Kasam - Love is not Everything (Completed) - Page 2 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Kasam - Love is not Everything (Completed)

अपडेट 8

दोपहर में क्लिनिक और शाम में श्रेया से अपने पास्ट के बारे में बात करने के बाद अतुल को अब्ब थकान महसूस होने laga…Raat हो गया था और आज उससे डिनर का मन बिलकुल भी नहीं tha…Wo सोने के लिए बीएड पर चला जाता है.

बहुत कोशिश के बावजूद भी उससे आज नींद नहीं आ रहा tha…Baar बार आज उससे निशा की याद आ रहा tha…Nisha की याद तो उससे हमेशा hi आता था लेकिन आज कुछ ज्यादा hi.

मीठी और दर्द भरी yaadein…Nisha का वो खिला हुआ चेहरा और उसके साथ प्यार भरी बातें करना अतुल के चेहरे पर मुस्कान ला रहा था तो बिछड़ते वक्त निशा का दर्द भरा चेहरा देख फिर अतुल की आँखों में आंसू आ गया.

इसी यादों में एक बार फिर वो अपने पुराने दिनों में खो गया.

फ्लैशबैक

कॉलेज में फर्स्ट वीक तो सभी स्टूडेंट्स को एक दूसरे के साथ इंट्रोडक्शन और सिलेबस को समझने में hi ख़तम हो gaya…Iss बिच अतुल और निशा का भी लगभग सभी स्टूडेंट्स से दोस्ती हो गया था.

दोनों का एक दूसरे से दूरियां बढ़ते hi जा रहा tha…Nisha ने अतुल से बात करना लगभग बंद hi कर दिया tha…Lekin न चाहते हुए भी उसकी नजर कभी कभी अतुल पर चला जाता tha…Shaayad अतुल की बिहेवियर उससे बहुत अजीब लग रहा था.

दूसरी तरफ अतुल ने भी निशा को इग्नोर करना सुरु कर दिया tha…Wo जानता था की निशा उससे पसंद नहीं करती है और वो भी जान बुझ कर दुसरो को परेशान करना नहीं चाहता tha…Aur दूसरी बात ये था की उससे निशा का उसको इग्नोर करना अच्छा नहीं लग रहा tha…Shaayad सेल्फ रेस्पेक्ट की वजह से उसने भी निशा से दूरिया बना लिया था.

1 वीक में hi अतुल और काजल का दोस्ती बहुत गहरी हो gayi…Dono को एक दूसरे के साथ बात करने में अच्छा लगता था और पहले hi वीक से दोनों साथ में hi लाइब्रेरी में पढ़ने जाते the…Khaali टाइम में दोनों पार्क में जा कर टाइम पास करते थे.

अभी 1 वीक hi हुआ था इसी लिए सभी स्टूडेंट्स को एक दूसरे की अच्छाइयों के बारे में hi पता tha...Lekin अतुल को एक लड़का और उसका बिहेवियर बिलकुल भी पसंद नहीं tha…Ravi.

रवि का सभी से जरुरत से ज्यादा दोस्ती करना, बात करते वक्त भी डोमिनेंट होने की कोशिश करना और दुसरो की बातो को मतलब न देना और छोटी छोटी बातो पर गुस्सा दिखाना अतुल को बिलकुल भी पसंद नहीं था.

अभी अतुल और अजय कैंटीन में साथ hi बैठ कर लंच कर रहे थे.

अजय:- Bhai…Maanta हु तुझे प्यार पर कोई विश्वास नहीं hai…Aur तू प्यार कभी नहीं karega…Lekin यार मुझे तो छोड़ दे.

आज अंजलि के साथ बैठ कर लंच करने वाला था लेकिन तूने उसके पास जाने hi नहीं diya…Yaha इसी टेबल में बैठ गया और मुझे भी बिठा दिया.

नया नया प्यार और उसमे भी rukawat...Ajay को बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा था.

अतुल:- अच्छा तो फिर चला jaa…Mujhe क्या पता था की तू अंजलि के पास बैठना चाहता है.

अतुल ने मुस्कुरा कर कहा.

अजय:- ये मुस्कुराना बंद kar…Pehle hi गुस्सा आ रहा है और तू ऊपर से और गुस्सा दिला रहा hai…Ye बात तो तू भी जानता है की अब्ब मई वह नहीं जा सकता और तू मुस्कुरा रहा है.

ये लडकियां भी na…Baaki के खाली टेबल इनको नहीं दिखा जो अंजलि के पास hi जा कर बैठ गयी.

अंजलि के टेबल में लड़कियों का ग्रुप देख अजय का गुस्सा और बढ़ गया.

अतुल अजय का ये रूप देख कर मुस्कुरा रहा था.

अजय:- कमीने तू मेरा लाइफ में ख़ुशी देखना hi नहीं चाहता hai…Abhi प्यार का इज़हार किया नहीं है की पहले hi तू हमें अलग करने की कोशिश कर रहा है.

कितना अच्छा मौका tha…Anjali अकेली बैठी थी और कोई पास में भी नहीं tha…Acche से बातें कर सकता था usse…Lekin तूने मुझे यहाँ बिठा दिया और 2 मिनट नहीं हुआ की एक साथ 4 लड़किया उसके पास चली गयी.

अजय अतुल को खा जाने वाली नजरो से देख रहा था.

अतुल:- प्यार जैसी चीज हमारे लायक नहीं है.

अतुल अभी भी मुस्कुरा रहा था.

अजय:- क्या हम जैसे लड़को के लिए नहीं है? तू नहीं मानता प्यार ko…Mai तो मंटा hu…Aaj तो तेरे साथ यहाँ रुक गया लेकिन आगे से ये सब नहीं होगा.

अतुल:- प्यार किया तो नहीं है …लेकिन सुना है की प्यार में पेशेंस की बहुत जरुरत होता hai…Sacche प्यार करने वाले लोग तो कभी कभी अपने प्यार का इंतजार जिंदगी भर करते hai…Aur एक तू है जो कुछ पल का इंतजार भी नहीं कर पा रहा है.

अतुल ने इस बार चिढ़ाते हुए कहा.

अजय:- बहुत हंसी आ रहा है न tujhe…Kaash तुझे भी किसी लड़की से प्यार हो जाए और तेरा जिंदगी उसके इंतजार में hi बीत jaaye…Tab पता चलेगा तुझे इंतजार करना उतना भी आसान नहीं है जितना ये बकवास ज्ञान देने में है.

अजय ने तो ये बात गुस्से में कह दिया tha…Lekin इस बात से दोनों hi अनजान थे की अजय का गुस्से में कहा गया ये बात अतुल के लिए सच हो जाएगा.

अतुल कुछ जवाब देता उससे पहले रवि दोनों के पास आ गया और चेयर पर बैठ गया.

रवि:- Hi guys…I ऍम रवि.

इतना कह कर रवि हाथ आगे बढ़ा कर अतुल और अजय से हैंडशेक करता है.

अतुल:- नीस तो मीट you…I ऍम अतुल एंड हे इस माय बेस्ट फ्रेंड अजय.

रवि:- एक बात पूछना था तुमसे.

रवि की बातो में अलग तरह का ऐटिटूड tha…Atul को उसकी बात करने का तरीका और ऐटिटूड तो बिलकुल भी पसंद नहीं आ रहा था लेकिन वो अभी ऐसा दिखा नहीं रहा था.

अतुल:- पूछो.

रवि:- क्या तुम फुल स्कालरशिप में पढ़ रहे हो यहाँ?

अतुल:- है.

अतुल छोटा सा hi जवाब दे रहा था रवि ko...Usse इंतजार था रवि के जाने की.

रवि:- एंट्रेंस में कितना मार्क्स था तुम्हारा.

फिर अतुल रवि को अपना मार्क्स बता देता hai…Jawaab में रवि मुस्कुरा कर कहता है.

रवि:- ठीक मेरा barabar…Socha था की कॉलेज टॉप karunga…Jitne भी फुल स्कालरशिप वाले थे सबसे ज्यादा मेरा hi मार्क्स tha…Aaj पता चला मेरा बराबर का भी कोई है.

Khair…Jo भी ho…Top तो मई hi karunga…Beware ऑफ़ में मर. अतुल. यू विल गेट टफ कम्पटीशन फ्रॉम में.

रवि की बातो में घमंड भरा हुआ tha…Abb अतुल से भी रहा नहीं गया.

अतुल:- ी ऍम बियॉन्ड competition...Mujhe किसी से कम्पटीशन का शौख नहीं है.

रवि:- क्यों? इतनी जल्दी दर गया?

अतुल:- डरता तो मई खुद से भी नहीं हु.

अतुल ने बहुत शान से कही ये बात.

अजय:- वाह yaar...Kya बात कहा है.

फिर अतुल और अजय दोनों रवि पर हसने लगे.

रवि:- (तो अजय) तू तो इसका (अतुल) चमचा है na...Tujhe किस बात की हंसी आ रहा है? औकात क्या है तेरा?

अजय:- जिस शब्द को तू चमचा कह रहा है उससे दोस्ती कहते है.

शायद तू मुझे नहीं jaanta...Ek बार पता कर le...Aur औकात हे है की तुझ जैसे 10-15 को अपना चमचा बना लू.

अजय रवि की तरफ बढ़ hi रहा था की अतुल ने उससे ना में इशारा किया.

अतुल:- देख yaar...Naa hi मुझे तुझ जैसो से मतलब है ना hi तेरे कम्पटीशन me...Pehla बार था इस लिए कुछ नहीं कह रहा hu...Warna अगली बार अजय को नहीं रोकूंगा.

फिर समझ lena...Kisse पन्गा ले रहा है तू.

रवि:- मुझे भी तुम जैसो से मतलब नहीं tha...Mai तो ये बोलने आया था कॉलेज का टोपर अब्ब मई हु.

अतुल:- कितनी छोटी सोच है tera...Marks के लिए पढ़ रहा है.

एक फ्री का सुग्गेस्टिव देता hu...Khud के लिए padh...Knowledge के liye...Marks में क्या रखा hai...Waise भी मेडिकल में नॉलेज और स्किल जरुरी है मार्क्स से.

तेरा कॉम्पिटिटर सिर्फ मई नहीं hu...Sabhi स्टूडेंट्स hai...Entrance में एक दो मार्क्स तो किसी का भी काम आ जाता hai...Aur यहाँ मार्क्स उसी का ज्यादा आता है जो ज्यादा म्हणत करता है.

रवि:- लेटस see...Mujhe विस्वास जय खुद par...Sabse ज्यादा नॉलेज और मार्क्स मेरे पास hi होगा.

इतना कह कर रवि वह से चला गया.

अजय:- पहली बार तेरा कोई बात अच्छा laga…Accha जवाब दिया तूने उस कमीने ko…Kitna घमंड है isme…Pata नहीं खुद को क्या सोचता hai...Aur मुझे क्यों रोका tune...Do चार दांत तोड़ देता साले की.

अब्ब अजय का गुस्सा रवि की तरफ मुद गया.

अतुल:- इसकी बात hi मत kar…Iska तो शकल देख कर hi गुस्सा आने लगता hai…Karne दे जितना भी घमंड करता hai...Dekhna जल्द hi इसका घमंड टूटने वाला है.

अतुल इतना कह कर चुप हो जाता hai…Kuch देर बाद काजल भी आती है और अतुल को hi कह कर लड़कियों के ग्रुप में चली जाती है.

वह लड़कियों के ग्रुप में काजल के आ जाने से 5 लड़की हो जाती hai…Kajal, निशा, अंजलि और बाकी की 2 लड़की.

लड़की 1:- क्या बात है काजल? आज तो तू अतुल से कोई बात किये बिना hi आ गयी?

काजल:- पहले hi बहुत टाइम लोस्स हो गया hai…Lunch का टाइम ख़तम हो रहा था तो यहाँ आ gayi…Baatein तो बाद में भी होती रहेगी.

इतना कह कर काजल अपने टिफ़िन बॉक्स निकाल कर अपने दोस्त के साथ लंच करने लगती है.

लड़की 2:- है बात तो तेरी होती rahegi…Aur वो भी नॉन stop…Ek तू hi है जिससे अतुल इतना बात करता hai…Baaki लड़कियों से तो सिर्फ काम की बातें.

लड़की 2 ने कुछ उदास हो कर kaha…Aur जिस तरह से उसने कहा था वो सुनके निशा को बहुत गुस्सा आ रहा tha…Atul की तारीफ़ से उससे छिड़ होने लगी थी.

लड़की 1:- Kajal…Tera और अतुल का पहले से hi जान पहचान है क्या?

काजल:- Nahi…Kyu?

लड़की 1 :- 1 वीक में hi तुम दोनों इतने क्लोज हो गए और तुम दोनों को प्यार भी हो gaya…Yakin नहीं आ रहा है इतनी जल्दी ये सब कैसे हो सकता है.

लड़की 1 ने इतना hi कहा था की काजल के गर्दन में hi खाना अटक gaya…Aur उससे जोर से चींखने lagi…Paani पी कर नार्मल होने के बाद थोड़ा गुस्सा से वो कहती है.

काजल:- किसने कह दिया तुझे की हम प्यार करते है?

लड़की 2:- तो तू अतुल से प्यार नहीं करती?

काजल:- नहीं हम दोस्त hai…Best friend…Lekin तुम दोनों को ऐसा क्यों लग रहा है की मई अतुल से प्यार करती हु या वो मुझ से.

लड़की 1:- तुम दोनों का दोस्ती कुछ ज्यादा hi गहरी hai…Iss लिए लगा की शायद तुम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो.

काजल:- बहुत छोटा सोच है तुम दोनों ka…Dosti को प्यार का नाम दे रही ho…Atul अच्छा लड़का है और साथ में इंटेलीजेंट bhi…Uske साथ बात करना अच्छा लगता hai…Padhne में भी बहुत हेल्प करता hai...Dosto से अच्छे से बेहवे करता hai...Aur भी कई खासियत है अतुल ka…Ham दोनों में अंडरस्टैंडिंग भी अच्छा hai...Issi लिए बेस्ट फ्रेंड्स है.

अगर सच कहु तो सभी स्टूडेंट्स में अतुल hi मेरा बेस्ट फ्रेंड hai…Issi लिए मई उससे ज्यादा बातें करती हु और टाइम स्पेंड करती हु.

अब्ब अगर तुम दोनों सोचते हो की एक लड़का और लड़की में गहरी फ्रेंडशिप का मतलब प्यार है तो मई कुछ नहीं कह सकती इस बारे में.

निशा:- Ha…Atul प्यार करने लायक भी नहीं है.

अचानक hi निशा के मुंह से ये बात निकला.

काजल:- ऐसा क्यों लगता है तुम्हे?

निशा:- मुझे तो वो एक नंबर का घमंडी लगता hai…Baat करने का तमीज hi नहीं है usme…Aur कहता है की वो कभी किसी लड़की से प्यार नहीं karega…Jaise लड़कियां उसके पीछे पड़ी हो.

