Incest इंस्पेक्टर की बेटी - Page 6 - SexBaba
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Incest इंस्पेक्टर की बेटी

पर सच तो ये था की उसके बॉयफ्रेंड को भी क्लीन चूत पसंद थी, ताकि वो उसे आराम से चूस सके

उसे देखकर शमशेर के मुंह में पानी भर आया

उसने अपनी एक उंगली सीधा लेजाकर उसकी चूत के मुहाने पर रखी और धीरे से अंदर सरका दी

“अहह येएसएसएसएसएसएस sssssssss .........”

सिसकारी श्रुति के मुंह से निकली पर उस उंगली का एहसास सलोनी को भी महसूस हुआ अपनी चूत पर

अपने प्यारे पापा को वो अपनी सहेली के साथ आज बांटने जा रही थी

एक पल के लिए तो उसके मन में ये विचार आया की वो सब वहीं रोक दे, उसके पापा पर सिर्फ और सिर्फ उसका हक है

पर अब बात आगे निकल चुकी थी

वो अगर रोकती भी तो ना तो शमशेर रुकने वाला था और न ही श्रुति

अपनी उंगली अंदर डालकर जब शमशेर ने बाहर निकाली तो वो उसके देसी घी से पूरी भीग चुकी थी

वो किसी तुजुर्बेकार डॉक्टर की तरह उसे सूंघकर और गोर दे देखकर बोला : “इसकी हालत तो तुमसे भी ज्यादा गंभीर है , इसका कुछ और इलाज करना पड़ेगा “

सलोनी और श्रुति एक साथ बोले : “क्या .......?”

शमशेर : “वो मैं अभी बताता हूँ, पर पहले इसका ये कीमती रस तो इकट्ठा कर लूँ , तुम्हें तो पता ही है न सलोनी बेटा की ये हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है , मिनेरल्स एंड आल रिमेम्बर “

सलोनी : “यस पापा...”

और फिर वो श्रुति की तरफ देखकर बोली : “मैंने कहा था न तुझे, पापा को सब अच्छे से आता है, अभी वो तुझे वहां नीचे से सक्क करेंगे, और ये सारा कीमती मिनरल पी जाएंगे, इस से तेरा काम भी हो जाएगा और इन्हे भी इम्युनिटी बूस्टर मिलेगा, है न पापा “

जवाब में दोनों मुस्कुरा दिये

शमशेर उसकी नादानी पर

और सलोनी अपनी चालाकी पर

उसकी जीभ लपलपा रही थी और किसी पानी से निकली मछ्ली की तरहा फड़फड़ा रही थी

उसने उस जीभ को श्रुति की छोटी सी रसीली झील में डुबकी लगवा दी





वो बिलबिला उठी

उसकी छाती से चादर सिमटकर नीचे हो गयी

परिणामस्वरूप उसके बूब्स किसी बर्फ से ढकी पर्वतमाला की तरहा उजागर हो गए

अब वो चादर नाम मात्र की सिर्फ उसके पेट को धक रही थी

ऊपर से भी नंगी थी वो और नीचे से भी

इसलिए सलोनी ने उसे पूरा ही निकाल फेंका

अब वो जन्मजात नंगी थी उस बेड पर

उत्तेजना के मारे उसका सीना ऊपर की तरफ और पैर पीछे की तरफ मूढ़ गए

मुंह से उसके एक ऐसी मदमस्त सिसकारी निकली की पूरा घर गूंज उठा

“अहह एएएएचएचएचएचएचएचएचएचsssssssss ओहहssssssss येस्सsssssssss “





ओह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह एस्सस ऐसे ही उम्म्म्म हानंन्न ये ..ये चुसो अंकल





अह्हह्ह्ह्ह उम्म्म्म माँ ssssssss मररर्र गयी उम्मम्मम्मम्म स्स्स्सस्स्स्स





हाँ हफ़्फ़्फ़ हफ़्फ़्फ़्फ़ह्ह्हह्ह उम्म्म्म ये ....यही ...... अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह गॉड ....... ुह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह





एएएएए मममममम अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह ममममममम



 
अब तो उसके बगल मे बैठी सलोनी का भी मन कर रहा था की वो भी अपने कपड़े उतार फेंके

पर उसने जो वादा अपनी सहेली से आज किया था, उसके अनुसार तो आज का दिन श्रुति का था

उसका क्या है, वो तो घर पर भी मजे ले सकती है

पर कपड़े तो वो उतार ही सकती है न

पापा ने आखिर उसे आधा अधूरा ही सही , देखा तो है

इसी बहाने वो उसे आज पूरा नंगा देख सकेंगे

पर अभी के लिए उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी

करीब 3 मिनट तक उसकी चूत का रस पीने के बाद शमशेर ने अपना चेहरा ऊपर उठाया

उसके चेहरे और मूंछो पर श्रुति की चूत का गाड़ा रस लगा हुआ था

जिसे देखकर सलोनी मुस्कुरा दी

घर पर भी पापा जब लस्सी पीते है तो ऐसे ही उनकी मूंछे भीग जाती है

ऊपर उठने के बाद जब शमशेर ने उसके नंगे बदन को देखा तो उसकी हालत खराब हो गयी

रात के अंधेरे में या नशे में किसी का नंगा बदन देखना अलग बात होती है

पर बिना दारू पिये, इस रोशनी से भरे कमरे में 21 साल की कच्ची जवानी सा नंगा बदन देखना किसी के भी दिल की धड़कन रोकने के लिए काफी है

उसके रसीले स्तनों को देखकर शमशेर के मुंह से लार टपक कर उसकी चूत पर जा गिरि

वो फिर से सिसक उठी पर उसने अपनी आंखे फिर भी नहीं खोली

हालांकि अंदर से वो काफी उत्तेजित और खुश भी थी पर इस बाप बेटी की जोड़ी के सामने उसे अब भी शर्म आ रही थी

शमशेर ने अपनी बेटी की तरफ देखा, जो उसे आगे बढ़ने का न्योता दे रही थी

वो उठ खड़ा हुआ और उसने धीरे-2 अपनी पेंट खोलकर नीचे कर दी

अब उसका लंड सलोनी की आंखो के सामने था

वो हैरान रह गयी उस लंड की मोटाई और लंबाई देखकर

एकदम काल भुसंड लाँड़ था उसके पापा का





इस बार लार उसके मुंह से टपकी जो सीधा श्रुति के बांये बूब पर गिरि

वो फिर से सुलग उठी और उसने धीरे से आंखे खोल कर देखा तो उसकी भी हालत खराब हो गयी

ऐसा लंड तो सिर्फ उसने पॉर्न मूवीस में देखा था

उस दिन रात के समय भी जब इन्हे उस लड़की को पुल के नीचे चोदते हुए देखा था तो उनके लंड का अनुमान नहीं लगा पायी थी क्योंकि वो काफी दूर थे

पर इस वक़्त तो ये बिलकुल करीब है , इतने करीब की उसमें से निकल रही गर्मी उसे अपनी चूत पर साफ महसूस हो रही थी

शमशेर : “देखो श्रुति बेटा, मैंने सारा रस तो चूस लिया है, पर तुम्हारी हालत ऐसी है की मुझे इसका इस्तेमाल करना ही पड़ेगा, इसे तुम्हारे अंदर डालकर उस छेद पर अंदरूनी दबाव डालना पड़ेगा ताकि वो ज्यादा न बहे, वरना सारे मिनिरल ऐसे ही तुम्हारी बॉडी से निकलते रहे तो तुम काफी कमजोर हो जाओगी और ये तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा “

श्रुति भी उनकी बेसिरपैर की बाते सुनकर अंदर ही अंदर मुस्कुरा उठी

सलोनी ठीक कह रही थी, उनके सामने भोंदू बनकर रहो तभी मजा मिलेगा

इसलिए वो धीरे से बोली : “ओके अंकल , जैसा आपको ठीक लगे “

शमशेर भी उसका 'कंसेंट' पाकर काफी खुश हो गया

फिर वो बोला : “ओके, पर तुम्हें इसे थोड़ा गीला करना पड़ेगा, तभी ये अंदर घुसेगा, वरना तुम्हें काफी तकलीफ होगी “

वो मासूमियत से बोली : “कैसे अंकल ?”

