- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 36,829
अपडेट. 46
गुरुदेव गौर अनर्थ हो गया है
उसको पता चल चूका है की जिनलोक आवर प्रेतलोक की सकतिया सूर्य के पास है
आवर इस वक़्त सूर्य के पास न जिनलोक आवर न प्रेतलोक की पूर्ण सकती है
मुझे शीघ्र हे उनको यहाँ लाना होगा
नहीं तो सब कुछ तबाह जो जायेगा
मुझे राजन से बात करनी होंगी तीनो लुक के
कुछ देर बाद एक बंद ककस में जिनलोक के राजा. प्रेतलोक के राजा आवर पार्क लुक की महारानी तीनो एक कसक में मौजूद थे....
अब आगे ..........
गुरुदेव .........आप तीनो का बहुत बहुत शुक्रिया जो आप तीनो हे समय की गंभीरता को समाज कर इस गुप्त सभा में शामिल हुए
रानी pari.......guruvar हमें आपने यहाँ आने का सन्देश दिया है तो कुछ जरूरी हे विषय होगा
प्रेतराज .....है गुरुवार आप इस विषय पे कुछ बताने का लास्ट करे
gurudev......chandal को सूर्य का पता चल चूका है
तीनो हे गुरुदेव की बात सुन कर मुद्दे की गंभीरता को समाज चुके थे
प्रेतराज ऐसा कैसे जो सकता है गुरुवार
गुरुदेव ......हम भी इस विषय कुछ भी ज्ञात नहीं कर प् रहे है
हमने बहुत कोसिस की किन्तु असफल रहे कुछ भी पता करने में
रानी पारी .....अब क्या सोचा है गुरुवार हमें कुछ तो करना होगा इतने वर्षो की प्रतीक्षा के बाद ये शुभ समय आने वाला था
गुरुदेव ......एक बुरी खबर आवर है हम सब के लिया
प्रेतराज ......अब इस से बुरी खबर क्या जो सकती है गुरुवार
गुरुदेव ......कल रात चांडाल ने मायाजाल रचा है जिसमे वो कामयाब भी हो चूका
उसने सूर्य को किसी के माद्यम से सम्मोहन विद्या से सम्मोहन कर बिन्स उसकी ीचा के पाप कर्म करवाया है जिसका प्रभाव सूर्य के कर्मो को प्रभावित करेंगे
सूर्य की कुंडली में मरतु योग ने जनम लिया है इस पाप कर्म के चलते
सभी गुरुदेव के बात सुन कर सदमे जैसे हालत में चले गए थे
जिनलोक के राजा .( j.King).
ज .किंग .......ऐसा कैसे हो सकता है गुरुवार सूर्य के पास इतनी सकती होने के बाद भी
गुरुदेव .......इसमें हमारी हे गलती है राजन हमने सूर्य को सकतिया तो प्रदान की किन्तु सूर्य को उस सकती की अहमियत नहीं समजा पाए
वो सबसे प्रेम करता है साफ दिल से सबकी मदद भी करता है किन्तु जो सकतिया प्राप्त हुई वो बिन्स किसी कठिन परिसराम के प्राप्त होने से वो इन सक्तियो के साथ मिले उत्तरदायित्व को ठीक से समाज नहीं पाए
रानी पारी ......अब आगे क्या करना है इसका मार्ग भी आपको हे सुजाना होगा गुरुदेव
गुरुदेव ......हम आज हे परतवि लोक जा कर सूर्य से ओस विषय पे बात करते है
सूर्य अभी अपनी सुरक्षा तो कर सकता है किन्तु अपने परिवार जान की नहीं कर सकता है
आवर वही हमें सुरक्षित करना होगा
ानयता सूर्य की वो गुप्त सकती जिसने परतविलोक पे अपने प्रेम को पाने के लिया जनम लिया है वो कही कोई अनर्थ न कर दे
रानी पारी .......ये आप क्या कह रहे है तीनो लोक की सकतिया तो हमारी पुत्रियों के पास है फिर परतवि लोक पे किसने जनम लिया है गुरुदेव
गुरुदेव ......समय आने पे ज्ञात हो जायेगा महारानी जी
ज किंग .......क्यों न हम उनके परिवार को यही पे ले आये क्युकी कुछ समय पश्चात तो राजकुमारी आवर सूर्य के सगाई समाहरोह में आने वाले हे है
प्रेतराज कुछ आवर सोच में डुभे हुए नज़र आये
गुरुदेव ......प्रेतराज आप किस गहन विचार में डुभे हुए है
प्रेतराज ......गुरुवार आज सुबह पर्विलोक में कुछ समय के लिया मुझे अपनी पुत्री का किसी पे अंनियंत्रित करोड़ महसूस किया था
बस वहीँ सोच रहा हूँ
क्युकी समय के लिया उसकी मार्क सकती जागृत हुए थी जो किसी पे अपने क्रोध को ले कर हे संभव है
गुरुदेव ......आने समय हम सब के लिया किसी कठिन प्रतियोगिता से काम नहीं है
मैं परतवि लोक के लिया निकल रहा हूँ
प्रेतराज आप अपनी सेना के मुख्या योद्धाओ की एक सेना जिनलोक के सुरक्षा में लगाओ बिना किसी को नज़र आये वो जिनलोक की सुरक्षा करेंगे
रानी पारी आपको जिनलोक के महल की सुरक्षा का इंतजाम करना है
प्रेतराज .....जी गुरुवार
रानी पारी .....ऐसा हे होगा गुरुवार
j.king .....मेरा लिया क्या आदेश है गुरुवार
गुरुदेव .....आप अपनी पुत्री के सगाई सम्हारोह को सम्भालिया राजन ....
