल्ड सुलतान बनाने के लिए आपने आगे क्या क्या किया हुआ है....

ये कह के प्रिंस अगला पेज पलट ता है उसमे शनाया के साथ उसकी बचपन की फोटो है... प्रिंस पेज पलट ता जाता है और साथ hi बाकी की photo's भी देखते जाता है.... आगे सभी Photo's शनाया और प्रिंस की hi है.... कुछ में वो स्कूल में साथ बैठ के टिफ़िन खा रहे हैं.... और कुछ में खेल रहे हैं..... कुछ फोटो में उनके साथ दो और लडकियां भी हैं....

पूरी एल्बम देखने के बाद प्रिंस मुस्कुराते हुए स डैड को एल्बम देते हुए कहता है....

प्रिंस : मान न पड़ेगा आपने कंप्यूटर ग्राफ़िक्स से बहुत कमाल की कारीगरी की है... मेरे बचपन की फोटो का अच्छा इस्तेमाल किया है....

स डैड : ये कोई कंप्यूटर से बनायीं गयी फोटो नहीं है बल्कि असली photo's है....

प्रिंस : ये मेरी फोटो नहीं है बल्कि मेरे जैसे दिखने वाले किसी बच्चे की है...

स डैड : अच्छा अगर ये तुम्हारी फोटो नहीं किसी और की फोटो है.... तो क्या वो सब भी गलत है जो शनाया ने सुलतान के बारे में बताया था.... अगर तुम सुलतान नहीं प्रिंस हो तो जो उसने और उसकी माँ ने सुलतान के बारे में बताया था वो सब निशाँ तुम्हारे जिस्म पे नहीं होने चाहिए.... मुझे बस वो अपने जिस्म के वो तीन हिस्से दिखो अगर वो सारे निशाँ तुम्हारे जिस्म पे न हुए तो मैं ये मान लूंगा की तुम सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस हो....

स डैड की बात सुन के प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है....

स डैड : क्या हुआ तुम अचानक से खामोश क्यों हो गए....? मुझे वो निशाँ दिखाओ और ये साबित करो की तुम प्रिंस नहीं हो.... गौर से देखो इस बच्चे की नीली आँखों को और आँख के टिल को.... क्या ठीक ऐसी hi आँखें तुम्हारी नहीं हैं.....? क्या तुम्हारी आँखों में ठीक इसकी आँखों जैसा टिल नहीं है....

प्रिंस हाँ में अपनी गर्दन हिला देता है....

स डैड : अब अपनी टीशर्ट उतरो और अपनी कमर की तरफ देख के कहो की क्या उसपे खंजर का निशाँ नहीं है....

प्रिंस अपनी टीशर्ट निकाल के अपनी कमर की तरफ देखता है उसे वहां खंजर का निशाँ साफ़ नज़र आ जाता है....

स डैड : अब ये बताओ की क्या तुम्हारे राइट पेअर में 6 उंगलियां नहीं हैं....

प्रिंस हाँ में अपनी गर्दन हिला के कहता है....

प्रिंस : हाँ है.... वो सब कुछ है जो आपने कहा....

स डैड : तो इस से क्या ये साबित नहीं होता की तुम सुलतान हो....?

प्रिंस : मगर मेरा नाम तो प्रिंस है... फिर आप मुझे सुलतान क्यों कह रहे हैं.....?

स डैड : वो इस लिए क्यों की तुम सुलतान हो....

प्रिंस : अगर आप जो कह रहे हैं वो सच है तो फिर मुझे कुछ याद क्यों नहीं आ रहा....? और ऐसी क्या वजह हो गयी की मैं सुलतान से प्रिंस बन गया....?

स डैड : इस बात का जवाब तो मेरे पास भी नहीं है..... मुझे बस इतना पता है की बचपन में एक दिन अचानक से तुम कहीं गायब हो gaye....uske बाद तुम्हे किसी ने नहीं देखा.... उस दिन के बाद से शनाया तो जैसे हसना hi भूल गयी.... उसने तुम्हे ढूंढने की बहुत कोशिश की मगर तुम नहीं मिले.... तुम्हारी जुदाई के गम में वो इस तरह डूबी की फिर उभर नहीं पायी.... वो उस गम के सागर में एक बार फिर से डूब गयी जिसमे से तुमने उसे बहार निकला था... उसी गम की वजह से वो ऐसी हो गयी.... तुम्हारी याद को काम करने के लिए उसने हर वो काम किया जो उसे नहीं करना चाहिए था.... मगर अपने सुलतान की यादों को अपने दिल से न निकाल पायी.... अब एक तुम hi हो जो उसे सही राह पे ला सकते हो... उसकी हिफाज़त कर सकते हो.... अपने प्यार से उसकी बिखरी हुई ज़िन्दगी को समेत सकते हो.... मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ता हूँ... मेरी बेटी को टूट के बिखरने से बचा लो.... उसका हाथ थाम लो.... उसे तुम्हारे सहारे और तुम्हारे प्यार की सख्त ज़रुरत है.... इस वक़्त अगर तुमने उसका साथ न दिया तो वो टूट के बिखर जायेगी.... उसे फिर मैं तो क्या कोई नहीं संभाल पायेगा.... प्लीज मेरे बेटी को उसका सुलतान लौटा दो.... प्लीज....

ये कहते कहते स डैड की आखें नाम हो जाती हैं... उनकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... प्रिंस बिना कुछ कहे वहां से जाने लगता है.... स डैड उसे रोकने के लिए आगे बढ़ते हैं....

प्रिंस : क्या मैं अपनी दोस्त से मिल सकता हूँ....?

प्रिंस की बात सुन के स डैड बेहद खुश हो जाते हैं.... उनकी आँखों से गम की जगह ख़ुशी के आंसू बहने लगते हैं... वो फ़ौरन हाँ में अपनी गर्दन हिला के शनये के रूम की तरफ इशारा करके के कहते हैं....

स डैड : ऊपर राइट में तीसरा कमरा शनाया का है....

स डैड की बात सुन के प्रिंस फ़ौरन बंगलो के अंडर जाता है और सीढ़ी चढ़ के शनाया के रूम की तरफ बढ़ जाता है.... दरवाज़ा खोल के रूम में जाते hi अंडर का नज़ारा देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है....

शनाया दरवाज़े की तरफ पीठ करके बीएड बैठी हुई है... उसके एक हाथ में प्रिंस की फोटो है तो दूसरे हाथ में शराब की बोतल.... वो प्रिंस की फोटो देख के रोये जा रही है साथ hi शराब भी पी रही है....

दरवाज़े की आवाज़ सुन के शनाया बिना पीछे मुड़े कहती है....

शनाया : आयुष मैं आज तुम्हारी कोई बात नहीं सुनुँगी... नहीं आयुष आज मत रोकना मुझे.... आज मुझे इस शराब की बेहद ज़रुरत है.... जानती हूँ की ये गलत चीज़ है मगर क्या करूँ ये काम से काम उस तकलीफ को तो थोड़ा काम कर देती है जो मेरी जान सुलतान की जुदाई से इस दिल को हो रही है.... उस दिन की तरह आज भी वो मुझे चोर गया.... बचपन में भी एक दिन वो मुझे इसी तरह चोर गया था.... उसकी जुदाई अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही है.... जी छह रहा है उसके पास जा के उसके गले लग के उसे अपने सच्चे प्यार का एहसास दिलों.... उसे ये बताऊँ की उसे मैं कितना चाहती हूँ... मगर वो है की कुछ सुन ने को तैयार hi नहीं है.... जाने वो कौनसी वजह थी की वो मुझसे नाराज़ हो के चला गया था.... और आज जब सालो बाद वो वापिस आया है तो आज भी मुझसे नाराज़ बैठा है.... मैंने उस से अपने प्यार का इज़हार कर के मानाने की कोशिश की मगर वो है की मान ने को तैयार hi नहीं.... वो अपनी शनाया को भूल गया.... जो कभी उसकी सबसे अच्छी दोस्त... नहीं दोस्त नहीं उसकी जान हुआ करती थी.... उस शनाया से आज उसे नफरत है.... मेरे सुलतान को मुझसे नफरत है... ये बात मुझसे सही नहीं जा रही है.... मेरा दिल आज रो रहा है अपनी जान से मिलने के लिए तड़प रहा है मगर वो है की उसे मेरी फ़िक्र hi नहीं मैं जियूं या मरुँ उसे कोई फर्क नहीं पद रहा.... आज भी वो मुझे यहाँ रट हुए चोर के चला गया.... नहीं अब उसकी जुदाई और बर्दाश्त नहीं होती मुझसे.... उस से जुड़ा हो के मैं जी नहीं पाउंगी..... मैं मर जाउंगी.... एक वक़्त था जब मेरी ज़रा सी भी तकलीफ उसे तड़पा देती थी.... उसे आज मेरे रोने से कोई फर्क नहीं पद रहा है.... ( प्रिंस की बचपन की फोटो की तरफ इशारा करके) देखो मुझे तकलीफ में देख के कैसे मुस्कुरा रहा है....?

शनाया की बातें सुन के प्रिंस की आँखें नाम हो जाती हैं.... वो आगे बढ़ के शनाया के कंधे पे हाथ रक् के कुछ कहने hi वाला होता है की तभी शनाया उसके हाथ को अपने भाई का हाथ समझ के झटक देती है.... और बेहद गुस्से में कहते हुए पलट टी है....

शनाया : मैंने कहा न जाओ यहाँ से तुम्हे एक बार में बात समझ नहीं आती क्या....?

तभी अचानक प्रिंस को देख वो चौंक जाती है....

प्रिंस पलट के वहां से जाने लगता है.... शनाया फ़ौरन उसका हाथ पकड़ के उसे रोकती है....

प्रिंस : अजीब लड़की हो यार तुम..... अभी खुद hi मुझे यहाँ से जाने को कह रही थी और अब खुद मुझे यहाँ रोक रही हो....

शनाया : नहीं मैंने कब तुम्हे जाने को कहा.... ऐसा तो मैं सपने में भी नहीं कह सकती.... वो तो मुझे लगा की आयुष है....

प्रिंस : सच कह रही हो.....

शनाया : और नहीं तो क्या....? मैं तो चाहती हूँ की तुम हमेशा मेरे पास hi रहो.... मैं भला क्यों अपनी जान को जाने को कहूँगी.... मगर तुम तो चले गए थे न.....

प्रिंस : हाँ चला तो गया था मगर जाने क्यों जा के भी जा नहीं पाया.... अपनी प्यारी दोस्त को चोर के भला मैं जाता भी तो कैसे.... तुम्हारी दोस्ती मुझे तुम्हारे पास खींच लायी....

शनाया प्रिंस की आँखों में देख के कहती है....

शनाया : नहीं ये दोस्ती नहीं बल्कि तुम्हारे लिए मेरा सच्चा प्यार है जो तुम्हे यहाँ मेरे पास खींच लाया.... अब मैं तुम्हे एक पल के लिए भी कभी खुद से दूर जाने नहीं दूंगी....

प्रिंस : अब तुम खुद भी जाने को कहोगी तब भी मैं नहीं जाऊँगा... हमेशा अपनी दोस्त के साथ hi रहूँगा....

शनाया : ोोोूह... प्रिंस तुम नहीं जानते की ये कह के तुमने आज मुझे कितनी बड़ी ख़ुशी दी है....

ये कह के शनाया रोटी हुई प्रिंस के सीने से लिपट जाती है....

प्रिंस भी प्यार से उसे अपनी बाहों में समेत लेता है.... फिर प्यार से उसे चुप करा के कहता है....

प्रिंस : यार अब रोटी hi रहोगी या अपने दोस्त को कुछ खाने पीने के लिए भी पूछोगी... खैर चोरो तुम मत पूछो मैं खुद hi पी लेता हूँ....

ये कह के वो शनाया के बीएड पे पड़ी शराब की बोतल उठा के उसमे से शराब पीने लगता है.... प्रिंस को यूँ शराब पीते देख शनाया फ़ौरन उसके हाथ से बोतल चीन के कहती है....

शनाया : ये तुम क्या कर रहे हो....? पागल तो नहीं हो गए....? ये शरबत नहीं शराब है.... ये अच्छी चीज़ नहीं है.... मत पियो इसे....

प्रिंस : जब मेरी सब से प्यारी दोस्त इसे पी सकती है तो फिर मैं क्यों नहीं....?

शनाया : वो इस लिए क्यों की मैं कह रही हूँ.... ये तुम्हारे लिए ठीक नहीं....

शनाया के हाथ से बोतल ले के.....

प्रिंस : जब ये मेरे लिए ठीक नहीं तो मेरी दोस्त के लिए कैसे ठीक हो सकती है.... आज तो मैं इसे ज़रूर पीयूंगा....

शनाया गुस्से में शराब की बोतल प्रिंस के हाथ से चीन के.....

शनाया गुस्से में : कहा न ये अच्छी चीज़ नहीं है....

प्रिंस : अच्छा अगर ये अच्छी चीज़ नहीं है तो फिर इसे चोर क्यों नहीं देती.... क्या अपनी दोस्त को ये गन्दी चीज़ पीते देख मुझे अच्छा लगेगा... नहीं मेरी शनाया तो ऐसी न थी.... वो कभी किसी गन्दी चीज़ को पीना तो दूर उसे हाथ तक नहीं लगाती थी.... अगर तुम मेरी वो hi प्यारी सी शनाया हो तो अभी के अभी इसे बहार फेन दो....

प्रिंस की बात सुन के शनाया शराब की बोतल को खिड़की से बहार की तरफ फ़ेंक देती है....

शनाया : लो फेक दी मैंने वो जल्दी चीज़.... अब तो कह दो मैं तुम्हारी प्यारी शनाया हूँ.....

प्रिंस शनाया को अपने सीने से लगा के कहता है....

प्रिंस : हाँ अब तुम मेरी प्यारी शनाया हो..... क्यूट सी प्यारी सी.... जो मेरी हर बात मानती है....

शनाया भी कास के उसके सीने से लिपट जाती है....

शराब की बोतल गार्डन में गिरते देख देख स डैड बेहद खुश हो जाते हैं....

कुछ देर तक दोनों इसे तरह एक दूसरे के सीने से लिपटे रहते हैं.... फिर शनाया की माइड उन्हें खाने पे बुलाने आती है....

शनाया प्रिंस के साथ नीचे आ जाती है.... वो ज़ोर दे के प्रिंस को अपने साथ खाने के लिए रोक लेती है.....

स डैड और आयुष प्रिंस को शनाया के साथ देख के बेहद खुश हो जाते हैं.....

स डैड : तो आखिर मेरी बेटी को उसका दोस्त वापिस मिल hi गया....

अपने डैड की बात सुन के शनाया प्रिंस का हाथ कास के पकड़ के उसकी आँखों में देख के कहती है....

शनाया : हाँ डैड.... आज मुझे मेरा दोस्त मिल गया....

प्रिंस : जो अब अपनी दोस्त को न कभी चोर के जाएगा और न hi उस से कभी अलग होगा....

फिर सब साथ मिल के ख़ुशी ख़ुशी डिनर करते हैं.... डिनर के बाद प्रिंस जाने लगता है... तो शनाया उसे रोक के कहती है...

शनाया : अभी तो तुमने कहा था की मुझे चोर के कहीं नहीं जाओगे... फिर क्यों रहे हो....?

प्रिंस : मैं तुम से दूर थोड़े hi जा रहा हूँ बस अपने घर जा रहा हूँ... ताकि कल फिर तुमसे मिल सकूँ.... कल फिर हम साथ होंगे....

फिर किसी तरह शनाया को मन के प्रिंस वापिस अपने घर आ जाता है.... घर पहुँचते hi सामने का नज़ारा देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 117

डिनर के बाद प्रिंस जाने लगता है... तो शनाया उसे रोक के कहती है...

शनाया : अभी तो तुमने कहा था की मुझे चोर के कहीं नहीं जाओगे... फिर क्यों रहे हो....?

प्रिंस : मैं तुम से दूर थोड़े hi जा रहा हूँ बस अपने घर जा रहा हूँ... ताकि कल फिर तुमसे मिल सकूँ.... कल फिर हम साथ होंगे....

फिर किसी तरह शनाया को मन के प्रिंस वापिस अपने घर आ जाता है.... घर पहुँचते hi सामने का नज़ारा देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है....?????

अब आगे....

सामने का नज़ारा देख के प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है... उसका मुँह और आँखें खुली की खुली रह जाती हैं और नीचे पंत में हलचल होने लगती है....

सामने का नज़ारा था hi इतना सेक्सी.... सामने तीनो ज़रा नेमत और मुस्कान बेहद hi सेक्सी निघ्त्य पहने सेक्सी स्टाइल में सोफे पे बैठी हुई हैं.... प्रिंस बस उनके खूबसूरत और सेक्सी जिस्म में खो सा जाता है.... प्रिंस को खुद को इस तरह घूरते देख तीनो को बेहद शर्म सी आती है.... मगर फिर भी वो तीनो शरमाते हुए वहां बैठी रहती हैं.....

ज़रा सेक्सी ऐडा से कहती है : जान बस देखते hi रहोगे या कुछ करने का इरादा भी है....

ज़रा की बात सुन के प्रिंस को एक झटका सा लगता है और वो होश में आता है.... उसे अपनी इस हरकत पे बेहद शर्म सी आने लगती है.... उसे यूँ शर्माते देख....

मुस्कान : लो जी शर्माना हम लड़कियों को चाहिए मगर हमारे बजाये जनाब खुद शर्मा रहे हैं....

प्रिंस हड़बड़ाते हुए : व..... व.... वो मैं... वो.... तुम सब इस हाल में....!!!!!

नेमत उठ के सेक्सी अंदाज़ में चलते हुए प्रिंस के करीब जा के धीरे से मगर सेक्सी आवाज़ में उस से कहती है....

नेमत : हम तीनो ने ये तये किया है की अब से हम एक दूसरे से नहीं लड़ेंगे.... साथ मिल के तुम्हे प्यार करेंगे....

ज़रा की बात सुन के प्रिंस चौंक जाता है वहीँ ज़रा जो कहती है उसे सुन के उसके होश hi उड़द जाते हैं....

ज़रा : और सब से बड़ी बात ये की अब हम तुम्हे नील ज़हर पे काबू करने में तुम्हारी पूरी मदत करेंगे....

प्रिंस : मैं कुछ समझा नहीं....

तभी मुस्कान उसके करीब आ के उसके सीने से लिपट के कहती है....

मुस्कान : तुम इतने तो नादान नहीं हो जो इस बात का मतलब न समझ सको....

मुस्कान को अपने इतने करीब पा के और साथ hi उसके ठोस बूब्स को अपने सीने में दबे हुए महसूस करके प्रिंस की हालत खराब होने लगती है....

प्रिंस : M....M....Main sa...mjha... नहीं....

मुस्कान सेक्सी ऐडा के साथ प्रिंस के होंठों को चुम के कहती है....

मुस्कान : मतलब ये मेरी जान की आज से हम तुम्हारे अंडर नील ज़हर को एक्टिवटे होने पे मजबूर करेंगे.... और तुम्हे उसपे काबू पाने पे मदत भी करेंगे....

प्रिंस : पागल तो नहीं हो गयी ये क्या बक रही हो.... तुम्हे पता भी है की नील ज़हर के एक्टिवटे होने पे क्या होगा....?

ज़रा : Se....xxxxxxx होगा और क्या....?

नेमत : ममममममम.... उसका भी अपना hi मज़ा है न Princeeeeeeeeee....

मुस्कान : यार जब सिर्फ उसके बारे में सोच के इतना मज़ा आ रहा है तो सोचो जब हम वो करेंगे तब कितना मज़ा आएगा..... ऊऊऊओह्ह्ह्हह..... ममममममम....

उनकी बात सुन के प्रिंस की हालत खराब होने लगती है वो फ़ौरन उनसे दूर हैट के कहता है.....

प्रिंस : तुम तीनो पागल तो नहीं हो गयी.... ये क्या बकवास किये जा रही हो....

तीनो एक साथ : हाँ हम पागल है अपनी जान के प्यार में.... आज क्यों न प्यार के सागर में डुबकी लगा ली जाए....

ये कह के तीनो प्रिंस की तरफ बढ़ने लगती हैं.... उनकी हरकत देख प्रिंस पीछे हटने लगता है....

प्रिंस मन में : यार जल्दी से कुछ सोच कहीं ऐसा न हो की तेरी ये तीन दिवानियाँ सच में तेरे साथ वो कर बैठे जिस बारे वो बात कर रही हैं.... अगर ऐसा हुआ तो.... नहीं नहीं ऐसा नहीं हो सकता.... ये तीनो वैसी नहीं हैं.... मगर ये ऐसी हरकत क्यों कर रही हैं... कुछ तो गड़बड़ ज़रूर है.... इस बात का पता करना पड़ेगा.... मगर पहले यहाँ से खिसक ले इस से पहले की तीनो तेरे एनाकोंडा रुपी लुंड से अपनी कमसिन छूट की सील तुड़वा ले....

ये सोच के प्रिंस फ़ौरन अपने रूम में भाग जाता है और दरवाज़ा बंद का के अपनी पावर्स से रूम को घेर देता है ताकि कोई अंडर न आ सके.... वो ये जानता है की नेमत अपनी पावर्स से ज़रा और मुस्कान के साथ गायब हो के रूम में आ सकती हैं....

काफी देर तक तीनो प्रिंस के दरवाज़े को पीट टी रहती हैं.... मगर प्रिंस है की दरवाज़ा खोलने को तैयार hi नहीं.... थक के तीनो अपने रूम में जा के सो जाती हैं.... कुछ देर बाद जब प्रिंस को इस बात का एहसास हो जाता है की तीनो अपने रूम में जा के सो गयी हैं तब वो रहत की सांस लेता है और बीएड पे लेत के नींद की आगोश में चला जाता है....

सुबह जब प्रिंस की आँख खुलती है तब उसे अपने सर में भारी भारी सा महसूस होने लगता है.... वो अपने सर को पकड़ के बैठ जाता है..... तभी उसे रूम के बाहर किसी के चिल्लाने की आवाज़ें सुनाई देने लगती हैं....

प्रिंस : ये आवाज़ तो ज़रा की है.... अब सुबह सुबह इसे क्या हो गया.....? कहीं ये फिर से नेमत या मुस्कान से तो नहीं लड़ने लगी.... ये लड़की भी न.... कुछ समझती नहीं.... कोई लड़की मेरे पास भी आ जाए तो इसे जलन सी होने लगती है.... मगर रात तो सब ने मिल के मुझसे ये वादा किया था की अब से वो तीनो मुझे ले के आपस में नहीं लड़ेंगी.... फिर अब ऐसा क्या हो गया जो ये फिर से लड़ने लगी.... इस से पहली की वो एक दूसरे को कोई नुक्सान पहुंचा दे मुझे जल्द से जल्द बहार जा के उन्हें रोकना होगा....

ये सोच के प्रिंस रूम से बहार निकलता है..... बहार हॉल में बहुत सारे लोगों को खड़े देख प्रिंस बुरी तरह चौंक जाता है....

प्रिंस : ये आप सब सुबह सुबह मेरे घर में क्या कर रहे हैं और ये पुलिस यहाँ क्यों आयी है.....?

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

इस से पहले की प्रिंस कुछ समझ पाटा.... कोई उसका गिरेबान पकड़ के बेहद गुस्से ने उस से सवाल करता है....

सोना : तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी बेहेन को किडनैप करने की....?

जी हाँ ये और कोई नहीं बल्कि सोना hi है.... और ये इस वक़्त बेहद गुस्से में प्रिंस से बात कर रही है...

प्रिंस : तुम हो कौन और ये क्या बकवास किये जा रही हो....?

सोना : मैं बकवास नहीं कर रही बल्कि वो hi कह रही हूँ जो सच है....

प्रिंस : अबे सुबह सुबह पी के आयी है क्या....? कौन बेहेन....? कैसी किडनेपिंग....? मैं न तुझे जानता हूँ और न hi तेरी बेहेन को....

सोना बेहद गुस्से में : अच्छा अगर मेरी बेहेन को नहीं जानते तो फिर वो तुम्हारे घर में क्या कर रही है....? बता मुझे जवाब दे....

प्रिंस : अबे पहले तू बता की तू है कौन....? और तू अपनी किस बेहेन की बात कर रही है....? और वो है कहाँ....?

सोना : अच्छा तू चाहता है की मैं तुझे बता दूँ और तू फिर से उसे यहाँ से किडनैप कर के ले भागे..... मगर अब तू नहीं बच सकता.... इंस्पेक्टर साहब आप देख क्या रहे हैं गिरफ्तार कर लीजिये इस कमीने किडनैपर को.... और साथ hi इसके साथियों को भी.....

सोना की बात सुन के इंस्पेक्टर प्रिंस को अरेस्ट करने आगे आता है.....

प्रिंस : बस इस पागल लड़की ने कह दिया और आप मुझे किडनैपर मान के अरेस्ट करने आ गए....

सोना बेहद गुस्से में : पागल किसी बोलै बे कमीने....?

प्रिंस : तुम एक लड़की हो बस उसकी का लिहाज़ कर के तुम्हे चोर रहा हूँ.... तुम्हारी जगह ये बात किसी लड़के या आदमी ने कही होती तो अब तक वो मेरी मार खा के हॉस्पिटल पहुँच चूका होता.... इस से पहले की गुस्से में मेरे हाथ से कुछ गलत हो जाए.... फ़ालतू की बकवास और बेबुनियाद इलज़ाम लगाना बंद करो....

इंस्पेक्टर : इनके लगाए गए इलज़ाम बेबुनियाद नहीं हैं बल्कि हमारे पास इस बात के सबूत हैं की इस घर में जो लड़की है वो इनकी बेहेन है.... जिसे तुम हॉस्पिटल से किडनैप कर के लाये हो....

प्रिंस : तंग आ गया हूँ मैं ये सुनते सुनते की मैंने किडनैप किया है.... क्या मैं ये जान सकता हूँ की वो लड़की कौन है जिसका किडनैप हुआ है....?

इंस्पेक्टर : उसका नाम महक है जो इस वक़्त आपके पीछे बीएड पे लेती है....

इंस्पेक्टर की बात सुन के प्रिंस पीछे मुद के देखता है....

प्रिंस : ये कोई महक नहीं बल्कि मेरी दोस्त मुस्कान है..... और मैंने इसका किडनैप नहीं किया बल्कि....

इंस्पेक्टर : जी नहीं ये मुस्कान नहीं बल्कि महक है.... और ये रहे इस बात के सबूत....

उन सबूतों को देख के प्रिंस हैरान हो जाता है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर ये सब हो क्या रहा है... फिर भी वो हार नहीं मानता....

वो सब को पूरी बात बताना चाहता है मगर कोई उसकी बात सुन ने को तैयार hi नहीं....

प्रिंस : अगर आपको मेरी बात नहीं सुन नई तो मुस्कान से पूछ लीजिये.... वो बिलकुल ठीक हो चुकी है.... वो आपको सब सच बता देगी की क्या हुआ था....

इंस्पेक्टर : जी नहीं आप ने अभी जो भी कहा वो सारा सर झूट और बे बुनियाद है.... न hi महक ठीक हुई है और न hi वो कुछ बोल सकती है....

इंस्पेक्टर की बात सुन के प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी ज़रा और नेमत बीच में बोल पड़ते हैं....

दोनों : प्रिंस कभी झूट नहीं कहता.... मुस्कान जिसे आप महक कह रहे हैं वो वाकई में ठीक हो चुकी है.... बिलकुल ठीक....

तभी वहां जो डॉ मौजूद है वो कहती है....

डॉ : जी नहीं ये ठीक नहीं हुई है.... बल्कि अभी भी उसी हालत में है जिस हालत में ये पिछले 10 साल से थी....

डॉ के मुँह से झूट बात सुन के प्रिंस के साथ साथ ज़रा और नेमत को भी डॉ पे बेहद गुस्सा आ जाता है.... ज़रा आगे बढ़ के डॉ को खींच के एक झापड़ रसीद करती है.....

Chataaaaaaaaaaaaaak....

ज़रा : साली कमीनी तुझे झूट बोलते शर्म नहीं आती....

डॉ अपने गाल सहलाते हुए कहती है....

डॉ : ये झूट नहीं बल्कि सच है....

तभी

सोना बेहद गुस्से में : इंस्पेक्टर आप देख क्या रहे है.... इन तीनो को अरेस्ट करके जेल में दाल दीजिये....

इंस्पेक्टर प्रिंस के साथ साथ ज़रा और नेमत को भी अरेस्ट करने लगता है.... मगर प्रिंस उसे रोक के अपनी सफाई देने लगता है साथ hi कॉल भी करने लगता है.... मगर इंस्पेक्टर उसे रोक के कहता है....

इंस्पेक्टर : आप कोई कॉल नहीं कर सकते.... आपको जो भी करना है वो पुलिस स्टेशन चल के कीजिये....

प्रिंस : इंस्पेक्टर मैं कहीं भाग नहीं रहा बल्कि सिर्फ एक कॉल कर रहा हूँ ताकि अपनी सच्चाई साबित कर सकूँ... और वैसे भी कानून के हिसाब से मुझे एक कॉल करने की आज़ादी भी है....

इंस्पेक्टर प्रिंस को कॉल करने की इजाज़त दे देता है....

प्रिंस फ़ौरन मैक्स को कॉल करता है और उसे पूरी बात बता के कहता है....

प्रिंस : तू क्या करेगा मुझे नहीं पता मगर याद रख मैं एक पल के लिए भी ज़रा और नेमत को हवालात में बर्दाश्त नहीं कर सकता....

मैक्स : यार तू फ़िक्र मत कर वैसा कुछ नहीं होगा.... तुम्हारे पुलिस स्टेशन पहुँचने से पहले hi तुम आज़ाद होंगे....

प्रिंस आगे कुछ कहे बिना कॉल कट कर देता है.... इधर इंस्पेक्टर प्रिंस ज़रा और नेमत को महक को किडनैप करने के जुर्म में अरेस्ट कर के वहां से ले जाने लगते हैं....

प्रिंस बेहद गुस्से में सोना को देख के कहता है....

प्रिंस : एक बार सच सामने आ जाए फिर तुम्हे बताता हूँ की मैं क्या चीज़ हूँ....

सोना : तू क्या मुझे बताएगा....? अब साड़ी ज़िन्दगी तू जेल में सड़ेगा.... मैं भी देखती हूँ की तू बहार कैसे आता है....?

इंस्पेक्टर : आप लोग भी साथ चलिए ताकि आप का स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड किया जा सके....

इंस्पेक्टर की बात मान के सोना अपने डैड अकरम और चाचा इमरान के साथ पुलिस स्टेशन की तरफ चल देती है....

जमीला बाकी सब के साथ महक को ले के अपने घर में चली जाती है....

फ़ोन कट करने के बाद मैक्स फ़ौरन वहां के बड़े से बड़े वकील को कॉल करके प्रिंस ज़रा और नेमत के बैल के पेपर्स तैयार करने को कहता है साथ hi और भी बहुत से कॉल करता है....

पूरे रास्ते इंस्पेक्टर का फ़ोन बजता रहता है.... कभी उसे कमिश्नर का कॉल आता है तो कभी किसी मिनिस्टर का तो कभी कम का.... सब गुस्से में उसे प्रिंस को चोर्ने को कहते हैं....

सब को कॉल करने के बाद मैक्स फ़ौरन सुल्तानगढ के लिए निकल जाता है....

इधर जैसे hi इंस्पेक्टर सब को ले के पुलिस स्टेशन पहुँचता है.... वहां मौजूद लोगों को देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है.... वहां का नज़ारा था hi कुछ ऐसा....

10 से 12 अधिवक्ता.... पुलिस कमिश्नर.... 2 - 3 मिनिस्टर प्रिंस को छुड़ाने वहां आये हुए थे....

कमिश्नर को देख इंस्पेक्टर फ़ौरन उन्हें सलूट करता है....

कमिश्नर बेहद गुस्से में : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई प्रिंस को अरेस्ट करने की....?

इंस्पेक्टर : सर इसने एक बीमार लड़की को किडनैप किया है....

कमिश्नर : क्या ये साबित हुआ है....? क्या उस लड़की ने खुद ये बयान दिया है की प्रिंस ने उसको किडनैप किया है....?

इंस्पेक्टर : नहीं सर वो अभी इस हालत में नहीं है की कुछ बयान दे सके.... वो अभी बेहोश है उसे होश में आने में काम से काम 24 घंटे लगेंगे....

कमिश्नर : तब की तब देखेंगे.... फिलहाल के लिए प्रिंस और उनके दोस्तों को रिहा करो.....

कमिश्नर की बात सुन के सोना गुस्से में आगे आके कहती है....

सोना : आप पुलिस कमिश्नर हो के एक मुजरिम का साथ दे रहे हैं....

कमिश्नर अभी कुछ कहने hi वाला होता है की तभी एक अधिवक्ता आगे आ के कहता है....

अधिवक्ता : जब तक जुर्म साबित नहीं हो जाता आप मेरे क्लाइंट को मुजरिम नहीं कह सकते..... (फिर इंस्पेक्टर की तरफ देखते हुए) ये रहे इन तीनो के बैल पेपर्स.... जल्दी से इन्हे रिहा कीजिये....

सोना : ऐसे कैसे आप एक मुजरिम को रिहा कर सकते हैं.... ये एक किडनैपर है....

सोना की बात सुन के ज़रा बेहद गुस्से में उसके पास जा के खींच के उसे एक थप्पड़ मार के कहती है....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

ज़रा : दोबारा गलती से भी मेरे प्रिंस को किडनैपर या मुजरिम कहा न तो मैं तेरी ऐसी हालत करुँगी की फिर तू न कुछ कहने लायक रहेगी और न hi कुछ करने लायक....