शमशेर : “अपने मुंह में लेकर “

उसकी बात सुनते ही सलोनी का दिल धक् से रह गया

ये कमीनी मेरे पापा का लंड चुसेगी

ये तो मैंने भी अभी तक नहीं किया

रुक अभी बताती हूँ इसे

श्रुति कुछ जवाब दे पाती, इस से पहले ही सलोनी बोल उठी : “ये काम मैं करती हूँ न पापा, ये तो पहले से ही काफी तकलीफ में है “

श्रुति ने उसे खा जाने वाली नजरों से देखा

पर बेचारी कुछ न कर पायी

वो तो भोंदू लड़की के किरदार में जो थी

वो भला कैसे बोलती की लंड चूसने में उसे बहुत मजा आता है और इसमें उसका कोई सानी नहीं है

इसलिए वो चुपचाप लेटी रही

सलोनी की बात सुनकर शमशेर भी हैरान रह गया

अपनी बेटी से लंड चुसवाने का उसका सपना ना जाने कब से था

वो ऐसे पूरा होगा, उसे भी अंदाजा नहीं था

इसलिए वो भी खुशी-2 उसकी तरफ घूम गया और बोला : “ओके बेटा, आप ही करो, इसे धीरे से मुंह में लेकर चूसना, जैसे मैंने तुम्हें चूसा था उस दिन, याद है न “

सलोनी : “जी पापा , मैं करती हूँ, कुछ गलत हो तो आप गाईड कर देना “

इतना कहकर उसने अपनी पॉनीटेल बांधी और आगे बढ़कर उस विशालकाए जीव को अपने हाथ से पकड़ लिया

पकड़ तो लिया पर वो साला हाथ में पूरा आ ही नहीं रहा था

उसने नन्हें हाथ और वो अजगर जैसा मोटा

उसने दोनों हाथो से उसे पकड़ा और उसकी गर्मी को महसूस किया

अपना चेहरा आगे किया और उसकी मादक महक को अपने नथुनों में भरा

और फिर अपनी जीभ निकाल कर उसके अगले भाग पर धीरे से फेराया और बाहर निकाल रही बूंद को चाट लिया

हालांकि ये उसका पहला मौका था पर ऐसा उसने एक पॉर्न में देखा था

इसलिए वो इतनी अच्छी तरह से परफॉर्म कर पा रही थी

पॉर्न एजुकेशन की क्या वैल्यू होती है ये उसे आज पता चल रहा था

उस बूंद में जैसे कोई नशा भरा था

उसने अपना पूरा मुंह खोला और अपने मुंह में भर लिया

ऐसा लगा जैसे साबूत खीरा ले लिया हो मुंह में



 
शमशेर भी अपनी बेटी की कला देखकर काफी खुश था

आने वाले दिनों की कल्पना करके ही उसके लंड ने दो चार तेज झटके मारे

धीरे-2 करके शमशेर का लगभग आधे से ज्यादा लंड अपनी बेटी के मुंह में था

घर पर अपनी बीबी के डर से वो यहाँ तक नहीं पहुँच पाया था

पर आज सलोनी की सहेली के घर ऐसा कोई डर नहीं था

इसलिए वो भी सिसकारियाँ मारकर अपनी बेटी के गरम मुंह का मजा खुलकर लेने लगा

“येसएसएसएसएसएसssssss अहह येस्स बेटू , ऐसे ही…… अब चूस इसको .....जैसे आइसक्रीम चूसते है , वैसे “

सलोनी ने भी अपने पापा की बात मानते हुए उसे कैंडी की तरह चूसना शुरू कर दिया

पापा के लंड की गर्मी, उनकी चमड़ी का स्वाद और छेद से निकलते रस का हल्का खट्टापन उसे बहुत मजेदार लग रहा था

जैसे कोई नशा कर रही हो वो

वो धीरे-2 करके उसे चूसने लगी

और जब उसका स्वाद गले से नीचे जाने लगा तो ज़ोर से चूसा उसे

दोनों बाप बेटी यहा मजा ले रहे दे और वहाँ बिस्तर पर नंगी पड़ी हुई श्रुति का बुरा हाल हो रहा था

जिस चूत को चूसकर शमशेर ने अभी खाली सा कर दिया था, वो फिर से रस उगलने लगी थी

वो चीख कर कहना चाहती थी की 'अंकल वो प्रोब्लेम फिर से हो रही है मुझे, इसे चूस लो या अपना ये ओजार इसमे डालकर इसे थोड़ा शांत कर दो'

पर बेचारी कुछ न बोल पायी

किरदार में जो थी वो

इसलिए खुद की चूत मसलने और बूब को रगड़ने के सिवा उसके पास कोई और चारा ही नहीं था





उधर अपने लंड के चारों तरफ अपनी बेटी के पिंक लिप्स को लिपटा देखकर शमशेर किसी दूसरी ही दुनिया में पहुँच चुका था

हालांकि उसके सामने एक जवान चूत टाँगे फेलाए पड़ी थी

पर उस से ज्यादा उसे अपनी बेटी से लंड चुसवाने में ज्यादा मजा आ रहा था

आता भी क्यो नहीं

अपनी जवान बेटी से लंड चुसवाने की चाहत उसे पिछले कई सालो से जो थी

जो आज पूरी हो रही थी

इसलिए उत्तेजना भी उसी हिसाब से उसके अंदर बढ़ती जा रही थी

और ऐसी बड़ी की उसके लंड ने रेकॉर्ड 1 मिनट के अंदर ही झड़ना शुरू कर दिया

ये आज तक नहीं हुआ था उसके साथ

चाहे लंड चुसवाना हो या किसी की चूत मारना

वो 8-10 मिनट से पहले कभी नहीं झड़ा था

पर आज जो हुआ उसपर उसे भी विश्वास नहीं हुआ

बावजूद इसके की उसके सामने एक जवान जिस्म नंगा पड़ा था चुदाई के लिए

उसे अपने आप पर काफी शर्म आ रही थी और अपनी बेटी की तकनीक पर गर्व भी महसूस हो रहा था उसे

लग नहीं रहा था की ये उसका पहला मौका था

ऊपर से उसके लंड से निकले पानी को वो बड़े चाव से पी भी गयी





बचे खुचे रस को, जो उसके होंठो और चेहरे पर लगा रह गया था वो इकट्ठा करके चाट गयी

उसे बस अपने पापा की वो बात याद थी की ऐसे मिनिरल को वैस्ट नहीं करना चाहिए

अपनी चुदाई का घोंसला लुटता देखकर श्रुति का बुरा हाल हो गया

बेचारी सिसक कर रह गयी जब उसने शमशेर अंकल को झड़ते देखा

पर वो भी हार मानने वालो में से नहीं थी

वो आगे आई और शमशेर के झूल रहे लंड को अपने हाथ में लेकर सीधा अपने मुंह में डाल लिया

और उसे चूसने लगी

जो लंड सलोनी के मुंह में खीरे जैसा लग रहा था वो अब उसके मुंह मे उबले हुए आलू जैसा फील हो रहा था

एकदम पिलपिला सा और निर्जीव सा

पर उसे अपने ऊपर पूरा भरोसा था , पहले भी वो ऐसे कारनामे करके अपने बॉयफ्रेंड के साथ डबल चुदाई का मजा ले चुकी थी

शमशेर भी उसकी चूसने की काला देखकर हैरान रह गया, उसे समझते देर नहीं लगी की ये पुरानी खिलाड़ी है

जिस अंदाज से वो उसके लंड को चूस रही थी और अपने हाथ से उसके टट्टे सहला रही थी , वो समझ गया की वो ये काम अनगिनत बार कर चुकी है

कर चुकी है तो अच्छा है, उसके लंड को जल्दी खड़ा करने में वो उसकी मदद करेगी

तभी तो वो इसकी कच्ची जवानी का मजा ले पाएगा





कुछ ही देर में उसके लंड में पहले से ज्यादा तनाव भर दिया उसकी चूसने की कला ने

सलोनी भी अपने पापा की बंद आंखे और उन्हे मजा लेते देखकर खुश थी

उसे अपने हिस्से का प्रोटीन मिल चुका था इसलिए वो शांत थी

अब उसकी सहेली का समय था मजा लेने का

वो भी बड़ी तन्मयता से उसके पापा के लंड को अपनी चूत में लेने के लिए तैयार करने में लगी थी

और जब उसके लिसलिसे मुंह से वो लंड बाहर निकला तो उसके ऊपर चमक रही लार उसे और भी खूबसूरत बना रही थी

सलोनी की तो चूत में एक टीस सी उभर आई ये सोचकर की अब कुछ ही दिनों में ये उसके अंदर भी जाने वाला है

श्रुति ने उस लंड को मुंह से निकाला और अपनी टाँगे चौड़ी करके फिर से बिस्तर पर लेट गयी

