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अलका के कहानी ने सारिका पे वो असर कर दिया था की सारिका बिलकुल बेकाबू हो जाती है और अपनी छोटी बहन अलका पे टूट पड़ती hai…khan अलका अपना दुःख बाँट रही थी अपनी बहन को पर उसका दुःख इतना कामुक निकला की उसकी बहन hi उसे नंगा कर के अपने आगोश में लीलती है और ले भी क्यों न अलका जैसी कामुक औरत जब सामने हो तो कोई कैसे खुद को रोक सकता है उसका खुद का सागा बीटा hi अपने आप को नहीं रोक पता…
अगर सारिका की बात करे तो देखा जाये तो अगले कुछ महीने में hi उसकी ज़िन्दगी बिलकुल पलट गयी है खान वो शर्मीली औरत पहले कारन के जाल में फांसी और इस चुदाई के खेल में इतना आगे निकल गयी की पहले अपने सेज भांजे और अब उसकी माँ और अपनी छोटी बहन अलका के साथ सेक्स करने पे मजबूर हो गयी है…
दोनों बहने पे वासना कुछ कदर स्वर हो गया था की दोनों एक दूसरे को पागलो की तरह चूस रही थी दोनों की सनसे उखड़ने लगती है और जब दोनों एक दूसरे से एक लम्बी चुम्बन के बाद अलग होते है तो उनके मुँह से लार टपकने लगता है

दोनों की नज़रे एक बार से आपस में टकराती है और बड़ी प्यासी मजबूर और कामुक नज़रो से एक दूसरे क देखती है… दोनों तेज़ तेज़ हाफ रही थी और अभी ठीक से सांसो पे काबू आया भी नहीं था की सारिका अलका के ऊपर चढ़ के उसे दोबारा से किश करने लगती है

आज इनदोनो घोडियो को एक तगड़े मोठे लुंड की जरुरत है पर वो लुंड अभी इनसे काफी दूर है और इनके अंदर की आग इतनी भड़क चुकी है है की इनसे उतना इंतजार नहीं होने वाला इसलिए ये आज एक दूसरे को शांत करने की पुरजोर कोशिश में लगी हुई है..
सारिका- अलका काश मैं विशाल होती तुझे बहुत छोड़ती कसम से तू बहुत कामुक है पहले मैंने तुझे इस नज़र से देखा hi नै और बी तू मुझे एक रंडी लगने लगी है
अलका- टब hi बड़ी छुपी रुस्तम निकली सरु bête का लुंड ले के बड़ी सीधी सधी बानी फिरती है साली चनर

और दोनों के होंठ एक बार फिर से आपस में मिल जाते hai..alka सारिका के गोदी में बैठ गयी थी और दोनों की छूट आपस में घिसने लगती है
सारिका- aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh तू बहुत किस्मत वाली है अलका हर तरफ लुंड की बारिश हो रही तेरे पे यह मेरे ज़िदगी में अब जा के विशाल आया है तो असली चुदाई का सुच जान पायी हूँ..
Alka—han छोड़ता तो बड़ी मस्त है विशु बिलकुल अंदर तक झकझोर देता है
सारिका- है नाब तो जब भी टाइम मिलेगा मैं विशाल के सामने नंगी हो जाया करुँगी
अलका- हो जाया कर उसका लुंड भी हम्रेसा तैयार hi रहता है छूट में घुसने के लिए…
इतना कह के अलका सारिका को लिटा देती है और उसके छूट पे अपनी छूट टिका के उसपे अपनी कमर आगे पीछे करते हुवे छूट घिसने लगती है..

