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सूर्य .....किरण कुढ़ को संत कर अपनी बूढी से काम लो
किरण को सूर्य बोलता हुआ तो दिखाई दे रहा था पैर उसे सुनाई कुछ नहीं दे रहा था
किरण .....क्या कह रहे है आप मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा है
सूर्य भी किरण के हिलते हुए होंठ देख प् रहा था पैर उसे सुनाई कुछ भी नहीं दिया
सूर्य .....जरूर कोई सकती है जो स्वीटी की आवाज मुज तक पहुंचे नहीं दे रही है आवर मेरी स्वीटी तक
मुझे कोई तो मार्ग निकलना होगा ताकि स्वीटी तक अपनी बात पंहुचा सकू
मानसी ......क्या हुआ आप किस बारे में बोल रहे है
तभी सूर्य की नजर किरण पे पड़ती है
सामने का दृश्य देख सूर्य के मुख से चीख निकल जाती है
surya........sweeeeeetyyy..........
अब आगे .......
सूर्य के मुँह से निकली चीख से मानसी का ध्यान किरण की आवर गया तो
मानसी की भी रूह कैंप उठी
सामना लावा दानव आने लावा उगलते हाथो में किरण को जकड़े हुए ऊपर उठा रखा था
मानसी ......आप कुछ कीजिये ऐसे तो वह दानव दीदी को मर डालेगा
सूर्य ......मनसीई........ख़बरदार मानसी अपनी जुबान बंद रखो मेरी स्वीटी को कुछ भी हुआ तो मई इस पुरे ड्रैगन लोक ले साथ साथ बाकि सब कुछ नस्ट कर दूंगा
पिछले बार नरकासुर की वजह से मैंने अपना सबकुछ खो दिया उस वक़्त मेरी गलती थी पैर इस बार नहीं
सूर्य की गुस्से में जलती आँखे आवर उसकी दहाड़ सुन मानसी का सरीर कपङे लगता है
मानसी को ऐसा कांपता देख सूर्य को अपने गलती का अहसास होता है
सूर्य ......सॉरी मानसी
सूर्य वही ध्यान में बेथ जाता है आवर अपनी कुंडलिनी सकती जागृत करने लगता
साथ अपने पांच तत्वों की सकती को अंनियंत्री छोड़ देता है
जैसे जैसे सूर्य के सरीर से साल्ट रैंगिंग ऊर्जा निकलती है वैसे वैसे मानसी को उस ऊर्जा से पीड़ा होने लगती है
साथ हे वह अदृश्य घेरा भी सामने आ जाता है
वही किरण अपनी पूरी ताकद लगा कर उस लावा दानव के जकड़न से आजाद हो जाती है
लावा दानव अपने हाथो से सीकर को निकलता देख गुस्से में अपना भरी भरकम पेअर किरण को करता है जिस से किरण काफी दूर जा गिरती है
आवर किरण. के मुँह से खून निकलने लगता है
तभी किरण के मस्तिक्ष में सूर्य की आवाज सुनाई देती है
सूर्य .....स्वीटी मैं जनता हूँ तुम्हे बहुत आदिक पीड़ा हो रही है पैर तुम्हे अपने क्रोध पे नियंतरण करना होगा
अपनी बूढी का प्रयोग करो तुम उसे हटा सकती हो बस अपना वॉर आवर ध्यान उचित स्थान पे केंद्रित करो
किरण ......मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा है भाई
ीदार सूर्य की हालत देख मानसी को सूर्य की चिंता होने लगती है
क्युकी सूर्य उस कवच में से स्वीटी को सम्पर्क जाने के लिया अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा का प्रयोग कर रहा था जिस के कारन सूर्य के नाक से रकत बहने लगता है
सूर्य .......खुद को संत कर उसकी आँखों में ध्या से देखो स्वीटी तुम्हे इसके अंत का रास्ता मिल जायेगा
इतना कहते हे सूर्य उस कवच में हे मूर्छित हो जाता है
किरण की जब नजर सूर्य के मुचित लशु लुहान चेहरे पड़ती है तो उसे लावा दानव पे बहुत गुस्सा आता है
आवर किरण अपनी पूरी ताकत के साथ लावा दानव पे वॉर करने लगती है
.किसी ने सच कहा क्रोध में इंसान अपनी बूढी का प्रयोग करना हे भूल जाता है ....
यही किरण के साथ जो रहा था सूर्य को इस हल में देख उसका क्रोध जागृत होती उठा आवर वह क्रोधवश लावा दानव पे अपनी ऊर्जा वायरत कर रही थी
मानसी ......ये दीदी को क्या होगा गया वो इतने क्रोध में है जबकि उन्हें संत आवर बूढी से इसका सामना करना चाइये क्या कृ ये भी मूर्छित है
मानसी को कुछ भी समाज नहीं आ रहा था की वो कैसे सूर्य आवर किरण की सहायता करे
किरण अभी भी ुशी रफ़्तार से लावा दानव से योध कर रही थी
मानसी को आवर कोई विचार नहीं सुजा तो वह भी वही सुरक्षा कवच में ध्यान लगा कर बेथ जाती है
करीबन 30 मिनट्स से भी ऊपर समय हो चूका था किरण को लावा दानव सड़ योध करते हुए किन्तु न किरण थकने का नाम ले रही थी आवर न hi लावा दानव पे किसी तरह की थकन नजर आ रही थी
किरण .....इसे कैसे ख़तम करू इस्पे तो मेरे ऊर्जा सकती का कोई प्रभाव हे नहीं हो रहा है
न हे सोर्ड के प्रहार से उसे कोई हानि पहुंच रही है
किरण ये सब लावा दानव से लड़ते हुए बोल रही थी
तभी किरण की नजर एक बार फिर सूर्य पे पड़ती है जो अभी भी मूर्छित था
किरण का गेस एक बार फिर भढने लगता है
तबजि सूर्य के बगल में ध्यान में लीं मानसी को देख किरण को सूर्य दवारा कही बात का स्मरण होता है
( संत आवर बूढी से कार्य लो उसकी आँखों में देखे स्वीटी उसकी आँखे)
जैसे ये सबद बार बार किरण के मंद में गूंजने लगते इस दौरान एक बार फिर लावा दानव को किरण पे वॉर करने का मौका मिलता है
जिसका पूरा लाभ लावा दानव उठाया है आवर किरण इस वक़्त सूर्य के सब्दो में खोई हुई थी इस लिया वह सवयं का बचाव भी नहीं कर पारी है आवर लावा दानव के वॉर को विफल न कर पाने के कारन किरण काफी दूर जा गिरती है
किन्तु इस बार जैसे किरण ने कुछ द्रिसड निस्चय कर लिया हो पथरो पे गिरते हे किरण बड़ी फुर्ती के साथ उठ कड़ी होती है
लावा दानव किरण की आवर भाड़ रहा था
किरण बहुत हे ध्यान से उसकी उस सुहारी आँख को देख रही थी जो उसे अपनी आवर आकर्षित कर रही थी
जैसे हे लॉज़ दानव किरण के सामने पहुंच कर फिर से अपने हाथो में जकड़ने के लिया हाथ बढ़ता है
किरण जैसे ुशी पल का इन्तजार कर रही थी वह जम्प करते हुए लावा दानव के उस पथरीले हाथ पे जम्प करते हुए डॉट हुए बड़ी तेजी से उसके मंडे तक जा पहुँचती है
आवर अपनी सोर्ड उस सुनहरी आँख में दे गुस्सा देती है
सोर्ड से जैसे हे सुनहरी आँख नस्ट होती है उसके से गोल्डन स्टोन निकल कर किरण के सीने में समाहित हो जाता है
ुशी के साथ हे लावा दानव पूरी तरह पत्थर में तब्दील हो कर खंड खंड हो जाता है
लावा दानव के ख़तम होते हे किरण तेजी से सूर्य के पास पहुँचती है
लावा दानव के मरते हे सूर्य मानसी उस कवच से मुक्त होने जाते है आवर सूर्य की जो ऊर्जा उसके सरीर से बहार थी वह वापिस अपने उचित स्थान पे चली जाती है
किरण सूर्य का सर अपनी गॉड में रख सुबकने लगती है
मानसी भी अपने ध्यान से बहार निकल आई थी कवच से मुक्त होते हे
किरण .....उठो न भाई देखो मैंने उस दानव को ख़तम कर दिया है
प्लेसेस भाई अब तो उठो न
सूर्य को अपने ग्लैड में लेताये किरण आंसू बहार रही थी वही सूर्य के नाक से जो रकत जहा था
वह डेरी डेरी गायब होने लगता है आवर सूर्य अपनी आँखे खोल देता है
सूर्य की आँखे खुलते हे उसकी आँखों के सामने आंसुओ से भिगान स्वीटी का चेहरा था
सूर्य ......स्वीटी तुम ठीक तो हो न
सूर्य की आवाज सुन किरण आवर मानसी की जान में जान आती है
दोनों को जहा जगह मिली वही सूर्य के चेहरे पे चुम्बनों की बौछार कर देती है
सूर्य भी उन दोनों के प्यार से विभोर हो उन्हें रोकने कोशिश नहीं करता है
जब दोनों के दिल को सन्ति मिलती है तब दोनों संत होती है आवर सूर्य को एक तक निहारने लगती है
सूर्य ......तुम दोनों ऐसे क्यों देख रही हो मुझे
किरण ......आपको प्यार करने का दिल कर रहा है
सूर्य ....अभी अभी तो किया है अगर मन नहीं भरा है तो आवर करलो
मानसी .....वो ादुरा प्यार नहीं दीदी का मतलब है पूर्ण प्रेम मिलान
सूर्य .....क्या पागल हो गई जो क्या विवाह से पहले ऐसा कुछ सोचना भी नहीं
किरण .......तो कर लीजिये न विवाह
सूर्य .......वो करूँगा हे पैर आज मेरी स्वीटी की सही अच्चानक विवाह पे क्यों ातक गई है
किरण ......आपका क्या आप तो किसी न किसी संग प्रेम संसर्ग बना लेते है पैर हम लड़कियों का क्या जो आपको देख खुद को रोकती है है
मानसी .....है दीदी आपने सच कहा इन्हे देखने के बाद बहुत मुश्किल होता है कुढ़ को सँभालने में
सूर्य ......ठीक है फिर हम यहाँ से चलते हे गुरुदेव से इस विषय में बात करूंगा
अब हमें आगे भढना चाइये क्युकी अभी तक हमने गोल्डन ड्रैगन सोर्ड प्राप्त नहीं की है
आवर उसके बिना हम अपनी इस सफर को पूरा नहीं कर सकते है
सूर्य किरण वह मानसी का हाथ थम उस जलती हुए जवालामुखी की ुर निकल पड़े
सूर्य को थोड़ा अजीब लग रहा था
क्युकी किरण वह मानसी ने अपनी चुनौती पूर्ण कर ली थी अब उसकी बारी थी थी पैर अभी तक उसे कोई भी चुनौती नहीं मिली थी
तीनो लावा को पर कद थे हुए गुफा में प्रवेश कर जाते है
सामने हे गोल्डन ड्रैगन सोर्ड थी

