Fantasy इच्छाधारी देव - Page 37 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

अघोरी की ये चल अभी तक कोई समझ नहीं पाया है और उसने इस बार ये चल बहोत फुर्ती से चली है जहा इस वक़्त सब दन को लेकर परेशां है वही उसका पिशाचराज से न सिर्फ मिलना बल्कि अपनी योजना को भी सफलता से चल देना तारीफ एक काबिल है. और ये देव एंड टीम के लिए काफी मंहगा पद सकता है. अब ये तो भविष्य में पता चलेगा के देव क्या करता है उसे अघोरी की इस चल का पता कब चलता है. क्यों की देव ज्यादा देर इससे अनजान तो रहेगा नहीं. लेकिन फिर अघोरी की इस चल का देव के पास क्या इलाज है वो कैसे इससे निपटेगा, क्या कुछ ऐसा होगा जो किसी ने सोचा नहीं होगा? या वो डायरेक्ट अघोरी पे hi चढ़ जायेगा? क्या रूद्र इस चल को समझ पायेगा? या पूनम ? या कोई और समझेगा और इस समस्या का क्या इलाज होगा? लेटस सी.......... थैंक्स फॉर योर रिव्यु बीआरओ
 
अपडेट - 207

देव – मुझे घर से एक मेहमान को लाना है उसके बाद चलते है. मए आ जाउगा थोड़ी देर में आप तैयार हो जाइये.

अरफ़ा – ok मए इंतजार करुँगी.

अब आगे……

फिर देव सीधा घर आजाता है. जहा घर का माहौल तो वैसे hi ग़मगीन चल रहा था. दन की तबियत की वजह से. वही पर सामने दिया, पायल और कम की वाइफ और उनके बच्चे बैठे थे.

देव – मैडम आपको इस घर में कोई परेशानी तो नहीं है न?

…………. सबसे पहली बात तो मेरा नाम गीता है मैडम नहीं और आप लोग प्लीज मुझसे ऐसे बात मत कीजिये मुझे बहोत ख़राब लग रहा है, आपने तो मेरी इज्जत बचायी साथ hi मेरी और मेरे बच्चो की जान भी बचायी. मुझे तो समझ में नहीं आ रहा है के मए आपका कैसे शुक्रिया ऐडा करू. और आप लोग है ेके मुझे और चढ़ाये जा रहे है. थिस इस नॉट फेयर.

देव – देखिये गीता जी अब आप हमें शर्मिंदा कर रही है, अरे ये तो हमारा काम था इंसानियत के नाते भी और पुलिस में होने के नाते भी इसीलिए अब आप ये नहीं कहेगी. वैसे आपकी कम साब से बात हो गयी है न?

गीता – जी है. मैने उनसे कल रत को भी बात कर ली थी. वो तो उसी समय आ रहे थे यहाँ जब मैने मन किया तो गाडी भेजने का बोलने लगे लेकिन जब मैने उनसे कहा के मए सेफ हु तब वो निश्चित हुए. अभी वो गाडी भेजने वाले है थोड़ी देर पहले भी मेरी बात हुई है उनसे.

तभी गीता का मोबाइल फ़ोन बज उठा.

गीता - इन्ही का फ़ोन है.

गीता ने फ़ोन उठाया और बात करने लगी तो देव ने फ़ोन माँगा गीता ने भी अपने पति को बताया और देव को फ़ोन दे दिया.

देव – गुड़ मॉर्निंग सर.

ये है हमारी कहानी के कम मर. दिनेश भार्गव. एक बहोत hi अचे और सुलझे हुए व्यक्तित्व के मालिक पर्सनल्टी एवरेज hi है न मोठे न पतले, ज्यादा ऊँचे न hi छोटे. चेहरे पर एक रईसी और आँखों में चमक .

भार्गव जी – गुड़ मोरिंग भाई साब. आपका बहोत बहोत धन्यवाद जो आपने कल मेरे परिवार की रक्षा की है. मए दिल से आपका शुक्रगुजार हु.

देव – अरे सर अभी मए गीता मैडम से यही कह रहा था के ऐसे कह कर हमें शर्मिंदा न करे ये तो हमरा फ़र्ज़ है.

भार्गव जी – ये आपकी अच्छे है जो आप ऐसा कह रहे है, कभी आइये न हमारे घर, मुझे आप से मिल कर ख़ुशी होगी.

देव – जी जरूर आएंगे.

भार्गव जी – मए बस ड्राइवर को भेज hi रहा hu.wo गीता और बच्चो को ले जायेगे. ी होप आपको ज्यादा परेशानी नहीं हुई होगी मेरे परिवार की वजह से.

देव – ये आप कैसी बात कर रहे है सर, इसमें परेशानी वाली तो कोई बात hi नहीं, बल्कि मेरी पूरी फॅमिली गीता मैडम और बच्चो से मिल कर बहोत खुश हुई है, और आप परेशां मत होइए. मए अभी सिटी hi आ रहा हु अपने किसी काम से. तो मए मैडम को घर पे ड्राप कर दुगा.

भार्गव जी – अरे आप क्यों तकलीफ करते है साब.

देव – इसमें तकलीफ की कोई बात नहीं मुझे अभी आना hi है इसीलिए मए ले आता हु हम लोग बस थोड़ी hi देर में निकल रहे है. don’t वोर्री इतस माय प्लेअसुरे.

भार्गव जी - चलए फिर आ जाइये इसी बहाने आपसे आज hi मुलाकात हो जाएगी. आप लोग आराम से आइये मए आप का वेट करुगा.

देव – सो नीस ऑफ़ यू सर. थैंक यू.

उसके बाद कॉल कट हो गयी

गीता – अरे देवा जी मए ड्राइवर के साथ चली जाती न.

देव – ाजी आप हमें hi अपना ड्राइवर समझ लीजियेगा और जो टिप देनी हो दे दीजियेगा.

गीता और दिया हसने लगी देव की बात पर.

देव – अच्छा आप लोगो ने नाश्ता किया के नहीं?

गीता - है जी हमने और बच्चो ने नाश्ता कर लिया है पायल और भाभी के साथ आप चिंता मत कीजिये.

देव – भाभी मुझे अभी आरफा को लेकर सिटी जाना है उसका वह माकन है तो उसे ट्रांसफर करवाना है उसके पति तो अब रहे नहीं इसीलिए हम जा रहे है गीता जी को इनके घर छोड़ कर इस काम में लग जायेगे शायद आज ना आ पाए तो आप चिंता मत करना माँ को भी बता देना.

दिया – ठीक है देव अपना ख्याल रखना और रात को ड्राइव मत करना बस न आ सको टाइम से तो कॉल कर देना.

देव – ok भाभी अब हम चलते है.

फिर देव घर से निकला गीता और बच्चो को लेकर और सीधा हॉस्पिटल पंहुचा.

गीता तो वो आलिशान हॉस्पिटल देखकर दांग रही गयी.

गीता – ववववव क्या हॉस्पिटल है अगर यहाँ हॉस्पिटल का बोर्ड न हो तो कोई इसे एक बहोत hi आलिशान पैलेस hi समझेगा. किसी बहोत बड़े आदमी का लगता है ये तो, पर ऐसा कौन सा इंसान है जिसने इतनी मेहरबानी इन गाँव वालो पे कर दी है? वो जरूर कोई नेक और दरया दिल hi होगा.

इधर देव की गाडी देख कर आरफा भी आगयी थी इसने गीता को पहचान लिया था (आखिर भार्गव जी की वाइफ थी कोई मामूली हस्ती नहीं.) और उसने गीता की आखरी वाली बात भी सुन ली थी.

आरफा – जी है वो इंसान वाकई में बहोत hi नेक और दरिया दिल है उनके दिल में सब के लिए बहोत सम्मान और केयर है मैडम.

गीता - आप जानती है उन्हें?

आरफा – जी है जानती भी हु और आपको मिलवा भी सकती हु.