सूर्य जब घर पंहुचा तो आज तीनो हे इस वक़्त तक घर पे थे
सूर्य ......क्या बात है आज आप सब घर पे हे हो न कॉलेज न ऑफिस क्या हुआ सब ठीक तो है न
जिनिशा .....है सरताज सब ठीक है आप बताओ कैसा रहा बड़ी मम्मी के घर कल
सूर्य तीनो से गले मिल कर उनके पास हे बेथ जाता है
सूर्य .....कल बहनो के साथ मूवी देखि शॉपिंग की आवर उनकी मन पसंद जगह उनको घुमाया
किरण ....फिर आप मुझे क्यों नहीं ले कर गए अपने साथ में
सूर्य .....सॉरी स्वीटी आप कहो तो अभी चले जहा आपको गुमना है
किरण ....उम्म्म्मः नहीं जान बस अब हम सब जिनलोक में हे शॉपिंग करेंगे आवर वही गुमना भी हो जायेगा आपके साथ में
सपना .....आप सब बात करो मैं आप सब के लिया कफ ले कर आती हूँ
जिनिशा .....जी दीदी
सूर्य .....जीनु डार्लिंग कुछ हुआ है क्या आज घर पे
जिनिशा .....है आज जीनत आई थी घर पे फिर वो सब कुछ सूर्य आवर किरण दोनों को बताया जो जीनत ने जिनिशा आवर सपना से कहा था
सूर्य तो शांत हे रहा किन्तु किरण बहुत गुस्से में नज़र आ रहे थे
जिनिशा ने जैसे हे किरण की आँखे देखि एक अजीब सा दर उसके पूरी बॉडी में एक कपकपी से छूट गई
सूर्य .....( जोर से) जिनिषा क्या हुआ तुम्हे तुम ऐसे क्यों कैंप रहे हो
सूर्य की तेज आवाज सुन सपना भी दौड़ी चली आई आवर किरण भी इस आवाज से अपने गुस्से को भुला कर जल्दी से जिनिशा का हाथ थम लिया
किरण के हाथ थमते हे जिनिशा नार्मल हो गई
सूर्य जिनिशा को अपने गले स लगा लेता है
उसकी पीठ को सहलाते हुए
सूर्य .....क्या हुआ जिनिशा तुम ठीक तो हो न तुम ऐसे कैंप क्यों रहे थी
सपना .....है छोटी बोलो न बात क्या है सुबह भी तुम कुछ गम शूम सी देखि
आवर अभी तो तुम कैंप भी रहे थे लगता है तुम्हारी तबियत ठीक नहीं है
तभी वह गुरुदे प्रकट होते है
गुरुदेव .....शांत हो जाओ सपना पुत्री जिनिशा ठीक है
गुरुदेव आगे बढ़ कर जिनिशा के माथे पे हाथ रखते है
देखते हे देखते जिनिशा सोने लगी
गुरुदेव .....सूर्य पुत्र जिनिशा को उसके कसक में सुला दो इसको आराम करने दो
सपना .....मैं भी चलती हूँ जिनिशा के साथ में
सूर्य ....ठीक है सपना
गुरुदेव ......पुटीरी किरण आप भी जाओ मुझे सूर्य से एकांत में बात करनी है
किरण ....जी बाबा
सूर्य जिनिशा को उसके रूम में सुला देता है फिर बहार आ कर गुरुदेव के साथ निकल जाता है
सूर्य गुरदेव से बात करने के बाद रात के खाने के वक़्त वापिस लौटा
अब तक जिनिशा भी पूरी तरह से उस दर स्व बहार निकल चुकी थी
क्युकी गुरुदेव ने वो दृश्य हे जिनिशा के दीमक में मंत्र सकती से बंद दिया था
सूर्य ....अब कैसे हो जीनु तुम
जिनिशा ....मैं ठीक हूँ आप कहा थे इतने वकत तक
सपना .....है मैंने भी आपको कितने बार अपनी सकती से देखने की कोसिस की जब आपका फ़ोन नहीं लगा तब
किन्तु आप मुझे दिखे हे नहीं
सूर्य .....है वो मैं गुरुदेव के साथ था किसी जरूरी विषय पे बात कर रहे थे
किरण .....क्या कहा बाबा ने
सूर्य ......गुरुदेव का कहना है की जिनिशा आवर मेरी इंगेजमेंट में अब हमारे पुरे परिवार को शामिल होना है