सूर्य ......मुझे लगता है यही गोल्डन ड्रैगन सोर्ड है क्यों स्वीटी
सूर्य की आवाज पे किरण ने कोई जबाब नहीं दिया
सूर्य ......क्या हुआ स्वीटी तुम जबाब क्यों नहीं दे रही हो
देखो मैं परीलोक पहुंचते हे गुरुदेव से बात करता हूँ न हमारे विवाह को ले कर के
इस बार भी जब किरण ने कोई जबाब नहीं दिया तो
सूर्य पलट कर किरण को देखता है तो सामने किरण कड़ी थी पैर कुछ अजीब था उसकी नजरे ड्रैगन सोर्ड पे तिकी हुई थी पैर जैसे वो किरण न हो कर उसका जीता जगह पुतला हो
सूर्य मानसी को देखता है तो उसका भी यही हाल था
सूर्य .....मतलब की अब जो भी चुनौती है वह मुझे अकेले हे पर करनी होगी
पैर चुनौती क्या है अभी तक तो ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा जैसे स्वीटी आवर मानसी की चुनौती में था
सूर्य किरण वह मानसी को टच करने की कोशिश करता है पैर कोई अदृश्य सकती सूर्य को दोनों को हे टच नहीं करने दे रही थी
सूर्य .....मतलब की दोनों किसी अदृश्य सकती से बने कवच में लाईड है आवर ये तभी मुक्त होंगी जब मेरी चुनौती पूर्ण होगी
सूर्य काफी समय तक ीदार से उदार देखता
जैसे कोई पहेली हो कुछ आवर जब उसे ऐसा कुछ भी नजर नहीं आता है तो वह वही बेथ जाता है आवर गौर से गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को देखने लगता है
सूर्य को अपने अंदर गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को ले कर खिचाव सा महसूस होता है
सूर्य वह उठ कर गोल्डन ड्रैगन सोर्ड की तरफ भाड़ जाता है
सूर्य जैसे जैसे आगे भाड़ रहा था गोल्डन ड्रैगन सोर्ड का सुनहरा प्रकाश आवर तेज होने लगता है
साथ वह के लीव में भी हलचल सुरु हो जाती है
जैसे हे सूर्य ड्रैगन सोर्ड से कुछ दुरी पे पहुँचती है तो
उसे आभाष होता है की गोल्डन ड्रैगन सोर्ड किसी तरह के सुरक्षा चक्र में सुरक्षित है
सूर्य अपने दोनों हाथ आगे कर उस सुरक्षा कवच को छूटा है
उसके एक बार तो हल्का जतका मह्सुश होता है
इस लिया सूर्य अपने हाथ पीछे कर लेता है
पैर इस किर्या से गोल्डन ड्रैगन सोर्ड आवर आदिक चमकाने लगती है
जिसकी चमक से आकर्षित हो सूर्य एक बार फिर से
उस सुरक्षा कवच को टच करता है इस बार उसे कोई जतका नहीं लगता है
सूर्य अपने हाथ पीछे लेने की कोशिश करता है
पैर तब तक देर हो चुकी थी सूर्य के दोनों हाथ उस अदृश्य कवच से चिपक चुके थे
गुफा िस्थित लावे में हलचल तेज होने लगती है
देखते देखते वह मौजूद आवर जो लावा पहाड़ के ऊपर से बाह कर बहार जा रहा था उस में गोल्डन ऊर्जा निकल कर सूर्य की आवर भढ़ती है
आवर सीधा सूर्य के पीठ पे बने वाइट ड्रैगन टैटू से जा टकराती है इसके साथ हे सूर्य के मुँह से दर्दनाक कारणभेदी चीख से पूरी गुफा गूंज उठी
साथ हे सूर्य के सरीर पे जो वस्त्र थे वह भी जल कर नस्ट होती जाते है
इस वक़्त सूर्य पुराण नग्न जो कर मनो किसी अदृश्य दिवार पे हाथ टिकाये खड़ा हो
लावे से निकलती गोल्डन ऊर्जा जैसे जैसे सूर्य के सरीर में प्रवेश कर रही थी वैसे वैसे सूर्य का पूरा सरीर अदृश्य होने लगता है
आवर उसके स्थान पे सूर्य किसी आवर हे रूप में नजर आने लगता है
डेरी डेरी सूर्य की पीड़ा इस कदर भाड़ जाती है की सूर्य का सरीर उस पीड़ा के चलते अपने सरीर का भर तक नहीं उठा प् रहा था
आवर सूर्य अपने गुथनो पे आ जाता है अभी भी सूर्य के हाथ उसे तरह चिपके हुए थे
डेरी डेरी जवालामुख का लावा ठंडा पड़ने लगता है
आवर गोल्डन ऊर्जा भी बहुत काम मात्रा में अब वह पे मौजूद थी
जब लावा से निकली पूरी ऊर्जा सूर्य में समाहित होने जाती है तब एक विश्पोट होता है आवर सूर्य उस विस्पोट की वजह से पीछे की तरफ लुढ़क जाता है
सूर्यक का सरीर अभी भी पारदर्शी गोल्डन ऊर्जा जैसे हे part आईटी हो रहा था
इस विस्पोस्ट के साथ हे किरण वह मानसी दोनों आजाद हो जाती है
दोनों की आँखों से be-thasha आंसू बाह रहे थे
दोनों डॉट हुए सूर्य के पास आती है
आवर सूर्य को पकड़ कर खड़ा करती है
किरण मानसी .........आप ठीक तो है न
सूर्य .....अह्ह्ह्हह है मैं अह्ह्ह ठीक हूँ मुझे गोल्डन ड्रैगन सोर्ड के पास ले चलो
किरण मानसी सूर्य को पकड़ कर 7,8 फिट दूर हवा में स्थित गोल्डन ड्रैगन सोर्ड के सामने ले आती है
सूर्य ......मानसी जाओ जा कर गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को पकड़ो वो तुम्हे ब्लैक ड्रैगन तक पंहुचा देगी तुम्हे वह ब्लैक ड्रैगन से जुड़ना है कितने संत आवर पवित्र मन से उसके सामने जाओगी वो तुमसे उतनी हे जल्दी जुड़ पायेगा
सूर्य की बात सुन मानसी अपनी आँखे बंद कर लम्बी लम्बी सांसे लेती है आवर 2 मिनट्स बाद आँखे खो सूर्य को देखती है
सूर्य आगे भाड़ मानसी के होंठ वह माथे पे चुम कर उसे हौसला देता है
की उसे उम्मीद है तुम जरूर सफल होगी
मानसी किरण से मिल कर गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को पकड़ती है
मानसी के गोल्डन ड्रैगन सोर्ड पकड़ते हे वह वह से गायब हो कर ब्लैक ड्रैगन के सामने जा पहुंची
सूर्य ......स्वीटी अब तुम्हारी बरी है
किरण .......जानती हूँ जान हम जल्द हे अपने अपने ड्रैगन के साथ मिलते है उम्मम्मम्मम्हा लव यू जान
सूर्य ........ी लव यू तू स्वीटी ुम्मम्हा अपना ख्याल रखना
किरण .....जी भाई
किरण आगे भाड़ गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को टच करती है तो एक गोल्डन ऊर्जा उसे घर लेती है आवर अगले पल किरण एक गोल्डन ड्रैगन बचे के सामने थी जो दिकने में बहुत प्यार था