गीता – रॉय ? कौन है वो?

आरफा – आपके साथ hi तो बैठे है आपके ड्राइवर बन कर.

गीता की आँखे चौड़ी हो गयी

गीता – no वे…………. देव ये भी आपका कारनामा है? रॉय ी ऍम डीपली इम्प्रेस विथ यू. क्या पर्सनल्टी है आपकी जितना जानती हु उससे गहरा hi पति हु. हर बार झटका देते हो यार. वैसे इनकी तारीफ?

देव – वैसे तो जितनी की जाये काम है, फिर भी जानकारी के लिए बताता हु के ये है मैडम आरफा. हमारे हॉस्पिटल की एक काबिल डॉक्टर. इन्ही को लेने हम अभी यहाँ आये है और इन्ही के काम से सिटी भी जाना है मुझे.

गीता – hello आरफा आप जानती है मुझे ?

आरफा – hi मैडम. आपको कौन नहीं जनता आप इतनी फेमस पर्सनल्टी है.

गीता – ओह के ों ी ऍम नॉट यार. और ये मुझे मैडम नहीं सिर्फ गीता कहो मुझे ये बहोत ऑक्वर्ड लगता है. वैसे भी मेरे दोस्त मुझे गीता hi कहते है.

आरफा – लेकिन हम तो अभी hi मिले है न तो मए आपकी दोस्त बन पाव ऐसी खुशकिस्मती मेरी कहा?

गीता – आप मुझे जानती है, मए अभी आपको जान गयी बाकि बची हुई कसार गाड़ी में जब आप आएगी तो वो भी पूरी हो जाएगी तो हो गयी जान पहचान एक दोस्त बनाने के लिए और क्या चाहिए तो हुई न तुम मेरी दोस्त?

आरफा - ok गीता. आप भी बहोत hi स्वीट है आप में जरा सा भी घमंड नहीं यू अरे सुच ा नीस लेडी. एंड सो मच ब्यूटीफुल यू अरे.

देव – चलो बच्चो आप दोनों आगे आ जाओ अब ये दोनों नीस लेडी मिल गयी है हमें कौन पूछेगा .

गीता और आरफा हसने लगी बच्चे आगे आकर बैठ गए तो देव ने गाडी आगे बढ़ा दी.
 
अपडेट – 208

देव – चलो बच्चो आप दोनों आगे आ जाओ अब ये दोनों नीस लेडी मिल गयी है हमें कौन पूछेगा .

गीता और आरफा हसने लगी बच्चे आगे आकर बैठ गए तो देव ने गाडी आगे बढ़ा दी.

उधर जीत ने आरफा से उसके बारे में पुछा तो आरफा ने उसे शुरू से अब तक की उसकी पूरी कहानी बता दी और ये भी के कैसे देव की टीम ने उसे भी कुछ वैसी hi परिस्थितियों से बचाया था जिससे गीता खुद निकल के आयी थी और ये सब सुन कर गीता की नजरो में देव के लिए सम्मान और इज्जत और ज्यादा बढ़ गया. वो देव को कुछ अलग hi, अजीब नजरो से देखते हुए गीता की बाते सुन रही थी उसे देव के साथ होने पे एक ख़ुशी सी महसूस हो रही थी. एक सुरक्षा का अहसास हो रहा था. जैसे के देव के साथ होते हुए उसे दुनिया की कोई ताक़त गाला टाइरैड से छू भी नहीं सकती.

कोई दो घंटे के बाद ये लोग सिटी पहुंच गए तो गीता के बताने के मुताबिक देव गाडी बढ़ता हुआ उनके बंगले पे पहुंच गया.

गीता – आइये अंदर चलते है.

देव – अरे नहीं गीता जी अभी हमें इजाजत दीजिये फिर कभी आएंगे.

गीता – क्या बात कर रहे है आप, मुझे घर से निकलवाओगे क्या? अगर मैने ऐसे hi आपको जाने दिया तो मेरे पति देव मुझे भी बहार कर देंगे. आइये जल्दी से.

फिर देव और अरफ़ा भी घर में चले जाते है.

अंदर भार्गव साब घर के दूसरे हिस्से में बने गार्डन में बैठे थे और किसी से फ़ोन पर बात कर रहे थे. तभी एक नौकर आया.

नौकर – साहिब मेम साब आ गयी है साथ में कुछ मेहमान भी है.

भार्गव फ़ोन पे – ok मए आपसे जल्द hi बात करता हु. ( और फिर उन्होंने फ़ोन काट दिया)………. अरे जा और जो मेहमान आये है उनके लिए बढ़िया सा नाश्ते पानी का इंतजाम कर अंदर डाइनिंग टेबल पे हम आते है.

फिर भार्गव जी भी उठकर अंदर को चल दिए और लिविंग रूम में जब पहुंचे तो सब के साथ गीता भी वही पहुंच चुकी थी.

भार्गव जी – अरे वाह आप लोग आ गए वेलकम. तुम कैसी हो गीता?

गीता अपने पति को देख कर भावुक हो गयी और दौड़ कर उसके गले लग गयी. और रोने लगी. दोनों बच्चे भी अपने बाप से मिलने लगे.

थोईडे देर के उनके मिलान के बाद .

भार्गव जी – अरे आप लोग खड़े क्यों है बैठिये न प्लीज. आओ गीता.

गीता – सुनिए यही है वो फरिश्ता. देव नाम है इनका. इन्ही की टीम की वजह से मए आज आपके सामने सही सलामत हु.

भार्गव जी हाथ जोड़ कर देव के सामने आ गया.

भार्गव जी – मए किस जबान से आपका धन्यवाद करू मुझे समझ नहीं आ रहा है. आपने मेरे परिवार की रक्षा कर के मुझे जीवन दान दिया है.

देव – अरे सर अब आप मुझे शर्मिंदा कर रहे है. प्लीज ऐसी बाते मत कीजिये. ये तो हमारा फ़र्ज़ था और वैसे भी ये सब मैने नहीं किया मेरी टीम ने किया है सो अगर धन्यवाद बनता भी है तो उनका hi, न की मेरा. सो इतस ok.

भार्गव जी – नहीं देव साब ये तो आपका बड़प्पन है जो ऐसा कह रहे है मन की ये आपकी टीम का कारनामा है उन्ही की वजह से आज मेरा परिवार मेरे साथ है लेकिन एक तो अभी वो लोग है नहीं यहाँ दूसरी बात जुंग पूरी सेना लड़ती है लेकिन बधाई तो सिर्फ कमांडर को मिलती है न सो आल क्रेडिट गोज तो यू. है मए उन सबका भी अहसानमंद हु और दिल से चाहुगा के कभी उन सब से मेरी मुलाकात हो और मए पेर्सनली उनको भी धन्यवाद दे सकू.

देव – सर आप इतने बड़े आदमी है हम सब एक तरह से आपकी प्रजा hi है और प्रजा राजा पे कोई अहसान नहीं करती. इसीलिए अब ये अहसान वाली बाटे मत कीजिये.

भार्गव जी - ok देव जैसी आपकी मर्जी पर भाई इनसे भी तो मिलवाइए क्या ये आपकी धर्म पत्नी है?

भार्गव जी की बात पे जहा देव हड़बड़ा गया वही आरफा तो शर्म से गर्दन झुका कर hi बैठ गयी. देव जी नहीं वो…

गीता - ाजी आप भी न कुछ भी, अरे ये मर. देव की वाइफ नहीं बल्कि इनका अपना एक आलीशान और शानदार हॉस्पिटल है गाँव में जो शायद अपनी सिटी में भी नहीं है. ये वह की एक काबिल और होनहार डॉ. है. और साथ hi ये भी हमारी तरह hi उसी एना गैंग का टारगेट भी बानी थी कभी, लेकिन एन्ड मूमेंट पे जैसे मुझे बचा लिया गया वैसे hi इन्हे भी बचाया गया था. तब से देव के साथ है और उस हॉस्पिटल में सेवा करती है. शी इस सुच ा वैरी नीस लेडी. इनके हस्बैंड को उन लोगो ने मार डाला था. अभी ांयी नयी शादी hi हुई थी इनकी.

