Kasam - Love is not Everything (Completed) - Page 5 - SexBaba
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Kasam - Love is not Everything (Completed)

अपडेट 36

दोनों कुछ देर ऐसे hi चल कर बातें करते rahe…Fir अतुल एक जगह बैठ गया.

अतुल:- अब्ब सच में थक गया.

निशा को अतुल की बात पर थोड़ा हंसी आ गयी.

निशा:- (हँसते हुए) अब्ब क्या हो गया? कुछ देर पहले तो कह रहे थे की बहुत स्टैमिना hai…Abb क्या हो गया? अब्ब तो अच्छे से चल भी नहीं पा रहे हो.

अतुल:- थक गया हु लेकिन इतना भी नहीं की चल hi न paau…Thoda एनर्जी बचा रहा hu…Waapas भी तो जाना है.

निशा:- अच्छा तो ये बात है.

अतुल:- एक और वजह भी है.

निशा:- क्या?

अतुल:- बता दू क्या?

अतुल ने अपना सुन गिलास उतार कर थोड़ा स्टाइल में कहा.

निशा:- ऐसी क्या बात है और बात को घुमा क्यों रहे ho…Jo भी वजह है सीधे बता दो.

अतुल:- वजह ये है की.

निशा:- अब्ब बताओगे भी?

निशा भी अब्ब थोड़ी इर्रिटेट हो रही थी.

अतुल:- क्या तुम सुन पाओगी?

अतुल को निशा की हालत पर मजा आ रहा था.

निशा:- वो तो पता नहीं लेकिन तुम इसी तरह बकवास करते रहे तो इतना मारूंगी की तुम बोल नहीं पाओगे.

अतुल ने डरने की एक्टिंग करते हुए कहा.

अतुल:- इतना बड़ा धमकी.

अगर सुन्ना hi चाहती हो तो suno…Tumhaari बोरिंग बातें सुन सुन कर मेरा कान भी थक गया है.

अतुल की बात सुन कर निशा उसको घूरने लगती hai…Fir कुछ देर इसी तरह दोनों में हंसी मजाक चलता है.

अतुल:- निशा एक बात पूछना चाहता hu…Sach bataana…Waise पूछने का कोई मतलब भी नहीं है फिर भी पूछ रहा हु.

निशा ने कुछ कहा nahi…Aankho से hi सहमति दिया उसने.

अतुल:- क्या तुम किसी से प्यार करती हो?

अतुल की इस सवाल पर निशा अचानक से चौंक gayi…Wo कुछ नहीं बोली बस अतुल को hi देखती रही.

अतुल:- तुम मुझसे हमेशा प्यार के बारे में पूछती रहती हो na…Issi लिए लगा की कही तुम किसी से प्यार तो नहीं करती और इसी लिए प्यार में तुम्हारा इंटरेस्ट ज्यादा है.

निशा को कुछ न बोलता देख अतुल ने फिर से pucha…Iss बार भी निशा चुप hi रही.

अतुल:- अगर बताना नहीं चाहती तो भी कोई बात नहीं.

अतुल के कहने के कुछ देर बाद hi निशा बोली.

निशा:- Ha…Karne लगी हु किसी से प्यार.

बहुत सोचने के बाद निशा ने कहा.

निशा की इस बात से अतुल को थोड़ा ख़ुशी और थोड़ा हैरानी दोनों हो रहा tha…Khushi इस लिए की उसके दोस्त के साथ अच्छा हो रहा था और जैसा लड़का वो चाहती थी वैसा उससे मिल गया और हैरानी इस लिए की निशा की इस जवाब का उम्मीद नहीं था.

अतुल:- Congratulations…Aur वो लकी कौन है?

अतुल ने मुस्कुराते हुए बहुत ख़ुशी के साथ kaha…Lekin उसका इस रिप्लाई निशा को बिलकुल पसंद नहीं आया.

भले hi वो प्यार अतुल से करती थी लेकिन अतुल का कुछ ख़ास फर्क न पांडा उससे बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा tha…Jaanti तो वो भी पहले से थी की अतुल उससे प्यार नहीं करता और अतुल का खुस होने से उससे एक और साबुत मिल गया.

निशा:- ये थोड़ा सीक्रेट hai…Vakt आने पर बता दूंगी.

निशा ने अपने इमोशंस पर कण्ट्रोल करते हुए कहा.

अतुल:- Ok…Jab ठीक लगे बता dena…Ha एक और baat…Jitna जल्दी हो सके प्रोपोज़ कर देना वर्ण कोई और लड़की उससे ले कर न भाग jaaye…Ladke भी दो टाइप के होते hai…Ek मेरे टाइप जिससे प्यार पर भरोषा नहीं होता और दूसरा जिन्हे बहुत जल्दबाज़ी होते hai…Aur अट्रैक्शन को भी प्यार समझ कर जल्दबाज़ी में रिलेशनशिप में चले जाते है.

अतुल ने हँसते हुए कहा.

निशा:- प्रोपोज़ तो कर देती पर वो थोड़ा बुद्धू hai…Abhi प्यार के बारे में ज्यादा नहीं जानता है wo…Lekin कब तक bachega…Pyar करना और प्यार पर विश्वास करना उससे सीखा hi दूंगी.

निशा ने ये बात अतुल की आँखों में देख कर kaha…Uski बातो में एक अलग hi हौसला था.

लेकिन अतुल निशा की इंदिरेक्ट बात को समझ नहीं पाया.

अतुल:- अगर फिर भी तुम्हारा प्यार को इंकार करे तो मुझे बता na…Kaan के निचे दो थप्पड़ lagaaunga…Apne आप लाइन में आ जाएगा.

अतुल ने हँसते हुए kaha…Aur निशा को भी उसकी इस बात पर हंसी aaya…Atul का खुद को hi मारने की बात सोच सोच कर वो हांसे जा रही थी.

निशा:- खबरदार जो आगे फिर ऐसा कुछ बोलै to…Usko मारने का हक़ सिर्फ मेरे पास है और किसी के पास नहीं.

निशा की बात पर अतुल थोड़ा मुस्कुराया.

अतुल:- मुझे प्यार में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं hai…Lekin तुम्हे कभी एडवाइस नहीं दूंगा की तुम भी प्यार मत karo…Agar लड़का अच्छा है और जिंदगी भर साथ निभाने वाला है तो जरूर karo…Sacha प्यार अगर किसी को मिल जाए तो उसका जिंदगी स्वर्ग से काम नहीं है.

बस इतना याद रखना की कभी चालबाज़ लड़के से प्यार मत कर baithna…Dhokha hi milega…Aise लड़के बहुत देखा है मैंने bhi…Sabhi लड़के अच्छे भी नहीं होते है.

निशा:- बात तो तुम्हारा सच hai…Aur मई आँख बंद कर उस पर विश्वास कर सकती hu…Wo कोई चालबाज़ नहीं है.

अतुल:- होप ये सिर्फ कॉन्फिडेंस hai…Over कॉन्फिडेंस nahi…Mai यही दुआ करूँगा की जिस किसी को भी तुमने पसंद किया है वो तुम्हे मिल जाए और तुम दोनों का प्यार हमेशा के लिए सही सलामत रहे.

मई भी और खुस हो jaaunga…Meri जिंदगी में और है भी क्या पढ़ाई, घर के लिए जिम्मेदारी और दोस्ती के alawa…Dosto को खुस देख मई भी खुस हो जाऊँगा.

अतुल की बातो से hi लग रहा था की जो दुआ उसने माँगा है वो सच्चे दिल से माँगा hai…Aur यही बात दिखा रहा था की कितनी जल्द अतुल और निशा का दोस्ती इतना गहरा हो गया है.

निशा:- मई भी यही दुआ करती हु की तुम्हारा माँगा हुआ दुआ सच हो जाए.

निशा ने मुस्कुरा कर कहा और अतुल को देखने lagi…Usko अतुल पर बहुत ज्यादा प्यार आ रहा tha…Atul की बातें और जितना भी अतुल को वो जान रही थी उससे वो और भी इम्प्रेस हो रही थी.

अब्ब निशा को भी लग रहा था की अतुल से प्यार करके उसने कोई गलती नहीं किया hai…Abb बस उसको एक hi काम करना बाकी tha…Atul को प्यार पर विश्वास दिलाना और ये एहसास दिलाना की वो अतुल से कितना प्यार करती है.

लेकिन इस बार अतुल ने निशा की बात पर बिलकुल भी ध्यान नहीं diya…Wo एक अनजाना सा खतरा को महसूस कर रहा था और हर बढ़ते वक्त के साथ उसके चेहरे के भाव बदलता जा रहा tha…Nisha भी कुछ समझ नहीं पा रही थी अतुल की हालत देख कर.

तभी…
 
अपडेट 37

तभी…

तभी अतुल ने निशा को जोर से धक्का दे दिया और खुद भी दूसरी तरफ जा कर gira…Aur गिरते hi उसने सामने dekha…Jo दर उसके दिल और दिमाग में छाया हुआ था वो hi सच निकला.

निशा भी 2 मीटर दूर जा giri…Aur गिरते hi लेफ्ट हैंड बुरी तरह से छील gaya…Achanak हुई इस हमले को वो समझ नहीं पायी और चेहरे में दर्द और गुस्से से अतुल को देखने लगी.

अतुल को देखते हुए 2 सेकंड भी नहीं हुआ था की एक भयानक गरजने की आवाज ने उसका ध्यान खिंच लिया.

सामने 10 मीटर की दुरी पर एक टाइगर tha…Usko देखते hi अचानक निशा के चेहरे में दर के भाव आ gaya…Saamne एक बड़ा और भूखा लग रहा टाइगर को देख उसका दिमाग ने काम करना बंद कर diya…Fir वो अतुल की तरफ देखने लगी.

अतुल का हाल भी कुछ ऐसा hi tha…Wo भी बहुत दर गया tha…Kabhi टाइगर को देख रहा था तो कभी निशा ko…Usse भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था की ये सब क्या हो गया और उससे क्या करना चाहिए.

हुआ ये था की अतुल निशा से जब बातें कर रहा था तो पीछे से हल्का हल्का आवाजें भी नोटिस कर लिया था उस सुनसान me…Usse कुछ अजीब लग रहा था और धीरे धीरे आवाज भी पहचान में आने laga…Jab टाइगर की आवाज तेज होने लगा और फुट मूवमेंट भी और तेज होने की आवाज आया तो देर न करते हुए उसने निशा को धक्का दे दिया और खुद भी दूसरी तरफ जा कर गिर gaya…Aur दोनों के बिच में से टाइगर निकल कर आगे चला गया.

अब्ब हालात ऐसा था की टाइगर थोड़ा गरजते हुए दोनों को देख रहा था और किसी भी वक्त हमला कर सकता tha…Atul और निशा दोनों बहुत डरे हुए थे और कभी टाइगर को देख रहे थे तो कभी एक दूसरे को.

दोनों को सामने टाइगर के रूप में यमराज दिख रहा tha…Nisha और देख पाने की हालत में नहीं thi…Abb उसने अपने आँखें बंद कर लिया और अपने मौत पर यकीं कर लिया.

अतुल का हालत भी कुछ काम नहीं tha…Usne भी मान लिया की अब्ब उससे कोई नहीं बचा sakta…Marna पक्का hai…Lekin फिर भी उसने थोड़ा हिम्मत करके कहा.

अतुल:- Nisha…Chalo bhaago…Iss तरह से तो वैसे भी मर जाएंगे लेकिन नाकामयाब hi सही एक कोशिश करते hai…Dar कर मरने से तो अच्छा है एक कोशिश किया जाए.

अतुल की आवाज में दर साफ़ दिख रहा था लेकिन हिम्मत भी काम नहीं था.

निशा ने भी अपनी आँखें खोली और उठ कर कड़ी हो gayi…Utthte hi उससे अपने हाथ में दर्द होने लगा.

वो अपने एक हाथ को दूसरे हाथ से पकड़ कर भागने लगी…2 कदम hi भाग पायी थी की वो फिर से गिर gayi…Haath में असहनीय दर्द, दिन भर की थकन, भूख और दर की वजह से उसमे अब्ब ज्यादा ताकत भी नहीं था.

अतुल भी दूसरी तरफ कुछ कदम भाग चुक्का था लेकिन निशा की चींख सुन कर उससे फिर वापस मुड़ना pada…Usne देखा निशा वही गिर गयी है और टाइगर धीरे धीरे उसी की तरफ बढ़ रहा tha…Nisha ने भी अतुल को दर और हारी हुई निगाह से देख कर अपनी आँख बंद कर लिया.

शायद एक आखरी बार अतुल को देखना चाहती thi...Aakhri पल में उसकी आँखों में अतुल के लिए बहुत प्यार tha...Lekin वो ज्यादा देर नहीं रह paaya...Jald hi उसने अपने मौत को सच्चाई मान कर अपनी आँखें बंद कर लिया.

अतुल को कुछ समझ में नहीं आ रहा tha…Wo अपनी जान बचा कर भाग सकता था टाइगर को निशा के पास जाते हुए छोड़ kar…Lekin ऐसी दर में भी उसके दिमाग में एक आईडिया aaya…Iss आईडिया में गारंटी तो नहीं था की सब कुछ ठीक होगा लेकिन उसने कोशिश करने की सोचा.

निचे तेजी से dekha…Kismat अच्छा tha…Waha कुछ stones(patthar) the…Atul ने एक स्टोन उठा कर बिना देर करते हुए टाइगर की तरफ निशाना lagaya…Stone भी जाके टाइगर के पेट में लगा जो निशा के बहुत करीब पहुँच गया था.