इंस्पेक्टर सब का बयान लेने के बाद उनको रिहा कर देता है.... प्रिंस बेहद गुस्से में सोना को देखता है....

प्रिंस गुस्से में : तूने मुझ पे इतना घटिया इलज़ाम लगा के ठीक नहीं क्या....? मुस्कान जान है मेरी सुना तू ने.... अगर उसे एक खरोच भी आयी तो मैं तेरा वो हाल करूँगा जो तू ने ख्वाब में भी न सोचा होगा.... इस लिए यहाँ वक़्त बर्बाद करने से अच्छा है जा के उसका ख़याल रख और जब उसे होश आ जाए तब उस से पूछना की सच क्या है.... होश में आते hi वो सीधे मेरे पास चली आएगी.... फिर देखूंगा मैं तुझे....

सोना गुस्से में : वैसा कभी नहीं होगा.... और खबरदार जो महक के पास जाना का सोचा भी तो मैं तेरी जान ले लुंगी.... वो मेरी बेहेन है उसका तुझ जैसे किडनैपर के साथ कोई रिश्ता हो hi नहीं सकता....

प्रिंस : ये तो वक़्त hi बताएगा की कौन क्या है और हमारे बीच क्या रिश्ता है....?

फिर ज़रा और नेमत को ले के वहां से निकल जाता है....

घर पहुँच के वो सामने खड़े शख्स को देख चौंक जाते हैं....

प्रिंस : अरे बाबा आप यहाँ....?

बाबा : तुम लोग ठीक तो हो न....?

प्रिंस : हाँ हम ठीक हैं मगर आप इतना घबराये हुए क्यों हैं....?

बाबा : वो बात ऐसी है की मुझे पता चला है की यहाँ शतिआं अघुरा की बेटी सेहबा आयी थी....

प्रिंस : क्याआआआआ....? शैतान की बेटी.... मगर वो यहाँ क्यों आयी थी....????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 118

प्रिंस : ये तो वक़्त hi बताएगा की कौन क्या है और हमारे बीच क्या रिश्ता है....?

फिर ज़रा और नेमत को ले के वहां से निकल जाता है....

घर पहुँच के वो सामने खड़े शख्स को देख चौंक जाते हैं....

प्रिंस : अरे बाबा आप यहाँ....?

बाबा : तुम लोग ठीक तो हो न....?

प्रिंस : हाँ हम ठीक हैं मगर आप इतना घबराये हुए क्यों हैं....?

बाबा : वो बात ऐसी है की मुझे पता चला है की यहाँ शतिआं अघुरा की बेटी सेहबा आयी थी....

प्रिंस : क्याआआआआ....? शैतान की बेटी.... मगर वो यहाँ क्यों आयी थी....????

अब आगे.....

बाबा : वो यहाँ तुम्हारे अंडर जो नील ज़हर का असर है उसे बढ़ने आयी थी.... कल रात तुम जब घर आये थे तब बहार हॉल में तुम जिनसे मिले थे वो ज़रा नेमत और मुस्कान नहीं थे बल्कि अघोरा की तीनो बेटियां थी..... सेहबा हरेबा और रहा थी.... वो तीनो तुमसे सेक्स कर के तुम्हारे अंडर के नील ज़हर को पूरी तरह से जागृत करने आयी थी ताकि तुम नील ज़हर के गुलाम बन जाओ.... और जब तुम्हे अपनी पूरी पावर्स हासिल हो जाए तब तुम अघोरा की 4तह कुंवारी बेटी रेहबा के साथ सेक्स करने पे मजबूर हो जाओ और उस से जो बच्चा पैदा होगा वो तुम्हे मार के तुम्हारी पावर्स अघोरा को दे देगा.....

प्रिंस : अगर उस वक़्त ये तीनो वहां नहीं थी तो फिर ये तीनो थी कहाँ....?

बाबा : उन्होंने इनपे जादू किया था.... नेमत और ज़रा पे उनके जादू का ज़्यादा असर न हुआ इस लिए वो सुबह तक होश में आ गयी... मगर मुस्कान का जिस्म अभी कमज़ोर है जिस वजह से वो अभी भी बेहोश है.... कल सुबह तक उसे होश आ जाएगा....

प्रिंस : मगर बाबा एक बात मुझे समझ नहीं आयी की मैं उन्हें पहचान क्यों नहीं पाया..... आप की दी हुई पावर्स की वजह से मुझे उन्हें पल भर में पहचान लेना चाहिए था.... तो फिर....

बाबा : तुम उन्हें इस लिए नहीं पहचान पाए क्यों की रेहबा ने उनके जिस्म पे अपना खून छिड़क दिया था जिस से उनकी असलियत छुपी रही.... उस खून में वो पावर्स हैं जिस से कोई भी अपना असली रूप आसानी से छुपा सकता है.... तुम्हे ये जान के हैरानी होगी की रहबे के खून में जो पावर्स हैं वो किसी और की नहीं बल्कि तुम्हारी अपनी है.... जो उसे तुम्हारे ज़रिये मिली थी.... या ये कहना ज़्यादा ठीक होगा की उसे वो पावर्स तुम ने खुद उसे दी थी....

बाबा की बात सुन के प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है.... वो अभी ये पूछने hi वाला होता है की तभी बाबा उसे रोक के कहते हैं....

बाबा : अब ये मत पूछना की तुमने शैतान की बेटी को अपनी पावर्स क्यों दी... ये तुम्हे वक़्त आने पे खुद पता चल जाएगा.... और वो वक़्त जल्द hi आएगा.... फिलहान सब कुछ चोर के कॉलेज जाने के बारे में सोचो ख़ास कर के शनाया के बारे में....

प्रिंस : शनाया के बारे में... मैं कुछ समझा नहीं....

बाबा : समझ जाओगे... फिलहाल कॉलेज जाने के लिए तैयार हो जाओ.... और हाँ अभी के लिए मुस्कान की बातें दिमाग से निकाल दो.... भूल के भी उसके घर में नहीं जाना जब तक तुम्हारी ट्रेनिंग पूरी नहीं हो जाती.... और तुम अपनी पावर्स को हासिल नहीं कर लेते....

प्रिंस : मगर बाबा मैं ऐसे कैसे मुस्कान को भूल जाऊं....?

बाबा : मैं तुम्हे उसे भूलने को बिलकुल भी नहीं कह रहा बस इतना कह रहा हूँ की अभी के लिए उसके बारे में मत सोचो.... जब उसे होश आएगा तब वो खुद तुम्हारे पास आ जायेगी... मगर एक बात याद रखना चाहे जो हो जाए तुम उसके घर में नहीं जाओगे.... अगर गलती से भी तुम वहां गए तो समझ लेना की वक़्त से पहले सब बर्बाद हो जाएगा....

प्रिंस : मगर बाबा इस बीच अगर शैतानो ने मुस्कान को कुछ किया तो....?

बाबा : वो वैसा कुछ नहीं करेंगे..... वो चाहे भी तो कुछ नहीं कर पाएंगे.... जब तक तुम्हारा सुरक्षा कवच मुस्कान के पास है शैतान तो क्या इस पूरे ब्रह्माण्ड में ऐसा कोई नहीं जो उसका कुछ भी बिगाड़ सके....

फिर बाबा वहां से चले जाते हैं....

प्रिंस मैक्स को कॉल करके मुस्कान के घर वालों की पूरी जन्मकुंडली निकालने को कहता है....

मैक्स : वो मैं पहले hi निकाल चूका हूँ और कुछ इम्पोर्टेन्ट बातें हैं जो मैंने तुझे व्हाट्सप्प की हैं.... उन्हें पढ़ ले.... मैं बस 1 घंटे में वहां पहुँच रहा हूँ....

प्रिंस मैक्स का व्हाट्सप्प ओपन करके चेक करता है.... जैसे जैसे वो मश्ग पढता जाता है उसके होंठों की मुस्कान और गहरी होती जाती है.... फिर मैक्स को कुछ टाइप कर के सेंड करता है.... जवाब में मैक्स का OK देख प्रिंस कॉलेज जाने के लिए फ्रेश होने चल देता है.....

इधर सोना बेहद गुस्से में अपने घर लौट टी है.... और माँ जमीला को पूरी बात बताती है...

जमीला : वो ऐसा कैसे कर सकते हैं....? एक किडनैपर को आज़ाद कैसे कर सकते हैं....?

अमजद : यही तो मेरी भी समझ में नहीं आ रहा है.... और तो और उसे छुड़ाने वहां एडवोकेट्स की लाइन लगी हुई थी यहाँ तक की पुलिस कमिश्नर और कुछ मिनिस्टर भी आये हुए थे..... इस से तो ये hi पता चलता है की वो कोई मामूली इंसान नहीं बल्कि कोई बड़ी हस्ती है.... शायद कहीं का प्रिंस.....

सोना : होगा कहीं का प्रिंस मेरी बाला से... मेरा बस नहीं चला वर्ण मैं उसे मार मार के उसकी हालत खराब कर देती... उसकी हिम्मत कैसे हुई मेरे बेहेन को किडनैप करने की.....

अमजद : ये बात समझ नहीं आ रही है की आखिर उसने महक जिसे वो मुस्कान कह रहा था उसे किडनैप क्यों किया....? और उसने ये क्यों कहा की महक ठीक हो चुकी है....?

सोना : कुछ नहीं डैड वो कमीना बस अपने गुनाह छुपाने के लिए हमसे झूट बोल रहा था.... बस एक बार महक होश में आ जाए फिर देखना कैसे उसकी हालत खराब करती हूँ.... पहले तो जैम के उस कमीने को मारूंगी और फिर उसे ज़िन्दगी भर के लिए जेल में सड़ने के लिए न पंहुचा दिया तो मेरा नाम सोना नहीं....

इमरान : मैं तो कहता हूँ की हम को उस फसाद की जड़ को घर से निकाल देना चाहिए.... न रहेगा बांस और न बजेगी बांसुरी....

अमजद : हाँ सही कहा तुमने वो यहाँ रहा तो जाने कब फिर हमारी महक को किडनैप कर ले....

इमरान : चलो अभी उसे घर से निकाल देते हैं....

सब बेहद गुस्से में प्रिंस के पास चल देते हैं..... उन्हें देख ज़रा गुस्से में आ जाती है....

ज़रा : अब क्या लेने आये हो यहाँ....? चले जाओ यहाँ से इस से पहले की मैं कुछ गलत कर बैठूं.... और हाँ गलती से भी प्रिंस के ऊपर कोई और इलज़ाम लगाया न तो एक एक की बंद बजा दूंगी... चलो अब निकलो यहाँ से.....

ये कह ज़रा उन्हें घर से निकालने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसे रोक देता है.....

जमीला : देखो हम यहाँ कोई झगड़ा करने नहीं आये हैं....

प्रिंस : तो फिर....

जमीला : तुम अभी के अभी इस घर को चोर के चले जाओ.... नहीं तो मुझे मजबूरन तुम्हे और साथ में तुम्हारा सामान बहार फेकवाना पड़ेगा....

जमीला की बात सुन के ज़रा गुस्से से पागल हो जाती है...

ज़रा : तेरी हिम्मत कैसे हुई प्रिंस से ऐसे बात करने की.... तू जानती क्या है प्रिंस के बारे में.... तू प्रिंस को बहार फेकवायेगी..... हाथ लगा के तो दिखा तेरा हाथ काट के फेक न दिया तो मेरा नाम ज़रा नहीं..... है हिम्मत तो आगे आ.... आ आगे....

अमजद : देखो तमीज से बात करो....

ज़रा : तमीज गयी भाड़ में.... जब प्रिंस पे इलज़ाम लगा रहे थे तब तमीज कहाँ गयी थी.... और जब उसके खिलाफ रिपोर्ट लिखवा के उसे अरेस्ट करवा के जेल में डलवा रहे थे तब तुम सब की तमीज कहाँ गयी थी.... और तो और उस ( सोना की तरफ इशारा कर के ) कमीने ने जब मेरे प्रिंस पे हाथ उठाया था तब तुम्हारी सो कॉल्ड तमीज क्या घूमने गयी थी.... देखो तो इन एहसान फरामोशों को एक तो प्रिंस ने अपनी जान पे खेल के इन कमीनो की बेहेन बेटी की जान बचायी उसे एक नयी ज़िन्दगी दी... और ये हैं की प्रिंस का एहसान मान ने के बजाये उसपे इलज़ाम लगा के उसे अरेस्ट करवा दिया और अब आये हैं उसे घर के बहार फेंकवाने.....

अमजद : ये घर हमारा है और हम नहीं चाहते की तुम लोग यहाँ एक पल के लिए भी रुको.....

तभी मैक्स दरवाज़े से अंडर आ के जो कहता है उसे सुन के सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं....

मैक्स : ये घर कल तक आप का था मगर अब से ये घर प्रिंस का है....

जमीला : ये क्या बकवास कर रहे हो....? ये घर हमने इसे रेंट पे दिया था न की इसे बेचा था.... तो ये घर इसका कैसे हो गया....?

मैक्स : ये घर कल तक रेंट पे था लेकिन आज बिक चूका है.... जिसके पास आप ने अपना ये घर गिरवी रखा था उस से प्रिंस ने इसे खरीद लिया है.... सिर्फ ये hi नहीं बल्कि आप का वो घर भी अब प्रिंस का है और तो और आपकी पूरी जायदाद यहाँ तक की आपकी कंपनी भी अब प्रिंस के नाम है.... और जो कपडे गहने और जो भी कुछ आपके पास है वो सब प्रिंस का हो चूका है....

जमीला : ये सब झूट है ऐसा बिलकुल नहीं हो सकता.....

मैक्स : ऐसा हो सकता नहीं बल्कि हो चूका है.... ये रहे घर के और आपकी पूरी जायदाद और बाकी सब चीज़ों के पेपर्स की कॉपी जो प्रिंस के नाम हैं... और ये रहा कोर्ट का नोटिस जिसके हिसाब से अगले 7 दिन के अंडर आप को ये घर और आपकी हर एक चीज़ यहाँ तक की आपके जिस्म के कपडे भी यहाँ चोर के जाना होगा.... अगर गलती से भी किसी ने एक आवाज़ भी की तो फिर उसे जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता....

अमजत : ऐसे कैसे हम अपने घर को चोर के जाएंगे... और क्यों जाएंगे....?

प्रिंस : ये आपको इलज़ाम लगाने से पहले सोचना चाहिए था....

अमजद : मगर हम अपनी बीमार बच्ची को ले के कहाँ जाएंगे.....? हमारे नहीं तो काम से काम उस मासूम के बारे में तो सोचो....

तभी सोना पीछे से आके कहती है....

सोना : रहने दो डैड इस कमीने किडनैपर के आगे हाथ जोड़ने से अच्छा है की हम कहीं और चले जाएँ....

सोना की बात सुन के प्रिंस गुस्से में आ जाता है...

प्रिंस : कमीना किसी बोल रही है बे.... मैं अगर कमीनेपन ले उतर आया न तो तुम सब किसी को मुँह दिखने के लायक नहीं रहोगे.... मैं चहुँ तो अभी के अभी तुम सब के कपडे तक उतरवा के यहाँ से बहार फेकवा दूँ... मगर मैं सिर्फ मुस्कान की वजह से तुम सब को चोर रहा हूँ....

प्रिंस की बात सुन के और मौके की नज़ाकत को समझ के जमीला न चाहते हुए भी प्रिंस के आगे हाथ जोड़ लेती है....

सोना : माँ ये आप क्या कर रही हैं....? इस कमीने किडनैपर के आगे हाथ जोड़ने से तो अच्छा है की हम यहाँ से चले जाए....

जमीला गुस्से से : तू चुप कर.... (फिर प्रिंस को देख के ) मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ प्लीज हम को इस घर से मत निकालो... हमारा नहीं तो काम से काम महक का ख़याल करो... उस बीमार बच्ची को इस हालत में हम कहाँ ले कर जायेगे....

जमीला की बात सुन के....

प्रिंस : पहली बात तो ये की मुस्कान बीमार नहीं है वो ठीक हो चुकी है.... और दूसरी बात ये की सिर्फ और सिर्फ उसकी वजह से मैं आप सब को यहाँ रहने की इजाज़त दे सकता हूँ.... वो भी तब जब कल वो खुद आ के मुझसे ये कहे की मैं आप सब को यहाँ से न निकालूँ....

जमीला : मगर वो बोलेगी कैसे वो बीमार है....?

प्रिंस : मैंने कहा न वो ठीक हो चुकी है.... अब बस कल का इंतज़ार कीजिये.... आप सब का यहाँ रहना न रहना अब मुस्कान के हाथ में है....

सोना : सीधे सीधे ये क्यों नहीं कहते की तुम हमको यहाँ से निकालना चाहते हो.... यूँ बात घुमा के महक पे दाल ने की बात क्यों कर रहे हो... आखिर तुमने अपना कमीनापन दिखा hi दिया न.... ये अच्छे से जानते हुए की महक बीमार है वो कुछ कह नहीं सकती... तो इस हिसाब से हम को ये घर खली करना है....

प्रिंस गुस्से में : मैं अब किसी बेहेस के मूड में नहीं हूँ और ख़ास कर के तुमसे तो बिलकुल भी नहीं.... तो इस से पहले की मेरा मूड खराब हो जाए निकल लो यहाँ से.... और तू ( सोना की तरफ देख के ) दोबारा गलती से भी मेरे सामने आने की गलती न करना.... वर्ण तेरे साथ मैं क्या करूँगा ये मैं खुद भी नहीं जानता..... चलो अब चुप चाप निकल लो यहाँ से अभी....

प्रिंस की बात सुन के सब अपना सर झुका के चुप चाप वहां से जाने पे मजबूर हो जाते हैं... कहाँ वो प्रिंस को घर से निकालने आये थे और कहाँ अपने घर जायदाद यहाँ तक की जिस्म पे पहने हुए कपड़ों से भी हाथ धो बैठे....

घर पहुँच के सब बेहद परेशान बैठ जाते हैं किसी की कुछ समझ नहीं आ रहा है की अचानक से ये क्या हो गया.... सब की आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

सोना : आप सब फ़िक्र क्यों कर रहे हैं.... कुछ नहीं होगा देखना कल तक सब ठीक हो जाएगा.... बस एक बार महक को होश आ जाए फिर मैं देखती हूँ वो कमीना किडनैपर कैसे हम को इस घर से बहार निकालता है.... उस कमीने को जेल न पहुंचा दिया तो.....

सोना की बात सुन के जमीला बेहद गुस्से में आ जाती है....

जमीला गुस्से में : चुप कर तू एक डैम चुप.... एक लफ्ज़ भी नहीं बोलेगी तू.... ये सब तेरी hi वजह से हो रहा है.... न तू उसके साथ बदतमीज़ी करती न उसे अरेस्ट करवाती और न वो हमारा घर और हमारी प्रॉपर्टी ख़रीदता.... और न हमारे बेघर होने की नौबत आती....

सोना : माँ आप मुझपे नाराज़ हो रही हैं ये नहीं देख रही हैं की उस कमीने ने क्या किया..... उसने महक को किडनैप किया....

जमीला : वो hi तो मेरी समझ में नहीं आ रहा है की आखिर वो एक बीमार लड़की को क्यों किडनैप करेगा....

अमजद : अब तो ये महक से hi पता चल सकता है की असल बात क्या है....?

सोना : डैड ये जानते हुए भी की महक बोल नहीं सकती आप उस से पूछने की बात कर रहे हैं....

अमजद : हाँ कर रहा हूँ क्यों की मुझे लगता है की वो सच कह रहा था की महक ठीक हो चुकी है....

सोना : जब उसका इलाज हुआ hi नहीं तो वो ठीक कैसे हो गयी....?

जमीला : इस क्यों का जवाब कल सुबह मिल जाएगा.... अब और कोई बेहेस नहीं.... चलो अब अपने कॉलेज जाओ.... और बाकी सब भी अपने काम पे लग जाओ....

माँ की बात सुन के सोना मन में प्रिंस को हज़ार गालियां देते हुए तैयार हो के कॉलेज निकल जाती है.... वहां जो वो देखती है उसे देख गुस्से से उसका दिमाग फटने लगता है....????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 119

अमजद : अब तो ये महक से hi पता चल सकता है की असल बात क्या है....?

सोना : डैड ये जानते हुए भी की महक बोल नहीं सकती आप उस से पूछने की बात कर रहे हैं....

अमजद : हाँ कर रहा हूँ क्यों की मुझे लगता है की वो सच कह रहा था की महक ठीक हो चुकी है....

सोना : जब उसका इलाज हुआ hi नहीं तो वो ठीक कैसे हो गयी....?

जमीला : इस क्यों का जवाब कल सुबह मिल जाएगा.... अब और कोई बेहेस नहीं.... चलो अब अपने कॉलेज जाओ.... और बाकी सब भी अपने काम पे लग जाओ....

माँ की बात सुन के सोना प्रिंस को मन में हज़ार गालियां देते हुए तैयार हो के कॉलेज निकल जाती है.... वहां जो वो देखती है उसे देख गुस्से से उसका दिमाग फटने लगता है....????

अब आगे....

प्रिंस के कार से उतारते hi शनाया जो बेसब्री से प्रिंस के आने का इंतज़ार कर रही थी.... प्रिंस को देखते hi दौर के आती है और कास के उस के सीने से लिपट जाती है..... और उसके चेहरे को अपने हाथों में ले के उसे किश करने लगती है....

ठीक तभी सोना कॉलेज में एंटर करती है.... प्रिंस और शनाया का किश देख उसे बेहद गुस्सा आने लगता है साथ hi उसे बेहद जलन भी होने लगती है....

शनाया : देखो तो साले कमीने को.... घर में तो बड़ा शरीफ बन रहा था.... कह रहा था मुस्कान मेरी जान है और यहाँ देखो कैसे इस लड़की को किश कर रहा है....

शनाया की बात सुन के उसकी दोस्त नैना जो उसे देख उसके पास आयी थी....

नैना : क्या बात है शनाया....? किसपे इतना नाराज़ हो रही है....?

शनाया : वो देख सामने कैसे दोनों बेशर्मो की तरह सब के सामने किश कर रहे हैं....? और उस लड़की को देखो उसे तो ज़रा भी शर्म नहीं है कैसे खुले आम उसे किश कर रही है.... साली कमीनी.... मेरे बस चले तो साली का मुँह तोड़ दूँ....

नैना हैरत से : तू कब से इस सब चीज़ों पे ध्यान देने लगी....

सोना : मुझे क्या पड़ी है जो मैं इन जैसे आवारा और कमीने लोगों को ध्यान दूँ....

नैना : तू ने जो कहा वो कुछ हद तक शनाया के लिए तो ठीक है मगर प्रिंस वैसा नहीं है.... मैं उसके बारे में ज़्यादा तो नहीं जानती मगर हाँ जितना भी जानती हूँ उस से ये ज़रूर कह सकती हूँ की वो आवारा नहीं है... बल्कि नेक दिल फरिश्ता है.... जिसने उस शनाया की एक नहीं बल्कि तीन बार जान और िज़ात बचायी.... शनाया ने अपने भाई के साथ मिल के रैगिंग के नाम पे न जाने उसके साथ क्या कुछ नहीं किया... उसे बेहद परेशान किया फिर भी उसने उस वक़्त शनाया और उसके भाई की मदत की जब वो तकलीफ में थे.... और क्या कहूं उसके बारे में.... यार वो इतना हैंडसम स्मार्ट और डैशिंग है की कॉलेज की साड़ी लड़की उसपे मरती हैं.... है यार क्या मस्त सेक्सी बॉडी है उसकी..... ममममममम.... वो 8 पैक्स अबस्स्सस्स्स्स..... मस्त डोले शोले.... उसका फाइट करने का अंदाज़.... उसके चलने का उसके बात करने का अंदाज़..... हाआआअआइईईई.... उसकी बात hi अलग है.... तू जानती है उसमे सब से ख़ास क्या है... उसकी नीली आँखें और आँखों में काला टिल... जिसे देख दिल उसपे मर मिटने को करता है.... वो बस एक बार इशारा कर दे मैं अभी उसकी गर्लफ्रेंड बन ने को तैयार हूँ.... मगर वो ज़ालिम है की पलट के देखता तक नहीं...

नैना के मुँह से प्रिंस की तारीफ सुन के सोना उसमे खो सी जाती है.... और जब नैना के मुँह से वो ये सुनती है की प्रिंस की आँखें नीली हैं और उनमे काला टिल है तो उसे सुलतान की याद आ जाती है.... अचानक hi उसके मुँह से सुलतान निकल जाता है....

सोना का मन : कहीं प्रिंस मेरा सुलतान तो नहीं....

ये कह के सोना प्यार भरी नज़रों से सुलतान को देखने लगती है....

शनाया का दिमाग : ये तू क्या कह रही है.... कहाँ तेरा सुलतान और कहाँ ये कमीना... ये तेरा सुलतान हो hi नहीं सकता.... भूल गयी इसी कमीने ने महक को किडनैप किया था....

ये बात याद आते hi सोना का मुँह बन जाता है और वो प्रिंस को कमीना किडनैपर कह के वहां अपनी क्लास की चल देती है....

सोना को यूँ जाते देख और उसके मुँह से प्रिंस के लिए कमीना सुन के नैना उसे रोक के कहती है....

नैना : तू जानती है उसे....?

सोना : जी नहीं न hi मैं इस जैसे कमीने लोगों को जानती हूँ और न hi इन जैसो को जान ने में मुझे कोई इंटरेस्ट है....

नैना : तो फिर यहाँ धुप में कड़ी कड़ी क्यों अपने गोर रंग को जला रही है.... कहीं ऐसा तो नहीं की तुझे उस से प्यार हो गया है....?

सोना : ो प्लीज हाँ... मैं और इस जैसे से प्यार करुँगी.... कभी नहीं.... अगर ये दुनिया का आखरी लड़का भी हुआ न तब भी नहीं... इस कमीने से प्यार करना तो दूर मैं तो इसे देखना भी नहीं चाहती....

नैना : अच्छा जी.... नहीं देखना चाहती कह भी रही है और उसे प्यार से घूरे भी जा रही है.... तेरी जुबां और तेरी आँखें मेल नहीं खा रही हैं.... जहाँ तेरे मुँह से उसके लिए गालियां निकल रही हैं वहीं तेरी आँखों में उसके लिए बेइन्तेहाँ प्यार साफ़ नज़र आ रहा है....

सोना : तेरे दिमाग का स्क्रू लूसे नहीं हुआ है बल्कि गिर गया है... तभी ऐसी बकवास बातें कर रही है... अब एक और लफ्ज़ तूने कहा न तो देख मैं तेरा क्या हाल करती हूँ....

नैना : पक्का न तुझे उस में कोई इंटरेस्ट नहीं है न... देख अगर है तो अभी बता दे.... मैं पीछे हैट जाउंगी... बाद में मत कहना की मैंने तेरी जान को तुझसे दूर कर दिया....

सोना : तू न अब मार खायेगी... एक बार कहा तो बात तेरी समझ में नहीं आती क्या....? मुझे उस में कोई इंटरेस्ट नहीं है.... अब अगर तूने एक और लफ्ज़ कहा न तो मैं तेरे दांत तोड़ दूंगी.... अब चुप चाप चल क्लास में....

सोना की बात सुन के नैना खुश हो जाती है.... और आगे बढ़ के उसे कास के अपने सीने से लगा लेती है....

सोना : कमीनी दूर हैट मैं वैसी नहीं हूँ....

नैना : है मेरी जान तू क्या है ये मुझसे पूछ.... तुझे देख के जन्नत की पारी भी शर्मा जाए.... तेरा ये बेपनाह हुस्न और सेक्सी जिस्म देख के मैं तो क्या प्रिंस भी तुझ पे दिल ो जान से मर मिठे....

नैना की बात सुन के सोना एक बार फिर से प्रिंस की तरफ देखती है.... वो जैसे उसमे खो सी जाती है... और मदहोशी में कहती है....

सोना : क्या सच में वो मुझपे मर मिटेगा....?

नैना : अबे कमीनी.... अभी तो कह रही थी की तेरा उस से कोई लेना देना नहीं है और अब उसके तुझपे मर मिटने की बात पूछ रही है... तेरा न मुझे कुछ समझ नहीं आता.... देख अभी भी वक़्त है सीधे सीधे बता दे.... तेरा कोई चक्कर वक्कर नहीं है न उसके साथ.....

सोना : नहीं है... अब और कोई बात नहीं अब चल....

फिर वो दोनों वहां से क्लास की तरफ जाने लगती हैं.... जाते जाते भी जाने क्यों सोना तिरछी नज़र से प्रिंस को hi देखे जा रही है.... उसे खुद अपनी हरकत पे हैरत हो रही है....

इधर प्रिंस को इस बात का गुमान न था की शनाया कॉलेज में सब के सामने ऐसा कुछ करेगी.... वो फ़ौरन उसे खुद से अलग कर के कहता है....

प्रिंस : शनाया तुम पागल तो नहीं हो गयी.... ये क्या कर रही हो.....?

शनाया : क्या कर रही हूँ.....? अपनी जान को सीने से लगा के प्यार कर रही हूँ..... और क्या....? और वैसे भी अपनी जान पे प्यार लुटाने में कुछ गलत तो नहीं..... तुम hi बताओ मैंने गलत किया क्या....? नहीं न.... मैंने सही किया न....? बोलो न बोलते क्यों नहीं.....?

प्रिंस : हाँ.... मतलब नहीं... मतलब हाँ.... नहीं....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी आयुष आके जो कहता है उसे सुन के प्रिंस चीड़ जाता है.....

आयुष : यार शनाया.... ये आज कल प्रिंस को क्या हो गया है.....? रोज़ इसका एक नया रूप देखने को मिल रहा है.... कल सुबह बड़ा नाराज़ हो रहा था... फिर रात में घर आके इसने तुझे गले लगाया... तुझसे दोस्ती की और आज सुबह सुबह किश किया और अब बिना बात के हाँ नहीं हाँ नहीं कह रहा है.... सब ठीक तो है न..... कहीं ये पागल तो नहीं हो गया....

अभी आयुष ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है.....

Chataaaaaaaaaak.....

शनाया बेहद गुस्से में : खबरदार भाई जो तू ने प्रिंस के बारे में एक भी गलत लफ्ज़ अपने मुँह से निकाला तो.....

प्रिंस शॉकेड : अबे गलती खुद ने की और मार तुम इसे रही हो..... इसे क्यों मारा....? ये भाई है तुम्हारा....

शनाया बेहद गुस्से में : पहली बात तो ये की मैंने कोई गलती नहीं की.... और दूसरी.... ये मेरा भाई है तो क्या....? इसे कोई हक़ नहीं की ये मेरी जान के बारे में कुछ भी कहे.... इसे तो क्या इस दुनिया में किसी को कोई हक़ नहीं है की वो मेरी जान के बारे में कुछ भी गलत कहे.....

प्रिंस : और अगर किसी ने कुछ कहा तो....?

शनाया गुस्से में : तो मैं उसकी जान ले लुंगी.... तुम्हारे बारे में कोई कुछ गलत कहे ये मैं कभी बर्दाश्त नहीं कर सकती.... फिर चाहे वो कोई भी क्यों न हो....? समझे....

आयुष : हाँ समझ गया... अच्छे से समझ गया.... आज के बाद मैं इनके बारे में कभी कुछ नहीं कहूंगा.... ी ऍम सॉरी.....

प्रिंस : अबे ये हो क्या रहा है....? तुम दोनों कहीं पागल तो नहीं हो गए....? ये क्या कह रहे हो.....? आयुष तू किस बात की माफ़ी मांग रहा है....? दोस्तों में कोई फॉर्मेलिटी नहीं होती.... न सॉरी न थैंक्स.... वो तो हक़ से एक दूसरे को कुछ भी कह सकते hain.....aur शनाया.... तुम्हे क्या हुआ है....? ये भाई है तुम्हारा.... तुम इस पे हाथ उठा रही हो.....? इस्पे....? वो भी एक गैर शख्स के लिए.....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी शनाया....

शनाया : भाई है तो क्या इसे इस कोई हक़ नहीं की ये तुम्हारे बारे में कुछ भी गलत कहे.... और रही बात तुम्हारी तो तुम मेरी जान हो.... अपनी जान से भी ज़्यादा चाहती हूँ मैं तुम्हे.... तुम्हारे लिए मेरे दिल में बेइन्तेहाँ प्यार है......

प्रिंस : ये प्यार नहीं पागलपन है....

शनाया : सही कहा तुमने.... मैं तुम्हारे प्यार में पागल हूँ.... अपनी जान से भी ज़्यादा चाहती हूँ मैं तुम्हे.....

शनाया की बात सुन के प्रिंस के साथ साथ वहां मौजूद सभी हैरत से उसकी तरफ देखने लगते हैं....

ख़ास कर के सोना... जो अभी क्लास की तरफ जा hi रही होती है.... शनाया की बात सुन के और प्रिंस के लिए उसका इज़हारे मोहोब्बत जान के सोना को जाने क्यों उसपे बेहद गुस्सा आने लगता है साथ hi उसे बेहद तकलीफ होने लगती है..... उसके सामने कोई गैर लड़की प्रिंस से अपने प्यार का इज़हार कर रही है.... जिसे सुन के उसे जलन हो रही है इस जलन की वजह उसे समझ नहीं आ रही है.... जाने क्यों इस बात से उस की आँखें नाम हो जाती हैं.... साथ hi उसका दिल भी तड़प जाता है.....

तभी बेल्ल बजती है और सब क्लास की तरफ चल देते हैं.... शनाया भी अपनी क्लास की तरफ जाने लगती है मगर प्रिंस उसका हाथ पकड़ के उसे रोक लेता है....

