Kasam - Love is not Everything (Completed) - SexBaba
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Kasam - Love is not Everything (Completed)

hotaks

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Hello friends...I हैवे डीडेड तो कंटिन्यू माय ओने एंड ओनली इन्कम्प्लीट स्टोरी ों सोस्सिप now...This इस प्रॉबब्ली माय लास्ट स्टोरी.

थिस स्टोरी इस मैनली अबाउट लव, इमोशन, पैन एंड रोमांस.

तेरे विल बे सम चंगेस फ्रॉम xossip...Some अनवांटेड सीन्स विल बे एक्सक्लूडेड एंड सम नई सीन्स विल बे included...Beside तहत थीम एंड प्लाट ऑफ़ स्टोरी इस शामे.

होपिंग तो गेट शामे लव एंड सपोर्ट अस ी गोत इन प्रीवियस स्टोरीज.

1सत अपडेट विल बे पोस्टेड टुनाइट.
 
प्रोलॉग

प्यार का दूसरा नाम विश्वास hai…Jab तक विश्वास है तब तक प्यार hai…Jab हमें अपना खुद का प्यार पर विश्वास होता है तब न जाने कितना कसम खा लेते है अपने प्यार के बारे me…Wafa की कसम, सच्चा प्यार की कसम और जिंदगी भर साथ रहने का कसम अक्षर प्यार करने वाले जोड़ी खाते hi है.

कोई बेवफा उस कसम को अधूरा छोड़ देता है तो कोई सच्चा आशिक़ उस कसम को हर हाल में निभाते hai…Lekin कभी कभी माहौल ऐसा बन जाता है की हमें अपने प्यार के ख़ुशी के लिए अपने प्यार का कुर्बानी देना पड़ता hai…Apne प्यार को दिया हुआ कसम को तोडना पड़ता hai…Aise लाचार बन जाते है की अपने सामने hi अपने प्यार को अपने सामने hi दूर जाते हुए देखना पड़ता hai…Lekin ये भी प्यार का hi एक रूप hai…Apne प्यार की ख़ुशी के लिए अपना प्यार, अपना कसम, अपना ख़ुशी सब कुछ त्याग करना पड़ता है.

क्या खुद का किया हुआ कसम न निभा पाने से प्यार वही टूट जाता hai?Kya जिंदगी में दूसरा मौका नहीं मिलता?

कुछ ऐसा hi इस कहानी में पढ़ने को milega…Pyar हो जाने के बाद इंसान में आने वाले बदलाव, प्यार को सच्चे दिल से निभाना, हालातों के आगे मजबूर हो कर अपना प्यार, ख़ुशी और कसम का कुर्बानी dena…Aur उसके बाद जिंदगी का एक नया मोड़.

थिस स्टोरी इस अबाउट लव, रोमांस, इमोशंस, फीलिंग्स, सैक्रिफाइस एंड बिट्रेयल.
 
अपडेट 1

एक पार्क में एक लड़का बहुत hi उदास बैठा tha…Chehre से पता चल रहा था की वो कितना निराश और दुखी hai…Jaise उसका सब कुछ उससे चीन गया hai…Wo लड़का कुछ पल बाद अपने चेहरा को झुका कर अपने दोनों हाथ के बिच रख लेता है और रोने लगता hai…Dard इतना भरा था उसके दिल में की वो सामने देख नहीं पा रहा tha…Kuch देर तक वो ऐसे hi मुंह छुपा कर रोटा रहा तभी उसके कंधे पर एक हाथ को उसने महसूस किया.

उस हाथ का स्पर्श पाते hi उस लड़का को पता चल गया की वो किसका हाथ hai…Abb लड़के में इतना हिम्मत नहीं था की वो उस चेहरे की तरफ देख सके.

वो वैसे hi अपने चेहरे को हाथ से छुपाता रहा लेकिन अब्ब उसने रोना बंद कर दिया.

लड़का का कुछ रिएक्शन न मिलने के बाद परेशां हो कर पीछे कड़ी लड़की ने कहा.

लड़की:- अब्ब मुझ से भी बात नहीं करोगे अतुल?

लड़की की आवाज में भी दर्द tha…Ladki भी उसी तरह उदास थी जैसे अतुल था.

अतुल को उस लड़की की दर्द भरी आवाज सुन कर बहुत बुरा लगता hai…Atul से उस लड़की का दुःख देखा नहीं जा रहा tha…Lekin वो अब्ब मजबूर tha…Chaah कर भी कुछ नहीं कर पा रहा था.

अब्ब अतुल के पास इतना हिम्मत नहीं था की वो उस लड़की की आँख में आँख दाल कर बात कर sake…Pehle hi वो बहुत टूट गया tha…Abb उस लड़की की मौजूदगी उससे और भी कमजोर बना रहा था.

लड़की:- मेरी गलती तो bataao…Aise इग्नोर क्यों कर रहे हो? जो हो रहा है वो हमारा मज़बूरी है और शायद किस्मत bhi…Ham कुछ नहीं कर सकते है.

फिर से उस लड़की ने उदास आवाज में कहा.

अब्ब अतुल से भी नहीं रहा gaya…Ladki की दर्द भरी आवाज ने इस बार उससे बोलने पर मजबूर कर hi दिया.

अतुल:- सही कह रही हो tum…Mere किस्मत में शायद तुम नहीं ho…Warna इतना प्यार के बावजूद हमें अलग होना नहीं पड़ता.

अतुल ने अभी भी अपने चेहरे को दोनों हाथो के बिच hi रखा था.

कुछ पल के खामोशी के बाद अतुल ने कहा.

अतुल:- शायद अब्ब तुम हे जाना chaahiye…Bahut जल्द तुम्हारी शादी होने वाली hai…Jaake तैयारी करो.

इस बार अतुल की आवाज में बहुत दर्द tha…Ek आशिक़ को अपने hi प्यार से खुद से दूर जाने के लिए कहना बहुत मुश्किल होता hai…Pata नहीं अतुल कैसे खुद को संभाल पाया था अभी तक.

अतुल का ये दर्द स लड़की ने भी महसूस kiya…Uski आँखों में भी अब्ब आंसू आने laga…Rote हुए वो बोली.

लड़की:- मेरी मज़बूरी है ये शादी karna…Mai अपने पापा के खिलाफ नहीं जा sakti…Maine तुम्हारे बारे में उनसे बात भी किया tha…Lekin तुम्हारे नाम सुन कर उन्होंने एक डैम से मन कर diya…Pata नहीं क्यों वो तुमसे इतना नफरत करते है.

मैंने सोचा था जितने भी दिन बाकी है उतने दिन तुम्हारे साथ हंसी खुसी bitaaungi…Shaadi हो जाने के बाद ऐसे वक्त तो कभी वापस नहीं aayega…Lekin तुम अभी से मुझे जाने के लिए बोल रहे हो.

आँखों में आंसू और आवाज में दर्द के साथ लड़की ने kaha…Bina देखे hi अतुल ने महसूस किया की वो लड़की रो रही hai…Atul से उसकी दर्द भरी आवाज सुना नहीं जा रहा था.

अतुल:- एक न एक दिन हमें अलग हो hi जाना hai…To फिर देर करने से कोई फायदा nahi…Agar मैंने तुम्हारी बात मान कर बाकी के कुछ पल तुम्हारे साथ बिता लिया तो फिर से तुम्हे पाने की मेरी ख्वाहिश फिर जग jaayegi…Aur बिछड़ते वक्त खुद को संभाल पाना मेरे लिए बहुत मुश्किल हो jaayega…Behtar होगा हम अभी से अलग हो jaaye…Aadat पद जाएगा.

इस प्यार का कोई फ्यूचर नहीं hai…Ham दोनों एक दूसरे से जिंदगी भर प्यार करते रहेंगे और एक दूसरे की यादो में जिन्दा रहेंगे हमेशा के liye…Lekin हम दोनों कभी एक नहीं हो पाएंगे.

अतुल ने चेहरा को उठाये बिना hi kaha…Aawaj में दर्द तो था hi लेकिन वो खुद को बेबश महसूस कर रहा था और अब्ब वो कुछ भी नहीं कर सकता था.

लड़की:- तो फिर ठीक hai…Mai जा रही hu…Shaayad ये हमारा आखिरी मुलाक़ात hai…Lekin जाने से पहले एक बात जरूर kahungi…Mere जाने के बाद खुद को संभाल lena…Koi नशे की आदत मत दाल लेना और मेरी याद में जिंदगी भर कुंवारा मत rehna…Tum भी कोई अच्छी सी लड़की ढूंढ कर शादी कर लेना.

इतना कह कर लड़की चुप हो gayi…Wo आगे कुछ नहीं बोल पा रही thi…Fir हिम्मत करके बोली.

लड़की:- अच्छा अब्ब मई चलती हु.

इतना कह कर लड़की अतुल का जवाब सुने बिना hi वह से निकलने lagi…Wo वह से निकल पाती अतुल ने उससे पहले hi कह दिया.

अतुल:- हो सके तो मुझे माफ़ कर dena…Mera कसम अधूरा रह gaya…Jindagi भर तुम्हारा साथ न छोड़ने का कसम खाया tha…Lekin मई अपना कसम निभा नहीं paaya…Ham दोनों hi मजबूर hai…Haalat और परिवार के इंकार के सामने हमारा कसम कमजोर पद gaya…Hamara प्यार हार गया.

ये कहने के बाद अतुल की आँख से भी आंसू निकल गया.

अतुल का इस बात का जवाब लड़की नहीं दे paayi…Abb वो कुछ भी बोल पाने की हालत में नहीं thi…Iss बार वो अतुल को जवाब दिए बिना hi वह से चली गयी.

अचानक hi नींद से अतुल उठ gaya…Usse समझ में नहीं आ रहा था की उसने कैसा सपना देखा tha…Wo वाशरूम में जा कर जल्दी से फ्रेश हो कर आया और अपने उस अजीब सपने के बारे में सोचने लगा.

अतुल:- ये कैसा सपना आया था आज रात me…Mujhe किसी सी प्यार हो गया था और हम दोनों बिछड़ रहे थे.

इतना कह कर अतुल हसने लगा.

अतुल:- प्यार और वो भी mujhe…Impossible…Mai ऐसे बकवास बातो पर बिलकुल भी भरोषा नहीं karta…Love इस टाइम पासिंग material…Aur मेरे पास ऐसे फ़ालतू वक्त नहीं है वास्ते करने के लिए.

