Fantasy Story - Rudradev pariwar ka rakshak - Page 16 - SexBaba
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Fantasy Story - Rudradev pariwar ka rakshak

अपडेट. 115

वीर ......अह्ह्ह सॉरी भाबी जी

पैर इस कुत्ते की तो बंद मैं हे बजूँगा

ीदार काफी भेड़िये देव द्वारा बनाये गए अदृस्य द्वार में जा गुस्से जैसे मायावी लोक में पेअर रखे वो सब अग्नि की भीषण लपटों में सामने लगे

वीर जा कर वुल्फ किंग से भीड़ गया

सिंह जैसे जैसे भेडियो को मार रहा था वैसे वैसे उसका क्रोध भाड़ रहा था

भेडियो के मरते हे उनके सरीर से निकलती काली सकतिया सिंह में सामने लगी

( दरअशल इसके पीछे देव की सकती थी इसके लिया हे देव ने सिंह को अपने अंदर समाया था ) .........

अब आगे ........

रुद्रांश .......सिंह अभी वक़्त है अपने क्रोध को उचित दिशा में प्रयोग करने का

सिंह. ......उचित कहा रुद्रांश भाई आपने ये सेल भेड़िये तो रुकने का नाम हे नहीं ले रहे है

ीदार दिव्या अपने पुरे रूद्र अग्नि रूप में चंडिका बन भेडियो को भसम कर रही थे

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दिव्या जिस रस्ते गुजरती वह भेड़िये की रख के अलावा रस्ते में कुछ भी नहीं बचता

वीर वोल्फकिंग के साथ भिड़ा हुआ था कभी वीर भरी पड़ता तो कभी वुल्फ किंग

दोनों लड़ते लड़ते किल्ले के बहार निकल गए

तभी टेलेपोर्टेशन द्वार से फीमेल वेयरवोल्फ आने लगी

सिंह उनकी तरफ बढ़ा हे था की बिच में हे चंचल आवर कोमल आ जाती है

कोमल सिंह आपको सरम नहीं आती लड़कियों पे हाथ उठाओगे क्या

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सपना ......सिंह इनके के पीक लीडर को डंडो आवर उनको ख़तम करो ये फीमेल वुल्फ अपने लीडर के बिना कमजोर हो जाती है

सिंह ......जी महारानी जी

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सिंह अगले हे पल वह से गोली के रफ़्तार से अग्नि पुंज बन कर निकला तभी सामने से

रुद्रांश को काफी भेडियो के बिच गिरः हुआ देख उस तरफ भाड़ गया

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सिंह .....रुद्रांश ये वक़्त क्या खेलने का है

ख़तम करो इनकी तादात आवर भदरी जा रही है

अभी तो भेड़िया लड़किया भी आने लगी है ालो को जितना मारो ऊंटनी हे आते जा रहे है

रुद्रांश अपने सोर्ड से उनको चोर्ने लगा वही सिंह उनको अपने अग्नि से जलने लगा

रुद्रांश ......तुम बहुत गौड़ कर रहे हो फीमेल भेडियो पे क्यों कोई पसंद तो नहीं आ गई

सिंह ......मेरी इतनी भी चॉइस ख़राब नहीं जो कुटियों पे चढ़ता फिरू

मेरी शेरनी भी कही मेरा इन्तजार के रही होगी

रुद्रांश .......कब मिलवा रहे हो मुझे

सिंह .....बुरा न मन्ना रुद्रांश भाई तुम देव भाई के अंश जरूरी हो पैर तुम्हारा कोई भरोषा नहीं कब मेरी शेरनी के पीछे लग जाओ

रुद्रांश ......हाहाहा यार मैं इतना भी ठरकी नहीं हूँ

तभी सिंह के आँखों के सामने एक चल चित्र चेहरा आता है

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अचानक से सिंह रुक जाता है

सिंह को ऐसे खड़ा देख रुद्रांश उसने होश में लता है

रुद्रांश ......अबे खुली आँखों से सपने देखना बंद कर चिंता न कर मैं कुछ नहीं करूँगा तेरी शेरनीओ को

सिंह .......भाई मैंने अभी अभी अपनी शेरनी का चेहरा देखा वो बहुत खूबसूरत है

सपना ......अभी योध में ध्यान दो वर्ण सपने हे देखना कभी भी मिलने नहीं दूंगी उस से जिसके सपने तुम अभी देख रहे हो

सिंह .....जी जी माफ कीजिये रानी माँ

निधि अपनी पाटवी तत्वा का प्रयोग कर भेडियो को जमीं में दशा कर कर अपने भले से उन सबका सीना चिर रहे थे

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ीदार सपना को अहसास हुआ की वीर कमजोर पद रहा है

तो वो वह जा पहुंची

सपना .....वीर तुम बलियो से निपटाओ इसगे मैं देखती हूँ

सपना अपने दिव्या सोर्ड को याद करती है

जिसे देख वोल्फकिंग की भी पसीने निकलने लगे

सपना अपने सोर्ड से तेजी से वोल्फकिंग पे वॉर करने लगती है

अपने आपको सपना के सामने कमजोर पड़ता देख वोल्फकिंग वह से भागने लगा पैर सपना उस हे भागने दे तब नहीं

ीदार जूही आवर रितिका तलवार आवर गन्स से कहर भरपाई रही थे भानगढ़ का किला लगभग ध्वस्त हो चूका था पूरी तरह

रितिका की गोली जिस भी वुल्फ को लगती वो अगले हे पल चीथड़े चीथड़े हो कर जमीं पे गिरा नजर आता तभी एक बहुत बड़े ओल्ड तो दिखने में बलियो से अजुन था

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पुरे सरीर पे लोहे का भरी भरकम कवच

हठी में पहने नुकीले खंजर जैसे ( क्ष में मूवी का वॉल्वरिन हो )

जैसे दोनों के बिच में पंहुचा उसने रितिका आवर जूही पे हमले कर दिया

जूही तो तेजी से बच गई पैर उसका एक खंजर रितिका को गायक करता हुआ निकल गया

रितिका के मुँह से दर्दनाक चीख गूंज उठी

चिक सुन कर ऊपर से हम्म कर रहे शीतल की नजर इनपे पड़ी शीतल आवर रुद्रांश फ़ौरन इस आवर भाड़े

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शीतल ने अपने आइस तीर की बौछार करनी सुरु कर दी रुद्रांश आगे भाड़ रितिका को उठता है उसका घाव डेरी डेरी भर रहा था

पैर रुद्रांश रितिका के बाजु आवर सीने के ऊपरी हिसे से बाह्य खून देख रुद्रांश का रूद्र जग उठा

रुद्रांश पुरे गुस्से से चिमटा है

रुद्रांश ......तूने मेरी रितिका को चौथ पहुंचे कमीने

देख मैं कैसे तूजगे जहनुम पहुंचाया हूँ

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डेरी डेरी रुद्रांश का सरीर आग की लपटों में घिरने लगा

रुद्रांश आगे भध उसके दोनों कलाई थम ली

देल्हते हे देखते उसकी चीखे गूंजने लगे पहले उसका कवच पिंगल कर निचे गिरा फिर उसका सरीर जलने लगा

रितिका तो बस प्यार से रुद्रांश को हे देख रही थे उसका घाव भी भर चूका था

सपना के हाथो वोल्फकिंग काफी गायक हो चूका था

जगह जगह से उसके सरीर से खून बाह रहा था

( वोल्फकिंग ....मुझे जिन्दा रहना है तो यहाँ से निकलना होगा वर्ण इनके हाथो मैं भी मारा जाऊंगा अब तो मेरी लाखो के सीना भी कुछ गिनी चुनी हे बची है )

सपना ....भागने की सोचना भी नहीं

आज तुम मेसे कोई भी जिन्दा नहीं बचेगा

दिव्या चंचल कोमल निधि अलीमा ालिस शीतल अपने पूरी ताकत से इनका मुकाबला करते रहे

इनको योध करते हुए सुबह के 4 बजने को आये

ज्यादातर भेडियो का इन्होने सफाया कर दिया था

अभी भी 200 से 300 भेड़िये बचे हुआ थे

जिनका बड़ी तेजी से सफाया कर रहे थे

तभी दिव्या आवर कोमल की बॉडी चेंज होने लगी

अचानक से दिव्या आवर कोमल की बॉडी से रेड आवर ब्लू ऊर्जा बहार निकली

जिसे देख सब चोंग गए

चौंके का कारन था उस ऊर्जा का अपने आप रूप दर्जन करना

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दिव्या के सरीर से निकली ऊर्जा ने अग्नि ड्रैगन का रूप दर्जन किया

दिखने में ये रियल ड्रैगन जैसा हे था

ऐसा हे कुछ कोमल की ऊर्जा के साथ हुआ उस से ड्रैगन हे बना विद्युत् ड्रैगन

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रुद्रांश ......इनको आदेश दो की ये सभी वुल्फ को ख़तम कर दे

दिव्या आवर कोमल दोनों ने ऐसा हे किया दोनों हे पुरे किल्ले में गम गिम कर भेडियो को चीरते हुए निकल

कुछ हे देर में सभी भेडियो को समाप्त कर दिया अभी केवल वुल्फ किंग आवर उसके जैसे हे दिखने वाला एक भेड़िया बच्चा था

वुल्फ किंग ......तुम लोगो ने भले हे मेरी लाखो की सेना को मिटा दिया पैर मुझे नहीं मार सकते हो

सपना ....भले हे हम तुम्हे मार नहीं सकते है पैर तुम्हे बंदी बना सकते है

सपना अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करती है साथी हे निधि दिव्या कोमल चंचल शीतल

5 तत्वों के ऊर्जा से दोनों वुल्फ को बंदी बना लेती है

तभी वह देव प्रकट होता है

देव .....लगता है पार्टी ख़तम हो गई है मेरे आने से पहले हे

सपना ......आप आ गया स्वामी मतलब वह का कार्य पूर्ण हुआ आवर आपके लिया हमने 2 को बचा कर रखा है

देव .....है सपना वह का कार्य पूर्ण हुआ थोड़ा समय लगा पैर सब प्लान के अनुसार हे हुआ

dev.......koi आवर बच्चा तो नहीं न अग्नि देवो

10 के 10 अग्नि देव वह प्रकार होते है

10 देव .....नहीं मालिक कोई नहीं बचा जो भी महल से नहर निकला हमने उनको ख़तम कर दिया

हमारा कार्य पूरा हुआ

देव ......उचित है अपने स्थान पे लौट जाओ

सभी 10 अग्नि देव आगे भाड़ देव में सामने लगे

सपना .....ये क्या है स्वामी

देव ....बाद में बताऊंगा सपना अभी इनको तो ख़तम कर दूँ रुद्रांश जब मैं अग्नि प्रहार वोल्फकिंग पे कृ ठीक इश्क वक़्त दूसरे वुल्फ पे पूरी सकती से अग्नि प्रहार करना

रुद्रांश .......जी भाई

देव आवर रुद्रांश दोनों हे वुल्फ

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पे एक साथ हमले करते है जिस से वुल्फ किंग चीखें लगता है

जैसे वोल्फकिंग को अग्नि ने अपने लपटों में घेरना सुरु किया वैसे हे दूसरे वुल्फ की भी चीखे निकलने लगे

देखते हे देखते वोल्फकिंग रख में बदलने लगा उसके बाद दूसरे वुल्फ के साथ भी ऐसा हे कुछ हुआ

दोनों के ख़तम होने के बाद दूसरे वुल्फ के सीने पे जो लाल मणि लगी थी वो वो हवा में उठ कर देव की तरफ भाड़ गई

सपना ने उस मणि को भी एक बॉक्स में भर लिया

देव .....सपना इस स्थान को पहले जैसा बना दो मैं अभी आता हूँ

सपना अपने कार्य में जूथ गयी वही देव

इस महल में बने गुप्त तहखाने में जाता है

देव ......रानी रत्नावती गबराये नहीं मेरे सामने आइये आपका मुक्ति पाने का समय हो गया

है

कुछ देर बाद एक स्त्री की आत्मा देव के सामने आती है

देव .....रानी रत्नावती को प्रिंस रुद्रदेव सींग राणा का परनाम

अब आपको इस महल का मोह ठगना होगा रंज जी

रानी रत्नावती ......हम त्यार है बरसो से इस महल में अपने मोह के कारन कैद रहे अब हमें मुक्ति दे दीजिये

देव आगे भाड़ रानी रत्न वती के सर पे हाथ रख मंतर पड़ता है देखते हे देखते रानी रत्नावती का तेज भेदने लगा आवर कुछ हे देर बाद वो एक सफ़ेद ऊर्जा पुंज में बदल कर वह से गायब हो गई

ीदार सपना बहार अपना कार्य पूरा कर चुकी थी

सब वह से मायावी लोक के लिया निकल गए

अब थोड़ा पीछे चलते है ......

देव ध्यान के माद्यम से गुरुदेव से जुड़ कर पिसाच किंग के गुप्त स्थान को देख चूका था अब इंतजार था तो 12 बजने का जब एक पल के लिया कवच कमजोर होता है तब का

देव पूर्ण रूप से त्यार था उस उल्का पिंड में जाने की जहा पिसाच किंग अपना बलि यज्ञ कर रहा था

आवर वो समय भी आग गया

देव मायावी लोक से निकल कर उस उल्का पंड के सामने अररिया रूप में जा पंहुचा

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देव वही कुछ पल इंतजार किया तभी वो कवच एक पल के लिया हाथ तो देव अपने सम्पुट ताकत के साथ लाइट स्पीड से उस ुलका पिंड से जा टकराया

बहार से गुरुदेव ने उस कवच पे एक आवर कवच का निर्माण कर वह से गायब हो गए

देव के अंदर घुसते हे पिसाच किंग को इसका अहसास हो गया की कोई उसके स्थान पे गुस्स आया है

पिसाच किंग ने अपने माया का निर्माण किया

जिस में देव फर्श गया पिसाच किंग

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अंदर की प्रतिमा के सामने बेथ ध्यान में देव को ढूंढ़ने लगा

काफी मसकर करने के बाद

पिसाच किंग देव तक पंहुचा पैर न देव का चेहरा देख प् रहा था आवर न उसकी ऊर्जा को महसूस कर प् रहा था

पिसाच किंग को जो ऊर्जा देव स्व महसूस हो रही थी वो किसी आवर की ऊर्जा थी

जिसको महसूस कर पिसाच किंग ध्यान से बहार आ गया

पिसाच किंग ........ये कैसे संभव है वो यहाँ नहीं आ सकती

अगर वो यहाँ होती तो डेविल को उसकी खबर लग चुकी होती आवर अगर उनसे किसी तरह अपनी शक्तियों को अपनी ऊर्जा को बंद भी लिया तो वो यहाँ पहुंच नहीं सकती थी

मुझे यहाँ से निकलना होगा मुझे यहाँ खतरे का अहसास हो रहा है

वही देव काफी देर तक उस माया में उलझा हुआ बार बार गम कर एक हे स्थान पे वापिस लौट आता है

देव ......यहाँ किसी माया का तिलिस्म का प्रयोग किया हुआ लगता है पैर ये तिलिस्म भी नहीं अथार्त

ये पिसाच किंग की माया है

जल्दी हे मुझे इसका तोड़ निकलना होगा अन्यथा वो यहाँ से भागने का कोई न कोई मार्ग निकल हे लेगा

इन सब में देव को लगभग 1हर का समय लग गया

देव .....किसी भी काली सकती द्वारा रची माया को तोड़ने के लिया महादेव का दिव्या मूल मंत्र का प्रयोग कारनामे चाइये हमारे वेदो में तो यही लिखा

देव वही बेथ आने ध्यान में लीं हो..... ....मंत्र का जप करने लगता है

जिसका असर जल्दी हे होता है आवर एक विस्फोट के साथ वह की माया नस्ट हो जाती

देव ध्यान से निकल पिसाच किंग को खोजने लगता है

ये उल्का पिंड बहार से जितना छोटा दीखता है ये अंदर से उस से कही ज्यादा बड़ा था

ीदार पिसाच किंग अपने भागने की तयारी कर रहा था पर बहार गुरुदेव द्वारा निर्मित कवच से वो भाग नहीं प् रहा था

पिसाच किंग .....ये जरूर कोई शत्रु है जो यहाँ आया है अब कोई रास्ता नहीं है मुझे इसका सामना करना हे होगा

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ीदार देव भी पिसाच किंग को खोजते हुए बालू स्थल तक आ पंहुचा

सामने पिसाच किंग आने कल्टी हुए आँखों से देव को देख रहा था

जब गौर से देव को देखा तो आश्चर्य हुआ पिसाच किंग को

पिसाच किंग .....कोण हो तुम आवर तुम्हारे पास मेरी बहन लावण्या की ऊर्जा कैसे आई

देव ......तुम किसकी बात कर रहे हो मैं नहीं जनता

पिसाच किंग ......तुम असत्य बोल रहे हो तुम्हारे भीतर मेरी बहन प्रिंसेस लावण्या की ऊर्जा विद्मान है

देव .....प्रिंस कभी असत्य नहीं बोलता है

पिसाच किंग गुस्से से देव पे अग्नि पुंज का प्रहार करता है

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देव सामने से जल तत्वा का इस्तेमाल करता है एक के बाद एक पांच तत्वा के इस्तेमाल से पिसाच किंग पे हमले होने से पिसचकींग गुस्से में आ कर

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आ कर के देव पे अनगिनत वॉर करता है

जिस से पिसाच किंग की ऊर्जा जो व्यर्थ हो रही थे वो देव में सामने लगी

देव उचित समय का इंतजार करते हुए पसाच किंग से कफ समय तक योध करता है योध करते हुए देव बलि स्थान तक आ पंहुचा देव ने अपने सम्पूर्ण जल आवर अग्नि ऊर्जा का प्रयोग करते हुए

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पिसाच किंग पे वॉर करता है पिसाच किंग आदिक ऊर्जा को मह्सुश कर सामने से हाथ जाता है

जिस से देव का प्रहार पिसाच किंग को न लग कर अंदर की प्रतिमा को लगता है जल आवर अग्नि के मिश्रण से हुए वॉर के कारन वो प्रतिमा नस्ट हो जाती है आवर एक बहुत हे भनक विस्फोट होता है जिस से वो पूरा स्थान उल्का पिंड के साथ नस्ट हो जाता है गुरुदेव द्वारा बनाया कवच पिशाच किंग के कवच के साथ नस्ट हो गया

देव आवर पिसाच किंग इस भयंकर दमके से अंतरिक्ष के दो चोर में एक दूसरे से विपरीत दिशा में कफ दूर जा गिरे

पिसाच किंग के गिरते हे वह डेविल प्रकट होता है आवर पिसाच किंग को ले कर वह से गायब हो जाता है

कुछ देर बाद देव वह का निरिक्षण करता है पर पिसाच किंग उसने कहे नहीं मिलता सूर्य जब उल्का पिंड के बिच देखता है तो वह उसने एक रेड स्टोन मिलता है जो आंसर्स की मूर्ति में लगा हुआ था

देव उसे वह से उठा कर एक बॉक्स में रख लेता है

आवर 6 लड़किया जिनकी इस समजे से लौट हो चुकी थी उनको वहीँ अंतरिक्ष में अग्नि संस्कार कर देव भानगढ़ की तरफ निकल गया

मायावी लोक ...

देव ........आज आप सबने बहुत अच्छा कार्य किया है

सपना .......क्या पिसाच किंग ला बलि यज्ञ नस्ट हुआ

देव .....है उसका बलि यज्ञ नस्ट हो गया किन्तु वो मेरे हाथो से बच निकला अगर शीतन प्रतिमा में विस्फोट न होता तो सायद वो बच नहीं पता

सिंह ......सायद उसके कुछ ाँसे आवर लिखी थे

देव सपना को वो रेड स्टोन दे देता है

सपना .....इसमें तो उन सभी की ा आत्माये कैद है जिनकी बलि पिसाच किंग ने शीतन को अर्पित की थी

देव .....है ये सायद उस विस्फोट में बच गया जब शीतन की मूर्ति नस्ट हुए थी तब

सपना ....यहाँ का समय अलग कीजिये ताकि सब कुछ समय विश्राम कर सके

देव .....जो हमको महारानी साहिबा

देव पहले के जैसे हे मायावी दुनिया को परतवि लोक के समय से अलग कर देता है कुछ चंगेस के साथ

देव .....अब सब विश्राम करो बलि सब बाते बाद में करेंगे

देव अपने इच्छा अनुसार महल में बने रूम में चले गए आराम करने

वही सिंह अपने शेरनी के खयालो में खोया हुआ था

रुद्रांश .....लगे रहो भाई सीमा बहुत जल्द वो खवाबो की शेरनी तुम्हारे साथ होगी

सिंह .....प्रिंस भाई की कब दया होगी वही जाने ......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........

अपडेट में छोटी मोती गलती इग्नोर कारनामे फ्रेंड्स

नेक्स्ट अपडेट परसो आएगा भाई लोगो

अब से एक दिन इस स्टोरी पे आवर एक दिन दूसरी स्टोरी पे अपडेट आएगा ......
 