शनाया हैरत से पलट के उसकी तरफ देखती है.... प्रिंस बिना कुछ कहे शनाया का हाथ पकड़ के उसे अपनी कार की तरफ ले जाता है और कार का दरवाज़ा खोलता है.... शनाया बिना कुछ कहे चुप चाप कार में बैठ जाती है.... प्रिंस ड्राइविंग सीट पे बैठ के कार स्टार्ट कर के चल देता है.... शनाया खामोश बैठी प्यार से बस प्रिंस को hi देखे जा रही है....

प्रिंस बिना कुछ कहे चुप चाप कार चला रहा है.... कुछ देर बाद एक जगह पे वो कार रोकता है.... बहार निकल के वो दरवाज़ा खोलता है.... शनाया बहार आ के कड़ी हो जाती है..... प्रिंस उसका हाथ पकड़ के एक तरफ चल देता है.... शनाया बिना कोई सवाल किये उसके पीछे पीछे चल देती है....

कुछ देर चलने के बाद प्रिंस एक जगह पे रुक जाता है..... फिर मुद के शनाया के चेहरे को गौर से देखने लगता है....

फिर प्रिंस शुरू से ले के अब तक की साड़ी बात उसे बताता है.... बस अपने बेहद अमीर होने की बात को चोर के सब कुछ.... ये भी की उसने रूही से निकाह किया है.... और शीना के साथ सेक्स.... और ये भी की उसकी लाइफ में कई लडकियां आयी हैं और आगे भी कई आने वाली हैं....

प्रिंस की बात सुन के शनाया की आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... प्रिंस एक बार फिर उसके चेहरे को गौर से देखता है और फिर उस से पूछता है....

प्रिंस : मेरा सच जान ने के बाद क्या अब भी तुम ये कहोगी की तुम मुझसे प्यार करती हो....? मैं तुम्हारी जान हूँ.... शायद नहीं.... तुम तो क्या दुनिया की कोई भी लड़की ऐसा नहीं कह सकती..... सच जान ने के बाद कोई मुझे नहीं छह सकती... जान कहना तो बहुत दूर की बात है.... खैर... जो सच था वो मैंने तुम्हे बता दिया.... और अब जब तुम ये जान गयी हो की मैं तुम्हारे प्यार के लायक नहीं हूँ.... तो ये hi बेहतर होगा की भूल जाओ मुझे.... आगे बढ़ो और अपनी ज़िन्दगी उसके साथ गुज़ारो जो तुम्हारे लायक हो..... मेरे जैसे के साथ नहीं.... अब चलो....

ये कह के प्रिंस कार की तरफ बढ़ जाता है....

वो अभी कुछ दूर गया hi था की तभी.... शनाया की बात सुन के वो बुरी तरह से चौंक जाता है....

शनाया : ी लव यू प्रिंस.... ी लव यू....

शनाया के मुँह से ी लव यू सुन के प्रिंस पलट के हैरत से शनाया की तरफ देखता है....

प्रिंस : मेरा सच जान ने के बाद भी तुम ये कह रही हो.....

शनाया : हाँ मैं अब भी तुम्हे उतना hi चाहती हूँ.... बल्कि तुम्हारा सच जान ने के बाद तो तुम्हारे लिए मेरा प्यार और भी ज़्यादा गहरा हो गया है.... तुम्हारी बात जान के मुझे तकलीफ तो बहुत हुई है मगर फिर भी अपनी जान के लिए मुझे सब मंज़ूर है....

प्रिंस : ये जान ने के बाद भी की मैं तुमसे प्यार नहीं करता.....

शनाया : हाँ.....

प्रिंस : मगर क्यों....?

शनाया : चाहत की कोई वजह नहीं होती..... बस चाहती हूँ मैं तुम्हे..... अपनी जान से भी ज़्यादा....

प्रिंस : यार.... मुझे समझ नहीं आता की तुम्हारा मैं क्या करूँ.....?

शनाया : सिंपल सी बात है... मुझे प्यार करो.....

प्रिंस : वो मुमकिन नहीं..... मैं तुम्हे तो क्या अब किसी को नहीं छह सकता.... अब ये मुझसे नहीं होगा....

शनाया : होगा ज़रूर होगा.... मुझे पूरा यकीन है की एक दिन तुम मुझसे प्यार का इज़हार ज़रूर करोगे.... जितना प्यार मैं तुमसे करती हूँ उस से कई ज़्यादा प्यार तुम मुझसे करोगे.....

शनाया की बात का प्रिंस कोई जवाब नहीं देता.....

प्रिंस : बहुत देर हो गयी है.... अब हमको चलना चाहिए.....

शनाया : कितना सुहाना मौसम है.... कितनी हसीं जगह है... और मेरा प्यार मेरे साथ है.... क्या हम कुछ देर और यहाँ नहीं रुक सकते....?

शनाया ने ये बात इतने प्यार से कई थी की प्रिंस उसे न नहीं कह पाटा.... बस एक तक उसकी आँखों में देखता रहता है.... उसके मासूम प्यारे और खूबसूरत चेहरे में खो सा जाता है....

कुछ देर बाद दोनों वहां से लौट आते हैं.....

अगली सुबह प्रिंस तैयार हो के कॉलेज निकल जाता है..... रस्ते में उसे आयुष मिलता है....

प्रिंस : अरे आयुष यहाँ क्या कर रहा है कॉलेज नहीं जाना है क्या.....?

आयुष : हाँ जाना है न..... वो क्या है की आज शनाया का बर्थडे है..... तो उसके लिए गिफ्ट लेने आया था....

प्रिंस : क्या कहा आज शनाया का बर्थडे है....!!!!

आयुष : हाँ.....

प्रिंस : तो फिर आज तो पार्टी होगी....

आयुष : जी नहीं.... पिछले 11 साल से शनाया ने अपना बर्थडे नहीं मनाया....

प्रिंस : नहीं मनाया.... मगर क्यों.....?

आयुष : क्यों की 11 साल पहले ठीक आज hi के दिन.... मतलब शनाया के बर्थडे के hi दिन एक एक्सीडेंट में माँ की डेथ हो गयी थी.... तब से ले के आज तक उसने कभी अपना बर्थडे नहीं मनाया..... वो माँ की मौत को आज तक नहीं भूल पायी है.... जब भी उसका बर्थडे आता है वो उदास हो जाती है.... माँ की याद उसे तड़पा देती है....

प्रिंस : इस बार उसकी उदासी भी दूर होगी और उसका बर्थडे भी मनाया जाएगा.... मेरे रहते मेरी दोस्त कभी उदास नहीं हो सकती.... मैं आज उसे वो ख़ुशी दूंगा की उसकी साड़ी उदासी दूर हो जायेगी....

आयुष : मतलब....

प्रिंस : मतलब की आज उसके लिए मैं एक सरप्राइज बर्थडे पार्टी दूंगा.... जिसमे पूरा कॉलेज इन्वितेद होगा.... मगर हाँ इस बात का पता उसे नहीं होना चाहिए.... इस बात का ख़याल तुझे रखना है....

प्रिंस की बात सुन के आयुष ख़ुशी से नाचने लगता है....

प्रिंस : अबे अब नाचता hi रहेगा या फिर काम की बात भी सुनेगा....

आयुष : यार वो क्या है की तेरी बात सुन के दिल और मैं दोनों ख़ुशी से झूमने लगा.... तूने बात hi ऐसी की है....

प्रिंस : आज तुझे शनाया को घर से दूर रखना है और जब मैं कहूं तब उसे घर लाना है....

आयुष : अच्छा मगर वो क्यों.....?

प्रिंस : अबे यार सरप्राइज पार्टी की तैयारी के लिए.... अब उसके सामने तो तैयारी तो नहीं कर सकता न.....

आयुष : समझ गया.... लेकिन अगर वो तेरे बारे में पूछेगी तो....

प्रिंस : तो कह देना की मैं किसी ज़रूरी काम से शहर से बहार जा रहा हूँ.... कल रात तक वापिस आऊंगा...... मैं भी उसे यही कहूंगा.....

आयुष : हाँ ये ठीक रहेगा....

प्रिंस : हाँ तो चल अब जल्दी से काम पे लग जा.... मैं भी तैयारी करने जाता हूँ.... देखना आज का दिन शनाया की लाइफ का बेस्ट दिन होगा.....

फिर दोनों चल देते हैं अपने अपने काम पे....

इधर कॉलेज में प्रिंस को न पा के शनाया प्रिंस को कॉल करती है.... जब उसे प्रिंस ये बताता है की वो किसी काम से शहर से बहार गया हुआ है तो वो और भी ज़्यादा उदास हो जाती है.... पूरा दिन ऐसे hi गुज़र जाता है फिर शाम को वो उदास मन से घर लौट आती है.....

घर को देख वो बुरी तरह से चौंक जाती है.... पूरा घर दुल्हन की तरह सजा हुआ है....

शनाया जैसे hi घर में घुसती है उसके ऊपर गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश होने लगती है और साथ hi उसे गाना सुनाई देने लगता है.... पूरे घर को बहुत hi खूबसूरत तरीके से सजाया गया है.... हर तरफ गुलाब के फूल और दिल शेप के बैलून लगे हुए हैं.... जिसे देख शनाया बेहद खुश हो जाती है.....

गोरिये तू किन्नी गोरी है

तू ज़मीन पे चाँद की जोड़ी है

बुरी ऐ बड़ी बुरी ऐ

दुनिया की नियत छोड़िये

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये साणु

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये साणु

***************************************

उसे प्रिंस की आवाज़ तो सुनाई दे रही है मगर वो कहीं नज़र नहीं आ रहा है.... वो प्रिंस को हर तरफ ढूंढती है मगर प्रिंस उसे कहीं नहीं मिलता.... वो अपने रूम की तरफ चल देती है.... जहाँ से गाने की आवाज़ आ रही है... अपने रूम में बीएड पे उसे एक पैकेट नज़र आता है जिसपे लिखा है....

सरप्राइज No. 1

शनाया जल्दी से उस पैकेट को खोल के देखती है.... उसमे बेहद hi खूबसूरत ड्रेस है जिसे देख उसका दिल ख़ुशी से झूम उठता है.... वो फ़ौरन उस ड्रेस को पेहेन लेती है....

***************************************

हो सिल्की कुर्ती यह

जो तू पहन के आज निकली ऐ

हलकी सी तू मुड़ती ऐ

घूम जाए मार्किट छोड़िये

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये शानू

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये शानू

***************************************

ड्रेस पेहेन के जब वो आईने में खुद को देखती है तो उसे सामने ड्रेसिंग टेबल पे एक और पैकेट नज़र आता है जिसपे लिखा है....

सरप्राइज No. 2

इसे पेहेन के पीछे गार्डन में आओ....

शनाया जब उस पैकेट को खोल के देखती है तो और भी ज़्यादा खुश हो जाती है... उसमे बेहद hi खूबसूरत ज्वेलरी और सांडले है.... वो उसे पेहेन के घर के बहार की तरफ चल देती है....

***************************************

हो माथे पे गोर काला

टीका बना ले मुझको

तुझको बालाओं से बचा लून

है धुप यह ज़माना

ोास की बूँद है तू

पलकों की छाओं

में छुपा लून

गोरिये ये मेरी थ्योरी ऐ

की ये तेरी मेरी

लीड में स्टोरी है

सॉरी ये खुद सॉरी ऐ

है जो बीच अपने दूरिये

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये तड़पाये शानू

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये तड़पाये शानू

गोरिये तू किन्नी गोरी ऐ

तू ज़मीन पे चाँद की जोड़ी ऐ

बुरी ऐ बड़ी बुरी ऐ

दुनिया की नियत छोड़िये

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये शानू

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये शानू....

***************************************

वो घर के बाहर गार्डन में आती है..... जहां उसके कॉलेज के सभी लोग नज़र आ रहे हैं.... बस प्रिंस hi उसे कहीं नज़र नहीं आ रहा.... उसकी निगाहें हर तरफ प्रिंस को ढूंढने लगती हैं की तभी उसे पीछे से प्रिंस की आवाज़ सुनाई देती है.... वो पलट के उस तरफ देखती है.....

प्रिंस : हैप्पी बर्थडे तो यू.... हैप्पी बर्थडे तो यू.....

गाते हुए प्रिंस सामने से चला आ रहा है....

प्रिंस को देख के शनाया ख़ुशी से झूम उठती है और आगे बढ़ के कास के उसे अपने सीने से लगा लेती है.....

प्रिंस : शनाया.... ये क्या कर रही हो....?

शनाया : अपनी जान को प्यार कर रही हूँ....

प्रिंस : सब देख रहे हैं.....

शनाया : देखने दो.....

प्रिंस : तुम्हारे डैड भी हैं....

प्रिंस के मुँह से डैड का नाम सुनते hi शनाया फ़ौरन प्रिंस से अलग हो जाती है.....

फिर केक आता है... केक काट के शनाया सब से पहले प्रिंस को खिलाती है फिर अपने डैड को फिर आयुष को....

एक एक कर के सब शनाया को गिफ्ट देते हैं.... प्रिंस चुप चाप खड़ा शनाया को देखता रहता है.....

आयुष : आज मैं बहुत खुश हूँ.... इतने साल बाद आज पहली बार अपने बर्थडे के दिन तू खुश नज़र आ रही है.... वर्ण हर साल तू उदास hi रहती है.....

शनाया : सही कहा भाई.... माँ के जाने के बाद मैं तो जैसे जीना hi भूल गयी थी... मगर प्रिंस ने मुझे जीना सिखाया.... उसके प्यार ने मुझे जीने की वजह दी....

आयुष : तो इसका मतलब प्रिंस ने तुझे ी लव यू कह दिया....

शनाया : नहीं अभी कहा नहीं है मगर मुझे यकीन है की जल्द hi वो कह देगा....

आयुष : मुझे उस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार है... जिस दिन मेरी बेहेन को उसका प्यार मिल जाएगा....

तभी म्यूजिक बजने लगता है... सब डांस करने लगते हैं....

प्रिंस : कैसा लगा मेरा सरप्राइज....?

शनाया : मैं बता नहीं सकती की आज मैं कितनी खुश हूँ..... ये मेरी लाइफ का बेस्ट सरप्राइज है.....

प्रिंस : जी नहीं... अभी तो बस शुरुवात है.... असली सरप्राइज तो अभी बाकी है.... बस देखती जाओ की आगे आगे होता है क्या....?

प्रिंस की बात सुन के शनाया ख़ुशी से उछाल पड़ती है.... और फिर......?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 120

प्रिंस : कैसा लगा मेरा सरप्राइज....?

शनाया : मैं बता नहीं सकती की आज मैं कितनी खुश हूँ..... ये मेरी लाइफ का बेस्ट सरप्राइज है.....

प्रिंस : जी नहीं... अभी तो बस शुरुवात है.... असली सरप्राइज तो अभी बाकी है.... बस देखती जाओ की आगे आगे होता है क्या....?

प्रिंस की बात सुन के शनाया ख़ुशी से उछाल पड़ती है.... और फिर......?????

अब आगे....

प्रिंस शनाया के सामने घुटने पे बैठ जाता है और अपनी पॉकेट से अंगूठी निकाल के उसकी तरफ बढ़ा के कहता है...

प्रिंस : ी लव यू.... शनाया....

प्रिंस के मुँह से ी लव यू सुन के शनाया की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता... वो फ़ौरन अपनी सर हाँ में हिला के हाथ आगे बढ़ा देती है....

प्रिंस उसे अंगूठी पहनता और खड़े हो के कास के उसे अपने सीने से लगा लेता है.... शनाया भी प्रिंस के सीने से लिपट जाती है....

प्रिंस एक बार फिर से उसे ी लव यू कहता है....

शनाया : एक बार फिर से कहो न....

प्रिंस : ी लव यू....

शनाया : एक बार फिर से....

प्रिंस : ी लव यू....

शनाया : कहते जाओ बस कहते जाओ...

प्रिंस शनाया से अलग हो के अपनी दोनों बाहें फैला के ज़ोर से कहता है....

प्रिंस : ी लोवीएएए ोुउउउउउउ Shanayaaaaaaaaaa....

प्रिंस की आवाज़ पूरे फ़िज़ा में गूँज उठती है साथ hi वहां मौजूद सभी को उनके प्यार का एहसास करा देती है.....

प्रिंस के मुँह से ी लव यू शनाया सुन के शनाया के साथ साथ उसका भाई आयुष और उसके डैड भी बेहद खुश हो जाते हैं....

शनाया की तो ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... वो आगे बढ़ के कास प्रिंस को ी लव यू 2 कह के उसके सीने से लिपट के उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है.... प्रिंस को उम्मीद नहीं थी की शनाया ऐसा कुछ karegi....uski इस हरकत पे वो चौंक जाता है... मगर जल्द hi वो भी किश में उसका साथ देने लगता है.... दोनों मज़े से एक दूसरे के होंठों को चूसने लग जाते हैं.... शनाया प्रिंस के मुँह में अपनी जुबां दाल देती है जिसे प्रिंस मज़े ले के चूसता है... करीब 10 मिनट्स तक दोनों एक दूसरे के होंठों और जुबां को चूसते रहते हैं फिर जब उनकी सांस उखाड़ने लगती है तब न चाहते हुए भी दोनों अलग हो जाए हैं....

प्रिंस : तुम खुश तो हो न....

शनाया : सारे जहाँ की ख़ुशी दे के पूछ रहे हो की मैं खुश हूँ की नहीं.... जानते हो आज तक मुझे इतनी ख़ुशी कभी नहीं हुई.... अब तो जान भी चली जाए तो कोई गम न होगा...

शनाया की बात सुन के प्रिंस गुस्से में उसे देखते हुए कहता है....

प्रिंस : आज कह दिया सो कह दिया... दोबारा ऐसा कहा न तो देख लेना.... मैं तुम्हारे साथ पूरी ज़िन्दगी जीना चाहता हूँ.... और तुम हो की....

शनाया : सॉरी न जानू... गलती से मुँह से निकल गया.... अब से कभी नहीं कहूँगी.... कसम से... अब तो माफ़ कर दो...

प्रिंस : एक hi शर्त पे माफ़ी मिल सकती है... मुझे किश कर के ये वादा करो की आगे से ऐसा कभी नहीं कहोगी... गलती से भी नहीं....

शनाया प्रिंस को किश कर के कहती है....

शनाया : वादा करती हूँ आगे से कभी ऐसा कुछ नहीं कहूँगी या करुँगी जिस से मेरी जान को तकलीफ हो.... मगर तुम्हे भी मुझ से ये वादा करना होगा चाहे जो हो जाए क़यामत hi क्यों न आ जाए... तुम इसी तरह मुझसे प्यार करते रहोगे.... किसी भी वजह से कभी भी मेरा साथ नहीं छोड़ोगे....

प्रिंस : मैं वादा करता हूँ....

दोनों लव बर्ड्स एक दूसरे की बाहों में प्यार भरे लम्हे गुज़ारते हैं और फिर प्रिंस अपने घर आ जाता है.....

इधर अगली सुबह सब बेहद परेशान बने हुए हैं.... अपने जिस घर में सालो से रहते आ रहे हैं अगले 6 दिन में उन्हें अपने उसी घर को चोर के जाना है.... इस बात से सब काफी दुखी हैं.... अपने घर में रहने का उनके पास एक hi रास्ता है और वो है मुस्कान उर्फ़ महक.... सब को महक के होश में आने का इंतज़ार है.... मगर वो ये भी जानते हैं की महक जब ठीक है hi नहीं तो फिर वो कैसे प्रिंस से ये कह सकती है की वो उसे और उसके परिवार को घर से न निकाले.... सब घर में महक के होश में आने का वेट कर रहे हैं.... काफी देर बाद महक को होश आ जाता है.... वो अपनी आँखें खोल के देखती है....

सामने अपने पूरे परिवार को देख वो बुरी तरह से चौंक जाती है.... वहीँ महक को होश में देख सब बेहद खुश हो जाते हैं....

सोना ख़ुशी में महक के सीने से लिपट के रोने लगती है.... महक को कुछ समझ नहीं आ रहा है की वो तो प्रिंस के घर में उसके रूम में थी... ये अचानक से यहाँ अपने घर के रूम में कैसे पहुंची.... और न जाने कितने सवाल उसके दिमाग में उठ रहे हैं....

सोना : देख अब मैं कैसे उस कमीने प्रिंस को तुझे किडनैप करने के जुर्म में जेल भिजवाती हूँ.... कल तो वो कमीना बच गया था मगर अब वो नहीं बच सकता.... कल बहुत उड़द रहा था... अब देखना कैसे उसके पंख काट के उसे उम्र भर के लिए जेल की सलाखों के पीछे सड़ने की लिए डलवाती हूँ....

सोना के मुँह से प्रिंस के लिए कमीना सुन के साथ hi और उसकी बातें सुन के महक हैरान हो जाती है.... वो अभी कुछ कहने hi वाली होती है की तभी... सोना की बात सुन के सब को उसपे बेहद गुस्सा आ जाता है.... ख़ास करके जमीला को....

जमीला गुस्से में : तू चुप कर एक दम चुप..... यहाँ हम घर से बेघर होने वाले हैं और तू है की बात को और बिगाड़ रही है.... एक लफ्ज़ भी नहीं बोलेगी तू.... ये सब तेरी hi वजह से हो रहा है.... न तू प्रिंस के साथ बदतमीज़ी करती न उसे अरेस्ट करवाती और न वो हमारा घर और हमारी प्रॉपर्टी ख़रीदता.... और न हमारे बेघर होने की नौबत आती....

अपनी माँ की बात सुन के महक हैरान हो जाती है उसे कुछ समझ नहीं आ रहा है..... वो हैरत से सब देख और सुन रही है.....

अमजद : वो सब तो ठीक है मगर अब सोचो की अब हम क्या करें....? महक का उठना तो दूर ये तो बोल भी नहीं सकती तो फिर ये कैसे प्रिंस के पास जा के ये कह सकती है की वो हम को अपने hi घर से न निकाले....? कुछ समझ नहीं आ रहा है की क्या किया जाए....?

इमरान : क्यों न हम चल के प्रिंस से बात कर के उसे मानाने की कोशिश करें....? शायद उसका गुस्सा काम हो गया हो और वो हमारी बात मान के हम को इस घर में रहने की इजाज़त दे दे.....

जमीला : हाँ बात तो तुम ठीक कह रहे हो.... चलो चल के उस से बात करते हैं....

अभी ये लोग वहां से जाने hi वाले होते हैं की तभी अचानक से किसी की आवाज़ सुन के बुरी तरह से चौंक जाते हैं....

महक : ये यहाँ हो क्या रहा है....? और आप लोग क्या बात कर रहे हैं....?

जी हाँ ये और किसी की नहीं महक की आवाज़ है जिसे सुन के सब चौंक के उसकी तरफ हैरत से देखते हैं....

महक : ये आप सब को क्या हो गया....? आप सब मुझे ऐसे क्यों देख रहे हैं जैसे की आपने कोई भूत देख लिया हो.....?

महक को बात करते देख सब को जितनी हैरानी होती है वहीँ ख़ुशी भी....

सोना ख़ुशी से : महक मेरी बेहेन तो बोल सकती है....

महक : हाँ मैं बोल सकती हूँ....

ये कह के महक उठ के बैठ जाती है....

महक का यूँ आराम से उठ के बैठना सब के लिए किसी बड़े झटके से काम नहीं है....

सोना ख़ुशी से : महक तू ठीक हो गयी.... माँ डैड देखो महक ठीक हो गयी....

ये कह के सोना ख़ुशी से उछाल पड़ती है... उसकी आँखों से ख़ुशी के आंसू चालक जाते हैं.... और वो आगे बढ़ में महक को अपने सीने से लगा लेती है....

महक : हाँ सोना मैं ठीक हो गयी.... और जानती हो मुझे किसने ठीक किया hai....Prince ने....

महक की बात सुन के सब के साथ साथ सोना को भी एक झटका सा लगता है....

सोना : क्या कहा...? किसने तुझे ठीक किया है....?

महक : प्रिंस ने....

सोना : वो कमीना किडनैपर... वो भला कैसे तुझे ठीक कर सकता है....?

सोना के मुँह से प्रिंस के लिए गाली सुन के महक को उसपे बेहद गुस्सा आ जाता है....

महक गुस्से में : खबरदार सोना जो तुम ने प्रिंस के बारे में एक भी गलत लफ्ज़ अपने मुँह से निकाला तो....

सोना : मैंने वो hi कहा जो मुझे कहना चाहिए.... वो कमीना एक किडनैपर है... जिसने मेरी मासूम बीमार बेहेन को किडनैप किया....

महक गुस्से में : न hi वो कमीना है और न hi किडनैपर.... सु न आप सब ने.... वो एक नेक दिल फरिश्ता है.... जिसने तुम्हारी बेहेन को ठीक किया तुम उसे hi कमीना कह रही हो.... खबरदार जो अब किसी ने प्रिंस के बारे में एक भी गलत लफ्ज़ अपनी जुबां से निकाला तो मुझसे बुरा कोई न होगा.... आप सब जानते क्या हैं उसके बारे में....?

सोना : अगर उसने तुझे किडनैप नहीं किया तो फिर तू hi बता की जब हम ने यहाँ से मीलो दूर तेरा इलाज करवाने के लिए तुझे 6 महीने के लिए हॉस्पिटल में एडमिट करवाया था तो तू 10 hi दिन में वहां से यहाँ उसके घर में कैसे आ गयी....?

महक सब को पूरी बात बताती है की कैसे अपनी बेटी का इलाज करवाने के लिए एक मजबूर बेबस और गरीब बाप ने उसे हॉस्पिटल से किडनैप कर के उसकी जगह अपनी बेटी को एडमिट करवा दिया.... फिर वो किस्मत से प्रिंस से मिली और फिर प्रिंस ने उसका इलाज किया और उसे ठीक करके यहाँ ले आया.... वो जादू और ये बात की प्रिंस ने उसे कैसे ठीक किया सब से छुपा लेती है....

जमीला : ये तू क्या कह रही है.....?

महक : वो hi जो सच है... उसने मेरा सिर्फ इलाज hi नहीं किया बल्कि हर तरह से मेरा पूरा ख़याल रखा.... वैसा जो कोई अपना भी न करे.... मेरे लिए उसने क्या कुछ नहीं किया.... और बदले में उसे क्या मिला... ज़लालत.... आप सब ने उसे ज़लील किया यहाँ तक की उसे अरेस्ट भी करवा दिया.... क्या गलती थी उसकी यही की उसने अपनी जान की परवाह न करके मेरा इलाज किया.... खुद से ज़्यादा मेरा ख़याल रखा.... क्या उस सब का ये सिला होता है की आप उस नेक फ़रिश्ते पे झूठा इलज़ाम लगा के उसे जेल बेहजवा दो....

सोना : तू बात को समझ नहीं रही है.... वो उतना सीधा और शरीफ नहीं है जियना तू उसे बता रही है....

महक : वो क्या है ये मुझे तुझसे जान ने की ज़रुरत नहीं.... और अगर तुझ को प्रिंस से इतनी hi प्रॉब्लम थी तो फिर तू वहां गयी hi क्यों....?

सोना : मुझे कुछ शक था उसे hi दूर करने मैं वहां गयी थी.... और जब वहां पहुंची तो कुछ और hi बात सामने आयी.... उसके रूम में तुझे बेहोश देखा और फिर....

महक : और फिर तू ने बिना सच जाने उस फ़रिश्ते पे इलज़ाम लगाना शुरू कर दिया....

सोना : हाँ गलती तो मुझसे हुई थी.... मुझे पहले सच पता करना चाहिए था... मगर हालात hi ऐसे थे की.... खैर अब जो हो गया उसे बदला तो नहीं जा सकता मगर हाँ माफ़ी मांग के गलती का पछतावा तो किया जा सकता है...

महक : कोई ज़रुरत नहीं है तुझे वहां जाने की.... तेरा कोई भरोसा नहीं.... मुझे पता है की तू वहां क्या करेगी.... पहले तू वहां माफ़ी मांगने जायेगी और कहीं ज़रा सी भी कुछ उलटी सीढ़ी बात हो गयी तो तू सब कुछ भूल के लड़ने लग जाएगी... वहां मैं अकेली hi जाउंगी....

ये कह के महक गुस्से में वहां से जाने लगती है.... सब के मन करने पे भी सोना नहीं मानती वो महक के पीछे पीछे चली जाती है.....

दोनों घर में दाखिल होते हैं.... महक सोना को यहीं रुकने को कह के सामने रूम में चली जाती है...

महक : प्रिंस....

महक की आवाज़ सुन के प्रिंस पलट के उसकी तरफ देखता है.... महक को देख उसे बेहद ख़ुशी होती है.... वो अपनी बाहें फैला के महक को पास आने का इशारा करता है.... प्रिंस का इशारा पाते hi महक भाग के उसके पास जाती है और उस के सीने से कास के लिपट जाती है.... कुछ देर तक एक दूसरे को यूँ hi महसूस करने के बाद....

प्रिंस : कैसी हो मुस्कान....?

महक : ठीक हूँ.... वैसे मेरा नाम मुस्कान नहीं महक है....

प्रिंस : हाँ कल पता चला था... मगर मैं तो तुझे मुस्कान hi कहूंगा.... तुझे कोई प्रॉब्लम तो नहीं न....

महक : नहीं तू जो चाहे कह तेरा पूरा हक़ है....

प्रिंस : चल नाश्ता करते हैं फिर आराम से बैठ के बात करेंगे....

महक : मैं नाश्ता कर के आयी हूँ...

प्रिंस : दो निवाला मेरे साथ खा लेगी तो मोती नहीं हो जायेगी...

महक : और अगर हो गयी तो....?

प्रिंस : तब तो और भी क्यूट लगेगी.... अब चल बातें न बना और जल्दी से आ जा न....

प्रिंस इतने प्यार से बोलता है की महक उसे न नहीं कह पाती... मुस्कुराते हुए उसके पास जा के बैठ जाती है.... और प्यार से उसे देखती रहती है...

प्रिंस : मैंने तुझे यहाँ खुद को देखने को नहीं बुलाया है बल्कि नाश्ता करने को बुलाया है....

महक : मैं भी तो उसी लिए hi आयी हूँ....

प्रिंस : तो फिर खा न...

महक : तुझे नहीं लगता की अपने हाथ से खा के मैं मोती हो जाउंगी....

प्रिंस : सीधे सीधे बोल न की तुझे मेरे हाथों से खाना है....

महक उदास हो के : मुझे लगा की मेरे कहने की ज़रुरत नहीं है तू खुद समझ जाएगा की मेरे दिल में क्या है....? मगर....

प्रिंस : हाँ यार मैं समझ गया यही न की तू मेरे हाथ से खाना खाना चाहती है.... तो इसमें इतना घुमा फिर के बात करने की क्या ज़रुरत थी.... सीधे सीधे भी तो कह सकती थी न.....

महक : क्यों कहती मैं.... क्या पिछले 10 दिन में मेरे कहने पे तू मुझे खाना खिलता था....? क्या मेरे कहने पे मेरा ख़याल रखता था....? और वो सब जो तू मेरे लिए करता था क्या वो सब करने को मैं तुझे कहती थी....? नहीं न... तो फिर आज भला मैं तुझसे क्यों कुछ कहूं.... बता मुझे.....

प्रिंस : खिलाना तो मैं भी अपने हाथों से तुझे चाहता था मगर सॉरी यार वो मुझे लगा की कल जो भी कुछ हुआ उसकी वजह से तू अब मेरे हाथ से नहीं खाना चाहेगी....

महक : क्या हुआ था हाँ....? कल जो भी कुछ हुआ था मुझे नहीं पता मुझे बस इतना पता है की तू ने मुझसे वादा किया था.... याद है या वो भी भूल गया.... अगर याद न हो तो मैं याद दिला देती हूँ.... तू ने वादा किया था चाहे जो हो जाए क़यामत hi क्यों न आ जाए.... तू कभी मेरा साथ नहीं छोड़ेगा.... फिर आज... तू ने अपना वादा तोड़ दिया न....

महक की बात सुन के प्रिंस की आँखें नाम हो जाती हैं....

प्रिंस : नहीं यार मैंने अपना वादा नहीं तोडा.... बस खुद को थोड़ा सा रोक लिया.... मैं क्या करता वो कोई गैर नहीं बल्कि तेरे अपने हैं... तेरा परिवार है वो.... मैं कैसे तुझे तेरे परिवार से अलग कर देता.... नहीं मैं ऐसा नहीं कर सकता.... परिवार क्या होता है ये मुझसे बेहतर कौन जान सकता है.... बचपन से ले के आज तक अपने परिवार वालो से मिलने के लिए तड़पा हूँ.... हर लम्हा हर पल रो रो के जिया हूँ मैं.... वो तड़प मैं तुझे कैसे होने देता....? कैसे तुझे तेरे परिवार से अलग कर देता.....? कैसे....? नहीं ये मैं नहीं कर सकता था.... इस लिए न चाहते हुए भी उस वक़्त मैं चुप रहा जब तेरे अपने तुझे मुझसे जुड़ा कर रहे थे.... जानती है उस वक़्त क्या बीत रही थी मेरे दिल पे.... तुझे खुद से दूर जाते देख मेरा दिल तड़प रहा था.... मेरी आँखों से hi नहीं बल्कि मेरे दिल से भी आंसू बह रहे the....Tere बिना ये 2 दिन मैंने कैसे गुज़ारे हैं ये मैं hi जानता हूँ....

ये कहते कहते प्रिंस की आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... महक से ये देखा नहीं जाता वो आगे बढ़ के प्रिंस के सीने से लिपट जाती है.... साथ hi रोने भी लगती है....