ये कहने के बाद अतुल चुप हो gaya…Wo फिर अपने सपने के बारे में सोचने लगा.

अतुल:- क्या देखा था वो सपने में अब्ब ठीक से याद भी नहीं आ रहा hai…Haa याद aaya…Koi बुद्धा मुझसे इतना नफरत करता है की वो अपनी बेटी की शादी मुझसे नहीं करवाना chaahta…Sapne में वो दिखा क्यों nahi…Agar मिल गया होता तो पक्का मर्डर कर देता.

अतुल ने हँसते हुए kaha…Usne जो मर्डर के बारे में कहा था मजाक में खुद से hi कहा था.

अतुल:- Ha…Ek और बात याद aaya…Mai कभी ऐसे बकवास कसम नहीं खाता हु और वो भी प्यार me…Agar खा लिया तो हर हाल में निभाता hu…Kabhi किसी हालत को अपने कसम से जितने नहीं dunga…Agar मैंने किसी लड़की से जिंदगी भर साथ रहने की कसम दिया तो उस कसम को हर हाल में nibhaaunga…Agar लड़की की पेरेंट्स ने मन किया तो उसको भगा कर ले जाऊँगा.

अतुल ने आत्मा विश्वास के साथ kaha…Wo अभी तक प्यार और प्यार की जादू से अनजान tha…Usse ये तक पता नहीं था की प्यार नाम का रोग लगने के बाद इंसान में कितना बदलाव आता है और कोई भी इंसान अपने लिए नहीं अपने प्यार के बारे में सोचता hai…Abhi तो ये साड़ी बातो को मजाक के रूप में लेकर हंस रहा था लेकिन उससे क्या पता था आने वाला वक्त में उसका हाल उसका देखा हुआ सपना से भी बुरा होने वाला है.

अतुल:- लेकिन मुझे उस लड़की की चेहरा क्यों याद नहीं आ रहा hai…Dekha hi नहीं उसकी तरफ तो कैसे याद aayega…Abb तो उसका आवाज भी भूल गया.

अच्छा चांस मिस कर diya…Sapne में hi सही ऐसी कौन सी लड़की है जो मेरा दिल चुरा सकती hai…Aur मई उससे दिल हार gaya…Accha चांस था उस लड़की का चेहरा देखने के लिए लेकिन मैंने मिस कर दिया.

क्या फर्क पड़ता hai…Ek सपना hi तो tha…Aur ऐसी बातें सपने में hi पॉसिबल है की मुझे किसी से प्यार हो jaayega…Hakikat में बिलकुल भी नहीं.

अतुल ने कुछ इस तरह से kaha…Jaise उसको खुद पर बहुत गर्व है की उससे किसी से प्यार नहीं हुआ है और ना hi कभी होगा.

इतना कहने के बाद अतुल ने एक बार घडी में टाइम dekha…Ghadi में टाइम dekha…Subah 6:00 ऍम बज रहा tha…Abb वो सपनो की दुनिया से बाहर निकल कर असली जिंदगी के बारे में सोचने लगता है.

अतुल:- अब्ब रेडी होने का टाइम हो गया है…8:00 ऍम से है कॉलेज लेकिन आज 7:30 में पहुंच jaaunga…First डे में hi लेट नहीं होना चाहता.

इसके बाद अतुल 10 मिनट में रेडी हो जाता है और निचे नाश्ता करने जाता hai…Usse पता था की आज फिर से उससे अपने पापा और बड़े भैया की सवाल का सामना करना padega…Atul ने खुद को मेंटली प्रेपर कर लिया और निचे की तरफ चला गया.
 
अपडेट 2

निचे पहुँच कर अतुल ब्रेकफास्ट के लिए टेबल पर बैठ gaya…Waha उसने देखा की उसके पापा और बड़े भैया गौरव भी बैठे hai…Dono hi अतुल को कभी घूरते तो कभी कुछ कहने की कोशिश कर रहे the…Lekin कह नहीं पा रहे थे.

अतुल भी दोनों के हालत से अनजान नहीं tha…Wo जानता था उसके पापा और भैया बातें ढूंढ रहे है कहने के liye…Atul ने भी खुद को तैयार कर लिया था उनके सवालों का जवाब देने के लिए.

जब 5 मिनट तक भी दोनों कुछ नहीं बोले तब अतुल भी बोर होने laga…Kitchen में नाश्ता तैयार कर रही माँ को आवाज दे कर उसने कहा.

अतुल:- Maa…Jaldi kijiye…Late हो रहा हु.

किचन से माँ ने कहा.

ा. माँ:- बस ला रही hu…Ready हो गया है.

गौरव:- बहुत जल्दी है तुझे कॉलेज जाने की.

न खुस आवाज में गौरव ने कहा.

अतुल:- कॉलेज का फर्स्ट डे hai…Thoda जल्दी पहुंचना चाहता हु.

फुल ऐटिटूड के साथ अतुल ने जवाब दिया.

ा. डैड:- कितना मन किया था तुझे मब्ब्स मत पढ़ और कॉमर्स पढ़ के फॅमिली बिज़नेस को sambhaal…Lekin तेरे सर में तो डॉक्टर बनने का बहुत चढ़ा हुआ है.

अब्ब जाके अतुल के पापा को कुछ बोलने का मौका mila…Wo किसी तरह कुछ बोलने का मौका ढूंढ रहे थे.

वो अतुल के मब्ब्स पढ़ने के डिसिशन से बहुत नाराज थे.

गौरव:- ये हमारा बात क्यों sunega…Abb तो बड़ा इंसान हो गया hai…Jo अच्छा लगेगा वो hi karega…Dekh रहा हु isse…Ghamand कुछ ज्यादा hi बढ़ रहा है.

गौरव को भी एक मौका मिल गया अपनी बात कहने का.

अतुल:- भाई एक बात कहु.

चेहरे में फीकी सी मुस्कान और आवाज में हल्का गुस्सा के साथ अतुल ने कहा.

गौरव:- है बोल.

अतुल:- अगर तूने अपना ये ओवर रियेक्ट करना बंद नहीं किया तो एक दिन बुरी तरह से मुझ से पीट jaayega…Tu अपने काम से मतलब rakh…Mere लाइफ में पहली भी बहुत दखल अंदाज़ी कर चुक्का hai…Aisa hi करता रहा तो तेरे लिए बिलकुल अच्छा नहीं होगा.

अतुल ने भी अपना फ़्रस्ट्रेशन निकालते हुए kaha…Aaj पहली बार उसने गौरव से इस तरह से बात किया tha…Gaurav का हमेशा उसके लाइफ में दखल देना उसको बिलकुल भी पसंद नहीं tha…Lekin आज से पहले उसने कभी गौरव को इस तरह से जवाब नहीं दिया tha…Kabhi देने का मौका भी नहीं था.

तब तक अतुल की माँ भी नाश्ता ले कर वह पहुँच गयी थी.

ा. माँ:- बीटा वो तेरा बड़ा भाई hai…Iss तरह से तुझे बात नहीं करना चाहिए.

अतुल की माँ ने अतुल को समझाते हुए कहा.

अतुल कुछ जवाब देता उससे पहले hi गौरव ने कहा.

गौरव:- देख रहे है Papa…Abb तो इसकी जुबान भी चलने लग गया hai…Mere साथ साथ ये आप को भी कह रहा है की हमें इसके बारे में कुछ सोचना भी नहीं चाहिए…

गौरव इतना hi बोल पाया था की अतुल ने उसकी बात को काट कर कहा.

अतुल:- अगर तेरा बकवास यूँ hi चलता रहा तो मेरा जुबान hi नहीं लात और मुक्का भी chalega…Wo बात सिर्फ तुझे बोलै tha…Papa को nahi…Papa को हक़ है मेरे बारे में डिसिशन लेने ka…Lekin तुझे बिलकुल भी नहीं है.

अब्ब अगर फिर से कुछ बोलै तूने तो पक्का अभी अच्छी तरह से पीट जाएगा.

इतना कह कर अतुल चुप हो gaya…Wo गौरव को गुस्से से घूरने लगा.

ा. डैड:- कितना बद्तमीज़ हो गया है तू…2 साल घर से बाहर क्या रहा तू तो बोलने की तरीका भी भूल gaya…Koi अपने बड़े भाई से ऐसे बदतमीज़ी से बात करते है क्या.

अतुल की बातो से उसके पापा का गुस्सा भी बहुत बढ़ गया था.

अतुल:- Papa…Maanta हु अभी बदतमीज़ी से बात किया है maine…Lekin मजबूर भी इसी ने kiya…Hadd होता है सहने ka…Aaj तक सेहत रहा इसका सभी होकुम लेकिन अब्ब सहा नहीं जाता.

(गौरव को देखते हुए) रेस्पेक्ट भी मई उसी को करता हु जो डेसेर्वे करता hai…Ye तो बिलकुल भी नहीं karta…Ye जरूर मेरा बड़ा भाई है लेकिन कभी इसने मुझे अपना छोटा भाई नहीं maana…Ye तो जानते hi होंगे aap…Bachpan से hi मुझ पर अपना हुकुम चलता रहा और अगर इसका किसी बात को इंकार कर दिया तो मार भी खाना पड़ता था.

मई 11 और 12 भी हॉस्टल में रह कर पढ़ा हु तो वजह ये hai…Iske साथ रहने का बिलकुल भी मन नहीं था.

लेकिन अब्ब और दर कर नहीं jeeyunga…Abb इतना तो यकीं है खुद पर की जरुरत पड़ने पर इसका अच्छे से धुलाई कर सकता हु.

मई आप को और माँ को बहुत रेस्पेक्ट करता hu…Maine आपका कॉमर्स पढ़ने की बात इस लिए नहीं माना क्यों की मुझे उस सब्जेक्ट में उतना इंटरेस्ट नहीं hai…Ek बार डॉक्टर बनने का सपना देख लिया तो वही बनना चाहता hu…Bahut सोच समझ कर मैंने ये फैसला लिया है.

इतना कह कर अतुल चुप हो gaya…Usne सभी की तरफ एक नजर ghumaaya…Sabhi चुप the…Kisi को कुछ समझ में नहीं आ रहा था की क्या कहे.