इस हमले से टाइगर अतुल की तरफ खूंखार नजरो से देखने laga…Aur निशा को छोड़ कर अतुल की तरफ बढ़ने laga…Atul बहुत दर गया था लेकिन ये वक्त दर से नहीं हिम्मत से काम लेने का tha…Usne तेजी से एक और स्टोन उठा कर फिर टाइगर पर मारा.

ये निशाना और भी अच्छा लगा किस्मत se…Stone सीधे टाइगर की आँख में laga…Aur टाइगर वही जमीन में लेत कर जोर जोर से गरजने laga…Atul भी समझ गया इससे अच्छा मौका कभी नहीं milega…Fir उसने स्टोन्स की बरसात टाइगर की सर (हेड) पर करने laga…Itna तो यकीं हो गया उससे की टाइगर कुछ देर के लिए हमला करने की हालत में नहीं है.

अतुल भी टाइगर के पास से hi निकल कर निशा के पास जा कर निशा को अपने बाहो में उठा कर वह से भागने लगा.

अतुल की इस हरकत से निशा ने फिर आँख खोली और उसने खुद को अतुल की बाहो में paaya…Aage देखा तो टाइगर अभी भी जमीन में लेत कर दर्द से छत पता रहा था.

निशा को बहुत हैरानी हुआ और वो अतुल को देखने lagi…Lekin अतुल की नजर घोड़े की तरह सामने था और उसी तरफ देख रहा था जिस तरफ से वो आया tha…Daud भी वो घोडा की तरह लगा रहा tha…Apna फुल स्पीड और दिमाग पर काबू करते हुए रास्ते की तरफ ध्यान लगा कर दौड़ रहा tha…Wo जानता था की एक पल का भूल से दो जान जा सकता है.

बहुत मुश्किलों के बाद भी वो हार नहीं मान रहा tha…Ek तो दिन भर की थकान, भूख, मरने की दर और ऊपर से निशा को भी उठा कर भाग रहा tha…Lekin जिंदगी की लड़ाई की वक्त इंसान कुछ भी करने के लिए तैयार हो सकता है.

निशा की नजर सिर्फ अतुल पर hi tha…Usne तो कुछ देर पहले खुद को मारा हुआ मान लिया था लेकिन अभी जो हालात था उससे देख कर विश्वास नहीं कर पा रही thi…Atul की हिम्मत देख कर उससे खुद पर गर्व हो रहा था की उसने बिलकुल सही लड़के से प्यार किया hai…Pyar न होने के बावजूद अतुल ने निशा का मरते दम तक साथ दिया था.

निशा की आँखों में कभी अतुल के लिए प्यार दिख रहा था तो अगले पल मौत की dar…Wo मन hi मन यही दुआ कर रही थी की काश वो दोनों जिन्दा जंगल से बाहर निकल पाए.

इस बात से दोनों में से कोई भी अनजान नहीं था की अभी भी खतरा काम नहीं हुआ है.

अतुल कुछ hi देर में उस जगह पर पहुंचा जहा राहुल सर से परमिशन ले कर जंगल के और अंदर गया था.

वह पहुँच कर अतुल ने निशा को अपने बाहो से उतार दिया और निचे बैठ कर जोर जोर से सांस लेने लगा.

निशा:- क्या हुआ?

अतुल को इस हालत में देख कर निशा ने घबरा कर पूछा.

अतुल:- कुछ nahi…Thodi देर रेस्ट chaahiye…Warna यही मर jaaunga…Abb और दौड़ नहीं पा रहा हु.

अतुल इतना कह कर चुप हो गया और निशा बस उससे hi देखती रही.

कुछ देर दोनों ऐसे hi बैठे rahe…Har एक सेकंड दोनों के दिल और दिमाग में दर छाया हुआ था की अगले पल न जाने क्या hoga…Fir भी दोनों कुछ नहीं कर सकते थे.

निशा अकेली भाग भी नहीं सकती थी अतुल को छोड़ kar…Warna ये इंसानियत और प्यार के नाम पर धब्बा hota…Jis अतुल ने अपना जान खतरे में दाल कर उससे बचाया अब्ब उसी अतुल को अकेला मरने भी तो नहीं छोड़ सकती थी.

और वो अतुल को उठा कर भाग भी नहीं सकती थी.

अब्ब एक hi रास्ता था उसके पास अतुल की ताकत की waapsi…Aur वो बस यही दुआ कर रही थी की इस बीच वो यही दुआ कर रही थी की अतुल के ठीक होने तक कुछ गलत न हो जाए.

निशा:- क्या हम बच गए?

अतुल की सांसें पहले से काम और थोड़ा नार्मल होने के बाद निशा ने पूछा.

अतुल:- पता nahi…Shaayad हां या फिर nahi…Wo टाइगर वापस भी आ सकता है या फिर 2, 3 टाइगर शिकार की खोज में हमारी तरफ आ गए तो कोई चांस नहीं.

अतुल ने डरते हुए कहा और उसकी बात सुन कर निशा और भी ज्यादा दर गयी.

अतुल:- किस्मत अच्छा tha…Agar एक भी निशाना गलत होता तो हमारा बचना नामुनकिन tha…Aur टाइगर भी ज्यादा तेज नहीं बढ़ रहा tha…Kisi पर भी छलांग लगा देता तो भी हम बच नहीं paate…Thanks God…Nisaanna ठिकाने पर laga…Warna मई कोई सुपरहेरो नहीं हु जो टाइगर से लड़ paau…Agar 2 या 3 टाइगर से सामना हो गया तो पक्का हम उनके शिकार हो जाएंगे.

अतुल अभी भी हांफ रहा था.

अतुल की बातो से निशा को दर तो बहुत लग रहा था लेकिन वो ये भी जानती थी की अतुल की कोई भी बात गलत नहीं hai…Bas अब्ब वो दुआ hi मांग सकती थी की अतुल का दर सच न हो जाए.

अचानक निशा के दिमाग में एक बात aaya…Wo सोचने लगी की पता नहीं अगले पल उसके किस्मत में क्या लिखा hai…Wo जिन्दा भी रहेगी या nahi…Usne सोचा वो अतुल को अपने दिल की बात bataayegi…Marne से पहले ये सुकून तो मिलेगा.

निशा:- Atul…Tumse कुछ कहना चाहती हु.

अतुल:- Nahi…Please कुछ मत kehna…Sunne और समझने की हालत में नहीं hu…Ek बार जिन्दा निकल जाए यहाँ से फिर कहना जो भी बात है.

अतुल ने साफ़ इंकार कर दिया.

अतुल की इस बात से निशा को खुद पर hi गुस्सा आने laga…Kaha अतुल बचने की हर एक कोशिश कर रहा था और कहा वो मरने की बात सोच रही thi…Usne भी अपना विल पावर को मजबूत बनाया और सोचा की उससे जीना hi होगा और अतुल की इस कोशिश को बेकार नहीं जाने देगी.

कुछ देर बाद अतुल उठ गया और उसने कहा.

अतुल:- बाकी सब कहा चले गए?

फिर निशा भी इधर उधर देखने lagi…Ye वही जगह था जहा सभी कुछ देर पहले एक साथ थे.

निशा को भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था.

निशा:- पता नहीं कहा चले गए.

अतुल:- इस अजय को नहीं chhodunga…Kahi जाने से पहले मैसेज भी नहीं kiya…Baad में देख लूंगा इससे.

दर के बावजूद अतुल के चेहरे में गुस्सा दिखने लगा.

निशा:- कही टाइगर ने उन्हें…

निशा इससे ज्यादा नहीं बोल paayi…Anjali और बाकी के दोस्तों के बारे में सोच कर उसकी आँखों से आंसू आने लगा.

अतुल भी उसी जगह में खड़ा रह gaya…Ek बार फिर दर उसके चेहरे में दिखने laga…Iss दर ने फिर बुरी तरह से उसके दिल और दिमाग पर कब्ज़ा जमा लिया.

फिर अचानक hi पागल की तरह सबके नाम चींख चींख कर इधर उधर ढूंढ़ने laga…Fir दिमाग में न जाने क्या आया उसने मोबाइल पॉकेट से निकाल कर फ़ोन करने का socha…Agar वो सब जिन्दा थे तो कोई जरूर फ़ोन उठाएगा.

मोबाइल ों करते hi उससे मैसेज dikha…Message राहुल सर का tha…Message पढ़ने के बाद अतुल ने थोड़ा सुकून की सांस liya…Lekin कुछ नहीं bola…Message निशा को भी dikhaaya…Fir उससे भी सुकून मिला.

मैसेज में लिखा था.

अतुल, तुम जहा कही भी हो जल्दी वापस आ जाओ और होटल में जा कर rehna…Hame किसी इमरजेंसी कैसे की वजह से यहाँ से निकलना पद रहा है और फ़ोन करने का वक्त भी नहीं hai…So ज्यादा देर मत karo…Waapas होटल चले जाओ.

इतना तो यकीं हो गया दोनों को की सभी सुरक्षित hai…Kuch देर तहत की सांस लेने के बाद फिर दोनों के चेहरे में दर छाने लगा.

इस बार दर खुद के सर पर मौजूद मुशीबत की वजह से था.

अतुल:- अब्ब हमें भी चलना chaahiye…Jyada देर यहाँ रहना खतरे से खाली नहीं है.

इतना कह कर अतुल फिर निशा को उठाने लगा लेकिन इस बार निशा ने मन कर दिया.

अतुल ने जब उसको सवालिया नजरो से देखा तब निशा ने कहा.

निशा:- इस बार मई खुद chalungi…Pehle hi तुम इतना थक गए हो और मेरे लिए इतना कुछ kiya…Abb मई इतना तो कर hi सकती हु na…Abb आगे मई खुद hi chalungi…Apne लाइफ के लिए मुझे खुद hi लड़ना chaahiye…Mushkil होगा लेकिन कोशिश करुँगी.

निशा की इस बात से अतुल के होंठो पर थोड़ा मुस्कान आ गया लेकिन अगले hi पल वो फिर सीरियस हो गया और कहा.

अतुल:- इसी तरह हिम्मत से काम lena…Darne से कुछ नहीं hoga…Himmat और दिमाग से काम lo…Agar मरना है तो जरूर marenge…Darte रहे तो बचना और भी मुश्किल हो jaayega…Himmat से काम लिया तो आखिरी वक्त तक लड़ सकते hai…Aur पिछली बार हम बच पाए थे तो हिम्मत और दिमाग की वजह से.

बस इतना याद रखो हम टाइगर hi नहीं किसी भी प्राणी (लिविंग बैंग्स) को हरा सकते hai…Lad कर नहीं दिमाग se…Hamaare पास टाइगर जितना शक्ति नहीं है लड़ने ka…Lekin दिमाग उससे बहुत ज्यादा है.

और दिमाग की वजह से hi इंसान सबसे ज्यादा बुद्धिमान प्राणी और शक्तिशाली hai…Sahi वक्त में सही दिमाग का इस्तेमाल करो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है.

चलो एक बार फिर अपने जिंदगी के लिए लड़ते hai…Dar कर nahi…Himmat, हौसला और दिमाग से.

अतुल की बातो में अलग hi हौसला tha…Ye बात उसने सिर्फ निशा को नहीं खुद से भी कहा tha…Aur खुद भी तैयार हो गया आखिरी इम्तिहान के liye…Pichli इम्तिहान से उसका हिम्मत और भी बढ़ गया था.

निशा ने भी अतुल को देखा और चेहरे को हां में hilaaya…Aur उसने भी अपने अंदर के सारे दर को हटा कर खुद को अंदर से मजबूत बना लिया आगे की मुकाबला के liye…Himmat और हौसला के साथ उसने भी अतुल को देखा.

फिर दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ लिया और आगे की मंजिल की तरफ दौड़ लगाना सुरु कर दिया.
 
अपडेट 38

दोनों अपने फुल स्पीड में दौड़ने lage...Iss बीच दोनों ने ना hi एक दूसरे को देखा और ना hi एक दूसरे से कोई बात kiya…Sirf अपने मंजिल की बारे में hi सोचते rahe…Dono की सिर्फ आँख और कान hi काम कर रहा tha…Aankh रास्ता देखने का काम कर रहा था तो कान अपने hi कदम और तेज धड़कन सुनने की काम कर रहा था.

किसी भी जगह बिना रुके दोनों दौड़ते rahe…Yahan तक पहुँचने में उन्हें 1 घंटा लगा था लेकिन वापसी में सिर्फ 15 मिनट्स.

इस बार किस्मत ने भी साथ दिया दोनों का और उन्हें इस बार किसी खतरा का सामना भी नहीं हुआ.

जब वो जंगल से निकल कर सेहर में पहुंचे तब दोनों ने राहत का सांस liya…Hontho में विजयी मुस्कान के साथ दोनों ने एक दूसरे को देखा और फिर एक लम्बा सांस लिया.

फिर दोनों ऑटो से वापस अपने होटल पहुँचने के लिए ऑटो में बैठ gaye…Auto में भी दोनों शांत थे और अपने hi थकान से लड़ रहे the…Abb दोनों को अपना दर्द का एहसास हो रहा था.

1 घंटे से लेकर अभी तक सारा बदन का थकान, दर्द, भूख और दर्द ये सभी अब्ब अपना असर दिखा रहा tha…Badhte वक्त के साथ दर्द असहनीय होता जा रहा था और ऊपर से भूख का asar…Dono को ऐसा लग रहा था की कही ये उनका आखिरी समय तो नहीं आ गया.

