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शाम में घर पहुँचने के बाद निशा ने पहले वो chapter कम्पलीट किया जो आज वो कॉलेज में नहीं पढ़ पायी thi…Aur जब वो पढ़ते हुए बोर हो गयी तो हमेशा की तरह फिर छत की तरफ चली गयी.
जाते वक्त उससे ख्याल आया की अतुल भी छत में हो सकता hai…Jab वो छत में पहुँच गयी तब उसने देखा की अतुल आज भी छत में था.
लेकिन रोज की तरह आज उसके पास ना hi बात था, ना hi गिटार और ना hi कोई book…Wo छत के एक कोने में खड़ा था और छत से निचे देख रहा था.
निशा भी उसके पास अपने घर की छत की उस कोने की तरफ gayi…Jis तरफ अतुल था.
निशा:- Hello मर. एक ?
निशा की बात सुन कर अतुल उसकी तरफ आया और कहा.
अतुल:- Hi.
अतुल की आवाज से hi लग रहा था की वो खुश नहीं hai…Koi टेंशन उससे सत्ता रहा है.
अतुल का अचानक बदला हुआ रूप देख कर निशा भी हैरान हो gayi…Wo सोचने लगी की कुछ देर पहले कॉलेज में वो काजल के साथ हंस हंस कर बातें कर रहा था लेकिन कुछ hi देर में परेशान भी हो गया है.
हमेशा की तरह अतुल निशा के लिए ूनप्रेडिक्टेबले tha…Nisha कभी अतुल को अच्छे से समझ hi नहीं पा रही थी.
निशा:- क्या हुआ? तुम्हारा मूड ठीक नहीं लग रहा है?
अतुल:- है थोड़ा टेंशन है.
अतुल निशा से आँख तो मिला रहा था पर उसके चेहरे में अभी भी टेंशन के भाव था.
निशा:- घर में फिर कुछ हुआ?
अतुल:- Nahi…Study रिलेटेड टेंशन है?
निशा:- स्टडी रिलेटेड टेंशन? पढ़ने में तो तुम बहुत अच्छे हो, टैलेंट भी हो, फुल स्कालरशिप भी मिला है और क्लास भी रेगुलरली अटेंड करते हो? तो फिर कैसा टेंशन?
अतुल:- आगे की सिलेबस देख kar…Abhi स्टार्टिंग hi इतना मुश्किल hai…Seniors से सुना था की आगे इम्मुनोलोगि, सेंट्रल नर्वस सिस्टम और बहुत ब्लॉक्स ऐसे आएंगे जो बहुत मुश्किल hoga…Fir क्लीनिकल प्रैक्टिस एंड Internship…Kahi पागल hi न हो जाओ पढ़ते पढ़ते.
सोचा था मब्ब्स में एंटर करना मुश्किल है लेकिन यहाँ तो पढ़ना hi मुश्किल है.
अतुल ने अपना टेंशन की वजह bataya…Atul की बात सुन कर निशा को थोड़ा हंसी आ गया.
निशा:- तुम तो ऐसे मत kaho…Jab तुम इतना पढ़ते ह फिर भी तुम्हे मुश्किल लग रहा है तो हम तो फ़ैल hi हो जाएंगे.
अतुल:- Nahi…Pass होना ज्यादा मुश्किल नहीं hai…Regular पढ़ते रहे तो आराम से पास हो jaayenge…Pass होने का मतलब है सिर्फ डॉक्टर हो जाने की सर्टिफिकेट milna…Lekin एक अच्छे डॉक्टर होने के लिए सभी टॉपिक में अच्छा नॉलेज चाहिए.
पास होने के लिए भी रेगुलरली पढ़ना padega…Matlab कभी भी स्टडी से ज्यादा ब्रेक ले कर मस्ती नहीं कर sakte…Sirf पढ़ते रहो और पढ़ते hi रहो.