किरण अपने सामने इतने खूबसूरत प्यारी क्यूट से सुनहरे ड्रैगन बचे को देख कर बहुत खुश होती
किरण ......वाओ ये जितना प्यारा है खूबसूरत है पैर ये इतना छोटा क्यों है
क्या यही मेरा गोल्डन ड्रैगन है या फिर कोई आवर है
गोल्डन ड्रैगन .....मैं हे हूँ आपकी सुनहरी ड्रैगन (फीमेल ) आप मेरे आकर पे मत जाइये आपसे जुड़ने के बाद मेरा वास्तविक आकर का विकाश होगा
किरण आगे भाड़ प्यार से सुनहरी ड्रैगन के माथे पे अपना हाथ रख सहला देती है
किरण ......तुम लड़की हो ी मैं मज़ा ड्रैगन
सुनहरी ड्रैगन .....है क्युकी आप मादा हो इस लिया मेरा जनम भी मज़ा रूप में हुआ है
आवर आपकी कठिन परीक्षा लेने के लिया मुझे क्षमा करे आपको पीड़ा हुई उसके लिया मैं आपसे क्षमा चाहती हूँ
किरण .....मैंने तुम्हे क्षमा किया ुम्मम्हा
किरण द्वारा सुनहरी ड्रैगन को किश किये जाने पे सुनहरी ड्रैगन एक सुनहरे ऊर्जा पुंज में में बदल कर किरण में समाहित होने जाता है है
ुशी के साथ किरण का रूप परिवर्तित होने लगता है

किरण के सरीर में सुनहरी ड्रैगन की ऊर्जा ने जैसे हे किरण के सरीर में प्रवेश किया उसके साथ हे किरण वह सुनहरी ड्रैगन की ऊर्जा सकती आपस में जुड़ जाती है आवर दोनों का मन मस्तिष्क आवर सकती एक हो जाती है
किरण का पुरे सरीर पे गोल्डन कवच आ चूका था आवर उसकी पीठ पे सुनहरी पंख जो की सुनहरी ड्रैगन के सकती का प्रतीक था
मनो हजारो धारदार गोल्डन सोर्ड से इन पंखो का निर्माण खाश टूर पे किरण के लिया हे किया होगा
कुछ देर बाद सुनहरी ऊर्जा पुंज किरण से सरीर से निकल कर गुफा को तोड़ते हुए आकाश में चली जाती है
किरण भी उसे जगह स अपने पंख फैलाये हुए ाखश की आवर छलांग लगा देती है
सुनहरी ऊर्जा पुंज आकाश में अपना आकर लेने लगता है
देखते हे देखते एक विशालकाय सुनहरी ड्रैगन के रूप में सुनहरी ऊर्जा पुंज किरण के सामने थी
सुनहरी ड्रैगन कुछ देर आकाश में अपनी उड़न भरने के बाद किरण के सामने जमीं पे उतर आता है

किरण चलन लगा कर सुनहरी ड्रैगन के पीठ पे स्वर हो जाती है
किरण को अपनी पीठ पे स्वर होते हे सुनहरी ड्रैगन ख़ुशी का इजहार करते हुए आकाश में एक लम्भी चालान लगा देती है
वही मानसी जब गुफा में पहुंची तो वह ब्लैक ड्रैगन ुशी का इंतजार कर रहा था
मानसी ब्लैक ड्रैगन के सामने जा कड़ी होती है
ब्लैक ड्रैगन ...... आप वही क्यों रुक गई आगे भेड़िये आवर मुझे सवीकार कीजिये
मानसी ......पहले मैं कुछ जानना चाहती हूँ
ब्लैक ड्रैगन ......क्या जानना है आपको मुझसे
मानसी ......मुझे चुनौती किसने दी थी थी यहाँ पहुंचे पे वो सकती किसकी थी लावा ड्रैगन के रूप में
ब्लैक ड्रैगन .......वो आपकी परीक्षा थी वह लावा ड्रैगन के रूप में मेरी ऊर्जा का अंश था जो आपको मिला अपनी चुनौती पूर्ण करने पे
मानसी ......... तुम्हारी उस चुनौती मुझे अब तक की सबसे बड़ी पीड़ा दी तुम्हे ज्ञात भी है तुम्हारी उस चुनौती ने जिसे पीड़ा दी
ब्लैक ड्रैगन ........आप भूल रही है वो सब केवल चुनौती थी
मानसी ......भले वो सब केवल एक परीक्षा थी पैर तुम्हारी वजह से उन्हें कितनी पीड़ा उठानी पड़ी
ब्लैक ड्रैगन .......तो आप क्या चाहती है मैं इनसे क्षम्य मांगती फिरू आप भूल रही है की मैं कोण हूँ
मानसी को ब्लैक ड्रैगन का ऐसा रवैया सूर्य के पार्टी बिलकुल भी पसंद नहीं आ रहा था पैर उसने कुछ न कहा आवर खुद को संत किया
मानसी ....मुझे आपके साथ जुड़ने के लिया क्या करना होगा
ब्लैक ड्रैगन .......आपको मेरे मस्तिक्ष से अपने मस्तिष्क जोड़ना होगा
मानसी आगे भाड़ ब्लैक ड्रैगन ( मादा ) के चेहरे को थम कर अपना सर आगे करती है

ब्लैक ड्रैगन ख़ुशी ख़ुशी अपना सर मानसी के सर से जोड़ देता है अगले हे पल ब्लैक ड्रैगन की चीखे निकलने लगती हो
पैर ब्लैक ड्रैगन छह कर भी मानसी की पकड़ से आजाद नहीं हो प् रहा था
डेरी डेरी ब्लैक ड्रैगन ब्लैक ऊर्जा पुंज में तब्दील हो जाता है आवर मानसी के भीतर समहति हो जाता है
मानसी से जज हे ब्लैक ड्रैगन को तकलीफ होने लगती है
बहार मानसी का रूप परिवर्ती हो चूका था आवर उसके पीठ में ब्लैक एंड रेड मिक्स कलर के पंख निकल आये थे
ब्लैक ड्रैगन ..........मुझे मुक्त करो
मानसी ......तुमने मेरे प्रेम आवर अपने स्वामी का अपमान किया उन्हें पीड़ा पहुंचे अब तुम मेरी ुशी सरीर में लाईड रहोगे जब तक मैं तुम्हे मुक्त नहीं करती हूँ
ब्लैक ड्रैगन अंदर हे अंदर चिलता रहा पैर मानसी ने उसकी एक न सुनी आवर वह से उड़ते हे ेल दिशा की आवर भाड़ गई
वही किरण के गायब होने जाने के पश्चात सूर्य गोल्डन ड्रैगन सोर्ड के सामने पंहुचा
सूर्यक गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को परनाम करता है
सूर्य ....ही दिव्या तेजस्वी सोर्ड आपका निर्माण गुरुदेव के प्रायश्चित तप आवर परबु महाकाल की इच्छा से हुआ है
क्या मुझे आपको दर्जन करने की इजाजत है
गोल्डन सोर्ड .....मेरा निर्माण हे परबु महाकाल की इच्छा से आपके लिया हुआ है
केवल आप आवर आपका अर्ध भाग हे मुझे धारण कर सकता है आपको इजाजत है मुझे धारण करने की
जैस सूर्य सोर्ड को टच करता है उसका पूरा सरीर सोर्ड से निकली सुनहरी ऊर्जा से चमकने लगता है

कुछ पल बाद सब नार्मल हो जाता है
सूर्य गोल्डन ड्रैगन सोर्ड के साथ वह से गायब हो जाता है