अपडेट. 116

देव .....जो हुकुम महारानी साहिबा

देव पहले के जैसे हे मायावी दुनिया को परतवि लोक के समय से अलग कर देता है कुछ चंगेस के साथ

देव .....अब सब विश्राम करो बाकि सब बाते बाद में करेंगे

देव अपने इच्छा अनुसार महल में बने रूम में चले गए आराम करने

वही सिंह अपने शेरनी के खयालो में खोया हुआ था

रुद्रांश .....लगे रहो भाई सीमा बहुत जल्द वो खवाबो की शेरनी तुम्हारे साथ होगी

सिंह .....प्रिंस भाई की कब दया होगी वही जाने ......

अब आगे ........

देव .......गुरुदेव आपने हमें इस बारी में कुछ भी नहीं बताया ऐसा क्यों गुरुदेव

गुरुदेव ........पुत्र देव ये आवशयक था अगर हम ऐसा नहीं करते तो पिसाच किंग को तुम्हारा वह होने का पता चल चूका होता आवर वो यहाँ से कही आवर चला जाता

देव .......क्या लावण्या पिसाच किंग की बहन है गुरुदेव

गुरुदेव ........एक सत्य ये भी है पुत्र किन्तु एक सत्य ये भी है की वो उन से बिलकुल अलग है शीतन जैसी कोई भी खूबी उसमे नहीं है

उसका मन निर्मल है सच्चा है वो बुराई का नहीं अच्छे का प्रतीक है पुत्र देव

देव ......आपने उनको यहाँ रखा है तो जरुरु कोई विशेष कारन होगा गुरुदेव लावण्या को किस से खतरा है गुरुदेव

गुरुदेव ......उसके पिता के अंश से पुत्र

देव ......पिता के अंश से मैं कुछ समजा नहीं गुरुदेव

गुरुदेव ......जैसे तुम्हारा अंश रुद्राक्ष है वैसे हे डेविल किंग से अंदर ने उसके शीतनी अंश ...डेविल ..को अलग किया था ताकि डेविल किंग भारमंद में फैली बुरी सक्तियो को प्राप्त कर भारमंद में अंदर का साम्राज्य फैला सके

डेविल पूर्ण रूप से पाप का प्रतीक है उसकी बुरी दृस्टि लावण्या पुत्री पे पद गई

इस लिया समय रहते लावण्या किसी की सहायता से हम तक पहुंची थे लावण्या पुत्री की सुरक्षा करनी होगी पुत्र देव

देव ......जैसा आप कहे गुरुदेव

गुरुदेव ......अब तुम्हे पता चल चूका होगा की पिसाच किंग के चारो (4 )विकार कहा है किस रूप में है अब तुम्हे उन्हें बंदी बनाना होगा

देव ......जी गुरुदेव जैसा आप कहे

गुरुदेव ......उचित समय देख तुम्हे अपने परिवार के साथ सौपानलोक जाना होगा पुत्र तुम्हारे विवाह का समय आ चूका है

देव ......इस विषय में आप हे माँ सा आवर बाकियो से बात करो गुरुदेव

gurudev.....thik है पूर्ति तुम उन चारो विकारो से परतवि के लोगो को ाज़ार कर्जा सुरु करो मैं इस विषय पे बात करता हूँ

देव .....जो आज्ञा गुरुदेव परनाम गुरुदेव

गुरुदेव ......जाने से पूर्व वो मणि मुझे दो पुत्र जो तुम ले आये थे पिसाच किंग से

देव ......गुरुदेव वो मणि सपना ने अपना पास रखा है

गुरुदेव .....उचित है पुत्र

********************************

पिसाच किंग इस वक़्त एक बहुत बड़े कक्ष में लेता हुआ था

वही डेविल भी बैठा हुआ था

पिसाच किंग इस वक़्त शीतन लोक में अपने पिता के महल में था

डेविल देव से पिसाच किंग को बचा कर सीधा यही ले कर आया था

पिसाच किंग अभी काफी हद तब खुद को रिकवरी कर छुआ था

देव द्वारा किये उस हमले से आवर फिर आंद्रे की प्रतिमा से हुए उस विस्फोट से पिसाच किंग बहुत घायल हुआ था

डेविल पुरे गुस्से में पिसाच किंग को घर रहा था

डेविल ......मूरख पिसाच अपने आपको पिसाच किंग कहते हो आवर एक मनुष्य से हर गए

वो आत्मा मणि भी तुमने खो दी जिसमे बलि दी हुई सभी ा आत्माये कैद थे

पसाच किंग ......वो कोई सदर्न इंसान नहीं है

मैं पहले भी उसकी ऊर्जा मह्सुश की थी उसके सामने मैं तो क्या आप खुद भी नहीं टिक पते

रही बात आत्मा मणि की मैं उसे प्राप्त करता उस से पहले हे वह विस्फोट हो गया हो महामहिम की प्रतिमा नस्ट हो गई मुझे समय तक नहीं मिला आँख खुली तो खुद को यहाँ पाया

डेविल ........तुम्हारा भाई वोल्फकिंग मारा जा चूका है जब तुम उस इंसान के साथ उलझे हुए थे तब

पिसाच किंग ......जनता हूँ मैं वो आवर उसकी सम्पूर्ण सेना मर चुकी है

डेविल ......कुछ समय इन सब से दूर रहो तब तक तुम खुद को उस से मुकाबला करने के काबिल बनाओ

चाओ तो अपने पिता के पास लौट जाओ तुम्हारे पिता के हाथो मरे गए लोगो की आत्माओ पे तुम अपना अदिकार उनसे अपनी ताकत बढ़ा सकते हो

पिसाच किंग .....ठीक है मैं उनसे बात करता हूँ

कुछ वक़्त चाइये मुझे एकांत में ताकि मैं खुद को पूरी तरह ठीक कर सकू

डेविल वह से निकल गया आवर कुछ समय बाद वो एक गुप्त अंदर कक्ष में था

devil......mere मालिक मुझे माफ कीजिये पिसाच किंग ने भी हमें निराश किया है

andera......ushe डेविल किंग के पास पंहुचा दो उसे सक्तिसाली बनने दो तभी मैं उसके सरीर को दर्जन कर पाउँगा

डेविल .....माफ कीजिये महामहिम क्या मैं आपसे कुछ पूछ सकता हूँ

अंदर ......जनता हूँ तुम क्या पूछना चाहते हो यही न की मैंने डेविल किंग के सरीर को न चुन कर पिसाच किंग के सरीर को क्यों चुना है अपने लिया

डेविल .....जी महामहिम यही जानना चाहता हूँ

अंदर ....... **** ***** ***** *****

यही वजह है की मैंने पिसाच किंग को चुना न की डेविल किंग को

तुम अंश भले हे डेविल किंग के हो पैर मेरी सक्तियो से तुम्हारा किरण हुआ है इस लिया तुम डेविल किंग जैसे नहीं बल्कि मेरे जैसे हो

डेविल .....समाज गया मेरे मालिक मेरे लिया अब क्या आदेश है

अंदर .......डेविल किंग तक मेरा सन्देश पहुचाओ आवर उस से कहो अलग अलग प्रजाति से संतान उत्पन करे जो भविष्य में उसके योध में सहयोग करेगी

डेविल .....महामहिम क्या मैं आपसे कुछ मांग सकता हूँ

अंदर ......जनता हूँ तुम्हारी इच्छा सिगरा हे पूर्ण होगी मेरी पुत्री तुम्हारी बहन अपनी लम्बी निद्रा से जंगे वाली है तुम्हे उस से गंध्रव विवाह करना है

केवल तुम हे उसे संभल सकते हो

डेविल .....किन्तु वो तो मेरी बहन भी है

अंदर .......मेरे साम्राज्य में रिस्तो की कोई अहमियत नहीं यहाँ केवल एक हे रिस्ता चलता है पाप का बुराई का जिस से मुझे ताकत मिलती है शेतानो में कोई तीस्ता मायने नहीं रखता है

डेविल .....जो आघ्या महामहिम

********* ******* ******* **** ***

भारमंद के एक दूसरे आकाश गंगा में

नील गाढ़ा पे चारो तरफ तबै का मंजर नज़र आ रहा था

यहाँ पे कुछ समय पहले हुए डेविल किंग आवर नील गाढ़ा वासियो की योध से पूरा गाढ़ा उजाड़ हो चूका था

चारो तरफ टूटे फूटे घर जगह जगह सड़ते हुए सरीर

कुछ लोग योध में मरे गए नील कैट लोगो को दफ़न कर रहे थे

वही डेविल किंग सिंघासन पे बैठा अपने गुलाम साथियो से किसी विषय पे आदेश दे रहा था अचानक से डेविल किंग ने सभी को सभा ख़तम कर जाने का आदेश देता है

सब लोगो के जाने के बाद डेविल किंग अपने सिंघासन पे गुमसुम बेथ गया

डेविल किंग को पता लग गया था की उसका बीटा वोल्फकिंग किंग मारा जा चूका है

डेविल किंग अपने बेटे वोल्फकिंग के मरे जाने से दुखी हो गया था

भले डेविल किंग को कोई खाश लगाव नहीं था वुल्फ किंग से पैर बीटा था तो था उसका फिर चाहे वो कैसा भी हो

डेविल किंग ......रूद्र ये तुमने अच्छा नहीं किया मैं जनता हूँ इन सबके पीछे तुम हे हो

इंतजार करो उस समय का जब मैं लौट कर आऊंगा

डेविल किंग काफी देर तक अकेले से हे बात करता रहा

फिर उठ कर अपने कक्ष की आवर चला गया जहा कक्ष में नील कैट गाढ़ा की कुछ लड़किया पहले हे मौजूद थी

डेविल के पहुंचते हे उन्होंने डेविल किंग के कपडे उतरने सुरु कर दिए

पैर डेविल किंग ने उन्हें रोक कर बहार जाने को कहा लड़किया चुप चाप वह से निकल गई

डेविल किंग पास राखी मदिरा का सेवन करने लगा जो किसी नीले

लिक्विड जैसे थे

काफी देर तक नादिरा का सेवन करने के बाद डेविल वही बिस्तर पे लेट गया

अचानक से उठा आवर वह आवर कुछ करने लगा तभी उसके सामने शीतन लोक का चलचित्र चलने लगा

डेविल किंगने ने पुरे गाढ़ा को छान मारा

डेविल किंग .....प्रिंसेस लावण्या कहा है वो मुझे दिखाई क्यों नहीं दे रही है

एक बार फिर से डेविल किंग कोशिश करता है

पैर इस बार भी वही होता है डेविल किंग अपने महल में दृस्टि डालता है तो उसे अपना सबसे प्यारा बीटा पिसाच किंग घायल अवस्था में दीखता है

साथ हे उसके पास खड़ा डेविल भी

कुछ देर बाद डेविल वह से निकल गया

डेविल किंग जब उसका पीछा करते हुए उस अंदर कक्ष में परिवेश करता है उस से आगे का डेविल किंग देख नहीं पता है

डेविल किंग .....ये आखिर हो क्या रहा मैं अपने हे लोक में हो रही घटनाये देख नहीं प् रहा हूँ आखिर ये सब हो क्या रहा है

डेविल किंग ......लावण्या का कुछ पता नहीं चला न अब डेविल को देख प् रहा हूँ कही कोई सडयंत्र तो नहीं रचा जा रहा है मेरे खिलाफ

मुझे सबसे पहले अपने बेटे को यहाँ अपने पास बुलाना होगा आवर किसी तरह लावण्या का पता कारनामे होगा अगर वो रूद्र तक पहुंच गई तो सब कुछ नस्ट हो जायेगा

क्यों मैंने हमेशा लावण्या को अपमानित किया आज मुझे खुद पे इतना गुस्सा आ रहा है

डेविल किंग एक बार फिर कुछ करता है जिस से परतवि ग्रह बार बार नजर आ रहा था

डेविल किंग .....मतलब लावण्या परतवि लोक पे है पैर मैं उस तक पहुंच क्यों नहीं प् रहा हूँ जरूर कुछ तो है जिस से मैं अनभिज्ञ हूँ मुझे पता करना होगा आखिर मेरे पीछे से क्या क्या हुआ है

डेविल किंग अपने हाथ पे कट लगा कर कुछ बुँदे जमीं पे वीरता है कुछ हे देर में वह दुहा उतने लगा

देखते हे देखता उस दिहे ने एक प्रदर्शित परछाई का रूप ले लिया

डेविल किंग .....गुप्तचर शीतन लोक जाओ आवर पता करो मेरे जाने के बाद वह क्या क्या हुआ है

डेविल से सविधान रहना आवर मेरे बेटे को सन्देश देना मैंने उसे याद किया है

गुप्तचर .....जो आज्ञा मालिक मुझे आज्ञा दे

डेविल किंग ....जाओ आवर सावधानी स्व सब पता कर सिगरता से मुझे बताओ

गुप्तचर वह से दुहा बन कर गायब हो गया

****************************"*""*

नील यान ......( नील गाढ़ा महारानी ेश्य)

महारानी ेश्य ......मॉर्गन हमें आवर कितना समय लगेगा उस गाढ़ा पे पहुंचने में

सेनापति मॉर्गन .....महारानी जी हमने काफी लम्बी यात्रा पुराण कर ली है बस कुछ रोसनियो ( दिन ) का समय हमें आवर लगेगा

महारानी ेश्य .......पता नहीं वो डस्ट हमारी परजा के साथ कैसे कैसे हत्याचार कर रहा होगा

हम उनकी महारानी हो कर भी उनकी कोई सहायता नहीं कर सकती

हमें खुद को महारानी कहते हुए भी सरम आती है

सेनापति मॉर्गन ......महारानी जी खुद को पीड़ा पहुंचने से हमारे गाढ़ा वासियो को उस पीड़ा से मुक्ति नहीं मिलने वाली है

आप हे अगर हिमत हर गई तो युवराज नीलेस्टेर का क्या होगा वो तो अभी बालक है

महारानी ेश्य ......फिर हम क्या करे आप हे बताओ सेनापति हमारे महाराज हमारे बिच नहीं रहे हमारा लोक हमसे चीन लिया गया हमारी परजा पे वो डस्ट हत्याचार कर रहा हमें ये भी पता नहीं की जहा है उम्मीद ले कर जा रहे है वह हमारी सहायता करने योग्य कोई है भी की नहीं

सेनापति मॉर्गन .....महारानी जी हमारे हाथ में जो है हम वही कर सकते है

इसके अलावा हमारे हाथ में इस वक़्त कुछ नहीं है

महारानी ेश्य .......उचित समय रहते अगर उस डस्ट के हाथ से सम्मोहन मणि की रक्षा नहीं करते तो हम अपने गाढ़ा को वापिस पाने की आखरी की उम्मीद भी खो चुके होते

सेनापति मॉर्गन ..........जी महारानी जी बस कुछ समय आवर हमें प्रतीक्षा करनी होगी हम अपनी मंजिल के काफी नजदीक है ..........

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सेनापति मॉर्गन .....महारानी जी हमारे हाथ में जो है हम वही कर सकते है

इसके अलावा हमारे हाथ में इस वक़्त कुछ नहीं है

महारानी ेश्य .......उचित समय रहते अगर उस डस्ट के हाथ से सम्मोहन मणि की रक्षा नहीं करते तो हम अपने गाढ़ा को वापिस पाने की आखरी की उम्मीद भी खो चुके होते

सेनापति मॉर्गन ..........जी महारानी जी बस कुछ समय आवर हमें प्रतीक्षा करनी होगी हम अपनी मंजिल के काफी नजदीक है ..........

अब आगे ...........

दोपहर के बाद इस वक़्त सब अपने अपने कक्ष में विश्राम कर रहे थे

चंचल ......कोमल दी मैंने सुना की आज गुरुदेव माँ सा से हमारे विवाह की चर्चा कर रहे थे

कोमल ......तो इसमें क्या हुआ चंचल हम सबको पता है की कुछ दिन बाद हम सब का विवाह प्रिंस से होने वाला है

चंचल .....दी बात वो नहीं है बात ये की हमारे इस विवाह में प्रेम जैसा कुछ नहीं है

कोमल .......ये क्या बकवाश कर रही हो चंचल

चंचल ......सॉरी दी मेरी बात का बुरा मत मन्ना आप

पैर जो सच है वही कह रही हूँ मैं

क्या हम में से कोई भी प्रिंस के साथ प्यार भरे रोमांटिक पल बिताये है

मैं जानती हूँ जितना हम सब उनसे प्रेम करते उस से कही ज्यादा वो हमसे प्रेम करते है

कोमल .......तुम क्या चाहती हो चंचल क्या चल रहा तुम्हारे दिमाग में

चंचल ......दी मैं चाहती हूँ की प्रिंस हमारे साथ वक़्त बिताये हमसे प्यार भरी बाते करे जो हर एक लड़की की खवाहिश होती है अपने प्रेमी के साथ प्यार भरी यादे बनाये उसके प्यार को मह्सुश करे

कोमल ......चल तू मेरे साथ आज हम उनसे बात करते है

चंचल ......पहले हम सबको दिव्या दी से बात करनी चाइये वर्ण वो कब अपना चंडी अवतार दर्जन कर ले

कोमल चंचल दोनों दिव्या को ढूंढ़ते हुए सपना के कक्ष में पहुंची

कोमल ......दी आप यहाँ हो हम आपको आपके रूम में दंड रहे थे आप यहाँ हो

दिव्या ......क्या हुआ गुड़िया कुछ काम था क्या

कोमल .......दी हमें आपसे कुछ जरुरी बात करनी थी

सपना ......क्या हुआ गुड़िया सब ठीक तो है न

कमल ........है दीदी सब ठीक है बस हमें आपसे कुछ बात करनी थी चलो अच्छा है सपना दी भी यही है

दिव्या ......ऐसे क्या बात है गुड़िया

कोमल ......दी आज गुरुदेव माँ सा से हम सबके विवाह की नात कर रहे थे चंचल ने बताया मुझे

सपना ......है ये सच है गुड़िया हम 2 ,3 रोज में स्वपन लोक जाने वाले है वही हम सबका विवाह होगा क्या तुम लोग खुश नहीं हो

कोमल .....नहीं नहीं दी आप गलत सोच रही है हमारा ऐसा मतलब नहीं हम ऐसा सोच भी नहीं सकती है

उल्टा हमें तो ख़ुशी है दी की हमने जिनसे प्रेम किया हमारा उनसे हे विवाह हो रहा है

सपना .....फिर किस बारे में बात करनी है

चंचल ......दी मैं बिताती हूँ

आपको

दिव्या .....अब तुम्हारे दिमाग में क्या चल रहा है

कोमल ......दी उसकी बात तो सुनो

वो जो कह रही है वो गलत नहीं है

सपना ......चंचल गुड़िया जो कहना है साफ साफ कहो

चंचल .......दी हमारा विवाह प्रिंस से हो रहा ये बहुत हे ख़ुशी की बात है पैर क्या ाको नहीं लगता हमें अपने प्यार के साथ कुछ लम्हे अकेले में बिताना चाइये

उनके साथ कुछ एकांत में उनके साथ प्यार कर उस प्यार को मह्सुश करना यही मैं चाहती हूँ

सपना ......बात तो तुम्हारी बिलकुल उचित है प्रेम में जब तक रोमांस न हो छेद चढ़ न हो आज के वक़्त में तो ऐसा लगता है जैसे कुछ ादुरा सा है

दिव्या ......पैर प्रिंस को तो वक़्त हे कहा मिलता है

मैं भी चाहती हूँ की उनकी साथ एकांत में उनकी बहो में वक़्त बिताना

सपना ......फिर सोच क्या रही हो जब भी वक़्त मिले आप अपने अपने हिस्से का प्रेम प् सकती हो ये अदिकार है तुम्हारा

बस खुद पे नियंत्रण रखना ऐसा कुछ भी न करना जो विवाह से पहले आज कल के लड़के लड़किया करते है

कोमल .....मतलब दी

चंचल .....अरे दी सपना दीदी का कहना है की एकांत में हम बहक कर प्रिंस के साथ विवाह से पहले अपना कौमार्य भांग न कर दे

दिव्या ......तुम्हे बहुत पता है इन सब का

सपना ......बिलकुल ठीक कहा चंचल गुड़िया ने मेरा यही मतलब तुम सब कैसे भी मस्ती करो पैर इस बात का ख्याल रखना जो चंचल ने कहा

प्रिंस सामने से पहल नहीं करेगा तुम्हे हे अपने प्रिंस के साथ आगे भड़ना होगा

चंचल ......थैंक्स दी ी प्रॉमिस हम ऐसा कुछ भी गलत नहीं करेंगे बस हम प्रिंस के साथ अपने प्यार को महसूस कर्जा चाहते बर्फ गफ की तरह

चंचल वह से उठ कर जाने लगी

दिव्या .....क्या हुआ कहा जा रही हो गुड़िया

चंचल ......अपने प्रिंस के पास दी आवर कहा

दिव्या ......अभी वो आराम कर रहे उन्हें आराम करने दो

चंचल ......मैं भी आराम करने हे जा रही हूँ दी bye

चंचल तेजी से वह से निकल जाती है

सपना .....जाने दे दिव्या गुड़िया वो नटखट जरूर है पैर अपनी मर्यादा जानती है वो कुछ गलत नहीं करेगी न अपनी मर्यादा लगेगी

