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- Dec 5, 2013
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अपडेट 8
दोपहर में क्लिनिक और शाम में श्रेया से अपने पास्ट के बारे में बात करने के बाद अतुल को अब्ब थकान महसूस होने laga…Raat हो गया था और आज उससे डिनर का मन बिलकुल भी नहीं tha…Wo सोने के लिए बीएड पर चला जाता है.
बहुत कोशिश के बावजूद भी उससे आज नींद नहीं आ रहा tha…Baar बार आज उससे निशा की याद आ रहा tha…Nisha की याद तो उससे हमेशा hi आता था लेकिन आज कुछ ज्यादा hi.
मीठी और दर्द भरी yaadein…Nisha का वो खिला हुआ चेहरा और उसके साथ प्यार भरी बातें करना अतुल के चेहरे पर मुस्कान ला रहा था तो बिछड़ते वक्त निशा का दर्द भरा चेहरा देख फिर अतुल की आँखों में आंसू आ गया.
इसी यादों में एक बार फिर वो अपने पुराने दिनों में खो गया.
फ्लैशबैक
कॉलेज में फर्स्ट वीक तो सभी स्टूडेंट्स को एक दूसरे के साथ इंट्रोडक्शन और सिलेबस को समझने में hi ख़तम हो gaya…Iss बिच अतुल और निशा का भी लगभग सभी स्टूडेंट्स से दोस्ती हो गया था.
दोनों का एक दूसरे से दूरियां बढ़ते hi जा रहा tha…Nisha ने अतुल से बात करना लगभग बंद hi कर दिया tha…Lekin न चाहते हुए भी उसकी नजर कभी कभी अतुल पर चला जाता tha…Shaayad अतुल की बिहेवियर उससे बहुत अजीब लग रहा था.
दूसरी तरफ अतुल ने भी निशा को इग्नोर करना सुरु कर दिया tha…Wo जानता था की निशा उससे पसंद नहीं करती है और वो भी जान बुझ कर दुसरो को परेशान करना नहीं चाहता tha…Aur दूसरी बात ये था की उससे निशा का उसको इग्नोर करना अच्छा नहीं लग रहा tha…Shaayad सेल्फ रेस्पेक्ट की वजह से उसने भी निशा से दूरिया बना लिया था.
1 वीक में hi अतुल और काजल का दोस्ती बहुत गहरी हो gayi…Dono को एक दूसरे के साथ बात करने में अच्छा लगता था और पहले hi वीक से दोनों साथ में hi लाइब्रेरी में पढ़ने जाते the…Khaali टाइम में दोनों पार्क में जा कर टाइम पास करते थे.
अभी 1 वीक hi हुआ था इसी लिए सभी स्टूडेंट्स को एक दूसरे की अच्छाइयों के बारे में hi पता tha...Lekin अतुल को एक लड़का और उसका बिहेवियर बिलकुल भी पसंद नहीं tha…Ravi.
रवि का सभी से जरुरत से ज्यादा दोस्ती करना, बात करते वक्त भी डोमिनेंट होने की कोशिश करना और दुसरो की बातो को मतलब न देना और छोटी छोटी बातो पर गुस्सा दिखाना अतुल को बिलकुल भी पसंद नहीं था.
अभी अतुल और अजय कैंटीन में साथ hi बैठ कर लंच कर रहे थे.
अजय:- Bhai…Maanta हु तुझे प्यार पर कोई विश्वास नहीं hai…Aur तू प्यार कभी नहीं karega…Lekin यार मुझे तो छोड़ दे.
आज अंजलि के साथ बैठ कर लंच करने वाला था लेकिन तूने उसके पास जाने hi नहीं diya…Yaha इसी टेबल में बैठ गया और मुझे भी बिठा दिया.
नया नया प्यार और उसमे भी rukawat...Ajay को बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा था.
अतुल:- अच्छा तो फिर चला jaa…Mujhe क्या पता था की तू अंजलि के पास बैठना चाहता है.
अतुल ने मुस्कुरा कर कहा.
अजय:- ये मुस्कुराना बंद kar…Pehle hi गुस्सा आ रहा है और तू ऊपर से और गुस्सा दिला रहा hai…Ye बात तो तू भी जानता है की अब्ब मई वह नहीं जा सकता और तू मुस्कुरा रहा है.