भार्गव जी - ओह्ह माय गॉड. मुझे माफ़ कीजियेगा अरफ़ा जी पता नहीं ये एना जैसे लोग इस धरती पे जनम hi क्यों लेते है किसी का हस्ता खेलता परिवार तबाह कर के उन्हें क्या hi मजा आता है. पर इतने दुःख झेलने के बाद भी एक ख़ुशी की बात है के आप देव जैसे इंसान के साथ है. और अब आप जिंदगी भर के लिए सेफ है.

आरफा – सर आपने बलकुल ठीक hi कहा देव के साथ होने पे किसी को गरम हवा तक नहीं छू सकती ये इंसान नहीं बल्कि कुछ अलग hi है. मए आज तक इन्हे समझ नहीं पायी.

देव – अरे बस करो यार ये आप लोग क्या बाटे करने लगे.

भार्गव जी – नहीं देव ये कोई बेकार की बाते नहीं है. यू डेसेर्व आईटी. जो इंसान कुछ होता है न उसी की बाते होती है वार्ना खुद hi देख लो मए गीता का पति हु, इस स्टेट का इतना पावरफुल इंसान हु फिर भी मए क्या कर पाया अपनी पत्नी और बच्चो के लिए, जब से मुझे इनके अगवा होने का पता चला है पूरे स्टेट की पुलिस hi दौड़ा रहा था, ज्यादा से ज्यादा मए इन्हे धुंध hi लेता लेकिन शायद तब तक इनमे से कोई भी जिन्दा नहीं होता, क्या फायदा ऐसे पावर का मुझ से अचे तो तुम हुए न, जो जरुरत मांडो की बिना किसी रिश्ते के मदद करते हो और उन्हें नयी जिंदगी भी देते हो. मेरे दो बच्चे, गीता और आरफा जी ऐसे चार लोग तो मेरे सामने hi बैठे है पता नहीं ऐसे और कितने होंगे जो तुम्हारी वजह से आज इस दुनिया में ख़ुशी की जिंदगी जी रहे होंगे.

देव – सर मए कुछ भी नहीं हु जो है ऊपरवाला है.

नौकर - सर नाश्ता लग गया है.

भार्गव जी – आइये देव साब नाश्ता करते है.

देव – अरे इसकी क्या जरुरत थी हम लोग तो घर से खा पि कर आये है.

गीता – उसे बहोत देर हो चुकी है. आइये भी अब फोर्मल्टी में मत पढ़िए. प्लीज आइये, आओ आरफा.

फिर सभी डाइनिंग टेबल पे बैठ कर नाश्ता करने लगे जहा ज़माने भर की चीज़े राखी थी. और पूरी डाइनिंग टेबल hi भरी पड़ी थी. नाश्ता करते हुए.
 
अपडेट - 209

भार्गव जी – देव मैने जब आपके बारे में और कावेरी जी के बारे में सुना तो मैने दिग साब से बात की थी. कावेरी का प्रोमोशन हो गया है और उनका ट्रांसफर मैने मुंबई में करवा दिया है.

देव – मन में ( ये तो होना hi था और कावेरी भी हैरान होगी के जो मैने पहले से कहा था वही हुआ है)

भार्गव जी – लेकिन मेरी एक रिक्वेस्ट है हलाकि ये बात मैने दिग साब से की थी लेकिन उन्होंने सब कुछ तुम पर छोड़ा है और उन्होंने कहा है के वो तुमसे बात करेंगे. लेकिन अब जब की तुम खुद मेरे साथ बैठे हो इसीलिए मए खुद hi कह रहा हु

देव – अरे ये आप रिक्वेस्ट वाली बात क्यों कर रहे है आप आर्डर कर सकते है मुझे.

भार्गव जी – नहीं देव आर्डर तो मए आपको कभी करुगा hi नहीं. बात ये है के डपटत की नजर में भले hi टीम की हेड कावेरी थी जिसका उसे इनाम मिला भी है, और जैसे की उम्मीद है काम ऐसे hi हुए तो आगे भी मिलेगा, लेकिन मए जनता हु के उस टीम के असली हेड आप हो और कावेरी भी आपके अंडर में है और मेरी रिक्वेस्ट ये है के मए चाहता हु के आप अपनी पूरी टीम के साथ मुंबई के अंडरवर्ल्ड को भी क्लीन करने में हेल्प करो सर्कार की.

देव – ठीक है सर मुझे कोई आपत्ति नहीं है. मए अपनी टीम के साथ हर पल तैयार हु, लेकिन एक रिक्वेस्ट मेरी भी है के हम लोग जैसे अब तक अंडर कवर थे आगे भी रहेंगे और इस टीम की हेड कावेरी hi रहेगी.

भार्गव जी - लेकिन क्यों देव हम तुम्हे एक अलग से टीम बना के सामने रख सकते है अतः (एंटी टेर्रोररिस्ट स्क्वैड).

देव – नहीं सर मेरी खुद की बहोत सी प्रोब्लेम्स है और मए अभी इस मामले में सामने नहीं आना चाहता लेकिन मए कभी भी पीछे नहीं हटूगा और कावेरी को कभी अकेले किसी मिशन पे नहीं भेजुंगा ये वादा है.

भार्गव जी – ठीक है देव जैसे तुम्हे सही लगे लेकिन मए फिर भी चाहुगा के तुम खुद सामने आओ. और जब भी तुम कहोगे हम ऐसा कर देंगे, और अब से ऑफिसियल तुम hi हेड हो इस टीम के बस मीडिया और जनता के सामने hi कावेरी हेड रहेगी. काम से काम इतना तो मन hi सकते हो.

देव – ok सर एग्री आप चाहे तो डपटत में ये बात अन्नोउंस कर सकते है, मुझे कोई एतराज नहीं होगा.

भार्गव जी – गुड.

तब तक आरफा अपना नाश्ता फिनिश कर चुकी थी तो वो बच्चो के साथ हैंड वाश करने चली गयी थी. उसने आधी hi बाते सुनी थी.

तभी भार्गव जी का फ़ोन आ जाता है.

भार्गव जी – मए अभी आया देव आप कंटिन्यू करो नाश्ता

और भार्गव जी उठकर बहार चला गया.

देव – बस भाई आज तो बहोत खा लिया

गीता - अरे अभी कहा थोड़ा और लो न

देव – अब क्या लेना रह गया सब ले लिया यार बहोत हुआ अब मुझे भी हाथ धुलवा दो.

गीता – आओ मए दिखा देती हु वाश बेसिन

दोनों बहार आ गए देव ने अचे से मुँह हाथ धोये और गीता ने उसे टॉवल दिया.

देव – थैंक्स गीता.

गीता जो देव को hi देख रही थी बहोत देर से वो एक डैम से देव के सीने से लग गयी उसकी उभरी हुई चूचिया देव के सीने में दबने लगी. देव ने कुछ पल वेट किया और फिर उसने भी गीता को अपनी बहो में भर लिया गीता और जोर से देव से चिपक गयी.

गीता – ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह देव ी लव यू ी लव यू ी लव यू कहते कहते एक डैम से उसके पूरे चेहरे को चूमने लगी और फिर फिनॉय अपने तपते हुए होठ देव के होठो पे रख दिए और चूसने लगी देव ने भी गीता के रसीले होठो को चूसना शुरू किया और दोनों का किश बहोत hi वाइल्ड होता गया. तभी गीता ने उउउउउउम्मम्मह्हह्ह्ह्ह स्स्स्सस्स्स्सीीीी करते हुए देव से अपने होठ छुड़ाए और देव के सीने पे सर रख कर हाफने लगी वो झाड़ चुकी थी, जब वो झाड़ गयी तो शर्म के मरे अपनी नजरे झुका के जमीन को देखने लगी.

