Fantasy इच्छाधारी देव - Page 38 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

भाई शायद आप पिशाचराज कहना छह रहे है. तो पिशाचराज को भी अपनी तंग अदने का परिणाम तो भोगना hi है आज नहीं तो कल लेकिन यहाँ कुछ और hi भूमिका बन रही है. जो की आगे पता चल जाएगी. और जब पिशाचराज को रेतुर्न देने का टाइम आएगा तो आप समझ जायेगे की उसकी प्लानिंग देव ने कब से शुरू की. प्रेतराज तो महल में मिला था वो प्राण का बाप है.
 
अपडेट - 214

देवा – आरफा मेरी आँखों में देखो

आरफा ने इंकार में गार्डन हिला दी.

देवा मुस्करा के - क्या हुआ जब सोया था तब तो बहोत बहादुरी दिखा रही थी मुझसे सब कह भी दिया मेरे होठो को चुम भी लिया और अब…….

आरफा – हाय******* बस कीजिये न देवा प्लीज.

देवा – देखो आरफा आप आज़ाद है मेरी मुलाजिम नहीं है ये मए पहले भी कह चूका हु. लेकिन मए आपकी किसी बात से इंकार नहीं करुगा. एक दोस्त की तरह जो चाहो कह सकती हो तुम मुझसे. है तुमने कहा के तुम मुझसे प्यार करती हो तो मेरी जिंदगी का कोई भरोसा नहीं है इसीलिए मए तुम्हे अपनी लवर वाला या बीवी वाला हक़ तो नहीं दे पाउगा लेकिन प्यार के बदले प्यार दे सकता हु अगर तुम्हारा मन हो तो.

आरफा देवा के होठो पे अपना हाथ रख देती है.- खुदा के लिए ऐसी बाटे दुबारा मत कीजियेगा आपकी जिंदगी बहोत लम्बी है. आप हम सब का सहारा हो. लाखो लोगो की उम्मीद है आप, आपको हमारी भी उम्र लग जाये. कसम है आपको अब आप ऐसी बाटे मत कहियेगा कभी भी.

देवा ने आरफा के हाथो को चुम लिया - नहीं कहुगा. लेकिन तुम्हारे अरमानो का क्या आरफा?

आरफा – देवा आपके दिल तक मेरे दिल की बात पहुंच गयी यही मेरे लिए काफी है. अब मुझे कुछ न मिला तो भी कोई गम नहीं.

देवा - लेकिन अभी आपका एक उधर बाकि है जो मुझे चुकाना है.

आरफा - कैसा उधर देवा? मए भला आपको क्या उधर दूगी मए तो आपकी दी हुई जिंदगी जी रही हु.

देवा – जिंदगी उस ऊपर वाले की दें होती है किसी बन्दे में इतना डैम नहीं की किसी को जिंदगी दे सके इसीलिए ऐसा सोचना भी मत और दूसरी बात अपना उधर तो वापस ले लो.

इतना कह कर देवा ने आरफा को प्यार से अपनी तरफ किया और अपने होठ आरफा की तरफ बढ़ाये तो आरफा ने मुस्करा के अपनी आंखे बंद कर ली और देवा की साँसों को अपने होठो पे महसूस करने लगी. और उसमे hi खोटी चली गयी. देवा ने अपने होठ आरफा के होठो से कुछ इंच दूर रखे और आरफा की गरम सांसो को महसूस करने laga.jo पल पल गरम होती जा रही थी और उन गरम सांसो में एक बेहद उत्तेजक खुशबु भी थी. आरफा की बड़ी बड़ी चूचिया तेजी से उठ बैठ रही थी इतने में hi उत्तेजना के मरे उसका बुरा हल होने लगा था. जब कुछ देर तक देवा के होठो ने आरफा के होठो को नहीं छुआ तो आरफा ने अपनी आंखे खोली उसकी नजरे जैसे hi देवा से मिली देवा ने भी धीरे से आगे बढ़ कर अपने होठ आरफा के होठो से मिला दिए.

दोनों hi एक दूसरे को होठो को पहले तो बहोत स्मूथली चूस रहे थे लेकिन थोड़ी hi देर में ये किश एक डैम वाइल्ड हो गया. आरफा देवा के बालो में उंगलिया दाल के सहला रही थी और उसके होठो को बहोत तेजी से चूस रही थी मनो कोई अभी उससे देवा को अलग कर देगा. देवा भी आरफा की पूरी पीठ को सहलाते हुए उसके होठो को चूस रहा था. साटन की पिंक निघ्त्य पे देवा के हाथ फिसल रहे थे और उसके नीचे आरफा की गरम और सिल्की स्कीन भी फील हो रही थी. ये किश बहोत लम्बा चला लेकिन जब आरफा की साँसे उखाड़ने लगी तो उसने देवा को छोड़ा. और फिर शर्मा के अपनी नजरे नीचे कर के कड़ी हो गयी.

देव भी यह खड़ा हुआ - अगर आपको ये मेरी गुस्ताखी लगी हो तो मुझे माफ़ कीजियेगा आरफा.

देव के मुँह से ये शाद सुन कर आरफा ने चौंक कर नजरे उठायी और इंकार में गार्डन हिला दी और खुद hi आगे बढ़ कर देव के ीने से लिपट गयी और देव के चेहरे को चूमने लागिबाहोत सरे किश देव को कर लेने के बाद

आरफा - देव आपने मुझे छू के मेरी इज्जत बड़ाई है. अउ राइज आप गुस्ताखी का नाम दे रहे है? आप मेरे लिए क्या है ये मेरा दिल जनता है. पहले मैने आपको सोया हुआ जान कर जो कहा था अब मए वो पूरे हॉसो हवस में आपकी आँखों में आंखे दाल कर कहती हु मए आपसे बेपनाह मोहब्बत करती हु देव ी लव यू ….. ी लव यू … ी लव यू सो मच.

इतना कह कर आरफा देव को फिर से चूमने लगी और देव से पूरी तरह लिपट गयी और उसे इतना जोर से जकड लिया जैसे खड़े खड़े hi देव में समां जाना चाहती हो. तो देवा ने उसका हाथ पकड़ा और उसे बिस्तर पे बिठा दिया और आरफा के चेहरे को अपने हाथो में ले कर उस के गलो को चूमते हुए उसकी गार्डन पे चूमने लगा.

देव – आरफा क्या हमें आगे बढ़ने की इजाजत है?...

आरफा ने मुस्करा के देव को देखा और है में गार्डन हिला दी. और फिर से शर्मा के देव की छाती में अपना चेहरा छुपा लिया. देव ने उसे खुद से अलग किये बिना धीरे धीरे बिस्तर पे लिटा दिया. अब आरफा उसके सामने बिस्तर पे लेती हुई थी. तो देव किश करना छोड़ के उसे बस देखने लगा. तभी आरफा ने अपनी आँखे खोली दोनों की नजरे मिली तो आरफा को देवा की आँखों में सवाल hi नजर आये जैसे वो उसे पूरी तरह पाने से पहले आरफा की इजाजत चाहता हो.

आरफा – देवा जी ऐसे मत देखिये मए आपकी hi हु. भले hi आप मुझे पत्नी का दर्ज़ा नहीं दे सकते पर फिर भी मए हमेशा आपकी hi रहूगी. मुझे अपना बना लीजिये.

देवा ने ये सुन कर फिर से आरफा को चूमना चालू किया इस बार आरफा खुल कर सिसकारियां भर रही थी और अपनी टांग देवा की टांग के ऊपर रख कर दबाने लगी.

देवा ने उसे उठा के खड़ा किया और आरफा की ऊपर की निघ्त्य उतर दी अब वो बस एक स्लीवलेस निघ्त्य में थी जो अंदर पहनते है. वो भी आरफा की जांघो तक चढ़ गयी थी. देवा आरफा के गोर गोर कंधो को चूमने लगा और उसकी पतली सी डोरी को भी आरफा के कंधो से हटा दिया अब आरफा के नंगे गोर चिकने कंधे देवा की आँखों के सामने थे जिन्हे वो चुम भी रहा था और चूस भी रहा था.

आरफा अपने होठो को दांतो में दबा के सिसकिया ले रही थी और देवा के बालो को सहलाते हुए इन हसीं पालो का आनंद ले रही थी जो उसकी जिंदगी से गायब hi हो चुके थे. उसकी छूट ने भी नदी बहनी शुरू कर दी थी. देवा आरफा को चूमते हुए निघ्त्य को नीचे सरकता चला जाता है लेकिन निघ्त्य आरफा के तने हुए निप्पल्स पे आ कर अटक जाती है जिसे देख कर दोनों hi मुस्करा देते है.

देवा – आरफा यू हैवे नीस एंड बिग बूब्स रॉय इतस अमेजिंग.

आरफा - आल योर्स देवा प्लीज स्क्वीज़ थम , सूचक थम , बाईट थम, निचोड़ डालो इन्हे आज की रात. बहोत तरसे है ये मेरे शौहर के जाने के बाद इस प्यार के लिए आज से मए आपकी हु जैसे चाहो इन्हे उसे करो सब आपका hi है ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह्ह्ह्हहआ ाआअह hhhhhhsssssssseeeeeeeeeeummm

देवा ने निघ्त्य को पकड़ के नीचे किया तो आरफा की गोरी गोरी पहाड़ सी तानी हुई चूचियों पे उभरे हुए करीब 1 इंच के ब्राउन निप्पल्स सामने आ गए जिसने आरफा की निघ्त्य को नीचे होने से रोका हुआ था. देवा से रहा नहीं गया और उसने उन्हें मुँह में ले के चूसना चालू कर दिया.