ये लडकियां भी na…Baaki के खाली टेबल इनको नहीं दिखा जो अंजलि के पास hi जा कर बैठ गयी.
अंजलि के टेबल में लड़कियों का ग्रुप देख अजय का गुस्सा और बढ़ गया.
अतुल अजय का ये रूप देख कर मुस्कुरा रहा था.
अजय:- कमीने तू मेरा लाइफ में ख़ुशी देखना hi नहीं चाहता hai…Abhi प्यार का इज़हार किया नहीं है की पहले hi तू हमें अलग करने की कोशिश कर रहा है.
कितना अच्छा मौका tha…Anjali अकेली बैठी थी और कोई पास में भी नहीं tha…Acche से बातें कर सकता था usse…Lekin तूने मुझे यहाँ बिठा दिया और 2 मिनट नहीं हुआ की एक साथ 4 लड़किया उसके पास चली गयी.
अजय अतुल को खा जाने वाली नजरो से देख रहा था.
अतुल:- प्यार जैसी चीज हमारे लायक नहीं है.
अतुल अभी भी मुस्कुरा रहा था.
अजय:- क्या हम जैसे लड़को के लिए नहीं है? तू नहीं मानता प्यार ko…Mai तो मंटा hu…Aaj तो तेरे साथ यहाँ रुक गया लेकिन आगे से ये सब नहीं होगा.
अतुल:- प्यार किया तो नहीं है …लेकिन सुना है की प्यार में पेशेंस की बहुत जरुरत होता hai…Sacche प्यार करने वाले लोग तो कभी कभी अपने प्यार का इंतजार जिंदगी भर करते hai…Aur एक तू है जो कुछ पल का इंतजार भी नहीं कर पा रहा है.
अतुल ने इस बार चिढ़ाते हुए कहा.
अजय:- बहुत हंसी आ रहा है न tujhe…Kaash तुझे भी किसी लड़की से प्यार हो जाए और तेरा जिंदगी उसके इंतजार में hi बीत jaaye…Tab पता चलेगा तुझे इंतजार करना उतना भी आसान नहीं है जितना ये बकवास ज्ञान देने में है.
अजय ने तो ये बात गुस्से में कह दिया tha…Lekin इस बात से दोनों hi अनजान थे की अजय का गुस्से में कहा गया ये बात अतुल के लिए सच हो जाएगा.
अतुल कुछ जवाब देता उससे पहले रवि दोनों के पास आ गया और चेयर पर बैठ गया.
रवि:- Hi guys…I ऍम रवि.
इतना कह कर रवि हाथ आगे बढ़ा कर अतुल और अजय से हैंडशेक करता है.
अतुल:- नीस तो मीट you…I ऍम अतुल एंड हे इस माय बेस्ट फ्रेंड अजय.
रवि:- एक बात पूछना था तुमसे.
रवि की बातो में अलग तरह का ऐटिटूड tha…Atul को उसकी बात करने का तरीका और ऐटिटूड तो बिलकुल भी पसंद नहीं आ रहा था लेकिन वो अभी ऐसा दिखा नहीं रहा था.
अतुल:- पूछो.
रवि:- क्या तुम फुल स्कालरशिप में पढ़ रहे हो यहाँ?
अतुल:- है.
अतुल छोटा सा hi जवाब दे रहा था रवि ko...Usse इंतजार था रवि के जाने की.
रवि:- एंट्रेंस में कितना मार्क्स था तुम्हारा.
फिर अतुल रवि को अपना मार्क्स बता देता hai…Jawaab में रवि मुस्कुरा कर कहता है.
रवि:- ठीक मेरा barabar…Socha था की कॉलेज टॉप karunga…Jitne भी फुल स्कालरशिप वाले थे सबसे ज्यादा मेरा hi मार्क्स tha…Aaj पता चला मेरा बराबर का भी कोई है.
Khair…Jo भी ho…Top तो मई hi karunga…Beware ऑफ़ में मर. अतुल. यू विल गेट टफ कम्पटीशन फ्रॉम में.
रवि की बातो में घमंड भरा हुआ tha…Abb अतुल से भी रहा नहीं गया.
