Incest मैं अपने परिवार का दीवाना - SexBaba
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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

hotaks

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मैं अपने परिवार का दीवाना

मैं दिलीप मैं अपनी बड़ी नानी के साथ उनके घर में रहता हूँ

हमारे घर में हम और नानी ही रहते है

हमारा घर बहुत बड़ा है

मेरे चाचा और मेरे मामा मेरे ही गाओं में रहते हैं

मेरा उनसे कोई रिश्ता नही है

मेरी बड़ी नानी कहती है कि मेरे माँ पापा ने भाग के शादी की थी

इसी लिए उनसे मेरा कोई रिश्ता नही है

आज मेरा 18थ बर्तडे है

पिच्छले 17 साल की तरह आज भी मुझे बर्तडे विश करने मेरी नानी के अलावा कोई नही आया

मैं जब सुबह उठा तो

हमारा घर फूलों की खुश्बू की तरह महेक रहा था

सुबह के 6 बजे मैं उठा

नहा कर तय्यार होके अपने बड़ी नानी से आशीर्वाद लिया

दिलीप- बड़ी नानी मुझे आशीर्वाद दीजिए मैं कभी भी ग़लत रास्ते पे ना भटकु

बड़ी नानी- मेरा बेटा कभी कुछ ग़लत नही कर सकता तू बैठ मैं नाश्ता लगाती हूँ

दिलीप- हां जल्दी नाश्ता दो आज स्कूल जल्दी जाना है

बड़ी नानी- क्यूँ आज क्या स्पेशल है

दिलीप- पता नही होगा कुछ

फिर मैने नाश्ता किया और चल दिया अपनी साइकल लेके स्कूल

जब मैं स्कूल पहुँचा

तो ऐसा लगा कोई मर गया हो

पूरा स्कूल खाली था

तभी प्रिन्सिपल ऑफीस से कुछ आवाज़ें आने लगी

मैं देखा दरवाज़ा भी बंद है

आवाज़ और ज़्यादा तेज़ हो गयी

मैं टेबल पे चढ़ गया

और क्या देखा

इंग्लीश टीचर रीना मैडम डेस्क पे लेटी हुई है

प्रिन्सिपल उनके होंठ चूस रहे थे और दूध दबा रहे थे

इसी बीच रीना मैडम प्रिन्सिपल के लंड को पकड़ के आगे पीछे करने लगी

प्रिन्सिपल अब मैडम का दूध चूसने लगे

अब प्रिन्सिपल एक हाथ से मैडम की चूत सहला रहे थे

प्रिन्सिपल ने मैडम की चूत पे अपना लंड सेट किया और ज़ोर से धक्का मार दिया

मैडम की चीख निकल गयी और प्रिन्सिपल ज़ोर से धक्के मारने लगे

करीब दस मिनिट बाद

दोनो एक साथ झड गये

मैडम- सर आज तीन महीने हो गये आप जहाँ बुलाते है मैं आती हूँ प्लीज़ अब तो मुझे वो फोटो दे दीजिए

मेरे पति को अगर पता चल गया तो मैं बर्बाद हो जाउन्गी

प्रिन्सिपल- अरे जानेमन तुम्हें अगर फोटो दे दूँगा तो मुझे मज़ा कौन देगा

वैसे भी तुम्हारा पति 6 महीने के लिए शहर गया है अभी तो तीन महीने ही हुए हैं

मेरा तो दिमाग़ घूम गया मैने सोचा यह क्या हो रहा है

उपर से आज पहली बार लंड में अजीब सा दर्द हो रहा था

गाओं में लंड चूत चुदाई यह सब बोलना आम बात थी

पर मुझे आज तक नही पता चला कि दो लोगों में जब झगड़ा होता है तो वो मदर्चोद बेहेन्चोद क्यूँ कहते हैं

मेरी बड़ी नानी ने कहा था कि घर से सीधा स्कूल जाना

और स्कूल से सीधा घर आना

इसी लिए आज तक मुझे पता नही चला कि चुदाई क्या होती है

तभी टेलिफोन की घंटी बजी

मैं होश में आया और अपनी साइकल लेके भागा

उधर से स्टूडेंट आ रहे थे और मैं इधर से जा रहा था

तभी कोई मेरी साइकल से टकरा गया यह वान्या थी

वान्या- देख के साइकल क्यूँ नही चलाते अंधे हो क्या

दिलीप- वो मैं जल्दी में था यह सब वो मुझे बिना देखे बोल रही थी जब वो मेरी तरफ देखी

वान्या- दिलीप तुम अब मुझे सब समझ में आया तुमने यह जान बुझ के किया है

दिलीप- नही वान्या ऐसा नहीं है सच में मैं जल्दी में था

वो उठी और जाने लगी

वान्या- हॅपी बर्तडे और वो चली गयी

दिलीप- मैं उसे देखता रह गया

आज पहली बार वान्या ने मुझे बर्तडे विश किया

आज मैं उसे ही देखने स्कूल जल्दी आया था

मैं अपनी साइकल उठाई और चल दिया घर

बड़ी नानी- अरे बेटा यह क्या हुवा तेरे कपड़े गंदे है तूने किसी से झगड़ा किया है

दिलीप- नही बड़ी नानी साइकल से गिर गया

बड़ी नानी- ठीक है बेटा आज स्कूल रहने दे जा अपने रूम में

दिलीप- जी बड़ी नानी यह कह के मैं अपने रूम में गया

कपड़े चेंज किया और बेड पे लेट गया

प्रिन्सिपल ऑफीस का दृश्य मेरी आँखों के सामने आ गया

मैं बाथरूम गया और नहा के बाहर आया अब थोड़ा अच्छा लग रहा था

मैडम क्या बोल रही थी

क्या प्रिन्सिपल मैडम का फ़ायदा उठा रहे हैं

कल जाके रीना मैडम से बात करूँगा

सोचते सोचते मेरी आँख लग गयी

2 घंटे बाद मेरी नींद खुली मैं नीचे गया बड़ी नानी के पास

मैं उनके पिछे गले लगते हुए मेरी प्यारी बड़ी नानी कितना काम करती हैं आप

बड़ी नानी- क्या बात है बेटा आज मुझ पे बड़ा प्यार आरहा है

दिलीप- वो तो आएगा ना आपके अलावा मेरा इस दुनिया में कौन है

बड़ी नानी- ऐसा नही कहते बेटा तू कितना खुशनसीब है तेरे चाचा और मामा इसी गाओं रहते हैं