चंचल वह से निकल कर सीधा देव के रूम में पहुंची जहा देव वीर के साथ किसी विषय पे बात कर रहा था

चलनच .......वीर तुम्हे दिव्या दी ने बुलाया है सपना दीदी के कक्ष में

वीर .......क्या हुआ दी ने मुझे क्यों बुलाया है

चंचल .....मुझे पता नहीं वो बहुत गुस्से में है तुम्हे फ़ौरन बुलाया है

वीर .....लगता है मेरी समेत आने वाली है मैं चलता हूँ भाई सा बाद में बात करता हूँ आपसे

देव ....अरे रुक तो सही वीर

वीर ......सॉरी भाई सा

वीर वह से निकल जाता है बिना देव की बात सुने

देव .......आपने झूट क्यों बोलै वीर से

चंचल ......कैसे प्रेमी है आप आपकी प्रेमिका आपके सामने है आवर आप है की मुझपे ध्यान देने की बजाय वीर में इंट्रेस्ट दिखा रहे हो

देव ......मुझे लगता है आज आपके इरादे नेक नहीं है

चंचल आगे भाड़ देव के रूम को लॉक कर देव की गॉड में आ बैठी

चंचल .......आपको जो सोचना है आप सोचिये मुझे जो कर्मा है वो मैं करती हूँ

देव ......संभल कर कही ऐसा न हो आपका देव आप पे हे उल्टा पद जाये

चंचल ......आपको तो रोमांस कर्जा आता नहीं किसी को तो आपको रोमांस करना शिखना पड़ेगा न

चंचल देव को बीएड पे पीछे की आवर धकेल कर देव के सीने पे लेट जाती है

देव .....क्या सच में आप ये समझती है की मुझे प्यार कारनामे नहीं आता है

चंचल .......आपको सब पता है सब आता है

फिर भी आप अपनी प्रेमिका को समय क्यों नहीं देते है

आपको पता है प्रिंस हर लड़की चाहे फिर वो कोई भी हो उसकी यही खवाहिश होती है की वो अपने प्रेमी की बहो में सुकून भरे पल बिताये

अपने प्रेमी के प्यार के मह्सुश करे वो छोटी छोटी प्यार भरी नोक जोक लड़ना झगड़ना उन सब लम्हो को अपनी सुनहरी यादो को मैं भी मह्सुश कारनामे चाहती हूँ प्रिंस

देव चंचल के मासूम से चेहरे को अपने हाथो में थम कर प्यार भरी नजरो से निहारने लगता है

चंचल .....ऐसा क्या देख रहे हो प्रिंस

देव .......देख रहा हूँ इस खूबसूरत चेहरे के पीछे छुपी उस सरारती चंचल को जो हमेशा अपनी सररतो से सबको हसती राखी है

आज उसकी आँखों में ख़ामोशी क्यों है

चंचल ......इस ख़ामोशी को आपके प्यार से मिटा दीजिये प्रिंस

चंचल अपनी खूबसूरत होंटो को आगे बढ़ा देव के होंटो पे रख अपने आँखे बाद कर लेती है

देव कुछ पल चंचल को ऐसे हे निहारता है फिर डेरी डेरी देव चंचल को किश करने लगता

देव का एक हाथ चंचल की मुलायम कोमल कमर पे था तो दूसरा पीठ से होते हुए चंचल की गर्दन पे

कुछ देर बाद चंचल ने अपनी जुबान देव के मुँह में पुस कर दी देव प्यार से चंचल की जुबान से अपनी जुबान लड़ते हुए चूसने लगा

चंचल ने अपने हाथ से देव के हाथ को थम कर अपनी बैक पे रख देती है

देव अपना हाथ वह से हटा देता है पैर चंचल फिर से वही करती आवर देव के होंटो को थोड़ा काश कर अपने दांतो से काट देती है

देव ....अह्ह्ह जंगल बोली कही की क्या किया आपने

चंचल अपनी सांसो को काबू करते हुई

चंचल ......फिर जो मैं कर रही हूँ वो करते क्यों नहीं

देव .......क्या ये ठीक रहेगा चंचल

चंचल .....मुझे पता है क्या कर न है कहा रुकना है समजे आप अब आप वही करेंगे जो मैं कृ

देव .....चंचल को पलट कर अपने निचे कर लेता है आवर फिर से किश करने लगता है कुछ देर बार चंचल देव का हाथ थम अपने अनछुई चूचियों पे रख देती है एक पल के लिया तो देव आवर चंचल की पूरी बॉडी में करंट दौड़ जाता है

देव ाहिष्ता ाहिष्ता चंचल की दोनों चूचियों को बहुत हलके हाथो से सहलाने लगता है साथ हे किश भी चालू रखता है

चंचल जिसके लिया ये सब कुछ नई था उसकी 21 साल की जवानी में पहली बार ये रोमांचक पल मह्सुश किया था चंचल ने

कुछ देर बाद जब चंचल का सरीर कपङे लगा तो देव ने चंचल को पलट कर अपने सीने पे सुला लिया

आवर प्यार से चंचल के सर पे हाथ फिरने लगा

कुछ 2,3 मिनट्स बाद चंचल नार्मल हुई

देव .....आप ठीक है न चंचल

चंचल ......मैं थूक हूँ थैंक्स प्रिंस

देव .....इतस ok अब आप रेस्ट कीजिये

चंचल देव के दोनों फलो पे किश करके देव को काश कर सीने पे लेट गई कुछ देर बाद दोनों हे सो गए ......

वीर जब दिव्या के पास पंहुचा तो थोड़ा हड़बड़ाया हुआ था

वीर .......सॉरी दिव्या दी

दिव्या ......क्या हुआ वीर तुम इस तरह दर क्यों रहे हो आवर सॉरी क्यों बोल रहे हो

वीर .......आप मुझपे क्यों गुस्सा है दी मैंने क्या किया जय

दिव्या ......मैं भला तुमसे क्यों गुस्सा होउंगी

वीर .....पैर चंचल दी ने तो कहा की अपने मुझे बुलाया है आवर आप गुस्से में है

दिव्या .....क्या उसने ऐसा कहा तुम थे कहा जब उसने तुमसे ऐसा कहा

वीर .....वो देव भाई सा के साथ था उनके कक्ष में

दिव्या ....क्या

वीर ......सॉरी मेरा मतलब प्रिंस भाई सा के साथ था

दिव्या .....ये चंचल बहुत चलाओ है उसने तुम्हे यहाँ बाघा दिया

वीर ....क्या मतलब दी

सपना .......आपके भाई सा न आपसे कुछ काम के बारे में बात की थे न आप पहले वो कर को

वीर .....ठीक है भाबी सा मैं चलता हूँ

वीर के जाने के बाद

दिव्या ......ये चंचल तो बहुत चालक निकली वीर को वह से हटाने के लिया मुझे हे उसे कर लिया आने दो उसे

सपना ......जाने दो उसको वो जानती थे की वीर आपके नाम से हे वह से फ़ौरन निकलेगा इस लिया उसने ऐसा किया

दिव्या .......ठीक है दीदी आप कहती हो तो जाने देती है

वह से निकल कर वीर मायावी लोक में पंहुचा

वीर .......मुंबई जाने से पहले क्यों न कुछ देर अपनी शक्तियों को जानने के लिया ध्यान कर लूँ आवर कुछ अभ्यस्त भी ताकि बिना किसी सकती प्रयोग किये

भाई सा का कार्य पूरा कर सकू

वीर महल से निकल कर बहार जा ध्यान करने लगा कफ देर बाद वीर अपना से बहार निकला

वीर ......अब ाचा लग रहा है

सेविका .......वीर जी आपको कुछ चाइये क्या

वीर .....नहीं मुझे कुछ नहीं चाइये क्या आप मेरे साथ योध अभ्यास करेंगे

सेविका .......किन्तु मैं कैसे मैं एक सेविका हूँ

वीर .....मेरी नजर में आप सेविका नहीं है

सेविका ......ठीक है वीर जी जैसा आप कहे

वीर आवर सेविका काफी वक़्त तक एक दूसरे के साथ अभ्यास करते है

सेविका ......आप बहुत सक्तिसाली है अपने नाम के अनुसार

वीर .....सुक्रिया अब मैं चलता हूँ फिर मिलेंगे

वीर वह से मुंबई के लिया निकल गया

मुंबई में तांडव मचने के लिया ..........

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सेविका .......वीर जी आपको कुछ चाइये क्या

वीर .....नहीं मुझे कुछ नहीं चाइये क्या आप मेरे साथ योध अभ्यास करेंगे

सेविका .......किन्तु मैं कैसे मैं एक सेविका हूँ

वीर .....मेरी नजर में आप सेविका नहीं है

सेविका ......ठीक है वीर जी जैसा आप कहे

वीर आवर सेविका काफी वक़्त तक एक दूसरे के साथ अभ्यास करते है

सेविका ......आप बहुत सक्तिसाली है अपने नाम के अनुसार

वीर .....सुक्रिया अब मैं चलता हूँ फिर मिलेंगे

वीर वह से मुंबई के लिया निकल गया

मुंबई में तांडव मचने के लिया ..........

अब आगे ..........

मुंबई मायानगरी सपनो का सहर जैसा ये बहार से खूबसूरत है उतना हे अंदर से खतरनाक है

यहाँ बहुत से छोटे चोट गैंग्स है जिनके बिच आये दिन खून खराबा होता रहता है

मुंबई पे अभी जिस गैंग का राज है वो है 2 भाइयो की गैंग .....खान बरोथेर. ...इस नाम से यहाँ हर वो गलत गन्दा डांढ़ा होता है

सेक्स .रैकेट .ड्रग्स मर्डर रपे चोरी चकोरी किडनैपिंग हवाला आतंकियों को सपोर्ट करना

एक वर्ड में कहा जाये तो खान बरोथेर पूरी मुंबई पे राज करते है

जिनको यहाँ के कुछ मंत्रियो का भी सपोर्ट है

खान भाई

बड़ा भाई सराफत अली खान 6,2 फिट दिखने में जैसे कोई

पठान हो

छोटा भाई जब्बार अली खान हिघ्त 6 फिट

त्रिकाल के गायब होने के बाद कुछ समय मुंबई में कोई मफ्फिए कोई डॉन नहीं था

क्युकी ज्यादातर राणा जी दिलावर आवर विजय राणा के हाथो सहीद हो चुके थे

बचे कूचे गुंडों ने अपनी जान बचने के लिया अंडरग्राउंड होना हे बेहतर समजा

पैर कुछ समय बाद अलग अलग ग्रुप जो पहले छोटे मोठे गुंडे हुआ करते थे

उन्होंने अपनी अपनी गैंग्स बनानी सुरु कर

इन गैंग्स में सराफत अली खान आवर ज़ब्बार ने मिल कर छोटी छोटी गैंग्स को शामिल कर अपनी गैंग को बड़ी गैंग बना कर दोनों भाई राजनैतिक सपोर्ट से जल्द हे मुंबई के डॉन बन बैठे

आज मुंबई के हर क्राइम या क्रिमनल के पीछे कही न कही इनका लिंक होता है

वीर ......तो ये है मायानगरी मुंबई देखने से तो बहुत अच्छा माहौल है

अब भाई सा ने कहा है तो अपना तांडव तो दिखाना हे होगा ऊपर से लिमिटेड पावर हे उसे कर सकता हूँ

जो किसी के सामने न आये

वीर एक टेक्सी पकड़ स्लैम एरिया की तरफ निकल गया

क्यूमि ज्यादातर गुंडे लवली स्लैम एरिया से हे आते है

कुछ 40 मिनट्स बाद टेक्सी एक एरिया में रुकी

ड्राइवर .....है गई आपकी मंजिल यहाँ एरिया है जहा आपको हर गुंडा मावली मिल जायेगा

वीर ....ये लो 50000 हज़ार है जब तक मेरा काम नहीं होता तुम्हारी टेक्सी परमानेंट बुक है समजे

ड्राइवर .....थैंक यू साहब

वीर ......ज्यादा खुश न हो तुम्हारे पास यहाँ को जितनी भी जानकारी है मुझे सब चाइये की कोनसी गैंग क्या काम करती है आवर कहा रहती है

ड्राइवर ......सॉरी साहब मुझे मरना नहीं है आवर आप क्यों इनकी जानकारी ले रहे हो कोण हो आप

वीर ......don't वोर्री मरेगा नहीं कफ ठीक से किया तो मुँह मांगी कीमत मिलिगी

ड्राइवर ......ठीक है मैं अभी पता करता हूँ

वीर वह से उस बस्ती की आवर भाड़ गया काफी देर गुमने के बाद वीर वापिस लौट आया

ड्राइवर ....साहब आपके लिए एक खाश जानकारी है

वीर .....ऐसे क्या खाश जानकारी है

ड्राइवर .....मुझे खुश याद नहीं आ रहा है

वीर ......ज्यादा मुँह खोला न तो यही जिन्दा गाड़ दूंगा बोलै ला न तुम्हे कीमत मिल जाएगी जितना तुमने सोचा भी नहीं होगा

ड्राइवर .....साहब मैंने पता किया आज एक होटल में बहुत बड़ी मीटिंग हो रही है जिसमे सब गैंग्स के लीडर मौजूद होने वाले है

वीर .....ऐसा क्या खाश मुदा है जो सब लीडर्स एकता हो रहे है

ड्राइवर .....ये तो मुझे पता नहीं है

वीर ......तो पता कर न इंतजार किसका कर रहा चल ुशी होटल में मुझे ले कर चल

ड्राइवर टेक्सी उस होटल की तरफ बढ़ा देता है

ड्राइवर .....साहब एक बात बताओ आप इन जैसे लोगो की जानकारी क्यों ले रहे हो ये अच्छे लोग नहीं है

वीर .....वो सब छोड़ आवर ये बता यहाँ मुंबई में पिछले कुछ टाइम से कुछ भी अजीब घटनाये हुए है क्या

ड्राइवर .....ऐसा तो कुछ नहीं हुआ है पैर एक बात अजीब हुई कुछ दिन से बहुत से लोगो का किडनैप होता है पैर दूसरे हे दिन बिना किसी को कोई नुकसान पहुचाये उन्हें आपसब छोड़ दिया जाता है

उसके बाद से हे पता नहीं वो अजीब अजीब हरकते करने लगते है

वीर .....उनमे से तुम किसी को जानते हो क्या जो ये अजीब अजीब हरकते करता है आवर उसका किडनैप हुआ हो पहले जैसे तुममे बताया

ड्राइवर .....है उम्मे से 2 को मैं जनता हूँ बिचारे भले लोग है मेरे साथ हे टेक्सी चलते है

वीर ......ठीक है फिर होटल बाद में चलना पहले वही चलते है

ड्राइवर .....क्या आप पुलिस वाले हो

वीर .....है ऐसा हे कुछ समाज लो

ड्राइवर टेक्सी को दूसरी तरफ गुमा देता है

कुछ देर बाद टेक्सी एक पुराणी चाल ( अपार्टमेंट ) के सामने रूकती है

ड्राइवर .....यही है उन दोनों का रूम

ड्राइवर वीर को साथ ले उनके रूम पे पंहुचा जहा उनको बंद कर रखा था रसियो से

वीर को कुछ अजीब से ऊर्जा का अहसास हुआ

वीर .....आप लोगो ने इन्हे ऐसे बांड क्यों रखा है

ड्राइवर ......क्युकी ये कभी भी किसी पे भी हम्म करने लगते है खुद को नुकशान पहुंचते है

वीर ने बहुत कोशिश की उनसे बात करने की पैर उनको तो जैसे किसी बात का आभाष तक नहीं हुआ कभी हसने लगते कभी गुस्से में रसियो को तोड़ने की कोशिस करते

वीर .....चलो यहाँ से

ड्राइवर वीर को होटल छोड़ वह से निकल गया

वीर वह से गायब हो महल पंहुचा

देव ......क्या हुआ वीर कुछ पता चला उनका

वीर ......पता नहीं जो मैंने पता किया वो उन से जुड़ा हुआ है या फिर ये कोई आवर मामला है

वीर देव को उन दोनों टेक्सी ड्राइवर से मिलने आवर उसे वह जो भी महसूस हुआ वो सब बताता है

देव .....हम्म मतलब ये काम माया का है वो दोनों माया के मायाजाल में फर्श चुके है

वीर .....मुझे भी यही लगा

देव .....ok अभी खाना खाने का वक़्त हो गया है

बाद में चले जाना मैं भी चलता हूँ आज रात उन 4 में से किसी एक का तो खेल ख़तम करना होगा

वीर .....भाई सा आप चाहते तो ये सब जानकारी आप एक पल में जूता लेते फिर आपने मुझे वह क्यों भेजा ये मुझे समाज नहीं आ रहा है आवर आपने मुझे सकती प्रयोग करने से क्यों रोका

देव ......वीर करने तो तो मैं एक मिनट्स में मुंबई से सभी गुंडों का सफाया कर देता पैर क्या वो ठीक होता

हमें जो सक्रिय प्राप्त हुई है वो आम इंसानो पे प्रयोग करने के लिया नहीं मिली है इनका प्रयोग हम उन्ही पे कर सकते है जो सुपरनैचरल पावर से बुराई फैलाते है निर्दोषो को हानि पहुंचते है

जब तक हम खुद अपनी समता से कोई भी कार्य कर सकते है उसके लिया अपनी सक्तियो का गलत प्रयोग कारनामे नियति के विरुद्ध है

वीर .....फिर जो डेविल टीम हो वो ऐसा क्यों करती है

देव .....गलत बात वीर न रुद्राक्ष किसी आम इंसान पे अपनी सकती का प्रयोग करता है आवर न अलीना ालिस सिंह

उनकी जो शारीरिक समता है कृषि का प्रयोग करते है वो लोग ये अलग बात है की उनकी शारीरिक समता काफी ज्यादा है इंसानो से

वीर ......समाज गया भाई सा आवर मैं भी ख्याल रखूँगा इस बात का

देव .....चलो जाओ तुम्हे तुम्हारी वेदिका दंड रही है कब से

वीर चुप चाप वह से निकल लेता है

सोना ......प्रिंस आपको गुरुदेव ने बुलाया है अभी

देव .....ok तुम चलो मैं आता हूँ

देव वह से गुरुदेव के पास पंहुचा

देव ....परनाम बाबा आपने बुलाया मुझे

गुरुदेव .....आओ देव बीटा यहाँ बैठो मेरे पास

देव. वही निचे बेथ जाता है

गुरुदेव ......उन चारो में से किसी का पता चला की वो कहा है

देव .....जी बाबा उनमे से एक मेरे ख्याल से माया मुंबई में है

gurudev.......samay काम है तुम्हे उनको शीघ्र हे रोकना होगा

जल्द से जल्द उन्हें कैद करो ताकि तुम अपने परिवार के साथ स्वपन लोक जा सको

देव .....जी गुरुदेव आज रात मैं उनका पता करता हूँ

गुरुदेव ......कल सुबह घरमा मुहूर्त में तुम्हे मेरे साथ कही चलना है

देव ......जी गुरुदेव जैसा आप कहो

गुरुदेव ......आवर एक बात देव अब मुझे कुछ समय के लिया कही जाना होगा तो अपनी गुरुमाता का ख्याल भी तुम्हे हे रखना होगा

देव .......क्या हुआ गुरुदेव आप कहा जा रहे है जबकि मेरा विवाह का समय नजदीकी है

गुरुदेव ......तुम्हारे विवाह में मैं उपस्थित रहूँगा पुत्र ये कार्य जरुरी है अनन्यता तुम्हे अपना दरम पुत्र मन है तुम्हारे विवाह की हर विधि में मैं तुम्हारे साथ होता चिंता न करो मैं सिगरा हे कार्य सम्पन कर लौट आऊंगा

देव .....जी बाबा जैसा आपको थीम लगे किन्तु याद रहे बाबा आप विवाह में नहीं आये तो मैं विवाह भी नहीं करूँगा

गुरुदेव ......ठीक है मैं समय से पूर्व हे लौट आऊंगा अब तुम जाओ आवर अपनी तयारी करो

उनके सामना करने से पहले अपनी इन्द्रियों को जागृत कर लेना पुत्र ये जो 4 अवगुण है ये मनुष्यो की इन्द्रियों को प्रभावित करते है

देव ....जी गुरुदेव आज्ञा दे परनाम गुरुदेव

गुरुदेव ....कल्याण हो पुत्र देव

मुंबई ......

इस वक़्त रात के 10 बजे थे देव आवर वीर दोनों कृषि होटल की छठ पे खड़े थे

देव .......वीर तुम्हारा समय हो गया है

अपने कार्य पे लग जाओ सुबह तक इन सबको इनके किये पापो का दंड मिल जाना चाइये

साथ में मैसेज भी छोड़ देना

वीर .....जी भाई सा किन्तु की शी जिन्दा छोड़ न है किसी जान स्व मरना है ये कैसे ....