प्रिंस : देख मैं कितना बुरा हूँ मैंने तुझे रुला दिया.... जिन आँखों में कभी आंसू नहीं आने देने का वादा किया था उन्ही आँखों को आंसू बहाने पे मजबूर कर दिया....

महक : नहीं तू ने कोई वादा नहीं तोडा... और ये गम के नहीं बल्कि ख़ुशी के आंसू हैं.... आज मैं बहुत खुश हूँ की मुझे तेरे जैसा दोस्त मिला जो मुझे अपनी जान से भी ज़्यादा चाहता है.... ी लव यू....

ये कह के महक प्रिंस के सीने से कास के लिपट जाती है....

प्रिंस : चल हैट तू इतनी भी क्यूट नहीं है की तुझपे मर मीतू... वो तो मैं बस ऐसे hi कह रहा था.... यू क्नोव व्हाट ी मैं...

महक : जब झूट बोलना नहीं आता हो न तो कोशिश नहीं करनी चाहिए.... झूट पकड़ा जाता है.... मैं इतनी भी नादान नहीं की तेरा झूट न पकड़ सकू.... तू ने जो भी कहा वो दिल से कहा.... मैं ये अच्छे से जानती हूँ की तुझे खुद से ज़्यादा मेरी फ़िक्र रहती है.... अगर ऐसा न होता तो अब तक तू खामोश न रहता.... तेरे साथ जो हुआ वो अगर किसी और ने किया होता तो अब तक तो तू उन सब की बंद बजा चूका होता... मगर तू ने उन्हें कुछ नहीं किया.... ये सब तू ने किसके लिए किया... मेरे लिए न... कह दे की ये झूट है....

प्रिंस : नहीं ये सच है... मैं उन्हें कैसे कुछ करता.... वो कोई गैर नहीं बल्कि तेरे अपने हैं.... मैं कैसे उन्हें कोई नुक्सान पहुंचा सकता था....

महक : प्रिंस वो मुझे न तुझसे कुछ कहना है.....

प्रिंस : क्या बात है बोल न...? तुझे जो कहना है खुल के कह....

महक : प्लीज उन्होंने तेरे साथ जो किया उसके लिए मैं तुझसे माफ़ी मांगती हूँ.... प्लीज उन्हें माफ़ कर दे... उन्हें उस घर में रहने दे.... Pleaseeeeeeeeee...

ये कहते कहते महक हाथ जोड़ के प्रिंस से माफ़ी मांगने hi वाली होती है की तभी प्रिंस फ़ौरन उसे चुप करा देता है फिर सामने कप्बोर्ड से कुछ पेपर्स निकाल के उसे महक को दे के कहता है...

प्रिंस : ये ले.... घर के और तेरी पूरी प्रॉपर्टी के पेपर्स.... आज से ये सब तेरा है....

महक : नहीं मुझे ये सब नहीं चाहिए... मैं तो बस इतना चाहती हूँ की तू बस उन्हें घर से मत निकाल....

प्रिंस : जो दिल में बस चुके हैं उन्हें घर से कैसे निकाल सकता हूँ....

महक : तो फिर वो सब.....?

प्रिंस : वो सब तो मैंने बस इसलिए कहा था ताकि वो लोग तुझे मेरे पास आने दे... बस और कुछ नहीं....

महक : तो इसका मतलब तू किसी से नाराज़ नहीं है....

प्रिंस : हाँ मैं किसी से नाराज़ नहीं हूँ.... सिर्फ उस जंगली बिल्ली को चोर के...

महक : जंगली बिल्ली.... हे कहीं तू सोना की बात तो नहीं कर रहा है....?

प्रिंस : यार तू तो बड़ी समझदार निकली....

महक : मैं तो बचपन से समझदार हूँ.... वो अलग बात है की तुझे आज पता चला....

प्रिंस : सही बात है न मैं थोड़े hi तेरे साथ बचपन से रहता आ रहा हूँ जो मुझे तेरे बारे में पता चलेगा....

महक : जो भी है मगर सोना जंगली बिल्ली नहीं है... वो एक शेरनी है.... कहीं ऐसा न हो की वो गुस्से में आ के तुझे कच्चा hi खा जाए....

प्रिंस : चोर वो सब... चल जल्दी से नाश्ता कर ले....

फिर दोनों बैठ जाते है और प्रिंस उसे अपने हाथों से खाना खिलता है....

इधर बहार हॉल से सोना उन दोनों की बात सुन रही थी.... प्रिंस की बात सुन के उसे बेहद गुस्सा आने लगता है.... ख़ास कर के जंगली बिल्ली वाली बात पे....

सोना गुस्से में अपने हाथ मलते हुए : क्या कहा कमीने मुझे जंगली बिल्ली.... मैं जंगली बिल्ली नहीं बल्कि शेरनी हूँ.... बस देखता जा मैं कैसे तेरा हाल बेहाल करती हूँ....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 121

महक : जो भी है मगर सोना जंगली बिल्ली नहीं है... वो एक शेरनी है.... कहीं ऐसा न हो की वो गुस्से में आ के तुझे कच्चा hi खा जाए....

प्रिंस : चोर वो सब... चल जल्दी से नाश्ता कर ले....

फिर दोनों बैठ जाते है और प्रिंस उसे अपने हाथों से खाना खिलता है....

इधर बहार हॉल से सोना उन दोनों की बात सुन रही थी.... प्रिंस की बात सुन के उसे बेहद गुस्सा आने लगता है.... ख़ास कर के जंगली बिल्ली वाली बात पे....

सोना गुस्से में अपने हाथ मलते हुए : क्या कहा कमीने मुझे जंगली बिल्ली.... मैं जंगली बिल्ली नहीं बल्कि शेरनी हूँ.... बस देखता जा मैं कैसे तेरा हाल बेहाल करती हूँ....?????

अब आगे....

सोना गुस्से में अपने हाथ मलते हुए : क्या कहा कमीने मुझे जंगली बिल्ली.... मैं जंगली बिल्ली नहीं बल्कि शेरनी हूँ.... बस देखता जा मैं कैसे तेरा हाल बेहाल करती हूँ....

ये कह के वो गुस्से में कमरे के अंडर जाती है और प्रिंस को महक से दूर धकेल के कहती है....

सोना : दूर रह मेरी बेहेन से कमीने....

सोना की इस हरकत को देख और उसकी बात सुन के प्रिंस के साथ साथ महक को भी उसपे बेहद गुस्सा आ जाता है....

प्रिंस : तू होती कौन है मुझे मेरी मुस्कान से दूर करने वाली....?

सोना : बेहेन है वो मेरी सु न तू ने.... और ये भी सुन ले मैं ये नहीं चाहती की तेरे जैसा कमीना आवारा और अय्याश उसे हाथ भी लगाए.... साले वहां कॉलेज में शनाया को ी लव यू कह रहा था और यहाँ मेरी बेहेन को अपने झूठे प्यार के जाल में फसा के धोका दे रहा है....

इस से पहले की सोना की बात पे प्रिंस कुछ कहता महक बीच में बोल पड़ती है....

महक : प्रिंस मुझे धोका दे ये मुमकिन nahi....wo मुझे तो क्या किसी को भी धोका नहीं दे सकता.... उसके बारे में जितना मैं जानती हूँ उतना तो शायद वो खुद भी नहीं जानता.... रही बात शनाया की तो प्रिंस पहले hi मुझे उसके बारे बता चूका है.... और मुझे उस से कोई प्रॉब्लम नहीं....

सोना : इस ने तुझे अपने झूठे प्यार के जाल में पूरी तरह फसा लिया है तभी तो तू ये बहकी बहकी बातें कर रही है.... मगर मैं इसे इसके गलत मंसूबों में कामियाब नहीं होने दूंगी.... इस से पहले की ये तेरे साथ कुछ गलत करे मैं इसकी जान ले लुंगी....

ये कह के सोना प्रिंस को मारने के लिए उसकी तरफ बढ़ती है.... इस से पहले की वो प्रिंस को मार पाती बात को बिगड़ते देख महक फ़ौरन बीच में आ जाती और सोना को पकड़ के घसीट ते हुए बहार ले जाती है....

महक : तू ये क्या कर रही थी पागल तो नहीं हो गयी....?

सोना : मैं वो hi कर रही हूँ जो मुझे करना चाहिए..... अपनी मासूम बेहेन को उस कमीने हवस के पुजारी से बचने की कोशिश कर रही हूँ....

सोना की बात सुन के महक को उसपे गुस्से तो बहुत आता है मगर वो ये भी अच्छे से जानती है की सोना जो भी कुछ बोल या कर रही है वो सिर्फ और सिर्फ अपनी बेहेन के लिए कर रही है..... वो सच्चाई को नहीं जाती इस लिए वो ये सब कर रही है.... एक तरह से देखा जाए तो वो गलत भी नहीं है.... जितना उसे पता है उस हिसाब से और एक बेहेन होने के नाते अपनी बेहेन को संभालना और साथ hi उसकी हिफाज़त करना एक बेहेन का फ़र्ज़ होता है जिसे वो बखूबी निभा रही है.... महक उसे समझने की बहुत कोशिश कर टी है मगर सोना है की उसकी एक बात सुन ने को तैयार hi नहीं वो गुस्से में महक को एक तरफ कर के प्रिंस को मारने के लिए आगे बढ़ती है.... अपनी बेहेन को रोकने का उसके पास अब एक hi उपाए है और वो है की उसे सब सच बताना जो महक छुपा रही है.... न चाहते हुए भी महक को वो सच अपनी जुबां पे लाना पड़ता है जो वो नहीं चाहती थी.... इस तरह से तो बिकुल नहीं....

वो यह hi सांस में वो बोल जाती है... जिसे सुनके सोना को एक झटका सा लगता है साथ hi उसके पेअर वहां जैम से जाते हैं.....

महक : सोना प्रिंस और कोई नहीं बल्कि सुलतान है....

महक के मुँह से सुलतान नाम सुन के सोना को एक झटका सा लगता है.... उसके पेअर वहीँ रुक से जाते है.... कुछ पल वहां शॉक में खड़े रहने के बाद वो मुद के महक की तरफ देख के हैरत से उस से पूछती है....

सोना : क्या कहा तू ने अभी....? ज़रा एक बार फिर से कहना तो.....?

महक : वो प्रिंस नहीं बल्कि सुलतान है हमारा सुलतान.....

महक की बात सुन के सोना हंस के कहती है....

सोना : बकवास कर रही है तू.... उस कमीने को बचने के लिए झूट कह रही है न....

महक : नहीं सोना ये सच है... प्रिंस और कोई नहीं बल्कि हमारा सुलतान है....

ये कहते कहते महक की आँखें नाम हो जाती हैं.....

सोना : ये किसने कहा तुझसे.... उस कमीने ने.... है न.... बता मुझे.... बोल न....

महक : नहीं वो तो इस बारे में जानता तक नहीं.... बल्कि मुझे खुद पता चला है.... की वो सुलतान है....

सोना : झूट है ये.... कहाँ सुलतान और कहाँ ये कमीना.... ये सुलतान हो hi नहीं सकता.... ये एक नंबर का ऐय्याश और सेक्स का पुजारी है जो लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फसा के उसके जिस्म के साथ खेलता है....

सोना की बात सुन के महक गुस्से से पागल हो जाती है.... वो खींच के एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसे मारती है....

Chataaaaaaaaaaaaaak....

फिर उसे पूरी बात बताती है जो उसने घर पे उसे नहीं बताया था.... शुरू से लेके अब तक सब कुछ..... कैसे वो प्रिंस से मिली....? कैसे प्रिंस ने उसे अपनी दोस्त मान के उस सहारा दिया.... खुद से ज़्यादा उसके ख़याल रखा... उसका इलाज करने के लिए जाने कितना दर्द सहा... उसकी आँख में आंसू भी आ जाते थे तो कैसे प्रिंस का दिल तड़प जाता है.... उसको मौत के मुँह से निकाल के कैसे उसे एक नयी ज़िन्दगी तोहफे में दी....

महक : जानती है वो यहाँ क्यों आया था....? अपने परिवार को ढूंढने.... हम सब को ढूंढने.... जो उसके अपने हैं.... या ये कहना ज़्यादा ठीक होगा की हम जो उसके अपने हो के भी अपने न थे.... क्या कुछ नहीं किया हम सब ने उसके साथ.... उसे बेइन्तेहाँ तकलीफ दी.... हर लम्हा हर पर उसे घुट घुट के जीने को मजबूर कर दिया... हमारे सितम सेह के भी वो मुस्कुराता रहता... सारे गम को सीने में दबाये सिर्फ और सिर्फ हमारे बारे में सोचता.... और हम उसके उस प्यार को न समझ पाए... उसे हमने उसका कमीनापन समझा.... उसकी एक चाल समझा.... क्या 8 साल का बच्चा कभी किसी के साथ कोई गलत काम कर सकता है...? क्या किसी को नुक्सान पहुँचाने की प्लानिंग कर सकता है.... नहीं कभी नहीं.... वो ये कहता रहा की उसने कुछ नहीं किया मगर हम में से किसी ने उसकी एक बात न सुनी.... उस मासूम पे इलज़ाम पे इलज़ाम लगते रहे.... उसके तकलीफ पे तकलीफ पहुंचते रहे.... क्यों...? बस इसी लिए न की वो हमारा सौतेला भाई था.... क्या वाकई में उसने कभी सौतेलापन दिखाया.... नहीं कभी नहीं.... वो तो हमारे सारे जुल्म सेह के भी सिर्फ और सिर्फ हमारे बारे में सोचता था.... और हम ने उसके बदले क्या दिया उसे दर्द तकलीफ धुत्कार... जब इस से भी हम को सब्र न हुआ तो याद है न तुझे की हम ने क्या किया था उस मासूम के साथ.... याद है.... उसे चाट से बेरहमी से नीचे धक्का दे दिया ताकि वो मर जाए.... नीचे गिरते hi उसका सर फटा और उसमे से खून निकलने लगा.... उसे बेइन्तेहाँ दर्द होने लगा... उस वक़्त भी उसकी जुबां पे बस दो hi नाम थे और वो थे.... सोना और महक.... वो दर्द में तड़पते हुए भी हमारा hi नाम पुकार रहा था... हम को आवाज़ दे रहा था.... उसकी वो दर्द भरी आवाज़ आज भी मेरे कान में गूँज रही है.... उसकी वो तड़प आज भी मुझे तड़पा रही है.... उस वक़्त हम ने उसकी तकप को नहीं महसूस किया बल्कि सब मिल के उसपे इलज़ाम लगते रहे.... क्या वो हम दोनों न थे जिन्होंने गुस्से में आ के उस तड़पते मासूम के सर पे मिटटी से भरा गमला दे मारा था... ताकि वो बच न सके हमेशा हमेशा के लिए मौत की गहरी नींद सो जाए.... ताकि वो फिर छह के भी हमारे पास न आ सके... और हम को उसका वो मनहूस चेहरा फिर कभी देखना न पड़े....

ये कहते कहते महक फूट फूट के रोने लगती है....

फिर कुछ देर बाद एक तरफ इशारा कर के कहती है....

महक : वो देख उस जगह को ये वही जगह है जहाँ उस दिन वो इस घर की चाट से गिरा था... नहीं गिरा नहीं था... हम ने धक्का दे के उसे गिराया था....

फिर उस ज़मीन को अपने कांपते हाथों से छू के कहती है....

महक : ये वो hi जगह है जहाँ उसका सर फटने से खून बहा था... छु के देख ज़मीन के इस हिस्से को जिसमे आज भी उसके खून की गर्माहट है.... आज भी इस घर की दीवारों और फ़िज़ाओं से उसकी दर्द भरी पुकार सुनाई देती है.... जो हम ने उस वक़्त उसके साथ किया था वो hi आज भी कर रहे हैं और वो भी वो hi कर रहा है जो वो हमारे साथ करता था.... हम उस से बेइन्तेहाँ नफरत और वो हमसे बेइन्तेहाँ मोहोब्बत.... बता क्या वो ठीक था जो हमने किया या फिर वो जो वो हमारे साथ करता था.... हम ने बचपन से ले के आज तक उसे नफरत के शिव कुछ न दिया और उसने हम को मोहोब्बत के सिवाए कुछ न दिया....

सोना : नहीं ऐसा कुछ नहीं है... जो तू ने कहा वो सब झूट है.... वो उस वक़्त भी कमीना था और आज भी कमीना hi है.... हमने नहीं बल्कि उसने हाँ उसने उस वक़्त भी हमारे साथ गलत किया था और आज भी उसने गलत hi किया... उस वक़्त उस ने हमारे अपने को हमारे दिल हमारी जान को हम से चीन लिया और आज भी उसने हमारे इस घर को खरीद के हम से इसे चीन लिया.... वो कल भी हमारा बुरा चाहता था और आज भी हमारा बुरा hi चाहता है... फर्क सिर्फ इतना है की अब उसके इरादे बदल गए हैं वो पहले भी हम को बर्बाद करना चाहता था और आज भी हम को बर्बाद hi करना चाहता है.... और वो तुझे भी अपने झूठे प्यार के जाल में फसा के धोका hi दे रहा है... ठीक वैसे hi जैसे उसने बचपन में मेरे साथ किया था.... झूठे प्यार का नाटक कर के मुझे धोका दिया था.... उसने वो ज़लील हरकत की थी जिसे हम से कोई आज तक नहीं भुला पाया है... आज भी उसे याद कर के मेरी रूह कांप जाती है.... क्या भूल गयी तू वो जो उस कमीने ने किया था...?

महक : नहीं कुछ नहीं भूली हूँ मैं. ख़ास कर के ये की जो भी कुछ हुआ था वो उसने नहीं किया था...

सोना हैरत से महक को देख के कहती है....

महक : तू कहना क्या चाहती है.... वो सब उसने नहीं किया था...?

महक : हाँ वो सब वो कर hi नहीं सकता था....

सोना : क्या इतनी जल्दी भूल गयी की उसके बारे में हमेशा तू hi मुझे ये बताया करती थी की वो कितना कमीना था.... और उसने क्या क्या किया था....?

महक : हाँ वो मैं hi थी जिसने तुझसे वो सब कहा था और आज मैं hi ये कह रही हूँ की वो कमीना नहीं बल्कि नेक दिल फरिश्ता था है और हमेशा रहेगा... और अब मैं उसकी कसम खा के कहती हूँ की अब उसे अपनी जान बना के अपने पास रखूंगी.... उसे कभी कोई तकलीफ नहीं होने दूंगी.... उसे सारे जहाँ की ख़ुशी दूंगी... उसपे अपना सब कुछ वार दूंगी.... उसे इतना प्यार दूंगी की उसे वो पिछले सब कुछ कभी याद hi नहीं आएगा....

सोना : भूल मत जिस दिन उसे सब याद आ गया उस दिन वो हम सब से बेइन्तेहाँ नफरत करने लगेगा....

महक : जी नहीं ऐसा कभी नहीं होगा.... उसे कभी पिछले कुछ याद नहीं आएगा... मैं उसे कुछ याद आने नहीं दूंगी....

सोना : कोई किसी की यादों को नहीं काबू कर सकता.... जैसे उसका किया हुआ हर कमीनापन हर धोका मुझे आज तक याद है... मैं छह के भी उसे नहीं भुला पायी.... वैसे hi एक दिन उसे भी सब कुछ याद आ जाएगा और वो फिर से अपने कमीनेलान पे उतर आएगा....

महक : नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा... कभी नहीं होगा.... उसे अपना कुछ याद नहीं और यहाँ किसी को उसके बारे में कुछ पता नहीं तो ये मुमकिन नहीं की कुछ हो.... अब बस मैं उसे जी भर के वो प्यार दूंगी जो वो हम से चाहता था....

सोना : और मैं उसे वो नफरत जो उसने हम सब को दिया था....

महक : सोना तू एक बार फिर से वो hi गलती दोहराने जा रही है जो बचपन में हम ने की थी... मेरी बात मान तो वो सब भूल के एक नयी ज़िन्दगी जी... एक नया रिश्ता शुरू कर.... नफरत में कुछ नहीं रखा वो सिर्फ बर्बादी hi देता है और प्यार हम को ख़ुशी.... प्लीज मेरी बात मान तो भूल जा वो सब.... और प्रिंस.. नहीं नहीं प्रिंस नहीं बल्कि सुलतान के साथ एक नयी ज़िन्दगी की शुरुवात कर....

सोना : इस जनम में तो ये मुमकिन नहीं....

महक : क्यों नहीं....? क्या तू आज भी अपने सुलतान को नहीं चाहती.... बता जवाब दे...

सोना : हाँ चाहती हूँ.... बेइन्तेहाँ प्यार करती हूँ मैं उसे.... साथ hi बेइन्तेहाँ नफरत भी....

महक : नहीं सोना ये मुमकिन नहीं.... जहाँ प्यार होता है वहां नफरत नहीं होती.... प्यार सिर्फ देना सिखाता है लेना नहीं.... अब हम को अपने सुलतान को जी भर के प्यार देना है.... सारा जहाँ की ख़ुशी उसपे लुटानी है... उसे अपना बनाना है....

महक की बात सुन के सोना सोच में पद जाती है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की वो क्या करे...? सुलतान से नफरत या फिर बेइन्तेहाँ मोहोब्बत... अभी वो ये सोच hi रही होती है की तभी अपनी माँ की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है...

माँ की आवाज़ सुन के महक फ़ौरन अपने आंसू पॉच के खुद को ठीक करती है और साथ hi सोना को सुलतान के बारे में किसी को कुछ न बताने का वादा ले के उसके साथ घर की तरफ चल देती है....

इधर इस सब से अनजान प्रिंस तैयार होक शनाया को कॉल कर के उसे उसके घर से कॉलेज के लिए पिक करने का कह के उस तरफ चल देता है....

रास्ते में उसकी बगल से तेज़ी से एक कार उसकी कार को कट मार के निकल जाती है... पहले तो प्रिंस को उसपे बेहद गुस्सा आ ता है लेकिन जब वो उस कार का गुस्से में पीछा कर रहा होता है तब उसे कुछ ऐसा महसूस होता है जिस से वो बुरी तरह से चौंक जाता है.... सामने वाली कार ज़रुरत से ज़्यादा स्पीड से जा रही है... उसमे बैठा ड्राइवर उसे कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा है.... शायद उस कार का ब्रेक फ़ैल हो गया है.... और वो कार तेज़ी से सामने खायी की तरफ बढ़ रही है.... ये देखते hi प्रिंस फ़ौरन अपनी कार की स्पीड को फुल कर के उस कार का पीछा करते हुए उसे आगे निकल जाता है और ठीक उस कार के आगे आके अपनी कार की स्पीड को काम करने लगता है जब तक उसके कार की स्पीड पीछे आती कार से मैच नहीं हो जाती.... फिर एक ज़ोर से टक्कर के साथ वो कार प्रिंस की कार से जुड़ जाती hai....Prince धीरे धीरे अपनी कार की स्पीड को काम करते हुए ब्रेक दबाने लगता है.... मगर अब भी दोनों कार की स्पीड 240 कम्फ से ऊपर यानी काफी तेज़ है... इस स्पीड में वो एक झटके में फुल ब्रेक भी नहीं मार सकता इस से पिछली कार जटके से उसकी कार के ऊपर से उड़ती हुई सामने खायी में जा सकती है....

धीरे धीरे दोनों कार खायी के करीब जाने लगती है.... कार में बैठे शख्स को अपनी मौत साफ़ नज़र आने लगती है... अब बस कार और खायी की दुरी 100 मीटर की रह गयी है.... मगर स्पीड अब भी काफी ज़्यादा है.... न चाहते हुए भी प्रिंस ऊपर वाले का नाम ले के पूरा ब्रेक मार देता है... ब्रेक मारने से दोनों कार को एक ज़ोर का झटका लगता है.... प्रिंस के साथ साथ पिछली कार में बैठा शख्स स्टेयरिंग व्हील और सामने कार के शीशे से टकरा जाते हैं.... दोनों को काफी चोट लगती है.... दोनों कार ग्रसित ते हुए खाइए की तरफ जाने लगती है.... जब प्रिंस को इस बात का एहसास होता है की अब वो दोनों कार को खायी में गिरने से नहीं रोक पायेगा तब न चाहते हुए भी उसे अपनी पावर्स का इस्तेमाल करना पड़ता है.... वो अपने हाथ हवा में घूमते हुए कुछ इशारा करता है जिस से तेज़ी से हवा उनकी तरफ आने लगती है और दोनों कार को पीछे की तरफ धकेलने लगती है.... मगर कार और खायी में ज़्यादा दुरी न होने की वजह से हवा के फाॅर्स का कुछ ख़ास असर नहीं होता.... ये देख प्रिंस फ़ौरन ज़मीन की तरफ इशारा करता है जिस से वहां एक दिवार सी कड़ी हो जाती है और दोनों कार उस से टकरा के रुक जाती है.... कार के रुकने से प्रिंस की जान में जान आती है.... वो फ़ौरन कार से बहार निकल के पिछली कार की तरफ जाता है तो देखता है की कार में ड्राइवर की जगह एक लड़की है जिसे बहुत चोट आयी है साथ hi उसके सर से बेहद खून भी बह रहा है.... वो लड़की आधी बेहोशी की हालत में प्रिंस को देखे जा रही है.... उसकी हालत बहुत खराब बानी हुई है.... जल्द hi उसे हॉस्पिटल नहीं ले जाय गया तो वो मर सकती है... हालत तो प्रिंस की भी ठीक नहीं है उसे भी काफी चोट आयी है... उसके सर से भी खून बह रहा है.... वो अपनी परवाह किये बगैर उस लड़की को कार से बहार निकाल के अपनी कार में पीछे लेता देता है और कार को बड़ी मुश्किल से घुमा के हॉस्पिटल की तरफ चल देता है....

वहां से हैट ते hi वो खायी के पास बानी दिवार को हटा देता है.... दिवार के गायब होते hi उस लड़की की कार लुढ़कते हुए खायी में गिर के एक तेज़ धमाके के साथ ब्लास्ट हो जाती है... प्रिंस फुल स्पीड से कार को हॉस्पिटल की तरफ दौड़ा देता है.. जल्द hi वो हॉस्पिटल पहुँच जाते हैं....

प्रिंस उसे अपनी गॉड में उठा के डॉ... डॉ चिल्लाते हुए हॉस्पिटल के अंडर भागता है....

डॉ : क्या हुआ इसे....?

प्रिंस : एक्सीडेंट हुआ है....

डॉ : ये तो पुलिस केस है पहले आप फिर लिखवाइए तब hi हम इस का इलाज करेंगे....

प्रिंस : डॉ वो सब मैं देख लूंगा प्लीज आप इसका इलाज कीजिये.... इसे बहुत चोट आयी है... इसकी हालत बहुत खराब है....

डॉ : नहीं जब तक पुलिस नहीं आ जाती हम इसका इलाज नहीं करेंगे....

प्रिंस डॉ को समझने की बहुत कोशिश करता है मगर डॉ है की कुछ सुन ने को तैयार hi नहीं.... जिसे देख प्रिंस बेहद गुस्से में आ जाता है.... वो डॉ का गाला पकड़ के उसे कास के दबाते हुए कहता है....

प्रिंस गुस्से में : तू अभी के अभी इसका इलाज करता है की मैं तेरा गाला दबा के तेरी जान निकाल दूँ...

मौत के दर से डॉ फ़ौरन उस लड़की को ऑपरेशन थिएटर में ले जाते हैं और उसका इलाज करने लगते हैं.... तभी एक नर्स आ के प्रिंस के चोट की पट्टी कर देती है.... और उसे वो एक फॉर्म दे के उसे भरने को कहती है....

प्रिंस : जी मैं इसे नहीं जानता.... जब ये होश में आ जाए तब आप इस से इसके बारे में आप पूछ लेना...

नर्स : ठीक है उसके बारे में न सही अपने बारे में hi लिख दीजिये.... ताकि आगे ज़रुरत पड़ने पर आप को बुलाया जा सके....

नर्स के कहने पे प्रिंस अपना नाम पता और कांटेक्ट नंबर लिख देता है...

कुछ देर बाद एक नर्स वहां आ के प्रिंस से कहती है....

नर्स : जी पेशेंट का खून काफी बह गया है उसे जल्द से जल्द खून चढ़ाना है... मगर उसके ग्रुप का ब्लड यहाँ कहीं अवेलेबल नहीं है.... आप जल्द hi उसे अर्रंगे करवा लीजिये कहीं ऐसा न हो की देर हो जाए और उसे बचाना मुश्किल हो जाए....

ये कह के नर्स प्रिंस के हाथ में ब्लड ग्रुप की पर्ची दे देती है.... जिसे देख प्रिंस कहता है...

प्रिंस : ये तो मेरा hi ब्लड ग्रुप है....

नर्स : ये तो अच्छा है....

फिर वो उसे अंडर ले जा के उसका ब्लड निकालने लगती है.... और उसे उस लड़की को चढ़ाया जाने लगता है.....

इधर काफी देर तक जब प्रिंस नहीं आता तो शनाया उसे कॉल करने लगती है.... जल्दबाज़ी में प्रिंस अपना फ़ोन ऑपरेशन थिएटर के बहार भूल जाता है जिसे एक शख्स चुपके से उठा के बहार की तरफ भागने लगता है.... मगर जल्दबाज़ी में वो सामने किसी से टकरा के पीछे पड़े टेबल पे गिरता है.... कांच के टूटने से वो बुरी तरह से घायल हो जाता है और उसके सर से खून निकलने लगता है.... ठीक तभी प्रिंस का मोबाइल जो उस शख्स के हाथ में है उसपे शनाया का कॉल आ जाता है.... जो उस शख्स के हाथ से गलती से रिसीव हो जाता है....

कॉल रिसीव होते hi....

शनाया : कहाँ हो जान मैं कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ....?

अभी शनाया ने इतना hi कहा था की तभी वो शख्स डॉ की तरफ अपना हाथ बढ़ा के दर्द में तड़पते हुए कहता है....

शख्स : H.....eee....lp.... मइईईई...

उसकी ऐसी हालत देख डॉ और नर्स फ़ौरन उसके पास आ जाते हैं और उसका इलाज करने ले जाने लगते हैं.....

दर्द भरी आवाज़ और लड़खड़ाती जुबां से हेल्प में सुन के शनाया के होश उड़द जाते हैं.... वो बेहद घबरा जाती है.....

शनाया घबराते हुए : प्रिंस क्या हुआ तुमको....? तुम ठीक तो हो न.... जवाब दो.... बोलो क्या हुआ प्रिन्सेटीएई....?

प्रिंस जवाब दे भी तो कैसे....? वो तो वहां है hi नहीं.... वो तो रूम में लेता अपना खून उस लड़की को डोनेट कर रहा है....

प्रिंस की तरफ से कोई जवाब न पा के शनाया पागल सी हो जाती है.... उसका दिल तड़प जाता है.... वो अपनी जान से मिलने के लिए बेचैन हो जाती है....

वो बार बार प्रिंस को कॉल कर रही है मगर प्रिंस उसका कॉल नहीं उठा रहा.... इस बात से वो और परेशान हो जाती है उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर प्रिंस को हुआ क्या है....? वो इस वक़्त कहाँ और किस हाल में है.....? शनाया की जब बर्दाश्त की हद पार हो जाती है तब वो प्रिंस से मिलने के लिए घर से निकल पड़ती है....

वो कहते हैं न की अगर प्यार सच्चा हो तो आप अपने प्रेमी की दिल की आवाज़ को सुन सकते हैं.... वो hi सोना के साथ हुआ है... उसे अचानक से घबराहट सी होने लगती है उसे ऐसा महसूस होने लगता है जैसे की Sultaan/Prince के साथ ज़रूर कुछ बुरा हुआ है.... वो इस वक़्त तकलीफ में है और उसे उसकी ज़रुरत है..... सोना का दिल अपनी जान सुलतान से मिलने के लिए तड़पने लगता है.... वो बेचैन हो जाती है.... वो फ़ौरन प्रिंस के घर जाती है वहां प्रिंस को न पा के वो और परेशान हो जाती है.... वो महक के मोबाइल से प्रिंस का नंबर ले उसे कॉल करती है.... मगर प्रिंस के पास उसका फ़ोन हो तब वो उठाये.... प्रिंस के फ़ोन नहीं उठाने से वो और भी ज़्यादा बेचैन हो जाती है.... उसे समझ नहीं आ रहा की आखिर प्रिंस फ़ोन क्यों नहीं उठा रहा है.....? वो ठीक तो है न.... उसे कुछ हुआ तो नहीं....

सोना और शनाया दोनों hi प्रिंस के लिए परेशान बानी हुई हैं.... दोनों में से किसी को ये नहीं पता की प्रिंस इस वक़्त कहाँ और किस हाल में है.....?

इधर हॉस्पिटल में उस शख्स का इलाज चल रहा है.... वहीँ प्रिंस के मोबाइल के बार बार बजने से डॉ को काफी डिस्टर्बेंस हो रहा है.... वो नर्स से मोबाइल साइलेंट करने को कहता है..... जो की नर्स नहीं कर पाती इस लिए मोबाइल बहार ले आती है.....

प्रिंस का मोबाइल है की बार बार बज रहा है.... शनाया और सोना है की लगातार कॉल किये जा रही हैं.....

तभी नर्स कॉल रिसीव करती है और जो कहती है उसे सुन के शनाया चौंक जाती है....

नर्स : बार बार अलग अलग नंबर से कॉल क्यों कर रही है....? तुझे एक बार में समझ नहीं आ रहा है की इस वक़्त हम बिजी हैं.....

ये कह के नर्स कॉल कट कर देती है....

शनाया दोबारा कॉल करती है....

शनाया : तुम हो कौन और प्रिंस कहाँ है....?

नर्स : अभी तो बताया की हम बिजी हैं... और ये तू बार बार क्यों कॉल कर रही है... एक बात तुझे समझ नहीं आती अभी बात नहीं कर सकते तुम बाद में कॉल करना....