अतुल:- ी ऍम बियॉन्ड competition...Mujhe किसी से कम्पटीशन का शौख नहीं है.
रवि:- क्यों? इतनी जल्दी दर गया?
अतुल:- डरता तो मई खुद से भी नहीं हु.
अतुल ने बहुत शान से कही ये बात.
अजय:- वाह yaar...Kya बात कहा है.
फिर अतुल और अजय दोनों रवि पर हसने लगे.
रवि:- (तो अजय) तू तो इसका (अतुल) चमचा है na...Tujhe किस बात की हंसी आ रहा है? औकात क्या है तेरा?
अजय:- जिस शब्द को तू चमचा कह रहा है उससे दोस्ती कहते है.
शायद तू मुझे नहीं jaanta...Ek बार पता कर le...Aur औकात हे है की तुझ जैसे 10-15 को अपना चमचा बना लू.
अजय रवि की तरफ बढ़ hi रहा था की अतुल ने उससे ना में इशारा किया.
अतुल:- देख yaar...Naa hi मुझे तुझ जैसो से मतलब है ना hi तेरे कम्पटीशन me...Pehla बार था इस लिए कुछ नहीं कह रहा hu...Warna अगली बार अजय को नहीं रोकूंगा.
फिर समझ lena...Kisse पन्गा ले रहा है तू.
रवि:- मुझे भी तुम जैसो से मतलब नहीं tha...Mai तो ये बोलने आया था कॉलेज का टोपर अब्ब मई हु.
अतुल:- कितनी छोटी सोच है tera...Marks के लिए पढ़ रहा है.
एक फ्री का सुग्गेस्टिव देता hu...Khud के लिए padh...Knowledge के liye...Marks में क्या रखा hai...Waise भी मेडिकल में नॉलेज और स्किल जरुरी है मार्क्स से.
तेरा कॉम्पिटिटर सिर्फ मई नहीं hu...Sabhi स्टूडेंट्स hai...Entrance में एक दो मार्क्स तो किसी का भी काम आ जाता hai...Aur यहाँ मार्क्स उसी का ज्यादा आता है जो ज्यादा म्हणत करता है.
रवि:- लेटस see...Mujhe विस्वास जय खुद par...Sabse ज्यादा नॉलेज और मार्क्स मेरे पास hi होगा.
इतना कह कर रवि वह से चला गया.
अजय:- पहली बार तेरा कोई बात अच्छा laga…Accha जवाब दिया तूने उस कमीने ko…Kitna घमंड है isme…Pata नहीं खुद को क्या सोचता hai...Aur मुझे क्यों रोका tune...Do चार दांत तोड़ देता साले की.
अब्ब अजय का गुस्सा रवि की तरफ मुद गया.
अतुल:- इसकी बात hi मत kar…Iska तो शकल देख कर hi गुस्सा आने लगता hai…Karne दे जितना भी घमंड करता hai...Dekhna जल्द hi इसका घमंड टूटने वाला है.
अतुल इतना कह कर चुप हो जाता hai…Kuch देर बाद काजल भी आती है और अतुल को hi कह कर लड़कियों के ग्रुप में चली जाती है.
वह लड़कियों के ग्रुप में काजल के आ जाने से 5 लड़की हो जाती hai…Kajal, निशा, अंजलि और बाकी की 2 लड़की.
लड़की 1:- क्या बात है काजल? आज तो तू अतुल से कोई बात किये बिना hi आ गयी?
काजल:- पहले hi बहुत टाइम लोस्स हो गया hai…Lunch का टाइम ख़तम हो रहा था तो यहाँ आ gayi…Baatein तो बाद में भी होती रहेगी.
इतना कह कर काजल अपने टिफ़िन बॉक्स निकाल कर अपने दोस्त के साथ लंच करने लगती है.
लड़की 2:- है बात तो तेरी होती rahegi…Aur वो भी नॉन stop…Ek तू hi है जिससे अतुल इतना बात करता hai…Baaki लड़कियों से तो सिर्फ काम की बातें.
लड़की 2 ने कुछ उदास हो कर kaha…Aur जिस तरह से उसने कहा था वो सुनके निशा को बहुत गुस्सा आ रहा tha…Atul की तारीफ़ से उससे छिड़ होने लगी थी.
