Incest इंस्पेक्टर की बेटी - Page 5 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest इंस्पेक्टर की बेटी

पर जैसे ही वो बाहर निकली

उसने अपनी मॉम को पापा के लॅंड के उपर झुके हुए पाया

उसे समझते देर नही लगी की वहां क्या चल रहा है

वो तो हैरान रह गयी ये देखकर की उसके जागते हुए वो ऐसा करने में लगे है

पापा ठरकी है ये तो वो जानती है, पर मॉम को आज क्या हो गया है

इसी बात की उसे ज्यादा हैरानी थी

उधर शमशेर ने भी उसे बाहर निकलते हुए देख लिया था

पर फिर भी जान बूझकर वो अपनी आँखे मूंद कर उस पल के मज़े लेता रहा

शायद वो चाहता था की उसकी बेटी वो सब देखे

और आने वाले समय के लिए अपनी माँ से कुछ सीखे भी

सलोनी की तो हालत खराब हो रही थी

अपनी माँ को एक रांड़ की तरह खुले में लॅंड चूसते देखकर

ऐसे ही वो दूसरी लड़की सलोनी भी पापा का लॅंड चूस रही थी

खुले में

उसमें और उसकी माँ में क्या फ़र्क रह गया फिर

वो वहीं छुपकर उनका खेल देखने लगी

उसे तो अंदाज़ा भी नही था की उसके पापा ने उसे बाहर निकलते हुए देख लिया है

वैसे तो उसकी माँ दिन भर ये ना कर, वो न कर के लेक्चर देती रहती है

अब क्या हुआ उन्हे

सैक्स की ऐसी भी क्या प्यास है उसकी माँ में

उस दिन पापा से इसी जगह पर चुदवा रही थी

और अभी कल ही धोभी के लड़के बबलू का लॅंड भी चूस रही थी वो

और अब पापा का

वहीं ड्रॉयिंग रूम में

शायद वो एग्ज़िबिशनिस्ट है

उन्हे ऐसे खुले में सैक्स करके अलग ही तरह की एक्साइमेंट मिलती है

वो देख रही थी की उसकी माँ के रसीले होंठ लॅंड पर किस तरह से जकड़ बनाए हुए है

skirt-flies-up-holly-michaels-001.gif


और तभी उसकी नज़र मॉम के हाथ पर गयी, उनका खुद का हाथ अपनी चूत को गाउन के अंदर घुसकर रगड़ रहा था

ये देखकर सलोनी की जाँघो के बीच भी कुछ-2 होने लगा

उसका भी हाथ अपनी चूत पर जा चिपका और वो उसे शार्ट के उपर से ही रगड़ने लगी

एक घर में रहने वाले तीनों लोग, एक ही वक़्त में अपने-2 हिस्से का मज़ा ले रहे थे

मम्मी पापा के लॅंड को चूस्कर उन्हे मज़ा दे रही थी

और खुद भी अपनी चूत रगड़कर मज़ा ले रही थी

और सलोनी उन्हे देखकर

अब ज्योति से वेट नही किया जा रहा था

वो अपनी बेटी की परवाह किए बिना अपनी जगह से उठी और अपने गाउन को गांड के उपर तक चढ़ाया और अपनी टाँग घुमा कर शमशेर की टाँग के दूसरी तरफ कर ली

शमशेर ने अपने दोनो पैर सामने रखे स्टूल पर रख दिए और थोड़ा नीचे खिसक गया ताकि उसका लॅंड सीधा अंदर जा सके

इस वक़्त दोनो को ही अपनी जवान बेटी के बाहर आने की जैसे कोई चिंता ही नही थी

ज्योति ने उसके लॅंड को पकड़ा और अपनी चूत पर लगाकर सीसियाते हुए इंच-2 करके नीचे फिसलने लगी

उसकी दबी हुई सी सिसकारी पूरे कमरे में गूँज गयी

“सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स……………………………अहह……. म्म्म्मसमममममममममममम”

2060de005b791f5981dd994eb2a90fd7.gif


ऐसे में अगर सलोनी अपने रूम में भी होती तो ये आवाज़ सुनकर बाहर निकल आती

पर अब तो वो वही थी

दूर छिपकर कड़ी हुई अपने पापा के लॅंड को माँ की चूत में जाते हुए देख रही थी

ज्योति के पंजे ज़मीन पर आ लगे और वो उन्हे धक्का देकर फिर से उपर उछल जाती और अपने शरीर के भार से फिर से नीचे आ गिरती उस लॅंड पर

ऐसी रसीली चुदाई तो उन्होने आज तक नही की थी

जिसमें पकड़े जाने का रोमांच भी था

सैक्स की भरपूर एक्ससाइटमेंट भी

और

कड़क लॅंड का रसीली चूत के साथ मिलन भी

tumblr-lr49jpphk-X1ql4hl8o1-250.gif


करीब 5 मिनट में ही ज्योति झड़ने के करीब पहुँच गयी और आख़िरी में झड़ते हुए उसने दो चार तेज तर्रार घस्से दिए शमशेर के लॅंड पर

बेचारा ना चाहते हुए भी झड़ने लगा

वो चाह रहा था की अभी इस खड़े लॅंड से उसे संतुष्ट कर दे

फिर रात को शायद अपनी बेटी के सामने फिर से झड़ पायेगा

पर उसकी बीबी ने सारा प्लान चोपट कर दिया

दोनो गहरी साँसे लेते हुए एक दूसरे से अलग हुए

ज्योति ने एक नेपकिन से सारा रायता समेटा और बाथरूम की तरफ भाग गयी

वो काफ़ी थक चुकी थी, इसलिए सीधा अपने बेड पर जाकर सो गयी

आज का काम हो चुका था उसका

शमशेर ने भी अपने शेर को, जो अब भीगी बिल्ली बनकर लटक चुका था, अपनी लूँगी में वापिस समेट लिया

सलोनी भी दबे पाँव अपने रूम में घुस गयी

उसकी चूत का पानी भी निकल चुका था

अंदर पहुँचकर उसने लाइट्स बंद की और अपने पापा के आने का वेट करने लगी

वो जानती थी अपने ठरकी पापा को

वो अंदर ज़रूर आएँगे 1 घंटे बाद

अपने हिस्से के 4 पेग पीकर

और आकर वो क्या करेंगे

यही सोच सोचकर वो फिर से उत्तेजित हो रही थी.
 
शमशेर ने भी अपने शेर को, जो अब भीगी बिल्ली बनकर लटक चुका था, अपनी लूँगी में वापिस समेट लिया, सलोनी भी दबे पाँव अपने रूम में घुस गयी, उसकी चूत का पानी भी निकल चुका था, अंदर पहुँचकर उसने लाइट्स बंद की और अपने पापा के आने का वेट करने लगी

वो जानती थी अपने ठरकी पापा को, वो अंदर ज़रूर आएँगे 1 घंटे बाद, अपने हिस्से के 4 पेग पीकर, और आकर वो क्या करेंगे, यही सोच सोचकर वो फिर से उत्तेजित हो रही थी.

