Kasam - Love is not Everything (Completed) - Page 4 - SexBaba
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Kasam - Love is not Everything (Completed)

अपडेट 26

शाम में घर पहुँचने के बाद निशा ने पहले वो chapter कम्पलीट किया जो आज वो कॉलेज में नहीं पढ़ पायी thi…Aur जब वो पढ़ते हुए बोर हो गयी तो हमेशा की तरह फिर छत की तरफ चली गयी.

जाते वक्त उससे ख्याल आया की अतुल भी छत में हो सकता hai…Jab वो छत में पहुँच गयी तब उसने देखा की अतुल आज भी छत में था.

लेकिन रोज की तरह आज उसके पास ना hi बात था, ना hi गिटार और ना hi कोई book…Wo छत के एक कोने में खड़ा था और छत से निचे देख रहा था.

निशा भी उसके पास अपने घर की छत की उस कोने की तरफ gayi…Jis तरफ अतुल था.

निशा:- Hello मर. एक ?

निशा की बात सुन कर अतुल उसकी तरफ आया और कहा.

अतुल:- Hi.

अतुल की आवाज से hi लग रहा था की वो खुश नहीं hai…Koi टेंशन उससे सत्ता रहा है.

अतुल का अचानक बदला हुआ रूप देख कर निशा भी हैरान हो gayi…Wo सोचने लगी की कुछ देर पहले कॉलेज में वो काजल के साथ हंस हंस कर बातें कर रहा था लेकिन कुछ hi देर में परेशान भी हो गया है.

हमेशा की तरह अतुल निशा के लिए ूनप्रेडिक्टेबले tha…Nisha कभी अतुल को अच्छे से समझ hi नहीं पा रही थी.

निशा:- क्या हुआ? तुम्हारा मूड ठीक नहीं लग रहा है?

अतुल:- है थोड़ा टेंशन है.

अतुल निशा से आँख तो मिला रहा था पर उसके चेहरे में अभी भी टेंशन के भाव था.

निशा:- घर में फिर कुछ हुआ?

अतुल:- Nahi…Study रिलेटेड टेंशन है?

निशा:- स्टडी रिलेटेड टेंशन? पढ़ने में तो तुम बहुत अच्छे हो, टैलेंट भी हो, फुल स्कालरशिप भी मिला है और क्लास भी रेगुलरली अटेंड करते हो? तो फिर कैसा टेंशन?

अतुल:- आगे की सिलेबस देख kar…Abhi स्टार्टिंग hi इतना मुश्किल hai…Seniors से सुना था की आगे इम्मुनोलोगि, सेंट्रल नर्वस सिस्टम और बहुत ब्लॉक्स ऐसे आएंगे जो बहुत मुश्किल hoga…Fir क्लीनिकल प्रैक्टिस एंड Internship…Kahi पागल hi न हो जाओ पढ़ते पढ़ते.

सोचा था मब्ब्स में एंटर करना मुश्किल है लेकिन यहाँ तो पढ़ना hi मुश्किल है.

अतुल ने अपना टेंशन की वजह bataya…Atul की बात सुन कर निशा को थोड़ा हंसी आ गया.

निशा:- तुम तो ऐसे मत kaho…Jab तुम इतना पढ़ते ह फिर भी तुम्हे मुश्किल लग रहा है तो हम तो फ़ैल hi हो जाएंगे.

अतुल:- Nahi…Pass होना ज्यादा मुश्किल नहीं hai…Regular पढ़ते रहे तो आराम से पास हो jaayenge…Pass होने का मतलब है सिर्फ डॉक्टर हो जाने की सर्टिफिकेट milna…Lekin एक अच्छे डॉक्टर होने के लिए सभी टॉपिक में अच्छा नॉलेज चाहिए.

पास होने के लिए भी रेगुलरली पढ़ना padega…Matlab कभी भी स्टडी से ज्यादा ब्रेक ले कर मस्ती नहीं कर sakte…Sirf पढ़ते रहो और पढ़ते hi रहो.

क्या बोरिंग लाइफ हो गया hai…Ghar से कॉलेज और कॉलेज से घर और बिच में सिर्फ padhaai…Ghar में भी माँ के अलावा सभी नाराज है मेरा इस डिसिशन se…Ek दीदी थी जो हमेशा सपोर्ट करती thi…Lekin शादी होने के बाद वो भी चली गयी.

और बब फ्यूचर के बारे में सोचता हु तो 30 साल लग जाएंगे मद कम्पलीट करने tak…Fir उसके बाद शादी, फॅमिली प्रेशर और वह भी लाइफ घर और हॉस्पिटल तक hi रह जाएगा.

बहुत बोरिंग लाइफ हो गया hai…Abhi से ये हाल है पता नहीं बाद में क्या होगा.

अतुल ने इस बार बहुत उदास हो कर kaha…Yahi सोच था उसका जिस वजह से वो टेंशन में था.

अतुल की इस बात पर निशा को और भी हंसी आ गया.

निशा:- सभी के ऐसे hi हाल hai…Fikar मत karo…Dhire धीरे इसमें भी मजा आने lagega…Tumne कहा था की मब्ब्स तुम अपने इंटरेस्ट से पढ़ रहे ho…Dekhna जब सेटल हो जाओगे अच्छे से तो तुम्हे भी मजा आने लगेगा पढ़ाई me…Baaki हम दोस्त तो है hi बिच में पार्टी, मस्ती और बोरिंग क्लास के वक्त बुंकिंग मारने के लिए.

मजे की बहुत से पल आएंगे और साथ में जरुरी भी है की रेगुलरली पढ़ना भी padega…Dekhna ये 5 साल कैसे बीतेगा पता hi नहीं चलेगा.

निशा की बात से अतुल भी थोड़ा सहमत हो गया.

निशा:- अगर मब्ब्स नहीं पढोगे और डॉक्टर नहीं बनोगे तो भी मुशीबत पीछा नहीं chhodega…Life इस आल अबाउट struggle….Aur इसके बिना जिंदगी का मजा भी नहीं hai…Sabhi का लाइफ ऐसा hi hai…Sabhi को मुशीबत का सामना करना पड़ता है और करते भी hai…Fir भी अपनी लाइफ से खुस है.

है डॉक्टर बनेंगे तो लाइफ में कुछ एक्स्ट्रा स्ट्रेस भी सहना padega…Raat के 2 बजे फ़ोन aayega…Hospital की तरफ दौड़ना पड़ेगा, कभी कभी कुछ एक्स्ट्रा केसेस देखना padega…Aur जब हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते है फिर भी पेशेंट की डेथ हो जाता है तब पेशेंट पार्टी की तरफ से कुछ बातें सुन्ना पड़ता है गलती के bina…Ghar और ड्यूटी दोनों को एक साथ संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है.

लेकिन अच्छी बातें भी तो dekho…Agar तुम सिर्फ पैसा कमाना चाहते हो तो अच्छा सैलरी मिलेगा, और सच में अपनी पेशेंट्स की सेवा करना चाहते हो तो अलग hi सुकून milega…Patients की जान बचाने का और अपना ड्यूटी पूरा करने का.

म्हणत और काम ज्यादा है और समाज में इज्जत, पैसा और फ़र्ज़ निभाने का सुकून भी hai…Jab भी कोई इंसान बीमार होता है तो भगवान् के रूप में हमें देखते hai…Bhale hi हम भगवान् नहीं है लेकिन बहुत जान बचा सकते है और हमारे हाथ में रहा तो नए जिंदगी दे सकते है… आईटी इस ओने ऑफ़ थे मोस्ट रिस्पेक्टफुल प्रोफेशन.

हमें खुश होना चाहिए की हमें ऐसा मौका मिल रहा hai…Bahut लोग चाह कर भी नहीं पढ़ पाते hai…Kisi के पास पैसे की कमी होता है तो किसी के पास टैलेंट की.

निशा इतना कह कर अतुल को देखती hai…Atul उसकी बातें सुन कर मुस्कुरा रहा था.

क्या हुआ? निशा ने इशारा में पूछा.

अतुल:- बहुत समझदार हो गयी हो.

अतुल ने मुस्कुरा कर कहा पर उसकी बातो में सच्चाई tha…Nisha कुछ कहती उससे पहले अतुल ने कहा.

अतुल:- मेरा सांगत में.

अतुल की इस बात पर निशा ने झूठा गुस्सा दिखा कर धीरे से अतुल पर मुक्को की बरसात करने लगी.

निशा:- क्या कहा?

अतुल:- कुछ नहीं.

अतुल ने हँसते हुए जवाब दिया.

अतुल:- ये बातें तो मेरा भी दिमाग में आता है लेकिन टेंशन की वक्त खुद hi भूल जाता hu…Tumhaari हर बात में सच्चाई है.

अतुल ने निशा की तारीफ़ करते हुए कहा.

फिर दोनों के बिच कुछ पल के लिए खामोशी छ gaya…Kisi को बोलने के लिए कुछ मिल hi नहीं रहा था.

इस खामोशी को तोड़ कर निशा hi बोली.

निशा:- वैसे एक आईडिया है मेरे पास तुम्हारा अभी का पढ़ाई का स्ट्रेस करने का?

अतुल:- क्या?

अतुल ने उत्सुकता के साथ कहा.

निशा:- कोई गर्लफ्रेंड बना लो?

निशा की इस बात से अतुल की चेहरे में फिर से हैरानी छ गया.

अतुल:- क्या?

निशा:- अब्ब ये मत कहना की तुम बेहरे हो?

निशा इस वक्त पुरे मजाक के मूड में थी.

अतुल:- वो तो नहीं hu…Lekin ये कैसा आईडिया है गर्लफ्रेंड banau…Bataya था न तुम्हे मई इस चक्कर से दूर hi रहता हु.

निशा:- मैंने तो बस आईडिया diya…Abb मानना या न मानना ये तुम्हारा फैसला है.

Atul:-Ha वो तो नहीं maanunga…Iss चक्कर से दूर हु इसी में मेरा भलाई hai…Accha ये bataao…Girlfriend बनाना से कैसे पढ़ाई का स्ट्रेस काम होगा?

निशा:- तुम hi कहते हो पढ़ाई की बहुत स्ट्रेस hai…Aise वक्त में अगर तुम किसी को अपने दिल में चल रही बात किसी को बताओगे तो तुम घुटन भी महसूस नहीं करोगे और इमोशनल सपोर्ट भी milega…Aur वो तुम्हारा मूड हमेशा खुश भी रखेगी.

अतुल:- आईडिया बुरा तो नहीं hai…Fir भी मई सिंगल hi ठीक हु.

निशा:- कोई वजह?

अतुल:- पहले hi बता चूका हु.

निशा:- Oh..Bhul गयी थी.

फिर निशा अपने मन में कहती है.

निशा:- (इन हेर मंद) बुद्धू है ये ladka…Dekhti हु कब तक ऐसे hi प्यार से भागता रहेगा?

अतुल:- Nisha…EK बात पुछु.

निशा:- है.

अतुल:- तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है ?

अतुल का इस सवाल से निशा चौंक gayi…Usse अतुल का इस सवाल का मतलब समझ में नहीं आया.

निशा:- Nahi…Lekin क्यों पूछ रहे हो?

अतुल:- तो बना lo…Tumhaara मूड भी हमेशा ठीक hi रहेगा.

अतुल ये पूछते वक्त खुद सोच रहा था की वो ये कैसी बातें कर रहा है ?

निशा:- Nahi…Koi जरुरत नहीं hai…Waise भी मई अपनी लाइफ में खुश हु और कोई टेंशन भी नहीं है.

अतुल:- तो क्या अपने लाइफ में खुश होने वाले इंसान प्यार नहीं करते है?

निशा:- करते hai…Par मेरा केस अलग hai…Koi ऐसा लड़का मिला hi नहीं जिससे मुझे प्यार हो सके.

अतुल:- कैसा लड़का चाहिए?

अतुल अब्ब सच में पागल हो रहा था ये सोच कर की वो ये कैसा बिना मतलब के सवाल पूछ रहा hai…Flow फ्लो में बिना मतलब की सवाल पूछे जा रहा था.

अतुल की बात सुनने के बाद निशा ने अपनी आँखें बंद कर लिया और सोचने लगी.

निशा:- कोई ऐसा ladka…Jo मुझे रेस्पेक्ट करे, मेरा फीलिंग्स का रेस्पेक्ट करे, दिल का अच्छा हो और मुझे सच्चे दिल से प्यार करे, मेरे साथ वक्त बिठाये, प्यारी प्यारी बातें करे, जिंदगी के हर हाल और हर वक्त में साथ निभाए, कभी अकेला न छोड़े, और कभी डोमिनेंट होने की कोशिश न करे और आखिर में मुझे बहुत प्यार करे.

इतना कह कर निशा ने अपनी आँखें खोल liya…Sharam से गाल थोड़ा लाल भी हो gaya…Atul को देख कर वो कुछ बोलने hi वाली थी की अतुल ने अचानक से कह दिया.

अतुल:- मतलब मेरा एक भी करैक्टर मैचिंग नहीं है.

अतुल ने ये कह तो दिया पर कहने के बाद खुद पर hi गुस्सा हो gaya…Pata नहीं क्या क्या बोले जा रहा था वो.

निशा:- क्या?

हैरानी में निशा ने पूछा.

अतुल:- कुछ nahi…Bas कह रहा था की तुम्हारा ड्रीम बॉयफ्रेंड मुझसे बहुत अलग hoga…Mera तो एक करैक्टर मैच नहीं हो रहा है.

अतुल ने बात संभालने के लिए कहा.

निशा:- एक भी करैक्टर मैच नहीं हो रहा है? मतलब तुम लड़की की रेस्पेक्ट नहीं करते?

निशा की इस सवाल से अतुल और भी सोच में पद gaya…Pata नहीं वो क्या क्या बोल रहा था और अब्ब आके निशा की सवाल में फस्स गया.

अतुल:- नहीं nahi…Karta hu…Sabhi का रेस्पेक्ट करता hu…Pata नहीं क्या बोल दिया बिना बात समझे.

है ये टाइम देने का मतलब सब काम धंधा छोड़ कर अच्छी और प्यारी बातें hi करना, हर हाल में साथ निभाना ये तो इम्पॉसिबल hai…Kabhi कोई मज़बूरी होगा और बिजी हो जाऊँगा तो ऐसे में भी प्यार निभाता रहूँगा क्या? प्यार hi सब कुछ नहीं होता मैडम रिस्पांसिबिलिटी भी कोई चीज होती है.

अतुल ने ये तो कह दिया पर क्या कहा उससे खुद hi कुछ समझ में नहीं aaya…Usse तो बस निशा की सवालों से बचना था और बचने के लिए बकवास और बोरिंग बातें कह दिया.

और हुआ भी ऐसा hi ये बात निशा की समझ में बिलकुल भी नहीं aaya…Wo कुछ समझती और पूछती उससे पहले hi निचे से निशा की माँ की आवाज आया.

निशा:- अच्छा तो अब्ब मई चलती hu…Acche से पढ़ना और स्ट्रेस बिलकुल मत लेना.

और है गफ बना लेना. (समिलिंग :डी)

इतना कह कर निशा चली gayi…Aur छत में अकेला रह गया अतुल.

इस वक्त दुनिया भर का सारा गुस्सा अतुल के चेहरे में था वो भी खुद के liye…Apni ऐसी बकवास पर उससे खुद पर बहुत गुस्सा आ रहा था.
 
अपडेट 27

पता नहीं कभी कभी क्या हो जाता है मुझे की पागलो जैसी हरकत करने लगता hu…Kya जरुरत था मुझे ऐसी बकवास सवाल पूछने का? और पूछते hi जा रहा था एक बार भी नहीं सोचा की क्या पूछ रहा hu…Pata नहीं कभी कभी क्या हो जाता है मुझे? जल्द hi ऐसी आदत सुधारना पड़ेगा.

ऐसे hi खुद पर गुस्सा होते अतुल अपने रूम में चला गया.

नेक्स्ट डे

अगला दिन अतुल जब कॉलेज में गया तो वह का नज़ारा देख उससे थोड़ा हैरानी hua…Aaj निशा उससे पहले क्लास में आ गयी थी और फ्रंट सीट में जा कर बैठ गयी थी.

अतुल ने बिना कुछ रियेक्ट किये उसके पास चला गया और बैठ गया.

फिर दोनों कुछ देर तक बात करते रहे और तभी रवि क्लास में आया.