अभी भी निशा की बातों में अतुल के लिए छिड़ था.

काजल निशा की बातो का जवाब मुस्कुरा कर देती है.

काजल:- बिलकुल गलत सोच रही हो तुम उसके बारे me…Ek बार अच्छे से बात कर के देखो अतुल se…Jaan जाओगी कैसा है अतुल.

अंजलि:- मुझे भी अतुल अच्छा लगता hai…Ajay भी उसका बहुत तारीफ़ करता hai...Maine भी देखा है अतुल बहुत hi सिंपल रहता hai…Sabhi से अच्छे से बात करता hai…Aage की करैक्टर तो बाद में पता चलता rahega…Lekin अभी तक जितना भी पता चला है उससे लगता है की अतुल बहुत hi अच्छा और शरीफ लड़का है.

निशा:- तू चुप kar…Ajay जो भी कहता है उस पर आँख बंद करके विश्वास कर लेती है.

निशा ने इतना hi कहा था की लड़की 1 सीरियस हो कर कहती है.

लड़की 1:- काजल अगर तू अतुल से प्यार नहीं करती है तो कोई बात nahi…Lekin अगर करती है और तू अपने फीलिंग्स को समझ नहीं पा रही है तो एक बार अच्छे से सोच ले.

कॉलेज में कुछ लड़की बहुत इम्प्रेस्सेड है अतुल se…Agar देर किया तो अतुल तेरे हाथ से निकल jaayega…Pyar के एहसास को वक्त रहते hi पहचान le…Kahi देर न हो जाए.
 
अपडेट 9

दोनों hi लड़कियां बहुत कोशिश करती रही काजल की मुंह से ये बात उगलवाने की वो अतुल से प्यार करती hai…Lekin काजल दोनों को साफ़ मन कर देती है की अतुल सिर्फ उसका दोस्त hi है और दोस्ती से बढ़ कर दोनों के बिच कुछ नहीं है.

आफ्टर कॉलेज

कॉलेज छूती होने के बाद अतुल अपने घर जाने के लिए पार्किंग से बाइक निकाल hi रहा था की तभी अजय भी वह पहुँचता है.

अजय:- आज बहुत जल्दबाज़ी में लग रहा है?

अतुल:- है yaar…Mood ठीक नहीं hai…Aaj की टॉपिक में बहुत कन्फूसिओं था और अच्छे से समझ भी नहीं paaya…Dimaag अभी बहुत भारी लग रहा hai…Ghar जाके फ्रेश होने के बाद अच्छे से रेविसे करना पड़ेगा.

अतुल ठीक से बोलने की हालत में भी नहीं tha...Aisa लग रहा था जैसे उसका दिमाग ने काम करना hi बंद कर दिया है.

इस वक्त वो अजय से भी बात करने की मूड में नहीं था.

अजय:- चल मेरे साथ.

अतुल:- कहा?

अजय:- कैंटीन.

अतुल:- फिर kabhi…Aaj टाइम नहीं है मेरे पास.

अजय अतुल की जवाब दिए बिना उससे खींच कर कैंटीन की तरफ ले चलता hai…Suru में अतुल मन करता है लेकिन फिर उसके साथ hi चलने लगता है.

कैंटीन पहुँचने के बाद अतुल वह पर निशा और अंजलि को देखता hai…Dono को देख कर ऐसा लग रहा था की दोनों अतुल का hi वेट कर रहे hai…Usse समझ में नहीं आ रहा था की ये सब क्या हो रहा hai…Ajay का इस तरह से कैंटीन में बुलाना और दोनों का उसको इंतजार करना.

दोनों के पास पहुँच कर.

अतुल:- Hi.

अतुल की इस बात पर निशा बुरा सा चेहरा बना कर दूसरी तरफ देखने लगती है और अंजलि उससे "Hi" में hi जवाब देती है.

निशा का ऐसा रिस्पांस देख कर अतुल को कुछ ज्यादा फर्क नहीं pada…Aadat पद गया था उसको अब्ब निशा से इग्नोर होने ka…Aur अब्ब वो खुद भी निशा को इग्नोर करने लगा था.

अतुल:- तुम दोनों यहाँ.

अंजलि:- है तुम्हारा hi वेट कर रहे थे.

अंजलि की बात सुनने के बाद निशा अंजलि को कहती है.

निशा:- सिर्फ तू hi वेट कर रही hai…Teri वजह से hi मई यहाँ हु वर्ण कब का घर चली जाती.

निशा ने तो ये बात धीरे से कहा था लेकिन इतना भी धीरे नहीं की वो अतुल और अजय की कानो तक नहीं पहुँच पाटा.

निशा की ये बात अंजलि, अतुल और अजय किसी को भी अच्छा नहीं लगता hai…Atul फिर से निशा की इस बात को इग्नोर कर देता है.

माहौल को हल्का बनाने के लिए.

अजय:- क्या लोगे तुम sab…Thanda या गरम.

अतुल:- मतलब

अजय:- मतलब गरम में चाय, कॉफ़ी और ठंडा में कोल्ड ड्रिंक्स , बियर, वाइन, वोडका और अल्कोहल प्रोडक्ट्स.

अजय ने हँसते हुए कहा.

अंजलि:- क्या तुम भी ये सब पीते हो?

थोड़ा हैरानी के साथ अंजलि ने पूछा.

अतुल:- Nahi…Ye सब पीना सिर्फ इसका hi काम है (अजय की तरफ इशारा करते hue)…Maine तो हाथ भी नहीं लगाया है आज तक अल्कोहल को.

निशा:- (धीरे से) ऐसा लगता तो नहीं.

अतुल एक बार फिर निशा की बात सुन लेता है और एक बार फिर इग्नोर कर देता hai...Lekin अब्ब उससे निशा पर गुस्सा आने लगा था.

अजय:- तू बच्चा hi रहेगा yaar…Kabhi तरय तो kar…Aur उसके बाद जो मजा मिलता है न उसको मई अपने 2 शब्द में बयान नहीं कर sakta…Waise भी मब्ब्स पढ़ने आये है तो एन्जॉय भी करना जरुरी है.

अतुल:- है एन्जॉय करना जरुरी hai…Lekin बेवड़ा बन कर एन्जॉय नहीं करना है mujhe…Bahut से और तरीके भी है एन्जॉय करने का.

अंजलि:- अब्ब तुम सब ये कौन सा टॉपिक ले कर बैठ gaye…Acchi बात है अतुल की तुम नहीं पीते ho…Aur अजय को भी कुछ दिनों में सुधार dungi…Pehle बातो से अगर फिर भी नहीं माना तो लात से.

अंजलि ने मजाक करते हुए kaha…Sab अजय की तरफ देखने lage…Suru में तो अजय चुप था लेकिन सब को मुस्कुराता देख वो भी मुस्कुराने लगा.

अतुल:- अब्ब तुम hi लास्ट होप हो mera…Please मेरे दोस्त को बेवड़ा बनने से बचा लेना.

अतुल ने भी मजाक को जारी रखते हुए kaha…Usse पता hi नहीं चला की कैसे वो अंजलि से खुल के बात करने लग गया है.

उसने वो बात कुछ इस तरह से कहा था जिससे वह मौजूद सभी हसने lage…Nisha को भी थोड़ी हंसी आ गया लेकिन अगले hi पल वो संभल गयी.

अजय:- क्या यार तू bhi…Occasional ड्रिंकर को बेवड़ा बोल रहा hai…Tu एक दिन सबके सामने बेइज़्ज़ती करवाएगा मेरा.

अतुल:- वो तो हमेशा करता हु और करता रहूँगा.

फिर दोनों एक दूसरे को देखते हुए हसने लगते है.

अतुल:- अंजलि तुम कह रही थी की मेरा वेट कर रही थी.

अतुल को ये बात अब्ब याद aaya…Hansi मजाक में ये बा तवो कब का भूल गया था.

अंजलि:- है कुछ बात करना था तुमसे.

अतुल:- कहो?

अतुल सोच में पद गया की अंजलि उससे क्या बात करना चाहती है.

अंजलि:- पढ़ाई के बारे me…Ajay कहता है की तुम पढ़ने में बहुत टैलेंटेड ho…Aur रेगुलरली पढ़ते ho…Mai ये पूछना चाहती थी की तुम टाइम कैसे मैनेज करते हो?

और जब भी तुम्हे कॉलेज में देखती हूत ुम हमेशा पढ़ते hi रहते ho…Mujhe तो अभी से बहुत मुश्किल लग रहा है ये सब kuch…Soch रही हु मब्ब्स ज्वाइन करके गलती तो नहीं कर दिया.

अतुल:- अगर अजय ने मेरे बारे में कुछ तारीफ़ किया है तो समझ लो कुछ ज्यादा hi तारीफ़ कर रहा hai…Aadat हो गया है इसका ये सब.

मुश्किल तो बहुत hai...Kuch टॉपिक समझ में नहीं आता तो कुछ जल्दी hi दिमाग से निकल जाता है.

लेकिन पढ़ते raho...Suruwat में मुश्किल है बाद में रिपीट होने से सब ठीक हो जाएगा.

बे कॉंफिडेंट, इंटरेस्ट लेकर पढ़ो और रेगुलरली पढ़ते raho...Dhire धीरे सब ाशन हो जाएगा.

अजय:- यही बात मई भी समझा रहा था isse…Lekin समझ hi नहीं रही thi…Bas तुझसे hi पूछना चाहती थी की कैसे पढता है.

(तो अंजलि) अब्ब तो किताबी कीड़े (अतुल) से वेरिफिकेशन हो गया न?

अतुल:- तू समझा तो रहा tha…Lekin तू खुद वो नहीं करता है जो दुसरो को समझाता hai…Tujhe भी समझाता हु अभी से सीरियस हो जा पढ़ने में और नाईट क्लब जाना छोड़ दे.

अतुल की इस बात पर अंजलि शॉक हो कर अजय से पूछती है.

अंजलि:- अजय तुम नाईट क्लब भी जाते हो?

अजय कुछ जवाब देता उससे पहले hi अतुल कहता है.

अतुल:- और हर वीकेंड में बार में जाकर मस्ती करता है और हर सुबह हैंगओवर होता रहता है इससे.

अतुल की इस बात से अंजलि अजय को गुस्से से देखने लगती है.

अंजलि:- अजय तुमने कहा था की तुम सिर्फ ोक्सासिओनल ड्रिंकर एंड स्मोकर ho…Lekin ये सब क्या है?

अंजलि की आवाज में इस बार कुछ ज्यादा hi गुस्सा tha…Atul भी समझ गया ज्यादा मजाक ठीक नहीं है.

अतुल:- अरे कूल down…Maine तो ऐसे hi मजाक में कह दिया tha…Ajay एक सीधा साधा लड़का hai…Maasum सा baccha…Mera बेस्ट फ्रेंड.

इस बार अतुल ने अजय का तारीफ़ करते हुए कहा और अंजलि का गुस्सा भी थोड़ा काम हो गया.

अजय:- क्या हो गया यार तुझे अचानक se…Mera तारीफ़ भी करने लग गया.

अतुल:- ज्यादा खुस मत ho…Wo तो कभी कभी hi करता hu…Once इन ा ईयर.

अतुल:- Anjali…Ek और baat…Sirf पढ़ाई में hi फोकस मत karna…Masti और एंटरटेनमेंट भी जरुरी hai…Acche से पढ़ो जितना जरुरी है और फिर मस्ती में भी कोई कमी मत रखना.

फिर ऐसे hi, दोस्ती, मस्ती, पढ़ाई में कब मब्ब्स कम्पलीट हो जाएगा पता भी नहीं chalega…Study को चैलेंज और इंटरेस्ट के रूप में lo…Jab भी मौका मिले जिंदगी को खुल के जियो

मेडिकल फील्ड में आने के बाद टेंशन तो हमेशा साथ रहेगा hi और इस टेंशन में भी हमें एन्जॉय हुए मस्ती करने के लिए रास्ता ढूंढ़ना होगा.

इन माय ओपिनियन, थी 6 इयर्स विल बे सुपर फन एंड वे विल लर्न वेरियस नई थिंग्स एक्सेप्ट आवर स्टडी.

अतुल ने बहुत जोश से कहा और उसकी बातो से लग रहा था की वो आगे के चैलेंज के लिए कितना तैयार है.

निशा:- (धीरे से) जैसे हमें कुछ पता hi नहीं hai...Khud को बहुत ज्ञानी समझ रहा hai...Isse तो एग्जाम में देखूंगी.

एक बार फिर अतुल ने सुना ये baatein...Iss बार तो कुछ जवाब देना चाहता था की निशा चुप हो जाए लेकिन ये सोच कर चुप हो गया की किसी से मुंह लगाना hi बेकार है.

अतुल:- बेस्ट ऑफ़ लक फॉर एग्जाम.

अतुल ने मुस्कुराते हुए कहा और निशा इग्नोर कर के दूसरी तरफ देखने लगती है.

कुछ देर बाद.

निशा:- अंजलि तुझे आज घर नहीं जाना है क्या…1 घंटे से बक बक कर रही hai…Agar तुझे नहीं जाना है तो यही reh…Mai अब्ब जा रही हु.

इतना कह कर निशा अपनी जगह से उठ कर जाने लगती hai…Anjali उसका हाथ पीछे से पकड़ कर कहती है.

अंजलि:- रुक मई भी चलती hu…(To आल) सो गाइस अब्ब लेट हो रहा hai…Kal मिलते है.

फिर सभी अपनी जगह से उठते है और पार्किंग की तरफ चल देते है.

अजय:- अब्ब bol…Mood फ्रेश हुआ या नहीं…1 ऑवर टाइम hi लिया है tera…Agar तू घर जाता तो भी तुझे 1 से 2 ऑवर टाइम लगता.

अतुल:- है yaar…Mood पूरी तरह से फ्रेश हो gaya…Tum दोनों से बातें करने में बहुत मजा आया और आज यहाँ का कॉफ़ी पी कर भी बहुत मजा आया.

फिर सभी पार्किंग में पहुँच जाते है.

अजय और अतुल अपनी अपनी बाइक पर और अंजलि और निशा अपनी अपनी स्कूटी पे बैठ जाते है घर जाने के लिए.

निशा स्कूटी स्टार्ट करती है लेकिन वो स्टार्ट hi नहीं होता hai…Thodi देर और तरय करने के बाद भी जब स्टार्ट नहीं होता है तब.

अंजलि:- क्या हुआ?

निशा:- स्कूटी स्टार्ट hi नहीं हो रहा है.

फिर अंजलि भी थोड़ा तरय करती hai…Lekin स्कूटी फिर भी स्टार्ट नहीं होता hai…Kuch देर बाद दोनों को पता चलता है की स्कूटी में पेट्रोल ख़त्म हो गया था.

फिर सभी सोचते है क्या करना चाहिए.

अंजलि:- अब्ब लेट भी बहुत हो रहा hai…Chal मई तुझे तेरे घर ड्राप कर देती हु.