सारिका- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh अलका क्या कर रही है बहुत मजा आ रहा है uuuuuuffffffffffff जोर जोर से रगड़ अपनी छूट मेर छूट से uuuuuuuuuuuuuuuhhhhhhhhh
Alka-lagta है तुझे भी दो दो लुंड चाइये
सारिका- हाँ यार वैसे इतने दिनों से दो लुंड से hi चुद रहे है हम दोनों बहने …
अलका- हाँ ये तो है
सारिका- हाय लका काश मैं तेरी गांड मार पति उफ्फ्फफ्फ्फ़ बहुत कासी हुई गांड है तेरी एक डैम भरा भरा
सारिका के इस के इस बात को सुन के अलका उठती है और अपनी दोनों चूतड़ों कको फैलते हुवे सारिका को दिखती है और कहती है

अब खान से कासी हुई बची है मेरी gand…ye देख विशाल ने छोड़ छोड़ के इस सुराख़ का सुरनग बना दिया है और अब तेरी नज़र भी मेरी गांड पर hi hai…lekin सरु तू मार नहीं सकती है तो क्या चाट तो सकती है मुझे बहुत ाचा लगता है जब कोई मेरी गांड छत्ता है आजा मेरी रंडी बहन आज तू मेरे गंद को चाट ले इतना कह के अलका घोड़ी बनते हुवे गांड सारिका की तरफ उठा देती है..

सारिका भी बिना समय गवाए अलका के मखमली गांड की तरफ बढ़ती है और अपने मुँह को उसके गांड के भूरे सुराख़ के करीब ले जा के पहले उसे सूंघती है फिर उसपे अपनी उंगलिया फिरने लगती है अलका की गांड आईटीआई चुदाई के बाद भी सारिका को बहुत टाइट महसूस हो रही थी सारिका जैसी औरत की उंगलिया भी अलका कैग एंड में बड़े मुश्किल से अपनी जगह बना पा रही थी जिसका एक हल्का और मीठा दर्द अलका को भी होता…

सारिका बड़े प्यार से अलका कैग एंड में ऊँगली डालती है फिर निकल के अपने मुँह में डालती है फिर अलका कैग एंड में डालती है और फिर निकल के अपने मुँह में दाल के चुस्ती है वो ऐसे दाल और निकल रही थी मनो अलका की गांड नन्ही कोई मटका कुल्फी हो जिसमे सारिका ऊंगलीनुमा चमचा दाल क आइसक्रीम निकल और चाट रही थी..
अलका भी मदहोश हुवे अपनी बहन के हरकतों से पागल हो रही थी वो सारिका के सर को अपने गांड पे दबा लेती है और अचे से चूस रंडी कह के उसका मुँह पे अपनी गांड को धकेलने लगती है…

सारिका सच में hi अलका कैग एंड में ऐसे खो गयी थी की मनो उसके पास लुंड होता तो सच में अलका को छोड़ देती और उसकी गांड जोर marti..sarika जो की बड़े मुश्किल से अलका कैग एंड में ऊँगली दाल पा रही थी वो कुछ सोच में पद जाती है जिस से अलका पूछती है
अलका- क्या हुआ का खो गयी???
सारिका- यारे क बात पुछु सच सच बताना
अलका- हाँ पूछ तुझसे अब क्या झूट बोलूंगी तू तो मेरे सरे राज़ जान गयी है अब बचा hi क्या है तुझसे छुपाने को..
सारिका- हाँ ये बात भी सही है
अलका- तो पूछ क्या पूछ रही थी….
सारिका- यार तू इतने दिनों से चुद रही है तेरी गांड भी विशाल और कारन ने खूब मरी है और छूट में भी एक साथ दो दो लुंड दाल दिया जिस से तू मरे हालत में चली गयी थी…
अलका- हाँ तो
सारिका- तो तेरी छूट या गांड देख के लगता नहीं तूने इतना वाइल्ड से किया है ये तो अब भी बहुत टाइट और वर्जिन के जैसा है… कोई खास इलाज य दवा लेती है क्या तू??? अगर हाँ तो मुझे भी बता दे..