लड़की 1:- Kajal…Tera और अतुल का पहले से hi जान पहचान है क्या?
काजल:- Nahi…Kyu?
लड़की 1 :- 1 वीक में hi तुम दोनों इतने क्लोज हो गए और तुम दोनों को प्यार भी हो gaya…Yakin नहीं आ रहा है इतनी जल्दी ये सब कैसे हो सकता है.
लड़की 1 ने इतना hi कहा था की काजल के गर्दन में hi खाना अटक gaya…Aur उससे जोर से चींखने lagi…Paani पी कर नार्मल होने के बाद थोड़ा गुस्सा से वो कहती है.
काजल:- किसने कह दिया तुझे की हम प्यार करते है?
लड़की 2:- तो तू अतुल से प्यार नहीं करती?
काजल:- नहीं हम दोस्त hai…Best friend…Lekin तुम दोनों को ऐसा क्यों लग रहा है की मई अतुल से प्यार करती हु या वो मुझ से.
लड़की 1:- तुम दोनों का दोस्ती कुछ ज्यादा hi गहरी hai…Iss लिए लगा की शायद तुम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो.
काजल:- बहुत छोटा सोच है तुम दोनों ka…Dosti को प्यार का नाम दे रही ho…Atul अच्छा लड़का है और साथ में इंटेलीजेंट bhi…Uske साथ बात करना अच्छा लगता hai…Padhne में भी बहुत हेल्प करता hai...Dosto से अच्छे से बेहवे करता hai...Aur भी कई खासियत है अतुल ka…Ham दोनों में अंडरस्टैंडिंग भी अच्छा hai...Issi लिए बेस्ट फ्रेंड्स है.
अगर सच कहु तो सभी स्टूडेंट्स में अतुल hi मेरा बेस्ट फ्रेंड hai…Issi लिए मई उससे ज्यादा बातें करती हु और टाइम स्पेंड करती हु.
अब्ब अगर तुम दोनों सोचते हो की एक लड़का और लड़की में गहरी फ्रेंडशिप का मतलब प्यार है तो मई कुछ नहीं कह सकती इस बारे में.
निशा:- Ha…Atul प्यार करने लायक भी नहीं है.
अचानक hi निशा के मुंह से ये बात निकला.
काजल:- ऐसा क्यों लगता है तुम्हे?
निशा:- मुझे तो वो एक नंबर का घमंडी लगता hai…Baat करने का तमीज hi नहीं है usme…Aur कहता है की वो कभी किसी लड़की से प्यार नहीं karega…Jaise लड़कियां उसके पीछे पड़ी हो.
अभी भी निशा की बातों में अतुल के लिए छिड़ था.
काजल निशा की बातो का जवाब मुस्कुरा कर देती है.
काजल:- बिलकुल गलत सोच रही हो तुम उसके बारे me…Ek बार अच्छे से बात कर के देखो अतुल se…Jaan जाओगी कैसा है अतुल.
अंजलि:- मुझे भी अतुल अच्छा लगता hai…Ajay भी उसका बहुत तारीफ़ करता hai...Maine भी देखा है अतुल बहुत hi सिंपल रहता hai…Sabhi से अच्छे से बात करता hai…Aage की करैक्टर तो बाद में पता चलता rahega…Lekin अभी तक जितना भी पता चला है उससे लगता है की अतुल बहुत hi अच्छा और शरीफ लड़का है.
निशा:- तू चुप kar…Ajay जो भी कहता है उस पर आँख बंद करके विश्वास कर लेती है.
निशा ने इतना hi कहा था की लड़की 1 सीरियस हो कर कहती है.
लड़की 1:- काजल अगर तू अतुल से प्यार नहीं करती है तो कोई बात nahi…Lekin अगर करती है और तू अपने फीलिंग्स को समझ नहीं पा रही है तो एक बार अच्छे से सोच ले.
कॉलेज में कुछ लड़की बहुत इम्प्रेस्सेड है अतुल se…Agar देर किया तो अतुल तेरे हाथ से निकल jaayega…Pyar के एहसास को वक्त रहते hi पहचान le…Kahi देर न हो जाए.
