अपडेट - 207
देव – मुझे घर से एक मेहमान को लाना है उसके बाद चलते है. मए आ जाउगा थोड़ी देर में आप तैयार हो जाइये.
अरफ़ा – ok मए इंतजार करुँगी.
अब आगे……
फिर देव सीधा घर आजाता है. जहा घर का माहौल तो वैसे hi ग़मगीन चल रहा था. दन की तबियत की वजह से. वही पर सामने दिया, पायल और कम की वाइफ और उनके बच्चे बैठे थे.
देव – मैडम आपको इस घर में कोई परेशानी तो नहीं है न?
…………. सबसे पहली बात तो मेरा नाम गीता है मैडम नहीं और आप लोग प्लीज मुझसे ऐसे बात मत कीजिये मुझे बहोत ख़राब लग रहा है, आपने तो मेरी इज्जत बचायी साथ hi मेरी और मेरे बच्चो की जान भी बचायी. मुझे तो समझ में नहीं आ रहा है के मए आपका कैसे शुक्रिया ऐडा करू. और आप लोग है ेके मुझे और चढ़ाये जा रहे है. थिस इस नॉट फेयर.
देव – देखिये गीता जी अब आप हमें शर्मिंदा कर रही है, अरे ये तो हमारा काम था इंसानियत के नाते भी और पुलिस में होने के नाते भी इसीलिए अब आप ये नहीं कहेगी. वैसे आपकी कम साब से बात हो गयी है न?
गीता – जी है. मैने उनसे कल रत को भी बात कर ली थी. वो तो उसी समय आ रहे थे यहाँ जब मैने मन किया तो गाडी भेजने का बोलने लगे लेकिन जब मैने उनसे कहा के मए सेफ हु तब वो निश्चित हुए. अभी वो गाडी भेजने वाले है थोड़ी देर पहले भी मेरी बात हुई है उनसे.
तभी गीता का मोबाइल फ़ोन बज उठा.
गीता - इन्ही का फ़ोन है.
गीता ने फ़ोन उठाया और बात करने लगी तो देव ने फ़ोन माँगा गीता ने भी अपने पति को बताया और देव को फ़ोन दे दिया.
देव – गुड़ मॉर्निंग सर.
ये है हमारी कहानी के कम मर. दिनेश भार्गव. एक बहोत hi अचे और सुलझे हुए व्यक्तित्व के मालिक पर्सनल्टी एवरेज hi है न मोठे न पतले, ज्यादा ऊँचे न hi छोटे. चेहरे पर एक रईसी और आँखों में चमक .
भार्गव जी – गुड़ मोरिंग भाई साब. आपका बहोत बहोत धन्यवाद जो आपने कल मेरे परिवार की रक्षा की है. मए दिल से आपका शुक्रगुजार हु.
देव – अरे सर अभी मए गीता मैडम से यही कह रहा था के ऐसे कह कर हमें शर्मिंदा न करे ये तो हमरा फ़र्ज़ है.
भार्गव जी – ये आपकी अच्छे है जो आप ऐसा कह रहे है, कभी आइये न हमारे घर, मुझे आप से मिल कर ख़ुशी होगी.
देव – जी जरूर आएंगे.
भार्गव जी – मए बस ड्राइवर को भेज hi रहा hu.wo गीता और बच्चो को ले जायेगे. ी होप आपको ज्यादा परेशानी नहीं हुई होगी मेरे परिवार की वजह से.
देव – ये आप कैसी बात कर रहे है सर, इसमें परेशानी वाली तो कोई बात hi नहीं, बल्कि मेरी पूरी फॅमिली गीता मैडम और बच्चो से मिल कर बहोत खुश हुई है, और आप परेशां मत होइए. मए अभी सिटी hi आ रहा हु अपने किसी काम से. तो मए मैडम को घर पे ड्राप कर दुगा.
भार्गव जी – अरे आप क्यों तकलीफ करते है साब.
देव – इसमें तकलीफ की कोई बात नहीं मुझे अभी आना hi है इसीलिए मए ले आता हु हम लोग बस थोड़ी hi देर में निकल रहे है. don’t वोर्री इतस माय प्लेअसुरे.
भार्गव जी - चलए फिर आ जाइये इसी बहाने आपसे आज hi मुलाकात हो जाएगी. आप लोग आराम से आइये मए आप का वेट करुगा.
देव – सो नीस ऑफ़ यू सर. थैंक यू.
उसके बाद कॉल कट हो गयी
गीता – अरे देवा जी मए ड्राइवर के साथ चली जाती न.