अतुल:- पापा अगर इस बारे में बात करने लगे तो बात कभी ख़तम नहीं hoga…Bas इतना कहूंगा की एक दिन आप को मेरा इस फैसला पर गर्व होगा.

अच्छा चलता हु अब्ब mai…Late हो रहा है.

इतना कह कर अतुल वह से उठ गया.

ा. माँ:- अभी तो तूने कुछ खाया भी नहीं.

अतुल:- अब्ब लेट हो रहा hai…Canteen में जाके खा लूंगा.

ा. माँ:- ठीक hai…Pehla दिन है तेरे कॉलेज ka…Man लगा के padhna…All थे बेस्ट.

अतुल की माँ की इस बात पर अतुल के चेहरे में स्माइल आ गया.

अतुल:- थैंक्स Maa…Acche से पढूंगा.

इतना कह कर अतुल घर से निकल gaya…Aur अपनी बाइक से कॉलेज की तरफ चला गया.

कॉलेज में पहुँच कर उसने अपने दोस्त अजय को फ़ोन किया.

अतुल:- कहा है तू.

अजय:- कैंटीन me…Tu कहा है?

अतुल:- अभी पार्किंग में hu…Ruk 5 मिनट में पहुँचता हु.

इतना कह कर अतुल ने फ़ोन कट कर diya…Aur वो भी कैंटीन की तरफ चला गया.

कैंटीन में पहुँचते hi अतुल ने देखा की अजय एक लड़की के साथ बैठ कर कॉफ़ी पी रहा था.

वो मन hi मन सोच कर दोनों की तरफ आगे बढ़ने लगा.

अतुल:- (इन हिज मंद) ये अजय को भी प्रेम रोग लग गया hai…Isne फ़ोन में तो बताया था की इसको किसी से प्यार हो गया hai…Shaayad यही है वो ladki…Pata नहीं आज कल ये क्या फैशन चल रहा hai…College में आये नहीं की इन्हे प्यार हो जाता hai…Pyar तो एक फैशन सा हो गया है.

इतना सोचने के बाद वो दोनों के पास पहुँच gaya…Ajay ने अतुल को देख लिया.

अजय:- आ गया tu…Baith yaha.(Apne पास के सीट दिखाते hue)…Ye है अंजलि मेरी dost…(Ladki की तरफ इशारा करते हुए).

और अंजलि ये है Atul…Mera बेस्ट फ्रेंड.

अंजलि:- (हाथ बढ़ाते हुए) Hi अतुल.

अतुल:- (हाथ मिलाते हुए) Hi.

उसके बाद अजय और अंजलि के बिच फिर से बात सुरु होने लगता hai…Wo दोनों अपने बात में इतना व्यस्त हो जाते है की दोनों लग भाग भूल hi जाते है की वह अतुल भी है.

अतुल:- (इन हिज मंद) वाह रे Ajay…Gf क्या मिल गया तू तो मुझे hi भूल gaya…Laga रह.

अतुल अपने मन में बातें सोच hi रहा था की एक लड़की अंजलि के पास आती है और कहती है.

लड़की:- तू यहाँ hai…Maine तुझे कितनी जगह ढूंढ liya…Lekin कही नहीं mili…Chal क्लास में चलते है.

लड़की की आवाज सुनते hi अतुल को लगा की ये आवाज कुछ जानी पहचानी सी hai…Jab उसने लड़की को देखा तो मुंह से अपने आप hi ये बात निकल गया.

अतुल:- निशा.

अतुल की मुंह से अपने नाम सुनने के बाद निशा ने भी अतुल की तरफ देखा.

निशा:- अतुल तुम.

दोनों hi एक दूसरे को देख कर हैरान हो gaye…Dono ने सोचा hi नहीं था की दोनों इस तरह से फिर milenge…Dono हैरानी से एक दूसरे को देखने लगे.

[Note:- Friends abhi tak to jaisa xp me likha tha wohi post kar raha hu...Aage kuch changes bhi aa sakte hai...Koshish karunga kuch part ko skip karke present tak pahunchpahunchne ki aur kuch important part add bhi kar sakta hu...Plot aur theme wohi hai...Kuch mistakes ko improve karunga...Stay tuned.]
 
अपडेट 3

कुछ देर ऐसे hi दोनों एक दूसरे को हैरानी से देखते rahe…Fir दोनों ने नजर हटा liya…Paas में hi बैठे अजय और अंजलि भी दोनों को ऐसे देख रहे थे जैसे दोनों को कुछ समझ नहीं आ रहा था की हो क्या रहा है.

अजय ने अंजलि को जाने के लिए इशारा किया और अंजलि भी निशा के साथ वह से चली गयी.

अजय:- तू उस लड़की को देख कर क्यों इतना हैरान हो गया? ऐसा लग रहा था की तू उससे पहले से hi जानता hai…Lekin कब? पिछले 2 साल से तो तू मेरे साथ hi हॉस्टल में tha…Aur तू तो कभी हॉस्टल से बाहर निकलता भी नहीं tha…Fir कैसे?

अजय ने थोड़ा हैरानी के साथ पूछा.

अतुल:-12 के एग्जाम क्लियर होने के बाद मिला था usse…Uss वक्त तू अपना घर गया tha…Mai भी मूड फ्रेश करने के लिए घूमने गया था.

उसी ट्रिप में निशा mili…Bus में मेरे पास के hi सीट में बैठी थी.

अजय:- लेकिन तुम दोनों को देख कर तो लगता है की बहुत अच्छी जान पहचान hai…Aur इस तरह से मिलने के बाद दोनों हैरान हो गए.

अतुल:- नहीं कुछ ख़ास जान पहचान नहीं hai…Tu तो मुझे जानता hi hai…Kahi भी किसी के साथ भी बात करना सुरु कर देता hu…Thoda बहुत उससे बात चीत हुआ tha...Lekin वो बात करने में ज्यादा इंटरेस्टेड नहीं thi…Issi लिए मैंने भी ज्यादा बात नहीं किया.

आज उससे यहाँ कॉलेज में देखा तो थोड़ा हैरान हो गया tha…Aur आज इसी लिए बात नहीं किया क्यों की वो मेरे साथ बात करना hi नहीं चाहती है.

दूसरी तरफ अंजलि और निशा भी कैंटीन से निकल कर क्लास की तरफ जा रही thi…Raaste में hi अंजलि ने निशा से पूछा.

अंजलि:- तू अतुल को देख कर क्यों इतनी हैरान हो गयी थी? बचपन से जानती हु तुझे तू कभी किसी लड़के से ज्यादा बात नहीं करती hai…To तू अतुल को कैसे जानती hai…Aur उसको देख कर इतना क्यों चौंकी थी.

निशा:- 12 के एग्जाम के बाद मई अपने मां घर जा रही thi…Aur उसी ट्रिप में अतुल मिला था.

अंजलि:- उस टूर में ऐसा क्या हुआ जो वो अभी भी तुझे याद hai…Bus में सफर करते वक्त हर पैसेंजर तो याद नहीं rehte…Wo कुछ स्पेशल है क्या?

अंजलि ने मुस्कुराते हुए pucha…Nisha ने भी उसके सवाल पर बुरा सा मुंह बना कर कहा.

निशा:- स्पेशल नहीं बहुत इर्रिटेटिंग टाइप का लड़का hai…Apni बकवास बातो से बहुत पकाया usne…Jab मई चुप हुई तब जा कर वो चुप हुआ वर्ण सारे रास्ते पकाता रहता.

अभी भी यही सोच कर हैरानी हो रहा है की उसके जैसा केयरलेस लड़का मब्ब्स कैसे पढ़ रहा hai…Mujhe यकीं है वो यहाँ भी पढ़ाई से ज्यादा बकवास करने आता है.

अंजलि:- लेकिन मुझे तो वो ठीक उल्टा लग रहा tha…Wo हमारे साथ 5 मिनट से बैठा था और एक शब्द भी नहीं बोलै tha…Bahut hi सीरियस टाइप का लड़का लग रहा था.

ऐसे hi बात करते करते अंजलि और निशा दोनों क्लास पहुँच गए.

दूसरी तरफ अतुल निशा के बारे में बताने के बात एकदम से चुप हो gaya…Wo कुछ बोल नहीं रहा था और नाही बोलने के मूड में लग रहा था.

अजय:- क्या हुआ यार tujhe…Jab से आया है कुछ परेशान सा लग रहा है.

अतुल को बहुत देर से शांत और कुछ सोचते देख अजय ने पूछा.

अतुल:- थोड़ा मूड ऑफ है यार.

अतुल इतना कह कर क्लास की तरफ जाने लगा.

अजय:- समझ गया जरूर आज फिर से तेरा पापा और भैया के साथ कुछ प्रॉब्लम हुआ है तेरे पढ़ाई को ले kar…Aur कोई वजह नहीं है तेरा मूड ऑफ होने का.

अजय ने मुस्कुरा कर kaha…Atul के साथ सालो से रहने के बाद इतना तो उससे पता चल hi गया था की अतुल जैसे हमेशा खुस रहने वाला लड़का का मूड छोटी छोटी बातो से नहीं बिगड़ता.

अतुल इस बात का जवाब दिए बिना आगे बढ़ने लगा.

अजय:- मुझ से बात कर सकता है इस टॉपिक me…Mood ठीक हो जाएगा.

अजय की ये बात सुनने के बाद अतुल ने भी सोचा की अकेले घुट ते रहने से कोई फायदा nahi…Agar अजय को बता देगा तो थोड़ा हल्का महसूस karega…Itna सोचने के बाद अतुल वापस मूड कर अजय के पास गया.

अजय:- चल bata…Kya बात हुआ था आज?

अतुल ने भी सुबह की कहानी फिर से सुना दिया अजय को.

पूरी बात सुनने के बाद अजय ने कहा.

अजय:- तू अंकल को अच्छे से क्यों नहीं बताता है की तू मब्ब्स क्यों पढ़ना चाहता hai…Ek बार अच्छे से बता दे मुझे यकीं है वो मान जाएंगे तेरा ये डिसिशन?