क्या बोरिंग लाइफ हो गया hai…Ghar से कॉलेज और कॉलेज से घर और बिच में सिर्फ padhaai…Ghar में भी माँ के अलावा सभी नाराज है मेरा इस डिसिशन se…Ek दीदी थी जो हमेशा सपोर्ट करती thi…Lekin शादी होने के बाद वो भी चली गयी.
और बब फ्यूचर के बारे में सोचता हु तो 30 साल लग जाएंगे मद कम्पलीट करने tak…Fir उसके बाद शादी, फॅमिली प्रेशर और वह भी लाइफ घर और हॉस्पिटल तक hi रह जाएगा.
बहुत बोरिंग लाइफ हो गया hai…Abhi से ये हाल है पता नहीं बाद में क्या होगा.
अतुल ने इस बार बहुत उदास हो कर kaha…Yahi सोच था उसका जिस वजह से वो टेंशन में था.
अतुल की इस बात पर निशा को और भी हंसी आ गया.
निशा:- सभी के ऐसे hi हाल hai…Fikar मत karo…Dhire धीरे इसमें भी मजा आने lagega…Tumne कहा था की मब्ब्स तुम अपने इंटरेस्ट से पढ़ रहे ho…Dekhna जब सेटल हो जाओगे अच्छे से तो तुम्हे भी मजा आने लगेगा पढ़ाई me…Baaki हम दोस्त तो है hi बिच में पार्टी, मस्ती और बोरिंग क्लास के वक्त बुंकिंग मारने के लिए.
मजे की बहुत से पल आएंगे और साथ में जरुरी भी है की रेगुलरली पढ़ना भी padega…Dekhna ये 5 साल कैसे बीतेगा पता hi नहीं चलेगा.
निशा की बात से अतुल भी थोड़ा सहमत हो गया.
निशा:- अगर मब्ब्स नहीं पढोगे और डॉक्टर नहीं बनोगे तो भी मुशीबत पीछा नहीं chhodega…Life इस आल अबाउट struggle….Aur इसके बिना जिंदगी का मजा भी नहीं hai…Sabhi का लाइफ ऐसा hi hai…Sabhi को मुशीबत का सामना करना पड़ता है और करते भी hai…Fir भी अपनी लाइफ से खुस है.
है डॉक्टर बनेंगे तो लाइफ में कुछ एक्स्ट्रा स्ट्रेस भी सहना padega…Raat के 2 बजे फ़ोन aayega…Hospital की तरफ दौड़ना पड़ेगा, कभी कभी कुछ एक्स्ट्रा केसेस देखना padega…Aur जब हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते है फिर भी पेशेंट की डेथ हो जाता है तब पेशेंट पार्टी की तरफ से कुछ बातें सुन्ना पड़ता है गलती के bina…Ghar और ड्यूटी दोनों को एक साथ संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है.
लेकिन अच्छी बातें भी तो dekho…Agar तुम सिर्फ पैसा कमाना चाहते हो तो अच्छा सैलरी मिलेगा, और सच में अपनी पेशेंट्स की सेवा करना चाहते हो तो अलग hi सुकून milega…Patients की जान बचाने का और अपना ड्यूटी पूरा करने का.
म्हणत और काम ज्यादा है और समाज में इज्जत, पैसा और फ़र्ज़ निभाने का सुकून भी hai…Jab भी कोई इंसान बीमार होता है तो भगवान् के रूप में हमें देखते hai…Bhale hi हम भगवान् नहीं है लेकिन बहुत जान बचा सकते है और हमारे हाथ में रहा तो नए जिंदगी दे सकते है… आईटी इस ओने ऑफ़ थे मोस्ट रिस्पेक्टफुल प्रोफेशन.
हमें खुश होना चाहिए की हमें ऐसा मौका मिल रहा hai…Bahut लोग चाह कर भी नहीं पढ़ पाते hai…Kisi के पास पैसे की कमी होता है तो किसी के पास टैलेंट की.