निशा बार बार अतुल को देख रही thi…Atul की आँखें कभी बंद हो रहा था तो कभी अपने आप खुल जाता tha…Aisa लग रहा था वो खुद से hi लड़ रहा है होश में रहने के liye…Nisha का भी हाल कुछ ऐसा hi था लेकिन वो अभी तक किसी तरह खुद को संभाल पाने में कामयाब थी.

निशा:- (इन हेर मंद) कितना दर्द हो रहा है पुरे बॉडी me…Saha भी नहीं जा raha…Ye आँख और पेट भी धोखा दे रहा hai…Pata नहीं कब तक ऐसे hi लड़ती रहूंगी खुद se…Ye होटल में भी कब आएगा समझ में नहीं आता.

(अतुल को देख कर) अतुल का हालत भी ठीक नहीं hai…Kitna कुछ किया उसने आज हम दोनों के liye…Mujhse ज्यादा तो वो लड़ा है और आधा रास्ता तक मुझे उठा कर भी भागा tha…Yaha मुझे hi बाकी के काम करना चाहिए.

किसी तरह खुद को संभाल कर रखना होगा और होश में hi रहने की कोशिश करना hoga…Ek बार होटल पहुँच गए तो सब कुछ ठीक हो जाएगा.

फिर निशा उठ कर बैठ जाती hai…Itne बुरे हालात में भी खुद को संभाल रही थी और ऑटो वाला को रास्ता बता रही थी.

कुछ देर बाद होटल भी आ gaya…Nisha ने पेमेंट किया और फिर अतुल और निशा दोनों होटल के अंदर की तरफ चल पड़े.

अतुल दो तीन कदम hi चल पाया था की अचानक उससे चक्कर सा आया और वो वही पर गिर गया.

ये देखते hi निशा घबरा कर अतुल के पास आ गयी.

अतुल अतुल चिल्ला कर उठाने की कोशिश करने lagi…Lekin कोई फायदा nahi…Abb अतुल होश में नहीं tha…Dar के मरे निशा ने अतुल का पल्स चेक kiya…Pulse कुछ ज्यादा hi तेज चल रहा था.

इससे निशा और भी ज्यादा दर gayi…Usse दर था की कही अतुल को कुछ हो तो नहीं gaya…Wo अपने मन में दुआ कर रही थी की काश जॉब hi उसका दर है वो सब गलत साबित हो जाए.

अतुल का मुरझाये और बेहोश चेहरा देख निशा की आँखों से आंसू की कुछ बून्द रहे थे.

फिर वो अतुल के कंधे को पकड़ कर तेजी से हिला कर और उसका नाम पुकार कर उससे उठाने की नाकाम कोशिश करने लगी.

इस बार उसकी आवाज, आँखें और चेहरा सब कुछ बता रहा था की उससे अतुल के लिए कितना फ़िक्र हो रहा hai…Abb उससे पता चल रहा था की इतने काम दिन में भी अतुल ने उसके दिल की कितने गहराई में अपना जगह बना लिया hai…Behosh अतुल था लेकिन जान निशा की निकल रही thi…Atul को एक पल भी वो इस हालत में नहीं देख पा रही thi…Ek hi पल में उससे अतुल के साथ बिठाये सुरुवात से आखिर तक का पल याद आ रहा tha…Kahi अतुल को कुछ हो न जाए इसी दर में उसका दिल बैठा जा रहा था.

अब्ब उससे एहसास हो रहा था वो अतुल से कितना प्यार करने लगी है और अतुल उसके लिए क्या एहमियत रखता hai…Na जाने कुछ hi पल में कितने भगवान् को याद कर चुकी थी वो अपने अतुल के liye…Inn सब के बावजूद वो आंसू से भरे हुए आँखों से अतुल को देख कर और दर्द भरे और रोटी हुई आवाज और कांप रही हाथो से अतुल को उठाने की नाकाम कोशिश करती जा रही थी.

प्यार क्या होता है और अपने प्यार को ऐसे हालत में देख कर कितना दर्द होता है ये बात अब्ब निशा को समझ में आ रहा tha…Lekin बेचारी इतना मजबूर हो गयी थी की वो कुछ कर भी नहीं पा रही thi…Sirf वो रू रही थी और अतुल को उठाने की नाकामयाब koshish…Haalaath ऐसा हो गया था की इससे ज्यादा उससे क्या करना है कुछ समझ में नहीं आ रहा था.

इन् सब से बेखबर अतुल अभी भी पूरी तरह से जमीन में बेहोश लेता हुआ था.
 
अपडेट 39

आफ्टर 4 हॉर्स

4 घंटा लग गया अतुल को होश में आने me…Dheere धीरे जब उसने अपने आँख खोला तो उसने एक रूम के बीएड में खुद को paaya…Apne आस पास dekha…Sabhi दोस्त, राहुल सर और कुछ और टीचर्स भी वह the…Sabhi के चेहरे में ख़ुशी के भाव थे अतुल को वापस होश में देख kar…Sab से ज्यादा निशा के चेहरे पे.

जब उसने उठने की कोशिश किया तो अचानक hi उसके मुंह से एक चीख निकल गया.

अतुल:- आउच.

डॉ. राहुल:- अरे sambhalke…Bed में hi लेते रहो और रेस्ट करो.

फिर अतुल ने देखा उसके लेफ्ट हैंड में कैनुला लगा हुआ था और एक सेलाइन की बोतल चड्ढा हुआ tha…Ye देख कर अतुल ने 10 सेकण्ड्स केलिए आँख बंद किया और फिर khola…Usse सारे हालात के बारे में पता चल गया.

आँख खोलते hi उसके चेहरे में एक मुस्कान के भाव आ gaya…Apne जीत की ख़ुशी का muskaan…Usse ये बात याद आते ज्यादा देर नहीं लगा की कैसे उसने अपने मौत तक को हरा दिया था.

वो फिर से सभी को एक एक कर के देखने laga…Sabhi के चेहरे से यही लग रहा था की वो सब बहुत खुश है और उसी के होश में आने का इंतजार कर रहे थे.

फिर उसने निशा की तरफ देखा.

निशा भी अतुल को hi देख रही thi…Wo भी बहुत खुस thi…Uski आँखों में एक अलग hi चमक था और होंठो में प्यार भरी मुस्कान.

अतुल भी निशा को देख कर स्माइल कर देता hai…Isse निशा की मुस्कान और भी फ़ैल जाता है.

कुछ देर अतुल की हाल चाल पूछने के बाद बाकी के टीचर्स भी चले जाते hai…Aur रूम में बाकी रह जाते है राहुल सर और अतुल के दोस्त.

अतुल:- सर आप कुछ परेशान लग रहे है?

डॉ. राहुल:- है सोच रहा हु मैंने बहुत बड़ी गलती कर दिया तुम दोनों को अकेले छोड़ कर.

अतुल:- सर लेकिन हम सब ने सोचा भी तो नहीं था ऐसा कुछ हो jaayega…Forest अफसर ने भी कहा था की वह कोई जंगली जानवर नहीं रहते जिससे हमें खतरा हो सकता था.

डॉ. राहुल:- यही तो सबसे बड़ा गलती tha…Hamne इस नजर से सोचा hi nahi…Lekin ऐसे अनजान जगह के बारे में पहले hi डिसिशन नहीं ले सकते थे.

और मैंने भी गलती कर दिया तुम दोनों को अकेले भेज kar…Ya तो मुझे जाने hi नहीं देना चाहिए था या फिर खुद भी चलना चाहिए था.

इसी िग्नोरैंट की वजह से मैंने अपने रिस्पांसिबिलिटी को अच्छे से नहीं निभा पाया.

अतुल:- सर ये सब हमारी वजह से hi हुआ hai…Maine hi जिद्द किया था और आप को माना pada…Aage से कभी ऐसा रिक्वेस्ट नहीं करूँगा.

अतुल को भी ये सब अपना hi गलती लग रहा tha…Usse समझ में आ रहा था की उसका एक जिद्द ने सिर्फ उसको और निशा को hi खतरे में नहीं राहुल सर को भी मुशीबत में दाल दिया tha…Agar दोनों को कुछ हो जाता तो राहुल सर को hi ये साड़ी रिस्पांसिबिलिटी लेना पड़ता और दोनों के घरवालों की क्या हालत होता इस बारे में वो सोच भी नहीं सकता था.

अब्ब अतुल को समझ में आ रहा था की मस्ती और टूर एन्जॉय करने की चक्कर में उसने कितना बड़ा गलती किया था.

फिर कुछ देर ऐसे hi बात करने के बाद राहुल सर रूम से बाहर जाने लगे और गेट में जा कर रुक गए फिर उन्होंने कहा.

डॉ. राहुल:- BTW ी ऍम impressed…Sach में बहुत हिम्मत दिखाया तूने.

इतना कह कर राहुल सर चले गए और रूम में अतुल के साथ साथ उसके सभी दोस्तों के चेहरे में मुस्कान आ गया.

सर के जाने के बाद.

अजय:- क्या बात है yaar…Tera हेरोइस्म लेवल तो बढ़ता hi जा रहा है.

अजय ने हमेशा की तरह अतुल से पहले वाले अंदाज में hi कहा.

अतुल:- इससे हेरोइस्म नहीं स्तूपिडिटी कहते है.

अजय:- टाइगर से लड़ना स्तूपिडिटी है?

अजय की इस बात से अतुल को एक और बात याद आ gaya…Jaldbaazi में उसने कहा.

अतुल:- यार तू जल्दी से यहाँ से जा और सर को बता की फारेस्ट अफसर से कांटेक्ट करने के लिए जंगल में टाइगर की मौजूदगी के बारे में.

अजय:- बता दूंगा yaar…Lekin अभी कुछ देर बातें तो कर लू तुझसे.

अजय की इस बात से अतुल को बहुत गुस्सा आ गया.

अतुल:- तू जाता है या नहीं.

अचानक अतुल के पुरे चेहरे में गुस्सा के भाव दिखने लगा.

अजय:- इतनी भी क्या जल्दी है यार…

अजय और भी बहुत कुछ बोलने वाला था लेकिन अतुल ने उसको बिच में hi रोक कर कहा.

अतुल:- जितना कहा है उतना kar…Dimaag नाम के चीज तुझ में नहीं है kya…Community फारेस्ट में टाइगर होना तुझे छोटी सी बात लगता है.

जंगल से सेहर ज्यादा दूर नहीं hai…Aur ये भी पता नहीं कितने टाइगर है जंगल me…Hame सिर्फ 1 मिला इसका मतलब ये नहीं की वह सिर्फ 1 hi hoga…Agar टाइगर को ऐसे hi खुले छोड़ दिया तो न जाने कितने लोग उसके शिकार बन जाएंगे.

ऐसे में तू डॉक्टर banega…Ye बात कभी मत भूलना "प्रिवेंशन इस बेटर थान क्योर." अगर टाइम में hi न बचा पाए तो अफ़सोस के अलावा कुछ नहीं बचेगा.

अतुल की इस बात से अजय को उसकी बात का गहराई पता चला.

अजय:- सॉरी yaar…Mujhe लगा तेरा बात का मतलब और hi tha…Mujhe लगा था की फारेस्ट अफसर टाइगर को पकड़ कर किसी ज़ू में भिजवा देता और ये काम कभी भी हो सकता tha…Lekin ये नहीं पता था की बहुत साड़ी जिंदगी की सवाल है.

अतुल:- तो अभी भी बातो में hi टाइम क्यों वास्ते कर रहा hai…Jaldi से जा.

अतुल ने इतना hi कहा था की इस बार अजय दौड़ कर रूम से बाहर निकल गया.

फिर अतुल कुछ देर बाकी के दोस्तों के साथ बात करता है.

अतुल:- अभी मेरा मूड ठीक नहीं hai…Please थोड़ी देर रेस्ट करना चाहता हु अकेले में.

काजल:- Ok Atul…Take केयर.

इतना कह कर वो और अंजलि निकलने लगती hai…Fir निशा को वही बैठी देख कहती है.

काजल:- तुम भी चलो.

काजल का इस तरह बोलना निशा को बिलकुल भी अच्छा नहीं laga…Wo अकेले में अतुल से बातें करना चाहती थी और ऐसे में काजल की ये बात निशा को बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा.

निशा फिर अतुल को देखती है.

अतुल:- अभी बात करने का मूड बिलकुल भी नहीं hai…Aur थकान और दिमाग भी बहुत घूम गया hai…Please कुछ देर रेस्ट करना चाहता hu…Aur तुम्हे भी तो अभी रेस्ट की जरुरत है.

अतुल ने धीरे से लेकिन अच्छे से समझा कर kaha…Aur अतुल की इस बात पर निशा भी मान गयी.

आफ्टर 3 हॉर्स.

3 घंटे के बाद जब निशा ने अतुल को ऑनलाइन dekha…Fir वो वीडियो कॉल स्टार्ट कर देती है?

निशा:- अब्ब कैसे हो?

अतुल:- पहले से behtar…Saline भी निकल गया है और ऐसे hi रूम में घूम रहा हु.

अतुल ने अपने दोनों हाथ दिखा कर कहा.

निशा:- और मूड?

अतुल:- वो भी अपनी जगह सही है. :डी :डी

निशा:- तो फिर आ jaao…Chhat में कुछ देर बातें करनी है.

अतुल:- इस वक्त?

निशा:- है तो क्या प्रॉब्लम है?

अतुल:- लेकिन इतनी रात को?

निशा:- बहुत से दर लगता है?

अतुल:- नहीं चुड़ैल से लगता है. :डी

निशा:- व्हाट?

अतुल:- कुछ नहीं :afraid:…Nahi किसी से भी दर नहीं लगता.

निशा:- टाइगर से भी नहीं?

