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देवा ने अपना हाथ आगे किया सामने नजर आती सावित्री देवी की तरफ किया जैसे जैसे देवा का हाथ ऊपर उठता जा रहा था वैसे वैसे सावित्री का पेटीकोट भी ऊपर होता जा रहा था ऐसा लग रहा था देवा उनकी टैंगो को सहला रहा है.
पूनम – क्या कर रहे हो जान क्यों उन्हें परेशां कर रहे हो सोने दो न उन्हें कितने सुकून से सो रही है.
देवा – माय लव वो जिंदगी भर ऐसे hi खुश रहे और सुकून से सोये इसके लिए उन्हें अब कुछ रेट ये सब करना होगा. देवा की नजरे अब भी सामने नजर आती सावत्री के ऊपर hi थी देवा के दोनों हाथ अब आगे को बढे हुए थे और सावत्री जो एक डैम चित्त लेती हुई थी उनका पेटीकोट उनकी जांघो तक आ गया था. देवा उनकी जंघे सहलाते हुए पेटीकोट को ऊपर की तरफ किये जा रहा था. और तभी सावित्री की आवाज वह गूँज उठी.
सावित्री – मत करो न देवा के बापू, क्या कर रहे हो सोने दो न. कितनी मीठी नींद आ रही है. मुझे गरम मत करोई मुझे कुछ हो रहा है.
ये आवाज सुन के देवा और पूनम मुस्करा उठते है.
पूनम - ये क्या उन्हें लग रहा है के ये शरारत बाबू जी कर रहे है.
देवा – है जी. उन्हें सपने में बाबू जी hi नजर आ रहे है.
तभी देवा के ऊपर होते हाथ रुक जाते है. ऊके माथे पे पसीना आ जाता है.
पूनम - क्या हुआ देवा?
देवा – wo…..wo…… उन्होंने …..
पूनम – अरे बोलो भी क्या हुआ?
देवा – वो उन्होंने pen…..penty नहीं पहनी है मेरा हाथ अभी अभी वह टच हुआ
पूनम खिलखिला के हंस पड़ी
पूनम – हहहहहहहहह अरे मेरे शोना अपनी माँ के प्राइवेट part को छूने भर से पसीना आ गया तो उनके साथ सम्भोग कैसे करोगे?
देव – शुतुप अभी इस काम पे ध्यान दो.
देव फिर सावित्री की जंघे सहलाने लगा पर अब वो हाथो को बस जांघो पे hi फिर रहा था. उसने अपनी काम शक्ति का उपयोग किया जिससे सावित्री देवी नींद में hi गरम होने लगी. और सिसकारियां भरने लगी पूनम भी उन्हें देख रही थी. कुछ कुछ गर्मी वो भी महसूस करने लगी थी अब.
पूनम – बस करो देवा बहोत हुआ.
देवा – हम्म्म ठीक है तो अब दूसरा part शुरू करते है. पूनम तू लेट जा मेरे सामने
पूनम ने देव को हैरानी से देखा – लेकिन मए क्यों ? तुम कोई शरत तो नहीं करोगे न मेरे साथ?
देवा – अरे तू लेट न मेरी रानी …. और देवा ें पूनम को कंधे से पकड़ कर अपने सामने लिटा दिया जिससे उसको भी साड़ी जांघो तक उठ गयी और उस कमरे में लाइट की रौशनी में पूनम की गोरी बेदाग टंगे चमक उठी जांघो तक जिसे देख के देवकी आंखे लाल हो गयी देव झुक कर पूनम की जांघो को सहलाते हुए चूमने लगा और वह सावित्री की हालत ख़राब होने लगी. देवा के ये चुम्बन उसे अपनी टैंगो पे और जांघो पे महसूस हो रहे थे.
सड़ – ohhhhhhhhhhhsssssseeeeeeeee देवा के बाबू क्या कर रहे हो. आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हहस्ससस्सससीएएएएएउऊउउउउम्म्मम्म्म्म aaaahhhhhhhhhh अब बर्दाश्त नहीं हो रहा देवा के बाबू . आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरे ऊपर आओ जल्दी से अब मए आपको चूमना चाहती हु.