आरफा की हालत इससे और ख़राब होने लगी , वो देवा के सर में उंगलिया दाल के सहलाते हुए अपनी hi मस्ती में मस्त होती जा रही थी. और देवा ने धीरे धीरे कर के उसकी पूरी निघ्त्य निकल दी आरफा को भी पता नहीं चला की वो अब एक छोटी सी रेशमी पेंटी में देवा से चिपकी कड़ी है. देवा उसकी चूचियों को प्यार से दबा दबा के लाल कर रहा था और साथ hi चुस्त भी जा रहा था. फिर देवा ने उसकी चूचियों को छोड़ कर अपने होठ आरफा के पेट पे रख दिए और चूमते हुए नाभि पे आ गया और आरफा की गोरी गहरी नाभि में अपनी जीभ घुसेड़ के चाटने लगा आरफा की सिसकारियां बढ़ती जा रही thi,idhar देवा ने उसकी पेंटी के ऊपर से एक बार आरफा की छूट को चुम लिया जो सामने से पूरी गीली हो चुकी थी

आरफा उस्काक कर अपनी ेडियो पे कड़ी हो गयी और देवा का मुँह पूरा अपनी छूट पे दबा दिया और गहरी गहरी साँसे लेने लगी और बिना पेंटी उतरे hi तेजी से झड़ने लगी. कई महीनो का जो जमा किया हुआ चुतरस था ो सब उसने देव के होठो पे लेकिन अपनी पेंटी में hi उड़ेल दिया था.

आरफा – eeeeeeeeeeeaaaaaaaahhhhhssssssssseeeeeee देवा मए तो गयी तुम कमल हो मेरी जान आआआअह्ह्हह्हआआउउउउउउफ देवाआआआ ओह्ह्ह्हह अअअअअअअ आआआआ****** इतना मजा आज तक मुझे नहीं मिलाआआआ thaaaaaaaaaaaa.
 
अपडेट - 215

आरफा झड़ने के बाद गहरी सांसे ले रही थी. और देवा के सीने पे सर रख कर कुछ देर सुस्ताने लगी फिर झटके से सर उठा के देवा के होठो को चूसने लगी बहोत hi वाइल्ड किश कर रही थी आरफा. उसने देवा के नाईट सूट के बटन्स खोल दिए और उसके गहरे बालो से भरी छाती को चूमने लगी कुछ hi देर में देवा कुरता और बनियान जमीन पे पड़ी थी. और आरफा देवा के सीने को सहलाते हुए चूमे जा रही थी. वो चूमते हुए नीचे आयी और देवा की निघ्त्य का इलास्टिक वाला पजामा पकड़ के नीचे कर दिए अंदर अंडरवियर में तम्बू बना देख कर आरफा की साँसे अटक गयी. उसने धीरे धीरे अंडरवियर भी पकड़ के नीचे किया तो एक झटके से देवा का विशाल लुंड बहार निकल आया और सीधे लगा आरफा के होठो को जैसे वो भी आरफा के गुलाबी होठो को चूमना चाहता हो. देवा के लुंड से उसे बहोत hi मादक खुशबु आ रही थी . जिससे आरफा तेजी से गरम होती जा रही थी.

आरफा – ऊऊह्ह्हह्ह अम्मी इतना बड़ा वो हैरानी से देवा की तरफ देखने लगी तो देवा मुस्करा दिया. और िश्रा किया तो आरफा बड़े प्यार से देवा का लुंड पकड़ के सहलाने लगी. और उसके टोपे को चुम लिया जिस पर प्रेकम की एक बूँद चमक रही थी. आरफा उसे चाट गयी

आरफा – देवा ये तो बहोत बड़ा है मेरे शौहर से तीन गुना बड़ा है ये . शायद मए आपको वो सुख न दे पाव क्यों की ये मेरे बस का नहीं है. आरफा के चेहरे पे उदासी छ गयी थी.

देवा ने उसके कंधो से पकड़ के उठाया और उसका चेहरा अपने हाथो में लेकर उसके होतो को चुम लिया

देवा – आरफा अगर तुम न करना चाहो तो मए जबरदस्ती नहीं करुगा लेकिन उस ऊपर वाले ने औरत जाट को ऐसा बनाया है के वो एडजस्ट हो जाती है. कोई दिक्कत नहीं होती.

आरफा – लेकिन ये बहोत बड़ा और मोटा है देवा और मेरी……… बहोत छोटी है.

देवा – क्या छोटी है तुम्हारी ? देवा मुस्करा रहा था.

आरफा ने देवा की आँखों में देखा और शर्मा के गार्डन नीचे कर ली

देवा – बोलो न जान क्या छोटी है तुम्हारी ?

आरफा – जाइये हम नहीं बोलते आप तो बहोत गंदे है देवा उसके होठो में अब तक एक शर्मीली मुस्कान थी.

देवा – अरे जान यू अरे ा डॉक्टर आल्सो . तो मए क्या समझौ तुम्हे तुम्हारी “वो” फ्लेक्सिबल होती है जिसे तुम छोटी कह रही हो उससे पूरा का पूरा बच्चा भी तो बहार आता है न. उस हिसाब से तो ये कुछ भी नहीं. सो रिलेक्स सब हो जायेगा. लेकिन पहले चुसो तो इसे.

आरफा ने समझने वाले तरीके से गार्डन हिलायी और शर्माती हुई नीचे बैठ गयी और देवा के लुंड को पकड़ के देखने लगी जो की उसकी मुठी में hi नहीं आ प् रहा था, और फिर उसे धीरे धीरे कर के चूमने लगी कुछ किश लुंड के टोपे पे ाकरने के बाद धीरे धीरे अपने मुँह में लिया और चूसना चालू किया. शुरू में वो सिर्फ सूपड़ा hi चूस प् रही थी लेकिन कुछ hi देर में वो करीब आधा लुंड मुँह में लेकर चूसने लगी जो के उसके गले तक टच कर रहा था और फिर उसकी स्पीड भी अब धीरे धीरे बढ़ती जा रही थी. साथ में वो अपनी थूक से साणे देवा के लुंड को मुठिया भी रही थी. देवा का लुंड उसने पूरा चिकना कर दिया उसका दूसरा हाथ अब अपनी छूट को पेंटी के ऊपर से सहला रहा था.

देवा ने उसे कंधो से पकड़ के उठाया और गॉड में लेकर बिस्तर पे लिया दिया. और उसकी जांघो को सहलाते हुए चूमने लगा और फिर आरफा की पेंटी में उंगलिया फसा के उसे नीचे कर दिया अब उस कमरे के रौशनी में आरफा की गोरी ,गुलाबी, चिकनी छूट जो उसी के कॉमर्स से भीगी हुई थी चमकती हुई देवा की आँखों के सामने आ गयी. आरफा अपनी इस हालत से शर्मा रही थी.

देवा ने अपने होठ आरफा की चिकनी बुर पे रख दिए और उसकी बुर के होठो को चुम लिया जिससे ारफ्र की सिसकारियां निकल गयी. और फिर देवा ने आरफा की बुर को अपनी उंगलियों से खोल के उसकी गुलाबी छेड़ में अपनी जीभ दाल दी जिससे आरफा की कमर बीएड से ऊपर ुस्काकने लगी और वो देवा के सर में उंगलिया फिरते हुए मचलने लगी. देवा आरफा की बुर को चूस रहा था चाट रहा था. आरफा की भी हालत ख़राब हो रही थी तभी वो बहोत तेजी से अपनी छूट देवा के मुँह पे रगड़ने लगी देवा भी उसकी गांड दबाते हुए उसकी बुर को खा रहा था.

आरफा – आआआअह्ह्ह्हह देवा खा जाओ इसे आअह्ह्ह बहोत प्यासी हु मए देवा आआआहहहहहसससससससससीईईएईउऊउउउउउफ्फ्फ्फफ्फ़आयआ ओह देवाआआआआ मए aaaaiiiiiiiiiioooohhhhmmmmmmaaaa…..

और फिर आरफा ने अपनी छूट से एक बार फिर गरम पानी निकल दिया जो जीभ से होते हुए देवा के गले में उतरने लगा देवा भी अपनी जीभ आरफा की बुर में दाल के उसे चाट ने लगा. और फिर जैसे hi अपना चेहरा उठाया

आरफा ने तुरंत उठाकर देवा के होठो को अपने होठो में भर लिया और उसे जोर जोर से चूसने लगी, थोड़ी देर बाद

आरफा - ओह्ह्ह्हह देवा आपने क्या कर दिया है मुझे ऐसा मजा तो मुझे आज तक नहीं आया सच कहु तो सुहागरात में भी नहीं आया था. प्लीज अब मत तड़पाओ और मुझ में समां जाओ प्लीज देवा मए तड़प रही हु.

देवा - आज तुम्हरी साडी प्यास बुझा दुगा मए आरफा और एक गिफ्ट भी है तुम्हारे लिए मेरे पास.

आरफा – मुझे आप मिल गए अब मुझे किसी और तोहफे की जरुरत नहीं रही देवा.

देवा – ऐसे नहीं चलेगा मेरा गिफ्ट तो लेना hi पड़ेगा. उसे हमेशा संभल के रखना तुम.

पर अभी तो मुझे ये गिफ्ट चाहिए प्लीज मत तड़पाओ न आरफा ने देवा के लुंड को सहलाते हुए कहा

देवा ने आरफा को लिटाया और उसकी दोनों टंगे खोल दी और फिर उसकी कमर पकड़ के एक जोर का झटका दिया लेकिन लुंड फिसल कर निचे चला gaya....do तीन बार डालने पर भी नहीं घुसा बहुत टाइट छूट थी आरफा की.....

आरफा —रुकिए ऐसे नहीं घुसेगा ......वैसे भी आपका बहोत बड़ा है... किसी आदमी का थोड़े hi होता है ऐसा कही घोड़े का तो नहीं लगवा liya?......mai अपनी बुर को फैलाती hu....aap पूरी ताक़त से धक्का लगा के घुसेड़ दें....