निशा:- नहीं मई बस से चली जाउंगी.

अंजलि:- बस से क्यों jaayegi…Bahut मुश्किल होगा इस वक्त बस से जाना और सीट भी काम मिलता है शाम me…Isse अच्छा है तू मेरे साथ hi चल.

अजय और अतुल दोनों की बात hi सुन रहे थे.

अतुल:- (तो निशा) अगर तुम्हे प्रॉब्लम न हो तो मेरे साथ बाइक में आ सकती ho…Hamaara घर भी पास में hi है.

अतुल की बात सुन कर निशा अतुल को गुस्से से घूरने लगती hai…Lekin अजय और अंजलि को सही लगा अतुल की बात.

निशा:- अरे यू mad…Mai तुम्हारे साथ बाइक में jaaungi…Kabhi नहीं.

निशा ने बहुत गुस्से में kaha…Nisha की इस बात से पता चल रहा था की वो अतुल से कितना नफरत करने लगी है.

लेकिन अंजलि निशा को अपनी बातो से मन hi लेती है और निशा को भी उसके जिद्द और बातों के सामने हार मन्ना hi पड़ता है.

निशा:- Ok तुम लोग jaao…Mai पानी पी कर आती हु.

इतना कह कर निशा कैंटीन की तरफ चली जाती है.

अंजलि:- अतुल अच्छे से ले जाना निशा ko…Abhi थोड़ा ग़लतफहमी है निशा को तुम्हारे बारे me…Jald hi सब ठीक हो जाएगा.

जवाब में अतुल सिर्फ अपना सर हिलाता है.

और फिर अंजलि और अजय चले जाते है अपने घर के लिए.

अतुल निशा का वेट करने लगता है…15 मिनट बाद निशा आती है.

अतुल:- बैठो.

अतुल की आवाज में थोड़ा गुस्सा था…15 मिनट का वेट वो भी छोटी सी बात के liye…Usse बिलकुल भी पसंद नहीं आया था.

निशा:- तुम jaao…Mai तुम्हारे साथ नहीं jaaungi…Wo तो अंजलि से बहस करना नहीं चाहती थी इसी लिए मान गयी thi…Mai बस से hi जाउंगी.

निशा ने भी साफ़ इंकार कर दिया.

अतुल को पहले से hi निशा पर गुस्सा आ रहा था और अब्ब निशा का ऐसा ऐटिटूड उससे बिलकुल भी पसंद नहीं आया.

अतुल:- सोचा की हेल्प कर du...Lekin इतना ऐटिटूड :mad:...Mujhe भी कोई शौख नहीं है तुम्हे ले जाने का.

इतना कह कर अतुल भी गुस्से में अपना बाइक तेजी से आगे बढ़ा देता है.
 
फ्रेंड्स एक गुड न्यूज़ hai...Aap सभी के लिए भी और मेरे लिए bhi...Ye एग्जाम पास हो gaya...Abb फाइनल एग्जाम 1 मंथ बाद है...1 मंथ तक अपडेट रेगुलर आएगा.

अगर फ़ैल हो जाता तो 2 वीक्स बाद रिटेक एग्जाम देना देना padta...Aur अपडेट भी रेगुलर नहीं दे पाटा.

1 मोनथस तक रेगुलर अपडेट aayega...Next अपडेट आज रात में.
 
अपडेट 10

शाम में घर पहुँचने के बाद अतुल ने वही पुराना रूटीन फॉलो kiya...Class में पढ़ाई हुआ टॉपिक को रेविसे किया और फिर आगे पढ़ाई होने वाला टॉपिक को भी पढ़ने लगा.

इसी तरह पढ़ते हुए कब 2 घंटा बीत गया अतुल को पता hi नहीं chala...Lagatar पढ़ने से अब्ब वो थोड़ा थक गया.

फिर वो अपना गिटार लेकर छत में जाता है.

छत के रेलिंग में बैठ कर वो धीमी आवाज में एक गाना गाते हुए गिटार बजाने लगता है.

वो इस वक्त सारे दुनिया से बे खबर और साड़ी टेंशन से दूर हो कर इस पल को hi जी रहा tha...Aisa करने से उससे एक अलग सा सुकून मिलता है.

पढाई का टेंशन और फ़्रस्ट्रेशन, निशा का उससे बेरुखी से बात करना ये साड़ी बातो से उससे बहुत सुकून मिल रहा tha...Na पास्ट का टेंशन और गिल्ट, और न फ्यूचर का dar...Wo बस इस पल को hi एन्जॉय हो रहा था.

लेकिन उसका ये एन्जॉयमेंट ज्यादा देर तक टिक नहीं saka...Pados यानि निशा की घर से आ रहे आवाज से अब्ब उसका गाना से कंसंट्रेशन टूट गया.

वो छत के दूसरे कोने ंव जहा से निशा की घर की ग्राउंड फ्लोर साफ़ देखा जा सकता था वह चला गया.

वह उसने देखा की निशा की माँ और पापा एक दूसरे से बात कर रहे है और बहुत परेशान दिख रहे थे.

न. माँ:- अभी तक नहीं आयी मेरी बच्ची कॉलेज se...Pata नहीं कहा रह गयी.

बहुत परेशान हो कर कहा निशा की माँ ने.

न. डैड:- तुमने फ़ोन किया.

न. माँ:- Ha...Lekin मोबाइल घर में hi छोड़ कर गयी है.

न. डैड:- मई कॉलेज में फ़ोन करके देखता हु.

इतना कह कर निशा की पापा थोड़ा हड़बड़ा कर मोबाइल से फ़ोन निकालते है और कॉलेज में फ़ोन लगाते है.

जब वो बात करके फ़ोन कट करते है तब

न. माँ:- कुछ पता चला? कहा है वो और कब तक आएगी.

एक hi सांस में निशा की माँ ने सब कुछ पूछ diya...Har बढ़ते वक्त के साथ निशा की माँ की परेशानी बढ़ता जा रहा था.

न. डैड:- कुछ पता नहीं चल रहा hai...College वाले कहते है की छूती होने के बाद आज सभी स्टूडेंट घर चले गए है.

उदास सी आवाज में निशा की पापा ने कहा.

न. माँ:- प्लीज आप जल्दी ढूंढ कर लाइए निशा ko...Mujhe अब्ब बहुत फ़िक्र हो रहा है.

अब्ब निशा की माँ की आँखों में आंसू आ जाता है.

न. डैड:- है कुछ करता हु.

इतना कह कर निशा की पापा घर के अंदर तेजी से चले जाते है.

दूसरी तरफ अतुल को भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था की ये सब क्या हो रहा है.

निशा का अभी तक घर न पहुँचने से अतुल भी हैरान हो गया था.

उसके मन में बहुत से ख्याल आ रहा था.

अतुल:- (इन हिज मंद) ये निशा भी बहुत अजीब hai...Bol रही थी खुद घर आ जायेगी लेकिन अभी तक नहीं aayi...Kaha रह गयी और इतना लेट क्यों हो गयी.

कॉलेज में रुकने की भी कोई वजह नहीं hai...Kahi उसका कोई एक्सीडेंट...

इतना सोचते hi अतुल सीधे छत से निचे उतर gaya...Aur घर से अपना बाइक निकाल कर कॉलेज की तरफ चला गया.

उसने ज्यादा तो सोचा नहीं था की कैसे निशा को ढूंढ़ना है या फिर क्या करना है लेकिन वो बस इस उम्मीद में आगे बढ़ता रहा की निशा जल्द hi उससे मिल जाए.

घर से कॉलेज जाने में उससे 30 मिनट लगता था लेकिन इस बार वो इतना तेज चला रहा था की वो 20 मिनट में hi पहुँच गया.

वो सीधा पार्किंग की तरफ चला गया और बाइक रोकते hi उससे एक लड़की दिखा जो हाथ से अपना चेहरा धक् कर एक कोने में बैठी थी.

लेकिन ड्रेस देख कर अतुल ने पहचान लिया की वो निशा hi है.

निशा को पहचाने के बाद अतुल ने एक पल का भी देरी नहीं kiya...Nisha को सही सलामत देख उसने राहत का सांस लिया की उसकी कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ है.

वो सीधा निशा के पास पहुँच गया.

अतुल:- क्या hua...Aise हाथ से चेहरा क्यों धक् रही हो?

अतुल की आवाज से निशा भी समझ गयी की आने वाला शख्स अतुल है.

निशा कुछ कदम पीछे जा कर अपने चेहरे से हाथ हटाती है और कहती है.

निशा:- पहले बाइक का लाइट ऑफ karo...Aankh में पद रहा है.

निशा की बात सुनते hi अतुल वापस बाइक के पास जा कर लाइट ऑफ करके आता है.

निशा:- क्यों आये हो यहाँ?

अतुल के आने के बाद निशा ने एक राहत का सांस लिया लेकिन पूछने का अंदाज़ पहले जैसा hi था.

अतुल:- तुम्हे ढूंढ़ने.

निशा:- लेकिन क्यों?

अतुल:- पागल हो kya...Yaha क्या कर रही ho...Jaanti हो तुम्हारे घर वाले कितना परेशान है तुम्हारे घर न पहुँचने की वजह से.

मुझे लगा शायद तुम यही मिलोगी या फिर...

अतुल एक्सीडेंट की बात कहने से पहले hi चुप हो gaya...Usne जो कुछ भी बोलै था बहुत गुस्से में बोलै tha...Nisha ने भी अतुल को इतना गुस्सा पहली बार देखा था इसी लिए उससे अब्ब अतुल से थोड़ा दर भी लग रहा था.

निशा:- वो क्या हुआ की...

अतुल:- नहीं चाहिए तुम्हारा कोई safaayi...Pehle से hi मेरा दिमाग बहुत खराब hai...Abb जल्दी से बाइक में baitho...Ghar पहुंचा देता हु.

इतना कह कर अतुल निशा को देखने laga...Lekin निशा अतुल को hi देख रही thi...Atul को इतना गुस्सा देख अभी उससे और दर लग रहा था.

लेकिन निशा का इस दर का अतुल ने द्वारा hi मतलब निकाल liya...Apne साइड के बिल्डिंग के वाल में धीरे से पंच करके उसने कहा.

अतुल:- लेकिन तुम्हे तो प्रॉब्लम है मेरे साथ बाइक में बैठने ka...Ruko.

इतना कह कर अतुल पार्किंग से बाहर की तरफ जाने लगा.

निशा:- कहा जा रहे हो.

दर से hi सही लेकिन निशा ने हिम्मत करके pucha...Iss बार उससे दर था की अगर अतुल वापस चला गया तो शायद उसको पूरी रात यही रुकना पड़ेगा.

अतुल:- कैंटीन

निशा:- क्यों?

अतुल:- कोई गिलास या फिर कप laane...Petrol अपने बाइक से निकाल कर तुम्हारी स्कूटर में रख दूंगा और तुम अपने hi स्कूटी से घर जा सकोगी.

अतुल की इस बात पर निशा को थोड़ी सी हंसी आ गयी.

वो कुछ कहे बिना hi अतुल की बाइक पर बैठ गयी और फिर बोली.

निशा:- नहीं इसकी कोई जरुरत नहीं hai...Tumhaare साथ hi बाइक में चली जाउंगी.

अतुल भी अब्ब अपने बाइक के पास आ गया.

अतुल:- शाम में तो कह रही थी की मेरा बाइक में बैठना तुम्हे पसंद नहीं है.

निशा:- लेकिन मुझे रात में स्कूटी चलाने की प्रैक्टिस नहीं hai...Dar लगता है की कही एक्सीडेंट न हो जाए.

निशा ने बहुत hi मासूमियत से कहा ये बात.

फिर अतुल निशा की जवाब सुने बिना hi बाइक चलाने लगता है और तभी निशा पीछे से कहती है.

निशा:- अगर बुरा न मानो तो एक बात कह सकती हु?

अतुल:- Ha...Bolo

निशा:- मुझे बहुत भूख लग रहा hai...Aur पैसे भी आज 1 टाइम लंच के लिए hi लायी थी.

अतुल बाइक से उतर कर निशा को देखता hai...Aur फिर कहता है.

अतुल:- चलो कैंटीन.

इतना कह कर अतुल और निशा दोनों कैंटीन में आ जाते है.

कैंटीन में जाने के बाद अतुल अपने लिए एक कॉफ़ी और निशा के लिए डिनर सेट आर्डर करता है.

आर्डर आने में अभी थोड़ा टाइम था.

अतुल:- आज यही रहने का प्लान था क्या तुम्हारा?

थोड़ा गुस्सा में अतुल ने पूछा.

निशा:- Nahi...Jab बस स्टैंड गयी तब देखा बस में बहुत भीड़ था और खड़े होने के लिए भी जगह नहीं tha...Jab 3 और 4 बस भी ऐसे hi भीड़ से भरा हुआ दिखा तो मई यहाँ वापस आ गयी.

और घर में फ़ोन करने का सोचा तो पता चला आज मेरा मोबाइल घर में hi छूट गया.

और फिर यहाँ आ गयी ये उम्मीद में की शायद पापा मुझे ढूंढ़ते हुए यहाँ आ जाएंगे.

निशा की बात सुनने के बाद अतुल को याद आया की निशा की पापा भी निशा को ढूंढ़ने के लिए यहाँ आने वाले थे.

अतुल:- ये लो मोबाइल और अपने घर में फ़ोन करके कहो की तुम ठीक ho...Bechaare बहुत परेशान थे.

और हो सके तो ये मत कहना पेट्रोल ख़तम होने की और बस की वजह से तुम यहाँ ho...Aur परेशान हो जाएंगे.

कह दो की लाइब्रेरी में पढ़ रही थी और लेट हो gaya...Abb थोड़ी देर में घर आ रही हो.

निशा:- लेकिन मई झूठ क्यों बोलू?

अतुल:- मत bolo...Lekin घर में फ़ोन karo...Bahut परेशान बाई तुम्हारे पेरेंट्स और पापा को भी बुला लेना तुम्हे वापस ले जाने के लिए.

लेकिन गलती से भी मुझे इन्वॉल्व मत करना इन् बातो me...Hamaare घर में भी अच्छा रिलेशन नहीं hai...Tum लेट हो गयी इसमें मेरा कोई गलती नहीं है और मई नहीं चाहता हु की इस केस में मेरा नाम तुम्हारे या फिर मेरे फॅमिली में आये.

इतना कह कर अतुल चुप हो गया और निशा का डिसिशन का वेट करने लगा.

निशा:- शायद तुम ठीक कह रहे ho...Agar सच बता दूंगी तो माँ और पापा बहुत परेशान हो जाएंगे.

फिर निशा अपने पापा को फ़ोन करके बताती है की उससे लाइब्रेरी में पढ़ते हुए लेट हो गया और वो अपने दोस्त के नंबर से फ़ोन कर रही hai...Aur वो थोड़ी देर में आ जायेगी.