निशा ने हँसते हुए pucha…Atul का फिर डरा हुआ चेहरा (एक्टिंग) देख उसकी हंसी और भी ज्यादा बढ़ गया.

निशा:- अब्ब ये ओवरएक्टिंग बंद karo…Aur छत में आ जाओ.

अतुल:- इसके लिए पहले तुम्हे अपॉइंटमेंट लेना होगा.

निशा:- मतलब?

अतुल:- मतलब ये मैडम की मुझसे अभी बहुत लोग बात करना चाहते है मुझसे मिलना चाहते hai…Abhi बहुत से लाइन में लगे हुए है और अपने टर्न का इंतजार कर रहे hai…Agar तुम भी बातें करना चाहती हो तो लाइन में लग जाओ जल्दी se…Warna फिर और देर हो जाएगा. :डी

अतुल ने हँसते हुए kaha…Achanak hi वो मजाक के मूड में आ गया.

निशा:- Accha…Ye लाइन किस लिए लग रहे है सब?

अतुल:- बताया तो tha…Star बन गया हु mai…Hero, सेलिब्रिटी कुछ ऐसा टैग मिलने लगा है अब्ब.

अतुल ने हँसते हुए kaha…Aur उसकी कहने के अंदाज़ देख निशा को भी हंसने लगी.

निशा:- कुछ bhi…Abb ज्यादा बात मत karo…Jaldi से छत में आ जाओ.

इतना कह कर निशा ने वीडियो चाट ऑफ कर दिया.

अतुल:- ऐसे धमकी से तो आना hi पड़ेगा.

फिर अतुल मुस्कुराते हुए छत की तरफ चला गया.

इन रूफ

अतुल को छत में पहुँचने में सिर्फ 1 मिनट laga…Waha पहुँच कर उसने देखा निशा पहले hi वह मौजूद थी.
 
अपडेट 40

जब निशा की नजर अतुल पर पड़ा तब वो अतुल को देख कर हसने लगी.

अतुल भी उसके पास पहुँच गया.

अतुल:- क्यों है रही हो? जोकर लग रहा हु क्या?

अतुल ने अपने ऊपर से निचे तक का गेटउप चेक कर के कहा.

निशा:- एक बार चेहरा भी देख लो?

निशा अभी भी हंस रही थी.

अतुल:- क्यों क्या हो गया? कोई पिम्पले तो नहीं आ गया या फिर कुछ और?

इतना कह कर अतुल ने अपने पुरे चेहरा में हाथ लगा कर dekha…Fir मिरर के लिए मोबाइल निकला.

अतुल:- ऐसा कुछ नहीं hai…Fir तुम है क्यों रही हो?

अब्ब अतुल को भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था.

निशा:- पूरा बॉडी चेक कर liya…Lekin अभी भी पता नहीं चला.

इस बार निशा ने बहुत प्यार से kaha…Ye बात अतुल को बहुत hi अजीब laga…Usne कभी निशा को इस तरह से बात करते नहीं देखा था उसके साथ.

अतुल ने सर को ना में हिला दिया.

फिर निशा अपने हाथो से अतुल का सनग्लास उतार देती है.

निशा:- ये है वो वजह.

अतुल इस बार भी कुछ नहीं kehta…Bas मुस्कुराता रह जाता है.

निशा:- रात को कौन सनग्लास पेहेन कर घूमता है? तुम भी अजीब हो.

अतुल:- बात ये है की…

निशा:- पूरी बात क्यों नहीं कहते ho…Agli बार से ऐसा किया न तो बहुत maarungi…Abb बात पूरी करो.

निशा ने भी अपना झूठा गुस्सा दिखाते हुए कहा.

अतुल:- बात ये है की…

फिर अतुल चुप हो gaya…Iss बार निशा उससे सिर्फ घूरती है.

अतुल:- बात ये है की कभी कभी स्टाइल का शौख छड़ जाता है.

अतुल की इस बात से निशा मुस्कुराने लगती है.

अतुल:- अब्ब ये मुस्कान की वजह?

निशा:- मेरा हर एक प्रेडिक्शन गलत हो जाता है तुम्हारे बारे में सोच kar…Socha था तुम्हे स्टडी, म्यूजिक और स्पोर्ट्स के अलावा कोई और इंटरेस्ट नहीं hai…Lekin तुम्हे अब्ब ये नया शौख भी चढ़ गया hai…Style का शौख.

अतुल:- कभी कभी जी लेता हु जिंदगी खुल कर.

अतुल ने मुस्कुराते हुए hi कहा था लेकिन कुछ hi पल में उसका मुस्कान गायब हो गया.

अतुल निशा का लेफ्ट हैंड उठाता है.

निशा:- आउच.

अतुल:- ओह सॉरी.

फिर अतुल धीरे से उसका हाथ उठाता है और पूछता है.

अतुल:- ये सब क्या है?

अतुल की आवाज में थोड़ा घबराहट था.

निशा:- जंगल में गिर गयी थी तब छोट लग गया.

अतुल:- तो अभी तक ड्रेसिंग क्यों नहीं करवाया?

अतुल की आवाज में घबराहट के साथ गुस्सा भी आ गया था इस baar…Nisha को ऐसे केयरलेस देख कर.

निशा:- थोड़ा सा जख्म hai…Bhar जाएगा जल्द hi.

अतुल:- ये छोटा सा जख्म hai…Acche से देखो…5 कम डीएमटीर का वोँड (घाव) hai…Agar ऐसे hi छोड़ देती तो कल तक इन्फेक्शन हो jaata…MBBS पढ़ रही हो और खुद की हेल्थ पर इतना केयरलेस कैसे हो सकती हो?

अतुल ने इस बार गुस्सा में kaha…Lekin निशा को उसका इस गुस्सा में भी अपने लिए केयर दिख रहा था.

फिर अतुल वह से वापस जाने लगा.

निशा:- कहा जा रहे हो?

अतुल:- यही rehna…Kahi मत जाना?

10 मिनट बाद अतुल वापस आ gaya…Iss बार उसके हाथ में डेटोल, कॉटन और कुछ एंटी सेप्टिक था.

उसने देर किये बिना hi अपने काम में लग gaya…Dettol को कॉटन में लगा कर घाव को साफ़ करने लगा.

निशा:- आउच.

अतुल:- बस 2 minute…Fir सब ठीक हो जाएगा.

इस बार अतुल ने भी प्यार से kaha…Aur फिर अपने काम में लग गया.

कुछ hi देर में घाव को साफ़ करके, एंटी सेप्टिक लगा कर कॉटन का बैंडेज बाँध दिया.

फिर वो उठ कर निशा को देखने laga…Nisha भी उससे प्यार से देख रही thi...Atul का ऐसा केयर देख उससे भी बहुत अच्छा लग रहा था.

जब दोनों की आँखें एक दूसरे से टकराया.

निशा:- थैंक्स.

निशा ने मुस्कुरा कर कहा.

अतुल ने भी मुस्कुरा कर जवाब दिया.

अतुल:- वेलकम.

अतुल:- ज्यादा दर्द तो नहीं हो रहा है?

निशा:- नहीं.

अतुल:- एक रिक्वेस्ट करता हु तुमसे… ऐसे केयरलेस कभी मत karna…Wo भी अपने हेल्थ को ले kar…Pata hi होगा तुम्हे bhi…Bahut सी बिमारी और रोग ऐसे hi केयरलेस रहने की वजह से होता hai…Aur फिर केयरलेस होने की वजह से hi कॉम्प्लीकेशन्स भी बढ़ जाता है.

डॉक्टर बन रही हो yaar…Itna तो ख्याल रखो अपना.

अतुल की बातो में निशा के लिए बहुत फ़िक्र tha…Aur लास्ट लाइन को उसने जिस तरह से मुस्कुरा कर कहा उससे निशा भी मुस्कुराने लगी.

निशा:- फिर से थैंक यू.

अतुल:- फिर से welcome…Lekin अगली बार से ऐसी गलती किया न तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.

निशा:- ाचा बाबा sorry…Iss बार गलती से मिस्टेक हो gaya…Aage से नहीं करूँगा.

फिर दोनों के बिच कुछ पल के लिए खामोशी छ gaya…Lekin इस खामोशी में भी दोनों अपने आप से बातें करते रहे.

अतुल:- (इन हिज मंद) ये निशा भी na…Paagal hai…Dusro के बारे में अच्छा सोचती hai…Bure वक्त में भी अपनी बातो से माहौल को खुसी से भर देती hai…Lekin अपना hi ख्याल नहीं rakhti…Bhagwan इसको कुछ अकाल दे देना.

निशा:- ( इन हेर मंद) बहुत प्यारे हो tum…Wo सब कुछ है तुम में जो होना chaahiye…Sirf एक चीज को छोड़ kar…Pyar पर विश्वास hi नहीं karte…Lekin बहुत जल्द प्यार करना भी सिका dungi…Jyada दिन बच नहीं paaoge…Aaj से hi तुम्हे पटाने का मिशन स्टार्ट. :डी

बढ़ते वक्त के साथ दोनों और भी पास आ रहे the…Nisha का प्यार अतुल के लिए बढ़ता hi जा रहा था और दूसरी तरफ अतुल भी निशा को और ज्यादा जान रहा tha…Uska बार बार निशा के साथ हंसी मजाक भी यही दिखा रहा था की उसका और निशा का फ्रेंडशिप कितना क्लोज हो गया है.

अतुल:- तुम ने मुझसे कुछ बातें करने के लिए बुलाया था न यहाँ?

अतुल को अचानक hi ये बात याद आ गया.

निशा:- है.

अतुल:- क्या बात है? कही प्रोपोज़ तो नहीं करने वाली हो?

अतुल ने तो ये बात मजाक में कहा tha…Lekin निशा को इस बात से बहुत बड़ा झटका लग gaya…Hairaani में उसका आँख और भी फ़ैल गया.

अतुल:- सॉरी sorry…Aise घूरो mat…Dar लगने लगा है तुमसे abb...Maine तो मजाक में hi ये बात कहा tha…Jaanta हु तुम किसी और से प्यार करती हो.

निशा ने तो कुछ नहीं कह लेकिन अपने मन में सिर्फ एक बात कहा.

निशा:- (इन हेर मंद) बुद्धू.
 
अपडेट 41

निशा:- आज के बारे में बात करने बुलाया था.

अतुल:- आज के din…Kuch समझ में नहीं आ रहा क्या kahu…Kabhi उस जंगल के बारे में सोच कर दर लगता है, कभी हमारे जीत पर ख़ुशी और कभी अपने बेवकूफी पर गुस्सा.

निशा:- हमारा बेवकूफी?

अतुल:- है बेवकूफी hi तो tha…Kisi अनजान जगह वो भी जंगल में कैसे इतना बेफिक्र रह सकते the…Aankh और कान दोनों का इस्तेमाल करना चाहिए tha…Lekin हमने प्रे डीडे कर लिया की वह कोई खतरा है hi नहीं.

निशा:- है ये बात तो hai…Information भी था की जंगल में ऐसी कोई खतरा नहीं है जंगली जानवरो se…Lekin फिर भी हमें सावधान रहना चाहिए था.

लेकिन तुम हमारी तारीफ़ में क्यों कुछ नहीं बोलते.

अतुल:- Taarif…Sach में आज तारीफ़ लायक hi था हमारा hausla…Aakhiri वक्त तक भी हार नहीं maana…Aur आज हमें ये भी पता चला की हम मुशीबत में भी दिमाग से काम ले सकते है.

निशा:- और टाइगर से क्या सिखने को मिला?

अतुल:- कुछ नहीं सिख paaya…Uss टाइम इतना डरा हुआ था की कुछ सिखने के बारे में सोचा hi nahi…Ha अगर टाइगर खूंखार नहीं होता तो जरूर उससे शिकार करना सीखता.

निशा:- तुम नहीं sudhroge…Kitna भी सीरियस बात क्यों न चल रही हो तुम्हे मजाक के लिए कोई न कोई पॉइंट मिल hi जाता hai…BTW ी लिखे योर सेंस ऑफ़ ह्यूमर.

अतुल:- तारीफ़ के लिए shukriya…Tum hi बता दो टाइगर से क्या सिखने को मिला.

निशा:- यही की हम कितने भी शक्तिशाली क्यों न हो दुसरो से हमें दुसरो को ुँडेरेस्तिमाते नहीं करना चाहिए.

पहले तो टाइगर ने हमें कोई हिंट नहीं दिया की वो हम पर हमला करने वाला hai…Bilkul shaant…Wo चाहता तो हमें भागने का मौका दे कर भी मार सकता था लेकिन वो सिर्फ उसने काम से hi मतलब रखा.

हमें भी अपने किसी भी काम में ज्यादा देर नहीं करना chaahiye…Kisi को अपने ताक़त का एहसास दिलाने में टाइम वास्ते करने से अच्छा है की जो काम करना है उससे कर लेना चाहिए.

और फिर टाइगर घमंड और वरकॉन्फिडेन्स में अपना शिकार गवा baitha…Agar थोड़ा भी तेजी दिखाया होता तो आसानी से शिकार कर सकता था.

और हमें इस बात से ये सिखने को मिलता है की हद्द से ज्यादा वरकॉन्फिडेन्स, ईगो और घमंड से जिंदगी में कभी भी हार का सामना करना पद सकता है.

निशा की बात सुनने के बाद अतुल ने धीरे से ताली बजाय और मुस्कुरा कर कहा.

अतुल:- Superb…Bilkul सही kaha…Maine तो इस बारे में सोचा भी नहीं tha...Accha ऑब्जरवेशन था.