दोपहर में क्लिनिक और शाम में श्रेया से अपने पास्ट के बारे में बात करने के बाद अतुल को अब्ब थकान महसूस होने laga…Raat हो गया था और आज उससे डिनर का मन बिलकुल भी नहीं tha…Wo सोने के लिए बीएड पर चला जाता है.
बहुत कोशिश के बावजूद भी उससे आज नींद नहीं आ रहा tha…Baar बार आज उससे निशा की याद आ रहा tha…Nisha की याद तो उससे हमेशा hi आता था लेकिन आज कुछ ज्यादा hi.
मीठी और दर्द भरी yaadein…Nisha का वो खिला हुआ चेहरा और उसके साथ प्यार भरी बातें करना अतुल के चेहरे पर मुस्कान ला रहा था तो बिछड़ते वक्त निशा का दर्द भरा चेहरा देख फिर अतुल की आँखों में आंसू आ गया.
इसी यादों में एक बार फिर वो अपने पुराने दिनों में खो गया.
फ्लैशबैक
कॉलेज में फर्स्ट वीक तो सभी स्टूडेंट्स को एक दूसरे के साथ इंट्रोडक्शन और सिलेबस को समझने में hi ख़तम हो gaya…Iss बिच अतुल और निशा का भी लगभग सभी स्टूडेंट्स से दोस्ती हो गया था.
दोनों का एक दूसरे से दूरियां बढ़ते hi जा रहा tha…Nisha ने अतुल से बात करना लगभग बंद hi कर दिया tha…Lekin न चाहते हुए भी उसकी नजर कभी कभी अतुल पर चला जाता tha…Shaayad अतुल की बिहेवियर उससे बहुत अजीब लग रहा था.
दूसरी तरफ अतुल ने भी निशा को इग्नोर करना सुरु कर दिया tha…Wo जानता था की निशा उससे पसंद नहीं करती है और वो भी जान बुझ कर दुसरो को परेशान करना नहीं चाहता tha…Aur दूसरी बात ये था की उससे निशा का उसको इग्नोर करना अच्छा नहीं लग रहा tha…Shaayad सेल्फ रेस्पेक्ट की वजह से उसने भी निशा से दूरिया बना लिया था.
1 वीक में hi अतुल और काजल का दोस्ती बहुत गहरी हो gayi…Dono को एक दूसरे के साथ बात करने में अच्छा लगता था और पहले hi वीक से दोनों साथ में hi लाइब्रेरी में पढ़ने जाते the…Khaali टाइम में दोनों पार्क में जा कर टाइम पास करते थे.
अभी 1 वीक hi हुआ था इसी लिए सभी स्टूडेंट्स को एक दूसरे की अच्छाइयों के बारे में hi पता tha...Lekin अतुल को एक लड़का और उसका बिहेवियर बिलकुल भी पसंद नहीं tha…Ravi.
रवि का सभी से जरुरत से ज्यादा दोस्ती करना, बात करते वक्त भी डोमिनेंट होने की कोशिश करना और दुसरो की बातो को मतलब न देना और छोटी छोटी बातो पर गुस्सा दिखाना अतुल को बिलकुल भी पसंद नहीं था.
अभी अतुल और अजय कैंटीन में साथ hi बैठ कर लंच कर रहे थे.
अजय:- Bhai…Maanta हु तुझे प्यार पर कोई विश्वास नहीं hai…Aur तू प्यार कभी नहीं karega…Lekin यार मुझे तो छोड़ दे.
आज अंजलि के साथ बैठ कर लंच करने वाला था लेकिन तूने उसके पास जाने hi नहीं diya…Yaha इसी टेबल में बैठ गया और मुझे भी बिठा दिया.
नया नया प्यार और उसमे भी rukawat...Ajay को बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा था.
अतुल:- अच्छा तो फिर चला jaa…Mujhe क्या पता था की तू अंजलि के पास बैठना चाहता है.
अतुल ने मुस्कुरा कर कहा.
अजय:- ये मुस्कुराना बंद kar…Pehle hi गुस्सा आ रहा है और तू ऊपर से और गुस्सा दिला रहा hai…Ye बात तो तू भी जानता है की अब्ब मई वह नहीं जा सकता और तू मुस्कुरा रहा है.