अतुल:- तुझे क्या लगता है मैंने उन्हें नहीं बताया hai…Ek बार नहीं बहुत बार बताया hai…Jab से 12 कम्पलीट हुआ है तब se…Lekin वो मेरा बात सुन्ना hi नहीं चाहते hai…Wo चाहते है मई कॉमर्स की लाइन में आगे बधु ताकि बिज़नेस को आगे बढ़ा saku…Lekin यार मुझे उस लाइन के बारे में कुछ नहीं आता और इंटरेस्ट भी नहीं hai…Agar उनकी बात मान कर पढ़ लिया तो भी कुछ फायदा नहीं hai…Mera सपना टूट जाएगा और काम भी अच्छे से नहीं कर पाऊंगा.

मई पापा को गलत नहीं kahunga…Wo जॉब hi सोच रहे है मेरे लिए hi सोच रहे hai…Ham मिडिल क्लास फॅमिली से hai…Aur यहाँ तक पहुँचने पर पापा का बहुत म्हणत hai…Wo हमेशा से चाहते थे की पैसा हमारे परिवार के लिए मज़बूरी न bane…Unka स्टार्ट किया हुआ बिज़नेस कुछ हद तक सक्सेसफुल रहा है और पैसे की कोई कमी नहीं है फॅमिली me…Unhe लगता है की अगर मैंने ये बिज़नेस कंटिन्यू किया तो आगे हमें बहुत फायदा होगा.

मई इस बिज़नेस में चाह कर भी उनका हेल्प नहीं कर सकता hu…Andar से hi इस काम के लिए फीलिंग नहीं आ रहा hai…Doctor बनना मेरा बछ्पन से hi एक सपना hai…Garib और जरूरतमंद लोगो का इलाज करना, मरते हुए इंसान को नयी जिंदगी देना, समाज सेवा करना ये सब काम करने से अंदर से hi एक शान्ति मिलता hai…Aur इस प्रोफेशन में पैसे की कमी भी नहीं होता hai…Mai जो कुछ भी चाहता हु सब मिल सकता है इस प्रोफेशन से और दिल से काम भी कर सकूंगा.

अतुल ने अपने परेशानी और फीलिंग एक साथ बता दिया अजय को.

अजय:- बात तो तेरा ठीक hai…Kuch दिन ruk…Uncle भी तेरी बात समझ जाएंगे.

अतुल:- अगर वो रास्ते में न आये तब na…(Gaurav की तरफ इशारा करते हुए) पापा को भड़काने की हर कोशिश कर रहा hai…Papa नहीं बचपन से उससे क्या प्रॉब्लम है मुझ se…Usne कभी मुझे पसंद किया hi nahi…Bachpan से उसका हाथ से मार खाना, बुरा भला सुन्ना सब कुछ सेह लिया yaar…Abb नहीं सहा जाता.

अब्ब तो इतना ताकत मेरे पास भी है की उससे लड़ saku…Abb और नहीं सहूंगा usko…Abb उसको उसकी तरह से hi जवाब दूंगा.

अतुल ने गुस्से के साथ kaha…Bachpan से अभी तक का गौरव के लिए गुस्से की वजह से उसका आँख लाल हो गया था.

अजय:- अरे yaar…Tu तो बहुत गुस्सा हो gaya…Control कर yaar…Aaj कॉलेज का पहला दिन hai…Itna गुस्सा भी ठीक नहीं hai…Aaj हमारा लाइफ का एक यादगार दिन होने वाला hai…Aaj के दिन को अच्छे से एन्जॉय करना चाहिए.

अतुल:- Hmm…Thik कह रहा है yaar…Lekin क्या करू जब भी उसका याद आता है अपने आप गुस्सा आ hi जाता है.

उसकी वजह से hi मुझ में बहुत बदलाव आने लगा hai…Pehle कभी इतना गुस्सा नहीं आता tha…Aaj उसकी वजह से hi पापा और माँ के सामने मई बद्तमीज़ बन gaya…Warna पापा और माँ के सामने कभी अपना गुस्सा इस तरह से नहीं दिखाया था.

कहा मई हमेशा खुस रहने वाला और दुसरो को भी खुस करने वाला अतुल हुआ करता था और कहा अब्ब एग्रेसिव और बद्तमीज़ अतुल बन रहा hu…Mujhe फिर से पहले वाला अतुल बनना hai…College लाइफ हंसी ख़ुशी बिताना चाहता hu…Usko उसकी जगह देखूंगा और अपने करैक्टर और पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दूंगा.

अतुल ने ये बात इस तरह से कहा जैसे उसने ये बस सोचा नहीं करने का थान लिया है.

अजय:- That's माय friend…Mujhe भी मेरा पहले वाला दोस्त hi chaaiye…Tu अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ और ये फ़ालतू बातो में टाइम वास्ते मत कर.

अतुल ने भी अजय की इस बात पर हल्का मुस्कुरा कर सर (हेड) को हां में हिला diya…Aur उसके बाद अतुल वाशरूम में जाकर चेहरा को पानी से अच्छे से धोता है और फ्रेश हो कर बाहर आता है.

फिर दोनों दोस्त साथ साथ क्लास की तरफ जाते है कॉलेज के फर्स्ट डे का फर्स्ट क्लास अटेंड करने.
 
अपडेट 4

क्लास में जाने के बाद अतुल और अजय ने देखा की सभी स्टूडेंट्स क्लास में पहले से मौजूद है और फ्रंट रौस में पहले hi सभी स्टूडेंट्स बैठ चुके थे.

अतुल:- कॉलेज के फर्स्ट डे में hi लास्ट रौ में जा कर बैठना padega…Itni जल्दी कॉलेज आने का भी कोई फायदा नहीं.

अतुल ने थोड़ा निराशा के साथ कहा.

अजय:- मैंने भी सोचा नहीं tha…Front रौस पैक हो jaayega…12th में तो सभी स्टूडेंट्स लास्ट में बैठते the…Lekin यहाँ का हाल तो बहुत अलग है.

अतुल:- वैसे भी आज फर्स्ट डे hai…Jyada पढ़ाई नहीं hoga…Introduction में hi टाइम बीत jaayega…Kal से कोशिश करेंगे आगे बैठने की.

थोड़ी देर में क्लास सुरु हो jaayega…Chal सीट पर जा कर बैठ ते है.

इतना कह कर अतुल ने अजय को dekha…Ajay का ध्यान अतुल की बात पर नहीं tha…Ajay को अंजलि को देखता पा कर अतुल ने फिर से कहा.

अतुल:- भाई अगर घूरने का काम बंद हो गया हो तो चले.

अतुल ने ये बात धीरे से कहा ताकि सिर्फ अजय hi उसका बात सुन सके.

अजय:- Ok तू जा कर अपने सीट पर बैठ मई अपने सीट पर जाता हु.

अजय ने अंजलि के पास के खाली सीट को देख कर खुस होते हुए कहा.

अतुल:- Nahi…Bilkul nahi…Tu मेरे साथ hi बैठेगा aaj…Pehle hi लास्ट में बैठना पद रहा है और अकेले तो बिलकुल भी नहीं बैठूंगा.

अजय:- प्लीज यार समझा कर.

अजय ने मुस्कुराते हुए कहा.

अतुल:- मई तो सब समझ गया hu…Lekin तू भी एक बात समझ ले पढ़ाई के वक्त no लव no romance…Sirf पढ़ाई पे ध्यान दे.

अजय:- इसी लिए कह रहा हु की मुझे अंजलि के पास hi बैठना chaaihiye…Uske पास बैठा तो पढ़ने का मूड भी बना rahega…Aur अगर तेरे पास बैठा तो दिन भर मूड ऑफ hoga…Padhaai में बिलकुल मन नहीं लगेगा.

अतुल:- अब्ब अगर तेरा बकवास ख़तम हो गया है तो बैठने चल.

अतुल अजय की कोई भी बात सुन्ना नहीं चाहता tha…Khaas कर प्यार से रिलेटेड कोई बात.

अजय:- प्लीज यार समझा kar…College का फर्स्ट डे hai…Bahut hi स्पेशल दिन है हम सभी के liye…Aur इस स्पेशल दिन में अंजलि के साथ बैठने का मजा hi कुछ और hai…Saari जिंदगी याद रहेगा.

अतुल समझ गया की अजय उसकी बात मानने की मूड में नहीं है.

अतुल:- तू मानेगा तो नहीं और मेरा कोशिश भी बेकार hai…All थे best…Lekin कभी कभी पढ़ाई भी कर lena...Sirf घूरते मत रहना.

इतना कह कर अतुल अपनी सीट की तरफ जाने laga…Jaate हुए वो सोच रहा था.

अतुल:- (इन हिज मंद) अभी से प्यार में पागल हो गया hai…Khair जी ले भाई अपनी jindagi…Mai तो इस प्यार नाम के रोग से जितना दूर हु उतना hi बेहतर है मेरे लिए.

इतना कह कर अतुल लास्ट की सीट में जा कर बैठ gaya…Aur बैग से एक बुक निकाल कर क्लास स्टार्ट होने का वेट करने लगा.

वो बुक के पेज पलट कर देख रहा था की तभी उससे लगा की उसके पास कोई आ कर बैठा hai…Usne मुद कर देखा तो निशा thi…Atul ने फिर अपनी ध्यान बुक की तरफ किया और पूछा.

अतुल:- गुस्से में लग रही हो?

निशा:- क्लास से कुछ देर के लिए बाहर गयी thi…Aur जब वापस आयी तब देखा की अंजलि के पास अजय बैठा hai…Ek बार मुझे पूछा भी नहीं.

निशा बहुत गुस्से में thi...Atul थोड़ा हँसते हुए बोलै.

अतुल:- ये तो बस सुरुवात है ये लव बर्ड्स के कारनामो ka…Mera दोस्त भी कुछ काम नहीं hai…Pyar होने के कुछ दिन में hi अपने दोस्त को भूल gaya…Pata नहीं आगे क्या क्या देखना पड़ेगा.

निशा ने कुछ जवाब नहीं दिया तो अतुल भी अपने बुक की तरफ वापस ध्यान देने लगा.

कुछ देर बाद.

अतुल:- मुझे तो बिलकुल भी यकीं नहीं था की तुमसे फिर मुलाकात होगा वो भी इस तरह se…Khair तुम्हे फिर से देख कर अच्छा लगा.

अतुल ने थोड़ा ख़ुशी के साथ कहा और अपना हाथ आगे बढ़ा दिया.

निशा:- फ़्लर्ट कर रहे हो मुझसे.

निशा ने बुरा सा मुंह बना कर पूछा.

अतुल:- बिलकुल nahi…Lekin तुम्हे ऐसा क्यों लगा की मई तुमसे फ़्लर्ट कर रहा हु.