फ़ोन कट होते hi निशा अतुल से कहती है.

निशा:- थैंक्स ा लोट Atul...Agar तुम न आते तो शायद मुझे बहुत देर तक यही रुकना padta...Papa कॉलेज की जगह पुलिस स्टेशन जा रहे थे कंप्लेंट लिखवाने.

अतुल इस बात का कुछ जवाब नहीं देता है और आर्डर का वेट करने लगता है.

निशा:- इतना चुप क्यों हो तुम? अभी भी गुस्सा हो?

अब्ब निशा को अतुल की चुप्पी अच्छा नहीं लग रहा था.

अतुल:- Nahi...Koshish कर रहा हु चुप रहने ka...Tumhe तो मेरी बातें पसंद hi नहीं.

निशा:- सॉरी Atul...Pehle थोड़ा मिसुन्दरस्टण्डींग था इसी लिए मई तुम्हारे बारे में गलत सोचती थी.

अतुल:- और अब्ब.

निशा:- और अब्ब तुम्हारे बारे में ख्याल बदल gaya...Samajh गयी की मई गलत सोचती थी तुम्हारे बारे me...Itna रात में तुम मेरा फ़िक्र करते हुए आये मेरा तुमसे नफरत करने के बावजूद.

अगर कोई और होता तो उससे फर्क नहीं पड़ता की मई किस हाल में हु लेकिन तुमने दोस्ती का फ़र्ज़ निभाया और मेरी हेल्प के लिए आ gaye...Tumhaara हरकत और गुस्सा देख कर कह सकती हु की तुम सच में मेरे लिए परेशान thhe...Gusse में भी तुमने अपना दोस्ती निभाया.

थैंक्स अतुल.

अतुल:- दोस्ती नहीं मैडम इंसानियत के लिए आया hu...Abhi भी मई तुम्हे अपना दोस्त नहीं मानता हु.

और एक बात पूछना चाहता हु मैंने तुम्हारे साथ ऐसा क्या किया है जो तुम मुझसे नफरत करती थी.

कभी तुम्हारे साथ कुछ गलत नहीं किया, ना hi बदतमीज़ी, ना hi कोई नुकशान या फिर कुछ aur...Bas एक टूर में तुम्हारे साथ बात ज्यादा क्या कर लिया तुमने मेरे बारे में बहुत अच्छा ख्याल बना liya...Aur मेरे साथ ऐसा बेहवे करने लगी जैसे मई कोई आवारा हु, मुझे कोई काम नहीं है लड़की के पीछे पड़ने के alawa...Itna चीप समझती थी तुम मुझे?

खैर ये बातें chhodo...Ye बात से कोई फायदा भी नहीं hoga...Mujhe लगा की तुम्हे मदद की जरुरत होगा सिर्फ इसी लिए आ gaya...Isse ज्यादा कुछ नहीं.

वर्ण पहले hi सोच लिया था तुमसे जितना दूर राहु उतना hi बेहतर है.

अतुल की एक एक शब्द में निशा के लिए गुस्सा tha...Itne दिन का गुस्सा अब्ब बाहर निकल गया tha...Aur निशा को भी अब्ब बहुत बुरा लग रहा था अतुल की बात सुनने के बाद.

वो नहीं जानती थी की उसका एक छोटा सा मिसुन्दरस्टण्डींग अतुल को इतना बुरा लग सकता है.

उसने अपने गलती मानते हुए धीरे से कहा.

निशा:- सॉरी Atul...Mujhe सच में पता नहीं था तुम्हारे बारे में और ये मेरा गलती है की इतना जल्दी तुम्हारे बारे में डिसिशन ले लिया.

इस बार निशा ने दिल से माफ़ी माँगा लेकिन अतुल ने कोई जवाब नहीं दिया.

फिर कुछ देर में आर्डर भी आ gaya...Dono चुप चाप खाते रहे और इस बीच भी दोनों में से किसी ने भी कोई बात नहीं किया.

डिनर करने के बाद अतुल निशा के साथ बाइक में घर की तरफ चल देता है.

रास्ते भर भी दोनों चुप rahe...Atul निशा से बात करना नहीं चाहता था तो निशा भी अतुल फिर कही गुस्सा न हो जाए इस दर से चुप hi रही.

जब दोनों का घर पास में आया तब एक गली में अतुल ने बाइक रोक कर कहा.

अतुल:- अब्ब यहाँ से खुद चली jaao...Mai नहीं चाहता कोई मुझे तुम्हे घर ड्राप करता हुआ dekhe...Mujhe जो कुछ भी करना चाहिए था मैंने कर दिया है.

निशा भी बाइक से उतर गयी और.

निशा:- थैंक्स अतुल.

इस बार मुस्कुरा कर निशा ने कहा.

अतुल:- क्या?

निशा:- थैंक्स अतुल फॉर योर हेल्प.

इस बार निशा ने थोड़ा और मुस्कुरा कर कहा और अपने घर चली गयी.

फिर अतुल भी बाइक आगे बढ़ा देता है अपने घर की aur...Nisha का मुस्कुरा कर थैंक्स बोलने से उसके चेहरे में भी अपने आप मुस्कान आ गया.
 
अपडेट 11

अपने घर में घुसते hi अतुल देखता है की उसके माँ, पापा और भैया हॉल में hi बैठे थे.

अतुल वह से अपने रूम की तरफ जाने hi वाला था की तभी.

गौरव:- कहा से आ रहा है?

लेकिन अतुल कुछ जवाब नहीं deta...Iss वक्त वो गौरव से बहस करने की मूड में नहीं था.

गौरव:- सुना नहीं तूने?

अतुल:- Suna…Lekin तुझे जवाब देना जरुरी नहीं समझता.

अतुल ने इस बार घर के जवाब दिया.

गौरव:- अब्ब तू मुझसे बदतमीज़ी karega…Apne से बड़े से कैसे बात करते है तुझे पता नहीं है क्या.

गौरव ने बस इतना hi कहा था की अतुल उसके पास जाता है और उसके कंधे में हाथ रख कर कहता है.

अतुल:- बदतमीज़ी और बड़ो से baat...Ye सब तूने hi सिखाया है डिअर brother...Abb अगर और बकवास किया न तो यही पीट जाएगा.

संभल jaa...Abhi प्यार से समझा रहा hu...Warna एक कहावत तो सुना hi होगा "लातो के भूत बातो से नहीं मानते."

अतुल ने इस बार कुछ ज्यादा hi गुस्सा में कहा tha…Isse आगे बात और बिगड़ता उससे पहले hi अतुल की माँ ने कहा.

ा. माँ:- अब्ब बस karo…Hamesha लड़ते रहते ho…Tum दोनों एक दूसरे से ऐसे बेहवे कर रहे हो जैसे दोनों भाई नहीं दुश्मन हो.

गौरव:- आप के लाड प्यार ने hi बिगाड़ दिया है isse…Bolne की तमीज भी नहीं है.

अतुल:- अच्छा मई बिगड़ा hu…Aur tu…Tu तो एक प्यारा सा संस्कारी बच्चा है.

जो कॉलेज जाता है लेकिन पढ़ने nahi…Gunda गर्दी करने, लड़किया छेड़ने, अपने जैसे नालायक दोस्तों के साथ दिन भर दारू और सिगरेट में व्यस्त रहता है.

लेकिन मई ये नहीं कहूंगा की माँ की लाड प्यार ने तुझे बिगाड़ा hai…Maa ने तो हम तीनो (एक बड़ी दीदी भी है) को अच्छे संस्कार दिया tha…Lekin तू साला उलटी खोपड़ी लेके पैदा हुआ hai…Ulti और गलत बात hi तेरे भेजे में घुसता है.

टोटली उसेलेस character…Padhne लिखने और अच्छे काम में जीरो है और गुंडों के साथ आवारा गर्दी करने में टॉप है.

गौरव:- क्या बोलै बे तूने?

अतुल:- कान नहीं है क्या तेरे पास?

गौरव:- तेरा इतना हिम्मत की मेरे और मेरे दोस्तों के बारे में बोलै.

इतना कह कर गौरव ने अतुल का कालर पकड़ लिया और अतुल ने भी जवाब में कालर पकड़ लिया.

अतुल:- क्यों तेरे बारे में कहा तो मिर्ची लगा? फिर मेरे बारे में क्यों चुगली करता रहता hai...Abhi तेरे बारे में सिर्फ बोलै hi hai...Wo दूर नहीं जब तू पीट भी jaayega...Mai नहीं चाहता की वो दिन आज hi का हो.

इतना कह कर अतुल गुस्से में गौरव को घूरने लगता है.

दोनों में जैसे युद्ध hi होने वाला था तभी दोनों के गाल में पापा की ेके क थप्पड़ पड़ता है.

ा. डैड:- बंद करो तुम दोनों jhagadna…Kya सोचते हो तुम दोनों अपने बारे me…Thoda बड़ा क्या हो गए तुम दोनों तो ऐसे दिखा रहे हो जैसे घर के गार्डियन तुम दोनों hi हो.

तभी से देख रहा हु तुम दोनों ko…Aur इंतजार कर रहा था की कब तक दोनों शांत होते ho…Lekin नहीं तुम दोनों तो लड़ाई पर उतर आये.

थोड़ा बहुत छूट जो भी दिया है उसका गलत फायदा उठाने की सोचना भी मत.

उम्मीद है अगली बार हाथ उठाना ना पड़े.

इतना कह कर पापा चुप हो gaye…Lekin अभी भी गुस्सा से भरी नजरों से दोनों को देख रहे थे.

गौरव:- पहले आप इससे बोलने की तमीज sikhaaiye…Bade और छोटे की बिच का फर्क hi नहीं जानता.

गौरव ने अतुल को घूरते हुए kaha…Atul की पापा कुछ बोलते उससे पहले अतुल hi बोलै.

अतुल:- मई भी यहाँ टाइम वास्ते नहीं करना chaahta…Bas इतना कहूंगा की इससे कहिये मुझसे दूर रहे.

मई पढ़ना चाहता हु और सिर्फ padhna…Mujhe ऐसे सड़कछाप गुंडे से बहस करके कोई टाइम वास्ते नहीं करना चाहता हु.

(तो गौरव) देख bhai...Abhi के लिए इतना कहूंगा. "तित फॉर तात." इस 3 शब्द में बहुत कुछ hai...Agar दिमाग है तो समझ जाएगा.

बक्चपन से नफरत करता हु तुझसे और तेरी अत्याचार se...Agar एक दिन ये नफरत का बाँध टूट गया तो मई भी नहीं जानता मई क्या कर सकता हु.

ना तूने कभी बड़े भाई की फ़र्ज़ निभाया और ना hi कभी मई भाई की फ़र्ज़ निभाउंगा.

इतना कह कर अतुल फिर अपने माँ और पापा को देखता है और कहता है.

अतुल:- Sorry…Be वजह इतना बड़ा हंगामा हो gaya…Lekin क्या karu…Aur नहीं सेह सकता मई.

इतना कह कर अतुल अपने रूम की तरफ चला गया.

कुछ देर बाद गौरव भी अपने रूम की तरफ चला गया चेहरे में गुस्सा के साथ.

और अतुल की माँ और पापा सोफे में बैठ गए एक चिंता के saath…Apne दोनों बेटे का एक दूसरे एक साथ रिलेशन की चिंता को ले कर.

अतुल इन हिज रूम

अतुल:- (इन हिज मंद) साला कुछ ज्यादा hi उछाल रहा है आज kal…Accha किया जो ढंग से जवाब diya…Warna फिर सताता rehta…Aage भी परेशान करने की कोशिश किया तो सच में पीट दूंगा.

अतुल यही सब सोच रहा था की उसके दिमाग में दूसरा ख्याल आया.

अतुल:- मई भी पता नहीं क्या बेकार की बातें सोच रहा hu…Uski चक्कर में बहुत टाइम वास्ते हो gaya…Agar उसके बारे में सोचता रहा तो मेरा hi टाइम वास्ते होगा और मूड ऑफ bhi…Yahi अच्छा होगा की मई ऐसे बात और लोग को इग्नोर करके अपना काम करू.

फिर अतुल एक बुक ले कर बैठ जाता है टेबल में पढ़ने के liye…Dhire धीरे वो पढ़ने लग जाता है.

नेक्स्ट डे ात कॉलेज

हमेशा की तरह अतुल आज भी अपने टाइम में hi कॉलेज पहुँचता hai…Aaj अजय उसके साथ नहीं था.

जैसे hi अतुल कॉलेज गेट से अंदर जाता है एक जानी पहचानी आवाज उसके कान में पड़ता है.

"Hello अतुल"

अतुल को समझते देर नहीं लगता है की उससे hello निशा ने कहा है.

वो भी निशा की तरफ दायी तरफ मुद कर कहता है.

अतुल:- Hi…Tum yaha…Abhi…Iss वक्त.

अतुल ने हैरानी के साथ kaha…Wo हैरान हो गया था की निशा इतनी जल्दी कैसे आ gayi…Wo हमेशा कॉलेज सुरु होने से 5 मिनट पहले आती थी.

निशा:- है आज से जल्दी hi aaungi…Warna लास्ट में बैठना पड़ेगा हमेशा की तरह.

अतुल:- इसी वजह से मई भी जल्दी आता hu…Warna पहले तो आदत था मेरा कॉलेज के लिए 10 मिनट लेट होने ka…Typical लड़के वाली आदत.

अतुल की इस बात पर निशा को थोड़ी हंसी आया

अतुल:- निशा कल के लिए sorry…Kuch ज्यादा hi गुस्सा में था.

निशा:- तुम सॉरी क्यों कह रहे ho…Galti मेरी hi thi…Maine तुम्हे गलत समझा और तुम्हारी इंसल्ट और परेशान करने का एक भी मौका नहीं chhoda…Fir भी तुमने मेरा हेल्प किया यही बहुत है मेरे liye…Tumne सच में इंसानियत दिखाया.

अतुल:- इसी बात के लिए सॉरी कहना चाहता hu…Ha इंसानियत तो दिखाया मैंने लेकिन तुम्हारी दोस्ती की ऑफर को ठुकरा दिया इंसानियत की नाम पे.

कल मैंने सोचा की ऐसे छोटी छोटी झगडे तो होते रहते hai…Aur ये झगड़ा तो एक मिसुन्दरस्टण्डींग की वजह से हुआ tha…Aur इसको ईगो में नहीं लेना chaahiye…Kuch बातों को इग्नोर करना भी सीखना पड़ता है.

विल यू बे माय फ्रेंड?

इतना कह कर अतुल ने अपना हाथ आगे बढ़ा दिया.

निशा ने भी हाथ मिला कर कहा.

निशा:- Yes…Friends.

और फिर दोनों साथ में क्लास की तरफ चलते है.
 
अपडेट 12

क्लास में जाने के बाद दोनों देखते है की अभी क्लास खाली tha…Dono आज थोड़ा जल्दी hi पहुँच गए थे.