निशा इतना कह कर अतुल को देखती hai…Atul उसकी बातें सुन कर मुस्कुरा रहा था.
क्या हुआ? निशा ने इशारा में पूछा.
अतुल:- बहुत समझदार हो गयी हो.
अतुल ने मुस्कुरा कर कहा पर उसकी बातो में सच्चाई tha…Nisha कुछ कहती उससे पहले अतुल ने कहा.
अतुल:- मेरा सांगत में.
अतुल की इस बात पर निशा ने झूठा गुस्सा दिखा कर धीरे से अतुल पर मुक्को की बरसात करने लगी.
निशा:- क्या कहा?
अतुल:- कुछ नहीं.
अतुल ने हँसते हुए जवाब दिया.
अतुल:- ये बातें तो मेरा भी दिमाग में आता है लेकिन टेंशन की वक्त खुद hi भूल जाता hu…Tumhaari हर बात में सच्चाई है.
अतुल ने निशा की तारीफ़ करते हुए कहा.
फिर दोनों के बिच कुछ पल के लिए खामोशी छ gaya…Kisi को बोलने के लिए कुछ मिल hi नहीं रहा था.
इस खामोशी को तोड़ कर निशा hi बोली.
निशा:- वैसे एक आईडिया है मेरे पास तुम्हारा अभी का पढ़ाई का स्ट्रेस करने का?
अतुल:- क्या?
अतुल ने उत्सुकता के साथ कहा.
निशा:- कोई गर्लफ्रेंड बना लो?
निशा की इस बात से अतुल की चेहरे में फिर से हैरानी छ गया.
अतुल:- क्या?
निशा:- अब्ब ये मत कहना की तुम बेहरे हो?
निशा इस वक्त पुरे मजाक के मूड में थी.
अतुल:- वो तो नहीं hu…Lekin ये कैसा आईडिया है गर्लफ्रेंड banau…Bataya था न तुम्हे मई इस चक्कर से दूर hi रहता हु.
निशा:- मैंने तो बस आईडिया diya…Abb मानना या न मानना ये तुम्हारा फैसला है.
Atul:-Ha वो तो नहीं maanunga…Iss चक्कर से दूर हु इसी में मेरा भलाई hai…Accha ये bataao…Girlfriend बनाना से कैसे पढ़ाई का स्ट्रेस काम होगा?
निशा:- तुम hi कहते हो पढ़ाई की बहुत स्ट्रेस hai…Aise वक्त में अगर तुम किसी को अपने दिल में चल रही बात किसी को बताओगे तो तुम घुटन भी महसूस नहीं करोगे और इमोशनल सपोर्ट भी milega…Aur वो तुम्हारा मूड हमेशा खुश भी रखेगी.
अतुल:- आईडिया बुरा तो नहीं hai…Fir भी मई सिंगल hi ठीक हु.
निशा:- कोई वजह?
अतुल:- पहले hi बता चूका हु.
निशा:- Oh..Bhul गयी थी.
फिर निशा अपने मन में कहती है.
निशा:- (इन हेर मंद) बुद्धू है ये ladka…Dekhti हु कब तक ऐसे hi प्यार से भागता रहेगा?
अतुल:- Nisha…EK बात पुछु.
निशा:- है.
अतुल:- तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है ?
अतुल का इस सवाल से निशा चौंक gayi…Usse अतुल का इस सवाल का मतलब समझ में नहीं आया.
निशा:- Nahi…Lekin क्यों पूछ रहे हो?
अतुल:- तो बना lo…Tumhaara मूड भी हमेशा ठीक hi रहेगा.
अतुल ये पूछते वक्त खुद सोच रहा था की वो ये कैसी बातें कर रहा है ?
निशा:- Nahi…Koi जरुरत नहीं hai…Waise भी मई अपनी लाइफ में खुश हु और कोई टेंशन भी नहीं है.
अतुल:- तो क्या अपने लाइफ में खुश होने वाले इंसान प्यार नहीं करते है?