अब उसे वो किसी भी कीमत पर अपने अंदर चाहिए था

ऐसे में अगर सलोनी फिर से बीच में आती तो उसने उसका सिर फोड़ देना था कसम से

पर ऐसा उसने कुछ नहीं किया, बल्कि अपने पापा का लंड पकड़ कर उसने अपनी सहेली की चूत पर फिट किया और उन्हे अंदर डालने का सिग्नल दिया

शमशेर ने श्रुति की मोटी जांघे पकड़ी और अपना लंड इंच-2 करके अंदर धकेलने लगा





5 इंच के लंड से चुदने वाली केअंदर 9 इंची लोढ़ा जा रहा था, मोटाई में भी डेढ़ गुना था वो

इसलिए उसकी आंखे बाहर निकलने को हो गयी

चूत पर रगड़ाई करके जब वो अंदर आ रहा था तो मजा बहुत आ रहा था उसे पर एक असहनिए दर्द भी हो रहा था उसे
 
और धीरे-2 करके वो लंड पूरा का पूरा निगल गयी श्रुति

भले ही उम्र छोटी थी उसकी पर ख्वाहिशे बड़ी रही थी उसे हमेशा

और आज ये बड़ा लंड भी उसी गिनती में शुमार हो गया था

घप्प के साथ जब आखिरी इंच भी उसके अंदर घुसा तो थोड़ी देर के लिए शमशेर रुक गया

और बोला : “अब कैसा लग रहा है बेटा “

ये शब्द इस वक़्त और भी उत्तेजना का संचार कर रहे दे उन दोनों के अंदर

उसके मुंह से सिर्फ एक सिसकारी निकली और दबे हुए से कुछ शब्द : “अच्छा.....रुको मत अंकल अब ...”

शमशेर समझ गया की वो उसके लंड के झटके लेने के लिए तैयार है

बस फिर क्या था

उसने श्रुति की जांघों का स्टेयरिंग पकड़ा और अपना ट्रक दौड़ा दिया उसकी कसी हुई सड़क पर

हर झटके से उसका शरीर ऊपर की तरफ उछल जाता और जब वो अपना लंड वापिस बाहर निकालता तो उसकी चूत की खाल उसके साथ -2 खींचती चली आती





उसे उसके मोटे मुम्मे अपनी तरफ खींच रहे दे , जिनहे उसने अभी तक चखा भी नहीं था

सबसे पहले तो उसने उन्हे अपने हाथों में दबोचा और ज़ोर से मसल दिया

बेचारी दोहरी मार से सिसिया उठी

फिर वो नीचे झुका और उसके दांये निप्पल को मुंह में भरकर चूसने लगा





नीचे से उसके लंड के झटके अपनी स्पीड बनाए हुए थे

इसलिए फिर से इस दोहरी मार से वो कांप सी उठी

और ज़ोर से चिल्ला पड़ी

“अहह अंकल ....... ओफ़्फ़ अहह काटो इन्हे ......ज़ोर से चूसो ......मेरे निपपल्स को अंकल ..........अहह “

उसकी कसक देखकर सलोनी भी अपने निपपल्स को टी शर्ट के ऊपर से मसलने लगी

उसके पापा उसकी तरफ देखते तो वो बिना किसी झिझक के अपनी टी शर्ट उतार फेंकती और उन्हे अपनी छाती से चिपका लेती

पर वो तो उसकी सहेली का दूध पीने मे व्यस्त थे

एक-2 करके वो उसके दोनों बूब्स को चूस भी रहे दे और उन्हे दबा कर मजे भी ले रहे थे

आखिरकार इस हमले से उत्तेजना के शिखर पर पहुँचकर श्रुति से रहा नहीं गया और उसने अपने प्यारे अंकल के चेहरे को पकड़ा और अपने गीले होंठ उनके होंठो पर रखकर उन्हे चूसने लगी

एक लड़की जब ऐसी पहल करती है तो कितना मजा मिलता है ये आज महसूस हो रहा था शमशेर को

वो भी उसके गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठो को अपने मुंह में लेकर ज़ोरों से चूसने लगा और अपने लंड के झटके लगाकर उसे चोदने लगा





सलोनी भी उनकी चुदाई देखकर अपनी चूत को रगड़ने लगी

एक हाथ उसका अपने बूब्स पर था और दूसरा चूत पर

मन तो उसका भी कर रहा था की अपने कपड़े निकाल कर वो इस खेल में कूद जाये पर बड़ी मुश्किल से उसने अपने आप को रोका हुआ था

आज श्रुति का दिन था

और श्रुति अपने इस दिन का भरपूर इस्तेमाल कर रही थी

शमशेर को स्मूच करते-2 उसने पलट कर उन्हे बेड पर चित्त कर दिया और खुद उनके ऊपर आ गयी

शमशेर भी उसकी इस कलाबाजी को देखकर हैरान रह गया की कितनी आसानी से इस छोटी सी लड़की ने उसके भारी भरकम शरीर को घूमा दिया और उसपर सवार हो गई

पर ये उसके लिए भी अच्छा था

अब वो उसके मुम्मों को अपनी आँखों के सामने झूलता हुआ साफ देख पा रहा था

उन्हे हाथ उठा कर मसल पा रहा था

अपना सिर उठा कर उन्हे चूस पा रहा था

हाथ पीछे लगाकर उसकी मांसल गांड को दबाकर अपने लंड को और अंदर तक भेज पा रहा था

और श्रुति को भी इस पोजीशन में पहले से ज्यादा मजा मिल रहा था

नीचे से अंदर जाते लंड का मजा ही कुछ और है

वो मजे से उछल-2 कर उसे अंदर लेने लगी





उसने एक नजर सलोनी की तरफ भी देखा

जो सामने बैठी अपनी चूत और मुम्मे को मसल रही थी

आज की उसकी ये चुदाई इसी सलोनी की वजह से हो रही थी

उसने होंठो से बुदबुदा कर उसे थेंक्स बोला

उसने भी आंखे बंद करके उसके थेंक्स को कबूल किया और उसे एंजॉय करने के लिए कहा
 
एंजॉय तो वो कर ही रही थी

ऐसा की आज के बाद इस मजे के लिए उसे अपने बॉयफ्रेंड की नहीं बल्कि शमशेर अंकल की ही जरूरत पड़ने वाली थी

उसकी चूत को इतना चौड़ा जो कर दिया था उन्होने

उसके बॉयफ्रेंड ने तो कड़छी चलाकर ही रह जाना था उसकी चूत में

ऐसी कड़क पकड़ नहीं मिलने वाली थी उसे आज के बाद

वो उस पल को एंजॉय करती हुई अपने नन्हें बूब्स उछाल-2 कर उनके लंड पर कूदने लगी





और जल्द ही वो पल आ गया जब वो झड़ने के करीब थी

इसलिए वो शमशेर अंकल के ऊपर झुक गयी और उनके होंठो को अपने मुंह में लेकर आखिरी के पलों को एंजॉय करती हुई चुदाई करवाने लगी

शमशेर भी अब झड़ने के करीब था, पर श्रुति के होंठो और उसके नर्म मुम्मों के स्पर्श ने उसे एकदम से झड़ने पर मजबूर कर दिया

तब तक श्रुति झड़ चुकी थी और उसके होंठो में होंठ देकर वो कराह रही थी

शमशेर भी जब झड़ा तो आखरी के पलों में उसने अपना लंड उसकी चूत से निकाल लिया

वो उसे प्रेगनेंट नहीं करना चाहता था

इसलिए उसके लंड की पिचकारी बाहर निकलकर उसके नितंबो पर पड़ी

और एक के बाद एक पिचकारियाँ मारकर उसने उसके नितंबो को पूरा गीला कर दिया





ये एक मौका था

अपने पापा के मिनिरल को फिर से पीने का

और सलोनी उसे गंवाना नहीं चाहती थी

वो सीधा उनके पीछे गयी और सलोनी की गांड पर जमे मक्खन को चाटकर उसे निगलने लगी





उसके पापा का लंड अभी तक पिचकारियाँ मार रहा था

वो आखरी पिचकरियाँ उसने अपने चेहरे पर मरवाई ताकि वो भी उस गर्मी से झुलस सके जिसमे उसकी सहेली झुलस रही थी अभी तक

उसके बाद उसने लंड से लेकर श्रुति की चूत तक सब के सब चूस मारा

और ये सब करते हुए वो भी झड़ भी गयी

तीनों उस कमरे में गहरी साँसे लेते हुए एक ही बिस्तर पर पड़े थे

दस बजने वाले थे

उनका ये खेल करीब 2 घंटो से चल रहा था

श्रुति के मम्मी पापा भी आने वाले थे

इसलिए उन्होने वहां से जल्दी जाना ही बेहतर समझा

अभी भी उन्हे घर पहुँचने में आधा घंटा लगने वाला था

पर उन दोनों को ये नहीं मालूम था की आज की शाम जब वो दोनों घर नहीं दे तो पीछे से सलोनी की मोम ज्योति को मजे लेने का एक सुनहरा अवसर मिल चुका था