वो आज अपना सीट में बैठने की जगह अतुल के पास आ gaya…Kuch देर तक अतुल को देखता raha…Atul भी उससे देखने लगा.

रवि:- आज कल तू ज्यादा hi उड़ने लगा है ख़ास कर राहुल सर की क्लास में?

अतुल:- तो फिर तेरा पंख काट गया है क्या जोट ु नहीं उड़द पा रहा है या फिर पैरालिसिस हो गया है?

अतुल ने मुस्कुराते हुए कहा लेकिन उसके मुस्कान रवि को उसका बेइज़्ज़ती महसूस कराने के लिए काफी था.

रवि कुछ देर अतुल को गुस्से से घूरता रहा फिर निशा की तरफ देख कर बोलै.

रवि:- Nisha…Nisha hi है न तुम्हारा नाम?

जवाब में निशा ने कुछ नहीं kaha…Wo भी रवि को गुस्से से देखने लगी.

रवि:- खैर नाम जो भी ho…Mujhe तो ये पूछना था की तुम इस अतुल के साथ बैठने से बोर नहीं होती?

रवि ने थोड़ा मुस्कुरा कर pucha…Aur इस बार अतुल और निशा का गुस्सा और बढ़ gaya…Iss बार निशा ने जवाब दिया.

निशा:- अतुल के साथ बोर होने की बात छोडो अगर कोई भी तुम जैसे के साथ बैठ जाए तो उसका पूरा दिन ऐसे hi वास्ते हो jaayega…Bilkul बन्दर जैसे हो tum…Jo अपना घर भी नहीं बनाता और दुसरो के घर भी उजाड़ता है उसी तरह तुम भी कभी शान्ति से नहीं रहते हो और दुसरो को भी रहने नहीं देते हो.

जैसे अभी हमें डिस्टर्ब करने आ गए.

निशा ने थोड़ा हँसते हुए kaha…Nisha की बात से अतुल को भी थोड़ा हंसी आ गया.

अतुल और निशा के अलावा कुछ और स्टूडेंट्स भी थे आस पास में जो निशा की बात पर मुस्कुरा रहे थे.

रवि को ये सब देख कर बहुत गुस्सा आ रहा tha…Jyadatar स्टूडेंट्स की नजर उस पर hi था इस वजह से वो उनकंफर्टबले फील कर रहा tha…Aur इस बार वो बिना कुछ कहे जाने वाला था.

निशा:- कुछ ज्यादा hi घमंडी है.

निशा ने धीरे से अतुल को कहा.

अतुल:- Chhodo…Bekaar लड़का hai…Iske बारे में बात करना hi नहीं chaahiye…Waise भी खिच्चड़ पर पत्थर मारने से खिच्चड़ खुद पर hi उछाल कर लगेगा.

अतुल और निशा तो आपस में बात कर रहे थे लेकिन ये बात रवि ने भी suna…Gusse में वो खून का घूंट पी कर रह गया लेकिन उसने कहा कुछ नहीं.

लेकिन इस इन्सिडेन्स से उसका गुस्सा और नफरत अतुल के लिए और भी बढ़ गया.

फिर कुछ देर में क्लास स्टार्ट हो gaya…Sabhi पढ़ाई में ध्यान देने लगे रवि को छोड़ कर.

इस बार अतुल और निशा लेक्चर के बिच में भी एक दूसरे से बात कर लेते थे लेकिन इतना भी नहीं जितना कल अतुल काजल से बात कर रहा था.

ऐसे hi 3 लेक्टर्स बीत gaye…Atul और निशा एक दूसरे से बातें भी कर रहे थे और साथ में अच्छे से पढ़ाई भी कर रहे थे.

फिर आया क्लास राहुल सर का लंच ब्रेक से पहले.

राहुल सर ने हमेशा की तरह इस बार भी अपने स्टाइल में क्लास स्टार्ट kiya…Matlab पहले पिछले लेक्टर्स के क्वेश्चन पूछने के बाद आगे पढ़ाना सुरु किया.

आज का टॉपिक था एल्बो जॉइंट.

उन्होंने पढ़ाना सुरु किया और कुछ डेस्क्रिबे करने के बाद सभी स्टूडेंट्स से पूछा.

डॉ. राहुल:- सो स्टूडेंट्स अब्ब आप बताइये की एल्बो जॉइंट किस टाइप का जॉइंट है?

हमेशा की तरह सभी स्टूडेंट्स शांत.

डॉ. राहुल:- इस बार कुछ नहीं kahunga…Aaj hi ये chapter पढ़ा रहा हु तो जरुरी नहीं है की आप सभी को आना chaahiye…Shoulder जॉइंट से मैचिंग hai…Try आईटी.

लेकिन फिर सभी स्टूडेंट्स शांत hi rahe…Achanak निशा कड़ी हुई और उसने कहा.

निशा:- सर सीनोविअल जॉइंट एंड बॉल एंड सॉकेट.

निशा ने इतना कहा hi था की क्लास के ज्यादातर स्टूडेंट हसने लगे और सबसे ज्यादा Ravi…Iss हंसी में उससे अपने बेइज़्ज़ती के बाद सुकून मिल रहा था.

निशा का चेहरा में गुस्से के भाव दिखने laga…Usne अतुल की तरफ dekha…Atul ने उससे शांत रहने का इशारा kiya…Nisha बैठ gayi…Fir अतुल ने उठ कर कहा.

अतुल:- सर मुझे कुछ कहना है.

डॉ. राहुल:- Ok.

फिर अतुल पीछे घूम कर बोलने लगा.

अतुल:- इसमें हसने की क्या बात hai…Kya कभी तुम लोगो से गलती नहीं होता है जो दूसरे की गलती पर इस तरह से हंस रहे हो.

सर ने तो ये क्वेश्चन सभी से पूछा था लेकिन किसी में हिम्मत नहीं हुआ जवाब देने ka…Lekin जब निशा ने तरय किया और उससे मिस्टेक हुआ तो सभी हसने lage…Jab तुम सभी में आंसर देने का हिम्मत नहीं है तो दुसरो पर भी हसने का हक़ नहीं है.

अगर तुम सभी को इतना hi कॉन्फिडेंस है अपने टैलेंट पर की तुम्हे सब आता है और कोई मिस्टेक नहीं होगा तो मई तुम सभी को चैलेंज देता हु की 1 घंटे के लिए मेरे साथ मीटिंग karo…I बेट की 1 घंटे तक तुम्हारा चेहरा और जवाब सुन कर मई हस्ता रहूँगा.

हिम्मत है तो आ जाना.

इतना कह कर अतुल चुप हो gaya…Sabhi अतुल के गुस्से पर शॉकेड the…Nisha को अतुल का ये साथ बहुत अच्छा लग रहा tha…Kajal, अजय और अंजलि के अलावा कुछ और स्टूडेंट्स भी अतुल से सहमत थे.

डॉ. राहुल कुछ कहने hi वाले थे की अतुल फिर सुरु हो गया.

अतुल:- और रवि tu…Tu सबसे ज्यादा है रहा था na…Chal एक बात bata…Tujhse कभी कोई गलती नहीं हुआ क्या जो बन्दर जैसा हंस रहा है.

रवि:- गलती तो हुआ है लेकिन ऐसे बेवकूफी कभी नहीं kiya…Nisha ऐसे उठ कर जवाब दे रही थी जैसे वो बिलकुल सही है लेकिन क्या हुआ उसका hi मजाक बन gaya…Little नॉलेज इस dangerous…Issi लिए अगर कुछ आता नहीं है तो इतना उछालना नहीं चाहिए.

इतना आसान सवाल का जवाब भी नहीं दे paayi…Synovial जॉइंट ठीक है लेकिन बॉल एंड सॉकेट nahi…Wo सिर्फ शोल्डर जॉइंट में होता है.

रवि ने भी अतुल के अंदाज़ में hi जवाब दिया.

अतुल को रवि की बातो पर हंसी आ गया और हस्ते हुए कहने लगा.

अतुल:- वाह रे पढ़ा लिखा gawaar…Ball एंड सॉकेट जॉइंट हिप जॉइंट में भी होता hai…Acche से पढ़ और दुसरो पर हसना बंद कर.

अतुल की इस जवाब से फिर कुछ स्टूडेंट्स हसने लगे रवि पर.

अतुल:- मई इस लिए नहीं है रहा हु की तूने गलती kiya…Tera घमंड पर है रहा हु.

वैसे भी ये गलती करने का टाइम hi hai…Abhi हम स्टूडेंट्स है गलती कर सकते hai…Galti से hi हम सीखते hai…Agar गलती नहीं करते तो आज तक कुछ सिख भी नहीं पाते.

जब हम छोटे थे तब बहुत बार गिरे थे चलने की कोशिश me…Bolne में भी गलती किया था जब बोलने की सुरुवात किया tha…Bacche का एक्साम्प्ले chhod…Ham में से बहुत ऐसे भी होंगे जो बाइक चलाना सीखते वक्त गिरे है.

ऐसे बहुत से एक्साम्प्लेस hai…Galti से hi हम सीखते है और बेहतर बनते hai…Galti आम बात है लेकिन उससे सीखना बड़ी बात है.

इसी तरह हम मेडिकल स्टूडेंट्स hai…Iss फील्ड में गलती आम बात hai…Hame अपने गलतियों से सीखना chaahiye…Aur इस वक्त सीखना चाहिए जब हम स्टूडेंट hai…Doctor बन जाने के बाद गलती नहीं कर सकते.

अभी तो तुम 15 स्टूडेंट्स है रहे हो लेकिन जब डॉक्टर बन कर गलती करोगे तब तुम्हारे पीछे 15000 लोग हसेंगे और गुस्सा होंगे की डॉक्टर की गलती की वजह से पेशेंट का डेथ हो गया.

फ्रेंड्स जब हम सीखते है तो गलती हो hi जाता है वर्ण हमें टीचर की जरुरत hi नहीं padta…Ye सभी से रिक्वेस्ट है मेरा की जब कोई कुछ बोलने की कोशिश करता है उसको अप्प्रेसियते करो ना की उसकी गलती पर मजाक बनाओ.

सर का क्वेश्चन का आंसर मुझे भी पता था लेकिन कह नहीं पा रहा tha…Lekin निशा ने कहने की हिम्मत किया इसके लिए मई उससे अप्प्रेसियते करता hu…Aur ये एक चीज है जो मुझे और हम में से ज्यादातर स्टूडेंट्स को सीखना चाहिए.

सॉरी अगर गुस्से में कुछ गलत कह दिया हो और अगर तुम सभी को बुरा लगा हो to…Nisha पर इस तरह से हसना मुझसे बर्दास्त नहीं हुआ.

फिर अतुल चुप हो गया और सर की तरफ देखने laga…Uski इस बात से क्लास के सभी स्टूडेंट्स उससे इम्प्रेस हो गए और कुछ को अपनी गलती का एहसास भी हुआ.

डॉ. राहुल:- हो गया tumhaara…Soch रहा था कब तुम चुप होंगे और मई कुछ bolunga…Lekin तुम तो नॉन स्टॉप बोल रहे थे जैसे क्लास के लीडर ho…Baat तो तुम्हारा ठीक है लेकिन बोलने का तमीज नहीं.

अतुल:- सॉरी sir…Gussa में कुछ ज्यादा hi बोल दिया.

डॉ. राहुल:- तुमने तो सबको समझा दिया की गलती पर हसना नहीं चाहिए लेकिन मई तुम्हे सिखाऊंगा की डॉक्टर के लिए इतना गुस्सा सही नहीं hai…Kya तुम अपने पेशेंट से भी इतना hi गुस्सा में बात karoge…Lunch ब्रेक में मुझसे मिलने aao…Wahi तुम्हे सिखाऊंगा.

राहुल सर बहुत गुस्से में बोले.

अतुल:- सॉरी सर.

डॉ. राहुल:- अब्ब बैठो और मुझे पढ़ाने do…Pehle hi बहुत टाइम वास्ते कर दिया है तुमने.

फिर अतुल भी कुछ नहीं bola…Rahul सर पढ़ाने लगे और फिर सभी स्टूडेंट्स इस बात को भुलाने की कोशिश कर के पढ़ाई में कंसन्ट्रेट करने lage…Lecture के वक्त भी निशा कभी कभी अतुल को देख लेती thi…Aaj उसके दिल में अतुल के लिए रेस्पेक्ट और भी बढ़ गया था.

लेक्चर के बाद राहुल सर ने अतुल को जल्दी आने को बोल कर चले गए.

सर के जाने के बाद रवि गुस्से से कैंटीन की तरफ निकल gaya…Baaki स्टूडेंट्स ने अतुल की तारीफ़ भी किया और कुछ स्टूडेंट्स ने अपना गलती भी मान लिया.

सभी के जाने के बाद अतुल की दोस्त hi वह बाकी रह गए.

अजय:- क्या बात है bhai…Aaj तो तू हीरो बन गया पुरे क्लास में.

अतुल:- प्लीज भाई अभी मजाक के मूड में नहीं hu…Jo सही लगा वही बोल दिया.

निशा:- थैंक्स Atul…Aaj तुमने मेरे लिए पुरे क्लास के खिलाफ चले gaye…Agar तुम आज सपोर्ट नहीं करते तो मई आज के बाद कभी इस तरह उठ कर जवाब नहीं देती.

अतुल:- तुम आज सही thi…Aur मई हमेशा सही का साथ देता हु…15 स्टूडेंट्स तो क्या पूरा क्लास से दुश्मनी कर लेता जरुरत पड़ने par…Kabhi गलत का साथ नहीं दूंगा और ना hi गलत बनूँगा.

काजल:- अब्ब सर ने तुम्हे क्यों बुलाया है?

अजय:- कही सर इससे ससपेंड न करा दे!

अतुल:- चुप manhus…Aisa नहीं करेंगे wo…Agar किया तो भी मुझे परवाह nahi…Maine कोई गलती नहीं किया है जो मई daru…Sach का साथ दिया hai…Suspend हुआ तो भी खुद पर यकीं है की घर में hi सेल्फ स्टडी कर लूंगा.

अतुल की इस बात पर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया.

अतुल:- तुम सब कैंटीन में jaao…Mai सर से मिल कर आता हु.

इतना कह कर अतुल राहुल सर के ऑफिस की तरफ निकल गया.

आज की इस बहस ने बहुत कुछ बदल दिया tha…Nisha के दिल में अतुल के लिए और रेस्पेक्ट बढ़ गया tha…Saath में रवि अपना बेइजती नहीं भूल पा रहा था और उसका अतुल से नफरत और भी बढ़ गया tha...Aur ये नफरत आगे क्या रूप लेने वाला है ये सिर्फ वक्त को hi पता है.
 
अपडेट 28

राहुल सर के केबिन में पहुँचने के बाद.

अतुल:- मई ी के इन सर.

डॉ. राहुल:- यस के इन.

फिर राहुल सर एक चेयर की तरफ इशारा कर के.

डॉ. राहुल:- सीट तेरे.

अतुल बिना कुछ कहे बैठ जाता है.

डॉ. राहुल:- तुम्हे पता है मैंने तुम्हे यहाँ क्यों बुलाया है?

अतुल:- आप क्लास में मुझ से गुस्सा हो गए थे और टाइम भी ज्यादा नहीं था इसी लिए आपने मुझे यहाँ बुलाया.

डॉ. राहुल:- गुस्सा नहीं था मई तुमसे.

राहुल सर ने थोड़ा मुस्कान के साथ kaha…Atul उनका चेहरा की तरफ हैरानी से देखता है.

डॉ. राहुल:- कुछ बातें करना था अकेले में और कुछ समझाना भी था.

डॉ. राहुल:- आज तुमने जो बात सभी से कहा वो बिलकुल सही tha…Impressive.

अस ा स्टूडेंट यू अरे brilliant…Hamesha पढ़ कर आते हो और लेक्चर में भी ध्यान देते ho…Class में तुम्हे देख कर hi पता चलता है की तुम पढ़ाई में बहुत डेडिकेटेड ho…Dusre डिपार्टमेंट से भी तुम्हारा तारीफ़ सुना है.

अस ा स्टूडेंट तुम में वो सभी कुछ है जो होना chaahiye…Padhaai में हार्डवर्क, टैलेंट और डेडिकेशन.