देव ने आगे बढ़ के उसकी ठुड्डी (चीन) को अपनी उंगलियों से उठाया लेकिन गीता की नजरे अब भी झुकी हुई थी शर्म के मरे.

देव – हे गीता क्या हुआ? ये क्या था अचानक ?

गीता ने शरमाते हुए मुस्करा के अपनी नजरे उठायी और देव की आँखों में देख कर

………. अचानक कहा देव? प्यार तो तुम से पहली नजर में hi हो गया था. लेकिन मए एक शादी शुदा दो बच्चो की माँ हु मए एक शरीफ और इज्जतदार औरत हु ये सब सोचकर खुद को रोक कर बैठी थी. लेकिन अब मेरे दिल ने दिमाग को हरा दिया और मए ये सब कर बैठी शायद तुम्हारे दूर होने का दर भी था मैने सोचा अब तो तुम मुझसे दूर जा hi रहे हो अब भी अगर मैने तुम्हे नहीं बताया तो फिर शायद hi कभी ये मौका मुझे मिले, इसीलिए मए खुद को रोक नहीं पायी. मुझे माफ़ करना ऐसा कभी अपने पति के साथ भी महसूस नहीं हुआ वो भी इतनी जल्दी…… मेरा मतलब….. वो…..

देव – रहने दो मए समझ गया, यही न के इतनी जल्दी तुम कभी अपने पति के साथ भी डिस्चार्ज नहीं हुई हो जैसे अभी अभी हुई.

गीता - शठ…. हैट बदमाश ऐसा कोई कहता है क्या?

देव – जो है सो है इसमें क्या शर्माना. वैसे तुम सच में बहोत मीठी हो. पर ये तुमने किया क्यों? कही सच में ड्राइवर बन ने की टिप तो नहीं दे रही थी मुझे?

गीता –है जी या भी समझ सकते हो टिप तो देनी hi थी न तुम्हे, और तुम्हे थैंक्स भी तो कहना था न.

देव – ओह्ह्ह ववववव तो अगली बार थैंक्स कब कह रही हो?

गीता – जब तुम चाहो लेकिन मए किसी की वाइफ भी हु ये भूलना मत. ये मेरी पर्सनल फीलिंग है जिन्हे मैने तुमसे शेयर किया है ये मेरे दिल की बाटे है एक मए सब कुछ जानते समझते हुए भी तुम्हे चाहने से खुद को रोक नहीं पायी कुछ अलग hi जादू है तुम में. लेकिन इसका ये मतलब बिलकुल नहीं के मए अपने पति के लिए वफादार नहीं हु. मेरे लिए वो मेरे भगवन है पर अब इस दिल में तुमने भी जगह बना ली है देव. पर शायद मए इससे आगे न बढ़ पाव क्यों के मए नहीं चाहती के मेरे पति को कुछ पता चले जिसे मेरी बसी बसाई जिंदगी बर्बाद हो जाये प्लीज मुझे समझने की कोशिश करना देव.

देव – और तुम्हारे पति देव खुद hi तुम्हे मेरे करीब होने का मौका दे दे वो भी रात भर के लिए तो?

गीता – ओह्हो रत भर के लिए कुछ ज्यादा hi आगे नहीं चले गए आप? वैसे ऐसा कभी नहीं होगा वो मुझसे बहोत प्यार करते है और मए भी उनसे उतना hi प्यार करती हु ये तो तुम्हारा अट्रैक्शन ऐसा है के मए जिंदगी में पहली बार खुद को रोक नहीं पायी वैसे आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ मुझे गलत मत समझना.

देव – नहीं तुम गलत नहीं हो. और है ऐसा होगा जरूर इंतजार करना भार्गव जी तुम्हे मेरे पास खुद ले कर आएंगे तब मए अपने स्टाइल में तुम्हे थैंक्स कहुगा तब तुम मेरा लोगी न?

गीता – क्या?????

देव – थैंक्स और क्या? क्यों तुम क्या समझी?

गीता - (शर्मा के) कुछ नहीं, बदमाश हो तुम पूरे मए तो तुम्हे बहोत hi शरीफ समझ कर धोखा hi खा बैठी हाय रे मेरी किस्मत. अब चलो बहार आरफा वेट कर रही होगी.

फिर देव और गीता दोनों बहार आ जाते है. भार्गव जी अब भी फ़ोन पे लगे हुए थे. कुछ देर बाद वो भी आ गए.
 
आप सभी का धन्यवाद के आप लोगो ने इस अपडेट पे कमैंट्स किया मए ज्यादा वक़्त नहीं लगा और इस बार सबका अलग अलग थैंक्स भी नहीं कहुगा वार्ना आप लोग hi कहेगे के हम टाइम का खून कर रहे है सो लेटस स्टार्ट नई अपडेट बस आप लोग ध्यान रखियेगा अगला अपडेट हमारे नहीं आप लोगो की स्पीड पे है जितनी जल्दी कमैंट्स आएंगे उतना जल्दी नया अपडेट भी मिल जायेगा.
 
अपडेट – 210

फिर देव और गीता दोनों बहार आ जाते है. भार्गव जी अब भी फ़ोन पे लगे हुए थे. कुछ देर बाद वो भी आ गए.

अब आगे……….

देव – अब आज्ञा दीजिये सर.

भार्गव जी - दिल तो नहीं कर रहा है देव के तुम्हे इतनी जल्दी जाने दू. मए सोच रहा था के तुम रत भर के लिए रुक जाओ न मुझे अच्छा लगेगा और गीता को भी क्यों गीता?

गीता तो हैरानी से कभी देव को देखती कभी अपने पति को. वो देव की बाटे सोच रही थी के अभी देव ने यही तो कहा था इसका मतलब क्या आज hi रत को…………. ये सोच कर hi गीता के माथे पे पसीना आ गया और देव गीता के मन की हालत समझ कर खूब इंजॉय कर रहा था.

भार्गव जी – क्या हुआ गीता क्या सोचने लगी बोलो न देव को रत भर रुकने के लिए.

गीता - जी.. जी….. वो….. जैसा आप सही समझे.

भार्गव जी – लो भाई होम मिनिस्टर की भी इजाजत है. अब तो रुक जाओ.

देव ने गीता को देखा जो उसे hi देख रही थी देव ने उसे देख कर हलके से स्माइल दी गीता भी उस स्माइल का मतलब समझ कर शर्मा गयी और नजरे झुका कर मुस्कारने लगी.

देव – नहीं सर, आज नहीं फिर कभी आज आरफा जी के कुछ काम है.

भार्गव जी – अरे ऐसे भी क्या काम है कल कर लीजियेगा न.

देव – नहीं सर मैने इनसे वादा किया hae…….fir देव गीता की आँखों में देखते हुए …………. और सर मए जिससे जो वादा करता हु उस निभाता जरूर हु मए जरूर ौगा.

भार्गव जी – ok देव हम इंतजार करेंगे कभी आप भी यहाँ रत गुजरे

देव – वैसे सर आप यही रहते है?

भार्गव जी – अरे नहीं भाई हम लोग भी मुंबई में hi रहते है यहाँ तो हमारा पुश्तैनी माकन है तो कभी कभी आ जाते है.

देव – ok सर फिर मिलेंगे हम जल्दी hi. अब इजाजत दीजिये., ok गीता जी फिर मिलते है.

गीता – जी जरूर.

फिर भार्गव जी और गीता देव और अरफ़ा को बहार गाडी तक छोड़ने आये, और देव उन लोगो से विदा लेकर आगे बढ़ गया रस्ते में.

आरफा - देवा जी क्या सच में एना की पूरी गैंग तबाह हो गयी?

देवा – है हो तो गयी अब शहर पूरी तरह से उसके आतंक से मुक्त है और फ़िलहाल वह कोई नहीं जो उसकी जगह पे बैठने की सोच भी सके.