अलका- देख सरु मैं तुझसे झूट नहीं कहूँगी और सायद तुझे मेरे बातो पे विस्वास न हो पर मैं सच कहती हु ये मुझे भी नहीं समझ आ रहा है की मेरे बॉडी में कैसे चंगेस आ रहे है. मैं पहले से ज्यादा यंग और छुडासी फील करने लगी हु जितनी भी बेरहमी से चुदाई हो थोड़े टाइम में मेरी छूट और गांड वापस से टाइट हो जाती है… जो की मुझे भी समझ नहीं आता और यही बात विशाल और उसके पापा ने भी कहा है उन्हें लगता है मई कोई सपकल पिल या क्रीम उसे करती हु पर देख इतने दिनों से तेरे सामने तेरे hi घर में हु और ऑलमोस्ट नंगी hi रखते है ये दोनों लड़के हमे
सारिका- हेंक यह तो तू सही रही है पर अगर ऐसा है तो ये तो अछि बात है ये वरदान समझ जो तुझे मिला hai..isliye सभी तेरे गांड के डीएनए रहते है… और ये कह के फिर से अपना मुँह अलका कैग एंड में लगा देती है..

अलका- उनलोगो में तो अब टब hi आ गयी मेरी बहन…
सारिका- हाँ क्यों नहीं तेरी गांड है hi इतनी जानलेवा uuuuffffffffffff
अलका- बाटे चोर अब और नहीं बर्दाश्त हो रहा मेरे से रुक मैं hi कुछ करती हूत ेरे से नहीं हो पायेगा
इतना कह के अलका वापस से सारिका को लिटा के उसपे अपने छूट रगड़ने लगती है दोनों की छूट इतनी गरम हो गयी थी एक दो बार घिसने मात्रा से अलका और सारिका दोनों के छूट से पेशाब और उसके कामर्स का मिलाजुला रूप तेज़ धार के साथ बहने लगता है

सारिका- aaaaaaaaaahhhhhhhhh अलका मई गयी uuuuuuuuuuffffffffffffffff तू सच में रंडी है बहनचोद
अलका- और तू बड़ी रंडी साली चिनार कुटिया गस्ती कही की
और फिर अलका सारिका के मुँह पे बैठ के अपने मूत की धार से उसके मुँह को भरने लगती है

सारिका भी अपने छूट को सहलाते हुवे उसके अंदर से गर्मागर्म धार बहाये जा रही थी और साथ अलका के छूट से निकल रहे अमृत को घुट घुट पिए जा रही थी पेशाब की धार रुकते hi दोनों एक बार फिर से आमने सामने बैठ जाती है और एक दूसरे को वही भूखी और खा जाने वाले नज़रो से घूरे जा रही थी जो इस बात का संकेत था की दोनों की प्यास अभी शांत नहीं हुई है…
फिर सारिका आगे बढ़ते हुवे अलका के बूब्स को आधा से ज्यादा अपनी मुंह मैं लेकर चूसने लगती है, और धीरे धीरे चुस्ती हुई उनकी अलका की गोल गहरी नाभि और फिर उसकी छूट तक पहुँच जाती है, सारिका एक बार फिर से अलका के क्लीन शेव छूट की महक को सूंघने लगती है

अलका- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh सरु खा जा मेरी बहन uuuuuuuuffffffffff बहुत तंग करती है ये मुझे…
सारिका भी अलका के छूट को किश करते हुवे उसमे जुबान दाल के चूसते हुवे फिर उसमे ऊँगली दाल कैग ह्यूमेन लगती है..
अलका अब मदहोशी में आंखे बंद करने लगती है…. की सरका की नज़र अलका के सुर्ख गुलाबी होंठो पे पड़ती है आज अलका के हुस्न का जादू उसके सगी बहन पे चल गया था जिस बेचारी को समझ नहीं आ रहा था की वो किसे प्यार करे और किसे चोदे ….
कभी उसे अलका की गांड आकर्षित करती कभी उसकी गोल गहरी नाभि तो कभी उसकी छूट और अभी उसके छूट का साद चखा hi था की उसके होंठ सारिका को अपनी और खींचने लगती है और सारिका भी मनो सम्मोहन के जाल में फस्ती हुई अलका के होंठो ककी और बढ़ती है और उसे छुमने लगती है…
और अभी चूमना सुरु hi किया था की अलका उसे कुछ बुदबुदाते हुवे कहती है जिसे सुन के सारिका हस्ती है और फिर सारिका अलका के मुँह में ढेर सारा थूक थूक देती है जिसका स्वागत अलका मुँह खोल के करती है..