इतना कह कर राहुल सर अतुल की तरफ देखते hai…Atul काफी खुश दिख रहा था जो दिखा रहा था की उससे अपना तारीफ़ बहुत अच्छा लग रहा था.

डॉ. राहुल:- इसके अलावा निशा का साइड लेकर तुमने सभी को अच्छे से समझाया और दोस्ती भी बहुत अच्छा निभाया.

लेकिन जानते हो तुमने क्या गलती किया है?

फिर वो अतुल की तरफ देखने लगे.

अतुल:- नहीं सर.

डॉ. राहुल:- तुम्हारी बातो से गुस्सा साफ़ दिख रहा tha…Wo तो अच्छा हुआ की बात ज्यादा नहीं बिगड़ा वर्ण आज hi तुम 10- 15 स्टूडेंट्स को अपना दुश्मन बना lete…Tumne जो बात कहा था उससे तुम धीरे से और अच्छे से समझा भी सकते the…Kabhi कभी गुस्से की वजह से hi छोटी छोटी बातो पर भी दुश्मनी हो जाता है.

और क्लास में तुम सभी दोस्त हो और एक दूसरे से दुश्मनी करना ठीक भी नहीं hai…Kabhi कभी कुछ बातो को इग्नोर भी करो.

अतुल:- सर मई ज्यादा गुस्सा तो नहीं होता हु पर जब भी गुस्सा हो जाता हु तो कण्ट्रोल नहीं कर paata…Aaj जब सभी हंस रहे थे तो बिलकुल भी कण्ट्रोल नहीं कर पाया.

डॉ. राहुल:- आज के लिए तो ठीक tha…Tumhaara गुस्सा जायज़ tha…Lekin फिर भी ऐसी हालत में खुद पर काबू करना सीखना hoga…Ek डॉक्टर के लिए ये बहुत जरुरी hai…Knowledge के साथ साथ इमोशंस पर भी कण्ट्रोल करना पड़ता hai...Sach बोलना चाहिए लेकिन गुस्से से nahi...Tum उन्हें अच्छे से भी समझा सकते थे.

आखिर में ये hi कहूंगा की किसी से दुश्मनी कर के अपना रिलेशन ख़राब मत karo…Kabhi कभी दुसरो की गलती को भी इग्नोर करना सीखो.

और है रवि को जितना इग्नोर करोगे उतना hi अच्छा hai…Na उसके साथ दोस्ती अच्छा रहेगा और ना hi dushmani…Pehle से जानता हु usse…Bahut घमंडी है.

अतुल:- है सर…2 बार देख चूका हु उसका ghamand…Aaj भी उसकी वजह से hi मूड ऑफ हो गया tha…Sir आप कैसे जानते है उससे?

डॉ. राहुल:- उसका बाप भी डॉक्टर hai…Bas कभी कभी मुलाक़ात हो जाता hai…Unse मुलाक़ात का hi टाइम देखा था रवि को एक दो baar…Tabhi से उसका घमंड देख चुक्का hu…Lekin मुझे कोई मतलब नहीं है usse…Naa hi उसके बाप से करीबी रिलेशन है ना hi usse(Ravi) कोई matlab…Abb बस एक hi रिलेशन है usse…College में टीचर और स्टूडेंट का रिलेशन.

खैर ये बातें chhodo…Tumhe सिर्फ ये समझाने बुलाया था की थोड़ा गुस्सा पर काबू करो, जो सही लगे वो बोलो लेकिन गुस्से में नहीं और हमेशा ऐसे hi पढ़ते रहो.

अतुल:- Ok सर.

डॉ. राहुल:- पढ़ाई में कोई प्रॉब्लम तो nahi…Agar कुछ समझ में नहीं आये तो किसी भी वक्त आके पूछ सकते हो.

अतुल:- अभी तक तो नहीं है sir…Sab समझ में आ रहा hai…Agar प्रॉब्लम होगा तो जरूर पूछूंगा.

सर लेकिन इतने काम वक्त में इतना ज्यादा पढ़ना पद रहा hai…Bas इसका प्रेशर है.

अतुल की बात सुन कर डॉ. राहुल ने थोड़ा हंस कर कहा.

डॉ. राहुल:- इस प्रॉब्लम का कोई इलाज नहीं hai…Medical फील्ड में आये हो तो पढ़ना तो padhega…Har एक टॉपिक इम्पोर्टेन्ट है और डॉक्टर बनने वाले हो तो सभी आना chaahiye…Ye प्रॉब्लम तो सब का hai…Mera भी tha…Lekin धीरे धीरे एडजस्ट हो jaaoge…Bas इसी तरह अच्छे से पढ़ाई करते rehna…Help के लिए सभी डिपार्टमेंट रेडी है.

अतुल:- Ok sir…Sir एक बात कहना chaahunga…Aap जितना स्ट्रिक्ट दीखते है उतना नहीं है.

डॉ. राहुल:- अभी क्लास में नहीं हु इस liye…Class में भी बहुत बार कह चुक्का hu…Class से बाहर तुम्हारा दोस्त जैसा hu…Agar कोई प्रॉब्लम हो तो बेझिझक bolna…Solve करने की पूरी कोशिश करूँगा.

लेकिन क्लास के अंदर एक रेस्पोंसिबल टीचर hu...Waha कोई कोम्प्रोमाईज़ नहीं.

बाकी के डिपार्टमेंट क्या कहते है मुझे नहीं पता लेकिन सुग्गेस्ट करूँगा की सभी सब्जेक्ट अच्छे से padho…Abhi जितना पढोगे बाद में उतना अच्छा डॉक्टर बन paaoge…Issi लिए स्ट्रिक्ट बनना पड़ता है.

अतुल:- Ok sir…Koshish करूँगा शिकायत का कोई मौका नहीं देने का.

डॉ. राहुल:- एक बात bataao…Tumhaara कोई गर्ल फ्रेंड है.

राहुल सर की अचानक इस क्वेश्चन से अतुल चौंक गया.

अतुल:- नहीं sir…Lekin आप क्यों पूछ रहे है.

डॉ. राहुल:- तुम्हे देखता हु तो मुझे अपना पास्ट याद आता है जब मई स्टूडेंट tha…Padhaai में बहुत सीरियस हुआ करता tha…Mujhe भी ऐसे बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड का चक्कर में कोई इंटरेस्ट नहीं tha…Lekin आज सोचता हु की शायद गलत tha…Masti का टाइम तो वही tha…Jo आज मिस कर रहा हु.

तुम्हे भी यही कहूंगा की पढ़ाई में कोई कोम्प्रोमाईज़ मत करना और बाकी मस्ती करने का भी कोई मौका मत छोड़ना.

अतुल:- Ok सर.

डॉ. राहुल (घडी देखते हुए) 10 मिनट हो gaya…Abb jaao…Lunch ब्रेक ख़तम हो गया तो दिन भर भूखा रहना पड़ेगा.

अतुल:- थैंक यू सर.

इतना कह कर अतुल वह से निकल gaye…Atul खुस था की राहुल सर उसकी बातो से सहमत the…Iske बावजूद उससे अपना कुछ कमजोरी भी दिखा जो उससे सुधारना था.

इन कैंटीन

अतुल अपने दोस्तों के पास बुरा मुंह बना कर चला गया.

काजल:- क्या हुआ Atul…Sir ने क्या कहा?

काजल अतुल को उदास देख boli…Usse लग रहा था की कुछ तो गलत हुआ है अतुल के साथ.

अतुल:- 2 वीक्स के लिए ससपेंड.

काजल:- क्या? ये तो हद्द hai…Tumhaara गलती भी नहीं tha…Agar राहुल सर की नजर में ये गलती था तो इतना भी बड़ा नहीं की तुम्हे ससपेंड करवा दे.

काजल बहुत गुस्से में बोली.

निशा:- Sorry…Ye सब मेरा वजह से हुआ hai…Naa hi मई रॉंग आंसर कहती और ना hi ये सब होता.

निशा को अतुल के लिए बहुत बुरा लग रहा tha…Aur उससे अब्ब खुद पर hi गुस्सा आ रहा था.

अतुल:- नहीं तुम्हारा कोई गलती तो नहीं hai…Galti तो इस अजय की है.

अतुल ने अजय को बहुत गुस्से से देखता हुआ कहा.

अजय:- मैंने क्या किया यार.

अजय चौंकते हुए बोलै.

अतुल:- तू hi वो मनहूस है जिसने ससपेंड की बात किया था और हुआ भी ऐसा hi…Tu मनहूस जुबान मेरी नजरो से अभी दूर चला जा इससे पहले मई कुछ करू.

अतुल ने बहुत गुस्से में kaha…Andar से उससे हंसी भी आ रहा tha…Uska एक्टिंग कोई पकड़ नहीं पा रहा था.

अजय अतुल के पास आया और धीरे से बोलै.

अजय:- सॉरी yaar…Pata नहीं था ऐसा हो jaayega..Maine तो मजाक में कहा था लेकिन सच में ये मनहूस बात बोल कर गलती कर दिया.

इतना कह कर अजय वह से जाने लगा.

अचानक अतुल हसने laga…Sabhi अतुल को घूरने लगते hai…Kisi को कुछ समझ में नहीं आ रहा था की अतुल क्यों हस्स रहा hai…Atul के रुकने तक सभी उससे घूरते hi rahe…Fir अतुल बोलै.

अतुल:- तुम सब ने एक बार पूछा था na…Ajay कभी सीरियस नहीं होता hai…Lo देख लो अब्ब इसका सीरियस शकल.

इतना कह कर अतुल फिर हसने लगा.

अतुल की इस बात पर अजय और निशा की अलावा सभी हसने लगते है.

निशा तो पहले से hi अलग मूड में thi…Wo बस आज क्लास में हुई इंसिडेंट को hi याद कर रही थी.

अजय:- तू कभी नहीं सुधरेगा.
 
अपडेट 29

अतुल:- सुधर तो jaaunga…Lekin तेरे लिए कभी nahi…Tera मजाक उड़ाने की तो आदत hi बन गया है अब्ब मेरा.

अजय:- लेकिन यार ऐसा मजाक भी मत कर yaar…Sach में दर गया था इस बार की कही तू सच में नाराज तो नहीं हो गया.

अतुल:- अगर नहीं करता तो तेरा ये सीरियस चेहरा वो भी चिंपांज़ी जैसा कैसे सामना aata…Sabhi को ग़लतफहमी होने लगा था की तू कभी सीरियस होता hi नहीं hai…Issi ग़लतफहमी दूर करने के लिए ऐसा मस्ती करना पड़ा.

अतुल की इस बात पर अजय थोड़ा मुस्कुराया.

अतुल:- क्या तुम सभी ने लंच अभी तक नहीं किया?

काजल:- नहीं तुम्हारा वेट कर रहे थे.

अतुल:- तुम सभी का दोस्ती एक दिन पक्का रुलाएगा.

अतुल ने थोड़ा इमोशनल होने का एक्टिंग करते हुए कहा.

अजय:- चिंता मत कर bhai…Ek दिन ये ग़लतफहमी भी दूर हो जाएगा की तू कभी रोटा hi नहीं है.

अतुल:- अगर तू चाहता है तो अभी रू के दिखाता हु.

अंजलि:- ये बातें प्लीज बाद में karna…Agar लंच ब्रेक ख़तम हो गया तो हम सभी को भूख की वजह से रोना पड़ेगा.

फिर सभी लंच करने लगते hai…Lunch के वक्त भी सब एक दूसरे से बातें करते है लेकिन निशा आज कुछ ज्यादा hi शांत थी.

आज क्लास में हुआ इंसिडेंट बार बार उससे याद आ रहा tha…Atul का उसकी तरफ से बोलना उससे अच्छा तो लग रहा था पर वो जितना भी अतुल के बारे में सोच रही थी उतना hi कंफ्यूज होते जा रही थी.

जिस अतुल को पहले वो बोरिंग, बकवास बातें करने वाला, फ्लिर्टिंग और टाइम पास करने वाला लड़का समझती थी वो अचानक से जेंटलमैन और शांत जो सिर्फ अपने पढ़ाई से hi मतलब रखने वाला लड़का बन गया tha…Jis अतुल को वो शांत समझने लगी थी आज वही अतुल का गुस्से वाला रूप देख लिया था उसने.

हर दिन अतुल का नया रूप देख रही थी Nisha…Aur साथ hi नया रूप में अतुल उससे और भी अच्छा लग रहा था.

और साथ hi काजल का अतुल पर बढ़ता इंटरेस्ट निशा को और भी ज्यादा अजीब लगने लगा था.

कुछ ऐसी hi बातें निशा को अतुल के बारे में सोचने पर मजबूर कर रहा था.

लंच करने के बाद सभी क्लास की तरफ जाने लगते है.

क्लास के करीब पहुँचने के बाद अजय सभी से कहता है.

अजय:- तुम सब क्लास में jaao…Mai अतुल से कुछ बात कर के आता हु.

अंजलि:- क्या बात?

अजय:- थोड़ा पर्सनल है.

फिर अजय अतुल को अकेले में ले जाता है.

अतुल:- क्या बात है और तू इतना सीरियस क्यों लग रहा है?

अजय:- रवि के बारे में बात करना है तुझसे.

अतुल:- उसको इग्नोर करना hi बेहतर hai…Ham यहाँ पढ़ने आये है ना की उससे लड़ने और उसके बारे में सोचने.

अजय:- लेकिन मई इग्नोर नहीं कर पा रहा hu…Aaj कल कुछ ज्यादा hi उछाल रहा hai…Sabhi को परेशान करता है और सोचता है की क्लास में वो hi सब कुछ hai…Jis दिन उसका सामना पुराना अजय से होगा उसका सारा घमंड मिटटी में मिल जाएगा और पछतायेगा ये सोच कर की गलत आदमी से पन्गा लिया है usne…Uska घमंड देख कर लग रहा है की बहुत जल्द मुझे अपना पुराना रूप में आना होगा.

ये बात सुन कर अतुल भी थोड़ा दर gaya...Jaanta था वो अजय का गुस्सा और दर रहा था की अजय कही कुछ गलत न कर दे.

अतुल:- ये कैसी बातें कर रहा है tu…Nahi भाई अब्ब तू पीछे मुद कर नहीं dekhega…Aur वो भी इतनी छोटी सी बात को ले कर.

अजय:- तुझे लगता होगा ये छोटा सा baat…Lekin मुझे nahi…College के फर्स्ट डे से सभी को ऑब्सेर्वे कर रहा हु mai…Sabhi ठीक ठाक है लेकिन वो है की कुछ ज्यादा hi उड़द रहा hai…Isse ज्यादा और उड़ने की कोशिश करे उससे पहले hi उसका पंख काट दूंगा.

अजय:- क्या सोचता है वो खुद ko…Do चार चमचा क्लास में क्या बना लिया उसने खुद को हीरो समझने लगा है और बाकी सभी को जीरो.

आज भी कैंटीन में आने से पहले उसका एक चमचा मुझे देख कर हंस रहा tha…Kya सोचता है वो mujhe…Tere साथ और कुछ दोस्तों के साथ हंसी मजाक करता हु तो मुझे जोकर समझने लगा hai…Agar पुराना रूप में मई वापस आ गया न तो उस रवि और उसके सारे चमचे को क्लास में जोके बना dunga…Aur मुझे कोई रोक भी नहीं paayega…Naa hi उसका बाप और ना hi उसके बाप के पैसा.

अतुल:- यार शांत हो jaa…Bahut गुस्से में लग रहा है tu…Bhul मत तू वो सब कुछ छोड़ चुक्का है और अपना पढ़ाई और करियर पर ध्यान दे रहा है.

अजय:- सुधारना मई भी चाहता हु और काफी हद्द तक सुधर भी चुक्का hu…Lekin अब्ब लगता है वो कमीना मुझे सुधरने नहीं देगा.

अजय का इतना गुस्सा देख अतुल समझ गया की फिलहाल उससे बहस करने से कोई फायदा नहीं.

अतुल:- ठीक है bhai…Usse बाद में ले देख lenge…Abb क्लास में chal…Lecture स्टार्ट होने वाला है.

अतुल अजय को क्लास में ले gaya…Wo जानता था की सिर्फ कुछ पल के लिए hi अजय शांत rahega…Kuch तो करना hi पड़ेगा यही बात अभी अतुल सोच रहा था.