आरफा – ये तो अच्छा हुआ कितने समय से लोग दर दर के जी रहे थे कोई सुरक्षित नहीं था काश के आप लोग पहले आ गए होते तो जो लोग आज दुनिया में नहीं है वो भी होते. इतना कह कर आरफा फिर से रोने लगती है.

देवा गाड़ी को एक साइड लगा देता है और हाथ बढ़ा कर आरफा के चेहरे से आंसू साफ़ करने लगता है तो आरफा बिना कुछ सोचे समझे देवा के गले से लग जाती है. और जोर जोर से रोने लगती है. देवा ुकि पीठ सहलाते हुए उसे शांत करवाता है. और उसके माथे पे चुम लेता है तो आरफा और कास कर देवा को अपनी बहो में भर लेती है उसका रोना बंद hi नहीं हो रहा था. (आरफा के देव से गले लगने में कोई दूसरी भावना नहीं थी वो किसी बच्चे की तरह रट हुए देव से लिपटी थी न की किसी और भावना se)Tabhi बहार से कुछ लोंदे बाइक पे आते है और गाड़ी में देख कर कमैंट्स करने लगते है

लड़का 1 – क्या बात है भाई क्या माल है उफ्फ्फ्फ़ गोरी चिकनी लग रही है. कैसे कास के चिपकी हुई है यारररर. हमारे पास आजा रानी. ये तो एक है यहाँ बहोत है तुझे अचे से ठंडा करेंगे ये काम इस अकेले के बस का नहीं है.

ल2 – चल बे झंटू वो इतनी महंगी गाड़ी छोड़ के तेरी इस फटफटिया पे क्यों आएगी. देख नहीं रहा कैसे इस के यार ने अपनी महंगी गाड़ी में इसे बिठाया है और अब इसे चिपका कर वसूली कर रहा है. हहहहहहह…………

ल 3 – मादरचोद हमारी गाड़ी भले hi छोटी है, लेकिन सामान बहोत बड़ा है इसे तो हमारे सामान से मतलब है न.

ल4 – सही कहा बे वैसे भी ये तो अकेला है हम चार है आजा रानी char-char लेगी तो ज्यादा मजा आएगा ये एक तुझे कितना मजा दे पायेगा आजा रत भर छोड़ेगे तुझ रगड़ के. ये देख हमारा लौड़ा तेरे इस यार का भी ऐसा नहीं होगा देख हम लोगो का इतना कह कर उसने अपनी जीन्स खोल कर कार के सामने खड़ा हो गया अपना लुंड निकल कर, उसकी देखा देख अबकी इ तीनो भी हस्ते हुए आये और अपने लूँ निकल के सामने खड़े हो गए और आरफा को गन्दी नजर से घूरते हुए भद्दी हसी हसने लगे और पाने लुंड मसलने लगे किसी का भी कोई खास बड़ा नहीं था लेकिन उन्हें इसी पे घमंड था.

देवा और आरफा उनकी ये बकवास सुन रहे थे लेकिन जब इन्होने ऐसे बदतमीजी करनी शुरू की तो देवा आरफा को छोड़ के गाड़ी से निकलने लगा लेकिन आरफा ने उसका हाथ पकड़ लिया.

आरफा – नहीं देवा जी जाने दो इन्हे फालतू लोगो की बकवास नहीं सुनते आप चलिए यहाँ से. मुझे कुछ सही नहीं लग रहा है.

देवा – आरफा लेकिन ये लोग तुम्हारी बेइज्जती कर रहे है कितने लोग सुन रहे hae.chhodo मेरा हाथ .

आरफा - नहीं देवा जी मेरी खातिर प्लीज छोड़िये इस बात को और गाड़ी चलाइये प्लीज.

देवा ने उन लौंडो को घुरा जो दांत निकल के हंस रहे थे सभी बिगड़े हुए लग रहे थे शकल से hi गुंडे टाइप के.

देवा ने गाडी आगे बढ़ा दी तो वो लौंडे हसने लगे.

ल1 – अबे फैट गयी क्या सेल हमारे लुंड देख कर. माल तो छोड़ के जा बहनचोद कार में hi छोड़ेगा क्या इसको.

देवा की गाडी आगे जा चुकी थी तो उन लौंडो ने भी अपनी बाइक्स उनके पीछे लगा दी और हॉर्न बजा बजा के परेशां करने लगे. और एक जगह सुनसान में जाकर रर को ओवरटेक कर के अपनी बाइक्स सामने लगा दी. देवा चाहता तो अपनी गाड़ी को उडाता हुआ ले जाता लेकिन वो खुद नार्मल स्पीड से चल रहा था. और उन्हें आगे आने का मौका दिया.

चारो बाइक्स रर के सामने कड़ी थी और उन लड़को ने हॉकी, चैन, चाकू, और पंच निकल लिए. और देवा की तरफ आने लगे.

देवा – आरफा अब मेरी कोई गलती नहीं होगी और है मैने तुम्हारी बात मन के इन्हे एक बार छोड़ दिया अब तुम मेरी बात मानोगी और गाड़ी में hi रहोगी चाहे कुछ भी हो जाये.

देवा ने गाड़ी के सरे शीशे ऊपर चढ़ा दिए और गाड़ी से निकला और फिर गेट बंद कर दिया.

ल 1 – अबे ो, हीरो मत बन तू जनता नहीं हमें चल वो माल छोड़ और अपनी खतरा लेकर निकल यहाँ से वार्ना काट डालेंगे तुझे. और फिर तेरी लाश के ऊपर लिटा कर उस माल को छोड़ेगे चारो समझा.

देवा – मादरचोद तू उसे छोड़ेगा. तेरे लुंड में डैम है क्या. बहनचोद और क्या बक रहा था तू तेरा सामान बड़ा है ? लौड़े बड़ा किसे कहते है जनता भी है तू? ये देख और देवा ने तुरंत अपनी जीन्स को खोल के नीचे उतर दिया. ……..ये देखा है इसे कहते है लौड़ा. यही से फेंक कर मरुँगा न तो तेरी माँ घर बैठे बैठे चुद जाएगी और तेरी बहन की बुर भी यही पे खड़े खड़े फाड़ सकता हु. समझा झंटू?

उन चारो ने जैसे hi देवा का लुंड देखा जो अभी बैठा हुआ hi था फिर भी किसी भयानक मोठे सांप की तरह झूल रहा था उसे देख कर तो उन चारो का भी गाला सुख गया और वो चारो बेचैन होने लगे.

देवा – मादरचोदो तुम ने हमें रोकने की कोशिश की न अब मए तुम्हरी गांड मरुँगा. इतना कह कर देवा ने अपनी जीन्स ऊपर चढ़ा ली लेकिन इतनी देर में देवा का खतरनाक लुंड आरफा भी देख रही थी और उसका मुँह खुला का खुला रह गया था. उसकी आंखे बड़ी हो गयी थी और वो बार बार थूक निगल के अपना गाला गिला कर रही थी. उसकी बुर में चीटिया सी रेंगने लगी और उसकी बुर भी देवा का लुंड देख कर पूरी गीली हो गयी. जिसे वो साड़ी के ऊपर से दबा कर पोछने लगी.

आरफा मन में - ओह्ह रब्बा इतना बड़ा लुंड तो मेरे शौहर का भी नहीं था. कितना बड़ा और मोटा है देवा का. जितना खूबसूरत उतना hi खतरनाक भी अगर ये मेरी छूट में घुसा तो मए तो उसी समय डैम तोड़ दूगी. ये तो किसी को भी एक hi बार में गारंटी से प्रेग्नेंट कर सकता है.

फिर अपनी hi बात पे वो शर्मा गयी और आँख झुका ली थोड़ी देर के बाद डरते डरते दुबारा देवा की तरफ देखा तो अब देवा जीन्स चढ़ा चूका था. तब उसने अपनी छतियो पे हाथ रख कर चैन की सांस ली उसकी बड़ी बड़ी चूचिया उसकी तेज साँस की वजह से ऊपर नीचे हो रही थी. और खुद आरफा अपने पल्लू से अपने चेहरे पे आया पसीना पांच रही थी.
 