अतुल ने अपना हाथ पीछे खिंच लिया और सीरियस हो कर कहा.

निशा:- तुम लड़के ऐसे hi होते ho…Pehle थोड़ा बात करते हो, और लड़की ने भी अगर थोड़ा हंस कर जवाब दिया तो सीधा फ्लिर्टिंग करने लग जाते हो…

निशा इससे आगे कुछ कहती उससे पहले अतुल ने उससे रोक कर कहा.

अतुल:- बाकी लड़के के बारे में मई नहीं jaanta…Lekin ये लव और फ़्लर्ट में मुझे बिलकुल भी इंटरेस्ट नहीं hai…Yaha सिर्फ पढ़ने आया हु और बाकी के बातो से मुझे कोई लेना देना नहीं है.

निशा:- सच में.

निशा ने कुछ सोच कर हँसते हुए pucha…Atul की बात पर उससे बहुत हंसी आ रहा tha…Atul को निशा की हंसी बिलकुल भी पसंद नहीं आया.

अतुल:- कोई शक.

निशा:- फिर वो बस में क्या कर रहे the…Mujhe बात करने का बिलकुल भी इंटरेस्ट नहीं था और तुम बकवास hi करते जा रहे थे.

अतुल:- अच्छा वो baat…Mujhe लगा की तुम बोर हो रही थी तो बातें कर रहा tha…Lekin जब तुम मेरी बातो को इग्नोर करने लगी तब मई भी चुप हो गया था.

मई अपने बारे में बस इतना hi कहूंगा की मई ज्यादा बातें नहीं करता hu…Sirf मतलब की बात hi करता हु और अपने काम से मतलब रखता hu…Dosto के साथ सच्चा दोस्ती निभाता हु और प्यार मोहोब्बत जैसे फ़ालतू बातो में बिलकुल भी टाइम वास्ते नहीं करता hu...Ladkiyo से भी बेकार बातें नहीं karta...Flirting तो बहुत दूर की बात hai...Tumse तो बिलकुल भी नहीं अभी हमें 5 साल साथ में पढ़ना hai…Dheere धीरे समझ जाओगी मुझे.

अतुल इतना कह कर चुप हो gaya…Ye कहते वक्त उसके चेहरे में एक मुस्कान tha…Apna तारीफ़ करना उससे बहुत अच्छा लग रहा था.

निशा:- कोई इंटरेस्ट नहीं है मुझे किसी को समझने में.

फिर अतुल ने निशा को पूरी तरह इग्नोर कर diya...Aur अपने बुक पर कंसन्ट्रेट करने laga...Waise भी उससे निशा में कुछ ख़ास इंटरेस्ट भी नहीं tha...Aur उससे बहस करने से अच्छा पढ़ाई में ध्यान देने लगा.

निशा:- (इन हेर मंद) पता नहीं क्यों यहाँ आ कर बैठ gayi…Abb आज दिन भर ये अपनी बातो से पकता rahega…Itna बकवास करता है और फिर भी कहता है की जरुरत से ज्यादा नहीं बोलता hai…Please गॉड आज इसकी बकवास से बचा लेना आगे से इसकी सीट में कभी नहीं बैठूंगी.

इतना सोचने के बाद निशा भी अपने बैग से बुक निकाल कर देखने लगती है.

करीब 5 मिनट हो गया था लेकिन दोनों में से किसी ने भी कुछ नहीं kaha…Nisha को थोड़ा हैरानी भी हो रहा था की अचानक hi अतुल चुप हो gaya…Nisha ने अतुल की तरफ dekha…Atul एनाटोमी बुक का फर्स्ट chapter देख रहा था और ऐसा लग रहा था की वो सीरियसली पढ़ रहा है.

निशा:- (इन हेर मंद) पता नहीं सच में पढ़ रहा है या एक्टिंग कर रहा hai…Fir भी अच्छा hi hai…Iski पकाऊ बातें कान में नहीं पद रहा है.

कुछ देर बाद क्लास स्टार्ट होता hai…First क्लास एनाटोमी का tha…Introduction कम्पलीट होने के बाद थोड़ा लेक्चर चलता hai…Iss बार निशा ने नोटिस किया की अतुल ने एक बार भी उसकी तरफ ध्यान नहीं diya…Wo पढ़ाई में फुल्ली कंसन्ट्रेट कर रहा था और इम्पोर्टेन्ट बातें नोट कर रहा था.

इसी तरह फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री का क्लास भी कम्पलीट हो जाता hai…Atul का मुश्किल से hi 2 या 3 बार नजर निशा पर पड़ा लेकिन वो बस कुछ पल के लिए hi tha…Wo सिर्फ अपने पढ़ाई पे फोकस कर रहा था.

और फिर लंच ब्रेक hua…Sabhi लंच के लिए कैंटीन की तरफ चले जाते hai…Atul लास्ट के एक कोने में चला जाता है और नास्ता के लिए आर्डर कर देता hai…Nisha भी एक जगह बैठ के लंच करती है और न चाहते हुए भी उसका नजर अतुल पर बार बार जा रहा tha…Atul को ऐसे शांत और सिर्फ अपने काम से मतलब रखता हुआ देख कर उससे बहुत हैरानी हो रहा था.

नाश्ता करने के बाद अतुल कुछ स्टूडेंट्स से बात करने लगता hai…Sabhi अपना अपना इंट्रोडक्शन दे रहे थे एक दूसरे ko…Aur इस बार जब निशा फिर अतुल को देखती है उससे और हैरानी hua…Iss बार अतुल हँसते हुए दोस्तों से बात कर रहा tha…Nisha को अतुल का ये दो अलग अलग रूप बिलकुल भी समझ में नहीं आ रहा tha…Kabhi वो हंस रहा था तो कभी एक दम से शांत.

जब अतुल ने नाश्ता ख़तम किया तो निशा के पास से ऐसे निकल गया जैसे वो निशा को पहचानता hi नहीं.

कैंटीन से अतुल और निशा दोनों क्लास में आ gaye…Class स्टार्ट होने में थोड़ा टाइम बाकी था और दोनों ने फिर से बुक निकाल कर पढ़ने लगे.

फिर कुछ देर बाद क्लास स्टार्ट हो gaya…Baaki के क्लास में भी अतुल वैसे hi शांत रह कर सिर्फ स्टडी पर hi फोकस करता raha…Mushkil से निशा पर नजर पद भी जाता तो वो इग्नोर कर के फिर से बुक की तरफ देखने लगता.

और ऐसे hi छूती भी हो gaya…Atul अजय से कुछ देर बात कर के बाइक से अपने घर की तरफ चला गया.

निशा भी अंजलि के साथ बात करते हुए अपनी स्कूटी पर अपनी घर की तरफ जाने lagi…Kuch देर बाद अंजलि का घर आ गया और निशा अकेली रह गयी.

वो बाकी के रास्ते में कुछ बातें सोचते हुए अपने घर की तरफ जाने लगी.

निशा:- (इन हेर मंद) ओह्ह god…Aaj क्लास में क्या क्या पढ़ाई हुआ कुछ समझ में नहीं aaya…Bilkul भी कंसन्ट्रेट नहीं कर paayi…Ye सब उस अतुल की वजह से हुआ hai…Uske पागल पैन की वजह से कंसन्ट्रेट hi नहीं कर paayi…Kitna खड़ूस है wo…Bahut ऐटिटूड है usme…Jo मन में आये वो hi करता hai…Kabhi बकवास करके पकाता है तो कभी ऐसे शांत रहता है जैसे बोलने भी नहीं जानता.

उससे जितना दूर रहूंगी उतना hi अच्छा hai…Uske साथ रही तो मई भी पागल हो jaaungi…God प्लीज उससे मुझसे दूर hi रखिये.

इतना कह कर निशा अपने मन में दुआ मांगने lagi…Lekin बेचारी को क्या पता था की घर पहुँचते hi उसका दुआ का कोई मतलब नहीं है और उससे बहुत जल्द एक बड़ा झटका लगने वाला है.
 
अपडेट 5

निशा अपने रूम में जा कर पहले फ्रेश होती है और फिर नास्ता कर के वो आज कॉलेज में जो पढ़ाई हुआ था वो रेविसिओं करने लगती hai..Padhaai में वो हमेशा से इंटेलीजेंट थी इसी लिए उसको रेविसे करने में कोई ख़ास मुश्किल नहीं हुआ.

रेविसिओं करने के बाद वो खुद से hi कहती है.

निशा:- रेविसिओं कम्पलीट हो hi gaya…Koi ख़ास मुश्किल नहीं हुआ रेविसे करने me…Abb आगे से सिर्फ पढाई के बारे में sochungi...Aur कुछ नहीं.

इतना कहने के बाद निशा को फिर अतुल का याद aaya…Aaj अतुल की वजह से वो अपने पढ़ाई से डिस्ट्रक्टेड हो गयी थी इस बात को याद कर के उससे अतुल पर फिर गुस्सा आने लगा.

निशा:- और उस अतुल से दूर hi rahungi…Pata नहीं क्यों आज उसको समझने में और ऑब्सेर्वे करने में इतना टाइम वास्ते कर diya…Aakhir उसमे ऐसी क्या ख़ास बात है जो मई उसमे इतना इंटरेस्ट ले रही hu…Kuch भी तो नहीं है usme…Ek दम खड़ूस है और बोरिंग भी.

फिर उसके बारे में सोच कर टाइम वास्ते कर रही hu…Nahi आगे से नहीं sochungi…Waise भी मुझे डॉक्टर बनना hai…Aisi बकवास बातो में उलझ कर मुझे अपना टाइम वास्ते नहीं करना चाहिए.

इतना कहने के बाद निशा फिर अपने बुक्स की तरफ देखने lagi…Wo बुक में कल पढ़ाई होने वाली chapter को इसी वक्त पढ़ना चाहती थी और पहले से hi प्रेपर होना चाहती थी.

कुछ देर पढ़ने के बाद वो छत में जा कर फ्रेश होने का सोच कर छत में चली जाती है.

छत में जाते hi उससे गिटार की तूने और किसी की गाने की आवाज आती hai…Tune और गाने की आवाज बहुत सुरीला था और निशा भी गाना कौन गए रहा है ये देखने के लिए आवाज की तरफ चली जाती है.