निशा:- करते hai…Par मेरा केस अलग hai…Koi ऐसा लड़का मिला hi नहीं जिससे मुझे प्यार हो सके.
अतुल:- कैसा लड़का चाहिए?
अतुल अब्ब सच में पागल हो रहा था ये सोच कर की वो ये कैसा बिना मतलब के सवाल पूछ रहा hai…Flow फ्लो में बिना मतलब की सवाल पूछे जा रहा था.
अतुल की बात सुनने के बाद निशा ने अपनी आँखें बंद कर लिया और सोचने लगी.
निशा:- कोई ऐसा ladka…Jo मुझे रेस्पेक्ट करे, मेरा फीलिंग्स का रेस्पेक्ट करे, दिल का अच्छा हो और मुझे सच्चे दिल से प्यार करे, मेरे साथ वक्त बिठाये, प्यारी प्यारी बातें करे, जिंदगी के हर हाल और हर वक्त में साथ निभाए, कभी अकेला न छोड़े, और कभी डोमिनेंट होने की कोशिश न करे और आखिर में मुझे बहुत प्यार करे.
इतना कह कर निशा ने अपनी आँखें खोल liya…Sharam से गाल थोड़ा लाल भी हो gaya…Atul को देख कर वो कुछ बोलने hi वाली थी की अतुल ने अचानक से कह दिया.
अतुल:- मतलब मेरा एक भी करैक्टर मैचिंग नहीं है.
अतुल ने ये कह तो दिया पर कहने के बाद खुद पर hi गुस्सा हो gaya…Pata नहीं क्या क्या बोले जा रहा था वो.
निशा:- क्या?
हैरानी में निशा ने पूछा.
अतुल:- कुछ nahi…Bas कह रहा था की तुम्हारा ड्रीम बॉयफ्रेंड मुझसे बहुत अलग hoga…Mera तो एक करैक्टर मैच नहीं हो रहा है.
अतुल ने बात संभालने के लिए कहा.
निशा:- एक भी करैक्टर मैच नहीं हो रहा है? मतलब तुम लड़की की रेस्पेक्ट नहीं करते?
निशा की इस सवाल से अतुल और भी सोच में पद gaya…Pata नहीं वो क्या क्या बोल रहा था और अब्ब आके निशा की सवाल में फस्स गया.
अतुल:- नहीं nahi…Karta hu…Sabhi का रेस्पेक्ट करता hu…Pata नहीं क्या बोल दिया बिना बात समझे.
है ये टाइम देने का मतलब सब काम धंधा छोड़ कर अच्छी और प्यारी बातें hi करना, हर हाल में साथ निभाना ये तो इम्पॉसिबल hai…Kabhi कोई मज़बूरी होगा और बिजी हो जाऊँगा तो ऐसे में भी प्यार निभाता रहूँगा क्या? प्यार hi सब कुछ नहीं होता मैडम रिस्पांसिबिलिटी भी कोई चीज होती है.
अतुल ने ये तो कह दिया पर क्या कहा उससे खुद hi कुछ समझ में नहीं aaya…Usse तो बस निशा की सवालों से बचना था और बचने के लिए बकवास और बोरिंग बातें कह दिया.
और हुआ भी ऐसा hi ये बात निशा की समझ में बिलकुल भी नहीं aaya…Wo कुछ समझती और पूछती उससे पहले hi निचे से निशा की माँ की आवाज आया.
निशा:- अच्छा तो अब्ब मई चलती hu…Acche से पढ़ना और स्ट्रेस बिलकुल मत लेना.
और है गफ बना लेना. (समिलिंग :डी)
इतना कह कर निशा चली gayi…Aur छत में अकेला रह गया अतुल.
इस वक्त दुनिया भर का सारा गुस्सा अतुल के चेहरे में था वो भी खुद के liye…Apni ऐसी बकवास पर उससे खुद पर बहुत गुस्सा आ रहा था.
