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मेरी आशिकी तुमसे hi.....
अपडेट 116
स डैड : अब ये तो उस से मिलने के बाद hi पता चलेगा.... हम भी तो देखें की हमारी बेटी का राजकुमार कैसा है....?
शनाया : चलिए अभी मिल लीजिये मेरे राजकुमार से वो यहीं गार्डन में बैठा है....
फिर मैं शनाया के साथ उस से मिलने गया.... जो जो बातें शनाया ने बताई थी वो सब उसमे मौजूद थी.... और फिर आखरी में उसने अपना नाम बताया और वो नाम है "........"
स डैड के मुँह से उसका नाम सुन के प्रिंस चौंक जाता है....??????
अब आगे....
स डैड : सुलतान.... हाँ यही नाम था उसका.... शनाया उसके साथ बहुत खुश रहने लगी.... कुछ hi दिनों में दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे.... शनाया को सुलतान के बिना चैन नहीं आता था... हर लम्हा हर पल उसके दिल और दिमाग पे बस सुलतान hi चाय रहता.... जब वो उसके पास नहीं होता तब वो उसे याद करती और हमेशा उसकी hi बातें किया करती.... सुलतान को देख उसकी आँखों में चमक और होंठों पे प्यारी सी मुस्कान आ जाती.... उसे कितनी भी तकलीफ क्यों न हो... सुलतान को देखते hi वो सब भूल के बस उसी में खो जाती थी.... एक तरह से सुलतान उसकी जान बन गया था....
प्रिंस : जब ऐसा था तो फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ की वो इतना बदल गयी....? और ये सुलतान कहाँ है.... मैं भी तो देखूं की वो कौन है जिसकी आप इतनी तारीफ कर रहे हैं.... और उसके रहते हुए भी शनाया ऐसी क्यों हो गयी....? आज जब उसे अपने उस सो कॉल्ड सुलतान की सब से ज़्यादा ज़रुरत है तब वो उसके साथ क्यों नहीं है....? और सब से बड़ी बात तो ये है की वो सुलतान तो उसका राजकुमार था न तो फिर आज उसने सुलतान को चोर मुझे ी लव यू क्यों कहा.....?
स डैड : शनाया ने तुमसे ी लव यू इस लिए कहा क्यों की वो तुम्हे चाहती है.... और रही बात सुलतान की तो वो आज भी शनाया के दिल में मौजूद है उस याद की तरह जिसे कोई उसके दिल से नहीं निकाल सकता.... सुलतान उसकी यादों में hi नहीं उसकी रूह में बसा हुआ है....
प्रिंस : आप की बातें मेरी समझ में नहीं आ रही हैं.... एक तरफ आप ये कह रहे हैं की सुलतान शनाया की रूह में बसा हुआ है... और दूसरी तरफ आप कह रहे हैं की वो मुझे चाहती है.... ये कैसे मुमकिन है की कोई लड़की जिसकी रूह में कोई और बसा है और वो किसी और को चाहती है....?
स डैड : वो इस लिए क्यों की जो शनाया के दिल में बसा हुआ है और जिसे वो चाहती है वो दो नहीं बल्कि एक hi शख्स है और वो हो तुम....
प्रिंस : आप होश में तो हैं... जानते भी हैं की आप क्या कह रहे हैं...? मैं सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस हूँ... प्रिंस.... और रही बात शनाया की तो मैं उसे जानता तक नहीं कुछ hi दिन पहले उसे कॉलेज में मिला था.... और आप हैं की न जाने क्यों मुझे सुलतान बनाने पे तुले हैं....
स डैड : चलो एक पल के लिए ये मान लेते हैं की तुम सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस हो....
प्रिंस : मैं प्रिंस hi हूँ....
स डैड : ठीक है तुम प्रिंस हो.... मगर...
प्रिंस : अब और कोई अगर मगर नहीं.... आप ने 10 मिनट्स कहा था 10 मिनट्स पूरे हो गए हैं... अब मुझे चलना चाहिए इस से पहले की आप ज़बरदस्ती मुझे सुलतान बना दे....
ये कह के प्रिंस वहां से जाने लगता है.... मगर तभी स डैड उसे रोक के कहते हैं....
स डैड : बस एक बार इस एल्बम को देख लो फिर चले जाना मैं तुम्हे नहीं रोकूंगा....
प्रिंस : जी नहीं मुझे न hi आपकी बेटी में कोई इंटरेस्ट है और न hi आपके उस एल्बम को देखने में....
स डैड : प्लीज प्रिंस बस एक बार इस एल्बम को देख लो प्लीज....
प्रिंस : मुझे समझ नहीं आ रहा है की आप क्यों मुझे सुलतान बनाने में लगे हुए हैं....?
स डैड : मैं बस तुम्हे एक बार इस एल्बम को देखने को कह रहा हूँ.... बस एक बार इसे देख लो फिर चले जाना मैं तुम्हे नहीं रोकूंगा....
प्रिंस : आप इतना कह रहे है तो देख लेता हूँ....
ये कह के प्रिंस उनके हाथ से एल्बम ले के उसे खोलता है.... फर्स्ट पेज पे शनाया का नाम लिखा हुआ है और उसके नीचे उसकी बचपन की फोटो लगी हुई है.... प्रिंस दूसरा पेज पलट ता है उसपे शनाया के स्कूल का िकार्ड लगा हुआ है उसपे उसकी फोटो के साथ उसका नाम भी लिखा हुआ है... फिर प्रिंस जैसे hi अगला पेज पलट ता है सामने लगी फोटो को देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है.... क्यों की अगले पेज पे उसकी खुद की बचपन की फोटो लगी हुई है जिसके नीचे सुलतान लिखा हुआ है.... प्रिंस हैरत से कभी अपनी फोटो को देखता है... तो कभी स डैड को....