आफ्टर कॉलेज

कॉलेज से आने के बाद भी निशा का मूड ठीक नहीं tha…Iss बार वो अतुल के बारे में नहीं सोच रही थी फिर भी उससे कुछ ठीक नहीं लग रहा था.

हमेशा की तरह आज भी वो छत में आयी लेकिन आज अतुल छत में नहीं aaya…Kuch देर वो छत में hi बैठी रही लेकिन अतुल आया hi nahi…Jab उससे पता चल गया की अतुल आज नहीं आएगा तो वो भी अपने रूम में चली गयी.

पढ़ने का मन तो उससे आज नहीं tha…Fir भी टाइम वास्ते करने से बेहतर किसी तरह वो पढ़ने लगी.

नेक्स्ट डे

अगला दिन भी अतुल और निशा साथ hi बैठे the…Kal की तरह निशा आज भी शांत hi thi…Jab अतुल उससे बात करता था तब hi वो भी अतुल से बात करती थी वर्ण वो चुप hi thi…Kabhi कभी वो अतुल को नोटिस कर रही थी और कभी कभी अपने पढ़ाई में focus…Pura दिन इसी तरह बीत गया.

जब छूती के बाद सभी घर जा रहे थे तब अंजलि ने निशा को रोक लिया.

अंजलि:- कुछ प्रॉब्लम है तुझे? कल से बहुत शांत और अकेली रह रही है?

निशा:- Nahi…Thoda मूड ऑफ है.

अंजलि:- क्यों?

निशा:- पता नहीं.

निशा को खुद नहीं पता था की उससे क्या हो रहा hai…Lekin पिछले 2 दिन उससे भी बहुत अजीब सा लग रहा था.

अंजलि:- एक बात और पूछना है तुझसे?

निशा:- क्या?

अंजलि:- मई नोटिस कर रही हु की आज कल तेरा अतुल को देखने का नजरिया बदल गया hai…Kabhi तू अतुल के पास रहती है तो कभी दूर जाने की कोशिश करती hai…Jab भी तू अतुल को देखती है तब तेरा आँखें कुछ और hi बताता है.

अंजलि की इस सवाल ने निशा को बुरी तरह से चौंका diya…Jo सवाल वो खुद से कर रही थी वो hi सवाल आज अंजलि ने उससे kiya…Jis प्यार की सुरुवात को वो झुठला रही थी आज उसी पर अंजलि ने फिर से सवाल किया.

अंजलि की इस सवाल ने निशा को फिर सोचने पर मजबूर कर diya…Kahi वो खुद से झूठ बोल कर खुद को hi ग़लतफहमी में तो नहीं रख रही है!!!
 
अपडेट 30

निशा:- पता nahi…Kuch दिनों से यही सवाल मई खुद से कर रही हु.

निशा अभी भी कन्फ्यूज्ड thi…Abhi भी सही से फैसला नहीं ले पा रही थी की अतुल के बारे में वो क्या सोचती है.

अंजलि:- मतलब तुझे अतुल से प्यार हो गया है.

अंजलि ने मुस्कुरा कर कहा.

निशा:- Nahi…Aise kaise…Itni जल्दी कैसे हो सकता है किसी से pyar…Abhi हमें कॉलेज ज्वाइन किये 1 मोनथस भी नहीं हुए और इतनी जल्दी pyar…Not पॉसिबल.

निशा को अभी भी यकीं नहीं था की इतनी जल्दी उससे किसी से प्यार हो सकता है.

अंजलि:- प्यार होने के लिए कुछ hi पल काफी hai…Bas किसी की कुछ बातें, कोई अच्छाई, कोई काम या फिर हम से बात करने का तरीका हमारे दिल को छू jaaye…Aur सबसे बड़ी बात उसको देख कर हमें भरोषा हो जाए की हम जिंदगी भर उसके साथ खुस रहेंगे.

कभी कभी छोटी सी मुलाक़ात या मुलाक़ात के कुछ hi पल में ये पता चल जाता है की सामने वाला कैसा hai…Accha या बुरा इंसान को पहचाने में ज्यादा वक्त नहीं लगता है.

अतुल को hi देख le…Kuch hi दिन में वो तेरे बहुत पास आ गया hai…Dil के बहुत karib…Aur तेरे ऐसे भी कोई लड़का दोस्त hoga…Jisse तू बहुत वक्त से जानती है लेकिन उसके लिए प्यार जैसी फीलिंग तो दूर की बात इस बारे में तूने सोचा भी नहीं होगा.

बस इतना कहूँगी की प्यार होने के लिए ये जरुरी नहीं है की तूने उसके साथ कितना वक्त बिताया है बल्कि ये जरुरी है की वो तेरे लिए क्या मायने रखता है, वो तेरे साथ कैसे बेहवे करता है, तेरे लिए क्या कर सकता है और तू उसपे कितना भरोषा करती है.

निशा को भी अंजलि की बात सही लगने लगा.

निशा:- काश ये प्यार न हो.

अंजलि:- क्यों?

निशा:- अगर मेरे तरफ से ये प्यार भी है तो भी क्या फायदा ऐसे प्यार ka…Atul को तो dekh…Kitna इमोशन लेस्स है wo…Selfish hai…Sirf अपने बारे में सोचता hai…Ek बार मैंने उससे पूछा था अगर उससे किसी लड़की ने प्रोपोज़ किया तो वो क्या karega...Jawaab दिया की वो पॉलिटेली रिजेक्ट कर देगा.

अब्ब तू hi soch…Usse सिर्फ अपने फीलिंग्स की परवाह hai…Baaki किसी के प्यार से उससे कोई मतलब nahi…Sirf अपने लिए hi सोचता है.

अगर मई उससे प्यार करने लगी तो वो मेरे प्यार का कोई परवाह नहीं karega…Mai अगर उसके पीछे पागल हो जाउंगी तो भी उससे कोई मतलब नहीं.

अतुल एक बहुत अच्छा दोस्त है इसमें कोई डाउट nahi…Lekin वो प्यार के लिए सही नहीं है.

अंजलि:- तो ये बात है.

अंजलि ने मुस्कुरा कर कहा और फिर कहना सुरु किया.

अंजलि:- तू उससे इमोशन लेस्स कहती है लेकिन वो ऐसा बिलकुल भी नहीं hai…Dekha है maine…Patient से हिस्ट्री टेकिंग के लिए जब हम वार्ड में जाते है न तो मई अजय और अतुल एक hi ग्रुप में होते है. (रोल नंबर में ज्यादा डिफरेंस नहीं है शामे अल्फाबेट होने की वजह se)…Tab मैंने देखा है अतुल कितना इमोशनल है.

जब वो कोई भी पेशेंट से बात करता है और उनका बीमारी के बारे में पूछता है तब मैंने देखा है पेशेंट से बात करते वक्त पेशेंट का दर्द को वो महसूस करके पूछता hai…Iss हिस्ट्री टेकिंग में भले hi वो इलाज नहीं कर सकता लेकिन अपने बातो से hi मेंटली एंड इमोशनली सपोर्ट करता है.

इमोशन का मतलब ये नहीं है की वो सिर्फ प्यार से रिलेटेड hai…Ha अतुल अभी प्यार में विश्वास नहीं karta…Iska मतलब ये नहीं है की वो कभी करेगा hi nahi…Bas सही वक्त और सही इंसान चाहिए उसको विश्वास दिलाने के लिए.

अतुल में बस यही कमी देखा है मैंने की वो प्यार पर भरोषा नहीं करता hai…Aur ये जरुरी भी तो नहीं की उससे होना hi चाहिए.

और तू कह रही थी की वो सेल्फिश है और अपने बारे में hi सोचता hai…Aaj उसने अपने बारे में नहीं तेरे लिए socha…Ek दोस्त के लिए socha…Ek दोस्त के लिए 10 -15 दोस्त से भी लड़ने से पीछे नहीं हटा क्यों की कल तू सही थी और उसने सच्चाई का साथ दिया.

प्यार वो अभी नहीं करता है तुझे फिर भी इतना कुछ कर रहा है तो सोच प्यार करेगा तो क्या karega…Atul के बारे में यकीं के साथ कह सकती हु की अगर वो किसी से प्यार करेगा तो सच्चे दिल से प्यार karega…Bas जरुरत है तो उससे प्यार पर भरोषा होने का.

अतुल किसी से प्यार नहीं करता है लेकिन किसी से झूठा प्यार का दिखावा, टाइम पास और दुसरो के दिल के साथ भी नहीं खेलता.

अंजलि की बात निशा को और सोचने पर मजबूर कर रहा tha…Nisha ने इस बार कुछ नहीं kaha…Wo अंजलि की बातो को सोचती hi रही.

अंजलि:- एक और बात kahungi…Agar प्यार करने लगी है तो प्यार को छुपा mat…Jitna भी छुपाने की कोशिश कर ले छुपा नहीं paayegi…Aur प्यार के बिच में ईगो को मत आने दे की वो तुझसे प्यार नहीं karta…Tu अपना प्यार निभाती रह और अतुल को अपने प्यार का एहसास कराने की कोशिश कर और बता दे उससे तेरा प्यार कितना सच्चा है और सच्चा प्यार कितना जरुरी है.

देखना जब भी वो तुझसे प्यार करेगा सच्चे दिल से प्यार karega...Tujh पे मर मिटेगा.

निशा को अंजलि की हर बात सही लग रहा tha…Aur साथ hi एक हैरानी भी की वो अतुल के बारे में इतना कैसे जानती है.

निशा:- बात तो तू सही कह रही hai…Lekin तू अतुल के बारे में इतना कैसे जानती है की वो कैसा है और बाद में कैसा करेगा.

अंजलि:- Ajay…Ajay ने बताया मुझे अतुल के बारे में ये sab…Ajay को मई स्कूल से hi जानती hu…Class 10 तक अजय कैसा था ये तू नहीं jaanti…Vishwaas भी नहीं करेगी.

हर एक करैक्टर था उसके पास जो एक गुंडा में होता hai…Class 10 में hi उसने सब कुछ सुरु कर दिया tha…Daru, सिगरेट, गैंग फाइट, गाली और धमकी dena…Apne पापा के पैसे में ऐयाशी करना, दुसरो को बे वजह परेशान करना और गुंडों के साथ गुंडागर्दी karna…Ye सब रोज की आदत बन गया था उसका.

लेकिन पता नहीं जब 11 में वो हॉस्टल में गया पढ़ने तो अचानक से उसमे बहुत बदलाव आ gaya…Atul की दोस्ती में पूरी तरह से बदल गया और वो सब बुरी आदतें छोड़ कर पढ़ाई में ध्यान देने लगा...

अजय से hi बात करके अतुल के बारे में पता chala…Jab भी अजय अतुल का नाम लेता है रेस्पेक्ट के साथ लेता hai…Dono hi दोस्त आपस में मजाक करते है और एक दूसरे का मजाक उड़ाते है लेकिन एक दूसरे के लिए बहुत रेस्पेक्ट है.

तूने देखा भी होगा अतुल जब भी अजय का मजाक उड़ाता है तब मुझे बुरा नहीं लगता hai…Dono का दोस्ती देख कर अच्छा लगता है.

अभी के अजय और पहले वाला अजय में बहुत फर्क hai...Aur वजह है तो सिर्फ Atul...Issi लिए मई भी अतुल को बहुत रेस्पेक्ट करती हु और विश्वास भी है की अतुल तेरे लिए सही लड़का है.

निशा:- मतलब तू भी अजय से प्यार करती है.

अंजलि:- Ha…Lekin तुझे कैसे पता चला.

निशा:- अभी जिस तरह से तू अजय का नाम ले रही थी उससे hi सब पता चल जाता hai...Ye लाल लाल गाल और आँखें.

इतना कह कर निशा अंजलि की गाल पिंच कर देती है.

निशा:- अच्छा तो तूने अभी तक प्रोपोज़ क्यों नहीं किया.

अंजलि:- इतनी भी क्या जल्दी hai…Abhi तो उस बुद्धू की हालत देख कर मजा आ रहा hai…Bahut बार प्रोपोज़ करने की कोशिश कर चूका है लेकिन हर बार दर कर बात बदल देता hai…Abhi तो उसका मजा ले रही हु लेकिन बहुत जल्द एक्सेप्ट कर लुंगी.

निशा:- बहुत तड़पा रही है बेचारे ko…Kahi ऐसा न हो की किसी और पे उसका दिल आ जाए.

अंजलि:- चुप मनहूस.

फिर दोनों हसने लगते hai…Lekin इस हंसी के पीछे भी निशा अपने सोच में गम thi…Wo अंजलि की hi बातें सोच रही thi…Jisne उससे आज अलग तरीके से सोचने पर मजबूर कर दिया था.

फिर निशा अपने घर की और जाने लगती है जहा एक और सरप्राइज उसका इंतजार कर रहा था.
 
अपडेट 31

निशा कुछ hi देर में अपने घर पहुँच gayi…Aur डेली रूटीन की तरह कुछ देर पढ़ने के बाद फिर छत में फ्रेश होने चली gayi…Aaj भी अतुल छत में नहीं आया था.

कुछ देर ऐसे hi छत में घूमने के बाद उसका नजर निचे अपने घर की मैं गेट की तरफ pada…Aur उसने जो कुछ भी देखा वो किसी सरप्राइज से काम नहीं था.

मैं गेट से बाहर उसकी पापा और अतुल एक दूसरे से बात कर रहे the…Aur उससे भी बड़ा झटका तब लगा जब उसने देखा की दोनों हंस कर बातें कर रहे थे.

निशा बातें तो नहीं सुन पा रही थी बस देखे जा रही thi…Usse अपने पापा पर हैरानी भी हो रहा tha…Atul के घर वालों के साथ जब भी निशा के पापा ने निशा के सामने बात किया था तो सिर्फ लड़ाई करते वक्त hi देखा tha…Dono घर में कभी अच्छे से बात हुआ hi नहीं था.

लेकिन आज निशा के पापा अतुल से बात कर रहे थे वो भी हंस kar…Nisha तब तक दोनों को बात करते देखती रही जब अतुल वह से अपने घर नहीं आ गया.

फिर निशा भी थोड़ा हैरानी और कन्फूसिओं में निचे हॉल में चली gayi…Hall में पहुँचने के बाद उसने देखा की उसके पापा नास्ता कर रहे थे.

निशा को देख कर उसके पापा ने उससे अपने पास बुलाया और कहा.

न. डैड:- कैसी चल रही है तुम्हारा पढ़ाई बीटा? कोई तकलीफ तो नहीं है ना?

निशा के पापा ने हमेशा की तरह प्यार से पूछा.

निशा:- अच्छा चल रहा है …और कोई परेशानी नहीं है.

न. डैड:- परेशान लग रही ho…Koi बात है क्या?

निशा:- नहीं Papa…Koi परेशानी नहीं hai…Bas पढ़ाई थोड़ा मुश्किल लग रहा है abhi…Aur आगे कैसे पढ़ना है बस वो hi सोच रही हु.

निशा ने आधा सच hi कहा और अतुल वाली बात छुपा लिया.

निशा की बात पर उसके पापा ने थोड़ा मुस्कुरा कर कहा.

न. डैड:- अब्ब तुमने फील्ड hi ये चूसे किया है तो थोड़ा मुश्किल तो होगा hi…Lekin मुझे पूरा विश्वास है तुम पर तुम अच्छे से padhogi…Bas इसी तरह म्हणत से पढ़ती रहो देखना धीरे धीरे सब कुछ आसान हो जाएगा.

हमेशा की तरह प्यार से और निशा की हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा.

न. डैड:- बस कोई भी कमी हो तो bataana…Aur कोम्प्रोमाईज़ करने की बिलकुल भी जरुरत नहीं hai…Bas अगर किसी भी चीज की जरुरत हो तो बताना पूरा करने के लिए मई hu…Tera पढ़ाई में कोई रुकावट नहीं होने चाहिए.

हज़ार बार की तरह इस बार भी निशा की पापा ने इस बात को दोहराया और हज़ार बार की तरह निशा का वही जवाब.

निशा:- नहीं Papa…Koi तकलीफ नहीं है और आप कभी होने भी नहीं denge…Aapne इतना पैसा खर्च करके पढ़ाया वही बहुत है मेरे लिए.

ये कहते वक्त फिर निशा थोड़ा इमोशनल हो गयी.

न. डैड:- तू एक लौटी बेटी है meri…Tujh पर खर्च नहीं करूँगा तो किस पर karunga…Abb तो तेरी ख़ुशी hi मेरी ख़ुशी है.