शाम में घर पहुँचने के बाद निशा ने पहले वो chapter कम्पलीट किया जो आज वो कॉलेज में नहीं पढ़ पायी thi…Aur जब वो पढ़ते हुए बोर हो गयी तो हमेशा की तरह फिर छत की तरफ चली गयी.
जाते वक्त उससे ख्याल आया की अतुल भी छत में हो सकता hai…Jab वो छत में पहुँच गयी तब उसने देखा की अतुल आज भी छत में था.
लेकिन रोज की तरह आज उसके पास ना hi बात था, ना hi गिटार और ना hi कोई book…Wo छत के एक कोने में खड़ा था और छत से निचे देख रहा था.
निशा भी उसके पास अपने घर की छत की उस कोने की तरफ gayi…Jis तरफ अतुल था.
निशा:- Hello मर. एक ?
निशा की बात सुन कर अतुल उसकी तरफ आया और कहा.
अतुल:- Hi.
अतुल की आवाज से hi लग रहा था की वो खुश नहीं hai…Koi टेंशन उससे सत्ता रहा है.
अतुल का अचानक बदला हुआ रूप देख कर निशा भी हैरान हो gayi…Wo सोचने लगी की कुछ देर पहले कॉलेज में वो काजल के साथ हंस हंस कर बातें कर रहा था लेकिन कुछ hi देर में परेशान भी हो गया है.
हमेशा की तरह अतुल निशा के लिए ूनप्रेडिक्टेबले tha…Nisha कभी अतुल को अच्छे से समझ hi नहीं पा रही थी.
निशा:- क्या हुआ? तुम्हारा मूड ठीक नहीं लग रहा है?
अतुल:- है थोड़ा टेंशन है.
अतुल निशा से आँख तो मिला रहा था पर उसके चेहरे में अभी भी टेंशन के भाव था.
निशा:- घर में फिर कुछ हुआ?
अतुल:- Nahi…Study रिलेटेड टेंशन है?
निशा:- स्टडी रिलेटेड टेंशन? पढ़ने में तो तुम बहुत अच्छे हो, टैलेंट भी हो, फुल स्कालरशिप भी मिला है और क्लास भी रेगुलरली अटेंड करते हो? तो फिर कैसा टेंशन?
अतुल:- आगे की सिलेबस देख kar…Abhi स्टार्टिंग hi इतना मुश्किल hai…Seniors से सुना था की आगे इम्मुनोलोगि, सेंट्रल नर्वस सिस्टम और बहुत ब्लॉक्स ऐसे आएंगे जो बहुत मुश्किल hoga…Fir क्लीनिकल प्रैक्टिस एंड Internship…Kahi पागल hi न हो जाओ पढ़ते पढ़ते.
सोचा था मब्ब्स में एंटर करना मुश्किल है लेकिन यहाँ तो पढ़ना hi मुश्किल है.
अतुल ने अपना टेंशन की वजह bataya…Atul की बात सुन कर निशा को थोड़ा हंसी आ गया.
निशा:- तुम तो ऐसे मत kaho…Jab तुम इतना पढ़ते ह फिर भी तुम्हे मुश्किल लग रहा है तो हम तो फ़ैल hi हो जाएंगे.
अतुल:- Nahi…Pass होना ज्यादा मुश्किल नहीं hai…Regular पढ़ते रहे तो आराम से पास हो jaayenge…Pass होने का मतलब है सिर्फ डॉक्टर हो जाने की सर्टिफिकेट milna…Lekin एक अच्छे डॉक्टर होने के लिए सभी टॉपिक में अच्छा नॉलेज चाहिए.
पास होने के लिए भी रेगुलरली पढ़ना padega…Matlab कभी भी स्टडी से ज्यादा ब्रेक ले कर मस्ती नहीं कर sakte…Sirf पढ़ते रहो और पढ़ते hi रहो.