दिलीप- सिर्फ़ नाम के है चाचा मामा मासी

आपको याद है ना एक दिन जब मैं बड़े मामा से मिलने गया तो दरबान ने मुझे अंदर नही जाने दिया

और जब बड़े मामा ने मुझे देखा तो दरबान से कहा इसे कभी भी अंदर मत आने देना

और मैं वहाँ से रोते हुए घर आया

बड़ी नानी- आज तेरा जनमदिन है और तू रो रहा है तुझे अपना गिफ्ट नही चाहिए

दिलीप- हाँ चाहिए ना कहाँ है मेरा गिफ्ट

बड़ी नानी- पर तू तो रो रहा है

दिलीप- मैं कहाँ रो रहा हूँ एक बड़ी सी मुस्कान मेरे चेहरे पर थी

बड़ी नानी- अच्छा पहले अपनी आँखें बंद कर

दिलीप- मैने अपनी आँखें बंद की

बड़ी नानी मेरा हाथ पकड़ के ले जाने लगी

बड़ी नानी- अब अपनी आँखें खोल

दिलीप- मैं अपनी आँखें खोली तो देखा एक नयी चमचमाती बाइक

मैने नानी को गले लगा लिया थॅंक यू नानी कल मैं स्कूल इसी बाइक पे जाउन्गा

बड़ी नानी- ठीक है बेटा चले जाना अब खाना खा ले

दिलीप- ठीक है नानी

मैने खाना खाया और सो गया...
 
कल मैं स्कूल इसी बाइक पे जाउन्गा

बड़ी नानी- ठीक है बेटा चले जाना अब खाना खा ले

दिलीप- ठीक है नानी

मैने खाना खाया और सो गया

नेक्स्ट डे

आज मैं जल्दी उठा क्यूंकी मुझे रीना मेडम से मिलना था

नहा धो कर तैयार होके नीचे गया बड़ी नानी से आशीर्वाद लिया

नाश्ता किया और चल पड़ा अपनी बाइक लेके

जब मैं बाइक पे निकला तो गाओं के सारे लोग मुझे नही मेरी बाइक को देख रहे थे

मैं सीधा मेडम के घर गया

डोर बेल बजाई

मेडम- अरे दिलीप तुम यहाँ कोई काम था क्या

दिलीप- हां मेडम कुछ पर्सनल काम था

पर्सनल नाम सुन के मेडम मुझे घूर्ने लगी

दिलीप- मैने मेडम को हिलाया

मेडम- अंदर आओ तुम बैठो मैं पानी लाती हूँ

दिलीप- मेडम ने मुझे पानी दिया

मैने पानी पीके ग्लास टेबल पे रखा

मेडम कल मैं सुबह स्कूल जल्दी आया था तो मैने देखा आप और प्रिन्सिपल कुछ कर रहे थे

और आप रो भी रही थी

मेडम- यह क्या बकवास है निकल जाओ मेरे घर से अगर आज के बाद मुझसे बात की तो प्रिन्सिपल से कह के स्कूल से निकलवा दूँगी

दिलीप- इस बात पे मैं मुस्कुरा दिया मेडम आपको यहाँ आए सिर्फ़ 6 महीने हुए हैं

ठीक है अब यह बात आपसे मेरी बड़ी नानी ही पूछेगी

मेडम- हँसते हुए तुम्हारी बड़ी नानी कोई महारानी है क्या मैं कहती हूँ निकल जाओ

दिलीप- पूछेंगी नही मेरी बड़ी नानी का क्या नाम है

मेडम- नही जानना है तुम्हारी बड़ी नानी का नाम

दिलीप- पर मुझे तो बताना है मेरी बड़ी नानी का नाम है आशा देवी

मेडम- क्या नाम बताया तुमने

दिलीप- आशा देवी

मेडम- तुम्हारा मतलब है आशा देवी जो हमारे स्कूल की मालकिन और इस गाओं की बड़ी ठकुराइन है

दिलीप- हाँ और मैं वहाँ से जाने लगा

तभी मेडम ने मेरे पैर पकड़ लिए

मेडम- प्लीज़ दिलीप तुम यह बात आशा देवी को नही बतलाओगे अगर उन्हे पता चल गया दो तो गाओं वाले मुझे जान से मार देंगे

दिलीप- मेडम पैर छोड़िए आप मेरी टीचर हैं आपको यह शोभा नही देता

मेडम- नही पहले तुम वादा करो कि आशा देवी से कुछ नही कहोगे रोते हुए

दिलीप- ठीक है

मेडम ने मेरे पैर छोड़ दिए मैने उनको पानी का ग्लास दिया

और कहा अब आप पूरी बात बताएँगी

मेडम- बताती हूँ

कल मैं प्रिन्सिपल के साथ सेक्स कर रही थी

दिलीप- सेक्स यह क्या होता है

मेडम- [इसे तो कुछ नही पता इसे बेवलूफ बना के भगा देती हूँ] सेक्स मतलब हम खेल खेल रहे थे

दिलीप- मेडम आप मुझे बेकवूफ समझती हैं आप सच बता रही हैं या मैं जाके अपनी बड़ी नानी को लेके आऊ

मेडम- रूको मैं बताती हूँ

कल मैं और प्रिन्सिपल चुदाई कर रहे थे

दिलीप- क्या...
 