"इतना लाड प्यार hi इस महा रानी को बिगाड़ रहा है" निशा की माँ भी ये कहते हुए बाप और बेटी के बिच में आ गयी.

निशा की पापा ने उनकी तरफ सवाल भरी निगाह से देखा.

न. माँ:- कुछ hi दिन पहले मोबाइल लिया isne…Wo भी 10, 000 वाला और अब्ब कह रही है इससे लैपटॉप और विफई भी chaahiye…Abb ये महा रानी पढ़ाई करेगी या फिर टाइम पास.

न. डैड:- है तो क्या गलत है isme…Aaj कल तो इंटरनेट और मोबाइल सभी स्टूडेंट के पास होता hai…Aur उसी से आज कल के पढ़ाई चलता hai…Aur बहुत पढ़ ने के बाद मूड फ्रेश के लिए टाइम पास भी जरुरी है.

न. माँ:- आप कुछ भी kahiye…Lekin मुझे नहीं लगता ये आज कल पहले जितना पढ़ती hai…Mujhe तो लगता है घर के काम से बचने के लिए पढ़ाई का नाटक करती है.

न. डैड:- कुछ भी मजाक करने से पहले ये सोच लो की किसके बारे में मजाक कर रही ho…Doctor बनने वाली है ye…Aur बुढ़ापे में हमारा इलाज यही karegi…Tab तुम्हारा हर एक मजाक का चुन चुन कर बदला लेगी.

निशा की पापा ने आखिरी की बातें हंस कर kaha…Wo भी जानते थे की निशा की माँ भी मजाक कर रही hai…Kyu की वो भी माँ बेटी का नाटक बहुत झेल चुके थे.

न. माँ:- आप के सामने मेरा कुछ चलता hi नहीं.

न. डैड:- पहले चलता tha…Lekin अब्ब बहुत देख चूका हु तुम्हारा ओवर एक्टिंग.

और फिर सभी हसने लगते hai…Nisha भी अपने घर के माहौल को देख कर बहुत खुस थी और खुद को लकी मान रही थी की उससे इतना प्यार करने वाला माँ और पापा मिला है.

फिर निशा को अतुल वाली बात याद आ gaya…Papa का अच्छा मूड देख कर हिम्मत करते हुए निशा ने पूछा.

निशा:- पापा तभी आप बात कर रहे थे मैं गेट के बाहर.

इतना कह कर निशा चुप हो gayi…Thoda दर भी रही थी की कही पापा गुस्सा न हो जाए और सोच रही थी की आगे पूछना चाहिए या नहीं.

कुछ देर सोचने के बाद निशा के पापा कहना सुरु करते है.

न. डैड:- अच्छा वो Atul…Bahut अच्छा लड़का hai…Baatein भी अच्छा करता hai…Aur उसने बताया भी था की वो तुम्हारा क्लासमेट है.

उनके इस बात ने निशा को और भी ज्यादा हैरानी में दाल diya…Wo सोच रही थी की उसके पापा गुस्सा हो जाएंगे लेकिन उन्होंने बहुत हलके से जवाब दे दिया.

निशा:- आप जानते है वो कौन है?

निशा को अब्ब लगने लगा की उसके पापा अतुल के बारे में ज्यादा नहीं जानते है.

न. डैड:- हमारे hi पडोसी के बीटा है.

पडोसी कहते वक्त उन्होंने कुछ सोचा लेकिन फिर हलके से जवाब दे दिया.

निशा:- फिर भी आप हंस कर बातें कर रहे the…Bilkul भी गुस्सा नहीं लग रहे थे.

जवाब उसके पापा ने मुस्कुरा कर दिया.

न. डैड:- इसमें उसका क्या गलती hai…Mera दुश्मनी उसके पापा और उसके भैया से hai…Usse nahi…Aur मई एक इंसान से दुश्मनी दूसरे पर नहीं निकालता hu…Acchaayi और बुराई को समझना चाहिए ना की दुश्मनी के पागलपन को खुद पर हावी होने दे कर अँधा हो जाए.

अतुल ने मुझसे अच्छे से बात किया और मैंने भी उससे अच्छे से बात kiya…Uske पापा और भैया दुश्मनी करना चाहते है तो मई भी उनके साथ वैसा hi हु.

निशा की पापा ने बहुत hi सुलझा हुआ जवाब दिया.

निशा को अब्ब सब कुछ ठीक लग रहा था और अतुल की तारीफ़ अपने पापा की मुंह से सुन्ना भी उससे बहुत अच्छा लग रहा था.

फिर कुछ देर ऐसे hi बातें करने के बाद निशा अपने रूम में आ गयी.

अभी इस वक्त वो अपने घर की माहौल से बहुत खुस थी और इस ख़ुशी में आज उससे पढ़ने का मन भी नहीं कर रहा tha…Wo अपने मोबाइल ले कर बैठ गयी.

कुछ देर मोबाइल चलाने के बाद उससे कुछ याद आया और उसने अंजलि को फ़ोन लगाया.

अंजलि:- Hello.

निशा:- है Anjali…Ek बात पूछना था तुझ से.

अंजलि:- है पंच.

निशा:- तू कहती है अतुल बहुत अच्छा लड़का hai…Lekin उससे प्यार करने में एक और रिस्क है यार.

निशा ने कुछ सोंचते हुए kaha…Iss वक्त वो बहुत सीरियस थी.

अंजलि:- कैसा रिस्क?

निशा:- हमारे घर वाले एक दूसरे के दुश्मन hai…Baad में वो नहीं maanenge…Aur इस प्यार का फ्यूचर सोच कर hi दर लग रहा है.

अंजलि:- प्यार करती है तो दिल से kar…Aise दर कर nahi…Apna प्यार को इतना मजबूत बना की तू अपने प्यार के लिए किसी के खिलाफ भी लड़ sakegi…Pyar अपना रास्ता खुंड ढूंढ nikaalega…Tu बस सच्चे दिल से प्यार कर और अपने फ्यूचर को फ्यूचर के ऊपर छोड़ दे.

अंजलि ने गलत तो नहीं कहा था पर उसकी बातें पूरी तरह से सही भी नहीं tha…Har बार हर सच्चे प्यार को मंजिल मिले ये जरुरी भी नहीं hai…Agar होता तो शायद आज अतुल और निशा एक होते.

अंजलि की बात निशा को भी कुछ हद्द तक समझ में aaya…Wo कुछ सोच hi रही थी की अंजलि ने फिर कहा.

अंजलि:- मतलब अब्ब तू मानती है की तू अतुल से प्यार करने लगी है.

निशा:- मैंने ऐसा कब कहा?

अंजलि:- तू नहीं तेरी बातें ऐसा कह रहा था.

निशा:- नहीं अभी कोई डिसिशन नहीं लिया है maine…Bas हर तरफ से सोच रही thi…Abhi मुझे थोड़ा टाइम चाहिए इस बारे में सोचने के liye…Abhi खुद उलझन में हु और कुछ समझ में नहीं आ रहा है.

अंजलि:- पूरी वक्त le…Aise फैसले जल्दबाज़ी में लिया भी नहीं जाता hai…Jab तुझे यकीं हो जाए की ये प्यार hi है तब hi अपना दूसरा कदम आगे badhaana…Agar ये अट्रैक्शन hi है तो फिर तुम दोनों के लिए hi मुश्किल हो जाएगा बाद me…Soch समझ कर फैसला लेना.

निशा:- हम्म.

फिर निशा फ़ोन काट देती है और अंजलि की बातों को फिर से सोचने लगती है.
 
अपडेट 32

आफ्टर ा मंथ

पढ़ाई, दोस्ती और मस्ती में ये 1 मंथ कैसे बीत गया पता hi नहीं chala…Itne वक्त में ज्यादा बदलाव तो नहीं आया था फिर भी थोड़ा बदलाव और जान पहचान और बढ़ गया था सभी दोस्तों में.

जब अंजलि ने निशा को बताया था की वो अतुल से प्यार करने लगी है तब से उसका अतुल को देखने का और बात करने का तरीका में भी बहुत बदलाव आ गया tha…Wo अब्ब पहले की तरह खुल कर बात भी नहीं कर पा रही थी अतुल से जैसे पहले करती thi…Pehle जब दोनों सिर्फ दोस्त थे तो हालत कुछ और था लेकिन अब्ब निशा के लिए अतुल सिर्फ दोस्त hi नहीं tha…Jo भी बात करती सोच समझ कर करती thi…Aur वो अभी भी अतुल को अच्छे से समझने की कोशिश करती.

और दूसरी तरफ Atul…Uska डेली रूटीन hi अब्ब बन गया tha…Ghar और लेक्चर के वक्त पढ़ाई और कॉलेज के फ्री टाइम में दोस्तों से बातें और masti…Jab भी वो बात करता था सभी से अच्छे से बातें करता, दोस्तों का टेंशन और परेशानी दूर करने की हर कोशिश karta…Sabhi को स्टडी में हेल्प और कभी कभी ग्रुप स्टडी भी.

फ्रेंड सर्किल में अतुल सभी के और भी क्लोज आ गया tha…Nisha से भी वो और खुल कर बातें करने लगा था लेकिन अभी तक उसके दिल में प्यार जैसे शब्द कोई जगह नहीं बना पाया tha…College में आ कर दो hi बात सीखा था usne…Ek पढ़ाई और दूसरा दोस्तों के साथ मस्ती.

काजल भी सभी के और करीब आ गयी thi…Atul के साथ और भी jyada…Kabhi वो अतुल के और पास आने की कोशिश करती तो कभी dur…Sabhi को उस पर शक भी होने लगा था उसके फीलिंग्स को लेकर सबसे ज्यादा निशा ko…Lekin कोई कुछ नहीं कह रहा tha…Atul इस बात से पूरी तरह अनजान था और उससे इस बात से ज्यादा मतलब भी नहीं था.

दूसरी तरफ अजय और Anjali…Ajay की हालत पर सभी को हंसी आ रहा tha…Bechaara हर एक कोशिश कर रहा था अंजलि को इम्प्रेस करने ki…Lekin दर और नर्वस्नेस में वो कुछ ऐसा कर देता की बेचारे पर सभी को हंसी आ जाता था.

और फिर Ravi…Apne बेइज़्ज़ती के बाद तो उसने अभी तक कुछ किया नहीं tha…Lekin भुला भी नहीं tha…Lekin हर दिन और हर पल अतुल और उसके दोस्तों के लिए उसका नफरत बढ़ता hi जा रहा था.

इन कैंटीन

अजय:- सुना है नेक्स्ट वीक से 3 डेज का कॉलेज टूर hai…Itne वक्त बाद कॉलेज वालो ने कुछ तो किया हमारे बैच के लिए.

अजय बहुत खुस हो कर बोलै.

अंजलि:- है बहुत दिन बाद लाइफ को एन्जॉय करने का मौका milega…Warna पढ़ाई में hi मेरा दम घुटने लगा था.

काजल:- वो तो आगे भी घुटने वाला hai…Sirf 3 डेज का hi टूर hai…Uske बाद आगे फिर से कॉलेज और पढ़ाई में hi साड़ी जिंदगी बीत जाएगा.

निशा:- लेकिन ये 3 दिन भी काम नहीं hai…Agar इन् 3 दिनों के हर एक पल जियेंगे तो यही पल याद गार लम्हे बन jaayega…Inhi लम्हो की यादों में hi बहुत वक्त गुजार सकते hai…Aur ऐसे टूर आगे भी तो aayega…Hame मस्ती के हर एक पल को एन्जॉय करना chaahiye…Aur देखना हम सभी दोस्त मिल कर बहुत मस्ती करेंगे.

अजय:- किसने कहा सभी दोस्त मिल कर मस्ती करेंगे.

अजय की इस बात पर सभी अजय को हैरानी से देखने लगे.

अंजलि:- क्यों? तुम नहीं आ रहे हो?

अजय:- Nahi...Mera मतलब मई आ रहा hu...Mai कह रहा था की आगे जो बैठे है अतुल महाराज उन्हें dekho…Kuch बोल भी नहीं रहा hai…Jarur कुछ न कुछ सोच रहा होगा टूर कैंसिल करने के liye…Ye 3 दिन में पूरा सिलेबस पढ़ lega…Aur इससे अच्छा मौका कहा मिलेगा.

अजय की बात ख़तम होने के बाद फिर सभी का सवालिया नजर अतुल पर पड़ा.

अतुल:- तुम लोग कब से अजय के बकवास पर विश्वास करने लगे?

काजल:- तो तुम भी चल रहे हो.

काजल की बातो से hi पता चल रहा था की वो कितना खुश hai…Aur उसकी इतनी ख़ुशी निशा को बहुत अजीब लग रहा था.

अतुल:- Bilkul…Mujhe भी स्टडी से ब्रेक chaahiye…Bahut पढ़ liya…Inn 3 दिनों को मई भी एन्जॉय करूँगा.

अजय:- देखना बाद में इसके बैग में कपडे की जगह बुक hi hoga…Iska हर नस से वाकिफ हु.

अतुल:- बहुत गलत तरह से वाकिफ है.

अजय:- एक बात bata…Tu इस टूर में क्यों जा रहा hai…Ye टूर तो तेरा किसी काम का नहीं है.

अतुल:- मेरा काम का नहीं hai…Matlab?

अजय:- मतलब ये टूर तुम जैसे प्यार न करने वालो के लिए नहीं है.

अतुल:- जरूर पी कर आया है तू aaj…Bakwaas बातें करते hi जा रहा hai…Bhai थोड़ी देर सू jaa…Nasha काम हो जाएगा.

निशा:- (तो अजय) तुम्हारी बातें मुझे भी समझ में नहीं आया.

अजय:- ऐसे कॉलेज के टूर में सिर्फ उन्ही लोगो को मजा आता है जो रिलेशन में होते hai…Soch bhai…Ham किसी अपने प्यार करने वाले के साथ ऐसे याद गार पल जीने जा रहे hai…Usme कितना मजा आएगा.

और एक तेरा life…Kya करेगा तू waha…Sirf होटल में रहेगा और बोर होगा तो होटल से बाहर niklega…Aise में क्या मजा.

अंजलि:- अब्ब अपनी बकवास बंद भी karo…Tumhaari बातो से तो लग रहा है की तुम बकवास काम और अतुल को भड़काने की कोशिश ज्यादा कर रहे हो.

अतुल:- यार हर बार ये प्यार को बिच में क्यों जोड़ देता hai…Teri बातो से तो और भी बकवास लगने लगा है ये प्यार शब्द.

मेरा हमेशा मजाक उड़ाने की कोशिश करता है सिंगल होने की वजह se…Tera कितना गर्ल फ्रेंड्स है?

अजय ने कभी सोचा hi नहीं था अतुल ऐसे सवाल भी कर सकता hai…Agar वह कोई नहीं होता तो वो इससे मजाक में बदल देता लेकिन अंजलि भी साथ में होने की वजह से बेचारा की हालत ख़राब हो गया.

अजय:- लेकिन प्यार में नास्तिक तो नहीं हु na…Koi न कोई मिल hi जायेगी बहुत जल्द.

अजय ने बात बदलते हुए कहा.

अंजलि:- देखती हु कौन मिलती है.

अंजलि ने अपना गुस्सा दबा कर kaha…Usse अजय का " कोई न कोई मिल hi जायेगी बहुत जल्द” बिलकुल भी पसंद नहीं आया था.

अजय:- अतुल थोड़ी न हु mai…Agar किसी पर अच्छे से तरय करूँगा तो जरूर पैट jaayegi…Atul बेचारा से कभी कोई पटेगी भी नहीं और इसी तरह सिंगल hi रह जाएगा.

अजय ने हँसते हुए कहा.

अतुल:- भाई तू तो मुझे पूरी तरह ुँडेरेस्तिमाते कर रहा hai…Ladki पटाने का हर एक आईडिया है मेरे paas…Lekin इंटरेस्ट नहीं है.

अजय:- अच्छा ऐसी बात hai…Ek आईडिया hi बता दे.

अतुल:- फॉर एक्साम्प्ले:

आज कल की बहुत सारे लड़के लड़किया रिलेशन में होती है.

अगर ऐसी लड़की पर तरय करना है तो केमिकल रिएक्शन उसे करना पड़ता है.

अजय:- मतलब एसिड फेंकने का dhamki…Bahut कमीना है यार तू.