देव ........तुम अपनी मंद पावर उसे कर सकते हो

veer.....aapka मतलब मैं इनके दिमाग को पढ़ कर उनको उनके किये की सजा दूँ

देव .......है तुम ऐसा कर सकते हो

अब मैं चलता हूँ

कुछ भी जरूरत हो तो सपना को याद कर न मुझे वक़्त लग सकता है

वीर....... ठीक है भाई सा

देव वह से गायब हो उन दोनों टेक्सी ड्राइवर के घर पंहुचा देव इस वक़्त अपनी डेविल प्रिंस रूप में था

देव को वह देख ड्राइवर की लड़की चीख उठी लड़की की आवाज सुन बहार से रूम एक 40 साल की महिला भागते हुए आती है

महिला .......क्या हुआ बेटी तुम्हे तुम चीखी क्यों

लड़की देव की तरफ इसरत करती है

देव को देखते हे महिला दर जाती है क्युकी देव पुरे ब्लैक कपड़ो में रखा हुआ था

देव .....गैब्रो नहीं मैं यहाँ किसी को नुकसान पहुंचने नहीं आया हूँ

संत हो कर मेरी बात ध्यान से सुनिए

महिला ......हमें कुछ मत कीजिये हमारे पास कुछ नहीं है

देव ......चुप बिलकुल चुप

लड़की आवर महिला बिलकुल खामोशी हो जाती है

देव .....जब तक बोलने को न कहु बोलना नहीं कोई आवाज नहीं

अब मेरी बात ध्यान से सुनो मैं यहाँ कुछ लेने या किसी को मरने नहीं आया हूँ मैं यहाँ आपके पति की मदद करने आया हूँ मुझे पता है उनके साथ क्या हुआ है मैं उन्हें ठीक कर सकता हूँ अब आप बोल सकती है

लड़की .....क्या तुम सच कह रहे हो मेरे बाबा ठीक हो जायेंगे

महिला .....तुम हो कोण

देव .....मेरा नाम डेविल प्रिंस है आप मुझे प्रिंस कह सकती है

महिला .....क्या तुम सच में उन्हें ठीक कर सकते हो बीटा

देव .....आपने मुझे बीटा कहा है तो यकीं कीजिये केवल आपके पति की हालत ऐसे नहीं हुई है मुंबई में बहुत से लोग है जो कुछ दिनों से ऐसा कर रहे है

महिला .......हमारे जीने की उम्मीद यही है बीटा उन्हें कुछ हो गया तो हम दोनों माँ बेटी का कोई भी नहीं है इस दुनिया में

देव ......आप चिंता न करे कल सुबह तक ये सब ठीक हो जायेंगे मुझे इनको सुबह तक अपने साथ रखना होगा

कुछ देर देव उन्हें समजता है जब वो देव की बात नहीं मानते है तो मजबूरन देव को अपनी सकती का प्रयोग कर उन्हें उन्हें सुला देता है

देव दोनों ड्रिवेरों को वह से गायब कर नई उन्हें मुंबई के बहार ले कर पंहुचा एक खली मैदान में

मैदान के चारो तरफ सुरक्षा घेराव बना कर देव

ध्यान करने लगता है अभी भी दोनों ड्राइवर देव के सामने बेहोश पड़े हुए थे

डेरी डेरी देव ध्यान के माध्यम से उन से जुड़ कर दोनों के दिमाग में गुस्स जाता है

देव ......मुझे केवल इस मायाजाल को रचाने वाले उस अंश तक पहुंचना है जिस से मुझे उसके मालिक तक पहुंचने में सहायता होगी

देव ध्यान में लीं उस माया सकती को ढूंढ़ने लगा

ीदार वीर अपने भेष बड़ा रुद्रांश जैसा डेविल प्रिंस बन

उन गुंडों के बिच जा पंहुचा

वीर .....बहुत कर लिया तुम लोगो ने मुंबई पे राज अब तुम लोगो के दिन गए

अब होगा मौत का तांडव

जब्बार खान ......कोण हो तुम आवर तुम्हे अंदर किसने आने दिया

वीर ......डेविल प्रिंस को भला कोण रोक पाया है

जब्बार .....देख क्या रहे हो भून डालो इसको

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वीर ......क्या सच में तुम्हे ऐसा लगता है की तुम्हारी ये गोलियां मुझे छू भी पायेगी मरना तो दूर की बात है

वीर बात करते हुए उन सबके दिमाग में गुस्स कर उनकी बिरि हुई जिंदगी उनकी किये सभी अच्छे बुरे करम देख रहा था

वीर .....तुम सबका टाइम ख़तम

जब्बार तुम्हारे भाई को तुम्हारे लाश गिफ्ट करुगा जैसे तुम अपने दुश्मनो को मरने के बाद करते हो

सब गुंडे अपनी अपनी गन का मुँह वीर पे खोल देते है

वीर आसरम से गोलियों को सामना करते हुए जब्बार को एक हे वार में ऊपर से निचे तक चिर देता है

बीचो बिच से होते हुए रीद की हदी को इतने सफाई से कटा की जब्बार दोनों ांडे भी दोनों तरफ बराबर बराबर बात गए

वीर .....इस डेविल प्रिंस की स्टाइल थोड़ी अलग है जरा हटके

वीर अपने सोर्ड वापिस पीठ पे लगी मयान में दाल कर हाथो से गुंडों की ढुलाई करने लगा

जहा भी वीर का हाथ पड़ता वह कड़क कड़क की आवाज आती हड़िया टूटने की

जो हिट लिस्ट में थे उन सबके सीने में हाथ दाल कर वीर उनका दिल हे नक़ल लेता

चारो तरफ चीख पुकार मची हुई थी कुछ तो अपने खुदा कक बागवान को याद कर रहे थे 2 ,3 गुंडों ने तो इस दर्दभरी मौत से बचने के लिया खिड़की से छलांग लगा दी

अगले 15 मिनट्स वीर हिट लिस्ट वालो को ऊपर पंहुचा चूका था

बाकि जो 8 ,10 थे उनके हाथ पेअर गौड़ कर उन्हें जिंदगी भर के लिया अपाहिज कर रेंगने वाले कीड़ो से भी बदतर जिंदगी जीने के लिया छोड़ दिया

इन सब में एक ऐसा भी था जो बस चुप चाप चेयर पे बैठा हुआ था

वीर .....अरे अर्जुन सर अब तो उठ जाये आवर इन जब्बार मिया को गिफ्ट भी तो करना है डॉन मिया सराफत अली खान को

( अंडरकवर पुलिस अफसर अर्जुन सिंह )

अर्जुन अपने चारो तरफ देखता है चारो तरफ वीर द्वारा किया नरसंघार को देख उसकी सखी खौफ से फटी की फटी रह गई

अर्जुन ......कोण कोण. हो तुम इन लोगो को तुमने मारा है

वीर ........नाम तो सुना हे होगा हम है डेविल प्रिंस

अर्जुन ......रुस्सियन मफ्फिए डेविल प्रिंस

वीर .....मतलब पहचानते हो

वैसे भी तुम 1 साल से इनका कुछ बिगड़ तो पाए नहीं उल्टा तुम्हे भी मासूमो के खून से अपने हाथ रंगने पड़े अब इसको इसके भाई को मेरु तरफ से गिफ्ट के रूप में भिजवा दो तब तक मैं बाकि इनके जैसे कीड़ो को जहनुम पहुँचता हूँ ये लो ये सन्देश लाश के साथ सराफत खान को भिजवा देना

आवर है इसको ले कर तुम मत जाना नहीं तो सराफत मिया तुम पे कोई सराफत नहीं दिखायेगा सीधा गोली भेजे में मरेगा

अपने डी .ी .ग को सन्देश दे देता कल सुबह 10 बजे पुलिस हेडक्वार्टर में मेरा इंतजार करे बाकि पुलिस फाॅर्स के साथ

वीर इतना कह कर वह से गायब हो गया

गोलियों की आवाज सुन वह पुलिस ने चारो तरफ से होटल को घेर लिया था

पैर वीर तो वह से निकल चूका था

वीर रात भर अलग अलग जगह गुंडों को मरता रहा उनकी हड़िया तोड़ता रहा

उनके पास नगद में जो कुछ भी ता जैसा पैसा गोल्ड सिल्वर डॉलर्स इन सबको को मायावी लोक में पहुँचता रहा साथ हे साथ बाकि सब अड्डों को तहस बहस करता रहा जहा ड्रग्स मिलता उनको जला देता

वेश्यावर्ती के लिया जबरदस्ती ले गई लड़कियों को आज़ाद करवा उनको एक सुरक्षित स्थान पे पंहुचा कर

लास्ट में वीर सराफत अली खान की तरफ अपना रुख किया

अर्जुन उस होटल में हुए नरसंघार की जानकारी अपने आला अदिकारियों को दी आवर साथ में वीर का सन्देश भी दे दिया

अर्जुन ने जब्बार की बॉडी को ताबूत में बंद कर एम्बुलेंस में डलवा कर सराफत अली खान के घर की तरफ रवाना कर वह से अंडरग्राउंड हो गया क्युकी उसे पता था की अगर वो सराफत अली के हाथे चढ़ा तो जिन्दा नहीं बचेगा

सराफत अली को ुशी वक़्त खबर मिल चुकी थी की जहा होटल मीटिंग राखी थी वह गोलिया चली

सराफत अली टेंसन में अपने हे बंगले में ीदार से उदार घूमते हुए सिगार पे सिगार फंक रहा था

कुछ 1 हर बाद उसके बंगले के सामने एम्बुलेंस आ कर रूकती है

सराफत अली अपने आदमियों को बोल वो ताबूत निकलवाता है

सराफत अली खान .....मेरा मुँह क्या देख रहे हो जल्दी से खोलो इसे मेरा जब्बार न हो इसमें

जैसे ताबूत खोलते है आवर कपडा हटा कर चेहरा देखते है तो सराफत अली खान के मुँह से चिक निकल जाती है

क्युकी जब्बार की सकल हे दो हिस्सों में बाटी बहुत भयानक लग रही थे

एक गुंडा आगे भाड़ कर पूरा कपडा हटा कर देखता

इस बार बाकि सबकी चिक निकल गयी सराफत अली तो ददम से जमीं पे गिरा

कही गुंडे तो उलटी पे उलटी करने लगे

तभी सराफत खान को एक कागज दिखा

सराफत खान .....वो लागल निकालो वह से

सराफत खान की दहाड़ सुन एक गुंडा जल्दी से वो लागल निकल कर सराफत खान को देता है

.......मुंबई के डॉन मिया सराफत अली खान को डेविल प्रिंस का आदाब अर्ज है

हमारा तोहफा तो पसंद आया होगा सराफत मिया चिंता नहीं करो मिया तुम्हे हम जयादा तकलीफ नहीं देंगे कुछ देर बाद हम खुद तुमसे मिलने तुम्हारे आरामगाह पे तसरीफ ला रहे है

उम्मीद है स्वागत बड़े दम धाम से करोगे हमारा अपने बाकू भाई बांधो हो भी बुला लो जैम कर दवात का लुत्फ़ लेंगे

तुम्हारा प्यारा दुसमन

........ डेविल प्रिंस ......

अराफात अली ख़म गुस्से में उस कागज को फाड् कर फख्ता है

सराफत ालिक khan.....devil ये तुमने अच्छा नहीं किया मेरी बात सुनो सब कान खोल कर जो भी मुझे इस डेविल का सर ला कर देगा उसे कोई भी मनचला एक डंडा सोंफ दूंगा

अपने सभी आदमियों को बुलाओ वो यहाँ आ रहा है

वो यहाँ से जिन्दा बच कर नहीं जाना चाइये

गोडौन्स से हथियारों का पूरा जखीरा निकालो उसके सीने में इतना लोहा भर देने की उसकी रूह भी चलनी चलनी हो जाये

लगभग 3 हर बाद वीर सराफत खान के बगुले के सामने खड़ा था

चारो तरफ छपे छपे पे गुंडे मसिणगुण लिया खड़े थे

वीर अपनी आँखे बंद कर एक एक करके सबके मंद में जखने लगा

लास्ट में सराफत अली खान की हिस्ट्री जन्मे के बाद

वीर अपनी तलवार ले कर आगे बढ़ा

जैसे वीर ने बगुले में एंट्री ली अंडा दंड गोलियों की बरसात सुरु हो गई

वीर .....इनसे गोलियों से कोई नुकसान तो नहीं हो रहा है पैर इनकी वजह से मैं ठीक से लड़ भी नहीं प् रहा हूँ

एक काम करता हूँ इनका मंद कण्ट्रोल कर एक दूसरे को hi ख़तम करवा देता हूँ

वीर अपनी मंद पावर उसे कर सबको एक दूसरे का दुसमन बम दिया

बिना किसी परेशानी के वीर सराफत अली खान के सामने जा खड़ा हुआ जहा वो अपनी भाई के लाश के सामने सिगार आवर सरब पि रहा था

वीर ......सराफत मिया कैसे हो दिल खुश कर दिया तूने तो इतने जबरदस्त तरीके से स्वागत करके

सराफत अली खान वीर पे पूरी मसिणगुण खली कर देता है

वीर .....इस से तुम इंसानो को मार सकते हो डेविल प्रिंस को नहीं

तुम्हे अपने भाई से बहुत प्यार है न

चल तुझे भी वही पंहुचा देता हूँ

वीर आगे भाड़ सराफत खान का पहले लेफ्ट हाथ कंडे से उखाड़ ता है फिर राइट हाथ उखाड़ा ता है

सराफत खान ....मुझे माफ कर दो मेरी जान बक्श दो डेविल प्रिंस

वीर .....याद कर अपने गुनाह कितनी लड़कियों को तुम दोनों भाइये ने उनकी इजात लूट कर मारा था कितनी हे लड़कियों को उनके परिवार से दूर कर वेश्या बना कर कोठे पे बैठा दिया

यहाँ तक की अपनी सभी बहन को भी तुम दोनों ने रंडी बना दिया ठु है सेल हिंजड़े जिस भाई को अपनी बहन की ेजात आबरू बचनु चाइये थे उसने हे लोगो के सामने उसे परोक्ष दिया हर रोज गट गट कर मरने को

ये सब कहते हुए वीर के जबड़े काश रहे थे गुस्से में उसका सरीर कैंप रहा था

वीर पास राखी सरब की बोतल सराफत अली खान के सर पे दे मरी एक के बाद एक कई बोतल फोड़ फॉर कर उसे सरब आवर खून से भिगो कर उसके भाई की लाश पे फेंक कर आग लगा दो कुछ बोतल सरब जब्बार के बॉडी पे ऊपर से आवर खली कर दी

जब सराफत खान चिक चिक कर बेहोश हो गया तो वीर ने उसकी आग भौजाई आवर आवर दोनों पैरो को काट कर अलग कर दिया

वीर .....इतनी जल्दी तुम्हे मौत नहीं आएगी सराफत अली खान तुम जिंदगी भर तड़फोगे मौत की भीख मांगोगे पैर तुम्हे भीख भी नहीं मिलेगी

वीर वह से कुछ जरुरी कागजात आवर कुछ सामान आवर ले कर गायब हो गया सराफत अली खान को ले कर के कुछ देर बार एक हॉस्पिटल के बहार सराफत अली खान को फेंक कर वीर वह से गायब हो गया .....

अपडेट पोस्ट फ्रेंड्स ..........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ............
 
अपडेट. 119

वीर .....इतनी जल्दी तुम्हे मौत नहीं आएगी सराफत अली खान तुम जिंदगी भर तड़फोगे मौत की भीख मांगोगे पैर तुम्हे भीख भी नहीं मिलेगी

वीर वह से कुछ जरुरी कागजात आवर कुछ सामान आवर ले कर गायब हो गया सराफत अली खान को ले कर के कुछ देर बार एक हॉस्पिटल के बहार सराफत अली खान को फेंक कर वीर वह से गायब हो गया ..........

अब आगे ........

देव ध्यान में काफी समय बोटा कर अपनी सभी कुंडली शक्तियों को जागृत कर

उन दोनों ड्राइवर के मंद से जुड़ कर बाकि सभी जितने भी आवर लोग मायाजाल में उलझे हुए थे उन सभी के साथ जुड़ कर देव उन्हें गहरी नींद में सुला देता है

देव .....ये सब तब तक मुक्त नहीं हो सकते मयासुर की माया से जब तक मयासुर परतवि लोक पे रहेगा मुझे किसी अन्य स्थान पे मयासुर को ले कर जाना होगा जिस से इन सब का मयासुर से

कनेक्शन टूट जाये आवर इसके लिया मुझे मायावी लोक में मयासुर को ले कर जाना होगा किन्तु कैसे


काफी जद्दोजहद के बाद देव को आखिर उन चारो में से मयासुर का पता देव को चल जाता है

देव ......मयासुर तुमने इन निराप्रद निर्दोष लोगो को अपने मायाजाल में उलझा कर इनको जो पीड़ा पहुंचे है उसका दंड तुम्हे अस्वश्य मिलेगा

वही दूसरी तरफ मयासुर को इसका अहसास हो जाता है की कोई उसके गुलामो को अपनी सकती से गहरी नींद में सुला रहा है

जिस से उसकी सकतिया कमजोर पड़ने लगती है

क्युकी मायसु ने जो भी इंसानो को अपने मायाजाल में भर्मित कर रहा था उनकी जीवन ऊर्जा से उसे ताकत मिलती थे जैसे जैसे वो सभी गहरे नींद में पहुंचे

मयासुर खुद को कमजोर महसूस करने लगता है

मयासुर ......कोण है जो मेरी मयासुर की माया को चुनौती दे रहा है

मुझे उसका पता करना हे होगा

देव .......उसकी जरुरत नहीं है मयासुर मैं तुम्हारे पास हे आ रहा हूँ भाग सकता है तो भाग

मयासुर ......कोण हो तुम सामने क्यों नहीं आ रहे हो

देव .....इतनी हे जल्दी है तो ठीक है मैं हे आ रहा हूँ

अगले हे पल देव मयासुर के सामने था

मयासुर ......कोण हो तुम आवर तुम्हारी हिमत कैसे हुई मेरे गुलामो को सुलाने की

देव .......मैं कोण हूँ उसे जान कर क्या करोगे

बहुत खेल खेल लिया तुमने इंसानो के साथ अब बरी है तुम्हारे साथ खेल खेलने की

मयासुर .......हहहहह मूरख इंसान तुमने मयासुर को चुनौती दी है

जो मयासुर सबके साथ खेल खेलता तुम उसके साथ खेल खेलना चाहते हो

( मयासुर देव से बात करते हुए अपनी माया का प्रयोग करता है )

( ीदार देव को मयासुर को मायावी लोक में ले जाने का मार्ग मिल जाता है जिस से उसके चेहरे पे मुस्कान आ जाती है )

मयासुर .....तुम मुस्कुरा क्यों रहे हो मूरख इंसान तुम

Dev......tumne अपनी माया का प्रयोग तो कर लिया पैर तुम ये भी भूल गए की जो तुम्हारे गुलामो के जरिये तुम तक पहुंच सकता है वो तुम्हारी इस डस्ट माया से बचने का मार्ग पहले हे पर्सस्त कर चूका होगा

मायसूर्य ....क्या मतलब तुम्हारा आज तक मेरी माया से कोई नहीं बच पाया

तुम कैसे कोण हो तुम

देव ......प्रिंस रुद्रदेव सिंह राणा

मयासुर गुस्से में अपनी सकती का प्रहार देव पैर करता है

देव तांत्रिक गुरु से मिले अंश का प्रयोग कर अपने चारो चरम एक रक्षा कवच का निर्माण कर लेता है

देव अपने अग्नि तत्वा का प्रयोग कर मयासुर के ऊर्जा को नस्ट कर देता है

मयासुर एक के बाद एक प्रहार देव पैर करता है

देव सब परहरो का प्रतिउत्तर देते हुए मयासुर के नजदीक पहुंचने की कोशिश करता है पैर मयासुर देव को अपने नजदीकी भी फटकने नहीं देता है

देव ......सकती प्रदर्शन बहुत हो गया मयासुर

मैंने सुना है तुम मायावी असुरो में बहु बल बहुत होता है

तो क्यों न अब बहु बल का प्रयोग करे

मयासुर इस वक़्त पुरे गुस्से में था क्युकी उसके इतने परहरो के बाद भी देव उसके सामने मुस्कुरा रहा था

जिस से उसका क्रोध बढ़ता जा रहा था

मयासुर के बढ़ाते क्रोध को देख देव की मुस्कराहट आवर गहरी हो गई

देव यही तो चाहता था की किसी तरह मयासुर अपने गुस्से में उसके पास पहुंचे आवर देव उसे अपने साथ मायावी लोक में ले जाये

मयासुर ......तुम्हारी ये इच्छा भी पूरी कर दूंगा

आज मैं तुम्हारा अस्तित्व हे मिटता दूंगा

मयासुर आगे भध देव के पे प्रहार करता है

देव यही मौका तो चाहता था

देव मयासुर का हाथ पकड़ पालक जपते हे मायावी दुनिया में जा पंहुचा

मयासुर .....यी ये तुमने मेरे साथ चाल किया है

देव ......ये चाल नहीं है मूरख असुर ये योध निति है जहा सत्रु कमजोर हो वही प्रहार करो