सूर्य जब अपनी आँखे खोलता है तो उसके सामने स्वेत ( वाइट ) ड्रैगन अपने दोनों हाथ मोड पैरो पे खड़ा था
वाइट ड्रैगन .........महाकाल अंश काल का स्वागत है
सूर्य .......हाहाहाहा हम महाकाल अंश अवश्य है पैर आपके लिया काल नहीं सूर्य शिव ठाकुर है
वाइट ड्रैगन ......... हम जानते है जिनके लिया आप काल है उनकी क्या दुर्दशा होती है पैर हमें अभी तक समाज नहीं आया की आपने ये अंतिम चुनौती क्यों राखी जबकि आप यहाँ जब चाहते हम तक पहुंच सकते थे फिर क्यों आपने खुद को इतनी पीड़ा दी क्यों इस मायाजाल को रचा
जबकि आपको इस से पीड़ा के सिवाय कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ
सूर्य ......किसने कहा मुझे कुछ प्राप्त नहीं हुआ
मुझे जो पीड़ा मिली उसका असर कुछ हे देर बाद आप जान जायेंगे
वाइट ड्रैगन ......अब मेरे लिया क्या आदेश है
सूर्य .......अब आप अपना कार्य पुराण कीजिये
वाइट ड्रैगन .......जैसा आप कहे
वाइट ड्रैगन ऊर्जा रूप में बदल कर सूर्य के भीतर समाहित हो जाता है
थड़ा पीछे चलते है जब सूर्य मानसी किरण तीनो दरोगों लोक में पहुंचे उस पहले रात को वाइट ड्रैगन ने सूर्य से सम्पर्क किया था तो आइये जानते है उस सम्पर्क में ऐसी क्या चर्चा हुई
सूर्य किरण मानसी के साथ मस्ती करने के बाद सो जाता है
कुछ 2 हर बाद सूर्य को नींद में किसी की आवाज सुनाई देती है अपने मस्तिक्ष में जिस से सूर्य की आँख खुल जाती है
सूर्य अपने साथ लेती किरण वह मानसी को देखता है
तो दोनों आर्च नग्न ( ब्रा पंतय में ) सूर्य के सीने पे चैन से सोये हुए थी
( यहाँ जो भी चर्चा होगी वह मंद तो मंद होगी )
सूर्य ......कोण हो तुम
आवाज ......महाकाल अंश काल को मेरा परनाम मालिक मैं वाइट ड्रैगन हूँ आपका वहां
सूर्य ......तो अब पता चला तुम्हे हमारे यहाँ होने का
वाइट ड्रैगन ........पता तो उसे वक़्त चल गया था जब आपने खुद से आवर बाकि मानसी आवर किरण.....
सूर्य ......भूलो मत भविष्य में वो दोनों कोण होने वाली है
वाइट ड्रैगन .......क्षमा चाहता हूँ जब आपने सवयं की आवर दोनों मलकिनी की हमसे जुडी ऊर्जा को मुक्त किया आवर वह ऊर्जा हम से आ कर मिली ुशी समय हमें आपके शिष्य में ज्ञात हो गया था
सूर्य ......फिर अभी सम्पर्क क्यों किया आपने
वाइट ड्रैगन .....आपको यहाँ के एक श्राप के विषय में सचेत करने के लिया
सूर्य ......कैसा श्राप आवर क्या वह हम में से किसी से जुड़ा है
वाइट ड्रैगन .........है उस श्राप से आप हे इस लोक को मुक्त कर सकते है
वाइट ड्रैगन जुम्बा समुदाय से जुड़े उस श्रापवके विषय में सब कुछ बता देता है
सूर्य .....अथार्त जूलिया वो लड़की है जो इस समादाय को श्रापित जीवन से मुक्त कर सकती है
वाइट ड्रैगन ......उसके आवर आपके प्रेम मिलान से हे इस श्राप को खंडित किया जा सकता है
सूर्य .....किन्तु वह तो मुझसे प्रेम नहीं करती है न आवर न मैं उसके मंडे मस्तिष्क को पढ़ सकता हूँ
वाइट ड्रैगन .......क्या आप बाकि मालकिनों के मन के भाव पढ़ सकते है
सूर्य .........नहीं क्युकी मैंने सपाट ली है की अपनी सकती का दुरूपयोग नहीं करूंगा आवर मुझसे जुड़े किसी के ऊपर अपनी इस सकती का प्रयोग नहीं करूंगा जिनसे उनके मन में छुपे भाव मुझे पता चले
वाइट ड्रैगन .......इस श्राप के कारन जूलिया भी आप से जुड़ चुकी है
सूर्य .........ठीक है फिर पहले इस सफर की सुरहट इस जुमा समुदाय को श्रापित जीवन से हे मुक्त कर के करता हूँ
वाइट ड्रैगन ......आप इस श्राप से इस लोक को मुक्त करने के बाद अपनी अनुसार जब चाहते हम तक पहुंच सकते है आवर हमसे जुड़ सकते है
सूर्य ......नहीं वाइट ड्रैगन तुम्हे अभी मानसी वह स्वीटी इस सफर को बहुत आसान समाज कर इसके पार्टी सावधान नहीं है
मैं नहीं चाहता की तुम तक हम तीनो आसानी से पहुंचे इस लिया तुम तीनो अपनी इच्छा अनुसार हमें इस सफर में चुनौती दो
जब हम चुनौती का सामना करते हुए तुम तक पहुंचेंगे तब हमें इस बात का अहसास होगा की तुम तीनो को पाने में हमने क्या क्या कठिनाइयों का सामना किया है
जब हम तीनो तुम्हारी सिम्स में प्रवेश करे तो केवल ुशी की सकती कार्य करे जिसके लिया चुनौती हो बाकि 2 की सकती वह कार्य न करे किन्तु ध्यान रहे किसी के जीवन पे संकट आया तो ुस्कुनोति के अंत के साथ चुनौती देने वाले का अंत मैं सवयं करूंगा
वाइट ड्रैगन .......है ये सत्य है की बिना परिश्रम के प्राप्त वास्तु का हमेशा अनुचित हे प्रयोग होता है
सूर्य ......इस लिया आपको चुनौती रखने के लिया कह रहा हूँ
वाइट ड्रैगन ......पैर आपको तो इस विषय में ज्ञात हो चूका
सूर्य .......उसकी आप चिंता न करे हमारी इस चर्चा से जुडी सभी यादे ड्रैगन सोर्ड में कैद हो जायेगे सूर्य की पार्टम किरण के साथ हे मैं या आवर आप इस सम्पर्क के विषय सब भूल जायेंगे केवल याद रहेगा तो ये की आपको हमारे सामने कठिन चुनौती रखनी है
वैसे ब्लैक ड्रैगन का सवभाव कैसा है
वाइट ड्रैगन ..........अपने रूप अनुसार हे उसके उसके विचार है
सूर्य .......सिगरा हे उसे अपने विचार बदलने होंगे
वाइट ड्रैगन ............उचित है मैं उस पल की प्रतीक्षा करूंगा आवर आपके आने का इंतजार जब आप मुझे दर्जन करेंगे
सम्पर्क विछेद ...
परसेंट टाइम
सूर्य के भीतर वाइट ड्रैगन की ऊर्जा समाहित होने के कुछ समय पश्चात हे सूर्य का रूप परिवर्तित होता है सूर्य के पीठ पे वाइट ब्लैक गोल्डन मिक्स पंखो के साथ गोल्डन सोर्ड वह गोल्डन आरमोर के साथ किसी दिव्या प्राचीन योद्धा के जैसे लग रहा था

कुछ हे पल बाद सूर्य के सरीर से वाइट ड्रैगन की ऊर्जा बहार निकलती है आवर वाइट ड्रैगन अपने वास्तविक रूप में
सूर्य के सामने खड़ा था था
वाइट ड्रैगन ........स्वामी अंतरिक्ष के सफर के लिया त्यार हूँ
सूर्य .......उचित है फिर चलो तुम्हारी गति का परिक्षण किया जाये
सूर्य वाइट ड्रैगन पे स्वर हो जैसे हे आगे भड़ने का इसरा करता है अगले हे सं वाइट ड्रैगन आंतरिक में था उसकी उड़ने की गति बहुत आदिक थी