स डैड : आगे देखो तुम्हे मेरी बात पे यकीन आ जाएगा....
स डैड की बात सुन के प्रिंस अगला पेज पलट ता है उसपे उसी स्कूल का िकार्ड लगा हुआ है मगर फोटो शनाया की नहीं बल्कि प्रिंस की अपनी है और नीचे नाम लिखा है सुलतान.... जिसे देख प्रिंस के होंठों पे मुस्कराहट आ जाती है....
प्रिंस : अच्छा तरीका है नकली िकार्ड पे मेरी फोटो लगा के मुझे ज़बरदस्ती सुलतान बनाने का....
स डैड : आगे की फोटो देखने के बाद शायद तुम ये न कह पाओ जो तुमने अभी कहा....
प्रिंस : चलिए आगे भी देख लेते हैं की मुझे सो कॉल्ड सुलतान बनाने के लिए आपने आगे क्या क्या किया हुआ है....
ये कह के प्रिंस अगला पेज पलट ता है उसमे शनाया के साथ उसकी बचपन की फोटो है... प्रिंस पेज पलट ता जाता है और साथ hi बाकी की photo's भी देखते जाता है.... आगे सभी Photo's शनाया और प्रिंस की hi है.... कुछ में वो स्कूल में साथ बैठ के टिफ़िन खा रहे हैं.... और कुछ में खेल रहे हैं..... कुछ फोटो में उनके साथ दो और लडकियां भी हैं....
पूरी एल्बम देखने के बाद प्रिंस मुस्कुराते हुए स डैड को एल्बम देते हुए कहता है....
प्रिंस : मान न पड़ेगा आपने कंप्यूटर ग्राफ़िक्स से बहुत कमाल की कारीगरी की है... मेरे बचपन की फोटो का अच्छा इस्तेमाल किया है....
स डैड : ये कोई कंप्यूटर से बनायीं गयी फोटो नहीं है बल्कि असली photo's है....
प्रिंस : ये मेरी फोटो नहीं है बल्कि मेरे जैसे दिखने वाले किसी बच्चे की है...
स डैड : अच्छा अगर ये तुम्हारी फोटो नहीं किसी और की फोटो है.... तो क्या वो सब भी गलत है जो शनाया ने सुलतान के बारे में बताया था.... अगर तुम सुलतान नहीं प्रिंस हो तो जो उसने और उसकी माँ ने सुलतान के बारे में बताया था वो सब निशाँ तुम्हारे जिस्म पे नहीं होने चाहिए.... मुझे बस वो अपने जिस्म के वो तीन हिस्से दिखो अगर वो सारे निशाँ तुम्हारे जिस्म पे न हुए तो मैं ये मान लूंगा की तुम सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस हो....
स डैड की बात सुन के प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है....
स डैड : क्या हुआ तुम अचानक से खामोश क्यों हो गए....? मुझे वो निशाँ दिखाओ और ये साबित करो की तुम प्रिंस नहीं हो.... गौर से देखो इस बच्चे की नीली आँखों को और आँख के टिल को.... क्या ठीक ऐसी hi आँखें तुम्हारी नहीं हैं.....? क्या तुम्हारी आँखों में ठीक इसकी आँखों जैसा टिल नहीं है....
प्रिंस हाँ में अपनी गर्दन हिला देता है....
स डैड : अब अपनी टीशर्ट उतरो और अपनी कमर की तरफ देख के कहो की क्या उसपे खंजर का निशाँ नहीं है....
प्रिंस अपनी टीशर्ट निकाल के अपनी कमर की तरफ देखता है उसे वहां खंजर का निशाँ साफ़ नज़र आ जाता है....
स डैड : अब ये बताओ की क्या तुम्हारे राइट पेअर में 6 उंगलियां नहीं हैं....
प्रिंस हाँ में अपनी गर्दन हिला के कहता है....
प्रिंस : हाँ है.... वो सब कुछ है जो आपने कहा....
स डैड : तो इस से क्या ये साबित नहीं होता की तुम सुलतान हो....?
प्रिंस : मगर मेरा नाम तो प्रिंस है... फिर आप मुझे सुलतान क्यों कह रहे हैं.....?
स डैड : वो इस लिए क्यों की तुम सुलतान हो....
प्रिंस : अगर आप जो कह रहे हैं वो सच है तो फिर मुझे कुछ याद क्यों नहीं आ रहा....? और ऐसी क्या वजह हो गयी की मैं सुलतान से प्रिंस बन गया....?
स डैड : इस बात का जवाब तो मेरे पास भी नहीं है..... मुझे बस इतना पता है की बचपन में एक दिन अचानक से तुम कहीं गायब हो gaye....uske बाद तुम्हे किसी ने नहीं देखा.... उस दिन के बाद से शनाया तो जैसे हसना hi भूल गयी.... उसने तुम्हे ढूंढने की बहुत कोशिश की मगर तुम नहीं मिले.... तुम्हारी जुदाई के गम में वो इस तरह डूबी की फिर उभर नहीं पायी.... वो उस गम के सागर में एक बार फिर से डूब गयी जिसमे से तुमने उसे बहार निकला था... उसी गम की वजह से वो ऐसी हो गयी.... तुम्हारी याद को काम करने के लिए उसने हर वो काम किया जो उसे नहीं करना चाहिए था.... मगर अपने सुलतान की यादों को अपने दिल से न निकाल पायी.... अब एक तुम hi हो जो उसे सही राह पे ला सकते हो... उसकी हिफाज़त कर सकते हो.... अपने प्यार से उसकी बिखरी हुई ज़िन्दगी को समेत सकते हो.... मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ता हूँ... मेरी बेटी को टूट के बिखरने से बचा लो.... उसका हाथ थाम लो.... उसे तुम्हारे सहारे और तुम्हारे प्यार की सख्त ज़रुरत है.... इस वक़्त अगर तुमने उसका साथ न दिया तो वो टूट के बिखर जायेगी.... उसे फिर मैं तो क्या कोई नहीं संभाल पायेगा.... प्लीज मेरे बेटी को उसका सुलतान लौटा दो.... प्लीज....