वो थूक सिद्ध अलका के जुबान पे गिरती है जिसे अलका जुबान बहार निकल लेती है और सारिका अपने hi थूक से साणे अलका के जुबान को मुँह में बाहर के चूसने लगती है…
एक औरत जो हलकी से गंदगी बर्दाश्त नहीं करती वो वासना के नशे में इतना पागल हो जाती है की थूक तक निगलने लगती है

अलका- सरु छूट की कुलबुलाहट मुझे पागल कर रही थी और ये शांत तभी हो पायेगा जब इसमें कोई लुंड जायेगा और मेरी एक दमदार चुदाई होगी..
Sarika-yhi हाल मेरा भी हो रहा है अलका पर क्या करे हम दोनों का जो लुंड है वो तो कॉलेज गया हुआ है और जाने कब आएगा….
दोनों बहनो पर चुदाई की खुमारी चने लगी थी छूट का पानी पेशाब के रूप में रह रह के बह रहा था और रुकने का नाम नहीं ले रहा था…

इस बार सारिका अलका में मुँह पे पेशाब करने लगती जिसे अलका बड़े hi आराम से मुँह खोल के पिने लग जाती है… चुदाई की तड़प में दोनों रंडियो को समझ hi नहीं आ रहा था की इस आग को कैसे शांत करे…

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अलका का मुँह सारिका के पेशाब से पूरा भर जाता है कुछ बुँदे उसकी चाय से होते हुवे जमीं पे गिर जाती है और कुछ वो पि जाती है और थोड़े से पेशाब को वो अपने मुँह में भर के उठती है और सारिका के मुँह में उगलने लगती है…

किस्मत भी क्या चीज होती है जिस दो कामुक बदन को भोगने के लिए पूरा दुनिया तैयार है आज वो छोड़ना छह रही है पर कोई उसे छोड़ने वाला नहीं hai…dono बहने आपसे में एक दूसरे को संतुष्ट करने की नाकाम कोशिश कर रही थी पर ये कोशिशे इनके आग को और भड़काने का काम कर रही थी…
अलका के कहानी ने सारिका पे वो असर कर दिया था की सारिका बिलकुल बेकाबू हो जाती है और अपनी छोटी बहन अलका पे टूट पड़ती hai…khan अलका अपना दुःख बाँट रही थी अपनी बहन को पर उसका दुःख इतना कामुक निकला की उसकी बहन hi उसे नंगा कर के अपने आगोश में लीलती है और ले भी क्यों न अलका जैसी कामुक औरत जब सामने हो तो कोई कैसे खुद को रोक सकता है उसका खुद का सागा बीटा hi अपने आप को नहीं रोक पता…
अगर सारिका की बात करे तो देखा जाये तो अगले कुछ महीने में hi उसकी ज़िन्दगी बिलकुल पलट गयी है खान वो शर्मीली औरत पहले कारन के जाल में फांसी और इस चुदाई के खेल में इतना आगे निकल गयी की पहले अपने सेज भांजे और अब उसकी माँ और अपनी छोटी बहन अलका के साथ सेक्स करने पे मजबूर हो गयी है…
दोनों बहने पे वासना कुछ कदर स्वर हो गया था की दोनों एक दूसरे को पागलो की तरह चूस रही थी दोनों की सनसे उखड़ने लगती है और जब दोनों एक दूसरे से एक लम्बी चुम्बन के बाद अलग होते है तो उनके मुँह से लार टपकने लगता है

दोनों की नज़रे एक बार से आपस में टकराती है और बड़ी प्यासी मजबूर और कामुक नज़रो से एक दूसरे क देखती है… दोनों तेज़ तेज़ हाफ रही थी और अभी ठीक से सांसो पे काबू आया भी नहीं था की सारिका अलका के ऊपर चढ़ के उसे दोबारा से किश करने लगती है