ये सुन के शनाया का दिमाग गुस्से से फटने लगता है.... वो एक बार फिर से कॉल करती है.... और इस से पहले की नर्स कुछ कहे....

शनाया : ये फ़ोन जिसका है वो इस वक़्त है कहाँ.....?

नर्स : अभी तो बताया ........... हॉस्पिटल में.....

ये कह के नर्स कॉल काट देती है.....

हॉस्पिटल का नाम सुन के शनाया घबरा जाती है और फ़ौरन हॉस्पिटल की तरफ चल देती है.....

इधर सोना भी फ़ौरन हॉस्पिटल की तरफ चल देती है.....

शनाया हॉस्पिटल पहुँच के प्रिंस के मोबाइल पे कॉल करती है.... मगर नर्स है की कॉल रइवे hi नहीं कर रही....

इस बात को ले के शनाया बेहद परेशान हो जाती है.... वो प्रिंस को हर तरफ ढूंढने लगती है.... मगर वो उसे कहीं नज़र नहीं आ रहा है.....

तभी वहां से डॉ गुज़र रहा होता है.... शनाया को हर एक रूम में जाते देख वो उस से पूछता है.....

डॉ : क्या मैं ये जान सकता हूँ की आप ये हर कमरे में क्यों जा रही हैं....?

शनाया : वो मैं..... वो प्रिंस को ढूंढ रही हूँ....

ठीक तभी वहां सोना भी पहुंच जाती है....

डॉ : प्रिंस का एक्सीडेंट हुआ था....

डॉ की बात सुन के शनाया के साथ साथ सोना भी बुरी तरह से चौंक जाती है.....

शनाया : क्या....? कब....? कैसे....? कहाँ.....?

डॉ उसे पूरी बात बताता है जो प्रिंस ने उसे बताई थी.... जिसे सुन के वो घबरा जाती है और दौर के प्रिंस के रूम में जाती है.....

शनाया को प्रिंस के करीब जाते देख.... नर्स उसे दूर हटा के कहती है.....

नर्स : हे तुम ये क्या कर रही हो.....? देख नहीं रही वो ठीक नहीं है उसको आराम करने दो.... जाओ बहार जा के वेट करो.....

शनाया उसे कुछ कहने hi वाली होती है की तभी उसकी नज़र नर्स के हाथ में प्रिंस के मोबाइल पे पड़ती है..... जिसे देख शनाया का चेहरा गुस्से से लाल हो जाता है....

शनाया गुस्से में आगे बढ़ के एक झन्नाटेदार थप्पड़ नर्स के गाल पे रसीद करती है....

Chataaaaaaaaaaak....

फिर नर्स के हाथ से प्रिंस का मोबाइल चीन के कहती है.....

शनाया : साली कमीनी..... पहले मुझे मेरी जान के बारे में बता नहीं रही थी और अब है की मुझे.... शनाया को अपनी जान से मिलने से रोक रही है.... चुप चाप चली जा यहाँ से इस से पहले की मैं मार मार के तेरी जान ले लून.... अब से अपनी जान का ख़याल मैं खुद रखूंगी....

शनाया को इतने गुस्से में देख और उसका झन्नाटेदार थप्पड़ खा के नर्स दर के मारे वहां से निकल लेती है....

इधर बहार सोना दरवाज़े के पास से Prince/Sultaan को देखती रहती है.... वो छह के भी उस के पास नहीं जा पा रही है....

डॉ : जी आप प्रिंस को जानती हैं....?

सोना : वो.... डॉ..... कैसा है अब वो....?

डॉ : अभी वो ठीक है.... उसे ज़्यादा चोट नहीं आयी है.... जल्द hi वो ठीक हो जाएगा..... वैसे आपने बताये नहीं की आप कौन हैं....?

डॉ की बात सुन के सोना नाम आँखों से अपनी जान को देखते हुए कहती है....

सोना : मानो तो सब कुछ और न मानो तो कुछ भी नहीं....

डॉ : जी आप क्या कह रही हैं... मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा....

सोना डॉ की बात का कोई जवाब नहीं देती.... चुप चाप नाम आँखों से प्रिंस को देखती रहती है....

सोना मन में : क्या किस्मत है मेरी.... मेरी जान इस हालत में मेरे सामने है और मैं हूँ की छह के भी उसके करीब नहीं जा सकती.... उसे अपने सीने से नहीं लगा सकती... उसका हाल नहीं पूछ सकती.... उसकी सेवा नहीं कर सकती.... काश वो रात कभी आयी hi नहीं होता.... उस रात जो हुआ वो कभी हुआ hi न होता.... काश सुलतान ने वो ज़लील हरकत न की होती.... काश.... तो आज मैं यहाँ अपनी जान के पास होक के भी उस से दूर न होती.... इस वक़्त मैं अपनी जान के लिए आंसू न बहा रही होती.... काश....

ये सोच के वो रोने लगती है.... फिर बिना कुछ कहे.... दिल में दर्द और तड़प लिए वहां से निकल के वापिस घर आ जाती है.....

शनाया प्रिंस के पास जा के बैठ जाती hai....aur आँखों में आंसू लिए अपनी जान को बीएड पे लेता देखती रहती है.... वो बड़े प्यार से झुक के अपनी जान के गाल को चूम के कहती है.....

शनाया : शुक्र है ऊपर वाले का जो तुम ठीक हो..... वर्ण आज तो मेरी दुनिया hi उजाड़ जाती.... जब तक मैं ज़िंदा हूँ मैं तुम्हे कुछ नहीं होने दूंगी.... तुम जान हो मेरी.... मैं सब से छुपा के तुम्हे अपने सीने में रख लुंगी.... तुम्हे कहीं नहीं जाने दूंगी.....

ये कह के शनाया आगे बढ़ के अपनी जान के होंठों को चूम लेती है.... फिर अपनी इस हरकत पे शर्मा जाती है....

वो बस एक तक अपनी जान के चेहरे को प्यार से देखती रहती है..... देखते देखते उसे कब नींद आ जाती है उसे पता hi नहीं चलता.....

कुछ देर बाद जब प्रिंस की आँख खुलती है..... वो अपनी बगल में किसी को लेते देख चौंक जाता है.... फिर जब वो उसका चेहरा देखता है.... तो मुस्कुरा देता है....

प्रिंस : मैं किस्मत वाला हूँ जो मुझे तुम मिली.... तुम्हे हर पल हर लम्हा बस मेरा hi ख़याल रहता है..... तुम्हारी दुनिया मुझसे शुरू और मुझपे hi आ के ख़तम हो जाती है.... मुझे खरोच भी आ जाए तो फ़ौरन भाग के मेरे पास चली आती हो और जब तक मैं पूरी तरह से ठीक न हो जाऊं मेरे पास hi रहती है.... एक प्रेमिका की तरह दिल से मुझे चाहती है..... एक माँ की तरह मेरी फ़िक्र करती है.... एक बेहेन की तरह मेरी सेवा करती है..... और एक पत्नी की तरह मुझसे.... नहीं वो तो अभी तक हुआ hi नहीं.....

ये कह के प्रिंस हंस देता है.... न बाबा न तुम्हारा कोई भरोसा नहीं... मैंने कहा नहीं और तुम वो भी शुरू कर दो..... तुम जैसे दीवानी मुझे पूरी दुनिया में नहीं मिल सकती.....

कुछ देर तक यूँ hi प्यार से शनाया के चेहरे को देखने के बाद प्रिंस धीरे से उसके होंठों को चूम के फ्रेश होने वाशरूम में चल देता है.... प्रिंस वाशरूम में जा के फ्रेश हो के बहार आता है और पास पड़े चेयर पे बैठ के बड़े प्यार से शनाया के मासूम और प्यारे चेहरे को देखने लगता है..... शनाया बड़े आराम से बीएड पे सो रही है.... सो ते वक़्त वो बेहद प्यारी लग रही है.... प्रिंस छह के भी शनाया के मासूम और प्यारे चेहरे पे से अपनी नज़रें नहीं हटा पा रहा है.....

तभी अचानक से गेट खुलता है और कोई अंडर आता है..... जिसे देख प्रिंस चौंक जाता है.....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 122

प्रिंस : एक पत्नी की तरह मुझसे.... नहीं वो तो अभी तक हुआ hi नहीं.....

ये कह के प्रिंस हंस देता है.... न बाबा न तुम्हारा कोई भरोसा नहीं... मैंने कहा नहीं और तुम वो भी शुरू कर दो..... तुम जैसे दीवानी मुझे पूरी दुनिया में नहीं मिल सकती.....

कुछ देर तक यूँ hi प्यार से शनाया के चेहरे को देखने के बाद प्रिंस धीरे से उसके होंठों को चूम के फ्रेश होने वाशरूम में चल देता है.... प्रिंस वाशरूम में जा के फ्रेश हो के बहार आता है और पास पड़े चेयर पे बैठ के बड़े प्यार से शनाया के मासूम और प्यारे चेहरे को देखने लगता है..... शनाया बड़े आराम से बीएड पे सो रही है.... सो ते वक़्त वो बेहद प्यारी लग रही है.... प्रिंस छह के भी शनाया के मासूम और प्यारे चेहरे पे से अपनी नज़रें नहीं हटा पा रहा है.....

तभी अचानक से गेट खुलता है और कोई अंडर आता है..... जिसे देख प्रिंस चौंक जाता है.....??????

अब आगे.....

आयुष अंडर आता है....

आयुष : प्रिंस तू ठीक तो है....? ये क्या हुआ....? कैसे हुआ....?

प्रिंस : आयुष वो शनाया....

आयुष : शनाया की चोर तू मुझे ये बता की तेरी ये हालत हुई कैसे.....?

प्रिंस : हैरत है यार.... तेरी बेहेन हॉस्पिटल में बीएड पे लेती है और तू है की उसे चोर के मेरा हाल पूछ रहा है....

आयुष : वो इस लिए क्यों की जब तक तू उसके साथ है उसे एक खरोच भी नहीं आ सकती.... न तू खुद उसके साथ कुछ गलत करेगा और न hi उसे कुछ होने देगा.... मुझे खुद से ज़्यादा तुझपे भरोसा है.... शनाया तेरे साथ बिलकुल सेफ है.... इस लिए उसकी चोर और ये बता की ये सब हुआ कैसे....?

प्रिंस आयुष को पूरी बात बताता है....

आयुष : मुझे लगता है इस में किसी की कोई चाल है..... यूँ hi एक्सीडेंट नहीं हुआ करते..... इस में ज़रूर किसी का हाट है.... कोई तो है जो तुझसे नफरत करता है.... इतनी नफरत की उसने तेरी जान लेने की कोशिश की.... मगर क्यों....?

प्रिंस : नहीं यार मुझे नहीं लगता की इसमें किसी की कोई चाल है.... ये कोई इत्तेफ़ाक़ भी तो हो सकता है.....

आयुष : मुझे नहीं लगता की ये कोई इत्तेफ़ाक़ है.... इस बात का पता लगाना पड़ेगा.... मेरे यार की ज़िन्दगी का सवाल जो है.... और तुझसे बढ़ कर मेरे लिए कोई नहीं है....

फिर आयुष किसी को कॉल करता है और उस से मिलने चल देता है.....

इधर आयुष के जाने के बाद प्रिंस रूम से बहार निकल के उस रूम में जाता है जहाँ उस लड़की को ऑपरेशन के बाद रखा गया था.... वहां डॉ उसको चेक कर रहे होते हैं....

प्रिंस : डॉ अब कैसी है ये....?

डॉ : हम ने इसका ऑपरेशन कर दिया है.... ये अब खतरे से बहार है.... फिलहाल ये बेहोश है मगर कुछ घंटे के बाद ये होश में आ जायेगी.... वैसे पूछना तो नहीं चाहिए मगर फिर भी पूछ लेता हूँ.... ये क्या तुम्हारी बीवी है....?

प्रिंस : अरे नहीं डॉ मैं तो इसे जानता तक नहीं....

फिर प्रिंस डॉ को पूरी बात बताता है.... जिसे सुन के डॉ को बड़ी हैरानी होती है....

डॉ : यकीन नहीं होता आज के इस मतलबी दुनिया में भी ऐसा कोई है जो एक फ़रिश्ते की तरह बिना किसी मतलब के अपनी जान पे खेल के किसी की मदत कर सकता है....

प्रिंस : डॉ मुझे इंसान hi रहने दीजिये....

डॉ : हम ने इस के फ़ोन से इसके घर वालो खबर कर दी है वो जल्द से जल्द यहाँ पहुँच जाएंगे.....

प्रिंस : ठीक है डॉ अब मैं चलता हूँ.... मगर हाँ एक बात केहनी थी आप से (प्यार से उस लड़की के सर पे हाथ फेर के) इसका ख़ास ख़याल रखियेगा.... इसके इलाज में कोई कमी नहीं आणि चाहिए....

डॉ : आप बेफिक्र रहिये.... इसका यहाँ पूरा ख़याल रखा जाएगा....

फिर प्रिंस वहां से अपने रूम में आ जाता है जहाँ इस वक़्त शनाया बीएड पे लेती हुई है....

नर्स रूम में आती है और शनाया को चेक करने लगती है.....

नर्स के हाथ लगते hi शनाया की आँख खुल जाती है.... वो हैरत से नर्स को देखने लगती है.....

शनाया : ये क्या कर रही हो.....?

नर्स : तुम्हारा चेक उप..... तुम बीमार जो हो....

शनाया : बीमार मैं नहीं हूँ....

नर्स : बीमार नहीं हो तो पेशेंट के बीएड पे क्यों लेती हो.....?

नर्स की बात सुन के शनाया चौंक जाती है...

शनाया : प्रिंस.... प्रिंस कहाँ गया....?

नर्स : ये प्रिंस कौन है.....?

शनाया : वही जिस का चेक उप करने तुम यहाँ आयी हो.....

दोनों की बात सुन के प्रिंस हसने लगता है.....

प्रिंस को यूँ हस्ते देख शनाया चौंक के पूछती है....

शनाया : तुम वहां क्या कर रहे हो....? तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है.... तुम्हे तो बीएड पे होना चाहिए.....

नर्स : बीएड पे तो तुमने कब्ज़ा किया हुआ है.... तुम हटोगी तब न बेचारा लेटेगा....

नर्स की बात सुन के शनाया फ़ौरन बीएड से उठ जाती है.... और प्रिंस को बीएड पे लेटने को कहती है....

प्रिंस : उसकी ज़रुरत नहीं है.... अब मैं बिलकुल ठीक हूँ....

शनाया प्रिंस को पकड़ के ज़बरदस्ती बीएड पे लेता देती है...

शनाया : ये तुम नहीं डॉ तय करेंगे....

तभी डॉ रूम में आते हैं..... और प्रिंस का चेक उप करते हैं.....

डॉ : अब तुम बिलकुल ठीक हो.....

डॉ की बात सुन के शनाया हैरत से पूछती है....

शनाया : कैसी बात कर रहे हो डॉ.....? इसका एक्सीडेंट हुआ था इतनी जल्दी ये कैसे ठीक हो सकता है....? आप ठीक से चेक कीजिये....

प्रिंस : शनाया उसकी ज़रुरत नहीं.... डॉ ठीक कह रहे हैं.... मैं अब बिलकुल ठीक हूँ....

फिर वो अपने हाथ और सर में लगी पट्टी खोलने लगता है.... जिसे देख शनाया उसे ऐसा करने से रोकती है....

शनाया : ये क्या कर रहे हो....? पत्तियां क्यों निकाल रहे हो....? इसे तो रहने दो....

प्रिंस : इसकी ज़रुरत नहीं इस लिए....

ये कह के वो पट्टी निकाल देता है और शनाया को अपना हाथ और सर दिखता है जहाँ उसे चोट लगी थी.... वहां अब कुछ भी नहीं है.... चोट तो क्या उसका निशाँ भी नहीं है.... इस बात से शनाया को बड़ी हैरानी होती है....

प्रिंस : क्या बात है शनाया....? मेरे ठीक होने से तुम्हे ख़ुशी नहीं हुई....?

शनाया : कैसी बात कर रहे हो....? अपनी जान को ठीक देख भला मुझे ख़ुशी क्यों नहीं होगी.... तुम्हे ठीक देख मैं बेहद खुश हूँ.... मगर तुम्हारे ये घाव इतनी जल्दी कैसे ठीक हो गए वो समझ नहीं आया....

शनाया की बात सुन के प्रिंस हंस के कहता है....

प्रिंस : ये तुम्हारा जादू है... तुम्हारे हाथ लगते hi मेरे घाव अपने आप ठीक हो गए.....

फिर वो डॉ से कहता है....

प्रिंस : डॉ क्या अब मैं घर जा सकता हूँ....

फिर प्रिंस शनाया को ले के बहार आ जाता है.... शनाया के मन में इस वक़्त काफी सवाल हैं..... कार में प्रिंस शनाया के सारे सवालों के जवाब दे देता है....

कुछ देर में प्रिंस का घर आ जाता है..... शनाया उसे वहां चोर के जाने लगती है मगर प्रिंस उसे जाने नहीं देता.....

प्रिंस : कहाँ जा रही हो आज पहली बार घर आयी हो.... चलो अंडर चलो....

शनाया : अंडर सब होंगे न.....

प्रिंस : हाँ शायद....

शनाया : तो फिर मैं बाद में आती हूँ....

प्रिंस : तुम तो ऐसे कह रही हो जैसे तुम यहाँ अपनी होने वाली सास से मिलने आयी हो.....

शनाया : है जान तुमने तो मेरे दिल की बात कह दी.....

ये कह के शनाया प्रिंस के सीने से लिपट जाती है.....

प्रिंस : तुम्हे तो बस मौका चाहिए मेरे सीने से लिपटने का....

शनाया : तुम हो hi इतने प्यारे की तुम्हे देखते hi तुम्हे प्यार करने तो दिल तड़प जाता है....

प्रिंस : तुम भी न शनाया..... अब सारा प्यार यहीं लुटा डौगी या फिर बाद के लिए भी कुछ बचा के रखा है....

शनाया : तुम्हारे लिए मेरा प्यार कभी काम नहीं होगा.... बल्कि ये तो हर गुज़रते पल के साथ बढ़ता hi जाएगा..... दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं जो तुम्हे मुझसे अलग कर सके.... मैं अपनी जान तो दे सकती हूँ.... मगर तुमसे जुड़ा नहीं हो सकती..... तुमसे अलग हो के मैं जी नहीं पाउंगी....

अभी शनाया ने इतना hi कहा था की तभी प्रिंस ने उसका मुँह बंद कर दिया उसे आगे कुछ कहने hi नहीं दिया....

इस बात से शनाया बुरी तरह से चौंक गयी......

प्रिंस उसका चेहरा अपने हाथ में ले के उसके होंठों को चूसने लगता है.... शनाया को समझ नहीं आ रहा है की अचानक से प्रिंस को क्या हो गया.....? शनाया ने तो प्रिंस को कई बार किश किया है मगर आज ये पहली बार हुआ है की प्रिंस ने अपनी मर्ज़ी से उस को किश किया हो....

शनाया की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... वो बस इस पल में खो जाती है.... और किश में उस का साथ देने लगती है.... दोनों मज़े से एक दूसरे के होंठों को चूसने में लगे हुए हैं..... तभी किसी की आवाज़ सुन के दोनों चौंक जाते हैं....

बाबा : ये यहाँ क्या हो रहा है.....?

बाबा को देख प्रिंस हड़बड़ा जाता है...

प्रिंस : वो बाबा वो मैं.....

प्रिंस के मुँह से बाबा सुन के शनाया शर्म से पानी पानी हो जाती है..... वो वहां से जाने लगती है मगर प्रिंस उसका हाथ पकड़ के उसे रोक लेता है.....

बाबा : तू दिन भर था कहाँ.....?

प्रिंस बाबा को पूरी बात बताता है....

बाबा : अब कैसी है वो......?

प्रिंस : कौन बाबा.....?

बाबा : वो लड़की.... दिन भर जिसके साथ तू हॉस्पिटल में था.... तू वहीँ था न.....?

पेंस : हाँ बाबा मैं दिन भर हॉस्पिटल में hi था....

बाबा : चल ठीक है तू कहता है तो मान लेता हूँ.... वैसे तेरे साथ ये खूबसूरत पारी शनाया है न.....?

बाबा के मुँह से अपनी तारीफ सुन के शनाया बेहद खुश हो जाती है.....

प्रिंस : हाँ बाबा ये शनाया hi है मेरी कॉलेज की दोस्त.....

बाबा : इसकी तरह इसका नाम भी बहुत प्यारा है..... वैसे तुम लोग यहाँ बहार क्यों खड़े हो.....?

प्रिंस : वो.... बाबा.... वो.... हम अंडर आ hi रहे थे....

बाबा : तुम दोनों अंडर कहाँ आ रहे थे.. तुम दोनों तो..... खैर ठीक है तुम दोनों अंडर आराम करो..... मुझे नेमत से कुछ काम है.... वो कर के तुम से बाद में मिलता हूँ..... और हाँ इस पारी को जाने मत देना मैं वापिस आ के इस से मिलता हूँ..... मुझे इस से कुछ बात करनी है....

ये कह के बाबा वहां से चले जाते हैं..... और दोनों घर के अंडर आते हैं.....

घर में आते hi शनाया अपने सवालों की बौछार प्रिंस पे कर देती है......

शनाया : ये क्या था हाँ.....? आज से पहले तो तुमने कभी ऐसा नहीं किया.....? फिर आज ये अचानक से तुम्हे क्या हो गया....?

प्रिंस : सॉरी यार मुझे नहीं पता था की मेरा यूँ तुझे किश करना तुझे इतना बुरा लगेगा..... आइंदा से मैं ऐसा कभी नहीं करूँगा....

शनाया : मैंने कब तुमसे ये कहा की तुम मुझे किश मत करो..... अपनी जान से किश पा के आज मैं इतनी खुश की मैं बता नहीं सकती.... आज से बल्कि अभी से जब तुम्हारा दिल चाहे तुम मुझे किश कर सकते हो.... मैं तुम्हे कभी नहीं रोकूंगी.... बल्कि मैं तो ये चाहती हूँ की तुम मुझे किश करो.... बस इस बात का ख़याल रखना की अगली बार जब तुम मुझे किश करो तब वहां बाबा न हो.... जानते हो उस वक़्त मुझे कितनी शर्म आ रही थी....

प्रिंस : हाँ यार शर्म तो मुझे भी आ रही थी.... अब मुझे थोड़े hi पता था की वहां बाबा आ जायेगे.... और रही बात उस किश की तो उस वक़्त जाने तुम्हे देख के मेरे दिल ने मुझसे ये कहा की मैं तुम्हे अपनी बाहों में ले के किश करूँ तो मैंने अपनी दिल की बात मान के तुम्हे किश कर दिया....

शनाया : चलो अब जल्दी से मुझे एक और किश करो.....

प्रिंस : जी नहीं अभी चल के पहले फ्रेश हो जाओ.....

ये कह के प्रिंस उसे अपने रूम में ले जाता है....

प्रिंस : वो रहा बाथरूम जा के जल्दी से फ्रेश हो जाओ.... मैं भी जा के नाहा लेता हूँ....

शनाया : मगर नाहा के मैं पहनुंगी क्या....?

प्रिंस : तुम जाओ तो सही तुम्हारा नहाना ख़तम होने से पहले तुम्हे नई ड्रेस मिल जायेगी....

शनाया : जान चलो न साथ नहाते हैं.....

प्रिंस : तुम न बहुत बिगड़ गयी हो.... ऐसा भी कोई किसी लड़के से कहता है क्या....?

शनाया : दूसरी बात ये की तुम कोई अनजान लड़का नहीं बल्कि मेरी जान हो.....

प्रिंस : तुम ये घूम फिर के मुझ पे hi क्यों आ के अटक जाती हो....?

शनाया : तुम मेरी जान जो हो....

प्रिंस : अच्छा और वो पहली बात क्या है....?

शनाया : पहली बात ये है की अपनी जान के साथ नहाने में कितना मज़ा आएगा.... उस दिन वाटर फॉल में जो काम अधूरा रह गया था वो भी पूरा हो जाएगा.... और वैसे भी जब से मैंने तुम्हारे छोटे भाई को देखा है.... मैं उसे प्यार करने को तड़प रही हूँ....

प्रिंस : छोटा भाई.... मगर मेरा तो कोई छोटा भाई है hi नहीं....

शनाया : वो क्या है तुम्हारे पंत में.... (प्रिंस के खड़े लुंड की तरफ इशारा करके) देखो कैसे खुश हो के उछाल रहा है....

शनाया की बात सुन के प्रिंस शर्मा जाता है....

प्रिंस : तुम न बहुत बिगड़ गयी हो.... ज़्यादा इधर उधर देखने की ज़रुरत नहीं है.... चुप चाप जा के नहाओ.... और रही बात मेरी तो इस से पहले की तुम मेरी इज़्ज़त लूट लो मुझे यहाँ से निकल लेना चाहिए.....

ये कह के प्रिंस बहार चल देता है.... और शनाया हसने लगती है....

शनाया : तेरी इसी ऐडा ने तो मुझे तेरा दीवाना बना रखा है.....

ये कह के वो मुस्कुराती हुई बाथरूम में चल देती है.....

कुछ देर बाद वो नाहा के बाथरूम से बहार आती है....

शनाया : मैंने नाहा तो लिया मगर अब मैं पह्नु क्या....? चलो कप्बोर्ड खोल के देखती हूँ शायद मेरी साइज का कुछ मिल जाए....

कप्बोर्ड में उसे प्रिंस के बहुत सारे कपडे नज़र आते हैं.... उनमे से वो एक टीशर्ट और जीन्स निकाल के पेहेन लेती है.... दोनों थोड़े टाइट है मगर इतने भी नहीं की उन्हें पहना न जा सके.... उन्हें पेहेन के शनाया आईने के सामने जा के कड़ी हो जाती है और खुद के निहारने लगती है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे की इस वक़्त उसने प्रिंस की ड्रेस नहीं पहनी बल्कि वो प्रिंस के जिस्म से लिपटी हुई है.... ये सोच के वो उस ड्रेस पे अपने हाथ घूमने लगती है..... काफी देर तक वो ऐसा करती रहती है....

प्रिंस काफी देर से उसे ऐसा करते हुए देखता रहा है साथ hi मुस्कुराये भी जा रहा है....

कुछ देर बाद जब शनाया की तंत्र टूट टी है तब वो अपनी इस हरकत पे शर्मा जाती है.....

तभी पीछे से प्रिंस कहता है.....

प्रिंस : क्या हुआ रुक क्यों गयी....? तुम जो भी कर रही थी बड़ा अच्छा कर रही थी.... करो न देख के अच्छा लग रहा है.... मगर हाँ बाबा के सामने ये सब न करना वर्ण जाने वो क्या समझे....

प्रिंस के मुँह से बाबा सुनके शनाया चौंक जाती है.....

शनाया : क्या कहा बाबा.....?

प्रिंस : हाँ बाबा.... वो आ चुके हैं और तुमसे मिलना चाहते हैं....

शनाया : तुम भी न कुछ भी कहते हो.... इस हालत में भला मैं कैसे उनसे मिल सकती हूँ.....?

प्रिंस : उसकी फ़िक्र नहीं है.... ये लो इसे पेहेन के बहार आ जाओ.....

शनाया : ये क्या है.....?

प्रिंस : तुम्हारे लिए नई ड्रेस.... इसमें तुम जन्नत की पारी से काम नहीं लगोगी....

शनाया : तुम तो ऐसे कह रहे हो जैसे की इस ड्रेस में बाबा मुझे देखते hi ये कहेंगे की देखो मेरी बहु कितनी प्यारी लग रही है.....

प्रिंस : शायद बाबा ये कह भी दे.....

प्रिंस की बात सुन के शनाया ख़ुशी से उछाल पड़ती है.....

शनाया : क्या सच में बाबा यही कहेंगे...?

प्रिंस : तुम न बातें बनाना चोरो और जल्दी से इसे पेहेन के बहार आ जाओ.....

ये कह के प्रिंस बहार आ जाता है....

शनाया जल्दी से प्रिंस का लाया हुआ पैकेट खोल के देखती है.... उसमे एक बेहद खूसूरत ड्रेस है साथ hi लास्य ब्रा और पंतय भी है ..... जिसे देख वो शर्माए बिना नहीं रह पाती.....

शनाया प्रिंस की जीन्स और टीशर्ट उतारती है फिर ब्रा और पंतय पहनती है.... दोनों एक दम परफेक्ट साइज है.... इस बात से उसे हैरत होती है..... फिर वो उस ड्रेस को पेहेन के देखती है.... वो भी एक दम परफेक्ट फिट है....

शनाया : क्या बात है जान तुम्हे तो मेरे हर साइज का पता है....

फिर वो अपने बाल बना के बहार आती है.... बाबा से मिलने में उसे बड़ी घबराहट सी हो रही है.....

बहार उसे प्रिंस मिल जाता है.....

प्रिंस : वाओ शनाया इस ड्रेस में तुम बेहद खूबसूरत लग रही हो..... तुम्हे देख के ऐसा लग रहा है जैसे की जन्नत से पारी ज़मीन पे उतर आयी हो.....

शनाया : जान मुझे न बड़ी घबराहट सी हो रही है..... जाने बाबा.... क्या पूछेंगे क्या नहीं....?

प्रिंस : तुम बाबा से इतना दर क्यों रही हो.....? वो तुम्हे खा थोड़े hi जाएंगे..... वो जो पूछे बस अच्छे से उनका जवाब दे देना..... सिंपल....

शनाया : तुम्हारे लिए सिंपल होगा मगर मेरे लिए.... हे उपरवाले संभाल लेना अब बस तेरा hi सहारा है....

शनाया की बात सुन के और उसका हाल देख के प्रिंस हसने लगता है..... जिसे देख शनाया चीड़ के कहती है.....

शनाया : वहां खड़े खड़े बस हस्ते hi रहोगे या फिर मुझे सीने से लगा के मेरी हिम्मत बढ़ाओगे....

प्रिंस आगे बढ़ के उसे अपने सीने से लगा लेता है.... और हंस के कहता है....

प्रिंस : तुम बाबा से मिलने जा रही हो.... न की जुंग लड़ने.....

शनाया : हाँ जान पता है मगर जाने क्यों दर लग रहा है.... ज़रा सा हिम्मत दो न ताकि मुझे उनके सामने जाने में घबराहट महसूस न हो......

प्रिंस आगे बढ़ के उसका चेहरा अपने हाथों में ले के उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है..... करीब 5 मिनट्स तक उसके होंठों को चूसने के बाद प्रिंस उस से अलग होता है....

शनाया मदहोशी में अभी भी अपने होंठ चला रही है.... जैसे की वो प्रिंस को होंठों को चूस रही हो..... उसे इस तरह करते देख प्रिंस की हंसी छोट जाती है.....

प्रिंस : हहहहहहहह.... ये क्या शनाया.... तुम तो दीवानो की तरह करने लगी....

शनाया : क्या करूँ जान जब से तुम्हे देखा है उसी पल से मैं तुम्हारी दीवानी बन गयी हूँ..... और अब तुम्हारे किश ने तो मेरे होश hi उदा दिए हैं.... अब बस ी लव यू कहने की देरी है..... वो भी कह दो ताकि मैं खुल के प्यार के आसमान में उड़द सकूँ.....

प्रिंस : तो तुम वो सुन्ना चाहती हो....

शनाया : हाँ....

प्रिंस : कह दूँ.....

शनाया : हाँ जान कह दो न.... तुम्हारे मुँह से प्यार के वो 3 लफ्ज़ सुन ने के लिए मैं जाने कब से तड़प रही हूँ....

प्रिंस : ी....

शनाया : ह्म्म्मम्म...

प्रिंस : लव....

शनाया : मममममम.... आगे....

अचानक से प्रिंस खामोश हो जाता है.... उसे आगे कुछ न कहते देख....

शनाया : आगे....

तभी बाबा की आवाज़ सुन के शनाया चौंक जाती है....

बाबा : आगे नहीं पीछे....

बाबा की आवाज़ सुन के शनाया चौंक के पीछे देखती है.....

शनाया : जी आपने कुछ कहा....

बाबा : मैंने कहा आगे नहीं मेरे पीछे आओ तुमसे कुछ बात करनी है.....

शनाया : जी कहिये....

बाबा : यहाँ नहीं वो सामने वाले रूम में आओ.....

ये कह के बाबा सामने रूम की तरफ चल देते हैं... शनाया भी ऊपर वाले का नाम ले के उनके पीछे पीछे चल देती है....

दोनों के रूम में आने के बाद.....

बाबा : दरवाज़ा बंद कर दो....

शनाया : जी खुला रहने दीजिये न....

बाबा : मैंने जो कहा है वो करो....

बाबा की बात सुन के शनाया न चाहते हुए भी दरवाज़ा बंद कर देती है... और बाबा की तरफ घूम के कड़ी हो जाती है.....

बाबा : मैं जो पूछूंगा उसका सच सच जवाब डौगी....

शनाया : ज..... ज.... जी.... Poo...chiye....

बाबा : तुम्हारा नाम...

शनाया : जी शनाया....

बाबा : तुम प्रिंस को कैसे जानती हो....?

शनाया : जी हम दोनों साथ में एक hi कॉलेज में पढ़ते हैं....

बाबा : मैंने ये नहीं पुछा बल्कि ये पुछा है की तुम प्रिंस को कैसे जानती हो.... मुझे पूरी बात बताओ..... सब कुछ.... और वो भी सच.... एक भी लफ्ज़ झूठ मैं सुन्ना नहीं चाहता..... सच मतलब सच....