**********

अब आगे

**********

मैं अपने रूम में लेटी हुई पापा के साथ पिछली रात की बातें सोचकर मुस्कुरा रही थी

अभी कुछ देर पहले ही मैने उनके लॅंड को देखा था

बाप रे, कितना मोटा था

उस मोटे लॅंड को अपनी इस छोटी सी चूत के अंदर कैसे ले पाऊँगी

पर मॉम भी तो ले ही रही थी

उनकी भी तो छोटी सी रही होगी जब उन्होने पहली बार लिया होगा

अब कितने मज़े से अंदर ले रही थी

और वो दूसरी सलोनी भी तो कितने मजे से टाँगे उठा कर उस मोटे लंड के मजे ले रही थी

शायद मैं भी बाद में उनके जैसी हो जाऊं

बस यही सोचकर मैं मुस्कुराए जा रही थी

अचानक कमरे के बाहर कुछ आहट सी हुई

मैं चोंक गयी, ये पापा ही थे

मैने अपनी टी शर्ट पेट से उपर कर ली और सोने का नाटक करने लगी

पापा रूम में दाखिल हुए और अंदर आकर दरवाजा चिटखनी लगा कर बंद कर दिया

भले ही चुदाई के बाद मॉम अपने रूम में खर्राटे मार रही थी पर पापा कोई रिस्क नही लेना चाहते थे

अंदर आकर जब बेड पर बैठे और उन्होने मेरे नंगे पेट को देखा तो उनका हाथ अपने आप उस तरफ चला गया

जैसे ही उनका खुरदुरा हाथ मेरे नर्म पेट पर टच हुआ, मेरा बदन सिहर उठा

मेरे रोँये खड़े हो गये

निप्पल्स टी शर्ट फाड़कर बाहर निकलने को आतुर हो गये

वो धीरे-2 अपने हाथो से मेरे नर्म माँस की मुलायमता महसूस कर रहे थे

फिर उनका हाथ मेरी नाभि को सहलाने लगा

अपनी उंगली से वो मेरी नाभि की गहराई को नापने लगे

3f8zhstva7df1.gif


फिर उन्होने अपनी उंगली को मुँह में डालकर गीला किया और फिर से उसे मेरी नाभि के अंदर पेल दी

मैं सिहर उठी

एक तो उनका कड़क स्पर्श उपर से थूक से भीगी उंगली की ठंडक

वो थोड़ा नशे में थे इसलिए मेरे शरीर की हल्की सिहरन महसूस नही कर पा रहे थे

पर मुझे तो महसूस हो रहा था ना वो सब

अचानक पापा नीचे झुके और मेरी नाभि पर होंठ रख कर उसे चाटने लगे

giphy.gif


वो अपनी जीभ अंदर डाल कर उसे कुरेदने लगे

नही तो मैने उनके सिर को अपने पेट पर ज़ोर से दबा कर चीख मार देनी थी

पर अभी तो मैं नाटक में थी न और सोने का किरदार कर रही थी

और अभी उतना खुल भी नही पाई थी मैं पापा के सामने

पर पापा की हिम्मत तो देखो

उन्हे तो जैसे कोई फ़र्क ही नही पड़ रहा था

उनके गर्म होंठ और साँसे मेरी स्किन को झुलसा रही थी

उनकी लार से मेरी नाभि का छोटा सा कुँवा भर चुका था

पर उनकी प्यास फिर भी नही बुझ रही थी

अचानक उन्होने मेरी शॉर्ट्स को दोनो तरफ से पकड़ा और उसे धीरे -2 नीचे करने लगे

मैने अचानक से सिर उपर करके उन्हे हैरत से देखा

वो उस पल अपना चेहरा ऊपर करते तो मुझे अपनी तरफ देखते हुए पाते

पर वो तो अपनी ही मस्ती में मस्त थे

उन्हे तो चूत की गंध नीचे खींच रही थी

मैंने फिर से सिर बेड पर पटका और गहरी साँसे लेते हुए उनके अगले हमले की प्रतीक्षा करने लगी

कुछ ही देर मे मेरी शॉर्ट्स मेरे घुटनो पर थी

और मैं नीचे से पूरी नंगी

39943329-042-4707.jpg


मेरी चूत से अवीरल गाड़ा पानी निकल कर बहे जा रहा था

उन्होने कुछ देर तक तो उसे देखा और सूंघा फिर अपनी उंगली से उसे धीरे-2 कुरेदने लगे

अब मेरा शरीर झटके मारने लगा

मेरा सिर इधर उधर होने लगा

जैसे कोई मुझे टॉर्चर कर रहा हो

टॉर्चर ही तो था ये

जिसमे मैं उत्तेजना को महसूस तो कर पा रही थी पर उसे व्यक्त नही कर पा रही थी

मैं चीखना चाहती थी

उनके सिर के बाल पकड़कर अपने पेट और चूत पर घिसना चाहती थी

उनकी उंगली को अंदर लेकर उसपर थिरकना चाहती थी

पर ऐसा कुछ भी नही कर पा रही थी

मेरे हाथ दोनो तरफ की चादर पर कस गये

18155785.gif


अचानक वो गर्म साँसे मुझे वहां महसूस हुई

जहाँ हवा को भी जाने की इजाजत नहीं है

अपनी चूत पर

जो गर्म साँसे कुछ देर पहले मेरी नाभि को झुलसा रही थी

वही अब मेरी चूत को तपाकर उसकी तंदूरी चूत बना रही थी

मेरा शरीर उपर की तरफ उठने लगा

मैने दोनो तरफ कोहनियां लगाकर अपने सिर को उपर किया और उन्हे देखने लगी

और फिर वही हुआ जिसके लिए मेरा रोम-2 उत्तेजित हो रहा था

उन्होने अपनी जीभ निकाली और मेरी चूत की 3 इंच की लकीर को उस से नाप दिया

सड़प-2 करके उनकी जीभ की पतवार मेरी शहद से भरी नदी में चलने लगी

और मेरी चूत के दोनो होंठ, नाव की तरह हिचकोले खाते हुए उस तूफान का सामना करने लगे

41306201.gif


अब मुझसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया

और मेरे मुँह से एक जोरदार सिसकारी निकल गयी

“अहह……………………सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स…….. उम्म्म्मममममममममममम”

मेरी आवाज़ सुनते ही एक पल के लिए पापा रुक से गये और मेरी तरफ देखा

मैं उठकर बैठ गयी

“प…..पापा…….अ आपssss ………ये …ये क्या…….कर रहे हो…”

पापा तो अपनी ही मस्ती में थे

नशे ने शायद उन्हे निडर बना दिया था, इसलिए ना तो वो चौंके और ना ही वो चोरी पकड़े जाने के बाद डरे

अपने होंठो पर लगे मेरी चूत के रस को अपनी जीभ से चाटते हुए वो बोले

“बेटा, मैं तो देखने आया था की तुम्हे फिर से तो वही तकलीफ़ नही हो रही ….तुम सो रही थी तो मैने खुद ही चेक कर लिया…”

मेरे अंदर भी तो आग फ़ैल चुकी थी

वरना ऐसी हालत में कोई बेटी अगर अपने बाप को पकड़ ले तो हंगामा हो जाए

पर फिर भी थोड़ी बहुत शर्म तो मुझे दिखानी ही थी ना

इसलिए मैने झिझकते हुए अपनी शॉर्ट्स को उपर करना शुरू किया

पर पापा ने मेरे हाथ को बीच मे ही रोक दिया

और बोले : “अभी ऐसे ही रहने दो , आगे का चैप्टर भी तो पढ़ना है ना…”

मैं : “हैनssss ……आगे का ?”

पापा : “हाँ …..ये देखो….फिर से ये पानी निकल रहा है…..कल जो तरीका मैने दिखाया था, उसमे तो उसे घिसना पड़ता था…पर इसमें से निकलने वाला पानी वेस्ट चला जाता था….और पता है तुम्हे, इसमें कितने मिनिरल होते है, गुड कोलेस्ट्रॉल होते है, जो हमारे शरीर के लिए बहुत अच्छे है, ख़ासकर मेरे जैसे बूढ़े हो रहे इंसान के लिए, ऐसे में अगर मैने ये पानी पी लिया तो मुझे बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलेगी…तुम भी यही चाहती हो ना की तुम्हारे पापा की सेहत अच्छी रहे…इसलिए मैं इस पानी को पी रहा था…”

मेरा तो सर घूम गया पापा के इस बेसिरपेर के लॉजिक को सुनकर…कुछ भी.