क्या बोरिंग लाइफ हो गया hai…Ghar से कॉलेज और कॉलेज से घर और बिच में सिर्फ padhaai…Ghar में भी माँ के अलावा सभी नाराज है मेरा इस डिसिशन se…Ek दीदी थी जो हमेशा सपोर्ट करती thi…Lekin शादी होने के बाद वो भी चली गयी.
और बब फ्यूचर के बारे में सोचता हु तो 30 साल लग जाएंगे मद कम्पलीट करने tak…Fir उसके बाद शादी, फॅमिली प्रेशर और वह भी लाइफ घर और हॉस्पिटल तक hi रह जाएगा.
बहुत बोरिंग लाइफ हो गया hai…Abhi से ये हाल है पता नहीं बाद में क्या होगा.
अतुल ने इस बार बहुत उदास हो कर kaha…Yahi सोच था उसका जिस वजह से वो टेंशन में था.
अतुल की इस बात पर निशा को और भी हंसी आ गया.
निशा:- सभी के ऐसे hi हाल hai…Fikar मत karo…Dhire धीरे इसमें भी मजा आने lagega…Tumne कहा था की मब्ब्स तुम अपने इंटरेस्ट से पढ़ रहे ho…Dekhna जब सेटल हो जाओगे अच्छे से तो तुम्हे भी मजा आने लगेगा पढ़ाई me…Baaki हम दोस्त तो है hi बिच में पार्टी, मस्ती और बोरिंग क्लास के वक्त बुंकिंग मारने के लिए.
मजे की बहुत से पल आएंगे और साथ में जरुरी भी है की रेगुलरली पढ़ना भी padega…Dekhna ये 5 साल कैसे बीतेगा पता hi नहीं चलेगा.
निशा की बात से अतुल भी थोड़ा सहमत हो गया.
निशा:- अगर मब्ब्स नहीं पढोगे और डॉक्टर नहीं बनोगे तो भी मुशीबत पीछा नहीं chhodega…Life इस आल अबाउट struggle….Aur इसके बिना जिंदगी का मजा भी नहीं hai…Sabhi का लाइफ ऐसा hi hai…Sabhi को मुशीबत का सामना करना पड़ता है और करते भी hai…Fir भी अपनी लाइफ से खुस है.
है डॉक्टर बनेंगे तो लाइफ में कुछ एक्स्ट्रा स्ट्रेस भी सहना padega…Raat के 2 बजे फ़ोन aayega…Hospital की तरफ दौड़ना पड़ेगा, कभी कभी कुछ एक्स्ट्रा केसेस देखना padega…Aur जब हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते है फिर भी पेशेंट की डेथ हो जाता है तब पेशेंट पार्टी की तरफ से कुछ बातें सुन्ना पड़ता है गलती के bina…Ghar और ड्यूटी दोनों को एक साथ संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है.
लेकिन अच्छी बातें भी तो dekho…Agar तुम सिर्फ पैसा कमाना चाहते हो तो अच्छा सैलरी मिलेगा, और सच में अपनी पेशेंट्स की सेवा करना चाहते हो तो अलग hi सुकून milega…Patients की जान बचाने का और अपना ड्यूटी पूरा करने का.
म्हणत और काम ज्यादा है और समाज में इज्जत, पैसा और फ़र्ज़ निभाने का सुकून भी hai…Jab भी कोई इंसान बीमार होता है तो भगवान् के रूप में हमें देखते hai…Bhale hi हम भगवान् नहीं है लेकिन बहुत जान बचा सकते है और हमारे हाथ में रहा तो नए जिंदगी दे सकते है… आईटी इस ओने ऑफ़ थे मोस्ट रिस्पेक्टफुल प्रोफेशन.
हमें खुश होना चाहिए की हमें ऐसा मौका मिल रहा hai…Bahut लोग चाह कर भी नहीं पढ़ पाते hai…Kisi के पास पैसे की कमी होता है तो किसी के पास टैलेंट की.