शनाया शुरू से ले के अब तक सब कुछ बाबा को बता देती है.... कैसे 3 बार वो प्रॉब्लम में आयी और प्रिंस ने उसकी जान और इज़्ज़त बचायी और किस तरह उसे प्रिंस से प्यार हुआ सब कुछ उसने सच सच बता दिया....

शनाया : मैं प्रिंस को दिल ो जान से चाहती हूँ.....

बाबा : अच्छा.... क्या कर सकती हो उस के लिए....?

शनाया : अपनी जान दे भी सकती हूँ और उसके लिए किसी की जान ले भी सकती हूँ.... मगर उसे कभी चोर नहीं सकती.... अपने दिल की गहराइयों से चाहती हूँ मैं उसे.... ये उसी का प्यार है जो मुझे हिम्मत दे रहा है आप के सामने सब सच कहने का.... और सच ये है की मैं उसे दिल ो जान से चाहती हूँ.... और जब तक ज़िंदा रहूंगी उसे hi चाहती रहूंगी..... प्रिंस के सिवाए न मेरी ज़िन्दगी में कोई आया है और न hi कभी आएगा..... मैंने अपना तन मन यहाँ तक की अपनी रूह भी उसके नाम कर दी है.....

बाबा : और अगर मैं ये कहूं की तुम प्रिंस को चाहने का सिर्फ दिखावा कर रही हो तो.....?

शनाया : जी नहीं प्रिंस के लिए मेरा प्यार दिखावा नहीं है... बल्कि सच्चा है..... आप चाहे तो आज़मा सकते हैं.... मैं उसके लिए अपना प्यार साबित करने के लिए कुछ भी कर सकती हूँ....

बाबा : ठीक है अगर ऐसी बात है तो वो सामने टेबल पे चाकू रखा है उसे उठाओ और अपने सीने में घुसा लो.... अगर तुमने ऐसा कर दिया तो मैं ये मान लूंगा की प्रिंस के लिए तुम्हारा प्यार सच्चा है.....

शनाया : क्या इस से ये साबित हो जाएगा की मेरे दिल में प्रिंस के लिए जो प्यार है वो सच्चा है....

बाबा : हाँ.....

बाबा के मुँह से हाँ सुन के शनाया फ़ौरन आगे बढ़ती है और टेबल पे पड़े चाकू को उठा के मुस्कुराते हुए अपने सीने में मार लेती है.....????????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 123

बाबा : ठीक है अगर ऐसी बात है तो वो सामने टेबल पे चाकू रखा है उसे उठाओ और अपने सीने में घुसा लो.... अगर तुमने ऐसा कर दिया तो मैं ये मान लूंगा की प्रिंस के लिए तुम्हारा प्यार सच्चा है.....

शनाया : क्या इस से ये साबित हो जाएगा की मेरे दिल में प्रिंस के लिए जो प्यार है वो सच्चा है....

बाबा : हाँ.....

बाबा के मुँह से हाँ सुन के शनाया फ़ौरन आगे बढ़ती है और टेबल पे पड़े चाकू को उठा के मुस्कुराते हुए अपने सीने में मार लेती है.....????????

अब आगे....

ठीक तभी प्रिंस वहां पहुँचता है.... शनाया की हरकत को देख के वो बुरी तरह से चौंक जाता है.... उसके मुँह से चीख निकल जाती है....

Shanayaaaaaaaaaaaa......

शनाया का नाम ले के वो ज़ोर से चीखता है और दौर के उसके पास जाता है..... और उसे अपने गॉड में उठा लेता है....

प्रिंस : बाबा आप देख क्या रहे हो.... जल्दी से डॉ के पास चलो....

ये कह के प्रिंस शनाया को गॉड में लिए बहार की तरफ भागने लगता है..... बाबा उसे आवाज़ देते रह जाते हैं मगर उस को जैसे कुछ होश hi नहीं.... उसे तो बस कुछ भी कर के शनाया को बचाना है.... वो शनाया को गॉड में लिए पागलों की तरह बहार की तरफ भाग रहा है...

तभी अचानक से वो होता है जिसके होते hi प्रिंस के कदम वही रुक जाते हैं..... वो आगे बढ़ hi नहीं पाटा और हैरत से शनाया की तरफ देखने लगता है.....

****************************************

इधर घर में सोना का दिल नहीं लग रहा है.... उसे रह रह के Sultaan/Prince की याद सत्ता रही है.... उसको याद करके उसकी आँखों से आंसू बह रहे हैं..... इस वक़्त उसे हॉस्पिटल में अपनी जान के पास होना चाहिए.... न की घर में... मगर वो है की अपनी जान को यूँ hi हॉस्पिटल में अकेला चोर के यहाँ घर में आराम से बैठी है.... ये कैसा प्यार है.... जो की उसे अपने प्यार की परवाह नहीं....

ज़रूर कोई तो बात है.... वर्ण यूँ hi कोई बेवफा नहीं होता....

मगर आखिर वो क्या बात है.....? वो क्या वजह है..... जो सोना को अपनी जान के पास जाने से रोक रही है.....? ऐसी क्या वजह है की वो अपनी जान अपने प्यार अपनी रूह से मिलने के लिए तड़प तो रही है मगर उसके पास नहीं जा रही.....? क्यों....? क्यों वो चुप चाप बीएड पे बैठी आंसू बहा रही है.....?

तभी वहां महक आ जाती है.... सोना को रोटा देख उसे बरी हैरत सी होती है.....

महक : सोना क्या हुआ तुझे.....? तू रो क्यों रही है.....? किसी ने कुछ कहा क्या.....? बता मुझे.....

महक की बात सुन के सोना चौंक जाती है..... वो महक के सवालों का जवाब दे भी तो क्या.....? मगर महक है की उसके सवाल ख़तम hi नहीं हो रहे हैं..... एक के बाद एक वो सवालों के बौछार किये जा रही है..... महक के इन सवालों के जवाब सोना नहीं देना चाहती.... मगर उसे कुछ तो कहना hi होगा..... अपने रोने की उसे कोई तो वजह बतानी hi होगी.... मगर क्या......? ये उसे समझ नहीं आ रहा..... तभी वो बात को बदल देती है...

सोना : नहीं यार मैं कहाँ रो रही हूँ..... वो क्या है न की मेरी आँख में कुछ चुभ रहा है... बस इसी वजह से मेरी आँखों से आंसू बह रहे हैं..... और कुछ नहीं....

महक : ला दिखा मुझे.... मैं निकाल देती हूँ.....

ठीक तभी सोना का मोबाइल बजने लगता है.... वो फ़ौरन मौके का फायदा उठा के बहार चली जाती है.....

****************************************

इधर प्रिंस के घर में....

शनाया : प्रिंस मैं ठीक हूँ.... मुझे कुछ नहीं हुआ....?

मगर प्रिंस है की कुछ सुन ने को तैयार hi नहीं.... वो बस पागलों की तरह शनाया को गॉड में लिए बहार की तरफ भाग रहा है....

जब शनाया को कुछ और नहीं सूझता तब वो प्रिंस का चेहरा अपने हाथों में ले लेती है और उसके होंठों को चूसने लगती है.... अचानक से शनाया की की हुई इस हरकत से प्रिंस की तंत्र टूट टी है.... वो चौंक के शनाया की तरफ देखता है.... उसे खुद से थोड़ा दूर करके उसके सीने की तरफ देखता है..... वहां न तो खून है और न hi कोई घाव..... इस बात से उसे जितनी हैरानी होती है उस से कई ज़्यादा ये देख के ख़ुशी होती है की शनाया ठीक है उसे कुछ नहीं हुआ.....

ख़ुशी में वो शनाया के पूरे चेहरे को चूमने लगता है....

प्रिंस : तुम ठीक हो.... शनाया.... तुम ठीक हो.... शुक्र है ऊपर वाले का तुम ठीक हो.... मैं बता नहीं सकता तुम्हे ठीक देख के मुझे कितनी ख़ुशी हो रही है.....

ये कह के प्रिंस ख़ुशी में शनाया के होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है..... बाबा की मौजूदगी का एहसास शनाया को तो है मगर ख़ुशी में प्रिंस भूल चूका है....

शनाया प्रिंस को खुद से दूर करने की बेहद कोशिश करती है मगर प्रिंस है की उसे चोर्ने को तैयार hi nahi.....badi मुश्किल से शनाया अपने होंठों को उसके होंठों से अलग करती है.... और शर्माते हुए कहती है.....

शनाया : प्रिंस ये क्या कर रहे हो.... बाबा सामने खड़े हैं....

ये कह के वो शर्म के मारे अपना चेहरा प्रिंस के सीने में छुपा लेती है.....

शनाया की बात सुन के प्रिंस को सब याद आ जाता है वो फ़ौरन पलट के बाबा की तरफ देखता है.... फिर शनाया से गुस्से में पूछता है.....

प्रिंस : तुम पागल हो क्या....?

शनाया ऐडा के साथ जवाब देती है....

शनाया : हाँ तुम्हारे प्यार में....

प्रिंस : क्या ज़रुरत थी ये सब करने की....? तुम्हे कुछ हो जाता तो.....?

शनाया : ज़रुरत थी.... मुझे तुम्हारे लिए अपने सच्चे प्यार को साबित करना था....

प्रिंस : इसके लिए तुम कुछ भी करोगी....

शनाया : हाँ.....

प्रिंस : चाहे तुम्हारी जान hi क्यों न चली जाए....?

शनाया : तुम मेरी जान हो..... और अपनी जान पे मेरी जान तो क्या सब कुछ कुर्बान है.... तू है तो मैं हूँ.... जो तू नहीं तो मैं भी नहीं....

प्रिंस फिर बाबा की तरफ देखता है और उनसे सवाल करता है....

प्रिंस : बाबा ये तो पागल है दीवानी है.... मगर आपको क्या ज़रुरत थी ये सब करने की....? इसे मौत के मुँह में डालने से पहले आप ने एक बार भी नहीं सोचा..... अगर इसे कुछ हो जाता तो.... ये मर जाती तो....

बाबा : सोचा.... बहुत सोचा.... एक नहीं बल्कि 100 बार सोचा.... मगर मेरी साड़ी सोच तुझपे आ के ख़तम हो गयी.... तेरे लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ.... अब मैं तुझे किसी के प्यार के लिए और तड़पता नहीं देख सकता.... पहले भी कई बार तेरे साथ धोका हो चूका है.... अब की बार नहीं.... मैं नहीं चाहता था की इस बार भी तेरे साथ धोका हो.... शनाया तुझे प्यार का झूठा नाटक कर के तुझे धोका दे.... इस लिए मैंने इसे ऐसा करने को कहा.... अगर इसका प्यार झूठा होगा तो ये मेरी बात नहीं मानेगी... और अगर इसका प्यार सच्चा होगा तो ये उसे साबित करने के लिए मेरी बात ज़रूर मानेगी....

प्रिंस : मगर इसे कुछ हो जाता तो....?

बाबा : इसे कुछ नहीं होता..... भला नकली चाकू से भी कोई मारा है क्या....?

प्रिंस शॉकेड : नकली चाकू....

बाबा प्रिंस को चाक़ू उठा के दिखते हैं....

बाबा : ये चाकू नकली है.... इस बात का पता मुझे था मगर शनाया को नहीं.... इसने आज मेरी बात मान के जो किया उस से ये साबित हो गया की ये वाकई में तुझे दिल ो जान से चाहती है... तेरे लिए ये अपनी जान दे भी सकती है और किसी की जान ले भी सकती है.... ये पागलों की तरह चाहती है तुझे.... इस से बढ़ के तुझे और कोई नहीं छह सकता.... प्रिंस इसे जाने मत देना... इसे अपना ले... इस जैसी दीवानी तुझे पूरी दुनिया में नहीं मिलेगी....

बाबा की बात सुन के प्रिंस शनाया की तरफ देख के कहता है....

प्रिंस : प्यार में और पागलपन में कुछ तो फर्क होता होगा....

शनाया : जी नहीं..... सच्चे प्यार और पागलपन में ज़्यादा फर्क नहीं होता.... प्यार में पागल दिल hi अपने प्यार के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहता है.... और यहाँ तो बात तुम्हारे लिए मेरे दिल में सच्चे प्यार की थी.... मैं अपने सच्चे प्यार को कैसे झूठा साबित होने देती.... उसे सच साबित करने के लिए मुझे जो ठीक लगा मैंने वो किया.....

प्रिंस : क्या ख़ाक ठीक लगा.... तुमने ये सोचा है अगर ये चाकू असली होता तो क्या होता....?

शनाया : ज़्यादा से ज़्यादा क्या होता..... ये मेरे सीने में घुस जाता और मैं अपनी जान के नाम कुर्बान हो जाती..... इस से मेरा प्यार तो सच साबित हो जाता....

शनाया की बात सुन के प्रिंस एक थप्पड़ उसे गाल पे मारता है....

Chataaaaaaaaaaak....

फिर उसे कास के अपने सीने से लगा लेता है.....

प्रिंस : आज कह दिया सो कह दिया.... दोबारा तुमने ऐसा कहा तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.... जब तक मैं ज़िंदा हूँ तुम्हे कुछ नहीं होने दूंगा.....

ये कह के प्रिंस शनाया को कास के अपने सीने से लगा लेता है.....

शनाया : नहीं कहूँगी.... आज के बाद मैं ऐसा कभी नहीं कहूँगी..... मगर तुम मुझसे एक वादा करो चाहे जो हो जाए.... तुम मेरा साथ कभी नहीं छोड़ोगे....

प्रिंस : मैं वादा करता हूँ मैं तुम्हारा साथ कभी नहीं छोड़ूंगा.... चाहे जो हो जाए.... क़यामत hi क्यों न आ जाए.... मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगा.....

प्रिंस की बात सुन के शनाया ख़ुशी में उसके होंठों को चूम लेती है और उसे अपने मुँह में ले के चूसने लगती है.....

बाबा : अरे कुछ तो शर्म करो.... मेरे सामने hi शुरू हो गए.....

बाबा की बात सुन के शनाया फ़ौरन प्रिंस से अलग हो जाती है... और शर्माने लगती है....

शनाया को इस तरह शर्माते देख प्रिंस हैरत से पूछता है....

प्रिंस : तुम्हे शर्म भी आती है....?

शनाया : क्यों मैं लड़की नहीं हूँ क्या....? बाकी लड़कियों की तरह मुझे भी शर्म आती है....

प्रिंस : वो क्या है की आज पहली बार तुम्हे शरमाते देखा न तो पूछ लिया.....

ये कह के प्रिंस हसने लगता है....

हहहहहहह.....

प्रिंस को यूँ हस्ते देख शनाया चीड़ के कहती है.....

शनाया : वैरी फनी.... अब यूँ हसना चोरो और मुझे ये बताओ की वो कई बार पहले क्या हुआ था....?

शनाया की बात सुन के प्रिंस खामोश हो जाता है.....

बाबा : तू चल मेरे साथ मैं तुझे सब बताता हूँ.....

ये कह के बाबा शनाया को साथ लेके अपने रूम में चले जाते हैं.... वहां वो उसे मलिका सुनहरी और पारी के बारे में बताते हैं... सब जान के शनाया बेहद गुस्से में आ जाती है.... उसकी आँखें गुस्से में लाल हो जाती हैं.....

शनाया : उन दोनों कामिनियों की इतनी हिम्मत की उन दोनों ने मेरे जान के साथ ऐसा किया..... उनको मैं ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी.... खून पी जाउंगी मैं उनका.....

ये कह के शनाया बेहद गुस्से में बहार की तरफ जाने लगती है..... मगर अचानक से वो रुक जाती है और ज़ोर ज़ोर से हसने लगती है.... ख़ुशी से नाचने लगती है..

शनाया की हरकत को देख बाबा को बेहद हैरानी होती है....

बाबा : शनाया कहीं तुम पागल तो नहीं हो गयी.... प्रिंस के साथ जो हुआ उसे सुन के तुझे ख़ुशी हो रही है.....?

शनाया : हाँ बाबा आज मैं बेहद खुश हूँ.... बात जो ख़ुशी की है.... मुझे अपनी अच्छी किस्मत पे ख़ुशी हो रही है.... और उन दोनों की बदकिस्मती पे अफ़सोस.... वो दोनों बदकिस्मत थी जो प्रिंस का प्यार पा के भी न पा सकीय.... मगर मैं ऐसा नहीं करुँगी..... मैं प्रिंस को दिल ो जान से चाहती हूँ.... और उसका प्यार पा के रहूंगी.... चाहे इस के लिए मुझे कुछ भी क्यों न करना पड़े..... और रही बात उन कामिनियों की तो मैं उन दोनों को छोड़ूंगी नहीं.... उनका ऐसा हाल करुँगी की वो दोनों आज के बाद मेरे प्रिंस के साथ ऐसा करने के बारे में सपने में भी नहीं सोचेंगी.....

शनाया की बात सुन के बाबा खुश हो के उसे अपने सीने से लगा लेते हैं....

बाबा : आज से तू मेरी बहु के साथ साथ मेरी बेटी भी है.....

शनाया : सच बाबा....

बाबा : हाँ.....

बाबा की हाँ सुन के शनाया की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता..... वो ख़ुशी में नाचने लगती है.....

बाबा उसे रोक के कहते हैं....

बाबा : अभी तू मेरी आधी बहु बानी है पूरी नहीं....

शनाया: आधी बहु मतलब....?

बाबा : अभी सिर्फ मैंने तुझे अपनी बहु माना है प्रिंस ने अपनी बीवी नहीं.... जिस दिन वो अपने प्यार का इज़हार कर के तुझे अपनी बीवी बनाएगा उस दिन तू मेरी पूरी बहु बन जायेगी.....

शनाया : बाबा.... आपने हाँ कर दी है.... अब देखिये मैं कैसे प्रिंस से हाँ करवाती हूँ.... अब कहाँ जाएगा मुझसे बच के.... जल्द hi मैं उस से प्यार का इज़हार करवा lungi.....aur फिर बन जाउंगी आपकी पूरी बहु....

शनाया की बात सुन के बाबा उसे गले लगा के कहते हैं.....

बाबा : और साथ में बेटी भी.....

शनाया ख़ुशी में बाबा के सीने से लिपट जाती है.....

शनाया : ी लव यू बाबा.... ी लव यू....

बाबा : मुझे नहीं जा के प्रिंस को बोल....

शनाया : मैंने तो बोल दिया है.... अब बस उनके इज़हारे मोहोब्बत का इंतज़ार है....

ये कह के शनाया शर्माने लगती है....

बाबा : अब बस शर्माती hi रहेगी या फिर कुछ करेगी भी....

बाबा की बात सुन के शनाया जाने लगती है...

बाबा : अब कहाँ चली....?

शनाया शर्माते हुए : उनसे हाँ केहेल वाने....

ये कह के शनाया शर्माते हुए रूम से बहार निकल जाती है.... और प्रिंस को साथ ले के बहार की तरफ चल देती है.....

प्रिंस : चलो तुम्हे घर चोर देता हूँ....

शनाया : जी नहीं मुझे घर नहीं जाना..... मुझे तो अपनी जान के साथ घूमना है..... डांस करना है..... खाना है.... पीना है.... मज़े करना है.....

शनाया की बात सुन के प्रिंस चुप चाप उसे देखने लगता है.....

प्रिंस को यूँ खुद को घूरते देख शनाया को ऐसा लगता है की वो उसे मन कर देगा.... इस बात से निराश हो के वो जाने लगती है की तभी प्रिंस उसका हाथ पकड़ के कहता है.....

प्रिंस : क्या हुआ कहाँ जा रही हो.....? अभी तो कह रही थी.... घूमना है..... डांस करना है..... खाना है.... पीना है.... मज़े करना है..... अब यूँ अचानक से जाने लगी....

शनाया : मुझे ऐसा लगा की तुम मुझे मन कर डोज..... इस लिए इस से पहले की तुम मुझे मन करो मैं खुद hi यहाँ से जा रही थी.....

प्रिंस : मैं भला तुम हे मन क्यों करूँगा..... मैं तो ये सोच रहा था की तुम जाने क्या कह दो.... आज अगर तुम ने वो माँगा होता तो शायद मैं वो भी कह देता....

शनाया : वो मतलब.....?

प्रिंस : मतलब.... इज़हारे मोहोब्बत....

प्रिंस की बात सुन के शनाया ख़ुशी से उछाल पड़ती है.....

शनाया : क्याआआआ.....? सच्ची..... तुम वो कहने वाले थे.....

प्रिंस : नहीं कहने तो नहीं वाला था.... मगर हाँ अगर तुम कहने को कहती तो मैं कह देता..... आज मेरा मूड बहुत अच्छा है....

शनाया : क्याआआआ.... तुम सच कह रहे हो.....?

प्रिंस : हाँ..... ऐसे मामले में मैं झूट नहीं बोलता..... और तुम से तो कभी नहीं.... और वैसे भी तुम्हारे जितना चाहने वाली मुझे मिलेगी कहाँ.... खैर जो बात हुई नहीं उसका क्या ज़िक्र करना.... चलो घूमने चलते हैं.....

शनाया : नहीं पहले वो बात कहो जिसे सुन ने के लिए मैं जाने कब से तड़प रही हूँ.....

प्रिंस अनजान बन उसे परेशान करते हुए कहता है....

प्रिंस : कौनसी बात.....?

शनाया : क्यों तड़पा रहे हो जान....? अब कह भी दो न.... प्यार के वो 3 लफ्ज़.... ी लव यू.....

शनाया की बात सुन के प्रिंस कहता है.....

प्रिंस : तुम क्या चाहती हो की मैं वो बात यूँ hi कह दूँ.... अगर मैंने ऐसे hi कहा तो उसके कोई मायने नहीं होंगे..... ऐसा लगेगा की वो बात मैंने बस कहने के लिए कह दी..... जो मैं नहीं चाहता.... मैं चाहता हूँ की जब भी मैं वो 3 लफ्ज़ कहूं तो दिल से कहूं..... सच्चे दिल से न की तुम्हारा दिल रखने के लिए.... मैं चाहता हूँ की मेरे दिल से निकले वो 3 लफ्ज़ सीधे तुम्हारे दिल तक जाए.... लेकिन अगर फिर भी तुम मुझसे अभी ऐसे hi सुन न चाहती हो तो लो मैं कह देता हूँ.... ी.... ल.....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी अचानक से उसकी आवाज़ उसके मुँह में hi डाब के रह जाती है..... वो आगे कुछ कह hi नहीं पाटा.....

शनाया ने काम जो ऐसा किया था.....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 124

शनाया : क्यों तड़पा रहे हो जान....? अब कह भी दो न.... प्यार के वो 3 लफ्ज़.... ी लव यू.....

शनाया की बात सुन के प्रिंस कहता है.....

प्रिंस : तुम क्या चाहती हो की मैं वो बात यूँ hi कह दूँ.... अगर मैंने ऐसे hi कहा तो उसके कोई मायने नहीं होंगे..... ऐसा लगेगा की वो बात मैंने बस कहने के लिए कह दी..... जो मैं नहीं चाहता.... मैं चाहता हूँ की जब भी मैं वो 3 लफ्ज़ कहूं तो दिल से कहूं..... सच्चे दिल से न की तुम्हारा दिल रखने के लिए.... मैं चाहता हूँ की मेरे दिल से निकले वो 3 लफ्ज़ सीधे तुम्हारे दिल तक जाए.... लेकिन अगर फिर भी तुम मुझसे अभी ऐसे hi सुन न चाहती हो तो लो मैं कह देता हूँ.... ी.... ल.....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी अचानक से उसकी आवाज़ उसके मुँह में hi डाब के रह जाती है..... वो आगे कुछ कह hi नहीं पाटा.....

शनाया ने काम जो ऐसा किया था.....?????

अब आगे....

वो प्रिंस के होंठों को अपने मुँह में ले के उसे चूसने लगती है..... दोनों इस पल में खो से जाते हैं.... शनाया के नाज़ुक बूब्स प्रिंस के सीने में दबने लगते हैं.... इस एहसास से दोनों के जिस्म के जिस्म में मस्ती की लेहेर सी दौरने lagi....Masti में शनाया अपनी जुबां प्रिंस के मुँह में दाल के घूमने लगती है.... प्रिंस भी मस्ती में उसकी जुबां को चूसने लगता है.... साथ hi अपने हाथ उसके सेक्सी जिस्म पे घूमने लगता है..... एक हाथ से उसके बूब्स को दबाते हुए अपने दूसरा हाथ से उसके चूतड़ों को मसलने लगता है.... प्रिंस के इस हरकत से शनाया मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है.... उसके जिस्म में मस्ती की लेहेर तेज़ी से दौरने लगती है.... मस्ती में वो प्रिंस के होंठों को वाइल्ड तरीके से काटने लगती है.... प्रिंस भी इस में उसका पूरा साथ देने लगता है..... धीरे धीरे शनाया की मस्ती सातवे आसमान पे पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और उसकी छूट से कामर्स की नदी बह के उसकी पंतय को भिगोने लगती है.... कुछ देर बाद प्रिंस उस से अलग हो जाता hai....Prince के अलग होते hi शनाया उस से पूछती है....

शनाया : क्या हुआ जान इतना मज़ा आ रहा था... अलग क्यों हो गए.....?

प्रिंस : अलग न होता तो जाने आगे क्या हो जाता.....?

शनाया : क्या हो जाता....?

प्रिंस : तू बिन ब्याहे माँ और मैं बाप बन जाता..... याद है नील ज़हर या भूल गयी....?

शनाया : है उसमे भी तो अपना hi मज़ा होता....

प्रिंस : तू न बहुत बिगड़ गयी है....

शनाया : क्या करूँ जान जब साथी इतना हैंडसम और सेक्सी हो तो बिगड़ने में hi मज़ा आता है....

प्रिंस : बेशर्म कहीं की कुछ तो शर्म कर लिया कर.....

शनाया : अपनी जान से कैसी शर्म....

ये कह के वो आगे बढ़ती है और प्रिंस के होंठों को चूम लेती है.... प्रिंस उसे फ़ौरन खुद से दूर हटा के कहता है....

प्रिंस : क्यों तड़पने पे तुली है... प्लीज मत कर ये सब कहीं ऐसा न हो की मैं अपना सब्र खो दूँ और वो हो जाए जो नहीं होना चाहिए.....

शनाया : है मैं तो कब से उसके लिए तड़प रही हूँ.... चल आज वो कर hi लेते हैं....

प्रिंस : मतलब....

शनाया : है जान..... जान के भी अनजान बनना कोई तुम से सीखे.... मैं सुहागरात की बात कर रही हूँ..... चल आज वो मन hi लेते हैं....

प्रिंस : चुप कर बेशर्म..... कुछ भी कहती है..... अब चल यहाँ से....

शनाया : अच्छा जी मैं बेशर्म और तुम क्या हो..... याद है कैसे मेरे बूब्स और बूम दबा दबा के मेरा हाल बुरा कर रहे थे.... देखो मेरी पंतय पूरी गीली कर दी है तुमने.....

प्रिंस : लो जी उल्टा चोर कोतवाल को डांटे.... वो सब मैंने नहीं बल्कि तू ने किया था....

शनाया : चलो मान लिया की गलती तुम्हारी नहीं हमारी थी..... मगर मेरे कपडे खराब हो गए हैं.... अब मैं इस हालत में घर कैसे जाउंगी....?

प्रिंस : चल पहले तुझे कपडे hi दिलाता हूँ फिर तुझे घर चोर दूंगा....

शनाया : मैं बस 2 मिनट में आयी....

प्रिंस : अब कहाँ चल दी.....

शनाया शर्माते हुए : व.... व..... वो वहां नीचे गीला गीला सा लग रहा है.... मैं बस अभी आयी.....

ये कह के वो शरमाते हुए बाथरूम में भाग जाती है....

बाथरूम से आने के बाद शनाया शर्माते हुए बहार की तरफ जाने लगती है....

प्रिंस : अबे अब तुझे क्या हुआ.....? अभी कुछ देर पहले तो बेशर्म बन रही थी अब यूँ अचानक से सामने क्यों लगी.....?

शनाया : अब लड़की हूँ तो शर्माउंगी न....

ये कह में वो प्रिंस के सीने में अपना मुँह छुपा लेती है.... प्रिंस भी मुस्कुराते हुए उसे अपनी बाहों में कास लेता है....

फिर दोनों मॉल में चले जाते हैं....

प्रिंस खुद शनाया के लिए कुछ ड्रेस चूसे करके उसे तरय करने ट्रायल रूम में भेज देता है.... और उसका इंतज़ार करने लगता है.... जब काफी देर तक शनाया वापिस नहीं आती तो उसे फीके होने लगती है.... वो फ़ौरन ट्रेल रूम की तरफ बढ़ जाता है.... और उसे नॉक कर के पूछता....

प्रिंस : शनाया तुम ठीक तो हो न....

शनाया ट्रायल रूम का दरवाज़ा थोड़ा सा खोल के प्रिंस से पूछती है.....

शनाया : हाँ मैं ठीक हूँ.... मगर तुम्हे क्या हुआ तुम इस तरह क्यों पूछ रहे हो.....?

प्रिंस : वो तुम्हे काफी वक़्त लग गया था तो मुझे लगा की खैर..... वैसे एक ड्रेस ट्रायल करने में भला कोई इतना वक़्त लगता है क्या....?

शनाया : यार कुछ प्रॉब्लम हो गयी है... तभी वक़्त लग रहा है.....

प्रिंस : प्रॉब्लम....!!! कैसी प्रॉब्लम....?

शनाया : वो.... वो... वो... क्या.... है की... मैंने ड्रेस के अंडर कुछ (ब्रा और पंतय) नहीं पहना है..... मेरी ब्रा और पंतय गन्दी हो गयी थी जिसे मैंने घर में उतार दिया था.... तो इस लिए मैं बिना ब्रा पंतय पहने hi आ गयी....

प्रिंस : मतलब तुम इस वक़्त ट्रायल रूम के अंडर नंगी कड़ी हो.....!!!

शनाया ने शरमाते हुए जवाब दिया....

शनाया : हाँ....

शनाया की हाँ सुन के प्रिंस को मस्ती सूझने लगती है.... वो उसे चरते हुए कहता है....

प्रिंस : वाओ..... है कितने किस्मत वाले हैं इस ट्रायल रूम के शीशे जो तुम्हारे बेहद खूबसूरत और सेक्सी जिस्म को देख रहे हैं.....

शनाया शर्माते हुए : जान प्लीज कुछ करो न..... मुझे एक ब्रा पंतय ला दो न....

प्रिंस : नहीं पहले तुम मुझे वो ड्रेस पहन के दिखाओ जो मैंने तुम्हारे लिए पसंद की है.... जिसे तुम ने अभी पहना हुआ है....

प्रिंस : मैंने वो ड्रेस पूरा नहीं पहना अभी ज़िप लगाना बाकी है....

प्रिंस : इस में कौन सी बड़ी बात है ज़िप मैं लगा देता हूँ.....

ये कह के प्रिंस ट्रायल रूम का दरवाज़ा खोल के अंडर घुस जाता है और दरवाज़ा बंद कर देता है.....

शनाया प्रिंस को अपने सामने देख के शर्मा जाती है और पीछे घूम के कड़ी हो जाती है.....

प्रिंस शनाया के नंगे जिस्म ख़ास कर के उसके बेहद सेक्सी नंगे चूतड़ों को देख के मदहोश सा हो जाता है.....

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वो एक तक बस उन्हें देखता hi रह जाता है.... प्रिंस को यूँ अपने चूतड़ों को घूरते देख शनाया शर्म से पानी पानी होने लगती है.....

शनाया शरमाते हुए : प्रिंस कुछ करोगे भी या फिर यूँ hi बस घूरते रहोगे......

शनाया की बात सुन के प्रिंस की तंत्र टूट टी है.....

प्रिंस : वाओ शनाया..... मुझे नहीं पता था की तुम इतनी हसीं और सेक्सी हो.... है आज तक इतने सेक्सी चूतड़ मैंने नहीं देखे..... जब पीछे से तुम इतनी खूबसूरत हो तो आगे क्या मस्त नज़ारा होगा.... है कोई सम्भालो मुझे.... कहीं तुम्हारे हुस्न का जादो मुझसे कोई खता न करवा बैठे....

ये कह के प्रिंस आगे बढ़ता है और शनाया के चूतड़ों को हाथ से मसल के कहता है....

प्रिंस : है जान तुम्हारी मदमस्त जवानी का मैं आशिक हो गया....

ये कह के प्रिंस शनाया के चूतड़ों को अपने हाथ में ले के दबाने लगता है साथ hi उसकी नरम मुलायम मखमली गर्दन को भी चूमने लगता है....

प्रिंस की इस हरकत पे शनाया का जिस्म मस्ती से सिहर उठता है.... उसके मुँह से मादक सिसकारी निकलने लगती है..... साथ hi उसकी छूट से काम रास की कुछ बूँदें टपक जाती हैं.....

शनाया : मममममम.... आआआआअह्ह्ह्हह.... है जान.... ये क्या कर रहे हो....?

प्रिंस : अपनी जान को प्यार कर रहा हूँ.....

प्रिंस मस्ती में शनाया के चूतड़ों को दबाने के साथ साथ उसके कंधे को चूमते हुए नीचे की तरफ आने लगता है....

धीरे धीरे वो उसके मखमली चूतड़ तक पहुँच जाता है फिर एक एक करके वो उसके चूतड़ों को चूम के कहता है....

प्रिंस : जान.... आज अगर मैं कोई गुस्ताखी कर जाऊं तो मुझे गलत न समझना.... तुम्हारा ये बेमिसाल हुस्न न चाहते हुए भी मुझे गुस्ताखी करने पे मजबूर कर रहा है....