जिसका खुलासा अगले अपडेट में मिलेगा आपको
 
तीनों उस कमरे में गहरी साँसे लेते हुए एक ही बिस्तर पर पड़े थे

दस बजने वाले थे

उनका ये खेल करीब 2 घंटो से चल रहा था

श्रुति के मम्मी पापा भी आने वाले थे

इसलिए उन्होने वहां से जल्दी जाना ही बेहतर समझा

अभी भी उन्हे घर पहुँचने में आधा घंटा लगने वाला था

पर उन दोनों को ये नहीं मालूम था की आज की शाम जब वो दोनों घर नहीं दे तो पीछे से सलोनी की मोम ज्योति को मजे लेने का एक सुनहरा अवसर मिल चुका था

जिसका खुलासा अगले अपडेट में मिलेगा आपको

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अब आगे

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ज्योति ने खाना बनाया और बाहर आकर पंखे के नीचे बैठकर अपना पसीना सुखाने लगी

उसके पति शमशेर का फोन पहले ही आ चुका था की वो सलोनी को श्रुति के घर से लेते हुए आएँगे

उन्हे आने में करीब 2 घंटे लगने वाले थे

और अभी 9 बजे थे, इसलिए उसने सोचा की नहा लिया जाए

वैसे भी चिपचिपा बदन लेकर सोने की आदत नही थी उसको

ऐसे में कही दारोगा जी का मन कर जाए उसकी लेने का तो उन्हे महकता हुआ बदन मिले, चिपचिपा नही

शमशेर का लॅंड लेने के एहसास ने ही उसके बदन मे झुरझुरी सी मचा दी

वो लपक कर बाथरूम में गयी और अपने कपड़े निकाल फेंके और पूरी नंगी होकर शॉवर के नीचे खड़ी हो गयी

शमशेर के लॅंड के बारे में सोचकर उसकी चूत कुलबुला रही थी और निप्पल सख़्त हो चुके थे

शादी के इतने सालो के बाद भी उसमें चुदासी भरी पड़ी थी

उसका बस चले तो दुनिया के सारे मर्दों का लॅंड एक-एक करके रोज ले अपनी चूत में

उफफफफफ्फ़

ये साले मर्दों के लॅंड में कितनी गर्मी होती है

आग सी भड़क जाती है जिस्म में

वो अपनी चूत और मुममे सहलाने लगी





वो अपने जिस्म से खेल ही रही थी की बाहर डोर बेल बजने लगी

कम्बख़्त इस वक़्त कौन आ गया

उसने लपक कर अपना टॉवल उठाया और अपने मुम्मो पर लप्पेट लिया जो नीचे से उसकी चूत को भी ढक रहे थे

नशीली जांघे नंगी थी नीचे से

उसे लगा की उसका पति शमशेर ही होगा, शायद सलोनी को लाने का प्रोग्राम कैंसल हो गया होगा, इसलिए सीधा घर आ गये

अभी कुछ देर पहले वो उसी के बारे मे सोच रही थी

शमशेर उसे ऐसी हालत में देखेगा तो ज़रूर उसे पेलेगा

वही सोचकर उसके शरीर में सैक्स की तरंगे उठने लगी

पर उसने जैसे ही दरवाजा खोला सामने धोभी का लड़का बबलू खड़ा था

बबलू भी एक पल के लिए उस सैक्स की देवी को अधनंगा और गीला देखकर हैरान रह गया

वो प्रेस किये हुए कपड़े वापिस देने आया था

बबलू को देखकर एक पल के लिए तो ज्योति भी चोंक गयी पर अचानक उसके मन में एक प्लान आया और उसने उसका हाथ पकड़ कर अंदर खींच लिया

अभी उसके पति को आने मे 2 घंटे का समय था

और ऐसे मौके को वो हाथ से जाने नही देना चाहती थी

उसके बंदन का इंजन गर्म हो चुका था पहले ही

ऐसे में तो कोई भिखारी भी उसके घर आता तो उस से भी चुद जाती वो

उसे अंदर खींचकर उसने चितखनी लगा दी और बबलू को कपड़े टेबल पर रखने को कहा

वो बेचारा अपने आप को पिंजरे में फँसे चूहे जैसा लाचार पा रहा था

उस दिन भी इन्होने उसके लॅंड को चूसा था

हालाँकि वो पल कभी भूल नही सकता

पर कुछ ही देर में जब इनस्पेक्टर साहब आ गये थे तो उस मज़े पर पूरा पानी फिर गया था

ये सोचकर की कुछ देर पहले आते तो उसकी लाश ही निकलनी थी शायद वहां से

पर अभी इतनी रात को ये भाभी ऐसा क्यो कर रही है

ये उसकी समझ से बाहर था

उनकी बेटी भी कही दिखाई नही दे रही और पति भी

उसके चेहरे के भाव पड़कर ज्योति खुद ही बोल पड़ी

“वो मेरे पति और बेटी अभी 2 घंटे में आएँगे, तू डर मत, कुछ नही होगा…”

ये सुनकर उसकी जान मे जान आई

अब ज्योति भाभी उसे नशीली नज़रों से देख रही थी

बबलू के लॅंड मे तनाव आने लगा उनके गोरे बदन और उभरे हुए मुम्मो को देखकर

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अब उसकी समझ में आने लगा था की उसके साथ क्या होने वाला है

क्योंकि ज्योति भाभी अपने होंठो पर जीभ फ़ेरकर उसे ये दिखा र्है थी की वो कितनी प्यासी है

वो अपने हाथ से अपने लॅंड वाले हिस्से को ढकने लगा क्योंकि ये सब देखकर उसका लॅंड बड़ा हो रहा था

ज्योति समझ गयी की वो उसके अधनंगे बदन को देखकर वो उत्तेजित हो रहा है

आधे बदन को देखकर उसका ये हाल है तो पूरा नंगा देखेगा तो क्या होगा

वो ये सोचकर ही मुस्कुरा दी

और उसकी तरफ अपनी पीठ करके खड़ी हो गयी

वो हैरानी से उसकी कसी हुई मोटी गांड उस टॉवल में देखकर अपने लॅंड को पेंट के उपर से ही मसलने लगा

और अचानक

बिना किसी चेतावनी के ज्योति ने अपना टॉवल खोल कर नीचे गिरा दिया

उसकी मोटी गांड , गोरे मुममे उछलकर बाहर आ गये

और उपर से वो उसे तड़पाने के लिए नीचे झुकी और अपनी गांड के पाट खोलकर उसे अपनी रसीली चूत के दर्शन करवाने लगी

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हाए

ये भाभी भी ना

मेरी जान लेकर मानेगी

अब तो ज्योति भाभी पूरी नंगी थी उसके सामने

ऐसी रसीली भाभी की कल्पना उसने हर रात की थी

जब वो अपना लॅंड रगड़ता था पॉर्न देखकर

और जब से इन्होने उसका लॅंड चूसा था

आज उसमे भी जोश भर चुका था

इनस्पेक्टर का डर तो उसके दिलो दिमाग़ में आ ही नही रहा था इस वक़्त

उसने भी झट्ट से अपने सारे कपड़े निकाले और उनके सामने नंगा खड़ा हो गया

उसका गठीला बदन और जवान मोटे लॅंड को देखकर ज्योति की चूत में चींटियां रेंगने लगी

और वो खड़ी-2 अपनी चूत रगड़ने लगी

उसने उंगली के इशारे से उसे अपनी तरफ बुलाया

और वो किसी पालतू कुत्ते की तरह अपने घुटनो पर चलता हुआ उसके करीब आ गया

ज्योति ने अपनी एक टाँग उठा कर उसके कंधे पर रखी और अपनी गीली चूत उसके मुँह पर टीका दी

वो नीचे बैठा-2 उसकी चूत चूसने लगा

ये एक ऐसा काम था जो वो अपने पति से कई सालो से करवाना चाहती थी पर उसकी पुलिसिया अकड़ के सामने वो खुद उसकी गुलाम बनकर उसका लॅंड चूसने पर मजबूर थी