ये लडकियां भी na…Baaki के खाली टेबल इनको नहीं दिखा जो अंजलि के पास hi जा कर बैठ गयी.
अंजलि के टेबल में लड़कियों का ग्रुप देख अजय का गुस्सा और बढ़ गया.
अतुल अजय का ये रूप देख कर मुस्कुरा रहा था.
अजय:- कमीने तू मेरा लाइफ में ख़ुशी देखना hi नहीं चाहता hai…Abhi प्यार का इज़हार किया नहीं है की पहले hi तू हमें अलग करने की कोशिश कर रहा है.
कितना अच्छा मौका tha…Anjali अकेली बैठी थी और कोई पास में भी नहीं tha…Acche से बातें कर सकता था usse…Lekin तूने मुझे यहाँ बिठा दिया और 2 मिनट नहीं हुआ की एक साथ 4 लड़किया उसके पास चली गयी.
अजय अतुल को खा जाने वाली नजरो से देख रहा था.
अतुल:- प्यार जैसी चीज हमारे लायक नहीं है.
अतुल अभी भी मुस्कुरा रहा था.
अजय:- क्या हम जैसे लड़को के लिए नहीं है? तू नहीं मानता प्यार ko…Mai तो मंटा hu…Aaj तो तेरे साथ यहाँ रुक गया लेकिन आगे से ये सब नहीं होगा.
अतुल:- प्यार किया तो नहीं है …लेकिन सुना है की प्यार में पेशेंस की बहुत जरुरत होता hai…Sacche प्यार करने वाले लोग तो कभी कभी अपने प्यार का इंतजार जिंदगी भर करते hai…Aur एक तू है जो कुछ पल का इंतजार भी नहीं कर पा रहा है.
अतुल ने इस बार चिढ़ाते हुए कहा.
अजय:- बहुत हंसी आ रहा है न tujhe…Kaash तुझे भी किसी लड़की से प्यार हो जाए और तेरा जिंदगी उसके इंतजार में hi बीत jaaye…Tab पता चलेगा तुझे इंतजार करना उतना भी आसान नहीं है जितना ये बकवास ज्ञान देने में है.
अजय ने तो ये बात गुस्से में कह दिया tha…Lekin इस बात से दोनों hi अनजान थे की अजय का गुस्से में कहा गया ये बात अतुल के लिए सच हो जाएगा.
अतुल कुछ जवाब देता उससे पहले रवि दोनों के पास आ गया और चेयर पर बैठ गया.
रवि:- Hi guys…I ऍम रवि.
इतना कह कर रवि हाथ आगे बढ़ा कर अतुल और अजय से हैंडशेक करता है.
अतुल:- नीस तो मीट you…I ऍम अतुल एंड हे इस माय बेस्ट फ्रेंड अजय.
रवि:- एक बात पूछना था तुमसे.
रवि की बातो में अलग तरह का ऐटिटूड tha…Atul को उसकी बात करने का तरीका और ऐटिटूड तो बिलकुल भी पसंद नहीं आ रहा था लेकिन वो अभी ऐसा दिखा नहीं रहा था.
अतुल:- पूछो.
रवि:- क्या तुम फुल स्कालरशिप में पढ़ रहे हो यहाँ?
अतुल:- है.
अतुल छोटा सा hi जवाब दे रहा था रवि ko...Usse इंतजार था रवि के जाने की.
रवि:- एंट्रेंस में कितना मार्क्स था तुम्हारा.
फिर अतुल रवि को अपना मार्क्स बता देता hai…Jawaab में रवि मुस्कुरा कर कहता है.
रवि:- ठीक मेरा barabar…Socha था की कॉलेज टॉप karunga…Jitne भी फुल स्कालरशिप वाले थे सबसे ज्यादा मेरा hi मार्क्स tha…Aaj पता चला मेरा बराबर का भी कोई है.
Khair…Jo भी ho…Top तो मई hi karunga…Beware ऑफ़ में मर. अतुल. यू विल गेट टफ कम्पटीशन फ्रॉम में.
रवि की बातो में घमंड भरा हुआ tha…Abb अतुल से भी रहा नहीं गया.