3

मेडम- रूको मैं बताती हूँ कल मैं और प्रिन्सिपल चुदाई कर रहे थे

दिलीप- क्या ................. आप एक टीचर होके ऐसा कैसे कर सकती हैं

मेडम- बताती हूँ यह बात आज से 8 महीने पहले की है

मेरे पति का इसी स्कूल में ट्रान्स्फर हुआ 2 महीने बाद उनका आक्सिडेंट हो गया

उनके कमर में भारी चोट आई थी डॉक्टर ने कहा कि इनको 6 महीना आराम करना होगा

मेरे पति चिंतित हो गये उनका इलाज तो आशा देवी करवा रही थी

मैं भी शहेर के स्कूल में पढ़ाती थी वहाँ हम ने घर किश्त पे लिया था

मेरे पति की कमाई मुझ से तीन गुना ज़्यादा थी

हम दोनो की आधी कमाई वहाँ के घर की किश्त [एमी] में जाती थी

कहते हैं ना जब मुसीबत आती है तो आती ही जाती है

मेरी नौकरी चली गयी मेरी पति का इलाज तो हो रहा था पर हमारे घर की किश्त पूरी नही हो रही थी

बॅंक वाले भी वॉर्निंग दे गये थे

मेरे पति ने इस बारे में यहाँ के प्रिन्सिपल से बात की कि वो उनकी जगह मेरी पत्नी को रख लें

प्रिन्सिपल ने सॉफ इनकार कर दिया

मेरे पति ने कहा ठीक है मैं आशा देवी से बात करूँगा

प्रिन्सिपल बोले कि आशा देवी से बात करने की कोई ज़रूरत नही है

तुम अपनी पत्नी को बुला लो हम उन्हे एक महीना रखेंगे

अगर वो हमारे यहाँ पढ़ाने में सफल रही तो तुम्हारी जगह उनको रखा जाएगा

मैं दूसरे दिन ही स्कूल आ गयी

जब मैं प्रिन्सिपल ऑफीस पहुँची तो प्रिन्सिपल मुझे घूर्ने लगा

मैने अपना परिचय दिया

मैं इंग्लीश टीचर की वाइफ रीना हूँ

अब कहानी रीना की ज़ुबानी

प्रिन्सिपल- आइए बैठिए

रीना मैडम- मैने उनको अपनी क्वालिफिकेशन बताई

उन्होने मुझे अपायंट कर लिया

सब कुछ अच्छा चल रहा था

आज मुझे स्कूल में पढ़ाते हुए 1 महीना हो गया था

1 स्टूडेंट ने मुझे आके बताया कि प्रिन्सिपल ने मुझे ऑफीस में बुलाया है

मैं प्रिन्सिपल ऑफीस गयी

प्रिन्सिपल- मिस रीना आज आपका 1 महीना पूरा हो गया इस स्कूल में

स्कूल ऑफ होने के बाद आप मेरे घर आ सकती हैं मुझे आपके पढ़ाने की रिपोर्ट बनानी है

रीना मेडम- घर बुलाने की बात मुझे थोड़ी खाटकी पर ज़रूरत तो मेरी थी इस लिए मैने हाँ कह दी

स्कूल ऑफ होने पे मैं पहुँची प्रिन्सिपल के घर

मैने डोर बेल बजाई

प्रिन्सिपल- मिस रीना अंदर आइए प्लीज़ ,,,,,,,,,क्या लेंगी आप चाइ या कॉफी

रीना मेडम- कुछ नही सर पहले आप मुझे मेरी रिपोर्ट सुना दीजिए

प्रिन्सिपल- कंग्रॅजुलेशन मिस रीना आपके रिपोर्ट्स सौ फीसद सही हैं

रीना मेडम- यह बात सुनके मैं बहुत खुश हुई थॅंक यू सर प्रिन्सिपल से ओके सर मैं चलती हूँ

प्रिन्सिपल- 1 मिनिट मिस रीना जाने से पहले आपको मेरा एक काम करना होगा

रीना मेडम- क्या सर

प्रिन्सिपल- आपको मेरी आज की रात रंगीन बनानी होगी

रीना मेडम- मुझे पता था अभी प्रिन्सिपल ने क्या बोला

फिर भी मैने अपनी लाज बचाने के लिए एक आख़िरी कोशिश की

सर मैं कुछ समझी नही

प्रिन्सिपल- मिस रीना आप समझी नही या नासमझ बनने का नाटक कर रही हैं

ठीक है अब मैं आपको सॉफ शब्दो में कहता हूँ आपको आज की रात मेरे साथ सोना होगा

रीना मेडम- सर आपको लगता है मैं आप की यह घटिया बात मानूँगी

प्रिन्सिपल- मत मानिए कल के लिए आप अपना बोरिया बिस्तर बाँध लीजिए

रीना मेडम- सर प्लीज़ आपको क्या मिलेगा मेरी मजबूरी का मत उठाइए

प्रिन्सिपल- मिस रीना प्लीज़ अगर आप नही चाहती है तो लीव

रीना मेडम- ठीक है सर मैं करूँगी

प्रिन्सिपल- अभी आप घर जाइए मैं आउन्गा रात को आपके घर

रीना मेडम- मैं वहाँ से चली गयी और खुद को समझाया सिर्फ़ एक रात की तो बात है

मैं उस्दिन खून के आँसू रोई

रात 8 बजे डोर बेल बजी

मैने गेट खोला तो प्रिन्सिपल ही था

अपनी कमिनि मुस्कुराहट के साथ वो अंदर आयाऔर घर चेक करने लगा

रीना मेडम- क्या देख रहे हैं

प्रिन्सिपल- देख रहा हूँ कहीं कोई कॅमरा या फिर कोई आदमी तो नही है

रीना मेडम- कोई नही है सब आप जैसे कमीने नही होते

प्रिन्सिपल- वो तो मैं हूँ ...अब हम शुरू करें...
 
अपडेट 4

रीना मेडम- क्या देख रहे हैं

प्रिन्सिपल- देख रहा हूँ कहीं कोई कॅमरा या फिर कोई आदमी तो नही है

रीना मेडम- कोई नही है सब आप जैसे कमीने नही होते

प्रिन्सिपल- वो तो मैं हूँ अब हम शुरू करे

अब आगे.....................................