ये कह के प्रिंस बिना शनाया का जवाब सुने पागलों की तरह उसके चूतड़ों को चूमने लगता है..... उन्हें अपने हाथों में ले के दबाने लगता है.... मसलने लगता है.....

प्रिंस की इस हरकत से शनाया सिसकारी लेते हुए मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है.... वो छह के भी प्रिंस को रोक नहीं पाती..... उसकी रास चोरटी छूट उसे प्रिंस को रोकने से मन कर रही hai.....aakhir शनाया छूट के हाथों मजबूर हो के मस्ती में सिसकारी लेते हुए... इस हसीं पल का मज़ा लेने लगती है.....

तभी अचानक से प्रिंस उसे अपनी तरफ घुमा देता है.... फिर सामने से उसकी स्कर्ट रुपी घूंघट उठा के उसकी कमसिन कुंवारी चिकनी छूट का दीदार करता है.....

प्रिंस की इस हरकत पे शनाया और उसकी छूट शर्म से पानी पानी हो जाती है..... वो फ़ौरन अपने हाथ से अपनी छूट को छुपा लेती है....

प्रिंस शनाया का हाथ हटा के उसकी कमसिन चिकनी छूट को देख मदहोश हो जाता है और आगे बढ़ के उसकी छूट को चूम लेता है.... शनाया का पूरा जिस्म गंगना जाता है..... उसकी मुँह से मादक सिसकारी निकलने लगती है....

Aaaaaaaaaahhhhhh..... मममममममम ..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.....

प्रिंस शनाया के चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से पकड़ के उसकी छूट को अपने करीब लाता है फिर अपनी जुबां बहार निकाल के उसकी छूट को चाट लेता है....

प्रिंस की इस हरकत पे शनाया को 440 वाल्ट का झटका लगा.....

फिर प्रिंस ने उसकी छूट के होंठों को अपने होंठों में दबाया और उसको चूसना शुरू कर दिया..... मस्ती में शनाया की छूट से तेज़ी से रास निकलने लगा.... उसकी छूट का रास कुछ मीठा सा तो कुछ नमकीन सा था...... शनाया के छूट से निकल रही मादक खुशबु प्रिंस को पागल बनाने के लिए काफी थी..... फिर वो शनाया की छूट के दाने को अपने मुँह में लेके चूसने लगा..... मस्ती शनाया पागल सी हो गयी.... इतनी मस्ती उसे पहले कभी नहीं चढ़ी थी..... जितनी मस्ती उसे उसका प्रिंस अपनी जुबां से उसकी छूट को चाट चाट के दे रहा है..... शनाया मस्ती में प्रिंस का सर अपनी छूट पे दबाते हुए सिसकारी लेने लगती है..... उसकी छूट से काम रास की तेज़ धार बहने लगती है......

शनाया : हाँ.... जान.... ऐसे hi छतो मेरी छूट को..... और कास के चाटो.... खा जाओ इसे.... मममममममम..... Aaaaaaaaaagggghhhhh..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह..... ममममममम..... Sssssssssssss..... ऊऊऊऊह्ह्ह्ह..... बड़ा मज़ा आ रहा है..... ऐसा मज़ा मुझे पहली बार मिल रहा है... और कास के चाटो......

ये कह के शनाया अपनी गांड आगे पीछे करते हुए अपनी छूट प्रिंस के मुँह में रगड़ने लगी..... साथ hi मस्ती में जाने क्या क्या बड़बड़ाये जा रही है....

अचानक से उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो मस्ती में एक तेज़ सिसकारी लेते हुए प्रिंस के मुँह में झड़ने लगी..... प्रिंस को जब इस बात का एहसास हुआ तब उसने अपनी मुँह शनाया की छूट से जोड़ दिया और मज़े ले के उसकी छूट से निकल रहे कॉमर्स को चाट चाट के पीने लगा..... इधर मस्ती तो प्रिंस पे भी चने लगी उसका लुंड खड़ा होक उसकी पंत में ुचा कूद मचने लगा....

झड़ने के बाद शनाया निढाल होक गिरने को हुई तो प्रिंस ने फ़ौरन उसे अपनी मज़बूत बाहों में थाम लिया.... ताकि वो नीचे न गिर जाए.....

फिर बड़े आराम से उसे ज़मीन पे लेता के एक बार फिर से उसकी छूट को चाटने लगा..... अपनी जुबां उसकी टाइट छूट के छेद में घुसा के अंडर बहार करने लगा..... जैसे की वो अपनी जुबां से उसकी नाज़ुक कमसिन छूट छोड़ रहा हो..... प्रिंस की इस हरकत पे शनाया एक बार फिर से मस्ती के आसमान में उड़ने लगी.... वो अपनी गांड उठा उठा के प्रिंस के मुँह पे धक्का मारने लगी.... जिस से प्रिंस की जुबां और भी अंडर तक उसकी छूट में जा सके.....

शनाया : हाँ.... जान.... ऐसे hi छतो मेरी छूट को..... और कास के चाटो.... खा जाओ इसे.... मममममममम..... Aaaaaaaaaagggghhhhh..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह..... ममममममम..... Sssssssssssss..... ऊऊऊऊह्ह्ह्ह..... बड़ा मज़ा आ रहा है..... ऐसा मज़ा मुझे पहली बार मिल रहा है... और कास के चाटो...... घुसा दो अपनी पूरी ज़ुबाहाँ..... मेरी चूऊउउउउउउत में..... ममममममम..... है इस मज़े के लिए जाने कब से तड़प रही थी..... आज जाके मुझे ये सुख प्राप्त हुआ है.... आज चाट चाट के मेरी छूट का पूंऊऊऊरा.... पानी nikaaaaaaaaaaal... दो..... मममममममम ... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.... आआआअह्ह्ह्ह..... ममममम....

ोोोोोूह..... माआआ.... है कितना मज़ाआआ अअअअअ रहा है जाआआआं.... हैं ऐसे hi करते रहो..... वह क्या मस्ती चढ़ रही है..... लगता है बहुत जल्द मेरी छूट झाड़ जायेगी....

उसकी नंगी गांड ज़ोर ज़ोर से ऊपर नीचे.... आगे पीछे हिलने लगी....

शनाया की बात सुन के प्रिंस पूरे जोश में आ के अपनी जुबां से उसकी छूट छोड़ने लगा.....

एक बार फिर से शनाया का जिस्म अकड़ने लगा..... वो प्रिंस के सर को अपनी छूट पे कास के दबाते हुए उसके मुँह में झड़ने लगी.... देखते hi देखते प्रिंस का पूरा चेहरा शनाया की छूट रास से भर गया.....

प्रिंस उसकी छूट को तब तक लगातार चुस्त रहा जब तक की वो दोबारा नहीं झाड़ गयी..... वो इतनी जोर से झड़ी की उसकी छूट से जैसे बाढ़ hi आ गयी..... प्रिंस का पूरा चेहरा यहाँ तक की उसकी शर्ट भी शनाया की छूट रास से पूरी तरह से भीग गयी.....

प्रिंस ने शनाया की छूट से निकले स्वादिस्ट रास को चाट कर पूरी तरह साफ़ कर दिया..... फिर उसके ऊपर आ के उसके होठों को चूसने लगा.....

शनाया भी मस्ती में प्रिंस के होंठों को चूसने लगी..... उसके होंठों पे लगे अपनी छूट के रास को मज़े ले के चाट ने लगी..... अभी उनकी किश को 5 मिनट्स भी नहीं हुए होंगे की तभी शनाया का जिस्म अकड़ने लगा और वो मस्ती में आ के झड़ने लगी.....

शनाया निढाल होक ज़मीन पे पद गयी..... कुछ देर बाद जब उसकी मस्ती कुछ काम हुई तब प्रिंस को खुद को यूँ घूरते देख वो शर्म से पानी पानी हो गयी और उसने अपना चेहरा उस के सीने में छुपा लिया....

प्रिंस अभी कुछ कहने hi वाला था की तभी दरवाज़े पे दस्तक हुई.... दोनों हड़बड़ा के उठ खड़े हुए.....

प्रिंस ने फ़ौरन शनाया की ड्रेस ठीक करके उसकी ज़िप बंद कर दी.... और बहार निकल के देखा.... बहार खड़े शख्स को देख उसके पैरों टेल से ज़मीन निकल गयी..... दर के मारे उसकी हालत खराब हो गयी.... उसे समझ नहीं आ रहा है की वो करे तो क्या करे.....???????

***************************************

इधर ......... हॉस्पिटल में.....

जब उस लड़की के घर वालों को उसके एक्सीडेंट के बारे में पता चलता है तब वो फ़ौरन वहां आ जाते हैं....

नर्स : आप सब कौन हैं और यहाँ पेशेंट के रूम में क्या कर रहे हैं....? चलिए निकालिये बहार.... जाने कहाँ कहाँ से मुँह उठा के चले आते हैं....?

अभी नर्स ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है....

Chataaaaaaaaaaaaaak....

उनमे से एक आदमी जो दिखने में पहलवान सा है वो आगे बढ़ के नर्स का गिरेबान पकड़ के उस से गुस्से में कहता है.....

अबे साली तेरी हिम्मत कैसे हुई साहब से ऐसे बात करने की.... तू जानती है ये कौन हैं....

नर्स घबराते हुए न में अपनी गर्दन हिला देती है....

बाप है ये इस शहर के.... नाम है.... दिनेश ठाकुर.... और तू ने इनके साथ बदतमीज़ी करने की कोशिश की.... देख अब तेरी गलती की तुझे वो सजा दूंगा की आइंदा तू कुछ बोलने के लायक न रहेगी....

ये कह के वो उस नर्स को मारने hi वाला होता है की तभी बीएड पे लेती पेशेंट की आवाज़ सुनके सब पलट के उसकी तरफ देखते हैं.... साथ hi वो पहलवान भी नर्स को चोर के उस तरफ पलट ता है.... ठीक तभी नर्स फ़ौरन चुप चाप अपनी जान बचा के वहां से भाग जाती है...

ठाकुर फ़ौरन अपनी बेटी के पास जा के उस से पूछते हैं....

जी हाँ ये और कोई नहीं बल्कि दिनेश ठाकुर की बेटी और म्यूजिकल डॉन शांती की छोटी मगर खतरनाक बेहेन कोमल ठाकुर है....

ठाकुर : बीटा तू ठीक तो है न....

कोमल : डैड दर्द बहुत हो रहा है साथ hi सर भी घूम रहा है.... बस ये जान के दिल को सुकून मिल रहा है की मैं ज़िंदा हूँ....

ठाकुर : मगर ये हुआ कैसे....?

कोमल : पता नहीं डैड.... ये सब कैसे हुआ....? जब मुझे ये पता चला की अपने जिन गुंडों को मैंने उस कमीने प्रिंस को पकड़ के लाने को कहा था उन्हें उस कमीने ने मारा तब गुस्से से मेरा दिमाग फटने लगा और मैं उसे खुद अपने हाथों से सजा देने के लिए गुस्से में अपनी कार ले के स्पीड में चल दी.... कुछ दूर जाने के बाद मुझे पता चला की कार के बरअक्स फ़ैल हैं.... मैंने कार को रोकने या स्लो करने की बहुत कोशिश की मगर न hi वो स्लो हो रही थी और न hi रुक रही थी.... यहाँ तक की उसका स्टीयरिंग व्हील भी जैम हो गया था.... कार तेज़ी से खायी की तरफ जाने लगी.... मुझे सामने खायी के रूप में अपनी मौत नज़र आने लगी.... उस वक़्त पहली बार मुझे एह्साह हुआ की मौत का दर क्या होता है....? मैं सब कुछ भूल के ऊपर वाले से बस कुछ वक़्त के लिए अपनी जान बचने की दुआ मांगने लगी ताकि मैं उस कमीने प्रिंस को जिसने मेरे भाई की ऐसी हालत की की वो कोमा में चला गया उस प्रिंस को अपने हाथों से सजा दे सकूँ.... ठीक तभी मुझे ऐसा लगा जैसे की ऊपर वाले ने मेरी दुआ सुन ली.... जाने कहाँ से एक फरिश्ता मेरी जान बचने वहां आ गया.... उसने अपनी जान की परवाह न करते हुए.... ************************ और फिर वो मुझे हॉस्पिटल ले आया....

ठाकुर : कौन था वो जिसने अपनी जान पे खेल के मेरे जिगर के टुकड़े की जान बचायी.....?

कोमल : पता नहीं डैड वो कौन था... मैं तो ठीक से उसका चेहरा तक न देख पायी.... सिवाए उसकी नीली आँखों और उस काले टिल के....

अभी ठाकुर कुछ कहने hi वाले होते हैं की तभी वहां डॉ आ के कोमल को चेक करता है....

ठाकुर : डॉ अब मेरी बेटी कैसी है....?

डॉ : ये काफी हद तक ठीक है.... कल सुबह हम इसे डिस्चार्ज कर देंगे....

ठाकुर : शुक्रिया डॉ मेरी जान मेरी बेटी की जान बचने के लिए....

डॉ : जी शुक्रिया मेरा नहीं बल्कि उस फ़रिश्ते का ऐडा कीजिये जिस की वजह से आज आपकी बेटी ज़िंदा hai....agar वो ठीक वक़्त पे इसे यहाँ न लाता और इसे अपना खून न देता तो आज ये ज़िंदा न होती....

ठाकुर : मैं तो खुद उस फ़रिश्ते से मिल के उसका शुक्रिया ऐडा करने के लिए बेचैन हूँ.... कहाँ है वो मुझे अभी उस से मिलना है.....?

डॉ : वैसे उसे भी बेहद चोट आयी थी.... इनको खून देने के बाद अपना इलाज करवा के और इनका हाल पता करके वो यहाँ से चला गया....?

डॉ की बात सुन के आज लाइफ में पहले बार कोमल का दिल तड़प जाता है उसकी आँखों में नमी सी आ जाती है.... वो अपनी जान बचने वाले फ़रिश्ते से मिलने के लिए बेचैन हो जाती है.... प्रिंस की चोट की बात सुन के कोमल को डॉ पे गुस्सा आ जाता है.....

कोमल गुस्से में : चला गया.... कहाँ चला गया....? तुमने उसे जाने कैसे दिया....? उसे चोट लगी थी... बिमारी की हालत में तू ने उसे जाने कैसे दिया.... उसे रोका क्यों नहीं....?

डॉ : हम ने उसके इलाज कर दिया था.... वो काफी हद तक ठीक हो गया था तो उसे जाने दिया.... अब वो कहा गया वो नहीं पता....

कोमल : जब वो पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ था तो तू ने उसे जाने कैसे दिया बोल मुझे जवाब दे....

ये कह के कोमल आगे बढ़ के डॉ का गिरेबान पकड़ के एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसे रसीद करती है....

Chataaaaaaaaaaaaaak....

वो उसे और मारने hi वाली होती है की तभी ठाकुर उसे रोक के बीएड पे लाइट के कहते हैं....

ठाकुर : बीटा तेरी तबियत ठीक नहीं तू आराम कर इसको मुझपे चोर दे.... इसकी बंद मैं बजता हूँ....

ठाकुर की बात सुन के डॉ की पहात के हाथ में आ जाती है..... वो दर के मारे वहां से भागने hi वाला होता है की तभी ठाकुर के गुंडे उसे पलाद लेते हैं....

ठाकुर : कहाँ भाग रहा है डॉ.... पहले मेरे सवाल का जवाब तो दे....

डॉ : ठाकुर साहब इस सब में मेरी कोई गलती नहीं है.... प्लीज मुझे मत मारिये.... मुझे जाने दीजिये....

ठाकुर : चल एक शर्त पे तुझे जाने दूंगा.... तू उस फ़रिश्ते के बारे में मुझे बता की वो कौन था उसका नाम क्या था और वो कहाँ चला गया....

डॉ : जी वो.... वो.... हाँ उसने अपने बारे में रजिस्टर में लिखा था... उसका नाम पता और नंबर सब कुछ....

डॉ फ़ौरन उस रजिस्टर को मंगवाता है मगर प्रिंस ने जिस पेज पे अपने बारे में लिखा था वो पेज गायब है जिसे देख ठाकुर गुस्से में आ जाता है.... वो आगे बढ़ के गुस्से में डॉ को मारने hi वाला होता है की तभी....

डॉ : एक रास्त है उसे ढूंढने का.... व.... व.... वो.... कक्तव फुटेज में उसकी तस्वीर ज़रूर आयी होगी.... उसे देख के उसके बारे में पता किया जा सकता है....

फिर डॉ फ़ौरन कक्तव कैमरा की फुटेज उनके दिखता है....

ठाकुर अपने गुंडों को प्रिंस की वीडियो दे के जल्द से जल्द उसका पता लगाने को कहता है.... सब फ़ौरन प्रिंस को ढूढ़ने चल देते हैं....

क्या होगा जब कोमल को ये पता चलेगा की उसकी भाई को मार मार के कोमा में पहुँचाने वाला और अपनी जान पे खेल के उसकी जान बचने वाला दो नहीं बल्कि एक hi शख्स है और वो है प्रिंस....?????

और ये ट्रेल रूम के बहार किसे देख प्रिंस के होश उड़द जाते हैं.... आखिर वो शख्स है कौन??????

(3644 वर्ड्स)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 125 "महा मेगा अपडेट"

डॉ : एक रास्ता है उसे ढूंढने का.... व.... व.... वो.... कक्तव फुटेज में उसकी तस्वीर ज़रूर आयी होगी.... उसे देख के उसके बारे में पता किया जा सकता है....

फिर डॉ फ़ौरन कक्तव कैमरा की फुटेज उनके दिखता है....

ठाकुर अपने गुंडों को प्रिंस की वीडियो दे के जल्द से जल्द उसका पता लगाने को कहता है.... सब फ़ौरन प्रिंस को ढूढ़ने चल देते हैं....

क्या होगा जब कोमल को ये पता चलेगा की उसकी भाई को मार मार के कोमा में पहुँचाने वाला और अपनी जान पे खेल के उसकी जान बचने वाला दो नहीं बल्कि एक hi शख्स है और वो है प्रिंस....?????

और ये ट्रेल रूम के बहार किसे देख प्रिंस के होश उड़द जाते हैं.... आखिर वो शख्स है कौन??????

अब आगे.....

प्रिंस जैसे hi दरवाज़ा खोल के बहार देखता है उसके होश उड़द जाते हैं.... बहार और कोई नहीं बल्कि सोना और महक कड़ी हैं.....

प्रिंस शॉकेड : तुममममममम....!!!!

ठीक तभी पीछे से शनाया बहार आती है.... जिसे देख सोना गुस्से में कहती है.....

सोना : देखा महक मैंने कहा था न ये कमीना है.... एक तरफ तुझसे प्यार का नाटक कर रहा है और दूसरी तरफ इस लड़की के साथ यहाँ.... की मुझे तो कहते हुए भी शर्म आ रही है...

सोना की बात सुन के शनाया के साथ साथ महक को भी गुस्सा आ जाता है....

महक : न hi प्रिंस मेरे साथ नाटक कर रहा है और न hi शनाया के साथ.... ये हम दोनों से प्यार करता है और इसके बारे में हम को सब पता है.... तो धोका देने का सवाल hi नहीं उठता....

शनाया सोना को गुस्से से देख के : अबे तू है कौन....? और तेरी हिम्मत कैसे हुई प्रिंस के बारे में उल्टा सीधा कहने की....? साली एक और गलत लफ्ज़ तूने मेरी जान के बारे में कहा तो मैं यहीं तेरी बंद बजा दूंगी....

शनाया की बात सुन के सोना गुस्से में उसे कुछ कहने hi वाली होती है की तभी महक उसे बीच में रोक देती है....

महक : सोना तू क्या कर रही है पागल तो नहीं हो गयी....?

सोना : तुझे इस धोकेबाज़ का असली चेहरा दिखा रही हूँ.....

सोना की बात सुन के महक बेहद गुस्से में उसे थप्पड़ मारने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसका हाथ पकड़ के उसे रोक लेता है....

महक : प्रिंस चोर दो मुझे उसकी हिम्मत कैसे हुई तुम्हे धोकेबाज़ कहने की....

इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता एक झन्नाटेदार थप्पड़ की आवाज़ सुन के दोनों चौंक जाते हैं....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

शनाया बेहद गुस्से में : साली तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्रिंस को धोकेबाज़ कहने की....

ये कह के वो सोना को मारने के लिए आगे बढ़ती है मगर प्रिंस उसे रोक देता है...

शनाया : प्रिंस तुम चोर दो मुझे आज मैं इसकी जान ले लुंगी....

प्रिंस : नहीं तुम ऐसा कुछ नहीं करोगी....

शनाया : इसने तुम्हे गाली दी है... मैं आज इसकी जान ले लुंगी....

प्रिंस : हाँ पता है.... इसने जो किया वो गलत हो के भी सही है.... गलत इस तरह की इसने बिना सच जाने सब किया और सही इस तरह की ये सब इसने अपनी बेहेन के प्रति अपने प्यार फ़िक्र और अपनेपन की वजह से किया.... तो बात को यहीं ख़तम करो और चलो....

शनाया और महक एक साथ : मगर....

प्रिंस : अब कोई अगर मगर नहीं.... चलो मतलब चलो.... ( सोना के करीब जा के उसकी आँखों में आँखें दाल के कहता है) तुम.... जो भी तुम्हारा नाम है... आज मैंने सिर्फ मुस्कान की वजह से तुम्हे चोर दिया.... दोबारा गलती से भी मेरे बारे में कुछ उल्टा सीधा कहा या फिर मुझे धोकेबाज़ कहा तो मैं तुम्हारा क्या करूँगा ये मैं खुद भी नहीं जानता.... याद रखना....

फिर महक को बाद में मिलने का कह के शनाया के साथ वहां से निकल जाता है....

शनाया को घर चोर्ने के बाद प्रिंस अपने घर की तरफ चल देता है....

उसके दिमाग में रह रह के सोना की बात घूमने लगती है....

सोना : ये कमीना बस धोका देना जानता है.... सब लड़के ऐसे hi होते हैं.... जब तक लड़की हाँ नहीं कहती उसके पीछे पड़े रहते हैं और एक बार लड़की ने हाँ कह दिया उसका इस्तेमाल कर के उसे तड़पने के लिए चोर किसी दूसरी के पास चल देते हैं.... पलट के एक बार भी उसे नहीं देखते की वो ज़िंदा भी है या नहीं....

प्रिंस : सही तो कहा सोना ने मैंने रूही और अवनि के साथ वही तो किया.... जाने कितने दिन हो गए मैंने एक बार भी पलट के उनकी तरफ नहीं देखा.... देखना तो बहुत दूर की बात है उनसे बात तक नहीं की.... एक वो हैं जो आज भी मेरा इंतज़ार कर रही हैं और एक मैं हूँ जो उन्हें भूल चूका हूँ.... ये मैं कैसे कर सकता हूँ.... मैं अपनी जान के साथ ऐसा कैसे कर सकता हूँ.... मुझसे जुड़ा हो के कितना तड़प रही होंगी दोनों.... मैंने एक बार भी उनकी फ़िक्र नहीं की.... यहाँ तक की मैं अपनी नानी से भी बात नहीं की.... जो मुझे अपनी जान समझती हैं....

प्रिंस को अपनी गलती का एहसास हो जाता है.... और वो फ़ौरन अपनी नानी को कॉल लगा के उनसे बात करता है साथ hi अपनी गलती की माफ़ी भी मांगता है.... फिर रोज़ कॉल करने का वादा कर के कॉल कट कर देता है...

फिर अपनी जान रूही और अवनि को याद करता है.... दोनों उसे नज़र आने लगती है.... वो बीएड पे लेती प्रिंस की फोटो को देखते हुए बस रोये जा रही है.... साथ hi उस से बातें भी कर रही है....

Ruhi/Avni : कहाँ हो जान तुम....? क्या सच में तुम मुझे भूल गए....? क्या एक पल के लिए भी तुम्हे मेरी याद नहीं आती....? देखो क्या हाल होगा है मेरा अपनी जान के बिना.... एक पल भी ऐसा नहीं गुज़रा होगा जब मैंने अपनी जान को याद नहीं किया.... प्लीज आ जाओ मेरे पास अब तुमसे एक पल की भी जुदाई बर्दाश्त नहीं होती.... तुम्हारी जुदाई टिल टिल कर के मुझे मार रही है.... प्लीज लौट आओ अपनी जान के पास... तुम तो मुझे अपनी जान कहा करते थे न.... हर पल हर लम्हा तुम्हे मेरी hi फ़िक्र रहती थी.... अब ऐसा क्या हो गया जो तुम्हे एक पल के लिए भी अपनी जान की याद नहीं आती.... प्लीज आ जाओ मेरे पास इस से पहले की तुम्हारी जुदाई मेरी जान ले ले.... प्लीज लौट आओ अपनी जान के पास....

ये कह के दोनों प्रिंस की फोटो को अपने सीने से लगा के रोने लगती हैं.... अपनी दोनों जान की बातें सुन के साथ hi उनका हाल देख प्रिंस की आँखों से आंसू बहने लगते हैं उसका दिल अपनी दोनों जान से मिलने के लिए तड़प जाता है और वो फ़ौरन अपनी कार को तेज़ी से सुनसान एरिया की तरफ दौड़ा देता है.... सुनसान जगह पहुँच के प्रिंस कार के साथ वहां से टेलीपोर्ट होक रूही के घर के कुछ दूर पहुँच जाता है और वहां से कार के साथ घर चला जाता hai....Aur रूही के रूम के दूर पे नॉक कर है.... उदास मन से अपने आंसू पॉच के रूही दरवाज़ा खोलती है..... सामने प्रिंस को देख वो बेहद खुश हो जाती है... लेकिन फिर अचानक से उदास हो जाती है.... और गौर से प्रिंस को देखने लगती है....

प्रिंस : बस देखती hi रहोगी या अंदर भी आने डौगी....

प्रिंस की बात सुन के रूही हड़बड़ा जाती है....

रूही : सॉरी वो... मैं वो.... आओ न अंडर.....

प्रिंस उसकी बगल से होते हुए रूम में जा के बीएड पे बैठ जाता है.... रूही बस प्रिंस को देखती रहती है...

प्रिंस : वहीँ खड़े रहना है फिर यहाँ मेरे पास भी आओगी....

प्रिंस की बात सुन के रूही चुप चाप उसके पास जा के बैठ जाती है...

प्रिंस : जब से मैं यहाँ से गया हूँ तुमने एक बार भी मुझसे बात नहीं की.... क्या तुम्हे एक पल के लिए भी मेरी याद नहीं आयी....?

प्रिंस ने इतना कहा hi था की रूही की आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

रूही को रट देख प्रिंस का दिल तड़प जाता है....

प्रिंस : ये रोना बंद करो और मेरी बात का जवाब दो....

प्रिंस की बात सुन के रूही और ज़ोर से रोने लगती है....

प्रिंस आगे बढ़ के उसके होंठों को चुम लेता है..... प्रिंस के अचानक की हरकत से रूही चौंक जाती है.... उसे इस बात की ज़रा भी उम्मीद नहीं थी की प्रिंस ऐसा कुछ करेगा.... उसका रोना बंद हो जाता है और वो हैरत से प्रिंस को देखने लगती है....

प्रिंस : अब बस मुझे देखती hi रहेगी या बताएगी भी की आखिर क्या बात है...? क्यों इतने दिन में तू ने एक बार भी मुझे कॉल नहीं किया.... मिलना तो बहुत दूर की बात है.....?

रूही : मैं बात करना चाहती थी... मगर मुझे दर था की तुम मुझसे बात नहीं करोगे....

प्रिंस : अच्छा वो क्यों भला....? क्या मैंने कभी तुमसे कहा की मुझे कॉल नहीं करना.....

रूही : नहीं....

प्रिंस : तो फिर तू ने मुझे कॉल क्यों नहीं किया....?

रूही : तुमने भी तो एक बार भी मुझे कॉल नहीं किया....

प्रिंस : अच्छा तो तुम उस बात का मुझसे बदला ले रही थी....

प्रिंस की बात सुन के रूही फिर से रोने लग जाती है.... जिसे देख प्रिंस तेज़ आवाज़ में उस से पूछता है....

प्रिंस : रोना बंद करो और मेरी बात का जवाब दो....

प्रिंस की बात सुन के रूही को अपनी गलती का एहसास होने लगता है.... वो फ़ौरन सॉरी बोल के प्रिंस के सीने से लिपट जाती है....

प्रिंस : मैं ये नहीं कहता की जो हुआ उसमे मेरी गलती नहीं थी.... मेरी गलती थी सरासर थी.... साथ hi तुम्हारी भी उतनी hi गलती थी.... और हमारी गलती ये थी की एक दूसरे के करीब आने के बजाये हम ने खुद को एक दूसरे से दूर कर लिया.... मैं तो अपने परिवार और अपनी पहचान को ले के परेशान था.... मगर तुम्हारे साथ तो ऐसा कुछ न था.. तुम तो मेरे पास आ सकती थी न.... जैसे ज़रा मेरे पास आ गयी.... मगर तुमने ऐसा नहीं किया... क्यों रूही....? क्यों....? तुम्हे मेरे पास आना चाहिए था... अपना हक़ जाताना चाहिए था.... तुम तो मेरी बीवी हो न.... जब ज़रा एक दोस्त हो के मेरे पास आ सकती थी तो तुम भी आ सकती थी.... मगर तुम न आयी शायद तुम्हे मुझसे कभी प्यार था hi नहीं.... न hi कभी तुमने मुझे अपना हस्बैंड तो दूर दोस्त तक नहीं माना....

प्रिंस की बात सुन के रूही को अपनी गलती का एहसास होता है....

रूही रट हुए : नहीं प्रिंस ऐसा नहीं है.... तुम तो मेरी जान हो.. मैंने खुद से ज़्यादा तुमसे प्यार किया है.... सच्चा प्यार... अपनी दिल की साथ hi रूह की गहराइयों से तुम्हे चाहा है.... तुमसे जुड़ा होक जीने का मैं सोच भी नहीं सकती.... हाँ मेरी गलती थी की मैंने अपनी जान पे अपना हक़ नहीं जताया.... उसके प्यार को न समझ सकीय.... मगर अब नहीं अब मैं तुम्हे एक पल के लिए भी खुद से दूर नहीं जाने दूंगी.... न hi खुद जाउंगी... हर लम्हा हर पल बस तुम्हारे साथ रहूंगी....

प्रिंस : क्या ये जानते हुए भी की तुम्हारे अलावा भी मेरी ज़िन्दगी में और भी लडकियां हैं....

प्रिंस की बात सुन के रूही बुरी तरह से चौंक जाती है.... और हैरत से उसे देखने लगती है....

रूही : ये तुम क्या कह रहे हो....?

प्रिंस : वो hi जो सच है....

फिर प्रिंस शुरू से ले के अब तक की पूरी बात बता देता है.....

रूही शॉकेड : क्या कहा 14....??????

प्रिंस : हाँ....

प्रिंस की हाँ सुन के रूही खामोश हो जाती है.... उसकी ख़ामोशी प्रिंस को परेशान करने लगती है....

प्रिंस : क्या हुआ रूही तुम अचानक से खामोश क्यों हो गयी.....?

फिर कुछ सोच के.....

प्रिंस : शायद मेरी 14 लवर्स वाली बात सुन के तुम अब मुझसे रिश्ता नहीं रखना चाहती.... मैं समझ सकता हूँ... तुम अपनी जगह गलत नहीं हो.... तुम्हारी जगह अगर कोई और भी होती तो वो भी यही karti....mujhe तुमसे कोई शिकायत नहीं है... मगर हाँ जाने से पहले एक बात ज़रूर कहना चाहूंगा की तुम्हारे बगैर मैं ज़िंदा नहीं रह सकता.... तुम मेरा प्यार मेरी रूह मेरी ज़िन्दगी हो....

ये कह के प्रिंस पलट के जाने लगता है....

अपनी जान को यूँ दूर जाते देख रूही आगे बढ़ के उसका हाथ पकड़ के उसे रोकती है...

रूही : कहाँ जा रहे थे हाँ....? अपनी बीवी अपनी रूह अपनी जान को चोर के.... एक कदम भी मुझसे दूर जा के दिखाओ... तुम्हारी टांगें न तोड़ दी तो रूही मेरा नाम नहीं....

फिर आगे बढ़ में प्रिंस के पूरे चेहरे को चूमने लगती है..... प्रिंस के चेहरे पे ऐसी कोई जगह नहीं बची थी जहाँ रूही ने न चूमा हो.... बस प्रिंस के होंठों को चोर के....

प्रिंस अपने होंठों की तरफ इशारा करके कहता है....

प्रिंस : इन्होने क्या गलती कर दी जो तुम्हे इन्हे प्यार न किया.... यूँ तड़पने के लिए चोर दिया....

प्रिंस की बात सुन के रूही शर्म से अपनी नज़रें झुका लेती hai...uske गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं.... रूही को यूँ शरमाते देख प्रिंस को उसपे बेहद प्यार आने लगता है.... वो प्यार से रूही का चेहरा अपने हाथों में ले के उसकी आँखों में देखता है और उसके गुलाबी होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है....

प्रिंस के ऐसे उसके होंठों को चूसने से रूही प्यार के सागर में डूबने लगती है.... उसपे मदहोशी छाने लगती है.... साथ hi उसके जिस्म में मस्ती की लेहेर सी दौर जाती है....

उसकी पंतय में उसकी मुनिया कॉमर्स बहाने लगती है... मस्ती में रूही भी प्रिंस के होंठों को चूसने लगती है.... दोनों मदहोशी में एक दूसरे के होंठों के साथ साथ एक दूसरे की जुबां को भी चूस रहे हैं.... करीब 10 मिनट्स तक एक दूसरे के होंठों का रास चूसने के बाद जब उनकी साँसें उखाड़ने लगती हैं तब न चाहते हुए भी मजबूरन वो अलग हो के अपनी साँसों को काबू करने लगते हैं.....