अतुल:- ी ऍम बियॉन्ड competition...Mujhe किसी से कम्पटीशन का शौख नहीं है.
रवि:- क्यों? इतनी जल्दी दर गया?
अतुल:- डरता तो मई खुद से भी नहीं हु.
अतुल ने बहुत शान से कही ये बात.
अजय:- वाह yaar...Kya बात कहा है.
फिर अतुल और अजय दोनों रवि पर हसने लगे.
रवि:- (तो अजय) तू तो इसका (अतुल) चमचा है na...Tujhe किस बात की हंसी आ रहा है? औकात क्या है तेरा?
अजय:- जिस शब्द को तू चमचा कह रहा है उससे दोस्ती कहते है.
शायद तू मुझे नहीं jaanta...Ek बार पता कर le...Aur औकात हे है की तुझ जैसे 10-15 को अपना चमचा बना लू.
अजय रवि की तरफ बढ़ hi रहा था की अतुल ने उससे ना में इशारा किया.
अतुल:- देख yaar...Naa hi मुझे तुझ जैसो से मतलब है ना hi तेरे कम्पटीशन me...Pehla बार था इस लिए कुछ नहीं कह रहा hu...Warna अगली बार अजय को नहीं रोकूंगा.
फिर समझ lena...Kisse पन्गा ले रहा है तू.
रवि:- मुझे भी तुम जैसो से मतलब नहीं tha...Mai तो ये बोलने आया था कॉलेज का टोपर अब्ब मई हु.
अतुल:- कितनी छोटी सोच है tera...Marks के लिए पढ़ रहा है.
एक फ्री का सुग्गेस्टिव देता hu...Khud के लिए padh...Knowledge के liye...Marks में क्या रखा hai...Waise भी मेडिकल में नॉलेज और स्किल जरुरी है मार्क्स से.
तेरा कॉम्पिटिटर सिर्फ मई नहीं hu...Sabhi स्टूडेंट्स hai...Entrance में एक दो मार्क्स तो किसी का भी काम आ जाता hai...Aur यहाँ मार्क्स उसी का ज्यादा आता है जो ज्यादा म्हणत करता है.
रवि:- लेटस see...Mujhe विस्वास जय खुद par...Sabse ज्यादा नॉलेज और मार्क्स मेरे पास hi होगा.
इतना कह कर रवि वह से चला गया.
अजय:- पहली बार तेरा कोई बात अच्छा laga…Accha जवाब दिया तूने उस कमीने ko…Kitna घमंड है isme…Pata नहीं खुद को क्या सोचता hai...Aur मुझे क्यों रोका tune...Do चार दांत तोड़ देता साले की.
अब्ब अजय का गुस्सा रवि की तरफ मुद गया.
अतुल:- इसकी बात hi मत kar…Iska तो शकल देख कर hi गुस्सा आने लगता hai…Karne दे जितना भी घमंड करता hai...Dekhna जल्द hi इसका घमंड टूटने वाला है.
अतुल इतना कह कर चुप हो जाता hai…Kuch देर बाद काजल भी आती है और अतुल को hi कह कर लड़कियों के ग्रुप में चली जाती है.
वह लड़कियों के ग्रुप में काजल के आ जाने से 5 लड़की हो जाती hai…Kajal, निशा, अंजलि और बाकी की 2 लड़की.
लड़की 1:- क्या बात है काजल? आज तो तू अतुल से कोई बात किये बिना hi आ गयी?
काजल:- पहले hi बहुत टाइम लोस्स हो गया hai…Lunch का टाइम ख़तम हो रहा था तो यहाँ आ gayi…Baatein तो बाद में भी होती रहेगी.
इतना कह कर काजल अपने टिफ़िन बॉक्स निकाल कर अपने दोस्त के साथ लंच करने लगती है.
लड़की 2:- है बात तो तेरी होती rahegi…Aur वो भी नॉन stop…Ek तू hi है जिससे अतुल इतना बात करता hai…Baaki लड़कियों से तो सिर्फ काम की बातें.
लड़की 2 ने कुछ उदास हो कर kaha…Aur जिस तरह से उसने कहा था वो सुनके निशा को बहुत गुस्सा आ रहा tha…Atul की तारीफ़ से उससे छिड़ होने लगी थी.