निशा इतना कह कर अतुल को देखती hai…Atul उसकी बातें सुन कर मुस्कुरा रहा था.
क्या हुआ? निशा ने इशारा में पूछा.
अतुल:- बहुत समझदार हो गयी हो.
अतुल ने मुस्कुरा कर कहा पर उसकी बातो में सच्चाई tha…Nisha कुछ कहती उससे पहले अतुल ने कहा.
अतुल:- मेरा सांगत में.
अतुल की इस बात पर निशा ने झूठा गुस्सा दिखा कर धीरे से अतुल पर मुक्को की बरसात करने लगी.
निशा:- क्या कहा?
अतुल:- कुछ नहीं.
अतुल ने हँसते हुए जवाब दिया.
अतुल:- ये बातें तो मेरा भी दिमाग में आता है लेकिन टेंशन की वक्त खुद hi भूल जाता hu…Tumhaari हर बात में सच्चाई है.
अतुल ने निशा की तारीफ़ करते हुए कहा.
फिर दोनों के बिच कुछ पल के लिए खामोशी छ gaya…Kisi को बोलने के लिए कुछ मिल hi नहीं रहा था.
इस खामोशी को तोड़ कर निशा hi बोली.
निशा:- वैसे एक आईडिया है मेरे पास तुम्हारा अभी का पढ़ाई का स्ट्रेस करने का?
अतुल:- क्या?
अतुल ने उत्सुकता के साथ कहा.
निशा:- कोई गर्लफ्रेंड बना लो?
निशा की इस बात से अतुल की चेहरे में फिर से हैरानी छ गया.
अतुल:- क्या?
निशा:- अब्ब ये मत कहना की तुम बेहरे हो?
निशा इस वक्त पुरे मजाक के मूड में थी.
अतुल:- वो तो नहीं hu…Lekin ये कैसा आईडिया है गर्लफ्रेंड banau…Bataya था न तुम्हे मई इस चक्कर से दूर hi रहता हु.
निशा:- मैंने तो बस आईडिया diya…Abb मानना या न मानना ये तुम्हारा फैसला है.
Atul:-Ha वो तो नहीं maanunga…Iss चक्कर से दूर हु इसी में मेरा भलाई hai…Accha ये bataao…Girlfriend बनाना से कैसे पढ़ाई का स्ट्रेस काम होगा?
निशा:- तुम hi कहते हो पढ़ाई की बहुत स्ट्रेस hai…Aise वक्त में अगर तुम किसी को अपने दिल में चल रही बात किसी को बताओगे तो तुम घुटन भी महसूस नहीं करोगे और इमोशनल सपोर्ट भी milega…Aur वो तुम्हारा मूड हमेशा खुश भी रखेगी.
अतुल:- आईडिया बुरा तो नहीं hai…Fir भी मई सिंगल hi ठीक हु.
निशा:- कोई वजह?
अतुल:- पहले hi बता चूका हु.
निशा:- Oh..Bhul गयी थी.
फिर निशा अपने मन में कहती है.
निशा:- (इन हेर मंद) बुद्धू है ये ladka…Dekhti हु कब तक ऐसे hi प्यार से भागता रहेगा?
अतुल:- Nisha…EK बात पुछु.
निशा:- है.
अतुल:- तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है ?
अतुल का इस सवाल से निशा चौंक gayi…Usse अतुल का इस सवाल का मतलब समझ में नहीं आया.
निशा:- Nahi…Lekin क्यों पूछ रहे हो?
अतुल:- तो बना lo…Tumhaara मूड भी हमेशा ठीक hi रहेगा.
अतुल ये पूछते वक्त खुद सोच रहा था की वो ये कैसी बातें कर रहा है ?
निशा:- Nahi…Koi जरुरत नहीं hai…Waise भी मई अपनी लाइफ में खुश हु और कोई टेंशन भी नहीं है.
अतुल:- तो क्या अपने लाइफ में खुश होने वाले इंसान प्यार नहीं करते है?