सत्रु की दुर्बलता योध में सामने के योद्धा के लिया अचूक अवसर होता है

मैंने भी कृषि निति का प्रयोग तुम पे किया

जैसे हे देव ने मयासुर का हाथ छोड़ा वैसे हे

मयासुर की चीखे निकलने लगी देखते हे देखते मयासुर का सरीर रख के ढेर में तब्दील हो गया

देव .........तुमने मुझे अपनी माया दिखानी चाही माया सुर अब देखो मेरी माया

मयासुर देव के सामने एक काळा साये के रूप में खड़ा था

देव आवर मयासुर जहा थे वह सेविका भी आ पहुंची

देव ......क्या हुआ सेविका आप यहाँ कैसे

सेविका ....मुझे अभी अभी पता चला है की कोई मायावी लोक में बिना अनुमति के परिवेश कर चूका है

मयासुर सेविका की तरफ भद्दा तो सेविका ने अपने हाथ में पकडे भले का प्रहार उस काळा साये पे किया

जिस से मयासुर दूर जा गिरा

सेविका .....ये डस्ट आत्मा कोण है सम्राट

देव .....यही है जिसके बारे में आप कह रही थी

सेविका .....इसका मतलब आप हे इस पापी आत्मा को यहाँ ले कर आये है

देव .....है इस हे हम हे ले कर आये है

ताकि इसे कैद कर सके

देव अनूबिस को याद कर अपनी उस सकती का प्रयोग करता है जो अनूबिस से प्राप्त हुई थे

मयासुर पल पार्टी पल कमजोर होता जा रहा था इस सकती के समक्ष

देव .....आज से अभी से तुम यही कैद रहोगे मयासुर जब तक मैं तुम्हारी आत्मा को नस्ट करने वाली उस दिव्या सकती को प्राप्त नहीं कर लेता

देव माया सुर को एक काळा पत्थर में तब्दील कर देता है

सेविका .....सम्राट आपने इस हे कैद तो कर दिया है पैर किसी ने गलती से इस हे आज़ाद कर दिया तो

देव ......ऐसा नहीं होगा पहली बात ये आमद हो नहीं सकता पुर मान को आज़ाद हो भी गया तो ये जो घेरा देख रही हो इस से बहार नहीं निकल पायेगा आवर न कोई इसके पास जा सकता मेरे अलावा इसको कोई आज़ाद नहीं कर सकता है

अब मैं चलता हूँ बाद में मिलता हूँ

देव वह से लौट कर महल आ जाता है

देव जब महल में अपने कक्ष में पंहुचा तो वह पहले से दिव्या सोये हुए थी


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देव .....लगता है आज इनके भी नेक इरादे नहीं है

अब इनको मैं कैसे समझौ की प्यार तो मैं भी करता हूँ पैर मज़बूरी है जिसके चलते दूर रहना पड़ता है

देव दिव्या के बगल में जा कर सो जाता है

पीछे से दिव्या को हूजे करके दिव्या एक बार तो नींद में हे कुनमुनाई फिर जैसे दिव्या अपने प्रिंस के स्पर्श को नींद में भी पहचान लिया हो

देव की उँगलियों में अपनी उंगलियां फशा कर चैन से सो गई


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कुछ देर बाद देव को भी नींद आ गई

सुबह देव अपने समय से उठा

देव ........दी कितनी प्यारी लग रही है

देव से जब कण्ट्रोल नहीं होता है तो
देव आगे भाड़ दिव्या के होंटो को चुम लेता है

दिव्या जो पहले हे जाग चुकी थी

उसने भी पलट कर देव के होंटो को चुम लिया

देव .....इसका मतलब आप जग चुकी थी पहले हे

दिव्या ......आपकी बहो में रहने का मोक्ष मैं कैसे खो देती आपको जगह कर

देव ......आज कल कुछ ज्यादा हे शरारती हो रही है आप चंचल की तरह

दिव्या .....हेहेहे आपको बड़ी याद आ रही है चंचल की


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देव ......रुको अभी बताता हूँ आपको सुबह सुबह बड़ी मस्ती आ रही है आपको

दिव्या ........क्यों नहीं आणि चाइये क्या 22 साल की होने को आई अब भी मस्ती नहीं आएगी क्या

देव दिव्या को पलट कर अपने ऊपर ले लेता है


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दिव्या .......प्रिंस आपसे एक बात पूछे हम

देव ......आपको कब से इजाजत लेने की आदत हो गई है

दिव्या .....बात वो नहीं है प्रिंस कुछ समय से देख रहे है आप सबसे दूर दूर रहते है ऐसा क्यों

आपने हम सबका प्रेम स्वीकार किया पैर अब जब आप दूर दूर रहते तो ऐसा लगता है जैसे आपने हम सबको मज़बूरी में स्वीकार किया है

देव .....मुझे आपसे ये उम्मीद नहीं थी दिव्या की आप ऐसा सोचती है

आपने कभी ये नहीं सोचा की हम आप सबसे दूर दूर क्यों रहते है इसके पीछे हमारी कोई मज़बूरी रही होगी ये नहीं सोचा

ये सब कहते हुए देव की आँखे नाम हो जाती है जिस से दिव्या को भी अपनी गलती का अहसास होता है की जो बात दिव्या ने कही वो सही तरीका नहीं था बात करने का

दिव्या .....सॉरी प्रिंस हमें माफ कर दीजिये हमारा ऐसा उद्देश्य नहीं था

प्लेसेस आप ऐसे उद्देश न हो हमें तकलीफ होती है आपको ऐसे देख कर

दिव्या देव के सीने में अपना मुँह छुपा कर सुबक ने लगी

देव को भी पता था की दिव्या की सोच ऐसे नहीं है भले हे वो सब पे गुस्सा हो जाती है हाथ उठाने में भी देर नहीं करती

देव दिव्या को काश कर अपने सीने से चिपका लेता है

कुछ देर बाद देव दिव्या को किसी तरह संत कर देता है

dev.....aap जानना चाहती है न की हम आप सब से दूर दूर क्यों भागते है इसक....

दिव्या बिच में हे देव के होंटो को अपने होंटो से कैद कर किश करने लगती है


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देव के मुँह में दिव्या के आंसुओ का नमकीन सवाद आवर होंटो का मीठा मीठा राश मुँह में घुलने लगता है

एक लम्बे किश के बाद देव आवर दिव्या अलग होते है

दिव्या ......सॉरी प्रिंस मुझे माफ कर दीजिये मुझे कुछ नहीं जानना है

देव .......नहीं दी आपको जानना जरुरी है ताकि आपके मन में जो दर है वो दूर हो सके

जब से मैंने वंर्किंग का खत्म किया है उसकी ऊर्जा को मैंने ग्रहण किया है तब से मैं ज्यादातर समय उसकी ऊर्जा को हे कण्ट्रोल करने में लगा हुआ हूँ

बार बार मुझे ध्यान कर्जा पड़ता है अगर मैं उस ऊर्जा को कण्ट्रोल नहीं करता हूँ तो मुझे बार बार सेक्स करने की इच्छा होती है यही कारन है की मैं आप सब से दूर दूर रहता हूँ मैं नहीं चाहता की विवाह से पूर्व कुछ भी गलत कर भेतु

दिव्या ......ये बात आपने सपना दीदी को बताई वो कोई मार्ग सुबह देती

देव .....मार्ग मैं जनता हूँ दी

दिव्या .....फिर आप इसका कोई समाधान क्यों नहीं करते है

देव .....इसका समाधान है सपना

दिव्या .....क्या मतलब सपना दीदी समाधान है तो फिर आप उनसे बात कीजिये न

देव ....वो सब कुछ जानती है अभी आप मेरे ऊपर से उतरिये

दिव्या .....क्यों क्या हुआ मुझे तो यही भेटणा है

देव ....हाहाहाहा जरा अपनी बैक पे घोर कीजिये पता चल जायेगा

देव को बात सुन दिव्या जब अपनी बैक पे ध्यान देती है तो उसे पता चलता है की देव क्यों उतरने को बोल रहा है

दिव्या .....ची ची गंदे कही के

देव .......यही मेरी प्रॉब्लम है दिव्या चलो उठो अब मुझे ध्यान करना है आप भी जा कर फ्रेश हो ध्यान आवर अभ्यस्त कीजिये

दिव्या .......उम्म्म्मः ी लव यू प्रिंस

देव .....ी लव यू तू दी उम्म्म्मः

दिव्या उठ कर अपनी निघ्त्य दाल रूम से निकल गई

देव भी फ्रेश हो मायावी लोक में चला जाता है ..........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स.........🌹

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स...........🌹
 
अपडेट. 120

देव ....हाहाहाहा जरा अपनी बैक पे घोर कीजिये पता चल जायेगा

देव को बात सुन दिव्या जब अपनी बैक पे ध्यान देती है तो उसे पता चलता है की देव क्यों उतरने को बोल रहा है

दिव्या .....ची ची गंदे कही के

देव .......यही मेरी प्रॉब्लम है दिव्या चलो उठो अब मुझे ध्यान करना है आप भी जा कर फ्रेश हो ध्यान आवर अभ्यस्त कीजिये

दिव्या .......उम्म्म्मः ी लव यू प्रिंस

देव .....ी लव यू तू दी उम्म्म्मः

दिव्या उठ कर अपनी निघ्त्य दाल रूम से निकल गई

देव भी फ्रेश हो मायावी लोक में चला जाता है ..........

अब आगे .......

देव....... कैसे हो वीर क्या सोच रहे हो जो इतना खोये हुए हो

वीर ......भाई सा एक बात समाज नहीं आती की किसी अच्छे इंसान के साथ बुरा होता है तब ये टीवी रिपोर्टर उसे इन्साफ दिलाने तो सामने नहीं आते

आवर कल रात जो मैंने उन गुंडों के साथ किया उसकी न्यूज़ देखो आप

टीवी रिपोर्टर्स ह्यूमन राइट्स समाज सेवक सब रोड पे उतर आये है

देव .......ये सब छोड़ो टीवी रिपोर्टर्स को टी र प चाइये अपने चॅनेल्स के लिया समाज सेवको को अपना नाम बनाना है ताकि लोगी उन्हें सलाम ठोके है इनमे से कुछ अच्छे भी होते है जो ाकै में इंसानियत के लिया दिल से काम करते है

ये बताओ कैसा रहा कल रात मुंबई में सब कुछ प्लेन के हिसाब से हे हुआ न

वीर ......है भाई सा प्लान के हिसाब से सब अच्छा हे रहा भाई सा पैर साथ हे बुरा भी

देव .....ऐसा क्या हुआ

वीर ......भाई सा जब मैं उन गुंडों के दिमाग में जनखा तो मुझे ऐसा लगा जैसे वो सब कुछ मेरा सामने हो रहा हो आवर मैं उन लोगो की को भी सहायता नाह कर प् रहा हूँ

वो सब मंजर अभी भी मेरे दिमाग मर घूमते है तो गुस्सा आने लगता है

देव ........जो बिट गया है उसे हम बदल नहीं सकते वीर तुमने उन सब को उचित सजा दी है उनके किये पापो की बाकि की सजा वो नरक में यमदेव के सामने भुगतेंगे

वीर ....भाई सा मैं सराफत अली खान को जिन्दा छोड़ दिया

देव .....जनता हूँ वीर तुमने कुछ गलत नहीं किया उसके जैसा पापी नीच इंसान को इतनी आसानी से मौत भी नहीं आएगी एक वक़्त आएगा जब वो भीख मांगेगा अपनी मौत की पैर मर भी नहीं पायेगा

वीर ......अब आपको निकलना चाइये आपने जो मीटिंग राखी थे पुलिस के साथ उसका टाइम हो गया है

देव .....ठीक है मैं निकलता हूँ वीर .....मैं भी चलता हूँ आपके साथ

देव ....नहीं वीर तुम्हे कुछ आवर काम करना है

मैं गुरुदेव से मिल कर निकलता हूँ

वीर .....जी भाई सा

देव वह से गुरुदेव से किसी विषय पे चर्चा करता है आवर वह से मुंबई के लिया निकल गया

वीर जब पुलिस हेअद्क़ुअतेर पंहुचा तो वह काफी भीड़ थी

चारो तरफ लोगो का हुजूम उमड़ा हुआ था पुलिस आवर सर्कार के मुर्दाबाद के नारे लग रहे थे

देव वह से सीधा मीटिंग रूम में पंहुचा जिसने देख सब चौंक गए

देव ....जबरन की जरुरत नहीं है मैं हूँ डेविल प्रिंस

डगप ......तुम वही डेविल प्रिंस हो न जिसने कुछ समय पहले रुस्सियन मफ्फिए को ख़तम कर वह के डॉन बन गए

देव .....डगप सर आपको ये तो पता है की मैं वह का डॉन बन गया पैर क्या आपको ये भी पता है की वह अब कितना क्राइम काम हो चूका है

डगप .....सॉरी मेरा वो मतलब नहीं था

देव ....मैं यहाँ जिस कारन आया हूँ उस पॉइंट पे आता हूँ इस लिया आप मीडिया को अंदर आने दीजिये ताकि पूरा देश जान सके

कुछ देर बाद सब वह आ जाते है

देव माइक आवर कामर्स को इसरा करता है वो हवाई टर्टल्स हुए आ कर देव से कुछ दुरी पे रुक जाते है

पुरे इंडिया में जितने भी टीवी चल रहे थे उन सब पे आटोमेटिक न्यूज़ चालू हो गई

देव .....आप सब जानना चाहते है की आप सब के टीवी पे अचानक से न्यूज़ कैसे चालू हो गई इसके पीछे की वजह मैं हूँ आप चाहो तो कोशिश कर सकते है पैर न्यूज़ को हटा नहीं सकते जब तक मेरी बात पूरी नहीं हो जाती है

देव .....मेरा नाम है डेविल प्रिंस कल रात मुंबई में जिन गुंडों को मारा गया उन्हें मरने वाला कोई आवर नहीं वो मैं हे हूँ अगला no.aap में से किसी का भी हो सकता है जो क्राइम करेगा दूसरे इंसानो को पीड़ा पहुचायेगा स्त्री की ेजात के साथ खेलने की कोशिश करेगा उसकी जिंदगी के साथ ये डेविल प्रिंस खेलेगा

अब फ़ायदा तुम सब को कर्मा है अपने किया गुनाहो को कानून के सामने काबुल कर सजा भुगतते हो या मेरे हाथो मरना चाहते हो ये फैसला तुम सब पे चढ़ता हूँ इस के लिया 24 हर का समाया देता हूँ तुम सबको

हर उस पुलिस स्तातिओंस के उस एरिया में किया गए क्राइम के क्रिमिनल के नाम आवर सबत कुछ हे देर में पहुंच जायेंगे

देव .....डगप सर ये आपके मुंबई के क्रिमिनल आवर उनके किये क्राइम के साबुत है 24 हर का समय दिया है अगर वो खुद को सरेंडर नहीं करते है तो गोली मर दीजिये

जो रेड file's है वो सब मौत के हकदार है जिनके गुनाह काम है वो ग्रीन file's में है

देखते हे देखते डगप के सामने सबूतों के ढेर लग जाते है

देव ....रिपोर्टर्स तुम सब इन क्रिमिनल्स के नाम न्यूज़ में शो करो

देव सब. को एक एक पेण्ड्रीवे दे देता है

देव .....कल 12 बजे फिर मुलाकात होगी डेविल की मौत की अदालत में जो ये सच रहा है की वो बच जायेगा उसको सजा मिलेगी वो भी लाइव टीवी पे

डगप .....सर कोई प्रॉब्लम हुए तो

देव .......कोई भी मंत्री या किसी भी व्विप का कॉल आया या खुद पं भी उनको मैं देख लूंगा बस अपना काम ईमानदारी से कीजिये इनमे आपके अफसर के नाम भी है आवर उनके द्वारा किया क्राइम उनको सजा आप दीजिये

डगप .....नहीं उनकी सजा भी वही होगी जो बाकि क्रिमिनल्स की आय की है आपने

देव ......चलता हूँ फिर मुलाकात होगी कल 12 बजे

देव वह से गायब हो जाता है पीछे एक ऐसा तूफानी छोड़ जो बहुत कुछ बदल कर रख देगा

देव सीधा गुरुदेव के पास पंहुचा

देव ......परनाम गुरुदेव

गुरुदेव .....कल्याण हो पुत्र तुमने ये अच्छा किया जो उन्हें कुछ समय दिया ताकि वो अपना प्रायश्चित का मार्ग चुन सके

देव .....आपने हे तो शिखाया है गुरुदेव की किसी भी प्राणी को एक मौका अस्वश्य देना चाइये ताकि वो सुधर सके

अब मौका मिला है देखते है वो किस मार्ग को चुब्ते है बुराई का या अच्छे का

गुरुदेव .....उचित है पुत्र जाओ तुम्हे कोई खोज रहा है हाहाहा

देव ....कोण गुरुदेव

गुरुदेव ......आओ पुत्री सपना

सपना .....परनाम गुरुदेव

गुरुदेव .....कल्याण हो पुत्री सपना जाओ पुत्र सपना के साथ जाओ

देव वह से सपना के साथ निकल गया

सपना .....आज तो आप च गए पुरे हे मुझे तो उस डेविल प्रिंस से प्यार हो गया

देव .....अच्छा आवर इस प्रिंस पे कब नजरे इनायत होंगी आपकी कब आपके प्यार में डूबने को मिलेगा

सपना .....जब तक विवाह नहीं हो जाता सबर कीजिये कहते है सबर का फाल मीठा होता है

देव ......मुझे नहीं लगता वो आपके इन गुलाबी तरसे हुए माधबारे होंटो से मीठा होगा

सपना ...देव का हाथ ताम उसे ले कर स्वपन लोक के लिया गायब हो गई

दिल्ली .....

ीदार दिल्ली में पूरी सर्कार हिल चुकी थी जब से डेविल प्रिंस ने चुनौती दी थी

बहुत से मंत्रियो का नाम बड़ी बड़ी नई हैडलाइन में टीवी न्यूज़ में दिखाया जा रहा था जिम्मे घोटाले गबन अय्याशी के साबुत उनके बैंक अकाउंट के साथ

जिनमे से हर एक गुजारते पल के साथ पैसा भारतीय रेसर्व बैंक में जमा हो रहा था

स्विस बैंक पूरा जोर लगा रहा था पैसे को रोकने का पैर कोई फायदा नहीं हो रहा था

जैसे जैसे सरकारी अधिकारियो के नाम क्राइम से जुड़े निकले उन्हें बर्खास्त किया जा रहा था

जो सामने से अपना गुनाह काबुल कर रहा था उन्हें ससपेंड कर

इन्क्वारी बिठाई जा रही थे

सबसे ज्यादा उन व्विप लोगो की हालत ख़राब हो रही थी जिन्होंने गरीबो के साथ रह कर उन्हें हे लुटा आवर चेहरों से जनता नाकक नोच नोच कर पेंक रही थी

pm....aakhir ये हो क्या रहा है

जल्द से जल्द इस डेविल किंग का पता करो कोण है कहा से आया है

जल्द से जल्द ख़ुफ़िया विभाग को काम पे लगाओ

पं सेक्रेटरी .....रॉ में फ़ोन लगता है

pm.secretary .....पं सर रॉ चीफ लाइन पे है

pm.....ye सब क्या हो रहा है पुरे देश में सुनामी आ चुकी है तुम कर क्या रहे हो

रॉ chif.....main जनता हूँ सर जो कुछ भी हो रहा है इसके पीछे वो डेविल प्रिंस है

pm....mujhe जल्द से जल्द उसकी पूरी

डिटेल चाहिए जितना जल्दी हो उतनी जल्दी

रॉ चीफ ......ये मुमकिन नहीं सर वो सुपरनैचरल पावर रखता है हम उसका कुछ भी नहीं बिगड़ सकते है पहले भी जब दिल्ली में वामपिरेस ने हमले किया था उस वक़्त मेरा सामना हो चूका है उस से

pm......koi तो रास्ता होगा इस सुनामी को रोकने का

रॉ चीफ ......एक साक्ष है जो डेविल प्रिंस को पर्सनली जनता है सर वो आर्मी जनरल विक्रम सिंह है

pm....jald से जल्द तुम विक्रम सिंह के साथ यहाँ पहुंचो

रॉ चीफ .....जी सर मैं अभी पंहुचा हूँ

कुछ 15 मिनट्स बाद रॉ चीफ विक्रम सिंह (रितिका फादर ) के साथ पं ऑफिस पहुंचे

विक्रम सिंह .....जय हिन्द सर

रॉ चीफ ....जय हिन्द सर

पं ...जय हिन्द बैठो तुम दोनों

विक्रम सिंह .....सर आपने हमें किस लिया याद किया

Pm........kya तुम डेविल प्रिंस को जानते हो

विक्रम सिंह रॉ चीफ की तरफ देखता है

विक्रम सिंह ......यस सर जनता हूँ 3 ,4 बार मिल चूका हूँ प्रिंस से

pm........tumhara मतलब डेविल प्रिंस से

विक्रम ....जी सर वो बुरे लोगो के लिए डेविल प्रिंस है आवर अच्छा के लिया प्रिंस

पं .......जो भी है उसे फ़ोन करो आवर यहाँ बुलाओ अभी के अभी

विक्रम ......सॉरी सर मैं उसे यहाँ नहीं बुला सकता जब तक जरुरी नहो हो उनके सकत आर्डर है