अजय की इस बात पर अतुल ने अजय को गुस्से से घूरते हुए कहा.

अतुल:- अबे छोटी soch...Pehle बात तो सुन le…Chemical रिएक्शन मतलब पहले सिंगल डिस्प्लेसमेंट reaction…Pehle तो लड़की और दूसरे लड़के का बांड तोड़ दे और खुद जा के अलग बांड बना उस लड़की के saath…Aur फिर जब तक प्यार का नाटक करना है तब तक करता रह और फिर इंटरस्ट नहीं रहा तो डोम्पोसिशन reaction…Kuch अलग तरय कर और फिर अलग हो जा.

सर्टिफाइड एंड बहुत काम का आईडिया hai…Aur आज कल का प्यार भी कुछ ऐसा hi है.

अजय:- छुपा रुस्तम और चालू है यार तू.

अजय को भी अतुल पर हैरानी हो रहा tha…Usne कभी सोचा भी नहीं था की अतुल ऐसा लॉजिक दे सकता है.

अतुल:- अफ़सोस की ऐसा नहीं hu…Agar होता तो ये आईडिया बहुत पहले उसे कर leta…Lekin मुझे कोई इंटरस्ट नहीं है प्यार, इश्क़ और मोहब्बत जैसे शब्दों में.

अतुल की बात सुन कर सभी थोड़ा हैरान हो गए the…Koi कुछ बोलता उससे पहले hi अतुल ने कहा.

अतुल:- चलो abb…Lunch ब्रेक भी ख़तम हो गया.

सभी अपने सीट से उठ gaye…Anjali ने अजय को रुकने का इशारा किया.

दूसरी तरफ रवि भी अतुल की बातो को ध्यान से सुन रहा था.

और वो खुद भी सोच रहा था.

रवि:- (इन हिज मंद) पहली बार इसकी बात में कोई लॉजिक hai…Idea तो अच्छा है और जरुरत पड़ने पर उसे भी करूँगा.

सभी के जाने के बाद.

अंजलि:- तुम आज कुछ ज्यादा hi बकवास और बिना मतलब के बात कर रहे थे.

अजय:- पता है.

अजय ने मुस्कुरा कर कहा.

अंजलि:- तो फिर क्यों?

अंजलि ने हैरानी में पूछा.

अजय:- अतुल को भी सेट करने का सोच रहा hu…Sabhi को देख रहा हु सभी अपने गफ बर्फ में बिजी hai…Aur एक है मेरा बुद्धू dost…Wo तो मरते दम तक भी सिंगल रहने के लिए तैयार hai…Kuch करना पड़ेगा वर्ण कुंवारा hi मर जाएगा.

अंजलि:- बहुत फ़िक्र है तुम्हे अतुल की?

अजय:- है.

अजय ने मुस्कुरा कर जवाब दिया.

अंजलि:- पहले खुद का तो सेट कर लो.

अंजलि ने भी मुस्कुरा कर जवाब दिया और साथ hi अजय का हालत खराब हो गया हैरानी में.

अजय:- क्या? क्यों?

अंजलि:- तो फिर तुम भी कुंवारे hi मर जाओगे.

अजय:- मुझे खुद की परवाह नहीं hai…Aur है अतुल सही कहता था प्यार नाम की छिड़िया से जितना दूर रह सकते है रहना चाहिए.

अंजलि:- क्या मई तुम्हारा साथ दे सकती हु.

अंजलि अजय को और भी ज्यादा परेशान करने के मूड में थी.

अजय:- कैसा साथ?

अंजलि:- अतुल को सेट करने की कोशिश me…Bataao अतुल और मेरा जोड़ी कैसा रहेगा?

अंजलि अजय की हालत देख मुस्कुरा कर boli…Aur अंजलि का ऐसे सवाल से अजय बुरी तरह चौंक gaya…Ek पल के लिए तो उससे अपने कान पर विश्वास भी नहीं hua…Atul और Anjali…Ye तो उसने कभी अपने बुरे सपने में भी नहीं सोचा था.

अंजलि:- इतना चौंकने की जरुरत नहीं hai…Ye सिर्फ मजाक tha…Atul मेरा अच्छा दोस्त hai…Iske अलावा और कुछ नहीं.

अंजलि की इस बात ने अजय को राहत दिया लेकिन वो अभी भी कुछ बोलने की हालत में नहीं था.

अंजलि:- अब्ब chalo…Pehle hi लेट हो गए है.

फिर अंजलि आगे बढ़ gayi…Ajay भी उसके पीछे पीछे चलने laga…Wo चल तो रहा था लेकिन उसका आँख और दिमाग एक दूसरे का साथ नहीं दे रहा tha…Anjali की बात ने उससे बहुत गहरी सोच में दाल गया tha…Kayi जगह पर गिरते गिरते बचा, किसी तरह अजय क्लास में पहुंचा.

टूर की प्लानिंग हो गया tha…Aur सभी रेडी भी थे इस टूर के liye…Un होने इस टूर में सोचा भी नहीं होगा की ऐसा कुछ भी हो सकता hai…Kuch मीठी, कुछ बुरी और कुछ खौफनाक याद उन्हें मिलने वाला था इस टूर में और इसी के साथ सभी के लाइफ में और भी बदलाव आने वाला था.
 
अपडेट 33

इन बस

टूर के लिए बस रेडी tha…Karib 25 स्टूडेंट्स एंड 5 कॉलेज स्टफ्फ्स थे इस टूर में जाने के liye…Laghbhag सभी स्टूडेंट्स बैठ गए थे बस me…Sirf कुछ बाकी के स्टूडेंट्स के लिए बस वेट कर रहा था.

कुछ hi देर में निशा भी बस में आ gayi…Aur आते hi अपने आँखों के सामने उसने जो नजारा देखा उससे देख के उसका चेहरा लटक गया और साथ hi चेहरे में गुस्सा या फिर जेएलओसी के कुछ भाव भी दिखने लगा.

इस बार भी वजह पहले की तरह hi tha…Aaj फिर अतुल और काजल साथ बैठे थे वो भी बस के फ्रंट रौ me…Aur बस में आते hi उसका दर्शन दोनों से हो गया.

बस ये देखते hi निशा का मूड ऑफ हो gaya…Kisi तरह Hi, Hello करके वो पीछे चली gayi…Aur एक दो सीट पीछे बैठी अंजलि को अपनी तरफ मुस्कुराता देख उसका गुस्सा और भी बढ़ गया.

जब निशा अंजलि के पास पहुंची तब,

अंजलि:- Ajay…Please तुम पीछे चले jaao…Nisha को लास्ट में बैठने में दिक्कत होगा.

जैसे hi अजय ने ये बात सुना एक पल के लिए वो चौंक gaya…Kisi बड़े झटका से काम नहीं था उसके लिए ये…15 मिनट पहले कितना खुश था वो अंजलि के साथ बैठने की वजह se…Kitna कुछ सोच लिया था उसने इस सफर के बारे me…Ye 15 मिनट में अंजलि के साथ क्या बातें करेगा, कैसे उसको इम्प्रेस करेगा सब कुछ सोच लिया था usne…Lekin उसकी फूटी kismat…Anjali की एक hi रिक्वेस्ट ने उसके सारे ख्वाब तोड़ दिए.

अजय भी न चाहते हुए उठ गया और पीछे चला गया लेकिन अपने किस्मत को कोसना नहीं भुला.

अजय:- मेरी फूटी kismat…Saala हर बार ऐसे मौका में hi धोखा देता है.

अब्ब वो कर भी क्या सकता tha…Munh लटका कर चला गया वो पीछे baithne…Anjali भी अजय की हालत पर मन hi मन मुस्कुरा रही थी.

निशा:- तू ये अपना पीला दांत क्यों दिखा रही है?

काजल का गुस्सा निशा ने अंजलि पर उतार दिया.

अंजलि:- क्या पीला? आज सुबह hi तो कोलगते से ब्रश किया tha…Shaayad डेट एक्सपीरेड हो गया hoga…Tour से वापस जाने के बाद चेक करती हु.

अंजलि की इस जवाब से निशा और भी ज्यादा छिड़ gayi…Chhidhte हुए उसने कहा.

निशा:- देख अभी मेरा मजाक का मूड नहीं hai…Behtar यही है की तू अपना बकवास बंद कर और चुप हो जा.

अंजलि:- लेकिन मई बोल कहा रही hu…Wo तो तूने hi मुझसे सवाल पूछा था.

निशा:- तो अब्ब मई hi कह रही हु चुप हो जा और मेरा दिमाग और खराब मत कर.

निशा अंजलि की हर बात से छिड़ते जा रही थी.

अंजलि:- अच्छा अच्छा … ठीक hai…Abb कुछ नहीं बोलूंगी.

फिर अंजलि का मुंह तो बंद हो जाता है लेकिन आँखें nahi…Wo अपनी नजरो से निशा की नजरें की पीछा करती है.

निशा लगातार अतुल और काजल को देखे जा रही thi…Uski आँखें और चेहरे की रंग hi बता रहा था की उससे दोनों का साथ बैठना अच्छा नहीं लग रहा था.

एक दो बार कोशिश किया उसने दोनों से नजर हटाने ka…Lekin कुछ hi देर में अपने आप चला jaata…Aur फिर चेहरे में वो hi गुस्सा भरे भाव.

अंजलि:- अब्ब मान क्यों नहीं leti…Tujhe अतुल से प्यार हो गया है.

अंजलि ने बहुत धीरे से कहा ताकि उसकी बात सिर्फ निशा hi सुन sake…Anjali की बात सुनने के बाद निशा ने अंजलि को घूरते हुए देखा.

अंजलि:- अच्छा अच्छा अब्ब कुछ नहीं bolungi…Aise घर मत.

अंजलि की मुंह फिर बंद हो gaya…Lekin निशा का अतुल और काजल को देखना और अंजलि का निशा को देखना और दूर बैठे अजय का कभी कभी अंजलि को देख लेना चलता hi रहा.

अंजलि:- देर मत kar…Warna काजल नाम की छिड़िया कही तेरे अतुल को ले कर कही उड़द न जाए.

अंजलि ने फिर मुस्कुराते हुए धीरे से निशा की कान में कहा.

और हर बार की तरह निशा ने फिर काजल को घर कर देखा लेकिन कुछ hi पल में अंजलि की बातो से उसके दिल में एक अनजाना सा दर बैठ gaya…Lekin उसने अपने इस दर को अपने चेहरे में आने नहीं दिया.

अंजलि:- ऐसे मत घर yaar…Iss बार पक्का कुछ नहीं बोलूंगी.

फिर अंजलि चुप हो गयी.

और लास्ट में बैठा अजय अपने मन में खुद से hi बातें कर रहा था.

अजय:- ( इन हिज मंद) ये क्या हो रहा है mujhe…Itna दर क्यों लग रहा hai…Aaj से पहले ऐसे दर का एहसास तो कभी नहीं hua…Jab भी अंजलि को प्रोपोज़ करने का सोचता हु अलग hi दर दिल और दिमाग में आ जाता hai…Kahi उसने मेरे प्यार को इंकार कर दिया to…Nahi नहीं मुझे ऐसे पेसिमिस्टिक भी नहीं होना chaahiye…Ek बार प्रोपोज़ तो करके hi rahunga…Wo जरूर एक्सेप्ट करेगी.

लेकिन ऐसा मुझ में है भी क्या जो वो भी मुझसे प्यार kare…Usse तो मेरा पास्ट और प्रेजेंट सब कुछ पता hai…Aur फ्यूचर उसके साथ गुजारना चाहता हु जो सहायद मुमकिन nahi…Saala अब्ब मुझे अपने hi पास्ट से नफरत हो रहा hai…Kya जरुरत था वो सब करने ki…Atul की तरह अच्छा बच्चा भी तो बन सकता था.

अब्ब मेरा ये पास्ट मेरा फ्यूचर डीडे कर रहा है और मुझे अपने पास्ट से hi नफरत होने लगा hai…Abb भले hi मई बदल गया हु लेकिन अगर अंजलि के लिए मई पहले वाला अजय hi रहा तो वो मेरे प्यार को कभी नहीं अपनाएगी.

अब्ब खुद को थोड़ा और टाइम देकर अंजलि के सामने हीरो भी नहीं बन sakta…Time hi नहीं है मेरे पास. अंजलि की बातो से दर लग रहा है abb…Wo कैंटीन वाली baat…Atul और उसकी Jodi…Nahi…Aisa नहीं hai…Lekin अतुल की जगह कोई और…

आज कल ज़माना बहुत तेजी से चल रहा hai…Agar कोई और आ गया और तेजी से अंजलि को पता लिया तो मई हाथ माल्टा रह jaaunga…Mere पास ज्यादा वक्त नहीं hai…Ye प्यार का मामला hai…Naa hi जल्द बाज़ी ठीक है और ना hi deri…Timing की जरुरत है और वो hi मेरे किस्मत में भी नहीं है.

खैर अब्ब और देरी नहीं karunga…Bol दूंगा इसी टूर में अंजलि को अपने दिल की haal…Abb इस दर के साथ और जी भी नहीं सकता.

लेकिन इतना आसान भी नहीं hai…Agar 2, 4 को पीटना होता तो आराम से पीट देता लेकिन ये प्यार और प्रोपोज़ और भी खतरनाक hai…Chaaku और बात का इतना दर नहीं लगता जितना प्यार में इंकार होने का ख्याल से लग रहा है.

ये क्या सोच रहा हु mai…Fir वो hi चाक़ू, बात और गुंडा gardi…Nahi…Abb भूल कर भी ये नहीं sochunga…Abb बदल गया हु और दुबारा पीछे नहीं mudunga…Abb बस एक अच्छा मौका का इंतजार hai…Fir अंजलि को प्रोपोज़ कर दूंगा और बाकी के फैसला ऊपर वाले और अंजलि पर छोड़ दूंगा.

कुछ ऐसे hi ख्याल में अजय परेशान हो रहा tha...Aur ये दुआ करते जा रहा था अपने मन में की काश उसके प्यार को अंजलि एक्सेप्ट कर ले.

और दूसरी तरफ निशा का भी हाल कुछ ठीक नहीं tha…Wo अभी भी अतुल और काजल को hi देखे जा रही thi…Usne ऑब्सेर्वे किया की अतुल काजल के साथ भी उसी तरह से बात कर रहा है जैसे उसके साथ कर रहा hai…Bich बिच में अतुल जब भी काजल के साथ हंस हंस कर बात करता निशा को बहुत गुस्सा आ जाता tha…Abb तो वो ये भी कपड़े करने लगी थी की अतुल किसके साथ अच्छे से बात करता hai…Khud को तो वो यही जवाब दे रही थी की अतुल उससे hi अच्छे से बातें करता है और उसको काजल से ज्यादा अच्छा दोस्त मंटा है लेकिन उसकी इस जवाब को उसकी आँखें झूठा साबित कर रहा था.

कुछ इसी तरह बस के सफर में शाम हो गया.

पुरे सफर सिर्फ अतुल और काजल के लिए hi अच्छा raha…Dono ने साथ में बहुत बातें और मस्ती भी kiya…Nisha दोनों को देख कर गुस्सा होते जा रही thi…Ajay अपने सोच में परेशान tha…Aur अंजलि अजय और निशा की हालत का मजे ले रही थी.

शाम के 6:00 पं में सभी अपने डेस्टिनेशन pahunche…Waha पहुँचते पहुँचते शाम हो गया था और सभी थक गए थे तो कॉलेज स्टफ्फ्स ने डीडे किया की सभी कल से hi घूमने jaayenge…Aaj होटल में hi रेस्ट करेंगे.

कुछ देर बाद सभी अपने अपने रूम में पहुँच गए.

रूम में जाने के बाद निशा अपने बीएड में लेत gayi…Uska मूड तो पहले hi बिगड़ गया tha…Aur मूड फ्रेश करने की कोशिश में उसने मोबाइल khola…Mobile खोलते hi उससे अतुल फब में ऑनलाइन dikha…Atul को ऑनलाइन देख कर उससे अच्छा तो लगा लेकिन गुस्से की वजह से इग्नोर कर diya…Aur वो न्यूज़ फीड देखने लगी.

कुछ hi देर बाद अतुल का मैसेज आया.

अतुल:- Hi.

लेकिन निशा ने गुस्से में फिर से इग्नोर कर दिया और मोबाइल ऑफ करके छत में घूमने चली गयी.