लड़की 1:- Kajal…Tera और अतुल का पहले से hi जान पहचान है क्या?
काजल:- Nahi…Kyu?
लड़की 1 :- 1 वीक में hi तुम दोनों इतने क्लोज हो गए और तुम दोनों को प्यार भी हो gaya…Yakin नहीं आ रहा है इतनी जल्दी ये सब कैसे हो सकता है.
लड़की 1 ने इतना hi कहा था की काजल के गर्दन में hi खाना अटक gaya…Aur उससे जोर से चींखने lagi…Paani पी कर नार्मल होने के बाद थोड़ा गुस्सा से वो कहती है.
काजल:- किसने कह दिया तुझे की हम प्यार करते है?
लड़की 2:- तो तू अतुल से प्यार नहीं करती?
काजल:- नहीं हम दोस्त hai…Best friend…Lekin तुम दोनों को ऐसा क्यों लग रहा है की मई अतुल से प्यार करती हु या वो मुझ से.
लड़की 1:- तुम दोनों का दोस्ती कुछ ज्यादा hi गहरी hai…Iss लिए लगा की शायद तुम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो.
काजल:- बहुत छोटा सोच है तुम दोनों ka…Dosti को प्यार का नाम दे रही ho…Atul अच्छा लड़का है और साथ में इंटेलीजेंट bhi…Uske साथ बात करना अच्छा लगता hai…Padhne में भी बहुत हेल्प करता hai...Dosto से अच्छे से बेहवे करता hai...Aur भी कई खासियत है अतुल ka…Ham दोनों में अंडरस्टैंडिंग भी अच्छा hai...Issi लिए बेस्ट फ्रेंड्स है.
अगर सच कहु तो सभी स्टूडेंट्स में अतुल hi मेरा बेस्ट फ्रेंड hai…Issi लिए मई उससे ज्यादा बातें करती हु और टाइम स्पेंड करती हु.
अब्ब अगर तुम दोनों सोचते हो की एक लड़का और लड़की में गहरी फ्रेंडशिप का मतलब प्यार है तो मई कुछ नहीं कह सकती इस बारे में.
निशा:- Ha…Atul प्यार करने लायक भी नहीं है.
अचानक hi निशा के मुंह से ये बात निकला.
काजल:- ऐसा क्यों लगता है तुम्हे?
निशा:- मुझे तो वो एक नंबर का घमंडी लगता hai…Baat करने का तमीज hi नहीं है usme…Aur कहता है की वो कभी किसी लड़की से प्यार नहीं karega…Jaise लड़कियां उसके पीछे पड़ी हो.
अभी भी निशा की बातों में अतुल के लिए छिड़ था.
काजल निशा की बातो का जवाब मुस्कुरा कर देती है.
काजल:- बिलकुल गलत सोच रही हो तुम उसके बारे me…Ek बार अच्छे से बात कर के देखो अतुल se…Jaan जाओगी कैसा है अतुल.
अंजलि:- मुझे भी अतुल अच्छा लगता hai…Ajay भी उसका बहुत तारीफ़ करता hai...Maine भी देखा है अतुल बहुत hi सिंपल रहता hai…Sabhi से अच्छे से बात करता hai…Aage की करैक्टर तो बाद में पता चलता rahega…Lekin अभी तक जितना भी पता चला है उससे लगता है की अतुल बहुत hi अच्छा और शरीफ लड़का है.
निशा:- तू चुप kar…Ajay जो भी कहता है उस पर आँख बंद करके विश्वास कर लेती है.
निशा ने इतना hi कहा था की लड़की 1 सीरियस हो कर कहती है.
लड़की 1:- काजल अगर तू अतुल से प्यार नहीं करती है तो कोई बात nahi…Lekin अगर करती है और तू अपने फीलिंग्स को समझ नहीं पा रही है तो एक बार अच्छे से सोच ले.
कॉलेज में कुछ लड़की बहुत इम्प्रेस्सेड है अतुल se…Agar देर किया तो अतुल तेरे हाथ से निकल jaayega…Pyar के एहसास को वक्त रहते hi पहचान le…Kahi देर न हो जाए.