ये कहते कहते स डैड की आखें नाम हो जाती हैं... उनकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... प्रिंस बिना कुछ कहे वहां से जाने लगता है.... स डैड उसे रोकने के लिए आगे बढ़ते हैं....
प्रिंस : क्या मैं अपनी दोस्त से मिल सकता हूँ....?
प्रिंस की बात सुन के स डैड बेहद खुश हो जाते हैं.... उनकी आँखों से गम की जगह ख़ुशी के आंसू बहने लगते हैं... वो फ़ौरन हाँ में अपनी गर्दन हिला के शनये के रूम की तरफ इशारा करके के कहते हैं....
स डैड : ऊपर राइट में तीसरा कमरा शनाया का है....
स डैड की बात सुन के प्रिंस फ़ौरन बंगलो के अंडर जाता है और सीढ़ी चढ़ के शनाया के रूम की तरफ बढ़ जाता है.... दरवाज़ा खोल के रूम में जाते hi अंडर का नज़ारा देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है....
शनाया दरवाज़े की तरफ पीठ करके बीएड बैठी हुई है... उसके एक हाथ में प्रिंस की फोटो है तो दूसरे हाथ में शराब की बोतल.... वो प्रिंस की फोटो देख के रोये जा रही है साथ hi शराब भी पी रही है....
दरवाज़े की आवाज़ सुन के शनाया बिना पीछे मुड़े कहती है....
शनाया : आयुष मैं आज तुम्हारी कोई बात नहीं सुनुँगी... नहीं आयुष आज मत रोकना मुझे.... आज मुझे इस शराब की बेहद ज़रुरत है.... जानती हूँ की ये गलत चीज़ है मगर क्या करूँ ये काम से काम उस तकलीफ को तो थोड़ा काम कर देती है जो मेरी जान सुलतान की जुदाई से इस दिल को हो रही है.... उस दिन की तरह आज भी वो मुझे चोर गया.... बचपन में भी एक दिन वो मुझे इसी तरह चोर गया था.... उसकी जुदाई अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही है.... जी छह रहा है उसके पास जा के उसके गले लग के उसे अपने सच्चे प्यार का एहसास दिलों.... उसे ये बताऊँ की उसे मैं कितना चाहती हूँ... मगर वो है की कुछ सुन ने को तैयार hi नहीं है.... जाने वो कौनसी वजह थी की वो मुझसे नाराज़ हो के चला गया था.... और आज जब सालो बाद वो वापिस आया है तो आज भी मुझसे नाराज़ बैठा है.... मैंने उस से अपने प्यार का इज़हार कर के मानाने की कोशिश की मगर वो है की मान ने को तैयार hi नहीं.... वो अपनी शनाया को भूल गया.... जो कभी उसकी सबसे अच्छी दोस्त... नहीं दोस्त नहीं उसकी जान हुआ करती थी.... उस शनाया से आज उसे नफरत है.... मेरे सुलतान को मुझसे नफरत है... ये बात मुझसे सही नहीं जा रही है.... मेरा दिल आज रो रहा है अपनी जान से मिलने के लिए तड़प रहा है मगर वो है की उसे मेरी फ़िक्र hi नहीं मैं जियूं या मरुँ उसे कोई फर्क नहीं पद रहा.... आज भी वो मुझे यहाँ रट हुए चोर के चला गया.... नहीं अब उसकी जुदाई और बर्दाश्त नहीं होती मुझसे.... उस से जुड़ा हो के मैं जी नहीं पाउंगी..... मैं मर जाउंगी.... एक वक़्त था जब मेरी ज़रा सी भी तकलीफ उसे तड़पा देती थी.... उसे आज मेरे रोने से कोई फर्क नहीं पद रहा है.... ( प्रिंस की बचपन की फोटो की तरफ इशारा करके) देखो मुझे तकलीफ में देख के कैसे मुस्कुरा रहा है....?
शनाया की बातें सुन के प्रिंस की आँखें नाम हो जाती हैं.... वो आगे बढ़ के शनाया के कंधे पे हाथ रक् के कुछ कहने hi वाला होता है की तभी शनाया उसके हाथ को अपने भाई का हाथ समझ के झटक देती है.... और बेहद गुस्से में कहते हुए पलट टी है....
शनाया : मैंने कहा न जाओ यहाँ से तुम्हे एक बार में बात समझ नहीं आती क्या....?
तभी अचानक प्रिंस को देख वो चौंक जाती है....
प्रिंस पलट के वहां से जाने लगता है.... शनाया फ़ौरन उसका हाथ पकड़ के उसे रोकती है....
प्रिंस : अजीब लड़की हो यार तुम..... अभी खुद hi मुझे यहाँ से जाने को कह रही थी और अब खुद मुझे यहाँ रोक रही हो....
शनाया : नहीं मैंने कब तुम्हे जाने को कहा.... ऐसा तो मैं सपने में भी नहीं कह सकती.... वो तो मुझे लगा की आयुष है....
प्रिंस : सच कह रही हो.....