करीब आधा से एक घंटा छत में घूमने के बाद जब उसने फिर मोबाइल ों किया तो उससे हैरानी hua…Atul अभी भी ऑनलाइन tha…Hairaani इस लिए की उसने अतुल को पहले इतनी देर तक कभी ऑनलाइन नहीं देखा था.

छत में घूम कर फ्रेश होने के बाद उसका मूड भी अब्ब पहले से बेहतर tha…Iss बार उसने रिप्लाई कर hi दिया.

निशा:- Hello.

कुछ देर बाद अतुल का मैसेज आया.

अतुल:- Hello…Lekin इतनी देर बाद मैसेज का रिप्लाई?

निशा:- वो कुछ जरुरी काम आ गया था बिच में इस्सलिये.

अतुल:- Ohh…Mujhe लगा कही मैडम मुझ से किसी बात के लिए नाराज तो नहीं है और इग्नोर कर रही है.

अतुल की इस बात से निशा ने अपने मन में कहा.

निशा:- (इन हेर मंद) Gussa…Itna गुस्सा तो शायद hi कभी मुझे आया hoga…Tum से प्यार करने लगी हु इसी लिए भाव खा रहे हो na…Dekh लुंगी तुम्हे.

निशा ने इस सोच के साथ पहली बार मान लिया की वो अतुल से प्यार करने लगी है.

लेकिन मैसेज में उसने कुछ और hi लिखा.

निशा:- Nahi…Mai सर से कैसे नाराज हो सकती हु.

फिर दोनों के बिच कुछ देर तक ऐसे hi चैटिंग चलता raha…Abb निशा को भी अतुल से बात करने में अच्छा लगने लगा और वो ये भूल भी गयी की वो कुछ देर पहले अतुल से नाराज थी.

लेकिन निशा ने ये भी नोटिस किया की अतुल थोड़ा लेट रिप्लाई दे रहा था.

निशा:- तुम बहुत स्लो टाइपिंग करते ho…Bahut लेट रिप्लाई आता है तुम्हारा.

लेकिन दूसरी तरफ से जो रिप्लाई आया उसका उम्मीद निशा ने किया hi नहीं था.

अतुल:- नहीं ऐसी बात नहीं hai…Kajal से भी चैटिंग कर रहा हु तो थोड़ा टाइम लग रहा hai…Issi वजह से रिप्लाई में थोड़ा टाइम लग रहा है.

अतुल की इस बात से निशा को और भी गुस्सा आ gaya…Gusse में इस बार उसने मोबाइल बीएड में फेंक दिया.
 
अपडेट 34

नेक्स्ट डे

अगले दिन होटल के बाहर सभी स्टूडेंट्स जम्मा हो gaye…Wahi डिस्कशन हो रहा था ग्रुप डिवीज़न और विजिटिंग स्पॉट के बारे me…Total 5 टीचर्स और 25 स्टूडेंट्स the…Aur डीडे हुआ की 1 टीचर के सुपेर्विसिओं में 5 स्टूडेंट्स.

पहाड़ी इलाका में स्थित ये जगह पर बहुत से घूमने लायक जगह tha…Visiting स्पॉट के रूप में भी अलग अलग जगह सेलेक्ट किया gaya…Forest विजिट, ट्रैकिंग, हिस्टोरिकल टेम्पल विजिट, रिवरसाइड विजिट, ज़ू, पार्क, केव्स और भी बहुत इंटरेस्टिंग साइट्स.

ग्रुप डिवीज़न hua…Sabhi ग्रुप में 5 स्टूडेंट्स the…Atul के ग्रुप में उसके बाकी के 4 dost…Yani की निशा, अजय, अंजलि और काजल.

और ग्रुप सुपरवाइजर राहुल सर को रखा gaya…Unka ग्रुप सुपरवाइजर अन्नोउंस होते hi अतुल के अलावा सभी को थोड़ा दर लगने laga…Lagta भी क्यों nahi…Sabhi देख चुके थे वो कितना स्ट्रिक्ट hai…Abb सभी को यही लग रहा था की वो इस टूर को फ्रीडम के साथ एन्जॉय नहीं कर पाएंगे जितना सभी ने सोचा था.

उन् 4 के अलावा सभी टूर के लिए एक्ससिटेड लग रहे थे और आगे आने वाले पल के बारे में सोच कर अभी से खुस थे.

फिर टीचर्स ने स्टूडेंट्स को रूल्स एंड रेगुलेशंस और उनका लिमिट समझा दिया फिर सभी अलग हो गए अपने अपने डेस्टिनेशन की तरफ. (फारेस्ट विजिट)

सभी राहुल सर के साथ चल रहे the…Lekin कोई कुछ बोल नहीं रहा tha…Nisha, अजय, अंजलि और काजल थोड़ा दर भी रहे थे और अतुल बस उनके बोलने की इंतजार में tha…Nisha और अजय का चुप रहने का एक और वजह भी tha…Dono अपने सोच में खोये हुए थे और प्यार की जुंग में खुद से hi लड़ रहे थे.

डॉ. राहुल:- तुम सब इतने चुप क्यों हो? मस्ती करने आये हो टूर me…Bolo, नाचो, गाओ, मस्ती karo…Aise सीरियस और चुप रहने से तो इस टूर का कोई मतलब hi नहीं है.

अतुल:- सर सभी को सर्दी और जुखाम हो गया है.

अतुल ने बिंदास बोल diya…Aur उसकी इस तरह से बात करने से उसके सभी दोस्त हैरानी से उससे घूरने lage…Do वजह tha…Pehla अतुल ने जो भी कहा था वो पूरी तरह गलत tha…Dusra सभी हैरान थे की अतुल राहुल सर के सामने कैसे इतना बिंदास तरीके से बोल रहा है.

फिर राहुल सर ने सभी के चेहरे की तरफ dekha…Unko अपने तरफ देख कर कोई कुछ नहीं बोल पा रहे the…Pehle सभी ने अपना चेहरा ना में हिलाया और फिर कहा "नहीं sir…Aisi कोई बात नहीं है."

सभी की ऐसी हालत देख कर राहुल सर ने मुस्कुरा कर कहा.

डॉ. राहुल:- तुम लोग सुधरोगे nahi…Abhi भी दर रहे ho…Are यार मई कोई बहुत नहीं हु और ना hi उतना खूंखार जितना तुम लोग सोच रहे ho…Class के अंदर और बाहर बहुत अलग hu…Chalo मुझे अपना दोस्त hi समझो और मस्ती karo…Darne की कोई जरुरत नहीं है.

अतुल:- सर कोई फायदा nahi…Mai भी बहुत लेक्चर दे चूका हु inhe…Lekin समझते hi nahi…Darna सभी की आदत बन चुक्का hai…Itna जल्दी ये आदत नहीं जाएगा.

अतुल की इस बात पर सभी उससे फिर से घूरने लगे लेकिन इस बार थोड़ा गुस्से से.

डॉ. राहुल:- वैसे मेरे पास बहुत तरीका hai…Dekh कैसे इनको बोलने पर मजबूर करता हु.

दोनों की बात सुन कर सभी कुछ बोलना तो चाह रहे थे लेकिन क्या बोलना चाहिए ये समझ में नहीं आ रहा tha…Issi लिए इस बार भी वो चुप hi रहे.

अतुल:- कैसे सर?

डॉ. राहुल:- रैगिंग लेना पड़ेगा सबका.

राहुल सर की इस बात पर अतुल और हसने लगा अपने दोस्तों का चेहरा देख kar…Jo फिर से दर गए थे रैगिंग की नाम सुन kar…College की फर्स्ट डे का रैगिंग अभी तक कोई भुला भी नहीं था. (रैगिंग इस उसुअल इन मेडिकल college…Bas स्टोरी में लिखा नहीं है.)

डॉ. राहुल:- तू इतना है क्यों रहा है? तेरा hi रैगिंग लेने वाला हु सबसे पहले.

राहुल सर की इस बात से अतुल की हंसी अचानक रुक गया और वो थोड़ा खांसने laga…Atul की इस हालत देख उसके सभी दोस्तों हसने लगे.

अतुल ने राहुल सर की तरफ देखा और जल्द पता लगा लिया की सर उससे मजाक कर रहे hai…Fir उसने मजाक को जारी रखते हुए कहा.

अतुल:- सर आप?

डॉ. राहुल:- Ha…Kyu?

अतुल:- लेकिन आप कैसे रैगिंग ले सकते hai…Ragging तो सिर्फ सीनियर्स लेते है.

डॉ. राहुल:- मई भी तुम सब का सीनियर हु…10 बैच आगे का senior…Issi कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है मैंने भी.

अतुल:- लेकिन सर.

डॉ. राहुल:- क्या lekin…Taiyaar हो जा अब्ब तू.

अतुल:- सर प्लीज फिर कभी कर लीजिये ragging…Lekin यहाँ nahi…Aur इन् सब के सामने तो बिलकुल nahi…Bahut कमीने है sab…Baad में हंस हंस कर मजाक उड़ाएंगे.

अतुल डरने का एक्टिंग अच्छे से कर रहा था और सभी दोस्त उस पर हांसे जा रहे थे.

अजय:- अब्ब कुछ ज्यादा hi ओवरएक्टिंग कर रहा है tu…Chup हो जा भाई.

फिर अजय ने राहुल सर से कहा.

अजय:- Sir…Aap प्लीज इसका रैगिंग lijiye…Aaj भी इसका कॉलेज का फर्स्ट डे का रैगिंग नहीं भुला पाया hu…Aise ऐसे टास्क मिला था इसको की सोच कर अभी भी हंसी आ रहा hai…Uss दिन हसना मन था वर्ण हंस हंस कर पेट दुःख जाता.

अजय ने हँसते हुए कहा.

निशा:- सही कहा Ajay…Jindagi में पहली बार इतना हंसी और मजा आया tha…Lekin मज़बूरी था की सीनियर्स ने हसना मन किया था.

अतुल:- बहुत राज उगल रहे ho…Tum दोनों के बारे में भी बता दू क्या.

अजय:- अरे नहीं bhai…Maine तो ऐसे hi कह दिया था.

अतुल:- अगली बार सोच समझ कर पन्गा लेना.

अतुल ने बाल (हेयर) मिलाते हुए शान से कहा.

अजय:- सर please…Aap एक बार फिर इसका रैगिंग lijiye…Ek बार फिर देखने का मन कर रहा है.

डॉ. राहुल:- इस बार nahi…Bechaara का पहले hi बुरा हाल hai…Yaha इसको मस्ती कर लेने दो और तुम सभी भी karo…Abb कोई चुप रहा तो उसका रैगिंग पक्का लूंगा.

इसी तरह सभी राहुल सर से खुल कर बात करने लगे और सभी का सोच राहुल सर के लिए बदलने लगा.

फिर सभी कुछ देर बाद जंगल में पहुँच gaye…Rahul सर सभी को कुछ जरुरी पेड़ (ट्री) , जगह और जंगल के बारे में बताने lage…Saath में सभी एक दूसरे से हंसी मजाक भी कर रहे थे.

अजय भी अपना टेंशन भूल कर मजा लेने laga…Nisha भी अतुल का मजाक उड़ाने का कोई मौका नहीं chhodti…Kajal और अंजलि भी बिच बिच में बातों में शामिल हो जाती.

डॉ. राहुल:- अच्छा तो अब्ब ये बताओ की तुम में से कौन कौन रिलेशनशिप में है?

राहुल सर की इस सवाल से सभी हैरानी से पहले एक दूसरे को देखने लगे और राहुल सर को देख कर एक साथ ना में सर हिला दिया.

डॉ. राहुल:- तुम सभी सिर्फ पढ़ाई hi करते हो क्या? कॉलेज लाइफ की मजे के बारे में कुछ जानते hi नहीं हो.

राहुल सर ने हैरानी के साथ कहा.

अतुल:- मजा तो बहुत करता हु sir…Dosto के साथ मस्ती करना, एक दूसरे का मजाक उड़ाना, क्रिकेट खेलना और कोई बोरिंग क्लास हुआ तो बंक भी मारते है हम सब मिल कर.

डॉ. राहुल:- बेवकूफ ये तो बच्चे भी करते hai…Thoda बड़ा हो जा यार.

अजय:- सर बड़ा होने का मतलब प्यार वाला खेल खेलना?

डॉ. राहुल:- तू थोड़ा समझदार लग रहा है.

अजय:- लेकिन सर एक हाथ से ताली भी तो नहीं bajta…Mai तो तैयार हु लेकिन सभी लड़किया मुझ से दूर hi भागती है.

डॉ. राहुल:- तो भाई खुद को ऐसा बना की लड़किया तेरे पीछे भागे.

अतुल:- ये इसकी बस की बात नहीं है सर.

डॉ. राहुल:- Accha…To फिर तू bata…Tera सिंगल होने का वजह.

अतुल:- सर मेरे पास ऐसे फ़ालतू चीजों के लिए वक्त नहीं hai…Ladki पटाने की वक्त का इस्तेमाल पढ़ाई में करू तो बहुत ज्ञान हासिल हो जाएगा.

अतुल की इस बात पर राहुल सर ने अपना सनग्लास निकाल कर कहा.

डॉ. राहुल:- क्या? चल एक बात bata…Tu पढाई के लिए सांस लेना और खाना खाना छोड़ देता है क्या?

अतुल:- नहीं sir…Lekin वो सब तो जीने के लिए जरुरी है.

डॉ. राहुल:- ये भी जीने के लिए जरुरी है मेरे bhai…Abhi नहीं समझेगा लेकिन बहुत जल्द इसका एहसास हो जाएगा तुझे.

राहुल सर ने कुछ सोचते हुए कहा.

अतुल:- लेकिन सर.

डॉ. राहुल:- कोई लेकिन वेकिन नहीं? तेरा उम्र से मई भी गुजर चूका hu…Sab एक्सपीरियंस है mujhe…Bas ये मत समझना की प्यार करने से पढ़ाई में लोस्स हो jaayega…Sab कुछ साथ ले कर चलना पड़ता hai…Kisi एक चीज भी पीछे छूट गया तो जिंदगी पीछे छूट जाएगा.

अजय:- सर शायद आप अपने जमाने में बहुत बड़े आशिक़ थे?

डॉ. राहुल:- काश hota…Lekin नहीं tha…Uss वक्त मेरा भी सोच इस बुद्धू अतुल जैसा hi tha…Aur यही वजह है आज तक मई भी सिंगल hu…Jab वक्त था तब किसी लड़की को भाव नहीं दिया और अब्ब कोई मुझे भाव नहीं दे रही है. …और मई ये नहीं चाहता की जो गलती मैंने किया वो तुम सब भी करो.

अजय:- आप अभी तक ुनमर्रिएद है?

डॉ. राहुल:- अभी तक का क्या matlab…Abhi सिर्फ 32 hi हुआ है आगे. देखना कोई तो पत् hi जायेगी.

राहुल सर ने शान से कहा.

अजय:- लगे रहिये सर.

बात अब्ब सीरियस हो रहा था तो अतुल ने मजाक की तरफ मोड़ कर कहा.

अतुल:- सर वैसे एक बात और hai…Class की सभी लड़किया उंलख्य है जो उनके पास मेरे जैसा स्मार्ट बॉयफ्रेंड नहीं है.

अतुल की इस बात पर सभी ने घर कर dekha…Sabse ज्यादा निशा ने.

डॉ. राहुल:- मस्ती मजाक करने के लिए बोलै tha…Ghatiya जोके सुनाने के लिए नहीं.

ये बात सुनने के बाद अतुल ने मजाक में hi बुरा मुंह बना लिया और सभी उस पर हसने लगे.

डॉ. राहुल:- Nisha…Abb तुम भी अपना वजह बताओ?

निशा:- कुछ लड़को में बहुत ऐटिटूड है.

निशा का इशारा अतुल की तरफ tha…Lekin बुद्धू अतुल की समझ से बहुत दूर था ये बात.

डॉ. राहुल:- बात तो गलत नहीं hai…Ha लेकिन एक सुग्गेस्टिव दे सकता हु tumhe…Pehle ऐसे लड़के को प्यार से लाइन पर ले aao…Aur फिर बाद में अपने नखरे दिखा दिखा कर हिसाब बराबर कर लेना.

डॉ. राहुल:- और Anjali…Abb तुम बताओ?