सपना .....ऐसा क्यों पहले तो नहीं कहा था ग्रुरुदेव ने पुरे परिवार के लिया
सूर्य .......पता नहीं मुझे भी पूरी बात नहीं बताई उन्होंने
जिनिशा ......तो अब क्या सोचा है आपने अब
क्या आप अपनी सचाई बताने वाले है सब को
सूर्य ......उनको धोखे में रख कर हम कब तक अपने रिश्ते को अपमानित करते रहेंगे
सभी को सच बता कर हे जिनलोक ले जाना उचित होगा या फिर उनको वही पे सचाई बताई जाये
सपना .....पहले सब खाना खा लो फिर कल बात करते है इस बारे में
सबने खाना खा कर अपने अपने रूम की आवर चल दिए
किन्तु सूर्य ने आज कुछ आवर हे सोचा था
सूर्य सपना को ले कर जिनिशा के रूम गुस्स गया
जिनिशा .....क्या हुआ आज हमारे रूम में सोना है क्या हेहेहे
सूर्य .... है आज हम चारो साथ में सोयेंगे क्यों आपको प्रॉब्लम है क्या
जिनिशा . बिलकुल नहीं मेरी जान मुझे तो खुसी होगी आपके साथ सोने में
सपना .....हेहेहे छोटी बस सोना है कुछ करने की परमिशन नहीं है अभी
किरण ...मैं भाई के ऊपर सोऊंगी वो जगह मेरी बाकि आप दोनों भाबिया देख लो
जिनिशा ....लो दीदी स्वीटी ने तो अपनी जगह बुक कर ली है
सपना .......तो अब हमें भी कर लेनी चाइये
दोनों हे सूर्य के अगल बगल सूर्य के हाथो का तकिया बना कर लेट गयी सूर्य ने भी दोनों को बाँहों में भर का दोनों के होंठ पे गूडनिघत किश किया आवर लेट गया
किरण .....ये क्या है मेरा किश कहा है
सूर्य .....वो तुम जानो स्वीटी मई तो चला सोने
किरण ने एक बार सपना आवर जिनिशा को देखा फॉर सूर्य के होंटो को बड़े हद प्यार से अपने होंटो में दबा कर चूसने लगे

3,4 मिंट किस करने के बाद किरण ने सूर्य के होंटो को छोड़ा आवर जिनिशा आवर सपना पे अपनी बहन फैला कर सूर्य के सीने पे सर रख कर उसके दिल की धड़कन सुनते हुए कब सोये उसको भी पता नहीं चला
आज सूर्य को फिर वही सपना आया
जैसे सूर्य ने अपनी ाँघे खो सामने किरण का चेहरा देख
किरण ने जब आँखे खोली तो सूर्य को देखते हुए फिर से सो गई

सूर्य सुबह जल्दी उठ कर बहार निकल गया कुछ देर गुमने फिरने के बाद वापिस घर लौट आया
सपना ........आप फ्रेश हो आओ मैं कफ लती हूँ
आवर अपनी स्वीटी को भी उठा देना वो महारानी अभी भी सो रही है
सूर्य .....अच्छा पहले जरा ीदार आना आवर मुझे मेरी बीबी से प्यारी सी किश चाइये गुड मॉर्निंग की गुड स्वीट किसी
सपना ......आज कल आपकी डिमांड दिन बा दिन बढ़ती जा रहे है ज्यादा स्वीट सेहत के लिया ख़राब होती है
उम्मम्मम्मम्म .उम्म्म्मः
सूर्य .....उम्मम्मम्मम्मः अब जा कर मॉर्निंग गुड हुए है
ी लव यू जान ुम्मम्हा
सपना .....ी लव यू तू जान ुम्मम्हा अब जाओ पसिनी की बदबू आ रहे है आपसे
सूर्य जल्दी हे वह से निकला आवर किरण को उठाने के लिया बढ़ा
पैर पास जा कर बड़े प्यार से उसको देखने लगा
जिनिशा बाथरूम से नाहा कर निकली सामने सूर्य को ऐसे खोया देख मुस्कुरानी लगी
जिनिशा ....जान आगे बढ़ो आवर उसे किश करलो आपके दिल को सुकून मिलेगा वो सिर्फ आपकी है जब इतना प्यार करते हो तो क्यों स्टेट हो स्वीटी को