रॉ चीफ ......विक्रम पुरे देश में अफरा तफरी मची हुई है आवर तुम अभी भी मन कर रहे हो

विक्रम ......सर वो सब जानते है कब क्या कर्मा है आवर रही बात इस अफरा तफरी की तो ये उनका हे किया हुआ है

Pm.......vikram ये मैं तुम्हे तुम्हारा पं आर्डर दे रहा है

राइट क्नोव कॉल करो उसे

विक्रम सिंह मजबूरन कॉल करता है

क्युकी देव तो स्वपन लोक में था कॉल को रेस्पोंद करता है रुद्रांश

रुद्रांश ......hello विक्रम सिंह जी कैसे कॉल किया

विक्रम सिंह .....सॉरी प्रिंस वो पं सर आपसे बात कर्मा चाहते है

रुद्रांश .....ok मैं आता हूँ

रूद्र कुछ देर बाद रितिका को ले कर वह आता है

रितिका अपने पापा को देख उनके गले लग जाती है

रितिका .....कैसे हो पापा आप

फिर जब रितिका की नजर पं सर पे पड़ती है तो वो पीछे हैट उन्हें जय हिन्द बोल सलाम करती है

रुद्रांश .......कहिये पं सर आपने हमें क्यों बुलाया है

pm....sir देखो डेविल प्रिंस तुमने जो भी ये किया है वो गलत किया है

रुद्रांश .......आप जानते भी है आज देश में क्या हो रहा है चारो तरफ खून खराबा लूट मर रेआप मर्डर ग़ाफ़लेबाज़ी

आप अगर सख्त रवैया अपना ते तो ये सब न होता न मुझे बिच में आना पड़ता

रॉ चीफ .....तुम अपने आपको समझते क्या हो ये मत बुलो तुम पं के सामने खड़े हो

रुद्रांश .....mr.raw चीफ ज्यादा हवा में उड़ने की जरुरत नहीं मैं पहले भी आपकी एक गलती माफ कर चूका हूँ आप एक अच्छे इंसान है पैर इसका ये मतलब नहीं है की आपकी बत्तमीज़ी बर्दास्त करूँगा

रितिका .....सर इस तरह किसी भी समस्या का हल नहीं निकलेगा आप सब इस लिया परेशान है की प्रिंस ने जो आज इंडिया में किया है वो आपकी नजरो में सही नहीं है

pm........tum कोण हो

रुद्रांश ....ये मेरी टीम है का हिस्सा है पं सर रही बात आज जो कुछ भी हुआ है उसका रिजल्ट आपको कल देखने को मिलेगा

अभी आप 24 हर तब कुछ भी मत कीजिये कल

पं .......क्या मतलब क्या तुम वही करोगे जो तुमने कहा था

रुद्रांश .....बिलकुल वही होगा कल रूस चीन के बाद कल इंडिया में भी वही होगा

विक्रम ...मतलब जो कुछ दिन पहले हुवा था वो सब

रितिका ....है पापा वो सब इनका हे काम था

रुद्रांश .....चिंता न कीजिये आप कल जो होगा उस से सब अच्छा हे होगा चलो रितिका

रुद्रांश वह से गायब हो रूस आ पंहुचा ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .........

सॉरी फ्रेंड्स ये उपदटेस उम्मीद अनुसार नहीं है
 
अपडेट. 121

पं .......क्या मतलब क्या तुम वही करोगे जो तुमने कहा था

रुद्रांश .....बिलकुल वही होगा कल रूस चीन के बाद कल इंडिया में भी वही होगा

विक्रम ...मतलब जो कुछ दिन पहले हुवा था वो सब

रितिका ....है पापा वो सब इनका हे काम था

रुद्रांश .....चिंता न कीजिये आप कल जो होगा उस से सब अच्छा हे होगा चलो रितिका

रुद्रांश वह से गायब हो रूस आ पंहुचा ........

अब आगे ........

सवपन लोक ......

देव .....सपना कुछ समय बाद हमारा विवाह है

आवर मैं आपको ठीक से समय भी नहीं दे पता हूँ क्या आप खुश है मेरे साथ

सपना ......आप ऐसा सोच भी कैसे सकते है मैंने वर्षो आपका इंतजार किया एक जलक पाने के लिया

कितना तदपि हूँ आपका साथ पाने के लिया ये आप नहीं जानते

देव अपने सीने पे सर रख सोई हुए सपना के बालो में प्यार से हाथ गिनाते हुए

देव .......जब आप मेरे पास होती हो सपना तब मुझे बहुत शुकुन मिलता है जैसा मैं माँ के साथ मह्सुश करता हूँ

जब भी उनके साथ होता हूँ तो मैं अपने सरे दुःख दर्द गम सब कुछ भुला देता हूँ


सपना ......फिर क्यों आप मोहिनी मम्मी को इतना तड़पते है जब आप उनसे उतना हे प्यार करते है जितना मुझसे आवर अपनी बहनो से

ये सब सपना ने सर उठा कर देव की आँखों में देखते हुए कहा


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सपना .....ऐसे क्या देख रहे हो प्रिंस मुझे

मुझे सब मालूम है आप भूल रहे है

( देव के सीने पे दिल की जगह ऊँगली रख कर )

इस दिल में मैं भी रहती हूँ

देव ......फिर तो आप मेरी उलझन भी समाज रही है

सपना ......आपका जो दर है की आपने अगर पहल की तो माँ फिर लौट कर आपके पिता के पास नहीं जा पाएंगी आवर ये सच भी है

देव ......यही तो मैं नहीं चाहता सपना की वो ऐसा करे

सपना .....किन्तु प्रेम पे किसी का जोर कहा चलता है प्रिंस

वो न चाहते हुए भी आपको छानने लगी है फिर आपके जनम का मूल उद्देश्य हे प्रेम है

देव .......खेर वक़्त आने पे उनको भी वही मिलेगा जो नियति ने लिखा है उसको हम या कोई आवर बदल नहीं सकता है

सपना ......फिर कब आप उनके प्रेम को स्वीकार कर रहे है

देव ......अभी मैंने कुछ सोचा नहीं

अभी तो जो सोच रहा हूँ वही मुझे कारनामे है

कह कर देव सौपनीका के मधुरेश भरे गुलाबी होंटो को प्यार से अपने होंटो में भर चूमने चिढ़ने लगा

जल्द हे दोनों एक दूसरे की जुबान को चूसने लगे

सपना के हाथ देव के छथि पे बने कटाव पे चलने लगे जिस से देव के सरीर में कपकपी सी उठने लगी

कुछ देर बाद सपना किश योर के देव की तरफ देखती है

वही देव सपना की सांसे भरी होने पे ऊपर निचे हो रहे ुनात उभारो पे जा तिकी

सपना की दोनों ुनात उभारो की बिच की घाटी बड़ी hi दिलकश लग रही थे

सपना ......वह के विषय में सोचना भी नहीं स्वामी वो सब आपका हे है बस कुछ वक़्त आवर

देव .....पता नहीं वो वक़्त कब आएगा

जब मैं इन्हे जी भर के प्यार करूँगा

कहते हुए देव ने उन मखमली कोमलता से लबरेज उन अद्भुत वाक्सो को सहला देता है

सपना के मुँह से एक तेज सिसकारररी निकल जाती है

सपना .....रुक जाइये स्वामी हम बहन जायेंगे जो अभी के लिया ठीक नहीं है

देव .....ठीक है सपना चलो सवपन लोक के शेयर पे चलते है

सपना ....नहीं प्रिंस अभी हमें परतविलोक चलना चाइये आपकी बहने आवर मेरी सहेली लावण्या हम दोनों की प्रतीक्षा कर रही है

देव .....मैं तो भूल हे गया आज वीर आवर वेदिका को देते पे भेजना था

कब तक दोनों दूर दूर रहेंगे

sapna.....hmmm चलिए वैसे भी वीर ने मुंबई में अच्छा काम किया है आवर गुरुदेव बता रहे थे की वो शिक्षा भू पूर्ण मन से ले रहा है

देव आवर सपना महल लौट आये जहा से सपना लावण्या के पास लौट गई वही देव कुछ देर अपनी वाहनों के साथ बोटा कर समय आवर सोनिया की एक राउंड जबरदस्त चुदाई कर

अपनी कार ले बहार निकल गया

डेविल लोक ....

पिसाच किंग पूरी तरह से रिकवर हो चूका था

देव के साथ हुए योध में गायक होने के बाद

वही डेविल किंग द्वारा भेजे गए गुप्तचर भी डेविल लोक में आ पंहुचा था

वो अपने कार्य में लग चूका था जिस से डेविल लोक में हो रही घटनाये

डेविल किंग को भी पता चल रही थी

किन्तु गुप्तचर उस कक्ष में प्रवेश नहीं कर पाया जहा डेविल अपने महामहिम आंद्रे से रूबरू होता है

पिसाच किंग .......डेविल मैं कुछ समय के लिया अपनी सक्तियो को पुनः भढने के लिया कही एकांत में साधना कारनामे चाहता हूँ

डेविल ......तुम्हे कुछ वक़्त अपने पिता के साथ बिताना चाइये जनता हूँ मैं की तुम इस वक़्त काफी कमजोर हो चुके हो

आवर अब तो तुम्हारे 4 मूल सकती स्त्रोत में से एक से संपर्क भी ख़तम हो चूका है

पिसाच किंग ......जनता हूँ किन्तु वो अभी भी किसी स्थान पे जीवित है उसे मुक्त करने के लिया मुझे अपनी तकदीर भदानी होगी

आवर इसके लिया मैं यहाँ से जा रहा हूँ

डेविल .....तुम्हे अपने लक्ष्य के लिया सुभकामनाये ये को ये दिव्या द्रव्य है इस से तुम्हे अच्छा महसूस होगा

पिसाच किंग उस द्रव्य को बिना सोचे समजे पि लेता है उसको पिटे हे पिसाच किंग के चारो तरफ कला दुहा हे दुहा फ़ैल जाता है

ीदार डेविल किंग के ाड्रो पे कुटिल मुस्कान फ़ैल जाती है

(डेविल ......तुमने जो द्रव्य ग्रहण किया ये कोई सदर्न द्रव्य नहीं है इस द्रव्य में अंदर के सम्राट महामहिम का अंश विधमान था जो अब तुम्हे तुम्हारे पिता से भी क्रूर आवर सकती साली बना देगा आने वाले वक़्त में )

कुछ देर बाद पिसाच किंग के चारो तरफ से वो कला दुहा हैट जाता है

डेविल .....अब कैसा मह्सुश कर रहे हो

पिसाच किंग .....बहुत आदिका ऊर्जा को अपने अंदर मह्सुश कर रहा हूँ

डेविल ......उचित कहा तुमने ये बहुत हे विशेष द्रव्य था

डेविल वह से निकल कर अपने कक्ष के आवर चल देता है वही पिसाच किंग वह से गायब हो जा पंहुचा

नील कैट गाढ़ा .....

परतविलोक .....

साम को देव वापिस लौट

देव ....वीर सुनो जरा

वीर ....जी भाई सा कहिये

देव .......मेरी बात सुनो तुम्हे आवर वेदिका को अभी क्सक्सक्स होटल जाना है वह मैंने तुम दोनों के लिया टेबिल बुक की है

वीर ......ये सब किस लिया भाई सा

देव .......कब तक बिना गफ के घूमते रहोगे आवर ये सब प्लान मेरा नहीं है समजे ये सब तुम्हारी भाबी के आर्डर पे हो रहा जो कहना है सपना से कहो

वीर ......क्या वो मन जाएगी भाई सा कही ऐसा न हो की वो गुस्सा हो जाये

देव ......कोशिश तो करो आवर रही बात न मैंने की तो मुझे उम्मीद है वो जरूर मन जाएगी

वीर ......ठीक है भाई सा कब निकलना है मुझे

वीर .....एक काम करो तुम अभी वह के लिया निकल जाओ

वेदिका को कुछ समय बाद भेजता हूँ आवर जब वो तुमसे पूछे तो उसे ये मत बताना की ये सब हमने प्लान किया उसको बोलना की ये सब तुमने किया है

वीर ......पैर ये तो जुट होगा न

देव .......तू न दिव्या से मार खाने लायक हे है रुक तू अभी मैं दिव्या को भेजता हु तुम्हारे साथ

वीर ........सॉरी भाई पैर दिव्या दी को भेजोगे तो वही मुझे रस्ते में पिट देगी मैं जा रहा हु.

वीर वह से निकल गया

आवर ीदार सपना आवर लावण्या दोनों मिल कर वेदिका को त्यार करती है

वेदिका .....सपना दीदी आप ये सब क्यों कर रहे है मुझे कुछ भी समाज नहीं आ रहा है

सपना .....जब दीदी बोलती हो तो मान भी जाओ जो मैं कर रही हूँ वो ठीक है बस कुछ टाइम इंतजार करो

वेदिका .....पैर ये तो बता दीजिये की मुझे ये क्यों पहना रही है मैंने आज तक नहीं पहनी है आवर हम जा कहा रहे है

लावण्या .......थोड़ा तो इंतजार कर लो वेदिका कुछ देर में पता चल जायेगा

वेदिका .....ठीक है कीजिये जो आपको करना है अब मैं कुछ नहीं बोलूंगी

कुछ देर बाद जब वेदिका त्यार हो गई


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सपना ......कुछ देर यही रुको मैं अभी आती हूँ

सपना लावण्या को वही छोड़ बहार चली गई

सपना .....वो त्यार है अब आगे क्या करना है

देव .....तुम उसके साथ जाओ आवर वीर को मैंने पहले हे भेज दिया है वो वही मिलेगा

सपना .....ऐसा सरप्राइज आपने कभी हमें तो नहीं दिया

देव .....आपको भी मिलेगा बहुत बड़ा सुरप्रीसेड आपकी फर्स्ट नाईट पे हाहाहा

सपना .........ची गंदे कही दोनों बुआ की चल बदल दी फिर भी वही सीज रहा है

देव ......उमंमाहहह क्या कृ आपको देख बहके लगता हूँ

सपना ..... छोड़िये यहाँ कोई भी आ सकता है कही भी सुरु हो जाते हो

देव ....ुम्मम्हा ok वेदिका को ले कर निकलो आवर वीर की मदद कर्मा मुझे नहीं लगता वो अकेला ये सब हेंडल कर पायेगा

सपना .....don't वोर्री जान मैं हूँ न तो फ़िक्र कहे की उम्म्म्मममः .......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ............
 
अपडेट. 122

सपना .........ची गंदे कही दोनों बुआ की चल बदल दी फिर भी वही सीज रहा है

देव ......उमंमाहहह क्या कृ आपको देख बहके लगता हूँ

सपना ..... छोड़िये यहाँ कोई भी आ सकता है कही भी सुरु हो जाते हो

देव ....ुम्मम्हा ok वेदिका को ले कर निकलो आवर वीर की मदद कर्मा मुझे नहीं लगता वो अकेला ये सब हेंडल कर पायेगा

सपना .....don't वोर्री जान मैं हूँ न तो फ़िक्र कहे की उम्म्म्मममः .......

अब आगे ........

देव की धमकी का बहुत असर हुआ मीडिया ने रुस्सियन मफ्फिए आवर डार्क वर्ल्ड के निंजस की वीडियो फुटेज डेविल प्रिंस की चेतावनी के साथ बार बार रिपीट कर रहा था

जिसका अवसर बहुत लोगो पे हुआ आवर अपना अपना गुनाह काबुल करने लगे

पुलिस ठाणे क्रिमिनल से भरने लगे तो जो हाई लेवल के गुंडे लिखे रपे मर्डर्स जैसे मामले वालो को सीधा जेल में ट्रांसफर किया जा रहा था

साम तक पं पे भी बहुत प्रेशर आ गया था

पं ने न्यूज़ चेनेल के माद्यम से अपना पक्ष रख दिया

की वो इस मामले में कुछ नहीं कर सकते खुद के गुनाह काबुल करो

वो अपना इस्तीफा देने को त्यार है

रूस ......

रितिका ......रुद्रांश जी ये प्रिंस ने ऐसा क्यों किया उन्होंने पुरे देश को हे हिला कर रख दिया

ालिस ......यही मैं सोच रही हूँ मुझे भी कुछ समाज नहीं आ रहा

अलीमा ......मुझे लगता है उन्होंने इस बारी में कुछ तो जरूर सोचा होगा वर्ण वो ऐसा कभी नहीं करते

रुद्रांश ........मैं जनता हूँ इसके पीछे की वजह हमें भी यही कर्जा है किन्तु किसी आवर तरीके से

अलीमा .....क्या मतलब रुद्रांश जी

रुद्रांश ......हम जिसको भी मरते है वो इंसानियत आवर कानून की नजरो में गुहागर होते है

किन्तु एक सच ये भी है की हमें उन्हें तो मर देते है पैर उनके मरने के बाद उनके परिवार को ये समाज चैन से जीने भी नहीं देता है

मरना हे इसका हल नहीं सभी को एक मौका जरूर मिलना चाइये सुधरने का इंसान है तो गलतियां भी होगी हे

जूही ........क्या आप प्रिंस से मिले थे

रुद्रांश जूही की बात सुन मुस्कुराने लगता है

जूही अलीना सलीस रितिका चारो रुद्रांश को देखने लगती है

रुद्रांश .....है मिला था मैं भाई से

जूही ......तभी मैं सोचु आप आज ऐसे कैसे बदल गए

रुद्रांश ......हाहाहा क्यों मैं ऐसा नहीं सोच सकता क्या

जूही .......सॉरी मेरा वो मतलब नहीं था

रुद्रांश ......it's ok जूही तुम्हारा कहना सही है मैं ऐसा नहीं सोचता सच कहु तो क्रिमिनल को मरना मुझे अच्छा लगता है पैर भाई के खिलाफ भी नहीं जा सकता आवर उनका कहना गलत भी नहीं है

रितिका ......एक बात बताये आप उन्हें भाई क्यों कहते है क्या वो आपके सघे भाई है

रुद्रांश ......वक़्त आने पे बताऊंगा अभी इतना समाज लो वो है तो मैं हूँ उनका वो स्थान जो एक बच्चे का अपने माता पिता को ले कर होता है

कविता जी .......क्या चर्चा हो रही है

जूही .....कुछ नहीं कविता दीदी आइये बैठो हमारी प्रिंसेस नहीं आई अभी तक

कविता जी .....वो आज अपनी किसी स्कूल फ्रेंड्स के घर गई है

रुद्रांश ......आप सब बाटे करो मैं आता हूँ कुछ देर में

aalish.......kya मैं आपके साथ चालू

रुद्रांश ......हम्म्म चलो

रुद्रांश की बात सुनते हे ालिस का चेहरा खिल उठा साथ अलीमा का

( अलीमा ......लगता है दीदी का na.lag गया आज फिर से मेरा no.kab आएगा रुद्रांश जी )

रुद्रांश अलीमा को घर कर देखता है अलीमा बाजरे छुड़ाने लगती है

वही रितिका इनके मुस्कुराने की आवर घूरने की वजह समजने की कोशिश कर रही थी

उदयपुर रेस्टोरेंट.......