सूर्य .......तुम्हारी गति तो विलक्षण है वाइट ड्रैगन
वाइट ड्रैगन ..........हम तीनो की गति एक सामान है है किन्तु आपसे जुड़ने के बाद मेरी गति आवर आदिक हो गई है
सूर्य ......चलो स्वीटी आवर मानसी के पास चलते है वो हमारी प्रतीक्षा कर रहे है
वाइट ड्रैगन ...........अब तो ब्लैक ड्रैगन को उसके किये की सजा मिल चुकी है आप मालिक से कह कर उसे मुक्त करवा दीजिये
सूर्य ......देखते है अभी भी उसके विचार बदले है की वैसे है है
वही किरण अपने सुनहरी ड्रैगन के साथ लिटेनिंग ड्रैगन के पास सूर्य आवर मानसी का का इन्तजार कर रहे थी
तभी एक तरफ से उसे मानसी आते हुए दिखाई देती है
तभी वह सूर्य अपने वाइट ड्रैगन को लेंड करवाता है
सूर्य .......क्या हुआ स्वीटी ऐसे क्यों देख रही हो
किरण ......वो देखो मानसी अकेले हे आ रही है उसका ड्रैगन नहीं दिख रहा है
कुछ हे पालो में मानसी भी वह आ जाती है
किरण ......मनु तुम्हारा ब्लैक ड्रैगन कहा है
सूर्य ......हाहाहाहा बताओ मनु कहा है ब्लैक ड्रैगन
ब्लैक ड्रैगन ..........मालिक मुझे माफ कर दीजिये आवर मालकिन को मुझे मुक्त करने को कहिये
किरण .......इसका क्या मतलब है मानसी
मानसी ......दीदी इसमें कुछ ज्यादा हे आकद थी इस लिया मैंने उसे अभी तक आजाद नहीं किया है
सूर्य .........अब क्या कहते हो ब्लैक ड्रैगन
ब्लैक ड्रैगन .......मुझे क्षमा करे अपने वैभार के लिया मालकिन आप भी मुझे क्षमा कर दे मालिक
सूर्य ........ठीक है पैर आगे से ध्यान रखना ये तुम्हारी पहली गलती थी इस लिया तुम्हे आजाद करने को कह रहा हूँ आगे अगर ऐसा दुबारा हुआ तो मैं कोई सहायता नहीं करने वाला हूँ
ब्लैक ड्रैगन ......आगे से ऐसा कभी नहीं होगा मालिक
सूर्य के है में गर्दन हिलने पे मानसी ब्लैक ड्रैगन को ाजत कर देती है
ब्लैक ड्रैगन ऊर्जा पुंज में ाजत होता है कुछ पालो में अपना आकर ले कर मानसी वह सूर्य के साथ साथ किरण से भी माफी मांगता है
लिटेनिंग ड्रैगन .......आप तीनो को एक साथ देख कर मुझे इतनी ख़ुशी हो रही है की मैं बया नहीं कर सकता हूँ
वाइट ड्रैगन ब्लैक ड्रैगन आवर सुनहरी ड्रैगन के सामने अपना सर निचे कर लिटेनिंग ड्रैगन उन्हें परनाम करता है
तीनो ड्रैगन उसे आशीर्वाद देते है
किरण ......अब हमें निकलना चाइये आवर आपसे मुझे कुछ पूछना है जो मैं बाद में पूछूँगी
सूर्य ........जनता हूँ स्वीटी क्या पूछना है अभी चलते है सुबह हमें परीलोक के लिया निकलना है
किरण सूर्य मानसी अपने अपने ड्रैगन पे स्वर हो ड्रैगन सिटी की तरफ निकल जाते है ...............
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .........
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...............
ये लास्ट part था ड्रैगन लोक का बूत उम्मीद से कुछ ज्यादा हे बड़ा हो गया है
इस लिया नेक्स्ट अपडेट में कुछ part ड्रैगन लोक से होगा आवर बाकि परीलोक वह अन्य लुक से ............
सूर्य .....किरण कुढ़ को संत कर अपनी बूढी से काम लो
किरण को सूर्य बोलता हुआ तो दिखाई दे रहा था पैर उसे सुनाई कुछ नहीं दे रहा था
किरण .....क्या कह रहे है आप मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा है
सूर्य भी किरण के हिलते हुए होंठ देख प् रहा था पैर उसे सुनाई कुछ भी नहीं दिया
सूर्य .....जरूर कोई सकती है जो स्वीटी की आवाज मुज तक पहुंचे नहीं दे रही है आवर मेरी स्वीटी तक
मुझे कोई तो मार्ग निकलना होगा ताकि स्वीटी तक अपनी बात पंहुचा सकू
मानसी ......क्या हुआ आप किस बारे में बोल रहे है
तभी सूर्य की नजर किरण पे पड़ती है
सामने का दृश्य देख सूर्य के मुख से चीख निकल जाती है
surya........sweeeeeetyyy..........
अब आगे .......
सूर्य के मुँह से निकली चीख से मानसी का ध्यान किरण की आवर गया तो
मानसी की भी रूह कैंप उठी
सामना लावा दानव आने लावा उगलते हाथो में किरण को जकड़े हुए ऊपर उठा रखा था
मानसी ......आप कुछ कीजिये ऐसे तो वह दानव दीदी को मर डालेगा
सूर्य ......मनसीई........ख़बरदार मानसी अपनी जुबान बंद रखो मेरी स्वीटी को कुछ भी हुआ तो मई इस पुरे ड्रैगन लोक ले साथ साथ बाकि सब कुछ नस्ट कर दूंगा
पिछले बार नरकासुर की वजह से मैंने अपना सबकुछ खो दिया उस वक़्त मेरी गलती थी पैर इस बार नहीं
सूर्य की गुस्से में जलती आँखे आवर उसकी दहाड़ सुन मानसी का सरीर कपङे लगता है
मानसी को ऐसा कांपता देख सूर्य को अपने गलती का अहसास होता है
सूर्य ......सॉरी मानसी
सूर्य वही ध्यान में बेथ जाता है आवर अपनी कुंडलिनी सकती जागृत करने लगता
साथ अपने पांच तत्वों की सकती को अंनियंत्री छोड़ देता है
जैसे जैसे सूर्य के सरीर से साल्ट रैंगिंग ऊर्जा निकलती है वैसे वैसे मानसी को उस ऊर्जा से पीड़ा होने लगती है
साथ हे वह अदृश्य घेरा भी सामने आ जाता है
वही किरण अपनी पूरी ताकद लगा कर उस लावा दानव के जकड़न से आजाद हो जाती है
लावा दानव अपने हाथो से सीकर को निकलता देख गुस्से में अपना भरी भरकम पेअर किरण को करता है जिस से किरण काफी दूर जा गिरती है
आवर किरण. के मुँह से खून निकलने लगता है
तभी किरण के मस्तिक्ष में सूर्य की आवाज सुनाई देती है
सूर्य .....स्वीटी मैं जनता हूँ तुम्हे बहुत आदिक पीड़ा हो रही है पैर तुम्हे अपने क्रोध पे नियंतरण करना होगा
अपनी बूढी का प्रयोग करो तुम उसे हटा सकती हो बस अपना वॉर आवर ध्यान उचित स्थान पे केंद्रित करो
किरण ......मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा है भाई
ीदार सूर्य की हालत देख मानसी को सूर्य की चिंता होने लगती है
क्युकी सूर्य उस कवच में से स्वीटी को सम्पर्क जाने के लिया अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा का प्रयोग कर रहा था जिस के कारन सूर्य के नाक से रकत बहने लगता है
सूर्य .......खुद को संत कर उसकी आँखों में ध्या से देखो स्वीटी तुम्हे इसके अंत का रास्ता मिल जायेगा
इतना कहते हे सूर्य उस कवच में हे मूर्छित हो जाता है
किरण की जब नजर सूर्य के मुचित लशु लुहान चेहरे पड़ती है तो उसे लावा दानव पे बहुत गुस्सा आता है
आवर किरण अपनी पूरी ताकत के साथ लावा दानव पे वॉर करने लगती है
.किसी ने सच कहा क्रोध में इंसान अपनी बूढी का प्रयोग करना हे भूल जाता है ....
यही किरण के साथ जो रहा था सूर्य को इस हल में देख उसका क्रोध जागृत होती उठा आवर वह क्रोधवश लावा दानव पे अपनी ऊर्जा वायरत कर रही थी
मानसी ......ये दीदी को क्या होगा गया वो इतने क्रोध में है जबकि उन्हें संत आवर बूढी से इसका सामना करना चाइये क्या कृ ये भी मूर्छित है
मानसी को कुछ भी समाज नहीं आ रहा था की वो कैसे सूर्य आवर किरण की सहायता करे
किरण अभी भी ुशी रफ़्तार से लावा दानव से योध कर रही थी
मानसी को आवर कोई विचार नहीं सुजा तो वह भी वही सुरक्षा कवच में ध्यान लगा कर बेथ जाती है
करीबन 30 मिनट्स से भी ऊपर समय हो चूका था किरण को लावा दानव सड़ योध करते हुए किन्तु न किरण थकने का नाम ले रही थी आवर न hi लावा दानव पे किसी तरह की थकन नजर आ रही थी
किरण .....इसे कैसे ख़तम करू इस्पे तो मेरे ऊर्जा सकती का कोई प्रभाव हे नहीं हो रहा है
न हे सोर्ड के प्रहार से उसे कोई हानि पहुंच रही है
किरण ये सब लावा दानव से लड़ते हुए बोल रही थी
तभी किरण की नजर एक बार फिर सूर्य पे पड़ती है जो अभी भी मूर्छित था
किरण का गेस एक बार फिर भढने लगता है
तबजि सूर्य के बगल में ध्यान में लीं मानसी को देख किरण को सूर्य दवारा कही बात का स्मरण होता है
( संत आवर बूढी से कार्य लो उसकी आँखों में देखे स्वीटी उसकी आँखे)
जैसे ये सबद बार बार किरण के मंद में गूंजने लगते इस दौरान एक बार फिर लावा दानव को किरण पे वॉर करने का मौका मिलता है
जिसका पूरा लाभ लावा दानव उठाया है आवर किरण इस वक़्त सूर्य के सब्दो में खोई हुई थी इस लिया वह सवयं का बचाव भी नहीं कर पारी है आवर लावा दानव के वॉर को विफल न कर पाने के कारन किरण काफी दूर जा गिरती है
किन्तु इस बार जैसे किरण ने कुछ द्रिसड निस्चय कर लिया हो पथरो पे गिरते हे किरण बड़ी फुर्ती के साथ उठ कड़ी होती है
लावा दानव किरण की आवर भाड़ रहा था
किरण बहुत हे ध्यान से उसकी उस सुहारी आँख को देख रही थी जो उसे अपनी आवर आकर्षित कर रही थी
जैसे हे लॉज़ दानव किरण के सामने पहुंच कर फिर से अपने हाथो में जकड़ने के लिया हाथ बढ़ता है
किरण जैसे ुशी पल का इन्तजार कर रही थी वह जम्प करते हुए लावा दानव के उस पथरीले हाथ पे जम्प करते हुए डॉट हुए बड़ी तेजी से उसके मंडे तक जा पहुँचती है
आवर अपनी सोर्ड उस सुनहरी आँख में दे गुस्सा देती है
सोर्ड से जैसे हे सुनहरी आँख नस्ट होती है उसके से गोल्डन स्टोन निकल कर किरण के सीने में समाहित हो जाता है
ुशी के साथ हे लावा दानव पूरी तरह पत्थर में तब्दील हो कर खंड खंड हो जाता है
लावा दानव के ख़तम होते हे किरण तेजी से सूर्य के पास पहुँचती है
लावा दानव के मरते हे सूर्य मानसी उस कवच से मुक्त होने जाते है आवर सूर्य की जो ऊर्जा उसके सरीर से बहार थी वह वापिस अपने उचित स्थान पे चली जाती है
किरण सूर्य का सर अपनी गॉड में रख सुबकने लगती है
मानसी भी अपने ध्यान से बहार निकल आई थी कवच से मुक्त होते हे
किरण .....उठो न भाई देखो मैंने उस दानव को ख़तम कर दिया है
प्लेसेस भाई अब तो उठो न
सूर्य को अपने ग्लैड में लेताये किरण आंसू बहार रही थी वही सूर्य के नाक से जो रकत जहा था
वह डेरी डेरी गायब होने लगता है आवर सूर्य अपनी आँखे खोल देता है
सूर्य की आँखे खुलते हे उसकी आँखों के सामने आंसुओ से भिगान स्वीटी का चेहरा था
सूर्य ......स्वीटी तुम ठीक तो हो न
सूर्य की आवाज सुन किरण आवर मानसी की जान में जान आती है
दोनों को जहा जगह मिली वही सूर्य के चेहरे पे चुम्बनों की बौछार कर देती है
सूर्य भी उन दोनों के प्यार से विभोर हो उन्हें रोकने कोशिश नहीं करता है
जब दोनों के दिल को सन्ति मिलती है तब दोनों संत होती है आवर सूर्य को एक तक निहारने लगती है
सूर्य ......तुम दोनों ऐसे क्यों देख रही हो मुझे
किरण ......आपको प्यार करने का दिल कर रहा है
सूर्य ....अभी अभी तो किया है अगर मन नहीं भरा है तो आवर करलो
मानसी .....वो ादुरा प्यार नहीं दीदी का मतलब है पूर्ण प्रेम मिलान
सूर्य .....क्या पागल हो गई जो क्या विवाह से पहले ऐसा कुछ सोचना भी नहीं
किरण .......तो कर लीजिये न विवाह
सूर्य .......वो करूँगा हे पैर आज मेरी स्वीटी की सही अच्चानक विवाह पे क्यों ातक गई है
किरण ......आपका क्या आप तो किसी न किसी संग प्रेम संसर्ग बना लेते है पैर हम लड़कियों का क्या जो आपको देख खुद को रोकती है है
मानसी .....है दीदी आपने सच कहा इन्हे देखने के बाद बहुत मुश्किल होता है कुढ़ को सँभालने में
सूर्य ......ठीक है फिर हम यहाँ से चलते हे गुरुदेव से इस विषय में बात करूंगा
अब हमें आगे भढना चाइये क्युकी अभी तक हमने गोल्डन ड्रैगन सोर्ड प्राप्त नहीं की है
आवर उसके बिना हम अपनी इस सफर को पूरा नहीं कर सकते है
सूर्य किरण वह मानसी का हाथ थम उस जलती हुए जवालामुखी की ुर निकल पड़े
सूर्य को थोड़ा अजीब लग रहा था
क्युकी किरण वह मानसी ने अपनी चुनौती पूर्ण कर ली थी अब उसकी बारी थी थी पैर अभी तक उसे कोई भी चुनौती नहीं मिली थी
तीनो लावा को पर कद थे हुए गुफा में प्रवेश कर जाते है
सामने हे गोल्डन ड्रैगन सोर्ड थी