वो उस आवाज को पीछा करते हुए छत के कोने में चली जाती hai…Wo देखती है की दूसरे घर की छत क ीक कोने में एक लड़का गिटार बजाते हुए गाना गए रहा tha…Wo लड़का का पीठ निशा की तरफ था इसी वजह से निशा उसका चेहरा नहीं देख पाती है.

लेकिन उस लड़के का हेयर स्टाइल देख कर निशा समझ जाती है की वो लड़का कौन है और उस लड़का का यहाँ होने की वजह से hi उससे एक तेज झटका सलगता hai…Jisse दूर रहने का दुआ वो मांग रही थी अभी वो hi सामने tha…Shock में उसकी मुंह से आवाज निकलता है.

निशा:- अतुल….

निशा की थोड़ी तेज आवाज से अतुल भी निशा की तरफ मुद जाता hai…Wo बी उतना hi हैरान था जितना निशा thi…Usne भी निशा को अपने घर के सामने होने का उम्मीद नहीं किया tha…Wo भी निशा की तरफ आता है.

अतुल:- तुम यहाँ?

निशा:- यही मई भी पूछना चाहती hu…Tum यहाँ क्या कर रहे हो?

पहली बार अतुल को अपने घर के सामने देख कर निशा को बहुत हैरानी हो रहा tha…Atul को इस वक्त देख कर वो समझने की कोशिश कर रही थी की अतुल यहाँ इस वक्त क्या कर रहा है.

अतुल:- मई यहाँ क्या कर रहा हु? मेरा घर है ये और अपने घर में अभी गिटार बजा रहा हु.

अतुल ने निशा की सवालों का जवाब diya…Uske जवाब से hi पता चल रहा था की उससे निशा का सवाल बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा.

निशा:- लेकिन तुम्हे पहले यहाँ तो कभी देखा hi नहीं.

निशा ने कन्फूसिओं में पूछा.

निशा की इस बात से अतुल समझा की निशा तभी क्या पूछ रही thi…Atul ने भी थोड़ा मुश्कुरा कर जवाब दिया.

अतुल:- क्यों मई 2 दिन पहले hi यहाँ आया hu…Pehle 2 साल तक हॉस्टल में रहता था और हमने यहाँ 1 साल पहले ये घर ख़रीदा था.

अतुल की इस जवाब से निशा सब समझ gayi…Lekin अतुल का इस घर के होने से निशा को अतुल पर और गुस्सा आने laga…Wo अपने मन में सोचने लगी.

निशा:- (इन हेर मंद) पहले hi इसके पापा और भैया काम थे क्या जो ये भी आ gaya…Pehle hi दोनों ने जीना मुश्किल कर दिया है छोटी छोटी इशू पर हंगामा मचा ke…Ye भी उन् दोनों की तरह hi खड़ूस है.

निशा यही सोच रही थी की अतुल ने कहा.

अतुल:- क्या hua…Kuch सोच रही हो?

निशा को गहरी सोच में देख अतुल ने पूछा.

निशा:- कुछ नहीं.

निशा की आवाज में थोड़ा रुखा पैन आ गया और वो पीछे मुद कर निचे अपने रूम की तरफ जाने लगी.

अतुल को निशा का ऐसे बेहवे करना बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा लेकिन उसने इस बात को इग्नोर कर diya…Wo चुप hi रहा और निशा को जाते देखने लगा.

गेट में पहुँचते hi निशा अचानक से मुड़ी और उसने अतुल से कहा.

निशा:- और तुम प्लीज ये गिटार मत bajaana…Bahut डिस्टर्ब हो रहा है पढ़ने में. मई यही बात कहने आयी थी छत में लेकिन बेकार की बातो में उलझ गयी.

इतना कह कर निशा चली gayi…Achanak से उससे अतुल पर इतना गुस्सा आने लगा की अतुल पर अपना गुस्सा दिखाने के लिए उससे झूठ का सहारा लेना पड़ा.

निशा के जाने के बाद अतुल वही हैरान खड़ा raha…Wo अपने मन में सोचने लगा.

अतुल:- (इन हिज मंद) मई कितनी धीमी आवाज में गिटार बजा रहा था और गाना गए रहा था लेकिन ये आवाज उसकी रूम तक कैसे पहुँच gayi…Aur मेरे साथ ऐसे क्यों बेहवे कर रही है जैसे मई उसका बहुत बड़ा दुश्मन hu…Maine उसका कुछ बिगाड़ा भी नहीं.

और बहुत ऐटिटूड भी है इस लड़की me…Pata नहीं क्या सोचती है खुद के बारे me…Baat भी ऐसे कर रही है जैसे ये दिखा रही है की वो मुझसे बात करके मुझ पर कोई एहसान कर रही है.

भाड़ में जाए वो और उसकी जैसी ladki…Mujhe कोई बात नहीं करना ऐसी लड़की se…Kal से इससे बात hi नहीं karunga…Thoda सा बात क्या कर लिया ये तो सर पर hi चढ़ने लग गयी.

अब्ब अतुल को भी निशा पर गुस्सा आने laga…Aur वो भी अपने रूम की तरफ चला गया.

उधर निशा भी अपने रूम में पहुँच गयी.

निशा:- (तो हरसेल्फ़) ओह गॉड. आपसे कहा था की उससे मेरे सामने मत laana…Lekin वो तो सामने वाला घर में hi रहता hai…Aur ये उस परिवार से है जिससे हमारा दुश्मनी hai…Abb तो ये कॉलेज और घर कही भी पीछा नहीं chhodega…Har वक्त इसका मनहूस शकल देखना पड़ेगा और पकौ बातें सुन्ना पड़ेगा.

क्या करू कुछ समजह में नहीं आ रहा hai…Kaise इस लड़के से पीछा छुड़ौ.

इतना कह कर निशा फिर सोचने लगती है.

निशा:- है यही ठीक rahega…Usko पूरी तरह से इग्नोर कर देती hu…Tab शायद वो मुझसे बात भी नहीं karega…Agar फिर भी बात करने की कोशिश करेगा तो सबके सामने दांत dungi…Tab शायद ये मुझसे दूर रहेगा.

इतना कहने के बाद निशा ने तय कर लिया की वो यही करेगी.

एक hi दिन के मुलाक़ात में अतुल और निशा का सोच एक दूसरे के लिए इतना बदल गया था और एक दूसरे के दिमाग में अलग सा पहचान बना लिया था दोनों ne…Ye तो अभी सुरुवात tha…Dono hi इस बात से पूरी तरह से अनजान थे की दोनों को अभी साथ में ऐसे अलग अलग परिस्थिति से गुजरना है जिससे शायद वो अभी यकीं hi नहीं कर पाते.
 
थैंक्स ा लोट बिंदास भाई फॉर योर सपोर्ट एंड comment...Bas 1 वीक और इंतजार kijiye...Exam कम्पलीट होने के बाद फ़ास्ट उपदटेस दे कर स्टोरी को प्रेजेंट तक ले aaunga...Abhi यहाँ ज्यादा विजिट भी नहीं कर पा रहा हु एग्जाम की वजह se...Agar आ गया तो इंटरनेट में hi उलझ कर टाइम वास्ते हो जाता है.

एग्जाम के बाद रेगुलरली उपदटेस दूंगा bhai...Thank यू.
 
अपडेट 6

नेक्स्ट डे ात कॉलेज

अतुल अगले दिन क्लास स्टार्ट होने से आधा घंटा पहले hi कॉलेज पहुँच gaya…Ye आधा घंटा उसने सभी स्टूडेंट्स से इंट्रोडक्शन में बीता दिया.

थोड़ी देर बाद निशा और अंजलि साथ में क्लास में aaye…Dono hi एक दूसरे से हँसते हुए और बात करते हुए आ रहे the…Atul को देख निशा की हंसी गायब हो gaya…Aur जब अतुल ने भी निशा को देखा तब वो भी बात करना छोड़ निशा को देखने laga…Usse भी समझ में नहीं आ रहा था कैसे रियेक्ट करना chaahiye…Usne बस थोड़ा सा स्माइल किया.

जवाब में निशा ने कोई रिएक्शन नहीं दिया और अंजलि के साथ पीछे सीट की तरफ चली गयी.

अतुल ने भी इस बात को इग्नोर कर दिया और फिर अपने नए बने हुए दोस्तों से बात करने laga…Itna तो उससे पता चल hi गया था की निशा उससे पसंद नहीं करती है और उसने भी अब्ब सोच लिया की वो भी अब्ब बे वजह निशा के पास नहीं जाएगा.

जब क्लास स्टार्ट होने में 5 मिनट बाकी था तब अतुल भी पीछे सीट की तरफ जाने लगा.

उसने देखा की फ्रंट रौस सभी पैक हो गया tha…Bich में दो सीट खाली tha…Middle और लेफ्ट कॉलम me…Middle कॉलम में निशा के पास एक सीट खाली था और लेफ्ट कॉलम में भी एक सीट खाली था और उस खाली सीट के पास एक लड़की थी.

निशा ने भी अतुल को दोनों सीट की तरफ देखते हुए देख लिया और वो मन hi मन सोचने लगी.

निशा:- (इन हेर मंद) ओह no…Lagta है फिर ये मेरे hi पास aayega…Pata नहीं क्यों ये मेरा पीछा नहीं छोड़ रहा है.

निशा यही सब सोच रही थी की अतुल भी अब्ब दोनों सीट की तरफ आगे बढ़ने लगा और निशा के उम्मीद से ठीक उल्टा वो लेफ्ट कॉलम में चला gaya…Nisha को इस बात से थोड़ा हैरानी और ख़ुशी दोनों हुआ.

अतुल और निशा अब्ब अलग अलग कॉलम में थे लेकिन दोनों एक hi रौ में the…Atul अपने सीट में बैठ कर अपने पास वाली लड़की से कहता है.

अतुल:- Hello…I ऍम अतुल.

लड़की:- Hi…I ऍम काजल.

इतना कह कर काजल अपना हाथ अतुल की तरफ बढ़ा देती hai…Atul भी अपना हाथ आगे बढ़ा कर हैंडशेक करता है.

हैंडशेक करने के बाद अतुल वापस सीधा अपनी जगह बैठ जाता hai…Usse समझ में नहीं आ रहा था की अब्ब उससे क्या बोलना chaahiye…Hamesha लड़कियों से दूर रहने की वजह से उससे काजल से बात आगे बढ़ाने में मुश्किल हो रहा था.