आज इनदोनो घोडियो को एक तगड़े मोठे लुंड की जरुरत है पर वो लुंड अभी इनसे काफी दूर है और इनके अंदर की आग इतनी भड़क चुकी है है की इनसे उतना इंतजार नहीं होने वाला इसलिए ये आज एक दूसरे को शांत करने की पुरजोर कोशिश में लगी हुई है..
सारिका- अलका काश मैं विशाल होती तुझे बहुत छोड़ती कसम से तू बहुत कामुक है पहले मैंने तुझे इस नज़र से देखा hi नै और बी तू मुझे एक रंडी लगने लगी है
अलका- टब hi बड़ी छुपी रुस्तम निकली सरु bête का लुंड ले के बड़ी सीधी सधी बानी फिरती है साली चनर

और दोनों के होंठ एक बार फिर से आपस में मिल जाते hai..alka सारिका के गोदी में बैठ गयी थी और दोनों की छूट आपस में घिसने लगती है
सारिका- aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh तू बहुत किस्मत वाली है अलका हर तरफ लुंड की बारिश हो रही तेरे पे यह मेरे ज़िदगी में अब जा के विशाल आया है तो असली चुदाई का सुच जान पायी हूँ..
Alka—han छोड़ता तो बड़ी मस्त है विशु बिलकुल अंदर तक झकझोर देता है
सारिका- है नाब तो जब भी टाइम मिलेगा मैं विशाल के सामने नंगी हो जाया करुँगी
अलका- हो जाया कर उसका लुंड भी हम्रेसा तैयार hi रहता है छूट में घुसने के लिए…
इतना कह के अलका सारिका को लिटा देती है और उसके छूट पे अपनी छूट टिका के उसपे अपनी कमर आगे पीछे करते हुवे छूट घिसने लगती है..

सारिका- aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh अलका क्या कर रही है बहुत मजा आ रहा है uuuuuuffffffffffff जोर जोर से रगड़ अपनी छूट मेर छूट से uuuuuuuuuuuuuuuhhhhhhhhh
Alka-lagta है तुझे भी दो दो लुंड चाइये
सारिका- हाँ यार वैसे इतने दिनों से दो लुंड से hi चुद रहे है हम दोनों बहने …
अलका- हाँ ये तो है
सारिका- हाय लका काश मैं तेरी गांड मार पति उफ्फ्फफ्फ्फ़ बहुत कासी हुई गांड है तेरी एक डैम भरा भरा
सारिका के इस के इस बात को सुन के अलका उठती है और अपनी दोनों चूतड़ों कको फैलते हुवे सारिका को दिखती है और कहती है

अब खान से कासी हुई बची है मेरी gand…ye देख विशाल ने छोड़ छोड़ के इस सुराख़ का सुरनग बना दिया है और अब तेरी नज़र भी मेरी गांड पर hi hai…lekin सरु तू मार नहीं सकती है तो क्या चाट तो सकती है मुझे बहुत ाचा लगता है जब कोई मेरी गांड छत्ता है आजा मेरी रंडी बहन आज तू मेरे गंद को चाट ले इतना कह के अलका घोड़ी बनते हुवे गांड सारिका की तरफ उठा देती है..

सारिका भी बिना समय गवाए अलका के मखमली गांड की तरफ बढ़ती है और अपने मुँह को उसके गांड के भूरे सुराख़ के करीब ले जा के पहले उसे सूंघती है फिर उसपे अपनी उंगलिया फिरने लगती है अलका की गांड आईटीआई चुदाई के बाद भी सारिका को बहुत टाइट महसूस हो रही थी सारिका जैसी औरत की उंगलिया भी अलका कैग एंड में बड़े मुश्किल से अपनी जगह बना पा रही थी जिसका एक हल्का और मीठा दर्द अलका को भी होता…

सारिका बड़े प्यार से अलका कैग एंड में ऊँगली डालती है फिर निकल के अपने मुँह में डालती है फिर अलका कैग एंड में डालती है और फिर निकल के अपने मुँह में दाल के चुस्ती है वो ऐसे दाल और निकल रही थी मनो अलका की गांड नन्ही कोई मटका कुल्फी हो जिसमे सारिका ऊंगलीनुमा चमचा दाल क आइसक्रीम निकल और चाट रही थी..
अलका भी मदहोश हुवे अपनी बहन के हरकतों से पागल हो रही थी वो सारिका के सर को अपने गांड पे दबा लेती है और अचे से चूस रंडी कह के उसका मुँह पे अपनी गांड को धकेलने लगती है…