सूर्य ......मुझे लगता है यही गोल्डन ड्रैगन सोर्ड है क्यों स्वीटी
सूर्य की आवाज पे किरण ने कोई जबाब नहीं दिया
सूर्य ......क्या हुआ स्वीटी तुम जबाब क्यों नहीं दे रही हो
देखो मैं परीलोक पहुंचते हे गुरुदेव से बात करता हूँ न हमारे विवाह को ले कर के
इस बार भी जब किरण ने कोई जबाब नहीं दिया तो
सूर्य पलट कर किरण को देखता है तो सामने किरण कड़ी थी पैर कुछ अजीब था उसकी नजरे ड्रैगन सोर्ड पे तिकी हुई थी पैर जैसे वो किरण न हो कर उसका जीता जगह पुतला हो
सूर्य मानसी को देखता है तो उसका भी यही हाल था
सूर्य .....मतलब की अब जो भी चुनौती है वह मुझे अकेले हे पर करनी होगी
पैर चुनौती क्या है अभी तक तो ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा जैसे स्वीटी आवर मानसी की चुनौती में था
सूर्य किरण वह मानसी को टच करने की कोशिश करता है पैर कोई अदृश्य सकती सूर्य को दोनों को हे टच नहीं करने दे रही थी
सूर्य .....मतलब की दोनों किसी अदृश्य सकती से बने कवच में लाईड है आवर ये तभी मुक्त होंगी जब मेरी चुनौती पूर्ण होगी
सूर्य काफी समय तक ीदार से उदार देखता
जैसे कोई पहेली हो कुछ आवर जब उसे ऐसा कुछ भी नजर नहीं आता है तो वह वही बेथ जाता है आवर गौर से गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को देखने लगता है
सूर्य को अपने अंदर गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को ले कर खिचाव सा महसूस होता है
सूर्य वह उठ कर गोल्डन ड्रैगन सोर्ड की तरफ भाड़ जाता है
सूर्य जैसे जैसे आगे भाड़ रहा था गोल्डन ड्रैगन सोर्ड का सुनहरा प्रकाश आवर तेज होने लगता है
साथ वह के लीव में भी हलचल सुरु हो जाती है
जैसे हे सूर्य ड्रैगन सोर्ड से कुछ दुरी पे पहुँचती है तो
उसे आभाष होता है की गोल्डन ड्रैगन सोर्ड किसी तरह के सुरक्षा चक्र में सुरक्षित है
सूर्य अपने दोनों हाथ आगे कर उस सुरक्षा कवच को छूटा है
उसके एक बार तो हल्का जतका मह्सुश होता है
इस लिया सूर्य अपने हाथ पीछे कर लेता है
पैर इस किर्या से गोल्डन ड्रैगन सोर्ड आवर आदिक चमकाने लगती है
जिसकी चमक से आकर्षित हो सूर्य एक बार फिर से
उस सुरक्षा कवच को टच करता है इस बार उसे कोई जतका नहीं लगता है
सूर्य अपने हाथ पीछे लेने की कोशिश करता है
पैर तब तक देर हो चुकी थी सूर्य के दोनों हाथ उस अदृश्य कवच से चिपक चुके थे
गुफा िस्थित लावे में हलचल तेज होने लगती है
देखते देखते वह मौजूद आवर जो लावा पहाड़ के ऊपर से बाह कर बहार जा रहा था उस में गोल्डन ऊर्जा निकल कर सूर्य की आवर भढ़ती है
आवर सीधा सूर्य के पीठ पे बने वाइट ड्रैगन टैटू से जा टकराती है इसके साथ हे सूर्य के मुँह से दर्दनाक कारणभेदी चीख से पूरी गुफा गूंज उठी
साथ हे सूर्य के सरीर पे जो वस्त्र थे वह भी जल कर नस्ट होती जाते है
इस वक़्त सूर्य पुराण नग्न जो कर मनो किसी अदृश्य दिवार पे हाथ टिकाये खड़ा हो
लावे से निकलती गोल्डन ऊर्जा जैसे जैसे सूर्य के सरीर में प्रवेश कर रही थी वैसे वैसे सूर्य का पूरा सरीर अदृश्य होने लगता है
आवर उसके स्थान पे सूर्य किसी आवर हे रूप में नजर आने लगता है
डेरी डेरी सूर्य की पीड़ा इस कदर भाड़ जाती है की सूर्य का सरीर उस पीड़ा के चलते अपने सरीर का भर तक नहीं उठा प् रहा था
आवर सूर्य अपने गुथनो पे आ जाता है अभी भी सूर्य के हाथ उसे तरह चिपके हुए थे
डेरी डेरी जवालामुख का लावा ठंडा पड़ने लगता है
आवर गोल्डन ऊर्जा भी बहुत काम मात्रा में अब वह पे मौजूद थी
जब लावा से निकली पूरी ऊर्जा सूर्य में समाहित होने जाती है तब एक विश्पोट होता है आवर सूर्य उस विस्पोट की वजह से पीछे की तरफ लुढ़क जाता है
सूर्यक का सरीर अभी भी पारदर्शी गोल्डन ऊर्जा जैसे हे part आईटी हो रहा था
इस विस्पोस्ट के साथ हे किरण वह मानसी दोनों आजाद हो जाती है
दोनों की आँखों से be-thasha आंसू बाह रहे थे
दोनों डॉट हुए सूर्य के पास आती है
आवर सूर्य को पकड़ कर खड़ा करती है
किरण मानसी .........आप ठीक तो है न
सूर्य .....अह्ह्ह्हह है मैं अह्ह्ह ठीक हूँ मुझे गोल्डन ड्रैगन सोर्ड के पास ले चलो
किरण मानसी सूर्य को पकड़ कर 7,8 फिट दूर हवा में स्थित गोल्डन ड्रैगन सोर्ड के सामने ले आती है
सूर्य ......मानसी जाओ जा कर गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को पकड़ो वो तुम्हे ब्लैक ड्रैगन तक पंहुचा देगी तुम्हे वह ब्लैक ड्रैगन से जुड़ना है कितने संत आवर पवित्र मन से उसके सामने जाओगी वो तुमसे उतनी हे जल्दी जुड़ पायेगा
सूर्य की बात सुन मानसी अपनी आँखे बंद कर लम्बी लम्बी सांसे लेती है आवर 2 मिनट्स बाद आँखे खो सूर्य को देखती है
सूर्य आगे भाड़ मानसी के होंठ वह माथे पे चुम कर उसे हौसला देता है
की उसे उम्मीद है तुम जरूर सफल होगी
मानसी किरण से मिल कर गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को पकड़ती है
मानसी के गोल्डन ड्रैगन सोर्ड पकड़ते हे वह वह से गायब हो कर ब्लैक ड्रैगन के सामने जा पहुंची
सूर्य ......स्वीटी अब तुम्हारी बरी है
किरण .......जानती हूँ जान हम जल्द हे अपने अपने ड्रैगन के साथ मिलते है उम्मम्मम्मम्हा लव यू जान
सूर्य ........ी लव यू तू स्वीटी ुम्मम्हा अपना ख्याल रखना
किरण .....जी भाई
किरण आगे भाड़ गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को टच करती है तो एक गोल्डन ऊर्जा उसे घर लेती है आवर अगले पल किरण एक गोल्डन ड्रैगन बचे के सामने थी जो दिकने में बहुत प्यार था