सूर्य ......जानती हो जिनिशा जब स्वीटी पैदा हुए थे तब मुझे ऐसे लगा था मनो मैंने दुनिया को अपने कदमो में जखने की ताकत प् ली है
प्यार तो इसके जनम के साथ हे करने लगा था किन्तु वो प्यार एक भाई बहन का पवित्र प्रेम था
इसका नाम भी मैंने हे रखा था किरण .सूर्य की जान उसकी किरण ..किरण का सूर्य के बिना कोई वजूद नहीं है
आवर नहीं किरण के बिना सूर्य का कोई अस्तित्वा है
जिस दिन मुझे कुछ हुवा उस दिन इसका बी दिल धड़कना बंद हो जायेगा
आवर इसको कुछ हुआ तो मैं पता नहीं क्या करुगा सायद इस दुनिया को मिटा दूंगा
ये सब बोलते हुए सूर्य की आँखे पता नहीं क्यों नाम हो गई थी
किरण जो अब तक सोई हुए सब कुछ चुपचाप सुन रहे थे
( अपने मन में किरण .....भाई मेरा तो जनम हे आपके लिया हुआ है आपको कुछ भी हुआ तो ये पूरा भारमंद मेरा वो रूप देखेगा जिसको अभी तक किसी ने नहीं देखा है सब कुछ मिटा दूंगी आपके लिया )
किरण दौड़ कर सूर्य के गले लग गई
आवर सुबकने लगी
जिनिशा जो अभी तक खुद को सुबकने से रोके हुए थे वो भी सूर्य से जा चिकपी आवर सुबकने लगी
किरण .......आपको कुछ नहीं होगा भाई मैं हूँ न आपके पास आपकी किरण
सपना ......ये सब क्या हो रहा है यहाँ
किरण .....देखो न माँ आपके हस्बैंड कैसे बाते कर रहे है यहाँ पे
सपना .....क्या हुवा मेरी बच्ची आवर आप तीनो की आँखों में आंसू क्यों है
सूर्य .....कुछ नहीं जान बस ऐसे हे
लाओ मेरी कफ दो मुझे आवर स्वीटी आप जाओ फ्रेश हो आवो
किरण .....उम्मम्मम्हा गुड मॉर्निंग जान
कहते हुए बाथ्रोईं में बैग गई
सपना ......हेहेहे कहा था न स्वीट थोड़ा काम खाओ
सूर्य .....अभी तो एक आवर बाकि है मेरी जीनु डार्लिंग भी तो है
जिनलोक की रसमलाई उम्म्म्मममः
जिनिशा .......क्या जान कुछ तो सरम करो
सपना ......आवर वो क्यों भला
जिनिशा .....कुछ नहीं दीदी चलो मैं भी चलती हूँ आपकी हेल्प के लिया
सूर्य को जइब निकल कर चिढ़ाते हुए जिनिशा निकल गई बहार
सूर्य ने सबसे पहले दादी को ालल लगाया
कुछ देर बात करने के बाद सूर्य ने बुआ के पुरे परिवार के साथ घर आने को कहा साथ में मानवी बुआ आवर उनके बचो को भी लेन को कहा
दादी से बात की इतने में किरण भी फ्रेश हो कर आ गई
सूर्य .....स्वीटी बड़ी मम्मी के यहाँ जा रहा हम उनको लेन के लिया चलोगी क्या आप मेरे साथ
किरण ....बस 2 मिंट दीजिये अभी त्यार हो कर आई
सूर्य सपना को बताने चला गया
सूर्य ......सपना मैं पुरे परिवार को अपनी सचाई बताना चाहता हूँ सो मैं उन सभी को यहाँ लेन जा रहा हूँ
सपना .....ठीक है जैसा आप ठीक समजे वैसे हम जिनलोक कब जा रहे है
सूर्य ......यहाँ के अनुसरा कल मेरी सगाई है किन्तु जिनलोक के टाइम अनुसार 4 दिन बाद है
तो हम आज रात हे जिनलूक के लिया निकल रहे है
जिनिशा ... क्या सच में हम आज हे वह जायेंगे जान
सूर्य ....है जान तुम लोग भी त्यार हो जाओ मैं अभी सभी को ले कर आया
किरण .....मैं त्यार हूँ भाई
सूर्य किरण को ले कर निकल गया बड़े पापा के यहाँ ..........
अपडेट पोस्ट फ्रेंड्स ......