सारिका सच में hi अलका कैग एंड में ऐसे खो गयी थी की मनो उसके पास लुंड होता तो सच में अलका को छोड़ देती और उसकी गांड जोर marti..sarika जो की बड़े मुश्किल से अलका कैग एंड में ऊँगली दाल पा रही थी वो कुछ सोच में पद जाती है जिस से अलका पूछती है
अलका- क्या हुआ का खो गयी???
सारिका- यारे क बात पुछु सच सच बताना
अलका- हाँ पूछ तुझसे अब क्या झूट बोलूंगी तू तो मेरे सरे राज़ जान गयी है अब बचा hi क्या है तुझसे छुपाने को..
सारिका- हाँ ये बात भी सही है
अलका- तो पूछ क्या पूछ रही थी….
सारिका- यार तू इतने दिनों से चुद रही है तेरी गांड भी विशाल और कारन ने खूब मरी है और छूट में भी एक साथ दो दो लुंड दाल दिया जिस से तू मरे हालत में चली गयी थी…
अलका- हाँ तो
सारिका- तो तेरी छूट या गांड देख के लगता नहीं तूने इतना वाइल्ड से किया है ये तो अब भी बहुत टाइट और वर्जिन के जैसा है… कोई खास इलाज य दवा लेती है क्या तू??? अगर हाँ तो मुझे भी बता दे..

अलका- देख सरु मैं तुझसे झूट नहीं कहूँगी और सायद तुझे मेरे बातो पे विस्वास न हो पर मैं सच कहती हु ये मुझे भी नहीं समझ आ रहा है की मेरे बॉडी में कैसे चंगेस आ रहे है. मैं पहले से ज्यादा यंग और छुडासी फील करने लगी हु जितनी भी बेरहमी से चुदाई हो थोड़े टाइम में मेरी छूट और गांड वापस से टाइट हो जाती है… जो की मुझे भी समझ नहीं आता और यही बात विशाल और उसके पापा ने भी कहा है उन्हें लगता है मई कोई सपकल पिल या क्रीम उसे करती हु पर देख इतने दिनों से तेरे सामने तेरे hi घर में हु और ऑलमोस्ट नंगी hi रखते है ये दोनों लड़के हमे
सारिका- हेंक यह तो तू सही रही है पर अगर ऐसा है तो ये तो अछि बात है ये वरदान समझ जो तुझे मिला hai..isliye सभी तेरे गांड के डीएनए रहते है… और ये कह के फिर से अपना मुँह अलका कैग एंड में लगा देती है..

अलका- उनलोगो में तो अब टब hi आ गयी मेरी बहन…
सारिका- हाँ क्यों नहीं तेरी गांड है hi इतनी जानलेवा uuuuffffffffffff
अलका- बाटे चोर अब और नहीं बर्दाश्त हो रहा मेरे से रुक मैं hi कुछ करती हूत ेरे से नहीं हो पायेगा
इतना कह के अलका वापस से सारिका को लिटा के उसपे अपने छूट रगड़ने लगती है दोनों की छूट इतनी गरम हो गयी थी एक दो बार घिसने मात्रा से अलका और सारिका दोनों के छूट से पेशाब और उसके कामर्स का मिलाजुला रूप तेज़ धार के साथ बहने लगता है

सारिका- aaaaaaaaaahhhhhhhhh अलका मई गयी uuuuuuuuuuffffffffffffffff तू सच में रंडी है बहनचोद
अलका- और तू बड़ी रंडी साली चिनार कुटिया गस्ती कही की
और फिर अलका सारिका के मुँह पे बैठ के अपने मूत की धार से उसके मुँह को भरने लगती है