अपडेट – 211

तब आरफा ने अपनी छतियो पे हाथ रख कर चैन की सांस ली उसकी बड़ी बड़ी 36” की चूचिया उसकी तेज साँस की वजह से ऊपर नीचे हो रही थी. और खुद आरफा अपने पल्लू से अपने चेहरे पे आया पसीना पांच रही थी.

उधर देवा ने एक लौंडे की तरफ कदम बड्या तो उसने देवा पे हॉकी से हमला किया जिसे देवा ने अपनी कलाई पे रोका और दूसरे हाथ का तगड़ा घुसा दिया उसके मुँह पे तो उसका जबड़ा hi हिल गया और वो दूर जा कर गिरा. इतने में बाकि तीनो ने देवा पे हमला किया तो देवा ने नीचे पड़ी हॉकी उठा ली और तीनो का वार उस पर रोका और फिर शुरू हो गया किसी की तंग पे हॉकी, तो किसी की पीठ पे, किसी के मुँह पे, तो किसी के हाथ पे. कोई 5 मिनट में hi देवा ने तीनो को जमीन पे लिटा दिया. इतने में पीछे से ल1 आया और चाकू चला दिया देवा पे जो पीछे से देवा के कंधे में घुस गया.

देवा ने बिना पीछे देखे अपने हाथ में थमी हॉकी पीछे वाले के लुंड पे मरी तगड़ी जिससे वो चाकू छोड़ के अपना लुंड पकडे नीचे बैठता चला गया देवा ने पीछे घूम के हॉकी मरी उसके सर पे उसकी खोपड़ी खुल गयी.

बाकि तीनो लौंडे हाथ जोड़ के घुटनो पे बैठ गए.

ल2 – भाई हमें माफ़ कर दो आगे से ऐसी गलती नहीं होगी. हम जानते नहीं थे आपको. हमें माफ़ कर दो भाई.

देवा – तुम्हारी बहनो को छोड़ू मादरचोद. किसी को अकेला देख कर उस पर हावी होते हो बहनचोद अभी के अभी यही ख़तम कर दू तो किसी को पता भी नहीं चलेगा किसने तुम लोगो को लुढ़का दिया समझा.

ल2 – भाई जाने दो हमें माफ़ कर दो.

तभी आरफा तेजी से निकली और देवा के साथ आकर कड़ी हो गयी और अपने दुपट्टे से देवा का बहता हुआ खून पोंछने लगी.

ल3 – भाभी जी हमें भैया से बचा लो प्लीज हमसे गलती हो गयी .

अपने लिए भाभी शब्द सुन कर आरफा को शर्म भी आयी और चेहरे पे हलकी सी मुस्कान भी. आज के दिन में ये दूसरी बार हुआ था जब उसे देवा की बीवी समझा गया पहले भार्गव जी ने भी समझा था और अब इन गुंडों ने.

आरफा - चलो देवा छोड़ दो इन्हे, बहोत सजा दे दी आपने इन्हे. देखो आपका खून भी कितना बाह रहा है. प्लीज चलो न .

देवा ने आरफा को देखा और हाथ में थमी हॉकी को तेजी से घुमा दिया जो सामने बैठे तीनो के मुँह पे बड़ी भयानक लगी. देवा ने हॉकी वही फेंकी और गाड़ी में आ गया.

आरफा - देवा ये चाकू अभी कंधे में hi धसा हुआ है.

देवा – इसे यही रहने दो कुछ नहीं होगा लेकिन अगर इसे निकल दिया तो तेजी से खून बहेगा हमें शहर पहुंचना है जल्दी .

फिर देवा ने गाड़ी स्टार्ट की और कावेरी को कॉल लगा दिया.

कावेरी - hi देवा कहा हो ?

देवा – कावेरी सुनो मए शहर आ रहा हु. सिटी हॉस्पिटल पहुँचो जल्दी. बाकि सब वही बताउगा.

कावेरी - ी म ों माय वे देवा .

देवा भी तेजी से गाड़ी चलता हुआ कोई 15 मिनट बाद सिटी हॉस्पिटल पंहुचा तो सामने hi कावेरी की जीप कड़ी थी. देवा की गाड़ी देख कर कावेरी वही आ गयी लेकिन देवा को खून में डूबा देख कर चौंक गयी

कावेरी - ओह्ह्ह्ह माय गॉड देवा व्हाट हप्पेनेड…….?

आरफा – वो रस्ते में कुछ गुंडों से पन्गा हो गया था तो उन्होंने hi किया है ये.

कावेरी - कौन थे वो हरामजादे?

आरफा – थे कोई बिगड़े लड़के हमें अकेला देख कर नाजायज फायदा उठाने का सोच रहे थे. लेकिन देवा तो देवा hi है भीड़ गए सबको शांत कर दिया लेकिन एक ने पीछे से हमला कर दिया.

तब तक ये लोग हॉस्पिटल के अंदर पहुंच गए थे.

कावेरी – डॉ. प्लीज इनका ट्रीटमेंट कीजिये तुरंत.

डॉ. ने एक पुलिस अफसर को साथ देख कर कुछ नहीं कहा और देवा को अंदर ले गए कोई आधे घंटे बाद देवा बहार आया

डॉ. – देखिये इन्हे स्टीट्चेस लगा दिए है कोई चिंता वाली बात नहीं आप चाहे तो इन्हे ले जा सकती है लेकिन कोई हार्डवर्क नहीं करना है इन्हे . सिर्फ आराम. और है हो सकता है इन्हे फीवर आये तो घबराना मत ये दवाइया ले लीजियेगा.

कावेरी - no प्रॉब्लम डॉ. ी विल टेक केयर.

फिर डॉ. चला गया. तो कावेरी - क्या हरकत है देवा अब आप ऐसे रह चलते से भिड़ोगे?

देवा – क्या करू यार बड़ी मछलिया तो तुम सबने मार दी अब मुझे कुछ तो चाहिए न

कावेरी – देवायआ

देवा – अरे मजाक कर रहा हु यार ये कुछ नहीं है डॉ. तो यु hi कह रहा है मए अभी इसी वक़्त अंडरटेकर से फाइट कर सकता हु यू क्नोव में. और यही पे कुछ देखना है तो बोलो अपने दोनों हाथो में तुम दोनों को उठा के 50 दंड बैठक लगा सकता हु बोलो हो जाऊ शुरू?

कावेरी – है जानती हु बहोत ताक़त है तुममे मए देख चुकी हु अचे से तुम्हरी ताक़त. पर अभी आराम करना है चलो मेरे घर चलो.

देवा – नहीं यार फिर कभी आउगा अभी हम किसी काम से आये थे वो कर लेते है मए बाद में मिलुंगा तुमसे.

कावेरी – लेकिन देवा अभी तुम ठीक नहीं हो.

देवा – अरे छोडो न यार सब ठीक है वैसे मुझे अभी तुमसे hi काम था . मए तुमसे hi मिलने आने वाला था अब बाद में आ कर मिलुंगा अभी आरफा जी के साथ जा रहा हु फिर मिलुंगा तुमसे.

कावेरी - ok टेक केयर. और आरफा इनका ध्यान रखना फिर न भीड़ जाये किसी से इनका कोई भरोसा नहीं है.

आरफा – आप बेफिक्र रहिये मए ध्यान रखूगी अब इनका.

फिर कावेरी चली गयी. और देवा भी गाड़ी में आ गया तो आरफा भी थोड़ी देर में आकर गाड़ी में बैठ गयी

देवा – कहा रह गयी थी?

आरफा – डॉ साब ने आपके लिए दवाइया कही थी वही ले रही थी अंदर से. अब चलिए मेरे घर.