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........
गुरुदेव गौर अनर्थ हो गया है
उसको पता चल चूका है की जिनलोक आवर प्रेतलोक की सकतिया सूर्य के पास है
आवर इस वक़्त सूर्य के पास न जिनलोक आवर न प्रेतलोक की पूर्ण सकती है
मुझे शीघ्र हे उनको यहाँ लाना होगा
नहीं तो सब कुछ तबाह जो जायेगा
मुझे राजन से बात करनी होंगी तीनो लुक के
कुछ देर बाद एक बंद ककस में जिनलोक के राजा. प्रेतलोक के राजा आवर पार्क लुक की महारानी तीनो एक कसक में मौजूद थे....
अब आगे ..........
गुरुदेव .........आप तीनो का बहुत बहुत शुक्रिया जो आप तीनो हे समय की गंभीरता को समाज कर इस गुप्त सभा में शामिल हुए
रानी pari.......guruvar हमें आपने यहाँ आने का सन्देश दिया है तो कुछ जरूरी हे विषय होगा
प्रेतराज .....है गुरुवार आप इस विषय पे कुछ बताने का लास्ट करे
gurudev......chandal को सूर्य का पता चल चूका है
तीनो हे गुरुदेव की बात सुन कर मुद्दे की गंभीरता को समाज चुके थे
प्रेतराज ऐसा कैसे जो सकता है गुरुवार
गुरुदेव ......हम भी इस विषय कुछ भी ज्ञात नहीं कर प् रहे है
हमने बहुत कोसिस की किन्तु असफल रहे कुछ भी पता करने में
रानी पारी .....अब क्या सोचा है गुरुवार हमें कुछ तो करना होगा इतने वर्षो की प्रतीक्षा के बाद ये शुभ समय आने वाला था
गुरुदेव ......एक बुरी खबर आवर है हम सब के लिया
प्रेतराज ......अब इस से बुरी खबर क्या जो सकती है गुरुवार
गुरुदेव ......कल रात चांडाल ने मायाजाल रचा है जिसमे वो कामयाब भी हो चूका
उसने सूर्य को किसी के माद्यम से सम्मोहन विद्या से सम्मोहन कर बिन्स उसकी ीचा के पाप कर्म करवाया है जिसका प्रभाव सूर्य के कर्मो को प्रभावित करेंगे
सूर्य की कुंडली में मरतु योग ने जनम लिया है इस पाप कर्म के चलते
सभी गुरुदेव के बात सुन कर सदमे जैसे हालत में चले गए थे
जिनलोक के राजा .( j.King).
ज .किंग .......ऐसा कैसे हो सकता है गुरुवार सूर्य के पास इतनी सकती होने के बाद भी
गुरुदेव .......इसमें हमारी हे गलती है राजन हमने सूर्य को सकतिया तो प्रदान की किन्तु सूर्य को उस सकती की अहमियत नहीं समजा पाए
वो सबसे प्रेम करता है साफ दिल से सबकी मदद भी करता है किन्तु जो सकतिया प्राप्त हुई वो बिन्स किसी कठिन परिसराम के प्राप्त होने से वो इन सक्तियो के साथ मिले उत्तरदायित्व को ठीक से समाज नहीं पाए
रानी पारी ......अब आगे क्या करना है इसका मार्ग भी आपको हे सुजाना होगा गुरुदेव
गुरुदेव ......हम आज हे परतवि लोक जा कर सूर्य से ओस विषय पे बात करते है
सूर्य अभी अपनी सुरक्षा तो कर सकता है किन्तु अपने परिवार जान की नहीं कर सकता है
आवर वही हमें सुरक्षित करना होगा
ानयता सूर्य की वो गुप्त सकती जिसने परतविलोक पे अपने प्रेम को पाने के लिया जनम लिया है वो कही कोई अनर्थ न कर दे
रानी पारी .......ये आप क्या कह रहे है तीनो लोक की सकतिया तो हमारी पुत्रियों के पास है फिर परतवि लोक पे किसने जनम लिया है गुरुदेव
गुरुदेव ......समय आने पे ज्ञात हो जायेगा महारानी जी
ज किंग .......क्यों न हम उनके परिवार को यही पे ले आये क्युकी कुछ समय पश्चात तो राजकुमारी आवर सूर्य के सगाई समाहरोह में आने वाले हे है
प्रेतराज कुछ आवर सोच में डुभे हुए नज़र आये
गुरुदेव ......प्रेतराज आप किस गहन विचार में डुभे हुए है
प्रेतराज ......गुरुवार आज सुबह पर्विलोक में कुछ समय के लिया मुझे अपनी पुत्री का किसी पे अंनियंत्रित करोड़ महसूस किया था
बस वहीँ सोच रहा हूँ
क्युकी समय के लिया उसकी मार्क सकती जागृत हुए थी जो किसी पे अपने क्रोध को ले कर हे संभव है
गुरुदेव ......आने समय हम सब के लिया किसी कठिन प्रतियोगिता से काम नहीं है
मैं परतवि लोक के लिया निकल रहा हूँ
प्रेतराज आप अपनी सेना के मुख्या योद्धाओ की एक सेना जिनलोक के सुरक्षा में लगाओ बिना किसी को नज़र आये वो जिनलोक की सुरक्षा करेंगे
रानी पारी आपको जिनलोक के महल की सुरक्षा का इंतजाम करना है
प्रेतराज .....जी गुरुवार
रानी पारी .....ऐसा हे होगा गुरुवार
j.king .....मेरा लिया क्या आदेश है गुरुवार
गुरुदेव .....आप अपनी पुत्री के सगाई सम्हारोह को सम्भालिया राजन ....