Deva—theek है...

आरफा ने अपनी बुर की फांको को दोनों हाथो से खूब फैला diya.....to देवा ने एक बार फिर से बुर के छेड़ पर लुंड टिकाया और पूरी ताक़त से धक्का मार diya......lund बुर को चीरता हुआ तीन इंच अंदर घुस गया.... आरफा की चीख निकल गयी

अच्छा हुआ वह कोई नहीं था... उसकी आँखों से अंशु बहने lage...aur आँखों के आगे अँधेरा छ gaya....deva को उसकी इस हालत पर तरस आ गया......

देवा —आरफा लुंड निकल लू बहार...?

आरफा —nahi....bilkul nahi....aap अंदर घुसेड़ते जाओ और बुर फाड़ता जाओ bas.....aapko मेरी कसम है जो आपने बुर को फाड़े बिना लुंड बहार निकला to......mai कितना भी दर्द से तड़पुं आप बुर फाड़ने से मत rukna....bas फाड़ते jao.....phadte jao...mere deva....aur घुसेड़... दो अपना पूरा लुंड आज मुझे इस दर्द में पूरे जहाँ का सुख मिल रहा है. आज तक इसी दर्द के लिए मए तरसी थी.

देवा ने भी अब रहम की और सोचना छोड़ कर लगातार दो तीन तगड़े धक्के जड़ दिए बुर me.....Aarfa की बुर ने खून की उलटी कर di….poora लुंड बुर को ककड़ी की तरह फाड़ते हुए उसकी बच्चेदानी से जा टकराया. और पूरे बिस्तर पे खून नजर आने लगा.

आरफा (जोर se)—aaaaaaaaaaahhhh....aaaaaammmmmiii.....mar...gayi...... आए ा अअअअअ aa.......aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh

और वो चिल्लाते हुए बेहोश हो gayi.....deva ने जल्दी से पास में रखे जग से उसके चेहरे पर पानी डाला जिससे वो होश में आकर रोने लगी.....

आरफा (रट huye)—meri छूट फैट gayi..deva......bahut दर्द हो रहा hai....aaaaahhhh aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
 
अपडेट – 216

देवा को तो आरफा ने कसम दे दी थी तो अब देवा धीरे धीरे छोड़ना चालू कर देता hae…..sath में उनकी चुकी भी पिने laga…..ek हाथ से चुकी मसलता भी जा रहा था….

दोहरे हमले से वो जल्दी hi फिर से गरम हो गयी और अपनी गांड ऊपर उठाने lagi….deva समझ गया की आरफा अब फुल छुडासी हो गयी है….

देवा ने दोनों चूचियों के निप्पल मरोड़ते हुए अपने धक्को की स्पीड बढ़ा दी बुर me….aur दे दाना दान आरफा की बुर पेलने लगा….

आरफा —यह यह यह अहह……… आअह्ह्ह्ह….. haa…deva….aise …hi…. और… jor…se… …पेलो मेरी बुर ko…..meri चुकी भी खूब जोर जोर से मीस्ते जाओ देवा…….. मेरे दूध में काट de……mere निप्पल भी अपने दांतो से kaat..ha…aise hi…..

देवा —आरफा मेरी जान बहुत मस्त बुर है तुम्हारी लगता hi नहीं के तुम एक शादी शुदा औरत हो बल्कि तुम्हे छोड़ते हुए ऐसा लग रहा है जैसे मए कोई कुवारी छूट छोड़ रहा hu….ab to…jab मौका मिलेगा तब pelunga……pelne डौगी न अपनी बुर....

आरफा —aaaaahhh….aaaahhhh…aapke लिए तो ये कुवारी hi थी देवा देखो कितना खून निकला है आपके लुंड ने मेरी नाजुक सी छूट से इतना खून तो मेरा पहली सुहागरात में भी नहीं निकला जितना मेरी आज आपके साथ वाली सुहागरात में निकला है. ..ha…deva……roj mujhe…aise hi पूरी नंगी कर के pelna……mai आपसे रोज अपनी बुर छुडवाउंगी …….. मए भी आपके बिना नहीं रह पाउगी. मेरी जान छोड़ो कास के मुझे.

Deva—sach में आरफा…..

आरफा – है deva………ha ओह ाअम्म्मीईई आह्ह्ह्हह….. जानते हो हॉस्टल की सभी लड़किया तुम्हारे नीचे आने को मरती है रोज तुम्हारा नाम ले लेकर एक दूसरे के सामने hi छूट में ऊँगली करती है वैसे भी वह की सब लड़कियों की छूट गीली हो जाती है तुम्हे एक नजर देख कर hi सब साली तुमसे छोड़ना चाहती है तुम चिंता मत करो जिसे चाहोगे छुड़वा दूगी. मेरे Deva…..tu सब को chodna…….sab की बुर ऐसे hi फाड़ना……

Deva—aahhhhh Aarfa....bahut मज़ा है तेरी बुर me....aur रही बात हॉस्टल की लड़कियों की तो मए किसी को नहीं छोड़ने वाला वह. चाहे कोई कुछ भी कहे एक अरे.

Aarfa—aaahhh......aur छोड़ो deva...apni इस नयी दोस्त को और छोड़ो अपनी आरफा को .........ये बुर अब आपकी hai..deva...jab मैं करे छोड़ लेना मेरी bur.......mere पति के जाने के बाद तो ये बंजर hi हो गयी थी आज आपने इसे फिर से अपने प्यार से भीगा दिया अब इसे सूखने मत देना कभी आज से आप hi मेरे शौहर हो मए आखरी सांस तक आपकी हो कर रहूगी देवा ी लव यू मेरी जाएं ससससससीएएएएएएएए aaahhhhhhhhhh उउउउउउम्मम्ममाआ

लगभग ऐसे hi एक घंटे तक दोनों की पलंग तोड़ चुदाई चलती rahi.....is दौरान आरफा चार बार झाड़ चुकी thi....deva का भी अब होने वाला था....

देवा अब खूब धक्काम पेल आरफा की बुर को छोड़ने laga.....Aarfa पूरी मस्त हो गयी थी देवा की एक चुदाई में hi उसकी चूचिया पूरी लाल कर दी थी देवा ने दबा दबा कर.

देव - आरफा मुझे तुम्हरी गांड भी बहुत पसंद है

जत —जब चाहो मार लेना अपनी आरफा की गांड भी देवा.

Deva—theek है डार्लिंग. आरफा मेरी जान मए आ रहा हु मए…. …..ये le…sambhal.

Aarfa—aaahhaaa....gira do...andar..hi deva......kar दो pregnent.....apni आरफा को

Deva—mai aaya...ye ले.............

और फिर देवा के लुंड ने आरफा की बुर को अपने पानी से भरना चालू कर diya.....ek के बाद एक न जाने कितनी लम्बी पिचकारियां छूटने लगी आरफा की बुर me...poori लबालब भर गयी उसकी bur.......aarfa भी इतना गरम और गाढ़ा माल अपनी बुर में पा कर चीखती हुई झड़ने लगी. दोनों hi एक साथ झड़ते रह ीक दूजे को कास के लिपट कर.

झड़ने के बाद देवा आरफा के ऊपर hi लेट गया.....

थोड़ी देर के बाद देवा उसके ऊपर से हैट कर बगल में लेट जाता है

तब जा कर आरफा को होश आता है. वो मुस्करा के देवा को देखती है और उसकी छाती पे अपना चेहरा रख कर लेट जाती है.

आरफा - देवा शरीर जवाब दे गया ऐसी खतरनाक चुदाई की है आपने मेरी…

………लेकिन दिल नहीं भरा दिल कह रहा है के एक बार फिर से आप मेरे ऊपर चढ़ कर मुझे रोड डालो.

देवा आरफा को बहो में भर लेता है और उसके होठो को चुम कर……

देवा- तो तुमसे किसने कहा के मए दूसरी बार चोदे बिना तुम्हे छोड़ दुगा . अभी तो पूरी रात चओदन है तुम्हे. तुम बस गिनती जाओ एक रत में कितना चुद गयी तुम्हारी ये नाजुक सी बुर सुबह इसका हाल देखना

आरफा – सच देवा मेरा भी बहोत मन है. लेकिन अभी नहीं. मुझे सांस तो लेने do.abhi तो मेरी छूट hi सुजा दी है आपने छोड़ छोड़ के.

फिर कोई आधे घंटे बाद देवा आरफा की जैम के बुर छोड़ता है और अपना पानी इस बार भी आरफा की बुर में दाल देता है. ये सिलसिला सुबह 6 बजे तक चलता रहा पता नहीं कितनी बार आरफा की छूट ने पानी छोड़ा उसने तो गिनना hi छोड़ दिया. लेकिन देवा ने हर बार अपना पानी आरफा की बुर में hi छोड़ा. सुबह आखिर थक कर आरफा की आंख कब लग गयी उसे भी पता नहीं चला.

करीब दोपहर 12 बजे आरफा की नींद खुली तो वो उठ के बैठ गयी पहले फर्श पे गिरे अपने कपडे देखे फिर अपने नंगे शरीर को देखा जो सूरज की रौशनी में चमक रहा था. उसे रत भर की हुई अपनी चुदाई याद आयी तो उसने शर्मा के अपना चेहरा अपने हाथो में छुपा लिया. तभी……

देवा – हाय हमारी जान इतना शर्मा रही है रात को तो खुल के छुड़वा रही थी हमसे.

आरफा ये आवाज़ सुन कर सामने देखती है तो देवा को खड़े पति है जो सिर्फ टॉवल में था और अभी नाहा के आया था.

देवा को यु आधा नंगा देख कर आरफा की बुर फिर से गीली होने लगती है. जिसे देवा समझ जाता है.