रीना मेडम- अब मेरी तरफ प्रिन्सिपल बढ़ने लगा

प्रिन्सिपल ने मेरे होंठो पे किस करना शुरू कर दिया

वो कभी उपरवाले होंठ कभी नीचे वाले होंठ को चूस्ता

5 मिनिट बाद उसने किस तोड़ दिया

प्रिन्सिपल- देखिए मिस रीना आप तो ऐसे कर रही हैं जैसे मैं आपका रेप कर रहा हूँ

आप भी साथ दीजिए हां या ना ज़ोर से

रीना मेडम- हाँ

अब प्रिन्सिपल फिर मुझे किस करने लगा

मैं भी उसे किस करने लगी

वो मेरे उपर वाले होंठ को चूसने लगा

मैं उसके निचले होंठ को चूसने लगी

अब हमे किस करते हुए 10 मिनिट हो चुके थे

हम ने किस तोड़ा और साँस लेने लगे

फिर उसने मुझे किस करना चालू किया

अब वो मेरी ज़ुबान अपने मुँह में लेके चूस रहा था

उसने अपनी ज़ुबान मेरे मुँह में देदि

मैं भी उसकी ज़ुबान चूसने लगी

10 मिनिट तक हम ने किस किया

अब वो मेरे दूध को घूर्ने लगा

वो मेरे पीछे आया और दोनो हाथ से मेरे दूध दबाने लगा

उसका लंड मेरी गान्ड को टच कर रहा था

अब वो मेरी गर्दन पे किस करने लगा

नतीजा यह हुआ मैं अपने आप को कंट्रोल ना कर पाई और मोन करने लगी

प्रिन्सिपल ने मुझे अपनी तरफ घुमाया और मेरी साड़ी निकालने लगा

अब प्रिन्सिपल ने मेरी ब्लाउस भी उतार दी

मैने वाइट कलर की ब्रा पहनी थी

प्रिन्सिपल अपना हाथ मेरी पीठ पे ले गया और ब्रा की हुक खोल दी

अब मेरे दूध नंगे थे

प्रिन्सिपल ने मुझे बेड पे लिटाया

एक हाथ से मेरे दूध दबाने लगा

दूसरे हाथ से मेरी चूत सहलाने लगा

अब प्रिन्सिपल मेरे दूध को चूसने लगा

कभी वो मेरे राइट दूध को चूस्ता कभी लेफ्ट दूध को

प्रिन्सिपल ने अपना हाथ नीचे ले जाके

मेरे पेटिकोट का नाडा खोल दिया अभी भी वो मेरे दूध चूस रहा था

मैं पागल हुए जा रही थी

उसने मेरा पेटिकोट उतार दिया

अब मेरी चूत पे पिंक पैंटी थी उसने पैंटी भी उतार दी

अब वो मेरी चूत को देखने लगा

उसने अपने दोनो हाथों से मेरी चूत के मुँह को फैलाक़े देखा

वो मेरी चूत पे अपनी नाक ले जाके सूंघने लगा

वो अब मेरी चूत को अपने मुँह में भर के चूसने लगा और एक हाथ से मेरी दूध दबाने लगा

अब वो अपनी दो उंगली मेरी चूत में डालके अंदर बाहर करने लगा

अब उसका एक हाथ मेरे दूध पे था

वो मेरी चूत में उंगली करते हुए

मेरी चूत चूस रहा था

3 हमले मैं एक साथ ना सह पाई और दोनो हाथों से उसके सर को अपनी चूत पे दबाने लगी

वो और ज़ोर से मेरी चूत चूसने लगा

मैं अपनी गान्ड उठाके अपनी चूत चुस्वा रही थी

मैं अपने दोनो हाथों से चादर पकड़ के झड़ने लगी

ऐसा लग रहा था कि जान ही नही बची हो

मैं अपनी आँखें बंद कर के अपनी साँसे कंट्रोल कर रही थी

तभी मेरे होंटो पे कुछ महसूस हुआ...
 
अपडेट 5

मैं अपनी आँखें बंद कर के अपनी साँसे कंट्रोल कर रही थी

तभी मेरे होंटो पे कुछ महसूस हुआ

अब आगे...........

रीना मेडम- मैने अपनी आँखें खोली तो

प्रिन्सिपल अपना 6 इंच का लंड मेरे होंटो पे रगड़ रहा था

मैं ना में अपनी गर्दन हिलाई

[आज तक मैने अपने पति का लंड नही चूसा था]

उसने मुझे आँख दिखाई

मैने फिर ना में गर्दन हिलाई

उसने मेरी नाक बंद करदी

मेरा मुँह खुल गया उसने अपना लंड तुरंत मेरे मुँह में डाल के अंदर बाहर करने लगा

मुझे उल्टी आने लगी इतना गंदा लग रहा था

मन कर रहा था लंड को दांतो से काट लूँ

अब वो मेरा सिर अपने दोनो हाथ से पकड़ के

मेरे मुँह में अपना लंड पेल रहा था

मेरी आँखों से आँसू बहने लगे

10 मिनिट तक वो मेरे मुँह को चोदता रहा

जब उसने अपना लंड मेरे मुँह से निकाला तब मैने चैन की साँस ली

एक बार और उसने अपना लंड मेरे मुँह में डाल के गीला किया

और मेरी चूत पे अपना लंड सेट किया और एक ज़ोरदार धक्का मारा

[मेरे पति का लंड भी 6 इंच का है

लेकिन मुझे 6 महीने हो गये चुदवाये हुए]

मैं दर्द से चिल्लाने लगी

उसने अपना लंड मेरी चूत के मुँह तक निकाला और इस बार पहले से भी ज़ोरदार झटके के साथ पेल दिया

और तेज़ तेज़ धक्के मारने 10 मिनिट तक प्रिन्सिपल मुझे बेरेहमी से चोदता रहा

जब मुझे लगा कि मैं झड़ने वाली हूँ

तो उसने अपना लंड निकाल लिया

मुझे ऐसा लगा कि उसने मेरी जान ले ली हो

मैं उसे आँखों से मिन्नत करने लगी

प्रिन्सिपल- ऐसे नही मेरी जान मैं तुम्हे 10 मिनिट से चोद रहा हूँ

और तुम कोई रेस्पोन्स नही दे रही हो

आज तुम मेरी रांड़ हो

अब तुम एक रांड़ की तरह

मुझे से चुदते वक़्त रेस्पोन्स दोगि

रीना मैडम- मैं हां में सर हिलाया

उसने अपना लंड मेरी चूत पे सेट किया

प्रिन्सिपल- तो शुरू हो जाओ

रीना मेडम- हां मेरे राजा आज मैं तुम्हारी रखैल हूँ

आज तुम्हारी रांड़ तुमसे चुदना चाहती हूँ

बोलो ना राजा तुम मुझे अपनी रांड़ को बुरी तरह से चोदोगे ना

प्रिन्सिपल- हां मेरी रांड़ आज मैं तुझे बेरेहमी से पेलुँगा

रीना मेडम- और वो मुझे बेरेहमी से चोदने

लगा और ज़ोर से मेरे राजा आज अपनी रांड़ की चूत का भोसड़ा बना दो

बोलो बनाओगे ना भोसड़ा मेरी चूत का

प्रिन्सिपल- हां मेरी रानी आज मैं तेरी चूत का भोसड़ा बनाउन्गा

यह ले और ले

रीना मेडम- और ज़ोर से पेलो मेरे राजा अया अया अया अयाया

हाआँ ऐसे ही मेरा राजा

हाआाआअँ मेरे राजा मैं तो गयी और मैं झड गयी

आज तक मुझे इतना मज़ा कभी नही आया था

वो अभी भी मुझे चोद रहा था

अब मेरी चूत में जलन हो रही थी मैं रोने लगी

मुझे रोता देख वो रुक गया

उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाला

मैं लेटी हुई थी

वो मेरे मुँह के पास आया मैं समझ गयी

मैं उसके लंड को अपने मुँह मे ले के आइस्क्रीम जैसे खाते है उसी तरह मैं उसके लंड को चूसने लगी