निशा:- करते hai…Par मेरा केस अलग hai…Koi ऐसा लड़का मिला hi नहीं जिससे मुझे प्यार हो सके.
अतुल:- कैसा लड़का चाहिए?
अतुल अब्ब सच में पागल हो रहा था ये सोच कर की वो ये कैसा बिना मतलब के सवाल पूछ रहा hai…Flow फ्लो में बिना मतलब की सवाल पूछे जा रहा था.
अतुल की बात सुनने के बाद निशा ने अपनी आँखें बंद कर लिया और सोचने लगी.
निशा:- कोई ऐसा ladka…Jo मुझे रेस्पेक्ट करे, मेरा फीलिंग्स का रेस्पेक्ट करे, दिल का अच्छा हो और मुझे सच्चे दिल से प्यार करे, मेरे साथ वक्त बिठाये, प्यारी प्यारी बातें करे, जिंदगी के हर हाल और हर वक्त में साथ निभाए, कभी अकेला न छोड़े, और कभी डोमिनेंट होने की कोशिश न करे और आखिर में मुझे बहुत प्यार करे.
इतना कह कर निशा ने अपनी आँखें खोल liya…Sharam से गाल थोड़ा लाल भी हो gaya…Atul को देख कर वो कुछ बोलने hi वाली थी की अतुल ने अचानक से कह दिया.
अतुल:- मतलब मेरा एक भी करैक्टर मैचिंग नहीं है.
अतुल ने ये कह तो दिया पर कहने के बाद खुद पर hi गुस्सा हो gaya…Pata नहीं क्या क्या बोले जा रहा था वो.
निशा:- क्या?
हैरानी में निशा ने पूछा.
अतुल:- कुछ nahi…Bas कह रहा था की तुम्हारा ड्रीम बॉयफ्रेंड मुझसे बहुत अलग hoga…Mera तो एक करैक्टर मैच नहीं हो रहा है.
अतुल ने बात संभालने के लिए कहा.
निशा:- एक भी करैक्टर मैच नहीं हो रहा है? मतलब तुम लड़की की रेस्पेक्ट नहीं करते?
निशा की इस सवाल से अतुल और भी सोच में पद gaya…Pata नहीं वो क्या क्या बोल रहा था और अब्ब आके निशा की सवाल में फस्स गया.
अतुल:- नहीं nahi…Karta hu…Sabhi का रेस्पेक्ट करता hu…Pata नहीं क्या बोल दिया बिना बात समझे.
है ये टाइम देने का मतलब सब काम धंधा छोड़ कर अच्छी और प्यारी बातें hi करना, हर हाल में साथ निभाना ये तो इम्पॉसिबल hai…Kabhi कोई मज़बूरी होगा और बिजी हो जाऊँगा तो ऐसे में भी प्यार निभाता रहूँगा क्या? प्यार hi सब कुछ नहीं होता मैडम रिस्पांसिबिलिटी भी कोई चीज होती है.
अतुल ने ये तो कह दिया पर क्या कहा उससे खुद hi कुछ समझ में नहीं aaya…Usse तो बस निशा की सवालों से बचना था और बचने के लिए बकवास और बोरिंग बातें कह दिया.
और हुआ भी ऐसा hi ये बात निशा की समझ में बिलकुल भी नहीं aaya…Wo कुछ समझती और पूछती उससे पहले hi निचे से निशा की माँ की आवाज आया.
निशा:- अच्छा तो अब्ब मई चलती hu…Acche से पढ़ना और स्ट्रेस बिलकुल मत लेना.
और है गफ बना लेना. (समिलिंग :डी)
इतना कह कर निशा चली gayi…Aur छत में अकेला रह गया अतुल.
इस वक्त दुनिया भर का सारा गुस्सा अतुल के चेहरे में था वो भी खुद के liye…Apni ऐसी बकवास पर उससे खुद पर बहुत गुस्सा आ रहा था.