देवा - अब इतना मन हो रहा है तो मए टॉवल उतर के चढ़ hi जाता हु तुम्हरे ऊपर

और देवा टॉवल खोलने hi जा रहा था के आरफा झटके से उठ कड़ी होती है.

आरफा - नहीं ***** के लिए ऐसा मत करो मेरी हालत अभी भी ख़राब है और आपको मस्ती सूझ रही है.

देवा – पर आपका ये नंगा हुस्न देख कर मेरी हालत भी कुछ सही नहीं है .

आरफा जैसे hi नीचे देखती है तो शर्मा जाती है क्यों की वो जल्दबाजी में भूल hi गयी थी के वो खुद पूरी नंगी है और देवा से इस हालत में चिपकी हुई है वो शर्मा के जल्दी से वही पड़ी चादर उठा लेती है और खुद को ओढ़ के बाथरूम में भाग जाती है.

देवा उसे यु जाते देख कर मुस्करा देता है.
 
अपडेट – 217

करीब आधे घंटे बाद आरफा नाहा के बहार आती है इस वक़्त उसने सिर्फ एक टॉवल पहना हुआ था. सामने देवा बैठा था जो उसे hi देख रहा था.

आरफा - ऐसे क्या देख रहे है आप हमें? रत भर सत्ता के जी नहीं भरा क्या?

देवा – आप जैसी हसीना के साथ एक रत में कहा जी भरेगा.

आरफा आराम से चलते हुए आती है और देवा की गॉड में बैठ जाती है. और उसके होठो को चुम लेती है.

आरफा - देवा आपका साथ मेरे लिए मेरे ख्वाबो की तरह hi है मैने तो सोचा था के मेरा ये ख्वाब कभी हक़ीक़त का रूप नहीं ले पायेगा और देख लीजिये मेरी तक़दीर के न सिर्फ उस रब ने मेरा ख्वाब पूरा किया बल्कि जितना सोचा था उससे कही ज्यादा मुझे मिला आपसे. सच कहु तो मेरी तमन्ना थी आपके साथ कुछ प्यार भरा वक़्त बिताने की लेकिन आपने तो मुझे अपनी मोहब्बत से नहला hi दिया. इतना कुछ दे दिया इस एक रत में के अब तो अगर मेरी रूह भी मेरा जिस्म छोड़ दे तो कोई गम नहीं होगा. मेरे शौहर बहोत hi अचे थे मुझसे बेइंतहा मोहब्बत भी करते थे इसमें कोई शक नहीं लेकिन जो आपने दिया वो देना उनके बस में भी नहीं था क्यों की वो एक आम इंसान थे और आप बेहद खास है ऐसा क्या है आप में मए समझ नहीं प् रही हु लेकिन कुछ ऐसा है जो हर किसी में नहीं होता. और वो जो कुछ भी है आपको सबसे अलग बनता है. पहले तो आपका हक़ मेरे दिल पे हो चूका था लेकिन अब तो ये जिस्म और जान भी आपकी hi अमानत है आरफा मर जाएगी लेकिन आपकी अमानत पे किसी का हाथ भी नहीं पड़ने देगी. अरे हां मए भी कहा इन इमोशनल बातो में पद गयी अब ये सब छोड़िये और हमारा गिफ्ट दीजिये जिसके लिए आपने रत में कहा tha.duniya की हर बेगम का शौहर उसका मुँह दिखने से पहले मुँह दिखाई देता है और आपने तो न सिर्फ मेरा सब कुछ देख लिया बल्कि सब कुछ प् भी लिया और मेरा तोहफा नहीं दिया. चलिए लाइए मेरा तोहफा.

देवा – गिफ्ट तो मए दे चूका हु मेरी जान

आरफा – कहा दिया आपने?

देवा – अरे मेरी जान रत भर लिया जो तुमने

आरफा – धत्त्त बड़े ख़राब है आप. अब बाटे मत बनाइये दीजिये न मेरा तोहफा.

देवा थोड़ा सीरियस हो कर – आरफा मेरा गिफ्ट तुम्हारी कोख में पहुंच चूका है जिसके सहारे आपकी जिंदगी में बहार आएगी. आप इसी महीने प्रेग्नेंट हो जाएगी. अब आप अकेली नहीं रहेगी आपका खालीपन भरने वाला आ रहा है उसके स्वागत की तयारी कीजिये.

आरफा की आँखों में आंसू आ जाते है वो देवा से लिपट जाती है

आरफा – सच देवा क्या मए माँ बन जोगी? वो भी आपके बच्चे की? देवा मुझे इतनी ख़ुशी मत दो के मए ख़ुशी से मर hi जाऊ मुझे आपके साथ इस दुनिया में जीना है देवा आपके पास न सही आपके साथ hi सही. मैने तो सच्चा था के आप हमारे हुस्न को देखकर हमें बस अपनी एक रत की मेहमान hi बनायेगे इस नाचीज़ को इतनी इज्जत देंगे ये तो सोचा hi नहीं था हमने. अपने बच्चे की माँ बनायेगे , इतनी इज्जत? देवा मए शायद आपको कभी समझ hi नहीं पाउगी. जब भी ये सोचती हु के अब मए आपको जान गयी हु आप कुछ न कुछ ऐसा कर जाते है के लगता है आपको समझ पाना मुमकिन hi नहीं. आखिर क्यों आपने ये मेहरबानी की मुझ पर? मुझे इतनी इज्जत क्यों? मए तो आपकी कुछ भी नहीं देवा? और आप कहते है के मए आपके बच्चे की माँ बन जोगी.

देवा – बन जाओगी नहीं मेरी जान बन चुकी हो बस अब तक ये तुम्हे भी पता नहीं है. कल रत hi तुम्हारी कोख में मेरा बीज गया है और वो भी हमारी पहली चुदाई वाला गधा रास उससे तुम माँ भी बन चुकी हो.

आरफा – आप को कैसे पता?

देवा – मुझे पता है बस. और मुझे इन बातो का पता चल जाता है . आज से ठीक 9 महीने और 4 दिन बाद ठीक दिन में 11.00 बजे आप एक सुन्दर से बेटे को जनम देगी. और वही आगे चल के आपकी जिंदगी का सहारा भी बनेगा. देवा शुन्य में देखते हुए बोले जा रहा था.

आरफा – ये सब आपको कैसे पता?

देवा – मैने कहा न मुझे पता चल जाता है बस अब छोडो ये बाटे ये सब भविष्य की बाटे है अभी आज में वापस आओ खुद पे ध्यान दो नंगी बैठी हो मेरी गॉड में.

आरफा – नंगी कहा हु टॉवल पहना हुआ है.

देवा – मुझे तो नंगी hi महसूस हो रही हो और मेरा खड़ा भी हो रहा है. मए फिर से शुरू हो जाउगा.

आरफा – न बाबा न मेरी तो इतनी सूज गयी है की खुद के छूने से भी दर्द हो रहा था आज तो क्या अब मए एक हफ्ते तक नहीं ले पाउगी आप का ये घोड़े जैसा हथियार. बहोत खतरनाक है.

देवा – पर तुम्हारा इतना बुरा हाल क्यों हुआ तुम तो कर चुकी हो न पहले भी कई बार. अपने शौहर के साथ.

आरफा – है किया था लेकिन मेरे शौहर का जितना खड़ा होने के बाद दीखता था उतना तो आपका बैठा हुआ hi होता है. और जब इसे खड़ा कर के डालते हो तो....... तो हालत ख़राब न होगी क्या?

देवा – ok चलो तुम्हे मजा आया न. आराम कर लो अब

आरफा - लेकिन देवा मए सब को क्या जवाब दूगी ? मेरे शौहर तो रहे नहीं फिर ये बच्चा कैसे हुआ?

देवा – हम जब गाँव पहुचेगे तो वह सब से बता देना के तुमने अपनी कोख में एक बड़ा सा इंजेक्शन लगवाया

आरफा – के ों देवा मजाक मत करो ये मए कैसे कहुगी?

देवा – अरे यार उन्हें कहना िवफ करवाया है जिससे तुम प्रेग्नेंट हो जाओगी जिंदगी भर का सहारा तो चाहिए न. और ये टेक्निक सभी जानते है तो कोई सवाल नहीं करेगा. और तुम्हारा करैक्टर भी क्लीन रहेगा सब की नजर में.

आरफा – थैंक यू देवा. आपने मेरी लाइफ बना दी मए आपका ये अहसान कभी नहीं भुला पाउगी.

देवा – कोई अहसान नहीं है. अब उठो भी यार. और चलो तैयार हो जाओ गाँव जाना है न.

फिर आरफा देवा के होठो को जोर से चुस्ती है कुछ देर देव भी उसका पूरा साथ देता है और फिर दोनों तैयार हो कर गाँव के लिए निकल जाते है.

इधर गाँव के हॉस्पिटल में डॉ. महेश माथुर जो अमेरिका से आये हुए थे मुंबई और डॉ. आनंद के कहने पे hi गाँव आये थे. वो डॉ. आनंद के साथ उनके केबिन में बैठे हुए दन के केस को स्टडी कर रहे थे. और वही डॉ. आनंद भी कुछ फाइल्स में व्यस्त थे. थोड़ी देर बाद

डॉ. आनंद - सर क्या विचार है आपका. दन जी के बारे में कोई उम्मीद है?