5 मिनिट चूसने के बाद उसने मेरा सर पकड़ा और मेरे मुँह को बेरेमी से चोदने लगा

मेरी आँखें बाहर को आने लगी मेरी आँखों से आँसू अभी भी बह रहे थे उसकी गति और तेज़ हो गयी और वो मेरे मुँह मे ही झड़ने लगा उसने अपना लंड मेरे मुँह से निकाल लिया

मैं उसका कम थूकने ही वाली थी उसने मेरा मुँह और नाक दोनो बंद कर दिया

मजबूरी में मैं उसका सारा कम पी गयी....
 
अपडेट 6

रीना मेडम-उस रात प्रिन्सिपल ने मुझे 2 बार और चोदा

सुबह जब मैं उठी तो प्रिन्सिपल जा चुका था

मुझे याद आया कैसे मैं अपनी चूत की आग शांत करने के लिए उसके साथ कितनी घटिया बाते की

मैं उस वक़्त जी भर के रोई

जब मेरा मन हल्का हुआ

मैं रेडी होके स्कूल गयी

स्कूल में प्रिन्सिपल ने रिपोर्ट सॅब्मिट कर दी

2 दिन तक सब कुछ ठीक था

प्रिन्सिपल ने मुझे अपने कॅबिन में बुलाया

प्रिन्सिपल- मिस रीना आज रात का क्या प्लान है

रीना मेडम- क्या मतलब क्या प्लान है

प्रिन्सिपल- मतलब आज रात आप मेरे घर आएँगी

रीना मेडम- बिल्कुल नही अपने कहा था कि सिर्फ़ एक रात की बात की थी

प्रिन्सिपल- तो आप आज रात नही आएँगी मेरे घर

रीना मेडम- नही मैं नही आउन्गि

प्रिन्सिपल- सोच लीजिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ

रीना मेडम- आपको जो करना है कीजिए

प्रिन्सिपल- 1 मिनिट मिस रीना

रीना मेडम- मैं रुक गयी

प्रिन्सिपल ने मेरी तरफ एक फोटो फेंकी

मैं वो फोटो जब देखी तो मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक जाती है

उस फोटो में मैं नंगी लेटी हूँ और कोई और आदमी जिसे मैं जानती भी नही

वो अपना लंड मेरी चूत में डाले हुआ है

रीना मेडम- यह क्या बकवास है [चिल्लाते हुए]

प्रिन्सिपल- यह हक़ीक़त है

ऐसे मेरे पास 15 और फोटोस है

जिसमे मिस रीना आप अलग अलग मर्दों के साथ इसी पोज़िशन में चुदवा रही हैं

रीना मेडम- ऐसा कैसे हो सकता है

मैं अपने पति और आपके अलावा

इसका मतलब इस फोटो में मेरे साथ आप हैं

लेकिन चेहरा किसी और का है

प्रिन्सिपल- बिल्कुल सही

रीना मेडम- तुम्हारे जैसा घटिया इंसान मैने आज तक नही देखी

आज मैं मजबूर हूँ तुम मेरा फ़ायदा उठा लो

कल ऐसा वक़्त आएगा कि तुम मेरे क़दमो में होगे

और मैं तुम्हे माफ़ नही करूँगी

एक वो दिन था और एक आज का दिन है

उस दिन से वो मुझे जहाँ चाहता है जैसे चाहता है चोदता है

यही है मेरी दास्तान

अब कहानी दिलीप की ज़ुबानी

मेडम- आओ आज तुम भी मेर मजबूरी का फ़ायदा उठाओ

दिलीप- मेडम अपना गाउन उतार दिया

मैं पहली बार किसी औरत को नंगा देख रहा था

मैं जल्दी से उठा और बेड पे जो चादर बिछि हुई थी

उसे उठाके मेडम के शरीर पे लपेट दिया

दिलीप- मेडम हो सके तो मुझे माफ़ कर दीजिएगा

यह कह के मैं वहाँ से निकला अपनी बाइक पे बैठा और चल दिया अपने घर...
 
अपडेट 7

दिलीप- मैं आधे रास्ते ही पहुँचा था

देखा कि रास्ते पे गाड़ी खड़ी थी

मैं पास जाके देखा तो किरण मासी और प्रिया थी

दिलीप- क्या हुवा माजी

प्रिया- तुमसे मतलब चले आते है हीरो बनने

किरण मासी- प्रिया कहीं तो चुप रहा रहा कर

[दिलीप से] बेटा देखो ना हमारी गाड़ी का टाइयर पन्चर हो गया है गाओं यहाँ से 4किमी दूर है

और कोई दिख भी नही रहा जो हमारी मदद करे

दिलीप- अरे माजी चिंता क्यूँ करती है

प्रिया- लो माँ एक यही बचे थे हीरो

दिलीप- आप को मुझसे कोई आलर्जी है

प्रिया- आलर्जी और तुमसे

दिलीप- आप को जाना कहाँ पे है

किरण मासी- ठाकुर धर्मेश सिंग के यहाँ जाना है

दिलीप- [अरे बाप रे इनको तो हिट्लर के यहाँ जाना है ]

माजी बात तो सही है यहाँ पे कोई भी नही है तो बस एक ही रास्ता है

किरण मासी- क्या बेटा

दिलीप- [प्रिया से] आप को बाइक चलानी आती है

प्रिया- तुम्हें उससे क्या

दिलीप- [डोर जैसे नॉक करते हैं मैं प्रिया के सर पे वैसे ही नॉक करने लगा]