देव – ाजी आप हमें hi अपना ड्राइवर समझ लीजियेगा और जो टिप देनी हो दे दीजियेगा.
गीता और दिया हसने लगी देव की बात पर.
देव – अच्छा आप लोगो ने नाश्ता किया के नहीं?
गीता - है जी हमने और बच्चो ने नाश्ता कर लिया है पायल और भाभी के साथ आप चिंता मत कीजिये.
देव – भाभी मुझे अभी आरफा को लेकर सिटी जाना है उसका वह माकन है तो उसे ट्रांसफर करवाना है उसके पति तो अब रहे नहीं इसीलिए हम जा रहे है गीता जी को इनके घर छोड़ कर इस काम में लग जायेगे शायद आज ना आ पाए तो आप चिंता मत करना माँ को भी बता देना.
दिया – ठीक है देव अपना ख्याल रखना और रात को ड्राइव मत करना बस न आ सको टाइम से तो कॉल कर देना.
देव – ok भाभी अब हम चलते है.
फिर देव घर से निकला गीता और बच्चो को लेकर और सीधा हॉस्पिटल पंहुचा.
गीता तो वो आलिशान हॉस्पिटल देखकर दांग रही गयी.
गीता – ववववव क्या हॉस्पिटल है अगर यहाँ हॉस्पिटल का बोर्ड न हो तो कोई इसे एक बहोत hi आलिशान पैलेस hi समझेगा. किसी बहोत बड़े आदमी का लगता है ये तो, पर ऐसा कौन सा इंसान है जिसने इतनी मेहरबानी इन गाँव वालो पे कर दी है? वो जरूर कोई नेक और दरया दिल hi होगा.
इधर देव की गाडी देख कर आरफा भी आगयी थी इसने गीता को पहचान लिया था (आखिर भार्गव जी की वाइफ थी कोई मामूली हस्ती नहीं.) और उसने गीता की आखरी वाली बात भी सुन ली थी.
आरफा – जी है वो इंसान वाकई में बहोत hi नेक और दरिया दिल है उनके दिल में सब के लिए बहोत सम्मान और केयर है मैडम.
गीता - आप जानती है उन्हें?
आरफा – जी है जानती भी हु और आपको मिलवा भी सकती हु.
गीता – रॉय ? कौन है वो?
आरफा – आपके साथ hi तो बैठे है आपके ड्राइवर बन कर.
गीता की आँखे चौड़ी हो गयी
गीता – no वे…………. देव ये भी आपका कारनामा है? रॉय ी ऍम डीपली इम्प्रेस विथ यू. क्या पर्सनल्टी है आपकी जितना जानती हु उससे गहरा hi पति हु. हर बार झटका देते हो यार. वैसे इनकी तारीफ?
देव – वैसे तो जितनी की जाये काम है, फिर भी जानकारी के लिए बताता हु के ये है मैडम आरफा. हमारे हॉस्पिटल की एक काबिल डॉक्टर. इन्ही को लेने हम अभी यहाँ आये है और इन्ही के काम से सिटी भी जाना है मुझे.
गीता – hello आरफा आप जानती है मुझे ?
आरफा – hi मैडम. आपको कौन नहीं जनता आप इतनी फेमस पर्सनल्टी है.
गीता – ओह के ों ी ऍम नॉट यार. और ये मुझे मैडम नहीं सिर्फ गीता कहो मुझे ये बहोत ऑक्वर्ड लगता है. वैसे भी मेरे दोस्त मुझे गीता hi कहते है.
आरफा – लेकिन हम तो अभी hi मिले है न तो मए आपकी दोस्त बन पाव ऐसी खुशकिस्मती मेरी कहा?
गीता – आप मुझे जानती है, मए अभी आपको जान गयी बाकि बची हुई कसार गाड़ी में जब आप आएगी तो वो भी पूरी हो जाएगी तो हो गयी जान पहचान एक दोस्त बनाने के लिए और क्या चाहिए तो हुई न तुम मेरी दोस्त?
आरफा - ok गीता. आप भी बहोत hi स्वीट है आप में जरा सा भी घमंड नहीं यू अरे सुच ा नीस लेडी. एंड सो मच ब्यूटीफुल यू अरे.
देव – चलो बच्चो आप दोनों आगे आ जाओ अब ये दोनों नीस लेडी मिल गयी है हमें कौन पूछेगा .
गीता और आरफा हसने लगी बच्चे आगे आकर बैठ गए तो देव ने गाडी आगे बढ़ा दी.