डॉ. महेश माथुर – देखिये आनंद जी ऐसा केस मेरी लाइफ में कभी मेरे सामने नहीं आया. उनकी साडी hi रिपोर्ट्स नार्मल है लेकिन फिर भी कोई खास प्रोग्रेस नहीं है. पेपर्स कहते है के वो एक डैम ठीक है बिलकुल एक नार्मल इंसान जिसे कोई खांसी तक नहीं है लेकिन सामने नजर आ रहा है के वही इंसान बिस्तर से हिल तक नहीं प् रहा है. बल्कि कोमा में है. ी ऍम कन्फ्यूज्ड एंड आल्सो सुरप्रीसेड. फिर भी मए देखता हु क्या हो सकता है. इतस इंट्रेस्टिंग. चलिए जरा दन जी से मिलते है मए उन्हें खुद एक्सामिने करना चाहता हु. हे इस मोस्ट चल्लेंजिंग केस ऑफ़ माय व्होले लाइफ.

फिर दोनों hi दन के पास जाते है. जहा डॉ. महेश उन्हें खुद चेक करते है. और करीब आधे घंटे के बाद वापस वो लोग केबिन में आ जाते है.
 
अपडेट – 218

फिर दोनों hi दन के पास जाते है. जहा डॉ. माथुर उन्हें खुद चेक करते है. और करीब आधे घंटे के बाद वापस वो लोग केबिन में आ जाते है.

अब आगे…..

डॉ. माथुर- आनंद जी आपके इस हॉस्पिटल में बहोत सी सुविधाएं है जो किसी बड़ी सिटी के हॉसिपिटल में होनी चाहिए. मुझे बेहद ख़ुशी है. और दुःख इस बात का है के जिनके बेटे ने लोगो की भलाई के लिए इतना बड़ा काम कर दिया है उन्ही के पिता जी इस समय ऐसी हालत में है जो पूरी तरह से हमारी भी समझ में नहीं आ रही है. लें मुझे फिर भी कुछ उम्मीद नजर आ रही है. क्यों की अभी जब मए उन्हें चेक कर रहा था तो ½ सेकंड के लिए उनकी पलके झपकी थी. आईटी मीन्स उम्मीद तो है. बाकि मैने जो अभी टेस्ट करवाए है उनकी रिपोर्ट आने पर मए आपसे बात करता हु.

डॉ आनंद – ok सर चलिए लंच कर लेते है. टाइम का पता hi नहीं चला ी ऍम सॉरी आपको लेट हुआ.

डॉ. मुकेश - नॉट ात आल डॉ. हमारा काम hi यही है. चलिए अब लंच कर लेते है तब तक रिपोर्ट्स भी आ जाएगी.

फिर दोनों hi लंच करने चले जाते है. और फिर जब वो लंच कर के उठते है तभी डॉ. आनंद का केबिन नॉक होता है.

डॉ. आनंद - यस के इन

दरवाजा खुलता है और देवा अंदर आता है

देवा – Hello डॉ साब?

डॉ. आनंद - ओह्ह सर आप आइये आइये आप ने नॉक क्यों किया आप कभी भी बिना नॉक किये आ सकते है.

देवा – नहीं डॉ. हर काम की मर्यादा होती है. उसे निभाने दीजिये.

डॉ. आनंद - आप मुझे शर्मिंदा कर रहे है सर. आइये और इनसे मिलिए ये है अमेरिका से आये हुए सीनियर सर्जन डॉ. मुकेश माथुर. और डॉ. माथुर ये है इस हॉस्पिटल के ओनर मर. देवा सिंह.

देव -Hello सर

डॉ, माथुर. Hello यौंगमान. आपसे मिल कर बहोत ख़ुशी हुई. आइये बैठिये.

तीनो बैठ जाते है.

डॉ. माथुर – आपने बहोत अच्छा काम किया है गाँव के लिए मुझे तो यकीन नहीं हो रहा है के ऐसे गाँव में ऐसा आधुनिक हॉस्पिटल भी हो एकता है लेकिन अपनी आँखों के सामने है तो यकीन न करने का सवाल hi नहीं. है अगर किसी से सुना होता तो जरूर मए इसे एक जोके समझता. बूत ी मस्ट से ी ऍम रॉय इम्प्रेस.

देवा – थैंक्स सर. ये सब तो मेरे माँ बाप के आशीर्वाद का फल है. और उन्ही की शिक्षा है जिससे मए ये सब कर पाया.

डॉ. माथुर - आप सचमुच एक बहोत hi अचे इंसाने भी है.

देवा – डॉ. आपने मेरे बाबू जी की केस हिस्ट्री देखि, तो क्या ओपिनियन है आपके?

डॉ. माथुर - देखो बीटा जब तक शरीर में सांस है तब तक उम्मीद होती है. मैने आपके पिता जी की केस डिटेल देखि है और यहाँ आ कर उन्हें खुद एक्सामिने भी किया है. बल्कि मैने अपने हिसाब से उन्हें कुछ मेडिसिन दी थी सुबह जिससे उन्हें असर हुआ ये मैने खुद देखा और महसूस किया उनका हाथ मेरे हाथ में था उन्होंने एक बार पालक झपकाई और उनके अंगूठे से मेरा हाथ भी प्रेस हुआ. ये सब अचे संकेत है.

देव – क्या कह रहे है सर क्या सच में बाबू जी की बॉडी में मूवमेंट हुई?

डॉ. माथुर - है बेटे ये सच है इसीलिए मैने कहा के जब तक सांस है तब ताका आस है. मए आज रत अमेरिका जा रहा हु लेकिन मए डॉ. आनंद के संपर्क में रहुगा और उन्हें गाइड भी करता रहुगा. उम्मीद है तुम्हारे बाबू जी जल्दी hi ठीक हो जायेगे. लेकिन कितना जल्दी ये मए नहीं कह सकता.

देव – ओह्ह थैंक्स डॉ. आपने तो आज बहोत बड़ी खुशखबरी सुनाई है. अब आपको मेरी एक बात माननी होगी.

डॉ. माथुर - भाई हम तो आप के पास hi है जो चाहो वो मानेगे.

देवा – सर आप आज न जा के कल जाइएगा आज का डिनर तो हमारे साथ बनता है आपका . वैसे भी इतनी बड़ी हस्ती के साथ डिनर का मौका मए नहीं छोड़ने वाला.

डॉ. माथुर – हाहाहाहाहा अरे भाई हस्ती तो आप है. मुझे आपके कारनामे सुनने को मिल गए है. जहा एक तरर्फ आप लोगो की भलाई इस हॉस्पिटल के द्वारा कर रहे है वही यहाँ की बेसहारा और समाज से अपमानित हुई लेडीज को भी सहारा देकर उनका जीवन सुधर रहे आहे वो भी बिना किसी गोवत हेल्प के. और इसके साथ hi आप और आपकी टीम शहर के क्रिमिनल्स के रूप में जो गन्दगी है उसे भी साफ़ कर रहे है. सुना है आप लोगो के द्वारा hi शहर से गैंगस्टर्स का सफाया हुआ. रॉय इतस अमेजिंग . तो उस हिसाब से हस्ती आप हुए. और मए खुद चाहुगा के आप सबके साथ बल्कि आपकी पूरी टीम के साथ मुझे डिनर का चांस मिले.

देवा – थैंक्स सर. मए आपसे शाम को मिलता हु. डॉ. आनंद और आप आज रत हमारे साथ डिनर करेंगे. मए उसकी तयारी करवाता हु. अब मुझे इजाजत दीजिये.

उसके बाद देवा वह से निकल कर अपने घर आ जाता है. हॉल में इस वक़्त दिया और सावित्री बैठी थी.

देवा – hello बेऔतीफुल्ल लेडीज कैसी है आप दोनों?

दिया – आ गया देवा कहा रह गया था?

देवा – सॉरी भाभी वो क्या है न के कल शहर गया था वह किसी काम में बिजी हो गया था.

सावित्री – अरे बीटा वैसे भी तेरे बाबू जी की वजह से मन उदास रहता है. तू इस तरह मत जाया कर हमें छोड़ कर

देवा – अरे माँ तू भी न कुछ भी कहती है. चल अब मूड ठीक कर मए तुम सब को एक खुश खबरि सुननाना चाहता हु.

सड़ – क्या खुशखबरी है ?

देवा - अरे माँ वो हमारे हॉस्पिटल में डॉ. आनंद है न उन्होंने बाबू जी के लिए अमेरिका के बहोत बड़े डॉ. को बुलवाया है वो आज सुबह hi आ गए थे हॉस्पिटल और उन्होंने आज दिन भर बाबू जी के केस को देखा है. और उन्हें अपने हिसाब से दवाइया भी दी है उनका कहना है के बाबू जी ठीक हो जायेगे जल्दी hi.

सड़ – सच ……….. ये तो तूने बहोत अच्छी खबर सुनाई है लेकिन बीटा वो कब तक ठीक होंगे?

देवा – माँ ये कोई नहीं बता सकता वो ठीक हो जायेगे इस बात की गारंटी दी है डॉ. साब ने. अब तो तू खुश है न?

सड़ – है बीटा मए बहोत खुश हु. ये कहबर सुनकर तूने मेरे दिल से एक बोझ उतर दिया है. एक नयी उम्मीद दिखाई है.

देवा – तो मैने उन्हें आज रत के खाने पे बुलवाया है तो बढ़िया सा खाना तैयार करवाओ. मए आता हु.

देवा दौड़कर अपने कमरे में जाता है. और नाहा कर कपडे पहन लेता है.
 
अपडेट – 219

देवा दौड़कर अपने कमरे में जाता है. और नाहा कर कपडे पहन लेता है.

अब आगे ------

रत को खाने पे डॉ. माथुर और डॉ. आनंद आते है. सभी के चेहरे पे ख़ुशी थी. वह देव की पूरी टीम भी थी . डॉ. माथुर से सबका परिचय देव करवाता है.

सड़ – डॉ. साब आज देवा ने बताया के इसके बाबू जी ठीक हो जायेगे. क्या आपको यकीन है?