फिर देवा ने गाड़ी आगे बड़ा दी
 
सुपर्ब रेवेव भाई आपने सही कहा देव के साथ जो ये घटना हुई है उसके कई सरे मकसद है देव की मर्जी के बिना ये टपोरी उसे छू भी नहीं सकते थे चाकू लग्न तो बहोत बड़ी बात हो गयी. तो ये बिना मकसद के नहीं हुआ है. कहानी कोई भी हो किसी भी राइटर की हो लेकिन जब उसमे कोई घटना होती है तो वो जरूर hi आगे कही न कही जा कर किसी पॉइंट को क्लिक करती है या आगे जो होना है उसका प्लाट क्रीट करती है. तो यहाँ भी ऐसा hi कुछ है जो के आप लोग आगे जब पढ़ेंगे तो समझ में आ जायेगा. के क्यों देव को चाकू लगा, क्यों देवा ने शो ऑफ किया गुंडों और अरफ़ा के सामने .

दूसरी बात हम आपके इस पॉइंट से सहमत है जो आपने अंत में लिखा है. और उसका एक hi रास्ता है के उपदटेस की स्पीड अच्छी हो. लेकिन कुछ उँचाहे कारन भी ऐसे बन जाते है के स्टोरी पे टाइम नहीं दे पते . और हम इसे अधूरा छोड़ना नहीं चाहते. हम इस बात का ध्यान रखेंगे के स्टोरी फिर से फॉर्म में आ जाये. और न भी आ पायी तो इसे सिर्फ इसीलिए अधूरा नहीं छोड़ेगे के अब उतने रिव्यु नहीं मिल प् रहे है. है उसका असर बस इतना होगा के जितनी लम्बी स्टोरी हमने सोची थी उसे उस लेवल तक न ले जाकर एक खूबसूरत सा एन्ड दे देंगे, लेकिन आधी नहीं छोड़ेगे. क्यों के ये आप सब रीडर्स के साथ na-insafi होगी आप सबने शुरू से hi स्टोरी में हमारा साथ दिया है तो अधूरा छोड़ hi नहीं सकते हम. है रीडर्स भी अगर इंट्रेस्ट दिखने लगे तो ये मान लो के स्टोरी को इंट्रेस्टिंग बनाने के लिए बहोत सा मसाला हमारे मंद में है. लेकिन वो जितना हमारे ऊपर है उतना hi रीडर्स के ऊपर भी है. हम अपनी तरफ से कोशिश करेंगे अब रीडर्स कितना साथ देंगे ये आप सब रीडर्स पे है. मिलते है जल्दी hi नए अपडेट के साथ थैंक्स ओनेस अगेन.
 
अपडेट – 212

आरफा देवा जी आगे के मार्किट में गाड़ी रोकियेगा दूध ले लेते है घर पे नहीं होगा न तो चाय कॉफी कुछ नहीं बन पायेगा.

देवा ने मार्किट में गाड़ी रोकी तो आरफा कुछ सामान और दूध ले आयी. फिर वो लोग आरफा के घर आ गए.

आरफा का घर काफी सुन्दर था. छोटा था लेकिन बहोत खूबसूरत था.

देवा – आरफा आपका घर तो बहोत प्यारा है बहोत खूबसूरत है .

आरफा – शुक्रिया देवा जी. लेकिन करेक्शन है. अब ये घर नहीं माकन है घर तो घर वालो से होता है न.

देवा – आरफा अगर आप चाहे तो मए आपको यहाँ क्लिनिक खोल के दे सकता हु आप यही रहिये इस माकन को घर बनाइये फिर से अपनी जिंदगी शुरू कर सकती है आप.

आरफा - नहीं देवा जी वो सब अब मए बहोत पीछे छोड़ आयी हु अब तो मेरी जिंदगी भी आपके हॉस्पिटल और गाँव में hi कटेगी. लेकिन मए सोच रही हु इस घर का क्या करू. इसे बेचने का मन नहीं है मेरा.

देवा – तो इसे किराये पे लगा देंगे. आप परेशां मत हो. और अगर आप चाहे तो इसे बंद रहने दीजिये जब कभी आप शहर आये तो यहाँ आपके लिए एक ठिठकना रहेगा hi.

आरफा – सही कह रहे है आप. इन्ही दोनों में से कुछ करते है. अब आप आराम किये मए. आती हु कॉफी लेकर. देवा वही रखे बीएड पे लेट गया और थोड़ी देर में hi आरफा कॉफी लेकर आ गयी. देवा ने कॉफी ले ली.

देवा – आरफा अब आप पेपर्स ले लीजिये तो चले गाँव.

आरफा - नहीं देवा जी डॉ. ने आपको आराम करने को कहा है न तो आज यही आराम कीजिये कल चलेंगे. शाम तो होने hi वाली है इस सब में दिन कैसे काट गया पता hi नहीं चला है. मए खाना बना लेती हु अब आराम कर लीजिये.

देवा – अरे लेकिन…..

अरफ़ा – कोई लेकिन वेकिन नहीं ऐसी हालत में आप गाडी कैसे चलाएंगे? आपका दर्द फिर बढ़ जायेगा, इसीलिए no डिस्कशन.

देवा – ok

फिर देवा ने रूद्र को कॉल लगाया

रूद्र – है भाई कहा हो?

देवा – अरे यार जरा शहर तक आया था तो आज यही रुकना पड़ेगा एक तो वो भार्गव जी के पास कच्छ टाइम ज्यादा hi लग गया और वो आरफा को भी कुछ पेपर्स निकलने है अपने माकन के तो वो भी है साथ में हम लोग कल आ जायेगे.

रूद्र - सब ठीक है?

देवा – है बे सब ठीक है क्यों?

रूद्र – नहीं कुछ नहीं मुझे लगा तो मैने पूछ लिया.

देवा – चिंता मत कर बे सब ठीक है.

रूद्र – चलो अच्छा है अगर सब ठीक है तो, वैसे हुआ क्या था?

देवा के होठो पे मुस्कान आ गयी – कुछ छुपता नहीं न तुमसे? वैसे कुछ नहीं कुछ मच्छर पेरशान कर रहे थे. तो उन्हें hi भागने लगा था तो एक माछा ने डांक मर दिया लेकिन सब ठीक है.

रूद्र – मसला के नहीं मच्छरों को ?

देवा – नहीं मसलने की जरुरत नहीं थी नए नए मच्छर थे. भगा दिया.

रूद्र – फिर से आएंगे.

देवा – नहीं आएंगे मए जनता हु. तू चिंता मत कर.

रूद्र – ठीक है आराम कर. कल आ जाना.

देवा – ok भाभी को बता देना वो परेशां होगी.

रूद्र – है वो यही है मए बता देता हु.

उधर घर में जैसे hi रूद्र ने फ़ोन रखा.

दिया – क्या हुआ रूद्र भैया?

रूद्र – कुछ नहीं देवा का कॉल था वो शहर गया है तो वही रुकना पड़ेगा उसे कल तक आ जायेगा.

दिया - देवा ठीक तो है न मुझे घबराहट हो रही है बहोत देर से.

रूद्र – भाभी वो देवा है उसे कुछ नहीं होगा वो ठीक है कल आएगा तो खुद देख लेना. आप परेशां मत हुआ करो यु बात बात पे.

दिया - नहीं रूद्र तुम सब हो तो मुझे परेशानी क्यों होगी. मए जानती हु देवा को कोई परेशानी होती तो तू अब तक उसके साथ खड़ा होता यहाँ नहीं बैठा रहता.

रूद्र – बस तो फिर आप आराम कीजिये और यकीन रखिये सब ठीक है.

दिया - ok रूद्र

उधर आरफा ने नाहा धोकर निघ्त्य hi पहन ली और खाना बना के ले आयी. देखा तो देवा को नींद आ गयी थी. वो देवा को देखने में खो सी गयी और तभी उसे देवा का नंगा खड़ा लुंड याद आ गया तो उसके चेहरे पे हलकी सी शर्म की लाली छ गयी और न चाहते हुए भी उसकी नजर जीन्स में कैद देवा के लुंड पे चली गयी जहा उसे इस वक़्त भी बहोत बड़ा उभर नजर आ रहा था. आरफा के होठो से सिसकारी निकल गयी लेकिन उसने खुद को संभाला और देवा को हिला कर उठाया.