वीर महल से निकल कर राष्ट्र में एक बोटफुल रिंग वेदिका के लिया लेता है

आवर वह से रेस्टोरेंट आ पंहुचा पूरा रेस्टोरेंट खली पड़ा था

वीर जा कर रेस्टोरेंट के मेनगेर से मिलता है आवर साडी जानकारी लेता है जो की पहले से हे परफेक्ट थी

मेनगेर ......सर हमारी तरफ से पूरी तयारी है

आपको को किसी तरह की प्रोब्लेम्स नहीं होगी कुंवर जी ने पहले हे सब समजा दिया था

हमने सब अरेंजमेंट भी इसी तरह है से किया है

वीर .....ok सब रेडी है

मेनगेर ..........सर आपके लिया कुंवर जी ने कुछ रखा है उन्होंने कहा था जब आप आये तो मैं आपको ये पैकेट सोंफ दूँ

वीर मेनगेर से पैकेट ले कर जब खोलता है तो उसमे एक बहुत हे खूबसूरत सुते था ( कोट पेण्ट )

वीर ......मतलब अब ये भी फेंकना होगा

मेनगेर .....ये मुझे पता नहीं सर उन्होंने कहा था ये आपके लिया है

वीर ......ठीक किसी रूम की के दीजिये मैं चेंज करके आता हूँ

वीर वह से निकल गया आवर कुछ देर बाद बहार आया

इस वक़्त तक थोड़ा थोड़ा अंदर होने लगा था

वीर वही कॉर्नर में बहुत हे खूबसूरत तरीके से सजाई हुई टेबुल पे जा कर बेथ गया

जैसे जैसे समय निकल रहा था वैसे वैसे वीर की दिल की धड़कन भाड़ रही थी

तभी वीर को मंद में सपना की आवाज सुनाई देती है

( सपना .....वीर सब रेडी है न वेदिका को ले कर हम लोग बस पहुंचने हे वाले है

वीर .....भाबी मुझे दर लग रहा है

सपना .....फिर भूल जाओ वेदिका को समजे हम कार पार्क कर रहे वेदिका हे अंदर आएगी )

वीर वह से उठ कर बाथरूम की आवर चल दिया बेचारे की हालत इतनी ख़राब जो हो गई थी

ीदार वेदिका रेस्टोरेंट में आती करती जहा उसका सवागत गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश से होता है

मेनगेर ......मेम अरे यू मिस वेदिका सिंह

वेदिका ......यस ी ऍम वेदिका सिंह

मेनगेर .....मेम सर अभी आ रहे है आप चलिए आपके लिया टेबुल


रिज़र्व है

vedika.......kis ने टेबल रिज़र्व किया है यहाँ पे मेरे नाम पे

मेनगेर .....जस्ट में मिनट्स मेम वो आते हे होने आपके लिया कुछ ले कर औ मेम

वेदिका .....जी कुछ भी

मेनगेर .....मेम रेड वाइन तरय करेंगी

वेदिका .....ok

वेदिका जा कर टेबिल पे बेथ जाती है ीदार वीर जैसे हे बाथरूम से बहार निकला सामने सपना कड़ी थी अदृश्य रूप में जिसने केवल वीर हे देख आवर सुन सकता था

सपना ......ये क्या था वीर क्या इस तरह अपने प्रेम का इजहार करोगे तुम

वीर .....भाबी सा मुझे टेंसन हो रही है

सपना .....ऐसा मत सोचो वीर वो भी तुम्हे पसंद करती है अब चलो

वीर .....आपके साथ में

सपना .....मुझे केवल तुम देख सकते हो सुन सकते हो आवर कोई नहीं

सपना वीर को एक रेड रोज का प्यारा सा बुके देती है

वीर डेरी डेरी वेदिका की तरफ भड़ता है

बुके अपने पीछे छुपा कर

वीर जब वेदिका को देखता है तो वो बहुत खूबसूरत लग रही थी थोड़ी टेन्स जरूर लग रही थी


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वीर को देखते हे वेदिका का चेहरा चाँद के जैसे खिल उठा

वेदिका ....वीर आप यहाँ पे

Veer......ha व्वो वो मैनी हे

वेदिका ......क्या बोल रहे हो आप आवर आपने पीछे क्या छिपाया है

वीर आगे भाड़ रेड रोज का बुके वेदिका के सामने करता है

वेदिका .....ये सब किस लिया वीर

वीर .......ये आपके लिया है वेदिका जी

वीर की बात सुन पहले तो वेदिका थोड़ी सीरियसली हुई पैर बाद में उन फुल्लो की खुसबू से उसका चेहरा खिल उठा


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वीर .....वेदिका जी मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूँ प्लेसेस बिच में न बोलियेगा जब तक मेरी बात पूरी न हो जाये

वेदिका ......आप क्या कहना चाहते है

वीर ......प्लेसेस

वेदिका .......ok

वीर वेदिका का हाथ थम उसके सामने

अपनी जेब से रिंग बॉक्स निकल के गुटों पे बेथ वेदिका का हाथ थम

वीर .....वेदिका जी ी लव यू मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ

जब से आपको पहली बार देखा था तब से हे आपको पहली नजर में दिल दे बैठा

आज आपको पर्पस करने के लिया ये सब किया है बहुत उम्मीद से की आप मेरे प्यार को समाज मेरा प्यार स्वीकार करेंगे

वेदिका कुछ देर वीर को असमंजश भरे भाव से देखती है

वेदिका .....क्या अब मैं बोल सकती हूँ

वीर है में गर्दन जुलता है

वेदिका .....देखो वीर तुमने अपनी दिल की बात कही मुझे अच्छा लगा की आपने सर्फ़ साफ कह दिया बिना किसी तरह का नाटक किया

अब आप एक बार मेरी बात सुन लीजिये उसके बाद फैसला मैं आप पे हे चौधरी हुई की आप मुझे अपने प्यार के लायक समझते है की नहीं

वीर .....ऐसा क्या है जो इतना जरुरी है

वेदिका .....सायद आपको पता नहीं पैर मैंने जब पहली बार प्रिंस को देखा था तो मैं उनकी तरफ अट्रेकट हो गई थी अब आप ये भी कह सकते है की मैं उन्हें चाहने लगी थी

वीर देविका की बात सुन उदाश हो गई

वेदिका .....पैर ये एक तरफ़ा था सब मेरी हे तरफ से फिर पता नहीं कब मैं आपको पसंद करने लगी अब प्रिंस के लिया प्यार था या लेवल अट्रेक्शन था मुझे नहीं पता

वीर .....मुझे पता है आवर ये केवल आपके साथ नहीं होता है कोई भी लड़की उन्हें देख उनकी हे होना चाहती है

अगर आपको अब भी मेरे प्यार स्वीकार है तो मुझे कोई परेशानी नहीं होगी आपको अपनी लाइफ पार्टनर के रूप में स्वीकार करने में

वेदिका .......फिर कब तक गुटों पे रहोगे रिंग नहीं पहनाओगे क्या

वेदिका की चेहरे पे मुस्कराहट देख वीर ख़ुशी से वेदिका को रिंग पहनता है


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वीर ......ी लव यू वेदिका जी

वेदिका .....ी लव यू तू वीर प्यार से मुझे विधि कहते है आदत दाल लीजिये

वीर गुटों पे से उठ कर चेयर पे बेथ जाता है

दोनों एक दूसरे का हाथ थम भरी भरी बाते करने लगते है

कुछ देर बाद मेनगेर को इसरा कर वीर केक लेन का इसरा करता है

उदयपुर महल......

देव सबके साथ खाना खा कर अभी अपने रोऊ में बैठा हे था की तभी उसे गुरुदेव की बात याद आई

देव वह से उठ कर मायावी लोक में आ पंहुचा

देव सीधा मयासुर के पास पंहुचा जहा उसे कैद किया हुआ था

देव वही ध्यान में लीं हो मयासुर की आत्मा से जुड़ उन तीनो का पता लगाने की कोशिश करता है कुछ 2 हर ( परतविलोक के अनुसार ) के बाद देव को उनमे से एक का पता चलता है

देव जब पूरी तरह संतुस्ट हो जाता है की ये उनमे से हे एक है तो वह वह से निकल गुरुदेव से मिलता है

देव ....बाबा उनमे से एक का पता मुझे चल चूका है

गुरुदेव .....कोण है पुत्र जिसका तुम्हे पता चला है

देव .....क्रोधासुर का पता चल चूका है बाबा

गुरुदेव .....उचित है पुत्र किन्तु याद रहे उसकी किसी भी बात में आ कर तुम क्रोधित मत होना जैसे हे तुम उसके सामने जाओगे तुम पे उसके विकार हावी होने लगेंगे

देव .....मैं समाज चूका हूँ बाबा इन चारो विकारो के तत्वों को

गुरुदेव .....उचित है पुत्र अब तुम जाओ आवर अपनी कुण्डलिनी सकती को जागृत कारनामे मत भूलना पुत्र

देव .....जी गुरुदेव आज्ञा दे परनाम गुरुदेव

गुरुदेव .....यसस्वी भाव विजयी भाव पुत्र

देव वह से निकल मायावी लोक में अपनी कुंडली सकती को जागृत कर निकल गया अपने सीकर पे ...........

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गुरुदेव .....उचित है पुत्र किन्तु याद रहे उसकी किसी भी बात में आ कर तुम क्रोधित मत होना जैसे हे तुम उसके सामने जाओगे तुम पे उसके विकार हावी होने लगेंगे

देव .....मैं समाज चूका हूँ बाबा इन चारो विकारो के तत्वों को

गुरुदेव .....उचित है पुत्र अब तुम जाओ आवर अपनी कुण्डलिनी सकती को जागृत कारनामे मत भूलना पुत्र

देव .....जी गुरुदेव आज्ञा दे परनाम गुरुदेव

गुरुदेव .....यसस्वी भाव विजयी भाव पुत्र

देव वह से निकल मायावी लोक में अपनी कुंडली सकती को जागृत कर निकल गया अपने सीकर पे ...........


अब आगे ............

सपना .......कैसा लगा वेदिका का वीर का सुरप्रीसेड

वेदिका .......आप पहले से सब जानती थी न दीदी

सपना .......है हम जानते थे इस लिया हे तो तुम्हे वह पहुंचाया था

वैसे तुम दोनों की जोड़ी बहुत प्यारी लगती है

वेदिका .......जी दीदी मुझे भी वीर बहुत पसंद है

अच्छा हुआ जो उन्होंने इस बारे में खुद से हे पहल कर दी

वर्ण सायद हे मैं ये कर पति

सपना .......मैं जानती हूँ सपना तुम्हारा पहला क्रश वीर नहीं प्रिंस है

सपना की बात सुन वेदिका का सर निचे हो जाता है

सपना .....हे पागल नजरे क्यों जुखा रही है तुमने कुछ भी गलत नहीं किया है

ये बात वीर भी पहले से जनता है आवर प्रिंस भी

वेदिका ......पैर दीदी.....

सपना .....देख वेदिका तुम मुझे दीदी बोलती है तो मेरी बात भी सुन

किसी को चाहना कभी गलत नहीं होता प्रेम में तो स्वयं महादेव भी बंदने से नहीं बच पतये
तो फिर हम तो इंसान है

प्रिंस को ले कर तुम्हारे मन में जो भावनाये थे वो पवित्र भावनाये थी जो भी प्रिंस को देखता है उसके साथ यही होता है क्युकी वो बहुत खाश है

उनका जनम हे इस लिया हुआ है

वेदिका ......क्या मतलब दीदी ऐसा क्या खाश है

सपना ......कुछ दिन का इंतजार करो सब पता चल जायेगा जल्दी हे तुम्हारे विवाह की बात करने के लिया पापा को भेजती हूँ

वेदिका ......अभी नहीं दीदी अभी कुछ वक़्त रुकिए पहले आपका आवर प्रिंस का विवाह होगा उसके बाद हे

दिव्या .....किसके विवाह की बाते हो रही है

सपना .....वेदिका आवर वीर की

divya......kyaaa इसका मतलब वीर आवर वेदिका

सपना .....है यही सच है वीर ने आज वेदिका को पर्पस कर दिया

divya.....congratulations होने वाली भाबी जी

वेदिका तो सरम से पानी पानी होने लगी

दिव्या ....देखो तो कैसे नहीं नवेली दुल्हन के जैसे शर्मा रही है

वेदिका .....प्लेसेस दिव्या दी

दिव्या .....ok ok वैसे ये बता उस लंगूर ने तुम्हे परेशान तो नहीं किया न

वेदिका .....नहीं दी वीर बहुत अच्छा है

सपना ....अभी से गुणगान करने लगी हो

divya.....hai कहा वो जरा उसकी खबर लेती हूँ मैं

वेदिका .......दी वीर आपसे इतना डरते क्यों है

दिव्या .....क्युकी उसे पता है मेरा गुस्सा कैसा है मेरे सामने मुझे दी बोलता है पीठ पीछे चंडिका वैसे तुम्हारी चॉइस बहुत अच्छी है वेदिका मुझे ख़ुशी है तुम दोनों के लिया

वेदिका दिव्या के गल्ले लग

वेदिका....... थैंक्स दी बस आप मेरे सामने वीर को मत डाटना अकेले में कितना भी दन्त लेना

सपना .....डिमांड सुरु हो गई दिव्या

duvya.......chal ठीक है पैर ये बात उसे बताई तो ठीक नहीं होगा

सोमालिया ......

पिछले एक हफ्ते से सोमालिया में सेना आवर विद्रोहियों के बिच जुंग सुरु थे

जिसमे सेना के जवान भी बहुत मरे जा रहे थे

आवर सोमाली विद्रोही ( सोमाली आम लोग ) भी मारे जा रहे थे पैर कुछ दिनों से सेना की कुरुरता आम नागरिको पे भी भाड़ रही थी जब से उनकी आर्मी कमांड किसी आवर ने संभाली है

दिन पार्टी दिन दोनों आवर से लोग मरे जा रहे थे किन्तु उसे किसी तरह का कोई फरक नहीं पड़ता

सब उसके गुस्से से डरते है

डेरी डेरी विद्रोयो की संख्या काम होने लगी

तो उसने आम नागरिको पे अपना गुस्सा निकलना सुरु कर दिया

जो भी उसके संपर्क में आता गुस्से में मरने मरने को तत्पर हो जाता


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देव जब महल से गायब हो सोमालिया पंहुचा तो यहाँ के लोगो की दुर्दशा देख उसे बहुत दुःख हुआ

चारो तरफ तबाही का मंजर था


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देव ..........क्रोधासुर ये तुमने अच्छा नहीं किया बिना किसी पाप करम के तुमने इन्हे नारकीय जिंदगी जीने के लिया विवश कर दिया

इसका दंड तुम्हे अवश्य मिलेगा

तुम्हे रूद्र की क्रोधाग्नि में जलना होगा जब तक तुम्हारा अस्तित्व रहेगा

देव वह से आगे बढ़ते हुए क्रोधासुर की तरफ भेदने लगा

कुछ देर बाद देव सोमालिया आर्मी हेअद्क़ुअतेर के सामने था

देव .....अगर मैंने उसे यहाँ कैद करने की कोशिश की तो यहाँ बहुत से बेगुनन मरे जायेंगे जो उसके बस में है मुझे उसे यहाँ से किसी तरह निकलना होगा

किन्तु कैसे

देव ......गुरुदेव मुझे आपके मार्गदर्शन की आव्सय्कता है

गुरुदेव ......कहो पुत्र देव क्या हुआ

देव ......गुरुदेव क्रोधासुर यहाँ सोमालिया में है किन्तु उसने यहाँ अपने क्रोधित संभव के कारन तनै मचा राखी है बहुत हे मासूमो को अपने क्रोध के माद्यम से गुलाम बना लिया

गुरुदेव ......पुत्र देव तुम्हे उन सभी इंसानो को क्रोधासुर के प्रभाव से मुक्त करना होगा अनन्यता क्रोधासुर उन्हें तुम्हारे हे खिलाफ इस्तमाल कर बच निकलेगा

देव ......किन्तु कैसे गुरुदेव मैंने िंहपे मेरे मंत्रो का कोई असर नहीं हो रहा है

गुरुदेव ......पुत्र जब तक तुम अपनी कुण्डलिनी सकती का प्रयोग नहीं करोगे तुम्हे इस समस्या का मार्ग नहीं मिलेगा

देव .....जो आज्ञा गुरुदेव

देव गुरुदेव से संपर्क तोड़ वही एक टूटी हुई बिल्डिंग में जा कर ध्यान लगाने लगता है

किन्तु उस से पुरवा वह एक सुरक्षा कवच का निर्माण करता है जिस से अगर क्रोधासुर को देव का अहसास होने के बाद भी वह वह से भाग न निकले

देव कुछ समय बाद अपने एक एक कुण्डलिनी सकती को जागृत करते हुए हुए 7 कुंडली को जागृत कर

अपनी ऊर्जा का प्रयोग करता है

जिसके संपर्क में जो भी इंसान आता है वह डेरी डेरी बेहोशी की अवस्था में पहुंच वही ढेर हो गया जहा जिस अवस्ता में था

कुछ आधे जानते के बाद पूरा आर्मी हेअद्क़ुअतेर बेहोश हो चूका था क्रोधासुर को छोड़ कर

देव ध्यान से उठ क्रोधासुर की तरफ भाड़ गया

कुछ हे देर बाद देव क्रोधासुर के सामने था

देव को देखते हे उसकी ऊर्जा का अहसास क्रोधासुर को हो चूका था

फिर भी क्रोधासुर अपनी माया का प्रयोग देव पे करता है

देव ......क्रोधासुर तुम्हारी इस माया का प्रयोग तुम केवल असम इंसानो पे कर सकते हो न की मुज पे

क्रोधासुर .......कोण हो तुम तुम कोई सदर्न इंसान नहीं हो ये मैं जनता हूँ

देव .........तुमने यहाँ जो अपने क्रोध से तबै मचाई है उसका दंड देने आया हूँ अब तुम्हे पता चलेगा क्रोध की अग्नि में जलने पे कैसा मह्सुश होता है

क्रोधासुर ......मूरख इंसान ऐसा कोई पैदा नहीं हुआ जो क्रोधासुर के क्रोध का सामना कर सके

देव .........तुम्हारा ये भरम आज समाप्त हो जायेगा

जब तुम्हे एक एक कर अपने किये कर्मो का दंड मिलेगा जैसे मयासुर को मिला था

क्रोधासुर .....अथार्त तुम वही हो जिसने मेरे भाई मयासुर को ...

देव ......बिलकुल सही समजे वो वह मेरी कैद में अकेला है तुम्हारा इंतजार कर रहा है

क्रोधासुर अपनी पूरी रफ़्तार से देव पे प्रहार करता है जो देव साइड में हो कर उस प्रहार से बच जाता है किन्तु उस से उस बिल्डिंग को बहुत नुकसान होता है

( देव .....अगर मैं इसके साथ यहाँ योध करूँगा तो यहाँ जो गाज्रि बेहोशी में वो लोग मरे जायेंगे उसे यहाँ से निकलना होगा )

देव बहार की तरफ भागने लगता है जिसने देख क्रोधासुर अपनी विजय समजने लगा उसे लगा देव उस से दर कर भाग रहा है

इस लिया वह देव के पीछा करता है

क्रोधासुर .....भाग मूरख मानव कहा तक मुझसे बच कर भाग सकता है हाहाहाहा. मौत का दूसरा नाम क्रोधासुर है

हाहाहाहा

देव भागते हुए उन टूटी हुए बिल्डिंग तक आ पंहुचा क्रोधासुर भी देव का पीछा करते हुए आ पंहुचा

देव .....ये सही जगह है तुम्हे जहनुम की आग में जलने के लिया

देव एक जोरदार गुस्सा क्रोधासुर के सीने पे मरता है जिस से वह टूटी हुई बिल्डिंग के ढेर में जा कर गुदा क्रोधासुर के सरीर पे तो कोई खाश फरक नहीं पड़ा पर उसके सीने में बहुत तेज दर्द मह्सुश हुआ पैर खुद को कमजोर न दिखते हुए क्रोधासुर अपने दर्द को भी पि गया जिस से उसका गुस्सा आवर भड़क गया

अब क्रोधासुर अपनी काली ऊर्जा से देव पे प्रहार करने लगा देव आने पांच तत्वा का प्रयोग कर उसका मुकाबला करता है डेरी डेरी क्रोधासुर कमजोर पड़ने लगा

देव .....क्या हुआ इतनी जल्दी तुम्हारे क्रोध ने डैम तोड़ दिया क्या उठो आवर लड़ो मुझसे

ीदार देव के अंदर छुपा रूद्र क्रोधासुर के प्रभाव से देव पे हावी होने की कोशिश कर रहा था

देव ये बात समाज जाता है

( देव .....रूद्र क्रोधासुर के प्रभाव से जागृत हो रहा मुझे क्रोधासुर को मायावी लोक में जल्द से जल्द ले कर जाना होगा

रूद्र .....देव मुझे बहार आने दो

देव .....नहीं रूद्र मैं ऐसा नहीं कर सकता हूँ तुम्हे मैंने बहार आने की अनुमति दी तो तुम अपने क्रोध पे नियंत्रित नहीं रख पाओगे जो इस वक़्त क्रोधासुर को हमारे हाथ से बच निकलने का कारन बन सकता है )

देव का जैसे हे थोड़ा ध्यान भटका क्रोधासुर पूरी ताकत दे अपनी काली ऊर्जा का वॉर देव पे करता है

देव इस वॉर से संभल नहीं पता है आवर उसका वॉर देव को लग जाता है जिस से देव निचे गिर जाता है

क्रोधासुर ......देखा क्रोधासुर की क्रोध का असर

देव वही जमीं पे हे पड़ा रहता है क्रोधासुर चलते हुए देव के पास आता है देव यही मौका देख क्रोधासुर के पेअर को पकड़ मायावी लोक के लिया गायब हो जाता है

देव क्रोधासुर को मायावी लोक के जमीं पे ला पटकता है उसके साथ हे क्रोधासुर का सरीर आग की लपटों में घिर कर जलने लगता है

देव वही ध्यान में बेथ अनूबिस की सकती का प्रयोग कर क्रोधासुर की आत्मा को कैद करने लगता है

कुछ देर के बाद क्रोधासुर कैद हो जाता है

देव .......अब बरी है तुम्हे तुम्हारा दंड भुगतने की रूद्र बहार आओ

देव के कहते हे रूद्र बहार आ जाता है

रूद्र घर का देव को देखता है

dev....ghurna बंद करो रूद्र अगर उस वक़्त मैं तुम्हे आज़ाद करता तो तुम्हारे क्रोध से क्रोधासुर को हे लाभ होता