डॉ माथुर – जी है मैडम वो जल्द hi ठीक हो जायेगे. इन्फेक्ट आज hi मैने उन्हें चेक किया है कुछ दवाइया दे कर और उनमे पहले hi दिन कुछ मूवमेंट यानि कुछ फरक मुझे नजर आया है. इस हिसाब से वो लगभग एक महीने में ठीक हो जायेगे.

सड़ – आप तो हमारे लिए भगवन बन के hi आ गए आपका बहोत बहोत धन्यवाद् डॉ. साब.

डॉ. माथुर – अरे आप कैसी बाटे करती है. ये सब मेरा नहीं देवा का hi कमल है इतना high-tech हॉस्पिटल बना दिया है यहाँ. के उन्हें जल्दी ठीक करने में आसानी हो रही है. वार्ना ऐसे hi ट्रीटमेंट के लिए आपको न जाने कहा कहा भटकना पड़ता.

दिया – हमारा देवा तो करोडो में एक है. सब की मुरदे पूरी करता है…… दिया ने देवा को प्यार भरी नजरो से dekha.aur कहा.

देवा – ऐसी भी कोई बात नहीं ये सब माँ की पूजा पथ का कमल है और डॉ. साब की म्हणत का. आप सब हर बात में मुझे क्रेडिट मत दिया कीजिये यार बहोत हो गया. मुझे इंसाने hi रहने दीजिये न. कए को चने पे चढ़ा रखा है?

देवा की इस बात पे सब हसने लगे.

फिर बातो का सिलसिला देवा की टीम की तरफ घूम जाता है डॉ. माथुर बड़े ध्यान से सबकी बाटे सुन रहे थे. की उन्होंने कैसे एना गैंग का सफाया किया किस का क्या रोले रोगः. उस मिशन में. सब सुन कर डॉ. माथुर बहोत hi इम्प्रेस होते है. और पूरी टीम की खुले दिल से तारीफ करते हसे. थोड़ी देर में खाना ख़तम हुआ और डीआरएस. ने भी विदा ले ली देवा को कुछ समझा के.

फिर देवा भी अपने कमरे में आया तभी वह फ़कीर बाबा आते है.

देवा – बाबा प्रणाम.

फब – खुश रहो देव.

देवा – बाबा हमारा काम तो अधूरा रह गया. मए आपसे उस सम्बन्ध में बात करना चाहता था.

फब – देव जो काम अधूरा रह गया है उसे पूरा करने तुम जल्द hi निकलोगे तुम्हारा सोचना सही है वो बहोत hi जरूरी काम है जिसके लिए तुम सबको निकलना होगा. लेकिन उससे पहले एक काम है जिसे पूरा करना भी बेहद जरूरी है.

देवा – आदेश दीजिये बाबा.

फब – देव, पुत्र जो मए तुमसे कहने जार अहा हु उसे ध्यान से और धैर्य से सुन्ना ये कहना जितना मेरे लिए कठिन है उतना hi तुम्हरे लिए इसे सुन्ना और उस पर अमल करना कठिन होने वाला है किन्तु ये बेहद जरूरी है.

देव – ऐसी क्या बात है बाबा के आप इतना संकोच कर रहे है जॉब hi कहना है कह दीजिये.

फब – बीटा यद् है तुमने अभी कुछ दिन पहले पूनम को बताया था शरीर की भूख के बारे में .

देवा – है बाबा वो अपनी माँ और मेरे रिश्ते को लेकर चिंतित थी इसीलिए. उसे समझाया था.

फब – देवा आज मए तुमसे एक बहोत जरूरी बात करने जा रहा हु तुम्हारे बाबू जी के बारे में.

देवा – मए समझा नहीं बाबा अभी आप वो पूनम वाली बात यद् दिला रहे थे और अब बाबू जी की तबियत की बात. आप खुल कर कहिये बाबा मए समझ नहीं पा रहा हु. और आपने बाबू जी की तबियत की बात निकल के तो मुझे चिंता में दाल दिया सब ठीक तो होगा न बाबा.

फब – देव मेरे पास सिद्धिया है किन्तु मए अंतर्यामी नहीं इसीलिए भविष्य मए नहीं देख पाउगा है ग्रहो की गड़ना के मुताबिक hi मए कुछ कह सकता हु किन्तु सचाई ईश्वर की लावा कोई नहीं जनता, तुम सही हो अपने मार्ग पी दिग हो तो कुछ बुरा नहीं होगा. उस ईश्वर पे यकीन रखो. कर्म hi इंसाने के हाथ होता है परिणाम नहीं. और जिन दो बातो का तुमने पुछा वो दोनों hi बाटे एक दूजे से सम्बंधित है देव मए समझाता हु तुम्हे. तुम्हारे बाबू जी को इस दुनिया का कोई वैध या डॉ. ठीक नहीं कर सकता क्यों की उन पर अघोरी ने अपनी सहयोगी ताक़तों का वॉर किया था ठाकुर के साथ मिलकर या ठाकुर के द्वारा. और वो बेवकूफ भी अपने अधूरे ज्ञान के द्वारा ऐसा कर गया जिससे उन शक्तियों का प्रभाव बहोत ज्यादा घातक तो नहीं हुआ लेकिन फिर भी तुम्हारे बाबू जी को उसने लगभग मृतावस्था में भेज दिया है. जिसे यहाँ की भाषा में कोमा कहते है. अगर ठाकुर ने सही वार किया होता तो तुम्हारे बाबू जी उसी समय प्राण त्याग देते. पर उसे वार करना नहीं आया हलाकि कही न कही अघोरी की योजना भी यही थी के तुम्हारे बाबू जी मरे न जाये. और यही बात हमारे फायदे की साबित हुई. लेकिन ठाकुर की इस गलती का अघोरी ने भी फायदा उठाया है. वो क्या ये आगे पता चल जायेगा तुम्हे मेरी बातो से.

देवा – क्या वो वार दुबारा करेगा?

फब – है जरूर करेगा लेकिन अब उसके पास अघोरी की ताकते नहीं है. और अघोरी अब अपनी ताकते किसी को इस तरह देगा नहीं. उस समय उसने अपनी ताकते इसीलिए दी क्यों की तुम चारो यहाँ नहीं थे. तिलिस्मी चक्र में थे. अब अगर उसने ऐसा किया तो वो बहोत ज्यादा कमजोर हो जायेगा. और ये जोखिम वो उठाना नहीं चाहेगा के उसकी सेकड़ो सालो की कमाई ताक़त ठाकुर जैसा मुर्ख बर्बाद कर दे.

देवा – फिर तो ठाकुर हमारे लिए कोई बहोत बड़ी बात नहीं उसे हम बिना शक्तियों के भी संभल सकते है.

फब – है जरूर ऐसा hi होगा. लेकिन अभी बात ठाकुर की या अघोरी की नहीं है अभी बात है तुम्हारे बाबू जी की. जानते हो तुम्हारे बाबू जी के ऊपर किस ताक़त का वार किया था ठाकुर ने?

देवा – जी नहीं, आप बताइये किस ताक़त का वार था वो?

फब – कामुक पिशाच का वार था वो. वो भी उस हालत में जब वो अपनी प्यास बुझाने hi जा रहा था. किसी नारी के साथ. ऐसे पिशाच का वार उन पर किया गया. अब वो पिशाच जो पहले से अपनी काम की अग्नि में जल रहा था ऐसे में उसे बुलाया गया जिससे उसकी प्यास फिर अधूरी रह गयी. वो अत्यंत क्रोधित भी था उसने अपने क्रोध में आकर तुम्हारे बाबू जी के सरे स्नायु तंत्रो को बेकार कर दिया और क्यों की ये मायावी ताकते है. तो अपनी माया दिखने से बाज नहीं आएगी. डॉ. को लग रहा है के वो तुम्हारे बाबू जी को ठीक कर देगा लेकिन वो नहीं जनता के उसकी दी हुई हर दवाई तुम्हारे बाबू जी को मौत के मुँह में धकेलती जाएगी आज उसने अपनी दवाई दी जिससे तुम्हारे बाबू जी के जिस्म में कुछ हरकत हुई वो हरकत तुम्हारे बाबू जी के ठीक होने की नहीं उनका मौत की तरफ बढ़ाया हुआ एक कदम था. इस बात को कोई डॉ. नहीं मानेगा . डॉ. की दी हुई साडी दवाइया तुम्हरे बाबू जी को सच में ठीक कर देगी पूरी तरह से. अगर उस डॉ. का इलाज चलता रहा तो आज से ठीक एक महीने बाद तुम्हारे बाबू जी बिलकुल ठीक हो कर हस्ते मुस्कराते तुम्हारे सामने खड़े हो जायेगे.

देव – ये आप कैसी बाटे कर रहे है ीक तरफ आपने कहा कोई डॉ. उन्हें ठीक नहीं कर पायेगा दूसरी तरफ कह रहे है की वो एक महीने में पूरी तरह ठीक हो जायेगे? ये कैसी पहेली आहे बाबा?

फब – पूरी बात सुनो पुत्र. वो ठीक तो हो जायेगे लेकिन जैसे hi वो तुम्हारी माँ के साथ या किसी भी स्त्री के साथ सम्भोग करने जायेगे. उसी पल उनकी मृत्यु हो जाएगी और तब कारन किसी की समझ में नहीं आएगा. सब इसे ह्रदय आघात (हार्ट अटैक) hi मानेगे.
 
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देवा – ये आप क्या कह रहे है बाबा?