सूर्य जब घर पंहुचा तो आज तीनो हे इस वक़्त तक घर पे थे
सूर्य ......क्या बात है आज आप सब घर पे हे हो न कॉलेज न ऑफिस क्या हुआ सब ठीक तो है न
जिनिशा .....है सरताज सब ठीक है आप बताओ कैसा रहा बड़ी मम्मी के घर कल
सूर्य तीनो से गले मिल कर उनके पास हे बेथ जाता है
सूर्य .....कल बहनो के साथ मूवी देखि शॉपिंग की आवर उनकी मन पसंद जगह उनको घुमाया
किरण ....फिर आप मुझे क्यों नहीं ले कर गए अपने साथ में
सूर्य .....सॉरी स्वीटी आप कहो तो अभी चले जहा आपको गुमना है
किरण ....उम्म्म्मः नहीं जान बस अब हम सब जिनलोक में हे शॉपिंग करेंगे आवर वही गुमना भी हो जायेगा आपके साथ में
सपना .....आप सब बात करो मैं आप सब के लिया कफ ले कर आती हूँ
जिनिशा .....जी दीदी
सूर्य .....जीनु डार्लिंग कुछ हुआ है क्या आज घर पे
जिनिशा .....है आज जीनत आई थी घर पे फिर वो सब कुछ सूर्य आवर किरण दोनों को बताया जो जीनत ने जिनिशा आवर सपना से कहा था
सूर्य तो शांत हे रहा किन्तु किरण बहुत गुस्से में नज़र आ रहे थे
जिनिशा ने जैसे हे किरण की आँखे देखि एक अजीब सा दर उसके पूरी बॉडी में एक कपकपी से छूट गई
सूर्य .....( जोर से) जिनिषा क्या हुआ तुम्हे तुम ऐसे क्यों कैंप रहे हो
सूर्य की तेज आवाज सुन सपना भी दौड़ी चली आई आवर किरण भी इस आवाज से अपने गुस्से को भुला कर जल्दी से जिनिशा का हाथ थम लिया
किरण के हाथ थमते हे जिनिशा नार्मल हो गई
सूर्य जिनिशा को अपने गले स लगा लेता है
उसकी पीठ को सहलाते हुए
सूर्य .....क्या हुआ जिनिशा तुम ठीक तो हो न तुम ऐसे कैंप क्यों रहे थी
सपना .....है छोटी बोलो न बात क्या है सुबह भी तुम कुछ गम शूम सी देखि
आवर अभी तो तुम कैंप भी रहे थे लगता है तुम्हारी तबियत ठीक नहीं है
तभी वह गुरुदे प्रकट होते है
गुरुदेव .....शांत हो जाओ सपना पुत्री जिनिशा ठीक है
गुरुदेव आगे बढ़ कर जिनिशा के माथे पे हाथ रखते है
देखते हे देखते जिनिशा सोने लगी
गुरुदेव .....सूर्य पुत्र जिनिशा को उसके कसक में सुला दो इसको आराम करने दो
सपना .....मैं भी चलती हूँ जिनिशा के साथ में
सूर्य ....ठीक है सपना
गुरुदेव ......पुटीरी किरण आप भी जाओ मुझे सूर्य से एकांत में बात करनी है
किरण ....जी बाबा
सूर्य जिनिशा को उसके रूम में सुला देता है फिर बहार आ कर गुरुदेव के साथ निकल जाता है
सूर्य गुरदेव से बात करने के बाद रात के खाने के वक़्त वापिस लौटा
अब तक जिनिशा भी पूरी तरह से उस दर स्व बहार निकल चुकी थी
क्युकी गुरुदेव ने वो दृश्य हे जिनिशा के दीमक में मंत्र सकती से बंद दिया था
सूर्य ....अब कैसे हो जीनु तुम
जिनिशा ....मैं ठीक हूँ आप कहा थे इतने वकत तक
सपना .....है मैंने भी आपको कितने बार अपनी सकती से देखने की कोसिस की जब आपका फ़ोन नहीं लगा तब
किन्तु आप मुझे दिखे हे नहीं
सूर्य .....है वो मैं गुरुदेव के साथ था किसी जरूरी विषय पे बात कर रहे थे
किरण .....क्या कहा बाबा ने
सूर्य ......गुरुदेव का कहना है की जिनिशा आवर मेरी इंगेजमेंट में अब हमारे पुरे परिवार को शामिल होना है