काजल:- तुम बहुत शांत दीखते हो.

काजल की बात सुन कर अतुल फिर काजल की तरफ घूमता है और उसकी बात का मतलब समझने की कोशिश करता hai…Kajal फिर से थोड़ा स्माइल के साथ कहती है.

काजल:- तुम्हे कुछ देर पहले से नोटिस कर रही thi…Tum बहुत काम बोल रहे थे और सिर्फ जरुरत के हिसाब से hi बोलते हो.

काजल की इस बात पर अतुल ने भी थोड़ा मुस्कान के साथ कहा.

अतुल:- थोड़ा काम hi बोलता hu…Ek दो बार कोशिश किया था ज्यादा बोलने की लेकिन किसी को अच्छा नहीं laga…Tab एहसास हुआ की ओवर स्मार्ट होना भी ठीक नहीं hai…Jaisa हु वैसा hi ठीक hu…Bahut hi काम क्लोज फ्रेंड्स के साथ खुल कर बातें करता हु.

अतुल ने मुस्कुरा कर कहा.

काजल:- है बात तो सही hai…Logo को दिखाने के लिए जबरदस्ती बदलाव लाना भी ठीक नहीं है.

काजल ने इतना hi कहा था की क्लास में टीचर आ गए.

उसके बाद दोनों के बिच बात चीत भी बंद हो गया.

अतुल कल की तरह आज भी पूरा ध्यान लगा कर पढ़ रहा था और इम्पोर्टेन्ट पॉइंट्स नोट कर रहा tha…Atul को ऐसा करते हुए काजल नोटिस कर रही thi…Atul से थोड़ी दूर बैठी निशा भी न चाहते हुए भी अतुल को नोटिस कर रही थी.

इसी तरह कुछ देर में क्लास भी ख़तम हो गया.

काजल:- लगता है पढ़ने में बहुत इंटरेस्ट है tumhaara…Puri क्लास में एक बार भी तुम्हारा नजर लेक्चरर और बुक से नहीं हटा.

अतुल:- है पढ़ना अच्छा लगता hai…Aur स्टडी के टाइम में मंद डाइवर्ट भी नहीं करता hu…Lekin इतना भी नहीं पढता हु की बस पढ़ने में hi लगा rahu…Vakt मिलते hi एंटरटेनमेंट भी करता hu…Jaise क्रिकेट खेलना और गिटार बजाना.

पढ़ाई अपनी जगह और बाकी के काम अपनी जगह.

काजल:- सही hai…Life में सब कुछ जरुरी hai…Kabhi कभी कुछ स्टूडेंट्स को देख कर अजीब भी लगता hai…Hamesha पढ़ाई में hi लगे रहते hai…Padhna बहुत अच्छा बात है लेकिन बस पढ़ाई में hi बिजी रह कर दूसरे काम को भूल jaana…Ye थोड़ा अजीब लगता है.

अतुल:- मुझे इस बारे में ज्यादा आईडिया नहीं है तो कुछ नहीं कह सकता hu…Shaayad उन्हें पढ़ाई के अलावा बाकी के चीज में उतना इंटरेस्ट नहीं hoga…BTW तुम क्या करती हो एंटरटेनमेंट के लिए.

काजल:- मूवी देखती हु, गाना सुनती हु, ड्राइंग बनती हु और कभी कभी पोएम लिखती hu…Mood फ्रेश हो जाता है.

अतुल:- क्रिएटिव मंद है tumhaara…Mujhe तो ड्राइंग बनाना बहुत मुश्किल लगता है…11 और 12 में भी बायोलॉजी का ड्राइंग बहुत मुश्किल से बना पाटा tha…Aur पोएम लिखना तो दूर कोई एस्से भी ढंग से नहीं लिख पाटा हु.

अतुल ने हँसते हुए kaha…Kajal भी साथ में थोड़ा हंसने लगी.

अतुल:- लेकिन पोएम सुन्ना मुझे बहुत पसंद hai…Agar तुम्हे प्रॉब्लम न हो तो तुम्हारा पोएम सुन्ना चाहूंगा.

काजल:- अभी ठीक से याद नहीं hai...Diary में लिखती hu…Kisi दिन सुना दूंगी.

इसी तरह अतुल और काजल खली टाइम में पुरे दिन बात कर रहे the…Dono धीरे से hi बातें कर रहे the…Itna धीरे से की उन् दोनों के अलावा और कोई सुन नहीं रहा tha…Waise भी क्लास में बाकी के स्टूडेंट्स आपस में बात कर रहे थे और उनके आवाज के सामने अतुल और काजल की बातें कोई सुन नहीं सकते थे.

इसी तरह पुरे दिन दोनों साथ में बात करते rahe…Aur दोनों में दोस्ती भी बढ़ने लगा.

कॉलेज छूती होने के बाद सभी स्टूडेंट्स अपने अपने घर की तरफ जाने lage…Nisha आज ख़ुशी के साथ घर जा रही थी और अपने मन में सोच रही थी.

निशा:- (इन हेर मंद) आज बहुत अच्छे से पढ़ paayi…Accha हुआ जो वो अतुल मेरे पास नहीं baitha…Kaash वो हमेशा मुझसे दूर hi rahe…Aaj वो काजल के पास जा कर baitha…Bechari Kajal…Bahut जल्द उससे पता चल जाएगा की ये अतुल कितना पकाऊ लड़का है.

इतना सोच कर निशा अपने घर जाने लगी.

प्रेजेंट

तो डॉक्टर साहब आपका भी प्यार नफरत से hi सुरु हुआ था.

अतुल को बिच में hi रोक कर श्रेया ने पूछा.

अतुल:- नहीं ये नफरत नहीं tha…Bas थोड़ा सा मिसुन्दरस्टण्डींग था.

थोड़ा सा उदासी के साथ अतुल ने कहा.

श्रेया:- अभी तक तुम्हारा कहानी सुन कर इतना तो पता चल गया की तुम आज भी वैसे hi हो जैसे पहले थे.

अतुल:- नहीं बदलाव तो बहुत आया hai…Hamesha प्यार पर विश्वास नहीं करने वाला अतुल को कुछ ऐसे वक्त से गुजरना पड़ा था जहा उससे अपने प्यार के लिए सभी से भीक माँगना पड़ा tha…Kiske सामने मैंने हाथ नहीं joda…Apne पापा के सामने, निशा के सामने और निशा के पेरेंट्स के saamne…Lekin किसी ने मेरी एक नहीं सुना.

हमेशा जिंदगी को हंसी, मजाक और दोस्ती के साथ जीने वाला अतुल आज जिंदगी इस तरह से जी रहा है जैसे उसका जिंदगी एक श्राप hai…Pata नहीं कैसे जी रहा हु और क्यों जी रहा हु और ये भी पता नहीं इस जिंदगी का क्या मकशद है.

जब भी किसी का इलाज करता हु और किसी की तकलीफ दूर करता हु तो उसके चेहरे की ख़ुशी देख अलग hi ख़ुशी मिलता hai…Bas यही एक ख़ुशी रह गया है जिंदगी me…Nisha और अपने परिवार से दूर होने के बाद तो वैसे भी मेरा जिंदगी में कुछ बाकी नहीं है.

इतना कहने के बाद अतुल की आँखों में आंसू के कुछ बूँद आ gaya…Ek बार फिर उससे खुद में हारा हुआ अतुल दिखाई diya...Ek हारा हुआ आशिक़ और insaan...Kitna मजबूर था वो और है.

श्रेया:- सम्भालो खुद ko…Shaayad मैंने hi गलत सवाल पूछ दिया hai…Sorry.

श्रेया ने अतुल के कंधे को पकड़ कर kaha…Atul को उदास तो उसने बहुत बार देखा था लेकिन रट हुए आज पहली बार देखा hai…Atul को इस तरह से रट देख श्रेया अंदाजा लगा रही थी की वो निशा से कितना प्यार करता है.

अतुल ने भी जल्द hi खुद को संभाल कर और आंसू पोछते हुए कहा.

अतुल:- 4 साल हो गया है निशा से दूर hue…Sambhalna सीख लिया है maine…Aaj अचानक वो पल याद आ गए तो आँखों में थोड़ा आंसू आ गया.

श्रेया:- ऐसा क्या हुआ था किट ुम और निशा अलग हो gaye…Ye एक तरफ़ा प्यार था या फिर निशा की बेवफाई या फिर कोई और वजह थी?

श्रेया अतुल की पूरी कहानी सुनने को उत्शुक thi…Wo ये भी चाहती थी की अतुल अपनी साड़ी कहानी बता दे और हल्का हो jaaye…Usne बहुत दिनों से महसूस किया था की अतुल अपने मन में hi बहुत साड़ी बातें छुपा कर घुटन के साथ जी रहा है.

अतुल:- नहीं nahi…Nisha कैसे बेवफाई कर सकती hai...Wo मेरा प्यार hai...Wo भी मुझसेमुतना hi प्यार करती थी जितना mai...Shayad मुझसे भी ज्यादा.

हमारा जुदाई भी उसी डरावना सपना जैसा hi tha..Shayad सपने से भी ज्यादा daraawna...Sapna को तो मजाक में उड़ा दिया tha...Lekin hakikat...Hakikat ने आज मेरा हमरा hi जिंदगी को मजाक बना दिया.

श्रेया:- तुमने निशा के पेरेंट्स को मनाने की कोशिश नहीं किया?

अतुल:- किया tha…Bahut कोशिश किया tha...Lekin जब मेरे hi पापा मेरे खिलाफ हो गए तो मई भी क्या कर सकता tha…Dono hi परिवार में बहुत झगड़ा हो गया और निशा के पापा भी कैसे अपने बेटी की शादी ऐसे घर में करा सकते थे.

बस यही मेरा प्यार हार gaya…Apne भाई की नफरत और पापा का निशा के घर से dushmani…Bas यही था हमारे जुदाई की वजह.

ये कहते हुए अतुल की चेहरे में फिर दर्द के भाव आ gaya…Iss बार उसके चेहरे में थोड़ा गुस्सा भी था.

श्रेया:- बहुत गलत हुआ तुम्हारे saath…Jab अपने hi साथ छोड़ दे तो क्या कर सकते hai…Waise निशा अब्ब कहा है?