फब – है देवा यही सच है. और समस्या सिर्फ यही नहीं है. क्यों की अगर समस्या यही होती तो हम कुछ ऐसा करते की तुम्हारे बाबू जी के अंदर सम्भोग की इच्छा hi पैदा न होती लेकिन वो भी संभव नहीं क्यों की उस पिशाच ने उन पर काबू किया हुआ है. वो जैसे जैसे ठीक होते जायेगे उन्हें सम्भोग की तीव्र इच्छा होने लगेगी. और वो किसी स्त्री के संसर्ग में आने के लिए बेचैन होने लगेंगे. पहला मौका मिलते hi वो सम्भोग करने लगेंगे. और यदि ऐसा हुआ तो सम्भोग करते hi उनकी मृत्यु हो जाएगी इससे वो पिशाच और अघोरी दोनों hi जीत जायेगे और तुम्हारी होगी हर वो भी ऐसी हर जिसे तुम भी बर्दाश्त नहीं कर पाओगे. क्यों के वो तुम्हारे पिता है. इससे तुम टूट जाओगे और अघोरी एक बार फिर तुम पर विजय प्राप्त कर लेगा. और न सिर्फ तुम पर बल्कि अघोरी हर तरफ अपने पैर पसर लेगा और वो पिशाच इस गाँव की हर औरत हर लड़की को अपना शिकार बनाएगा हर मर्द के खून से अपनी प्यास बुझायेगा ये समझ लो की ये गाँव इंसानो का नहीं पिशाचो का डेरा बन जायेगा और फिर ऐसा hi होता चला जायेगा क्यों की इसे रोकने वाला कोई नहीं बचेगा. न तुम न तुम्हरे साथी. उस एक वॉर का असर सिर्फ तुम्हारे बाबू जी पर hi नहीं उसका घातक असर तुम सब पर, हम सब पर होगा. अघोरी की योजना बेहद खतरनाक है. वो इस दुनिया के सामने तुम्हारे बाबू जी को मरने के बाद भी जीवित रखेगा. मतलब उनके शरीर में फिर वो पिशाच hi रहेगा. और तुम ये जानते हुए भी अपने पिता को खुद नहीं मर पाओगे.

देवा के चेहरे पे पसीना आ गया. वो परेशां हो कर यहाँ वह टहलने लगा.

फब - क्या सोचने लगे देव? परेशां हो गए मेरी बाटे सुन कर?

देवा – नहीं बाबा मए परेशां नहीं हु बल्कि मए ये सोच रहा हु के हर समस्या अपना समाधान ले कर hi आती है. ये मैने देखा है. दुनिया की कोई भी समस्या ऐसी नहीं जिसका कोई निदान न हो. तो कृपया मुझे इस समस्या का समाधान भी बताये. क्यों के मए जनता हु के आपको पता है इस समस्या का समाधान क्या है. वार्ना आप सिर्फ मुझे ये सब बता कर भयभीत करने तो आये नहीं होंगे.

फब मुस्कराते हुए – बहोत अच्छे देवा तुम सच में एक वीर पुरुष के साथ बहोत hi तेज दिमाग वाले भी हो. तुमने सही समझा है मुझे इस समस्या का समाधान मालूम है. मए वही कर रहा था इतने दिनों तक लेकिन वो समाधान तुम्हारे लिए थोड़ा मुश्किल होगा. क्या तुम कर पाओगे?

देवा – बाबा अपने पिता जी की जान बचने के लिए मए कुछ भी करुगा. मुझे बताइये.

फब – इस पूरी बात की जानकारी सिर्फ तुम्हे और पूनम को hi होनी चाहिए. जब तक काम पूरा नहीं हो जाता. उस के बाद अगर तुम किसी को बताना चाहो तो कोई दिक्कत नहीं. वैसे मए जनता हु के बताओगे तुम तब भी नहीं किसी को.

देवा – ठीक है बाबा मए अभी पूनम को बुलाता हु.

फब - नहीं देवा वो हम दोनों को देख और सुन रही है मैने अपनी शक्ति से उसे अपने इस वार्तालाप में शुरू से शामिल किया हुआ है. इस समय वो हमारे साथ hi है अपने घर में बैठे हुए. पर अब वक़्त है उसे यही बुलाने का .

……….poonam…….yaha आ जाओ अब.

तभी वह पूनम प्रकट होती है जो देवा की तरह hi परेशां थी और उसके भी माथे पे चिंता की लकीरे थी.

पूनम - बाबा क्या ऐसा नहीं हो सकता के हम अभी उस पिशाच को अपनी शक्ति से बाबू जी शरीर से निकल फेंके. ऐसे में बाबू जी के साथ हम सब पर आया हुआ ये संकट भी दूर हो जायेगा.

देव - नहीं पूनम ऐसा शायद हम नहीं कर सकते वार्ना बाबा यहाँ आते hi हमें ऐसा करने का आदेश दे चुके होते. और अब तक हम उस पिशाच को बाबू जी के जिस्म से निकल के मसल चुके होते.

पूनम ने देव को देखा और फिर फब को देखा जो देव की बात सुन कर मुस्करा रहे थे और उनकी आँखों में देव के लिए प्रशंसा भी थी.

पूनम - बाबा आप को देख कर ऐसा लग रहा आहे के देव सही कह रहा है तो अब आप वो बताइये जो आप इस समस्या का समाधान बताने वाले थे. कृपया बताइये. कैसे बाबू जी को उस पिशाच की शक्ति से मुक्त किया जाये? और साथ hi कैसे हम सब पर आयी हुई ये मुश्किल आसान हो?

फब ने देवा और पूनम के चेहरों को देखा जिन पे ज़माने भर की उत्सुकता थी.

फब - तुम लोग ये तो जानते hi हो के दुनिया में कोई भी कार्य अकारण नहीं होता. पूनम तुम जानती हो तुम्हारी माता जी इस समय देवा की तरफ आकर्षित है.

पूनम – जी बाबा मुझे मालूम है लेकिन उस बात का इस बात से क्या सम्बन्ध है ये तो उनकी अपनी इच्छा है न.

फब मुस्कराते हुए – नहीं पूनम ये ऊपरी ताक़तों का खेल है. मन के ये तुम्हरी माता जी के शरीर की जरुरत है लेकिन देवा hi क्यों? यहाँ पुरुषो की कमी तो नहीं है न? देव तो कुछ hi समय से उन्हें भने लगा किन्तु जब देव सिर्फ इस गाँव का "देवा" था तब भी तुम्हारी माँ यही थी देव यही था तुम्हरे बाबू जी ये संसार छोड़ कर जा चुके थे तब वो देव की तरफ आकर्षित क्यों नहीं हुई? उस समय देव से बढ़कर जवान और ताक़तवर मर्द इसी गाँव में थे उनमे से कोई तुम्हरी माँ को हासिल क्यों नहीं कर पाया? ठाकुर का बीटा बाला hi क्यों नहीं कर पाया? वो तो सक्षम भी था न. क्यों की ऐसी नियति थी hi नहीं. असल में ऊपरी ताकते भी चाहती है के कुछ ऐसा हो जिससे पूरी बिगड़ी बात बन जाये उन्हें ऐसा सब होने का संकेत बहोत पहले मिल चूका था. नियति में हस्तक्षेप वो भी नहीं कर सकते. इसीलिए उन्होंने तुम्हारी माता जी को बहोत पहले hi देवा की तरफ आकर्षित करना शुरू कर दिया था जिससे तुम्हारी माता जी की इच्छा भी पूरी हो और देवा के बाबू जी की समस्या का भी समाधान हो जाये.

पूनम – बाबा कुछ समझ में नहीं आ रहा है.

फब – देखो पूनम, जरूरी नहीं के हर कोई यु hi देव की शक्तियों से आकर्षित हो कर देव की तरफ खिंचा चला आये. और देव भी हर जगह अपनी शक्तियों का उपयोग नहीं करना चाहेगा.

कई बार हालत ऐसे होते है के हम कुछ चाहते तो है किन्तु साथी hi ये भी चाहते है के वो स्वाभाविक hi हो किसी चमत्कारी शक्ति की सहायता से नहीं.

अब अगर देव को ये हालत ठीक करने है तो उसका रास्ता भी यही है के तुम्हरी माँ की इच्छा पूरी हो साथ hi देव को इस समस्या से निकलने का और अघोरी की इस चल का मुँह तोड़ जवाब देने का मौका मिलेगा. और उसको ये सफलता दिलाने का श्रेय मिलेगा तुम्हारी माँ को. इसीलिए उनका पहले से देव पे आकर्षित होना ऊपरी ताक़तों का आदेश hi था. इसे गलत मत लेना या इसे महज उनके शरीर की जरुरत hi मत समझ लेना हलाकि तुम दोनों के आलावा यदि कोई जान लेगा तो उसे ये तुम्हारी माँ के शरीर की जरुरत hi लगेगी. और मए ये भी बता दू के ये किसी और को दिखने के लिए hi हो रहा है.
 
थैंक्स बीआरओ, आपके रिव्यु के लिए. लेकिन क्या फायदा हुआ? डबल अपडेट के बाद भी कुछ रीडर्स दूसरे अपडेट के जल्दी मिलने की उम्मीद तो रखते है पर जो अपडेट आया उसे पढ़कर आगे बढ़ जाते है. दो चार शब्दों का एक कमेंट करने में क्या तकलीफ होती है उन्हें ये समझ नहीं आता. ऐसी बाते एक राइटर को हर्ट करती है जिस वजहस इ बहोत सी story's आधी रह जाती है और लोग इल्जाम राइटर पर लगते है. ये कह कर के कहानी को कैसे आगे बढ़ाना है ये राइटर समझ नहीं प् रहा है. समझना उन रीडर्स को चाहिए जो रिव्यु देना शायद अपनी इंसल्ट समझते है. यहाँ इस फोरम में जो भी राइटर कोई स्टोरी लिखता है उन में से 99% की यही परेशानी है. सब वरिटेरस यहाँ बस रीडर्स के कमेंट hi पाना चाहते है कोई नगद इनाम नहीं. और उसमे भी रीडर्स कंजूसी करे तो कैसे चलेगा? एनीवे ये साडी बाटे उन रीडर्स के लिए है जो बिना कमेंट के सिर्फ स्टोरी पढ़ना hi उचित समझते है.
 