पर मुझे पता था की उनका दिमाग़ किस तरफ चल रहा है, इसलिए अंजान बनने का नाटक करके मैने उनकी हाँ में हाँ मिला दी

“जी पापा….आप सही कह रहे है….अगर इसमे इतने एंटी ऑक्सीडेंट है तो आपको ये ज़रूर पीना चाहिए…इन्फेक्ट रोज पीना चाहिए…मैं आपको मना नही करूँगी…”
 
मेरी मासूमियत देखकर पापा का दिल पसीज गया

और उन्होने एक दहकता हुआ गरमा गरम चुंबन मेरी चूत पर रख दिया और उसे धीरे-2 चूसने लगे

21475246.gif


मैं फिर से सिहर उठी

और इस बार मेरा हाथ अपने प्यारे पापा के सर के उपर था

“ओह्ह्ह्ह पापा…….कितना अच्छा फील हो रहा है….ऐसे ही करो ना प्लीज़….”

उन्हे बोलने की ज़रूरत भी नही थी

मेरे ठरकी पापा ठीक वैसे ही कर रहे थे जैसे एक लड़की को पसंद आता है

अपनी नर्म जीभ से मेरी गर्म चूत की चुसाई

अचानक उन्होने अपनी जीभ अंदर डालकर उसे मेरी क्लिट के उपर रगड़ दिया

जहाँ मात्र उंगली लग जाने से मैं कल सिहर उठी थी

वहां ये गीली जीभ लगने से मेरा क्या हाल हुआ होगा

मैने एक तेज हुंकार भरते हुए पापा के बाल ज़ोर से पकड़े और उन्हे अपनी चूत पर पूरी ताक़त से दबा लिया

“आआआआयययययययययययययययीीईईईईईईईईईईईईईईईईई नाआआआआआआआआआआआआआहह पााआआअपाााआआआ…… उम्म्म्मममममममम”

पर पापा भी बड़े शातिर थे

उन्हे भी शायद पता था की इस जगह हमला करने से सामने वाला कैसे धराशायी हो जाता है

पर वो ये नही जानते थे की मैं भी उन्ही की बेटी हूँ

उत्तेजना का संचार मुझमें इस कदर हुआ की मैने एक ही पल में पूरी बाजी पलट दी

पापा आधे ज़मीन पर थे और आधे मेरे बेड पर और पेट के बल लेटकर मेरी चूत चूस रहे थे

मेरे वीक पॉइंट को जैसे ही उन्होने अपनी जीभ से छुआ

मैने उनके सर को अपने हाथो में पकड़ा

उन्हे घुमा कर पीठ के बल लिटाया

और एक ही झटके में मैं उनके मुँह पर सवार हो गयी

जो पापा कुछ देर पहले तक मेरी जांघे पकड़कर मुझे अपनी जीभ से कंट्रोल कर रहे थे

अब वो निसहाय से मेरे नीचे पड़े थे

उनके दोनो हाथ मेरी टांगो के नीचे दब गये

अब कंट्रोल भी मैं ही कर रही थी

अपनी चूत से

उनके मुँह पर धीरे-2 घिस्से लगाकर

उनकी बाहर निकली हुई जीभ में अपनी मर्ज़ी से डुबकियां लगाकर

उनके होंठो पर अपनी अंदरूनी जांघे और चूत के होंठो को रगड़कर

214c7ef08d9c339d10ddb6fe22ad21d8.gif


पापा की तो हालत ही खराब हो गयी मेरा ये रूप देखकर

ये तो वो अध्याय था जो उन्होने मुझे पढ़ाया भी नही था

पर अब मुझे कुछ फ़र्क नही पड़ रहा था

क्योंकि उत्तेजना के कारण मैं कुछ भी सोचने समझने की हालत में नही थी

मैं तो बस अपनी चूत को घिस रही थी

चिराग की तरह

उनके चेहरे पर

होंठो पर

जीभ पर

और जल्द ही मेरी उत्तेजना ने मुझे आनंद के उस शिखर पर पहुँचा दिया जहाँ मैं आज तक नही पहुँच पाई थी

मेरी चूत से दबी हुई सी आवाज़ में एक बाँध टूटा

और मेरे अंदर का लावा गर्म चाशनी बनकर मेरे पापा के मुँह पर गिरने लगा

37594951.gif


“ओह पापा…………………..उम्म्म्ममममममममममममममम……..इट् फील्स ससोसोओओ गुडssss पपाााआअपाआआआ ”

पापा बोलते हुए मेरे मुँह में भरी लार बाहर निकलकर पापा के चेहरे पर जा गिरी

पापा तो उसे भी एंजाय कर रहे थे

मेरे अंदर की चाशनी निकलने के बाद मैं रस नीचुड़े रसगुल्ले की तरह निढाल सी होकर बेड पर गिर गयी

और तेज साँसे लेने लगी

ये मेरा आज तक का सबसे ख़तरनाक वाला ओर्गास्म था

जिसमें मैने उत्तेजना के एक नये शिखर को छुआ था

पापा का चेहरा देखने लायक था

ऐसा लग रहा था जैसे उनके चेहरे पर किसी ने गुड़ मल दिया हो

पूरा चेहरा चिपचिपा सा हो रहा था

पर उनके चेहरे पर एक मुस्कान थी

मेरे रस को पीने के बाद की विजयी मुस्कान

मैं धीरे से बोली : “पापा……ये ग़लत तो नही है ना…..”

पापा : “नही बेटा….एम् योर फादर…..मेरे सामने ये सब नॉर्मल है….तुम बस किसी को बताना नही, मॉम ये सब नही समझेगी…”

साले ठरकी पापा

कितने चालू है

दुनिया की सबसे ग़लत बात को कैसे अपनी चिकनी चुपड़ी बातों से सही ठहरा रहे है

पर मैं भी तो वही चाहती हूँ ना

और अगर दोनो तरफ से रज़ामंदी हो तो वो काम ग़लत कैसे हो सकता है

यही सही है

एक बेटी के उपर पापा का ही पहला हक़ होता है

यही होना चाहिए

मैं भी मुस्कुरा दी

और पिंकी प्रॉमिस करके अपना ये सीक्रेट मॉम को ना बताने का वचन दिया
 
पापा के हाथ हिल रहे थे

मैने गोर से देखा तो वो अपने लॅंड को लूँगी के उपर से ही हिला रहे थे

मैं समझ गयी की उन्हे भी तो ज़रूरत होगी हल्का होने की

Awwwwwww

माय पुवर डैडी

मैं मुस्कुराते हुए उन्हे देखती रही

धीरे-2 उन्होने अपने लॅंड को लूँगी से बाहर निकाला और फिर से हिलाने लगे

मेरी आँखे फेल गयी उसे इतने करीब से देखकर

मैं कुछ बोल पाती

इस से पहले ही उनके दूसरे हाथ ने हरकत की और उन्होने मेरे दाँये बूब को सहला दिया

जो अभी तक टी शर्ट के अंदर था

बिना ब्रा के

मैं तो उछल सी गयी

ये पहला मौका था जब उनके हाथ ने मुझे इस जगह छुआ था

उन्होंने हुक्म दिया

“इसे भी उतारो ….”

मैने मासूमियत से कहा : “ये भी चैप्टर का हिस्सा है क्या पापा…”

पापा ने हाँ में सर हिलाया

डफर बनकर पापा से सैक्स के चैप्टर पढ़ने में कितना मज़ा आ रहा था

कसम से मैं बता भी नही सकती

मैं उठकर बैठी और मैने अपनी टी शर्ट को अपने जिस्म से अलग कर दिया

अब मैं पापा के सामने जन्मजात नंगी लेटी थी

एक अधखिले कमल के फूल की तरह

unnamed.jpg


पापा ने उपर से नीचे तक मुझे देखा और मेरे बूब्स को देखकर उन्होने अपने होंठो पर जीभ फेरी

और फिर उन्होने अपने हाथ से मेरे नंगे बूब को पकड़ा और उसे सहलाने लगे….दबाने लगे

मेरा तो शरीर ही ऐंठने लगा

मेरी छातियाँ आगे की तरफ निकलकर और ज़्यादा नुकीली हो गयी

मेरे पापा का हाथ इतना बड़ा था की उनकी हथेली में मेरा बूब पूरा छुप सा गया

जैसे मुर्गी का अंडा पकड़ा हो उन्होने

43809241.gif


वो उसे सहला रहे थे

दबा रहे थे

मेरे निप्पल्स को अपनी उंगलियों से उमेठ रहे थे

और मैं उनके हर प्रहार से सिसक रही थी

तड़प रही थी

पापा थोड़े आगे आए और उन्होने फिर से अपनी करामाती जीभ निकाली और उस से मेरे निप्पल को छू लिया