शनाया : और नहीं तो क्या....? मैं तो चाहती हूँ की तुम हमेशा मेरे पास hi रहो.... मैं भला क्यों अपनी जान को जाने को कहूँगी.... मगर तुम तो चले गए थे न.....
प्रिंस : हाँ चला तो गया था मगर जाने क्यों जा के भी जा नहीं पाया.... अपनी प्यारी दोस्त को चोर के भला मैं जाता भी तो कैसे.... तुम्हारी दोस्ती मुझे तुम्हारे पास खींच लायी....
शनाया प्रिंस की आँखों में देख के कहती है....
शनाया : नहीं ये दोस्ती नहीं बल्कि तुम्हारे लिए मेरा सच्चा प्यार है जो तुम्हे यहाँ मेरे पास खींच लाया.... अब मैं तुम्हे एक पल के लिए भी कभी खुद से दूर जाने नहीं दूंगी....
प्रिंस : अब तुम खुद भी जाने को कहोगी तब भी मैं नहीं जाऊँगा... हमेशा अपनी दोस्त के साथ hi रहूँगा....
शनाया : ोोोूह... प्रिंस तुम नहीं जानते की ये कह के तुमने आज मुझे कितनी बड़ी ख़ुशी दी है....
ये कह के शनाया रोटी हुई प्रिंस के सीने से लिपट जाती है....
प्रिंस भी प्यार से उसे अपनी बाहों में समेत लेता है.... फिर प्यार से उसे चुप करा के कहता है....
प्रिंस : यार अब रोटी hi रहोगी या अपने दोस्त को कुछ खाने पीने के लिए भी पूछोगी... खैर चोरो तुम मत पूछो मैं खुद hi पी लेता हूँ....
ये कह के वो शनाया के बीएड पे पड़ी शराब की बोतल उठा के उसमे से शराब पीने लगता है.... प्रिंस को यूँ शराब पीते देख शनाया फ़ौरन उसके हाथ से बोतल चीन के कहती है....
शनाया : ये तुम क्या कर रहे हो....? पागल तो नहीं हो गए....? ये शरबत नहीं शराब है.... ये अच्छी चीज़ नहीं है.... मत पियो इसे....
प्रिंस : जब मेरी सब से प्यारी दोस्त इसे पी सकती है तो फिर मैं क्यों नहीं....?
शनाया : वो इस लिए क्यों की मैं कह रही हूँ.... ये तुम्हारे लिए ठीक नहीं....
शनाया के हाथ से बोतल ले के.....
प्रिंस : जब ये मेरे लिए ठीक नहीं तो मेरी दोस्त के लिए कैसे ठीक हो सकती है.... आज तो मैं इसे ज़रूर पीयूंगा....
शनाया गुस्से में शराब की बोतल प्रिंस के हाथ से चीन के.....
शनाया गुस्से में : कहा न ये अच्छी चीज़ नहीं है....
प्रिंस : अच्छा अगर ये अच्छी चीज़ नहीं है तो फिर इसे चोर क्यों नहीं देती.... क्या अपनी दोस्त को ये गन्दी चीज़ पीते देख मुझे अच्छा लगेगा... नहीं मेरी शनाया तो ऐसी न थी.... वो कभी किसी गन्दी चीज़ को पीना तो दूर उसे हाथ तक नहीं लगाती थी.... अगर तुम मेरी वो hi प्यारी सी शनाया हो तो अभी के अभी इसे बहार फेन दो....
प्रिंस की बात सुन के शनाया शराब की बोतल को खिड़की से बहार की तरफ फ़ेंक देती है....
शनाया : लो फेक दी मैंने वो जल्दी चीज़.... अब तो कह दो मैं तुम्हारी प्यारी शनाया हूँ.....
प्रिंस शनाया को अपने सीने से लगा के कहता है....
प्रिंस : हाँ अब तुम मेरी प्यारी शनाया हो..... क्यूट सी प्यारी सी.... जो मेरी हर बात मानती है....
शनाया भी कास के उसके सीने से लिपट जाती है....
शराब की बोतल गार्डन में गिरते देख देख स डैड बेहद खुश हो जाते हैं....
कुछ देर तक दोनों इसे तरह एक दूसरे के सीने से लिपटे रहते हैं.... फिर शनाया की माइड उन्हें खाने पे बुलाने आती है....
शनाया प्रिंस के साथ नीचे आ जाती है.... वो ज़ोर दे के प्रिंस को अपने साथ खाने के लिए रोक लेती है.....
स डैड और आयुष प्रिंस को शनाया के साथ देख के बेहद खुश हो जाते हैं.....
स डैड : तो आखिर मेरी बेटी को उसका दोस्त वापिस मिल hi गया....
अपने डैड की बात सुन के शनाया प्रिंस का हाथ कास के पकड़ के उसकी आँखों में देख के कहती है....
शनाया : हाँ डैड.... आज मुझे मेरा दोस्त मिल गया....
प्रिंस : जो अब अपनी दोस्त को न कभी चोर के जाएगा और न hi उस से कभी अलग होगा....
फिर सब साथ मिल के ख़ुशी ख़ुशी डिनर करते हैं.... डिनर के बाद प्रिंस जाने लगता है... तो शनाया उसे रोक के कहती है...
शनाया : अभी तो तुमने कहा था की मुझे चोर के कहीं नहीं जाओगे... फिर क्यों रहे हो....?
प्रिंस : मैं तुम से दूर थोड़े hi जा रहा हूँ बस अपने घर जा रहा हूँ... ताकि कल फिर तुमसे मिल सकूँ.... कल फिर हम साथ होंगे....
फिर किसी तरह शनाया को मन के प्रिंस वापिस अपने घर आ जाता है.... घर पहुँचते hi सामने का नज़ारा देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है....?????
