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बबलू की गन से निकली गोली सलोनी के चेहरे पर ज़ोर से टकराई और चारों तरफ छींटे उड़ाती हुई बिखर गयी
एक के बाद एक उसके लॅंड की पिचकारियों ने सलोनी के चेहरे को पूरा रंग दिया

उसके लॅंड की पिचकारियां उसने सीधा अपने मुँह में भी ली
क्योंकि पापा के लॅंड का पानी टेस्ट करने के बाद उसे इसका स्वाद अक्चा लगने लगा था
बबलू का टेस्ट थोड़ा अलग था पर एक अलग ही नशा था उसमें
जवानी का नशा
इसलिए वो अपने चेहरे पर लगे रस को भी उंगलियों से इकट्ठा करके चाट गयी
फिर उसने पास रखे वेट टिश्यू से अपने चेहरे को अच्छी तरह से साफ़ किया
कुछ ही देर में वो एकदम दमक रही थी उसके लॅंड से निकले पानी के तेज से
हो तो अभी बहुत कुछ सकता था
पर सलोनी ज़्यादा रिस्क नही लेना चाहती थी
बबलू आज अगर पापा के हाथों पकड़ा गया तो उसके साथ-2 वो भी बुरी फँसेगी
मॉम का तो पता नही क्या होगा
इसलिए अभी के लिए उसने अपनी सुलगती हुई चूत को दबाकर सांत्वना दी और बबलू को अपने कपड़े पहनने के लिए कहा
और खुद भी उसने टी शर्ट पहन ली और पहले जैसी हो गयी
उसके बाद उसने बबलू को समझा दिया की सामने वाला कमरा स्टोर रूम है
मॉम मों ने उसे वही छुपने के लिए कहा था और वो ही उसे निकालेगी पापा के सोने के बाद
फिर उसने धीरे से दरवाजा खोला, उसके रूम और स्टोर रूम की गॅलरी में कोई नही था
वहां से पापा का रूम भी नज़र नही आता था
वो ड्रॉयिंग रूम में होते तो नज़र आते पर आज वो अपने रूम में बैठकर पी रहे थे और टीवी देख रहे थे
ये उसके लिए अच्छा था
उसने धीरे से स्टोर रूम का दरवाजा खोला और उसे एक कोने में छुपकर माँ के आने का वेट करने की हिदायत दी और दरवाजा बंद करके वो अपने रूम में आकर लेट गयी
आज का पूरा दिन कितने एक्शन से भरा था
आज की शाम भी
और अब ये रात भी
आपने वाली रातें तो और भी रंगीन होने वाली थी
पापा के साथ और बबलू के साथ
बस यही सोचते-2 वो कब सो गयी उसे भी पता नही चला.
एक के बाद एक उसके लॅंड की पिचकारियों ने सलोनी के चेहरे को पूरा रंग दिया

उसके लॅंड की पिचकारियां उसने सीधा अपने मुँह में भी ली
क्योंकि पापा के लॅंड का पानी टेस्ट करने के बाद उसे इसका स्वाद अक्चा लगने लगा था
बबलू का टेस्ट थोड़ा अलग था पर एक अलग ही नशा था उसमें
जवानी का नशा
इसलिए वो अपने चेहरे पर लगे रस को भी उंगलियों से इकट्ठा करके चाट गयी
फिर उसने पास रखे वेट टिश्यू से अपने चेहरे को अच्छी तरह से साफ़ किया
कुछ ही देर में वो एकदम दमक रही थी उसके लॅंड से निकले पानी के तेज से
हो तो अभी बहुत कुछ सकता था
पर सलोनी ज़्यादा रिस्क नही लेना चाहती थी
बबलू आज अगर पापा के हाथों पकड़ा गया तो उसके साथ-2 वो भी बुरी फँसेगी
मॉम का तो पता नही क्या होगा
इसलिए अभी के लिए उसने अपनी सुलगती हुई चूत को दबाकर सांत्वना दी और बबलू को अपने कपड़े पहनने के लिए कहा
और खुद भी उसने टी शर्ट पहन ली और पहले जैसी हो गयी
उसके बाद उसने बबलू को समझा दिया की सामने वाला कमरा स्टोर रूम है
मॉम मों ने उसे वही छुपने के लिए कहा था और वो ही उसे निकालेगी पापा के सोने के बाद
फिर उसने धीरे से दरवाजा खोला, उसके रूम और स्टोर रूम की गॅलरी में कोई नही था
वहां से पापा का रूम भी नज़र नही आता था
वो ड्रॉयिंग रूम में होते तो नज़र आते पर आज वो अपने रूम में बैठकर पी रहे थे और टीवी देख रहे थे
ये उसके लिए अच्छा था
उसने धीरे से स्टोर रूम का दरवाजा खोला और उसे एक कोने में छुपकर माँ के आने का वेट करने की हिदायत दी और दरवाजा बंद करके वो अपने रूम में आकर लेट गयी
आज का पूरा दिन कितने एक्शन से भरा था
आज की शाम भी
और अब ये रात भी
आपने वाली रातें तो और भी रंगीन होने वाली थी
पापा के साथ और बबलू के साथ
बस यही सोचते-2 वो कब सो गयी उसे भी पता नही चला.