ऐसा लगा जैसे गर्म लोहे पर पानी छिड़क दिया हो

मेरा जिस्म जल रहा था

मेरे निप्पल्स लाल हो चुके थे अपने अंदर की गर्मी से

फटने को तैयार थे वो

ऐसे में पापा की ठंडी जीभ किसी फायर ब्रिगेड की तरह आई और उस गर्मी को शांत करने का प्रयास करने लगी

1212.gif


पर सिर्फ़ हल्के छूने भर से वो आग बुझने वाली नही थी

इसलिए लिए फायरमैन को और अंदर आना होगा

और करीब

मेरे अंदर तक

ये विचार आते ही मैने पापा के सर को पकड़ा और उसे अपने नन्हे बूब पर ज़ोर से दबा दिया

पापा तो पहले ही अपना विशालकाए मुँह खोल चुके थे

उनके मुँह मे मेरा नन्हा अंडा पूरा समा गया

और वो उसे आम की गुठली की तरह चूसने लगे

मेरे निप्पल को दांतो से चबा कर

मेरे बूब के गुदाज हिस्से को होंठो से चुभला कर वो मुझे एक नये सफ़र पर ले गये

इस बीच उनके हाथ अपने लॅंड पर पूरी तरह से चल रहे थे

तेज़ी से

अब मेरी हिम्मत बड़ चुकी थी

मैने हाथ नीचे किया और उस दहकते हुए मोटे लॅंड को अपने हाथों में पकड़ा और उसे सहलाने लगी

वो मेरे हाथ में भी पूरा नही आ पा रहा था

अजीब सी गर्मी थी उसमें जो मेरी हथेलियों को झुलसा रही थी

उसके उपर की नसें फटने को तैयार थी

मेरे हाथ लगते ही पापा का शरीर ऐंठने लग गया

जिस माल को उन्होने इतनी देर से अंदर समेट कर रखा था

मेरे चुचे पीते हुए वो एक झटके से बाहर निकलने लगा

मेरे हाथों पर

मेरे पेट पर

मेरी नेवल तो उस माल से पूरी भर गयी

जैसे नन्ही सी झील में बर्फ़बारी हुई हो

m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-s-O2-Vxvk-Dp-G-Od-L7-43295681b.gif


सफेद चादर से मेरा निचला शरीर ढक चुका था

और मेरे प्यारे पापा जोरों से हाँफते हुए मेरी बाहों में सिसक-2 कर अपने लॅंड की आख़िरी बूंदे मेरी हथेली पर निकाल रहे थे

करीब 5 मिनट तक हम दोनो ऐसे ही पड़े रहे

फिर मैं धीरे से उठी और बाथरूम की तरफ चल दी

पीछे से पापा मेरे नंगे जिस्म को अपनी आँखो में हमेशा के लिए क़ैद करने में लगे थे

जब तक सब कुछ वॉश करके मैं वापिस आई तो पापा जा चुके थे

आज के इस चैप्टर ने हमारे बीच की बची खुचि दूरियों को भी ख़त्म कर दिया था

अब आने वाले दिनों में जो होगा, उसकी तो कल्पना मात्र से मेरी चूत अभी से गीली होने लगी थी
 
सफेद चादर से मेरा निचला शरीर ढक चुका था, और मेरे प्यारे पापा जोरों से हाँफते हुए मेरी बाहों में सिसक-2 कर अपने लॅंड की आख़िरी बूंदे मेरी हथेली पर निकाल रहे थे

करीब 5 मिनट तक हम दोनो ऐसे ही पड़े रहे, फिर मैं धीरे से उठी और बाथरूम की तरफ चल दी, पीछे से पापा मेरे नंगे जिस्म को अपनी आँखो में हमेशा के लिए क़ैद करने में लगे थे

जब तक सब कुछ वॉश करके मैं वापिस आई तो पापा जा चुके थे, आज के इस चॅप्टर ने हमारे बीच की बची खुचि दूरियों को भी ख़त्म कर दिया था, अब आने वाले दिनों में जो होगा, उसकी तो कल्पना मात्र से मेरी चूत अभी से गीली होने लगी थी

***********

अब आगे

***********

अगली सुबह मैं हमेशा की तरह जब नंगी सो रही थी तो मुझे उठाने पापा आए

आज से पहले वो कभी भी सुबह के समय मेरे रूम में नहीं आए थे

माँ को तो मुझे नंगी सोता देखने की आदत सी हो चुकी थी

पर पापा के लिए ये पहला अवसर था जब उन्होंने मेरे नंगे जिस्म को सुबह की रोशनी में चमकते देखा

हमेशा की तरह सूरज की किरणें मेरे बूब्स पर पड़कर उन्हें झुलसा रही थीं

और मैं आधी अधूरी नींद में उस हल्की जलन को नींद में महसूस कर आनंद से कसमसा रही थी

5572735125-9fce5af0fd-b.jpg


पापा की आवाज़ जब आई तो मुझे ऐसा लगा कि दूर से कोई मुझे आवाज़ दे रहा है,

मैं गहरी बेहोशी में हूँ और एक गूंजती हुई सी आवाज़ मुझे उस बेहोशी से उठाने की कोशिश कर रही है

पापा : “सलोनी......ओ बेटा सलोनी ......उठ जा , कॉलेज नहीं जाना क्या ....”

कुछ देर तक तो शायद वो मेरे उठने का इन्तजार करते रहे पर जब मेरी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो वो मेरे बीएड पर बैठे और पापा के कड़क हाथ सीधा मेरे बूब्स पर आ लगे और वो उन्हे होले -2 सहलाने लगे

मैं तो नींद में थी, गरम मुम्मों पर जब उनका हाथ छतरी बनकर आया तो मुझे सूरज की गर्मी से थोड़ी राहत मिली

मैंने उनका हाथ पकड़ कर अपनी छाती में चिपका लिया और सो गयी

वो हाथ मेरे मुम्मों की घाटी के अंदर दबकर रह गया

पापा के तो मजे आ गए , एक तो उनका हाथ गुदाज मुम्मे के बीच था ऊपर से मैं जब करवट लेकर उनकी तरफ घूमी तो मेरा पिछवाड़ा उनके सामने आ गया,

सुबह -2 मेरे गोरे चूतड़ देखकर पापा का लंड खड़ा हो गया

और मैं निरी बेवकूफ़ उस सुनहरे पल को छोड़कर सोने में लगी थी

पता होता तो सुबह -2 पापा की सेवा कर देती

पापा का एक हाथ मेरे पिछवाड़े पर भी चला गया और वो उसे सहलाने लगे

हालांकि वो जानते थे की घर पर मॉम भी है , कुछ ज्यादा तो हो नहीं सकता

पर एक मर्द का सेक्स के प्रति लालच होता ही ऐसा है की वो ऐसे खतरों को उठाने से बाज नहीं आता

वो तो शायद कुछ कर भी गुजरते पर उनका फोन बज उठा

और वो भी SP साहब का

उन्होने अपना हाथ बेदर्दी से मेरे स्तनों के बीच से खींचा और फोन उठाकर बात करते हुए बाहर निकल गए

मॉम ने जब पापा को मेरे रूम से बाहर निकलते देखा तो वो एकदम से घबरा गयी

वो जानती थी की मैं अक्सर नंगी सोती हूँ , और इसी बात का डर उन्हे सताता रहता था की कहीं किसी दिन पापा उसे ऐसे नंगे सोते न देख ले