आरफा देवा जी उठिये लंच कर लीजिये. देवायआ……
 
अपडेट - 213

देवा ने अपनी आंखे खोली तो अपने ऊपर झुकी आरफा को देखा उसके माथे से अभी भी एक दो बूँद पानी की गिर रही थी आरफा का पूरा बदन महक रहा था. देवा की आँखों में देखते hi आरफा भी खो सी गयी लेकिन थोड़ी देर के बाद देवा ने hi कहा

देवा – आरफा कहा खो गयी?

आरफा झटके से सीढ़ी हो गयी –हैं……. ओह्ह्ह सॉरी देवा जी मए तो आपको जगा रही थी की खाना खा लीजिये.

फिर देवा और आरफा खाना खाने लगे. तो देवा बोलै - आरफा बहोत hi लजीज खाना बनाया है आपने जी चाहता है उंगलिया hi चाटता राहु मजा आ गया खाना खा कर.

आरफा – बेवजह hi तारीफ कर रहे है आप. ये तो बस नार्मल सा hi खाना है कुछ खास घर में था भी नहीं

देवा – अच्छा खाना खास चीजों से नहीं प्यार से बनता है और इस खाने में आपने दिल खोल कर अपना प्यार डाला है. इसीलिए ये बेहतरीन बना है.

आरफा – क्या देवा जी आप भी शर्मिंदा कर रहे है. छोड़िये, बताइये आपकी तबियत अब कैसी लग रही है?

देवा – कुछ खास तो नहीं पर पहले से बेहतर hi है. दर्द कुछ काम है लेकिन कुछ अच्छा नहीं लग रहा है.

आरफा - अस ा डॉक्टर मए यही कहुगी के ये सिर्फ दवाइयों का असर है कल तक आप ठीक हो जायेगे.

देवा – या ी होप सो, बूत मुझे नींद सी आ रही है दवाई खा कर.

आरफा - हम्म्म दवाइयों का असर है. आप सो जाइये. इन दवाइयों को लेने से नींद आने लगती है जिससे के बॉडी पूरी तरह रिलेक्स हो सके.

देवा – ok

फिर देवा को वही नींद आ जाती है तो आरफा भी अपने घर की साफ़ सफाई में लग जाती है और फिर रत का खाना बना के देवा को जगाने जाती है लेकिन देवा को इतनी गहरी नींद में देख कर आरफा को देवा पे प्यार आ जाता है और वो झुक कर देवा के होठो को चुम लेती है और थोड़ी देर देवा के होठो को चूस कर अपने और देवा के होठ साफ कर देती है

आरफा - देवा मैने अपने पति के आलावा और किसी से प्यार नहीं किया न किसी को उस नजर से देखा लेकिन आपकी पहली नजर ने hi मुझे घायल कर दिया ी लव यू देवा, शायद आप जगे हुए होते तो मए ये नहीं कह पति लेकिन अभी आपको अपने दिल की बात कह कर मैने अपना दिल हल्का कर लिया. मए आपको बहोत चाहती हु देवा मए आपसे कुछ नहीं चाहती बस आपको चाहती हु. ी लव यू सो मच. इतना कह कर आरफा देवा से लिपट जाती है और उसके होठो को फिर से चुम लेती है. और फिर आवाज़ लगा कर देवा को उठा देती है. देवा भी उठा तो फ्रेश hi था अब तो उसे कोई दर्द भी नहीं था तबियत भी एक डैम फिट थी.

देवा – थैंक्स आरफा आज तुम्हरी वजह से मेरी जान बच गयी .

आरफा – ऐसी कोई बात नहीं आप हो hi इतने स्ट्रांग के आप पर जयादा असर नहीं हुआ कोई और होता तो अब तक िक में होता. चलिए खाना खा लीजिये. फिर पूरी रत पड़ी आहे सोन ेके लिए.

देव – अरे यार दोपहर से सो hi तो रहा हु आप पहले hi मुझे उठा देती न, आप भी बोर हुई है सहम से और बी आप ने तो घर को साफ कर के खुद को थका लिए इसीलिए नींद आएगी आपको मेरा क्या मए अकेला रा भर जगता रहुगा.

आरफा – अगर आप जगे रहते तो आपकी तबियत फिट कैसे होती? ये तो उसी आराम का नतीजा है की अब आप एक डैम ठीक है. और रही नींद की बात तो खाना खायेगे तो उससे नींद आ hi जाएगी. कुछ देर से hi सही. इसीलिए आप चिंता मत kijiye.chaliye अब.

फिर देवा और आरफा खाना खा लेते है.

देवा - आरफा मए जरा बहार घूम के आता हु थोड़ी देर में.

आरफा - ok लेकिन पहले ये जीन्स शर्ट उतर के निघ्त्य पहन लीजिये सामने hi राखी है मैने निकल के आप के लिए . मेरे शौहर की है. रत को रिलेक्स हो जायेगे आप. और है आप जाये तो बहार से दरवाजा आप hi बंद कर दीजियेगा जाते हुए. मए जरा वाशरूम जा रही हु. बहोत पसीना लग रहा है तो नाहा लेती हु.

देवा - ok

फिर देवा निघ्त्य पहन कर बहार राउंड लगाने चला जाता है. और जब घर लौटता है तो आरफा उसका बिस्तर hi लगा रही थी. अभी उसने नाहा के निघ्त्य पहनी हुई थी. मस्त बेबी पिंक कलर की सेतीन की निघ्त्य में वो बहोत खूबसूरत लग रही थी. उसका गोरा बदन उससे उठती हुई भीनी भीनी महक दिल को बेकाबू करने के लिए काफी थी.

आरफा - अब वही खड़े रहेंगे क्या आप आइये और आराम कीजिये.

देवा बीएड के पास आता है और बैठ जाता है.

आरफा - मए जरा अपना बिस्तर लगा दू फिर लाइट बंद कर देती हु ok.

देवा - आरफा सुनिए यहाँ आइये और बैठिये

आरफा – क्या हुआ कहिये.

देवा आरफा का हाथ पकड़ लेता है. तो आरफा काँप जाती है. और देवा को सवालिया नजरो से देखने लगती है.

देवा – आरफा अपने दिल की बात यु दबा के नहीं रखते जिंदगी बहोत बड़ी है और अगर दिल की बात दिल में रह जाये तो जिंदगी भर चुभती है इसीलिए अंजाम कुछ भी हो लेकिन जो दिल में है वो कह देना hi सही रहता है.

आरफा – मए समझी नहीं देवा जी

देवा – सबसे पहले तो देवा जी नहीं देवा कहो तुम मुझे और दूसरी बात ये के मैने आपकी साडी बाटे सुनी थी जब आप मुझे उठाने आयी थी.

आरफा का चेहरा शर्म से लाल हो गया देवा की बात सुन कर.

आरफा – वो…….. देवा जी…….. wo……wo…. मए……..

देवा – इतना घबराने की जरुरत नहीं मए समझता हु ये आपके दिल की बात है मए आपको शर्मिंदा नहीं कर रहा हु ऐसा होता तो उसी समय उठ न जाता मए? मए तो बस ये बता रहा हु के आपके दिल की बात मेरे दिल तक पहुंच गयी. आप ये मत समझना के मए आपके दिल की बात से अनजान हु.

आरफा नजरे झुकाये देवा के सामने बैठी थी उसका हाथ अब भी देवा के हाथ में hi था जो अब पसीने से भीगा हुआ था. वो अपने होठो को काट रही थी और उनकंफर्टबले लग रही थी. तो देवा ने उसका चेहरा अपने हाथो से उठा के उसकी आँखों में देखा तो आरफा ने फिर नजरे झुका ली.
 
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