किरण अपने सामने इतने खूबसूरत प्यारी क्यूट से सुनहरे ड्रैगन बचे को देख कर बहुत खुश होती
किरण ......वाओ ये जितना प्यारा है खूबसूरत है पैर ये इतना छोटा क्यों है
क्या यही मेरा गोल्डन ड्रैगन है या फिर कोई आवर है
गोल्डन ड्रैगन .....मैं हे हूँ आपकी सुनहरी ड्रैगन (फीमेल ) आप मेरे आकर पे मत जाइये आपसे जुड़ने के बाद मेरा वास्तविक आकर का विकाश होगा
किरण आगे भाड़ प्यार से सुनहरी ड्रैगन के माथे पे अपना हाथ रख सहला देती है
किरण ......तुम लड़की हो ी मैं मज़ा ड्रैगन
सुनहरी ड्रैगन .....है क्युकी आप मादा हो इस लिया मेरा जनम भी मज़ा रूप में हुआ है
आवर आपकी कठिन परीक्षा लेने के लिया मुझे क्षमा करे आपको पीड़ा हुई उसके लिया मैं आपसे क्षमा चाहती हूँ
किरण .....मैंने तुम्हे क्षमा किया ुम्मम्हा
किरण द्वारा सुनहरी ड्रैगन को किश किये जाने पे सुनहरी ड्रैगन एक सुनहरे ऊर्जा पुंज में में बदल कर किरण में समाहित होने जाता है है
ुशी के साथ किरण का रूप परिवर्तित होने लगता है

किरण के सरीर में सुनहरी ड्रैगन की ऊर्जा ने जैसे हे किरण के सरीर में प्रवेश किया उसके साथ हे किरण वह सुनहरी ड्रैगन की ऊर्जा सकती आपस में जुड़ जाती है आवर दोनों का मन मस्तिष्क आवर सकती एक हो जाती है
किरण का पुरे सरीर पे गोल्डन कवच आ चूका था आवर उसकी पीठ पे सुनहरी पंख जो की सुनहरी ड्रैगन के सकती का प्रतीक था
मनो हजारो धारदार गोल्डन सोर्ड से इन पंखो का निर्माण खाश टूर पे किरण के लिया हे किया होगा
कुछ देर बाद सुनहरी ऊर्जा पुंज किरण से सरीर से निकल कर गुफा को तोड़ते हुए आकाश में चली जाती है
किरण भी उसे जगह स अपने पंख फैलाये हुए ाखश की आवर छलांग लगा देती है
सुनहरी ऊर्जा पुंज आकाश में अपना आकर लेने लगता है
देखते हे देखते एक विशालकाय सुनहरी ड्रैगन के रूप में सुनहरी ऊर्जा पुंज किरण के सामने थी
सुनहरी ड्रैगन कुछ देर आकाश में अपनी उड़न भरने के बाद किरण के सामने जमीं पे उतर आता है

किरण चलन लगा कर सुनहरी ड्रैगन के पीठ पे स्वर हो जाती है
किरण को अपनी पीठ पे स्वर होते हे सुनहरी ड्रैगन ख़ुशी का इजहार करते हुए आकाश में एक लम्भी चालान लगा देती है
वही मानसी जब गुफा में पहुंची तो वह ब्लैक ड्रैगन ुशी का इंतजार कर रहा था
मानसी ब्लैक ड्रैगन के सामने जा कड़ी होती है
ब्लैक ड्रैगन ...... आप वही क्यों रुक गई आगे भेड़िये आवर मुझे सवीकार कीजिये
मानसी ......पहले मैं कुछ जानना चाहती हूँ
ब्लैक ड्रैगन ......क्या जानना है आपको मुझसे
मानसी ......मुझे चुनौती किसने दी थी थी यहाँ पहुंचे पे वो सकती किसकी थी लावा ड्रैगन के रूप में
ब्लैक ड्रैगन .......वो आपकी परीक्षा थी वह लावा ड्रैगन के रूप में मेरी ऊर्जा का अंश था जो आपको मिला अपनी चुनौती पूर्ण करने पे
मानसी ......... तुम्हारी उस चुनौती मुझे अब तक की सबसे बड़ी पीड़ा दी तुम्हे ज्ञात भी है तुम्हारी उस चुनौती ने जिसे पीड़ा दी
ब्लैक ड्रैगन ........आप भूल रही है वो सब केवल चुनौती थी
मानसी ......भले वो सब केवल एक परीक्षा थी पैर तुम्हारी वजह से उन्हें कितनी पीड़ा उठानी पड़ी
ब्लैक ड्रैगन .......तो आप क्या चाहती है मैं इनसे क्षम्य मांगती फिरू आप भूल रही है की मैं कोण हूँ
मानसी को ब्लैक ड्रैगन का ऐसा रवैया सूर्य के पार्टी बिलकुल भी पसंद नहीं आ रहा था पैर उसने कुछ न कहा आवर खुद को संत किया
मानसी ....मुझे आपके साथ जुड़ने के लिया क्या करना होगा
ब्लैक ड्रैगन .......आपको मेरे मस्तिक्ष से अपने मस्तिष्क जोड़ना होगा
मानसी आगे भाड़ ब्लैक ड्रैगन ( मादा ) के चेहरे को थम कर अपना सर आगे करती है

ब्लैक ड्रैगन ख़ुशी ख़ुशी अपना सर मानसी के सर से जोड़ देता है अगले हे पल ब्लैक ड्रैगन की चीखे निकलने लगती हो
पैर ब्लैक ड्रैगन छह कर भी मानसी की पकड़ से आजाद नहीं हो प् रहा था
डेरी डेरी ब्लैक ड्रैगन ब्लैक ऊर्जा पुंज में तब्दील हो जाता है आवर मानसी के भीतर समहति हो जाता है
मानसी से जज हे ब्लैक ड्रैगन को तकलीफ होने लगती है
बहार मानसी का रूप परिवर्ती हो चूका था आवर उसके पीठ में ब्लैक एंड रेड मिक्स कलर के पंख निकल आये थे
ब्लैक ड्रैगन ..........मुझे मुक्त करो
मानसी ......तुमने मेरे प्रेम आवर अपने स्वामी का अपमान किया उन्हें पीड़ा पहुंचे अब तुम मेरी ुशी सरीर में लाईड रहोगे जब तक मैं तुम्हे मुक्त नहीं करती हूँ
ब्लैक ड्रैगन अंदर हे अंदर चिलता रहा पैर मानसी ने उसकी एक न सुनी आवर वह से उड़ते हे ेल दिशा की आवर भाड़ गई
वही किरण के गायब होने जाने के पश्चात सूर्य गोल्डन ड्रैगन सोर्ड के सामने पंहुचा
सूर्यक गोल्डन ड्रैगन सोर्ड को परनाम करता है
सूर्य ....ही दिव्या तेजस्वी सोर्ड आपका निर्माण गुरुदेव के प्रायश्चित तप आवर परबु महाकाल की इच्छा से हुआ है
क्या मुझे आपको दर्जन करने की इजाजत है
गोल्डन सोर्ड .....मेरा निर्माण हे परबु महाकाल की इच्छा से आपके लिया हुआ है
केवल आप आवर आपका अर्ध भाग हे मुझे धारण कर सकता है आपको इजाजत है मुझे धारण करने की
जैस सूर्य सोर्ड को टच करता है उसका पूरा सरीर सोर्ड से निकली सुनहरी ऊर्जा से चमकने लगता है

कुछ पल बाद सब नार्मल हो जाता है
सूर्य गोल्डन ड्रैगन सोर्ड के साथ वह से गायब हो जाता है