अंदर कुछ है या नही

[मासी जी मुस्कुराने लगी]

बाइक चलानी आती है तो मेरी बाइक पे बैठो

प्रिया- मैं और तुम्हारे साथ बाइक पे बैठूँगी

दिलीप- पहले पूरी बात सुनो फिर मुँह खोलो मेरी बाइक पे बैठो अपनी माँ को पिछे बिठाओ और जाओ

हिट्लर मेरा मतलब है ठाकुर साहेब के यहाँ

[मैने की उसकी तरफ बढ़ा दी] यह लो की

प्रिया की ले के वो बाइक पे बैठ गयी और मासी भी बैठ गयी

दिलीप- [प्रिया से ] एक मिनिट तुम्हारे पास कोई ऐसी चीज़ है जो तुम मुझे दे सको

[इस बात पे प्रिया ने मुझे थप्पड़ मार दिया]

प्रिया- देखा माँ मैने कहा था ना यह लड़के एक जैसे ही होते हैं

दिलीप- [अब मेरा पारा भी चढ़ रहा था]

माजी आप की कोई भी निशानी मुझे दे दीजिए आपकी वो निशानी को लेके मैं अपने दोस्त को भेज दूँगा आप उसको मेरी बाइक दे देना

[प्रिया ने अपनी उंगली से अंगूठी निकाली]

प्रिया- यह लो यह अंगूठी 5 लाख की है

अगर तुम्हें अपनी बाइक सस्ती लगे तो यह रिंग अपने पास ही रख लेना

दिलीप- उसने बाइक स्टार्ट किया और चली गयी

मैं वहाँ से अपने पैर पटकता हुआ चल दिया

2 घंटे बाद मैं घर पहुँचा

दिलीप- अरे कोई ठंडा पानी पिलाओ बड़ी नानी मेरी आवाज़ सुनके बाहर आ गयी

आशा देवी- क्या हुआ मेरे बेटे को

दिलीप- कुछ नही बड़ी नानी मैने पानी पीते हुए

किरण और प्रिया वाली बात बता दी सिर्फ़ थप्पड़ और अंगूठी वाली बात नही बताई

आशा देवी- मेरा बेटा तो बहुत समझदार हो गया है पर बेवकूफ़ भी है

दिलीप- क्यूँ

आशा देवी- बेवकूफ़ इस लिए कि तुम प्रिया से ऐसा भी कह सकते थे

तुम यही पे हो तो अपने किसी नौकर के हाथ मेरी बाइक भेज देना

दिलीप- बड़े मामा के घर में जितने भी नौकर हैं सब मुझे पहचानते है

उनमे से कोई मुझे देख लेता तो बड़े मामा से कहता ज़रूर

और फिर बड़े मामा यहाँ हिट्लर बनके आ जाते

आशा देवी- मेरा बेटा इतनी दूर की सोचता है मुझे आज पता चला

दिलीप- क्या बड़ी नानी मुझे पता है आप को यह बात का अंदाज़ा था

फिर भी आप ने मुझसे पूछा

बड़ी नानी भूकी लगी है

बड़ी नानी ने मुझे अपने हाथो से खाना खिलाया

मैं बड़ी नानी की गोद में सर रख के सो गया..
 