निशा:- इस तारीफ़ पर एक और नॉलेज देता हु tumhe…Kabhi कभी दुश्मन और मुशीबत से भी कुछ सीखना चाहिए.

अतुल:- ये भी सही hai…Mai भी अपना कुछ ज्ञान बात सकता हु इस केस से रिलेटेड?

निशा:- जरूर.

अतुल:- यही की सिर्फ जंगल और अनजान जगह में hi नहीं हर जगह सावधान रहना chaahiye…Warna मौत कही भी पीछा नहीं chhodta…Jaise रोड क्रॉस करते वक्त, गाडी चलाते वक्त और भी बहुत कंडीशन है जो अभी याद नहीं आ रहा.

निशा:- कुछ hi देर की बात चीत में बहुत नॉलेज एक्सचेंज हो gaya…Tumhe नहीं लगता हम दोनों को एक साथ बुक लिखना chaahiye…Dekhna सुपरहिट होगी.

अब्ब दोनों फिर से बातें करते हुए खुल गए the…Fir से दोनों को बात करने में मजा आने लगा था.

अतुल:- अभी nahi…Fursat hi नहीं मिलेगा पढ़ाई se…Baad में सोचेंगे.

अतुल ने ऐसे hi कहा.

निशा:- बाद में कब?

अतुल:- मद कम्पलीट करने के बाद.

निशा:- इतनी der…Bhul जाएंगे.

अतुल:- चलो अब्ब नहीं bhulunga…Tum भूल जाओगी लेकिन मई नहीं भूलूंगा.

निशा:- तुम भी भूल jaaoge…Dekhna हालात इतना बदल जाएगा की ऐसी छोटी छोटी बातें याद नहीं रहेगा.

अतुल:- जानता हु हालात बहुत बदल jaayega…Hamaari शादी हो जायेगी लेकिन इसी बुक के लिए तुम्हे जरूर याद रखूँगा.

निशा:- हमारी शादी?

अतुल:- है लेकिन अलग alag…Mai कही और रहूँगा और तुम kahi…Tum भी बातो का गलत तरीके से समझती हो.

अतुल की इस बात निशा को बहुत बुरा laga…Lekin वो कुछ कर भी नहीं सकती thi…Aur वो कुछ देर के लिए चुप हो गयी.

दूसरी तरफ अतुल मुस्कुरा रहा था.

निशा:- ये मुस्कान की पीछे की वजह?

निशा ने खुद को संभाल कर कहा.

अतुल:- तुम्हारे बारे में hi सोच रहा था.

निशा को अतुल की बात से झटके पर झटका लग रहा था.

निशा:- मेरे बारे में!!!

अतुल:- Ha…Yahi की कितनी जल्दी तुम मेरे बेस्ट फ्रेंड्स में से एक बन गए ho…Sach में तुम से बातें करने में बहुत अच्छा लगता hai…Kabhi सोचा नहीं था कोई लड़की भी मेरा इतनी अच्छी दोस्त बन सकती है.

निशा:- लड़की अच्छी दोस्त नहीं बनती मतलब?

अतुल:- आज से पहले कोई लड़की से ऐसा दोस्ती कभी नहीं tha…Wo मुझे इग्नोर करती और मई उन्हें.

अतुल ने हँसते हुए कहा.

निशा:- अगर हमारा फाइट चलता रहता तो हमारा दोस्ती इतना गहरी नहीं होता?

अतुल:- Nahi…Maine तो तुम्हे इग्नोर करने का सोच लिया tha…Mai नहीं चाहता की किसी को मेरी वजह से कोई प्रॉब्लम हो अगर मई किसी को पसंद नहीं हु तो.

निशा:- बहुत अलग हो बाकी के लड़को से.

अतुल:- यही तो खासियत है मेरा.

अतुल ने हँसते हुए कहा और निशा भी उसका साथ देने लगी.

अतुल:- मई बहुत खुस hu…Best फ्रेंड के रूप में तुम, अजय और काजल.

काजल का नाम सुन्ना निशा को ज्यादा अच्छा तो नहीं लगा पर इसमें वो कुछ कर भी नहीं सकती thi…Ye अतुल का चॉइस था और उसके चॉइस में वो कोई इंटरफेरे भी नहीं कर सकती थी और करना भी नहीं चाहती थी.

निशा:- और अंजलि.

अतुल:- वो भी बहुत अच्छी दोस्त hai…Lekin उतना क्लोज नहीं हु जितना तुम लोगो के saath…Ek प्रॉब्लम है मेरे साथ और ये मेरा hi कमजोरी hai…Ladki के साथ ज्यादा घुला मिला नहीं हु तो खुद ज्यादा आगे नहीं ले जा सकता हु फ्रिएंड्शीपस्क को.

निशा:- मान lo…Agar किसी लड़की को तुमसे प्यार हो गया तो उससे hi प्रोपोज़ करना होगा तुम्हे?

अतुल:- फिर से प्यार की baat…Pyar के केस में ये एक्सेप्शन hai…Jitna भी गहरा दोस्ती क्यों न हो जाए मई उससे प्यार का नाम कभी नहीं dunga…Sirf और सिर्फ दोस्ती तक hi सिमित रहने दूंगा.

शादी करूँगा तो भी अरेंज्ड मैरिज.

अतुल की इस बात से निशा और भी ज्यादा हर्ट हो gayi…Wo सोच रही थी की उसने अतुल की दिल में कोई जगह तो बना hi लिया होगा अब tak…Lekin अतुल का प्यार से अभी तक दूर दूर का जान पहचान नहीं tha…Sirf उसका और अतुल का दोस्ती hi गहरा हो पाया tha…Abb उससे समझ में नहीं आ रहा था की उससे आगे क्या करना chaahiye…Abb तो उससे शक हो रहा था की वो अतुल को कभी अपने प्यार का एहसास करा पाएगी भी या नहीं. :(
 
अपडेट 42

नेक्स्ट डे

सभी तैयार हो कर फिर चल पड़े अगली सफर के liye…Aaj टेम्पल विजिट का प्लान था.

अतुल:- सर आप किसी गहरी सोच में लग रहे है?

डॉ. राहुल:- अभी भी तुम दोनों को ऑब्सेर्वे कर रहा hu…Mujhe नहीं लगता तुम दोनों पूरी तरह से फिट ho…Abhi भी कुछ रेस्ट की जरुरत है.

अतुल:- नहीं sir…Mai तो पूरी तरह से फिट hu…Kal दोपहर से रात भर रेस्ट hi तो किया hai…Ha लेकिन निशा के बारे में मई सूरे नहीं हु.

अतुल की बात सुनने के बाद राहुल सर निशा की तरफ देखते hai…Nisha भी एक दम से बोलती है.

निशा:- मई भी ठीक hu…Aur मुझे भी रेस्ट की जरुरत नहीं.

इतना कह कर निशा अतुल को घूरने लगती है.

डॉ. राहुल:- (तो अतुल) मुझे तो अभी भी तुझ पर hi शक हो रहा hai…Jis तरह से तू चल रहा है.

अतुल:- सर छोड़िये न इस टॉपिक ko…Aage टूर के बारे में सोचते है.

डॉ. राहुल:- मतलब…

अतुल:- मतलब आप कुछ हद तक सही hai…Lekin इतना भी थकान नहीं है की बीएड रेस्ट लेना pade…Sir कुछ hi दिन का hi तो टूर hai…Agar रेस्ट ले लिया तो ऐसा मौका फिर नहीं milega…Waise भी कोई सीरियस केस तो नहीं है…1-2 दिन में फुल रिकवरी भी हो जाएगा.

राहुल सर थोड़ी देर सोचने के बाद.

डॉ. राहुल:- अच्छा ठीक hai…Aaj ज्यादा चलने फिरने वाली जगह पर नहीं जाएंगे.

अतुल:- थैंक्स सर.

फिर सभी कुछ देर में टेम्पल में पहुँच जाते है.

डॉ. राहुल:- Jaao…Acche से पूरी मंदिर घूम आओ और अंदर भगवान् का दर्शन भी कर lo…Aur कोई इच्छा और दुआ हो तो वो भी मांग लेना.

अजय:- सर आप?

डॉ. राहुल:- जूनियर्स फर्स्ट.

राहुल सर की इस बात पर सभी हसने लगे.

अंजलि:- अच्छा हुआ सर आपने लेडीज फर्स्ट नहीं कहा.

अंजलि की इस बात पर सभी अतुल और अजय पर हसने लगते है.

अतुल:- तू मनहूस hi rahega…Jab भी अपना मुंह खोलता है मेरा भी बेइज्जती करवा देता है.

अजय:- भाई तू तो मुझे सपोर्ट kar…Sab मेरे खिलाफ हो गए और तू है की मेरा hi मजा ले रहा है.

अतुल:- जिस दिन तेरे सर से ये मनहूसियत का छाया चला जाएगा उस दिन तेरा सपोर्ट karunga…Abb चल अंदर दर्शन करते hai…Aur अपने लिए दुआ भी मांग लेना भगवान् से की ये मनहूसियत तेरे सर से हैट जाए.

अजय:- तू hi मेरा सबसे बड़ा दुश्मन है.

अजय वह से चला गया और अतुल उस पर हँसता रहा.

निशा:- तुम्हे ऐसा नहीं बोलना चाहिए tha…Shaayad इस बार अजय सच में हर्ट हो गया है.

अतुल:- 2 साल से जानता हु इस बेवकूफ ko…Overacting में इससे कोई नहीं हरा sakta…Dekhna 10 मिनट से ज्यादा नाराज नहीं रह paayega…Mera दोस्त है ऐसे कैसे नाराज हो जाएगा.

अतुल की बात सुन कर अजय भी पीछे मुदा और अतुल को देख कर थोड़ा हंसा और फिर आगे चला गया.

अतुल:- देखा…10 सेकंड भी नाराजगी का ओवरएक्टिंग नहीं कर पाया.

काजल:- बहुत गहरी दोस्ती है तुम दोनों का.

अतुल:- वो तो है और हमेशा रहेगा.

अतुल ने मुस्कुरा कर कहा फिर सब अंदर चले गए दर्शन करने.

वापस आने के बाद.

अंजलि:- तुम सब ने क्या क्या विश माँगा?

निशा:- (इन हेर मंद) ज्यादा कुछ nahi…Sirf इतना की मेरे और मेरे अपनों की जिंदगी में ऐसे hi खुशियां rahe…Aur अतुल को भी थोड़ा अकाल आ जाए.

लेकिन उसने किसी को बताया नहीं.

अंजलि:- Nisha…Bata न?

निशा:- Nahi…Secret है ये.

अंजलि:- सीक्रेट तो बाकी सब के लिए hai…Waise मई जानती हु की तूने क्या माँगा है?

निशा:- तू तो कुछ ज्यादा hi जानती है और सोचती है.

अंजलि:- और काजल तुमने?

काजल:- मेरा भी सीक्रेट है.

अतुल:- पता नहीं ऐसा क्या सीक्रेट विश है जो दोस्तों को भी शेयर नहीं करती तुम लोग.

काजल:- उतना भी सीक्रेट नहीं hai…Sahi वक्त आने पर बताउंगी.

काजल की इस बात ने निशा को फिर सोचने पर मजबूर कर diya…Aakhir उसने क्या माँगा और अतुल को क्यों बताना चाहती है? और कौन सा सही वक्त?

निशा:- अंजलि तू भी बता दे अपना विश जब तू सब से पूछ hi रही है?

अंजलि:- मैंने कुछ नहीं maanga…Kyu की मुझे पता है जो मई मांगने वाली हु वो बिना मांगे hi मिलने वाला है.

अजय:- ऐसा क्या मांगने वाली थी तुम और क्या मिलने वाला है?

अजय थोड़ा उत्शुक हो कर बोलै.

अंजलि:- ये भी सीक्रेट है.

अजय:- एक और सीक्रेट.

अजय ने इस तरह से कहा जैसे वो सीक्रेट शब्द सुन कर पाक गया है.

अजय:- (तो अतुल) यार दीवार कहा hai…Sar फोड़ना है मुझे. :बंघेड:

अतुल:- दीवार kyu…Saamne देख एक कोकोनट hai…Ussi से अपना सर फोड़ le…Jyada दूर जाना भी नहीं पड़ेगा.

अजय:- तुझसे तो कुछ पूछना hi बेकार है.

अजय की इस हालत पर सभी हसने लगे.

अंजलि:- अच्छा अजय तो तुम hi बता दो तुमने क्या विश माँगा?

अजय:- ये बात मई अपनी जुबान से नहीं बता sakta…Ye मुझे करके दिखाना hoga…Ha थोड़ा हिम्मत चाहिए लेकिन करना hi padega…Jindagi और मौत की सवाल है.

अजय की ये बात काजल और राहुल सर की अलावा सभी समझ गए और अजय पर और जोर से हसने लगे.

काजल:- ये क्या बोल रहे ho…Kuch भी समझ में नहीं आ रहा है.

अतुल:- समझ तो तब आएगा जब ये ढंग की बात karega…Dimaagi संतुलन (बैलेंस) हिल गया है iska…Jald hi साइकाइट्री वार्ड में एडमिट करना पड़ेगा इससे.

अतुल की बात पर इस बार अजय ने थोड़ा गुस्से के साथ dekha…Iss बार अतुल समझ गया की उससे ऐसा बोलना नहीं चाहिए tha…Wo चुप हो गया.

अंजलि:- और अतुल तुमने?

इस बार अजय को मौका मिल gaya…Atul कुछ बोलता उससे पहले वो शुरू हो गया.

अजय:- सिर्फ एक hi बात मांग सकता है ye…Topper बनना है isko…Jarur ये hi माँगा होगा isne…Padhaai के अलावा कोई विश मांगता भी नहीं है ye…Kitaabi कीड़ा है ये.