निशा:- चलो उस सीट पर बैठ ते है? (निशा ने एक सीट की तरफ इशारा करते हुए कहा.)

निशा की इस बात का अतुल कोई जवाब नहीं देता hai…Wo निशा को ऐसे देखता है जैसे उससे बहुत हैरानी हुआ है.

निशा:- क्या हुआ? ऐसे हैरानी से क्यों देख रहे हो?

अतुल:- तुम्हारी बातो की वजह से.

निशा:- ऐसा क्या कह दिया मैंने?

अतुल:- तुम साथ में बैठने की बात कर रही हो.

अतुल ने इस तरह से कहा जैसे वो अभी भी हैरान hai…Lekin निशा की कन्फूसिओं देख कर वो मन hi मन है रहा tha…Anjaane में hi उससे एक मजाक का मौका मिल गया.

निशा:- तो कुछ गलत बोल दिया क्या maine…Thik है अगर तुम साथ नहीं बैठना चाहते तो कोई बात नहीं.

इतना कह कर निशा वह से जाने लगती है.

अतुल:- अरे रुको to…Tum तो नाराज हो gayi…Tumhe मेरे साथ बैठने में प्रॉब्लम था na…Aur आज तुम hi साथ बैठने की बात कर रहे हो इसी लिए हैरानी हो रहा था.

निशा:- कल तक की बात अलग thi…Aaj अलग hai…Wo बस एक मिसुन्दरस्टण्डींग tha…Ho सके तो प्लीज भूल जाओ.

निशा को अतुल का पुराना बात याद दिलाना पसंद नहीं आया.

अतुल:- तुम तो सच में बुरा मान gayi…Mai तो मजाक कर रहा tha…Sorry.

निशा:- सॉरी मत bolo…Bas पुरानी बातें याद मत dilaao…Apni मिसुन्दरस्टण्डींग पर शर्मिंदगी सी महसूस होती है.

अतुल:- Ok…Fir कभी नहीं kahunga…Chalo अब्ब सीट पर जा के बैठ ते hai…Warna कुछ देर में सब पैक हो जाएगा.

निशा:- Ok chalo…Lekin बैठेंगे कहा?

अतुल:- यही फ्रंट सीट me…Aaj पहली बार मौका मिला है.

निशा:- फ्रंट सीट में?

निशा ने ये बात थोड़ा तेज कहा जैसे अतुल की बात सुन कर वो शॉकेड हो गयी.

अतुल:- Ha…Koi प्रॉब्लम है क्या?

निशा:- फ्रंट सीट में बैठेंगे तो टीचर का नजर डायरेक्ट हम पर hi पड़ेगा और बिच बिच में क्वेश्चन भी पूछते रहेंगे? मैंने अभी अच्छे से पढ़ना सुरु भी नहीं किया hai…Agar आंसर न दे पायी तो पुरे क्लास के सामने बेइज़्ज़ती होगा.

जो अभी तक पढ़ाई नहीं हुआ है वो क्वेश्चन पूछते तो है लेकिन खुद आंसर नहीं dete…Kehte है खुद ढूंढ के आओ और फिर बाद में pucchenge…Mujhe दर लग रहा है फ्रंट में baithna…Ho सके तो बिच में बैठते hai…Acche से सुनाई भी देगा और टीचर की नजर भी नहीं पड़ेगा.

निशा ने अपने सभी प्रॉब्लम एक सांस में बता दिया.

अतुल:- ओह no…Mountain देव् नहीं है.

अचानक hi अतुल के मुंह से निकला.

निशा:- मौनतीं देव्?

निशा अतुल की बात का मतलब नहीं समझ पायी.

अतुल:- बिकॉज़ "दर के आगे जीत है." और अगर तुम पियोगी तो तुम्हारा सब दर भाग जाएगा.

अतुल ने ये बात कुछ ऐसे अंदाज़ में कहा था जिससे निशा को भी हंसी आ गयी.

हंसने के बाद

निशा:- नीस joke…But सीरियसली मुझे दर लग रहा है आगे बैठना.

अतुल:- कुछ नहीं hoga…Jawaab न देने से कुछ नहीं होगा और मिस्टेक हो गया तो भी कोई बात nahi…Ham सिखने आये है college…Aur सीखते वक्त गलती तो होता hi है.

अगर टीचर मुझे क्वेश्चन पूछेंगे तो बहुत सारे क्वेश्चन ऐसा भी होगा जिसका आंसर मुझे भी पता नहीं hoga…Lekin जिस क्वेश्चन का आंसर नहीं दे पाऊंगा या गलत आंसर दूंगा तब उस क्वेश्चन का आंसर मुझे खुद hi ढूंढ़ना पड़ेगा.

और जब ढूंढूंगा तो वो बहुत वक्त तक याद rahega…Ye सब हमारे लिए hi अच्छा है.

और भी बहुत फायदा hai…Jaise टीचर का नजर पड़ने की दर से हमें हर वक्त पढ़ाई में hi ध्यान देना padega...Exam में भी आसानी hogi...Especially Viva...Marks देने में कंजूसी नहीं करेंगे अगर जान पहचान होगा और उनको ये विश्वास हो की ये स्टूडेंट पढ़ाई में मेहनती है.

अगर कुछ पढ़ना है, कुछ सीखना है तो फ्रंट सीट hi बेस्ट है.

इतना कह कर अतुल चुप हो गया.

निशा:- ठीक है चलो.

फिर दोनों अपने सीट पर बैग रखते है और चेयर में बैठ जाते है.

अतुल:- जानता हु तुम्हे अभी भी दर लग रहा hai…Lekin कुछ दिन एडजस्ट कर लो फिर तुम कम्फर्टेबले भी होगी और अच्छे से पढ़ भी पाओगी.

और रही बात स्टूडेंट्स की हंसने की तो उससे इग्नोर karo…Yakin के साथ कह सकता हु जो भी दुसरो पर हँसते है ज्यादातर स्टूडेंट को खुद उस क्वेश्चन का आंसर नहीं पता hoga…Aur हमें दुसरो से कोई लेना देना नहीं hai…Padhne के लिए आये है तो यही करना चाहिए जिससे हमारी पढ़ाई में सुधार हो न की बेकार की बातें और लोगो के बारे में सोच कर टाइम वास्ते करे.

निशा:- Hmm…Dekhte hai…Kaisa होता है फ्रंट सीट में बैठने का experience…Thoda एक्ससिटेमेंट और थोड़ा दर भी लग रहा है.

अतुल:- होप यू विल एन्जॉय आईटी.

फिर दोनों में कुछ देर ऐसे hi बातें होता है.

निशा:- अतुल एक बात bataao…Abhi हमें दोस्त बने कुछ hi वक्त हुआ hai…Aur तुम अभी इतनी जल्दी मजाक करने लग गए.

निशा की इस बात का अतुल ने थोड़ा मुस्कुरा कर दिया.

अतुल:- मजाक सिर्फ उन्ही से करता hu…Jinhe मई अपना दोस्त मंटा hu…Baaki लोगो से काम की बातें hi करता हु.

निशा:- Interesting…Tumhaare बारे में नए नए बातें पता चल रहा hai…Lagta है तुम्हे समझना मुश्किल hai…Pata नहीं कब कौनसा नया रूप दिख जाए.

अतुल:- समझ jaaogi…Waise भी 5 साल साथ है हम sab…Bahut लम्बा वक्त है ये किसी को भी जाने के liye…Ham सभी स्टूडेंट एक दूसरे को समझ लेंगे इतने वक्त mein…Kisi की बारे में अच्छाई, किसी के बारे में बुराई, किसी से दोस्ती और नजदीकी और किसी से duriyan…Sab kuch…Issi लिए तो कॉलेज लाइफ ख़ास hai…Bahut कुछ सीखते है जिंदगी और पढ़ाई के बारे me…Hamesha साथ देने वाला दोस्त और भी बहुत कुछ.

इतना कह कर अतुल अपने बैग से एक बुक निकालता है.

निशा:- तुम्हारे बारे में एक बात तो अभी जान गयी.

अतुल:- क्या?

निशा:- की तुम्हे पढ़ने में बहुत इंटरेस्ट है?

अतुल:- और वो कैसे?

निशा:- तुम्हारा बैग देख कर कोई भी कह dega…Sabhi बुक ले कर आये हो.

निशा ने हँसते हुए kaha…Jawaab में अतुल ने भी हंस कर कहा.

अतुल:- सही पहचाना.

निशा:- तुम hi एक हो जो सभी बुक ले कर कॉलेज आता hai…Aur भी किताबी कीड़े है क्लास में लेकिन वो भी दो या तीन बुक hi लाते है.

अतुल:- इसी लिए मई यूनिक हु.

अतुल ने थोड़ा मुस्कुरा कर कहा.

निशा:- खुद hi अपनी तारीफ़ कर रहे हो.

अतुल:- नहीं मजाक.

निशा:- अतुल एक बात kahu…Abhi तक मैंने तुम्हे जितना भी जाना है उससे यही लग रहा है की तुम अपने पढ़ाई को बहुत सीरियसली लेते हो.

अतुल:- Hmm…Bahut seriously…Jab बच्चा था तभी से यही सपना था की बड़ा हो कर एक अच्छा डॉक्टर banu…Aur उसके लिए hi पढ़ाई में इतना म्हणत कर रहा हु और इसी वजह से फॅमिली के अगेंस्ट जा कर मब्ब्स पढ़ रहा हु.

निशा:- Nice…Accha डेडिकेशन है.

अतुल:- और मैंने भी नोटिस किया hai…Tum भी पढ़ने में काम नहीं ho…Bas कॉलेज में दिखाती नहीं ho…Lekin तुम भी बहुत टैलेंटेड हो और पढ़ने में मेहनती bhi…And थिस इस थे ओनली थिंग ी अप्प्रेसिएटेड टिल यस्टरडे अबाउट यू.

निशा:- Ha…Padhna मेरा भी शौख है…

निशा इससे आगे कुछ कहती उससे पहले स्टूडेंट्स क्लास में आने लगते है.

निशा:- बाद में बात करेंगे.

अतुल:- Ok.

फिर धीरे धीरे और भी स्टूडेंट्स आने लगते hai…Kuch स्टूडेंट्स अतुल और निशा को साथ बैठे देख हैरान होते है तो कुछ को मतलब नहीं था इस टॉपिक पर.
 
अपडेट 13

थोड़ी देर बाद अजय और अंजलि भी क्लास में आते hai…Atul और निशा को साथ बैठे देख एक पल तो दोनों को विश्वास भी नहीं होता है.

अजय अतुल के पास जा कर पूछता है.

अजय:- भाई तू ठीक तो है na…Mera मतलब तबियत ठीक तो है तेरा.

अजय ने इतनी धीरे से पूछा था की ये बात सिर्फ अतुल ने hi सुना.

अतुल:- है सब कुछ ठीक hai…Lekin तू ये सब क्यों पूछ रहा है.

अतुल अजय की बात का मतलब नहीं जान पाया था.

अजय:- ऐसा लग तो नहीं रहा है…

अजय इससे आगे कुछ पूछता की सभी स्टूडेंट्स की एक साथ आयी आवाज ने उससे रोक दिया.

आल स्टूडेंट्स:- गुड मॉर्निंग सर.

जैसे hi अजय ये आवाज सुनता है वो पीछे मुद कर देखता hai…Sir क्लास में आ चुके the…Ajay अपने सीट की तरफ जा hi रहा था की.

सर:- हे यू!

लेकिन अजय नहीं rukta…Usse पता नहीं था की सर उससे hi बुला रहे है.

सर:- हे यू वाकिंग boy…Tumhe hi बुला रहा हु.

इस बार अजय रुक जाता है और पीछे सर की तरफ घूम कर कहता है.

अजय:- सर आपने मुझे कहा?

सर:- है तुम्हे hi…Lekin तुम तो बिना सुने शान से अपने सीट की तरफ जा रहे थे.

अजय:- सॉरी sir…Mujhe लगा आपने किसी और को बुलाया है.

सर:- वो बात chhodo…Aur ये बताओ क्या टाइम हुआ है?

अजय:- (घडी देख कर) 9:07 ऍम सर.

सर:- और जब मई क्लास में आया था तब 9:05 ऍम हुआ tha…Abb ये बताओ की तुम यहाँ आगे क्या कर रहे थे.

सर ने थोड़ा स्ट्रिक्ट ाआवाज में कहा.

अजय:- सर… क्लास में कोई टीचर नहीं था इसी लिए अतुल से बात कर रहा था.

अजय ने थोड़ा डरते हुए kaha…Aur सभी स्टूडेंट्स उससे hi घर रहे थे इस वजह से वो बहुत उनकंफर्टबले महसूस कर रहा था.

सर:- जरूर बात karo…Lekin लंच टाइम या फिर कॉलेज छूती होने के baad…Bich में किसी भी टीचर की क्लास में चाहे वो क्लास में हो या न हो इस बिच सिर्फ स्टडी रिलेटेड बात होना chaahiye…Padhne आये हो तुम सब यहाँ कोई मेला घूमने नहीं.

एंड ी होप आगे से ऐसी गलती नहीं होगा और होना भी नहीं चाहिए…2 बात ख़ास तौर पर याद रखना मेरे क्लास में आने से pehle…1st यू आल हैवे तो मेन्टेन डिसिप्लिन एंड पुनक्तुअलिटी एंड 2ंद क्लास में आने से पहले प्रेपर हो कर आना और पहले hi मेरा टॉपिक को अच्छे से पढ़ लेना.

अजय:- Ok सर.

अभी भी डरते हुए कहा अजय ने.

सर:- नाउ यू कैन जो.

अजय:- थैंक यू सर.

इतना कह कर अजय अपने सीट पर बैठने चला gaya…Saath hi कुछ स्टूडेंट्स की हसने की आवाज भी aaya…Unme से तेज आवाज था रवि ka...Atul और अजय को बहुत गुस्सा आ रहा था.

सर:- Silent…Hasne की क्या बात hai…Ye बात मैंने एक स्टूडेंट को नहीं कहा hai…Sabhi स्टूडेंट को समझाया है एक एक्साम्प्ले दे kar…Abhi मैंने नोटिस किया है कौन कौन हंस रहा hai…Agar बाद में तुम सब डिसिप्लिन ब्रीच करोगे तो याद रखना मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.

सर की इस बात से सब चुप हो gaye…Pin ड्राप साइलेंस फ़ैल गया वह पे.

सर:- आज 10 मिनट वास्ते हो गया इस वजह se…Ummeed है आगे ऐसा नहीं hoga…So नाउ विथाउट वेस्टिंग अन्य टाइम आज के टॉपिक स्टार्ट करता हु.

मसल्स ऑफ़ एआरएम.

फिर सर एआरएम के बारे में डिटेल में पढ़ाने लगते है.