अंजलि:- सर अभी इस बारे में सोचा नहीं hai…Lekin शायद सोचना पड़ेगा.

अंजलि ने इतना hi कहा था की अजय ने अपने मन में खुद से hi कहा.

अजय:- (तो हिमसेल्फ) सोचो socho…Jaldi socho…Lekin प्लीज मेरे बारे में hi सोचना.

डॉ. राहुल:- और काजल तुम?

काजल:- सर ी थिंक ी लव someone…Bahut जल्द प्रोपोज़ करने वाली हु उसको.

डॉ. राहुल:- That's good…Jyada देर मत करना.

काजल की इस बात से निशा को एक और झटका laga…Wo सोचने लगी की काजल का इशारा शायद अतुल की तरफ hai…Iss बात ने निशा को बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया.

फिर सभी ऐसे hi मस्ती मजाक कर के जंगल की और अंदर चले gaye…Nisha और अजय के अलावा सभी इस टूर को बहुत एन्जॉय कर रहे the…Sab खुस भी थे की उनका सुपरवाइजर राहुल सर hai…Nisha और अजय बाहर से तो टूर को एन्जॉय करने का दिखावा कर रहे थे लेकिन अंदर से अपने hi सोच में गुम्म थे.

सभी को फारेस्ट विजिट और लोकेशन बहुत अच्छा लग रहा tha…Rahul सर मस्ती मजाक के साथ साथ बहुत कुछ बता भी रहे the…Aur सब यही सोच रहे थे की अगर राहुल सर उनके साथ नहीं होते तो वो ये टूर को इतना फ्रीडम के साथ एन्जॉय नहीं कर paate…Abhi तक इस फारेस्ट विजिट से सभी खुस थे लेकिन किसी को भी अंदाजा नहीं था की आगे उनके साथ क्या होने वाला है.

मस्ती मजाक तो बहुत हो गया tha…Abb आगे एक खौफनाक पल भी आने वाला था जिससे शायद hi वो कभी भुला पाते और वही से अतुल और निशा के बिच बहुत कुछ बदलने वाला था.
 
अपडेट 35

जंगल में कुछ देर और चलने के बाद अंजलि ने कहा.

अंजलि:- अब्ब मई और नहीं चल sakti…Bahut थक गयी हु.

काजल:- हां मई bhi…Hame थोड़ी देर रेस्ट करना चाहिए.

दोनों की बात सुनने के बाद राहुल सर सब की तरफ देखने lage…Nisha और अजय ने भी हां में सर हिलाया.

राहुल:- आउट अतुल तू? तू रेस्ट नहीं करेगा.

अतुल:- नहीं sir…Abhi ज्यादा थका नहीं hu…Aur चल सकता हु कुछ देर.

डॉ. राहुल:- अच्छा स्टैमिना है tera…Waise मई भी थोड़ा थक गया हु.

अतुल:- सर शायद आपका बुढ़ापा आ गया है अब्ब.

अतुल ने मजाक में ये बात कहा और उसके साथ सब हसने लगे.

डॉ. राहुल:- बकवास मत kar…Abhi शादी भी नहीं हुआ मेरा और तू मुझे जवानी में hi बुद्धा बना रहा है.

अतुल:- सर मई रेगुलरली एक्सरसाइज करता हु और क्रिकेट भी खेलता रहता हु frequently…So एडाप्ट हो गया हु ऐसी कंडीशंस से.

अजय:- भाई क्रिकेट तो मई भी खेलता हु तेरे saath…To मेरे पास इतना स्टैमिना क्यों नहीं है.

अतुल:- वो इस लिए की तू सिर्फ बैटिंग hi करता hai…Next टाइम से तुझे सिर्फ फील्डिंग hi karaunga…Jab 2 घंटे बॉल के पीछे दौड़ता रहेगा तो धीरे धीरे अपने आप स्टैमिना बढ़ जाएगा.

अजय:- नहीं मई ऐसा hi ठीक हु.

अतुल:- और रोज सुबह उठ कर एक्ससरसीसे भी कर लिया kar…College सुबह 8 बजे से स्टार्ट होता hai…Aur तू 7 बजे तक सोता hi रहता है…15 मिनट में तैयार हो कर फिर कॉलेज निकलता है.

अतुल की इस बात पर सभी अजय को घर कर हसने लगे.

अजय:- भाई इस तरह सबके सामने तो मजाक मत उड़ा यार.

अजय ने बुरा मुंह बनाते हुए kaha…Aur नजरे चुरा कर अंजलि को देखने laga…Anjali को हँसता हुआ देख बिचारा का हालत और खराब हो गया.

फिर सभी वह कुछ देर बैठ गए.

अतुल:- सर मई थोड़ा घूम कर आता hu…Kabhi मौका hi नहीं मिला है यहाँ घूमने ka…Kuch देर घूम के आ jaaunga…Pata नहीं फिर कब ऐसा मौका मिले.

अतुल की इस बात पर राहुल सर कुछ देर सोचने लगे.

डॉ. राहुल:- लेकिन अकेले.

अतुल:- सर अब्ब बच्चा भी तो नहीं hu…Idhar उधर घूम सकता hu…Jyada दूर नहीं जाऊँगा.

डॉ. राहुल:- अनजान जगह hai…Agar कोई खतरा (मुशीबत) में पद गए तो? वैसे भी तुम सब की पूरी जिम्मेदारी मुझ पर hi है.

अतुल:- सर आप ने फारेस्ट अफसर से बात किया था na…Yaha पर कोई जंगली जानवर भी नहीं hai…Aur लोग इतने अंदर तक भी नहीं आते है जंगल ke…Fir कैसी खतरा? सर प्लीज जाने दीजिये न.

अतुल बहुत एक्ससिटेड लग रहा tha…Aur ये बात उसकी रिक्वेस्ट से hi पता चल रहा था.

कुछ देर सोचने के बाद.

डॉ. राहुल:- Ok ठीक hai…Lekin ज्यादा दूर मत जाना…500 मीटर के दुरी तक hi rehna…Aur है मोबाइल साथ में rakhna…Aur कोई मुशीबत आये तो जरूर बताना.

राहुल सर पूरी तरह से खुस तो नहीं the…Lekin अतुल की एक्ससिटेमेंट और रिक्वेस्ट को देख कर मंजूरी दे दिया.

अतुल:- थैंक्स सर.

डॉ. राहुल:- कब तक वापस आओगे?

अतुल:- सर आने का मन तो 1-2 घंटे से पहले तो नहीं hoga…Lekin ज्यादा वक्त भी नहीं है हमारे paas…Waapsi की वक्त फ़ोन कर dijiye…Aa जाऊँगा.

इतना कहने के बाद राहुल सर ने भी सहमति दे दिया और अतुल फिर वापस जाने के लिए मुद गया.

निशा:- अतुल.

एक बार फिर अतुल को पीछे मुड़ना पड़ा.

निशा:- मई भी चलती हु साथ mein…Pata नहीं फिर कब ऐसा वक्त मिले.

और वो भी राहुल सर की तरफ देखने लगी.

डॉ. राहुल:- Ok…Lekin अभी भी कह रहा हु ज्यादा दूर मत जाना.

और किसी को भी जाने का इच्छा है?

सब ने ना में सर hilaaya…Thakaan की वजह से और कोई ज्यादा चल पाने की हालत में नहीं था.

फिर अतुल और निशा दोनों साथ में आगे बढ़ गए.

निशा:- तुम ने तो सर पर जादू hi कर diya…Tum जो कहते हो बहुत जल्द hi मान लेते है.

अतुल:- सर के साथ अच्छे से बेहवे करता हु और रेस्पेक्ट देता hu…Shaayad इसी वजह से.

अतुल ने थोड़ा स्माइल के साथ कहा.

निशा:- क्या तुम्हे जंगल इतना पसंद है? सर से तो बहुत एक्ससिटेड हो कर रिक्वेस्ट कर रहे थे?

अतुल:- है बहुत पसंद hai…Sirf जंगल hi nahi…Har एक नेचुरल रिसोर्सेज बहुत पसंद hai…Aur साथ में नयी जगह घूमना और ट्रैवेलिंग bhi…Aaj पहली बार इस पहाड़ी इलाका में आया हु तो बहुत अलग सा फील कर रहा hu…Bahut अलग सा सुकून महसूस कर रहा हु.

अतुल की ख़ुशी उसकी बातो से hi दिख रहा tha…Nisha बस अतुल को देख कर मुस्कुरा रही थी.

अतुल:- तुम भी तो कुछ bolo…Hamesha मुझ से hi कुछ न कुछ पूछती रहती हो.

निशा:- मई भी उतना hi खुश हु जितना तुम ho…Sach में इस टूर में बहुत मजा आ रहा hai…Aur आगे की सोच कर बहुत एक्ससिटेड hu…Sach में यहाँ का ठंडा मौसम और शांत एनवायरनमेंट का मजा hi कुछ और है.

हमेशा सोचती थी कभी ऐसे जगह जाने की जो सेहर से बहुत दूर हो और ऐसी hi शांत जगह में कुछ वक्त गुजार saku…Mujhe भी अलग hi सुकून मिल रहा है यहाँ आ ke…Socha नहीं था इस टूर में इतना मजा आएगा.

निशा भी ये बात कहते वक्त बहुत खुस नजर आ रही थी.

अतुल:- मेरे लिए तो टूर में आने का एक और ख़ास वजह है.

निशा:- क्या?

अतुल:- 3, 4 दिन तक उस मनहूस गौरव का शकल देखना नहीं पड़ेगा.

निशा कुछ कहने hi वाली थी की अतुल ने उस रोक कर कह दिया.

अतुल:- Sorry…Galat टॉपिक पर आ गया tha…Mai भी पागल हु टूर एन्जॉय करना छोड़ उसके बारे में बातें कर रहा हु.

अतुल ने बहुत तेजी से हड़बड़ा कर kaha…Aur अतुल की इस बात से निशा को भी हंसी आ गया.

निशा को इस तरह से हँसते देख अतुल भी एक पल के लिए निशा में खो gaya…Pehle तो उसने निशा के चेहरे को गौर से देखा और फिर उसके पुरे शरीर को.

अतुल की इस तरह का नजर देख निशा को थोड़ा शर्म आने laga…Dhire से उसने पूछा.

निशा:- क्या हुआ?

निशा की आवाज कान में पड़ते hi अतुल वापस होश में आ गया.

अतुल:- तुम आज बहुत खूबसूरत लग रही हो.

अतुल ने सीधा hi कह दिया ये बात.

अतुल की ये बात सुन कर निशा को बहुत अच्छा laga…Jis के लिए वो इतना सज कर आयी थी आज उसके नजर में वो आ hi गया था.

निशा:- अब्ब फिर फ़्लर्ट करने लग गए तुम?

कुछ देर बाद निशा बोली.

अतुल:- अरे nahi…Aisi कोई बात नहीं hai…Tum गलत समझ रही ho…Mera बात का वो मतलब नहीं tha…Mai तो ये कहना…

अतुल इसी तरह और भी बड़बड़ाता अगर निशा ने उसको बिच में न रोका होता तो.

निशा को अतुल का हड़बड़ा कर ऐसे बोलने पर बहुत हंसी आ रहा था.

अतुल का चेहरा में परेशानी साफ़ दिख रहा था की कही निशा ने उसके बारे में गलत तो नहीं सोच लिया फिर से.

निशा:- तुम भी बहुत डरपोक हो.

अतुल:- डरपोक नहीं hu…Bas समझ में नहीं आ रहा था क्या कहु और क्या nahi…Sach कह रहा hu…Mai फ़्लर्ट नहीं कर रहा tha…Mujhe जो लगा वो hi kaha…Aaj सच में तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो.

अतुल ने इस बार हिम्मत करके अपनी बात पूरी कर hi दिया.

निशा:- तो क्या पहले मई खूबसूरत नहीं थी.

अतुल:- आज कुछ ज्यादा hi मेकअप लगा लिया है tumne…Issi वजह से शायद मैंने नोटिस नहीं किया था पहले.

अतुल भी अब्ब संभल गया था और मजाक के मूड में आ गया था.

अतुल की ये बात सुन कर निशा ने भी झूठा गुस्सा दिखाते हुए उसके कंधे पर मारने लगी.

निशा:- आज भी मेकअप नहीं लगाया hai…Natural ब्यूटी है ये.

इतना कहने के बाद भी निशा अतुल को मारती रही. :चेयर:

कुछ देर बाद.

अतुल:- अच्छा sorry…Galti से भी ऐसा मिस्टेक नहीं करूँगा aage…Iss बार माफ़ कर दो.

अतुल ने हँसते हुए hi कहा.

निशा:- इस बार छोड़ रही hu...Fir आगे ऐसी बात कहा तो बहुत मारूंगी.

इतना कहने के बाद निशा पीछे हैट गयी.

अतुल फिर लम्बी लम्बी सांस लेने का नाटक करने laga…Aur अतुल को ऐसा करता देख निशा को भी बहुत हंसी आ रहा था.

अतुल:- शायद पहले ध्यान नहीं दिया होगा मैंने लेकिन आज सच कह रहा हु बहुत खूबसूरत लग रही हो.

अतुल की इस तारीफ़ से निशा मन hi मन बहुत खुस हो रही थी और थोड़ा सा शर्म भी उसके चेहरे से झलक रहा tha…Lekin अतुल इस मामले में पूरा अनजान था.

फिर दोनों थोड़ा और चलते rahe…Thodi हंसी मजाक भी चल रहा tha…Achanak अतुल के दिमाग में एक बात आया और उसने कहा.

अतुल:- शायद अजय सच hi कह रहा था.

निशा:- क्या?

अतुल:- अगर इस टूर में कोई गर्लफ्रेंड होती तो टूर का मजा hi अलग hota…Soch रहा हु कोई मेरे साथ इस सफर में हर वक्त मेरे साथ चलती और मई उससे प्यार भरी बातें कर के इस टूर को एन्जॉय कर paata…Kitna मजा आता.

अतुल ने आँख बंद कर के अपना मन के बात कह diya...Aur जब उसने अपना आँख खोला और सामने निशा की हैरान चेहरा को देखा तो सपनो की दुनिया से वापस हकीकत में आ गया.

निशा:- तो इस में बड़ी बात क्या है? बना लो गर्लफ्रेंड.

इतना कह कर निशा अतुल का रिएक्शन का इंतजार करने लगी.

अतुल:- Nahi...Shaayad मई पागल हो गया था जो ऐसी बेकार बातें सोच रहा था.

निशा:- बेकार बातें?

अतुल:- Ha…Pata नहीं क्या हो गया था मुझे की ऐसी बातें सोच रहा tha…Shaayad उस बेवकूफ अजय और सर की प्यार टॉपिक के बारे में सुन कर हिप्नोतिजे हो गया था.

वर्ण ऐसी फ़ालतू बातो के बारे में सोचने का टाइम hi नहीं है मेरे पास.

अतुल की ये बात सुन कर निशा की मुंह से सिर्फ एक hi शब्द निकला.

निशा:- बुद्धू.

निशा ने बहुत धीरे से ये बात कहा और अतुल ठीक से सुन भी नहीं पाया.

अतुल:- क्या?

निशा:- कुछ नहीं.

निशा:- (इन हेर मंद) बुद्धू को अपने लिए प्यार मेरी आँखों में दीखता hi nahi…Bas सपने देख रहा hai…Koi बात नहीं धीरे धीरे सुधार कर सही रास्ते में ले आउंगी.

फिर दोनों इधर उधर hi घूमने लगे बातें करते hue…Dono को आज बहुत अच्छा लग रहा था और दोनों बहुत खुस भी थे की आज इस तरह अपने घर से बहुत दूर और बिना कोई टेंशन के अपने जिंदगी के कुछ पल को सुकून से जी रहे थे.

अतुल अपने घर और पढ़ाई की टेंशन भूलने की ख़ुशी मन रहा tha…Aur निशा अतुल के साथ कुछ वक्त बिताने की ख़ुशी मन रही thi…Atul की बात और पागलपन उससे आज बहुत अच्छा लग रहा tha…Wo बस यही सोच रही थी की काश ये टूर इतनी जल्दी ख़तम न हो और आगे भी ये टूर ऐसे hi बीते जैसे अभी बीत रहा hai…Ek और ख्वाइश थी uski…Kaash ये बुद्धू अतुल को थोड़ा अकाल आ जाए. :डी
 
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