इधर देवा ये सुन कर धीरे धीरे अपना चेहरा उठता है और मुस्करा देता है. क्यों की पूनम का चेहरा भी उत्तेजना में तप रहा था वो खुद भी बेहद गरम हो चुकी थी और उसकी छूट से निकलते रास की खुशबू देव सूंघ प् रहा था देव के इस हमले से तीनो hi उत्तेजित हो चुके थे. देव पूनम की जांघ पे होठ रख के जोर से न सिर्फ चूमता है बल्कि जांघ के उस हिस्से को मोह में लेकर चूस लेता है और सीधा हो जाता है यही हमला सावित्री अपनी जाँघपए महसूस कर के हड़बड़ा जाती है. और अपने सामने देखती है तो उसे देव का मुस्क्रत चेहरा नजर आता है जो उसकी नंगी जांघो के पास था
एक झटके से सावित्री उठ के बैठ जाती है देवा ने अपने हाथ नार्मल कर दिए थे अब वह सावित्री को कुछ फील नहीं हो रहा था. न hi उसे कोई नजर आ रहा था. लेकिन थोड़ी देर पहले का स्पर्च्च और काम क्रीड़ा वो भूल भी नहीं प् रही थी. वो पसीने में भीगी हुई थी. उसने अपनी साड़ी में हाथ दाल के बहार निकला तो उसकी उंगलिया पूरी गीली थी मतलब उसकी छूट भी पूरी तरह बाह रही थी.
तभी वह सावित्री की आवाज़ गूँज उठी.
सड़ – ये क्या हुआ मए तो देवा के बापू का सपना देख रही थी वो मुझे प्यार दे रहे थे. मेरी साड़ी उठा के सहला रहे थे. उनकी उंगलियों ने मेरी छूट को भी एक बार छुआ था. फिर वो मेरी टैंगो और मेरी जांघो को चूमने लगे. है वो देवा के बापू hi थे. लेकिन जब मैने उन्हें अपने ऊपर आने को कहा और उन्होंने मेरी जांघो से चेहरा उठा के मेरी आँखों में देखा तो …….. नहीं नहीं ये नहीं हो सकता. लेकिन…….. हुआ तो यही… wo……wo….. देवा के बापू नहीं खुद देवा था. मेरा बीटा….
हाय राम ये कैसा पाप हुआ मुझसे नींद में? मए अपने बेटे के साथ वो सब कर रही थी. ये मुझे ऐसा क्यों नजर आया? देवा तो कभी मुझे इस नजर से नहीं देखता? न मैने कभी उसे इस नजर से देखा है फिर अचानक ऐसा सपना?
…………है यही हो सकता है आजकल देवा hi मेरी नजरो के सामने रहता है न सारा दिन इसीलिए मुझे उसका चेहरा नजर आया होगा. पर फिर भी वो सब करते हुए मए देवा के साथ ? कितना अजीब लग रहा है मुझे. अच्छा हुआ ये सपना hi था. और ये कभी हक़ीक़त नहीं हो सकती. वो मेरा बीटा है. …. पर उसका अहसास कितना अच्छा था अब तक मुझे मेरे बदन पे देवा के होठ महसूस हो रहे है.
……हाय राम ये मए क्या सोचने लगी. कही मेरी बहु को पता चला तो क्या सोचेगी मेरे बारे में. के मए कैसी माँ हु जो अपने बेटे के बारे में ऐसा सोच रही हु.
यही सब सोचते हुए वो पलंग से उत्तरी और अपने ब्लाउज के बटन लगा लिए और बाथरूम चली गयी.
पूनम – क्या नाटक है यार. अपनी माँ को hi गरम कर दिया. और साथ में मुझे भी. देखो उन्हें कितना गिल्ट फील हो रहा है. और ऐसे में भी वो मेरे बारे में सोच रही है कितनी स्वीट है न माँ जी.
देवा – क्या बोल रही हो पूनम ये हमारे गेम का 1सत स्टेप है ये सब नहीं करुगा तो वो सब कैसे करुगा ?
पूनम – एग्री . अब?
देवा – अब उन्हें लाइव शो देखना है यहाँ आकर.
पूनम – व्हाट? पागल हुए हो?
देवा – ओह्ह्ह के ों किते प्लीज मुझे मेरा काम करने दो.
तभी सावित्री जांघो तक पेटीकोट उठाये बाथरूम से बहार आयी. उनकी टैंगो पे पानी लगा था शायद पेशाब करने के बाद बुर धोयी थी उसी वजह से.
उन्होंने वही पड़े नैपकिन से पहले अपनी टंगे पोची फिर हाथ पेटीकोट में दाल के अचे से अपनी बुर को पोछा. और वो बिस्तर पे जा hi रही थी के देवा कह उठा,
देवा – माँ कैसा लगा मेरा प्यार? मेरे पास आओ न माँ मेरे कमरे में.
सावित्री – ये क्या हो रहा है मुझे? ऐसा लग रहा है मेरा देवा मुझे दिल से बुला रहा है. जाऊ ? या नहीं?