अजय की बात सुन कर सभी अतुल को देखने लगे.

अतुल:- (विथ लिटिल स्माइल) बहुत गलत समझ लिया tune…Koi इंटरेस्ट नहीं है मुझे टोपर बनने में और किसी दूसरे से लड़ने me…Mai सिर्फ खुद से hi लडूंगा और कोशिश करूँगा सिर्फ खुद से जीतने की.

अगर मैंने खुद से जीत लिया मतलब मैंने अभी तक का सारा कंटेंट और chapter अच्छे से पढ़ liya…Abb प्रिपरेशन पूरी तरह से कर लूंगा और सभी क्वेश्चन का आंसर दे दूंगा तो मुझे कोई अफ़सोस नहीं rahega…Aur कोई और मुझे हरा देता है तो भी कोई दुःख नहीं rahega…Kyu की वो उसका लेवल अलग है इंटेलिजेंस और हार्ड वर्क ka…Agar मई अपने लेवल तक भी पहुँच पाया तो मुझे बहुत ख़ुशी होगा.

और यार आज कल बच्चा भी तो नहीं रहे जो दुसरो से लड़ते hi rahe…Aur अपनी जीत में hi खुशियां ढूंढ़ते rahe…Abb मेरा सबसे बड़ा ख़ुशी है सेल्फ सटिस्फैक्शन.

एक बात aur…Ham यहाँ अपने लिए पढ़ने आये है ना की किसी से कम्पटीशन karne…Competition एंट्रेंस एग्जाम तक hi tha…Abb यहाँ से सिर्फ अपने लिए पढ़ाई.

अतुल की बातो से सभी उससे देख कर मुस्कुराने lage…Rahul सर भी.

अजय:- बात तो तेरा सही hai…Lekin बस एक रिक्वेस्ट hai…Uss रवि से मत haarna…Pehle hi उस पर बहुत गुस्सा आ रहा hai…Aage और बर्दास्त नहीं कर पाऊंगा.

अजय की बातो में रवि के लिए बहुत नफरत था.

अतुल:- छोड़ यार उसकी baatein…Agar जीत भी लिया उसने तो दो चार दिन खुस hoga…Aur हम मतलब नहीं देंगे तो दो चार दिन में hi शांत हो जाएगा.

अजय ने कुछ नहीं kaha…Lekin गुस्सा अभी भी उसके चेहरे में दिख रहा था रवि के लिए.

काजल:- तुमने तो अपना विश बताया hi नहीं.

अतुल:- ज्यादा कुछ नहीं maanga…Sirf इतना की नेगेटिविटी और डिस्ट्रक्शन से दूर rahu…Aur अपने पढ़ाई और फ्रेंड्स के साथ टाइम स्पेंड में hi कंसन्ट्रेट करू.

अतुल ने मुस्कुरा कर कहा.

अतुल:- और सर आपने?

डॉ. राहुल:- कुछ nahi…Abhi ऐसी किसी चीज की जरुरत भी नहीं hai…Sab ठीक ठाक है लाइफ me…Bas दर्शन कर के आ गया.

अजय:- सर आप तो कह रहे थे आप सिंगल hai…Iss बारे में कुछ नहीं माँगा?

डॉ. राहुल:- इस में भगवन को क्यों तकलीफ du…Maa को बोल दिया तो लड़कियों की लाइन लग जाएगा.

राहुल सर की बात पर सभी हसने लगे.

निशा:- माँ और पापा भी तो भगवन का hi रूप है.

डॉ. राहुल:- बिलकुल सही.

फिर सभी कुछ देर बातें करने lage…Karib आधा घंटा बाद.

अजय:- सर अब्ब कहा जाएंगे?

डॉ. राहुल:- अभी इतनी कालड़ी?

अजय:- सर मंदिर घूम चुके है और अंदर दर्शन भी कर लिया.

डॉ. रहल:- पुजारी जी से बात किया.

अजय:- उसकी क्या जरुरत?

डॉ. राहुल:- क्यों जरुरत नहीं है? उनसे ज्यादा इस मंदिर के बारे में कौन जानता hai?…Bhulo मत तुम सब टाइम पास के लिए टूर में नहीं आये हो.

टेक्निकल स्टडी के अलावा बिहेवियर में भी कुछ चेंज आये और कुछ एक्स्ट्रा बातें सिख सको इस लिए टूर रखा है ऐसी जगहों पर.

वर्ण बार या पब में hi अर्रंगे हो जाता जहा सिर्फ टाइम पास hi करते.

निशा:- है sir…Sahi kaha…Agar यहाँ आये है तो कुछ सिख कर जाने में बहुत फायदा hai…Pata नहीं फिर ऐसी मौका कब मिले.

डॉ. राहुल:- एक बात aur…Baad में तुम सब मुझे एक रिपोर्ट लिख कर doge…Har विजिट ka…Forest, टेम्पल, रिवर साइड, ज़ू और भी जगह जहा हम सब jaayenge…Report में तुम्हारा यहाँ का एक्सपीरियंस, ऑब्जरवेशन, लर्निंग, इंटरव्यू का फाइंडिंग के बारे में लिखोगे.

राहुल सर इतना कह कर सभी को देखने lage…Fir उन्होंने कहा.

डॉ. राहुल:- शायद तुम सब को पसंद नहीं aaya…Koi बात nahi…Compulsory भी नहीं है.

मैंने तो सिर्फ इस लिए कहा था क्यों की तुम सब को घूमने के साथ कुछ जाने को और सिखने को भी मिल jaata…Interview के वक्त लोगो से बातें करना सिख जाते, उनका एक्सपीरियंस जान सकते the…Iss जगह के बारे में जान सकते थे यहाँ का लोगो का रहने के तरीका, कल्चर, लैंग्वेज और बहुत kuch...Aur जब भी रिपोर्ट देखते तुम्हे इन् पल का याद आता.

और जो कुछ भी सीखते उसको रिपोर्ट में likhte…Aur तुम्हारा रिपोर्ट से पता चलता तुम्हारे नॉलेज और इनफार्मेशन को तुम सब किस तरह शब्द का रूप दे सकते ho…Short एंड स्वीट राइटिंग स्किल दिखा सकते थे.

ये सब व्यबहारिक ज्ञान hai…College की पढ़ाई से कोई रिलेशन नहीं है iska…Lekin लाइफ लॉन्ग बहुत इम्पोर्टेन्ट hai…Kisi से बातें करना, ऑब्जरवेशन एंड रिसर्च करना ये सब जिंदगी भर तुम सभी के साथ रहेगा.

मेडिकल कॉलेज में आ चुके हो तुम सब तो 5 साल बाद डॉक्टर बन कर निकल hi jaaoge…Yaha सिर्फ टेक्निकल स्टडी hi पढ़ाई hoga…Vyabaharik ज्ञान तुम सब को खुद hi सीखना hoga…Isse कोई नहीं सीखा सकता है तुम सब ko…Khud से सीखना पड़ेगा तुम सब ko…Observation, रिसर्च और सिर्फ इंटरेस्ट से hi पॉसिबल है.

ये बात एक डॉक्टर होने की नाते कह रहा hu…Sirf नॉलेज और तकनीक hi नहीं परफेक्ट डॉक्टर बनने के लिए बहुत कुछ जरुरी hai...Jaise की पेशेंट का अच्चे से काउन्सलिंग करना, उनका दर्द को समझना, उनकी बातें सुन्ना और अच्छे से अपनी बातें उन्हें samjhana...Ye व्यबहारिक ज्ञान है की हम कैसे अपने पेशेंट का ख्याल रखते hai...Bhale hi तुम्हे सब कुछ आता हो रोग और दवाई के बारे me...Mentally, सोशललय और स्पिरितुआलय भी ट्रीट करना पड़ता है पेशेंट को.

अगर पेशेंट से अच्छे से बात न कर सके तो बहुत से रोग के बारे में पता hi नहीं चलेगा और जब तुम सब उन्हें उनके रोग और दवाई के बारे में समझा नहीं सकोगे तो वो गलत दोसे लेगा और कुछ भी कम्प्लीकेशन हुआ तो तुम्हारा दोष hoga...Wo पेशेंट ये बातें फैलाएगा की तुम्हे कुछ नहीं aata...Na hi कुछ नॉलेज और ना hi बात करने की तमीज.

आजसे में कोई भी नॉलेज तुम्हारे काम नहीं aayega...Knowledge होना चाहिए डॉक्टर में और साथ में व्याभाहरिक ज्ञान भी.

अगर फिर भी तुम सब को ये बोझ लगता है तो कोई जरुरत नहीं hai…Tour एन्जॉय करने आये हो जैसा सही लगे वैसे करो.

इतना कह कर राहुल सर चुप हो गए.

अतुल:- सॉरी sir…Pehle इस नज़रिये से सोचा नहीं tha…Aisa लगा रिपोर्ट लिखना बोरिंग और हेडाचे hai…Lekin आपकी बातो से पता चला बहुत कुछ सिखने को भी milega…Aur ये सब हमारे फायदा के लिए hi है.

अगर टूर को एन्जॉय करने के साथ साथ कुछ सिखने को भी मिलेगा तो वो बहुत फायदा की बात है.

एंड हमारा जिंदगी भी तो एक किताब hi hai…Har पल कुछ नया बातें सिखने को मिलता hai…Iss से हम दूर भाग तो नहीं sakte…Fir आज क्यों?

फिर अतुल ने अपने सभी दोस्तों की तरफ dekha…Abb सब उससे सहमत थे.

और सभी चले गए आगे पुजारी जी का इंटरव्यू lene…Aur पीछे राहुल सर थोड़ी मुस्कान के साथ सभी को देखते रहे.
 
अपडेट 43

मंदिर घूमने के बाद अतुल का ग्रुप का नेक्स्ट डेस्टिनेशन था रिवरसाइड.

नदी (रिवर) थोड़ा बड़ा tha…Aur पहाड़ी इलाका होने की वजह से फ़ास्ट फ्लोइंग भी था.

कुछ देर बाद सभी वह पहुँच भी गए.

निशा:- Wow…Ye नदी तो काफी बड़ा hai…Tej भी hai…Aur खतरनाक भी लग रहा है.

अंजलि:- Ha…Agar कोई यहाँ गिर गया और उससे तैरना नहीं आता तो जिन्दा बचना नामुनकिन है.

कुछ देर सभी आपस में नदी के बारे में hi बातें करते रहे.

अतुल:- सर क्यों न इस रिवर में राफ्टिंग करते hai…Bahut मजा आएगा.

अतुल की इस बात पर सभी की नजर उस पर आ gaya…Ajay और राहुल सर के अलावा सभी को थोड़ा दर लगने लगा.

अजय:- Rafting…Wow yaar…Maja आएगा…

डॉ. राहुल:- तुम दोनों ने पहले कभी राफ्टिंग किया है.

अतुल:- नहीं sir…Lekin यही से सुरुवात करेंगे.

डॉ. राहुल:- No chance…Ek तो तुम दोनों को कोई एक्सपीरियंस नहीं hai…Aur ऊपर से ये टूर कॉलेज की रिस्पांसिबिलिटी में hai…Iss में परमिशन नहीं दूंगा.

अतुल:- प्लीज sir…Kuch नहीं hoga…Rafting का बोट चलाने वाला भी प्रोफेशनल hi तो hoga…Wo आराम से बोट चला lega…Koi खतरा भी नहीं और मजा भी बहुत आएगा.

अतुल फिर से राहुल सर को मनाने की कोशिश कर रहा था.

डॉ. राहुल:- कह दिया न एक baar…No मीन्स no…College का रिस्पांसिबिलिटी है मुझ par…Iss बात में कोई रिस्क नहीं ले sakta…Last टाइम भी तुम दोनों को अकेले जंगल नहीं जाने देना चाहिए था.

राहुल सर ने इस बार कुछ तेज आवाज में कहा अपनी baat…Iss बार अतुल भी कुछ नहीं बोल पाया.

सभी चलते rahe…Ladkiyo को थोड़ा सुकून मिला की राहुल सर ने राफ्टिंग के लिए मन कर diya…Lekin राहुल सर ने अतुल को जिस अंदाज़ में मन किया था वो निशा को बिलकुल भी पसंद नहीं आया.

सभी चलते rahe…Iss बार सभी चुप थे.

डॉ. राहुल:- है लेकिन तुम लोगो के लिए बोटिंग का इंतजाम किया hai…Thodi देर चलते raho…Jaha नदी का बहाव काम है वह बोटिंग का इंतजाम मैंने करवा दिया hai…Aur ये कॉलेज की तरफ से hi है.

राहुल सर की इस बात से सभी के चेहरे में ख़ुशी वापस आ गया.

अतुल:- थैंक्स sir…River में ट्रेवल करने का शौक था बहुत पहले se…Wo अब्ब पूरा होने वाला है.

निशा:- सर रिवर में क्रॉकोडिल्स तो नहीं है जिस तरह से जंगल में टाइगर आ गया था.

निशा ने थोड़ा डरते हुए kaha…Wo अभी भी अच्छे से जंगल वाली इंसिडेंट नहीं भुला पायी थी.

डॉ. राहुल:- अभी तक का रिकॉर्ड में कभी नहीं मिला है crocodiles…Aur उम्मीद है इस बार भी नहीं मिलेगा.

अंजलि:- कितना डर्टी है यार तू?

निशा:- अगर जंगल में तूने टाइगर को देखा होता तो ये सवाल मुझ से नहीं पूछती.