वो घबराकर भागती हुई सी मेरे रूम में आई

पापा ने जब अपना हाथ बेदर्दी से अपना हाथ खींचा तो मेरी नींद भी खुल गयी

हालांकि मैं पापा को नहीं देख पायी पर अपनी छाती पर घर्षण की जलन मुझे अभी तक महसूस हो रही थी

सूरज की गर्मी और इस घर्षण से लाल निशान बन चुका था उनपर

पर उसके बावजूद मेरे नन्हें बूब्स एक अलग ही चमक के साथ सुबह का अभिवादन कर रहे दे

ना चाहते हुए भी मेरे बदन से एक मादक सी अंगड़ाई निकल गई

मेरे नन्हें स्तन आगे की तरफ होकर अपने आकार से दुगने हो गए और निपल्स फटने को तैयार

sexy-adaon-se-fiance-ko-masti-di.jpg


और तभी मॉम भागती हुई अंदर आई

मुझे टॉपलेस देखकर वो एकदम से घबरा गयी और बोली : “तू ..... तू ....फिर से नंगी सो गयी , मना किया था न तुझे, पता है अभी तेरे पापा आए थे तुझे उठाने , है भगवान , उन्होने तुझे ऐसे देख लिया होगा, ये तो अनर्थ हो गया, एक बाप का ऐसे अपनी बेटी को देखना ....अब क्या होगा, वो मुझे ही डाँटेंगे “

बेचारी खुद ब खुद बड़बड़ाए जा रही थी

काश उन्हे पता होता की मेरे और पापा के बीच ये नंगापन तो अब आम सी बात है

पर पापा मुझे उठाने आए दे

यानि ये जो जलन मैं अपने बूब्स पर महसूस कर रही हूँ ये उनके हाथो की देन है

हाय

काश मैं जाग रही होती

काश मैं अपने बूब्स को चूम पाती जिनपर कुछ देर पहले पापा के हाथ लगे थे

मैं खुद की बात पर ही मुस्कुराने लगी

पर मॉम को मेरी ये मुस्कुराहट नहीं दिखाई दी

वो तो पापा से डर रही थी की बाहर निकालकर उन्हे डांट पड़ेगी

तभी पापा की आवाज आई : “ज्योति ...... जल्दी से नाश्ता लगाओ मेरा, एसपी साहब के ऑफिस जाना है “

मॉम भागती हुई सी बाहर आई और पापा के सामने खड़ी हो गयी

जैसे खुद ही इकबाले जुर्म करना चाहती हो

वो सहमते हुए बोली : “जी ..... जी वो.....मैंने तो पहले भी कितनी बार सलोनी को बोला है की ....की ऐसे ....बिना कपड़ो के....न सोया करे....पर वो मानती ही नहीं ....”

पापा बड़े आराम से अखबार पढ़ते रहे और बोले : “कोई बात नहीं, है तो अपनी ही बच्ची न, बचपन में भी तो ऐसे ही सोती थी, अभी तक वो आदत जा नहीं रही उसकी , कोई बात नहीं, जैसे सोना है उसकी मर्जी, जो कपड़े पहने, वो उसकी मर्जी, तुम बस नाश्ता बनाओ जल्दी, मुझे देर हो रही है “

4e8a3b50c54fbbb04b7ffb51ab4897be.jpg


अपने पति के मुंह से ऐसी बाते सुनकर ज्योति का चेहरा देखने लायक था

क्या ये वही शमशेर था जो अपनी बेटी को छोटी टी शर्ट और स्कर्ट तक पहनने पर गुस्सा हो जाता था, आज उसे नंगा सोते देखकर बोल रहा है की कोई बात नहीं

और कपड़े भी वो अपनी मर्जी से पहने, कोई बात नहीं

ये हो क्या गया है इन्हे

पिछले कुछ दिनों से अपनी बेटी को ऐसे कपड़ो के लिए डांट भी नहीं रहे

और नंगी होने पर भी कुछ नहीं

कहीं इनकी नीयत अपनी बेटी के लिए खराब तो नहीं हो गयी

नहीं नहीं

ऐसा नहीं हो सकता

ये शायद एक बाप का अपनी बेटी के प्रति प्यार है

जो उसे उसकी लाइफ अपनी मर्जी से जीने की परमिशन दे रहा है

हालांकि बेटी कुछ ज्यादा ही फाइदा उठा रही है

पर जब सलोनी के पापा को कोई तकलीफ नहीं है तो मैं क्यों बीच में बोलकर बुरी बनू

इनके मूड का कोई भरोसा नहीं है, क्या पता मुझे ही रगड़ कर रख दे बिना बात के

इसलिए वो बिना कुछ बोले अपने पति के लिए नाश्ता बनाने किचन में चल दी

शमशेर भी मंद-2 मुस्कुरा कर एक कदम आगे निकलने की सफलता मना रहा था

वो तो चाहता था की उसकी बेटी उसके सामने नंगी घूमे

उसकी बीबी भी नंगी घूमे

2 नंगे जिस्म घर पर उसके सामने घूमेंगे तो उसे किसी राजा वाली फील आएगी

ये उसकी फेंटेसी थी

पता नहीं कभी पूरी होगी या नहीं

इसी बीच सलोनी अपने रूम से निकलकर आई

उसने एक लॉन्ग टी शर्ट पहन ली थी अपने जिस्म पर

अंदर कुछ भी नहीं

उसकी सूडोल जांघे दूर से चमक रही थी

और उसके कड़क निपपल्स भी उस सफ़ेद टी शर्ट में अलग से पहचाने जा रहे थे

5b370065f8adb2215178c32a-large.webp


उसे ऐसे देखकर शमशेर के चेहरे पर चमक आ गयी

उसकी बीबी न होती तो उसे अपनी गोद में बैठा लेता
 
वो शमशेर के करीब आई और झुककर उसने पापा को किस कर लिया और धीरे से फुसफुसाइ : “गुड मॉर्निंग डैडी”

वो हमेशा पापा बोलती थी

पर आज ये डैडी उसे किसी शुगर में भीगा हुआ सा लग रहा था

इतना रसीला

इतना सेक्सी

शमशेर ने किचन की तरफ देखा, उसकी बीबी नाश्ता बनाना में व्यस्त थी

शमशेर ने झट से उसकी कमर में हाथ डाला और उसे अपनी तरफ खींच लिया

वो लड़खड़ाती हुई सी उसकी गोद में आ गिरी और उसने भी उसके गुलाबी गालों पर एक गीला सा चुम्बन दे दिया और बोले : “गुड मॉर्निंग मेरी जान, कैसी नींद आई?”

वो आँखे मटका कर बोली : “बहुत बढ़िया डैडी…..”

अचानक शमशेर ने अपने हाथ नीचे से उसकी टी-शर्ट में डाल दिया, उसने कच्छी नहीं पहनी थी

उसका हाथ सीधा उसकी चूत पर जा लगा

और उसे वहां गीलापन महसूस हुआ

वो बोला : “अभी भी यह पानी निकल रहा है….”