देवा – आओ न माँ
देवा ने अपना हाथ आगे किया सामने नजर आती सावित्री देवी की तरफ किया जैसे जैसे देवा का हाथ ऊपर उठता जा रहा था वैसे वैसे सावित्री का पेटीकोट भी ऊपर होता जा रहा था ऐसा लग रहा था देवा उनकी टैंगो को सहला रहा है.
पूनम – क्या कर रहे हो जान क्यों उन्हें परेशां कर रहे हो सोने दो न उन्हें कितने सुकून से सो रही है.
देवा – माय लव वो जिंदगी भर ऐसे hi खुश रहे और सुकून से सोये इसके लिए उन्हें अब कुछ रेट ये सब करना होगा. देवा की नजरे अब भी सामने नजर आती सावत्री के ऊपर hi थी देवा के दोनों हाथ अब आगे को बढे हुए थे और सावत्री जो एक डैम चित्त लेती हुई थी उनका पेटीकोट उनकी जांघो तक आ गया था. देवा उनकी जंघे सहलाते हुए पेटीकोट को ऊपर की तरफ किये जा रहा था. और तभी सावित्री की आवाज वह गूँज उठी.
सावित्री – मत करो न देवा के बापू, क्या कर रहे हो सोने दो न. कितनी मीठी नींद आ रही है. मुझे गरम मत करोई मुझे कुछ हो रहा है.
ये आवाज सुन के देवा और पूनम मुस्करा उठते है.
पूनम - ये क्या उन्हें लग रहा है के ये शरारत बाबू जी कर रहे है.
देवा – है जी. उन्हें सपने में बाबू जी hi नजर आ रहे है.
तभी देवा के ऊपर होते हाथ रुक जाते है. ऊके माथे पे पसीना आ जाता है.
पूनम - क्या हुआ देवा?
देवा – wo…..wo…… उन्होंने …..
पूनम – अरे बोलो भी क्या हुआ?
देवा – वो उन्होंने pen…..penty नहीं पहनी है मेरा हाथ अभी अभी वह टच हुआ
पूनम खिलखिला के हंस पड़ी
पूनम – हहहहहहहहह अरे मेरे शोना अपनी माँ के प्राइवेट part को छूने भर से पसीना आ गया तो उनके साथ सम्भोग कैसे करोगे?
देव – शुतुप अभी इस काम पे ध्यान दो.
देव फिर सावित्री की जंघे सहलाने लगा पर अब वो हाथो को बस जांघो पे hi फिर रहा था. उसने अपनी काम शक्ति का उपयोग किया जिससे सावित्री देवी नींद में hi गरम होने लगी. और सिसकारियां भरने लगी पूनम भी उन्हें देख रही थी. कुछ कुछ गर्मी वो भी महसूस करने लगी थी अब.
पूनम – बस करो देवा बहोत हुआ.
देवा – हम्म्म ठीक है तो अब दूसरा part शुरू करते है. पूनम तू लेट जा मेरे सामने
पूनम ने देव को हैरानी से देखा – लेकिन मए क्यों ? तुम कोई शरत तो नहीं करोगे न मेरे साथ?
देवा – अरे तू लेट न मेरी रानी …. और देवा ें पूनम को कंधे से पकड़ कर अपने सामने लिटा दिया जिससे उसको भी साड़ी जांघो तक उठ गयी और उस कमरे में लाइट की रौशनी में पूनम की गोरी बेदाग टंगे चमक उठी जांघो तक जिसे देख के देवकी आंखे लाल हो गयी देव झुक कर पूनम की जांघो को सहलाते हुए चूमने लगा और वह सावित्री की हालत ख़राब होने लगी. देवा के ये चुम्बन उसे अपनी टैंगो पे और जांघो पे महसूस हो रहे थे.
सड़ – ohhhhhhhhhhhsssssseeeeeeeee देवा के बाबू क्या कर रहे हो. आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हहस्ससस्सससीएएएएएउऊउउउउम्म्मम्म्म्म aaaahhhhhhhhhh अब बर्दाश्त नहीं हो रहा देवा के बाबू . आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरे ऊपर आओ जल्दी से अब मए आपको चूमना चाहती हु.