उसकी ऊर्जा भरने लगती तुम्हारे क्रोध से उसे ताकत मिलती

rudra.......thik है मैं समाज गया तुमने जो किया उचित किया तो फिर अब मुझे क्यों आज़ाद किया

देव .....ताकि अब तुम इसे उसके किये का दंड दो अपनी क्रोध अग्नि का प्रयोग इस्पे करो ताकि ये कैद में रहते हुए नरक की आग में जलने जैसा मह्सुश करे

देव की बात सुन रूद्र अपने क्रोधासुर अग्नि क्रोधासुर पे छोड़ने लगता है जिस से क्रोधासुर की चीखे मायावी लोक में गुजने लगी

देव ......अब तुम तब तक इस अग्नि में जलते रहोगे जब तक तुम इस कैद में कैद रहोगे

क्रोधासुर .....अह्ह्ह्हह मुझे मुक्त करो मानव अनन्यता तुम्हे मेरा क्रोध भसम कर देगा

रूद्र ......रस्सी जल गई पैर अकड़ अभी भी बाकि है

रूद्र अपनी आवर तेवर अग्नि का प्रयोग क्रोधासुर पे करता है

रूद्र .....अब ये अग्नि तब तक संत नहीं होगी जब तक तुम्हे इस कैद से मुक्ति नहीं मिलते है

तड़पते रहो इस अग्नि में

देव .....कार्य पूरा हुआ रूद्र अब महल लौट चले

रूद्र .....नहीं मैं यही पे रुकता हूँ तब आवर इसके अन्य दो भाइयो का पता करता हूँ

देव .....ठीक है पैर ज्ञात रहे तुम यहाँ से बहार जाते हे स्वयं मेरे सरीर में लौट आओगे तुम केवल यहाँ पे हे अपना सरीर दर्जन कर सकते हो

रूद्र .....जनता हूँ मैं भूलो मत मई कोण हूँ

देव .....ठीक है वैसे सपना को कोई सन्देश देना है क्या तुम्हारी आवर से

रूद्र .....क्या मतलब मैं भला सपना को क्यों सन्देश देने लगा

देव .......क्या इतनी जल्दी अपनी प्रेमिका सपना की यादें भुला दी तुम रूद्र

देव की बात सुन रूद्र को बहुत बड़ा जतका लगा

देव..... ऐसे क्या देख रहे हो मुझे मालूम है तुम्हारे आवर सौपनीका के प्रेम के विषय में

रूद्र ........तुम्हे कैसे पता चला जबकि तुम न मेरी यादे जान सकते हो आवर न सौपनीका की

देव .......क्या इस से सत्य बदल जायेगा रूद्र

रूद्र .......है ये सत्य है की सौपनीका से मैं प्रेम करता था हूँ आवर आवर आगे भी करता रहूँगा

देव .......ठीक है मैं चलता हूँ अगर तुम इस विषय में कुछ आवर बताना चाहो तो

रूद्र ......फिर कभी इस वक़्त मैं एकांत में रहना चाहता हूँ

देव .....मैं लावण्या को यहाँ भेज रहा हूँ तुम्हे उस से एकांत में मिल कर अच्छा लगेगा

ये रूद्र के लिया दूसरा जतका था

देव वह से गायब हो महल आ पंहुचा जहा सेनिको को छोड़ लग भाग सब सोये हुए थे

देव वह से निकल लावण्या आवर सपना के कक्ष में पंहुचा

देव ने अपनी कुंडली सकती का प्रयोग कर सपना को गहरी नींद में पंहुचा दिया आवर अपने मंत्र का प्रयोग कर लावण्या पे मयविलोक में परिवेश करने का के बना उसे मायावी लोक पंहुचा कर वापिस आ गया

आवर आराम से दिव्या आवर शीतल के बिच उनसे चिपक कर सो गया

सुबह सब कार्य निपटा कर देव वीर को ले कर मुंबई निकल गया

वीर .....भाई सा आप मुझे यहाँ क्यों ले कर आये है

देव ......तुम्हे मेरा स्थान ले कर डेविल प्रिंस बन कर सबके सामने आना है

वीर .........ठीक है भाई सा जैसा आप कहो पैर इसकी वजह क्या है

dev.....bhut से लोग अभी भी ऐसे है जिन्होंने ने अपने गुनाह काबुल नहीं किया है

वीर .....तो फिर आपने क्या सोचा है उनके बारे में

देव .....उन्हें कैद करने का सोचा है जो सुधर जायेगा उसे फिर से अपने परिवार में लौटने का मौका मिलेगा एक अच्छा जीवन जीने को मिलेगा

वीर .......क्या ये संभव होगा

भाई सा

देव .......देखो वीर वैसे भी वो सब मरने वाले तो है हे सबकी नजरो में अगर सुधर गए तो ठीक नहीं तो उन्हें उनके किया पापो का दंड मिलेगा

वीर .....मतलब आप अपनी माया का प्रयोग कर दुनिया के सामने उन सबको मरोगे पैर वास्तविकता में जीवित रहेंगे कैद में

देव .....उन्हें तुम मरोगे मैं वही रह कर मयजाय त्यार करूँगा

वीर ....थी है भाई सा

देव आवर वीर
वानखेड़े स्टेडियम पहुंचे

वीर ....हम यहाँ किस लिया

देव ......उन सबको यही एकता करना है ठीक 12 बजे

अभी कुछ समय है तब तक मैं अपनी माया का निर्माण करता हूँ तुम अपना कार्य करो आवर नई के माद्यम से सबको लास्ट वार्निंग दे दो

वीर ......ठीक है भाई सा जैसा आप कहो

वीर वह से गायब हो गया


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देव वही स्टेडियम में बेथ अपनी माया का निर्माण करने लगा

वीर डेविल प्रिंस रूप धार एक न्यूज़ चेंनल जा पंहुचा

डेविल प्रिंस को वह देख सबके रोंगटे खड़े हो गए उन्हें लगने लगा की जरूर वो उन्हें हे मरने आया है ( सभी ने कोई न कोई पाप जरूर किया होता है चाहे जानबूझकर कर या फिर अनमने में ) सब को अपने किये पाप आवर गलतियां याद आने लगी

डेविल प्रिंस सीधा वह जा पंहुचा जहा लाइव न्यूज़ टेलीकास्ट की की तयारी चल रही थी

डेविल प्रिंस ......कैमरा ों करो आवर लाइव टेलीकास्ट करो न्यूज़

कैमरामैन .....यस डेविल प्रिंस अभी करता हूँ

डेविल प्रिंस .........सभी क्रिमनल मेरी बात अपने सभी चढ़ खोल कर सुनलो जिन्होंने मेरी चेतावनी को नजर अंदाज किया है उनको ये आखिरी चेतावनी है आखरी 10 मिनट्स बचे है तुम्हे अपने गुनाह काबुल करने में

इसके बाद तुम्हे कोई मौका नहीं मिलेगा आवर ठीक 12 बजे तुम लोग पटल में भी छुपे तो भी अपने आप

वानखेड़े स्टेडियम पहुँच जाओगी जहाँ तुम्हें तुम्हारी की हुई गुनाहो की सजा मिलेगी तुम लोग कितनी भी कोशिश कर लो लेकिन अपने किये गुनाहो के सजा से बच नहीं सकते

इसकी सुरवात होने में अब केवल 7 मिनट्स बच्चे है खुद को सरेंडर करो या सजा भुगतने को त्यार रहो .....जल्द हे मिलते है ....

वानखेड़े स्टेडियम में

वीर वह से गायब हो वानखेड़े स्टेडियम पंहुचा जहा देव पहले से अपनी त्यार कर रखा था

वीर ....भाई सा काम हो गया

देव ......यहाँ भी सब कार्य पूरा हो गया है मैंने यहाँ पे माया का इस तरह से निर्माण किया है जो भी क्रिमिनल यहाँ पहुंचेगा वो सीधा मायावी लोक में पहुंच जायेगा उसकी यहाँ केवल क्लोन हे रहेगा

वीर ....किन्तु वह पहुंचते हे उनके सरीर नस्ट हो जायेंगे उनका क्या

देव .....ऐसा नहीं होगा मैंने ऐसी माया का निर्माण किया है की जो क्रिमनल यहाँ पहुंचेगा उसके सरीर पे अपने आप मायावी लोक का परिवेश नीसाण बन जायेगा आवर वह गायब हो वही पहुंचेगा

वीर ......ठीक है भाई सा मीडिया आवर पुलिस वाले यहाँ पहुंच रहे है

देव ....ठीक है फिर तुम अपना कार्य करो मैं अपना कार्य करता हूँ

उन्हें सभी को यहाँ लेन का ............

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अपडेट. 124

वीर ....किन्तु वह पहुंचते हे उनके सरीर नस्ट हो जायेंगे उनका क्या

देव .....ऐसा नहीं होगा मैंने ऐसी माया का निर्माण किया है की जो क्रिमनल यहाँ पहुंचेगा उसके सरीर पे अपने आप मायावी लोक का परिवेश नीसाण बन जायेगा आवर वह गायब हो वही पहुंचेगा

वीर ......ठीक है भाई सा मीडिया आवर पुलिस वाले यहाँ पहुंच रहे है

देव ....ठीक है फिर तुम अपना कार्य करो मैं अपना कार्य करता हूँ

उन सभी को यहाँ लेन का ............

अब आगे .......

कल रात मायावी लोक.....

लावण्या जब मायावी लोक पहुंची तो उसके वह पहुंचते हे रूद्र को इसका पता चल गया की लावण्या मायावी लोक में पहुंच चुकी है

इस लिया रूद्र फ़ौरन महल पंहुचा जहा लावण्या अभी भी नींद में हे थी

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रूद्र डेरी से लावण्या के पास पंहुचा आवर वही से बस लावण्या को प्यार से देखने लगा

( रूद्र .....कितने समय बाद तुम्हे देख रहा हूँ लावण्या

आज भी तुम उतनी हे प्यारी हो जितना उस वक़्त हुआ करती थी उस वक़्त तुम्हे वो प्रेम नहीं दे पाया पैर इस बार तुम्हे वो सब मिलेगा जो तुम्हे मिलना चाइये था )

रूद्र काफी देर तक अपने मन में बात करते हुआ लावण्या के खूबसूरत चेहरे में खोया रहा उसे ये तक पता नहीं चला की कितना समय हो चूका है लावण्या ने जब आँखे खोली तो किसी को अपने सामने देख पहले तो वह चौंक गई

पैर जब चेहरे पे गौर किया तो उसको लगा ये जरूर कोई सपना है

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दो तीन बार लावण्या अपनी आँखे बंद कर खोलती है

जब उसे पूरा यकीं हो जाता है की ये सपना नहीं है

हक़ीक़त है तो अपने आपकी हे उसकी आँखों में आंसू आ जाते है

लावण्या जल्दी से कड़ी हो रूद्र के गले लग जाती है

आवर पुरे चेहरे को चूमने लगती है

रूद्र को लावण्या के जागने का अहसास तब होता है जब लावण्या रूद्र के गले लगती है

रूद्र लावण्या को अपने सीने से लगा लेता है

बर्षो बाद लावण्या आवर रूद्र के इस मिलान से दोनों को अपार ख़ुशी होती है

rudra......kaise हो आप राजकुमारी लावण्या

लावण्या रूद्र की आँखों में देखती है जहा उसे प्यार हे प्यार नजर आता है

लावण्या ........मुझे यकीं नहीं हो रहा की आप मेरे सामने है सम्राट रूद्र जी

रूद्र ......तुम्हे मैंने पहले भी कहा था की तुम मुझे केवल रूद्र हे कहा करो आवर ये सच है न की कोई सपना

इस वक़्त तुम परतविलोक में नहीं हो बल्कि मेरे मायावी लोक में हो

लावण्या अभी भी रूद्र के गले लगी हुई थी

रूद्र .....चलो तुमसे बहुत साड़ी बात करनी है

रूद्र लावण्या को ले कर महल से बहार चल दिया

लावण्या .....सम्राट आप यहाँ कैसे आवर मैं यहाँ कैसे पहिची मैं तो सौपनीका के साथ

आपको पता है सौपनीका किसी आवर से विवाह कर रही जबकि आप दोनों का प्रेम.....

रूद्र .....जनता हूँ मैं वो किसी आवर से नहीं देव से विवाह कर रही है

कुछ समय बाद हे विवाह है

लावण्या .....पैर वो ऐसा कैसे कर सकती है जबकि आप दोनों के प्रेम की तो चारो लोको में मिसाल दी जाती है

rudra.......abhi सच बॉटने का समय नहीं आया है की क्यों सौपनीका देव से विवाह कर रही है वक़्त आने पे पता चल जायेगा वैसे प्रेम तो तुम भी मुझसे करती थी

लावण्या .........करती थी नहीं आज भी आप से हे प्रेम करती हूँ भले हे आपने कभी स्वीकार नहीं किया

rudra.........to क्या अब भी मुझसे विवाह कारनामे चाहती हो अपने प्रेम को पूर्ण करना चाहती हो

लावण्या ......क्या विवाह करने से हे प्रेम को पूर्णता प्राप्त होती प्रेम तो पवित्र आवर सच्चा होता है अधूरा या पूर्ण नहीं

rudra........abhi भी मेरा वही सवाल है की क्या तुम मुझसे विवाह करना चाहती हो

लावण्या .......इस पल के लिया हे तो वर्षो इन्तजार किया है मैंने की आप मुझे आवर मेरे प्रेम को स्वीकार करो किन्तु मेरे पिता के कारन सब कुछ नस्ट हो गया

रूद्र .....जो बिट चूका है हम उसको बदल नहीं सकते लावण्या इसमें कुछ उनकी गलती थी कुछ मेरी भी किन्तु इस बार ऐसा नहीं होगा इस बार तुम्हारे पिता को उनके किये कर्मो का दंड भोगना हे होगा

लावण्या ......ये संभव नहीं है सम्राट वो पहले से कही आदिक सक्तिसाली हो चुके है

रूद्र .........किन्तु हम से आदिक नहीं आवर इस बार डेविल किंग का सामना मुझसे नहीं प्रिंस रुद्रदेव सींग राणा से होगा सरीर एक आत्मा दो

लावण्या ......मैंने उनकी सकती को मह्सुश किया है

वो उनके सामने टिक नहीं सकते है

रूद्र ......नहीं लावण्या ये तुम्हारा भरम मात्रा है देव का विवाह जब अपनी बहनो से आवर सौपनीका से होगा तो उसे वो प्रेम की सकती प्राप्त होगी जिसका सामना तुम्हारे पिता कभी नहीं कर पाएंगे

लावण्या ........आप यहाँ कैसे पहुंचे जबकि आपका सरीर तो सत्यलोक में 7ऋषियों के सराप के कारन नस्ट हो गया था

आपकी आत्मा में भी तो आपकी दिव्या तलवार में कैद हो चुकी थी

रूद्र ......अभी इन सबका वक़्त नहीं आया है आवर न हे आप किसी को इस बारे में बताओगे

भूतकाल में जो गठित हो चूका है समय आने पे हे सामने आएगा

रूद्र .....अभी तुम यही सुरक्षित हो जान तक देव डेविल को समाप्त नहीं कर देता है तब तक तुम देव आवर सपना के साथ हे रहो आवर अपनी सक्तियो को अभी मुक्त नहीं करना

लावण्या .......आपको उस शैतान के बारे में कैसे मालूम

रूद्र .....देव से मुझे पता चला उसके बारे में

अब तुम्हे परतविलोक जाना चाइये आवर सपना को एक सन्देश दे देना की देव को बहुत कुछ ज्ञात हो रहा है जिसका अभी समय नहीं आया है

लावण्या .....क्या मतलब क्या ज्ञात नहीं होना चाइये आवर क्या सौपनीका जानती है की आप यहाँ है

रूद्र ....है वो सब कुछ जानती है

लावण्या ......क्या हम कुछ आवर वक़्त साथ नहीं बिता सकते है

रूद्र .....ठीक है जब तुम्हारी इच्छा हो तब चलना महल

रूद्र आवर लावण्या काफी समय तक मायावी लोक में बात की समय बिताया

फिर दोनों अपने अपने स्थान पे लौट गए

मुंबई प्रेजेंट टाइम .......

एक के बाद एक मीडिया आवर पुलिस के लोगो स्टेडियम में आ कर एकता होने लगे

जैसे दोपहर के 12 बजे आवर डेविल प्रिंस द्वारा दिया समय समानता हुआ

क्रिमिनल्स जहा जहा छुपे हुए थे वो सब अस्मांक से जैसे ूले पड़ते है वैसे हे आ आ कर गिरने लगे

ये सब हिन्दुस्थान के अलावा बहुत से आवर कंट्री में भी लाइव हो रहा था

जैसे हे क्रिमिनल्स जमीं को टच करते वैसे हे सब मायावी लोक में पहुंच गए

डेविल प्रिंस ( वीर ) .......तुम लोगो को चेतावनी दी थी मैंने अपने किये गुनाहो को काबुल कर लेते तो तुम्हे बस ज्यादा से ज्यादा जेल में दाल दिया जाता

पैर वह जिन्दा तो रहते तुमने मेरी चेतावनी को नजर अंदाज कर अपने लिया जहनुम का वो द्वार खोल दिया जिसमे अब तुम सब को अपने किये पापो के अनुपात में जलना होगा

देखते हे देखते वह का मौसम बदलने लगा

डेविल प्रिंस .........जहनुम का द्वार खुल रहा है

यहाँ जितने भी क्रिमिनल्स है उनके अलावा किसी आवर को डरने की जरुरत नहीं है

पूरा आसमा काळा काळा बदलो से घिरने लगा उनमे कड़कती बिजलिया वह खड़े सभी के अंदर दर भर रही थी

जो लाइव देख रहे थे उन सब के बदन में भी रह रह कर कपकपी से उठ रही थी

क्रिमिनल्स के टंगे कपङे लगी कुछ वह से भागने की कोशिश करने लगे

डेविल प्रिंस अपने एक हाथ ऊपर करता आवर जो क्रिमिनल्स भाग रहे थे उनकी आवर इसरा करता

तभी आसमान में मंडरा ते काळा काळा बदलो में से बहुत तेज बिजली कड़की तभी बदलो में से बिजलिया निकल कर उन क्रिमिनल्स पे गिरने लगी देखते हे देखते

एक एक क्रिमिनल्स उस बिजली से बानी राशियों में बांधने लगे आवर

उसके साथ हे उन सबकी चीखे निकलने लगी

डेविल प्रिंस .......पूरी दुनिया के क्रिमिनल्स आज इनके साथ जो हो रहा है कल इनकी जगह आप में से कोई भी हो सकता है

इस लिया अभी भी वक़्त है अपने गुनाह काबुल करना है या जहनुम की आग में जलना

डेरी डेरी बदलो के बिच एक द्वार बनने लगता है जिसमे निचे से देखने पे अग्नि की परचंड लपटे नजर आती है

सभी क्रिमिनल्स एक एक कर उस द्वार में गायब होने लगे

देखते हे देखते पूरा स्टेडियम खली हो गया जो कुछ देर बाद क्रिमनल से भर गया था

डेविल प्रिंस ......आज जो सब आप लोगो ने देखा ये दृश्य हर दूसरे दिन आपको देखने को मिलेगा आज इंडिआज में तो कल परषो किसी आवर कंट्री में

डेविल प्रिंस ......सभी कॉन्ट्रो के लोगो मेरी बात ध्यान से सुनो जिस किसी ने भी इंसान ने क्राइम किया उसे उसके किये की सजा मैं खुद दूंगा आवर मेरी सजा देने का तरीका तो आप सबने देखा हे होगा इस से बचने का केवल एक रास्ता है क्राइम करना छोड़ प्राश्चित करो जो गुनाह किये है जिनके साथ गलत किया है उनकी सेवा करने से तुम डेविल प्रिंस के कहर से बच सकते हो

तुम ये बिलकुल मत सोचना की तुम मेरी नजरो से बच जाओगे

अगर क्राइम कर तुमने ऐसा सोचा तो वो तुम्हारी सबसे बड़ी आवर आखरी भूल होगी

डेविल प्रिंस ......अगर किसी को कोई आवर प्रोब्लेम्स होती है तो वह की सर्कार से कांटेक्ट करो

अगर वो तुम्हारी हेल्प नहीं करती है तो

##########@ gmail.com पे अपनी प्रोब्लेम्स मैसेज करो

( देव .....ये सब क्या है वीर

वीर .....क्या कुछ ज्यादा कर दिया क्या भाई सा

देव .....चलो निकलो यहाँ से हमारा काम हो गया

वीर ....जी भाई सा )

डेविल प्रिंस ......अब आज्ञा चाहता हूँ फिर जल्द हे मुलाकात होगी

कुछ टीवी रिपोर्टर्स आगे बढे कुछ पूछने के लिया पैर तब तक वीर वह से गायब हो चूका था

देव भी वह से गायब हो महल पंहुचा जहा आते हे वीर हो देव सवालो की बौछार चालू हो गई

वही जो मायावी लोक पहुंचे

उनका रिमांड सेविका बड़े हे जबरदस्त तरीके से ले रही थी मायावी लोक में उनका स्वागत बहुत हे दमकदार होता है ...........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..........
 
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