शमशेर ने वो उंगली चूस डाली

तो सलोनी खिलखिलाते हुए हँसी और उसकी गोद से उठ गई : “आपका बस चले तो यही चेक करते रहो और पीते रहो डैडी,…..आप भी ना…मॉम देखेगी तो क्या सोचेगी”

शमशेर को ये बात पसंद आ रही थी कि वो उसके खेल में पूरी तरह से डूब चुकी है और अपनी मॉम से छुपकर उसका साथ भी दे रही है

वो दूसरी चेयर पर जाकर बैठ गई

तभी ज्योति नाश्ता लेकर आई और अपने पति को दिया

सामने सलोनी बैठी थी और उसकी टी-शर्ट से उसके तने हुए निप्पल साफ़ दिख रहे थे

यानी वो बिना ब्रा के अपने पापा के सामने बैठी थी

ज्योति गुस्से से तमतमाई

पर उस बेचारी को ये नहीं पता था कि वो बिना ब्रा के साथ-2 बिना कच्छी के भी बैठी है

ये पता चल जाता तो उसका हार्ट फेल ही हो जाना था बाई गॉड

ज्योति के वापस किचन में जाने के बाद सलोनी फिर से उठी और अपने कमरे में जाने लगी

शमशेर पीछे से उसकी कसी हुई गांड उस टाइट टी-शर्ट में देखकर उसके गुदाजपन का अंदाज़ा लगा रहा था

उसने सोच लिया कि अगली बार वो उसकी गांड को मसल कर रहेगा

अचानक सलोनी पलटी और बोली: “पापा, आज शाम को मैं कॉलेज के बाद श्रुति के साथ उसके घर जाऊँगी, उसके मॉम डैड को किसी फंक्शन में जाना है, तो आप रात को मुझे वहाँ से लेने आ जाना जब मैं कहूँ तो”

वो बोला ठीक है

फिर वो अपनी नन्ही सी गांड मटकती हुई अपने कमरे में चली गई नहाने

आज वो अपने पापा को अपनी सहेली के रूप में एक गिफ्ट देना चाहती थी

और उसके लिए उसने प्लान बनाना शुरू कर दिया था

शमशेर भी नाश्ता करके पुलिस स्टेशन के लिए निकल गया और सलोनी भी कुछ देर बाद अपने कॉलेज के लिए

कॉलेज पहुंचकर उसने जब नमक मिर्च लगाकर कल रात वाली बातें श्रुति को बताई तो उसका मुंह खुला का खुला रह गया

उसके होंठ लरज रहे थे कुछ भी बोलते हुए

शायद वो सोच रही थी कि उसकी सहेली को क्या फील हुआ होगा जब उसके साथ ये सब हुआ

उसकी ये हालत देखकर सलोनी खुद ही बोली: “सुन, तेरा दर्द मैं समझती हूँ, इसलिए मैंने आज शाम को पापा को तेरे घर ही बुलाया है, तूने कल ही बताया था कि तेरे मॉम डैड ने किसी फंक्शन में जाना है, तो उनके आने से पहले तू मेरे पापा के साथ कुछ तो मज़े ले ही सकती है….और वो कैसे लेने है, ये प्लान अब तू बनाएगी…”

सलोनी के मुँह से ये प्लान सुनकर श्रुति का चेहरा चमक उठा

उसे तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उसकी सहेली उसके बारे में इतना सोचती है

सलोनी के पापा के साथ तो वो कुछ भी करने को तैयार थी

वो अगर कुंवारी होती तो अपनी वर्जिनिटी भी उन्हें सौंप देती , उसे कोई गम नहीं होता

क्योंकि उनकी दमदार चुदाई और मोटा लंड वो उस रात देख ही चुकी थी जब वो दूसरी सलोनी की चुदाई उस पुल के नीचे कर रहे थे

अब तो उस से टाइम काटना भी मुश्किल हो रहा था

किसी तरह से कॉलेज के लेक्चर खत्म हुए और वो दोनों सरपट श्रुति के घर की तरफ चल दिये

श्रुति के मॉम डेड जा चुके थे

इसलिए अपनी चाभी से दरवाजा खोलकर जैसे ही वो अंदर दाखिल हुई उसने सलोनी को अपनी बाहों मे जकड़ लिया और उसके चेहरे पर चुम्मियों की बरसात कर दी

सलोनी खिलखिलाते हुए सोफ़े पर जा गिरि पर श्रुति अपने काम मे लगी रही

सलोनी ने जिस अंदाज से कल रात वाली बातें उसे बताई थी उसके बाद से श्रुति की चूत बहे जा रही थी

मुंह से लार निकलकर होंठो को रसीला बनाए जा रही थी

और अब वही लार वो सलोनी को पीला रही थी अपने रसीले होंठो से

kiss-kissing.gif


घर वाले घर नहीं, हमे किसी का डर नहीं

आज मौका भी था और माहौल भी

इसलिए सलोनी भी उसका पूरा साथ दे रही थी

वो क़िस्सेस जो वो अपने पापा को देना चाहती थी इस वक़्त अपनी सहेली को दे रही थी वो भी

दोनों भले ही एक दूसरे को किस्स कर रही थी पर दोनों के मन मे एक ही इंसान था इस वक़्त

सलोनी के पापा

इंस्पेक्टर शमशेर सिंह

श्रुति के वार ज्यादा घातक थे क्योंकि वो इस वक़्त काफी उत्तेजित थी

उसकी चूत से गरम हवा के भभके निकल रहे दे जो उसके कपड़ो को भी झुलसा रहे दे

इसलिए उसने आनन फानन में अपने सारे कपड़े निकाल फेंके

श्रुति की देखा देखि सलोनी भी एक मिनट में नंगी हो गयी

अब दोनों अपनी - २ जवानी का कहर ढाती हुई एक दूसरे के सामने नंगी बैठी थी

unnamed.jpg


श्रुति सीधा उसके नन्हें अमरूदों पर टूट पड़ी

उसके गुलाबी निपपल्स उसे अपनी तरफ खींच रहे दे

इसलिए उसने बिना देर किए उन्हे अपने मुंह में भरा और उसकी जवानी को तिल तिल करके चूसने लगी

38681831.gif


अब तो सलोनी का पारा भी हाइ हो चुका था

उसकी चूत से भी वो बेशकीमती पानी बहे जा रहा था जो उसके पापा को बहुत पसंद आया था

काश वो अभी आ जाते, कम से कम ये कीमती पानी व्यर्थ तो नहीं जाता

पर व्यर्थ तो ये अब भी नहीं जाने वाला था

क्योंकि वो अपने पापा की बात सोच ही रही थी की श्रुति सीधा उसके चेहरे पर आकार बैठ गयी और खुद उसकी चूत पर झुक गयी

69 के पोज़ में

क्योंकि इसी तरीके से वो खुद को और सलोनी को एक साथ संतुष्ट कर सकती थी

वैसे भी चूत तो उसकी भी बहुत बह रही थी

अब समय था उसकी रोकथाम करने का

एक दूसरे के मुंह में उसे डालकर

और जैसे ही दोनों के होंठ एक दूसरे की चुतों पर लगे

दोनों सिसिया उठी

जैसे गरम तवे पर पानी के छींटे डाल दिये हो

दोनों की सुलग रही चुतों पर नर्म होंठो का ठंडा एहसास उन्हे एक दूसरी ही दुनिया में ले गया

दोनों एक दूसरे की चूत के होंठो को सड़प -2 करके चूसने लगी

27475911.gif


खासकर श्रुति, क्योंकि उसकी चूत के साथ -2 उसके होंठ भी प्यासे थे

उसकी प्यास अभी तक नहीं बुझी थी
 
और इस वक़्त सलोनी की चूत चाटकर उसे वो सब बातें याद आने लगी जो सलोनी ने उसे बताई थी की कैसे उसके पापा ने उसकी चूत को चूसा था रात में

और उसी चूत पर इस वक़्त श्रुति का कब्जा था, वो वहाँ सलोनी के पापा के होंठो के निशान तलाश करते हुए उसे चूस रही थी

ये एहसास ही उसके लिए बहुत था की कल रात सलोनी के पापा के होंठ इसी जगह पर थे जहाँ अभी उसके हैं

उसने आनंद के मारे कराहते हुए अपनी जीभ का भाला एक ही बार में उसकी चूत के अंदर भेद दिया

नीचे लेटी हुई सलोनी उस चित परिचित हमले से एक बार फिर से कांप उठी

वही एहसास, वही आनंद, वही सुलगाहट

जो रात उसे महसूस हुई थी पापा की जीभ से

अब श्रुति की जीभ उसे प्रदान कर रही थी

उफ़्फ़

ये नंगेपन के खेल में इतना मजा है

काश वो पहले जान पाती

जवानी के इतने साल उसने ऐसे ही बर्बाद कर दिये

पिछले 8 सालों से वो श्रुति के साथ है

पर उसके साथ भी ये खेल अभी 1 महिना पहले से ही शुरू हुआ है

पहले पता होता तो अपनी कच्ची जवानी के दिनों में ही एक दूसरे को चूस डालती वो

जब उनके नींबू उगने शुरू ही हुए थे

जब उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था

7516040.jpg


हाए

उन दिनों में ये सब होता तो कितना मजा मिलता

और उसके पापा तो ये सब करना जानते थे फिर उन्होने इतना समय क्यों लिया अपनी बेटी पर हाथ डालने में

गंदे पापा

अब उनसे एक-2 दिन का हिसाब वसूलूंगी मैं

पर अभी तो इस श्रुति की बच्ची को मजे चखाना जरुरी है

साली ने अपनी जीभ से मेरे अंदर छेद कर दिया

इसी बदले की भावना के साथ उसने उसकी चूत को पूरा मुंह मे लेकर काट सा लिया हल्के दाँतो से

वो जगह होती ही इतनी सेंसेटिव है की हल्की चुभन भी गहरे घाव का काम करती है

इसलिए वो आनंद और चुभन के मारे चिल्ला उठी

“आहह ओहह यार क्या करती है , धीरे कर न बेबी , जैसे तेरे पापा कर रहे दे तुझे कल रात , वैसे चूस न मुझे भी ....”