सारिका भी अपने छूट को सहलाते हुवे उसके अंदर से गर्मागर्म धार बहाये जा रही थी और साथ अलका के छूट से निकल रहे अमृत को घुट घुट पिए जा रही थी पेशाब की धार रुकते hi दोनों एक बार फिर से आमने सामने बैठ जाती है और एक दूसरे को वही भूखी और खा जाने वाले नज़रो से घूरे जा रही थी जो इस बात का संकेत था की दोनों की प्यास अभी शांत नहीं हुई है…
फिर सारिका आगे बढ़ते हुवे अलका के बूब्स को आधा से ज्यादा अपनी मुंह मैं लेकर चूसने लगती है, और धीरे धीरे चुस्ती हुई उनकी अलका की गोल गहरी नाभि और फिर उसकी छूट तक पहुँच जाती है, सारिका एक बार फिर से अलका के क्लीन शेव छूट की महक को सूंघने लगती है

अलका- aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh सरु खा जा मेरी बहन uuuuuuuuffffffffff बहुत तंग करती है ये मुझे…
सारिका भी अलका के छूट को किश करते हुवे उसमे जुबान दाल के चूसते हुवे फिर उसमे ऊँगली दाल कैग ह्यूमेन लगती है..
अलका अब मदहोशी में आंखे बंद करने लगती है…. की सरका की नज़र अलका के सुर्ख गुलाबी होंठो पे पड़ती है आज अलका के हुस्न का जादू उसके सगी बहन पे चल गया था जिस बेचारी को समझ नहीं आ रहा था की वो किसे प्यार करे और किसे चोदे ….
कभी उसे अलका की गांड आकर्षित करती कभी उसकी गोल गहरी नाभि तो कभी उसकी छूट और अभी उसके छूट का साद चखा hi था की उसके होंठ सारिका को अपनी और खींचने लगती है और सारिका भी मनो सम्मोहन के जाल में फस्ती हुई अलका के होंठो ककी और बढ़ती है और उसे छुमने लगती है…
और अभी चूमना सुरु hi किया था की अलका उसे कुछ बुदबुदाते हुवे कहती है जिसे सुन के सारिका हस्ती है और फिर सारिका अलका के मुँह में ढेर सारा थूक थूक देती है जिसका स्वागत अलका मुँह खोल के करती है..

वो थूक सिद्ध अलका के जुबान पे गिरती है जिसे अलका जुबान बहार निकल लेती है और सारिका अपने hi थूक से साणे अलका के जुबान को मुँह में बाहर के चूसने लगती है…
एक औरत जो हलकी से गंदगी बर्दाश्त नहीं करती वो वासना के नशे में इतना पागल हो जाती है की थूक तक निगलने लगती है

अलका- सरु छूट की कुलबुलाहट मुझे पागल कर रही थी और ये शांत तभी हो पायेगा जब इसमें कोई लुंड जायेगा और मेरी एक दमदार चुदाई होगी..
Sarika-yhi हाल मेरा भी हो रहा है अलका पर क्या करे हम दोनों का जो लुंड है वो तो कॉलेज गया हुआ है और जाने कब आएगा….
दोनों बहनो पर चुदाई की खुमारी चने लगी थी छूट का पानी पेशाब के रूप में रह रह के बह रहा था और रुकने का नाम नहीं ले रहा था…

इस बार सारिका अलका में मुँह पे पेशाब करने लगती जिसे अलका बड़े hi आराम से मुँह खोल के पिने लग जाती है… चुदाई की तड़प में दोनों रंडियो को समझ hi नहीं आ रहा था की इस आग को कैसे शांत करे…

check duplicate online
अलका का मुँह सारिका के पेशाब से पूरा भर जाता है कुछ बुँदे उसकी चाय से होते हुवे जमीं पे गिर जाती है और कुछ वो पि जाती है और थोड़े से पेशाब को वो अपने मुँह में भर के उठती है और सारिका के मुँह में उगलने लगती है…

किस्मत भी क्या चीज होती है जिस दो कामुक बदन को भोगने के लिए पूरा दुनिया तैयार है आज वो छोड़ना छह रही है पर कोई उसे छोड़ने वाला नहीं hai…dono बहने आपसे में एक दूसरे को संतुष्ट करने की नाकाम कोशिश कर रही थी पर ये कोशिशे इनके आग को और भड़काने का काम कर रही थी…





































































