अपडेट 8

अब आपको सुनाता हूँ

जब बड़े मामा के यहाँ किरण मासी और प्रिया पहुँचे

बड़े मामा हॉल में बैठे थे

किरण मासी- नमस्ते भैया पैर छुते हुए

प्रिया ने भी पैर छुए

भैया कैसे हैं आप

बड़े मामा- हम ठीक है बहेन आप कैसी हैं

किरण मासी- मैं ठीक हूँ भैया

प्रिया- मामा जी आप मुझे तो भूल गये

बड़े मामा- हम अपनी बेटी को कैसे भूल सकते है

लेकिन आज हमारी बेटी का चेहरा इतना मुरझाया क्यूँ है

किरण मासी- कुछ नही भैया

किरण मासी ने सारी बात बताई

बड़े मामा- अच्छा तो इस लिए हमारी बेटी का मूड ऑफ है

बड़ी मामी और वँया भी आ गयी वँया किरण मासी को गले लगाती है

वँया- बुआ जी आप तो मुझे भूल ही गयी

किरण मासी- मेरी बेटी कैसी है तू

वँया- ठीक हूँ मैं

अरे दीदी आप को क्या हुआ

किरण मासी ने वँया और बड़ी मामी को बात बताई

वँया हँसते हुए दीदी

प्रिया- मामा जी

बड़े मामा वानु

वँया- दीदी वो बाइक कौनसी है

प्रिया- चल दिखाती हूँ

वँया- वाह दीदी क्या बाइक है

आपको क्या लगता है वो अपनी बाइक लेने आएगा

प्रिया- यह बाइक 3 लाख की है

और वो रिंग 5 लाख की थी

तुम समझ गयी होगी

दिलीप- मेरी नींद खुली तो देखा शाम हो गयी थी

मैं फ्रेश हुवा और बड़ी नानी के पास गया

दिलीप- बड़ी नानी मैं गाओं घूम के आता हूँ

आशा देवी- ठीक है बेटा

दिलीप- मैं गाओं घूमने लगा

सामने से एक लड़का आता हुआ मुझे दिखा

मैं उसे आवाज़ दी

विनय

विनय- हां छोटे मालिक

दिलीप- तुझे कितनी बार कहा है छोटे मालिक मत बोला कर

अच्छा सुन तुझे बाइक चलानी आती है

विनय- हां आती है

दिलीप- यह अंगूठी ले और ठाकुर जी के यहाँ जा

यह अंगूठी प्रिया दीदी को देना वो तुझे बाइक देगी ले लेना और मैं यही पे हूँ

वो मेरा नाम पूछे तो मत बताना वरना तेरी हड्डिया तोड़ दूँगा

विनय- ठीक है मालिक

दिलीप- यह बोलके वो भाग गया

यह कभी नही सुधरेगा

मैं इधर उधर घूमने लगा

30 मिनिट बाद विनय वापस आया

पर खाली हाथ

दिलीप- तू बाइक नही लाया

विनय- भैया मैं आपको सब बात बताता हूँ

जब मैं वहाँ पहुँचा तो दरबान को बोला

प्रिया दीदी को बोलो कोई बाइक लेने आया है

दरबान- अंदर गया

मालिक [बड़े मामा को] कोई बाइक लेने आया है

बड़े मामा- उसे अंदर भेजो

[दरबान बाहर आके] अंदर चलो मालिक बुला रहे हैं

विनय अंदर गया

विनय- नमस्ते मालिक

बड़े मामा- तुम्हारा दोस्त क्यूँ नही आया

विनय- वो उसकी तबीयत खराब है

बड़े मामा- बेटा प्रिया

प्रिया- जी बड़े मामा

बड़े मामा- यह बाइक लेने आए है

इनको की दे दीजिए

प्रिया- जी मामा जी

प्रिया ने की विनय को देदि

बड़े मामा- नाश्ता कर के जाओ

विनय- जी मालिक

विनय ने नाश्ता किया

धन्यवाद बड़े मालिक

विनय वहाँ से जाने ही वाला था

बड़े मामा- तुम्हारे दोस्त का क्या नाम है

विनय- दिलीप

बड़े मामा- क्या नाम बताया तुमने

विनय- [दिलीप भैया तो मुझे मार डालेंगे

कुछ सोच विनय] जी रवि

प्रिया- नही मामा जी इसने पहले दिलीप बोला था

बड़े मामा- लखन

विनय- तभी एक काले सांड़ जैसा आदमी आया

बड़े मामा- हम तुमसे एक बार और पूछेंगे

इस बार अगर तुमने झूठ बोला तो

विनय- बड़े मालिक मैं सच बताता हूँ

यह बाइक दिलीप बाबू की है

बड़े मामा- तुम जाओ और उस से कहना वो खुद आए अपनी बाइक लेने

यह सुनके मैं वहाँ से जान लेके भागा

दिलीप-मरवा दिया यार

विनय- मैं क्या करता वो इतने अच्छे हैं कि मेरे मुँह से सच निकल गया

दिलीप- अच्छा तू जा

[अब उस हिट्लर के पास कौन जाए यार]

मैं हिम्मत करके चल दिया शहीद होने....
 
अपडेट 9

दिलीप- मैं पहुँचा बड़े मामा के घर

दरबान अंदर गया

दरबान- चलिए मालिक आपको अंदर बुला रहे हैं

दिलीप- मैने बड़े मामा बड़ी मामी और छोटी मासी को प्रणाम किया

ब मामा- आओ बैठो

दिलीप- मैं बैठ गया

ब मामा- कैसे हो तुम

दिलीप- मैं ठीक हूँ

ब मामा- लो चाइ पियो

दिलीप- मैं चाइ पीने लगा

ब मामा- हम चाहते हैं तुम हमारे यहाँ आके रहो

दिलीप- मेरे हाथ से चाइ का कप गिर गया

और चाइ मेरे पैंट पे गिर गयी

ब मामा- वँया जल्दी से डॉक्टर को बुलाओ

वँया भाग के डॉक्टर बुलाने गई

[यहाँ पे आपको बता दूं बड़े मामा का एक फॅमिली डॉक्टर है जो हवेली में ही रहता है उसकी वाइफ भी डॉक्टर है ]

दिलीप- मैं ठीक हूँ ठाकुर साहब

ब मामा- मेरे रूम में जाके चेंज करो

इसे मेरा रूम दिखाओ नौकर से

नौकर मुझे मामा जी के रूम में ले गया

दिलीप- तुम जाओ

मैं कबाड़ में पैंट ढूँडने लगा

एक पैंट मैं उठाया

मैं अपनी पॅंट उतारी तो देखा लाल निशान हो गया था

मेरा अंडरवेर भी खराब हो गया

मैं अंडरवेर उतार दिया

और अपने लंड को पकड़ के देखने लगा कहीं जला तो नही है

मैं अपने लंड को देख रहा था कि बड़ी मामी अंदर आ गयी

मैने जब बड़ी मामी को देखा तो मैं बुत बन गया

[अब क्या होगा कहीं बड़ी मामी ने कुछ और समझ लिया तो]

मैं सोच में गुम था

बड़ी मामी आँखें फाड़ फाड़ के मेरे लंड को देख रही थी

जब मैं होश में आया तो मैं बाथरूम में घुस गया डोर लॉक करके लंबी लंबी साँसे लेने लगा

मैं अपने जले हुए जगह को पानी से धोया

एक बार फिर लंबी साँस ली और पैंट पहेन के बाहर आया

दिलीप- ब मामी रूम में नही थी

[आज का दिन ही खराब है]

मैं बाहर आ गया

बड़ी मामी बाहर नही दिख रही थी

डॉक्टर आ गया था

डॉक्टर ने मुझे दवाई और क्रीम दी

डॉक्टर- ठाकुर साहब अब इजाज़त चाहूँगा

ब मामा- धन्यवाद डॉक्टर साहब

[डॉक्टर चला गया]

दिलीप- ठाकुर साहब मैं बड़ी नानी से पूछ के बताउन्गा

ब मामा- हम कल आएँगे बड़ी माँ से बात करने

दिलीप- [उन्होने मुझे बाइक की की दी]

मैने जाते वक़्त देखा वँया की आँखों में आँसू थे जो वो सबसे छुपाने की कोशिश कर रही थी

मैं बाइक पे बैठा और चल दिया घर

जब मैं घर पहुँचा तो बड़ी नानी हॉल में ही बैठी थी

ब नानी- कहाँ था मेरा बेटा 3 घंटे से

दिलीप- मैं बड़ी नानी को सब बता दिया

[ बड़ी मामी वाला इन्सिडेंट छोड़ के]

ब नानी- तो कल धर्मेश आ रहे हैं

तू बैठ मैं तेरे लिए खाना लेके आती हूँ

दिलीप- मैने और बड़ी नानी ने खाना खाया

मैं उपर अपने रूम में आ गया

इस बार मैने डोर लॉक किया

अपनी पैंट उतार के क्रीम लगाने लगा

क्रीम लगा के अंडरवेर में ही लेट गया

मुझे आज सुबह की बात याद आई जब मेडम ने मुझे भी प्रिन्सिपल जैसा घटिया

आदमी समझ लिया

इस प्रिन्सिपल को मैं छोड़ूँगा नही

और मैं सो गया...
 