सूर्य जब अपनी आँखे खोलता है तो उसके सामने स्वेत ( वाइट ) ड्रैगन अपने दोनों हाथ मोड पैरो पे खड़ा था
वाइट ड्रैगन .........महाकाल अंश काल का स्वागत है
सूर्य .......हाहाहाहा हम महाकाल अंश अवश्य है पैर आपके लिया काल नहीं सूर्य शिव ठाकुर है
वाइट ड्रैगन ......... हम जानते है जिनके लिया आप काल है उनकी क्या दुर्दशा होती है पैर हमें अभी तक समाज नहीं आया की आपने ये अंतिम चुनौती क्यों राखी जबकि आप यहाँ जब चाहते हम तक पहुंच सकते थे फिर क्यों आपने खुद को इतनी पीड़ा दी क्यों इस मायाजाल को रचा
जबकि आपको इस से पीड़ा के सिवाय कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ
सूर्य ......किसने कहा मुझे कुछ प्राप्त नहीं हुआ
मुझे जो पीड़ा मिली उसका असर कुछ हे देर बाद आप जान जायेंगे
वाइट ड्रैगन ......अब मेरे लिया क्या आदेश है
सूर्य .......अब आप अपना कार्य पुराण कीजिये
वाइट ड्रैगन .......जैसा आप कहे
वाइट ड्रैगन ऊर्जा रूप में बदल कर सूर्य के भीतर समाहित हो जाता है
थड़ा पीछे चलते है जब सूर्य मानसी किरण तीनो दरोगों लोक में पहुंचे उस पहले रात को वाइट ड्रैगन ने सूर्य से सम्पर्क किया था तो आइये जानते है उस सम्पर्क में ऐसी क्या चर्चा हुई
सूर्य किरण मानसी के साथ मस्ती करने के बाद सो जाता है
कुछ 2 हर बाद सूर्य को नींद में किसी की आवाज सुनाई देती है अपने मस्तिक्ष में जिस से सूर्य की आँख खुल जाती है
सूर्य अपने साथ लेती किरण वह मानसी को देखता है
तो दोनों आर्च नग्न ( ब्रा पंतय में ) सूर्य के सीने पे चैन से सोये हुए थी
( यहाँ जो भी चर्चा होगी वह मंद तो मंद होगी )
सूर्य ......कोण हो तुम
आवाज ......महाकाल अंश काल को मेरा परनाम मालिक मैं वाइट ड्रैगन हूँ आपका वहां
सूर्य ......तो अब पता चला तुम्हे हमारे यहाँ होने का
वाइट ड्रैगन ........पता तो उसे वक़्त चल गया था जब आपने खुद से आवर बाकि मानसी आवर किरण.....
सूर्य ......भूलो मत भविष्य में वो दोनों कोण होने वाली है
वाइट ड्रैगन .......क्षमा चाहता हूँ जब आपने सवयं की आवर दोनों मलकिनी की हमसे जुडी ऊर्जा को मुक्त किया आवर वह ऊर्जा हम से आ कर मिली ुशी समय हमें आपके शिष्य में ज्ञात हो गया था
सूर्य ......फिर अभी सम्पर्क क्यों किया आपने
वाइट ड्रैगन .....आपको यहाँ के एक श्राप के विषय में सचेत करने के लिया
सूर्य ......कैसा श्राप आवर क्या वह हम में से किसी से जुड़ा है
वाइट ड्रैगन .........है उस श्राप से आप हे इस लोक को मुक्त कर सकते है
वाइट ड्रैगन जुम्बा समुदाय से जुड़े उस श्रापवके विषय में सब कुछ बता देता है
सूर्य .....अथार्त जूलिया वो लड़की है जो इस समादाय को श्रापित जीवन से मुक्त कर सकती है
वाइट ड्रैगन ......उसके आवर आपके प्रेम मिलान से हे इस श्राप को खंडित किया जा सकता है
सूर्य .....किन्तु वह तो मुझसे प्रेम नहीं करती है न आवर न मैं उसके मंडे मस्तिष्क को पढ़ सकता हूँ
वाइट ड्रैगन .......क्या आप बाकि मालकिनों के मन के भाव पढ़ सकते है
सूर्य .........नहीं क्युकी मैंने सपाट ली है की अपनी सकती का दुरूपयोग नहीं करूंगा आवर मुझसे जुड़े किसी के ऊपर अपनी इस सकती का प्रयोग नहीं करूंगा जिनसे उनके मन में छुपे भाव मुझे पता चले
वाइट ड्रैगन .......इस श्राप के कारन जूलिया भी आप से जुड़ चुकी है
सूर्य .........ठीक है फिर पहले इस सफर की सुरहट इस जुमा समुदाय को श्रापित जीवन से हे मुक्त कर के करता हूँ
वाइट ड्रैगन ......आप इस श्राप से इस लोक को मुक्त करने के बाद अपनी अनुसार जब चाहते हम तक पहुंच सकते है आवर हमसे जुड़ सकते है
सूर्य ......नहीं वाइट ड्रैगन तुम्हे अभी मानसी वह स्वीटी इस सफर को बहुत आसान समाज कर इसके पार्टी सावधान नहीं है
मैं नहीं चाहता की तुम तक हम तीनो आसानी से पहुंचे इस लिया तुम तीनो अपनी इच्छा अनुसार हमें इस सफर में चुनौती दो
जब हम चुनौती का सामना करते हुए तुम तक पहुंचेंगे तब हमें इस बात का अहसास होगा की तुम तीनो को पाने में हमने क्या क्या कठिनाइयों का सामना किया है
जब हम तीनो तुम्हारी सिम्स में प्रवेश करे तो केवल ुशी की सकती कार्य करे जिसके लिया चुनौती हो बाकि 2 की सकती वह कार्य न करे किन्तु ध्यान रहे किसी के जीवन पे संकट आया तो ुस्कुनोति के अंत के साथ चुनौती देने वाले का अंत मैं सवयं करूंगा
वाइट ड्रैगन .......है ये सत्य है की बिना परिश्रम के प्राप्त वास्तु का हमेशा अनुचित हे प्रयोग होता है
सूर्य ......इस लिया आपको चुनौती रखने के लिया कह रहा हूँ
वाइट ड्रैगन ......पैर आपको तो इस विषय में ज्ञात हो चूका
सूर्य .......उसकी आप चिंता न करे हमारी इस चर्चा से जुडी सभी यादे ड्रैगन सोर्ड में कैद हो जायेगे सूर्य की पार्टम किरण के साथ हे मैं या आवर आप इस सम्पर्क के विषय सब भूल जायेंगे केवल याद रहेगा तो ये की आपको हमारे सामने कठिन चुनौती रखनी है
वैसे ब्लैक ड्रैगन का सवभाव कैसा है
वाइट ड्रैगन ..........अपने रूप अनुसार हे उसके उसके विचार है
सूर्य .......सिगरा हे उसे अपने विचार बदलने होंगे
वाइट ड्रैगन ............उचित है मैं उस पल की प्रतीक्षा करूंगा आवर आपके आने का इंतजार जब आप मुझे दर्जन करेंगे
सम्पर्क विछेद ...
परसेंट टाइम
सूर्य के भीतर वाइट ड्रैगन की ऊर्जा समाहित होने के कुछ समय पश्चात हे सूर्य का रूप परिवर्तित होता है सूर्य के पीठ पे वाइट ब्लैक गोल्डन मिक्स पंखो के साथ गोल्डन सोर्ड वह गोल्डन आरमोर के साथ किसी दिव्या प्राचीन योद्धा के जैसे लग रहा था

कुछ हे पल बाद सूर्य के सरीर से वाइट ड्रैगन की ऊर्जा बहार निकलती है आवर वाइट ड्रैगन अपने वास्तविक रूप में
सूर्य के सामने खड़ा था था
वाइट ड्रैगन ........स्वामी अंतरिक्ष के सफर के लिया त्यार हूँ
सूर्य .......उचित है फिर चलो तुम्हारी गति का परिक्षण किया जाये
सूर्य वाइट ड्रैगन पे स्वर हो जैसे हे आगे भड़ने का इसरा करता है अगले हे सं वाइट ड्रैगन आंतरिक में था उसकी उड़ने की गति बहुत आदिक थी

सूर्य .......तुम्हारी गति तो विलक्षण है वाइट ड्रैगन
वाइट ड्रैगन ..........हम तीनो की गति एक सामान है है किन्तु आपसे जुड़ने के बाद मेरी गति आवर आदिक हो गई है
सूर्य ......चलो स्वीटी आवर मानसी के पास चलते है वो हमारी प्रतीक्षा कर रहे है
वाइट ड्रैगन ...........अब तो ब्लैक ड्रैगन को उसके किये की सजा मिल चुकी है आप मालिक से कह कर उसे मुक्त करवा दीजिये
सूर्य ......देखते है अभी भी उसके विचार बदले है की वैसे है है
वही किरण अपने सुनहरी ड्रैगन के साथ लिटेनिंग ड्रैगन के पास सूर्य आवर मानसी का का इन्तजार कर रहे थी
तभी एक तरफ से उसे मानसी आते हुए दिखाई देती है
तभी वह सूर्य अपने वाइट ड्रैगन को लेंड करवाता है
सूर्य .......क्या हुआ स्वीटी ऐसे क्यों देख रही हो
किरण ......वो देखो मानसी अकेले हे आ रही है उसका ड्रैगन नहीं दिख रहा है
कुछ हे पालो में मानसी भी वह आ जाती है
किरण ......मनु तुम्हारा ब्लैक ड्रैगन कहा है
सूर्य ......हाहाहाहा बताओ मनु कहा है ब्लैक ड्रैगन
ब्लैक ड्रैगन ..........मालिक मुझे माफ कर दीजिये आवर मालकिन को मुझे मुक्त करने को कहिये
किरण .......इसका क्या मतलब है मानसी
मानसी ......दीदी इसमें कुछ ज्यादा हे आकद थी इस लिया मैंने उसे अभी तक आजाद नहीं किया है
सूर्य .........अब क्या कहते हो ब्लैक ड्रैगन
ब्लैक ड्रैगन .......मुझे क्षमा करे अपने वैभार के लिया मालकिन आप भी मुझे क्षमा कर दे मालिक
सूर्य ........ठीक है पैर आगे से ध्यान रखना ये तुम्हारी पहली गलती थी इस लिया तुम्हे आजाद करने को कह रहा हूँ आगे अगर ऐसा दुबारा हुआ तो मैं कोई सहायता नहीं करने वाला हूँ
ब्लैक ड्रैगन ......आगे से ऐसा कभी नहीं होगा मालिक
सूर्य के है में गर्दन हिलने पे मानसी ब्लैक ड्रैगन को ाजत कर देती है
ब्लैक ड्रैगन ऊर्जा पुंज में ाजत होता है कुछ पालो में अपना आकर ले कर मानसी वह सूर्य के साथ साथ किरण से भी माफी मांगता है
लिटेनिंग ड्रैगन .......आप तीनो को एक साथ देख कर मुझे इतनी ख़ुशी हो रही है की मैं बया नहीं कर सकता हूँ
वाइट ड्रैगन ब्लैक ड्रैगन आवर सुनहरी ड्रैगन के सामने अपना सर निचे कर लिटेनिंग ड्रैगन उन्हें परनाम करता है
तीनो ड्रैगन उसे आशीर्वाद देते है
किरण ......अब हमें निकलना चाइये आवर आपसे मुझे कुछ पूछना है जो मैं बाद में पूछूँगी
सूर्य ........जनता हूँ स्वीटी क्या पूछना है अभी चलते है सुबह हमें परीलोक के लिया निकलना है
किरण सूर्य मानसी अपने अपने ड्रैगन पे स्वर हो ड्रैगन सिटी की तरफ निकल जाते है ...............
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .........
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...............
ये लास्ट part था ड्रैगन लोक का बूत उम्मीद से कुछ ज्यादा हे बड़ा हो गया है
इस लिया नेक्स्ट अपडेट में कुछ part ड्रैगन लोक से होगा आवर बाकि परीलोक वह अन्य लुक से ............


