निशा सर का गुस्सा देख पहले hi दर गयी thi…Wo भी डरते हुए पढ़ाई पर ध्यान देने लगती hai…Aur उसने फिर अतुल को dekha…Atul का पूरा ध्यान पढ़ाई में tha…Aisa लग रहा था वो इंटरेस्ट ले कर पढ़ रहा है.

सर:- सो स्टूडेंट्स मैंने बहुत कुछ एक्सप्लेन कर diya…Ummeed है आप सभी को समझ में आ रहा hoga…Koi कन्फूसिओं है अभी तक?

लेकिन कोई कुछ नहीं pucchta…Pehle hi सभी डरे हुए थे.

फिर सर थोड़ा मुस्कुराते हुए कहते है.

सर:- इंसान hi हु yaar…Koi भूत नहीं hu…Aur सिर्फ पढ़ाई के मामले में स्ट्रिक्ट hu…Warna अपना बड़ा भाई भी मान सकते ho…Age में भी बहुत ज्यादा डिफरेंस भी नहीं है.

कही भी कोई प्रॉब्लम हो पूछ lena…Padhne वाले स्टूडेंट को हमेशा हेल्प करता hu…Aur नहीं पढ़ने वाले के लिए तो खुद hi समझ जाओगे बाद में.

डिसिप्लिन पर स्ट्रिक्ट इस लिए हु क्यों की तुम्हारा प्रोफेशन जो है उसमे डिसिप्लिन की बहुत जरुरत है. डॉक्टर बनने जा रहे हो तुम सब बाद में और अभी से घमंड और करेलेस्स्नेस्स बिलकुल नहीं आना चाहिए तुम सब me…Ek स्टूडेंट का ड्यूटी और अपने प्रोफेशन का रेस्पेक्ट अभी से करना सीखो.

और अगर नहीं पढोगे तो भी मेरा कुछ नहीं jaayega…Mujhe मेरा सैलरी मिलता rahega…Lekin तुम्हारे पेरेंट्स के बारे में सोचता हु इसी लिए किसी तरह पढ़ने पर जोर देता hu…Tum लोग नहीं पढोगे तो सिर्फ तुम्हारा hi नहीं तुम्हारा फॅमिली का भी लोस्स होगा जो तुम्हारे लिए लाखो रुपैये खर्च कर चुके है मब्ब्स के लिए.

इतना जान लो अगर पढ़ कर आओगे और डिसिप्लिन मेन्टेन करोगे तो बहुत अच्छा बेहवे करूँगा तुम सब के साथ और पढ़ने में बहुत हेल्प करूँगा.

खैर ऐसी बातें तो होता रहेगा ये बताओ कोई कन्फूसिओं है अभी तक.

अतुल:- अभी तक तो नहीं है sir…Baad में कोई कन्फूसिओं है तो पूछ लूंगा.

सर:- Ok ठीक है तो अब्ब आगे बढ़ते hai…(Ajay को इशारा करते हुए) तुम तरय करो और बताओ एआरएम के मसल्स के नाम.

अचानक हुआ इस हमले से अजय फिर घबरा जाता है और उठ कर कहता है.

अजय:- बाइसेप्स बरछी, ब्राचिएलिस, करके…

अजय घबराहट में भूल जाता है.

सर:- Coracobrachialis…Bahut अच्छे से पढ़ कर आये ho…Aur थोड़ा बहुत याद भी hai…Bas स्टडी ऑवर में बात मत करना और इसी तरह पढ़ कर आना.

अब्ब 1 मुस्कले बाकी hai…Tum में से कोई बता दो.

अतुल:- ट्राइसेप्स बरछी.

सर:- वैरी good…Padh कर आये ho…Aur मेरे पढ़ाने से पहले hi इतना पढ़ लिया बहुत ाचा hai…Tum दोनों अपना नाम बताओ.

फिर अतुल और अजय अपना नाम बताते है.

सर:- तो आल students…Agar अतुल और अजय की तरह पढ़ कर आओगे तो बहुत कुछ समझोगे एनाटोमी के क्लॉस me...Warna कुछ बातें दिमाग में नहीं घुसेगा और कुछ दिमाग से उड़द जाएगा ...पहले से hi प्रेपर हो कर aao...Revision जैसा लगेगा और बहुत कुछ समझ भी पाओगे.

फिर इसी तरह सर अपना क्लास कम्पलीट कर के चले जाते hai…Baaki की क्लास सभी स्टूडेंट्स के लिए राहत का tha…Kyu की कोई भी टीचर एनाटोमी के सर जितना स्ट्रिक्ट नहीं था.

लंच टाइम

लंच के टाइम अतुल, अजय, अंजलि और निशा एक hi टेबल में बैठे थे.

अजय:- सही सुना tha…Rahul सर बहुत स्ट्रिक्ट hai…Aaj देख भी लिया.

अतुल:- मैंने भी सही सुना tha…Bahut अच्छा लेक्चरर है wo…Aur बहुत अच्छे से पढ़ाया भी unhone…Jo भी कन्फूसिओं था सब क्लियर हो gaya…Bahut इंटरेस्टिंग क्लास था.

अतुल ने ये कह तो दिया लेकिन कहने के बाद महसूस किया की तीनो उससे hi घर रहे है.

अतुल:- ऐसे क्यों घर रहे हो?

हैरानी के साथ अतुल ने पूछा.

अजय:- भाई कितना पढ़ेगा यार tu…Thoda दुनियादारी की बातें भी कर ले.

अतुल:- (हँसते हुए) अच्छा ठीक है.

अजय:- मई तो पूछना भूल hi गया था की तुम और निशा आज साथ में कैसे बैठे थे?

जो सवाल अजय के मन में था क्लास सुरु होने से पहले वो अब्ब उसने पूछ दिया.

फिर अतुल और निशा ने अपनी मिसुन्दरस्टण्डींग की बात दोनों को बताया.

अंजलि:- अच्छा है सब ठीक हो gaya…Warna तुम दोनों का एक दूसरे को ऐसे इग्नोर करना नफरत का रूप ले रहा था.

अजय:- तो क्या अब्ब ये प्यार का रूप ले रहा है?

अजय ने मजाक में kaha…Ajay की बात पर कोई कुछ रियेक्ट करते उससे पहले hi अतुल ने न खुस अंदाज में कहा.

अतुल:- फिर बकवास बातें करना सुरु कर diya…Pyar वयर की बात मेरे सामने मत कर और मुझे प्यार से रेलाते तो बिलकुल भी मत कर.

निशा और अंजलि को अजय की बात से ज्यादा अतुल की बात ने चौंका दिया.

अन्जाइ:- यकीं नहीं होता Atul…Tumhe प्यार पर इंटरेस्ट नहीं hai…Aaj कल तो सभी बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड बनाते hai…Aur तुम्हारे रूप में मैंने पहला ऐसा लड़का देखा है जो प्यार नाम से छिड़ते hai…Baaki के लड़के या तो झूठा और धोखे वाला प्यार hi सही प्यार तो जताते है.

अतुल:- शायद इसी वजह से मई अपने आप को थोड़ा अलग मंटा hu…Sach कहु तो मुझे प्यार जैसी बातें बकवास लगता hai…Aaj के इस दुनिया में लोगो को अपने बारे में सोचने से फुर्सत नहीं है तो दुसरो का केयर क्या करेंगे.

और ये टाइम पास है मेरे नजर me…Isse अच्छा है की मई अपना कीमती वक्त पढ़ाई में इस्तेमाल करू जिससे कुछ सिखने को तो मिलेगा.

अतुल की बात करने की तरीका से hi लग रहा था की उससे प्यार जैसी बात पर बिलकुल भी यकीं नहीं है.

अंजलि:- लेकिन…

अंजलि कुछ कहने hi वाली थी की अजय बिच में रोक कर कहता है.

अजय:- कोई फाइदा nahi…Isko तुम इस टॉपिक पर नहीं समझा सकती ho…Kasam खाया है इसने किसी से प्यार न करने का और एक सक्सेसफुल डॉक्टर बनने का.

निशा:- इस बात में तो कोई लॉजिक hi नहीं hai…Pyar करने से कोई ुणसुक्सेस्सफुल होता है.

अजय:- बात तो तुम्हारा सही hai…Lekin ये बात ये जनाब की समझ में नहीं आएगा.

निशा:- कोई तो वजह होगा अतुल तुम्हारे paas…Pyar पर विश्वास न करने की.

निशा ने तो अतुल से पूछा था ये baat…Lekin जवाब फिर अजय ने दिया.

अजय:- कोई वजह नहीं hai…Ye अतुल का कांसेप्ट है.

निशा:- अजीब कांसेप्ट है.

इस बिच अतुल कुछ भी बात नहीं कर रहा tha…Kyu की वो इस टॉपिक को बढ़ाना नहीं चाहता था.

निशा को अतुल की बात अजीब लग रहा था और उससे लग रहा था की कोई तो वजह है की अतुल को प्यार पर विश्वास नहीं hai…Iss वजह से निशा का अतुल पर उत्शुकता बढ़ने लगता है.

दूसरी तरफ अतुल ने निशा के सामने hi कह दिया प्यार पर विश्वास न होने वाली baat…Aur यही बात दोनों के आगे की लाइफ में बहुत असर डालने वाला था.

फिर कुछ देर में लंच ब्रेक ख़तम हो जाता hai…Class में जाने के बाद अतुल और निशा दोनों पहले जैसे साथ में hi बैठते है.

अब्ब लेक्चर के बिच निशा कभी कभी अतुल को देख लेती thi…Jab भी वो अतुल को देखती वो अतुल के चेहरा और भाव देख कर उससे समझने की कोशिश karti…Har बीतते वक्त के साथ वो महसूस कर रही थी की वो नया अतुल को देख रही है.

इस बिच अतुल का भी निशा से कभी कभी नजर मिल जाता tha…Jab भी दोनों किन अजर मिलता दोनों एक दूसरे को स्माइल पास करते the…Lekin अतुल ने निशा की बिहेवियर में बिलकुल भी बदलाव महसूस नहीं kiya…Wo फीलिंग्स, प्यार, इमोशन जैसे शब्द से अभी कोसो दूर था.
 
अपडेट 14

ात इवनिंग

कॉलेज से आने के बाद नाश्ता कर के निशा छत की तरफ जाती hai…Padhaai की सुरुवात करने से पहले वो छत में खुला और शाम की ठंडी हवा में फ्रेश होना चाहती थी.

छत के गेट तक पहुँचते hi उसके कानो में गाने की आवाज आती hai…Gaana की आवाज से उससे थोड़ा अंदाजा तो हो hi गया था की गाने वाला अतुल hai…Chhat के दूर खोल कर छत में आने के बाद उसका अंदाजा सच्चाई में बदल गया.

गाना गाने वाला अतुल hi tha…Uska पीठ निशा की तरफ tha…Haath में गिटार लेकर वो गिटार बजाने के साथ साथ धीमी आवाज में गाना गए रहा tha…Nisha धीरे धीरे अतुल के पास जाती hai…Atul अपने गाने में इस तरह डूबा हुआ था की उससे निशा के आने के बारे में पता hi नहीं चला.

मैं रहूँ या न रहूँ

तुम मुझ में कहीं बाकी रहना

मुझे नींद आये जो आखिरी

तुम ख्वाबों में आते रहना

बस इतना है तुमसे कहना (क्ष4)

मैं रहूँ या न रहूँ

तुम मुझमे कहीं बाकी रहना

किसी रोज़ बारिश जो आये

समझ लेना बूंदों में मैं हूँ

सुबह धुप तुमको सताये

समझ लेना किरणों में मैं हूँ (क्ष2)

कुछ कहूं या न कहूं

तुम मुझको सदा सुनते रहना

बस इतना है तुमसे कहना (क्ष4)

हवाओं में लिप्त हुआ मैं

गुज़र जाऊँगा तुमको छू के

अगर मैं हो तो रोक लेना

ठहर जाऊँगा इन लबों पे (क्ष2)

मैं दिखू या न दिखू

तुम मुझको महसूस करना

बस इतना है तुमसे कहना (क्ष4)

हम्म..

बस इतना है तुमसे कहना (क्ष4)

मैं रहूं या न रहूं

तुम मुझ में कहीं बाकी रहना..



जब अतुल ने पूरा गाना गाके गिटार को साइड में रखा hi था की उससे पीछे से किसी की ताली बजाने की आवाज सुनाई देता है.

वो चौंक कर पीछे देखता hai…Nisha को देख के वो थोड़ा हैरान होता hai…Usne इस वक्त निशा को यहाँ एक्सपेक्ट नहीं किया tha…Aur निशा कब यहाँ आ गयी उससे पता भी नहीं chala…Wo इससे ज्यादा कुछ और सोच पाटा उससे पहले hi निशा बोली.

निशा:- बहुत अच्छा गाते हो.

ये कह कर निशा ने मुस्कुरा कर फिर ताली बजाय.

अतुल:- थैंक्स.

अतुल ने भी मुस्कुरा कर कहा.

निशा:- एक बात पूछ सकती हु अगर तुम बुरा नहीं मानोगे तो?

अतुल:- पूछो.

निशा:- तुम कहते हो की तुम प्यार में विश्वास नहीं karte…Lekin अभी तुम रोमांटिक गाना गए रहे थे वो भी डीप फीलिंग के साथ.

निशा अतुल को अभी भी समझने की कोशिश कर रही thi…Wo अतुल को कभी एक रूप में देखती तो कुछ पल बाद अतुल का दूसरा रूप दिख जाता था उससे.

अतुल:- वो तो अभी भी कहूंगा की प्यार पर विश्वास नहीं करता.

अतुल ने फिर से मुस्कुरा कर जवाब दिया.

निशा:- लेकिन ये गाना!!!

निशा अब्ब कंफ्यूज हो गयी.

अतुल:- गाना की बात अलग hai…Wo तो फ्रेश होने के लिए गए लेता hu…Jab भी गाना सुनता hu…Ek अलग hi सुकून मिलता hai…Sabhi टेंशन और प्रॉब्लम कुछ पल के लिए भूल जाता हु.

रोमांटिक सांग्स सुन कर लगता है की शायद अभी भी दुनिया में सच्चा प्यार होता hai…Warna जितना सुना है, देखा है, महसूस किया है इससे तो लगता है की आज कल प्यार प्यार नहीं टाइम पास करने का एक तरीका hai…Koi किसी से प्यार करता है या फिर दिखावा करता है तो उसके पीछे भी स्वार्थ और मतलब होता है.

अगर मूवीज और गाने की तरह सच्चा प्यार कोई किसी से करे तो मुझे कोई शिकायत नहीं है.

निशा:- Hmm…Baat तो सही hai…Lekin अब्ब तुमने मान लिया की अगर कोई तुमसे सच्चा प्यार करे तो तुम्हे प्यार से कोई प्रॉब्लम नहीं hai…Matlab तुम भी किसी से प्यार करोगे?