सपना .....ऐसा क्यों पहले तो नहीं कहा था ग्रुरुदेव ने पुरे परिवार के लिया
सूर्य .......पता नहीं मुझे भी पूरी बात नहीं बताई उन्होंने
जिनिशा ......तो अब क्या सोचा है आपने अब
क्या आप अपनी सचाई बताने वाले है सब को
सूर्य ......उनको धोखे में रख कर हम कब तक अपने रिश्ते को अपमानित करते रहेंगे
सभी को सच बता कर हे जिनलोक ले जाना उचित होगा या फिर उनको वही पे सचाई बताई जाये
सपना .....पहले सब खाना खा लो फिर कल बात करते है इस बारे में
सबने खाना खा कर अपने अपने रूम की आवर चल दिए
किन्तु सूर्य ने आज कुछ आवर हे सोचा था
सूर्य सपना को ले कर जिनिशा के रूम गुस्स गया
जिनिशा .....क्या हुआ आज हमारे रूम में सोना है क्या हेहेहे
सूर्य .... है आज हम चारो साथ में सोयेंगे क्यों आपको प्रॉब्लम है क्या
जिनिशा . बिलकुल नहीं मेरी जान मुझे तो खुसी होगी आपके साथ सोने में
सपना .....हेहेहे छोटी बस सोना है कुछ करने की परमिशन नहीं है अभी
किरण ...मैं भाई के ऊपर सोऊंगी वो जगह मेरी बाकि आप दोनों भाबिया देख लो
जिनिशा ....लो दीदी स्वीटी ने तो अपनी जगह बुक कर ली है
सपना .......तो अब हमें भी कर लेनी चाइये
दोनों हे सूर्य के अगल बगल सूर्य के हाथो का तकिया बना कर लेट गयी सूर्य ने भी दोनों को बाँहों में भर का दोनों के होंठ पे गूडनिघत किश किया आवर लेट गया
किरण .....ये क्या है मेरा किश कहा है
सूर्य .....वो तुम जानो स्वीटी मई तो चला सोने
किरण ने एक बार सपना आवर जिनिशा को देखा फॉर सूर्य के होंटो को बड़े हद प्यार से अपने होंटो में दबा कर चूसने लगे

3,4 मिंट किस करने के बाद किरण ने सूर्य के होंटो को छोड़ा आवर जिनिशा आवर सपना पे अपनी बहन फैला कर सूर्य के सीने पे सर रख कर उसके दिल की धड़कन सुनते हुए कब सोये उसको भी पता नहीं चला
आज सूर्य को फिर वही सपना आया
जैसे सूर्य ने अपनी ाँघे खो सामने किरण का चेहरा देख
किरण ने जब आँखे खोली तो सूर्य को देखते हुए फिर से सो गई

सूर्य सुबह जल्दी उठ कर बहार निकल गया कुछ देर गुमने फिरने के बाद वापिस घर लौट आया
सपना ........आप फ्रेश हो आओ मैं कफ लती हूँ
आवर अपनी स्वीटी को भी उठा देना वो महारानी अभी भी सो रही है
सूर्य .....अच्छा पहले जरा ीदार आना आवर मुझे मेरी बीबी से प्यारी सी किश चाइये गुड मॉर्निंग की गुड स्वीट किसी
सपना ......आज कल आपकी डिमांड दिन बा दिन बढ़ती जा रहे है ज्यादा स्वीट सेहत के लिया ख़राब होती है
उम्मम्मम्मम्म .उम्म्म्मः
सूर्य .....उम्मम्मम्मम्मः अब जा कर मॉर्निंग गुड हुए है
ी लव यू जान ुम्मम्हा
सपना .....ी लव यू तू जान ुम्मम्हा अब जाओ पसिनी की बदबू आ रहे है आपसे
सूर्य जल्दी हे वह से निकला आवर किरण को उठाने के लिया बढ़ा
पैर पास जा कर बड़े प्यार से उसको देखने लगा
जिनिशा बाथरूम से नाहा कर निकली सामने सूर्य को ऐसे खोया देख मुस्कुरानी लगी
जिनिशा ....जान आगे बढ़ो आवर उसे किश करलो आपके दिल को सुकून मिलेगा वो सिर्फ आपकी है जब इतना प्यार करते हो तो क्यों स्टेट हो स्वीटी को