अपडेट - 221

………अब ध्यान से सुनो. रास्ता ये है के देवा तुम्हे पहले अपनी hi माता जी को अपनी तरफ आकर्षित करना होगा . क्यों की तुम एक इच्छाधारी हो इसलिए ये तुम आसानी से कर सकते हो. उसके बाद तुम्हे पूनम की माता जी के साथ सम्बन्ध बनाना होगा. और परिस्थिति ऐसी हो के तुम्हारी माता जी तुम्हे ऐसा करते हुए देखे. जिससे वो तुम्हारे साथ समबन्ध बनाने के लिए खुद इच्छुक हो जाये. फिर तुम्हे अपनी माता जी के साथ समबन्ध बनाना होगा.

देवा और पूनम का मुँह खुला का खुला रह गया.

देवा – बाबा ये आप क्या कह रहे है? अपनी माँ के साथ सम्भोग सम्बन्ध? ये मए नहीं कर पाउगा बाबा.

फब – देवा जब पूनम की माँ तुम्हारे साथ हम बिस्तर हो तब तुम्हे कोई एतराज नहीं तो फिर अपनी माँ के साथ वही सब करने में कैसा संकोश? पूनम भी तो सब जानते हुए तुम्हे इजाजत दे चुकी है न उसने तो मन नहीं किया. सोच लो देवा ये बेहद जरुरी है हर तरफ से सोच कर फैसला करो. इसी एक महीने के अंदर तुम्हे ये करना है. क्यों की तुम्हारे बाबूजी घर आते hi जो पहला काम करेंगे वो होगा तुम्हारी माँ के साथ सम्भोग. तो उससे पहले hi तुम्हे यह कार्य करना होगा.

पूनम - लेकिन बाबा उसकी क्या जरुरत है?

फब – जरुरत है पूनम अगर न होती तो मए ये कहता hi नहीं. असल में देवा के पास दिव्या शक्तिया है जब देवा उनके साथ सम्भोग कर्जा और इसका वीर्य उनके अंदर जायेगा तो उसे ऊपरी ताकते सावित्री की कोख में संभालेगी. और जैसे hi देवा के पिता जी संभगो करेंगे तो वही सावित्री देवी की योनि में प्रवेश से वह पिशाच अपनी शक्ति बढ़ाएगा और जब देव के पिता का शरीर सावित्री की योनि में स्खलित होगा जो के असल में वो पिशाच hi स्खलित हो रहा होगा तब दन उस वीर्य की गर्मी संभल नहीं पाएंगे जिससे उन की मृत्यु होगी. लेकिन यदि सावत्री की योनि में देवा का वीर्य पहले से होगा तो तुम्हारे बाबू जी के रूप में जब वो पिशाच सावित्री की योनि में स्खलित होगा ये सोचकर की अब उसकी शक्ति बढ़ने वाली है किन्तु देवा का वीर्य उसके लिए तेज़ाब का काम करेगा उसका वीर्य जैसे hi सावित्री की योनि में सुरक्षित रखे देवा के ववर्य के साथ मिलेगा उस पिशाच की मौत उसी पल तय हो जाएगी वो बेहद कमजोर हो जायेगा उसी पल उसे दन के शरीर से खिंच निकलना आसान और सुरक्षित होगा. क्यों की तब वो खुद अपनी जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा होगा ऐसे में तुम लोगो की तरतरफ से होने वाले हमले से खुद को बहकाये , दन की जान ले या खुद को बचाये वो समझ नहीं पायेगा और यही पल उसकी मौत सुनिश्चित करेंगे. तब वो कुछ नहीं कर पायेगा. और इससे तुम्हरे बाबू जी भी बच जायेगे और पिशाच भी मारा जायेगा. इस बात का पता तुम दोनों को तो चलेगा किन्तु सावत्री या दन को नहीं. वो अपनी hi दुनिया में मस्त होंगे. और फिर आगे का जीवन उन दोनों के लिए पहले की तरह साधारण होगा. और उस पिशाच की होगी मौत वो भी बहोत भयानक, ऐसी मौत जिसे उस अघोरी ने सोचा भी नहीं होगा. वो सम्भोग का प्रेमी है न तो सम्भोग hi उसकी मौत का कारन भी बनेगा.

पूनम - बाबा लेकिन ये सब करने की क्या जरुरत है. हम माँ जी के साथ देवा का सम्बन्ध नींद में भी तो बनवा सकते है न. मकसद तो उनकी योनि में देव के वीर्य को सुरक्षित करना hi है. इससे देव को या माँ जी को अपने ऊपर ग्लानि भी नहीं होगी. या फिर उन्हें सम्मोहित कर के देवा अपने पिता के रूप में आ जाये और उनके साथ सम्भोग करे. इससे वो यही समझेगी की उन्होंने नींद में अपने पति के साथ hi सम्भोग किया है.

फब - यानि धोखे से? नहीं पूनम ये सब मुमकिन नहीं है. हर चीज की दुनिया में कोई न कोई कीमत होती है. मुफ्त में कुछ नहीं मिलता. तो अब अगर दन की जान बचानी है तो देवा को और इसकी माता जी को ये कर्म अपने पूरे होशो हवस में करना होगा. उन्हें पता होगा के वो क्या कर रही है. किस के साथ कर रहे है.

देवा – बाबा लेकिन माँ कितनी भी उत्तेजित क्यों न हो जाये आकर्षित क्यों न हो जाये फिर भी वो मेरे सामने समर्पण नहीं करेगी. और न hi मए उन पर अपनी कोई शक्ति इस्तेमाल करुगा. क्यों की धोखा तो व भी कहलायेगा न अगर मैने उन्हें अपनी संमहण से वश में किया तो.

फब – देवा अभी तुम पूनम को hi शरीर की भूख के बारे में बता रहे थे और अब खुद hi भूल गए. शरीर की भूख बहोत जबरदस्त होती है. जो वक़्त आने पे सरे नियम सरे रिश्ते तोड़ देती है. तुम अपनी कोशिश करो आगे ईश्वर पे छोड़ दो. अब मए चलता हु. लेकिन ध्यान रहे वक़्त काम है और तुम्हारे पास काम बहोत . क्यों की भले hi पूनम की माता जी तुम पे मोहित है लेकिन सम्भोग के लिए तैयार तो उनको भी तुम्हे hi करना है. जिसके लिए अभी वो खुद को तैयार नहीं कर पाई है. पर वो तैयार हो जाएगी. है उन्हें भी जल्दी तैयार करना है तो पूनम की भाभी है hi. जो बहोत पहले से तैयार है. अब रास्ता वो चुनो जो तुम्हे सही लगे. मए चलता हु.

देवा, पूनम – प्रणाम बाबा

फब - खुश रहो बच्चो.

फिर फब वह से अदृश्य हो जाते है. और पीछे देवा और पूनम दोनों hi उस शांत कमरे में पलंग पे धम्म से बैठ जाते है दोनों के hi पैरो में जान नहीं थी. दोनों hi खामोश थे. दोनों के मन में जैसे आँधिया चल रही थी. समझ में नहीं आ रहा था के अब कैसे करे, क्या करे, कहा से शुरू करे. एक तरफ माँ के साथ सम्भोग दूसरी तरफ पिता की जान.

पूनम – ये तुम्हे करना होगा देव उस दिन तुमने मुझे बहोत कुछ समझाया था आज बाबा भी वही बात समझा के गए है. बाबू जी की जान बचने के लिए तुम्हे ये करना hi होगा.

देवा के चेहरे पे दृढ़ता उभर आयी और वो शून्य में देखने लगा काफी देर के बाद उसके चेहरे पे मुस्कान आ गयी.

पूनम – सो फिनॉय प्लान बना लिया तुमने? अपनी माँ और सासु माँ को अपने साथ सुलाने का.

देवा ने पूनम के चेहरे को अपने हाथो में लेकर उअके होठो पे होठ रख दिए और दबा के चूम लिया

देवा – ये डार्लिंग प्लान इस रेडी.

पूनम - वाओ तो बताओ क्या प्लान है?

देवा – बताउगा नहीं कर के दिखाऊगा. तुम देखती जाओ.

पूनम – कर के दिखाओगे? कब?

देवा – अभी, यही इसी वक़्त.

पूनम – वेट… व्हाट? अभी? इतनी जल्दी? पर कैसे?

देवा – अरे जान पहला तीर चलना है अभी . क्यों की इस वक़्त सब सो रहे है. देखो.

फिर देवा बरी बरी सब के रूम वह दीवार पे देखता है. जहा रूद्र अपने कमरे में सो रहा था नीलम , पायल नागार्जुन सब सो रहे थे. दिया के कमरे के दृश्य भी अच्छा hi था. वो सिर्फ पेटीकोट में सो रही थी. और उसकी बड़ी बड़ी चूचियों पे हाथ रखे रघु सो रहा था. फिर बरी आती है सावित्री के रूम की जहा वो भी ब्लाउज और पेटीकोट में सो रही थी. उनकी गोरी काया कमरे में जल रहे नाईट लैंप में चमक रही थी. उनका पेटीकोट उनकी जांघो तक चढ़ गया था और ब्लाउज के ऊपर के दो बटन भी खुल गए थे. आज उनके चेहरे पे एक मुस्कान सी थी. वो आज खुश और निश्चिंत लग रही थी. उन्हें दन के ठीक होने की गुड न्यूज़ जो मिली थी.

पूनम – ये सब देखने दिखने का क्या मतलब?

देवा – यार तुम भी न उतावली ज्यादा हो देखती जाओ न.

पूनम - ok स्वीट हार्ट नाराज क्यों होते हो दिखाओ.
 
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