दोनों के ऊपर मस्ती पूरी तरह से छायी हुई है..... रूही की पूरी पंतय उसकी मुनिया के रास बहाने की वजह से भीगी हुई है....

प्रिंस प्यार से रूही के चेहरे के साथ साथ उसके सेक्सी और खूबसूरत जिस्म को देखने लगता है... उसे खुद को इस तरह घूरते देख रूही को शर्म सी आने लगती है....

रूही शर्माते हुए : ऐसे क्या देख रहे हो जान... मुझे शर्म आ रही है....

प्रिंस : है मेरी जान का यूँ शर्माना कहीं मेरी जान hi न ले ले.... वैसे जान मैं कोई गैर नहीं हूँ तुम्हारा शौहर हूँ और शौहर से कैसा शर्माना....

प्रिंस की बात सुन के रूही कास के उसके सीने से लिपट जाती है.... और अपना चेहरा प्रिंस के सीने में छुपा लेती है.... प्रिंस भी रूही को अपनी बाहों में कास लेता है.... और उसकी पीठ को प्यार से सहलाने लगता है.... पीठ सहलाते सहलाते वो अपने दोनों हाथ रूही के मासमस्त मुलायम चूतड़ों पर ले जाता

है और धीरे धीरे प्यार से सहालते हुए दबाने लगता है.... रूही के

चूतड़ बहुत hi सॉफ्ट है जिनके एहसास से प्रिंस के जिस्म में मस्ती दौरने लगती है साथ hi नील ज़हर एक्टिवटे हो जाता है.... और प्रिंस को सेक्स करने के लिए मजबूर करने लगता है..... प्रिंस के हाथों को अपने चूतड़ों पे महसूस करके मस्ती में वो और कास के प्रिंस के जिस्म से लिपट जाती है.... साथ hi प्रिंस के गले को चूमने और चाटने लगती है.... उसे अपने पेट पे प्रिंस का लुंड चुभता हुआ महसूस होने लगता है.... अब रूही से एक पल भी और बर्दाश्त करना मुश्किल सा हो जाता है.... वो प्रिंस का चेहरा अपने हाथों में ले के वाइल्ड तरीके से उसके होंठों को चूसने लगती है..... प्रिंस मस्ती में रूही की लेग्गिंग्स और पंतय में हाथ दाल देता है..... जैसे hi उसका हाथ रूही की झांटों से टकराता है प्रिंस फ़ौरन अपना हाथ निकाल के उस से अलग हो जाता है...

प्रिंस शॉकेड : ये क्या है....?

रूही : क्या....!!!! क्या क्या है....?

प्रिंस आगे बढ़ के रूही की लेग्गिंग्स के साथ साथ उसकी पंतय भी उसके घुटनो तक सरका देता है.... रूही को समझ नहीं आता की अचानक से हुआ क्या....? फिर जब उसे इस बात का एहसास होता है तब वो फ़ौरन अपनी झांटों भरी छूट को अपने हाथों से छुपा लेती है साथ hi शर्मा के अपना सर नीचे झुका लेती है....

प्रिंस : ये क्या है...?

रूही समझ नहीं पा रही है की आखिर प्रिंस उस से पूछना क्या छह रहा है...?

इस से पहले की रूही कुछ समझ पाती प्रिंस उसके करीब जा के उसकी लेग्गिंग्स और पंतय उतार के उसके हाथों को उसकी झांटों भरी छूट से हटा के उस से पूछता है....

प्रिंस : ये तुमने अपनी हसीं और सेक्सी छूट को घने जंगल के पीछे क्यों छुपा रखा है....?

रूही : चीटीई... प्रिंस कितना गन्दा बोलते हो तुम....

प्रिंस : अब जिस चीज़ का जो नाम है उसे वैसे कहूंगा न..... अब तुम hi बताओ की छूट को छूट न कहूं तो और क्या कहूं....?

रूही शर्माते हुए : वागिना या मुनिया भी तो कह सकते हो न....

प्रिंस : हम्म्म.... नहीं वागिना में मज़ा नहीं है छूट या फिर मुनिया hi सही है... हाँ तो अब ये बताओ की तुमने अपनी हसीं मुनिया को जंगल के पीछे क्यों छुपा रखा है....?

रूही शर्माते हुए : व... व... वो... सफाई की कभी ज़रुरत hi नहीं पड़ी... और वैसे भी वो किसी को दिखाना तो है नहीं तो....

प्रिंस : माना की किसी को नहीं दिखाना है.... फिर भी सफाई भी तो ज़रूरी होती है..... क्लीन शेव रखने से खूबसूरती भी बढ़ती है और इन्फेक्शन का कोई खतरा भी नहीं रहता.....

रूही : मुझे शेविंग करना नहीं आता कहीं कट गया तो.....?

प्रिंस उसके लिए मैं जो हूँ....

फिर रूही को बीएड पे बैठा के...

प्रिंस : तुम्हारे पास रेजर है...

रूही शर्माते हुए न में अपनी गर्दन हिला देती है.... फिर कुछ सोच के धीरे से कहती है....

रूही : बाथरूम में तुम्हारी शेविंग किट पड़ी है शायद....

प्रिंस : ठीक है यहाँ से हिलना मत मैं बस अभी आया....

रूही शरमाते हुए हाँ में अपनी गर्दन हिला देती है....

प्रिंस बाथरूम से अपना शेविंग किट साथ में टॉवल और मग में पानी लाता है....

रूही हैरत से : तुमने तो आलरेडी शेव की हुई है फिर ये सब यहाँ क्यों लाये....?

प्रिंस : ताकि तुम्हारी छूट मतलब मुनिया की शेविंग कर सकूँ....

प्रिंस की बात सुन के रूही शर्म और घबराहट में कड़ी हो के अपनी छूट अपने हाथों से छुपा के कहती है....

रूही : नहीं मैं खुद कर लुंगी....

प्रिंस : तुमने पहले कभी किया नहीं है.... और मैं नहीं चाहता की तुम मेरी प्यारी मुनिया की घायल कर दो....

रूही : मगर मुनिया तो मेरी है न...

प्रिंस : जब तुम मेरी हो तो तुम्हारी मुनिया भी मेरी hi हुई न... अब मैं खुद अपनी प्यारी और सेक्सी मुनिया की शेविंग कर के उसे और भी ज़्यादा खूबसूरत बनाऊंगा.... बस देखती जाओ....

रूही शरमाते हुए प्रिंस को मन करती रहती है मगर प्रिंस है की उसकी बात मान ने को तैयार hi nahi....haar के रूही प्रिंस की बात मान लेती है और शर्मा के आँखें बंद करके बैठ जाती है....

प्रिंस रूही को बीएड पे लेता के उसके दोनों पैरों को फैला देता है.... जिस से रूही की कमसिन कुंवारी छूट के होंठ खुल जाते हैं और अंडर का गुलाबी रास से भीगा हिंसा चमकते हुए साफ़ नज़र आने लगता है.... जिसे देख प्रिंस का लुंड खड़ा हो के रूही की कमसिन छूट को सलामी देने लगता है.... बड़ी मुश्किल से प्रिंस खुद के साथ साथ अपने लुंड को काबू करता है.... रूही धीरे से अपनी आँखें खोल के देखती है की प्रिंस क्या कर रहा है.... प्रिंस को अपनी टांगों के बीच झांटों भरी छूट को यूँ घूरते देख रूही बुरी तरह से शर्माने लगती है.... मस्ती की एक तेज़ लेहेर सी उसके जिस्म में दौर जाती है.... साथ hi उसकी छूट से काम रास बहने लगता है.... जिसे देख प्रिंस के होंठों पे शरारती मुस्कान फैल जाती है....

प्रिंस : तो मेरी जान और उसकी प्यारी और सेक्सी मुनिया को मज़ा आ रहा है....

प्रिंस की बात सुन के रूही बुरी तरह से सामने लगती है.... प्रिंस रूही की छूट के सामने बैठ जाता है और मग से पानी ले के उसकी झांटों को गीला करने लगता है.... ठन्डे पानी के एहसास से उसकी जिस्म में मस्ती चढ़ने लगती है.... फिर जब प्रिंस शेविंग क्रीम निकाल के उसकी झांटों पे मलने लगता है.... तब रूही के मुँह से सिसकारी निकलने लगती है..... रूही धीरे धीरे मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है साथ hi उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकी और छूट से कॉमर्स बहने लगता है..... रूही मस्ती में अपने निचले होंठ को अपने दांतों में दबा के नशीली आँखों से प्रिंस को देखने लगती है.... प्रिंस भी बड़े प्यार से अपनी उँगलियों पे लगे क्रीम को रूही के झांटों के साथ साथ उसकी छूट के ऊपर और बाहरी हिस्सों पे मलने लगता है.... उसे इसमें एक अलग hi मज़ा आ रहा है.... फिर कुछ देर बाद वो रेजर उठा के रूही से कहता है....

प्रिंस : बस थोड़ी देर के लिए खुद पे काबू रखना मस्ती में गलती से भी इधर उधर मत करना वर्ण तुम्हारी ये मुनिया बस सीटी बजाते हुए मूतने के लिए hi रह जायेगी.....

प्रिंस की बात सुन के रूही पहले तो उसपे बेहद गुस्सा आता है.... मगर जब सीटी बजाते हुए मूतने की बात याद आती है तो शर्म से उसके गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं और छूट मस्ती में कॉमर्स की कुछ बूँदें टपका देती है....

रूही : तुम न बड़े बेशर्म हो गए हो.... ऐसा भी भला कोई कहता है क्या....?

प्रिंस : है जान इस बेशर्मी का भी अपना hi एक अलग मज़ा है.... मेरी मानो तो तुम भी थोड़ी बेशर्म बन जाओ....

रूही : जी नहीं मैं शरीफ hi ठीक हूँ....

प्रिंस : देखते हैं कब तक शरीफ बानी रहती हो..... जल्द hi तुम्हे अपने रंग में रंग दूंगा....

रूही : मतलब....

प्रिंस : मतलब अपनी तरह बेशर्म बना दूंगा मेरी जान....

रूही : धत....

फिर प्रिंस बड़े प्यार और ध्यान से राज़और से रूही की झांटों की सफाई करने लगता है.... रूही को अपनी छूट में गुदगुदी के साथ साथ मस्ती का करंट भी दौरते हुए महसूस होने लगता है..... वो बड़ी मुश्किल से खुद को काबू किये हुए है.... उसकी छूट बार बार मस्ती में खुल बंद होते हुए मस्ती का रास बहते हुए झटके मार रही है.... छूट के ऊपरी बाल साफ़ करने के बाद जब प्रिंस छूट के बगल के बाल साफ़ करने के लिए छूट को देखता है तो रूही की छूट के होंठ मस्ती में कांप रहे थे जिसे देख प्रिंस का लुंड उसके पंत में उछलकूद मचने लगता है....

प्रिंस इस वक़्त बेहद एक्ससिटेड बना हुआ है.... वो बड़ी मुश्किल से खुद को काबू में रख के रूही के छूट की झांटों की सफाई कर रहा है... जल्द hi रूही की छूट की झांटों को साफ़ करने के बार उसे गीले टॉवल से अच्छे से पॉच के उसपे मॉइस्चराइजर क्रीम लगा देता है जिस से रूही की गोरी गुलाबी चिकनी छूट चमकने लगती है....

अपनी चिकनी छूट को देख के रूही और भी ज़्यादा एक्ससिटेड हो जाती है साथ hi उसे बेहद शर्म भी आने लगती है....

प्रिंस जब रूही की चिकनी छूट को देखता है तब वो खुद पे कण्ट्रोल खो देता है.... वो मस्ती में झुक के रूही की छूट को चूम लेता है..... पहली बार किसी ने उसकी छूट को छुआ है.... प्रिंस के होंठों को अपनी छूट पे महसूस करते hi रूही का जिस्म तेज़ झटका लेता है.... प्रिंस अपनी जुबां बहार निकाल के उसकी छूट चाट ने लगता है....

मस्ती में रूही के मुँह से ाँहें निकलने लगती हैं.....

रूही : aaaaaaaaaaaa.... प्रिंस क्या कर रहे हो.... प्लीज मत करो..... मममममम.... ऊऊह्ह्ह्हह्ह.... Sssssssssssss..... है अब और बर्दआआष्ट नहीं हूऊऊ रहा हाआआअआइईईई.... परिंणणनसीईई.... बड़ाआआआ.... मज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़आआ.... aaaaaaaaaaa.... रआआअह्हह्हआआ.... है....

रूही से और बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है वो प्रिंस के सर को कास के अपनी छूट में दबाने लगती है.... प्रिंस मज़े ले ले के उसकी छूट को चाट ता रहता है.... अचानक से रूही का जिस्म अकड़ जाता है और एक तेज़ सिसकारी के साथ वो प्रिंस के मुँह में झाड़ जाती है.... प्रिंस मज़े ले के उसकी छूट से निकले काम रास को पीते हुए उसकी एक एक बूँद को चाट जाता है....

फिर प्रिंस रूही की कमीज को उसके जिस्म से अलग कर देता है.... काली ब्रा में रूही के बूब्स केहर ध रहे हैं.... जिन्हे देखते hi प्रिंस के मुँह में पानी आने लगता है वो जल्दी से रूही की ब्रा को उसे जिस्म से अलग कर के उसके बूब्स को अपने हाथों में ले के दबाने लगता है... साथ hi झुक के एक बार फिर से उसकी छूट को चाट ने लगता है.... रूही के जिस्म में एक बार फिर से मस्ती चढ़ने लगती है..... रूही प्रिंस के हाथों पे अपने हाथ रख के उसे अपने बूब्स पे दबाते हुए अपनी गांड को ऊपर उठाते हुए अपनी छूट को प्रिंस के मुँह पे दबाने लगती है....

प्रिंस मस्ती में कास कास के रूही के बूब्स को एक हाथ से दबा रहा है तो दूसरे हाथ की उँगलियों में उसके निप्पल को मरोड़ रहा है.... जिस से रूही के जिस्म में एक अलग hi मस्ती चढ़ रही है....

पूरा कमरा उसकी मादक सिसकारियों से गूंझ रहा है....

रूही : Aaaaaaaaaahhhh.... मममममम.... हाआनंनं.... प्रिंस..... हाँ ऐसे hi दबाओ.... कहाआआ जाआवाओ... मेरिइइइइइ... छूट को.... बड़ा परेशान... किया है इस्नेईईई.... ममममम... आज ज़रा भी रेहम मत करना इस्पे....

और न जाने क्या क्या कहते कहते रूही एक बार फिर से प्रिंस के मुँह में झाड़ जाती है....

झड़ने के बाद रूही आँखें बंद किये अपनी साँसों को काबू में करने की कोशिश करने लगती है....

प्रिंस अपने पूरे कपडे उतार के अपना लुंड हाथ में लिए प्यार से रूही को देखने लगता है.... इस वक़्त रूही अपनी आँखें बंद किये सेक्स के मज़े को महसूस कर रही है..... उसकी चेहरे पे संतुष्टि नज़र आ रही है.... आज लाइफ में पहली बार वो इस तरह झड़ी है.... वर्ण आज तक तो उसने अपनी छूट से सिर्फ सीटी बजाते हुए पिशाब hi किया है.... प्रिंस से अब और बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है... वो आगे बढ़ के अपने खड़े लुंड को रूही की छूट पे प्यार से रगड़ने लगता है.... रूही मस्ती भरी आँखों से प्रिंस की तरफ देखने लगती है.... मगर जैसे hi उसकी नज़र प्रिंस के 9 इंच लम्बे और 3 इंच मोठे लुंड पे गयी उसके होंठों की मुस्कान अचानक से कहीं गायब सी हो गयी.... उसकी जगह दर नज़र आने लगा.... प्रिंस को इस बात का एहसास हो चूका था.... इस से पहले की रूही कुछ कहती या करती प्रिंस अपने लुंड को उसकी छूट पे रगड़ने लगा....

जिस से रूही का दर गायब होने लगा और उसकी जगह प्यार और मस्ती ने ले ली.... रूही की छूट से मस्ती में एक बार फिर से कॉमर्स बहने लगा....

रूही आँखें खोल के सेक्सी अंदाज़ में प्रिंस को देखने लगती है साथ hi ाँहें भी भरने लगती है....

प्रिंस : जान कहो तो आगे बढूं....

रूही अपनी पलकें झुका के उसे आगे बढ़ने की इजाज़त दे देती है....

प्रिंस : ऐसे नहीं जान मुँह से कहो न....

रूही : यार अब एक पल भी और बर्दाश्त नहीं होता.... प्लीज अंडर दाल दो न....

प्रिंस : दाल तो दूँ जान मगर तुम्हे दर्द बहुत होगा.... और मैं अपनी जान को दर्द में कैसे देख सकता हूँ....

रूही : मैं सेह लुंगी... तुम बस दाल दो....

प्रिंस : जान क्या अंडर डालूं और किसके अंडर डालूं ये तो बताओ....?

रूही शरमाते हुए : मुझे नहीं पता....

प्रिंस मज़े लेते हुए : नहीं पता तो फिर रहने देते हैं....

रूही : जान क्यों सत्ता रहे हो.... अब दाल भी दो न....

प्रिंस : अरे जब तक बताओगी नहीं की क्या डालना है और कहाँ डालना है....? तो मैं डालूंगा कैसे....?

रूही समझ जाती है की जब तक वो अपने मुँह से उसे खुल के चुदाई की बातें नहीं करेगी प्रिंस आगे कुछ नहीं करेगा....

रूही शरमाते हुए : अपना ये मूसल जैसा लुंड मेरी छूट में दाल के छोड़ो मुझे... अब खुश....

रूही ने कह तो दिया मगर अपनी hi कही हुई बात सुन के वो शर्म के मारे पानी पानी होने लगती है....

रूही की बात सुन के प्रिंस मुस्कुराने लगता है....

प्रिंस : है मेरी जान तू ने दिल खुश कर दिया....

ये कह के प्रिंस मुस्कुराने लगा..... प्रिंस को मुस्कुराते देख और उसकी बात सुन के रूही को याद आ गया की उसने अभी क्या कहा.... वो अपनी hi बात पे अपने हाथों से अपने चेहरे को छुपा के शर्माने लगी....

प्रिंस उसे चरते हुए कहता है....

प्रिंस : हे जान क्या हुआ तुम अचानक से यूँ शर्माने क्यों लगी....?

रूही : धत तुम भी न.... खुद तो बेशर्म हो hi साथ hi मुझे भी अपने जैसा बेशर्म बना दिया....

प्रिंस : जान अभी कुछ किया hi कहाँ है.... ये तो बस शुरुवात है देखती जाओ आगे आगे होता है क्या....?

ये कह के प्रिंस रूही के करीब जा के उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... वहीँ नीचे अपना खड़ा लुंड रूही की छूट के छेद पे रख के एक ज़ोर का धक्का लगा देता है....

धक्के के साथ hi प्रिंस का लुंड रूही की कमसिन छूट की सील को तोड़ता हुआ 4 इंच तक अंडर घुस जाता है....

दर्द के मारे रूही की चीख निकल जाती है....

रूही : आयआईईई माआआआ मर गईइइइइइइइइ.... मेरिइइइइइइइ चूऊऊऊऊत फआयआयड दी..... आयआईईई ाआईई.... निकालो.... इसे बहार निकाआआअआलूओ.... मैं मर जाउंगी.... प्लीज मुझ पर रेहम करो प्लीज..... माआ.....

रूही बहुत बुरी तरह तड़प रही थी उसकी आँखों से आँशु बह रहे थे..... प्रिंस को भी अपने लुंड में दर्द महसूस हो रहा था.... रूही की छूट इतनी टाइट जो थी.... उसकी छूट से खून बह के बाहर आ रहा था..... वो तो अच्छा था की रूम साउंडप्रूफ था वर्ण रूही की चीख सुन के पूरा घर वहां आ जाता.....

प्रिंस : बस रूही बस कुछ देर और सब्र कर लो थोड़ी देर में ये दर्द ख़तम हो जाएगा फिर तुम्हे मज़ा आएगा.... पहली बार हर लड़की को दर्द होता है.... वो भी सिर्फ थोड़ी देर के लिए...

ये बोल के प्रिंस रूही के बूब्स को दबाने लगता है.... उसके Nipple's को अपनी उँगलियों में लेके धीरे धीरे मरोड़ने लगता है...

रूही दर्द से तड़प रही थी.... बार बार प्रिंस को उसका लुंड निकालने को कह रही थी.... प्रिंस से रूही का दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा था... रूही की आँखों से बहते आंसू देख उसकी आँखों में भी आंसू आ गए..... उसका दिल तड़प उठा... एक पल के लिए उसे लगा की उसे अपना लुंड बहार निकाल लेना चाहिए मगर दूसरे hi पल उसके दिमाग ने उसे ये समझाया की यार फ़िक्र क्यों करता है जल्द hi ये दर्द ख़तम हो जाएगा और फिर तेरे साथ उसे भी मज़ा hi मज़ा आएगा...

ये सोच के प्रिंस झुक के पहले रूही की आँखों को चूमता है फिर उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है साथ hi उसके बूब्स भी दबाने लगता है....

धीरे धीरे रूही का दर्द काम होने लगता है... 10 मिनट्स की म्हणत के बाद रूही का दर्द काफी हद तक काम हो गया अब उसे इतना दर्द नहीं हो रहा था जितना मज़ा आ रहा था.... अब रूही की दर्द भरी चीखें मस्ती भरी सिसकारियों में बदल रही थी... अब वो भी नीचे से मस्ती में अपनी कमर हिलने लगी.... जिस से प्रिंस को समझते देर न लगी की रूही अब आगे बढ़ना चाहती है.... रूही का इशारा पा के प्रिंस धीरे धीरे रूही की छूट में धक्के लगाने लगा.... रूही की छूट से मस्ती में काम रास बह के बहार आने लगता है.... जिस से प्रिंस का लुंड कुछ हद तक फिसलते हुए आसानी से अंडर बाहर होने लगता है....

अब रूही को मज़ा आ रहा था... मस्ती में उसके मुँह से सिसकारी निकल रही थी....

रूही : आआआआअह्ह्ह्ह.... ममममममम... ऊऊऊह्ह्हह्ह.... Jaaaaaaaaaannnnn.... बड़ा मज़ाआआ अअअअअ रहा हैईईई... आआआअह्ह्ह्हह हआ ऐसे hi धक्के लगाओ.... aaaaaaaaaa.... मममममम.... ऊऊऊऊह्ह्हह्ह....

रूही की बात सुन के प्रिंस जोश में और तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगता है....

रूही : ममममममम... ऊऊऊह्ह्हह्ह.... Jaaaaaaaaaannnnn.... बड़ा मज़ाआआ अअअअअ रहा हैईईई... आआआअह्ह्ह्हह हआ ऐसे hi धक्के लगाओ.... aaaaaaaaaa.... मममममम.... ऊऊऊऊह्ह्हह्ह.... मैं... झड़ने वाली हूऊऊऊणं.... और ज़ोर से हाँ और ज़ोर से.... है मैं gayeeeeeeeeeee....

रूही का जिस्म अकड़ जाता है और उसकी छूट से काम रास की जैसे बाद सी आ जाती है.... रूही मस्ती के आसमान में उड़ती हुई अपने पेअर प्रिंस की कमर में कास लेती है साथ hi अपने नाखून प्रिंस की पीठ में चुबो देती है.... प्रिंस को पीठ में दर्द महसूस होता है मगर वो उसे सेह जाता है.... झड़ने के बाद रूही शांत हो के बीएड पे पद जाती है.... प्रिंस बिना रुके उसकी चुदाई करता रहता है....

झड़ने की वजह से रूही की छूट कुछ ज़्यादा hi चिकनी हो गयी थी.... उसकी छूट से पहच पहच थप थप की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगती है.... कुछ hi देर में रूही एक बार फिर से गरम होने लगती है.... मस्ती की लेहेर फिर से उसके जिस्म में दौरने लगती है.... वो पूरे जोश में चुदाई में प्रिंस का साथ देने लगी.... प्रिंस अब भी उसकी छूट में अपने आधे घुसे लुंड से hi चुदाई कर रहा था.... इस वक़्त वो रूही को और तकलीफ नहीं देना चाहता था...

रूही : है जान आज जो मज़ा तुमने दिया है उसे मैं कभी नहीं भूल सकती.... ये मेरी लाइफ का सब से बड़ा ख़ुशी का लम्हा है.... आआआआ..... Mmm....m..... आआआआ.... ऊऊऊओह्ह्ह्ह.... हआ.... और कास के धक्के मारो ाआअह ममम.. है मैं फिर से झड़ने लगी.... Oooooooooohhhh....

रूही की बात सुन के प्रिंस ज़ोर ज़ोर से धक्के मारते हुए उसकी छूट में अपना लुंड पेलने लगा.... रूही के झड़ने से पहले प्रिंस मौका देख के अपना लुंड उसकी छूट के किनारे तक ले आया... फिर उसके होंठों को अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट उसकी छूट में मार दिया... जिस से उसका पूरा लुंड रूही की टाइट छूट को चीरता हुआ उसकी बच्चेदानी से जा टकराया... ठीक उसी वक़्त रूही झाड़ गयी मज़े और दर्द भरी चीक उसके मुँह से निकली तो सही मगर प्रिंस के मुँह में डाब के रह गयी.... एक पल के लिए उसे ऐसा लगा जैसे की वो मस्ती के आसमान में पहुँच गयी तो दूसरे hi पल तेज़ दर्द ने उसे मस्ती के आसमान से ला के ज़मीन पे पटक दिया...

रूही : मममममम.... आआआआगगजगहः.... ऊऊओह्ह्ह्हह... माआआआ... मर गयी.... कमीने जान निकाल दी तू ने मेरी... मेरी छूट पहाड़ के रख दी.... साले बहार निकाल अपना गधे का लुंड.... है.... माआआआ.... मर गयी.... ऐसा भी कोई करता है क्या....????

रूही की आँखों से आंसुओं का सैलाब सा बह रहा था... उसका पूरा जिस्म दर्द से कांप रहा था... उसकी हालत बहुत खराब हो गयी थी... उसे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे की उसकी छूट को चीयर दिया हो....

प्रिंस रूही के बूब्स को मुँह में ले चूसने लगा साथ hi दूसरे को अपने हाथ से दबाने लगा....

रूही की कमसिन छूट में अभी तक एक ऊँगली तक नहीं गयी थी उसमे प्रिंस ने अपना मूसल जैसा 9 इंच का लुंड घुसा दिया था.... जिस लुंड से बड़े से बड़ी रंडी की छूट का भी भोसड़ा बन जाए उस मूसल को प्रिंस ने मासूम सी कोमल काली जैसी रूही की कमसिन छूट में पूरा घुसेड़ दिया था... दर्द तो होना hi था... वो भी कोई ऐसा वैसा नहीं बल्कि तेज़ जान लेवा दर्द.... ये तो रूही का प्यार था जो वो इस जानलेवा दर्द को भी झेल गयी....

बात भी सही है प्यार और छूट में बड़ी ताक़त होती है.... वो हस्ते हस्ते हर दर्द झेल जाते हैं.... प्यार में आँखों से पानी निकलता है और चुदाई में छूट से.... मगर पानी निकलता ज़रूर है...

प्रिंस को काफी म्हणत करनी पड़ी रूही के बूब्स और निप्पल पे साथ hi उसकी छूट के दाने पे भी तब कहीं जा के रूही का दर्द कुछ काम हुआ.... और उसके जिस्म में एक बार फिर से मस्ती चढ़ने lagi....Ruhi का दर्द मज़े में और चीखें सिसकारियों में बदलने लगी.... मस्ती में रूही भी प्रिंस का साथ देते हुए नीचे से धक्के मारने लगी....

प्रिंस अब धीरे धीरे रूही की छूट में लुंड पेलने लगा....

रूही : आआआआअह्ह्ह्ह.... ममममममम... ऊऊऊह्ह्हह्ह.... Jaaaaaaaaaannnnn.... बड़ा मज़ाआआ अअअअअ रहा हैईईई... आआआअह्ह्ह्हह हआ ऐसे hi धक्के लगाओ.... aaaaaaaaaa.... मममममम.... ऊऊऊऊह्ह्हह्ह....

रूही की बात सुन के प्रिंस जोश में और तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगता है....

रूही : ममममममम... ऊऊऊह्ह्हह्ह.... Jaaaaaaaaaannnnn.... बड़ा मज़ाआआ अअअअअ रहा हैईईई... आआआअह्ह्ह्हह हआ ऐसे hi धक्के लगाओ.... aaaaaaaaaa.... मममममम.... ऊऊऊऊह्ह्हह्ह.... मैं... झड़ने वाली हूऊऊऊणं.... और ज़ोर से हाँ और ज़ोर से.... है मैं gayeeeeeeeeeee....

करीब 30 मिनट्स तक प्रिंस रूही की छूट में अपना लुंड पेलता रहा... इस बीच रूही 3 बार और झाड़ गयी.... प्रिंस भी अब झड़ने के करीब पहुंच गया था....

वो फ़ौरन अपना लुंड रूही की छूट से बहार निकाल के उसके पेट के ऊपर झाड़ जाता है....

झड़ने के बाद प्रिंस निढाल हो के उसकी बगल में पद जाता है.... काफी देर तक दोनों अपनी साँसों को काबू करते रहते हैं....

कुछ देर रेस्ट

करने के बाद प्रिंस उठता है और प्यार से रूही की तरफ देखता है.... रूही आखें बंद किया अभी तक चुदाई की मस्ती में खोयी हुई है.... उसके चेहरे पे संतुष्टि और ख़ुशी के भाव हैं... जो इस बात की गवाही दे रहे हैं की रूही को आज सारे जहाँ की ख़ुशी हासिल हो गयी है...

अपनी जान रूही को खुश देख प्रिंस को भी बेहद ख़ुशी हो रही थी.... मगर जैसे hi प्रिंस की नज़र रूही के मखमली और सेक्सी जिस्म से होते हुए उसकी छूट पे गयी.... छूट का हाल देख प्रिंस की आँखें बड़ी और हैरत से मुँह खुला का खुला रह गया....

रूही की छूट का छेद काफी बड़ा हो गया था.... उसमे से प्रिंस के वार्य के साथ साथ रूही की छूट का पानी और खून भी साथ मिल के निकल रहा था... रूही की छूट कुछ ज़्यादा hi सूझ गयी थी.... रूही की छूट का हाल देख जहाँ प्रिंस की आँखों में आंसू आ जाते हैं वहीँ रूही के होंठों पे फैली मुस्कान देख के प्रिंस का दिल ख़ुशी से झूमने लगता है....

आज एक कुंवारी छूट की सील टूटी थी.... ये अलग बात है की छूट कुंवारी हो या सील टूटी हुई.... प्रिंस के मूसल जैसे लुंड के आगे सब की सब कुंवारी hi लगती है....

प्रिंस रूही को प्यार से अपनी गॉड में उठा लेता है.... जिसे देख रूही कुछ नहीं कहती बस प्यार भरी नज़रों से मुस्कुराती हुई प्रिंस को देखती रहती है.... प्रिंस रूही को बाथरूम में ले जाके बाथटब में लेता देता है फिर हॉट वाटर चालु कर के उसके और अपने पूरे जिस्म को अच्छे से साफ़ करता है फिर काफी देर तक उसकी छूट की गर्म पानी से सिकाई करता रहता है... जब तक सूझन कुछ काम नहीं हो जाती.... प्रिंस का अपने लिए इतना प्यार और केयर देख के रूही की आँखों में ख़ुशी के आंसू आ जाते हैं.... जैसे hi प्रिंस की नज़र रूही के आंसुओं पे पड़ती है.... प्रिंस का दिल तड़प जाता है....

प्रिंस : क्या हुआ जान बहुत दर्द हो रहा है क्या....?

रूही : नहीं....

प्रिंस : तो फिर तुम्हारी आँखों में ये आंसू कैसे....?

रूही : ये ख़ुशी के आंसू हैं... जो अपनी जान का मेरे लिए बेपनाह प्यार और फ़िक्र देख के ख़ुशी से निकल आये....

प्रिंस : ख़ुशी के हो चाहे गम के अपनी जान की आँखों में मैं आंसू नहीं देख सकता..... तो कह दो इन आँखों से की आज के बाद इनमे आंसू न आये....

रूही : अच्छा जी....

प्रिंस : हाँ जी....

रूही : लव यू जी....

प्रिंस : लव यू 2 माय लव....

फिर प्रिंस रूही को का जिस्म अच्छे से पॉच के उसे अपनी गॉड में उठा के उसे बैडरूम में लाता है और उसे 2 पैन किलर खिला के बीएड पे लेता देता है....

साथ hi उसकी बगल में लेट जाता है....

प्रिंस : अब ज़्यादा दर्द तो नहीं हो रहा है न मेरी जान....?

रूही : नहीं अब ठीक हूँ....

फिर प्रिंस रूही के सर पे अपना हाथ रख के उसके सर में वाइट रेज़ चोर देता है ताकि रूही का दर्द और सूझन जल्द ख़तम हो जाए.... और वो उसे सुबह अपने साथ सुल्तानगढ ले जा सके....

प्रिंस : जान कल सुहब तक तुम पूरी तरह से ठीक हो जाओगी....

प्रिंस की बात पे रूही हाँ में अपनी गर्दन हिला देती है....

फिर दोनों एक दूसरे को किश कर के लिपट के सो जाते हैं....

इधर अचानक से गुलिस्तां का मौसम बदलने लगता है जिसे देख सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं.... किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा है की अचानक से ये क्या और क्यों हो रहा है....??????

(वर्ड 6634)
 
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