काजल:- इतना भी क्या डरना yaar…Crocodile के चांस ऑलमोस्ट 0% hai…Iss दर से एन्जॉय करना छोड़ देंगे kya…Waise भी मौत आना है तो कभी भी आ सकता है किसी भी रूप में.

काजल ने भी अपनी बात कह diya…Kajal की ये बात निशा को बिलकुल भी अच्छा नहीं laga…Usse ऐसा लग रहा था की काजल ने जान बुझ कर उसकी बातों को टारगेट किया hai…Abhi उसके पास कहने के लिए कुछ था hi nahi…Wo चुप hi rahi…Lekin काजल पर उससे बहुत गुस्सा आ रहा था.

डॉ. राहुल:- अतुल राफ्टिंग भी कभी बाद में कर lena…Aise होब्बीएस को अधूरा मत chhodna…Mai भी जानता हु ये रिवर इतना भी फ़ास्ट फ्लोइंग नहीं है की कोई खतरा की बात ho…Lekin मेरे पास अभी रिस्पांसिबिलिटी है कॉलेज ka…Uske खिलाफ नहीं जा सकता.

अतुल:- सर ये बोटिंग का इंतजाम hi बहुत hai…Ye भी अनएक्सपेक्टेड था मेरे liye…Jo भी मिल रहा है वो hi बहुत है.

अतुल ने मुस्कुरा कर कहा.

फिर सभी कुछ बातें करते हुए पहुँच गए बोट tak…Aur सभी अपने अपने जगह पर बैठ gaye…Boat का साइज एनफ था सभी के लिए.

हेलमसमाँ (बोट ड्राइवर) के बाद डॉ. राहुल, अजय और अंजलि बैठे the…Unke कुछ दुरी में अतुल, निशा और काजल.

अजय और अंजलि एक दूसरे से बातें कर रहे the…Ajay भी कोई मौका नहीं छोड़ रहा था अंजलि को इम्प्रेस करने का.

पीछे अतुल निशा और काजल के साथ बातें कर रहा tha…Nisha अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही थी अतुल को खुद में hi उलझाए रखने की कोशिश कर रही thi…Ek तो पहले से hi काजल पर उससे गुस्सा आ रहा था और अभी उसकी अतुल के साथ बातें उसका बप लेवल और बढ़ा रहा था.

अतुल को देख कर भी उससे थोड़ा गुस्सा आने लगा tha…Atul भी कुछ काम नहीं tha…Wo भी कुछ ज्यादा hi मुस्कुरा कर काजल के साथ बातें कर रहा था.

निशा किसी तरह खुद को संभाल रही थी की तभी काजल ने हाथ को निचे ले जा कर नदी की पानी को अतुल के चेहरे पर उछाल दिया.

किसी को कुछ समझ में नहीं आया की अचानक क्या हो gaya…Tabhi काजल अतुल को देख कर हसने लगी.

अतुल:- ये तुमने अच्छा नहीं kiya…Itna कह कर अतुल भी अपना हाथ बोट से निचे ले गया.

काजल:- Nahi…Atul sorry…Galti से मिस्टेक हो gaya…Aage से ऐसा नहीं करुँगी.

अतुल:- ऐसे kaise…Iska हिसाब तो चूका कर hi रहूँगा.

इतना कह कर अतुल ने अपने हाथ में पानी ले कर काजल पर फेंकने hi वाला था की.

काजल:- नहीं Atul…Please sorry…Maine तो ऐसे hi फेंक दिया था paani…Agar इस पानी से कपडे भींग गया तो बहुत मुश्किल हो जाएगा.

निशा भी अतुल को hi देखे जा रही thi…Atul ने काजल की मासूम सी रिक्वेस्ट देख कर वाटर अटैक का सोच छोड़ diya…Ye देख कर निशा को और भी गुस्सा आने लगा अतुल पर.

फिर बातें चलने laga…Iss बार निशा काम बोल रही थी और दोनों की बकवास ज्यादा सुन रही थी.

एक बार निशा ने भी सोचा क्यों न वो भी अतुल पर वाटर अटैक kare…Usne अपने दोनों हाथ से पानी उठाने की कोशिश kiya…Left हैंड में घाव होने की वजह से वो कुछ कर नहीं पा रही थी.

अब्ब गुस्से के साथ साथ वो बेबस भी महसूस कर रही थी.

तभी अचानक काजल ने फिर अतुल पर पानी fenka…Iss बार उसके चेहरे के साथ साथ अतुल का शर्ट भी बहुत भींग गया था.

इस बार निशा का गुस्सा फुट पड़ा.

निशा:- ये क्या किया tumne…Puri तरह से भिनगा diya…Agar बुखार लग गया तो?

निशा ने बहुत गुस्से में काजल को देख कर कहा.

निशा का गुस्सा देख काजल को भी कुछ समझ में नहीं aaya…Usse भी लगा की ये उसका hi गलती hai…Iss बार वो चुप रही.

निशा:- अतुल तुम ठीक तो हो न?

निशा अतुल का भिनगा हुआ शार्ट देख कर फ़िक्र के साथ बोली.

अतुल:- कूल डाउन yaar…Kuch नहीं हुआ hai…Sukh जाएगा थोड़ी देर में.

अतुल ने एक डैम रिलैक्स हो कर kaha…Usse इस बात की कोई परवाह hi नहीं था.

निशा:- ऐसे कैसे सुख jaayega…Dekho कितना भींग गया hai…Mausam भी ठंडा hai…Kahi बुखार न लग जाए?

निशा की अतुल के लिए फ़िक्र hi उसका प्यार को सीखा रहा था.

अतुल:- बुखार नहीं lagega…Aise गेम तो बच्चपन से hi खेलता आ रहा hu…Immunity लेवल भी अच्छा है मेरा.

अतुल ने मुस्कुराते हुए kaha…Wo मामला को ज्यादा सीरियस करना नहीं चाहता था.

निशा:- लेकिन ये मौसम अलग hai…Winter सीजन hai...Mausam के बदलाव से hi इंसान बीमार पड़ते hai…Aur ऐसे में भींगने से तो चान्सेस और भी बढ़ जाता है.

अतुल:- वो तो बाद में hi पता chalega…Agar बुखार आ भी गया तो कोई अफ़सोस nahi…Dosti और मस्ती में इतना तो चलता hi hai…Iss बुखार में भी एक अलग hi मजा hai…Bahut काम और यूनिक टाइप का बुखार hai…Jo दोस्तों के साथ मस्ती करते वक्त लगा है.

अतुल ने तो अपनी बात कह दिया लेकिन इस बात से निशा को बहुत बुरा लग gaya…Iss वक्त भी अतुल का काजल को सपोर्ट करना निशा को बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा.

दूसरी तरफ काजल ने भी राहत की कुछ सांस लिया ये सुन कर की अतुल उससे नाराज नहीं है.

निशा:- सही कह रहे हो.

इतना कह कर निशा भी अपनी जगह बैठ gayi…Usse इस वक्त कितना बुरा लग रहा है ये सिर्फ वो और अंजलि hi जानती थी.

निशा को बहुत बुरा लग रहा tha…Ek तो वो अतुल के लिए इतना फ़िक्र और प्यार करने लगी थी और दूसरी तरफ अतुल को कुछ महसूस hi नहीं हो रहा tha…Balki वो तो काजल का hi ज्यादा सपोर्ट ले रहा tha...Haalaath ऐसा हो गया था उसका की ना तो वो हंस पा रही थी और ना रू पा रही thi...Yaha तक की अपना गुस्सा भी नहीं दिखा पा रही thi...Bas बेबसी से अतुल और काजल को बात करते देख रही थी.

दूसरी तरफ अंजलि भी निशा की दिल की हाल से अनजान नहीं thi…Wo भी महसूस कर सकती थी की अतुल की ऐसी बातें निशा को कितना हर्ट कर सकता है.

उसने भी सोच लिया अकेले में निशा से कुछ बातें करने का.

और दूसरी तरफ काजल भी अपने दिल और दिमाग में खुद से hi एक युद्ध लड़ रही thi…Usse कुछ समझ में नहीं आ रहा था की क्या सही है और क्या galat…Wo भी कुछ फैसला नहीं ले पा रही थी.

इन् सब बात और हालातों से अनजान अतुल अपने hi दुनिया में मस्त tha…Wo टूर एन्जॉय करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहा था.
 
अपडेट 44

बोटिंग का सफर भी ऐसे hi मजे में चलता raha…Sirf निशा को छोड़ kar…Wo तो बस अतुल और काजल की बातें hi सुन रही thi…Kabhi कभी उससे अतुल पर बहुत गुस्सा भी आ रहा था.

अजय भी दूसरी तरफ कोई कमी नहीं रखना चाहता था अंजलि को इम्प्रेस करने me…Jitna भी टाइम स्पेंड और बातें कर सकता था उसमे कोई कमी नहीं रख रहा था.

बेचारा कभी कॉमेडी करके अंजलि को हसाने की कोशिश करता तो कभी अपने बदलाव और अच्छाई की कहानी sunaata…Lekin फिर भी बेचारे को लगता की अंजलि को कुछ ख़ास फर्क नहीं पद रहा है.

फिर भी वो हार नहीं मान रहा tha…"Never गिव उप" ऐटिटूड उसमे हमेशा से tha…Aur अपनी तरफ से कोशिश करते जा रहा था.

अंजलि भी अजय की हालत देख कर मन hi मन मुस्कुरा रही thi…Usse भी अजय को तड़पाने में बहुत मजा आ रहा था.

जब निशा को लगा की अतुल और काजल की बातें इस जनम में ख़तम नहीं होगा तो उसने अपना दिल बहलाने के लिए कुछ और करने का socha…Kuch समझ में नहीं आया तो वो बोट के निचे अपना हाथ ले जा कर पानी के धीमी लेहरो को महसूस करने लगी.

दिल में एक अलग hi दर्द को महसूस कर रही थी wo…Jab भी अतुल को काजल के साथ बात करते हुए देखती उससे अब्ब यही लगता की प्यार तो दूर की बात है वो काजल से दोस्ती में भी हार गयी hai…Kabhi वह सभी को dekhti…Sabhi एन्जॉय कर रहे थे इस टूर ko…Sirf वो hi थी जिससे वक्त के हर एक पल चुभ रहा tha…Anjali को भी अजय के साथ बातें करते देख दिमाग में सिर्फ एक hi ख्याल आया.

निशा:- (इन हेर मंद) अँधेरा में तो खुद का साया भी साथ छोड़ देता hai…Dusro से उम्मीद भी क्या करना.

आज उससे अंजलि की साथ की जरुरत महसूस हो रही thi…Sirf एक वो hi तो थी जो ये जानती थी की निशा अतुल से प्यार करती hai…Iss वक्त निशा को अंजलि का hi सहारा चाहिए था अपनी दिल की बात कहने के लिए और दिल में उठ रही दर्द को हल्का करने के लिए.

और अंजलि को अजय के साथ खुस देख कर निशा ने हिम्मत भी नहीं किया अंजलि को बुलाने के लिए.

इस वक्त वो दोस्तों के भीड़ में खुद को अकेली महसूस कर रही thi…Itne दोस्त मौजूद थे उसकी लेकिन दर्द ऐसा था की किसी भी दोस्तों के साथ शेयर नहीं कर सकती थी और ना hi कोई दोस्त उसकी मदद कर सकता tha...Bheed में तन्हाई महसूस कर रही थी वो.

कभी वो खुद को इस टूर में आने के लिए कोसती तो कभी अतुल से प्यार करने पर गुस्सा आता.

निशा:- (इन हेर मंद) क्यों किया मैंने ये प्यार? कितना खुस थी pehle…Jindagi में कोई कमी नहीं था और ना hi कोई taklif…Lekin जब से प्यार हुआ है दिन की चैन और रात की नींद उड़द गयी hai…Lekin अतुल को कोई फर्क नहीं padta…Sach hi कहता है वो प्यार करना hi नहीं chaahiye…Abb समझ में आ रहा है कितना सही था wo…Dekh लिया नतीजा मैंने प्यार करने का.

क्या नहीं किया था maine…Hamesha उसके साथ टाइम स्पेंड करती थी, बातें करती थी, अपना सुख दुःख बाँट टी thi…Aur हमेशा एक इशारा भी दिया की मई हमेशा उसका साथ dungi…Lekin उससे क्या फर्क पड़ता hai…Insensitive जो है.

देख लिया आज कल के pyar…Sacche प्यार का किसी को कदर hi nahi…Log या तो दुसरो की फीलिंग्स की परवाह नहीं करते या फिर बीच रास्ते में hi धोखा दे देते है.

कुछ ऐसे hi सोच में खो गयी थी Nisha…Sabse बुरा तो उससे इस बात का लग रहा था की जब से अतुल काजल से बातें करने लगा था वो निशा को भूल hi गया tha…Aur अतुल का ये इग्नोर करना निशा को और भी ज्यादा हर्ट करता जा रहा था.

दिल रो रहा था लेकिन आँखों और शब्दों से वो बयां नहीं कर पा रही thi…Aur ना hi किसी से वो कुछ बातें कर सकती thi…Jindagi में पहली बार वो इतनी बेबस महसूस कर रही थी खुद ko…Na जाने ये प्यार आगे क्या क्या दिखाने वाला था उसको.

कुछ इसी तरह ये बोटिंग का सफर भी ख़त्म hua…Nisha के अलावा सब इस टूर को एन्जॉय कर रहे थे.

जब आज का विजिट ख़तम हुआ और सभी होटल वापस आये तो निशा सीधे अपने रूम में चली गयी और खुद को लॉक कर लिया.