अतुल:- प्यार से शिकायत नहीं रहेगा लेकिन किसी के प्यार में नहीं padunga…Mai अपने लाइफ में सक्सेसफुल बनना चाहता हु और प्यार मेरे रास्ते में आ गया तो मई अपने सपना मेरा एम्बिशन से डिस्ट्रक्ट हो jaaunga…Aisa मई कभी नहीं चाहता.

निशा अतुल की जवाब सुन कर इस बार कुछ बोल नहीं paayi…Usne इस बार महसूस किया की अतुल स्वार्थी hai…Ape सपना और चाहत पूरा करने के लिए किसी की फीलिंग्स की परवाह नहीं करता.

अतुल:- सक्सेसफुल से मेरा मतलब है एक सक्सेसफुल और रेस्पोंसिबल doctor…Naa की नाम और पैसा कमाने वाला डॉक्टर.

बचपन से hi मैंने सपना देखा था की एक रेस्पोंसिबल डॉक्टर बनु जो लोगो के काम आ sake…Sewa करके दुसरो को खुस देख सकू यही सपना है मेरा बचपन se…Iske लिए मुझे मेरे पापा और भैया के खिलाफ भी जाना pada…Abb मई ये नहीं चाहता की प्यार जैसी बातो में पद कर मई अपने लक्ष्य से भटक जाओ.

निशा का ख्याल अतुल के लिए एक पल में फिर से बदल गया.

निशा:- बहुत अच्छा सोच है tumhara…Lekin एक बात समझ में नहीं आया प्यार से कोई कैसे डिस्ट्रक्ट होता hai…Pyar कोई किसी से नहीं करता मर. अतुल प्यार हो जाता hai…Bas दो दिल एक दूसरे के लिए ये चाहत महसूस करे यही तो प्यार hai…Aur कुछ वक्त एक दूसरे से बिताने से और एक दूसरे से अच्छी बात करना hi काफी है.

मैंने सुना है की प्यार से इमोशनल सपोर्ट मिलता है जो हमें मुश्किल से मुश्किल हालत से भी लड़ने में मदद करता hai…Jindagi में कुछ करने की हौसला मिलता hai...Apne प्यार के साथ रहने की ख़ुशी और सुकून मिलता हाउ. अगर प्यार सच्चा है तो प्यार कमजोरी नहीं ताकत है.

निशा ने भी अपनी बात अतुल को कहा.

अतुल:- सच kaha…Agar सच्चा प्यार है to…Lekin आज कल "सच्चा प्यार" ये शब्द सुनने को मिलता hi नहीं hai…Dekha है मैंने अपने दोस्तों ko…Entrance प्रिपरेशन के टाइम में लगभग बहुत के पास गर्लफ्रेंड tha…Din भर "लव यू, मिस यू, किश यू, हुग यू" ऐसे बातें करते करते अपने टारगेट से hi भटक गए.

डेसेर्विंग स्टूडेंट जिन्हे आसानी से स्कालरशिप मिल सकता था वो भी एग्जाम में फ़ैल हो गए.

अब्ब बताओ कैसा प्यार है ये?

और रही बात सच्चा प्यार का to…Mujhe ऐसा प्यार भी नहीं chaahiye…Saccha प्यार होने से गारंटी नहीं मिलता की प्यार को उसका अंजाम mile…Kayi बार ऐसे हालत आते है की सच्चा प्यार भी बिच में hi अटक जाता hai…Aur वैसे भी मई बहुत इमोशनल टाइप hu…Bardaast नहीं कर पाऊंगा प्यार में जुदाई ko…Aur इस तरह अपने लाइफ में आगे बढ़ भी नहीं पाऊंगा अपना सपना पूरा करना तो दूर की बात है.

इसी लिए मई अपना सपना पूरा करने से पहले कोई लफड़ा नहीं chaahta…Agar शादी हो गया तो अपने वाइफ से भी तो प्यार हो सकता है भले hi वो अरेंज्ड मैरिज हो.

यही है मेरा कांसेप्ट जो अजय बता रहा tha…Shaadi और सपना पूरा करने से पहले कोई प्यार के चक्कर में नहीं पडूंगा.

इतना कह कर अतुल चुप हो gaya…Aur निशा इस बात पर क्या कहेगी उस बात का वेट करने लगा.

निशा:- सही बात hai…Lekin जितना ासहनी से तुम बोल रहे हो उतना आसान भी नहीं hai…Agar तुम्हे कोई पसंद आ गया न तो देखना तुम्हारा सब कांसेप्ट एक पल में बदल जाएगा.

अतुल:- मुझे तो नहीं lagta…Fir भी देखते है.

अतुल के दिमाग में एक बात आया और उसने निशा से पूछा.

अतुल:- Nisha…Ek बात bataao…Tum प्यार की पक्ष (साइड) में बात कर रही ho…Class में कोई लड़का पसंद आ गया क्या तुम्हे?

अतुल की अचानक से इस अनएक्सपेक्टेड सवाल पर निशा चौंक gayi…Sar को ना में हिला कर उसने कहा.

निशा:- नहीं.

अतुल:- फिर तुम्हे प्यार के बारे में इतना कैसे पता चला? बात तो तुम्हारा सच hi है लेकिन ये थ्योरी मुझ पर लागू नहीं होता.

निशा:- सुनी हुई बात hai…Movie और स्टोरीज से जो भी पता है वॉक यह दिया.

अतुल:- अच्छा hai…Ek सुग्गेस्टिव dunga…Kisi से प्यार करने से पहले उसके बारे में अच्छे से पता कर lena…Bahut इंसान के मासूम शकल और बातो के पीछे खौफनाक इरादा होता hai…Agar गलत इंसान से प्यार करोगी तो जिंदगी भर पछताना पड़ेगा.

निशा:- Jarur…Pyar तो किसी को अच्छे से जाने पहचाने से hi होता hai…Khair अभी तक कोई नहीं मिला जिससे मुझे भी प्यार ho…Jab मिलेगा तब सोचूंगी.

अतुल:- अच्छा अपने बारे में भी बताओ kuch…Mere बारे में hi पूछ रही ho…Dsti हो गया लेकिन अभी तक तुम्हारे बारे में ज्यादा नहीं जानता हु.

निशा:- ज्यादा कुछ नहीं है बताने ko…Apne माँ और पापा की एक लौटी और लाड़ली बेटी hu…Tumhaari तरह एक अच्छा डॉक्टर बांके लोगो का सेवा करना मेरा भी सपना है.

अभी तक जिंदगी से कोई शिकायत नहीं hai…Jo भी चाहा है सब पूरा हुआ hai…Scholarship के लिए 2 मार्क्स पिच्छे रह गयी फिर भी पापा ने जिद्द करके डोनेशन में एडमिशन करा diya…Maa और पापा बहुत प्यार करते है मुझसे यही मेरे लिए सबसे ख़ुशी की बात hai…Kuch अच्छे दोस्त भी मिले hai…Abhi तक अपने जिंदगी से खुस हु और उम्मीद है की आगे भी ऐसी hi ख़ुशी जिंदगी भर रहे.

निशा ने बहुत खुस हो कर kaha…Aur अतुल अपने मन में सोचने लगा.

अतुल:- (इन हिज मंद) काश मेरे पापा भी मुझे कभी समझते.

लेकिन वो जल्द hi अपने ख्याल से बाहर आया और निशा से कहा.

अतुल:- स्वीट एंड हैप्पी फॅमिली.

निशा ने इस बात का जवाब मुस्कुरा कर सर को हां में हिला कर दिया.

अतुल:- निशा सॉरी अब्ब कल बात karenge…Abhi फिजियोलॉजी पढ़ने वाला था लेकिन बातो में hi टाइम कब इतना बीत गया पता hi नहीं चला.

अतुल ने घडी देखते हुए कहा.

निशा:- Ok…Abb मई भी चलती hu...Kal कॉलेज में मिलते है.

फिर दोनों अपने अपने रूम में चली गयी.

जाते वक्त निशा सोचती है.

निशा:- (इन हेर मंद) पहली बार ऐसा इंसान देखा है जो प्यार से इतना डरता hai…Lekin सोच बहुत hi सही hai…Dekhte है कभी ये सोच बदलेगा या नहीं.

दूसरी तरफ अतुल को भी खुद पर बहुत यकीं था की वो हमेशा ऐसा hi रहेगा और कभी प्यार नहीं karega…Uska जो टारगेट है उससे hi हासिल करेगा.
 
अपडेट 15

नेक्स्ट डे ात कॉलेज

अतुल आज अकेले hi कॉलेज अपने टाइम में gaya…Class के अंदर जाने के बाद उसने देखा की कुछ hi स्टूडेंट्स अभी आये the…Close फ्रेंड्स में काजल hi आयी थी.

काजल भी फ्रंट सीट में hi बैठी thi…Atul उसके पास जा कर बोलै.

अतुल:- Hi…May ी सीट हेरे?

काजल ने कुछ नहीं kaha…Bas अतुल को घूरती रही.

अतुल:- क्या हुआ? ऐसे क्यों घर रही हो?

काजल:- तुम ऐसे परमिशन क्यों मांग रहे हो बैठने के लिए जैसे हम दोस्त नहीं कोई अजनबी है?

काजल ने थोड़ा गुस्सा में पूछा.

जवाब में अतुल ने थोड़ा मुस्कुरा कर कहा.

अतुल:- इस लिए गुस्सा ho…Maine सोचा आज कुछ एक्स्ट्रा रेस्पेक्ट के साथ बात करू.

काजल:- अभी तक खड़े ho…Baitho.

अतुल के बैठने के बाद.

काजल:- और ये एक्स्ट्रा रेस्पेक्ट क्या है?

अतुल:- मई जब भी किसी के साथ बात करता हु रेस्पेक्ट के साथ बात करता hu…Socha आज अपना लेवल बढ़ा कर कुछ ज्यादा hi रेस्पेक्ट से बात करू.

अतुल की होंठो में अभी भी मुस्कान था.

काजल:- किसी और को ये एक्स्ट्रा रेस्पेक्ट dena…Mujhe नहीं chaahiye…Mujhse उसी तरह से बात करो जैसे नोर्मल्ली करते हो.

अतुल:- ठीक hai…Lekin अभी भी तुमसे वैसे hi बात कर रहा हु जैसे नोर्मल्ली करता हु.

काजल:- नोर्मल्ली तो तुम किसी को एक्स्ट्रा रेस्पेक्ट नहीं देते हो?

अतुल:- है नहीं देता hu…Lekin दोस्तों से मजाक तो करता hu…Abhi फेस एक्सप्रेशन चेंज कर के बात किया tumse…Aur तुम ने इससे सच मान लिया.

इतना कह कर अतुल थोड़ा हंसने लगा.

काजल कुछ सोच पाती उससे पहले अतुल ने कहा.

अतुल:- अभी कुछ देर में पढ़ाई सुरु होगा तो कुछ बोलने का फुर्सत भी नहीं milega…Issi लिए सोचा मस्ती मजाक के लिए इससे अच्छा वक्त नहीं milega…Aur फिर दिखा दिया तुम्हे अपना एक्टिंग स्किल.

अतुल ने हँसते हुए hi कहा और अतुल की इस बात पर काजल भी हसने लगी.

तभी क्लास के अंदर निशा और अंजलि भी आ गयी.

Hi hello करने के बाद दोनों 2-3 रौ पीछे जा कर बैठ गयी.

काजल:- सच में तुम्हारा ये मजाक समझ नहीं paayi...Aur साथ में तुम्हे भी समझ नहीं पा रही hu…Kabhi एक डैम सीरियस रहते हो तो कभी अचानक से मस्ती.

अतुल:- धीरे धीरे समझ jaaogi…Abhi के लिए इतना समझ लो की मई सीरियस hi रहता हु ज्यादातर लेकिन दोस्तों के साथ कभी कभी मस्ती मजाक भी करता hu…Khair ये बातें chhodo…Ye बताओ कल कॉलेज क्यों नहीं आयी?

काजल:- कल थोड़ा बुखार था मुझे.

अतुल:- अब्ब कैसा है तबियत? दवाई खाया या नहीं?

काजल:- ज्यादा बुखार नहीं tha…Bed रेस्ट लेने के बाद ठीक हो गयी.

अतुल:- अच्छा hai…Jald hi ठीक हो गयी.

दूसरी तरफ निशा आज भी अतुल को नोटिस कर रही thi…Jab वो क्लास में आयी थी तब उसने देखा की अतुल और काजल हँसते हुए एक दूसरे से बात कर रहे the…Aur अब्ब भी बात कर रहे hai…Lekin इस बात का वो यही मतलब निकाल पायी की दोनों के बिच बहुत जल्दी गहरा दोस्ती हो गया है.

फिर क्लास में एंट्री हुआ अजय ka…Usne सभी स्टूडेंट्स और सीट की तरफ dekha…Pehle अतुल को देखा और साथ में काजल को बैठा देख थोड़ा खुस हो gaya…Fir उसका नजर पड़ा अंजलि पर और फिर साथ बैठी निशा par…Ye देखते hi उसका चेहरा एकदम से लटक gaya…Aur फिर मायूस हो कर लास्ट रौ की तरफ चला गया.

अतुल अजय का फेस एक्सप्रेशन देख कर मुस्कुराये बिना नहीं रह saka…Aur अपने मन में hi कहा. "उंलख्य फेलो".

फिर इसी तरह कुछ देर बाद सर भी क्लास में आ gaye…Aur पढ़ाई सुरु हुआ.

हमेशा की तरह अतुल पढ़ते वक्त शांत था और पढ़ाई में ध्यान दे रहा tha…Lekin कभी कभी काजल से बात भी कर लेता tha…Aur लउकीली या ुनलुकइली जब भी वो काजल से बात करता निशा की भी नजर अतुल पर उसी वक्त पद जाता.

वो अपने मन में सोचने लगती hai…"Atul तो पढ़ते वक्त किसी से बात नहीं karta…Fir आज काजल के साथ?"

इसी तरह पढ़ाई ख़तम होने के बाद लंच ब्रेक स्टार्ट होता है.

बाकी सब कैंटीन में चले जाते है अतुल के alawa…Atul अपना नोट कम्पलीट करने के लिए थोड़ी देर क्लास में hi रुकता है.

जब वो कैंटीन में जाता है तो देखता है की अजय, अंजलि, निशा और काजल साथ में hi बैठे the…Wo भी उनके पास चला जाता है.

सभी एक साथ लंच करने लगते hai…Tabhi काजल कहती है.

काजल:- कल मई कॉलेज नहीं आ paayi…Atul प्लीज तुम अपना नोट मुझे दो आज के liye…Kal वापस कर दूंगी.

अजय:- अगर तुम इसका कॉपी ले जाओगी तो ये बेचारा का बहुत hi बुरा हाल हो जाएगा 1 दिन के liye…Iske लिए पढ़ाई ऑक्सीजन की तरह है…1 दिन तो क्या अगर 1 घंटे भी ये बुक और कॉपी से अलग हुआ तो इसको ऐसा घुटन महसूस होता है जैसे 1 मिनट तक सांस नहीं ले पाया है.