अपडेट 10

दिलीप- रात को 2 बजे प्यास की वजह से मेरी नींद खुली

आज का दिन तो दिन रात भी खराब है

पानी भी नही था

मैं पैंट पहना और नीचे गया पानी लेने

मैं किचन में गया

पानी पिया मैं उपर जाने लगा तभी सेरवेंट क्वॉर्टर की लाइट जाली हुवी दिखी

मैने सोचा इतनी रात को चुदाई ही कर रहे होंगे

[एक बार जाके देखता हूँ]

मैं गया खिड़की खुली थी और गेट बंद था

मैं खिड़की से झाँक के देखा

तो क्या देखा हमारी नौकरानी सुधा को उसका पति नही

हमारा कोई और नौकर चोद रहा था

मैं गेट नॉक किया

और छुप गया

तभी किसी के चलने की आवाज़ आई

यह नौकर 2 था जो भाग रहा था

नौकर 2 खिड़की से कूदके अपने क्वॉर्टर में भाग गया

मैने फिर डोर नॉक किया

गेट सुधा ने खोला

सुधा- छोटे मालिक आप

दिलीप- मैं बिना कुछ बोले अंदर गया

सुधा- आपको कुछ चाहिए

दिलीप- तुम्हारा पति कहाँ है

सुधा- वववो वववो

दिलीप- क्या ववो लगा रखा है बताओ

सुधा ने बेड के नीचे इशारा किया

मैं बेड के नीचे देखा तो सुधा का पति खर्राटे ले रहा था

इसको क्या हुआ

मैने उसे हिलाया ए सुखिया

ए सुखिया

सुधा- छोटे मालिक वो अभी नही उठेंगे

दिलीप- क्यूँ क्या किया तूने इसके साथ

सुधा- छोटे मालिक उनको नींद की गोली दी है

दिलीप- यह तो मुझे पता है कि तुम किसी और के साथ मुँह काला कर रही थी

यह बात मैं बड़ी नानी को ना बताऊं इसकी तुम मुझे 1 वजह दो

सुधा- छोटे मालिक आप यह बात बड़ी ठकुराइन को नही बताएँगे

दिलीप- लेकिन तुम बताओगी वजह यह सब करने की

सुधा- छोटे मालिक वो सुखिया मुझे खुश नही रख पाता है

दिलीप- तुम्हारे पास अच्छे कपड़े हैं तुम्हारे पास गहने भी हैं तुम्हे किसी बात की तकलीफ़ नही है

सुधा- छोटे मालिक सुखिया मुझे चुदाई में खुश नही कर पाता है

दिलीप- क्या बोल रही हो मुझे कुछ समझ नही आरहा है

सुधा- छोटे मालिक मैं आपको बताती हूँ

पहले आप अपनी पैंट उतारिये

दिलीप- कैसी औरत हो तुम अभी तुम किसी गैर मर्द से चुदवा रही थी

अब मुझे अपनी पैंट उतारने को बोल रही हो

सुधा- आपको जानना है ना कि मैं सुखिया को धोका क्यूँ दे रही हूँ

दिलीप- हां लेकिन इसमें पैंट उतारने की बात कहाँ से आ गयी

तुम ऐसे ही बता दो

सुधा- ऐसे आप नही समझेंगे

दिलीप- देखो सुधा अगर तुम मुझे फँसाने का सोच रही हो तो तुम्हारे लिए अच्छा नही होगा

सुधा- छोटे मालिक मैं आपको बस अपनी स्तिथि समझाना चाहती हूँ इसके लिए आप को पैंट उतारना ही होगा

दिलीप- क्या मुसीबत है अच्छा चलो मेरे रूम में

सुधा- क्यूँ यहाँ क्यूँ नही

दिलीप- बस ऐसे ही

सुधा- चलिए

दिलीप- रूको पहले बाहर देखो कोई है तो नही

सुधा- आप देखिए ना

दिलीप- अरे मैं बाहर जाउन्गा और अगर कोई बाहर हुआ वो मुझे तुम्हारे क्वॉर्टर से निकलते देखा तो

सुधा- ठीक है मैं देखती हूँ

सुधा ने बाहर जाके अच्छे से देखा

सुधा- बाहर कोई नही है

दिलीप- पहले लाइट बंद कर दो

मैं और सुधा दबे पावं उपर मेरे रूम में पहुँचे

मैने गेट अंदर से लॉक किया

सुधा- अब उतारिये अपनी पैंट

दिलीप- तुम्हें बड़ी जल्दी है है

मैने अपना पैंट उतार दिया

सुधा- यह भी तो उतारिये

दिलीप- मैने अपना अंडरवेर उतार दिया

सुधा मेरे लंड को देखती रह गयी

मैं सोचा शायद जले हुए निशान को देख रही है

दिलीप- क्या देख रही हो

सुधा- यह यह क्या है

दिलीप- [मैं गुस्से में] लंड है और क्या है

दो दो मर्दों से चुदवाती हो और पूछ रही हो यह क्या है

सुधा डर से सहम गयी

सुधा- छोटे मालिक आप गुस्सा मत कीजिए आप बेड पे लाइट जाओ

दिलीप- मैं बेड पे लेट गया

सुधा मेरे पैर के यहाँ पे बैठ गयी और मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी

मेरे शरीर में करेंट दौड़ गया

सुधा अब मेरे लंड को मुट्ठी में पकड़ के उपर नीचे करने लगी

मज़े से मेरी आँखें बंद हो गयी

अब सुधा और ज़ोर से मेरे लंड को उपर नीचे करने लगी

सुधा-[छोटे मालिक तो झड़ने का नाम ही नही ले रहे हैं]

दिलीप- और ज़ोर से करो सुधा

बहुत मज़ा आ रहा है

तभी मुझे लगा मेरा पेशाब निकल जाएगा

ऐसा लगा मेरे शरीर का सारा खून मेरे लंड में जमा हो गया है

और वो खून मेरे लंड से बाहर निकलने को मचल रहा हो

सुधा मेरा पेशाब निकलने वाला है

सुधा ने झट से मेरा लंड छोड़ दिया

मुझे ऐसा लगा कि किसी ने मुझसे मेरी सबसे बड़ी खुशी छीन ली हो

गुस्सा भी बहुत आ रहा था

मैने जब अपनी आँखें खोली तो मेरी आँखें लाल हो गयी थी.....
 
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