अपडेट 116
स डैड : अब ये तो उस से मिलने के बाद hi पता चलेगा.... हम भी तो देखें की हमारी बेटी का राजकुमार कैसा है....?
शनाया : चलिए अभी मिल लीजिये मेरे राजकुमार से वो यहीं गार्डन में बैठा है....
फिर मैं शनाया के साथ उस से मिलने गया.... जो जो बातें शनाया ने बताई थी वो सब उसमे मौजूद थी.... और फिर आखरी में उसने अपना नाम बताया और वो नाम है "........"
स डैड के मुँह से उसका नाम सुन के प्रिंस चौंक जाता है....??????
अब आगे....
स डैड : सुलतान.... हाँ यही नाम था उसका.... शनाया उसके साथ बहुत खुश रहने लगी.... कुछ hi दिनों में दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे.... शनाया को सुलतान के बिना चैन नहीं आता था... हर लम्हा हर पल उसके दिल और दिमाग पे बस सुलतान hi चाय रहता.... जब वो उसके पास नहीं होता तब वो उसे याद करती और हमेशा उसकी hi बातें किया करती.... सुलतान को देख उसकी आँखों में चमक और होंठों पे प्यारी सी मुस्कान आ जाती.... उसे कितनी भी तकलीफ क्यों न हो... सुलतान को देखते hi वो सब भूल के बस उसी में खो जाती थी.... एक तरह से सुलतान उसकी जान बन गया था....
प्रिंस : जब ऐसा था तो फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ की वो इतना बदल गयी....? और ये सुलतान कहाँ है.... मैं भी तो देखूं की वो कौन है जिसकी आप इतनी तारीफ कर रहे हैं.... और उसके रहते हुए भी शनाया ऐसी क्यों हो गयी....? आज जब उसे अपने उस सो कॉल्ड सुलतान की सब से ज़्यादा ज़रुरत है तब वो उसके साथ क्यों नहीं है....? और सब से बड़ी बात तो ये है की वो सुलतान तो उसका राजकुमार था न तो फिर आज उसने सुलतान को चोर मुझे ी लव यू क्यों कहा.....?
स डैड : शनाया ने तुमसे ी लव यू इस लिए कहा क्यों की वो तुम्हे चाहती है.... और रही बात सुलतान की तो वो आज भी शनाया के दिल में मौजूद है उस याद की तरह जिसे कोई उसके दिल से नहीं निकाल सकता.... सुलतान उसकी यादों में hi नहीं उसकी रूह में बसा हुआ है....
प्रिंस : आप की बातें मेरी समझ में नहीं आ रही हैं.... एक तरफ आप ये कह रहे हैं की सुलतान शनाया की रूह में बसा हुआ है... और दूसरी तरफ आप कह रहे हैं की वो मुझे चाहती है.... ये कैसे मुमकिन है की कोई लड़की जिसकी रूह में कोई और बसा है और वो किसी और को चाहती है....?
स डैड : वो इस लिए क्यों की जो शनाया के दिल में बसा हुआ है और जिसे वो चाहती है वो दो नहीं बल्कि एक hi शख्स है और वो हो तुम....
प्रिंस : आप होश में तो हैं... जानते भी हैं की आप क्या कह रहे हैं...? मैं सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस हूँ... प्रिंस.... और रही बात शनाया की तो मैं उसे जानता तक नहीं कुछ hi दिन पहले उसे कॉलेज में मिला था.... और आप हैं की न जाने क्यों मुझे सुलतान बनाने पे तुले हैं....
स डैड : चलो एक पल के लिए ये मान लेते हैं की तुम सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस हो....
प्रिंस : मैं प्रिंस hi हूँ....
स डैड : ठीक है तुम प्रिंस हो.... मगर...
प्रिंस : अब और कोई अगर मगर नहीं.... आप ने 10 मिनट्स कहा था 10 मिनट्स पूरे हो गए हैं... अब मुझे चलना चाहिए इस से पहले की आप ज़बरदस्ती मुझे सुलतान बना दे....
ये कह के प्रिंस वहां से जाने लगता है.... मगर तभी स डैड उसे रोक के कहते हैं....
स डैड : बस एक बार इस एल्बम को देख लो फिर चले जाना मैं तुम्हे नहीं रोकूंगा....
प्रिंस : जी नहीं मुझे न hi आपकी बेटी में कोई इंटरेस्ट है और न hi आपके उस एल्बम को देखने में....
स डैड : प्लीज प्रिंस बस एक बार इस एल्बम को देख लो प्लीज....
प्रिंस : मुझे समझ नहीं आ रहा है की आप क्यों मुझे सुलतान बनाने में लगे हुए हैं....?
स डैड : मैं बस तुम्हे एक बार इस एल्बम को देखने को कह रहा हूँ.... बस एक बार इसे देख लो फिर चले जाना मैं तुम्हे नहीं रोकूंगा....
प्रिंस : आप इतना कह रहे है तो देख लेता हूँ....
ये कह के प्रिंस उनके हाथ से एल्बम ले के उसे खोलता है.... फर्स्ट पेज पे शनाया का नाम लिखा हुआ है और उसके नीचे उसकी बचपन की फोटो लगी हुई है.... प्रिंस दूसरा पेज पलट ता है उसपे शनाया के स्कूल का िकार्ड लगा हुआ है उसपे उसकी फोटो के साथ उसका नाम भी लिखा हुआ है... फिर प्रिंस जैसे hi अगला पेज पलट ता है सामने लगी फोटो को देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है.... क्यों की अगले पेज पे उसकी खुद की बचपन की फोटो लगी हुई है जिसके नीचे सुलतान लिखा हुआ है.... प्रिंस हैरत से कभी अपनी फोटो को देखता है... तो कभी स डैड को....