सूर्य ......जानती हो जिनिशा जब स्वीटी पैदा हुए थे तब मुझे ऐसे लगा था मनो मैंने दुनिया को अपने कदमो में जखने की ताकत प् ली है
प्यार तो इसके जनम के साथ हे करने लगा था किन्तु वो प्यार एक भाई बहन का पवित्र प्रेम था
इसका नाम भी मैंने हे रखा था किरण .सूर्य की जान उसकी किरण ..किरण का सूर्य के बिना कोई वजूद नहीं है
आवर नहीं किरण के बिना सूर्य का कोई अस्तित्वा है
जिस दिन मुझे कुछ हुवा उस दिन इसका बी दिल धड़कना बंद हो जायेगा
आवर इसको कुछ हुआ तो मैं पता नहीं क्या करुगा सायद इस दुनिया को मिटा दूंगा
ये सब बोलते हुए सूर्य की आँखे पता नहीं क्यों नाम हो गई थी
किरण जो अब तक सोई हुए सब कुछ चुपचाप सुन रहे थे
( अपने मन में किरण .....भाई मेरा तो जनम हे आपके लिया हुआ है आपको कुछ भी हुआ तो ये पूरा भारमंद मेरा वो रूप देखेगा जिसको अभी तक किसी ने नहीं देखा है सब कुछ मिटा दूंगी आपके लिया )
किरण दौड़ कर सूर्य के गले लग गई
आवर सुबकने लगी
जिनिशा जो अभी तक खुद को सुबकने से रोके हुए थे वो भी सूर्य से जा चिकपी आवर सुबकने लगी
किरण .......आपको कुछ नहीं होगा भाई मैं हूँ न आपके पास आपकी किरण
सपना ......ये सब क्या हो रहा है यहाँ
किरण .....देखो न माँ आपके हस्बैंड कैसे बाते कर रहे है यहाँ पे
सपना .....क्या हुवा मेरी बच्ची आवर आप तीनो की आँखों में आंसू क्यों है
सूर्य .....कुछ नहीं जान बस ऐसे हे
लाओ मेरी कफ दो मुझे आवर स्वीटी आप जाओ फ्रेश हो आवो
किरण .....उम्मम्मम्हा गुड मॉर्निंग जान
कहते हुए बाथ्रोईं में बैग गई
सपना ......हेहेहे कहा था न स्वीट थोड़ा काम खाओ
सूर्य .....अभी तो एक आवर बाकि है मेरी जीनु डार्लिंग भी तो है
जिनलोक की रसमलाई उम्म्म्मममः
जिनिशा .......क्या जान कुछ तो सरम करो
सपना ......आवर वो क्यों भला
जिनिशा .....कुछ नहीं दीदी चलो मैं भी चलती हूँ आपकी हेल्प के लिया
सूर्य को जइब निकल कर चिढ़ाते हुए जिनिशा निकल गई बहार
सूर्य ने सबसे पहले दादी को ालल लगाया
कुछ देर बात करने के बाद सूर्य ने बुआ के पुरे परिवार के साथ घर आने को कहा साथ में मानवी बुआ आवर उनके बचो को भी लेन को कहा
दादी से बात की इतने में किरण भी फ्रेश हो कर आ गई
सूर्य .....स्वीटी बड़ी मम्मी के यहाँ जा रहा हम उनको लेन के लिया चलोगी क्या आप मेरे साथ
किरण ....बस 2 मिंट दीजिये अभी त्यार हो कर आई
सूर्य सपना को बताने चला गया
सूर्य ......सपना मैं पुरे परिवार को अपनी सचाई बताना चाहता हूँ सो मैं उन सभी को यहाँ लेन जा रहा हूँ
सपना .....ठीक है जैसा आप ठीक समजे वैसे हम जिनलोक कब जा रहे है
सूर्य ......यहाँ के अनुसरा कल मेरी सगाई है किन्तु जिनलोक के टाइम अनुसार 4 दिन बाद है
तो हम आज रात हे जिनलूक के लिया निकल रहे है
जिनिशा ... क्या सच में हम आज हे वह जायेंगे जान
सूर्य ....है जान तुम लोग भी त्यार हो जाओ मैं अभी सभी को ले कर आया
किरण .....मैं त्यार हूँ भाई
सूर्य किरण को ले कर निकल गया बड़े पापा के यहाँ ..........
अपडेट पोस्ट फ्रेंड्स ......
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........