हालाँकि उसमे भी उसे काफी मजा आता था

पर अब उसे किसी महारानी वाला एहसास हो रहा था

अपने इस “दास” को वो अपने हिसाब से हुक्म दे सकती थी

उसे रोंद सकती थी

पर अभी तो वो उसके मुँह में अपनी छूट को रोंद रही थी

उसकी चूत के अंदरूनी हिस्से पर उसकी कड़क जीभ एक अलग ही तरंग उत्पन कर रही थी

वो उसकी लय से लय बिठाकर अपनी कमर हिला रही थी

उसके मुँह में अपनी चूत का रस टपका रही थी

और वो एक हाथ उपर करके उसके मुममे को निचोड़ रहा था

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ज्योति एक ही मिनट में झड़ने की कगार पर पहुँच गयी

“अहह ओह बबलू ……. उम्म्म्मममम अहह एसस्सस्स …ऐसे ही चूस…..शाबाश …..अहह ऑश मई तो गयी….अहह”

कुछ ही देर में उसकी चूत का बवंडर एक तूफान बनकर उसके चेहरे पर बरसा

बेचारे का पूरा चेहरा गाड़े सफेद पानी से ढक सा गया

आज तो वो किसी मर्द की तरह झड़ी थी

इतना रस था उसकी चूत में जो आज गरज के साथ बबलू के चेहरे पर गिरा था
 
वो उसे पकड़ कर बाथरूम में ले गयी

वो उसी तरह घुटनो पर चलता हुआ अंदर आ गया

ज्योति ने शावर चला दिया जो उसके चेहरे पर गिरे रस को सॉफ करने लगा

धीरे-2 वो ज़मीन पर बैठ गयी और उसे खड़े होने को कहा

अब मामला पलट चुका था

चूसने की बारी अब उसकी थी

और वो भी एकदम मोटे गन्ने जैसा रसीला और जवान लॅंड

उपर से गिरता पानी और चेहरे के सामने गर्म लॅंड

ये तो उसकी फॅंटेसी थी कई सालो की

आज पूरी होने जा रही थी

उसने लॅंड को पकड़ा और उसे पूरा ही निगल गयी

बेचारा बबलू फिसलते-2 बचा , ज्योति ने उसकी जांघे सख्ती से पकड़ रखी थी

और उसके लॅंड पर मुँह मारते हुए वो उसे भरपूर मज़े दे रही थी





मोहल्ले की हर भाभी को यही करना चाहिए

बेचारों का उनके सिवा है ही कौन

बीच-2 में वो उसकी बॉल्स को भी चूस र्है थी, अपने मुम्मों को उसकी टॅंगो पर रगड़कर उसे दुगना मज़ा भी दे रही थी

और अचानक उसके लॅंड ने माल उगलना शुरू कर दिया

वो इतनी जल्दी झड़ जाएगा ये उसे भी अंदाज़ा नही था

पर वो भी तो झड़ी थी अभी एक मिनट में

माहॉल ही ऐसा बन गया था

बबलू ने अपना पूरा लॅंड ज़ोर से उसके मुँह में दबा कर उसे सारा रस पीने पर मजबूर कर दिया

बेचारी खाँसती हुई सी, आधा रस अंदर और आधा बाहर टपकाती हुई उसे निगल गयी





कुछ देर तक वो उसी अवस्था में बैठी रही

अपने चेहरे और मुममे पर गिरे रस को इकट्ठा करके चूसती रही

और उसके निढाल हो चुके लॅंड को पूरा सॉफ करती रही

फिर वो उठी और उस से किसी पिशचिनी की तरह लिपट कर स्मूच करने लगी

उसके मोटे मुममे बबलू की कड़क छाती पर पिस कर रह गये

ज्योति ने शवर जेल उठाया और उसके जिस्म पर मलने लगी

झाग में दोनो के बदन फिसलन से भरे हो गये

और ऐसे में जिस्मों को रगड़ने में काफ़ी मज़ा आ रहा था

बबलू उसके बदन को उपर से नीचे तक

आगे से पीछे तक उसके नंगे और फिसलन भरे बदन को रगड़ने में लगा था

ख़ासकर उसकी गांड को

जिसे जितना भी हाथ में लेने की वो कोशिश करता

उतना ही वो फिसल जाती

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उसने पलट कर उस गांड को अपनी तरफ कर लिया

अब तक उसका लॅंड फिर से खड़ा हो चुका था

उसने अपना खड़ा हुआ लॅंड उसकी दरार में लगाया और उसे रगड़ने लगा

अब ज्योति की साँसे भारी हो रही थी

किसी भी वक़्त वो मोटा लॅंड उसकी चूत में दाखिल हो सकता था

बबलू के हाथ उसके साबुन से सने मुम्मो पर फिसल रहे थे





वो थोड़ा झुक सी गयी

ताकि उसे लॅंड डालने में ज़्यादा तकलीफ़ ना हो

और जैसे ही वो झुकी, उसकी चूत का सुनहरा दरवाजा खुल गया

लॅंड तो पहले से ही गीला और चिकना था

उसने उसे ज्योति की चूत पर टीकाया और धीरे-2 अंदर धकेल दिया

बबलू को ऐसा लगा जैसे कोई अंजान शक्ति उसे अंदर की तरफ खींच रही है

वो ज्योति की हवस थी

जो आज बबलू को जला कर खाक कर देना चाहती थी

अपने बदन की गर्मी से

इंच-2 करके उसका पूरा लॅंड ज्योति भाभी की चूत में उतर गया

वो उनकी फिसलन भरी, चिकनी कमर और गांड सहलाता हुआ पीछे से धक्के मारने लगा

उसका एक-2 धक्का ज्योति की चीखें निकलवा रहा था

घर में कोई नही था

उपर से वो बाथरूम में थे

ऐसे में आवाज़ बाहर जाने का कोई सवाल ही नही था

वो खुल कर चुदवा भी रही थी

और चिल्ला भी रही थी

“अहह ओह मेरी जाआअणन् शबाआाश……अहह ऐसे ही चोद मुझे……उम्म्म्मममममम ज़ोर से मार ना…अहह मेरी चूत ….अहह फाड़ डाआाअल…इसे….उम्मम्मम्म आआआहहssssss ”





उसे हर झटका स्लो मोशन में महसूस हो रहा था

क्योंकि वो हर पल को एंजाय कर रही थी

एक -2 झटके को

उसके हाथों की रगड़ाई को

और बीच-2 में जब वो झुक कर उसकी पीठ चूमता तो उस सिहरन को

कुल मिलाकर आज उसकी वो फॅंटेसी भी पूरी हुई थी जिसमें एक चोर इंसपेक्टर के घर घुसकर उसकी बीबी की चुदाई करता है और वो एंजाय करती है

भले ही बबलू वो चोर नही था

पर काम तो उसने वही किया था

जो वो हमेशा से चाहती थी

हालाँकि दोनो कुछ देर पहले ही झड़े थे पर इस चोरी छिपी चुदाई में इतनी हवस भरी थी की दोनो अगले 5 मिनट में ही झड़ने के करीब पहुँच गये

अब बबलू के झटके इंस्पेक्टर साहब से भी तगड़े वाले लग रहे थे

होते भी क्यो नही, जवानी के गर्म खून का उबाल जो था

और यही चीज़ थी जो पिछले कई दिनों से ज्योति मिस कर रही थी

हालाँकि संतुष्ट तो वो अपने पति से भी थी

पर जवान लॅंड का एहसास अलग ही होता है

ये आज उसने और उसकी चूत ने बेख़ुबी जान लिया था

और ऐसा महसूस करते -2 वो कब झड़ गयी उसे भी पता नही चला

क्योंकि वो लगातार पीछे से मिल रहे झटकों से हांफती जा रही थी

झड़ने के बाद की चीख मारने का उसे कोई अवसर ही नही मिला…

कुछ ही देर में बबलू भी हाँफते हुए ज़ोर से चिल्लाया

“अहह भाभी……. क्या चूत है आपकी…..कसम से…..अहह पूरी सोसायटी में आपसे ज्यादा सैक्सी गांड किसी की नही है…..अहह…..ऑश भाभी…..भेंन की लोड़ी …..भाभी….अहह…माँदरचोद ….साली रंडी भाभी……मैं तो गया….अहह”

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और ऐसी ही ना जाने कितनी उपमाओं के साथ बबलू ने ज्योति को सुशोभित कर दिया

वो भी अपनी इतनी गंदी वाली तारीफ सुनकर मुस्कुराती रही..