स डैड : आगे देखो तुम्हे मेरी बात पे यकीन आ जाएगा....
स डैड की बात सुन के प्रिंस अगला पेज पलट ता है उसपे उसी स्कूल का िकार्ड लगा हुआ है मगर फोटो शनाया की नहीं बल्कि प्रिंस की अपनी है और नीचे नाम लिखा है सुलतान.... जिसे देख प्रिंस के होंठों पे मुस्कराहट आ जाती है....
प्रिंस : अच्छा तरीका है नकली िकार्ड पे मेरी फोटो लगा के मुझे ज़बरदस्ती सुलतान बनाने का....
स डैड : आगे की फोटो देखने के बाद शायद तुम ये न कह पाओ जो तुमने अभी कहा....
प्रिंस : चलिए आगे भी देख लेते हैं की मुझे सो कॉल्ड सुलतान बनाने के लिए आपने आगे क्या क्या किया हुआ है....
ये कह के प्रिंस अगला पेज पलट ता है उसमे शनाया के साथ उसकी बचपन की फोटो है... प्रिंस पेज पलट ता जाता है और साथ hi बाकी की photo's भी देखते जाता है.... आगे सभी Photo's शनाया और प्रिंस की hi है.... कुछ में वो स्कूल में साथ बैठ के टिफ़िन खा रहे हैं.... और कुछ में खेल रहे हैं..... कुछ फोटो में उनके साथ दो और लडकियां भी हैं....
पूरी एल्बम देखने के बाद प्रिंस मुस्कुराते हुए स डैड को एल्बम देते हुए कहता है....
प्रिंस : मान न पड़ेगा आपने कंप्यूटर ग्राफ़िक्स से बहुत कमाल की कारीगरी की है... मेरे बचपन की फोटो का अच्छा इस्तेमाल किया है....
स डैड : ये कोई कंप्यूटर से बनायीं गयी फोटो नहीं है बल्कि असली photo's है....
प्रिंस : ये मेरी फोटो नहीं है बल्कि मेरे जैसे दिखने वाले किसी बच्चे की है...
स डैड : अच्छा अगर ये तुम्हारी फोटो नहीं किसी और की फोटो है.... तो क्या वो सब भी गलत है जो शनाया ने सुलतान के बारे में बताया था.... अगर तुम सुलतान नहीं प्रिंस हो तो जो उसने और उसकी माँ ने सुलतान के बारे में बताया था वो सब निशाँ तुम्हारे जिस्म पे नहीं होने चाहिए.... मुझे बस वो अपने जिस्म के वो तीन हिस्से दिखो अगर वो सारे निशाँ तुम्हारे जिस्म पे न हुए तो मैं ये मान लूंगा की तुम सुलतान नहीं बल्कि प्रिंस हो....
स डैड की बात सुन के प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है....
स डैड : क्या हुआ तुम अचानक से खामोश क्यों हो गए....? मुझे वो निशाँ दिखाओ और ये साबित करो की तुम प्रिंस नहीं हो.... गौर से देखो इस बच्चे की नीली आँखों को और आँख के टिल को.... क्या ठीक ऐसी hi आँखें तुम्हारी नहीं हैं.....? क्या तुम्हारी आँखों में ठीक इसकी आँखों जैसा टिल नहीं है....
प्रिंस हाँ में अपनी गर्दन हिला देता है....
स डैड : अब अपनी टीशर्ट उतरो और अपनी कमर की तरफ देख के कहो की क्या उसपे खंजर का निशाँ नहीं है....
प्रिंस अपनी टीशर्ट निकाल के अपनी कमर की तरफ देखता है उसे वहां खंजर का निशाँ साफ़ नज़र आ जाता है....
स डैड : अब ये बताओ की क्या तुम्हारे राइट पेअर में 6 उंगलियां नहीं हैं....
प्रिंस हाँ में अपनी गर्दन हिला के कहता है....
प्रिंस : हाँ है.... वो सब कुछ है जो आपने कहा....
स डैड : तो इस से क्या ये साबित नहीं होता की तुम सुलतान हो....?
प्रिंस : मगर मेरा नाम तो प्रिंस है... फिर आप मुझे सुलतान क्यों कह रहे हैं.....?
स डैड : वो इस लिए क्यों की तुम सुलतान हो....
प्रिंस : अगर आप जो कह रहे हैं वो सच है तो फिर मुझे कुछ याद क्यों नहीं आ रहा....? और ऐसी क्या वजह हो गयी की मैं सुलतान से प्रिंस बन गया....?
स डैड : इस बात का जवाब तो मेरे पास भी नहीं है..... मुझे बस इतना पता है की बचपन में एक दिन अचानक से तुम कहीं गायब हो gaye....uske बाद तुम्हे किसी ने नहीं देखा.... उस दिन के बाद से शनाया तो जैसे हसना hi भूल गयी.... उसने तुम्हे ढूंढने की बहुत कोशिश की मगर तुम नहीं मिले.... तुम्हारी जुदाई के गम में वो इस तरह डूबी की फिर उभर नहीं पायी.... वो उस गम के सागर में एक बार फिर से डूब गयी जिसमे से तुमने उसे बहार निकला था... उसी गम की वजह से वो ऐसी हो गयी.... तुम्हारी याद को काम करने के लिए उसने हर वो काम किया जो उसे नहीं करना चाहिए था.... मगर अपने सुलतान की यादों को अपने दिल से न निकाल पायी.... अब एक तुम hi हो जो उसे सही राह पे ला सकते हो... उसकी हिफाज़त कर सकते हो.... अपने प्यार से उसकी बिखरी हुई ज़िन्दगी को समेत सकते हो.... मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ता हूँ... मेरी बेटी को टूट के बिखरने से बचा लो.... उसका हाथ थाम लो.... उसे तुम्हारे सहारे और तुम्हारे प्यार की सख्त ज़रुरत है.... इस वक़्त अगर तुमने उसका साथ न दिया तो वो टूट के बिखर जायेगी.... उसे फिर मैं तो क्या कोई नहीं संभाल पायेगा.... प्लीज मेरे बेटी को उसका सुलतान लौटा दो.... प्लीज....