अपने पापा का नाम सुनते ही सलोनी के तन बदन में एक अलग ही ऊर्जा का संचार हो गया

और वो आंखे बंद करके एक बार फिर से उसकी चूत को उसी तरह से चूसने का प्रयास करने लगी जैसे कल रात उसके पापा ने चूस था

एक बाप जैसे अपनी बेटी की चूसता है

हालाँकि आज की शाम का उसने ऐसा इंतज़ाम किया था कि कुछ देर में उसके पापा ही इसकी ये रसीली चूत चूसने वाले थे

पर अभी के लिए तो उसे शांत करना ज़रूरी था

जैसे उसकी खुद की चूत की आग को श्रुति बुझा रही थी

वैसे भी उसका भी फ़र्ज़ था अपनी सहेली की मदद करने का

इसलिए वो आराम से उसकी चूत को अपने होंठो के बीच लेकर उसे मजा देने लगी

खासकर वो उसकी क्लीट को चूस रही थी , जैसा की उसके पापा ने उसे सिखाया था

बाप की सीख कितने काम आती है ये एहसास उसे अब हो रहा था

और उसी सीख की वजह से वो श्रुति को वो ओर्गास्म प्रदान करने में कामयाब रही जिसके लिए वो सुबह से तड़प रही थी

" अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्हह सीईईई उम्मम्मम्मम मरररररर गईइइइइइ "

23575967.gif


और जब उसकी क्लीट को चुभलाने के बाद वो ओर्गास्म आया तो उसके मुंह को पूरा भिगो कर रख दिया उसने

उस गरम पानी की गर्माहट महसूस करके वो खुद को भी नहीं संभाल पायी और झड़ने लगी उसके मुंह में

दोनों सहेलियाँ एक दूसरे का गोलगप्पे वाला पानी पीकर अपनी-2 प्यास बुझा रही थी

और फिर दोनों हाँफते-2 एक दूसरे की तरफ मुंह करके बचे खुचे पानी को चाटने लगे और स्मूच करने लगे

दोनों के चेहरे पर एक अलग सा ग्लो आ चुका था

शायद ये जवानी का असर था या एक दूसरे के साथ सैक्स का खेल खेलने का

उसके बाद अपनी नंगी बाहों में लेकर सलोनी ने अपना पूरा प्लान श्रुति को बताया

उसे तो अब भी यकीन नहीं हो रहा था की सलोनी के पापा के साथ वो मजे लेने वाली है आज

पर जब सलोनी ने उसे यकीन दिलाया तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा

वो उसे इस बात पर करीब 2 मिनट तक स्मूच करती रही

हर 5 सेकंड में अपने होंठ उसके होंठो से हटाती औरथेंक यू मेरी जान बोलती

और फिर से उन्हे चूसने लग जाती

lesbian-kiss-amar-a-muerte-g08w33jsy2jwk6yy.gif


दोनों सहेलियों का ये प्यार अगर शमशेर देख लेता तो उसकी भी आंखे भर आती

पर अभी के लिए तो उसके मजे आने वाले दे

शाम के 6 बज चुके दे

सलोनी ने अपने पापा को फोन करके 8 बजे आने के लिए बोल दिया

अभी उन्हे आने मे 2 घंटे का समय था, इसलिए दोनों ऐसे ही एक दूसरे की बाहों मे नंगे सो गए, ताकि अपने शरीर को आराम दे सके

आज की शाम काफी मजेदार होने वाली थी
 
UPDATE THODA LATE HO GAYA ISLIYE 6 PAGES KA LAMBA UPDATE DE RAHA HU

ENJOY
 
उसके बाद अपनी नंगी बाहों में लेकर सलोनी ने अपना पूरा प्लान श्रुति को बताया , उसे तो अब भी यकीन नहीं हो रहा था की सलोनी के पापा के साथ वो मजे लेने वाली है आज , पर जब सलोनी ने उसे यकीन दिलाया तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा , वो उसे इस बात पर करीब 2 मिनट तक स्मूच करती रही , हर 5 सेकंड में अपने होंठ उसके होंठो से हटाती और थेंक यू मेरी जान बोलती , और फिर से उन्हे चूसने लग जाती

दोनों सहेलियों का ये प्यार अगर शमशेर देख लेता तो उसकी भी आंखे भर आती , पर अभी के लिए तो उसके मजे आने वाले दे , शाम के 6 बज चुके दे , सलोनी ने अपने पापा को फोन करके 8 बजे आने के लिए बोल दिया , अभी उन्हे आने मे 2 घंटे का समय था, इसलिए दोनों ऐसे ही एक दूसरे की बाहों मे नंगे सो गए, ताकि अपने शरीर को आराम दे सके , आज की शाम काफी मजेदार होने वाली थी

***********

Ab agey

***********

करीब आधे घंटे बाद दरवाजे की बैल बाजी

श्रुति की नींद खुली और उसने जल्दी से सलोनी को उठाया

अभी तक दोनों नंगी थी और बाहर शमशेर खड़ा था अपनी वर्दी में

सलोनी का तो मन किया की ऐसे ही नंगी जाये और दरवाजा खोल दे

पर इतनी बेशर्मी वाला महोल अभी तक बना नहीं था उन बाप बेटी के बीच

इसलिए उसने जल्दी से अपने कपड़े पहने और श्रुति को कुछ समझाकर बाहर की तरफ लपक पड़ी

शमशेर को देखते ही वो अपने पापा से ऐसे लिपटी जैसे बरसो से बिछड़ी प्रेमिका हो

शमशेर भी उसके बिना ब्रा के बूब्स का दबाव अपनी छाती पर महसूस करके खुश हो रहा था , बेचारी जल्दबाज़ी मे अपनी ब्रा पहनना ही भूल गयी

उसे ये नहीं पता था की मर्द लोग सबसे पहले यही नोट करते है





खैर, दोनों अंदर आए और सलोनी ने उन्हे पानी दिया

शमशेर की भूखी नजरें श्रुति को ढूंढ रही थी

क्योंकि जबसे उसने अपनी बेटी के साथ मजे लेने शुरू किए दे , उसके जहन में श्रुति से मजे लेने की चाहत भी तभी से मचल रही थी

क्योंकि उसी ने सलोनी को चूत से रिस रहे अमृत को एक बीमारी कहकर उसे डराया था

यानि ये श्रुति भी सलोनी की तरहा भोंदू थी इन सब मामलो में

बेचारे को ये नहीं पता था की दोनों ने ये सब प्लानिंग उसे बॉटल मे उतारने के लिए ही की है

और उसके लिए उनका भोंदू बने रहना ही इस खेल का मूल मन्त्र है

आखिर काफी देर तक जब श्रुति नहीं दिखाई दी तो शमशेर ने सलोनी से पूछा

“बेटा, श्रुति कहा है, दिखाई नहीं दे रही “

सलोनी : “वो...पापा ....उसे वही तकलीफ हो रही है ....जो....जो मुझे हो रही थी ...यहाँ ....”