वैसे भी , औरतों को ऐसे मौके पर ये ख़ास शब्द बहुत पसंद आते है

कुछ ही देर मे बबलू का सांड जैसा लॅंड किसी मरियल चूहे की तरह ज्योति की चूत के बिल से निकलकर नीचे लटक गया

उसके बाद ज्योति और बबलू खूब मल मलकर नहाए

बबलू ने ज्योति के पूरे जिस्म , खासकर चूत वाले हिस्से को साबुन से अच्छी तरह से रगड़कर सॉफ किया

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करीब एक घंटा बीत चुका था

ज्योति के हिसाब से अभी भी उसके पति और बेटी को आने में एक घंटे का समय था

और वो इसका भरपूर इस्तेमाल करना चाहती थी

यानी एक और चुदाई करवाकर

वो बबलू को लेकर अपने बेडरूम में आई और उसके बदन को खुद ही टॉवल से सॉफ करने लगी

सॉफ करते-2 वो उसके सामने घुटनो पर बैठ गयी और उसके लटके हुए लॅंड को हाथ में ले लिया

बबलू की हालत खराब हो गयी

एक तो समय काफ़ी हो चुका था

ऊपर से उसके पापा का भी फोन आ रहा था जो उसने उठाया नही

और इंस्पेक्टर साहब का डर भी उसे सता रहा था

ऐसी हालत मे अगर वो पकड़ा गया तो उसकी खेर नही

उसकी उलझन देखकर ज्योति बोली

“घबराओ मत बबलू, अभी एक घंटा और है उन्हे आने में ….तुम बस एंजाय करो..”

बेचारा कुछ ना बोल पाया

मर्द था ना

औरत के हाथों का खिलोना

उसे खेलने से कैसे रोकता

उसके बाद ज्योति सच में खेलने लगी

उसके खिलोने से

उसके लॅंड को उसने हाथों में पकड़ा और उसे मुँह में डाल लिया

धीरे-2 वो सख़्त होने लगा

क्योंकि वो चूस ही ऐसे ख़तरनाक तरीके से रही थी की मुर्दे का लॅंड भी खड़ा हो जाए





वो नीचे से अपनी चूत भी रगड़ रही थी

ताकि गीली चूत में उसके लॅंड को जाने में ज़्यादा तकलीफ़ ना हो
 
और जैसे ही उसका लॅंड पूरा खड़ा हुआ वो उठ खड़ी हुई और उसके लॅंड को पकड़ कर उसे बिस्तर तक ले गयी

और अपनी टांगे फेला कर लेट गयी

उसकी गीली चूत एकदम सामने थी उसके

बबलू ने अपने लॅंड का टोपा उसकी चूत पर रखा और धीरे-2 उसे अंदर धकेल दिया





“अहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स…….बबलू……..मज़ा आ गया रे……अहह”

उसकी सिसकारी पूरे कमरे में फैल गयी

पर वो पूरी सिसकारी ले भी नही पाई थी की बाहर की डोर बेल बजी

एक बार

दो बार

और फिर लगातार

दोनो एक दूसरे का मुँह ताकने लगे

ज्योति की तो फट्ट कर हाथ में आ गयी

क्योंकि ऐसे ज़ोर-2 से बेल तो उसका पति ही बजाता है

यानी बाहर उसका पति आ चूका है

बबलू की हालत तो उस से भी ज़्यादा खराब थी

उसे तो लग रहा था जैसे उसका एनकाउंटर होने वाला है आज

उसका कड़क लॅंड कब तिल्ली बनकर बाहर फिसल आया उसे भी पता नही चला

ज्योति : “ओह्ह शिट ………लगता है ये लोग आ गये….तू…तू…एक काम कर …सामने दाईं तरफ एक स्टोर रूम है , वहां जाकर छिप जा ….मैं निकाल दूँगी बाद में तुझे…जा जल्दी…”

बेचारे के पास कपड़े पहनने का भी समय नही था

ड्रॉयिंग रूम में पड़े कपड़े उसने उठाए और सामने की तरफ भाग लिया

और दरवाजा खोलकर अंदर घुस गया

ज्योति ने भी जल्दी से एक गाउन पहना और दरवाजा खोलने चल दी

बाहर दोनो बाप बेटी झुंझलाये हुए से खड़े थे

शमशेर : “इतनी देर से बेल बजा रहा हूँ ….सुनाई नही देता क्या….”

अभी तो उसका मूड अच्छा था, इसलिए आराम से डाँट रहा था

वरना उसकी माँ बहन एक कर देता वो

सलोनी भी ही हेलो करने के बाद अपने रूम की तरफ चल दी

वो काफ़ी थक चुकी थी

झड़ने के बाद

अब वो आराम करना चाहती थी

खाने का उसका मन नही था

शमशेर भी अपने रूम में जाकर कपड़े चेंज करके अपना पेग बनाकर बैठ गया

ज्योति का ध्यान उस स्टोर रूम की तरफ ही था

जहा बबलू छुपा हुआ था

अब ये शमशेर सोए तभी उसे निकाल पाएगी वो

ऐसे में वो पकड़ा गया तो उन दोनो की शमशेर क्या हालत करेगा वो सोचकर ही काँप रही थी

पर उस से भी बड़ा बवाल तो दूसरी तरफ हो चुका था

जल्दबाज़ी में बबलू स्टोर रूम की बजाए सलोनी के रूम में जा घुसा था

क्योंकि सलोनी का रूम और स्टोर दोनों आमने सामने थे

आज की रात कुछ गजब का होने वाला था
 
शमशेर भी अपने रूम में जाकर कपड़े चेंज करके अपना पेग बनाकर बैठ गया, ज्योति का ध्यान उस स्टोर रूम की तरफ ही था, जहाँ बबलू छुपा हुआ था

अब ये शमशेर सोए तभी उसे निकाल पाएगी वो, ऐसे में वो पकड़ा गया तो उन दोनो की शमशेर क्या हालत करेगा वो सोचकर ही काँप रही थी

पर उस से भी बड़ा बवाल तो दूसरी तरफ हो चुका था, जल्दबाज़ी में बबलू स्टोर रूम की बजाए सलोनी के रूम में जा घुसा था , क्योंकि सलोनी का रूम और स्टोर दोनों आमने सामने थे

आज की रात कुछ गजब का होने वाला था

************

अब आगे

************

बबलू बदहवास सा जब उस कमरे में घुसा तो उसे पता चला की वो स्टोर रूम नही बल्कि सलोनी बेबी का कमरा है

पिंक दीवारे, सज़ा हुआ सा प्रिन्सेस वाला बेड, टेडी बीयर और दीवार पर उसकी एक सैक्सी सी पिक्चर





एक तो पहले ही उसकी गांड फट्ट रही थी, उपर से इतनी भयंकर ग़लती कर दी

उपर से वो पूरा नंगा

उसने कपड़े पहनने की कोशिश की तो बाहर से उसे किसी के क़दमों की आहट सुनाई दी

वो झट्ट से बेड के पीछे छिप गया

अब भी वो पूरा नंगा ही था

और तभी सलोनी कमरे में दाखिल हुई

उसने अपना बेग बेड पर फेंका, दरवाजा बंद किया और बेड पर आकर पसर गयी

उसका हाथ बेड के दूसरे किनारे पर झूल रहा था, जहाँ बबलू नंगा छिपा बैठा था

उसका चेहरा देखने लायक था

वो बस उपर वाले के भरोसे, आँखे मूंद कर लेटा रहा

सलोनी आज शाम को हुई बातों को याद करके मुस्कुरा रही थी

आज उसने पापा को इतने करीब से चुदाई करते देखा

उनके मोटे लॅंड को अपनी सहेली की चूत की धज्जियाँ उड़ाते देखा

और फिर उसने भी तो उनका लॅंड चूसा था

उफफफफफ्फ़

कितना गर्म था वो

एकदम भुने हुए भुट्टे जैसा

गर्म भी, मोटा भी, सख़्त भी





वो सब सोचकर वो अपने बूब्स को सहलाने लगी

और सोचने लगी की अब वो दिन दूर नही जब वो भी उस मोटे लॅंड से चुदेगी

और वो जानती थी की उसके पापा भी यही चाहते है

इंतजार था तो बस एक मौके का

वो मुस्कुराती हुई उठी और अपने कपड़े उतारने लगी

एक-2 करके उसने सब उतार फेंका और पूरी नंगी हो गयी

शीशे के सामने खड़ी होकर वो अपने सैक्सी बदन को निहार रही थी

और अपने पापा की किस्मत पर इठला रही थी

क्योंकि ये खूबसूरत, कच्चा और जवान जिस्म उन्हे ही तो मिलने वाला था





वो उपर से नीचे तक अपने नशीले बदन को देख रही थी

कभी हाथ उपर लाकर अपने बूब्स को सहलाती तो कभी दूसरे से अपनी चूत को

और हर बार उसके मुंह से एक धीमी सिसकारी निकल जाती

बबलू ज़मीन पर लेटा हुआ उसकी सिसकारियां सुन पा रहा था

पर देख नही पा रहा था, क्योंकि वो बेड के दूसरी तरफ थी

कुछ देर तक अपना बदन सहलाने के बाद वो बाथरूम की तरफ चल दी, जहाँ उसकी नाइट ड्रेस टंगी हुई थी

और इसके लिए जैसे ही वो घूम कर बेड के दूसरी तरफ आयी, उसे ज़मीन पर लेटा हुआ बबलू दिखाई दिया

और वो भी पूरा नंगा

उसकी चीख निकल गयी एकदम से

उसने हड़बड़ी में अपनी छाती और बूब्स पर हाथ रखकर उसे ढक लिया

और यही हाल बबलू का भी हुआ

चीख उसकी भी निकली और उसके हाथ भी अपने नंगे जिस्म को ढकने के लिए लॅंड पर जा लगे

हालाँकि चीख दोनो की निकली थी पर इतनी तेज नही थी की बंद कमरे से बाहर निकलकर, ड्रॉयिंग रूम क्रॉस करके, मॉम डेड के कमरे तक जा सके

सलोनी :”ब…..ब….बबलू…..तू….तू यहाँ क्या कर रहा है…..और वो भी नंगा…..”