ये कहते कहते स डैड की आखें नाम हो जाती हैं... उनकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... प्रिंस बिना कुछ कहे वहां से जाने लगता है.... स डैड उसे रोकने के लिए आगे बढ़ते हैं....
प्रिंस : क्या मैं अपनी दोस्त से मिल सकता हूँ....?
प्रिंस की बात सुन के स डैड बेहद खुश हो जाते हैं.... उनकी आँखों से गम की जगह ख़ुशी के आंसू बहने लगते हैं... वो फ़ौरन हाँ में अपनी गर्दन हिला के शनये के रूम की तरफ इशारा करके के कहते हैं....
स डैड : ऊपर राइट में तीसरा कमरा शनाया का है....
स डैड की बात सुन के प्रिंस फ़ौरन बंगलो के अंडर जाता है और सीढ़ी चढ़ के शनाया के रूम की तरफ बढ़ जाता है.... दरवाज़ा खोल के रूम में जाते hi अंडर का नज़ारा देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है....
शनाया दरवाज़े की तरफ पीठ करके बीएड बैठी हुई है... उसके एक हाथ में प्रिंस की फोटो है तो दूसरे हाथ में शराब की बोतल.... वो प्रिंस की फोटो देख के रोये जा रही है साथ hi शराब भी पी रही है....
दरवाज़े की आवाज़ सुन के शनाया बिना पीछे मुड़े कहती है....
शनाया : आयुष मैं आज तुम्हारी कोई बात नहीं सुनुँगी... नहीं आयुष आज मत रोकना मुझे.... आज मुझे इस शराब की बेहद ज़रुरत है.... जानती हूँ की ये गलत चीज़ है मगर क्या करूँ ये काम से काम उस तकलीफ को तो थोड़ा काम कर देती है जो मेरी जान सुलतान की जुदाई से इस दिल को हो रही है.... उस दिन की तरह आज भी वो मुझे चोर गया.... बचपन में भी एक दिन वो मुझे इसी तरह चोर गया था.... उसकी जुदाई अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही है.... जी छह रहा है उसके पास जा के उसके गले लग के उसे अपने सच्चे प्यार का एहसास दिलों.... उसे ये बताऊँ की उसे मैं कितना चाहती हूँ... मगर वो है की कुछ सुन ने को तैयार hi नहीं है.... जाने वो कौनसी वजह थी की वो मुझसे नाराज़ हो के चला गया था.... और आज जब सालो बाद वो वापिस आया है तो आज भी मुझसे नाराज़ बैठा है.... मैंने उस से अपने प्यार का इज़हार कर के मानाने की कोशिश की मगर वो है की मान ने को तैयार hi नहीं.... वो अपनी शनाया को भूल गया.... जो कभी उसकी सबसे अच्छी दोस्त... नहीं दोस्त नहीं उसकी जान हुआ करती थी.... उस शनाया से आज उसे नफरत है.... मेरे सुलतान को मुझसे नफरत है... ये बात मुझसे सही नहीं जा रही है.... मेरा दिल आज रो रहा है अपनी जान से मिलने के लिए तड़प रहा है मगर वो है की उसे मेरी फ़िक्र hi नहीं मैं जियूं या मरुँ उसे कोई फर्क नहीं पद रहा.... आज भी वो मुझे यहाँ रट हुए चोर के चला गया.... नहीं अब उसकी जुदाई और बर्दाश्त नहीं होती मुझसे.... उस से जुड़ा हो के मैं जी नहीं पाउंगी..... मैं मर जाउंगी.... एक वक़्त था जब मेरी ज़रा सी भी तकलीफ उसे तड़पा देती थी.... उसे आज मेरे रोने से कोई फर्क नहीं पद रहा है.... ( प्रिंस की बचपन की फोटो की तरफ इशारा करके) देखो मुझे तकलीफ में देख के कैसे मुस्कुरा रहा है....?
शनाया की बातें सुन के प्रिंस की आँखें नाम हो जाती हैं.... वो आगे बढ़ के शनाया के कंधे पे हाथ रक् के कुछ कहने hi वाला होता है की तभी शनाया उसके हाथ को अपने भाई का हाथ समझ के झटक देती है.... और बेहद गुस्से में कहते हुए पलट टी है....
शनाया : मैंने कहा न जाओ यहाँ से तुम्हे एक बार में बात समझ नहीं आती क्या....?
तभी अचानक प्रिंस को देख वो चौंक जाती है....
प्रिंस पलट के वहां से जाने लगता है.... शनाया फ़ौरन उसका हाथ पकड़ के उसे रोकती है....
प्रिंस : अजीब लड़की हो यार तुम..... अभी खुद hi मुझे यहाँ से जाने को कह रही थी और अब खुद मुझे यहाँ रोक रही हो....
शनाया : नहीं मैंने कब तुम्हे जाने को कहा.... ऐसा तो मैं सपने में भी नहीं कह सकती.... वो तो मुझे लगा की आयुष है....
प्रिंस : सच कह रही हो.....
शनाया : और नहीं तो क्या....? मैं तो चाहती हूँ की तुम हमेशा मेरे पास hi रहो.... मैं भला क्यों अपनी जान को जाने को कहूँगी.... मगर तुम तो चले गए थे न.....