श्रेया को अतुल के लिए बहुत बुरा लग रहा था.

अतुल:- पता nahi…Jab उसका शादी रवि से होने की बात हुआ तब मई अपने घर छोड़ के चला gaya…Aur जी नहीं पा रहा था मई waha…Paagal सा हो गया tha…Ek तो मेरा और निशा का रिश्ता से सभी ने इंकार कर दिया और ऊपर से निशा का शादी रवि से तय होना.

मुझसे बिलकुल भी बर्दास्त नहीं हो रहा tha…Ravi hi एक ऐसा लड़का था हमारे क्लास में जो मुझे बिलकुल पसंद नहीं tha…Hamesha सबको निचे दिखाने की कोशिश करता था और बहुत बार हमारे बिच लड़ाई भी हुआ था.

और जब निशा का शादी उसी से तय हुआ तब मुझ से और बर्दास्त नहीं hua…Aur मई सब कुछ छोड़ कर भटकते हुए यहाँ इस गांव में आ gaya…Aakhir कैसे मई ये सब देख paata...Itna हिम्मत नहीं था मेरे paas...Apni निशा को किसी और का होता देख नहीं पाया.

अब्ब तो बस भगवन से इतना hi दुआ है की निशा जहा भी है हमेशा खुस रहे.

हर आशिक़ की khwahish...Atul मुस्कुराते हुए बोल गया.
 
अपडेट 7

श्रेया:- क्या तुमने फिर निशा से कभी कांटेक्ट नहीं किया?

अतुल:- अब्ब उतना हिम्मत hi कहा है मुझमे? किसी तरह जी रहा हु यादों के सहारे और इस दुआ के साथ की मेरी निशु हमेशा खुस रहे.

ना जिंदगी जी पा रहा हु और ना hi पीछे मुद सकता hu...Bas काट रही है जिंदगी.

श्रेया:- सुना था प्यार में बहुत दर्द मिलता hai…Lekin आज दिख भी रहा hai…Kaise सेह लेते हो इतना दर्द?

श्रेया भी अतुल का दर्द महसूस कर रही thi...Usse भी बहुत बुरा लग रहा था अतुल का दर्द देख कर.

जवाब में अतुल के होंठो से एक मुश्कान hi nikla...Wo भी दर्द भरी.

श्रेया:- क्या हुआ?

अतुल:- तुमने अभी जो कहा मई उसी बात को मजाक के रूप में लेता था 10 साल पहले.

जब मुझे प्यार में विश्वास नहीं था तब प्यार को बकवास मंटा tha…Kehta था की सारे आशिक़ पागल होते है जो प्यार करते है ये जाने के बाद भी की प्यार का दूसरा नाम दर्द hai…Pata नहीं ये प्यार में ऐसा क्या है जो सभी इसी के पीछे भागते है और अपने जिंदगी बर्बाद करते है.

लेकिन प्यार भी na...Bahut अजीब hai...Kisi का बस नहीं chalta...Kab किस्से हो जाए ये भी पता नहीं chalta...Aur जब होता है तो कभी पीछे नहीं छूटता है?

किसी का जिंदगी खूबसूरत बन जाती है हमेशा हमेशा के liye...Aur कोई हारा हुआ ाहिक बन जाते है मेरी तरह.

लेकिन सबसे ज्यादा दर्द इस बात से हो रहा है की मेरा प्यार के साथ मेरा कसम भी अधूरा रह gaya...Apni निशु को दिया हुआ kasam...Pyar की कसम...साथ जीने मरने की kasam...Pyar निभाने की kasam...Har वो कसम अधूरा रह गया.

अब्ब अतुल की आँखों से भी आंसू बहने lage...Aaj वो श्रेया के सामने खुद को संभल नहीं paaya...Itna टूटा हुआ महसूस कर रहा था वो.

अतुल की बात सुनने के बाद श्रेया अपने मन में सोचने लगी.

श्रेया:- (इन हेर मंद) है ये बात तो सच कहा tumne…Ham प्यार से जितना भी भागने का कोशिश कर ले भाग नहीं सकते hai…Ek वक्त था जब मई भी तुम्हारी तरह hi सोचती थी की मुझे भी किसी से प्यार नहीं hoga…Aur खुद से यही झूट बोलते बोलते कब तुमसे प्यार कर बैठी पता hi नहीं चला.

निशा की तरह मई भी तुम्हे पहले खड़ूस और घमंडी hi सोचती थी pehle...Aisa लगता था की तुम में कुछ ज्यादा hi घमंड है डॉक्टर होने ka…Issi लिए किसी से कुछ नहीं बोलते हो.

लेकिन धीरे धीरे पता चला तुम्हारी खामोशी में भी एक उदासी है और उस उदासी के पीछे का दर्द आज पता chala…Vakt के साथ साथ तुम्हे पहचाने lagi…Tum भले hi काम बोलते हो लेकिन जिससे भी बोलते हो अच्छे से और इज़्ज़त से बोलते हो.

तुम में वो सभी करैक्टर दिखा जो एक डॉक्टर और अच्छे इंसान में होना chaahiye…Sabhi लोगो से इंसान की तरह बेहवे करना, जरूरतमंद और गरीब लोगो का मुफ्त में इलाज़ karna…Aaj कल के डॉक्टर मब्ब्स करने के बाद hi इतना ऐटिटूड दिखाते है की खुद को भगवान् hi समझने लगते hai…Sabhi अपने घर और गांव को भूल कर पैसे कमाने के लिए शहर चले जाते है.

लेकिन तुमने मद पढ़ने के बाद भी इस गांव को hi चुना जिससे तुम्हारा दूर का भी कोई रिश्ता नहीं hai…Bahut hi काम लोग होते है ऐसे जो पैसे की जगह इंसानियत पर भरोषा रखते है.

जिंदगी में इतना बड़ा दर्द मिलने के बाद भी तुमने अपना धर्म और लोगो का सेवा करना नहीं chhoda…Apne दर्द को छुपा कर दुसरो की खुशियों के लिए दिन रात लोगो को इलाज करते रहे.

शायद तुम्हारे यही अच्छाई hi वो वजह है की मुझे तुमसे प्यार हो गया.

श्रेया अपने मन में यही सब सोच रही थी की अतुल ने कहा.

अतुल:- अब्ब रात भी हो गया hai…Shaayad तुम्हे अपने घर जाना chaahiye…Baaki की बातें कल करेंगे.

अतुल अब्ब खुद को संभाल नहीं पा रहा tha...Shreya दूसरी इंसान थी जिससे अतुल ने खुल कर आज बताना सुरु kiya...Warna इस दर्द का राज वो खुद तक hi उसने दबा कर रखा था.

श्रेया ने घडी में देखा तो 7:30 पं हो रहा tha…Usse जाने का मन तो नहीं था लेकिन अब्ब और रुकने का कोई वजह भी नहीं tha…Kal फिर आने की बोल कर वो अपने घर की तरफ जाने लगी.

अतुल :- एक मिनट.

श्रेया अतुल की तरफ पलटी.

अतुल:- ये प्यार किसी से मत karna...Bahut दर्द मिलता है.

अतुल ने अपने आँखों में आंसू और दर्द भरी आवाज से कहा.

श्रेया को भी अतुल की हालत पर बहुत दुःख हो रहा tha...Dhang से वो कुछ बोलने की हालत में भी नहीं थी.

श्रेया:- सब कुछ ठीक हो जाएगा.

इतना बोल कर श्रेया चली गयी.

श्रेया के जाने के बाद अतुल ने अपने पर्स से निशा का एक फोटो निकाला और aayina(mirror) के सामने चला gaya…Kabhi वो खुद को देख रहा था तो कभी निशा की फोटो को.

अतुल:- 4 साल हो गए यार तुम्हे देखे bina…Pata नहीं अब्ब कैसा दिखती हो tum…Ummeed करता हु पहले की तरह hi आज भी तुम्हारा चेहरा मुस्कुराता हुआ ho…Wohi मुस्कुराता हुआ चेहरा और प्यारी बातों ने hi तो मेरा दिल चुरा लिया tha...Khubsurati में तो तुम्हारा कोई मुकाबला hi नहीं.

कितना खूबसूरत पल था वो मेरे जिंदगी ka…Aaj भी जब वो पल याद करता हु तो दिल में कुछ पल के लिए hi सही वही सुकून मिलता hai…Khud को हमेशा एक झूठा विश्वास दिलाता हु की एक दिन हम जरूर एक honge…Jaanta हु खुद को धोखा दे रहा हु लेकिन क्या करू कुछ पल के लिए hi सही थोड़ा बहुत ख़ुशी मिल hi जाता है.

(खुद को देख कर) ये 5 साल में तो मुझमे कुछ ज्यादा बदलाव तो आया नहीं hai…Daadhi(Beard) थोड़ा बढ़ गया है और साइड से कुछ बाल (हेयर) पाक गए hai…Baaki पहले जैसा hi hu…Warna मुझमे कुछ बदलाव नहीं आया है और नाही मेरा प्यार me...(With स्माइल) आज भी तुम्हारा हैंडसम अतुल hi हु.

तुम्हारे लिए तो कुछ ख़ास नहीं कर paaya…Yaa फिर किस्मत ने ऐसा मौका hi नहीं diya…Warna ख्वाहिशें तो बहुत tha...Abb तो सिर्फ तुम्हारी खुशियों के लिए दुआ hi मांग सकता hu…Kuch दोस्तों के अलावा तुम, माँ और दीदी hi तो है जिन्हे मई अपना मानता हु.

अब्ब जिंदगी से मुझे अपनों की ख़ुशी के अलावा मुझे कुछ नहीं chaahiye…Tumhaare लिए तो मई कुछ नहीं कर पाया लेकिन कोशिश करूँगा माँ के लिए एक बीटा की जिम्मेदारी निभाने ka…Ek दीदी का bhai...Jisse वो सबसे ज्यादा प्यार करती थी और एक कामयाब डॉक्टर बनता देखना चाहती thi...Apne पापा और भैया का तो शकल से hi नफरत हो गया है.

पता नहीं कितनी बार झूठ बोल चूका हु माँ से की जल्द hi मिलने aaunga...Lekin एक बार भी गया hi nahi…Dar लगता है वो शहर लौटने me…Jaha मेरा जिंदगी hi मुझसे चीन gaya...Jaha हार गया मेरा प्यार.
 
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