बबलू एकदम से रोने लगा : “वो….सलोनी बेबी….वो….भाभी जी…….ने….”

बबलू ने रोते-२ सारी बात बता दी उसे

ओह्ह …..अब समझी…

तो ये मॉम की सेवा कर रहा था

तभी उन्हे दरवाजा खोलने में इतना टाइम लग गया

और ये बेचारा हड़बड़ी में यहाँ आकर छुप गया

अब वो थोड़ा नॉर्मल हुई

पर थी तो वो भी नंगी ही ना

जैसे की वो था

पर वो अब संभल चुकी थी

और वहीं दूसरी तरफ, वो फूट -2 कर रोए जा रहा था

मॉम की चूत में भी ना जाने कितनी खुजली है

उस दिन भी उन्हे देखा था उसने, इसका लॅंड चूसते हुए

और आज तो चुदाई भी करवा ली

वो बोली : “अच्छा ….सुन…चुप हो जा…..मैं किसी को कुछ नही बोलूँगी….”

उसकी बात सुनकर बबलू ने रोना बंद किया

आँसू पोंछने के लिए उसने हाथ उपर उठाया तो उसका लटका हुआ लॅंड पहली बार देखा उसने

एकदम काले रंग का, मोटा खीरा, करीब 5 इंच का…





और जब वो खड़ा होगा तो 7-8 इंच का तो हो ही जाएगा

हम्म ….अब समझी

एक तो जवान और उपर से लंबा लॅंड

एक औरत को और क्या चाहिए

मॉम ग़लत नही है

उसी की सोच ग़लत है

वो कुछ मज़े अपनी लाइफ में ले भी रही है तो इसमें प्राब्लम क्या है

पापा भी तो बाहर, यहाँ तक की घर पर भी यही काम करते है

मॉम ने कर लिया तो क्या मुसीबत हो गयी

पर एक अजीब बात हुई

बबलू का लॅंड देखकर सलोनी की चूत में कुछ-2 होने लगा था

वो अब स्थिति को पूरा समझ चुकी थी

और उसका फायदा भी उठाना चाहती थी

इसलिए उसके दिमाग़ में एक प्लान आया

वो बोली : “अच्छा सुन, मैं तुझे यहाँ से निकालने का कुछ प्लान बनाती हूँ , पर उसके लिए तुझे मेरी बात माननी पड़ेगी…”

बबलू : “जी सलोनी बेबी, मैं आपकी हर बात मानूँगा, आपका गुलाम बनकर रहूँगा, पर अपने पापा से मुझे बचा लो, मुझे यहाँ से निकलवा दो आज….”

वो मुस्कुराइ और उसने बाथरूम से अपनी शॉर्ट्स और टी शर्ट ली और बबलू को वहीं छिपा रहने का निर्देश देकर वो बाहर आ गयी

पापा अपने रूम में बैठकर पेग लगा रहे थे और टीवी देख रहे थे

और मॉम पास ही के बेड पर लेटी हुई उनके पेग ख़त्म होने का इंतजार कर रही थी

पहले तो वो अक्सर सो जाती थी

पर आज उनकी नींद गायब थी

उनके चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थी

ये देखकर सलोनी मन ही मन मुस्कुराइ

सलोनी ने नोट किया की पापा की नज़रें उसकी टॅंगो और बिना ब्रा के बूब्स पर है

वैसे भी बबलू को अधनंगा देखकर सलोनी के निप्पल्स खड़े हो चुके थे

जो अब टी शर्ट से सॉफ दिखाई दे रहे थे





हालाँकि शमशेर उसे रोक कर उसके साथ कुछ मज़े लेना चाहता था जैसा की पिछली कई रातों से वो कर ही रहा था पर ज्योति के होते हुए उसकी हिम्मत नही हो रही थी
 
और जब तक मॉम जाग रही है वो उसके रूम में भी नही जा सकते थे

और इसी बात का फायदा उठाना था सलोनी को

बाहर की स्थिति का अच्छे से जायज़ा लेने के बाद वो फ्रिज तक गयी और पानी की बॉटल लेकर उन्हें गुडनाइट बोलते हुए अपने रूम में आ गयी

उसे पता था की वक़्त कम है और इसलिए उसे जो भी करना था जल्दी करना था

अंदर पहुँचते ही उसने दरवाजे की चिटखनी लगा दी, जो वो अक्सर नही करती थी

उसके वापिस आने तक बबलू अपने कपड़े पहन चुका था और वहीं छुपा हुआ था , बेड के पीछे

सलोनी उसकी तरफ पलटी और बोली : “मुझे पता है तुम मॉम के साथ क्या करते हो, मैने देखा था तुम्हे, अगर मैं चाहूँ तो पापा को सब बता सकती हूँ , और इस वक़्त तो तुम यहाँ छुपे हुए हो, ऐसे में अगर तुम पकड़े गये तो तुम्हारा क्या हाल होगा ये तुम जानते हो, तुम्हारे पापा का काम भी बंद हो जाएगा इस सोसायटी में और सब जेल में जाओगे…”

एक ही सेंटेन्स में सलोनी ने उसका राज भी खोल दिया और उसे डरा कर उसकी गांड भी फाड़ डाली

बबलू की शक्ल देखने लायक थी

अभी तो वो उसे निकालने की बात कर रही थी और अब ये धमकी भी दे रही है

कुछ देर पहले तक तो वो सोच रहा था की सलोनी बेबी उसको बचा लेंगी, पर यहाँ तो वो उसकी फाड़ने में लगी हुई है

पर एक मिनट

ये सब बोल ही तो रही है

कुछ कर तो रही नही है

कुछ करना होता तो अभी जब बाहर गयी थी तो अपने बाप को बुला ही लाती

और उसे पकड़वा देती

पर उसने ऐसा नही किया

यानी वो उसे डराकर कुछ और करवाना चाहती है

पर क्या

उस क्या का जवाब उसे उसकी टी शर्ट से झाँकते निप्पल्स ने दे दिया

और उसकी सैक्सी मुस्कान ने

जो इस बात का इशारा था की वो इस वक़्त कितनी उत्तेजित है

ओह्ह तेरी

यानी सलोनी बेबी भी उसके साथ मज़े लेना चाहती है

पहले माँ और अब उनकी बेटी

वॉव

सलोनी को पाने की तो वो सोच भी नही सकता था

वो कॉलेज में पढ़ने वाली मॉडर्न लड़की

और कहाँ वो 8वीं फेल, काला कलूटा धोभी का लड़का

उसके बारे में सोचना भी उसकी औकात से बाहर की बात थी

पर ऐसे में वो सामने से ही उसपर डोरे डाले तो वो मना तो नही कर सकता ना

पर

पर ये भी तो हो सकता है की ये सब उसका वहम हो

वो अपनी तरफ से अब कोई और ग़लती नही करना चाहता था

बस उसे देखना था की सलोनी बेबी उस से क्या चाहती है और क्या करवाना चाहती है

उसका जवाब भी उसे जल्द मिल गया

सलोनी ने उसे जब अपनी छाती की तरफ घूरते हुए देखा तो बोली

“यहाँ क्या देख रहा है….ये कुछ अलग है क्या…मॉम के भी तो देखे होंगे ना आज तूने…”

बेचारा कुछ ना बोल सका

सलोनी ने बोलते-2 अपनी त शर्ट के उपर से ही अपने तने हुए निप्पल को पकड़ा और उसे उमेठने लगी

“बता ना…देखे थे ना तूने आज मॉम के बूब्स”

उसने हाँ में सिर हिलाया

“यानी तुझे मोटे मुम्मे पसंद है….जैसे मॉम के हैं ”

ये कैसा दुविधा भरा सवाल था

हाँ कहे या ना, उसे समझ नही आया

“जी…जी वो….वो….छोटे भी ….अच्छे होते है…”

उसकी बात सुनकर वो मुस्कुराई और बोली

“छोटे देखे है तूने कभी…”

बबलू की नज़रें अब उसके अमरूदों पर जम कर रह गयी

“देखेगा……?”