इधर देवा ये सुन कर धीरे धीरे अपना चेहरा उठता है और मुस्करा देता है. क्यों की पूनम का चेहरा भी उत्तेजना में तप रहा था वो खुद भी बेहद गरम हो चुकी थी और उसकी छूट से निकलते रास की खुशबू देव सूंघ प् रहा था देव के इस हमले से तीनो hi उत्तेजित हो चुके थे. देव पूनम की जांघ पे होठ रख के जोर से न सिर्फ चूमता है बल्कि जांघ के उस हिस्से को मोह में लेकर चूस लेता है और सीधा हो जाता है यही हमला सावित्री अपनी जाँघपए महसूस कर के हड़बड़ा जाती है. और अपने सामने देखती है तो उसे देव का मुस्क्रत चेहरा नजर आता है जो उसकी नंगी जांघो के पास था
एक झटके से सावित्री उठ के बैठ जाती है देवा ने अपने हाथ नार्मल कर दिए थे अब वह सावित्री को कुछ फील नहीं हो रहा था. न hi उसे कोई नजर आ रहा था. लेकिन थोड़ी देर पहले का स्पर्च्च और काम क्रीड़ा वो भूल भी नहीं प् रही थी. वो पसीने में भीगी हुई थी. उसने अपनी साड़ी में हाथ दाल के बहार निकला तो उसकी उंगलिया पूरी गीली थी मतलब उसकी छूट भी पूरी तरह बाह रही थी.
तभी वह सावित्री की आवाज़ गूँज उठी.
सड़ – ये क्या हुआ मए तो देवा के बापू का सपना देख रही थी वो मुझे प्यार दे रहे थे. मेरी साड़ी उठा के सहला रहे थे. उनकी उंगलियों ने मेरी छूट को भी एक बार छुआ था. फिर वो मेरी टैंगो और मेरी जांघो को चूमने लगे. है वो देवा के बापू hi थे. लेकिन जब मैने उन्हें अपने ऊपर आने को कहा और उन्होंने मेरी जांघो से चेहरा उठा के मेरी आँखों में देखा तो …….. नहीं नहीं ये नहीं हो सकता. लेकिन…….. हुआ तो यही… wo……wo….. देवा के बापू नहीं खुद देवा था. मेरा बीटा….
हाय राम ये कैसा पाप हुआ मुझसे नींद में? मए अपने बेटे के साथ वो सब कर रही थी. ये मुझे ऐसा क्यों नजर आया? देवा तो कभी मुझे इस नजर से नहीं देखता? न मैने कभी उसे इस नजर से देखा है फिर अचानक ऐसा सपना?
…………है यही हो सकता है आजकल देवा hi मेरी नजरो के सामने रहता है न सारा दिन इसीलिए मुझे उसका चेहरा नजर आया होगा. पर फिर भी वो सब करते हुए मए देवा के साथ ? कितना अजीब लग रहा है मुझे. अच्छा हुआ ये सपना hi था. और ये कभी हक़ीक़त नहीं हो सकती. वो मेरा बीटा है. …. पर उसका अहसास कितना अच्छा था अब तक मुझे मेरे बदन पे देवा के होठ महसूस हो रहे है.
……हाय राम ये मए क्या सोचने लगी. कही मेरी बहु को पता चला तो क्या सोचेगी मेरे बारे में. के मए कैसी माँ हु जो अपने बेटे के बारे में ऐसा सोच रही हु.
यही सब सोचते हुए वो पलंग से उत्तरी और अपने ब्लाउज के बटन लगा लिए और बाथरूम चली गयी.
पूनम – क्या नाटक है यार. अपनी माँ को hi गरम कर दिया. और साथ में मुझे भी. देखो उन्हें कितना गिल्ट फील हो रहा है. और ऐसे में भी वो मेरे बारे में सोच रही है कितनी स्वीट है न माँ जी.
देवा – क्या बोल रही हो पूनम ये हमारे गेम का 1सत स्टेप है ये सब नहीं करुगा तो वो सब कैसे करुगा ?
पूनम – एग्री . अब?
देवा – अब उन्हें लाइव शो देखना है यहाँ आकर.
पूनम – व्हाट? पागल हुए हो?
देवा – ओह्ह्ह के ों किते प्लीज मुझे मेरा काम करने दो.
तभी सावित्री जांघो तक पेटीकोट उठाये बाथरूम से बहार आयी. उनकी टैंगो पे पानी लगा था शायद पेशाब करने के बाद बुर धोयी थी उसी वजह से.
उन्होंने वही पड़े नैपकिन से पहले अपनी टंगे पोची फिर हाथ पेटीकोट में दाल के अचे से अपनी बुर को पोछा. और वो बिस्तर पे जा hi रही थी के देवा कह उठा,
देवा – माँ कैसा लगा मेरा प्यार? मेरे पास आओ न माँ मेरे कमरे में.
सावित्री – ये क्या हो रहा है मुझे? ऐसा लग रहा है मेरा देवा मुझे दिल से बुला रहा है. जाऊ ? या नहीं?
देवा – आओ न माँ