पढ़ाई इसकी जान है.

अजय ने अतुल का मजाक उड़ाते हुए kaha…Uski इस बात पर सभी हंसने lage…College का सुरुवात हुआ कुछ हफ्ते हो गए the…Itne वक्त में सभी का एक दूसरे से अच्छा जान पहचान हो गया था और ऐसी मस्ती मजाक भी कॉमन था.

अतुल:- कुछ ज्यादा hi तारीफ़ कर दिया तूने.

अतुल ने अजय को घर कर कहा जैसे वो नाराज हो गया है अजय की बात se…Lekin सभी जानते थे की ये अतुल का एक्टिंग है और वो अजय से इतनी छोटी छोटी बातों पर कभी नाराज नहीं होता है.

अजय:- काजल तुम मेरा कॉपी ले jaao…Waise भी मई घर जा कर बैग खोलता भी नहीं hu…Aur अतुल को उसकी जान से कोई जुड़ा भी नहीं कर पायेगा.

अजय भी अब्ब मजाक के मूड में आ gaya...Aur बहुत अच्छा टारगेट मिला उससे अतुल के रूप में.

कुछ देर हंसने के बाद काजल ने कहा.

काजल:- Nahi…Mujhe अतुल का कॉपी hi चाहिए.

अंजलि:- ऐसा kyu…Ham सब तो तैयार है तुझे अपने कॉपी देने के liye…Fir भी तू अतुल को उसकी जान से जुड़ा कर रही है.

अंजलि ने लास्ट लाइन अतुल को देख कर कहा और हंसने lagi…Iss बार भी सभी ने उसका साथ diya…Maahaul ऐसा हो गया था की निशा भी खुल कर हसने लगी.

काजल:- अतुल के अलावा तुम सभी की हैंड राइटिंग टिपिकल डॉक्टर जैसी hai…Mai कुछ समझ नहीं paaungi…Sirf अतुल का राइटिंग hi क्लियर है और बेचारा बहुत म्हणत से नोट बनता है.

अजय:- प्यार चीज है hi aisa…Atul अपने जान को बहुत hi सजा कर रखता hai…Acchi हैंड राइटिंग कोई नयी बात नहीं है.

अतुल:- सच में yaar…Kaha की बात को खा ला कर जोड़ diya…Critical और इनोवेटिव थिंकिंग बहुत अच्छा है तुम सब ka…Keep आईटी up…Aur रही बात नोट देने का तो मुझे नहीं लगता इसकी कोई जरुरत है.

अतुल ने भी मुस्कुरा कर hi kaha...Usse भी दोस्तों का मजाक अच्छा लग रहा था.

अजय:- कहा था न अतुल अपने जान से 1 घंटा भी दूर नहीं रह सकता…1 दिन तो बहुत ज्यादा है.

अजय की मजाक पर सभी है रहे थे सर काजल को छोड़ कर.

काजल:- कोई प्रॉब्लम है क्या अतुल? अगर आज नहीं दे सकते तो किसी सुर दिन दे देना वक्त मिला कर.

काजल ने सोचा अतुल पढ़ने में बिजी होगा.

अतुल:- मोबाइल है तुम्हारे पास?

काजल:- है है.

काजल कंफ्यूज हो कर boli…Atul की बात की मतलब वो समझ नहीं पायी थी.

अतुल:- तो फिर क्लास में चलने के बाद सभी पेजेज का फोटो खिंच lena…Note कॉपी का एक्स्ट्रा वेट भी तुम्हे उठाना नहीं padega…Aur मुझे भी कोई वेट करना नहीं पड़ेगा.

अजय:- Waah…Kya आईडिया है bhai…Superb…Mujhe यकीं था तू अपने जान को खुद से अलग नहीं होने देगा.

अजय की इस बात पर अतुल अपने सर में एक हाथ मारता है और कहता है.

अतुल:- तू अभी तक वही अटका है.

फिर सभी ऐसे hi मस्ती मजाक करते हुए अपना लंच करते है.

आज निशा कुछ बोल नहीं रही thi…Wo बस अतुल को hi नोटिस कर रही thi…Hansta और खुल कर बोलता हुआ अतुल उससे बहुत अच्छा लग रहा tha…Canteen में अभी हो रहा ये मस्ती मजाक भी उससे बहुत अच्छा लग रहा था.

लेकिन अतुल और काजल का दोस्ती जो और भी गहरा हो रहा था ये देख निशा ज्यादा अच्छा फील नहीं karti…Usse भी समझ में नहीं आ रहा था की ये सब क्या हो रहा hai…Pehle तो उसने ऐसा फील नहीं किया काजल और अतुल का दोस्ती और हँसते हुए बात करते देख kar…Kuch छुभता सा महसूस हो रहा था उससे पर वजह से अभी भी अनजान थी.
 
अपडेट 16

आफ्टर कॉलेज

कॉलेज से आने के बाद भी निशा बुझी बुझी सी thi…Usse कुछ समझ में नहीं आ रहा था की उससे क्या हो रहा hai…Wo बस इतना महसूस कर रही थी की उससे कुछ अच्छा नहीं लग रहा hai…College में अतुल और काजल की बात तो वो भूल चुकी थी फिर भी उससे कुछ अच्छा नहीं लग रहा था.

और आज भी वो पढ़ने से पहले छत में मूड फ्रेश करने gayi…Chhat में आते hi आज फिर अतुल का दर्शन हो gaya…Lekin आज उसने अतुल को अलग hi रूप में dekha…Jab भी वो अतुल को देखती अतुल का एक नया रूप उसके सामने आता.

आज अतुल क्रिकेट बात ले कर हाथ घुमा रहा tha…Ball साइड में रखा था और बॉल उसे किये बिना वो शॉट प्रैक्टिस कर रहा था.

जब अतुल का नजर निशा पर पड़ा तो उसने बात को निचे रख कर निशा की छत की तरफ आया और मुस्कुरा कर बोलै.

अतुल:- Hi.

निशा:- Hi.

निशा की आवाज से साफ़ पता चल रहा था की उसका मूड ऑफ hai...Nisha का मूड तो पहले से hi ठीक नहीं था लेकिन इस बार वो थोड़ा हैरान भी थी.

अतुल ने भी महसूस किया की निशा का मूड ठीक नहीं hai…Usne सोचा शायद पढ़ाई की प्रेशर की वजह से निशा ऐसा फील कर रही hai…Usne खुद के साथ भी ऐसा बहुत बार फील किया था.

अतुल:- क्या हुआ? आज तुम बहुत चुप ho…Kuch बोल भी नहीं रही ho…Naa hi कॉलेज में और अभी भी तुम्हारा मूड ठीक नहीं लग रहा है.

निशा:- नहीं ऐसी कोई बात नहीं है.

निशा ने कुछ सोचते हुए जवाब diya…Lekin उसकी आवाज से अभी भी पता चल रहा था की उसका मूड ऑफ है.

अतुल ने भी इस बारे में ज्यादा बात करना ठीक नहीं samjha…Usne सोचा कुछ अच्छी बातें करके निशा की मूड ठीक करने का.

अतुल:- तो बताइये मैडम? छत में आना कैसे हुआ.

अतुल ने उसी तरह कहा जैसे उसने सुबह काजल से कहा था.

अचानक बदला हुआ आवाज सुन कर निशा अतुल की तरफ देखती hai…Saamne अतुल का मुस्कुराता हुआ चेहरा देख निशा का मूड काफी हद्द तक वैसे hi ठीक हो जाता hai…Atul का ये मुस्कान निशा को बहुत hi आकर्षक लगा और कुछ पल के लिए वो अतुल की चेहरे में hi खो जाती है.

अतुल:- क्या हुआ मैडम?

अतुल ने पहले जैसे अंदाज में hi पूछा.

इस बात से निशा भी होश में आ जाती है.

निशा:- अतुल एक बात कहु?

पहली बार अतुल ने महसूस किया की अब्ब निशा की मूड ठीक है.

अतुल:- जी पूछिए?

निशा:- स्माइल करते वक्त तुम बहुत अच्छे लगते ho…Aise hi मुस्कुराते रहो.

अतुल:- थैंक्स फॉर थिस Taarif…Muskuraate वक्त सभी अच्छे लगते hai…Aap भी लगती hai…So आप भी मुस्कुराती रहिये.

अतुल का बोलने का अंदाज वैसा hi था सिर्फ मुस्कान थोड़ा बढ़ गया.

अतुल की इस बात पर निशा भी मुस्कुराने लगती है.

अतुल:- अब्ब हुई न baat…Musuraate हुए बहुत अच्छी लगती ho…Pehle सदा हुआ करेला जैसा लग रही थी.

अतुल ने मुस्कुराते हुए hi kaha…Atul ने जैसे hi अपनी बात ख़तम किया निशा का चेहरा एकदम से बदला gaya…Jhuttha गुस्सा का दिखावा करते हुए उसने कहा.

निशा:- यू…

इतना कह कर वो अतुल को मारने लगती hai…Atul भी थोड़ा पीछे हट जाता hai…Dono घर के छत के बिच छोटा सा सीमेंट का रेलिंग था तो अब्ब निशा कुछ भी नहीं कर पा रही थी.

निशा:- बच कर कहा जाओगे.

निशा ने अभी भी झूठा गुस्सा दिखा कर hi कहा tha…Atul का उससे बात करने का तरीका और जिस तरह से अतुल ने उसका मूड ठीक किया था उससे वो अतुल से और भी इम्प्रेस हो गयी थी.

अतुल:- अरे क्यों मार रही ho…Maine तो इतना कहा था की मुस्कुराते वक्त तुम बहुत अच्छी लगती ho…Abb मैंने ऐसा क्या जुर्म कर दिया की तुम मुझ मासूम को मार रही हो?

अतुल ने इस बार मासूमियत का एक्टिंग करते हुए कहा.

निशा:- और सदा हुआ करेला भी कहा था.

जवाब में अतुल कान पकड़ कर मासूमियत से कहता है.

अतुल:- सॉरी.

अतुल की इस हरकत पर निशा को हंसी आ जाता है और वो खुल कर हसने लगती hai…Mauka पा कर अतुल फिर निशा के पास आ जाता है.

निशा:- हद्द हो यार तुम bhi…Koi इतना हसता है क्या?

हंसी रुकने के बाद निशा ने पूछा.

अतुल:- इससे हसना नहीं मानना कहते hai…Agar कभी भी मूड ऑफ हो तो आ जाना मेरे paas…Aise मुफ्त के सेवा बहुत है मेरे पास.

निशा:- वो तो दिख hi रहा है.

इसी बात से दोनों के होंठो में मुस्कान आ जाता है.

फिर थोड़ी देर तक दोनों ऐसे hi बात करते hai…Abb दोनों धीरे धीरे एक दूसरे के साथ खुल रहे the…Fir निशा की नजर अतुल की बात पर पड़ता है.

निशा:- ये क्या है?

अतुल:- मेरा bat…Lekin ये क्यों पूछ रही हो?

निशा:- तुम्हे क्रिकेट खेलने के लिए फुर्सत भी मिलता है?

निशा ने थोड़ा हैरानी के साथ पूछा.

अतुल:- क्यों नहीं मिलेगा? कॉलेज के बाद फ्री hi तो रहता hu…Thodi न मेरे पास कोई जॉब hai…Free टाइम में बुक, बात और गिटार ऐसे hi टाइम पास हो जाता है.

निशा:- लेकिन मई तो सोचती थी की तुम सिर्फ पढ़ते hi रहते हो?

अतुल:- गलत सोच है आप की madam…Jitni जरुरत हो उतना पढता तो hu…Extra टाइम 4 घंटा पढता hu…Lekin मूड फ्रेश भी करता hu…Iske लिए क्रिकेट और गिटार है टाइम पास करने के लिए और मूड फ्रेश करने के लिए.

बुक, बात और गिटार ये तीनो hi मेरी जान hai…Teeno को साथ ले कर चलता हु.

अतुल की लास्ट की बात पर निशा को फिर से हंसी आ गया.

निशा:- अच्छा ये bataao…Time मैनेज कैसे करते हो?

अतुल:- सिंपल ेकशन है…8 घंटा कॉलेज, 4 घंटा पढ़ाई, 7 घंटा सोता हु, 2 घंटा इंटरनेट में बिजी रहता हु और 2 घंटे ऐसे hi बाहर निकल कर मूड फ्रेश करता hu...Aur 1 घंटा ऐसे hi निकल जाता है किसी न किसी चीज मैं.

पढ़ाई भी अच्छे से हो जाता है और साथ में मूड भी ठीक रहता hai…Aur क्रिकेट छ्होटी के दिन hi खेलता हु.

अतुल ने अपना कॉम्प्लिकेटेड टाइम टेबल बहुत सिंपल तरीके से बता दिया.

निशा:- अब्ब ये मत कहना की तुम सोशल मीडिया में भी एक्टिव हो?

अतुल:- कभी कभी एक्टिव रहता hu…Jarurat पड़ने par…Jyaadatar फेसबुक चलता हु जब भी एक्टिव होता hu…Kabhi कभी चाट करने के लिए.

निशा:- क्या तुम अपना ईद दे सकते हो?

निशा ने रिक्वेस्ट किया.

अतुल:- अरे यार इतना रिक्वेस्ट क्यों कर रही ho…Ham दोस्त hai…Aise hi मांग lo…De दूंगा.

इतना कह कर अतुल ने अपना ईद निशा को बता दिया.

कुछ दे रेज hi बात करने के बाद निशा फिर एक बहाना बना कर अपने रूम में चली जाती है.

अतुल से बात करने के बाद निशा का मूड एक डैम से ठीक हो गया tha…Wo आज अतुल के बात करने की तरीका से बहुत इम्प्रेस्सेड भी हो गयी थी.

दूसरी तरफ अतुल भी अपने सोच में गुम्म था.

अतुल:- (इन हिज मंद) ये निशा भी na…Jab भी बात करती है मेरे बारे में hi बात करती hai…Kabhi अपने बारे में नहीं बताती hai…Par जो भी हो बातें बहुत अच्छी करती है.

इतना सोचते hi अतुल के चेहरे में भी मुस्कान आ जाता hai…Aur वो भी आगे पढ़ाई के लिए अपने रूम में चला जाता है.

इधर निशा जब अतुल का अकाउंट सर्च करती hai…Tab अतुल का प्रोफाइल पिक्चर देख कर उसकी मुंह से निकलता है "Handsome"…Wo अतुल को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने hi वाली थी की साइड में "2 म्यूच्यूअल फ्रेंड्स" उसको दिख जाता है.

उनमे से एक अंजलि थी और दूसरा काजल…काजल का नाम देखते hi उसका मूड फिर से पहले जैसा हो जाता hai…Kisi तरह वो अतुल को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज देती है और फिर काजल का अकाउंट खोलती है ये देखने के लिए की अतुल ने काजल के पोस्ट में कितना लिखे और कमेंट किया है.
 
Back
Top