ये सुनकर बेचारे की लार टपक कर नीचे गिर गयी

हालाँकि कुछ देर पहले वो उसे पूरा नंगा देख चुका था, पर सामने से नही

पहले वो शीशे के सामने खड़ी थी

अब वो उसके सामने थी

इस वक़्त उसे सामने से देखना और इतने करीब से देखना

ये बहुत बड़ी बात थी

उसने जीप वाली टी शर्ट पहनी हुई थी

सलोनी के हाथ जीप पर आये और वो उसे नीचे तक खोलती चली गयी

उसके कड़क बूब्स उछाल कर बाहर निकल आये





बबलू का लॅंड तन्ना गया जब उसकी टी शर्ट निकल कर नीचे गिरी

उसकी आँखो के सामने दुनिया के सबसे बेशक़ीमती बूब्स थे

अनछुए

कच्चे

जवान

गोरे चिट्टे

इतने की उसके हाथ भर जाए बस

उनकी सुंदरता देखकर वो ये बात भूल ही गया की वो वहां किस परिस्थिति में खड़ा है

वो धीरे से बोली : “छूना है इन्हे…..”

उसकी गर्दन रोबोट की तरह हाँ में हिल गयी

सलोनी उसके करीब आई और उसके काँपते हुए हाथों को उठाकर अपने बूब्स पर रख दिया

उसे ऐसा लगा जैसे जेल्ली से बना कप केक पकड़ लिया हो उसने

एकदम नर्म मुलायम और उतना ही गर्म

सलोनी की धड़कन की आवाज़ उसे अपने हाथो के थ्रू सॉफ सुनाई दे रही थी

उसने जी भरकर दोनो चुचियों को बारी-2 से दबाया

उन्हे सहलाया





और फिर अचानक बिना किसी चेतावनी और परमिशन के उसने उनपर मुँह लगा दिया और उसे चूसने लगा

ये पहला मौका था सलोनी के बूब्स को किसी मर्द से चुसवाने का

पापा अभी वहां तक पहुँचे नहीं थे

सिर्फ़ नीचे ग्राउंड फ्लोर की चुसाई की थी उन्होने

यहाँ टॉप फ्लोर को सिर्फ़ श्रुति ने चूसा था आज से पहले

और अब ये उसकी लाइफ का पहला मर्द

बबलू चूस रहा था उसके नन्हे चूजों को





उफ़फ्फ़

क्या एहसास था ये

इसके लिए वो पिछले कई दिनों से तड़प रही थी

पापा भी ना

सिर्फ़ नीचे से चूस कर छोड़ दिया था उन्होने

एक बार भी उन्होने इन निगोड़ों को चूसने की जहमत नही उठाई

चूस लेते तो ये एहसास वो पहले ही पा चुकी होती

कसम से

उन्हे चुसवाने में तो चूत चुस्वाई से भी ज़्यादा आनंद आ रहा था

वो एक मीठी सी सिसकारी मारकर उसकी बाहों में झूल गयी

“सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स उम्म्म्ममममममममममममममममममम…. पापाआआपाआ ”

मुम्मे भले ही वो बबलू से चुसवा रही थी

पर उसके जहन में उसके पापा ही घूम रहे थे

इसलिए बबलू ने जैसे ही उसके नन्हे कबूतरों को मुंह में भरा

उसके मुंह से अनायास ही पापा निकल गया

एक पल के लिए तो बबलू भी हैरान रह गया

लड़कियों को अपनी माँ याद आती है

इसे अपना बाप याद आ रहा है

सही है

लगता है अपने पापा की लाडली है ये

इसलिए उस बात को अनसुना करते हुए वो फिर से उसके चिकुओं को चूसने लगा





सलोनी को भी पता था की उसके पास कितना समय है

बाहर पापा का दूसरा पेग शुरू हो चूका होगा

यानी एक पेग और लेंगे अभी वो

यानी करीब बीस मिनट

बबलू को तो अपनी किस्मत पर विश्वास ही नही हो रहा था

भले ही उसे ये नही पता था की आज की रात वो इस घर से सही सलामत निकल भी पाएगा या नही

पर इस वक़्त वो सलोनी से मिल रहे मज़े का भरपूर मज़ा ले रहा था

ऐसे कच्चे अमरूदों को चूसने के बाद उसे मौत भी आ जाए तो कोई गम नहीं होगा उसे

उसका लॅंड पूरा खड़ा हो चूका था

बबलू ने हिम्मत करके सलोनी का हाथ पकड़कर अपने लॅंड पर रख दिया

उसे पता था की यही एक चीज़ है जिस से वो उसपर अपना जादू चला सकता है

और जादू चल भी गया

जैसे ही सलोनी के हाथ उसके लॅंड से लगे वो एकदम से आँखे खोलकर उसे देखने लगी

उस फड़कते हुए , गर्म लॅंड की तुलना वो अपने पापा के लॅंड से करने लगी

ये जवान था, कड़क था और जोश से भरा भी

म्म्म्म मममममममम

इसे मुँह में लेकर चूसने में कितना मज़ा आएगा

ये सोचते ही उसकी टांगे एकदम से चरमरा गयी और वो उसके सामने ज़मीन पर जा बैठी

और फिर उसने धीरे से उसके पयज़ामे को नीचे कर दिया

बबलू का लॅंड किसी स्प्रिंग लगे खिलोने की तरह उछल कर उसकी आँखो के सामने लहराने लगा





उसका कड़कपन और उसपर चमक रही नसें देखकर वो उसके लॅंड की कायल हो गयी

ऐसा तो पॉर्न मूवीस में होता है

उसकी मॉम सही थी

इसके साथ मज़ा लेना तो बनता ही है

हालाँकि वो चुदाई के बारे में नही सोच रही थी, पर थोड़ा बहुत चूसम चुसाई तो कर ही सकती है ना

ऐसा सोचते हुए उसने उस फड़फड़ाते हुए बाज को अपनी मुट्ठी में पकड़ा और उसे सहलाने लगी

सहलाते-2 उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी

और ऐसा ही कुछ हाल बबलू का भी था

वो तो अपने पंजो पर खड़ा हो चुका था उत्तेजना के मारे

और खुद आगे होकर उसके मुँह में अपना लॅंड देने की कोशिश करने लगा

सलोनी ने भी उसे और खुद को ज़्यादा तड़पाना सही नही समझा और एक ही झटके में उसके मोटे लॅंड को मुँह में लेकर जोरों से चूसने लगी

“सस्स्स्स्सस्स…..अहह……सलोऊऊऊऊऊऊऊऊनी……बेबी…….अहह मजाआाअ आआआआआआअ गय्ाआअ”





उसका कच्चा जवान मुँह उसके मोटे लॅंड को चूस रहा था

आज उसका सपना पूरा हो गया था

उसकी लॅंड चूसने की कला तो उसकी माँ से भी ज़्यादा अच्छी थी

इतनी कम उम्र में वो ऐसे कारनामे कर रही है, आगे चलकर पता नही और क्या करेगी

उधर बबलू को अपनी किस्मत पर भी गर्व हो रहा था

मात्र एक घंटे के अंतराल में उसके लॅंड को माँ और बेटी दोनो ने चूस लिया था

ऐसा बेमिसाल दिन शायद ही किसी का होता होगा

वो उसके सिर को पकड़ कर उसके गुलाबी होंठो में अपना काला लॅंड पेलने में लगा था

वो उसके लॅंड को मुँह से बाहर निकालती और फिर हाथों से रगड़ने लगती

फिर नीचे मुँह करके उसके टट्टों के निचले हिस्से को मुँह में भरती और अपना मुँह उपर करते हुए उसे पूरा मुँह में भरकर चूसने लगती

ये तो उसकी माँ भी नही कर पा रही थी

पता नही कौन इसे ये सीखा रहा है

पर जो भी सीखा रहा है, सही सीखा रहा है





क्योंकि बबलू की बॉल्स में जमा सफेद रसा उबलते हुए उसके लॅंड की नसों से होता हुआ बाहर निकलने को तैयार था

और वो निकला भी

एक जोरदार धमाके के साथ

बबलू के लॅंड में जैसे विस्फोट हो गया
 
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