दिल में उठ रहा दर्द, जलन और गुस्सा की साबुत उसकी आँखों से बह रही आंसू दे रहा था.

बीएड में बैठ कर आज की इन्सिडेन्स को सोच कर उससे और भी रोना आ रहा tha...Kitna बेबस हो गयी थी वो और उसकी प्यार!!! :(

कुछ hi देर हुआ था उससे रूम में आये तभी उसका रूम में किसी के नॉक करने की आवाज आया.

निशा:- (गुस्से से) कौन है?

(इन हेर मंद) छैन से दो पल अकेले रहने भी नहीं देते.

Anjali...Dusri तरफ से आवाज आया.
 
अपडेट 45

फिर निशा गेट खोल कर बिना अंजलि की तरफ देखे hi वापस बीएड में आ जाती है.

अंजलि:- कैसी है?

लेकिन निशा कोई जवाब नहीं देती.

अंजलि:- और कितना झूठ बोलेगी खुद से?

निशा:- क्या मतलब?

इस बार निशा ने थोड़ा गुस्से के साथ कहा.

अंजलि:- मतलब कब तक तू खुद से hi झूठ बोलती रहेगी और ग़लतफहमी में रहेगी की तू अतुल से प्यार नहीं करती?

अंजलि की इस बात पर निशा कोई जवाब नहीं देती hai…Wo बस निचे देख रही thi…Udaasi और गुस्सा अभी भी उसके चेहरे से साफ़ दिख रहा था.

अंजलि:- कब तक?

निशा:- ये क्या वही सवाल दोहरा रही hai…Jaanti तो है तू भी मई उससे प्यार करता हु.

अगर मेरे मुंह से hi सुन्ना चाहती है तो sun…Bahut प्यार करती हु usse…Uske साथ बातें करना, वक्त बिताना, मस्ती मजाक करना बहुत अच्छा लगता hai…Aur सबसे बड़ी बात जब वो मुस्कुरा कर मुझसे बातें करता है न तो बहुत अच्छा लगता hai…Man करता है की उसका चेहरा देखता hi jaau…Kuch अलग सी फीलिंग्स आने लगता है जब उसके पास रहती हु to…Aur जब वो काजल उसके साथ चिपकी हुई रहती है तो मुझसे बर्दास्त नहीं hota…Bahut गुस्सा आने लगता है उस पर.

लेकिन तुम सब को इससे क्या? ना hi अतुल को मेरे प्यार की परवाह है और ना hi तुम सब को मेरी दोस्ती से कोई मतलब.

निशा ने एक सांस में hi अपने प्यार और फीलिंग्स को अंजलि के सामने रख दिया.

निशा की बात सुन कर अंजलि मुस्कुराने लगती hai…Isse निशा और भी गुस्सा हो जाती है.

निशा:- मैंने कहा था na…Tujhe भी मेरा दोस्ती से कोई मतलब nahi…Tu भी मेरी हालत का मजा लेने आयी thi..Abb अगर तेरा एंटरटेनमेंट हो गया है तो प्लीज यहाँ से चली जा और मुझे कुछ देर के लिए अकेला छोड़ दे.

अंजलि निशा की इस बात पर अब्ब हँसते हुए कहती है.

अंजलि:- तो बात ये है की मेरे दोस्त को प्यार हो गया hai…Aur वो इस वजह से नाराज है की उसका प्यार यानि अतुल उससे ज्यादा भाव नहीं दे रहा है और कोई दूसरी लड़की से चिपकने लगा है.

अंजलि ने निशा की गाल खींचते हुए कहा जैसे निशा कोई बच्ची है.

निशा:- सिर्फ वो hi nahi…Tum सब को भी देख liya…Mujhe तो लगता था मेरे 4 दोस्त है yaha…Lekin सब की दोस्ती दिख गयी aaj…Ye भी दिख गया की मई तुम सब के लिए क्या मायने रखती hu…Sahi hai…Jab मुशीबत आती है न तब hi पता चलता है की कोई दोस्त सच में हमारा दोस्त है या सिर्फ अपने मतलब के लिए दोस्ती का दिखावा करता है? आज ये भी दिख गया.

अंजलि:- क्या दिखा?

निशा:- तुम सभी का dosti…Sab खुद में hi लगे हुए the…Mujhse कोई मतलब नहीं किसी को.

अंजलि:- मैंने तुझे उसी वक्त उदास देख लिया tha…Aur ये भी पता चल गया था क्या वजह hai…Uss वक्त मैंने इसी वजह से बात माहि किया क्यों की उस वक्त तुझसे सीधे बात भी नहीं कर सकती थी सभी के सामने और बेकार की बातें करके तुझे और इर्रिटेट भी नहीं करना चाहती thi…Lekin अब्ब जब मौका मिला तो सीधे तेरे रूम में आ गयी.

निशा फिर अंजलि को देखती है.

निशा:- मैंने अतुल से प्यार करके कोई गलती तो नहीं किया?

जो सवाल निशा कुछ देर पहले खुद से कर रही थी इस बार उसने अंजलि से किया.

अंजलि:- ऐसा क्यों लगता है तुझे?

निशा:- प्यार तो बहुत करती हु usse…Pata नहीं क्यों और कैसे हो gaya…Lekin जब भी एहसास हुआ है तभी से पता चला है की मई उससे कितना प्यार करने लगी hu…Lekin वो बहुत इंसेंसिटीवे है yaar…Kisi की दिल की बातें समझता hi नहीं.

अंजलि:- कैसे समझेगा? वो तो खुद hi प्यार से दूर भागता रहता hai…Aise में वो कैसे किसी के प्यार को समजह पायेगा? वो तो तुझे hi उससे एहसास दिलाना होगा की तू उससे कितना प्यार करती है?

निशा:- मई?

निशा ने चौंक कर कहा.

अंजलि:- नहीं तो कौन काजल?

अंजलि ने निशा का मजा लेने की socha…Nisha उससे गुस्से से घूरने लगती है.

निशा:- लेकिन कैसे यार? वो तो कहता है की वो किसी से प्यार करेगा भी nahi…Aise में मई कैसे उससे अपने दिल की हाल बता पाउंगी और कैसे वो समझ पायेगा?

अंजलि:- कहने से सब कुछ हो जाता है ? ये प्यार है madam…Kisi को बता कर नहीं होता hai…Apne आप हो जाता hai…Isse जितना भी दूर भागो उतना hi खींच के करीब ले आता है.

आगे है hi कितना अतुल का…20 के आस पास hoga…Aur ये कोई मातुरे आगे भी तो नहीं जो खुद के लिए हुए फैसले पर कायम रह sake…Abhi तो प्यार और अट्रैक्शन होने का उम्र सुरु हुआ hi hai…Dekhna कभी भी वो अपना ये राय बदल लेगा की उससे कभी प्यार होगा hi नहीं.

प्यार होने के लिए एक पल hi काफी hai…Bas उस एक पल में एहसास होना चाहिए ki…Yahi है वो जिसके साथ हम पूरी जिंदगी गुजार सकते hai…Aur इसके बिना जिंदगी बिलकुल अधूरा है.

तू बस अपनी तरफ से कोशिश kar…Dekhna अतुल को बहुत जल्द तेरे प्यार का एहसास हो jaayega...Aur जब भी एहसास होगा उससे तेरे प्यार का वो भी सच्चे दिल से तुझसे प्यार karega...Tune बहुत अच्छे लड़के से प्यार किया hai...Bas जरुरत है तो उससे भी प्यार की एहसास होने का.

निशा:- मई तो हमेशा यही कोशिश कर रही hu…Lekin ये काजल बिच में आ जाती hai…Aur अतुल भी उसी के साथ लग जाता है बात करने me…Tujhe क्या लगता है काजल अतुल से प्यार करती है?

निशा के मन में एक अलग सा दर उससे सताने लगा था.

अंजलि:- सूरे तो नहीं hu…Kabhi लगता है है तो कभी nahi…Agar प्यार करती भी होगी तो तेरे जितना गहरा और सच्चा प्यार अभी नहीं है.

और रही बात अतुल का उसके साथ बात करने ki…To इसका वजह ये है की अतुल अजय के अलावा किसी के साथ भी कोई टॉपिक पर बेस्ड हो कर hi बात करता hai…Aur आज हुआ भी waisa…Kajal से किसी टॉपिक रिलेटेड बात से सुरुवात हुआ और फिर बाद में हस्सी मजाक में बदल गया वो बात.

निशा:- हम्म.

अंजलि:- एक बात और याद rakhna…Atul का कॉलेज में पहला लड़की दोस्त काजल hi thi…Issi वजह से दोनों बहुत क्लोज फ्रेंड hai…Iss बात से तू उनकंफर्टबले मत hona…Wo अतुल की बेस्ट फ्रेंड हो सकती है पर प्यार nahi…Dono में बहुत फर्क hai…Abb तू डीडे कर की अपने दोस्ती को कैसे प्यार में बदल सकती है.

निशा:- जानती hu…Atul भी काजल को सिर्फ दोस्त hi मंटा hai…Lekin जब भी दोनों को बातें करते हुए देखती हु कुछ अच्छा नहीं लगता.

अंजलि:- इससे जलन कहते है madam…Aur ये कुछ हद तक सही भी hai…Isse पता चलता है तुझ में कितना पेशेंस है और कैसे तू खुद को संभालती hai…Agar प्यार में समझदारी और पेशेंस न हो तो ये कभी भी प्यार को खोखला कर सकता है.

सिर्फ दो तरफ़ा प्यार होना hi सब कुछ nahi…Uske बाद भी कई ऐसे वक्त आते है जब प्यार कमजोर पद जाता hai…Ye आम बात है लेकिन जरुरी ये है की कैसे हम अपने प्यार को संभालते hai…Aise hi मौके पर समझदारी और धैर्य (पेशेंस) काम आते है.

अंजलि की इस बात पर निशा थोड़ा मुस्कुराती है और कहती है.

निशा:- बहुत ज्ञान है यार तुझे इस प्यार की टॉपिक पर.

अंजलि:- क्यों भूल जाती है की मई भी किसी से प्यार करती हु? और ये सब बातें जाना जरुरी भी है.

निशा:- बहुत तड़पा रही है बेचारे को.

अंजलि:- है मजा आ रहा है अजय की हालत देखने में.

निशा:- तू और अतुल दोनों hi बहुत बुरे ho…Sacche प्यार करने वालो की जज्बात का मजाक उड़ाते ho…Atul तो अभी अनजान है लेकिन तू?

अंजलि:- बस कुछ देर aur…Fir उससे और नहीं tadpaaungi…Abhi तो थोड़ा मजा लेने de…Pata नहीं बाद में कब ऐसा मौका दुबारा मिले.

निशा:- अच्छा ठीक hai…Lekin ज्यादा मत tadpa…Kahi किसी और पर उसका दिल आ गया तो तू तड़पती रह जायेगी.

अंजलि निशा को इस बात पर घर कर देखती है और कहती है.

अंजलि:- मेरा अजय ऐसा नहीं है.

फिर अंजलि के मोबाइल पर फ़ोन आता है.

निशा:- किसका है?

अंजलि:- अजय का.

निशा:- नाम लिया शैतान हाजिर.

अंजलि:- खबरदार जो मेरा अजय को शैतान kaha…Kitna प्यारा है वो.

फिर अंजलि फ़ोन उठा कर कुछ देर बातें करती hai…Phone कर लेने के बाद.

अंजलि:- बुला रहा है baahar…Abhi जाना होगा फिर बाद में आउंगी.

निशा:- बेचारा बेचैन हो रहा होगा.

अंजलि:- वो तो hai…Pyar करता hi इतना है.

फिर अंजलि जाने लगती hai..Lekin 2 कदम आगे बढ़ कर रुक जाती है और कहती है.

अंजलि:- प्यार की बात hai…Pyar से hi समझाना अतुल को और अपनी तरफ से पूरी कोशिश करना देखना जल्द hi समझ जाएगा वो तेरे प्यार ko…Aur है काजल से कोई कम्पटीशन मत karna…Pyar कोई कम्पटीशन नहीं hai…Ye बस दो दिल का सफर है एक दूसरे को समझने का, चाहने का और साथ रहने ka…Agar तुम दोनों का साथ में रहना लिखा है तो तुम दोनों को कोई अलग नहीं कर sakta…Bas जरुरत है तो अपने प्यार निभाने और अपने प्यार में विश्वास रखना.

अंजलि की बात पर निशा सिर्फ सहमति में सर हिलाती है.

अंजलि:- जाने से पहले सरक का एक डायलाग भी बोल देती hu…Agar किसी चीज़ को दिल से चाहो, तो पूरी कायनात तुम्हे उससे मिलाने की कोशश में लग जाती है.

निशा:- समझ गयी yaar…Abb तू jaa…Aur बिता अपने आशिक़ के साथ कुछ प्यार भरे पल.

अंजलि जाने hi वाली थी की निशा की बात पर फिर रुक जाती है.

निशा:- थैंक्स yaar…Bahut कुछ समझाया तूने और मूड भी ठीक कर दिया.

अंजलि फिर एक स्माइल के साथ वह से चली जाती है.

अंजलि के जाने के बाद निशा विंडो की तरफ जाती है और अपने सोच में खो जाती hai…Anjali की बातो से उसकी कुछ ग़लतफहमी दूर हो गयी थी और साथ hi आगे क्या करना चाहिए इस बात की हिंट भी मिल गया tha…Abb एक नया जोश आ गया था उसके andar…Usne सोच लिया की किसी भी तरह वो अतुल को अपने प्यार का एहसास दिला कर hi रहेगी और अतुल को भी उसका प्यार का एहसास होना hi पड़ेगा.
 
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