इतना कहकर सलोनी ने अपने हाथ से चूत की तरफ इशारा किया

ये देखते ही शमशेर की आंखे चमक उठी

वो झट्ट से बोला : “अररे बेटा, तो इसमे डरने की क्या बात है ....मैं हूँ ना ...बताओ मुझे, कहाँ है वो ...”

सलोनी : “पर...पर पापा....आप तो मेरे पापा हो, फिर उसकी तकलीफ के लिए आप क्यों ....”

शमशेर : “बेटा, जैसे तुम मेरी बेटी हो, वैसे ही वो भी मेरी बेटी जैसी ही है ...तुम चिंता न करो, मैं सब ठीक कर दूंगा, तुम बताओ वो कहाँ है ....”

सलोनी को अपने पापा की धूर्त हंसी साफ दिखाई दे रही थी

सलोनी उन्हे अंदर ले गयी जहां श्रुति "सिर्फ" एक चादर ओढ़कर लेटी थी

अंदर से बिलकुल नंगी , जैसे वो कुछ देर पहले थी , सलोनी के साथ

बस उसने एक चादर ओढ़ ली थी, जैसा सलोनी ने उसे समझाया था

चादर में उसके नशीले बदन का उतार चढ़ाव साफ देखा जा सकता था

शमशेर जैसे घाघ को समझते देर नहीं लगी की उसने अंदर कुछ भी नहीं पहना है

उसने आगे बढ़कर चादर हटानी चाही तो सलोनी ने उन्हे रोक दिया

और बोली : “वो ...पापा ....आप रहने दो, उसने अंदर कुछ नहीं पहना है ....”

शमशेर : “तो क्या हुआ , मेरे लिए जैसी तुम हो, वैसी ही श्रुति भी है , तुम्हें भी तो मैंने बिना कपड़ो के देखा ही है, और वैसे भी इस काम के लिए कपड़े तो निकालने ही पड़ते है, तुम्हें तो पता ही है, है न “

“जी पापा.....”

बेचारी इतना ही बोल पायी

अपनी आंखे मूँद कर लेटी श्रुति का पूरा शरीर कांप सा रहा था

ऐसा रोमांच तो उसे अपनी पहली चुदाई या अपने बॉयफ्रेंड से मिलने पर भी नहीं हुआ था जितना आज महसूस हो रहा था

जैसे ही शमहेर के हाथ उसके बदन से टकराए, वो पूरी तरहा से झनझना उठी

उसने आंखे खोल दी और शमशेर को देखकर चौंकने का नाटक किया

चादर मे वो अपना नंगा जिस्म ढकने और असहज होने का नाटक करने लगी

सलोनी : “श्रुति, घबराओ मत, अब पापा आ गए है, वो सब ठीक कर देंगे, मेरी तकलीफ भी इन्होने ही ठीक की थी , है न पापा ...”

इतना कहकर वो शमशेर की तरफ देखकर मुसकुराई

शमशेर भी मुस्कुरा दिया

पर अंदर से उसकी भी हालत खराब थी

अपनी बेटी के साथ अकेले में मजे लेना और अपनी ही बेटी के सामने दूसरी के साथ मजे लेने में काफी फर्क था

हालांकि उसे यकीन था की उसकी बेटी ऐसा कुछ नहीं करेगी पर फिर भी उसकी कुछ करते हुए फट्ट रही थी

पर फिर उसने हिम्मत करके इस हाथ आए हसीन पल को पूरा एंजॉय करने का मन बना लिया

शमशेर ने धीरे-2 चादर को उसकी टाँगो से ऊपर करना शुरू किया, श्रुति ने शर्म के मारे आंखे बंद कर ली

और धीरे-2 करके उसने वो चादर उसकी कमर से भी ऊपर कर दी

साफ जाहीर था की वो अंदर से नंगी है , पर फिर भी शमशेर ने पूरी चादर नहीं उतारी

श्रुति की चूत एकदम सफाचट थी

जैसे आज के लिए उसने स्पेशल बाल काटे हो



 
पर सच तो ये था की उसके बॉयफ्रेंड को भी क्लीन चूत पसंद थी, ताकि वो उसे आराम से चूस सके

उसे देखकर शमशेर के मुंह में पानी भर आया

उसने अपनी एक उंगली सीधा लेजाकर उसकी चूत के मुहाने पर रखी और धीरे से अंदर सरका दी

“अहह येएसएसएसएसएसएस sssssssss .........”

सिसकारी श्रुति के मुंह से निकली पर उस उंगली का एहसास सलोनी को भी महसूस हुआ अपनी चूत पर

अपने प्यारे पापा को वो अपनी सहेली के साथ आज बांटने जा रही थी

एक पल के लिए तो उसके मन में ये विचार आया की वो सब वहीं रोक दे, उसके पापा पर सिर्फ और सिर्फ उसका हक है

पर अब बात आगे निकल चुकी थी

वो अगर रोकती भी तो ना तो शमशेर रुकने वाला था और न ही श्रुति

अपनी उंगली अंदर डालकर जब शमशेर ने बाहर निकाली तो वो उसके देसी घी से पूरी भीग चुकी थी

वो किसी तुजुर्बेकार डॉक्टर की तरह उसे सूंघकर और गोर दे देखकर बोला : “इसकी हालत तो तुमसे भी ज्यादा गंभीर है , इसका कुछ और इलाज करना पड़ेगा “

सलोनी और श्रुति एक साथ बोले : “क्या .......?”

शमशेर : “वो मैं अभी बताता हूँ, पर पहले इसका ये कीमती रस तो इकट्ठा कर लूँ , तुम्हें तो पता ही है न सलोनी बेटा की ये हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है , मिनेरल्स एंड आल रिमेम्बर “

सलोनी : “यस पापा...”

और फिर वो श्रुति की तरफ देखकर बोली : “मैंने कहा था न तुझे, पापा को सब अच्छे से आता है, अभी वो तुझे वहां नीचे से सक्क करेंगे, और ये सारा कीमती मिनरल पी जाएंगे, इस से तेरा काम भी हो जाएगा और इन्हे भी इम्युनिटी बूस्टर मिलेगा, है न पापा “

जवाब में दोनों मुस्कुरा दिये

शमशेर उसकी नादानी पर

और सलोनी अपनी चालाकी पर

उसकी जीभ लपलपा रही थी और किसी पानी से निकली मछ्ली की तरहा फड़फड़ा रही थी

उसने उस जीभ को श्रुति की छोटी सी रसीली झील में डुबकी लगवा दी





वो बिलबिला उठी

उसकी छाती से चादर सिमटकर नीचे हो गयी

परिणामस्वरूप उसके बूब्स किसी बर्फ से ढकी पर्वतमाला की तरहा उजागर हो गए

अब वो चादर नाम मात्र की सिर्फ उसके पेट को धक रही थी

ऊपर से भी नंगी थी वो और नीचे से भी

इसलिए सलोनी ने उसे पूरा ही निकाल फेंका

अब वो जन्मजात नंगी थी उस बेड पर

उत्तेजना के मारे उसका सीना ऊपर की तरफ और पैर पीछे की तरफ मूढ़ गए

मुंह से उसके एक ऐसी मदमस्त सिसकारी निकली की पूरा घर गूंज उठा

“अहह एएएएचएचएचएचएचएचएचएचsssssssss ओहहssssssss येस्सsssssssss “





ओह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह एस्सस ऐसे ही उम्म्म्म हानंन्न ये ..ये चुसो अंकल





अह्हह्ह्ह्ह उम्म्म्म माँ ssssssss मररर्र गयी उम्मम्मम्मम्म स्स्स्सस्स्स्स





हाँ हफ़्फ़्फ़ हफ़्फ़्फ़्फ़ह्ह्हह्ह उम्म्म्म ये ....यही ...... अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह गॉड ....... ुह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह





एएएएए मममममम अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह ममममममम



 
Back
Top