प्रिंस : हाँ चला तो गया था मगर जाने क्यों जा के भी जा नहीं पाया.... अपनी प्यारी दोस्त को चोर के भला मैं जाता भी तो कैसे.... तुम्हारी दोस्ती मुझे तुम्हारे पास खींच लायी....
शनाया प्रिंस की आँखों में देख के कहती है....
शनाया : नहीं ये दोस्ती नहीं बल्कि तुम्हारे लिए मेरा सच्चा प्यार है जो तुम्हे यहाँ मेरे पास खींच लाया.... अब मैं तुम्हे एक पल के लिए भी कभी खुद से दूर जाने नहीं दूंगी....
प्रिंस : अब तुम खुद भी जाने को कहोगी तब भी मैं नहीं जाऊँगा... हमेशा अपनी दोस्त के साथ hi रहूँगा....
शनाया : ोोोूह... प्रिंस तुम नहीं जानते की ये कह के तुमने आज मुझे कितनी बड़ी ख़ुशी दी है....
ये कह के शनाया रोटी हुई प्रिंस के सीने से लिपट जाती है....
प्रिंस भी प्यार से उसे अपनी बाहों में समेत लेता है.... फिर प्यार से उसे चुप करा के कहता है....
प्रिंस : यार अब रोटी hi रहोगी या अपने दोस्त को कुछ खाने पीने के लिए भी पूछोगी... खैर चोरो तुम मत पूछो मैं खुद hi पी लेता हूँ....
ये कह के वो शनाया के बीएड पे पड़ी शराब की बोतल उठा के उसमे से शराब पीने लगता है.... प्रिंस को यूँ शराब पीते देख शनाया फ़ौरन उसके हाथ से बोतल चीन के कहती है....
शनाया : ये तुम क्या कर रहे हो....? पागल तो नहीं हो गए....? ये शरबत नहीं शराब है.... ये अच्छी चीज़ नहीं है.... मत पियो इसे....
प्रिंस : जब मेरी सब से प्यारी दोस्त इसे पी सकती है तो फिर मैं क्यों नहीं....?
शनाया : वो इस लिए क्यों की मैं कह रही हूँ.... ये तुम्हारे लिए ठीक नहीं....
शनाया के हाथ से बोतल ले के.....
प्रिंस : जब ये मेरे लिए ठीक नहीं तो मेरी दोस्त के लिए कैसे ठीक हो सकती है.... आज तो मैं इसे ज़रूर पीयूंगा....
शनाया गुस्से में शराब की बोतल प्रिंस के हाथ से चीन के.....
शनाया गुस्से में : कहा न ये अच्छी चीज़ नहीं है....
प्रिंस : अच्छा अगर ये अच्छी चीज़ नहीं है तो फिर इसे चोर क्यों नहीं देती.... क्या अपनी दोस्त को ये गन्दी चीज़ पीते देख मुझे अच्छा लगेगा... नहीं मेरी शनाया तो ऐसी न थी.... वो कभी किसी गन्दी चीज़ को पीना तो दूर उसे हाथ तक नहीं लगाती थी.... अगर तुम मेरी वो hi प्यारी सी शनाया हो तो अभी के अभी इसे बहार फेन दो....
प्रिंस की बात सुन के शनाया शराब की बोतल को खिड़की से बहार की तरफ फ़ेंक देती है....
शनाया : लो फेक दी मैंने वो जल्दी चीज़.... अब तो कह दो मैं तुम्हारी प्यारी शनाया हूँ.....
प्रिंस शनाया को अपने सीने से लगा के कहता है....
प्रिंस : हाँ अब तुम मेरी प्यारी शनाया हो..... क्यूट सी प्यारी सी.... जो मेरी हर बात मानती है....
शनाया भी कास के उसके सीने से लिपट जाती है....
शराब की बोतल गार्डन में गिरते देख देख स डैड बेहद खुश हो जाते हैं....
कुछ देर तक दोनों इसे तरह एक दूसरे के सीने से लिपटे रहते हैं.... फिर शनाया की माइड उन्हें खाने पे बुलाने आती है....
शनाया प्रिंस के साथ नीचे आ जाती है.... वो ज़ोर दे के प्रिंस को अपने साथ खाने के लिए रोक लेती है.....
स डैड और आयुष प्रिंस को शनाया के साथ देख के बेहद खुश हो जाते हैं.....
स डैड : तो आखिर मेरी बेटी को उसका दोस्त वापिस मिल hi गया....
अपने डैड की बात सुन के शनाया प्रिंस का हाथ कास के पकड़ के उसकी आँखों में देख के कहती है....
शनाया : हाँ डैड.... आज मुझे मेरा दोस्त मिल गया....
प्रिंस : जो अब अपनी दोस्त को न कभी चोर के जाएगा और न hi उस से कभी अलग होगा....
फिर सब साथ मिल के ख़ुशी ख़ुशी डिनर करते हैं.... डिनर के बाद प्रिंस जाने लगता है... तो शनाया उसे रोक के कहती है...
शनाया : अभी तो तुमने कहा था की मुझे चोर के कहीं नहीं जाओगे... फिर क्यों रहे हो....?
प्रिंस : मैं तुम से दूर थोड़े hi जा रहा हूँ बस अपने घर जा रहा हूँ... ताकि कल फिर तुमसे मिल सकूँ.... कल फिर हम साथ होंगे....
फिर किसी तरह शनाया को मन के प्रिंस वापिस अपने घर आ जाता है.... घर पहुँचते hi सामने का नज़ारा देख वो बुरी तरह से चौंक जाता है....?????